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एमपी के 5 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट, 7 डिग्री गिरा पारा, धान की फसल को मिली राहत

भोपाल मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान 27 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। सबसे ज्यादा नर्मदापुरम और मंडला में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। अगले कुछ घंटों में गुना, शिवपुरी, श्योपुर, रायसेन, विदिशा और नरसिंहपुर में भारी बारिश होने की संभावना है। अशोकनगर, ग्वालियर, मुरैना, दतिया, सागर, भोपाल, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, निवाड़ी, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, पन्ना, सीधी, उमरिया, सिंगरौली, जबलपुर, दमोह और सीहोर में भी बारिश और आंधी का अलर्ट है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवाएं गुरुवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और बीच-बीच में हल्की फुहार भी पड़ी। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई है। साथ ही जिले में कहीं-कहीं बारिश का पूर्वानुमान भी है। धान की फसल को राहत बारिश से धान की खेती करने वाले किसानों को राहत मिली है। किसानों ने पहले ही धान के गढ़े बना लिए थे और पौध भी तैयार कर ली थी। अब तेज बारिश के साथ धान की रोपाई शुरू हो सकेगी। धान की फसल के लिए आवश्यक पानी की पूर्ति मानसून की बारिश से होगी।     छिंदवाड़ा में 4 घंटे से पानी गिरना जारी है। इससे ठंडक बढ़ गई है।     ग्वालियर में हजीरा इलाके में बारिश के कारण तलघर ढह गया।     सीहोर, नरसिंहपुर और निवाड़ी में सुबह से पानी गिर रहा है।     भोपाल में सुबह 5 बजे से रिमझिम हो रही है, ये 9 बजे के बाद भी जारी है।     मंडला में रातभर में दो इंच बारिश दर्ज की गई है।     ग्वालियर में पूरी रात रिमझिम होती रही। सुबह तक 31.3 मिमी पानी गिर चुका है।     रायसेन में रातभर बारिश जारी रही। जिले में गुरुवार रात 8 बजे मानसूनी बारिश शुरू हुई थी।     नर्मदापुरम में गुरुवार रात 12 बजे से शुरू हुई बारिश सुबह 6 बजे तक चली। करीब 6 घंटे लगातार पानी गिरा। ट्रफ, साइक्लोनिक सकुर्लेशन-लो प्रेशर एरिया एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में लो प्रेशर एरिया, तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दो ट्रफ की एक्टिविटी है। एक ट्रफ प्रदेश के पास से गुजर रही है। इन वजहों से प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में बारिश, महू में झरना बहा इससे पहले गुरुवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, अशोकनगर और हरदा समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। मालवा क्षेत्र में भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए। नीमच में उफनती पुलिया पार करने के दौरान दो बाइक सवार बह गए। लोगों ने उन्हें बचा लिया। नीमच में रूपा नदी के किनारे बसे गांव कंजार्डा में सड़क पर पानी भर गया। मंदसौर में सड़कों पर डेढ़ फीट तक पानी भर गया। इंदौर के महू में सूखे पड़े झरनों में पानी आ गया है। गुरुवार को पातालपानी के झरने में पानी बहने लगा। ग्वालियर में चलती कार पर पेड़ गिर गया। इस दौरान बारिश भी हो रही थी। बैंक मैनेजर को राहगीरों ने पेड़ काटकर बाहर निकाला। राजगढ़ जिले के ब्यावरा में लगातार तेज बारिश हुई। जिले के सुठालिया, मलावर, करनवास सहित आसपास के गांवों में भी पानी गिरा। नर्मदापुरम, डिंडौरी में भी बारिश दर्ज की गई। 16 जिलों में बारिश, रतलाम में सवा इंच पानी गिरा प्रदेश के 16 जिलों में गुरुवार को बारिश का दौर रहा। रतलाम में सबसे ज्यादा सवा इंच पानी गिर गया। इंदौर में आधा इंच बारिश हुई। बारिश की वजह से कई शहरों में पारा काफी लुढ़क गया। इंदौर में दिन-रात का तापमान बराबर हो गया है। बुधवार-गुरुवार की रात में तापमान 24.3 डिग्री था, जबकि गुरुवार को यह 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह गुरुवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान रहा। रतलाम और उज्जैन में दिन-रात के तापमान में सिर्फ 2 डिग्री का अंतर रहा। रतलाम में बुधवार-गुरुवार की रात में पारा 24.2 डिग्री रहा था, जबकि गुरुवार को दिन में तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, उज्जैन में रात में 25.5 डिग्री और दिन में 27.5 डिग्री दर्ज किया गया। बालाघाट के मलाजखंड, गुना, रायसेन, पचमढ़ी और धार में भी पारा 30 डिग्री से कम रहा। बड़े शहरों में भोपाल में 30 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 33.5 डिग्री और जबलपुर में 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 40.5 डिग्री रहा। भिंड जिले में नहीं पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने प्रदेश के 54 जिलों को कवर कर लिया। बाकी बचे एक जिले भिंड में मानसून के गुरुवार को पहुंचने की संभावना थी, लेकिन यह नहीं पहुंचा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भिंड को भी मानसून कवर कर लेगा। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।

54 जिलों में मानसून की एंट्री, MP में इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें IMD अपडेट, ग्वालियर-चंबल में ऑरेंज अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है और कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल में बूंदाबांदी हुई है, अशोकनगर और रतलाम में तेज बरसात हुई है। ग्वालियर-चंबल संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है क्योंकि दो लो प्रेशर एरिया और तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। 3 दिन में कवर किए 54 जिले प्रदेश के 54 जिलों में मानसून 3 दिन में ही पहुंच गया है, सिर्फ भिंड जिला बचा है जहां गुरुवार को मानसून की एंट्री होने की संभावना है। भोपाल में सुबह बूंदाबांदी हुई और बादल छाए रहे। आज ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर, मुरैना और गुना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में ढाई से सवा 4 इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश होने की संभावना है।  अगले 4 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट एमपी में दो लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) और तीन साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से अगले 4 दिन तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। यानी, 24 घंटे के दौरान ढाई से 8 इंच तक पानी बरस सकता है। बुधवार को मंदसौर, रतलाम और बड़वानी में तेज बारिश हुई जिससे गर्मी से राहत मिली। धार, इंदौर और उज्जैन में भी बारिश का दौर रहा। 2 डिग्री तक लुढ़का पारा आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है, प्रदेश में औसत 2 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 31.7 डिग्री और जबलपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई, पारा लुढ़का प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को आंधी-बारिश का दौर रहा। मंदसौर, रतलाम, बड़वानी में तेज बारिश हुई। इससे गर्मी से निजात मिल गई। वहीं, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन में भी बारिश का दौर रहा। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। प्रदेश में औसत 2 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाकी शहरों में पारा इससे नीचे रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 31.7 डिग्री और जबलपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बार एक दिन, पर 3 दिन में कवर किया इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। मानसून कब कहां पहुंचा इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा और प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून है, पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। राजधानी भोपाल में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड है। क्या कह रहा है पिछले 10 सालों का ट्रेंड पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर रहा, 4 साल तो टेम्प्रेचर 45 डिग्री के पार पहुंच गया। रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी, 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था। इंदौर में पिछले साल 4 इंच बारिश हुई थी। जून में पिछले 5 साल में कम गर्मी पड़ी पिछले 5 साल यानी 2020, 2021, 2022, 2023 और 2024 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.1 डिग्री के बीच रहा है, पिछले साल 40.6 डिग्री तक पारा पहुंचा था। साल 1980 में इंदौर में जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था।

मौसम विभाग पर बड़ा अपडेट…आज कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें मौसम का हाल

नई दिल्ली भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर भारत के कई राज्यों को राहत मिलने के आसार हैं। दक्षिण पश्चिम पश्चिम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून तक देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, गरज के साथ वर्षा और तेज हवाएं चलने की भविष्यवाणी की गई है। आईडीएम के मुताबिक, मॉनसून की गतिविधियां तेज होने वाली हैं।देश के आधे से ज्यादा हिस्से में मॉनसून पहुंच चुका है और अच्छी बारिश का सिलसिला जारी है. कई राज्य बारिश से बेहाल हो गए हैं तो कई इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिली है. हालांकि राजधानी दिल्ली में अभी मॉनसून ने दस्तक नहीं दी है लेकिन यहां प्री मॉनसून बारिश से कुछ राहत देखी जा रही है. आज, 19 जून भी मौसम विभाग ने लगभग आधे भारत में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज झारखंड में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है. वहीं मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. इसके अलावा मौसम का पूर्वानुमान लगाने  वाली एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, गुजरात, कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार के कुछ हिस्से, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है. वहीं, इन्हीं राज्यों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है. दिल्ली के मौसम का हाल राजधानी दिल्ली के मौसम की बात करें तो मौसम विभाग ने यहां आज मध्यम श्रेणी की बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा दिनभर बादल छाए रहेंगे. आईएमडी के मुबातिक शाम के वक्त दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं रात के वक्त तूफान के साथ भारी बारिश हो सकती है. वहीं, चक्रवाती हवाओं की वजह से दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत में तूफान की भी आशंका है. मौसम विभाग ने 23 जून तक पूरे भारत में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मुंबई में देर शाम से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग के मुताबिक आज मूसलाधार बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के रायगढ़ और रत्नागिरी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जबकि मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के लिए खराब मौसम की आशंका है। इसी तरह, असम और मेघालय में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम सुहाना बना हुआ है। हालांकि, यहां मॉनसून की एंट्री 22-23 जून तक पहुंच सकता है। कहीं 21 तो कहीं 23 जून तक बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट पर गौर करें तो 19 जून से 23 जून तक देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी और मध्य भारत में मॉनसून की रफ्तार बढ़ने वाली है। मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में 21 जून तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बिजली भी चमक सकती है और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। पूर्व भारत में भारी बारिश का रेड अलर्ट दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में भी इस दौरान तेज बारिश की आशंका है। पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में भी भारी बारिश की तैयारी है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलेंगी। IMD ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। पूर्वी भारत के राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी भारत में गुजरात, कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में 20 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 और 23 जून को यहां और भी तेज बारिश हो सकती है। इस क्षेत्र में हवा की गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में भी बरसेंगे बदरा उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 19 जून से 21 जून तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में 20 जून से 22 जून के बीच तेज बारिश होने की संभावना है। IMD ने तटीय इलाकों और समुद्र में 45 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है। मछुआरों को इस दौरान समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम IMD ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें मध्यम से भारी बारिश, गरज के साथ बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। सुबह 82 फीसदी आर्द्रता और 28°C का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। दिन का अधिकतम तापमान 36°C रहने का अनुमान है। बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है।  

मध्य प्रदेश में बदला रहेगा मौसम, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में आंधी बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के 5 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट है। भारी बारिश के अलर्ट वाले जिलों में धार, झाबुआ, रतलाम, नीमच और मंदसौर शामिल हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि आज भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक वाला मौसम रहेगा। अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से मानसून के आगे बढ़ने का सिलसिला बना हुआ है।  अब तक प्रदेश के इंदौर समेत 19 जिलों में मानसून की एंट्री हो गई है। वहीं, अगले 24 घंटे के अंदर भोपाल, उज्जैन-जबलपुर में भी मानसून पहुंच सकता है।  4 सिस्टम सक्रिय, तूफान और बारिश का कॉम्बो भोपाल की वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, ” वर्तमान में बारिश और आंधी के 4 सिस्टम सक्रिय हैं. पड़ोसी राज्य गुजरात में निम्न दबाव का क्षेत्र और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है. यही वजह है कि अगले 24 घंटे से पूरे प्रदेश में मौसम बदल जाएगा. इस दौरान मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है.” आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक आज बुधवार को इंदौर उज्जैन संभाग, खासतौर पर रतलाम, नीमच, धार, झाबुआ और मंदसौर में भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ-साथ जबलपुर, ग्वालियर समेत कई जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक का अलर्ट है. वहीं नरसिंहपुर, जबलपुर और कटनी में तूफानी हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, इसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बता दें कि मध्यप्रदेश के इंदौर समेत 20 जिलों में मॉनसून ने दस्तक दे दी है. प्रदेश के 19 जिलों में पहुंचा मानसून  इंदौर समेत प्रदेश के 19 जिलों में मंगलवार तक मानसून पहुंच गया। इस दौरान प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर भी जारी रहा। मंगलवार को सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। वहीं, भोपाल, राजगढ़, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। शिवपुरी में ही पारा सबसे ज्यादा 40 डिग्री रहा। वहीं, सबसे कम तापमान इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में आंधी-बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में आंधी और बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव है। गुजरात क्षेत्र और पड़ोसी हिस्से में लो प्रेशर एरिया (कम दवाब क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और टर्फ की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है। इस वजह से अगले चार दिन तक पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यानी, 24 घंटे में सवा 4 इंच पानी गिर सकता है। एमपी में एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।इस बार एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया था। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। सिंगरौली में बिजली गिरने से 2 बच्चियों की मौत इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। वहीं, भोपाल, राजगढ़, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। शिवपुरी में पारा सबसे ज्यादा 40 डिग्री रहा। वहीं, सबसे कम तापमान इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अभी आंधी-बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि फिलहाल आंधी और बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव हैं। गुजरात क्षेत्र और पड़ोसी हिस्से में लो प्रेशर एरिया (कम दवाब क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और टर्फ की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है। इस वजह से अगले चार दिन तक पूरे मध्यप्रदेश में मौसम बदला रहेगा। कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। 24 घंटे में सवा 4 इंच पानी गिर सकता है। भीषण गर्मी से मिलने लगी राहत प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश व तेज हवाओं से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. इससे भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है लेकिन जब … Read more

रायपुर में सुबह से बादल छाए, मौसम विभाग ने आज 8 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट किया जारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। 21 दिन के लंबे अंतराल के बाद बस्तर से आगे बढ़ते हुए अब यह दुर्ग जिले तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। इससे जहां किसानों में उत्साह है, वहीं आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है। रायपुर में गरज-चमक के साथ भारी बारिश सोमवार की शाम से ही राजधानी रायपुर में मौसम (Chhattisgarh Weather Update) ने करवट ली और आसमान में घने बादल छा गए। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को रायपुर समेत आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार हैं। इसके चलते दिनभर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है। राजधानी में तापमान 26°C से 34°C के बीच रह सकता है। वहीं रायपुर-दुर्ग समेत 10 जिलों में अंधड़ और बिजली गिरने का यलो अलर्ट है। अन्य जिलों में सिर्फ बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के चलते प्रदेश के औसत तापमान में भी 4-5 डिग्री की गिरावट आई है। प्रदेश में सोमवार को 36.2 डिग्री सेल्सियस के दुर्ग सबसे गर्म रहा, जबकि 21 डिग्री के साथ राजनांदगांव सबसे ठंडा रहा। कई जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर और दुर्ग जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवाओं, वज्रपात और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटे में दुर्ग में जहां अधिकतम तापमान 36.2°C रहा, वहीं राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21.0°C रिकॉर्ड किया गया, जो मानसूनी प्रभाव को दर्शाता है। दुर्ग में 60 मिलीमीटर बरसा पानी प्रदेश में पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 25 जिलों में बारिश हुई है। सबसे ज्यादा 60 मिमी बारिश दुर्ग में रिकॉर्ड की गई है। 16 दिन पहले आ गया था मानसून इससे पहले छत्तीसगढ़ में नौतपे के बीच मानसून की एंट्री हो गई थी। प्रदेश में मानसून के पहुंचने की नॉर्मल डेट 13 जून है। लेकिन इस बार 16 दिन पहले ही मानसून ने दस्तक दे दी थी। वहीं 64 साल के इतिहास में ये पहली बार है, जब मानसून मई माह में छत्तीसगढ़ पहुंचा था। इससे पहले साल 1971 में 1 जून को मानसून पहुंचा था जून में अब तक सामान्य से कम बारिश अब तक की बात करें तो जून में 33 में से 27 जिले (लगभग 82%) में बारिश सामान्य से कम रही है। सिर्फ 6 जिलों में बारिश सामान्य या उससे अधिक रही है। पूरे राज्य में औसतन 51% वर्षा की कमी है, जो सामान्य से कम मानी जाती है। इस समय मानसून की स्थिति कमजोर है और स्थिति यही रही, तो खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है। पिछले साल के मुकाबले स्थिति बेहतर हालांकि इस बार की स्थित पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। साल 2024 में जून का अधिकतम तापमान 45.7°C था, जो 1 जून को दर्ज किया गया था। जबकि इस साल अधिकतम तापमान अब तक 42 से 43°C के आस-पास ही रहा है। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.5°C 19 जून को रिकॉर्ड किया गया था। पिछले साल जून में पूरे महीने के औसत तापमान की बात करें तो 38.6°C रहा था। वहीं न्यूनतम औसतन तापमान 27.7°C दर्ज किया गया था।  

मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री, तेज बारिश का अलर्ट, अब झमाझम बारिश के लिए तैयार रहें

भोपाल  मध्यप्रदेश में मौसम ने फिर एक बार करवट ली है। सूरज की तपिश से परेशान लोगों के लिए मौसम राहत की फुहारें लेकर आया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट्स के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने प्रदेश में पूरी तरह से दस्तक दे दी है। आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का दौर देखने को मिलेगा। तो चलिए, जानते हैं आज के मौसम का हाल और मॉनसून की ताजा स्थिति। । सोमवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर के रास्ते मानसून प्रदेश में पहुंचा। अगले 2 दिन में मानसून भोपाल-इंदौर में दस्तक दे सकता है। वहीं, सबसे आखिरी में ग्वालियर-चंबल में पहुंचेगा। बुरहानपुर से भोपाल तक बारिश की बौछार मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून ने 16 जून को बड़वानी, खरगोन और बुरहानपुर जैसे दक्षिणी जिलों में कदम रखा और अब तेजी से प्रदेश के अन्य हिस्सों में फैल रहा है। आज सुबह तक भोपाल, इंदौर, जबलपुर, और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में मॉनसून की पहली फुहारें पहुंच चुकी हैं। मौसम एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले 24-48 घंटों में नरसिंहपुर, डिंडौरी, और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में भारी बारिश (2.5-4 इंच) की संभावना है। इससे पहले प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर रहेगा। कहीं-कहीं भारी या अति भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने मंगलवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच शामिल हैं। यहां हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। छतरपुर, खंडवा-बड़वानी समेत 14 जिलों में बारिश प्रदेश में सोमवार को 4 जिले- बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर के रास्ते मानसून पहुंचा। इन जिलों में बारिश का दौर चला। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को 9 घंटे में छतरपुर जिले के नौगांव में सबसे ज्यादा सवा इंच पानी गिर गया। रीवा में भी 1 इंच से ज्यादा बारिश हुई। मंडला में आधा इंच बरसात हुई। धार, गुना, रतलाम, सागर, सतना, बालाघाट, खंडवा, बड़वानी, टीकमगढ़, अशोकनगर, हरदा में भी बारिश का दौर चला। भोपाल में शाम को मौसम बदल गया। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई। देर रात तक कई जिलों में बारिश का दौर रहा। बारिश के चलते दिन के तापमान में आई गिरावट बारिश के चलते दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। सोमवार को सिर्फ एक शहर नर्मदापुरम में पारा 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे ही रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.5 डिग्री, इंदौर में 34.6 डिग्री, ग्वालियर में 37 डिग्री, उज्जैन-जबलपुर में 38 डिग्री सेल्सियस रहा। पचमढ़ी में सबसे कम 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अभी यह सिस्टम एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर जारी है। वहीं, मानसून भी सक्रिय हो गया है। उमस भरी गर्मी से राहत पिछले हफ्ते जहां प्रदेश का पारा 47 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं आज तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का अनुमान है। इंदौर में 36 डिग्री, जबलपुर में 37 डिग्री, और ग्वालियर में 40 डिग्री के आसपास तापमान रहेगा। हालांकि, बारिश के साथ उमस का स्तर बढ़ सकता है। कहां कैसा रहेगा मौसम?     दक्षिणी मध्यप्रदेश (बुरहानपुर, खंडवा, बड़वानी): मॉनसून की पहली बारिश ने इन इलाकों को तरबतर कर दिया है। आज दोपहर तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना।     मध्य क्षेत्र (भोपाल, इंदौर, उज्जैन): हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सुहाना रहेगा। शाम को तेज हवाएं (20-30 किमी/घंटा) चल सकती हैं।     उत्तरी मध्यप्रदेश (ग्वालियर, चंबल): अभी भी गर्मी का असर, लेकिन शाम तक हल्की बारिश संभव।     पूर्वी मध्यप्रदेश (जबलपुर, नरसिंहपुर, डिंडौरी): भारी बारिश का अलर्ट। स्थानीय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। मॉनसून का आगे का सफर आईएमडी के अनुसार, मॉनसून अगले 3-4 दिनों में पूरे मध्यप्रदेश को कवर कर लेगा। जून के अंत तक सामान्य से अधिक बारिश की उम्मीद है, जो गर्मी से जूझ रहे लोगों और किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि ला नीना की सक्रियता के कारण इस साल मॉनसून मजबूत रहेगा। इस बार एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मी राजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर रहा। 4 साल तो टेम्प्रेचर 45 डिग्री के पार पहुंच गया। वहीं, रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। वहीं, पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी। वहीं, 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था।

मध्य प्रदेश में आज 15 जून तक दस्तक देगा मानसून, इस जिले से करेगा धमाकेदार एंट्री

भोपाल   मध्यप्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं भीषण गर्मी तो कहीं तेज आंधी-बारिश का दौर जारी है।। सागर-खंडवा में बारिश के चलते कई पेड़ उखड़ गए। वहीं ग्वालियर में लोग गर्मी से परेशान हैं। इसी बीच मानसून को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कई दिनों से महाराष्ट्र-छग में ठहरे मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। उम्मीद जताई जा रही है किआज  15-16 जून तक मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश कर लेगा।आज  15 जून को इंदौर और आसपास के जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। भारत मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि दो से तीन तरह की स्थितियां बनने से एमपी के कई जिलों में आज 15 जून से बारिश की संभावना है। बारिश का दौर दो से तीन दिन रहेगा। ऊपरी हवा का एक चक्रवाती सिस्टम उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर सक्रिय है। यह सिस्टम एक ट्रफ के रूप में उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से मध्य प्रदेश और विदर्भ होते हुए मराठवाड़ा तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला है। आज 15 जून को इंदौर और आसपास के जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रतार से हवा चलेगी। 15 जून को ऐसा होगा मौसम भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 16 जून को ऐसा होगा मौसम मंडला और बालाघाट में तेज बारिश का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में हल्की बारिश होने की संभावना है।

एमपी की चौखट पर पहुंचा मानसून, शनिवार को लू और गर्मी का आखिरी दिन, इंदौर संभाग में आज भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून 16-17 जून को प्रवेश कर सकता है, जिससे पहले प्रदेश में तेज गर्मी और आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत कई जिलों में आंधी, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि ग्वालियर-चंबल में लू चलने की आशंका है। इन जिलों में आंधी-बारिश से हाल बेहाल शुक्रवार को गुना और अशोकनगर समेत कई जिलों में बारिश हुई, वहीं मुरैना में आंधी से पेड़ उखड़ गए और रतलाम में रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनें प्रभावित हुईं। इस बार मानसून के समय पर आने की उम्मीद है, क्योंकि यह देश में 8 दिन पहले ही आ गया था और महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ में भी तय समय से पहले पहुंच गया था। कुछ दिनों अटकने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। ऐसे में उम्मीद है कि अगले 3 दिन यानी, 15-16 जून को मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश कर लेना। शनिवार के लिए IMD का इन जिलों में अलर्ट शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, आगर-मालवा, धार, बड़वानी, खरगोन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, दमोह, पन्ना, सतना, मऊगंज, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट में भी तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है। मानसून से पहले हीट वेव का आखिरी दिन मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि शुक्रवार को रतलाम, धार, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, अशोक नगर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया था. शनिवार को भी गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, रतलाम और धार को छोड़कर लू चलेगी. हालांकि 14 जून को मध्य प्रदेश में हीट वेव का आखिरी दिन होगा. इसके बाद पूरे मध्य प्रदेश में जोरदार बारिश का दौर शुरू होगा. यहां तक पहुंचा मानसून, मध्य प्रदेश पहुंचने की देर मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी और सैंडहेड द्वीप से होकर गुजर रही है. अगले 2 दिनों के दौरान विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में और उसके बाद गुजरात, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है.” दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य तिथि 15 जून है. इस बार भी मानसून 15 या 16 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है.” शुक्रवार को कई जिलों में पारा 40 के पार शुक्रवार को कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ग्वालियर में 44.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री और नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 40 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, सतना, रीवा, सीधी, शिवपुरी, उमरिया, सागर, रतलाम, शाजापुर, खरगोन और खंडवा में तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। तय समय से पहले आया मानसून बीच में अटका इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। हालांकि, अब मानसून आगे बढ़ने लगा है। इसलिए अब यह प्रदेश में 15-16 जून तक पहुंच सकता है। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।   बिजली गिरने से 2 की मौत, कई पेड़ उखड़े, ट्रैक पर ट्रेनें थमी इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। शिवपुरी के ककरवाया गांव के पास भूसा से गट्टा बनाने वाली दो फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा। आंधी में दोनों फैक्ट्रियों के जमीन में गढ़े पिलर और शेड उखड़कर हवा में उड़ गए। जिससे शेड के नीचे रखा भूसा और भूसे से बनी ब्रिक बारिश में धुल गई। गुना में तेज आंधी चली। शिवपुरी में धूलभरी आंधी चलने के साथ बारिश हुई। कोलारस में तेज पानी गिरा। खंडवा में भीषण गर्मी के बीच तेज बारिश का दौर रहा। मुरैना में तेज आंधी से कई पेड़ उखड़ गए और झोपड़ियों को नुकसान पहुंचा। रतलाम रेल मंडल के गौतमपुरा बड़नगर रेलवे ट्रैक के बीच आंधी-तूफान के साथ हुई तेज बारिश से पेड़ ट्रैक पर आ गिरा। इससे महू से रतलाम आने वाली पैसेंजर ट्रेन गौतमपुरा में खड़ी हो गई। रतलाम के मोयाखेड़ा में बिजली गिरने से एक 15 वर्षीय बालिका और तंबोलिया में एक युवती की मौत हो गई। एक अन्य युवती घायल हो गई। गुना में एक इंच से ज्यादा पानी गिरा। आलोट में ग्राम जोयन में महिला श्यामू बाई पर पेड़ गिर गया। जिससे उसकी की मौत हो गई। खजुराहो में पारा 45 डिग्री, ग्वालियर, नर्मदापुरम-नौगांव भी गर्म रहे शुक्रवार को कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ग्वालियर में 44.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री और नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 40 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, सतना, रीवा, सीधी, शिवपुरी, उमरिया, सागर, रतलाम, शाजापुर, खरगोन और खंडवा में तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। गुना में आज सवा इंच से ज्यादा पानी गिर गया। इस बार समय पर ही एंट्री करेगा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में … Read more

बिहार, झारखंड, बंगाल में बारिश के साथ ओले-बिजली का अलर्ट, IMD ने दी बड़ी जानकारी, 17 जून से…

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश, आंधी-तूफान, लू और गरम के साथ-साथ आर्द्र मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। दक्षिण भारत से लेकर उत्तर और पूर्वोत्तर राज्यों तक मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में गरज के साथ बारिश और आंधी की संभावना है। मध्य प्रदेश और ओडिशा में 13 से 18 जून तक भारी बारिश हो सकती है। गंगा से सटे पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 जून को भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान के आसार हैं। जबकि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लू की स्थिति बनी रहेगी। खासकर 13 व 14 जून को पश्चिम राजस्थान में भीषण लू पड़ने की संभावना है। दक्षिण भारत में भारी बारिश की आशंका केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में अगले सात दिनों तक हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 14 और 15 जून को तमिलनाडु और केरल में अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट है। साथ ही कई स्थानों पर 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 13 से 18 जून के बीच तेज बारिश और तेज हवाओं के साथ आंधी की आशंका है। मौसम विभाग ने 13 से 15 जून तक कोंकण और गोवा में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। मराठवाड़ा और घाट क्षेत्रों में भी 13 व 14 जून को भारी बारिश का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले सात दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं। 16 से 18 जून के बीच असम, मेघालय और अन्य राज्यों में अति भारी वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। हालांकि, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्म रातों और गरम मौसम से लोगों को राहत नहीं मिलेगी।

मध्य प्रदेश में 15 जून को मानसून के पहुंचने की संभावना, भीषण गर्मी से मिलेगी राहत

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला-बदला सा है। कई इलाकों में भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। इस बीच मौसम विभाग ने एक गुड न्यूज दी है। आईएमडी की ताजा भविष्यवाणी के अनुसार, आज मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार हैं। बारिश के बाद गर्मी से राहत की उम्मीद है। दो-तीन दिनों में तापमान में भी कमी आएगी। इसके अलावा मॉनसून को लेकर भी अपडेट सामने आया है। आज कई इलाकों में होगी बारिश आज मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। गरज-चमक के साथ बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अगले कुछ दिनों (14-15 जून) में बारिश का दायरा बढ़ेगा और पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश (64.5-115.5 मिमी) की संभावना है। गर्मी भी कर रही परेशान मध्य प्रदेश में गर्मी अभी भी अपने तेवर दिखा रही है। कई इलाकों में अधिकतम तापमान 39-43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से काफी ऊपर। आज कुछ जगहों पर लू की स्थिति बनी रहेगी और 13 जून तक कहीं-कहीं भीषण लू का असर भी देखने को मिल सकता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि अगले तीन दिन बाद तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। मॉनसून को लेकर क्या अपडेट? मॉनसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा अभी मुंबई, आदिलाबाद और भवानीपटना से होकर गुजर रही है। मध्य प्रदेश में मॉनसून के 14 जून के आसपास और जोर पकड़ने की संभावना है। हालांकि, अभी प्रदेश में मॉनसून का पूरा जोर नहीं दिखेगा, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की बारिश गर्मी से राहत देने को तैयार है। कैसे बदल रहा मौसम का मिजाज? मध्य प्रदेश के मौसम को आकार देने में कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। मध्य मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक फैली एक ट्रफ लाइन बारिश और तेज हवाओं को बढ़ावा दे रही है। 14-15 जून से इन सिस्टम्स के और सक्रिय होने से मौसम में और बदलाव आएगा। आज इन जिलों में भीषण गर्मी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर के अलावा ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर में भी लू चलेगी। भोपाल में गिर सकता है पानी वहीं, भोपाल, विदिशा, शाजापुर, रायसेन, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में आंधी-बारिश एवं गरज-चमक का अलर्ट है। प्रदेश में गर्मी के साथ आंधी-बारिश वाला मौसम भी प्रदेश में भीषण गर्मी के साथ आंधी-बारिश वाला मौसम भी है। बता दें कि प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 7 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 43 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिरा या आंधी चली। 44वें दिन रविवार को आंधी-बारिश का दौर थमा रहा, लेकिन इसके बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। बुधवार को बैतूल, धार, उज्जैन, रतलाम, बुरहानपुर, हरदा, पन्ना, छतरपुर, रायसेन में मौसम बदला रहा। गरज-चमक के साथ कुछ जिलों में हल्की बारिश भी हुई। अगले 2 दिन लू का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 2 दिन यानी, 12 और 13 जून को ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग के जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। 14 जून से फिर से बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। 15 जून को पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट है। इसी दौरान मानसून की एंट्री भी प्रदेश में हो जाएगी। आगे बढ़ेगा मानसून पिछले 14 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री लेट हो रही है। हालांकि, बुधवार को मानसून की हलचलें तेज हुईं है। इससे मौसम विभाग ने 14-15 जून को मध्य और पूर्वी भारत के हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के एंटर होने की संभावना जताई है। यानी, मध्यप्रदेश में मानसून इन दो दिन के अंदर आमद दे सकता है। मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।

प्रदेश में मानसून के पहले जमकर बरस रहे बादल, जून में पहली बार आंधी-बारिश के साथ लू का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में इस बार गर्मी का मौसम कुछ अलग ही रूप लेकर आया है। अप्रैल से जून के बीच जहां तेज गर्मी का अनुमान था, वहां अब लगातार बारिश और आंधियों का दौर बना हुआ है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में रायसेन-उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 45 जिलों में फिर से तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह बदलाव मुख्य रूप से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण हो रहा है। ये स्थिति आगामी 4 दिनों तक बनी रह सकती है, जिसके बाद मानसून प्रदेश में दस्तक देगा। बारिश के साथ तेज आंधी का अलर्ट प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है। 5 जून को भी कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलीं। प्रदेश में लगातार आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित बना हुआ है। अब मौसम विभाग ने आज शुक्रवार 6 जून को भी 45 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन में तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना जताई है। इन जिलों में जारी है अलर्ट मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 45 जिलों में जिलों आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, मंदसौर, नीमच, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, निवाड़ी, पन्ना, दमोह, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा समेत 45 जिलों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। क्यों हो रहा है ऐसा मौसम? सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इनकी वजह से मौसम अस्थिर हो गया है और गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। अगले 4 दिन मौसम ऐसा ही बना रहेगा। कहां-कहां हुई बारिश? मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार जारी हैं। रायसेन, उज्जैन और धार में गुरुवार को तेज बारिश हुई। रायसेन में 9 घंटे में एक इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हुई है। रायसेन, उज्जैन, धार समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से नीचे चला गया। खजुराहो का पारा 40.2°C, जबकि भोपाल 36.4°C, इंदौर 35.7°C पर रहा। मानसून की प्रतीक्षा फिलहाल, मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर रुका हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून के बाद ही मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करेगा।

मध्य प्रदेश में मानसून मुहाने पर, 26 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल

भोपाल मध्य प्रदेश में लगातार  प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, रतलाम समेत कुल 27 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को भी भोपाल, शाजापुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, राजगढ़, सागर, सतना, धार समेत कई जिलों में बारिश हुई। दमोह में करीब सवा इंच पानी गिरा। मानसून के आने से पहले जून के पहले सप्ताह में प्रदेश में गर्मी का असर रहता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कई शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इन शहरों में पारा 40 डिग्री से नीचे ही है। वहीं, यहां बारिश का दौर चल रहा है। अगले 4 दिन भी आंधी-बारिश का अलर्ट है। आज इन जिला में बारिश और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। यहां पर आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल में 33 डिग्री रहा पारा बारिश की वजह से बुधवार को कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, नौगांव में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंचा। बाकी शहरों में इससे नीचे रहा। भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 32.3 डिग्री, ग्वालियर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 35.4 डिग्री और जबलपुर में 36.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 29.6 डिग्री रहा। इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 5 जूनः ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। 6 जून: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना है। आंधी की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। 7 जून: इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह में तेज आंधी के साथ बारिश होने का अलर्ट है। 8 जून: खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में बारिश हो सकती है।

भोपाल में तो सुबह से बादल छाए रहे, दोपहर बाद रिमझिम बारिश होने लगी

भोपाल मध्यप्रदेश में बुधवार को भी मौसम बदला रहा। राजधानी भोपाल और शाजापुर समेत कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। भोपाल में तो सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर बाद रिमझिम बारिश होने लगी। शाजापुर में करीब आधे घंटे पानी गिरा। मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। सिवनी, बालाघाट, बैतूल, छिंदवाड़ा, देवास और सीहोर में आकाशीय बिजली चमकने के साथ तेज आंधी चल सकती है। जिसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। इसके अलावा इंदौर, राजगढ़, आगर, मंदसौर, उज्जैन, भोपाल, रायसेन, विदिशा, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, जबलपुर में बिजली चमकने के साथ हल्की आंधी चलने की संभावना है। बुरहानपुर, झाबुआ, बड़वानी, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, सागर, पांढुर्ना, नरसिंहपुर, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, रीवा, सिंगरौली और डिंडोरी में भी मौसम बदला रहेगा। अभी प्री-मासून एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मानसून से पहले प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। सिस्टम की वजह से प्रदेश में कहीं तेज आंधी चल रही है तो कहीं बारिश हो रही है। अगले चार दिन यानी, 6 जून तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। अभी एक ही जगह पर ठहरा मानसून इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है।

पूर्वोत्तर में बाढ़ से हालात नाजुक : अब तक 48 मौतें, सात लाख लोग प्रभावित; असम के 11 जिलों के लिए यलो अलर्ट

गुवाहाटी असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों का बाढ़ से बुरा हाल है. अब तक हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. जन जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है. लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि करें तो क्या करें. असम में बाढ़ (Assam Flood) की स्थिति मंगलवार को और ज्यादा बिगड़ गई. बाढ़ की वजह से वहां छह और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस साल बाढ़ और भूस्खलन (Northeast Landslide) में मरने वालों का आंकड़ा 17 पहुंच गया. वहीं सिक्किम समेत क्षेत्र के सात राज्यों में मरने वालों का आंकड़ा करीब  48 हो गया है. बाढ़ के हालात से निपटने के लिए मदद का आश्वासन पीएम नरेंद्र मोदी असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के हालात पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और लगातार दिशा-निर्देश दे रहे हैं. पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को असम और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों के साथ ही मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से बातचीत की. उन्होंने बाढ़ के खतरे से निपटने के साथ ही राहत और पुनर्वास कोशिशों में केंद्र की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया. बाढ़ और भूस्खलन से 7 राज्यों में 48 मौतें  पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकारियों का कहना है कि 29 मई से हो रही बारिश और बाढ़ के दौरान हुई 48 मौतों में से करीब 17 लोगों की जान अकेले असम में गई है. वहीं अरुणाचल प्रदेश में 12, मेघालय में 6, मिजोरम में 5, सिक्किम में 4, त्रिपुरा में 2 और नागालैंड और मणिपुर में एक-एक मौत हुई है. असम में बाढ़ से 6.33 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 जिलों में आई बाढ़ और बारिश की वजह से 6.33 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 21 जिलों के 1506 गांवों में 14,739 हेक्टेयर से ज्यादा फसल भूमि भी प्रभावित हुई है. असम में कई जगहों पर ब्रह्मपुत्र और छह अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. 5 जून तक पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने की संभावना दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से लगभग आठ दिन पहले आने के बाद ठिठक गया है। अब इसके 11 जून से फिर गति पकड़ने की उम्मीद है। इस बीच, जहां तक मानसून पहुंचा है वहां भारी बारिश हो रही है। इनमें दक्षिण भारत के केरल और आंध्र प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के सभी राज्य शामिल हैं। पूर्वोत्तर में खासतौर पर ज्यादा नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 जून तक पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इससे स्थिति के और खराब होने की आशंका है।   सिक्किम में 1,700 लोग निकाले गए सिक्किम में भूस्खलन के बाद फंसे 34 लोगों को दो एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित निकाल कर पास के पाकयोंग हवाई अड्डे पर पहुंचाया गया है। राज्य में राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे अब तक 1,700 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।   सैनिकों-सैलानियों की तलाश जारी सिक्किम के लाचेन शहर के छतेन में सैन्य शिविर पर भूस्खलन के बाद लापता छह सैनिकों की तलाश तेज कर दी गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 23 सदस्यीय टीम को भी तलाशी अभियान में लगाया गया है। वहीं, उफनती तीस्ता नदी में वाहन के साथ बहे आठ लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। 29 मई की रात वाहन एक हजार फीट नीचे नदी में गिर गया था। इसमें 11 लोग सवार थे, जिनमें से दो लोगों को सुरक्षित निकाल गया था, जबकि एक की मौत हो गई थी, शेष लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। वहीं, मेघालय में एनडीआरएफ के जवान इंदौर की एक लापता पर्यटन की तलाश में जुटे हैं। महिला के पति का शव एक दिन पहले पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में एक खड्ड में मिला था, जिसकी पहचान राजा रघुवंशी (29) के रूप में हुई थी। राजा और उनकी पत्नी सोनम 23 मई से ही लापता थे। एनडीआरएफ की 17 सदस्यीय टीम सोनम की तलाश में जुटी है। मिजोरम : 10 दिन में 5 मौतें बारिश और बाढ़ से मिजोरम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते 10 दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन की 552 घटनाएं हुई हैं और 152 घरों को नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं में 5 लोगों की जान चली गई है। भूस्खलन या दरारों के कारण 198 परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और बाढ़ के कारण 92 अन्य ने अपने घर खाली कर दिए हैं। बाढ़ से राज्य के 11 जिले प्रभावित हुए हैं। बारिश के चलते 10 जिलों में मंगलवार को पांचवें दिन भी स्कूल बंद रहे।     मणिपुर में बाढ़ से 10,477 घर क्षतिग्रस्त मणिपुर में बाढ़ की वजह से 56,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और 10,477 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. नदियों का उफान पर होने की वजह से राजधानी इंफाल के कई इलाके और इंफाल पूर्वी जिले पानी-पानी हो गए हैं. नदियों का पानी इन इलाकों में भर गया है. नगालैंड की बारिश में बह गई NH-2 की सड़क नगालैंड में भारी बारिश की वजह से कोहिमा जिले के फ़ेसामा गांव में NH-2 का 50 मीटर का हिस्सा बह गया. जिसकी वजह से नागालैंड और मणिपुर के बीच आवाजाही के मुख्य रास्ते से कनेक्शन कट गया. हालात इतने खराब हो गए हैं कि मणिपुर जाने वाले 100 से ज्यादा माल लदे ट्रक रविवार से सड़क पर ही फंसे हुए हैं. क्यों कि आगे बढ़ने के लिए रास्ता ही नहीं है. मिजोरम में 600 से ज़्यादा लैंडस्लाइड बतादें कि पिछले 100 दिनों में अकेले मिजोरम में 600 से ज़्यादा लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं. हालांकि त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में बाढ़ की स्थिति में सुधार जरूर देखा गया है. असम में बाढ़ और भूस्खलन से 17 की मौत असम में सात नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इसमें हैलाकांडी जिले के मतिजुरी में कटाखाल नदी भी शामिल हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन में कहा गया है कि सोमवार से अब तक छह मौतें हुई हैं, जिनमें हैलाकांडी, श्रीभूमि, मोरीगांव, कछार, … Read more

मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी, भोपाल, इंदौर-जबलपुर में बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। ऐसा ही मौसम बुधवार को भी बना रहेगा। बता दें कि इस बार भीषण गर्मी में भी आंधी-बारिश वाला मौसम है। प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 3 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 39 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिर रहा है या आंधी चल रही है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन यानी 7 जून तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में आंधी-बारिश के सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से मौसम बदला हुआ है। आज इन जिलों में बदला रहेगा मौसम मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा में तेज आंधी चलने का अलर्ट है। आंधी की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। इसी तरह भोपाल, इंदौर, उज्जैन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, देवास, धार, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर गुना, राजगढ़, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। भोपाल-इंदौर समेत 14 जिलों में बारिश मंगलवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, नीमच, धार, खरगोन, रायसेन, मंदसौर, छतरपुर के खजुराहो, मंडला, रीवा, सागर, उमरिया में बारिश हुई। 9 घंटे में रायसेन में 1 इंच से ज्यादा पानी गिरा। खरगोन में पौन इंच बारिश हुई। भोपाल में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। इससे दिन का तापमान 33.4 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 31.3 डिग्री, ग्वालियर में 34.1 डिग्री, उज्जैन में 31.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 36 डिग्री दर्ज किया गया। मंगलवार को छतरपुर के नौगांव में सबसे ज्यादा तापमान 38.5 डिग्री रहा। टीकमगढ़, खरगोन, खंडवा में भी पारा 37 डिग्री के आसपास रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां दिन का तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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