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मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया निरीक्षण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 13 फरवरी को महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज रवाना होंगे। इस दौरान वे त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए प्रार्थना करेंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रातः 8:25 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर से प्रयागराज के लिए प्रस्थान करेंगे और सुबह 9:40 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। इसके बाद 11:15 बजे अरेल घाट और 11:30 बजे त्रिवेणी संगम पहुंचकर कुंभ स्नान एवं पूजन-अर्चन करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 1:50 बजे प्रयागराज स्थित छत्तीसगढ़ पवेलियन पहुंचेंगे, जहां वे राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री साय शाम 4:50 बजे प्रयागराज से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे और शाम 6:05 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर पहुंचेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ से कुंभ जाने वाले  श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज में छत्तीसगढ़ पवेलियन में निःशुल्क आवास, भोजन, चिकित्सा सुविधा और परिवहन की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने आज प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) का दौरा किया और छत्तीसगढ़ से कुंभ स्नान हेतु जाने वाले श्रद्धालुओं को उपलब्ध  कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल और संचालक अजय अग्रवाल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने रायपुर के रावणभाठा से आए बच्चों, आर्यन और टकेश्वर से मुलाकात की और महाकुंभ में उनके अनुभवों के बारे में जाना। बच्चों ने भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता की प्रशंसा की। उन्होंने कांकेर से आए श्रद्धालुओं से भी चर्चा की, जिन्होंने सुविधाओं को उत्तम बताते हुए मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 13 फरवरी (गुरुवार) को महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचेंगे। इस दौरान राज्य के मंत्रीगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उनके साथ रहेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेणी संगम में स्नान के बाद छत्तीसगढ़ पवेलियन पहुंचकर छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। *छत्तीसगढ़ पवेलियन: श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करना है, जिससे वे धार्मिक यात्रा को आत्मिक शांति और भक्ति भाव के साथ पूरा कर सकें। यहां राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग ठहरने की सुविधा उपलब्ध है।

महाकुंभ में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए विशेष सेवा केंद्र स्थापित किया

रायपुर प्रयागराज महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की आस्था का विराट संगम देखने को मिल रहा है। 13 जनवरी से प्रारंभ हुए इस महापर्व में अब तक करोड़ों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान कर चुके हैं। यह दिव्य आयोजन 26 फरवरी 2025 तक जारी रहेगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए विशेष सेवा केंद्र स्थापित किया है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) की स्थापना की गई है, जहां राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क ठहरने और भोजन की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इस पवेलियन में अब तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालु ठहरकर इसका लाभ उठा चुके हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन श्रद्धालुओं के लिए सेवा, सुविधा और आस्था का केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के महाकुंभ के दिव्य माहौल का आनंद ले रहे हैं। श्रद्धालुओं ने सराहा छत्तीसगढ़ सरकार की सेवा भावना बिलासपुर से अपने परिवार के साथ प्रयागराज आए आशीष सिंह ने छत्तीसगढ़ पवेलियन में ठहरने के बाद अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाएं अत्यंत सराहनीय हैं। स्वच्छता, सुरक्षा, समय पर नाश्ता और भोजन, मोबाइल चार्जिंग सुविधा, गर्म कंबल, गद्दे और बिस्तर जैसी सुविधाओं ने उनकी यात्रा को सुखद और आरामदायक बना दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस सेवा के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोककला का विशेष आकर्षण छत्तीसगढ़ पवेलियन केवल श्रद्धालुओं के ठहरने का स्थान नहीं है, बल्कि यह राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी परिचायक है। यहां विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, लोकगीत और संगीत की शानदार प्रस्तुतियाँ श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी यहां लगाई गई है, जिससे श्रद्धालु इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभ उठा सकें। महाकुंभ: आस्था और सेवा का महापर्व महाकुंभ हिंदू धर्म में आस्था का सबसे बड़ा और पवित्र आयोजन है, जिसे स्नान, सेवा और आध्यात्मिक शुद्धि का महोत्सव कहा जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क ठहरने और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराना, उनके लिए एक बड़ी राहत और सहूलियत का कार्य है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस संवेदनशील और दूरदर्शी प्रयास से छत्तीसगढ़ के हजारों श्रद्धालु महाकुंभ के आयोजन का लाभ ले रहे हैं। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों को दर्शाती है, बल्कि राज्य की आस्था और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता को भी उजागर करती है। 5459/

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम गहिरा से उनका गहरा आत्मीय संबंध रहा है, यह पूज्य संत गहिरा गुरु जी की जन्मस्थली और एक पवित्र धाम

रायपुर ग्राम गहिरा में विष्णु महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय: सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वादग्राम गहिरा में विष्णु महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय: सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र स्थित ग्राम गहिरा के संत गहिरा गुरु आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने परम पूज्य गहिरा गुरु जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया और विष्णु महायज्ञ में सम्मिलित होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने संत गहिरा गुरु जी के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम गहिरा से उनका गहरा आत्मीय संबंध रहा है, यह पूज्य संत गहिरा गुरु जी की जन्मस्थली और एक पवित्र धाम है। उन्होंने स्मरण किया कि पहली बार रायगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद बनने का सौभाग्य भी उन्हें इसी पवित्र भूमि के आशीर्वाद से प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में सांसदों को अपने क्षेत्र के किसी एक गांव को गोद लेकर विकास कार्य करने के लिए कहा गया था, तब उन्होंने ग्राम गहिरा को चुना और यहां विकास कार्य किए, हालांकि कुछ कार्य अधूरे रह गए थे। मुख्यमंत्री के रूप में पुनः ग्राम गहिरा आने पर उन्होंने कहा कि शायद यह उन्हीं अधूरे कार्यों को पूरा करने का अवसर है। मुख्यमंत्री साय ने गहिरा गुरु संत समाज द्वारा सनातन धर्म और सामाजिक उत्थान में किए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब जनजातीय समुदाय में धर्मांतरण, सामाजिक बुराइयाँ और व्यसन बढ़ रहे थे, तब संत गहिरा गुरु जी ने समाज सुधार का बीड़ा उठाया, गांव-गांव में यज्ञ कराए, रामचरितमानस के पाठ करवाए और समाज को आध्यात्मिक रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज यह संस्था पूरे प्रदेश में सनातन धर्म को सुदृढ़ करने, समाज को जागरूक करने और संस्कृत की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात की भी प्रशंसा की कि संस्था के माध्यम से जनजातीय समुदाय के बच्चे संस्कृत में अध्ययन कर रहे हैं और सनातन संस्कृति के संवर्धन में एक सराहनीय पहल करते हुए विद्यालय व महाविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया था, जिसके प्रमाण आज भी प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर विद्यमान हैं। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के लिए प्रदेशवासियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के ठहरने की संपूर्ण व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सतत विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक को समृद्धि और सुशासन का लाभ मिले। मुख्यमंत्री साय ग्राम गहिरा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों से परिचय प्राप्त कर उन्हें मंगलमय दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संत गहिरा गुरु जी के आशीर्वाद से सुशासन और विकास का कार्य निरंतर जारी है। हमारी सरकार राज्य की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं। इस अवसर पर संत समाज संस्था अध्यक्ष बबरूवाहन महाराज, सचिव खीरेंद्र महाराज, रवि भगत, शान्ता भगत, मनोज सतपती, भास्कर बेहरा,  मधुकर सिंघानिया एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  शाम यहां उनके निवास कार्यालय में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सांकरा, पाटन दुर्ग के कुलपति प्रोफेसर रवि आर.सक्सेना ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रोफेसर सक्सेना से चर्चा के दौरान प्रदेश में,  विकासखंडवार उपजाए जाने वाले विशिष्ट फलों और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित करने, खेती की अत्याधुनिक तकनीकी और अनुसंधान कार्यों को किसानों तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने तथा क्षमता विकास के लिए स्किल डेवलपमेंट के कोर्स प्रारंभ करने की पहल विश्वविद्यालय द्वारा की जानी चाहिए, जिससे अधिक से अधिक संख्या में किसान और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित हुए अधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर प्रदेश है और नैसर्गिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध जैव विविधता इसे खास पहचान देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए 18 सैन्य और सिविल सर्विस के अधिकारियों के दल ने छत्तीसगढ़ भ्रमण उपरांत उनसे मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ सभी सैन्य अधिकारियों से उनके छत्तीसगढ़ भ्रमण को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हमारी धरोहर का अभिन्न अंग हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौंदर्य अनुपम है। आपने जो यात्रा की है, वह सिर्फ प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति और इतिहास से जुड़ा हुआ सफर भी है। यह अनुभव सदैव आपकी स्मृतियों में अंकित रहेगा। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हम न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से बल्कि शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसरों के माध्यम से भी इस समस्या का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने औद्योगिक और शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के उत्थान पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता, नवाचार और उत्कृष्ट शासन प्रणाली का उदाहरण बने। आपका यह भ्रमण हमारे प्रयासों को एक राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने अपने प्रवास के दौरान आईआईएम रायपुर, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, ग्रीन फील्ड सिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कानून व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन अभियान के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों ने सिरपुर, एजुकेशन सिटी दंतेवाड़ा, कांकेर वुड आर्ट सेंटर, जंगल वारफेयर कॉलेज, कोंडागांव के टाटामारी और शिल्पग्राम, बादल एकेडमी और चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया। दल का नेतृत्व कर रहे एडमिरल संदीप सिंह संधु ने बताया कि नेशनल डिफेंस कॉलेज के द्वारा प्रति वर्ष एक वर्षीय कोर्स संचालित किया जाता है, जिसमें सेना, सिविल सेवा और अंतरराष्ट्रीय रक्षा अधिकारियों को रणनीतिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है। इस वर्ष 124 अधिकारी इस कोर्स में शामिल हैं, जिनमें 13 भारतीय और 5 अन्य देशों के अधिकारी छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक ढांचे को समझने के लिए भ्रमण पर आए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद झा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद और डॉ. बसवराजू एस उपस्थित रहे। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों में ब्रिगेडियर अमितोज सिंह, संदीप कुमार मिश्रा, कोमोडोर कार्तिक मूर्ति, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध सिंह कंवर, एयर कोमोडोर शेखर यादव, ब्रिगेडियर गुरप्रीत सिंह मान, ब्रिगेडियर रजनीश मोहन, कैप्टन एम. व्ही. ओरपे सहित श्रीलंका, मोरक्को, नाइजीरिया, नेपाल और यूएई के अधिकारी शामिल थे।

ई-ऑफिस: छत्तीसगढ़ सरकार का सुशासन और पारदर्शिता की ओर एक और बड़ा कदम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : सभी विभागों में ई-आफिस का पूर्ण क्रियान्वयन 31 मार्च 2025 तक करें सुनिश्चित – मुख्यमंत्री साय सरकार का लक्ष्य भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और पारदर्शी प्रशासन को मजबूत करना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ई-ऑफिस: छत्तीसगढ़ सरकार का सुशासन और पारदर्शिता की ओर एक और बड़ा कदम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रालय के सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रारंभः 16 विभागाध्यक्ष कार्यालय भी ई-ऑफिस से जुड़े सक्ती जिले में ई-ऑफिस की शुरूआत रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार सुशासन को सशक्त बनाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में, 1 जनवरी 2025 को विभागीय सचिवों की बैठक में सभी विभागों और कार्यालयों में ई-ऑफिस को लागू करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग की अधिकांश फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से ही निपटाई जा रही हैं और सभी विभागों में इसका पूर्ण क्रियान्वयन 31 मार्च 2025 तक सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस के प्रशिक्षण की सुविधा देने की बात कही, ताकि सभी विभागों में इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-ऑफिस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है। पहले इसे सामान्य प्रशासन विभाग में शुरू किया गया था और अब इसे मंत्रालय के सभी विभागों में विस्तारित कर दिया गया है। अब तक 16 विभागाध्यक्ष कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ा जा चुका है और जिला स्तर पर भी इसे लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सक्ती पहला ऐसा जिला है, जहां ई-ऑफिस पूरी तरह से लागू हो चुका है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से सरकारी कार्यों की गति, दक्षता और पारदर्शिता में अभूतपूर्व सुधार होगा। इस पहल से सरकारी प्रक्रियाओं में स्वचालन (automation) आएगा, जिससे फाइलों की ट्रैकिंग आसान होगी, निर्णय लेने की गति तेज होगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि सभी विभागों में फाइलों की डिजिटल स्वीकृति सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी कार्यों में अनावश्यक देरी समाप्त हो और प्रशासनिक निर्णयों को त्वरित रूप से लागू किया जा सके। राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को हर स्तर पर सशक्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “डिजिटल इंडिया” अभियान को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने ई-गवर्नेंस को प्रभावी रूप से लागू किया है, जिससे राज्य की सभी सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, सुगम और त्वरित बनेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ई-गवर्नेंस को सुशासन के प्रभावी उपकरण के रूप में अपनाया गया है, जिससे सरकारी सेवाएं तेजी से और आसानी से जनता तक पहुंचेंगी। ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन से फाइलों के अनुमोदन में लगने वाला समय कम होगा, जिससे प्रशासनिक निर्णयों को शीघ्र लागू किया जा सकेगा। इसमें फाइलों की रियल-टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल दस्तावेजों की सुरक्षा और डुप्लिकेशन रोकने के लिए केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन की सुविधा शामिल है। कागजी कार्यवाहियों में कमी आने से सरकारी कार्यालयों की कार्यक्षमता में सुधार होगा और शासन अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनेगा। ई-ऑफिस प्रणाली से कागज, मानव संसाधन और परिवहन लागत में भी बचत होगी, जिससे सरकारी खर्चों में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली को प्राथमिकता के साथ लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सरकार की कार्य प्रणाली को अधिक समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस का सफल क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक ठोस कदम होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय में, जब संपूर्ण विश्व आपसी भौतिक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय में, जब संपूर्ण विश्व आपसी भौतिक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है, ऐसे में भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। मानवता के उत्थान और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए बुद्ध के दिखाए रास्ते का अनुसरण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी बुद्ध के संदेशों का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है, जिसके कारण यहाँ सभी धर्मों के लोग आपसी सौहार्द, भाईचारे और समरसता के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय आज डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध प्रज्ञागिरी तीर्थ स्थल में आयोजित 32वें अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, विद्वान एवं अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ धार्मिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। प्रदेश के प्राचीन बौद्ध स्थलों में सिरपुर का विशेष महत्व है, जहाँ बौद्ध धर्म की ऐतिहासिक विरासत आज भी संरक्षित है। इसी प्रकार, उत्तरी छत्तीसगढ़ के मैनपाट क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं, और यह क्षेत्र अब एक प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें पर्यटन भी एक महत्वपूर्ण घटक है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता इसे पर्यटन के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनाती है। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सतत प्रयासरत है। इस दिशा में, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के तहत भी इस क्षेत्र को शामिल किया गया है, जिससे यहाँ पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में देश-विदेश से पधारे बौद्ध भिक्षुओं, विद्वानों एवं अनुयायियों का हृदय से स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय एवं प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष विनोद खाण्डेकर ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के सचिव शैलेन्द्र डोंगरे, कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार सहारे एवं बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म के अनुयायी उपस्थित रहे।

निश्चित रूप से दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, 10 वर्षों तक आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के साथ धोखा किया : CM विष्णुदेव

रायपुर  दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है. मतदान के बाद एक्जिट पोल के रुझान सामने आने लगे. जिसमें सत्ता परिवर्तन के संकेत देखने को मिल रहे हैं. इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया है. उन्होंने निश्चित ही दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने की बात कही है. CM ने दिल्ली चुनाव में भाजपा की जीत का किया दावा दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दिल्ली के चुनाव के एग्जिट पोल को देखते हुए देश की जनता का विश्वास भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ है. उन्होंने कहा कि इस बार निश्चित रूप से दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, क्योंकि 10 वर्षों तक आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है.

मुख्यमंत्री की जन्म तिथि वाली 21 नंबर जर्सी भेंट कर किया आमंत्रित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग को लेकर आयोजन समिति के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की और उन्हें प्रतियोगिता में आमंत्रित किया। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 6 फरवरी से 18 फरवरी तक लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग का आयोजन होगा। इस अवसर पर लीजेन्ड 90 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुणेश सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री साय को छत्तीसगढ़ वॉरियर्स टीम की 21 नंबर की विशेष जर्सी भेंट की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय की जन्म तिथि 21 फरवरी है, इसको ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ वॉरियर्स टीम 21 नंबर की यह विशेष जर्सी भेंट की गई है। लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग का आयोजन इस वर्ष भारत में पहली बार किया जा रहा है। 06 फरवरी से 18 फरवरी 2025 तक शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर में यह टूर्नामेंट खेला जाएगा। यह लीग अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है, जिसका आयोजन पूर्व में श्रीलंका सहित विभिन्न देशों में हो चुका है। इस भव्य प्रतियोगिता में क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, हरभजन सिंह, शिखर धवन, युवराज सिंह, सुरेश रैना, मैथ्यू वेड, मोइन अली, आरोन फिंच, तिसारा परेरा, रॉबिन उथप्पा, दिनेश कार्तिक, शॉन मार्श, मार्टिन गप्टिल, केदार जाधव, बेन डंक, शाकिब अल हसन और डेनियल क्रिश्चियन जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान लीजेन्ड 90 के सीईओ तरुणेश सिंह परिहार ने प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी दी और छत्तीसगढ़ में इस ऐतिहासिक आयोजन के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर बलविंदर सिंह, राहुल भदौरिया (संचालक स्पोर्ट्स मिंट), सदन घोष (संचालक यारों), गौरव बत्रा और राजीव सोनी भी उपस्थित रहे। इस अंतरराष्ट्रीय लीग के आयोजन से छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों को दुनिया के शीर्ष क्रिकेटरों को अपने प्रदेश में खेलते देखने का शानदार अवसर मिलेगा। साथ ही, यह आयोजन राज्य में क्रिकेट के विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री की क्रिकेट प्रेमियों से अपील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्रिकेट प्रेमियों से लीजेंड 90 क्रिकेट लीग के आयोजन में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। रायपुर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लीग में देश-विदेश के नामचीन क्रिकेट खिलाड़ी हिस्सा लेने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में खेल अधोसंरचना को बेहतर करने के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। ओलंपिक पदक विजेताओं को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। बस्तर में हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया, जिसमें एक लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ में क्रिकेट संबंधी अधोसंरचना को बढ़ाने के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं।  शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भविष्य में भी क्रिकेट के रोमांचक मैच लगातार देखने मिलेंगे।

माता पूर्णिमा जी का जीवन पूरी तरह से त्याग, तपस्या और समाज सेवा की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करता: मुख्यमंत्री

रायपुर यह हम सभी के लिए अत्यधिक गौरव का विषय है कि हम इस पवित्र स्थल पर एकत्रित होकर परम पूज्य संत गहिरा गुरु जी और माता पूर्णिमा जी के योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि माता पूर्णिमा जी का जीवन पूरी तरह से त्याग, तपस्या और समाज सेवा की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करता है। उनका विग्रह समाज के कल्याण के प्रति उनके अडिग समर्पण का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज श्रीकोट आश्रम बलरामपुर में परम पूज्य संत गहिरा गुरु  की धर्मपत्नी  पूर्णिमा जी के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के विशेष अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत गहिरा गुरु जी ने गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी समाज की सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने दीन-हीन और असहायों की सेवा को अपना परम धर्म माना और सत्य, शांति, दया और क्षमा के सिद्धांतों को धर्म के अमूल्य स्तंभ के रूप में स्थापित किया। मुख्यमंत्री साय ने  संत गहिरा गुरु जी द्वारा आदिवासी समुदायों के उत्थान में दिए गए अतुलनीय योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को इस पावन अवसर पर शुभकामनाएं दी और उन्हें आह्वान किया कि वे माता पूर्णिमा जी और संत गहिरा गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारते हुए समाज को एक नई दिशा देने हेतु मनोयोग से जुट जाएं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यहां आने पर मुझे माता के विग्रह के दर्शन सौभाग्य मिला, उनका सजीव और मनोरम विग्रह देखकर ऐसा लगा मानो किस क्षण वह बोल उठे। साय ने गहिरा गुरु जी का स्मरण करते हुए कहा कि गहिरा गुरु जी आदिवासी समाज के बड़े संत हुए, जिनके उपदेशों और कथनों के जरिए पूरे समाज ने सत्य सनातन धर्म का महत्त्व जाना। उन्होंने कहा कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास से पिछड़े हुए आदिवासी समुदाय के जीवन में गहिरा गुरु महाराज के उपदेशों से आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सुधार आया।    साय ने कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि गहिरा गुरु समाज का आशीर्वाद मुझे मिलता रहा। रायगढ़ के सांसद रहते गहिरा गुरु महाराज के जन्म ग्राम को गोद लेकर उसका विकास करने का सौभाग्य मिला। आज उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज आगे बढ़ रहा है। जगह-जगह संस्कृत महाविद्यालय खुल रहे हैं और आदिवासी समाज लगातार आगे बढ़ रहा है। समारोह में  बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने सरस्वती मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायपुर विद्यादायनी माता सरस्वती की उपासना के पावन पर्व बसंत पंचमी पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के दुलदुला तहसील के ग्राम पंचायत जामटोली अंतर्गत ग्राम डेवाडेलंगी में मां शारदा धाम पहुंचे। उन्होंने इस धाम परिसर में स्थित मां सरस्वती मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।      मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर शारदा धाम में आए समस्त श्रद्धालुगण को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां सरस्वती की कृपा हमेशा हम सब पर बनी रहे। आपके कंठ में सदा मां सरस्वती विराजमान रहें। उन्होंने कहा कि वेदों में कहा गया है कि मानव योनि में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। 84 लाख योनियों में भटकने के बाद हमें मानव जीवन मिलता है। हमारे कर्म ऐसे रहने चाहिए कि जब हम इस दुनिया से जाएं तो लोग हमें याद रखें। इस धाम में शिक्षा के लिए अलख जगाने के साथ ही खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय मां शारदा के पावन धाम में आयोजित अखण्ड श्रीहरि कीर्तन राम नाम जाप के आयोजन में भी शामिल हुए, जिसमें आसपास के 48 गांवों के श्रद्धालु और 12 कीर्तन मंडलियां शामिल हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रसिद्व धार्मिक पर्यटन स्थल के निकट गिरमा नदी बहती है, जिसके एक ओर छत्तीसगढ़ है तो दूसरी ओर झारखंड है। इस धाम के बगल में बह रही पावन गिरमा नदी दो प्रदेशों की संस्कृति को समाहित कर अविरल धारा के साथ बह रही है।

बस्तर संभाग में लगातार नक्सलियों द्वारा किये जा रहे आत्मसमर्पण पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबल के जवानों को दी बधाई

रायपुर हमारी नीति स्पष्ट है – बोली का जवाब बोली से और गोली का जवाब गोली से। जो भी नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए हमारी सरकार द्वारा बेहतर जीवन और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जो हिंसा का रास्ता छोड़ गणतंत्र का मार्ग अपनाते हैं, उनका स्वागत है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में लगातार नक्सलियों द्वारा किये जा रहे आत्मसमर्पण पर सुरक्षाबल के जवानों को बधाई देते हुए, उनके अदम्य साहस को नमन करते हुए कहा कि – आज कांकेर जिले में 7 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिन पर कुल 32 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इससे पहले नारायणपुर जिले के 27 एवं सुकमा जिले के 52 लाख के ईनामी 9 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। यह हमारी सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण नीति और नक्सलवाद के सफाए के लिए लगातार चलाए जा रहे अभियानों का प्रत्यक्ष परिणाम है। सीएम साय ने कहा कि अब तक 941 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 1,112 नक्सलियों को हमारे सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया है। नक्सली मुठभेड़ों में 265 नक्सलियों का खात्मा हुआ है। नक्सलवाद की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर और बेहतर जीवन की उम्मीद में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैं अपने बस्तर दौरे के दौरान अक्सर आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिलता हूं। उनसे बातचीत में यह साफ झलकता है कि खोखली माओवादी विचारधारा को छोड़कर वे आज बेहतर जीवन जी रहे हैं और खुश हैं। घोर नक्सल प्रभावित जिलों के चिन्हित ग्रामों में नक्सल आधार को खत्म करने के लिए शासकीय योजनाओं के माध्यम से बुनियादी ढांचे और मूलभूत आवश्यकताओं का विकास कर रही है। विष्णु देव साय ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए  15 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। तय समय-सीमा के भीतर माओवाद के आतंक का अंत होगा। बस्तर में जल्द ही अमन, चैन और शांति का माहौल स्थापित होगा।

आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए:मुख्यमंत्री

 अवैध मदिरा के विनिर्माण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए करें कड़ी कार्रवाई: मुख्यमंत्री साय सीमावर्ती जिलों में स्थापित आबकारी चेक पोस्ट को रखें क्रियाशील-मुख्यमंत्री आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए:मुख्यमंत्री महुआ संग्राहकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से अन्य राज्यों की महुआ नीति का अध्ययन करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा की रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अवैध मदिरा के विनिर्माण, धारण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग के समन्वय से कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश आबकारी विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में स्थापित आबकारी चेक पोस्ट को क्रियाशील रखें। राज्य में स्थित आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में देशी मदिरा की नवीन बॉटलिंग इकाई हेतु प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जाए तथा छत्तीसगढ़ के बाहर निर्मित मदिरा की विनिर्माण इकाईयों को छत्तीसगढ़ में स्वयं के विनिर्माण संयंत्र लगाये जाने के लिये प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए उन्हें कार्य अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने महुआ संग्राहक वनवासियों को आय के बेहतर साधन उपलब्ध हो सकें, इस उद्देश्य से अन्य राज्यों में प्रचलित महुआ नीति का अध्ययन करने के निर्देश दिये गये। विभाग द्वारा मदिरा दुकानों में कार्यरत कार्मिकों की उपस्थिति के संबंध में लागू आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) की मुख्यमंत्री ने सराहना की।  इसी तरह देशी-विदेशी मदिरा के उपभोक्ताओं को उनकी पसंद अनुरूप मदिरा उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने हेतु प्रारंभ किये गये ‘मनपसंद ऐप’ में उपयोगकर्ता के डाटा की गोपनीयता बनाए रखने एवं ऐप में प्राप्त सुझाव एवं शिकायत पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश बैठक में दिये गये। मदिरा दुकानों में आवश्यक साफ-सफाई रखने, मदिरा के ब्राण्ड-लेबल का समुचित प्रदर्शन किये जाने तथा निर्धारित पंजियों का अद्यतन संधारण सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी बैठक में दिये गये। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बसंल, राहुल भगत, पी. दयानंद और बसवराजू एस., सचिव सह आयुक्त आबकारी सुआर. संगीता, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्याम लाल धावड़े, विशेष सचिव (आबकारी) देवेन्द्र सिंह भारद्वाज तथा  अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

12 से 26 फरवरी तक आयोजित होगा राजिम कुंभ कल्प, अध्यात्म और संस्कृति का भव्य आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिद्ध  राजिम में 12 फरवरी से 26 फरवरी 2025 तक कुंभ कल्प का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष यह अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 52 एकड़ के नए प्रस्तावित मेला स्थल में संपन्न होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन स्थित बैठक कक्ष में आज राजिम कुंभ कल्प के तैयारियों के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शाही स्नान, गंगा आरती, संत समागम समेत कुंभ कल्प के प्रमुख आयोजनों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प 2025 धर्म, आस्था और संस्कृति का अद्भुत समागम होगा और यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और  संस्कृति को प्रदर्शित करने का भी सुंदर माध्यम है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रद्धालुओं को यहां अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त हो और यह आयोजन हमारी गौरवशाली विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाएं।          मुख्यमंत्री साय  ने राजिम कुंभ कल्प के आयोजन में शामिल समस्त विभागों और प्रशासनिक अमले को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी उपाय और स्वच्छता के लिए विशेष ध्यान देने को कहा। साय ने कहा कि “हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस आयोजन को सफल बनाएं और  छत्तीसगढ़ की पहचान के रूप में इसे स्थापित करें। उन्होंने 12 फरवरी को आयोजित माघी पुन्नी स्नान, 21 फरवरी जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम और 26 फरवरी को होने वाले शाही स्नान की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा।          मुख्यमंत्री साय को अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने राजिम कुंभ कल्प 2025 के आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से आयोजन स्थल में विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्धारित स्थानों के बारे में बताया। कुंभ कल्प में नागरिक सुविधाओं, साधु संतों के आवागमन, शाही स्नान और गंगा आरती को लेकर विभाग के तैयारियों के बारे में जानकारी दी।             उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ होगा और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को इसका समापन होगा। राजिम कुंभ कल्प पैरी, महानदी और सोंढूर नदी के संगम पर आयोजित होगा। श्रद्धालु इन पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।             राजिम कुंभ कल्प के संपूर्ण आयोजन के लिए पर्यटन विभाग को नोडल बनाया गया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस कुंभ कल्प में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी साधु संतों का विराट समागम होगा। माघी पुन्नी स्नान, शाही स्नान, जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम विशेष रूप से आयोजित होगा। प्रतिदिन सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, मेला, मड़ई, मीना बाजार और विभागीय प्रदर्शनी भी कुंभ कल्प का विशेष आकर्षण के रूप में शामिल हैं।           बैठक में विधायक रोहित साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव धर्मस्व अन्बलगन पी., संचालक संस्कृति विवेक आचार्य, आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा, कलेक्टर गरियाबंद दीपक अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने संस्था के विकास हेतु 50 लाख रुपए देने की घोषणा की

रायपुर कोई भी देश तभी मजबूत रह सकता है जब उसकी बुनियाद मजबूत हो। हमारे देश की बुनियाद हमारी सनातन परंपराओं में है। सनातन परंपरा हमें वसुधैव कुटुम्बकं की सीख देती है और देशभक्ति का पाठ पढ़ाती है। अपने देश और राज्य की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है कि हम अपनी युवा पीढ़ी को भी सनातन परंपरा के वही संस्कार प्रदान करें जो हमें अपने शिक्षकों और अभिभावकों से मिले हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के समीप ग्राम कंगोली में वेदमाता गायत्री महाविद्यालय के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र हमारी सनातन परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण मंत्र है। यह मंत्र हमें सन्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करता है। विद्या भारती संस्थान में विद्यार्थियों को श्रेष्ठ शिक्षा के साथ-साथ देशभक्ति के संस्कार भी दिए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि मानव जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व है और इसी ध्येय के साथ प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास पर भी जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम जैसी उच्च स्तरीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान उपलब्ध हैं। इसके अलावा राज्य में 341 पीएम स्कूल स्थापित किए गए हैं जहां गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही प्रदेश के विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं और अनुकूल वातावरण प्रदान करने नालंदा परिसर भी बड़े शहरों में स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति और दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी के लिए बनाए गए यूथ हॉस्टल के संबंध में भी जानकारी दी। कार्यक्रम को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री साय ने विद्याभारती संस्था के विकास के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर लोकसभा क्षेत्र कांकेर के सांसद भोजराज नाग ने विद्याभारती संस्था के प्रदेश में स्थित विभिन्न संस्थाओं के विकास के लिए सांसद निधि से हर वर्ष एक करोड़ रूपए दिए जाने तथा जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह ने जगदलपुर स्थित संस्था के विकास के लिए 10 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदाय करने की घोषणा की। कार्यक्रम में संस्था प्रमुख राजबहादुर सिंह राणा, संस्थान के महामंत्री नरेन्द्र तनेजा एवं रामदत्त चक्रधर ने संस्था के उद्देश्यों और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित यज्ञ में सम्मिलित होकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधानपूर्वक आहुति दी और बस्तर सहित प्रदेशवासियों की प्रगति व खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने प्रांगण में सागौन के पौधे रोपे। इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विद्यालय के आचार्यगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।

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