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UPI ट्रांजेक्शन की स्पीड हुई डबल, 30 की जगह 15 सेकंड में होगा पेमेंट, देखें नए बदलावों की पूरी लिस्ट

नई दिल्ली UPI से अब पैसे भेजना और लेना आज से और भी तेज हो जाएगा. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 26 अप्रैल 2025 को कहा कि वे यूपीआई के रिस्पॉन्स टाइम को कम कर रहे हैं. इससे बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (जैसे फोनपे, गूगल पे, पेटीएम) को फायदा होगा. NPCI ने 26 अप्रैल को अपने एक सर्कुलर में कहा था कि 16 जून से UPI से लेनदेन करना और भी तेज हो जाएगा. ऐसे में यूजर्स को एक शानदार एक्सपीरियंस मिलेगा. आइए विस्तार से जानते है. यूपीआई API मौजूदा समय (सेकंड) नया समय (सेकंड) रिक्वेस्ट पे, डेबिट और क्रेडिट 30 सेकंड 15 सेकंड चेक ट्रांजेक्शन स्टेटस 30 सेकंड 10 सेकंड ट्रांजेक्शन रिवर्सल (डेबिट और क्रेडिट) 30 सेकंड 10 सेकंड वैलिडेट एड्रेस (पे, कलेक्ट) 15 सेकंड 10 सेकंड जुलाई के बाद नए नियम NPCI के 21 मई 2025 के सर्कुलर के मुताबिक, अगस्त से यूपीआई में और बदलाव आएंगे. बैंक और PSP को यह सुनिश्चित करना होगा कि यूपीआई के API रिक्वेस्ट (ट्रांजेक्शन की स्पीड और मात्रा) को ठीक से मैनेज किया जाए. क्या-क्या बदलेगा?     बैलेंस चेक: हर यूजर दिन में 50 बार यूपीआई ऐप से बैलेंस चेक कर सकेगा.     लिस्ट अकाउंट: आप अपने मोबाइल से लिंक अकाउंट्स की लिस्ट देख सकते हैं.     ऑटो-पेमेंट: ऑटो-पेमेंट के लिए हर मैनडेट (पेमेंट शेड्यूल) के लिए 1 कोशिश और 3 रीट्राई मिलेंगी. ये कोशिशें नॉन-पीक आवर्स में होंगी. पीक आवर्स (जब सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन होते हैं).     NPCI ने दिए आदेश: NPCI ने कहा कि सभी बैंकों और पार्टनर्स को 31 जुलाई 2025 तक ये बदलाव लागू करने होंगे. क्यों हो रहा है बदलाव? यूपीआई भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला डिजिटल पेमेंट सिस्टम है. NPCI यूजर्स का अनुभव बेहतर करना चाहता है. इसके लिए बैंक और PSP को अपने सिस्टम अपडेट करने होंगे ताकि ट्रांजेक्शन तेज हों और कोई दिक्कत न आए. 16 जून 2025 से यूपीआई और तेज होगा. इससे पेमेंट करना और आसान हो जाएगा. इतने रुपये तक कर सकते हैं पेमेंट  यूपीआई ऐप जैसे फोन पे, गूगल पे और पेटीएम के जरिए आप 2 लाख रुपये एकमुश्त या किस्तों में लेन-देन कर सकते हैं। यूपीआई ऐप आने के बाद अब पेमेंट करना और आसान हो गया है। पेमेंट के लिए आपको अब कैश की जरूरत नहीं पड़ती।  आज हर छोटी-बड़ी दुकान में आपको यूपीआई पेमेंट सर्विस उपलब्ध है। हालांकि पेमेंट डिजटलाइज होने के साथ-साथ धोखाधड़ी का खतरा उतना भी बड़ गया है। साइबर अपराधी से बचने के लिए जरूरी है कि आप किसी भी यूपीआई ऐप के जरिए पेमेंट करते वक्त सावधानी बरते। 

Paytm, PhonePe और Google Pay नहीं कर रहे काम,नहीं हो पा रही UPI ट्रांजैक्शन

नई दिल्ली  शनिवार सुबह भारत में यूपीआई (Unified Payments Interface) एक बार फिर से डाउन है। यूपीआई में आई इस दिक्कत की वजह से लाखों यूजर्स डिजिटल पेमेंट्स नहीं कर पा रहे हैं। इस अचानक आई खराबी ने PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे लोकप्रिय एप्स के जरिए लेन-देन करने वाले लोगों और व्यापारियों दोनों को बुरी तरह प्रभावित किया। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Downdetector ने भी इस आउटेज की जानकारी दी. इस आउटेज का असर Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स पर नजरआया है. Downdetector से पता लता है कि इस आउटेज की शुरुआत करीब शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास हुई. इस दौरान Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स UPI पेमेंट नहीं कर पाए. इस दौरान कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया. बताते चलें कि भारत में UPI सर्विस देने वाले कई ऐप मौजूद हैं. जिसमें बैंकिंग ऐप से लेकर Paytm और PhoePe जैसे नाम भी शामिल हैं. शनिवार दोपहर से UPI की सर्विस प्रभावित हुईं Downdetector पर UPI प्रोब्लम को लेकर शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास से लोगों ने रिपोर्ट करना शुरू किया. इस दौरान यूजर्स को UPI QR Code स्कैन करने के बाद पेमेंट का प्रोसेस तो नजर आ रहा है, लेकिन 5 मिनट बाद भी पेमेंट प्रोसेस कंप्लीट नहीं हो रहा है. हालांकि अभी इस आउटेज को लेकर ये जानकारी सामने नहीं आई है कि इससे भारत के कौन-कौन से राज्य प्रभावित हुए हैं. सोशल मीडिया पर छाटा ट्रेंड UPI की सर्विस प्रभावित होने के बाद बहुत से यूजर्स को पेमेंट करने में परेशानी आ रही हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करना शुरू कर दिया. Elon Musk के X प्लेटफॉर्म पर कुछ ही मिनट में #upidown ट्रेंड करने लगा. इसका हैशटैग का इस्तेमाल करके बहुत से लोगों ने इंटरनेट पोस्ट किया और कई लोगों ने तो UPI Down दिखाने के लिए स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए.   इससे पहले, 26 मार्च को भी यूपीआई सेवा में भारी तकनीकी गड़बड़ी आई थी, जब अलग-अलग यूपीआई एप्स के यूजर्स लगभग 2 से 3 घंटे तक ट्रांजेक्शन नहीं कर पाए थे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इस समस्या का कारण तकनीकी दिक्कतें बताया था, जिससे पूरे देश में आम यूजर्स और व्यापारियों की डिजिटल भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। कई बैंकिंग सर्विस भी प्रभावित Downdetector ने अपने पोर्टल पर बताया है कि SBI, Google Pay, HDFC Bank और ICICI बैंकिंग की UPI सर्विस भी प्रभावित हुई हैं. UPI भारत में एक पॉपुलर सर्विस है, जिसकी मदद से यूजर्स चाय की दुकान से लेकर रेल टिकट बुकिंग तक में पेमेंट करते हैं. ऐसे में अगर ये सर्विस ठप पड़ जाती है, तो उसकी वजह से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. UPI क्या है? यूपीआई (UPI) एक शॉर्ट नेम है, जिसका फुल फॉर्म Unified Payments Interface है. यह भारत में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा डेवलप किया है और एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम है. यह सिस्टम तुरंत और सुरक्षित बैंक खातों के बीच रुपये ट्रांसफर करने की सुविधा देती है. UPI Outage : यूजर्स क्या करें अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यूपीआई में ये परेशानी आखिर आई कैसे? यूजर्स को जल्द ही समस्या ठीक होने की उम्मीद है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और ना ही किसी बड़े UPI ऐप ने अब तक इसे लेकर किसी तरह की जानकारी दी है। ऐसे में यूजर्स को पूरी तरह सर्विस चालू होने तक किसी तरह के पेमेंट से बचना चाहिए। UPI क्यों इतना जरूरी यूपीआई देश का सबसे पॉपुलर पेमेंट सिस्टम बन गया है। इसे NPCI ने तैयार किया है। यह सिस्टम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की निगरानी में काम करता है। इससे लोग बिना किसी फीस के तुरंत पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। चायवाले से लेकर बड़े-बड़े मॉल और कंपनियों तक में आज UPI ही यूज किया जा रहा है। इसमें कई जबरदस्त फीचर्स भी हैं, जो यूजर्स को सहूलियत देते हैं।

1 अप्रैल 2025 से बंद हो जाएगा UPI?इन मोबाइल नंबरों की बैंकिंग और UPI सेवा, जानें वजह

मुंबई अगर आप UPI का नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI ट्रांजैक्शन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे. इन बदलावों का उद्देश्य डिजिटल भुगतान प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है. क्या है नया नियम? NPCI के नए निर्देशों के अनुसार, बैंकों को उन मोबाइल नंबरों को अपने सिस्टम से हटाना होगा जो बंद हो चुके हैं या नए ग्राहकों को दोबारा असाइन किए गए हैं. यह कदम UPI ट्रांजैक्शन में होने वाली गलतियों को रोकने के लिए उठाया गया है. हर हफ्ते होगा डेटा अपडेट NPCI ने 16 जुलाई 2024 को हुई बैठक में यह फैसला लिया कि:     बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSP) को अपने डेटा को साप्ताहिक रूप से अपडेट करना होगा.     इस प्रक्रिया में उन मोबाइल नंबरों की सूची को हटाया जाएगा जो अब बंद हो चुके हैं या किसी अन्य ग्राहक को दे दिए गए हैं.     इससे गलत नंबर पर ट्रांजैक्शन होने की संभावना कम हो जाएगी और सुरक्षा बढ़ेगी. UPI यूजर्स को क्या करना चाहिए? NPCI के नए दिशानिर्देशों के चलते UPI यूजर्स को निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:     रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट करें: यदि आपने हाल ही में अपना मोबाइल नंबर बदला है, तो तुरंत अपने बैंक और UPI ऐप में इसे अपडेट करें.     UPI ऐप्स के नोटिफिकेशन पर नजर रखें: UPI ऐप्स अब नंबर अपडेट के लिए स्पष्ट सहमति लेंगे. इसके लिए एक ‘ऑप्ट-इन’ विकल्प दिया जाएगा, जिससे उपयोगकर्ता की मंजूरी के बिना कोई बदलाव नहीं होगा.     बैंक से संपर्क करें: यदि आपका पुराना मोबाइल नंबर बंद हो गया है, तो तुरंत बैंक को इसकी सूचना दें ताकि आपके अकाउंट की सुरक्षा बनी रहे.     पैसे प्राप्त करने में रुकावट: यदि किसी ग्राहक का नंबर अपडेट नहीं होता है, तो उन्हें UPI के माध्यम से पैसे प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है. बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए नए निर्देश NPCI ने बैंकों और UPI सेवा प्रदाताओं को इन नियमों को लागू करने के लिए 31 मार्च 2025 तक का समय दिया है. 1 अप्रैल 2025 से:     सभी बैंकों को NPCI को मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी.     इस रिपोर्ट में कुल UPI आईडी, सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या, अपडेट किए गए मोबाइल नंबरों के माध्यम से हुए ट्रांजैक्शन और स्थानीय स्तर पर हल किए गए नंबर-बेस्ड ट्रांजैक्शन का विवरण शामिल होगा. नए नियमों का असर NPCI द्वारा लागू किए गए इन नए दिशानिर्देशों का सकारात्मक प्रभाव निम्न रूप से देखा जा सकेगा:     UPI ट्रांजैक्शन में सुरक्षा बढ़ेगी: गलत नंबर पर पैसे भेजने की घटनाओं में कमी आएगी.     धोखाधड़ी की घटनाएं कम होंगी: नंबर अपडेट प्रक्रिया के कारण स्कैम और फ्रॉड की आशंका कम होगी.     UPI का अनुभव बेहतर होगा: उपयोगकर्ता लेन-देन में अधिक सहजता और सुरक्षा महसूस करेंगे. NPCI का उद्देश्य NPCI का मुख्य उद्देश्य UPI ट्रांजैक्शन को सुरक्षित और उपभोक्ता हित में अधिक सुविधाजनक बनाना है. नए नियमों के लागू होने के बाद डिजिटल पेमेंट सिस्टम और अधिक मजबूत व सुरक्षित हो जाएगा.

PF के पैसे निकलेंगे यूपीआई और एटीएम से, सब्सक्राइबर्स को तुरंत ही अपनी राशि मिल जाएगी

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सात करोड़ से भी ज्यादा सब्सक्राइबर्स या लाभार्थी को बड़ी आसानी होने जा रही है। सरकार अब इस तरह की व्यवस्था कर रही है कि लाभार्थी घर बैठे यूपीआई के जरिए अपना पैसा निकाल सकते हैं। यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है क्योंकि कई बार कर्मचारियों को PF की राश निकालने में दिक्कत आती है। उनके दावे रद्द हो जाते हैं। तीन में से एक क्लेम नहीं मिलते साल 2024 में EPFO ने EPF final settlement claims रिपोर्ट जारी की थी। यह साल 2023 के लिए थी। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ईपीएफओ में दावा किया गए हर तीन फाइनल सेटलमेंट क्लेम में से एक पास नहीं हुए बल्कि डिनाई (Denied) कर दिए गए। इसलिए सरकार UPI के ज़रिए EPF निकासी शुरू करने की योजना बना रही है। इससे प्रक्रिया आसान और तेज़ हो जाएगी। तुरंत पैसे आएंगे अकाउंट में इस नए तरीके से, EPF मेंबर GPay, PhonePe और Paytm जैसे UPI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके तुरंत पैसा निकाल पाएंगे। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस सुविधा को शुरू करने के लिए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ बातचीत कर रहा है। यह योजना मई या जून 2025 तक शुरू हो सकती है। कई सुविधाएं शुरू हो रही हैं केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने इसी साल जनवरी में बताया था कि EPFO 3.0 पहल, जिसमें ATM से निकासी भी शामिल है, इस साल जून तक लागू हो जाएगी। EPFO 3.0 के ज़रिए और भी कई सुविधाएं मिलेंगी। देखा जाए तो UPI से EPF निकासी के कई फायदे होंगे। इससे पैसे तक तुरंत पहुंच मिलेगी। अभी EPF निकासी में 23 दिन लगते हैं, लेकिन UPI से यह कुछ ही मिनटों में हो जाएगा। यह नई प्रक्रिया ज़्यादा पारदर्शी होगी। और निकासी प्रक्रिया को बेहद आसान बना देगी। जरूरतमंद को आसानी यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जिन्हें पैसे की तत्काल ज़रूरत होती है। मान लीजिये किसी मेडिकल इमरजेंसी में आपको पैसे की ज़रूरत है, तो आप तुरंत अपने EPF से पैसे निकाल सकेंगे। इससे आपको किसी से उधार मांगने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। या फिर अगर आपको कोई बड़ी खरीदारी करनी है, तो आप आसानी से अपने EPF से पैसे निकाल सकते हैं। यह सुविधा आपके लिए एक वरदान साबित होगी।

UPI को लेकर Qatar के साथ बड़ी Deal, Islamic देशों में आगे निकला India, आ रहे कौन से नए फीचर्स

नईदिल्ली Web Summit Qatar 2025 में UPI को लेकर एक बड़ा ऐलान किया गया है. भारत के यूनिफाइड पमेंट्स् सिस्टम (UPI) का कतर में फुल रोलआउट शुरू होने जा रहा है. इसकी जानकारी भारत के एंबेस्डर विपुल ने Web Summit में दी है. UPI एक पेमेंट सिस्टम है, जिसमें QR कोड या मोबाइल नंबर एंटर करके पेमेंट ट्रांसफर की जा सकती है. Qatar National Bank’s (QNB) के प्वाइंट ऑफ सेल सिस्टम के साथ सफलतापूर्वक इंटीग्रेशन हो गया है. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है. भारतीय एंबेस्डर विपुल ने इसकी जानकारी बीते दोहा में आयोजित Web Summit Qatar के दौरान दी. UPI के इस फुल रोलाउट के बाद भारतीय लोग कतर में आसानी से फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर सकेंगे. इसका फायदा की भारतीयों को मिलेगा. भारत और कतर के स्टार्टअप और इनोवेशन के सेक्टर में मजबूत साझेदारी नजर आ रही है. Web Summit Qatar का दूसरा एडिशन गौरतलब है कि कतर की राजधानी दोहा में Web Summit का दूसरा एडिशन हाल ही में आयोजित किया गया. इसमें भारत सहित दुनिया भर की कई बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया. माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और सिस्सको से लेकर टिक टॉक और स्नैपचैट ने भी इस इवेंट में अपनी टेक्नोलॉजी शोकेस की है. स्टार्टअप इंडिया के तहत कई भारतीय स्टार्टअप्स भी Web Summit में शामिल हुए. भारत के कतर में एंबेस्डर विपुल ने भारतीय पैवेलियन का इनौग्रेशन किया और कहा कि इस ग्लोबल स्टेज से भारतीय स्टार्टअप को फायदा होगा. क्या है UPI? UPI एक पेमेंट्स सिस्टम है, जिसकी मदद से कोई भी भारतीय तुरंत मनी ट्रांसफर कर सकता है. इसमें 1 पैसे से लेकर मोटी रकम तक भेजी जा सकती है. UPI की मदद से अलग-अलग बैंकों के बीच रकम ट्रांसफर होती है. UPI, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने बनाया है और इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेगुलेट करता है. यह एक सेफ सिस्टम है. धीरे-धीरे इसका विस्तार दुनिया के कई देशों में भी हो रहा है. भारत के अलावा और किन देशों में चलता है UPI UPI भारत के अलावा भी कई देशों में चलता है. UPI का इस्तेमाल भारत के अलावा 7 अन्य देशों में किया जाता है. इसमें श्रीलंका, मॉरीशस, फ्रांस, UAE, सिंगापुर, नेपाल और भूटान का नाम शामिल है. जल्द ही इस लिस्ट में कतर भी शामिल हो जाएगा.  

बैंक से लेकर UPI और स‍िलेंडर से लेकर ATF के प्राइस तक, आज से इन 7 चीजों में हुआ बदलाव!

नई दिल्ली हर महीने की तरह ही 1 मार्च, 2025 से नए नियमों में बदलाव हो रहा है. 1 मार्च यानी आज से 6 बड़े नियम बदल रहे हैं. इसमें UPI, म्‍यूचुअल फंड से लेकर एलपीजी सिलेंडर के दाम तक शामिल हैं. ये बदलाव सीधे आपके बैंक अकाउंट पर असर डालेंगे. आइए जानते हैं किन किन नियमों में बदलाव किया जा रहा है. LPG सिलेंडर के दाम बढ़े तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं. इस एलपीजी सिलेंडर के दाम में 6 रुपये का इजाफा किया गया है, जबकि 1 फरवरी को इसके दाम में 7 रुपये की कमी की गई थी. 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 1803 रुपये हो गई है. वहीं मुंबई में कमर्शियल सिलेंडर का प्राइस 1755.50 रुपये हो गया है. कोलकाता की बात करें तो 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत 1913 रुपये हो चुकी है और चेन्‍नई में 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम 1965.50 रुपये हो चुका है. यह कीमतें आज से ही लागू हैं. रसोई गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है. ATF की कीमत घटी जेट ईंधन या एविएशन टर्बाइन ईंधन (ATF) की कीमत में मामूली 0.23 प्रतिशत की कमी आई है. राष्ट्रीय राजधानी में मार्च 2025 के लिए ATF प्राइस 222 रुपये प्रति किलोलीटर से घटकर 95,311.72 रुपये प्रति किलोलीटर हो गया है, जबकि पहले यह 95,533.72 रुपये था. इससे पहले 1 फरवरी को कीमतों में 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की हुई थी. UPI के नियम में बदलाव अगला बदलाव इंश्योरेंस प्रीमियम पेमेंट सिस्टम (Insurance Payment System) से जुड़ा हुआ है. 1 मार्च 2025 से यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) में चेंज होने जा रहा है, जिससे बीमा प्रीमियम का भुगतान और अधिक आसान होगा. यूपीआई सिस्टम में बीमा-ASB (एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक अमाउंट) नामक एक नई सुविधा जोड़ी जा रही है. इसके जरिए लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीहोल्डर अपने प्रीमियम पेमेंट के लिए पहले से ही पैसे को ब्लॉक रख सकेंगे. पॉलिसी होल्डर के अप्रूवल के बाद खाते से अपने आपका पैसा कट जाएगा. म्‍यूचुअल फंड को लेकर क्‍या बदल रहा आज यानी मार्च की पहली तारीख से म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों में नॉमिनी जोड़ने से जुड़े नियमों में बदलाव हो रहा है. इसके तहत कोई इन्वेस्टर डीमैट या म्यूचुअल फंड फोलियो में अधिकतम 10 नॉमिनी एड कर सकता है. इस संबंध में मार्केट रेग्युलेटर SEBI गाइडलाइंस जारी की है, जो 1 मार्च, 2025 से प्रभावी है. इस चेंज का उद्देश्य क्लेम न की जाने वाली संपत्तियों में कमी लाना और बेहतर इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट सुनिश्चित करना है. पंजाब नेशनल बैंक ने दिया अपडेट पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में अगर 2 साल से ज्‍यादा समय तक कोई लेन-देन नहीं होता, तो बैंक अकाउंट बंद कर दिया जा सकता है. बैंक ने इस बारे में अपने ग्राहकों को अलर्ट जारी किया है. बैंक ऐसे अकाउंट्स को डी-एक्टिवेट कर सकता है यानी बंद कर सकता है. अगर आप चाहते हैं कि आपका बैंक खाता एक्टिव रहे तो इसके लिए आपको KYC करा लेना चाहिए. 14 दिन बैंक रहेंगे बंद RBI Bank Holiday List के मुताबिक, होली (Holi 2025) और ईद-उल-फितर समेत अन्य त्योहारों वाले इस महीने में 14 दिन बैंक बंद रहेंगे. इनमें दूसरे और चौथे शनिवार समेत रविवार का साप्ताहिक अवकाश शामिल हैं. हालांकि, बैंक में छुट्टी के बावजूद आप ऑनलाइन बैंकिंग और ATM के जरिए पैसे का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं या अन्य बैंकिंग काम निपटा सकते हैं. ये सर्विस 24 घंटे चालू रहेंगी.  

UPI से जुड़ा नया नियम 1 जनवरी से होगा लागू, ज्यादा पैसे कर पाएंगे ट्रांसफर

नई दिल्ली 1 जनवरी से नियमों में कुछ बदलाव होने वाले हैं। लेकिन एक सबसे बड़ा बदलाव होने वाला है UPI नियमों में। आज हम आपको यूपीआई के नियमों की जानकारी देने वाले हैं। साथ ही बताएंगे कि इसमें क्या नया मिलने वाला है। RBI ने फैसला लिया है कि UPI 123Pay की ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव किया जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने लिमिट में इजाफा करने का फैसला लिया है। UPI 123Pay का इस्तेमाल करके यूजर्स 5 हजार की जगह 10 हजार रुपए की ट्रांजैक्शन कर पाएंगे। क्या होती है UPI 123Pay UPI 123Pay सर्विस यूजर्स को दी जाती है। ये एक ऐसी सर्विस है जिसमें यूजर्स को बिना इंटरनेट कनेक्शन पेमेंट करने का ऑप्शन दिया जाता है। यही वजह है कि आरबीआई की तरफ से ऐसी ट्रांजैक्शन को कंट्रोल करने के लिए पूरा प्रयास किया जाता है। लेकिन अब इसमें भी बदलाव कर दिया गया है। UPI 123Pay में यूजर्स को पेमेंट करने के अधिकतम 4 ऑप्शन दिए जाते हैं। इसमें IVR नंबर्स, मिस्ड कॉल्स, OEM-embedded Apps और साउंड बेस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। क्या है डेडलाइन UPI के नए नियमों को लेकर डेडलाइन जारी हो चुकी है। इसमें यूजर्स को 1 जनवरी 2025 तक का समय दिया जाएगा। यानी यूजर्स आसानी से इसके बाद 10 हजार रुपए तक की ट्रांजैक्शन कर पाएंगे। हालांकि इसके साथ ही OTP बेस्ड सर्विस को ऐड कर दिया गया है। यानी आपको पेमेंट करने के लिए OTP की जरूरत होगी। अगर आप पेमेंट करना चाहते हैं तो OTP का इस्तेमाल करना होगा। क्योंकि सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए इसका फैसला लिया गया है। विदेश में पहुंच चुकी है UPI श्रीलंका समेत कई देशों में भी UPI सर्विस की शुरुआत हो चुकी है। भारतीय सिस्टम ने देखते ही देखते बाहर तक पैर पसार लिए हैं। सरकार की तरफ से इसको लेकर नए फैसले लिए जाते हैं।

इंदौर में कपड़ा व्यापारी अब यूपीआई से भुगतान नहीं ले रहे, 25 व्यापारियों के बैंक अकाउंट कर दिए गए हैं फ्रीज

इंदौर इंदौर में रेडिमेड कपड़ों के कारोबारियों के एक संगठन ने साइबर ठगी के मामलों में बेकसूर दुकानदारों के बैंक खाते फ्रीज किए जाने पर विरोध जताते हुए ग्राहकों से UPI के माध्यम से भुगतान नहीं लेने का फैसला किया है। संगठन के एक पदाधिकारी ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी। उधर पुलिस ने कारोबारियों के इस निर्णय को सरासर गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। शहर के राजबाड़ा क्षेत्र में कपड़ों की कुछ दुकानों में लगाए गए बोर्ड में कहा गया है, ‘साइबर फ्रॉड की आशंकाओं के चलते ऑनलाइन-यूपीआई का पेमेंट नहीं ले पाएंगे।’ ध्यान खींचने के लिए पोस्टर लगाए इस बारे में इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि ये पोस्टर साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं से कारोबारियों को होने वाले नुकसान की ओर सरकार का ध्यान खींचने के लिए लगाए गए हैं। ‘हो रहा नुकसान, नाम भी खराब हो रहा’ जैन ने कहा कि अपराधियों द्वारा साइबर ठगी के धन से दुकानदारों को UPI भुगतान किए जाने पर बेकसूर दुकानदारों के बैंक खाते फ्रीज किए जा रहे हैं, नतीजतन व्यापार चौपट हो रहा है और बाजार में कारोबारियों की साख बिगड़ रही है। ‘चेक बाउंस होने पर खाते फ्रीज होने का पता चलता है’ उन्होंने बताया, ‘मुझे कई कारोबारियों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि साइबर ठगी के मामलों के कारण उनका बैंक खाता फ्रीज किए जाने का पता उन्हें तब चला, जब उनके द्वारा किसी व्यक्ति को दिया गया चेक बाउंस हो गया।’ जैन ने कहा कि इन हालात में उनके संगठन ने तय किया है कि UPI के बजाय नकदी और क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान लेने को तब तक प्राथमिकता दी जाएगी, जब तक सरकार कारोबारियों की इस समस्या का समाधान नहीं करती। उदाहरण देकर समझाया, उपाय भी बताया उन्होंने कहा, ‘मान लीजिए कि किसी अपराधी ने साइबर ठगी से मिले पैसों से खरीदी करते हुए 1,000 रुपए UPI के जरिये किसी दुकानदार के बैंक खाते में पहुंचाए हैं, तो ठगी की जांच पूरी होने तक इस खाते में केवल 1,000 रुपए की रकम को फ्रीज किया जाना चाहिए, लेकिन हो यह रहा है कि पूरे खाते को फ्रीज कर दिया जा रहा है।’ पुलिस बोली- शिकायत मिली तो कार्रवाई करेंगे साइबर ठगी के कई मामलों की जांच कर रही अपराध निरोधक शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने कहा, किसी भी दुकानदार द्वारा नकद लेन-देन को बढ़ावा देकर यूपीआई से भुगतान नहीं लेने की घोषणा करना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ग्राहक इस सिलसिले में पुलिस को शिकायत करेगा, तो उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने व्यापारियों को बताया उपाय वहीं दुकानदारों के खाते फ्रीज करने की शिकायत के बारे में दंडोतिया ने कहा, ‘साइबर ठगी के धन से भुगतान का पता चलने पर कई बार उस बैंक खाते को फ्रीज करा दिया जाता है जिसमें यह रकम जाती है। लेकिन खाताधारक उचित दस्तावेज दिखाता है, तो खाते के जरिए लेन-देन बहाल कर दिया जाता है।’

UPI ने फेस्टिव सीजन में तोड़े सारे रिकॉर्ड, 23.5 लाख करोड़ रुपये के हुए लेनदेन

मुंबई भारत में यूपीआई का जिस तेजी से इस्तेमाल हो रहा है वो पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बनता जा रहा है. इस समय देश में यूपीआई का यूज करना सबसे आसान पेमेंट सिस्टम में से एक है. यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के इस्तेमाल में लगातार बढ़त देखी जा रही है. अक्टूबर में देश में यूपीआई के जरिए 16.58 अरब लेनदेन हुए हैं. इसकी वैल्यू करीब 23.5 लाख करोड़ रुपये थी और शुक्रवार को एनपीसीआई ने यह जानकारी दी है. अप्रैल 2016 में यूपीआई शुरू होने के बाद से अब तक का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है. डेली यूपीआई ट्रांजेक्शन अक्टूबर में रहे 535 मिलियन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम-नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन (एनपीसीआई) के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सितंबर की तुलना में अक्टूबर में लेनदेन की संख्या में 10 फीसदी और मूल्य में 14 फीसदी की वृद्धि देखी गई. अक्टूबर में डेली यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या 535 मिलियन रही. इस दौरान औसत ट्रांजेक्शन की वैल्यू 75,801 करोड़ रुपये रोजाना रही जबकि सितंबर में औसत दैनिक ट्रांजेक्शन की संख्या 501 मिलियन और मूल्य 68,800 करोड़ रुपये था. IMPS के जरिए 467 मिलियन लेनदेन अक्टूबर में इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) के जरिए 467 मिलियन लेनदेन हुए हैं, जो सितंबर के आंकड़े 430 मिलियन से 9 फीसदी अधिक है. बीते महीने आईएमपीएस से होने वाले लेनदेन की वैल्यू सितंबर के आंकड़े 5.65 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 11 फीसदी बढ़कर 6.29 लाख करोड़ रुपये रही थी. अक्टूबर में फास्टैग के जरिए होने वाले लेनदेन की संख्या 8 फीसदी बढ़कर 345 मिलियन हो गई है. सितंबर में यह आंकड़ा 318 मिलियन था. बीते महीने फास्टैग लेनदेन की वैल्यू 6,115 करोड़ रुपये थी, जो कि सितंबर में 5,620 करोड़ रुपये थी. आधार इनेबिल्ड पेमेंट सिस्टम पर 126 मिलियन लेनदेन एनपीसीआई के डेटा के मुताबिक, अक्टूबर में आधार इनेबिल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) पर 126 मिलियन लेनदेन हुए, जो सितंबर के 100 मिलियन से 26 फीसदी अधिक है. भारत में डिजिटल भुगतान का चलन तेजी से बढ़ रहा है. मार्च 2021 में कंज्यूमर स्पेंडिंग में डिजिटल लेनदेन की हिस्सेदारी 14 से 19 फीसदी थी, जो कि अब बढ़कर 40 से 48 फीसदी हो गई है. यूपीआई-आधारित लेनदेन की संख्या इस वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में 52 फीसदी बढ़कर 78.97 अरब हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 51.9 अरब थी. वहीं, इस साल के पहले छह महीनों में यूपीआई लेनदेन का मूल्य 40 फीसदी बढ़कर 83.16 लाख करोड़ रुपये से 116.63 लाख करोड़ रुपये हो गया है.

अब मालदीव में भी भारत का UPI चलेगा, रिश्तों की बागडोर थाम मुइज्जू फिर भारत के दरवाजे पर आ खड़ा हुआ

नई दिल्ली  अब मालदीव में भी भारत का यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स सिस्टम) चलेगा। मोहम्मद मुइज्जू ने चुनाव प्रचार के दौरान से ही भारत के खिलाफ जो आक्रोश दिखाना शुरू किया था, अब वो ठंडा पड़ गया है। राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद मुइज्जू ने भारत के सैनिकों को मालदीव से निकाल दिया। इस बीच मुइज्जू की कुछ मंत्रियों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बहुत ओछी टिप्पणियां कीं। ये सब कुछ महीनों तक चलता रहा, लेकिन जब नफरत की गांठ खुली तो रिश्तों की बागडोर थाम मालदीव फिर भारत के दरवाजे पर आ खड़ा हुआ। इस वजह से भारत और मालदीव के बीच रिश्तों में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। मुइज्जू सरकार ने भारत के मुकाबले चीन की ओर अधिक झुकाव दिखाना शुरू किया। हालांकि, हाल के दिनों में भारत और मालदीव ने अपने रिश्तों को सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मालदीव में तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लागू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। जयशंकर ने कहा कि यह डिजिटल इनोवेशन मालदीव में पर्यटन और आर्थिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। जैसा कि आप सभी जानते हैं, भारत ने अपने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से वास्तव में डिजिटल लेनदेन में क्रांति ला दी है। भारत में इसने वित्तीय समावेशन को नए स्तरों पर पहुंचाया है। आज दुनिया के 40 प्रतिशत रियल टाइम डिजिटल पेमेंट हमारे देश में होते हैं। हम अपने जीवन में हर दिन इस क्रांति को देखते हैं। मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि आज समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके हमने मालदीव में इस डिजिटल इनोवेशन को लाने की दिशा में पहला कदम उठाया है। इसका पर्यटन पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। भारत-मालदीव के रिश्तों में क्यों आई थी खटास? वर्ष 1988 से ही डिफेंस और सिक्यॉरिटी भारत और मालदीव के बीच सहयोग के बड़े क्षेत्र रहे हैं। भारत के रक्षा संस्थानों में मालदीव के सैनिकों को ट्रेनिंग दी जाती रही है। भारत और मालदीव के बीच अप्रैल 2016 में समन्वित रक्षा साझेदारी का भी समझौता हुआ था। भारत और मालदीव के बीच संबंधों में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारतीय सैन्य कर्मियों की वापसी की मांग की। यह घटना उस समय हुई जब उन्होंने भारतीय सैन्य सहायता को एक खतरे के रूप में देखा। इसके बाद, भारतीय सैन्य कर्मियों को मालदीव से हटा दिया गया। यह स्थिति भारत के लिए न केवल कूटनीतिक दृष्टि से बल्कि सामरिक दृष्टि से भी चिंता का विषय बन गई। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की सरकार ने चीन के साथ निकटता बढ़ाई थी और भारत के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया था। यामीन के कार्यकाल में भारत के खिलाफ ‘इंडिया आउट कैंपेन’ चलाया गया, जिसने भारत-मालदीव संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया। ऊपर से मालदीव ने चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में शामिल होकर भारत से अपने संबंधों को और कमजोर कर दिया। मालदीव हमारी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ पॉलिसी की आधारशिलाओं में से एक है, यह हमारे विजन सागर में से एक है, साथ ही ग्लोबल साउथ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों में संक्षेप में कहें तो भारत के लिए पड़ोस प्राथमिकता है और पड़ोस में मालदीव प्राथमिकता है। हम इतिहास और रिश्तेदारी के सबसे करीबी बंधन भी साझा करते हैं। मित्रता के दौर में वापसी हालांकि, हाल के महीनों में स्थिति में बदलाव आया है। राष्ट्रपति मुइज्जू के नेतृत्व में मालदीव ने भारत के साथ संबंधों को फिर से सुधारने का प्रयास किया है। उनका यह निर्णय आर्थिक संकट, भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका और चीन से अपेक्षित समर्थन की कमी के कारण आया है। हाल ही में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मालदीव की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान यह घोषणा की कि भारत और मालदीव ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत मालदीव में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) लागू किया जाएगा। जयशंकर ने कहा, ‘यह डिजिटल इनोवेशन मालदीव में लाने की दिशा में पहला कदम है। इससे पर्यटन में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।’ मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जामीर ने भी भारत को अपना करीबी मित्र और विकास साझीदार बताया, जो आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित है। उन्होंने मालदीव दौरे में कहा, ‘जैसा कि आप सभी जानते हैं, भारत ने अपने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से वास्तव में डिजिटल लेनदेन में क्रांति ला दी है। भारत में इसने वित्तीय समावेशन को नए स्तरों पर पहुंचाया है। आज दुनिया के 40 प्रतिशत रियल टाइम डिजिटल पेमेंट हमारे देश में होते हैं। हम अपने जीवन में हर दिन इस क्रांति को देखते हैं। मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि आज समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके हमने मालदीव में इस डिजिटल इनोवेशन को लाने की दिशा में पहला कदम उठाया है। मैं दोनों पक्षों के हितधारकों को शुभकामनाएं देता हूं और आशा करता हूं कि हम जल्द ही यहां पहला UPI लेनदेन देखेंगे। इसका पर्यटन पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।’ सहयोग की नई संभावनाएं भारत और मालदीव के बीच संबंधों में सुधार के लिए कई कारण सामने आए हैं। सबसे पहले, आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। मालदीव ने भारत से वित्तीय सहायता की मांग की है, जिसमें करेंसी स्वैप की सुविधा भी शामिल है। भारत ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए 750 मिलियन डॉलर की करेंसी स्वैप की सुविधा की पेशकश की है। इसके अलावा, मालदीव और भारत के बीच व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक मुक्त व्यापार समझौते की संभावनाएं भी हैं। जामीर ने कहा कि ऐसे समझौते व्यापार उदारीकरण को सरल बनाएंगे और दोनों देशों के बीच व्यापारिक जोखिम को कम करेंगे। मालदीव दौरे पर जयशंकर ने कहा था, ‘मालदीव हमारी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ पॉलिसी की आधारशिलाओं में से एक है, यह हमारे विजन सागर में से एक है, साथ ही ग्लोबल साउथ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों में संक्षेप में कहें तो भारत के लिए पड़ोस प्राथमिकता है और पड़ोस में मालदीव प्राथमिकता है। हम इतिहास और रिश्तेदारी के सबसे करीबी बंधन भी साझा करते हैं।’ राजनीतिक … Read more

सर्वे रिपोर्ट मुताबिक, बीते तीन सालों में 47% भारतीयों ने वित्तीय धोखाधड़ी के हुए शिकार

नईदिल्ली  बीते कुछ सालों में साइबर क्राइम और फाइनेंशियल फ्रॉड के मामले काफी तेज से बढ़ रहे हैं। सर्वे एजेंसी लोकलसर्किल्स ने 302 जिलों के 23 हजार लोगों में सर्वे किया हैं। सर्वे रिपोर्ट मुताबिक, बीते तीन सालों में 47% भारतीयों ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आए है। इसमें ज्यादातर लोगों को घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और वेबसाइट के माध्यम से क्रेडिट कार्ड पर गलत तरीके से वसूली के मामले सामने आए है। 43% के साथ क्रेडिट कार्ड से फ्रॉड सर्वे एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 43% लोगों ने क्रेडिट कार्ड पर धोखाधड़ी वाले लेनदेन से हुआ है। वहीं, 36% लोगों ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI ट्रांजैक्शन के माध्यम से धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा हैं। इसके अलावा 53% लोगों ने घरेलू व्यापारियों और वेबसाइट के माध्यम से उन्हें फ्रॉड के लिए निशाना बनाया गया हैं। इस साल बढ़ें 166% फ्रॉड के मामले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में धोखाधड़ी के मामले में 166% बढ़ोतरी हुई है। इस साल 36 हजार से ज्यादा मामले आए हैं। इसमें लोगों के 13 हजार 930 करोड़ रुपए है। वहीं, सर्वे एजेंसी लोकलसर्किल्स ने कहा कि 10 में से 6 लोग फाइनेंशियल फ्रॉड की शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैं। धोखाधड़ी होने पर करें ये काम अगर आपके साथ साइबर क्राइम या फाइनेंशियल फ्रॉड होता है, तो आपको ये जल्द ही इसकी शिकायत करनी चाहिए। इसके लिए आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते है।     ऐसे में सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.cybercrime.gov.in/ पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकते है।     इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कर सकते है।     अगर आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज नहीं करना चाहते, तो आप नजदीकी पुलिस की साइबर सेल ब्रांच में इसकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

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