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राष्ट्रपति मुर्मू की स्लोवाकिया यात्रा के दौरान द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई

ब्रातिस्लावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के प्रेसिडेंट पीटर पेलेग्रिनी के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-स्लोवाकिया संबंधों के अलग-अलग पहलुओं की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई। बैठक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू और पेलेग्रिनी ने साझे वैश्विक और क्षेत्रीय हितों के मुद्दों पर भी चर्चा की। भारतीय पक्ष की ओर से प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में राज्य मंत्री निमूबेन बंभानिया के साथ-साथ सांसद धवल पटेल, संध्या रे और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति पेलेग्रिनी की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और पहल की सराहना की। दोनों नेताओं की उपस्थिति में दो एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इससे पहले दिन में राष्ट्रपति मुर्मू का प्रेसिडेंशियल पैलेस में प्रेसिडेंट पेलेग्रिनी ने स्वागत किया। उनका गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक स्वागत किया गया। लोक परिधान पहने एक जोड़े ने पारंपरिक स्लोवाक तरीके से उनका स्वागत ब्रेड और नमक के साथ किया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने स्लोवाकिया की यात्रा पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक आदर्शों और वैश्विक सहयोग के साझा दृष्टिकोण पर आधारित हैं। दोनों देश विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार बढ़ रहे हैं। हाल के वर्षों में व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह लगभग तीन दशकों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है। राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू की स्लोवाकिया की दो दिवसीय यात्रा इस बात का संकेत देती है कि भारत स्लोवाक गणराज्य के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को कितना महत्व देता है। इससे रक्षा, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में गहन सहयोग और नई पहलों के शुरू होने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 10 फरवरी को महाकुंभ में लगाएंगी पावन संगम में डुबकी, इस दौरान नावों के संचालन पर रोक

महाकुंभ नगर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 10 फरवरी को महाकुंभ नगर में आगमन हो रहा है। वह पावन संगम में डुबकी लगाएंगी और फिर अक्षयवट व बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी। लगभग पांच घंटे का उनका महाकुंभ नगर में कार्यक्रम है। उनके आगमन को लेकर प्रयागराज मेला प्राधिकरण तथा जिला पुलिस व प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राष्ट्रपति के स्नान के दौरान संगम तट समेत सभी स्नान घाटों पर आम श्रद्धालु डुबकी लगा सकेंगे। अलबत्ता स्नान घाटों पर सुरक्षा तगड़ी रहेगी। पांच को महाकुंभ आए थे पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पांच फरवरी को जब संगम में डुबकी लगा रहे थे तो श्रद्धालुओं के स्नान पर कोई रोक नहीं थी। राष्ट्रपति के स्नान के दौरान संगम में नावों के संचालन पर रोक रहेगी। बोट क्लब, किला घाट, वीआइपी घाट किला, अरैल घाट की जेटी प्रतिबंधित रहेंगी। वाहनों का आवागमन भी रहेगा बंद उनके आने पर अरैल व संगम से लेकर किला व हनुमान मंदिर तक वाहनों का आवागमन भी बंद रहेगा। राष्ट्रपति दोपहर में लगभग 12 बजे त्रिवेणी स्नान को पहुंचेंगी। स्नान के बाद गंगा की पूजा और आरती करेंगी। राष्ट्रपति के लौट जाने के बाद ही नावों का संचालन हो सकेगा। 11 बजे आएंगी राष्‍ट्रपत‍ि राष्ट्रपति का स्नान माघ महीने की एकादशी के शुभ अवसर पर होगा। वह दिल्ली से विशेष वायुयान से प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट पर दिन में लगभग 11 बजे पहुंचेंगी, जहां से हेलीकॉप्टर से महाकुंभ नगर के अरैल क्षेत्र में डीपीएस हेलीपैड पर उतरेंगी। निषादराज क्रूज से संगम जाएंगी द्रौपदी मुर्मू वहां से कार से वह अरैल वीवीआइपी जेटी से निषादराज क्रूज से संगम जाएंगी। इसी तरह वह बमरौली एयरपोर्ट लौटेंगी, जहां से शाम चार बजे के करीब वह दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगी। 47000 KM साइकिल चलाकर महाकुंभ पहुंचे अभिषेक महाकुंभ नगर। महाकुंभ में आस्था के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। शुक्रवार को देवरिया जिले से साइकिल से महाकुंभ में स्नान करने के लिए अभिषेक यादव पहुंचे। उन्होंने बताया कि बीते 19 दिसंबर से उन्होंने साइकिल चलाना शुरू किया था। इस दौरान वह दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से होते हुए महाकुंभ में स्नान करने के लिए आए हैं। उन्होंने बताया कि यह यात्रा उन्होंने शहीद सेना के जवानों के सम्मान के लिए शुरू की है। 900 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में वह 47 हजार किमी तक साइकिल चलाएंगे। इस दौरान वह लोगों से वर्ष 1962 में भारत-चीन में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों की मदद करने की अपील भी करेंगे।

‘चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, भारत बन रहा है एक विकसित समाज’

अमरावती राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनका महत्वपूर्ण योगदान दर्शाता है कि भारत वास्तव में एक विकसित समाज बन रहा है. मुर्मू ने यहां मंगलागिरी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि समग्र स्वास्थ्य को निरंतर बढ़ावा देना तथा सभी के लिए स्वास्थ्य सुनिश्चित करना इस संस्थान के प्रत्येक चिकित्सा पेशेवर का मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए. राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनका महत्वपूर्ण योगदान यह दर्शाता है कि हम वास्तव में एक विकसित समाज बन रहे हैं. इससे यह तथ्य भी उजागर होता है कि अवसर मिलने पर हमारी बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करती हैं.’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना सहित कई योजनाएं शुरू की हैं और उपचार में कठिनाइयों का सामना करने वालों के लिए इलाज सुलभ बनाया है. मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के साथ-साथ जागरूक समाज की भी यह जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि कोई भी व्यक्ति वित्तीय या अन्य कारणों से चिकित्सा सेवाओं से वंचित न रहे. राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय चिकित्सक अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर विकसित देशों में अग्रणी स्थान पर हैं. उन्होंने कहा कि दूसरे देशों से लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए भारत आते हैं. उन्होंने कहा कि भारत विश्व मानचित्र पर किफायती चिकित्सा पर्यटन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. उन्होंने कहा कि देश के चिकित्सक इस संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने युवा चिकित्सकों से ग्रामीण, आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा देखभाल और सेवाएं प्रदान करने को प्राथमिकता देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि समग्र स्वास्थ्य देखभाल के संदर्भ में योगासन और प्राणायाम को आधुनिक दृष्टिकोण से भी स्वीकार किया गया है. इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. एम्स-मंगलागिरि की आधारशिला 2015 में रखी गई थी और एमबीबीएस छात्रों के पहले बैच को 30 अगस्त, 2018 को शामिल किया गया था, जो आज उत्तीर्ण हुए.

नागालैंड आज मना रहा अपना स्थापना दिवस, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत तमाम नेताओं ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत तमाम नेताओं ने नागालैंड के लोगों को उनके राज्य दिवस पर शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राज्य स्थापना दिवस पर नागालैंड के लोगों को शुभकामनाएं। वनस्पतियों और जीवों की समृद्ध विरासत से संपन्न नागालैंड बहादुरी की भूमि भी है। विभिन्न विकास मापदंडों में नागालैंड की प्रगति सराहनीय है। इस खूबसूरत राज्य के लोगों को शांतिपूर्ण, समृद्ध और प्रगतिशील भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं।” केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यवासियों को बधाई देते हुए एक्स पोस्ट पर लिखा, “नागालैंड दिवस पर हमारी नागा बहनों और भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं। गौरवशाली संस्कृति और विरासत से समृद्ध, नागालैंड भारत की समृद्ध सांस्कृतिक छवि पर हमारी विविधता का एक अनुपम उदाहरण है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व में प्रदेश समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़े।” नागालैंड के सीएम नेफ्यू रियो ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए एक्स पोस्ट पर लिखा, “नागालैंड के लोगों को नागालैंड राज्य दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हम गर्व और कृतज्ञता के साथ राज्य के 62 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। यह एक प्रगति की यात्रा रही है। आइए हम अपनी विरासत का सम्मान करें और एक साथ मिलकर उज्जवल भविष्य के लिए प्रयास करें।” नागालैंड के राज्यपाल ला गणेशन ने राज्य के 62वें राज्य दिवस के अवसर पर राज्य के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा इसकी ऐतिहासिक यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं पर प्रकाश डाला है। राज्य दिवस की पूर्व संध्या पर एक वीडियो संदेश में राज्यपाल गणेशन ने कहा, “प्रदेशवासियों की अटूट भावना और मजबूत संकल्प हमारे लोगों की ताकत का प्रमाण है, जिन्होंने भारत के विशाल क्षेत्र में नागालैंड के लिए एक विशिष्ट पहचान बनाने के लिए अथक परिश्रम किया है। हमारे जीवंत त्यौहार और समृद्ध सांस्कृतिक अभिव्यक्तियां हमारी एकता और विविधता के प्रमाण हैं। यह एक अनमोल उपहार है जिसे अत्यंत सावधानी और जिम्मेदारी के साथ संरक्षित किया जाना चाहिए।” वहीं केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर लिखा, “नागालैंड राज्य की स्थापना दिवस पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए यह प्रदेश प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर रहे, यही कामना है।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज स्कृतिक उत्सव लोकमंथन का उद्घाटन किया

हैदरबाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नागरिकों में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पैदा करना आवश्यक है। श्रीमती मुर्मू ने शुक्रवार को हैदराबाद में संस्कृतिक उत्सव लोकमंथन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विरासत में एकता के धागे को मजबूत करने का यह एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी नागरिकों को भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को समझना चाहिए और हमारी अमूल्य परंपराओं को मजबूत करना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘विविधता हमारी मौलिक एकता को सुंदरता का इंद्रधनुष प्रदान करती है। चाहे हम वनवासी हों, ग्रामीण हों, नगरवासी हों, हम सभी भारतीय हैं। राष्ट्रीय एकता की यही भावना तमाम चुनौतियों के बावजूद हमें एकजुट रखे हुए है।’ उन्होंने कहा कि भारतीय समाज को बांटने और कमजोर करने की कोशिशें सदियों से होती रही हैं। देश की एकता को तोड़ने के लिए कृत्रिम भेद पैदा किये गये हैं, लेकिन, भारतीयता की भावना से ओत-प्रोत नागरिकों ने राष्ट्रीय एकता की मशाल जला रखी है। राष्ट्रपति ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारतीय विचारधारा का प्रभाव दुनिया में दूर-दूर तक फैला हुआ है। भारत की धार्मिक मान्यताएँ, कला, संगीत, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा प्रणालियाँ, भाषा और साहित्य की सराहना पूरे विश्व में की गई है। भारतीय दार्शनिक प्रणालियाँ सबसे पहले विश्व समुदाय को आदर्श जीवन मूल्यों का उपहार देने वाली थीं। पूर्वजों की उस गौरवशाली परंपरा को मजबूत करना हमारा दायित्व है। राष्ट्रपति ने कहा कि सदियों से साम्राज्यवाद और औपनिवेशिक शक्तियों ने न केवल भारत का आर्थिक शोषण किया, बल्कि हमारे सामाजिक ताने-बाने को भी नष्ट करने का प्रयास किया। जिन शासकों ने हमारी समृद्ध बौद्धिक परंपरा को हेय दृष्टि से देखा, उन्होंने नागरिकों में सांस्कृतिक हीनता की भावना पैदा की। भारतीयों पर ऐसी परंपराएँ थोप दी गईं, जो हमारी एकता के लिए हानिकारक थीं। सदियों की पराधीनता के कारण नागरिक गुलामी की मानसिकता के शिकार हो गये। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नागरिकों में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पैदा करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकमंथन इस भावना को मजबूत बना रहा है।  

दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंदौर कलेक्टर और निगम कमिश्नर को दिया सम्मान

इंदौर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा ‘5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार’ से पश्चिम जोन के अंतर्गत इंदौर को सर्वश्रेष्ठ जिले के तौर पर पुरस्कृत करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि के लिए समस्त प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा है कि “मध्यप्रदेश पानी की एक-एक बूंद के उचित उपयोग एवं संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और ‘जल-संरक्षण’ की दिशा में निरंतर अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा है। आने वाली पीढ़ी के लिए अपनी नैतिक जिम्मेदारी को भली-भाँति समझते हुए हमने प्रदेश में जल-संरचनाओं का जाल बिछाया है, पुरानी जल-संरचनाओं का नवीनीकरण किया है और सिंचाई क्षमता को बढ़ाने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है। कलेक्टर इंदौर आशीष ने प्राप्त किया पुरस्कार : विज्ञान भवन दिल्ली में हुआ कार्यक्रम उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले को जल-संचयन और जल-संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पश्चिम क्षेत्र  के सर्वश्रेष्ठ जिले का राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में हुए 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2023 समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यह पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और राज्यमंत्री वी. सोमन्ना भी उपस्थित थे। पुरस्कार इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा तथा जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन ने ग्रहण किया। नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में किए गए कई कार्य इंदौर जिले में जल-संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। जिले में अजनार, बालम, चोरल, कराम, मोरल और पातालपानी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में विभिन्न कार्य किए गए हैं, जिनमें 366 पौध-रोपण कार्य, 216 जल-संचयन कार्य, 60 रिचार्ज संरचनाएं, 90 वाटरशेड उपचार कार्य और 814 जल और मिट्टी संरक्षण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा  बालम नदी के जलग्रह-क्षेत्र में 5 अमृत सरोवर, 4 फार्म पॉन्ड, 5 चेक डैम और 30 गेबियन जाल संरचनाएं बनाई गई हैं। पुराने तालाबों का भी किया गया जीर्णोद्धार जल-संचयन के प्रयासों के अंतर्गत नाला ट्रेंचिंग (गहरीकरण) के लगभग 420 कार्य किए गए हैं, जिससे जल स्तर में वृद्धि हुई है। पुष्कर धरोहर समृद्धि अभियान के तहत 462 पुरानी संरचनाएं जैसे- तालाब, चेक डैम और स्टॉप डैम का जीर्णोद्धार किया गया है, जिससे जल-भंडारण क्षमता में 16 लाख घन मीटर की वृद्धि हुई है और 1500 हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध हुई है। एक लाख घरों की छतों पर नागरिकों ने लगाई वर्षा जल संचयन प्रणाली जिले में वृहद स्तर पर जल-संचयन संरचनाएं भी निर्मित की गयी हैं, जिसमे 420 फार्म पॉन्ड, 180 पेरकोलेशन टैंक, 100 निस्तारी टैंक और 190 चेक डैम शामिल हैं। इससे जिले में जल-भंडारण क्षमता में 30 लाख घन मीटर की वृद्धि हुई है। लगभग 25 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों के तहत लाया गया है, जिससे जिले के लगभग 16 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। जिले में एक लाख घरों की छतों पर नागरिकों द्वारा अपने खर्च पर ही वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की गई हैं और 10 स्थानों पर पीज़ोमीटर लगाए गए हैं, जिससे जल स्तर का मूल्यांकन किया जा सके। हरियाली महोत्सव के दौरान 20 लाख पौधे लगाए गए और इंदौर शहरी क्षेत्र में 2 लाख 55 हजार पौधे लगाए गए हैं। राष्ट्रीय जल पुरस्कारों का उद्देश्य पानी के महत्व के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना और स्वच्छ जल के उपयोग के सर्वोत्तम प्रचलन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्थान और सर्वश्रेष्ठ नागरिक समाज सहित 9 श्रेणियों में संयुक्त विजेताओं सहित 38 विजेताओं को पुरस्कृत किया गया है।

President Murmu ने राष्ट्रपति भवन में साइना नेहवाल के साथ खेला बैडमिंटन

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन के बैडमिंटन कोर्ट में दिग्गज शटलर और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता साइना नेहवाल के साथ बैडमिंटन खेला. बैडमिंटन खेलने के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने मंझे हुए खिलाड़ी की तरह कई शॉट लगाए और उन्होंने कई मौके पर साइना नेहवाल को मात भी दी.  इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इससे पहले बुधवार को राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में प्रतिष्ठित डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का अनावरण किया था. राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति का यह प्रेरणादायक कदम ऐसे समय में भारत के बैडमिंटन की महाशक्ति के रूप में उभरने के अनुरूप है, जब महिला खिलाड़ी विश्व मंच पर बड़ा प्रभाव डाल रही हैं. उसने मुर्मू और नेहवाल के मुकाबले की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का खेलों के प्रति स्वाभाविक प्रेम तब देखने को मिला जब उन्होंने राष्ट्रपति भवन के बैडमिंटन कोर्ट में बहुचर्चित खिलाड़ी साइना नेहवाल के साथ बैडमिंटन खेला.’ साइना सहित पद्म पुरस्कार विजेता महिलाएं ‘उनकी कहानी-मेरी कहानी’ व्याख्यान श्रृंखला के तहत राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में व्याख्यान देंगी और दर्शकों से बातचीत करेंगी. साइना नेहवाल ने भी राष्ट्रपति के साथ खेलने का मौका मिलने पर अपनी खुशी जाहिर की. नेहवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “भारत के राष्ट्रपति के साथ खेलना मेरे लिए सम्मान की बात है… यह मेरे जीवन का कितना यादगार दिन है. मेरे साथ बैडमिंटन खेलने के लिए राष्ट्रपति जी  का बहुत-बहुत धन्यवाद.” ओलंपिक में जीत चुकी हैं कांस्य हरियाणा की रहने वाली, 33 वर्षीय शटलर नेहवाल ने अपने करियर की शुरुआत में 2008 में BWF विश्व जूनियर चैंपियनशिप जीतकर सभी का ध्यान आकर्षित किया था. 2008 में, वह ओलंपिक क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं. उन्होंने हांगकांग की तत्कालीन विश्व नंबर पांच खिलाड़ी वांग चेन को हराया, लेकिन इंडोनेशिया की मारिया क्रिस्टिन यूलियांटी से हार गईं. 2009 में, साइना BWF सुपर सीरीज प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय बनीं.  उन्हें 2009 में अर्जुन पुरस्कार और 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया. लंदन में 2012 ओलंपिक खेलों के दौरान, नेहवाल ने महिला एकल कांस्य पदक जीता. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 20 से अधिक खिताब जीते हैं और 2016 में केंद्र ने उन्हें प्रतिष्ठित पद्म भूषण से सम्मानित किया था. शटलर ने भारत के लिए एक शानदार करियर बनाया है, जिसने देश में खेल को बदल दिया है। साइना ने कई प्रमुख बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें उन्होंने कई ट्रॉफी और पदक जीते। वह खेल में दुनिया की नंबर 1 रैंकिंग रखने वाली एकमात्र महिला भारतीय खिलाड़ी भी हैं.  

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