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2025 में हर हालत में दौड़ेगी धार इंदौर ट्रेन !204 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन, इन जिलों से गुजरेगी

इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत 2.9 किमी लंबी टनल का निर्माण कार्य हुआ पूरा  इंदौर-दाहोद रेल लाइन के लिए टनल में पटरी बिछाने का काम इसी महीने से शुरू होगा 2025 में हर हालत में दौड़ेगी धार इंदौर ट्रेन !204 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन, इन जिलों से गुजरेगी  इंदौर इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट में पिछले तीन वर्षों से युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। 204 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट को अलग-अलग सेक्शन में पूरा किया जा रहा है। इंदौर-टीही सेक्शन पर रेल कनेक्टिविटी होने के बाद अब टीही से धार सेक्शन का काम चल रहा है। इस सेक्शन में 270 करोड़ की लागत से बन रही 2.9 किमी लंबी टनल की फिनिशिंग का काम जारी है। टीही-धार सेक्शन में 46 किमी के हिस्से में रेल लाइन बिछाने, अर्थवर्क, स्टेशन भवन, आरओबी, अंडरपास आदि काम तेजी से किए जा रहे हैं। टनल की फाइनल फिनिशिंग जारी रेलवे ने टनल का काम सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, ताकि दिसंबर तक इंदौर-धार के बीच ट्रेन संचालन शुरू हो सके। टनल बनने के बाद अब फाइनल फिनिशिंग की जा रही है। अब तक 800 मीटर में लाइनिंग का काम पूरा किया जा चुका है। एक माह से एक साथ पांच मशीनें काम कर रही हैं। पानी का रिसाव रोकने के लिए जेंट्री के माध्यम से वाटरप्रूफ जियो टेक्सटाइल और मेमरीन लगाई जा रही है। इसके बाद भी पानी का रिसाव होने की स्थिति में ड्रेन लाइन भी बनाई गई है। रेलवे अफसरों के अनुसार इसी माह सुरंग के आधे हिस्से में ट्रैक बिछाने काम भी शुरू कर दिया जाएगा। सुरंग एक नजर में     2007-08 में रेलवे ने आठ हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की थी।     इसके बदले करीब चार करोड़ रुपये का मुआवजा दिया।     तीन किमी के दायरे में 15 मीटर चौड़ाई की जमीन का किया उपयोग।     सुरंग से दो लाख 34 हजार क्यूबिक मीटर मलबा निकाला गया।     अब तक 800 मीटर हिस्से में टनल पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इसलिए जरूरी प्रोजेक्ट पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने बताया कि इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट काफी अहम है। यहां ट्रेन संचालन होने से इंदौर-मुंबई के बीच रेल मार्ग की दूरी कम हो जाएगी। आजादी के बाद अब धार, आलीराजपुर, झाबुआ सहित मप्र और गुजरात के जो क्षेत्र अब तक ट्रेन से अछूते थे, उन्हें ट्रेन सुविधा मिल जाएगी। इसके साथ ही पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का गुड्स सीधे मुंबई, साउथ व अन्य पोर्ट पर सीधे चला जाएगा। सागौर रेलवे स्टेशन से ही मल्टी लाजिस्टिक पार्क के लिए रेल लाइन की कनेक्टिविटी रहेगी। स्टेशन से पार्क करीब तीन किमी दूर बन रहा है। 6 साल से चल रहा टनल का काम इंदौर-दाहोद रेल लाइन में टिही टनल का काम ही सबसे अहम था। 6 साल से तीन किलोमीटर लंबी टनल बनाने का काम चल रहा था। रेलवे के द्वारा पिछले साल ही इसका सिविल वर्क पूरा कर लिया गया था। टनल के आगे के हिस्से की बात करें तो फिनिशिंग से पीथमपुर, पीथमपुर से गुनावद के बीच रेलवे ने ट्रैक बिछा दिया है। इंदौर से सीधा कनेक्ट होगा धार जल्द ही इंदौर से धार कनेक्ट हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट साल 2008 में स्वीकृत हुआ था। जिसमें पहले टनल का प्रस्ताव नहीं था। बाद से प्रोजेक्ट में आधिकारियों द्वारा टनल को जोड़ा गया। साल 2017-18 में टेंडर जारी किए गए थे। इसके बाद काम शुरु हुआ, लेकिन कोरोना शुरु किया गया था। 2017-18 में टेंडर जारी हुए थे। इसके बाद काम शुरू हुआ। हालांकि, कोविड के बाद रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को फ्रीज कर टेंडर शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया। बता दें कि, टिही – पीथमपुर टनल के बनने से अब इंदौर से दाहोद के लिए सीधी रेलवे लाइन उपलब्ध होगी। जिससे इंदौर से दाहोद, गुजरात और महाराष्ट्र का सफर आसानी से किया जा सकेगा।    

रेलवे प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला, मध्य प्रदेश से गुजरने वाली सोगरिया-दानापुर स्पेशल ट्रेन में अब आसानी से मिलेगी टिकट.

भोपाल  राजस्थान के सोगरिया से बिहार के दानापुर तक जाने वाली सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन में अब आम लोग भी यात्रा कर सकेंगे. अब तक इसमें केवल खास लोग ही यात्रा कर सकते थे. दरअसल, इस ट्रेन में अब तक केवल एसी कोच की सुविधा ही उपलब्ध थी. जिसके कारण गरीब आदमी इस ट्रेन में यात्रा करने से कतराता था. हालांकि अब रेलवे प्रशासन ने इस स्पेशल ट्रेन में भी नॉन एसी कोच लगाने का निर्णय लिया है. जिससे रेल यात्रियों को पर्याप्त संख्या में सीट मिल सके और उन्हें भीड़ में यात्रा न करना पड़े. 4 अगस्त से जुड़ेंगे स्लीपर और जनरल कोच बता दें कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार पहुंचने के लिए यह बहुत बढ़िया ट्रेन है, लेकिन इसमें स्लीपर और जनरल कोच नहीं होने से आर्थिक रुप से कमजोर लोग यात्रा नहीं कर पाते थे. साथ ही एसी कोच में कम सीटों के कारण लोगों को वेटिंग में टिकट लेना पड़ता था. लेकिन अब रेलवे प्रशासन ने साप्ताहिक गाड़ी संख्या 09819/09820 सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन की कोच संरचना में बदलाव का निर्णय लिया है. इस ट्रेन में स्लीपर और जनरल कोच का विस्तार 4 अगस्त 2025 से किया जाएगा. अभी 15 एसी कोच के साथ चलती है गरीब रथ वर्तमान में यह ट्रेन गरीब रथ स्पेशल के रूप में 15 एसी तृतीय श्रेणी इकोनोमी कोचों के साथ संचालित हो रही है, लेकिन यात्रियों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए इसे अब 22 एलएचबी कोचों के साथ चलाने का निर्णय लिया गया है. ये कोच अत्याधुनिक हैं, जिनमें सामान्य कोच से अतिरिक्त सुविधाएं हैं. नए रेक में सभी श्रेणियों के कोच शामिल होंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को यात्रा का अवसर मिल सकेगा. अधिक कोच होने से खत्म होगी वेटिंग की समस्या वरिष्ठ मंडल प्रबंधक वाणिज्य सौरभ कटारिया ने बताया कि “रेलवे ने गरीब रथ स्पेशल ट्रेन में स्लीपर और जनरल कोच जोड़ने का निर्णय लिया है. ये सभी एलएचबी कोच होंगे. जो पारंपरिक कोचों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक और गति में सक्षम होते हैं. इनमें बर्थ की संख्या अधिक होने से वेटिंग लिस्ट की परेशानी कम होगी.” इन स्टेशनों के यात्रियों को मिलेगा ट्रेन का लाभ यह ट्रेन मध्य प्रदेश में पश्चिम मध्य रेल के बारां, रुठियाई, गुना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना स्टेशनों से होकर गुजरती है, जिससे इन स्टेशनों के यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा. नई कोच संरचना के साथ गाड़ी संख्या 09819 और गाड़ी संख्या 09820 दोनों ओर से 5 अगस्त से अगली सूचला तक चलाई जाएगी.  बदलाव के बाद नई कोच संरचना इस प्रकार होगी     02 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी     02 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी     07 एसी इकोनोमी कोच     05 स्लीपर कोच     04 सामान्य श्रेणी कोच     01 जनरेटर कार     01 एसएलआरडी (दिव्यांगजन और लगेज के लिए)

खंडवा-सनावद मेमो ट्रेन के फेरे बढ़ाये गए, अब सप्ताह में पांच दिन दो बार चलेगी

खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के रेल यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। खंडवा और सनावद के बीच चलने वाली मेमो ट्रेन के फेरे बढ़ा दिए गए हैं। अब यह यात्री गाड़ी सप्ताह के पांच दिन एक की बजाय दो फेरे लगाएगी। इसका सबसे ज्यादा लाभ ओंकारेश्वर जाने वाले श्रद्धालुओं को होगा। खंडवा और सनावद रेलवे स्टेशनों के बीच चलने वाली मेमो ट्रेन मंगलवार से एक की बजाय दो फेरे लगाएगी, और वह भी सप्ताह में पांच दिन। अभी तक यह ट्रेन सप्ताह में पांच दिन तो चलती थी, और शेष दो दिन बुधवार और गुरुवार को मेंटेनेंस के लिए भुसावल भेजी जाती थी। अब भी यही व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन बड़ी राहत यह है कि शेष पांच दिनों में यह ट्रेन अब दिन में दो बार चलेगी, और इसका किराया भी पहले की तुलना में बहुत कम रहेगा। खंडवा के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मंगलवार को इस ट्रेन के दूसरे फेरे को हरी झंडी दिखाकर सनावद की ओर रवाना किया। बताया गया है कि अब यह मेमो ट्रेन पहले की तरह स्पेशल कैटेगरी वाली ट्रेन न होकर सामान्य यात्री गाड़ी के रूप में चलेगी, जिससे इसके किराए में भी काफी फर्क पड़ा है। पहले इस ट्रेन के स्पेशल स्टेटस में होने के कारण इसका किराया 50 रुपए था, जो आम यात्रियों के लिए काफी महंगा था। लेकिन अब इस ट्रेन का स्पेशल स्टेटस हटा दिया गया है, जिससे इसका नया किराया मात्र 15 रुपए ही रह गया है। यही नहीं, अब बीच के स्टेशनों के लिए भी इसका टिकट केवल 10 रुपए में उपलब्ध रहेगा। यह ट्रेन खासतौर पर ओंकारेश्वर तीर्थ दर्शन और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। अब यह गाड़ी सुबह 9 बजे खंडवा से रवाना होकर 10:30 बजे सनावद पहुंचेगी। वापसी में सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर सनावद से चलकर दोपहर के 12 बजकर 35 मिनट पर खंडवा वापस आएगी। दूसरे फेरे में दोपहर 1:35 पर खंडवा से रवाना होकर तीन बजे सनावद पहुंचेगी और दोपहर 3:30 बजे सनावद से वापस चलकर 4:55 बजे खंडवा पहुंचेगी।

जबलपुर स्टेशन पर 4 दिन का मेगा रेलवे ब्लॉक, मदनमहल से चलेगी इंटरसिटी एक्सप्रेस

जबलपुर  पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) द्वारा जबलपुर रेलवे स्टेशन में विभिन्न निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इसके चलते 27 मई से 30 मई तक चार दिन के लिए प्रतिदिन तीन घंटे का रेलवे ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान रानी कमलापति- अधारताल-रानी कमलापति इंटरसिटी ट्रेन (गाड़ी नंबर 22187-22188) की सेवाओं में आंशिक बदलाव किया गया है। अब 27 से 30 मई तक रानी कमलापति से रवाना होने वाली इंटरसिटी ट्रेन 22187 मदनमहल स्टेशन पर शार्ट टर्मिनेट होगी। यह ट्रेन मदनमहल से अधारताल के बीच आंशिक रूप से निरस्त रहेगी। वहीं 27 से 30 मई तक अधारताल से रवाना होने वाली इंटरसिटी ट्रेन 22188 मदनमहल स्टेशन से चलेगी। यह ट्रेन अधारताल से मदनमहल के बीच आंशिक रूप से निरस्त रहेगी। इससे यात्रियों को परेशानी होगी। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार     गाड़ी संख्या 22187, जो रानी कमलापति से अधारताल जाती है, 27 से 30 मई तक मदनमहल स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट कर दी जाएगी। यानी यह ट्रेन इन तारीखों में मदनमहल से आगे अधारताल तक नहीं जाएगी।     वहीं गाड़ी संख्या 22188, जो अधारताल से रानी कमलापति आती है, इन्हीं तारीखों में मदनमहल स्टेशन से शॉर्ट ऑरिजिनेट होगी। यानी यह ट्रेन अधारताल से मदनमहल तक नहीं चलेगी। इधर… ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी का संचालन आज से रोज ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी का संचालन अब हर दिन किया जाएगा। सोमवार से ही यह व्यवस्था लागू की जाएगी। यह ट्रेन अभी तक सप्ताह में केवल पांच दिन चलाई जा रही थी। इसे नियमित रूप से चलाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। भोपाल से यह ट्रेन दोपहर 3:15 बजे रवाना होगी और रात 11:58 बजे ग्वालियर स्टेशन पहुंचेगी। वहीं, ग्वालियर से सुबह 6:20 बजे रवाना होगी और दोपहर 2:35 बजे भोपाल पहुंचेगी। इधर, प्रयागराज से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन तक नियमित रूप से चलने वाली ट्रेन नंबर 11802 का संचालन सोमवार से ग्वालियर तक किया जाएगा। यह ट्रेन सोमवार को प्रयागराज जंक्शन से सुबह 6:05 बजे रवाना होकर शाम 5:15 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पहुंचेगी और इसके बाद रात नौ बजे ग्वालियर स्टेशन पर आएगी। इसी दिन से यह ट्रेन नियमित हो जाएगी।

ग्वालियर से भोपाल के बीच यात्रा करने वाले के लिए अच्छी खबर, अब दिन में भोपाल आएंगे शाम को वापस ग्वालियर लौट सकेंगे, जाने कैसे

भोपाल ग्वालियर से भोपाल के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. अब वो जिस दिन भोपाल आएंगे, उसी दिन वापस ग्वालियर भी लौट सकेंगे. रेलवे प्रशासन ने यह निर्णय भोपाल-ग्वालियर के बीच यात्रियों के दबाव को कम करने और लंबे समय से की जा रही मांग के बाद लिया है. अब सप्ताह में प्रतिदिन ट्रेन की सुविधा मिलने से ग्वालियर और भोपाल के बीच आवागमन और भी सुगम होगा. इसका सबसे अधिक फायदा प्रतिदिन अप डाउन करने वालों को होगा. अब प्रतिदिन मिलेगी भोपाल इंटरसिटी की सुविधा मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने बताया कि “भोपाल मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा और मांग को ध्यान में रखते हुए ट्रेन सेवाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है. इसी क्रम में रेल प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ट्रेन संख्या 12197/12198 ग्वालियर-भोपाल-ग्वालियर एक्सप्रेस (भोपाल इंटरसिटी) की सेवा को 5 दिन से बढ़ाकर प्रतिदिन कर दिया गया है.” बुधवार और रविवार को नहीं चलती थी ट्रेन वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि “यह गाड़ी अभी तक सप्ताह में 5 दिन (बुधवार और रविवार को छोड़कर) संचालित होती थी. अब यह गाड़ी दिनांक 26 मई 2025 से ग्वालियर और भोपाल दोनों दिशाओं से प्रतिदिन चलाई जाएगी. इस निर्णय से न केवल यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे, बल्कि इन दोनों शहरों के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा.” इन स्टेशनों पर होगा भोपाल इंटरसिटी का स्टाप भोपाल इंटरसिटी दोनों दिशाओ में ग्वालियर जंक्शन, मोहना, शिवपुरी, कोलारस, बदरवास, गुना, शाढोरा गांव, अशोकनगर, पिपराइगांव, मुंगावली, बीना जंक्शन, गंज बासौदा, विदिशा, भोपाल जंक्शन पर ठहराव लेती है. इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. अभी यह ट्रेन (12198) ग्वालियर जंक्शन से सुबह 6:20 बजे चलती है और दोपहर 2:35 बजे भोपाल जंक्शन पहुंचती है. भोपाल से ग्वालियर जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन 12197, भोपाल जंक्शन से दोपहर 3:15 से चलती है और ग्वालियर जंक्शन पर देर रात 11:58 बजे पहुंचती है. सिंधिया ने की थी मांग, रेलवे ने किया खंडन बता दें कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी-ग्वालियर-भोपाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस को सातों दिन चलाने की मांग थी. जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने यह ट्रेन प्रतिदिन चलाने का निर्णय लिया है. इसको लेकर सिंधिया के कार्यालय से 22 मई को प्रेस नोट भी जारी किया गया था. हालांकि 23 मई को रेलवे ने अधिकारिक प्रेस नोट जारी कर बताया कि भोपाल रेल मंडल के यात्रियों की सुविधा और मांग को देखते हुए भोपाल -ग्वालियर इंटरसिटी को प्रतिदिन चलाने का निर्णय लिया गया है.

शाजापुर ट्रेन विस्फोट मामले में नाबालिग आरोपी पर बाल अदालत में चलेगा मुकदमा, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

शाजापुर  मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने भोपाल-उज्जैन यात्री ट्रेन विस्फोट मामले में आदेश दिया है कि नाबालिग आरोपी के मामले की सुनवाई का अधिकार क्षेत्र बाल अदालत के पास है, न कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अधिनियम के तहत विशेष अदालत के पास. उच्च न्यायालय आरोपी के मुकदमे पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भोपाल की ओर से मांगी गई सलाह का जवाब दे रहा था. पूरा मामला 8 साल पहले का है. 10 लोग हुए थे घायल दरअसल मार्च 2017 में शाजापुर जिले के जबड़ी स्टेशन पर विस्फोट हूुआ था. इस घटना में 10 लोग घायल हो गए थे. इनमें तीन की हालत गंभीर थी. एनआईए इस मामले की जांच कर रहा है. न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकल पीठ ने कहा कि आरोपी से भले ही अब वयस्क की तरह बर्ताव किया जाएगा, लेकिन उसकी सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में ही जारी रहेगी. अदालत ने कहा कि इस मामले में किशोर न्याय अधिनियम और एनआईए कानून 2008 दोनों ही लागू होते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में किशोर न्याय अधिनियम को प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि यह विशेष कानून है और बच्चों की रक्षा के लिए बनाया गया है. कोर्ट ने कहा कि घटना की तारीख पर नाबालिग की उम्र 18 वर्ष से कम थी. इसलिए मामले को कानून के अनुसार निपटारे के लिए किशोर न्याय बोर्ड को भेजा गया था. कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड, भोपाल ने 28 अप्रैल 2024 को इस टिप्पणी के साथ एक आदेश पारित किया है कि हालांकि घटना की तारीख को नाबालिग केवल 17 साल का था, लेकिन वह शारीरिक और मानसिक रूप से फिट था और अपराधों के परिणामों को समझने के लिए पर्याप्त सक्षम था. आदेश में ये भी कहा उच्च न्यायालय के आदेश में कहा गया है कि उपरोक्त टिप्पणियों के साथ, मामले को बाल अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन इस अदालत को एनआईए अधिनियम के तहत अधिसूचित नहीं किया गया था.आदेश में कहा गया कि इस तरह का संदर्भ इसलिए दिया जाता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन सी अदालत मामले की सुनवाई करेगी. चाहे वह एनआईए अधिनियम के तहत अधिसूचित अदालत हो या बाल अदालत हो.

बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस 1 से 7 जून तक कैंसल रहेगी, अब एनकेजे यार्ड में दबाव कम होगा, ट्रेनें लेट नहीं होंगी

जबलपुर  जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी सहित न्यू कटनी जंक्शन से गुजरने वाली 18 ट्रेनें जून के पहले सप्ताह में निरस्त रहेंगी। वहीं, गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। इस दौरान रेलवे की ओर कटंगी खुर्द से झलवारा स्टेशन तक निर्मित कार्ड लाइन को जोड़ने का कार्य होगा। रेल लाइन को कटनी ग्रेड सेपरेटर से भी जोड़ा जाएगा। इसके प्रीएनआइ और एनआइ कार्य के ब्लाक के लिए ग्रेड सेपरेटर कार्ड लाइन बनाने वाली कंपनी इरकान की ओर से ब्लाक मांगा गया था। इसे दक्षिण पूर्व मध्य रेल ने स्वीकृति प्रदान कर दिया है। इससे पूर्व मई माह में कार्य प्रस्तावित किया गया था। इसमें अब परिवर्तन कर नई कार्ययोजना तैयार की गई है। एनकेजे यार्ड में दबाव कम होगा, ट्रेनें लेट नहीं होंगी सिंगरौली रेलमार्ग पर कटंगी-खुर्द से झलवारा स्टेशन कार्ड लाइन से जुड़ने पर न्यू कटनी जंक्शन-एनकेजे यार्ड में मालगाड़ी का दबाव कम होगा। अभी सिंगरौली से बिलासपुर आने-जाने वाली मालगाड़ी का एनकेजे यार्ड में इंजन बदलना पड़ता है। ग्रेड सेरपेटर कार्डलाइन से जुडने के बाद मालगाड़ियां सीधे बिलासपुर से आकर सिंगरौली की ओर आवाजाही कर सकेंगी। एनकेजे यार्ड से ट्रेन का दबाव कम होने से यात्री ट्रेनों भी आउटर से तेजी से गुजर सकेंगी। ये ट्रेन चलती रहेंगी कार्ड लाइन कार्य की नई कार्ययोजना में यात्रियों को राहत देने के प्रयास किए गए हैं। पूर्व में नर्मदा एक्सप्रेस, रीवा-बिलासपुर के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ओर चंदिया-चिरमिरी के मध्य संचालित होने वाली पैसेंजर ट्रेन को भी निरस्त करने की योजना थी, लेकिन नई अधिसूचना में तीनों ट्रेनों का नाम नहीं है। ये एक्सप्रेस ट्रेन नहीं चलेंगी     11265 जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस दो से सात जून तक।     11266 अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस तीन से आठ जून तक।     18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस एक से सात जून।     18235 भोपाल- बिलासपुर एक्सप्रेस तीन से नौ जून तक।     11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस दो, चार व छह जून।     11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस तीन, पांच व सात जून।     12535 लखनऊ-रायपुर गरीबरथ एक्सप्रेस दो व पांच जून।     12536 रायपुर-लखनऊ गरीबरथ एक्सप्रेस तीन व छह जून।     22867 हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस तीन व छह जून।     22868 दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन हमसफर एक्सप्रेस चार व सात जून।     18213 दुर्ग-अजमेर साप्ताहिक एक्सप्रेस एक जून।     18214 अजमेर-दुर्ग साप्ताहिक एक्सप्रेस दो जून।     18205 दुर्ग- नौतनवा एक्सप्रेस पांच जून।     18206 नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस सात जून। ये अनारक्षित ट्रेन भी निरस्त     51755 चिरमिरी-अनूपपुर पैसेंजर तीन, पांच व सात जून।     51756 अनूपपुर-चिरमिरी पैसेंजर तीन, पांच व सात जून।     61601 कटनी-चिरमिरी मेमू दो से सात जून।     61602 चिरमिरी-कटनी मेमू तीन से आठ जून।  

CG में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ी,क्योंकि 21 मई से 9 ट्रेनें कैंसिल रहेगी

बिलासपुर रायपुर रेल मंडल के अप व मिडिल लाइन पर एलसी नंबर 378 निपनिया यार्ड ईस्ट एंड पर रिलिविंग गर्डर की डी-लांचिंग की जाएगी। इस कार्य को पूरा करने के लिए मंगलवार व 21 मई की रात में 21:30 बजे से 1:30 बजे तक अप लाइन पर चार बजे यातायात सह विद्युत ब्लाक 12:55 बजे तक अप और मिडिल लाइन पर रहेगा। अधोसंरचना से जुड़े इस महत्वपूर्ण को पूरा करने के लिए ट्रेनों का परिचालन भी रोका जा रहा है। रेलवे के अनुसार ब्लाक की वजह से 21 मई को 58201 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर और 58207 रायपुर-जूनागढ़ रोड पैसेंजर ट्रेन रद रहेगी। वहीं 22 मई को 58208 जूनागढ़ रोड-रायपुर पैसेंजर व 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर ट्रेन रद रहेगी। दैनिक यात्रियों के लिए दोनों ट्रेनें महत्वपूर्ण हैं। ब्लाक का समय रेल प्रशासन ने आधी रात का चयन किया है, ताकि एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन बाधित न हो। 12 दिन अलग-अलग तिथियों में रद रहेगी टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत गामहारीया व सीनी सेक्शन में अधोसंरचना का कार्य टीआरटी मशीन से करने मेगा ब्लाक लिया जाएगा। इसके चलते ट्रेनें भी रद रहेंगी। रद ट्रेनों में 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस शामिल है। यात्रियों को इस ट्रेन की सुविधा 21, 24, 28, 31 मई व 4, 7, 11, 14, 18, 21, 25 तथा 28 जून को नहीं मिलेगी। इसी तरह 21 मई व 4, 11, 18, तथा 25 जून को टाटानगर से रवाना होने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद रहेगी। वहीं 22 मई व 5, 12, 19 व 26 जून को बिलासपुर से रवाना होने वाली संख्या 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस भी नहीं चलेगी। इन ट्रेनों का बदलेगा रेलमार्ग 20, 27 मई व 3, 10, 17 व 24 जून को पुरी से रवाना होने वाली 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया कटक-संबलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रोड-ईब के रास्ते चलेगी चलेगी। इसी तरह 22 मई एवं 1, 8, 15, 22 व 29 जून भी 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस इसी परिवर्तित मार्ग गंतव्य तक पहुंचेगी। 20 व 27 मई और 3, 10, 17 व 24 जून को 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया कान्ड्रा-सीनी (टाटानगर छोड़कर) के रास्ते चलेगी। इसके अलावा 24 व 31 मई एवं 7, 14, 21 व 28 जून को दुर्ग से रवाना होने वाली 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस भी इसी मार्ग से चलेगी।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के काम ने पकड़ी तेजी, 300 किलोमीटर लंबा पुल तैयार, 27 कास्टिंग यार्ड फाइनल

मुंबई गुजरात के सूरत में 40 मीटर लंबे गर्डर के बनने के साथ ही बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के 300 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण पूरा हो गया है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (NHSRCL) ने  यह जानकारी दी। एनएचएसआरसीएल ने बताया कि 300 किलोमीटर लंबे सुपरस्ट्रक्चर में से 257 किलोमीटर पुल का निर्माण फुल स्पैन लॉन्चिंग मैथड से की गई है। अभी क्या है काम की स्थिति एनएचएसआरसीएल के अनुसार, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत अभी तक नदियों पर 14 ब्रिज बनाए गए हैं। 37 किलोमीटर लंबा पुल स्पैन बाय स्पैन तकनीक से बनाया गया है। 0.9 किलोमीटर लंबा स्टील का पुल बनाया गया है और 1.2 किलोमीटर लंबा पीएससी पुल बनाया गया है। साथ ही 2.7 किलोमीटर में स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण हुआ है। 300 किलोमीटर के अलावा 401 किलोमीटर में नींव का काम और 326 किलोमीटर में गर्डर कास्टिंग का काम पूरा हो चुका है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में तेजी आई है। खासकर फुल स्पैन लॉन्चिंग मैथड से इसमें उल्लेखनीय विकास हुआ है। रेल मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का कितने किमी लंबा ट्रैक तैयार हो गया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘300 किमी वायडक्ट पूरा हुआ।’ इसका मतलब है कि बुलेट ट्रेन के रास्ते का 300 किलोमीटर का हिस्सा अब खंभों पर बन चुका है। वायडक्ट का मतलब है, पुल जैसा ढांचा जिस पर ट्रेन चलेगी। मुंबई स्टेशन का कितना काम पूरा? मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में बन रहा है। यह स्टेशन जमीन के नीचे होगा। यहाँ पर 76 प्रतिशत खुदाई का काम पूरा हो चुका है। एक खबर के अनुसार, 14.2 लाख क्यूबिक मीटर खुदाई हो चुकी है। कुल 18.7 लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी वहां से निकालनी है। यानी मिट्टी निकालने का करीब आधा काम पूरा हो गया है। साइट पर कंक्रीट लैब साइट पर 120 cum/hr क्षमता के तीन बैचिंग प्लांट लगाए गए हैं। बैचिंग प्लांट का मतलब है, वह जगह जहां कंक्रीट (सीमेंट, रेत, गिट्टी का मिश्रण) बनाया जाता है। बैचिंग प्लांट में आइस प्लांट और चिलर प्लांट भी हैं। ये कंक्रीट के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। गर्मी में कंक्रीट जल्दी सूख जाता है। इसलिए उसे ठंडा रखना जरूरी है। साइट पर एक आधुनिक कंक्रीट लैब भी है। यहां पानी की पारगम्यता और रैपिड क्लोराइड पेनिट्रेशन टेस्ट जैसी सुविधाएं हैं। इन टेस्ट से कंक्रीट की क्वालिटी पता चलती है। सारे कंक्रीट टेस्ट साइट पर ही होते हैं। कुछ सैंपल अच्छे लैब में भी भेजे जाते हैं। क्या होगा स्टेशन में खास?     प्लेटफॉर्म जमीन से लगभग 26 मीटर नीचे होगा।     यह लगभग 10 मंजिला इमारत जितना गहरा है।     स्टेशन में तीन फ्लोर होंगे: प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स (प्रतीक्षालय) और सर्विस फ्लोर।     खुदाई का काम लगभग 32 मीटर (100 फीट) की गहराई तक किया जा रहा है।     स्टेशन में छह प्लेटफॉर्म होंगे। हर प्लेटफॉर्म लगभग 415 मीटर लंबा होगा। यह 16 कोच वाली बुलेट ट्रेन के लिए काफी है। स्टेशन मेट्रो और सड़क से भी जुड़ा होगा।     स्टेशन में दो एंट्री/एग्जिट पॉइंट होंगे। इससे लोगों को स्टेशन में आने-जाने में आसानी होगी। स्काईलाइट होगी प्राकृतिक रोशनी के लिए एक स्काईलाइट भी बनाई गई है। स्काईलाइट से दिन में स्टेशन में सूरज की रोशनी आएगी। इससे बिजली की बचत होगी और स्टेशन सुंदर भी दिखेगा। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे देश में यातायात और तेज होगा। स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का हो रहा इस्तेमाल बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए 27 कास्टिंग यार्ड बनाए गए हैं। स्टील ब्रिज के लिए सात वर्कशॉप स्थापित की गई हैं, जिनमें से तीन गुजरात में और एक उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में स्थापित की गई हैं। एजेंसी ने बताया कि पुल पर तीन लाख से ज्यादा आवाज अवरोधक लगाए गए हैं। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत बुलेट ट्रेन स्टेशनों की सड़क और रेल मार्ग से कनेक्टिविटी बनाई जा रही है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से भारत की रेल तकनीक में बढ़ती क्षमताओं का भी प्रदर्शन हो रहा है। मुंबई अहमदाबाद रेल प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये है, इसमें से 10 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी और पांच-पांच हजार करोड़ रुपये गुजरात और महाराष्ट्र सरकार देंगी। वहीं बाकी जापान की सरकार कर्ज के रूप में देगी। 

उप्र में दो ट्रेनों को डिरेल करने की साजिश हुई नाकाम, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

हरदोई उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में अराजकतत्वों द्वारा दो ट्रेनों को डिरेल करने की बड़ी साजिश को लोको पायलट की सजगता से नाकाम कर दिया गया है. यह पूरी घटना दलेलनगर और उमरताली स्टेशन के बीच घटी है. वहीं घटना की सूचना मिलते ही एसपी ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं. दोनों ट्रेनों को डिरेल करने की यह घटना दलेलनगर और उमरताली स्टेशन के बीच की है. यहाx राजधानी एक्सप्रेस (20504) जब लखनऊ की ओर जा रही थी तभी अराजकतत्वों ने डाउन ट्रैक पर अर्थिंग वायर से लकड़ी का गुटखा बांधकर ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की लेकिन लोको पायलट ने समय रहते खतरे को देखते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया और ट्रैक से अवरोध हटाने के बाद रेल अधिकारियों को सूचना दी. इसके बाद जब राजधानी एक्सप्रेस सकुशल गुजर गई तो पीछे आ रही काठगोदाम एक्सप्रेस (15044) को भी डिरेल करने की कोशिश की गई है. हालांकि, इस बार भी लोको पायलट की सूझबूझ और तत्परता से हादसा टल गया. घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी,आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है. फिलहाल पूरे मामले की छानबीन जारी है. इस मामले में पुलिस ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया है कि कछौना थाना क्षेत्र के दलेलनगर और उमर ताली रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन की पटरी पर लकड़ी का टुकड़ा पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई थी सूचना पर जीआरपी वह स्थानीय पुलिस द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया. जांच करने के दौरान लकड़ी का एक टुकड़ा लोहे की पट्टी से बना हुआ था प्रकरण के संबंध में रेलवे विभाग स्थानिक पुलिस द्वारा घटना के समस्त बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है साथी ही पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के द्वारा भी घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आसपास के रहने वाले व्यक्तियों से घटना के संबंध में जानकारी ली गई एवं संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं.  

ट्रेन के टॉयलेट में आधा घंटे तक फंसी रही महिला, रेलवे चुकाएगा 40 हजार का जुर्माना

भोपाल  ट्रेन में यात्रा के दौरान हुई असुविधा के लिए यात्री की शिकायत की अनदेखी रेलवे को भारी पड़ गई। इस पर भोपाल के जिला उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को आदेश दिया है कि वह सेवा में कमी के लिए उपभोक्ता को 40 हजार रुपये का हर्जाना अदा करे। उपभोक्ता ने आयोग में परिवाद कर शिकायत की थी कि यात्रा के दौरान ट्रेन के दरवाजों में तकनीकी खराबी की वजह से उसकी पत्नी करीब आधे घंटे तक टॉयलेट में बंद रह गई थीं। कन्याकुमारी से भोपाल आ रहे थे राजधानी के रविदास नगर के उमेश पांडेय ने जिला उपभोक्ता आयोग में भारतीय रेल प्रबंधक के खिलाफ परिवाद दायर किया था। उनका कहना था कि 20 अप्रैल 2022 को वह त्रिकुल एक्सप्रेस से थर्ड एसी में कन्याकुमारी से भोपाल के लिए परिवार के साथ रवाना हुए थे। इस दौरान उनकी बर्थ फटी हुई थी, टॉयलेट की सीट टूटी थी। उनकी पत्नी टॉयलेट गई तो गेट अंदर से लॉक हो गया। उनके पास मोबाइल भी नहीं था। इस कारण वह करीब आधे घंटे तक उसमें बंद रहीं। ऑनलाइन शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ सहयात्रियों की मदद से उन्हें किसी तरह बाहर निकाला जा सका। उन्होंने रेलवे में ऑनलाइन शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उपभोक्ता आयोग को उन्होंने कोच के फोटोग्राफ, अपने टिकट की छायाप्रति, रेलवे को की गई शिकायत और वहां से आए जवाब की प्रति भी सौंपी थी। रेलवे ने कस्टमर मानने से ही किया इनकार सुनवाई के दौरान रेलवे ने पहले तो यात्री को कस्टमर मानने से इन्कार कर दिया। यह भी तर्क दिया कि टिकट में यात्रा का अधिकार मिलता है, सुविधाओं का नहीं। टॉयलेट की सुविधा निश्शुल्क होती है, जिस कारण इस मामले को निरस्त किया जाए। जवाब में रेलवे ने यह भी कहा कि शिकायत के बाद मदुरई स्टेशन पर मैकेनिक ने टॉयलेट सीट को सुधारने का प्रयास किया, लेकिन उसे निर्धारित समय पर ठीक नहीं किया जा सका और ट्रेन को अधिक देर तक नहीं रोका जा सकता था। इस तर्क को आयोग ने खारिज कर दिया और रेलवे पर सेवा में कमी का हर्जाना लगाया।

09039/09040 उधना-गया-उधना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन

09039/09040 उधना-गया-उधना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन   भोपाल मंडल  के इटारसी स्टेशन पर ठहराव भोपाल    रेल प्रशासन द्वारा समर के दौरान अतिरिक्त यात्री यातायात को क्लियर करने और उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से 09039/09040 उधना-गया-उधना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन विशेष किराये पर 06-06 ट्रिप चलाने का निर्णय लिया गया है। इस गाड़ी में शयनयान श्रेणी एवं सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। यह स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के इटारसी, जबलपुर, कटनी एवं सतना स्टेशनों से होकर गन्तव्य को जाएगी। उधना-गया-उधना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (12 सेवाएं)  गाड़ी संख्या 09039 उधना-गया साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन दिनांक 23 मई से 27 जून 2025 तक प्रत्येक शुक्रवार को उधना स्टेशन से रात 22:00 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन इटारसी सुबह 08:30 बजे, जबलपुर 11:50 बजे, कटनी दोपहर 13:20 बजे, सतना 14:30 बजे पहुँचकर, अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन रविवार 03:15 बजे गया स्टेशन पहुंचेगी। (06 ट्रिप)   गाड़ी संख्या 09040 गया-उधना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन दिनांक 25 मई से 29 जून 2025 तक प्रत्येक रविवार को गया स्टेशन से सुबह 07:10 बजे प्रस्थान कर, सतना सायं 18:40 बजे, कटनी रात 20:00 बजे, अगले दिन जबलपुर 21:50 बजे, पहुँचकर अगले दिन इटारसी मध्यरात्रि 01:20 बजे,अन्य स्टेशनों से होते हुए सोमवार दोपहर 14:00 बजे उधना स्टेशन पहुंचेगी। (06 ट्रिप) ठहराव: चलथान, बारडोली, नंदुरबार, अमलनेर, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्ज़ापुर, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, सासाराम और डेहरी ऑन सोन। रेल यात्रियों से अनुरोध है कि समर स्पेशल ट्रेन की विस्तृत जानकारी स्टेशन, रेल मदद 139 अथवा ऑनलाइन वेबसाइड से प्राप्त कर सकते हैं।

दिव्यांग यात्रियों के लिए : किराये में 25% से 75% तक की विशेष छूट

दिव्यांग यात्रियों के लिए : किराये में 25% से 75% तक की विशेष छूट भोपाल मंडल द्वारा अब तक जारी किए गए 1315 दिव्यांग रियायत कार्ड, जानिए कैसे उठाएं लाभ भोपाल भारतीय रेलवे, विशेष रूप से भोपाल मंडल, दिव्यांग यात्रियों को सुलभ, सुरक्षित और किफायती यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया के नेतृत्व में नवंबर 2023 से अब तक कुल 1315 दिव्यांग रियायत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। यह पहल दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें रेल यात्रा में अधिक सुविधा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। दिव्यांग रियायत प्रमाणपत्र के प्रारूप में बदलाव : अब दृष्टिहीन यात्रियों के लिए अलग प्रारूप भोपाल मंडल दिव्यांग सेल की प्रभारी डॉ. ज्योति तिवारी के अनुसार, रेलवे द्वारा दिव्यांग यात्रियों को 25% से लेकर 75% तक किराये में छूट प्रदान की जाती है। यह छूट विशेष रूप से दृष्टिहीन, मानसिक रूप से अस्वस्थ, श्रवण एवं वाणी बाधित तथा ऑर्थोपेडिकली हैंडिकैप्ड यात्रियों के लिए लागू है। पूर्व में इन चारों श्रेणियों के लिए रेलवे रियायत प्रमाणपत्र हेतु एक ही प्रारूप (फॉर्म) का उपयोग होता था। परन्तु वर्ष 2025 से रेलवे ने दृष्टिहीन यात्रियों के लिए अलग प्रारूप (एनेक्सचर-1) तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ, श्रवण एवं वाणी बाधित तथा ऑर्थोपेडिकली हैंडिकैप्ड यात्रियों के लिए अलग प्रारूप (एनेक्सचर-2) जारी किया है। विशेष रूप से अब दृष्टिहीनता की 90% या उससे अधिक स्तर पर भी रियायत का प्रावधान किया गया है, जो दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि यदि दिव्यांग यात्री के साथ एक सहयोगी (एस्कॉर्ट) यात्रा करता है, तो उसे भी समान रियायत मिलती है। जारी किए गए रियायत कार्ड की जानकारी रेलवे के सॉफ़्टवेयर में अपडेट कर दी जाती है, जिससे टिकट बुकिंग के समय कार्ड की फोटो कॉपी प्रस्तुत कर आसानी से छूट का लाभ लिया जा सकता है। यह सुविधा ई-टिकट बुकिंग पर भी उपलब्ध है। दिव्यांग रियायत कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अब दिव्यांगजन आसानी से ऑनलाइन माध्यम से रियायत कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज हैं: * जिला चिकित्सा अस्पताल द्वारा जारी दिव्यांग प्रमाणपत्र (डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट) * रेलवे रियायत प्रमाण पत्र जो कि पश्चिम मध्य रेल के अंतर्गत आने वाले सरकारी अस्पताल से जारी किया गया हो, जिसमें यह उल्लेख हो कि यात्री बिना सहायक (एस्कॉर्ट) के यात्रा करने में असमर्थ है। (इसका प्रारूप भारतीय रेलवे की वेबसाइट https://divyangjanid.indianrail.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है) * आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाणपत्र * पासपोर्ट साइज फोटो इन दस्तावेजों को भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर अपलोड करना होता है। सत्यापन के बाद कार्ड जारी कर दिया जाता है और आवेदक को इसकी जानकारी SMS के माध्यम से दी जाती है। आवेदन करते समय सभी जानकारी सही-सही भरना अत्यंत आवश्यक है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया, “हमारा प्रयास है कि दिव्यांगजन यात्रियों को सहज, पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के माध्यम से रेलवे की सुविधाओं का लाभ मिले। रियायत कार्ड बनने की प्रक्रिया को सरल बनाकर हम उनकी यात्रा को अधिक सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बना रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक दिव्यांगजन स्वयं को समाज की मुख्यधारा से जुड़ा हुआ महसूस करे।” दिव्यांग रियायत कार्ड से संबंधित जानकारी या सहायता के लिए यात्री भोपाल मंडल यात्री हेल्पलाइन नंबर 9630951262 पर संपर्क कर सकते हैं। भोपाल मंडल का यह प्रयास भविष्य में और भी अधिक दिव्यांगजनों तक पहुँच बनाने के लिए जारी रहेगा, जिससे “सबका साथ, सबका विकास” की भावना सशक्त हो।

04817 जोधपुर–तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप)

04817 जोधपुर–तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) भोपाल मंडल के भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों से होकर गुजरेगी भोपाल गर्मी के मौसम में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा एक तरफा विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में, गाड़ी संख्या 04817 जोधपुर – तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के भोपाल एवं इटारसी स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 04817 जोधपुर – तिरुपति एक तरफा विशेष ट्रेन (01 ट्रिप): गाड़ी संख्या 04817 विशेष ट्रेन दिनांक 15 मई 2025 (गुरुवार) को जोधपुर स्टेशन से दोपहर 14:30 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए सुबह 09:40 बजे भोपाल, 11:40 बजे इटारसी एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद तीसरे दिन शाम 18:00 बजे तिरुपति स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी जोधपुर जं., मेड़ता रोड जं., डेगाना जं., मकराना जं., कुचामन सिटी, नवां सिटी, फुलेरा, जयपुर जं., दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर जं., डकनिया तालाब, रामगंज मंडी, नागदा जं., उज्जैन जं., शुजालपुर, भोपाल जं., इटारसी जं., बैतूल, नागपुर जं., वरोरा, बल्हारशाह, सिरपुर कागज़नगर, बेलमपल्ली, मंचेरियल, रामगुंडम, वारंगल, विजयवाड़ा जं., ओंगोल, गुडूर जं., रेणीगुंटा जं., तिरुपति स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व रेलवे की अधिकृत पूछताछ सेवा NTES/139 के माध्यम से गाड़ी की सटीक स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। विस्तृत समय-सारणी एवं ठहराव विवरण हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।  

एक मई से नमो भारत रैक का शताब्दीनगर स्टेशन से मोदीपुरम तक ट्रायल शुरू

मेरठ एक मई से नमो भारत रैक का शताब्दीनगर (जागरण चौराहा) स्टेशन से मोदीपुरम तक ट्रायल शुरू हो गया है। शीघ्र मेरठ सेंट्रल ( फुटबाल चौक) स्टेशन से मोदीपुरम तक मेट्रो रैक का ट्रायल शुरू होगा। अभी तक मेरठ साउथ से फुटबाल चौक स्टेशन तक मेट्रो रैक का ट्रायल जारी है। मेरठ मेट्रो कारिडोर की कुल लंबाई 23 किलोमीटर है। जिसमें 18 किमी एलिवेटेड और पांच किमी हिस्सा अंडरग्राउंड है। तीन अंडरग्राउंड समेत कुल 13 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इन सभी स्टेशन पर मेरठ मेट्रो की सेवाएं मिलेगी। मेरठ साउथ के बाद शताब्दी नगर, बेगमपुल (अंडरग्राउंड) और मोदीपुरम स्टेशनों पर नमो भारत की सेवाएं मिलेंगी। इन स्टेशनों को एक प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। जहां से नमो भारत और मेट्रो के अलावा आटो, टैक्सी और बस तक की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पहला स्‍टेशन मेरठ सेंट्रल दिल्ली से मेरठ की दिशा में आगे बढ़ते हुए मेरठ में अंडरग्राउंड सेक्शन का पहला स्टेशन मेरठ सेंट्रल है जहां केवल मेट्रो का स्टॉप होगा। ये स्टेशन फुटबॉल चौक के नजदीक है, जिसके बाद भैसाली और बेगमपुल स्टेशन भी अंडरग्राउंड सेक्शन का हिस्सा हैं। बेगमपुल स्टेशन पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो की सेवाएं मिलेंगी, बाकी दोनों स्टेशनों पर केवल मेरठ मेट्रो का स्टॉप होगा। टैंक चौराहे (बेगमपुल के नजदीक) से फिर मेरठ में एलिवेटेड सेक्शन शुरू होता है, जिसमें एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम स्टेशन शामिल हैं। इनमें से मोदीपुरम स्टेशन पर नमो भारत का स्टॉप होगा, बाकी तीन स्टेशन केवल मेरठ मेट्रो के हैं। मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 23 किमी इससे पहले मेरठ साउथ से शताब्दी नगर तक नमो भारत के सफल ट्रायल रन किए गए। वहीं, मेरठ सेंट्रल तक के सेक्शन में मेरठ मेट्रो का ट्रायल रन भी जारी हैं। भारत में पहली बार सेमी हाई स्पीड नमो भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही, मेरठ में स्थानीय मेट्रो का परिचालन किया जाएगा। मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 23 किलोमीटर है, जिसमें 18 किमी एलिवेटेड और 5 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड है। इसके लिए तीन अंडरग्राउंड समेत कुल 13 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। ट्रांजिट हब के रूप में विकसित हो रहे स्‍टेशन मेरठ में मेरठ साउथ के बाद शताब्दी नगर, बेगमपुल (अंडरग्राउंड) और मोदीपुरम स्टेशनों पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों की सेवाएं मिलेंगी। इन स्टेशनों को एक प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां से नमो भारत और मेट्रो के अलावा ऑटो, टैक्सी और बस तक की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। फिलहाल 55 किमी रूट पर चल रहा नमो भारत वर्तमान में नमो भारत ट्रेन न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ के बीच 55 किलोमीटर के सेक्शन पर यात्रियों को सुविधा प्रदान कर रही है। इनमें न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाज़ियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुरादनगर, मोदी नगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ और मेरठ साउथ समेत 11 स्टेशन शामिल हैं। दिल्ली-मेरठ के बीच 82 किलोमीटर संपूर्ण नमो भारत कॉरिडोर के परिचालित होने से ये दूरी महज 55 मिनट में पूरी हो जाएगी। मेरठ मेट्रो समेत इस पूरी परियोजना को इसी साल संचालित करने का लक्ष्य है।

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