LATEST NEWS

प्रशिक्षु कैडेट्स का जोश – हमारा सपना साकार हो रहा है!

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के आगडीह हवाई पट्टी में 3 सीजी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी रायपुर के कैडेट्स से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कैडेट्स के अनुभव सुने और जशपुर में पहली बार शुरू हुए विमान उड़ान प्रशिक्षण को एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि जशपुर अब केवल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि विमानन प्रशिक्षण का नया हब भी बन रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को हर क्षेत्र में करियर निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है। अब युवा पायलट बनने का भी सपना साकार कर सकते हैं, जिसके लिए सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर माइक्रो लाइट एयर स्क्वाड्रन विमान का अवलोकन किया और उसकी तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैडेट्स को जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करवाया जाए, ताकि वे जिले के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से परिचित हो सकें। उन्होंने यह भी बताया कि जशपुर में काजू, चाय पत्ती, नाशपाती और सेब की खेती बड़े पैमाने पर हो रही है, जिससे यहां की कृषि को नया आयाम मिला है। पहली बार जशपुर में विमान उड़ान प्रशिक्षण, 100 कैडेट्स को मिलेगा अवसर जशपुर जिले में 7 मार्च 2025 से कैडेटों को सुबह विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान विमान आकाश में उड़ान भरने के बाद सुरक्षित लैंड करता है, जिससे कैडेट्स को व्यावहारिक अनुभव मिलता है। रायपुर से बाहर पहली बार जशपुर जिले में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिससे कैडेट्स में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। ट्विन-सीटर SW-80 विमान से दी जा रही ट्रेनिंग आगडीह हवाई पट्टी की लंबाई 1200 मीटर और चौड़ाई 25 मीटर है। यहां सिंगल इंजन ट्विन-सीटर वायरस SW-80 विमान से कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो 20,000 फीट की अधिकतम ऊंचाई तक उड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल प्रशिक्षण के लिए 1,000 फीट की ऊंचाई तक ही उड़ान संचालित की जा रही है। कमांडिंग ऑफिसर ने बताया कि एनसीसी एयर विंग के “सी” सर्टिफिकेट में उच्च ग्रेडिंग प्राप्त करने वाले कैडेट्स सीधे एयरफोर्स इंटरव्यू के लिए पात्र माने जाते हैं, जिससे यह प्रशिक्षण उनके सुनहरे भविष्य की नींव रखता है। कैडेट्स का उत्साह – “एयरफोर्स पायलट बनने का सपना साकार होगा” प्रशिक्षु नितेश प्रजापति ने बताया कि जशपुर का स्वच्छ और खूबसूरत वातावरण उड़ान प्रशिक्षण के लिए बहुत उपयुक्त है। उन्होंने कहा, “मेरा सपना एयरफोर्स पायलट बनने का है, और यह प्रशिक्षण मुझे उस दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा।” इसी तरह प्रांशु चौहान ने बताया कि जशपुर में एयर ट्रैफिक साफ-सुथरा रहता है, जिससे उड़ान में कोई बाधा नहीं आती। रनवे भी पूरी तरह से क्लियर रहता है, जिससे प्रशिक्षण बिना किसी रुकावट के संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा, “प्राकृतिक सुंदरता के बीच प्रशिक्षण लेना हमारे लिए हमेशा यादगार रहेगा।” इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नगर विकास की दिशा में प्रभावी कार्य करने का आह्वान

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में नगर पालिका परिषद, जशपुरनगर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अरविंद भगत एवं 20 वार्डों के पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज स्वामी आत्मानंद शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर जशपुर में सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नगर की स्वच्छता, सुव्यवस्था और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए पार्षदगण अपनी पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही आपकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। नगर विकास की दिशा में  प्रभावी कार्य करने का आह्वान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पार्षदों से स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं और स्मार्ट शहर निर्माण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से जशपुरनगर को एक आदर्श नगर बनाया जाएगा। शपथ ग्रहण के उपरांत विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, सहित कई गणमान्य व्यक्ति, अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई

रायपुर जशपुर जिला व्यवहार न्यायालय में आयोजित जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें न्यायिक सेवा के प्रति समर्पण का संकल्प दिलाते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंसूर अहमद, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जनार्दन खरे, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष ओम प्रकाश साय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद सिन्हा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती दीपिका कुजूर, सचिव सत्य प्रकाश तिवारी, सह सचिव सूरज चौरसिया, कोषाध्यक्ष सुचेन्द्र कुमार सिंह, ग्रंथपाल गोपाल प्रसाद रवानी और क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव सत्येन्द्र जोल्हे शामिल थे। मुख्यमंत्री  साय ने अधिवक्ता संघ के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र की रीढ़ है और अधिवक्ताओं की इसमें प्रमुख भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ न्याय प्रक्रिया को तेज करने में योगदान देना चाहिए, ताकि समाज के सबसे वंचित तबके को भी न्याय सुलभ हो सके। जशपुर अधिवक्ता संघ की ऐतिहासिक भूमिका और न्याय की परंपरा मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिला अधिवक्ता संघ के ऐतिहासिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि यह संघ हमेशा से सामाजिक न्याय और विधिक सेवा में अग्रणी रहा है। उन्होंने भारतचंद काबरा, बालासाहेब देशपांडे और नरहरि साय जैसी विभूतियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन सभी ने शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे इस परंपरा को बनाए रखते हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा करें और उनके लिए न्याय की राह को सुगम बनाएं। बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा मुख्यमंत्री साय ने अधिवक्ताओं के लिए सुविधा और संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बार काउंसिल के जीर्णोद्धार और ई-लाइब्रेरी के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में ई-लाइब्रेरी से अधिवक्ताओं और कानून के छात्रों को नवीनतम विधिक जानकारी और अद्यतन संदर्भ सामग्री तक सहज पहुंच प्राप्त होगी। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ेगी और नए अधिवक्ताओं को अध्ययन व अनुसंधान के बेहतर अवसर मिलेंगे। न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ का अटूट रिश्ता – प्रधान जिला न्यायाधीश इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंसूर अहमद ने कहा कि न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ के बीच अटूट रिश्ता है, और दोनों को मिलकर समाज में न्याय और विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य करना  चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय की गरिमा बनाए रखने और विधिक सेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की अपील की। इस अवसर पर वक्ताओं ने अधिवक्ताओं की समाज में भूमिका, विधिक सहायता की आवश्यकता और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार साझा किए। शपथ ग्रहण समारोह में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, रामप्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, आनंद और परस्पर प्रेम की कामना की : CM साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंगों और उल्लास के महापर्व होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, आनंद और परस्पर प्रेम की कामना की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करने वाला पर्व है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि जीवन में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के रंग सबसे अनमोल हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली का त्यौहार सदियों से भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहा है, जहां भेदभाव मिट जाते हैं, और लोग आपसी स्नेह, उल्लास और उमंग के रंगों में घुल-मिल जाते हैं। यह पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की विजय, प्रेम की जीत और समाज में सौहार्द्र को और मजबूत करने का संदेश देता है। मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि हम सभी होली के पावन पर्व को प्रेम, सौहार्द और आनंद के साथ मनाएं, एक-दूसरे के जीवन में खुशियों के रंग भरें और छत्तीसगढ़ की समरसता और एकता को और अधिक सशक्त बनाएं।

ओडिशा सरकार की सहमति के बाद स्ट्रक्चर में रेत की बोरियां डालकर पानी का प्रवाह सुनिश्चित किया गया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर में जल प्रवाह को नियंत्रित कर इंद्रावती नदी की मुख्य धारा में पानी छोड़ा गया है। ओडिशा सरकार की सहमति के बाद स्ट्रक्चर में रेत की बोरियां डालकर पानी का प्रवाह सुनिश्चित किया गया, जिससे इंद्रावती नदी में जल स्तर में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से इंद्रावती नदी के जल संकट के समाधान हेतु चर्चा की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के मुख्यमंत्रियों को समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। जिसके परिणामस्वरूप उड़ीसा राज्य की सहमति से जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर को अस्थायी रूप से एक फीट ऊंचा किया गया, जिससे इंद्रावती नदी के जल प्रवाह में सुधार हुआ। इसके अतिरिक्त, इंद्रावती नदी के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में जमा रेत को हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिसे अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर सी.पी. बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग और जल संसाधन विभाग के ईई वेद पांडेय ने स्थानीय किसानों को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभा कक्ष में पूरी जानकारी दी। इंद्रावती नदी और जोरा नाला की समस्या इंद्रावती नदी का उद्गम ओडिशा राज्य के कालाहांडी जिले के रामपुर धुमाल गांव से हुआ है। यह नदी 534 किलोमीटर की यात्रा के बाद गोदावरी नदी में मिलती है। नदी का कैचमेंट एरिया 41,665 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें ओडिशा में 7,435 वर्ग किमी, छत्तीसगढ़ में 33,735 वर्ग किमी और महाराष्ट्र में 495 वर्ग किमी शामिल हैं। ओडिशा राज्य की सीमा पर ग्राम सूतपदर में इंद्रावती नदी दो भागों में बंट जाती है। एक भाग इंद्रावती नदी के रूप में 5 किमी बहकर ग्राम भेजापदर के पास छत्तीसगढ़ में प्रवेश करता है, जबकि दूसरा भाग जोरा नाला के रूप में 12 किमी बहते हुए शबरी (कोलाब) नदी में मिल जाता है। पहले जोरा नाला का पानी इंद्रावती में आता था, लेकिन धीरे-धीरे इसका बहाव बढ़ने से इंद्रावती का जल प्रवाह कम हो गया। समस्या गंभीर होने पर दिसंबर 2003 में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के प्रमुख अभियंताओं की बैठक में जोरा नाला के मुहाने पर जल विभाजन के लिए कंट्रोल स्ट्रक्चर बनाने का निर्णय लिया गया। यह स्ट्रक्चर ओडिशा सरकार द्वारा बनाया गया, जिसकी डिज़ाइन केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने तैयार की। निर्माण के बाद भी जोरा नाला में अधिक पानी जाने से छत्तीसगढ़ को ग्रीष्म ऋतु में औसतन 40.71% और ओडिशा को 59.29% जल प्रवाह मिला। राज्य सरकार की पहल से समाधान की दिशा में प्रगति इंद्रावती नदी में न्यूनतम जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कई प्रयास किए। 6 जनवरी 2021 को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में कंट्रोल स्ट्रक्चर के अपस्ट्रीम में जलभराव रोकने के लिए रेत और बोल्डर हटाने तथा जोरा नाला के घुमाव को सीधा करने का अनुरोध किया गया। वर्ष 2018 के बाद इंद्रावती नदी में सतत जल प्रवाह कम होने की समस्या बनी हुई थी। अब राज्य सरकार के प्रयासों से ओडिशा सरकार का सहयोग प्राप्त हुआ है, जिससे नदी के जल प्रवाह को संतुलित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इससे इंद्रावती नदी में जल प्रवाह बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

बस्तर के असल जीवन को करीब से जानने-समझने का मिलेगा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : मुख्यमंत्री ने किया ‘बस्तर पंडुम 2025’ का लोगो अनावरण मुख्यमंत्री ने किया ‘बस्तर पंडुम 2025’ का लोगो अनावरण बस्तर में शांति स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा बस्तर पंडुम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर के असल जीवन को करीब से जानने-समझने का मिलेगा अवसर बस्तर पंडुम 2025: लोकसंस्कृति और परंपराओं का भव्य उत्सव बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की अनूठी पहल है बस्तर पंडुम रायपुर बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।         मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।         मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।        इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक किरण देव, विधायक सुलता उसेंडी, विधायक विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति विवेक आचार्य मौजूद रहे। बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगो      बस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है।  “बस्तर पंडुम” गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है। नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन ‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षण     बस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।

होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है। यह पर्व हमें छोटी-छोटी अनबन को भुलाकर नए सिरे से दोस्ती की शुरुआत करने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में यह बात कही। रंगों के बीच पत्रकारों संग झूमे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री साय का रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों ने अनूठे अंदाज में भिंडी की माला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के होली विशेषांक ‘सेंसलेस टाइम्स’ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब में पर्वों को मिल-जुलकर मनाने की एक गौरवशाली परंपरा है। हर साल इस होली उत्सव में शामिल होने का अवसर मिलता है। मैं रायपुर प्रेस क्लब परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हर्ष और उल्लास से भरा यह पर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे, यही मेरी मंगलकामना है। मुख्यमंत्री ने बजाया नगाड़ा, रंगों के उल्लास में झूमे पत्रकार रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह में रंगों और उमंग का अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खुद नगाड़ा बजाकर उत्सव का जोश दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री के नगाड़ा बजाते ही समारोह में मौजूद पत्रकारों और गणमान्यजनों ने तालियों से उत्साह बढ़ाया और पूरे माहौल में उल्लास की लहर दौड़ गई। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन पर मुख्यमंत्री भी पत्रकारों के साथ फाग गीतों और होली की मस्ती में झूमते नजर आए। होली के इस रंगीन माहौल में संगीत, उत्सव और आपसी भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला। पत्रकारों के लिए बड़ी सौगात, प्रेस क्लब के लिए 1 करोड़ का बजट प्रावधान मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर प्रेस क्लब की परंपरा को सराहते हुए कहा कि इस वर्ष के बजट में पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं, जो लोकतंत्र की मजबूती में अहम भूमिका निभाते हैं। रायपुर प्रेस क्लब को राजधानी की गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए 1 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे इसके भवन का रिनोवेशन और विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा पत्रकारों के लिए एक्सपोजर विजिट की भी मांग उठी थी, जिसे पूरा करते हुए 1 करोड़ रुपये का अलग से बजट प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने वरिष्ठ पत्रकारों के कल्याण की चिंता करते हुए कहा कि लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में जनसेवा करने वाले साथियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार ने सम्मान निधि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे लगता है कि यह होली केवल रंगों और फाग की मस्ती का पर्व नहीं, बल्कि पत्रकार मित्रों के लिए भी बड़ी सौगात लेकर आई है। महिला पत्रकारों के योगदान को सराहा मुख्यमंत्री ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवसर पर उन्होंने महिला पत्रकारों का सम्मान किया और उनके संघर्ष व उपलब्धियों को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारिता में चुनौतियाँ बहुत हैं, लेकिन उनके हौसले और संकल्प भी उतने ही ऊँचे हैं। लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में पत्रकारों की अहम भूमिका मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी होते हैं, जिनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में उनके लिए इस तरह के सांस्कृतिक और मिलन समारोह जरूरी हैं, जिससे कार्य के दबाव से अलग हटकर परस्पर सौहार्द को बढ़ावा मिले। रायपुर प्रेस क्लब वर्षों से होली मिलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है। यह परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे,मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, श्री अमित चिमनानी, श्री अनुराग अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक  और अधिकारीगण कार्यक्रम में शामिल हुए। रायपुर प्रेस क्लब की ओर से अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर सहित प्रेस क्लब के सदस्यगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने लागू की गई नीति राज्य में धान उत्पादन को नए उच्च स्तर तक ले जा रही

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में तमिलनाडु कावेरी फार्मर्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान तमिलनाडु के किसानों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से धान और पान से बनी माला पहनाकर अभिनंदन किया और अपनी परंपरा के अनुरूप रेड बनाना (लाल केला), आम, नारियल के पौधे और कटहल उपहार स्वरूप भेंट किए। इस आत्मीय स्वागत के लिए मुख्यमंत्री साय ने किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी उपस्थित थे। तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार की नीति को बताया अनुकरणीय मुलाकात के दौरान तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को दिए जा रहे देश के सर्वाधिक धान मूल्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की नीति किसानों के लिए एक मिसाल है। इस पहल को किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि जब किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिलता है, तो वे न केवल अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित होते हैं, बल्कि खेती को एक स्थायी आजीविका के रूप में भी देख सकते हैं। एसोसिएशन के महासचिव स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन ने मुख्यमंत्री की इस नीति की सराहना करते हुए कहा कि उचित समर्थन मूल्य किसानों को आश्वस्त करता है कि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा। जब मूल्य उत्पादन लागत से मेल खाता है, तो किसान निडर होकर खेती कर सकते हैं और अपनी आजीविका को समृद्ध बना सकते हैं। छत्तीसगढ़ का यह कदम पूरे देश में मिसाल बन सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। धान के लिए उच्चतम समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसान न केवल आत्मनिर्भर बनें बल्कि समृद्ध भी हों। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई यह नीति राज्य में धान उत्पादन को नए उच्च स्तर तक ले जा रही है। किसान हितैषी योजनाओं के कारण प्रदेश में धान का उत्पादन लगभग 1.50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। छत्तीसगढ़ की कृषि नीति को राष्ट्रीय पहचान तमिलनाडु के किसानों ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि नीतियों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान की सराहना की। किसानों ने कहा कि जब सरकार किसानों के हित में ठोस नीतियाँ बनाती है, तो उनका सीधा प्रभाव उनकी आय, जीवन स्तर और समृद्धि पर पड़ता है। यह मुलाकात दो राज्यों के किसानों के बीच आपसी सौहार्द और कृषि सहयोग का प्रतीक बनी। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-केंद्रित नीतियां न केवल राज्य में बल्कि देशभर में अनुकरणीय बन रही हैं। इस अवसर पर एसोसिएशन के महासचिव स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन के साथ चेरन, कालिया पेरूमल, समीनाथन, सेनगुटटुवन, सुगुमारन, बालाजी, सीतारामन, सबरी नाथन, जी. बालाजी सहित अन्य किसान नेता उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया

मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक – 12 मार्च 2025 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –     मंत्रिपरिषद ने राज्य में नक्सल समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल करते हुए छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति-2023 के स्थान पर छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।     छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक-2025 विधानसभा के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     मुख्यमंत्री ने 27 फरवरी को फिल्म ‘‘छावा‘‘ को राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुपालन में फिल्म छावा के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति किए जाने का अनुमोदन किया गया।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और वैज्ञानिक योजना तैयार करने के लिए राज्य जल सूचना केन्द्र (SWIC) का गठन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की सहमति प्रदान की गई। रायपुर          स्टेट वाटर इंफॉर्मेशन सेंटर वर्षा, नदी और जलाशयों के स्तर, भूजल गुणवत्ता, गाद, नहरों में जल प्रवाह, फसल कवरेज, जलभृत मानचित्रण, भूमि और मिट्टी के डेटा सहित जल संसाधन संबंधी विभिन्न सूचनाओं का संग्रह, विश्लेषण और भंडारण करेगा।     SWIC, NWIC  द्वारा विकसित डिजिटल प्लेटफार्म की सहायता से जल संसाधन प्रबंधन के लिए प्रमाणिक डेटा उपलब्ध कराएगा। इससे नीति निर्माण, रणनीतिक निर्णय, मॉडलिंग, विश्लेषणात्मक उपकरणों के विकास और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के जल संसाधन विभाग के 09 बॉधों के सुधार कार्यों के लिए 522.22 करोड़ रूपए भारत सरकार के माध्यम से ऋण स्वीकृति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया। इनमें मनियारी टैंक, घोंघा टैंक, दुधावा, किंकारी, सोंढूर, मूरूमसिल्ली (भाग-2), रविशंकर सागर परियोजना (भाग-2), न्यूज रूद्री बैराज और पेण्ड्रावन टैंक शामिल हैं।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में सुशासन और नीति क्रियान्वयन को मजबूत करने में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है।     यह योजना आईआईएम रायपुर और ट्रांसफार्मिंग रूरल इंडिया फाउण्डेशन नई दिल्ली के सहयोग से सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा संचालित की जाएगी। यह योजना छत्तीसगढ़ के मूल निवासी युवाओं के लिए होगी। इस कार्यक्रम को सुफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले फेलो को आईआईएम रायपुर द्वारा एमबीए के डिग्री प्रदान की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर चयनित फेलो को दो वर्ष की कुछ अवधि में आईआईएम रायपुर में शैक्षणिक सत्र में शामिल होना होगा तथा शेष अवधि में जिला/विभाग में राज्य की योजनाओं एवं कार्यक्रम हेतु कार्य करके जिला/विभाग को सहयोग प्रदान करना होगा। इस कार्यक्रम में होने वाले खर्च का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा साथ ही फेलो को प्रति माह स्टाईपेंड भी प्रदान किया जाएगा।     मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार की प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच ईओडब्ल्यू के माध्यम से जांच कराने का निर्णय लिया है।

हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान

रायपुर : श्रीरविशंकर और उनके संस्थान के परोपकार और मानवता के कल्याण के कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय श्रीरविशंकर द्वारा नक्सल विचारधारा से प्रभावित युवाओं से विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का आव्हान मुख्यमंत्री शंखनाद महासत्संग में हुए शामिल हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में श्रीरविशंकर के शंखनाद महासत्संग कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने श्रीरविशंकर जी से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद ग्रहण किया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरविशंकर परोपकार और मानवता की सेवा का ऐसा कार्य कर रहे हैं, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने श्रीरविशंकर महाराज का प्रदेश की जनता की ओर से छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान योग, ध्यान और मानवता के कल्याण का अच्छा कार्य कर रहा है। सुदर्शन क्रिया के माध्यम से देश दुनिया में करोड़ों निराश लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ध्यान और मेडिटेशन को हम भूलते जा रहे थे। आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से फिर से इसे स्थापित किया जा है।  उन्होंने बताया कि आज छत्तीसगढ़ राज्य और आर्ट ऑफ लिविंग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसके तहत प्रदेश के गांव-गांव में जल संरक्षण, कृषि संवर्धन, शिक्षा, आजीविका – रोजगार, महिला सशक्तिकरण और नशा मुक्ति के कार्य उनकी संस्था द्वारा किया जाएगा। नया रायपुर में आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। श्रीरविशंकर और मुख्यमंत्री साय ने आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शिलान्यास किया। यह केंद्र योग, ध्यान, कौशल विकास, आत्म विकास और सामुदायिक विकास को समर्पित रहेगा। यह महा सत्संग ज्ञान, ध्यान और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम रहा है। आध्यात्मिक गुरु श्रीरविशंकर महाराज ने आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धांतों की सारगर्भित जानकारी अपने संबोधन में दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को ध्यान कराया। ध्यान के दौरान हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान तरंगित हो उठा। नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं से मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान श्रीरविशंकर ने नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप विकास की मुख्य धारा में आएं, हम आपके साथ खड़े हैं, हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनाएंगे। जहां सभी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो। गरीबों के उत्थान के कार्यों हों। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में शांति और समृद्धि आवश्यक है। जब शांति होगी तो समृद्धि आएगी। आप जब हमारे साथ आएंगे तो आपको भी समता ,समृद्धि और न्याय मिलेगा। बंदूक से कोई काम नहीं बनता। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य है। विविध फल फूल और प्राकृतिक संपदा भरपूर है। यह प्रदेश दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। अब यह समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रदेश को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनने के लिए काम करें । आर्ट ऑफ लिविंग के संबंध में उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में शक्ति, भक्ति, युक्ति और मुक्ति होनी चाहिए। विपरीत और अनुकूल परिस्थितियों में मन का समभाव बना रहे । जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करें। दूसरों के विचारों को प्रेरणा लें, लेकिन उनसे पूरी तरह प्रभावित न हो और वर्तमान में जिएं। हमारे जीवन में प्रेम हो, प्रेम का अर्थ है कि कोई हमारे लिए गैर नहीं है । उन्होंने लोगों से गुरु दक्षिणा मांगते हुए कहा कि यहां आए सभी लोग अपनी परेशानी, दुख – दर्द यहां छोड़ कर जाएं, यही मेरी गुरु दक्षिणा है । ईश्वर पर भरोसा रखें । कार्यक्रम के अंत में भजन की धुन पर पूरा मैदान झूम उठा। श्रीरविशंकर रैंप पर चलकर लोगों के पास पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुलता उसेंडी, विधायक किरण सिंहदेव, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने चार नए महिला थानों का उद्घाटन, पुलिस बल को और सशक्त बनाने पर जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में उप निरीक्षक संवर्ग के 840 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए  कहा कि राज्य में पुलिस बल की क्षमता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण निर्मित हो, यह सुनिश्चित करना भी पुलिस विभाग की महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का कार्य लोगों के बीच शांति, विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देना भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। तकनीकी संसाधनों के समावेश से पुलिस बल को अधिक दक्ष और प्रभावी बनाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पुलिस बल के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्दी का अर्थ केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नव नियुक्त पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपनी वर्दी का सम्मान करें और इसे हमेशा गर्व से धारण करें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जशपुर, रायगढ़, जगदलपुर और दंतेवाड़ा में नए महिला थानों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन थानों के माध्यम से महिलाओं को अधिक सुरक्षित वातावरण और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस बल को और अधिक सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं पर विचार कर रही है। इन योजनाओं के तहत तकनीकी उन्नयन, आधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह पुलिस सेवा में उनके सफर की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त पुलिस अधिकारी बनने के लिए उच्च मनोबल और अनुशासन अनिवार्य है। इस अवसर पर आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भेंट कर सुशासन की सराहना की, महिला सदस्यों ने मुख्यमंत्री को समाज के कुटीर उद्योग पहल की जानकारी दी

रायपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कुनबी समाज महासंगठन के 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर, छत्रपति शंभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म “छावा” को राज्य में कर मुक्त किए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि यह निर्णय इतिहास को सहज और सरल रूप में जन-जन तक पहुँचाने की महत्वपूर्ण पहल है। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री साय को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा, मराठी टोपी, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा कहा कि आपके नेतृत्व में प्रदेश सुशासन और प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रतिनिधि मंडल  ने शिवाजी जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग रखी। प्रतिनिधि मंडल की महिला सदस्यों श्रीमती सारिका गेडेकर व श्रीमती मनिषा बारसे ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि कुनबी समाज की महिलाओं ने सामाजिक भवन में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कुटीर उद्योग की स्थापना की है। इसके तहत हल्दी, मिर्च, मसाले आदि का निर्माण और पैकेजिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं की इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया। प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश कुनबी समाज भवन निर्माण से संबंधित जानकारी मुख्यमंत्री को दी और समाज के भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल में रंजीत भाऊ मुनेश्वर, उमेश घोड़मोड़,  श्रीमती सारिका गेडेकर, श्रीमती मनिषा बारसे,  दिलीप गेडेकर,  हेमराज,  प्रेम बोहरे, वासुदेव फुंडे, श्रीमती रागिणी गेडेकर, श्रीमती संगिता भंडारकर, श्रीमती रिंकु सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति 3 लाख करोड़ का निवेश, चार तरह के पावर प्लांट से बनेगी अपार ऊर्जा छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति! 3 लाख करोड़ का निवेश, चार तरह के पावर प्लांट से बनेगी अपार ऊर्जा ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का मिला निवेश प्रस्ताव 57,000 करोड़ की जलविद्युत परियोजनाएं, नदियों से बनेगी बिजली थर्मल और न्यूक्लियर पावर से भी मिलेगी छत्तीसगढ़ को ऊर्जा रायपुर छत्तीसगढ़ अब ऊर्जा क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज रायपुर में हुए ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में कई बड़ी कंपनियों ने 3 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है. इस निवेश से राज्य में परमाणु, थर्मल, सौर और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में बिजली उत्पादन के नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। इससे न केवल उद्योगों को फायदा मिलेगा, बल्कि आम लोगों को भी सस्ती और निरंतर बिजली मिल सकेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ में ऊर्जा के क्षेत्र में यह निवेश राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ न केवल ऊर्जा में आत्मनिर्भर बने, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऊर्जा हब के रूप में स्थापित हो। छत्तीसगढ़ पहले से ही 30,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जो देश के औसत से ज्यादा है। अब हर व्यक्ति को 2048 किलोवाट-घंटे बिजली मिल रही है, जिससे राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एनटीपीसी ने 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 4200 मेगावाट क्षमता का न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट लगाने की योजना बनाई है। इससे छत्तीसगढ़ में परमाणु ऊर्जा से बिजली उत्पादन की शुरुआत होगी। थर्मल पावर क्षेत्र में भी बड़े निवेश की घोषणा हुई है। अदानी पावर 66,720 करोड़ रुपये खर्च कर कोरबा, रायगढ़ और रायपुर में 1600-1600 मेगावाट के तीन थर्मल पावर प्लांट लगाएगा। जिंदल पावर रायगढ़ में 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए 12,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जबकि सरदा एनर्जी रायगढ़ में 660 मेगावाट क्षमता के प्लांट के लिए 5,300 करोड़ रुपये लगाएगी। इसके अलावा, सरकारी कंपनियां एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल 41,120 करोड़ रुपये की लागत से 4500 मेगावाट बिजली उत्पादन करेंगी। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता मिली है। जिंदल पावर और एनटीपीसी ग्रीन मिलकर 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर 2500 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन करेंगे। इसमें डोलेसरा में 500 मेगावाट और रायगढ़ में 2000 मेगावाट के सौर प्लांट शामिल होंगे। किसानों के लिए भी खुशखबरी है। पीएम कुसुम योजना के तहत 4100 करोड़ रुपये की लागत से 675 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन किया जाएगा और 20,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिलेगी और डीजल पंपों की जरूरत कम होगी। इसके अलावा, 57,046 करोड़ रुपये की लागत से 8700 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट भी शुरू होंगे। इसमें एसजेएन कोटपाली में 1800 मेगावाट और जिंदल रिन्यूएबल द्वारा 3000 मेगावाट के प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन सभी निवेशों के जरिए छत्तीसगढ़ जल्द ही देश के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल हो जाएगा। इससे उद्योगों, किसानों और आम लोगों को फायदा होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रमुख निवेश और योजनाएं 1. परमाणु ऊर्जा: साफ और कुशल ऊर्जा उत्पादन के लिए ₹80,000 करोड़ का निवेश। 2. ताप विद्युत: राज्य की ताप विद्युत क्षमता को मजबूत करने के लिए ₹1,07,840 करोड़। 3. सौर ऊर्जा: सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के लिए ₹10,000 करोड़। 4. पीएम कुसुम योजना: किसानों के बीच सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ₹4,100 करोड़। 5. पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं (PSP): ग्रिड स्थिरता के लिए ऊर्जा भंडारण में ₹57,046 करोड़। 6. क्रेडा सौर पहल: सौर ऊर्जा विस्तार के लिए ₹3,200 करोड़। 7. पीएम सूर्य योजना: राष्ट्रीय सौर छत परियोजना के तहत ₹6,000 करोड़। 8. सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा: सरकारी इमारतों में सौर ऊर्जा अपनाने के लिए ₹2,500 करोड़। 9. बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS): ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ₹2,600 करोड़। 10. पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क: बिजली पारेषण नेटवर्क को उन्नत करने के लिए ₹17,000 करोड़। 11. RDSS (वितरण क्षेत्र योजना): वितरण बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ₹10,800 करोड़।

मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “महतारी वंदन अभिनंदन” कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को सम्मानित किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “महतारी वंदन अभिनंदन” कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ महिला पत्रकारों ने मीडिया में महिलाओं की भूमिका पर खुलकर चर्चा की। महिला पत्रकारों ने कहा कि महिला पत्रकार राजनीति, अपराध, खेल सहित हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती हैं, बशर्ते उन्हें बराबरी का अवसर मिले। उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जा रहे छात्रावासों की सराहना की और कहा कि यह पहल महिलाओं को घर से दूर भी सुरक्षित माहौल प्रदान करेगी। इससे अब अभिभावक अपनी बेटियों के करियर को लेकर निश्चिंत हो सकेंगे। उन्होंने पत्रकारों की सम्मान निधि ₹10,000 से बढ़ाकर ₹20,000 करने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री निवास में सम्मान समारोह आयोजित करने पर खुशी जताई और कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे एक पिता ने हमें अपने घर बुलाया हो। उन्होंने कहा कि यह पहल महिला पत्रकारों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश में पहली बार इस तरह का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाएँ समाज निर्माण की सशक्त धुरी हैं, और महिला पत्रकार अपनी लेखनी से सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री साय के साथ लंच किया और उनके साथ सेल्फी भी ली।  मुख्यमंत्री साय ने महिला पत्रकारों के लिए भविष्य में नई योजनाओं पर विचार करने का भरोसा दिलाया और कहा कि सरकार महिला पत्रकारों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय आयुष्मान कार्ड, टी.बी. मरीजों को फूड बॉस्केट वितरित करेंगे

रायपुर : मुख्यमंत्री साय 8 मार्च को जशपुर के सलियाटोली में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और सामूहिक विवाह में होंगे शामिल मुख्यमंत्री साय 365 नवविवाहित जोड़ों को देंगे आशीर्वाद मुख्यमंत्री साय आयुष्मान कार्ड, टी.बी. मरीजों को फूड बॉस्केट वितरित करेंगे एम्स रायपुर के विशेषज्ञ मरीजों का करेंगे उपचार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 08 मार्च को कुनकुरी के सलियाटोली स्थित बालासाहेब देशपांडे महाविद्यालय मैदान में स्व. दिलीप सिंह जूदेव स्मृति में आयोजित वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री साय सलियाटोली के मिनी स्टेडियम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह बंधन में बंधने वाले 365 जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। स्व. दिलीप सिंह जूदेव स्मृति में आयोजित इस वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में मुख्यमंत्री आयुष्मान और सिकल सेल कार्ड, टी.बी. मरीजों को फूड बॉस्केट, तथा निक्षय मित्रों को प्रमाण पत्र वितरित करेंगे।यह शिविर जिला प्रशासन, जशपुर द्वारा एम्स रायपुर के सहयोग से सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान एम्स रायपुर एवं अन्य उच्च संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का चिन्हांकन कर उपचार करेंगे, साथ ही निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाएंगी।गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को रायपुर रेफर कर विशेष इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस चिकित्सा शिविर में एम्स रायपुर के मेडिसिन, सर्जरी, कैंसर, न्यूरोलॉजी, नाक-कान-गला, नेत्र, अस्थि, गुर्दा, चर्म, स्त्री रोग और मनोरोग विशेषज्ञ मरीजों का उपचार करेंगे। मरीजों की सुविधा के लिए पंजीयन काउंटर, जनरल ओपीडी काउंटर, लैबोरेटरी काउंटर, और सभी विशेषज्ञ विभागों के पृथक-पृथक काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 365 जोड़ों का विवाह सलियाटोली मिनी स्टेडियम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 365 हिंदू जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री वर-वधू को अपना आशीर्वाद देंगे। उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कन्याओं के विवाह में सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के विवाह पर 50 हजार रुपये तक की राशि व्यय करने का प्रावधान है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet