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एमपी में बारिश का मौसम तेज, इंदौर-ग्वालियर-उज्जैन-गुना समेत 22 जिलों में चेतावनी जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 22 जिलों में बुधवार, 18 फरवरी को आंधी, बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन भी शामिल हैं। इसी बीच रतलाम जिले के कई इलाकों में मंगलवार रात को बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण मौसम बदलेगा। गुरुवार, 19 फरवरी को भी ग्वालियर-चंबल में बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इन जिलों में बारिश का अलर्ट बुधवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, बड़वानी, खरगोन, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में बादल छाए रह सकते हैं। गुरुवार को भी रहेगा असर, फिर थमेगा सिलसिला गुरुवार को ग्वालियर-चंबल संभाग के ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा और मौसम सामान्य हो जाएगा। फरवरी में तीसरी बार बदलेगा मिजाज इस महीने की शुरुआत में दो बार ओले, बारिश और तेज हवाओं ने फसलों को नुकसान पहुंचाया था। प्रभावित इलाकों में सर्वे की प्रक्रिया भी कराई गई। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है, जिससे किसानों की चिंता फिर बढ़ सकती है। दिन गर्म, रात में हल्की सर्दी फिलहाल दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। मंगलवार को 20 से ज्यादा जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। वहीं रात में हल्की सर्दी बनी हुई है, हालांकि न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। कटनी जिले के करौंदी में सबसे कम 8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 8.1 डिग्री, पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों में भोपाल में 14 डिग्री, इंदौर में 16.8 डिग्री, ग्वालियर में 13 डिग्री, उज्जैन में 16.2 डिग्री और जबलपुर में 13.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 18 फरवरी: 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी, कहीं-कहीं तेज हवा चल सकती है। 19 फरवरी: ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश का असर, उसके बाद मौसम साफ होने के संकेत।  मध्य प्रदेश में कितना होगा असर उत्तरी राज्यों में ठंड फिर से दस्तक देने वाली है. क्योंकि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मोंथा 21 राज्यों में एंट्री करने वाला है. हालांकि मध्य प्रदेश में इसका असर देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन तेज हवाएं चलने के आसार हैं. इससे पहले अक्टूबर 2025 चक्रवातीय तूफान मोंथा ने आंध्रप्रदेश सहित दक्षित भारत के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी. मध्य प्रदेश में आज 22 जिलों में बारिश! मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है. जिसके चलते आज बुधवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत कुल 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है. भोपाल, देवास, सीहोर और विदिशा जैसे जिलों में दिनभर बादल छाए रहने के आसार हैं. फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है मोंथा खतरनाक तूफान मोंथा का असर यह होगा कि, जिन राज्यों में तूफान आएगा वहां ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने से गेहूं, सरसों जैसी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. इसके अलावा पहाड़ी मार्गों पर हिमपात बढ़ सकता है. बिना मौसम की जानकारी के यात्रा करने से बचना चाहिए. ऐसे समय में सावधानी जरूरी है. घरों की खिड़कियां रखें, आवश्यक इमरजेंसी सामान तैयार रखें. स्थानीय मौसम विभाग के अलर्ट को फॉलो करें. 

राजस्थान में बारिश के साथ गिरेंगे ओले, पश्चिमी विक्षोभ का 48 घंटे रहेगा असर

जयपुर. राजस्थान में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम बड़ा बदलाव दिखा सकता है। 17 और 18 फरवरी को राज्य में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन, बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। आज इन संभागों में बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने बताया है कि आज जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद मौसम करवट ले सकता है। आसमान में बादल छाने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। सुबह और दोपहर तक मौसम सामान्य रह सकता है, लेकिन बाद में अचानक बदलाव से लोगों को राहत भी मिल सकती है। कल का मौसम: ओलावृष्टि की चेतावनी विक्षोभ का सबसे ज्यादा प्रभाव 18 फरवरी को रहने की संभावना है। इस दिन बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं ओले गिरने की भी संभावना है। ओलावृष्टि होने पर खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तापमान में गिरावट के संकेत फिलहाल राज्य के अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। लेकिन मावठ के असर से अगले 2 से 3 दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है।

नए सिस्टम से उज्जैन संभाग में दिखेगा असर, MP के कई हिस्सों में 18-19 फरवरी को बारिश; भोपाल-इंदौर में बादलों का प्रभाव

भोपाल  मध्यप्रदेश का मौसम एक बार फिर नया सिस्टम एक्टिव होते ही करवट ले सकता है, जिसके बाद प्रदेश के कई संभागों में बारिश होने की चेतावनी है. इसको लेकर मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल, भिंड, मुरैना, सागर और उज्जैन के साथ ही कई और हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. एमपी में पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम एक बार फिर बदलने वाला है. IMD ने 18 और 19 फरवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और नीमच में बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके साथ ही भोपाल और इंदौर में बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है. अब कैसा रहेगा मौसम, देखें रिपोर्ट. मौसम की आंख मिचौली, कहीं गर्मी, कहीं राहत प्रदेश में महाशिवरात्रि यानी रविवार को मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला है. जहां खंडवा और खरगोन में दिन का तापमान 34 डिग्री से ऊपर चला गया. वहीं दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में तापमान 30 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया. इसके बाद आने वाले दिनों में थोड़ी ठंडक बढ़ सकती है. प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर दिखने को मिला। खंडवा-खरगोन में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार पहुंच गया, तो दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में पारा 30 डिग्री या इससे अधिक रहा। वहीं, शनिवार-रविवार की रात की बात करें तो कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, कल्याणपुर में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर में सबसे कम 11.5 डिग्री, ग्वालियर में 11.7 डिग्री, भोपाल में 13 डिग्री, उज्जैन में 13.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 14.3 डिग्री दर्ज किया गया। फरवरी में तीसरी बार भीगेगा एमपी फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। इसके बाद अब तीसरी बार फरवरी भीगेगा। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी मौसम विभाग के अनुसार, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने की वजह से पहाड़ी राज्यों में असर देखा गया। वहां बारिश और बर्फबारी हुई। इसकी वजह से एमपी में कहीं-कहीं हल्के बादल छाए रहे। रविवार को भी हल्के बादल रहे। 16 फरवरी से नया सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसमें एमपी भी शामिल हैं। अभी रात में ही सर्दी का दौर वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर ही जारी रहेगा। रात और सुबह के समय सर्दी रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही रहेगा। वहीं, रात में 30 डिग्री के पार पहुंच सकता है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम     16 फरवरी– दिन में गर्मी का असर बढ़ा हुआ देखने को मिलेगा। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होगी।     17 फरवरी- कुछ जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम की आंख मिचौली, कहीं गर्मी, कहीं राहत प्रदेश में महाशिवरात्रि यानी रविवार को मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला है. जहां खंडवा और खरगोन में दिन का तापमान 34 डिग्री से ऊपर चला गया. वहीं दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में तापमान 30 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया. इसके बाद आने वाले दिनों में थोड़ी ठंडक बढ़ सकती है. कटनी एमपी में सबसे ठंडा, पारा लुढ़का एमपी में शनिवार-रविवार की रात कटनी का करौंदी इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज हुआ. इसके अलावा पचमढ़ी में 9.2, कल्याणपुर में 9.4 और रीवा में 9.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ है. एमपी के बड़े शहरों का तापमान मध्यप्रदेश के बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा है. यहां रात का तापमान 11.5 डिग्री दर्ज हुआ है. वहीं ग्वालियर में 11.7, भोपाल में 13, उज्जैन में 13.5 और जबलपुर में 14.3 डिग्री दर्ज किया गया है. फरवरी में तीसरी बार बारिश की संभावना फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और तेज हवा का असर देखा जा चुका है, जिससे फसलों को नुकसान हुआ था. इसके बाद अब फिर मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश होने का 18-19 फरवरी को अलर्ट जारी किया है. जिसके बाद अगर बारिश होती है तो फरवरी में तीसरी बार प्रदेश भीग सकता है. एमपी में कैसा रहेगा अगले दो दिन का मौसम एमपी में 16 फरवरी को दिन में गर्मी ज्यादा रहेगी, रात के तापमान में भी इजाफा हो सकता है. इसके बाद 17 फरवरी को कुछ जिलों में सुबह हल्का कोहरा छा सकता है, बारिश का कोई अलर्ट नहीं है यानी कुल मिलाकर, फरवरी के दूसरे हिस्से में मौसम लगातार बदलता रहेगा. कहीं गर्मी बढ़ेगी तो कहीं हल्की ठंड और कुछ इलाकों में बारिश की संभावना बनी रहेगी.

मौसम अलर्ट: MP के कई शहरों में बारिश और ओले, कोहरे ने घटाई विजिबिलिटी 30-50 मीटर तक

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भोपाल  मध्य प्रदेश में घने कोहरे के साथ बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इसी के साथ आज भी कई जिलों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अगले तीन दिन कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छा सकता है। जबकि, कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के चलते एमपी में ओले और बारिश का दौर जारी है। जबकि 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, जिससे 10 फरवरी तक प्रदेश में बारिश और ओलों का दौर फिर से शुरू हो सकता है। इन जिलों में बारिश के आसार मंगलवार को ग्वालियर, राजगढ़, रीवा विदिशा, गुना, मुरैना, भिंड, आगर मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सागर, दमोह, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी में गरज चमक के साथ पानी गिरने की संभावना है। जबकि, भोपाल समेत कई जिलों में सुबह मध्यम कोहरा भी देखने को मिला। आफत बनी बारिश और ओलावृष्टि मौसम विभाग ने 3 फरवरी के लिए 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक 6 फरवरी के बाद ही बारिश से राहत मिलेगी. पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से मौसम में अचानक से बदलाव हुआ है. रविवार और सोमवार को निमाड़ क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जबकि ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में आंधी के साथ बरसात हुई है. इससे प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान हुआ है. इन जिलों के लिए जारी की गई चेतावनी मौसम वैज्ञानिक ई दिव्या बताती हैं, “वेस्टर्न डिस्टरबेंस पंजाब और इससे लगे हरियाणा के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसकी वजह से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की स्थिति बनी हुई है. इसके अलावा 5 फरवरी की रात को नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा. इसकी वजह से प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश की संभावना बन सकती है. हालांकि, अब ओलावृष्टि की संभावना तो नहीं है, लेकिन कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है.” इन जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 3 फरवरी को आगर मालवा, राजगढ़ गुना, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, सागर, दमोह, टीकमगढ़ निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिले में बारिश हो सकती है. जबकि 4 फरवरी को श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिले में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 5 और 6 फरवरी को यहां बरसेगा पानी 5 फरवरी को राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा जिले में बारिश हो सकती है. 6 फरवरी को गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में बारिश हो सकती है. एक साथ सक्रिय है 3 सिस्टम आईएमडी के अनुसार वर्तमान में 3 सिस्टम एक साथ एक्टिव है, जिस वजह से रविवार और सोमवार को ओरछा, निवाड़ी, टीकमगढ़, आगर, उज्जैन, दतिया जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा नीमच और मंदसौर में ओले गिरे हैं, जबकि आगर में तेज हवाएं चली. छतरपुर में घना कोहरा छाया रहा, वहीं ग्वालियर, उज्जैन रीवा में हल्का कोहरा छाया रहा.  टेम्प्रेचर में कोई बदलाव नहीं मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है. प्रदेश में अधिकतम तापमान खरगौन में 30.2 रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 8.4 रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक फरवरी माह में धीरे-धीरे तापमान बढ़ेगा. खासतौर से ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभाग में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा.  एमपी के इन जिलों में 3 दिन मौसम का हाल 4 फरवरी बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना में मध्यम कोहरा रहेगा। -5 फरवरी गुरुवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, राजगढ़, मऊगंज, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दतिया, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में कोहरे का असर देखने को मिलेगा। -6 फरवरी शुक्रवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, मऊगंज, मुरैना, भिंड, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोहरा रहेगा।

MP Weather Alert: 25 जिलों में बारिश और ठंडी हवाएं, अगले 3 दिनों में बढ़ेगी ठिठुरन

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भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम और ठंड में बदलाव देखने को मिल रहा है. अधिकतर जिलों में बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट आई है. मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि, अगले 3 दिनों में मध्य प्रदेश के 25 जिलों में मावठा की बारिश हो सकती है. जिससे तापमान में और गिरावट आएगी. बारिश की आशंका ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. बीते दिनों कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि से ठंड बढ़ गई थी. हालांकि कई जिलों में बारिश का दौर रुक गया है लेकिन ठंडक बनी हुई है. पूरे प्रदेश में सुबह के समय कोहरा छाया रहता है. मौसम में बदलाव के संकेत, मौसमी प्रणालियां सक्रिय मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि, ”वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है. इसके साथ एक द्रोणिका भी जुड़ी हुई है, जो मौसम में बदलाव के संकेत दे रही है.” उन्होंने बताया कि, ”दक्षिणी हरियाणा और उससे लगे उत्तरी राजस्थान के क्षेत्र में एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है. इस चक्रवात से लेकर मध्य महाराष्ट्र तक एक लंबी द्रोणिका विकसित हुई है, जो गुजरात होते हुए आगे बढ़ रही है. इस मौसमी प्रणाली के कारण संबंधित क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियों में वृद्धि देखी जा सकती है.” मध्य प्रदेश में बारिश का अनुमान मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, ”पूर्वोत्तर भारत के ऊपर लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी जेट स्ट्रीम की हवाएं सक्रिय हैं. जिनकी रफ्तार करीब 232 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है. इन तेज हवाओं का प्रभाव आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज को और प्रभावित कर सकता है.” दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि, ”5 फरवरी से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है. इसके असर से कुछ इलाकों में बादल, हल्की से मध्यम वर्षा और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है.” नीमच-मंदसौर में गिरे ओले  नीमच और मंदसौर जिले में तेज हवाएं चलीं, इस दौरान ओले भी गिरे. कई गांव सफेद बर्फ की चादर से ढंक गए. इसके अलावा ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में भी हल्की बारिश हुई. बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. क्योंकि बीते दिनों हुई बारिश से किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं. गेहूं की फसल, जो अभी फूलने की स्टेज में है, खराब हो सकती है. बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता कुछ दिनों से मध्य प्रदेश में रुक-रुककर बारिश हो रही है. जिससे किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है. खंडवा सहित कई जिलों में खेतों में खड़ी लगभग 50 से 60 फीसदी तक फसल नष्ट हो गई है. जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. रविवार को नीमच और मंदसौर जिलों में तेज आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. नीमच के जीरन क्षेत्र में नींबू के आकार के ओले गिरे, जिससे सड़कें बर्फ जैसी दिखाई दीं. इससे अफीम, गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल फूलों की अवस्था में है, इसलिए बारिश और ओलावृष्टि से पैदावार पर असर पड़ सकता है.

मध्यप्रदेश में बारिश और कोहरे का प्रभाव, 25 जिलों में अलर्ट, ग्वालियर में बूंदाबांदी, सीहोर-मुरैना में 50 मीटर विजिबिलिटी

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भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में अगले तीन दिन तक मावठे की बारिश सक्रिय रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को ग्वालियर से लेकर विंध्य क्षेत्र तक 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय कई इलाकों में घना कोहरा भी देखने को मिला, जिससे ठंड और बढ़ गई है। रविवार को भी मौसम ने जमकर रंग दिखाया। नीमच और मंदसौर में तेज आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे, वहीं ग्वालियर, धार, मुरैना और उज्जैन सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मध्य प्रदेश में एक बार फिर से आंधी, ओले और बारिश वाला मौसम है। सोमवार सुबह अशोकनगर, आगर-मालवा, टीकमगढ़ में बारिश हुई। वहीं, कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। हालांकि, ठंड का असर कम है और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही चल रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इससे पहले दतिया, ग्वालियर, नर्मदापुरम, उज्जैन, खजुराहो, रीवा, सतना, भोपाल, गुना, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, जबलपुर, दमोह, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, मलाजखंड, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में कोहरे का असर भी देखा गया। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम     3 फरवरी– ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश होने के आसार है।     4 फरवरी- ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।     5 फरवरी- आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। ठंड का असर बढ़ सकता है। कई जिलों में बारिश का दौर, कोहरा भी छाया इससे पहले रविवार को प्रदेश में बारिश, आंधी और घने कोहरे वाला मौसम रहा। ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में रात और सुबह बारिश हुई। वहीं, सुबह कई शहरों में घना कोहरा छाया रहा। दतिया और खजुराहो में विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक रही। खजुराहो, राजगढ़ और नौगांव में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में सुबह 9 बजे तक कोहरे का असर देखा गया। शाम को नीमच और मंदसौर में मौसम बदल गया। तेज आंधी-बारिश के साथ ओले गिरने लगे। इससे कई गांवों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। बारिश की वजह से गेहूं की फसलें आड़ी हो गई। इससे नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, दतिया, खजुराहो, ग्वालियर, नौगांव, सतना, ग्वालियर, रीवा, उज्जैन, श्योपुर, राजगढ़, रतलाम, गुना, दमोह, मंडला, टीकमगढ़, मलाजखंड में कोहरे का असर अधिक रहा। बड़े शहरों में रात का तापमान 12 डिग्री से ऊपर ही रहा।  

मौसम का अटैक: मुंबई, यूपी, बिहार और दिल्ली में बारिश, ओले और बिजली गिरने का अलर्ट, सावधानी बरतें

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नई दिल्‍ली घना कोहरा, बारिश, ओले और बर्फबारी का अलर्ट… मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. इस असर दिल्‍ली से मुंबई तक देखने को मिल रहा है. दिल्ली और मुंबई में आज सुबह से घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे ट्रेन और फ्लाइट संचालन पर असर पड़ा है. मध्य प्रदेश में कई जिलों में ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई, नीमच में कश्मीर जैसा नजारा दिखा. वहीं, मौसम विभाग ने राजस्थान के 12 जिलों में बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है. जयपुर, बारां और झालावाड़ में बादल छाए हुए हैं. इधर, उत्तर प्रदेश के 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है. मौसम विभाग की मानें तो चार दिनों तक बारिश के आसार हैं.   दिल्ली में आज सुबह जबरदस्त कोहरा दिल्‍ली में आज सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है. इसके साथ ही शीतलहर भी चल रही है. ऐसे में ठिठुरन भरी ठंड की दिल्‍ली एनसीआर में एक बार फिर वापसी हो गई है. कोहरे की सबसे ज्‍यादा मार यातायात पर देखने को मिल रहा है. सड़कों पर वाहर रेंग रहे हैं. वहीं, घने कोहरे ने ट्रेनों के पहियों की रफ्तार धीमी कर दी है. रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, 7 दर्जन ट्रेन निर्धारित समय से लेट चल रहीं हैं. अब तक 87 ट्रेन कोहरे और खराब मौसम के कारण देरी से चल रही हैं. साथ ही कई ट्रेनों को डायवर्ट भी करना पड़ा है. प्रयागराज एक्सप्रेस, रीवा आंनद विहार एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, दिल्ली पटना तेजस राजधानी एक्सप्रेस देरी से चल रही है. हालांकि, आज सुबह 6 बजे दिल्‍ली का एक्‍यूआई लेवल 200 के आसपास रहा, जो राहत की बात है.      महाराष्ट्र के 7 जिलों में कोहरे की चेतावनी दिल्‍ली के अलावा मुंबई में भी आज कोहरा देखने को मिला. मुंबईकर सोकर उठे, तो शहर आज सुबह घने कोहरे की चादर से ढका हुआ था. मरीन ड्राइव के आसपास काफी घना कोहरा देखने को मिला. आईएमडी ने आज इस क्षेत्र में ‘सुबह कोहरा/धुंध और बाद में आसमान मुख्य रूप से साफ’ रहने का पूर्वानुमान लगाया है. सीपीसीबी के अनुसार, यहां एक्यूआई ‘126’ दर्ज किया गया है, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है. इसके अलावा आज महाराष्ट्र के 7 जिलों में कोहरे की चेतावनी जारी की गई है, जबकि नाशिक, धुले और जलगांव में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है.  MP के 25 जिलों में बारिश का अलर्ट, नीमच में दिखा कश्मीर जैसा नजारा मध्य प्रदेश में भी मौसम के करवट लेने का असर नजर आ रहा है. आज प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और घना कोहरा देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग की मानें तो आज बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. मध्‍य प्रदेश का न्‍यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. आज मौसम विभाग ने ग्वालियर, रीवा, सागर समेत करीब 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. सोमवार सुबह से ही टीकमगढ़, आगर मालवा, ग्वालियर, मुरैना, नीमच, मंदसौर और अशोकनगर जैसे जिलों में बादल छाए रहे और कई जगह हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की जाएगी. वहीं, कुछ इलाकों में ओले भी गिरे. इससे पहले रविवार को नीमच और मंदसौर जिलों में तेज आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. सड़कों पर जब ओले बिछ गए, तो नीमच में कश्‍मीर जैसा नजारा देखने को मिला. लोगों को ऐसा लगा कि वह बर्फ के बीच कश्‍मीर में खड़े हैं.  राजस्थान के 12 जिलों में बारिश-ओले, जयपुर, बारां और झालावाड़ में बादल छाए राजस्थान के जयपुर, बारां और झालावाड़ में आज बादल छाए हुए हैं. वहीं, अजमेर, कोटपूतली-बहरोड़ में आज सुबह हल्की बारिश हुई. वही, दोपहर बाद कोटा, चित्तौड़गढ़ में ओले गिरे. जिससे खेतों में खड़ी फसलों में भारी नुकसान की आशंका है. कई हिस्सों में रात का तापमान सात डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा. चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा, बस्सी, निम्बाहेड़ा, कपासन और बेगूं समेत कई इलाकों में तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश हुई. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, आज  5 जिलों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली और कहीं-कहीं पर तेज हवा (20-30 kmph) चलने की संभावना है. जिसमें सवाईमाधोपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, बांरा, जिलों और आसपास के क्षेत्रों शामिल है. यूपी के 30 जिलों में बारिश, बिजली गिरने का अलर्ट उत्‍तर प्रदेश में भी मौसम के बदलते रुख का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग की मानें तो यूपी के 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने के आसार हैं. प्रदेश में बारिश का ये दौर 4 फरवरी तक जारी रहने का अनुमान है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई जिलों में गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है. बारिश के साथ  10 जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती एवं आसपास के इलाकों में इससे ठंड बढ़ सकती है. अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा और फिरोजाबाद समेत कई इलाकों में बिजली गिरने का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है.    

एमपी के 5 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट, 7 डिग्री गिरा पारा, धान की फसल को मिली राहत

भोपाल मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान 27 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। सबसे ज्यादा नर्मदापुरम और मंडला में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। अगले कुछ घंटों में गुना, शिवपुरी, श्योपुर, रायसेन, विदिशा और नरसिंहपुर में भारी बारिश होने की संभावना है। अशोकनगर, ग्वालियर, मुरैना, दतिया, सागर, भोपाल, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, निवाड़ी, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, पन्ना, सीधी, उमरिया, सिंगरौली, जबलपुर, दमोह और सीहोर में भी बारिश और आंधी का अलर्ट है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवाएं गुरुवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और बीच-बीच में हल्की फुहार भी पड़ी। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई है। साथ ही जिले में कहीं-कहीं बारिश का पूर्वानुमान भी है। धान की फसल को राहत बारिश से धान की खेती करने वाले किसानों को राहत मिली है। किसानों ने पहले ही धान के गढ़े बना लिए थे और पौध भी तैयार कर ली थी। अब तेज बारिश के साथ धान की रोपाई शुरू हो सकेगी। धान की फसल के लिए आवश्यक पानी की पूर्ति मानसून की बारिश से होगी।     छिंदवाड़ा में 4 घंटे से पानी गिरना जारी है। इससे ठंडक बढ़ गई है।     ग्वालियर में हजीरा इलाके में बारिश के कारण तलघर ढह गया।     सीहोर, नरसिंहपुर और निवाड़ी में सुबह से पानी गिर रहा है।     भोपाल में सुबह 5 बजे से रिमझिम हो रही है, ये 9 बजे के बाद भी जारी है।     मंडला में रातभर में दो इंच बारिश दर्ज की गई है।     ग्वालियर में पूरी रात रिमझिम होती रही। सुबह तक 31.3 मिमी पानी गिर चुका है।     रायसेन में रातभर बारिश जारी रही। जिले में गुरुवार रात 8 बजे मानसूनी बारिश शुरू हुई थी।     नर्मदापुरम में गुरुवार रात 12 बजे से शुरू हुई बारिश सुबह 6 बजे तक चली। करीब 6 घंटे लगातार पानी गिरा। ट्रफ, साइक्लोनिक सकुर्लेशन-लो प्रेशर एरिया एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में लो प्रेशर एरिया, तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दो ट्रफ की एक्टिविटी है। एक ट्रफ प्रदेश के पास से गुजर रही है। इन वजहों से प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में बारिश, महू में झरना बहा इससे पहले गुरुवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, अशोकनगर और हरदा समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। मालवा क्षेत्र में भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए। नीमच में उफनती पुलिया पार करने के दौरान दो बाइक सवार बह गए। लोगों ने उन्हें बचा लिया। नीमच में रूपा नदी के किनारे बसे गांव कंजार्डा में सड़क पर पानी भर गया। मंदसौर में सड़कों पर डेढ़ फीट तक पानी भर गया। इंदौर के महू में सूखे पड़े झरनों में पानी आ गया है। गुरुवार को पातालपानी के झरने में पानी बहने लगा। ग्वालियर में चलती कार पर पेड़ गिर गया। इस दौरान बारिश भी हो रही थी। बैंक मैनेजर को राहगीरों ने पेड़ काटकर बाहर निकाला। राजगढ़ जिले के ब्यावरा में लगातार तेज बारिश हुई। जिले के सुठालिया, मलावर, करनवास सहित आसपास के गांवों में भी पानी गिरा। नर्मदापुरम, डिंडौरी में भी बारिश दर्ज की गई। 16 जिलों में बारिश, रतलाम में सवा इंच पानी गिरा प्रदेश के 16 जिलों में गुरुवार को बारिश का दौर रहा। रतलाम में सबसे ज्यादा सवा इंच पानी गिर गया। इंदौर में आधा इंच बारिश हुई। बारिश की वजह से कई शहरों में पारा काफी लुढ़क गया। इंदौर में दिन-रात का तापमान बराबर हो गया है। बुधवार-गुरुवार की रात में तापमान 24.3 डिग्री था, जबकि गुरुवार को यह 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह गुरुवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान रहा। रतलाम और उज्जैन में दिन-रात के तापमान में सिर्फ 2 डिग्री का अंतर रहा। रतलाम में बुधवार-गुरुवार की रात में पारा 24.2 डिग्री रहा था, जबकि गुरुवार को दिन में तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, उज्जैन में रात में 25.5 डिग्री और दिन में 27.5 डिग्री दर्ज किया गया। बालाघाट के मलाजखंड, गुना, रायसेन, पचमढ़ी और धार में भी पारा 30 डिग्री से कम रहा। बड़े शहरों में भोपाल में 30 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 33.5 डिग्री और जबलपुर में 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 40.5 डिग्री रहा। भिंड जिले में नहीं पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने प्रदेश के 54 जिलों को कवर कर लिया। बाकी बचे एक जिले भिंड में मानसून के गुरुवार को पहुंचने की संभावना थी, लेकिन यह नहीं पहुंचा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भिंड को भी मानसून कवर कर लेगा। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।

54 जिलों में मानसून की एंट्री, MP में इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें IMD अपडेट, ग्वालियर-चंबल में ऑरेंज अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है और कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल में बूंदाबांदी हुई है, अशोकनगर और रतलाम में तेज बरसात हुई है। ग्वालियर-चंबल संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है क्योंकि दो लो प्रेशर एरिया और तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। 3 दिन में कवर किए 54 जिले प्रदेश के 54 जिलों में मानसून 3 दिन में ही पहुंच गया है, सिर्फ भिंड जिला बचा है जहां गुरुवार को मानसून की एंट्री होने की संभावना है। भोपाल में सुबह बूंदाबांदी हुई और बादल छाए रहे। आज ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर, मुरैना और गुना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में ढाई से सवा 4 इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश होने की संभावना है।  अगले 4 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट एमपी में दो लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) और तीन साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से अगले 4 दिन तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। यानी, 24 घंटे के दौरान ढाई से 8 इंच तक पानी बरस सकता है। बुधवार को मंदसौर, रतलाम और बड़वानी में तेज बारिश हुई जिससे गर्मी से राहत मिली। धार, इंदौर और उज्जैन में भी बारिश का दौर रहा। 2 डिग्री तक लुढ़का पारा आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है, प्रदेश में औसत 2 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 31.7 डिग्री और जबलपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई, पारा लुढ़का प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को आंधी-बारिश का दौर रहा। मंदसौर, रतलाम, बड़वानी में तेज बारिश हुई। इससे गर्मी से निजात मिल गई। वहीं, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन में भी बारिश का दौर रहा। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। प्रदेश में औसत 2 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाकी शहरों में पारा इससे नीचे रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 31.7 डिग्री और जबलपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बार एक दिन, पर 3 दिन में कवर किया इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। मानसून कब कहां पहुंचा इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा और प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून है, पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। राजधानी भोपाल में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड है। क्या कह रहा है पिछले 10 सालों का ट्रेंड पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर रहा, 4 साल तो टेम्प्रेचर 45 डिग्री के पार पहुंच गया। रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी, 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था। इंदौर में पिछले साल 4 इंच बारिश हुई थी। जून में पिछले 5 साल में कम गर्मी पड़ी पिछले 5 साल यानी 2020, 2021, 2022, 2023 और 2024 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.1 डिग्री के बीच रहा है, पिछले साल 40.6 डिग्री तक पारा पहुंचा था। साल 1980 में इंदौर में जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था।

मौसम विभाग पर बड़ा अपडेट…आज कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें मौसम का हाल

नई दिल्ली भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर भारत के कई राज्यों को राहत मिलने के आसार हैं। दक्षिण पश्चिम पश्चिम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून तक देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, गरज के साथ वर्षा और तेज हवाएं चलने की भविष्यवाणी की गई है। आईडीएम के मुताबिक, मॉनसून की गतिविधियां तेज होने वाली हैं।देश के आधे से ज्यादा हिस्से में मॉनसून पहुंच चुका है और अच्छी बारिश का सिलसिला जारी है. कई राज्य बारिश से बेहाल हो गए हैं तो कई इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिली है. हालांकि राजधानी दिल्ली में अभी मॉनसून ने दस्तक नहीं दी है लेकिन यहां प्री मॉनसून बारिश से कुछ राहत देखी जा रही है. आज, 19 जून भी मौसम विभाग ने लगभग आधे भारत में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज झारखंड में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है. वहीं मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. इसके अलावा मौसम का पूर्वानुमान लगाने  वाली एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, गुजरात, कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार के कुछ हिस्से, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है. वहीं, इन्हीं राज्यों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है. दिल्ली के मौसम का हाल राजधानी दिल्ली के मौसम की बात करें तो मौसम विभाग ने यहां आज मध्यम श्रेणी की बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा दिनभर बादल छाए रहेंगे. आईएमडी के मुबातिक शाम के वक्त दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं रात के वक्त तूफान के साथ भारी बारिश हो सकती है. वहीं, चक्रवाती हवाओं की वजह से दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत में तूफान की भी आशंका है. मौसम विभाग ने 23 जून तक पूरे भारत में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मुंबई में देर शाम से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग के मुताबिक आज मूसलाधार बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के रायगढ़ और रत्नागिरी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जबकि मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के लिए खराब मौसम की आशंका है। इसी तरह, असम और मेघालय में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम सुहाना बना हुआ है। हालांकि, यहां मॉनसून की एंट्री 22-23 जून तक पहुंच सकता है। कहीं 21 तो कहीं 23 जून तक बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट पर गौर करें तो 19 जून से 23 जून तक देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी और मध्य भारत में मॉनसून की रफ्तार बढ़ने वाली है। मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में 21 जून तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बिजली भी चमक सकती है और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। पूर्व भारत में भारी बारिश का रेड अलर्ट दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में भी इस दौरान तेज बारिश की आशंका है। पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में भी भारी बारिश की तैयारी है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलेंगी। IMD ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। पूर्वी भारत के राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी भारत में गुजरात, कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में 20 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 और 23 जून को यहां और भी तेज बारिश हो सकती है। इस क्षेत्र में हवा की गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में भी बरसेंगे बदरा उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 19 जून से 21 जून तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में 20 जून से 22 जून के बीच तेज बारिश होने की संभावना है। IMD ने तटीय इलाकों और समुद्र में 45 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है। मछुआरों को इस दौरान समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम IMD ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें मध्यम से भारी बारिश, गरज के साथ बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। सुबह 82 फीसदी आर्द्रता और 28°C का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। दिन का अधिकतम तापमान 36°C रहने का अनुमान है। बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है।  

मध्य प्रदेश में बदला रहेगा मौसम, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में आंधी बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के 5 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट है। भारी बारिश के अलर्ट वाले जिलों में धार, झाबुआ, रतलाम, नीमच और मंदसौर शामिल हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि आज भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक वाला मौसम रहेगा। अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से मानसून के आगे बढ़ने का सिलसिला बना हुआ है।  अब तक प्रदेश के इंदौर समेत 19 जिलों में मानसून की एंट्री हो गई है। वहीं, अगले 24 घंटे के अंदर भोपाल, उज्जैन-जबलपुर में भी मानसून पहुंच सकता है।  4 सिस्टम सक्रिय, तूफान और बारिश का कॉम्बो भोपाल की वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, ” वर्तमान में बारिश और आंधी के 4 सिस्टम सक्रिय हैं. पड़ोसी राज्य गुजरात में निम्न दबाव का क्षेत्र और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है. यही वजह है कि अगले 24 घंटे से पूरे प्रदेश में मौसम बदल जाएगा. इस दौरान मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है.” आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक आज बुधवार को इंदौर उज्जैन संभाग, खासतौर पर रतलाम, नीमच, धार, झाबुआ और मंदसौर में भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ-साथ जबलपुर, ग्वालियर समेत कई जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक का अलर्ट है. वहीं नरसिंहपुर, जबलपुर और कटनी में तूफानी हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, इसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बता दें कि मध्यप्रदेश के इंदौर समेत 20 जिलों में मॉनसून ने दस्तक दे दी है. प्रदेश के 19 जिलों में पहुंचा मानसून  इंदौर समेत प्रदेश के 19 जिलों में मंगलवार तक मानसून पहुंच गया। इस दौरान प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर भी जारी रहा। मंगलवार को सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। वहीं, भोपाल, राजगढ़, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। शिवपुरी में ही पारा सबसे ज्यादा 40 डिग्री रहा। वहीं, सबसे कम तापमान इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में आंधी-बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में आंधी और बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव है। गुजरात क्षेत्र और पड़ोसी हिस्से में लो प्रेशर एरिया (कम दवाब क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और टर्फ की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है। इस वजह से अगले चार दिन तक पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यानी, 24 घंटे में सवा 4 इंच पानी गिर सकता है। एमपी में एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।इस बार एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया था। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। सिंगरौली में बिजली गिरने से 2 बच्चियों की मौत इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। वहीं, भोपाल, राजगढ़, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। शिवपुरी में पारा सबसे ज्यादा 40 डिग्री रहा। वहीं, सबसे कम तापमान इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अभी आंधी-बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि फिलहाल आंधी और बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव हैं। गुजरात क्षेत्र और पड़ोसी हिस्से में लो प्रेशर एरिया (कम दवाब क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और टर्फ की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है। इस वजह से अगले चार दिन तक पूरे मध्यप्रदेश में मौसम बदला रहेगा। कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। 24 घंटे में सवा 4 इंच पानी गिर सकता है। भीषण गर्मी से मिलने लगी राहत प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश व तेज हवाओं से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. इससे भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है लेकिन जब … Read more

रायपुर में सुबह से बादल छाए, मौसम विभाग ने आज 8 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट किया जारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। 21 दिन के लंबे अंतराल के बाद बस्तर से आगे बढ़ते हुए अब यह दुर्ग जिले तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। इससे जहां किसानों में उत्साह है, वहीं आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है। रायपुर में गरज-चमक के साथ भारी बारिश सोमवार की शाम से ही राजधानी रायपुर में मौसम (Chhattisgarh Weather Update) ने करवट ली और आसमान में घने बादल छा गए। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को रायपुर समेत आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार हैं। इसके चलते दिनभर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है। राजधानी में तापमान 26°C से 34°C के बीच रह सकता है। वहीं रायपुर-दुर्ग समेत 10 जिलों में अंधड़ और बिजली गिरने का यलो अलर्ट है। अन्य जिलों में सिर्फ बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के चलते प्रदेश के औसत तापमान में भी 4-5 डिग्री की गिरावट आई है। प्रदेश में सोमवार को 36.2 डिग्री सेल्सियस के दुर्ग सबसे गर्म रहा, जबकि 21 डिग्री के साथ राजनांदगांव सबसे ठंडा रहा। कई जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर और दुर्ग जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवाओं, वज्रपात और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटे में दुर्ग में जहां अधिकतम तापमान 36.2°C रहा, वहीं राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21.0°C रिकॉर्ड किया गया, जो मानसूनी प्रभाव को दर्शाता है। दुर्ग में 60 मिलीमीटर बरसा पानी प्रदेश में पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 25 जिलों में बारिश हुई है। सबसे ज्यादा 60 मिमी बारिश दुर्ग में रिकॉर्ड की गई है। 16 दिन पहले आ गया था मानसून इससे पहले छत्तीसगढ़ में नौतपे के बीच मानसून की एंट्री हो गई थी। प्रदेश में मानसून के पहुंचने की नॉर्मल डेट 13 जून है। लेकिन इस बार 16 दिन पहले ही मानसून ने दस्तक दे दी थी। वहीं 64 साल के इतिहास में ये पहली बार है, जब मानसून मई माह में छत्तीसगढ़ पहुंचा था। इससे पहले साल 1971 में 1 जून को मानसून पहुंचा था जून में अब तक सामान्य से कम बारिश अब तक की बात करें तो जून में 33 में से 27 जिले (लगभग 82%) में बारिश सामान्य से कम रही है। सिर्फ 6 जिलों में बारिश सामान्य या उससे अधिक रही है। पूरे राज्य में औसतन 51% वर्षा की कमी है, जो सामान्य से कम मानी जाती है। इस समय मानसून की स्थिति कमजोर है और स्थिति यही रही, तो खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है। पिछले साल के मुकाबले स्थिति बेहतर हालांकि इस बार की स्थित पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। साल 2024 में जून का अधिकतम तापमान 45.7°C था, जो 1 जून को दर्ज किया गया था। जबकि इस साल अधिकतम तापमान अब तक 42 से 43°C के आस-पास ही रहा है। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.5°C 19 जून को रिकॉर्ड किया गया था। पिछले साल जून में पूरे महीने के औसत तापमान की बात करें तो 38.6°C रहा था। वहीं न्यूनतम औसतन तापमान 27.7°C दर्ज किया गया था।  

मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री, तेज बारिश का अलर्ट, अब झमाझम बारिश के लिए तैयार रहें

भोपाल  मध्यप्रदेश में मौसम ने फिर एक बार करवट ली है। सूरज की तपिश से परेशान लोगों के लिए मौसम राहत की फुहारें लेकर आया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट्स के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने प्रदेश में पूरी तरह से दस्तक दे दी है। आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का दौर देखने को मिलेगा। तो चलिए, जानते हैं आज के मौसम का हाल और मॉनसून की ताजा स्थिति। । सोमवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर के रास्ते मानसून प्रदेश में पहुंचा। अगले 2 दिन में मानसून भोपाल-इंदौर में दस्तक दे सकता है। वहीं, सबसे आखिरी में ग्वालियर-चंबल में पहुंचेगा। बुरहानपुर से भोपाल तक बारिश की बौछार मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून ने 16 जून को बड़वानी, खरगोन और बुरहानपुर जैसे दक्षिणी जिलों में कदम रखा और अब तेजी से प्रदेश के अन्य हिस्सों में फैल रहा है। आज सुबह तक भोपाल, इंदौर, जबलपुर, और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में मॉनसून की पहली फुहारें पहुंच चुकी हैं। मौसम एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले 24-48 घंटों में नरसिंहपुर, डिंडौरी, और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में भारी बारिश (2.5-4 इंच) की संभावना है। इससे पहले प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर रहेगा। कहीं-कहीं भारी या अति भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने मंगलवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच शामिल हैं। यहां हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। छतरपुर, खंडवा-बड़वानी समेत 14 जिलों में बारिश प्रदेश में सोमवार को 4 जिले- बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर के रास्ते मानसून पहुंचा। इन जिलों में बारिश का दौर चला। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को 9 घंटे में छतरपुर जिले के नौगांव में सबसे ज्यादा सवा इंच पानी गिर गया। रीवा में भी 1 इंच से ज्यादा बारिश हुई। मंडला में आधा इंच बरसात हुई। धार, गुना, रतलाम, सागर, सतना, बालाघाट, खंडवा, बड़वानी, टीकमगढ़, अशोकनगर, हरदा में भी बारिश का दौर चला। भोपाल में शाम को मौसम बदल गया। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई। देर रात तक कई जिलों में बारिश का दौर रहा। बारिश के चलते दिन के तापमान में आई गिरावट बारिश के चलते दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। सोमवार को सिर्फ एक शहर नर्मदापुरम में पारा 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे ही रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.5 डिग्री, इंदौर में 34.6 डिग्री, ग्वालियर में 37 डिग्री, उज्जैन-जबलपुर में 38 डिग्री सेल्सियस रहा। पचमढ़ी में सबसे कम 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अभी यह सिस्टम एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर जारी है। वहीं, मानसून भी सक्रिय हो गया है। उमस भरी गर्मी से राहत पिछले हफ्ते जहां प्रदेश का पारा 47 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं आज तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का अनुमान है। इंदौर में 36 डिग्री, जबलपुर में 37 डिग्री, और ग्वालियर में 40 डिग्री के आसपास तापमान रहेगा। हालांकि, बारिश के साथ उमस का स्तर बढ़ सकता है। कहां कैसा रहेगा मौसम?     दक्षिणी मध्यप्रदेश (बुरहानपुर, खंडवा, बड़वानी): मॉनसून की पहली बारिश ने इन इलाकों को तरबतर कर दिया है। आज दोपहर तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना।     मध्य क्षेत्र (भोपाल, इंदौर, उज्जैन): हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सुहाना रहेगा। शाम को तेज हवाएं (20-30 किमी/घंटा) चल सकती हैं।     उत्तरी मध्यप्रदेश (ग्वालियर, चंबल): अभी भी गर्मी का असर, लेकिन शाम तक हल्की बारिश संभव।     पूर्वी मध्यप्रदेश (जबलपुर, नरसिंहपुर, डिंडौरी): भारी बारिश का अलर्ट। स्थानीय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। मॉनसून का आगे का सफर आईएमडी के अनुसार, मॉनसून अगले 3-4 दिनों में पूरे मध्यप्रदेश को कवर कर लेगा। जून के अंत तक सामान्य से अधिक बारिश की उम्मीद है, जो गर्मी से जूझ रहे लोगों और किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि ला नीना की सक्रियता के कारण इस साल मॉनसून मजबूत रहेगा। इस बार एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मी राजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर रहा। 4 साल तो टेम्प्रेचर 45 डिग्री के पार पहुंच गया। वहीं, रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। वहीं, पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी। वहीं, 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था।

मध्य प्रदेश में आज 15 जून तक दस्तक देगा मानसून, इस जिले से करेगा धमाकेदार एंट्री

भोपाल   मध्यप्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं भीषण गर्मी तो कहीं तेज आंधी-बारिश का दौर जारी है।। सागर-खंडवा में बारिश के चलते कई पेड़ उखड़ गए। वहीं ग्वालियर में लोग गर्मी से परेशान हैं। इसी बीच मानसून को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कई दिनों से महाराष्ट्र-छग में ठहरे मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। उम्मीद जताई जा रही है किआज  15-16 जून तक मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश कर लेगा।आज  15 जून को इंदौर और आसपास के जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। भारत मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि दो से तीन तरह की स्थितियां बनने से एमपी के कई जिलों में आज 15 जून से बारिश की संभावना है। बारिश का दौर दो से तीन दिन रहेगा। ऊपरी हवा का एक चक्रवाती सिस्टम उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर सक्रिय है। यह सिस्टम एक ट्रफ के रूप में उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से मध्य प्रदेश और विदर्भ होते हुए मराठवाड़ा तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला है। आज 15 जून को इंदौर और आसपास के जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रतार से हवा चलेगी। 15 जून को ऐसा होगा मौसम भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 16 जून को ऐसा होगा मौसम मंडला और बालाघाट में तेज बारिश का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में हल्की बारिश होने की संभावना है।

एमपी की चौखट पर पहुंचा मानसून, शनिवार को लू और गर्मी का आखिरी दिन, इंदौर संभाग में आज भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून 16-17 जून को प्रवेश कर सकता है, जिससे पहले प्रदेश में तेज गर्मी और आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत कई जिलों में आंधी, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि ग्वालियर-चंबल में लू चलने की आशंका है। इन जिलों में आंधी-बारिश से हाल बेहाल शुक्रवार को गुना और अशोकनगर समेत कई जिलों में बारिश हुई, वहीं मुरैना में आंधी से पेड़ उखड़ गए और रतलाम में रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनें प्रभावित हुईं। इस बार मानसून के समय पर आने की उम्मीद है, क्योंकि यह देश में 8 दिन पहले ही आ गया था और महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ में भी तय समय से पहले पहुंच गया था। कुछ दिनों अटकने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। ऐसे में उम्मीद है कि अगले 3 दिन यानी, 15-16 जून को मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश कर लेना। शनिवार के लिए IMD का इन जिलों में अलर्ट शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, आगर-मालवा, धार, बड़वानी, खरगोन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, दमोह, पन्ना, सतना, मऊगंज, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट में भी तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है। मानसून से पहले हीट वेव का आखिरी दिन मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि शुक्रवार को रतलाम, धार, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, अशोक नगर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया था. शनिवार को भी गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, रतलाम और धार को छोड़कर लू चलेगी. हालांकि 14 जून को मध्य प्रदेश में हीट वेव का आखिरी दिन होगा. इसके बाद पूरे मध्य प्रदेश में जोरदार बारिश का दौर शुरू होगा. यहां तक पहुंचा मानसून, मध्य प्रदेश पहुंचने की देर मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी और सैंडहेड द्वीप से होकर गुजर रही है. अगले 2 दिनों के दौरान विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में और उसके बाद गुजरात, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है.” दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य तिथि 15 जून है. इस बार भी मानसून 15 या 16 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है.” शुक्रवार को कई जिलों में पारा 40 के पार शुक्रवार को कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ग्वालियर में 44.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री और नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 40 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, सतना, रीवा, सीधी, शिवपुरी, उमरिया, सागर, रतलाम, शाजापुर, खरगोन और खंडवा में तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। तय समय से पहले आया मानसून बीच में अटका इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। हालांकि, अब मानसून आगे बढ़ने लगा है। इसलिए अब यह प्रदेश में 15-16 जून तक पहुंच सकता है। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।   बिजली गिरने से 2 की मौत, कई पेड़ उखड़े, ट्रैक पर ट्रेनें थमी इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। शिवपुरी के ककरवाया गांव के पास भूसा से गट्टा बनाने वाली दो फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा। आंधी में दोनों फैक्ट्रियों के जमीन में गढ़े पिलर और शेड उखड़कर हवा में उड़ गए। जिससे शेड के नीचे रखा भूसा और भूसे से बनी ब्रिक बारिश में धुल गई। गुना में तेज आंधी चली। शिवपुरी में धूलभरी आंधी चलने के साथ बारिश हुई। कोलारस में तेज पानी गिरा। खंडवा में भीषण गर्मी के बीच तेज बारिश का दौर रहा। मुरैना में तेज आंधी से कई पेड़ उखड़ गए और झोपड़ियों को नुकसान पहुंचा। रतलाम रेल मंडल के गौतमपुरा बड़नगर रेलवे ट्रैक के बीच आंधी-तूफान के साथ हुई तेज बारिश से पेड़ ट्रैक पर आ गिरा। इससे महू से रतलाम आने वाली पैसेंजर ट्रेन गौतमपुरा में खड़ी हो गई। रतलाम के मोयाखेड़ा में बिजली गिरने से एक 15 वर्षीय बालिका और तंबोलिया में एक युवती की मौत हो गई। एक अन्य युवती घायल हो गई। गुना में एक इंच से ज्यादा पानी गिरा। आलोट में ग्राम जोयन में महिला श्यामू बाई पर पेड़ गिर गया। जिससे उसकी की मौत हो गई। खजुराहो में पारा 45 डिग्री, ग्वालियर, नर्मदापुरम-नौगांव भी गर्म रहे शुक्रवार को कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ग्वालियर में 44.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री और नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 40 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, सतना, रीवा, सीधी, शिवपुरी, उमरिया, सागर, रतलाम, शाजापुर, खरगोन और खंडवा में तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। गुना में आज सवा इंच से ज्यादा पानी गिर गया। इस बार समय पर ही एंट्री करेगा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में … Read more

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