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Jasprit Bumrah की गेंदबाजी का इंग्लैंड भी मुरीद, कप्तान Harry Brook ने बताया दुनिया का नंबर-1 बॉलर

मुंबई इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक ने जसप्रीत बुमराह की जमकर तारीफ करते हुए भारत के इस तेज गेंदबाज को ‘वर्तमान समय का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज’ करार दिया। बुमराह ने टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल के आखिरी ओवरों में सटीक यॉर्करों की बौछार से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को हतप्रभ कर दिया। भारत ने यह मैच सात रन से जीता। मौजूदा चैंपियन भारत ने संजू सैमसन की 42 गेंदों में खेली गई शानदार 89 रन की पारी की बदौलत सात विकेट पर 253 रन बनाए। इसके जवाब में इंग्लैंड ने सात विकेट पर 246 रन बनाए। ब्रूक ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘उनको हराना आसान नहीं है। उनके पास हर नंबर पर बहुत अच्छे बल्लेबाज हैं। उनके पास कुछ बेहद अच्छे बल्लेबाज हैं और वे सटीक शॉट लगाते हैं। अगर आप थोड़ा सा भी चूक जाते हैं, तो छक्का या चौका लग जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से हमने उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं किया जितना हम कर सकते थे और कुछ कैच छूटने से हमें थोड़ा नुकसान हुआ।’ भारतीय पारी के तीसरे ओवर में ब्रुक ने तब सैमसन का आसान कैच छोड़ दिया, जब वह 15 रन पर थे। इसकी इंग्लैंड को भारी कीमत चुकानी पड़ी। इंग्लैंड ने हालांकि आखिर तक हार नहीं मानी। एक समय उसे 18 गेंद पर 45 रन की जरूरत थी और जैकब बेथेल (105) क्रीज पर थे। लेकिन बुमराह ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 18वें ओवर में केवल छह रन दिए और अपनी सटीक यॉर्कर की जिससे इंग्लैंड के सामने अंतिम दो ओवरों में 39 रन बनाने का असंभव लक्ष्य आ गया। ब्रुक ने बुमराह के बारे में कहा, ‘वह बहुत अच्छा गेंदबाज है, शायद इस समय का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज है। वह लंबे समय से बहुत अच्छा गेंदबाज रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा भारतीयों ने भी शानदार फील्डिंग की, अक्षर पटेल का वह कैच (जिससे ब्रूक आउट हो गए थे) निश्चित रूप से मैंने जितनी भी कैच देखे हैं उनमें से सर्वश्रेष्ठ कैच में से एक था। इसके लिए उनकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है।’ ब्रूक ने कहा कि इंग्लैंड का प्रदर्शन शानदार रहा और वह अपने इस अभियान पर गर्व कर सकता हूं। उन्होंने कहा, ‘मुझे निराशा है कि हम फाइनल में नहीं पहुंच पाए लेकिन मुझे अपनी टीम के प्रदर्शन पर गर्व है। सच कहूं तो एक कप्तान के रूप में मैं इससे ज्यादा की उम्मीद नहीं कर सकता था। मुझे लगता है कि हमारा अभियान शानदार रहा है।’ इंग्लैंड के कप्तान ने कहा, ‘जैसा कि मैंने कुछ दिन पहले कहा था, हम कभी भी मुकाबले से बाहर नहीं होते और आज रात (गुरुवार) यह फिर से साबित हो गया। हम आखिरी ओवर तक मुकाबले में बने रहे। मुझे अपने खिलाड़ियों पर बेहद गर्व है और सभी खिलाड़ियों को भी खुद पर बेहद गर्व होना चाहिए।’ ब्रुक ने 22 वर्षीय बेथेल की जमकर प्रशंसा की, जिनके शतक ने इंग्लैंड को भविष्य के लिए बहुत उम्मीदें जगाईं। उन्होंने कहा, ‘वह एक असाधारण खिलाड़ी है। जैसा कि हमने आज भारत के खिलाफ उनके घरेलू मैदान पर दबाव वाली स्थिति में भी उसके प्रदर्शन को देखा। जिस तरह से उसने वह पारी खेली, वह वाकई असाधारण थी। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में मुझे उसके साथ काफी समय बिताने का मौका मिलेगा।’  

बंद कमरे में ढाई घंटे की बैठक, RSS के 3 दर्जन से ज्यादा पदाधिकारी और CM योगी आदित्यनाथ ने क्या किया चर्चा?

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि ढाई घंटे तक चली इस बैठक में सरकार और संघ के बीच समंवय व आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। सीएम ने संघ के अधिकारियों से सरकार का फीडबैक लिया। साथ ही संघ पदाधिकारियों के सुझाव भी जाने। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्टेट प्लेन गुरुवार सुबह करीब सवा 11 बजे हिंडन एयरबेस पर उतारा। सीएम का काफिला सड़क मार्ग से दोपहर पौने 12 बजे नेहरू नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर पहुंचा। जहां मुख्यमंत्री ने आरएसएस की दृष्टि से मेरठ प्रांत (मेरठ, मुरादाबाद व सहारनपुर मंडल) के तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों के साथ बंद कमरे में करीब ढाई घंटे तक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद संघ पदाधिकारियों के साथ भोजन भी किया। क्या-क्या सुझाव दिए गए बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने इस दौरान संघ के पदाधिकारियों से सरकार का फीडबैक लिया। संघ के अधिकारियों ने अपने फीडबैक के अलावा सरकार के कामकाज को लेकर कुछ सुझाव भी दिए। प्रमुख सुझावों में सरकारी अस्पतालों व स्कूलों में आधारभूत ढांचे को और मजबूत करना व मानव संसाधन बढ़ाना रहा। कुछ पदाधिकारियों ने थानों में भष्ट्राचार को रोकने के लिए और प्रभावी अंकुश लगाने का सुझाव भी दिया। लोनी को लेकर भी चर्चा हुई। कहा गया कि लोनी में सड़कों की हालात सुधारने की आवश्यकता है। सड़कों का भी उठा मुद्दा संघ अधिकारियों ने कहा हर घर जल योजना के तहत खुदाई से गांवों की सड़कें खराब हो गई हैं। इन सड़कों को तुरंत ठीक किया जाए। मेरठ में सेंट्रल मार्केट का मुद्दा भी बैठक में उठा। मुख्यमंत्री दोपहर करीब ढाई बजे वायु मार्ग से नोएडा के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने पिछले साल अप्रैल में सरस्वती विद्या मंदिर में भी संघ पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। 40 पदाधिकारी रहे मौजूद सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री सरकार का फीडबैक व सुझाव लेने के लिए भविष्य में भी संघ के अधिकारियों के साथ समंवय बैठक करते रहेंगे। मुख्यमंत्री के साथ समंवय बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, क्षेत्र संघचालक सूर्यप्रकाश टोंक, क्षेत्र प्रचारक महेंद्र और प्रांत प्रचारक अनिल समेत करीब 40 पदाधिकारी मौजूद रहे।

रायगढ़ में प्रशासन का नया कदम, “प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार” अभियान से समस्याओं का होगा समाधान

रायगढ़   आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा “प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार” अभियान के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों की श्रृंखला प्रारंभ की जा रही है। इसकी शुरुआत 6 मार्च को विकासखंड धरमजयगढ़ के तहसील मुख्यालय प्रांगण कापू से होगी। शिविर दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें आमजन अपनी मांग, शिकायत, आवेदन एवं अन्य आवश्यक प्रकरण सीधे जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। जिला प्रशासन द्वारा 12 मार्च को मुकडेगा (लैलूंगा), 13 मार्च को तमनार, 19 मार्च को पुसौर, 20 मार्च को छाल (धरमजयगढ़), 27 मार्च को लैलूंगा, 2 अप्रैल को घरघोड़ा तथा 4 अप्रैल को खरसिया तहसील मुख्यालय में शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक शिविर में संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों, अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की गई है, ताकि अधिकतम प्रकरणों का निराकरण स्थल पर ही किया जा सके। शिविर में प्राप्त आवेदनों को मांग एवं शिकायत श्रेणी में वर्गीकृत कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। जिन प्रकरणों का समाधान शिविर दिवस पर संभव होगा, उनका निराकरण तत्काल कर आवेदक को जानकारी दी जाएगी। शेष प्रकरणों के लिए निश्चित समय-सीमा तय कर संबंधित आवेदकों को सूचित किया जाएगा। शिविर की तिथि से एक सप्ताह के भीतर श्रेणीवार निराकरण रिपोर्ट संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा प्रस्तुत की जाएगी। संपूर्ण प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग जिला स्तर पर की जाएगी, ताकि पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला स्तरीय अधिकारियों तथा सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि अधिकाधिक प्रकरणों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना है। इससे आम नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ होगा।

जज की पत्नी की मौत ट्रेन के वॉशरूम में, पति ने लोकेशन ट्रेस कर रोकी ट्रेन, स्टेशन पर किया इंतजार

 रतलाम रेल यात्रा आम तौर पर लोगों के लिए एक सामान्य और सुरक्षित अनुभव मानी जाती है, लेकिन कभी-कभी सफर के बीच घटने वाली घटनाएं हर किसी को झकझोर कर रख देती हैं. मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से सामने आई एक ऐसी ही घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां चलती ट्रेन के वॉशरूम में एक जज की पत्नी की मौत हो गई. इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि स्टेशन पर खड़े पति को काफी देर तक यह पता ही नहीं चल पाया कि उनकी पत्नी ट्रेन के अंदर ही जिंदगी की जंग हार चुकी हैं।  यह घटना कांचीगुड़ा–भगत की कोठी एक्सप्रेस में सामने आई, जहां सफर के दौरान अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गई और संभवतः साइलेंट हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई. घटना के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक राजस्थान के निंबाहेड़ा में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार चौहान अपनी पत्नी उषा चौहान के साथ जोधपुर से निंबाहेड़ा लौट रहे थे. दोनों ट्रेन में सवार तो साथ हुए थे, लेकिन रिजर्वेशन अलग-अलग कोच में था, इसलिए वे अलग डिब्बों में यात्रा कर रहे थे. सफर सामान्य तरीके से चल रहा था. रास्ते में दोनों के बीच फोन पर बातचीत भी होती रही. बताया जाता है कि निंबाहेड़ा स्टेशन पहुंचने से कुछ समय पहले उषा चौहान ने अपने पति को फोन किया और बताया कि वह वॉशरूम जा रही हैं. उस समय किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत आखिरी साबित होगी।  स्टेशन पर इंतजार करते रहे पति कुछ ही देर बाद ट्रेन निंबाहेड़ा स्टेशन पहुंची. जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी, जज राजकुमार चौहान अपने डिब्बे से उतरकर पत्नी का इंतजार करने लगे. उन्हें उम्मीद थी कि पत्नी भी अपने कोच से उतरकर प्लेटफॉर्म पर आ जाएंगी. लेकिन मिनट दर मिनट गुजरते गए और उषा चौहान नजर नहीं आईं. पहले तो उन्होंने सोचा कि शायद वह दूसरे दरवाजे से उतर गई होंगी या फिर सामान लेने में देर हो रही होगी. लेकिन जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला तो चिंता बढ़ने लगी।  तलाश शुरू, लेकिन नहीं मिला कोई सुराग राजकुमार चौहान ने प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर तलाश शुरू की. उन्होंने आसपास मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों से भी पूछताछ की, लेकिन किसी को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी. इसी बीच ट्रेन भी आगे के लिए रवाना हो चुकी थी. पत्नी के अचानक लापता होने से घबराए जज ने तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस सक्रिय हो गई. सबसे पहले ट्रेन की जानकारी जुटाई गई और आगे के स्टेशन को अलर्ट किया गया. पुलिस ने ट्रेन को मंदसौर स्टेशन पर रुकवाने का फैसला किया ताकि वहां जांच की जा सके. मंदसौर स्टेशन पर रेलवे पुलिस और कर्मचारियों ने कई डिब्बों की जांच की, लेकिन वहां भी उषा चौहान का कोई पता नहीं चला।  मोबाइल लोकेशन बनी सुराग इसी दौरान पुलिस ने महिला के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस करवाई. लोकेशन सामने आने के बाद स्थिति कुछ हद तक साफ होने लगी. मोबाइल की लोकेशन से संकेत मिला कि फोन अभी भी उसी ट्रेन में मौजूद है. इससे यह अंदेशा बढ़ गया कि महिला शायद ट्रेन से उतरी ही नहीं हैं और किसी डिब्बे में ही मौजूद हो सकती हैं. मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने ट्रेन को आगे जावरा स्टेशन पर रुकवाया. यहां पुलिस टीम ने उस आरक्षित कोच की जांच शुरू की, जिसमें उषा चौहान यात्रा कर रही थीं. जब कोच के भीतर तलाश की गई तो एक वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला. काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इससे शक और गहरा गया।  दरवाजा तोड़कर देखा गया अंदर का दृश्य स्थिति को गंभीर देखते हुए पुलिस और रेलवे कर्मचारियों ने वॉशरूम का दरवाजा तोड़ने का फैसला किया. दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए. वॉशरूम के अंदर उषा चौहान अचेत अवस्था में पड़ी थीं. उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और बिना समय गंवाए अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने महिला की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने आशंका जताई कि महिला की मौत साइलेंट हार्ट अटैक की वजह से हुई है. साइलेंट अटैक में कई बार व्यक्ति को गंभीर दर्द या लक्षण महसूस नहीं होते और अचानक स्थिति बिगड़ जाती है।  परिवार में पसरा मातम घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई. एक सामान्य ट्रेन यात्रा इस तरह दुखद अंत में बदल जाएगी, यह किसी ने सोचा भी नहीं था. परिजनों को सूचना दी गई और बाद में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. परिवार शव को अपने साथ लेकर रवाना हो गया। 

3300 से ज्यादा किसानों को मिलेगा राज्य में कृषि यंत्रों का तोहफा

प्रदेश के 3300 से अधिक किसानों को मिलेंगे कृषि यंत्र  जनपदों में शुक्रवार को ई लाटरी से होगा किसानों का चयन  www.agridarshan.up.gov.in पर 4 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों को मिलेगा अनुदान का लाभ 2017 से 2025 के मध्य लगभग तीन लाख कृषि यंत्रों का किया गया है वितरण लखनऊ योगी सरकार होली के उपरांत 3300 से अधिक किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र देगी। इसका लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने 4 मार्च तक कृषि विभाग की वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन किया है। जिन जनपदों में लक्ष्य से अधिक आवेदन मिले हैं, सिर्फ वहीं शुक्रवार को ई लाटरी से चयन होगा।  सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के तहत 2519 किसानों को दिए जाएंगे यंत्र  कृषि विभाग द्वारा संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक, कृषि ड्रोन, अन्य एकल कृषि यंत्र के तहत 2519 तथा प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू योजना के अंतर्गत 800 किसानों को कृषि यंत्र मिलेंगे।  10 दिन के भीतर अपलोड करनी होगी रसीद व फोटो  कृषि यंत्रों से जुड़ी समस्त जानकारी व अनुदान प्रक्रिया वेबसाइट पर उपलब्ध है। लाभार्थियों का चयन/बुकिंग टोकन कन्फर्म होने की तिथि से कृषि यंत्र खरीद कर उसकी रसीद व फोटो 10 दिन के भीतर www.agridarshan.up.gov.in या upyantratraking.in अपलोड करना होगा।  चयनित न होने वाले किसानों की जमानत धनराशि की जाती है वापस  ई लॉटरी में चयनित किसानों को मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाता है। सूचना एवं बिल अपलोड की अंतिम तिथि की सूचना के साथ-साथ प्रतीक्षा सूची में चयनित कृषकों को भी सूचित किया जाता है। ई लॉटरी में चयनित न होने वाले किसानों की जमानत धनराशि अधिकतम छह महीने में वापस कर दी जाती है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाएं पारदर्शिता से संपादित हो और इसका लाभ किसानों को मिले। कृषि विभाग ने अपील की है कि जिन किसानों ने कृषि विभाग के पोर्टल पर कृषि यंत्रों की बुकिंग की है, वे जनपद में होने वाली ई-लाटरी प्रक्रिया में अवश्य प्रतिभाग करें। 2017 से 2025 तक लगभग तीन लाख कृषि यंत्रों का वितरण 2017-18 से 2025 तक उत्तर प्रदेश में लगभग तीन लाख कृषि यंत्रों का वितरण किया गया। इसमें 2.31 लाख एकल कृषि यंत्र, 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर, 7351 फॉर्म मशीनरी बैंक आदि प्रमुख हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जनवरी तक 7777 कृषि यंत्र, 51 कस्टम हायरिंग सेंटर एवं 64 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने के बिल पोर्टल पर अपलोड हुए।

उत्तर प्रदेश पुलिस और होंडा इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में होगा आयोजन

उत्तर प्रदेश पुलिस को होंडा इंडिया फाउंडेशन देगा 50 वाहन आज  50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे मुख्यमंत्री  उत्तर प्रदेश पुलिस और होंडा इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में होगा आयोजन  लखनऊ होंडा इंडिया फाउंडेशन उत्तर प्रदेश पुलिस को 50 वाहन देगा। फाउंडेशन अपने सीएसआर फंड से ये वाहन उपलब्ध कराएगा। इन 50 क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) दोपहिया वाहनों को शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश पुलिस और होंडा इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में होगा। इस दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण भी मौजूद रहेंगे।  बॉर्डर के जनपदों को दी जाएगी तरजीह  यह 50 दोपहिया वाहन उत्तर प्रदेश पुलिस के बेड़े में शामिल होंगे। इन वाहनों का उपयोग बार्डर जनपदों में कानून व्यवस्था बनाये रखने एवं आपातकालीन स्थिति या अपराध होने पर पुलिस की तरफ से तत्काल कार्रवाई के लिए किया जाएगा। सहारनपुर में 5, शामली, हापुड़, बागपत, बुलन्दशहर, बिजनौर, पीलीभीत, महोबा, बांदा, प्रतापगढ़, खीरी, उन्नाव, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, देवरिया व सोनभद्र में तीन-तीन वाहन दिए जाएंगे। 2017 के बाद पुलिस का बढ़ा कारवां योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के उपरांत पुलिस के वाहनों का कारवां भी बढ़ा है। वर्ष 2017 में चार पहिया वाहनों की संख्या 9500 थी और दोपहिया की संख्या 3000 थी। वर्तमान में यह संख्या खासी बढ़ चुकी है। अब चार पहिया वाहन 15,500 एवं दोपहिया वाहन 9200 हो चुके हैं। गौरतलब है कि 2017 के पहले पुलिस के वाहन क्रय करने के लिए 85 करोड़ के प्रावधान में कई गुना बढोतरी के साथ 280 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वायुसेना का Su-30 MKI विमान क्रैश, दोनों पायलटों की जान गई

गुवाहाटी भारतीय वायुसेना का एक सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट गुरुवार शाम को असम में लापता हो गया. देर रात इसके क्रैश होने की पुष्टि हुई. फाइटर जेट ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और शाम 7.42 बजे के बाद रडार से उसका संपर्क टूट गया. विमान का पता लगाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) ने सर्च और रेस्क्यू मिशन शुरू किया है। वायुसेना ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि IAF स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर के निधन पर दुख जताता है, जिन्हें Su-30 क्रैश में जानलेवा चोटें आईं। IAF के सभी कर्मचारी गहरी संवेदना जताते हैं, और इस दुख की घड़ी में दुखी परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। भारतीय वायुसेना ने अपने X हैंडल पर खोए हुए फाइटर जेट का अपडेट शेयर करते हुए लिखा, ‘हमारे एक Su-30 MKI के लापता होने की खबर है. एयरक्राफ्ट ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और आखिरी बार शाम 7.42 बजे रडार के संपर्क में आया था. आगे की जानकारी का पता लगाया जा रहा है. एक सर्च और रेस्क्यू मिशन शुरू किया गया है।’  इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी सुपरमैन्यूवरबिलिटी, लंबी मारक क्षमता और दो इंजन वाला शक्तिशाली डिजाइन है. सुखोई-30 एमकेआई ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ले जाने में भी सक्षम है, जिससे इसकी स्ट्राइक कैपेसिटी कई गुना बढ़ जाती है. इसमें आधुनिक एवियोनिक्स, मल्टी-फंक्शन रडार, थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल और लंबी दूरी तक उड़ान की क्षमता है. यह लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है और देश की वायु सुरक्षा व सामरिक ताकत में इसकी भूमिका बेहद अहम है। सुखोई-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना का सबसे ताकतवर और भरोसेमंद मल्टी रोल फाइटर जेट है. इसे 2000 के दशक की शुरुआत में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था. यह रूस के सुखोई डिजाइन ब्यूरो द्वारा विकसित किया गया है. भारतीय वायुसेना इस फाइटर जेट का विशेष रूप से कस्टमाइज संस्करण इस्तेमाल करती है, जिसमें MKI का अर्थ है मॉडर्नाइज्ड, कमर्शियल और इंडियन. यह विमान हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। रूस में इस एयरक्राफ्ट का प्रोडक्शन 2000 में शुरू हुआ था, जब नई दिल्ली ने मॉस्को से 140 Su-30 फाइटर एयरक्राफ्ट बनाने के लिए कहा था. पहला एयरक्राफ्ट 2002 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था, और तब से, समय के साथ इसकी संख्या बढ़ती ही गई है।. आज, Su-30 भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के बेड़े में सबसे बड़ा हिस्सा रखता है

रंगपंचमी पर इंदौर गेर का इंतजार, छतों से मिलेगा रंगों का अद्भुत दृश्य, टिकट से होगी एंट्री

इंदौर इंदौर की रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर शहर का एक अनोखा और खास त्योहार है। इस दिन पुराने शहर के इलाकों में रंगों के शौकीन बड़ी संख्या में गेर में शामिल होते हैं और रास्ते में खड़े लोगों पर रंग बरसाते हुए आगे बढ़ते हैं। गेर के दौरान आसमान में दूर-दूर तक रंगों के बादल छा जाते हैं। इन खूबसूरत नजारों का आनंद लेने के लिए इस बार भी शहर के लोग गेर वाले मार्गों पर स्थित मकानों की छतें बुक कर सकेंगे और अपने परिवार के साथ इस आयोजन का मजा ले पाएंगे। प्रशासन ने पिछले साल भी यह व्यवस्था की थी, जो काफी सफल रही थी। शीतला माता बाजार से लेकर गौराकुंड और खजूरी मार्केट तक की छतों से लोग गेर की रौनक देख सकेंगे। हर साल इस आयोजन को देखने के लिए दूसरे शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग इंदौर पहुंचते हैं। जिनके घर गेर के मार्ग पर पड़ते हैं, वहां अब छोटी-छोटी पार्टियों का भी आयोजन होने लगा है, जहां लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को बुलाकर रंगपंचमी का उत्सव मनाते हैं। इस साल गेर के मार्ग पर स्थित आठ छतों पर 200 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इनकी बुकिंग बुक माय शो के माध्यम से की जाएगी, जिसके लिए लोगों को टिकट खरीदना होगा। इस बार 8 मार्च को रविवार होने के कारण प्रशासन ने अलग से छुट्टी घोषित नहीं की है। रविवार होने की वजह से इस बार गेर में और अधिक भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है। करीब चार किलोमीटर लंबे गेर मार्ग पर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बिजली के तार और केबल हटाए जा रहे हैं, साथ ही सड़कों की मरम्मत का काम भी किया जा रहा है। परंपरा के अनुसार इस बार भी चार गेर इस जुलूस का हिस्सा होंगी। लगभग 100 फीट तक रंग फेंकने वाली विशेष रंग मिसाइलें भी तैयार की जा रही हैं। इसके अलावा डीजे और भजन मंडलियां भी गेर में शामिल होंगी। नगर निगम की गेर भी इस जुलूस का हिस्सा रहेगी, हालांकि शहर में हाल ही में हुई कुछ घटनाओं के कारण मेयर पुष्यमित्र भार्गव इस बार गेर में शामिल नहीं होंगे।

एयर फ्री टायर: न पंचर, न हवा, इस कंपनी ने बदल दी गाड़ियों की दुनिया

नई दिल्ली Bridgestone AirFree Tyres: सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त टायर पंचर हो जाए, तो सबसे पहले मन में यही ख्याल आता है कि आज तो दिन खराब हो गया. हवा निकली, गाड़ी रुकी, और सफर अटक गया. लेकिन अब टायर की दुनिया में एक ऐसी तकनीक सामने आ रही है, जो इस झंझट को बीते वक्त की बात बना सकती है. जापान की मशहूर टायर कंपनी Bridgestone ने ऐसा टायर पेश किया है, जिसमें हवा की ही जरूरत नहीं है. यानी न हवा भरने की टेंशन, न पंचर का डर, और न ही बीच सड़क पर रुकने की मजबूरी.  Bridgestone ने अपने एयरलेस टायर की थर्ड जेनरेशन मॉडल से पर्दा उठा दिया है. इस नए Airfree Tyre में पहले के मुकाबले कई अहम सुधार किए गए हैं, जाकि इसे और बेहतर बनाया जा सके. कंपनी इसे कॉन्सेप्ट स्टेज से आगे ले जाकर अब रियल वर्ल्ड यानी प्रोडक्शन रेडी लेवल पर पहुंचा दिया है. कंपनी इस एयर फ्री टायर को लेकर धीमें-धीमें सोशल इम्प्लीमेंटेशन की दिशा में आगे बढ़ रही है. अब तक भविष्य का टायर कहे जाने वाला एयरलेस टायर जल्द ही सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियों में नज़र आएंगे. AirFree Tyre की तकनीक ब्रिजस्टोन के इस थर्ड जेनरेशन एयरफ्री टायर में एडवांस सिमुलेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही मजबूत और फ्लेक्सिबल मटेरियल से बना स्ट्रक्चर तैयार किया गया है. कंपनी का कहना है कि, ऐसा इसलिए किया गया है ताकि ये एयरफ्री टायर अलग अलग मौसम और सड़क की स्थितियों के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर सके. इसका मकसद टायर को ज्यादा भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने वाला बनाना है. AI बेस्ड डायनामिक स्ट्रक्चर इस टायर की एक ख़ास बात ये भी है कि, इसमें डायनामिक स्ट्रक्चरल डिजाइन दिया गया है. यह सेकंड जेनरेशन के राइड कंफर्ट वाले फोकस से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड ऑटोमेटेड लर्निंग सिस्टम का इस्तेमाल करता है. यह सिस्टम टायर के आकार और उस पर पड़ने वाले दबाव को अलग अलग परिस्थितियों के हिसाब से खुद एडजस्ट करता है. इससे टायर का इस्तेमाल कई तरह के वाहनों में आसानी से किया जा सकता है. ब्लू स्पोक्स से बढ़ी सेफ्टी कंपनी ने इन टायरों के निर्माण में ब्लू स्पोक्स (नीले रंग के स्पोक व्हील्स) जैसे स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया है. आम भाषा में समझें तो टायर के अंदर नीले रंग के स्पोक्स लगाए गए हैं, जो कम रोशनी और शाम के समय साफ नजर आते हैं. इसका मकसद लोकल कम्युनिटी मोबिलिटी में सेफ्टी को और बेहतर बनाना है. इनमें हवा की जगह रिसाइकल होने वाली थर्मोप्लास्टिक रेजिन से बने स्पोक्स लगाए गए हैं, जो गाड़ी का पूरा वजन आसानी से उठा सकते हैं. ब्रिजस्टोन का यह भी दावा है कि, ये स्पोक्स सड़क के झटकों को भी कम करते हैं. इन टायरों का डेमो टेस्ट मार्च 2024 में जापान के कोडाइरा सिटी, टोक्यो में शुरू किया गया था, जो लगातार जारी है. यह टेस्ट ग्रीन स्लो मोबिलिटी सॉल्यूशंस के लिए इन टायरों की उपयोगिता को परखने के लिए किया जा रहा था. हालांकि आम पैसेंजर कार इस्तेमाल करने वालों को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. इस समय ब्रिजस्टोन इन एयरफ्री टायरों को कमर्शियल ट्रकों और अल्ट्रा कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक वाहनों पर टेस्ट कर रही है. कंपनी का मानना है कि प्रोफेशनल फ्लीट वाहनों में मेंटेनेंस की जरूरत ज्यादा होती है, इसलिए वहां यह तकनीक ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है.

हर दिन ₹38 करोड़ की ठगी का शिकार, सरकार अब AI तकनीक का इस्तेमाल कर सख्ती से रोक लगाएगी

नई दिल्ली Cyber Fraud Prevention India: भारत में साइबर फ्रॉड की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और इसके आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं. हर 24 घंटे में करीब 38 करोड़ रुपये साइबर अपराधी लोगों के बैंक खातों से उड़ा ले जाते हैं. यह पैसा आम लोगों की मेहनत की कमाई होती है, जो ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट या अन्य डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करते समय ठगी का शिकार हो जाते हैं. हैरानी की बात यह है कि इस बड़ी रकम में से सिर्फ लगभग 8 करोड़ रुपये ही बचाए जा पाते हैं. बाकी पैसा साइबर अपराधियों के खातों में पहुंच जाता है. यह आंकड़ा बताता है कि साइबर अपराधियों का नेटवर्क कितना मजबूत हो चुका है और वे लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हर दिन हजारों शिकायतें  साइबर ठगी के मामलों को लेकर हर दिन हजारों लोग शिकायत दर्ज करा रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े साइबर सिस्टम के मुताबिक, हर 24 घंटे में 7000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज होती हैं. इनमें से करीब 6000 शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाती है. जांच में सामने आया है कि इन मामलों में रोजाना करीब 38 करोड़ रुपये की ठगी हो रही है. हालांकि एजेंसियां लगातार पैसा बचाने की कोशिश करती हैं, लेकिन औसतन सिर्फ 8 करोड़ रुपये ही रिकवर हो पाते हैं. इसका मतलब यह है कि ठगों का नेटवर्क बेहद तेज और संगठित तरीके से काम कर रहा है। साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर साइबर ठगी से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने एक विशेष साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (Cyber Fraud Mitigation Centre) बनाया है. यह सेंटर 24 घंटे काम करता है और यहां अलग-अलग एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं. इस सेंटर का उद्देश्य जैसे ही किसी साइबर फ्रॉड की जानकारी मिले, तुरंत कार्रवाई करना है. यहां पुलिस, बैंक और टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधि मिलकर काम करते हैं. जब किसी फ्रॉड का अलर्ट मिलता है, तो पूरा सिस्टम एक साथ सक्रिय हो जाता है. इस समन्वय के जरिए ठगी की रकम को ट्रांसफर होने से रोकने की कोशिश की जाती है। 24×7 कंट्रोल रूम साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर में एक हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया गया है. यहां 24×7 निगरानी रखी जाती है. जैसे ही किसी खाते से संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी मिलती है, तुरंत सायरन बजता है और संबंधित एजेंसियां अलर्ट हो जाती हैं. इसके बाद बैंक और पुलिस मिलकर उस ट्रांजैक्शन को रोकने की कोशिश करते हैं. कई मामलों में खाते को तुरंत फ्रीज कर दिया जाता है. हालांकि ठगों की तेजी के कारण कई बार पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर हो जाता है, जिससे रिकवरी मुश्किल हो जाती है. पांच साल में 55 हजार करोड़ की ठगी गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में साइबर ठगों ने लोगों के खातों से 55 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है. यह आंकड़ा 2021 से 2025 के बीच का है. इन पांच वर्षों में कुल 6 करोड़ 58 लाख से ज्यादा शिकायतें साइबर फ्रॉड को लेकर दर्ज की गईं. यह संख्या बताती है कि देश में डिजिटल सेवाओं के बढ़ने के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़े हैं. हालांकि सरकार और एजेंसियां लगातार इन्हें रोकने की कोशिश कर रही हैं. 2025 में सबसे ज्यादा शिकायतें रिपोर्ट के मुताबिक अकेले 2025 में ही साइबर फ्रॉड के 24 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए. यह पिछले सभी वर्षों के मुकाबले सबसे ज्यादा है. हालांकि इस साल ठगी की रकम थोड़ी कम रही, लेकिन मामलों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई. इससे यह साफ होता है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के कारण ठगों के लिए नए अवसर भी बन रहे हैं. 2021 से 2025 तक शिकायतों का ग्राफ अगर पिछले पांच साल के आंकड़ों को देखें तो साइबर फ्रॉड की शिकायतों में लगातार वृद्धि हुई है- 2021 में 2,62,846 शिकायतें दर्ज हुई थीं. 2022 में यह संख्या बढ़कर 6,94,446 हो गई. 2023 में 13,10,357 शिकायतें दर्ज हुईं. 2024 में यह संख्या 19,18,835 पहुंच गई. 2025 में शिकायतों का आंकड़ा बढ़कर 24,02,579 हो गया. यह आंकड़े बताते हैं कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है. ठगी की रकम में भी बड़ा उछाल साइबर ठगी की रकम भी हर साल तेजी से बढ़ी है- 2021 में लगभग 551 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी. 2022 में यह रकम बढ़कर 2290 करोड़ रुपये हो गई.  2023 में 7465 करोड़ रुपये की ठगी दर्ज की गई. 2024 में यह आंकड़ा 22,848 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.  हालांकि 2025 में यह थोड़ा घटकर 22,495 करोड़ रुपये रहा.  इसके बावजूद यह बेहद बड़ी रकम है, जो साइबर अपराधियों की ताकत को दिखाती है. 2025 में बचाए गए हजारों करोड़ हालांकि एजेंसियों की कोशिशों से कुछ सफलता भी मिली है. I4C सिस्टम के जरिए 2025 में करीब 8189 करोड़ रुपये की ठगी होने से बचाई गई. यह रकम तब बचाई गई जब लोगों ने तुरंत शिकायत दर्ज कराई और बैंक तथा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की. इससे यह साबित होता है कि समय पर शिकायत करने से कई बार पैसा वापस मिल सकता है. डिजिटल इंडिया के साथ बढ़ा खतरा भारत में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है. आज देश के अधिकांश घरों में इंटरनेट पहुंच चुका है. लोग ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल भुगतान का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे लोगों को सुविधा जरूर मिली है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ गया है. साइबर ठग इसी डिजिटल सिस्टम का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. म्यूल अकाउंट बना बड़ा हथियार साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक बड़ा तरीका म्यूल अकाउंट है. इसमें ठग दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं. इन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती है और फिर उसे कई अन्य खातों में बांट दिया जाता है. इससे पैसे का ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है. एजेंसियां अब इन म्यूल खातों की पहचान करने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं. AI के जरिए ठगी … Read more

06 मार्च 2026 का राशिफल: सभी 12 राशियों का भविष्य, किसे मिलेगा धन और सफलता

मेष राशि– आज आपका आपको पॉजिटिव व शांत रहना होगा। क्योंकि आज आपके अंदर थोड़ा गुस्सा या नकारात्मक ऊर्जा जमा हो सकती है। इसे निकालने के लिए थोड़ी वॉक करें या हल्की एक्सरसाइज करें। इससे आपका मन हल्का होगा और आप अच्छा महसूस करेंगे। गुस्सा अंदर मत रखें, खुद को काम में व्यस्त रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले आज कोई बड़ी चीज खरीदने से पहले अलग-अलग जगह के दाम जरूर देख लें। जल्दबाजी में महंगी चीज न खरीदें। थोड़ा रिसर्च करेंगे तो आपके पैसे की अच्छी बचत होगी। परिवार की सलाह लें और उन्हें थोड़ा वक्त दें। बाहरी खाना ना खाएं। मिथुन राशि– आज अगर किसी बात को लेकर शक या गलतफहमी है तो सीधे पूछ लें। खुलकर बात करने से रिश्ते अच्छे रहते हैं। बिना समझे कोई धारणा न बनाएं, वरना झगड़ा हो सकता है। योग स दिन की शुरुआत करें। ऑयली फूड ऑवाइड करें। कर्क राशि- आज आपको बेकार के झगड़ों और ड्रामे से दूर रहना चाहिए। जो बातें आपसे जुड़ी नहीं हैं, उनमें न पड़ें। अपने मन की शांति पर ध्यान देंगे तो दिन अच्छा गुजरेगा। सेहत का ध्यान रखें। सुबह वाली धूप सेंके। सिंह राशि- आज सिंह राशि वालों का दिन शुभ होगा। हर चीज में दूसरों से टक्कर लेने की जरूरत नहीं है। अगर टीम के साथ काम करेंगे तो काम जल्दी होगा। दूसरों की मदद करेंगे तो आपकी लीडरशिप दिखेगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज काम करते समय परफेक्ट बनने से ज्यादा जरूरी है काम समय पर खत्म करना। छोटी-छोटी बातों में ज्यादा समय मत लगाइए। समय पर काम पूरा करना ज्यादा जरूरी है। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज अगर आपको किसी बात में न्याय या बराबरी चाहिए, तो सीधे बोलिए। लोग आपके मन की बात खुद नहीं समझ सकते। साफ और विनम्र तरीके से अपनी बात कहें। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वाले आज अपनी योजनाओं और आइडिया को ज्यादा लोगों को न बताएं। सही समय आने पर ही कदम उठाएं। चुपचाप योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। धनु राशि- धनु राशि वाले आज अपने रूट या निकलने के समय में थोड़ा बदलाव करें। अगर 5 मिनट पहले निकलेंगे तो ट्रैफिक से बच सकते हैं। छोटी-छोटी बदलाव से दिन आसान हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें। बाहरी खाने को अवॉइड करें। परिवार के साथ संग बिताएं। मकर राशि- आज चाहे कितनी भी परेशानी आए, अपनी दिनचर्या (रूटीन) पर टिके रहें। आपकी अनुशासन से आप अपने काम पूरे कर पाएंगे। परिवार की मदद लें। शाम तक अच्छी खबर मिल सकती है। कुंभ राशि- मकर राशि वाले आज किसी पुरानी समस्या का नया और अलग तरीका आजमाएं। रचनात्मक सोच से आपको अच्छा समाधान मिल सकता है। काम के बीच में ब्रेक लें। संगीत व लेखन जैसे क्रिएटिव कामों में मन लगा रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पिएं। मीन राशि- मीन राशि वाले आज थोड़ी देर अकेले समय बिताएं या टहल लें। इससे आपका दिमाग शांत होगा और आप अपने काम बेहतर तरीके से कर पाएंगे। कोई भी बात हो सच्चाई के साथ रखें।

अजेय हरमनप्रीत कौर ब्रिगेड के सामने एलिसा हीली की चुनौती, डे-नाइट टेस्ट में किसका होगा पलड़ा भारी?

मुंबई वनडे श्रृंखला में करारी हार के बाद भारतीय महिला टीम पिछले लगभग पांच साल में पहली बार जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाले एकमात्र दिन रात्रि टेस्ट क्रिकेट मैच में उतरेगी तो जीत हासिल करने के लिए उसकी सीनियर खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वनडे श्रृंखला में करारी हार के बाद भारतीय महिला टीम पिछले लगभग पांच साल में पहली बार जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाले एकमात्र दिन रात्रि टेस्ट क्रिकेट मैच में उतरेगी तो जीत हासिल करने के लिए उसकी सीनियर खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इस मैच के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बहु प्रारूप वाली श्रृंखला का भी समापन होगा जिसमें भारत ने टी20 श्रृंखला 2-1 से जबकि आस्ट्रेलिया ने वनडे श्रृंखला 3-0 से जीती थी। पिछले पांच टेस्ट मैचों में अजेय रहने के बाद भारत का आत्मविश्वास चरम पर होगा। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने दिसंबर 2023 से जुलाई 2024 के बीच लगातार तीन टेस्ट मैच जीते, जिनमें इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को घरेलू मैदान पर हराना शामिल है। भारत ने इससे पहले विदेश में खेले गए पिछले दो टेस्ट मैच 2021 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्रॉ कराए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसने उस साल सितंबर अक्टूबर में दिन रात्रि टेस्ट मैच खेला था जिसमें स्मृति मंधाना ने शतक जमाया था। इस बहु प्रारूप वाली श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया अभी 8-4 से आगे है। टी20 श्रृंखला में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम 2-4 से पिछड़ रही थी, लेकिन इसके बाद उसने शानदार वापसी करके तीनों वनडे मैच जीत लिए। जहां टी20 और वनडे दोनों मैचों में जीत हासिल करने पर दो-दो अंक दांव पर थे, वहीं टेस्ट मैच के विजेता को चार अंक मिलेंगे। भारत अगर जीत हासिल करता है तो वह कम से कम इस श्रृंखला को ड्रॉ करा सकता है। भारतीय टीम इस बात से आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगी कि उसने दिसंबर 2023 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच आठ विकेट से जीतकर इतिहास रच दिया था। यह पहला अवसर था जबकि भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट मैच में हराया था। भारतीय बल्लेबाजी का दारोमदार हरमनप्रीत, उप-कप्तान मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा पर होगा। सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल के प्रदर्शन पर शनि की निगाह टिकी रहेगी जो शुक्रवार को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर सकती हैं। रावल भारतीय टीम में शामिल उन सात भारतीय खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेला है। अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेलने वाली भारतीय खिलाड़ियों में बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, सायली सतघरे और काशवी गौतम भी शामिल हैं। भारतीय टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है। भारत की वनडे विश्व कप विजेता टीम की सदस्य रही क्रांति गौड़ और अमनजोत कौर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर सकती हैं। भारतीय टीम को हालांकि अनुभवी तेज गेंदबाज रेणुका सिंह की कमी खलेगी जो चोटिल होने के कारण टेस्ट टीम से बाहर हो गई। उनकी जगह युवा तेज गेंदबाज काशवी गौतम को टीम में शामिल किया गया है। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया अपनी कप्तान एलिसा हीली को शानदार विदाई देने के लिए प्रतिबद्ध होगा जो अपना 299वां और अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगी। ऑस्ट्रेलिया ने भी किम गार्थ और एलिसे पेरी की जांघ की चोटों और सोफी मोलिनी की पीठ की समस्या के बाद राहेल ट्रेनामन और मैटलान ब्राउन सहित कुछ ऐसे खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया है जिन्होंने अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेले हैं। गार्थ और मोलिनी दोनों ही मैच से बाहर हो गई हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि पेरी समय पर ठीक हो जाएगी। वाका की उछाल वाली पिच पर होने वाले इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को निश्चित रूप से भारत पर बढ़त हासिल होगी, क्योंकि उसने अपने पिछले दो टेस्ट मैच आसानी से जीते हैं। उसने जनवरी 2025 में एमसीजी में इंग्लैंड को फरवरी 2024 में इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका को हराया था। टीम इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, काशवी गौतम, स्नेह राणा, अमनजोत कौर, उमा छेत्री (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, क्रांति गौड़, वैष्णवी शर्मा, सयाली सतघरे। ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान एवं विकेटकीपर), डार्सी ब्राउन, मैटलान ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फीबी लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, राहेल ट्रेनामन, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम। समय: मैच सुबह 10:50 बजे शुरू होगा।  

होली बनी काल! गुजरात में पानी में डूबने की अलग-अलग घटनाओं में 30 से ज्यादा लोगों की मौत

अहमदाबाद गुजरात में होली के दूसरे दिन मनाई जाने वाली धुलेटी का त्योहार इस बार कई परिवारों के लिए मातम लेकर आया। राज्य के अलग-अलग जिलों में तालाब, झील, नहर और नदियों में डूबने से 3 बच्चों समेत 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। ये हादसे करीब 10 अलग-अलग जगहों से सामने आये हैं। होली के बाद लोग रंग खेलने के बाद नहाने के लिए पानी के स्रोतों पर पहुंचते हैं, लेकिन कई बार यही खुशी बड़ी त्रासदी में बदल जाती है। इस साल भी ऐसा ही हुआ, जब राज्य के कई इलाकों से डूबने की दुखद खबरें सामने आईं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने कई जगह बचाव अभियान चलाया, लेकिन कई लोगों को बचाया नहीं जा सका। कई जिलों में डूबने की घटनाएं जानकारी के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग जिलों में यह हादसे हुए। अहमदाबाद शहर में 4 लोगों की मौत हुई, जबकि अहमदाबाद जिले के मांडल में 3 बच्चों की जान चली गई। सूरत जिले के बारडोली में 4, मांगरोल में 3 और किम में 3 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा महीसागर जिले में 6, अरावली में 4, मेहसाणा में 3, नर्मदा में 3 और अमरेली में 1 व्यक्ति की डूबने से मौत हुई। इन सभी घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। त्योहार के दिन हुई इतनी बड़ी संख्या में मौतों से प्रशासन भी सतर्क हो गया है। साबरमती नदी में डूबे चार दोस्त अहमदाबाद शहर के कुबेरनगर इलाके में रहने वाले चार दोस्त पीयूष, साहिल, दुर्गेश और सनी धुलेटी के दिन साबरमती नदी में नहाने के लिए पहुंचे थे। वे शहर के कोतरपुर वॉटर वर्क्स के पीछे नदी में उतरे थे। इसी दौरान अचानक चारों गहरे पानी में फंस गए और डूबने लगे। शुरुआत में फायर ब्रिगेड को तीन युवकों के डूबने की सूचना मिली थी। जब रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ तो दमकलकर्मियों को चारों दोस्तों के शव मिले। इस घटना से इलाके में शोक की लहर फैल गई और परिवारों में मातम छा गया। महीसागर की झील में डूबे चार युवक महीसागर जिले के कोठंबा इलाके में भी एक दर्दनाक हादसा हुआ। राघवाना मुवाड़ा के पास नाका झील में नहाने गए चार युवकों की डूबने से मौत हो गई। ये सभी युवक कंतार गांव के रहने वाले थे और धुलेटी के दिन झील में नहाने पहुंचे थे। झील का पानी काफी गहरा था, जिसकी वजह से वे बाहर नहीं निकल सके। घटना की सूचना मिलते ही दमकलकर्मी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद चारों के शव झील से निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। इसी जिले के लुणावाडा और वीरपुर में भी एक-एक युवक की डूबने से मौत हुई। अहमदाबाद जिले में तीन बच्चों की मौत अहमदाबाद जिले के मांडल तालुका के सीतापुर गांव में भी बड़ा हादसा हुआ। यहां झोलासर झील में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। धुलेटी खेलने के बाद बच्चे झील में नहाने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। बाद में स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से बच्चों के शव झील से निकाले गए। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। जो त्योहार खुशी और रंगों के साथ मनाया जा रहा था, वह अचानक शोक में बदल गया। सूरत के किम इलाके में तीन युवकों की मौत सूरत जिले के किम इलाके में भी धुलेटी के दिन दुखद घटना सामने आई। यहां किम नदी में नहाने गए तीन युवक अचानक गहरे पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ ही देर में तीनों की मौत हो गई। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना से इलाके में शोक का माहौल बन गया। मांगरोल में गई तीन लोगों की जान सूरत जिले के मांगरोल तालुका के पानसरा गांव में एक अलग तरह की दुखद घटना सामने आई। धुलेटी का त्योहार मनाने के बाद कुछ लोग पास की नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान हैप्पी सिंह नाम का युवक डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसका भाई चंद्र भूषण नदी में कूद गया। जब वह भी डूबने लगा तो उनके साथ आए संजय पटेल ने भी दोनों को बचाने के लिए छलांग लगा दी। लेकिन नदी का पानी इतना गहरा था कि तीनों ही डूब गए और उनकी मौत हो गई। बारडोली में नदी में डूबे पांच युवक सूरत जिले के बारडोली के इसरोली गांव के पास बहने वाली मिंढोला नदी में भी बड़ा हादसा हुआ। वहां पांच युवक नदी के किनारे नहाने के लिए पहुंचे थे। अचानक वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया

देशसेवा का सुनहरा मौका! 25,000 से अधिक पदों पर अग्निवीर भर्ती 2026, पात्रता से लेकर चयन प्रक्रिया तक जानें सब कुछ

नई दिल्ली अगर आपके सीने में भी देशभक्ति की आग जल रही है और आप भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सरहदों की हिफाजत करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहद ही शानदार और बड़ी खबर है। भारतीय सेना (Indian Army) ने साल 2026 के लिए ‘अग्निवीर’ (Agniveer) भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह उन लाखों युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है, जो सेना में जाकर अपने देश का नाम रोशन करने का सपना देखते हैं। इस साल जनरल ड्यूटी (GD), ट्रेड्समैन, क्लर्क, टेक्निकल और अन्य पदों के लिए 25,000 से ज्यादा (संभावित) पदों पर बंपर भर्तियां निकाली गई हैं। अगर आप 8वीं, 10वीं या 12वीं पास हैं, तो आप इस शानदार मौके का फायदा उठा सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए बिना किसी देरी के अपनी कमर कस लीजिए। आवेदन से जुड़ी अहम तारीखें और फीस भारतीय सेना की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 13 फरवरी 2026 से शुरू हो चुके हैं। फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल 2026 तय की गई है। इसके बाद आपका ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) 1 जून 2026 से 15 जून 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। आवेदन करने वाले सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 250 रुपये की एग्जामिनेशन फीस देनी होगी, जिसे आप ऑनलाइन माध्यम से आसानी से जमा कर सकते हैं। कौन कर सकता है अप्लाई? (शैक्षणिक योग्यता) सेना ने अलग अलग पदों के लिए अलग अलग योग्यताएं तय की हैं। 10वीं पास (मैट्रिक): अगर आप जनरल ड्यूटी (GD) के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो आपको कम से कम 45% अंकों के साथ 10वीं पास होना जरूरी है। साथ ही हर विषय में कम से कम 33% अंक होने चाहिए। (भारतीय गोरखाओं के लिए सिर्फ 10वीं पास होना ही काफी है)। 8वीं और 12वीं पास: ट्रेड्समैन और क्लर्क/टेक्निकल जैसे पदों के लिए 8वीं और 12वीं पास युवा भी अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। अगर आपने अभी 10वीं की परीक्षा दी है और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, तो भी आप फॉर्म भर सकते हैं, लेकिन रैली के वक्त आपको अपनी ओरिजिनल मार्कशीट दिखानी होगी। उम्र की सीमा अग्निवीर बनने के लिए युवाओं की उम्र साढ़े 17 साल (17.5 years) से लेकर 21 साल के बीच होनी चाहिए। आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, आपका जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच हुआ हो। हालांकि, ड्यूटी के दौरान शहीद हुए रक्षा कर्मियों की विधवाओं के लिए अधिकतम उम्र सीमा में 30 साल तक की छूट का भी प्रावधान रखा गया है। शारीरिक मापदंड और फिटनेस टेस्ट (Physical Standards) फौज में जाने के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि आपका शारीरिक रूप से फौलाद होना भी जरूरी है। आपकी कम से कम लंबाई 162 सेंटीमीटर होनी चाहिए (पूर्वोत्तर राज्यों, गोरखा, गढ़वाली और आदिवासियों के लिए लंबाई में 4 सेंटीमीटर की खास छूट दी गई है)। इसके अलावा आपके सीने का फुलाव कम से कम 5 सेंटीमीटर होना चाहिए और आपका वजन आपकी लंबाई और उम्र के हिसाब से (BMI के अनुसार) बिल्कुल फिट होना चाहिए। रैली (Phase II) के दौरान आपका फिजिकल फिटनेस टेस्ट (PFT) होगा। इसमें आपको 1.6 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी। अगर आप यह दौड़ 7 मिनट 45 सेकंड में पूरी करते हैं तो आप ‘एक्सीलेंट’ ग्रुप में आएंगे। इसके साथ ही आपको 10 फीट की लंबी कूद (Long Jump) और 3 फीट की ऊंची कूद (High Jump) भी क्वालीफाई करनी होगी। कैसे होगा चयन? (Selection Process) चयन की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण (Phase I): सबसे पहले एक ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CEE) होगा। दूसरा चरण (Phase II): जो उम्मीदवार लिखित परीक्षा पास करेंगे, उन्हें उनके अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्ट करके भर्ती रैली के लिए बुलाया जाएगा। रैली वाली जगह पर ही आपका फिजिकल फिटनेस टेस्ट, शारीरिक माप तौल, मेडिकल टेस्ट और आपके सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन किया जाएगा। सेना ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से ‘निष्पक्ष और पारदर्शी’ है। यह सिर्फ आपकी मेहनत और मेरिट पर आधारित है। इसलिए किसी भी दलाल या धोखेबाज के झांसे में बिल्कुल न आएं और न ही किसी को पैसे दें। कितनी मिलेगी सैलरी? अग्निवीर के तौर पर चुने जाने वाले युवाओं को एक शानदार कस्टमाइज्ड पैकेज मिलेगा। पहले साल आपकी सैलरी 30,000 रुपये महीने होगी। दूसरे साल यह बढ़कर 33,000 रुपये, तीसरे साल 36,500 रुपये और चौथे साल 40,000 रुपये प्रति माह हो जाएगी। इसके अलावा आपको रिस्क और हार्डशिप अलाउंस, राशन, ड्रेस और ट्रैवल अलाउंस भी नियमों के मुताबिक दिए जाएंगे। आवेदन कैसे करें? (How to Apply) आवेदन करने का तरीका बेहद आसान है। सबसे पहले आपको भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाना होगा। अगर आप नए यूजर हैं, तो अपनी बेसिक जानकारी डालकर रजिस्ट्रेशन करें और अपना लॉगिन आईडी बनाएं। इसके बाद लॉगिन करके फॉर्म को ध्यान से भरें, अपनी फोटो, साइन और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। अंत में 250 रुपये की फीस भरकर फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए उसका एक प्रिंटआउट जरूर निकालकर अपने पास रख लें। रैली के वक्त आपको अपने एडमिट कार्ड, 20 पासपोर्ट साइज फोटो, एजुकेशन सर्टिफिकेट, डोमिसाइल, जाति प्रमाण पत्र, सरपंच का कैरेक्टर सर्टिफिकेट, अनमैरिड सर्टिफिकेट और पैन/आधार कार्ड जैसे सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स ओरिजिनल और उनकी फोटोकॉपी साथ ले जानी होगी। तो देर किस बात की? आज ही अपनी दौड़ और पढ़ाई की तैयारी शुरू कर दें और देश सेवा के इस सुनहरे मौके को अपने हाथ से न जाने दें।  

सेमीफाइनल से पहले बढ़ी धड़कनें! वानखेड़े की इन हालातों से चिंतित दिखे गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल

नई दिल्ली भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्नी मोर्केल ने वानखेड़े की पिच को लेकर अपना आंकलन बताया है। उन्होंने कहा कि पिच पर अतिरिक्त उछाल हो सकती है। इसके साथ ही मोर्कल ने ओस को एक बड़ी चिंता करार दिया। ऐसे में टॉस की भूमिका काफी अहम हो सकती है।   मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप सेमीफाइनल के लिए तैयार है। भारत को घरेलू परिस्थितियों का लाभ मिलने की संभावना है। इस बीच भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्नी मोर्केल ने वानखेड़े की पिच को लेकर अपना आंकलन बताया है। उन्होंने कहा कि पिच पर अतिरिक्त उछाल हो सकती है। इसके साथ ही मोर्कल ने ओस को एक बड़ी चिंता करार दिया। ऐसे में टॉस की भूमिका काफी अहम हो सकती है। वानखेड़े में अक्सर बल्लेबाजों के बड़े-बड़े शॉट देखने को मिलते हैं और इसे बल्लेबाजी के लिए अनुकूल माना जाता है। पिच और ड्यू फैक्टर को लेकर मोर्कल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ओस हमेशा से एक बड़ी चिंता रही है। लेकिन ये एक ऐसी चीज है जिसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते- टॉस को आप कंट्रोल नहीं कर सकते। मैं समझता हूं कि वानखेड़े में हमशा से थोड़ी अतिरिक्त उछाल होती है।’ भारत के गेंदबाजी कोच ने कहा, ‘हमारे गेंदबाज बाउंस पर भरोसा कर सकते हैं और सही लाइन से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। मुझे लगता है कि यहां मार्जिन बहुत कम होगा। ये ग्राउंड छोटा है।’ मोर्कल ने कहा कि बल्लेबाजों के लिए मदद का मतलब ये नहीं कि गेंदबाजों के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हर गेंद पर प्रतिस्पर्धा करनी होगी। इस पिच पर बल्लेबाजी की ताकत ही उसकी कमजोरी भी हो सकती है। इसलिए बहुत ज्यादा रक्षात्मक होने की जरूरत नहीं है। आक्रामक गेंदबाजी करते रहिए क्योंकि मौके आ सकते हैं।’ सेमीफाइनल में भारत उम्मीद करेगी कि इंग्लैंड के खिलाफ उसे लक्ष्य का पीछा करने को मिले। इसकी वजह ये है कि इंग्लैंड ने मुश्किल लक्ष्यों का भी सफलता से पीछा करने की काबिलियत रखती है। उसने पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार इस तरह का प्रदर्शन किया। टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत और इंग्लैंड की टीमें तीसरी बार सेमीफाइनल में भिड़ने जा रही हैं। इससे पहले 2022 और 2024 में भी दोनों टीमें सेमीफाइनल में आपस में भिड़ चुकी हैं। संयोग से दोनों टीमों के बीच इससे पहले हुए दोनों सेमीफाइनल में जिस भी टीम ने जीत हासिल की, उसने फाइनल भी फतह किया। 2022 में इंग्लैंड ने भारत को सेमीफाइनल में हराया था और बाद में पाकिस्तान को फाइनल में हराकर विश्व कप पर कब्जा किया था। उसके अगले ही विश्व कप में भारत और इंग्लैंड एक बार फिर सेमीफाइनल में आमने-सामने थे। तब भारत ने इंग्लैंड को हराया और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को शिकस्त देकर विश्व कप अपने नाम किया था। इस बार ये देखना भी दिलचस्प रहेगा कि भारत बनाम इंग्लैंड के सेमीफाइनल की विजेता टीम के विश्व कप जीतने का ट्रेंड बरकरार रहता है या नहीं।

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