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किसानों के पक्ष में शिवराज का बयान, भारतीय मसालों के लिए नया व्यापारिक अवसर होगा तैयार

भोपाल  भारत-अमरीका ट्रेड डील पर डेयरी और कृषि उत्पादों को लेकर कई दिन से तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रेसवार्ता कर खेती-किसानी से जुड़े मामले पर बात रखी। कहा कि यह समझौता किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है। भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमरीका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमरीकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, अमरीका ने कृषि क्षेत्र के कई उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती की है। जो टैरिफ पहले 50 प्रतिशत तक था, उसे घटाकर शून्य कर दिया है। विदेशी कृषि उत्पादों को देना होगा टैरिफ शिवराज ने कहा कि हमारे मसालों को अमरीका में भी नया और बड़ा बाजार मिलेगा। भारत पहले से ही मसालों के वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखता है। दुनिया के करीब 200 स्थानों पर भारत मसाले और मसालों के उत्पाद निर्यात करता है। इस समझौते से मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी।  अगर विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं तो उन्हें टैरिफ देना होगा। हमारे किसानों को पूरी छूट प्राप्त है। यही इस डील की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम और कुछ अनाज में टैरिफ शून्य रहेगा। अमरीका के लिए नहीं खोले द्वार शिवराज ने कहा कि ऐसा कोई भी उत्पाद समझौते में शामिल नहीं है, जिससे हमारे किसानों को नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। प्रमुख अनाज, प्रमुख फल और डेयरी उत्पादों के लिए अमरीका के लिए द्वार नहीं खोला गया है।

सागर के रुद्राक्ष धाम में रामकथा में शामिल हुए शिवराज सिंह, भूपेंद्र सिंह को बताया सौभाग्यशाली

सागर  कथा तो भगवान की ही सुनने लायक है. हर जीव के पास उसकी कथा से ज्यादा उसकी व्यथा है. भगवान की कथा जीव की व्यथा का हरण कर लेती है. प्रभु की कथा हम जितनी बार सुनते हैं नित्य नई लगती है और मन को शांति प्रदान करती है. ये बात पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कही. पिछले सात दिनों से सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में श्रीराम कथा का आयोजन चल रहा था, जिसका शुक्रवार 6 फरवरी को समापन हो गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह और गोपाल भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए. इसके बाद शिवराज सिंह ने रुद्राक्ष धाम पहुंचकर दक्षिण मुखी हनुमान जी के दर्शन और आरती कर आशीर्वाद लिया. कथा शुरू से आखिरी तक पढ़नी और सुननी चाहिए प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि श्रीरामचरितमानस में भगवान की पूरी कथा है. मानस जी में ही लिखा है कि “भगवान की कथा अति हरि कृपा होने से ही प्राप्त होती है. कथा प्रारंभ से अंत तक पढ़नी और सुननी चाहिए, खंडित करके नहीं. जैसे कक्षा 2, 4, 5 में नहीं पढ़कर सीधे मास्टर की पढ़ाई नहीं की जा सकती.” दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की सागर के रुद्राक्ष धाम में पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह द्वारा सात दिवसीय रामकथा का आयोजन कराया गया. पं. प्रेमभूषण महाराज की राम कथा को सुनने के लिए रोजाना हजारों की संख्या में भक्तगण पंडाल में पहुंचे. वहीं 1 फरवरी को दक्षिणमुखी श्याम वर्ण हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है. इस कार्यक्रम में स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर राम कथा का श्रवण किया. राम कथा सुनने सागर पहुंचे शिवराज सिंह श्रीराम कथा को सुनने के लिए शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सागर पहुंचे. जहां विधायक शैलेंद्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया और देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया समेत अन्य बीजेपी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. इसके बाद वे सड़क मार्ग से होते हुए रुद्राक्ष धाम पहुंचे. यहां पहुंचकर उन्होंने प्रेमभूषण महाराज का पूजन कर आशीर्वाद लिया और भगवान के दर्शन कर कथा में शामिल हुए. ‘सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनने में है’ मंच से भक्तों को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,”सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनकर कार्य करने में है. मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और आनंद की अनुभूति है. शास्त्रों में भगवान को प्राप्त करने के 3 मार्ग बताए गए हैं ज्ञान, भक्ति और कर्म. मानव जीवन का परम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और समाज कल्याण के लिए होना चाहिए.” ‘बड़े सौभाग्यशाली हैं भूपेंद्र सिंह’ मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “व्यासपीठ पर विराजमान परमपूज्य पं. प्रेमभूषण जी महाराज का जीवन प्रेम, ज्ञान और भक्ति का अनुपम उदाहरण है. आत्मा के मोक्ष और जगत के कल्याण के लिए की जाने वाली उनकी कथाएं समाज को सही दिशा देती हैं.” उन्होंने कहा कि “दक्षिणमुखी हनुमान जी के भव्य मंदिर का निर्माण कराने वाले भूपेन्द्र सिंह वास्तव में सौभाग्यशाली हैं. ऐसे कार्य केवल ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव होते हैं.” ‘रुद्राक्ष धाम के कण-कण में शिव हैं’ खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा, “पिछले 7 दिनों में भगवान श्री राधाकृष्ण और दक्षिणमुखी हनुमान के दर्शन और श्रीरामकथा का आप सभी ने धर्म लाभ लिया. रुद्राक्ष धाम भगवान की जागृत भूमि है. यहां हमारे गुरु देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा के सानिध्य में 2014 में 7 दिवस में 39 करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और उनका रुद्र अभिषेक हुआ था. ऐसा सौभाग्य प्राप्त करने वाली यह भारत की इकलौती भूमि है. 108 पुराण, श्रीमद्भागवत कथा भी उन 7 दिनों में हुई, इसलिए इसका नाम रुद्राक्ष धाम रखा गया, यहां के कण कण में शिव हैं.” 

शिवराज ने रायसेन के लिए सुनाई उम्मीद की खबर, भारत सरकार से मिली रोप-वे मंजूरी

भोपाल मध्य प्रदेश के विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में पिछले 100 दिनों से जारी सांसद खेल महोत्सव का समापन हो गया। इस मौके पर स्थानीय सांसद और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए एक बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे रायसेन में स्थित किले तक रोप-वे बनाने की अनुमति लेकर आए हैं। साथ ही उन्होंने इस बारे में जारी आदेश को समारोह में मौजूद रायसेन के विधायक प्रभुराम चौधरी को सौंप दिया। इसके अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि रोप-वे बनने के साथ ही किले पर एक म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जिसमें इलाके के गौरवशाली इतिहास को बताते हुए इससे जुड़ी धरोहरों को वहां संजोया जाएगा। साथ ही इलाके के किसानों की भलाई के लिए लगने वाले मेले की जानकारी देते हुए शिवराज ने कहा कि यहां पर अप्रैल महीने में तीन दिनों के लिए किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें उन्हें खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अप्रैल महीने में तीन दिन लगेगा किसान कुंभ और मेला कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए शिवराज ने कहा, ‘रायसेन वालों, अभी डॉ प्रभुराम चौधरी जी कह रहे थे कि किला बहुत ऊपर है, तो प्रभुरामजी आज आप ये आदेश ले लीजिए, जो हमारा रायसेन के किले में रोपवे की अनुमति भारत सरकार से मैं लेकर आया हूं रायसेन वालों। मैं आपको आदेश की कॉपी दे रहा हूं, अब रायसेन रोप-वे जाएगा और किले के ऊपर एक शानदार म्यूजियम भी बनाया जाएगा। ऊपर वाले किले को भी शानदार बनाया जाएगा। रायसेन में मेडिकल कॉलेज तो खुलेगा ही, उसकी घोषणा माननीय मुख्यमंत्री कर चुके हैं और किसानों के लिए 12, 13 और 14 अप्रैल को किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण देने का काम किया जाएगा। रायसेन अब हिंदुस्तान में आइडियल बनेगा।’ इसके आगे शिवराज ने कहा, ‘मैं फिर आपको वचन देता हूं कि आपकी मुस्कुराहत ही मेरी जिंदगी है, आपके चेहरे पर खुशी लाने के लिए मामा कोई कसर नहीं छोड़ेगा।’ MLA बोले- नई ऊंचाई तक ले जाना हमारा संकल्प वहीं कार्यक्रम में मौजूद रायसेन के विधायक व पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने इस बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘रायसेन के मेरे प्रिय भाई-बहनों, आज हमारे लिए ऐतिहासिक क्षण है। माननीय केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान जी के प्रयासों से रायसेन किले में रोप-वे निर्माण की अनुमति भारत सरकार से प्राप्त हुई है। यह आदेश पत्र प्राप्त कर मैं आप सभी के साथ इस सुखद समाचार को साझा कर रहा हूं। अब श्रद्धालु और पर्यटक रोप-वे के माध्यम से किले तक सहज और सुरक्षित रूप से पहुंच सकेंगे। साथ ही, किले में एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे रायसेन की गौरवशाली विरासत को नई पहचान मिलेगी। रायसेन के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का हमारा संकल्प निरंतर जारी रहेगा।’ बहुत ऊंची पहाड़ी पर बना है 11वीं शताब्दी का किला रायसेन के जिस किले तक पहुंचने के लिए शिवराज ने रोपवे बनाने की अनुमति मिलने की जानकारी दी है, वह किला राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर है और एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। साथ ही मध्यप्रदेश के प्रमुख किलों में से एक है। इसका निर्माण 11वीं शताब्दी में किया गया था और यह पहले हिंदू राजाओं का गढ़ था। बाद में यह किला अफगान और मुग़ल शासकों के अधीन रहा। इस किले में हिंदू और मुगल वास्तुकला का मिश्रण दिखा देता है। इस किले के अंदर बादल और रानी महल, जलाशय, मंदिर, और हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह बाबा की दरगाह स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष उर्स के मौके पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होते हैं। बता दें कि पिछले सौ दिनों से विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव चल रहा था। जिसका समापन सोमवार को हो गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में यहां पर भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा पहुंचे थे और उन्होंने रोड शो में हिस्सा लेते हुए खेल महोत्सव में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित भी किया।

मंत्री चौहान ने “लैब टू लैंड” को मजबूत करने की घोषणा, वैज्ञानिकों को अब सप्ताह में तीन दिन खेतों में जाना होगा

नई दिल्ली   केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने “लैब टू लैंड” पहल को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के वैज्ञानिकों को अब सप्ताह में तीन दिन अनिवार्य रूप से खेतों में जाकर किसानों के साथ संवाद करना होगा. यह कदम किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने और वैज्ञानिक अनुसंधान को खेतों तक पहुंचने के लिए उठाया गया है. इसके साथ ही, कृषि मंत्री ने स्वयं भी सप्ताह में दो दिन किसानों के बीच जाने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे निश्चित समय के लिए खेतों में जाएं और किसानों की चुनौतियों का जमीनी स्तर पर आकलन करें. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ये बात कही. उन्होंने कहा की “असली काम खेतों में ही होता है. यदि वैज्ञानिक और अधिकारी केवल प्रयोगशालाओं या कार्यालयों में बैठे रहेंगे, तो हम किसानों की वास्तविक जरूरतों को नहीं समझ पाएंगे. ज्ञान, अनुसंधान और क्षमता के बीच जो अंतर है, उसे हमें पाटना होगा.” यह बयान उन्होंने हाल ही में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के तहत किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के संदर्भ में दिया. इस अभियान के तहत, 29 मई से 12 जून 2025 तक देश भर में 2170 वैज्ञानिक टीमों ने 65,000 से अधिक गांवों में 1.08 करोड़ किसानों से मुलाकात की. इस दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य, और जलवायु-अनुकूल खेती के बारे में जानकारी दी गई. चौहान ने इस अभियान को “लैब टू लैंड” दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक शोध को प्रयोगशालाओं से निकालकर खेतों तक ले जाना है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) वैज्ञानिकों को अब नियमित रूप से किसानों के खेतों में जाना होगा ताकि वे स्थानीय मिट्टी, जलवायु, और फसलों की जरूरतों के आधार पर अनुकूलित सलाह दे सकें. चौहान ने जोर देकर कहा कि यह पहल न केवल किसानों की उत्पादकता बढ़ाएगी, बल्कि वैज्ञानिकों को भी किसानों की व्यावहारिक चुनौतियों से अवगत कराएगी. चौहान ने खुद के बारे में भी बोलते हुए कहा कि वह स्वयं सप्ताह में दो दिन खेतों में बिताएंगे. उन्होंने हाल ही में दिल्ली, पंजाब, गुजरात, और उत्तराखंड जैसे राज्यों में किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना. पिछले दिनों दिल्ली के तीगीपुर गांव में एक “किसान चौपाल” में भी उन्होंने कहा,था कि “किसानों की मेहनत और उत्पादन को समझने के लिए हमें उनके बीच जाना होगा. केवल मंत्रालय में बैठकर स्थिति का सही आकलन नहीं हो सकता.” मंत्री ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों को भी खेतों में जाने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि नीतियां अब कार्यालयों में नहीं, बल्कि खेतों से निकलेंगी. यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी योजनाएं और नीतियां किसानों की वास्तविक जरूरतों पर आधारित हों. चौहान ने वैज्ञानिकों और किसानों के बीच निरंतर संवाद को “विकसित भारत 2047” के लिए आवश्यक बताया. उन्होंने कहा कि, “हमारा मंत्र है ‘एक राष्ट्र, एक कृषि, एक टीम’. वैज्ञानिक, अधिकारी, और किसान मिलकर भारत को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएंगे.

मंत्री शिवराज ने अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के लाडकुई गांव से पदयात्रा की शुरुआत, ऑक्सफोर्ड पासआउट बहू भी साथ

 विदिशा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र में लाडकुई से भदकुई तक ‘विकसित भारत संकल्प पदयात्रा’ शुरू की. इस दौरान उन्होंने मंच से ‘टाइगर अभी जिंदा है’ बोलकर लोगों में उत्साह भर दिया. अपनी पदयात्राओं के लिए ‘पांव पांव वाले भैया’ के नाम से मशहूर चौहान ने सीहोर में किसानों और ग्रामीणों से विकास पर जोर देने की अपील की. किसानों से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”देश का विकास गांवों से होगा. साफ-सफाई, जल प्रबंधन, आंगनबाड़ी, स्कूल, महिलाओं का स्वावलंबन और रोजगार को प्राथमिकता दें.” मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे जोड़ा, ”मेरी पदयात्रा देखकर लोग प्रेरित होंगे कि अगर मंत्री चल रहा है, तो हमें भी गांव के लिए कुछ करना चाहिए. उन्होंने ऐलान किया कि वह रोजाना 20-25 किमी पैदल चलेंगे और सप्ताह में दो-तीन दिन यात्रा करेंगे, जिसका विस्तार बाद में अन्य लोकसभा क्षेत्रों में होगा. चौहान ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम जल्द ही सीहोर में मिट्टी की उर्वरता का आकलन करेगी, जिसके आधार पर किसानों को कृषि सलाह दी जाएगी. यात्रा में अधिकारी और नागरिक शामिल होंगे, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचे. उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुधार, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को जमीन पर उतारने का संकल्प जताया. शिवराज की पदयात्रा में ऑक्सफोर्ड पासआउट बहू भी साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के लाडकुई गांव से रविवार को पदयात्रा की शुरुआत की। इस पदयात्रा में शिवराज की पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय के साथ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी पासआउट बहू अमानत भी गांवों में पदयात्रा में शामिल। शिवराज बोले- खेतों की पूरी कुंडली बनाकर लाए हैं शिवराज ने कहा- मैं आज अकेला नहीं आया हूं। देश के जाने-माने साइंटिस्ट भी साथ आए हैं। आईसीएआर के डीजी एमएल जाट भी यहां आए हैं। ये किसानों से चर्चा करेंगे। खेती में अधिकतम उत्पादन कैसे हो, इसके लिए यहां के गांवों के खेतों की पूरी कुंडली बनाकर लाए हैं। तो कार्यक्रम कोई ऐसा कर्मकांड नहीं कि बस आंधी नहीं तूफान है, शिवराज सिंह चौहान है। इसमें हम किसानों, आदिवासी भाइयों-बहनों, नौजवानों, पीएम आवास के हितग्राहियों से गंभीर चर्चा करने वाले हैं। जिलाधीश सहित प्रशासन के सारे मित्र बैठकर सोचेंगे कि क्या बेहतर कर सकते हैं। शिवराज 25 साल बाद फिर पदयात्रा पर निकले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 साल बाद फिर पदयात्रा पर निकले हैं। रविवार को उन्होंने मध्यप्रदेश के सीहोर से ‘विकसित भारत संकल्प पदयात्रा’ की शुरुआत की। सबसे पहले वे लाड़कुई-भादाकुई गांव पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से संवाद किया। यहां लाेगों ने शिवराज को कंधे पर उठा लिया। इसके बाद वे परिवार के साथ जमकर थिरके। पदयात्रा में पत्नी साधना सिंह, बड़े बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत भी शामिल हुई। उन्होंने पदयात्रा को लेकर कहा कि न दिन- न रात, पैदल चल चला शिवराज। ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि भारत की ताकत सभी ने देखी। ये नया भारत है, जिसने कह दिया कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन अगर किसी ने छेड़ा तो छोड़ेंगे नहीं। ऐसा भारत सबके सामने सीना तानकर खड़ा करना है। बता दें कि इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने 1991 में विदिशा जिले में पदयात्रा निकाली थी। तब उन्हाेंने पूरे संसदीय क्षेत्र का दौरा किया था। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 25 साल बाद फिर पदयात्रा पर निकले हैं। रविवार को उन्होंने मध्यप्रदेश के सीहोर से ‘विकसित भारत संकल्प पदयात्रा’ की शुरुआत की। सबसे पहले वे लाड़कुई-भादाकुई गांव पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से संवाद किया। यहां लाेगों ने शिवराज को कंधे पर उठा लिया। इसके बाद वे परिवार के साथ जमकर थिरके। पदयात्रा में पत्नी साधना सिंह, बड़े बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत भी शामिल हुई। उन्होंने पदयात्रा को लेकर कहा कि न दिन- न रात, पैदल चल चला शिवराज। ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि भारत की ताकत सभी ने देखी। ये नया भारत है, जिसने कह दिया कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन अगर किसी ने छेड़ा तो छोड़ेंगे नहीं। ऐसा भारत सबके सामने सीना तानकर खड़ा करना है। बता दें कि इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने 1991 में विदिशा जिले में पदयात्रा निकाली थी। तब उन्हाेंने पूरे संसदीय क्षेत्र का दौरा किया था। शिवराज बोले-विकसित गांव बनाने होंगे केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि हमारा लक्ष्य विकसित भारत बनाना है। इसके लिए विकसित गांव बनाने होंगे। स्थानीय लोगों को इसमें सहभागिता करनी पड़ेगी। गांव में सफाई, जल व्यवस्था, आंगनवाड़ी, स्कूल, महिला स्वावलंबन, बेहतर रोजगार को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा मैं पैदल चलूंगा तो आपके मन में भी भाव उठेगा कि मंत्री होकर पैदल चल रहा है, हमें भी अपने गांव के लिए कुछ करना होगा। यात्रा सफल तो बाकी से भी पैदल निकलने कहूंगा शिवराज ने कहा कि दिन न रात पैदल चला चल शिवराज…. अगर यह यात्रा सफल होती है तो बाकी लोगों को भी पैदल निकलने कहूंगा। उन्होंने कहा कि यात्रा में प्रशासन और नागरिक शामिल रहेंगे। सभी साथ मिलकर सरकारी योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने पर विचार करेंगे। जल्द ही वैज्ञानिकों की एक टीम सीहोर जिले में आएगी, जो मिट्टी की उर्वरक क्षमता की जांच करेगी। इसके आधार पर किसानों को खेती संबंधी सलाह दी जाएगी।  

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार को खुलकर समर्थन दिया

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार को खुलकर समर्थन दिया है. उनका तर्क है कि बार-बार चुनाव होने से न केवल सरकार के कामकाज में बाधा आती है, बल्कि इसका खर्च भी आसमान छू रहा है. उन्होंने बताया कि 1952 में चुनावों पर 9,000 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच गया. चौहान के मुताबिक अगर राज्यों के विधानसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव भी जोड़ लिए जाएं, तो यह खर्च 7 लाख करोड़ रुपये तक जा सकता है. चौहान ने मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए बताया कि सितंबर 2023 से लेकर जून 2024 तक आचार संहिता लागू रहने के कारण कोई बड़ा काम नहीं हो सका. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अधिकारियों का ध्यान भी चुनावी ड्यूटी में लगा रहता है जिससे योजनाओं की रफ्तार धीमी हो जाती है. ऐसे में एक बार में सभी चुनाव कराना ही बेहतर विकल्प है. कांग्रेस की आशंकाएं: लोकतंत्र पर खतरा? कांग्रेस पार्टी इस विचार का खुलकर विरोध करती रही है. पार्टी का मानना है कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में संघीय ढांचे के खिलाफ है. कांग्रेस का तर्क है कि इससे राज्यों की स्वायत्तता पर चोट पहुंचेगी और केंद्र सरकार को अतिरिक्त राजनीतिक लाभ मिल सकता है. पार्टी यह भी कहती है कि हर राज्य की राजनीतिक परिस्थितियाँ अलग होती हैं, ऐसे में एक साथ चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं है. क्षेत्रीय दलों की राय: सत्ता के केंद्रीकरण का खतरा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), वाम मोर्चा, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और अन्य क्षेत्रीय दल भी इस प्रस्ताव पर सवाल उठा चुके हैं. टीएमसी की ओर से कहा गया है कि यह प्रस्ताव भारतीय लोकतंत्र की विविधता को समाप्त करने की दिशा में एक कदम है. वाम मोर्चा इसे चुनावी ‘केंद्रवाद’ करार देता है, जिससे क्षेत्रीय मुद्दे गौण हो जाएंगे. शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और राजद ने किया विरोध राजद के नेता भी मानते हैं कि यह एक राजनीतिक चाल है जिसका उद्देश्य विपक्षी दलों को कमजोर करना और केंद्र की सत्ता को मजबूत करना है. शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने भी कहा है कि इससे राज्यों की राजनीति दब जाएगी और केवल राष्ट्रीय मुद्दे ही चुनाव में हावी रहेंगे, जिससे स्थानीय जनता की समस्याएं अनसुनी रह जाएंगी. भाजपा की रणनीति और नेता शिवराज सिंह चौहान का बयान भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान का बयान इस दिशा में पार्टी की रणनीतिक सोच को दर्शाता है. भाजपा लगातार इस विषय को उठाती रही है और अब इसे एक प्रमुख चुनावी एजेंडा बनाने की तैयारी में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई बार इस विचार का समर्थन किया है. सहम‍ति होना मुश्किल, राजनेताओं ने बना दी कठिन राह शिवराज सिंह चौहान का बयान भाजपा के भीतर इस मुद्दे को लेकर एकता और दृढ़ता को दर्शाता है, जबकि विपक्षी दल इससे लोकतंत्र और संघीय ढांचे के लिए खतरा मानते हैं. जहां सरकार इसे खर्च और प्रशासनिक कुशलता के नजरिए से देख रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक संतुलन को बिगाड़ने वाला कदम मानता है.  

गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने की सराहना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बताया क्रांतिकारी कदम: मुख्यमंत्री साय गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य – मुख्यमंत्री  साय ‘अमृत सरोवर’ योजना से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार  और जलसंरक्षण की दिशा में मिलेंगे ठोस परिणाम: स्थानीय आजीविका से जोड़ने केंद्रीय मंत्री ने दिए निर्देश छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने केंद्र-राज्य की साझा पहल : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विकास का समग्र रोडमैप तय रायपुर   केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में राज्य और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई और भावी विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उन्नत गांव और खुशहाल किसान की अवधारणा को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण विकास और कृषि को राज्य की रीढ़ मानती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना है। किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के सुदूर और वंचित क्षेत्रों तक विकास की पहुंच बनाना एक साझी ज़िम्मेदारी है, जिसको पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना, डिजिटल सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना और युवाओं को कौशल आधारित रोजगार देना ही वास्तविक सुशासन है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति योजनाओं को सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रखने की जगह जन-जीवन में बदलाव लाने की है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘अमृत सरोवर’ योजना को स्थानीय आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और जलसंरक्षण की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे। राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिक बजट के पुनरीक्षण का आश्वासन दिया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वीकृत आवासों के शीघ्र निर्माण और हो रहे नये सर्वे के भौतिक सत्यापन पर बल दिया। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सराहना करते हुए विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित नियद नेलानार योजना के अंतर्गत हो रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना विकास को राज्य के सुदूर और चुनौतीपूर्ण भूभागों तक पहुंचा रही है। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में शुरू किए गए ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की सराहना की और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस नवाचार का अध्ययन कर इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाए। कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिए केवल पारंपरिक खेती नहीं, बल्कि पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन जैसे एलाइड क्षेत्रों में भी प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, उन्नत बीजों, जैविक खेती और फसल चक्र अपनाने को प्रोत्साहित किया। केंद्र सरकार द्वारा शीघ्र शुरू की जा रही विशेष पहल की जानकारी देते हुए श्री चौहान ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम राज्य के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर किसानों को व्यावहारिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस पहल में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभिनव प्रयोगों और प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ को विकास के नए शिखर पर पहुंचाएंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार इस साझा संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत विभाग श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के अपर सचिव श्री आर. आनंद, ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री अमित शुक्ला, कृषि मंत्रालय के सलाहकार श्री नवीन कुमार विद्यार्थी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री चौहान अजा 13 मई को अम्बिकापुर में आयोजित “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में शामिल होंगे

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि व किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने चौहान का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि  गरीब, किसान एवं गांव के कल्याण के लिए आपका समर्पण हम सबके लिए प्रेरणादायी है। आपके अनुभव और मार्गदर्शन से डबल इंजन सरकार का संकल्प और सशक्त होगा। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री चौहान कल 13 मई को अम्बिकापुर में आयोजित “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में चौहान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और पीएम जनमन के आवास हितग्राहियों को खुशियों की चाबी देंगे तथा आवास निर्माण प्रारंभ करने वाले हितग्राहियों का भूमिपूजन कर उन्हें आवास स्वीकृति पत्र प्रदान करेंगे। केंद्रीय मंत्री चौहान राज्य में नवनिर्मित 51 हजार प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश करवाएंगे। इसके साथ ही वे उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व सहायता समूह की दीदियों, लखपति दीदियों को सम्मानित भी करेंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वनमंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओपी चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

चना-मसूर, उड़द और अरहर की खरीदी में ना किसानो को भुगतान में देरी :केंद्रीय मंत्री शिवराज

भोपाल  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के कृषि क्षेत्र की प्रगति के संबंध में समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने किसानों से चना, मसूर, उड़द और अरहर की खरीद के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। शिवराज ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जाना चाहिए, जिससे कि किसानों को उनकी उपज खरीद का भुगतान होने में देरी न हो। वहीं यह भी बताया गया कि देश में चावल और गेहूं का वास्तविक स्टॉक बफर मानक के मुकाबले काफी ज्यादा है। सोमवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा बैठक की। जिसमें उन्होंने इस बात पर संतोष के साथ ही प्रसन्नता व्यक्त की कि चावल-गेहूं का वास्तविक स्टॉक, बफर मानक के मुकाबले ज्यादा है। चावल का वास्तविक स्टॉक 135.80 एल.एम.टी. के बफर मानक के मुकाबले 389.05 एल.एम.टी है। गेहूं का वास्तविक स्टॉक 74.60 एल.एम.टी. के बफर मानक के मुकाबले 177.08 एल.एम.टी. है। इस प्रकार, चावल व गेहूं का वास्तविक स्टॉक 210.40 एल.एम.टी. के बफर मानक के मुकाबले 566.13 एल.एम.टी. है। गेहूं के लिए ये राज्य प्रमुख गेहूं के लिए प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व बिहार हैं। कटाई की स्थिति 2 मई 2025 तक इस प्रकार है… मप्र 100%, उप्र 94%, राजस्थान 100%, गुजरात 100%, हरियाणा 100%, पंजाब 97% एवं बिहार 96% गेहूं की कटाई पहले ही हो चुकी है। सभी राज्यों में फसल लगभग परिपक्वता चरण पार कर चुकी है, इसलिए लू या उच्च तापमान, यदि कोई हो, तो कटाई की प्रक्रिया को तेज कर देगा। इस प्रकार, दूसरे अग्रिम अनुमान ओलावृष्टि/लू की हालिया घटनाओं से प्रभावित होने की संभावना नहीं है। अधिकारियों को दिए अहम निर्देश शिवराज सिंह चौहान ने चना, मसूर, उड़द व अरहर की खरीद के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए इस संबंध में राज्यों को विशेष जोर देने को कहा, ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। एमएसपी पर खरीद व किसानों को होने वाले भुगतान के बीच के समय अंतराल को और कम करने की बात कहते हुए निर्देशित किया कि उपज खरीद के बाद किसानों को जल्द से जल्द भुगतान हो सके, इसके लिए ओर सुद्ढ़ व्यवस्था होना चाहिए। अफसर बोले- इन फसलों की उपज में हुई प्रगति केंद्रीय मंत्री को बैठक में आला अधिकारियों ने बताया कि धान, दलहन, श्री अन्न-मोटे अनाज व तिलहन की उपज में प्रगति हुई है। ग्रीष्मकालीन बुआई के मौसम में 2 मई तक धान की बुआई में पिछले वर्ष की तुलना में 3.44 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। धान की बुआई वर्ष 2023-24 के 28.57 लाख हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 32.02 लाख हेक्टेयर हो गई है, वहीं दलहन की बुआई में भी 2.20 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। दलहन की बुआई वर्ष 2023-24 के 18.47 लाख हेक्टेयर की तुलना में वर्ष 2024-25 में 20.67 हो गई है। मूंग व उड़द के रकबे में भी 2 मई 2025 तक क्रमशः 1.70 लाख हेक्टेयर और 0.50 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को रबी मौसम के लिए प्रमुख उत्पादक राज्यों में प्याज, आलू और टमाटर की बुआई की स्थिति की भी जानकारी दी। इसमें बताया गया कि 2023-24 की तुलना में 2024-25 में प्याज व आलू की बुआई में वृद्धि हुई है। प्याज की बुआई में 2.82 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो 2023-24 के 9.76 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 12.58 लाख हेक्टेयर हो गई है। वहीं आलू के बुआई क्षेत्रफल में भी 0.47 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आलू बुआई का क्षेत्रफल समान अवधि में 19.56 से बढ़कर 20.03 हो गया है। मौसम और जलाशयों की स्थिति बेहतर बैठक में बताया गया कि चालू सीजन में टमाटर और प्याज की बुआई सुचारू रूप से चल रही है। तीनों फसलों के लिए बुआई का समय अभी भी उपलब्ध है। मौजूदा अच्छी बाजार कीमतों को देखते हुए सामान्य क्षेत्र हासिल करने की उम्मीद है। वहीं मीटिंग में बताया गया कि देश में मौसम और जलाशयों की स्थिति बेहतर है। पिछले वर्ष की तुलना में कुल जल संग्रहण की स्थिति अच्छी है। 161 जलाशयों में उपलब्ध संग्रहण पिछले वर्ष की इसी अवधि के संग्रहण का 117% और पिछले दस वर्षों के औसत संग्रहण का 114% है।

13 तारीख को फिर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आने वाले

अंबिकापुर  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Agriculture Minister) 13 मई को अंबिकापुर आएंगे। वे पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम में जनसमूह को संबोधित करेंगे। इससे पूर्व प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा व वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शुक्रवार को अंबिकापुर पहुंचकर कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों का जायजा लिया। तैयारियों पर मंत्रीद्वय ने संतुष्टि जताई। इसके बाद वे संभागीय स्तरीय बैठक में भाजपा कार्यालय संकल्प भवन में शामिल हुए। शिवराज सिंह चौहान के सरगुजा प्रवास के दौरान 3 लाख अतिरिक्त पीएम आवास की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। गृहमंत्री ने भाजपा कार्यालय में मोर आवास मोर अधिकार कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा नेताओं की संभाग स्तरीय बैठक ली। विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को अब तक 8 लाख 26 हजार आवासों की स्वीकृति केंद्र से प्राप्त हुई है। ‘मोर आवास मोर अधिकार’ कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में हमें तीन लाख से अधिक अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति मिलने की पूर्ण संभावना है। अधिकारियों को तैयारी पूरी करने के निर्देश गृहमंत्री विजय शर्मा और ओपी चौधरी के साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विधायकों ने कार्यक्रम स्थल पीजी कॉलेज मैदान का निरीक्षण किया। जिला पंचायत कार्यालय में बैठक की। मंत्रियों ने अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया। इस दौरान कलेक्टर विलास भोसकर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम हेतु स्थानीय पीजी कॉलेज मैदान को स्थल के रूप में चयनित किया गया है। उन्होंने हेलीपैड, कार्यक्रम स्थल तक पहुंच मार्ग, मंच व्यवस्था सहित सभी तैयारियों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने पार्किंग, ट्रैफिक रूट, सुरक्षा और कानून व्यवस्था के संबंध जानकारी दी।

अगर एक तरफ सीमा पर जवान तैनात हैं, तो खेतों में किसान भी तैयार है:मंत्री शिवराज सिंह चौहान

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के हालात में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि “अगर एक तरफ सीमा पर जवान तैनात हैं, तो खेतों में किसान भी तैयार है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत में अन्न के भंडार भरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के तौर पर इस समय जो हमारी ड्यूटी है, उसकी पूरी तैयारी है. उन्होंने आंकड़े देकर बताया कि 2023-24 में जो कुल खाद्यान्न का उत्पादन तीन हजार 322.98 लाख मीट्रिक टन था. वो अब तीन हजार 474.42 लाख मीट्रिक टन पर पहुंच गया है. देश में गेंहू, धान, दलहन और तिलहन समेत सब्जी तरकारी भी पर्याप्त मात्रा में है. कृषि मंत्री शिवराज का बयान, चिंता नहीं भंडार भरे हैं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्न की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की. इस बैठक के बाद केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “कृषि विभाग के तौर पर हमारी जवाबदारी देश में खाद्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास विभाग की इन परिस्थितियों में क्या ड्यूटी है. हमारी उसको लेकर पूरी तैयारी है. जवान भी तैयार हैं, किसान और वैज्ञानिक भी तैयार हैं. शिवराज सिंह ने कहा कि हमारे अन्न के भंडार भरे हुए हैं. उन्होंने आंकड़ें देकर बताया कि आज की स्थिति में देश में तीन हजार 474.42 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है. 2023-24 में कुल खाद्न्न उत्पादन तीन हजार 322.98 लाख मीट्रिक टन था. जो 2025-26 में बढ़कर तीन हजार 474 दशमलव 42 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है. इसी तरह तरह से चावल की भी कोई कमी नहीं है. 2023-24 में एक हजार 378.25 मीट्रिक टन के मुकाबले इस साल एक हजार चार सौ 64.02 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है. वही गेहूं पिछले वर्ष 1132 लाख मीटिक टन था, जो अब बढ़कर 1154 लाख मीट्रिक टन हो चुका है. शिवराज ने कहा कि विपरीत मौसम में भी अन्नदाता ने ये कमाल कर दिखाया है. उन्होंने बताया कि दलहन 250.97 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है. इसी तरह से तिलहन में 428.98 लाख मीट्रिक टन है. इसी तरह से बागवानी फसलें 3621 लाख मीट्रिक टन हुई हैं. मुख्य सब्जियों में आलू 595 लाख मीट्रिक टन, प्याज 288 लाख मीट्रिक टन, टमाटर 215 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है.” सीमा पर जवान तैनात खेत में किसान तैयार कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “भारत माता के चरणों में सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए पूरा देश तत्पर है. एक तरफ सीमा पर हमारे जवान तैनात हैं. पाकिस्तान के हर हमले का मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है. दूसरी तरफ खेतों में किसान तैयार है. शिवराज ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने नारा दिया था. जय जवान जय किसान. फिर अटलजी ने जोड़ा जय जवान जय विज्ञान, पीएम मोदी ने जोड़ा जय जवान जय अनुसंधान. पूरा देश मां भारती की सेवा करने में तत्पर है. भंडार भरे हुए हैं. कृषि विभाग की बैठक में तय हुआ कि 14 मई को कृषि मंत्रालय के सभी अधिकारी कर्मचारी ब्लड डोनेट करेंगे.

साल भर चुनाव होते हैं, जिससे विकास ठप हो जाता है, सरकारी व्यवस्थाओं का दोहन भी रुकेगा: शिवराज सिंह

भोपाल / लखनऊ साल भर चुनाव होते हैं, जिससे विकास ठप हो जाता है. एक राष्ट्र-एक चुनाव होने से विकास कार्यों को पंख लगेंगे और सरकारी व्यवस्थाओं का दोहन भी रुकेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वन नेशन वन इलेक्शन का जो सपना देखा है, उसे हम सब को मिल कर साकार करना है. ये बातें एक राष्ट्र एक चुनाव के राष्ट्रीय संयोजक एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को लखनऊ में कही. शिवराज सिंह  पहली बार लखनऊ पहुंचकर उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद द्वारा एक राष्ट्र-एक चुनाव पर आयोजित संगोष्ठी में अपने विचार रखे. गांधी भवन प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव, देश की आवश्यकता है. साल के 12 महीने चुनाव होते रहते हैं. हर प्रदेश के मुख्यमंत्री व मंत्री चुनाव प्रचार करते हैं, इससे विकास कार्य थम जाते हैं. हर महीने आचार संहिता लगने से जनकल्याणकारी योजनाएं भी प्रभावित होती हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने इस योजना पर काम करना शुरू किया था. अब समय आ गया है कि हम सभी उनके इस सपने को साकार करें. कार्यक्रम संयोजक एवं उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन, देश के लिए बहुत आवश्यक है. एक राष्ट्र एक चुनाव कराने से न केवल देश पर चुनाव कराने का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि जब एक साथ चुनाव होंगे तो नवगठित सरकार को पांच वर्ष तक निरंतर विकास कार्य करने का पर्याप्त समय मिलेगा. डिप्टी सीएम ने पहलगाम हमले में मारे गए सभी नागरिकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने हुए कहा कि इस घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों एवं उनके आकाओं को कतई बख्शा नहीं जाएगा. उनके खिलाफ हमारी फोर्स लगातार कार्रवाई कर रही है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन देश के लिए बहुत जरूरी है. लगातार चुनाव चलते हैं, इससे देश के संसाधनों और समय की हानि होती है. न्यायमूर्ति (अ.प्र.) रंगनाथ पाण्डेय ने कहा कि आचार संहिता से विकास की गति भी प्रभावित होती है. वन नेशन वन इलेक्शन, देश की जरूरत है. हम सभी को इस अभियान की महत्ता समझनी चाहिए. कार्यक्रम में एक राष्ट्र एक चुनाव पर डॉक्यूमेंट्री को प्रदर्शित किया गया. अत्याधुनिक एआई तकनीकि द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उद्बोधन भी हुआ.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा “देश में किसानों की मेहनत को सम्मान देने केंद्र सरकार ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की शुरुआत

विदिशा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  विदिशा जिले के बेस नगर स्थित अपने फार्म हाउस में जाकर अपनी किसान आईडी (Farmer ID) बनवाई. उन्होंने इसे किसानों की “डिजिटल पहचान” बताते हुए सभी किसानों से अपील की कि वे भी जल्द से जल्द अपनी किसान आईडी बनवाएं और डिजिटल कृषि मिशन का लाभ उठाएं. डिजिटल क्रांति की ओर कृषि क्षेत्र का कदम शिवराज सिंह चौहान ने कहा “देश में किसानों की मेहनत को सम्मान देने और उन्हें समुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की शुरुआत की है. इसके तहत एग्री स्टैक (Agri Stack) प्रोजेक्ट एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसके अंतर्गत किसानों की एक समेकित रजिस्ट्री बनाई जा रही है.” क्या है किसान ID? किसान ID एक डिजिटल पहचान है, जिसमें किसान के व्यक्तिगत विवरण, ज़मीन से संबंधित जानकारी, बोई गई फसलें, मृदा स्वास्थ्य, पशुधन, मत्स्य पालन आदि की विस्तृत जानकारी शामिल होगी. अब तक जुड़ चुके हैं साढ़े पांच करोड़ से ज्यादा किसान देश भर में अब तक 5.5 करोड़ से अधिक किसानों की ID बन चुकी है. वहीं मध्य प्रदेश में अब तक 78 लाख किसानों की ID तैयार की जा चुकी है. राज्य सरकार इसे जल्द ही 100% तक पहुंचाने के प्रयास में जुटी है. किसानों का डेटा सुरक्षित केंद्रीय कृषि मंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसान रजिस्ट्री में दर्ज जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी. किसान की अनुमति के बिना कोई भी डेटा साझा नहीं किया जाएगा. साथ ही किसान जब चाहें इसे अपनी सहमति वापस भी ले सकते हैं. डिजिटल सेवा सभी किसानों के लिए हालांकि स्मार्टफोन और इंटरनेट अब गांवों तक पहुंच चुके हैं, फिर भी जिन किसानों के पास यह सुविधा नहीं है, उनके लिए भी सरकार ने कदम उठाए हैं. किसान उत्पादक संगठन (FPO), कृषि सखियों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद से किसान ID बनाई जा सकती है. इसके अलावा, राज्य सरकार विशेष शिविरों का भी आयोजन कर रही है. केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, “मैं सभी किसानों से अनुरोध करता हूं कि वे समय रहते अपनी किसान ID बनवाएं और सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं. यह डिजिटल परिवर्तन किसानों के लिए एक नए युग की शुरुआत है.”

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कन्नौद में एक करोड़ 46 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण और 10 करोड़ 53 लाख के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया

कन्नौद   केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कन्नौद में हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास के स्वीकृति पत्र वितरित किए और कई विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक करोड़ 46 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और 10 करोड़ 53 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राहियों को दिए प्रमाणपत्र प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत पात्र हितग्राहियों और अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरण कार्यक्रम कन्नौद में आयोजित हुआ। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक करोड़ 46 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 10 करोड़ 53 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खातेगांव विधानसभा क्षेत्र में मां रेवा उद्यम सिंचाई योजना सहित अन्य योजनाओं से पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इन योजनाओं से विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई के लिए और घर-घर पानी मिलेगा। गांवों में पाइपलाइन का जाल बिछाया जा रहा है उन्होंने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी समस्या पानी है। हम सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से खेतों में पानी पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। किसानों को पानी उपलब्ध करवा रहे हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गांव-गांव जल जीवन मिशन अभियान के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। ग्रामों में टंकी बनाकर पाइपलाइन का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे नल के माध्यम से घर में पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस बात का ध्यान रखें की जल जीवन मिशन में कार्य अच्छी गुणवत्ता का हो मेरे लिए जनता की सेवा ही भगवान की पूजा है। केंद्र सरकार किसानों को आगे बढ़ने का काम कर रही है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। किसानों से एमएसपी पर फसल खरीदी जा रही है। किसानों की आईडी बनाई जा रही है, जिसमें परिवार, पशु, फसल, कृषि संबंधित सभी जानकारियां होगी। उन्होंने कहा कि रिमोट सेंसिंग से फसल का नुकसान का आकंलन किया जाएगा। डिजिटल कृषि स्ट्रक्चर बनाया जा रहा है।

सुल्तानपुर में मुस्लिम समुदाय ने वक्फ कानून को दिखाया समर्थन

सुल्तानपुर वक्फ कानून का कहीं विरोध हो रहा है तो कई जगह मुस्लिम समुदाय के लोग इसका समर्थन करते भी नजर आ रहे हैं. इस बीच रविवार को मध्य प्रदेश के सुल्तानपुर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ कानून का समर्थन किया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उनके साथ मौजूद रहे. मुसलमानों ने शिवराज सिंह चौहान का फूल बरसाकर स्वागत किया. सुल्तानपुर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने वक्फ (संशोधन) विधेयक के पास होने पर स्वागत किया. इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिले में विभिन्न कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया. जबलपुर में मुसलमानों ने मनाईं खुशियां इसके अलावा जबलपुर में भी मुस्लिम समाज ने वक्फ बिल का स्वागत किया और मिठाइयां बांटीं. वरिष्ठ बीजेपी नेता जमा खान ने जबलपुर के औमती चौक पर मुस्लिम समाज के सैकड़ों धर्मावलंबियों के साथ वक्फ बिल के पास होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने की खबरों के बीच खुशी में मिठाई बांटी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. पीएम मोदी का दिया धन्यवाद इस बिल को राष्ट्रहित में बताते हुए मुस्लिम समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. कार्यक्रम में मौजूद एस के मुद्दीन ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल मुसलमानों की दशा और दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने इसे समुदाय के कल्याण के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह बिल निश्चित रूप से मुस्लिम समाज के विकास में योगदान देगा. ‘मुसलमानों का सुधरेगा भविष्य’ इस दौरान जमा खान ने कहा कि वक्फ बिल मुसलमानों का भविष्य सुधारेगा. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 70 सालों से कुछ लोग वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग कर लाभ उठाते रहे हैं. यह संपत्तियां गरीबों, मजदूरों और बेसहारा लोगों की मदद के लिए थीं, न कि नेताओं और उनके रिश्तेदारों के लिए.

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