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मौसम अलर्ट: MP के कई शहरों में बारिश और ओले, कोहरे ने घटाई विजिबिलिटी 30-50 मीटर तक

भोपाल  मध्य प्रदेश में घने कोहरे के साथ बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इसी के साथ आज भी कई जिलों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अगले तीन दिन कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छा सकता है। जबकि, कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के चलते एमपी में ओले और बारिश का दौर जारी है। जबकि 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, जिससे 10 फरवरी तक प्रदेश में बारिश और ओलों का दौर फिर से शुरू हो सकता है। इन जिलों में बारिश के आसार मंगलवार को ग्वालियर, राजगढ़, रीवा विदिशा, गुना, मुरैना, भिंड, आगर मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सागर, दमोह, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी में गरज चमक के साथ पानी गिरने की संभावना है। जबकि, भोपाल समेत कई जिलों में सुबह मध्यम कोहरा भी देखने को मिला। आफत बनी बारिश और ओलावृष्टि मौसम विभाग ने 3 फरवरी के लिए 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक 6 फरवरी के बाद ही बारिश से राहत मिलेगी. पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से मौसम में अचानक से बदलाव हुआ है. रविवार और सोमवार को निमाड़ क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जबकि ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में आंधी के साथ बरसात हुई है. इससे प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान हुआ है. इन जिलों के लिए जारी की गई चेतावनी मौसम वैज्ञानिक ई दिव्या बताती हैं, “वेस्टर्न डिस्टरबेंस पंजाब और इससे लगे हरियाणा के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसकी वजह से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की स्थिति बनी हुई है. इसके अलावा 5 फरवरी की रात को नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा. इसकी वजह से प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश की संभावना बन सकती है. हालांकि, अब ओलावृष्टि की संभावना तो नहीं है, लेकिन कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है.” इन जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 3 फरवरी को आगर मालवा, राजगढ़ गुना, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, सागर, दमोह, टीकमगढ़ निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिले में बारिश हो सकती है. जबकि 4 फरवरी को श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिले में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 5 और 6 फरवरी को यहां बरसेगा पानी 5 फरवरी को राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा जिले में बारिश हो सकती है. 6 फरवरी को गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में बारिश हो सकती है. एक साथ सक्रिय है 3 सिस्टम आईएमडी के अनुसार वर्तमान में 3 सिस्टम एक साथ एक्टिव है, जिस वजह से रविवार और सोमवार को ओरछा, निवाड़ी, टीकमगढ़, आगर, उज्जैन, दतिया जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा नीमच और मंदसौर में ओले गिरे हैं, जबकि आगर में तेज हवाएं चली. छतरपुर में घना कोहरा छाया रहा, वहीं ग्वालियर, उज्जैन रीवा में हल्का कोहरा छाया रहा.  टेम्प्रेचर में कोई बदलाव नहीं मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है. प्रदेश में अधिकतम तापमान खरगौन में 30.2 रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 8.4 रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक फरवरी माह में धीरे-धीरे तापमान बढ़ेगा. खासतौर से ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभाग में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा.  एमपी के इन जिलों में 3 दिन मौसम का हाल 4 फरवरी बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना में मध्यम कोहरा रहेगा। -5 फरवरी गुरुवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, राजगढ़, मऊगंज, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दतिया, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में कोहरे का असर देखने को मिलेगा। -6 फरवरी शुक्रवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, मऊगंज, मुरैना, भिंड, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोहरा रहेगा।

MP Weather Alert: 25 जिलों में बारिश और ठंडी हवाएं, अगले 3 दिनों में बढ़ेगी ठिठुरन

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम और ठंड में बदलाव देखने को मिल रहा है. अधिकतर जिलों में बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट आई है. मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि, अगले 3 दिनों में मध्य प्रदेश के 25 जिलों में मावठा की बारिश हो सकती है. जिससे तापमान में और गिरावट आएगी. बारिश की आशंका ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. बीते दिनों कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि से ठंड बढ़ गई थी. हालांकि कई जिलों में बारिश का दौर रुक गया है लेकिन ठंडक बनी हुई है. पूरे प्रदेश में सुबह के समय कोहरा छाया रहता है. मौसम में बदलाव के संकेत, मौसमी प्रणालियां सक्रिय मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि, ”वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है. इसके साथ एक द्रोणिका भी जुड़ी हुई है, जो मौसम में बदलाव के संकेत दे रही है.” उन्होंने बताया कि, ”दक्षिणी हरियाणा और उससे लगे उत्तरी राजस्थान के क्षेत्र में एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है. इस चक्रवात से लेकर मध्य महाराष्ट्र तक एक लंबी द्रोणिका विकसित हुई है, जो गुजरात होते हुए आगे बढ़ रही है. इस मौसमी प्रणाली के कारण संबंधित क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियों में वृद्धि देखी जा सकती है.” मध्य प्रदेश में बारिश का अनुमान मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, ”पूर्वोत्तर भारत के ऊपर लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी जेट स्ट्रीम की हवाएं सक्रिय हैं. जिनकी रफ्तार करीब 232 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है. इन तेज हवाओं का प्रभाव आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज को और प्रभावित कर सकता है.” दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि, ”5 फरवरी से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है. इसके असर से कुछ इलाकों में बादल, हल्की से मध्यम वर्षा और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है.” नीमच-मंदसौर में गिरे ओले  नीमच और मंदसौर जिले में तेज हवाएं चलीं, इस दौरान ओले भी गिरे. कई गांव सफेद बर्फ की चादर से ढंक गए. इसके अलावा ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में भी हल्की बारिश हुई. बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. क्योंकि बीते दिनों हुई बारिश से किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं. गेहूं की फसल, जो अभी फूलने की स्टेज में है, खराब हो सकती है. बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता कुछ दिनों से मध्य प्रदेश में रुक-रुककर बारिश हो रही है. जिससे किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है. खंडवा सहित कई जिलों में खेतों में खड़ी लगभग 50 से 60 फीसदी तक फसल नष्ट हो गई है. जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. रविवार को नीमच और मंदसौर जिलों में तेज आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. नीमच के जीरन क्षेत्र में नींबू के आकार के ओले गिरे, जिससे सड़कें बर्फ जैसी दिखाई दीं. इससे अफीम, गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल फूलों की अवस्था में है, इसलिए बारिश और ओलावृष्टि से पैदावार पर असर पड़ सकता है.

मध्यप्रदेश में बारिश और कोहरे का प्रभाव, 25 जिलों में अलर्ट, ग्वालियर में बूंदाबांदी, सीहोर-मुरैना में 50 मीटर विजिबिलिटी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में अगले तीन दिन तक मावठे की बारिश सक्रिय रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को ग्वालियर से लेकर विंध्य क्षेत्र तक 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय कई इलाकों में घना कोहरा भी देखने को मिला, जिससे ठंड और बढ़ गई है। रविवार को भी मौसम ने जमकर रंग दिखाया। नीमच और मंदसौर में तेज आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे, वहीं ग्वालियर, धार, मुरैना और उज्जैन सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मध्य प्रदेश में एक बार फिर से आंधी, ओले और बारिश वाला मौसम है। सोमवार सुबह अशोकनगर, आगर-मालवा, टीकमगढ़ में बारिश हुई। वहीं, कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। हालांकि, ठंड का असर कम है और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही चल रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इससे पहले दतिया, ग्वालियर, नर्मदापुरम, उज्जैन, खजुराहो, रीवा, सतना, भोपाल, गुना, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, जबलपुर, दमोह, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, मलाजखंड, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में कोहरे का असर भी देखा गया। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम     3 फरवरी– ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश होने के आसार है।     4 फरवरी- ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।     5 फरवरी- आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। ठंड का असर बढ़ सकता है। कई जिलों में बारिश का दौर, कोहरा भी छाया इससे पहले रविवार को प्रदेश में बारिश, आंधी और घने कोहरे वाला मौसम रहा। ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में रात और सुबह बारिश हुई। वहीं, सुबह कई शहरों में घना कोहरा छाया रहा। दतिया और खजुराहो में विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक रही। खजुराहो, राजगढ़ और नौगांव में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में सुबह 9 बजे तक कोहरे का असर देखा गया। शाम को नीमच और मंदसौर में मौसम बदल गया। तेज आंधी-बारिश के साथ ओले गिरने लगे। इससे कई गांवों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। बारिश की वजह से गेहूं की फसलें आड़ी हो गई। इससे नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, दतिया, खजुराहो, ग्वालियर, नौगांव, सतना, ग्वालियर, रीवा, उज्जैन, श्योपुर, राजगढ़, रतलाम, गुना, दमोह, मंडला, टीकमगढ़, मलाजखंड में कोहरे का असर अधिक रहा। बड़े शहरों में रात का तापमान 12 डिग्री से ऊपर ही रहा।  

मौसम का अटैक: मुंबई, यूपी, बिहार और दिल्ली में बारिश, ओले और बिजली गिरने का अलर्ट, सावधानी बरतें

नई दिल्‍ली घना कोहरा, बारिश, ओले और बर्फबारी का अलर्ट… मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. इस असर दिल्‍ली से मुंबई तक देखने को मिल रहा है. दिल्ली और मुंबई में आज सुबह से घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे ट्रेन और फ्लाइट संचालन पर असर पड़ा है. मध्य प्रदेश में कई जिलों में ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई, नीमच में कश्मीर जैसा नजारा दिखा. वहीं, मौसम विभाग ने राजस्थान के 12 जिलों में बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है. जयपुर, बारां और झालावाड़ में बादल छाए हुए हैं. इधर, उत्तर प्रदेश के 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है. मौसम विभाग की मानें तो चार दिनों तक बारिश के आसार हैं.   दिल्ली में आज सुबह जबरदस्त कोहरा दिल्‍ली में आज सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है. इसके साथ ही शीतलहर भी चल रही है. ऐसे में ठिठुरन भरी ठंड की दिल्‍ली एनसीआर में एक बार फिर वापसी हो गई है. कोहरे की सबसे ज्‍यादा मार यातायात पर देखने को मिल रहा है. सड़कों पर वाहर रेंग रहे हैं. वहीं, घने कोहरे ने ट्रेनों के पहियों की रफ्तार धीमी कर दी है. रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, 7 दर्जन ट्रेन निर्धारित समय से लेट चल रहीं हैं. अब तक 87 ट्रेन कोहरे और खराब मौसम के कारण देरी से चल रही हैं. साथ ही कई ट्रेनों को डायवर्ट भी करना पड़ा है. प्रयागराज एक्सप्रेस, रीवा आंनद विहार एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, दिल्ली पटना तेजस राजधानी एक्सप्रेस देरी से चल रही है. हालांकि, आज सुबह 6 बजे दिल्‍ली का एक्‍यूआई लेवल 200 के आसपास रहा, जो राहत की बात है.      महाराष्ट्र के 7 जिलों में कोहरे की चेतावनी दिल्‍ली के अलावा मुंबई में भी आज कोहरा देखने को मिला. मुंबईकर सोकर उठे, तो शहर आज सुबह घने कोहरे की चादर से ढका हुआ था. मरीन ड्राइव के आसपास काफी घना कोहरा देखने को मिला. आईएमडी ने आज इस क्षेत्र में ‘सुबह कोहरा/धुंध और बाद में आसमान मुख्य रूप से साफ’ रहने का पूर्वानुमान लगाया है. सीपीसीबी के अनुसार, यहां एक्यूआई ‘126’ दर्ज किया गया है, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है. इसके अलावा आज महाराष्ट्र के 7 जिलों में कोहरे की चेतावनी जारी की गई है, जबकि नाशिक, धुले और जलगांव में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है.  MP के 25 जिलों में बारिश का अलर्ट, नीमच में दिखा कश्मीर जैसा नजारा मध्य प्रदेश में भी मौसम के करवट लेने का असर नजर आ रहा है. आज प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और घना कोहरा देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग की मानें तो आज बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. मध्‍य प्रदेश का न्‍यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. आज मौसम विभाग ने ग्वालियर, रीवा, सागर समेत करीब 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. सोमवार सुबह से ही टीकमगढ़, आगर मालवा, ग्वालियर, मुरैना, नीमच, मंदसौर और अशोकनगर जैसे जिलों में बादल छाए रहे और कई जगह हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की जाएगी. वहीं, कुछ इलाकों में ओले भी गिरे. इससे पहले रविवार को नीमच और मंदसौर जिलों में तेज आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. सड़कों पर जब ओले बिछ गए, तो नीमच में कश्‍मीर जैसा नजारा देखने को मिला. लोगों को ऐसा लगा कि वह बर्फ के बीच कश्‍मीर में खड़े हैं.  राजस्थान के 12 जिलों में बारिश-ओले, जयपुर, बारां और झालावाड़ में बादल छाए राजस्थान के जयपुर, बारां और झालावाड़ में आज बादल छाए हुए हैं. वहीं, अजमेर, कोटपूतली-बहरोड़ में आज सुबह हल्की बारिश हुई. वही, दोपहर बाद कोटा, चित्तौड़गढ़ में ओले गिरे. जिससे खेतों में खड़ी फसलों में भारी नुकसान की आशंका है. कई हिस्सों में रात का तापमान सात डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा. चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा, बस्सी, निम्बाहेड़ा, कपासन और बेगूं समेत कई इलाकों में तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश हुई. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, आज  5 जिलों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली और कहीं-कहीं पर तेज हवा (20-30 kmph) चलने की संभावना है. जिसमें सवाईमाधोपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, बांरा, जिलों और आसपास के क्षेत्रों शामिल है. यूपी के 30 जिलों में बारिश, बिजली गिरने का अलर्ट उत्‍तर प्रदेश में भी मौसम के बदलते रुख का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग की मानें तो यूपी के 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने के आसार हैं. प्रदेश में बारिश का ये दौर 4 फरवरी तक जारी रहने का अनुमान है. पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई जिलों में गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है. बारिश के साथ  10 जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती एवं आसपास के इलाकों में इससे ठंड बढ़ सकती है. अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा और फिरोजाबाद समेत कई इलाकों में बिजली गिरने का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है.    

एमपी के 5 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट, 7 डिग्री गिरा पारा, धान की फसल को मिली राहत

भोपाल मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान 27 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। सबसे ज्यादा नर्मदापुरम और मंडला में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। अगले कुछ घंटों में गुना, शिवपुरी, श्योपुर, रायसेन, विदिशा और नरसिंहपुर में भारी बारिश होने की संभावना है। अशोकनगर, ग्वालियर, मुरैना, दतिया, सागर, भोपाल, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, निवाड़ी, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, पन्ना, सीधी, उमरिया, सिंगरौली, जबलपुर, दमोह और सीहोर में भी बारिश और आंधी का अलर्ट है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवाएं गुरुवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और बीच-बीच में हल्की फुहार भी पड़ी। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई है। साथ ही जिले में कहीं-कहीं बारिश का पूर्वानुमान भी है। धान की फसल को राहत बारिश से धान की खेती करने वाले किसानों को राहत मिली है। किसानों ने पहले ही धान के गढ़े बना लिए थे और पौध भी तैयार कर ली थी। अब तेज बारिश के साथ धान की रोपाई शुरू हो सकेगी। धान की फसल के लिए आवश्यक पानी की पूर्ति मानसून की बारिश से होगी।     छिंदवाड़ा में 4 घंटे से पानी गिरना जारी है। इससे ठंडक बढ़ गई है।     ग्वालियर में हजीरा इलाके में बारिश के कारण तलघर ढह गया।     सीहोर, नरसिंहपुर और निवाड़ी में सुबह से पानी गिर रहा है।     भोपाल में सुबह 5 बजे से रिमझिम हो रही है, ये 9 बजे के बाद भी जारी है।     मंडला में रातभर में दो इंच बारिश दर्ज की गई है।     ग्वालियर में पूरी रात रिमझिम होती रही। सुबह तक 31.3 मिमी पानी गिर चुका है।     रायसेन में रातभर बारिश जारी रही। जिले में गुरुवार रात 8 बजे मानसूनी बारिश शुरू हुई थी।     नर्मदापुरम में गुरुवार रात 12 बजे से शुरू हुई बारिश सुबह 6 बजे तक चली। करीब 6 घंटे लगातार पानी गिरा। ट्रफ, साइक्लोनिक सकुर्लेशन-लो प्रेशर एरिया एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में लो प्रेशर एरिया, तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दो ट्रफ की एक्टिविटी है। एक ट्रफ प्रदेश के पास से गुजर रही है। इन वजहों से प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में बारिश, महू में झरना बहा इससे पहले गुरुवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, अशोकनगर और हरदा समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। मालवा क्षेत्र में भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए। नीमच में उफनती पुलिया पार करने के दौरान दो बाइक सवार बह गए। लोगों ने उन्हें बचा लिया। नीमच में रूपा नदी के किनारे बसे गांव कंजार्डा में सड़क पर पानी भर गया। मंदसौर में सड़कों पर डेढ़ फीट तक पानी भर गया। इंदौर के महू में सूखे पड़े झरनों में पानी आ गया है। गुरुवार को पातालपानी के झरने में पानी बहने लगा। ग्वालियर में चलती कार पर पेड़ गिर गया। इस दौरान बारिश भी हो रही थी। बैंक मैनेजर को राहगीरों ने पेड़ काटकर बाहर निकाला। राजगढ़ जिले के ब्यावरा में लगातार तेज बारिश हुई। जिले के सुठालिया, मलावर, करनवास सहित आसपास के गांवों में भी पानी गिरा। नर्मदापुरम, डिंडौरी में भी बारिश दर्ज की गई। 16 जिलों में बारिश, रतलाम में सवा इंच पानी गिरा प्रदेश के 16 जिलों में गुरुवार को बारिश का दौर रहा। रतलाम में सबसे ज्यादा सवा इंच पानी गिर गया। इंदौर में आधा इंच बारिश हुई। बारिश की वजह से कई शहरों में पारा काफी लुढ़क गया। इंदौर में दिन-रात का तापमान बराबर हो गया है। बुधवार-गुरुवार की रात में तापमान 24.3 डिग्री था, जबकि गुरुवार को यह 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह गुरुवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान रहा। रतलाम और उज्जैन में दिन-रात के तापमान में सिर्फ 2 डिग्री का अंतर रहा। रतलाम में बुधवार-गुरुवार की रात में पारा 24.2 डिग्री रहा था, जबकि गुरुवार को दिन में तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, उज्जैन में रात में 25.5 डिग्री और दिन में 27.5 डिग्री दर्ज किया गया। बालाघाट के मलाजखंड, गुना, रायसेन, पचमढ़ी और धार में भी पारा 30 डिग्री से कम रहा। बड़े शहरों में भोपाल में 30 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 33.5 डिग्री और जबलपुर में 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 40.5 डिग्री रहा। भिंड जिले में नहीं पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने प्रदेश के 54 जिलों को कवर कर लिया। बाकी बचे एक जिले भिंड में मानसून के गुरुवार को पहुंचने की संभावना थी, लेकिन यह नहीं पहुंचा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भिंड को भी मानसून कवर कर लेगा। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।

54 जिलों में मानसून की एंट्री, MP में इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें IMD अपडेट, ग्वालियर-चंबल में ऑरेंज अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है और कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। भोपाल में बूंदाबांदी हुई है, अशोकनगर और रतलाम में तेज बरसात हुई है। ग्वालियर-चंबल संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है क्योंकि दो लो प्रेशर एरिया और तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। 3 दिन में कवर किए 54 जिले प्रदेश के 54 जिलों में मानसून 3 दिन में ही पहुंच गया है, सिर्फ भिंड जिला बचा है जहां गुरुवार को मानसून की एंट्री होने की संभावना है। भोपाल में सुबह बूंदाबांदी हुई और बादल छाए रहे। आज ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर, मुरैना और गुना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में ढाई से सवा 4 इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश होने की संभावना है।  अगले 4 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट एमपी में दो लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) और तीन साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से अगले 4 दिन तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। यानी, 24 घंटे के दौरान ढाई से 8 इंच तक पानी बरस सकता है। बुधवार को मंदसौर, रतलाम और बड़वानी में तेज बारिश हुई जिससे गर्मी से राहत मिली। धार, इंदौर और उज्जैन में भी बारिश का दौर रहा। 2 डिग्री तक लुढ़का पारा आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है, प्रदेश में औसत 2 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 31.7 डिग्री और जबलपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई, पारा लुढ़का प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को आंधी-बारिश का दौर रहा। मंदसौर, रतलाम, बड़वानी में तेज बारिश हुई। इससे गर्मी से निजात मिल गई। वहीं, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन में भी बारिश का दौर रहा। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। प्रदेश में औसत 2 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाकी शहरों में पारा इससे नीचे रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 31.7 डिग्री और जबलपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस बार एक दिन, पर 3 दिन में कवर किया इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। मानसून कब कहां पहुंचा इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा और प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून है, पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। राजधानी भोपाल में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड है। क्या कह रहा है पिछले 10 सालों का ट्रेंड पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर रहा, 4 साल तो टेम्प्रेचर 45 डिग्री के पार पहुंच गया। रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी, 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था। इंदौर में पिछले साल 4 इंच बारिश हुई थी। जून में पिछले 5 साल में कम गर्मी पड़ी पिछले 5 साल यानी 2020, 2021, 2022, 2023 और 2024 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.1 डिग्री के बीच रहा है, पिछले साल 40.6 डिग्री तक पारा पहुंचा था। साल 1980 में इंदौर में जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था।

मौसम विभाग पर बड़ा अपडेट…आज कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें मौसम का हाल

नई दिल्ली भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर भारत के कई राज्यों को राहत मिलने के आसार हैं। दक्षिण पश्चिम पश्चिम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून तक देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, गरज के साथ वर्षा और तेज हवाएं चलने की भविष्यवाणी की गई है। आईडीएम के मुताबिक, मॉनसून की गतिविधियां तेज होने वाली हैं।देश के आधे से ज्यादा हिस्से में मॉनसून पहुंच चुका है और अच्छी बारिश का सिलसिला जारी है. कई राज्य बारिश से बेहाल हो गए हैं तो कई इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिली है. हालांकि राजधानी दिल्ली में अभी मॉनसून ने दस्तक नहीं दी है लेकिन यहां प्री मॉनसून बारिश से कुछ राहत देखी जा रही है. आज, 19 जून भी मौसम विभाग ने लगभग आधे भारत में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज झारखंड में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है. वहीं मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. इसके अलावा मौसम का पूर्वानुमान लगाने  वाली एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, गुजरात, कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार के कुछ हिस्से, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है. वहीं, इन्हीं राज्यों के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है. दिल्ली के मौसम का हाल राजधानी दिल्ली के मौसम की बात करें तो मौसम विभाग ने यहां आज मध्यम श्रेणी की बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा दिनभर बादल छाए रहेंगे. आईएमडी के मुबातिक शाम के वक्त दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं रात के वक्त तूफान के साथ भारी बारिश हो सकती है. वहीं, चक्रवाती हवाओं की वजह से दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत में तूफान की भी आशंका है. मौसम विभाग ने 23 जून तक पूरे भारत में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मुंबई में देर शाम से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग के मुताबिक आज मूसलाधार बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के रायगढ़ और रत्नागिरी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जबकि मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के लिए खराब मौसम की आशंका है। इसी तरह, असम और मेघालय में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम सुहाना बना हुआ है। हालांकि, यहां मॉनसून की एंट्री 22-23 जून तक पहुंच सकता है। कहीं 21 तो कहीं 23 जून तक बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट पर गौर करें तो 19 जून से 23 जून तक देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी और मध्य भारत में मॉनसून की रफ्तार बढ़ने वाली है। मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में 21 जून तक मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बिजली भी चमक सकती है और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। पूर्व भारत में भारी बारिश का रेड अलर्ट दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में भी इस दौरान तेज बारिश की आशंका है। पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में भी भारी बारिश की तैयारी है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलेंगी। IMD ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। पूर्वी भारत के राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी भारत में गुजरात, कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में 20 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 और 23 जून को यहां और भी तेज बारिश हो सकती है। इस क्षेत्र में हवा की गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में भी बरसेंगे बदरा उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 19 जून से 21 जून तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में 20 जून से 22 जून के बीच तेज बारिश होने की संभावना है। IMD ने तटीय इलाकों और समुद्र में 45 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है। मछुआरों को इस दौरान समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम IMD ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें मध्यम से भारी बारिश, गरज के साथ बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। सुबह 82 फीसदी आर्द्रता और 28°C का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। दिन का अधिकतम तापमान 36°C रहने का अनुमान है। बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है।  

मध्य प्रदेश में बदला रहेगा मौसम, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में आंधी बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के 5 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट है। भारी बारिश के अलर्ट वाले जिलों में धार, झाबुआ, रतलाम, नीमच और मंदसौर शामिल हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि आज भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक वाला मौसम रहेगा। अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से मानसून के आगे बढ़ने का सिलसिला बना हुआ है।  अब तक प्रदेश के इंदौर समेत 19 जिलों में मानसून की एंट्री हो गई है। वहीं, अगले 24 घंटे के अंदर भोपाल, उज्जैन-जबलपुर में भी मानसून पहुंच सकता है।  4 सिस्टम सक्रिय, तूफान और बारिश का कॉम्बो भोपाल की वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, ” वर्तमान में बारिश और आंधी के 4 सिस्टम सक्रिय हैं. पड़ोसी राज्य गुजरात में निम्न दबाव का क्षेत्र और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है. यही वजह है कि अगले 24 घंटे से पूरे प्रदेश में मौसम बदल जाएगा. इस दौरान मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है.” आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक आज बुधवार को इंदौर उज्जैन संभाग, खासतौर पर रतलाम, नीमच, धार, झाबुआ और मंदसौर में भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ-साथ जबलपुर, ग्वालियर समेत कई जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक का अलर्ट है. वहीं नरसिंहपुर, जबलपुर और कटनी में तूफानी हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, इसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बता दें कि मध्यप्रदेश के इंदौर समेत 20 जिलों में मॉनसून ने दस्तक दे दी है. प्रदेश के 19 जिलों में पहुंचा मानसून  इंदौर समेत प्रदेश के 19 जिलों में मंगलवार तक मानसून पहुंच गया। इस दौरान प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर भी जारी रहा। मंगलवार को सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। वहीं, भोपाल, राजगढ़, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। शिवपुरी में ही पारा सबसे ज्यादा 40 डिग्री रहा। वहीं, सबसे कम तापमान इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में आंधी-बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में आंधी और बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव है। गुजरात क्षेत्र और पड़ोसी हिस्से में लो प्रेशर एरिया (कम दवाब क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और टर्फ की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है। इस वजह से अगले चार दिन तक पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यानी, 24 घंटे में सवा 4 इंच पानी गिर सकता है। एमपी में एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।इस बार एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया था। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। सिंगरौली में बिजली गिरने से 2 बच्चियों की मौत इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। वहीं, भोपाल, राजगढ़, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। शिवपुरी में पारा सबसे ज्यादा 40 डिग्री रहा। वहीं, सबसे कम तापमान इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अभी आंधी-बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि फिलहाल आंधी और बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव हैं। गुजरात क्षेत्र और पड़ोसी हिस्से में लो प्रेशर एरिया (कम दवाब क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और टर्फ की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है। इस वजह से अगले चार दिन तक पूरे मध्यप्रदेश में मौसम बदला रहेगा। कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। 24 घंटे में सवा 4 इंच पानी गिर सकता है। भीषण गर्मी से मिलने लगी राहत प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश व तेज हवाओं से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. इससे भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है लेकिन जब … Read more

रायपुर में सुबह से बादल छाए, मौसम विभाग ने आज 8 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट किया जारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। 21 दिन के लंबे अंतराल के बाद बस्तर से आगे बढ़ते हुए अब यह दुर्ग जिले तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। इससे जहां किसानों में उत्साह है, वहीं आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है। रायपुर में गरज-चमक के साथ भारी बारिश सोमवार की शाम से ही राजधानी रायपुर में मौसम (Chhattisgarh Weather Update) ने करवट ली और आसमान में घने बादल छा गए। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को रायपुर समेत आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार हैं। इसके चलते दिनभर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है। राजधानी में तापमान 26°C से 34°C के बीच रह सकता है। वहीं रायपुर-दुर्ग समेत 10 जिलों में अंधड़ और बिजली गिरने का यलो अलर्ट है। अन्य जिलों में सिर्फ बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के चलते प्रदेश के औसत तापमान में भी 4-5 डिग्री की गिरावट आई है। प्रदेश में सोमवार को 36.2 डिग्री सेल्सियस के दुर्ग सबसे गर्म रहा, जबकि 21 डिग्री के साथ राजनांदगांव सबसे ठंडा रहा। कई जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर और दुर्ग जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवाओं, वज्रपात और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटे में दुर्ग में जहां अधिकतम तापमान 36.2°C रहा, वहीं राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21.0°C रिकॉर्ड किया गया, जो मानसूनी प्रभाव को दर्शाता है। दुर्ग में 60 मिलीमीटर बरसा पानी प्रदेश में पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 25 जिलों में बारिश हुई है। सबसे ज्यादा 60 मिमी बारिश दुर्ग में रिकॉर्ड की गई है। 16 दिन पहले आ गया था मानसून इससे पहले छत्तीसगढ़ में नौतपे के बीच मानसून की एंट्री हो गई थी। प्रदेश में मानसून के पहुंचने की नॉर्मल डेट 13 जून है। लेकिन इस बार 16 दिन पहले ही मानसून ने दस्तक दे दी थी। वहीं 64 साल के इतिहास में ये पहली बार है, जब मानसून मई माह में छत्तीसगढ़ पहुंचा था। इससे पहले साल 1971 में 1 जून को मानसून पहुंचा था जून में अब तक सामान्य से कम बारिश अब तक की बात करें तो जून में 33 में से 27 जिले (लगभग 82%) में बारिश सामान्य से कम रही है। सिर्फ 6 जिलों में बारिश सामान्य या उससे अधिक रही है। पूरे राज्य में औसतन 51% वर्षा की कमी है, जो सामान्य से कम मानी जाती है। इस समय मानसून की स्थिति कमजोर है और स्थिति यही रही, तो खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है। पिछले साल के मुकाबले स्थिति बेहतर हालांकि इस बार की स्थित पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। साल 2024 में जून का अधिकतम तापमान 45.7°C था, जो 1 जून को दर्ज किया गया था। जबकि इस साल अधिकतम तापमान अब तक 42 से 43°C के आस-पास ही रहा है। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.5°C 19 जून को रिकॉर्ड किया गया था। पिछले साल जून में पूरे महीने के औसत तापमान की बात करें तो 38.6°C रहा था। वहीं न्यूनतम औसतन तापमान 27.7°C दर्ज किया गया था।  

मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री, तेज बारिश का अलर्ट, अब झमाझम बारिश के लिए तैयार रहें

भोपाल  मध्यप्रदेश में मौसम ने फिर एक बार करवट ली है। सूरज की तपिश से परेशान लोगों के लिए मौसम राहत की फुहारें लेकर आया है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट्स के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने प्रदेश में पूरी तरह से दस्तक दे दी है। आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का दौर देखने को मिलेगा। तो चलिए, जानते हैं आज के मौसम का हाल और मॉनसून की ताजा स्थिति। । सोमवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर के रास्ते मानसून प्रदेश में पहुंचा। अगले 2 दिन में मानसून भोपाल-इंदौर में दस्तक दे सकता है। वहीं, सबसे आखिरी में ग्वालियर-चंबल में पहुंचेगा। बुरहानपुर से भोपाल तक बारिश की बौछार मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून ने 16 जून को बड़वानी, खरगोन और बुरहानपुर जैसे दक्षिणी जिलों में कदम रखा और अब तेजी से प्रदेश के अन्य हिस्सों में फैल रहा है। आज सुबह तक भोपाल, इंदौर, जबलपुर, और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में मॉनसून की पहली फुहारें पहुंच चुकी हैं। मौसम एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले 24-48 घंटों में नरसिंहपुर, डिंडौरी, और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में भारी बारिश (2.5-4 इंच) की संभावना है। इससे पहले प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर रहेगा। कहीं-कहीं भारी या अति भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने मंगलवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच शामिल हैं। यहां हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। छतरपुर, खंडवा-बड़वानी समेत 14 जिलों में बारिश प्रदेश में सोमवार को 4 जिले- बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर के रास्ते मानसून पहुंचा। इन जिलों में बारिश का दौर चला। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को 9 घंटे में छतरपुर जिले के नौगांव में सबसे ज्यादा सवा इंच पानी गिर गया। रीवा में भी 1 इंच से ज्यादा बारिश हुई। मंडला में आधा इंच बरसात हुई। धार, गुना, रतलाम, सागर, सतना, बालाघाट, खंडवा, बड़वानी, टीकमगढ़, अशोकनगर, हरदा में भी बारिश का दौर चला। भोपाल में शाम को मौसम बदल गया। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई। देर रात तक कई जिलों में बारिश का दौर रहा। बारिश के चलते दिन के तापमान में आई गिरावट बारिश के चलते दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। सोमवार को सिर्फ एक शहर नर्मदापुरम में पारा 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे ही रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.5 डिग्री, इंदौर में 34.6 डिग्री, ग्वालियर में 37 डिग्री, उज्जैन-जबलपुर में 38 डिग्री सेल्सियस रहा। पचमढ़ी में सबसे कम 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अभी यह सिस्टम एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर जारी है। वहीं, मानसून भी सक्रिय हो गया है। उमस भरी गर्मी से राहत पिछले हफ्ते जहां प्रदेश का पारा 47 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं आज तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने का अनुमान है। इंदौर में 36 डिग्री, जबलपुर में 37 डिग्री, और ग्वालियर में 40 डिग्री के आसपास तापमान रहेगा। हालांकि, बारिश के साथ उमस का स्तर बढ़ सकता है। कहां कैसा रहेगा मौसम?     दक्षिणी मध्यप्रदेश (बुरहानपुर, खंडवा, बड़वानी): मॉनसून की पहली बारिश ने इन इलाकों को तरबतर कर दिया है। आज दोपहर तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना।     मध्य क्षेत्र (भोपाल, इंदौर, उज्जैन): हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सुहाना रहेगा। शाम को तेज हवाएं (20-30 किमी/घंटा) चल सकती हैं।     उत्तरी मध्यप्रदेश (ग्वालियर, चंबल): अभी भी गर्मी का असर, लेकिन शाम तक हल्की बारिश संभव।     पूर्वी मध्यप्रदेश (जबलपुर, नरसिंहपुर, डिंडौरी): भारी बारिश का अलर्ट। स्थानीय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। मॉनसून का आगे का सफर आईएमडी के अनुसार, मॉनसून अगले 3-4 दिनों में पूरे मध्यप्रदेश को कवर कर लेगा। जून के अंत तक सामान्य से अधिक बारिश की उम्मीद है, जो गर्मी से जूझ रहे लोगों और किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि ला नीना की सक्रियता के कारण इस साल मॉनसून मजबूत रहेगा। इस बार एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मी राजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर रहा। 4 साल तो टेम्प्रेचर 45 डिग्री के पार पहुंच गया। वहीं, रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। वहीं, पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी। वहीं, 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था।

मध्य प्रदेश में आज 15 जून तक दस्तक देगा मानसून, इस जिले से करेगा धमाकेदार एंट्री

भोपाल   मध्यप्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं भीषण गर्मी तो कहीं तेज आंधी-बारिश का दौर जारी है।। सागर-खंडवा में बारिश के चलते कई पेड़ उखड़ गए। वहीं ग्वालियर में लोग गर्मी से परेशान हैं। इसी बीच मानसून को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कई दिनों से महाराष्ट्र-छग में ठहरे मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। उम्मीद जताई जा रही है किआज  15-16 जून तक मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश कर लेगा।आज  15 जून को इंदौर और आसपास के जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। भारत मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि दो से तीन तरह की स्थितियां बनने से एमपी के कई जिलों में आज 15 जून से बारिश की संभावना है। बारिश का दौर दो से तीन दिन रहेगा। ऊपरी हवा का एक चक्रवाती सिस्टम उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर सक्रिय है। यह सिस्टम एक ट्रफ के रूप में उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से मध्य प्रदेश और विदर्भ होते हुए मराठवाड़ा तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला है। आज 15 जून को इंदौर और आसपास के जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रतार से हवा चलेगी। 15 जून को ऐसा होगा मौसम भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 16 जून को ऐसा होगा मौसम मंडला और बालाघाट में तेज बारिश का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में हल्की बारिश होने की संभावना है।

एमपी की चौखट पर पहुंचा मानसून, शनिवार को लू और गर्मी का आखिरी दिन, इंदौर संभाग में आज भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून 16-17 जून को प्रवेश कर सकता है, जिससे पहले प्रदेश में तेज गर्मी और आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत कई जिलों में आंधी, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि ग्वालियर-चंबल में लू चलने की आशंका है। इन जिलों में आंधी-बारिश से हाल बेहाल शुक्रवार को गुना और अशोकनगर समेत कई जिलों में बारिश हुई, वहीं मुरैना में आंधी से पेड़ उखड़ गए और रतलाम में रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनें प्रभावित हुईं। इस बार मानसून के समय पर आने की उम्मीद है, क्योंकि यह देश में 8 दिन पहले ही आ गया था और महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ में भी तय समय से पहले पहुंच गया था। कुछ दिनों अटकने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। ऐसे में उम्मीद है कि अगले 3 दिन यानी, 15-16 जून को मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश कर लेना। शनिवार के लिए IMD का इन जिलों में अलर्ट शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, आगर-मालवा, धार, बड़वानी, खरगोन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, दमोह, पन्ना, सतना, मऊगंज, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट में भी तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है। मानसून से पहले हीट वेव का आखिरी दिन मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि शुक्रवार को रतलाम, धार, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, अशोक नगर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया था. शनिवार को भी गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, रतलाम और धार को छोड़कर लू चलेगी. हालांकि 14 जून को मध्य प्रदेश में हीट वेव का आखिरी दिन होगा. इसके बाद पूरे मध्य प्रदेश में जोरदार बारिश का दौर शुरू होगा. यहां तक पहुंचा मानसून, मध्य प्रदेश पहुंचने की देर मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी और सैंडहेड द्वीप से होकर गुजर रही है. अगले 2 दिनों के दौरान विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में और उसके बाद गुजरात, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है.” दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य तिथि 15 जून है. इस बार भी मानसून 15 या 16 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है.” शुक्रवार को कई जिलों में पारा 40 के पार शुक्रवार को कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ग्वालियर में 44.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री और नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 40 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, सतना, रीवा, सीधी, शिवपुरी, उमरिया, सागर, रतलाम, शाजापुर, खरगोन और खंडवा में तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। तय समय से पहले आया मानसून बीच में अटका इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। हालांकि, अब मानसून आगे बढ़ने लगा है। इसलिए अब यह प्रदेश में 15-16 जून तक पहुंच सकता है। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।   बिजली गिरने से 2 की मौत, कई पेड़ उखड़े, ट्रैक पर ट्रेनें थमी इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। शिवपुरी के ककरवाया गांव के पास भूसा से गट्टा बनाने वाली दो फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा। आंधी में दोनों फैक्ट्रियों के जमीन में गढ़े पिलर और शेड उखड़कर हवा में उड़ गए। जिससे शेड के नीचे रखा भूसा और भूसे से बनी ब्रिक बारिश में धुल गई। गुना में तेज आंधी चली। शिवपुरी में धूलभरी आंधी चलने के साथ बारिश हुई। कोलारस में तेज पानी गिरा। खंडवा में भीषण गर्मी के बीच तेज बारिश का दौर रहा। मुरैना में तेज आंधी से कई पेड़ उखड़ गए और झोपड़ियों को नुकसान पहुंचा। रतलाम रेल मंडल के गौतमपुरा बड़नगर रेलवे ट्रैक के बीच आंधी-तूफान के साथ हुई तेज बारिश से पेड़ ट्रैक पर आ गिरा। इससे महू से रतलाम आने वाली पैसेंजर ट्रेन गौतमपुरा में खड़ी हो गई। रतलाम के मोयाखेड़ा में बिजली गिरने से एक 15 वर्षीय बालिका और तंबोलिया में एक युवती की मौत हो गई। एक अन्य युवती घायल हो गई। गुना में एक इंच से ज्यादा पानी गिरा। आलोट में ग्राम जोयन में महिला श्यामू बाई पर पेड़ गिर गया। जिससे उसकी की मौत हो गई। खजुराहो में पारा 45 डिग्री, ग्वालियर, नर्मदापुरम-नौगांव भी गर्म रहे शुक्रवार को कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ग्वालियर में 44.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री और नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 40 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, सतना, रीवा, सीधी, शिवपुरी, उमरिया, सागर, रतलाम, शाजापुर, खरगोन और खंडवा में तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। गुना में आज सवा इंच से ज्यादा पानी गिर गया। इस बार समय पर ही एंट्री करेगा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में … Read more

बिहार, झारखंड, बंगाल में बारिश के साथ ओले-बिजली का अलर्ट, IMD ने दी बड़ी जानकारी, 17 जून से…

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश, आंधी-तूफान, लू और गरम के साथ-साथ आर्द्र मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। दक्षिण भारत से लेकर उत्तर और पूर्वोत्तर राज्यों तक मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में गरज के साथ बारिश और आंधी की संभावना है। मध्य प्रदेश और ओडिशा में 13 से 18 जून तक भारी बारिश हो सकती है। गंगा से सटे पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 जून को भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान के आसार हैं। जबकि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लू की स्थिति बनी रहेगी। खासकर 13 व 14 जून को पश्चिम राजस्थान में भीषण लू पड़ने की संभावना है। दक्षिण भारत में भारी बारिश की आशंका केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में अगले सात दिनों तक हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 14 और 15 जून को तमिलनाडु और केरल में अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट है। साथ ही कई स्थानों पर 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 13 से 18 जून के बीच तेज बारिश और तेज हवाओं के साथ आंधी की आशंका है। मौसम विभाग ने 13 से 15 जून तक कोंकण और गोवा में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। मराठवाड़ा और घाट क्षेत्रों में भी 13 व 14 जून को भारी बारिश का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले सात दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं। 16 से 18 जून के बीच असम, मेघालय और अन्य राज्यों में अति भारी वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। हालांकि, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्म रातों और गरम मौसम से लोगों को राहत नहीं मिलेगी।

मध्य प्रदेश में 15 जून को मानसून के पहुंचने की संभावना, भीषण गर्मी से मिलेगी राहत

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला-बदला सा है। कई इलाकों में भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। इस बीच मौसम विभाग ने एक गुड न्यूज दी है। आईएमडी की ताजा भविष्यवाणी के अनुसार, आज मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार हैं। बारिश के बाद गर्मी से राहत की उम्मीद है। दो-तीन दिनों में तापमान में भी कमी आएगी। इसके अलावा मॉनसून को लेकर भी अपडेट सामने आया है। आज कई इलाकों में होगी बारिश आज मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। गरज-चमक के साथ बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अगले कुछ दिनों (14-15 जून) में बारिश का दायरा बढ़ेगा और पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश (64.5-115.5 मिमी) की संभावना है। गर्मी भी कर रही परेशान मध्य प्रदेश में गर्मी अभी भी अपने तेवर दिखा रही है। कई इलाकों में अधिकतम तापमान 39-43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से काफी ऊपर। आज कुछ जगहों पर लू की स्थिति बनी रहेगी और 13 जून तक कहीं-कहीं भीषण लू का असर भी देखने को मिल सकता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि अगले तीन दिन बाद तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। मॉनसून को लेकर क्या अपडेट? मॉनसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा अभी मुंबई, आदिलाबाद और भवानीपटना से होकर गुजर रही है। मध्य प्रदेश में मॉनसून के 14 जून के आसपास और जोर पकड़ने की संभावना है। हालांकि, अभी प्रदेश में मॉनसून का पूरा जोर नहीं दिखेगा, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की बारिश गर्मी से राहत देने को तैयार है। कैसे बदल रहा मौसम का मिजाज? मध्य प्रदेश के मौसम को आकार देने में कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। मध्य मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक फैली एक ट्रफ लाइन बारिश और तेज हवाओं को बढ़ावा दे रही है। 14-15 जून से इन सिस्टम्स के और सक्रिय होने से मौसम में और बदलाव आएगा। आज इन जिलों में भीषण गर्मी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर के अलावा ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर में भी लू चलेगी। भोपाल में गिर सकता है पानी वहीं, भोपाल, विदिशा, शाजापुर, रायसेन, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में आंधी-बारिश एवं गरज-चमक का अलर्ट है। प्रदेश में गर्मी के साथ आंधी-बारिश वाला मौसम भी प्रदेश में भीषण गर्मी के साथ आंधी-बारिश वाला मौसम भी है। बता दें कि प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 7 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 43 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिरा या आंधी चली। 44वें दिन रविवार को आंधी-बारिश का दौर थमा रहा, लेकिन इसके बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। बुधवार को बैतूल, धार, उज्जैन, रतलाम, बुरहानपुर, हरदा, पन्ना, छतरपुर, रायसेन में मौसम बदला रहा। गरज-चमक के साथ कुछ जिलों में हल्की बारिश भी हुई। अगले 2 दिन लू का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 2 दिन यानी, 12 और 13 जून को ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग के जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। 14 जून से फिर से बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। 15 जून को पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट है। इसी दौरान मानसून की एंट्री भी प्रदेश में हो जाएगी। आगे बढ़ेगा मानसून पिछले 14 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री लेट हो रही है। हालांकि, बुधवार को मानसून की हलचलें तेज हुईं है। इससे मौसम विभाग ने 14-15 जून को मध्य और पूर्वी भारत के हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के एंटर होने की संभावना जताई है। यानी, मध्यप्रदेश में मानसून इन दो दिन के अंदर आमद दे सकता है। मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।

प्रदेश में मानसून के पहले जमकर बरस रहे बादल, जून में पहली बार आंधी-बारिश के साथ लू का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में इस बार गर्मी का मौसम कुछ अलग ही रूप लेकर आया है। अप्रैल से जून के बीच जहां तेज गर्मी का अनुमान था, वहां अब लगातार बारिश और आंधियों का दौर बना हुआ है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में रायसेन-उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 45 जिलों में फिर से तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह बदलाव मुख्य रूप से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण हो रहा है। ये स्थिति आगामी 4 दिनों तक बनी रह सकती है, जिसके बाद मानसून प्रदेश में दस्तक देगा। बारिश के साथ तेज आंधी का अलर्ट प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है। 5 जून को भी कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलीं। प्रदेश में लगातार आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित बना हुआ है। अब मौसम विभाग ने आज शुक्रवार 6 जून को भी 45 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन में तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना जताई है। इन जिलों में जारी है अलर्ट मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 45 जिलों में जिलों आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, मंदसौर, नीमच, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, निवाड़ी, पन्ना, दमोह, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा समेत 45 जिलों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। क्यों हो रहा है ऐसा मौसम? सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इनकी वजह से मौसम अस्थिर हो गया है और गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। अगले 4 दिन मौसम ऐसा ही बना रहेगा। कहां-कहां हुई बारिश? मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार जारी हैं। रायसेन, उज्जैन और धार में गुरुवार को तेज बारिश हुई। रायसेन में 9 घंटे में एक इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हुई है। रायसेन, उज्जैन, धार समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से नीचे चला गया। खजुराहो का पारा 40.2°C, जबकि भोपाल 36.4°C, इंदौर 35.7°C पर रहा। मानसून की प्रतीक्षा फिलहाल, मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर रुका हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून के बाद ही मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करेगा।

मध्य प्रदेश में मानसून मुहाने पर, 26 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल

भोपाल मध्य प्रदेश में लगातार  प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, रतलाम समेत कुल 27 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को भी भोपाल, शाजापुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, राजगढ़, सागर, सतना, धार समेत कई जिलों में बारिश हुई। दमोह में करीब सवा इंच पानी गिरा। मानसून के आने से पहले जून के पहले सप्ताह में प्रदेश में गर्मी का असर रहता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कई शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इन शहरों में पारा 40 डिग्री से नीचे ही है। वहीं, यहां बारिश का दौर चल रहा है। अगले 4 दिन भी आंधी-बारिश का अलर्ट है। आज इन जिला में बारिश और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। यहां पर आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल में 33 डिग्री रहा पारा बारिश की वजह से बुधवार को कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, नौगांव में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंचा। बाकी शहरों में इससे नीचे रहा। भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 32.3 डिग्री, ग्वालियर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 35.4 डिग्री और जबलपुर में 36.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 29.6 डिग्री रहा। इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 5 जूनः ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। 6 जून: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना है। आंधी की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। 7 जून: इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह में तेज आंधी के साथ बारिश होने का अलर्ट है। 8 जून: खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में बारिश हो सकती है।

भोपाल में तो सुबह से बादल छाए रहे, दोपहर बाद रिमझिम बारिश होने लगी

भोपाल मध्यप्रदेश में बुधवार को भी मौसम बदला रहा। राजधानी भोपाल और शाजापुर समेत कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। भोपाल में तो सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर बाद रिमझिम बारिश होने लगी। शाजापुर में करीब आधे घंटे पानी गिरा। मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। सिवनी, बालाघाट, बैतूल, छिंदवाड़ा, देवास और सीहोर में आकाशीय बिजली चमकने के साथ तेज आंधी चल सकती है। जिसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। इसके अलावा इंदौर, राजगढ़, आगर, मंदसौर, उज्जैन, भोपाल, रायसेन, विदिशा, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, जबलपुर में बिजली चमकने के साथ हल्की आंधी चलने की संभावना है। बुरहानपुर, झाबुआ, बड़वानी, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, सागर, पांढुर्ना, नरसिंहपुर, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, रीवा, सिंगरौली और डिंडोरी में भी मौसम बदला रहेगा। अभी प्री-मासून एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मानसून से पहले प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। सिस्टम की वजह से प्रदेश में कहीं तेज आंधी चल रही है तो कहीं बारिश हो रही है। अगले चार दिन यानी, 6 जून तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। अभी एक ही जगह पर ठहरा मानसून इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है।

पूर्वोत्तर में बाढ़ से हालात नाजुक : अब तक 48 मौतें, सात लाख लोग प्रभावित; असम के 11 जिलों के लिए यलो अलर्ट

गुवाहाटी असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों का बाढ़ से बुरा हाल है. अब तक हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. जन जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है. लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि करें तो क्या करें. असम में बाढ़ (Assam Flood) की स्थिति मंगलवार को और ज्यादा बिगड़ गई. बाढ़ की वजह से वहां छह और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस साल बाढ़ और भूस्खलन (Northeast Landslide) में मरने वालों का आंकड़ा 17 पहुंच गया. वहीं सिक्किम समेत क्षेत्र के सात राज्यों में मरने वालों का आंकड़ा करीब  48 हो गया है. बाढ़ के हालात से निपटने के लिए मदद का आश्वासन पीएम नरेंद्र मोदी असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के हालात पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और लगातार दिशा-निर्देश दे रहे हैं. पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को असम और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों के साथ ही मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से बातचीत की. उन्होंने बाढ़ के खतरे से निपटने के साथ ही राहत और पुनर्वास कोशिशों में केंद्र की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया. बाढ़ और भूस्खलन से 7 राज्यों में 48 मौतें  पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकारियों का कहना है कि 29 मई से हो रही बारिश और बाढ़ के दौरान हुई 48 मौतों में से करीब 17 लोगों की जान अकेले असम में गई है. वहीं अरुणाचल प्रदेश में 12, मेघालय में 6, मिजोरम में 5, सिक्किम में 4, त्रिपुरा में 2 और नागालैंड और मणिपुर में एक-एक मौत हुई है. असम में बाढ़ से 6.33 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 जिलों में आई बाढ़ और बारिश की वजह से 6.33 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 21 जिलों के 1506 गांवों में 14,739 हेक्टेयर से ज्यादा फसल भूमि भी प्रभावित हुई है. असम में कई जगहों पर ब्रह्मपुत्र और छह अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. 5 जून तक पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने की संभावना दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से लगभग आठ दिन पहले आने के बाद ठिठक गया है। अब इसके 11 जून से फिर गति पकड़ने की उम्मीद है। इस बीच, जहां तक मानसून पहुंचा है वहां भारी बारिश हो रही है। इनमें दक्षिण भारत के केरल और आंध्र प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के सभी राज्य शामिल हैं। पूर्वोत्तर में खासतौर पर ज्यादा नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 जून तक पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इससे स्थिति के और खराब होने की आशंका है।   सिक्किम में 1,700 लोग निकाले गए सिक्किम में भूस्खलन के बाद फंसे 34 लोगों को दो एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित निकाल कर पास के पाकयोंग हवाई अड्डे पर पहुंचाया गया है। राज्य में राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे अब तक 1,700 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।   सैनिकों-सैलानियों की तलाश जारी सिक्किम के लाचेन शहर के छतेन में सैन्य शिविर पर भूस्खलन के बाद लापता छह सैनिकों की तलाश तेज कर दी गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 23 सदस्यीय टीम को भी तलाशी अभियान में लगाया गया है। वहीं, उफनती तीस्ता नदी में वाहन के साथ बहे आठ लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। 29 मई की रात वाहन एक हजार फीट नीचे नदी में गिर गया था। इसमें 11 लोग सवार थे, जिनमें से दो लोगों को सुरक्षित निकाल गया था, जबकि एक की मौत हो गई थी, शेष लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। वहीं, मेघालय में एनडीआरएफ के जवान इंदौर की एक लापता पर्यटन की तलाश में जुटे हैं। महिला के पति का शव एक दिन पहले पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में एक खड्ड में मिला था, जिसकी पहचान राजा रघुवंशी (29) के रूप में हुई थी। राजा और उनकी पत्नी सोनम 23 मई से ही लापता थे। एनडीआरएफ की 17 सदस्यीय टीम सोनम की तलाश में जुटी है। मिजोरम : 10 दिन में 5 मौतें बारिश और बाढ़ से मिजोरम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते 10 दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन की 552 घटनाएं हुई हैं और 152 घरों को नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं में 5 लोगों की जान चली गई है। भूस्खलन या दरारों के कारण 198 परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और बाढ़ के कारण 92 अन्य ने अपने घर खाली कर दिए हैं। बाढ़ से राज्य के 11 जिले प्रभावित हुए हैं। बारिश के चलते 10 जिलों में मंगलवार को पांचवें दिन भी स्कूल बंद रहे।     मणिपुर में बाढ़ से 10,477 घर क्षतिग्रस्त मणिपुर में बाढ़ की वजह से 56,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और 10,477 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. नदियों का उफान पर होने की वजह से राजधानी इंफाल के कई इलाके और इंफाल पूर्वी जिले पानी-पानी हो गए हैं. नदियों का पानी इन इलाकों में भर गया है. नगालैंड की बारिश में बह गई NH-2 की सड़क नगालैंड में भारी बारिश की वजह से कोहिमा जिले के फ़ेसामा गांव में NH-2 का 50 मीटर का हिस्सा बह गया. जिसकी वजह से नागालैंड और मणिपुर के बीच आवाजाही के मुख्य रास्ते से कनेक्शन कट गया. हालात इतने खराब हो गए हैं कि मणिपुर जाने वाले 100 से ज्यादा माल लदे ट्रक रविवार से सड़क पर ही फंसे हुए हैं. क्यों कि आगे बढ़ने के लिए रास्ता ही नहीं है. मिजोरम में 600 से ज़्यादा लैंडस्लाइड बतादें कि पिछले 100 दिनों में अकेले मिजोरम में 600 से ज़्यादा लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं. हालांकि त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में बाढ़ की स्थिति में सुधार जरूर देखा गया है. असम में बाढ़ और भूस्खलन से 17 की मौत असम में सात नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इसमें हैलाकांडी जिले के मतिजुरी में कटाखाल नदी भी शामिल हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन में कहा गया है कि सोमवार से अब तक छह मौतें हुई हैं, जिनमें हैलाकांडी, श्रीभूमि, मोरीगांव, कछार, … Read more

मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी, भोपाल, इंदौर-जबलपुर में बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। ऐसा ही मौसम बुधवार को भी बना रहेगा। बता दें कि इस बार भीषण गर्मी में भी आंधी-बारिश वाला मौसम है। प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 3 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 39 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिर रहा है या आंधी चल रही है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन यानी 7 जून तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में आंधी-बारिश के सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से मौसम बदला हुआ है। आज इन जिलों में बदला रहेगा मौसम मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा में तेज आंधी चलने का अलर्ट है। आंधी की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। इसी तरह भोपाल, इंदौर, उज्जैन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, देवास, धार, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर गुना, राजगढ़, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। भोपाल-इंदौर समेत 14 जिलों में बारिश मंगलवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, नीमच, धार, खरगोन, रायसेन, मंदसौर, छतरपुर के खजुराहो, मंडला, रीवा, सागर, उमरिया में बारिश हुई। 9 घंटे में रायसेन में 1 इंच से ज्यादा पानी गिरा। खरगोन में पौन इंच बारिश हुई। भोपाल में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। इससे दिन का तापमान 33.4 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 31.3 डिग्री, ग्वालियर में 34.1 डिग्री, उज्जैन में 31.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 36 डिग्री दर्ज किया गया। मंगलवार को छतरपुर के नौगांव में सबसे ज्यादा तापमान 38.5 डिग्री रहा। टीकमगढ़, खरगोन, खंडवा में भी पारा 37 डिग्री के आसपास रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां दिन का तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

छत्तीसगढ़ में आज भी कई जिलों में आंधी-तेज बारिश का अलर्ट, बिजली गरजने चमकने के भी आसार

रायपुर अलग अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से अगले एक सप्ताह तक छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा तथा कहीं कहीं स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।फिलहाल अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।आज सुबह से कई जिलों में तेज बारिश हो रही हैै। जिसके चलते नौतपा का असर पूरी तरह से खत्म हो गया है। इधर मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक बारिश के आसार जताए हैं। वहीं कहीं कहीं आकाशीय ​बिजली गिरने को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। आज मंगलवार को रायपुर में आकाश सामान्यतः मेघमय रहने तथा गरज चमक के साथ बौछारें पड़‌ने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 34 डिग्री सेल्सियस और 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।संभावना है कि 10 से 15 जून के बीच कभी भी प्रदेश में मानसून की एंट्री हो सकती है।इससे पहले इसमें बस्तर, दुर्ग और रायपुर संभाग के जिलों में आंधी-तूफान का सिलसिला जारी रहेगा।  जांजगीर-चांपा और रायगढ़ में जोरदार बारिश आज सुबह से बारिश के हालत बने हुए हैं। राजधानी रायपुर में सुबह 9 बजे छिटपुट बारिश हुई है। इधर 11 बजते ही जांजगीर चांपा में जोरदार बारिश की खबर आई। इसके बाद रायगढ़ में भी मौसम मेहरबान हो गया और तेज बारिश से उमस भरी गर्मी की छुट्टी हो गई। बारिश के चलते कई जगह जल भराव की स्थिति होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दुर्ग में भी बारिश का दौर तेज मानसून की आमद के पहले दुर्ग जिले में हल्की से मध्यम बारिश का दौर तेज हो गया है। सोमवार को भी दुर्ग जिले में सुबह करीब 10 मिनट बारिश हुई। हालांकि दिन का अधिकतम तापमान शनिवार को जो 32 डिग्री पर आ गया था, उसमें बढ़त आ गई और पारा सोमवार को 35.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि पारा अभी भी औसत से 7.5 डिग्री की गिरावट पर बना हुआ है, लेकिन उमस से परेशानी बढ़ा दी है। उधर, रात का न्यूनतम तापमान भी औसत से 7.5 डिग्री की गिरावट पर 22.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। फिलहाल, प्रदेश में सर्वाधिक गर्म जिला 36.9 डिग्री के साथ बिलासपुर है, जबकि दूसरा गर्म जिला दुर्ग है। मौसम विभाग के विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि, अगले एक हफ्ते तक छत्तीसगढ़ के अनेक स्थान पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मध्य छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी बारिश का क्रम अभी जारी रहना संभावित है। न्यूनतम तापमान में दुर्ग प्रदेश में सबसे ठंडा है। अगले पांच दिन अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बहुत अधिक परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां     दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। ऊपरी हवा की द्रोणिका अब मराठवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों पर निम्न दवाव वाले क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से उत्तरी तेलंगाना, दक्षिण छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा होते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तक औसत समुद्र तल से 3.1 और 5.3 किमी ऊपर ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुकती है।     मराठवाड़ा और उसके आसपास के इलाकों में एक कम दवाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मध्य-श्रोभमंडल स्तर तक फैला हुआ है, जो दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। 27 मई के आसपास बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तरी इलाकों में एक कम दवाव का क्षेत्र बनने की संभावना है जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी।

नौतपा में प्रदेश के 30 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, दूसरे दिन गर्मी के तेवर रहे ठंडे

भोपाल  प्रदेश में नौतपा के दूसरे दिन सोमवार को भीषण गर्मी का असर कमजोर रहा, लेकिन बढ़ी हुई नमी ने लोगों को उमस से बेहाल कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव के पीछे मानसूनी गतिविधियों की शुरुआत और विभिन्न सक्रिय मौसम प्रणालियों का असर है, जिससे नौतपा की तपिश इस बार कमजोर दिख रही है। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में आंधी-बारिश का अलर्ट है। बाकी जिलों में मौसम साफ रहेगा। अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री से नीचे सोमवार को नौगांव, खजुराहो और टीकमगढ़ में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दमोह में 40.2 और नर्मदापुरम में 39.8 डिग्री रहा। बाकी सभी जिलों में तापमान 40 डिग्री से कम रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर नौतपा के दौरान प्रदेश में लू चलती है और पारा 45 डिग्री तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार हालात उलट हैं। बारिश ने दी राहत, लेकिन उमस बढ़ी राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान तो कुछ हद तक गिरा, लेकिन उमस में इजाफा हो गया। मंडला में सबसे ज्यादा 11.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा ग्वालियर में 6 मिमी, रतलाम और इंदौर में 6 व 1 मिमी, बैतूल में 4.4 मिमी और छिंदवाड़ा में 2.4 मिमी वर्षा हुई। अगले 2-3 दिन बारिश के आसार मौसम केंद्र के मुताबिक, आगामी 48 घंटों में पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। इसके साथ तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। इससे गर्मी से थोड़ी राहत तो मिलेगी, लेकिन उमस परेशानी बढ़ा सकती है। चार बड़े शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में) भोपाल: अधिकतम 38.6 | न्यूनतम 26.8 इंदौर: अधिकतम 37.6 | न्यूनतम 26.7 ग्वालियर: अधिकतम 37.5 | न्यूनतम 29.6 जबलपुर: अधिकतम 38.3 | न्यूनतम 24.3 लो प्रेशर एरिया, साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अभी लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सकुर्लेशन एक्टिव है। इस वजह से आंधी-बारिश वाला मौसम है। आने वाले चार दिन तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मई में बारिश-आंधी का दौर, दूसरे पखवाड़े में गर्मी का असर मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलती हे तो रातें भी गर्म रहती हैं, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग रहा। लगातार 19 दिन तक बारिश हुई है। ऐसे में रविवार-सोमवार से गर्मी ने असर दिखाना शुरू किया। खासकर छतरपुर जिले के खजुराहो-नौगांव, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, उज्जैन, निवाड़ी, नीमच, मंदसौर में गर्मी का असर रहा। अगले कुछ दिन तक बारिश का दौर बना रहेगा। इसके बाद ही गर्मी का असर तेज होने की संभावना है। इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी रहेगी मौसम विभाग की मानें तो मई महीने के आखिरी दिनों में ग्वालियर, छतरपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, मैहर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, मुरैना, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी और विदिशा जिलों में पारा 45 डिग्री या इससे ज्यादा रहने का अनुमान है। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ मालवा-निमाड़ के कुछ शहरों में भी तेज गर्मी रहेगी। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव, निवाड़ी के पृथ्वीपुर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भोपाल में पारा 44 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। जबकि इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा इतना रह सकता है। बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। यहां पारा 46-47 डिग्री के बीच पहुंचने का अनुमान है। अप्रैल में भी बारिश-गर्मी का असर रहा अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा। तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा रहा। कई जिलों में लू भी चली। वहीं, आखिरी सप्ताह में प्रदेश में ओले, बारिश का दौर शुरू हो गया। 25 अप्रैल के बाद से ऐसा मौसम रहा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के एक्टिव होने से ऐसा हुआ। अब जानिए, 10 साल में कितना पारा… भोपाल में गर्मी-बारिश का ट्रेंड राजधानी में मई में मौसम के ट्रेंड की बात करें तो पिछले 10 साल में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही दौर रहा है। 2016 में पारा 46.7 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। इस महीने बारिश भी होती है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। पिछले साल 26 मई को पारा 45.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। यह 10 साल में छठवां 45 डिग्री से अधिक तापमान रहा। इस साल बारिश भी हुई थी। इस बार भी बारिश का दौर जारी रहा। हालांकि, पारे में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी गई, लेकिन आखिरी सप्ताह में तेज गर्मी का असर रहने का अनुमान है।  

नौतपा के पहले दिन 10 डिग्री कम रहा पारा, आज भी जबलपुर समेत 44 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा के पहला दिन नहीं तपा, भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश का दौर रहा। साथ ही मंडला, छिंदवाड़ा, बैतूल समेत कई शहरों में बारिश हुई। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत पूरे प्रदेश में दिन के पारे में गिरावट दर्ज की गई। सिर्फ खजुराहो में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंच सका। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार दिन का तापमान 10 डिग्री कम है। सोमवार को इंदौर, जबलपुर सहित 44 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में आंधी की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इन जिलों में आंधी-बारिश की संभावना इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना, मैहर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, आगर-मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर में आंधी और बारिश की संभावना है। मंडला में आधा इंच पानी गिरा रविवार को मंडला, छिंदवाड़ा, बैतूल समेत कई शहरों में पानी गिरा। मंडला में करीब आधा इंच पानी गिर गया। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत पूरे प्रदेश में दिन के पारे में गिरावट रही। यहां बादल छाए रहे। सिर्फ एक शहर खजुराहो में ही पारा 40 डिग्री पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदले होने की संभावना जताई है। पचमढ़ी में पारा सबसे कम 29.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मलाजखंड में 30.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31 डिग्री, बैतूल में 31.5 डिग्री और सिवनी में 32 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.8 डिग्री, इंदौर में 33.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 34.5 डिग्री दर्ज रहा। मंडला में आधा इंच बारिश, खजुराहो में पारा 40 डिग्री पहुंचा रविवार को मंडला, छिंदवाड़ा, बैतूल और कई अन्य शहरों में बारिश हुई। मंडला में लगभग आधा इंच पानी गिरा। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर सहित पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट आई। यहां बादल छाए रहे। केवल खजुराहो में ही तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों में प्रदेश में मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। पचमढ़ी में पारा सबसे कम 29.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मलाजखंड में 30.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31 डिग्री, बैतूल में 31.5 डिग्री और सिवनी में 32 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.8 डिग्री, इंदौर में 33.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 34.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग क्या कह रहा ? सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा कि तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने के कारण मौसम का हाल बदला हुआ है। इसी वजह से अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम ? 26 मई : भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। 27 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 28 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। मई में बारिश-आंधी का दौर, दूसरे पखवाड़े में गर्मी का असर मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलती हे तो रातें भी गर्म रहती हैं, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग रहा। लगातार 19 दिन तक बारिश हुई है। ऐसे में रविवार-सोमवार से गर्मी ने असर दिखाना शुरू किया। खासकर छतरपुर जिले के खजुराहो-नौगांव, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, उज्जैन, निवाड़ी, नीमच, मंदसौर में गर्मी का असर रहा। अगले कुछ दिन तक बारिश का दौर बना रहेगा। इसके बाद ही गर्मी का असर तेज होने की संभावना है। इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी रहेगी मौसम विभाग की मानें तो मई महीने के आखिरी दिनों में ग्वालियर, छतरपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, मैहर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, मुरैना, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी और विदिशा जिलों में पारा 45 डिग्री या इससे ज्यादा रहने का अनुमान है। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ मालवा-निमाड़ के कुछ शहरों में भी तेज गर्मी रहेगी। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव, निवाड़ी के पृथ्वीपुर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भोपाल में पारा 44 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। जबकि इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा इतना रह सकता है। बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। यहां पारा 46-47 डिग्री के बीच पहुंचने का अनुमान है। अप्रैल में भी बारिश-गर्मी का असर रहा अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 … Read more

नौतपा भी रहेगा तरबतर, गर्मी और उमस से राहत देंगे मौसम के बदलाव, भोपाल-इंदौर समेत 47 जिलों में अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में एक साथ एक्टिव कई सिस्टम की वजह से लगातार बारिश का दौर जारी है। खास बात यह है कि इस बार मई महीने में भी मध्य प्रदेश में सावन भादो जैसी बारिश हो रही है। इस बार नौतपा में भी पानी बरसेगा। मौसम विभाग ने अगले 7 दिन यानी, मई के आखिरी सप्ताह में भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। शनिवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत कुल 47 जिलों में तेज आंधी चलने और बारिश होने का अलर्ट है। ऐसा रहेगा आज का मौसम मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मैहर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, धार, झाबुआ और अलीराजपुर में हल्की बारिश और आंधी का अलर्ट है। वहीं, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, मुरैना, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम साफ रह सकता है। उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, देवास, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली में तेज आंधी चलेगी। जिसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। इसलिए हो रही बारिश मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ की एक्टिविटी है। इस वजह से आने वाले सात दिन तक प्रदेश में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश की वजह से तापमान में आई गिरावट  शुक्रवार को रतलाम जिले में ओले गिरे। वहीं, उमरिया और गुना में आंधी-बारिश का दौर रहा। छिंदवाड़ा, सिंगरौली, डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, अनूपपुर, सीधी, सागर, पन्ना, सतना, रीवा और रायसेन में भी आंधी-बारिश का दौर देखने को मिला। बारिश और आंधी की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आई। खजुराहो, नौगांव, टीकमगढ़, गुना और शिवपुरी ही ऐसे शहर रहे, जहां पारा 41 डिग्री या इससे अधिक रहा। ग्वालियर को छोड़ बाकी शहरों में तापमान 40 डिग्री से कम ही रहा। ग्वालियर में 40.2 डिग्री, भोपाल में 36 डिग्री, इंदौर में 34.4 डिग्री, उज्जैन में 39.7 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.2 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां तापमान 31.6 डिग्री रहा। सीधी में 32.2 डिग्री, मलाजखंड में 34 डिग्री, बैतूल-सिवनी में 34.2 डिग्री रहा। नौतपा में भी भीगता रहेगा इंदौर इंदौर में मई की भीषण गर्मी और उमस के बीच राहत भरी बारिश का दौर जारी है। शनिवार को शहर में तेज हवाएं चलीं जिससे मौसम में हल्की ठंडक घुल गई। अब तक मई के 23 दिनों में 162.5 मिमी यानी सवा छह इंच से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग ने आने वाले दो से तीन दिनों में तेज हवाएं और बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को भी पारे से थोड़ी राहत मिली और दिन का तापमान 1.9 डिग्री गिरकर 34.4 पर आ गया वहीं रात का पारा 0.7 डिग्री गिरकर 24.1 पर आ गया। दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, इस समय दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ मध्यप्रदेश से होकर गुजर रहे हैं। इन मौसमी गतिविधियों के कारण प्रदेश में मौसम लगातार बदल रहा है। अनुमान है कि अगले दो से तीन दिन तक यही स्थिति बनी रहेगी। दिन का तापमान लगातार 36 डिग्री सेल्सियस से अधिक और रात का तापमान 23-24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया जा रहा है। शुक्रवार को उमस से बेहाल रहे लोग, शनिवार को राहत शुक्रवार को सुबह से मौसम साफ था, लेकिन दिनभर उमस ने लोगों को खासा परेशान किया। इसके विपरीत शनिवार को तेज हवाओं के साथ मौसम में राहत महसूस की गई। मौसम विभाग ने इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के लिए तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मध्यप्रदेश में नौतपा भी रहेगा भीगा-भीगा इस बार नौतपा के दौरान भी मध्यप्रदेश में पानी बरसने की संभावना है। मौसम विभाग ने मई के अंतिम सप्ताह तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। शनिवार को प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन सहित कुल 47 जिलों में तेज आंधी और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। सात दिनों तक अलर्ट, साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ की वजह से अगले सात दिन तक आंधी और बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। इससे न सिर्फ तापमान में गिरावट आने की संभावना है बल्कि लोगों को उमस से भी कुछ राहत मिलेगी। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 24 मई: उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, देवास, बड़वानी,खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली में तेज आंधी चलेगी। जिसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मैहर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, धार, झाबुआ और अलीराजपुर में हल्की बारिश और आंधी का अलर्ट है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, मुरैना, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम साफ रह सकता है। 25 मई: छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में तेज आंधी का अलर्ट है। मुरैना, भिंड, दतिया, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में आंधी-बारिश का दौर रहेगा। 26 मई: रतलाम, उज्जैन, इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है। 27 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, निवाड़ी, टीकमगढ़,छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है।  

MP में आज कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, ग्वालियर-चंबल में चलेगी लू

भोपाल मध्य प्रदेश में कई सिस्टम एक्टिव होने की वजह से मई महीने में लगातार बारिश-आंधी का दौर चल रहा है। इस महीने एक भी ऐसा दिन नहीं रहा जब किसी न किसी जिले में बारिश ना हुई हो। गुरुवार को भी ग्वालियर-चंबल संभाग में लू और भोपाल, इंदौर समेत 35 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलने का अलर्ट है। वहीं, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर और झाबुआ में आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, शाजापुर, देवास, धार और रतलाम में तेज आंधी और बारिश होने की संभावना है। मई महीने में मध्यप्रदेश में सावन-भादौ जैसा मौसम है। पूरे महीने प्रदेश के किसी न किसी जिले में बारिश हो रही है। बुधवार को ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा। वहीं, कुछ शहरों में तेज गर्मी भी रही। खजुराहो में 46 डिग्री रहा पार प्रदेश के 13 से ज्यादा जिलों में बुधवार को आंधी-बारिश का दौर रहा। कुछ जिलों में ओले भी गिरे। भोपाल-इंदौर में दोपहर तक तेज गर्मी रही, लेकिन इसके बाद हल्की बारिश शुरू हो गई। सीहोर के कई गांवों में ओले गिरे। रतलाम, विदिशा में तेज आंधी वाला मौसम रहा। धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, रायसेन, रीवा, सागर, बालाघाट में भी बारिश का दौर चलता रहा। होशंगाबाद रोड पर मंडीदीप और औबेदुल्लागंज के बीच 10 से ज्यादा बिजली के पोल तेज हवा से झुक गए। इधर, छतरपुर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। खजुराहो में पारा 46 डिग्री और नौगांव में 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। टीकमगढ़ में 44.5 डिग्री, गुना में 44.4 डिग्री, शिवपुरी में 44.2 डिग्री, सतना में 43.6 डिग्री, दमोह में 42 डिग्री, सीधी में 41.9 डिग्री, उमरिया, रीवा-सागर में 41 डिग्री और मंडला में 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 44.6 डिग्री, भोपाल में 39.1 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, जबलपुर में 41 डिग्री और उज्जैन में पारा 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर समेत 35 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलने का अलर्ट है। वहीं, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर और झाबुआ में आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, शाजापुर, देवास, धार और रतलाम में तेज आंधी और बारिश होने की संभावना है। 13 जिलों में आंधी-बारिश, ओले भी गिरे प्रदेश के 13 से ज्यादा जिलों में बुधवार को आंधी-बारिश का दौर रहा। कुछ जिलों में ओले भी गिरे। भोपाल-इंदौर में दोपहर तक तेज गर्मी रही, लेकिन इसके बाद हल्की बारिश शुरू हो गई। सीहोर के कई गांवों में ओले गिरे। रतलाम, विदिशा में तेज आंधी वाला मौसम रहा। धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, रायसेन, रीवा, सागर, बालाघाट में भी बारिश का दौर चलता रहा। होशंगाबाद रोड पर मंडीदीप और औबेदुल्लागंज के बीच 10 से ज्यादा बिजली के पोल तेज हवा से झुक गए। इधर, छतरपुर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। खजुराहो में पारा 46 डिग्री और नौगांव में 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। टीकमगढ़ में 44.5 डिग्री, गुना में 44.4 डिग्री, शिवपुरी में 44.2 डिग्री, सतना में 43.6 डिग्री, दमोह में 42 डिग्री, सीधी में 41.9 डिग्री, उमरिया, रीवा-सागर में 41 डिग्री और मंडला में 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 44.6 डिग्री, भोपाल में 39.1 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, जबलपुर में 41 डिग्री और उज्जैन में पारा 38.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मध्य प्रदेश में इसलिए हो रही बारिश मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, एक ट्रफ मध्यप्रदेश के ऊपर से गुजर रही है। वहीं, एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम की एक्टिविटी भी है। इस वजह से प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। अगले कुछ दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 22 मई: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी,टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलने का अलर्ट है। अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर और झाबुआ में आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। यहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, शाजापुर, देवास, धार और रतलाम में तेज आंधी और बारिश होने की संभावना है। 23 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर,श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, सीहोर, हरदा, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर में तेज आंधी और हल्की बारिश का अलर्ट है। 24 मई: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया,रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 25 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है।

MP में आज भी जारी रहेगा आंधी-बारिश का दौर, 40 जिलों में बारिश का अलर्ट, भीगेंगे ये बड़े शहर

भोपाल मध्यप्रदेश में सात सिस्टम की एक्टिविटी है। एक टर्फ तो प्रदेश के बीचों बीच से गुजर रही है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 40 जिलों में तेज आंधी चलने और बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, ग्वालियर-चंबल में पहले लू का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से अगले 4 दिन तक बारिश होने के आसार है। सोमवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। आज इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिन जिलों में अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक आंधी चल सकती है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश भी होगी। इधर, रीवा के जवा तहसील के चटेह गांव में आज सुबह करीब 7 बजे बिजली की तार की चपेट में आने से 59 साल के किसान गोपीकृष्ण मिश्रा की मौत हो गई। हादसे में उनकी दो भैंसें भी मर गईं। स्थानीय लोगों ने मुताबिक सोमवार को आए आंधी-तूफान में कई पेड़ों के साथ बिजली के पोल और लाइनें टूट गई थीं। इसमें चटेह गांव के पास से गुजर रही 11 केवी की विद्युत लाइन भी टूटकर जमीन पर गिर गई थी। इससे पहले सोमवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। इंदौर के महू और बड़वानी में तो घरों की टिन शेड भी उड़ गईं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सात सिस्टम की एक्टिविटी है। एक टर्फ तो प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, ग्वालियर-चंबल में पहले लू का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से अगले 4 दिन तक बारिश होने के आसार है। 30 से 50Km/प्रतिघंटा रहेगी आंधी की रफ्तार मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिन जिलों में अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक आंधी चल सकती है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश भी होगी। इंदौर के महू में घरों की टिन उड़ी, 15 जिलों में बारिश इससे पहले सोमवार को भी आंधी, बारिश का दौर जारी रहा। इंदौर के महू में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों की टिन उड़ गईं। भोपाल में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। देवास, दमोह, गुना सागर, छिंदवाड़ा, रायसेन, बड़वानी, मऊगंज, रतलाम और बीना में भी पानी गिरा। सीधी में सवा इंच पानी गिर गया। शिवपुरी में आधा इंच बारिश हुई। बड़वानी के सेंधवा ब्लॉक के बिजासन घाट क्षेत्र में आधे घंटे आंधी से कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं। मंदिर क्षेत्र में लगी गुमटियां भी उड़ गईं। एक मकान की दीवार भी गिर गई। दमोह में तेज हवा की वजह से बिजली गुल हो गई। महू में मध्य भारत अस्पताल में एक पेड़ शेड पर गिर गया। जिससे दो युवक घायल हो गए। सीधी जिले में एक नाबालिग बालक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया। हादसे में गंभीर रूप से झुलस गया। खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री पहुंचा प्रदेश में सोमवार को तेज गर्मी, आंधी और बारिश का दौर रहा। छतरपुर जिले के खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सीजन में पहली बार इतना पारा पहुंचा है। वहीं, नौगांव में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.6 डिग्री, शिवपुरी में 44 डिग्री रहा। इसी तरह सतना में 43.2 डिग्री, ग्वालियर में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, सीधी में 42.8 डिग्री, गुना में 42.7 डिग्री, सागर में 41.7 डिग्री, रीवा में 41.4 डिग्री, मंडला में 41 डिग्री, शाजापुर में 40.8 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, रतलाम में 40.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 40.2 डिग्री, इंदौर में 38.6 डिग्री, उज्जैन में 40.5 डिग्री, जबलपुर में 40.7 डिग्री सेल्सियस रहा। मध्य प्रदेश में अगले चार दिन ऐसा रहेगा मौसम   20 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 21 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर,रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है। 22 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने का अलर्ट है। हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। 23 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है।

‘सिलिकॉन सिटी’ के घर-दफ्तरों में पानी, साल की सबसे अधिक बारिश, 6 घंटे बरसते रहे मेघ

बेंगलुरु बेंगलुरु में साल की सबसे भारी बारिश ने सोमवार को तीन लोगों की जान ले ली। छह घंटे की मूसलाधार वर्षा ने बारिश के कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। सबसे दुखद हादसा BTM लेआउट में हुआ, जहां एक अपार्टमेंट परिसर में जमा पानी निकालते समय 63 वर्षीय एक बुजुर्ग और 12 साल के लड़के की करंट लगने से मौत हो गई। इससे पहले वाइटफ़ील्ड में भारी बारिश के चलते एक मकान की दीवार गिर गई, जिसमें 35 वर्षीय महिला हाउसकीपर की मौत हो गई। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात शहर में छह घंटे से अधिक समय तक भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में सड़कों, बेसमेंट और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब 6 बजे हुआ। मृतकों की पहचान मन्मोहन कामत (63) और दिनेश (12) के रूप में हुई है। दिनेश नेपाली मूल के एक कर्मचारी का बेटा था, जो उसी अपार्टमेंट में कार्यरत है। DCP साउथ ईस्ट डिवीजन सारा फातिमा ने बताया, “कामत ने बाहर से मोटर मंगवाई थी और उसे बिजली से जोड़कर बेसमेंट में जमा पानी निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान शॉर्ट सर्किट से उन्हें करंट लग गया। दिनेश जो उनकी मदद कर रहा था, उसे भी करंट लग गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।” दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सेंट जॉन्स अस्पताल भेजा गया है। वाइटफ़ील्ड में महिला की मौत बारिश के कारण वाइटफ़ील्ड में एक कंपाउंड वॉल गिर गई, जिसकी चपेट में आकर 35 वर्षीय महिला हाउसकीपर की मौत हो गई। उधर मामले में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि बेंगलुरु में 210 बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें से 166 में समस्या का समाधान हो चुका है। 24 स्थानों पर काम जारी है और शेष 20 पर जल्द काम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने 197 किमी लंबी स्टॉर्म वॉटर ड्रेन बनाई है और इसके लिए ₹2000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने 132 जलभराव वाले स्थानों की सूची दी है, जिनमें से 82 ठीक किए जा चुके हैं, जबकि 41 पर कार्य प्रगति पर है। शिवकुमार ने कहा, “बारिश हमारे नियंत्रण में नहीं है, लेकिन हम बाढ़ वाले इलाकों की पहचान कर समाधान कर रहे हैं और लोगों को राहत पहुंचाने पर ध्यान दे रहे हैं।”  

छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर अपना मिजाज बदला,5 दिन आंधी-बारिश…11 में यलो, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर अपना मिजाज बदला है। भीषण गर्मी झेल रहे प्रदेशवासियों को अब तेज अंधड़, गरज-चमक और बारिश का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने 17 से 21 मई तक के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। इसमें 7 जिलों को ऑरेंज अलर्ट, जबकि 11 जिलों को यलो अलर्ट में रखा है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और बौछारें पड़ने की संभावना है। खासकर मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में इसका असर ज्यादा दिखेगा। वहीं तापमान की बात करें तो बिलासपुर 41.4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि जगदलपुर 23.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा। बीते 24 घंटे इन जगहों में हुई बारिश बीते 24 घंटे में बस्तर संभाग के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश भोपालपट्टनम में 5 सेमी दर्ज की गई। इसके बाद तोकापाल में 4 सेमी, बालोद और नगरी में 3-3 सेमी, छोटेडोंगर, नानगुर, दरभा में बारिश हुई। गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल रायपुर में दिन का तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 1.5 डिग्री कम रहा। सुबह और शाम को काफी नमी रही। सुबह 64% और शाम को 41% रही। राजधानी में 60% बादल छाए रहे और गर्मी से कुछ राहत मिली। देर शाम तक मौसम बदला और कई इलाकों में बारिश भी हुई। मौसम विभाग का कहना है कि 17 मई को रायपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 41°C और न्यूनतम 28°C रहने का अनुमान है। अगले 48 घंटे तक होगी बारिश मौसम विज्ञानी गायत्री वाणी कंटिभोटला ने बताया कि बस्तर संभाग में बिजली गिरने के साथ और गरज चमक की संभावना बढ़ने वाली है। ऐसी स्थिति अगले 4 से 5 दिनों तक दक्षिण छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगी। वहीं मध्य छत्तीसगढ़ में ऐसी स्थिति थोड़ी कम रहेगी, लेकिन प्रदेश में गरज चमक के साथ बिजली गिरने के गतिविधियां बढ़ेंगी। रायपुर में मौसम का हाल रायपुर में दिन का तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 1.5 डिग्री कम रहा। सुबह और शाम को काफी नमी रही। सुबह 64% और शाम को 41% रही। राजधानी में 60% बादल छाए रहे और गर्मी से कुछ राहत मिली। देर शाम तक मौसम बदला और कई इलाकों में बारिश भी हुई। मौसम विभाग का कहना है कि 17 मई को रायपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 41°C और न्यूनतम 28°C रहने का अनुमान है। अगले 2 दिन गरज चमक की स्थिति ज्यादा मौसम विज्ञानी गायत्री वाणी कंटिभोटला ने बताया कि बस्तर संभाग में बिजली गिरने के साथ और गरज चमक की संभावना बढ़ने वाली है। ऐसी स्थिति अगले 4 से 5 दिनों तक दक्षिण छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगी। वहीं मध्य छत्तीसगढ़ में ऐसी स्थिति थोड़ी कम रहेगी, लेकिन प्रदेश में गरज चमक के साथ बिजली गिरने के गतिविधियां बढ़ेंगी। क्या अलर्ट है आने वाले दिनों के लिए? मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक,अगले 2 दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके बाद 3 दिन और ऐसा ही मिजाज रहने वाला है। बस हवाएं थोड़ी धीमी (40-50 किमी/घंटा) हो सकती हैं।

मध्यप्रदेश में आज हीट-वेव के बीच इन जिलों में आंधी-बारिश, भोपाल-इंदौर समेत 39 जिलों में आंधी का अलर्ट

भोपाल उत्तरी मध्य प्रदेश में गर्मी का पारा तेजी से बढ़ रहा है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में बादल, बारिश के असर से तापमान में घट बढ़ रही है। खुजराहो सहित तीन जिलों में शुक्रवार को लू का असर रहा, जबकि ग्वालियर, नौगांव सहित आधा दर्जन जिलों में पारा 43 से 44 डिग्री तक दर्ज हुआ है। प्रदेश में सबसे गर्म खजुराहो में पारा 45.8 डिग्री रहा है। साथ ही कई जिलों में बारिश का दौर भी रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को भी दो दर्जन जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होगी। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के उत्तरी मप्र में दिन का पारा और बढ़ेगा, जिससे आधा दर्जन तक जिलों में लू का असर हो सकता है। हालांकि, इस बीच भोपाल में बादल, बौछारों से तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। शुक्ला के अनुसार अभी एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के सक्रिय है। यहां से एक ट्रफ बिहार पश्चिमी बंगाल होते हुए उत्तरी बांग्लादेश तक सक्रिय है। एक सकुर्लेशन पूर्वी मप्र और इससे सटे उत्तर पूर्वी अरब सागर तक सक्रिय है। इससे प्रदेश में नमी आ रही है। इसी कारण से अभी प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ बारिश का दौर भी चलेगा। चार सिस्टम की एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ की एक्टिविटी है। इस वजह से बारिश और आंधी चल रही है। बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म आंधी-बारिश के बीच मध्यप्रदेश में शुक्रवार को गर्मी के तेवर भी देखने को मिलें। एक बार फिर दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा। यहां के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 45.8 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर और नौगांव में भी 45 डिग्री दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना पहुंचा। इसी तरह सतना में 44.1 डिग्री, गुना, शिवपुरी-टीकमगढ़ में 44 डिग्री, रीवा में 43.6 डिग्री, सीधी में 42.4 डिग्री, दमोह में 41.5 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, सागर में 40.2 डिग्री और रायसेन में 40 डिग्री रहा। 3 घंटे की धूप ने किया बेहाल राजधानी में दोपहर तक बादल छाए रहे, लेकिन एक बजे के बाद बादल छंटते गए। हवा में 40 फीसदी से अधिक नमी के कारण दोपहर दो बजे के बाद धूप का असर बढ़ गया। 5 से 6 बजे के बीच 3 घंटे की धूप में ही लोगों को तेज गर्मी और उमस का अहसास रहा। दिन का पारा दोपहर में ढाई बजे के करीब 38 डिग्री था, जो 3 से 4 बजे के बीच एक से दो डिग्री तक और बढ़ गया। हालांकि, शाम को हवाओं के रफ्तार पकड़ते ही गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली। 6 जिलों में 31 डिग्री तक रात का पारा शुक्रवार को पांच जिलों में रात का पारा 29 से 31 डिग्री के बीच तक रहा है। इनमें रीवा सबसे गर्म 31 डिग्री रहा। दमोह 29.5, बड़वानी 29.2 निवाड़ी 29.1 और सीधी तथा सतना में न्यूनतम पारा 29 डिग्री रहा है। इन जिलों में रात में काफी गर्मी महसूस की गई। आज यहां आंधी-बारिश मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार तक भोपाल, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, आगर, मंदसौर, नीमच, भिंड, मुरैना आदि में कहीं कहीं गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। शुक्रवार को दोपहर के शाम के बीच डिंडोरी, सिवनी, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी, मंडला, अनूपपुर, बालाघाट, पांढुर्ना, बैतूल, धार, आंधी के साथ कहीं बारिश तो कहीं कुछ देर ओले गिरे हैं। चार सिस्टम की एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ की एक्टिविटी है। इस वजह से बारिश और आंधी चल रही है। बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म आंधी-बारिश के बीच मध्यप्रदेश में शुक्रवार को गर्मी के तेवर भी देखने को मिलें। एक बार फिर दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा। यहां के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 45.8 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर और नौगांव में भी 45 डिग्री दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना पहुंचा। इसी तरह सतना में 44.1 डिग्री, गुना, शिवपुरी-टीकमगढ़ में 44 डिग्री, रीवा में 43.6 डिग्री, सीधी में 42.4 डिग्री, दमोह में 41.5 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, सागर में 40.2 डिग्री और रायसेन में 40 डिग्री रहा।

कूल कूल गर्मी : मई के पहले पखवाड़े में मात्र तीन दिन 40 से ऊपर गया पारा, 25 साल बाद इतना

भोपाल मई माह का पहला पखवाड़ा बीत गया है। आमतौर पर मई का पहला पखवाड़ा काफी तपिश भरा होता है, लेकिन इस बार लगातार बादल, तेज हवा, बारिश के चलते मई में गर्मी से राहत मिल रही है। तापमान लगातार सामान्य से नीचे बने हुए हैं। पिछले 25 सालों बाद मई के पहले पखवाड़े में अधिकतम तापमान लगातार 40 डिग्री से नीचे बना हुआ है। इसके पहले वर्ष 2000 में भी मई के पूरे माह में बारिश हुई थी और तब पूरे मई माह में 23 दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री से कम थे।  एमपी के भोपाल शहर में बीते दिन धूप खिली रही। इस दौरान शहर का अधिकतम तापमान 37.3 और न्यूनतम 25.6 डिग्री दर्ज किया गया। बुधवार के मुकाबले अधिकतम तापमान आधा डिग्री की गिरावट आई। मई में 25 सालों बाद पहले पखवाड़े में ऐसी स्थिति बनी है। इसके पहले वर्ष 2000 में भी मई में ऐसी स्थिति बनी थी। इसके बाद 2023 में भी अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन पहले पखवाड़े में 8 दिन तापमान 40 डिग्री से कम थे। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2000 से लेकर अब तक 25 साल में यह सबसे कम है। इन 25 वर्षों में कभी ऐसा नहीं हुआ। 15 दिन में से सिर्फ तीन दिन ही दिन का तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। पिछले 12 दिन में एक भी बार पारा 40 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा। इस दौरान आंधी चलने का भी नया रिकॉर्ड बना। मई के शुरुआती 15 दिनों में से 11 दिन आंधी चली। 25 साल में आंधी के दिनों की संख्या भी यह सबसे ज्यादा है। महीने की शुरुआती 3 दिन ही थोड़े-बहुत तपे। 4 तारीख से मौसम बदल गया। तबसे चल रहा बादल, आंधी, बारिश का दौर अब तक जारी है। मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला बताते हैं कि मौसम को प्रभावित करने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय इन दिनों सक्रिय रहा। प्रदेश में और उसके आसपास के राज्यों में चक्रवात बने। इनके कारण अरब सागर से नमी लाकर बारिश करवाने वाली रेखा (ट्रफ लाइन) भी मध्य प्रदेश या उसके आसपास से गुजरी। इस कारण कभी ऊंचाई के कभी मध्य और कभी निम्न स्तर के बादल छाए रहे। इस दौरान तपिश नहीं बढ़ सकी। तापमान भी 36 से 38 डिग्री के आसपास बना रहा। ऐसे मौसम का यह असर हुआ कि मई के शुरुआती 9 दिन में ही मई की बारिश का कोटा 14.2 मिमी पूरा हो गया। जानिए क्या कहते है एक्सपर्ट मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि इस बार लगातार पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात के कारण बादल, बारिश की स्थिति लगातार बन रही है, जिससे तापमान ज्यादा नहीं बढ़े हैं। इस सीजन में अब तक एक बार भी लू नहीं चली है। अभी मानसून ऑनसेट होने में लगभग एक माह का समय है। दूसरी ओर आने वाले दिनों में तापमानों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस बार लोगों के लिए खुशखबरी की बात ये है कि मानसून सामान्य या उससे अधिक रहने की संभावना है। एसी, कूलर की बिक्री कम मौसम के बदले मिजाज के कारण तापमान सामान्य से कम बने हुए हैं। ऐसे में एसी, कूलर का भी इस बार बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो रहा है जिससे इसकी बिक्री पर भी फर्क पड़ा है। बावड़िया में कूलर मेला लगाने वाले अरुण जैन का कहना है कि मार्च से जून तक सबसे अधिक बिक्री मई में होती है, लेकिन इस बार मई में कम हुई है। हर साल मई में 800 से एक हजार कूलर बिकते थे, जबकि अब तक 200 कूलर बिक पाए हैं।

MP में जारी रहेगा बारिश का दौर, मौसम विभाग ने इंदौर-उज्जैन समेत 27 जिलों में बदला रहेगा मौसम, 20 मई के बाद बढ़ेगी ग

भोपाल  मध्यप्रदेश में अब और अगले 4 दिन तक आंधी-बारिश का अलर्ट रहेगा यानी 18 मई तक ऐसा ही मौसम रहने वाला है। इसी के चलते मौसम विभाग ने गुरुवार, 15 मई को 27 जिलों में आंधी का अलर्ट जारी किया है। बारिश की भी संभावना जताई गई है। IND के मुताबिक 20 मई के बाद एक हफ्ते गर्मी बढ़ेगी। इसके बाद फिर मौसम में बदलाव होगा। भोपाल में सुबह बादलों से घिरा रहा सूर्य भोपाल में गुरुवार की सुबह सूरज बादलों से घिरा रहा। जिससे मौसम सुहाना रहा, लेकिन धीरे-धीरे ऊपर चढ़ते हुए सूर्य ने अपनी तपिश दिखाना शुरू कर दी। हालांकि दिन में बादलों के कारण मौसम में ज्यादा गर्मी नहीं रही। आज इन जिलों में आंधी-बारिश के आसार गुरुवार को जिन जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है, उनमें इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मुरैना, भिंड, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया जिले शामिल हैं। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन में बारिश बुधवार को प्रदेश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाए। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, रायसेन, मंदसौर और नीमच में बारिश हुई, जबकि सीहोर, बड़वानी, रतलाम, खरगोन, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, उमरिया, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी चली। दूसरी तरफ, छतरपुर के खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे, जहां खजुराहो में 43.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। नौगांव में 42.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 42 डिग्री, सतना में 41.8 डिग्री, रीवा में 41.5 डिग्री, गुना में 41 डिग्री, सीधी में 40.8 डिग्री, दमोह में 40.6 डिग्री और मंडला में 40.5 डिग्री सेल्सियस रहा। 18 मई तक ऐसा कैसा रहेगा मौसम ? 15 मई: इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, खंडवा,  बालाघाट, मुरैना, भिंड, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, मैहर, उमरिया में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है। 16 मई: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, भिंड, दतिया, मुरैना, गुना, अशोकनगर,  धार, अलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, शाजापुर, सीहोर, देवास, हरदा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ में हल्की बारिश हो सकती है। 17 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, आगर-मालवा, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, देवास, शाजापुर, जबलपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, सीहोर, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है। 18 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, आगर-मालवा, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, रायसेन, मंदसौर-नीमच में बारिश इससे पहले बुधवार को प्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिले। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, रायसेन, मंदसौर और नीमच में बारिश हुई। वहीं, सीहोर, बड़वानी, रतलाम, खरगोन, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, उमरिया, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी का दौर रहा। दूसरी ओर, छतरपुर जिले के दो शहर- खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे। खजुराहो में सबसे ज्यादा 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नौगांव में 42.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 42 डिग्री, सतना में 41.8 डिग्री, रीवा में 41.5 डिग्री, गुना में 41 डिग्री, सीधी में 40.8 डिग्री, दमोह में 40.6 डिग्री, मंडला में 40.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.8 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, ग्वालियर में 41.8 डिग्री, उज्जैन में 37.7 डिग्री और जबलपुर में पारा 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम 32.6 डिग्री रहा।

भोपाल में 2 बजे के बाद आधा घंटा हल्की बारिश हुई, प्रदेश में एक साथ कई सिस्टम एक्टिव, मई महीने में लगातार आंधी-बारिश का दौर

भोपाल मध्य प्रदेश में एक साथ एक्टिव कई सिस्टम की वजह से मई महीने में लगातार आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। भोपाल में 2 बजे के बाद करीब आधा घंटा हल्की बारिश हुई। अगले कुछ घंटे में बड़वानी, छिंदवाड़ा, सिवनी, धार, पांढुर्णा, अलीराजपुर, देवास, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, डिंडोरी, अनूपपुर और सागर में मौसम बदला रहेगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-उज्जैन समेत 7 संभाग के 38 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट है। रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों में मौसम साफ रहेगा और तेज गर्मी पढ़ेगी। आज इन जिलों में बदला रहेगा मौसम मंगलवार को भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में मौसम बदला रहेगा। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी चल सकती है। खजुराहो का पर 41 डिग्री पार प्रदेश में सोमवार को दिन का तापमान फिर से 41 डिग्री के पार पहुंच गया है। सबसे गर्म खजुराहो रहा। जहां तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सतना में 40.7 डिग्री, रीवा में 40.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 38.4 डिग्री, इंदौर में 36.7 डिग्री, ग्वालियर में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 37.8 डिग्री और जबलपुर में 38.3 डिग्री रहा। इकलौता हिल स्टेशन में तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इधर, भोपाल में पूरे दिन धूप खिली रही, लेकिन शाम को मौसम बदल गया। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, रात में कई जिलों में बारिश हो सकती है। 16 मई तक बदला रहेगा प्रदेश का मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 16 मई तक प्रदेश में आंधी, बारिश का अलर्ट है। जिन जिलों में सिस्टम की एक्टिविटी नहीं रहेगी, वहां गर्मी बढ़ जाएगी। उत्तरी हिस्से यानी, ग्वालियर-चंबल में आंधी-बारिश के साथ गर्मी का असर भी बना रहेगा। मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में कुछ सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में मौसम बदला है। 16 मई तक हल्की बारिश गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। इसके बाद गर्मी का असर बढ़ सकता है। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा प्रदेश का मौसम 13 मई: भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड,मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में आंधी-बारिश का अलर्ट है। 14 मई: भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, मंडला, बालाघाट, अशोकनगर, गुना, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बुरहानपुर,, खंडवा, देवास, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़ में आंधी चलने के साथ बारिश हो सकती है। 15 मई: इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, आगर-मालवा, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में तेज आंधी का अलर्ट है। यहां बारिश भी हो सकती है। 16 मई: भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़,शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना में आंधी, बारिश का अलर्ट है।

CG : कोरबा समेत 31 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, बारिश तोड़ेगी 16 साल का रिकॉर्ड ! प्री-मानसून की दस्तक से पहले आंधी-तूफान का अलर्ट

रायपुर छत्तीसगढ़ में वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से रायपुर-दुर्ग, बिलासपुर समेत 31 जिलों में 3 दिन आंधी-बारिश का दौर चलेगा। रायपुर में सुबह से बादल छाए हैं। दोपहर के बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में 40-60 किमी की रफ्तार से हवा चल सकती है। कहीं-कहीं बिजली गिरने की भी आशंका है। 15 मई तक ऐसी ही स्थिति रहेगी। उसके बाद तापमान 2-3 डिग्री तक बढ़ेगा। 42 डिग्री के साथ सोमवार को दुर्ग सबसे गर्म रहा। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के साथ दक्षिण-पश्चिम उत्तरप्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। बारिश के इन दोनों स्ट्रॉन्ग सिस्टम के एक्टिव होने से छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश की स्थिति बन रही है। मई में हर बार होती है जोरदार बारिश मई में हो रही बारिश कोई नई बात नहीं है। आमतौर पर मई में तेज बारिश और अंधड़ की स्थिति बनती ही है। कई बार मई की शुरुआत में कुछ सिस्टम बनने के कारण प्रदेश में बारिश और तेज अंधड़ के एक-दो स्पैल आते हैं। इससे मई के पूरे महीने में अच्छी बारिश हो जाती है। वैसे पिछले एक दशक में रायपुर में मई के महीने में सबसे ज्यादा बारिश 2021 में 93.2 मिमी रिकॉर्ड की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में 57 मिमी बारिश 10 मई 2021 को दर्ज की गई थी। मई में सिस्टम बनने पर समुद्र से आने वाली हवा तेजी के साथ आगे बढ़ती हैं। इससे अंधड़ की स्थिति बनती है। 25 मई के बाद इस तरह की स्थितियां ज्यादा रहती हैं, उसी से मौसम में बदलाव की शुरुआत होती है।  छत्तीसगढ़ में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते अभी भी कई जिलों में बारिश हो रही है. 13 मई को भी मौसम विभाग की तरफ से कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी तूफान का अलर्ट भी जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि रायपुर, बिलासपुर, समेत कई जिलों में इसी तरह की स्थिति बनती दिख रही है. आज भी मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है. हालांकि बीते 24 घंटे के दौरान दुर्ग जिला फिलहाल छत्तीसगढ़ में सबसे गर्म रहा है. छत्तीसगढ़ का मौसम वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से हो रहे बदलाव के चलते छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आंधी तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखी जा रही है, मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले तीन चार दिनों तक प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर इसी तरह से चलता रहेगा. 2 से 3 दिन हल्की बारिश मौसम विभाग का कहना है कि छत्तीसगढ़ में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आने की वजह से मौसम में बदलाव होता रहता है, जिससे दो दिनों तक गरज-चमक के साथ फिर से बारिश होने की संभावना है. क्योंकि प्री-मानसून के दौर में इसी तरह की स्थिति बन रही है. येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने 13 मई को छत्तीसगढ़ में रायपुर-बिलासपुर समेत 31 जिलों में 3 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है. कहीं-कहीं बिजली गिरने की भी संभावना भी है, फिलहाल प्रदेश में 15 मई तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है. 16 साल का टूट सकता है रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ में इस बार जोरदार मानसून होने की संभावना है, मौसम विभाग का कहना है कि छत्तीसगढ़ में भी इस बार मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है, जबकि बारिश के चलते इस बार यहां भी 16 साल का रिकॉर्ड टूट सकता है. छत्तीसगढ़ में इस बार मानसून छत्तीसगढ़ में इस बार मानसून 13 जून को जगदलपुर के रास्ते एंट्री कर सकता है, जो 16 जून तक रायपुर पहुंच सकता है. क्योंकि आमतौर पर मानसून एक जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार केरल भी मानसून जल्दी दस्तक दे सकता है. क्योंकि इस बार सामान्य तारीख से चार दिन पहले ही यानी 27 मई को केरल तट पर मानसून आने की संभावना बन रही है. बीते 24 घंटे का मौसम छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटे के दौरान कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई, जबकि दुर्ग सबसे ज्यादा गर्म रहा है, यहां तापमान 40 डिग्री तक दर्ज किया गया. बलौदाबाजार में 40 और रायपुर में भी 40 डिग्री तापमान दर्ज किया गया.

मध्यप्रदेश में कहीं आंधी-तूफान के साथ बारिश तो कही भीषण गर्मी का अलर्ट, जान लें आपके शहर का मौसम

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कहीं बारिश तो कहीं तेज गर्मी से लोग दो-चार हैं। एक साथ तीन-तीन वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के चलते प्रदेश के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का सिलसिला जारी है तो वहीं दूरी तरफ ग्वालियर चंबल संभाग में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 7 संभागों के जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है तो वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग के तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। 16 मई तक रह सकती है ऐसी स्थिति मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल मध्यप्रदेश में कुछ वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हैं, जिससे आने वाले तीन चार दिनों तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही रह सकता है, जहां 16 मई तक प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनती दिख रही है, हालांकि इसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद की जा रही है, जिसके बाद प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू हो सकता है. जहां-जहां मौसम साफ होने लगा है वहां गर्मी भी शुरू हो गई है, ग्वालियर में बीते 24 घंटे में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया था, इसी तरह शहडोल और जबलपुर संभाग में भी मौसम साफ होने से तेज गर्मी शुरू हो गई है. एमपी के इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में आज आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है, जिनमें भोपाल, उज्जैन समेत आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, और पांढुर्णा, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर में आंधी-तूफान की संभावना बन रही है, यहां मौसम 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, हालांकि सुबह के वक्त यहां मौसम साफ रहने की संभावना है. मध्यप्रदेश में तेज गर्मी की होगी शुरुआत हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है, क्योंकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होने के चांस है, जैसा दिखना भी शुरू हो गया है, सोमवार खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा, यहां का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था, जबकि सतना और ग्वालियर में 40 डिग्री तापमान था, वहीं  भोपाल में 38.4 डिग्री, इंदौर में 36.7 डिग्री, उज्जैन में 37.8 डिग्री और जबलपुर में 38.3 डिग्री दर्ज किया गया था. सुबह से सभी जगह अच्छी धूप खिली रहती है, लेकिन दोपहर से लेकर शाम के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिलता है, जिससे यहां आंधी तूफान की संभावना बनती है.   खजुराहो सबसे गर्म सोमवार को खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा, यहां का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था, जबकि सतना और ग्वालियर में 40 डिग्री तापमान था, वहीं भोपाल में 38.4 डिग्री, इंदौर में 36.7 डिग्री, उज्जैन में 37.8 डिग्री और जबलपुर में 38.3 डिग्री दर्ज किया गया था. सुबह से सभी जगह अच्छी धूप खिली रहती है, लेकिन दोपहर से लेकर शाम के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिलता है, जिससे यहां आंधी तूफान की संभावना बनती है। इन जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में आज आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है, जिनमें भोपाल, उज्जैन समेत आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, और पांढुर्णा, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर में आंधी-तूफान की संभावना बन रही है।  मध्य प्रदेश में इन दिनों लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कहीं बारिश तो कहीं तेज गर्मी से लोग दो-चार हैं। एक साथ तीन-तीन वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के चलते प्रदेश के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का सिलसिला जारी है तो वहीं दूरी तरफ ग्वालियर चंबल संभाग में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 7 संभागों के जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है तो वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग के तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। 16 मई तक रह सकती है ऐसी स्थिति मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल मध्यप्रदेश में कुछ वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हैं, जिससे आने वाले तीन चार दिनों तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही रह सकता है, जहां 16 मई तक प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनती दिख रही है, हालांकि इसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद की जा रही है, जिसके बाद प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू हो सकता है. जहां-जहां मौसम साफ होने लगा है वहां गर्मी भी शुरू हो गई है, ग्वालियर में बीते 24 घंटे में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया था, इसी तरह शहडोल और जबलपुर संभाग में भी मौसम साफ होने से तेज गर्मी शुरू हो गई है. एमपी के इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में आज आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है, जिनमें भोपाल, उज्जैन समेत आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, और पांढुर्णा, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर में आंधी-तूफान की संभावना बन रही है, यहां मौसम 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, हालांकि सुबह के वक्त यहां मौसम साफ रहने की संभावना है. मध्यप्रदेश में तेज गर्मी की होगी शुरुआत हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है, क्योंकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होने के चांस है, जैसा दिखना भी शुरू हो गया है, सोमवार खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा, यहां का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था, जबकि सतना और ग्वालियर में 40 डिग्री तापमान था, वहीं  भोपाल में 38.4 डिग्री, इंदौर में 36.7 डिग्री, उज्जैन में 37.8 डिग्री … Read more

छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम का मिजाज, बस्तर संभाग समेत 9 जिलों में यलो अलर्ट

बस्तर छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। बस्तर संभाग में अगले 5 दिनों तक बारिश की संभावना है। गरज-चमक के साथ अंधड़ और बिजली गिरने की भी चेतावनी है। हालांकि अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई गिरावट जारी। मौसम विभाग के मुताबिक धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं शुक्रवार को सबसे ज्यादा तापमान दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया, जहां अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रायपुर में 38.9 डिग्री रहा तापमान राजधानी रायपुर में भी मौसम बदला-बदला नजर आया। सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन दोपहर बाद हल्की बदली और संभावित बौछारों की संभावना जताई गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से नीचे रहा। बिलासपुर और जीपीएम में भी गर्मी कम बिलासपुर में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) में दिन का पारा 36.6 डिग्री और रात का तापमान 23.4 डिग्री रहा। यहां भी तापमान सामान्य से नीचे रहा, जिससे लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की। दुर्ग सबसे गर्म शुक्रवार को दुर्ग जिला प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हालांकि यह नॉर्मल टेम्प्रेचर से 1.6 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री रहा जो औसत से 3.4 डिग्री कम था। सरगुजा संभाग में भी मौसम ने ली नरमी प्रदेश के उत्तरी हिस्से, सरगुजा संभाग में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 21.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से काफी कम था। यह स्पष्ट संकेत है कि प्रदेशभर में गर्मी अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है।

MP में आज भी आंधी, हल्की बारिश के आसार, 40 से अधिक जिलों में अलर्ट,4 दिन रहेगा असर

भोपाल  मौसम विभाग के अनुमान के बावजूद भोपाल में शुक्रवार, 9 मई को मौसम सामान्य रहा। आज फिर यानी शनिवार,10 मई को इंदौर, भोपाल, उज्जैन-जबलपुर समेत मध्यप्रदेश के 40 से अधिक जिलों में मौसम बदला रहेगा। IND ने इन जिलों में आंधी, हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अब 13 मई तक रहेगा आंधी-बारिश का मौसम। इन जिलों में बदला रहेगा मौमस शनिवार को जिन जिलों में मौसम बदला रहेगा, उनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, भिंड, दतिया, अशोकनगर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, खरगोन जिले शामिल हैं। वहीं, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, बालाघाट, सिवनी, कटनी में भी हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी का दौर रह सकता है। कई जिलों में बारिश का दौर रहा, आंधी भी चली इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला रहा। भोपाल, श्योपुर, बैतूल, हरदा, अनूपपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, गुना, विदिशा, रायसेन, सीहोर, खंडवा, छतरपुर, बैतूल, रतलाम, देवास, खरगोन, पन्ना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, सिंगरौली और शहडोल में भी हल्की बारिश, आंधी और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। दूसरी ओर, पूरे प्रदेश में दिन का तापमान 40 डिग्री से कम रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.2 डिग्री, इंदौर में 34 डिग्री, ग्वालियर में 37.6 डिग्री, उज्जैन में 34 डिग्री और जबलपुर में पारा 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, खजुराहो में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंडला, सतना, सीधी और रीवा में भी पारा 39 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। इसलिए बदला मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में दो सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में मौसम बदला है। 13 मई तक हल्की बारिश गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम 10 मई को भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, विदिशा, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, रीवा, मऊगंज, मुरैना, भिंड, दतिया, सीधी और सिंगरौली में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज आंधी की संभावना है। 11 मई को इंदौर, भोपाल, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, छतरपुर, दमोह, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना में गरज-चमक, आंधी और बारिश की संभावना है। 12 मई को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना है। इसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर शामिल हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से आंधी भी चल सकती है। 13 मई को भोपाल, विदिशा, रायसेन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में तेज़ आंधी और बारिश होने की संभावना है।

MP में आज बिगड़ेगा मौसम, सनसनाती चलेंगी तेज हवाएं, 12 मई तक आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग ने 9 से 12 मई तक पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का हाई अलर्ट जारी किया है। अरब सागर से आ रही नमी के कारण प्रदेश में 4 अलग-अलग मौसमी प्रणालियां सक्रिय हो चुकी हैं, जिससे अगले चार दिन मौसम रहस्यमयी और अस्थिर बना रहेगा। कौन से 4 बड़े सिस्टम कर रहे हैं असर? वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी हवा में चक्रवात, गुजरात तक फैली द्रोणिका और पूर्व-पश्चिम ट्रफ लाइन की वजह से अरब सागर से भारी मात्रा में नमी मध्य प्रदेश की ओर खिंच रही है। इसका असर सबसे ज्यादा इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, धार, श्योपुर, बैतूल और छिंदवाड़ा जिलों में देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों के तापमान में आई गिरावट  मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार को कई शहरों के तापमान में गिरावट देखी गई। इंदौर में तामपान 3.8 डिग्री गिरकर 28.6 डिग्री पर पहुंच गया। इंदौर पचमढ़ी से भी ठंडा रहा। पचमढ़ी में तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।  बुधवार को किसी भी शहर में तापमान 40 डिग्री के पार नहीं पहुंचा। नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री पहुंचा। खजुराहो में 39.4 डिग्री, रीवा में 38.5 डिग्री, सीधी-मंडला में 38.4 डिग्री, उमरिया में 38.1 डिग्री और शिवपुरी-सतना में 38 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 37 डिग्री, उज्जैन में 29 डिग्री और जबलपुर में पारा 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा। 15 जिलों में बदला रहा मौसम इससे पहले इंदौर, ग्वालियर के साथ बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, श्योपुर, धार, उज्जैन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, मुरैना और शिवपुरी जिलों में गुरुवार को मौसम बदला रहा। यहां बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और तेज आंधी का दौर रहा। राजधानी भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे। शाम को धूप खिली। धार में करीब 1 इंच पानी गिर गया। वहीं, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, शिवपुरी, मंडला और सिवनी में भी हल्की बारिश हुई। तापमान में भारी गिरावट गुरुवार को कई जिलों में तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को हल्की धूप निकली। तापमान 31.7 डिग्री रहा, वहीं इंदौर 30.8, उज्जैन 30.4 और जबलपुर 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 30 डिग्री के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। 9 से 12 मई तक कैसा रहेगा मौसम?     9 मई: पूरे प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटा की आंधी की चेतावनी।     10 मई: इंदौर, भोपाल, ग्वालियर सहित 20+ जिलों में हलचल।     11 मई: ग्वालियर, जबलपुर, रीवा संभाग में व्यापक असर।     12 मई: प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग समेत सभी जिलों में बारिश का एलर्ट हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। मौसम विशेषज्ञतों ने दी क्या चेतावनी? मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला के अनुसार, “अरब सागर से आ रही नमी और उत्तरी ट्रफ की सक्रियता से यह सिस्टम अगले 4 दिन तक लगातार असर दिखाता रहेगा। किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है।” बारिश के चलते कई शहरों में दिन का तापमान लुढ़क गया। भोपाल में दिनभर बादल रहे। शाम को धूप खिली। यहां पारा 31.7 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 30.8 डिग्री, ग्वालियर में 35.4 डिग्री, उज्जैन में 30.4 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार में 31.5 डिग्री, शाजापुर में 31.7 डिग्री, खंडवा में 32.1 डिग्री, रतलाम में 32.2 डिग्री, बैतूल में 32.4 डिग्री और नर्मदापुरम में पारा 32.5 डिग्री रहा। गुरुवार को एक भी शहर में तापमान 40 डिग्री या इससे पार नहीं पहुंचा। नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा 39.4 डिग्री दर्ज किया गया। चार सिस्टम से बदला मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। गुरुवार को कई जिलों में मौसम बदला रहा। 12 मई तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने का अनुमान है। मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलेगी तो रातें भी गर्म रहेंगी। मई में बारिश का भी ट्रेंड रहता है। इस बार मई की शुरुआत में ही मौसम बदला हुआ है। पहले ही दिन कई जिलों में बारिश हुई। इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी मौसम विभाग की मानें तो मई महीने में ग्वालियर, छतरपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, मैहर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, मुरैना, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी और विदिशा जिलों में पारा 45 डिग्री या इससे ज्यादा रहने का अनुमान है। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ मालवा-निमाड़ के कुछ शहरों में भी तेज गर्मी रहेगी। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव, निवाड़ी के पृथ्वीपुर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भोपाल में पारा 44 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है जबकि इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा इतना रह सकता है। बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। यहां पारा 46-47 डिग्री के बीच पहुंचने का अनुमान है। अबकी बार ऐसा रहा अप्रैल का महीना अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, … Read more

भारी बारिश के बाद चिनाब नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा, बगलिहार डैम के दरवाजे खोले

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद भारत ने चिनाब नदी पर बलने बगलिहार डैम के दरवाजे खोल दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक रामबन क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बढ़ते जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के कई गेट खोलने पड़े हैं। लगातार भारी बारिश के कारण चिनाब नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है। बांध के दरवाजे खुलते ही पानी का तेज बहाव पाकिस्तानी इलाकों में बढ़ा है। बताया जा रहा है कि इससे पाकिस्तान में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भारत ने रोक दिया था पानी पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर वॉटर स्ट्राइक करते हुए सिंधु जल समझौता तोड़ दिया था। बगलिहार और सलाल डैम के दरवाजे बंद करके पाकिस्तान का पानी रोक दिया था। पानी रोके जाने के दो दिन बाद अचानक भारत की तरफ से दरवाजे फिर खोल दिए गए इससे पाकिस्तान की तरफ बाढ़ का खतरा बढ़ गया। पाकिस्तान की बढ़ी चिंता कहा जा रहा है कि चिनाब नदी से मराला हेड में 28000 क्यूसेक पानी छोड़ा है। अचानक छोड़े गए भारी पानी से पाकिस्तान के सियालकोट, गुजरात और हेड कादिराबाद में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान में कई इलाकों में बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी की गई है। भारत ने किया ऑपरेशन सिंदूर विदेश मंत्रालय (MEA) का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाना है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर और हमले करने की योजना बनाई जा रही थी। बुधवार को लगभग 1:30 बजे, भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से एक जवाबी हमला किया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकवादी कैंपों को नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन सिर्फ 25 मिनट में, 1:05 बजे से 1:30 बजे के बीच किया गया। इसमें उन आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां से भारत के खिलाफ हमलों की योजना बनाई जाती थी। खबर है कि ये ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े थे। इन दोनों संगठनों पर भारत में कई आतंकी हमलों का आरोप है। सिंधु जल संधि होल्ड पर भारत ने सिंधु जल संधि को भी फिलहाल रोक दिया है। चिनाब नदी भी इसी संधि का हिस्सा है। सिंधु नदी तंत्र में झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज नदियां शामिल हैं। 1960 की संधि में इनके पानी के इस्तेमाल के अधिकार भारत और पाकिस्तान के बीच बांटे गए थे। पाकिस्तान की खेती का ज्यादातर हिस्सा सिंचाई के लिए इसी नदी तंत्र पर निर्भर है। बगलीहार डैम चिनाब नदी पर बना एक महत्वपूर्ण हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट है। यह सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच पहले भी विवादों का केंद्र रहा है। सिंधु जल संधि एक समझौता है जिसके तहत भारत और पाकिस्तान सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, अब भारत ने इस संधि को भी होल्ड पर रख दिया है। इसका मतलब है कि भारत पाकिस्तान को पानी देने के मामले में कुछ बदलाव कर सकता है।

मध्य प्रदेश में ओले, बारिश और आंधी का दौर जारी, 6 जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरने का अनुमान

भोपाल मध्य प्रदेश का मौसम बदला हुआ है लगातार प्रदेश में बारिश ओले गिर रहे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस और एक टर्फ एक्टिव है। इस वजह से ओले, बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। गुरुवार को भी ऐसा मौसम रहेगा। पश्चिमी हिस्से यानी, इंदौर संभाग के 6 जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं। इनमें खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर और झाबुआ शामिल हैं। वहीं, इंदौर, जबलपुर समेत 22 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट है। इनमें श्योपुर, मुरैना, भिंड, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, उज्जैन, देवास, शाजापुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सिंगरौली में है। कई जिलों के तापमान में आई गिरावट बुधवार को प्रदेश के मौसम का मिजाज बदला रहा। कई जिलों में बारिश हुई और आंधी चली। जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। इंदौर में पारे में 3.8 डिग्री की गिरावट के बाद 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर पचमढ़ी से भी ठंडा रहा। पचमढ़ी में तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। किसी भी शहर में तापमान 40 डिग्री के पार नहीं पहुंचा। नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री पहुंचा। खजुराहो में 39.4 डिग्री, रीवा में 38.5 डिग्री, सीधी-मंडला में 38.4 डिग्री, उमरिया में 38.1 डिग्री और शिवपुरी-सतना में 38 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 37 डिग्री, उज्जैन में 29 डिग्री और जबलपुर में पारा 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसलिए बदला प्रदेश का मौसम मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। गुरुवार को कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। ऐसा ही मौसम 11 मई तक बना रहेगा। कई जिलों में बारिश हुई, आंधी चली इससे पहले भी मौसम का मिजाज बदला रहा। कई जिलों में बारिश हुई और आंधी चली। जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। बुधवार को इंदौर में पारे में 3.8 डिग्री की गिरावट के बाद 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर पचमढ़ी से भी ठंडा रहा। पचमढ़ी में तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। बुधवार को किसी भी शहर में तापमान 40 डिग्री के पार नहीं पहुंचा। नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री पहुंचा। खजुराहो में 39.4 डिग्री, रीवा में 38.5 डिग्री, सीधी-मंडला में 38.4 डिग्री, उमरिया में 38.1 डिग्री और शिवपुरी-सतना में 38 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 37 डिग्री, उज्जैन में 29 डिग्री और जबलपुर में पारा 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इन चार सिस्टम से बदला मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। गुरुवार को कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। ऐसा ही मौसम 11 मई तक बना रहेगा। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 8 मईः खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ में ओले गिरने का अलर्ट है। श्योपुर, मुरैना, भिंड, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, देवास, शाजापुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सिंगरौली में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। 9 मई: ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, रायसेन, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट में गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। 10 मई: भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन,रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, विदिशा, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, रीवा, मऊगंज, मुरैना, भिंड, दतिया, सीधी और सिंगरौली में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज आंधी चल सकती है। 11 मई: इंदौर, भोपाल, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, छतरपुर, दमोह, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना में गरज-चमक, आंधी और बारिश की स्थिति बन सकती है।

MP में 10 मई तक बदला रहेगा मौसम, भोपाल-ग्वालियर सहित आज कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्‍य प्रदेश में पिछले दो दिनों से मौसम बदला हुआ है। कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर जारी है। कुछ जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अगले 4 दिन यानी 10 मई तक ओले-बारिश और आंधी का सिस्टम एक्टिव रहेगा। आज बुधवार को भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में तेज आंधी चलेगी, जबकि इंदौर में बारिश हो सकती है। तीन जिले- अलीराजपुर, धार, झाबुआ में ओले गिर सकते हैं। जिन जिलों में बुधवार को मौसम बदला रहेगा, उनमें शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में हवा की रफ्तार 50 किमी प्रतिघंटा से अधिक रह सकती है। श्योपुर, मुरैना, रतलाम, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, देवास, नरसिंहपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और डिंडौरी भी आंधी-बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन और ट्रफ की वजह से पूरे प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। मंगलवार को कई जिलों में बारिश हुई। बुधवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। 10 मई तक के लिए अलर्ट जारी किया गया है। जिन जिलों में बुधवार को मौसम बदला रहेगा, उनमें शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में हवा की रफ्तार 50 किमी प्रतिघंटा से अधिक रह सकती है। श्योपुर, मुरैना, रतलाम, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, देवास, नरसिंहपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और डिंडौरी भी आंधी-बारिश होगी। इससे पहले मंगलवार को भी प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहा। इंदौर में करीब एक इंच बारिश हो गई। लगातार तीसरे दिन इंदौर में तेज बारिश हुई। बदले मौसम की वजह दिन के तापमान में खासी गिरावट आई। मंगलवार को एक भी शहर ऐसा नहीं रहा, जब दिन का तापमान 40 डिग्री या इसके पार पहुंचा हो। प्रदेश में सबसे गर्म नरसिंहपुर और खजुराहो रहे। यहां तापमान 39.4 डिग्री रहा। मंडला में 39 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 32.5 डिग्री, भोपाल में 34.6 डिग्री, इंदौर में 32.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.4 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां 32 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम में 32.2 डिग्री, गुना में 32.5 डिग्री और शाजापुर में तापमान 32.7 डिग्री रहा। इंदौर में तीसरे दिन भी तेज बारिश, एक इंच दर्ज इससे पहले मंगलवार को भी प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहा। इंदौर में करीब एक इंच बारिश हो गई। लगातार तीसरे दिन इंदौर में तेज बारिश हुई। बदले मौसम की वजह दिन के तापमान में खासी गिरावट आई। मंगलवार को एक भी शहर ऐसा नहीं रहा, जब दिन का तापमान 40 डिग्री या इसके पार पहुंचा हो। सबसे गर्म नरसिंहपुर और खजुराहो रहे। यहां तापमान 39.4 डिग्री रहा। मंडला में 39 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 32.5 डिग्री, भोपाल में 34.6 डिग्री, इंदौर में 32.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.4 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां 32 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम में 32.2 डिग्री, गुना में 32.5 डिग्री और शाजापुर में तापमान 32.7 डिग्री रहा। इसलिए प्रदेश में ऐसा मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन और ट्रफ की वजह से पूरे प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। मंगलवार को कई जिलों में बारिश हुई। बुधवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। 10 मई तक के लिए अलर्ट जारी किया गया है। मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलेगी तो रातें भी गर्म रहेंगी। मई में बारिश का भी ट्रेंड रहता है। इस बार मई की शुरुआत में ही मौसम बदला हुआ है। पहले ही दिन कई जिलों में बारिश हुई। इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी मौसम विभाग की मानें तो मई महीने में ग्वालियर, छतरपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, मैहर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, मुरैना, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी और विदिशा जिलों में पारा 45 डिग्री या इससे ज्यादा रहने का अनुमान है। ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ मालवा-निमाड़ के कुछ शहरों में भी तेज गर्मी रहेगी। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव, निवाड़ी के पृथ्वीपुर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भोपाल में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है जबकि इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा इतना रह सकता है। बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। यहां पारा 46-47 डिग्री के बीच पहुंचने का अनुमान है। इस बार ऐसा रहा अप्रैल का महीना अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा। तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा रहा। कई जिलों में लू भी चली। वहीं, आखिरी सप्ताह में प्रदेश में ओले, बारिश का दौर शुरू हो गया। 25 अप्रैल के बाद से ऐसा मौसम रहा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस, टर्फ और साइक्लोनिक … Read more

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, चलेगी अंधड़, गिरेंगे ओले, पड़ेंगी गरज चमक के साथ बौछारें

रायपुर छत्तीसगढ़ में मई का महीना जहां आमतौर पर तेज गर्मी और लू के लिए जाना जाता है, वहीं इस बार मौसम ने कुछ अलग ही रुख लिया है. प्रदेश के पांचों संभागों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है. आइये जानते हैं कैसा रहेगा छत्तीसगढ़ में मौसम का हाल. मौसम विभाग के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से पूरे प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। जिससे दिन का तापमान सामान्य के कम है। प्रदेश में अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच बना हुआ है। कल यानी 7 मई से दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। कई जिलों में दिन का पारा सामान्य से कम सोमवार को प्रदेश में रायपुर सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 38.2 डिग्री रहा। वहीं सबसे ठंडा पेंड्रा रहा। यहां रात का पारा 18.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हालांकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते कुछ स्थानों पर बारिश हुई और आंधी चली जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों में दिन का पारा सामान्य से कम रहा। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ)? वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) कैस्पियन या भूमध्य सागर से बनने वाले तूफान होते हैं। ये भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश और ठंड लाने का काम करते हैं। असल में ये हवाएं बर्फीली होती हैं, जो अपने साथ नमी लेकर आती हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भूमध्यसागर से निकलती हैं। इसके बाद ये ईरान, इराक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होते हुए सीधा भारत पहुंचती हैं। यहां पहुंचते ही यह मैदानी इलाकों में अपना असर दिखाने लगती हैं। रायपुर में सुबह से बादल छाए रायपुर में आज सुबह से बादल छाए हैं। आज भी मौसम आज धूप-छांव वाला मौसम रह सकता है। वहीं गरज चमक के साथ बारिश के आसार हैं। दिन का पारा 39 डिग्री और रात का तापमान 25 डिग्री के आस-पास रहने की संभावना है। रायपुर के कुछ हिस्सों में सोमवार की रात हल्की बारिश हुई। सोमवार को दिन का तापमान 38.2 डिग्री रहा जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री रहा। यह भी औसत से 1.2 डिग्री कम था। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 5.5 डिग्री कम रविवार को बिलासपुर में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से करीब 5.5 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह भी सामान्य से कम रहा। सरगुजा संभाग में पारा 5 डिग्री कम मौसम विभाग के मुताबिक सरगुजा संभाग में अंधड़ चल सकती है। बारिश के भी आसार हैं। सोमवार को संभाग के जिलों में भी दिन का तापमान सामान्य से कम रहा। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री रहा जो औसत से 5 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री रहा जो नॉर्मल टेम्प्रेचर से 2.9 डिग्री कम था। मई में अंधड़-बारिश, यह पुराना ट्रेंड मई में हो रही बारिश कोई नई बात नहीं है। आमतौर पर मई के महीने में एक-दो बार तेज बारिश और अंधड़ की स्थिति बनती ही है। कई बार मई की शुरुआत में कुछ सिस्टम बनने के कारण प्रदेश में बारिश और तेज अंधड़ के एक-दो स्पैल आते हैं। इससे मई के पूरे महीने में अच्छी बारिश हो जाती है। वैसे पिछले एक दशक में रायपुर में मई के महीने में सबसे ज्यादा बारिश 2021 में 93.2 मिमी रिकॉर्ड की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में 57 मिमी बारिश 10 मई 2021 को दर्ज की गई थी। मई में सिस्टम बनने पर समुद्र से आने वाली हवा तेजी के साथ आगे बढ़ती हैं। इससे अंधड़ की स्थिति बनती है। 25 मई के बाद इस तरह की स्थितियां ज्यादा रहती हैं, उसी से मौसम में बदलाव की शुरुआत होती है।  

इंदौर में दो दिन बारिश के साथ तेज हवा का अलर्ट

इंदौर पंजाब और उत्तर पश्चिमी राजस्थान में से बने चक्रवाती सिस्टम के इंदौर से होकर गुजरने से रविवार शाम को अचानक मौसम बदल गया। मजबूत सिस्टम के कारण 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वी दक्षिण पूर्वी हवाएं चली। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे मध्य प्रदेश में इंदौर में सबसे तेज हवा रविवार को दर्ज की गई। इसी के साथ यहां 69.8 मिली मीटर ( 2.72 इंच) बारिश दर्ज की गई। मई में 24 घंटे में होने वाली ये 100 साल में सबसे अधिक बारिश रही। इसके पहले इंदौर में 29 मई 1886 को 24 घंटे में 99.1 एमएम बारिश हुई थी।  मौसम विभाग के अनुसार, एक चक्रवातीय सिस्टम उत्तर प्रदेश से होते हुए तमिलनाडु तक बना हुआ है, जो मध्य प्रदेश से होकर गुजर रहा है। इस कारण से तेज हवा-आंधी, बारिश व ओला वृष्टि की स्थिति बन रही है। इंदौर में रविवार को 24 घंटे में होने वाली सर्वाधिक वर्षा भी दर्ज हुई। रविवार 3.30 बजे से बारिश के साथ ही कहीं-कहीं ओले गिरना शुरू हो गए। लगभग आधा घंटे में ही हवा और आंधी तेज हुई व चक्रवात का रूप ले लिया। शाम 4 बजे के लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। एक घंटे की राहत के बाद 5 बजे फिर से मौसम बदला व पूर्वी-दक्षिण-पूर्वी हवा ने असर दिखाया। इस दौरान ओले भी गिरे। दो दिन बारिश के साथ तेज हवा का अलर्ट अचानक बदले मौसम से लोग घबरा गए। रास्ते से गुजरते लोगों को जहां जगह मिली, ओले से बचने के लिए खड़े हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक चक्रवातीय सिस्टम के असर से तेज हवा और बारिश की संभावना बनी रहेगी। शहर में अनेक स्थानों पर आंधी से पेड़ उखड़ गए तो कहीं-कहीं बड़ी शाखाएं टूट कर सड़क पर गिर गईं।

भोपाल समेत 40 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, अगले 5 दिन का जानें हाल, IMD ने दी ये चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान आंधी बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखा गया. प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत 40 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी है. वहीं अगले 5 दिन तक प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर देखा जा सकता है. शहडोल, मैहर, सिवनी, डिंडोरी, मंडला, उमरिया और कटनी में गिट्टी के आकार के ओले गिरे, तो वहीं उज्जैन, आगर और राजगढ़ जिले में धूल भरी आंधी चली. भिंड में 55 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली है. भोपाल समेत जिलों में ऐसा रहा मौसम साथ ही नीमच, मंदसौर, आगर, शाजापुर, देवास, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मैहर, रीवा, पन्ना, उज्जैन, विदिशा, भिंड, मुरैना और ग्वालियर जैसे जिलों में बारिश हुई. अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में ऐसा ही मौसम रहने के साथ ही अधिकांश जिलों में धूल भरी आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में मौसम के तेवर शुक्रवार दिन में भी गरम रहे. भोपाल में दिन का पारा 41.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि बीते दिनों की अपेक्षा 0.9 डिग्री कम रहा. सुबह से तेज धूप के साथ ही पारा लगातार चढ़ता नजर आया. वहीं, रात के तापमान में 0.7 डिग्री की गिरावट के साथ पारा 23.6 डिग्री दर्ज किया गया. धूल भरी आंधी चली मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, प्रदेश के 15 जिलों में धूल भरी आंधी चली. वहीं, जबलपुर में 65 किमी/घंटा की रफ्तार से दवाओं का दौर देखा गया. शहडोल, उमरिया, जबलपुर और डिंडोरी जैसे जिलों में ओलावृष्टि का दौर भी देखा गया. प्रदेश में इन दोनों 2 से 3 सिस्टम सक्रिय बने हुए हैं, जिसमें वेस्टर्न डिस्टरबेंस जो कि इन दिनों पंजाब और राजस्थान संभाग के जिलों में सक्रिय है. इसका असर प्रदेश के कई जिलों में देखा जा रहा है. कई जिलों में हुई बारिश वहीं, दूसरी और शुक्रवार को मध्य प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का दौर देखा गया. इसमें सबसे अधिक बारिश मंडला जिले के गोगरी में 45 मिमी हुई. इसके अलावा कटनी के बिलहारी में 44 मिमी, डिंडोरी के मेहरबानी में 25.4 मिमी, शहडोल के बुढार में 25 मिमी और डिंडोरी के अमरपुर में 23 मिमी बारिश हुई. कई जिला में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की ओर से शनिवार के लिए प्रदेश के करीब 40 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसमें अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुरना, विदिशा, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां जिलों में वज्रपात, तेज हवा, ओलावृष्टि और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है. वहीं, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, सागर, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी है रतलाम में पारा 43 डिग्री पहुंचा पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. इसके अलावा नरसिंहपुर में 43.6 डिग्री, खंडवा में 43.1 डिग्री, खरगोन में 43 डिग्री और धार में 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो अमरकंटक (अनूपपुर) में पारा सबसे कम में 17.1डिग्री दर्ज किया गया. वहीं मंडला में 18.2 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल) में 18.6 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट) में 19.4 डिग्री और उमरिया में 19.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ. भोपाल में पारा 41 पार प्रदेश के पांच बड़े शहरों के अधिकतम तापमान की बात करें तो रविवार को भोपाल का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया. यहां पारा 41.6 डिग्री दर्ज हुआ. इसके अलावा उज्जैन का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री, इंदौर का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम?     3 मई 2025: 40 जिलों में बारिश और आंधी का असर रहेगा, कुछ जिलों में ओले भी पड़ सकते हैं।     4 मई 2025: सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की आशंका। अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश संभावित है।     5 मई 2025: राजधानी भोपाल समेत लगभग पूरे प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।     6 मई 2025: इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ सहित कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। कहां-कहां रहा गर्मी का असर? प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। रतलाम में तापमान 44.2 डिग्री, खंडवा और खरगोन में 43 डिग्री के पार पहुंच गया। इंदौर में 41.4 डिग्री और भोपाल में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक का बयान मौसम विभाग की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, “राज्य में सक्रिय चक्रवातीय सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह परिवर्तन हो रहा है। यह स्थिति 6 मई तक बनी रह सकती है।”

एमपी में भीषण गर्मी के बीच हुई बारिश, अगले 4 दिन तक बूंदाबादी के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे है। प्रदेश में कहीं तेज गर्मी पड़ रही है तो कही बारिश और ओले गिर रहे है। गुरुवार को करीब 25 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा। राज्य में आज शुक्रवार को भी कई जिलों में बूंदाबांदी होने की संभावना है। जबकि 5 जिले-छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिर सकते हैं। वहीं कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) के एक्टिव होने से मध्यप्रदेश में ओले-बारिश का दौर जारी है। पिछले 6 दिन प्रदेश के आधे हिस्से में मौसम बदला हुआ है। कहीं तेज आंधी-बारिश हो रही है तो कहीं ओले भी गिर रहे हैं। भिंड में शुक्रवार सुबह से तेज हवा के साथ बारिश हुई। इसके चलते शहर की बिजली बंद हुई। हालांकि, सुबह के समय होने वाली बारिश से तापमान भी कम हुआ है। इसके साथ ही मुरैना में भी तेज बारिश हुई। आज शुक्रवार को कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और हल्की बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग के अनुसार 5 मई तक प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा। कुछ जिलों में दिन में गर्मी रहेगी, जबकि शाम के बाद मौसम बदलेगा। इससे पहले, गुरुवार को भी कुछ जिलों में बारिश हुई। करीब 25 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा। डिंडौरी में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। वहीं, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, मैहर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, छिंदवाड़ा, पन्ना, शहडोल, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, उज्जैन और राजगढ़ में हल्की गरज के साथ हल्की बारिश हुई। मई के पहले ही दिन उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, गुना और नरसिंहपुर में तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया। शाजापुर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस रहा। रतलाम में 43.6 डिग्री, उज्जैन में 43.4 डिग्री और गुना-नरसिंहपुर में 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार, खरगोन, खंडवा, शिवपुरी, रायसेन, टीकमगढ़, सागर, दमोह, बैतूल, खजुराहो और नर्मदापुरम में पारा 41 डिग्री या इससे अधिक रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 42.5 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, ग्वालियर में 39.6 डिग्री और जबलपुर में 40.2 डिग्री रहा। इन जिलों में आज बारिश ओले का अलर्ट  मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार कोकटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और हल्की बारिश होने के आसार है।छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिर सकते हैं। 5 मई तक बारिश का दौर रहेगा मौसम विभाग के अनुसार, 5 मई तक प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा। कुछ जिलों में दिन में गर्मी रहेगी, जबकि शाम के बाद मौसम बदलेगा। गुरुवार को डिंडौरी में ओले गिरे। वहीं, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, मैहर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, छिंदवाड़ा, पन्ना, शहडोल, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, उज्जैन और राजगढ़ में हल्की गरज के साथ हल्की बारिश हुई। इधर, शाजापुर, रतलाम, गुना और नरसिंहपुर में पारा 43 डिग्री के पार पहुंच गया। शाजापुर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस रहा। रतलाम में 43.6 डिग्री, उज्जैन में 43.4 डिग्री और गुना-नरसिंहपुर में 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार, खरगोन, खंडवा, शिवपुरी, रायसेन, टीकमगढ़, सागर, दमोह, बैतूल, खजुराहो और नर्मदापुरम में पारा 41 डिग्री या इससे अधिक रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 42.5 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, ग्वालियर में 39.6 डिग्री और जबलपुर में 40.2 डिग्री रहा। प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 2 मई: छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिर सकते हैं। वहीं, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और हल्की बारिश होने के आसार है। 3 मई: उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और डिंडौरी में ओले गिरने का अलर्ट है। जबलपुर, कटनी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा पांढुर्णा में तेज आंधी चलेगी। भोपाल, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भी मौसम बदला रहेगा। 4 मई: सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल और हरदा में गरज-चमक, बारिश होने की संभावना है। 5 मई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्से में मौसम बदला रहेगा। कहीं, गरज-चमक और आंधी चलेगी तो कहीं बारिश भी हो सकती है। झाबुआ, अलीराजपुर, धार, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में आसमान साफ रह सकता है।  

कई वेदर सिस्टम के एक्टिव होने से प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया

भोपाल ध्य प्रदेश में भीषण गर्मी से आज राहत मिलने के आसार हैं. कई वेदर सिस्टम के एक्टिव होने से प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में आने वाले कुछ घंटों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग के मुताबिक मौसम के इस बदलते मिजाज का असर पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में असर रहने की संभावना है. आज यहां तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम, उज्जैन, देवास, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. अचानक मध्य प्रदेश में बारिश क्यों? आईएमडी के मौसम वैज्ञानिक अमित कुमार के मुताबिक, ”वर्तमान में राजस्थान के ऊपरी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके साथ ही एक द्रोणिका राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा से कर्नाटक तक बनी है.” इस मौसमी सिस्टम की वजह से गुरुवार से रविवार तक प्रदेश के अधिकतर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा. इस दौरान तेज रफ्तार से हवाओं के साथ आंधी चलने की भी संभावना है.” इन जिलों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की संभावना उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी और डिंडौरी में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है. इन जिलों में अनेकों स्थान पर ओलावृष्टि होने की संभावना. 4 मई तक प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट     शुक्रवार 2 मई को मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर,शहडोल, उमरिया, डिंडौरी में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना.     शनिवार 3 मई को छतरपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की संभावना ग्वालियर. अन्य जिलों में तेज आंधी     रविवार 4 मई को सागर, दमोह, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है.

आगर मालवा में बेमौसम बारिश ने व्यापारियों की मेहनत और अनाज दोनों पर पानी फेर दिया

आगर मालवा मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में बेमौसम बारिश ने व्यापारियों की मेहनत और अनाज दोनों पर पानी फेर दिया. जिले की मुख्य अनाज मंडी में खुले में रखा गया हजारों क्विंटल गेहूं मंगलवार और बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश में पूरी तरह भीग गया. अचानक बदले मौसम के कारण हुई तेज बारिश से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. बुधवार को तेज धूप और करीब 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच दोपहर में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई. इससे पहले मंगलवार को भी इसी तरह की बेमौसम बारिश ने अनाज मंडी में रखे गेहूं को नुकसान पहुंचाया था. व्यापारियों ने उम्मीद की थी कि मंगलवार के बाद मौसम साफ रहेगा और वे गेहूं को समेट सकेंगे, लेकिन बुधवार को हुई बारिश ने उनकी बाकी उम्मीदें भी तोड़ दीं. मंडी के व्यापारी संजय बंसल, विजय कोठारी और बंटी ने कहा कि लगातार दो दिनों से हुई बारिश ने अनाज को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. खुले में रखा गया गेहूं पूरी तरह पानी में भीग चुका है और आशंका है कि इतनी नमी के बाद गेहूं सड़ सकता है, जिससे यह किसी काम का नहीं रहेगा. व्यापारियों ने प्रशासन से इस नुकसान का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की है. व्यापारियों का कहना है कि अनाज मंडी में पर्याप्त गोदामों की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें गेहूं खुले में रखना पड़ा था. अब जब मौसम ने इस तरह धोखा दिया है, तो लाखों रुपये का माल खराब हो गया है. फिलहाल व्यापारी नुकसान के आकलन में जुटे हुए हैं. बेमौसम बारिश ने जहां किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है, वहीं मंडी में खुले में रखा गया अनाज भी इसकी चपेट में आ गया है.  

मध्य प्रदेश में कहीं भीषण गर्मी का कहर जारी, 40 जिलों में 2 और 3 मई को बारिश हो सकती

भोपाल मध्यप्रदेश के लगभग 40 जिलों में 2 और 3 मई को बारिश हो सकती है। जिन जिलों में मौसम का बदलाव देखने को मिलेगा, उनमें भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर भी शामिल हैं। इसका कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का एक्टिव होना है। हालांकि, इससे पहले 30 अप्रैल और 1 मई को प्रदेश में तेज गर्मी का असर रहेगा। खासकर उज्जैन संभाग में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। इधर, नर्मदापुरम जिले के डोलरिया में मंगलवार शाम को आई तेज आंधी से राजपूत समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए लगाया गया टेंट गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को रतलाम, नीमच-मंदसौर में लू का अलर्ट है। वहीं, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से पिछले दो-तीन दिन से बारिश हो रही है। पूर्वी हिस्से में मंगलवार को भी बारिश हुई। बुधवार से कुछ जिलों में ही असर देखने को मिलेगा। वहीं, राजस्थान और गुजरात से जुड़े जिलों में हीट वेव यानी, लू चल सकती है। 2 मई को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर अगले 3 दिन तक रह सकता है। पिछले 24 घंटे कैसा रहा मौसम? पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के जबलपुर और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, वहीं बाकी हिस्सों में मौसम साफ और गर्म रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 3 दिनों में भी तापमान में खास बदलाव की उम्मीद नहीं है, हालांकि पारा 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है। धूप ने तोड़े 5 साल के रिकॉर्ड, गर्मी से सड़कों पर पसरा सन्नाटा  इंदौर में मंगलवार को अप्रैल महीने की अब तक की सबसे भीषण गर्मी दर्ज की गई। दिन का तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। तेज धूप और तपन के चलते दोपहर में सड़कों पर आवाजाही कम हो गई थी। लोग घरों में दुबके रहे क्योंकि धूप में एक मिनट भी खड़ा रह पाना मुश्किल हो रहा था। यह दिन न केवल अप्रैल का, बल्कि पिछले पांच सालों का भी सबसे गर्म दिन बन गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ऐसी ही भीषण गर्मी बने रहने की संभावना जताई है। बुधवार को भी सुबह से ही तेज धूप है। गर्म हवाओं के थपेड़े चल रहे हैं और 11 बजे बाद सड़कें सूनी हो गई हैं। पिछले दस वर्षों में केवल चार बार पार हुआ 42 डिग्री का आंकड़ा   पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 29 अप्रैल 2019 को इंदौर में अब तक का सबसे अधिक तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बीते दशक में केवल चार बार तापमान 42 डिग्री के पार गया है। पिछले पांच वर्षों में भी इस बार का तापमान सबसे ज्यादा रहा। 18 अप्रैल 2024 को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री था, जबकि मंगलवार को यह रिकॉर्ड टूट गया। मंगलवार की रात का तापमान भी सामान्य से 3 डिग्री अधिक, यानी 26.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान: लू का खतरा बरकरार मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश के कुछ इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ के कारण बारिश हो रही है। हालांकि इंदौर संभाग पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। यहां गर्मी का दौर जारी है और अगले दो दिन भी हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि राजस्थान और गुजरात से सटे जिलों में हीट वेव यानी लू चलने के आसार हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। कई जिलों में मौसम बदला, बारिश भी हुई इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में मौसम बदला रहा। सिवनी, दमोह, सिंगरौली, अनूपपुर और पन्ना तेज आंधी चली। वहीं, रीवा, कटनी, शहडोल, नरसिंहपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सतना, सीधी, मंडला, रायसेन, भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, मैहर, उमरिया, जबलपुर, डिंडौरी, पांढुर्णा और सागर में भी मौसम बदला रहा। मंडला में ओले भी गिरे। दूसरी ओर, 8 शहर ऐसे हैं, जहां तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से ऐसा मौसम है। भोपाल में सुबह से ही बादल छाए रहे। हालांकि, गर्मी का असर बरकरार रहा। यहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री, इंदौर में 42.6 डिग्री, ग्वालियर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 43 डिग्री और जबलपुर में 40 डिग्री दर्ज किया गया। कहीं लू तो कहीं बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार, 30 अप्रैल को मध्य प्रदेश के रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, सीधी और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है. वहीं रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत बाकी के जिलों में गर्मी का असर रहेगा. मंगलवार को दमोह, सिवनी, सिंगरौली, अनूपपुर और पन्ना तेज आंधी चली, जबकि मंडला में ओले गिरे. वहीं भोपाल, सीहोर, रीवा, सतना, शहडोल, कटनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सीधी, बैतूल, मैहर, उमरिया, जबलपुर, डिंडौरी, पांढुर्णा और सागर में मौसम का मिजाज बदला रहा. मौसम विभाग के अनुसार,  2 और 3 मई को मध्य प्रदेश के 40 जिलों में बारिश होने के आसार हैं. बीते दिन  शाजापुर में तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. गुना में 43.5 डिग्री सेल्सियस, खजुराहो में  तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस, धार-रायसेन-नरसिंहपुर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा सागर और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री सेल्सियस, खंडवा और दमोह में तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस, खरगोन में पारा 42.4 डिग्री सेल्सियस रहा. इसके अलावा भोपाल में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 42.6 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर में 40 … Read more

मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक बारिश का अलर्ट, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर में 41 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है पारा

भोपाल  मध्य प्रदेश के आसमान पर छाए बादलों की वजह से कहीं पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई तो कहीं पर धूप-छांव का सिलसिला चल रहा है। हालांकि मंगलवार के बाद इन गतिविधियां में कमी आएगी और फिर से तीखी धूप सताने लगेगी। सोमवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, नर्मदापुरम, बैतूल, शहडोल, उमरिया, जबलपुर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। कहीं-कहीं तेज आंधी-तूफान के साथ ओले भी गिरे। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसमान पर छाए बादलों की वजह से धूप-छांव का खेल शाम तक चलता रहा। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया इन गतिविधियों का असर प्रदेश के तापमान पर साफ नजर आ रहा है। इससे रात के तापमान में जहां कमी आई है, वहीं सोमवार को दिन के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों के कई जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं पूर्वी क्षेत्रों के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे हैं। इधर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में गर्मी का असर तेज रह सकता है। भोपाल, इंदौर संभाग के शहरों में भी पारा 42 डिग्री के आसपास ही रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। वहीं, दो टर्फ एक्टिव है। इस वजह से सोमवार को कई जिलों में बारिश का दौर रहा। ऐसा ही मौसम मंगलवार को भी बना रहेगा। यहां गरज-चमक के साथ तेज आंधी भी चल सकती है। 1-2 मई को भी नए सिस्टम की वजह से बारिश होने के आसार है। भोपाल-इंदौर समेत 17 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार आंधी और बारिश के बीच सोमवार को मध्यप्रदेश में गर्मी का असर भी तेज रहा। ग्वालियर में पारा 44 डिग्री के पार पहुंच गया। एक ही दिन में 3.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन के साथ प्रदेश के 17 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार रहा। मौसम विभाग के अनुसार, धार में 42.9 डिग्री, नरसिंहपुर में 42.2 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री, खरगोन-गुना में 42 डिग्री, शाजापुर में 41.4 डिग्री, सागर-नौगांव में 41.1 डिग्री, दमोह, रायसेन-खजुराहो में 41 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.6 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 42 डिग्री, भोपाल में 41.2 डिग्री, इंदौर में 41.4 डिग्री, ग्वालियर में 41.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश और तेज हवा चलने के आसार मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि राजस्थान में हवा के ऊपरी हवा में चक्रवात बना हुआ है। दूसरा सिस्टम राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक एक द्रोणिका के रूप में है। इस वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने के आसार हैं। मंगलवार से प्रदेश में दिन के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।   ऐसा रहेगा अप्रैल का आखिरी सप्ताह     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक, यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। अप्रैल में ऐसा रहा अब तक का मौसम अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा। तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा रहा। कई जिलों में लू भी चली।

भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के 10 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कुछ स्थानों पर लू चलने की भी चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में गर्मी स्थिर हो गई है। एमपी में पिछले 24 घंटे के दौरान सभी जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा। छिंदवाड़ा के अलावा प्रदेश के किसी भी जिले में गर्मी का अधिक प्रभाव नहीं देखा गया। अधिकतम तापमान स्थिर बना हुआ है। हालांकि अधिकतम तापमान वाले जिलों को देखें तो यहां अधिकांश जिलों का तामपान 42 डिग्री सेल्सियस पार जा चुका है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान खजुराहो में 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान देखें तो भोपाल में 41.02, ग्वालियर में 43, नर्मदापुरम में 42.02, इंदौर में 40, पचमढ़ी में 36.2, रतलाम में 43, शिवपुरी में 44, उज्जैन में 41.4, जबलपुर में 41.5, खजुराहो में 44.6, मंडला में 43, सतना में 43 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। प्रदेश के तापमान में बदलाव तापमान का विश्लेषण करें तो यह अंदाजा लगता है कि प्रदेश की अधिकांश जिलों का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया है। ऐसे में जिलों में तेज गर्मी महसूस की जाने लगी है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी काफी बदलाव दर्ज हुआ है। जबलपुर में 22.6, नरसिंहपुर में 24.2, छिंदवाड़ा में 26, सिवनी में 25.2, उज्जैन में 21.1, रतलाम में 25.6, इंदौर में 24, ग्वालियर में 21.3, भोपाल में 25.02 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। 10 जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि शुक्रवार को प्रदेश के करीब 10 जिलों में लू चल सकती है। इन जिलों में बुरहानपुर, खंडवा, रतलाम, शिवपुरी, दतिया, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा जिले शामिल हैं। राजधानी भोपाल के मौसम के बारे में वैज्ञानिकों ने बताया है कि यहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। यहां गर्मी से राहत की उम्मीद वहीं मौसम विभाग ने अपने दृष्टिकोण में बताया है कि पश्चिम मध्य प्रदेश की न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। हालांकि दो दिन बाद फिर तापमान में मामूली वृद्धि आ सकती है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों के तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन दो दिन बाद अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है यानी पूर्व मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में गर्मी से थोड़ी राहत महसूस हो सकती है। इन संभागों में होगी बारिश     मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू पर पर द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। उत्तर-दक्षिणी द्रोणिका मराठवाड़ा के उत्तरी भाग से मन्नार की खाड़ी तक आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु से होते हुए जा रही है।     हवा के साथ कुछ नमी आने के कारण शनिवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, विदिशा, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, शहडोल, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन्हीं क्षेत्रों में कहीं-कहीं लू का प्रभाव भी रह सकता है। शनिवार को भोपाल व इंदौर में संभाग छाए रहेंगे बादल     मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि हवा का रुख पश्चिमी बने रहने के कारण अरब सागर से कुछ नमी आ रही है। इस वजह से भोपाल, इंदौर संभाग में कहीं-कहीं बादल भी छाए हुए हैं।     शनिवार को भी प्रदेश के दक्षिणी भाग में बादल छाए रह सकते हैं, जबकि उत्तरी भाग में कुछ तपिश भी बढ़ सकती है। हालांकि नमी रहने के कारण कई शहरों में गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। मौसम का इस तरह का मिजाज तीन दिनों तक बना रह सकता है।  

प्रदेश में इस साल जमकर होगी बारिश, मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

भोपाल मौसम विभाग(Meteorological Department) ने 2025 के दक्षिण पश्चिम मानसून का पहला पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार ग्वालियर चंबल संभाग में बादल खूब बरसेंगे। इस बार औसत बारिश 106 से 110 फीसदी तक हो सकती है। ये शहर और जिले का औसत है, उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। जुलाई व अगस्त में बारिश की गति तेज होगी। मानसून का दूसरा पूर्वानुमान मई के आखिरी सप्ताह में आएगा। यदि प्रदेश की स्थिति देखी जाए तो हर हिस्से में औसत से ज्यादा बारिश होगी। इस पूर्वानुमान के बाद मानसून की सही स्थिति सामने आएगी। क्योंकि केरल में 31 मई को मानसून पहुंचता है। ग्वालियर चंबल संभाग में 25 से 26 जून के बीच आता है।  गर्मी ने भले ही इस बार जल्दी दस्तक दे दी हो लेकिन मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को इसे लेकर अच्छी खबर दी है। IMD ने कहा है कि इस बार मॉनसून में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। इससे किसानों और आम लोगों को राहत मिलेगी। IMD के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि इस पूरे मॉनसून सीजन में अल नीनो की स्थिति नहीं बनेगी। भारत में मॉनसून के चार महीनों यानी जून से सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस मॉनसून जमकर बारिश के आसार मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार बारिश का आंकड़ा 87 सेंटीमीटर के दीर्घकालिक औसत का 105 फीसदी रहेगा। आईएमडी चीफ मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि अल नीनो की स्थिति, जो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम मॉनसून बारिश से जुड़ी है, इस बार विकसित होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग की ओर से ये भविष्यवाणी ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्से भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। 2024 में ग्वालियर चंबल संभाग में मानसून(Monsoon Forecast 2025) खूब बरसे थे। अगस्त व सितंबर में जो सिस्टम आए थे, उनकी वजह से औसत से ज्यादा बारिश हुई थी। जिला सहित अंचल में बाढ़ भी आ गई थी, जो जल संरचनाएं वर्षों से नहीं भरी थी। वह जल संरचनाएं ओवर फ्लो हो गई थी। इस बार भी वैसी ही स्थिति बन रही है। यदि अंचल के हिसाब से पिछले तीन साल की स्थिति देखी जाए तो मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हो रही है। इस बार भविष्यवाणी साबित होती है तो अंचल में कृषि व पेयजल के लिए पानी का संकट नहीं होगा। इन कारणों से प्रभावित होता है मानसून     भारत के मानसून(Monsoon Forecast 2025) को अल नीनो व ला नीना प्रभावित करता है।     अल नीनो के दौरान भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सतह का तापमान बढ़ जाता है, जिससे व्यापारिक हवाएं कमजोर हो जाती हैं। इससे भारत में मानसून कमजोर हो जाता है, जिससे सूखे और कृषि नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।     ला नीना के दौरान, भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिससे व्यापारिक हवाएं मजबूत हो जाती हैं। इससे भारत में मानसून(Monsoon 2025) मजबूत होता है, जिससे सामान्य से अधिक वर्षा होती है।     इस वर्ष प्रशांत महासागर में ईएनएसओ की स्थितियां व्याप्त हैं, जो ला नीना की स्थितियों के समान होती है। इस कारण अच्छी बारिश की संभावना है।     हिंद महासागर में आईओडी की स्थितियां मजबूत हैं। आईओडी स्थिति मजबूत होने से मानसून पर विभिन्न प्रभाव पड़ सकते हैं। सकारात्मक का मतलब है कि पूर्वी हिंद महासागर ठंडा और पश्चिमी भाग गर्म होता है, जिससे मानसून मजबूत होता है और भारत में अधिक वर्षा होती है। IMD ने बारिश को लेकर दी खुशखबरी मॉनसून में बारिश का असर सीधे खेती पर पड़ता है। अच्छा मॉनसून रहना भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी है। लगभग 42.3 फीसदी आबादी की आजीविका इसी पर निर्भर है। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 18.2 फीसदी का योगदान करता है। देश के 52 फीसदी कृषि क्षेत्र में बारिश से ही सिंचाई होती है। यह देशभर में पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए जलाशयों को भरने के लिए भी महत्वपूर्ण है। जानिए कब होगी मॉनसून की एंट्री हालांकि, सामान्य बारिश का मतलब यह नहीं है कि देश में हर जगह और हर समय एक जैसी बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश में बदलाव हो रहा है। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के दिनों की संख्या कम हो रही है। लेकिन कम समय में भारी बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे बार-बार सूखा और बाढ़ आ रही है। भारत में मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरल के दक्षिणी सिरे पर आता है। यह मध्य सितंबर में वापस चला जाता है। इस मॉनसून उम्मीद से ज्यादा बारिश का अनुमान IMD के अनुसार, सामान्य बारिश का मतलब है कि चार महीने के मॉनसून सीजन में 87 सेंटीमीटर की औसत बारिश का 96 फीसदी से 104 फीसदी तक बारिश होना। यह औसत पिछले 50 सालों के आंकड़ों पर आधारित है। सीधे शब्दों में कहें तो, IMD का कहना है कि इस बार मॉनसून अच्छा रहेगा। किसानों को फायदा होगा और पानी की समस्या भी कम होगी। हालांकि, हमें जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना होगा। बारिश कभी भी एक जैसी नहीं होती, इसलिए हमें पानी का सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा।

मौसम ने छत्तीसगढ़ में बदली करवट, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित 24 जिलों में आज बूंदाबांदी के आसार

रायपुर छत्तीसगढ़ में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पिछले एक हफ्ते से मौसम बदला हुआ है। 4 दिन आंधी बारिश का अलर्ट है, वहीं 24 जिलों में आज बूंदाबांदी की संभावना है। आंधी बारिश के बावजूद सबसे ज्यादा गर्म राजनांदगांव है, जहां 39 डिग्री टेम्प्रेचर है। हीं अगले 3 दिनों में अधिकतम तापमान में बदलाव के आसार नहीं है। उसके बाद अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। रायपुर में दिन का तापमान सामान्य से कम आज धूप-छांव वाला मौसम होगा। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। रायपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। सोमवार को दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री था जो सोमवार को लुढ़क कर 37.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 1.7 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री ज्यादा था। बिलासपुर में 3 डिग्री लुढ़का दिन का पारा यहां सोमवार को दिन का पारा सामान्य से करीब 3 डिग्री कम रहा। जिसकी वजह से लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात का पारा 23.8 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक यहां अगले 2 दिन अधिकतम तापमान में गिरावट होगी। रायपुर में धूप- छांव भरा रहा मौसम सोमवार को राजधानी रायपुर में धूप- छांव वाला मौसम रहा और अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। रविवार को दिन का टैम्प्रेचर 39.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री ज्यादा था। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण रविवार को सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों में बूंदाबांदी हुई। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री रहा। जो नॉर्मल टेम्प्रेचर से 3 डिग्री कम था। वहीं रात का पारा 21.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा।

छत्तीसगढ़ में बेमौसम बारिश से गर्मी गायब! अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट

रायपुर सोमवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 7 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ घंटों के भीतर इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।बेमेतरा, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरबा, मुंगेली के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 7 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ घंटों के भीतर इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।बेमेतरा, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरबा, मुंगेली के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री की गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 2 – 3 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। रविवार का मौसम राजधानी रायपुर में रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा. न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक यानी 25.5 डिग्री दर्ज किया गया. रात में ठंडाकता महसूस की गई. सोमवार को मौसम में हल्की धूप-छांव बनी रहेगी. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान थोड़ा और बढ़ सकता है. बिलासपुर में पारा गिरा बिलासपुर में रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री कम 38 डिग्री सेल्सियस रहा. रात का तापमान 24.7 डिग्री दर्ज किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में यहां तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी और राहत मिल सकती है. सरगुजा संभाग में भी बारिश का असर सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों में भी बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई. अंबिकापुर में रविवार को अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री कम रहा, हालांकि न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर छत्तीसगढ़ के मौसम बदलाव की वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस साइक्लोनिक सर्कुलेशन को माना जा रहा है. ये सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य भारत तक है, जिससे छत्तीसगढ़ भी प्रभावित हुआ है. इससे गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बढ़ी है साथ ही तापमान में अस्थायी गिरावट भी देखने को मिल रही है.

मध्यप्रदेश में आगामी तीन दिनों तक तेज गर्मी और लू से लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद

भोपाल मध्यप्रदेश में आगामी तीन दिनों तक तेज गर्मी और लू से लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने राज्य के 42 जिलों, जिनमें भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन शामिल हैं, उनमें तेज आंधी, बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम में बदलाव के चलते दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है, जिससे लू का प्रभाव खत्म हो जाएगा और तापमान में गिरावट आएगी। उत्तर और दक्षिण मध्यप्रदेश में अधिक प्रभाव, 17 जिलों में बदलेगा मौसम शुक्रवार को मध्यप्रदेश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में मौसम ज्यादा प्रभावित रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग के 17 जिलों- श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में हल्की बारिश, तेज आंधी और ओले गिरने की संभावना जताई गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर और शहडोल संभागों में मौसम साफ रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर बादल छा सकते हैं और शाम के समय हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 12 और 13 अप्रैल को भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम परिवर्तन बना रहेगा। धार और रतलाम में सबसे अधिक गर्मी, तापमान 42 डिग्री पार गुरुवार को प्रदेश में गर्मी का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जिसमें धार और रतलाम सबसे गर्म शहरों के रूप में सामने आए। धार में तापमान 42.3 डिग्री और रतलाम में 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खंडवा में 42.1 डिग्री, जबकि गुना और नर्मदापुरम में तापमान 42 डिग्री रहा। इसके अलावा टीकमगढ़ और दमोह में 41.8 डिग्री, सागर में 41.5 डिग्री, खरगोन और नौगांव में 41 डिग्री, मंडला में 40.8 डिग्री, तथा सिवनी और शिवपुरी में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भी तेज गर्मी, कहीं-कहीं राहत की फुहारें   राज्य के बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री, इंदौर में 40.3 डिग्री, ग्वालियर में 39.6 डिग्री, उज्जैन में 41 डिग्री और जबलपुर में 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, शिवपुरी में बारिश हुई, जिससे वहां के लोगों को कुछ राहत मिली। इसके अलावा कई शहरों में बादल छाए रहने से मौसम अपेक्षाकृत नरम बना रहा। कुल मिलाकर, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।  

मौसम विभाग ने आज उज्जैन-ग्वालियर संभाग में लू चलने का अलर्ट जारी किया, 17 जिलों में बारिश होने की संभावना

भोपाल मध्यप्रदेश में इस समय असामान्य मौसम देखने को मिल रहा है, जहां तेज गर्मी और लू के बीच ओले भी गिर रहे हैं। बुधवार को छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में तेज बारिश हुई और साथ ही ओले गिरे। तेज हवा के कारण कुछ पेड़ भी गिर गए। गुरुवार को सुबह से कई जिलों में भीषण गर्मी है, वहीं कुछ इलाकों में बादल भी छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आज उज्जैन-ग्वालियर संभाग में लू चलने का अलर्ट जारी किया है, जबकि 17 जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने आज उज्जैन-ग्वालियर संभाग में लू चलने का अलर्ट जारी किया है जबकि 17 जिलों में बारिश होने की संभावना है। गुरुवार को उज्जैन, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, पन्ना, रतलाम, नीमच और मंदसौर में लू चलने का अलर्ट है। यहां तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। वहीं, ग्वालियर, उज्जैन, धार, इंदौर, खंडवा, नर्मदापुरम, रीवा में रात का तापमान 25 डिग्री के पार पहुंच सकता है। दूसरी ओर श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक की स्थिति रहेगी। कहीं-कहीं बारिश और ओले भी गिर सकते हैं। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, ‘अभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ एक्टिव है। इस वजह से ओले-बारिश का दौर भी चल रहा है। अगले तीन दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा।’ बारिश और ओलों की संभावना मध्यप्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में भी मौसम के बदलाव का असर दिखाई दे रहा है। श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक की स्थिति बने रहने की संभावना है। इन इलाकों में कहीं-कहीं बारिश और ओले भी गिर सकते हैं, जिससे मौसम और भी अनिश्चित हो सकता है। मौसम परिवर्तन और स्कूलों का समय मौसम के इस असमंजसपूर्ण बदलाव का कारण वेस्टर्न डिस्टरबेंस (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ का सक्रिय होना बताया जा रहा है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, अगले तीन दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा। तेज गर्मी के कारण, प्रदेश के कई जिलों जैसे भोपाल, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और नीमच में स्कूलों का समय भी बदल दिया गया है। अब कक्षाएं दोपहर 12 बजे तक लगाई जाएंगी ताकि बच्चों को गर्मी से राहत मिल सके।  

एमपी में 24 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी, 8 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओले गिरने की संभावनामध्यप्रदेश के नर्मदापुरम, खंडवा, नरसिंहपुर समेत आठ जिलों में बुधवार को ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल और जबलपुर में तेज आंधी चलने की संभावना है, जिसकी गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश में आंधी-बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मौसम की वर्तमान स्थितिमंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हुई। राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे, जबकि जबलपुर, नीमच, मंदसौर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, उमरिया और कटनी में गरज-चमक और तेज आंधी देखी गई। मौसम विभाग के मुताबिक, साइक्लोनिक सर्कुलेशन-टर्फ की वजह से प्रदेश में ओले-बारिश और आंधी का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे तो कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हुई। भोपाल में पूरे दिन बादल रहे। जबलपुर, नीमच, मंदसौर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, उमरिया और कटनी में गरज-चमक, तेज आंधी का असर भी देखने को मिला। दूसरी ओर, कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। सिवनी में पारा 30.4 डिग्री सेल्सियस, मलाजखंड में 32.3 डिग्री, पचमढ़ी में 32.4 डिग्री, मंडला में 34.5 डिग्री, सीधी में 34.8 डिग्री और बैतूल में 35 डिग्री रहा। वहीं, धार सबसे गर्म रहा। यहां दिन का पारा 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रतलाम में 39.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 39.2 डिग्री, गुना-दमोह में 38.5 डिग्री, छतरपुर के खजुराहो में 38.2 डिग्री, शिवपुरी-शाजापुर में 38 डिग्री तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 36.6 डिग्री, उज्जैन में 38.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई गिरावट बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान गिरा है। सिवनी में तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस, मलाजखंड में 32.3 डिग्री, पचमढ़ी में 32.4 डिग्री, मंडला में 34.5 डिग्री और बैतूल में 35 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे गर्म शहर धार रहा, जहां दिन का तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रतलाम में 39.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 39.2 डिग्री और गुना-दमोह में 38.5 डिग्री तापमान रहा। अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, एक टर्फ दक्षिणी छत्तीसगढ़ से मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ-मराठवाड़ा के पास से गुजर रही है। इसी कारण प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 2 अप्रैल: खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में ओले गिरने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, जबलपुर, रीवा, सतना, उमरिया, सिवनी, मंडला और अन्य जिलों में तेज आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। 3 अप्रैल: खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, ग्वालियर, भिंड, दतिया और छतरपुर में भी आंधी चल सकती है। 4 अप्रैल: सिवनी और मंडला में ओले गिरने की संभावना है, जबकि बालाघाट में तेज आंधी का अनुमान है।

मध्यप्रदेश में तेज आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी, खरगोन-खंडवा में आज ओले गिरेंगे

भोपाल  मध्यप्रदेश में अप्रैल की शुरुआत बादलों के साथ होगी। मौसम में बदलाव की शुरुआत सोमवार से ही शुरू हो गई। राजधानी सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहे। भोपाल में देर शाम बूंदाबांदी भी हुई। विभाग के अनुसार अगले 3-4 दिन मौसम का मिजाज इसी तरह रहने की संभावना है। भोपाल में 3 डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 35.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 35 से 39 के बीच रहा। सबसे अधिक नर्मदापुरम में 39.4, उज्जैन में 38.5 व बैतूल में 38 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, बदले मौसम का असर पूरे प्रदेश में ही देखने को मिलेगा। जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट होगी। यानी, अप्रैल के पहले सप्ताह में तेज गर्मी की बजाय बारिश, ओले का असर देखने को मिलेगा। इसलिए ऐसा मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, एक टर्फ दक्षिण छत्तीसगढ़ से विदर्भ होते हुए मध्य महाराष्ट्र तक गुजर रहा है। वहीं, यहां से साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी गुजर रहा है। इस वजह से प्रदेश में मौसम बदलेगा। शुरुआत में दक्षिणी हिस्से में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। फिर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। ओले-बारिश का अलर्ट 1 अप्रैल: खंडवा, खरगोन, बड़वानी। 2 अप्रैल: इंदौर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम सहित 17 जिलों में। 3 अप्रैल: नर्मदापुरम सहित 7 जिलों में। 4 अप्रैल: सिवनी व आसपास। संकट के बादल प्रदेश में गेहूं फसलें खड़ी हैं या कट रही हैं। बारिश-ओले(Rain Alert) से नुकसान होगा। वहीं उपार्जन केंद्रों में 1,01,836 मीट्रिक टन गेहूं खुले में है। जिसके भींगने का खतरा(Hailstorm) बना है। परिवहन की सुस्त रफ्तार के चलते नुकसान हो सकता है तेज आंधी भी चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, कहीं-कहीं आंधी की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। कुछ जिलों में यह रफ्तार 20 से 40 किमी के बीच रहने का अनुमान है। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम     1 अप्रैल: बड़वानी, खरगोन, खंडवा में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। वहीं, सीहोर, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा और बुरहानपुर में तेज आंधी और गरज-चमक की स्थिति बनी रेगी। यहां हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल, विदिशा, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास, इंदौर, मंदसौर में बादल छा सकते हैं।     2 अप्रैल: इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, पांढुर्णा में ओले गिरने का अलर्ट है। वहीं, रायसेन, सीहोर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड में तेज आंधी चल सकती है।     3 अप्रैल: नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला में ओले गिर सकते हैं, जबकि ग्वालियर, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, हरदा, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, पन्ना और सतना में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज आंधी का अलर्ट है।     4 अप्रैल: सिवनी में ओले गिरने का अलर्ट है। मंडला और बालाघाट में तेज आंधी चल सकती है।

रंगपंचमी पर बलपुर, ग्वालियर, चंबल, नर्मदापुरम, रीवा, सागर-शहडोल संभाग में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल  प्रदेश में आ रही पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी हवाओं की वजह से सोमवार को प्रदेश के सभी इलाकों के तापमान में मामूली गिरावट हुई। यह स्थिति इसलिए बनी क्योंकि पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर से सिस्टम के निकल जाने की वजह से हवाओं के रूख में परिवर्तन हुआ है। इस वजह से प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह ठंडी हवाओं का अहसास भी हुआ। हालांकि, दो साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से पिछले 5 दिन से प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो रही है, लेकिन 19 मार्च से अगले 3 दिन के लिए मौसम पूरी तरह से बदल जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में पन्ना, टीकमगढ़, सतना, मैहर, सिंगरौली, दमोह, सागर, विदिशा, जबलपुर और छतरपुर जिलों में हल्की बारिश हुई। वहीं, सिंगरौली में 39Km प्रतिघंटा, सागर में 37Km प्रतिघंटा, पन्ना में 36Km प्रतिघंटा और चित्रकूट, सतना में 35Km प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली। वहीं, सोमवार को दिन के तापमान में गिरावट हुई है। भोपाल समेत कई शहरों में पारा 3 डिग्री से ज्यादा लुढ़क गया। इससे पहले, 13 मार्च को मुरैना, भिंड में हल्की बारिश हुई थी। 14 मार्च को भिंड में बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं, 15 मार्च को झाबुआ, रतलाम, भिंड, मुरैना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ में कहीं-कहीं बौछारें गिरी और बादल छाए रहे। 16 मार्च को भी कई जिलों में गरज-चमक, बूंदाबांदी और आंधी वाला मौसम रहा। 17 मार्च को भी ऐसा ही मौसम देखने को मिला। 19 मार्च: जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश होने का अनुमान है। 20 मार्च: जबलपुर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है। 21 मार्च: ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, छतरपुर, दमोह, सिवनी, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी में बारिश और आंधी होने का अनुमान है। इस बीच बादलों की लुकाछिपी भी दिनभर देखने को मिली। वहीं प्रदेश की बात करें तो 19 मार्च से पूर्वी मध्य प्रदेश समेत आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि नार्थ यूपी में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। वहीं हरियाणा में भी एक चक्रवात बना हुआ है। प्रदेश में अगले एक-दो दिन मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। अगले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहेगा। चारों महानगरों का तापमान शहर — अधिकतम — न्यूनतम भोपाल — 32.2 — – 18.0 इंदौर — 33.3 — – 19.9 ग्वालियर — 32.0 — – 19.0 जबलपुर — 33.9 — – 19.6

मध्य प्रदेश में कई जिलों में दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी ,ग्वालियर-चंबल संभाग में सबसे ज्यादा गर्मी

भोपाल  मध्य प्रदेश के मौसम में रोज कुछ न कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है. अब दिन में तेज धूप के बाद भी तापमान गिरता दिखा, जबकि रात का तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा. मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर देखने को मिल सकता है. इसके चलते तापमान में बढ़ोतरी का दौर जारी रहेगा. हालांकि, बारिश होने की भी संभावना बन सकती है. मौसम विभाग ने मार्च के शुरुआती सप्ताह में हल्की बारिश की संभावना जताई है. ग्वालियर-चंबल संभाग के जिले सबसे ज्यादा गर्म रह सकते हैं. वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में मावठा गिर सकता है. मौसम विभाग के एचएस पांडे के अनुसार, आगामी 24 घंटे के दौरान प्रदेश में एक साथ कई पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है. इसके चलते पूर्वी व उत्तरी हिस्से में हल्की बूंदाबांदी देखी जा सकती है. वज्रपात की भी संभावना इसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के कई जिले शामिल रहेंगे. साथ ही कुछ जगहों पर वज्रपात की स्थिति भी देखने को मिल सकती है. प्रदेश के बाकी जिलों का मौसम शुष्क बना रह सकता है. मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर और शहडोल संभाग के जिलों में तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया. न्यूनतम तापमान में उछाल वहीं रीवा और सागर संभाग के जिलों में तापमान 3.5 डिग्री से लेकर 4.5 डिग्री के बीच दर्ज हुआ. न्यूनतम तापमान की बात करें तो प्रदेश के इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में रात के तापमान में 1.7 डिग्री से 2.4 डिग्री सेल्सियस के बीच उछाल देखा गया. उज्जैन में कम रहा तापमान प्रदेश के पांच बड़े शहरों के न्यूनतम तापमान की बात करें तो उज्जैन जिले का न्यूनतम तापमान सबसे कम दर्ज किया गया. यहां पारा 15.7 डिग्री दर्ज हुआ. इसके अलावा भोपाल में 16.2 डिग्री, जबलपुर में 17 डिग्री, इंदौर में 17.6 डिग्री और ग्वालियर में 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.

कश्मीर से लेकर दिल्ली तक IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

नईदिल्ली हिमालय पर स्थित पश्चिमी विक्षोभ का असर आज यानी 28 फरवरी को सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा. पहाड़ी इलाकों पर पहले ही भारी बारिश और बर्फबारी से हाल बेहाल है. आज भी हाल ऐसी ही रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. मौसम विभाग ने आज पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है. वहीं मैदानी इलाकों में भी अच्छी बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग ने ताजा सेटेलाइट इमेज भी जारी की है, जिसमें देखा जा सकता है कि उत्तर भारत पर किस तरह घने बादलों की चादर छाए हुई है. पूर्वानुमान के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बर्फबारी हो रही है और कल सुबह तक और बर्फबारी होने की संभावना है. उत्तरी पंजाब के कुछ हिस्सों में आज भारी बारिश होगी. हरियाणा, दिल्ली, यूपी, एमपी, राजस्थान जैसे अन्य हिस्सों में मध्यम से हल्की बारिश होगी. इन इलाकों में अगले कुछ घंटों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज सुबह के वक्त हरियाणा के करनाल, सफीदों, पानीपत, गोहाना, गन्नौर, सोनीपत, रोहतक, खरखौदा, लोहारू में हल्की से मध्यम बारिश और (30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है. इसके अलावा राजस्थान के पिलानी और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, गंगोह, देवबंद, नजीबाबाद, शामली, मुजफ्फरनगर, कांधला, खतौली, बड़ौत में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है. दिल्ली का मौसम राजधानी दिल्ली में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है. इसके साथ ही बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है. तापमान की बात करें तो आज न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. बता दें कि कल दिल्ली में फरवरी के न्यूनतम तापमान में रिकॉर्डतोड़ बढ़त देखने को मिली थी, जो 19 डिग्री सेल्सियस था. हालांकि सूरज पूरे दिन मद्धम रहा था. दिल्ली के इन इलाकों में बरसेंगे बादल सुबह के वक्त दिल्ली के कुछ स्थानों (नरेला, बवाना, अलीपुर, बुराड़ी, कंझावला, रोहिणी, बादिली, मॉडल टाउन, करावल नगर, आजादपुर, पीतमपुरा, दिल्ली यूनिवर्सिटी, मुंडाका, पश्चिम विहार, पंजाबी बाग, राजौरी गार्डन, पटेल नगर, बुद्ध जयंती पार्क, जाफरपुर, नजफगढ़, द्वारका, दिल्ली कैंट, पालम, आईजीआई एयरपोर्ट, वसंत विहार, वसंत कुंज, महरौली, छत्तरपुर, आयानगर, डेरामंडी में हल्की बारिश/बूंदाबांदी (30-50 किमी/घंटा तेज हवाएं) होने की संभावना है. NCR में भी बारिश का अलर्ट एनसीआर की बात करें तो लोनी देहात, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, मानेसर और हरियाणा के यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, राजौंद, असंध, जिंद, हिसार, हांसी, सिवानी, महम, तोशाम, भिवानी, चरखी दादरी, मट्टनहेल, झज्जर, फरुखनगर, कोसली, महेंद्रगढ़, सोहना व यूपी के बिजनौर, सकौती टांडा, हस्तिनापुर, चांदपुर, दौराला, बागपत, खेकड़ा व राजस्थान के सिधमुख, सादुलपुर और झुंझुनू में भी जल्द ही बारिश के आसार हैं. दिल्ली में बारिश का अलर्ट IMD से मिली जानकारी के मुताबिक़ राजधानी दिल्ली में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है। इसके साथ ही बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। तापमान की बात करें तो आज न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। NCR के इन इलाकों में बारिश का अलर्ट एनसीआर में IMD ने अनुसार लोनी देहात, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, मानेसर और हरियाणा के यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, राजौंद, असंध, जिंद, हिसार, हांसी, सिवानी, महम, तोशाम, भिवानी, चरखी दादरी, मट्टनहेल, झज्जर, फरुखनगर, कोसली, महेंद्रगढ़, सोहना व यूपी के बिजनौर, सकौती टांडा, हस्तिनापुर, चांदपुर, दौराला, बागपत, खेकड़ा में बारिश के आसार हैं। पहाड़ों में भारी बारिश की चेतावनी आपको बता दें की हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु, पंजाब, पुडुचेरी व कराईकल के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  

मध्यप्रदेश में दबे पांव ‘पश्चिमी विक्षोभ’ की एंट्री, 27 जिलों में बारिश-वज्रपात अलर्ट, बढ़ेगा तापमान

भोपाल मध्‍य प्रदेश में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले कुछ दिनों से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि रात में हल्‍की ठंड है। अब मार्च के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में हल्की बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से ऐसा हो सकता है। इससे पहले 3 दिन तक दिन-रात का पारा 2 से 3 डिग्री बढ़ा रहेगा। जिससे गर्मी का अहसास होगा। 2 मार्च से असर दिखाएगा नया पश्चिमी विक्षोभ मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमोत्तर भारत में असर दिखा सकता है। फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है। एक चक्रवातीय सिस्टम पश्चिमी राजस्थान व आसपास सक्रिय है। इसके प्रभाव से मप्र के 27 जिलों में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और शिवपुरी जिलों में कहीं-कहीं बारिश और वज्रपात की संभावना है। इसके अलावा शेष जिलों का मौसम शुष्क बना रह सकता है। भिंड, मुरैना और श्योपुर जिले में भी बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। अभी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर है। गुरुवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रात में भी पारा बढ़ सकता है। वहीं, 28 फरवरी को राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहर में दिन का पारा 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इधर, बुधवार को भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे। वहीं, रीवा, सतना, पन्ना और मैहर जिलों में भी मौसम बदला रहा। बाकी शहरों में आसमान साफ रहा। जिससे दिन के पारे में बढ़ोतरी देखने को मिली। पिछले 5 दिन से प्रदेश में हल्की ठंड पड़ रही है। बुधवार रात पचमढ़ी में तापमान 6.8 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 8.7 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 9.6 डिग्री और मंडला में 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 12.6 डिग्री, इंदौर में 17.6 डिग्री, ग्वालियर में 15.5 डिग्री, उज्जैन में 13.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

भोपाल, इंदौर-उज्जैन में पारा लुढ़केगा, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में बादल छाए, बारिश की संभावना

भोपाल  मध्‍य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है। दिन के समय जहां गर्मी का अहसास शुरू हो गया है वहीं सुबह और रात के समय अभी भी ठंड का असर कायम है। आज 5 फरवरी की सुबह से ही मध्‍य प्रदेश के कई शहरों में ठंडी हवाएं चल रही हैं। इसके चलते लोगों ने फिर से ठिठुरन महसूस की। कहा जा सकता है कि बसंत पंचमी के बाद भी अभी सर्दी का मौसम पूरी तरह से बीता नहीं है। इस बीच मौसम के जानकारों का ताजा अनुमान है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश का मौसम बदल सकता है। कुछ शहरों में गरज और चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। प्रदेश का मौसम मंगलवार को मिलाजुला रहा। तीखी धूप की वजह से पूर्वी इलाकों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान बढ़े हैं, लेकिन पश्चिमी इलाकों में धूप-छांव की वजह से तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ। हालांकि भोपाल और इंदौर में रात के तापमान में जरूर मामूली गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह पश्चिमी विभोक्ष है, जो द्रोणिका के रूप में पाकिस्तान पर है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन में पारा लुढ़केगा। वहीं, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। बाकी जिलों में भी तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। इससे पहले मंगलवार को ग्वालियर, मंदसौर, नीमच, भिंड, दतिया, मुरैना और श्योपुर में कहीं-कहीं गरज-चमक की स्थिति बनी रही। इससे दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। हालांकि, मंडला में तापमान 34.7 डिग्री, सिवनी में 33.4 डिग्री, जबलपुर में 33.3 डिग्री, दमोह में 33 डिग्री रहा। भोपाल में 31.7 डिग्री, इंदौर में 30.6 डिग्री, ग्वालियर में 26.1 डिग्री और उज्जैन में पारा 30 डिग्री पर आ गया। सुबह और रात में ही ठंड का असर रहेगा मौसम विभाग के मुताबिक, फरवरी में सुबह और रात में ही ठंड का असर देखने को मिलेगा। दिन में तेज धूप खिली रहेगी, जिससे दिन गर्म ही रहेंगे। 20 फरवरी से यह असर और कम हो जाएगा। 12-13 फरवरी को बारिश के असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 8 फरवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, प्रदेश के कुछ हिस्से में पहले सप्ताह में बादल छाए रहेंगे। 12, 13 और 14 फरवरी को बारिश होने का अनुमान है। 20 फरवरी के बाद ठंड का असर और कम होगा। जिससे दिन-रात दोनों ही तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। अभी दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन एक्टिव है। फरवरी में 10 साल का ट्रेंड, तीनों मौसम का असर प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा, जबकि रात में 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इससे पहले 5 डिग्री के नीचे ही रहा है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है।

IMD के अनुसार जनवरी से मार्च में मावठा होने की संभावना, रबी की फसल को फायदा

भोपाल  मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में दिसंबर माह में मावठा की अच्छी वर्षा से किसानों को काफी लाभ हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी)के अनुसार जनवरी-फरवरी के अलावा मार्च माह में भी मावठा यानी सर्दियों में बरसात होने की संभावना है। इससे रबी की फसल को फायदा हो सकता है। रबी की फसल के लिए अमृततुल्य है यह बारिश मौसम विज्ञान केंद्र पुणे के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डा. अनुपम काश्यपि ने बताया कि दिसंबर माह में एक तीव्र आवृति वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जहां उत्तर भारत के पहाड़ों में जबरदस्त बर्फबारी हुई थी। साथ ही मैदानी इलाकों में अच्छी वर्षा भी हुई थी। इस समय रबी की फसल को भी पानी की दरकार रहती है। इसलिए वर्षा किसानों के लिए अमृततुल्य साबित हुई। मार्च में भी वर्षा होने के आसार डा. काश्यपि ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के लगातार उत्तर भारत पहुंचने का सिलसिला बना हुआ है। इसके आधार पर आइएमडी ने भी जनवरी से मार्च तक के लिए अपने विस्तारित रेंज पूर्वानुमान में भी मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र में जनवरी, फरवरी के अलावा मार्च में भी वर्षा होने के आसार जताए हैं। मावठा की वर्षा किसानों के लिए लाभप्रद होने की संभावना है। क्यों होती है ऐसी वर्षा मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तर भारत में तीव्र आवृत्ति के पश्चिमी विक्षोभ के पहुंचने पर राजस्थान के आसपास एक प्रेरित चक्रवात बन जाता है। इससे हवाओं की दिशा भी बदल जाती है। हवाओं के साथ बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आने लगती है। इससे बादल छाने के साथ ही रुक-रुककर वर्षा होने का सिलसिला शुरू हो जाता है। जिस तरह से वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ आ रहे हैं, उसे देखकर इस वर्ष जनवरी-फरवरी में वर्षा होने का अनुमान है।

दिल्ली में दिसंबर के महीने में हुई बारिश ने 101 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, 3 दिसंबर 1923 को ऑल टाइम रिकॉर्ड 75.7 मिमी

नई दिल्ली दिल्ली में दिसंबर के महीने में हुई बारिश ने 101 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सफदरजंग में सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे में 41.2 मिमी बारिश दर्ज की गई.  यह दिल्ली के इतिहास में दिसंबर महीने में एक ही दिन में अब तक की दूसरी सबसे अधिक बारिश है. इससे पहले  3 दिसंबर 1923 को ऑल टाइम रिकॉर्ड 75.7 मिमी है. तो आज की दर्ज की गई बारिश 101 साल बाद एक रिकॉर्ड है. इससे पहले शुक्रवार तक पिछले 15 साल में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी. इससे कल अधिकतम तापमान में लगभग 10 डिग्री की गिरावट आई और तापमान गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. इस लिहाज से ये पिछले 5 सालों में सबसे ठंडा दिन रहा. दिल्ली में कल से रुक रुक कर बारिश हो रही है. हालांकि अच्छी खबर ये है कि बारिश की वजह से हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और अब GRAP-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं. केंद्रीय प्रदूषण सूचकांक बोर्ड के मुताबिक, आज दिल्ली का एक्यूआई घटकर ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गया, जो पिछले कई दिनों से बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ था. सीपीसीबी डाटा के मुताबिक, आज सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 164 मापा गया. जो कल तक 300 के पार बना हुआ था. NCR में प्रदूषण का हाल     ग्रेटर नोएडा- 87     गाजियाबाद- 87     नोएडा- 116     गुरुग्राम- 108     फरीदाबाद-108 दिल्ली में बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड राष्ट्रीय राजधानी में 15 सालों में दिसंबर में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे दिन का तापमान यानी अधिकतम तापमान तेजी से गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस हो गया. दिल्ली में कल, 27 दिसंबर की रात 2.30 बजे से बारिश हो रही थी, दिन के तापमान में 9.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई, जो दिसंबर में पिछले पांच सालों में सबसे कम अधिकतम तापमान था. आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में पिछले पांच सालों में दिसंबर का सबसे कम तापमान था. 15.9 डिग्री सेल्सियस (2023) 15.6 डिग्री सेल्सियस (2022) 17.8 डिग्री सेल्सियस (2021) 15.2 डिग्री सेल्सियस (2020) 14.3 डिग्री सेल्सियस (2019) कल से शुरू होगा ठंड और कोहरे का कहर मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को भी आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा सुबह से लेकर दोपहर तक एक या दो बार हल्की बारिश होने की संभावना है, इसके बाद बाकी दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे. मुख्य सतही हवा सुबह के समय 4 किमी प्रति घंटे से कम गति के साथ दक्षिण-पूर्व दिशा से चलने की उम्मीद है. मौसम कार्यालय ने कहा कि ज्यादातर इलाकों में धुंध या हल्का कोहरा छाए रहने का अनुमान है और सुबह के दौरान अलग-अलग स्थानों पर मध्यम कोहरा रहेगा. बारिश का दौर खत्म होने के बाद 29 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट के साथ ठंड बढ़ेगी और कोहरे का कहर शुरू होगा. कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी? अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’ माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. इसी के आधार पर दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप श्रेणी की पाबंदियां लगाई जाती हैं. दिल्ली में प्रदूषण के स्तर के सुधार को देखते हुए  ग्रैप के स्टेज-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं. फिलहाल ग्रैप के स्टेज 1 और 2 की पाबंदियां लागू हैं. ग्रैप के स्टेज-3 के तहत हटीं ये पाबंदियां ग्रैप-III के प्रावधानों के तहत आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों को छोड़कर, बीएस-IV सर्टिफिकेशन से नीचे के इंजन वाले माल वाहन नहीं चल सकते हैं. और राष्ट्रीय राजधानी के बाहर पंजीकृत माल वाहन अगली सूचना तक शहर में प्रवेश नहीं कर सकते हैं, यदि उनका इंजन बीएस-IV सर्टिफिकेशन वाला नहीं है. दिल्ली और एनसीआर के शहरों में सरकारी कार्यालयों में काम के घंटे अलग-अलग होते हैं.

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की दी चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश के मौसम में इस हफ्ते बड़ा उलटफेर नजर आ सकता है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान एमपी के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो एक मजबूत वेदर सिस्टम के कारण मध्य भारत में मौसम बदल जाएगा। इस वेदर सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 28 दिसंबर को बारिश और ओलवृष्टि देखी जा सकती है। इस दौरान गरज चमक के साथ तेज हवाएं भी चलेंगी। बंगाल की खाड़ी की हवाओं से बदलेगा मौसम मौसम विभाग की मानें तो दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक निम्न दबाव क्षेत्र बना है। इसके साथ एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के क्षेत्रों में देखा जा रहा है। आईएमडी के वैज्ञानिक नरेश कुमार की मानें तो 27 और 28 दिसंबर के दौरान बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं मध्य भारत के विभिन्न हिस्सों में बारिश कराएंगी। कुछ जगहों पर ओले भी पड़ सकते हैं। इन जिलों में होगी बारिश वहीं मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, श्योपुरकलां, टीकमगढ़, निवाड़ी जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक के साथ बौछारें या बारिश देखी जा सकती है। इन इलाकों में छाएगा कोहरा मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरया, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, मैहर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा छाने की संभावना जताई है। इसको लेकर विभाग की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है। 27 दिसंबर को बारिश का अलर्ट एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नरेश कुमार ने कहा- 27 और 28 दिसंबर तक बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं आएंगी जिसके कारण उत्तर पश्चिम भारत, मध्य भारत और दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। 27 दिसंबर को मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मध्य भारत के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। 27 दिसंबर को इन जिलों में झंझावात मौसम विभाग ने 27 दिसंबर को मध्य प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार, अलिराजपुर, बड़वानी, खरगौन और खंडवा जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ झंझावात की चेतावनी दी है। इस दौरान कुछ जगहों पर बौछारें भी पड़ सकती है। वहीं सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनुपपुर में कोहरा छाने का अनुमान है। इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। 28 दिसंबर को ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 28 दिसंबर को मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं सूबे के श्योपुरकला, भिंड, मुरैना, विदिशा, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिहोर, छिंदवाड़ा, बैतूल, होशंगाबाद, देवास, हरदा, खंडवा, इंदौर, खरगौन जिलों में अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले पड़ने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुरहानपुर में भारी ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।

प्रदेश में आने वाले दिनों में तेज हवाएं चलेंगी और ओले गिरने की भी संभावना

भोपाल मध्य प्रदेश में जारी कड़ाके की ठंड के बीच आने वाले कुछ दिनों में मौसम और बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने अगले दो तीन दिन में राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी आशंका है। स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार, देश के उत्तरी अंचल में बर्फबारी के चलते राजधानी भोपाल समेत संपूर्ण अंचल में एक बार न्यूनतम तापमान में फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी। न्यूनतम तापमान अनेक हिस्सों में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान में गिरावट से पिछले तीन चार दिनों से मामूली राहत महसूस की जा रही थी, लेकिन अब आने वाले दिनों में यह गिरकर फिर से 5 से 6 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में न्यूनतम तापमान अनेक हिस्सों एक डिग्री से लेकर 5 डिग्री तक दर्ज किया जा रहा था, लेकिन इसमें वृद्धि हुई और यह 7 से लेकर 13 डिग्री तक पहुंच गया। तेज हवाएं चलेंगी और ओले गिरने की भी संभावना मौसम केंद्र के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिमी हवाएं अरब सागर से नमी लेकर भी आएंगी। इस वजह से अगले दो तीन दिनों में अनेक हिस्सों में बारिश होगी और कहीं-कहीं पर ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है। इसके साथ ही सुबह कोहरा छाया रहेगा। तापमान में भी गिरावट आएगी। आज राजधानी भोपाल और आसपास के हिस्सों में सुबह कोहरा दिखाई दिया और सर्द हवाओं का असर भी महसूस किया गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 10़ 2 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान ग्वालियर में 9.3 डिग्री रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान नौगांव में 6.2 डिग्री रहा। इसके अलावा पर्वतीय स्थल पचमढ़ी में यह 7.9 डिग्री रहा। फिलहाल, मध्य प्रदेश में तापमान गिरता चला जा रहा है, जिसके चलते इंदौर में ठंड बढ़ रही है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण मौसम ठंडा हो चुका है, जहां लोग इस ठंड के मौसम से निजात पाने के लिए तरह-तरह की कवायद करते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग की ओर से जताई गई संभावना पर यदि नजर डालें तो प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, जिसमें मुख्य तौर पर ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, इंदौर खंडवा और धार जैसे जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है। वहीं एक बार फिर हल्की बारिश होती है तो ठंड बढ़ने की संभावनाएं प्रबल हो जाएंगी। फिलहाल, तापमान काफी कम होता चला जा रहा है, जिसके चलते ठंड बढ़ रही है, वहीं अब यदि एक बार फिर मावठा गिरता है तो तापमान में कमी दर्ज की जाएगी, और सर्द हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी। मालवा-निमाड़ में ठंड की दस्तक ठंड के लिए अलग पहचान रखने वाले मालवा निमाड़ अंचल में भी अब गुलाबी ठंड की दस्तक हो चुकी है, जहां ठंड की दस्तक होने के बाद अब तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों में इसी तरह से तापमान में गिरावट दर्ज होने का सिलसिला जारी रहेगा, जहां इसी तरह से लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। उधर, प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में भी इसी तरह की स्थिति नजर आ रही है, जहां ठंड की दस्तक के साथ ही ठंड लगातार बढ़ रही है। क्या होता है मावठा? मध्य प्रदेश में ठंड के बीच जब बारिश होती है तो उसे मावठा या मावठे की बारिश कहा जाता है। सामान्य तौर पर मावठा ठंड के समय गिरता है, जहां दिसंबर और जनवरी में मावठे की बारिश होती है। मावठे की बारिश के बाद मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ जाती है, जहां तापमान लगातार कम होता चला जाता है। मध्य प्रदेश के मालवांचल में मावठा शब्द बेहद लोकप्रिय है, जहां इसे ठंड में हो रही बारिश के लिए उपयोग किया जाता है। मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है, जहां मध्यप्रदेश में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो ठंड के मौसम में एक बार फिर मावठा गिरेगा, जिसके बाद ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है,  

रायपुर में बूंदाबांदी, छत्तीसगढ़-उत्तरी भागों में गरज चमक के साथ होगी बारिश

बीजापुर. छत्तीसगढ़ के अनेक जिलों में आज बादल छाए रहेंगे और हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तरी भागों में गरज चमक के साथ बारिश के आसार हैं। इस बीच दो दिनों तक अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। न्यूनतम तापमान बढ़ोतरी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 120 नाट गति की जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही है। एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य विक्षोभ मंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक दूरी का के रूप में है जिसकी धुरी समुद्र तल से 5. 8 किलोमीटर ऊपर है। इसके प्रभाव से प्रदेश में आज एक दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि दो दिनों तक प्रदेश में बादल छाए रहने और हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके दो दिनों बाद मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस व्हिच न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और ठंड में बढ़ोतरी होगी। हालांकि बीते दिनों की तुलना में अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अलर्ट मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि 8 दिसंबर को रायपुर में आकाश सामान्य मेघमय रहने और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। यहां न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। आज रविवार को प्रदेश के एक-दो जगह पर गृह चमक के साथ वज्रपात होने की भी संभावना है। इसके बाद मौसम शुष्क रहने की संभावना है। प्रदेश में सबसे ठंड इलाका अंबिकापुर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सर्वाधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आगामी दो दिनों के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद ठंड में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने जारी किया 7 जिलों में बारिश का अलर्ट, भोपाल में 8.8 डिग्री सेल्सियस

भोपाल मध्यप्रदेश का मौसम एक बार फिर से यू-टर्न लेने वाला है। कड़ाके की ठंड के साथ बारिश का दौर भी शुरु हो सकता है। इस बार नवंबर में ठंड ने कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राजधानी भोपाल में 36 साल में पहली बार नवंबर की रात में पारा सबसे कम रहा है। कल रात का पारा भोपाल में 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।  मौसम विभाग की ओर से कल सुबह 8:30 तक के लिए जारी बुलेटिन में साफ किया गया है कि डिंडोरी और बालाघाट जिले में बारिश का अनुमान है। वहीं, राजगढ़ और शाजापुर जिले में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। 7 जिलों बारिश का अलर्ट मौसम विभाग की ओर से बैतूल, पाढूंर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिक का मानना है कि चक्रवाती तूफान फेंगल पूर्वी हिस्से में एक्टिव है। जिसका असर पड़ा रहा है। इसी वजह से बारिश के आसार हैं। एमपी में यहां पर रहा सबसे कम पारा शाजापुर के गिरवर में सबसे कम 5.9 पारा दर्ज किया गया है। नौगांव में 7.9 डिग्री, सीहोर 7.9, राजगढ़ में 8 डिग्री, हिल स्टेशन पचमढ़ी में 8.2 डिग्री, भोपाल में 8.5 डिग्री, रायसेन में 9 डिग्री, टीकमगढ़ में 9 डिग्री ऐसे ही प्रदेश के बुंदेलखंड और बघेलखंड रीजन में मौसम रहा।

नमी के कारण बढ़ने लगी ठंड, छत्तीसगढ़- दक्षिणी भागों में दो दिनों तक बारिश के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में इन दोनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने के साथ ही पूरे दिन आकाश आंशिक मेघमय रहेगा। इसके साथ ही प्रदेश में आगामी चार दिनों में दक्षिणी भागों में हल्की मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं आगामी दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस वृद्धि होने की संभावना है। इन दिनों प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी का आगमन हो रहा है, जिससे ठंड बढ़ने लगी है। आज रविवार को दक्षिणी भागों के एक-दो जगह पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘फेंजल’ दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 30 नवंबर की शाम उत्तरी तमिलनाडु तट को पार करने की संभावना है।  इसके प्रभाव से आज रविवार को सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। वहीं सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। साथ ही नमी हवाओं का आगमन हो रहा है। फेंजल के प्रभाव से प्राय के एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही आगामी कुछ दिनों तक बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि चक्रवती तूफान ‘फेंजल’ के प्रभाव से प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी का प्रवेश हो रहा है। जिससे ठंड और बढ़ने लगी है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहे। वहीं आज दिन भर आकाश आंशिक मेघमय रहने की संभावना है। आगामी दो दिनों बाद प्रदेश में ऐसी मौसम बने रहने की संभावना है। साथ ही हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। बीते दिनों की तुलना में इन दिनों न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी। शनिवार को न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री बढ़ोतरी हुई है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि आगामी तीन दिनों तक प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है। इस दौरान एक से दो डिग्री बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इस बीच प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी के आगमन हो रही है। इससे ठंड बढ़ने लगी है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दंतेवाड़ा में 28.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 9. 3 डिग्री दर्ज किया गया है। रायपुर में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा रहा।

कई हिस्सों में बारिश के आसार, छत्तीसगढ़ में सुबह से छाया रहा घना कोहरा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। घना कोहरा छाया हुआ है। चक्रवाती तूफान की वजह से प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी का प्रवेश हो रहा है। इससे ठंड बढ़ने लगी है। आज शनिवार से प्रदेश के कई जिलों में हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। वहीं अंबिकापुर में सबसे ज्यादा ठंड रहा। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘फेंजल’ दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 30 नवंबर की दोपहर उत्तरी तमिलनाडु तट को पार करने की संभावना है।  इसके प्रभाव से आज शनिवार को छत्तीसगढ़ में एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। साथी आगामी कुछ दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा और बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थित चक्रवती तूफान ‘फेंजल’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में नमी का प्रवेश हो रहा है। इसकी वजह से न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहे। वहीं आज दिन भर आकाश आंशिक मेघमय रहने की संभावना है। आगामी दो दिनों बाद प्रदेश में ऐसी मौसम बने रहने की संभावना है। साथ ही हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 30.8 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। वही सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि आगामी तीन दिनों तक प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि प्रदेश में भरपूर मात्रा में नमी के आगमन की वजह से ठंड बढ़ने लगी है।

फिर बिगड़ेगा मध्य प्रदेश का मौसम, 3 संभागों में दो दिन बारिश-बादल के आसार, जानें IMD का ताजा पूर्वानुमान

भोपाल मध्यप्रदेश में मानूसन की विदाई के बाद भी बाारिश का दौर जारी है। रविवार को बैतूल, नर्मदापुरम और ग्वालियर में बारिश हुई। मौसम विभाग ने इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में पानी गिरने की संभावना जताई है। बताया, अगले 2 दिन बारिश का दौर जारी रहेगा। 25 अक्टूबर से रात में ठंड का असर बढ़ेगा। कुछ शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री तक पहुंचने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया, अरब सागर से लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। जो मध्यप्रदेश के दक्षिणी जिलों में असर दिखा रहा है। पिछले 6 दिन से यहां बारिश का दौर जारी है। रविवार को ग्वालियर, बैतूल और नर्मदापुरम में पानी गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। नर्मदापुरम में दिन का तापमान 27.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दिन में बैतूल, रात में पचमढ़ी सबसे ठंडा रविवार को हिल स्टेशन पचमढ़ी और बैतूल सबसे ज्यादा ठंडे रहे। पचमढ़ी में रात का तापमाान 16 डिग्री सेल्सियस और बैतूल में दिन का तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। जो औसत से 5.3 डिग्री कम है। दिन में बैतूल, रात में पचमढ़ी सबसे ठंडा पचमढ़ी में रात का पारा 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। रविवार को बैतूल में दिन का तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यहां रात और दिन के तापमान में 5.3 डिग्री का ही अंतर रहा। मानसून की हो चुकी विदाई प्रदेश से 15 अक्टूबर को मानसून लौट चुका है लेकिन सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे के दौरान बुरहानपुर, नर्मदापुरम, रतलाम, उज्जैन, देवास, सीहोर, भोपाल, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, बैतूल, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ में बारिश दर्ज की गई। दो दिन सिस्टम के सक्रिय रहने से ऐसा ही मौसम रह सकता है।

अक्टूबर में आधा प्रदेश तरबतर, इंदौर-उज्जैन समेत 13 जिलों में आज भी असर; भोपाल में धूप निकली

भोपाल मध्यप्रदेश के 6 जिले- बुरहानपुर, धार, खंडवा, मंडला, छिंदवाड़ा और बैतूल को छोड़कर बाकी जिलों से मानसून लौट चुका है। हालांकि बंगाल की खाडी़ में मानसून सक्रिय है। एक के बाद एक कम दबाव के क्षेत्र विकसित हो रहे हैं, जिसकी वजह से हवा का रुख नहीं बदल पा रहा है और लगातार नमी आ रही है।  नमी के कारण मौसम में बदलाव नहीं आ पा रहा है। इस हफ्ते भी रात में ठंडक नहीं बढ़ेगी। क्योंकि नमी की वजह से बादल छाएंगे। तापमान स्थिर रहेगा। 13 जिलों में होगी झमाझम बारिश मानसून विदाई के बाद 15 अक्टूबर से रात के तापमान में गिरावट शुरू हो जाती है। इस गिरावट की वजह से गुलाबी ठंड की शुरुआत हो जाती थी। दीपावली पर रात में ठंडक बढ़ जाती थी। अंचल सहित प्रदेश अधिकतर हिस्से से मानसून विदा हो चुका है, लेकिन बंगाल की खाडी़ में अभी मानसून सक्रिय है। मध्य हिस्से में कम दबाव के क्षेत्र बन रहे हैं, जिससे दक्षिण भारत में बारिश हो रही है। उत्तर भारत में नमी आ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, इंदौर, उज्जैन समेत 13 जिलों में सिस्टम का असर रहेगा। विभाग का कहना है कि लो प्रेशर एरिया डिप्रेशन के रूप में बदलकर आगे बढ़ गया है। इसकी वजह से अगले 24 घंटे में बारिश, गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। 16 अक्टूबर से मौसम खुल जाएगा। भोपाल में आज मंगलवार को सुबह से धूप निकली है। कैसा रहा तापमान इधर जमू कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ नहीं आ रहे हैं, जिससे बर्फबारी शुरू हो सके। इन सभी कारणों से मौसम में दबाव नहीं आ पा रहा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस कम रहा। बादलों की वजह से लोगों को हल्की राहत रही है। रात का तापमान सामान्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। रात में उमस रही। सेंधवा में तेज बारिश, 12 जिलों में पानी गिरा मध्यप्रदेश में सोमवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। बैतूल में करीब डेढ़ इंच बारिश हो गई। भोपाल, सागर और नर्मदापुरम के पचमढ़ी में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। दमोह, जबलपुर, उमरिया, धार, इंदौर, रायसेन, डिंडौरी, बड़वानी में भी बारिश हुई। भोपाल और इंदौर में सुबह के समय हल्का कोहरा रहा। इस दौरान बूंदाबांदी होती रही। डिंडौरी में 20 मिनट तक तेज बारिश हुई। उमरिया में आधे घंटे तक पानी गिरा। शहडोल और धार जिले के पीथमपुर में भी तेज बरसात हुई। सेंधवा में मूसलधार बारिश हुई।

13 अक्टूबर की सुबह तक मध्य अरब सागर पर दबाव में तब्दील, कई राज्यों में मौसम में बदलाव होगा और जबरदस्त बारिश होगी

नई दिल्ली पूर्व मध्य अरब सागर पर बना कम दबाव का क्षेत्र के पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है और आज 13 अक्टूबर की सुबह तक मध्य अरब सागर पर दबाव में तब्दील हो जाएगा। इसकी वजह से कई राज्यों में मौसम में बदलाव होगा और जबरदस्त बारिश होगी। दक्षिणी इंटीरियर कर्नाटक, केरल, माहे, तमिलनाडु में अगले पांच से छह दिनों तक भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 14-16 अक्टूबर के बीच भारी बरसात होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, उत्तरी इंटीरियर कर्नाटक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम, मेघलय, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, अरुणाचल प्रदेश, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में मॉनसून की वापसी के आसार बन रहे हैं। कैसा रहेगा दक्षिण भारत का मौसम? मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 14-16 अक्टूबर के बीच बहुत भारी बरसात होगी। इसके अलावा, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 12, 13 और 17 अक्टूबर, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में 14-17 अक्टूबर, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में 12-16 अक्टूबर के बीच तेज बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, अंडमान और निकोबार द्वीप में 12 अक्टूबर को तेज बारिश की संभावना है। पश्चिमी और मध्य भारत के राज्यों की बात करें तो कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में बारिश का अलर्ट है। इसमें से मध्य महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर, गुजरात में 12, 13, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ में 12 अक्टूबर को तेज बारिश होने वाली है। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत में इस हफ्ते तक बारिश नहीं होने की संभावना है।

सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे

सूरत के प्रवासी व्यापारी-उद्यमी अपने राज्यों में चलाएंगे ‘कैच दी रेन’ का  जन आंदोलन : सीआर पाटिल 13 अक्टूबर को सूरत के इंडोर स्टेडियम में चार राज्यों के मुख्यमंत्री-उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होगा कार्यक्रम सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे सूरत  सूरत के प्रवासी कपड़ा व्यापारी और उद्यमी अपने-अपने मूल राज्यों में बरसाती पानी संचय के जन अभियान में भागीदारी करेंगे। सूरत में बसे बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान मूल के व्यापारी इन राज्यों में सैकड़ों रिवर्स बोरिंग बनवाने में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। इसके तहत 13 अक्टूबर को सूरत के इंडोर स्टेडियम में गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान के मुख्यमंत्री-उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी में विस्तृत कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने शुक्रवार को सूरत के एक होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मार्च, 2021 में ‘कैच दी रेन’ की योजना बनाई थी। इसके तहत बरसाती पानी को बेकार बहने के बजाय उसे जमीन में नीचे उताकर भूमिगत जल को रिचार्ज किया जाएगा। इसके तहत खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में ही जमीन के नीचे के जल को रिचार्ज करेगा, जिसका बाद में कई तरह से उपयोग हो सकेगा। पाटिल ने कहा कि गुजरात में इस अभियान का अच्छा रेस्पांस देखने को मिला है। गुजरात में जन भागीदारी के तहत वाटर हार्वेस्टिंग के लिए अभी तक 24 हजार 800 रिवर्स बोरिंग का कमिटमेंट आया था। सरकार ने इसके बाद राज्य में कार्यरत एनजीओ, संस्थाओं और सरकारी कार्यालयों को साथ लेकर करीब 80 हजार रिवर्स बोरिंग का कमिटमेंट प्राप्त करने में सफलता पाई है। राज्य में कुल 2 लाख से ऊपर रिवर्स बोरिंग का लक्ष्य रखा गया है। सूरत में बसे मूल बिहार के व्यापारियों-उद्यमियों ने भी वहां के 5 राज्यों के सभी गांवों में बोर करने का निश्चय किया है। पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री के जल संचय जल भागीदारी को जन आंदोलन में परिवर्तित करने के तहत सूरत को अपना कर्मभूमि बनाने वाले मूल राजस्थान के व्यापारियों-उद्यमियों ने राजस्थान के सभी गांवों में 4-4 रिवर्स बोर के जरिये बरसाती पानी को जमीन में उतारने का निश्चय किया है। इसके अलावा जन भागीदारी के तहत ही मध्य प्रदेश में भी 3500 बोर बनाना तय किया है। इसी के तहत आगामी 13 अक्टूबर को शाम चार बजे सूरत के इनडोर स्टेडियम में कार्यक्रम किया जाएगा, जिसमें राजस्थान के मुख्मंत्री भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में सूरत के व्यापारी-उद्यमी रिवर्स बोर बनाने के लिए अपने-अपने मूल राज्य के गांवों के नामों की सूची सौंपेंगे। इन राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के लिए सूरत के प्रवासी व्यापारी-उद्यमी के जरिए स्वागत कार्यक्रम भी किया जाएगा। प्रेस कांफ्रेंस में गुजरात सरकार के मंत्री कनुभाई देसाई, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी, सूरत के महापौर दक्षेश मावाणी, विधायक संगीता पाटिल, शहर भाजपा प्रमुख निरंजन झांझमेरा और उद्यमी सांवर प्रसाद बुधिया, प्रमोद चौधरी, कैलाश हाकिम तथा कई अन्य लोग मौजूद रहे।  

अरब सागर में गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना, अधिकतर जिलों में अब बादल छाए रहेंगे

भोपाल अरब सागर में गहरा कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु के तट पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। गहरे कम दबाव के क्षेत्र से केरल, तमिलनाडु होते हुए बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है। पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू पर एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर संभाग के जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। अरब सागर में बनी मौसम प्रणाली के 48 घंटे में अवदाब के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इस वजह से प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल बने रहेंगे। साथ ही जबलपुरर, नर्मदापुरम, इंदौर संभाग के जिलों में बारिश का सिलसिला बना रहेगा। शेष क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। इंदौर के रीगल क्षेत्र में 35 मिनट में बरसा 15 मिमी पानी गुरुवार को इंदौर शहर में दिनभर बादल छाए रहे और शाम चार बजे बाद धूल भरी तेज आंधी 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली। इसके बाद रीगल, पलासिया व विजयनगर क्षेत्र में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। रीगल स्थित मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्टेशन पर शाम 5.20 तक 35 मिनट में 15 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं एयरपोर्ट स्थित वेदर स्टेशन पर रात 8.30 बजे तक 2 मिमी बारिश दर्ज हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार को शहर में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। शाम के समय हुई तेज बारिश के कारण कई इलाकों में दृश्यता 2500 मीटर तक पहुंच गई। धूल भरी आंधी के कारण दो पहिया व चार पहिया वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। दिन में छाए बादलों के कारण और दो दिन से शहर में हो रही बारिश के कारण शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 31.4 डिग्री दर्ज किया गया। दिखाई दिया धुंध का असर इंदौर में बादलों के कारण रात में गर्मी व उमस का असर भी बढ़ा। इस वजह से गुरुवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 22.8 डिग्री दर्ज किया गया। शाम को हुई बारिश के कारण रात में भी शहर में धुंध का असर दिखाई दिखाई दिया। इन जिलों में होगी बारिश इंदौर, खरगोन, खंडवा, झाबुआ, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, आलीराजपुर, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जिले में रुक-रुककर बारिश के आसार हैं।

दो दिनों बाद उत्तर और मध्य भागों में बरसेंगे बादल, छत्तीसगढ़ में फिर से होगी बारिश

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर यूटर्न ले लिया है। आगामी दो दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती है। इस बीच गर्मी, उमस और तेज धूप से लोगों को राहत मिलेगी। इस बार मानसून उत्तरी और मध्य भागों में मेहरबान रहेगा। इन भागों में गरज चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना है। आज शुक्रवार को एक दो जगह पर हल्की से हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। इसकी वजह से प्रदेश के कई जगहों पर गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मानसून सक्रिय होने से बारिश की गतिविधि बढ़ाने की संभावना है। इससे गर्मी और उम्र से लोगों को राहत मिलेगी। आज भी प्रदेश के एक-दो जगह पर हल्की से हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि प्रदेश में मानसून ने यूटर्न ले लिया है। इसके वजह से छह अक्टूबर से उत्तर और मध्य भागों में गरज चमक के साथ वज्रपात की गतिविधि बढ़ाने की संभावना है। इस बीच प्रदेश के अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। वहीं दूसरी ओर मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बता दें कि इन दोनों मानसून की सक्रियता कम होने की वजह से प्रदेश में अधिकतम तापमान बढ़ने लगा है। तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान हैं। वहीं सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायपुर में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया है।

बूंदाबांदी के आसार मध्यप्रदेश में अगले 5 दिन प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश का अलर्ट नहीं, प्रदेश में अब तक 44.1 इंच बारिश हो चुकी

भोपाल मध्यप्रदेश में अभी बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव नहीं है। इस वजह से अगले 5 दिन प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। मंगलवार को इंदौर, उज्जैन समेत 17 जिलों में गरज-चमक और बूंदाबांदी होने के आसार हैं। एमपी में 21 जून को मानसून एंटर हुआ था और अगले एक सप्ताह में पूरे प्रदेश में एक्टिव हो गया था। ग्वालियर-चंबल में यह सबसे लेट पहुंचा था, लेकिन विदाई इन्हीं जिलों में सबसे पहले होगी। प्रदेश में अब तक 44.1 इंच बारिश हो चुकी है, जो मानसून के सामान्य कोटे 37.3 इंच के मुकाबले 18% अधिक है। धार जिले के मनावर में आज सुबह मौसम का मिजाज बदला नजर आया। सुबह 5 बजे घना कोहरा छाया। इसकी वजह से सड़कों पर जीरो विजिबिलिटी रही। कृषि विभाग के एसडीओ (उप विभागीय अधिकारी)) महेश बर्मन ने बताया कि बारिश के चलते मौसम में मॉस्चर ज्यादा होने के कारण ऐसा हुआ। अगले 24 घंटे में ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार- अगले 24 घंटे में सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, देवास, उज्जैन, इंदौर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में गरज-चमक और हल्की बारिश की स्थिति बनी रहेगी। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत बाकी जिलों में तेज धूप खिली रहेगी। इस साल जबलपुर संभाग अव्वल इस साल मानसूनी बारिश के मामले में जबलपुर संभाग सबसे आगे है। मंडला जिले में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां 60.6 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। सिवनी में 56.8 इंच पानी गिरा है। श्योपुर, निवाड़ी और राजगढ़ में 52 इंच से अधिक बारिश हुई है। सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-10 जिलों में भोपाल, सागर, अलीराजपुर, डिंडौरी और छिंदवाड़ा भी शामिल हैं।

सेवा भारती ने देशवासियों से की असम के बाढ़ पीड़ितों के सहायतार्थ आगे आएं और बड़े मन से आर्थिक सहायता दें

नई दिल्ली देश का पूर्वोत्तर राज्य असम इन दिनों बाढ़ की भीषण विभीषिका से जूझ रहा है। ब्रह्मपुत्र नद सहित राज्य की सभी नदियां उफान पर हैं और जन-जीवन दूभर हो गया है। लोगों के घर-बार डूब गए हैं और बड़ी संख्या में लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।ऐसे में हमेशा की तरह सेवा भारती (पूर्वांचल) के कार्यकर्ता पहले ही दिन से बचाव और राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। सामान्य तौर पर असम में बाढ़ हर वर्ष आती है और उसके लिए सेवा भारती के लोग पहले से तैयार रहते हैं। पर इस वर्ष की बाढ़ ने भीषण रूप से लिया है और आपदा बड़ी हो गई है। ऐसे में सेवा भारती (पूर्वांचल) ने देश भर से सहयोग का आह्वान किया है. सेवा भारती ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि असम के बाढ़ पीड़ितों के सहायतार्थ आगे आएं और बड़े मन से आर्थिक सहायता दें।सेवा भारती ने इसके लिए अपना बैंक डिटेल भी साझा किया है। सहायता राशि इस खाते में दी जा सकती है-नाम- सेवा भारती पूर्वांचलबैंक- स्टेट बैंक ऑफ इंडियाशाखा- लाचित नगर, गुवाहाटीखाता संख्या- 35545221261आईएफएससी कोड- एसबीआईए0014255सेवा भारती पूर्वांचल ने इस संबंध में एक व्हाट्सअप नंबर भी जारी किया है, जिस पर दान देने के बाद जानकारी और अपना पैनकार्ड नंबर भेजा जा सकता है।ताकि आपके दान की पावती भेजी जा सके। यह नंबर है-8011422133।इसके साथ ही सेवा भारती का कहना है कि वह नए कपड़े, नए कंबल, बच्चों की खाद्य सामग्री, दवाइयां, मच्छरदानी के साथ ही फिनाइल और बिलिचिंग पाऊडर जैसी सामग्री भी सीधे स्वीकार कर सकते हैं।            

आज प्रदेश के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, रीवा से लेकर इंदौर तक चेतावनी, जानिए मौसम का हाल

भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से रीवा-सीधी में आज भारी बारिश होने का अनुमान है। अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है। मौसम विभाग ने मऊगंज, सतना, मैहर, सिंगरौली, निवाड़ी, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से सिस्टम एक्टिव है। ये सिस्टम प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश करा रहे हैं। अगले 4-5 दिन बरसात का सिलसिला जारी रहेगा। छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में बुधवार दोपहर को हल्की बारिश हुई। आज MP में ऐसा रहेगा मौसम भारी बारिश का अलर्ट मऊगंज, सतना, मैहर, सिंगरौली, निवाड़ी, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना में तेज बारिश हो सकती है। हल्की बारिश का अलर्ट भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत अन्य जिलों में भी मौसम बदला रहेगा। हल्की बारिश भी हो सकती है। इस बार एमपी में ऐसे पहुंचा मानसून 21 जून को प्रदेश के 6 जिले- मंडला, डिंडोरी पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर में सबसे पहले मानसून पहुंचा। 23 जून को प्रदेश के 26 जिले- , बड़वानी, धार, खरगोन, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, अलीराजपुर बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, जबलपुर, सागर, दमोह, कटनी, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर,उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली में मानसून एंटर हुआ। 25 जून को प्रदेश के 17 जिले- , आगर, शाजापुर, राजगढ़, झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर ,गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा और मऊगंज में मानसून पहुंचा। 27 जून को 6 जिले- ग्वालियर, श्योपुरकलां, भिंड, मुरैना, दतिया और निवाड़ी में मानसून आया। दमोह में सवा, भोपाल में आधा इंच से ज्यादा बारिश बुधवार को दमोह, भोपाल, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, पचमढ़ी और शिवपुरी में बारिश हुई। शाम तक दमोह में सवा इंच और भोपाल में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। ग्वालियर, पचमढ़ी और शिवपुरी में भी बारिश का आंकड़ा आधा से पौन इंच तक रहा। कई जिलों में तेज धूप भी खिली। इस कारण पारे में 4.8 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई। रीवा और दमोह में पारा 37 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। सतना, टीकमगढ़, खजुराहो और नौगांव में तापमान 36 डिग्री या इससे ज्यादा दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 33.6 डिग्री, इंदौर में 30.8 डिग्री, ग्वालियर में 36.3 डिग्री, जबलपुर में 34.6 डिग्री और उज्जैन में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

उत्तर प्रदेश में मानसून का होगा तांडव? आएगा आंधी-तूफान, जमकर बरसेगा आसमान, बारिश बनेगी काल

गोरखपुर उत्तर प्रदेश में रुक-रुककर हल्की बारिश का सिलसिला तो काफी दिनों से जारी है लेकिन आज यानी 11 जुलाई से कई इलाकों में जमकर बरसात के आसार हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, तीन दिनों तक यूपी के ज्यादातर जिलों में खूब बारिश हो सकती है. मौसम विभाग (IMD) की मानें तो 11 से 13 जुलाई के मध्य पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में भारी गरज और चमक के साथ मूसलाधार बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है. बीते कई दिनों से बादल आवाजाही कर रहे थे जो अब संपूर्ण प्रदेश पर पूरी तरह छा चुके हैं और ऐसे में अब अत्यधिक बारिश की स्थिति बन रही है. वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक मोहमद दानिश ने बताया कि मैदानी इलाकों में मॉनसूनी बादल उत्तर दिशा की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से तेज बारिश के संयोग बन रहे हैं. इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, यूपी के कुशीनगर, देवरिया, संतकबीर नगर, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, लखीमपुरखीरी के आसपास के इलाके में मूसलाधार बारिश को लेकर अलर्ट है. इसके चलते आवश्यकता से अधिक बारिश हो सकती है. इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में सीतापुर, पीलीभीत, रामपुर, श्रावस्ती, गोंडा, बस्ती, बरेली, बहराइच, चित्रकूट, प्रयागराज, शाहजहांपुर, मिर्जापुर, फतेहपुर, सोनभद्र और कौशांबी के आसपास के इलाकों में बिजली गिरने के साथ साथ भारी बारिश और बिजली गरजे और चमकने की संभावना है. दिल्ली से सटे यूपी के इलाके यानी नोएडा-गाजियाबाद की बात करें तो यहां भी रुक-रुककर हल्की बारिश का सिलसिला जारी है. आज भी इन इलाकों में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक या दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी. लेकिन 12 जुलाई को यहां भी बारिश की गतिविधियां बढ़ जाएंगी. इसके बाद फिर हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. मौसम विभाग के मुताबिक 12 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश और गरज के साथ छीटें पड़ने की संभावना है। आंचलिक मौसम केंद्र की चेतावनी के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के तराई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती, बस्ती, कुशीनगर, बहराइच, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, गोंडा, बलरामपुर, गोरखपुर, संत कबीर नगर में भारी बारिश हो सकती है। वहीं गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, हापुड़, मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, रामपुर, बिजनौर, हाथरस, मथुरा, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के इलाकों में भी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी के मुताबिक अगले 2 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस के वृद्धि होने तथा उसके बाद 3 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।  

महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक 11 और 12 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान

नई दिल्ली  भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गोवा में रेड अलर्ट जारी किया, जिसके अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम एजेंसी ने महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कम दृश्यता की भविष्यवाणी की और 11 और 12 जुलाई के लिए राज्यों के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया। इसके अलावा, इस सप्ताह 10 अन्य राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। गोवा में लगातार तीसरे दिन बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने दीवार गिरने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई। आईएमडी ने इस सप्ताह मध्यम से भारी बारिश की उम्मीद के बीच मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया। आईएमडी ने कहा, 10 जुलाई को टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है। महाराष्ट्र के रायगढ़ में भी भारी बारिश और कुछ इलाकों में जलभराव के कारण शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए। आईएमडी ने 12 जुलाई तक पालघर, ठाणे, धुले, नंदुरबार, जलगांव, नासिक, अहमदनगर, कोल्हापुर, सांगली, शोलापुर, औरंगाबाद, जालना, परभणी, बीड, हिंगोली, नांदेड़, लातूर, उस्मानाबाद, अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, वाशिम और यवतमाल में भारी से मध्यम वर्षा की भविष्यवाणी की है। वहीं असम में बाढ़ की स्थिति में मामूली सुधार हुआ है, हालांकि अभी भी 27 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या करीब 18.80 लाख है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को राज्य में छह और लोगों की मौत होने से वर्ष बाढ़, भूस्खलन और तूफान से मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। ब्रह्मपुत्र सहित कई प्रमुख नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं तथा कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। भारी बारिश ने मुंबई को सोमवार को ठप कर दिया और इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने महाराष्ट्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मुंबई के असहाय निवासियों को   सुबह एक और निराशाजनक सुबह का सामना करना पड़ा, एक बार फिर लगातार बारिश हुई, जो सोमवार की पीड़ा को दर्शाती है। लगातार बारिश ने शहर और उसके उपनगरों पर कहर बरपाया, उपनगरीय ट्रेन सेवाएं पटरी से उतर गईं और उड़ान संचालन अस्त-व्यस्त हो गया। महानगर में रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई, जहां एक बुजुर्ग महिला की शॉर्ट-सर्किट से जलने से मौत हो गई। लोगों को जलजमाव वाली सड़कों से गुजरना पड़ा और यातायात की अव्यवस्था से निपटना पड़ा, व्यवधान और निराशा का एक और दिन सहना पड़ा।    

छतरपुर, पन्ना, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खंडवा, बुरहानपुर, समेत कई जिलों भारी बारिश का अलर्ट जारी

भोपाल मध्यप्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के एक्टिव होने से बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई जबकि बुधवार को निमाड़ के साथ एमपी का दक्षिणी हिस्सा भीगेगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में छतरपुर, पन्ना, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि एमपी के उत्तरी हिस्से में ट्रफ लाइन गुजर रही है। वहीं, साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। इस वजह से बारिश हो रही है, जो आगे भी जारी रहेगी। कई शहरों में पारा भी बढ़ा इससे पहले मंगलवार को मंडला, बालाघाट, बैतूल, धार, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम समेत कई जिलों में बारिश हुई। दूसरी ओर, भोपाल समेत कई शहरों में धूप भी निकली। इस वजह से दिन के टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी हो गई। सीधी, दमोह और नौगांव में पारा 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.3 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 33.4 डिग्री, ग्वालियर में 36.6 डिग्री, जबलपुर में 34.1 डिग्री और उज्जैन में 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बैतूल में तापमान सबसे कम 28.5 डिग्री रहा। खरगोन-पचमढ़ी में 29.2 डिग्री और सिवनी में यह 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश में अभी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के मुताबिक, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के एक्टिव होने की वजह से बारिश का दौर जारी है. दरअसल, मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में ट्रफ लाइन गुजर रही है. साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है.  मध्य प्रदेश के इन जिलों में आज होगी बारिश  IMD के अनुसार, आज यानी बुधवार को मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, छतरपुर, पन्ना, पांढुर्णा, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी, धार, रतलाम, खरगोन, झाबुआ और अलीराजपुर में भारी बारिश के आसार हैं, जबकि राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है.  पारा में 4-5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी, जानें कहां कितना रहा तापमान?  बारिश के बाद मध्य प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को तेज धूप निकली, जिससे तापमान में 4-5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई. बीते दिन मध्य प्रदेश का सबसे गर्म शहर दमोह और नौगांव रहा. यहां का पारा 37.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा खजुराहो का तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस, रीवा और ग्वालियर का तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस, टीकमगढ़ का तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस, गुना का तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस, रतलाम का तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस, सागर का तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस, उमरिया और नर्मदापुरम 34.5 डिग्री सेल्सियस, भोपाल में 34.3 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर में 34.1 डिग्री सेल्सियस और नरसिंहपुर में तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. 

पूरे भारत में भारी बारिश के बीच, सितंबर 2023 के बाद पहली बार देश के मुख्य जलाशयों का जलस्तर बढ़ा

नई दिल्ली केंद्रीय जल आयोग ने कहा है कि पूरे भारत में भारी बारिश के बीच, सितंबर 2023 के बाद पहली बार देश के मुख्य जलाशयों का जलस्तर बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह की तुलना में जलाशयों के जलस्तर में दो प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ 29 सितंबर 2023 को जारी बुलेटिन के बाद से दर्ज की गई सप्ताह-दर-सप्ताह आने वाली गिरावट रुक गई है। उस समय इनकी भंडारण क्षमता 73 प्रतिशत थी। यह सुधार देशभर में व्यापक वर्षा के बीच हुआ है। देशभर के 150 जलाशयों की भंडारण स्थिति की निगरानी करने वाली सीडब्ल्यूसी ने चार जुलाई को इन घटनाक्रम का विवरण देते हुए अपना नवीनतम बुलेटिन जारी किया। बुलेटिन के अनुसार, 150 जलाशयों में से 20 जलविद्युत परियोजनाओं के लिए समर्पित हैं जिनकी कुल भंडारण क्षमता 35.30 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है। सीडब्ल्यूसी के चार जुलाई के बुलेटिन में कहा गया कि इन जलाशयों में उपलब्ध भंडारण क्षमता 39.729 बीसीएम थी जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का 22 प्रतिशत है। इसकी तुलना में, पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान उपलब्ध संग्रहण स्तर 50.422 बीसीएम था, जबकि सामान्य संग्रहण स्तर 44.06 बीसीएम था। सीडब्ल्यूसी ने कहा कि इससे पता चलता है कि वर्तमान भंडारण क्षमता पिछले वर्ष की इसी अवधि की 79 प्रतिशत तथा सामान्य भंडारण क्षमता की 90 प्रतिशत है। उत्तरी क्षेत्र (हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान) में 10 जलाशय हैं जिनकी कुल भंडारण क्षमता 19.663 बीसीएम है। वर्तमान भंडारण 5.39 बीसीएम (27 प्रतिशत) है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 45 प्रतिशत था, जबकि सामान्य भंडारण क्षमता 31 प्रतिशत है। पूर्वी क्षेत्र (असम, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, नगालैंड और बिहार) में 23 जलाशय हैं जिनकी कुल भंडारण क्षमता 20.430 बीसीएम है। यहां वर्तमान भंडारण 3.979 बीसीएम (19 प्रतिशत) है, जो पिछले वर्ष के 20 प्रतिशत से कम है तथा सामान्य स्तर 23 प्रतिशत है। पश्चिमी क्षेत्र (गुजरात और महाराष्ट्र) में 49 जलाशय हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 37.130 बीसीएम है। वर्तमान में भंडारण 7.949 बीसीएम (21 प्रतिशत) है, जबकि पिछले वर्ष यह 27 प्रतिशत था, जबकि सामान्य भंडारण स्तर 22 प्रतिशत है। मध्य क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ ) में 26 जलाशय हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 48.227 बीसीएम है। वर्तमान भंडारण 12.26 बीसीएम (25 प्रतिशत) है, जबकि पिछले साल यह 35 प्रतिशत था और सामान्य भंडारण स्तर 26 प्रतिशत है। दक्षिणी क्षेत्र (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु) में 42 जलाशय हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 53.334 बीसीएम है। वर्तमान भंडारण स्तर 10.152 बीसीएम (19.03 प्रतिशत) है, जो पिछले साल के 19.43 प्रतिशत से कम है और सामान्य स्तर 24 प्रतिशत है। बुलेटिन में सामान्य भंडारण स्तर को पिछले 10 वर्षों के औसत भंडारण के रूप में परिभाषित किया जाता है। सम्रग रूप से भंडारण स्तर पिछले वर्ष की इसी अवधि तथा इसी अवधि के दौरान सामान्य भंडारण दोनों से कम है। ब्रह्मपुत्र, साबरमती और ताद्री से कन्याकुमारी तक पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों में जल भंडारण सामान्य से बेहतर देखा गया है। सिंधु, सुवर्णरेखा, माही और अन्य नदियों में जल भंडारण सामान्य के करीब पाया गया है। महानदी, कावेरी, ब्राह्मणी और वैतरणी नदियों में जल भंडारण कम है। पेन्नार और कन्याकुमारी के बीच पूर्व की ओर बहने वाली नदियों और अन्य समान नदियों में जल भंडारण अत्यधिक कम है।    

सीहोर में झमाझम बारिश ने सड़कों पर पानी ही पानी कर दिया

सीहोर सीहोर जिले के इछावर में मूसलाधार बारिश हो रही है. जिससे सड़कों पर चारों तरफ पानी ही पानी हो गया. मैन मार्केट में पानी के तेज बहाव में एक्टिवा वाहन तिनके की तरह बहने लगा. वहां मौजूद लोगों ने पानी के तेज बहाव में बहते एक्टिवा वाहन को कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा. एक्टिवा बहने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.     बारिश का पानी सिविल अस्पताल के महिला वार्ड में भी घुस गया. अस्पताल में मौजूद भर्ती महिलाएं परेशान नजर आईं और बैड के ऊपर पैर करके बैठी रहीं, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है. बारिश से नदी उफान पर सीहोर के इछावर और आष्टा में मूसलाधार बारिश से सड़कों पर पानी ही पानी हो गया. मार्केट में सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया. बाजार की सड़कों के साथ ही दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया, जिससे दुकानदार हैरान-परेशान जर आए. कुछ ही देर की बारिश से गोलू खेड़ी में नदी उफान पर आ गई और नदी का पानी पुल के ऊपर से बहता दिखाई दिया. सीहोर में बारिश का कहर सीहोर सहित जिले भर में झमाझम बारिश हुई. बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली. वहीं कुछ ही देर की झमाझम बारिश ने सड़कों पर पानी ही पानी कर दिया, जिसके विडियो भी वायरल हो रहे हैं. जिले के आष्टा में मुख्य सड़कों पर घुटने तक पानी भर गया. यहां सड़क पर 2 से 3 फीट पानी होने से निकलने वाले लोग परेशान होते हुए नजर आए. बाइकों के पहिए आधे-आधे डूब गए.  स्कूल जाने वाले बच्चों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा. वहीं एक चार पहिया वाहन नाले में डूबता डूबता बचा है.

MP के 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, इन दो सिस्टम के एक्टिव होने से बने हालात

भोपाल मध्यप्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से इन दिनों बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। पिछले 4 दिन से ग्वालियर-चंबल में तेज बारिश का दौर चल रहा है। IMD, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, पिछले 48 घंटे में प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। नार्थ-ईस्ट राजस्थान के ऊपर और साउथ राजस्थान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। वहीं, मानसून ट्रफ और नीचे आई है। यह प्रदेश में रायसेन, मंडला होते हुए गुजर रही है। इन सिस्टम की वजह से पूरे प्रदेश में तेज बारिश हो रही है। यह दौर अगले एक सप्ताह तक बना रहेगा। 18 जिलों के लिए हाई अलर्ट मौसम विभाग ने सोमवार की शाम को जारी किए अपने अलर्ट में बताया है कि मध्यप्रदेश के पश्चिमी जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है. 9 जुलाई से 11 जुलाई के बीच मध्यप्रदेश के 18 जिलों में अति भारी बारिश होने का अनुमान है. मॉनसून के दो नए सिस्टम एक साथ एक्टिव होने से प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है.         इन जिलों के लिए अलर्ट जारी आईएमडी की मानें तो पश्चिमी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश होने की संभावना है. ऐसे में श्योपुर, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, टीकमगढ़, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बुरहानपुर, खरगोन, जबलपुर, शाजापुर, राजगढ़, अशोकनगर, गुना, श्योपुरकलां और निवाड़ी, पन्ना, सतना, दमोह, कटनी समेत कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर की बात की जाए तो यहां हल्की और मध्यम बारिश हो सकती है. ग्वालियर-चंबल में बारिश का दौर जारी ग्वालियर चंबल की बात करें तो यहां बीते एक हफ्ते से तेज और रुक-रुककर बारिश हो रही है. सोमवार को एक दर्जन से ज्यादा जिलों में भारी बारिश हुई. ग्वालियर में कई कॉलोनियों में पानी भर गया तो यहां एक जगह सड़क धंसने से रास्ता बंद हो गया. भारी बारिश से भिंड जिले में आधा दर्जन से अधिक गांव में बाढ़ जैसे हालात हैं. लोग परेशानियों से घिरे हुए हैं. पानी के तेज बहाव से गोहद क्षेत्र के कई रास्ते बंद हो चुके हैं. कई लोग जान जोखिम में डालकर पुलियों और रपटों को पार कर रहे हैं. सबसे बुरा हाल शिवपुरी जिले का है यहां पर भारी बारिश से लोग अभी से परेशान हैं. मुरैना में भी निचली बस्तियों में पानी भर गया. बैतूल जिले के भीमपुर ब्लॉक में जोरदार बारिश हुई. इस बारिश के बाद पहाड़ी नदी में अचानक बाढ़ आ जाने से लकड़ी बीनने गई एक महिला बीच नदी में फंस गई. उज्जैन में भी सोमवार की शाम आफत की बारिश हुई. मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्यप्रदेश के ज्यादातर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने को कहा है. इसके साथ ही पूर्वी मध्यप्रदेश के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 और 11 जुलाई 2024 को अलग-अलग स्थानों पर भारी (64.5-115.5 मिलीमीटर) से बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिलीमीटर) होने की संभावना जताई है. इधर पश्चिम मध्य प्रदेश में 11 जुलाई 2024 को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी (115.5-204.4 मिलीमीटर) वर्षा होने की संभावना जताई है.

प्रदेश के सोलह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट,दो सिस्टम एक्टिव, जानें अपने शहर के मौसम का हाल

भोपाल  मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव से नदी नाले उफान पर है, जिससे जल भराव जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। प्रदेश से द्रोणिका गुजरने के साथ ही तीन अलग-अलग वेदर सिस्टम एक्टिव हैं। जिसके चलते भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर सहित इंदौर संभाग के कई जिलों में मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल में लगातार चौथे दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल में देर रात से झमाझम बारिश का दौर जारी है। इंदौर संभाग के जिलों के साथ छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, शाजापुर, राजगढ़, निवाड़ी और सिवनी में भी तेज वर्षा हो सकती है। नॉर्थ-ईस्ट राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन है। एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। इस वजह से ज्यादातर जिलों में तेज बारिश हो रही है, जो आगे भी जारी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, शिवपुरी, श्योपुर कलां, ग्वालियर, गुना, अशोकनगर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिले में बिजली के साथ भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। इंदौर, धार, सीहोर, देवास, शाजापुर, रायसेन, विदिशा, मुरैना, दतिया, सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और डिंडोरी में मध्यम गरज के साथ बारिश हो सकती है। वहीं बुरहानपुर, राजगढ़, खंडवा, हरदा, खरगोन, नर्मदापुरम, झाबुआ, उज्जैन, अलीराजपुर, बड़वानी, आगर मालवा, भिंड, भोपाल, बैतूल, सिवनी, छिंदवाड़ा, छतरपुर, पन्ना सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज में हल्की गरज के साथ वर्षा हो सकती है। सिवनी में ढाई इंच बारिश, सतना-खजुराहो में भी गिरा पानी इससे पहले रविवार को भी मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहा। सिवनी में ढाई इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना में 1.7 इंच और खजुराहो में 1.3 इंच बारिश हुई। छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, नौगांव, बालाघाट जिले के मलाजखंड, बैतूल, धार, गुना, खरगोन समेत कई जिलों में बारिश हुई। बारिश की वजह से सिवनी में टेम्प्रेचर सबसे कम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी, मलाजखंड और खंडवा में भी पारा 30 डिग्री से कम रहा। इस बार एमपी में ऐसे पहुंचा मानसून     21 जून को 6 जिले- पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर में सबसे पहले मानसून पहुंचा।     23 जून को 26 जिले- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली में मानसून एंटर हुआ।     25 जून को 17 जिले- झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर, आगर, शाजापुर, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा और मऊगंज जिलों में मानसून आया।     27 जून को 6 जिले- ग्वालियर, श्योपुरकलां, भिंड, मुरैना, दतिया और निवाड़ी में मानसून पहुंचा।

CG के 16 जिलों में मौसम विभाग ने हैवी रेन का यलो अलर्ट जारी

  रायपुर IMD Alert।छत्तीसगढ़ के 16 जिलों में मौसम विभाग ने हैवी रेन का यलो अलर्ट जारी किया है। रायपुर में सुबह से बारिश हो रही है। दुर्ग, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी,बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा ,सुकमा, कांकेर बीजापुर और नारायणपुर में मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। 11 जुलाई तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। माैसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 1 जून से 7 जुलाई तक 202.7 मिलीमीटर बारिश हुई है। जो औसत से 25% कम है। अब तक 271.9 मिली मीटर बारिश हो जानी चाहिए थी। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में सबसे अधिक बारिश पेंड्रा, सोनहत और कोंटा में रिकॉर्ड की गई । यहां 30 मिली मीटर बारिश हुई । गीदम, दोरनापाल, जगरगुंडा में 20 मिलीमीटर हुई। रायगढ़, मनेंद्रगढ़, मरवाही ,बरमकेला में 10 मिलीमीटर बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के पूर्वानुमान के अनुसार 11 जुलाई तक प्रदेश के कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश में गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। इधर मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल में लगातार चौथे दिन भारी बारिश का अलर्ट है। भोपाल में सुबह करीब डेढ़ घंटे बारिश हुई। इंदौर संभाग के जिलों के साथ छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, शाजापुर, राजगढ़, निवाड़ी और सिवनी में भी तेज बारिश हो सकती है। प्रदेश में दो सिस्टम एक्टिव हैं। नॉर्थ-ईस्ट राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन है। वहीं, एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। इस वजह से ज्यादातर जिलों में तेज बारिश हो रही है, जो आगे भी जारी रहेगी। इससे पहले रविवार को भी मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहा। सिवनी में ढाई इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना में 1.7 इंच और खजुराहो में 1.3 इंच बारिश हुई। छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, नौगांव, बालाघाट जिले के मलाजखंड, बैतूल, धार, गुना, खरगोन समेत कई जिलों में बारिश हुई। बारिश की वजह से सिवनी में टेम्प्रेचर सबसे कम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी, मलाजखंड और खंडवा में भी पारा 30 डिग्री से कम रहा। राजस्थान में मानसून की एंट्री के बाद से लगातार बारिश हो रही है। सोमवार सुबह जयपुर के अलग-अलग इलाकों में रिमझिम बारिश की शुरुआत हुई। कभी तेज तो कभी धीमी बारिश का दौर चलता रहा। 10:30 बजे जैसलमेर के सम, मोहनगढ़, देवा, चेलक, कुम्हार कोठा, खुहड़ी, रूपसी समेत कई ग्रामीण इलाकों में हल्की बरसात शुरू हुई। बारिश से यहां मौसम सुहाना हो गया है। उधर, मौसम विभाग ने आज और कल प्रदेश में मानसून की गतिविधियां धीमी होने की संभावना जताई है। अब 10 जुलाई को प्रदेश के 9 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अलवर, दौसा, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, झुंझुनूं और श्रीगंगानगर में बरसात हुई। दौसा, श्रीगंगानगर, भरतपुर, अलवर और झुंझुनूं में 25 से लेकर 84MM तक बरसात दर्ज हुई। सबसे ज्यादा बरसात भरतपुर के भुसावर में 84MM हुई। देर शाम अजमेर और टोंक के एरिया में भी बारिश हुई थी। बारिश के बाद श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में लोगों को गर्मी से राहत मिली। यहां शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस था। रविवार को पारा गिरकर 32 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। चूरू, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर के तापमान में भी 3 से लेकर 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हुई। इन शहरों में शनिवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के नजदीक था, जो रविवार को गिरकर 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गया। पूर्वी राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से बनास, पार्वती समेत अन्य बरसाती नदियों का जलस्तर बढ़ गया। बनास नदी में पानी आने से सवाई माधोपुर के शिवाड़ एरिया का संपर्क सवाई माधोपुर शहर से कट गया। सवाई माधोपुर-शिवाड़ रोड से क्रॉस कर रही बनास नदी की रपट पर कल पानी बहने लगा। इससे वाहनों की आवाजाही रुक गई।  

जटाशंकर और शिवपुरी में भदैया कुंड झरना फूटा, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

श्योपुर श्योपुर सहित असापास के क्षेत्रों में बारिश की वजह से बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। शुक्रवार रात को हुई बारिश से बड़ोदा कस्बा टापू बन गया है और बाजारों में पानी भर गया है। बड़ोदा कस्बे का संपर्क जिला मुख्यालय सहित अन्य जगहों से कट गया है। साथ ही मानपुर के निचले इलाकों में भी पानी भर गया है। मानपुर कस्बे में सीप नदी का पानी आने से अस्पताल में पानी भर गया। जिससे अस्पताल के मरीजों को रेस्क्यू कर निकाला गया। श्योपुर शहर में कदवाल नदी का जलस्तर बढ़ने से गुप्तेश्वर मंदिर डूब गया है। मंदिर में फंसे महंत को रेस्क्यू कर निकाला गया है। अंचल में मानसून सक्रिय है। श्योपुर व शिवपुरी के क्षेत्रों में रात से भारी बारिश हो रही है। बारिश की वजह से श्योपुर का कस्बाई क्षेत्र बड़ोदा टापू में बदल गया है। बाजार से लेकर हर जगह पानी भर गया है और कस्बे में आने जाने के लिए भी लोगों को परेशानी हो रही है। इसके साथ ही जिले का मानपुर कस्बे में सीप नदी का जलस्तर बढ़ने से संपर्क टूट गया है। सीप नदी का पानी अस्पताल में भरने से मरीजों के लिए खतरा पैदा हो गया। बाद में प्रशासन की टीम ने मरीजों को अस्पताल से रेस्क्यू किया। इसके साथ ही श्योपुर शहर में भी कदवाल नदी का जलस्तर बढ़ने से गुप्तेश्वर मंदिर पानी से घिर गया। इस वजह से मंदिर में महंत फंस गए। इन्हें भी टीम ने रेस्क्यू किया है। प्रशासन ने छात्रों को रेस्क्यू टीम के माध्यम से पहुंचाया श्योपुर कॉलेज बड़ोदा में कॉलेज में भी पानी भर गया। यहां पर आज बीए का पेपर था। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की मांग पर कलेक्टर ने रेस्क्यू टीम को बड़ोदा भेजा। एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम सभी छात्रों को बड़ोदा से निकालकर श्योपुर महाविद्यालय में परीक्षा के लिए ले गई। लेकिन फिर भी कई छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गए। श्योपुर कोटा मार्ग भी बंद, पार्वती नदी उफनी श्योपुर कोटा मार्ग पर पड़ने वाली पार्वती नदी उफान पर है। खातौली पुल पर करीब दो फीट पानी आ गया है। इसलिए सुरक्षा की द्ष्टि से पुलिस ने कोटा मार्ग पर ट्रैफिक को बंद करा दिया है। साथ ही अमराल नदी रपटे पर 10 फीट पानी आने से 15 गावों का सोईकलां से सम्पर्क कट गया है। ग्वालियर में शुक्रवार रात से बारिश हो रही है। शहर के लोहा मंडी कोटा वाला मोहल्ले में आज सुबह एक खाली मकान की ऊपरी मंजिल गिर गई। मकान मनोज माठे के नाम पर है। शिवपुरी में भदैया कुंड का झरना फूट गया है। शनिवार को ग्वालियर-चंबल में भारी बारिश का अलर्ट है। प्रदेश के बाकी जिलों में भी पानी गिरेगा। IMD, भोपाल के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि दो ट्रफ और तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी प्रदेश में देखने को मिल रही है। इस वजह से प्रदेशभर में आंधी और बारिश का मौसम है। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि 7 जुलाई को सिस्टम फिर से स्ट्रॉन्ग होगा। इससे 8 जुलाई से भारी बारिश हो सकती है।    

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी, आज भी स्कूल बंद

 नैनीताल उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार को हुई भारी बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. इसमें पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड भी शामिल हैं. उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों हुई भारी बारिश से दो लोगों की मौत हो गई. मौसम विभाग ने 6 और 7 जुलाई के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है. भारी बारिश की संभावना के बीच नैनीताल जिले में आज भी स्कूल बंद हैं. इन जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, उधम सिंह नगर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही चमोली और पौडी जिले के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश होने की संभावना है. देहरादून में भी लगातार रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश बता दें कि शुक्रवार को चंपावत जिले के लोहाघाट, बागेश्वर जिले के कपकोट और गढ़वाल के कुछ हिस्सों में काफी बारिश हुई है. देहरादून में पांच साल का बच्चा बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूब गया और एक किशोर हरिद्वार के नाले में डूब गया. देहरादून में भी लगातार रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश से कई सड़कों पर पानी भर गया है. भूस्खलन से नेशनल हाईवे समेत 90 सड़कें बंद पहाड़ी राज्य में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुए, जिससे बद्रीनाथ की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गईं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने कहा कि भूस्खलन ने 88 ग्रामीण मोटर योग्य सड़कों, दो सीमा सड़कों, एक राज्य राजमार्ग और बद्रीनाथ मंदिर की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया है. भूस्खलन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र लामबगड़ में ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया. रुद्रप्रयाग जिले में शुक्रवार को भूस्खलन के मलबे ने एक पुरानी सुरंग को अवरुद्ध कर दिया. हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.    

रीवा, भोपाल सहित 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें अब तक कहां-कितना बरसा पानी

भोपाल मध्यप्रदेश में अब तक 6 इंच बारिश हो चुकी है। अभी भी सामान्य से आधा इंच पानी कम गिरा है। अगले 24 घंटे एमपी में अच्छी बारिश होगी। शिवपुरी, रायसेन, सतना रीवा, नीमच, श्योपुरकलां, भिंड समेत 13 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी पानी गिरेगा। शुक्रवार को सुबह से ही इंदौर में सुबह से बादल छाए रहे। अगले 24 घंटे कई जिलों में अच्छी बारिश मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, दक्षिणी गुजरात के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। इससे MP में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। अगले 24 घंटे में कई जिलों में 5 से 8 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। 48 घंटे के बाद सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन हल्की बारिश जारी रहेगी। 7 जुलाई को सिस्टम फिर स्ट्रॉन्ग होगा। इससे 8 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने शुक्रवार को  सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, नीमच, श्योपुरकलां, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, सिंगरौली, मैहर, पन्ना, छतरपुर, भोपाल में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत प्रदेश के सभी जिलों में भी आंधी, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनी रहेगी। सतना और सागर में अच्छी बारिश सतना में गुरुवार को अच्छी बारिश हुई। 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा। सागर में 1 इंच से अधिक बारिश हुई। भोपाल, धार, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, खंडवा, नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, छतरपुर जिले के नौगांव, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में भी बारिश हुई। जानें अब तक कहां, कितनी बारिश मध्यप्रदेश में अब तक 6 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि 6.5 इंच बरसात होनी थी। औसत 9% बारिश कम हुई है। भोपाल में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। राजधानी में अब तक साढ़े 10 इंच पानी गिन चुका है। जो कुल बारिश की 62% है। इंदौर  में 7.33 इंच पानी गिर चुका है, जो कुल बारिश का 23% है।  जबलपुर में सामान्य से 12% कम बारिश हुई है। 6.7 इंच बारिश हुई है। उज्जैन में 5.6 इंच बारिश हो चुकी है। ग्वालियर में औसत से 67% ज्यादा बारिश हो चुकी है। उमरिया में सबसे कम 58 प्रतिशत बारिश हुई है। इन जिलों में इतनी बारिश कटनी में 3.79, नरसिंहपुर 5.58, छिंदवाड़ा 7.75, सिवनी 8.94, मंडला 9.41, बालाघाट 5.85, डिंडोरी 9.70 इंच पानी गिरा। सीहोर 6.45, राजगढ़ 6.20, रायसेन 5.25 और विदिशा में 6.88  इंच पानी बरसा। धार 5.93, झबुआ 6.33, अलीराजपुर 7.15, बड़वानी 5.73, बुरहानपुर 6.51, खंडवा 6.49 और खरगोन में 4.79 इंच बारिश हुई। इंदौर, नर्मदापुरम और रतलाम में बादल छाए हुए हैं। अशोकनगर में देर रात तक हुई तेज बारिश से नाले उफान पर आ गए हैं। सावन और खजुरिया गांव की पुलिया के ऊपर पानी बह रहा है। ट्रैफिक रुका है। शहर की शंकर कॉलोनी में एक घर की टीन की छत गिर गई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को रीवा, नीमच, श्योपुरकलां, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, सतना समेत 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी पानी गिरेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि अगले 24 घंटे में कई जिलों में 5 से 8 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। 48 घंटे के बाद सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन हल्की बारिश जारी रहेगी। 7 जुलाई को सिस्टम फिर स्ट्रॉन्ग होगा। इससे 8 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।  

गर्मी के सबसे ज्यादा सताए हुए राज्य उत्तर प्रदेश पर मॉनसून खासा मेहरबान नजर आ रहा

नई दिल्ली गर्मी के सबसे ज्यादा सताए हुए राज्य उत्तर प्रदेश पर मॉनसून खासा मेहरबान नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में इस सप्ताह झमाझम बारिश होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को बताया है कि अगले 5 दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में हल्की से मध्यम बारिश होने जा रही है। साथ ही पूर्वोत्तर भारत भी जमकर भीगने वाला है। आज कहां होगी बारिश IMD का पूर्वानुमान है कि हिमाचल प्रदेश में 6 और 7 जुलाई, उत्तराखंड में 8 जुलाई, पंजाब में 6 और 7 जुलाई, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में 5-6 जुलाई, उत्तर प्रदेश में 9 जुलाई तक, पूर्वी राजस्थान में 5-6 जुलाई, पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 जुलाई, छत्तीसगढ़ में 7 और 8 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, गिलगिट, लद्दाख, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में शनिवार यानी 6 जुलाई को भारी बारिश के आसार हैं। भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्र में अगले 5 दिनों तक जोरदार बारिश की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बताया है कि झारखंड में 5 जुलाई, ओडिशा में 6, 8 और 9 जुलाई, बिहार में 6 से 9 जुलाई तक, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 7 से 9 जुलाई तक और असम, मेघालय में 8-9 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इधर, दक्षिण भारत में केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, कोंकण, गोवा, गुजरात राज्य में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, करईकल, रायलसीमा, तेलंगाना में भी अगले पांच दिनों के दौरान बारिश हो सकती है। मॉनसून ने 2 जुलाई को ही पूरे देश को कवर कर लिया था।  

नैनीताल में भारी बारिश के चलते सभी स्कूल आज भी बंद

नैनीताल मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी के बाद नैनीताल के स्कूल 5 जुलाई को भी बंद हैं. उत्तराखंड के नैनीताल में मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद शुक्रवार को सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है. मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को नैनीताल जिले के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की भविष्यवाणी की है. नैनीताल के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्वानुमान के मद्देनजर, जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र शुक्रवार को भी बंद रहेंगे. जिलाधिकारी वंदना सिंह ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए 5 जुलाई (शुक्रवार) को जनपद नैनीताल क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय और निजी विद्यालय (कक्षा 01 से 12 तक संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थाएं) समेत सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को शैक्षणिक कार्यों हेतु बंद करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. प्रशासन ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए हैं. मौसम विभाग देहरादून की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 5 और 6 जुलाई को जनपद नैनीताल में कुछ जगह पर भारी बारिश और कहीं-कही गर्जन के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना व्यक्त की गई है. भारी बारिश के चलते कई जगहों पर जबरदस्त जलभराव हुआ, जिसके कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लंबे जाम ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. बता दें कि गुरुवार (4 जुलाई 2024) को IMD की ओर से उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी के बाद दो जिलों उधमसिंह नगर और नैनीताल के सभी स्कूलों की छुट्टी कर दी गई थी. पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल और उधमसिंह नगर जिले में 4 जुलाई को स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया था. जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया था कि मौसम विज्ञान विभाग की ओर से गुरुवार को भारी बारिश का अंदेशा जताने के साथ ही ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है. ऐसे में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी, अशासकीय और प्राइवेट स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया है. अपर जिलाधिकारी की ओर से कहा गया कि आदेश का उल्लघंन करने वाले स्कूलों को खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है.  

मध्य प्रदेश में इस बार अच्छी और समय पर हो रही बारिश की वजह से किसान काफी खुश हैं, फसलों की बंपर आवक की आश

 भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने हल्की और मध्यम बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग का कहना है कि जहां पर हल्की और मध्यम बारिश होगी, वहां बारिश का दौर लगातार चलता रहेगा. मध्य प्रदेश में इस बार अच्छी और समय पर हो रही बारिश की वजह से किसान काफी खुश हैं. प्रदेश के मौसम विशेषज्ञ डॉक्टर वेद प्रकाश सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश के कुछ जिले ऐसे हैं जहां पर मध्यम बारिश के साथ बिजली चमकने, कड़कने और गिरने की आशंका है. उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के मुरैना, श्योपुर कला, ग्वालियर, सिवनी, बालाघाट में मध्यम बारिश हो सकती है. इसके अलावा यहां बारिश का क्रम आगे भी जारी रहेगा. इसी प्रकार हल्की बारिश को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक दमोह, उज्जैन, गुना, अशोकनगर, सागर, विदिशा, रायसेन, इंदौर, देवास, पंचमढी, बैतूल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर जिलों में हल्की बारिश की संभावना है. इसके अतिरिक्त टीकमगढ़, शिवपुरी, अलीराजपुर, नीमच, मंदसौर, आगर, पन्ना और कटनी में भी हल्की बारिश की संभावना है.   किसानों के चेहरे पर आई चमक किसान संजय पटेल के मुताबिक पिछले 10 सालों में पहली बार किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद है. इस बार बारिश का क्रम किसान की फसल के हिसाब से चल रहा है. यदि आगे भी मौसम ने किसानों का साथ दिया तो इस बार फसलों की बंपर आवक होने वाली है. किसान पवन चौधरी के मुताबिक फसलों की पैदावार बारिश पर निर्भर रहती है. इस बार बारिश की वजह से फिलहाल किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है. मौसम विभाग के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से दो सिस्टम एक्टिव है, जिसकी वजह से प्रदेश भर में गरज चमक की स्थिति बनी हुई है.

प्रदेश में दो स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव, 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए मौसम विभाग की चेतावनी

भोपाल मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश के 2 सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से पूरा प्रदेश ही भीग रहा है। गुरुवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। आज भोपाल, शिवपुरी सहित 14 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने 4 जुलाई को प्रदेश के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबकि कई जिलों में आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि वर्तमान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से एमपी में भी स्ट्रॉन्ग सिस्टम है। इस वजह से पूरे प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। कहीं, तेज तो कहीं हल्की बारिश हो रही है। अगले कुछ दिन तक यह सिस्टम एक्टिव रहेगा। पूरे प्रदेश में एक्टिव हुआ मानसून दरअसल, मानसून ने पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लिया है। प्रदेश डिंडौरी जिले से मानसून ने एंट्री ली थी। इसके बाद महाकौशल से होते हुए मानसून ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड समेत मालवा निमाड़ भी एक्टिव हो चुका है। 21 से 28 जून के बीच पूरे प्रदेश में मानसून एक्टिव होने से बारिश का दौर शुरू हो गया है। इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा भोपाल, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, अशोकनगर, विदिशा, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, सागर, पन्ना और मंडला जिले में आज तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे भी ऐसा ही मौसम रहेगा। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से मध्य प्रदेश में भी स्ट्रॉन्ग सिस्टम है। इस वजह से पूरे प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। कहीं, तेज तो कहीं हल्की बारिश हो रही है। अगले कुछ दिन तक यह सिस्टम एक्टिव रहेगा। इन जिलों में हुई बारिश पिछले 24 घंटे में भी मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश हुई। बुधवार को भोपाल समेत रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सतना, बालाघाट, शिवपुरी, शाजापुर, रायसेन, बैतूल, हरदा, दमोह समेत कई जिलों में सुबह से लेकर रात के बीच बारिश हुई। कुछ जिलों में तेज बारिश तो कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के चलते लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल गई है। वहीं तापमान में भी अब लगातार गिरावट देखी जा रही है। इन जिलों में बारिश का अलर्ट आज भोपाल, शिवपुरी सहित 14 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अंतर्गत शाजापुर, रायसेन के भीमबेटका, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर के खजुराहो और कटनी में आकाशीय बिजली गिरने या चमकने के साथ बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। मैहर, जबलपुर, बैतूल, पन्ना, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, भोपाल, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, भिंड, गुना, अलीराजपुर, झाबुआ, सतना, रीवा, उमरिया, डिंडोरी, धार, देवास, आगर और इंदौर में भी कहीं बारिश तो कहीं आंधी का दौर चलेगा।

अगले पांच दिनों के दौरान केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, कोंकण, गोवा, गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश

नई दिल्ली  जून के मध्य में धीमा पड़ा मॉनसून जुलाई में पूरे रंग में नजर आ रहा है। IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा भविष्यवाणी से इसके संकेत मिल रहे हैं। खबर है कि भारत के उत्तर पश्चिम और मध्य हिस्सों में अगले 5 दिनों तक बहुत बारिश होने जा रही है। वहीं, भयंकर गर्मी का सामना कर चुके उत्तर प्रदेश में इस सप्ताह मूसलाधार बारिश के आसार हैं। आज कहां होगी बारिश मौसम विभाग ने गुरुवार को बताया है कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पूर्वी राजस्थान में 8 जुलाई तक भारी बारिश के आसार हैं। वहीं, पश्चिम मध्य प्रदेश में 5 जुलाई और पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड में गुरुवार को ही जमकर बारिश हो सकती है। इधर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में 8 जुलाई तक बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। IMD ने बताया है कि ओडिशा में 8 जुलाई तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। जबकि, बिहार, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में ऐसा मौसम 6 से 8 जुलाई के बीच बन सकता है। बिहार में गुरुवार और शुक्रवार को अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में 8 जुलाई तक भारी बारिश की संभावनाएं बन रही हैं। अगले पांच दिनों के दौरान केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, कोंकण, गोवा, गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। जबकि, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, आंतरिक कर्नाटक में भी छिटपुट बारिश के आसार हैं। मराठवाड़ा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, करईकल, रायलसीमा, तेलंगाना में भी छिटपुट से हल्की से बारिश इस दौरान हो सकती है।  

अगले 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गरज के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना

नईदिल्ली मौसम विभाग के द्वारा ताजा रिपोर्ट जारी की गई है। दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मॉनसून की द्रोणिका समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है। इसके कारण अगले 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गरज के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं, आईएमडी ने कुछ राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 4 से 7 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान र मुजफ्फराबाद में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, आज से सात जुलाई तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान में जोरदार बारिश का अनुमान है। तीन जुलाई को पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश की बात कही गई है। इसके अलावा, 4 जुलाई तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि 3-7 जुलाई के दौरान उत्तराखंड में जोरदार बारिश होगी। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 6-7 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 5-7 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी ने कहा है कि एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तरी बांग्लादेश पर बना हुआ है और दूसरा असम पर स्थित है। एक द्रोणिका पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से असम के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण तक निचले क्षोभमंडल स्तरों पर बनी हुई है। इसके कारण भी कुछ राज्यों में अगले 5 दिनों तक बारिश के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 3 से लेकर 7 जुलाई के बीच बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। 3-4 जुलाई को झारखंड में और 6-7 जुलाई को ओडिशा में भारी बारिश हो सकती है। आईएमडी ने कहा है कि तीन जुलाई को बिहार में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना है। एक चक्रवाती परिसंचरण मध्य क्षोभमंडल स्तरों में उत्तरी गुजरात और पड़ोस में बना हुआ है। यह ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। इसके कारण केरल, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, कोंकण, गोवा, गुजरात में गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम और आंतरिक कर्नाटक में भी हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 5 दिनों के दौरान मराठवाड़ा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, रायलसीमा और तेलंगाना में छिटपुट रूप से हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

आज भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा, कहीं बारिश होगी तो कहीं बादल छाए रहेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों झमाझम बारिश हो रही है. बीते मंगलवार को भी राजधानी भोपाल, विदिशा, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, रायसेन, रतलाम, छिंदवाड़ा, दमोह, सिवनी, बालाघाट और डिंडोरी मूसलाधार बारिश हुई. इधर, बुधवार, 3 जुलाई को भी अशोकनगर, गुना समेत 7 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में कहीं बारिश तो कहीं बादल छाए रहेंगे. दरअसल, प्रदेश से साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से मौसम के 2 सिस्टम एक्टिव हैं, जिसके चलते प्रदेश में आंधी और गरज-चमक के सात बारिश की स्थिति बनी हुई है. हालांकि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में ऐसा ही मौसम बना रहेगा. बारिश के चलते लुढ़का मध्य प्रदेश का पारा मंगलवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, रायसेन, रतलाम, विदिशा, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, दमोह, सिवनी, बालाघाट में बारिश हुई. रात में भी प्रदेश के कई इलाकों में मौसम बदला रहा. बारिश की वजह से दिन में पारा लुढ़क गया है. मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा लुढ़क कर 23.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जबकि सिवनी में तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. आज कैसा रहेगा मध्य प्रदेश में मौसम का हाल भोपाल, इंदौर, द्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे मध्य प्रदेश में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनी रहेगी. इस दौरान कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. इन जिलों में ऐसा रहा मौसम का हाल बीते दिन ग्वालियर में तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि खजुराहो का तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा. इशके अलावा खरगोन में 33.8 डिग्री सेल्सियस, नौगांव में 33.4 डिग्री सेल्सियस, रीवा में 32.6 डिग्री सेल्सियस, गुना में 32.3 डिग्री सेल्सियस, सीधी में 32.2 डिग्री सेल्सियस, सतना में 32.1 डिग्री सेल्सियस, नरसिंहपुर में 31.0 डिग्री सेल्सियस, दमोह में 30.6 डिग्री सेल्सियस, उमरिया, उज्जैन और खंडवा में तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस रहा. इसके अलावा भोपाल में 29.1 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 28.2 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर में 29 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.

भोपाल इंदौर ग्वालियर समेत कई जिलों में आज जोरदार बारिश होने की संभावना

Arvind Kejriwal reached the famous Hanuman temple

भोपाल भोपाल में आज तेज बारिश का अलर्ट है। एक इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं इंदौर अगले 24 घंटे में हल्की बारिश का अनुमान है। ग्वालियर में मंगलवार को गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। जबलपुर में अगले 24 घंटे और आने वाले दिनों में जबलपुर में तेज बारिश का अलर्ट है। उज्जैन में भी बारिश का अलर्ट है। प्रदेश में कहीं ज्यादा तो कहीं कम हुई बारिश मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर-ग्वालियर समेत 31 में से 21 जिलों में 2 से 63 प्रतिशत अधिक बारिश हो गई। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से के जबलपुर-रीवा समेत 23 जिलों में से 19 में 72 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। भोपाल में जून में ही 63 प्रतिशत से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई में बारिश की अनुकूल परिस्थितियां हैं। 3 जुलाई से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है। जून माह में भोपाल में 63% ज्यादा हुई बारिश मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राजधानी भोपाल में अभी तक 63 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। जानकारी के लिए बता दें कि भोपाल में एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। जोकि 1986 को हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इस बार 23 जून को मानसून ने आमद दी। मौसम विभाग का तेज बारिश को लेकर अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश में तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। गुना, रायसेन के सांची और भीमबेटका, विदिशा के उदयगिरि और सागर में आकाशीय बिजली चमकने या गिरने के साथ भारी बारिश की संभावना है। वहीं भोपाल, शाजापुर, सीहोर, अशोकनगर, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, नरसिंहपुर, दमोह, मंडला में मध्यम गरज के साथ बारिश हो सकती है। इसके अलावा, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, राजगढ़, बालाघाट, डिंडोरी, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया के रतनगढ़, भिंड, खंडवा, खरगोन के महेश्वर, हरदा, देवास और कटनी में भी बारिश हो सकती है। अगले 5 दिन तक प्रदेश में भारी बारिश का जारी रहेगा दौर मौसम विभाग, भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि अगले 5 दिन तक आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि 3 जुलाई से पूर्वी बंगाल की खाड़ी से बारिश की एक्टिविटी तेज होगी। इससे पूर्वी हिस्से के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। 4 जुलाई को कई जिले भीगेंगे। 3 जुलाई से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होगा। 15 जुलाई तक प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। उन्होंने बताया, कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से बारिश का दौर चल रहा है। पिछले 24 से 48 घंटे में कई जगहों पर अति भारी बारिश भी हुई है।

कहीं हल्की तो कहीं जमकर बरसेंगे बादल, छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय होने से प्रदेशभर में बारिश हो रही है। प्रदेश के उत्तरी जिलों में इन दिनों गरज चमक के साथ भारी बारिश हो रही है। साथ ही तेज हवाएं भी चल रही है। प्रदेश में लगातार बारिश की गतिविधियां जारी रहने से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। आज मंगलवार को राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। ठंडी हवाएं चल रही है। बारिश की स्थिति बनी हुई है। वहीं कई इलाकों में बूंदाबांदी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ के उत्तरी भागों के जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ के मध्य और दक्षिण भाग में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधि में हल्की कमी होने की संभावना है। हालांकि ज्यादातर भागों में बारिश की गतिविधि जारी रहेगी और गरज चमक के साथ तेज हवाएं भी चलेगी। इसके बाद फिर प्रदेशभर में मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, एक द्रोणिका उत्तरी पंजाब से उत्तर हरियाणा, उत्तरी उत्तर प्रदेश, उत्तरी बिहार, उप हिमालय और पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित चक्रवती परिसंचरण और असम होते हुए मिजोरम तक समुद्र तल से 0. 9 किलोमीटर पर स्थित है। एक चक्रवती परिसंचरण उप हिमालय, पश्चिम बंगाल और उसके आसपास के क्षेत्र में औसत समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर बना हुआ है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के उत्तरी भागों में भारी बारिश की गतिविधि जारी रहने की संभावना है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में दर्ज किया गया है, यहां अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री नारायणपुर में रहा। राजधानी रायपुर में 30.5, माना एयरपोर्ट में 30, बिलासपुर में 28.2, पेंड्रा रोड में 27.6, अंबिकापुर में 26.9, जगदलपुर में 30.9 और दुर्ग में 29.02 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है।

MP के 13 जिलों में आज बारिश का अनुमान, ग्वालियर में 43 डिग्री के पार रहा तापमान

भोपाल र्मदापुरम में बुधवार को बारिश के चलते दिन में भी वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ी। रायसेन में नदी में पानी आने से जेसीबी डूब गई।मध्यप्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटी के चलते बुधवार को कई शहरों में मौसम बदला रहा। बारिश हुई, आकाशीय बिजली गिरने के मामले भी सामने आए और आंधी भी चली। ऐसा ही मौसम गुरुवार को भी रहेगा। जबलपुर, छिंदवाड़ा समेत प्रदेश के 13 जिलों में तेज बारिश हो सकती है। हल्की बारिश के साथ आकाशीय बिजली की कई घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने एडवाइजरी भी जारी की है। भोपाल के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने कहा, आसमान में गहरे काले बादल हों तो सुरक्षित स्थान पर जाएं। न पेड़ के नीचे खड़े न हों और न ही समूह में बैठें। ग्वालियर में 43 डिग्री रहा मध्यप्रदेश में बुधवार को सर्वाधिक 43 डिग्री तापमान ग्वालियर में दर्ज किया गया। इसके अलावा शिवपुरी, शहडोल, रीवा, चित्रकूट, कटनी, पृथ्वीपुर, नरसिंहपुर, राजगढ़ और सीधी भी सर्वाधिक गर्म रहे। गुरुवार को कहां कैसा रहेगा मौसम     गुरुवार को सागर, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, उमरिया छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, बालाघाट में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।     शहडोल, सिंगरौली, अनूपपुर, सिवनी, सीहोर, भोपाल, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, ग्वालियर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है।   किसान 23 जून तक तैयार करें धान की नर्सरी कृषि वैज्ञानिकों ने बताया, मानसून आने के बाद जून के आखिरी और जुलाई के दूसरे सप्ताह तक बोवनी के लिए बेहतर समय है। 4 इंच बारिश होने के बाद बोवनी की जा सकती है। सिंचाई की सुविधा है तो 23 जून तक धान की नर्सरी तैयार कर लें। कपास सोयाबीन की बोवनी खेत में पर्याप्‍त नमी होने पर ही करें। अरहर के लिए खेत तैयार कर लें। जिन किसानों के पास सिंचाई सुविधा है, वह हरी खाद के लिए मक्का या ढैंचा की बोवनी कर लें। किसानों को यह सलाह मानसून आने के बाद जून के आखिरी या जुलाई के दूसरे सप्ताह तक का समय बोवनी के लिए उपयुक्त है। जब 4 इंच बारिश हो जाए तो किसान बोवनी कर सकते हैं। पर्याप्त बारिश होने या फिर सिंचाई की सुविधा होने पर 23 जून के बाद धान की नर्सरी के लिए किसान खेत तैयार कर लें। कपास या सोयाबीन की बोवनी मानसून आने के बाद खेत में पर्याप्‍त नमी होने पर ही करें। अरहर की बुवाई के लिए खेत की तैयारी करें। जिन किसानों के पास सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो, वे हरी खाद के लिए मक्का या ढैंचा की बोवनी करें।

भारत में एक जून से मानसून अवधि की शुरुआत से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई

नई दिल्ली भारत में एक जून से मानसून अवधि की शुरुआत के बाद से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में मानसून आने की स्थिति बन रही हैं। मौसम विभाग ने बताया कि भारत में एक से 18 जून के बीच 64.5 मिमी बारिश हुई, जो लंबी अवधि के 80.6 मिमी के औसत (एलपीए) से 20 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग ने बताया कि एक जून से अब तक उत्तर-पश्चिम भारत में 10.2 मिमी बारिश (सामान्य से 70 प्रतिशत कम), मध्य भारत में 50.5 मिमी (सामान्य से 31 प्रतिशत कम), दक्षिण प्रायद्वीप में 106.6 मिमी (सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक) तथा पूर्व एवं उत्तर-पूर्व भारत में 146.7 मिमी (सामान्य से 15 प्रतिशत कम) बारिश हुई। दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 मई को निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में पहुंच गया था। इसके बाद 26 मई को चक्रवात रेमल के साथ ही मानसून दक्षिण के अधिकांश हिस्सों और बंगाल की खाड़ी के मध्य के कुछ हिस्सों तक पहुंचा था। केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में सामान्य से क्रमशः दो और छह दिन पहले 30 मई को मानसून ने दस्तक दे दी थी। केरल, कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सभी हिस्सों, दक्षिणी महाराष्ट्र के अधिकतर क्षेत्रों, दक्षिणी छत्तीसगढ़, दक्षिणी ओडिशा के कुछ भागों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के अधिकतर हिस्सों, सिक्किम और सभी पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकांश हिस्सों में 12 जून तक मानसून दस्तक दे चुका था। आईएमडी ने कहा, ‘‘उपरोक्त क्षेत्रों तक पहुंचने के बाद मानसून आगे नहीं बढ़ा…।’’ आईएमडी ने बताया कि देश के 11 मौसम उप-प्रभागों में एक से 18 जून के बीच सामान्य से लेकर बहुत अधिक बारिश हुई है, जबकि 25 उप-प्रभागों में बहुत कम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, देश भर में जून में औसत बारिश सामान्य से कम होने की संभावना है।  

मध्यप्रदेश में प्री-मानसून खूब बरस रहा, जबलपुर समेत 22 जिलों में आज आंधी-बारिश

भोपाल मध्यप्रदेश में प्री-मानसून खूब बरस रहा है। ऐसा ही मौसम बुधवार को भी बना रहेगा। भोपाल में तड़के 5 बजे से रिमझिम पानी गिरा। जबलपुर, छिंदवाड़ा समेत 22 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। दूसरी ओर, ग्वालियर और दतिया में गर्मी का असर भी रहेगा। आज प्रदेश के 22 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने आज जबलपुर, छिंदवाड़ा समेत 22 जिलों में आंधी के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं दूसरी तरफ ग्वालियर और दतिया में गर्मी का असर देखने को मिलेगा। बीते दिन की बात करें तो मंगलवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म ग्वालियर रहा। यहां का टेमप्रेचर 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां अटका मानसून मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, अभी मानसून महाराष्ट्र में अटका हुआ है, जिसकी वजह से अगले 2 से 3 दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। इसके बाद मानसून आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश में एंटर होगा। फिलहाल, वर्तमान में वेस्टर्न डिस्टबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जिसकी वजह से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में आंधी-बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। यहां आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट आज बड़वानी, देवास, सीहोर, खरगोन, विदिशा, दमोह, नरसिंहपुर, शिवपुरी, सागर,छिंदवाड़ा, पन्ना, कटनी, पांढुर्णा, दमोह, जबलपुर, सिवनी, डिंडोरी, अनूपपुर, रीवा, बालाघाट, मऊगंज, मंडला में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां गरज-चमक और आंधी का यलो अलर्ट वहीं, आज इंदौर, धार, बुरहानपुर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, श्योपुरकलां, रायसेन, नर्मदापुरम, मुरैना, छतरपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, सतना, मैहर, उमरिया, में गरज-चमक और आंधी का यलो अलर्ट है। यहां रहेगा गर्मी का असर प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी-बारिश होगी तो वहीं ग्वालियर, दतिया में गर्मी का असर भी रहेगा। कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सलाह – कृषि विज्ञान ने किसानो को मानसून आने के बाद और 4 इंच बारिश होने के बाद ही बोवनी करने की सलाह दी है। – जून के आखिरी सप्ताह या जुलाई के दूसरे सप्ताह तक का ही समय बोवनी के लिए उपयुक्त है। जब 4 इंच बारिश हो जाए तो किसान बोवनी कर सकते हैं। –  किसान 23 जून तक धान की नर्सरी के लिए खेत तैयार कर लें। जैसे ही पर्याप्त बारिश होती है तो धान लगाना शुरू कर दें। – मानसून आने के बाद पर्याप्त बारिश होने के बाद ही कपास और सोयाबीन की बोवनी करें। इससे पहले बोवनी करने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। – ऐसे किसान जिनके पास सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वे हरी खाद के लिए मक्का या ढैंचा की बोवनी कर सकते हैं। अरहर की बुवाई के लिए खेत तैयार कर सकते हैं। जल्द शुरू होगी मॉनसूनी बारिश मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मध्यप्रदेश में मॉनसून की एंट्री पहले 15 जून से पहले ही होने वाली थी. हालांकि, मॉनसून की रफ्तार में आए परिवर्तन की वजह से यह कुछ दिनों की देरी के साथ मध्यप्रदेश पहुंच रहा है. माना जा रहा है कि 21-22 जून तक मध्यप्रदेश के ज्यादातर जिलों में मॉनसूनी बारिश होने लगेगी.

भूस्खलन में लाचुंग और आसपास के क्षेत्रों से 15 और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया

गंगटोक  सिक्किम के भूस्खलन प्रभावित मंगन जिले के लाचुंग और आसपास के क्षेत्रों से  15 और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अन्य स्वयंसेवकों की मदद से, फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है। उन्होंने बताया कि दिन में और भी पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके साथ ही मंगन जिला प्रशासन ने संपत्ति को हुए नुकसान और सड़क अवरुद्ध होने के मद्देनजर छात्रों की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को जिले के सभी सरकारी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी हेम कुमार छेत्री द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि मंगन प्रखंड के मानुल, सिंघिक, मंगन तथा मांगशिला क्षेत्र और लिंगदोंग प्रखंड के ही ग्याथांग, पासिंगदोंग, लिंग्ज़्या, तिंगवोंग और गोर क्षेत्र में सरकारी स्कूल अगले आदेश तक बंद रहेंगे। आदेश में कहा गया कि स्कूलों के प्रधानाचार्य और कर्मचारी कार्यक्षेत्र पर ही रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को उत्तरी सिक्किम के लाचुंग से 64 पर्यटकों को मंगन कस्बे तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने पैदल चलने वाले लोगों के लिए तथा वाहनों के सुगम आवागमन के लिए लकड़ी के अस्थायी पुल बनाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 12 जून से लगातार हो रही बारिश ने मंगन में कहर बरपाया, जिससे कई जगह भूस्खलन हुआ और जिले के ज्यादातर हिस्सों से संपर्क टूट गया। कई स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध होने के कारण लाचुंग में लगभग 1,200 पर्यटक फंस गए। पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के चलते सिक्किम में कम से कम छह लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई इलाकों में संपत्ति को काफी नुकसान हुआ और बिजली, खाद्य आपूर्ति तथा मोबाइल नेटवर्क भी बाधित है। उन्होंने बताया कि सांकलांग में नवनिर्मित झूला पुल के ढहने के बाद स्थिति गंभीर हो गई क्योंकि यह उत्तरी सिक्किम और जोंगु को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग था। एक बयान में कहा गया, ‘‘मौसम और भारी वर्षा के कारण पैदा हुए हालात से निपटने की कवायद के तहत बीआरओ ने उत्तरी सिक्किम से संपर्क जल्द से जल्द बहाल करने के लिए जनशक्ति और सरकारी तंत्र जुटाकर काम शुरू कर दिया है।’’   केन्द्रीय गृहमंत्री ने की आईटीबीपी की माउंटेन रेस्क्यू टीम की सराहना, कहा-बहादुर हिमवीरों पर हमें गर्व है  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लाहौल और स्पीति में एक बचाव अभियान चलाने के लिए भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की माउंटेन रेस्क्यू टीम की सराहना की है। ‘एक्स’ प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में अमित शाह ने कहा कि हमें अपने बहादुर हिमवीरों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी की माउंटेन रेस्क्यू टीम ने हाल ही में लाहौल और स्पीति की दुर्गम चोटियों पर एक चुनौतीपूर्ण खोजी अभियान चलाया और एक अमरीकी नागरिक का पार्थिव शरीर वापस लेकर आए, जिनकी पैराग्लाइडिंग करते हुए एक दुर्घटना में मौत हो गई थी। शाह ने कहा कि स्थानीय प्रशासन के अनुरोध पर आईटीबीपी टीम के सदस्य 14,800 फीट की चढ़ाई कर अपनी जान जोखिम में डालते हुए मानवता की भावना दिखाते हुए पार्थिव शरीर को वापस लाए। उन्होंने कहा कि मानवता के प्रति आईटीबीपी का समर्पण प्रशंसनीय है। उल्लेखनीय है कि लाहौल और स्पीति में काजा के पास लापता हुए 31 वर्षीय अमेरिकी पैराग्लाइडर मिस्टर बॉकस्टहलर ट्रेवर के अवशेषों को 48 घंटे से अधिक समय तक चले सबसे चुनौतीपूर्ण बचाव मिशन में से एक के बाद आईटीबीपी पर्वतारोहियों द्वारा 14800 फीट से नीचे लाया गया। पार्थिव शरीर को पुलिस थाना काजा ले जाया गया है।      

प्रदेश में आज प्री-मानसून की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी, जबलपुर-छिंदवाड़ा समेत 6 जिलों में रेड अलर्ट

भोपाल मानसून की एंट्री से पहले मध्यप्रदेश में प्री-मानसून की बारिश हो रही है। सोमवार को इंदौर, भोपाल समेत कई जिलों में बारिश हुई। वहीं, दिन के टेम्प्रेचर में भी गिरावट हुई। मंगलवार को प्री-मानसून की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी रहेगी। इसके चलते जबलपुर, छिंदवाड़ा समेत 6 जिलों में रेड अलर्ट है। यहां बारिश के साथ 50-60 Km प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। इधर, मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मानसून आने के बाद 4 इंच बारिश होने पर ही बोवनी करें। मॉनसून की एंट्री से पहले सोमवार को प्रदेश के इंदौर, भोपाल समेत कई जिलों में हल्की बारिश हुई जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को प्री-मानसून की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी रहने की संभावना है जताई जा रही है। इसके चलते जबलपुर, छिंदवाड़ा समेत 6 जिलों में रेड अलर्ट है। इन जिलों में बारिश के साथ 50 से 60 KM प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ आंधी भी चल सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मानसून आने के बाद 4 इंच बारिश होने पर ही बुआई की शुरुआत करें। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मॉनसून अभी एक जगह पर स्थिर है और आगे नहीं बढ़ रहा है। मॉनसून के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। मौसम विभाग का रेड अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा  के लिए रेड अलर्ट है। यहां तेज आंधी और बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा भोपाल, उज्जैन, शाजापुर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर, रायसेन में भी गरज-चमक की स्थिति रहेगी। साथ ही हरदा,नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, दमोह, पन्ना, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दूसरी ओर, ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सतना, रीवा, मैहर और सिंगरौली में गर्मी का असर रहेगा। पंचमढ़ी ठण्डा ओर चित्रकूट गर्म मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सोमवार को भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में आंधी, बारिश का दौर रहा। इस वजह से प्रदेश के भोपाल, पचमढ़ी और रायसेन सोमवार को सबसे ठंडे रहे। यहां दिन का तापमान 34.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, कई जिले ऐसे भी हैं, जहां पर गर्मी का असर देखने को मिला। सतना का चित्रकूट सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा वहीं बड़े शहरों में इंदौर में 38.4 डिग्री, जबलपुर में 36.8 डिग्री और उज्जैन में पारा 38.5 डिग्री रहा है वंही प्रदेश का चित्रकूट सबसे गर्म रहा है यंहा का पारा 46.5 डिग्री दर्ज किया गया। टॉप 10 शहरों का तापमान मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के टॉप-10 गर्म शहरों में निवाड़ी का पृथ्वीपुर, ग्वालियर, सतना, छतरपुर का बिजावर, खजुराहो, सिंगरौली, शिवपुरी, सीधी और शहडोल शामिल हैं। पृथ्वीपुर में 45.7 डिग्री, ग्वालियर में 45.1 डिग्री, सतना में 44.9 डिग्री, बिजावर में 44.8 डिग्री, खजुराहो में 44.4 डिग्री, सिंगरौली में 44 डिग्री, शिवपुरी में 43 डिग्री, सीधी में 42.8 डिग्री और शहडोल में पारा 42.6 डिग्री दर्ज किया गया। किसानों को यह सलाह मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि मानसून के आने के बाद जब 4 इंच बारिश हो जाए तो किसान बुआई कर सकते हैं। पर्याप्त बारिश होने या फिर सिंचाई की सुविधा होने पर 23 जून के बाद धान की नर्सरी के लिए किसान खेत तैयार कर लें ओर जून के आखिरी या जुलाई के दूसरे सप्ताह तक का समय बोवनी के लिए उपयुक्त है। कपास या सोयाबीन की बोवनी मानसून आने के पश्चात भूमि में पर्याप्त नमी होने पर ही करें। अरहर की बुवाई के लिए खेत की तैयारी करें। जिन किसानों के पास सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो, वे हरी खाद के लिए मक्का या ढेंचा की बुआई करें। मोसम विभाग के भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया की प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इस वजह से बारिश हो रही है। 18 जून को लोकल सिस्टम स्ट्रॉन्ग रहेगा। इसके चलते जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी-बारिश का रेड अलर्ट है। बाकी जगहों पर भी आंधी, बारिश होने का अनुमान जताया जा रहा है।

मध्य प्रदेश में देरी से आएगा मॉनसून, IMD ने नई तारीख बताकर बढ़ा दी टेंशन

भोपाल समय से पहले ही दस्तक देने वाला मॉनसून अब धीमा पड़ता नजर आ रहा है। भीषण गर्मी से जूझ रहे मध्य प्रदेश के इसके इंतजार में कुछ और दिन बिताने होंगे। वहीं, छिटपुट बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में उमस बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि अरब सागर और कमजोर पड़ने के कारण मॉनसून धीमा हो गया है। हालांकि, राजधानी भोपाल में बारिश से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। आमतौर पर मध्य प्रदेश में मॉनसून की दस्तक 15 जून के आसपास हो जाती है, लेकिन राज्य में अब तक इसकी एंट्री नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि मॉनसून फिलहाल गुजरात में अटका हुआ है और इसकी वजह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सिस्टम का कमजोर पड़ना है। अब संभावनाएं जताई जा रही हैं की मॉनसून राज्य में 19-20 जून को आ सकता है। राज्य में बालाघाट और डिंडोरी के जरिए मॉनसून की दस्तक हो सकती है। फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार, भोपाल में मौसम विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने कहा, ‘अभी के लिए राज्य में प्री मॉनसून गतिविधियां ही चलती रहेंगी। भोपाल, इंदौर और जबलपुर मंडलों में सोमवार को बारिश के आसार हैं। जबकि, निवाड़ी और छतरपुर जैसे जिले लू का सामना करते रहेंगे।’ कहां पहुंचा मॉनसून IMD ने बताया है कि महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी, बिहार के कुछ और हिस्सों में मॉनसून के बढ़ने के लिए स्थिति अनुकूल नजर आ रही हैं। विभाग ने सोमवार को बताया है कि अगले 5 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में छिटपुट या मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। आज इन जिलों में होगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार आज झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, आगर मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर में हवा आंधी के साथ बारिश की संभावना है.  कुछ जिलों में चढ़ा पारा  इधर हवा-आंधी बारिश के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में तापमान भी अपने तीखे तेवर दिखा रहा है, यहां पारा 40 डिग्री के पार चल रहा है. शनिवार को प्रदेश में खजुराहो सबसे गर्म रहा, यहां तापमान 45.2 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि बिजावर, छतरपुर में 45.0, सीधी में 44.4, रीवा में 44.2, सिंगरौली में 44.1, सतना में 44.1, नौगांव में 44.0, शहडोल में 43.6, दमोह में 43.5 और ग्वालियर में 43.3 डिग्री दर्ज किया गया है.

मध्यप्रदेश में देरी से आएगा, राजधानी में तेज हवा के बाद बारिश-बिजली

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक तरफ प्री मानसून की बारिश हो रही है और दूसरी तरह आधा मध्य प्रदेश भीषण गर्मी में तप रहा है। बीते दिन रविवार को सतना जिले के का चित्रकूट प्रदेश में सबसे गर्म शहर रहा था। यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं, सिवनी में प्री मानसून की बारिश हुई थी। इस दौरान बिजली गिरने से चार महिलाएं घायल हो गई हैं। जिनका अस्पताल में इलाज चल जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में दो-तीन दिन में बालाघाट-डिंडोरी से मानसून एंटर होगा। सभावना जताई जा रही है कि 21 जून से प्रदेश में जोरदार बारिश होगी। फिर से धीमी हुई मानसून की गतिविधि मौसम विभाग के  सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि अभी मानसून की गति धीमी हो गई है। इस कारण यह कुछ दिन लेट हो सकता है। अब तक पूरब की ओर से आ रहे मानसून ने अपना रुख बदल दिया है, अब वह पश्चिम की ओर से सक्रिय हुआ है। ऐसे में 2-3 दिन में यह पूरी तरह एक्टिव हो सकता है। इससे संभावना जताई जा रही है कि 21 जनू से प्रदेश् में जोरदार बारिश देखने को मिलेगी।  अभी साउथ-वेस्ट राजस्थान के हिस्से में चक्रवाती घेरा और उत्तर प्रदेश से मेघालय तक एक ट्रफ लाइन एक्टिव है। साथ ही दक्षिण-पश्चिम में हवा का घेरा होने से नमी आ रही है। इससे प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी-बारिश की एक्टिविटी हो रही है।    आज कैसा रहेगा प्रदेश का मौसम जबलपुर, सागर, देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपुपर में आंधी, बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर में लू का यलो अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, इंदौर, सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, श्योपुर कलां, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, आगर- मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सीहोर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और झाबुआ में गरज-चमक और आंधी का यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में दिखे मौसम के दो रूप इससे पहले रविवार को प्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिले थे। राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे। हालांकि, कहीं-कहीं धूप भी निकली, लेकिन तापमान 40 डिग्री के अंदर रहा। वहीं, सिवनी में बारिश हुई जबकि सतना जिले का चित्रकूट सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां एक बार फिर से 46.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सबसे गर्म शहरों में खजुराहो, पृथ्वीपुर, चित्रकूट, ग्वालियर, नौगांव, सिंगरौली, सीधी, रीवा, ग्वालियर और टीकमगढ़ शामिल रहे। रविवार को प्रदेश के सबसे गर्म 10 शहरों में इतने डिग्री रहा था पारा     चित्रकूट-46.5     पृथ्वीपुर-46.0     खजुराहो-46.0     छतरपुर-45.8     ग्वालियर-45.7                                     नौगांव-45.0     सतना-44.9     सिंगरौली-44.3     रीवा-43.6     सीधी-43.6 प्रदेश के बड़े शहरों का अधिकतम तापमान     भोपाल-39.6 डिग्री     जबलपुर-39.5 डिग्री     उज्जैन-38.6 डिग्री     इंदौर-36.3 डिग्री     ग्वालियर-45.7 डिग्री  

मध्यप्रदेश में तय समय से 2-3 दिन के बाद ही एंट्री की संभावना

भोपाल देश में चक्रवाती तूफान रैमल के चलते इस वर्ष मानसून ने समय से पहले दस्तक दी थी। मानसून की गति भी अच्छी बनी हुई थी, लेकिन अब मानसून थोड़ा कमजोर हो गया है। इसलिए मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री देरी से होगी। इस समय मानसून गुजरात में पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री कब तक होगी आइए जानते हैं.. मानसून कब कहां पहुंचा देश में मानसून 30 मई को केरल पहुंचा था, इसी दिन 30 मई को यह तमिलनाडु में भी सक्रिय हो गया। इसके बाद मानसून पश्चिम बंगाल में 31 मई, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक में 2 जून, तेलंगाना एवं गोवा में 4 जून के बाद अब यह 6 जून को महाराष्ट्र में सक्रिय हुआ। इसके बाद मानसून छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और बंगाल की खाड़ी में 3-4 दिन में मानसून पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर के 7 राज्यों असम, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम और मिजोरम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और गरज के बारिश की संभावना जताई है। ऐसा मौसम 7 दिन तक रह सकता है। इधर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में 15-18 जून तक सीवियर हीटवेव (तेज लू) का अलर्ट जारी किया गया है। Monsoon in MP मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू में भी दो दिन हीटवेव की स्थितियां बन सकती हैं। मानसून गुजरात पहुंचा गुजरात में मानसून आधिकारिक तौर पर आ चुका है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हो गया है। इसके चलते मौसम विभाग ने अगले 6 दिनों तक राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को सूरत, बनासकांठा, गांधीनगर, अहमदाबाद, नवसारी, वलसाड समेत कई जिलों में गरज के साथ बारिश हुई। इन जिलों में आज भी तेज बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र में मानसून 3-4 दिन में पहुंच सकता है। कमजोर पड़ा मानसून देश के दक्षिणी राज्यों में समय से पहले दस्तक देने के बाद मानसून कमजोर पड़ गया है। अर्थ साइंस के पूर्व सेक्रेटरी माधवन राजीवन ने कहा कि अगले 8-10 दिन तक Monsoon in MP मानसून के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। बिहार और झारखंड में 16 से 18 जून तक मानसून के पहुंचने का अनुमान है। यह 20 से 30 जून के बीच उत्तर प्रदेश और 27 जून के आसपास दिल्ली पहुंच सकता है। इधर देश के कई राज्यों में मौसम बदलेगा। IMD के मुताबिक कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं। ऐसा मौसम 4-5 दिन रह सकता है। मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री लेट हुई  मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में मानसून के तय समय से 2-3 दिन के बाद ही एंट्री की संभावना है। महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में एंटर होने के बाद मानसून की अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की दोनों ब्रांच कमजोर हो गई है। IMD, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, 10 से 14 जून के बाद मानसून स्थिर है। इससे वह कमजोर हो गया है। इसलिए मध्यप्रदेश में इंतजार करना पड़ेगा। इससे पहले प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। प्रदेश के दक्षिण हिस्से में बारिश और तेज हवा की स्थिति बनी हुई है। यहां हवा की गति भी अधिक है। एमपी में बारिश एवं आंधी मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है, जिसके चलते मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को एमपी के कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में आंधी, गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर में आंधी का यलो अलर्ट है। दूसरी ओर, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली में गर्म हवाएं भी चल सकती है। मानसून के कब कहां पहुंचने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार मानसून बिहार 18 जून, झारखंड 13 से 17 जून, गुजरात 19 से 30 जून, मध्य प्रदेश में 21 जून, उत्तर प्रदेश 18 से 25 जून, उत्तराखंड 20 से 28 जून, हिमाचल प्रदेश 22 जून, लद्दाख एवं जम्मू 22 से 29 जून, दिल्ली 27 जून, पंजाब 26 जून से 1 जुलाई, हरियाणा 27 जून से 3 जुलाई, चंडीगढ़ 28 जून और अंत में राजस्थान 25 जून से 6 जुलाई तक पहुंचेगा। मानसून राजस्थान होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करता है।

मध्यप्रदेशमें जल्द दस्तक देगा मानसून! 39 जिलों में बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्यप्रदेश में 17-18 जून को मानसून की एंट्री हो सकती है। इससे पहले, प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी है। कहीं तेज बारिश हो रही है, तो कहीं आकाशीय बिजली गिरने-चमकने या आंधी का दौर है। मौसम वैज्ञानिकों ने बता दिया है कि मानसून की गतिविधियां कब से मध्यप्रदेश में शुरू हो जाएंगी. मध्यप्रदेश में बीते कई दिनों से लोग 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गर्मी को झेल रहे हैं और अब सभी को मानसूनी बारिश का बेसब्री से इंतजार है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित 27 जिलों में प्री मानसून एक्टिविटी हो सकती हैं. इसका मतलब है कि इन 27 जिलों में से किसी भी जिले में अचानक तेज बारिश और आंधी आ सकती है, जिससे मौसम में ठंडक घुलेगी और गर्मी की तीव्रता कम हो सकेगी. आखिर मौसम में इस बदलाव की वजह क्या है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय मध्यप्रदेश के आसपास एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस, ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है. इस वजह से आंधी-बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है.यह अगले कुछ दिनों तक कायम रहेगी. मौसम वैज्ञानिक बता रहे हैं कि मध्यप्रदेश में 18 जून तक मानसून के हर हाल में आ जाने की पूरी संभावना बनी हुई है और यह मध्यप्रदेश में उसके दक्षिणी इलाकों से प्रवेश कर सकता है. यानी बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी आदि शहरों में पहले मानसून की दस्तक हो जाएगी. मध्य प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 39 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बेतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार,  उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगरमालवा, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट,पन्ना,दमोह,सागर और पांढुर्ना में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है. वहीं सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना और मैहर में लू चलने की संभावना है. सबसे अधिक तापमान खजुराहो में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान जताया है. बीते 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान राजगढ़ में 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. 17-18 जून से मिल सकती है राहत केरल में एक दिन पहले दस्तक देने के बाद मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है. इससे राज्य में मानसून के समय पर पहुंचने की उम्मीद है. मौसम विभाग की ओर से बताया गया केरल में मानसून की एंट्री के बाद करीब 15 दिन में ये मध्य प्रदेश में एंट्री ले सकता है. ऐसे में 17- 18 जून तक प्रदेशवासियों को लू की लपटों और प्रचंड गर्मी से राहत मिल सकती है. 

अगले 7 दिनों में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, और सिक्किम में तेज हवाओं के साथ बारिश

नई दिल्ली मॉनसून की उत्तरी सीमा नवसारी, जलगांव, अमरावती, चंद्रपुर, बीजापुर, सुकमा, मलकानगिरी, विजयनगरम, और इस्लामपुर से होकर गुज़र रही है। इसके कारण अगले 3-4 दिनों के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने 14 जून को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पूर्वोत्तर असम और उसके आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके उत्तर-पश्चिम बिहार से नागालैंड तक जाने की संभावना है। इसके कारण बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर राज्यों तक तेज़ हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 7 दिनों के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी ने बताया है कि 14 तारीख को पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 18 जून को अरुणाचल प्रदेश और 15-18 जून के दौरान मेघालय में भारी बारिश होगी। आईएमडी के पूर्वानुमान के मताबिक, अगले 5 दिनों के दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा में तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 14, 17 और 18 जून को ओडिशा में कुछ जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव में अगले 5 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर बारिश भी हो सकती है। आईएमडी ने कहा है कि मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में गरज के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है। लू का अलर्ट मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ लू को लेकर भी चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 14-18 तारीख के दौरान उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति की संभावना है। 14-15 जून के दौरान पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड में गंगा के मैदानी इलाकों में लू चलेगी। 16 जून को झारखंड में यह स्थिति बनी रहेगी। अगले 5 दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है। 16 और 17 जून को कुछ स्थानों पर भीषण लू चलने की संभावना है।  

आज और कल पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड के गंगा के मैदानी इलाकों में लू चलने की संभावना

नई दिल्ली भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में अगले 3 दिनों के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताया है। मौसम एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम समेत 12 राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। साथ ही उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप जारी रहने की बात भी कही है। आईएमडी ने उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लि रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भी लू की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 13-17 जून के दौरान उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की संभावना है। 13 और 14 तारीख को पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड के गंगा के मैदानी इलाकों में लू चलने की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना है। अगले दो दिनों तक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर-पश्चिम राजस्थान, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और ओडिशा में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 5 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक 1 जून को सीजन शुरू होने के बाद से भारत में सामान्य से एक प्रतिशत कम बारिश हुई है। इन राज्यों में बारिश के आसार आईएमडी के मुताबिक, अगले पांच दिनों के दौरान मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है। 13-16 जून के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इन राज्यों में चलेगी लू मौसम अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और ओडिशा जैसे उत्तरी और पूर्वी राज्यों में चार-पांच दिनों तक हीटवेव जारी रहने की संभावना है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि मौसम मॉडल गर्मी से जल्द राहत का संकेत नहीं दे रहे हैं। मॉनसून में देरी का असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा। मॉनसून आगमन में देरी मौसम विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए दावा किया है कि पश्चिमी क्षेत्रों में समय से पहले मॉनसून के पहुंचने के बाद उसकी गति कमजोर पड़ गई है। मुंबई में मॉनसून तय समय से करीब दो दिन पहले पहुंच गया, लेकिन मध्य और उत्तरी राज्यों में इसके आगमन में देरी हो सकती है। उत्तरी राज्यों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और 46 डिग्री सेल्सियस (108 डिग्री फारेनहाइट से 115 डिग्री फारेनहाइट ) के बीच है। जो सामान्य से लगभग 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस (5 डिग्री फारेनहाइट और 9 डिग्री फारेनहाइट) अधिक है।

MP में तेजी से आ रहा मानसून, आज 35 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों कई जिलों में भारी बारिश तो कहीं जिलों में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. देश के कई हिस्सों को कवर कर चुका मानसून अब मध्य प्रदेश में 3-4 दिन की देरी से पहुंचेगा. इसके पीछे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सिस्टम कमजोर होने की वजह मानी जा रही है. मौसम विभाग की माने तो 19 तारीख तक प्रदेश में मानसून की दस्तक हो सकती है, तो वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग की तरफ से कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने इन जिलों में किया बारिश का अलर्ट जारी मौसम विभाग की माने तो बालाघाट, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, और सिवनी के लिए मौसम विभाग की तरफ से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. तो वहीं दूसरी तरफ राजधानी भापोल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, देवास, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन और रतलाम के लिए आंधी और गरज चमक के साथ यलो अलर्ट जारी किया गया है. कई जिलों में भीषण गर्मी का दौर जारी प्रदेश भर में इन दिनों मौसम के दो मिजाज देखने मिल रहे हैं. कई जिलों में बारिश के बाद गर्मी से राहत देखी गई है, तो कई जिलों में अभी भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है. बीते दिन खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म जगह रही यहां 45.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. विजावर- 45.3, निवाड़ी-45.0, ग्वालियर-44.6, नौगांव-44.6, सिंगरौली-44.4, रीवा-44.2, सतना-44.1, सीधी- 43.8, दमोह-43.5 तापमान दर्ज किया गया है.

एमपी में प्री-मानसून एक्टिविटी, छिंदवाड़ा-सिवनी, मंडला-बालाघाट में आज आंधी-बारिश

भोपाल मध्यप्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटी जारी हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से आंधी, बारिश का दौर है। मंगलवार को धार में तेज बारिश हुई, जबकि 10 से ज्यादा जिलों में आंधी चली। बुधवार को भी आंधी-बारिश होने का अनुमान बुधवार को श्योपुरकलां, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी और अनूपपुर में आंधी, गरज-चमक की स्थिति भी रहेगी। बुधवार को भी आंधी-बारिश होने का अनुमान है। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट है। दूसरी ओर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सिंगरौली में गर्म हवा भी चलेगी। बुधवार को श्योपुरकलां, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी और अनूपपुर में आंधी, गरज-चमक की स्थिति भी रहेगी। प्रदेश में दो तरह का मौसम     मंगलवार को प्रदेश में दो तरह का मौसम देखने को मिला। दोपहर में धार में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। वहीं, रतलाम, झाबुआ, आगर, बैतूल, आलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, बालाघाट, उज्जैन, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, खरगोन, खंडवा, इंदौर, मंडला, डिंडोरी में भी मौसम बदला रहा। इससे पहले कई शहरों में गर्मी का असर भी रहा।     सबसे गर्म रीवा रहा। यहां दिन का टेम्प्रेचर 44.6 डिग्री रहा। प्रदेश के टॉप-10 सबसे ज्यादा तापमान वाले शहर में सिंगरौली, सीधी, सतना, ग्वालियर, शहडोल, खजुराहो, शिवपुरी, जबलपुर और उमरिया शामिल हैं। सिंगरौली में 44.3 डिग्री, सीधी में 44 डिग्री, सतना में 43.3 डिग्री, ग्वालियर में 42.8 डिग्री, शहडोल में 42.4 डिग्री, खजुराहो में 41.4 डिग्री, शिवपुरी में 41 डिग्री, जबलपुर में 40.7 डिग्री और उमरिया में 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा।     बड़े शहरों में भोपाल में 39.3 डिग्री, इंदौर में 36.6 डिग्री, ग्वालियर में 42.8 डिग्री, जबलपुर में 40.7 डिग्री और उज्जैन में पारा 37.8 डिग्री दर्ज किया गया।

IMD ने बताया अगले 5 दिन पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश

नई दिल्ली केरल में प्रवेश करने के बाद मॉनसून धीरे-धीरे देश के बाकी हिस्सों में फैलता जा रहा है। हालांकि इसकी रफ्तार बीच में धीमी हो गई थी। उत्तर-पश्चिमी मॉनसून फिलहाल नवसारी, जलगांव, अकोला, पुसाद, रामागुंडम, सुकमा, मलकानगिरी, विजयनगरम और इस्लामपुर से होकर गुजर रहा है। अगले 24 घंटों के दौरान तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके कारण कई राज्यों में मॉनसून वाली बारिश की शुरुआत हो जाएगी और लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विज्ञान विभाग के द्वारा 12 जून को सुबह 8 बजे जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 7 दिनों के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज, बिजली और तेज़ हवाओं के साथ हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने यह भी बताया है कि अगले 5 दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश होगी।  अरुणाचल प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। 13-16 जून के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 5 दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ छिटपुट जगहों पर बारिश होगी। इसी दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की बारिश होगी। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 2 दिनों के दौरान कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल, माहे और लक्षद्वीप में तेज़ हवाओं के साथ बारिश होगी। 5 दिनों के लिए लू की चेतावनी मौसम विभाग ने लू को लेकर भी चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने कहा है कि अगले 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और ओडिशा के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना। वहीं, बंगाल, बिहार, झारखंड के कुछ इलाकों में भी तापमान में इजाफा होगा। 12-16 जून के दौरान उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना।  

भोपाल-जबलपुर समेत 27 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट जारी, जानें कब दस्तक देगा मानसून

भोपाल  दक्षिण पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में अब एक हफ्ते के अंदर मानसून के मध्य प्रदेश में दस्तक देने के संकेत है। हालांकि प्री मानसून गतिविधियों साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में बादल, बारिश और बिजली गिरने चमकने की स्थिति बनी हुई है।आज मंगलवार को 27 जिलों में बारिश, बिजली के साथ तेज रफ्तार से हवा की चेतावनी जारी की गई है। आज कहां कहां होगी बारिश-बिजली-आंधी     आज मंगलवार खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम/पचमढ़ी, छिंदवाड़ा, उत्तर बैतूल और सिवनी में बिजली/ओलावृष्टि (हवा की गति 60 किमी प्रति घंटे तक) के साथ मध्यम गरज के साथ बारिश ।     अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर कलां, ग्वालियर, रायसेन/सांची, पूर्वी भोपाल, दक्षिण सीहोर, बालाघाट, नरसिंहपुर, दक्षिण जबलपुर, पांढुर्ना, दक्षिण मंडला, दक्षिण देवास और पूर्व खरगोन में बिजली चमकने के साथ हल्की आंधी ।     सीधी, टीकमगढ़ और उमरिया जिले में गर्म रात ।     उमरिया, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, पांढुर्णा, डिंडोरी, डिंडोरी, झाबुआ, धार, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदा पुरम, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, अनूपपुर, शहडोल, कटनी,जबलपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, मंदसौर, नीमच, अशोकनगर, शिवपुरी और श्योपुर में बारिश के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट । कहीं कहीं ओलावृष्टि, वज्रपात के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं ।     बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और डिंडोरी में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट ।     भोपाल, जबलपुर, कटनी, पन्ना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, उमरिया, मऊगंज, सीधी, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में आंधी, गरज-चमक वाला मौसम रहेगा। 2 दिन तक इन शहरों में गर्मी का असर एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, 11 जून को शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी और 12 जून को शिवपुरी, ग्वालियर, टीकमगढ़, दतिया, मुरैना, सिंगरौली, भिंड, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, अनूपपुर, कटनी, शहडोल, पन्ना, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी, सागर और उमरिया में गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। सीधी सबसे गर्म सीधी में सबसे ज्यादा 45.2 डिग्री पारा दर्ज किया गया। सिंगरौली में 43.3, सतना 43.1, रीवा 42.2, शहडोल 41.4, टीकमगढ़ और खजुराहो 41, मंडला 40.5, खरगोन 40.4 और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। भोपाल 39.3, इंदौर 35.8,  ग्वालियर 38.2, जबलपुर 39.4 और उज्जैन में पारा 36 डिग्री रहा। जानें क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना समेत देश के कई राज्यों में मानसून पहुंच चुका है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सकुर्लेशन की वजह से मध्यप्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटी है। मानसून अभी महाराष्ट्र के कई हिस्सों में पहुंचा। अगले दो-तीन दिन तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की ब्रांच थोड़ी कमजोर होगी। एमपी में मानसून 16-17 जून तक ही एंटर हो सकेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम के कारण प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में आंधी-बारिश हो रही है। कल इन जिलों में गर्मी और बारिश का अलर्ट 12 जून को  छतरपुर, रीवा, सीधी, ग्वालियर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़,सिंगरौली में गर्मी का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। दमोह, भोपाल, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, सीहोर, हरदा, देवास, रायसेन, विदिशा, सागर, पन्ना, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में आंधी और गरज-चमक का यलो अलर्ट रहेगा।

कर्नाटक, महाराष्ट्र, अरुणाचल, असम और मेघालय में मॉनसून की एंट्री कई स्थानों पर अति भारी बारिश का अलर्ट जारी

नई दिल्ली देश के उत्तरी राज्यों में प्रचंड गर्मी का कहर जारी है. मौसम विभाग की मानें तो आज यानी 10 जून से 13 जून तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार और झारखंड के अलग-अलग स्थानों पर लू का दौर जारी रहने की आशंका है. वहीं कर्नाटक, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में मॉनसून की एंट्री हो चुकी है और इन स्थानों पर अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. दिल्ली का मौसम दिल्ली में मौसम विभाग ने 10 से 13 जून तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा. इस हफ्ते दिल्लीवासियों को चिलचिलाती गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है. IMD के मुताबिक, इस पूरे हफ्ते दिल्ली का अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और न्यूनतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. IMD का अनुमान देश के मौसम का हाल मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान, दक्षिण कोंकण गोवा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र और तटीय कर्नाटक में मध्यम से भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं तेलंगाना, मराठवाड़ा, उत्तरी कोंकण और गोवा, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र, केरल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत, लक्षद्वीप, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश संभव है. ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, दक्षिण गुजरात, मध्य प्रदेश और पश्चिमी हिमालय में हल्की बारिश हो सकती है. वहीं मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति संभव है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति संभव है. देश की मौसमी गतिविधियां मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार, मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक गर्त के रूप में पश्चिमी विक्षोभ, जिसकी पहुँच औसत समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर है, अब लगभग 70 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ अक्षांश 28 डिग्री उत्तर के उत्तर में चल रहा है. वहीं उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औसत समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके अलावा उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश में एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. असम के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. पूर्वी बिहार के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. सौराष्ट्र और उससे जुड़े क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. महाराष्ट्र से उत्तरी केरल तक एक अपतटीय गर्त बना हुआ है. कतरनी क्षेत्र औसत समुद्र तल से 3.1 और 7.6 किलोमीटर ऊपर लगभग 16 डिग्री उत्तर अक्षांश के साथ चल रहा है.  

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