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गुजरात: ‘नया भारत पलटकर जवाब देगा’, भुज एयरबेस से बोले रक्षामंत्री राजनाथ

भुज भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को भुज एयर फोर्स स्टेशन का दौरा किया और यहां वायु योद्धाओं को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए बधाई दी. यहां अपने संबोधन में पाकिस्तान की चुटकी लेते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि जितनी देर में लोग नाश्ता करते हैं, उतनी देर में आपने दुश्मनों को निपटा दिया. उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आपने जो कुछ भी किया, उससे सभी भारतीयों को गर्व हुआ है, चाहे वे भारत में हों या विदेश में. पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद को कुचलने के लिए भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ 23 मिनट ही काफी थे. जितनी देर में लोग नाश्ता करते हैं, उतनी देर में आपने दुश्मनों को निपटा दिया.’ भुज एयर बेस पर बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘कल ही मैंने श्रीनगर में हमारे बहादुर सेना के जवानों से मुलाकात की थी. आज मैं यहां वायु योद्धाओं से मिल रहा हूं. कल मैंने उत्तरी क्षेत्र में हमारे जवानों से मुलाकात की थी और आज मैं देश के पश्चिमी हिस्से में वायु योद्धाओं और अन्य सुरक्षा कर्मियों से मिल रहा हूं. मैं दोनों मोर्चों पर उच्च जोश और ऊर्जा को देखकर उत्साह महसूस करता हूं. मुझे विश्वास है कि आप भारत की सीमाओं को सुरक्षित रखेंगे.’ इस दौरान रक्षा मंत्री ने बशीर बद्र की एक शेर के जरिए पाकिस्तान को नसीहत भी दी. उन्होंने कहा, ‘कागज का है लिबास चरागों का शहर है, संभल-संभल के चलना क्योंकि तुम नशे में हो.’ IAF ने आसमान की नई बुलंदियों को छू लिया है: राजनाथ सिंह राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय वायुसेना ने जो प्रभावी भूमिका निभाई है, उसकी सराहना इस देश में ही नहीं दूसरे देशों में भी हो रही है. आपने इस ऑपरेशन में न केवल दुश्मन को डॉमिनेट किया है बल्कि उन्हें डेसीमेट करने में भी कामयाबी हासिल की है. आतंकवाद के खिलाफ चलाये गए इस अभियान को सुपरहेड हमारी एयरफोर्स ने किया. हमारी एयरफोर्स एक ऐसी ‘स्काइफोर्स’ है, जिसने अपने शौर्य, पराक्रम और प्रताप से आसमान की नई और बुलंद ऊंचाइयों को छू लिया है. यह कोई छोटी बात नहीं है कि हमारी एयरफोर्स की पहुंच पाकिस्तान के हर कोने तक है, यह बात पूरी तरह साबित हो चुकी है. ब्रह्मोस ने दुश्मन को रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखाया है रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज स्थिति यह है कि भारत के फाइटर प्लेन बिना सरहद पार किए ही, यहीं से उनके हर कोने तक प्रहार करने में सक्षम हैं. पूरी दुनिया ने देख लिया है कि कैसे आपने पाकिस्तान की धरती पर मौजूद, आतंकवाद के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया; बाद में की गई कारवाई में उनके अनेक एयरबेस तबाह कर दिए. रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इंडियन एयरफोर्स ने केवल पराक्रम ही नहीं दिखाया है, बल्कि पूरी दुनिया के सामने प्रमाण भी दिया है. प्रमाण इस बात का कि अब भारत की युद्ध नीति और तकनीक दोनों बदल चुकी है. आपने नए भारत का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाया है. यह संदेश है कि अब भारत केवल विदेशों से आयात किए गए हथियारों और प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर नहीं है, बल्कि भारत में बने अस्त्र और शस्त्र भी हमारी सैन्य शक्ति का हिस्सा बन चुके हैं. अब भारत में बने और भारतीय हाथों से बने हथियार भी अचूक और अभेद्य हैं, यह पूरे विश्व ने देख लिया है. PAK जनता के टैक्स के पैसों को आतंकवादियों पर खर्च कर रहा राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल की ताकत को तो पाकिस्तान ने खुद स्वीकार किया है. हमारे देश में एक कहावत काफी पुरानी है और वह है- ‘दिन में तारे दिखाना’. मगर भारत में बनी ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन को रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखा दिया. उन्होंने कहा कि भारत के जिस एयर डिफेंस सिस्टम की तारीफ हर तरफ हो रही है, उसमें DRDO द्वारा बनाये गए ‘आकाश’ और अन्य राडार सिस्टम की जबरदस्त भूमिका रही है. उन्होंने वायु योद्धाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपने पाकिस्तान में मौजूद टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ प्रभावी कारवाई की, मगर पाकिस्तान फिर से इस कोशिश में लग गया है कि ध्वस्त हुए आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा किया जाये. वहां की सरकार, पाकिस्तानी आम नागरिकों से लिया गया टैक्स, ‘जैश ए मुहम्मद’ जैसे आतंकी संगठन के आका मसूद अजहर को करीब चौदह करोड़ रुपए देने में खर्च करेगी. जबकि वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक आतंकवादी है. IMF फंडिंग का इस्तेमाल आतंकी ठिकाने बनाने में कर रहा PAK राजनाथ सिंह ने आगे कहा, ‘लश्कर ए तैयबा और जैश ए मुहम्मद के मुरीदके और बहावलपुर स्थित आतंकी ठिकानों को फिर से खड़ा करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. निश्चित रूप से IMF से आने वाले एक बिलियन डॉलर के बड़े हिस्से को टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर को फंड करने में इस्तेमाल होगा. IMF जो एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, क्या यह उसके द्वारा आतंकवाद को अपरोक्ष फंडिंग नहीं माना जाएगा. इसलिए मैं मानता हूं कि आज के समय में पाकिस्तान को किसी भी तरह की आर्थिक सहायता टेरर फंडिंग से कम नहीं है. भारत यही चाहेगा कि IMF पाकिस्तान को अपनी एक बिलियन डॉलर की सहायता पर पुनर्विचार करे और आगे भी किसी तरह की सहायता देने से परहेज करे. भारत नहीं चाहता कि जो फंडिंग हम IMF को करते हैं, वह डायरेक्ट या इनडायरेक्ट किसी भी तरीके से पाकिस्तान या किसी भी देश में आतंकी बुनियादी ढांचा बनाने में इस्तेमाल किया जाए.’  

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का श्रीनगर दौरा, चिनार एयरबेस पर जवानों से मिलेंगे और मौजूदा स्थिति का जायजा लेंगे

श्रीनगर भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने की घोषणा के पांच दिन बाद, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को श्रीनगर पहुंचे. एयरपोर्ट पर उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी थे. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रक्षा मंत्री का स्वागत किया. इसके बाद, सिंह ने बादामी बाग छावनी का दौरा किया, जहां उन्होंने कुछ समय पहले गिराए गए पाकिस्तानी गोले का निरीक्षण किया. वहीं, रक्षा मंत्री चिनार एयरबेस पर भी जवानों से मिलेंगे और मौजूदा स्थिति का जायजा लेंगे. जम्मू-कश्मीर में तनावपूर्ण माहौल गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर पिछले कुछ समय से अशांत रहा है. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद 7 मई को भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया था. इन घटनाओं के बाद, राज्य में तनाव का माहौल व्याप्त है. ऐसे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है, जो न केवल सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि घाटी में शांति बहाली के प्रयासों को भी गति देगा. सामान्य स्थिति की वापसी के संकेत ‘ऑपरेशन सद्भावना’ और भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के बाद जम्मू-कश्मीर में जीवन सामान्य होने लगा है. इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, जम्मू में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने घोषणा की है कि जम्मू और कश्मीर के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में स्कूल 15 मई को फिर से खुलेंगे. यह छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता के कारण जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों के कई इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए थे. जम्मू जिले में चौकी चौरा, भलवाल, डंसाल और गांधी नगर क्षेत्रों के स्कूल फिर से खुलेंगे. कठुआ जिले में बरनोटी, लखनपुर, सलान और घगवाल क्षेत्रों में स्कूल खुलेंगे. राजौरी जिले में पीरी, कालाकोट, थानामंडी, मोघला, कोटरंका, खवास, लोअर हथल और दरहल क्षेत्रों में स्कूलों को फिर से खोला जाएगा. पुंछ जिले में सुरनकोट और बफलियाज़ क्षेत्रों में स्कूल खुलेंगे. शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलना क्षेत्र में सामान्य स्थिति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शिक्षा के महत्व को दर्शाता है और स्थानीय समुदायों में विश्वास पैदा करेगा. हेलीकॉप्टर सेवा का पुन: आरम्भ एक सकारात्मक संकेत के रूप में, कटरा से श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं एक सप्ताह के निलंबन के बाद बुधवार को फिर से शुरू हुईं. भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता के कारण यह निलंबन किया गया था. हेलीकॉप्टर सेवाओं की बहाली से तीर्थयात्रियों को राहत मिलेगी और इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है. आतंकवादी विरोधी अभियान तेज पहलगाम में हाल ही में हुए हमले के जवाब में, भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ अपने अभियान को तेज कर दिया है. मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के शोपियां में एक मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए. सूत्रों के अनुसार, मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान शाहिद कुट्टे के रूप में हुई है, जो 8 अप्रैल, 2024 को श्रीनगर में डेनिश रिसॉर्ट में गोलीबारी की घटना में शामिल था, जिसमें दो जर्मन पर्यटक और एक ड्राइवर घायल हो गए थे. सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवादियों को खत्म करने के लिए की गई त्वरित कार्रवाई क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. यह कार्रवाई दिखाती है कि भारतीय सेना आतंकवाद को खत्म करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना को दिया कड़ा एक्शन लेने का निर्देश

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल के ड्रोन हमलों में नागरिक इलाकों को निशाना बनाने पर भारतीय सेना को पाकिस्तान की सेना के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. सूत्रों ने बताया कि, राजनाथ सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान सेना जो नियंत्रण रेखा के पास भारतीय नागरिकों को निशाना बना रही है, उसके विरुद्ध सख्त और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए. भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच, रक्षा मंत्री शनिवार को दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और तीनों सेवाओं के प्रमुखों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लेंगे. इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस गंभीर मामले पर बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सशस्त्र बलों के प्रमुखों समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. पाकिस्तान की सीजफायर उल्लंघन पर भारत का जवाब पिछले कुछ दिनों में, पाकिस्तान ने पूंछ और राजौरी सेक्टर में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. भारतीय सेना ने कई जगहों पर पाकिस्तान की सीजफायर उल्लंघन का जोरदार जवाब दिया है. शुक्रवार को भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के 20 से अधिक शहरों को निशाना बनाने वाले पाकिस्तानी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया. पाकिस्तानी सेना को प्रभावी और सख्त जवाब दिया जाए यह हमला दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाने वाला दूसरा दिन था. इन घटनाओं के बीच, भारत की सशस्त्र सेना पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रही है और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जा रहा है. राजनाथ सिंह की मांग है कि पाकिस्तानी सेना को प्रभावी और सख्त जवाब दिया जाए, जिससे सीमा पर शांति स्थापित हो सके.  

एयरो इंडिया की तुलना महाकुंभ मेले से करते हुए राजनाथ ने कहा- भारत के पराक्रम और शक्ति का महाकुंभ

बेंगलुरु रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को एयरो इंडिया 2025 की तुलना महाकुंभ मेले से करते हुए कहा कि द्विवार्षिक एयरोस्पेस एवं रक्षा प्रदर्शनी अनिश्चितताओं से भरे विश्व में भारतीय धरती की ताकत और स्थायित्व को दर्शाती है। श्री सिंह ने यहां येलहंका एयरफोर्स स्टेशन पर कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा, “एयरो इंडिया सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि रक्षा और एयरोस्पेस में भारत की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। जिस तरह महाकुंभ मेला लाखों लोगों को आध्यात्मिक एकता के सूत्र में बांधता है, उसी तरह यह आयोजन वैश्विक रक्षा और एयरोस्पेस हितधारकों को भारतीय धरती पर एकजुट करता है।” रक्षा मंत्री ने उन्नत स्वदेशी तकनीक के साथ सशस्त्र बलों को मजबूत करने और वैश्विक भागीदारों के साथ रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी। प्रमुख वैश्विक रक्षा फर्मों, एयरोस्पेस कंपनियों और सैन्य प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी वाले प्रीमियर एयर शो के 15वें संस्करण में इस क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रमुख घोषणाएं और साझीदारियां होने की संभावना है। गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन में तेजी ला रहा है, जिसका उद्देश्य निर्यात को बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है।  

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल आएंगे इंदौर, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ रहेंगे मौजूद

इंदौर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश आ रहे हैं। 29 दिसंबर को राजनाथ इंदौर आएंगे और फिर महू जाएंगे। रक्षा मंत्री के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी मौजूद रहेंगे। 29 और 30 दिसंबर को महू शहर के आर्मी संस्थानों का दौरा करेंगे। महू में डॉ. भीमराव आंबेडकर जन्मभूमि स्मारक भी जाएंगे। इसके बाद वे सेना के सभी संस्थानों का दौरा करेंगे और वहां आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे। रक्षा मंत्री महू में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन उज्जैन के लिए रवाना होंगे। बता दें कि राजधानी सिंह के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी भी इंदौर आएंगे। दोपहर 12.40 पर डॉ आंबेडकर जन्मभूमि स्मारक पहुंचेंगे। जहां राजनाथ सिंह, सीडीएस और आर्मी चीफ माल्यार्पण के कर अस्थि कलश दर्शन करेंगे। 12.55 के लिए आर्मी वार कॉलेज के लिए प्रस्थान करेंगे। जहां वे अन्य कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। वह 29 और 30 दिसंबर को महू शहर के आर्मी संस्थानों का दौरा करेंगे। महू में डॉ. भीमराव आंबेडकर जन्मभूमि स्मारक भी जाएंगे। इसके बाद वे सेना के सभी संस्थानों का दौरा करेंगे और वहां आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे। रक्षा मंत्री महू में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन उज्जैन के लिए रवाना होंगे। इस दौरे को लेकर आर्मी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 29 दिसंबर का कार्यक्रम 29 दिसंबर को दोपहर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विमान से इंदौर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से हेलिकॉप्टर के जरिए महू जाएंगे और आर्मी वार कॉलेज में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। दोपहर करीब 12:40 बजे वे डॉ. भीमराव आंबेडकर जन्मभूमि स्मारक पहुंचेंगे, जहां वे डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद अस्थि कलश के दर्शन कर स्मारक का भ्रमण करेंगे। स्मारक में लगभग 15 मिनट रुकने के बाद वे 12:55 पर आर्मी वार कॉलेज के लिए रवाना होंगे। इसके बाद रक्षा मंत्री मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग यूनिट का दौरा करेंगे। शाम को वे देश के पहले इन्फेंट्री म्यूजियम का दौरा करेंगे। इसके बाद शूटिंग और अन्य खेलों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट भी जाएंगे। महू में रात्रि विश्राम के बाद वे अगले दिन उज्जैन जाएंगे। उज्जैन से इंदौर लौटकर रक्षा मंत्री दिल्ली के लिए रवाना होंगे। महू में आर्मी हेडक्वार्टर की तीन प्रमुख संस्थाएं जानकारी के अनुसार महू में मिलिट्री हेडक्वार्टर की तीन प्रमुख संस्थाएं हैं- स्टेशन हेडक्वार्टर, आर्मी वार कॉलेज और मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग। इनके साथ ही इंफेंट्री स्कूल भी है। इन संस्थानों में कई तरह के कोर्स संचालित किए जाते हैं। बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्री इन जगहों का भी दौरा कर सकते हैं। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कब और कहां इंदौर दौरे पर आ रहे हैं? केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह 29 दिसंबर को इंदौर के महू में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे और रात्रि वहीं विश्राम करेंगे। इसके बाद 30 दिसंबर को वे उज्जैन जाएंगे और फिर इंदौर वापस आकर दिल्ली के लिए रवाना होंगे। राजनाथ सिंह के साथ कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी इंदौर आ रहे हैं? राजनाथ सिंह के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेन्द्र द्विवेदी भी इंदौर आएंगे। राजनाथ सिंह इंदौर दौरे के दौरान कौन से प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल होंगे? राजनाथ सिंह और उनके साथ आने वाले अधिकारियों का प्रमुख कार्यक्रम डॉ. आंबेडकर जन्मभूमि स्मारक पर माल्यार्पण और अस्थि कलश दर्शन करना होगा। इसके बाद वे आर्मी वार कॉलेज में अन्य कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। राजनाथ सिंह का इंदौर दौरा कब शुरू होगा और कब खत्म होगा? राजनाथ सिंह का इंदौर दौरा 29 दिसंबर को शुरू होगा और 30 दिसंबर को उज्जैन जाने के बाद वे इंदौर वापस आएंगे और फिर दिल्ली के लिए रवाना होंगे। राजनाथ सिंह का इंदौर दौरा किस उद्देश्य से हो रहा है? केंद्रीय रक्षामंत्री का यह दौरा विभिन्न सैन्य कार्यक्रमों में भाग लेने और रक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हो रहा है।

डिफेंस शेयरों ने भरी उड़ान, ₹21772 करोड़ के अधिग्रहण प्रस्तावों को मिली मंजूरी

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) ने 21,772 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मंजूर की गई धनराशि से आधुनिक वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट व हेलीकॉप्टर समेत सशस्त्र बलों के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके साथ ही टी-72 और टी-90 टैंकों, बीएमपी और सुखोई लड़ाकू विमानों के इंजनों के ओवरहाल के लिए भी मंजूरी दी गई है। इससे इनकी सेवा अवधि में वृद्धि होगी। राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मीटिंग मंगलवार को दी गई इस स्वीकृति के अंतर्गत कुल पांच रक्षा सौदों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल नेवी के लिए 31 नई वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट की खरीद को मंजूरी मिली है। 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (एफआईसी-1) की खरीद के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन प्रस्तावों की मंजूरी से डिफेंस कंपनियों के ऑर्डर बुक को मजबूती मिलने की संभावना है। इस वजह से इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का जोर देखा गया। DAC ने जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी है, उनमें वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट्स (WJFACs), इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट्स, रडार वॉर्निंग सिस्टम्स और एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर्स जैसे इक्विपमेंट्स शामिल हैं। इसमें भारतीय नौसेना के लिए 31 नए WJFACs का अधिग्रहण किया जाएगा, जो कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों, गश्त, निगरानी और खोज एवं बचाव (SAR) मिशनों के लिए उपयोगी होंगे। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स ने पहले भी WJFACs की सप्लाई नौसेना को की थी, जिससे कंपनी को एक बार फिर ऑर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ी है। इसके अलावा, 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (FIC-1) के अधिग्रहण के लिए मंजूरी भी दी गई है। इन FIC को एयरक्राफ्ट कैरियर्स, डेस्ट्रॉयर्स और सबमरीन जैसे हाई-वैल्यू यूनिट्स की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। DAC ने T-72 और T-90 टैंकों औरसुखोई लड़ाकू विमानों के इंजनों के ओवरहॉल को भी मंजूरी दी है। यह ओवरहॉलिंग उनकी सर्विस लाइफ और कारोबारी क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। SU-30 MKI लड़ाकू विमानों की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (EWS) का अधिग्रहण भी शुरू किया जाएगा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारतीय वायुसेना के लिए पहले भी EWS विकसित किया है, जिससे इस कंपनी को भी लाभ होने की संभावना है। एक्सपर्ट्स की राय ICICI सिक्योरिटीज के अमित दीक्षित का कहना है कि यह मंजूरी घरेलू ऑर्डरिंग में आई सुस्ती के बाद एक पॉजिटिव बदलाव का संकेत है। उनके अनुसार, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को इन प्रस्तावों से सबसे अधिक लाभ होगा, खासतौर पर SU-30 MKI के लिए EWS से। इसके अलावा, एस्ट्रा माइक्रोवेव को भी इस कदम से लाभ होने की संभावना है। शिपबिल्डिंग से जुड़े प्रस्ताव छोटे जहाजों के लिए हैं, जिन पर प्राइवेट कंपनियों और डिफेंस पीएसयू (DPSUs) की ओर से बोली लगाई जाएगी। ICICI सिक्योरिटीज ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एस्ट्रा माइक्रोवेव दोनों पर ‘खरीदारी’ की सलाह दी है और इनके लिए क्रमश: 350 रुपये और 935 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। 31 नए वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (ईडब्ल्यूएस) की खरीद के लिए एओएन प्रदान की गई है। 6 उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एम (एमआर) की खरीद के लिए भी मंजूरी प्रदान की गई है। डीएसी ने भारतीय नौसेना के लिए 31 नए वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट (एनडब्ल्यूजेएफएसी) की खरीद की आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की है। इन वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट को तट के करीब कम तीव्रता वाले समुद्री संचालन, निगरानी, गश्ती और खोज व बचाव (एसएआर) कार्यों करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इसके अलावा ये जहाज विशेष रूप से हमारे द्वीप क्षेत्रों में और उसके आसपास समुद्री डकैती रोधी अभियानों में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। डीएसी ने जिन 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (एफआईसी-1) की खरीद के लिए एओएन प्रदान किया वे जहाज तटीय रक्षा के लिए विमान वाहक, विध्वंसक और फ्रिगेट्स युद्धपोतों व पनडुब्बियों को एस्कॉर्ट करेंगे। इसके साथ ही ये कई अन्य भूमिकाएं निभाने में सक्षम हैं। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (ईडब्ल्यूएस) में बाहरी एयरबोर्न सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर पॉड्स, अगली पीढ़ी के रडार चेतावनी रिसीवर और सुखोई -30 एमकेआई विमान के लिए संबंधित उपकरण शामिल हैं। यह प्रणाली सुखोई एसयू-30 एमकेआई की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएगी। 6 एडवांस हल्के हेलीकॉप्टर वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा संरक्षित, दुश्मन के लक्ष्यों के खिलाफ एक मिशन को अंजाम देते समय यह विमान को दुश्मन के रडार और संबंधित हथियार प्रणाली से बचाएगी। डीएसी ने तटीय क्षेत्रों में तटीय सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए भारतीय तटरक्षक के लिए 6 उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एम (एमआर) की खरीद के लिए एओएन प्रदान किया है।

जापान और फिलिपींस के रक्षा मंत्रियों के साथ राजनाथ ने की बैठक

नई दिल्ली आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए लाओस गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जापान और फिलिपींस के रक्षा मंत्रियों के साथ बैठक में रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की है। श्री सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “वियनतियाने लाओस में जापान के रक्षा मंत्री जनरल निकतानी के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। मुझे विश्वास है कि हमारी साझेदारी स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित इंडो पैसिफिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।” उन्होंने फिलिपींस के रक्षा मंत्री के साथ भी बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने पोस्ट किया , “ फिलिपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टेओडोरो के साथ अच्छी बैठक हुई। फिलिपींस हमारी एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक विजन में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। भारत फिलिपींस के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करने और विस्तारित करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।“  

दशहरा के दिन शस्त्र पूजन करते हुए राजनाथ सिंह ने चीन-पाक को दिया संदेश ‘हमारे हितों पर आंच आई तो’

दार्जिलिंग पूरे देश में आज विजयादशमी का त्यौहार मनाया जा रहा है. इस दिन पूजा में अस्त्र-शस्त्रों को सामने रखकर पूजा करने की परंपरा रामायण और महाभारत काल से चली आ रही है. आज भी हमारी सेना इस परंपरा को निभाती है. इसी उपलक्ष्य में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शस्त्र पूजा की. इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अगर भारत के हितों पर बात आती है तो हम कोई भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दार्जिलिंग में सुकना कैंट में सेना के जवानों के साथ विजयादशमी मना रहे हैं. ‘यह हमारी विशाल सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है’ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “मैं आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां शास्त्रों और शस्त्रों दोनों की पूजा की जाती है. ऐसा लग सकता है कि लोहे और लकड़ी से बनी चीजों की पूजा करने का क्या औचित्य है? लेकिन वास्तव में, यह हमारी विशाल सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है जिसमें हम किसी भी वस्तु का उपयोग करने से पहले और बाद में उसके प्रति आभार व्यक्त करते हैं.” ‘यह मानवता की जीत है’ इस दौरान उन्होंने कहा कि विजयादशमी के दिन भगवान राम को मिली जीत सिर्फ उनकी नहीं थी बल्कि यह मानवता को मिली जीत थी. रावण विद्वान होने के बाद भी बुराइयों का प्रतीक था. भगवान राम की रावण से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी. उन्होंने रावण का वध इसलिए किया क्योंकि मानवता के लिए वो जरूरी था. बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे रक्षामंत्री ने कहा, “हमने कभी किसी देश के साथ युद्ध नहीं किया है. हमने तब युद्ध किया है जब उसने मानव मूल्यों के खिलाफ जंग छेड़ी है. हमें हमारे हितों पर आंच दिखी तो हम कोई भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे.” उन्होंने आगे कहा, ‘पड़ोसियों की किसी भी हरकत से इनकार नहीं किया जा सकता. वैश्विक हालात चाहे कुछ भी हों, हमें हमेशा तैयार रहना है.”

रक्षा उत्पादों का 2023-24 में हुआ रिकॉर्ड प्रोडक्शन, जानें डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने क्या कहा

नई दिल्ली भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन वर्ष 2023.. 24 में 1 . 27 लाख करोड रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।रक्षा मंत्रालय के अनुसार रक्षा उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 16.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह वर्ष 2019-20 की तुलना में 60 प्रतिशत की वृद्धि है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस उपलब्धि पर कहा है कि सरकार भारत को अग्रणी वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि रक्षा क्षेत्र के सभी सार्वजनिक उपक्रमों , रक्षा वस्तुओं का निर्माण करने वाले अन्य सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, देश में रक्षा उत्पादन का मूल्य रिकॉर्ड-उच्च आंकड़े यानी 1,26,887 करोड़ रुपये तक बढ़ गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के रक्षा उत्पादन की तुलना में 16.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा उत्पादन का मूल्य 1,08,684 करोड़ रुपये था।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री द्वारा दी गई इस जानकारी पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने राजनाथ सिंह के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, ”बहुत उत्साहजनक विकास। इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई। हम अपनी क्षमताओं को और बढ़ाने और भारत को एक अग्रणी वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए एक बेहतरीन वातावरण तैयार करने के साथ इसको समग्र प्रयास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह हमारे सुरक्षा तंत्र को मजबूत करेगा और हमें आत्मनिर्भर बनाएगा।” स्वदेशी रक्षा उत्पादन में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि रक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की नीतियों और पहलों के सफल कार्यान्वयन के आधार पर वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान मूल्य के संदर्भ में स्वदेशी रक्षा उत्पादन में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि हासिल की है, जिसका उद्देश्य ‘आत्मनिर्भरता’ हासिल करना है। रक्षा क्षेत्र के सभी सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू), रक्षा सामानों का निर्माण करने वाले दूसरे सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों से हासिल आंकड़ों के मुताबिक, देश में रक्षा उत्पादन का मूल्य 1,26,887 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के रक्षा उत्पादन की तुलना में 16.7% की वृद्धि को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा उत्पादन का मूल्य 1,08,684 करोड़ रुपये था। श्री सिंह ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम साल-दर-साल नए मील के पत्थर पार कर रहा है। उन्होंने भारत को एक अग्रणी वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के सरकार के अटूट संकल्प को दोहराया। वर्ष 2023-24 में उत्पादन के कुल मूल्य में, लगभग 79.2 प्रतिशत का योगदान सरकारी और 20.8 प्रतिशत निजी क्षेत्र द्वारा किया गया है। आंकड़ों से पता चलता है कि पूर्ण मूल्य के संदर्भ में सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों ने रक्षा उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने रक्षा उत्पादन को सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर ले जाने के लिए रक्षा वस्तुओं का निर्माण करने वाले सार्वजनिक उपक्रमों और निजी उद्योग सहित उद्योग को बधाई दी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार आत्मनिर्भरता पर ध्यान देने के साथ पिछले 10 वर्षों में सरकार द्वारा लाए गए नीतिगत सुधारों/पहलों और व्यापार करने में आसानी के कारण यह उपलब्धि हासिल की गई है। स्वदेशीकरण के प्रयासों को निरंतर आधार पर आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाया गया है।

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