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राजस्थान में अन्नपूर्णा रसोई की नहीं मिलेगी दूसरी थाली

State's IAS officers on target of cyber thugs: Jabalpur Collector becomes victim of cyber fraud

जयपुर. राजस्थान की भजनलाल सरकार ने अन्नपूर्णा योजना में बदलाव करते हुए एक लाभार्थी को एक से ज्यादा थाली नहीं देने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। पूर्व में इस योजना में एक लाभार्थी 2 कूपन खरीद सकता था लेकिन सरकार का कहना है कि योजना में भोजन की मात्रा बढ़ा दी गई है, इसलिए एक थाली ही दी जाएगी। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने अन्नपूर्णा रसोई योजना में एक और बदलाव कर दिया है। सरकार ने अन्नपूर्णा रसोई में कटौती करते हुए अब एक लाभार्थी को एक ही थाली देने का निर्णय किया है। अन्नपूर्णा रसोई योजना में वैन के जरिए गरीब और जरूरतमंदों को नाश्ता और भोजन दिया जाता है। पूर्व में इस योजना में एक लाभार्थी एक से ज्यादा कूपन खरीद सकता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। थाली में बढ़ाई भोजन की मात्रा भजनलाल सरकार बनने के बाद से अब तक इस योजना में तीन बदलाव हो चुके हैं। पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार में अन्नपूर्णा योजना शुरू की गई थी। गहलोत सरकार ने इसे बंद तो नहीं किया लेकिन इसका नाम बदलकर इंदिरा रसोई योजना कर दिया। इसके बाद भजनलाल सरकार ने फिर से इसका नाम अन्नपूर्णा योजना कर दिया। अन्नपूर्णा रसोई योजना के अंतर्गत थाली में 300 ग्राम चपाती, 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम मिलेट्स, खिचड़ी और अचार परोसा जाता है, जिसके लिए लोगों से 8 रुपये लिए जाते हैं। वहीं योजना पर सरकार की तरफ से 22 रुपये का अनुदान दिया जाता है।

राजस्थान में 4 बड़े सोलर प्रोजेक्ट पर 10 हजार करोड़ का निवेश: मुख्यमंत्री

फलौदी. राजस्थान में 4 नए सोलर प्रोजेक्ट का निवेश होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इनके लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार बीकानेर जिले में 2450 मेगावाट के 3 सोलर पार्कों की स्थापना के लिए राजस्थान सोलर पार्क डवलपमेंट कंपनी को कुल 4780 हैक्टेयर तथा फलौदी जिले में 500 मेगावाट के एक सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को लगभग 910 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। बीकानेर जिले में एक-एक हजार मेगावाट के दो तथा 450 मेगावाट का एक सोलर पार्क स्थापित किया जाएगा। पहले सोलर पार्क के लिए पूगल तहसील के ग्राम सूरासर में लगभग 1881 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। इसी तरह एक हजार मेगावाट के दूसरे सोलर पार्क के लिए दो हजार हैक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी, जिसमें से 1194 हैक्टेयर भूमि सूरासर तथा लगभग 807 हैक्टेयर भूमि ग्राम भणावतावाला में स्थित है। इसी प्रकार बीकानेर जिले में ही 450 मेगावाट के तीसरे सोलर पार्क की स्थापना हेतु छत्तरगढ़ तहसील के ग्राम सरदारपुरा में 900 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। ये सोलर पार्क राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय मंत्रालय (केन्द्र सरकार) की सौर पार्क योजना के अन्तर्गत 3 चरणों में विकसित किये जाएंगे। शर्मा ने इसके साथ ही एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को 500 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए फलौदी जिले की बाप तहसील में ग्राम भड़ला में 910 हैक्टेयर भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। रोजगार के अवसर होंगे सृजित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इन सोलर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का हमारा संकल्प साकार होगा और ये प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। शर्मा ने कहा कि ये सोलर प्रोजेक्ट्स पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएंगे और सालाना लगभग 2 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इन सोलर पार्क्स में अत्याधुनिक सौर पैनल्स और ग्रिड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा, जिससे ऊर्जा उत्पादन की क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ का निवेश भी होगा। एमएनआरई अनुमोदित परियोजना होने से 33 प्रतिशत अनुदान मिलेगा तथा अगले दो वर्ष में पूरा किया जा सकेगा। प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए गत 10 मार्च को राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड, एनटीपीसी लिमिटेड, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, कोल इंडिया लिमिटेड एवं एनएलसी इंडिया लिमिटेड के मध्य 3325 मेगावाट की थर्मल परियोजनाएं एवं 28,500 मेगावाट की अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं संयुक्त उपक्रम के तहत स्थापित करने हेतु 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं। साथ ही प्रसारण तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन के साथ 24:74 शेयर धारिता के अनुपात में संयुक्त उपक्रम की स्थापना हेतु एमओयू किया गया है, जिसके तहत 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अतिरिक्त राजस्थान ऊर्जा विकास निगम एवं एसजेवीएन के मध्य 600 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं से बिजली की आपूर्ति के लिए पॉवर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 3200 मेगावाट कोल आधारित परियोजना, 8000 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना टैरिफ आधारित निविदा प्रक्रिया माध्यम से करने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गयी है। इन परियोजनाओं की स्थापना से लगभग 64 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो सकेगा।

राजस्थान में गलत टिकट वितरण और गुटबाजी ने के कारण हारे: बीजेपी

जयपुर. लोकसभा चुनावों में 11 सीटों पर हुई हार के पीछे खराब टिकट बंटवारा, संगठन और सरकार में तालमेल नहीं होना, अफसरशाही का हावी होना, आपसी फूट और गुटबाजी बड़ा कारण रही है। वरिष्ठ नेताओं के सामने हारे हुए उम्मीदवारों और फील्ड पर काम कर रहे नेताओं ने हार के कारण गिनाए हैं। कई प्रत्याशियों ने कहा- बहुत सी जगहों पर अपनों ने ही हरवाया है। स्थानीय नेताओं के फीडबैक में सामने आया है कि ग्राउंड पर सब कुछ ठीक नहीं था। बीजेपी मुख्यालय में पिछले दो दिनों से चल रही फीडबैक बैठक में शनिवार को टोंक-सवाई माधोपुर, दौसा, झुंझुनू, नागौर, सीकर, चूरू, बाड़मेर सीटों पर हार के कारणों का स्थानीय नेताओं से फीडबैक लिया गया। वहीं रविवार को चार सीटों, बांसवाड़ा, करौली-धौलपुर, भरतपुर और श्रीगंगानगर पर हार की समीक्षा की गई। सीएम भजनलाल शर्मा भी इस मीटिंग में कुछ देर के लिए पहुंचे थे। अब बड़ा सवाल यह है कि चुनाव में 11 सीटें हारने के बाद अब इस फीडबैक बैठक से बीजेपी क्या हासिल करना चाहती है, क्योंकि ये सभी कारण तो चुनावों के दौरान साफ सुनाई और दिखाई दे रहे थे। इससे भी बड़ी बात है कि लोकसभा चुनावों के बाद भी बीजेपी में इन फैक्टर्स को लेकर कोई बदलाव नहीं हुआ है। स्थितियां पहले जैसी थीं, अब भी वैसी ही हैं। बड़े नेताओं पर कोई एक्शन नहीं पार्टी के ग्राउंड वर्कर्स से बात करें तो वे भी यह मानते हैं कि ये फीडबैक बैठकें महज औपचारिकता हैं, क्योंकि इतनी बड़ी हार के बाद भी किसी बड़े नेता की कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गई। यहां तक कि जिन मुद्दों को लेकर कार्यकर्ता नाराज थे, उनकी भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। संघ की बैठकों में भी खुलकर सामने आई नाराजगी चुनावी नतीजों के बाद आरएसएस के स्तर पर भी जिलों में ऐसी बैठकें ली गईं, जिनमें संघ कार्यकर्ताओं ने ही पार्टी में टिकट बंटवारे में धांधली के आरोप लगाए। यहां तक कि पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्षों ने कहा कि उन्हें चुनावों के दौरान साइड लाइन कर दिया गया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल प्री बजट बैठकों से पहले मिले प्रधानमंत्री मोदी से

जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अचानक दिल्ली बुला लिया गया है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के लिए सीएम दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसे देखते हुए प्रदेश में प्रस्तावित प्री बजट मीटिंग्स निरस्त कर दी गई हैं। इधर सीएम को अचानक दिल्ली बुलाए जाने के इस घटनाक्रम को लेकर राजस्थान में सियासी अटकलें भी तेज होने लगी हैं। सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ औपचारिक मुलाकात भर है लेकिन बीजेपी के सूत्र इस मुलाकात को सामान्य नहीं मान रहे। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पिछले कुछ दिनों से भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर दिल्ली चिट्ठी भी लिख रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री राजस्थान में भाजपा की हार को लेकर बीते दो दिनों में हुई बैठक की रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री को सौंप सकते हैं। रिपोर्ट में राजस्थान की 11 लोकसभा सीट पर हार के कारणों का जिक्र किया गया है।

राजस्थान में RSS नेता इंद्रेश कुमार अब बोले-मोदी 3.0 दिन दुगनी-रात चौगुनी तरक्की करे

Zelensky 'infuriated' on PM Modi's visit to Russia, said - peace process suffered a setback

जयपुर. आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि देश नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में दिन दुगनी और रात चौगुनी तरक्की करे। इससे पहले गुरुवार को इंद्रेश कुमार ने जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि लोकसभा चुनावों में अहंकार के कारण बीजेपी 241 तक ही पहुंच पाई थी। गुरुवार को उन्होंने बीजेपी नेताओं को अहंकारी बताते हुए कहा था कि बीजेपी के अहंकार के चलते भगवान राम ने उन्हें 241 पर ही रोक दिया है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल के नेता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि उन्हें इसमें खुश रहने दें। राम ने हमें काम करने के लिए बहुमत दिया है। इंद्रेश कुमार ने अयोध्या से बीजेपी प्रत्याशी लल्लू सिंह की हार पर भी तंज कसते हुए उन्हें अत्याचारी बताया था। उन्होंने कहा था कि  लल्लू सिंह ने जनता पर जुल्म किए थे तो रामजी ने कहा कि 5 साल आराम करो, अगली बार देख लेंगे। राम भेदभाव नहीं करते हैं, राम सजा नहीं देते हैं। राम किसी का बिगाड़ नहीं करवाते हैं। राम सबको न्याय देते हैं। देते रहे थे और देते रहेंगे। राम सदा न्याय प्रिय थे और रहेंगे।

राजस्थान-सरकार की प्री- बजट मीटिंग में वित्त मंत्री और अब राजयमंत्री केके को ही भूले सलाहकार

जयपुर. प्रदेश की अफसरशाही के आगे सरकार के मंत्री भी बौने नजर आने लगे हैं। अफसर चाहें तो मंत्री को मीटिंग में बुलाएं और न चाहें तो न बुलाएं। जी हां बजट पूर्व संवाद को लेकर 19 जून को दोपहर साढ़े तीन बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक के आदेश को देखकर तो यही लगता है । यह बैठक सीएमओ स्थित कन्वेशन हॉल में होने जा रही है। बैठक में डिप्टी सीएम दिया कुमारी, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को बुलाया गया है । लेकिन उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री केके विश्नोई को आमंत्रित नहीं किया गया है । यह बैठक व्यापार, कर सलाहकार और उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों क साथ होने जा रही है। बैठक में अधिकारियों के अलावा 29 संगठनों को बजट पूर्व चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है। बता दें कि इससे पहले भी वित्त विभाग ने कुछ दिनों पहले कर्मचारी संगठनों की प्री बजट बैठक वित्तमंत्री दीया कुमारी को नजरंदाज किया था। कांग्रेस ने भी इस इसे मुद्दा बनाया।  जब मामला मीडिया में उछला तो आनन-फानन में संशोधित आदेश जारी कर दिए। लेकिन इनती बड़ी चूक बार-बार करने वाले अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं होना सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

राजस्थान-भजनलाल सरकार ने नए जिलों की समीक्षा उपसमिति बनाई

जोधपुर. पिछली गहलोत सरकार में नवगठित तीन संभाग और 17 जिलों को नई भजनलाल सरकार ने समीक्षा के दायरे में ले लिया है। इसके लिए डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के संयोजन में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित कर दी गई है। जो इन संभागों और जिलों के प्रशासनिक क्षेत्राधिकार, संचालन, प्रशासनिक आवश्यकता व वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में समीक्षा करेगी। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की एक और बड़ी घोषणा को नई भजनलाल सरकार ने समीक्षा के दायरे में ले लिया है। गहलोत सरकार में पांच अगस्त 2023 को अधिसूचना जारी कर प्रदेश में 17 नए जिले और तीन नए संभाग गठित किए थे। बुधवार को राज्य सरकार के राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है, जिसके अनुसार इन नवगठित संभाग और जिलों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की गई है। इस मंत्रिमंडलीय उपसमिति का संयोजक डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को बनाया गया है। वहीं, सदस्यों के रूप में कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन राठौड़, कन्हैयालाल चौधरी, हेमंत मीणा और सुरेश सिंह रावत को शामिल किया गया है। ये आदेश जारी किया — आदेश में कहा गया है कि 23.05.2023 के द्वारा नवगठित 17 जिलों एवं तीन संभागों के प्रशासनिक दृष्टिगत क्षेत्राधिकार, सुचारू संचालन, प्रशासनिक आवश्यकता, वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता आदि के संबंध में वर्तमान परिपेक्ष्य में समीक्षा हेतु मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की जाती है। ये 17 जिले और तीन संभाग बनाए पिछली सरकार ने — पिछली गहलोत सरकार में अधिसूचना जारी कर प्रदेश के जिलों की संख्या 33 से बढ़ाकर 50 और संभागों की संख्या सात से बढ़ाकर 10 कर दी गई। इनमें नए जिलों में अनूपगढ़, जोधपुर ग्रामीण, फलौदी, बलोतरा, सांचौर, सलूंबर, शाहपुरा, गंगापुर सिटी, डीग, खैरतल, कोटपूतली, नीम का थाना, डीडवाना, केकड़ी, ब्यावर, जयपुर ग्रामीण और दूदू। 0- अनूपगढ़- इस जिले का निर्माण श्रीगंगानगर जिले से हुआ है 0- जोधपुर ग्रामीण- इस जिले का निर्माण जोधपुर जिले से हुआ है 0- फलौदी- इस जिले का निर्माण जैसलमेर और जोधपुर जिले से हुआ है 0- बालोतरा- इस जिले का निर्माण बाड़मेर जिले से हुआ है 0- सांचौर- इस जिले का निर्माण केवल जालौर जिले से है 0- सलूंबर- इस जिले का निर्माण उदयपुर जिले से हुआ है 0- शाहपुरा- इस जिले का निर्माण भीलवाड़ा जिले से हुआ है 0- गंगापुर सिटी- इस जिले का निर्माण करौली और सवाई माधोपुर जिले से हुआ है 0- डीग- इस जिले का निर्माण भरतपुर जिले से हुआ है 0- खैरथल तिजारा- इस जिले का निर्माण अलवर जिले से हुआ है 0- कोटपुतली-बहरोड़- इस जिले का निर्माण जयपुर और अलवर जिले से हुआ है 0- नीम का थाना- इस जिले का निर्माण सीकर, झुंझुनूं जिले से हुआ है 0- डीडवाना कुचामन- इस जिले का निर्माण नागौर जिले से हुआ है 0- केकड़ी- इस जिले का निर्माण टोंक और अजमेर जिले से हुआ है 0- ब्यावर- एक मात्र जिला जिसका निर्माण तीन जिलों से हुआ है पाली, अजमेर और भीलवाड़ा 0- जयपुर ग्रामीण- इस जिले का निर्माण जयपुर जिले से हुआ है 0- दूदू- इस जिले का निर्माण जयपुर जिले से हुआ है तीन नए संभाग — 0- सीकर संभाग- इसका गठन चार जिलों जिसमें सीकर, झुंझुनूं, चूरू और नीम का थाना है 0- पाली संभाग- इस संभाग का गठन चार जिलों से किया गया। इसमें पाली, सिरोही, जालौर और सांचौर शामिल हैं 0- बांसवाड़ा संभाग- इस संभाग का गठन केवल तीन जिले से बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़

राजस्थान की वसुंधरा के केंद्रीय मंत्री शिवराज सहित संघ के नेताओं से मुलाकात के बाद अटकलें बढ़ीं

PM Modi's visit to Bihar: Is Nitish going to play some big game or something else?

जयपुर. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बुधवार देर शाम दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है। इस मुलाकात की तस्वीरें राजे ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजे ने संघ के कुछ पदाधिकारियों से भी मुलाकात की है। ऐसे में अब उनकी अचानक इस सक्रियता को लेकर राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगना शुरू हो गई हैं। राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह राजस्थान के मौजूदा बीजेपी सांसदों में सबसे सीनियर हैं। लेकिन लगातार 5 वीं बार चुनाव जीतने के बाद भी केंद्र में उन्हें कोई पद नहीं मिला। ऐसे में क्या अब राजस्थान के संगठन में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दिलवाने के लिए राजे इन बैठकों के जरिए संभावनाएं तलाश रही हैं? अटकलें बहुत सी हैं लेकिन ऐसी चर्चाएं पहले भी बहुत बार उठ चुकी हैं। हालांकि इस बार राजस्थान में लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के बाद संगठन या सरकार में कुछ बदलाव की चर्चाएं जरूरी उठी हैं। लेकिन जाते वक्त के साथ-साथ यह भी ठंडी पड़ती नजर आ रही हैं।

RPSC के अभ्यार्थियों ने दस्तावेज सत्यापन में निजी विवि की लगाईं फर्जी डिग्रियां

जयपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) व राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) की भर्ती परीक्षाओं में अभ्यार्थियों के दस्तावेज सत्यापन में बड़ी संख्या में निजी विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री के मामले सामने आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी नए दिशा निर्देशों में कहा गया है कि निजी विश्वविद्यालय अपने अधिनियमों के प्रावधानों व संबंधित विनियमन निकायों के नियमों, परिनियमों, मापदण्डों की पूरी पालना के प्रति गंभीर नहीं हैं। कुछ निजी विश्वविद्यालय कूटरचित तरीके से फर्जी डिग्री देने, बैंक डेट में डिग्री देने, बिना पढ़ाई के डिग्री देने, बिना अनुमति के पाठ्यक्रम संचालित करने, सिंगल सिटिंग में डिग्री प्रदान करने, वर्ष पर्यन्त प्रवेश देने, बिना एंट्री परीक्षा की वैधता का सत्यापन किए पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने, लेटरल एण्ट्री के नाम पर डिग्री देने, शोध में यूजीसी रेगुलेशन की पालना न कर बड़ी संख्या में शोध उपाधियां प्रदान करने, अनियमित तरीके से संख्या में खेल प्रमाण पत्र प्रदान करने आदि गतिविधियों में लिप्त हैं। इस बारे में सचिव, आरपीएससी ने भी राज्य सरकार को पत्र लिखा हैं। कॉलेज शिक्षा विभाग को फर्जी डिग्री रोकने की कवायद के लिए आरपीएससी ने भी सुझाव दिए है। जिसमें कहा गया है कि निजी विश्वविद्यालयों की फीस ऑनलाइन ही ली जाए। प्राइवेट विवि को इन नियमों की करनी होगी पालना निजी विश्वविद्यालय यूनिटरी हैं, इसलिए कैम्पस के बाहर इनकी कोई ब्रांच नहीं हो सकती। बिना राज्य सरकार, यूजीसी व होस्ट स्टेट/कंट्री की अनुमति के अपने कैंपस के अलावा राजस्थान प्रदेश या बाहर देश/विदेशों में ऑफ कैंपस सेंटर,स्टडी सेंटर चलाने का अधिकार नहीं है। डिस्टेंस मोड पर पहले से अनुमति प्राप्त कोर्स ही चल सकते हैं। इसकी सूचना विभाग को भी भेजनी होगी। निजी विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमों में प्रवेश केवल मेरिट के आधार पर ही दिए जा सकते हैं। व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यकमों में प्रवेश केवल प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही दिए जा सकते हैं। जिन व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों यथा शिक्षण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, बीपीएड., एमपीएड, डीएलएड, कृषि शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, प्रौद्योगिकी शिक्षा इत्यादि से संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राज्य या केंद्र की एजेंसियां प्रतिवर्ष प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर प्रवेश देती हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश इन एजेंसियों के द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से छात्र आवंटित करवाकर ही दिए जा सकेंगें। निजी विश्वविद्यालयों को कोर्स- पाठ्यक्रम की अनुमति स्वीकृत सीटों की संख्या और आदेश अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने होंगे। निजी विश्वविद्यालय प्रवेश में राज्य सरकार की आरक्षण नीति की पालना करनी होगी। विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को सभी फीस ऑनलाइन विवि के बैंक खाते में ही प्राप्त करें। ऑफलाइन आवेदन शुल्क अवैध श्रेणी में माना जाएगा। निजी विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष 31 अगस्त या पाठ्यक्रमों से संबंधित विनियमन निकायों, राज्य सरकार द्वारा प्रवेश हेतु निर्धारित अंतिम तिथि, इनमें से जो भी बाद में हो, के पश्चात किसी भी प्रकार से प्रवेश नहीं देंगे। प्रवेश के साथ ही विद्यार्थियों को एनरोलमेंट नंबर आवंटित करने होंगे। विश्वविद्यालय अंकतालिका व डिग्रियों को जारी करने के दिन ही उन्हें डिजी लॉकर पर भी अपलोड करेंगे और भ्रामक विज्ञापन जारी नहीं किए जाएंगे। विज्ञापन में यह भी बताना होगा कि कोई ऑफ कैंपस संचालित नहीं है। यूजीसी ने एफिल पाठयक्रम को बंद कर दिया है। इसमें प्रवेश बंद करना होगा। पीएचडी में प्रवेश से पहले सभी यूजीसीनियमों की पालना करनी होगी। पार्ट टाइम एक्जेक्ट फैकल्टी को शोध निदेशक नियुक्त नहीं करें। इन रेगुलेशन की पालना के अभाव में जारी शोध उपाधियां अवैध मानी जायेंगी। विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष 30 जून से पूर्व दीक्षान्त समारोह आयोजित करेंगे और बांटी गई और डिग्रियों की विस्तृत पाठ्यक्रमवार रिपोर्ट अनिवार्य रूप से अपनी वेबसाटइ पर शो करेंगे और राज्य सरकार को भी भेजेंगे।

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हीट वेव का फिर लग सकता है झटका

जयपुर. राजस्थान में प्री-मानसून की बारिश के साथ-साथ हीट वेव का असर भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में हीट वेव चल सकती है। एक तरफ राजस्थान में प्री मानसून बारिश का इंतजार हो रहा है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से तापमान में फिर से तेजी भी आने लगी है। मौसम विभाग ने 12 व 13 जून को प्रदेश के भरतपुर और बीकानेर संभाग में हीट वेव चलने की संभावना जताई है। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में भी 3 डिग्री तक इजाफा हो सकता है। वहीं राज्य के दक्षिण-पश्चिमी भागों में वर्षा और आंधी चल सकती है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के कुछ इलाकों में वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में हीट वेव चल सकती है। एक तरफ राजस्थान में प्री मानसून बारिश का इंतजार हो रहा है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से तापमान में फिर से तेजी भी आने लगी है।

मणिपुर में रुकेगी मोहन भागवत के केंद्र सरकार पर दबाव बनाने से रुकेगी मणिपुर में हिंसा : पूर्व सीएम गहलोत

जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मणिपुर हिंसा पर RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि मणिपुर हिंसा की उपेक्षा को लेकर भागवत का बयान बहुत देर से आया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में केंद्र सरकार ने मणिपुर में हो रहे आंतरिक संघर्ष और हिंसा को गंभीरता से नहीं लिया है। गहलोत ने कहा कि मणिपुर एक छोटा राज्य है, लेकिन भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी मणिपुर जाने का प्रयास नहीं किया, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई बार मणिपुर का दौरा किया। गहलोत ने भागवत से आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं, ताकि मणिपुर में हिंसा को रोका जा सके। केंद्र सरकार निष्क्रिय गौरतलब है कि मणिपुर में लंबे समय से जातीय और सामुदायिक हिंसा की घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। अशोक गहलोत ने इन हालातों पर केंद्र सरकार की निष्क्रियता की आलोचना की। भागवत से केन्द्र सरकार को मजबूर करने की अपील की है कि वह मणिपुर पर ध्यान दें। भागवत का बयान ऐसे समय आया है, जब मणिपुर में शांति बहाल करने की मांग तेजी से बढ़ रही है। गहलोत के अनुसार, केन्द्र सरकार की लापरवाही ने मणिपुर की स्थिति को और गंभीर बना दिया है और इसे तुरंत सुधारने की आवश्यकता है। इस मुद्दे पर गहलोत का बयान एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

राजस्थान सरकार का असमंजस के बीच ओल्ड पेंशन स्कीम का नया प्लान तैयार

जयपुर. ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) नई बीजेपी सरकार की गले की हड्डी बन गई। नई भजनलाल सरकार OPS को बदलकर नया आंध्र मॉडल लागू तो करना चाहती है लेकिन कर्मचारियों के नाराज होने का डर भी है। इसलिए विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की तरफ से OPS लेकर पूछे गए सवालों का बीते 6 महीने से सरकार ने विधानसभा को अब तक कोई जवाब नहीं भेजा। राजस्थान अगला बजट सत्र जल्दी ही शुरू होने वाला है। विपक्ष कई मुद्दों के साथ सरकार को घेरने के लिए तैयार है। इनमें एक मुद्दा कर्मचारियों की पेंशन का है। पिछली गहलोत सरकार में लागू की गई ओल्ड पेंशन योजना को नई भजनलाल सरकार नए सिरे से लागू करने पर विचार कर रही है। गहलोत मॉडल को हटाकर उसकी जगह आंध्रप्रदेश के पेंशन मॉडल लागू करने की कार्रवाई चल रही है। हालांकि सरकार की तरफ से इस मामले में अब तक कोई वक्तव्य नहीं दिया गया है लेकिन  OPS जारी रखने को लेकर विधानसभा के पिछले सत्र में विपक्ष के विधायकों की तरफ से पिछले सत्र में जितने भी सवाल वित्त विभाग से पूछे गए उनके जवाब अब तक विधानसभा को नहीं भेजे गए हैं। जबकि पिछले दिनों विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधानसभा के लंबित जवाबों को लेकर ब्यूरोक्रेसी को फटकार भी लगाई थी। इधर कर्मचारी संगठनों ने प्री-बजट मीटिंग में साफ कर दिया था कि उन्हें OPS हर हाल में चाहिए। लोकसभा चुनावों में कर्मचारी वर्ग की नाराजगी का असर पोस्टल बैलेट में नजर आ चुका है। खुद पीएम मोदी भी शपथ ग्रहण के बाद कर्मचारी वर्ग की तारीफ कर चुके हैं। इसलिए सरकार के स्तर पर कर्मचारियों की पेंशन मॉडल में बदलाव का यह निर्णय आसान नहीं होगा। सवाल पूछने वाले विधायकों में कांग्रेस अध्यक्ष और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंदसिंह डोटासरा, देवली-उनियारा विधायक हरीश मीणा, टोडाभीम विधायक घनश्याम, शाहपुरा विधायक मनीष यादव, डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा, बीकानेर पश्चिम जेठानंद व्यास, केशोराय पाटन से सीएल प्रेमी। सरकार झूठ बोलना बंद करे  – सरकार झूठ बोलना और विपक्ष को गाली देना बंद करे। छह माह से अधिक हो गया, अब तो कम से कम कोई विजन लाए। किरोड़ीलाल मीणा जी इस्तीफा दें या नहीं दें इससे हमें कोई मतलब नहीं है, हमारा वास्ता तो काम से है कि सरकार काम तो करे। – गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

राजस्थान के ओम बिरला मोदी 3.0 में दोबारा बनेंगे लोकसभा अध्यक्ष

कोटा. राजस्थान के कोटा सांसद ओम बिरला को मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं करने के बाद उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में पिछले कार्यकाल में लोकसभा अध्यक्ष रहे ओम बिरला को जगह नहीं दी गई है। माना जा रहा था कि स्पीकर का कार्यकाल पूरा करने के बाद बिरला को कैबिनेट में जगह मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। माना यह भी जा रहा है कि ओम बिरला फिर से लोकसभा अध्यक्ष बन सकते है। ऐसा नहीं होता है तो पार्टी उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।सियासी जानकारों का कहना है कि बीजेपी सांसद ओम बिरला को फिर से लोकसभा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। क्योंकि उन्होंने नरेंद्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। पहले चर्चा थी कि ओम बिरला को इस बार मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, कुछ लोग नए नामों पर भी चर्चा कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इस बार मोदी सरकार को पूर्ण बहुमत तो मिला है, लेकिन मजबूत बहुमत नहीं मिला है। सरकार बनाने के लिए बीजेपी को अपने सहयोगी विशेषकर तेलुगु देशम् पार्टी- टीडीपी के एन. चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और जनता दल यूनाइटेड- जेडीयू के नीतीश कुमार के साथ कई बार चर्चा करनी पड़ी। बीजेपी की नजर लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर क्यों है बीजेपी लोकसभा अध्यक्ष का पद अपने पास ही रखना चाहती है। इसकी वजह है कि यह है कि पिछले कुछ वर्षों में, सत्तारूढ़ दलों के भीतर विद्रोह के कई मामले सामने आए हैं, जिसके कारण विभाजन हुआ और सरकारें भी गिरीं। ऐसे मामलों में दल-बदल विरोधी कानून लागू होता है और यह कानून, सदन के अध्यक्ष को बहुत शक्तिशाली स्थिति देता है। कानून में कहा गया है, सदन के सभापति या अध्यक्ष के पास दलबदल के आधार पर सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित मामलों पर निर्णय लेने की पूर्ण शक्ति है। बता दें नीतीश कुमार पहले भी बीजेपी पर उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगा चुके हैं। इसलिए, किंगमेकर बगावत की स्थिति में नहीं आना चाहते और ऐसी किसी भी रणनीति के खिलाफ ढाल के तौर पर स्पीकर का पद चाहते हैं। बिरला को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी उल्लेखनीय है कि ओम बिरला पीएम मोदी के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। इस बार कोटा से जीत की हैट्रिक लगाई है। पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में बिरला को लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया था। इस बार कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना थी लेकिन ऐसा नहीं होने के बाद यही संभावना बनी है कि बिरला को एक बार फिर लोकसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है और वे अपना कार्यकाल पूरा करते हैं तो बिरला के नाम एक नया रिकॉर्ड बन जाएगा। वे बलराम जाखड़ के बाद दूसरे ऐसे स्पीकर होंगे जो लगातार दो कार्यकाल पूरा करेंगे। हालांकि, चर्चा यह भी है कि उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में पूरी तस्वीर साफ हो सकती है।

राजस्थान में शुरू हुई प्री मानसून की बारिश और 8 जिलों में अलर्ट

जयपुर. मानसून गुजरात की सीमा के नजदीक पहुंच गया है। इसके साथ ही राजस्थान में प्री-मानसून की बारिश का दौर शुरू हो गया। आज 8 जिलों में बारिश का अलर्ट है। इससे पहले सोमवार को उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, सिरोही, माउंट आबू समेत कई शहरों में दोपहर बाद आसमान में बादल छाए हुए है। कई जिलों में तेज हवाएं चल रही है।  पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्से में आसमान में बादल छाए हुए है।जयपुर सहित अन्य जिलों में गर्मी के बीच सोमवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। कुछ जगहों पर हल्की बारिश से लोगों को राहत मिली है। इससे पहले सुबह से सूर्यदेव की तपिश तेज रही। जयपुर के अलावा उदयपुर, जैसलमेर, बीकानेर सहित अन्य जगहों पर दोपहर बाद मौसम बदला। आंधी चलने के साथ ही हल्की बूंदाबांदी हुई। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक मंगलवार को दक्षिणी राजस्थान के कुछ भागों में दोपहर बाद मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। उदयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, कोटा, बारां और झालावाड़ में अगले तीन दिन तक लगातार आंधी-बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा राज्य के उत्तरी भागों में तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी के साथ ही बीकानेर, भरतपुर संभाग में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री तक रहने के आसार हैं। बता दें इस बार मानसून तय समय से दो से तीन दिन पहले आने की संभावना है। दक्षिण भारत के महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री हो गई है। राजस्थान में 25 जून से पहले मानसून की एंट्री हो जाएगी। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक सोमवार को सबसे अधिक तापमान वनस्थली का 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा जयपुर का पारा 43.2, पिलानी का 43.4, बाड़मेर का 43.2, जैसलमेर का 42.5, श्रीगंगानगर का 43.8, सांगरिया का 42.8, जालौर का 43.6, करौली का 43.9, अजमेर का 42.8, अलवर और जोधपुर का 43.6 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया।

राजस्थान : संस्कृति व पर्यटन क्षेत्र की उत्तरोत्तर प्रगति के होंगे प्रयास : गजेंद्र सिंह शेखावत

जयपुर. केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज सुबह 11 बजे संस्कृति मंत्रालय और दोपहर 12 बजे पर्यटन मंत्रालय में कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस मौके पर विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। मोदी 2 सरकार में शेखावत को जलशक्ति मंत्री बनाया गया था। लेकिन इस बार यह विभाग सीआर पाटिल को दिया गया है। केंद्रीय मंत्री बनाए जाने पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- दूरदृष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय की महती जिम्मेदारी प्रदान कर अनुगृहीत किया है। मैं संपूर्ण निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकसित भारत निर्माण में संस्कृति व पर्यटन क्षेत्र की उत्तरोत्तर प्रगति के हरसंभव प्रयास करूंगा। मेरे मार्गदर्शक मोदी जी का बारंबार अभिनंदन, आभार। मीडिया से शेखावत ने कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान मोदी सरकार ने संस्‍कृति और कला के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया है, जिसकी वजह से भारत की संस्‍कृति को देखकर पूरा विश्‍व चकित है। विकसित भारत बनाने में संस्‍कृति और पर्यटन की महत्‍वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। उन्होंने कहा कि हमारी टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन के अनुसार संस्‍कृति, कला और पर्यटन के क्षेत्र में नए सोपान तय करने के लिए शानदार काम करेगी।शेखावत ने कहा कि देश की जनता विकसित भारत को लेकर पूरी तरह आश्‍वस्‍त है। इसी विश्‍वास की वजह से जनता ने मोदी जी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्‍यपूर्ण अवसर दिया है। उन्‍होंने कहा कि मोदी के नेतृत्‍व में पिछले 10 वर्षों में देश में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है। देश को निराशा के गर्त से निकाल कर उसे आशा से लबरेज किया है। उन्‍होंने कहा कि भारत विकसित हो सकता है, इस संदेश को प्रधानमंत्री ने पूरे विश्‍व तक पहुंचाया है, जिस वजह से दुनिया भी यह जानती है कि भारत को विकसित राष्‍ट्र बनने से कोई रोक नहीं सकता है। शेखावत ने कहा कि यही विश्‍वास देश की जनता को भी है। लिहाजा, इस बार की भी प्रचंड जीत इसी विश्‍वास पर जनता की मुहर है। इससे पहले, पदभार ग्रहण करने के दौरान दोनों मंत्रालयों की टीम ने केंद्रीय मंत्री का आत्‍मीय स्‍वागत किया। शेखावत ने दोनों मंत्रालयों में अधिकारियों संग मीटिंग की। पदभार ग्रहण करने के दौरान केंद्रीय मंत्री शेखावत का परिवार भी साथ रहा।

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