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प्रयागराज महाकुंभ में रेलवे ने दोगुनी संख्या में यात्री ट्रेनों का संचालन किया, जिससे श्रद्धालुओं सहायता मिली

जबलपुर  प्रयागराज महाकुंभ के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ने भारी यात्री दबाव के मध्य ट्रेनों को निर्धारित समय पर संचालित करने जोर दिया। इस समयबद्धता से रेलपथ पर अतिरिक्त ट्रेनों के लिए जगह बनी। दोगुनी संख्या में यात्री ट्रेनों के संचालन की सफलता प्राप्त की, जिससे श्रद्धालुओं को प्रयागराज तक पहुंचाने में सहायता मिली। पमरे का यह प्रयास अब दूसरे रेल जाने के लिए भी मॉडल बन गया है। अब प्रत्येक पर्व एवं मेला के दौरान यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर पमरे की नीति पर समस्त रेल जोन में ट्रेन संचालन की तैयारी है। इसके लिए रेलवे की ओर से तैयारी की जा रही है। वहीं, पमरे के प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था भी कारगर रही है, जिसके कारण कहीं पर भी कोई अराजकता की स्थिति निर्मित नहीं हुई। सौ की जगह दो सौ से ज्यादा ट्रेनें चलाई पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर और भोपाल रेल मंडल होकर रेलपथ महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात सहित दक्षिण भारत के राज्यों को प्रयागराज से जोड़ता है। इन राज्यों से आने वाली ट्रेनें कटनी-मानिकपुर के रास्ते प्रयागराज पहुंचती हैं। कटनी-मानिकपुर के मध्य सामान्य दिनों में 100-125 यात्री ट्रेनें संचालित होती हैं, जहां पर महाकुंभ के दौरान प्रतिदिन दो सौ से ढाई सौ ट्रेनें संचालित हुईं। नियमित ट्रेनों के साथ ही स्पेशल ट्रेनों को निर्धारित समय पर संचालित करके पमरे ने अतिरिक्त ट्रेनों के लिए रेलपथ में गुंजाइश बनाया। महाकुंभ में रेल जोन में सबसे अधिक ट्रेनों को चलाया जा सका। पहले से की तैयारी, सामंजस्य बैठाया महाकुंभ के दौरान भीड़ बढ़ने और प्रयागराज से नजदीकी को ध्यान में रखकर पमरे ने अतिरिक्त ट्रेन के रैक तैयार किए। आवश्यकता होने पर कम यात्री संख्या वाली ट्रेनों को चिह्नित करके रखा। इसके कारण प्रयागराज में जब भी भीड़ बढ़ी और आवश्यकता होने पर तुरंत ट्रेन के अतिरिक्त रैक उपलब्ध कराने में सफल रहा। इससे यात्री परिवहन की निरंतरता बनाई रखी जा सकीं। भीड़ का आंकलन करके सतना, मैहर, कटनी रेलवे स्टेशन पर स्टेशन के बाहर तीन से चार हजार वर्गफीट के अस्थाई यात्री विश्राम स्थल विकसित किए। वहां पेयजल, शौचालय से लेकर चिकित्सा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराया। बेहतर सुविधा मिलने से यात्री स्टेशन के बाहर ही रुके। ट्रेन आने पर प्लेटफार्म में प्रवेश दिए जाने से कहीं पर भी भीड़ अनियंत्रित नहीं हुई।

कोरोना के बाद AC कोचो का बड़ा चलन, रेलवे ने जारी किया आकड़ा

नई दिल्ली भारतीय रेलवे के जरिए रोजाना करोड़ों की संख्या में यात्री सफर करते हैं. यात्रियों के लिए रेलवे हजारों की संख्या में ट्रेन चलाता है. भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है. सामान्य तौर पर बात की जाए तो अगर कोई कहीं जाना चाहता है और दूर का सफर तय करना चाहता है. तो ऐसे में ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन होती है. बीते कुछ सालों में ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. लेकिन जब पूरी दुनिया की तरह भारत भी कोविड-19 की चपेट में था. तो महामारी के बाद जब चीजें सामान्य हुईं. तो ट्रेन से जाने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बदलाव देखने को मिला. थर्ड एसी में ट्रैवल करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. हैरान कर देंगे रेलवे के जारी किए गए आंकड़े. कोरोना के बाद बढ़े थर्ड एसी के यात्री साल 2019 में जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था. तब से ही लोग साफ सफाई को लेकर सजग रहने लगे. इसके बाद लोगों की जिंदगी में कई आदते पूरी तरह से बदल गईं. वहीं कोरोना महामारी के बाद बात की जाए तो भारतीय रेलवे में सफर करने वालों यात्रियों की संख्या में भी काफी बदलाव हुआ. हाल ही में रेलवे की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में यह बात सामने निकल कर आई कि कोरोना महामारी के बाद ट्रेनों में पहले जो यात्री स्लीपर में सफर करते थे. वह यात्री थर्ड एसी में सफर करने लगे हैं. कोविड के बाद थर्ड एसी पैसेंजर्स की संख्या में तगड़ा उछाल देखने को मिला है. आंकडे कर देंगे हैरान कोरोना महामारी के बाद से लेकर अब तक के 5 सालों में एसी थर्ड से सफर करने वाले मुसाफिरों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. साल 2019-20 में 11 करोड़ यात्री थर्ड एसी से सफर करते थे. यानी कुल यात्रियों का 1.4% ही. वहीं साल 2024-25 की बात की जाए तो इसमें 19% का इजाफा हुआ है. और यात्रियों की संख्या 26 करोड़ हो गई है. साल 2019-20 में जहां थर्ड एसी से भारतीय रेलवे ने 12,370 करोड रुपये का राजस्व कमाया था. तो वहीं साल 2024 25 में यह बढ़कर 30,089 करोड़ हो गया है. यह आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं. बता दें कोरोना महामारी से पहले यानी 2019-20 तक रेलवे के राजस्व में सबसे ज्यादा योगदान स्लीपर क्लास के यात्रियों में हुआ करता था. लेकिन इस बार थर्ड एसी के यात्रियों का राजस्व सबसे ज्यादा है.

Train Cancel: इस रूट की 50 से ज्यादा ट्रेनें कैंसिल

नई दिल्ली भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसने अपनी जिंदगी में कभी ट्रेन से सफर न किया हो. रोजाना भारतीय रेलवे के जरिए देश में करोड़ों की संख्या में यात्री एक शहर से दूसरे शहर सफर करते हैं. इन यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की तरफ से 13000 से भी ज्यादा पैसेंजर गाड़ियां चलाई जाती हैं. अक्सर जब किसी को कहीं दूर का सफर तय करना होता है. तो ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन ही होती है. ट्रेन के सफर में आपको बाकी अन्य साधनों से ज्यादा सहूलियत मिलती है. हाल ही में आयोजित हुए महाकुंभ में भी भारतीय रेलवे की ओर से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं को प्रयागराज पहुंचाया गया था. लेकिन हाल ही में भारतीय रेलवे के जरिए सफर करने वाले यात्रियों के लिए बुरी खबर आई है. रेलवे ने अगले महीने कई ट्रेनों को किया है कैंसिल. सफर पर जाने से पहले देख लें इन ट्रेनों की लिस्ट. अगले महीने इन ट्रेनों को किया है कैंसिल भारतीय रेलवे को रेलवे के संचालन को दूर दराज तक के इलाकों तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग रूटों पर नई-नई रेल लाइन जोड़नी पड़ती है. इसके अलावा रेलवे को कई बार रेल ट्रेक्स का रखरखाव भी करना होता है. इन सभी कामों के लिए रेलवे को कई ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ती है. ऐसा ही इस बार हुआ है. रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक डोमिनगढ़-गोरखपुर रेलखंड पर रेल लाइन जोड़ने का काम किया जाना है. इस वजह से कई ट्रेनें कैंसिल की गई हैं. ट्रेन नंबर 15047 कोलकाता-गोरखपुर एक्स. 14 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15211/12 दरभंगा-अमृतसर एक्स. 16 अप्रैल से 04 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15031/32 गोरखपुर-लखनऊ जं. एक्स. 16 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15065 पनवेल-गोरखपुर एक्स. 16 अप्रैल से 05 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22531/32 छपरा-मथुरा जं. एक्स. 16 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15067 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस 16 से 30 अप्रैल के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15005 गोरखपुर-देहरादून एक्स. 16 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 19409 साबरमती-गोरखपुर एक्स. 17 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 15068 बांद्रा टर्मिनेस-गोरखपुर 18 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 19410 गोरखपुर-साबरमती 19 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20103 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर 19 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 14010 आनंद विहार टर्मिनस-बापूधाम मोतीहारी 19 से 30 अप्रैल के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 14009 बापूधाम मोतीहारी-आनंद विहार टर्मिनस 20 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20104 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 20 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12571 गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनस 20 अप्रैल से 03 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12572 आनंद विहार टर्मिनस-गोरखपुर 21 अप्रैल से 04 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12595 गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनस 21 अप्रैल से 01 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर12596 आनंद विहार टर्मिनस-गोरखपुर 22 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22549/50 वंदे भारत एक्सप्रेस 27 अप्रैल से 02 मई के लिए कैंसिल

पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों के कब्जे में पूरी ट्रेन, 200 लोग अभी भी बने हुए हैं बंधक, बंधकों को छुड़ाने में पाकिस्तानी सेना के छूट रहे पसीने

क्वेटा पाकिस्तान के बलूच अलगाववादी विद्रोहियों ने बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक ट्रेन पर हमला करके उस पर कब्जा कर लिया है। ट्रेन में 200 से ज्यादा बंधक मौजूद हैं, जिन्हें छुड़ाने के लिए पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बल जूझ रहे हैं। ये ट्रेन बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर के लिए जा रही थी। बलूच विद्रोहियों ने क्वेटा से 160 किमी की दूरी पर सिबी शहर के पास पहाड़ी इलाके में ट्रेन पर हमला किया, जब यह क्षेत्र में पड़ने वाली कई सुरंगों से गुजर रही थी। बलूचिस्तान की आजादी की मांग करने वाले बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और बंधकों के कब्जे में होने का दावा किया है। अब तक क्या हुआ? पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार दोपहर को जब जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से 160 दूर सुरंगों की शृंखला से गुजर रही थी, उस दौरान उस पर हमला किया गया। 9 डिब्बों वाली ट्रेन में 400 से ज्यादा यात्री सवार थे। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि बंधकों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए सैन्य अभियान जारी है। अधिकारियों ने अब तक 104 बंधकों को छुड़ाने का दावा किया है। क्वेटा में पाकिस्तान रेलवे के एक अधिकारी के हवाले से अल जजीरा ने बताया है कि महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों समेत लगभग 70 यात्री हमले की जगह से लगभग 6 किमी दूर पानिर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन में नौ बोगियां जिनमें तकरीबन 500 लोग सवार हैं, जिनमें सेना और सीक्रेट एजेंट की भी अच्छी-खासी तादाद है. पेशावर जा रही ट्रेन जैसे ही टनल में घुसी, उसी वक्त घात लगाकर बैठे बलूच विद्रोहियों ने उस पर हमला कर दिया. ताजा खबर के मुताबिक अभी तक 104 बंधकों को छुड़ा लिया गया है. रेस्क्यू कराए गए बंधकों में 50 से ज्यादा पुरुष, 30 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे भी हैं. पाकिस्तानी सेना के लिए कितना मुश्किल है रेस्क्यू ऑपरेशन? सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन की वजह से आतंकी दो समूहों में बंटे हुए हैं. बीएलए के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को मशकाफ टनल (Mashkaf Tunnel) में हाईजैक किया. यह टनल क्वेटा से 157 किलोमीटर की दूरी पर है. यह टनल जिस इलाके में है, वह बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका है, जिसका सबसे नजदीकी स्टेशन पहरो कुनरी है. बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि पेहरा कुनरी और गदालर के बीच जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर फायरिंग कर बीएलए के आतंकियों ने उस पर कब्जा किया था. ठ्रेन को टनल नंबर 8 में रोका गया. बोलन के जिला पुलिस अधिकारी राणा मुहम्मद दिलावर का कहना है कि यह पूरा इलाका पहाड़ी है, जो सुरंगों से पटा पड़ा है. उन्होंने बताया कि हाईजैक हुई ट्रेन इस समय बोलन दर्रे में खड़ी है. यह पूरा इलाका पहाड़ियों और सुरंगों से घिरा हुआ है, जिस वजह से मोबाइल नेटवर्क भी नहीं है. इस वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें भी हैं. इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि इन सब चुनौतियों के बावजूद सेना का मनोबल बना हुआ है. बता दें कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत है. यहां 1948 से ही बलूचों और पाकिस्तानी सेना के बीच टकराव होता रहा है. बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से अलग होने की मांग समय से कर रहे हैं. बीते कुछ समय में चीन का इस इलाके में दखल बढ़ा है. चीन इस इलाके में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिस वजह से उन पर लगातार हमले भी हो रहे हैं. BLA की मांग है कि बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग किया जाए. BLA की सबसे प्रमुख मांग है कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सरकार या सुरक्षा एजेंसी का कोई भी नुमांइदा वहां नहीं होना चाहिए. इसके अलावा चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) भी बलूचिस्तान से होकर गुजरता है. BLA इसका विरोध करती है. पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने 16 बलूच चरमपंथियों के मारे जाने का दावा किया है। हालांकि, बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के दावों का खंडन किया है और इसे पाकिस्तानी आर्मी का प्रोपेगैंडा बताया है। बीएलए ने बंधकों को छुड़ाने की खबरों को भी खारिज किया और दावा किया कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इंसानियत के नाते छोड़ा गया है। समूह ने कहा कि पाकिस्तानी आर्मी की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है और उनका स्थिति पर पूरा नियंत्रण है। हर घंटे 5 बंधकों को मारने की धमकी समूह ने दावा किया कि उन्होंने कम से कम छह सैन्य कर्मियों को मार दिया और रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया, जिससे ट्रेन को रुकना पड़ा। बीएलए ने धमकी दी है कि अगर पाकिस्तानी सेना ने कोई अभियान शुरू किया तो बंधकों को मारना शुरू कर देंगे। इसके साथ ही बीएलए ने बलूच राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की है और 48 घंटे तक इसके पूरा न होने पर हर घंटे 5 बंधकों को मारने की धमकी दी है। कैसे बीएलए की बढ़ी ताकत? विश्लेषकों का मानना है कि बीएलए की बढ़ती ताकत और उसका मुकाबला करने में राज्य की विफलता पुरानी रणनीतियों पर उसकी निर्भरता को दर्शाती है। वाशिंगटन डीसी में स्थित बलूचिस्तान विशेषज्ञ मलिक सिराज अकबर ने कहा कि बीएलए छोटे पैमाने पर हमले करने से लेकर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन करने तक विकसित हो गया है। समूह अब यात्री ट्रेन पर हमला कर रहा है, जो दिखाता है कि सरकार के पास उन्हें रोकने की क्षमता नहीं है। इसके साथ ही समूह अब मीडिया में बने रहने के तरीकों को सीख गया है, जो उसे नए लड़ाकों की भर्ती के लिए आकर्षित करने में मदद कर रहा है। ट्रेन पर हमले के बाद समूह ने लगातार सोशल मीडिया पर बयान जारी किया है, जिसमें लगातार घटनाक्रम पर अपडेट दिया है। यही नहीं, इसने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के दावों को भी गलत ठहराने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया है। जिस इलाके में ट्रेन को रोका गया है, वह दुर्गम पहाड़ी दर्रा है, जहां मोबाइल नेटवर्क और संसाधन पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में पाकिस्तानी आर्मी के लिए एक कड़ा अभियान चलाने में मुश्किल आ रही है। BLA ने बलूच कैदियों की रिहाई के लिए पाक सरकार को दिया 48 घंटे का … Read more

पाकिस्‍तान :बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों ने ट्रेन को हाईजैक किया, 500 यात्री बंधक, 6 पाकिस्‍तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारा

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक यात्री ट्रेन को हाईजैक कर लिया गया है। इस ट्रेन में करीब 500 यात्री सवार हैं। बलूचिस्तान के अलगाववादी गुट बीएलए ने एक बयान जारी कर ट्रेन पर कब्जा करने का दावा किया है। गुट का कहना है कि ट्रेन को हाईजैक करने की कोशिश पाकिस्तान के छह सैन्यकर्मी भी मारे गए हैं। इस संघर्ष के बाद उन्होंने ट्रेन को काबू करते हुए 100 से ज्यादा यात्रियों को बंधक बनाने का दावा किया है। हालांकि बंधकों की सही संख्या की जानकारी नहीं मिल सकी है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार की ओर से अभी तक कोई बयान इस संबंध में नहीं आया है। सेना ने भी इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा है। हाईजैक हुई ट्रेन पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी, तभी उस पर हमला हुआ। पाक अखबार डॉन के मुताबिक रेलवे नियंत्रक मुहम्मद काशिफ ने बताया कि नौ डिब्बों वाली इस ट्रेन में करीब 500 यात्री सवार थे। ऐसे में ये स्पष्ट नहीं है कि कितने लोग बंधक बनाए गए हैं। महिला, बच्चों और बलूच लोगों को छोड़ देने का दावा किया जा रहा है। टनल पर रोकी गई है ट्रेन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हथियारबंद लोगों ने जाफर एक्सप्रेस नाम की इस ट्रेन को बलूचिस्चान में टनल 8 पर रोक रखा है। लंबे समय से बलूचिस्तान में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लड़ रहे गुट बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ट्रेन को हाईजैक करने के बाद जारी बयान में कहा गया है कि बंधकों में पाकिस्तानी सेना के जवान और सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य शामिल हैं। बीएलए ने कहा है कि उनकी बात ना माने जाने पर इनको नुकसान पहुंचाया जा सकता है। बीएलए ने कहा है कि उन्होंने ट्रेन में महिलाओं, बच्चों और बलूच यात्रियों को रिहा कर दिया है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी बंधक पाकिस्तानी सेना के ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि विदेशियों को बंध बनाने का उनका इरादा नहीं है। बलूचिस्तान में अलगाववादी बीएलए और पाकिस्तानी सरकार के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। ट्रेन हाईजैक की ये घटना इस संघर्ष के तेज होने का इशारा करती है। बीएलए लंबे समय से इस क्षेत्र में स्वायत्तता की मांग कर रहा है। बीएलए लड़ाके पहले भी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले करते रहे हैं। हालांकि ट्रेन को हाईजैक करने का ये अपनी तरह का पहला मामला है। बलूचिस्तान प्रांत में बताया जा रहा है कि बोलान इलाके में ट्रेन सुरंग के अंदर पहुंची, जब यह हमला हुआ. मसलन, ट्रेन सुरंग नंबर 8 में ट्रेन जैसे ही पहुंची और ट्रैक पर धमाका हो गया. ट्रेन रुक गई और हमलावरों ने ट्रेन के इंजन पर फायरिंग की और इसमें ड्राइवर जख्मी हो गया. क्वेटा से पेशावर तक चलती है जाफर एक्सप्रेस जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से पेशावर के बीच हर रोज चलती है. यह एक यात्री ट्रेन है. ये ट्रेन रोहरी-चमन रेलवे लाइन और कराची-पेशावर रेलवे लाइन के एक हिस्से के साथ यात्रा करते हुए, 1,632 किलोमीटर (1,014 मील) की दूरी तय करती है. ये दूरी कवर करने में ट्रेन को 34 घंटे 10 मिनट लगते हैं. पाकिस्तानी सेना के 100 से ज्यादा जवान भी बंधक बलूच लिब्रेशन आर्मी ने एक बयान में कहा है कि उनके पास 100 से भी ज्यादा पाकिस्तानी सेना के जवान बंधक हैं. इस बीच बीएलए ने पाकिस्तानी आर्मी के छह जवानों को मौत के घाट उतार दिया है. इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर किसी तरह की कार्रवाई की जाती है तो सभी को मार दिया जाएगा. बलूचिस्तान में लंबे समय से पाकिस्तान का विरोध होता है.

होली पर भगदड़ रोकने को रेलवे की जबरदस्‍त तैयारी, 1450 स्‍पेशल ट्रेनें, स्‍टेशनों पर अस्‍थाई होल्डिंग एरिया…

नईदिल्ली महाकुंभ के बाद होली के मद्देनजर यात्रियों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए रेलवे कमर कस ली है। इस बीच  रेलवे बोर्ड में सूचना एवं प्रचार के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने होली के त्योहार के मद्देनजर भीड़ प्रबंधन और अतिरिक्त ट्रेनों के बारे में जानकारी दी।   होली के अवसर पर 1450 ट्रेनें चलाने की अधिसूचना दिलीप कुमार ने कहा कि देश में होली का त्योहार बहुत खास है। इस त्योहार पर लोग भारी संख्या में अपने-अपने घर जाते हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए हमने तैयारी की है। इस साल होली के अवसर पर हमने 1450 ट्रेनें चलाने की अधिसूचना जारी कर दी है। ये ट्रेनें देश के अलग-अलग हिस्सों से चलेंगी। नई दिल्ली, आनंद विहार, अहमदाबाद जैसी जगहों से भी ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं। पिछले साल हमने देखा कि होली के मौके पर पश्चिम भारत और नई दिल्ली के आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाते हैं। इसी पैटर्न के आधार पर हमने ट्रेनों की योजना बनाई है। दिल्ली, आनंद विहार और पंजाब के विभिन्न स्थानों से बिहार व उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की जरूरतों के अनुसार ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं। 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया भीड़ प्रबंधन की तैयारी पर उन्होंने कहा कि 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया तैयार करेंगे। होली के अवसर पर अस्थायी होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं। सभी स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारी, रेलवे सुरक्षा बल के जवान और वाणिज्यिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसी तरह टिकट खिड़कियों की संख्या आम दिनों से अधिक रखी गई है। 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था होली को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त हेल्प डेस्क बनाए जाने के सवाल पर दिलीप कुमार ने कहा कि लोगों की मदद के लिए हमारे 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हमने स्टेशनों पर पूछताछ काउंटर भी बनाए हैं, जहां से विभिन्न ट्रेनों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा हम अपने सोशल मीडिया साइट्स पर भी रोजाना विभिन्न ट्रेनों के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने आगे का कि होली के दौरान हमने सभी महत्वपूर्ण स्थानों से विशेष ट्रेनें चलाने का पूरा प्रयास किया है और अनरिजर्व क्लास में प्रवेश की व्यवस्था की निगरानी के लिए आरपीएफ के अतिरिक्त सदस्यों को तैनात किया गया है। पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से चले, इसमें हम जनता के सहयोग की भी अपेक्षा करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। रेलवे प्रशासन चुस्त-दुरुस्त है और पूरी सजगता के साथ आपकी सेवा में लगा हुआ है। पिछले पैटर्न के आधार पर रूट किए निर्धारित पिछले साल होली के मौके पर पश्चिम भारत और नई दिल्ली के आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश गए थे. इसी पैटर्न के आधार पर ट्रेनों की योजना बनाई है. दिल्ली, आनंद विहार और पंजाब के विभिन्न स्थानों से बिहार व उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की जरूरतों के अनुसार ट्रेनें अधिसूचित की गई हैं. भीड़ प्रबंधन की तैयारी पर उन्होंने कहा कि 60 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया तैयार करेंगे. होली के अवसर पर अस्थायी होल्डिंग एरिया तैयार किए गए हैं. सभी स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारी, रेलवे सुरक्षा बल के जवान और वाणिज्यिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं. इसी तरह टिकट खिड़कियों की संख्या आम दिनों से अधिक रखी गई है. अतिरिक्त हेल्प डेस्क बनाए जाने के सवाल पर दिलीप कुमार ने कहा कि लोगों की मदद के लिए हमारे 139 हेल्पलाइन नंबर पर पूरी व्यवस्था की गई है. इसके अलावा हमने स्टेशनों पर पूछताछ काउंटर भी बनाए हैं, जहां से विभिन्न ट्रेनों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है. होली के दौरान सभी महत्वपूर्ण स्थानों से विशेष ट्रेनें चलाने का पूरा प्रयास किया है और अनरिजर्व क्लास में प्रवेश की व्यवस्था की निगरानी के लिए आरपीएफ के अतिरिक्त सदस्यों को तैनात किया गया है. दिलीप कुमार ने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. रेलवे प्रशासन चुस्त-दुरुस्त है और पूरी सजगता के साथ आपकी सेवा में लगा हुआ है.

भोपाल से गुजरते हुए “ज्योतिर्लिंग के साथ द्वारका एवं शिर्डी यात्रा” के लिए रवाना होगी भारत गौरव पर्यटक ट्रेन

भोपाल मध्यप्रदेश के तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा एक विशेष धार्मिक पर्यटन सेवा की शुरुआत की जा रही है। “ज्योतिर्लिंग के साथ द्वारका एवं शिर्डी यात्रा” के नाम से प्रसिद्ध यह भारत गौरव पर्यटक ट्रेन दिनांक 25 मार्च 2025 को रीवा से रवाना होगी और रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से भी गुजरते हुए यात्रियों को अपने धार्मिक गंतव्यों तक पहुँचाएगी। इस यात्रा में भोपाल एवं आसपास के यात्रियों के लिए भी सीधे अपने नजदीकी स्टेशन से जुड़ने का अनूठा अवसर रहेगा। क्या होगी यात्रा की विशेषता? इस विशेष ट्रेन में 10 रातें और 11 दिन की यात्रा के दौरान यात्री द्वारका, सोमनाथ, त्र्यंबकेश्वर, शिरडी, भीमाशंकर और घृष्णेश्वर के पवित्र स्थलों के दर्शन कर सकेंगे। इस धार्मिक यात्रा में सभी प्रमुख सुविधाओं का ध्यान रखा गया है, जिससे श्रद्धालु बिना किसी चिंता के अपने आध्यात्मिक सफर का आनंद ले सकें। भोपाल एवं इटारसी के यात्रियों के लिए सुनहरा अवसर यह ट्रेन रानी कमलापति और इटारसी रेलवे स्टेशन से होकर गुजरेगी, जिससे भोपाल के तीर्थयात्री भी इस सुव्यवस्थित धार्मिक यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। यात्रा के दौरान सभी यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष एलएचबी कोचों की व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रा अधिक आरामदायक होगी। इसमें रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, सड़क परिवहन, वातानुकूलित बसों से दर्शनीय स्थलों की यात्रा, आवास की व्यवस्था, टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा, और हाउसकीपिंग जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा में सभी कोविड नियमों का पालन किया जाएगा। कैसे करें बुकिंग? इस यात्रा में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालु आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं या अधिकृत एजेंटों के माध्यम से भी टिकट प्राप्त कर सकते हैं। भोपाल एवं इटारसी के श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा एक विशेष अवसर है, जहाँ वे आरामदायक रेल सेवा और संपूर्ण सुविधाओं के साथ अपने धार्मिक स्थलों का दर्शन कर सकते हैं। आईआरसीटीसी का यह प्रयास यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और स्मरणीय आध्यात्मिक यात्रा प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है।  

रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ग्वालियर-इंदौर-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू

इंदौर  इंदौर। रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ग्वालियर-इंदौर-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन का दोनों दिशाओं में 13-13 फेरे चलाने का निर्णय लिया गया है। ग्वालियर इंदौर स्पेशल ट्रेन (01825) तत्काल प्रभाव से 11 मार्च तक और 16 व 17 मार्च को ग्वालियर से दोपहर एक बजे चलकर रात दो बजे इंदौर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार वापसी में इंदौर-ग्वालियर स्पेशल ट्रेन (01826) तत्काल प्रभाव से 12 मार्च तक और 17 व 18 मार्च को इंदौर शाम सात बजे चलकर अगले दिन सुबह 10.15 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। रतलाम मंडल में चलेंगी 4 स्पेशल ट्रेन गर्मी की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की घोषणा शुरू कर दी है। रतलाम मंडल से होकर चार स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसमें इंदौर-पुणे स्पेशल ट्रेन भी शामिल है। यह ट्रेन पांच मार्च से 25 जून तक प्रति बुधवार इंदौर से शुरू होकर अगले दिन पुणे पहुंचेगी। वर्तमान में इंदौर-पुणे के बीच दो ही नियमित ट्रेनें हैं। इस स्पेशल ट्रेन की बुकिंग भी शुरू हो गई है। इंदौर-पुणे के बीच इंदौर-दौंड और लिंगमपल्ली हमसफर ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। इसमें लिंगमपल्ली एक्सप्रेस प्रति शनिवार को रवाना होती है। वेटिंग कम करने चलेंगी स्पेशल ट्रेन वहीं इंदौर-दौंड का संचालन रोज होता है, लेकिन दोनों में हमेशा लंबी वेटिंग रहती है। इसी वेटिंग को कम करने के लिए ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन शुरू की गई है। इंदौर-पुणे-इंदौर स्पेशल (09324) पांच मार्च से 25 जून तक इंदौर से प्रति बुधवार सुबह 11.15 बजे चलेगी। यह देवास 11.50 बजे, उज्जैन 12.40 बजे, नागदा 13.57 बजे व रतलाम 14.35 बजे पहुंचेगी। ट्रेन प्रति गुरुवार रात 3.10 बजे पुणे पहुंचेगी। वापसी में पुणे-इंदौर स्पेशल (09323) छह मार्च से 26 जून तक पुणे से प्रति गुरुवार को सुबह 5.10 बजे चलेगी। ट्रेन रतलाम 8.30 बजे, नागदा 9.10, उज्जैन 10.05, देवास 11 और इंदौर रेलवे स्टेशन पर 11.55 बजे पहुंचेगी।

होली पर रेलवे से चलेगी 48 स्पेशल ट्रेनें, यहां देखिए टाइमिंग और ट्रेनों की पूरी लिस्ट

भोपाल रेल प्रशासन द्वारा होली त्यौहार में अतिरिक्त यात्री यातायात को क्लीयर करने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे से 05 जोड़ी स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। रेलयात्री किसी भी कंप्यूटरीकृत आरक्षण केन्द्र या ऑनलाइन आईआरसीटीसी की वेबसाइट से इस होली स्पेशल ट्रेनों के आरक्षण सुविधा का लाभ उठा सकते है। यह स्पेशल ट्रेने 1) गाड़ी संख्या 02186/02185 रीवा-रानी कमलपति-रीवा सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 02-02 ट्रिप :- गाड़ी 02186 रीवा से रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 08 एवं 12 मार्च 2025 को रीवा से दोपहर 12:30 बजे प्रस्थान कर उसी दिन रात में 21:10 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी 02185 रानी कमलापति से रीवा स्पेशल ट्रेन 08 एवं 12 मार्च 2025 को रानी कमलापति स्टेशन से रात 22:15 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 07:30 बजे रीवा स्टेशन पहुँचेगी। 2) गाड़ी संख्या 01704/01703 रीवा-रानी कमलपति-रीवा स्पेशल ट्रेन 01-01 ट्रिप :- गाड़ी 01704 रीवा से रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 16 मार्च 2025 को रीवा से सायं 18:45 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन भोर में 04:30 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी 01703 रानी कमलापति से रीवा स्पेशल ट्रेन 17 मार्च 2025 को रानी कमलापति स्टेशन से सुबह 06:15 बजे प्रस्थान कर उसी दिन सायं 17:10 बजे रीवा स्टेशन पहुँचेगी। 3) गाड़ी संख्या 01705/01706 जबलपुर-दानापुर-जबलपुर स्पेशल ट्रेन 01-01 ट्रिप :- गाड़ी 01705 जबलपुर से दानापुर स्पेशल ट्रेन 11 मार्च 2025 को जबलपुर से रात 19:40 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन सुबह 08:45 बजे दानापुर स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी 01706 दानापुर से जबलपुर स्पेशल ट्रेन 12 मार्च 2025 को दानापुर स्टेशन से सुबह 11:45 बजे प्रस्थान कर अगले दिन भोर 03:40 बजे जबलपुर स्टेशन पहुँचेगी। यह है होली स्पेशल ट्रेन 4) गाड़ी संख्या 09817/09818 कोटा-दानापुर-कोटा स्पेशल ट्रेन 02-02 ट्रिप :- गाड़ी 09817 कोटा से दानापुर स्पेशल ट्रेन 08 एवं 15 मार्च 2025 को कोटा से रात 21:05 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन सायं 18:30 बजे दानापुर स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी 09818 दानापुर से कोटा स्पेशल ट्रेन 09 एवं 16 मार्च 2025 को दानापुर स्टेशन से रात 21:15 बजे प्रस्थान कर अगले दिन रात्रि 22:25 बजे कोटा स्टेशन पहुँचेगी। 5) गाड़ी संख्या 01663/01662 रानी कमलापति-दानापुर-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 02-02 ट्रिप :- गाड़ी 01663 रानी कमलापति से दानापुर स्पेशल ट्रेन 12 एवं 15 मार्च 2025 को रानी कमलापति से दोपहर 14:25 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन सुबह 08:45 बजे दानापुर स्टेशन पहुँचेगी। इसी प्रकार गाड़ी 01662 दानापुर से रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 13 एवं 16 मार्च 2025 को दानापुर स्टेशन से सुबह 11:45 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 09:50 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुँचेगी।

महाकुंभ में अंतिम स्नान पर्व के साथ ही ट्रेन में यात्रियों की भीड़ का रुख बदल गया

 जबलपुर  महाकुंभ में अंतिम स्नान पर्व के साथ ही ट्रेन में यात्रियों की भीड़ का रुख बदल गया है। बुधवार रात से प्रयागराज से जबलपुर की ओर आने वाली ट्रेनों में यात्री दबाव बढ़ गया है। महाकुंभ से लौटने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ से लंबी दूरी की ट्रेन के वातानुकूलित कोच की स्थित जनरल जैसी बन गई है। स्लीपर कोच भी यात्रियों से ठसाठस भरे हुए है। घर आने की हड़बड़ी में अनारक्षित टिकिट लेकर यात्री आरक्षित कोच में चढ़ रहे है। इनकी संख्या अधिक होने से महीनों आरक्षण कराने वाले यात्रियों में आक्रोश पनप रहा है। ठसाठस भरकर आ रही महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें     आरक्षित कोचों में क्षमता से अधिक यात्री होने से स्टेशन से ट्रेन में चढ़ने-उतरने में भी यात्री परेशानी से जूझ रहे है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज से अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। ये ट्रेनें ठसाठस भरकर आ रही है।     प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर श्रृद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित करने के लिए जबलपुर होकर चलने वाली कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। इसके कारण भी लंबी दूरी की जबलपुर होकर जाने वाली अन्य ट्रेनों में श्रृद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है।     बीच के स्टेशनों से एक्सप्रेस ट्रेन में टिकट आरक्षित कराने वाले यात्री कई बार भीड़ के कारण ट्रेन में सवार होने से चूक रहे हैं। वहीं, दरवाजे तक भीड़ होने के कारण यात्रियों गंतव्य में उतरने के लिए कोच की आपातकालीन खिड़की से बाहर आने की नौबत बन रही है। स्पेशल ट्रेन के रैक रिजर्व प्रयागराज से जबलपुर रेलखंड में सतना और कटनी तक भीड़ का दबाव अधिक है। बुधवार को भी प्रयागराज से जबलपुर की ओर स्पेशल ट्रेन संचालित की गई है। जबलपुर रेल मंडल की ओर स्पेशल अनारक्षित ट्रेन के लिए कुछ रैक रिजर्व रखे गए है। इन ट्रेनों को सतना और कटनी स्टेशन में यात्रियों की भीड़ होने पर जिस दिशा में यात्री अधिक होंगे, वहां तुरंत चलाने के लिए तैयार रखा गया है। श्रृद्धालुओं की आवश्यकतानुसार कटनी से बीना की ओर स्पेशल ट्रेन चलाने की भी योजना है। ताकि प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या से लौटने वाले श्रृद्धालुओं के सतना और कटनी पहुंचने के बाद आगे का रेल संपर्क सुविधा प्रदान किया जा सकें। जबलपुर के रास्ते आयी महानगरी महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों के संचालन की सुविधा के लिए रेलवे ने वाराणसी-मुंबई के मध्य संचालित होने वाली महानगरी का मार्ग परिवर्तित किया था। ये ट्रेन बुधवार को अपने निर्धारित पथ पर लौट आयी। जबलपुर के रास्ते संचालित हुई। ट्रेन में प्रयागराज से जबलपुर की ओर यात्री की भीड़ अपेक्षाकृत अधिक रही। रेल अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में कमी आयी है। वापसी में भीड़ बढ़ी है, लेकिन यात्री बंटकर आने के कारण पहले जैसी भीड़ की स्थिति नहीं है। जबलपुर से सतना के मध्य रेलवे स्टेशनों में रेल सुरक्षा बल को सतर्क किया गया है। वह ट्रेन आने पर नजर रख रहे है। कोच के दरवाजे बंद होने पर उन्हें खुलवा रहे है, ताकि यात्रियों को चढ़ने-उतरने में समस्या न हो।

संगम स्‍नान को ध्‍यान में रखते रेलवे ने स्‍पेशल प्‍लान बनाया, रेल मंत्री वैष्‍णव प्रयागराज पहुंचे हैं और भीड़ का जायजा लिया

प्रयागराज  प्रयागराज में डेढ़ माह से चल रहा महाकुंभ भले ही खत्‍म हो गया हो लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे अभी स्‍पेशल ट्रेनों को बंद नहीं करेगा. पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ये ट्रेनें चलती रहेंगी. संगम स्‍नान को ध्‍यान में रखते रेलवे ने स्‍पेशल प्‍लान बनाया है. वहीं आज स्‍वयं रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव प्रयागराज पहुंचे हैं और भीड़ का जायजा लिया है. विश्‍व का सबसे बड़ा पर्व महाकुंभ शिवरात्रि को समाप्‍त हो गया है. लेकिन यहां पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला अभी भी जारी है. आज भी संगम तट तक खासी भीड़ देखी जा रही है. इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहेगा. क्‍योंकि तमाम श्रद्धालु महाकुंभ के दौरान भीड़ की वजह से नहीं पहुंच पाए होंगे, वो अब जरूर जाएंगे. रेलमंत्री पहुंचे प्रयागराज महाकुंभ के सफल आयोजन में जुटे रेल कर्मियों को आभार व्‍यक्‍त करने के लिए आज रेल मंत्री महाकुंभ पहुंचे. उन्‍होंने बताया कि इस मेले की तैयारी ढाई साल पहले से शुरू कर दी गयी है. श्रद्धालुओं को सुविधाजनक सफर कराने के लिए प्रयागराज में कई फ्लाईओवर और गंगा में पुल समेत कई अन्‍य निर्माण कार्य कराए गए हैं. इस दौरान वहां भीड़ का जायजा लिया. जानें भारतीय रेलवे का ‘स्‍पेशल प्‍लान’ रेलवे मंत्रालय के डायरेक्टर इनफॉरमेशन एंड पब्लिसिटी शिवाजी मारुति सुतार ने बताया कि महाकुंभ के लिए स्‍पेशल ट्रेनों को एक साथ नहीं बंद किया जाएगा. इसके लिए रेलवे की टीम लगातार मोनिटर कर रही है कि महाकुंभ के बाद प्रयागराज के लिए टिकटों की बिक्री कितनी हो रही है या फिर प्रयागराज की ओर जाने वाली ट्रेनों में सामान्‍य दिनों के मुकाबले अधिक भीड़ है क्‍या, इनका आंकलन करने के बाद ट्रेनों को चलाने और बंद करने का फैसला किया जाएगा. यानी अगर आपने महाकुंभ के दौरान भीड़ और ट्रेन में रिजर्वेशन न मिलने की वजह से स्‍नान नहीं किया है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. विभिन्‍न शहरों से चलाई जा रही स्‍पेशल ट्रेनों से प्रयागराज पहुंचकर स्‍नान कर सकते हैं. चार गुना अधिक चलाई गयीं ट्रेनें भारतीय रेलवे ने पिछले महाकुंभ में 4000 ट्रेनें चलाई थीं, वहीं, इस बार रेलवे की प्‍लानिंग 13000 ट्रेनों की चलाने की थी, लेकिन भीड़ को देखते हुए 16000 के करीब ट्रेनें चलाई गयी हैं. इन ट्रेनों से साढ़े चार से पांच करोड़ श्रद्धालुओं ने सफर किया है.

प्रयागराज कुंभ जाने वाली ट्रेनें प्रभावित, रेलवे ने 2 ट्रेनें 11 से 13 फरवरी तक प्रभावित होंगी

रतलाम  प्रयागराज महाकुंभ 2025 में लगातार देशभर से श्रद्धालुओं पहुंच रहे हैं. जिससे इन दिनों सड़क मार्ग पर काफी जाम लग रहे हैं. श्रद्धालु अब ट्रेन से सफर करने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि, प्रयागराज मंडल में कुंभ मेला आयोजन के चलते रेलवे को अब कुछ ट्रेनों को निरस्त भी करना पड़ रहा है. वहीं, कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट और शर्ट अर्जीनेट भी किया गया है. साथ ही रतलाम मंडल की 2 यात्री ट्रेनों के रूट में परिवर्तन किया गया है. 11 से 13 फरवरी तक ट्रेनें रहेंगी प्रभावित प्रयागराज मंडल में हो रहे महाकुंभ मेला 2025 के चलते रतलाम मंडल के विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरने वाली 2 ट्रेनें 11 से 13 फरवरी तक प्रभावित होंगी. ऐसे में रतलाम रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों से प्रयागराज के लिए अगर आप यात्रा कर रहे हैं तो प्रभावित ट्रेनों की जानकारी लेकर ही यात्रा करें. प्रयागराज की बजाए खजुराहो से चलेंगी ये ट्रेनें ट्रेन संख्या 14115, डॉ. अंबेडकर नगर-प्रयागराज एक्सप्रेस 11 और 12 फरवरी को खजुराहो स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट होगी. साथ ही संख्या 14116, प्रयागराज-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस 12 और 13 फरवरी 2025 को खजुराहो से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी. यह यात्री गाड़ी प्रयागराज से शुरू नहीं होकर खजुराहो रेलवे स्टेशन से चलेगी रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने कहा, ” जिन यात्रियों ने इन ट्रेनों की पूर्व में ही टिकट बुकिंग करवा ली है वह ट्रेनों की जानकारी लेकर ही यात्रा करें. ट्रेनों की जानकारी रेलवे की वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.”

कैंसिल रहेंगी ये ट्रेनें, रेलवे ने जारी की पूरी लिस्ट

नई दिल्ली भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है. रोजाना भारत में ट्रेन के जरिए लोग एक शहर से दूसरे शहर ट्रेवल करते हैं. रेलवे की ओर 13,000 से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाती हैं. भारतीय रेलवे अपना नेटवर्क लगातार बढ़ाता जा रहा है. इसके लिए अलग-अलग रेल डिवीजनों पर नई-नई रेल लाइन जोड़ी जाती हैं. हालांकि इस काम के लिए रेलवे को कई बार कई ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ती है. जिस वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसा ही कुछ फरवरी-मार्च में ट्रेन से जाने वाले यात्रियों के साथ हुआ है. रेलवे ने अलग-अलग रूटों की कई ट्रेनें कैंसिल कीं हैं. सफर पर जाने से पहले देख कर जाएं इन ट्रेनों की लिस्ट. इस वजह से कैंसिल हुईं ट्रेनें भारतीय रेलवे की ओर से जब किसी रेल डिवीजन पर काम होता है. तो उस रूट से जाने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ता है. हाल ही में रेलवे से मेरी जानकारी के मुताबिक हावड़ा-दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल किया गया है. प्री-इंटरलॉकिंग, इंटरलॉकिंग, यार्ड रि-मॉडलिंग के काम के चलते 134 लोकल ट्रेनों समेत कई और ट्रेनें कैंसिल की गई हैं. ट्रेन नंबर 20971 उदयपुर-शालीमार साप्ताहिक एक्सप्रेस 08 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20972 शालीमार-उदयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18033-18034 हावड़ा-घाटशिला-हावड़ा मेम 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18011-18012 हावड़ा-चक्रधरपुर-हावड़ा एक्सप्रेस 08 और 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18616 हटिया-हावड़ा क्रिया योग एक्सप्रेस 08 और 21 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18615 हावड़ा-हटिया क्रिया योग एक्सप्रेस 09 और 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18006 जगदलपुर-हावड़ा संबलेश्वरी एक्सप्रेस 08 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18005 हावड़ा-जगदलपुर संबलेश्वरी एक्सप्रेस 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22862 कंटाबाजी-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22861 हावड़ा-कंटाबाजी इस्पात एक्सप्रेस 23 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12833 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस 21 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12834 हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12021-12022 हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस 22-23 मार्च के लिए कैंसिल इन ट्रेनों के बदले गए रूट ट्रेन नंबर 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस : 21 मार्च को चार घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 12809 हावड़ा मुंबई मेल : 21 मार्च को 2.30 घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 18006 जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस : 22 मार्च को तीन घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 18616 हटिया-हावड़ा क्रिया योग एक्सप्रेस : 22 मार्च को दो घंटे रि-शिड्यूल की गई.  

भारतीय रेलवे ने 15 फरवरी से शुरू की इन रूट्स पर 10 स्पेशल ट्रेन, वेटिंग होने से पहले बुक कर लें टिकट

भोपाल रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने फरवरी में यूपी, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के रास्ते 10 स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है।इन स्पेशल ट्रेनों का परिचालन फरवरी मेंअलग-अलग तिथि को किया जाएगा। यात्री अपनी सुविधा के हिसाब से टिकट बुकिंग करा सकते हैं। गाड़ी संख्य 69233/69234 वड़ोदरा-दाहोद-वड़ोदरा मेमू समेत एक दर्जन ट्रेनें 28 फरवरी तक निरस्त रहेगी।यात्री इन स्पेशल ट्रेनों के ठहराव की विस्तृत जानकारी रेल मदद नम्बर 139 या फिर www.enquiry.indianrail.gov.in या NTES App पर जाकर भी डिटेल्स प्राप्त कर सकते हैं। फरवरी में चलेगी ये स्पेशल ट्रेन     गाड़ी संख्या 09537 राजकोट-बनारस ट्रेन 15 और 19 फरवरी को राजकोट से सुबह 06.05 बजे रवाना होकर अगले दिन 02.45 बजे बनारस पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09538 बनारस-राजकोट ट्रेन 16 और 20 फरवरी को बनारस से शाम 07.30 बजे रवाना होकर तीसरे दिन तड़के 04.10 बजे राजकोट पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09555 भावनगर टर्मिनस-बनारस 16 व 20 फरवरी को भावनगर से सुबह 5 बजे रवाना होगी, और अगले दिन दोपहर 2:45 बजे बनारस पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09556 बनारस-भावनगर टर्मिनस 17 और 21 फरवरी को रात 7:30 बजे बनारस से रवाना होकर तीसरे दिन सुबह 5 बजे भावनगर पहुंचेगी।यह महेसाना, पालनपुर, आबूरोड, ब्यावर, अजमेर, किशनगढ, जयपुर, भरतपुर, आगरा फोर्ट, फतेहपुर, प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर रूकेगी।     गाड़ी संख्या 09453, साबरमती-बनारस महाकुंभ मेला स्पेशल रेलसेवा दिनांक 21.02.25 को (01 ट्रिप) साबरमती से 11.00 बजे रवाना होकर जयपुर स्टेशन पर 23.10 बजे आगमन व 23.20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 16.00 बजे बनारस पहुंचेगी।यह महेसाणा, पालनपुर, आबूरोड,ब्यावर, अजमेर, किशनगढ, जयपुर, भरतपुर, आगराफोर्ट,इटावा,फतेहपुर, प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर रुकेगी।     गाड़ी संख्या 09454, बनारस-साबरमती महाकुंभ मेला स्पेशल रेलसेवा दिनांक 22.02.25 को (01 ट्रिप) बनारस से 19.30 बजे रवाना होकर अगले दिन जयपुर स्टेशन पर 13.15 बजे आगमन व 13.20 बजे प्रस्थान कर दिनांक 24.02.25 को 00.30 बजे साबरमती पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09139 विश्वामित्री-बलिया महाकुंभ स्पेशल 22 फ़रवरी को सुबह 8:35 बजे विश्वामित्री से चलकर दाहोद (12:12/12:14), रतलाम (1:35/1:45), नागदा (2:38/2:40), उज्जैन (3:55/4:05) व शुजालपुर (5:58/6:00) बजे होती हुई अगले दिन 20:30 बजे बलिया पहुंचेंगी।     गाड़ी संख्या 09140 बलिया-विश्वामित्री महाकुंभ स्पेशल 23 फरवरी को रात 11:30 बजे बलिया से चलकर शुजालपुर (1:27/1:29), उज्जैन (3:40/3:50), नागदा (4:40/4:42), रतलाम (5:20/5:30), दाहोद (7:01/7:03) होती हुई सोमवार सुबह 10:05 बजे विश्वामित्री पहुंचेंगी।     गाड़ी संख्या 01203 नागपुर-दानापुर कुंभ मेला स्पेशल  08 फरवरी को नागपुर से 15:00 बजे खुल कर अगले दिन 06:20 बजे प्रयागराज छिवकी रुकते हुए 13:00 बजे दानापुर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01204 दानापुर-नागपुर कुंभ मेला स्पेशल 09 फरवरी को दानापुर से 14:30 बजे खुल कर 21.25 बजे प्रयागराज छिवकी रुकते हुए अगले दिन 11:40 बजे नागपुर पहुंचेगी। 28 फरवरी तक ये ट्रेने रद्द     ट्रेन नंबर 12355 अर्चना एक्सप्रेस 8, 11, 15, 18, 22, 24 फरवरी तक ।ट्रेन नंबर12356 अर्चना एक्सप्रेस  9, 12, 16, 19, 23, 25 फरवरी तक ।     ट्रेन नंबर 15655 कामाख्या-माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 9, 16, 23 फरवरी तक ।ट्रेन नंबर 15656 माता वैष्णो देवी कटरा-कामाख्या एक्सप्रेस 12, 19, 26 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12469 कानपुर-जम्मू एक्सप्रेस 12, 14, 19, 21, 26, 28 फरवरी के लिए ।ट्रेन नंबर 12470 जम्मू-कानपुर एक्सप्रेस  11, 13, 18, 20, 25, 27 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12491 बरौनी-जम्मू मोरध्वज एक्सप्रेस 9, 16, 23 फरवरी तक।ट्रेन संख्या- 8035/18036, खड़गपुर-हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस 9 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12492 जम्मू-बरौनी मोरध्वज एक्सप्रेस  14, 21, 28 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 14611 गाजीपुर-वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 14, 21, 28 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 14612 वैष्णो देवी कटरा-गाजीपुर एक्सप्रेस 13, 20 और 27 फरवरी तक ।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार होने के साथ भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्रा में क्रांति लाने के लिए तैयार

  जबलपुर  वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार होने के साथ भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्रा में क्रांति लाने के लिए तैयार है, जो देश के सबसे तेजी से बढ़ते बेड़े का एक अत्याधुनिक संस्करण है। विश्वस्तरीय, हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन का सपना अब हकीकत बन चुका है क्योंकि पहली 16-डिब्बों वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने 15 जनवरी 2025 को मुंबई-अहमदाबाद खंड में पांच सौ चालीस किलोमीटर की दूरी के लिए अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) के कठोर परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई ने पिछले साल 17 दिसंबर को भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का निर्माण पूरा किया। एक पखवाड़े के भीतर ट्रेन को कोटा डिवीजन में लाया गया और पिछले महीने के पहले सप्ताह में लगातार तीन दिन तक 30 से 40 किलोमीटर की छोटी दूरी के लिए सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया, जहां इसने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की उच्च गति से आरामदायक यात्रा का अनुभव हासिल किया।    यह उपलब्धि रेलवे के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण छलांग है, जो यात्रियों के लिए एक बेरोकटोक और शानदार यात्रा के अनुभव का वादा करती है। आराम, गति और अत्याधुनिक तकनीक पर ध्यान केन्द्रित करने के साथ, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें आने वाले दिनों में लोगों को रात भर की यात्राओं की नई परिभाषा देने के लिए तैयार हैं। उत्पादन बढ़ाना: प्रगति की ओर    प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण के बाद, अप्रैल से दिसम्बर 2025 के बीच नौ और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का उत्पादन निर्धारित है। ये ट्रेनें लंबी दूरी के यात्रियों के लिए दक्षता और सुविधा के मामले में नए मानक स्थापित करेंगी।    इस स्लीपर ट्रेन को पहली बार उपलब्ध कराने के लिए, भारतीय रेलवे ने 17 दिसम्बर 2024 को 24 डिब्बों की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट के 50 रेक के लिए प्रोपल्शन इलेक्ट्रिक्स का एक बड़ा ऑर्डर दिया है। यह ऑर्डर दो प्रमुख भारतीय निर्माताओं को दिया गया है, जो 2 साल की समय सीमा में तैयार होने की संभावना है। * मेसर्स मेधा 33 रेकों के लिए प्रोपल्शन प्रणाली की आपूर्ति करेगी। * मेसर्स अलस्टॉम 17 रेकों के लिए प्रोपल्शन प्रणाली की आपूर्ति करेगा। भविष्य की ओर देखते हुए, 24 डिब्बों वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पूरे पैमाने पर उत्पादन 2026-27 में शुरू होगा, जिससे रेलवे प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता और मजबूत होगी। गति और विलासिता के साथ रेल यात्रा में एक नया अध्याय    इन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को स्वचालित दरवाजों, बेहद आरामदायक बर्थ, ऑन बोर्ड वाईफ़ाई और विमान जैसी सुविधाओं के साथ डिज़ाइन किया गया है। भारत में यात्री पहले से ही मध्यम और छोटी दूरी पर देश भर में चलने वाली 136 वंदे भारत ट्रेनों के माध्यम से रिक्लाइनिंग सीटों और विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव का आनंद ले रहे हैं। वंदे भारत स्लीपर के साथ, यात्री विश्वस्तरीय सुविधाओं और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस एक शांत, सुगम और अधिक आरामदायक यात्रा की उम्मीद कर सकते हैं। मेक इन इंडिया पहल के तहत डिज़ाइन और निर्मित, यह ट्रेन भारत की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और रेल यात्रा में बदलाव लाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।     जैसे-जैसे भारतीय रेलवे इस परिवर्तनकारी परियोजना के साथ आगे बढ़ रहा है, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट आधुनिक, कुशल और यात्री-अनुकूल परिवहन की राष्ट्र की कल्पना का प्रमाण है। ट्रेन की विशेषताएं * ट्रेन में 16 डिब्बे हैं जिन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: एसी प्रथम श्रेणी, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर। * ट्रेन की कुल क्षमता 1,128 यात्रियों की है ट्रेन में क्रैश बफ़र्स, विरूपण ट्यूब और अग्नि अवरोधक दीवार है। * ट्रेन में स्वचालित दरवाजे, गद्देदार बर्थ और ऑनबोर्ड वाईफाई है।        भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के परिचालन से पहले, अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ट्रायल रन का विश्लेषण करने के बाद अंतिम प्रमाणपत्र जारी करेगा। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ट्रेन की अधिकतम गति का मूल्यांकन करेंगे।

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