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CM यादव ने अशोकनगर जिले में श्री आनंदपुर धाम का दौरा किया, 11 अप्रैल को आएंगे प्रधानमंत्री मोदी

 अशोकनगर मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अशोकनगर के ईसागढ़ स्थित आनंदपुर धाम में 11 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियों का जायजा लिया। उन्‍होंने हेलीपैड स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, रूट चार्ट, मंदिरों के दर्शन स्थल, पूजा स्थान तथा सत्संग स्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली। साथ ही अन्‍य आवश्यक व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में निर्देश दिए। मुख्‍यमंत्री ने आनंदपुर धाम स्थित श्री परमहंस अद्वैत मत, श्री आनंद शांति कुंज, श्री आनंद शांति भवन, श्री आनंद सरोवर एवं श्री आनंद शांति धाम पहुंचकर दर्शन किये गये। सीएम ने किया पूजन अर्चन मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री आनंदपुर धाम स्थित मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्‍होंने श्री आनंद सरोवर के पवित्र जल में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया और प्रसाद ग्रहण किया। उन्‍होंने श्री आनंदपुर धाम की महिमा को गरिमामय बताते हुए कहा कि यहां पहुंचने पर सुखद अनुभूति होती है। बैसाखी पर लगेगा वार्षिक मेला मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने बैसाखी पर लगने वाले वार्षिक मेले में आने वाले अनुयायियों एवं दर्शनार्थियों के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम श्री परमहंस अद्वैत मत का भक्ति परमार्थ का प्रमुख केन्‍द्र तथा एक महान तीर्थ स्थल एवं अथाह ज्ञान व आत्मिक विद्या का अतुलनीय भंडार है। यहां पर श्री आनंद सरोवर की तरल छटा निराली है तथा परिधि में पूजा स्थलों का अनोखा संगम है। इस पवित्र स्थल पर आकर मन को शांति तथा आत्म ज्ञान को बल मिलता है।  सीएम यादव ने कहा कि श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम भक्ति और ज्ञान का प्रमुख केंद्र है। यहां के मंदिरों की आध्यात्मिक ऊर्जा और श्री आनंद सरोवर की प्राकृतिक छटा मन को शांति प्रदान करती है। उन्होंने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और श्री आनंद सरोवर में पुष्प अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को बैसाखी पर्व के अवसर पर श्री आनंदपुर ट्रस्ट में आयोजित वार्षिक मेले में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। इसी को लेकर मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, स्थानीय विधायक और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस कठिनाई को समझा और स्वामित्व योजना बनाई, मालिक को स्वामित्व दिलाया: शिवराज सिंह चौहान

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामित्व योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्र के संपत्ति मालिकों को संपत्ति का स्वामित्व दिलाया है। गुरुवार को राजस्थान के जोधपुर पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि गांव में लोगों के पास अपनी संपत्ति तो होती थी, मकान भी होता था, मकान के आसपास जमीन भी होती थी। लेकिन, इसका स्वामित्व उनके पास कागज पर या ऑन रिकॉर्ड नहीं होता था। इसी कारण उस संपत्ति का अन्य उपयोग नहीं हो सकता था। जैसे बैंक से लोन लेने के लिए इस संपत्ति का उपयोग नहीं हो सकता था। कई बार बिना नक्शा अथवा स्वामित्व के विवाद भी बहुत होते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस कठिनाई को समझा और स्वामित्व योजना बनाई। उस योजना के अंतर्गत जो संपत्ति मकान के रूप में गांव में है, उसके नक्शे बनाए जा रहे हैं, ड्रोन के माध्यम से आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उस संपत्ति का स्वामित्व दिया जा रहा है। कई राज्यों में यह काम तेजी से हो रहा है। उन्होंने किसानों के लिए केंद्र सरकार के कार्यों का ब्योरा देते हुए कहा कि खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और किसानों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छह सूत्री रणनीति बनाई गई है। इसका लक्ष्य उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन की लागत घटाना, उत्पादन के ठीक दाम देना, कृषि का विविधीकरण करना, परंपरागत खेती के अलावा फूलों, फलों, सब्जियों, औषधि की खेती को बढ़ावा देना, नुकसान हो तो उसकी भरपाई करना है। इसके साथ ही जैविक तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की कोशिश करना भी शामिल है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा किसानों को अच्छे बीज मिलें, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए आईसीआर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी साल 109 नए बीजों की किस्में जारी की है। पानी का बेहतर इंतजाम हो, इसके लिए नदी जोड़ो योजना बनाई गई है। इसके लिए मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच समझौता हुआ है।

पीएम मोदी ने विद्वान लोगों से आजादी के 75 साल के बाद पुरानी सरकारों और भाजपा की सरकारों के विकास के कार्यों का मूल्यांकन करने का निवेदन किया

खजुराहो भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्मजयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड के खजुराहो में ‘केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना’ का शिलान्यास किया साथ ही ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण एवं 1153 नवीन अटल ग्राम सेवा सदन का भूमिपूजन भी किया। पीएम मोदी ने इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एक डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उनकी जन्म स्थल मध्य प्रदेश आकर उनके सपने को पूरा किया, पीएम मोदी ने बुंदेलखंड के खजुराहो में ‘केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना’ का शिलान्यास किया पीएम मोदी ने बेतवा और केन नदी से भरे जल को एक मॉडल  में डालकर प्रदेश को समर्पित किया। पीएम मोदी ने बुन्देली भाषा में अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, भारत माता की जय, भारत माता की जय वीरों की धरती बुन्देलखाद में रहवे वारे सभी जन खों हमाई तरफ से हाथ जोड़के राम राम पहुंचे, उन्होंने देश दुनिया में बसे  इसाई समुदाय के लोगों को क्रिसमस की बधाई दी, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की तारीफ करते हुए उन्हें कर्मठ मुख्यमंत्री बताते हुए पीएम ने सरकार का एक साल पूरा होने पर बधाई दी, पीएम ने कहा इस एक वर्ष में मप्र के विकास को नई गति मिली है। देश के विकास में अटल जी का योगदान भुलाया नहीं जा सकता उन्होंने कहा आज हम सबके के लिए प्रेरणादायी दिन है, आज अटल जी की जन्म जयंती है भारत रत्न अटल जी के जन्म के 100 साल हो रहे है ये पर्व सुशासन का, सुसेवा की हमारी प्रेरणा का भी पर्व है, थोड़ी देर पहले जब में अटल जी का  डाकटिकट और स्मारक सिक्का जारी कर रहा था तो अनेक बातें दिमाग में चल रहीं थी उन्होंने बरसों तक हम जैसे कार्यकर्ताओं को सिखाया है, संस्कारित किया है देश के विकास में अटल जी का योगदान हमेशा हम सबके स्मृति पटल पर रहेगा। सुशासन भाजपा सरकारों की पहचान है मोदी ने कहा सुशासन दिवस हमारे लिए सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम भर नहीं है सुशासन भाजपा सरकारों की पहचान है देश की जनता ने लगातार तीसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनाई मप्र में आप लगातार भाजपा को चुन रहे हैं इसके पीछे सुशासन का भरोसा ही सबसे प्रबल है। पीएम मोदी ने कहा, मैं तो जो विद्वान लोग हैं लिखने पढ़ने में माहिर हैं उनसे आग्रह करूँगा कि अब जबकि आजादी के 75 साल हो चुके है तो एक बार मूल्यांकन किया जाये 100, 200 विकास के, जनहित के , सुशासन के पैरामीटर निकालें फिर हिसाब लगाये और बताएं कि क्या अंतर हैं। सुशासन पर लोगों को भरोसा है पीएम ने कहा हमारे लिए सुशासन दिवस केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। यह भाजपा सरकारों की पहुंचान है। देश की जनता ने तीसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनाई। एमपी में आप सभी लगातार भाजपा को चुन रहे हैं। इसलिए क्योंकि सुशासन का भरोसा ही सबसे प्रबल है। हमारी सरकार ने विकास में पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मैं विद्वानों से आग्रह करुंगा कि देश की आजादी से अब तक किसकी सरकार ने क्या काम किया। मैं दावे से कहता हूं, देश में जब-जब भाजपा को जहां-जहां भी सेवा करने का मौका मिला है, हमने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़कर जनहित के कार्यों में सफलता पाई है। आजादी के बाद सबसे पहले नदी जल का महत्व बाबा साहब आंबेडकर ने समझा पीएम ने कहा भारत के लिए नदी जल का महत्व सबसे पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समझा। भारत में जो नदी घाटी परियोजनाएं बनीं, इसके पीछे उन्हीं का विजन था। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने उनके इस योगदान के लिए किसी को पता नहीं चलने दिया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों के बीच नदी जल को लेकर विवाद चल रहा है। जिस समय कांग्रेस की सकरार थी वो इस विवाद को सुलझा सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अटलजी की सरकार ने पानी से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास किया, लेकिन उनकी सरकार जाते ही कांग्रेस ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। आजादी के दीवानों के सपनों को पूरा करने के लिए हम पसीना बहा रहे उन्होंने कहा जहाँ कांग्रेस की सरकार रही, जहाँ कम्युनिस्ट सरकार रही, जहाँ परिवारवादी सरकारें रहीं वहां क्या हुआ और जहाँ जहाँ भाजपा को सरकार चलाने का मौका मिला वहां क्या हुआ? जब जब भाजपा को जहाँ जहाँ भी सेवा करने का अवसर मिला है हमें पुराने रिकॉर्ड तोड़कर जनहित के, जन कल्याण के काम किये, पीएम बोले आजादी के दीवानों ने जो सपने देखे थे उन सपनों को पूरा करने के लिए हम पसीना बहा रहे हैं। बुंदेलखंड को हमेशा कांग्रेस ने धोखा किया : डॉ मोहन यादव पीएम मोदी को आधुनिक भागीरथ बताते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को सौगात देने के लिए धन्यवाद दिया, सीएम ने कहा मध्य प्रदेश में जब भी सूखा पड़ता था तब लोग आंख बंदकर जान लेते थे कि ये बुंदेलखंड ही होगा, लोग पलायन करते थे घर बंद कर जाते थे, लेकिन ये गौरवशाली क्षेत्र लक्ष्मीबाई, महाराजा छत्रसाल, आल्हा उदल का क्षेत्र किसी के सामने झुका नहीं, अपनी जवानी, खून पानी की तरह बहाया, लेकिन किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया, किसी से पानी नहीं मांगा। कांग्रेस ने बरसों गरीबों से वोट लिए, वादे किये, सरकार बनाई लेकिन भूल गए कोई पैकेज नहीं दिया,लेकिन अब आपके आशीर्वाद से ये बुंदेलखंड समृद्धशाली बुंदेलखंड बनेगा।

प्रधानमंत्री Modi ने रतन टाटा के लिये लिखा भावुक ब्लॉग, कहा- इस पीड़ा को भुला पाना आसान नहीं

नई दिल्ली देश के दिग्‍गज उद्योगपति रतन टाटा (Ratan Tata) के निधन को लगभग एक महीना बीत चुका है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्‍हें याद करते हुए एक लेख लिखा है. उन्‍होंने लिखा कि रतन टाटा जी के हमसे दूर चले जाने की वेदना अभी मन में है. इस पीड़ा को भुला पाना आसान नहीं है. उन्‍होंने अपनी लेख में कहाकि रतन टाटा के रूप में देश ने एक महान सपूत को खो दिया है… एक अमूल्‍य रत्‍न को खोया है.  आज भी शहरों, कस्बों से लेकर गांवों तक, लोग उनकी कमी को गहराई से महसूस कर रहे हैं. चाहे कोई उद्योगपति हो, उभरता हुआ उद्यमी हो या कोई प्रोफेशनल हो, हर किसी को उनके निधन से दुख हुआ है. पर्यावरण रक्षा से जुड़े लोग…समाज सेवा से जुड़े लोग भी उनके निधन से उतने ही दुखी हैं और ये दुख हम सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया महसूस कर रही है.  ‘कोई लक्ष्‍य नहीं जो हासिल ना हो सके’ अपनी लेख में प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रतन टाटा एक प्रेरणास्रोत थे. उनका जीवन, उनका व्यक्तित्व हमें याद दिलाता है कि कोई सपना ऐसा नहीं जिसे पूरा ना किया जा सके, कोई लक्ष्य ऐसा नहीं जिसे हासिल नहीं किया जा सके. रतन टाटा जी ने सबको सिखाया है कि विनम्र स्वभाव के साथ, दूसरों की मदद करते हुए भी सफलता पाई जा सकती है.  ईमानदारी का प्रतीक बना टाटा ग्रुप  रतन टाटा जी, भारतीय उद्यमशीलता की बेहतरीन परंपराओं के प्रतीक थे. वो विश्वसनीयता, उत्कृष्टता और बेहतरीन सेवा जैसे मूल्यों के अडिग प्रतिनिधि भी थे. उनके लीडरशिप में टाटा समूह दुनिया भर में सम्मान, ईमानदारी और विश्वसनीयता का प्रतीक बनकर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा. इसके बावजूद, उन्होंने अपनी उपलब्धियों को पूरी विनम्रता और सहजता के साथ स्वीकार किया.  दूसरों के सपनों के लिए जीते थे रतन टाटा पीएम ने अपनी लेख में आगे लिखा कि रतन टाटा जी दूसरों के सपनों का खुलकर समर्थन करते थे, दूसरों के सपने पूरा करने में सहयोग करना, ये रतन टाटा के सबसे शानदार गुणों में से एक था. हाल के समय में वो भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का मार्गदर्शन करने और भविष्य की संभावनाओं से भरे उद्यमों में निवेश करने के लिए जाने लगे. उन्होंने युवा आंत्रप्रेन्योर की उम्‍मीदों और आकांक्षाओं को समझा, साथ ही भारत के भविष्य को आकार देने की उनकी क्षमता को पहचाना.  युवा पीढ़ी को दिया हौसला  भारत के युवाओं के प्रयासों का सपोर्ट करके, उन्होंने नए सपने देखने वाली नई पीढ़ी को जोखिम लेने और सीमाओं से परे जाने का हौसला दिया. उनके इस कदम ने भारत में इनोवेशन और आंत्रप्रेन्योरशिप के कल्‍चर को विकसित करने में बड़ी मदद की है. आने वाले दशकों में हम भारत पर इसका सकारात्मक प्रभाव जरूर देखेंगे.  बेहतरीन क्‍वालिटी के प्रोडक्‍ट पर जोर  पीएम मोदी आगे लिखते हैं कि रतन टाटा जी ने हमेशा बेहतरीन क्वालिटी के प्रॉडक्ट…बेहतरीन क्वालिटी की सर्विस पर जोर दिया और भारतीय उद्यमों को ग्लोबल बेंचमार्क स्थापित करने का रास्ता दिखाया. आज जब भारत 2047 तक विकसित होने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो हम ग्लोबल बेंचमार्क स्थापित करते हुए ही दुनिया में अपना परचम लहरा सकते हैं. मुझे आशा है कि उनका ये विजन हमारे देश की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और भारत वर्ल्ड क्लास क्वालिटी के लिए अपनी पहचान मजबूत करेगा.  जीव-जंतुओं के प्रति करुणा  रतन टाटा की महानता बोर्डरूम या सहयोगियों की मदद करने तक ही सीमित नहीं थी. सभी जीव-जंतुओं के प्रति उनके मन में करुणा थी. जानवरों के प्रति उनका गहरा प्रेम जगजाहिर था और वे पशुओं के कल्याण पर फोकस हर प्रयास को बढ़ावा देते थे. वो अक्सर अपने डॉग्स की तस्वीरें साझा करते थे, जो उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा थे. मुझे याद है, जब रतन टाटा जी को लोग आखिरी विदाई देने के लिए उमड़ रहे थे…तो उनका डॉग ‘गोवा’ भी वहां नम आंखों के साथ पहुंचा था.  रतन टाटा जी का जीवन इस बात की याद दिलाता है कि लीडरशिप का आकलन केवल उपलब्धियों से ही नहीं किया जाता है, बल्कि सबसे कमजोर लोगों की देखभाल करने की उसकी क्षमता से भी किया जाता है.  जब गुजरात में साथ मिलकर किया काम  नरेंद्र मोदी ने बताया कि व्‍यक्तिगत तौर पर मुझे प‍िछले कुछ दशकों में उन्‍हें बेहद करीब से जानने का सौभाग्‍य मिला. हमने गुजरात में साथ मिलकर काम किया. वहां बड़े पैमाने पर निवेश किया गया. इनमें कई ऐसे प्रोजेक्‍ट्स भी शामिल थें, जिसे लेकर वे बेहद  भावुक थे. पीएम ने कहा कि जब वे केंद्र में आए तो ये  घनिष्ठ बातचीत जारी रही और वो हमारे राष्ट्र-निर्माण के प्रयासों में एक प्रतिबद्ध भागीदार बने रहे. स्वच्छ भारत मिशन के प्रति रतन टाटा का उत्साह विशेष रूप से मेरे दिल को छू गया था. अक्टूबर की शुरुआत में स्वच्छ भारत मिशन की दसवीं वर्षगांठ के लिए उनका वीडियो संदेश मुझे अभी भी याद है. यह वीडियो संदेश एक तरह से उनकी अंतिम सार्वजनिक उपस्थितियों में से एक रहा है.  कैंसर के खिलाफ लड़ाई एक और ऐसा लक्ष्य था, जो उनके दिल के करीब था. मुझे दो साल पहले असम का वो कार्यक्रम याद आता है, जहां हमने संयुक्त रूप से राज्य में विभिन्न कैंसर अस्पतालों का उद्घाटन किया था. उस अवसर पर अपने संबोधन में, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि वो अपने जीवन के आखिरी वर्षों को हेल्थ सेक्टर को समर्पित करना चाहते हैं. स्वास्थ्य सेवा एवं कैंसर संबंधी देखभाल को सुलभ और किफायती बनाने के उनके प्रयास इस बात के प्रमाण हैं कि वो बीमारियों से जूझ रहे लोगों के प्रति कितनी गहरी संवेदना रखते थे. मैं रतन टाटा जी को एक विद्वान व्यक्ति के रूप में भी याद करता हूं – वह अक्सर मुझे विभिन्न मुद्दों पर लिखा करते थे, चाहे वह शासन से जुड़े मामले हों, किसी काम की सराहना करना हो या फिर चुनाव में जीत के बाद बधाई संदेश भेजना हो.  ‘मुझे जब रतन टाटा जी की आई बहुत याद’  अभी कुछ सप्ताह पहले, मैं स्पेन सरकार के राष्ट्रपति पेड्रो सान्चेज के साथ वडोदरा में था और हमने संयुक्त रूप से एक विमान फैक्ट्री का उद्घाटन किया. इस फैक्ट्री में सी-295 विमान भारत में … Read more

प्रधानमंत्री मोदी ने हर कदम, हर मोर्चे पर भारत और जर्मनी की दोस्ती के गहरे होने पर खुशी की जाहिर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को दुनिया की स्थिरता, सातत्य, भरोसे और पारदर्शिता का मजबूत आधार बताते हुए जर्मनी के उद्योग जगत का भारतीय प्रतिभा एवं नवान्वेषण को अपनाने और विश्व के बेहतर भविष्य के लिए योगदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया। मोदी ने यहां जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज़ और वाइस चांसलर डॉक्टर रॉबर्ट हाबेक की मौजूदगी में एशिया-पैसिफ़िक कांफ्रेंस ऑफ़ जर्मन बिज़नेस को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने हर कदम, हर मोर्चे पर भारत और जर्मनी की दोस्ती के गहरे होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “ये साल, भारत-जर्मनी रणनीतिक साझीदारी का 25वाँ वर्ष है। अब आने वाले 25 वर्ष, इस साझीदारी को नई बुलंदी देने वाले हैं। हमने आने वाले 25 वर्षों में विकसित भारत का एक रोडमैप बनाया है। मुझे खुशी है कि ऐसे महत्वपूर्ण समय में जर्मन कैबिनेट ने फोकस ऑन इंडिया डॉक्यूमेंट रिलीज़ किया है। विश्व की दो सशक्त लोकतंत्र, विश्व की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाएं, साथ मिलकर कैसे विश्व कल्याण की शक्ति बन सकती हैं, फोकस ऑन इंडिया डॉक्यूमेंट में उसका ब्लू प्रिंट है। इसमें रणनीतिक साझीदारी को समग्रता से आगे बढ़ाने की कार्यशैली और प्रतिबद्धता साफ़ दिखती है। खासतौर पर भारत की कुशल श्रमशक्ति पर जर्मनी ने जो भरोसा जताया है, वो अद्भुत है।” मोदी ने कहा, “जर्मनी ने कुशल भारतीयों के लिए हर वर्ष मिलने वाले वीज़ा की संख्या, 20 हज़ार से बढ़ाकर 90 हज़ार करने का फैसला किया है। मुझे विश्वास है कि इससे जर्मनी की तरक्की को नई गति मिलेगी।” उन्होंने कहा कि हमारा आपसी व्यापार 30 अरब डॉलर से अधिक के स्तर पर पहुँच चुका है। आज एक तरफ सैकड़ों जर्मन कम्पनियां भारत में हैं, तो वहीं भारतीय कंपनियां भी तेजी से जर्मनी में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं। आज भारत विविधता और जोखिम मुक्त सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। भारत वैश्विक कारोबार एवं विनिर्माण का भी हब बन रहा है। ऐसे में आपके लिए मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड का, ये सबसे उपयुक्त समय है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और एशिया प्रशांत क्षेत्र के बीच संबंध मजबूत करने में एशिया प्रशांत सम्मेलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लेकिन वह इस मंच को सिर्फ कारोबार और निवेश के सीमित दायरे में ही नहीं देखते हैं। बल्कि वह इसे हिन्द प्रशांत क्षेत्र और विश्व के बेहतर भविष्य की साझीदारी के रूप में देखते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया को स्थिरता और सातत्य की ज़रूरत है, भरोसे और पारदर्शिता की ज़रूरत है। चाहे समाज हो या फिर आपूर्ति श्रृंखला, हर मोर्चे पर इन मूल्यों को बल देने की ज़रूरत है। इनके बिना कोई भी देश, कोई भी क्षेत्र, अपने बेहतर भविष्य की कल्पना नहीं कर सकता। हिन्द प्रशांत क्षेत्र तो दुनिया के भविष्य के लिए बहुत ज़रूरी है। वैश्विक वृद्धि हो, जनसंख्या हो या कौशल हो, इस क्षेत्र का योगदान और क्षमता, दोनों बहुत व्यापक है। इसीलिए इस सम्मेलन का महत्व और भी बढ़ जाता है।” उन्होंने कहा कि भारत की जनता, एक स्थिर राजनीतिक प्रणाली और विश्वसनीय नीतियों के इकोसिस्टम को बहुत महत्व देती है। यही वजह है कि 60 साल बाद एक सरकार को लगातार तीसरा कार्यकाल मिला है। भारत की जनता का ये भरोसा, बीते एक दशक में सुधार, प्रदर्शन और बदलाव लाने वाली शासन व्यवस्था के कारण मज़बूत हुआ है। जब देश का सामान्य नागरिक ये सोच रहा है, तब आप जैसे बिजनेस के लिए, आप जैसे निवेशकों के लिए भारत से बेहतर स्थान क्या हो सकता है। मोदी ने कहा कि आज भारत, लोकतंत्र, आबादी, मांग और डेटा, ये चार मज़बूत स्तंभों पर खड़ा है। प्रतिभा, तकनीकी, नवान्वेषण और बुनियादी ढांचा, भारत की प्रगति के औजार हैं। इन सभी को आगे ले जाने वाली एक और बड़ी ताकत आज भारत में है। ये ताकत है- आकांक्षी भारत की। यानि एआई आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस और एआई एस्पीरेशनल इंडिया (आकांक्षी भारत) की दोहरी ताकत भारत के पास है। और आकांक्षी भारत को हमारा युवा वर्ग आगे ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीती सदी में प्रगति को मुख्यत: प्राकृतिक संसाधनों ने गति दी थी। 21वीं सदी को मानव संसाधन एवं मानव नवान्वेषण, गति देने वाले हैं। इसलिए भारत अपने युवाओं के कौशल एवं प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण पर बहुत फोकस कर रहा है। भारत, भविष्य की दुनिया की ज़रूरतों के लिए आज काम कर रहा है। हमारा मिशन मिशन एआई हो, हमारा सेमीकंडक्टर मिशन हो, मिशन क्वांटम हो, मिशन ग्रीन हाइड्रोजन हो, अंतरिक्ष तकनीक से जुड़े मिशन हों, डिजिटल इंडिया का मिशन हो, इन सभी का लक्ष्य दुनिया के लिए बेहतरीन और विश्वसनीय समाधान देना है। आप सभी साथियों के लिए इन क्षेत्रों में निवेश और कारोबारी गठबंधन की अनेक संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हर इनोवेशन को, एक शानदार प्लेटफॉर्म और बेहतरीन बुनियादी ढांचा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नए स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री 4.0 के लिए अनंत संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। आज भारत अपने फिज़िकल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म करने में जुटा है। रेल, रोड, हवाई अड्डों और बंदरगाहों में रिकॉर्ड निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें जर्मन और हिन्द प्रशांत क्षेत्र की कंपनियों के लिए अनेक संभावनाएं हैं। यह खुशी की बात है कि नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर भारत और जर्मनी मिलकर काम कर रहे हैं। पिछले महीने ही गुजरात में जर्मनी के साथ मिलकर, चौथा वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा निवेश सम्मेलन आयोजित किया गया है। वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश के लिए भारत-जर्मनी प्लेटफार्म भी लॉन्च किया गया है। उम्मीद है कि ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम की जो संभावनाएं भारत ने बनाई हैं, उसका फायदा भी जर्मन उद्योगपति ज़रूर उठाएंगे। मोदी ने कहा, “भारत की विकास यात्रा से जुड़ने का यही समय है, सही समय है। जब भारत का डायनमिज्म और जर्मनी का प्रिसिशन मिलता है, जब जर्मनी की इंजीनियरिंग और भारत का इनोवेशन मिलता है, जब जर्मनी की टेक्नॉलॉजी और भारत का टैलेंट मिलता है, तब हिन्द प्रशांत क्षेत्र के साथ-साथ पूरी दुनिया का बेहतर भविष्य तय होता है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, “भारत आना सिर्फ व्यापार ही नहीं होता, भारत की संस्कृति, खानपान और शॉपिंग को आपने समय नहीं दिया, तो आप बहुत कुछ गंवा देंगे।” … Read more

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- हरियाणा में मिले इस जनादेश की गूंज दूर दूर तक जाएगी

नई दिल्ली हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस हैट्रिक पर भाजपा मुख्यालय में विजय उत्सव मनाया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हरियाणा ने एक बार फिर कमाल कर दिया। आज नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायिनी का दिन है, जो शेर पर सवार होकर हाथ में कमल लिए हुए हैं। ऐसे में हरियाणा में कमल-कमल हो गया। उनका भी आशीर्वाद हमें मिला। गीता की धऱती पर हमें हर जाति और वर्ग के लोगों ने वोट दिया है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में भी दशकों के बाद शांतिपूर्ण मतदान हुए। यह भारत के लोकतंत्र की जीत है। नेशनल कांफ्रेस को ज्यादा सीट दी, उन्हें भी शुभकामना। जम्मू कश्मीर वोट शेयर के हिसाब से भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। मैं हरियाणा और जम्मू कश्मीर में जीत हासिल करने वाले सभी उम्मीदवारों और वहां की जनता को बहुत बहुत बधाई देता हूं।साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं के तप के लिए नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के जीत कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और टीम वर्क का परिणाम है, मुख्यमंत्री की विनम्रता की जीत है। आज हरियाणा में झूठ पर काम की गारंटी जीत है। एक इतिहास रच दिया आज इतिहा। 1966 में गठन के बाद से आज तक बहुत से नेताओं ने नेतृत्व किया, दिग्गज नेता हुए वहां जिन्हें देश भर में पहचान मिली। अब तक 13 चुनावों में से पिछले 10 में हर बार सरकार बदली। पर जो पहले कभी नहीं हुआ, वो इस बार हुआ। इस बार पिछले दो कार्यकाल पूरी करने वाली सरकार को तीसरी बार मौका मिला है, यह भाजपा के लिए गर्व का विषय है। तीसरी बार सरकार बनी ही नहीं है बल्कि सीटें भी ज्यादा और वोट प्रतिशत भी ज्यादा इस जनादेश की गूंज दूर दूर तक जाएगी। छप्पर फाड़ जीत है ये। भाजपा दुनिया बड़ा दल ही नहीं है, सबसे ज्यादा दिलों में भी बसी है। यह विकास के मुद्दे पर हैट्रिक है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और गुजरात के लोगों ने कांग्रेस के कुशासन से दो दशक पहले मुक्ति मिली है। गोवा, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, समेत अनेक राज्यों में भाजपा लगातार दूसरी बार सत्ता में आई है। कांग्रेस को पता ही नहीं है कि वे जहां सत्ता में थे वे वहां दूसरी बार कब लौटे, 13 साल पहले असम में, कहीं भी सैकेंड टर्म नहीं मिला अब तक। कांग्रेस कुछ राज्यों में 50 या 60 साल पहले सत्ता में थी, तब से आई नहीं। एक बार निकाल दिया तो दोबारा घुसने नहीं दिया। कई राज्यों में नो इंट्री का बोर्ड लगा रखा है। कांग्रेस सोचती थी कि बिना काम किए भी सत्ता पर उसका जन्मसिद्ध अधिकार है। पर अब लोग काम को चुनते हैं। अब कांग्रेस समाज में जाति का जहर फैलाने पर उतर आई है। जो मुंह में सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए वे गरीब को जाति के नाम पर लड़वाना चाहती है। हमें भूलना नहीं है कि द ये लोग कभी किसी दलित आदिवासी को प्रधानमंत्री बनने नहीं देंगे। पीएम मोदी ने कहा कि हरियाणा में भी इन्होंने दलितों और पिछड़ों को अपमानित किया। कांग्रेस के शाही परिवार ने तो घोषित किया था कि वह दलितों का आरक्षण छीन कर अपनो वोट बैंक में बांटना चाहती थी। समाज को कमजोर कर अराजकता फैला कर देश को कमजोर करना चाहती है। वे लगातार देश में आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों को भड़काने का प्रयास किया लेकिन हरियाणा के किसानों ने , उन्हें जवाब दिया और षड़्यंत्र को पहचाना। उनका जवाब है कि देश के साथ हैं भाजपा के साथ हैं। सेना के नाम पर भी युवाओं को भड़काने का काम किया पर नाकाम रहे। हरियाणा की हर विरादरी और हर परिवार ने देश हित में वोट किया। देशभक्तों को बांटने की साजिश को फेल कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को कमजोर करने की साजिशें रची जा रही हैं। मैं जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि कांग्रेस और उसके कुछ संगी साथी इस साजिश में शामिल हैं। हमें संकल्प लेना होगा कि हम इनकी साजिश का शिकार नहीं बनेंगे और देश को विकास के रास्ते से नहीं उतरने देंगे। कांग्रेस अब परजीवी पार्टी हो गई है। हरियाणा में यही दिखा और जम्मू कश्मीर में भी। लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस जितनी भी सीटें जीती वहां आधी से अधिक वह अपने सहयोगियों के बल ही जीती है। कांग्रेस ऐसी परजीवी पार्टी है जो अपने सहयोगियों को निगल जाती है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ऐसा देश बनाना चाहती हैं जो अपनी विरासत पर गर्व का विरोध करती है। कांग्रेस देश की हर संस्था पर दाग लगाना चाहती है। कांग्रेस और उनके अर्बन नक्सल साथी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर बट्टा लगाने का काम किया है। लोक सभा चुनाव से लेकर अब हरियाणा चुनाव ने कांग्रेस ने यही किया है। कांग्रेस बड़ी बेशर्मी से ऐसी करतूतें करती आ रही है। जम्मू कश्मीर का यह चुनाव कई मामलों में ऐतिहासिक रहा। आजादी के सात दशक बाद संविधान पूरी तरह लागू होने के बाद यह पहला चुनाव। कई लोगों ने पहली बार वोट डाला। कश्मीर जला नहीं, खिला है खिलखिलाया है। जिस तरह से लोगों मतदान किया वह बहुत सकारातम्क है। कर्फ्यू और बंद से उबर आया है कश्मीर. बीडीसी के चुनाव, डीडीसी से लेकर अब विधानसभा तक जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि काम करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार हरियाणा की उपज को दुनिया के हर कोने में पहुंचाना चाहती है। हरियाणा खाने के तेल में आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में सहयोग कर रहा है। हरियाणा के युवाओं में ने हर क्षेत्र में धूम मचाई है। हम युवाओं के लिए निवेश को बढ़ावा देंगे। खेलों की महाशक्ति बनेगा भारत और उसमें हरियाणा के युवाओं की बड़ी भूमिका। हरियाणा के छोरा-छोरी कमाल करेंगे और यहीं से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शुरूआत हुई थी। महिलाओं के लिए अनेक योजनाएं राज्य में लागू की जाएंगी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर गर्व किया कि हमारी केन्द्र सरकार से लेकर राज्यों की सरकार … Read more

आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण 30 जून से फिर से शुरू होगा: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण 30 जून से फिर से शुरू होगा। उन्होंने लोगों से इसके लिए अपने विचार और सुझाव साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह बताते हुए खुशी हो रही है कि चुनाव के कारण कुछ महीनों के अंतराल के बाद मन की बात वापस आ गया है! इस महीने का कार्यक्रम रविवार, 30 जून को होगा।”   आखिरी बार 25 फरवरी को प्रसारित किया गया उन्होंने कहा, ‘‘मैं आप सभी से इसके लिए अपने विचार और सुझाव साझा करने का आह्वान करता हूं।” प्रधानमंत्री मोदी का यह मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ आखिरी बार 25 फरवरी को प्रसारित किया गया था और फिर लोकसभा चुनाव संपन्न होने तक इसके प्रसारण पर विराम लगा दिया गया था।   पहला वोट देश के नाम होना चाहिए कार्यक्रम के 110वें संस्करण में मोदी ने पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से चुनाव में रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने की अपील की थी और कहा था कि उनका पहला वोट देश के नाम होना चाहिए। निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के दिशानिर्देश के अनुसार सरकार की ओर से आधिकारिक कार्यक्रमों या सार्वजनिक वित्त पोषित मंचों का उपयोग किसी ऐसी चीज के लिए नहीं हो सकता है, जिससे सत्तारूढ़ पार्टी का प्रचार हो या उसे राजनीतिक लाभ मिलता दिखाई दे।

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