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नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बुढ़ाना में खरीदी करोड़ों की जमीन, 6 करोड़ में 55 बीघा रजिस्ट्री

मुजफ्फरनगर बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में करीब 55 बीघा कृषि भूमि खरीदी। जमीन की कीमत लगभग छह करोड़ रुपये बताई जा रही है। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे में बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने करीब 55 बीघा कृषि भूमि खरीदी है। इस जमीन की रजिस्ट्री उन्होंने तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालय में अपने नाम कराई। जमीन की कीमत करीब छह करोड़ रुपये बताई जा रही है।   भाई के साथ पहुंचे बुढ़ाना तहसील अभिनेता अपने परिजनों और भाई फिल्म प्रोड्यूसर फैजुद्दीन सिद्दीकी के साथ बुढ़ाना तहसील पहुंचे थे। यहां उप निबंधक पंकज कुमार जैन के समक्ष बैनामे की प्रक्रिया पूरी की गई और आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए। बताया गया है कि यह कृषि भूमि बुढ़ाना बांगर क्षेत्र में स्थित है, जिसे अभिषेक जैन सहित सात लोगों से खरीदा गया है। इस दौरान उनके अधिवक्ता प्रशांत शर्मा ने खरीद से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कराई। रजिस्ट्री के बाद परिजनों से की मुलाकात रजिस्ट्री के बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी माता हज्जन मेहरुनिशां और परिवार के अन्य सदस्यों से भी मुलाकात की। उनके साथ भाई एडवोकेट अलमासुद्दीन सिद्दीकी और माजुद्दीन सिद्दीकी भी तहसील मुख्यालय पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि अभिनेता के परिवार के पास पहले से भी इस क्षेत्र में जमीन है। इस नई खरीद के साथ उन्होंने अपने पैतृक क्षेत्र से जुड़ाव को और मजबूत किया है।  

यूपी में गोहत्या पर कड़ा प्रहार: 35 हजार से ज्यादा तस्कर और आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ योगी सरकार ने सूबे की सत्ता संभालने के बाद प्रदेश में गोकशी, गोतस्करों और अवैध पशु वध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई की, जो आज भी लगातार जारी है। इसके साथ गोकशी को पूरी तरह से रोकने के लिए वर्ष 2020 में गोवध निवारण कानून में संशोधन किया गया और जून-2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश जारी किया गया। इसके तहत अब तक प्रदेश भर में गोकशी के 14,182 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 35,924 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यूपी सरकार का मानना है कि गोकशी पर नियंत्रण केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि यह सामाजिक आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार द्वारा पुलिस, प्रशासन और विशेष कानूनों के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है। गोकशी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ केवल सामान्य मुकदमे ही नहीं दर्ज किए गए, बल्कि उनके विरुद्ध कड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई की गई। गोकशी के मामले में 35,924 आरोपियों में से 13,793 के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जबकि 178 आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की कार्रवाई की गई। इसके अलावा 14,305 मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की गई है। योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से गोकशी व गोतस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिली। इस दौरान प्रदेश में सक्रिय गोकशी से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया गया और आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की गई। गोकशी के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि आर्थिक स्तर पर भी अपराधियों पर प्रहार किया गया। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 83 करोड़ 32 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई। इसका उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने से संगठित अपराधियों की आर्थिक ताकत कमजोर करना है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को पूरी तरह रोका जा सके। इतना ही नहीं, कई मामलों में अवैध कमाई से खरीदी गई जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियों को भी कुर्क किया गया है। योगी सरकार ने गोकशी पर नियंत्रण के लिए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया। विशेष टीमों द्वारा खुफिया निगरानी, जिलास्तरीय टास्क फोर्स और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के जरिये गोकशी-गोतस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। साथ ही प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई गई, वहीं पशु परिवहन से जुड़े मामलों की भी विशेष निगरानी की गई। इसके अलावा अवैध बूचड़खानों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए गए। योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से प्रदेश में अवैध पशु वध से जुड़े मामलों में काफी कमी आई है और संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है। उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश 2020 में नियमों को सख्त किया गया। अध्यादेश के तहत प्रदेश में गोहत्या पर 10 साल कठोर कारावास की सजा, 3 से 5 लाख तक जुर्माने का प्रावधान और गोवंश के अंगभंग करने पर 7 साल की जेल व 3 लाख जुर्माना है।

UP SI Exam: 14 और 15 मार्च को होगी लिखित परीक्षा, उम्मीदवार तैयार रहें

उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों के लिए लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च को दोनों दिन दो – दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने समस्त प्रतिभागियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा प्रदेश के 75 जनपदों के 1090 परीक्षा केन्द्रों में 14 मार्च  एवं 15 मार्च को दो-दो पालियों में आयोजित कर रहा है। पूर्वान्ह में 10.00 बजे से मध्यान्ह 12.00 बजे तक एवं अपरान्ह 03.00 बजे से सायं 05.00 बजे तक परीक्षा होगी।  उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सीधी भर्ती-2025 के अन्तर्गत 4543 पदों पर अभ्यर्थियो से आवेदन आमंत्रित किए थे। इसमें कुल 15,75,760 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें पुरूष-11,66,386 हैं जबकि 4,09,374 अभ्यर्थी महिला हैं।   लिखित परीक्षा के आयोजन हेतु गुणवत्तापूर्ण परीक्षा केन्द्रों के चयन निर्धारण के अन्तर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालय, राजकीय डिग्री कॉलेज, राज्य/ केन्द्र के विद्यालय/ विश्वविद्यालय, पालीटेक्निक, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज आदि ही सम्मिलित किए गये हैं। महिला अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु उनके मण्डल का ही जनपद आवंटित किया गया है। लिखित प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी, नकलविहीन एवं शुचितापूर्ण ढंग से कराये जाने के संबंध में इम्पर्सीनेशन कंट्रोल (प्रतिरूपण नियंत्रण) हेतु उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कई इंतजाम किए हैं। परीक्षा केन्द्रों की सीसीटीवी से मानीटरिंग हेतु त्रिस्तरीय कन्ट्रोल एवं कमांड सेंटर (परीक्षा केन्द्र, जनपद एवं बोर्ड) व्यवस्था की गई है। परीक्षा के निष्पक्ष, नकलविहीन एवं शुचितापूर्ण परीक्षा सम्पन्न कराए जाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड एवं एस०टी०एफ० द्वारा सघनता एवं सूक्ष्मता से सतर्क दृष्टि रखी जाएगी। यदि कोई अवांछनीय गतिविधियों मे संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि अनुचित साधनों के प्रयोग, प्रतिरूपण, अवांछनीय कृत्यों, दलालों और नौकरी रैकेट चलाने वालों से सावधान रहें । असुविधा से बचने के लिए परीक्षा केन्द्र पर समय से पहुंचें। प्रवेश पत्र के साथ परीक्षा प्रारंभ होने से 02 घंटा पूर्व प्रवेश पत्र, आधार कार्ड / पहचान पत्र (डी०एल०, पासपोर्ट), काला/नीला बाल प्वाइंट पेन के साथ उपस्थित हों।  परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा तथा इसके बाद किसी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों द्वारा अपने आवेदन पत्र कों आधार नंबर के द्वारा पंजीकृत नहीं किया गया है, अथवा आवेदन के चरण में आधार नम्बर मिसमैच पाए गये हैं, उनसे अपेक्षा है कि वह अनिवार्यतः परीक्षा प्रारंभ होने से 02.30 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र पर रिपोर्ट करें। इससे निर्धारित समयावधि में उनका सत्यापन किया जा सके। अभ्यर्थी अपना अपडेटेड एवं अनलॉक्ड आधार कार्ड के साथ लिखित परीक्षा हेतु उपस्थित होगें। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने समस्त प्रतिभागियों को लिखित परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं हैं।    यह सामान नहीं लाएं साथ परीक्षा केन्द्रों पर पाठ्य सामग्री (मुद्रित या लिखित), कागज के ज्यामितीय-पेंसिल बाक्स, प्लास्टिक पाउच, किसी भी प्रकार का कैल्कुलेटर, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, स्केल, कॉपी, पेन ड्राइव, इरेजर, लॉग टेबुल/ इलेक्ट्रानिक पेन/स्कैनर, डिजिटल पेन, इलेक्ट्रानिक गैजेट जैसे मोबाइल फोन, चाभी, किसी प्रकार की घड़ी, ज्वैलरी, स्मार्ट वाच, ब्लूटूथ डिवाइस, इयरफोन, पेजर, हेल्थ बैण्ड, बटुआ/ पर्स, काला चश्मा, हैण्डबैग, टोपी, खाने का सामान, सिगरेट, लाइटर, माचिस, गुटखा लाना पूर्ण रूप से वर्जित है। परीक्षा अवधि में अभ्यर्थी के पास उपरोक्त सामग्री पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

टेनिस में बड़ा मुकाबला तय, सबालेंका और सिनर पहुंचे BNP Paribas सेमीफाइनल

इंडियन वेल्स एरिना सबालेंका ने बीएनपी परीबस ओपन क्वार्टर फाइनल में विक्टोरिया एमबोको को 7 . 6, 6 . 4 से हराकर इंडियन वेल्स टेनिस खिताब की ओर अगला कदम बढा दिया । यानिक सिनर , अलेक्जेंडर ज्वेरेव और दानिल मेदवेदेव भी पुरूष वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गए । मेदवेदेव ने विवादास्पद अंपायर कॉल का फायदा उठाकर गत चैम्पियन जैक ड्रेपर को 6 . 1, 7 . 5 से हराया । मेदवेदेव का सामना अब कार्लोस अल्काराज या कैमरन नॉरी से होगा जबकि दूसरे सेमीफाइनल में सिनर की टक्कर ज्वेरेव से होगी । सबालेंका सेमीफाइनल में चेक गणराज्य की 14वीं वरीयता प्राप्त लिंडा नोस्कोवा से खेलेंगी जिन्होंने आस्ट्रेलिया की गैर वरीय तालिया गिब्सन को 6 . 2, 4 . 6, 6 . 2 से मात दी । नौवीं वरीयता प्राप्त यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना भी पोलैंड की दूसरी वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक को 6 . 2, 4 . 6, 6 . 4 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंच गई । अब उनका सामना एलेना रिबाकिना से होगा जिसने अमेरिका की जेसिका पेगुला को 6 . 1, 7 . 6 से मात दी ।  

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल रंग लाई, रायपुर में जर्जर पुल का निर्माण कार्य शुरू

रायपुर : मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से जर्जर पुल के निर्माण की शुरुआत वर्षों से जोखिम उठाकर गुजर रहे राहगीरों को मिलेगी सुरक्षित आवागमन की सुविधा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सिंगीबहार से कछुआकानी मुख्य मार्ग पर स्थित जर्जर पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है। लंबे समय से पुल की जर्जर स्थिति के कारण क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर थे। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के संज्ञान में मामला आने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग को निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। बताया गया है कि सिंगीबहार–कछुआकानी मार्ग क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जो छत्तीसगढ़ को पड़ोसी राज्यों झारखंड और ओडिशा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। पुल के खराब होने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया को जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देश मिलते ही संबंधित विभाग ने स्थल पर पहुंचकर पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। पुल निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या का अब समाधान होने जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुल बनने से आवागमन सुरक्षित होने के साथ ही आसपास के गांवों के विकास और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

कलेक्टर का बड़ा कदम: भोपाल में भू-जल स्तर गिरने पर नए नलकूप खनन पर प्रतिबंध, पूरे जिले को जल अभावग्रस्त घोषित

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत आदेश जारी करते हुए पूरे भोपाल जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके साथ ही जिले में नए निजी और अशासकीय नलकूपों के खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। भू-जल के अत्यधिक दोहन से संकट गहराया लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री ने प्रशासन को जानकारी दी कि जिले में कृषि और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भू-जल स्रोतों का अत्यधिक उपयोग हो रहा है। इसके कारण नलकूपों और पेयजल स्रोतों का जल स्तर तेजी से गिरता जा रहा है। यदि यह स्थिति जारी रही तो आगामी गर्मियों में भोपाल जिले में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है। बिना अनुमति नहीं हो सकेगा बोरिंग मशीन का प्रवेश जारी आदेश के अनुसार जिले की राजस्व सीमाओं में बिना अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के कोई भी बोरिंग मशीन प्रवेश नहीं कर सकेगी और नए निजी नलकूपों का खनन नहीं किया जा सकेगा। हालांकि सार्वजनिक सड़कों से गुजरने वाली मशीनों को इस प्रावधान से छूट दी गई है। अवैध बोरिंग पर जब्ती और एफआईआर प्रशासन ने राजस्व और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि कोई बोरिंग मशीन अवैध रूप से जिले में प्रवेश करती है या प्रतिबंधित स्थानों पर नलकूप खनन का प्रयास करती है तो उसे तुरंत जप्त किया जाए और संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की जाए। विशेष परिस्थितियों में मिल सकेगी अनुमति कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्देश दिया है कि यदि किसी क्षेत्र में अपरिहार्य परिस्थिति हो तो उचित जांच के बाद नलकूप खनन की अनुमति दी जा सकती है। आदेश उल्लंघन पर सख्त सजा आदेश का उल्लंघन करने पर मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत दो हजार रुपये तक का जुर्माना, दो वर्ष तक का कारावास या दोनों का प्रावधान है। सरकारी योजनाओं पर नहीं लागू होगा प्रतिबंध यह आदेश सरकारी योजनाओं के तहत किए जाने वाले नलकूप खनन पर लागू नहीं होगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग आवश्यकतानुसार योजनाओं के अंतर्गत नलकूप खनन का कार्य जारी रख सकेगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर निजी जल स्रोतों को सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के लिए अधिग्रहित किया जा सकता है।

उच्च शिक्षा विभाग को मिला 1306 करोड़ से ज्यादा का बजट, विधानसभा में अनुदान मांगें पारित

छत्तीसगढ़ विधानसभा में उच्च शिक्षा विभाग की 1306 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित शिक्षा सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास की आधारशिला  25 महाविद्यालयों के नए भवन बनेंगे रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा के उच्च शिक्षा विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 1306 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित कर दी गई। अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास की आधारशिला है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है। मंत्री  वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 37 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यह बजट प्रावधान प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार, गुणवत्ता सुधार और अधोसंरचना विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।      मंत्री ने बताया कि वंचित क्षेत्रों के लिए वित्तीय संसाधनों में भी वृद्धि की गई है। वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों के लिए 230.36 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 2026-27 में 249.61 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के लिए 103.10 करोड़ रुपये के प्रावधान को बढ़ाकर 120.23 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के तहत सरकार ने GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) को विकास का प्रमुख स्तंभ बनाया है। वर्ष 2024-25 में राज्य में महाविद्यालयों की संख्या 335 थी, जो 2025-26 में बढ़कर 343 हो गई है। इसी वर्ष 8 नए स्नातक महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें संगीत, विधि और शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय भी शामिल हैं। नए विषय और महाविद्यालय स्थापना        दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुविधा बढ़ाने के लिए जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर के खड़गवा में बी.एड. (आईटीईपी) तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सुहेला में नए महाविद्यालय की स्थापना के लिए 1.30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरगुजा विश्वविद्यालय में नए विषय शुरू करने तथा रामचंद्रपुर और घरघोड़ा महाविद्यालय को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उन्नयन के लिए 1.40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 25 नए महाविद्यालय भवन बनेंगे     मंत्री  वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के 25 महाविद्यालयों के लिए नए भवन निर्माण हेतु 2500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 6 महाविद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 4.05 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ऑडिटोरियम, छात्रावास और बाउंड्रीवाल निर्माण     उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि कोहका-नेवरा-तिल्दा में ऑडिटोरियम निर्माण, भानुप्रतापपुर में छात्रावास निर्माण और धमतरी महाविद्यालय के छात्रावास में बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए कुल 1.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दूरदराज के विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। 36 महाविद्यालय बनेंगे उत्कृष्टता केंद्र     मंत्री ने कहा कि राज्य के चयनित महाविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना के तहत 36 शासकीय महाविद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। वर्ष 2025-26 में 25 महाविद्यालयों को और वर्ष 2026-27 में 5 महाविद्यालयों के लिए प्रति महाविद्यालय 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। NAAC मूल्यांकन पर जोर      उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। अब तक 200 शासकीय महाविद्यालयों और 5 राज्य विश्वविद्यालयों का NAAC द्वारा सफलतापूर्वक मूल्यांकन कराया जा चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन     मंत्री  वर्मा ने बताया कि राज्य में 335 शासकीय, 321 अशासकीय महाविद्यालयों, 8 राजकीय विश्वविद्यालयों और 18 निजी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। इसके तहत बहुविषयक शिक्षा, मल्टी एंट्री-मल्टी एग्जिट प्रणाली और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया है। 42 स्किल एन्हांसमेंट कोर्स और 108 जनरिक इलेक्टिव व एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स विकसित किए गए हैं। PM-USHA योजना के तहत सुदृढ़ीकरण        प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के अंतर्गत 12 शासकीय महाविद्यालयों को प्रति महाविद्यालय 5 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं 3 विश्वविद्यालयों को प्रति विश्वविद्यालय 20 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इसके अलावा बस्तर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को MERU (Multidisciplinary Education and Research Universities) योजना के तहत 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।     लैंगिक समावेशन और समानता पहल (Gender Inclusion and Equity Initiative) के तहत राजनांदगांव, सरगुजा, धमतरी, बलौदाबाजार और कबीरधाम जिलों को महिला शिक्षा और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के लिए प्रति जिला 10 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।      मंत्री  वर्मा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, समतामूलक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास के साथ राज्य के समग्र विकास को गति मिल सके।

संभल में सुरक्षा के सख्त इंतजाम: अलविदा जुमे पर ड्रोन निगरानी, तीन कंपनी PAC तैनात

संभल संभल में रमजान के अलविदा जुमे की नमाज शुक्रवार को  अदा की जाएगी। इसे देखते हुए जामा मस्जिद समेत प्रमुख मस्जिदों के आसपास तीन कंपनी पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए तीन कंपनी पीएसी के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। रमजान के पवित्र महीने में पढ़ी जाने वाली अलविदा जुमे की नमाज अदा की जाएगी। उलमा के अनुसार इस बार रमजान में पांचवां जुमा भी पड़ सकता है और उसके बाद ईद उल फितर मनाई जा सकती है। इसी को देखते हुए चौथे जुमे को ही अलविदा जुमे के रूप में मनाने का एलान किया गया है। संभल जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना आफताब हुसैन वारसी ने भी इसकी घोषणा की है। उन्होंने समुदाय से अपील करते हुए कहा कि अलविदा जुमे की नमाज पूरी शांति और अनुशासन के साथ अदा की जाए। किसी भी तरह का विवाद या अव्यवस्था न हो इसका ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर नमाज अदा नहीं की जाएगी। सभी लोग अपनी-अपनी मस्जिदों में ही नमाज पढ़ें और यातायात व्यवस्था को प्रभावित न करें।  पुलिस-प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह के प्रदर्शन, जुलूस या नारेबाजी की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष रूप से ईरान के समर्थन में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। संवेदनशीलता को देखते हुए जामा मस्जिद क्षेत्र, मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह को तुरंत रोका जा सके। संभल में तैनात होंगे 19 मजिस्ट्रेट, भारी फोर्स संभल शहर अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल है। शासन की ओर से भी पूरी निगरानी रहती है। इसके चलते पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट है। अलविदा जुमा की नमाज को लेकर डीएम ने संभल शहर में 19 मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। इसके अलावा पुलिस, पीएसी और आरआरएफ के जवान मुस्तैद हैं। संवेदनशील इलाके में नमाज के दौरान ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी। संभल शहर में 19 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा जिलेभर में सभी थानों पर एक-एक मजिस्ट्रेट की तैनाती है। पीस कमेटी की बैठक में शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा करने और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील  है। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। -डीएम, संभल एहतियाती तौर पर चौकसी शहर में बरती जा रही है। शांतिपूर्ण तरीके से लोग जुमा अलविदा की नमाज अदा करें। सड़कों पर नमाज अदा न करें। शासन की जो गाइडलाइन है उसका सभी को पालन करना है। सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए टीम सक्रिय है। किसी ने माहौल बिगाड़ने के प्रयास में पोस्ट या वीडियो शेयर की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी  

फर्जी मेडिकल वीजा का खुलासा, दिल्ली में रह रहे 10 बांग्लादेशी पकड़े गए

 नई दिल्ली दिल्ली पुलिस के बाहरी जिले की ‘फॉरेनर सेल’ ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है. इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 10 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है, जो फर्जी मेडिकल वीजा के सहारे भारत में रह रहे थे और यहां से यूरोप जाने की योजना बना रहे थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ विदेशी नागरिक अपने भारतीय वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से इलाके में छिपे हुए हैं. सूचना के आधार पर 6 मार्च, 2026 को फॉरेनर सेल की टीम ने पीरागढ़ी चौक के पास स्थित डीडीए पार्क की घेराबंदी की। पुलिस की मौजूदगी भांपते ही संदिग्धों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद टीम ने उन्हें चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया. तलाशी के दौरान इनमें से कोई भी व्यक्ति वैध पहचान पत्र या भारत में रहने के जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। बुल्गारिया जाने का था इरादा पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी 10 बांग्लादेशी नागरिक भारत का इस्तेमाल एक ‘ट्रांजिट पॉइंट’ के रूप में कर रहे थे. इनका असल मकसद भारत में रहते हुए बुल्गारिया के लिए मेडिकल वीजा हासिल करना था. जांच में पता चला कि इनके पासपोर्ट और वीजा काफी समय पहले ही एक्सपायर हो चुके थे, जिसके बाद से ये दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे थे। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान पकड़े गए लोगों में फारुक (39), मोहम्मद सोजिब फकीर (29), शोहाग मिया (26), शहाबुद्दीन (36), मोहम्मद शराजुल इस्लाम शाहिदुल (37), गुलाम रब्बानी (29), सजीब मिया (26), मोहम्मद जहिरुल (33), मोहम्मद आलमगीर होसिन (30) और मोहम्मद अब्दुल कुद्दुस (38) शामिल हैं। देश निकाला की प्रक्रिया शुरू पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी 10 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी के खिलाफ FRRO के समन्वय से निर्वासन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है. बाहरी जिला पुलिस का कहना है कि उनके अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की पहचान के लिए इस तरह के वेरिफिकेशन अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

भोपाल में 6 प्राइवेट हॉस्पिटल पर खतरा, 1 अप्रैल से बंद होने का अलर्ट, सीएमएचओ ने नोटिस भेजा

भोपाल   राजधानी में लाइसेंस और पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराने वाले आधा दर्जन निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने ऐसे 6 अस्पतालों को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2026 के बाद बिना नवीनीकरण के उनका संचालन नहीं किया जा सकेगा. वहीं तय समय में आवेदन नहीं करने पर अब इन अस्पतालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. अस्पतालों के संचालन के लिए यह नियम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा शहर के 6 निजी अस्पतालों को लाइसेंस नवीनीकरण का आवेदन नहीं करने पर नोटिस जारी किया गया है. इन अस्पतालों ने निर्धारित समय सीमा के अंदर अपने अस्पताल के लाइसेंस और पंजीयन के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था. मध्यप्रदेश उपचारगृह व रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (पंजीयन व अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 व नियम 1997 (संशोधित 2021) के तहत निजी स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीयन अनिवार्य है. इस अधिनियम की धारा 3 के अनुसार बिना पंजीयन के किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्था का संचालन नहीं किया जा सकता. इन अस्पतालों को जारी किया गया नोटिस सीएमएचओ कार्यालय के अनुसार लालघाटी चौराहा स्थित जहरा अस्पताल, मोतिया तालाब रोड स्थित सरदार पटेल अस्पताल, कैपिटल पेट्रोल पंप के पास राय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, बीडीए कॉलोनी गोदरमऊ गांधीनगर स्थित हेल्थ केयर हॉस्पिटल, दानिश कुंज कोलार रोड स्थित भगवती गौतम अस्पताल व सोनागिरी पिपलानी पेट्रोल पंप के पास स्थित सचिन ममता अस्पताल को नोटिस जारी किया गया है. ढाई महीने का समय देने के बाद भी नहीं कराया रिन्यू सीएमएचओ कार्यालय से अस्पताल संचालन के लिए पंजीयन और लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है, जो हर तीन वर्ष के लिए जारी किया जाता है. इस वर्ष निजी अस्पतालों और क्लिनिकों को एनएचएस पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के लिए करीब ढाई महीने का समय दिया गया था, लेकिन इन छह अस्पतालों ने निर्धारित अवधि में नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया. 31 मार्च के बाद होगी कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने बताया, ” नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत रिन्यूअल आवेदन जमा नहीं करने पर इन अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है. यदि 31 मार्च के बाद भी ये अस्पताल संचालित पाए गए तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.” डॉ. शर्मा ने बताया कि इसके साथ अन्या अस्पतालों का अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है. यदि कोई कमी सामने आती है, तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

राहुल गांधी ने संसद में उठाया LPG-तेल संकट, एपस्टीन का नाम लेते ही सदन में हंगामा

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से पैदा हुए तेल और एलपीजी संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह तो बस अभी शुरुआत है। इसका बहुत बुरा असर होगा। राहुल गांधी ने एपस्टीन का भी जिक्र किया, जिसके बाद हंगामा मच गया। राहुल गांधी ने कहा, ”मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ गई है। अमेरिका, इजरायल और ईरान जंग में हैं। इस जंग के बहुत बड़े नतीजे होंगे। सेंट्रल रास्ता, जहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल बहता है, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, बंद हो गया है। इसका बहुत बुरा असर होगा, खासकर हम पर, क्योंकि हमारे तेल और नैचुरल गैस का एक बहुत बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से आता है। दर्द तो अभी शुरू हुआ है। रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं। एलपीजी को लेकर बहुत ज़्यादा पैनिक है…यह तो बस शुरुआत है।”  

भारत-ईरान संवाद जारी: जयशंकर ने ईरानी समकक्ष से तीन बार की बातचीत, जहाजों की सुरक्षा पर चिंता

नई दिल्ली   ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से दुनियाभर में तेल संकट पैदा हो गया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से किसी भी कार्गो जहाज को जाने से मनाही है, जिसकी वजह से कच्चे तेल के आयात पर असर पड़ा है। इस बीच, भारत सरकार ने बताया है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की पिछले कुछ दिनों में ईरानी विदेश मंत्री के साथ तीन बार बातचीत हुई है। आखिरी बातचीत में शिपिंग (जहाजों) की सुरक्षा और भारत में ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इसके अलावा, इस मामले में मेरे लिए कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इससे पहले, पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच, भारत सरकार ने बुधवार को कहा कि खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान एक पोत पर हुए हमले में दो भारतीयों की मौत हो गई और एक लापता हो गया। उन्होंने कहा, ”प्रवासी समुदाय की सुरक्षा और कल्याण हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और इजराइल समेत क्षेत्र के कई नेताओं से बातचीत की है, वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इन देशों के साथ-साथ ईरान के अपने समकक्षों के साथ नियमित संपर्क में हैं। जायसवाल ने कहा, ”हम अपने नागरिकों, जीसीसी और पश्चिम एशियाई देशों में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस क्षेत्र में हमारे सभी मिशन समुदाय के सदस्यों के साथ नियमित संपर्क में हैं।” उन्होंने कहा कि वाणज्यिक जहाजों से जुड़ी घटनाओं में दो भारतीयों की मौत हो गई है और एक लापता है। जायसवाल ने कहा, ”जीसीसी क्षेत्र में घायल हुए कुछ अन्य भारतीयों की देखभाल की जा रही है। उनका इलाज जारी है और हमारा दूतावास और वाणिज्य दूतावास उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ लगातार संपर्क में हैं।” उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय इस क्षेत्र में भारतीय नागरिकों से जुड़ी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और भारतीय दूतावास प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों में भारत के लगभग एक करोड़ नागरिक रहते हैं और उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता बनी हुई है।  

Indane यूजर्स परेशान: सिस्टम क्रैश होने से गैस सिलेंडर बुकिंग ठप

नई दिल्ली दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे युद्ध और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव की वजह से गैस सिलेंडर की कमी हो रही है। इसी वजह से अचानक गैस बुकिंग की कॉल्स में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। मनीकंट्रोल के मुताबिक, गैस बुकिंग के लिए आने वाली कॉल्स सामान्य दिनों की तुलना में 8 से 10 गुना तक बढ़ गईं, जिससे Indane का बुकिंग सिस्टम कुछ समय के लिए क्रैश हो गया। इसका असर यह हुआ कि कई यूजर्स फोन, ऐप या वेबसाइट के जरिए सिलेंडर बुक नहीं कर पाए और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ शहरों में तो लोग सीधे गैस एजेंसी के दफ्तर पहुंच गए, जिससे वहां लंबी लाइनें भी लग गईं। वहीं रिसर्चर्स का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और गैस सप्लाई को लेकर बनी चिंता के कारण लोगों ने एक साथ सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया, जिससे सिस्टम पर अचानक ज्यादा दबाव पड़ गया। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि आखिर LPG बुकिंग सिस्टम क्यों क्रैश हुआ और इसका यूजर्स पर क्या असर पड़ सकता है। इसी वजह से कई जगह लोगों को IVRS नंबर या मिस्ड कॉल के जरिए सिलेंडर बुक करने में दिक्कत हुई। कुछ जगहों पर तो लोग सीधे गैस एजेंसी के दफ्तर पहुंच गए, जिससे वहां लंबी लाइनें लग गईं। 8–10 गुना बढ़ी कॉल्स से सिस्टम पर पड़ा दबाव मनीकंट्रोल के अनुसार Indane के IVRS और मिस्ड कॉल नंबर पर बुकिंग के लिए अचानक कॉल्स की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई। सामान्य दिनों के मुकाबले कॉल्स लगभग 8 से 10 गुना ज्यादा आ गईं। कंपनी ने अपने डीलरों को भेजे एक message में बताया कि इतनी ज्यादा कॉल्स आने की वजह से पूरा सिस्टम भारी दबाव में आ गया और कई बार ग्राहकों को कनेक्ट होने में दिक्कत होने लगी। लोगों की हुई परेशानी सिस्टम में आई टेक्निकल दिक्कत की वजह से कई शहरों में लोग गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पाए। कुछ जगहों पर मोबाइल ऐप और वेबसाइट भी ठीक से काम नहीं कर रही थीं। ऐसे में कई लोग सीधे गैस एजेंसी के दफ्तर पहुंच गए, जिससे वहां लंबी लाइनें लग गईं और काफी भीड़ देखने को मिली। कई ग्राहकों ने शिकायत की कि उन्होंने कई बार कॉल करने की कोशिश की लेकिन बुकिंग नहीं हो सकी। सरकार ने बदला गैस बुकिंग का नियम सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग को लेकर एक नया नियम भी लागू किया है। अब एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह समय 21 दिन था। सरकार का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया है ताकि लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक न करें और सभी यूजर्स को गैस मिल सके।  

सावरकर टिप्पणी विवाद थमा, कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि केस किया बंद

मुंबई महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक आपराधिक अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को बुधवार, 11 मार्च को बड़ी राहत दी है। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आर.एल. नरवाडे की अदालत ने गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के एक मामले को बंद कर दिया है। यह मामला उनके द्वारा हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर को लेकर की गई टिप्पणियों से जुड़ा था, जो उन्होंने 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान की थीं। अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सावरकर से जुड़े कुछ ऐतिहासिक दस्तावेज दिखाते हुए टिप्पणी की थी। राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत नासिक स्थित निर्भया फाउंडेशन के अध्यक्ष देवेंद्र भुटाडा ने दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 15 और 16 जून, 2022 को हिंगोली और अकोला में रैलियों में गांधी की टिप्पणियां मानहानि करने वाली और अपमानजनक थीं। किन धाराओं में मामला दर्ज हुआ था भुटाडा की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 (मानहानि) और 504 (जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया था। सितंबर 2024 में नासिक अदालत ने राहुल गांधी को इस मामले में समन भी जारी किया था। बाद में राहुल गांधी को अदालत से जमानत मिल गई और उन्हें कार्यवाही में वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होने की अनुमति भी दी गई। सुनवाई के दौरान उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था। शिकायतकर्ता ने वापस ली शिकायत बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने पहले दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 202 के तहत जांच के आदेश दिए थे। पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में आवेदन देकर मामला वापस लेने की मांग की थी। इसके बाद ट्रायल जज ने मानहानि से जुड़ी पूरी कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया।  

ऑस्कर 2026 के ‘स्वैग बैग’ का खुलासा: 23 लग्जरी गिफ्ट्स, कीमत ₹3.20 करोड़

लॉस एंजिल्स सिनेमा की दुनिया के सबसे प्रतिष्‍ठ‍ित अवॉर्ड Oscars 2026 की घोषणा में अब सिर्फ 4 दिन बचे हैं। 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2026) का ऐलान रविवार, 15 मार्च, 2026 को हॉलीवुड के डॉल्बी थिएटर में होने वाला है। इसमें साल 2025 की बेस्ट फिल्मों, बेस्‍ट एक्‍टर्स को 24 अलग-अलग कैटेगरी में सम्मानित किया जाएगा। हम इससे पहले इस बार के ऑस्‍कर नॉमिनेशंस की चर्चा कर चुके हैं। लेकिन आज बात उस गिफ्ट बैग की करेंगे, जो हर साल ऑस्कर नॉमिनीज को दिया जाता है। एकेडमी अवॉर्ड पाने वाले हर नॉम‍िनीज को यह शानदार ‘एवरीबडी विन्स’ गिफ्ट बैग मिलता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार साल 2026 में जो गिफ्ट बैग दिया जा रहा है, उसकी कीमत कथ‍ित तौर 3.20 करोड़ रुपये है। आइए, जानते हैं कि इस बार गिफ्ट बैग में क्‍या-क्‍या होगा। यहां यह जान लेना भी जरूरी है कि ये ‘गिफ्ट बैग’ एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ऑफिशियली नहीं बांटती। लेकिन ये बैग अवॉर्ड सीजन की सबसे चर्चित परंपराओं में से एक बन गए हैं। ऑस्कर सेरेमनी में ‘एवरीवन विन्स’ गिफ्ट बैग लॉस एंजिल्स की मार्केटिंग फर्म डिस्टिंक्टिव एसेट्स बांट रही है। इसके फाउंडर लैश फेरी हैं, जो लगातार 24वें साल यह काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस साल के बैग की कीमत कथित तौर पर लगभग $350,000 (3.2 करोड़ रुपये) है, जिसमें लग्‍जरी वेकेशन से लेकर वेलनेस ट्रीटमेंट और महंगे लाइफस्टाइल आइटम तक शामिल हैं। Oscars 2026 ग‍िफ्ट बैग में होंगे ये 23 लग्‍जरी आइटम और सर्विस     कोस्टा रिका में कंसीयज और शेफ के साथ प्राइवेट लग्जरी विला में ठहरने का गिफ्ट कूपन     फिनिश लैपलैंड में आर्कटिक विला रिट्रीट, जहां से नॉर्दर्न लाइट्स के नजारे दिखते हैं     श्रीलंका के संतानी रिजॉर्ट में 10 दिन का वेलनेस रिट्रीट     कैलिफोर्निया में गोल्डन डोर में 7 दिन का वेलनेस प्रोग्राम     स्कल्प्ट एंड लिफ्ट फेशियल एक्सपीरियंस और लग्जरी स्किनकेयर प्रोडक्ट्स     स्विस लग्जरी स्किनकेयर सेट और वायरल ब्यूटी प्रोडक्ट्स     फेशियल और मसाज ट्रीटमेंट के लिए स्पा क्रेडिट     लग्जरी सनस्क्रीन और ब्यूटी प्रोडक्‍ट्स     न्यूयॉर्क में $25,000 (23 लाख रुपये) का फेशियल रिजुविनेशन प्रोसीजर     डेंटल स्माइल मेकओवर कंसल्टेशन     सेलिब्रिटी डिवोर्स अटॉर्नी जेम्स सेक्सटन की ओर से कस्टम प्री-नपशियल एग्रीमेंट     लग्जरी टी टेस्टिंग असॉर्टमेंट     एडिबल गोल्ड क्रिस्टल के साथ डार्क चॉकलेट प्रेट्जेल     चॉकलेट कोटिंग वाले फ्रूट स्नैक्स और बादाम बाइट्स     कैनबिस और THC प्रोडक्ट्स     बेबो का लग्जरी कैनेबिस गिफ्ट सेट     THC ड्रिंक पैकेट और कैनेबिस-इनफ्यूज्ड ड्रिंक्स     अल्कोहल-फ्री THC मार्गरिटा     जापानी स्टाइल वाल डिजाइनर लगेज बैग     आरामदायक बॉडी-सपोर्टिव अंडरवियर     कस्टम होम इंटीरियर डिजाइन सर्विस     क्रिप्टोकरेंसी कोल्ड-स्टोरेज वॉलेट     लग्जरी फाउंटेन पेन क्‍यों दिए जाते हैं Oscars ग‍िफ्ट बैग Oscars में नॉम‍िनेशन पाने वाली हर एंट्री को यह गिफ्ट बैग दिया जाता है। यह दुनिया से सबसे प्रतिष्‍ठ‍ित फिल्‍म अवॉर्ड में नाम जुड़ने के लिए सेलिब्रेशन जैसा है। फिर चाहे वो ऑस्कर जीतें या ना जीतें। मार्केटर लैश फेरी, बीते ढाई दशक से इन्हें क्यूरेट कर रहे हैं। वह कहते हैं कि यह इनिशिएटिव छोटे बिजनेस, महिलाओं द्वारा शुरू किए गए ब्रांड और माइनॉरिटी-ओन्ड कंपनियों को प्रमोट करने में भी मदद करता है। कई ब्रांड अपने प्रोडक्ट को शामिल करने के लिए पैसे देते हैं, उम्मीद करते हैं कि हॉलीवुड की सबसे बड़ी रात से ग्लोबल एक्सपोजर उनके ऑफर को ज्यादा बड़े ऑडियंस तक पहुंचाएगा। Oscars 2026 के नॉम‍िनेशन, ‘सिनर्स’ ने रचा इतिहास 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेशंस का ऐलान 22 जनवरी, 2026 को बेवर्ली हिल्स के सैमुअल गोल्डविन थिएटर में किया गया था। इसमें ‘सिनर्स’ को सबसे अधकि 16 नॉमिनेशन मिले और इसने ऑस्कर के इतिहास में नया रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले ‘ऑल अबाउट ईव’ (1950), ‘टाइटैनिक’ (1997) और ‘ला ला लैंड’ (2016) को सबसे अध‍िक 14 नॉमिनेशन मिले थे। इसी के साथ 30 साल के ट‍िमोथी शैलेमे को 3 नॉम‍िनेशन मिले हैं। वह मार्लन ब्रैंडो के बाद यह कारनामा करने वाले सबसे कम उम्र के एक्टर बन गए हैं। वैगनर मौरा, बेस्ट एक्टर इन ए लीडिंग रोल कैटेगरी में नॉमिनेट होने वाले पहले ब्राजीलियन बने हैं। भारत में कब और कहां देखें Oscars 2026 सेरेमनी लॉस एंजिल्स में होने वाले ऑस्‍कर सेरेमनी का भारत में भी सीधा प्रसारण होगा। आप इसे सोमवार, 16 मार्च, 2026 की सुबह तड़के 4:30 बजे से स्‍टार मूवीज टीवी चैनल या फिर OTT प्‍लेटफॉर्म JioHotstar पर लाइव देख सकते हैं। ऑस्‍कर 2026 के मंच पर दिखेंगी प्रियंका चोपड़ा बॉलीवुड की ‘देसी गर्ल’ प्रियंका चोपड़ा जोनस भी ऑस्‍कर 2026 के मंच पर नजर आएंगी। उन्‍हें अवॉर्ड प्रेजेंटर चुना गया है। खास बात यह है कि प्रियंका चोपड़ा स्‍टेज पर रॉबर्ट डाउनी जूनियर, ऐनी हैथवे, विल अर्नेट, ग्वेनेथ पाल्ट्रो और पॉल मेस्कल जैसे बड़े नाम के साथ नजर आएंगी। भारतीय मूल की Geeta Gandbhir को दो नॉम‍िनेशन भारतीय मूल की अमेरिकी फिल्ममेकर Geeta Gandbhir को इस साल की ऑस्कर डॉक्यूमेंट्री रेस में दो नॉम‍िनेशन मिले हैं। गीता को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर कैटेगरी में ‘द परफेक्ट नेबर’ और बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट कैटेगरी में ‘द डेविल इज बिजी’ के लिए नॉमिनेशन मिला है।

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