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एक्सपर्ट ने शुरू की जांच, राजस्थान-अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सफाई के दौरान मिला ड्रोन

अजमेर. प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार सुबह सफाई कार्य के दौरान एक छोटा ड्रोन मिलने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जेल प्रशासन ने तुरंत अपने सीनियर ऑफिसर को इसकी जानकारी दी। फिलहाल ड्रोन को सिविल लाइन थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। जेल प्रशासन द्वारा दी गई लिखित शिकायत के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने ड्रोन की एक्सपर्ट से जांच शुरू करवा दी है। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार सुबह जेल परिसर के पिछले हिस्से में जहां किसी का भी मूवमेंट नहीं होता, वहां एक ड्रोन लावारिस अवस्था में पड़ा मिला था, जिसकी सूचना सफाई कर्मचारियों ने जेल प्रशासन को दी। इस पर प्रशासन ने इस संबंध में अपने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। उसके बाद अजमेर रेंज डीआईजी ओमप्रकाश के दिशा-निर्देश के बाद ड्रोन सिविल लाइन थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अजमेर रेंज डीआईजी ओमप्रकाश मेघवाल खुद इसके पीछे के कारणों की जांच कर रहे हैं। कहीं ड्रोन के जरिये रेकी तो नहीं की जा रही थी? पुलिस के उच्च अधिकारी जांच कर रहे हैं कि ड्रोन के जरिये हाई सिक्योरिटी जेल की रेकी की जा रही थी या फिर ड्रोन के मार्फत जेल के अंदर कुछ संदिग्ध वस्तु पहुंचाई जा रही थी। इन सभी पहलूओं पर पुलिस प्रशासन जांच कर रहा है। ये भी माना जा रहा है कि आसपास में किसी शादी समारोह में ड्रोन से वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही हो और उसकी बैटरी खत्म होने के बाद वह जेल परिसर में गिर गया हो। पुलिस ने फिलहाल ड्रोन को जप्त कर उसकी कंपनी और ड्रोन में लगे मेमोरी कार्ड की एक्सपर्ट से जांच कराई जा रही है।

चोरी के शक में युवक पर जानलेवा हमला, राजस्थान-अजमेर 5 आरोपी पिस्टल-वाहन के साथ गिरफ्तार

अजमेर. अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र में युवक से मारपीट कर हवाई फायरिंग करने वाले 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 पिस्टल और घटना में इस्तेमाल किया गया वाहन भी बरामद किया है। जानकारी के अनुसार बीती 25 नवंबर को अलवर गेट थाने में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने जिला स्पेशल टीम और साइबर सेल के साथ मिलकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने चोरी के शक में एक युवक से मारपीट की और उसके बाद हवाई फायरिंग की थी। आरोपियों की पहचान दीपक गुर्जर, सुरेश गुर्जर, फरहान खान, दीपक गुर्जर और काव्य भडाणा के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी अजमेर और आसपास के इलाकों से हैं। एसपी वंदिता राणा ने बताया कि 24 नवंबर की रात मुख्य आरोपी दीपक गुर्जर अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल हुआ था। शादी समारोह के दौरान चोरी की अफवाह फैलने पर आरोपियों ने एक युवक को पकड़कर उससे मारपीट की। इस दौरान भीड़ जमा हो गई, जिसे देखकर आरोपियों ने हवाई फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 पिस्टल और वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद किए हैं। पुलिस अब आरोपियों से हथियारों के संबंध में और पूछताछ कर रही है।

कांग्रेसियों ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन, राजस्थान-अजमेर दरगाह के उर्स में हो पुख्ता व्यवस्था

अजमेर. ख्वाजा साहब के उर्स में पुख्ता व्यवस्था करने की बात, कांग्रेसियों ने दिया जिला कलेक्टर को ज्ञापनअजमेर. विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के आगामी सालाना उर्स में जिला प्रशासन द्वारा पुख्ता व्यवस्था करने के लिए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी महेंद्र सिंह रलावता के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने जिला कलेक्टर अजमेर लोकबंधु को ज्ञापन दिया। कांग्रेस के पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय निवासी कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह रलावता के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और आगामी ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के सालाना उर्स पर जिला प्रशासन द्वारा पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की। जिला कलेक्टर को दिए पत्र में उर्स मेला क्षेत्र में आने वाले वार्ड सं. 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 69 व 70 आते हैं। उर्स से पूर्व मेला क्षेत्र में सफाई कराते हुए आम रास्ते पर जमा मलबा व कचरा तुरंत प्रभाव से हटवाने व उर्स अवधि में 24 घण्टे राउंड द क्लॉक मेला क्षेत्र में सफाई की व्यवस्था, जायरीनों के आने जाने के सुविधार्थ मेला क्षेत्र में निर्माण कार्यों पर पूर्णतः रोक लगवाये, विद्युत तार, टेलीफोन के तार व केबल के लटके हुए तारों को दुरस्त कराये, पर्याप्त रोड लाइट के लिये स्थायी व अस्थायी विद्युत व्यवस्था करे, उर्स मेला क्षेत्र की सड़कों पर उर्स प्रारंभ होने से पूर्व पेचवर्क कराया जाये एवं जहां आवश्यक हो वहां नई सड़क निर्माण कराया जाए। इसके साथ ही दरगाह संपर्क सड़क को उर्स प्रारंभ होने से पूर्व दुरुस्त कराया जाए, क्योंकि उर्स में शामिल होने वाले जायरीन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। उर्स मेला क्षेत्र की सभी नालियों को दुरस्त व साफ करवाए, ताकि नालियों का गंदा पानी सड़कों पर नहीं फैले, मेला क्षेत्र में जल सप्लाई की लाइनों के लीकेज को दुरस्त कर आवश्यकता अनुसार समय-समय पर जलापूर्ति करने का पेयजल विभाग को पाबंद करे। मेला क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा बंदोबस्त हेतु पर्याप्त मात्रा में पुलिस इम्दाद लगाए व मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। इस अवसर पर अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव शिवकुमार बंसल अल्पसंख्यक विभाग के पूर्व जिला अध्यक्ष राशिद खान, वरिष्ठ पार्षद गजेंद्र सिंह रलावता, मुनीरचंद तंबोली, मुख्तियार नवाब, अमाद चिश्ती, ऋषि घारू, एसएम अकबर ,आजाद लखन, पप्पू कुरैशी, संपत कोठारी, समीर भटनागर, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय निवासी उपस्थित रहे।

लापरवाही पर प्रशासन को दिए निर्देश, राजस्थान-अजमेर के राजकीय अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी

अजमेर. केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री एवं अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने शनिवार को किशनगढ़ मुख्यालय स्थित राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल में निरीक्षण के दौरान सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर में भाग लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी को आमजन और मरीजों ने बताया कि अस्पताल में चार एक्स-रे मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद केवल एक मशीन का उपयोग किया जा रहा है। अस्पताल में निरीक्षण के दौरान केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को मरीजों एवं उनके परिजनों ने बताया कि एक्स-रे मशीनें सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चालू होनी चाहिए, लेकिन इनका संचालन केवल सुबह 9 से 1 बजे तक ही किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में मरीजों को समय पर जांच कराने में परेशानी हो रही है। इस पर केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने तुरंत अस्पताल के प्रबंधन (पीएमओ) से स्पष्टीकरण मांगा। जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने पीएमओ को फटकार लगाई और तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया। केंद्रीय मंत्री ने खुद खुलवाया एक्स-रे रूम जब केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया, तो दिन के 11:30 बजे भी एक्स-रे रूम बंद पाया गया। इस स्थिति से आहत होकर उन्होंने तुरंत एक्स-रे रूम की चाबियां मंगवाईं और कमरे को खुलवाया। इसके बाद उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि सभी चार एक्स-रे मशीनों को तुरंत चालू किया जाए ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने अस्पताल प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा सामने आई, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शीतकालीन सत्र के बीच क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान दिल्ली में शीतकालीन सत्र के दौरान व्यस्त होने के बावजूद केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा कर स्थानीय समस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान किसान मोर्चा प्रदेश मीडिया प्रभारी सूर्यप्रकाश शर्मा भी साथ में मौजूद रहे।

नमाज पर पाबंदी की उठी मांग, राजस्थान-अजमेर दरगाह के बाद अब ‘अढ़ाई दिन का झोपड़ा’ गरमाया

अजमेर. देश की सबसे प्राचीन मस्जिदों में से एक अढ़ाई दिन का झोपड़ा के पीछे ढेर सारे विवाद हैं। इस बार विवाद नमाज को लेकर है। दरअसल, पिछले दिनों से हिंदू और जैन संत यहां आकर जबरन नमाज़ पढ़ने का विरोध जता चुके हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां के गर्भगृह और बाहर की दिवारों के खंभों पर साफ-साफ हिंदू-जैन मंदिर शैली में देखे जा सकते हैं। दरअसल, साल की शुरुआत में जब एक जैन साधु अढ़ाई दिन के झोपड़े को देखने के लिए जा रहे थे। तब उनको समुदाय विशेष के लोगों ने रोक दिया था। इसके बाद विवाद बढ़ा, क्योंकि अढ़ाई दिन का झोपड़ा एक पर्यटन स्थल है, जिसकी देखरेख की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व विभाग की है। इस घटना के बाद अजमेर सहित देश भर के जैन समुदाय ने प्रशासन के सामने अपत्ति दर्ज कराई थी। क्या है अढ़ाई दिन का झोंपड़ा? दरअसल ‘अढ़ाई दिन का झोंपड़ा’ 1192 ईंस्वीं में अफगान सेनापति मोहम्मद गोरी के आदेश पर कुतुबुद्दीन ऐबक ने बनवाया था। असल में इस जगह पर एक बहुत बड़ा संस्कृत विद्यालय (स्कूल) और मंदिर थे, जिन्हें तोड़कर मस्जिद में बदल दिया गया था। अढ़ाई दिन के झोपड़े के मुख्य द्वार के बायीं ओर संगमरमर का बना एक शिलालेख भी है, जिसपर संस्कृत में उस विद्यालय का जिक्र किया गया है। इस मस्जिद में कुल 70 स्तंभ हैं। असल में ये स्तंभ उन मंदिरों के हैं, जिन्हें धवस्त कर दिया गया था, लेकिन स्तंभों को वैसे ही रहने दिया गया था। इन स्तंभों की ऊंचाई करीब 25 फीट है और हर स्तंभ पर खूबसूरत नक्काशी की गई है। 90 के दशक में यहां कई प्राचीन मूर्तियां ऐसे ही बिखरी पड़ी थीं, जिन्हें बाद में संरक्षित किया गया। लंबी है इसकी कहानी अढ़ाई दिन का झोपड़ा नाम की लंबी कहानी है। माना जाता है कि तब मोहम्मद गोरी पृथ्वीराज चौहान को हराने के बाद अजमेर से गुजर रहा था। इसी दौरान उसे वास्तु के लिहाज से बेहद उम्दा हिंदू धर्मस्थल नजर आए। गोरी ने अपने सेनापति कुदुबुद्दीन ऐबक को आदेश दिया कि इनमें से सबसे सुंदर स्थल पर मस्जिद बना दी जाए. गोरी ने इसके लिए 60 घंटों यानी ढाई दिन का वक्त दिया। गोरी के दौरान हेरात के वास्तुविद अबु बकर ने इसका डिजाइन तैयार किया था। जिसपर हिंदू ही कामगारों ने 60 घंटों तक लगातार बिना रुके काम किया और मस्जिद तैयार कर दी।

‘सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए सब कुछ हो रहा’, राजस्थान-अजमेर की दरगाह के शिव मंदिर होने के दावे पर दीवान बोले

अजमेर. राजस्थान के अजमेर मे स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह को हिंदू मंदिर बताने वाली याचिका को निचली अदालत ने बुधवार को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है और सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तारीख तय की है। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने सिविल न्यायाधीश के समक्ष वाद पेश किया है, जिसमें उन्होंने अजमेर दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा किया है। इस मामले पर अब दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती का बयान सामने आया है। सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि “हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दरगाह से संबंधित वाद को अजमेर न्यायालय में प्रस्तुत किया था। कोर्ट ने वाद दर्ज कर नोटिस जारी किया है। यह एक न्यायिक प्रक्रिया है, इस मामले में ज्यादा कहना उचित नहीं है। न्याय प्रक्रिया पर हम लोग नजर लगाए हुए हैं। हम अपने वकीलों से राय ले रहे हैं। हम वकीलों से आगे की प्रक्रिया की राय ले रहे हैं। जैसे ही हमें एक्सपर्ट ओपिनियन मिलेगा, उसके अनुसार हम आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे। हमें मालूम हुआ कि है वादी ने दरगाह कमेटी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और अल्पसंख्यक मंत्रालय को पक्षकार बनाया है। गरीब नवाज के किसी वंशज को पक्षकार नहीं बनाया गया है। इसलिए, हम वकीलों से राय लेकर आगे की जो प्रक्रिया पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि देश नई परंपरा डाली जा रही है। आए दिन जो देखने में आ रहा है कि हर दरगाह या मस्जिद पर हर कोई लोकप्रियता पाने के लिए दावा कर रहा है कि यहां मंदिर था, उसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई या दरगाह बनाई गई। उन्होंने कहा, “यह परंपरा देश के हित में सही नहीं है। हमारे समाज के हित में सही नहीं है। यह सिर्फ सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए है। ये लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।” उन्होंने कहा कि यह हिंदुस्तान की वह दरगाह है, जिससे पूरी दुनिया के हर मजहब का आदमी जुड़ा हुआ है। हर मजहब के आदमी की आस्था दरगाह से जुड़ी हुई है। इस दरगाह की तारीख कोई सौ दो सौ साल पुरानी नहीं, लगभग 850 साल पुरानी है। साल 1195 में गरीब नवाज हिंदुस्तान में तशरीफ लाए थे। साल 1236 में आपका विसाल हुआ था। उसी समय से यह दरगाह कायम है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में इस तारीख के दौरान जो हिंदू राजा गुजरे हैं, यह दरगाह सबकी अकीदत का मरकज रही है। सबने अपने अपने तरीके से गरीब नवाज की बारगाह में नजराना पेश किया है। दरगाह में चांदी का कटहरे है जो जयपुर महाराज का चढ़ाया हुआ है। उस दौर में जितने राजा रजवाड़े हुए हैं, चाहे वह किसी भी मजहब के हों, इस बारगाह से किसी न किसी तरीके से जुड़ रहे हैं। तारीख में कोई ऐसा इतिहासकार नहीं है, जिसने इस बारगाह के बारे में लिखा होगा कि यहां पर मंदिर था या कुछ तोड़ करके बनाया गया। कहीं तारीख नहीं है। सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि वादी ने हरविलास शारदा की किताब को आधार बनाया है जो कोई इतिहासकार नहीं थे। वह अजमेर के सम्मानित शख्सियत थे। उनकी किताब अजमेर हिस्टोरिकल एंड डिस्क्रिप्टिव 1910 में आई और 1920 में पुनः प्रकाशित हुई। उस किताब को आधार बनाकर के इस तरह के मनगढ़ंत दावे पेश करना या बात करना बिल्कुल गलत है।

विधानसभा अध्यक्ष ने निर्माण कार्यों का किया शुभारंभ, राजस्थान-अजमेर का होगा सतत विकास और योजनाबद्ध होंगे काम

जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अजमेर का सतत एवं सुनियोजित विकास किया जा रहा है। राज्य बजट में अजमेर को 1500 करोड़ रूपए मिले हैं। आजादी के बाद यह किसी बजट में अजमेर को मिली सर्वाधिक राशि है। आने वाले दिनों में अजमेर प्रदेश के अग्रणी शहरों की कतार में होगा। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने अजमेर के वार्ड संख्या 65 सिविल लाइंस अजमेर हॉस्पिटल वाली गली तथा वार्ड  72 में चिराना हाउस गली में सड़क व नाली निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में श्री देवनानी ने कहा कि साइन्स पार्क को पुनः स्वीकृत करवाकर अपग्रेड करते हुए शिलान्यास किया गया है। बीसलपुर बांध से निर्भरता कम करने के लिए पहली बार फॉयसागर झील का पानी पेयजल के लिए उपलब्ध हुआ है। बिसलपुर बांध से पानी की आवक बढ़ाने के लिए इन्टेक वेल भी बनाया जाएगा। इससे अजमेर को 7 टीएमसी तक पानी उपलब्ध होगा। ईआरसीपी परियोजना से फॉयसागर को जोड़ने से हमेशा पानी भरा रहेगा। जलदाय विभाग के पम्पिंग स्टेशनों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए अतिरिक्त फिडर से जोड़ने के लिए भी पर्याप्त राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि अजमेर की पहचान शिक्षा नगरी के रूप में बनी रहनी चाहिए। इसके लिए भारतीय तकनीकी संस्थान की तर्ज पर आरआईटी के लिए महिला इंजीनियरिंग कॉलेज का चुनाव किया गया है। इसी प्रकार आयुर्वेद विश्वविद्यालय भी खुलेगा। इसके लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है। एम्स के स्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान टीबी अस्पताल भवन में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनाया जाएगा। कोटड़ा में भी सैटेलाईट चिकित्सालय बनेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अजयसर में लेपर्ड सफारी विकसित की जाएगी। यहां तक सुगम पहूंच सुनिश्चित करने के लिए चामुण्डा माता मन्दिर तक रोप वे बनाया जाएगा। म्यूजियम बनने से भी पर्यटन में वृद्धि होगी। यातायात को पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए 50 इलेक्ट्रीक बसें चलाई जाएगी। इसी प्रकार एथेलेटिक एकेडमी और स्पोट्र्स कॉलेज आरम्भ होने से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। रोजगार बढ़ाने के लिए आईटी पार्क की स्थापना होगी। इसके लिए भूमि आवंटन किया जा चुका है। रोडवेज बस स्टेण्ड भी 40 करोड़ रुपये की लागत से नया बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अजमेर के विकास की गति अनवरत बनी रहेगी। पहले बजट में ही 1500 करोड़ रुपये से अधिक की सौगातें मिली है। भविष्य में ड्रेनेज सिस्टम को अपग्रेड करने पर कार्य किया जाएगा। फॉयसागर के केचमेण्ट एरीया की सुरक्षा के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि से दीवार बनाई जानी है। झील की गहराई नरेगा के माध्यम से बढ़ाई जाएगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने 6.68 करोड़ की 2 सड़कों का किया शिलान्यास, राजस्थान-अजमेर के फॉय सागर का नाम होगा वरूण सागर

जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अजमेर के स्मारक और विरासतों का नामकरण हमारी अपनी संस्कृति और पहचान के साथ जुड़ा होगा। इसी सोच के साथ होटल खादिम का नाम परिवर्तित कर होटल अजयमेरू किया गया है। तेलंगाना हाउस का आवंटन निरस्त किया गया है। आगामी दिनों में फॉयसागर का नाम भी बदल कर वरूण सागर और किंग एडवर्ड मेमोरियल का नाम बदल कर महर्षि दयानन्द मेमोरियल किया जाएगा। श्री देवनानी ने शनिवार को अजमेर जिले के कोटड़ा में 6.68 करोड़ लागत की 2 सड़कों का शिलान्यास किया। इसके तहत महाराणा प्रताप नगर से पुष्कर रोड़ वाया कोटड़ा व दाहरसेन स्मारक तक की सड़क 4.76 करोड़ रूपए एवं नौसर घाटी मुख्य मार्ग से कोटड़ा मार्ग वाया प्राइवेट बस स्टैण्ड की सड़क 1.91 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री देवनानी ने कहा कि किसी भी शहर एवं संस्कृति की उन्नति एवं वैचारिक विकास तभी सार्थक है जब वह अपनी संस्कृति, इतिहास एवं विरासत पर गर्व कराना सीखे। इसी सोच के साथ अजमेर के विकास में प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं देशी नायकों को जोड़ा जा रहा है ताकि हमारी युवा पीढ़ी और भावी पीढ़ियां अपने शानदार अतीत से सीख ले सकें। उन्होंने कहा कि हमने चुनाव में वादा किया था कि कोटड़ा क्षेत्र के लोगों की भावनाओं के विपरीत बनाए जा रहे तेलंगाना हाउस का आवंटन निरस्त होगा। यह आवंटन निरस्त कराया जा चुका है। इसी तरह अजमेर के लोगों और अजमेर आने वाले सैलानियों, श्रद्धालुओं को प्राचीन इतिहास से रूबरू कराने के लिए होटल खादिम का नाम बदल कर होटल अजयमेरू किया गया है। अजयमेरू अजमेर का प्राचीन नाम है और अजमेर के संस्थापक राजा अजयराज चौहान से जुड़ा हुआ है। अब अजमेर आने वाले व्यक्ति जब भी होटल अजयमेरू जाएंगे, उन्हें अजमेर के गौरव की अनुभूति होगी। इसी कड़ी में आने वाले दिनों में फॉयसागर का नाम बदल कर वरूण सागर किया जाएगा। फॉयसागर नाम अंग्रेजी मानसिकता और उनके कुराज का परिचायक है। इसे बदल कर भारतीय शास्त्रों में वर्णित वरूण देवता के नाम पर किया जाएगा। इसी तरह अंग्रेजों के कुराज के ही प्रतीक नाम किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) का नाम भी बदला जाएगा। इसका नाम महान भारतीय संत महर्षि दयानन्द सरस्वती के नाम पर महर्षि दयानन्द मेमोरियल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में अजमेर के विकास के लिए अथक प्रयास किए गए हैं। राजस्थान सरकार के बजट में अजमेर जिले के लिए 1500 करोड़ रूपए की घोषणाएं हुई हैं। इतनी बड़ी राशि अजमेर को कभी नहीं मिली। आजादी के बाद पहली बार किसी बजट में अजमेर को कभी नहीं मिली। आजादी के बाद पहली बार किसी बजट में अजमेर को इतनी बड़ी राशि मिली है। इसका बड़ा हिस्सा अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में खर्च होने जा रहा है। कोटड़ा क्षेत्र में सैटेलाइट अस्पताल की शुरूआत हो चुकी है। इसी तरह 56 करोड़ रूपए की लागत से सड़कें व नाले अजमेर उत्तर में बनने जा रही है। अजमेर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, आईटी पार्क, आयुर्वेद यूनिवर्सिटी, स्पोट्र्स कॉलेज, स्पोटर्स अकादमी सहित विभिन्न कार्य होंगे। इन बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की शुरूआत हो चुकी है। शीघ्र ही यह सभी कार्य धरातल पर दिखाई देंगे।

पुष्कर के भटबाय गणेश मंदिर के पास हादसा, राजस्थान-अजमेर में अज्ञात वाहन की टक्कर से पैंथर की मौत

अजमेर. अजमेर जिले की तीर्थ नगरी पुष्कर में स्थित भटबाय गणेश मंदिर के पास एक पैंथर को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में पैंथर की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुष्कर थानाधिकारी घनश्याम सिंह राठौड़ सहित वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पैंथर के शव को अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के मुताबिक शाम को करीब साढ़े सात बजे वन विभाग व पुलिस को रोड के किनारे पैंथर का शव पड़ा होने की सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद मौके पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। रोड पर पैंथर मृत पड़ा था और लोगों का जमावड़ा लगा हुआ था। पुलिस ने मौके से लोगों को हटाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से पैंथर की मौत हुई है। फिलहाल वन विभाग की टीम द्वारा पैंथर के शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे उसकी मौत के कारणों का पता चल सकेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों पुष्कर के निकटवर्ती गांव गनहेडा में पैंथर ने एक ग्रामीण युवक पर हमला कर दिया था, जिससे युवक घायल हो गया था, इसके बाद वन विभाग की टीम ने पैंथर को पकड़ने के प्रयास भी किए थे, लेकिन पैंथर वन विभाग की पकड़ में नहीं आया था। वहीं अज्ञात वाहन द्वारा पैंथर की मौत के बाद पशु प्रेमियों में भी शोक की लहर है।

विधानसभा अध्यक्ष ने की अनुशंसा, राजस्थान-अजमेर उत्तर में 7.65 करोड़ से बनेंगी सड़कें

अजमेर/जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी की अनुशंसा पर अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में 7.65 करोड़ रूपए के विकास कार्य करवाए जाएंगे। इनमें 2 करोड़ रूपए की राशि विधायक कोष एवं 5.65 करोड़ रूपए के कार्य अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा करवाए जाने हैं। इस राशि से सड़क एवं अन्य विकास कार्य करवाए जाएंगे। नौसर घाटी मुख्य मार्ग से कोटड़ा मुख्य मार्ग वाया प्राइवेट बस स्टैण्ड तक 1.80 करोड़ रूपए लागत से सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसी तरह प्राधिकरण द्वारा पंचशील नगर ए ब्लॉक व ए ब्लॉक की विभिन्न सड़कों का निर्माण 3.85 करोड़ रूपए लागत से कराया जाएगा।

अजमेर में हत्या की साजिश नाकाम, राजस्थान-भरतपुर से भेजे शार्प शूटरों के दो सहयोगी गिरफ्तार

अजमेर. अजमेर की क्लॉक टावर थाना पुलिस ने हत्या की घटना को अंजाम देने के लिए गैंगस्टर वरुण चौधरी द्वारा भरतपुर से भेजे गए शार्प शूटरों के लिए हथियार, कारतूस व वारदात में सहयोग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि गैंगस्टर वरुण चौधरी द्वारा भरतपुर से भेजे गए दो शार्प शूटर रूपनगढ़ हरमाड़ा निवासी दातार चोटया पुत्र भागचंद चोटया और किशनगढ़ के तिलोनिया निवासी सुरेंद्र जाट पुत्र लक्ष्मण को गिरफ्तार किया है। एएसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों पर पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ मे जुटी है। वहीं, पूर्व में इस मामले में अलवर गेट थाना अधिकारी श्याम सिंह चरण के द्वारा चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इनके पास से सात पिस्टल मैगजीन के साथ भरी हुई। सात मैगजीन व कुल 82 कारतूस मिले हैं। इनको शहर के कुंदन नगर स्थित मकान से गिरफ्तार किया गया। यह था मामला पूर्व में संजय मीणा के साथियों ने धर्मेन्द्र चौधरी की हत्या को अंजाम दिया था। इस पर धर्मेंद्र चौधरी के भतीजे वरूण चौधरी ने उक्त घटना से संबंधित व्यक्तियों से बदला लेने के लिए उनकी हत्या की साजिश रची। वर्तमान मे संजय मीणा विष्णुहिल टाउन, अजमेर में निवास कर रहा है। उसकी हत्या करवाने की साजिश वरूण चौधरी और आकाश सोनी की ओर से रची गई। उक्त घटना को अंजाम देने के लिए भरतपुर निवासी पांच शार्प शूटर बुलाए। उनको अमन दिवाकर उर्फ पण्डित व आकाश सोनी के सहयोग से कुन्दन नगर अजमेर में ठहराया। उक्त आरोपी संजय मीणा की रेकी कर रहे थे। मौका मिलते ही एक दो दिन में ही अपने सहयोगियों के सहयोग से उक्त पांचों शूटर इनकी हत्या करने के प्रयास में थे। समय रहते चारों अभियुक्तों को पुलिस ने दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए गए, जो हथियार अमन दिवाकर की ओर से उपलब्ध करवाए गए थे। अनुसंधान की कड़ी में पूर्व में गिरफ्तार किए चारों आरोपियों को हथियार उपलब्ध करवाने वाले आरोपी अमन दिवाकर उर्फ गोलू पुत्र राजेन्द्र प्रसाद और आकाश सोनी को गिरफ्तार किया गया था। घटना का मास्टर माइंड वरूण चौधरी उक्त प्रकरण में वाछित था, जिसे प्रोडक्शन वारन्ट से प्राप्त कर बाद अनुसंधान केन्द्रीय कारागृह अजमेर में दाखिल करवाया गया। दिनांक 13 अक्तूबर 2023 को दबिश की भनक लगने पर एक शूटर अभिषेक उर्फ राजू मौके से फरार हो गया था। इसी प्रकरण में वांछित चल रहा था। उक्त अभियुक्त के बारे में मुखबिर ने सूचना दी कि अभिषेक उर्फ राजू वर्तमान में जिला कारागृह प्रयागराज उत्तर प्रदेश में निरूद्ध है। तत्पश्चात अभियुक्त अभिषेक उर्फ राजू को डकैती के प्रकरण में दौसा कारागृह में भेजा गया। वहां से अभियुक्त को प्रोडक्शन वारन्ट प्राप्त कर पुलिस रिमांड पर लिया।

खोए फोन वापस पाकर खिले चेहरे, राजस्थान-अजमेर में जीआरपी थाना पुलिस ने लौटाए 52 मोबाइल

अजमेर. जीआरपी थाना अजमेर के क्षेत्राधिकार में अलग-अलग घटनाओं में गुम हुए 52 मोबाइलों को बरामद कर उनके मालिकों को सौंप दिया गया है। गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल पाकर मालिकों के चेहरे पर खुशी से खिल गए। गुमशुदा मोबाइलों की बरामदगी के लिए पिछले एक महीने से विशेष अभियान चलाया जा रहा था, जिसमें थाना पुलिस ने 40 मोबाइल बरामद किए। जीआरपी थाना पुलिस ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों से यात्रियों के गुम और चोरी हुए 52 मोबाइलों को बरामद करने में सफलता हासिल की। पुलिस ने बरामद मोबाइलों को उनके मालिकों को सौंपा, जिस पर मोबाइल मालिकों ने जीआरपी थाना पुलिस को धन्यवाद दिया। जीआरपी थाना के सब इंस्पेक्टर सोमेंद्र कुमार ने बताया कि CEIR पोर्टल और गुमशुदा मोबाइलों के आईएमईआई ट्रैकिंग के माध्यम से मोबाइलों की बरामदगी संभव हो पाई है। 52 मोबाइल बरामद किए गए हैं। जिनमें विभिन्न कंपनियों और मॉडल के मोबाइल शामिल हैं, जिसमें एक आईफोन और एंड्रॉइड भी है। सोमेंद्र कुमार ने बताया कि समस्त मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 5-6 लाख रुपये आंकी गई है। एक महीने के अभियान में 40 मोबाइलों की बरामदगी से पहले इस वर्ष में 12 मोबाइलों को बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा जा चुका है। मोबाइलों की बरामदगी के बाद 40 मोबाइलों के वास्तविक स्वामियों को दूरभाष संपर्क के जरिए सूचना देकर मोबाइल सुपुर्द किए गए हैं। ये मोबाइल धारक राजस्थान राज्य के अलावा अन्य राज्यों के निवासी हैं।

डिजिटल प्रक्रिया से होगी खरीदारी, राजस्थान-अजमेर मंडल में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 150 रुपये बढ़ाया

अजमेर/केकड़ी. गेहूं की फसल उगाने वाले किसानों के लिए खुशखबरी। भारतीय खाद्य निगम ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य गत वर्ष की तुलना में 150 रुपया बढ़ाकर 2425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की घोषणा की है। घोषणा के मुताबिक 2025 में मार्च माह से जून माह तक अजमेर मंडल के 11 केंद्रों पर सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की जाएगी। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। यह योजना अजमेर, भीलवाड़ा, पाली और नागौर जिलों में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल बेचने की सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 150 रुपये अधिक है। 11 केंद्रों पर होगी खरीद प्रक्रिया भारतीय खाद्य निगम मंडल कार्यालय अजमेर के प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि गे की खरीद के लिए एफसीआई की ओर से 11 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। प्रस्तावित खरीद केंद्र केकड़ी सहित विजयनगर, कादेड़ा, सुमेरपुर, भीलवाड़ा, गुलाबपुरा, शाहपुरा, जहाजपुर, कोटड़ी, नागौर और मांडलगढ़ में स्थापित किए जाएंगे। ई-प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया से होगी खरीदारी उन्होंने बताया कि खरीदारी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए ई-प्रोक्योरमेंट मोड्यूल का उपयोग किया जाएगा। किसानों को पंजीकरण के लिए mspproc.rajasthan.gov.in पोर्टल का उपयोग करना होगा। यह पंजीकरण ई-मित्र, अटल सेवा केंद्र या अन्य माध्यमों से भी किया जा सकता है। खरीदारी प्रक्रिया मार्च-अप्रैल 2025 में शुरू होगी और जून 2025 के अंत तक चलेगी। किसानों को अपनी फसल बेचने से पहले पंजीकरण पोर्टल से टोकन जारी करना अनिवार्य होगा। रविवार और सरकारी अवकाश के दिन टोकन जारी नहीं होंगे। किसानों के लिए जरूरी निर्देश जन आधार कार्ड और बैंक खाते में किसी भी त्रुटि को ठीक करवा लें। जमीन की हकदारी और गिरदावरी से संबंधित विसंगतियों को समय रहते सही कर लें। फसल बुवाई प्रमाणिकता के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। एफसीआई ने आश्वासन दिया है कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान गेहूं बेचने के 48 घंटों के भीतर सीधे उनके बैंक खाते में कर दिया जाएगा। किसानों को जागरूक करने के लिए सभी केंद्रों पर बैनर, मुनादी, पोस्टर चिपकाने और पंप्लेट वितरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। समस्या समाधान के लिए हेल्पलाइन उन्होंने बताया कि यदि किसानों को किसी प्रकार की समस्या हो तो वे 18001806030 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या भारतीय खाद्य निगम, मंडल कार्यालय, ब्यावर रोड, अजमेर पर जाकर मदद प्राप्त कर सकते हैं। यह कदम सरकार की ओर से किसानों की भलाई और उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए उठाया गया है। इससे न केवल किसानों को आर्थिक लाभ होगा, बल्कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

3 महीने में 45 लाख रुपए की ठगी, राजस्थान-अजमेर के 11वीं के स्टूडेंट ने 200 लोगों को लगाया चूना

भरतपुर. राजस्थान का भरतपुर जिला साइबर ठगी के नाम से मशहूर है, मगर अब अजमेर के एक 11वीं कक्षा के छात्र ने करीब 200 लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाकर सारे ठगी के रिकॉर्ड तोड़ दिए। पीड़ित की शिकायत पर अजमेर की साइबर थाना पुलिस ने मात्र 19 वर्षीय नसीराबाद निवासी काशिफ मिर्जा पुत्र परवेज मिर्जा को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया यूजर्स को लाखों करोड़ों रुपए मुनाफे का लालच देकर इन्वेस्टमेंट स्कीम बताता था। साइबर थाने के सब इंस्पेक्टर मनीष चारण ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के सुपरविजन में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। आरोपी ने दो महिलाओं से पिछले 3 महीने में 45 लाख रुपए की ठगी कर डाली। आरोपी बोलता है फर्राटेदार इंग्लिश आरोपी इतना शातिर है कि अपनी अच्छी इंग्लिश बोलकर भोले भाले लोगों को अपने जाल में फंसा लेता और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों को अच्छा मुनाफा कमाने की बात कहकर इन्वेस्टमेंट स्कीम बताता और उनकी मेहनत की कमाई रकम अपने खाते में डलवा लेता। आरोपी कासिम अब तक 200 लोगों से ऑनलाइन और साइबर ठगी कर चुका है। साइबर थाना पुलिस ने आरोपी को सोमवार को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। माननीय न्यायालय ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर 2 दिन के लिए सौंपा है। लग्जरी लाइफ जीता है आरोपी पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 19 साल का 11वीं कक्षा का छात्र काशिफ मिर्जा के पास एक लग्जरी कार है,महंगे फोन है, और ब्रांडेड लैपटॉप ऑपरेट करता है, जिसे पुलिस ने बरामद किया है। पीड़ित महिला ने नसीराबाद सिटी थाने में दर्ज कराया था मुकदमा मात्र 45 दिन में 9999 के बदले 15999 रुपए, 8 सप्ताह में करीब 30000 और करीब 99,999 के 13 सप्ताह में 1,39,999 रुपए इस तरह से आरोपी कम राशि के बदले मोटे मुनाफे का लालच लेता था। जो अब पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है । पुलिस को और भी मामले खुलने की पूरी आशंका है।

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