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48 नोडल अधिकारी किये गए नियुक्त, राजस्थान के सभी 557 कॉलेजों में लगेंगे सौर ऊर्जा संयंत्र

केकड़ी. प्रदेश के समस्त राजकीय महाविद्यालय अब सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा की ओर से कॉलेजों को सौर ऊर्जा युक्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए प्रदेश भर में 48 नोडल अधिकारी नियुक्त कर कॉलेजों में सौर ऊर्जा की वर्तमान स्थिति सहित अन्य जानकारी एकत्रित की जा रही है। इसके अंतर्गत राज्य के सभी 557 यूजी पीजी कॉलेज में रूफटॉप सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना की जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए अक्षय ऊर्जा निगम को अधिकृत किया है। राज्य सरकार द्वारा पारंपरिक हाइड्रो और तापीय बिजली के अलावा सरकार ने सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कुसुम योजना, पीएम सूर्योदय सहित कई योजनाएं चालू की हैं। इसके जरिए आम उपभोक्ता भी अपने घर व प्रतिष्ठान को सौर ऊर्जा युक्त कर सकता है। राज्य के 20 प्रतिशत कॉलेजों में है सौर ऊर्जा वर्तमान में प्रदेश के महज 20 प्रतिशत कॉलेज में ही रूफटॉप सौर पैनल लगे हैं। अभी भी 80 प्रतिशत कॉलेज जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम की बिजली पर निर्भर हैं। सरकार ने सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सभी कॉलेज में रूफटॉप सौर पैनल लगाने की घोषणा की है। हालांकि बीते एक-दो सालों में आमजन में सौर ऊर्जा उत्पादन के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन इसका दायरा अभी भी बहुत सीमित है। इसी दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने अब कॉलेज शिक्षा निदेशालय के अधीन 557 यूजी-पीजी कॉलेज में रूफटॉप सौर ऊर्जा पैनल स्थापित करने का फैसला किया है। 48 नोडल अधिकारी नियुक्त आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा के संयुक्त निदेशक डॉ. विजेंद्र कुमार शर्मा ने रूफटॉप सौर पैनल लगाने के लिए प्रदेश के 48 कॉलेज को नोडल बनाया है। नोडल अधिकारी विभिन्न कॉलेज में सौर ऊर्जा पैनल, प्लांट, लोड क्षमता और अन्य जानकारी देंगे। सरवाड़ व टांटोती कॉलेज में लगेंगे संयंत्र यह जानकारी देते हुए राजकीय महाविद्यालय केकड़ी के कार्यवाहक प्राचार्य चेतनलाल रैगर ने बताया कि केकड़ी जिला मुख्यालय पर स्थित राजकीय महाविद्यालय में पहले से ही सौर ऊर्जा का संयंत्र स्थापित है, लेकिन नोडल कॉलेज होने के कारण जिले के सावर, सरवाड़ गर्ल्स कॉलेज, टांटोटी व कादेड़ा कॉलेज भी इसके अधीन आते हैं। इनमें सरवाड़ व टांटोटी की खुद की बिल्डिंग होने से कॉलेज प्रशासन को सौर ऊर्जा संयंत्र का प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि कादेड़ा व सावर में कॉलेज की खुद की बिल्डिंग नहीं है, इसलिए यहां फिलहाल सौर ऊर्जा का संयत्र स्थापित नहीं हो सकेगा।

उपचुनाव के 18 से शुरू होंगे नामांकन, राजस्थान के सात विधानसभा क्षेत्रों में 19.36 लाख मतदाता

जयपुर. राजस्थान में  विधानसभा उपचुनाव के दौरान 19,36,533 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इसके लिए 7 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,862 मतदान केंद्र और 53 सहायक मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। झुंझुनू, रामगढ़, दौसा, देवली-उनियारा, खींवसर, सलूंबर और चौरासी में उपचुनाव होने हैं। झुझुनूं में 249 मतदान केंद्र, 14 सहायक मतदान केंद्र व 2,74,532 मतदाता होंगे। रामगढ़ में  278 मतदान केंद्र , 6 सहायक मतदान केंद्र व 2,74,180 मतदाता होंगे। दौसा में  235 मतदान केंद्र , 5 सहायक मतदान केंद्र व 2,46,012 मतदाता होंगे। देवली-उनियारा में  296 मतदान केंद्र ,11 सहायक मतदान केंद्र व 3,02721 मतदाता होंगे। खींवसर में  264 मतदान केंद्र , 4 सहायक मतदान केंद्र व 2,86,041 मतदाता होंगे। सलूंबर में  296 मतदान केंद्र , 6 सहायक मतदान केंद्र व 2,97,645 मतदाता होंगे। वहीं चौरासी में  244 मतदान केंद्र ,7 सहायक मतदान केंद्र व 2,55401 मतदाता होंगे। सांसदों की मर्जी पर ही टिकट टिकटों के लिए नामांकन 18 नवंबर से शुरू होंगे। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों में नामांकन के अंतिम दिन के आस-पास ही टिकट घोषित होंगे। झुंझुनू: झुंझुनू में ओला परिवार को टिकट, कांग्रेस की इस मजबूत सीट पर बृजेंद ओला के सांसद बनने के चलते उपचुनाव हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इस सीट पर कांग्रेस ओला परिवार में से ही किसी को  टिकट देगी। दौसा: मुरारी लाल मीणा ने अपने परिवार को चुनाव लड़ाने से इनकार कर दिया है, लेकिन टिकट उनके कहने पर ही दिया जाएगा। दूसरी तरफ यहां भाजपा की तरफ से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा को चुनाव लड़वाने की तैयारी है। रामगढ़: कांग्रेस विधायक जुबेर खान का निधन हो चुका है। हालांकि, उनकी पत्नी भी 2018 से 2023 तक विधायक रह चुकी हैं। लेकिन, इस बार जुबेर के बेटे को कांग्रेस अपना प्रत्याशी बना सकती है। वहीं भाजपा सुखविंदर को टिकट दे सकती है। सलूंबर: दिवंगत विधायक अमृत लाल मीणा के बाद चर्चा है कि भाजपा उनके परिवार में ही टिकट देकर सहानुभूति लहर का फायदा ले सकती है। मीणा की पत्नी अभी सरपंच हैं और राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस की ओर से परंपरागत तौर पर दिग्गज नेता रघुवीर मीणा की दावेदारी है। खींवसर: सांसद हनुमान बेनीवाल की परंपरागत सीट पर फिर बेनीवाल परिवार का दावा है। भाई नारायण बेनीवाल पहले विधायक रह चुके हैं। इस बार हनुमान की पत्नी की चर्चा भी है। नागौर के दिग्गज सियासी परिवार मिर्धा फैमिली से ज्योति मिर्धा फिर एक बार दौड़ हैं। पूर्व में वह विधानसभा और लोकसभा का चुनाव हार चुकी हैं। 0- झुंझुनू बृजेंद्र ओला परिवार 0- मुरारी के कहने पर टिकट 0- हरीश मीणा के कहने पर टिकट 0- हनुमान बेनीवाल- बिंदु चौधरी, राघवेंद्र 0- रामगढ़ में सफिया का बेटा इन सीटों पर मतदान, यहां इतने मतदाता — क्रं.    विधान     निर्वाचन क्षेत्र की    मतदान केंद्र     सहायक      कुल मतदाता सं.    सभा        संख्या व नाम                               मतदान केंद्र 1     27     झुंझुनू     249     14     2,74,532 2     67     रामगढ़     278     6     2,74,180 3     88     दौसा     235     5     2,46,012 4     97     देवली-उनियारा     296     11     3,02,721 5     110     खींवसर     264     4     2,86,041 6     156     सलुम्बर(अ.ज.जा.)     296     6     2,97,645 7     161     चौरासी (अ.ज.जा.)     244     7      2,55,401

भारतीय संस्कृति देख लोगों ने की तारीफ, राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी जर्मनी में देसी परिधान में दिखीं

जयपुर. उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ राइजिंग राजस्थान सबमिट के लिए जर्मनी के दौरे पर हैं। म्यूनिख में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दीया कुमारी देसी परिधान के अंदर नजर आई। जिसको देखकर वहां पर उपस्थित प्रवासी भारतीय एवं जर्मनी के व्यापारियों ने भी दिल खोलकर उपमुख्यमंत्री के संस्कार देश की संस्कृति के प्रति प्रेम एवं लगाओ की जमकर तारीफ की। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जर्मनी प्रवास के दौरान जर्मन-इंडियन बिज़नेस फोरम के तत्वावधान में म्यूनिख में बसे एनआरआर (नॉन-रेजिडेंट राजस्थानी) समुदाय से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ मुलाकात की और उन्हें राजस्थान के विकास में सहयोग के लिए आमंत्रित किया और आगामी सम्मेलन भाग लेने के लिए प्रेरित किया। दीया कुमारी ने म्यूनिख में दिए अपने संबोधन में कहा कि यह गौरव का पल है, जब भारत पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा रहा है और ऐसे समय में राजस्थान और राजस्थान की सरकार प्रवासी भारतीय और जर्मन के व्यापारियों को राजस्थान में निवेश करने के लिए न्योता देने आई है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज राजस्थान में निवेश कर हर व्यापारी भारत की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन सकता है और पूरे विश्व में अपनी छाप छोड़ सकता है।

पांच सीटों पर दशकों से हावी रहे ‘परिवार’, राजस्थान-उपचुनाव के दावेदारों के पैनल तैयार

दौसा. राजस्थान में विधानसभा के उपचुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। बीजेपी ने सभी 7 सीटों पर 3-3 नामों का पैनल तैयार कर लिया है। कांग्रेस भी अपने नामों को लेकर पहले बैठक कर चुकी है। नवंबर में सातों सीटों पर चुनाव करवाए जा सकते हैं। रामगढ़ और सलूंबर के अलावा उपचुनाव के लिए प्रस्तावित पांच सीटों वो हैं, जहां के विधायक लोकसभा चुनाव में इंडी गठबंधन के टिकट पर सांसद बन गए हैं। इनमें खींवसर, झुंझुनूं, दौसा, देवली-उनियारा और चौरासी हैं। हालांकि कांग्रेस और बीजेपी में नामों की दावेदारी शुरू हो गई है, लेकिन इन 7 सीटों में से 5 सीट ऐसी हैं जहां भाजपा या कांग्रेस से जुड़े सियासी परिवारों का दबदबा है। यहां दिखेगी विरासत की सियासत — दौसा- कांग्रेस विधायक मुरारी लाल मीणा अब सांसद है। उनके परिवार में पत्नी सविता मीणा और बेटी दावेदार हैं। सविता 2019 का लोकसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं। इधर, भाजपा के दिग्गज नेता डॉ.किरोड़ लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा भी दावेदारी में नजर आ रहे हैं। झुंझुनूं- कांग्रेस के ओला परिवार के सियासी गढ़ में विधायक चुने गए बृजेन्द्र ओला अब सांसद बन चुके हैं। पुत्र अमित ओला टिकट की कतार में हैं। फिलहाल पंचायत समिति सदस्य हैं। भाजपा से 2023 का चुनाव हारे निशित चौधरी फिर दावा कर रहे हैं। सलूंबर- दिवंगत विधायक अमृत लाल मीणा के बाद चर्चा है कि भाजपा उनके परिवार में ही टिकट देकर सहानुभूति लहर का फायदा ले सकती है। मीणा की पत्नी अभी सरपंच हैं और राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस की ओर से परंपरागत तौर पर दिग्गज नेता रघुवीर मीणा की दावेदारी है। खींवसर- सांसद हनुमान बेनीवाल की परंपरागत सीट पर फिर बेनीवाल परिवार का दावा है। भाई नारायण बेनीवाल पहले विधायक रह चुके हैं। इस बार हनुमान की पत्नी की चर्चा भी है। नागौर के दिग्गज सियासी परिवार मिर्धा फैमिली से ज्योति मिर्धा फिर एक बार दौड़ हैं। पूर्व में वह विधानसभा और लोकसभा का चुनाव हार चुकी हैं। चौरासी- चौरासी सीट पर भारतीय आदिवासी पार्टी का दबदबा है। यहां से विधानसभा चुनाव जीते बीएपी के राजकुमार रोत अब सांसद बन चुके हैं। इसलिए यह सीट चुनाव के लिए खाली हुई है। बीएपी ने इस सीट पर अपनी कैंपेनिंग शुरू भी कर दी है। राजकुमार रोत लगातार इस सीट पर दौरे कर रहे हैं। बीएपी सिर्फ यहीं नहीं बल्कि कुछ अन्य एसटी बाहुल्य सीटों पर भी अपने प्रत्याशी उतार सकती है। रामगढ़- हाल में रामगढ़ से विधायक रहे जुबेर खान का निधन हो गया था। इसके बाद यह सीट उपचुनाव के लिए खाली हो गई। बीते 3 दशक से कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों में इस सीट पर परिवारवाद हावी रहा है। कांग्रेस ने जहां 1990 से यहां जुबेर खान को ही प्रत्याशी बनाया वहीं। बीजेपी ने हर बार ज्ञानदेव आहूजा को उनके सामने उतारा। इस बार यहां कांग्रेस से इमरान टिकट के बड़े दावेदार हैं वहीं बीजेपी अपने बागी सुखविंदर पर दांव लगा सकती है।

पांच निगमों में नियुक्त किए थे 56 सदस्य, राजस्थान-निकायों में मनोनीत सदस्यों की अधिसूचना स्थगित

जयपुर. प्रदेश की भजनलाल सरकार ने रविवार को सरकार ने स्थानीय निकायों में मनोनीत सदस्यों की अधिसूचना जारी की थी, लेकिन नव निर्वाचित सदस्यों को बधाई मिलने से पहले ही स्थगन आदेश जारी कर दिए गए।रविवार को प्रदेश की भजनलाल सरकार ने स्थानीय निकायों में मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। आदेश स्थगित कर दिया। पांच निगमों में 56 सदस्यों की नियुक्त हुई। जिनमें भरतपुर, उदयपुर शहर, जोधपुर उत्तर और दक्षिण में 12-12 और पाली नगर निगम में 8 सदस्य नियुक्त किए गए थे। नगर परिषद: लालसोट, दौसा, सरदारशहर, धौलपुर, सांचौर, जालौर, अनूपगढ़, श्रीगंगानगर, शाहपुरा और टोंक नगर पालिका: नदबई, कामां, महवा, मंडावर, मंडावरी, रामगढ़ पंचवारा, बांदीकुई, बसवा, भांडारेज, सिकराय, रतन नगर, तारानगर, राजलदेसर, बीदासर, रतनगढ, छापर, बसेड़ी, सरमथुरा, राजाखेड़ा, बाड़ी, कापरेन, हिंडोली, देई, लाखेरी, केशोरायपाटन, नैनवां, इन्द्रगढ़, बूंदी, भीनमाल, सोजतशहर, तखतगढ़, सुमेरपुर, जैतारण, बाली, सादड़ी, फालना, रानी, मारवाड़, जंक्शन, श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर, गजसिंहपुर, रायसिंहनगर, विजय नगर, सागवाड़ा, देशनोक, नोखा, खाजूवाला, श्रीडूंगरगढ़, देवली, उनियारा, मालाखेड़ा, बहादुरपुर, थानागाजी, गोविन्दगढ़, नौगांवा, रामगढ़ अलवर, बडौदामेव, लक्ष्मणगढ़-अलवर, रैणी, कठूमर, खेड़ली, राजगढ़-अलवर।

आज नड्डा लगाएंगे प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर, राजस्थान में उपचुनाव की भाजपा ने कसी कमर

जयपुर. राजस्थान में सात विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी ने इन सात सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों के पैनल को अंतिम रूप दे दिया है। आज रात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इन नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। राज्य में इन सात सीटों के लिए उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कभी भी हो सकती है, और भाजपा ने इसके लिए अपनी तैयारियों को पूरी तरह से अंतिम रूप देने का काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री आवास पर हुई कोर कमेटी की लगभग दो घंटे लंबी बैठक में प्रत्याशियों के पैनल पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद, भाजपा के वरिष्ठ नेता दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां आज रात राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा के नेतृत्व में बैठक होगी और पैनल पर अंतिम मुहर लगेगी। इससे पहले, भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने मीडिया से कहा कि उपचुनाव को लेकर गांव से लेकर शहर तक, हर स्तर पर चर्चा की गई है और प्रत्याशियों के नाम जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने महाराष्ट्र में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या पर चिंता जताई और कहा कि ऐसी घटनाएं निंदनीय हैं। वहीं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि कोर कमेटी में प्रत्याशियों के नामों पर व्यापक चर्चा हुई है और अब दिल्ली में इन नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा। कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी पर कांग्रेस का नियंत्रण उनके भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भाजपा पारदर्शी प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है और कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। एसआई भर्ती मामले पर राठौड़ ने कहा कि इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, और जिन्हें अनुचित तरीके से पद मिले हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं, जिन्हें अन्याय का सामना करना पड़ा है, उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। भाजपा उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए प्रत्याशियों के चयन के बाद तेजी से चुनाव प्रचार में जुटने के लिए तैयार है।

भजनलाल सरकार करेगी 500 करोड़ खर्च, राजस्थान के छह लाख कर्मचारियों को फायदा

जयपुर. राजस्थान सरकार ने अपने कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्मचारियों को बोनस देने का अनुमोदन कर दिया है, इसका प्रदेश के लगभग 6 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। जानकारी के अनुसार राज्य सेवा के अधिकारियों को छोड़कर पे लेवल एल-12 और ग्रेड पे-4800 तक के कर्मचारियों को बोनस का लाभ मिलेगा। साथ ही पंचायत समिति और जिला परिषद के कर्मचारी भी इसके दायरे में आएंगे। प्रत्येक कर्मचारी को अधिकतम 6774 रुपये तक का बोनस दिया जाएगा। बोनस का 75 प्रतिशत पैसा नकद दिया जाएगा और 25 प्रतिशत राशि कर्मचारी के जीपीएफ (सामान्य प्रावधायी निधि) खाते में जमा की जाएगी। छह लाख कर्मचारियों के मिलने वाले बोनस से सरकार पर करीब 500 करोड़ रुपये का अतरिक्त भार पड़ेगा। बता दें कि राज्य सरकार हर साल कर्मचारियों को बोनस देते ही। सीएम भजनलाल शर्मा से इसकी मंजूरी मिलने के बाद अब वित्त विभाग ने इसके आदेश जारी करेगा।

12 जिलों में बारिश की चेतावनी, राजस्थान में वेदर सर्कुलेशन सिस्टम ने बदला मौसम

जयपुर. पूर्वी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। मानसून की विदाई के बाद भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। जयपुर मौसम केंद्र ने आज 12 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इसमें टोंक, बारां, कोटा, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद के लिए मेघगर्जन व तेज तूफान की भी संभावना जताई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3 दिनों तक मौसम में यह बदलाव बना रहेगा। पूर्वी हवाओं के प्रभावी होने से दक्षिण राजस्थान के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की व मध्यम वर्षा होने की संभावना है। राजस्थान में बने नए वेदर सिस्टम से शुरू हुए बारिश के दौर से अब रात में ठंडक बढ़ने लगी। पिछले दिनों शेखावाटी के एरिया में हुई बारिश से यहां रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। पिछले 24 घंटे के दौरान उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, पाली, राजसमंद, सिरोही, जालोर के साथ झालावाड़, कोटा, बारां, बूंदी और अजमेर के एरिया में आसमान में बादल छाए रहे। उदयपुर समेत कई जिलों में कुछ स्थानों पर छुटमुट बारिश भी हुई। मौसम के इस बादल से उदयपुर में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। डूंगरपुर, जालोर, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां समेत अन्य कई जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ।

जांच कमेटी की समीक्षा के बाद मची हलचल, राजस्थान में बीजेपी नेता किरोड़ी लाल से मिले ट्रेनी SI

जयपुर. SI भर्ती प्रकरणों की मंत्रियों की कमेटी की समीक्षा का काम पूरा कर लिया गया है और अब जल्द इसे निरस्त करने या न करने को लेकर भजनलाल सरकार निर्णय कर लेगी। उधर भर्ती परीक्षा रद्द होने के डर से ट्रेनी SI और उनके परिवारजन बीजेपी नेता डॉ. किरोड़ी लाल मीना के आवास पहुंच गए। बोले बाबा हमारी लाज बचा लो, हमने कोई गलती नहीं की। हमारे परिवार का बुरा हाल है। घर वाले बाहर नहीं निकल पा रहे। खाना पीना मुश्किल हो गया है। ट्रेनी बोले भर्ती परीक्षा रद्द मत करवाओ। हमारे कंधों पर जब दो सितारे लग जाएंगे तो सबसे पहले हम आपको सलामी देने आएंगे। इस पर किरोड़ी लाल मीना ने ट्रेनी सब इंस्पेक्टर्स से कहा मुझे कमेटी में शामिल करवा दो। मैं अकेला ही फैसला कर दूंगा। किरोड़ी लाल मीना ने किया थाखुलासा गौरतलब है कि सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने पेपर लीक का खुलासा किया था। इसके बाद SOG ने करीब 100 से ज्यादा ट्रेनी SI गिरफ़्तार किए। भर्ती परीक्षा रद्द की जाए अथवा नहीं इसका फैसला अब मुख्यमंत्री के स्तर पर होना है। इस मामले में गठित मंत्रियों की कमेटी ने जांच का काम पूरा कर लिया है। माना जा रहा है कि 13 अक्तूबर को प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक में या सीएम भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित विदेश दौरे से पूर्व इस पर सरकार फैसला ले लिया जाएगा। पसोपेश के अहम बिंदु दरअसल प्रकरण में सबसे बड़ा पसोपेश यही है कि यदि सरकार भर्ती निरस्त करने का फैसला करती है तो जिन्होंने बिना किसी बेईमानी के खुद की मेहनत से सफलता हासिल की है। उन अभ्यार्थियों को लेकर क्या होगा और भविष्य में कानूनी पचड़े हुए या सरकार के आदेश के खिलाफ कोई याचिका दायर होती है तो क्या लाइन ऑफ एक्शन लिया जाएगा। कमेटी ने इन बिंदुओं को लेकर भी विचार विमर्श किया है। विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने बयान दिया था कि कमेटी के सारे मंत्री आपसी मंत्रणा करके और एक राय होने के बाद सरकार को जल्द रिपोर्ट दे देंगे, जिस पर सरकार की ओर से फैसला किया जाएगा।

भाजपा विधायकों को बनाया गैर सरकारी सदस्य, राजस्थान में बंदी सुधार कमेटी का सलाहकार बोर्ड गठित

जयपुर. सरकार ने जेलों में बंदी सुधार कमेटी के लिए गठित सलाहकार बोर्ड में भाजपा विधायकों को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। राज्य की जेलों में बंदी सुधार के लिए गठित इन सलाहकार बोर्डों में सरकारी अधिकारियों के साथ गैर-सरकारी सदस्य भी शामिल होते हैं। गुरुवार को सरकार ने आदेश जारी कर भाजपा विधायकों को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में मनोनीत किया, जो बंदियों की सजा कम करने और समय से पूर्व रिहाई जैसे निर्णयों में अपनी भूमिका निभाएंगे। बंदी सुधार सलाहकार बोर्ड का मुख्य कार्य बंदियों की सजा में कमी की सिफारिश करना और समय से पहले रिहाई की रिपोर्ट सरकार को देना है। सरकारी अधिकारियों के साथ इन बोर्डों में अब भाजपा विधायकों की राय महत्वपूर्ण होगी। बोर्ड में डिविजनल कमिश्नर, डिस्ट्रिक्ट जज और जेल अधीक्षक सरकारी सदस्य होते हैं जबकि दो गैर-सरकारी सदस्यों के रूप में विधायक या पूर्व विधायकों को नियुक्त किया जाता है। सलाहकार बोर्ड के सदस्यों को दो वर्ष की अवधि के लिए मनोनीत किया गया है। जयपुर सेंट्रल जेल के लिए चाकसू विधायक रामावतार बैरवा और जमवारामगढ़ विधायक महेंद्रपाल मीणा को नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को जैसलमेर जिला जेल के सलाहकार बोर्ड में मनोनीत किया गया है। राज्य की 9 सेंट्रल जेलों, 6 महिला बंदी सुधार गृहों और अन्य जिला जेलों में भाजपा विधायकों को सदस्य बनाया गया है।

निरस्ती या बहाली पर 13 को कैबिनेट में होगा फैसला, राजस्थान-SI भर्ती परीक्षा की कमेटी ने की समीक्षा

जयपुर. सचिवालय में विधि मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में SI भर्ती परीक्षा को लेकर अंतिम बैठक हो गई। मंत्रियों की कमेटी की इस बैठक के बाद यह माना जा रहा है कि 13 अक्तूबर को प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक में या सीएम भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित विदेश दौरे से पूर्व इस पर सरकार फैसला ले लिया जाएगा। दरअसल प्रकरण में सबसे बड़ा पसोपेश यही है कि यदि सरकार भर्ती निरस्त करने का फैसला करती है तो जिन्होंने बिना किसी बेईमानी के खुद की मेहनत से सफलता हासिल की है, उन अभ्यार्थियों को लेकर क्या होगा? साथ ही भविष्य में कानूनी पचड़े हुए या सरकार के आदेश के खिलाफ कोई याचिका दायर होती है तो क्या लाइन ऑफ एक्शन लिया जाए? कमेटी ने इन बिंदुओं को लेकर भी विचार विमर्श किया है। बैठक के बाद विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने गृह विभाग और SOG के अधिकारियों से तथ्यों के संकलन का काम पूरा कर लिया है। अब कमेटी के सारे मंत्री आपसी मंत्रणा करके और एक राय होने के बाद सरकार को जल्द रिपोर्ट दे देंगे, जिस पर सरकार की ओर से फैसला किया जाएगा। माना जा रहा है कि 13 अक्तूबर को कैबिनेट की बैठक और मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से पूर्व रिपोर्ट दे दी जाएगी और फैसला हो जाएगा। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि हमने भर्ती निरस्त करने के गुणावगुणों को लेकर भी आज की बैठक में विचार विमर्श कर लिया है। अधिकारियों से तथ्यात्मक जानकारी लेने का काम पूरा कर लिया है। अब हम मंत्रियों की आपसी 1-2 बैठक करके रिपोर्ट दे देंगे, जिस पर अंतिम निर्णय सरकार को ही करना है।

नौ जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना, राजस्थान में फिर बदला मौसम

उदयपुर. अरब सागर में बने एक वेदर सिस्टम के असर से बदले मौसम के मिजाज से राजस्थान के 9 जिलों में बारिश और ओले गिरने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि इस सिस्टम का असर 13 अक्टूबर तक देखने को मिल सकता है। इस दौरान कोटा और उदयपुर संभाग के 10 से ज्यादा जिलों में 13 अक्टूबर तक बारिश और कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं। राजस्थान में इस वक्त बाजरा और धान की फसल खेतों में खड़ी है। यदि ओलावृष्टि होती है तो किसान की महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। मौसम केंद्र जयपुर ने इन संभाग के जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है। 14 अक्टूबर से इस सिस्टम का असर प्रदेश में खत्म होगा और मौसम साफ होने के साथ धूप निकलेगी। सुबह से बादल छाए- पिछले 24 घंटे के दौरान जयपुर, कोटा के अलावा उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, अजमेर, टोंक, बूंदी, बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और सिरोही के एरिया में सुबह से बादल छाए रहे। इन जिलों में कई जगहों पर बूंदाबांदी हुई, जबकि कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई। राज्य में अधिकतम तापमान बाड़मेर में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तथा न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस सीकर में दर्ज किया गया। सर्वाधिक बारिश सेड़वा (बाड़मेर) में 23 मिमी दर्ज की गई। आज 0830 IST पर दर्ज प्रेक्षण के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में हवा में आर्द्रता की औसत मात्रा 50 से 85  प्रतिशत के मध्य दर्ज की गई।

कुर्सी संभालते ही हो रहे ट्रांसफर, राजस्थान सरकार के दाएं-बाएं के फेर में उलझे RAS अफसर

जयपुर. राजस्थान की भजनलाल सरकार ने एक बार फिर आरएएस अफसरों की ट्रांसफर सूची जारी कर दी। बीते एक महीने में यह तीसरी लिस्ट है। खास बात यह है कि हर लिस्ट में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनका फिर से तबादला किया गया है। सरकार यह तय नहीं कर पा रही है कि किस अफसर को कहां काम में लेना है। आरएएस अनूप सिंह और अमिता माना का पिछले 10 महीनों में छठी बार ट्रांसफर किया गया है। पिछली लिस्ट में उन्हें उपखंड अधिकारी सवाई माधोपुर लगाया गया था अब उनका तबादला उपखंड अधिकारी बसेड़ी कर दिया गया है। वहीं अमिता मान को उपखंड अधिकारी विराटनगर से हटाकर उपखंड अधिकारी रूपनगढ़ अजमेर लगाया गया है। इन्हें 5वीं बार बदला आरएएस रामरतन सौंकरिया, बंशीधर योगी व अशोक कुमार शर्मा को पिछले 10 महीनों में पांचवी बार बदला गया है, वहीं उदयभानु चारण की चौथी बार बदली की गई है। पिछली सूची में भी दो बार बदले थे पिछले महीने में 183 RAS अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया था, जिनमें आधे अफसरों का 17 दिन में फिर से ट्रांसफर किया गया। इतना ही नहीं आरएएस मुकेश चौधरी का तो जैसलमेर जिला परिषद के सीईओ की कुर्सी संभालते ही ट्रांसफर कर दिया गया, उन्होंने आज ही जैसलमेर जिला परिषद के सीईओ का पदभार ग्रहण किया था। पिछली लिस्ट में उन्हें डूंगरपुर से ट्रांसफर करके जैसलमेर जिला परिषद का सीईओ बनाया गया था और अब ट्रांसफर करके पाली जिला परिषद का सीईओ बनाया गया है।

समिति की बैठक में होगा फैसला, राजस्थान-एसआई भर्ती परीक्षा होगी रद्द या नहीं

जयपुर. राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पेपर लीक मामले के बाद आज अहम बैठक होगी। पेपर लीक का खुलासा होने के बाद सरकार ने 6 मंत्रियों की एक समिति का गठन किया था, जो इस मामले की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी। इस समिति की पहली बैठक आज सचिवालय में आयोजित होने वाली है। समिति की सिफारिशों के बाद सरकार परीक्षा रद्द करने या अन्य कोई कदम उठाने का निर्णय लेगी। एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा की संलिप्तता सामने आई थी। जांच एजेंसी एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की पूछताछ में खुलासा हुआ कि कटारा ने पेपर लीक किया था, जो बाद में रामूराम राईका द्वारा अपने बेटे देवेश और बेटी शोभा को उपलब्ध कराया गया। इस मामले के गर्माने के बाद सरकार ने 6 मंत्रियों की समिति का गठन किया, ताकि परीक्षा रद्द करने या अन्य कार्रवाई के लिए सिफारिशें दी जा सकें। समिति की संरचना समिति का संयोजक संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल को बनाया गया है। अन्य सदस्यों में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और सार्वजनिक निर्माण राज्यमंत्री मंजू बाघमार शामिल हैं। समिति इस मामले में गहन समीक्षा करेगी और आगे की कार्रवाई के लिए सरकार को अनुशंसा देगी। परीक्षा रद्द करने पर मतभेद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने परीक्षा रद्द करने की मांग की है लेकिन इसके विरोध में कई सामाजिक संगठनों ने सरकार से इसे निरस्त न करने का आग्रह किया है। राजपूत और जाट समाज सहित विभिन्न संगठनों ने सरकार को पत्र लिखकर कहा कि पेपर लीक में केवल 5% उम्मीदवार दोषी हैं, बाकी 95% निर्दोष अभ्यर्थियों को इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए। उनका तर्क है कि परीक्षा रद्द करने से अन्याय होगा और बेरोजगार युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समिति की सिफारिशों के बाद बैठक में क्या निर्णय लिया जाता है?

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा तकनीकी कदम, राजस्थान के अस्पतालों में लागू होगा एबीडीएम

जयपुर. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के क्रियान्वयन को लेकर भारत सरकार देश की स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त और समावेशी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रमुख घटकों पर प्राथमिकता से कार्य कर रही है। एबीडीएम का उद्देश्य एक ऐसा डिजिटल स्वास्थ्य इको सिस्टम का निर्माण करना है, जो देश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान और समान पहुंच प्रदान कर सके। राज्य सरकार का चिकित्सा विभाग 10 महीने पहले निकले इन आदेशों को मिशन मोड में लागू करने जा रहा है। मिशन निदेशक एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार राजस्थान के सभी जिलों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत योजना के प्रमुख घटकों को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। इस मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य संबंधी डेटा का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार ने इसके क्रियान्वयन के लिए आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा), हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (एचपीआर), और हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) पर विशेष जोर देने का निर्णय लिया है। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) प्रत्येक नागरिक का हेल्थ अकाउंट 14 अंकों की आभा आईडी के माध्यम से पहचाना जाएगा। आभा आईडी पोर्टल और एप्स के माध्यम से स्वयं पंजीकरण की सुविधा दी गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक का एक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाना है, जो उसकी संपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड होगा। इस आईडी के माध्यम से नागरिक किसी भी अस्पताल या क्लिनिक में अपनी स्वास्थ्य जानकारी आसानी से साझा कर सकेंगे। इससे मरीजों को बार-बार मेडिकल रिपोर्ट्स ले जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी और इलाज में होने वाली देरी को भी कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही यह मरीजों के समय और पैसे की बचत भी करेगा, क्योंकि उन्हें बार-बार अपने टेस्ट और मेडिकल जानकारी साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी। एचपीआर (हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री) एचपीआर के तहत राज्य के सभी स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों का पंजीकरण किया जाएगा। यह रजिस्ट्री स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य पेशेवरों की एक व्यापक जानकारी प्रदान करेगी। इससे राज्य में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग अधिक संगठित और पारदर्शी ढंग से किया जा सकेगा। एचएफआर (हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री) एचएफआर के तहत राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का पंजीकरण किया जाएगा। इस रजिस्ट्री के माध्यम से नागरिक यह जान सकेंगे कि राज्य में किन-किन स्थानों पर कौन-कौन सी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। इससे लोगों को सही समय पर सही स्थान पर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिलेगी और उपचार में होने वाली जटिलताएं कम होंगी। मिशन की चुनौतियां और समाधान मिशन के क्रियान्वयन के दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं की कमी, स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों को डिजिटल तकनीक के प्रति जागरूक करना और डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना प्रमुख हैं। राज्य सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और तकनीकी सहायता प्रदान करने की योजना बनाई है। सरकार का यह प्रयास है कि डिजिटल मिशन के सफल क्रियान्वयन से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार हो। इसके साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित की जा सकेगी। लाभार्थियों के लिए फायदा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से राज्य के लाखों नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। आभा आईडी और अन्य डिजिटल सुविधाओं से वे न केवल अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम और सुलभ बना सकेंगे, बल्कि इससे उनकी निजी स्वास्थ्य जानकारी भी सुरक्षित रहेगी। राज्य सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2025 तक राजस्थान के सभी जिलों में एबीडीएम के सभी घटकों का पूर्ण क्रियान्वयन हो जाएगा।

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