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राइजिंग राजस्थान में अधिकारियों के साथ की संभावनाओं पर चर्चा, राजस्थान-सऊदी अरब ने खनन और पेट्रोलियम सेक्टर में दिखाई रुचि

जयपुर। सऊदी अरब के उप मंत्री शेख अब्दुल मजीद फलाह के नेतृत्व में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट में हिस्सा ले रहे प्रतिनिधिमण्डल ने राज्य में खनिज और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश में रुचि दिखाई है। प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने बताया कि  माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सउदी अरब के उप मंत्री शेख श्री अटुल मजीद फलाह और शेख श्री अब्दुला के साथ राज्य में इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। टी. रविकान्त ने बताया कि अतिरिक्त निदेशक माइंस श्री बीएस सोढ़ा ने सउदी अरब दल के सदस्यों को विस्तार से प्रदेश में उपलब्ध मिनरल्स, एक्सप्लोरेशन और निकट भविष्य में होने वाले मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में डेकोरेटिव स्टोन्स के साथ ही क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक मिनरल्स के भण्डार हैं और चरणबद्ध तरीके से इनके ब्लॉक्स तैयार कर नीलाम किए जा रहे हैं। अतिरिक्त निदेशक पेट्रोलियम श्री अजय शर्मा ने राजस्थान रिफाइनरी और उसके आसपास के क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल जोन विकसित होने की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध क्रूड ऑयल और गैस के भण्डारों की खोज और दोहन के संबंध में अवगत करवाया। सऊदी अरब के उप मंत्री शेख श्री अब्दुल मजीद फलाह और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेख श्री अब्दुला ने खनिज के साथ ही रिफाइनरी के आस पास के क्षेत्र में विकसित हो रहे पेट्रोकेमिमल जोन में औद्योगिक निवेश में रुचि दिखाई है। गौरतलब है कि शासन सचिव वित्त व्यय श्री नवीन जैन सउदी अरब से निवेश के संबंध में राज्य सरकार के प्रभारी अधिकारी हैं और वह राज्य सरकार और सउदी अरब के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय कर प्रदेश में अधिक से अधिक विदेशी निवेश लाने का प्रयास कर रहे हैं। खनिज विभाग के प्रतिनिधिमण्डल में अतिरिक्त निदेशक श्री एमपी मीणा, एडीजी श्री आलोक जैन, एसजी श्री सुनील वर्मा, श्री राजकुमार मीणा व अन्य अधिकारी थे। ————-

निवेश के लिए यही समय है: उद्योग राज्य मंत्री, राजस्थान-‘सस्टेनेबल फाइनेंसः पब्लिक एंड प्राइवेट इन्वेस्टमेंट’ में चर्चा

जयपुर। उद्योग राज्य मंत्री श्री के.के. विश्नोई ने कहा कि विकसित राजस्थान की संकल्पना को साकार करने की दिशा में ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट‘ की महत्वपूर्ण भूमिका साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं को निवेशकों तक पहुंचा रही हैं। इसी का परिणाम है कि समिट में 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश के एमओयू हस्ताक्षर हुए हैं। विश्नोई राइजिंग राजस्थान के दूसरे दिन थीमैटिक सेशन- सस्टेनेबल फाइनेंसः पब्लिक एंड प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधारभूत सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही हैं ताकि निवेशकों को अपने प्रोजेक्ट धरातल पर उतारने में देरी नहीं हो। उन्होंने निवेशको से कहा कि निवेश कर इंडस्ट्री लगाने का यही और सही समय है। उद्योग राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही 9 पाॅलिसी एक साथ लाॅन्च कर सरकार की प्राथमिकता को दर्शाया है। अब हमें मिलकर राजस्थान में विकास के नए आयाम स्थापित करने होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बैटरी स्टोरेज, स्मार्ट ग्रिड, ग्रीन हाइड्रोजन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही हैं। सेशन में वित्त (बजट) सचिव श्री देबाशीष पृष्टी ने राज्य सरकार के प्रयासों और भविष्य के लिए रोडमैप की जानकारी दी। उन्होंने रिप्स पाॅलिसी 2024, एमएसएमई पाॅलिसी 2024, एक जिला एक उत्पाद पाॅलिसी, मिनरल्स पाॅलिसी सहित अन्य पाॅलिसियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार राजस्थान में ग्रीन बजट वित्तीय वर्ष 2025-26 में पेश किया जाएगा। इस सेशन में पैनलिस्ट आरईसी लिमिटेड के चेयरमैन श्री विवेक कुमार, ड्यूश बैंक डायरेक्टर श्री पंकज ओझा, विश्व बैंक के सलाहकार डॉ. रामबाबू परवस्तु, बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ श्री देबदत्त चंद, यूएनडीपी प्रतिनिधि एंजेला लुसिगी, एशियन डवलपमेंट बैंक की कंट्री डायरेक्टर मिओ ओका, भारतीय रिजर्व बैंक के चीफ जनरल मैनेजर श्री सुनील नायर, हुडको अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री संजय कुलश्रेष्ठ ने राजस्थान में वित्तीय संसाधनों, इंडस्ट्री ग्रोथ और निवेश के बदलते माहौल पर चर्चा की। इस अवसर पर गुजरात सरकार में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री जे. पी. गुप्ता ने भी विचार रखे।

‘राज्य की असीम संभावनाएं साकार करने की दिशा में कदम’, उद्योग मंत्री कर्नल राठौड़ ने थीमेटिक सत्र में डिजिटल परिवर्तन पर की चर्चा

जयपुर। उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा है कि राइजिंग राजस्थान सिर्फ एक आयोजन नहीं है, यह राज्य की असीम संभावनाओं को साकार करने और इसे दुनिया से जोड़ने की दिशा में एक कदम है। वे राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के दूसरे दिन आयोजित थीमेटिक सत्र ‘डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: शेपिंग द फ्यूचर ऑफ स्टार्ट अप्स में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उद्योग मंत्री कर्नल राठौड़ ने इस दौरान योर स्टोरी की संस्थापक और सीईओ श्रद्धा शर्मा के साथ संवाद करते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से हम राजस्थान के प्रतिभाशाली युवाओं और कुशल कार्यबल के सपनों और संभावनाओं में निवेश करना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य राज्य की विविध क्षमताओं रिफाइनरी और माइनिंग से लेकर व्यापार गलियारों और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रदर्शित करना है। इस सत्र में भारत के अग्रणी उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं ने भी भाग लिया। पेटीएम के संस्थापक श्री विजय शेखर शर्मा ने कहा कि डिजिटल तकनीकों और एआई को अपनाना स्टार्टअप्स के लिए नवाचार और विकास के लिए जरूरी है। एआई भविष्य है और व्यावहारिक समस्याओं को हल करने और प्रतिस्पर्धी बाजार में वृद्धि को बढ़ावा देने की अपार क्षमता रखता है। ओयो के संस्थापक और सीईओ श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि प्रौद्योगिकी अब वैकल्पिक नहीं है, यह परिवर्तन के लिए अनिवार्य है। एआई स्टार्टअप्स के संचालन को पुनर्परिभाषित करने, दक्षता बढ़ाने और नवाचार को सक्षम करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। कारदेखो के संस्थापक श्री अनुराग जैन और श्री अमित जैन ने ‘राजस्थान: शेपिंग द फ्यूचर ऑफ स्टार्टअप्स नामक पैनल चर्चा में भाग लिया। उन्होंने राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला और राज्य में अपनी सफलता की यात्रा साझा की। पैनलिस्ट्स ने राजस्थान के फलते-फूलते स्टार्टअप इकोसिस्टम पर भी चर्चा की। इस सत्र में डीओआईटीसी की शासन सचिव एवं आयुक्त श्रीमती अर्चना सिंह और डाटा इंजीनियस ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ श्री अजय डाटा ने भी भाग लिया।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने विशेष सत्र में की चर्चा, राजस्थान-अब केवल रेगिस्तानी नहीं बल्कि उभरते अवसरों की भूमि है

जयपुर। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दूसरे दिन मंगलवार को अमेरिका (यूएसए) कंट्री सेशन में सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग पर गहन चर्चा हुई। इस सत्र को राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान अब केवल एक रेगिस्तानी राज्य नहीं, बल्कि उभरते हुए अवसरों की भूमि है। उन्होंने भारत-अमेरिका साझेदारी को आर्थिक समृद्धि और रोजगार सृजन के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।  उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और भारत जल्द ही तीसरा सबसे बड़ा आर्थिक लोकतंत्र बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने उल्लेख किया कि अमेरिकी कंपनियां पहले ही भारत में 1000 से अधिक उद्योग संचालित कर रही हैं और Apple जैसी कंपनियों ने भारत में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। राजस्थान की भूमिका पर जोर देते हुए, उन्होंने बताया कि राज्य दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का 30% हिस्सा कवर करता है और भौगोलिक स्थिति उद्योग और लॉजिस्टिक्स के लिए आदर्श है।  निवेश के लिए आदर्श राज्य है राजस्थान— मंत्री श्री गजेंद्र सिंह ने कहा कि राजस्थान में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, भारतमाला योजना, और पीएम गतिशक्ति पोर्टल जैसे प्रोजेक्ट्स ने निवेशकों के लिए शानदार आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराया है। उन्होंने राज्य के युवा कार्यबल और प्रतिभा के भंडार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की प्रतिबद्धता  ने इस समिट को संभव बनाया है। तकनीकी नवाचार और वैश्विक साझेदारी पर जोर— सत्र की शुरुआत में, यूडीएच के प्रमुख शासन सचिव श्री वैभव गालरिया ने सप्लाई चेन प्रबंधन में तकनीकी नवाचार, जीएसटी कार्यान्वयन, और लॉजिस्टिक्स में राजस्थान की क्षमता पर चर्चा की। इस दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए— चंद्रकांत सलुंखे ने SMEs के लिए निवेश और अनुबंध निर्माण के अवसरों पर प्रकाश डाला। राजिंदर सिंह भाटिया ने मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन में रणनीतिक पहलुओं पर बात की। डॉ. अनिर्बाण अधिकारी ने सप्लाई चेन में स्थिरता चुनौतियों पर चर्चा की। डॉ. बृजेश बारसे ने स्वास्थ्य और कृषि सप्लाई चैन में स्थिरता पर विचार प्रस्तुत किए। संयुक्त समृद्धि की ओर बढ़ता राजस्थान— सत्र के अंत में वक्ताओं ने राजस्थान को एक महत्वपूर्ण रक्षा विनिर्माण क्षेत्र और वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने के लिए साझा रणनीतियों पर जोर दिया। अंत में श्री गालरिया ने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट ने न केवल राज्य को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया, बल्कि भारत-अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए नवीन अवसर पैदा किए है।

ग्रामीणों को समझाइश देकर जिला प्रशासन ने खुलवाए 41 रास्ते, राजस्थान-रास्ता खोलो अभियान’ ने राह की आसान

जयपुर। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर शुरू हुआ रास्ता खोलो अभियान के तहत शुक्रवार को जिला प्रशासन ने सहमति एवं सहयोग से 41 रास्ते खुलवाए। 15 नवंबर को शुरू हुए रास्ता खोलो अभियान के अंतर्गत विगत 4 सप्ताह में जिला प्रशासन को जयपुर एवं जयपुर ग्रामीण में 173 रास्तों को खुलवाने में सफलता मिली है। अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अभियान की नोडल अधिकारी श्रीमती सुमन पंवार ने बताया कि शुक्रवार को जिला प्रशासन की टीमों ने आमेर, आंधी, शाहपुरा, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, रामपुरा-डाबड़ी, चौमूं, सांगानेर, माधोराजपुरा तहसील में 3-3 रास्ते खुलवाए। तो वहीं, तुंगा, जालसू और कोटखावदा तहसील में 2-2 साथ ही, जयपुर, कालवाड़, जमवारामगढ़, बस्सी और चाकसू तहसील में एक-एक रास्ता खुलवाया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि किशनगढ़-रेनवाल के डूंगरसी का बास गावं में 45 सालों से बंद रास्ता, कोढी गांव में 35 सालों से बंद रास्ता तो वहीं, सांगानेर तहसील के नरवरिया गांव में 25 साल से बंद और झुंड गांव में दो दशकों से बंद रास्ते को खुलवाया गया। जयपुर के जयपुरियों का बास गांव में 2 महीनों से बंद रास्ता खुलने से करीब 1500 ग्रामीणों और सांभरलेक के रसूलपुरा गांव में 5 सालों से बंद रास्ते के खुलने से एक हजार से अधिक ग्रामीणों की राह आसान हुई है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर रास्ता खोलो अभियान के तहत बरसों से बंद रास्ते खुले तो ग्रामीण जिला कलक्टर और जिला प्रशासन का आभार जता रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अधिकारियों को रास्ता खोलो अभियान के तहत बंद रास्ते खुलवाए जाने के पश्चात खोले गए रास्तों पर ग्रेवेल, सी.सी. रोड़ बनवाये जाने की कार्यवाही भी जल्द से जल्द अमल में लाने के निर्देश दिये हैं, इन निर्देशों की अनुपालना में अधिकांश स्थानों पर ग्रेवल रोड बनाने की कार्यवाही भी आरंभ की जा चुकी है। वहीं, जिन रास्तों के वाद न्यायालय में विचाराधीन है परिवादियों द्वारा संबंधित न्यायालय से ही अनुतोष प्राप्त किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में परिवाद प्राप्त होते हैं। रास्तों को लेकर न्यायालय में भी वाद दायर किए जाते रहते हैं। ऐसे प्रकरणों में निरन्तर बढ़ोतरी होने से आमजन को न्यायालय के चक्कर लगाने एवं जन-धन की हानि होने के साथ-साथ क्षेत्र की कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसलिए प्रशासन ने रास्ते सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण के लिए ‘रास्ता खोलो अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया।

‘राइजिंग राजस्थान‘ से प्रदेश में सृजित होंगे रोजगार, राजस्थान-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिया दसवां संकल्प

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट को सफल बनाने के लिए 10 दिनों तक प्रत्येक दिन एक नया संकल्प लेने की पहल की है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शनिवार को दसवां संकल्प लेते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में प्रदेश के आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के साथ ही रोजगार के अवसर भी सृजित किए जाएंगे। शर्मा ने कहा कि इस समिट में भी राजस्थान की महत्वपूर्ण वर्कफॉर्स के हजारों लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुशल युवाओं को सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को नौवां संकल्प लेते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट के आयोजन में उत्पन्न अपशिष्टों का पृथक्करण एवं निपटान करके स्वच्छ और हरित राजस्थान की ओर कदम बढ़ाया जाएगा। शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में देश-विदेश से आने वाले विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य शामिल होंगे। इस आयोजन में विकास, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का अद्भूत सामंजस्य दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण सुरक्षा के लिए निरंतर जरूरी कदम उठा रही है। —–

25 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष राशि माफ, राजस्थान-माइनर मिनरल खानों में एकमुश्त समाधान योजना का लाभ

जयपुर। माइनिंग सेक्टर में आधुनिकतम तकनीक के उपयोग और पारदर्शी व्यवस्था के तहत 1 अप्रेल, 2025 से सभी अप्रधान खनिज लीज धारकों को लीज क्षेत्र और उसके पास के 100 मीटर तक के क्षेत्र का ड्रोन/एरियल सर्वें कराकर क्षेत्र के खनि अभियंता या सहायक खनि अभियंता के कार्यालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा। नई व्यवस्था के तहत ड्रोन/एरियल सर्वें में प्राप्त खनन रिपोर्ट और संबंधित लीजधारक द्वारा पूर्व में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में अंतर आने की स्थिति में राहत देने के लिए राज्य सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। माइंस विभाग की एकमुश्त समाधान योजना 31 मार्च, 2026 तक प्रभावी रहेगी। मुख्यमंत्री एवं खान मंत्री श्री भजन लाल शर्मा माइनिंग सेक्टर में लगातार सुधार और गति दे रहे हैं। हाल ही में राज्य की नई खनिज और एम-सेण्ड नीति जारी की है। उससे पहले अप्रधान खनिज लीज धारकों की लीज अवधि बढ़ाने के अधिकार संबंधित खनिज अभियंता व सहायक अभियंता को दे दिए हैं। मुख्यमंत्री व खान मंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने एक ओर बड़ा निर्णय करते हुए एक हैक्टेयर से कम के प्लॉट की नीलामी की बिड राशि दस लाख से घटाकर दो लाख कर दी। इससे आर्थिक दृष्टि से कमजोर और स्थानीय नागरिकों की खनिज क्षेत्र में भागीदारी बढ़ सकेगी। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में अधिकारों का विकेन्द्रीकरण, लीजधारकों को राहत व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने परिवर्तित बजट घोषणा में प्रदेश में अप्रधान खनिजों के उत्पादन एवं निर्गमन में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट की व्यवस्था करते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि परिवर्तित बजट घोषणा की क्रियान्विति में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट व्यवस्था लागू करने और इससे होने वाले प्रभाव से खनिज लीज व क्वारी लाइसेंसधारकों को एकबारीय राहत प्रदान करते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू कर दी है। टी. रविकान्त ने बताया कि माइनर मिनरल खानों में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट व्यवस्था लागू करने से खनन पट्टों के सर्वेक्षण एवं सीमांकन से सामने आने वाली विसंगतियों के कारण होने वाली शास्ति से एकबारीय समाधान के लिए राज्य सरकार ने लीजधारकों को राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। योजना के अनुसार दस से 25 प्रतिशत राशि ही जमा कराने पर शेष राशि माफ कर दी जाएगी। इसके साथ ही भविष्य के लिए संबंधित लीज का मानक स्तर तय हो जाएगा जिससे विवाद की स्थिति नहीं रहेगी और व्यवस्था पारदर्शी व सरकार और लीजधारक दोनों के लिए लाभदायक हो जाएगी। प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि संबंधित खनिज धारक द्वारा वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट ड्रोन या एरियल सर्वे द्वारा प्राप्त डेटा संबंधित खनिज कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित एमई-एएमई द्वारा कार्यालय के दस्तावेजों के अनुसार उसकी जांच कर उत्पादन और निर्गमन का आंकलन किया जाएगा और उसके आधार पर शास्ति देय होगी। इससे खनन क्षेत्र की अवैध खनन गतिविधियों का भी एकबारीक समाधान हो सकेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यतः तीन तरह के प्रकरण सामने आते हैं। पहले में खनन पट्टा धारक द्वारा अपने अधिकृत क्षेत्र में खनन और निर्गमन के अनुसार कम रवन्ना जारी करना, दूसरे में अपने खनन क्षेत्र के साथ ही अन्य क्षेत्र में निगर्मन का रवन्ना जारी करना और तीसरा अपने क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र में अवैध खनन करना। वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट से खनन लीज क्षेत्र में धारक द्वारा किये गए वैध खनन, अवैध खनन या अन्य क्षेत्र के रवन्ना जारी होने की स्थिति साफ हो जाएगी। इस व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि खनिज लीज धारक द्वारा वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट कराकर प्रस्तुत करने से भविष्य के लिए विवाद नहीं रहेंगे। रविकान्त ने बताया कि वोल्यूमेट्र्कि  एसेसमेंट से खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, खनन क्षेत्र में लीजधारक या अन्य द्वारा अवैध खनन व निर्गमन पर प्रभावी रोक लग सकेगी। इससे खनिज क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक के साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में छीजत रुकेगी और एकबारीय समाधान योजना से लीजधारकों को भी राहत मिल सकेगी। निदेशक माइंस श्री भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि राज्य सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इससे हजारों की संख्या में माइनर मिनरल लीजधारक लाभान्वित हो सकेंगे।

शीतलहर की चेतावनी, राजस्थान-उत्तरी इलाकों में तेजी से नीचे लुढ़का पारा

जयपुर. राजस्थान में ठंड के साथ अब शीतलहर की एंट्री भी हो गई है। जयपुर मौसम केंद्र की ओर से जारी ताजा अपडेट के अनुसार प्रदेश में 10 से 12 दिसंबर के बीच उत्तरी इलाकों तथा शेखावाटी में शीतलहर चलने की संभावना है। इस दौरान यहां न्यूनतम तापमान 6 से 3 डिग्री के बीच रह सकता है। शीतलहर की चेतावनी को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को घर पर ही रहने की सलाह दी गई है। शीतलहर से फसलों में भी पाला पड़ने की आशंका रहती है। प्रदेश में 9 से 15 दिसंबर के बीच मावठ की भी संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से न्यूनतम तापमान में और ज्यादा गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो सप्ताह के बीच न्यूनतम पारे में 6 से 7 डिग्री की गिरावट आने का अनुमान जताया जा रहा है, जबकि अगले 2 से 3 दिन में राज्य के न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री गिरावट होने की प्रबल संभावना है। 9 से 15 दिसंबर के बीच राज्य के उत्तरी भागों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम पारा तेजी से लुढ़क गया है। प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र संगरिया सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सीकर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया है। चूरू में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री दर्ज किया गया, माउंट आबू में न्यूनतम पारा 6  डिग्री रहा। पिलानी में न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री, अजमेर में अधिकतम तापमान 27.8 व न्यूनतम तापमान 9.9, भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 26.5 व न्यूनतम 9.1, अलवर में अधिकतम तापमान 25 व न्यूनतम 8 औरजयपुर में अधिकतम तापमान 26.1 व न्यूनतम 12.2 डिग्री रहा।

‘ऐसा कौनसा राजकार्य बाधित हुआ?’, राजस्थान-जयपुर में डॉ. किरोड़ीलाल पर केस पर भड़के बेनीवाल

जयपुर. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल किया है कि जयपुर के महेश नगर थाने में राजस्थान सरकार के वरिष्ठ मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मामला किसके कहने पर दर्ज किया गया? सांसद बेनीवाल ने कहा कि एसओजी ने राजस्थान में एसआई भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के प्रमाण दिए हैं। ऐसे में इस भर्ती को रद्द करवाने की मांग कर रहे मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ दर्ज मामला समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि आंदोलित छात्रों से जानकारी लेने के प्रयास में आखिर कौन सा राजकार्य बाधित हुआ। बेनीवाल ने यह भी कहा कि एक मंत्री का यह कहना कि “सरकार मेरी है, तो क्या मैं अन्याय सहन करूंगा” स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार बेरोजगारों के मुद्दों पर असंवेदनशील है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। एसओजी, पुलिस मुख्यालय और एडवोकेट जनरल द्वारा भी भर्ती को रद्द करने की सिफारिश की जा चुकी है लेकिन सरकार अब तक इस पर चुप है। किसानों के मुद्दे पर जताई नाराजगी सांसद हनुमान बेनीवाल ने शंभु बॉर्डर पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश के किसान अपनी वाजिब मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन केंद्र सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। बेनीवाल ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी का कानून बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार केवल किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और कृषि मंत्री को ट्वीट कर किसानों की मांगों पर त्वरित संज्ञान लेने और सकारात्मक हल निकालने की अपील की।

मौसम विभाग की 24 घंटे में पारा गिरने की चेतावनी, राजस्थान-उत्तर में बर्फबारी के कारण चलीं ठंडी हवाएं

जयपुर। राजस्थान में मौसम बीते 24 घंटों में ही काफी बदलता नजर आ रहा है। बुधवार सुबह मौसम में ठंड का प्रभाव ज्यादा नजर आया। उत्तर में कश्मीर के बाद हिमाचल में हुई बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश के तापमान में भी तेज गिरावट देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक अगले 24 घंटों में प्रदेश में न्यूनतम पारे में 2 से 4 डिग्री तक की कमी आ सकती है। राजमार्गों पर घने कोहरे की चेतावनी राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। इनमें एनएच-11 पर सीकर-बीकानेर तथा एनएच-15 पर बाड़मेर-जैसलमेर, जैसलमेर-बीकानेर, बीकानेर-हनुमानगढ़ पर कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। वहीं एनएच 65 पर पाली-जोधपुर, जोधपुर-नागौर, नागौर-चूरू, एनएच-89 पर अजमेर-नागौर तथा नागौर-बीकानेर रूट पर कौहरे की चेतावनी जारी की गई है। बीते 24 घंटों के मौसम का हाल राजस्थान के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे चल रहा है। हालांकि करीब 2 सप्ताह पहले ही राजस्थान में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान 5 डिग्री पहुंच चुका है। लेकिन इसके बाद मौसम में गर्मी का प्रभाव बढ़ा, लेकिन अब बर्फबारी का असर दिन के मौसम पर भी नजर आ रहा है। बीते 24 घंटों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो बाड़मेर सबसे गर्म इलाका रहा। यहां अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हिल स्टेशन माउंट आबू पर न्यूनतम पार 6 डिग्री पर पहुंच गया है। चूरू में अधिकतम तापमान 28.1 व न्यूनतम 10 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। अंता-बारां में अधिकतम तापमान 28.1 व न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री रहा। करौली में 27.3 व न्यूनतम 10.1 डिग्री रहा। सीकर में अधिकतम 26.5 व न्यूनतम 9 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर की बात करें तो अधिकतम तापमान 28.9 व न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

ईआरसीपी समेत एक लाख करोड़ के हो सकते हैं ऐलान, राजस्थान सरकार की पहली वर्षगांठ पर आएंगे प्रधानमंत्री

जयपुर. राजस्थान में भजनलाल सरकार का पहला साल पूरा होने के अवसर पर 17 दिसंबर को जयपुर के ददिया में पीएम नरेंद्र मोदी की सभा होने जा रही है। मुख्यमंत्री इसकी तैयारियों को लेकर ददिया का दौरा भी कर चुके हैं। सभा में भीड़ लाने के लिए सभी विधायकों को टारगेट भी दे दिए गए हैं। करीब 3 लाख लोगों को सभा स्थल तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों से करीब 1 लाख करोड़ रुपये की बड़ी घोषणाएं करवाई जाएंगी, इनमें सबसे बड़ा ऐलान ईआरसीपी योजना की घोषणा होगी। इसके अलावा किसानों के खातों में राज्य सरकार की तरफ से आने वाले 1 हजार रुपये की किश्त भी इसी दिन जारी की जानी है। इनके अलावा करीब 60 हजार नई नौकरियों का ऐलान भी किया जाएगा। तीन दिन चलेगा कार्यक्रम जानकारी के मुताबिक सरकार की पहली वर्षगांठ का कार्यक्रम तीन दिन चलेगा। इसमें पहले दिन युवाओं के लिए जिलों में कार्यक्रम, दूसरे दिन महिलाओं के लिए कार्यक्रम और तीसरे दिन पीएम की सभा रखी गई है। हाल में पीएम की सभा की तैयारियों को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा खुद ददिया पहुंचे थे, जहां उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्यक्रम की सुरक्षा तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा भी की थी। इस दौरान उनके साथ बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, पूर्व अध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा सहित कई अन्य नेता भी मौजूद थे। ईआरसीपी पर विपक्ष को जवाब देने की तैयारी ईआरसीपी प्रोजेक्ट को लेकर भजनलाल सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है। इस सभा के जरिए सरकार ईआरसीपी प्रोजेक्ट को लॉन्च कर विपक्ष के हमलों का जवाब भी देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनावों के दौरान दौसा में ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना की श्रेणी में शामिल करने की बात कही थी। क्या है ईआरसीपी? पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) में कालीसिंध, पार्वती, मेज और चाकन उप-बेसिनों में उपलब्ध व्यर्थ बहने वाले मानसून के पानी का उपयोग किया जाना है। इसे बनास, गंभीरी, बाणगंगा के पानी की कमी वाले उप-बेसिनों में मोड़कर चंबल बेसिन के भीतर पानी के इंटर बेसिन ट्रांसफर की परिकल्पना की गई थी। योजना के पूरा होने पर पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों को पीने और औद्योगिक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। परियोजना में लगभग 2.82 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई को लेकर दृष्टिकोण रखा गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने 13 जिलों के 83 विधानसभा क्षेत्र में इस प्रोजेक्ट को चुनावी मुद्दा बनाया था। सबसे पहले ईआरसीपी प्रोजेक्ट की परिकल्पना पूववर्ती वसुंधरा सरकार के समय की गई थी।  योजना से लाभान्वित होने वाले जिलों में अलवर, दौसा, जयपुर, अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, भरतपुर, धौलपुर और करौली शामिल हैं।

आठ महीनों से एडहॉक के जिम्मे कामकाज: चांदना, राजस्थान-जयपुर में कौन करवाएगा आईपीएल मैच?

जयपुर. राजस्थान में इस बार होने वाले आईपीएल मैचों का आयोजन क्रिकेट संघ करवाएगा या सरकार? यह एक बड़ा सवाल है, जिसका फिलहाल कोई जवाब नहीं मिल रहा है। इसकी वजह यह है कि क्रिकेट एसोसिएशन में होने वाले चुनाव को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। बीते 8 महीनों से राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का संचालन सरकार की बनाई गई एडहॉक कमेटी ही कर रही है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद से वैभव गहलोत को हटाने के बाद एसोसिएशन में नागौर जिला क्रिकेट संघ से ताल्लुक रखने वाले और प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय सिंह खींवसर को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन कुछ समय बाद ही सरकार ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन पर एडहॉक कमेटी बना दी, जो फिलहाल राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को संचालित कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि एक बार फिर राजस्थान में आयोजित होने वाले आईपीएल के मुकाबले सरकार की ओर से ही आयोजित किए जाएंगे, मामले को लेकर पूर्व खेलमंत्री अशोक चांदना का कहना है कि भाजपा सरकार चुनाव में विश्वास नहीं रखती, उन्होंने कहा कि जब वैभव गहलोत राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुने हुए अध्यक्ष थे तो उन्हें बिना चुनाव करवाए क्यों हटाया गया? यदि सरकार को राजस्थान के क्रिकेट चलानी थी तो चुनाव करवाने चाहिए थे। चांदना ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में राजस्थान में खेलों के हालात कुछ अच्छे नहीं हैं, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में कार्यकारिणी नहीं बनने से खिलाड़ियों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सिर्फ 3 महीने के लिए बनाई थी एडहॉक सरकार ने 28 मार्च 2024 में राजस्थान क्रिकेट संघ की कार्यकारिणी को भंग करके एडहॉक कमेटी का गठन कर दिया था, उस समय यह कमेटी सिर्फ 3 महीने के लिए बनाई गई थी और इसका काम राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव करवाना था लेकिन सरकार ने इस कमेटी को दो बार एक्सटेंशन दे दिया यानी बीते 8 महीने से राजस्थान में क्रिकेट का संचालन एडहॉक कमेटी द्वारा किया जा रहा है। राजस्थान के क्रिकेट इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब एडहॉक कमेटी ने इतने लंबे समय तक राजस्थान के क्रिकेट को चलाया है। मौजूदा कमेटी का कार्यकाल 28 दिसंबर को खत्म होगा लेकिन माना जा रहा है कि सरकार एक बार फिर कमेटी को एक्सटेंशन देने की तैयारी कर रही है, फिलहाल बीजेपी से विधायक जयदीप बिहानी को कमेटी का संयोजक बनाया गया है। फंड की कमी से जूझ रहे हैं एडहॉक कमेटी के गठन के बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के वित्तीय हालत लगातार बिगड़ने लगे हैं। फंड की उपलब्धता नहीं होने के कारण राज्य स्तरीय टूर्नामेंट समय पर आयोजित नहीं हो पाए, ऐसे में कमेटी के सदस्य जब बीसीसीआई के पदाधिकारी से मिले तब कुछ फंड उपलब्ध करवाया गया। इतना ही नहीं दिवाली के मौके पर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के कर्मचारियों को 4 महीने बाद तनख्वाह दी गई। मौजूदा समय में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के हालात जयपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की तरह हो गए हैं क्योंकि जयपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन में भी पिछले 3 सालों से एडहॉक कमेटी काम कर रही है और अभी तक इसके चुनाव नहीं हो पाए हैं। सदस्यों पर सवाल उठे इस दौरान एडहॉक कमेटी पर कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं। गंगानगर जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारी ने कमेटी के कुछ सदस्यों पर आरोप लगाए थे और कहा था कि खिलाड़ियों के सिलेक्शन में भेदभाव किया जा रहा है। सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो कमेटी के सदस्य हैं। साथ ही कोच के सिलेक्शन के समय भी कमेटी पर कई तरह के सवाल उठाए गए थे।

जवाहर सिंह बेढम ने आस्था और संस्कृति बचाने के लिए बताया जरूरी, राजस्थान-भजनलाल कैबिनेट का ऐतिहासिक धर्मांतरण बिल

जयपुर। राजस्थान कैबिनेट में धर्मांतरण रोकने के लिए बिल को मंजूरी मिल गई है। इस विषय पर प्रदेश के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने रविवार को आईएएनएस से करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रशंसा की। जवाहर सिंह बेढम ने कहा, धर्मांतरण पर कानून बनाने को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्णय का स्वागत और अभिनंदन करता हूं। इसकी आवश्यकता थी, क्योंकि बहला-फुसला कर, प्रलोभन देकर या जबरदस्ती धर्मांतरण की शिकायत जगह-जगह से आ रही थी। भाजपा नेता ने कहा कि किसी की आस्था और संस्कृति बचाने के लिए इसकी आवश्यकता थी। ऐसे में कल भजनलाल शर्मा की कैबिनेट ने जो ऐतिहासिक निर्णय लिया है, वो स्वागत योग्य है। यह बिल भजनलाल शर्मा के स्वयं के विवेक, सोच और राज्य के हित में लिए गए फैसले का आधार है। बता दें कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में ‘द राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्जन बिल 2024’ को मंजूरी दी गई। कानून मंत्री जोगाराम पटेल इस बिल को राजस्थान के आगामी विधानसभा सत्र में पेश करेंगे। उन्होंने इस संबंध में पत्रकार वार्ता कर कहा, “ जिस तरह प्रदेश में धर्मांतरण के मामले प्रकाश में आए हैं, उसके मद्देनजर यह बिल विधानसभा में पेश किए जाने का फैसला किया गया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश में 2021, मध्य प्रदेश में 2021, उत्तराखंड में 2018, गुजरात में 2021, हिमाचल प्रदेश में 2019, झारखंड में 2017 में, कर्नाटक में 2022, ओडिशा में 1967 में धर्मांतरण के विरुद्ध कानून बनाया जा चुके हैं। इसके अलावा, कई अन्य प्रदेशों में भी धर्मांतरण के विरुद्ध कानून बनाए गए हैं। इसे देखते अब हमने भी यह कदम उठाने का फैसला किया है।” उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2008 में वसुंधरा सरकार में धर्मांतरण बिल लाया गया था। 16 साल से यह बिल केंद्र के पास अटका हुआ था। जिसे अब तक राष्ट्रपति ने मंजूरी नहीं दी थी। लेकिन, अब वसुंधरा सरकार में पारित हुआ धर्मांतरण बिल भी भजनलाल सरकार वापस लेगी और धर्मांतरण पर नया बिल पेश करेगी।

38160 परिक्षार्थी देंगे परीक्षा, राजस्थान-पशु परिचर भर्ती परीक्षा में कड़ी जांच के बाद एंट्री

नागौर. नागौर जिला मुख्यालय पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर द्वारा आयोजित पशु परिचय भर्ती परीक्षा 2023 के नागौर जिला मुख्यालय पर कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा 9:00 बजे से शुरू होगी वहीं परीक्षा के 1 घंटे पहले यानी 8 बजे परीक्षा केंद्र का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया गया है। नागौर में आज पहले दिन कुल 6360 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। वहीं कल 3 दिनों तक कुल 38160 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। वहीं सुबह 8:00 बजे पुलिस के कड़ी सुरक्षा के बीच जिला ट्रेजरी से पेपर अतिरिक्त जिला कलेक्टर की मौजूदगी में रवाना किया गया। अतिरिक्त कलेक्टर चंपालाल जीनगर ने बताया है कि हमने यहां से पेपर रवाना कर दिया गया है। नागौर जिला मुख्यालय पर 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और परीक्षा 9 बजे से शुरू होगी। एंट्री 8:00 बजे बंद हो जाएगी। 8:00 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहीं अजमेर से भर्ती बोर्ड परीक्षा से ऑब्जर्व अभी यहां पर आए हुए हैं और जिला प्रशासन यहां पूरी तरह मुस्तैद हैं।

इन्वेस्टरों की समस्या और पेपर लीक पर होगी बगावत!, राजस्थान-किरोड़ी ने बढ़ाई बीजेपी-अफसरों की टेंशन

जयपुर. राजस्थान की भजनलाल सरकार इन दिनों इनवेस्टमेंट समिट की तैयारियों में व्यस्त है। लेकिन इसी बीच उनके कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने एक बड़ा बयान दे दिया है कि वे उपचुनावों की हार के लिए जिम्मेदार लोगों का जल्द खुलासा करेंगे। किरोड़ी के इस बयान ने निश्चित रूप से बीजेपी की टेंशन बढ़ा दी है। सियासी जानकार कह रहे हैं कि ‘बाबा’ किरोड़ी का धमका होगा तो इसकी जद में सरकार के कई अफसर और मंत्री भी आ सकते हैं। इनवेस्टमेंट समिट से पहले किरोड़ी लाल के इस खुलासे से प्रदेश के सियासी माहौल पर बड़ा असर आएगा। किरोड़ी के पास मुद्दों की कमी नहीं किरोड़ी लाल मीणा के पास मुद्दों की कोई कमी नहीं है। दौसा उपचुनाव में भाई जगमोहन मीणा की हार के बाद किरोड़ी का यह बयान काफी चर्चाओं में आया था जिसमें उन्होंने कहा था -‘गैरों में कहां दम था, मुझे हमेशा जयचंदों ने ही मारा।’ वह इस बात के स्पष्ट संकेत दे चुके हैं कि उनके भाई की हार के पीछे बीजेपी के लोग ही जिम्मेदार हैं। इनवेस्ट में समिट से पहले पीड़ित निवेशकों को सामने ला रहे वहीं इनवेस्टमेंट समिट से ठीक पहले किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार को एक एनआरआई निवेशक को लेकर एसीबी दफ्तर पहुंच गए। जहां उन्होंने एसीबी पर भी बड़े आरोप लगा दिए। एसीबी हैड डीजी रवि प्रकाश मेहरड़ा से मुलाकात के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमारी सरकार इस मामले को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि कहा मैंने सीएम भजनलाल शर्मा से कह दिया। इसके बाद भी 92 साल का बुजुर्ग एसीबी के दरवाजे पर खड़ा है। मैं इसे उचित नहीं मानता, यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है। हमारी सरकार संवेदनशील है, लेकिन यहां पर न जाने संवेदन शून्यता क्यों है? यह मेरे भी समझ से बाहर है। पेपर लीक, डीओआईटी में एफआईआर को लेकर भी सक्रिय इसके साथ ही किरोड़ी लाल मीणा डीओआईटी और पेपर लीक मामलो को लेकर भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। डीओआईटी में भ्रष्टाचार को लेकर वे गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेड़म से मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि सरकार की तरफ से उनके ज्ञापन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पेपर लीक में भी किरोड़ी एसआई भर्ती निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। ऐसे तमाम मुद्दे किरोड़ी लाल मीणा के पास हैं। जिन्हें लेकर आने वाले दिनों में वे अपने चिरपरिचित सियासी अंदाज में नजर आएंगे।

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