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औद्योगिक नोड्स व नए लॉजिस्टिक्स हब बनाने तलाशी जा रही जमीन, राजस्थान-जयपुर में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने की साइट विजिट

जयपुर। ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के सफल समापन के एक महीने के भीतर, राजस्थान सरकार ने अब व्यवसाय करने में आसानी बढ़ाने और राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नए औद्योगिक नोड्स, लॉजिस्टिक्स हब और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। अजिताभ शर्मा, प्रमुख सचिव (उद्योग) के नेतृत्व में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने श्री इंद्रजीत सिंह, प्रबंध निदेशक (RIICO) के साथ मिलकर इन परियोजनाओं के लिए रणनीतिक स्थानों की पहचान करने के लिए सोमवार को जयपुर के पास साइट का दौरा किया। अधिकारियों ने मांडा, फुलेरा (पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के आसपास) और बिचून औद्योगिक क्षेत्रों में साइट का दौरा किया और औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब विकास से संबंधित परियोजनाओं के लिए क्षेत्र में विभिन्न भूमि भूखंडों की उपयुक्तता का आकलन किया। बाघावास गांव में लगभग 67 हेक्टेयर भूमि की उपयुक्तता पर भी विचार-विमर्श हुआ। सरकार लॉजिस्टिक पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 200-250 हेक्टेयर भूमि को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रही है। अधिकारियों ने प्रस्तावित भूमि एकत्रीकरण नीति के तहत मांडा औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार और बिचून औद्योगिक क्षेत्र के तेजी से विकास का भी सुझाव दिया। जैसा कि प्रमुख सचिव (उद्योग) श्री अजिताभ शर्मा ने कहा, नए लॉजिस्टिक पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण से परिचालन में आसानी बढ़ेगी और व्यापार की लागत कम होगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के आसपास का दौसा-बांदीकुई क्षेत्र और पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के निकट मांडा विस्तार राज्य में दो औद्योगिक केंद्र हैं, जिनमें अपार संभावनाएं हैं। बांदीकुई और मांडा क्षेत्र में रीको सरकारी और कुल निजी भूमि क्षेत्रों पर निवेश और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र विकसित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा व्यापार सुगमता बढ़ाने और सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित निवेश प्रस्तावों को चालू परियोजनाओं में परिवर्तित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले, प्रमुख सचिव (उद्योग) श्री शर्मा के नेतृत्व में अधिकारियों के एक दल ने राज्य में नए निवेश क्षेत्र की स्थापना के लिए भूमि के भूखंडों की पहचान करने के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ दौसा-बांदीकुई क्षेत्र का दौरा भी किया था। विभाग के केंद्रित प्रयास ‘राइजिंग राजस्थान’ वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 के दौरान किए गए वादों को साकार करने की दिशा में एक मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जो राजस्थान के औद्योगिक विस्तार और सतत विकास के लिए मंच तैयार करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 9 दिसंबर को ‘राइजिंग राजस्थान’ वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 का उद्घाटन किया था। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान’ वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 के दौरान 35 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए।

कलेक्टर बोलीं- ट्रेस नहीं हो रहा बोरवेल, राजस्थान-जयपुर में गलत दिशा में खोद दी सुरंग

जयपुर। राजस्थान के कोटपूतली में 700 फीट गहरे बोरवेल में तीन साल की चेतना 9वें दिन भी फंसी हुई है। चेतना को रेस्क्यू करने के लिए खोदे गए 170 फीट गड्ढे में उतरकर एनडीआरएफ के जवान सुरंग खोद रहे थे। लेकिन, अब इसमें बहुत बड़ी गड़बड़ हो गई। 10 फीट लंबी सुरंग की खोदाई पूरी हो चुकी है, लेकिन उसकी दिशा ही गलत निकली। सुरंग बोरवेल तक नहीं पहुंची है। कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने कहा कि सुरंग के जरिए अब तक बोरवेल को ट्रेस नहीं किया जा सका है। हमारी कोशिश लगातार जारी है, रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों ने हिम्मत नहीं हारी है। बता दें कि आज मंगलवार को रेस्क्यू अभियान को 9वां दिन है, लेकिन चेतना को बाहर नहीं निकाला जा सका है। भूखी-प्यासी मासूम बच्ची की हालत कैसी है, इसका भी कुछ पता नहीं चल पा रहा है। कई दिन से वह मूवमेंट नहीं कर रही है। चेतना 120 फीट की गहराई पर एक हुक से लटकी हुई है। 30 दिसंबर को  प्रशासन और एनडीआरएफ ने दावा किया था कि बच्ची को सोमवार को बाहर निकाल लिया जाएगा। दावे के बाद से बच्ची की मां और परिजन उसके बाहर आने का बेसब्री से इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। वहीं, अब गलत दिशा में हुई सुरंग की खोदाई के कारण यह सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर चेतना को कब बाहर निकाला जा सकेगा। परिवार का आरोप, परिजनों से मिलीं कलेक्टर उधर, बच्ची को निकालने में हो रही देरी के कारण परिवार और ग्रामीण प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर, समय पर सही कदम उठाए गए होते तो चेतना को पहले ही बाहर निकाल लिया गया होता। हालांकि, प्रशासन किसी तरह की लापरवाही से इनकार कर रहा है। परिजनों की नाराजगी सामने आने के बाद सोमवार देर शाम कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने परिजनों से दोबारा मुलाकात की और उन्हें रेस्क्यू अभियान में आ रही परेशानियों के बारे में बताया। कलेक्टर का कहना है कि हम हर स्तर पर बेहतर काम कर रहे हैं, लेकिन यह रेस्क्यू अभियान काफी मुश्किल है। इसलिए इसे पूरा करने में समय लग रहा है। बता दें कि कलेक्टर कल्पना अग्रवाल इसे राजस्थान का सबसे मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन बता चुकी हैं।  अंदर सांस लेने में हो रही परेशानी मासूम चेतना तक पहुंचने के लिए एनडीआरएफ के 6 जवानों की तीन टीमें बनाई गई हैं। एक बार में दो जवान को 170 फीट गहरे गड्ढे में उतरकर बोरवेल तक सीधी सुरंग खोद रहे हैं। दो जवानों की एक टीम करीब 20-25 मिनट अंदर रहकर खोदाई कर रही है, फिर उन्हें बाहर निकालकर दूसरी टीम को नीचे भेजा जा रहा है। इसी तरह सुरंग बनाने का सिलसिला जारी है। जवानों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है, लेकिन अधिक गहराई में होने के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है। नौ दिन से चेतना को निकालने के प्रयास जारी     तीन साल की चेतना 23 दिसंबर (सोमवार) की दोपहर दो बजे खेलते समय 700 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। चेतना करीब 150 फीट की गहराई में फंस गई थी, देसी जुगाड़ से उसे तीस फीट ऊपर खींच लिया गया। अब वह 120 फीट पर एक हुक से लटकी हुई है। 23 दिसंबर से चेतना को खाना पानी कुछ भी नहीं मिला है। 24 दिसंबर की शाम से वह कोई मूवमेंट भी नहीं कर रही है। उसकी हालत को लेकर अधिकारी भी कुछ नहीं बोल रहे हैं।

‘कलेक्टर बोले-कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की स्थिति में सुधार जरूरी’, राजस्थान-लाडेसर अभियान का 14 जनवरी को शुभारंभ

जयपुर। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में  बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला कलेक्टर ने कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की स्थिति में सुधार हेतु जिले में लाडेसर अभियान के शुरुआत के लिए निर्देश दिए गए। अभियान के अन्तर्गत कम वजन एवं अति कम वजन वाले बच्चों के पोषण पर निगरानी रखी जाएगी तथा  प्रत्येक कम वजन एवं अति कम वजन वाले बच्चों को प्रतिमाह एक-एक लाडेसर पोषाहार किट का वितरण किया जाएगा एवं साथ ही इसके उपयोग के सुनिश्चितता हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा बच्चों के माता-पिता की समझाइए की जाएगी एवं नियमित रूप से बच्चों की प्रति 10 दिवस में  वजन/ऊंचाई/ लंबाई ली जाएगी। कलेक्टर ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी को अभियान के सफल संचालन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। बैठक में श्री महेश शर्मा उप निदेशक समेकित बाल विकास विभाग, उप निदेशक श्री सिकरा राम चोयल सहित संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

राजस्थान-मुख्यमंत्री ने जयपुर संभाग के विधायकों की ली बैठक, ‘आमजन से जुड़े मुद्दों पर तुरंत एक्शन लें विधायक’

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेशवासियों को गुड गवर्नेंस देने के लिये संकल्पित है। उन्होंने कहा कि विधायकगण जनता से जुड़े मुद्दों पर तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का कार्य करंे। साथ ही, जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए बजटीय घोषणाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। श्री शर्मा ने कहा कि आमजन से जुड़े विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जयपुर संभाग के विधायकों के साथ बजट वर्ष 2024-25 में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पूरी निष्पक्षता के साथ सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग अनुरूप बजट घोषणाएं की और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। विधायक जिला कलक्टर से संवाद कर इन सभी छोटे-बड़े कार्यों की क्रियान्विति सुनिश्चित करें। 8 करोड़ के परिवार के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस वर्ष जुलाई में प्रस्तुत बजट 2024-25 में विधायकों ने जितना मांगा, उससे ज्यादा दिया। हमारी सरकार आगामी बजट में भी विधायक सहित जनप्रतिनिधियों की मंशा अनुरूप घोषणाएं करते हुए उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश की आठ करोड़ जनता के उत्थान और कल्याण के लिए समर्पित होकर सेवाभाव से निरंतर कार्य कर रहे हैं। जनसेवा के लिए मंत्री-विधायक रहें तत्पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से जनसेवा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा प्रेषित सभी विषयों पर मंत्रीगण तत्परता से कार्य करें। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से ही हम ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ की परिकल्पना को पूर्ण रूप से साकार कर सकेंगे। वन क्षेत्र में रास्तों के प्रकरणों का होगा समुचित समाधान श्री शर्मा ने विधायकों द्वारा दिए गए सुझावों पर संज्ञान लेते हुए वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा को वन क्षेत्र में रास्तों के प्रकरणों पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों का समुचित परीक्षण कर वन विभाग द्वारा समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, जिन प्रकरणों में आवश्यकता है उन्हें मार्गदर्शन के लिए केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा। अनुपयोगी सामानों से जरूरतमंद का जीवन सुधारें मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्तियों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों की शुरूआत की गई है। इन केन्द्रों के माध्यम से कोई भी अनुपयोगी सामान जरूरतमंदों को उपलब्ध करा सकता है जिससे उनके जीवन में सुधार आएगा। उन्होंने विधायकों से आग्रह किया कि वे इस जनसेवा के कार्य में आगे आकर आमजन को प्रोत्साहित करें। इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों का शीघ्र होगा संचालन श्री शर्मा ने कहा कि प्रदूषण मुक्त सुगम यातायात के लिए प्रदेश के प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी बसों के संचालन की कार्ययोजना को जल्द ही पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप वोकल फोर लोकल को प्रोत्साहित करते हुए हमने पंच गौरव कार्यक्रम की शुरूआत की है। इसकेे तहत एक जिला-एक उपज, एक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल और एक खेल का चिन्हीकरण कर जिले की विशेषताओं को नई पहचान दी जा रही है। उन्होंने विधायकों को पंच गौरव कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन सामूहिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने कहा ही राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत हुए निवेश प्रस्ताव का क्रियान्वयन सामूहिक जिम्मेदारी है। विधायक अपने जिला कलक्टर से निरंतर संवाद स्थापित करते हुए छोटे-बड़े सभी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए संकल्पित होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक माह इन सभी प्रस्तावों के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा कर रहे हैं। निवेश की राशि को श्रेणियों में विभक्त कर जिला कलेक्टर से लेकर मुख्य सचिव तक के स्तर तक अनवरत समीक्षा भी जारी है। राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन अनुकरणीय पहल केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक वर्ष में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर एक मिसाल कायम की है। सरकार गठन के एक वर्ष के भीतर ही राइजिंग राजस्थान जैसी अनुकरणीय पहल कर कई राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। बैठक में जयपुर संभाग की बजट घोषणाओं की वित्तीय स्वीकृति, जमीन आवंटन और प्रगतिरत कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। विधायकों ने जिलों के पुनर्गठन के निर्णय पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा सहित जयपुर संभाग से आने वाले विधायकगण उपस्थित रहे।

रेस्क्यू टीम कमांडर बोले- जल्द पहुंचेगी टीम, राजस्थान-जयपुर में बोरवेल में अब डेढ़ फीट दूर है बच्ची

जयपुर। बीते 8 दिन से लगातार जिस मासूम चेतना को बोरवेल से निकालने लिए कोशिशें की जा रही है, वह आज लगभग पूरी होती नजर आ रही है। रेस्क्यू टीमें चेतना के करीब पहुंच चुकी है। करीब 170 फीट गहराई में मौजूद टीम के कमांडर का दावा है कि आज दोपहर तक चेतना तक हम पहुंच जाएंगे। एनडीआरएफ की टीम सोमवार सुबह 6:30 बजे तक करीब 7 फीट टनल की खुदाई कर चुकी है। अब सिर्फ 1.5 फीट चौड़े चट्टान को ड्रिल करना बाकी है। हालांकि चेतना किस स्थिति में है, इस पर अभी प्रशासन की तरफ से कोई अपडेट नहीं आया है। कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने दावा किया है कि ये राजस्थान का सबसे मुश्किल ऑपरेशन है। 23 दिसंबर को हुआ था हादसा बता दें कि 23 दिसंबर की दोपहर चेतना खेलते हुए बोरवेल में गिर गई थी। वह करीब 170 फीट की गहराई में फंसी थी। बोरवेल में गिरने के बाद से उसे पानी तक नहीं पहुंचाया जा सका है। इसके बाद बारिश के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में कुछ दिक्कतें और आईं। मंगलवार (24 दिसंबर) शाम से वह कोई मूवमेंट भी नहीं कर रही है। अधिकारी बीते कई दिनों से उसके कैमरे की इमेज या विजुअल को भी नहीं दिखा रहे हैं।

अब तक 20 की गई जान, राजस्थान-जयपुर टैंकर ब्लास्ट में घायल एक और व्यक्ति की मौत

जयपुर। 20 दिसंबर को जयपुर-अजमेर हाईवे पर हुए एलपीजी टैंकर ब्लास्ट में घायल एक और व्यक्ति की मौत हो गई।  अजमेर निवासी सलीम ने शनिवार सुबह सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।  सलीम 55% झुलस गए थे। हादसे में अब तक कुल 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें रिटायर्ड आईएएस करणी सिंह भी शामिल हैं। आठ की हालत बहुत गंभीर एलपीजी टैंकर ब्लास्ट हादसे में घायल आठ लोगों की हालत बहुत गंभीर है। SMS हॉस्पिटल के बर्न यूनिट में इनका इलाज चल रहा है। यह सभी लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। बर्न स्पेशलिस्ट डॉ. राकेश जैन ने बताया कि मरीजों की जान बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम हर संभव प्रयास कर रही है। 27 लोग 80% तक झुलस थे ब्लास्ट में कुल 27 लोग 80% तक झुलस गए थे। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। डॉक्टरों का कहना है कि सभी घायलों को बेहतर इलाज दिया जा रहा है। हमारी पूरी कोशिश है कि सभी घायलों केा बचाया जा सके। घटना के एक हफ्ते बाद रीजनल अधिकारी पर कार्रवाई घटना के एक हफ्ते बाद केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने NHAI के रीजनल अधिकारी दिनेश चतुर्वेदी का ट्रांसफर कर उनकी जगह अब्दुल बासिल को नियुक्त किया। हादसे के कारणों पर अब तक विभागों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। एलपीजी टैंकर ब्लास्ट 20 दिसंबर को जयपुर-अजमेर हाईवे पर एलपीजी टैंकर में ब्लास्ट हो गया था। इससे एलपीजी गैस भांकरोटा में करीब 500 मीटर एरिया तक फैल गई।  40 से ज्यादा गाड़ियां इसकी चपेट में आ गई थी। हादसा इतना भयंकर था कि 27 लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से 20 की अब तक मौत हो चुकी है। मृतकों में रिटायर्ड आईएएस करणी सिंह भी शामिल थे।

मां बोली-तड़प रही मेरी बच्ची, राजस्थान-जयपुर में बोरवेल में चेतना को बचाने सुंरग खोदने नीचे उतरे जवान

जयपुर। राजस्थान के कोटपूतली में 700 फीट गहरे बोरवेल में फंसी तीन साल की चेतना को आज छठवां दिन है। मासूम बच्ची 120 फीट की गहराई पर एक हुक से लटकी हुई है। इतने दिन से न तो उसने कुछ खाया और न ही पिया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि चेतना को रेस्क्यू करने के लिए बोरवेल के पास खोदे गए गड्ढे में रेस्क्यू टीम के जवानों को नीचे उतारा गया है। यह जवान बोरवेल तक सुरंग खोदेंगे। हालांकि, यह अधिकारी भी नहीं बता रहे हैं कि चेतना कब तक निकल आएगी। उधर, चेतना की मां धोली देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार हाथ जोड़कर एक ही विनती कर ही हैं कि मेरी बेटी को बाहर निकाल दो। मासूम बच्ची चेतना को बाहर निकालने में हो रही देरी पर परिवार प्रशासन और कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगा रहा है। परिवार का कहना है कि पहले तो कलेक्टर छुट्टी पर थी। लेकिन, आने के बाद भी वे एक बार भी परिवार से मिलने तक नहीं आई हैं।  मीडिया को दिए बयान में चेतना के ताऊ शुभराम ने कहा कि अधिकारियों से कुछ पूछो तो वे जवाब नहीं देते हैं। अधिक सवाल करने पर कहते है- जो भी बताएंगी कलेक्टर मैडम ही बताएंगी। अब क्या है बच्ची को निकालने का प्लान? जानकारी के अनुसार बच्ची को निकालने के लिए एनडीआरएफ के 6 जवानों की तीन टीमें में बनाई गई हैं। एक बार में दो जवान को 170 फीट गहरे गड्ढे में उतरेंगे और बोरवेल तक सीधी खुदाई करेंगे। दो जवानों की एक टीम करीब 20-25 मिनट अंदर रहेगी, फिर उन्हें बाहर निकालकर दूसरी टीम को नीचे भेजा जाएगा। इसी तरह सुरंग बनाने का सिलसिला जारी रहेगा। अगर, नीचे खुदाई में पत्थर मिलता है तो ड्रिल मशीन समेत अन्य उपकरणों का प्रयोग किया जाएगा।

निवेश करारों को धरातल पर उतारने के दिये निर्देश, राजस्थान-जयपुर कलेक्टर ने की ‘राइजिंग राजस्थान’ की समीक्षा

जयपुर। जयपुर जिले में निवेश को प्रोत्साहित करने एवं रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने के लिए विभागीय अधिकारी राइजिंग राजस्थान के तहत हुए निवेश करारों को धरातल पर उतारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बना कर समस्त एमओयू का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह दिशा निर्देश प्रदान किये। जिला कलक्टर की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में राइजिंग राजस्थान के तहत हुए निवेश करारों की प्रगति की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान कलक्टर ने अधिकारियों को निवेश करारों को धरातल पर उतारने एवं निवेश करारों के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए भू आवंटन सहित समस्त प्रकार की आवश्यक कार्यवाहियों का जल्द से जल्द निस्तारण करने के भी निर्देश प्रदान किये। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर विनिता सिंह, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र श्रीमती शिल्पी आर. पुरोहित सहित रीको, जयपुर विकास प्राधिकरण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा विभाग, शिक्षा विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

घायलों का हाल जानने एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष, राजस्थान-जयपुर टैंकर हादसे में अब तक 15 की मौत

जयपुर। भांकरोटा अग्निकांड में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आज एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान दो और घायलों यूसुफ और नरेश बाबू की मौत हो गई। अब तक इस हादसे में 15 लोगों की जान जा चुकी है। घायलों का इलाज एसएमएस अस्पताल में जारी है, जहां चिकित्सा विभाग के सभी डॉक्टर कैजुअल्टी रोकने के लिए सतर्क हैं। गौरतलब है कि 20 दिसंबर को भांकरोटा में एलपीजी टैंकर फटने के बाद यह दर्दनाक हादसा हुआ था। हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी ने इसकी जांच के लिए संयुक्त जांच कमेटी का गठन किया है। झुलसे हुए कई मरीजों का एसएमएस अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन और चिकित्सा विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राजस्थान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष घायलों के हालचाल जानने के लिए आज एसएमएस अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रशासन से उपचार की स्थिति और घायलों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। आयोग अध्यक्ष ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उन्हें उचित मदद का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि इस भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। कल आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए थे कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए और हादसे के कारणों की गहन जांच की जाए।

फरीदाबाद से आई खास मशीन, राजस्थान-जयपुर में 40 घंटे बाद भी 700 फिट गहरे बोरवेल में चेतना

जयपुर। कोटपूतली की बढ़ियाली ढाणी में बोरवेल में फंसी चेतना को निकालने के लिए पूरा अमला मौके पर है। कई अफसर तो ऐसे हैं जो दो दिन से मौके पर ही हैं, लेकिन चिंता की बात यह है कि अब तक चेतना को निकाला नहीं जा सका है। लभगग 40 से ज्यादा घंटे बीत चुके हैं ऑपरेशन चलते हुए। ऐसे में अब प्रशासन ने नए प्लान पर काम शुरू कर दिया है। बता दें कि एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें मौके पर जुटी हुई हैं। वहीं दूसरी ओर फरीदाबाद से पाइलिंग मशीन बुलाई गई है। जेसीबी से बोरवेल से 15 फीट की दूरी पर मिट्टी खोदने का काम भी शुरू हो गया है। मौके पर हाइड्रो क्रेन भी बुलाई गई है। मंगलवार को चेतना को बचाने के लिए ‘जे’ हुक काम में लिया गया। कुछ सफलता मिली थी और बच्ची को थोड़ी ऊंचाई तक खींचा भी गया था, लेकिन कैमरे के बार-बार खराब हो जाने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई आई। घटनास्थल पर तेज धुंध के कारण विजिबिलिटी बहुत कम देर रात लगातार जेसीबी मशीनों द्वारा पीइलिंग मशीन के लिए प्लेटफार्म बनाने का कार्य जारी था। NDRF व SDRF सिविल डिफेंस के जवान लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर जेसीबी मशीन के द्वारा लगभग 15-20 फुट गहरा खड्डा खोदा मशीन को लगाने के लिए प्लेटफार्म बनाया गया है, हालांकि सुबह से घटनास्थल पर तेज धुंध के कारण विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है, लेकिन पुलिस प्रशासन और बचाव दल का हौसला बरकरार है। बता दें कि मशीन देर रात घटनास्थल पर पहुंची थी। मशीन पहुंचने के बाद लगातार खुदाई का कार्य जारी है।  

10 लोग घायल, राजस्थान-जयपुर में अजमेर हाइवे पर लो फ्लोर बस को ट्रक ने मारी टक्कर

अजमेर। राजधानी में अजमेर हाईवे पर एक के बाद एक हादसे हो रहे हैं। शुक्रवार को गैस टैंकर का हादसा हुआ था और बीते सोमवार को लो फ्लोर बस का एक्सीडेंट हो गया। बता दें कि  चांदपोल से बगरू जा रही लो फ्लोर बस को अजमेर हाईवे पर तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में बैठे करीब 10 यात्रियों को चोटें आई हैं। यात्रियों को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया। हादसा अजमेर रोड पर हाईवे किंग होटल बगरू के पास हुआ है। बगरू थाना अधिकारी मोतीलाल शर्मा के मुताबिक सोमवार को शाम करीब 7:30 बजे सूचना मिली थी कि अजमेर रोड पर होटल हाईवे किंग बगरू के पास लो फ्लोर बस का एक्सीडेंट हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे में बस में बैठे यात्रियों को हल्की चोटें आई थी, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया।

एक और कैमरा NDRF की टीम ने डाला, राजस्थान-जयपुर में 18 घंटे से बोरवेल में मौत के गड्ढे में चेतना

जयपुर। 18 घंटे से बोरवेल में भूखी प्यासी 3 साल की चेतना को बाहर निकलने के प्रयास और तेज हो गया है। बता दें बोरवेल 700 फीट है और चेतना 150 फीट पर फंसी हुई है। जल्द ही दूसरा प्रयास शुरू होगा। जगह कम होने के कारण खाद्य सामग्री नीचे भेजने में प्रशासन फेल हो गया। रिंग रोड और अंब्रेला टेक्नोलॉजी से बच्ची को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। देर रात करीब 1 बजे पहला प्रयास असफल रहा। रिंग बच्ची के कपड़ों में फंसने के बाद बच्ची को बाहर निकाला जाएगा। एनडीआरएफ के सीनियर कमांडेंट योगेश मीणा ने बताया कि रिंग बच्ची को फंसाने के लिए बोरवेल में डाली गई थी। बच्ची के कपड़ों में रिंग उलझ गया था। उस रिंग से बच्ची की बॉडी पर पकड़ नहीं बन पाई। ऐसे में आदि दूरी में पकड़ छूटने के डर से रिंग को दोबारा बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों को उम्मीद सही-सलामत निकलेगी चेतना घटनास्थल पर काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ है। सभी लोग बच्ची के सकुशल बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम लगातार बच्ची को बाहर निकालने का प्रयास कर रही है। वहीं जिला प्रशासन और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। सरियों की सहायता से बोरवेल में उतारी गई रिंग बांदीकुई व दौसा में बोरवेल में गिरने वालों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन करने वाले तीन युवकों को भी एसडीआरएफ की टीम अपने साथ लेकर पहुंची है। टीम में शामिल जगमाल, नाथूराम व बलराम को बोरवेल में गिरी मोटर बाहर निकालने का अनुभव है। इन्होंने लोहे की रिंग बनाकर सरियों की सहायता से रिंग को नीचे बोरवेल में उतारा है। दो कोशिश नाकाम, अब तीसरी से उम्मीद सोमवार रात करीब 1 बजे रिंग रॉड और अंब्रेला टेक्नीक से बच्ची को निकालने का पहला प्रयास असफल रहा। एनडीआरएफ के सीनियर कमांडेंट योगेश मीणा ने बताया- जो रिंग बच्ची को फंसाने के लिए बोरवेल में फंसाने के लिए अंदर डाला था। वो बच्ची के कपड़ों मे उलझ गया था। उस रिंग से बच्ची की बॉडी पर पकड़ नहीं बन पाई। ऐसे में आधी दूरी में पकड़ छूटने के डर से रिंग को दोबारा बाहर निकाला गया है। अब रिंग को सही कर दोबारा डालेंगे। मंगलवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्ची के दादा व परिवार के अन्य लोगों को रेस्क्यू से जुड़ी जानकारी दी। राजस्थान पुलिस की एडवायजरी प्रदेश में जगह जगह खुले पड़े सूखे बोरवेल, सूखे कुंए लोगों के लिए खतरे का सबब बने हुए हैं। इन गड्ढों में गिरकर बच्चे ही नहीं बड़े भी गंभीर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। कहीं भी खुला बोरवेल या सूखा कुंआ दिखाई दे तो एसडीआरएफ हेल्पलाइन 0141-2759903 या 8764873114 पर सूचित करें।… pic.twitter.com/LmktYeSkEt — Rajasthan Police (@PoliceRajasthan) December 23, 2024

सुविधाएं एवं खाना रजिस्टर को जांचा, राजस्थान-जयपुर में विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने रैन बसेरों का आकस्मिक निरीक्षण किया

जयपुर। रालसा द्वारा एक्शन प्लान माह दिसंबर, 2024 में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर द्वितीय के निर्देशन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय पल्लवी शर्मा ने स्थाई ट्रांसजेंडर आश्रय स्थल दूध मंडी, स्थाई आश्रय स्थल नगर निगम जयपुर हेरिटेज शास्त्री नगर, अस्थाई रैन बसेरा विधाधर नगर सेक्टर 6 एवं अस्थाई रैन बसेरा खासा कोठी पुलिया का औचक निरीक्षण किया गया। पल्लवी शर्मा ने सोमवार को अस्थायी रैन बसेरा हसनपुरा पुलिया के नीचे, अस्थायी रैन बसेरा 200 फीट बाईपास दिल्ली- अजमेर रोड़, स्थायी आश्रय गृह पुराना पंचायत भवन भांकरोटा, स्थायी आश्रय गृह गोविन्ददेव जी मंदिर के पास का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान आश्रय स्थल एवं रैन बसेरे में दी जा रही सुविधाओं एवं खाने-पीने की व्यवस्था तथा दर्ज रजिस्टर का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया गया। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर महानगर द्वितीय पल्लवी शर्मा ने आश्रय स्थलों में उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम हेरिटेज के आयुक्त को पत्र लिखा है।

अधिकारियों एवं शिक्षाविदों ने सुशासन पर दिया संबोधन, राजस्थान-जयपुर में सुशासन पर हुई जिला स्तरीय कार्यशाला

जयपुर। सुशासन सप्ताह के तहत सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला को सेवानिवृत आईएएस श्री राजेश्वर सिंह, पूर्व आईएफएस श्री दीपनारायण पाण्डेय और शिक्षाविद प्रोफेसर विद्या जैन ने कार्यशाला को संबोधित किया। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में रास्ता खोलो अभियान, नशा मुक्त जयपुर अभियान, सक्षम जयपुर अभियान एवं ज्ञानधरा अभियान सहित जयपुर जिला प्रशासन द्वारा सुशासन की दिशा में संचालित नवाचारों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में सुशासन सप्ताह के तहत समस्त विभागों के जिला स्तरीय कार्यालयों द्वारा तैयार जिला-जयपुर, जयपुर ग्रामीण एवं दूदू का विजन डॉक्यूमेंट- 2047 का विमोचन किया गया। इस दौरान जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा तैयार की गई ‘सुशासन की दिशा में जयपुर जिला प्रशासन के प्रयास’ वीडियो फिल्म का प्रसारण किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सुशासन के जरिये समाज के अंतिम तबके तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ पहुंचाने की की जरूरत पर बल दिया। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा ने बताया कि सुशासन सप्ताह के दौरान जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। प्रशासन गांवों की ओर अभियान, सुशासन सप्ताह शिविर, रन फॉर विकसित राजस्थान कार्यक्रम, आदि के बारे में भी बताया गया। युवाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, कौशल विकास एवं उद्यमिता कार्यक्रम सहित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। कार्यशाला में अतिरिक्त जिला कलक्टर (द्वितीय) श्री आशीष कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (तृतीय) श्रीमती कुंतल विश्नोई, अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) श्रीमती सुमन पंवार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (पूर्व) श्री देवेन्द्र कुमार जैन, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शेर सिंह लुहाड़िया सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थी मौजूद रहे।

सांगानेर की पिंजरापोल गौशाला में आयोजन, राजस्थान-जयपुर में गौवंश में अंधता निवारण पर कार्यशाला

जयपुर। पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत के मार्गदर्शन एवं शासन सचिव डॉ. समित शर्मा की अनुशंसा पर गौवंश में अन्धता निवारण के लिए विभिन्न स्तर के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रयास की इसी कड़ी में सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला में गौ वंश में अंधता निवारण एक पुनीत अभियान विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन निदेशालय गोपालन एवं राजस्थान गौ सेवा आयोग जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के पशु नेत्र शल्य चिकित्सक डॉ सुरेश कुमार झिरवाल थे। डॉ. झिरवाल ने कार्यशाला में उपस्थित पशु चिकित्सा अधिकरियों एवं गौशाला प्रबंधकों के साथ विभिन्न नेत्र रोगों पर विस्तार से चर्चा कर उनकी शंकाओं का समाधान किया। पशु चिकित्सा अधिकारियों और गौशाला प्रबंधकों ने अपने कार्य क्षेत्र में आने वाली समस्याओं एवं रोगों के निवारण के संबंध में डॉ झीरवाल से सुझाव प्राप्त किये। कार्यशाला के संभागियों ने भविष्य में ऐसी कार्यशालाओं को निरन्तर रूप से जारी रखने तथा इनकी अवधि तीन या पांच दिन करने का सुझाव दिया। कार्यशाला में गोपालन विभाग एवं गौ सेवा आयोग के अधिकारियों ने संभागियों को गोपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

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