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सुपर 8 की रेस रोमांचक! 3 खाली स्थान के लिए पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और 3 अन्य टीमों के बीच कड़ी टक्कर

नई दिल्ली. आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 में खेलने वाली 8 में से 5 टीमों के नाम फाइनल हो चुके हैं. भारत, श्रीलंका, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड ने अगले दौर में जगह बनाई. इस वक्त सिर्फ 3 टीमें आगे जा सकती है और अपने अपने ग्रुप में सभी बेहतर करके आखिरी 8 में जगह बनाने की कोशिश में है. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, जिम्बाब्वे के अगले मुकाबले तय करेंगे कि वो सुपर 8 में जाएंगे या सफर खत्म हो जाएगा. भारत: ग्रुप ए में 6 अंक, +3.050 एनआरआर भारत ने रविवार को कोलंबो में पाकिस्तान को 61 रन से हराकर सुपर आठ में जगह पक्की की. भारत अब तक टूर्नामेंट में अजेय रहा है और तीन में से तीन मैच जीते हैं. तीसरी टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी की तलाश में भारत ने 2026 की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ की थी. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नाबाद 84 रन बनाकर टीम के 29 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई. हार्दिक पंड्या के ऑलराउंड प्रदर्शन से नामीबिया के खिलाफ 93 रन से जीत मिली, वहीं ईशान किशन की धमाकेदार 77 रन की पारी ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच भारत की झोली में डाल दिया. श्रीलंका: ग्रुप बी में 6 अंक, +2.462 एनआरआर को-होस्ट श्रीलंका के लिए अब तक टूर्नामेंट शानदार रहा है. आयरलैंड के खिलाफ 20 रन की जीत से अभियान की शुरुआत की और उसके बाद लगातार मजबूत प्रदर्शन किया. कंडी में ओमान को 105 रन से हराया. ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दबदबा दिखाया. ओपनर पथुम निसांका ने 52 गेंद में नाबाद 100 रन बनाकर टीम को 182 रन के लक्ष्य को दो ओवर रहते आठ विकेट से जीत दिलाई और सुपर आठ में जगह पक्की की. वेस्टइंडीज: ग्रुप सी में 6 अंक, +1.820 एनआरआर वेस्टइंडीज की दमदार बल्लेबाजी लाइन-अप टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही चर्चा में थी और अब तक बल्लेबाजों ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए लगातार तीन जीत दिलाई हैं. शुरुआत स्कॉटलैंड के खिलाफ 35 रन की जीत से हुई और नेपाल के खिलाफ नौ विकेट से जीत के साथ क्वालीफाई किया. इंग्लैंड के खिलाफ प्रदर्शन सबसे खास रहा, जहां शेरफेन रदरफोर्ड की अगुवाई में टीम ने 196/6 रन बनाए और इंग्लैंड को 166 रन पर समेट दिया. दक्षिण अफ्रीका: ग्रुप डी में 6 अंक, +1.477 एनआरआर शनिवार को दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराकर अपनी जीत की लय बरकरार रखी. कप्तान एडेन मार्करम ने सिर्फ 44 गेंदों में 86 रन की शानदार पारी खेली. अभियान की शुरुआत कनाडा के खिलाफ की, जहां बल्लेबाजों ने मिलकर 213 रन बनाए. कप्तान मार्करम ने अर्धशतक लगाया, डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स ने तेज रन जोड़े. लुंगी एनगिडी ने चार विकेट लेकर 57 रन से जीत दिलाई. अफगानिस्तान के खिलाफ डबल सुपर ओवर में चार रन से रोमांचक जीत दर्ज की. इंग्लैंड: ग्रुप सी में 6 अंक, +0.201 एनआरआर इंग्लैंड ने नेपाल के खिलाफ करीबी जीत के बाद इटली के खिलाफ हाई-स्कोरिंग मुकाबला जीतकर ग्रुप स्टेज खत्म किया. अब तक चार मैचों में सबसे अच्छी जीत स्कॉटलैंड के खिलाफ पांच विकेट से मिली. वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में इंग्लैंड को हार का सामना करना पड़ा. इटली के खिलाफ 202/7 का स्कोर बनाया और इटली को 24 रन से हाराया. सुपर 8 की रेस में कौन सी टीमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, जिम्बाब्वे की टीमें अब भी रेस में बनी हुई है. इनको अपने मैच जीतने के अलावा दूसरी टीमों के नतीजे पर निर्भर रहना होगा. कौन सी टीमें पूरी तरह या लगभग बाहर स्कॉटलैंड, नेपाल, ओमान, नामीबिया, इटली, कनाडा की टीमें पूरी तरह से बाहर हो चुकी हैं जबकि अफगानिस्तान, नीदरलैंड्स, आयरलैंड, यूएई ने एक-एक मैच जीता है और उनको अब भी चमत्कार की उम्मीद है.  

T20 World Cup 2026 में बड़ा उलटफेर? जीत के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की सुपर-8 उम्मीदें अधर में

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 में ऑस्ट्रेलिया की टीम अगर सुपर 8 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए तो हैरान मत होना, क्योंकि इस तरह का सिनेरियो बन रहा है कि ऑस्ट्रेलिया की टीम अगर बाकी के दो मैच जीत भी जाए तो भी टूर्नामेंट से बाहर हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया की टीम ग्रुप बी में है, जिसमें से अभी तक किसी भी टीम ने सुपर 8 के लिए क्वालीफाई नहीं किया है। पांच टीमों वाले ग्रुप से एक टीम एलिमिनेट जरूर हो गई है। इस स्टोरी में आप समझिए कि ऑस्ट्रेलिया के लिए क्यों सुपर 8 के लिए क्वालीफाई करना मुश्किल हो रहा है? दरअसल, ऑस्ट्रेलिया की टीम अभी तक ग्रुप बी में दो मैच खेली है। एक मैच में ऑस्ट्रेलिया ने आयरलैंड को 67 रनों से हराया है, लेकिन दूसरे मैच में जिम्बाब्वे की टीम से 23 रनों से हार मिली है। अभी भी टीम के दो मुकाबले बाकी हैं, लेकिन हैरानी की बात ग्रुप की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ये है कि टीम बाकी के दो मैच जीत भी जाए और खाते में 6 पॉइंट्स हो भी जाएं तो भी उनको सुपर 8 का क्वालीफिकेशन टैग नहीं मिलेगा। इसके पीछे की वजह ये है कि दो और टीमें हैं, जो 6-6 अंक तक पहुंच सकती हैं। श्रीलंका को अगले मैच में श्रीलंका से भिड़ना है। अगर श्रीलंका ने वह मुकाबला जीत लिया तो श्रीलंका की टीम तो टूर्नामेंट के सुपर 8 स्टेज के लिए क्वालीफाई कर जाएगी, क्योंकि उसके 6 पॉइंट हो जाएंगे। इसके बाद फिर एक ही टीम होगी, जो 6 या इससे ज्यादा अंकों तक पहुंचेगी। वह टीम है, जिम्बाब्वे है। अगर श्रीलंका को हार मिलती है तो श्रीलंका की टीम बाहर नहीं होगी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम की स्थिति थोड़ी मजबूत हो जाएगी। इसके बाद ओमान के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया को जीत दर्ज करनी होगी और 6 पॉइंट्स हासिल करने होंगे। ऑस्ट्रेलिया की टीम आज यानी सोमवार 16 फरवरी को श्रीलंका को हरा दे, जिम्बाब्वे की टीम आयरलैंड के खिलाफ जीत दर्ज कर ले और श्रीलंका की टीम फिर आखिरी मैच में जिम्बाब्वे को हरा दे तो तीनों टीमों के 6-6 पॉइंट्स हो जाएंगे। इस स्थिति में देखा ये जाएगा कि नेट रन रेट किस टीम का बेहतर है। मौजूदा पॉइंट्स टेबल को देखें तो श्रीलंका और जिम्बाब्वे का नेट रन रेट ऑस्ट्रेलिया से बेहतर है। ऑस्ट्रेलिया की टीम इस नेट रन रेट को तभी बेहतर कर पाएगी, जब बड़ी जीत अपने बाकी बचे दोनों मैचों में दर्ज करे।

IND vs PAK: 8 मैचों में किसका पलड़ा भारी? कल फिर पाकिस्तान की बढ़ेगी मुश्किलें

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 का फाइनल से भी बड़ा मैच रविवार 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना है, जो कि इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच है। हर कोई यही बात कह रहा है कि ये क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी है, लेकिन आंकड़ों पर गौर करेंगे तो आप पाएंगे कि इसमें राइवलरी नाम का कुछ है ही नहीं। टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास के आंकड़ों को उठाया जाए तो आप देखेंगे कि पाकिस्तान भारत के आगे टिकता ही नहीं है। टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप के इतिहास में अब तक 8 मुकाबले खेले गए हैं। इन 8 मैचों में से सिर्फ एक बार पाकिस्तान को जीत मिली है। 7 बार भारतीय टीम ने मुकाबला जीता है। इसके अलावा 8 में से 3 मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच एक ही खिलाड़ी रहा है, जो इस बार टीम का हिस्सा नहीं है, लेकिन उसके आगे पाकिस्तान के गेंदबाजों को एक नहीं चलती थी। ये थे क्रिकेट के किंग विराट कोहली। हालांकि, एक बार ऐसा भी हुआ है, जब पाकिस्तान का एक खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच रहा, लेकिन उनकी टीम को भारत से हार का सामना करना पड़ा। ऐसा हुआ था साल 2007 के टी20 विश्व कप के ग्रुप फेज के मैच में, जब मोहम्मद आसिफ को 4 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। ये मैच टाई रहा था और बॉल आउट के जरिए मैच का नतीजा निकला था, जिसमें भारत को जीत मिली थी। पाकिस्तान का एक और खिलाड़ी इंडिया वर्सेस पाकिस्तान टी20 विश्व कप मैच में प्लेयर ऑफ द मैच रहा है, जो कि शाहीन शाह अफरीदी हैं। 2021 के टी20 विश्व कप के लीग फेज के मैच में शाहीन ने 4 ओवर में 31 रन देकर 3 विकेट निकाले थे। इसमें केएल राहुल, रोहित शर्मा और विराट कोहली का विकेट शामिल था। इसके अलावा 6 मैचों में भारतीय खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच रहे हैं। उनमें भी 3 बार विराट कोहली ने ये खिताब जीता है। विराट कोहली ने 2012, 2016 और 2022 के टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता है। 2007 के टी20 विश्व कप फाइनल में इरफान पठान प्लेयर ऑफ द मैच थे। 2014 में अमित मिश्रा ने ये अवॉर्ड अपने नाम किया था। 2024 में जसप्रीत बुमराह ने प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड हासिल किया था। एशिया कप 2025 में भारत ने लगातार तीन मैचों में पाकिस्तान को हराया था। ऐसे में पाकिस्तान का मनोबल गिरा हुआ होगा।

नेपाल बेबस, इटली का जलवा बरकरार—10 विकेट से दर्ज की ऐतिहासिक फतह

मुंबई (महाराष्ट्र) इटली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में ग्रुप C मैच में नेपाल को 10 विकेट से हराकर ICC टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इटली ने पूरे मैच में अपनी ऑलराउंड कोशिशें दिखाईं जिसमें नेपाल को टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार खेलने वाली टीम ने हराया और वानखेड़े में यादगार जीत हासिल की। 124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ओपनर और भाई जस्टिन मोस्का और एंथनी मोस्का ने इटली को अच्छी शुरुआत दिलाई और पहले 2 ओवर में 16 रन बनाए। एंथनी ने शुरुआती ओवरों में कुछ बाउंड्री लगाईं। अगले ही ओवर में नेपाल के बॉलर करण केसी को जस्टिन ने एक छक्के और दो चौकों की मदद से 14 रन ठोके जिससे इटली का स्कोर 30/0 हो गया। यूरोपियन नेशन ने एक और महंगे ओवर के बाद सिर्फ चार ओवर में अपनी फिफ्टी पूरी की, जब ओपनर्स ने ललित राजबंशी को 20 रन ठोके। वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाली टीम ने पावरप्ले का अंत 68/0 के जबरदस्त स्कोर के साथ किया। इटली के 10वें ओवर में 97/0 के मजबूत स्कोर पर पहुंचने के बाद दोनों ओपनर्स ने राइनोज के खिलाफ अपना अटैक जारी रखा। दोनों भाइयों ने 11वें ओवर में अपनी-अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी की जिसमें जस्टिन ने 37 गेंदों में और एंथनी ने 28 गेंदों में यह माइलस्टोन पूरा किया। इटली की बैटिंग का यह शानदार प्रदर्शन था क्योंकि उन्होंने सिर्फ 12.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। उन्होंने नेपाल को 10 विकेट से हराया और इटली ने ICC टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इससे पहले टॉस जीतकर पहले गेंदाबाजी चुनने वाले इटैलियन बॉलर्स ने शानदार परफॉर्मेंस दी और ग्रुप C मैच में नेपाल को सिर्फ 123 रनों पर रोक दिया। दूसरे ओवर में अली हसन की गेंद पर कुशाल भुर्टेल (5) के आउट होने के बाद राइनोज की शुरुआत खराब रही और नेपाल का स्कोर 8/1 हो गया। आसिफ शेख और कप्तान रोहित पौडेल ने दूसरे विकेट के लिए 41 रन की पार्टनरशिप की, लेकिन दो विकेट जल्दी गिर गए। पौडेल का विकेट कलुगामागे की गेंद पर गिर गया और आसिफ को बेन मानेंटी ने आउट किया जिससे आठवें ओवर में नेपाल का स्कोर 49/3 हो गया। इसके बाद दीपेंद्र सिंह ऐरी और आरिफ शेख के बीच चौथे विकेट के लिए 43 रन की अहम पार्टनरशिप हुई जिसके बाद एक और विकेट गिर गया। हालांकि, इटली की शानदार बॉलिंग के बाद अचानक विकेट गिरे। दीपेंद्र सिंह ऐरी 17 रन बनाकर आउट हो गए, आरिफ ने 27, लोकेश बाम (3), गुलसन झा (3), और नादान यादव (0) ने 17वें ओवर में नेपाल का स्कोर 8/102 कर दिया। नेपाल ने सिर्फ 9 रन पर 5 विकेट खो दिए। आखिर में नेपाल 19.3 ओवर में 123 रन के मामूली स्कोर पर आउट हो गया। इटली के लिए बेन मानेंटी (2/9), अली हसन (1/34), जेजे स्मट्स (1/22), कलुगामागे (3/18) और जसप्रीत सिंह (1/8) ने विकेट लिए।

BCCI ने T20 World Cup की शुरुआत में टीम मैनेजमेंट की मांग खारिज की, खिलाड़ियों को दिया झटका

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 की शुरुआत में ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने भारतीय खिलाड़ियों की एक मांग को ठुकरा दिया है। टीम मैनेजमेंट की ओर से बीसीसीआई से पूछा गया था कि क्या भारतीय खिलाड़ी टी20 विश्व कप में अपने परिवार के साथ ट्रेवल कर सकते हैं तो इस अनुरोध को बोर्ड ने ठुकरा दिया। बीसीसीआई ने पहले ही नियम बना दिए थे कि खिलाड़ियों के साथ उनका परिवार कब कितने दिन तक ठहर सकता है। इसी पॉलिसी के मुताबिक, T20 वर्ल्ड कप कैंपेन के दौरान इंडियन क्रिकेटरों के साथ उनके परिवारों को रहने की इजाजत नहीं होगी। एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो टीम मैनेजमेंट ने क्रिकेटरों के परिवारों को उनके साथ रहने की इजाजत देने के बारे में जानकारी मांगी थी। BCCI की वैसे कोई रोक नहीं है, लेकिन समय-सीमा जरूर निर्धारित की हुई है। खिलाड़ियों को उनके परिवारों (पार्टनर और बच्चों) को ज्यादा से ज्यादा 14 दिनों तक अपने साथ रखने की इजाजत देता है, लेकिन इसके लिए शर्त ये है कि कोई विदेशी दौरा 45 दिनों से ज्यादा का हो। भारत में टी20 विश्व कप खेला जा रहा है और एक महीने तक ही ये टूर्नामेंट चलने वाला है तो बोर्ड ने टीम मैनेजमेंट की ओर से आई इस सिफारिश को खारिज कर दिया। BCCI के एक सोर्स ने इंडियन एक्सप्रेस को कन्फर्म किया, “इंडियन टीम मैनेजमेंट ने BCCI से पूछा था कि क्या पत्नियां और मंगेतर टीम के साथ ट्रैवल कर सकती हैं और क्या वे उनके साथ रह भी सकती हैं? बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परिवार प्लेयर्स के साथ नहीं रहेंगे। हालांकि, अगर वे चाहें तो अलग से इंतजाम कर सकते हैं।” बीसीसीआई ने पिछले साल ही कई गाइडलाइन्स खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए बनाई थीं, जिन पर बोर्ड अभी भी अड़िग है। टीम इंडिया की बात करें तो लीग फेज में भारत को चार मुकाबले खेलने थे। इनमें से एक मैच खेला जा चुका है। एक मैच कोलंबो में है और दो मैच ही भारत में भारतीय टीम के लीग फेज के बाकी हैं। इसके बाद सुपर 8 के मैच शुरू हो जाएंगे। वर्ल्ड कप से पहले कई द्विपक्षीय सीरीज भी खेली गई थीं। उनमें भी खिलाड़ियों को अपने परिवार को साथ रखने की इजाजत नहीं थी। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान प्राइवेट चार्टर प्लेन से ट्रेवल करने वाली है। कुछ खिलाड़ियों के पर्सनल शेफ भी साथ में ट्रेवल कर रहे हैं, लेकिन वे नजदीक के होटल में ठहरते हैं।

टी20 विश्व कप में नीदरलैंड की शानदार जीत, बास डे लीडे रहे मैच के हीरो

नई दिल्ली   अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में टी20 विश्व कप 2026 का ग्रुप ए का मुकाबला नामीबिया और नीदरलैंड के बीच मंगलवार को खेला गया। बास डे लीडे के बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर नीदरलैंड ने नामीबिया को 2 ओवर पहले ही 7 विकेट से हरा दिया। नीदरलैंड को जीत के लिए 157 रन का लक्ष्य मिला। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और मैक्स ओ दाउद के रूप में पहला झटका 16 के स्कोर पर लगा। वह 7 रन बनाकर आउट हुए। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे बास डे लीडे ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और 48 गेंद पर 4 छक्कों और 5 चौकों सहित नाबाद 72 रन की पारी खेल टीम को 12 गेंद पहले 7 विकेट से जीत दिला दी। डे लीडे ने दूसरे विकेट के लिए माइकल लेविट 28, के साथ 30 और तीसरे विकेट के लिए कोलिन एकरमैन 32 के साथ 68 रन की अहम साझेदारी की। इसके अलावा लीडे ने कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स नाबाद 18 के साथ 43 रन की साझेदारी की। नीदरलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट पर 159 रन बनाकर मैच जीता। विजयी चौका बास डे लीडे के बल्ले से निकला। टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नामीबिया ने 8 विकेट पर 156 रन बनाए थे। निकोल लोफ्टी-ईटन ने सबसे ज्यादा 42 रन की पारी खेली थी। 38 गेंदों की पारी में उन्होंने 2 छक्के और 1 चौका लगाया था। इसके अलावा जान फ्राइलिंक ने 30 और जेजे स्मिट ने 22 रन की पारी खेली। कप्तान गेरहर्ड इरासमस ने 9 गेंद पर 18 रन बनाए थे। नीदरलैंड के लिए बास डे लीडे और लोगान वान बीक ने 2-2, जबकि आर्यन दत्त और फ्रेड क्लासेन ने 1-1 विकेट लिए थे। बास डे लीडे को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। 

पाकिस्तान ने स्वीकार किया, T20 वर्ल्ड कप में भारत से खेलेगा मुकाबला

 नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहुप्रतीक्षित मुकाबला 15 फरवरी को तय कार्यक्रम के अनुसार खेला जाएगा. पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को औपचारिक रूप से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को यह मैच खेलने की अनुमति दे दी, जिससे पिछले कई दिनों से बना गतिरोध समाप्त हो गया. प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने आईसीसी, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और अन्य सदस्य देशों के साथ हुई उच्चस्तरीय बातचीत की जानकारी दी. इसके बाद सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार करते हुए पाकिस्तान टीम को मैदान में उतरने का निर्देश दिया. पाकिस्तान ने पहले अपनी सरकार की सलाह पर भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने की बात कही थी, जिससे पूरे टूर्नामेंट पर संकट के बादल मंडराने लगे थे. हालांकि आईसीसी की सख्ती, बांग्लादेश की अपील और लगातार बातचीत के बाद पाकिस्तान पीछे हटता नजर आया. लाहौर मीटिंग के बाद रास्ता साफ लाहौर में हुई बैठक कई घंटों तक चली, लेकिन सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की ओर से रखी गई ज्यादातर मांगों पर आईसीसी ने सहमति नहीं जताई. इसके बाद पीसीबी ने बहिष्कार के रुख को नरम किया और अब मैच खेले जाने का रास्ता साफ हो गया है. भारत-पाकिस्तान मुकाबला क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा और कमाई वाला मैच माना जाता है. ऐसे में इसके रद्द होने से आईसीसी, ब्रॉडकास्टर्स और सभी सदस्य बोर्डों को भारी नुकसान होता. अब मैच तय समय पर होने से टूर्नामेंट और क्रिकेट इकोसिस्टम को बड़ी राहत मिली है. बता दें कि लाहौर में हुई बैठक में पाकिस्तान ने कई शर्त रखी थीं. जिसमें भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज, भारत-बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच त्रिपक्षीय सीरीज. हैंडशेक विवाद औऱ रेवन्यू बढ़ाने की बात कही गई थी. लेकिन आईसीसी ने पाकिस्तान की कोई बात नहीं मानी. आईसीसी ने बस इतना कहा कि वो बांग्लादेश पर कोई आर्थिक एक्शन नहीं लेगा. लेकिन उसने पाकिस्तान की कोई बात मानने से इनकार कर दिया. आखिरकार पाकिस्तान को झुकना पड़ा. पाकिस्तान ने कैसे लिया यू-टर्न,पूरी इनसाइड स्टोरी पाकिस्तान सरकार ने आखिर कर देर रात यू टर्न लेते हुए भारत के साथ कोलंबो में 15 फरवरी को मैच खेलने के लिए अपनी टीम को निर्देश दे दिया.  पाकिस्तान सरकार ने प्रेस रिलीज जारी कर अपने यू टर्न के फैसले की वजहें बताई. पाकिस्तान सरकार ने यह भी कहा कि उन्होंने ग्लोबल क्रिकेट के लिए और श्रीलंका और बांग्लादेश का ख्याल रखते हुए भारत के साथ 15 फरवरी को मैच खेलने के लिए अपना मन बनाया. पाकिस्तान के माननीय प्रधानमंत्री, श्री शहबाज शरीफ को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष, श्री मोहसिन नकवी ने पीसीबी, आईसीसी के प्रतिनिधियों और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के बीच उच्च स्तरीय वार्ता के परिणामों के बारे में औपचारिक रूप से जानकारी दी है.   पाकिस्तान सरकार ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की ओर से पीसीबी को भेजे गए औपचारिक अनुरोधों, साथ ही श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य सदस्य देशों के समर्थन पत्रों की समीक्षा की है. इन पत्रों में हाल की चुनौतियों का समाधान करने के लिए पाकिस्तान के नेतृत्व की मांग की गई थी. सरकार ने बीसीबी अध्यक्ष, श्री अमीनुल इस्लाम के बयान को भी नोट किया है.  हमारे भाईचारे वाले देश द्वारा व्यक्त की गई गहरी आंतरिकता को गर्मजोशी से स्वीकार किया गया है. पाकिस्तान ने दोहराया है कि वह बांग्लादेश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है.  इसी शाम, प्रधानमंत्री ने श्रीलंका के राष्ट्रपति, एच.ई. अनुर कुमार दिसानायके के साथ एक टेलीफोन वार्ता की. उनकी गर्म और मित्रवत बातचीत के दौरान, उन्होंने याद किया कि पाकिस्तान और श्रीलंका हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं, खासकर चुनौतीपूर्ण समय में। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री से वर्तमान गतिरोध को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए गंभीर विचार करने का अनुरोध किया. बहुपक्षीय वार्ता में हासिल किए गए परिणामों और मित्र देशों के अनुरोध को देखते हुए, पाकिस्तान सरकार ने पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 15 फरवरी, 2026 को आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में अपने निर्धारित मैच के लिए मैदान में उतरने का निर्देश दिया है. इसके अलावा, यह निर्णय क्रिकेट की भावना की रक्षा करने और सभी भाग लेने वाले देशों में इस वैश्विक खेल की निरंतरता का समर्थन करने के उद्देश्य से लिया गया . प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के लोगों ने “मेन इन ग्रीन” को अपनी शुभकामनाएं दी हैं. हमें विश्वास है कि हमारी टीम वैश्विक गौरव के लिए प्रतिस्पर्धा करते हुए खेल भावना और राष्ट्रीय गर्व को मैदान में ले जाएगी. बांग्लादेश पर कोई पेनल्टी नहीं ICC ने बांग्लादेश के प्रति नरम रुख अपनाने पर सहमति जताई है, क्योंकि टीम ने T20 वर्ल्ड कप के लिए भारत जाने से मना कर दिया था, जिस वजह से इस बड़े टूर्नामेंट में उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया. सोमवार को, दुनिया की गवर्निंग बॉडी ने पुष्टि की कि वह पीछे हटने के बावजूद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर कोई पेनल्टी नहीं लगाएगी.  यह फैसला BCB के साथ-साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड  के साथ बातचीत के बाद लिया गया, जिसने बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाते हुए 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की घोषणा की थी.  यह सारा ड्रामा किस बारे में था? यह सब तब शुरू हुआ जब मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से अलग किया गया जिसके बाद बांग्लादेश ने कड़ा रूख अपनाया और इसको लेकर आईसीसी से शिकायत की, वहीं, बांग्लादेश बोर्ड ने  सुरक्षा मामले को लेकर भारत आने से मना कर दिया. आईसीसी से लाख समझाने के बाद भी बांग्लादेश नहीं माना तो आईसीसी ने उन्हें टी-2- वर्ल्ड कप से अलग कर दिया जिसके बाद पाकिस्तान बोर्ड इस विवाद में कूद गया और पैंतरे बाजी करने लगा. पाकिस्तान ने बॉयकॉट का ड्रामा किया जिसके बाद आईसीसी, पीसीबी और बीसीबी ने मिलकर इस विवाद को सुलझाया और आखिकार पाकिस्तान बॉयकॉट ड्रामे पर यू-टर्न लिया. बांग्लादेश पर कोई एक्शन नहीं लेगा आईसीसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने सोमवार को कहा कि भारत में अपने टी20 वर्ल्ड कप मैच खेलने से इनकार करने पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) पर किसी भी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा. विश्व क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने कहा कि यह फैसला बीसीबी के साथ-साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से बातचीत के बाद लिया गया … Read more

T20 वर्ल्ड कप विवाद: PCB को UAE ने दिया कड़ा संदेश, ‘एहसान ना भूले पाकिस्तान’

  दुबई आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाईवोल्टेज मुकाबले पर अनिश्चितता लगातार बढ़ती जा रही है. श्रीलंका क्रिकेट (SLC) के बाद अब एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को पत्र लिखकर 15 फरवरी को प्रस्तावित भारत-PAK मैच से दूरी बनाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. इस बीच आईसीसी भी लगातार बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है, ताकि टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला संकट में ना पड़े. RevSportz की रिपोर्ट के अनुसार एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड ने अपने पत्र में पाकिस्तान को ‘क्रिकेट परिवार का अहम सदस्य’ बताते हुए कहा कि उसने मुश्किल समय में पाकिस्तान को अपने मैदान उपलब्ध कराए और कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित करने में मदद की. बोर्ड ने याद दिलाया कि पाकिस्तान क्रिकेट को वैश्विक मंच पर बनाए रखने में यूएई की भूमिका अहम रही है. ऐसे में भारत के खिलाफ मैच का बायकॉट ना केवल क्रिकेट के लिए नुकसानदेह होगा, बल्कि एसोसिएट देशों की वित्तीय स्थिति पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है. एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड ने अपने संदेश में कहा कि टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में किसी भी बड़े मुकाबले का रद्द होना प्रसारण अधिकार, स्पॉन्सरशिप और वैश्विक दर्शकों पर सीधा असर डालता है, जिससे पूरे क्रिकेट इकोसिस्टम को नुकसान हो सकता है. इसलिए सभी पक्षों को मिलकर व्यावहारिक और स्वीकार्य समाधान निकालना चाहिए. श्रीलंका ने भी दी थी कड़ी चेतावनी इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट ने भी पीसीबी से अपना रुख बदलने की अपील की थी और संभावित आर्थिक नुकसान का हवाला दिया था. अब यूएई के सामने आने से यह साफ है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है कि वह टूर्नामेंट की गरिमा बनाए रखे और विवाद का समाधान बातचीत से निकाले. आईसीसी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है. आईसीसी के अधिकारियों ने PCB साथ कई दौर की बातचीत की है, ताकि किसी भी तरह से टूर्नामेंट के शेड्यूल और व्यावसायिक संरचना पर असर न पड़े. आईसीसी के लिए भारत-पाकिस्तान मैच बेहद अहम है, क्योंकि यह मुकाबला प्रसारण राजस्व, विज्ञापन और वैश्विक दर्शकों के लिहाज से सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है. उधर क्रिकबज की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए आईसीसी के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी है. पहली मांग यह है कि आईसीसी से मिलने वाली वार्षिक फंडिंग में बढ़ोतरी. वहीं भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज की बहाली के लिए आईसीसी प्रयास करे. साथ ही मैच के बाद हैंडशेक जैसी खेल भावना से जुड़ी परंपराओं का पालन किया जाए. रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान सरकार से परामर्श के बाद ही पीसीबी कोई अंतिम निर्णय लेगा. यही कारण है कि अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या पाकिस्तान अपने रुख में नरमी दिखाएगा या फिर वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा मुकाबला विवादों में ही घिरा रहेगा. भारत-पाकिस्तान मैच को दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट मुकाबला माना जाता है.  ऐसे में अगर यह मैच नहीं होता है तो इसका असर सिर्फ टूर्नामेंट ही नहीं, बल्कि पूरे क्रिकेट कैलेंडर और वैश्विक क्रिकेट अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता मैदान पर दिखेगी या इतिहास में एक बड़ी अनुपस्थिति के रूप में दर्ज होगी.

टीम इंडिया के खिलाफ यादगार प्रदर्शन के बाद अमेरिकी गेंदबाज ने खोला दिल—क्यों कहा ‘हमें ऐसे मैच नहीं मिलते’

मुंबई अमेरिका के तेज गेंदबाज शैडली वैन शाल्कविक ने कहा कि एसोसिएट देशों (जो आईसीसी के पूर्ण सदस्य नहीं हैं) के क्रिकेटरों के लिए अपना होमवर्क करना बहुत जरूरी होता है। उन्होंने साथ ही कहा कि उनकी टीम ने मुंबई में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मैच में अपनी फील्डिंग की सजावट से भारत को चौंका दिया। वैन शाल्कविक ने 25 रन देकर चार विकेट चटकाए। उन्होंने छठे ओवर में तीन विकेट हासिल किए जिससे पावरप्ले के आखिर में भारत का स्कोर चार विकेट पर 46 रन हो गया। ‘लोग कंप्यूटर के पीछे बैठे हैं जो…’ मैच के बाद शाल्कविक ने संवाददाताओं से कहा, ”एसोसिएट क्रिकेटर के तौर पर हमें अच्छा क्रिकेटर होने पर गर्व है। इसलिए हम अपना होमवर्क करते हैं। हमें करना ही पड़ता है… क्योंकि हमें अक्सर सबसे बड़े मंच पर खेलने का मौका नहीं मिलता। हमारे लिए उन टीम के खिलाफ बहुत अच्छी तरह तैयारी करना जरूरी है जिनके खिलाफ हम खेलते हैं। हम योजना पर भी भरोसा करते हैं।” उन्होंने कहा, ”हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो पहले यहां खेल चुके हैं। हमारे पास ऐसे लोग हैं जो कंप्यूटर के पीछे बैठे हैं जो हमें स्थिति बताते हैं। साथ ही बताते हैं कि कहां गेंदबाजी करनी है और हम उस योजना पर भरोसा करते हैं। हम मैदान पर अभ्यास करते हैं और जितना हो सके उतना अच्छा करने की कोशिश करते हैं। यह किस्मत की बात थी कि आज मेरा दिन था।” ‘अगर अधिक योजना बनाते हैं तो…’ दक्षिण अफ्रीकी मूल के अमेरिका के गेंदबाज वैन शाल्कविक ने कहा कि विरोधियों के खिलाफ अधिक योजना नहीं बनाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, ”अगर आप अधिक योजना बनाते हैं तो आपको खिलाड़ी कहीं अधिक बेहतर लगने लगते हैं। मुझे लगता है कि अधिक योजना बनाने से आप थोड़े अधिक नर्वस हो सकते हैं।” वैन शाल्कविक का प्रयास काबिले तारीफ था लेकिन भारत को कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बचाया जिन्होंने 10 चौके और चार छक्के लगाकर 49 गेंद में नाबाद 84 रन बनाए और भारत को नौ विकेट पर 161 रन के स्कोर तक पहुंचाया। सूर्यकुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए सौरभ नेत्रवलकर के आखिरी ओवर में 21 रन जोड़े। अमेरिकी टीम में शामिल मुंबई के तीन क्रिकेटरों में से एक नेत्रवलकर ने चार ओवर में 65 रन लुटाए। ‘आपको सूर्यकुमार को श्रेय देना होगा’ शाल्कविक ने कहा, ”आखिरी ओवर, इन मैच में ऐसा होता है, विशेषकर जब बाउंड्री थोड़ी छोटी हों।” उन्होंने कहा, ”सौरभ हमारे लिए शानदार रहे हैं और वह अब भी एक सच्चे जेंटलमैन हैं।” वैन शाल्कविक ने कहा कि अमेरिका को बल्लेबाजी में अपने मौके पर भरोसा था, फिर भले ही आधे ओवरों के बाद भारत बेहतर स्थिति में पहुंच गया हो। उन्होंने कहा, ”अगर आप भारत को 170 रन पर रोकते हैं तो हम निश्चित रूप से कहेंगे कि हमारे पास मौका था क्योंकि हम एक अच्छी टीम हैं। लेकिन आपको सूर्यकुमार को श्रेय देना होगा और उन्होंने वहां अविश्वसनीय पारी खेली। जहां श्रेय देना चाहिए, वहां देना चाहिए – निश्चित रूप से यही बल्लेबाजी का अंतर था।” शाल्कविक ने कहा अमेरिका के गेंदबाजों ने अपनी योजनाओं पर अमल किया लेकिन बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले में उनकी पसंद से अधिक विकेट गिर गए।

क्रिस गेल का 16 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, 2026 टी20 वर्ल्ड कप में लगा सबसे तेज अर्धशतक

नईदिल्ली  2026 टी20 वर्ल्ड कप का दूसरा मैच वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड के बीच खेल जा रहा है. इस मुकाबले में शिमरोन हेटमायर ने क्रिस जेल का 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ डाला है. हेटमायर ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. उन्होंने स्कॉटलैंड के विरुद्ध 22 गेंदों में फिफ्टी पूरी की. अर्धशतक पूरा करने तक उन्होंने अपनी पारी में 6 छक्के और एक चौका लगाया. क्रिस गेल का 16 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा शिमरोन हेटमायर ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 22 गेंदों में अर्धशतक लगाया, जो टी20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी है. इससे पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 2009 के वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया था. हेटमायर ने उनसे एक गेंद कम खेलकर फिफ्टी पूरी की. गेल के बाद इस सूची में शाय होप का नाम आता है, जिन्होंने 2024 वर्ल्ड कप में 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया था. वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी (टी20 वर्ल्ड कप)     22 गेंद – शिमरोन हेटमायर – 2026     23 गेंद – क्रिस गेल – 2009     24 गेंद – शाय होप – 2024 अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट की बात करें तो वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड आज भी क्रिस गेल के ही नाम है. उन्होंने साल 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 17 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर ली थी. मगर सबसे तेज वर्ल्ड कप फिफ्टी के मामले में शिमरोन हेटमायर उनसे आगे निकल चुके हैं. युवराज सिंह हैं सबसे आगे टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड पिछले 19 सालों से युवराज सिंह के नाम है. उन्होंने 2007 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ मैच में 12 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर ली थी. उस मैच को युवराज के 6 छक्कों के लिए याद किया जाता है.

टी20 वर्ल्ड कप वार्म-अप: भारत ने साउथ अफ्रीका को धो डाला, ईशान किशन की तूफानी पारी ने दिलाई जीत

नवी मुंबई आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय टीम 4 फरवरी (बुधवार) को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मुकाबला खेलने उतरी. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 30 रनों से जबरदस्त जीत हासिल की. मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 241 रनों का टारगेट दिया था. टारगेट का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीकी टीम सात विकेट पर 210 रन ही बना सकी. भारतीय टीम की जीत में ईशान किशन और अभिषेक शर्मा की अहम भूमिका रही. ईशान ने तूफानी अर्धशतक लगाया. वहीं अभिषेक ने गेंद और बल्ले से शानदार खेल दिखाया. भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप में उतरेगी, जहां उसका पहला मुकाबला 7 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) से होना है. रनचेज में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा 45* रन ट्रिस्टन स्टब्स ने बनाए. स्टब्स ने 21 गेंदों का सामना किया और चार चौके के अलावा एक सिक्स लगाया. विकेटकीपर बल्लेबाज रयान रिकेल्टन ने 4 चौके और तीन छक्के की मदद से 21 बॉल पर 44 रन बनाए. वहीं कप्तान एडेन मार्करम ने रिटायर्ड आउट होने से पहले 19 गेंदों पर 38 रनों की पारी खेली, जिसमें 2 चौके और चार छक्के शामिल रहे. जेसन स्मिथ ने 4 चौके और एक छक्के की सहायता से 23 गेंदों का सामना करते हुए 35 रन बनाए. जबकि मार्को जानसेन ने 31 रनों का योगदान दिया. भारत के लिए अभिषेक शर्मा ने सबसे ज्यादा दो विकेट झटके. अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, शिवम दुबे और अर्शदीप सिंह को एक-एक विकेट मिला. भारतीय बल्लेबाजों का धांसू प्रदर्शन टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने 6 विकेट पर 240 रन बनाए. ओपनिंग करने उतरे ईशान किशन ने 7 छक्के और दो चौके की मदद से सिर्फ 20 गेंदों पर 53 रनों का योददान दिया. वहीं चोट से उबरकर टीम में वापसी करने वाले तिलक वर्मा ने 19 गेंदों पर 41 रनों की इनिंग्स खेली. तिलक ने अपनी इनिंग्स में तीन चौके और तीन छक्के लगाए. वहीं अक्षर पटेल 23 बॉल पर 35 रन बनाकर नॉटआउट रहे, जिसमें 2 छक्के और दो चौके शामिल थे. कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या ने भी तूफानी बैटिंग करते हुए 30-30 रनों का योगदान दिया. साउथ अफ्रीका की ओर से एनिरक नॉर्किया, कॉर्बिन बॉश, मार्को जानसेन और क्वेना मफाका ने एक-एक सफलता हासिल की. टी20 विश्व कप के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा और कुलदीप यादव. टी20 विश्व कप के लिए साउथ अफ्रीका का फुल स्क्वॉड: एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डिकॉक, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, जेसन स्मिथ, डेविड मिलर, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, क्वेना मफाका, लुंगी एनगिडी, एनरिक नॉर्किया और कगिसो रबाडा.  

अनजान से अंडरडॉग तक का सफर: कैसे इटली बना T20 वर्ल्ड कप का नया खतरा?

बेंगलुरु फुटबॉल के दीवाने इटली में क्रिकेट की शुरुआत 18वीं शताब्दी में हो गई थी लेकिन यह खेल हमेशा वहां हाशिये पर ही रहा लेकिन दो सदियों के बाद अब लगता है कि इस देश में क्रिकेट गुमनामी से बाहर निकल आएगा। वेन मैडसन की अगुवाई वाली इटली की टीम आगामी टी20 वर्ल्ड कप में छाप छोड़ने के लिए तैयार है और यह सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं है। पिछले महीने आयरलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज में चार विकेट से मिली जीत टेस्ट खेलने वाले देश के खिलाफ इटली की पहली जीत थी। इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि इस ऐतिहासिक जीत के सूत्रधारों में से एक सहायक कोच केविन ओब्रायन थे जो आयरलैंड के मशहूर पूर्व ऑलराउंडर हैं। इटली ने ओब्रायन के अलावा कनाडा के पूर्व बल्लेबाज जॉन डेविसन को मुख्य कोच के रूप में अपने सहयोगी स्टाफ में शामिल किया है।   ‘जानते हैं कि विश्व कप में खेलने के लिए क्या जरूरी’ इंग्लैंड के लिए 25 वनडे और दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच तथा वारविकशर के लिए 209 प्रथम श्रेणी के मैच खेलने वाले डौगी ब्राउन टीम के दूसरे सहायक कोच हैं। इटली क्रिकेट महासंघ (आईसीएफ) की अध्यक्ष लोरिया हाज पाज ने पीटीआई से कहा, ”हमारे सहयोगी स्टाफ के पास अंतरराष्ट्रीय अनुभव है और वे जानते हैं कि विश्व कप में खेलने के लिए क्या जरूरी होता है। यह हमारे लिए वास्तव में बेहद महत्वपूर्ण है। हमारे युवा खिलाड़ी उनसे इस तरह की बड़ी प्रतियोगिताओं में दबाव झेलने के लिए काफी कुछ सीख सकते हैं। उम्मीद है कि हमारी टीम टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करेगी।” पिछले साल 11 जुलाई को आईसीसी के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करना इटली क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक क्षण था। लेकिन वह इस सफलता पर संतुष्ट होकर बैठने को तैयार नहीं था। ‘श्रीलंका में शिविर से टीम को काफी फायदा हुआ’ आईसीएफ ने पिछले साल नवंबर से खिलाड़ियों के कौशल को निखारने के लिए दुबई और श्रीलंका में शिविरों का आयोजन किया। डेविसन ने कहा, ”सबसे अहम बात यह स्वीकार करना था कि काम अभी पूरा नहीं हुआ है। इन शिविर से टीम को काफी फायदा हुआ क्योंकि यहां की परिस्थितियां भारतीय परिस्थितियों से काफी हद तक मिलती-जुलती थीं। इससे खिलाड़ियों को यह पता चला कि विश्व कप में उनसे क्या उम्मीद की जा रही है। इससे उन्हें विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार होने में भी मदद मिली।” इटली की टीम को उम्मीद है कि वह ग्रुप सी के अपने पहले दो मैचों में स्कॉटलैंड (जिसने बांग्लादेश की जगह ली है) और नेपाल के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करेगी। इसके बाद उसे पूर्व चैंपियन इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। नेतृत्व को लेकर खींचतान के बाद बर्न्स हुए बाहर पिछले साल यूरोपीय क्षेत्रीय प्रतियोगिता में इटली ने स्कॉटलैंड को हराया था और वे इस बार भी वैसा ही प्रदर्शन दोहराने की कोशिश करेंगे। नेतृत्व को लेकर चली खींचतान के कारण पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज जो बर्न्स को टीम से बाहर किए जाने के बावजूद इटली अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इटली की टीम में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर जेजे स्मट्स आक्रामक बल्लेबाज के रूप में मध्य क्रम को मजबूत बनाते हैं। उनकी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी भारतीय पिचों पर काफी उपयोगी साबित हो सकती है। कप्तान मैडसन 42 वर्ष के हैं और उनके पास दुनिया भर की टी20 लीगों में खेलने का अनुभव है। इसी तरह का अनुभव मैनेंटी बंधुओं बेन और हैरी के पास भी है, जो बिग बैश लीग (बीबीएल) में खेलते रहे हैं। इटली ने सोमवार को चेन्नई में खेले गए अभ्यास मैच में कनाडा को 10 विकेट से हराया था जिसमें स्मट्स और हैरी मैनेंटी ने अहम भूमिका निभाई। इटली की टीम: वेन मैडसन (कप्तान), मार्कस कैंपोपियानो, जियान पिएरो मीडे, ज़ैन अली, अली हसन, क्रिस्चन जॉर्ज, हैरी मैनेंटी, एंथोनी मोस्का, जस्टिन मोस्का, सैयद नकवी, बेंजामिन मैनेंटी, जसप्रीत सिंह, जे जे स्मट्स, ग्रांट स्टीवर्ट, थॉमस ड्रेका। इटली का टी20 विश्व कप कार्यक्रम 9 फरवरी: स्कॉटलैंड के खिलाफ कोलकाता में 12 फरवरी: नेपाल के खिलाफ मुंबई में 16 फरवरी: इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में 19 फरवरी: वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में।  

वर्ल्ड कप 2026 बना ‘ग्लोबल इंडिया’ का मंच, कई विदेशी टीमों की रीढ़ बने भारतीय मूल के खिलाड़ी

नई दिल्ली टी20 विश्व कप में कई टीमों में भारतीय मूल के क्रिकेटरों की भरमार है जो सात फरवरी से होने वाले टूर्नामेंट में अपनी ‘घरेलू धरती’ पर प्रभाव छोड़ने के लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। विदेशी टीमों में भारतीय मूल के तीन दर्जन से भी अधिक क्रिकेटर हैं, जिनमें कनाडा और अमेरिका सबसे आगे हैं। मुंबई में जन्मे अमेरिकी तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर जैसे खिलाड़ी के लिए वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ खेलना एक यादगार पल होगा। जिस देश में उन्होंने जन्म लिया वह उसकी तरफ से तो नहीं खेल पाए, लेकिन अपने बचपन की इस धरती पर वापसी के लिए भावुक हैं।   फगवाड़ा में जन्मे इटली के तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह भी उस देश में शीर्ष स्तर की क्रिकेट खेलने के लिए बेताब हैं, जिसे उन्होंने किशोरावस्था में ही छोड़ दिया था। नीदरलैंड के ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त का जन्म भारत में नहीं हुआ, लेकिन वह भी अपने मूल देश में खेलने को लेकर उत्साहित हैं। आईसीसी की इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 20 टीमों में कनाडा की टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है। कनाडा की टीम में 11 खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं, जबकि अमेरिका की टीम में 9 ओमान की टीम में 7 और यूएई की टीम में भी 7 खिलाड़ी भारतीय मूल के शामिल हैं। मेजबान भारत अपनी घरेलू धरती पर खिताब का बचाव करने की कोशिश करेगा, लेकिन कई अन्य टीमों में भी ‘भारतीय दबदबा’ देखने को मिलेगा। हम यहां पर भारतीय मूल के कुछ क्रिकेटरों पर नजर डाल रहे हैं जो कि टूर्नामेंट में प्रभाव छोड़ सकते हैं। सौरभ नेत्रवलकर: भारत के लिए अंडर-19 क्रिकेट खेल चुके अमेरिका के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नेत्रवलकर विश्व कप के पहले मैच में भारत का सामना करने के लिए मुंबई पहुंच चुके हैं। उन्होंने पिछले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने वाले इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछली बार बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे अमेरिका की टीम ने पाकिस्तान जैसी टीमों को हराकर सुपर आठ के लिए क्वालीफाई किया था। नेत्रवलकर भारत की अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर खेलने के लिए बेताब हैं, लेकिन सात फरवरी को वानखेड़े में मुंबई टीम के अपने पूर्व साथी सूर्यकुमार यादव के खिलाफ मैदान में उतरते समय उन्हें अपनी भावनाओं पर काबू रखने की कोशिश करनी होगी। मोनांक पटेल: भारत के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में अमेरिका की कप्तानी आनंद में जन्मे मोनांक पटेल करेंगे, जिन्होंने पिछले विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच विजेता अर्धशतक लगाकर अपनी छाप छोड़ी थी। यह 32 वर्षीय सलामी बल्लेबाज गुजरात अंडर-19 टीम के अपने पूर्व साथी जसप्रीत बुमराह का सामना करने के लिए उत्सुक है। वह मैदान के बाहर अपने बचपन के दिनों को याद कर रहे हैं। बुमराह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक बन गए हैं और मोनांक को किशोरावस्था में ही इसका पता चल गया था। मोनांक ने कहा, ”हमने साथ में लाल गेंद और सफेद गेंद दोनों तरह की क्रिकेट खेली है और वह वाकई बहुत खास पल थे। वह मेरे क्रिकेट करियर का शुरुआती दौर था और तब भी जिस तरह से हम खेल रहे थे, विशेषकर जिस तरह से जसप्रीत प्रदर्शन कर रहा था, हम जानते थे कि उसमें वो खास हुनर ​​है और वह आगे चलकर जरूर बड़ा खिलाड़ी बनेगा।” जसप्रीत सिंह: इटली के फगवाड़ा में जन्मे जसप्रीत सिंह पर भी लोगों की निगाहें टकी रहेंगी। यह 32 वर्षीय खिलाड़ी 2006 में अपने परिवार के साथ मिलान चला गया था। उन्होंने इटली में टेप-बॉल क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत की और 2016-17 में लाल गेंद की क्रिकेट में कदम रखा और फिर 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। आईसीसी प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलना उस तेज गेंदबाज के लिए सपने जैसा है, जो कुछ समय पहले तक आजीविका के लिए उबर ड्राइवर के रूप में काम करता था। आर्यन दत्त: आर्यन दत्त को 2023 में वनडे विश्व कप के दौरान भारतीय प्रशंसकों के सामने खेलने का अनुभव है। नीदरलैंड की टीम में भारतीय मूल के एकमात्र क्रिकेटर 22 वर्षीय आर्यन दत्त का लक्ष्य प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करके शीर्ष टीमों को हैरान करना है। दत्त का परिवार 1980 के दशक में पंजाब से नीदरलैंड चला गया था। भारत में अब भी उनके परिवार के कुछ सदस्य रहते हैं। दिलप्रीत बाजवा: गुरदासपुर में जन्में बाजवा 2020 में ही कनाडा गए थे और छह साल बाद वह कनाडा की टीम के कप्तान के रूप में भारत आए हैं। पंजाब में आयु वर्ग की क्रिकेट में ढेरों रन बनाने के बावजूद बाजवा को वह अवसर नहीं मिले जिनकी उन्हें उम्मीद थी। हालांकि, उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और कम प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी क्रिकेट यात्रा जारी रखी। कनाडा ग्लोबल टी20 लीग में मिली सफलता से उन्होंने कनाडा की टीम में जगह बनाई और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह 23 वर्षीय यह खिलाड़ी 2024 के टी20 विश्व कप में भी कनाडा की टीम का हिस्सा था। जतिंदर सिंह: बाजवा की तरह लुधियाना में जन्मे जतिंदर भी अपने नए देश ओमान की टीम की कप्तानी करेंगे। यह 36 वर्षीय खिलाड़ी एक दशक से अधिक समय से क्रिकेट खेल रहा है, लेकिन उन्हें भारत में खेलने का अवसर कभी नहीं मिला। ओमान के सभी लीग मैच श्रीलंका में होने के कारण जतिंदर के लिए अपनी जन्मभूमि में खेलने का सपना पूरा कर पाना मुश्किल लग रहा है।  

टी20 वर्ल्ड कप 2026: युवा जोश vs अनुभव का दम – टीम इंडिया के 8 30 पार खिलाड़ी

नई दिल्ली टेस्ट और वनडे के मुकाबले टी20 बिल्कुल ही अलग फॉर्मेट है। जहां पहले दो फॉर्मेट में टेंपरामेंट का टेस्ट होता है वहीं टी20 में पावर हिटिंग और साहस के दम पर मुकाबले जीते जाते हैं। टेस्ट और टी20 के मुकाबले यहां कप्तान को क्विंक डिसीजन लेने होते हैं। इस वजह से इसे युवाओं का खेल भी कहा जाता है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज होने में अब महज कुछ ही समय बाकी है, टीम इंडिया अपने वर्ल्ड कप स्क्वॉड का ऐलान कर चुकी है। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारत 7 फरवरी से अपने अभियान का आगाज करेगा। ऐसे में आईए एक नजर टीम इंडिया के खिलाड़ियों की उम्र पर डालते हैं, जानते हैं कौन टीम का सबसे युवा खिलाड़ी है और कौन सबसे उम्रदराज- भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 15 खिलाड़ियों की भारतीय टीम का ऐलान किया है। इस टीम में 2 खिलाड़ियों को छोड़कर वही खिलाड़ी है जो हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज का हिस्सा थे। तिलत वर्मा और वॉशिंगटन चोट के बाद टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में वापसी कर रहे हैं। वहीं उनके बैकअप के लिए आए श्रेयस अय्यर और रवि बिश्नोई इस स्क्वॉड में नहीं है। टीम इंडिया के सबसे युवा खिलाड़ी की बात करें तो भारतीय टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में 1 खिलाड़ी 23 साल के हैं। जी हां, तिलक वर्मा मौजूदा भारतीय टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड के सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उनके बाद हर्षित राणा और अभिषेक शर्मा हैं, जिनकी उम्र क्रमश: 24 और 25 साल है। आधे से ज्यादा खिलाड़ियों की उम्र 30 के पार आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 15 खिलाड़ियों के इस स्क्वॉड में आधे से ज्यादा खिलाड़ियों की उम्र 30 के पार है। जी हां, भारतीय टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में 8 खिलाड़ी ऐसे में जिनकी उम्र 30 से अधिक है। कप्तान सूर्यकुमार यादव सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। वह 35 साल के हैं। भारतीय टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड के खिलाड़ी और उनकी उम्र- तिलक वर्मा- 23 हर्षित राणा- 24 अभिषेक शर्मा- 25 अर्शदीप सिंह- 26 वॉशिंगटन सुंदर- 26 ईशान किशन- 27 रिंकू सिंह- 28 संजू सैमसन- 31 अक्षर पटेल- 31 कुलदीप यादव- 31 हार्दिक पांड्या- 32 शिवम दुबे- 32 जसप्रीत बुमराह- 32 वरुण चक्रवर्ती- 34 सूर्यकुमार यादव- 35

भारत को बोनस अंक, पाकिस्तान के लिए नेट रनरेट बना खतरा, मैच न खेलने से हो सकता है नॉकआउट

नई दिल्ली आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ ग्रुप मैच के बहिष्कार का फैसला पाकिस्तान क्रिकेट के लिए घातक साबित हो सकता है. अगर पाकिस्तानी टीम 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरती है, तो आईसीसी के नियमों के तहत भारत को वॉकओवर के जरिए पूरे दो अंक मिल जाएंगे, जबकि पाकिस्तान को सीधे 0 अंक मिलेंगे. इतना ही नहीं, इस फैसले का असर सिर्फ पॉइंट्स टेबल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पाकिस्तान के नेट रनरेट (NRR) पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. आईसीसी की प्लेइंग कंडीशन्स के मुताबिक, डिफॉल्ट करने वाली टीम का NRR प्रभावित किया जा सकता है, जो आगे चलकर क्वालिफिकेशन में बड़ा फैक्टर बन सकता है.  इसका सीधा मतलब है कि भारत को 2 अंक आसानी से मिलेंगे, जबकि पाकिस्तान के लिए गलती की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी. ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, नामीबिया और अमेरिका शामिल हैं. टॉप-2 टीमें सुपर-8 में पहुंचेंगीय. भारत को पहले ही 2 अंक मिलने से उसकी स्थिति मजबूत हो जाएगी, जबकि पाकिस्तान के लिए हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा हो जाएगा. भारत अब अपने बाकी मुकाबले बिना ज्यादा दबाव के खेल सकता है और साफ जीत के साथ नेटरनरेट और मजबूत करने पर फोकस कर सकेगा. वहीं पाकिस्तान के पास भारत के खिलाफ मिलने वाले संभावित अंक गंवाने के बाद सिर्फ तीन मैच ही बचेंगे. पाकिस्तान का वर्ल्ड कप सफर तरह नीदरलैंड्स, अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ मैच पर निर्भर करेगा. अगर पाकिस्तान इन तीनों मैचों में जीत दर्ज करता है, तो क्वालिफिकेशन की उम्मीद बनी रहेगी. लेकिन अगर टीम सिर्फ दो मैच जीत पाती है, तो मामला नेट रनरेट और अन्य टीमों के नतीजों पर अटक जाएगा. चू्ंकि भारत से मैच नहीं खेलने पर पाकिस्तान का नेट रनरेट पहले ही खराब होगा, ऐसे में उसकी हालत काफी पतली हो जाएगी. वहीं अगर पाकिस्तान एक या उससे कम मैच जीतता है, तो उसका सुपर-8 में पहुंचना लगभग नामुमकिन हो जाएगा. पिछले  टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को संयुक्त राज्य अमेरिका ने पराजित कर दिया था. ऐसे में पाकिस्तान के इन तीनों मैच जीतना आसान नहीं होगा. पाकिस्तान पर ग्रुप स्टेज में ही टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा इस बार भी अभी से मंडरा रहा है. भारत के ग्रुप मैच बनाम यूएसए- 7 फरवरी, मुंबई बनाम नामीबिया- 12 फरवरी, दिल्ली बनाम पाकिस्तान- 15 फरवरी, कोलंबो* बनाम नीदरलैंड्स- 18 फरवरी, अहमदाबाद पाकिस्तान के ग्रुप मुकाबले बनाम नीदरलैंड्स- 7 फरवरी, कोलंबो बनाम यूएसए- 10 फरवरी, कोलंबो बनाम भारत- 15 फरवरी, कोलंबो* बनाम नामीबिया- 18 फरवरी, कोलंबो भारत के खाते में बिना खेले आए दो अंक उसे ग्रुप में बढ़त दिला देंगे. इससे टीम इंडिया को शुरुआती दौर में ही टूर्नामेंट फेवरेट की तरह खेलने का मौका मिलेगा, जबकि पाकिस्तान हर मुकाबले में अतिरिक्त दबाव के साथ उतरेगा. भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा से टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण रहा है, लेकिन इस बार बहिष्कार का फैसला पाकिस्तान के लिए खुद की राह मुश्किल करने वाला साबित हो सकता है. अगर पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच नहीं खेला, तो वह वर्ल्ड कप से नॉकआउट होने की कगार पर पहुंच सकता है.

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