LATEST NEWS

मुख्यमंत्री की घोषणा पर मेले के आयोजन के लिए मिलेगी 50 लाख रुपए की राशि

रायपुर : गुरूदर्शन मेले में उमड़ रही श्रद्धा की बयार, देशभर से आ रहे श्रद्धालु गुरूदर्शन मेले में उमड़ रही श्रद्धा की बयार मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और सुरक्षा का व्यापक विस्तार मुख्यमंत्री की घोषणा पर मेले के आयोजन के लिए मिलेगी 50 लाख रुपए की राशि मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड का होगा निर्माण रायपुर बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और कर्मस्थली गिरौदपुरी में आयोजित गुरूदर्शन मेला अपनी भव्यता और आस्था के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। 04 से 06 मार्च तक चलने वाले इस मेले में छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत से हजारों श्रद्धालु आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस बार मेले को भव्य स्वरूप में आयोजित करने  के लिए  50 लाख रुपए की राशि की घोषणा की है, जो पूर्व में 25 लाख रुपए थी। इसके साथ ही, मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड के निर्माण की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं गुरू गद्दी का दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की और मेले की भव्यता बढ़ाने और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए मेला बजट को दोगुना करने के साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री साय की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण के लिए स्थल निरीक्षण एवं माप-जोख करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर  इस वर्ष मेले में  श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। गुरूदर्शन मेला न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र है। इस वर्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से इसे और भव्य और सुव्यवस्थित बनाया गया है। प्रशासन द्वारा की गई इन सुविधाओं की बढ़ोतरी से श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा। गुरूदर्शन मेले का यह ऐतिहासिक विस्तार श्रद्धालुओं की सेवा और आस्था को नई ऊँचाई पर ले जाने वाला साबित होगा। गुरुदर्शन मेले में श्रद्धालुओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है, जिसके अंतर्गत चिकित्सा सहायता केंद्रों की संख्या 2 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है और एंबुलेंस की संख्या 4 से बढ़ाकर 8 की गई है। निःशुल्क भोजन सेवा को भी विस्तार देते हुए अब 24 स्थानों पर 212 समूहों द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पहले 20 स्थानों पर 175 समूहों द्वारा संचालित थी। पेयजल व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है, जिसमें स्थायी नल कनेक्शन की संख्या 110 से बढ़ाकर 195 कर दी गई है और पानी टैंकरों की संख्या 8 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, जिसमें पुलिस कंट्रोल रूम की संख्या 3 से बढ़ाकर 9 कर दी गई है, सुरक्षा बलों की संख्या 450 से बढ़ाकर 1150 की गई है और पहली बार 36 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग हो रही है ।सुरक्षाकर्मियों को 130 वायरलेस सेट भी प्रदान किए गए हैं। अग्नि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब 1 के बजाय 3 अग्निशमन वाहन तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। मेले में विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है, जिसमें ट्रांसफार्मरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में बैकअप जनरेटर की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए शौचालयों की संख्या 4 से बढ़ाकर 16 कर दी गई है, स्नानागार की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 की गई है, और अतिरिक्त रूप से 80 सीटर स्थायी शौचालय की भी व्यवस्था की गई है। स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या 80 से बढ़ाकर 291 कर दी गई है ताकि मेले में स्वच्छता बनी रहे। इस वर्ष पहली बार गिरौदपुरी मेला डॉट कॉम नामक वेबसाइट लॉन्च की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को मेला स्थल की जानकारी, आवश्यक मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सेवाओं की ऑनलाइन जानकारी मिल सके। इससे श्रद्धालु यात्रा संबंधी सूचनाएं, पार्किंग व्यवस्था, धार्मिक स्थलों की जानकारी और अन्य सुविधाओं की पूरी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने गिरौदपुरी मेला की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने तथा मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थाई शेड निर्माण की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गिरौदपुरी धाम में आयोजित गुरुदर्शन मेला के पहले दिन गुरु गद्दी का दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर मेला समिति की मांग पर गिरौदपुरी मेले की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने एवं श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंदिर में दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को स्वयं प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल, पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा, कलेक्टर दीपक सोनी, एसएसपी विजय अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में संत एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि तीन दिवसीय गिरौदपुरी मेला 4 मार्च से 6 मार्च तक आयोजित होगा। गिरौदपुरी धाम में हर वर्ष आयोजित होने वाला यह मेला गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बन रहा है।

युवाओं के लिए उद्यम और रोजगार के नए अवसर खोलने वाला बजट, हाइटेक खेती की जरूरतों को पूरा करने रखा गया पूरा ध्यान

 बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी तीव्र गति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्तमान और भविष्य दोनों की जरूरतों को पूरा करता बजट विधानसभा में प्रस्तुत – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सूत्रवाक्य रखा, ज्ञान से गति की ओर, पिछले बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के लिए फोकस रखा था, अब इन्हें आगे बढ़ाने गति अर्थात सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी, तकनीक और औद्योगिक विकास पर होगा जोर अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर अटल निर्माण वर्ष के अनुरूप पूंजीगत व्यय पर 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक का हमने रखा बजट, नदियों को जोड़ना उनका था सपना, इसे करेंगे साकार युवाओं के लिए उद्यम और रोजगार के नए अवसर खोलने वाला बजट, हाइटेक खेती की जरूरतों को पूरा करने रखा गया पूरा ध्यान रायपुर यह बजट वर्तमान की जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य में विकसित छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इस बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को तीव्र गति मिलेगी। इसमें धान के कटोरे की चमक ‘‘कृषि अर्थव्यवस्था‘‘ को संवारने के उपायों के साथ ही इंडस्ट्रियल हब और आईटी हब के रूप में छत्तीसगढ़ को तैयार करने की ठोस नींव रखी गई है।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में अपनी सरकार के दूसरे साल के प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपरोक्त बातें कही।     साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमने छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम आधुनिक समय के मुताबिक अपनी अर्थव्यवस्था को तैयार करेें, बजट में पूरा फोकस इसी पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रदेश में बदहाल राजकोष और कुशासन की विरासत मिली थी। हमने राजकोषीय सुधारों के साथ प्रशासनिक प्रणालियों में सुधार करते हुए बजट के संतुलित उपयोग से प्रदेश में जनकल्याण के कार्य पुनः आरंभ कराए। अब छत्तीसगढ़ में विकास ट्रैक पर आ गया है और ट्रिपल इंजन की सरकार इसे तेजी से गति दे रही है। बजट प्रावधानों से यह गति और बढ़ेगी।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले बजट में विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप समावेशी विकास की राह तैयार हुई और हमारा फोकस ज्ञान अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारीशक्ति पर था। इनके लिए हमने जिस तरह से नवाचारी योजनाएं लागू कीं, उसके प्रभावी नतीजे मिले। इस बार बजट का थीम है ‘‘ज्ञान के लिए गति‘‘ यह हमारी ट्रिपल इंजन सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि गति से हमारा तात्पर्य सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी लाना, तकनीक का अधिकाधिक प्रयोग और औद्योगिक विकास में तीव्र वृद्धि करना है। हम इन सभी मानदंडों को पूरा करेंगे।     मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए हमने बड़े सपने देखे हैं और उन्हें पूरा करने की रणनीति भी तैयार कर ली है। इन्हें पूरा करने के लिए हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार पूरी रफ्तार से काम करेगी।     इस मौके पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण भी किया। उन्होंने कहा कि उनके जन्म शताब्दी वर्ष  को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में देखना चाहते थे, उनके सपनों को पूरा करने की ठोस नींव हमने रख दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसी अधोसंरचना की जरूरत होगी जो एक विकसित औद्योगिक राज्य की जरूरतों को पूरी करती हो। इसके लिए हमने बजट में विशेष प्रावधान किये हैं। रायपुर-दुर्ग मेट्रो सेवा का सर्वे होगा। नये औद्योगिक पार्क स्थापित कर रहे हैं। इसके लिए 700 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। महानदी- इंद्रावती तथा कोडार-सिकासर जैसी नदियों को जोड़ेंगे, खेती में निवेश करेंगे। नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1500 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट में मानव संसाधन को सहेजने के लिए नये अस्पतालों, आधुनिक स्कूलों और इनमें पर्याप्त स्टाफ के संबंध में व्यवस्था की है। राज्य की नई औद्योगिक नीति की जरूरतों को पूरा करने 12 नए इंजीनियरिंग कालेज और 12 पालिटेक्निक कालेज आरंभ करेंगे। नये बिजनेस और स्टार्टअप के लिए 700 करोड़ रुपए का इंडस्ट्रियल सब्सिडी सपोर्ट रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूंजीगत व्यय 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक रखा गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत है। पूंजीगत व्यय में किये गये निवेश का कई गुना रिटर्न मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट समावेशी है और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के हमारे ध्येय के मुताबिक तैयार किया गया है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शो के अनुरूप हमने अंत्योदय के कल्याण के लिए तथा इनके समग्र विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान रखा है। पिछले बजट में गरीब युवा, अन्नदाता तथा नारी शक्ति एवं जनजातीय विकास के लिए जो योजनाएं आरंभ की गई थी, उनके लिए बजट प्रावधान के साथ ही इनके विकास के लिए नई योजनाएं भी इस बजट में आरंभ की गई है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट के साथ हमारा प्रदेश नये संकल्पों के साथ अपने सपनों को पूरा करने एक नई उड़ान भरेगा।

फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास और नव उद्यमिता के लिए अपार संभावनाओं से भरा राज्य है। यह राज्य वन, खनिज और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध है और बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्यों में शामिल है। इन संसाधनों के चलते यहाँ उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सरकार निवेशकों और नव उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि प्रदेश में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और प्रबंध संचालक विश्वेष झा उपस्थित थे। नई औद्योगिक नीति 2024-30 से उद्योग स्थापना होगी आसान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है, जिससे निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन और त्वरित प्रोसेसिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ बनी है। इसके अतिरिक्त, ‘सिंगल विंडो 2.0’ प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ आसानी से मिल रही हैं और निवेशकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। नए औद्योगिक पार्क से निवेश को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना कर रही है, जिससे उद्योगपतियों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे नव उद्यमियों को भी सशक्त वातावरण मिलेगा, जिससे वे अपनी व्यावसायिक यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा सकें। इस पहल से न केवल औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव, पहली बार सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर को बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। प्रदेश में एआई, आईटी, डाटा सेंटर, फार्मास्युटिकल, रियल एस्टेट और रोबोटिक्स जैसे सेक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होंगे। औद्योगिक निवेश को लेकर सकारात्मक संवाद मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्यमियों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति स्पष्ट, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल हैं, जिससे देश-विदेश के उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में व्यापार स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनके व्यापार को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देगी। राज्य की नई औद्योगिक पहल प्रदेश को आर्थिक प्रगति और नवाचार के नए दौर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित उद्यमियों और निवेशकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से मैनकाइंड फार्मा से गौरव चौहान, एम्बेसी रीट के सीईओ विकास खडोलिया, यूअरस्टोरी की संस्थापक श्रद्धा शर्मा और मायट्री स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के फाउंडर रोहित कश्यप शामिल थे।

नगर सरकार ‘अटल विश्वास पत्र’ में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर नगर पालिक निगम अंबिकापुर के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज अंबिकापुर में पीजी कॉलेज हॉकी स्टेडियम में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर विलास भोसकर ने महापौर श्रीमती मंजूषा भगत और पार्षदों को 8-8 के समूह में शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगर निगम अंबिकापुर का यह शपथ ग्रहण समारोह जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और नगर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।नगर सरकार ‘अटल विश्वास पत्र’ में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ महापौर और पार्षदों को चुना है, वे उस पर खरा उतरेंगे।  उन्होंने कहा कि अंबिकापुर को स्वच्छ, स्मार्ट और समृद्ध नगर बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ देते हुए नगर के विकास में पारदर्शिता और प्रभावी प्रशासन पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने मनरेगा कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूरा करने के दिए निर्देश

रायपुर : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मनरेगा की है महत्वपूर्ण भूमिका— मुख्यमंत्री साय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मनरेगा की है महत्वपूर्ण भूमिका— मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने मनरेगा कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूरा करने के दिए निर्देश मनरेगा को अन्य योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण विकास की गति तेज करने पर दिया गया जोर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की बैठक विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में मनरेगा कार्यों को सर्वोच्च गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि अधिकतम ग्रामीण परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से गांवों में धरसा पहुंच मार्ग निर्माण और अमृत सरोवर परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिले और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाना है। मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से लागू किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि यह योजना गरीबों के सशक्तिकरण में एक मजबूत आधार बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मनरेगा को अन्य योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण विकास की गति तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य में मनरेगा के प्रभावशाली क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की प्रगति, लेबर बजट 2025-26, योजना के प्रमुख इंडिकेटर्स और अभिसरण (कॉन्वर्जेंस) मॉडल पर गहन समीक्षा की गई। वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। मनरेगा आयुक्त रजत बंसल ने जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 38.52 लाख पंजीकृत परिवारों में से 24.89 लाख परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है।अमृत सरोवर योजना के तहत 2,902 जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 1,095 स्वीकृत हो चुके हैं, 299 पूर्ण हो चुके हैं, और 472 पर कार्य प्रगति पर है। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, पी. दयानंद, राहुल भगत, मनरेगा आयुक्त रजत बंसल एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महापौर एवं सभी पार्षदों को वार्डवार शपथ दिलाई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नगर पालिक निगम, रायपुर के नव निर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में संपन्न हुआ। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महापौर एवं सभी पार्षदों को वार्डवार शपथ दिलाई। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदगण अटल विश्वास पत्र में किए गए प्रत्येक वादे को पूरा कर रायपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं समृद्ध शहर बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करेंगे। शपथ ग्रहण उपरांत महापौर मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा, मंत्रीगण, पूर्व महापौर एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, किरण देव, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं शहरवासियों का आभार व्यक्त किया।

राजिम कुंभ छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजिम  कुंभ कल्प आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यहाँ माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक हजारों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान करते हैं और संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प को भव्यता प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने हर संभव प्रयास किए हैं। इस आयोजन से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार ने राजिम कुंभ कल्प की भव्यता को पुनः स्थापित किया है और इसे और भी भव्य स्वरूप देने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2005 में राजिम कुंभ कल्प की शुरुआत हुई थी, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता का आशीर्वाद और संतों का सान्निध्य निरंतर मिलता रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन में कुछ बाधाएँ आई थीं, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ने 2023 में पुनः आशीर्वाद देकर सरकार को सशक्त बनाया, जिससे यह महाकुंभ अपने परंपरागत स्वरूप में लौटा। उन्होंने कहा कि अब 54 एकड़ भूमि में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इसकी भव्यता और व्यवस्थाओं में विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस आयोजन को और अधिक सुसंगठित और भव्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। श्रीरामलला दर्शन योजना – श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में बसे रामभक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना’ शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 20,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाँच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ़ की कृषि समृद्धि – किसानों को सशक्त बना रही सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा  कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। पिछले वर्ष 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया है। किसानों को उनकी फसल का अंतर भुगतान एक सप्ताह के भीतर सीधे खातों में जमा कराया गया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ में 144 वर्षों बाद 70 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी अपने आध्यात्मिक आयोजन को इसी स्तर पर पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा  कि उत्तर प्रदेश सरकार से समन्वय कर छत्तीसगढ़ को प्रयागराज में साढ़े चार एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जहाँ छत्तीसगढ़ पवेलियन का निर्माण किया गया। इस पहल के तहत 25,000 से अधिक श्रद्धालुओं को वहाँ भोजन, आवास और आध्यात्मिक सेवाएँ निशुल्क प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्कृति और लोककला को बढ़ावा देने के लिए प्रयास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प में राष्ट्रीय और आंचलिक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को और भी भव्य बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला-स्थल को और अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। सरकार आने वाले वर्षों में मेला क्षेत्र के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और हमारी सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखता है। इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण और विकास आवश्यक है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर संकल्प करना चाहिए कि जलस्रोतों और पावन नदियों के प्रति श्रद्धाभाव रखते हुए जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएं। इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, रामप्रताप सिंह, धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर आयुक्त महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु संत गण एवं श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम :मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान राजीव लोचन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने त्रिवेणी संगम में स्थित भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक कर छत्तीसगढ़ की उन्नति और प्रगति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम है। महानदी मैया की महाआरती में हुए शामिल राजिम कुंभ कल्प के अंतर्गत आयोजित महानदी मैया की भव्य महाआरती में मुख्यमंत्री साय  मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के मध्य विधि-विधान से शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने महानदी मैया से प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल तथा अन्य गणमान्य नागरिक, संत महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर

रायपुर : बागेश्वर धाम में ऐतिहासिक आयोजन : 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा संपन्न होगा बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए।बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी। समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।  आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है। सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों  इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है – छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित व सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार को दिया धन्यवाद

रायपुर : कामकाजी महिलाओं की सुरक्षित आवास की बड़ी जरूरत होगी पूरी : रायपुर और बिलासपुर में बनेंगे छह महिला छात्रावास केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा विशेष पूंजीगत सहायता के तहत 202 करोड़ स्वीकृत रायपुर में तीन, बिलासपुर में दो और नया रायपुर में बनेगा एक छात्रावास मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित व सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार को दिया धन्यवाद रायपुर छत्तीसगढ़ के दो सबसे बड़े शहरों रायपुर और बिलासपुर में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षित एवं सस्ते आवास की बड़ी जरूरत जल्द पूरी होगी। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के लिए विशेष पूंजीगत सहायता योजना (Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment 2024-25) के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर और नया रायपुर में छह कामकाजी महिला छात्रावासों (Working Women’s Hostel) के लिए 202 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इस राशि से रायपुर नगर निगम द्वारा तेलीबांधा और टाटीबंध में 250-250 सीटर तथा भैंसथान में 223 सीटर महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। वहीं बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में सीएसआईडीसी द्वारा 224-224 सीटर छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण नया रायपुर में एक हजार सीटर छात्रावास बनाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित एवं सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सुशासन के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने राज्य शासन ने वर्किंग वीमेन हॉस्टल बनाने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया था।उन्होंने इसकी मंजूरी मिलने पर राज्य की महिलाओं की ओर से भारत सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के निर्माण से तीनों शहरों में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास मिलेगा।   केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा विशेष पूंजीगत सहायता के तहत नया रायपुर में एक हजार सीटर महिला छात्रावास के लिए 103 करोड़ 22 लाख रुपए, रायपुर के टाटीबंध और तेलीबांधा में 250-250 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 15 करोड़ 10 लाख रुपए और 15 करोड़ पांच लाख रुपए मंजूर किए हैं। रायपुर के ही भैंसथान में 223 सीटर छात्रावास के लिए 17 करोड़ 23 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में 224-224 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 26 करोड़ 15 लाख रुपए और 25 करोड़ 25 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में राजनांदगांव नगर निगम से भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव चुनाव जीते

 रायपुर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं का भाजपा कार्यालय में पहुंचना शुरू हो गया है। भाजपा कार्यालय में जीत का जश्न मनाया जा रहा है। भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी को धन्यवाद दिया।  भाजपा के रामविचार नेताम ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत से ऐतिहासिक जीत मिली है। सभी नगर निगमों में भाजपा को जीत मिली है। साय सरकार के 13 महीने के कार्यकाल पर जनता ने मुहर लगाई है।  15 साल बाद रायपुर मेयर पद पर होगा भाजपा का कब्जा रायपुर नगर निगम के मेयर पर पर 15 साल बाद रायपुर में मेयर पद पर भाजपा का कब्जा होने जा रहा है। मतगणना में भाजपा की मीनल चौबे 1 लाख से अधिक वोटों से बड़ी जीत की ओर आगे बढ़ रही हैं। मीनल चौबे पिछले कार्यकाल में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।  मीनल चौबे ने कहा कि घोषणा पत्र के सभी वादों को पूरा करेंगे। कांग्रेस के भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त हो चुकी थी, इसलिए जनता ने सबक सिखा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और विष्णुदेव साय के सुशासन पर जनता ने भरोसा जताया है। छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में राजनांदगांव नगर निगम से भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव चुनाव जीते छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में राजनांदगांव नगर निगम से भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव चुनाव जीत गए हैं। पूर्व में वह राजनांदगांव से सांसद और नगर निगम में महापौर रह चुके हैं। रायगढ़ नगर निगम में चाय बेचने वाले जीववर्धन चौहान बने महापौर छत्तीसगढ़ के रायगढ़ नगर निगम में महापौर पद के लिए चुनाव लड़ रहे जीववर्धन चौहान चुनाव जीत गए हैं। जीववर्धन चौहान चाय की दुकान चलाते हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा- रायगढ़ में भाजपा की जीत, जीववर्धन की जीत ऐतिहासिक है।  रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर पार्षद चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं। भगवती चरण वार्ड से 500 वोट से पीछे चल रहे हैं। अभी चुनाव से पहले 5 साल तक कांग्रेस से महापौर रहे हैं।  भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर जनता का धन्यवाद किया है। भाजपा को अधिकांश जगहों पर जीत मिले ही। साय सरकार के सुशासन को जनता ने स्वीकार किया है। हमने पूरी मेहनत की थी, पर जनता का समर्थन नहीं मिला : टीएस सिंहदेव अंबिकापुर नगर निगम में भाजपा की जीत पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि हमने पूरी मेहनत की थी, लेकिन जनता का समर्थन नहीं मिला। जनादेश हमे स्वीकार है। पिछले 10 साल से अंबिकापुर में कांग्रेस का कब्जा था। इस बार अंबिकापुर नगर निगम में भाजपा की महापौर प्रत्याशी मंजूषा भगत चुनाव जीते हैं। टीएस सिंहदेव ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र का विकास हो यही चाहते हैं। छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में CM साय के ‘घर’ में कांटे की टक्कर में कांग्रेस की जीत छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय के गृह जिले के कुनकुरी नगर पंचायत से कांग्रेस के लिए अच्छी खबर आई है। कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हुई कांटे की टक्कर में कांग्रेस प्रत्याशी विनयशील की जीत हुई है। भाजपा प्रत्याशी की मांग पर दोबारा मतों की गणना की गई थी, लेकिन इसमें भी कांग्रेस प्रत्याशी की जीत रही। राजनांदगांव नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव 40 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं।

खड़िया समाज के वार्षिक सामाजिक सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खड़िया अनुसूचित जनजाति उत्थान समिति के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज के सभी प्रबुद्धजनों और युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अगली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज की वास्तविक प्रगति तब होगी जब शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक एकता को समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और एकता से ही समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने खड़िया समाज के ऐतिहासिक सफर की चर्चा करते हुए 2011 में समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने के ऐतिहासिक निर्णय को याद किया और इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत में माता सरस्वती और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद तेलंगा खड़िया के छायाचित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर विधायक एवं सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, पूर्व विधायक भरत साय, और समाज के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। 13 महीनों में सरकार ने दिए विकास को नए आयाम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मात्र 13 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को जमीन पर उतार दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख परिवारों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की दर ₹3,100 प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है, जिससे पिछले दो खरीफ सीजन में किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान बेचने का लाभ मिला है। इस वर्ष प्रदेश में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया है। वनवासी समाज के उत्थान के लिए सरकार के ठोस प्रयास मुख्यमंत्री साय ने वनवासी समाज के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा कर दिया गया है, जिससे लाखों संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। इसके अलावा 70 लाख माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रत्येक वर्ष ₹10,000 की सहायता राशि दी जा रही है, जिससे समाज के सबसे जरूरतमंद वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज की शिक्षा और समग्र विकास के लिए पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की तैयारी कर रहे जनजातीय युवाओं को अधिक अवसर देने के लिए दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई है। इसके अलावा, बच्चों की उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने के लिए  राज्य में 341 विद्यालयों को पीएमयोजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जा रहा है, ताकि वे निजी स्कूलों के समान सुविधाओं का लाभ उठा सकें। जनजातीय समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा: विधायक श्रीमती गोमती साय विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जो समाज शिक्षा, आर्थिक विकास और सामाजिक एकता पर बल देता है, वही उन्नति करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया, जिससे हर वर्ग का समग्र विकास संभव हो सके। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने जनजातीय समाज की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर खड़िया समाज के प्रदेश अध्यक्ष मदन नायक, जिला संरक्षक बोध साय मांझी, जिला महामंत्री कृपाल मांझी, जिला उपाध्यक्ष रामसागर सोरेंग और बाल कुमार प्रधान सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

भारतीय संस्कृति की अनंत शक्ति और सनातन परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक :मुख्यमंत्री साय

रायपुर महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीर्थराज प्रयाग के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण एवं उनके परिवारजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाकुंभ को सनातन धर्म की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का महापर्व बताते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति की अनंत शक्ति और सनातन परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 144 वर्षों बाद आयोजित यह विराट महाकुंभ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सनातन लोकतांत्रिक परंपराओं को जानने, समझने और आत्मसात करने का अनुपम अवसर भी है। मुख्यमंत्री साय रायपुर से प्रयागराज के लिए रवाना हुए, जहां पहुंचने के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ 5 इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से संगम तट के लिए प्रस्थान किया। अरेल घाट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री साय एवं अन्य गणमान्यजन मोटर बोट से त्रिवेणी संगम पहुंचे और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार माँ गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, और इसी परंपरा के अनुरूप छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी यहां स्थापित करने का संकल्प लिया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारतीय आस्था, परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती का यह त्रिवेणी संगम केवल जल का मिलन नहीं, बल्कि अध्यात्म, परंपरा और संस्कृति का महासंगम है। प्रयागराज महाकुंभ न केवल भारत के लिए, बल्कि समूची मानवता के लिए आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी आध्यात्मिक जड़ों को सुदृढ़ करने और सनातन संस्कृति के दिव्य स्वरूप को विश्वभर में प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने भी इस दिव्य आयोजन और उसकी व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से सराहना की है। मुख्यमंत्री साय ने सनातन संस्कृति के संवर्धन में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे हमें भावी पीढ़ियों तक संरक्षित रखना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़वासियों और समस्त देशवासियों को महाकुंभ की शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारतीय सभ्यता के मूल सिद्धांत—धर्म, करुणा, और आध्यात्मिकता—का उत्सव है, जो समाज को नई दिशा देता है और आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करता है।

सीएम के साथ महाकुंभ स्नान के लिए गए कांग्रेस के सात विधायक, संगम में लगाई डुबकी, सियासी अटकलें तेज

महाकुंभ. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने पूरे मंत्रिमंडल, सांसद और विधायकों के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे हैं. सभी संगम में पहुंच चुके हैं. सीएम साय ने सभी के साथ डुबकी लगाई. सभी लोग क्रूज में सवार होकर संगम में पहुंचे. बता दें कि महाकुंभ में स्नान करने राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट के मंत्री, बीजेपी के विधायक, सांसद और कांग्रेस के 6 विधायक आज प्रयागराज पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा आज छत्तीसगढ़ का मंत्रिमंडल, विधानसभा अध्यक्ष, कांग्रेस के भी विधायक सभी प्रयागराज जा रहे हैं. संगम में स्नान कर सभी पुण्य के भागी बनेंगे. मां गंगा से छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए कामना करेंगे. सीएम विष्णुदेव साय के साथ कांग्रेस के 7 विधायक भी रवाना हुए हैं। कांग्रेस विधायकों के सीएम साय के साथ महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जाने से सियासत तेज हो गई है। हालांकि छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने साफ किया था कि जो विधायक कुंभ स्नान के लिए जाना चाहते हैं वह जा सकते हैं क्योंकि यह राजनीति का विषय नहीं आस्था का विषय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने प्रयागराज जाने को लेकर कहा, प्रयागराज की भूमि काे वंदन करने जा रहे हैं. नई ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ वापस आएंगे और नए विश्वास के साथ अपने आस्था को आगे बढ़ाएंगे. मां गंगा से सीएम साहब के लिए उत्तम स्वास्थ्य की कामना करेंगे. छत्तीसगढ़ की जनता से मुख्यमंत्री रात के दो बजे तक मिलते रहते हैं, छत्तीसगढ़ की जनता से उनका मिलना कायम रहे, सीएम की एनर्जी बनी रहे, यही प्रार्थना करेंगे. कौन-कौन से कांग्रेस विधायक हुए रवाना सीएम साय और बीजेपी विधायकों के अलावा कांग्रेस के 7 विधायक भी महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज रवाना हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ,बालेश्वर साहू, व्यास कश्यप, संदीप साहू, विद्यावती सिदार, इंद्र साहू और राजकुमार यादव सीएम के साथ एक ही प्लेन में गंगा स्नान के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हुए हैं। क्या कहा सीएम ने प्रयागराज रवाना होने से पहले सीएम विष्णुदेव साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा की। सीएम सय ने कहा- आज प्रयागराज महाकुंभ के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान का लाभ प्राप्त होगा। इस पुनीत अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करूंगा।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet