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संभल में हिंसा में उपद्रवियों ने जिन ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल किया,अब उन्हीं का उपयोग पुलिस चौकी के निर्माण में

 संभल उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा के दौरान उपद्रवियों द्वारा जिन ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था, अब उन्हीं ईंट-पत्थरों का उपयोग पुलिस चौकी के निर्माण में किया जाएगा. दरअसल, पिछले साल जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद करीब 6 ट्रॉली ईंट-पत्थर जमा किए गए थे. ये ईंट-पत्थर हिंसा वाली जगह पर बिखरे पड़े थे. पुलिस-प्रशासन ने इन्हें इकट्ठा करवाकर रख लिया गया था. मामले में SP केके बिश्नोई ने कहा कि हिंसा के दौरान पत्थरबाजों के द्वारा फेंके गए पत्थरों को ही संभल के लोगों की सुरक्षा के लिए प्रयोग किया जाएगा. जिले के दीपा सराय और हिंदूपुराखेड़ा में बन रही पुलिस चौकियों के निर्माण में पत्थरबाजों के द्वारा फेके गए पत्थरों का भी प्रयोग किया जाएगा. शासन द्वारा दिए बजट का भी इस्तेमाल किया जाएगा. आपको बता दें कि हिंसा के बाद संभल में 38 आउटपोस्ट बनाई जा रही हैं. संभल की सुरक्षा के लिए ‘SAFE SAMBHAL’ प्रोजेक्ट लाया जा रहा है. साथ ही शहर के 200 चौराहों पर फेस आईडेंटिफिकेशन वाले CCTV कैमरे लगाए जाएंगे. जिले में नई पुलिस चौकियों के निर्माण में सरकार से बजट भी मिला है. दरअसल, संभल के विवादित ढांचे (जामा मस्जिद) में 24 नवंबर 2024 को एडवोकेट कमीशन सर्वे के दौरान मस्जिद के आसपास के इलाके में हिंसा भड़क गई थी और उग्र भीड़ ने पुलिस पर कई घंटे तक भारी पत्थरबाजी की थी. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाया था. जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने नगर पालिका की टीमों को लगाकर हिंसा वाली जगह से 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर ईंट-पत्थर हटवाए थे. हालांकि, इन्हें फेंकने के बजाय नगर पालिका ने ईंट पत्थरों को यार्ड में रखवा दिया था. जमा ईंट-पत्थर अब संभल पुलिस के एसपी केके बिश्नोई ने पत्थरबाजों के द्वारा फेंके गए इन्हीं ईंट पत्थरों से पुलिस चौकी बनाने का बड़ा फैसला किया है. स्थानीय सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के गढ़ दीपासराय इलाके के मोहल्ला चौक में हजार स्क्वायर फीट में मुस्लिम आबादी के बीचोबीच बन रही नई पुलिस चौकी के निर्माण में पत्थरबाजों के द्वारा फेंके गए ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके अलावा हिंदूपुराखेड़ा में भी बन रही नई पुलिस चौकी के निर्माण में पत्थरबाजों के द्वारा फेंकी गई ईंटों का इस्तेमाल होगा.    

संभल हिंसा के 74 उपद्रवियों की तस्वीर जारी: SP-ASP ने खुद चौक-चौराहों पर लगवाए, पहचान बताने वाले को इनाम …

संभल यूपी के संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान मस्जिद के आसपास के इलाके में हिंसा फैलाने वाले उपद्रवियों की पहचान के लिए संभल पुलिस ने जामा मस्जिद की दीवारों पर ही उपद्रवियों के पोस्टर लगाए हैं. पुलिस टीम की तरफ से कुल 74 उपद्रवियों के पोस्टर लगाए गए हैं. शुक्रवार को एसपी केके बिश्नोई,  एएसपी श्रीशचंद्र और सीओ अनुज चौधरी के साथ ही भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में संभल कोतवाली पुलिस ने उपद्रवियों के पोस्टर चस्पा करने की कार्रवाई की है. वहीं जमा मस्जिद की दीवारों पर पोस्टर लगाते ही आसपास के इलाकों के लोग भी पोस्ट में दिखने वाले लोगों को देखने के लिए पहुंचने लगे हैं. आपको बता दें कि उपद्रवियों द्वारा हिंसा के दौरान गाड़ियों में आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी. 4 लोगों की हुई थी मौत 24 नवंबर को हिंसा के दौरान 4 लोगों की गोली लगने से मौत हुई थी. साथ ही हिंसा में एसपी केके बिश्नोई और सीओ अनुज चौधरी व गोली लगने से घायल हो गए थे. इसके अलावा 29 अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. संभल हिंसा मामले में पुलिस ने 7 अलग -अलग एफआईआर दर्ज कर सपा सासंद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद के पुत्र सुहैल इकबाल सहित 6 लोगों को नामजद व तीन हजार से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ उपद्रव का मुकदमा दर्ज किया था. हिंसा के बाद से संभल पुलिस एसपी केके बिश्नोई और सीओ अनुज चौधरी पर गोली चलाने वाले आरोपियों और हिंसा के दौरान 4 युवकों की गोली मारकर हत्या करने वाले दो आरोपियों सहित हिंसा में शामिल 76 आरोपियों को जेल भेज चुकी है. संभल हिंसा के लिए गठित एसआईटी टीमों और संभल सदर कोतवाली पुलिस व नखासा थाना पुलिस ने घटनास्थल पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों से कई अन्य उपद्रवियों की पहचान की थी. घटना के कई दिनों बाद नहीं मिलने पर लगाया गया पोस्टर घटना के कई दिनों बाद उपद्रवियों के नहीं मिलने पर एसपी केके बिश्नोई और श्रीशचंद्र के निर्देश पर संभल कोतवाली पुलिस ने जामा मस्जिद के ठीक सामने दीवार पर 74 उपद्रवियों के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं. इससे पहले गुरुवार को संभल के एक इलाके में भी हिंसा की जांच के लिए गठित एसआईटी टीम ने एक उपद्रवी की फोटो चस्पा की थी. पुलिस टीम की तरफ से पोस्टर में साफ तौर पर लिखा गया है कि 24 नवंबर को हुई हिंसा में शामिल उपद्रवियों की फोटो के जरिए पहचान बताने वालों को इनाम से पुरस्कृत किया जाएगा. पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के फोटो सार्वजनिक किए जाने को लेकर एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है. एएसपी श्रीशचंद्र ने बताया कि 24 नवंबर को जमा मस्जिद के इलाके में हुई हिंसा के दौरान 74 ऐसे उपद्रवियों को चिह्नित किया गया है, जो की घटना में शामिल थे. फिलहाल इनकी पहचान करने के लिए पोस्टर लगाए गए हैं. अभी कुछ और ऐसे चेहरे बचे हुए हैं जिनको चिह्नित करने का काम किया जा रहा है.    

SP सांसद जियाउर्रहमान बर्क को जोरदार झटका, हाईकोर्ट ने ठुकराई एफआईआर रद्द करने की मांग

संभल  यूपी के संभल हिंसा मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को हाई कोर्ट से झटका लगा है। शुक्रवार को अदालत ने बर्क की एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि सांसद बर्क को पुलिस की जांच में सहयोग करना होगा। हाई कोर्ट ने फिलहाल बर्क की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। संभल पुलिस ने हिंसा मामले में सांसद बर्क को भी आरोपी बनाया है। संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इसके चलते पांच लोगों की मौत हुई और 20 पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले में संभल पुलिस ने बर्क को मुख्य आरोपी बनाया है। हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। सांसद का तर्क है कि उनकी गिरफ्तारी से उन्हें अपूरणीय क्षति होगी और वह घटना के दौरान संभल में मौजूद नहीं थे। बर्क के अनुसार, संभल में हिंसा के दौरान वह उस समय बेंगलुरु में थे और एफआईआर के बारे में जानने के बाद उन्होंने मामले को बढ़ने से रोकने के लिए दिल्ली में ही रहने का फैसला किया। सांसद का कहना है कि उन्होंने समुदाय के सदस्यों से संपर्क किया और उनसे शांति बनाए रखने का आग्रह किया। बर्क पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप संभल पुलिस ने बर्क पर हिंसा से कुछ दिन पहले मस्जिद में भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि उनके बयान के बाद ही अशांति भड़की थे। इसके अलावा एफआईआर में स्थानीय विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल का भी नाम है, जो इस घटना में कथित तौर पर शामिल है। बर्क ने अपनी याचिका में आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आरोप उन्हें और उनकी पार्टी को निशाना बनाने के एक बड़े प्रयास का हिस्सा हैं। शाही जामा मस्जिद को मंदिर के ऊपर बनाए जाने के दावों के बाद बढ़े तनाव के बीच हिंसा भड़की। पत्थरबाजी और आगजनी के साथ स्थिति और बिगड़ गई, जिसमें कई पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

संभल में हिंसा के बाद पुलिस ने सात और आरोपियों को किया गिरफ्तार, कुल संख्या 47 हुई

संभल संभल में नंबर में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने सात और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसी के साथ अब तक कुल 47 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। संभल में 24 नवंबर 2024 को जब शाही जामा मस्जिद का सर्वे चल रहा था। उस दौरान कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया था और कई वाहनों में आग लगा दी थी। इस मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर रही है। संभल के एएसपी श्रीश चन्द्र ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने पिछले महीने हुई हिंसा के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान शोएब, जियाउद्दीन, जावेद, मुस्तफा, अजहरुद्दीन, शाहब और मो. आजम के रूप में हुई है। अभी तक इस प्रकरण में कुल 47 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने आगे बताया कि अन्य 91 व्यक्ति प्रकाश में आए हैं। इन सभी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगी हैं। सर्विलांस एवं सोशल मीडिया के माध्यम से उपद्रवियों पर नजर रही जा रही है। सीसीटीवी के माध्यम से उपद्रवियों की पहचान की गई है। जो अन्य 91 व्यक्ति हैं उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक इस प्रकरण में 11 एफआईआर हुई थीं। बता दें कि संभल में ठीक एक महीना पहले (24 नवंबर को) शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा और आगजनी हुई थी। पथराव, आगजनी, फायरिंग और हिंसा की घटनाओं ने संभल को अस्त-व्यस्त कर दिया था। हालात कई दिनों तक तनावपूर्ण रहे थे। हालांकि, शहर में अब स्थिति सामान्य हो गई है। बाजारों में रौनक लौट आई।

संभल हिंसा: जल्‍द ही इनके पोस्‍टर सार्वजन‍िक स्‍थानों पर लगाए जाएंगे, नुकसान की भरपाई कराई जाएगी,योगी का सख्त आदेश

संभल यूपी के संभल बवाल में पत्‍थरबाजी करने वाले सौ से अधिक उपद्रवियों को चिन्हित किया जा चुका है। योगी सरकार इनके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई करने जा रही है। सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने इसे लेकर एक उच्‍चस्‍तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जल्‍द ही इनके पोस्‍टर सार्वजन‍िक स्‍थानों पर लगाए जाएंगे। उपद्रवियों से बवाल के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। उनसे नुकसान की वसूली होगी। योगी सरकार पहले ही उपद्रवियों अपराधियों के खिलाफ क्षतिपूर्ति संबंधी अध्यादेश जारी कर चुकी है। फरार उपद्रवियों पर इनाम भी घोषित हो सकता है। संभल बवाल में अब तक 27 उपद्रवियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने इनकी फोटो भी जारी की है। इस बीच मुरादाबाद के कमिश्‍नर ने शासन को संभल बवाल पर संभल प्रशासन की ओर से तैयार रिपोर्ट भेज दी है। इसमें शासन को सभी पहलुओं से अवगत कराया गया है। रिपोर्ट में पहले दिन के सर्वे और बाद में हुए सर्वे के दौरान बवाल कैसे बढ़ा क्या साक्ष्य मिला सब कुछ भेजा गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ये निर्देश एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। उधर, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। माहौल धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। मंगलवार को स्कूल तो खुले लेकिन, बच्चों की उपस्थिति न के बराबर रही। हालांकि इंटरनेट सेवाएं मंगलवार को भी बहाल नहीं हो सकीं। प्रशासन ने एहतियातन प्रतिबंध 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। वहीं, जामा मस्जिद के आस-पास के इलाकों को छोड़कर शहर के बाजार पूरी तरह से खुले लेकिन वहां सन्नाटा फैला रहा। शहर में शांति बहाल करने के लिए पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं। बता दें कि शाही जामा मस्जिद के पूर्व में हरिहर मंदिर होने के वाद पर कोर्ट ने रमेश राघव को कोर्ट कमिश्नर तैनात किया है। बीते रविवार को उनकी टीम जब दूसरी बार सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंची तो बवाल हो गया। आक्रोशित लोगों ने पथराव, फायरिंग और आगजनी कर दी थी। हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दर्जनभर अधिकारी पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। सोमवार को पुलिस ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, विधायक पुत्र सुहेल इकबाल समेत 2500 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हिंसा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से कराने का भी निर्णय लिया गया है। पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए मंगलवार को मस्जिद के पीछे की दुकानों में लगे सीसीटीवी के डीवीआर भी जुटाए। हालांकि उपद्रवियों ने कई कैमरे हिंसा के दौरान तोड़ दिए थे। पुलिस अब तक सौ से से अधिक उपद्रवियों की पहचान कर लेने का दावा कर रही है। अधिकारी बोले मुरादाबाद के मंडलायुक्‍त आन्‍जनेय कुमार सिंह ने बताया कि संभल बवाल में नामजदों के फोटोयुक्त पोस्टर जारी होंगे। इसके लिए संभल के कप्तान ने तैयारी कर ली है। दोबारा ऐसा बवाल न हो इसके लिए सारे उपाय किए जा रहे हैं। उपद्रव करने वाले शेष लोगों की पहचान भी की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर है। मुरादाबाद के डीआईजी मुनिराम जी के अनुसार किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी लेकिन जो भी बवाल में शामिल रहे हैं उन्हें कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामाना करना होगा। पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए साइबर सेल की लिए मदद ले रही है। फिलहाल संभल में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आज दुकानें खुली हैं। आवागमन भी हो रहा है। पूरा जनजीवन शांति से चल रहा है।

संभल हिंसा : पुलिस वालों को आग लगाकर मार दो, कोई भी बचकर ना जाने पाए, हम अपनी मस्जिद में सर्वे नहीं होने देंगे

संभल यूपी के संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई. दर्जन भर से अधिक पुलिसवाले घायल हो गए. कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. हालात ऐसे हो गए कि शहर में इंटरनेट के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश देना पड़ा. फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस तैनात है. पुलिस उपद्रवियों की धरपकड़ में जुटी हुई है. इस बीच संभल हिंसा मामले में दर्ज की गई पुलिस की एफआईआर से सनसनीखेज खुलासा हुआ है. एफआईआर के मुताबिक, भीड़ ने सोची समझी साजिश के तहत एक राय होकर पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू की थी. इतना ही नहीं जान से मारने की नीयत से पुलिस पर गोली चलाई गई. दंगाई पुलिसकर्मी की 9 MM की मैगजीन तक लूट ले गए. पिस्टल छीनने की भी कोशिश हुई. संभल बवाल मामले में पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है उसके मुताबिक, हिंसक भीड़ ने CCTV तोड़ डाला था ताकि उनकी करतूत रिकॉर्ड ना हो सके. भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पुलिसवालों की पिस्टल छीनने की कोशिश की. आखिर में सरकारी 9 MM की मैगजीन लूट ले गए, जिसमें 10 राउंड गोलियां थीं.   जामा मस्जिद का सर्वे एफआईआर के अनुसार, संभल के नखासा चौक पर 150-200 लोगों की भीड़ ने दोपहर 12:35 पर CCTV सबसे पहले कैमरों को तोड़ा. फिर भीड़ ने हॉकी, डंडों और पत्थरों से पुलिस पर जान से मारने की नीयत से हमला करना शुरू कर दिया. भीड़ में शामिल गुलबदीन, सुल्तान, हसन, मुन्ना पुत्र जब्बार, फैजान, समद आदि के साथ सैकड़ों की संख्या में अज्ञात भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर जान लेने की नीयत से हमला किया, फिर उनकी गाड़ी में आग लगा दी. उक्त भीड़ ने पुलिस की सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश की, जब कामयाब नहीं हुई तो एक पुलिस वाले की पिस्टल की मैगजीन  यानि 10 राउंड कारतूस छीन कर फरार हो गए. इस इलाके में हुए हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. ‘हम अपनी मस्जिद में सर्वे नहीं होने देंगे’ संभल हिंसा में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, भीड़ में से चिल्लाकर आवाज आई- ‘हसन, अजीम, सलीम, रिहान, हैदर, वसीम, अयान… इन पुलिस वालों से सारे हथियार कारतूस छीन लो, इनको आग लगाकर मार दो, कोई भी बचकर ना जाने पाए हम अपनी मस्जिद में सर्वे नहीं होने देंगे.’ ये सब बोलते हुए भीड़ पुलिस वालों पर जान से मारने की नियत से लगातार फायरिंग कर रही थी.   ये भीड़ सुबह तकरीबन 8:45 पर जामा मस्जिद की ढलान पर एकत्र हुई थी. जिसमें 800 से 900 लोग थे. भीड़ ने पहले नारेबाजी शुरू की और फिर पत्थरबाजी करने लगी. पुलिस ने बहुत समझाया लेकिन भीड़ नहीं मानी. एफआईआर में लिखा है कि भीड़ ने सब इंस्पेक्टर की सरकारी पिस्टल छीनने की कोशिश की, सब इंस्पेक्टर ने पिस्टल नहीं छोड़ी तो पिस्टल की मैगजीन लूट कर भाग गए. इस बीच भीड़ लगातार पुलिस वालों पर जान से मारने की नियत से फायरिंग करती रही. वहीं, सर्वे टीम मस्जिद में फंसी हुई थी, जिसके साथ भीड़ कुछ भी कर सकती थी, इसलिए एक्स्ट्रा फोर्स बुलानी पड़ी. भीड़ ने आंसू गैस के गोले भी लूट ले गई. भीड़ से बोला सुहैल इकबाल- अपने मंसूबे पूरे करो, संभल FIR की डिटेल उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और स्थानीय सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है और 25 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पुलिस ने 6 FIR दर्ज की हैं, आजतक के पास संभल हिंसा की FIR है. इसमें बड़ा खुलासा किया गया है. FIR में जिक्र है कि समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने राजनीतिक लाभ के लिए भीड़ को भड़काया और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ा. हिंसा से 2 दिन पहले सांसद बर्क प्रशासन की अनुमति के बिना जामा मस्जिद गए थे. संभल हिंसा की FIR में आरोपी नंबर 1- जियाउर्रहमान बर्क को बनाया गया है, जबकि आरोपी नंबर 2- सुहैल इकबाल को बनाया गया है. इसके साथ ही 700- 800 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. FIR के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर 24 नवंबर को जामा मस्जिद का सर्वे किया जा रहा था, तभी सुबह 9 बजे 700 से 800 अज्ञात लोगों की भीड़ घातक हथियारों से लैस होकर जामा मस्जिद के सर्वे की प्रक्रिया को बाधित करने के उद्देश्य से आ गई. जियाउर्रहमान बर्क ने भड़काऊ बयानबाजी की FIR में जिक्र है कि 22 नवंबर को जियाउर्रहमान बर्क ने जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के दौरान बिना प्रशासन की अनुमति के भीड़ को जुटाया और भड़काऊ बयानबाजी की और राजनीतिक लाभ लेने के लिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए भीड़ को उग्र किया गया. सुहैल इकबाल भीड़ से बोले- अपने मंसूबे पूरे करो एफआईआर के मुताबिक 24 नवंबर को सर्वे की प्रक्रिया को बाधित करने आई भीड़ में सुहैल इकबाल मौजूद थे. सुहैल ने भीड़ को ये कहकर उकसाया कि जियाउर्रहमान बर्क हमारे साथ हैं, हम लोग तुम्हारे साथ हैं, कुछ नहीं होने देंगे. अपने मंसूबे पूरे करो, इतना सुनकर भीड़ और उग्र हो गई. उग्र भीड़ ने पुलिसवालों पर पत्थरबाजी की पुलिस ने भीड़ से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन उग्र भीड़ ने नारेबाजी शुरू की और फिर पुलिसवालों पर पत्थरबाजी की. इतना ही नहीं, पुलिस की गाड़ियों को तोड़ा, गाड़ियों में आग लगा दी. भीड़ में से एक शख्स ने क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी पर जान से मारने की नियत से फायरिंग की, जिसमें अनुज के पैर में गोली लगी और वो घायल हो गए. हिंसा के बाद सियासत शुरू बता दें कि संभल में स्थानीय लोगों ने मुगलकालीन मस्जिद के सर्वे का विरोध किया था. स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प में 4 लोगों की मौत हो गई थी. हिंसा के एक दिन बाद विपक्षी दलों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला किया. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर दंगा कराने का आरोप लगाया, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दरार पैदा कर रही है. भाजपा ने … Read more

Sambhal Violence पर 4 FIR, 4 मौत… संभल हिंसा में बड़ा अपडेट, जामा मस्जिद सर्वे के बाद बवाल, इंटरनेट-स्कूल बंद

संभल उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुए बवाल को लेकर पुलिस अब सख्त कार्रवाई कर रही है. पुलिस ने दो महिलाओं सहित 21 लोगों को हिरासत में ले लिया है. वहीं एहतियात के तौर पर जिले में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. इसके अलावा स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिया गया है. जिले में भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है. संभल के आसपास के जिलों में भी सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है. बीते रविवार को मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई, जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान नईम और बिलाल के रूप में की गई है. बरेली, अमरोहा, रामपुर और मुरादाबाद में भी पुलिस की तैनाती की गई है.  संभल हिंसा का असर बाजार में देखने को मिला संभल में हिंसा का असर देखने को मिल रहा है, जिले का बाजार बंद है. इक्का-दुक्का दुकानें बस खुली हुई हैं. हिंसक घटनाओं से बाजार के व्यापारी डरे हुए हैं. सिर्फ बहुत जरूरी कामों से ही घर से निकल रहे हैं लोग. बाजार से ग्राहक नदारद हैं. हिंसा से व्यापार का बड़ा नुकसान. संभल शहर इलाके में बंद हैं बाजार. प्रशासन ने शुरू की बाजार खुलने की कवायद. एसडीएम व सीओ ने व्यापारियों से बैठक कर बाजार खोलने की अपील की. संभल हिंसा पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने किया पोस्ट संभल हिंसा पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ऐक्स पर लिखा कि संभल, उत्तर प्रदेश में हालिया विवाद पर राज्य सरकार का पक्षपात और जल्दबाज़ी भरा रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हिंसा और फायरिंग में जिन्होंने अपनों को खोया है उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। प्रशासन द्वारा बिना सभी पक्षों को सुने और असंवेदनशीलता से की गई कार्रवाई ने माहौल और बिगाड़ दिया और कई लोगों की मृत्यु का कारण बना – जिसकी सीधी ज़िम्मेदार भाजपा सरकार है। भाजपा का सत्ता का उपयोग हिंदू-मुसलमान समाजों के बीच दरार और भेदभाव पैदा करने के लिए करना न प्रदेश के हित में है, न देश के। मैं सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर न्याय करने का अनुरोध करता हूं। मेरी अपील है कि शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखें। हम सबको एक साथ जुड़ कर यह सुनिश्चित करना है कि भारत सांप्रदायिकता और नफ़रत नहीं, एकता और संविधान के रास्ते पर आगे बढ़े।  डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संभल हिंसा पर दिया बयान उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संभल हिंसा पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘न्यायपालिका के आधार पर वहां सर्वे का काम चल रहा था, जो घटना हुई वो दुखद है, निषपक्ष कार्रवाई होगी.’ सर्वे के दौरान भड़की हिंसा, अचानक तीन हजार की भीड़ जमा रविवार सुबह 6:30 बजे डीएम-एसपी के साथ एक टीम जामा मस्जिद का सर्वे करने पहुंची थी। टीम को देखकर मुस्लिम समुदाय के लोग भड़क गए। कुछ ही देर में करीब दो से तीन हजार लोग जामा मस्जिद के बाहर पहुंच गए। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इसके बाद भगदड़ जैसे हालात हो गए। छतों से भी पथराव शुरू हो गया, पुलिस को भागना पड़ा। बवाल इतना बढ़ गया कि पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले दागे, फिर लाठीचार्ज करके भीड़ को खदेड़ा।  

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