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13 युवतियों सहित 40 गिरफ्तार, राजस्थान-उदयपुर के होटल में रेव पार्टी पर स्पेशल पुलिस का छापा

उदयपुर। उदयपुर पुलिस ने शहर के एक होटल में छापामार कार्रवाई की है। होटल में रेव पार्टी चल रही थी और नशा भी परोसा जा रहा था। कार्रवाई में पुलिस ने 13 युवतियों सहित 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें आयोजनकर्ता भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार प्रताप नगर थाना पुलिस को सूचना मिली कि थाना क्षेत्र में होटल केशर विला में अवैध तौर पर युवक और युवतियां रेव पार्टी कर रहे हैं। पार्टी में नशीले पदार्थों का भी सेवन किया जा रहा है। इस पर पुलिस ने रात में ही होटल में दबिश दी और कार्रवाई करते हुए 13 युवतियों सहित 40 जनों को गिरफ्तार किया है। वेश्यावृत्ति के लिए बुलाया युवतियों को रेव पार्टी में पकड़ी गई युवतियों को आयोजनकर्ताओं द्वारा वेश्यावृत्ति के लिए बुलाया गया था। जब पुलिस ने छापा मारा तब पार्टी में शामिल होने आए लोग युवतियों पर नोट उछल रहे थे और नशे में डूबे हुए थे। ये लोग थे पार्टी के आयोजक अरमान उर्फ आशू हुसैन उर्फ उस्मान अली पिता रियासत हुसैन, रामसिंह पिता अनाडसिंह, जितेन्द्र मेवाड़ा उर्फ जीतू मेवाड़ा, सलीम पिता मुबारिक मोहम्मद निवासी भीलवाड़ा, ज्योति अरोड़ा उर्फ सोनिया निवासी भुवाणा, हुसैन मोहम्मद अरमान उर्फ आशू, ज्योति अरोड़ा व मोहम्मद हुसैन द्वारा की गई है। आयोजकों द्वारा पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर उक्त रेव पार्टी का विज्ञापन दिया गया है। इस पार्टी के लिए थ्री स्टार केटेग्ररी रूम, इवनिंग पार्टी, खानपान, शराब, मुजरा इत्यादि के लिए 11,999 रूपये के पास आयोजकों द्वारा बेचे जा रहे है।

राठवा-रौफ और चरी डांस पर झूमे दर्शक, राजस्थान-उदयपुर के शिल्पग्राम महोत्सव में राज्यों के लोक नृत्यों का सतरंगी संगम

उदयपुर/जयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर द्वारा हवाला स्थित शिल्पग्राम में चल रहे दस दिवसीय शिल्पग्राम महोत्सव के तीसरे दिन सोमवार को मुक्ताकाशी मंच पर सैकड़ों दर्शन विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों और अन्य फोक प्रस्तुतियों के गवाह बने। साथ ही, लोक धुनों पर खूब जमकर झूमे। शिल्पग्राम के मुक्ताकाशी मंच पर छत्तीसगढ़ के लोक कला के प्रतीक पंडवानी गायन की प्रस्तुति से शुरू हुआ लोक के रंग-लोक के संग का कार्यक्रम के गुजराती आदिवासी डांस राठवा की धूम के साथ पूर्णता पर पहुंचते पहुंचने पर दर्शकों में जोश, उमंग के साथ ही संस्कृति के सम्मान की भावना हिलोरें लेते दिखी। हिमाचल प्रदेश के सिरमौरी नाटी और कर्नाटक के देवी उपासना के नृत्य पूजा कुनिथा ने जहां शिल्पग्राम का माहौल भक्तिरस से सराबोर कर दिया, वही गोवा के देखनी डांस की लयकारी और सुंदर प्रस्तुति ने दर्शकों को मोहित कर दिया। कश्मीर के लोक नृत्य रौफ में डांसर्स के सुंदर समन्वय और बुमरो बुमरो… के गीत-संगीत पर दर्शक खूब झूमे। इनके साथ ही महाराष्ट्र के लावणी डांस की धुन के साथ दर्शक डांसर्स से लय मिलाते दिखे। गुजरात के तलवार रास ने जहां देश की आजादी के लिए कुर्बानी देने वाले शहीदों के युद्ध कौशल के प्रदर्शन से दर्शक खूब रोमांचित हुए तो मणिपुरी लाई हारोबा डांस ने  लोगों का मन जीतने के साथ ही खूब तालियां बटोरी। इन प्रस्तुतियों के बीच राजस्थान के बारां जिले के ठेठ आदिवासी अंचल की जनजाति सहरिया के लोक नृत्य ने होली का स्वांग पेश कर अपनी अलग ही छाप छोड़ी। इस डांस में नर्तकों की भाव भंगिमाओं से दर्शक सम्मोहित से हो गए, वहीं डांस के दौरान कई मर्तबा झूमते और भावनाओं में बहते दिखाई दिए।  इन प्रस्तुतियों के दौरान सौरभ भट्ट निर्देशित ‘स्किट’ ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। इसमें सौरभ भट्ट, आसिफ, महमूद और अभिषेक झांकल की एक्टिंग काबिल ए दाद रही।  सहरिया डांस- इस डांस में नायिका  अपने परदेश गए पिया की विरह में होली के दिनों में दुखी होती है और गाती है, “होरी खेलत में नथ मेरी खो तो गई सोने की, नथ मेरी सोने की, मेरे पिया बिना पीतल की।” उसके साथ सभी वन्य जीवों के भेष में नर्तक नाचते हैं, हास्य-ठिठोली करते हैं, उसे उसके पति के नाम से चिढ़ाते हैं। सहरिया जनजाति की परंपरा में यह डांस पूरी-पूरी रात चलता है, जिसमें पिया के विरह का दुख और अंत में मिलन का सुख दर्शाया जाता है। टीम लीडर गोपाल धानुक बताते हैं कि यह डांस तीन प्रकार का होता है, जिनमें देवी की उपासना का नृत्य चैत्र और शारदीय नवरात्रि के नौ दिन होता है, वहीं होली के त्योहार पर पूरे फाल्गुन माह में यह डांस सहरिया लोगों के गांवों में चलता है। शिल्पग्राम महोत्सव में होली वाला नृत्य दिखाया गया। गोपाल बताते हैं कि इस डांस को सार्वजनिक रूप से सामने लाने और जनजाति के नर्तकों को प्रशिक्षित करने का श्रेय पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक फुरकान खान को जाता है। वे जब 2011-12 में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में थे, उस वक्त हमें गांव से यहां लाए थे और आज यह लोक नृत्य समूचे भारत में अपनी पहचान बना चुका है। मंगलवार को  पंजाब के राज्यपाल  देखेंगे महोत्सव- पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया मंगलवार शाम शिल्पग्राम का दौरा करेंगे। इस दौरान वे गोल्फ कार्ट पर शिल्पग्राम परिसर का अवलोकन करेंगे। इसके बाद मुक्ताकाशी मंच पर दीप प्रज्वलन के बाद लोक कला प्रेमियों को संबोधित करेंगे। साथ ही, मंच पर लोक संस्कृति से ओतप्रोत प्रस्तुतियां देखेंगे। ‘हिवड़ा री हूक’ में उमड़ रही प्रतिभाएं- ‘हिवड़ा री हूक’ कार्यक्रम का रविवार से आगाज हो गया। बंजारा मंच पर चल रहे इस कार्यक्रम में हर संगीत प्रेमी को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिल रहा है। यह प्रोग्राम किसी ऐप पर या घर में लोक गीत या गाने गाकर अपने दिल की हूक यानी कसक मिटाने वाले हर उम्र के मेलार्थी को मंच प्रदान कर रहा है। यह ‘हूक’ प्रोग्राम 29 दिसंबर तक रोजाना दिन में 12 बजे से दोपहर 4 बजे तक चलेगा। ‘हिवड़ा री हूक’ में प्रस्तुतियों के दौरान सांस्कृतिक प्रश्नोत्तरी  भी हर आर्ट लवर को खूब लुभा रही है। इसमें सही जवाब देने वाले  कला प्रेमियों को ‘शिल्पग्राम मोमेंटो’ से नवाजा जा रहा है।

विश्वभर में पहचान बना रही भारतीय संस्कृति: गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान-उदयपुर में शिल्पग्राम महोत्सव शुरू

उदयपुर/जयपुर। केंद्रीय संस्कृति एंव पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पिछले दस वर्षों में हमारी सांस्कृतिक शक्ति समूचे विश्व में तेजी से स्थापित हो रही है, लोकप्रिय हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति पूरी तरह से उभर कर सामने आई है। यही नहीं, भारत आज आर्थिक और सामरिक ताकत के रूप में विश्व में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कल्चरल इकोनॉमी भी मान्यता प्राप्त कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही हमारी कल्चरल इकोनॉमी फॉर्मल इकोनॉमी में बड़ा योगदान देगी। केन्द्रीय मंत्री रविवार को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में उदयपुर के हवाला रानी रोड स्थित शिल्पग्राम में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर द्वारा आयोजित विश्व प्रसिद्ध शिल्पग्राम महोत्सव में सैकड़ों कला प्रेमियों से खचाखच भरे मुक्ताकाशी मंच से संबोधन दे रहे थे। उनके साथ सांसद मन्नालाल रावत, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव अमिता प्रसाद और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक फुरकान खान भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि राजस्थान बहुआयामी संस्कृति से समृद्ध प्रदेश है। उन्होंने पन्नाधाय के बलिदान, हाड़ी रानी के शीशदान और रानी पद्मिनी के जौहर के साथ ही मेवाड़ के शौर्य और यहां की संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि यहां आसपास आदिवासी संस्कृति का अनूठा सम्मिश्रण है। उन्होंने रेगिस्तानी इलाके की समृद्ध संस्कृति की बात करते हुए कहा कि वहां सूखे और अभावों के बावजूद लोगों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को पूरे जतन से सहेज रखा है। इससे पूर्व भारत सरकार की संयुक्त सचिव अमिता प्रसाद ने केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने अमिता प्रसाद और सांसद मन्नालाल रावत का स्वागत किया। वहीं, केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने अतिथियों और आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया और शिल्पग्राम महोत्सव के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने मेलार्थियों का आर्टिजन के उत्पाद खरीदने का आह्वान किया। महोत्सव से आर्टिजन के साथ ही आमजन भी लाभान्वित— केंद्रीय संस्कृति मंत्री श्री शेखावत ने शिल्पग्राम महोत्सव पर बात करते हुए कहा कि यहां प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय महोत्सव में तमाम राज्यों से अपनी संस्कृति और उत्पादों के साथ आए आर्टिजन तो लाभान्वित होते ही हैं, साथ ही मेले में आने वाले आमजनों को भी देशभर की संस्कृति, खान-पान, व्यवहार को जानने का फायदा होता है। वहीं, हस्तशिल्पियों के उत्पादों को देखने और खरीदने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक फुरकान खान सहित पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। शिल्पग्राम में वर्ष पर्यन्त सांस्कृतिक गतिविधियां चलती रहें, इसके लिए एक कैलेंडर तैयार होगा। चरी, राठवा, सोंगी मुखौटे ने दर्शकों का मनमोहा— मुक्ताकाशी मंच पर रविवार शाम लोक नृत्यों और गायन ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस मौके पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में राजस्थानी चरी डांस ने खूब वाहवाही लूटी, वहीं गुजरात के आजादी के दीवानो के युद्ध कौशल को दर्शाते लोक नृत्य तलवार रास ने दर्शकों को ख्ूब रोमांचित किया। वहीं गवरी नृत्य नाटिका पर भी तालियों की गड़गड़ाहट से मुक्ताकाशी मंच गूंज उठा। महादेव और भस्मासुर वाले पौराणिक प्रसंग पर आधारित इस लोक नृत्य नाटिका ने सभी का दिल जीत लिया। वहीं, कच्छी लोक गायन ने माहौल भक्ति रस से सराबोर कर दिया, तो गुजरात के आदिवासी नृत्य राठवा की कोरियोग्राफी ने दर्शकों को रोमांचित तो किया ही, खूब  वाहवाही भी लूटी। इसके साथ ही महाराष्ट्र के लोक नृत्य सोंगी मुखौटे में डांसर्स की भाव भंगिमाओं ने दर्शकों का दिल जीत लिया। ‘हिवड़ा री हूक’ शुरू, स्थानीय प्रतिभाएं उमड़ी— ‘हिवड़ा री हूक’ कार्यक्रम का आगाज हो गया। बंजारा मंच पर हर संगीत प्रेमी को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिल रहा है। यह प्रोग्राम किसी ऐप पर या घर में लोक गीत या गाने गाकर अपने दिल की हूक यानी कसक मिटाने वाले हर उम्र के मेलार्थी को मंच प्रदान कर रहा है। यह ‘हूक’ प्रोग्राम 29 दिसंबर तक रोजाना दिन में 12 बजे से दोपहर 4 बजे तक चलेगा। ‘हिवड़ा री हूक’ में प्रस्तुतियों के दौरान सांस्कृतिक प्रश्नोत्तरी यानी क्विज भी हर आर्ट लवर को खूब लुभा रही है। इसमें सही जवाब देने वाले  कला प्रेमियों को ‘शिल्पग्राम मोमेंटो’ से नवाजा जा रहा है।

केबिनेट मंत्री ने किया शुभारंभ, राजस्थान-उदयपुर में गौ स्नेह पात्र अभियान एवं पक्षी दाना अभियान का आगाज

जयपुर। राज्य के पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री ज़ोराराम कुमावत ने उदयपुर एनिमल फीड (हैप्पी एंड चॉइस वेलफ़ेयर सोसायटी) संस्था द्वारा आयोजित गौ स्नेह पात्र एवं पक्षी दाना अभियान का शुभारंभ किया। उदयपुर एनिमल फीड की संस्थापक डिंपल भावसार ने बताया कि 100 फीट रोड स्थित अशोका पैलेस में आयोजित कार्यक्रम 101 गौ स्नेह पात्र एवं पक्षी दाना अभियान का शुभारंभ किया गया। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी श्री गजपाल सिंह राठौड़, श्री प्रताप सिंह जसोद व श्री सुधीर कुमावत रहे। संस्थापक रवि भावसार ने बताया कि गौ स्नेह पात्र उदयपुर एनिमल फीड की अनूठी पहल है। हर रोज हजारों गौ माता कचरे में खाना ढूंढने को मजबूर होती हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य और जीवन संकट में पड़ जाता है। उदयपुर एनिमल फीड संस्था ने इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए ‘गौ स्नेह पात्र’ पहल शुरू की है। यह पहल न केवल गौ माता की भूख मिटाने का प्रयास है, बल्कि उनके प्रति हमारी जिम्मेदारी और प्रेम को दर्शाती है।

पशुआहार संयंत्र स्थापित कराने का सौंपा परियोजना प्रस्ताव, राजस्थान-उदयपुर की सरस डेयरी में किसान सहकार सम्मेलन

जयपुर। दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ गोवर्धन परिसर, उदयपुर में रविवार को पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक चंडीगढ़ श्री गुलाबचंद कटारिया के मुख्य आतिथ्य में विशाल किसान सहकार सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। दुग्ध संघ के अध्यक्ष श्री डालचंद डांगी, प्रबंध संचालक एवं संचाकल मंडल सदस्यों ने किसान सहकार सम्मेलन कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का माल्यार्पण एवं उपरणा ओढ़ाकर स्वागत अभिनंदन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये संघ के अध्यक्ष श्री डालचंद डांगी ने संघ का गतिविधियों एवं प्रगअत का विवरण प्रस्तुत करते हुये संघ का संयंत्र अत्यन्त पुराना होने के मद्देनजर महामहिम राज्यपाल पंजाब एवं गोपालन मंत्री से उदयपुर में 3 लाख लीटर दूध/प्रतिदिन की क्षमता का नया संयंत्र स्थापित कराने एवं उदयपुर में 150 टन प्रतिदिन की क्षमता का पशुआहार संयंत्र स्थापित कराने अनुरोध करते हुये विस्तृत परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पंजाब के महामहिम राज्यपाल एवं प्रशासक चंडीगढ़ श्री गुलाबचंद कटारिया ने अपने उदबोधन में पशुपालको की आर्थिक स्थति मजबूत करने पर जोर देते हुये दर अंतर राशि दुग्ध समितियों के बजाय सीधे दुग्ध उत्पादकों के बैंक खातों में भेजने का सुझाव दिया। साथ ही, बाजार की प्रतिस्पों के मद्देनजर दूध एवं दुग्ध उत्पादो की गुणवत्ता बनाये रखने पर भी जोर दिया। पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम जी कुमावत ने अपने उदबोधन में दुग्ध उत्पादकों को दर अंतर दिये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये दुग्ध संघ, उदयपुर के अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक के प्रयासों की सराहना की एवं भविष्य में दर अंतर राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे दुग्ध उत्पादकों के बैंक खाते मे भेजने का सुझाव दिया। उन्होनें कहा कि दुग्ध उत्पादकों को दूध पर दी जाने वाली अनुदान जारी रखी जावेगी, इससे दुग्ध उत्पादकों का आर्थिक स्तर सुदृढ़ होगा। उन्होंने सभी से अपना पूरा दूध दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति पर ही देने के लिये कहा, ताकि उनको सहकारी डेयरी से मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पशुपालको के कल्याण हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं यथा, दुधारू पशु बीमा योजना, गौपालक कार्ड योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, पशु मोबाइल चिकित्सा योजना की विस्तृत जानकारी देते हुये इनका लाभ उठाने का आहवान किया। उन्होनें कहा कि राज्य सरकार दूध में मिलावट करने वाले के विरूद्ध सख्त कार्यवाही कर रही है। उन्होंने उदयपुर डेयरी परिसर में स्थित पार्लर को सरस संकुल पार्लर, जयपुर की तर्ज पर विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने आश्वत किया कि आगामी बजट मे उदयपुर में 3 लाख लीटर का नया संयंत्र एवं उदयपुर में 150 टन प्रतिदिन की क्षमता का पशुआहार संयंत्र स्थापित कराने का पूरा प्रयास किया जायेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये माननीय जनताति विकास एवं गृह रक्षा मंत्री श्री बाबूलाल खराडी ने आज के समय में ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन एवं डेयरी व्यवसाय को रोजगार एवं आजीविका का सशक्त माध्यम बताया एवं ज्यादा से ज्यादा किसानो एवं पशुपालकों से सहकारी डेयरी से जुड़कर आमदनी बढाने का आहवान किया। उदयपुर डेयरी के प्रबंध संचालक श्री विपिन शर्मा ने किसान सहकार सम्मेलन कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।

परंपराओं का सम्मान होना चाहिए: लक्ष्यराज, राजस्थान-उदयपुर के मेवाड़ राजघराने में धूणी दर्शन के बाद अब जुबानी जंग

उदयपुर. विश्वराज सिंह द्वारा भले ही धूणी दर्शन कर लिए गए हो, लेकिन राज परिवार के सदस्यों में अभी भी जुबानी जंग जारी है। विश्वराज सिंह द्वारा बुधवार को प्रशासनिक व्यवस्था के बीच धूणी दर्शन किए गए। इसके बाद दिवंगत महेंद्र सिंह मेवाड़ के छोटे भाई अरविंद सिंह मेवाड़ के पुत्र लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने सब कुछ शांति से संपन्न हो जाने के लिए प्रशासन मीडिया और उदयपुर की जनता का आभार व्यक्त किया। लक्ष्यराज सिंह ने कहा कि हम कतई नहीं चाहते थे कि किसी भी तरह का विवाद खड़ा हो, लेकिन जिस तरह से हजारों की भीड़ इकट्ठा करके हमारे घर में घुसने की कोशिश की, वह कानून व्यवस्था तोड़ने वाला काम था। सभी को यह समझ लेना चाहिए कि सब कुछ कानून व्यवस्था के साथ होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से एक व्यक्ति की जिद से पूरे उदयपुर का माहौल बिगड़ा, लोगों के व्यापार व्यवसाय प्रभावित हुए और वह परेशान हुए। यह एक गलत तरीका था। घमंड के घोड़े पर सवार होकर जिद पूरी कराने का सलीखा गलत था। सब कुछ शांति से हो सकता था। विश्वराज सिंह के राजतिलक के सवाल पर लक्ष्यराज सिंह ने कहा कि सभी की अपनी-अपनी परंपरा होती है और उन परंपराओं का सम्मान होना चाहिए। दूसरी और धूणी के दर्शन के बाद विश्वराज सिंह मेवाड़ ने मीडिया से चर्चा में कहा कि 2 दिन के विवाद के बाद शांति से दर्शन हुए हैं, तो इसके लिए वे सभी लोग धन्यवाद के पात्र हैं, जिन्होंने पूरी तनमयिता से मेरा साथ दिया। उन्होंने कहा कि मुद्दा सिर्फ दर्शन का था, यदि पहले दिन ही बात मान ली जाती तो शायद विवाद इतना नहीं बढ़ता। इस विवाद में यह भी साबित किया है कि शांतिपूर्ण आंदोलन से सब कुछ संभव है। लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ द्वारा जवाबी प्रेस कांफ्रेंस के सवाल पर विश्वास सिंह ने कहा कि वह इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं देना चाहते हैं, बस इतना ही है कि पारिवारिक मुद्दा हो तो चर्चा हो सकती है और बिल की बात हो तो अरविंद सिंह में मेवाड़ से ही चर्चा होगी। विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि दर्शन को लेकर तीन दिन तक चर्चा चली और आखिरकार दर्शन हुए। यह निर्णय पहले दिन ही हो जाना चाहिए था, ताकि किसी को इतनी परेशानी नहीं आती। सिटी पैलेस से हुए पथराव के सवाल पर विश्वास सिंह मेवाड़ ने कहा कि पथराव तो हुआ है, इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए। उदयपुर की जनता को संदेश देते हुए विश्वराज सिंह नेवर ने कहा कि उन्होंने जो भरोसा उनपर जताया उसके लिए वह आभारी है।

दीवान की मिली है पदवी, राजस्थान-उदयपुर के मेवाड़ राजपरिवार में एकलिंग नाथ हैं महत्वपूर्ण

उदयपुर. मेवाड़ की जनता और मेवाड़ के राजपरिवार के बीच उदयपुर जिले में स्थित भगवान एकलिंग नाथ को मेवाड़ का आराध्य देव कहा जाता है, यहां पर प्रतिदिन भक्तों की बड़ी भीड़ लगती है और पूजा अर्चना की जाती है। मेवाड़ राज परिवार द्वारा भी प्रमुख अवसरों पर मंदिर में पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर की संपूर्ण देखरेख महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन की ओर से की जाती है। मेवाड़ और मेवाड़ राजपरिवार के लिए एकलिंग जी मंदिर का खास महत्व है। यही नहीं मेवाड़ का महाराजा भी एकलिंग नाथ को माना गया है इसीलिए यहां पर अब तक हुए महाराणा को एकलिंग जी का दीवान कहा जाता है। एकलिंगजी के मंदिर का निर्माण 8वीं शताब्दी में महाराणा बप्पा रावल ने करवाया था। भगवान एकलिंग उदयपुर से लगभग 20 किमी दूर कैलाशपुरी की पहाड़ियों के बीच स्थित है। एकलिंग का भव्य मंदिर होने के साथ ही इसकी वास्तु कला अद्भुत है। महाराणा और राजपूतों के कुल देवता एकलिंग नाथ भगवान महादेव का ही रूप हैं। उनकी प्रतिमा भी शिवलिंग की प्रतीक है। एकलिंग महादेव रूप में मेवाड़ राज्य के महाराणाओं तथा अन्य राजपूतों के कुल देवता हैं। इसी के चलते मेवाड़ रियासत में अब तक जो भी महाराणा बना उन्हें एकलिंगजी का दीवान कहा जाता है। यानी मेवाड़ के असली राजा एकलिंगजी भगवान हैं और जो महाराणा बनेंगे, वे एकलिंग जी के प्रतिनिधि के रूप में शासन करेंगे। एकलिंग जी के दर्शन जरूरी इतिहासकार चंद्रशेखर शर्मा बताते हैं कि मेवाड़ और मेवाड़ राज्य परिवार में कोई भी मांगलिक या अन्य कार्य एकलिंगजी के यहां माथा टेके बिना पूर्ण नहीं होता। रियासत काल में मेवाड़ के राजाओं द्वारा जितने भी युद्ध किए गए हैं, उन्होंने पहले एकलिंग जी के सामने माथा टेका फिर युद्ध में गए और भगवान एकलिंगनाथ के आशीर्वाद से मेवाड़ की ज्यादातर युद्ध में जीत हुई। शिवरात्रि को की जाती है पदयात्रा शिवरात्रि पर्व एकलिंगजी में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। पूरे मेवाड़ अंचल से लोग पैदल चलकर एकलिंग नाथ पहुंचते हैं। इसके अलावा श्रवण मास में कावड़ यात्रा भी एकलिंग नाथ पहुंचती है और यहां भगवान का जलाभिषेक किया जाता है। भगवान एकलिंगनाथ का मंदिर पूरे मेवाड़ के लिए आस्था का केंद्र है।

राजतिलक की तैयारी के बीच उपजा आक्रोश, राजस्थान-उदयपुर के सिटी पैलेस में भिड़े महाराणा प्रताप के वंशज

उदयपुर. पूर्व मेवाड़ राजघराने के विश्वराज सिंह मेवाड़ के सोमवार को हुए राजतिलक के बाद उदयपुर में सिटी पैलेस स्थित कुलदेवता के दर्शन की मांग को लेकर चल रहे दबाव के बीच देर रात मामले ने हिंसक रूप धारण कर लिया। विश्वराज सिंह समर्थक जब देर रात सिटी पैलेस के मुख्य द्वार पर पहुंचे तो सिटी पैलेस के अंदर से परिवार के अन्य सदस्यों के समर्थकों द्वारा पथराव कर दिया। मामला गरमा गया। इधर, स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को रिसीवर नियुक्त करना पड़ा। विवादित स्थल को लेकर कुर्की के आदेश जारी किए गए। बता दें कि सोमवार को चित्तौड़गढ़ में राजतिलक के बाद विश्वराज सिंह उदयपुर स्थित सिटी पैलेस में अपने कुल देवता के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए जाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उनके चाचा अरविंद सिंह मेवाड़ के नेतृत्व वाली महाराणा मेवाड फाउंडेशन ने सिटी पैलेस में किसी के भी अनाधिकृत प्रवेश पर रोक लगा दी। इसी बात को लेकर राजपूत समाज के एक खेमे में आक्रोश व्याप्त हो गया। नोटिस के बाद  सिटी पैलेस पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। शाम को जब विश्वराज सिंह मेवाड़ चित्तौड़गढ़ से उदयपुर सिटी पैलेस में दर्शन के लिए पहुंचे तो दरवाजे बंद मिले, इससे राजपूत समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। बड़ी संख्या में लोग सिटी पैलेस के बाहर जुटे रहे और विश्वराज सिंह को कुलदेवता के दर्शन के लिए अनुमति देने की मांग करते रहे। सिटी पैलेस में रह रहे अरविंद सिंह मेवाड़ के परिवार की ओर से इसकी अनुमति नहीं मिलने के बाद लोग पुलिस का गहरा तोड़कर जगदीश मंदिर छोड़ के मुख्य दरवाजे की ओर बढ़े। इसके बाद सिटी पैलेस के अंदर से पथराव शुरू हो गया। इसके बाद बात और बिगड़ती चली गई, दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। समझाइश की कोशिश कर रहे प्रशासन के अधिकारी भी मामले में बेबस दिखे। ऐसे में देर रात को जिला प्रशासन की ओर से विवादित स्थल के लिए रिसीवर नियुक्त कर दिया गया। विवादित जमीन को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया। रात करीब 1:30 बजे विश्वराज सिंह और उनके समर्थक वहां से चले गए। बताया जा रहा है कि मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे एक बार फिर सर्व समाज के लोग सिटी पैलेस के बाहर जुटेंगे, ऐसा बताया गया। प्रशासन द्वारा रिसीवर नियुक्त किए जाने के बाद पूरी संभावना है कि अब विश्वाराज सिंह कुलदेवता के दर्शन कर सकेंगे। सोमवार रात को विश्वराज सिंह मेवाड़ ने अपने बयान में कहा कि जो कुछ भी हुआ, उसके लिए प्रशासन जिम्मेदार हैं। यह परिवार की परंपरा है कि हम कुल देवता के यहां माथा टेके। इसके लिए रोकना पूरी तरह से गलत है। एकलिंग जी की सभी पर कृपा बनी रहे। प्रतीकात्मक महाराणा बने विश्वराज सिंह बता दें कि पिछले दिनों मेवाड़ राज परिवार के जस्ट पुत्र महेंद्र सिंह मेवाड़ का निधन हो गया था। मेवाड़ राज परिवार की परंपरा के अनुसार महेंद्र सिंह मेवाड़ के पुत्र विश्वराज सिंह का चित्तौड़गढ़ स्थित फतेह प्रकाश महल में राजतिलक समारोह आयोजित किया गया। राजतिलक समझ में विभिन्न राजघरणाओं के सदस्य और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और लोग शामिल हुए थे। सार्वजनिक सूचना के बाद बिगड़ी बात सोमवार को ही विभिन्न समाचार पत्रों में उनके चचेरे भाई और वर्तमान में सिटी पैलेस में निवास कर रहे महेंद्र सिंह मेवाड़ के छोटे भाई अरविंद सिंह मेवाड़ की अध्यक्षता वाली महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल ट्रस्ट फाउंडेशन की ओर से एक आम सूचना जारी की गई। जिसमें सिटी पैलेस में किसी भी तरह से अनादिकृत प्रवेश पर रोक की बात कही गई। दूसरी और राजतिलक के बाद विश्वराज सिंह मेवाड़ का सिटी पैलेस में अपने कुल देवता के दर्शन करने और आशीर्वाद लेने जाने का कार्यक्रम था। 40 साल से है राज परिवार में विवाद मेवाड़ राज परिवार के दिवंगत महेंद्र सिंह मेवाड़ और उनके छोटे भाई अरविंद सिंह मेवाड़ में पिछले करीब 40 सालों से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। राज परिवारों में बड़े पुत्र को ही उत्तराधिकारी माना जाता है, जबकि अरविंद सिंह मेवाड़ अपने पिता की वसीयत के आधार पर सिटी पैलेस में अपने परिवार सहित निवास करते हैं। वहीं महेंद्र सिंह मेवाड़ का परिवार सिटी पैलेस के समीप समोर बाग में निवास करता है। विश्वराज समर्थक कब्जा नहीं कर ले, इसी डर से जारी की सूचना इधर, माना जा रहा है कि सिटी पैलेस में अनधिकृत प्रवेश की सूचना इसलिए जारी की गई थी, कि राजतिलक के दिन बड़ी संख्या में राजपूत एकत्रित हुए। शायद अरविंद सिंह मेवाड़ के परिवार को आशंका थी कि कहीं विश्वाराज सिंह समर्थक सिटी पैलेस पर कब्जा नहीं कर ले। इसलिए राजतिलक से पहले ही सिटी पैलेस में प्रवेश पर रोक लगा दी गई और मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। लोअर कोर्ट से जीत चुके हैं महेंद्र सिंह मेवाड़ करीब चार दशक तक कैसे चलने के बाद 2020 में उदयपुर की लोअर कोर्ट से विश्वराज सिंह के पिता महेंद्र सिंह मेवाड़ और उनकी बहन के पक्ष फैसला आया था, लेकिन अरविंद सिंह मेवाड़ द्वारा अपर कोर्ट में अपील की गई है और सुनवाई जारी है। नाथद्वारा से विधायक है विश्वराज सिंह महेंद्र सिंह मेवाड़ के पुत्र विश्वराज सिंह वर्तमान में नाथद्वारा से विधायक हैं। वहीं उनकी पत्नी महिमा कुमारी सिंह राजसमंद लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। दोनों दंपति भाजपा से चुने गए हैं।

पुलिस को देखकर लगाई थी छलांग, राजस्थान-उदयपुर में तालाब में कूदे युवक का पांचवें दिन मिला शव

उदयपुर. उदयपुर जिले के सायरा थाना क्षेत्र में पुलिस को देखकर तालाब में छलांग लगाने वाले युवक का शव पांचवें दिन अलसुबह बरामद कर लिया गया। एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम पिछले चार दिनों से युवक की तलाश में जुटी हुई थी। जानकारी के अनुसार पांच दिन पहले मेड़ी का मथरा निवासी खेम सिंह (32) पिता पृथ्वी सिंह सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में लोगों को डराने-धमकाने और शांति भंग करने की घटना में शामिल था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सायरा पुलिस को दी। पुलिस गांव पहुंची तो युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। पीछा करने पर उसने डरकर पास के तालाब में छलांग लगा दी, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। घटना के बाद पुलिस और ग्रामीणों ने पहले और दूसरे दिन स्थानीय स्तर पर तालाब में युवक को खोजने की कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे। इसके बाद सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। दोनों टीमों ने कड़ी मशक्कत की, लेकिन शव का कोई सुराग नहीं मिल पाया। बुधवार को खाली किया गया तालाब युवक का शव न मिलने पर प्रशासन और पुलिस ने तालाब का पानी खाली करने का निर्णय लिया। बुधवार सुबह तालाब की पाल तोड़कर पानी निकाला गया। हालांकि, बुधवार शाम तक शव नहीं मिला। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम ने युवक का शव बरामद कर लिया। शव को सायरा थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। मानसिक रूप से असंतुलित था युवक बताया जा रहा है कि युवक मानसिक रूप से असंतुलित था, जिसके चलते उसने तालाब में छलांग लगाई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

करोड़ों की संपत्ति का खुलासा, राजस्थान-उदयपुर में रसद अधिकारी के घर एसीबी की छापा

उदयपुर. एसीबी की टीमों ने गुरुवार सुबह उदयपुर के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के संभागीय उपभोगता सरंक्षण अधिकारी जयमत सिंह राठौड़ के ठिकानों पर छापा मारा। जयमल सिंह राठौड़ करोड़ों के संपत्ति के मालिक निकले। उनके उदयपुर और राजसमंद में होटल, रिसोर्ट, कई भूखंड, मकान और लग्जरी वाहन हैं। एसीबी टीमें सभी संपत्तियों के दस्तावेज खंगाल रही है और ब्योरा निकात रही हैं। जयमल सिंह राठौड़ के उदयपुर के सरदारपुरा स्थित मकान, सीसारमा स्थित होटल मान विलास रिसोर्ट संभागीय उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी के ऑफिस एसीबी टीमों की सर्च कार्रवाई जारी है। एसीची महानिदेशक डॉ. रवि प्रकाश मेहराड़ के बताया कि उदयपुर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी संभागीय उपभोका संरक्षण अधिकारी जयमल सिंह राठौड़ के बारे में गोपनीय शिकायत मिली थी कि इन्होंने राजकीय सेवा में रहते हुए आय से कहीं अधिक सम्पत्ति है। सूचना के आधार पर टीम ने शिकायत का सत्यापन किया तो जयमल सिंह राठौड़ का उदयपुर और राजसमंद में विभिन्न भूखंडों, मकान, होटल और लग्जरी वाहनों सहित अन्य परिसंपत्तियों में इनवेस्टमेंट के सबूत मिले। इस पर जयमत सिंह राठौड़ के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट से सर्च वारंट प्राप्त कर आज एसीबी टीमों ने जयमल सिंह राठौड़ की इन संपत्तियों पर छापा मारा है।

भाजपा सांसद और विधायक ने उठाए सवाल, राजस्थान-उदयपुर के सिटी पैलेस में राष्ट्रपति के दौरे पर विवाद

उदयपुर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उदयपुर के मेवाड़ राजघराने के राजमहल सिटी पैलेस में दौरे पर विवाद शुरू हो गया है। मेवाड़ राजघराने की ही राजसमंद सांसद महिमा कुमारी और नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह ने राष्ट्रपति के सिटी पैलेस दौरे पर सवाल उठाए हैं।गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को उदयपुर दौरे के दौरान मेवाड़ राजघराने के राजभवन सिटी पैलेस पहुंची थीं और उन्होंने सिटी पैलेस और मेवाड़ के इतिहास की प्रशंसा की थी। इसके बाद मेवाड़ राजघराने के नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह और उनकी धर्मपत्नी राजसमंद सांसद महिमा कुमारी ने सवाल उठाया कि मेवाड़ राजघराने की संपत्ति पर काफी समय से विवाद चल रहा है, ऐसे में भारत के प्रेसिडेंट का वहां दौरा करना कतई उचित नहीं है लक्ष्यराज सिंह के बुलावे पर पहुंची थीं राष्ट्रपति मेवाड़ राजघराने के लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के बुलावे पर राष्ट्रपति सिटी पैलेस पहुंची थीं। बता दें कि लक्ष्यराजसिंह की धर्मपत्नी निवृत्ति कुमारी उड़ीसा राजघराने से संबंध रखती हैं। इसी के चलते राष्ट्रपति सिटी पैलेस के दौरे पर पहुंची थीं, जिसके बाद मेवाड़ राजघराने में ही विरोध के स्वर बुलंद हो गए। दोनों ही भाजपा से विधायक और सांसद हैं ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि राष्ट्रपति के सिटी पैलेस में दौरे का विरोध करने वाले विश्वराज सिंह और महिमा कुमारी मेवाड़ राजघराने के सदस्य होकर राजसमंद और नाथद्वारा से सांसद और विधायक हैं और दोनों ही भाजपा से जनप्रतिनिधि चुने गए हैं, ऐसे में दोनों के द्वारा राष्ट्रपति के दौरे का विरोध करना बड़ा मुद्दा है।

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवा महत्वपूर्ण, राजस्थान-उदयपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू

उदयपुर/जयपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को पाने में वर्तमान पीढ़ी का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्वार्थ का रास्ता अपनाते हैं, लेकिन सभी के हितों को प्राथमिकता देने से छात्रों की प्रतिभा निखरेगी। राष्ट्रपति उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा सशक्तीकरण का सबसे अच्छा माध्यम है।उन्होंने कहा, ‘‘हमने वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखा है। आपकी पीढ़ी के योगदान के बल पर ही यह राष्ट्रीय लक्ष्य प्राप्त करना संभव होगा। मैं आशा करती हूं कि आप राष्ट्र निर्माण में यथाशक्ति का सर्वाधिक योगदान देंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे आशा है कि आप अपने आचरण और कार्यों से अपने परिवार, समाज तथा देश का गौरव बढ़ाएंगे। इसी से आपकी शिक्षा की सार्थकता सिद्ध होती है।’’ बाबा साहेब आंबेडकर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘बाबा साहेब का मानना था कि चरित्र, शिक्षा से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। वह मानते थे कि ऐसा शिक्षित व्यक्ति जिसमें चरित्र और विनम्रता न हो वह हिंसक जीव से भी ज्यादा खतरनाक होता है। उसकी शिक्षा से यदि गरीबों को हानि हो वह व्यक्ति समाज के लिए अभिशाप हो सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा आप सभी से ये कहना है कि आप जहां भी हों, कोई ऐसा कार्य न करें जिससे आपके चरित्र पर लांछन आये।’’ मुर्मू ने कहा कि आज के बदलते परिवेश में जब विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं ऐसे में विद्यार्थियों की ‘‘विद्यार्थी की भावना’’ को सदैव बनाए रखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा, ‘‘आपको व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों का समन्वय बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। संवेदना एक प्राकृतिक गुण है।’’ उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्वार्थ का मार्ग पकड़ लेते हैं लेकिन सबके हित को प्राथमिकता देने की विचारधारा आपकी प्रतिभा और अधिक निखारेगी।

माहौल बिगाड़ने कीं मूर्तियां खंडित, राजस्थान-उदयपुर के रजवाडिया समाज के मंदिर में तोड़फोड़

उदयपुर. बीते कुछ महीनों से उदयपुर क्षेत्र से लगातार सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। पिछले दिनों जहां भीलवाड़ा में एक धार्मिक स्थल के बाहर पशुओं अवशेष मिलने से माहौल बिगड़ गया था, वहीं अब उदयपुर के एक देवरे ( मंदिर) पर तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। यह देवरा उदयपुर के स्वरूप सागर झील के पास स्थित है, जो रजवाडिया समाज का बताया जा रहा है। मंदिर में तोड़फोड़ किए जाने की बात पता चलते ही समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। सूचना मिलने के बाद हाथीपोल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ की रजवाडिया समाज ने कड़ी निंदा की है और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। तोड़फोड़ कब और किसने की अब तक इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। खबर अपडेट की जा रही है।

सीएमएचओ ने नोटिस में 5 दिन में मांगा जवाब, राजस्थान-उदयपुर के मैगनस हॉस्पिटल में मरीजों की भर्ती पर रोक

उदयपुर. जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शंकरलाल बामनिया ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए शहर के भुवाणा क्षेत्र के मीरा नगर स्थित मैगनस हॉस्पिटल के प्रबंधक को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में अस्पताल में नवीन मरीजों की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से अस्थाई रोक लगाई है एवं जांच कमेटी की रिपोर्ट के संबंध में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शंकरलाल बामनिया ने बताया कि जिला कलेक्टर एवं जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद पोसवाल द्वारा गत दिनों श्रीमती अपूर्वा जोशी पत्नी श्री योगेश जोशी के पुत्र के इलाज में कथित घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एक जांच कमेटी गठित की गई थी। इस जांच कमेटी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के संबंध में हॉस्पिटल के प्रबंधक से अपना प्रत्युत्तर देने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने को लेकर बच्चे के माता-पिता ने जिला कलेक्टर को एक शिकायती पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने अस्पताल की लापरवाही के कारण बच्चे की दोनों आंखों की रोशनी जाने का जिक्र किया था। सतर्कता समिति में दर्ज इस शिकायत के संबंध में गठित जांच कमेटी ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा है कि अस्पताल के इस कृत्य से चिकित्सा विभाग की छवि धूमिल हुई है एवं आम जनता पर उनके हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली में गैर जिम्मेदारपूर्ण रवैया एवं इलाज में कथित घोर लापरवाही प्रदर्शित हुई है, जिससे प्रार्थी एवं आमजन में विपरीत प्रभाव पड़ा है। सीएमएचओ डॉ. बामनिया ने जांच कमेटी द्वारा अपनी जांच में पाए गए तथ्यों पर 4 बिन्दुओं में दी गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि जांच कमेटी के तथ्यों से ज्ञात होता है कि उनके द्वारा चिकित्सालय में मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ एवं इलाज में गंभीर लापरवाही की जा रही है, ऐसे में क्यों नहीं उनके विरुद्ध नैदानिक स्थापना (रजिस्ट्रीकरण और विनियम) अधिनियम 2010 के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की जाए? उन्होंने इस संबंध में नोटिस जारी करते हुए जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण की आगामी बैठक में अंतिम निर्णय होने तक अस्पताल में पूर्व में भर्ती मरीजों का इलाज जारी रखते हुए नए मरीजों की भर्ती पर नोटिस प्राप्ति की दिनांक से तुरंत प्रभाव से अस्थाई रोक लगा दी है। साथ ही निर्देशित किया है कि जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण द्वारा अनुमति के पश्चात ही नए रोगियों की भर्ती प्रारंभ करेंगे। उन्होंने नोटिस में कहा है कि इस संदर्भ में यदि वे कोई जवाब रखते हों तो आगामी पांच कार्यदिवस में अपना जवाब मय दस्तावेज प्रस्तुत करें।

रथयात्रा में उमड़े लाखों लोग, राजस्थान-उदयपुर में राजपरिवार के विश्वराज सिंह और महिमा कुमारी ने खींचा रथ

उदयपुर. अवकाश के बावजूद मुख्य शहर के बाजारों, सड़कों, चौराहों पर रथयात्रा में शामिल होने की उत्सुकता दिखाई दी। उदयपुर में प्रतिवर्ष यह रथयात्रा धूमधाम से निकली जाती है। इस बार रथयात्रा में मेवाड़ राजघराने के सर्वसम्मत प्रमुख महेन्द्र सिंह मेवाड़ के पुत्र और पुत्रवधू गर्मजोशी से भगवान के रथ का रस्सा खींचने पधारे। इससे पहले रथयात्रा का रथ राजघराने के द्वितीय पुत्र अरविंद सिंह मेवाड़ खींचते थे। उनके अस्वस्थ रहने के बाद उनके पुत्र लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ रथ का रस्सा खींचते हैं। भगवान जगन्नाथ राय जिस रथ में बिराजकर नगर भ्रमण करते हैं वह 80 किलो चांदी से बनवाया गया था। कल दोपहर 3 बजे जगदीश चौक से रवाना हुई रथयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करती हुई रात 11 बजे पश्चात जगदीश चौक पर समाप्त हुई। इस दौरान रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और भगवान के दर्शन किए।

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