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‘कल्याणकारी गतिविधियां’ करने के लिए गुरमीत राम रहीम ने मांंगी 21 दिन की फरलो

चंडीगढ़ विवादास्पद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने जेल से बाहर ‘कल्याणकारी गतिविधियां’ करने के लिए शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से 21 दिन की फरलो मांगी है। उसने दलील दी है कि संस्था के धार्मिक प्रमुख होने के नाते हर दो साल में एक बार जून में सेवादार श्रद्धांजलि भंडारा का आयोजन किया जाता है, ताकि उन नियमित स्वयंसेवकों को श्रद्धांजलि दी जा सके, जिन्होंने अपना जीवन सामाजिक कार्यों को दिया है, और दुर्घटनाओं या गंभीर बीमारियों में अपनी जान गंवा दी है। राम रहीम ने दलील दी, डेरा सच्चा सौदा द्वारा बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, नशा मुक्ति और गरीब लड़कियों की शादी आदि जैसे कई कल्याणकारी कार्य किए जाने हैं, जिसके लिए आवेदक द्वारा प्रेरणा अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर (टेम्पररी रिलीज) एक्ट 2022 के तहत कानून के अनुसार फरलो के लिए आवेदन पर विचार करने और निर्णय लेने के कहा है। 29 फरवरी को हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह अदालत की अनुमति के बिना डेरा प्रमुख की पैरोल की अर्जी पर विचार न करे। अदालत का यह निर्देश शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) द्वारा दायर एक याचिका के बाद आया, जिसमें बलात्कार और हत्या के मामलों में दोषी होने के बावजूद हरियाणा सरकार द्वारा राम रहीम को बार-बार पैरोल या फरलो पर रिहा करने पर आपत्ति जताई गई थी।

गौतम अदाणी ने कहा- तंजानिया के साथ बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में करेंगे दीर्घकालिक समझौता

Hemant Soren will again become the Chief Minister of Jharkhand

नई दिल्ली अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने शुक्रवार को कहा कि अदाणी समूह अफ्रीका के सबसे महत्वपूर्ण देशों में से एक तंजानिया के साथ बंदरगाहों, नवीकरणीय ऊर्जा और हवाई अड्डों सहित अन्य उद्योगों में दीर्घकालिक समझौता करने को उत्सुक है। गौतम अदाणी ने तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन से मुलाकात की और कहा कि अफ्रीका के भविष्य के बारे में उनसे सुनना रोमांचक था। अदाणी समूह के चेयरमैन ने एक्स पर पोस्ट किया, “संयुक्त गणराज्य तंजानिया की करिश्माई राष्ट्रपति महामहिम सामिया सुलुहू से मिलना सम्मान की बात थी। उन्होंने कहा कि अफ्रीका के भविष्य के बारे में उनकी गहरी अंतर्दृष्टि सुनना और अफ्रीका के सबसे आशाजनक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों में से एक के साथ दीर्घकालिक समझौतेे की संभावनाओं पर चर्चा करना रोमांचक था। गौतम अदाणी ने आगे कहा कि वे अदाणी समूह द्वारा विभिन्न बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाने के बारे में उत्साहित हैं, इसमें बंदरगाह, नवीकरणीय ऊर्जा, हवाई अड्डे, ट्रांसमिशन, वितरण और रेल शामिल हैं, ताकि तंजानिया में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचेे के निर्माण में मदद मिल सके। पिछले महीने, अदाणी इंटरनेशनल पोर्ट्स होल्डिंग्स ने पूर्वी अफ्रीकी देश में दार एस सलाम बंदरगाह पर कंटेनर टर्मिनल 2 (सीटी2) के संचालन व देखरेख के लिए तंजानिया पोर्ट्स अथॉरिटी के साथ 30 साल का समझौता किया। अदाणी इंटरनेशनल पोर्ट्स होल्डिंग्स अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। एपीएसईजेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने कहा कि अदाणी समूह ने तंजानिया पोर्ट्स अथॉरिटी के साथ 30 साल का समझौता किया है, ताकि पूर्वी अफ्रीकी देश में दार एस सलाम बंदरगाह पर कंटेनर टर्मिनल 2 (सीटी2) का संचालन और प्रबंधन किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह कदम एपीएसईजेड की 2030 तक वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े बंदरगाह संचालकों में से एक बनने की महत्वाकांक्षा के अनुरूप है। दार एस सलाम बंदरगाह एक प्रवेश द्वार बंदरगाह है, जो सड़क और रेलवे के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।

कांग्रेस ने कहा- NEET घोटाला दूसरा व्यापम, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस पर मूकदर्शक बने नहीं रह सकते

नई दिल्ली कांग्रेस ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश से जुड़ी परीक्षा ‘नीट-स्नातक’ में कथित धांधली को लेकर शुक्रवार को इसे ‘व्यापम 2.0′ करार दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस पर मूकदर्शक बने नहीं रह सकते। मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि इस मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में फोरेंसिक जांच होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बयान में आरोप लगाया कि मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री व एनटीए ने नीट घोटाले की लीपापोती चालू कर दी है। पेपर लीक नहीं हुआ तो गिरफ़्तारियां क्यों हुई? उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर नीट में पेपर लीक नहीं हुआ तो बिहार में 13 आरोपियों को पेपर लीक के चलते गिरफ़्तार क्यों किया गया? क्या रैकेट में शामिल शिक्षा माफिया व संगठित गिरोह को पेपर के बदले 30-50 लाख रुपये तक के भुगतान का पटना पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पर्दाफ़ाश नहीं किया? गुजरात के गोधरा में नीट-स्नातक में धोखाधड़ी करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ नहीं हुआ है? ” उन्होंने यह सवाल भी किया, ‘‘अगर मोदी सरकार के मुताबिक़ नीट में कोई पेपर लीक नहीं हुआ तो ये गिरफ़्तारियां क्यों हुई? इससे क्या निष्कर्ष निकला? क्या मोदी सरकार देश की जनता की आंखों में पहले धूल झोंक रही थी या अब?” सरकार ने 24 लाख युवाओं के अरमानों का गला घोंटा खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने 24 लाख युवाओं के अरमानों का गला घोंटा है। उन्होंने दावा किया, ‘‘इन एक लाख सीटों (एमबीबीएस की) में से क़रीब 55,000 सरकारी कॉलेजों की सीट हैं जहां एससी, एसटी, ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए सीटें आरक्षित होती हैं। मोदी सरकार ने एनटीए का दुरुपयोग कर स्कोर और रैंक की ज़ोरदार धांधली की है जिससे आरक्षित सीटों का कटऑफ भी बढ़ गया है।” ‘नीट घोटाला’ ‘व्यापम 2.0′ है- पवन खेड़ा कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि ‘नीट घोटाला’ ‘व्यापम 2.0′ है जिस पर मोदी सरकार लीपापोती करना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार को नीट घोटाले में उच्चतम न्यायालय न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र फोरेंसिक जांच का आदेश देना चाहिए।” खेड़ा ने कहा कि कुछ भी गड़बड़ नहीं होने संबंधी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान ‘शर्मनाक’ और छात्रों के घावों नमक छिड़कने की तरह है। उन्होंने कहा, ‘‘क्या यह सच नहीं है कि इस साल 67 टॉपर थे जिन्हें 720 पूर्णांक मिले? 2023 में यह संख्या सिर्फ दो थी। 2022 में कोई भी अभ्यर्थी पूरे अंक हासिल नहीं कर सका। 2021 में सिर्फ तीन उम्मीदवार ही यह स्कोर हासिल कर सके।” प्रधानमंत्री हमेशा की तरह चुप क्यों हैं- कांग्रेस उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी हमेशा मूकदर्शक नहीं रह सकते। जब 24 लाख युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, तो वे चुप क्यों हैं? खेड़ा का कहना था, ‘‘अगर मोदी सरकार का दावा है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी है, तो उसे पिछले साल और इस साल 580 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों का पूरा परिणाम एनटीए द्वारा सार्वजनिक किया जाना चाहिए। 580 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के केंद्रों को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि पता चल सके कि कितने छात्र अपने स्थान से दूर नीट परीक्षा देने आए थे।” उन्होंने कहा, ‘‘लाखों युवा छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए केवल उच्चतम न्यायालय की निगरानी में फोरेंसिक जांच ही एक समाधान है। मोदी सरकार को खुद को देश के प्रति जवाबदेह बनाना चाहिए।”  

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, ध्वस्त होगा प्राचीन शिव मंदिर: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यमुना के डूब क्षेत्र के पास गीता कॉलोनी स्थित प्राचीन शिव मंदिर को गिराने के आदेश को बरकरार रखा। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा, ‘‘प्राचीन मंदिर के निर्माण की शुरुआत का प्रमाण कहां है? प्राचीन मंदिर पत्थरों से बनाए जाते थे, न कि सीमेंट से और उस पर रंग-रोगन भी नहीं किया जाता था।” हाईकोर्ट ने 29 मई को कहा था कि भगवान शिव को किसी के संरक्षण की आवश्यकता नहीं है और इसने यमुना नदी के किनारे अनधिकृत तरीके से बनाए गए मंदिर को हटाने से संबंधित याचिका में उन्हें (भगवान शिव को) पक्षकार बनाने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने गीता कॉलोनी में डूब क्षेत्र के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर को गिराने के आदेश को खारिज करते हुए कहा था कि अगर यमुना नदी के किनारे और डूब क्षेत्र से सभी अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण हटा दिए जाएं तो भगवान शिव अधिक खुश होंगे। याचिकाकर्ता ‘‘प्राचीन शिव मंदिर एवं अखाड़ा समिति” ने दावा किया था कि मंदिर आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र है और यहां नियमित रूप से 300 से 400 श्रद्धालु आते हैं। याचिका में दावा किया गया था कि मंदिर की संपत्ति की पारदर्शिता, जवाबदेही और जिम्मेदार प्रबंधन को बनाए रखने के लिए 2018 में सोसाइटी का पंजीकरण किया गया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि विवादित भूमि व्यापक सार्वजनिक हित के लिए है और समिति (याचिकाकर्ता) इस पर कब्जा करने और इसका उपयोग जारी रखने के लिए किसी निहित अधिकार का दावा नहीं कर सकती है। अदालत ने कहा था कि यह जमीन शहरी विकास मंत्रालय द्वारा अनुमोदित जोन-‘ओ’ के लिए क्षेत्रीय विकास योजना के अंतर्गत आती है। हाईकोर्ट ने कहा था कि समिति भूमि पर अपने स्वामित्व, अधिकार या हित से संबंधित कोई भी दस्तावेज दिखाने में बुरी तरह विफल रही है और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मंदिर का कोई ऐतिहासिक महत्व है।  

हम तत्काल युद्ध विराम को तैयार, हालांकि, उन्होंने इसके लिए यूक्रेन के सामने दो शर्तें रखी

रूस रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने करीब ढाई साल से चल रहे युक्रेन युद्ध को तत्काल प्रभाव से रोकने और युद्ध विराम का ऐलान करने का वादा किया है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए यूक्रेन के सामने दो शर्तें रखी हैं। शुक्रवार को पुतिन ने कहा कि अगर कीव चार कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों से अपने सैनिकों को वापस बुला ले और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) में शामिल होने की योजना छोड़ दे तो हम यूक्रेन में तत्काल ‘युद्ध विराम’ का वादा करते हैं और यूक्रेन संग वार्ता शुरू कर देंगे। समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस (AP) ने यह खबर दी है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने मॉस्को में विदेश मंत्रालय की एक बैठक को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उनका यह बयान तब आया है, जब इटली में G-7 की अहम बैठक हो रही है। 71 वर्षीय पुतिन स्विट्जरलैंड में आयोजित उस शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर बोल रहे थे, जहां 90 से अधिक देश और संगठन यूक्रेन में शांति की दिशा में संभावित मार्ग पर चर्चा करने वाले हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मेदी ने शुक्रवार को इटली के अपुलिया क्षेत्र में जी7 शिखर सम्मेलन से इतर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बातचीत की है। ऐसा समझा जाता है कि जेलेंस्की ने मोदी को रूस-यूक्रेन संघर्ष के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। मोदी ने पिछले साल मई में भी हिरोशिमा में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन से इतर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। भारत यह कहता रहा है कि यूक्रेन में जारी संघर्ष को बातचीत और कूटनीति के जरिये सुलझाया जाना चाहिए। दुनिया के सात प्रमुख औद्योगिक देशों के समूह (जी7) ने शुक्रवार को दक्षिणी इतालवी क्षेत्र अपुलिया में तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रवासन के साथ ही हिंद-प्रशांत और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कृत्रिम मेधा (एआई), ऊर्जा, अफ्रीका और भूमध्यसागरीय क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाले एक सत्र को संबोधित करेंगे। तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर मोदी इटली पहुंचे जहां भारतीय राजदूत वाणी राव ने उनका स्वागत किया। वह जी7 की पारंपरिक “फोटो” से पहले विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।  

JDU ने लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए भाजपा उम्मीदवार का सपोर्ट करने की बात कही, कैबिनेट में दबदबा

Rahul Gandhi released Gmail account for public

नई दिल्ली केंद्रीय कैबिनेट में इस बार भी भारतीय जनता पार्टी का ही दबदबा रहने वाला है। जी हां, जनता दल (यूनाइटेड) ने लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए भाजपा उम्मीदवार का सपोर्ट करने की बात कही है। मालूम हो कि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए का जदयू हिस्सा है। JDU के नेता केसी त्यागी ने कहा कि उनकी पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) एनडीए का हिस्सा हैं और लोकसभा स्पीकर पद के लिए बीजेपी की ओर से नामित कैंडिडेट का समर्थन करेंगे। त्यागी ने कहा, ‘जेडीयू और टीडीपी मजबूती से NDA से जुड़े हैं। हम स्पीकर के लिए भाजपा के नामित व्यक्ति का समर्थन करेंगे।’ केसी त्यागी से कुछ विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों के बारे में सवाल पूछा गया। उनसे कहा गया कि क्या नया लोकसभा अध्यक्ष टीडीपी या जेडीयू से हो सकता है? इसके जवाब में उन्होंने भाजपा की ओर से नामित उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कही। मालूम हो कि भाजपा केंद्र में अपने सहयोगियों के साथ गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही है। जेडीयू लीडर त्यागी की टिप्पणी इस टिप्पणी को बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी स्पीकर पद के लिए अपना उम्मीदवार खड़ा कर सकती है। अध्यक्ष पद का उम्मीदवार पार्टी के सहयोगियों में से नहीं होने वाला है। 26 जून को लोकसभा अध्यक्ष पद का चुनाव लोकसभा 26 जून को अपने नए अध्यक्ष का चुनाव करेगी। सदन के सदस्य उम्मीदवारों के समर्थन में प्रस्ताव के लिए एक दिन पहले दोपहर 12 बजे तक नोटिस दे सकते हैं। 18वीं लोकसभा की पहली बैठक 24 जून को होगी और सत्र 3 जुलाई को समाप्त होगा। लोकसभा की ओर से इसे लेकर बुलेटिन जारी किया गया। इसमें कहा गया कि अध्यक्ष के चुनाव के लिए तय तिथि से एक दिन पहले कोई भी सदस्य अध्यक्ष पद के लिए किसी अन्य सदस्य के समर्थन में प्रस्ताव के लिए महासचिव को लिखित रूप से नोटिस दे सकता है। मौजूदा मामले में अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रस्ताव के वास्ते नोटिस मंगलवार, 25 जून दोपहर 12 बजे से पहले दिए जा सकते हैं। सत्र के पहले 2 दिन नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण के लिए समर्पित होंगे। अध्यक्ष के चुनाव के लिए 26 जून की तिथि तय की गई है, जबकि 27 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। प्रस्ताव के लिए नोटिस का समर्थन किसी तीसरे सदस्य द्वारा किया जाना चाहिए। साथ ही, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार द्वारा यह बयान भी दिया जाना चाहिए कि वह निर्वाचित होने पर अध्यक्ष के रूप में काम करने के लिए तैयार है। लोकसभा सचिवालय ने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि कोई सदस्य अपना नाम प्रस्तावित नहीं कर सकता है या अपने नाम वाले किसी प्रस्ताव का समर्थन नहीं कर सकता है।

इटली की पीएम मेलोनी ने मेहमानों का देसी अंदाज में किया स्वागत- ‘नमस्ते हो गया ग्लोबल’

इटली इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी इस साल जी-7 देशों की बैठक की मेजबानी कर रही हैं। इस शिखर सम्मेलन के लिए पहुंचे नेताओं के स्वागत में उन्हें नमस्ते करते देखा गया। इससे जुड़ी तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इनमें मेलोनी को जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को नमस्ते करते देखा जा सकता है। इस तरह के वीडियो ने बड़े पैमाने पर इंटरनेट यूजर्स का ध्यान खींचा। माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स पर ‘नमस्ते’ ट्रेंड करने लगा और लोगों ने जमकर इस पर कमेंट किए। साथ ही वीडियो और तस्वीरें खूब शेयर की जाने लगीं। कई यूजर्स ने इतालवी प्रधानमंत्री के नमस्ते इशारे पर प्रतिक्रिया दी और इसे काफी सराहा गया। एक इंटरनेट यूजर ने कहा कि नमस्ते ग्लोबल हो गया है। आप देखिए कि इटली की पीएम मेलोनी जी-7 शिखर सम्मेलन के मेहमानों का नमस्ते से स्वागत कर रही हैं। दूसरे यूजर ने लिखा, ‘संस्कारी कन्या है। स्वागत के लिए नमस्ते किया जा रहा है।’ एक अन्य शख्स ने कमेंट किया, ‘यह दिखाता है कि हमारी संस्कृति का जश्न मनाया जा रहा है।’ इस बीच, एक व्यक्ति ने नमस्ते का वैज्ञानिक पहलू सामने रखने लगा। उन्होंने लिखा, ‘यह अभिवादन करने का सबसे वैज्ञानिक तरीका है। हाथ मिलाने से बैक्टीरिया एक हाथ से दूसरे हाथ में ट्रांसफर हो सकते हैं मगर नमस्ते करने से ऐसा नहीं होता है।’ पीएम मोदी भी पहुंचे इटली, मैक्रों से मुलाकात गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जी-7 में हिस्सा लेने के लिए इटली पहुंचे हैं। पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को जी-7 शिखर सम्मेलन के मौके पर द्विपक्षीय मुलाकात की। दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा सहयोग को तेज करने पर सहमति व्यक्त की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति की हार्दिक शुभकामनाओं के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं ने ‘क्षितिज 2047’ रोडमैप और हिन्द प्रशांत क्षेत्र रोडमैप पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।  

कोलकाता के शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग, मॉल की तीसरी मंजिल पर लगी आग में किसी के घायल होने की खबर नहीं

HDFC Bank and Forest Department completed a massive tree plantation program by planting 8000 trees.

कोलकाता कोलकाता में पार्क स्ट्रीट क्षेत्र में बंद पड़े एक रेस्तरां में आग लगने के तीन दिन बाद ही दक्षिणी हिस्से में स्थित एक शॉपिंग मॉल की तीसरी मंजिल पर शुक्रवार को भीषण आग लग गई, जिसके बाद अधिकारियों को पूरी इमारत खाली करानी पड़ी। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कस्बा इलाके में स्थित मॉल की तीसरी मंजिल पर लगी आग में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, हालांकि 16 दमकल गाड़ियों को आग पर काबू पाने में करीब ढाई घंटे का समय लगा। अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘आग पर काबू पा लिया गया है और शीतलन प्रक्रिया चल रही है। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। यह वातानुकूलन प्रणाली (एयर कंडीशनिंग सिस्टम) से लगी होगी। फॉरेंसिक टीम मामले की जांच करेगी और सटीक कारण का पता लगाएगी।” शॉपिंग मॉल की तीसरी मंजिल पर एक बुक स्टोर में दोपहर 12 बज कर करीब 15 मिनट पर आग लगी और देखते देखते अन्य जगहों पर फैल गई। आग की वजह से मॉल के शीशे टूट गए और पूरे परिसर में धुआं फैल गया। अधिकारी ने कहा कि कुछ अग्निशमन कर्मियों को इमारत में प्रवेश करने के लिए ऑक्सीजन मास्क पहनना पड़ा। आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक सीढ़ियों का भी इस्तेमाल किया गया। कोलकाता यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूरा इलाका धुएं से भर गया है और मॉल के सामने यातायात रोक दिया गया। राज्य के अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस घटनास्थल पर पहुंचे और कहा कि मामले की जांच की जाएगी। बोस ने कहा, ‘‘घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। अग्निशमन कर्मियों ने बेहतरीन काम किया है। हम मॉल के अधिकारियों को नोटिस भेजेंगे और अगर उनकी ओर से कोई गलती पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में शॉपिंग मॉल के सामने राजडांगा मेन रोड पर सामान्य वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई।  

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा- आज की तारीख में संघ को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ सदस्य इंद्रेश कुमार की हालिया टिप्पणी पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि आज की तारीख में संघ को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में कहा, “आरएसएस को कौन गंभीरता से लेता है? पीएम मोदी भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेते, तो हम क्यों लें? अगर वह (इंद्रेश कुमार) समय पर बोलते, तो हर कोई उन्हें गंभीरता से लेता लेकिन उस समय वे (आरएसएस) चुप रहे और सत्ता का आनंद लेते रहे।” खेड़ा ने यह भी कहा कि बीते 10 वर्षों में मोहन भागवत ने भी कई अहम मुद्दों पर चुप्पी साधे रखी, लेकिन वह अब बोल रहे हैं। बता दें कि मोहन भागवत के बयान के बाद संघ नेता इंद्रेश कुमार ने सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी इंडिया अलायंस की आलोचना की थी और सत्तारूढ़ बीजेपी को ‘अहंकारी’ और विपक्षी इंडिया ब्लॉक को ‘राम विरोधी’ करार दिया था। इंद्रेश कुमार ने कहा, “राम सबके साथ न्याय करते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव को ही देख लीजिए। जिन्होंने राम की भक्ति की, लेकिन उनमें धीरे-धीरे अंहकार आ गया, उस पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बना दिया लेकिन जो उसको पूर्ण हक मिलना चाहिए, जो शक्ति मिलनी चाहिए थी, वो भगवान ने अहंकार के कारण रोक दी।” इंद्रेश कुमार ने आगे कहा, “जिन्होंने राम का विरोध किया, उन्हें बिल्कुल भी शक्ति नहीं दी।  राम का विरोध करने वालों में से किसी को भी सत्ता नहीं मिली, यहां तक कि सभी को मिलाकर दूसरे नंबर पर खड़ा कर दिया गया।” जयपुर में उन्होंने कहा कि भगवान का न्याय बडा सत्य है, बड़ा आनंददायक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन दोनों पर निशाना साधा। हालांकि, उन्होंने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया। इंद्रेश कुमार ने कहा, “लोकतंत्र में रामराज्य का ‘विधान’ देखिए, जिन्होंने राम की भक्ति की, लेकिन धीरे-धीरे अहंकारी हो गए, वह पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन जो वोट और सत्ता (अकेले पूर्ण बहुमत) मिलनी चाहिए थी, उसे भगवान ने अहंकार के कारण रोक दिया।’’ उन्होंने कहा कि भक्ति करने वाली पार्टी अहंकारी हो गई, उसे 241 पर ही भगवान ने रोक दिया, लेकिन उसे सबसे बड़ी पार्टी बना दिया और जिनकी राम में आस्था नहीं थी, उन सबको मिलकर भगवान ने 234 पर रोक दिया । कुमार जयपुर के पास कानोता में ‘रामरथ अयोध्या यात्रा दर्शन पूजन समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘जिसने लोगों पर अत्याचार किया, राम जी ने उससे कहा कि पांच साल आराम करो, अगली बार देखेंगे कि तुम्हारे साथ क्या करना है।’’ उन्होंने कहा कि राम ने सबको न्याय दिया, देते हैं और देते रहेंगे, राम हमेशा न्यायप्रिय थे और रहेंगे।

कठुआ में मरे गए आतंकवादी के पास से हाईटेक हथियार और सैटेलाइट डिवाइस मिले जो पाक सेना करती इस्तेमाल

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास  हीरानगर इलाके में सुरक्षाबलों के साथ बुधवार को हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे, जबकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का एक जवान शहीद हो गया था। सेना के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि उस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए दो आतंकवादियों में एक जैश-ए-मोहम्मद का शीर्ष कमांडर भी शामिल था। सूत्रों के अनुसार, इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि मारे गए दोनों आतंकवादियों को  पाकिस्तानी सेना से मदद मिल रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि मारे गए एक आतंकी की पहचान जैश कमांडर रिहान और दूसरे की पहचान उसके निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) के रूप में हुई है। मारे गए आतंकी रिहान के पास से  नाइट स्कोप और फ्रीक्वेंसी सैटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस वाली एम4 राइफल मिली है। इसके अलावा वह MICRO सैटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस का भी इस्तेमाल कर रहा था, जिसका इस्तेमाल  पाकिस्तानी सेना, नौसेना और वायु सेना करती है। इससे साफ तौर पर स्पष्ट होता है कि जैश-ए-मोहम्मद के इन आतंकियों को पाकिस्तानी सेना का समर्थन मिल रहा था। बता दे कि जम्मू-कश्मीर में एक हफ्ते के अंदर  रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में आंतकी हमले हुए हैं। इन हमलों में कम से कम 11 लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें एक सीआरपीएफ का जवान भी शामिल है। सुरक्षी बलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकी भी ढेर हुए हैं। सूत्रों ने आगे बताया कि 9 जून को रईसी में श्रद्धालुओं की बस पर हुए आतंकी हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद और हिज्ब-उल-मुजाहिदीन के शीर्ष नेतृत्व ने पाकिस्तान के रावलकोट में बैठक की थी। 9 जून को आतंकवादियों ने रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर हमला किया था, जिसके कारण बस खाई में गिर गई थी। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गयी थी और 33 लोग घायल हो गए थे। उल्लेखनीय है कि रविवार से लगातार हो रहे हमलों के बाद अब सीमावर्ती जिले राजौरी के नौशेरा कस्बे से ऐसी खबरें आयी हैं कि सेना और पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद नियंत्रण रेखा के पास के गांवों में तलाशी अभियान भी शुरू किया है।  

461 हिंदुओं के बीच एक मुसलमान, गुजरात के वडोदरा में क्यो मचा बवाल, हो रहा प्रदर्शन

वडोदरा गुजरात के वडोदरा में एक मुस्लिम महिला को फ्लैट आवंटित किए जाने पर जमकर बवाल हो रहा है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 44 साल की मुस्लिम महिला को फ्लैट मिला था, जिसमें अन्य सभी हिंदू परिवार हैं। सोसायटी के निवासी आवंटन रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि अपने बीच एक ‘विधर्मी’ को नहीं रहने देंगे। उनकी दलील है कि कानून का उल्लंघन करके मुस्लिम को घर दिया गया है। वडोदरा के हरनी इलाके में मोटनाथ रेसिडेंसी में 462 फ्लैट्स हैं। इसमें एक मुस्लिम महिला को भी फ्लैट आवंटित किया गया था। विरोध कर रहे निवासियों का दावा है कि अशांत क्षेत्र कानून का उल्लंघन किया गया है। गुजरात में इस कानून के तहत निर्धारित ‘अशांत क्षेत्र’ में प्रॉपर्टी लेनदेन से पहले जिलाधिकारी की अनुमति आवश्यक है। अलग-अलग मतों के लोगों के बीच संपत्ति खरीद बिक्री पर रोक होती है। यदि कोई ऐसी खरीद-बिक्री होती है तो स्थानीय लोगों से एनओसी लेना होता है। निवासियों का कहना है कि अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया है और कानून को लागू नहीं किया। मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक यहां के एक निवासी अतुल गामेची ने कहा, ‘गुजरात सरकार ने यहां यह कानून लागू किया है। इसलिए हिंदू कॉलोनी में कोई किसी मुस्लिम को घर नहीं बेच सकता है। तब भी सरकारी अधिकारियों ने नियम को लागू नहीं किया और मुस्लिम को घर दे दिया।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम चाहते हैं कि आवंटन रद्द हो। हम एक मुस्लिम परिवार के साथ सहज नहीं है, दिक्कतें होंगी। यदि प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है तो हम सांसदों और अधिकारियों के घरों के बाहर प्रदर्शन करेंगे।’ हालांकि, वडोदरा म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि लॉटरी सिस्टम के जरिए आवंटन किया गया था और कानून के लागू होने से पहले जरूरी दस्तावजे जमा कराए गए थे। स्टैंडिंग कमिटी की चेयरमैन डॉ. शीतल मिस्त्री ने कहा, ‘लॉटरी सिस्टम 2017 में निकाला गया था। कोई भी अप्लाई कर सकता था। एक मुस्लिम महिला का नाम भी ड्रॉ में निकला था। पेपरवर्क 2018 में हुआ था जब यहां अशांत क्षेत्र कानून लागू नहीं हुआ था। कानूनी रूप से आवंटन को रद्द नहीं किया जा सकता है। हम घर मालिक से बात कर सकते हैं।’  

टेस्ला के शेयरधारकों ने दी मंजूरी, एलन मस्क को 4.67 लाख करोड़ रुपये की मिलेगी सैलरी

Om Birla had touched PM Modi's feet and greeted him

नई दिल्ली टेस्ला के शेयरधारकों ने सीईओ एलन मस्क के 56 बिलियन डॉलर (करीब 4.67 लाख करोड़ रुपये) की सैलरी पैकेज को मंजूरी दे दी है। यह अमेरिका के कॉरपोरेट इतिहास में पहली बार है जब किसी सीईओ को सैलरी के रूप में इतनी बड़ी रकम मिलेगी। आपको बता दें कि टेस्ला अमेरिका की इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी है। यह भारत के बाजार में भी एंट्री की योजना पर काम कर रही है। वहीं, एलन मस्क दुनिया के सबसे रईस अरबपति हैं और उनकी दौलत 207 बिलियन डॉलर है। सैलरी पैकेज को शेयरधारकों से मंजूरी कुछ बड़े संस्थागत निवेशकों और प्रॉक्सी फर्मों के विरोध के बावजूद टेस्ला के शेयरधारकों ने एलन मस्क के सैलरी पैकेज को हरी झंडी दिखा दी। हालांकि, अब भी इस सैलरी पैकेज में कई तरह के पेच हैं। दरअसल, साल 2018 से डेलवेयर कोर्ट में सैलरी पैकेज को लेकर एक मुकदमा भी चल रहा है। कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह मुकदमा कई महीनों तक चल सकता है। बता दें कि मस्‍क को साल 2018 में ही इस पैकेज को देने के लिए प्रस्‍ताव लाया गया था, लेकिन न्यायाधीश ने पैकेज को “अथाह” बताते हुए अमान्य कर दिया। मस्क को पैकेज पर नए मुकदमों का भी सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में न्यायाधीश ने टेस्ला के बोर्ड की आलोचना करते हुए कहा था कि यह योजना एक विवादित बोर्ड द्वारा प्रस्तावित की गई थी। एक ऐसा बोर्ड जिसके टॉप मेंबर्स के एलन मस्क के साथ घनिष्ठ व्यक्तिगत और वित्तीय संबंध थे। एलन मस्क भी मौजूद शेयरधारकों द्वारा सैलरी पैकेज को मंजूरी के मौके पर एलन मस्क भी मौजूद रहे। ऑस्टिन, टेक्सास में वार्षिक शेयरधारक बैठक में एलन मस्क ने खुद को आशावादी बताया। मस्क ने कहा कि अगर मैं आशावादी नहीं होता तो यह कंपनी अस्तित्व में नहीं होती। इस बैठक में कंपनी के लीगल हेडक्‍वार्टर डेलवेयर से टेक्‍सास शिफ्ट करने पर भी मुहर लगा दी गई।

इस टीडीपी नेता के खूब चर्चे, केंद्रीय मंत्री पद की शपथ लेने से पहले 21 बार लिखा ‘ओम श्री राम’

तमिलनायडु तेलुगु देशम पार्टी के नेता और नवनिर्वाचित लोकसभा सांसद किंजरापु राम मोहन नायडू ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले, गुरुवार को पारंपरिक अनुष्ठान करते हुए एक समारोह का आयोजन हुआ। इस दौरान उन्होंने एक शीट पर 21 बार ‘ओम श्री राम’ लिखा। दोपहर 1:11 बजे बताए गए शुभ समय पर इसे अंजाम दिया गया। इस कार्य ने कई सहकर्मियों और पर्यवेक्षकों का ध्यान खींचा। रिपोर्ट के मुताबिक, नायडू ने इसके बाद अपनी मां, पत्नी और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को नई भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने नागर विमानन मंत्री का कार्यभार संभाला है। राम मोहन नायडू ने रविवार को कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली थी। तीन बार के सांसद 36 वर्षीय नायडू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले मंत्रिमंडल में सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री हैं। वह नागर विमानन मंत्रालय में ज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह ले रहे हैं। सिंधिया को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में संचार मंत्री बनाया गया है। नायडू ने अपना पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि उड़ान में सुगमता का परिदृश्य बनाना उनकी सबसे अहम प्राथमिकताओं में से एक होगा। उड़ान में सुगमता शब्द पर दिया जोर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हम हवाई यात्रा को देश के आम आदमी के लिए अधिक सुलभ और अधिक आसान बनाएंगे। मैं उड़ान में सुगमता शब्द पर जोर दे रहा हूं, चाहे वह आराम या सुविधा या सुरक्षा के संदर्भ में हो। हम आज जो भी योजना या विचार प्रक्रिया से गुजर रहे हैं, उसमें इसे केंद्र बना देंगे।’ उन्होंने कहा कि वह मंत्रालय के लिए 100-दिवसीय कार्ययोजना तैयार करना चाहेंगे, जो प्रधानमंत्री मोदी का बेहतरीन सुझाव है। हवाई टिकटों की ऊंची कीमतों से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा, ‘मैं समीक्षा बैठकें करने जा रहा हूं। निश्चित रूप से मेरा इरादा इन कीमतों को कम करना होगा क्योंकि यह आम आदमी के लिए एक चुनौती है। हमारा इरादा हवाई यात्रा को आम आदमी तक पहुंचाना है।’

CCTV फुटेज से खुलासा: पुणे पोर्श कांड मामले में ब्लड सैंपल बदलने को किसे दी गई रिश्वत?

Will the NDA clan disintegrate before the assembly elections?

पुणे पुणे के पोर्श कांड मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब पुलिस के हाथ अस्पताल का एक ऐसा सीसीटीवी फुटेज लगा है जिसमें अस्पताल के एक कर्मचारी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए देखा जा सकता है। महाराष्ट्र में पुणे पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिली है, जिसमें ससून जनरल अस्पताल का एक कर्मचारी दिखाई दे रहा है। इस कर्मचारी पर पोर्श कार दुर्घटना में शामिल किशोर चालक के रक्त के नमूने बदलने की साजिश का हिस्सा होने का आरोप है। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि येरवडा इलाके में रिकॉर्ड की गई फुटेज में बिचौलिया अश्पक मकानदार को अस्पताल कर्मचारी अतुल घाटकांबले को पैसे देते हुए दिखाया गया है। बिल्डर विशाल अग्रवाल के 17 वर्षीय बेटे द्वारा कथित तौर पर चलाई जा रही पोर्श कार ने 19 मई को तड़के कल्याणी नगर में एक बाइक को टक्कर मार दी थी जिसपर सवार आईटी पेशेवर अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई थी। वे मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक, किशोर शराब के नशे में गाड़ी चला रहा था। यह घटना येरवडा थाना क्षेत्र के तहत आने वाले इलाके में हुई थी। आरोप है कि ससून अस्पताल में किशोर के रक्त के नमूने बदल दिए गए ताकि यह दिखाया जा सके कि उस समय वह नशे में नहीं था। इस मामले में मकानदार और घाटकांबले दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने दावा किया है कि बिल्डर विशाल अग्रवाल द्वारा दिए गए तीन लाख रुपये में से सह-आरोपी डॉ. श्रीहरि हल्नोर ने 2.5 लाख रुपये लिए, जबकि घाटकांबले को 50,000 रुपये मिले। पुलिस ने डॉ. हल्नोर और घाटकांबले से पैसे बरामद करने का दावा किया था। 17 वर्षीय आरोपी की निगरानी गृह हिरासत बुधवार को 25 जून तक के लिए बढ़ा दी। इससे पहले पुलिस ने बोर्ड के समक्ष दलील दी थी कि उसकी अब भी काउंसलिंग की जा रही है और मामले की जांच जारी है। बचाव पक्ष ने हिरासत अवधि बढ़ाने की पुणे पुलिस की याचिका का विरोध किया और बोर्ड से कहा कि नाबालिग को निगरानी केंद्र से रिहा किया जाना चाहिए। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, अभियोजकों ने अपनी हिरासत बढ़ाने की याचिका में जेजेबी को बताया कि किशोर की अब भी मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की जा रही है और उसे निगरानी गृह में ही रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि वे मुकदमे के लिए किशोर को वयस्क के तौर पर मानना चाहते हैं और इस संबंध में औपचारिकताएं पूरी करने के लिए उसे आगे हिरासत में रखने की जरूरत है। अधिकारी ने बताया कि बोर्ड ने पुलिस से किशोर का संरक्षण उसके रिश्तेदारों को सौंपने की बचाव पक्ष की याचिका पर अपना पक्ष रखने को कहा है, क्योंकि उसके माता-पिता दुर्घटना से संबंधित अलग-अलग आरोपों में पुलिस की हिरासत में हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद किशोर न्याय बोर्ड ने किशोर के निगरानी गृह में रहने की समयावधि 25 जून तक बढ़ा दी।  

अजित पवार को क्लीन चिट से अन्ना हजारे ने जताई नाराजगी, जाएंगे कोर्ट

मुंबई महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के मुखिया अजित पवार को हाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (शिखर बैंक) घोटाले में क्लीन चिट दी थी। अब मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने इसका विरोध किया है। क्लोजर रिपोर्ट को अन्ना हजारे कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट पर अन्ना हजारे और माणिकराव जाधव के वकीलों ने आपत्ति जताई है। कोर्ट ने इस आपत्ति को स्वीकार कर लिया और याचिका दायर करने का समय दे दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 29 जून को होगी। शिखर बैंक लोन घोटाला मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने अपना रुख बदलते हुए एनसीपी नेता अजित पवार समेत कई आरोपी नेताओं को क्लीन चिट दे दी है। 25 हजार करोड़ रुपये के शिखर बैंक घोटाले के मामले में अजित पवार, उनकी पत्नी सुनेत्र पवार और अन्य आरोपियों को मुंबई पुलिस की आर्थिक क्राइम ब्रांच ने बरी कर दिया। पुलिस ने कहा कि इनके खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अजित पवार को राजनीतिक गलियारों से भी क्लीन चिट मिल गई। वकीलों की दलील है कि- जांच एजेंसियों का इस्तेमाल पूरी तरह से सरकार के द्वारा किया जा रहा है। सत्तारूढ़ दलों के द्वारा दूसरे दलों के नेताओं को अपने पाले में लाने के दबाव बनाने के लिए भी जांच एजेंसियों दुरुपयोग किया जा रहा है। अजित पवार के मामले में EOW और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का व्यवहार भी ऐसा ही देखने को मिला है। इसलिए ऐसी कोई तस्वीर नहीं है कि इस गंभीर मामले की जांच राज्य या केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा पारदर्शी तरीके से की जाएगी। इसलिए इस मामले की जांच हाईकोर्ट के रिटायर जजों की अध्यक्षता में एसआई बनाकर की जानी चाहिए। इस केस के मूल शिकायतकर्ता सुरिंदर अरोड़ा, याचिकाकर्ता माणिक जाधव, वरिष्ठ वकील सतीश तालेकर और वकील माधवी अय्यप्पन ने संशोधित याचिका के माध्यम से ये बातें कोर्ट के सामने रखी है।  

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