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जहां अधिक फायदा मिले वहां फसल बेचे किसान, आने-जाने का खर्च देगी सरकारः शिवराज सिंह

भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। फसल को सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदकर खेती को लाभ का धंधा बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि किसान भाइयों को जहां फसल का ज्यादा दाम मिले, वहां वे मंडी में जाकर बेच सकते हैं। उनके मंडी में आने-जाने का खर्च सरकार उठाएगी।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को जहां फसल का ज्यादा दाम मिले, वहां वे मंडी में जाकर बेच सकते हैं। किसानों के मंडी में आने-जाने का खर्च सरकार उठाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। बता दें कि शिवराज विजयपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी के लिए प्रचार करने आए थे। विजयपुर मंडी प्रांगण में आयोजित चुनावी सभा के दौरान उन्होंने बड़ा एलान किया है। महिला आरक्षण पर भी बोले शिवराज केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान महिला आरक्षण को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि बहनों-बेटियों को शासकीय नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का हमारा जो संकल्प था, उस पर अमल किया गया है। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद प्रदेश पर लगातार बरस रहा है। विजयपुर में भी जनता को यह विश्वास है कि विकास होगा तो भाजपा की सरकार ही करेगी। कांग्रेस पर निशाना बीजेपी नेता ने मंच से कांग्रेस पर निशाना भी साधा। शिवराज ने कहा कि कांग्रेस फुस्सी बम है, हिमाचल और कर्नाटक में उनकी गारंटियां फेल हो गई हैं।     कांग्रेस की सरकार इतने समय तक रही, लेकिन बहनों के खाते में कभी एक रुपया नहीं डाला। भाजपा सरकार द्वारा बहनों के खाते में हर महीने 1250 रुपये डाले जा रहे हैं। शिवराज ने आगे कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी वादे किए थे। विपक्षी दलों ने एक भी वादे को पूरा नहीं किया। कांग्रेस ने आप लोगों से 344 वादे किए थे, लेकिन वो एक भी वादा पूरा नहीं कर पाए। वहीं, बीजेपी अपने सभी वादों को पूरा करती है। कांग्रेस फुस्सी बम उन्होंने कहा कि कांग्रेस फुस्सी बम है, हिमाचल और कर्नाटक में उनकी गारंटियां फेल हो गईं। कांग्रेस की सरकार इतने समय तक रही, लेकिन बहनों के खाते में कभी एक रुपया नहीं डाला। भाजपा सरकार द्वारा बहनों के खाते में हर महीने 1250 रुपये डाले जा रहे हैं। जनसभा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी संबोधित किया। रेहटी में किया रोड शो केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम बुधनी विधानसभा के रेहटी में पार्टी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव के समर्थन में रोड शो कर जनता का आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर पार्टी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव, विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी, विजयपाल सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह राजपूत, जिलाध्यक्ष रवि मालवीय उपस्थित रहे।  

इंडी गठबंधन झूठ का पुलिंदा है, पिछली बार जेएमएम और कांग्रेस ने 461 वादे किए थे, एक भी पूरा नहीं किया

भोपाल भारतीय जनता पार्टी के झारखंड राज्य के प्रभारी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दलों के गठबंधन पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि इंडी गठबंधन झूठ का पुलिंदा है। पिछली बार जेएमएम और कांग्रेस ने 461 वादे किए थे जिनमें से एक भी पूरा नहीं किया। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा के दौरान लोक गायिका शारदा सिन्हा के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, “शारदा सिन्हा ऐसी गायिका थीं, जिनके बिना छठ महापर्व की कल्पना नहीं की जा सकती। छठ महापर्व और उनके गीत एक दूसरे के पर्याय थे। छठ के दिन ही उन्होंने देवलोक गमन किया। छठ मैया अपने चरणों में स्थान दें। उनकी दिवंगत आत्मा को शांति दें, यही कामना है।” देश में हो रहे विधानसभा के चुनाव और उपचुनावों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा, “झारखंड और महाराष्ट्र में चुनाव है तो कई स्थानों पर उपचुनाव है। अब तो मैं आजकल झारखंडी हो गया हूं। इंडी गठबंधन की गारंटी झूठ का पुलिंदा है क्योंकि जेएमएम और कांग्रेस ने पिछली बार भी गारंटी दी थी। उन्होंने कहा था ‘हम पांच लाख सरकारी नौकरियां देंगे’, जो नहीं दी, उन्होंने कहा था कि हर महिला को 2000 रुपये हर महीना चूल्हा खर्च देंगे, जो नहीं दिया। चुनाव से सिर्फ दो माह पहले 1000 रुपये देने की एक योजना ले आए। बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी, नहीं दिया। इन्होंने समर्थन मूल्य पर बोनस देने और धान खरीदेंगे कहा था जो नहीं किया। जेएमएम ने 117 वादे किए थे और 344 वादे कांग्रेस ने किए थे। एक भी वादा पूरा नहीं किया और नए वादे लेकर आ गए। इनकी गारंटी फुस्सी बम है जो फूटता नहीं और जनता को भरोसा नहीं है।” भाजपा की गारंटी का जिक्र करते केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि भाजपा जो कहती है वह करती है। हमने जो कहा था उसे छत्तीसगढ़ में देख लीजिए, उड़ीसा मे देख लीजिए । भाजपा और हमारे नेता नरेंद्र मोदी गारंटी को पूरा करने गारंटी है । इंडी गठबंधन की गारंटी पर कोई भरोसा नहीं कर रहा। सबको पता है यह झूठ बोलते हैं। मध्य प्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा, “विजयपुर और बुधनी का सवाल है तो मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा की सरकार प्रदेश के विकास और जनकल्याण को नई ऊंचाई तक ले जा रही हैं और जनकल्याण का इतिहास रच रही है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं- बेटियों को 35 प्रतिशत आरक्षण किया गया है जो हमारे संकल्प पर अमल है। डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में ऐसी एक नहीं अनेक चीज हो रही है। मध्य प्रदेश पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लगातार बरस रहा है। इसलिए मध्य प्रदेश की जनता भाजपा के साथ है। सरकार के कामों से जनता प्रसन्न है और बुधनी तथा विजयपुर में जनता को विश्वास है कि विकास होगा।”  

शिवराज सिंह चौहान ने छठ महापर्व पर दिवंगत शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया

भोपाल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छठ महापर्व पर दिवंगत लोकगायिका डॉ. शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। इसके साथ ही उन्होंने झारखंड और महाराष्ट्र में आगामी चुनावों, इंडिया गठबंधन, और मध्यप्रदेश उपचुनावों को लेकर कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डॉ. शारदा सिन्हा के गीतों के बिना छठ महापर्व की कल्पना अधूरी है। छठ पर्व और उनके गीत एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। छठ के दिन ही उनके देवलोक गमन ने इस पर्व को भावुक बना दिया है।उन्होंने डॉ. शारदा सिन्हा के लोकगीतों की महत्ता को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इन दिनों मैं झारखंडी बन गया हूं केंद्रीय मंत्री ने झारखंड और महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इन दिनों मैं झारखंडी बन गया हूं। झारखंड और महाराष्ट्र की जनता को इंडिया गठबंधन के झूठे वादों से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन की गारंटी झूठ का पुलिंदा है, जिसने 5 लाख सरकारी नौकरियों और बेरोजगारी भत्ते का वादा किया था, जो अब तक अधूरा है। उन्होंने कहा कि जनता को अब इन पर भरोसा नहीं है। भाजपा सरकारों ने अपने हर वादे को निभाया शिवराज सिंह ने भाजपा सरकारों की सफलता को रेखांकित करते हुए कहा कि हमने हर वादे को निभाया है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरी ईमानदारी से पूरा किया है। जनता हमारे साथ है क्योंकि हमने उनके विश्वास को कभी टूटने नहीं दिया। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए चौहान ने कहा कि राहुल विदेशों में जाकर कहते हैं कि समय आने पर आरक्षण समाप्त कर देंगे। ऐसे में उनकी बातों पर कैसे भरोसा किया जा सकता है?  उन्होंने इंडिया गठबंधन को जनता को भ्रमित करने वाला बताया। मध्य प्रदेश में जनता का भरोसा हमारे साथ मध्यप्रदेश में बुधनी और विजयपुर के उपचुनावों पर शिवराज ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश को नई ऊंचाई पर ले जा रही है। हमने महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण दिया है और जनता का भरोसा हमारे साथ है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के लिए जनता भगवान के समान है और भाजपा जनता की सेवा को सर्वोपरि मानती है।

शिवराज आखिरी बार 2006 में खुद के लिए वोट मांगने बुदनी आए थे, अब भार्गव के लिए आएंगे

बुधनी बुधनी विधानसभा में वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव के बाद ऐसा मौका पहली बार देखने को मिलेगा, जिसमें शिवराज सिंह चौहान स्वयं भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगते हुए नजर आएंगे। इस अवधि में उन्होंने विधानसभा चुनाव में कभी भी वोट नहीं मांगे थे। लेकिन इस बार परिस्थितियां ठीक नहीं होने के कारण उन्हें मैदान में उतरना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि अपने खास सखा के लिए वह बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में पहुंचकर जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पहले दौरे कार्यक्रम के मुताबिक वह सात नवम्बर को पिपलानी, छिदगांव काछी व रेहटी में चुनावी सभाओं को संबोधित करने के साथ ही आम मतदाताओं से रूबरू होंगे। बुधनी में विधानसभा का उपचुनाव होना है, जिसमें भाजपा की ओर से रमाकांत भार्गव प्रत्याशी हैं। 2006 से लेकर 2023 तक हुए सभी चुनावों में शिवराज सिंह चौहान भाजपा की ओर से प्रत्याशी रहे हैं। 2006 में हुए उपचुनाव के दौरान उनके द्वारा विधानसभा क्षेत्र में पदयात्रा करते हुए वोट मांगे गए थे। लेकिन उसके बाद हुए आम चुनावों में वह अपने लिए कभी भी बुधनी की जनता के पास वोट मांगने नहीं आए थे। विपक्षी दल से कोई भी नेता चुनाव मैदान में उतरा हो या फिर किसी भी बड़े स्टार प्रचारक की सभा हुई हो उसके बावजूद भी उन्होंने विधानसभा की और अपना रुख नहीं किया था। उनका पूरा चुनाव क्षेत्र के कार्यकर्ता और जनता के हवाले ही रहता था। इसके बावजूद भी हर चुनाव में उनकी जीत का अंतर लगातार बढ़ता ही रहा। लेकिन आगामी 13 नवम्बर को होने वाले उपचुनाव में शिवराज सिंह चौहान को भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगने गांव-गांव दस्तक देना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव की व्यस्तता के बावजूद भी उन्हें बुधनी में अपना समय देना पड़ रहा है। इसके पीछे बड़ा कारण भाजपा प्रत्याशी का कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच पुरजोर विरोध है, जिसे थामने के लिए शिवराज सिंह चौहान मैदान में उतर रहे हैं। उनके द्वारा लगातार भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व नेताओं से सतत संपर्क बनाकर चुनाव में जुटने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बुधनी में कांग्रेस की काट है शिवराज बुधनी विधानसभा में कांग्रेस की काट शिवराज सिंह चौहान हैं, जिन्होंने कांग्रेस के गढ़ को नेस्तनाबूद किया था। उसके बाद से लेकर अभी तक कभी भी कांग्रेस इस विधानसभा पर जीत का परचम नहीं लहरा सकी है। वर्ष 1990 में अपनी राजनीति का आगाज करने के बाद पहला चुनाव उन्होंने 24,000 से भी अधिक मतों से जीता था। उसके बाद से उनकी जीत का कारवां लगातार जारी रहा। लेकिन इस बार शिवराज सिंह चौहान बुधनी विधानसभा से प्रत्याशी नहीं है। ऐसे में कांग्रेस इस मौके को गंवाना नहीं चाहती। शिवराज सिंह चौहान की जन्म और कर्म स्थली कहलाने वाली बुधनी सीट को कांग्रेस के हाथों में नहीं जाने देना चाहते। जिसके कारण वह पुरजोर प्रयास करते हुए भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव (जिन्हें उनका सबसे खास सखा माना जाता है) के पक्ष में मैदान में उतरने वाले हैं। जनता का मूड, शिवराज के लिए सभी एक, लेकिन भार्गव के लिए चुनौती बुधनी विधानसभा क्षेत्र की जनता का मूड  शिवराज सिंह चौहान के लिए तो हमेशा एक ही रहा है। लेकिन भाजपा के द्वारा घोषित किए गए प्रत्याशी रमाकांत भार्गव के लिए आम जनता चुनौती साबित हो रही है। भाजपा प्रत्याशी का कार्यकर्ताओं के बीच ही पुरजोर विरोध होना पार्टी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भाजपा के द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यकर्ता सम्मेलन( दीपावली मिलन समारोह) में भी पार्टी कार्यकर्ताओं की कम उपस्थिति नेताओं के लिए चिंता का कारण बन गई है। इसके पीछे बड़ा कारण कुछ समय पूर्व टिकट वितरण से उपजा विरोध है। हालांकि भाजपा संगठन ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार की जिम्मेदारी सौंप दी है। गौरतलब है कि 1990 में राजनीति का आगाज करने के बाद शिवराज सिंह ने पहला चुनाव 24000 से भी अधिक मतों से जीता था। उसके बाद से उनकी जीत का कारवां यहां लगातार जारी रहा। वहीं कांग्रेस भी इस बार बुदनी विधानसभा सीट का जीतकर शिवराज सिंह चौहान का किला भेदने की तैयारी में जुट गई है।

PM नरेंद्र मोदी ने सरकार में शिवराज सिंह चौहान का कद बढ़ाया, अब चौहान देशभर में सरकार की नई और जारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे

भोपाल / नई दिल्ली NDA सरकार में कृषि मंत्री की भूमिका निभा रहे शिवराज सिंह चौहान का कद बढ़ता नजर आ रहा है। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके तहत वह देशभर में सरकार की नई और जारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे। दरअसल, पीएम मोदी ने एक नई टीम गठित की है, जिसकी कमान चौहान को दी गई है। हाल ही में इस संबंध में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें सचिव स्तर के कई बड़े अधिकारी शामिल हुए थे।टीम का क्या होगा काम हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कृषि मंत्री बनने से पहले मध्य प्रदेश के तीन बार के मुख्यमंत्री रहे चौहान की अगुवाई में गठित समूह हर महीने समीक्षा बैठक करेगा। यह मीटिंग प्रधानमंत्री कार्यालय में होगी, जहां सभी सरकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में शामिल रहे अधिकारी बताते हैं कि पीएम मोदी ने चौहान को घोषणा किए गए सभी प्रोजेक्ट्स की प्रगति देखने की शक्तियां दे दी हैं। इसके तहत केंद्रीय मंत्री साल 2014 यानी पहली एनडीए सरकार के कार्यकाल से लेकर अब तक घोषित परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। हालांकि, सरकार ने इस समूह को लेकर जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।शिवराज सिंह चौहान को ये जिम्मा खबर है कि चौहान प्रधानमंत्री को पोर्टल पर प्रकाशित सभी योजनाओं, वो परियोजनाएं जिनकी आधारशिला पीएम मोदी की तरफ से रखी गई है, बजट में की गई घोषणाओं, ऐसे कानून जिनपर नियम बनाए जाने बाकी हैं और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करेंगे। अगर किसी प्रोजेक्ट में देरी नजर आती है या वहां मंत्री स्तर पर किसी समर्थन की जरूरत होती है, तो इस संबंध में चौहान संबंधित सचिवों से संपर्क साधेंगे। पहली बैठक हुई खबर है कि 18 अक्टूबर को पीएम कार्यालय में इस समूह की पहली बैठक हो चुकी है, जहां सरकार के सभी सचिव शामिल हुए थे। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी सरकारी योजनाओं के लागू होने में हो रही देरी को लेकर चिंतित हैं और बंद दरवाजों के पीछे होने वाली बैठकों में इस संबंध में सचिवों और PMO के अधिकारियों को बता भी चुके हैं।

बीजेपी बुधनी सीट पर शिवराज सिंह की लोकप्रियता को भुनाने मामा के करीबी पर दांव लगा सकती है

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार शिवराज सिंह चौहान फिर से चर्चा में हैं। शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की राजनीति को छोड़कर केंद्र की राजनीति में एक्टिव हैं। मोदी कैबिनेट में वह कृषि और ग्रामीण पंचायत जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि इन सबसे बीच मध्य प्रदेश में एक बार फिर से उन्हें सियासी चेहरा बनाने की तैयारी चल रही है। दरअसल, बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। उपचुनाव के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है। बुधनी विधानसभा सीट शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। बुधनी विधानसभा सीट से शिवराज सिंह चौहान लगातार पांच बार विधायक रहे हैं। 2006 के बाद यह पहला मौका है जब बुधनी विधानसभा सीट पर विधानसभा के चुनाव हो रहे हों और शिवराज सिंह चौहान उम्मीदवार नहीं हों। ऐसे में बीजेपी इस सीट पर शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को भुनाने के लिए किसी ऐसे उम्मीदवार पर दांव लगा सकती है जो शिवराज का करीबी माना जाता हो। बुधनी में तीसरी बार हो रहे हैं उपचुनाव बुधनी विधानसभा सीट पर तीसरी बार उपचुनाव हो रहे हैं। इससे पहले हुए दो उपचुनावों में बीजेपी की जीत हुई थी। तीनों उपचुनावों में शिवराज सिंह चौहान से कनेक्शन है। बुधनी विधानसभा सीट पर पहली बार 1992 में हुआ था। 1990 में शिवराज सिंह चौहान इस सीट से विधायक बने थे। 1992 में लोकसभा के चुनाव हुए थे। विदिशा सीट से अटल बिहारी वाजपेयी ने चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। अटल बिहारी वाजपेयी दो सीटों से चुनाव जीते थे बाद में उन्होंने विदिशा की सीट से इस्तीफा दे दिया था। बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान को लोकसभा का टिकट दिया था। लोकसभा जीतने के बाद शिवराज ने बुधनी विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया था। इस चुनाव में बीजेपी के मोहनलाल शिशिर चुनाव जीते थे। इसके बाद बुधनी विधानसभा सीट पर 2006 में उपचुनाव हुए थे। तब बीजेपी विधायक ने शिवराज सिंह चौहान के लिए यह सीट खाली की थी। बीजेपी ने उन्हें राज्य का सीएम बनाया था। सीएम बनने के बाद शिवराज इस उपचुनाव में जीते उसके बाद पांच विधानसभा चुनावों में लगातार यहां से चुनाव जीतते रहे। अब एक बार फिर इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है क्योंकि शिवराज सिंह चौहान ने विधायकी से इस्तीफा दे दिया है। क्या बेटे को मिल सकता है टिकट? 2023 के विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी विधानसभा सीट पर 1 लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है। अब बीजेपी के सामने चुनौती है कि बीजेपी इस रेकॉर्ड को बरकरार रखे। ऐसे में उनके बेटे कार्तिकेय के भी चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हैं। इस सीट पर उम्मीदवार कोई भी हो प्रतिष्ठा शिवराज सिंह चौहान की ही दांव पर लगी होगी। ऐसे में बीजेपी शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को भुनाने के लिए एक नेता को टिकट दे सकती है जिससे जनता के बीच यह मैसेज जाए कि शिवराज सिंह चौहान की टिकट बंटवारे में उपेक्षा नहीं हुई है। शिवराज सिंह चौहान के मैदान में नहीं होने से कांग्रेस भी अपनी सियासी रणनीति को धार देने में जुटी है। बीजेपी का गढ़ है यह सीट शिवराज सिंह चौहान के कारण बुधनी विधानसभा सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है। इस सीट पर कांग्रेस को आखिरी बार 1998 में जीत मिली थी। तब कांग्रेस के देवेन्द्र पटेल में चुनाव जीता था। उसके बाद से कांग्रेस यहां से चुनाव नहीं जीत पाई है। इस बार कांग्रेस इस सीट को जीतने के लिए विशेष रणनीति बना रही है।  

Shivraj Singh Chouhan के बेटे की गई सगाई, साझा की पहली तस्वीरें

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की सगाई गुरुवार को अमानत बंसल के साथ दिल्ली में संपन्न हुई है। जानकारी आ रही है कि सगाई में दोनों परिवार के करीब 50-60 लोग शामिल थे। बता दें कि, शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी और दोनों बेटों के साथ पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कुणाल और कार्तिकेय की शादी में शामिल होने का न्योता दिया। पीएम मोदी से की थी मुलाकात पीएम मोदी से शिवराज सिंह चौहान ने सपरिवार मुलाकात की थी। जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की थी। इस दौरान एक्स पर उन्होंने लिखा था कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी धर्मपत्नी साधना और दोनों बेटों कार्तिकेय-कुणाल के साथ भेंट की। हमने प्रधानमंत्री जी को दोनों बेटों की शादी में आने का निमंत्रण दिया और उनसे आशीर्वाद लिया। स्नेह, प्रेम, आत्मीयता और अपनेपन से भरे आदरणीय प्रधानमंत्री जी अभिभावक और बड़े भाई हैं। वह मानवीय संवेदनाओं से भरे अत्यंत सहज और सरल हैं। प्रधानमंत्री जी से मिलकर मन भावुक हो गया। उनके साथ देश और किसानों के लिए काम करना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। दरअसल, अमानत बंसल के पिता अनुपम बंसल लिबर्टी शूज कंपनी के मालिक हैं। वहीं अमानत की मां रुचिता बंसल कन्फेडरेशन ऑफ विमन एंटरप्रेन्योर ऑफ इंडिया के हरियाणा चैप्टर की फाउंडर हैं। कार्तिकेय चौहान की होने वाली पत्नी अमानत ने हाल में ही लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी में एमएससी की पढ़ाई कंप्लीट की है। चार महीने पहले हुई थी छोटे बेटे की सगाई शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल सिंह चौहान की सगाई चार महीने पहले हुई थी। राजधानी भोपाल में कुणाल की सगाई डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन के साथ हुई थी। रिद्धि और कुणाल ने साथ में ही पढ़ाई की है।

शिवराज के घर जल्द बजेगी शहनाई, पीएम मोदी केंद्रीय मंत्री के बेटों की शादी में शामिल होंगे

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों की शादी जल्द ही होने वाली है। पीएम नरेंद्र मोदी को उन्होंने शादी का न्योता दिया है। शादी में आमंत्रित करने शिवराज अपनी पत्नी साधना सिंह और दोनों बेटे कार्तिकेय-कुणाल के साथ पहुंचे थे। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटे कार्तिकेय और कुणाल की जल्द ही शादी होने वाली है। शिवराज सिंह चौहान के बड़े समधी अनुपम आर बंसल देश की जानी-मानी कंपनी लिबर्टी शूज कंपनी के निदेशक हैं। इसके अलावा भी वे कई कारोबार से जुड़े हुए हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे समधी भोपाल के बड़े डॉक्टर हैं। शादी का न्योता देने की जानकारी खुद शिवराज सिंह चौहान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा की है। तस्वीरों में शिवराज पीएम मोदी को फूलों का गुलदस्ता और गणेश प्रतिमा भेंट करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पूरा परिवार साथ है। शिवराज ने जानकारी साझा करते हुए लिखा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपनी धर्मपत्नी साधना और दोनों बेटों कार्तिकेय-कुणाल के साथ भेंट की। हमने प्रधानमंत्री जी को दोनों बेटों की शादी में आने का निमंत्रण दिया और उनसे आशीर्वाद लिया। स्नेह, प्रेम, आत्मीयता और अपनेपन से भरे आदरणीय प्रधानमंत्री जी अभिभावक और बड़े भाई हैं। वह मानवीय संवेदनाओं से भरे अत्यंत सहज और सरल हैं। प्रधानमंत्री जी से मिलकर मन भावुक हो गया। उनके साथ देश और किसानों के लिए काम करना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। कौन हैं कार्तिकेय और अमानत? कार्तिकेय चौहान पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे हैं। कार्तिकेय को पिता का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है। 2013 से कार्तिकेय राजनीति में सक्रिय हैं। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पिता शिवराज के लिए उन्होंने जमकर प्रचार किया था। इसकी पूरी संभावना है कि आने वाले समय में कार्तिकेय खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे। वहीं, शिवराज सिंह की होने वाली बड़ी बहू अमानत बंसल लिबर्टी शूज कंपनी के निदेशक और कारोबारी अनुपम आर बंसल की बेटी हैं। अमानत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है, उन्होंने मनोवैज्ञानिक शोध में एमएससी किया है। बताया जाता है कि अमानत को शास्त्रीय नृत्य का भी बहुत शौक है। अमानत की मां रुचिता बंसल ‘इजहार’ नाम की एक संस्था चलाती है। कौन हैं कुणाल और रिद्धी? कुणाल चौहान शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे हैं। कुणाल का राजनीति से कोई नाता नहीं है, उनका पूरा फोकस अपने कारोबार पर ही रहता है। वे मेसर्स सुंदर फूड्स एंड डेयरी के मैनेजिंग पार्टनर हैं। उनकी डेयरी से दूध, घी, पनीर, लस्सी, दही और पानी भी भोपाल व आसपास के जिलों में सप्लाई किया जााता है। इससे पहले कुणाल ने भोपाल में फूलों की दुकान भी खोली थी। शिवराज की छोटी बहू रिद्धी जैन परिवार से आती हैं। उनके पिता संदीप जैन हैं, जो भोपाल में बड़े डॉक्टर हैं। रिद्धी के दादा इंदरमल जैन भी डॉक्टर हैं। डॉ. इंदरमल जैन का निवास भोपाल के 74 बंगले के पास निषाद कॉलोनी में है। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान कुणाल और रिद्धी एक दूसरे से मिले थे। दोनों करीब दो साल से दोस्त रहे, इसके बाद दोनों परिवारों की मौजूदगी में दोनों का रोका कार्यक्रम हुआ था। शिवराज सिंह चौहान की ओर से इस कार्यक्रम गोपनीय रखा गया था, लेकिन जैन परिवार की ओर से रोका कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर दी गईं, जिससे यह जानकारी सामने आ गई।  

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा आज हम संकल्प लें कि मन, वचन, कर्म से बेटियों, बहनों का सम्मान करेंगे

नवरात्रि पर बेटियों-बहनों के सम्मान का संकल्प लें : शिवराज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आवास पर कन्या भोज का आयोजन किया केंद्रीय मंत्री  चौहान ने कहा आज हम संकल्प लें कि मन, वचन, कर्म से बेटियों, बहनों का सम्मान करेंगे भोपाल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने भोपाल स्थित आवास पर नवरात्रि की अष्टमी-नवमी के अवसर पर कन्या भोज का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज हम संकल्प लें कि मन, वचन, कर्म से बेटियों, बहनों का सम्मान करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने अपनी धर्मपत्नी साधना सिंह के साथ कन्याओं का पूजन किया और उन्हें भोजन कराया। संवाददाताओं से चर्चा करते हुए चौहान ने कहा, “संपूर्ण देश नौ दिन तक श्रद्धा और भक्ति के भाव में डूबा था। हमने देवी मां की पूजा की और आज मां से यही प्रार्थना है कि वह सब पर कृपा और आशीर्वाद की वर्षा सदैव करती रहें।” केंद्रीय कृषि मंत्री ने दुर्गा सप्तशती का उल्लेख करते हुए कहा, “माता कहती हैं कि समस्त बेटियां, स्त्रियां मेरा ही अंश है और इसलिए संपूर्ण देशवासियों से मेरी प्रार्थना है कि बेटी का आदर करें, सम्मान करें।” बीते कुछ दिनों में मासूम बालिकाओं से लेकर महिलाओं के साथ हुई घटनाओं पर केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा, “कुछ घटनाएं आहत करती हैं, मन को उद्वेलित करती हैं और पूरा समाज शर्मसार हो जाता है। आज संकल्प लेने का समय है कि हम मन, वचन और कर्म से बेटियों की पूजा करेंगे, उनका आदर करेंगे, बहनों का सम्मान करेंगे, समाज में उनका उचित स्थान देंगे।” कृषि मंत्री चौहान ने अपने आवास पर आयोजित कन्या भोज का जिक्र करते हुए कहा, “आज जब बेटियों के साथ आरती की, देवी मां की पूजा की, बेटियों की आरती उतारी, उस समय मुझे और धर्मपत्नी साधना को लग रहा था जैसे हम साक्षात देवी मां की आरती कर रहे हों और बेटियों को भोजन कराया तो लग रहा था जैसे साक्षात मां ही भोजन कर रहीं हो।”    

उन्नत बीजों की कमी पूरा करने के लिए 65 नए बीज केंद्र बनाए जाएंगे- शिवराज

भोपाल कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को भोपाल में प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्र सरकार ने गुरुवार को दो बड़े फैसले लिए हैं। भारत  की कुल खाद्य तेल की आवश्यकता  2022-23 में 29.2 मिलियन टन थी, लेकिन हमारे यहां ऑइल सीड से खाद्य तेल का उत्पादन 12.7 बिलियन ही हो पाता है। बाकी की मांग पूरा करने के लिए हमको विदेशों पर या आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। इसको लेकर फैसला किया गया है कि आयात पर निर्भरता खत्म करके हम खाद्य तेलों में कैसे आत्मनिर्भर बने। इसलिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन तिहलन बनाया गया है। शिवराज ने कहा कि 10 हजार 103 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत से हमारे यहां अभी जो ऑइल सीड्स हैं उनका उत्पादन काफी कम है और इसलिए सरकार उन्नत बीज किसानों को देगी। आईसीएमआर यह बीज बनाएगा। पहले ब्रीडर सीड्स बनाएंगे। उसे फाउंडेशन सीड फिर सरटीफाइड सीड बनाकर किसानों को फ्री में उपलब्ध कराए जाएंगे। पूरे देश में इसके लिए 600 कलस्टर बनाए जाएंगे। 347 जिले के 21 राज्यों में जहां भी ऑइल सीड्स का उत्पादन होता है उन राज्यों को विशेष रूप से लिया गया है, किसानों को इन कलस्टर में फ्री में बीज, उनको ट्रैनिंग, नई टेक्नोलॉजी कैसे खेती करे जिससे ज्यादा उत्पादन हो और वो जो उत्पादित करेंगे उसकी 100 % खरीदी की जाएगी, ऐसी सुविधाएं इस मिशन के अंतर्गत किसानों को दी जाएगी । बीच भंडारण इकाइयां भी बनाई जाएंगी हर साल 10 लाख हेक्टर पूरे देश में खेती की जाएगी। 7 साल में 70 लाख हेक्टर एरिया इस योजना के अंतर्गत दिया जाएगा, उन्नत बीजों की कमी पूरा करने के लिए 65 नए बीज केंद्र बनाए जाएंगे, 100 हमारे बीज केंद्र बनेंगे, बीजों को सुरक्षित रखने के लिए 50 बीज भंडारण इकाइयां भी बनाई जाएंगी और राज्यों पर हम ज्यादा ध्यान दे रहे हैं जहाँ केवल एक फसल लेते हैं खरीफ की, इंटरक्रॉपिंग का भी उपयोग करेंगे, अलग-अलग फसलों के बीच में ये बीज, फसलें लगाई जा सकती हैं और पूरी खरीद किसानों से करेंगे, एक ये बड़ा फैसला कल हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार प्याज, दाल और चावल का बफर स्टॉक बना रही है। इनके दाम बढ़ने पर सरकार सस्ते में में उपलब्ध कराएगी।   किसान सम्मान निधि की राशि होगी कल ट्रांसफर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को महाराष्ट्र से किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि की राशि ट्रांसफर करेंगे। उन्होंने बताया कि किसान सम्मान निधि के तहत 20 हजार करोड़ रुपए की राशि खातों में डाली जाएगी। कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने दो नई योजनाएं पीएम-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषि उन्नत योजना शुरू की है। उन्होंने बताया कि योजनाओं में एक लाख हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रदेश सरकारें योजनाओं को अपने अनुसार चुन सकेगी। शिवराज ने कहा कि उनकी सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और किसानों को उनकी फसल का ठीक दाम देने के साथ प्राकृतिक खेती पर फोकस कर रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़कर 27 प्रतिशत हो गई है। यह सूरजमुखी, मूंगफली और सायाबीन पर लागू है। इससे दाम बढ़ने से किसानों को फायदा होगा। सोयाबीन के दाम  500 रुपए बढ़ गए है। रिमोर्ट डिजिटल से फसल नुकसान का आकलन शिवराज ने बताया कि केंद्र ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की शुरुआत की है। इसके तहत रिमोर्ट डजिटल से फसल के नुकसान का आकलन किया जाएगा। इस तकनीक से आकड़ों में हेरफेर नहीं हो सकेगी। फसल की बुआई पर डिजिटल फोटो अपडेट होंगे। इसके लिए ड्रोन के साथ पांच बैटरी उपलब्ध कराई जाएगी। शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू कश्मीर और हरियाणा चुनाव को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर और हरियाणा में भाजपा सरकार बना रही है। दोनों जगह भाजपा के पक्ष में माहौल बना है।  

इस विधानसभा सत्र की खास बात यह है कि 18 साल तक सत्र में नजर आने वाले शिवराज सिंह चौहान इस सत्र में नजर नहीं आ रहे हैं

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 1 जुलाई से जारी है. इस विधानसभा सत्र की खास बात यह है कि 18 साल तक सत्र में नजर आने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) इस सत्र में नजर नहीं आ रहे हैं. शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा संसदीय सीट से चुनाव जीतने के बाद 18 जून को विधायकी पद से इस्तीफा दे दिया है. शिवराज सिंह चौहान अब केंद्र में कृषि मंत्री हैं. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सांसद रहते वर्ष 2005 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए थे. उनके सीएम बनने के बाद वर्ष 2006 में सीहोर जिले की बुदनी विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़कर विधायक बने थे. वर्ष 2006 के बाद से ही लगातार शिवराज सिंह चौहान बुदनी विधानसभा सीट से विधायक चुनते आ रहे थे. इस दौरान वह विधानसभा सत्र की कार्यवाही में मौजूद रहते थे, लेकिन अब शिवराज सिंह चौहान ने 18 जून को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है, नतीजतन 18 साल बाद अब विधानसभा में शिवराज सिंह चौहान नजर नहीं आ रहे हैं. विदिशा सीट से चुने गए सांसद शिवराज सिंह मालूम हो कि 6 महीने पहले संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बंपर जीत मिली और 163 सीटों पर काबिज हुई. हालांकि चुनाव बाद प्रदेश में सीएम का चेहरा बदल गया. शिवराज सिंह चौहान के स्थान पर डॉ. मोहन यादव को सीएम बनाया गया. इधर हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान को विदिशा संसदीय सीट से प्रत्याशी बनाया. शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा से रिकार्ड 8 लाख मतों से जीत दर्ज की. शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में कृषि मंत्री बनाया गया है. सांसद बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने 18 जून को विधायकी पद से इस्तीफा दे दिया है. जारी है विधानसभा का मानसून सत्र मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में विधायकों ने 4287 सवाल पूछे हैं. विधानसभा के मानसून सत्र में तारांकित प्रश्न 2108 पूछे गए हैं, जबकि अतारंकित प्रश्न 2179. इस तरह कुल 4287 प्रश्न पूछे गए हैं. इनमें 2386 ऑनलाइन और 1901 ऑफलाइन प्रश्न पूछे गए हैं. यह विधानसभा सत्र काफी हंगामेदार हो रहा है. विपक्षी पार्षद नर्सिंग घोटाले को लेकर सवाल जवाब कर रहे हैं.

शिवराज सिंह चौहान का इस्तीफा विधानसभा सचिवालय ने किया मंजूर, जल्द होगा बुधनी सीट पर उपचुनाव

Opposition leader Rahul Gandhi cornered Yogi government on the murder of Dalit youth in Rae Bareli.

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र में पदभार ग्रहण करने के बाद पिछले दिनों विधानसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था. जिसके बाद विधानसभा सचिवालय की मंजूरी के बाद बुधनी विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर दिया गया है. विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. उनके इस्तीफे के बाद अब इस सीट पर उपचुनाव होना है. आपको बता दें बुधनी से शिवराज सिंह चौहान विधायक चुने गए थे. इसके बाद हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में वे विदिशा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए. मोदी कैबिनेट में उन्हें कृषि मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. दो दिन पहले ही उन्होंने विधानसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफा देने के बाद क्या बोले थे शिवराज? शिवराज सिंह चौहान ने दो दिन पहले विधानसभा से इस्तीफा देते हुए कहा था कि, ‘आज मैं बहुत भावुक हूं. मैंने मध्यप्रदेश विधानसभा की सदस्यता से त्याग-पत्र दिया है. मैं बुधनी से विधायक था. बुधनी विधानसभा क्षेत्र की जनता मेरे रोम-रोम में रमती है. मेरी हर सांस में बसती है. मैंने बुधनी से ही अपने सार्वजनिक जीवन का प्रारंभ किया था. बचपन से ही आंदोलन और फिर जनता का प्यार लगातार मिलता चला गया.’ “इसी बुधनी विधानसभा क्षेत्र से मैं छह बार विधायक रहा, सांसद के चुनाव में भी छह बार इस जनता ने भारी बहुमत से मुझे जिताया. पिछला विधानसभा का चुनाव मैंने  रिकॉर्ड 1 लाख 5 हजार वोटों से जीता था और अभी लोकसभा में इसी जनता ने मुझे 1 लाख 46 हजार वोटों से जिताया.” “बुधनी की जनता की सेवा मैंने पूरे मन से की है, क्योंकि जनता की सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है, और इस जनता ने भी मुझे भरपूर प्यार दिया है, आशीर्वाद दिया है.जनता के इस प्यार पर मेरा पूरा जीवन न्यौछावर है और अपनी संपूर्ण क्षमता के साथ मैं जनता की सेवा में लगा रहूंगा. अपने प्राणों से प्रिय जनता को बारंबार प्रणाम!” आपको बता दें कि इसके पहले छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक कमलेश शाह ने लोकसभा चुनाव के समय अपने स्थान से त्यागपत्र दिया था. यहां 10 जुलाई को उपचुनाव कराया जा रहा है.

प्रदेश पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी विधानसभा से दिया इस्तीफा,जनता से की भावुक अपील

 भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधनी विधानसभा सीट से इस्तीफा देने के बाद अब हर किसी की नजर संभावित उम्मीदवार और आगामी उपचुनाव पर है।राज्य में अभी हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। वह बुधनी से भी वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में विधायक के तौर पर निर्वाचित हुए थे। कोई भी व्यक्ति एक सदन का ही सदस्य रह सकता है। लिहाजा उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे के बाद उपचुनाव होना तय हो गया है। सवाल यही है कि उपचुनाव में भाजपा यहां से किसे अपना उम्मीदवार बनाती है। कई नेता इस सीट पर अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। बुधनी विधानसभा क्षेत्र विदिशा संसदीय क्षेत्र के तहत आता है और दोनों ही भाजपा के गढ़ माने जाते हैं। इससे पहले राज्य के छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे कमलेश शाह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। अब वहां भी 10 जुलाई को मतदान होना है । भाजपा ने कमलेश शाह को एक बार फिर उम्मीदवार बनाया तो वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी अपना उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। कांग्रेस ने अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। भाजपा ने अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के प्रचार के लिए 35 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। कांग्रेस ने अमरवाड़ा के लिए दो प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। इसके अलावा बुधनी के लिए भी दो प्रभारी नियुक्त किये जा चुके हैं। कुल मिलाकर लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में उपचुनावों का दौर शुरू हो रहा है। अमरवाड़ा में चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका है तो वहीं आने वाले दिनों में बुधनी विधानसभा क्षेत्र का भी चुनावी कार्यक्रम घोषित हो सकता है। इसके अलावा विजयपुर और बीना से कांग्रेस विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। फिलहाल उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। उनके इस्तीफा देने के बाद वहां भी चुनाव होने तय हैं। शिवराज ने कहा कि उन्होंने पिछला विधानसभा का चुनाव मैंने रिकॉर्ड 1 लाख 5 हजार वोटों से जीता था और अभी लोकसभा में बुधनी की जनता ने मुझे 1 लाख 46 हजार वोटों से जिताया। बुधनी की जनता की सेवा मैंने पूरे मन से की है, क्योंकि जनता की सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है और इस जनता ने भी मुझे भरपूर प्यार दिया है, आशीर्वाद दिया है। जनता के इस प्यार पर मेरा पूरा जीवन न्यौछावर है और अपनी संपूर्ण क्षमता के साथ मैं जनता की सेवा में लगा रहूंगा। विज्ञापन अपने प्राणों से प्रिय जनता को बारंबार प्रणाम! बता दें शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफा देने के बाद बुधनी सीट पर उपचुनाव होना तय हो गया है। ऐसे में अब चर्चा है कि बुधनी सीट पर शिवराज का उत्तराधिकारी कौन होगा? शिवराज के बड़े बेटे कार्तिकेय का नाम भी चर्चा है। शिवराज के दो बेटों में कार्तिकेय राजनीति में सक्रिय हैं। इसके अलावा विदिशा से पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव का नाम भी चर्चा है। भार्गव का टिकट काटकर ही शिवराज को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में भार्गव को भी बुधनी से विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया जा सकता है।

शिवराज ने अपने आने वाले 100 दिन के काम को लेकर अधिकारियों को खास दिशा निर्देश दिए

Congress showed strength on Amarwada seat, Nakul Nath reached the fields during campaigning.

 नईदिल्ली शिवराज सिंह चौहान कृषि मंत्रालय का प्रभार संभालते ही एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. शिवराज ने अपने आने वाले 100 दिन के काम को लेकर अधिकारियों को खास दिशा निर्देश दिए हैं. शिवराज ने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें 100 दिनों की कृषि कार्य योजना के संबंध में प्लान तैयार कर लिया गया.     इस बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा कि वे अपना पूरा फोकस किसानों की उन्नति के लिए करें, ताकि देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के निरंतर विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी की संकल्पना के मुताबिक तेजी से काम किया जा सके. साथ ही कृषि क्षेत्र की मजबूती को लेकर शिवराज ने निर्देश दिए. शिवराज ने अफसरों को दिए दिशा-निर्देश! केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के दुख दर्द को कम करने के लिए सशक्त कदम उठाने के भी निशा निर्देश दिए हैं. कृषि मंत्री शिवराज ने बैठक में कहा कि किसान भाइयों-बहनों को गुणवत्तापूर्ण खाद बीज की उपलब्धता प्राथमिकता से सुनिश्चित की जानी चाहिए. इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि इस संबंध में उन्हें कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए. चौहान ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश में कृषि उत्पादन व उत्पादकता बढ़ना चाहिए, साथ ही हम अपनी घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के अलावा दुनिया के अन्य देशों की भी जरूरत अनुसार गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद निर्यात कर सके ऐसी ठोस कार्ययोजना पर अमल करना चाहिए. शिवराज ने अधिकारियों को साफ कहा कि अपना पूरा फोकस किसान कल्याण पर करें. गौरतलब है कि 18 साल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान को अब केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल चुकी है. कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालते ही सियासी पंडित उम्मीद लगा रहे हैं कि शिवराज कृषि क्षेत्र के उद्धार के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. साथ ही किसानों की समस्याओं को भी सुलझाएंगे. फिलहाल तो शिवराज फुल फॉर्म में नजर आ रहे हैं.

शिवराज के मंत्रालयों का बजट प्रदेश के लगभग बराबर, मोदी का सिंधिया पर भी भरोसा बढ़ा

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद कैबिनेट का भी गठन हो गया. उनके मंत्रिमंडल में शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार, दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर को भी जगह मिली है. शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं ग्रामीण विकास, ज्योतिरादित्य सिंधिया को दूर संचार विभाग, वीरेंद्र कुमार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, दुर्गादास उईके को जनजातीय और सावित्री ठाकुर को महिला एवं बाल विकास विभाग मिला है. इन सभी विभागों का बजट 5 लाख करोड़ रुपये है. इन पांच लाख करोड़ रुपये के बजट में से भी अकेले शिवराज सिंह चौहान को 3.07 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला है. गौरतलब है कि कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय पहले भी मध्य प्रदेश के पास ही था. शिवराज से पहले यह विभाग मध्य प्रदेश विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के पास था. तोमर ने प्रदेश से पांच मंत्री बनने पर खुशी जताई है. 10 जून की रात ग्वालियर आए नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश को पांच महत्वपूर्ण मंत्रालय मिले हैं. पांचो मंत्रालय को मिलाकर 5 लाख करोड़ का बजट है.  यह मध्य प्रदेश के लिए अच्छी बात है. किस विभाग का कितना बजट बता दें, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दूर संचार विभाग मिला है. उनके विभाग का बजट 1.42 लाख करोड़ रुपये है. वीरेंद्र कुमार खटीक के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का बजट 14 हजार 225 करोड़ रुपये है. दुर्गादास उईके जनजातीय मामलों के मंत्री बनाए गए हैं. उनके विभाग का बजट 13 हजार करोड़ रुपये है. इसी तरह सावित्री ठाकुर के महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट 26 हजार 92 करोड़ रुपये है. केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कही ये बात मंत्रालय मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के करोड़ों गरीब परिवारों के आवास का सपना पूरा हो रहा है, जिससे वह सशक्त हो रहे हैं. आज प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल के केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के अंतर्गत 3 करोड़ अतिरिक्त आवास के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बनने वाले इन आवास में शौचालय, बिजली कनेक्शन, एलपीजी कनेक्शन और नल कनेक्शन जैसी बनियादी सुविधाएं होंगी. इस जनकल्याणकारी निर्णय हेतु प्रधानमंत्री मोदी का हार्दिक आभार एवं अभिनंदन.’ शिवराज भाजपा के टॉप 10 नेताओं में शामिल केंद्रीय मंत्री चौहान की बड़ी जीत, प्रदेश में भाजपा के क्लीन स्वीप वाले नीतीजे और शिवराज सिंह की छवि ने पार्टी में उनका कद और बढ़ा कर दिया है। पीएम मोदी और मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शिवराज सिंह मंच पर सबसे पहली पंक्ती में नजर आए। इतना ही नहीं पीएम मोदी के बाद वे छठे नंबर की कुर्सी पर बैठे थे और इसी नंबर पर ही उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। वे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद बैठे थे। ऐसे में यह साफ है कि भाजपा में उनका कद काफी बड़ा हो गया है। यह तस्वीर शपथ ग्रहण समारोह की है। पहली पंक्ति की पहली कुर्सी पर नरेंद्र मोदी बैठे हुए थे, दूसरी पर राजनाथ सिंह, तीसरी पर अमित शाह, चौथी पर नितिन गड़करी, पांचवीं पर जेपी नड्डा को जगह दी थी। इसके बाद छठवें नंबर की कुर्सी पर शिवराज सिंह बैठे हैं। अन्य नेता उनके बाद बैठे हुए हैं। इसका साफ संदेश है कि शिवराज पार्टी के टॉप छह नेताओं में शामिल हो गए हैं। शिवराज को कृषि मंत्रालय मिलेगा यह पहले से तय था प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को कृषिमंत्रालय दिया जाएगा यह लगभग पहले से ही तय था। हालांकि, गठबंधन पार्टियों की ओर से भी इस मंत्रालय की मांग की थी, लेकिन भाजपा अपनी बात मनवाने में कामयाब रही। इसके अलावा एक अतरिक्त ग्रामीण विकास मंत्रालय देकर शिवराज की जिम्मेदारी और बढ़ा दी गई है। देश के किसानों का दर्द बांटेंगे मामा मप्र के मुख्यमंत्री रहते शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कृषि क्षेत्र और किसानों के लिए कई बढ़े काम किए हैं, जिसका उन्हें फायदा मिला है। उनके कार्यकाल में प्रदेश को सात बार कृषि कर्मण अवॉर्ड मिला है। उनकी इसी कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार में उन्हें इस अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, शिवराज के पास माजूद दूसरा मंत्रालय ग्रामीण विकास भी अहम हैं। इन दोनों विभागों का बजट करीब 3.07 लाख करोड़ है। ऐसे में यह साफ है कि मध्य प्रदेश में मामा के नाम से चर्चित शिवराज अब देश के किसानों के भाई बनकर उनका दर्द बांटेंगे और उनकी समस्याओं को हल करेंगे।  

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