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JK में वंदे भारत हुई ‘ब्लॉकबस्टर’, 10 दिनों तक की सीटें हुई फुल, टिकट के लिए हो रही भयंकर मारामारी

जम्मू  श्रीनगर-कटड़ा के बीच छह जून को शुरू हुई वंदे भारत में सफर करने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। आलम यह है कि श्रीनगर से कटड़ा के लिए चलने वाली दो वंदे भारत में 26 जून तक कोई सीट उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं जून के महीने में केवल 27 व 28 जून को सीटें उपलब्ध है और उसके बाद दो व तीन जुलाई को छोड़ 23 जुलाई तक कोई भी सीट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में साफ है कि तीन जुलाई से आरंभ होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भी इस बार वंदे भारत रेल का सफर कर इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ कटड़ा से श्रीनगर जाने के इच्छुक लोगों को भी वंदे भारत का इंतजार करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। कटड़ा से श्रीनगर जाने के लिए 18 जून तक दोनों वंदे भारत में प्रतिक्षा सूची में टिकट उपलब्ध है। ऐसा अनुमान है कि वार्षिक अमरनाथ यात्रा अवधि तक वंदे भारत में दोनों तरफ से इसी तरह की भीड़ देखने को मिलेगी। बता दें कि कटड़ा और श्रीनगर के बीच चलने वाली दो वंदे भारत को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी। रेलवे से संबंधित अधिकारियों का कहना है कि श्रीनगर जाने वाली वंदे भारत का जबरदस्त क्रेज है। कटरा से श्रीनगर को जोड़ती है वंदे भारत पीएम मोदी ने 6 जून को कटरा से श्रीनगर को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat express) का उद्घाटन किया था. जो अब जम्मू कश्मीर के पर्यटन उद्योग के लिए नई उम्मीद जगाई है. कटरा से कश्मीर तक का सफर लोगों के लिए रोमांच और उत्साह का केंद्र बन चुका है. यह ट्रेन दुनिया के सबसे ऊंचे पुल ‘चिनाब ब्रिज’ (Chenab Rail Bridge) से होकर गुजरती है. जो यात्रियों को सपने जैसा अनुभव देता है. 43 हजार करोड़ का है ये रेल प्रोजेक्ट कटरा को कश्मीर से जोड़ने वाले इस रेल प्रोजेक्ट को बनाने में 43 हजार करोड़ रुपये का खर्च आया है. यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग के किसी चमत्कार से कम नहीं है. ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच से निकलती वंदे भारत ट्रेन यात्रियों को स्वर्ग का अनुभव दे रही है. हर दिन लंबी होती जा रही है वेटिंग लिस्ट कटरा-श्रीनगर रेलवे रुट के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने दो वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई थी. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कटरा से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन की यात्रियों में जबरदस्त डिमांड है. भीड़ के हिसाब से दो ट्रेनें कम पड़ जा रही है. हर मौसम में कश्मीर जा सकेंगे पर्यटक कटरा से श्रीनगर के बीच की दूरी करीब 190 किलोमीटर है. जिसे वंदे भारत तीन घंटे से भी कम समय में तय करती है. जिससे यात्रा का समय आधा रह जाता है. कठोर सर्दियों में जहां रोड कनेक्टिविटी ठप हो जाती है. वहीं वंदे भारत सालों भर चलेगी. जिससे कश्मीर और शेष भारत के बीच कनेक्टिविटी लगातार बनी रहेगी.  

कुंभ के लिए स्पेशल वंदे भारत का ऐलान, नई दिल्ली से वाराणसी प्रयागराज होते हुए चलेगी, 17 फरवरी तक संचालित होगी

नई दिल्‍ली  कुंभ जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी। रेलवे ने एक स्‍पेशल वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का फैसला किया है। कुंभ में भीड़ कम करने में भी ट्रेन मददगार होगी। यह स्‍पेशल वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन (ट्रेन नंबर 02252) नई दिल्ली से वाराणसी चलेगी। ट्रेन प्रयागराज में रुकते हुए जाएगी। यह ट्रेन 15, 16 और 17 फरवरी को चलेगी। इसका मकसद वीकेंड पर कुंभ मेले जाने वाले यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालना है। क्‍या होगी टाइम‍िंंग? ट्रेन नई दिल्‍ली (NDLS) से सुबह 5:30 बजे छूटेगी। इसका प्रयागराज (PRYJ पहुंचने का समय दोपहर 12:00 बजे है। दोपहर 2:20 बजे यह वाराणसी (BSB) पहुंचेगी। वापसी में BSB से चलने का समय दोपहर 3:15 बजे है। प्रयागराज पहुंचने का समय शाम 5:20 बजे है। यह रात 11:50 बजे नई दिल्‍ली पहुंचेगी। कुंभ मेले के लिए यात्रियों की सुविधा के लिए स्‍पेशल वंदे भारत ट्रेन 15 फरवरी 2025 से चलेगी। इसके चलने का समय और दिन ऊपर बताए गए समय के अनुसार ही रहेंगे। लाखों लाख श्रद्धालु हर दिन कुंभ में हिस्‍सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। अब तक करोड़ों लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं। कुंभ एक विशाल और महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है जो हर 12 साल बाद भारत के चार पवित्र स्थानों में से एक में आयोजित किया जाता है। 2025 में कुंभ मेला प्रयागराज में आयोजित हो रहा है। यह एक ऐसा अवसर होता है जब करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम पर स्नान करने के लिए जुटते हैं। रेलवे की अन्य तैयारियां: कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए रेलवे अतिरिक्त विशेष ट्रेनों, प्लेटफॉर्म प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटा है. मुख्य रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, मेडिकल सुविधा और विशेष गाइडेंस केंद्र स्थापित किए गए हैं. प्रयागराज, वाराणसी और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त रेलवे कर्मियों और आरपीएफ जवानों की तैनाती की गई है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कुंभ के दौरान ट्रेन सेवाओं में किसी भी व्यवधान से बचने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी. टिकट बुकिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त कोच और विशेष ट्रेनें चलाने की योजना भी बनाई गई है. यात्रियों से रेलवे की अपील: रेलवे ने कुंभ मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे टिकट पहले से बुक कर लें और यात्रा के दौरान रेलवे की सुरक्षा एवं स्वच्छता निर्देशों का पालन करें. साथ ही स्टेशनों पर अनावश्यक भीड़ न बढ़ाने और सुविधाओं का सुव्यवस्थित उपयोग करने की सलाह दी गई है. उत्तर रेलवे के इस विशेष वंदे भारत ट्रेन के संचालन से कुंभ यात्रियों को तेज़, सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा और भी आसान हो जाएगी.

भोपाल में बनेगा वंदे भारत के संचालन व मेंटेनेंस प्रशिक्षण का सेंटर, अभी प्रशिक्षण लेने भुसावल या उदयपुर जाना पड़ता है

भोपाल  भोपाल के निशातपुरा रेल कोच फैक्ट्री के पास पश्चिम मध्य रेलवे का पहला मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि यहां वंदे भारत ट्रेनों के संचालन और मेंटेनेंस के प्रशिक्षण की आधुनिक लैब भी बनाई जा रही है। इसके बन जाने के बाद भोपाल वंदे भारत पर काम करने वाले देश भर के रेलवे कार्मिकों के प्रशिक्षण का बड़ा केंद्र बन जाएगा। बताया जा रहा है कि अभी पश्चिम मध्य रेलवे के लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन मैनेजर आदि अधिकारी व कर्मचारियों का पेशेवर प्रशिक्षण भुसावल और उदयपुर में होता है। इसको अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए निशातपुरा में मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर की परिकल्पना की गई थी। अब उसमें वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेन प्रणाली के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल भी जोड़ दिया गया है। तैयार होगी विशेष लैब यहां वंदे भारत लोको सिमुलेटर लैब को तैयार किया जा रहा है। इस लैब में वंदे भारत के लोको पायलट ट्रैक पर वास्तविक ट्रेन संचालन का अनुभव कर पाएंगे। इसमें उन्हें लोको पायलट केबिन से नियंत्रित होने वाली प्रणालियों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें कब, कहां कितनी गति रखनी है, किन परिस्थितियों में ब्रेक लगाना है, सिग्नल की प्रक्रिया आदि का प्रशिक्षण भी सिमुलेटर पर ही दिया जाएगा। इनका मिलेगा प्रशिक्षण ट्रेनिंग सेंटर में तकनीकी, सिग्नल, दूरसंचार, इंजीनियरिंग, लेखा, कार्मिक, भंडार, रेलों की विविध प्रणाली, यातायात विभाग से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस केंद्र में देशभर से रेलवे अधिकारी.कर्मचारी प्रशिक्षण लेने आएंगे। केंद्र में ऐसी सुविधा होगी इस प्रशिक्षण केंद्र में 80 बिस्तरों वाला होस्टल, कैंटीन, प्रशासनिक भवन, पुस्तकालय, कंप्यूटर केंद्र, सभागार, चिकित्सा कक्ष जैसी सुविधाएं बनाई जा रही हैं। यह केंद्र अगले साल तक शुरू हो जाएगा। निशातपुरा के पास मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण शुरू हो गया है। जल्द ही यहां रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी को प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। – सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम, भोपाल रेल मंडल

चेन्नई और नागरकोइल के बीच हफ्ते में 4 दिन वंदे भारत चलाई जाएगी, तारीख हुई लॉन्च

नई दिल्ली रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दक्षिणी रेलवे ने वंदे भारत स्पेशल ट्रेनों की लॉन्च तारीख घोषित कर दी है। इसी कड़ी में, चेन्नई और नागरकोइल के बीच हफ्ते में 4 दिन वंदे भारत चलाई जाएगी। इसे ऑपरेट करने को लेकर चुनिंदा तारीखें तय की गई हैं। इस वंदे भारत स्पेशल ट्रेन का नंबर 06067 है जो महीने में 8 दिन फर्राटा भरने वाली है। 11, 12, 13, 14, 18, 19, 20 और 21 जुलाई को यह ट्रेन चेन्नई एग्मोर से रवाना होगी। बताया जा रहा है कि यात्रियों की भारी तादाद को देखते हुए यह स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है। यह वंदे भारत गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को चलेगी। अगर टाइमिंग की बात करें तो सुबह 5:00 बजे रवाना होगी और दोपहर 1:50 बजे नागरकोइल पहुंच जाएगी। वापसी के दौरान नागरकोइल-चेन्नई वंदे भारत स्पेशल ट्रेन (06068) उसी दिन दोपहर 2:20 बजे नागरकोइल से चलेगी और रात 11:00 बजे चेन्नई एग्मोर पहुंचेगी। अब हम आपको इस स्पेशल ट्रेन के स्टॉपेज की जानकारी देते हैं। यह रेलगाड़ी अपनी यात्रा के दौरान 6 स्टेशनों (तांबरम, विल्लुपुरम, त्रिची, डिंडीगुल, मदुरै, कोविलपट्टी और नेल्लई) पर रुकेगी। स्पेशल वंदे भारत का कितना टिकट अगर टिकट की कीमत की बात करें तो AC चेयर कार के लिए 1605 रुपये है। एक्जीक्यूटिव चेयर कार के लिए 3245 रुपये देने होंगे। माना जा रहा है कि चेन्नई और नागरकोइल के बीच स्पेशल वंदे भारत ट्रेन चलने से कनेक्टिविटी में सुधार होगा। यात्रियों के लिए सुविधाजनक और कुशल यात्रा का विकल्प रहेगा। दूसरी ओर, पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए उधना-मालदा टाउन और उधना-जयनगर के बीच विशेष किराए पर 2 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसके अनुसार, ट्रेन संख्या 09015/09016 उधना-मालदा टाउन स्पेशल (02 ट्रिप): ट्रेन संख्या 09015 उधना-मालदा टाउन स्पेशल शुक्रवार, 5 जुलाई को 2140 बजे उधना से प्रस्थान करेगी और सोमवार, 8 जुलाई को 0745 बजे मालदा टाउन पहुंचेगी।  

15 अगस्त से वंदे भारत की नई स्लीपर सेवाएं शुरू की जाएंगी, जानिए किन रूटों पर ये ट्रेनें चलाई जाएगी

नई दिल्ली  देश की सबसे लोकप्रिय ट्रेन वंदे भारत के चाहने वालों के लिए खुशखबरी है। वंदे भारत की सफलता के बाद रेलवे जल्द ही वंदे भारत स्लीपर की सौगात लोगों को देने वाला है। ऐसा बताया जा रहा है कि 15 अगस्त से कई रूटों पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को चलाने का प्लान है। रिपोर्ट्स की मानें तो दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) के अधिकारियों ने बताया है कि 15 अगस्त से वंदे भारत की नई स्लीपर सेवाएं शुरू की जाएंगी। आइए एक नजर डालते हैं कि किन रूटों पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। इन रूटों पर दौड़ेगी वंदे भारत? समयम की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण मध्य रेलवे के अधिकारियों ने काचीगुड़ा और सिकंदराबाद स्टेशनों से वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव दिया है। अधिकारी चाहते हैं कि नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेनें काचीगुड़ा-विशाखापट्टनम, काचीगुड़ा-तिरुपति, सिकंदराबाद-पुणे जैसे व्यस्ततम मार्गों पर चलाई जाएं। नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 कोच होंगे और यह ट्रेनें रात में भी चलेंगी। मालूम हो कि इसमें एसी और नॉन एसी कोच होंगे। दक्षिण मध्य रेलवे के अधिकारियों ने खुलासा किया है कि टिकटों की कीमतें सभी के लिए सुलभ होंगी। कितनी होगी वंदे भारत स्लीपर की स्पीड नई वंदे भारत स्लीपर अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने की संभावना है, और इसका बाहरी डिजाइन लगभग वंदे भारत एक्सप्रेस के समान बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस ट्रेन में की कुल 16 कोचों में यात्रियों के लिए 823 बर्थ होंगी। इस ट्रेन में यात्रियों को हवाई जहाज जैसी सुविधा प्रदान की जाती है। भोजन और पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पैंट्री व्यवस्था होगी। बाहरी हिस्से में एक स्वचालित दरवाजा, एक गंध रहित शौचालय शामिल होगा। इस ट्रेन के कोच पूरी तरह से ध्वनि-रोधी होंगे और यात्रा के दौरान यात्रियों को अच्छी नींद के लिए आराम मुहैया कराएंगे। रेलवे जल्द शुरू करेगा वंदे भारत मेट्रो रेलवे विभाग द्वारा आसपास के शहरों को जोड़ने के लिए वंदे भारत मेट्रो सेवा शुरू किए जाने की प्लानिंग चल रही है। ये ट्रेनें कानपुर-लखनऊ, दिल्ली-मेरठ, मुंबई-लोनावाला, वाराणसी-प्रयागराज, पुरी-भुवनेश्वर और आगरा-मथुरा के बीच संचालित होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक कोच में 250 लोग आसानी से यात्रा कर सकते हैं। रेलवे द्वारा जल्द ही वंदे भारत मेट्रो का ट्रायल रन किया जाएगा।

वंदे भारत को लेकर आ गई गुड न्यूज, अब जल्द ही वाराणसी-हावड़ा के बीच शुरू होगी , जाने डिटेल

Mohan government's first budget today, Deputy Chief Minister Deora will present

नई दिल्ली देश की सबसे लोकप्रिय ट्रेन वंदे भारत के हजारों लोग दीवाने हैं। वंदे भारत को लेकर लोगों की इच्छा है कि यह ट्रेन उनके भी शहर से गुजरे ताकी उन्हें भी वंदे भारत की यात्रा सुलभ हो सके। रेलवे द्वारा वंदे भारत एक्सप्रेस को अलग-अलग रूटों पर चलाने की तैयारी की जा रही है। रेलवे जल्द ही लंबी दूरी की वंदे भारत में स्लीपर क्लास की व्यवस्था करने जा रहा है, जिसके लिए तैयारियां चल रही हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो लोकप्रिय रूट वाराणसी-हावड़ा के बीच वंदे भारत को चलाने के लिए प्लान तैयार किया जा चुका है। इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन के ऐलान की जल्द उम्मीद है। इन रूटों पर सफल है वंदे भारत वाराणसी से चलने वाली पहली वंदे भारत पहले से ही यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय है। 100-130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हाई-स्पीड ट्रेन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच की दूरी तय करती है। वहीं रेल मंत्रालय के ‘मिशन रफ्तार’ के तहत बंगाल में नई सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों को लाने का प्लान तैयार किया था। इस मिशन के तहत हावड़ा-पुरी, हावड़ा-पटना और हावड़ा-रांची रूटों को शामिल किया गया था। अब इन रूटों पर वंदे भारत ट्रेन सफलता पूर्वक चल रहीं हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो हावड़ा-वाराणसी खंड पर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की व्यवस्था का भी अध्ययन किया जा रहा है। वंदे भारत की 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से इन रूटों पर चल पाए इसके लिए विचार चल रहा है। इस रूट पर वंदे भारत चलाने को लेकर लेकर बीते साल जुलाई में रेलवे अधिकारियों ने कहा, “हमें ट्रैक के दोनों किनारों पर बाड़ लगाने के लिए राज्य सरकार के सहयोग की आवश्यकता है।” अधिकारियों ने कहा कि जब तक पूरे ट्रैक से अतिक्रमण नहीं हटाया जाता, ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से नहीं चल सकती। हालिया रिपोर्ट की मानें तो 2023 में वाराणसी-हावड़ा वंदे भारत ट्रेन का प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। मार्ग का सर्वेक्षण पूरा होने और रेल मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, वाराणसी-हावड़ा वंदे भारत सेवाओं की शुरुआत की घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है।  

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