LATEST NEWS

न्यूयॉर्क में होगी अब भारत के सामने USA की चुनौती, जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज

न्यूयॉर्क  रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने एक और वर्ल्ड कप में दमदार शुरुआत की है। उनके सामने दुश्मनों के पैर थर-थर कांप रहे हैं। भारत ने अब तक आयरलैंड और पाकिस्तान को धूल चटाई है। वहीं अब टीम इंडिया का सामना 12 जून को सह मेजबान अमेरिका से है। दूसरी ओर, अमेरिका भी प्रचंड फॉर्म में चल रही है। वह भी कनाडा और पाकिस्तान को शिकस्त देकर आ रहे हैं। अमेरिका का आत्मविश्वास भी इस वक्त सातवें आसमान पर होगा। ऐसे में दोनों टीमों के बीच एक टक्कर का मैच देखने को मिल सकता है। तो आइये जानते हैं कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाले मैच में पिच का मिजाज कैसा रहने वाला है। पहले दो मैचों में एक ही लाइन-अप के साथ खेलने के बाद, भारत संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ़ खेल के लिए प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव कर सकता है और शिवम दुबे की जगह संजू सैमसन या यशस्वी जायसवाल में से किसी एक को शामिल कर सकता है। दुबे पिछले कुछ समय से बल्ले से आउट ऑफ़ फॉर्म हैं और रोहित शर्मा ने पहले दो मैचों में उन्हें गेंदबाज़ के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया। उनकी जगह भारत एक विशेषज्ञ बल्लेबाज़ को शामिल कर सकता है। यशस्वी जायसवाल को मिल सकता है मौका शिवम दुबे की जगह कौन टीम में शामिल होगा इस रेस में सबसे आगे यशस्वी जायसवाल चल रहे हैं। जायसवाल एक शानदार ओेपनर हैं और टीम को तेज शुरुआत दे सकती है। भारतीय टीम फिलहाल रोहित-कोहली की जोड़ी से ओपनिंग करवा रही है हालांकि विराट अभी तक ओपनर के तौर पर कुछ कमाल नहीं कर पाए हैं। ऐसे में टीम उन्हें फिर से अपनी फेवरेट पोजिशन नंबर 3 पर भेज सकती है। गेंदबाजी में नहीं होगा कोई बदलाव जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज की तेज गेंदबाज तिकड़ी ने भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है, साथ ही ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल भी कमाल कर रहे हैं। लेकिन रवींद्र जडेजा के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता है। 35 वर्षीय स्टार क्रिकेटर पाकिस्तान के खिलाफ गोल्डन डक पर आउट हो गए और मौजूदा टूर्नामेंट में अभी तक एक भी विकेट नहीं ले पाए हैं। लेकिन उनके साधारण फॉर्म के बावजूद टीम उन्हें एक और मौका दे सकती है। अमेरिका बनाम भारत पिच रिपोर्ट अमेरिका और भारत का मैच भी न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। अब तक इस मैदान की पिच पर काफी सवाल उठे हैं। यहां की पिच गेंदबाजों के हक में है। न्यूयॉर्क में बल्लेबाजों का रन बनाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा लगता है। हाल ही में भारत-पाकिस्तान का मैच भी इसी मैदान पर खेला गया था। यूएसए के खिलाफ भारत की संभावित प्लेइंग 11 रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली,ऋषभ पंत, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, रवींद्र जडेजा, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज।

Arunachal में एक बार फिर से BJP की पूर्ण बहुमत की सरकार, सरकार गठन में फिर भी देरी

ईटानगर 4 जून को आए लोकसभा चुनावों के दो दिन पहले ही अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके थे। सिक्किम में मुख्यमंत्री अपनी मंत्रिपरिषद के साथ शपथ ले चुके हैं। देश में मोदी सरकार की शपथ हो गई है, मंत्रालयों के बंटवारे भी हो चुके हैं लेकिन अभी तक अरुणाचल प्रदेश में सरकार के गठन को लेकर कोई हलचल नहीं है। यहां पर सरकार में बैठी भाजपा एक बार फिर से चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ जीती है। विधानसभा की 60 सीटों में से भाजपा को 46 सीटें मिली हैं। एनडीए की साथी पार्टी एनपीपी को भी 5 सीटों पर जीत मिली है ऐसे में 60 सीटों की विधानसभा में एनडीए को 51 सीटें प्राप्त हैं। 2016 से प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू एक बार से मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में शामिल हैं। शपथ में देरी पर भाजपा की सफाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बियुराम वाहगे ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू और बाकी के विधायक और भाजपा नेता केन्द्रीय सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए गए हुए है, हम उनके और हाईकमान की तरफ से किसी पर्यवेक्षक का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही वह यहां आते हैं और नए विधायकों के साथ मिलकर विधायक दल के नेता का चुनाव कर लेते हैं। वैसे ही शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। फिलहाल कोई तारीख तय नहीं हुई है। कांग्रेस ने कसा तंज शपथ ग्रहण में हुई देरी पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नबाम तुकी ने कहा नई सरकार के बनने में इतनी देर होना प्रदेश के लिए ठीक नहीं है यह प्रदेश के विकास और प्रशासन के लिए ठीक नहीं है। लेकिन भाजपा के अंदर ऐसे ही काम होता है। प्रदेश ईकाई बिना हाईकमान के निर्देश के एक इंच भी नहीं बढ़ सकती।इससे पहले अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल कैवल्य परनायक ने 2 जून को विधानसभा भंग कर दी थी और मुख्यमंत्री पेमा खांडू को नई सरकार के पदभार ग्रहण करने तक मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभालने के लिए कहा था।  

अखिलेश, चंदन और अतुल … छोड़ेंगे विधायकी, जानें- किन सीटों पर होगा उपचुनाव

लखनऊ देश में नरेंद्र मोदी की सरकार तीसरी बार बन चुकी है. 10 जून की पहली कैबिनेट बैठक के साथ ही कामकाज भी शुरू हो चुका है. नए मंत्री अपना प्रभार ग्रहण कर रहे हैं. पुराने मंत्री अपना पुराना कामकाज ही आगे बढ़ा रहे हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा और 1 विधान परिषद सीट पर अब सबकी नजरें टिकी हैं. कारण, इन सीटों से विधायक अब सांसद बन चुके हैं और एक-एक करके विधायकी से इस्तीफा देने जा रहे हैं. इसके बाद प्रदेश की 9 विधानसभा और 1 विधान परिषद सीट पर आगामी 6 महीने के भीतर उपचुनाव होगा.  दरअसल, प्रदेश की इन 9 विधानसभा सीटों पर 4 पर सपा, 3 पर बीजेपी और 1-1 पर आरएलडी-निषाद पार्टी के विधायक हैं. वहीं योगी सरकार में पीडब्लूडी मिनिस्टर जितिन प्रसाद विधान परिषद सदस्य हैं, जिन्हें बीजेपी ने इस बार पीलीभीत सीट से लोकसभा चुनाव लड़ाया. उन्होंने सपा प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार को 164935 वोटों से हरा दिया. जितिन प्रसाद को पूर्व सांसद वरूण गांधी की जगह टिकट दिया गया था. जितिन प्रसाद ने विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया है. उन्हें मोदी सरकार 3.0 में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.  यूपी के ये विधायक देंगे इस्तीफा 1.सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (मैनपुर की करहल विधानसभा सीट से विधायक) सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव प्रदेश की मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से विधायक हैं. इस बार उन्होंने कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता है. अब अखिलेश केंद्र की राजनीति में नजर आएंगे, इसके चलते वह विधायकी छोड़ रहे हैं. इसी के साथ अब संसद में पति-पत्नी यानी अखिलेश-डिंपल की जोड़ी नजर आएगी. डिंपल यादव मैनपुरी से चुनाव जीती हैं. 2. सपा के अवधेश प्रसाद (फैजाबाद की मिल्कीपुर विधानसभा सीट) फैजाबाद की मिल्कीपुर विधानसभा सीट से सपा के दिग्गज विधायक अवधेश प्रसाद को पार्टी ने इस बार लोकसभा चुनाव में उतारा. उन्होंने फैजाबाद सीट से बीजेपी के दो बार के सांसद लल्लू सिंह को करारी शिकस्त दी. फैजाबाद वही लोकसभा सीट है, जिसके अंतर्गत अय़ोध्या विधानसभा भी आती है. ऐसे में इस सीट पर सपा की जीत के कई मायने हैं. 9 बार के विधायक अवधेश प्रसाद अब सांसद पहुंचने पर विधायकी से इस्तीफा देंगे. यानी मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव होगा. 3. सपा के लालजी वर्मा (अम्बेडकर नगर की कटेहरी विधानसभा सीट) अम्बेडकर नगर की कटहेरी विधानसभा सीट से विधायक लालजी वर्मा ने इस बार के लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की है. उन्होंने अम्बेडकर नगर लोकसभा सीट से सपा के टिकट पर 137247 वोटों से जीत हासिल की है. यहां उन्हें 544959 वोट मिले हैं. वहीं भाजपा से रितेश पांडेय को 407712 वोट मिले. यहां बहुजन समाज पार्टी के कमर हयात को 199499 वोट हासिल हो सके हैं. अम्बेडकर नगर लोकसभा सीट कभी बसपा प्रमुख मायावती का गढ़ माना जाता था. मायावती यहां से सांसद भी रह चुकी हैं. इस बार यहां सपा और भाजपा के बीच टक्कर रही. 4. सपा के जिया उर रहमान बर्क (मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट) मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट से विधायक जियाउर रहमान बर्क को सपा ने इस बार  संभल सीट से लोकसभा चुनाव लड़ाया. उन्होंने यहां से 121494 वोटों से जीत दर्ज की. पूर्व सांसद शफीकुर रहमान बर्क के पोते जिया उर रहमान पहली बार सांसदी का चुनाव लड़े और जीते हैं. संभल लोकसभा सीट को सपा का गढ़ माना जाता है. 2019 में यहां से शफीकुर रहमान बर्क ने जीत दर्ज की थी. सपा ने शफीकुर रहमान को ही इस बार भी टिकट दिया था, लेकिन चुनाव घोषणा के कुछ दिनों बाद ही उनका निधन हो गया, जिसके बाद पार्टी ने उनके पोते और कुंदरकी विधायक जिया उर रहमान को टिकट दिया. सांसद बनने के बाद अब वह विधायकी से इस्तीफा देंगे. 5. बीजेपी के अनूप वाल्मीकि प्रधान (अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट) अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट से विधायक अनूप वाल्मीकी प्रधान को बीजेपी ने इस बार हाथरस लोकसभा सीट से मैदान में उतारा था. उन्होंने यहां से करीब डेढ़ लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. अनूप वाल्मीकी को इस चुनाव में कुल 5 लाख 54 हजार 746 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के जसवीर वाल्मिकी को महज 3 लाख 7 हजार 428 वोट मिले. अनूप प्रधान वर्तमान में योगी सरकार में राज्य मंत्री भी हैं. गांव के पंचायत से अपनी राजनीति शुरू करने वाले अनूप प्रधान बनने के बाद विधायक चुने गए थे. अब सांसद बनने के बाद वह विधायकी से इस्तीफा देंगे. 6. बीजेपी के अतुल गर्ग (गाजियाबाद विधानसभा सीट) गाजियाबाद सदर विधानसभा सीट से 2017 और फिर 2022 में विधायक बने अतुल गर्ग को बीजेपी ने इस बार लोकसभा चुनाव में उतारा था. उन्होंने गाजियाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते हुए INDIA गठबंधन की कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा को 3 लाख से अधिक वोटों से हराया है. वह पिछली योगी पिछली सरकार में हेल्थ मिनिस्टर थे. अतुल गर्ग गाजियाबाद नगर निगम के पहले मेयर दिनेश चंद्र गर्ग के बेटे हैं. बीजेपी ने उन्हें इस बार गाजियाबाद के निवर्तमान सांसद वीके सिंह का टिकट काट कर उम्मीदवार बनाया था. सांसद बनने के बाद अब गर्ग विधायकी से इस्तीफा देंगे. 7. बीजेपी के प्रवीण पटेल (फूलपुर विधानसभा सीट) प्रयागराज जिले की फूलपुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक प्रवीण पटेल इस बार लोकसभा चुनाव लड़े और जीते. फूलपुर लोकसभा सीट से प्रवीण पटेल ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अमर नाथ सिंह मौर्य को कड़े मुकाबले के बाद महज 4,332 वोटों से हराया. बीजेपी ने यहां से अपने मौजूदा सांसद केसरी देवी पटेल का टिकट काटकर प्रवीण पटेल को उम्मीदवार बनाया था. प्रवीण पटेल कांग्रेस के पूर्व विधायक महेंद्र प्रताप पटेल के बेटे हैं. महेंद्र प्रताप पटेल झूंसी विधानसभा क्षेत्र से 1984, 1989 और 1991 में विधायक चुने गए थे. प्रवीण पटेल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बसपा से की थी. उन्होंने 2007 में बसपा के टिकट पर फूलपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीता था, हालांकि 2012 में चुनाव हार गए थे. अब सांसद बनने के बाद पटेल विधायकी से इस्तीफा देंगे. 8. आरएलडी के चंदन चौहान (मीरापुर विधानसभा सीट) मीरापुर विधानसभा सीट से विधायक चंदन चौहान ने इस … Read more

कूनो नेशनल पार्क के अतिरिक्त चीतों को अन्य स्थान पर भी बसाने का निर्णय अगली बैठक में

श्योपुर  चीतों के लिए नया ठिकाना अब केंद्र की नई सरकार तय करेगी। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के चलते इस पर निर्णय नहीं हो सका था। आचार संहिता हटने के बाद दिल्ली में 10 जून को बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन मोदी कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह के चलते बैठक निरस्त कर दी गई। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क के अतिरिक्त चीतों को अन्य स्थान पर भी बसाने का निर्णय अगली बैठक में लिया जाएगा। इसके लिए मध्य प्रदेश में ही गांधी सागर अभयारण्य लगभग तैयार कर लिया गया है। चीतों की खुराक लिए यहां 300 से अधिक चीतल छोड़े जा रहे हैं। गांधी सागर में चीता पुनर्वास का पुराना प्लान निरस्त कर नया प्लान स्वीकृत कर दिया गया। वन विभाग ने वनमंडल मंदसौर के अंतर्गत गांधी सागर अभयारण्य अंतर्गत चीता पुनर्वास के लिए वन्यप्राणी संरक्षण एवं रहवास विकास कार्यों के लिए 31 अगस्त 2022 को 84 लाख रुपये के चार वर्षीय प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया था, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट को निरस्त कर दिया गया है। इसके पीछे कारण बताया गया कि यह प्रोजेक्ट वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन प्लान के अनुरुप नहीं था। इसके स्थान पर अब 10 वर्षीय प्लान स्वीकृत किया गया है, जिसमें 43 लाख 20 हजार रुपये की राशि मंजूर की गई है। यह राशि टाइगर फाउंडेशन समिति से ली जाएगी। नए दस वर्षीय प्लान इन गतिविधियों पर होगा व्यय नए दस वर्षीय प्लान के अनुसार, गांधी सागर अभयारण्य में वन्यप्राणियों के लिए वाटर सोर्स पर दो लाख रुपये, वन्यजीवों के संरक्षण के लिए बुनियादी ढांचे, बचाव वार्ड, पशु चिकित्सा निधि, पिंजरों आदि के निर्माण के लिए चार लाख रुपये, रावलीकुडी बीट में जलाशय बनाने पर 11 लाख रुपये। बीट करनापुरा में जलाशय की मरम्मत पर छह लाख रुपये, बीट खेमला पश्चिम क्रमांक 449 में जलोद्धार के लिए तीन लाख रुपये, बीट रावलकुडी क्रमांक 944 में जलोद्धार के लिए तीन लाख रुपये, नीमचौक में चीता फेंसिंग क्षेत्र में चारागाह विकास के लिए छह लाख रुपये, गांधीसागर में कैम्पों, खेल व क्वीज काम्पीटशन के माध्यम से जागरुकता कार्यक्रम चलाने पर पांच लाख 20 हजार रुपये और थर्ड पार्टी मानीटरिंग के लिए एक लाख रुपये का बजट प्रविधान किया गया है।

अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव, कमलनाथ की एक और ‘अग्निपरीक्षा’

 भोपाल  मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा जिला ही ऐसा रहा है, जहां कि सभी सातों विधानसभा सीटें 2018 और 2023 में कांग्रेस ने जीती थीं। इसका श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को ही जाता है। दोनों चुनाव कमल नाथ के नाम पर लड़े गए। टिकट भी उन्हीं ने तय किए। बीच लोकसभा चुनाव में उनके भरोसेमंद साथी कमलेश शाह ने अमरवाड़ा विधानसभा सीट से त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता लेकर बड़ा झटका दिया। इसका नुकसान कमल नाथ के बेटे नकुल नाथ को लोकसभा चुनाव में हुआ और वे इस विधानसभा सीट पर भाजपा के विवेक बंटी साहू से 15 हजार 39 मतों से पीछे रह गए थे। अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए सुरक्षित छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट से कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा को बढ़त मिली है। 2008 से पार्टी ने यहां कमलेश शाह को चुनाव मैदान में उतारा पर वे 1,140 मतों के अंतर से हार गए थे। 2013 के चुनाव में कमल नाथ ने फिर उन पर भरोसा जताया और उन्होंने 4,063 मतों के अंतर से जीत प्राप्त की। 2018 में 10,393 और 2023 के चुनाव में 25 हजार 286 मतों से पराजित कर फिर विधानसभा पहुंचे। आदिवासियों के बीच शाह की छवि का लाभ कांग्रेस को पूरे जिले में मिलता रहा। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस के किले में सेंध लगाने के लिए कमल नाथ के विश्वासपात्र कमलेश शाह को अपने पाले में करने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने बाकी नेताओं की तरह पद पर बने रहने के स्थान पर पहले विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दिया और फिर विधिवत भाजपा में शामिल हुए। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि यह उप चुनाव कांग्रेस और खासतौर पर कमल नाथ के लिए बहुत अहम है। प्रतिष्ठा भी उनकी ही दांव पर रहेगी क्योंकि लोकसभा चुनाव में उनमें बेटे नकुल नाथ को पराजय मिलने के बाद अब उनको पास वापसी का यह बड़ा अवसर है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उपचुनाव के लिए पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे और पूर्व विधायक सुनील जायसवाल को चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिया है। दोनों कमल नाथ समर्थक हैं। ये प्रत्याशी चयन को लेकर संगठन को नाम भी सुझाएंगे। कमल नाथ से चर्चा करने के बाद केंद्रीय संगठन को अंतिम निर्णय के लिए नाम प्रस्तावित किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा का कहना है कि अमरवाड़ा में उपचुनाव किस कारण से हो रहा है, यह जनता जानती है। निर्वाचित जनप्रतिनिधि के धोखे का वह उपचुनाव में बदला लेगी। जहां तक बात कमल नाथ की है तो वे छिंदवाड़ा ही नहीं देश के वरिष्ठ नेता हैं और मात्र एक चुनाव में हार-जीत राजनीतिक भविष्य का पैमाना नहीं होती है। कमलेश शाह को ही मैदान में उतार सकती है भाजपा उधर, भारतीय जनता पार्टी कमलेश शाह को ही अमरवाड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ा सकती है। इसके लिए स्थानीय नेताओं के बीच सहमति बनाई जाएगी। संगठन जल्द ही उपचुनाव के लिए प्रभारी की नियुक्ति करेगा। मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव के दौरे भी अगले सप्ताह से प्रारंभ हो जाएंगे। कमलेश शाह ने दिया था इस्तीफा अमरवाड़ा से तीन बार कांग्रेस विधायक रहे कमलेश शाह ने इस साल 29 मार्च को इस्तीफा दे दिया। जिसके तुरंत बाद वे भाजपा में शामिल हो गए। अब इस विधानसभा सीट पर उपचुनाव की आवश्यकता है। शाह ने बाद में राज्य विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा सोमवार को निर्वाचन आयोग ने कर दी है। काउंटिंग 13 जुलाई को होगी। अमरवाड़ा से कौन होगा बीजेपी का प्रत्याशी हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार बंटी विवेक साहू ने छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद एवं कांग्रेस उम्मीदवार नकुल नाथ को 1.13 लाख मतों के अंतर से हराया था। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार लोकसभा चुनावों के दौरान अमरवाड़ा विधानसभा सीट के अंतर्गत मतदान केंद्रों पर भाजपा को 93,512 वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 78,473 वोट मिले यानी भाजपा ने इस सीट पर 15,000 अधिक वोट हासिल किए। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि अब कमलेश शाह को अमरवाड़ा सीट के लिए भाजपा द्वारा मैदान में उतारा जा सकता है। चुनाव अधिसूचना 14 जून को जारी की जाएगी, नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 जून है। मतपत्रों की जांच 24 जून को की जाएगी और नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 26 जून है।

राजस्थान के उदयपुर में उदयपुर में हथियार और बारूद की दुकान में विस्फोट, 2 की मौत, जांच में जुटी पुलिस

जयपुर राजस्थान के उदयपुर में मंगलवार को हथियार और गोला-बारूद विक्रेता की दुकान में विस्फोट हो गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। उदयपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेश गोयल ने कहा कि दुकान एक लाइसेंस प्राप्त दुकान थी और यह एक छोटी दो मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर स्थित थी। उन्होंने कहा कि विस्फोट पहली मंजिल पर जाने वाली सीढ़ियों पर हुआ और दुकान के मालिक राजेंद्र और एक अन्य व्यक्ति, जो शायद अंशकालिक कर्मचारी था, की मौके पर ही मौत हो गई। इलाके में दहशत पुलिस ने कहा कि विस्फोट से राजेंद्र लगभग 30 फीट दूर जा गिरा और उसका क्षत-विक्षत शरीर सड़क के पार जा गिरा। उन्होंने कहा, “सीढ़ी के पास कई कारतूस बिखरे हुए पाए गए। यह तुरंत पता नहीं चला है कि विस्फोट कैसे हुआ। एफएसएल की एक टीम सबूत इकट्ठा करने के लिए मौके पर पहुंच गई है।” उन्होंने बताया कि दूसरे पीड़ित की पहचान का पता लगाया जा रहा है। घटना से इलाके में दहशत फैल गई है।

लद्दाख से निर्दलीय सांसद मोहम्मद हनीफा ने राहुल गांधी से की मुलाकात

नई दिल्ली लद्दाख लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने वहां के कई स्थानीय नेताओं के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की है। इस दौरान कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे। मोहम्मद हनीफा लद्दाख निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान में सांसद और नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व जिला अध्यक्ष रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद हनीफा ने अपने निकटतम कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी त्सेरिंग नामग्याल को 27,906 मतों के अंतर से हराकर लद्दाख लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की थी। यहां से भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर ताशी ग्यालसन मैदान में थे। जिन्हें भाजपा ने जामयांग सेरिंग नामग्याल का टिकट काटकर मैदान में उतारा था। हनीफा को 65,303 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के त्सेरिंग नामग्याल को 37,397 वोट मिले। इस त्रिकोणीय चुनावी मुकाबले में भाजपा के ताशी ग्यालसन को 31,956 वोट मिले थे। दरअसल लोकसभा चुनाव में त्सेरिंग नामग्याल को कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व नेता हनीफा ने पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ते हुए करीबी अंतर से उन्होंने जीत हासिल की है। लद्दाख लोकसभा सीट पर 2014 और 2019 में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। इस सीट पर सबसे ज्यादा बार जीत का रिकॉर्ड कांग्रेस पार्टी के नाम दर्ज है। दिलचस्प बात यह है कि 1989, 2004 और 2009 के आम चुनावों में इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। मोहम्मद हनीफा लद्दाख से जीतने वाले चौथे निर्दलीय सांसद हैं।

पीएचडीसीसीआई ने कहा- भारत में 2030 तक 10 करोड़ से ज्यादा नई नौकरियां पैदा होने की संभावना

नई दिल्ली भारत में 2030 तक 10 करोड़ से ज्यादा नई नौकरियां पैदा होने की संभावना है। इस दौरान जीडीपी में 3.3 ट्रिलियन डॉलर की बढ़त देखने को मिलेगी। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) की ओर से मंगलवार ये बातें कही गई। नई सरकार के 100 दिनों के एजेंडे के लिए पीएचडीसीसीआई की ओर से 10 महत्वपूर्ण बिंदु सुझाए गए हैं। इसमें रोजगार, मैन्युफैक्चरिंग में दोहरे अंक में वृद्धि, निर्यात को मजबूत करना, टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, किसानों को मजबूत बनाने के लिए नीति बनाना, बढ़ती महंगाई, डिजिटल अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण सुरक्षा और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दे शामिल हैं। बता दें, अनिश्चित वैश्विक माहौल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2022 से लेकर वित्त वर्ष 2024 तक औसत 8 प्रतिशत की दर से विकास किया है। पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने कहा, हमने स्टार्टअप, एमएसएमई और बड़ी कंपनियों में 2030 तक 10 करोड़ नई नौकरियां जोड़ने के लिए रोडमैप सुझाया है। अग्रवाल ने कहा कि फैक्टरी स्तर पर व्यापार में आसानी कर मैन्युफैक्चरिंग में वृद्धि दर को दोहरे अंक में लाया जा सकता है। इससे व्यापार करने की लागत भी कम होगी। मौजूदा समय में नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी की जरूरत है, जिससे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट मजबूत हो सके। चैंबर की ओर से ऐसे 75 उत्पादों को सुझाया गया, जिसके जरिए हमारा निर्यात बढ़ सकता है। इससे वैश्विक निर्यात में हमारी हिस्सेदारी बढ़ेगी। अग्रवाल ने कहा कि 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात के लक्ष्य को पाने के लिए इन 75 उत्पादों पर फोकस करना आवश्यक है। एजेंडे में कहा गया कि सरकार का फोकस पहले 100 दिन में ग्रामीण इलाकों के साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर होना चाहिए। साथ ही गांवों में पब्लिक के लिए सभी जरूरी सुविधाएं होनी चाहिए। एआई जैसी टेक्नोलॉजी के इस दौर में सरकार को डिजिटल इकोनॉमी और साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए रणनीति बनाने का सुझाव हमारी ओर से दिया गया है।

नई दिल्ली में महिलाओं को 1000 रुपए मानदेय देने की मांग को लेकर आतिशी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली महिला मंच की सदस्यों ने मंगलवार को दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार से शहर की महिलाओं को 1000 रुपये मानदेय देने की उसकी बजट घोषणा को पूरा करने की मांग की। मथुरा रोड पर स्थित मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए। एक प्रदर्शनकारी सफिया फहीम ने कहा, “आप सरकार ने अपने बजट में महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह मानदेय देने की घोषणा की थी। यह कोई चुनावी वादा नहीं था, इसलिए सरकार को अब महिलाओं को यह पैसे देने चाहिए।” प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया गया एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया गया और किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कुछ महिलाएं मंत्री आतिशी के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रही थी। महिलाएं शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहीं थी, जिससे किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है।” केजरीवाल ने 1000 प्रतिमाह देने का आश्वासन दिया था लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान तिहाड़ जेल से जमानत पर बाहर आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बार-बार आश्वासन दिया था कि दिल्ली की महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। वर्ष 2024-25 के लिए विधानसभा में पेश किए गए अपने बजट में आप सरकार ने मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत दिल्ली की वयस्क महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया था। योजना को सितंबर-अक्टूबर तक लागू कर दिया जाएगा आतिशी ने पहले, पीटीआई- भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि लोकसभा चुनाव के लिए लगी आदर्श आचार संहिता हटने के बाद इस योजना को अधिसूचित किए जाने की संभावना है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि इस साल सितंबर-अक्टूबर तक इस योजना को लागू कर दिया जाएगा। 

अवधेश प्रसाद ने कहा- अयोध्या किसी की बपौती नहीं है, ये प्रभु श्री राम की धरती है, हमसे बड़ा राम भक्त तो कोई नहीं हो सकता

अयोध्या फैजाबाद (अयोध्या) लोकसभा सीट के परिणाम आने के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस सीट से अवधेश प्रसाद ने बीजेपी के दो बार के सांसद लल्लू सिंह को करारी हार दी है। इस पर अवधेश प्रसाद का कहना है कि अयोध्या किसी की बपौती नहीं है, ये प्रभु श्री राम की धरती है। उन्होंने कहा कि हमसे बड़ा राम भक्त तो कोई नहीं हो सकता। मेरे दादा के नाम में राम, मेरे पिता के नाम में राम, मेरे भाई के नाम में राम, मेरे ससुर के नाम में राम, मैं खुद अयोध्या का रहने वाला हूं. मुझसे ज्यादा भगवान राम के करीब और कौन हो सकता है? अवधेश प्रसाद ने कहा कि आप मुझे राम-राम से अभिवादन करें या ‘जय श्री राम’ कहकर अभिवादन करें, मुझे दोनों स्वीकार है। मैं भेदभाव या बांटने वाली राजनीति नहीं करता। ‘अखिलेश हमेशा मुझे अपने बगल में बिठाते हैं’ एक निजी चैनल पर इंटरव्यू में सपा सुप्रीमो को धन्यवाद देते हुए अवधेश प्रसाद ने कहा कि अखिलेश जी ने मुझे सामान्य सीट से चुनावी मैदान में उतारा। 6 महीने पहले उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं आपको सम्मान देना चाहता हूं। वह हमेशा मुझे अपने बगल में बिठाते हैं। कोलकाता भी ले गए तो मुझे साथ में ले गए। राष्ट्रीय कमेटी में जब बिठाया तो मुझे बगल में बिठाया। विधानसभा में भी मैं उनके बगल में बैठता हूं। मैंने उनसे कहा कि ‘आप हमेशा मुझको सम्मान देते हैं। ‘जो राम को लाए हैं…’ के नारे पर सपा सांसद ने कसा तंज अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि ‘मैं प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ भी अयोध्या से चुनाव लड़ने को तैयार था अगर वह आते। चर्चा भी थी कि प्रधानमंत्री मोदी खुद अयोध्या से उम्मीदवार होंगे। मैं भी खुश था कि पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। ‘जो राम को लाए हैं…’ के नारे पर तंज कसते हुए अवधेश प्रसाद ने कहा कि बताइए भला ये लोग भगवान के साथ ऐसा करते हैं। वहीं, बीजेपी की हार पर अयोध्या के लोगों पर कथित तौर पर गलत कमेंट करने वालों पर भी अवधेश प्रसाद ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो भी लोग अयोध्या हारने पर कमेंट कर रहे हैं। दरअसल वह लोग अयोध्या को जानते नहीं हैं। आम अयोध्यावासी बहुत परेशान था, लेकिन श्रद्धालु और पर्यटक में अंतर होता है। अयोध्या में लोगों की दुकानें तोड़ी गईं, मुआवजे नहीं दिए गए- सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि अयोध्या किसी की बपौती नहीं है, ये धरती प्रभु श्री राम की है। चौड़ी सड़के, हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन ये सब तो ठीक है, लेकिन अयोध्यावासी क्या एयरपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे। अयोध्या में लोगों को बहुत तकलीफ हुई, लोगों के दुकानें तोड़ी गईं, मुआवजे नहीं दिए गए। बड़े प्रोजेक्ट के नाम पर किसानों की जमीन पर सरकार की तलवार लटक रही है, इन सबका गुस्सा लोगों में था। वहीं, अपने ऊपर खतरे की आशंका को लेकर उन्होंने कहा कि जाको राखे साइयां मार सके ना कोई। हमारे ऊपर भगवान राम और हनुमान जी की कृपा है तो कोई मेरा बाल बांका नहीं कर सकता।

घाटी में 150 से ज्यादा आतंकी एक्टिव, माता वैष्णों देवी के बाद अब अमरनाथ यात्रा को लेकर अलर्ट जारी

जम्मू-कश्मीर जम्मू के रियासी इलाके में माता वैष्णों देवी जा रहे तीर्थ यात्रियों से भरी बस पर हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर घाटी में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।  आतंकवादी अब सुरक्षा बलों की गाड़ियों के बदले आम जनता के वाहनों को निशाना बनाने लगे हैं। बता दें कि29 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को लेकर सख्त एलर्ट जारी किया  गया है। विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक रश्मि रंजन स्वैन ने इस बात की पुष्टि की है कि कश्मीर घाटी में इस समय 70-80 विदेशी आतंकियों समेत 150 से ज्यादा आतंकी सक्रिय हैं। उधमपुर रियासी रेंज के डीआईजी रईस मोहम्मद भट ने कहा कि आतंकी हमले के संबंध में हमें जो सुराग मिले हैं, उसके आधार पर हमने तलाशी शुरू कर दी है। हमारी 11 टीमें सक्रिय हैं। सभी सुरक्षा बल संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। हमने कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है। विश्लेषण और अन्य सुरागों के अनुसार, हमें लगता है कि इस हमले में लश्कर का हाथ है। मौजूदा समय में X पर All Eyes on Reasi ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स ने कहा कि आशा है कि अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।

ओडिशा में CM के अलावा मुख्यमंत्री आवास की भी चल रही खोज, भाजपा नहीं कर पारही तय

भुवनेश्वर नई दिल्ली ओडिशा विधान सभा चुनाव के नतीजे आए हुए एक हफ्ते हो चुके हैं लेकिन अभी तक भाजपा यह तय नहीं कर सकी है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। हालिया चुनावों में भाजपा को सरकार बनाने का जनादेश मिला है और तब से ही कयासों का दौर जारी है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव को पर्यवेक्षक बनाकर भुवनेश्वर भेजा है। आज (मंगलवार) शाम ओडिशा भाजपा विधायक दल की बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि देर शाम तक यह साफ हो जाएगा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। राज्य में  नए मुख्यमंत्री की खोज के साथ-साथ दूसरी तरफ राज्य के अधिकारी नया मुख्यमंत्री आवास ढूंढ़ने में परेशान हैं क्योंकि पिछले 24 साल से नवीन पटनायक वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे और अपने घर ‘नवीन निवास’ को ही आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री का आवास बना दिया था। बता दें कि साल 2000 में नवीन पटनायक ने ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उसके बाद उन्होंने सरकार द्वारा आवंटित सीएम आवास में शिफ्ट होने की बजाय अपने घर से ही काम करने का विकल्प चुना था। पटनायक के इस फैसले की तब काफी सराहना की गई थी और इसे एक मिसाल के तौर पर लिया गया था। नवीन पटनायक के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक ने नवीन निवास नाम की भव्य हवेली बनवाई थी। नवीन पटनायक पिछले 24 साल से इसी हवेली से राज्य का बागडोर संभाल रहे थे। वह सबसे लंबी अवधि तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने से एक महीने पहले ही चुनावों में भाजपा से हार गए थे। हालिया चुनावों में 147 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा को 78 सीटों पर जीत के साथ ही बहुमत मिला है।  राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) तथा जम्मू कश्मीर के पूर्व उप राज्यपाल गिरीश मुर्मू का भी नाम सीएम पद की दौड़ में शामिल है। जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब मुर्मू उनके प्रधान सचिव रहे थे। कई पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा नेतृत्व मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की तरह किसी नए नाम को प्रस्तुत कर सभी को चौंका सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 12 जून को शाम पांच बजे आयोजित किया जा सकता है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को अपराह्न ढाई बजे भुवनेश्वर पहुंच सकते हैं और हवाई अड्डे से राजभवन जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार बाद में वह शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए जनता मैदान पहुंचेंगे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रस्तावित स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।  

अस्पताल में एक युवक की उपचार की दौरान मौत, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप

धार शहर के श्री श्याम अस्पताल में एक युवक की उपचार की दौरान मौत हो गई। रात को ही मृतक के स्वजजनों ने डॉक्टर व चिकित्सालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए चिकित्सालय के सामने ही रात्रि में विरोध प्रदर्शन किया घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पहुंचे और मृतक के स्वजनों को समझाइश देने के बाद मामला शांत करवाया। मृतक का शव पीएम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। यहां पीएम के बाद शव को स्वजन को सुपुर्द कर दिया गया। मामले को लेकर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ कर दी है। वहीं इस मामले में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ अब जांच होंगी। इतना ही नहीं इस जांच के दायरे में सरकारी डॉक्टर भी आएंगे जो यहां आकर सेवा दे रहे थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक नगर के मांडू नाका स्थित श्री श्याम अस्पताल में धरमपुरी तहसील के ग्राम पंधनिया से अमर सिंह पुत्र अंबाराम अपने स्वजनों के साथ आठ जून को पथरी के इलाज के लिए भर्ती हुआ था। 10 जून को दोपहर में अमर सिंह का ऑपरेशन डॉक्टर संजय राठौड़ ने किया। ऑपरेशन होने के बाद उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद डॉक्टर ने कहा था कि उसका उपचार जारी है, किंतु मरीज को रात 9 बजे तक होश नहीं आया। इसके बाद अमर सिंह की सांसे लंबी-लंबी चलने लगी। इस पर स्वजन घबराने लगे और तुरंत ही डॉक्टर को जानकारी दी गई। इसके बाद युवक की मौत हो गई। स्वजनों ने अस्पताल के सामने ही जमकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य अधिकारी सुधीर मोदी पुलिस और तहसीलदार पहुंचे। उन्होंने मरीज को देखा तो तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल के डॉ संजय राठौड़ ने कहा कि डॉक्टर गिरिराज भूरा ने ही अमर सिंह को बेहोश किया था। आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उपचार के लिए रुपय मृतक के स्वजनों ने कहा कि शासन की योजना के तहत आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पांच लाख रु तक का मुफ्त इलाज होता है। इस पर हमने अस्पताल के कर्मचारियों को आयुष्मान कार्ड भी बताया, किंतु कार्ड मान्य नहीं किया गया। हमसे उपचार के लिए 12 हजार से अधिक राशि ली गई। रु लेने के बावजूद अमर सिंह का जीवन नहीं बचा पाए। मरीज हमारे पास में पथरी का इलाज करवाने के लिए आए थे। मरीज की पूरी मेडिकल फिटनेस के बाद ही हमने दूरबीन के माध्यम से ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सफल रहा। इसके बाद शाम को वह लंबी सांस लेने लगा। हम तुरंत ही मरीज को आईसीयू में ले गए। यहां पर वेंटीलेटर पर लिया, किंतु मरीज की मौत हो गई।

कैसे इस नेता की लगी लॉटरी- शपथ समारोह देखने पहुंचे थे और बन गए मोदी सरकार के मंत्री

नई दिल्ली भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में किसी भी मुस्लिम नेता को एंट्री नहीं मिली है। पीएम मोदी समेत कुल 72 मंत्रियों में एक भी मुस्लिम नहीं है, लेकिन अल्पसंख्यक समुदाय के 5 मंत्री जरूर हैं। इनमें से एक मंत्री जॉर्ज कुरियन की काफी चर्चा हो रही है, जो लोकसभा या राज्यसभा किसी भी सदन के मेंबर नहीं हैं। इसके बाद भी वह अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री हैं। वह केरल के रहने वाले हैं और ईसाई समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उन्हें मंत्री पद दिए जाने के पीछे भाजपा की केरल में ईसाइयों को लुभाने की रणनीति बताई जा रही है। केरल में हिंदू, मुस्लिम और ईसाई तीनों ही समुदायों की अच्छी आबादी है। भाजपा को आमतौर पर हिंदुओं के एक वर्ग का समर्थन मिलता है। वहीं मुस्लिमों के बीच कांग्रेस की अच्छी पैठ है, जबकि ईसाई मत के लोग वामपंथी दलों के पाले में रहे हैं। जॉर्ज कुरियन को जिस तरह से मंत्री पद दिया गया, उस पर ज्यादातर लोगों को हैरानी हो रही है। यही नहीं खुद जॉर्ज कुरियन भी उस वक्त हैरान हो गए थे, जब उन्हें पता चला कि वह आज मंत्री पद की शपथ लेंगे। जॉर्ज कुरियन के मुताबिक वह शनिवार की शाम को मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का गवाह बनने के लिए दिल्ली आए थे। लेकिन रविवार की सुबह वह हैरान रह गए, जब पता चला कि वह भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। इसका उन्हें खुद भी किसी तरह से अंदाजा नहीं था क्योंकि वह न तो लोकसभा के और ना ही राज्यसभा के सांसद हैं। केरल में भाजपा से जुड़ने वाले ईसाई समुदाय के कई नेता रहे हैं। फिर भी कुरियन पर ही भरोसा जताने की वजह यह है कि वह भाजपा के लिए वफादार रहे हैं। आरएसएस के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से वह जुड़े रहे हैं। इसके अलावा दशकों से भाजपा में सक्रिय हैं। इसलिए उन्हें मौका देना एक तरह से वफादारी का इनाम भी है। इसके अलावा ईसाई समुदाय के बीच अपनी विचारधारा में ही पले-बढ़े एक नेता को पार्टी तैयार करना चाहती है। मंत्री बन बोले- अल्पसंख्यक समाज के लिए काम करूंगा साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से जुड़े जॉर्ज कुरियन केरल में काफी सक्रिय रहे हैं। वह राज्य में ईसाई समुदाय के लोगों के बीच भाजपा की पहुंच बढ़ाने के प्रयास करते रहे हैं। अब उनका कहना है कि मुझे अल्पसंख्यक मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है, जिसमें पूरी गंभीरता के साथ काम करूंगा। अपने समुदाय समेत पूरे अल्पसंख्यक समाज के हित के लिए काम करूंगा। उन्हें पशुपालन विभाग में भी राज्य मंत्री का जिम्मा मिला है। 

पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को सुधारना प्राथमिकता: एस जयशंकर

नई दिल्ली बतौर विदेश मंत्री अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत करते हुए एस जयशंकर ने कहा है कि भारत के लिए पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को मजबूत बनाना एक अहम प्राथमिकता होगी। इस संदर्भ में उन्होंने दो पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान को भी संदेश दिया है कि इन देशों के साथ रिश्तों को सामान्य बनाने की राह में जो समस्याएं हैं उनका समाधान निकालना होगा। राष्ट्रपति मुइज्जू से हुई है हमारी बातचीतः जयशंकर भारत विरोधी सरकार वाले देश मालदीव के संदर्भ में जयशंकर ने कहा है कि हाल ही में उनकी राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से हुई है और उनसे जो बातें हुई हैं उसके आधार पर ही द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाया जाएगा। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि विकासशील व गरीब देशों के मुद्दे को वैश्विक मंचों पर उठाने का काम भारत जारी रखेगा। पाकिस्तान और आतंकवाद पर क्या बोले विदेश मंत्री? एस जयशंकर ने रविवार (09 जून, 2024) को पीएम नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में गठित नई सरकार में पद व गोपनीयता की शपथ ली और मंगलवार (11 जून) को साउथ ब्लाक स्थित विदेश मंत्रालय के कार्यालय पहुंच कर अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की। इस दौरान मीडिया के साथ एक संक्षिप्त वार्ता में उन्होंने पहले पाकिस्तान के बारे में कहा कि, ‘सीमा पार आतंकवाद हमारे लिए काफी संवेदनशील है। एक अच्छे पड़ोसी के लिए सीमा पार आतंकवाद एक अच्छी नीति नहीं हो सकती।’ पीएम मोदी ने पाकिस्तान को दिया था साफ शब्दों में संदेश जाहिर है कि एक दिन पहले पाकिस्तान के पूर्व पीएम और सत्तारूढ़ पार्टी पीएमएल (एन) के मुखिया नवाज शरीफ की तरफ से आये बधाई संदेश का जवाब भी पीएम नरेन्द्र मोदी ने कुछ इसी अंदाज में दिया था। मोदी ने शरीफ को धन्यवाद कहते हुए कहा है कि, “ भारत के लोग हमेशा शांति, सुरक्षा और प्रगतिशील विचारों के लिए खड़े रहे हैं। हमारे लोगों की भलाई और सुरक्षा को आगे बढ़ाना हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगी।” चीन पर क्या बोले जयशंकर? इसी तरह से चीन के संदर्भ में जयशंकर ने कहा कि, चीन के साथ रिश्तों में हम अभी सीमा को लेकर उपजी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। सनद रहे कि अप्रैल-मई, 2020 से ही भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख के वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) में तनाव की स्थिति है। दोनों तरफ से सैन्य स्तर व कूटनीतिक स्तर पर वार्ताओं का दौर चल रहा है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं निकल पाया है। शी चिनफिंग का नहीं आया कोई संदेश  भारत व चीन के रिश्तों में यह बहुत ही बड़ी अड़चन है जिसको दूर करना जयशंकर के इस कार्यकाल में भी एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। मालूम हो कि चीन के विदेश मंत्रालय और नई दिल्ली स्थित उसके राजदूत ने पीएम मोदी को तीसरे कार्यकाल की शुरुआत करने के लिए बधाई तो दी है लेकिन राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अभी तक बधाई संदेश नहीं दिया है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet