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दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: ट्रांसजेंडर को बसों में फ्री यात्रा की सुविधा

नई दिल्ली समावेशी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और परिवहन विभाग द्वारा संचालित सभी बस मार्गों में ट्रांसजेंडर यात्रियों को मुफ्त यात्रा योजना में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत दिल्ली में निवास करने वाले पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति अब डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे, ठीक उसी प्रकार जैसे वर्तमान में दिल्ली की बसों में महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है। यह पहल रेखा गुप्ता सरकार की सामाजिक समावेशन, गरिमा और सभी वर्गों के लिए सार्वजनिक सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस निर्णय का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को बिना किसी आर्थिक बाधा के शहर में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा दिल्ली की बसों में महिलाओं के लिए लागू मुफ्त यात्रा योजना के समान ही व्यवस्था और तंत्र के तहत लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार एक अधिक समावेशी, न्यायसंगत और संवेदनशील दिल्ली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां हर नागरिक को सम्मान के साथ अवसरों और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच मिल सके। यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी में सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करने और समावेशी शहरी परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली सरकार का एक और महत्वपूर्ण कदम है।

भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी: ईरान बॉर्डर पार करने से पहले दूतावास से संपर्क जरूरी

तेहरान तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सैन्य संघर्ष में फंसे अपने नागरिकों को साफ कहा है कि बिना दूतावास से कोआर्डिनेट किए सीमा पार न करें। दूतावास ने एक्स पर एडवाइजरी पोस्ट की है, जिसमें स्पष्ट कहा है कि 9 मार्च की एडवाइजरी को जारी रखते हुए/दोहराते हुए, ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को सख्ती से सलाह दी जाती है कि वे आगे की यात्रा के लिए ईरान की किसी भी जमीनी सीमा के पास न जाएं और न ही उसे पार करने की कोशिश करें, जब तक कि उन्होंने तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ पहले से और साफ तौर पर संपर्क न किया हो।  इसमें आगे लिखा है कि दूतावास भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है, और जरूरत के मुताबिक इंतजाम किए जा रहे हैं। जमीनी सीमाओं की ओर बिना दूतावास के सहयोग के जाने से सख्ती से मना किया जाता है। अंदेशा जताया है कि जो भारतीय नागरिक दूतावास की जानकारी और मार्गदर्शन के बिना जमीनी सीमाओं के रास्ते ईरान छोड़ने की कोशिश करेंगे, उन्हें गंभीर लॉजिस्टिकल और इमिग्रेशन संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। एम्बेसी ने अपील करते हुए अपने निर्देशों को पालन करने की वजह और अपनी सीमा का जिक्र किया है। कहा है कि एक बार जब लोग बिना कोआर्डिनेशन के ईरानी सीमा से बाहर चले जाएंगे, तो दूतावास उनकी मदद करने की स्थिति में नहीं होगा। इसलिए, ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे दूतावास की एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें, आधिकारिक माध्यमों से संपर्क में रहें, और कोई भी यात्रा शुरू करने से पहले उनसे सलाह लें। इसके साथ ही आपात स्थितियों के लिए, कुछ नंबर भी सुझाए हैं। एम्बेसी ने हेल्पलाइन नंबर +98-9128109115, +98-9128109102, +98-9128109109 और +98-9932179359 शेयर किए हैं, साथ ही कॉन्सुलर सपोर्ट के लिए ईमेल एड्रेस सीओएनएसडॉटतेहरानएटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन भी है।

भारत-US ट्रेड डील पर सस्पेंस बरकरार, केंद्र बोला– कुछ मुद्दों पर अभी सहमति बाकी

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक डील को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सोमवार को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि भारत और अमेरिका के बीच हुई डील पर अभी मुहर नहीं लगी है। यह डील तब अपने मूर्त रूप में आएगी, जब अमेरिका में नए टैरिफ ढांचे लागू हो जाएंगे। बता दें, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के टैरिफ फैसलों को रद्द कर दिया था, जिसके बाद कई देशों ने अमेरिका के साथ हुई अपनी डील को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। सोमवार को व्यापारिक आंकड़ों पर ब्रीफिंग देते समय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि नई डील पर हस्ताक्षर नए टैरिफ ढांचे के लागू हो जाने के बाद ही होंगे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अग्रवाल ने कहा कि कि नई दिल्ली और वॉशिंगटन इस समय व्यापार समझौते के विवरणों पर बातचीत कर रहे हैं। क्या है मामला? दरअसल, लंबी बातचीत और तमाम उठापटक के बाद भारत और अमेरिका के बीच में एक व्यापारिक डील पर सहमति बनी थी। इस पर दोनों ही पक्षों ने अपने-अपने दावे किए थे। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही अमेरिकी सुप्रीम कोकर्ट ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए ट्रंप प्रशासन द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित करके रद्द कर दिया। हालांकि, इसके कुछ घंटो बाद ही ट्रंप प्रशासन ने एक कार्यकारी आदेश जारी करते हुए अमेरिका में आने वाले सामान पर सार्वभौमिक रूप से 10 फीसदी टैरिफ की घोषणा कर दी। बाद में उन्होंने इसे 15 फीसदी तक बढ़ा दिया। लेकिन इसके साथ समस्या यह है कि यह टैरिफ एक निश्चित समय के लिए ही लागू होगा। इस वजह से भारत जैसे देशों ने अमेरिका के साथ हुई अपनी डील को अभी फाइनल करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करना ज्यादा सही समझा। हालांकि, ट्रंप प्रशासन इन देशों पर दबाव बनाने के लिए कई कदम उठाने की कोशिश भी की है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लगे झटके के बाद ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ दबाव फिर से बनाने की कोशिश की। हाल ही में उन्होंने भारत और 15 अन्य देशों के खिलाफ “अनफेयर मैन्यूफैक्चरिंग प्रैक्टिस” की जांच करने की घोषणा की है। यह कदम ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत की जाने वाली जांच कहलाता है। अमेरिकी संविधान के मुताबिक अगर कोई देश अनुचित व्यापार प्रथाओं में लिप्त पाया जाता है, तो अमेरिकी सरकार उन पर नए टैरिफ लगाने, आयात रोकने और व्यापार समझौते में दी गई रियायतों को निलंबति करने की शक्ति हासिल कर लेती है।  

मंत्री सुश्री भूरिया करेंगी अध्यक्षता

भोपाल केंद्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए-कारा), महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से दिव्यांग बच्चों के पारिवारिक पुनर्वास और दत्तक-ग्रहण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन 17 मार्च मंगलवार को भोपाल में किया जाएगा। कार्यशाला की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया करेंगी। यह कार्यशाला सीएआरए के दत्तक ग्रहण जागरूकता अभियान 2025-26 की थीम “विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग बच्चों) के गैर-संस्थागत पुनर्वास को बढ़ावा देना” के अनुरूप की जा रही है। इसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय पारिवारिक वातावरण, स्नेह, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल करना है। मध्य क्षेत्र में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड राज्य शामिल हैं। जिलों की संख्या के लिहाज से यह देश का सबसे बड़ा क्षेत्र है। कार्यशाला में 170 से अधिक जिलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी अपेक्षित है। अभियान में आयोजित होने वाली यह सबसे व्यापक क्षेत्रीय परामर्श बैठकों में से एक होगी। कार्यशाला में राज्य दत्तक संसाधन एजेंसियों (एसएआरए-सारा), विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरणों, बाल देखभाल संस्थानों, जिला बाल संरक्षण इकाइयों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा बाल संरक्षण से जुड़े अन्य प्रमुख हितधारकों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दत्तक ग्रहण की राज्यवार स्थिति, उत्कृष्ट प्रथाओं, सफल दत्तक-ग्रहण के प्रेरणादायक अनुभवों और साक्ष्य-आधारित हस्तक्षेपों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही समूह चर्चाओं के माध्यम से क्रियान्वयन योग्य और समयबद्ध अनुशंसाएँ तैयार की जाएंगी। चिकित्सा, विधिक, वित्तीय और शिकायत निवारण से जुड़ी चुनौतियों पर भी विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे। इस अवसर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सफल दत्तक ग्रहण पर आधारित एक लघु फिल्म की भी लाँचिंग की जाएगी, जो परिवार आधारित देखभाल की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करेगी। परामर्श कार्यशाला से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने, प्रणालीगत कमियों की पहचान करने और नीति स्तर पर ठोस सुझाव तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण और पुनर्वास को अधिक प्रभावी, समावेशी और बाल-केंद्रित बनाया जा सके।  

5 फीट बर्फ के बीच खुलेगा हेमकुंड साहिब धाम, 23 मई से श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

देहरादून उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट बदली है। पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। सोमवार को हेमकुंड साहिब के कपाट खोलने की तिथि की घोषणा हुई। ट्रस्ट ने घोषणा की कि सिखों के पवित्र धाम के कपाट 23 मई को खुलेंगे। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट इस वर्ष 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन के साथ तीर्थयात्रा की तैयारियों पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया। रविवार को अचानक बदले मौसम से पहाड़ बर्फ की चादर में लिपटे हुए हैं। बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी में पांच फीट तक बर्फ जमा हो गई है। गोविंद घाट गुरुद्वारे के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि आगामी यात्रा सीजन को लेकर ट्रस्ट और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। मौजूदा मौसम और व्यवस्थाओं का आकलन करने के बाद दोनों पक्षों ने सहमति से 23 मई को कपाट खोलने का फैसला किया। सिख धर्म में खास महत्व हेमकुंड साहिब सिखों के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। मान्यता है कि यहां दसवें सिख गुरु गुरु गोबिंद सिंह ने अपने पूर्व जन्म में तपस्या की थी। इसका उल्लेख गुरु गोबिंद सिंह द्वारा रचित दशम ग्रंथ के ‘विचित्र नाटक’ अध्याय में भी मिलता है। पांच फीट तक बर्फ जमी इस समय बिगड़ते मौसम के बाद पहाड़ शीतलहर की चपेट में हैं। मैदानी इलाकों में बारिश-ओलावृष्टि के साथ पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी में पांच फीट तक बर्फ जमा है। हेमकुंड साहिब हिमालय की मनोरम पर्वत श्रृंखलाओं के बीच समुद्र तल से लगभग 15,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित है। बर्फ से ढकी चोटियों और शांत वातावरण के बीच स्थित यह गुरुद्वारा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं हर वर्ष देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं। यह तीर्थ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है। यात्रा सीजन के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और सेवा के लिए आते हैं, जिससे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भी बढ़ जाती हैं।

चुनाव आयोग का सख्त एक्शन: शिकायतों पर 100 मिनट की डेडलाइन, 5000 उड़नदस्ते करेंगे निगरानी

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों के लिए 5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी) में सख्त आदर्श आचार संहिता के निर्देश जारी किए हैं। 16 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही इन क्षेत्रों में एमसीसी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने सुनिश्चित किया है कि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से हों, इसलिए केंद्रीय सरकार सहित सभी संबंधित पक्षों पर MCC के प्रावधान लागू किए गए हैं। मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इस बार कुल 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे, जहां लगभग 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। करीब 2.19 लाख मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे और लगभग 25 लाख कर्मी चुनाव प्रक्रिया में तैनात रहेंगे। चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघनों पर त्वरित कार्रवाई के लिए 5,000 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड्स (उड़नदस्ते) और 5,200 से ज्यादा स्टेटिक सर्विलांस टीमों की तैनाती की है। शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के अंदर करने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिकों की शिकायतों के लिए 1950 टोल-फ्री नंबर और सी-विजिल ऐप के माध्यम से रिपोर्टिंग की व्यवस्था की गई है। राजनीतिक दलों को रैलियां, जुलूस या सभाओं के लिए पहले से पुलिस को सूचित करना अनिवार्य है, लाउडस्पीकर आदि की इजाजत लेनी होगी। सार्वजनिक स्थलों जैसे मैदानों या हेलीपैड के उपयोग के लिए सुविधा पोर्टल पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवेदन करना होगा। EC का सख्त निर्देश मंत्रियों और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आधिकारिक कार्यों को चुनाव प्रचार से न जोड़ें व सरकारी मशीनरी, वाहनों या कर्मचारियों का दुरुपयोग न होने दें। निजी संपत्तियों पर बिना मालिक की अनुमति के पोस्टर, बैनर या झंडे नहीं लगाए जा सकेंगे। नागरिकों की निजता का सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा व निजी आवासों के बाहर प्रदर्शन या धरना प्रतिबंधित रहेगा। चुनाव आयोग ने सभी स्तर के अधिकारियों से निष्पक्षता बरतने और सभी दलों के साथ समान व्यवहार करने का आह्वान किया है। मतदान की तिथियां चार चरणों में निर्धारित की गई हैं। 9 अप्रैल को केरल, असम और पुडुचेरी में एक ही चरण में, 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल का पहला चरण और तमिलनाडु, जबकि 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल का दूसरा चरण होगा। सभी राज्यों में मतगणना 4 मई 2026 को होगी। साथ ही 6 राज्यों में उपचुनाव भी घोषित किए गए हैं। चुनाव आयोग का उद्देश्य है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और कानून के अनुसार चले, जिससे लोकतंत्र की मजबूती बनी रहे।  

देश में पीएम मोदी की लहर, हर चुनाव में भाजपा को मिलेगा समर्थन: कंगना रनौत

शिमला एनडीए के सांसदों ने असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि जनता को पता है कि कौन सी सरकार इनका विकास कर सकती है, इसीलिए एनडीए को जिताएगी। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने चुनावी तारीखों की घोषणा के बाद कहा, “हम निश्चित रूप से जीतेंगे। सारे कार्यकर्ता इस काम में जुट गए हैं और हर जगह हम भाजपा का परचम लहराएंगे।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नई परियोजनाओं का उद्घाटन हो रहा है और जनता को भरोसा रखना चाहिए। महंगाई और एलपीजी संकट से संबंधित अफवाहों को गलत बताते हुए जनता से प्रधानमंत्री पर विश्वास रखने की अपील की। कंगना ने कहा कि जनता विपक्ष के बहकावे में नहीं आने वाली है। जनता को एनडीए की सरकार और प्रधानमंत्री पर विश्वास है। विपक्ष को जनता के हित में सोचना चाहिए। एलपीजी आपूर्ति को लेकर केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि सरकार इस समस्या से निपटने के लिए वैकल्पिक उपाय तलाश रही है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आलोचना करने के बजाय जनता के खाने-पीने के मामलों में सहयोग देना चाहिए। सुरेश गोपी ने पश्चिम एशिया के मुद्दे के कारण उत्पन्न कठिनाई का हवाला देते हुए जनता से संयम और अच्छे नतीजों की प्रतीक्षा करने का आग्रह किया। पश्चिम बंगाल चुनाव की तैयारियों और प्रशासनिक निर्णयों पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने चुनाव आयोग की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कुछ अफसर ईडी की छापेमारी में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं और ऐसे अफसरों को हटाना जरूरी था। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह प्रशासनिक पदों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हित में करती हैं। भाजपा पूरी तरह तैयार है और पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के लक्ष्य के प्रति आश्वस्त है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि भाजपा इन राज्यों में उम्मीदवार उतारेगी या समर्थन देगी और उम्मीद है कि एनडीए सत्ता में आएगा। आठवले ने असम और पुडुचेरी में पुनः जीत की उम्मीद जताई और पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु व केरल में भी अच्छे प्रदर्शन की संभावना व्यक्त की।

दिल्ली के 12+ इलाकों में 24 घंटे जल आपूर्ति ठप, दिल्ली जल बोर्ड ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली जल बोर्ड ने राजधानी में पानी आपूर्ति को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। जल बोर्ड ने कहा है कि तीन विधानसभा क्षेत्रों के दर्जनभर इलाकों में 24 घंटे तक पानी नहीं आएगा। हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े पाइप लाइन की मरम्मत के लिए आपूर्ति रोकी जाएगी। रोहिणी, रिठाला और बादली विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर इलाकों में 17 मार्च सुबह 10 बजे से अगले दिन 10 बजे तक पानी की आपूर्ति नहीं होगी। दिल्ली जल बोर्ड की ओर से जारी अलर्ट में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में जिस पाइप लाइन से आपूर्ति होती है, वह क्षतिग्रस्त हो गया है और इसकी जल्द से जल्द मरम्मत के प्रयास किए जा रहे हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था और जरूरी इंतजाम की सलाह दी गई है। लोगों को पहले ही पर्याप्त पानी स्टोर करके रखने को कहा गया है। इसके अलावा मांग के आधार पर टैंकर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। किन-किन इलाकों में बंद रहेगी पानी आपूर्ति रोहिणी- रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में सेक्टर 19, बादली इंडस्ट्रियल एयरिया फेज-1, 2, 3, सूरज पार्क, राजा विहार, प्रशांत विहार और आसपास के इलाकों में पानी आपूर्ति बंद रहेगी। रिठाला- रिठाला के भी कई इलाकों में पानी नहीं आने की चेतावनी दी गई है। रिठाला में सेक्टर 16, सेक्टर 17, सरदार कॉलोनी, अमर ज्योति कॉलोनी और आसपास के इलाकों दिक्कत रहेगी। बादली- बादली के समयपुर, शिवपुरी, टीचर कॉलोनी, बादली गांव और आसपास के इलाकों में पानी की आपूर्ति बंद रहेगी। इन नंबरों पर फोन करके मंगवा सकते हैं टैंकर रोहिणी AC6 & 13- 8770530657, 9289138498 अवंतिका वाटर इमर्जेंसी- 0999902478, 9650755709, 8178020816, 9650094327, 9643575478 बादली- केवल पार्क- 9654708881 (JE) पानी आपूर्ति इन इलाकों में रहेगी बाधित  

ओडिशा के कटक में एससीबी मेडिकल कॉलेज हादसे पर CM साय ने जताई गहरी संवेदना

ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर CM  साय ने जताया गहरा शोक रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है। मुख्यमंत्री  साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री  साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।

संस्कारवान पीढ़ी की ओर गायत्री शक्तिपीठ भोपाल में अनोखी पहल, सामूहिक पुंसवन संस्कार में दिखी मातृशक्ति की ताकत

संस्कारवान पीढ़ी की दिशा में अनूठी पहल : गायत्री शक्तिपीठ भोपाल में सामूहिक पुंसवन संस्कार में उमड़ी मातृशक्ति भोपाल  अखिल विश्व गायत्री परिवार के आध्यात्मिक केंद्र शांतिकुंज के तत्वावधान तथा गायत्री शक्तिपीठ भोपाल के मार्गदर्शन में संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण के उद्देश्य से 15 मार्च को भव्य सामूहिक पुंसवन संस्कार का आयोजन किया गया।इस आयोजन में भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों—कोलार,अन्ना नगर, श्यामला हिल्स, एमपी नगर, मीनाल, अयोध्या नगर, बैरागढ़ और मंडीदीप सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में मातृशक्तियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन महिला प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। लगभग 200 मातृशक्तियों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया था, जो उत्साहपूर्वक पूर्ण हुआ और कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी रहा। कार्यक्रम के दौरान गर्भ संस्कार एवं भावी पीढ़ी को संस्कारित बनाने के महत्व पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। मुख्य अतिथियों में वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कविता सिंह डीन गांधी मेडिकल कालेज, डॉ. वरुणा पाठक, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री चतुर्वेदी जी उपस्थित रहे। डाक्टर अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि गर्भकाल के दौरान माता के विचार, भावनाएं और जीवनशैली का सीधा प्रभाव आने वाली पीढ़ी के व्यक्तित्व और संस्कारों पर पड़ता है, इसलिए सकारात्मक वातावरण और श्रेष्ठ संस्कारों का संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। अतिथि ओ पी चतुर्वेदी जी  ने शासन की योजना के अंतर्गत जो सुविधा गर्भवती महिला को दी जाती है उसकी संपूर्ण जानकारी दी और उनका लाभ उठाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में वैदिक विधि-विधान के साथ पुंसवन संस्कार AGSP जोन समन्वयक मधु श्रीवास्तव तथा रमा देशमुख दीदी के द्वारा संपन्न कराया गया तथा मातृशक्तियों को गर्भावस्था के दौरान मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित समाज निर्माण के लिए परिवारों को सजग रहने का संदेश भी दिया गया। इसी दौरान शक्तिपीठ के ऊपरी सभागार में युवा प्रकोष्ठ द्वारा युवा व्यक्तित्व परिष्कार सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने जीवन की चुनौतियों और उनके समाधान पर सार्थक संवाद किया। अनुभव आधारित इस सत्र में युवाओं ने दैनिक जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन और ऊर्जा संतुलन को अपनाने का संकल्प लिया। युवा प्रकोष्ठ टीम के समन्वय तथा महिला प्रकोष्ठ समन्वयक मधु श्रीवास्तव दीदी के मार्गदर्शन में सम्पन्न यह आयोजन संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

वीरभूमि को किया प्रणाम, महारानी पद्मावती के जौहरस्थल भी गए सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने कालिका माता मंदिर में की पूजा-अर्चना  मुख्यमंत्री ने कालिका माता मंदिर में श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की वीरभूमि को किया प्रणाम, महारानी पद्मावती के जौहरस्थल भी गए सीएम योगी राजस्थान की धरती पर गूंजा ‘योगी-योगी’ चित्तौड़गढ़/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीरभूमि राजस्थान पहुंचे। उन्होंने जौहर श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने से पहले दुर्ग चित्तौड़गढ़ में ऐतिहासिक कालिका माता मंदिर में दर्शन-पूजन किया। सीएम ने मां को चुनरी भेंटकर श्रद्धा निवेदित की और प्रदेश व देशवासियों के मंगल के लिए प्रार्थना की। इसके बाद सीएम ने राजस्थान की वीरभूमि को नमन किया और महारानी पद्मावती के जौहर स्थल भी गए। मुख्यमंत्री ने यहां की वीरगाथाओं को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि हम आज इतिहास बनाने वाली धरती से साक्षात्कार कर रहे हैं। यह त्याग, बलिदान की परिपाटी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब जौहर श्रद्धांजलि समारोह में पहुंचे और मंच पर संबोधन के लिए खड़े हुए तो समूचा समारोह स्थल ‘योगी-योगी’ की गूंज से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान सरकार के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ आदि भी मौजूद रहे।

MP में 2 दिन की झुलसाने वाली गर्मी, 18-19 को बारिश, ग्रीन नेट से बचाव, ग्वालियर और जबलपुर में सड़कों पर खामोशी

भोपाल  मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ कई जिलों में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है, तो दूसरी ओर कुछ शहरों में तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में अगले दो दिन तेज गर्मी महसूस होगी, जबकि 18 और 19 मार्च को कई इलाकों में बारिश की संभावना बन सकती है।  इससे पहले रविवार को ग्वालियर-चंबल में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखा गया। यहां बादल छाए रहे। इससे तापमान में 1.7 डिग्री तक की गिरावट हुई। मौसम विभाग की माने तो यह सिस्टम अब कमजोर पड़ गया है। इस वजह से 16 और 17 मार्च को कहीं भी बारिश या बादल का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, 17 मार्च की रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसका एमपी में 18-19 मार्च को असर दिखाई देगा। पश्चिमी विक्षोभ का असर हुआ कमजोर रविवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला था। कई जगह बादल छाए रहे, जिसके कारण तापमान में करीब 1.7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, इसलिए 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादल का विशेष असर नहीं रहेगा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका प्रभाव मध्यप्रदेश में 18 और 19 मार्च के दौरान बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है। कुछ शहरों में राहत, कुछ जगह गर्मी बरकरार रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री दर्ज किया गया। कई स्थानों पर शाम तक बादल छाए रहने से तापमान में थोड़ी कमी महसूस हुई। पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी झेल रहे नर्मदापुरम में भी तापमान घटकर 38.9 डिग्री पर आ गया, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। वहीं प्रमुख शहरों में भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मार्च में ही बदला गर्मी का ट्रेंड आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद बढ़ती है, लेकिन इस बार शुरुआत से ही तापमान तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार मार्च में ही गर्मी का ट्रेंड बदलता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल और मई में प्रदेश में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जाने की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने का अनुमान है।   गर्मी से राहत…नर्मदापुरम में पारा लुढ़का, लू का असर नहीं मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर में रविवार को अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री, बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इन जिलों में मौसम में बदलाव होने की बात कही थी। शाम तक बारिश तो दर्ज नहीं की गई, लेकिन बादल जरूर छाए रहे। इस वजह से पारे में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, पिछले 3 दिन से तीव्र लू के प्रभाव वाले नर्मदापुरम में पारा लुढ़ककर 38.9 डिग्री पर आ गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया।

हाईकोर्ट के सामने अजीब मामला: महिला ने कहा- पति नहीं चाहिए, लेकिन स्पर्म से बच्चा चाहती है

मुंबई  मुंबई की एक महिला का अनोखा कानूनी विवाद अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है. 46 साल की यह महिला अपने अलग रह रहे पति के साथ बनाए गए 16 फ्रीज्ड भ्रूण (एम्ब्रियो) का इस्तेमाल कर मां बनना चाहती है. हालांकि पति इसके लिए रजामंदी नहीं दे रहा है. इसी को लेकर अब महिला ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है और कहा है कि उसकी ‘मातृत्व की आखिरी उम्मीद’ कानूनी अड़चनों के कारण खत्म हो रही है। यह मामला दक्षिण मुंबई के एक दंपती से जुड़ा है, जिन्होंने 2021 में शादी की थी. इसके बाद 2022 में दोनों ने आईवीएफ प्रक्रिया के तहत पति के स्पर्म और पत्नी के अंडाणु से 16 भ्रूण तैयार कर उन्हें एक फर्टिलिटी क्लिनिक में फ्रीज करवा दिया था. हालांकि 2023 में दोनों के रिश्ते खराब हो गए और वे अलग रहने लगे. इसके बाद इन भ्रूणों के इस्तेमाल को लेकर विवाद शुरू हो गया। महिला ने पहले बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन बाद में इसे वापस लेकर राष्ट्रीय असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) और सरोगेसी बोर्ड के पास पहुंची. बोर्ड ने फरवरी 2026 में उसकी मांग को खारिज कर दिया. इसके बाद महिला ने अब दिल्ली हाईकोर्ट में नई याचिका दायर कर दी है। पति की सहमति बनी कानूनी अड़चन रिपोर्ट के मुताबिक, महिला का कहना है कि वह अपनी फ्रीज्ड एम्ब्रियो को एक क्लिनिक से दूसरे क्लिनिक में ट्रांसफर कराकर गर्भधारण करना चाहती है. लेकिन असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 के तहत भ्रूण के इस्तेमाल या ट्रांसफर के लिए पति-पत्नी दोनों की सहमति जरूरी होती है. महिला का आरोप है कि उसका पति जानबूझकर सहमति नहीं दे रहा और इस तरह वह उसके मातृत्व के अधिकार को रोक रहा है। ‘मातृत्व का आखिरी मौका छिन रहा’ अपनी याचिका में महिला ने कहा कि उसकी उम्र 46 साल हो चुकी है और अब उसके पास मां बनने का बहुत कम समय बचा है. उसने अदालत से कहा कि अगर जल्द फैसला नहीं हुआ तो वह अपने ही जेनेटिक मटेरियल से मां बनने का मौका हमेशा के लिए खो सकती है. महिला ने यह भी बताया कि गर्भधारण की उम्मीद में उसने फरवरी 2024 में एक बड़ी गर्भाशय सर्जरी भी करवाई थी, जिसका पूरा खर्च उसने खुद उठाया। पति पर गंभीर आरोप याचिका में महिला ने अपने पति पर दुर्व्यवहार और छोड़ देने का आरोप लगाया है. उसका कहना है कि पति ने ‘दुर्भावना से’ अपनी सहमति रोक रखी है, जबकि उसके खिलाफ वैवाहिक और आपराधिक मामले पहले से चल रहे हैं. महिला के मुताबिक उसका पति पहले से ही अपनी पिछली शादी से एक बच्चे का पिता है, लेकिन फिर भी वह उसे मां बनने से रोक रहा है। महिला का कहना है कि एआरटी एक्ट के सेक्शन 22 के अनुसार शादी के दौरान बने भ्रूण के इस्तेमाल के लिए पति-पत्नी दोनों की सहमति जरूरी है, लेकिन कानून में यह साफ नहीं है कि अगर शादी पूरी तरह टूट चुकी हो या पति पत्नी को छोड़ चुका हो तो क्या होगा. याचिका में कहा गया है कि यह ‘कानूनी खालीपन’ उन महिलाओं के लिए बड़ी समस्या बन जाता है, जिनकी शादी खत्म होने की कगार पर है लेकिन कानूनी तौर पर तलाक नहीं हुआ है। मुस्लिम पर्सनल लॉ भी बना बाधा महिला ने अदालत को बताया कि उसके सामने दोहरी कानूनी समस्या है. एक तरफ पति की सहमति न होने के कारण वह एम्ब्रियो का इस्तेमाल नहीं कर सकती, दूसरी ओर मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आईवीएफ जैसी प्रक्रिया सिर्फ वैध शादी के दौरान ही स्वीकार्य मानी जाती है. ऐसे में अगर वह तलाक ले लेती है तो भी आईवीएफ कराकर बच्चा पैदा करना संभव नहीं रहेगा। अदालत से क्या मांग की? महिला ने दिल्ली हाईकोर्ट से मांग की है कि उसे पति की सहमति के बिना एम्ब्रियो को दूसरे क्लिनिक में ट्रांसफर करने और उन्हें अपने गर्भ में प्रत्यारोपित कराने की अनुमति दी जाए. इसके अलावा उसने अदालत से यह भी कहा है कि एआरटी एक्ट की कुछ धाराओं की व्याख्या बदली जाए या फिर राष्ट्रीय एआरटी बोर्ड को निर्देश दिया जाए कि वह ऐसे मामलों के लिए कानून में संशोधन की सिफारिश करे। महिला ने अदालत से इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग की है, क्योंकि उसकी उम्र और घटती प्रजनन क्षमता को देखते हुए समय बेहद महत्वपूर्ण है. बताया जा रहा है कि दिल्ली हाईकोर्ट आने वाले कुछ हफ्तों में इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है।

दिल्ली-कोलकाता के बीच चल रहा था गोल्ड-सिल्वर स्मगलिंग रैकेट, करोड़ों का माल जब्त

नई दिल्ली राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने दिल्ली और कोलकाता के बीच सक्रिय एक संगठित सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 14.13 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सोना, चांदी और भारतीय मुद्रा बरामद कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बरामदगी में 8,286.81 ग्राम सोना शामिल है जिसकी कीमत लगभग 13.41 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा 7,350.4 ग्राम चांदी जिसकी कीमत करीब 19.67 लाख रुपये है और 51.74 लाख रुपये की भारतीय नकदी भी जब्त की गई है। यह कार्रवाई सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत की गई है। ‎डीआरआई को मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया गया था। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि तस्करी का सोना ट्रेन के जरिए राष्ट्रीय राजधानी लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कोलकाता से ट्रेन द्वारा पहुंचे एक यात्री को रोका। जांच में उसके पास विदेशी मार्किंग वाला सोना मिला, जिसे स्टेशन के बाहर मौजूद एक व्यक्ति को सौंपा जाना था। मौके पर ही सोना लेकर आए व्यक्ति और रिसीवर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों से पूछताछ के बाद जांच दिल्ली के अन्य ठिकानों तक पहुंची। डीआरआई की आगे की कार्रवाई में शहर में चल रही एक अवैध सोना गलाने की इकाई का पता चला, जहां विदेशी मूल के सोने को पिघलाकर उसकी पहचान मिटाई जाती थी और बाद में उसे घरेलू सर्राफा बाजार में बेचा जाता था। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने वहां से अतिरिक्त सोना-चांदी और बड़ी मात्रा में भारतीय नकदी बरामद की। इस अवैध यूनिट का संचालन करने वाले प्रबंधक को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जांच आगे बढ़ने पर डीआरआई की टीम कोलकाता पहुंची, जहां तस्करी नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड का पता चला। वह एक अन्य अवैध मेल्टिंग यूनिट में मिला, जहां से और पिघलाया हुआ सोना बरामद हुआ। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, दो अन्य कैरियरों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्हें विदेश से तस्करी कर लाया गया सोना मिलता था, जिसे पहचान मिटाने के लिए पिघलाया जाता था और फिर ट्रेन के जरिए दिल्ली भेजा जाता था। तस्करी, परिवहन, सोना गलाने और बाजार में खपाने की साजिश में शामिल सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर सक्षम अदालत में पेश किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। भारत में सोने पर ऊंचे आयात शुल्क और घरेलू बाजार में इसकी मजबूत मांग के कारण सोना तस्करी लंबे समय से प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। तस्कर अक्सर सोने को अलग-अलग शहरों के रास्ते भेजकर और उसकी पहचान बदलकर बाजार में उतारने की कोशिश करते हैं।

ICC ट्रॉफी के मामले में अर्शदीप का बड़ा कारनामा, धोनी के रिकॉर्ड की बराबरी; रोहित-कोहली सबसे सफल खिलाड़ी

नई दिल्ली भारत के लिए सीनियर पुरुष क्रिकेट में सबसे अधिक आईसीसी ट्रॉफी किन खिलाड़ियों ने जीती है, आइए आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं। इस सूची में रोहित कोहली टॉप पर हैं, जबकि धोनी के रिकॉर्ड की कई खिलाड़ियों ने बराबरी कर ली है। हाल ही में समाप्त हुए टी-20 विश्व कप में जीत के साथ अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या ने भारत के लिए सबसे अधिक आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले प्लेयर्स की सूची में रवींद्र जडेजा और महेंद्र सिंह धोनी की बराबरी कर ली है। भारत ने 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर विश्व क्रिकेट में नया कीर्तिमान स्थापित किया। टीम इंडिया इस विश्व कप जीत के साथ टी-20 विश्व कप के इतिहास में सबसे अधिक ट्रॉफी जीतने वाली टीम बन गई है। भारत ने टी-20 विश्व कप का खिताब तीन बार अपने नाम कर लिया है। इतना ही नहीं, पिछले कुछ सालों से भारतीय टीम का व्हाइट बॉल क्रिकेट में दबदबा देखने को मिल रहा है। मेन इन ब्लू ने पिछले 3 सालों के अंदर तीन आईसीसी खिताब जीते हैं। टीम इंडिया ने पहले तो साल 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी-20 विश्व कप का खिताब जीता, उसके 9 महीने बाद मेन इन ब्लू ने हिटमैन की ही कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी का भी खिताब अपने नाम कर लिया और अब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टी-20 विश्व कप का खिताब जीता है। इन तीनों जीत में अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या भारतीय टीम का हिस्सा रहे और इसी के साथ इन तीनों खिलाडियों ने रवींद्र जडेजा और धोनी के बराबर आईसीसी ट्रॉफी जीत ली हैं। भारत की ओर से सबसे अधिक आईसीसी ट्रॉफी का खिताब जीतने वाले खिलाड़ियों में रोहित शर्मा और विराट कोहली टॉप पर हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने सीनियर क्रिकेट में चार आईसीसी ट्रॉफी जीती हैं। एक तरफ जहां रोहित शर्मा ने साल 2007 का टी-20 विश्व कप, 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 का टी-20 विश्व कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता है, वहीं, विराट कोहली ने 2011 का वनडे वर्ल्ड कप, 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 का टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं और ट्रॉफी जीती है। इस सूची में दूसरे नंबर पर तीन आईसीसी ट्रॉफी के साथ अर्शदीप सिंह, रवींद्र जडेजा, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल और महेंद्र सिंह धोनी हैं। एक तरफ जहां अर्शदीप, हार्दिक, अक्षर ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 के टी-20 विश्व कप का खिताब जीता है, वहीं रवींद्र जडेजा ने 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 का टी-20 विश्व कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीती है और धोनी के नाम 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप, 2011 का वनडे वर्ल्ड कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की है। युवराज के नाम दो आईसीसी ट्रॉफी है। उन्होंने 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 का वनडे वर्ल्ड कप खिताब जीता है। बुमराह और संजू ने भी 2024 और 2026 के टी-20 विश्व कप में अपनी भूमिका निभाई है और टाइटल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। भारत के लिए सबसे अधिक आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले प्लेयर विराट कोहली, 4 ट्रॉफी- 2011 वनडे वर्ल्ड कप, 2013 चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 टी-20 विश्व कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी रोहित शर्मा, 4 ट्रॉफी- 2007 टी-20 विश्व कप, 2013 चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी महेंद्र सिंह धोनी, 3 ट्रॉफी- 2007 टी-20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप, 2013 चैंपियंस ट्रॉफी रवींद्र जडेजा, 3 ट्रॉफी- 2013 चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 टी-20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी अर्शदीप सिंह, 3 ट्रॉफी- 2024 टी-20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी, 2026 टी-20 वर्ल्ड कप हार्दिक पांड्या, 3 ट्रॉफी- 2024 टी-20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्ऱॉफी, 2026 टी-20 विश्व कप अक्षर पटेल, 3 ट्रॉफी- 2024 टी-20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्ऱॉफी, 2026 टी-20 विश्व कप युवराज सिंह, 2 ट्रॉफी- 2007 टी-20 विश्व कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप जसप्रीत बुमराह, 2 ट्रॉफी- 2024 टी-20 विश्व कप और 2026 टी-20 विश्व कप संजू सैसमन, 2 ट्रॉफी- 2024 टी-20 वर्ल्ड कप और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप बता दें कि सीनियर क्रिकेट में आईसीसी ट्रॉफी जीतने के साथ-साथ इनमें से कुछ खिलाड़ियों ने जूनियर क्रिकेट में अपना परचम लहराया है। विराट कोहली और रवींद्र जडेजा 2008 की अंडर 19 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहे हैं, जबकि अर्शदीप सिंह 2018 की अंडर-19 वर्ल्ड कप विनिंग टीम का हिस्सा रहे थे। जसप्रीत बुमराह चोट के कारण 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी नहीं खेल पाए थे उनकी जगह मोहम्मद शमी को शामिल किया गया था।  

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