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U19 वर्ल्ड कप की बेस्ट XI का ऐलान, कप्तान आयुष नहीं चुने गए, वैभव सूर्यवंशी समेत 3 भारतीय शामिल

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने हाल ही में खत्म हुए अंडर-19 मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान कर दिया है। ICC ने भारत की U19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के तीन खिलाड़ी – वैभव सूर्यवंशी, कनिष्क चौहान और हेनिल पटेल – को चुना गया है। वहीं कप्तान आयुष म्हात्रे आईसीसी की इस टीम में नहीं है। रनर-अप रही इंग्लैंड की टीम के तीन खिलाड़ी भी 12 सदस्यीय ICC U19 WC टीम ऑफ द टूर्नामेंट में शामिल हैं। आईसीसी ने कप्तान के रूप में इंग्लैंड के थॉमस रियू को चुना है।   वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 80 गेंदों पर शानदार 175 रन बनाए और टूर्नामेंट में 439 रनों के साथ दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। वैभव सूर्यवंशी फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच के साथ प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी ले गए। सूर्यवंशी ने फाइनल में 175 रन बनाते हुए कई रिकॉर्ड तोड़े, और वह अंडर-19 वर्ल्ड कप की एक ही पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने 15 छक्के लगाए, जिससे ऑस्ट्रेलिया के माइकल हिल का 12 छक्कों का पिछला रिकॉर्ड टूट गया। 218.75 के ज़बरदस्त स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए, उनकी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। खास बात यह है कि उनके 150 रन सिर्फ बाउंड्री से ही आए। दूसरी ओर, कनिष्क चौहान ने बल्ले और गेंद दोनों से लगातार अहम योगदान दिया, जबकि हेनिल पटेल के 11 विकेट में USA के खिलाफ 5/16 का शानदार स्पेल शामिल था। रनर-अप इंग्लैंड की टीम में तीन खिलाड़ी हैं, जिसमें थॉमस रेव को कप्तान और विकेटकीपर बनाया गया है। रेव ने 66 की औसत से 330 रन बनाए, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में मैच जिताने वाला शतक भी शामिल है। उनके साथ मैनी लम्सडेन हैं, जो टूर्नामेंट में 16 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं, और बेन मेयस हैं, जो 444 रन बनाकर प्रतियोगिता के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, जिसमें स्कॉटलैंड के खिलाफ 191 रन की पारी शामिल है। चामुदिथा ने जापान के खिलाफ 192 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 26 चौके और एक छक्का शामिल था। अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व फैसल खान शिनोज़ादा और नूरिस्तानी उमरज़ई कर रहे हैं, दोनों ने अपनी टीम को सेमी-फ़ाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट- वैभव सूर्यवंशी (भारत), वीरन चामुदिथा (श्रीलंका), फैसल खान शिनोजादा (अफगानिस्तान), थॉमस रीव (विकेटकीपर, कप्तान) (इंग्लैंड), ओलिवर पीक (ऑस्ट्रेलिया), बेन मेयस (इंग्लैंड), कनिष्क चौहान (भारत), नूरिस्तानी उमरजई (अफगानिस्तान), विटेल लॉज़ (वेस्टइंडीज), अली रजा (पाकिस्तान), मैनी लम्सडेन (इंग्लैंड), हेनिल पटेल (भारत)  

सूर्यवंशी को टीम इंडिया में मौका नहीं दे सकता BCCI, ICC के नियम ने खड़ी की बाधा

 नई दिल्ली हरारे स्पोर्ट्स क्लब में अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल खत्म हुए भले ही वक्त गुजर गया हो, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी की गूंज अब भी पूरी क्रिकेट दुनिया में सुनाई दे रही है. इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वैभव ने 80 गेंदों पर 175 रन बनाए.यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, बल्कि रिकॉर्ड बुक पर सीधा कब्जा था. 15 छक्के, जबरदस्त स्ट्राइक रेट और ऐसा खेल जिसने फाइनल जैसे बड़े मुकाबले को भी एकतरफा बना दिया. बिहार के 14 साल के इस बल्लेबाज को देखकर हर फैन के मन में एक ही सवाल है अगर वैभव इंग्लैंड के बेस्ट युवा गेंदबाजों को तहस-नहस कर सकता है और IPL में भी शतक ठोक सकता है, तो वह सीनियर भारतीय टीम में क्यों नहीं है? इस सवाल का जवाब है- आईसीसी का नियम. क्यों नहीं खेल सकते सीनियर टीम में? वैभव सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ी रुकावट है ICC का न्यूनतम उम्र नियम. 2020 में लागू किए गए इस नियम के तहत किसी भी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए कम से कम 15 साल का होना जरूरी है. यह नियम खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था. फरवरी 2026 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतते समय वह अभी भी तकनीकी रूप से 14 साल के ही थे. इसका मतलब साफ है  कि चाहे वह बिहार के लिए 36 गेंदों में शतक लगाए, चाहे IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दे, लेकिन सीनियर टीम में चयन 27 मार्च 2026 से पहले मुमकिन नहीं है. यहां एक दिलचस्प बात है. वैभव सीनियर टीम के लिए अभी छोटे हैं, लेकिन अंडर-19 टीम के लिए भी अब वह दोबारा नहीं खेल सकते. BCCI का एक सख्त नियम है कि एक खिलाड़ी सिर्फ एक बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकता है. इस नियम का मकसद है कि हर टूर्नामेंट में नए खिलाड़ियों को मौका मिले और कोई भी खिलाड़ी उम्र-ग्रुप का “स्पेशलिस्ट” न बन जाए. 2026 अंडर-19 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद, वैभव अब 2028 या 2030 का U19 वर्ल्ड कप नहीं खेल सकते जबकि उम्र के हिसाब से वह तब भी अंडर-19 ही होते. पिछले 12 महीनों में वैभव सूर्यवंशी ने जो रिकॉर्ड बनाए हैं, वही उनकी चर्चा की असली वजह हैं: * अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन. * 2026 वर्ल्ड कप में 30 छक्के- टूर्नामेंट का नया रिकॉर्ड * 14 साल 272 दिन की उम्र में लिस्ट-A शतक- दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी * विजय हजारे ट्रॉफी में 59 गेंदों में 150 रन- एबी डिविलियर्स का रिकॉर्ड टूटा * IPL में 35 गेंदों का शतक- सबसे कम उम्र के IPL शतकवीर * भारत-A के लिए T20 शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी * इंग्लैंड U19 के खिलाफ 52 गेंदों में शतक- सबसे तेज यूथ ODI शतक * यूथ टेस्ट में 58 गेंदों में शतक- भारत के लिए सबसे तेज * सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में नाबाद 108- सबसे युवा शतक

फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने खेली 175 रनों की शानदार पारी, तोड़ दी अंग्रेजों की कमर

 हरारे आईसीसी मेन्स अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में आज (6 फरवरी) भारतीय टीम का सामना इंग्लैंड से है. दोनों टीमों के बीच यह खिताबी मुकाबला हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में है. मुकाबले में टॉस भारतीय टीम ने जीता और पहले बैटिंग का फैसला किया. अभिज्ञान कुंडू और आरएस अम्बरीष क्रीज पर हैं. भारतीय टीम लगातार छठा और कुल 10वां फाइनल खेल रही है, जो एक रिकॉर्ड है. पांच बार खिताब जीत चुकी भारतीय टीम की निगाहें खिताबी जीत का सिक्सर लगाने पर हैं. भारतीय टीम 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में खिताब जीता था. दूसरी ओर इंग्लैंड ने सिर्फ 1 बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता है. साल 1998 के फाइनल में उसने न्यूजीलैंड को पराजित किया था. ताजा स्कोर 40 ओवर 320 रन 5 विकेट  हरारे में  ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में इंग्लैंड के ख‍िलाफ आयुष म्हात्रे ने टॉस जीता और पहले पहले बल्लेबाजी चुनी.भारत की तरफ से ओपन‍िंग करने वैभव सूर्यवंशी और आरोन जॉर्ज आए. वैभव और जॉर्ज की जोड़ी ज्यादा कुछ नहीं कर पाई. 20 के स्कोर पर जॉर्ज का विकेट गिरा. वह 9 रन बनाकर लौटे. प्वाइंट पर उनका कैच लपका गया. इसके बाद आयुष म्हात्रे ने वैभव के साथ टिककर बल्लेबाजी शुरू की. भाररतीय टीम ने 8 ओवर में 50 रनों का आंकड़ा पार किया. इसके बाद नौवें ओवर में वैभव ने 18 रन बनाए, जिससे भारतीय टीम का स्कोर 9 ओवर में 71 रन हो गया.  इसी बीच भारतीय टीम के 100 रन 14वें ओवर में पूरे हुए. वैभव ने 17वें ओवर में ग्रेज गेंदबाज फरहान अहमद की जमकर खबर ली और उनके ओवर में 22 रन जड़ द‍िए. दूसरी ओर आयुष म्हात्रे 19वें ओवर में 50 गेंदों पर 53 रन बनाकर एलेक्स ग्रीन की गेंद पर आउट हुए.  आयुष के आउट होने के बाद वैभव ने 55 गेंदों पर 8 छक्के और 8 चौकों की मदद से अपना शतक पूरा किया. इसके बाद वैभव की आंधी जारी रही. 71 गेंदों में 150 (13 छक्के, 13 चौके) रन पूरे किए.  हालांकि इसके बाद वैभव की पारी का अंत 175 रनों पर हो गया.  वैभव ने अपनी पारी में 80 गेंदों का सामना किया और कुल 15 चौके और 15 छक्के जड़े, उनको थॉमस रेव ने मैनी लम्सडेन की गेंद पर कैच पकड़ा.  व‍िहान मल्होत्रा (30) के रूप में टीम का चौथा विकेट गिरा. उन्हें जेम्स मिंटो ने बेन डॉकिन्स के हाथों कैच कराया. 302 के स्कोर पर यह विकेट गिरा. इसके बाद ही 308 के स्कोर पर 5वां विकेट गिरा. वेदांत त्रिवेदी (32) को बेन मेस ने जेम्स मिंटो की गेंद पर कैच कर लिया. 

वैभव सूर्यवंशी ‘बाउंसर टेस्ट’ में रहे असफल, U-19 वर्ल्ड कप में एक ही पैटर्न में 4 बार आउट

मुंबई  14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप में अपने बल्ले से चमक बिखेरी है. उन्होंने 6 मैचों  की 6 पार‍ियों में 264 रन 44 के एवरेज से बनाए. इस दौरान  वैभव का स्ट्राइक रेट 147.48 का रहा. वैभव ने पूरे वर्ल्ड कप में 26 चौके और 15 छक्के लगाए.  वैभव ने बुधवार (4 जनवरी) को अफगानिस्तान की अंडर 19 टीम के ख‍िलाफ हुए सेमीफाइनल  मुकाबले में भी शानदार 68 रनों की पारी  महज 33 गेंदों पर खेली. इसमे 9 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. एक समय तो ऐसा लग रहा था कि वैभव इस सेमीफाइनल मैच में शतक जड़ेंगे, लेकिन वो एक बार फ‍िर बाउंसर गेंद के सामने असहाय दिखे और आउट हो गए. उनको नूर‍िस्तानी उमरजई ने ओस्मान सादात के हाथों कैच आउट करवाया.  कुल म‍िलाकर वैभव ने इस पारी से यह तो दिखाया कि वह ताबडतोड़ अंदाज में ही खेलने में व‍िश्वास करते हैं, लेकिन उनकी कमजोर कड़ी भी सामने आ गई है. दरसअल, वैभव बाउसंर गेंदों को ठीक से नहीं खेल पा रहे हैं. आइए आपको बताते हैं कि इस अंडर 19 वर्ल्ड कप में वैभव कैसे कैसे आउट हुए हैं.  1– अमेरिका के खलाफ वैभव बोल्ड 2 रन बनाकर ऋत्विक अप्पिडी की गेंद पर बोल्ड हो गए थे.  2- बांग्लादेश के ख‍िलाफ वैभव ने 72 रन बनाए. गेंद बहुत ज्यादा छोटी (बाउंसर) नहीं थी, लेकिन सूर्यवंशी पीछे हटे, नीचे झुके और डीप मिडविकेट के ऊपर से बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की. गेंद हवा में तो गई, लेकिन दूरी नहीं मिली. लेकिन वह कैच आउट हो गए. हालांकि गेंद नो-बॉल की लाइन के बहुत करीब थी, लेकिन अंपायर ने उसे सही गेंद माना.  3-न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ वैभव ने 40 रन बनाए, लेकिन उनको जसकरन संधू ने ऑफ स्टंप के बाहर छोटी गेंद (बाउसंर) डाली. सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद ऊंची हवा में मिड-ऑफ की तरफ चली गई. मेसन क्लार्क ने पीछे की ओर काफी दौड़ लगाई, गेंद पर नजर बनाए रखी और दौड़ते हुए डाइव लगाकर शानदार कैच लपक लिया.  4-ज‍िम्बाव्बे के ख‍िलाफ 2 रन बनाकर वैभव सीधे मिड-ऑफ फील्डर को कैच थमा बैठे.  5- पाक‍िस्तान के ख‍िलाफ मुकाबले में वैभव की कमजोरी एक बार फ‍िर नजर आई, यहां भी वो बाउंसर गेंद पर 30 रन बनाकर आउट हुए. यह साफ इशारा था है कि आगे के करियर में सूर्यवंशी को छोटी गेंदों का खूब सामना करना पड़ेगा. पाकिस्तान के ख‍िलाफ सूर्यवंशी ने स्क्वायर के सामने पुल शॉट खेलने की कोशिश की. लेकिन बल्ले का निचला किनारा लगा और गेंद कीपर के पास चली गई. वैभव सूर्यवंशी बांग्लादेश, न्यूजीलैंड, पाक‍िस्तान और  अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ सेमीफाइनल में बाउंसर गेंदों पर आउट हुए. कुल म‍िलाकर 6 में 4 बार. यानी साफ है कि वैभव को अब बाउंसर पर खेलने के लिए कुछ सुधार करने हेांगे, क्योंकि व‍िपक्षी टीमों ने उनकी कमजोर कड़ी को भांप लिया है. 

वैभव सूर्यवंशी पर फिदा हुआ इंग्लैंड का यह दिग्गज- उसका बैट युवराज सिंह और ब्रायन लारा की तरह चलता है

नई दिल्ली इंग्लैंड के दिग्गज विकेट-कीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने क्रिकेट के वंडर बॉय वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने 14 साल के इस युवा भारतीय की बल्लेबाजी की तुलना महान ब्रायन लारा और युवराज सिंह से की है। संयोग से दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और सूर्यवंशी भी बाएं हाथ से खेलते हैं। ‘फॉर द लव ऑफ क्रिकेट’ पॉडकास्ट में स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ बातचीत में जोस बटलर ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में कहा, ‘उसका बैट स्विंग अद्भुत है, मैं बहुत बड़ी बात कह रहा हूं, यह कुछ ऐसे है- युवराज सिंह या ब्रायन लारा जैसे।’ आईपीएल 2025 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी की शतकीय पारी के बारे में बटलर ने कहा, ‘यह प्रेरित करने वाला है…एक लड़का जो मुझसे 20 साल छोटा है और वह हमें पार्क के हर कोने में मार रहा है। लेकिन, वाह…क्रिकेट की पूरी दुनिया के लिए यह चौंकाने वाला था।’ बटलर इस साल आईपीएल में गुजरात टाइटंस की तरफ से खेल रहे थे। आईपीएल नीलामी में सूर्यवंशी के खरीदे जाने पर बटलर ने कहा, ‘मैंने सोचा कि 14 साल के एक लड़के को लिया गया है। यही तो था। नीलामी में वह सबसे युवा था और जिमी (जेम्स एंडरसन) सबसे उम्रदराज। उम्र का अंतर देखिए। लेकिन उसने क्या खेला…उसने आईपीएल की अपनी पहली ही गेंद पर छक्का उड़ा दिया।’ वैभव सूर्यवंशी ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ सिर्फ 35 गेंद में शतक ठोककर आईपीएल इतिहास की दूसरी सबसे तेज सेंचुरी जड़ी। आईपीएल में सबसे तेज शतक बनाने वाले भारतीय का रिकॉर्ड अपने नाम किया। आईपीएल में शतक जड़ने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। बटलर वैभव सूर्यवंशी की उस पारी की तारीफ करते नहीं थके। जोस बटलर ने कहा, ‘वह शतक अविश्वसनीय था। उसने कोई गेंद नहीं बख्शी। यह ऐसा था जैसे उसे कोई डर ही नहीं था…जैसे कोई मंझा हुआ खिलाड़ी खेलता हो। बड़े गेंदबाजों की धुनाई की। जब चाहा तब छक्का उड़ाया। जब चाहा स्ट्राइक चेंज किया। यह सब रन का पीछा करते हुए किया। इसलिए वह बहुत शांत है। उसके बल्ले की रफ्तार के क्या कहने, खूबसूरत है। खूबसूरत।’  

वैभव सूर्यवंशी ने यूथ टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ा, तोड़ चुके हैं सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के जूनियर स्तर पर भी कई प्लेयर अपनी धाक जमाने में कामयाब हो रहे हैं। भारतीय टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया की अंडर 19 टीम के साथ यूथ टेस्ट खेल रही है। इसमें खेलते हुए भारत की ओर से महज 13 साल की उम्र में ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने शतक ठोक दिया है। वह यूथ टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले पहले प्लेयर बन गए हैं। उन्होंने चेन्नई के एम.ए.चिदंबरम स्टेडियम में यह उपलब्धि अपने नाम की। युवा खिलाड़ी ने 62 गेंदों में 104 रन बनाए जिससे भारतीय टीम दूसरी पारी में 62.4 ओवर में ही 296 रन बनाने में सफल रही। वैभव ने अपनी पारी के दौरान 14 चौके और 4 छक्के भी जड़े। वैभव ने इस शतक के साथ पाकिस्तान के नासिर जमशेद का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 15 साल की उम्र में दोहरा शतक बना दिया था।   इसके अलावा, वह युवा टेस्ट प्रारूप में दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले और इस प्रारूप में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक लगाने वाले भी प्लेयर बन गए हैं। इंग्लैंड के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मोईन अली ने साल 2005 में यूथ टेस्ट खेलते हुए 56 गेंदों में शतक बनाया था। युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी पहले ही प्रथम श्रेणी प्रारूप में पदार्पण कर चुके हैं जहां उन्होंने दो मैचों के लिए बिहार का प्रतिनिधित्व किया था। तोड़ चुके हैं सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड एक साल पहले ही वैभव सूर्यवंशी 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी इतिहास में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की खास लिस्ट में शामिल हुए थे और महान सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था। रणजी ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड पूर्व क्रिकेट अलीमुद्दीन के नाम दर्ज है जिन्होंने 12 साल 73 दिन की उम्र में रणजी डेब्यू किया था। वैभव सूर्यवंशी बिहार के समस्तीपुर से आते हैं। उन्होंने 5 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। इसके बाद पटना आकर ट्रेनिंग शुरू की और देखते-देखते अलग-अलग स्तर पर कुल 49 शतक जड़ चुके हैं।

भारतीय क्रिकेटर ने 13 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के छुड़ाए पसीने, 58 गेंद में जड़ा तूफानी शतक

चेन्नई भारत और ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीमों के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज जारी है, जिसका पहला मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस मैच में 13 साल के एक बल्लेबाज ने अपने दमदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बता दें कि, दोनों टीमों के बीच अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज का मुकाबला 30 सितंबर को शुरू हुआ है। वहीं, दूसरा मैच भी चेपॉक में सात अक्तूबर से शुरू होगा। वैभव ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड इस मुकाबले में बिहार के लाल ने महज 58 गेंदों में शतक जड़ा है। अब वह इंग्लैंड के बल्लेबाज मोईन अली से महज सिर्फ एक स्थान पीछे हैं। उन्होंने 2005 में अंडर-19 में 56 गेंदों में शतक जड़ा था। इसी के साथ वैभव ने अंडर-19 टेस्ट में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बना लिया है। युवा खिलाड़ी ने अपनी दमदार पारी के दौरान 14 चौके और चार शतक लगाए। वह मात्र 62 गेंदों पर 104 रन बनाकर रन आउट हो गए। भारत ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में बोर्ड पर लगाए 293 रनों के स्कोर का मजबूत जवाब दिया। रणजी में भी कर चुके डेब्यू वैभव वही बल्लेबाज हैं जिन्होंने रणजी ट्रॉफी 2024 में महज 12 साल और 284 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। वह ऐसा करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने सचिन तेंदुलकर सहित कई खिलाड़ियों का रिकॉर्ड तोड़ा है। सचिन बेहद कम उम्र में रणजी क्रिकेट में बड़ा नाम बन गए थे और भारतीय टीम में भी जगह बनाई थी। नौ साल की उम्र में शुरू हुई क्रिकेट यात्रा वैभव के बल्लेबाजी का स्टाइल पृथ्वी शॉ और शिखर धवन से मिलता-जुलता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी पारी में कई तरह के शॉट शामिल थे, जिसमें स्क्वायर ड्राइव, डीप मिड-विकेट पर पुल और कवर ड्राइव शामिल थे। सूर्यवंशी की क्रिकेट यात्रा नौ साल की उम्र में शुरू हुई, जब उन्हें अपने पिता संजीव सूर्यवंशी से शुरुआती कोचिंग मिली। क्रिकेट के प्रति उनके पिता के जुनून और खुद उनके समर्पण ने वैभव को इतनी कम उम्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया, जिससे वह भारतीय क्रिकेट में एक होनहार प्रतिभा बन गए। बांग्लादेश के मौजूदा कप्तान नजमुल हुसैन शांतो का रिकॉर्ड तोड़ा बिहार के बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 13 साल और 188 दिन की उम्र में नजमुल हुसैन शांतो का रिकॉर्ड तोड़ा है। मौजूदा बांग्लादेशी टीम के कप्तान ने 14 साल और 241 दिन की उम्र में 2013 में श्रीलंका के खिलाफ शतक बनाया था। सूर्यवंशी ने इस साल की शुरुआत में 12 साल की उम्र में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी क्रिकेट में पदार्पण किया था, लेकिन वह चार पारियों में 7.75 की औसत से केवल 31 रन ही बना सके थे। सूर्यवंशी और विहान के बीच 18.5 ओवर में 133 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के 293 रन पर आउट होने के बाद सूर्यवंशी ने विहान मल्होत्रा ​​के साथ 18.5 ओवर में 133 रनों की ओपनिंग साझेदारी की। आखिरकार वह 19वें ओवर में रन आउट हो गए। क्वाड्रांगुलर सीरीज के लिए भी हुआ चयन बता दें कि वैभव सूर्यवंशी ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी और अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी में भी हिस्सा लिया है। सूर्यवंशी को इसके बाद क्वाड्रांगुलर सीरीज के लिए चुना गया, जिसमें बांग्लादेश और इंग्लैंड भी शामिल हैं। 13 वर्षीय भारतीय ओपनर ने दूसरा सबसे तेज युवा टेस्ट शतक जड़ा भारत की बल्लेबाजी ने पहले दिन सीनियर टीम की तरह खेल दिखाया. कल बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट के दौरान भारत की सीनियर टीम ने सबसे तेज 250 रन बनाए, जूनियर ने उनके नक्शेकदम पर चलने की कोशिश की, और 7.36 के रन रेट से सिर्फ 14 ओवर में 103 रन बनाए. जबकि विहान मल्होत्रा ​​37 गेंदों पर 21 रन बनाकर नाबाद थे, साथी ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने 47 गेंदों पर नाबाद 81 रन बनाकर दिन का खेल खत्म किया. वह ऑफ-साइड पर विशेष रूप से प्रभावशाली थे, उन्होंने 172.34 के स्ट्राइक रेट से पारी खेली. दूसरे दिन भी इसी तरह से शुरुआत करते हुए, सूर्यवंशी ने अपना शतक बनाने में समय बर्बाद नहीं किया, उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों पर 19 रन बनाए और 58 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की. यह किसी भारतीय द्वारा बनाया गया सबसे तेज युवा टेस्ट शतक है और 2005 में श्रीलंका के खिलाफ मोईन अली द्वारा 56 गेंदों में बनाए गए 100 रन के बाद रिकॉर्ड किए गए इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक है.  

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