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कर्नाटक बनेगा आईटी एक्सपोर्ट का पावरहाउस, इस साल 5.50 लाख करोड़ से ज्यादा निर्यात का अनुमान: प्रियांक खड़गे

बेंगलुरु कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राज्य का आईटी निर्यात इस वर्ष 5.50 लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है। भाजपा विधायक वेदव्यास कामत के सवाल का जवाब देते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा, “कर्नाटक में आईटी-बीटी की संभावनाओं की बात करें तो 2022-23 में हमारा आईटी-बीटी निर्यात 3.55 लाख करोड़ रुपये था। 2023-24 में यह बढ़कर 4.09 लाख करोड़ रुपये हो गया और पिछले वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 4.58 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस वर्ष 31 मार्च को समापन तिथि है। मुझे 100 प्रतिशत भरोसा है कि इस साल हम 5.50 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएंगे।” उन्होंने कहा, “इस 5.50 लाख करोड़ रुपये में से मैसूरु शहर से लगभग 3,000 करोड़ रुपये का आईटी निर्यात होता है, जबकि मैंगलुरु और तटीय क्षेत्र से लगभग 3,500 करोड़ रुपये का योगदान है। बेलगावी और हुब्बली मिलकर 2,000 करोड़ से 2,500 करोड़ रुपये के बीच आईटी निर्यात करते हैं। बाकी हिस्सा बेंगलुरु शहर से आता है।” खड़गे ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मैंगलुरु में संभावनाएं नहीं हैं। उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। अगर स्थानीय नेता अनुकूल माहौल बनाते हैं तो हम स्थानीय अर्थव्यवस्था को तेज कर सकते हैं। मैं विधायक के ध्यान में लाना चाहता हूं कि बेंगलुरु जिले का जीडीपी लगभग 39.9 प्रतिशत, यानी करीब 40 प्रतिशत है। इसके बाद मैंगलुरु 5.4 प्रतिशत के साथ है और तीसरा 3.4 प्रतिशत है। अंतर साफ देखा जा सकता है।” उन्होंने कहा, “कहां 40 प्रतिशत और कहां 5.4 प्रतिशत? मैं ईमानदारी से कहता हूं कि अगर उस क्षेत्र में पूंजी निवेश के लिए उपयुक्त माहौल बनाया जाए तो अगले तीन वर्षों में यह लगभग तीन प्रतिशत वृद्धि हासिल कर सकता है। मैंने यही कहा था और मैं अपनी बात पर कायम हूं।” मैंगलुरु क्षेत्र को अक्सर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माना जाता है और अतीत में यहां सांप्रदायिक झड़पों, विरोध प्रदर्शनों और बदले की हत्याओं की घटनाएं हुई हैं। खड़गे ने ऐसे मुद्दों पर अक्सर सांप्रदायिक ताकतों और भाजपा की आलोचना की है। उन्होंने कहा, “विकास सुनिश्चित करना केवल आपकी जिम्मेदारी नहीं है, यह मेरी भी जिम्मेदारी है।” खड़गे ने कहा, “राज्यभर में हमने आईटी और संबंधित कंपनियों के साथ 380 एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। तटीय क्षेत्र में हम मणिपाल, उडुपी और मैंगलुरु को एक क्लस्टर के रूप में लेकर उन्हें इकोनॉमिक एक्सेलेरेटर प्रोग्राम के तहत ला रहे हैं। हमारी ओर से एक टेक्नोलॉजी कन्वेंशन आयोजित किया जा रहा है और बियॉन्ड बेंगलुरु क्लस्टर पहल के तहत 25 करोड़ रुपये का सीड फंड जारी किया गया है। कर्नाटक एक्सेलेरेशन प्रोग्राम के तहत शाइन प्रोग्राम के माध्यम से गठजोड़ बनाए गए हैं और स्टार्टअप्स को सहायता दी जा रही है।” खड़गे ने कहा कि तटीय क्षेत्र में आईटी पार्क स्थापित करने के मानदंडों को सरल बनाने की मांग भी उठी है। उन्होंने कहा, “एक सप्ताह के भीतर स्थानीय विधायकों की मांग के अनुसार मानदंडों को सरल बनाया जाएगा। हम ओशन फार्मिंग नीति लाने की भी कोशिश कर रहे हैं। डेटा सेंटरों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। यह क्लस्टर केवल राज्य ही नहीं बल्कि देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। संभावनाएं बहुत हैं, लेकिन हमें अनुकूल माहौल बनाना होगा।” भाजपा के कामत ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद तटीय क्षेत्र विकास के मामले में बेंगलुरु के बाद दूसरे स्थान पर है। उन्होंने मंत्री से कम जीडीपी वाले जिलों जैसे कलबुर्गी के लिए योजनाओं को स्पष्ट करने को कहा। बता दें कि प्रियांक खड़गे स्वयं कलबुर्गी से आते हैं, जिसे राज्य के सबसे पिछड़े जिलों में से एक माना जाता है। जवाब में खड़गे ने कहा कि विकास भौगोलिक और जनसांख्यिकीय लाभों पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, “तटीय कर्नाटक को जो लाभ उपलब्ध हैं, वे कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में नहीं हैं। जो फायदे हमारे पास हैं, वे आपके पास नहीं हैं। आपके पास समुद्र है, जिससे समुद्री खेती की संभावना है, जबकि हम तूर दाल उगाते हैं। जीडीपी योगदान के मामले में कलाबुरगी 1.9 प्रतिशत का योगदान देता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बेंगलुरु ग्रामीण भी जीडीपी में 1.9 प्रतिशत का योगदान देता है। हम इन क्षेत्रों में विकास तेज करने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। राज्य विकास को केवल मैंगलुरु या बेंगलुरु तक सीमित नहीं रख रहा है। जहां भी राज्य में संभावनाएं हैं, वहां जीडीपी सुधारने के लिए हम हस्तक्षेप कर रहे हैं।”

क्रिकेट सितारों की मौजूदगी में होगी कुलदीप यादव की शादी, मसूरी में खास इंतजाम

मसूरी उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ियों में बसा मसूरी एक हाई-प्रोफाइल शादी के कारण चर्चा में है। भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिन जादूगर कुलदीप यादव अपनी बचपन की दोस्त वंशिका के साथ मसूरी में 14 मार्च को शादी करने जा रहे हैं। मेहंदी और शादी की सभी रस्में मसूरी के ऐतिहासिक सेवॉय होटल में होंगे। इस शादी को लेकर होटल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। शादी में विराट कोहली, आईसीसी अध्यक्ष जय शाह समेत कई राजनीतिक, फिल्मी और खेल जगह की हस्तियां पहुंच सकती हैं। सेवॉय होटल में कर्मचारियों से होटल की तैयारियों को लेकर बातचीत की। कर्मचारियों ने हालांकि कार्यक्रम गोपनीय रखने का हवाला देते हुए ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन बताया कि वे इस हाई प्रोफाइल शादी को लेकर काफी उत्साहित हैं। मसूरी में स्थानीय लोग भी अपने चहेते क्रिकेटरों को देखने के लिए उत्सुक हैं। सूत्रों का कहना है कि समारोह में भारतीय क्रिकेट जगत, राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां शामिल हो सकती हैं। मेहमानों की लंबी फेहरिस्त मेहमानों की सूची में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और टीम इंडिया के कई क्रिकेटर्स आ सकते हैं। होटल के एक स्टाफ ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि शादी में शरीक होने के लिए आईसीसी अध्यक्ष जय शाह भी पहुंच सकते हैं। इतना ही नहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कई राजनीतिक हस्तियां मेहमान के तौर पर नव दंपत्ति को आशीर्वाद देने पहुंच सकते हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, 13 को मेहंदी और 14 को शादी के सभी कार्यक्रम सेवॉय होटल में ही होंगे। शादी समारोह के लिए मसूरी में खास इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक कई वीआईपी मेहमानों को कैंम्प्टी फॉल रोड स्थित जेडी ब्लू मेरिट होटल में ठहराने की व्यवस्था की गई है। यहां सुरक्षा, खानपान और आवागमन को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि मेहमानों को किसी तरह की असुविधा न हो। ब्रिटिश वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध सेवॉय होटल वहीं, शादी समारोह के मुख्य कार्यक्रम ऐतिहासिक सेवॉय होटल में आयोजित होंगे। ब्रिटिशकालीन वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध यह होटल पहले भी कई राजघरानों, राजनेताओं और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मेजबानी कर चुका है। अब कुलदीप यादव की शादी के कारण एक बार फिर यह होटल सुर्खियों में है। मसूरी में उत्साह शादी को लेकर मसूरी के पर्यटन कारोबार में भी हलचल बढ़ गई है। होटल, टैक्सी और स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि इस हाई-प्रोफाइल समारोह से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन की ओर से ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है, क्योंकि समारोह में बड़ी संख्या में वीआईपी मेहमानों के आने की संभावना है।

जब फ्लाइट छूट गई… थर्ड एसी में छिपकर घर पहुंचे शिवम दुबे, खुद सुनाई दिलचस्प कहानी

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप के स्टार शिवम दुबे अहमदाबाद से अपने घर मुंबई फ्लाइट से नहीं, बल्कि ट्रेन से गए। वो भी फर्स्ट क्लास में नहीं बल्कि थर्ड एसी में। उन्हें डर भी लग रहा था कि कोई उन्हें पहचान न ले। टीसी ने जब शिवम दुबे नाम पुकारा और पूछा कि वो क्रिकेटर तब उनकी पत्नी ने मामला संभाला। टी20 विश्व कप के हीरो शिवम दुबे फाइनल में भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद कुछ ऐसा किया जिसकी अब खूब चर्चा हो रही है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार रात को दुबे ने अपनी बल्लेबाजी का कुछ ऐसा जलवा बिखेरा कि पूरा स्टेडियम दुबे-दुबे के शोर से गुंजायमान हो गया। आखिरी ओवर में उन्होंने 24 रन ठोककर भारत को ढाई सौ के पार पहुंचाया था। आखिरकार भारत तीसरी बार टी20 विश्व कप का सिरमौर बना। स्टेडियम ही नहीं पूरा देश जश्न में डूब गया। देर रात तक जश्न मनता रहा। इस बीच सूरज निकलने से पहले ही विश्व कप का ये हीरो अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर था और सयाजी एक्सप्रेस की थर्ड एसी में छिपते-छिपाते सफर करके मुंबई पहुंचा। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक शिवम दुबे ने ये फैसला तब किया जब सोमवार को अहमदाबाद से मुंबई जाने वाली सभी फ्लाइटें पूरी तरह बुक थीं। दुबे को घर पहुंचने की जल्दी थी। वह अपने चार साल के बेटे अयान और दो साल की बेटी महविश के पास जल्द से जल्द पहुंचना चाहते थे जो मुंबई में उनके घर पर थे। आखिरकार उन्होंने पत्नी अंजुम के साथ ट्रेन से जाने का फैसला किया। दुबे अच्छी तरह जानते थे कि ट्रेन से जाना उनके लिए कितना जोखिमभरा होगा। वर्ल्ड कप स्टार को देखने, मिलने, उसके साथ फोटो खिंचाने के लिए लोगों की भीड़ टूट ही जाती। लेकिन दुबे ने इसका रास्ता निकाला। दुबे ने बताया, ‘कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी, इसलिए मैंने सुबह-सुबह अहमदाबाद से मुंबई के लिए ट्रेन पकड़ने का फैसला किया। हम सड़क मार्ग से भी जा सकते थे लेकिन ट्रेन जल्दी पहुंचाती।’ दुबे ने आगे बताया कि कैसे उनके ट्रेन से जाने की योजना के बारे में जानने के बाद परिवार वाले और दोस्त चिंतित थे। उन्होंने बताया, ‘मैं, मेरी पत्नी और एक दोस्त ने ट्रेन से जाने का फैसला किया। थर्ड एसी के टिकट उपलब्ध थे इसलिए हमने उसे बुक करने का फैसला किया। परिवार और दोस्तों में जिस किसी से भी हमने बात की वो सभी चिंता में थे। क्या होगा अगर कोई मुझे स्टेशन पर या ट्रेन में पहचान ले?’ समस्या गंभीर थी। दुबे ने रास्ता निकाला। तय हुआ कि चेहरा ढ़ककर जाएंगे। मास्क लगाया। टोपी पहनी। पूरी बांह की टी-शर्ट पहनी और भोर में कार से स्टेशन के लिए रवाना हो गए। सोचा था कि ट्रेन सुबह-सुबह 5 बजकर 10 मिनट की है तो उस वक्त स्टेशन पर भीड़ नहीं होगी। लेकिन ऐसा नहीं था। वहां क्रिकेट फैंस का हुजूम था। कुछ तिरंगे के रंग में रंगे हुए थे। दुबे ने बताया, ‘मैंने अपनी पत्नी को कहा कि मैं अपनी कार में ही इंतजार करता हूं और ट्रेन के निकलने से 5 मिनट पहले निकलूंगा। उसके बाद मैं तेजी से ट्रेन में चढ़ जाऊंगा।’ हुआ भी ऐसा। दुबे को थर्ड एसी में एक टॉप बर्थ मिली हुई थी। सफर के दौरान भी डर था कि कहीं कोई सहयात्री न पहचान ले। एक बार तो उनकी पहचान उजागर होते-होते बची। दरअसल जब टिकट चेकर आया तो उसने बोला- शिवम दुबे? वो कौन है, क्रिकेटर? उस वक्त शिवम दुबे की पत्नी अंजुम ने तत्काल सूझबूझ दिखाई। उन्होंने तपाक से कहा, ‘नहीं, नहीं। वो कहां से आएगा।’ उसके बाद टीसी चला गया। रात में शिवम दुबे वॉशरूम जाने के लिए अपनी बर्थ से उतरे लेकिन आने-जाने के दौरान कोई सहयात्री उन्हें पहचान नहीं पाया। ट्रेन में तो कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन दुबे को डर था कि जब वह दिन में बोरिवली उतरेंगे तब लोगों की निगाह से शायद ही बच पाएंगे। आखिरकार उन्होंने पुलिस को फोन करके मदद मांगी। पुलिस वालों को पहले लगा कि वह एयरपोर्ट पर आ रहे हैं लेकिन जब उन्हें पता चला कि दुबे तो ट्रेन से आ रहे हैं तब वे हैरान रह गए। इस तरह भीड़ से बचते-बचाते दुबे किसी तरह अपने घर पहुंचे।  

राहुल गांधी के तंज से संसद में हंगामा, जलेबी फैक्ट्री और तपस्या वाली टिप्पणी पर तीखी नोकझोंक

नई दिल्ली लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर डिबेट चल रही है। इस दौरान कांग्रेस ने प्रस्ताव को लेकर कहा कि ओम बिरला ने नेता विपक्ष को समय ही नहीं दिया। उन्हें 20 बार बोलने से रोका दिया गया। इस मामले पर अब सरकार ने जवाब दिया है। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी को ना बोलने की शिकायत की जाती है, लेकिन सवाल है कि वे आखिर बोलते क्या हैं। उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा में चुनाव प्रचार में गया था तो किसी ने बताया कि राहुल गांधी ने कहा कि जलेबी की फैक्ट्री लगाएंगे। मुझे यकीन नहीं हुआ तो वीडियो दिखाया गया। भाजपा नेता ने कहा कि मैं हैरान रह गया कि आखिर ऐसा कैसे कहा जा सकता है। देश के गांव-गांव में जलेबी छनती है। इसे फैक्ट्री में नहीं बनाया जाता। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत से यह भी कह दिया कि भारत में इस्लामिक कट्टरपंथ से ज्यादा चिंता की बात हिंदू रैडिकल हैं। उन्होंने कहा कि इन्होंने क्या-क्या बोला, सब कुछ मेरे पास है। यहां बताऊंगा तो लंबी लिस्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि स्पीकर के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव है, वह किसी के अहंकार की संतुष्टि का प्रयास है। ‘इंदिरा गांधी के पोते के ज्ञान पर मैं तो सन्न रह गया’ रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी आरोप लगाते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया। आखिर वह बोलते क्या हैं। इनका कहना है कि तपस्या से गर्मी आती है। मैं तो सन्न रह गया कि आत्मा से परमात्मा का मिलन है तपस्या। आखिर इंदिरा जी के पोते का इस पर क्या ज्ञान है। इस पर मुझे हैरानी हुई। प्रधानमंत्री जी की कुर्सी के पास जिस तरह से विपक्ष के लोग आए थे, वह सबने देखा था। राहुल गांधी इस सदन को अराजकता में बदल देना चाहते हैं। यह संसद सर्वोच्च है और इसकी गरिमा बनी रहनी चाहिए। यदि स्पीकर के खिलाफ बेबुनियाद प्रस्ताव लाया गया है तो हम उसका विरोध करते हैं। बीच में बोलने लगे राहुल गांधी, नियमों का दिया गया हवाला इस दौरान राहुल गांधी ने बीच में बोलने का भी प्रयास किया, जिस पर रविशंकर प्रसाद ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि आप बाद में बोल सकते हैं। इस डिबेट में सपा सांसद आनंद भदौरिया ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ओम बिरला भले आदमी हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार ने उनसे जबरदस्ती ऐसा व्यवहार कराया। यह दुख की बात है कि उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया है। गौरतलब है कि लोकसभा स्पीकर के खिलाफ आए प्रस्ताव पर आज होम मिनिस्टर अमित शाह भी स्पीच देंगे।  

नोबेल विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने की सीएम योगी से भेंट, रिसर्च और टेक्नोलॉजी पर बातचीत

लखनऊ नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान लोहम कंपनी के सीईओ रजत वर्मा और कंपनी के चीफ ऑफ स्टॉफ आयुष सबात भी मौजूद रहे। तीनों अतिथियों ने निवेश के लिए उत्तर प्रदेश के सकारात्मक माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, लोहम के सीईओ रजत वर्मा और चीफ ऑफ स्टाफ आयुष सबात का उत्तर प्रदेश में स्वागत किया। बैठक में उत्तर प्रदेश को देश में एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग का प्रमुख हब बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस क्रम में लोहम द्वारा प्रदेश में भारत की पहली ‘रेयर अर्थ टू मैग्नेट’ इंटीग्रेटेड फैसिलिटी स्थापित करने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस फैसिलिटी के स्थापित होने से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। नोबेल पुरस्कार विजेता कोंस्टेंटिन नोवोसेलोव, जो ग्रैफीन की खोज के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, लोहम कंपनी के साथ स्ट्रैटेजिक एडवाइजर और सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य उन्नत मटेरियल साइंस को औद्योगिक स्तर पर बैटरी तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में लागू करना है। लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का मुख्य फोकस दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर है। पहला, 2डी मटेरियल (जैसे ग्रैफीन) का उपयोग कर अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों की क्षमता, सुरक्षा व लाइफ को बढ़ाना। दूसरा- बैटरियों और परमानेंट मैग्नेट का उन्नत रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित कर महत्वपूर्ण खनिजों की बेहतर रिकवरी सुनिश्चित करना, जिससे सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिलेगी। यह सहयोग भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ग्रीन एनर्जी विजन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव और लोहम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत वर्मा से मुलाकात की।

बढ़ता गैस संकट: चेन्नई में रेस्तरां बंद पड़े, हाई कोर्ट में लंच बंद, रेलवे इंडक्शन पर शिफ्ट

नई दिल्ली ईरान में जारी जंग का असर अब सीधे तौर पर भारत में भी दिखने लगा है। देश भर में एलपीजी की कमी देखी जा रही है। यहां तक कि सप्लाई ठीक बनी रहे और किसी तरह की अफवाह ना फैले। इससे बचाव के लिए सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है। इसके तहत तय किया गया है कि उद्योगों को सप्लाई में पहले की तुलना में 80 फीसदी ही सप्लाई की जाएगी। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह गैस मिलती रहेगी।   पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और इसके परिणामस्वरूप गैस आपूर्ति में व्यवधान के बीच, उत्तराखंड सरकार ने जरूरत की स्थिति में व्यावसायिक उपयोग के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान स्थिति संकटपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘कई पश्चिम एशियाई देशों में युद्ध जैसी परिस्थितियां बन रही हैं, इसलिए गैस की कमी की आशंका को नकारा नहीं जा सकता।’ इस स्थिति से निपटने के लिए उत्तराखंड वन विकास निगम को लकड़ी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि गैस संकट बढ़ने की स्थिति में वाणिज्यिक गतिविधियों में इसका उपयोग वैकल्पिक ईंधन के रूप में किया जा सके। खाड़ी देशों में युद्ध का असर नोएडा तक, गैस सिलेंडर की किल्लत बढ़ने से एजेंसियों पर उमड़ी भीड़ खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब भारत के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से कई इलाकों में किल्लत बढ़ गई है। स्थिति यह है कि गैस सिलेंडर लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग गैस एजेंसियों के बाहर पहुंच रहे हैं और लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। नोएडा सेक्टर-24 थाना क्षेत्र के सेक्टर-54 स्थित गैस एजेंसियों के बाहर बुधवार सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। जैसे ही सिलेंडर की कमी की खबर फैली, लोग समय से पहले ही एजेंसियों पर पहुंचने लगे। कई उपभोक्ता अपने खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े नजर आए। कुछ जगहों पर इतनी भीड़ हो गई कि एजेंसी के बाहर अव्यवस्था जैसी स्थिति बनती दिखाई दी। माइक्रोवेव, इंडक्शन का इस्तेमाल करें वेंडर्स- IRCTC IRCTC ने वेंडर्स से खाना पकाने के तरीके बदलने को कहा, क्योंकि ईरान युद्ध से LNG का फ्लो रुका हुआ है। रेलवे ने कहा है कि ‘माइक्रोवेव, इंडक्शन का इस्तेमाल करें’ दिल्ली हाई कोर्ट में लंच उपलब्ध नहीं। एलपीजी संकट के चलते हालात ऐसे हो गए हैं कि दिल्ली हाई कोर्ट में लंच उपलब्ध नहीं है। चेन्नई में एलपीजी सिलेंडर का संकट गहराया, होटलों-रेस्तरां ने घोषित की छुट्टी चेन्नई और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में संचालित होटलों और रेस्तरां के एक वर्ग ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति न होने के कारण बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी। कर्मचारियों ने यह जानकारी दी। सुबह-सुबह चाय-कॉफी के लिए पहुंचे ग्राहकों ने होटलों के बंद रहने पर निराशा व्यक्त की और आशा जताई कि केंद्र सरकार स्थिति सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। शहर के एक लोकप्रिय होटल में बुधवार को लगे नोटिस में लिखा था, ‘एलपीजी आपूर्ति न होने के कारण 11 मार्च 2026 को छुट्टी घोषित की गई है।’ करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा- केजरीवाल एलपीजी संकट के कारण होटल और रेस्तरां पर पड़ने वाले प्रभाव से एक करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा: अरविंद केजरीवाल

NCERT पाठ्यक्रम पर फिर बहस, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा—पूरे सिलेबस की करेंगे समीक्षा

नई दिल्ली एनसीईआरटी की कक्षा 8वीं की पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और लंबित मामलों को लेकर एक अध्याय दिया गया था। यह अध्याय नए तैयार हुए सिलेबस का हिस्सा था, जिस पर खूब विवाद हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने ऐतराज जताया था। इस को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सरकार ने कहा कि हम NCERT के पूरे सिलेबस की ही समीक्षा कराएंगे। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं बेंच ने केंद्र, राज्यों और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे एनसीईआरटी की कक्षा आठ की पुस्तक में विवादास्पद अध्याय का मसौदा तैयार करने वाले तीन विशेषज्ञों से दूरी बनाएं। अदालत ने कहा कि उसके आदेशों का उद्देश्य न्यायपालिका के संस्थागत कार्यों की किसी भी स्वस्थ एवं वस्तुनिष्ठ आलोचना को रोकना नहीं है। इसके साथ ही बेंच ने केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह विधि अध्ययन पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों का पैनल एक सप्ताह के भीतर गठित करे। इस पर सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हमने एनसीईआरटी में व्यवस्थागत बदलाव शुरू किए हैं। विषय विशेषज्ञों द्वारा जांच-पड़ताल किए बिना कुछ भी प्रकाशित नहीं किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अगर केंद्र एनसीईआरटी को पाठ्यक्रम की समीक्षा करने के लिए कहने के बजाय इसके लिए विशेषज्ञ समिति का गठन करे तो यह बेहतर होगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि केंद्र ने एनसीईआरटी को सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। बता दें कि मंगलवार को ही NCERT ने विवादित चैप्टर को लेकर माफी मांगी थी। संस्था के निदेशक और सदस्यों ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक ‘समाज की खोज: भारत और उससे आगे’ के एक विवादित अध्याय को लेकर मंगलवार को बिना शर्त और बिना किसी योग्यता के सार्वजनिक माफी मांगी है। विवाद पुस्तक के अध्याय-4 ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ को लेकर हुआ था। इसमें न्यायपालिका में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े संदर्भों का उल्लेख किया गया था। एनसीईआरटी ने कहा है कि यह पूरी पुस्तक अब वापस ले ली गई है और फिलहाल उपलब्ध नहीं है। एनसीईआरटी की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘असुविधा के लिए हमें गहरा खेद है और हम सभी हितधारकों की समझदारी की सराहना करते हैं। एनसीईआरटी शैक्षणिक सामग्री में सटीकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।’ सुप्रीम कोर्ट ने लगा दिया था पुस्तक पर बैन इस मामले में पहले ही उच्चतम न्यायालय ने इस पाठ्यपुस्तक पर प्रतिबंध लगा दिया था। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत , न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने पुस्तक की सभी भौतिक तथा डिजिटल प्रतियों को जब्त करने का आदेश दिया था। साथ ही अदालत ने एनसीईआरटी के निदेशक और स्कूल शिक्षा सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह भी पूछा था कि विवादित अध्याय के साथ पुस्तक प्रकाशित करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।  

हैरान कर देने वाला मामला: मृत समझी गई महिला गाड़ी के झटके से फिर हुई जिंदा

पीलीभीत उत्तर प्रदेश के बरेली-पीलीभीत हाईवे पर एक ऐसी घटना घटी है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। अभी तक सड़क के गड्ढों के कारण लोगों की जान जाने की खबरें आती रहती थीं। यहां गड्ढे के कारण एक महिला की लगभग जा चुकी जान लौटी है। महिला को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित करते हुए कह दिया था कि कुछ घंटे की ही मेहमान हैं और घर के लिए डिस्चार्ज कर दिया था। गाड़ी से घर आते समय गड्ढे के कारण ऐसा झटका लगा कि उनकी सांसें चलने लगीं और शरीर में भी हलचल तेज हो गई। दोबारा परिवार वाले अस्पताल लेकर भागे। दस दिन चले इलाज के बाद अब महिला पूरी तरह स्वस्थ हैं। क्या है पूरा मामला? पीलीभीत की रहने वाली विनीता शुक्ला न्यायिक न्यायालय के कॉपी सेक्शन में सीनियर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। 22 फरवरी की शाम घर का काम करते समय उन्होंने बीपी की दवा खाई। इसके बाद अचानक वह बेहोश हो गई। परिजन उन्हें तत्काल पीलीभीत के ही सरकारी अस्पताल लेकर गए। वहां से हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया गया। परिजन विनीता को लेकर बरेली के एक बड़े अस्पताल पहुंचे। वहां वेंटिलेटर पर रखने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ। बरेली के अस्पताल में दो दिनों तक चले इलाज के बाद डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। डॉक्टरों का कहना था कि विनीता ‘ब्रेन डेड’ हो चुकी हैं और उनके शरीर में जीवन के कोई लक्षण नहीं हैं। 24 फरवरी को उन्हें ‘नो होप ऑफ सर्वाइवल’ (जीने की कोई उम्मीद नहीं) के साथ अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉक्टरों ने कह दिया कि अब कुछ घंटे की ही मेहमान हैं। गड्ढे ने किया ‘चमत्कार’ विनीता के पति कुलदीप कुमार शुक्ला भारी मन से अपनी पत्नी को एम्बुलेंस में घर वापस ले जा रहे थे। घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। कुलदीप के अनुसार, उनकी सांसें थम चुकी थीं और दिल की धड़कन न के बराबर थी। इसी दौरान बरेली-हरिद्वार हाईवे पर हाफिजगंज के पास एम्बुलेंस एक गड्ढे से गुजरी। गड्ढे के कारण एम्बुलेंस को जोरदार झटका लगा। कुलदीप बताते हैं, “उस झटके के अगले ही पल विनीता की सांसें अचानक सामान्य चलने लगीं। कुछ देर बाद एक और झटका लगा तो शरीर में भी कुछ हलचल हुई। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी घर पर फोन से दी और अंतिम संस्कार की तैयारी रोक दी गई। मौत को मात देकर घर वापसी विनीता के शरीर में हरकत देख पति उन्हें लेकर पीलीभीत के न्यूरो अस्पताल में पहुंचे। वहां इलाज शुरू हुआ तो धीरे-धीरे हाथ-पैर भी हिलने लगे। सांसें सामान्य होने लगीं। करीब दस दिन तक चले इलाज के बाद विनीता पूरी तरह स्वस्थ हो गईं और घर भी आ गई। वहां के न्यूरोसर्जन डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि जब विनीता को लाया गया था तो उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी, लेकिन गहन चिकित्सा के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। विनीता के इस तरह से मौत को मात देकर लौटने से एक तरफ परिवार वाले खुश हैं दो दूसरी तरफ चमत्कार ही मान रहे हैं। इस घटना के बाद चर्चा यह भी हो रही है कि कैसे एक दुर्घटना का कारण बनने वाला ‘गड्ढा’ किसी के लिए संजीवनी बन गया।  

नाहिद राणा के कहर से कांपा पाकिस्तान, पहले वनडे में बांग्लादेश ने कर दी बड़ी बेइज्जती

नई दिल्ली तंजीद हसन तमीम (67) के नाबाद अर्धशतक और नाहिद राणा के पंजे की बदौलत बांग्‍लादेश ने पाकिस्‍तान को 3 वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में 8 विकेट से करारी शिकस्‍त दी। टी20 विश्‍व कप से बाहर होने के बाद पाकिस्‍तान की यह शर्मनाक हार है। ढाका के शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में टॉस हारकर पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी पाकिस्‍तान टीम 30.4 ओवर में 114 रन पर सिमट गई थी। 115 रन के टारगेट को बांगलदेश ने 16वें ओवर में 2 विकेट खोकर ही चेज कर लिया और सीरीज में बढ़त बनाई। पाकिस्‍तान टीम सस्‍ते में सिमटी पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी पाकिस्‍तान को साहिबजादा फरहान और माज सदाकत ने सधी हुई शुरुआत दी। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 41 रन जोड़े। 10वें ओवर की आखिरी गेंद पर पाकिस्‍तान को पहला झटका लगा। नाहिद राण ने साहिबजादा (27) को अफीफ हुसैन के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद राणा ने पाकिस्‍तान के टॉप ऑर्डर को ढेर कर दिया। 12वें ओवर में उन्‍होंने शमील हुसैन (4) का शिकार किया। 14वें ओवर में उन्‍होंने माज सदाकत (18) और 16वें ओवर में विकेटकीपर मोहम्‍मद रिजवान (10) को लिटन दास के हाथों कैच आउट कराया। 18वें ओवर में राणा ने सलमान अली आगा (5) को पवेलियन भेजा। पाकिस्‍तान की ओर से लोअर ऑर्डर में उतरे फहीम अशरफ ने सबसे ज्‍यादा 37 रन की पारी खेली। नाहिद राणा ने 5 तो कप्‍तान मेहदी हसन मिराज ने 3 विकेट अपने नाम किए। आसानी से चेज किया टारगेट 115 रन चेज करने उतरी बांग्‍लादेश को 27 के स्‍कोर पर पहला झटका लगा। शाहीन अफरीदी ने सैफ हसन का विकेट चटकाया। इसके बाद तंजीद हसन तमीम और नजमुल हुसैन शांतो के बीच दूसरे विकेट के लिए 67 गेंदों पर 82 रनों की पार्टनरशिप हुई। जीत के करीब आकर शांतो कैच आउट हो गए। उन्‍होंने 33 गेंदों पर 27 रन बनाए। तंजीद ने 42 गेंदों पर 67 रन की बेहतरीन पारी खेली। इस दौरान उन्‍होंने 7 चौके और 5 छक्‍के लगाए। लिटन दास 3 रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्‍तान की ओर से कप्‍तान शाहीन शाह अफरीदी और मोहम्‍मद वसीम जूनियर को 1-1 सफलता मिली। इस जीत के साथ ही बांग्‍लादेश ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज का दूसरा वनडे मैच शुक्रवार, 13 मार्च को ढाका में ही खेला जाएगा।  

एक्ट्रेस Hansika Motwani की शादी खत्म, सहेली के एक्स से हुई थी शादी, अब हुआ तलाक

मुंबई  सेलेब्रिटीज के तलाक की लिस्ट में अब एक नाम अभिनेत्री हंसिका मोटवानी का भी जुड़ गया है। हंसिका का पति सोहेल कथूरिया से तलाक हो गया है। काफी वक्त से उनकी शादी में दरार की खबरें आ रही थीं। अब इस पर मुहर लग गई है। मुंबई की बांद्रा कोर्ट ने हंसिका और सोहेल का तलाक फाइनल कर दिया है। दोनों की शादी सिर्फ चार साल तक ही चल सकी। कपल का इस शादी से कोई बच्चा नहीं है। हंसिका का टूटा घर हंसिका ने बिजनेसमैन सोहेल कथूरिया से 4 दिसंबर 2022 को धूमधाम से शादी की थी. मगर कुछ महीनों बाद ही उनकी मैरिड लाइफ में उथल-पुथल होने की खबरें आने लगी थीं. सोहेल की हंसिका के साथ ये दूसरी शादी थी. हंसिका की बेस्ट फ्रेंड रिंकी बजाज संग उन्होंने पहली शादी की थी. सोहेल का दोनों में से कोई भी रिश्ता नहीं चला. सोहेल और हंसिका की शादी टूटने से एक्ट्रेस के फैंस को झटका लगा है। क्या है तलाक की वजह? जानकारी के मुताबिक, हंसिका ने तलाक लेते हुए अपने स्त्रीधन और एलिमनी अमाउंट के लिए कोई दावा नहीं किया है. कोर्ट की सुनवाई के दौरान, मोटवानी के वकील अदनान शेख ने बताया कि शादी के बाद कपल कुछ दिनों तक साथ रहा था. लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि उनके नेचर, सोच और लाइफस्टाइल में बहुत फर्क है. इससे उनके बीच झगड़े होने लगे. छोटी-छोटी बातों पर रोज झगड़ा होता था और एक छत के नीचे रहना उन दोनों के लिए काफी मुश्किल हो गया था. इसलिए उन्होंने अलग होने का फैसला किया।। परिवारवाले, रिश्तेदार और दोस्तों ने ये शादी बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए. आखिरकार दोनों ने अलग रहने और शादी तोड़ने का फैसला किया. वकील के मुताबिक, वे 2 जुलाई 2024 से अलग-अलग रह रहे हैं. उनका रिश्ता खराब हो गया था, लेकिन दोनों ने बातचीत की और आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला किया। साउथ की बड़ी एक्ट्रेस हैं हंसिका हंसिका हिंदी और साउथ इंडस्ट्री की फेमस एक्ट्रेस हैं. उन्होंने बचपन में अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था. उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट टीवी शो ‘शका लका बूम बूम’ और मूवी ‘कोई… मिल गया’ में काम किया था. हंसिका सीरियल देश में निकला होगा चांद, क्योंकि सास भी कभी बहू थी, सोन परी, करिश्मा का करिश्मा, बिदाई में नजर आई थीं. हिंदी इंडस्ट्री में अपना जलवा दिखाने के बाद हंसिका ने साउथ इंडस्ट्री में काम किया. वो साउथ के कई बड़े स्टार्स संग काम कर चुकी हैं. अपने काम के अलावा हंसिका ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर भी चर्चा में रहीं।

महानिदेशक डॉ. कोठारी बोले, सफलता पाने के लिए समय का सही प्रबंधन आवश्यक

सफलता के लिये समय का प्रभावी प्रबंधन आवश्यक : महानिदेशक डॉ. कोठारी मैपकास्ट में एआई आधारित तकनीकी उद्यमिता विकास कार्यक्रम का हुआ समापन युवाओं में नवाचार एवं स्टार्ट-अप संस्कृति को मिला प्रोत्साहन भोपाल मैपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा है कि विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और समय का प्रभावी प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। किसी भी विचार को वास्तविकता में बदलने के लिए “आई कैन” की भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है। डॉ. कोठारी ने बताया कि परिषद विज्ञान एवं नवाचार के लगभग 18 क्षेत्रों जैसे कृषि, वेटनरी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग एवं आईटी में तकनीकी परामर्श, संस्थागत सहयोग, प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। साथ ही परिषद युवाओं को उद्योगों और संस्थानों से जोड़ने का भी कार्य कर रही है, जिससे उनके नवाचारों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सके। डॉ. कोठारी मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा एआई आधारित तकनीकी उद्यमिता विकास कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। छह सप्ताह तक संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जनरेटिव एआई टूल्स और उद्यमिता कौशल से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नवाचार, तकनीकी दक्षता और उद्यमशील सोच का विकास करते हुए उन्हें स्टार्ट-अप एवं स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना रहा। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को इंटरएक्टिव डिजिटल टूल्स, ग्राफिक्स और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम प्रदेश में एआई आधारित स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में नए अवसर सृजित करने की एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रशिक्षण को उपयोगी बताया। प्रतिभागी श्री प्रतीक बाघरे ने कहा कि मार्केटिंग, इंडिया फर्स्ट की अवधारणा और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसे विषयों पर आयोजित सत्र अत्यंत लाभकारी रहे। साथ ही आईआईआईएफआर भोपाल के शैक्षणिक भ्रमण से स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को समझने का भी अवसर प्राप्त हुआ। प्रतिभागी श्री राहुल तिवारी ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से नवाचार और तकनीक के उपयोग से जुड़े अनेक नए आयाम सीखने को मिले तथा समन्वयकों का मार्गदर्शन सराहनीय रहा। वहीं श्री उदित वर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें स्व-रोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में डॉ. प्रवीण विद्यार्थी, श्री अवनीश शर्मा, सुश्री तन्या चतुर्वेदी एवं श्री रविंद्र कोरेव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  

मिस इंडिया रह चुकी संजना गणेशन का ग्लैमरस लुक सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

मुंबई जसप्रीत बुमराह ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी परफॉरमेंस से सभी का दिल जीत लिया है. फाइनल मैच में वह मैन ऑफ न मैच भी रहे. पूरे टूर्नामेंट में वह कमाल के फॉर्म में रहे. जहां एक तरफ बुमराह मैदान में कमाल दिखा रहे हैं तो वहीं उनके फैंस उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर भी जानने के लिए उत्सुक रहते हैं. पर्सनल लाइफ की बात करें तो, जसप्रीत ने 4 साल पहले स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट संजना गणेशन के साथ शादी की थी. बुमराह और संजना ने लव मैरिज की थी. आईपीएल 2020 के बीच में, जसप्रीत ने अपनी लेडी लव संजना को प्रपोज किया था. आइए उनकी खूबसूरत लव स्टोरी के बारे में आपको बताते हैं।  ऐसे हुई पहली मुलाकात TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जसप्रीत बुमराह पहली बार अपनी लेडी लव, संजना गणेशन से IPL के 2013-2014 सीजन में मिले थे, लेकिन दोनों ने एक-दूसरे से बात नहीं की. सालों बाद, यह कपल इंग्लैंड में 2019 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान फिर से मिला. हालांकि, पॉपुलर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और प्रेज़ेंटर संजना ने उनके शर्मीले नेचर का गलत मतलब निकाला. उन्हें लगा कि जसप्रीत शायद किसी रिलेशनशिप में हैं. लेकिन जब दोनों ने एक-दूसरे से बात की तो चीजें सुलझ गईं।  स्काई स्पोर्ट्स के साथ एक इंटरव्यू में, जसप्रीत बुमराह ने बताया कि उसने संजना को कई बार देखा था, लेकिन उन्हें एक ही प्रॉब्लम थी. जसप्रीत ने बताया कि वे एक-दूसरे को घमंडी मानते थे, इसलिए उनकी कोई बात नहीं होती थी. उन्होंने बताया कि 2019 वर्ल्ड कप के दौरान उनकी पहली बार संजना से बात हुई थी. वह इवेंट कवर कर रही थीं. दोनों दोस्त बन गए और खूब बातें करने लगे।  एक्ट्रेस को टक्कर दे जाता है संजना का स्टाइल कई क्रिकेटर की वाइफ एक्ट्रेस हैं। पर जब वो मैदान में संजना के साथ दिखती हैं तो पिछड़ जाती हैं। संजना को आप जब भी देखेंगे, वो कुछ ऐसा पहनी दिखेंगी कि बाकी सारे उनके सामने कमजोर पड़ जाएंगे। इस बार भी डीवा ने बैक टू बैक जो ड्रेसेस पहनी। उन्हें देखकर हर कोई संजना से फैशन गोल्स ले सकता है। संजना सोशल मीडिया पर अच्छी- खोसी फैन फॉलोइंग रखती हैं। और, अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। इस बार भी 34 साल की डीवा ने बैक टू बैक सुपर स्टाइलिश ड्रेसेस पहनकर ग्लैमरस और क्लासी लुक्स फ्लेक्स किए हैं। संजना ने एक साथ कई सारे लुक्स दिखाए। और, उनके किसी भी लुक में कमी ढूंढ पाना मुश्किल है। क्योंकि वो हमेशा ही ऐसे आउटफिट्स चुनती हैं कि उनके सामने फिर कोई नहीं टिक पाता है। 1 बेटे की मां संजना के इन स्टाइलिश लुक्स से हर कोई इंस्पिरेशन ले सकता है। आप भी देखें उनकी फोटोज। बालकनी में किया था प्रपोज हरभजन सिंह और गीता बसरा के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान, जसप्रीत बुमराह और उनकी अब पत्नी, संजना गणेशन ने अपनी सगाई के पलों को याद किया. UAE में IPL 2020 के बीच में, बुमराह ने संजना को प्रपोज़ करने का प्लान बनाया था. लेकिन, सिक्योरिटी की वजह से हालात मुश्किल हो गए. लेकिन फिर बुमराह ने IPL अधिकारियों की मदद से अपनी सगाई के लिए एक परफेक्ट सीन अरेंज कर लिया. जसप्रीत ने केक रखा, कमरे में सब कुछ सजाया, और रिंग तैयार रखी. बालकनी को भी कैंडिल्स से सजाया और फिर अपनी लेडीलव को बालकनी में प्रपोज किया।  2021 में की शादी दो साल तक डेटिंग करने के बाद, जसप्रीत ने 15 मार्च, 2021 को गोवा में एक प्राइवेट सेरेमनी में संजना से शादी कर ली. उन्होंने अपनी शादी में सिख रीति-रिवाजों को फॉलो किया. इस सेरेमनी में कपल के करीबी दोस्त और परिवार वाले शामिल हुए. 4 सितंबर, 2023 को, कपल के पहले बच्चे का स्वागत किया, जिसका नाम अंगद रखा गया। 

FUEL क्राइसिस के बीच इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए बड़ी डील, कंपनी ने की घोषणा

मुंबई पश्चिमी एशिया में जंग के बादल गहराते जा रहे हैं. तेल के कुओं के आसपास तनाव बढ़ा तो दुनिया भर के बाजारों में हलचल तेज हो गई. कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता दिख रहा है. ऐसे वक्त में जब पेट्रोल-डीजल महंगा होने का डर हर देश को सता रहा है, ऑटोमोबाइल कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों को आगे बढ़ाने में जुट गई हैं. इसी कड़ी में VinFast ने एक नई पहल शुरू की है, जिसका मकसद लोगों को पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ले जाना है।  वियतनामी कंपनी विनफास्ट ने ट्रेड गैस फॉर इलेक्ट्रिक (Trade Gas for Electric) नाम से एक नया कैंपेन शुरू किया है. यह प्रोग्राम एक साथ कई एशियाई बाजारों में लागू किया जा रहा है, जिनमें वियतनाम, भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस शामिल हैं. इस स्कीम के तहत अगर ग्राहक अपनी पुरानी पेट्रोल गाड़ी को एक्सचेंज कर नई VinFast इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं तो उन्हें 3 प्रतिशत का एक्स्ट्रा डिस्काउंट दिया जाएगा. वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वाले ग्राहकों को 5 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिलेगा।  कंपनी के मुताबिक यह छूट पहले से चल रहे ऑफर्स के ऊपर दी जाएगी. यानी ग्राहकों को एक साथ कई फायदे मिल सकते हैं. इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना पहले के मुकाबले ज्यादा सस्ता और आसान हो सकता है।  इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए कंपनी की मोबिलिटी यूनिट ग्रीन एंड स्मार्ट मोबिलिटी (GSM) ने अपनी राइड-हेलिंग सर्विसेज में भी छूट का ऐलान किया है. 11 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच Xanh SM (वियतनाम) और Green SM (इंडोनेशिया) की सर्विसेज का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को किराए में 10 प्रतिशत तक की छूट का फायदा मिलेगा।  कंपनी का कहना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों से सफर करना और भी किफायती बनेगा. साथ ही ज्यादा लोग इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट ऑप्शन की ओर मुखर होंगे. कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि यह प्रोग्राम फिलहाल लिमिटेड टाइम पीरियड के लिए शुरू किया गया है, लेकिन अगर ग्लोबल मार्केट में फ्यूल प्राइस में इजाफा बना रहता है तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।  VinFast में ग्लोबल सेल्स की डिप्टी सीईओ डुओंग थी थू ट्रांग का कहना है कि, ‘ट्रेड गैस फॉर इलेक्ट्रिक’ प्रोग्राम दुनिया भर में बदलती इकोनॉमिकल और जियो-पॉलिटिकल कंडिशन को देखते हुए शुरू किया गया है. ऐसे में विनफास्ट ग्रीन इकोसिस्टम के जरिए एक सॉल्यूशन लेकर आया है. इससे लोगों के डेली लाइफ में फ्यूल प्राइसेस का असर कम होगा साथ ही पॉल्यूशन पर भी लगाम लगेगी।  VinFast की कारें विनफास्ट के इंडियन पोर्टफोलियो में फिलहाल दो कार मॉडल हैं और दोनों ही SUV सेगमेंट में आते हैं. कंपनी की सबसे सस्ती कार VinFast VF6 है, जिसकी शुरुआती कीमत करीब 17.29 लाख रुपये रखी गई है. वहीं लाइनअप की सबसे महंगी कार VinFast VF7 है, जिसकी कीमत करीब 26.79 लाख रुपये तक जाती है. आने वाले समय में कंपनी दो नए मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें Limo Green और VF3 शामिल हैं. माना जा रहा है कि इन मॉडलों के आने से इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में कम्पटीशन और बढ़ेगा। 

एमपी के कई शहरों में गर्मी की लहर, ग्वालियर-चंबल सबसे ज्यादा प्रभावित, भोपाल और इंदौर में भी तापमान बढ़ा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेज तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जबकि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में यह औसत से करीब 6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद गर्मी का असर और तेज हो सकता है। यह आज की ताज़ा ख़बरों में मौसम से जुड़ा बड़ा अपडेट माना जा रहा है। धार में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 38 डिग्री के पार पहुंच गया। धार में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा सागर में 38.9 डिग्री, रतलाम और नर्मदापुरम में 38.8 डिग्री, खजुराहो में 38.3 डिग्री, गुना में 38.1 डिग्री तथा दमोह और टीकमगढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 37.2 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन में 37 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, जबलपुर में 36.6 डिग्री और भोपाल में 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में हवा की दिशा में बदलाव आया है। पहले जहां हवाएं उत्तर-पूर्व से आ रही थीं, वहीं अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर से चल रही हैं। इन हवाओं में नमी कम है और ये राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से होकर मध्यप्रदेश तक पहुंचती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है। 15 मार्च के बाद मौसम में बदलाव संभव मौसम विभाग के मुताबिक 15 मार्च के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है।मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मार्च में लू चलने की संभावना नहीं है, लेकिन अप्रैल और मई में भीषण गर्मी पड़ सकती है। इस दौरान 15 से 20 दिनों तक हीट वेव का असर देखने को मिल सकता है। ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने के संकेत हैं।  मंगलवार को प्रदेश के कई शहरों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। धार में सबसे अधिक 39 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि सागर में 38.9 डिग्री, रतलाम और नर्मदापुरम में 38.8 डिग्री, खजुराहो में 38.3 डिग्री और गुना में 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दमोह और टीकमगढ़ में भी पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया। प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री या उससे ऊपर रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में तापमान 37.2 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, जबलपुर में 36.6 डिग्री और भोपाल में 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च की शुरुआत में इतनी तेजी से तापमान बढ़ना सामान्य ट्रेंड से अलग है। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान बढ़ने की मुख्य वजह हवा की दिशा में बदलाव है। फिलहाल प्रदेश में हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही हैं। इन हवाओं में नमी कम है और ये रेगिस्तानी क्षेत्रों से होकर आती हैं, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च का मौसम संक्रमण और एलर्जी के लिहाज से संवेदनशील होता है। दिन में तेज गर्मी और सुबह-रात हल्की ठंड रहने के कारण सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ सकते हैं। डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सुबह और देर रात ठंडी हवा से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में हल्का बदलाव भी देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। हालांकि इससे गर्मी में ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल अप्रैल और मई के महीने सबसे अधिक गर्म रह सकते हैं। ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी गर्मी का असर तेज रहने का अनुमान है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में प्रदेश में दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहती हैं, जबकि कभी-कभी बारिश भी होती है। इस बार भी ऐसा ही मौसम देखने को मिल सकता है, लेकिन शुरुआती दिनों में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी ने लोगों को गर्मी का अहसास जल्दी करा दिया है।

धान खरीदी में पारदर्शिता और किसानों को 72 घंटे में भुगतान : खाद्य मंत्री

खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल के विभागों के लिए 6216 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित  किसानों और गरीबों की खाद्य सुरक्षा पर सरकार का जोर धान खरीदी में पारदर्शिता और किसानों को 72 घंटे में भुगतान : खाद्य मंत्री 73 लाख राशन कार्डधारियों को मुफ्त चावल, चना-गुड़ और नमक योजनाओं पर जोर किसानों को 33 हजार करोड़ का भुगतान, खाद्य सुरक्षा योजनाओं का विस्तार नई राशन दुकानों और भंडारण क्षमता बढ़ाने पर सरकार का बड़ा कदम रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  दयाल दास बघेल के विभागों से संबंधित वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6216 करोड़ 73 लाख 82 हजार रूपए की अनुदान मांगें सर्वसम्मति से पारित किया गया है।  मंत्री  दयाल दास बघेल ने अपने विभागीय बजट भाषण में विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, गरीब परिवारों और उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।  मंत्री ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से समर्थन मूल्य पर 141 लाख 04 हजार 365 टन धान की खरीदी की गई, जिसकी कुल कीमत लगभग 33 हजार 431 करोड़ रुपये रही। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। धान खरीदी प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी बनाने के लिए इस वर्ष किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराया गया और राज्य के 2,740 धान खरीदी केंद्रों में बायोमेट्रिक उपकरण स्थापित किए गए, इसके माध्यम से किसानों के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही धान की खरीदी की गई। मंत्री  बघेल ने बताया कि किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी बेहतर बनाई गई है। अधिकांश किसानों को धान बेचने के 72 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में भुगतान कर दिया गया, जिससे करीब 33 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों तक पहुंची। धान खरीदी केंद्रों में टोकन व्यवस्था में सुधार करते हुए इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों को 29 लाख से अधिक टोकन जारी किए गए। इससे किसानों को अपने धान को सुगमता से बेचने में मदद मिली और खरीदी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनी। खाद्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में खरीदे गए धान का कस्टम मिलिंग के माध्यम से तेजी से निराकरण किया जा रहा है। 9 मार्च 2026 तक 141 लाख टन धान में से 92 लाख 72 हजार टन यानी लगभग 66 प्रतिशत धान का उठाव कस्टम मिलिंग के लिए किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राज्य के 73 लाख 97 हजार अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशन कार्डधारियों को दिसंबर 2028 तक निःशुल्क चावल उपलब्ध कराया जाएगा। वर्ष 2025-26 में इसके लिए 11,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत 5,000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिकता वाले राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न के साथ आयोडीन युक्त नमक, चना और गुड़ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अनुसूचित क्षेत्रों में नमक वितरण, 85 विकासखंडों में 5 रुपये प्रति किलो की दर से चना वितरण और बस्तर संभाग में रियायती दर पर गुड़ वितरण की योजनाएं संचालित हैं।  सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से अंत्योदय एवं प्राथमिकता वाले  राशनकार्डधारी परिवारों में आयोडीन की कमी दूर करने के लिए अनुसूचित क्षेत्रों में 02 किलो प्रति एवं गैर अनुसूचित क्षेत्रों में 01 किलो प्रति राशनकार्ड प्रतिमाह निःशुल्क नमक वितरण किया जा रहा है। वर्तमान में 73.62 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को योजना का लाभ मिल रहा है। इसके लिए रिफाईन्ड आयोडाईज्ड नमक वितरण हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में उपरोक्त योजना के लिये 150 करोड रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है।  मंत्री  बघेल ने बताया कि राज्य के 85 अनुसूचित विकासखण्ड एवं 09 माडा क्षेत्र के 31.32 लाख प्राथमिकता एवं अंत्योदय कार्डधारियों को मात्र 5 रूपए किलो की दर पर 2 किलो चना वितरण किया जा रहा है। चना वितरण योजना के लिये वित्तीय वर्ष 2026-27 में 450 करोड रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसी तरह बस्तर संभाग के निवासियों में आयरन की कमी दूर करने के लिए संभाग के 7.75 लाख अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह रियायती दर पर 02 किलो गुड़ वितरण किया जा रहा है। गुड़ योजना के लिये वित्तीय वर्ष 2026-27 में 75 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए इस वर्ष 181 नई उचित मूल्य दुकानों की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही 3 लाख 32 हजार नए राशन कार्ड जारी किए गए और 6 लाख 57 हजार नए सदस्यों के नाम राशन कार्ड में जोड़े गए हैं। खाद्य मंत्री ने बताया कि खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य भंडारगृह निगम की 139 शाखाओं के माध्यम से फरवरी 2026 की स्थिति में 25 लाख 31 हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है। 01 लाख 17 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण किया जा रहा है। गोदाम निर्माण के अतिरिक्त निगम में 210 इलेक्ट्रानिक धर्मकांटा की स्थापना की गई है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में नाबार्ड सहायता से गोदाम निर्माण हेतु 180 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ई-दाखिल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था की गई है, जिससे उपभोक्ता संरक्षण को और मजबूत बनाया जा रहा है।

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