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मुख्यमंत्री साय का बयान, राज्य नीति आयोग दीर्घकालिक विकास में करेगा अहम योगदान

रायपुर : दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा राज्य नीति आयोग : मुख्यमंत्री  साय राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में गणेश शंकर मिश्रा ने संभाला पदभार, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय नवा रायपुर स्थित नीति भवन में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य नीति आयोग प्रदेश के दीर्घकालिक विकास विज़न, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा और गति देने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएँ और रणनीतियाँ तैयार करने में आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी दृष्टि को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्युमेंट 2047 तैयार किया गया है, जिससे प्रदेश के समग्र और दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तय की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग के गठन का निर्णय दूरदर्शी सोच का परिणाम था। आज नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जिलों का कार्यक्रम देश के पिछड़े क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों में भी देखने को मिला है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नीति आयोग की विशेषता यह है कि यह क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति और योजना निर्माण को बढ़ावा देता है। इसी सोच के साथ राज्यों में भी राज्य नीति आयोग का गठन किया गया है, जो विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ प्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि  गणेश शंकर मिश्रा के प्रशासनिक अनुभव से राज्य नीति आयोग को नई दिशा और गति मिलेगी। आयोग की ओर से प्राप्त अच्छे सुझावों को राज्य सरकार गंभीरता से लेकर प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास करेगी। राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर और भविष्योन्मुखी नीतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को अधिक समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में सभी के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक सु लता उसेंडी, विधायक  अमर अग्रवाल, महापौर धमतरी  रामू रोहरा, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम, सदस्य सचिव  आशीष भट्ट, सचिव  भुवनेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की यात्रा: नक्सल छाया से अब चमकता पर्यटन केंद्र

रायपुर : छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा विष्णुदेव साय सरकार की नीतियों से खुल रहे विकास के नए द्वार रायपुर कभी नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से देश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश अब नई नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और पर्यटन अधोसंरचना को शीर्ष स्थान दिया गया है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को सब्सिडी, टैक्स छूट और प्रोत्साहन प्रदान किए गए हैं। राज्य में इको-एथनिक और एडवेंचर टूरिज्म के लिए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर संभाग की पहचान उसकी जीवंत परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, हल्बा और बैगा जनजातियों की जीवनशैली, पारंपरिक भोजन, हस्तशिल्प और लोकनृत्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। पंथी, राउत नाचा, सुवा और कर्मा जैसे लोकनृत्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं। प्रदेश में स्थित प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तेजी से पर्यटकों की पसंद बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विविधताओं से देश-विदेश के सैलानियों को लुभा रहा है। चित्रकोट जलप्रपात, जिसे एशिया का नियाग्रा कहा जाता है, एडवेंचर प्रेमियों का पसंदीदा स्पॉट है। जशपुर का मधेश्वर पर्वत आकर्षित करता है, जो विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग है। रहस्यमयी कुटुमसर गुफाएं एडवेंचर थ्रिल प्रदान करती हैं। रामगढ़ की प्राचीन नाट्यशाला राम वनवास स्थल के रूप में धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। ये सभी स्थल राज्य सरकार की विकास योजनाओं से और समृद्ध हो रहे हैं। यूएनडब्ल्यूटीओ द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित धुड़मारास गांव ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई है।  इन स्थलों के आसपास सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार की योजनाओं से पर्यटन केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय रोजगार का बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। होम-स्टे, हस्तशिल्प, स्थानीय भोजन और गाइड सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की आय में वृद्धि हो रही है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इको-कल्चरल पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है। छत्तीसगढ़ नक्सल छवि से बाहर निकलकर पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है और विकास की नई उड़ान भरता दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: 6,412 जोड़ें आज शादी के लिए बंधेंगे, मुख्यमंत्री देंगे आशीर्वाद

रायपुर  छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी को सामाजिक समरसता और जनकल्याण का बड़ा दृश्य देखने को मिलेगा. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधेंगे. राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे. यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है. राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे से भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां 1,316 जोड़े विभिन्न धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे. कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अध्यक्षता करेंगे, जबकि उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे, जबकि अन्य जिलों में जिला मुख्यालयों पर सामूहिक विवाह आयोजित किए जाएंगे. नवविवाहित जोड़ों को दिया जाएगा आर्थिक सहयोग योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में दी जाएगी. इसके अलावा 15 हजार रुपये की उपहार सामग्री और विवाह आयोजन की अन्य व्यवस्थाएं भी सरकार द्वारा की जाएंगी. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलती है और सामाजिक गरिमा के साथ बेटियों का विवाह संभव हो पाता है. हर धर्म, हर समाज की होगी भागीदारी इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सामाजिक विविधता भी दिखाई देगी. कुल विवाहों में से 6,281 हिंदू रीति रिवाज से, 3 इस्लामिक रीति रिवाज से, 113 ईसाई रीति रिवाज से, 5 बौद्ध रीति रिवाज से कराए जाएंगे. इसके अलावा, 10 बैगा समुदाय के जोड़े भी इस कार्यक्रम में शादी के बंधन में बंधेंगे. यानी यह आयोजन सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी देगा. इन जिलों के जोड़े कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़ेंगे इस कार्यक्रम से बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़ेंगे। शेष जिलों में जिला मुख्यालयों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संबंधित प्रभारी मंत्री एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से राज्य शासन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान कर रहा है। यह वृहद आयोजन सामाजिक समानता, समरसता एवं जनकल्याणकारी शासन के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है। कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी होगा शुभारंभ इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का भी शुभारंभ करेंगे. पहले चरण में 6 माह से 52 माह आयु वर्ग के 40 हजार कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोषण सहायता दी जाएगी. इस अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिलों से होगी. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता, सम्मान और सुरक्षित भविष्य का संदेश देती है. एक ही मंच पर हजारों जोड़ों का विवाह राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच को दर्शाता है, वहीं कुपोषण मुक्त अभियान भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ बनाने की दिशा में अहम कदम है. छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी का दिन सामाजिक उत्सव और जनहित योजनाओं के संगम के रूप में याद किया जाएगा.

छत्तीसगढ़ में बाल विवाह मुक्त अभियान, CM साय ने रवाना किया ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’

रायपुर   छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने गृह नगर जशपुर से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस रथ पर बाल विवाह के दुष्परिणामों के बाबत जागरूकता फैलाने वाले संदेशों के साथ ही इसके खिलाफ शपथ लेने के लिए एक शपथ पट भी लगाया गया है। यह रथ 8 मार्च तक पूरे राज्य के गांवों और कस्बों से गुजरेगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ भारत सरकार के बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय गहन राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की एक पहल है। बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसके 250 से भी अधिक सहयोगी संगठन 450 जिलों में 2030 तक बाल विवाह को खत्म करने व बाल संरक्षण तंत्र को मजबूती देने के लिए काम कर रहे हैं।    पोस्टरों व लाउडस्पीकर पर प्रभावशाली संदेशों के साथ ही बाल विवाह के खिलाफ प्रतिज्ञा लेने के लिए एक शपथ पट से लैस ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रा के दौरान यह राज्य के सबसे सुदूर स्थानों व हाशिये के समुदायों तक पहुंच सके। चारपहिया वाहन जहां प्रमुख सड़कों और बेहतर पहुंच वाले मार्गों को कवर करेंगे, वहीं कमजोर संपर्क वाले अत्यंत दूरस्थ गांवों तक राज्यभर में मोटरसाइकिल या साइकिल कारवां के माध्यम से पहुंचा जाएगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन जशपुर जिले में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन समर्पित सेंटर फॉर पावर्टी एलिविएशन एंड सोशल रिसर्च ने किया। बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “राज्य में पहले ही बाल विवाह का चलन काफी हद तक कम हो चुका है और हम बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित कर चुके हैं। सरकार, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय प्रशासन के सतत प्रयासों से हम छत्तीसगढ़ से बाल विवाह के पूरी तरह खात्मे के प्रति आश्वस्त हैं।” बाल विवाह के खात्मे की देशव्यापी लड़ाई में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका रही है। राज्य का बालोद जिला वर्ष 2025 में देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बना, जबकि सूरजपुर जिले के जिला प्रशासन ने 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित किया है। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ का संदेश राज्य के अंतिम छोर और अंतिम गांव तक पहुंचाएगा। बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार के दृढ़ रवैये की सराहना करते हुए चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया के राष्ट्रीय समन्वयक बिधान चंद्र सिंह ने कहा कि मजबूत साझेदारियों, राजनीतिक इच्छाशक्ति और सतत जमीनी कार्रवाइयों से छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक मानक बनकर उभरा है। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की रवानगी के मौके पर हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “बाल विवाह के खात्मे के हमारे दृढ़ संकल्प को आज पूरी दुनिया देख रही है। सभी को साथ लेकर और यह सुनिश्चित कर कि प्रत्येक परिवार इससे जुड़े, हर बच्चे को सुरक्षा मिले और हर गांव बाल विवाह मुक्त होने की ओर अग्रसर हो, यह लड़ाई सफल हो रही है। छत्तीसगढ़ में आज हुआ यह कार्यक्रम इस अपराध के खात्मे के लिए देश की इच्छाशक्ति को दर्शाता है।” चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया देश से 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सबसे प्रमुख अभियान है। पिछले एक साल में ही इस नेटवर्क ने पूरे देश में 198,628 बाल विवाह रोके हैं। इसमें 3988 बाल विवाह अकेले छत्तीसगढ़ में रोके गए।  अपनी यात्रा के दौरान ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ पंचायतों, जिला प्रशासन, बाल विवाह निषेध अधिकारियों (सीएमपीओ) और अन्य सरकारी अधिकारियों को साथ जोड़ते हुए जागरूकता और संकल्प के लिए समुदायों तक पहुंचेगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संपन्न होने वाली यह यात्रा स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक स्थलों को कवर करेगी और नुक्कड़ नाटकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पीड़ितों/सर्वाइवरों की कहानियों के माध्यम से अपना संदेश फैलाएगी। इसके अतिरिक्त, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के इसी तरह के ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ इस समय देश के 25 राज्यों के 451 जिलों में यात्रा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के छह सहयोगी संगठन जमीन पर कार्य कर रहे हैं। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के अनुसार, जो भी बाल विवाह का आयोजन करता है, उसे बढ़ावा देता है, जानबूझकर उसमें भाग लेता है या बाल विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार की सेवा प्रदान करता है, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कृषि क्षेत्र में बड़ा राहत: विष्णु सरकार ने किसानों के खाते में ट्रांसफर किए 1061 करोड़, दूर होंगे कष्ट

राजनांदगांव छतीसगढ़ की साय सरकार ने राजनांदगांव जिले के किसानों को बड़ा सौगात दी है। साय सरकार ने किसानों के खाते में 1061 करोड़ डाल दिए हैं। राजनांदगांव जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का यह सीजन किसानों के लिए आर्थिक राहत बनकर सामने आया है। इस बार धान विक्रय के बाद किसानों के खातों में 1061 करोड़ रुपए से अधिक की राशि पहुंची है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है, बल्कि स्थानीय बाजारों में भी बहार लौटने का संकेत है एक लाख से ज्यादा किसानों ने बेचा धान जिला सहकारी बैंक के अनुसार इस खरीफ सीजन में जिले के 1 लाख 24 हजार 95 किसानों ने धान खरीदी केंद्रों में अपनी फसल बेची। केंद्र सरकार से घोषित 2369 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को कुल 1483 करोड़ 51 लाख रुपए का भुगतान किया गया। धान बिक्री की कुल राशि में से 42245.15 लाख रुपये की कटौती लिंकिंग के तहत की गई थी। कटौती के बाद किसानों के खातों में 1061 करोड़ की राशि जमा हुई। किसानों के खातों में राशि  पहुंच गई और अब बाजारों में भी रौनक लौट सकती है। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा जैसे क्षेत्रों से जुड़े व्यापारियों व्यापार में लाभ होने की उम्मीद है। व्यापारियों का कहना है कि धान खरीदी के बाद बाजार में उछाल आता है, इसका बाजार में असर भी दिखने लगा है। विवाह से जुड़े सामग्री की बिक्री शुरू हो गई है तो वहीं ट्रैक्टर सहित मोटर साइकिल, कार की बुकिंग हो रही है।  लिहाजा साय सरकार की सौगात से किसानों की स्थिति में सुधार आएगा । 

छत्तीसगढ़ में मतांतरण विरोधी विधेयक पर कानूनी संकट, बजट सत्र में पास होने की संभावना कमजोर

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रायपुर  विष्णु देव साय सरकार के कड़े मतांतरण विरोधी कानून लाने के संकल्प पर फिलहाल कानूनी अड़चनों के बादल मंडरा रहे हैं। शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने की घोषणा के बाद अब 23 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में भी इसके पेश होने की उम्मीद कम नजर आ रही है। मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसने विधेयक की राह कठिन कर दी है। दरअसल, देश के विभिन्न राज्यों में लागू मतांतरण विरोधी कानूनों की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सहित उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, झारखंड और राजस्थान को नोटिस जारी करके जवाब दाखिल करने कहा है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी तक टाल दी है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार चूंकि मूल कानून की वैधता पर ही सवालिया निशान है, इसलिए राज्य सरकार नए संशोधन विधेयक को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। प्रस्तावित कानून: 10 साल की सजा का प्रविधान सूत्रों के अनुसार साय सरकार जिस नए विधेयक पर काम कर रही है, वह ”छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 1968” का स्थान लेगा। इसमें सजा के कड़े प्रावधान शामिल हैं। प्रलोभन या जबरन मतांतरण पर 10 साल तक की कैद, मतांतरण से 60 दिन पहले जिला प्रशासन को सूचना देना अनिवार्य होना, वर्तमान में मात्र 5,000 रुपये जुर्माने का प्रविधान है, जिसे कई गुना बढ़ाने की तैयारी है। राज्य सरकार का कहाना है कि जबरन मतांतरण और प्रलोभन की परिभाषा को और अधिक व्यापक बनाया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा में बढ़े मामले एक अनुमान के मुताबिक राज्य में पिछले दो वर्षों में मतांतरण से जुड़ी 100 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि विशेषकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों (बस्तर और सरगुजा) में भोले-भाले ग्रामीणों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का कहना है कि मंत्रिमंडलीय उप-समिति इस पर काम कर रही है, लेकिन उन्होंने विधेयक पेश करने की निश्चित तिथि पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालिया घटनाएं: राज्य में तनाव की स्थिति     केस 01: राजनांदगांव में प्रार्थना सभा पर हंगामा एक फरवरी 2026 को राजनांदगांव के मोतीपुर में एक घर के भीतर चल रही ईसाई प्रार्थना सभा को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप था कि वहां मतांतरण कराया जा रहा है। पुलिस के दखल के बाद मामला शांत हुआ।     केस 02: सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार 29 जनवरी 2026 को सरगुजा पुलिस ने चंगाई सभा की आड़ में मतांतरण कराने के आरोप में रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो को गिरफ्तार किया। उनके निवास पर 50-60 लोग मौजूद थे, जहां कथित तौर पर मतांतरण की प्रक्रिया चल रही थी।     केस 03: कांकेर में प्रलोभन का आरोप पांच जनवरी 2026 को कांकेर में एक प्रार्थना सभा को लेकर ग्रामीणों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का दावा था कि आर्थिक प्रलोभन देकर लोगों का मतांतरण कराया जा रहा है, जिससे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया था।  

मुख्यमंत्री सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में सेन समाज महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बालोद में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख रूपये की घोषणा मुख्यमंत्री सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सेन समाज प्रगतिशील समाज है, इसका गौरवशाली इतिहास रहा है। हमारे सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में इस समाज का योगदान अतुलनीय है। यह समाज छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बालोद नगर में सेन समाज के सामाजिक भवन हेतु 20 लाख रूपये की स्वीकृति घोषणा की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने सेन महाराज की तैल्यचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित एवं दीप प्रज्वलन कर किया।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि किसी भी समाज मे परिवर्तन के लिए शिक्षा बहुत आवश्यक है। आज समाज में महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। महिला के शिक्षित होने से पूरा परिवार को इसका लाभ मिलता है। सशक्त महिला से ही सशक्त समाज एवं सशक्त समाज से सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। हमारी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि महिलाएँ समाज निर्माण की आधारशिला हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सेन समाज के प्रतिभाओं जैसे स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जी सहित अनेक लोगों के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेन समाज सामाजिक विसंगतियों को दूर करने के लिए सार्थक कदम उठा रहा है, यह प्रसन्नता का विषय है। हमारी सरकार सेन समाज के विकास और उत्थान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करने को तैयार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। महिलाओं के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं,जो प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही है। हमारी सरकार आने के बाद हमने मोदी की गारंटी में शामिल महतारी वंदन योजना को लागू किया। आज प्रदेश की 70 लाख महिलाएँ इससे लाभान्वित हो रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान की है, ताकि वे अपने परिवार और समाज में सशक्त भूमिका निभा सकें। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा केन्द्र द्वारा संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की शुरुआत कर लिंगानुपात में सुधार, बालिका शिक्षा को बढ़ावा और समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का उद्देश्य रखा गया है। हमारी बेटियां हमारा गौरव हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से हम उनकी शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित कर रहे हैं। कार्यक्रम को विधायक पुरंदर मिश्रा एवं नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  इस अवसर पर सेन समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, कलाकारों, महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं का साल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज प्रदेश अध्यक्ष पुनीत सेन, सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे।

आयोग के 15 वें स्थापना दिवस पर पुलिस जवान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्राएं हुईं सम्मानित

रायपुर : मुख्यमंत्री ने सार्थक एवं रक्षक अभियान का किया शुभारंभ बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल-  मुख्यमंत्री आयोग के 15 वें स्थापना दिवस पर पुलिस जवान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्राएं हुईं सम्मानित   रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के 15 वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के लिए सार्थक एवं रक्षक अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य के सुदूर अंचलों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सार्थक एवं रक्षक जैसे नये अभियान जनमानस में बच्चों के अधिकारों के लिए जागरूक करने में कारगर सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही सशक्त समाज का निर्माण हो सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य के सुदूर अंचल खासकर बस्तर एवं सरगुजा संभाग में कम उम्र में ही बच्चे कामकाज की तलाश में अन्य शहरों के तरफ चले जा जाते हैं, पर जानकारी के अभाव में कई बार शोषण के शिकार हो जाते हैं। आयोग की जिम्मेदारी है कि ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें रोजगार से जोड़ते हुए शासन की योजनाओं से लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बच्चों और युवाओं पर केन्द्रित अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। हमारी सरकार गांव-गांव तक स्कूल, कॉलेज, कोचिंग की सुविधा मुहैया करा रही है। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास, नालन्दा परिसर एवं दिल्ली में ट्राईबल यूथ हॉस्टल जैसे कार्यों के माध्यम से छात्रों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा ने आयोग की कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। गौरतलब है कि सार्थक अभियान बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने एवं रक्षक अभियान विश्वविद्यालयों में बाल अधिकार संरक्षण कानूनों की विशेष जानकारी प्रदान करने के लिए संचालित की जा रही है। आयोग के स्थापना दिवस समारेाह में बाल अधिकारों की जागरूकता के लिए बेहतर कार्य करने वाले पुलिस के जवानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की नई मार्गदर्शिका बुकलेट, रक्षक बुकलेट एवं गुड टच, बेड टच सेफ टच, मानव तस्करी, एवं शिक्षा के अधिकार पर आधारित कार्टून पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।  इस अवसर पर विधायक सर्वसुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज सहित अनेक जनप्रतिनिधि और आयोग से जुड़े संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी

रायपुर : सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने परिवहन सुरक्षा बेड़े में शामिल 48 वाहनों को झंडी दिखाकर किया रवाना मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के कर्मियों को सौंपी वाहनों की चाबी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सरकार सड़क परिवहन और यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। परिवहन और यातायात सुरक्षा में लगे उड़नदस्ता दल को 48 नवीन वाहनों की तैनाती से दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी, यातायात सुग़म होगा और लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। साय आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर परिवहन विभाग के निरीक्षकों को इन वाहनों की चाबी सौंपी।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नवीन शासकीय वाहनों की मदद से परिवहन उड़नदस्ता दल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उड़नदस्ता दल की कार्यक्षमता में वृद्धि, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, सुरक्षा मानकों का बेहतर क्रियान्वयन और यातायात व्यवस्था में सुधार व अनुशासन बनाए रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी परिवहन दस्ते की निगरानी और पहुंच सुनिश्चित होगी।  ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील मुख्यमंत्री साय ने हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने और ट्रैफिक नियमों का पालन कर दूसरों के जीवन की रक्षा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही हम एक सुरक्षित, संयमित और संवेदनशील सड़क परिवेश का निर्माण कर सकते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोगों से नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील भी की।      इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सचिव सह परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर सहित परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कैम्पा के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ कैम्पा की गवर्निंग बॉडी की तृतीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि कैम्पा मद का समुचित उपयोग नियमानुसार किया जाए। उन्होंने बैठक में कैम्पा के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। हमारे प्रदेश में भरपूर वन संपदा उपलब्ध है। देश में भौगोलिक क्षेत्रफल के अनुसार छत्तीसगढ़ का स्थान दसवां है, जबकि वन क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य तीसरे पायदान पर है। वनों के संरक्षण एवं संवर्धन में कैम्पा मद की राशि की महत्वपूर्ण भूमिका है, अतः इसका उपयोग आवश्यकतानुरूप प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कैम्पा मद के अंतर्गत विगत वर्षों में किए गए वन विकास, वन सुरक्षा, वन्यप्राणी संरक्षण तथा अधोसंरचना विकास से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा) द्वारा गवर्निंग बॉडी के समक्ष अब तक की प्रगति तथा कैम्पा मद से संपादित महत्वपूर्ण कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में बताया गया कि कैम्पा मद के अंतर्गत वन क्षेत्रों में वृक्षारोपण, वनग्रामों का पुनर्स्थापन, भू-जल संरक्षण, देवगुड़ियों का संरक्षण, वन मार्गों का उन्नयन, पुलिया एवं रपटा निर्माण, चारागाह विकास, नर्सरियों की स्थापना, हाईटेक बेरियरों का निर्माण, नदी तट वृक्षारोपण, फ्रंटलाइन स्टाफ हेतु आवासीय भवन, अग्नि सुरक्षा तथा वन्यप्राणी प्रबंधन जैसे कार्यों का क्रियान्वयन किया गया है। छत्तीसगढ़ कैम्पा की गवर्निंग बॉडी को अवगत कराया गया कि वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक राज्य के ब्याज धारित लोक खाता ‘छत्तीसगढ़ प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि’ में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली से कुल 7297.55 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है, जिसमें से विगत छह वर्षों में 4010.43 करोड़ रुपए का उपयोग किया गया है। कैम्पा मद की वार्षिक कार्य योजना (एपीओ) 2025-26 के लिए राज्य कैम्पा द्वारा भारत सरकार के राष्ट्रीय कैम्पा को 694.18 करोड़ रुपए की योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक 433.69 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।  बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग अंकित आनंद, सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। 1538

मुख्यमंत्री ने 38 हजार श्रमिकों के खातों में ऑनलाइन अंतरित किए 19.71 करोड़ की सहायता राशि

रायपुर : श्रमिक परिवारों के सशक्तिकरण और उत्थान के लिए समर्पित है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री के हाथों 31 मेधावी श्रमिक बच्चों को मिली 2-2 लाख की प्रोत्साहन राशि मुख्यमंत्री ने 38 हजार श्रमिकों के खातों में ऑनलाइन अंतरित किए 19.71 करोड़ की सहायता राशि रायपुर  “हम श्रमिक परिवारों के सशक्तिकरण और उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। आपका स्नेह और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और हम सब मिलकर एक विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करेंगे।” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉप 10 में स्थान पाने वाले पंजीकृत श्रमिकों के 31 मेधावी बच्चों को दो-दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि का वितरण कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत राज्य के 38 हजार 200 निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत 19.71 करोड़ रूपए से ज्यादा की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।            मुख्यमंत्री ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम हासिल करने वाले श्रमवीरों के मेधावी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार श्रमिक परिवारों की आवश्यकताओं को भली-भांति समझती है और उनके समग्र कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज श्रमिक परिवार का बच्चा विदेश जाकर पढ़ना चाहे तो उसके लिए भी 50 लाख रुपए तक की सहायता का प्रावधान श्रम विभाग द्वारा किया गया है। साय ने कहा कि हम नवाचार के साथ कदमताल करते हुए ऐसी नीतियां बना रहे हैं, जिनसे प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिले। प्रदेश की आकर्षक उद्योग नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार को प्राप्त हो चुके हैं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साय ने श्रम मंत्रालय में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि श्रमिकों से मेरा विशेष लगाव है और श्रमिकों के हित में कार्य करना हमेशा संतुष्टि देता है।           मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रथम कार्यकाल में दो वर्षों तक श्रम मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली थी और उनके नेतृत्व में श्रम राज्यमंत्री के रूप में श्रमिकों के पेंशन सुधार की दिशा में हमने कई ऐतिहासिक कदम उठाए और न्यूनतम पेंशन की राशि सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्रमिकों को लेकर संवेदनशील है और उनके निर्देश पर ही श्रमिकों के प्रोविडेंट फंड (PF) में वर्षों से पड़ी लगभग 27 हजार करोड़ रुपए की अन्क्लेम्ड राशि का उपयोग उनके हित में करने का बड़ा निर्णय भी इस दौरान हमने लिया था। राज्यमंत्री के रूप में यूनिवर्सल पीएफ नंबर की शुरुआत हमारी सरकार ने की, जिससे श्रमिकों द्वारा बार-बार पीएफ राशि क्लेम करने की समस्या दूर हुई।            मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी से आग्रह करते हुए कहा कि श्रम विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी अन्य ज़रूरतमंदों तक अवश्य पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने श्रमिकों के लिए गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही प्रदेश में संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।           उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश चहुंमुखी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इन डेढ़ वर्षों में “मोदी की गारंटी” के तहत सभी वादों को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि आज विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 38 हजार 2 सौ श्रमिकों को 19.71 करोड़ रुपये एवं प्रवीण्य सूची में चयनित 31 विद्यार्थियों को 62 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। देवांगन ने बताया कि शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत 17 जिलों के 46 केन्द्रों में श्रमिकों को 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है और भविष्य में इसे सभी उद्योग प्रधान जिलों में लागू किया जाएगा। इसके साथ ही श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग सुविधा प्रारंभ करने की जानकारी भी दी।  श्रम मंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के तहत उद्योगों की स्थापना के लिए नियमों को सरल बनाया गया है , जिससे निवेश बढ़ा है एवं युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।         छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के साथ प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मण्डल के माध्यम से प्रदेश में 31 जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें नोनी सशक्तिकरण, महतारी जतन, श्रमिक सियान सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मण्डल प्रदेश के 29.47 लाख पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहा है। श्रमिक अपना पंजीकरण श्रमेव जयते ऐप, लोक सेवा केन्द्र या श्रम कार्यालय में करवा सकते हैं। नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना ने बदली मजदूर परिवार के बच्चों की ज़िंदगी       कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से लाभान्वित बच्चों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए आभार व्यक्त किया। सभी बच्चों ने कहा कि वे मजदूर और गरीब परिवारों से हैं, लेकिन इस योजना ने उन्हें पढ़ाई का अवसर दिया। यह योजना श्रमिक परिवारों के सपनों को नई उड़ान दे रही है। सूरजपुर जिले के भैयाथान के हीरा सिंह ने बताया कि आईआईआईटी से बी टेक की पढ़ाई पूरी कर अब जूनियर डेटा साइंस डेवलपर बन चुके हैं। इस योजना से उन्हें 4.10 लाख रुपए की सहायता मिली, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी हो पाई थी। इसी तरह बी.टेक अंतिम वर्ष के छात्र अमलेंद्र पैंकरा ने बताया कि उनका परिवार मजदूरी कर जीवन यापन करता है और इस योजना की मदद से कॉलेज की फीस भर पा रहे हैं।  एक अन्य छात्र दीपक पैंकरा ने … Read more

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के समापन समारोह में हुए शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज यहां नवा रायपुर के शहीद वीरनारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग की विजेता टीमों को विनर्स कप सौंपा। बारिश की वजह से सीसीपीएल का फाइनल मैच नहीं खेला जा सका। फाइनल में पहुंची दोनों टीमों रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स को संयुक्त विजेता घोषित किया गया।  छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य की बात है कि सीसीपीएल जैसे क्रिकेट टूर्नामेंट का यहां शानदार आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ में हम सभी खेलों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग के माध्यम से राज्य के प्रतिभावान क्रिकेट खिलाड़ियों को खेलने का बेहतरीन मौका मिला है। इस आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ बधाई का पात्र है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बारिश की वजह फाइनल मैच नहीं खेला जा सका। रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया है। मैं दोनों टीमों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ और सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। यह बहुत खुशी की बात है कि मौसम खराब होने के बाद भी बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम में मौजूद हैं। मैं आशा करता हूँ कि छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ इसी तरह आगे भी छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग का आयोजन करता रहेगा।  उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 का आयोजन 6 जून से 15 जून तक किया गया। इसमें रायपुर राइनोस, राजनांदगांव पैंथर्स, रायगढ़ लायन्स, बस्तर बाइसन्स, बिलासपुर बुल्स और सरगुजा टाईगर्स टीमों ने हिस्सा लिया।  मुख्यमंत्री के हाथों से रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स टीम के कप्तान अमनदीप खरे और अजय मंडल ने विनर्स कप ग्रहण किया।  इस अवसर पर खेल मंत्री टंकराम वर्मा, राज्यसभा सांसद और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, बलदेव सिंह भाटिया, प्रभतेज सिंह भाटिया सहित छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर : हम सभी की साझी भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का संकल्प होगा पूरा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय CM साय ने कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी मुख्यमंत्री फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में शामिल हुए।मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों ने भी शिक्षा के विस्तार में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे प्राप्त करने में हम सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राज्य सरकार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इस दिशा में निरंतर प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 25 वर्ष का छत्तीसगढ़ आज अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस यात्रा में राज्य ने चहुंमुखी विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय संस्थान कार्यरत हैं, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर चुनौती से जूझ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है, जिसकी दिशा में देश ने तीव्र गति से कदम बढ़ाए हैं। छत्तीसगढ़  ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर है। राज्य की आकर्षक नई औद्योगिक नीति के तहत केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृक्षारोपण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है और विगत वर्ष चार करोड़ पौधे रोपे गए थे। राज्य सरकार “एक पेड़ माँ के नाम” और “पीपल फॉर पीपुल” जैसे नवाचार कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नौनिहालों में पर्यावरण चेतना का विकास करना चाहिए, जिससे वे स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकें। उन्होंने इस अभियान में भाग ले रहे सभी शिक्षकों और आयोजकों की सराहना की और कहा कि सामाजिक भागीदारी से ही हम शुद्ध हवा, निर्मल जल और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने संघ द्वारा आने वाले वर्षों में 11 लाख पीपल के वृक्षारोपण के संकल्प की सराहना की। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी, सचिव मनोज पाण्डेय तथा अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ एवं छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा की

रायपुर : कोरबावासियों को मिलेगा कन्वेन्शन सेंटर का लाभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कन्वेन्शन सेंटर को अब पुण्य श्लोक अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर जाना जायेगा मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा की  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा शहर के रिसदी में नवनिर्मित कन्वेन्शन सेंटर के नामकरण, प्रतिमा अनावरण और 223 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर का नाम माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर करने के साथ ही प्रवेश द्वार पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज कोरबा जिले को करोड़ो रूपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमे 145 करोड़ रुपए के सड़क से सम्बंधित कार्य शामिल भी है। इससे जिले में आवागमन बेहतर होगा और कोरबावासियों को भी इसका समुचित लाभ मिलेगा। उन्होंने कन्वेन्शन सेंटर को वातानुकूलित बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि कन्वेन्शन सेंटर बहुत बड़ा है और इसमे अनेक बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। कोरबावासियों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने हाऊसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित कन्वेन्शन सेंटर की प्रशंसा भी की।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे छः माह पहले भी कोरबा आये थे, इस दौरान भी 600 करोड़ से अधिक की राशि के विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दी गई। आज सवा दो सौ करोड़ के विकास कार्यों की सौगात से कोरबा के लोगो को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रतिमा का अनावरण भी किया है। वे इंदौर की महारानी थी और निष्पक्ष और न्यायप्रिय थी। उन्होंने देश के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों, धार्मिक स्थलों को संवारा और पहचान दिलाई। मुख्यमंत्री साय ने कोरबा में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना की आई मांग पर भी आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। कोरबावासियों को विकास कार्यों की सौगात मिलने के साथ ही कन्वेन्शन सेंटर का नामकरण माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर किया गया। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर की जीवन को रेखांकित करते हुए कहा कि माता अहिल्याबाई ने महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने, नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ ही देश के तीर्थ स्थानों, धार्मिक स्थलों को संवारने का काम किया। अपने राज्य की जनता के सुख-दुख में सहभागी बनने के साथ ही देश को आगे बढ़ाने का काम किया। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रतिमा अनावरण एवं नामकरण होने पर सभी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।  उद्योग, वाणिज्य एवं श्रममंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत 16 माह के कार्यकाल में प्रदेश में विकास की गंगा बहाई है। उन्होंने मोदी की गारंटी को पूरा कर गरीबों का कल्याण किया है। मुख्यमंत्री साय ने कुछ दिन पहले ही कोरबावासियों को 650 करोड़ रूपये से अधिक राशि के विकास कार्यों की सौगात दी थी। बजट में भी उन्होंने कोरबा जिले के विकास के लिए राशि का प्रावधान किया है। इसके साथ ही वे जनता के प्रति संकल्पित होकर राज्य को विकास की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। मंत्री देवांगन ने कोरबा जिले में एल्युमिनियम पार्क की स्थापना के लिये मुख्यमंत्री से आवश्यक सहयोग की भी मांग रखी।  कलेक्टर बसंत ने राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के शासन, शिक्षा आदि के योगदान को भी रेखांकित किया। इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेम चंद पटेल, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल अनुराग सिंहदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपुत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्लेन क्रैश में मृत लोगो के प्रति जताई संवेदना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुजरात से लंदन जा रही प्लेन के क्रैश होने की घटना और इसमे मृत लोगो के प्रति श्रदांजलि व्यक्त करते हुए उनके प्रति संवेदना प्रकट की।

मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को घर-घर तक पहुंचाने की संकल्पना हो रही है पूरी : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री अपेक्स बैंक के  नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के पदभार ग्रहण में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश के घर-घर को सहकारिता से जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। साय ने कहा कि नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में हमने दुधारू पशु वितरण का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 6 जिलों का चयन कर हितग्राहियों को दो-दो दुधारू गाय वितरित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के किसानों और ग्रामीण जनों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल हमने इस वर्ष पंचायती राज दिवस से प्रारंभ की है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत भवन में ही बैंकिंग सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगले पंचायती राज दिवस तक यह सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने किसानों को अल्पकालिक ऋण के लिए भारी-भरकम ब्याज दर से मुक्ति दिलाई और ब्याज दरों को लगातार कम कर किसानों को राहत दी। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिना किसी ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा खुलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 50-60 किलोमीटर दूर पत्थलगांव नहीं जाना पड़ेगा। इस पुनीत पहल के लिए उन्होंने सहकारिता विभाग को साधुवाद दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता का बीजारोपण करने वाले महान विभूतियों को पुण्य स्मरण करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामनराव लाखे और ठाकुर प्यारेलाल जैसे पुरोधाओं ने सहकारिता की नींव रखी, जिसका विकसित स्वरूप आज हम सभी देख रहे हैं। यह वर्ष सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रयासों से निश्चित रूप से इस क्षेत्र में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के अथक प्रयासों से प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। पूरे देश में वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय ने सहकारिता को राज्य के अंतिम गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। अपेक्स बैंक प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ सबसे शक्तिशाली संगठन है और इसके माध्यम से अब तक 7 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश के हर एक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया और इसी का परिणाम है कि आज बिना किसी बिचौलिए के शत-प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं हैं और शत-प्रतिशत किसानों को सहकारिता और अपेक्स बैंक से जोड़ने का काम शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सत्य साईं हॉस्पिटल को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कार्यक्रम में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सीएसआर गतिविधियों के तहत राजधानी रायपुर के सत्य साईं हृदय चिकित्सालय को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। पदभार ग्रहण समारोह में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, विधायक राजेश मूणत, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव सहकारिता सुब्रत साहू और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

छात्रावासों में सुविधाओं की एकरूपता और गुणवत्ता पर जोर, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : जनजातीय समाज के विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रालय में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा नई छात्रावास-आश्रम प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ, आश्रम छात्रावासों के संचालन के लिए 85 करोड़ रुपए का ऑनलाइन अंतरण छात्रावासों में सुविधाओं की एकरूपता और गुणवत्ता पर जोर, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई जनजातीय समाज के विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता : मुख्यमंत्री सायजनजातीय समाज के विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता : मुख्यमंत्री साय रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने छात्रावास-आश्रम प्रबंधन के लिए नवीन पोर्टल का शुभारंभ किया। साथ ही, आगामी शिक्षण सत्र 2025-26 में प्रदेश के आश्रम छात्रावासों के संचालन हेतु नई व्यवस्था के अंतर्गत शिष्यवृत्ति एवं भोजन सहायता की पहली किश्त (जुलाई से सितंबर) के रूप में 85 करोड़ रुपए का ऑनलाइन अंतरण भी किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों और आदिवासी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए संकल्पित है। हमारा लक्ष्य है कि इन वर्गों का जीवन स्तर बेहतर हो, वे आत्मनिर्भर बनें और विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समुदाय की सदैव चिंता करते हैं और उनके विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने हेतु अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने पीएम जनमन एवं धरती आबा जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवास और सड़क निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत शिविरों के माध्यम से हितग्राहियों के आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र जैसे मूलभूत दस्तावेजों को तैयार करने का कार्य लगातार जारी रखने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने आश्रम-छात्रावासों की समीक्षा करते हुए कहा कि जहाँ आवश्यकता हो, वहाँ सर्वसुविधायुक्त छात्रावास बनाए जाएं। शौचालय, बेड, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित हो। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं में एकरूपता रहे तथा छात्रावासों की निगरानी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित क्रीड़ा परिसरों की भी जानकारी ली और बच्चों द्वारा विभिन्न खेलों में अर्जित सफलताओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 20 क्रीड़ा परिसरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि खेल प्रतिभाएं और निखरें और खिलाड़ी खेलो इंडिया सहित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। प्रयास विद्यालयों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें उच्च शिक्षित प्रशिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए। साथ ही, इंजीनियरिंग, मेडिकल, क्लैट, सीयूईटी सहित अन्य कैरियर विकल्पों के लिए भी बच्चों को तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री साय ने आदिम जाति विभाग के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत भवनों के निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा भवनविहीन संस्थानों के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक भी शीघ्र आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आदिवासी संस्कृति संरक्षण एवं विकास के अंतर्गत देवगुड़ी निर्माण और अखरा विकास के कार्यों की भी समीक्षा की। साय ने अखरा विकास के तहत आस्था स्थलों पर उपयुक्त प्रकाश, बैठक व्यवस्था, शेड और पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे बच्चों के मार्गदर्शन के लिए हाल ही में चयनित अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों से चर्चा कर सुझाव लिए जाएं ताकि वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप युवाओं को रणनीति बनाने में मदद मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे प्रदेश के अधिकाधिक युवा उच्च पदों पर पहुँचकर राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बैठक में एकलव्य आवासीय विद्यालय, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना, जनजातीय बहुउद्देश्यीय विपणन केंद्र, वन अधिकार पत्र सहित अन्य विभागीय योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने म्यूजियम के स्वरूप, निर्माण की गुणवत्ता और प्रस्तुत की जाने वाली सामग्री की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों की अमर गाथा को समर्पित होगा। इसमें परलकोट विद्रोह, सोनाखान विद्रोह और भूमकाल विद्रोह जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों को विशेष रूप से दर्शाया जाएगा। साथ ही, प्रदेश के प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। हमें गर्व है कि छत्तीसगढ़ की धरती ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। इन गाथाओं को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दृश्य-श्रव्य तरीके से रोचक और ज्ञानवर्धक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभागीय गतिविधियों, उपलब्धियां और नवीन कार्य योजना की जानकारी विस्तार पूर्वक मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत की। बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री राम विचार नेताम, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित आदिवासी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

CM साय ने शहीद गिरपुंजे के शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं और उन्हें इस कठिन समय में ढांढस बंधाया

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण आईईडी विस्फोट में शहीद हुए एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा देकर सम्मानपूर्वक विदाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद श्री गिरपुंजे के शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं और उन्हें इस कठिन समय में ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे ने अपने कर्तव्य के प्रति अदम्य साहस, निष्ठा और समर्पण का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमें उन पर गर्व है। सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लगातार हो रही सुरक्षाबलों की सफल कार्रवाइयों से नक्सली बौखलाए हुए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शहीद श्री गिरपुंजे की वीरता और देशभक्ति को सदैव याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, शहीद के परिजन, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

शहीद एएसपी आकाश राव का आज अंतिम संस्कार, माना पुलिस बटालियन में उन्हें श्रद्धांजलि दी

रायपुर सुकमा नक्सल IED ब्लास्ट में शहीद हुए ASP आकाश राव गिरिपुंजे को रायपुर के माना पुलिस बटालियन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पत्नी ने उन्हें रोते हुए सैल्यूट कर अंतिम विदाई दी, वहीं उनके पिता बिलखते रहे। सीएम साय उनके मंत्रियों और अफसरों ने भी दी श्रद्धांजलि। इससे पहले “जब तक सूरज चांद रहेगा, आकाश तेरा नाम रहेगा” के नारों” के साथ उनकी यात्रा कुशालपुर स्थित निवास से निकली थी। अंतिम यात्रा में कलेक्टर के साथ कई अफसर और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बता दें कि सुकमा में नक्सल IED ब्लास्ट में शहीद आकाश राव गिरिपुंजे रायपुर के रहने वाले थे। वह सुकमा में एडिशनल एसपी के पद पर पदस्थ थे। रायपुर के कुशालपुर इलाके में उनका पूरा परिवार रहता है। उनके माता-पिता पत्नी दो छोटे बच्चे यहीं रहते थे। बुधवार को शहीद ASP की 6 साल की बेटी नव्या का जन्मदिन है। पूरा परिवार इस जन्मदिन को सेलिब्रेट करने की तैयारी में लगा हुआ था। आकाश भी सुकमा से बेटी के जन्मदिन में आने वाले थे मगर अब सब कुछ बदल चुका है। कुशालपुर से निकली अंतिमयात्रा “जब तक सूरज चांद रहेगा, आकाश तेरा नाम रहेगा” के नारों के साथ कलेक्टर, निगम आयुक्त, सीईओ जिला पंचायत, अधिकारी, परिवारजन और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूरा माहौल गमगीन और सम्मान से भरा रहा। बता दें की शहीद आकाश राव गिरिपुंजे रायपुर के रहने वाले थे और 2013 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी थे। उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़कर छत्तीसगढ़ पीसीएस परीक्षा पास की और पुलिस अधिकारी बने। सोमवार को सुकमा के कोंटा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर IED ब्लास्ट में वे शहीद हो गए, इस हमले में कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। आकाश राव को उनकी बहादुरी और ईमानदारी के लिए कई गैलेंट्री अवॉर्ड भी मिल चुके थे। उनकी शहादत पर पूरे पुलिस बल और शहर में गहरा शोक है।

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिले मुख्यमंत्री ने दिखाई छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने बस्तर में शांति व्यवस्था, विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों पर चर्चा की। इसके साथ ही हाल ही में छत्तीसगढ़ में आयोजित सुशासन तिहार की प्रधानमंत्री को जानकारी दी। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी उनके आवास पर मुलाकात की। जहां राज्य के विकास, नक्सल ऑपरेशन सहित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई।   मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बस्तर का चेहरा बदल रहा है, जो कभी बंदूक और बारूदी सुरंगों के लिए जाना जाता था, आज वहाँ मोबाइल टावर खड़े हो रहे हैं, जो सिर्फ संचार का माध्यम नहीं बल्कि विकास और विश्वास के प्रतीक बन चुके हैं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार द्वारा विगत डेढ़ वर्ष में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है। इन सुरक्षा चौकियों के आसपास गांवों में न केवल पुलिस की उपस्थिति से सुरक्षा की भावना बनी है, बल्कि इन इलाकों में अब नेटवर्क भी पहुंच गया है। सरकार ने अब तक कुल 671 मोबाइल टावर चालू कर दिए हैं, जिनमें से 365 टावरों में 4G सेवा उपलब्ध है। यह न सिर्फ तकनीकी बदलाव है, बल्कि यह संकेत है कि अब आदिवासी क्षेत्रों में संचार क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर में सिर्फ मोबाइल टावर नहीं लग रहे हैं, बल्कि ये टावर इस बात का सबूत हैं कि वहां के बच्चे और युवा भी अब डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं। पहले जहां बच्चों को पढ़ाई या नौकरी की तैयारी के लिए शहर जाना पड़ता था, अब वही काम वे अपने गांव में मोबाइल नेटवर्क के ज़रिए ऑनलाइन कर पा रहे हैं। अब बस्तर का युवा भी स्मार्टफोन से अपनी दुनिया खुद बना रहा है। मुख्यमंत्री साय ने बताया सुरक्षा कैंपों के इर्द-गिर्द बसते गांवों में अब बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुँच रही हैं। नियद नेल्लानार योजना के तहत चिन्हित 146 ग्रामों में 18 सामुदायिक सेवाएं और 25 तरह की सरकारी योजनाएं एक साथ क्रियान्वित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया सुशासन तिहार के तहत अब तक सैकड़ों समाधान शिविर आयोजित किए गए हैं, जहां सांसद से लेकर विधायक तक गांव गांव पहुंचकर जनता की शिकायतों का समाधान किया। इन शिविरों में ग्रामीणों को राशन कार्ड, आधार, पेंशन, स्वास्थ्य परीक्षण, स्कूल प्रवेश, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला गैस जैसी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए की जा रही योजनाओं और नवाचारों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल संकट से निपटने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है, और जनभागीदारी से लेकर तकनीकी उपायों तक, हर स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में अब बारिश के दिन कम हो गए हैं — पहले जहाँ लगभग 100 दिन बारिश होती थी, अब सिर्फ़ 65 दिन ही होती है। तकनीक के तहत गांव-गांव में पानी बचाने के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। जहां पहले पानी बरसकर बह जाता था, अब उसे रोकने और जमा करने की कोशिश हो रही है। इस काम में आधुनिक तकनीक जैसे GIS मैपिंग और ‘जलदूत’ नाम का मोबाइल ऐप इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यह पता चलता है कि कहां कितनी ज़रूरत है। सबसे खास बात यह है कि इस अभियान में महिलाएं बड़ी भागीदारी निभा रही हैं। महिला समूह तालाबों की सफाई, गहराई बढ़ाने, और पुराने जल स्रोतों को फिर से जीवित करने में आगे आ रही हैं। इस साझेदारी से गांवों में पानी की कमी दूर हो रही है और लोगों को अपने इलाके में ही साफ और पर्याप्त पानी मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को नालंदा परिसर की जानकारी भी दी, जो देश की पहली 24×7 हाईब्रिड सार्वजनिक लाइब्रेरी है। 18 करोड़ की लागत से बनी इस सुविधा में ई-लाइब्रेरी, यूथ टॉवर, हेल्थ ज़ोन और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था है। अब तक 11,000 से अधिक छात्र लाभांवित हो चुके हैं, जिनमें 300 से अधिक छात्र यूपीएससी और सीजी पीएससी में सफलता पाई है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ मॉडल की भी जानकारी दी, जिसमें वंचित व आदिवासी बच्चों को आईआईटी, नीट, क्लैट जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। अब तक 1508 छात्र चुनिंदा राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश पा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री साय के प्रयासों की सराहना की और छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

CM ने आम ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ किया संवाद: नाले में पुलिया निर्माण, मंगल भवन, कन्या छात्रावास और पंचायत भवन की घोषणा

रायपुर सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम कनकबीरा में उतरा। उन्होंने प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास परिसर के पास गुलमोहर पेड़ के नीचे अपनी चौपाल लगाई और योजनाओं की जानकारी लेते हुए आम ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आप लोगों से मिलने का अवसर मिला। आज आप सभी से मिलकर खुद को परिवार के बीच होने जैसा महसूस कर रहा हूँ। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि पहले चरण में आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में उन पर कार्यवाही हुई और अब तीसरे चरण में सरकार आपके गांव में पहुंची है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में जनता के हित में कार्य किया है। सुशासन तिहार हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और सरकार द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन करने का अवसर भी। इसके माध्यम से हम जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति जान रहे हैं। हमारे अलावा मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुशासन तिहार में शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के तहत  कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लस’ में जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। हमने किसानों से किया गया वादा निभाते हुए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ की राशि सीधे उनके खातों में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला गया है। जो लाभार्थी अभी वंचित हैं, उन्हें भी जोड़ा जाएगा। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। रामलला दर्शन योजना प्रारंभ कर हितग्राहियों को अयोध्या दर्शन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री तीर्थ योजना को पुनः शुरू कर इच्छुक परिवारों को अपने पसंद के तीर्थस्थल तक जाने की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। इससे ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग व अन्य सेवाओं की सुविधा मिलेगी। अभी यह सेवा 1460 पंचायतों में शुरू की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है। पीएससी भर्ती में गड़बड़ी की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की गई है और आने वाले समय में निष्पक्ष व पारदर्शी तरीकों से नई भर्ती होगी। संवाद के माध्यम से परखी योजनाओं की हकीकत ग्राम कनकबीरा में अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी में संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था, राशन वितरण और महतारी वंदन योजना की राशि के संबंध में हितग्राहियों से जानकारी ली। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने किसानों को धान के साथ-साथ मक्का, उड़द, मूंग आदि लाभकारी फसलें लेने को प्रेरित किया। मंगल भवन, कन्या छात्रावास और पंचायत भवन की घोषणा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कनकबीरा के आश्रित ग्राम नरगीखोल-लात नाले पर पुलिया, कनकबीरा में मंगल भवन और कन्या छात्रावास, तथा गोड़म में पंचायत भवन के निर्माण की घोषणा की। सारंगढ़ के पूर्व विधायक को अपने पास बिठाया ग्राम कनकबीरा में चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय की नजर नीचे बैठे पूर्व विधायक श्री शमशेर सिंह पर पड़ी। उन्होंने उन्हें आत्मीयता से पास बुलाया और कुर्सी पर बैठाया। बातचीत में पूर्व विधायक ने बताया कि वे क्षेत्र में समाज सेवा और मंदिर निर्माण कार्य कर रहे हैं। 85 वर्षीय भागीरथी साहू को भेंट किया अपना साफा 85 वर्षीय भागीरथी साहू, जो लाठी के सहारे चौपाल तक पहुँचे थे, मुख्यमंत्री की बातों को ध्यानपूर्वक सुनते रहे। मुख्यमंत्री ने उनसे आत्मीयता से भेंट की और जाते समय अपना साफा उनके गले में डालकर सम्मान प्रकट किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कनकबीरा में दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की और समस्त प्रदेशवासियों की समृद्धि, सुख-शांति और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है, और जनकल्याण ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

युक्तियुक्तकरण से विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा- मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने राज्य में कुल 10,463 शालाओं के युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी किया है, जिसमें ई-संवर्ग की 5849 और टी-संवर्ग की 4614 शालाएं शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह युक्तियुक्तकरण आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के निर्देशों के अनुरूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संसाधनों का संतुलित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग का दूरदर्शी निर्णय स्कूल शिक्षा को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। मुख्यमंत्री साय  ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षा विभाग के निर्णय की सराहना करते हुए कहा है कि यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल शिक्षकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों के विद्यालयों का समायोजन, न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि इससे शिक्षा की निरंतरता बनी रहेगी और छात्र ड्रॉपआउट की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। इससे स्कूली वातावरण अधिक प्रभावशाली बनेगा और बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उठाया गया यह कदम छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने जानकारी दी कि शालाओं के युक्तियुक्तकरण अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित 10,297 विद्यालयों को युक्तियुक्त किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित 133 विद्यालयों और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर के दायरे में स्थित 33 विद्यालयों को भी युक्तियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में अब अतिशेष शिक्षकों की तैनाती संभव होगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सीधा सुधार देखने को मिलेगा। युक्तियुक्तकरण के कारण शिक्षकों की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे अन्य जरूरतमंद शालाओं में भी संतुलन बन पाएगा। इस समायोजन से स्थापना व्यय में भी कमी आएगी, जिससे शैक्षणिक ढांचे पर अधिक निवेश संभव होगा। स्कूल शिक्षा सचिव ने जानकारी दी कि एक ही परिसर में पढ़ाई की निरंतरता बने रहने से बच्चों की ड्रॉपआउट दर घटेगी, और छात्र ठहराव दर में सुधार होगा।शालाओं के युक्तियुक्तकरण से बच्चों को बार-बार प्रवेश लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनकी शिक्षा यात्रा अधिक सहज और निरंतर होगी। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण से विद्यालय परिसरों में बेहतर अधोसंरचना तैयार करना भी सरल होगा, जिसमें पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और खेल सुविधाएं साझा की जा सकेंगी। राज्य सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रस्तावित क्लस्टर विद्यालय अवधारणा के अनुरूप है, जहां एकीकृत परिसर में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि  इस प्रक्रिया में केवल प्रशासनिक समन्वय किया गया है, न कि किसी पद को समाप्त किया गया है। इस कदम से शिक्षकों का न्यायसंगत वितरण संभव होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक सुलभ रूप से उपलब्ध हो सकेगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत छात्रों और शिक्षकों के अनुपात के प्रावधानों का पालन करते हुए युक्तियुक्तकरण किया गया है, जिसकी राज्य में  शैक्षणिक गुणवत्ता के स्तर को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। “छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल वर्तमान शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी, सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था का आधार तैयार करेगी।स्कूल शिक्षा विभाग का स्कूलों के युक्तियुक्तकरण का दूरदर्शी निर्णय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा मंर एक सशक्त पहल है।युक्तियुक्तकरण से न केवल शैक्षणिक संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होगा, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। यह छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

छत्तीसगढ़ देश के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा कदम रखने जा रहा, AI डेटा सेंटर- ESDS करेगी 600 करोड़ रुपये का निवेश-CM साय

रायपुर छत्तीसगढ़ देश के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा कदम रखने जा रहा है। रायपुर में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए टेक्नोलॉजी कंपनी ESDS Software Solution Ltd ने 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री से नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुलाकात के दौरान कंपनी के चेयरमैन पीयूष सोमानी और उपाध्यक्ष लोकेश शर्मा ने कहा कि यह सेंटर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे भारत के डिजिटल भविष्य को गति देगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से छत्तीसगढ़ को AI, क्लाउड टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल स्टोरेज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “डिजिटल इंडिया की भावना को छत्तीसगढ़ में धरातल पर उतारने के लिए यह निवेश मील का पत्थर साबित होगा। सरकार हरसंभव सहायता देगी ताकि यह परियोजना जल्द से जल्द मूर्तरूप ले।” ESDS की यह पहल छत्तीसगढ़ को एक टेक्नोलॉजी हब बनाने के साथ-साथ युवाओं के लिए उच्च स्तरीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। यह सेंटर राज्य के IT इकोसिस्टम को मजबूती देगा और डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।

पेशियों की न दें बार-बार तारीख, फील्ड में दिखे सक्रियता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अम्बिकापुर में सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज और जशपुर जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहितकारी शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से अमलीजामा पहनाने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों से टीम भावना से कार्य करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेशभर से लगभग 40 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनका समाधान दूसरे चरण में किया गया। अब तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर आम जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। जनता के प्रति जवाबदेह बनें अधिकारी मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों से कहा कि वे जनता के सेवक हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड का दौरा करें, जनता के सुख-दुख में शामिल हों और शिकायतों के निपटारे में पेशियों की अनावश्यक तारीखें देना बंद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अवैध रेत खनन के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए। बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि कहीं पेयजल संकट की स्थिति बनती है, तो इसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों को सूखने से बचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनने वाली सड़कों, पीएम आवासों तथा जिलों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों के निर्देश गर्मी और बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों और सांप काटने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। वनाधिकार और अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनाधिकार पट्टों की समीक्षा राजस्व, आदिवासी विकास और वन विभाग संयुक्त रूप से करें और केवल पात्र हितग्राहियों को ही पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने अवैध पट्टा धारकों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावर्ती जिलों में अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुज़ा सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, राम कुमार टोप्पो, भैयालाल राजवाड़े, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा आईजी दीपक झा सहित सरगुज़ा, बलरामपुर-रामानुजगंज एवं जशपुर जिले के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री को भेंट की छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल

रायपुर पहाड़ी कोरवा के जनमन आवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पहुंचने पर परिवार ने पारंपरिक रीति रिवाज और सरई फूल की माला पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अचानक बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर पर सुदूरवर्ती पहाड़ी कोरवा ग्राम हरगवां ढोढरीकला पहुंचे थे। जहां ग्रामीणों से चौपाल में संवाद के बाद मुख्यमंत्री पीएम जनमन योजना के तहत दो हितग्राहियों के नवनिर्मित आवास में जाकर उसकी गुणवत्ता देखी। लहंगू पहाड़ी कोरवा के घर पहुंचने पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। लहंगू और उनकी पत्नी ने सरई फूलों की माला पहनाकर आत्मीयता से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय ने खाट पर बैठकर लहंगू और उनके परिवार से विस्तारपूर्वक चर्चा की इस दौरान मुख्यमंत्री पूरी सहजता के पहाड़ी कोरवा परिवार से घुलते मिलते नजर आए। उन्होंने उनके जीवन, दिनचर्या, संस्कृति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लहंगू से आवास के संबंध में पूछा जिस पर लहंगू ने बताया कि पहले कच्चे मकान में रहने में कई समस्याएं होती थी। लेकिन पक्के आवास से अब खुश हैं। अब किसी प्रकार की चिंता नहीं सताती। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सरई पत्तों से बने दोने-पत्तल में तेंदू, चार और लीची जैसे स्थानीय और मौसमी फल परोसे गए। आम से बने पारंपरिक पेय आम पना का भी उन्होंने स्वाद लिया। लहंगू  की पत्नी दरसी ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से तैयार की गई छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल का फल उपहार स्वरूप भेंट किया, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा श्रीमती भूखना के पीएम जनमन आवास योजनान्तर्गत बने आवास का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे दोकड़ा के समाधान शिविर में

रायपुर : सर्वे सूची में शामिल हितग्राहियों को मिलेगा पीएम आवास: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के दोकड़ा में कॉलेज खोलने सहित कई घोषणाएं मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे दोकड़ा के समाधान शिविर में रायपुर प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर आज जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा में अचानक उतरा और वे वहां आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर दोकडा में कालेज और मिनी स्टेडियम की घोषणा की। उन्होंने वहां के प्राथमिकता स्वास्थ्य केन्द्र, वनवासी कल्याण आश्रम के उन्नयन, के साथ ही डोरियामुडा जलाशय का सौन्दर्यकरण कराए जााने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मंगल भवन के जिर्णाेद्धार के लिए 20 लाख और शिव मंदिर परिसर का जीर्णाेद्धार कराए जाने की भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम लोग गांव-गांव पहुंच रहे हैैंं। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के सर्वे सूची में जितने भी हितग्राहियों का नाम है सभी को पीएम आवास स्वीकृत किया जाएगा। पिछले डेढ़ वर्षों में मोदी जी की अधिकांश गारंटी को हमारी सरकार ने पूरा किया है। सुशासन तिहार के दौरान पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को नए आवास स्वीकृति के साथ ही पूर्ण हो चुके गए पीएम आवासों की चाँबी सौंपकर उन्हें गृह प्रवेश कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सशासन तिहार के अंतर्गत शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं और मांगों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में लोगों को ऑनलाईन तथा बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केन्द्र खोला गया है इन केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन विभिन्न प्रकार के दस्तावेज प्राप्त करने और राशि के लेन-देन की सुविधा ग्रामीणों को मिलने लगी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी पत्नी श्रीमती कौशल्या साय, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को गृह प्रवेश के लिए घर की चाबी तथा नए आवास निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र, हितग्राहियों को मुद्रा लोन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नए राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, मछली जाल और आईस बाक्स, मनरेगा जाब कार्ड, वालीबॉल और क्रिकेट खिलाड़ियों को किट प्रदान किए। उन्होंने इस मौके पर हायर सेकेण्डरी और हाईस्कूल के बोर्ड परीक्षा में मेरिट लिस्ट में आने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री को अचानक गांव में हेलीकॉप्टर से उतरते देख ग्रामीणों में खुशी और उत्सुकता की लहर दौड़ गई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर आज जनपद पंचायत शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत हरगवां स्थित ढोढ़रीखाला (नवापारा) पारा में उतरा। मुख्यमंत्री का यह दौरा ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के तहत औचक निरीक्षण के रूप में रहा। मुख्यमंत्री को अचानक गांव में हेलीकॉप्टर से उतरते देख ग्रामीणों में खुशी और उत्सुकता की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग चौपर देखने दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री साय का पांव पखार उन्हें टीका लगाया और सरई पत्ते की माला पहनाई। स्वागत गीत भी गाया गया। हरगवां गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग निवास करते हैं। मुख्यमंत्री साय ने ढोढ़रीखाला पारा में कटहल, आम और महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बातें रखीं। एक महिला ने पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से वास्तविक जानकारी ली। इसी तरह, बेलसर गांव की श्रीमती दीपू बघेल ने वन भूमि पट्टा पर खेती न कर पाने की बात बताई। मुख्यमंत्री ने इस पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से पूछा कि सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, पटवारी गांव में आते हैं या नहीं और राजस्व संबंधी कोई समस्या तो नहीं है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत ढोढ़रीखाला पारा में स्वीकृत 19 आवासों में से 16 आवास पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में भी जानकारी ली और ग्रामीणों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के पहुंचने की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ करें काम:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ कलेक्टरों को राजस्व न्यायालयों का नियमित संचालन करने के निर्देश विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ करें काम मुख्यमंत्री ने तीन जिलों के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आम लोगों की राजस्व संबंधी समस्याओं के तेजी से निराकरण करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के निराकरण के लिए कलेक्टरों को नियमित रूप से राजस्व न्यायालयों का संचालन करने और इसके लिए दिन भी निर्धारित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का जायजा लेने के लिए अब तक 19 जिलों का औचक निरीक्षक और समाधान शिविर में शामिल हो चुके हैं। जनता से मिले फीडबैक से इस बात का गर्व है कि हमारी सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उन लोगों तक पहुंच रहा है, जिनके लिए सरकार ने योजनाएं बनाई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ काम करना ही हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री आज दुर्ग जिले में आकस्मिक निरीक्षण, समाधान शिविर में शामिल होने के बाद दुर्ग जिला मुख्यालय में कवर्धा, बेमेतरा और दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने सुशासन तिहार में सक्रिय भागीदारी और परिश्रम से अच्छा कार्य किया है। आप सभी ने संकल्प लेकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु कार्य किया है, यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं और शिकायतों के समाधान का प्रतिशत बेहतर है, जिससे यह स्पष्ट है कि हम सुशासन और आम जनता की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में हमने अनेक अच्छे कार्य किए हैं, जिसका अच्छा फीडबैक जनता से मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी समस्त योजनाएं आमजनता को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं। साय ने कहा कि जनहित में किए गए अच्छे कार्यों की हमेशा प्रशंसा होती है और जो अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें हम पुरस्कृत भी करेंगे। वहीं यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जहां कहीं भी पेयजल की समस्या हो, इसको दूर करने का पुख्ता प्रबंध किया जाए। उन्होंने बरसात की मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण हेतु किसानों को फसल चक्र अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए तथा कम पानी वाली फसलों जैसे दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा देने विशेष रूप से प्रयास हो। साय ने कहा कि राजस्व से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए शिविरों का आयोजन आगे भी नियमित रूप से किया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के आधार कार्ड और ई-केवाईसी के कारण होने वाली दिक्कतों को भी तेजी से दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि अविवादित नामांतरण के प्रकरण तेजी से निपटाएं और प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों को तत्काल राहत दें। उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की विस्तार से समीक्षा की और सुशासन तिहार के अंतर्गत आवास के संबंध में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अंतर विभागीय  समन्वय स्थापित कर निर्माणाधीन सड़कों और शासकीय भवनों लंबित निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वामित्व योजना की भी समीक्षा की गई। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आय सृजन गतिविधियों और ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की पुख्ता व्यवस्था की जाए ताकि महिलाएं तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री कहा कि बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने से महिलाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुले है। कंस्ट्रक्शन के लिए सेटरिंग प्लेट को किराए में देकर समूह की महिलाएं अच्छी आय प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐसी सभी संभावनाओं पर लगातार काम करना है। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण की प्रगति, संस्थागत प्रसव की स्थिति, स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट्स की तैनाती, और सिकलसेल स्क्रीनिंग की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा तालाबों और छोटे जल स्रोतों के इनलेट मार्ग अवरुद्ध न हों, ताकि वर्षा जल का संचयन सुचारु रूप से हो सके और भूजल स्तर बना रहे। मुख्यमंत्री ने भारतीय न्याय संहिता के कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए ताकि न्याय की संकल्पना पूर्ण रूप से साकार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में जो तकनीक आधारित प्रावधान शामिल किए गए हैं, उनका समुचित और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी हो। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराध में वृद्धि हो रही है, इसके खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाएं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। साय ने कहा कि सभी किरायेदार की सूचना पुलिस के पास हो और मकान मालिकों को इसके लिए विशेष निर्देश दिए जाए। यदि मकान मालिक जानकारी नहीं देंगे तो उन पर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को विलेज लेवल रजिस्टर को अनिवार्य रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए ताकि अधिकारियों के स्थानांतरण होने पर नए अधिकारियों को भी आपराधिक गतिविधियों और संदिग्धों की जानकारी प्राप्त हो सके। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक सर्व डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ललित चंद्राकर, गजेन्द्र यादव, रिकेश सेन एवं ईश्वर साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संभागायुक्त एस. एन राठौर, आईजी आर जी गर्ग, तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

वर्षा जल का संचय और संरक्षण भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने में बेहद अहम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

जल संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा भू-जल संवर्धन मिशन – विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने भू-जल संवर्धन मिशन का किया शुभारंभ, भू-जल और वर्षा जल संरक्षण पर शहरों में होंगे प्रभावी काम हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों ने जल संरक्षण पर किया मंथन वर्षा जल का संचय और संरक्षण भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने में बेहद अहम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) का शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए मिशन मोड पर काम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में मिशन के ब्रोशर का विमोचन और इस पर तैयार वीडियो भी लॉन्च किया। उन्होंने राज्य के नौ नगरीय निकायों में सेवाकाल के दौरान दिवंगत 18 कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी सौंपा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव, जल संसाधन तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, विधायकगण सर्वराजेश मूणत, सुनील सोनी, मोती लाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और वाटरमैन के नाम से मशहूर राजेन्द्र सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ के मौके पर आयोजित कार्यशाला में हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने जल संरक्षण, इसके उपायों और परिणामों पर मंथन किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव और भारत के वाटरमैन के नाम से प्रसिद्ध राजेन्द्र सिंह ने भी कार्यशाला में अपने विचार रखे तथा प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए। गुजरात के सूरत म्युनिसिपल कार्पोरेशन की टीम ने वहां वर्षा जल के संचय और भू-जल रिचार्ज के लिए किए जा रहे कार्यों को साझा किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। जल की पर्याप्त उपलब्धता की चिंता करते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी मिशन की शुरूआत की जा रही है। इसके लिए मैं उप मुख्यमंत्री अरुण साव और नगरीय प्रशासन विभाग को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्षा जल और भू-जल के संरक्षण व संवर्धन में यह मिशन मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीणों की सहभागिता से ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों अभियानों का मकसद एक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर जल संरक्षण के लिए पूरे देश में अमृत सरोवरों के रूप में नए तालाबों का निर्माण और पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। आज मिशन के शुभारंभ के मौके पर चार घंटों तक विशेषज्ञों ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर संवाद किया है। साय ने कहा कि जल को लेकर यदि हम अभी सचेत और सावधान नहीं होंगे तो आने वाला समय मुश्किल होगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि वर्षा जल के संचय, संरक्षण और भू-जल को रिचार्ज करने के उपायों पर विशेषज्ञों ने अभी चार घंटे तक चर्चा की है। वाटरमैन राजेन्द्र सिंह और सूरत नगर निगम के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान जल के संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने और राज्य में वर्षा के पैटर्न के अनुरूप फसल चक्र अपनाने की बातें प्रमुखता से आई हैं। साव ने कहा कि आने वाले समय में शहरों में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी की व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्याप्त बारिश होती है। इसके सावधानीपूर्वक संचय और संवर्धन से हम पानी की दिक्कतों को दूर कर सकते हैं। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए कार्यक्रम में कहा कि इस मिशन के तहत अनुकरणीय काम होंगे, ऐसी उन्हें उम्मीद है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनभागीदारी से जल संचय करने में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में प्रथम स्थान मिला है। जल के महत्व को देखते हुए इसके स्रोतों के पुनर्भरण और रिचार्ज करने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग भी इस पर गंभीरता से काम कर रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के महापौर, सभापति और आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के अभियंता, जल विशेषज्ञ, समाजसेवी, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, नगरीय प्रशासन विभाग और सुडा के अधिकारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को सामग्री, चेक, केसीसी और एटीएम कार्ड वितरित

रायपुर : समाधान शिविर सरकार की जवाबदेही और जनसेवा का प्रतीक – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुरमुंदा के हाईस्कूल को हायर सेकण्डरी स्कूल में उन्नयन की घोषणा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को सामग्री, चेक, केसीसी और एटीएम कार्ड वितरित रायपुर सरकार का काम केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जब हम गांव-गांव जाकर समाधान शिविर लगाते हैं, तो यह हमारी जवाबदेही का प्रमाण है। यह कार्य वही सरकार कर सकती है, जो ईमानदारी से जनता के लिए काम करती हो। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत मुरमंदा में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविर केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की जनसामान्य के प्रति उत्तरदायित्व का जीवंत प्रमाण है। हमारी सरकार ने एक वर्ष पूर्ण होने पर जनता के समक्ष रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया था, और अब डेढ़ साल बाद पुनः जनता के बीच अपने कामकाज का रिपोर्ट दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के तहत् दुर्ग 19 वां जिला है जहां वे सुशासन शिविर में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि औचक निरीक्षण और सुशासन शिविर में लोगों से फीडबैक पाकर  इस बात की खुशी होती है कि हमारी सरकार ने डेढ़ सालों में जो काम किया है उसका लाभ जनता को मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि मुरमुंदा शिविर में कुल 2630 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2539 मामलों का मौके पर समाधान कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का पूर्ण निराकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमारी सरकार हर घर तक बिजली और नल से जल पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना में 18 लाख गरीब परिवारों के हक छीनने का काम किया। गरीबों से उनका घर और छत छीनने का काम करके पूर्ववर्ती सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का बंटाधार कर दिया था। इसी तरह, नल-जल योजना में भी पिछली सरकार की अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में टंकियां तो बना दी गईं, लेकिन पानी का कोई प्रबंध नहीं था। हमारी सरकार ने इन योजनाओं को सुधारा और धरातल पर लागू किया। किसान, मजदूर और बुजुर्ग हर वर्ग के लिए योजनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने वादे के अनुसार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए की दर से कर रही है, पिछले दो वर्षों का बोनस भी किसानों को दिया गया है। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का अवसर मिला है। रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत 22000 से अधिक लोग अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10,000 रूपए की वार्षिक सहायता दी जा रही है। स्वामित्व कार्ड का वितरण तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भूमि रजिस्ट्री प्रणाली में सुधार का भी उल्लेख किया और बताया कि अब रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण स्वतः हो जाएगा, लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। यदि कोई व्यक्ति अपने बेटा-बेटी को ज़मीन देना चाहता है, तो 500 रूपए में दानपत्र देकर कार्य पूरा कर सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना की जा रही है। अब तक 1460 ग्राम पंचायतों में यह केंद्र शुरू हो चुके हैं, जहां प्रतिदिन 1 से 1.5 लाख रुपए तक के बैंकिंग ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। अगले एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है। शिविर में किया गया सामग्री वितरण मुख्यमंत्री साय ने समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को गृह प्रवेश की चाबियां, मनरेगा श्रमिकों को जॉब कार्ड, पात्र हितग्राहियों को सामाजिक पेंशन, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, चेक और एटीएम कार्ड वितरित किए। मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि सरकार का कार्य सिर्फ शासन चलाना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। जब शासन जनता के द्वार तक आता है, तभी असली सुशासन स्थापित होता है। सुशासन शिविर को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायक साजा ईश्वर लाल साहू, पूर्व विधायक प्रेमप्रकाश पांडेय, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं मुरमुंदा सहित 15 पंचायतों के ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने मुंगेली जिला ग्रंथालय में किया अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी है। इसके बिना जीवन अधूरा है। यह न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि समग्र विकास का आधार भी है।” वे आज सवेरे मुंगेली जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय में 29.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले तथा पूर्व सांसद श्री लखन साहू भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए आदर्श विद्यार्थी के पाँच गुण “काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पाहारी गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासित, मेहनती और लक्ष्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी। एक छात्र द्वारा सोशल मीडिया के प्रभाव पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, डिजिटल युग में अच्छाई को अपनाएं और बुराई से दूर रहें। श्री साय ने अपने छात्र जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि अविभाजित रायगढ़ जिले में शिक्षा के अवसर सीमित थे। नटवर स्कूल ही एकमात्र विकल्प था। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, कभी निराश न होने और परिश्रम को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।         मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ और ‘नालंदा परिसर’ जैसे शैक्षणिक नवाचारों की सराहना की और कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में आधुनिक ग्रंथालय स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुंगेली जिला ग्रंथालय की सराहना करते हुए बताया कि यह ग्रंथालय अब तक सैकड़ों युवाओं की सफलता की नींव बन चुका है। उन्होंने इसे केवल अध्ययन का स्थल न मानकर एक सफलता केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को तोप सिंह कुंभकार द्वारा उनके चित्र का हस्तनिर्मित छायाचित्र तथा भगवद् गीता और अन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए। गौरतलब है कि जिला ग्रंथालय में वर्तमान में यहाँ 4780 से अधिक पुस्तकों का संग्रह, 893 पंजीकृत सदस्य, 32 टेबल, 11 सीसीटीवी कैमरे हैं। कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

34 गांव के किसानों को मिलेगी सिंचाई की सुविधा, निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के दिए निर्देश, गुणवत्ता का रखें ध्यान- मुख्यमंत्री

रायपुर सुशासन तिहार के अपने दौरे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सीतागांव के समाधान शिविर के बाद हेलीकॉप्टर से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गभरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के समीप 220 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे सिद्धबाबा सिंचाई जलाशय परियोजना का निरीक्षण किया। इस सिंचाई जलाशय से 34 गांवों के लगभग साढ़े चार हजार किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। जलाशय से 1840 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ और 1380 हेक्टेयर में रबी फसलों की सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री साय ने जलाशय स्थल का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जलाशय न केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बनेगा, बल्कि इस क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त आधार होगा। हमारी सरकार हर किसान तक पानी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। गौरतलब है कि इस जलाशय के माध्यम से तीन जिलों के 34 गांवों खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के गभरा, कोटरीछापर, दोड़िया, विचारपुर, बुन्देली, मुरई, खैरी, सीताडबरी, कोटरा, साल्हेकला, बेमेतरा जिले के पठारझोरी, चिचानमेटा, जानो, रानो, गाड़ाडीह, सोनडबरी गांव और दुर्ग जिले के अगारकला, अगारखुर्द, साल्हेखुर्द, नवागांव में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। इसके अलावा डुबान क्षेत्र के किसान भी 120 हेक्टेयर भूमि पर रबी और सब्जियों की खेती कर सकेंगे। जलाशय से प्रतिवर्ष 498 क्विंटल मत्स्य उत्पादन की संभावना है, जिससे 200 ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। क्षेत्र के भूजल स्तर में वृद्धि होगी, जिससे निस्तारी और पेयजल संकट भी कम होगा। कुल 23 निर्मित लघु जलाशयों को जल आपूर्ति भी इसी परियोजना से सुनिश्चित होगी। इनमें विकासखंड छुईखदान के 13 जलाशय-साजा के 7 जलाशय-धमधा के 3 जलाशय शामिल है।

योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया स्पष्ट संदेश: सभी पंचायतों में आयोजित होगी तिरंगा यात्रा कमिश्नर और कलेक्टर करें नियमित प्रवास; राजस्व न्यायालय का समयबद्ध और नियमित संचालन करें सुनिश्चित-मुख्यमंत्री साय योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है – मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार अंतर्गत राजनांदगांव जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में  अधिकारियों को विकास और जनसेवा के लिए नियमित भ्रमण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास तथा राजस्व न्यायालयों के समयबद्ध संचालन के संबंध में कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा जब अधिकारी जमीनी हकीकत से जुड़े रहेंगे और जनता की समस्याओं का निराकरण सीधे उनकी उपस्थिति में किया जाएगा। इसके लिए सभी कमिश्नर, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीन जिलों और ब्लॉकों में नियमित भ्रमण और प्रवास करें तथा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की भौतिक निगरानी सुनिश्चित करते हुए जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करें। मुख्यमंत्री साय ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व न्यायालय का नियमित संचालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही प्रत्येक अधिकारी पूर्वनिर्धारित न्यायालय कैलेंडर के अनुसार ही कार्य करें। केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में ही न्यायालय की तिथि रद्द की जाए। इससे न केवल आमजन को समय पर न्याय मिलेगा बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन की रीढ़ यही है कि अधिकारी जनसम्पर्क बनाए रखें, जनता के बीच उपस्थित रहें, और उनकी समस्याओं को त्वरित रूप से हल करें। यह न केवल विश्वास की भावना को मजबूत करेगा, बल्कि शासन की विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के जिला पंचायत भवन के सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने बैठक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो तथा हर पात्र हितग्राही तक लाभ समय पर पहुँचे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि आमजन को योजनाओं की जानकारी समय रहते मिले और वे उसका लाभ उठा सकें। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु नियमित शिविरों का आयोजन हो। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सभी आवासीय योजनाओं की लंबित मांगों का शतप्रतिशत  निराकरण किया जाए। साथ ही जिलों में शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय एवं पारदर्शिता बनाए रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य है कि शासन और प्रशासन की पहुंच गांव, गरीब और अंतिम पंक्ति के नागरिक तक सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि लाभार्थियों के चेहरे पर आई संतोष और सुरक्षा की अनुभूति है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत दी गई अधिकांश घोषणाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। उन्होंने सभी जिलों में अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों की सराहना की और कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासन को समर्पित होकर और समन्वय स्थापित कर कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि आने वाले खरीफ सीजन को देखते हुए सभी जिलों में कृषकों की आवश्यकताओं के अनुरूप पूर्व तैयारी सुनिश्चित कर लें। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से शिविर लगाकर लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जिससे आम नागरिकों को समयबद्ध समाधान मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 1460 पंचायतों में अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया है। इन केंद्रों के सुचारू संचालन से ग्रामीण नागरिकों को बैंक, दस्तावेज़ और डिजिटल सेवाओं के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी और निर्देश दिए कि इनसे जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि सभी पंचायतों में तिरंगा यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो राष्ट्रीय चेतना और नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से इस यात्रा में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। शासन-प्रशासन के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को समन्वय, तत्परता और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए विकास यात्रा को गति देनी होगी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, सांसद संतोष पांडेय, महापौर मधुसूदन यादव, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

CM साय ने कहा सुशासन तिहार सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतिबिंब

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान न्यायिक व्यवस्था को जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि “दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों को समय पर और सुलभ न्याय दिलाने के लिए न्यायालयों में ऑनलाइन गवाही की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग कर न्यायिक प्रक्रिया को सहज और तेज़ किया जा सकता है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था विशेष रूप से आदिवासी अंचलों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी जहाँ आवागमन की कठिनाइयों के चलते लोग न्यायालय तक नहीं पहुंच पाते। बैठक में जिले के प्रभारी  मंत्री श्री केदार कश्यप , विधायक श्री चैत राम अट्टामी, पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह आयुक्त जनसंपर्क डॉ. श्री रवि मित्तल, संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, दोनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं  वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “सुशासन तिहार” सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार 2025 तीन चरणों में चलाया जा रहा है, और तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में हमने मोदी की गारंटी के वादों को प्राथमिकता से लागू किया है, जिससे आमजन में सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावशाली कार्रवाई हुई है। उन्होंने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का संकल्प दोहराते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए रहवास, पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की पूरी व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि एनएमडीसी और निजी क्षेत्र की भागीदारी से प्लेसमेंट कैंप आयोजित किए जाएं ताकि ये युवा मुख्यधारा में आत्मविश्वास से लौट सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय अंचलों में स्थानीय संसाधनों के अनुरूप रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं। उन्होंने 1460 पंचायतों में शुरू हुए अटल सेवा केंद्रों की जानकारी देते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग जैसी सेवाएं गांव में ही मिलेंगी। मुख्यमंत्री  ने  कहा कि जनजातीय बाहुल्य बस्तर क्षेत्र खनिज एवं वनोपज संपदा से समृद्व है। यहां के रहवासियों की आय संवृद्धि और उन्हें विकास की मुख्यधारा से सकारात्मक प्रयास कर रहे हैं। बस्तर के समग्र विकास को सुनिश्चित कर बस्तर ही नहीं समूचे छत्तीसगढ़ और देश को मार्च 2026 तक बस्तर से माओवाद का समूल उन्मूलन करेंगे। उन्होंने वनोपज संग्रहण , प्रसंस्करण और खेती को जनजातीय समुदाय के समृद्धि के जरूरी निरूपित करते हुए खेती-किसानी को बढ़ावा देने सहित सिंचाई के साधनों के विकास और कृषि के आनुषांगिक गतिविधियों मछलीपालन, पशुपालन, बकरापालन, सूकरपालन और दुग्ध उत्पादन के लिए बेहतर प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। वहीं बस्तर में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर फोकस कर इसके जरिए रोजगार को बढ़ावा देने कहा।  मुख्यमंत्री ने बस्तर के ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र के जरिए आम जनता को ज्यादा से ज्यादा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने नियद नेल्लानार योजनांतर्गत सम्बन्धित क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया तथा अन्य विकास कार्यों को टीम भावना के आगे बढ़ाते हुए जन सेवा में जुटे रहने के निर्देश दिए। वहीं शासन की सभी योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन किए जाने तथा व्यक्तिमूलक योजनाओं से प्रत्येक पात्र व्यक्तियों को सेचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीजापुर के कलेक्टर ने जानकारी दी कि समर कैम्प और बाल शिक्षा मित्र कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाई जा रही है। दंतेवाड़ा जिले में परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार (हाई स्कूल में 10% और हायर सेकेंडरी में 4% वृद्धि) पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत राइस मिल लगाने के लिए दी गई रियायतों की जानकारी दी और स्थानीय युवाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊंची भूमि में मक्का की खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही ताकि कृषक आय में वृद्धि हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग के अंदरूनी गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बीजापुर और दंतेवाड़ा कलेक्टर को रूट चिन्हांकन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि टीम भावना से कार्य करें और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने भी समन्वयपूर्ण कार्यशैली पर बल दिया।

तिरंगा यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, नागरिकों ने दिया एकजुटता और देशभक्ति का संदेश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा की जब भी बात आएगी हम सभी एक हैं। देश के, अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपनी सेना के साथ हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा में सभी वर्गों के लोग, सेवानिवृत्त सैनिक, समाज सेवी संगठन, आम नागरिक, महिला एवं पुरुष, बच्चों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर एकजुटता, देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह धराशायी कर दिया। हम सभी अपनी सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हैं। आज का भारत नया भारत है, जो किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने में सक्षम है। हमें सर झुकाने की जरूरत नहीं होगी, हमारा डंका पूरी दुनिया में बजेगा। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी की कुशल कूटनीति के कारण पूरे विश्व में देश का सम्मान बढ़ा है और पाकिस्तान का आतंकवाद को शह देने का चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी स्थगित हुआ है बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कह की आज के इस दौर में हमें अफवाहों से सचेत रहने की जरूरत है। हमें हमारी सेना एवं नेतृत्व में पूर्ण विश्वास है उनके हाथों में देश सुरक्षित है। लोकसभा सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से आज हम एकजुटता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत का नया पैमाना तय किया जा रहा है जिसमें देश के दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है। हमारे सैनिकाें पर हमें पूरा विश्वास है उनके शौर्य और पराक्रम से हमारा देश सुरक्षित है। पहलगाम आतंकवादी हमला का जवाब ऑपरेशन सिंदूर हमारे अभिमान का प्रतीक है एवं माता बहनों की उजड़ी मांग के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के संयोजक एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम संजय श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक एकजुट हैं, हम सभी सेना के जवानों के साथ खड़े हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और देश की आन, बान और शान, भारतीय सैनिकों के साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हुए आज निकली गई तिरंगा यात्रा में लगभग 10 हजार लोग शामिल हुए। तिरंगा यात्रा मरीन ड्राइव से नगर घड़ी चौक तक निकाली गई। जिसमें सभी धर्म, जाति, संप्रदाय और सभी वर्गों के लोग भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के साथ हाथ में तिरंगा थामे शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मामले तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा सहित विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित थीं।

प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए , हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा

रायपुर : धन्यवाद उन सभी का, जिन्होंने हमारी सुध ली रायपुर हम लोग पहाड़ी कोरवा है बाबू,  जंगल से जुड़े हैं, जो कुछ है हमारा सबकुछ जंगल ही है, हमारे पुरखे ही नहीं, हम लोग का जीवन संघर्षों के साथ ही बीता है किसी ने आँसू तक नहीं पोछा…किसी ने हमारी सुध नहीं ली, आज हमें साफ पानी..गाँव तक सड़क..गाँव में स्कूल…बीमारी से इलाज के लिए आयुषमान कार्ड और पक्का मकान दिया जा रहा है..हमें पैरों में खड़ा करने के साथ ही..हमारे पांव पखारे जा रहे हैं। यह हमारा सौभाग्य है। धन्यवाद उन सभी लोगों का, जिन्होंने हमारी सुध ली और हमें सम्मान दे रहे हैं। यह कहना है विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की पहाड़ी कोरवा फूलो बाई और शनी राम कोरवा का। ये पहाड़ी कोरवा परिवार प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत आशियाना मिलने के बाद गृह प्रवेश से पहले केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों पाँव पखारने के पश्चात अभिभूत और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री  श्री शिवराज सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा अन्य अतिथियों ने आज अम्बिकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पाँव को पखारकर गृह प्रवेश कराया। इस मौके पर प्रदेश के 51 हजार हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंडरापाठ की रहने वाली फूलो बाई बताती है कि उनका जीवन संघर्षों से गुजरा। दो साल पहले पति के मौत के बाद उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई थीं। उनका कहना था कि पति जब तक जीवित थे तब तक उनको पूरा भरोसा था कि पक्का मकान एक दिन बना लेंगे, लेकिन असमय उनकी मौत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की सुध ली है। प्रधानमंत्री जी की पहल से हम पिछड़ी जनजातियों के भाग्य खुल गए हैं। हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं के साथ पक्का आवास भी मिलने लगा है। ग्राम ढेलवाडाँड़-बोकाई पंचायत जिला सरगुजा के पहाड़ी कोरवा शनी राम ने बताया कि जंगलों के आसपास रहते हमारी कई पीढ़ियां बीत गई। हमारी पीढ़ियों ने पानी भी ढोढ़ी का पीया। घास-फूस के घर में रहे और आंधी-तूफान, बारिश के दिनों में डर के साये में जैसे-तैसे जिंदगी काटी। हमने तो कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन हमारी जिंदगी के कठिन दिन बहुरेंगे। अब पीएम जनमन से हमारे पक्के मकान बन गए। नल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन मिल रहा। इलाज के लिए कार्ड बन रहा है। गाँव तक पक्की सड़क बन रही है। हमारे पांव पखार कर सम्मान दिया गया वह एक सुखद अनुभूति है, यह हमारे आने वाली पीढ़ी की तकदीर बदलने की शुरूआत है, इसके लिए हम जितना भी आभार जताए..कम ही है।

केंद्रीय मंत्री चौहान कहा कि इन उत्पादों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय का परिश्रम और गौरव झलकता

रायपुर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वावलंबन की भावना से ओतप्रोत “जशप्योर” ब्रांड के उत्पादों की सराहना की।  केंद्रीय मंत्री चौहान ने “जशप्योर” के उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘जशप्योर’ न केवल एक ब्रांड है, यह छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है। उल्लेखनीय है कि मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार की गई जशप्योर ब्रांड की खाद्य पदार्थों से सुसज्जित विशेष परंपरागत टोकरी भेंट की।छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके “जशप्योर” ब्रांड की यह टोकरी केवल उपहार नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता, परिश्रम और स्वदेशी कौशल का एक जीवंत प्रतीक थी। छींद कांसा की हस्तनिर्मित टोकरी में सजाए गए उत्पादों में डेकी, कुटा, जवां फूल चावल, टाऊ पास्ता, महुआ कुकीज, रागी, मखाना लड्डू, महुआ गोंद लड्डू, महुआ च्यवनप्राश, ग्रीन टी, शहद और हर्बल सिरप जैसे विविध उत्पाद शामिल थे।  केंद्रीय मंत्री चौहान ने उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई और प्रत्येक वस्तु की जानकारी बड़े उत्साह से ली। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय का परिश्रम और गौरव झलकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आत्मसात करते हुए, ऐसे लोकल ब्रांड्स को सशक्त बना रही है जो न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की स्व सहायता समूहों की महिलाएं केवल उत्पाद नहीं बना रहीं, बल्कि आत्मनिर्भर  छत्तीसगढ़ की नींव गढ़ रही हैं।

पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना से 10 से अधिक गांवों के 5,000 किसान होंगे लाभान्वित, सीएम ने कहा- क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। जिले के सुदूर वनांचल मड़ेली को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी घोषणा की है। शुक्रवार को सीएम साय ने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए 45 वर्षों से अधूरी पड़ी पीपरछेड़ी सिंचाई परियोजना को पूरा करने को कहा। सीएम ने कहा कि यह घोषणा न केवल एक अधूरे वादे की पूर्णता है, बल्कि क्षेत्र के हजारों किसानों के सपनों की भी पुनर्स्थापना है। 1977 में प्रारंभ हुई इस योजना को घुनघुट्टी नाला पर बांध बनाकर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन 1980 में वन अधिनियम लागू होने के कारण वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृति न मिलने से कार्य अधर में लटक गया। इसके बाद की कई सरकारों ने इस ओर गंभीर पहल नहीं की, और किसानों की आशाएं धीरे-धीरे धुंधली पड़ती गईं। जिस कारण किसानों को सिंचाई के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सीएम की घोषणा पर खुश हुए लोग अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मुद्दे को प्राथमिकता में लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पर्यावरणीय स्वीकृति देकर वर्षों पुरानी इस परियोजना को जीवनदान दिया। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार समाधान शिविर में इस बहुप्रतीक्षित स्वीकृति की घोषणा की, जिसे सुनकर उपस्थित जनसमूह ने खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने सीएम की इस घोषणा पर जमकर ताली बजाई। विकास की नई धारा बहेगी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि किसानों के संघर्ष, प्रतीक्षा और उम्मीद की जीत है। यह सुशासन तिहार का असली अर्थ है लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना। इस निर्णय से न केवल क्षेत्र के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी, बल्कि फसल उत्पादन और किसानों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा, जिससे क्षेत्र में समग्र विकास की नई धारा बहेगी। बता दें कि सुशासन तिहार के मौके पर सीएम साय औचक निरीक्षण कर रहे हैं।

CM साय ने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सबसे विकसित क्षेत्र और पर्यटन केंद्र बनेगा

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जंगलों में बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए है. तेलंगाना की सीमा से लगे जंगली इलाकों में सुरक्षा बल ऑपरेशन संकल्प के तहत नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं. इसी दौरान कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के जंगल में बुधवार की सुबह मुठभेड़ शुरू हुई. अब तक 22 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं. इलाके में तलाशी अभियान जारी है. मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मुठभेड़ के साथ ही 21 अप्रैल से ऑपरेशन संकल्प के तहत मारे गए नक्सलियों की संख्या 26 हो गई है. ऑपरेशन संकल्प, बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों में से एक है, जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और कोबरा कमांडो सहित करीब 24 हजार सुरक्षाकर्मी शामिल हैं. माओवादियों के सबसे मजबूत संगठन बटालियन नंबर 1, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी और माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति के वरिष्ठ कैडरों की मौजूदगी के बारे में इनपुट के आधार पर ऑपरेशन शुरू किया गया था. 24 अप्रैल को माओवादियों की पीएलजीए बटालियन नंबर 1 से जुड़ी 3 नक्सली महिलाओं को कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर मार गिराया गया था. उन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था. वहां से हथियारों, विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ था. 5 मई को भी मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई थी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह इलाका माओवादी बटालियन नंबर 1 का बेस माना जाता है. उन्होंने कहा, “सूचनाओं से पता चलता है कि इस ऑपरेशन के दौरान कई वरिष्ठ स्तर के माओवादी कैडर मारे गए या गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उनके साथी उन्हें जंगल के अंदर खींचने में कामयाब रहे.” इस ऑपरेशन के दौरान तक सैकड़ों नक्सली ठिकाने नष्ट किए जा चुके हैं. कोबरा यूनिट के एक अधिकारी समेत कम से कम छह सुरक्षाकर्मी प्रेशर आईईडी विस्फोटों की अलग-अलग घटनाओं में घायल हुए हैं. सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं. उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. ताजा कार्रवाई के साथ ही इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 168 नक्सली मारे गए हैं. इनमें से 151 बस्तर संभाग में मारे गए, जिसमें बीजापुर समेत सात जिले शामिल हैं. 31 मई नक्सलियों को खत्म करने की डेडलाइन है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि राज्य के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नक्सलवाद का खात्मा जरूरी है. उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह टिप्पणी की थी. बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है. यह अभियान 21 अप्रैल को राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर बीजापुर (छत्तीसगढ़) और मुलुगु (तेलंगाना) जिलों से लगी अंतर-राज्यीय सीमा के दोनों ओर लगभग 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले कर्रेगुट्टा और दुर्गमगुट्टा पहाड़ियों के दुर्गम भूभाग और घने जंगलों में शुरू किया गया. यह अभियान अपने चरम अवस्था पर है.  नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सबसे विकसित क्षेत्र और पर्यटन केंद्र बनेगा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भविष्यवाणी की कि नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र अगले 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ के मुकुट का मणि होगा और यह पर्यटन केंद्र तथा प्रदेश का सबसे विकसित क्षेत्र बन जाएगा. उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ चल रही मुहिम रंग ला रही है और विश्वास जताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा तय की गई समयसीमा मार्च 2026 तक इस समस्या का खत्म कर दिया जाएगा. बस्तर पूर्व में एक अलग जिला था लेकिन अब यह दक्षिणी छत्तीसगढ़ के सात जिलों का एक संभाग है, जिसकी सीमाएं तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र से लगी हैं. साय ने कहा कि सभी राज्यों के सुरक्षा बलों ने मिलकर संयुक्त कार्य बल बनाया है जो नक्सलियों पर लगाम कसने के लिए मिलकर काम कर रहा है. यहां ध्यान केंद्रीत करेगी सरकार साय 16 महीने पुरानी सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों पर कठोरता और मुख्यधारा में आने वालों को प्रोत्साहन देने की नीति के साथ सरकार नक्सलवाद का सफाया करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल के सफाए के बाद सरकार लघु वनोपज प्रसंस्करण उद्योगों, पशुपालन और पर्यटन के विकास के माध्यम से संसाधन संपन्न क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी. बस्तर एक हरा-भरा वन क्षेत्र है, जो चित्रकोट जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध है, जिसे देश का सबसे सुंदर और चौड़ा जलप्रपात कहा जाता है. इसे अक्सर एशिया का नियाग्रा कहा जाता है. मुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि बस्तर के अधिकांश हिस्से नक्सलियों से मुक्त हैं, नक्सली केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में केंद्रित हैं, लेकिन इसकी वजह से पूरे राज्य की छवि खराब है. साय ने हालांकि, स्पष्ट किया कि बस्तर क्षेत्र में कोई जबरन औद्योगिकीकरण नहीं किया जाएगा और यह कार्य स्थानीय लोगों से परामर्श करने और उन्हें विश्वास में लेने के बाद किया जाएगा. नक्सलवाद छत्तीसगढ़ पर धब्बा उन्होंने कहा, ‘‘नक्सलवाद छत्तीसगढ़ पर एक धब्बा है और एक बार यह मिट जाए तो राज्य की सुंदरता उभर कर सामने आएगी. यह राज्य जंगलों, झरनों, गुफाओं तथा खनिज संसाधनों के मामले में समृद्ध है. यहां लौह अयस्क, बॉक्साइट, कोयला, टिन, सोना और लिथियम के भंडार हैं.” छत्तीसगढ़ में अपने 15 साल के लंबे शासन (2003 से 2018 तक रमन सिंह के नेतृत्व में) के दौरान, तत्कालीन भाजपा सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी, एक ऐसी लड़ाई जो केंद्र सरकार के पूर्ण समर्थन के साथ साय सरकार में तेज हो गई है. गृह मंत्री शाह ने मार्च 2026 तक नक्सवाद को देश से खत्म करने का संकल्प लिया है. ‘बस्तर में होगी शांति…’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता साय ने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि गृहमंत्री का संकल्प पूरा होगा और बस्तर में शांति कायम होगी.” साय चार बार सांसद रह चुके हैं और 2014 से 2019 तक पहली मोदी सरकार में उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री की भी जिम्मेदारी निभाई थी. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद … Read more

विष्णुदेव साय का दिल्ली का घर कहलाता था मिनी एम्स, मरीज के परिजनों के लिए करता था खाने की व्यवस्था

रायपुर  दस साल की उम्र में पिता को खोने के बाद छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय के पास खेल-कूद और मौज-मस्ती के लिए समय ही नहीं था। चार भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण उन्होंने तुरंत परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली थी। सीएम साय ने बताया कि शायद इसीलिए वह कभी व्यक्तिगत रूचियों पर ध्यान नहीं दे पाए और अब उन्हें केवल सामाजिक कार्यों में ही सुकून मिलता है। 26 साल की उम्र में बने सरपंच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने परिवार और अपनी राजनीतिक यात्रा के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि युवावस्था में ही वह गांव के पंच चुन लिए गए थे और पांच साल बाद वह 1990 में 26 साल की उम्र में सरपंच बन गए। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं सरपंच बनूंगा।’’ हालांकि, इसके बाद उनका राजनीतिक सफर आगे बढ़ता रहा। साय तीन बार विधायक और चार बार सांसद चुने गए। साल 2023 में वह सत्ता के शिखर पर पहुंचे, जब उन्हें छत्तीसगढ़ का पहला आदिवासी मुख्यमंत्री चुना गया। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को भी आदिवासी मुख्यमंत्री कहा जाता है लेकिन उनके निधन तक उनका आदिवासी दर्जा विवाद में रहा।’’ 10 साल की उम्र में हो गया था निधन सीएम साय ने बताया कि ‘‘बचपन में मुझे खेल-कूद का मौका नहीं मिला क्योंकि 10 साल की उम्र में मेरे पिता का निधन हो गया था। उनके निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई क्योंकि मैं चार भाइयों में सबसे बड़ा था। मेरा सबसे छोटा भाई तब दो महीने का था। मेरे पिता के तीन भाई थे और वे सभी अलग-अलग गांवों में रहते थे। मुझे अपने छोटे भाइयों और मां की देखभाल के साथ-साथ हमारे गांव बगिया में खेती-किसानी का काम भी करना था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तब मैंने खेती-किसानी करके अपने भाइयों को शिक्षित करने का फैसला किया ताकि वे जीवन में सफल हो सकें। मैंने कभी सरपंच बनने के बारे में नहीं सोचा था।’’ साय ने कहा कि उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और स्थानीय ग्रामीणों के कहने पर अपने गांव के पंच बन गए। उन्होंने कहा, ‘‘गांव के कुछ लोगों ने मुझे पंच बनने के लिए कहा और मैंने यह जिम्मेदारी संभाल ली। पांच साल तक मेरा काम देखने के बाद उन्होंने 1990 में मुझे निर्विरोध सरपंच चुन लिया।’’ बीजेपी ने दिया टिकट उन्होंने कहा कि सरपंच बनने के छह महीने के भीतर ही राज्य में विधानसभा चुनाव हुआ और भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव में उतारा गया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं तब 25-26 साल का था और सीख रहा था। मैंने पार्टी से कहा कि ‘मैं विधायक बनने के लायक नहीं हूं।’ मैंने 1990 में तत्कालीन मध्य प्रदेश के जशपुर जिले की तपकारा सीट से चुनाव लड़ा और जीता। यह विधायक के रूप में मेरी यात्रा की शुरुआत थी।’’ साय 1993 में लगातार दूसरी बार तपकारा से चुने गए। 1998 में, उन्होंने पड़ोस के पत्थलगांव सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। बाद में वह लगातार चार बार – 1999, 2004, 2009 और 2014 में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। 2014 में केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद, उन्हें केंद्रीय इस्पात और खान राज्य मंत्री नियुक्त किया गया। मौजूदा विधानसभा में वह कुनकुरी सीट से विधायक हैं। कैसा रहा राजनीति सफर उन्होंने 2006 से 2010 तक और फिर जनवरी 2014 से उसी वर्ष अगस्त तक छत्तीसगढ़ बीजेपी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। राज्य में 2018 में भाजपा की सत्ता जाने के बाद, उन्हें 2020 में फिर से प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राजनीति में ‘जनसेवा’ के लिए प्रवेश किया। लोगों की बात सुनना और उनकी समस्याओं को हल करने का प्रयास करना अच्छा लगता है। जब मैं बीमार लोगों की मदद करता हूं तब मुझे बहुत संतुष्टि मिलती है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं राजनेता बनूंगा। मुझे जो भी जिम्मेदारी सौंपी गईं, मैंने उन्हें पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाया।’’ दिल्ली का घर कहलाता था मिनी एम्स सांसद रहते हुए दिल्ली में अपने आवास को ‘‘मिनी एम्स’’ कहे जाने को याद करते हुए, साय ने कहा, ‘‘दिवंगत भाजपा नेता दिलीप सिंह जूदेव दिल्ली में मेरे फ्लैट पर आते थे और वहां एम्स दिल्ली में भर्ती लोगों के रिश्तेदारों को ठहरा हुआ देखकर कहते थे कि आपने अपना घर ‘मिनी एम्स’ बना लिया है।’’ मरीज के परिजनों के लिए करता था खाने की व्यवस्था उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं केंद्र में राज्य मंत्री था, तब मैं रोजाना 70-80 लोगों के भोजन की व्यवस्था करता था, जिनके परिजन अस्पताल में भर्ती होते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी मैंने यहां कुनकुरी सदन की स्थापना की है, जहां राज्य भर से इलाज के लिए रायपुर आने वाले लोगों को विभिन्न प्रकार की सहायता और मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।’’ परिवार के कई सदस्य राजनीति में साय राजनीतिक परिवार से आते हैं। उन्होंने बताया, ‘‘मेरा परिवार शुरू से ही राजनीति में रहा है। आजादी के बाद, मेरे दादा दिवंगत बुधनाथ साय 1947 से 1952 तक मनोनीत विधायक थे। मेरे चाचा (दादा के छोटे भाई के बेटे) दिवंगत नरहरि प्रसाद साय ने तीन बार विधायक के रूप में कार्य किया और सांसद (1977-79) भी चुने गए। उन्होंने जनता पार्टी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। बाद में मेरे चचेरे भाई रोहित साय भी विधायक चुने गए।’’ मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके पिता के बड़े भाई दिवंगत केदारनाथ साय भी जनसंघ सदस्य के रूप में तपकारा से विधायक चुने गए थे।

मुख्यमंत्री ने आज सहसपुर ग्राम पंचायत आयुष्मान आरोग्य मंदिर का औचक निरीक्षण किया

रायपुर प्रदेश में सुशासन और जनहितकारी योजनाओं के प्रभाव को धरातल पर परखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इन दिनों लगातार प्रदेश के विभिन्न इलाकों के दौरे पर हैं। इसी क्रम में आज उन्होंने जिला बेमेतरा के सहसपुर ग्राम पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे मुख्यमंत्री ने केंद्र में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया और वहां इलाज करा रहे मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी स्थिति जानी। मुख्यमंत्री ने मितानिन दीदियों से चर्चा करते हुए संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व और नवजात के स्वास्थ्य के लिए यह आवश्यक है कि सभी प्रसव स्वास्थ्य संस्थानों में हों। मितानिनों को गांव-गांव जाकर महिलाओं को जागरूक करने और उन्हें अस्पताल में प्रसव के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सा स्टाफ को निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए दवाइयों और उपचार सामग्रियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और आमजन को समय पर, गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले, यही राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने का काम कर रही है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को और अधिक सशक्त बनाने की बात भी कही। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय सुशासन तिहार के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण की बुनियादी संस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर की कमियों को तुरंत दूर किया जाए।   इस मौके पर विधायक ईश्वर साह, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद मौजूद रहे।

धान के अतिरिक्त अन्य लाभप्रद फसलों की ओर बढें किसान- मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के तहत औचक निरीक्षण पर बेमेतरा जिले के ग्राम सहसपुर आये। इस दौरान वे सहसपुर ग्राम के उत्कृष्ट किसान रोहित साहू के खेत में भी पहुंचे। मुख्यमंत्री को साहू ने बताया कि वे पिछले 9 साल से केला और पपीता की खेती कर रहे हैं, जिससे वे लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं और 15-20 लोगों को अपने खेत में रोजगार भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री साय को कृषक साहू ने अपने खेत के ताजे केला और पपीता भेंट किये। मुख्यमंत्री को उन्होंने बताया कि वे 5 एकड़ में केला और साढ़े तीन एकड़ में पपीता की खेती कर रहे हैं। जिससे वे केले से प्रति एकड़ डेढ़ लाख रुपये व पपीता से 1 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री को साहू ने बताया कि केला और पपीता की खेती से वे धान के मुकाबले अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान के अतिरिक्त अन्य लाभप्रद फसलों की ओर भी किसानों को बढ़ने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ की मिट्टी बहुत उर्वरा है। इस तरह किसान कृषि से और लाभ कमा पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कृषक साहू की सराहना करते हए कहा कि उनकी खेती सभी किसानों के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री ने बरगद की छांव में खाट पर बैठ जाना ग्रामीणों का हाल-चाल, विद्युत सब स्टेशन, हायर सेकंडरी स्कूल भवन और प्राचीन मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा

रायपुर : मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे बेमेतरा के सहसपुर, लिया ग्रामीणों से सीधा फीडबैक मैं आप लोगों की दुख-तकलीफ जानने आया हूँ- मुख्यमंत्री साय गांव में सहसा गूंजी हेलीकॉप्टर की आवाज तो अचंभित ग्रामीण निकले घरों से अपने मुखिया से मिलने उमड़ी भीड़ मुख्यमंत्री ने बरगद की छांव में खाट पर बैठ जाना ग्रामीणों का हाल-चाल, विद्युत सब स्टेशन, हायर सेकंडरी स्कूल भवन और प्राचीन मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण के दूसरे दिन हेलीकॉप्टर से अचानक बेमेतरा जिले के सहसपुर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं का सीधा फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि मैं आप लोगों के बीच आपकी दुख-तकलीफ जानने आया हूँ। ग्राम- सहसपुर में मुख्यमंत्री के आने की कोई पूर्वयोजना नहीं थी। ऐसे में जब गांव में सहसा हेलीकॉप्टर की आवाज गूंजी तो अचंभित ग्रामीण अपने घरों से निकले। अपने मुखिया से मिलने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने खुशी में कहा- राम-राम जी गा मुख्यमंत्री जी ! और सदाबहार फूल की माला और चंदन-आरती के साथ उनका स्वागत किया।   बरगद की छांव में लगी मुख्यमंत्री की चौपाल मुख्यमंत्री साय ने ग्राम- सहसपुर में ग्रामीणों से पुराने बरगद की छांव में खाट पर बैठ संवाद किया। उन्होंने लोगों से शासन की योजनाओं प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, नल जल योजना, धान खरीदी, स्कूल में बच्चों की शिक्षा सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को अभी डेढ़ साल हुए हैं इस अवधि में हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई गारंटी को पूरा किया है। सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में हमने 18 लाख आवास को स्वीकृति दी।किसानों को 2 साल का बकाया बोनस दिया। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी भी की जा रही है।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का ये तीसरा चरण है। शुरुआती चरणों में लोगों से उनकी समस्याओं के सम्बंधित आवेदन लिए गए। इन आवेदनों का अधिकारियों द्वारा लगातार निराकरण किया जा रहा है। अब मैं स्वयं आप सभी के बीच सरकार के अधिकारियों के साथ पहुंचा हूँ ताकि आप सीधे मुझ तक अपनी बात पहुंचा सकें। पूनम साहू ने कहा- महतारी वंदन से मिली बड़ी मदद मुख्यमंत्री साय के चौपाल में महतारी वंदन से मिल रही सहायता पर श्रीमती पूनम साहू ने अपनी बात रखी।  पूनम ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिली राशि से परिवार और बच्चों की जरूरतों को पूरी करने में बड़ी मदद मिलती है। हर माह महतारी वंदन योजना की राशि नियमित रूप से मिलती है। सहसपुर ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं मुख्यमंत्री ने सहसपुर में ग्रामीणों से बरगद के नीचे खाट पर बैठकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए नए भवन को स्वीकृति दी। साथ ही उन्होंने 13 वीं-14 वीं शताब्दी में फणी नागवंशी राजाओं द्वारा निर्मित शिव मंदिर व हनुमान मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेंगे। महाशिवरात्रि के मेले में मैं खुद आऊंगा। मुख्यमंत्री साय ने सहसपुर में 33 केव्ही विद्युत सब स्टेशन की भी घोषणा की।   इस अवसर पर विधायक ईश्वर साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द उपस्थित थे।

देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रखी

भारत का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क नवा रायपुर में डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम। देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव नवा रायपुर  में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रखी रायपुर देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के सेक्टर-22 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रखी। यह डेटा सेंटर पार्क 13.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 2.7 हेक्टेयर हिस्सा विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के रूप में विकसित होगा। रैक बैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह परियोजना पूरी तरह एआई सेवाओं को समर्पित होगी। पहले चरण में 5 मेगावाट क्षमता से शुरू होकर इसे 150 मेगावाट तक विस्तारित किया जाएगा। भविष्य में इस परियोजना में लगभग 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश संभावित है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस डेटा सेंटर को हरित और ऊर्जा दक्ष तकनीक के अनुरूप डिजाइन किया गया है। यहां से न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक सेवाएं भी दी जाएंगी। पार्क में GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रिकॉर्डिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, और AI प्रॉसेसिंग जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी। इस परियोजना के जरिए लगभग 500 प्रत्यक्ष और 1500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार होंगे। खास बात यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनेगा बल्कि युवाओं के लिए नई संभावनाएं भी खुलेगीं। इस सेंटर के जरिए GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, एआई प्रोसेसिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी वैश्विक स्तर की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इसका असर हेल्थटेक, फिनटेक, स्मार्ट एग्रीकल्चर और रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों के रूप में दिखाई देगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा। छत्तीसगढ़ के लिए क्या बदलेगा? * रोजगार की नई राहें: यह डाटा सेंटर पार्क आईटी, डाटा एनालिटिक्स, और तकनीकी रखरखाव जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा करेगा। छत्तीसगढ़ के युवा अब दिल्ली-मुंबई जाए बिना अपने घर पर ही तकनीकी करियर बना सकेंगे। * किसानों की मदद: AI तकनीक से किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी, और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे उनकी मेहनत का ज्यादा फल मिलेगा। * आदिवासियों को डिजिटल ताकत: दूरदराज के आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और सरकारी सेवाएं डिजिटल रूप से आसानी से पहुंचेंगी। * आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़: यह पार्क राष्ट्रीय और वैश्विक डाटा ट्रैफिक को संभालेगा, जिससे सरकारी सेवाएं तेज होंगी और राज्य डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनेगा।

शिक्षकों ने कहा – मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका: सुशासन और संवेदनशीलता का दिया उदाहरण

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 हर युवा के चेहरे की चिंता हमने पढ़ी, हर परिवार की पीड़ा हमने समझी और उसका समाधान करने का किया प्रयास : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ के बर्खास्त बीएड शिक्षकों के जीवन में लौटी खुशियाँ: 26 सौ से अधिक युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का ऐतिहासिक निर्णय शिक्षकों ने कहा – मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका: सुशासन और संवेदनशीलता का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सहायक शिक्षकों ने जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से छत्तीसगढ़ के 26 सौ से अधिक बीएड अर्हताधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों के जीवन में खुशियां लौट आई है। प्रदेश सरकार ने बर्खास्त शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के 2600 से अधिक युवाओं का भविष्य एक बार फिर संवर गया है।       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ग़जमाला पहनाकर उनके प्रति कृतज्ञता जताई।        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का और देश का भविष्य गढ़ना शिक्षकों का सबसे बड़ा कर्तव्य है। आप सभी अपने दायित्व के प्रति सचेत हों और इस भूमिका में सर्वोच्च योगदान दें।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की चिंता पहले दिन से की थी। आप हमारे प्रदेश के बच्चें है और आपके भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प हमने पहले से ले लिया था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माताओं को नया संबल देगा और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा शिक्षक आने वाले वर्षों में प्रदेश की नई पीढ़ी को दिशा देंगे और छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह निर्णय शिक्षकों के   उज्जवल, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की एक नई शुरुआत है।      उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के साथ आपके नौकरी के संबंध में लगातार चर्चा होती थी। हमारे मुखिया इतने संवेदनशील है कि उन्होंने पहले ही दिन कहा था कि जितना भी आर्थिक बोझ पड़े राज्य सरकार अपने युवाओं के भविष्य को खतरे में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि आपके परिजन भी लगातार हमसे संपर्क कर अपनी चिंता व्यक्त करते थे और आज मुख्यमंत्री ने उन सभी की चिंता को दूर करते हुए अपना वादा निभाया। मुख्यमंत्री जी ने न केवल अपना वादा निभाया है बल्कि अपनी इच्छा शक्ति से सुशासन को स्थापित करने का कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने पूरे देश में मिसाल कायम की है।        इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि नौकरी जाने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर गहरी आशंका में थे और लगातार मानसिक पीड़ा झेल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता ने उन्हें संबल दिया। शिक्षकों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हर बार उनकी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हमसे वादा किया था कि हमारे बेटे-बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा और आज उन्होंने अपना वादा निभाकर एक अभिभावक की जिम्मेदारी पूरी की है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल युवा शिक्षकों ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार ने वास्तव में सुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। हमें गर्व है कि आज हमारे प्रदेश में ऐसी सरकार है जो हमारी पीड़ा को समझती है और संवेदनशीलता के साथ हमारी समस्याओं का समाधान करती है।

श्रमिकों की आशा बने मुख्यमंत्री साय जिले में हो रही बदलाव की नई बयार

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, एक मई, एक ऐसा दिन है जो श्रम की महत्ता, मेहनतकश हाथों के सम्मान और सामाजिक न्याय की भावना को उजागर करता है। यह दिवस न केवल इतिहास में दर्ज है बल्कि 1886 के शिकागो आंदोलन को भी याद दिलाता है, जिसमें मजदूरों ने 8 घंटे काम, 8 घंटे विश्राम और 8 घंटे आत्म विकास के अधिकार की मांग की थी, बल्कि यह आज भी उस संघर्ष को व्यक्त करता है जो श्रमिक अपने अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए हर दिन करते हैं । एमसीबी जिले में श्रमिक कल्याण योजनाओं का दिख रहा प्रभाव छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला जो छत्तीसगढ़ के नए जिलों में से एक है, यहाँ के मेहनतकश श्रमिकों की मेहनत और लगन इस क्षेत्र की आर्थिक धड़कन बन चुकी है। इस जिले की सड़कों से लेकर निर्माण स्थलों तक, खेतों से लेकर खदानों तक श्रमिकों का पसीना इस इलाके की तरक्की में संजीवनी की तरह काम करता है। जब हम इस क्षेत्र में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या को देखते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह जिला श्रमिक शक्ति का केंद्र बन चुका है। मंडल स्तर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल (BOC) के अंतर्गत 30,534 श्रमिक पंजीकृत हैं और असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल में 30,118 श्रमिकों का नाम दर्ज है। जिला गठन के बाद भी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल में 6,257 और असंगठित क्षेत्र में 4,601 श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। कुल मिलाकर 71,510 श्रमिकों का पंजीकरण होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं लोगों तक पहुँच रही हैं और श्रमिक अपने हक के प्रति जागरूक हो रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर बात करें तो मनेंद्रगढ़ में 26,065 श्रमिक पंजीकृत हैं, वहीं खड़गवां ब्लाक में 22,847 और भरतपुर ब्लाक में 10,739 श्रमिक पंजीकृत है, ये आँकड़े न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाते हैं बल्कि यह भी प्रमाणित करते हैं कि श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी कितनी अहम है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार के संयुक्त प्रयासों से अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं है लागू छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए संचालित योजनाएं श्रम की गरिमा को बढ़ावा देने और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में सराहनीय पहल हैं। महतारी जतन योजना के तहत अब तक 1,351 श्रमिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। यह योजना गर्भवती महिलाओं को पोषण और प्रसवपूर्व देखभाल हेतु वित्तीय सहायता देती है, ताकि मातृत्व और शिशु जीवन सुरक्षित और स्वस्थ रह सके। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 2,672 विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान की गई है, जिससे उन्हें स्कूल जाने में सुविधा हो और शिक्षा बाधित न हो। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 1,887 श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप औजार उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर होकर कार्य में दक्षता ला सकें। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 306 महिलाओं को स्वरोजगार हेतु सिलाई मशीन दी गई है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। वहीं श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई, जिसके तहत 3,536 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली है। इससे शिक्षा की ओर रुझान बढ़ा है और भविष्य की राहें खुली हैं। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 211 छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास योजना में 1,031 श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें नई तकनीकों और कार्य दक्षता की जानकारी दी गई है, जिससे वे बेहतर रोज़गार के अवसर प्राप्त कर सकें। सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत 1,230 निर्माण श्रमिकों को हेलमेट, जैकेट, सेफ्टी शूज़ आदि दिए गए, जिससे उनके कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वही मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 78 श्रमिक परिवारों को राहत दी गई, जिनके सदस्य या तो दिव्यांग हुए या जिनकी मृत्यु कार्य के दौरान हो गई हो । मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 494 लड़कियों को विवाह, शिक्षा या स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता दी गई। वृद्ध श्रमिकों को भी सरकार ने नहीं भुलाया, उन्हें मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत पेंशन स्वरूप 56 लाभार्थियों को सहायता दी जा रही है । इसके अतिरिक्त बच्चों को निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता योजना से 507 छात्र लाभान्वित हुए, जिससे वे गरिमामय तरीके से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे श्रमिक बच्चों को निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 8 छात्रों को संसाधन व मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया है। निर्माण श्रमिकों को आवास हेतु मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत 7 श्रमिकों को घर बनाने में मदद मिली है । केंद्र सरकार की श्रमिक कल्याण योजना से भी हो रहे है लाभान्वित केंद्र सरकार की योजनाओं की बात करें तो प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत 709 श्रमिकों को नाममात्र प्रीमियम पर 2 लाख का जीवन बीमा कवर प्रदान किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 1,412 श्रमिकों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिला है, जिसमें आकस्मिक मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में 2 लाख तक की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की एक और उल्लेखनीय पहल है “शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना“ जिसका शुभारंभ 29 मार्च 2025 को मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद परिसर में किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रतिदिन 200 से 250 श्रमिकों को मात्र 05 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह न केवल भूख की समस्या का समाधान है, बल्कि यह श्रमिकों को आत्मसम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने की राह भी देता है। छत्तीसगढ़ सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में श्रमिकों के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है। इस अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर हम सभी का कर्तव्य बनता है कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करें, उन्हें सम्मान दें और उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहभागी बनें। क्योंकि जब श्रमिक मुस्कुराता है, तो समाज मुस्कुराता है। जब श्रमिक सुरक्षित होता है, तो राष्ट्र सशक्त होता है। और जब श्रमिक प्रगति करता है, तो देश आगे बढ़ता है।

सुशासन तिहार अभियानराज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। 8 अप्रैल से 31 मई 2025 तक तीन चरणों में आयोजित यह अभियान पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिसका उद्देश्य शासन को जन-केंद्रित बनाना, जन सरोकार, जन विश्वास को मजबूत करना और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करना है। पहले चरण में जनता जनार्दन से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में 8 से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी, ऑनलाइन पोर्टल और शिविर के माध्यम से आवेदन एकत्र प्राप्त किये गए। सुशासन तिहार के पहले चरण में मिले 40 लाख 31 हजार 77 आवेदनों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है, जिसमें मांग से संबंधित 39 लाख 49 हजार 733 आवेदन और शिकायत से संबंधित मात्र 81 हजार 344 आवेदन शामिल हैं। द्वितीय चरण में इन आवेदनों का जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से निराकरण किया जा रहा है, जबकि तृतीय चरण में 5 से 31 मई तक समाधान शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता से रू-ब-रू होंगे। यह अभियान न केवल समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि राज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा है। इस अभियान के उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक हैं। जनता की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना और जनता-शासन के बीच संवाद का सेतु बनाना। विशेष रूप से सुकमा, बीजापुर नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिले के सुदूर क्षेत्रों में, जहां प्रशासन की पहुंच सीमित थी, यह अभियान जनता की आवाज को न केवल सुन रहा है, बल्कि त्वरित कार्रवाई के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। नारायणपुर के मुरियापारा में जीवन राम साहू की मांग पर वहां का वार्ड क्रमांक 10 स्ट्रीट लाइट्स से जगमगाने लगा है, जिससे रात में सुरक्षा और सुविधा बढ़ी है। बिलासपुर के कोटा ब्लॉक में मंगल सिंह बैगा को 24 घंटे में ट्राइसाइकिल मिली और दिव्यांग पेंशन की पात्रता सुनिश्चित हुई है। मोहला-मानपुर चौकी जिले केे तेलीटोला में जर्जर स्कूल भवन के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। महासमुंद के मनोहर सिंह पटेल को 24 घंटे में आयुष्मान कार्ड मिला, जिसने स्वास्थ्य सुविधाओं तक उनकी पहुंच आसान हो गई है। राजनांदगांव की भारती देवांगन को तत्काल श्रमिक कार्ड प्रदान किया गया, जिससे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हुआ है। रायपुर के विकास मिश्रा को लर्निंग लाइसेंस मिला। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की निर्मला जोगी को 15 अप्रैल को राशन कार्ड मिला, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। बस्तर के शम्भूनाथ कश्यप के राशन कार्ड में एक सप्ताह में पत्नी और बेटे का नाम जोड़ा गया, जिससे उनके परिवार को राशन की पूरी सुविधा मिल गई है। रायगढ़ के 80 प्रतिशत दिव्यांग सुदर्शन खड़िया को ट्राइसाइकिल और बैसाखी मिली, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहे हैं। यह अभियान न केवल व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि सामुदायिक विकास को भी गति दे रहा है। तेलीटोला में स्कूल भवन की स्वीकृति का शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रभाव होगा, जबकि नारायणपुर में स्ट्रीट लाइट्स ने सामुदायिक सुरक्षा को मजबूत किया किया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों का वितरण इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों से लाभान्वित करने के लिए संकल्पित है। यह अभियान प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक है, जिसने जनता में यह विश्वास जगाया है कि उनकी छोटी-बड़ी हर मांग सुनी जाएगी। सोशल मीडिया पर यह अभियान 8 अप्रैल से लगातार वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर लिखा, सुशासन तिहार जनता की उम्मीदों का केंद्र है। इंस्टाग्राम पर नारायणपुर की स्ट्रीट लाइट्स की तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान रातों को रोशन कर रहा है। सोशल प्लेटफार्म एक्स पर बस्तर जिला प्रशासन ने शम्भूनाथ की कहानी साझा की और लिखा हर परिवार तक पहुंचने का संकल्प। अंबिकापुर से एक अनोखी कहानी सुनने को मिली, जहां एक व्यक्ति ने समाधान पेटी में अपनी शादी करवाने की मांग रखी। यह कहानी प्रशासन तिहार की व्यापक पहुंच और जनता की विश्वास की प्रतीक है। हालांकि यह मांग हास्यप्रद है, लेकिन इससे यह मालूम होता है कि लोग अपनी हर-छोटी बड़ी बात को मंच पर रखने की सहज महसूस कर रहे हैं। जनता में उत्साह है, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में, जहां समाधान पेटी ने ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाया है। निर्मला जोगी और सुदर्शन खड़िया जैसे हितग्राहियों ने सरकार को धन्यवाद दिया है। एक्स पर जनता की टिप्पणियां, जैसे हमारी समस्याएं सुनी गईं, इसकी सफलता को रेखांकित करती हैं। सुशासन तिहार 2025 शासन और जनता के बीच सेतु बन रहा है। 24 घंटे में ट्राइसाइकिल का मिलना, स्ट्रीट लाइट्स लगना और राशन कार्ड जैसी उपलब्धियां इसकी संवेदनशीलता को बयां करती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नेतृत्व और प्रशासन की तत्परता इसे जन-केंद्रित बना रही है, जैसा कि उन्होंने फेसबुक पर लिखा, संकल्प, संवाद से समाधान। सुशासन तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ के विकास, जन सरोकार और जनकल्याण का नया आयाम स्थापित कर रहा है।     नसीम अहमद खान, उप संचालक, जनसंपर्क

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिलेगी अत्याधुनिक सुविधाएं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के दावड़ा कॉलोनी, पचपेड़ी नाका स्थित ‘बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल’ का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर अस्पताल का उद्घाटन किया और परिसर का भ्रमण कर उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक राजेश मूणत, विधायक सुनील सोनी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी राज्य के समग्र विकास में शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना की अहम भूमिका होती है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और राजधानी से लेकर दूरस्थ अंचलों तक प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य की चिंता हमारी सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर में ‘मेडिसिटी’ विकसित कर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल देश के स्वास्थ्य मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा, बल्कि मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए  कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।  कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री साय ने ‘बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल’ के प्रबंधन एवं स्टाफ को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि यह संस्थान माताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सामाजिक सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार दिव्यांगों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष लोकेश कावड़िया को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम का नाम परिवर्तित कर छत्तीसगढ़ दिव्यांग जन वित्त एवं विकास निगम करने की घोषणा की। साथ ही मुख्य मंच से इस अवसर पर 15 दिव्यांग हितग्राहियों को ऋण, 11 दिव्यांग हितग्राहियों को ऋण अदायगी करने पर ब्याज सब्सिडी एवं श्रवण बाधित दिव्यांग को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार दिव्यांगों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दिव्यांगों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें दिव्यांग बच्चों का सर्वे कर उनके व्यवसाय एवं नए स्टार्टअप के लिए ऋण प्रदान कर मदद करनी चाहिए, ताकि उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आ सके। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनो के जीवन में खुशहाली लाने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान दंतेवाड़ा जिले में आए थे, तब दिव्यांगजनों से उनका विशेष लगाव देखने को मिला था। आज हमारी सरकार ने बेहद अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता को इसकी जिम्मेदारी दी है, जिसका सीधा लाभ दिव्यांग साथियों को मिलेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्पों के आधार पर दिव्यांगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने एवं उनके कौशल विकास पर जोर दे रही है। इस अवसर पर उन्होंने लोकेश कावड़िया को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पदभार ग्रहण समारोह में शासकीय दिव्यांग स्कूल माना के छात्र-छात्राओं द्वारा बहुत ही आकर्षक गीत गाया गया, जिसने सबका मन मोहा।इसके साथ ही राजनांदगांव के दिव्यांग स्कूल के श्रवण बाधित छात्रों द्वारा देशभक्ति नृत्य का मंचन भी किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा,  विधायक राजेश मूणत,  मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्षगण, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में दिव्यांग छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

सांसद तिवारी को CM साय ने प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना की दिशा में उठाए जा रहे कदमों से भी अवगत कराया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोकसभा सांसद मनोज तिवारी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर तिवारी का पारंपरिक शाल ओढ़ाकर तथा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट बेलमेटल कला से निर्मित नंदी की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय और सांसद मनोज तिवारी के  बीच छत्तीसगढ़ की लोक कला, लोक संस्कृति और राज्य में उभरते फिल्म उद्योग सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने तिवारी को राज्य सरकार द्वारा लोककला के संरक्षण, संवर्धन तथा फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना की दिशा में उठाए जा रहे कदमों से भी अवगत कराया। सांसद मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री साय द्वारा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और लोक धरोहरों को राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धाभाव से मंत्र जाप करते हुए पूजा स्थल की परिक्रमा भी की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  जशपुर जिले के बगीचा में महाकुल यादव समाज सेवा समिति द्वारा आयोजित हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ (चौबीस प्रहरी) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पूजा स्थल पर राधा-कृष्ण, चैतन्य महाप्रभु और गौरांग स्वामी की विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धाभाव से मंत्र जाप करते हुए पूजा स्थल की परिक्रमा भी की। वृंदावन भवन विस्तार के लिए 50 लाख और इंडोर स्टेडियम हेतु 2.75 करोड़ की स्वीकृति इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महाकुल यादव समाज के वृंदावन भवन के विस्तार के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि बगीचा में इंडोर स्टेडियम निर्माण के लिए पूर्व घोषित 2 करोड़ 75 लाख रुपए की राशि शासन द्वारा स्वीकृत कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, बगीचा नगर पंचायत क्षेत्र में मंगल भवन निर्माण के लिए भी एक करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन दोनों निर्माण कार्यों  को शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यादव समाज: सनातन संस्कृति और गौवंश का रक्षक मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि महाकुल यादव समाज सनातन संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यादव समाज हमेशा से गौवंश का संरक्षक और पालक रहा है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए शासन द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से बीपीएल परिवारों को उच्च नस्ल की दुधारू गायों के वितरण की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई अधिकांश गारंटियों को राज्य सरकार ने अल्प समय में पूरा किया है। सरकार बनने के तुरंत बाद, पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई। अब पात्रता का दायरा बढ़ाकर ‘आवास प्लस 2.0’ योजना में दुपहिया वाहन धारकों, 15 हजार से अधिक मासिक आय वालों तथा सीमित भूमि धारकों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि 30 अप्रैल तक चलाए जा रहे महाअभियान में सर्वे कराकर अपना नाम अवश्य दर्ज कराएं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहकों के लिए प्रति मानक बोरा दर बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा दी जा रही है।पीएससी घोटाले में दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई आरंभ कर दी गई है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर राज्य के 146 विकासखंडों के 10-10 ग्रामों में सीएससी और चॉइस सेंटरों के माध्यम से ग्राम स्तर पर धन निकासी की सुविधा शुरू की गई है, जिसे शीघ्र पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। नक्सल उन्मूलन, पर्यटन और औद्योगिक विकास की दिशा में ठोस पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह की घोषणा के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से मुक्त करने हेतु वृहद अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। नवीन औद्योगिक नीति के तहत प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे अनेक बड़े निवेशक राज्य में कारखाने स्थापित कर रहे हैं। साथ ही, वनोत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर पद्मजगेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, महाकुल यादव समाज सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष परमेश्वर यादव, जिलाध्यक्ष गणेश यादव, भरत सिंह, पार्षद अमन शर्मा सहित महाकुल यादव समाज के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और भारी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि महाकुल यादव समाज सेवा समिति द्वारा आयोजित हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ का यह तीसरा वर्ष है। 22 अप्रैल से चल रहे इस भक्ति आयोजन का पूर्णाहुति समारोह 26 अप्रैल को संपन्न होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले अब विकास को मिलेगी और तेज गति

रायपुर : नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण हुआ कर्जमुक्त मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नीतियों से मिला वित्तीय स्वावलंबन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले अब विकास को मिलेगी और तेज गति रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर से एक प्रेरणादायक और सुखद खबर सामने आई है। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, जिसे पहले एनआरडीए के नाम से जाना जाता था, अब पूरी तरह से कर्जमुक्त हो गया है। प्राधिकरण ने 1788 करोड़ रुपये का सारा कर्ज़ चुका दिया है, जो कि भारत सरकार और कई राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिया गया था। साथ ही 100 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी भी अब राज्य सरकार को लौटा दी है। इस उपलब्धि का श्रेय छत्तीसगढ़ के  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की  नीतियों, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी प्रशासन को जाता है। यह कदम नवा रायपुर को अधोसंरचना विकास और नई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मददगार होगा। नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ की आधुनिक और नियोजित राजधानी, के विकास के लिए बड़े पैमाने पर कर्ज लिया गया था। यह कर्ज भूमि अधिग्रहण, सड़कों, शासकीय भवनों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे हिदायतुल्लाह विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए था। हालांकि, कर्ज के बोझ और ब्याज भुगतान ने प्राधिकरण के नगदी प्रवाह को प्रभावित किया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में  छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय स्वावलंबन पर जोर देते हुए ऐसी नीतियाँ लागू कीं, जिन्होंने प्राधिकरण की आय बढ़ाई और कर्ज से छुटकारा दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नवा रायपुर अटल नगर का ऋणमुक्त होना एक सुखद संकेत है। हमारी सरकार ने वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और रणनीतिक नियोजन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि प्राधिकरण न केवल कर्ज से मुक्त हो, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर विकास की नई ऊँचाइयों को छूए। यह उपलब्धि नवा रायपुर को एक आधुनिक, रोजगारोन्मुखी और सुविधायुक्त शहर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों ने प्राधिकरण की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा दिया। मेडिसिटी, फार्मास्यूटिकल पार्क, देश की विख्यात पॉलिमैटेक कंपनी के सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना की पहल जैसे प्रोजेक्ट्स ने निजी निवेश को आकर्षित किया।  छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2024-25 के तृतीय अनुपूरक बजट में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के लिए 1043 करोड़ रूपए का प्रावधान और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त धन आवंटन ने आय के स्रोतों को मजबूत किया। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के तहत व्यापारियों को राहत ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ नवा रायपुर विकास प्राधिकरण को मिला है। ऋणमुक्ति के साथ, प्राधिकरण की सभी संपत्तियाँ अब बंधनमुक्त हो गयी है, जिससे उनका उपयोग और क्रय-विक्रय आसान होगा। इससे नगदी प्रवाह बेहतर होगा और अधोसंरचना, सार्वजनिक सेवाओं और नई परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने  कहा कि यह कदम नवा रायपुर को मेडिकल टूरिज्म और औद्योगिक विकास का केंद्र बनाएगा। नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की यह उपलब्धि वित्तीय अनुशासन और रणनीतिक नियोजन का एक अनुकरणीय उदाहरण है। यह देश के अन्य शहरी विकास प्राधिकरणों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को न केवल छत्तीसगढ़ की गौरवशाली राजधानी बनाना है, बल्कि इसे देश के लिए एक मॉडल शहर के रूप में स्थापित करना है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी का कहना है कि नवा रायपुर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का नया ग्रोथ इंजन  बनने जा रहा है। आज नवा रायपुर में आरबीआई, नाबार्ड सहित अन्य बैंकों और एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यालय, बालको कैंसर अस्पताल, सत्य साईं अस्पताल जैसे अनेक संस्थाओं का पदार्पण हो चुका है। नवा रायपुर आईटी के क्षेत्र में भी एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। अब यहां पर सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर क्षेत्र से संबधित उद्योग भी लगने जा रहे हैं । नवा रायपुर में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल सुविधा प्रदान करने हेतु लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में मेडिसिटी विकसित करने की योजना है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में एडुसिटी विकसित करने के लिए भी बजट प्रावधान किया है। यहां पर देश का तीसरा सबसे बड़ा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम है। नवा रायपुर के बढ़ते विकास को देखते हुए इंटिग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर के उन्नयन, संचालन एवं संधारण कार्य हेतु 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विकसित भारत आईकोनिक डेस्टिनेशन निर्माण हेतु 20 करोड़,  ई-बसों सेवाओं के लिए 10 करोड़, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हेतु 20 करोड़, साईंस सिटी की स्थापना हेतु 37 करोड़ तथा पुस्तकालय के निर्माण हेतु 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्लग एंड प्ले ऑफिस स्पेस विकसित किए जाने के लिए 156 करोड़ की लागत से कमर्शियल ऑफिस कॉम्प्लेक्स के निर्माण प्रावधानित है। सीबीडी कमर्शियल टॉवर में 2000 आईटी रोजगार हेतु जगह का आबंटन टेली परफार्मेंस, स्क्वायर बिजनेस, सीएसएम कंपनियों को किया है।  नवा रायपुर में एसडीएम एवं नवीन तहसील कार्यालय की स्थापना के लिए भी बजट प्रावधान है।

सरगुजा में खुलेगा पीएचई के मुख्य अभियंता का परिक्षेत्रीय कार्यालय:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर हुआ अमल, 11 हजार से अधिक हैंडपंपों की मरम्मत पूर्ण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कामकाज की समीक्षा सरगुजा में खुलेगा पीएचई के मुख्य अभियंता का परिक्षेत्रीय कार्यालय:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार में विभाग को प्राप्त आवेदनों पर त्वरित समाधान के दिए निर्देश जल संरक्षण के लिए “कैच द रेन” अभियान का करें व्यापक प्रचार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और इसकी गहन निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हैंडपंपों की मरम्मत के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के तहत तेजी से कार्य हुए हैं और अब तक 86 मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से 11,238 हैंडपंपों की मरम्मत पूरी की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहाँ भी पेयजल से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहाँ तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली और प्रदेश में पेयजल की उपलब्धता, भूजल स्तर, जल जीवन मिशन की प्रगति और जल संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा में पीएचई विभाग का मुख्य अभियंता परिक्षेत्रीय कार्यालय खोलने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने “सुशासन तिहार” के दौरान प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर नल से जल पहुँचाने का बड़ा संकल्प लिया है। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को उन्होंने समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन की आगामी वर्षों की कार्ययोजना की भी समीक्षा की। साय ने कहा कि भूजल स्तर में गिरावट से प्रभावित विकासखंडों के साथ-साथ बिना जल स्रोत वाले ग्रामों की सूची भी तैयार करें, ताकि इसे दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें। साय ने भूजल संकट से जूझ रहे 6 जिलों के 10 विकासखंडों को लेकर चिंता जताई और कहा कि अल्पकालिक व दीर्घकालिक योजनाएँ बनाकर जल संकट से निपटना होगा। उन्होंने रिचार्ज पिट और वर्षा जल संचयन जैसी जल संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने की बात कही और अनियंत्रित भूजल दोहन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कृषि, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और वन विभागों को आपसी समन्वय के साथ “कैच द रेन” जैसे जल संरक्षण अभियानों को सुशासन तिहार के दौरान व्यापक रूप से प्रचारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके संरक्षण को हम सभी सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, संचालक जल जीवन मिशन जितेंद्र शुक्ला सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। 371

गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर दिया बल

रायपुर : नए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़ – विष्णु देव साय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आपराधिक कानूनों पर समीक्षा बैठक गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर दिया बल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की तैयारियों की दी जानकारी बैठक में  बस्तर के विकास और नक्सल उन्मूलन पर भी हुई चर्चा रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित नॉर्थ ब्लॉक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। शाह की अध्यक्षता आयोजित बैठक में राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन को लेकर समीक्षा की गई। इसके साथ ही  नक्सलवाद के उन्मूलन, बस्तर के समग्र विकास और राज्य में सुरक्षा व न्याय तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा सहित केन्द्रीय गृह मंत्रालय एवं राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर चर्चा की गई। इसके साथ ही पुलिस, जेल, अदालतों, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियाँ पूरी की जा चुकी हैं। राज्य में 27 प्रकार की एसओपी (Standard Operating Procedures) और दिशा-निर्देश तैयार कर लागू किए गए हैं। इसके साथ ही लगभग 37,385 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। न्यायालयों, पुलिस थानों और जेलों को ई-साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम से लैस किया गया है। राज्य में अब तक 53,981 एफआईआर नए कानूनों के तहत दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 50% मामलों में चालान प्रस्तुत हो चुके हैं। बैठक में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी विशेष रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल के महीनों में राज्य में चलाए गए ऑपरेशनों में कई वांछित नक्सली मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। नियद नेलानार योजना, बस्तर ओलंपिक, महिला सुरक्षा केंद्र, और आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे व पर्यटन ढांचे का विकास जैसे प्रयासों से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का सार्थक प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार वर्ष 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के लिए कटिबद्ध है और बस्तर को भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करेगा और देशभर में कानूनी सुधार की इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अब तक किए गए कार्यों की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर बल दिया। गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ से समन्वय और तत्परता की अपेक्षा जताई और कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को सरल, तेज़ और अधिक जनोन्मुखी बनाना है। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिरीक्षक सुशील द्विवेदी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, प्रमुख सचिव विधि रजनीश श्रीवास्तव, सचिव गृह, श्रीमती नेहा चंपावत सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री

रायपुर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की  महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में व्यापार, व्यवसाय और उद्योग तेजी से विकास कर रहे हैं, जिसके कारण जीएसटी कलेक्शन में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाना होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में चैंबर के अध्यक्ष सतीश थौरानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया सहित अन्य पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज 62 वर्षों से कार्यशील है, जिससे 12 लाख व्यापारी जुड़े हैं। प्रदेश के इस सबसे बड़े व्यापारी संगठन के इतिहास में पहली बार सर्वसम्मति से निर्वाचन संपन्न हुआ है, जो संगठन की एकजुटता का प्रमाण है। इस परंपरा को यह संगठन आगे भी कायम रखे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छोटे व्यापारियों को हमेशा प्राथमिकता दी है। ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। हमने पेट्रोल पर वैट 1 रुपये प्रति लीटर कम किया है। व्यापारियों को राहत देते हुए 10 साल पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारी को माफ किया गया है। इसका लाभ प्रदेश के 40 हजार व्यापारियों को मिल रहा है। नई औद्योगिक नीति : प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई उद्योग नीति से उद्योगों के लिए प्रदेश में सकारात्मक वातावरण बना है। इसके लागू होने के बाद से अब तक प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए हाल ही में प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। हाल ही में हमने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया। देशभर के कारोबारियों और उद्योगपतियों में इसे लेकर गजब का उत्साह है। वे छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होना चाहते हैं। नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह मुख्यमंत्री ने चैंबर के पदाधिकारियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया, जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित हो सके। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बाजार में धन का प्रवाह आवश्यक है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी हैं। मुख्यमंत्री साय ने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। दो साल का धान बोनस भी दिया गया।  प्रदेश का बजट 6000 करोड़ से बढ़कर अब 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपये का हो गया है। देश में सर्वाधिक ऑटोमोबाइल विक्रय छत्तीसगढ़ में हो रहा है, जो यह दर्शाता है कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ देश के प्रथम तीन विकसित राज्यों में शामिल होगा। प्रदेश के विकास में चैंबर की भी उल्लेखनीय भागीदारी होगी। पूर्व सांसद और पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी प्रकार उद्योग जगत भी प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे रहा है। जब दोनों पहिए साथ-साथ चलते हैं, तो विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ती है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सर्वसम्मति से चैंबर के चुनाव होना यह दर्शाता है कि व्यापार जगत तेजी से आगे बढ़ेगा। जो देश व्यापार, व्यवसाय और उद्योग को बढ़ावा देता है, उसकी तरक्की को कोई नहीं रोक सकता। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह कार्य कुशलता से किया जा रहा है। उन्होंने चैंबर के सदस्यों से आग्रह किया कि गर्मियों में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पानी, पना और मठा का वितरण करें। इस अवसर पर संत साईं उदय शदाणी, साईं लालदास, अम्मा महंत मीरा देवी, अनेक जनप्रतिनिधि, निगम-मंडलों के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्यपाल आचार्य देवव्रत महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर धर्मरक्षा महायज्ञ में हुए शामिल

रायपुर संस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री सायसंस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री सायसंस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री सायसंस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत आज राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में महर्षि दयानंद सरस्वती जी की 200वीं जयंती और आर्य समाज के 150वें स्थापना वर्ष के शुभ अवसर पर आयोजित धर्मरक्षा महायज्ञ एवं वैदिक सनातन संस्कृति सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान धर्मरक्षा यज्ञ में हवन-पूजन कर प्रदेश कल्याण की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय और राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा तैयार पुस्तिका “चुनौतियों का चिंतन” का विमोचन किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती का पुण्यस्मरण किया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज को मानव कल्याण का कार्य करते हुए आज 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। आर्य समाज के द्वारा निरंतर देश सेवा, धर्म-संस्कृति की रक्षा तथा जनजागरण का कार्य किया जा रहा है। साय ने बताया कि वे महर्षि दयानंद के विचारों से प्रभावित होकर वर्ष 1999 से आर्य समाज से जुड़े हुए हैं और विभिन्न अवसरों पर समाज के मनीषियों का मार्गदर्शन उन्हें प्राप्त होता रहा है। आर्य समाज महर्षि दयानंद के विचारों को आगे बढ़ाते हुए संस्कार और शिक्षा का पुनीत कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी प्राकृतिक खेती और देशी नस्ल की गायों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रहे हैं। प्रदेश सरकार निश्चित रूप से इस दिशा में अपने प्रयासों को और अधिक गति देगी। साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में हमारी सरकार ने मोदी की गारंटियों को पूरा करने का कार्य किया है। गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए हमने पहले ही कैबिनेट में 18 लाख आवास की स्वीकृति दी थी और अब आवास प्लस-प्लस का सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये, माताओं-बहनों को प्रति माह एक हजार रुपये, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना और रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों के तीर्थदर्शन के पुण्य संकल्प को भी पूरा किया जा रहा है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने महर्षि दयानंद सरस्वती को नमन करते हुए कहा कि उनके जीवन-मूल्यों और विचारों को आत्मसात करने से शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक उन्नति का संकल्प पूरा होगा। उन्होंने महर्षि दयानंद की संपूर्ण जीवन-यात्रा और उद्देश्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कृषि और देशी गौवंश की रक्षा एवं उनका संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर यदि हम गौपालन को लाभकारी बनाएंगे, तो समाज में उसकी रक्षा हेतु स्वाभाविक चेतना विकसित होगी। इससे सड़कों पर पशुओं के विचरण की समस्या स्वतः समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के माध्यम से हम स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं। इस अवसर पर योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, स्वामी धर्मानंद सरस्वती जी महाराज, सुरेश जी, कैप्टन रुद्रसेन, विनय आर्य, डॉ. राजेंद्र विद्या अलंकार, प्रबल प्रताप जूदेव, आर्य समाज के रामकुमार पटेल सहित आर्यवीर और आर्य समाज के अनुयायी उपस्थित थे।

नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कारों के दौर में समाज को सकारात्मक दिशा देना अत्यंत आवश्यक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ रोजगार भी है और संस्कार भी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने ‘नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कार’ विषय पर आयोजित ‘की-नोट’ एड्रेस में रखे अपने विचार नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कारों के दौर में समाज को सकारात्मक दिशा देना अत्यंत आवश्यक  : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कारों के दौर में समाज को सकारात्मक दिशा देना अत्यंत आवश्यक है। आज विदेशी हमारी संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ में बड़ी संख्या में पश्चिमी देशों के लोग श्रद्धा से गंगा स्नान करने पहुँचे। दूसरी ओर, हम दिखावे और आडंबर के चलते अपनी महान संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं और पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहे हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और संस्कार दोनों सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री साय राजधानी के बेबीलोन कैपिटल होटल में पत्रिका समूह द्वारा आयोजित ‘की-नोट’ एड्रेस में अपने विचार व्यक्त करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैं गुलाब कोठारी को बधाई देना चाहता हूं कि वे अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को निरंतर सकारात्मक दिशा दे रहे हैं। पत्रिका समूह के दायित्वों के साथ-साथ वे जो समय निकाल रहे हैं, उसे सामाजिक चेतना के लिए समर्पित कर रहे हैं – यह अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश सदियों तक विश्व गुरु रहा है। नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों में पूरी दुनिया से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते थे। हमारा सनातन धर्म अत्यंत प्राचीन है, जिसकी मूल भावना ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ है – अर्थात् पूरा विश्व एक परिवार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति को छत्तीसगढ़ ने अपनाया है। इस नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और संस्कार दोनों को प्राथमिकता दी गई है। इसके माध्यम से हम पुनः अपनी गौरवशाली सभ्यता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारत में नारी का सम्मान सर्वोपरि रहा है। हमारे यहां कहा गया है– ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’, अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। हमारे धर्म में भगवान के नाम से पहले देवी का नाम आता है– जैसे उमापति महादेव, सियापति राम, राधाकृष्ण आदि। हम माँ सरस्वती से विद्या, माँ लक्ष्मी से धन और माँ दुर्गा से शक्ति की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ का अर्थ है – माता और मातृभूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ हैं। माता-पिता ही बच्चे के प्रथम गुरु होते हैं, और जैसा वे सिखाते हैं, बच्चे वही सीखते हैं। हमारी सभ्यता आज भी जीवित है, जो हमारी शक्ति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आज हमारे परिवारों में एक गंभीर समस्या यह है कि हम बच्चों को मोबाइल थमा रहे हैं। मोबाइल में अच्छाई और बुराई दोनों हैं। हमें चाहिए कि हम उसमें से अच्छाई को चुनें – जैसे हंस दूध को ग्रहण करता है, वैसे ही हमें भी विवेकपूर्वक चयन करना चाहिए। पत्रिका समूह के चेयरमैन गुलाब कोठारी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने की शक्ति केवल माँ के पास है। माँ सूक्ष्म स्तर पर जीवन जीती है। उसमें अन्न ब्रह्म और शब्द ब्रह्म दोनों विद्यमान हैं। माँ ही जीवन का पोषण करती है। आधुनिक शिक्षा ने माँ की भूमिका को कमज़ोर कर दिया है, जबकि शरीर और आत्मा दोनों के पोषण की शक्ति माँ के पास ही है। आज माँ-बाप और बच्चों के बीच की दूरी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बौद्धिक विकास जीवन में सुख की गारंटी नहीं देता। कोठारी ने कहा कि अगर हम बदलती दुनिया में भी अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखें, तो ही हम विश्व को कुछ देने योग्य बन पाएंगे। भारतीय दर्शन हमें सिखाता है कि हम केवल शरीर नहीं, आत्मस्वरूप हैं। सूचना और ज्ञान बाहर से आते हैं, लेकिन विज़न और जीवन की दिशा भीतर से आती है। आज यही ‘भीतर’ हमसे छूट रहा है। आधुनिक शिक्षा ने हमें मानव संसाधन बना दिया है, जबकि हमें अपनी संस्कृति को जीवित रखना आवश्यक है। आईआईएम के डायरेक्टर प्रो. रामकुमार काकानी ने कहा कि आज पीढ़ियों के बीच जो खाई उत्पन्न हुई है, उसे पाटना ज़रूरी है। नई पीढ़ी की दुनिया अलग है – उस पर अधिक दबाव है, चौबीसों घंटे विज्ञापनों का असर है, और परिवार भी छोटे होते जा रहे हैं। संचार और तकनीक के प्रसार ने पीढ़ियों के बीच की दूरी और बढ़ा दी है। पहले की पीढ़ियों में अनुशासन और सीमित साधन होते थे, आज की पीढ़ी प्रतिस्पर्धा के दबाव में है। इससे पारिवारिक ढांचा भी बदला है, और भावनात्मक दूरी भी आई है। उन्होंने कहा कि हमें साझा मूल्यों की पुनः पहचान करनी होगी। नई पीढ़ी को सहानुभूति और स्पष्ट लक्ष्यों के साथ प्रेरित करना होगा। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और खुले वातावरण में संवाद को बढ़ावा देने की ज़रूरत है। अगर हम ऐसा करें, तो पीढ़ियों के बीच की दूरी को पाटा जा सकता है। कार्यक्रम में कोंडागांव की युवा उद्यमी सुअपूर्वा त्रिपाठी ने भी विचार रखे। इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पद्मश्रीमती फुलबासन यादव,  पत्रिका के स्टेट एडिटर पंकज श्रीवास्तव सहित पत्रिका समूह के अनेक सदस्य व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने सीजीएमएससी सप्लाई चैन मैनेजमेंट एसओपी का विमोचन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) के नव नियुक्त अध्यक्ष दीपक म्हस्के के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए और मुख्य अतिथि की आसंदी से उन्हें शुभकामनाएं दी। इस दौरान मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने सीजीएमएससी सप्लाई चैन मैनेजमेंट एसओपी का विमोचन किया।        मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) की स्थापना वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुई थी। इस संस्था की भूमिका राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और आवश्यक दवाओं व उपकरणों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। आज यह कॉरपोरेशन केवल आपूर्ति एजेंसी नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।              मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि दीपक म्हस्के  पूर्व में केमिस्ट्री विषय के शिक्षक रहे हैं। यह अनुभव अब उनके नेतृत्व में सीजीएमएससी के कार्यों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बल देगा, जिससे प्रदेश की जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपनी राज्य स्थापना का रजत जयंती मना रहा है। वर्ष 2000 में जब राज्य का गठन हुआ, तब से लेकर अभी तक प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बेहतर हुई हैं। प्रदेश में एम्स जैसे संस्थान कार्यरत है और 13 मेडिकल कॉलेजों की भी स्थापना हो चुकी है, जो राज्य सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रतिबद्धता का प्रमाण है।          मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य किसी भी नागरिक की सबसे बड़ी पूंजी होती है और इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों गरीब परिवारों को निःशुल्क इलाज की सुविधा दी है। छत्तीसगढ़ में भी लाखों परिवार इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य मंत्री स्वयं ऊर्जावान और सक्रिय हैं और अब कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी दीपक महस्के जैसे कर्मठ और योग्य व्यक्ति को मिली है, तो निश्चित रूप से सीजीएमएससी प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने संबोधन के अंत में महस्के को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनका कार्यकाल छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और अधिक प्रभावशाली, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाएगा।                      विधानसभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जेनेरिक दवाइयां, सर्जिकल सामग्री, मेडिकल उपकरणों की समय से उपलब्धता और आधारभूत स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती के उद्देश्य के साथ वर्ष 2010 में इस कॉर्पोरेशन का गठन हुआ था। डॉ. सिंह ने कहा कि म्हस्के  जैसे योग्य, ईमानदार, दूरदर्शी और काबिल हाथों में इस कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी दी गई और वे अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में सफल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ सिंह ने म्हस्के को नए दायित्व मिलने पर अपनी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संबोधित कर सीजीएमएससी के कार्य, स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं, गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की।          इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, विधायक किरण देव, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक रोहित साहू, विधायक इंद्र कुमार साव, महापौर श्रीमती मीनल चौबे,  मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित निगम मंडलों के अध्यक्ष गण, जनप्रतिनिधिगण और अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

UNESCO के मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में शामिल हुई भगवद गीता और नाट्यशास्त्र, CM साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि यह हमारी सनातन और शाश्वत ज्ञान-परंपरा को वैश्विक मान्यता मिलने के साथ ही हमारी संस्कृति, कलात्मक प्रतिभा और आध्यात्मिक चेतना का भी सम्मान है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ग्रंथ हमारी कालातीत धरोहर है, जिसने सदियों से भारत की आत्मा को पोषित किया है और सम्पूर्ण मानवता को नैतिकता का मार्ग दिखाया है. अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा उनके नेतृत्व में हमारी प्राचीन ज्ञान-परंपरा को वैश्विक मंच पर सर्वोच्च स्थान मिल रहा है.

नवा रायपुर में अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर का किया लोकार्पण, अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों से राहत कार्यों को मिलेगी गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर प्रदेश की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। संसाधनों के आधुनिकीकरण, अग्निशमन सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत करने और जवानों के प्रशिक्षण व मनोबल को प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित नगर सेना केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सेक्टर-13, नवा रायपुर में नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर और माना में नवीन सेनानी कार्यालय का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। आपातकालीन सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये अत्याधुनिक अग्निशमन वाहन प्रदेश की त्वरित आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को नई गति देंगे। उन्होंने इसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पित भवनों के माध्यम से अग्निशमन तंत्र को मजबूती मिलेगी और हमारे जवानों की दक्षता में भी इजाफा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन नए वाहनों से आगजनी की घटनाओं पर पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से और तेज़ी से काबू पाया जा सकेगा, जिससे जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जीवन की रक्षा सबसे बड़ा कार्य है और इसे पूरी निष्ठा और तत्परता से निभाने वाले अग्निशमन कर्मी हमारे सच्चे नायक हैं, जिनकी सेवाओं को समाज हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखता है। आपातकालीन सेवा का डेमो और अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी कार्यक्रम के दौरान राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन राहत दल द्वारा आगजनी की घटना पर आधारित आपातकालीन सेवा का प्रदर्शन (डेमो) भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को गहरी रुचि और गंभीरता से देखा और जवानों की तत्परता व सजगता की भूरी-भूरी प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने अग्निशमन सेवाओं में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें लुकास जैक, ग्लास ब्रेकर, एयर लिफ्टिंग बैग, पेलिकन टावर लाइट, डायमंड टिप, चेन सॉ, फायर जैल ब्लैकेट, फायर सूट और अंडर वॉटर कैमरा जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी दी। अग्निशमन सेवाओं का निरंतर हो रहा सशक्तिकरण उप पुलिस महानिरीक्षक अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अग्निशमन सेवा को नगरीय निकाय से हस्तांतरित किया गया था। वर्तमान में प्रतिवर्ष औसतन 8,000 फायर कॉल प्राप्त होते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में यह संख्या प्रतिदिन 40 तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि आज जिन 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को शामिल किया गया है, उनके साथ विभाग के पास अब कुल 161 अग्निशमन वाहन उपलब्ध हो गए हैं। रायगढ़, कोरबा, कबीरधाम, दंतेवाड़ा, धमतरी, कोरिया और अंबिकापुर जैसे जिलों को आज ही ये वाहन सौंपे गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनआरडीए द्वारा नवा रायपुर में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए 5.5 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन सह आवासीय परिसर का निर्माण कराया गया है, जिसका आज लोकार्पण हुआ। शहीद अग्निशमन कर्मियों को समर्पित अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि अग्निशमन सेवाओं में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर कर्मचारियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को शहीद दिवस मनाया जाता है और 14 से 20 अप्रैल तक पूरे देश में अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी इस वर्ष अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट संयंत्र को मंजूरी, स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए शिखर पर ले जाने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र के स्थापना की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इस संयंत्र के लिए बिलासपुर, चांपा के समीप नेशनल हाईवे से लगी 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार सृजन और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देना है। छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30, जो एक नवंबर 2024 से लागू हुई, ने राज्य को निवेशकों के लिए अनुकुल बना दिया है। इस नीति का मूल मंत्र न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन है, जिसके तहत उद्योगों को स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन, और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी सुविधाओं ने उद्यमियों के लिए छत्तीसगढ़ में कारोबारी माहौल को आसान किया है। नीति में फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इस नीति के तहत उद्योगों को 30-50 प्रतिशत सब्सिडी, 5 से 12 वर्ष तक की कर छूट और ब्याज अनुदान जैसे आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों के लिए बी-स्पोक पॉलिसी और प्रति व्यक्ति 15,000 रुपये तक का प्रशिक्षण अनुदान भी शामिल है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजित करना है, जो स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना से न केवल छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस संयंत्र के लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आवंटित करने का निर्णय निवेशकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को सभी स्वीकृतियां एक ही मंच पर प्रदान की जा रही हैं, जिससे समय और लागत की बचत हो रही है। ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार ने भी उद्योगों की स्थापना को गति दी है। उद्यमी अब घर बैठे विभिन्न स्वीकृतियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए सार्थक पहल की है। दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश-विदेश के उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप 4 लाख 40 हजार  करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुंबई समिट में 6,000 करोड़ रुपये, दिल्ली में 15,184 करोड़ रुपये, और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया है। प्रोजेक्ट टूडे सर्वे के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में 218 नई परियोजनाओं में 1,63,749 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को देश के टॉप टेन निवेश वाले राज्यों में शामिल कर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल नीतियों के साथ हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि राज्य अब नक्सल प्रभावित छवि से बाहर निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष पर्यटन मंडल तथा साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

रायपुर : अबूझ नहीं रहेगा अबूझमाड़, नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे – विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक, यहां की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल – डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष पर्यटन मंडल तथा साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्षों के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का किया अभिनंदन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा एवं छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा के पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री साय ने राजकीय गमछा, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर दोनों अध्यक्षों का अभिनंदन किया। विशिष्ट अतिथियों और गणमान्य नागरिकों से भरे खचाखच ऑडिटोरियम में पदभार ग्रहण करने के बाद दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों को सभी लोगों ने बधाई और शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप तथा खाद्य मंत्री दयालदास बघेल भी समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पदभार ग्रहण और अभिनंदन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरगुजा से लेकर बस्तर तक पर्यटन की अपार संभावना है। राज्य में डबल इंजन की सरकार के प्रभावी कदमों से बस्तर में नक्सलवाद अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे। अबूझमाड़ भी अबूझ नहीं रहेगा। वहां भी विकास की रोशनी पहुंचेगी। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य का भविष्य उज्जवल है। इसमें रोजगार की भी बहुत संभावना है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों नवनियुक्त अध्यक्षों के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन और साहित्य का विकास नए शिखरों को छुएगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल हैं। पर्यटन की दृष्टि से यहां की ये दोनों खासियतें अभी तक ‘अनएक्सप्लोर्ड’ (Unexplored) हैं। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर भी जल्दी ही पर्यटन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। यह हिंदुस्तान का सबसे बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन (Tourist Destination) बन सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक हैं। यहां से बेहतर जंगल और कहीं नहीं हैं। राज्य में हर तरह की कनेक्टिविटी (Connectivity) बढ़ रही है। पर्यटन के विकास में इसका बहुत लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में पर्यटन का क्षेत्र काफी संभावनाओं से भरा हुआ है। सरकार ने यहां पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। इससे इस क्षेत्र के विकास को और गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दो ऊर्जावान युवाओं को महती जिम्मेदारी मिली है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा की अगुवाई में यहां पर्यटन का तेजी से विकास होगा। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा साहित्य के जानकार हैं और वे लगातार इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके अनुभवों का लाभ राज्य और अकादमी को मिलेगा। भरोसा है कि दोनों के सक्षम नेतृत्व में इन दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम होंगे। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष नीलू शर्मा ने खुद को दी गई बड़ी जिम्मेदारी के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेरे लिए नई चुनौती और नया अवसर है। छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का सौभाग्य मिल रहा है। यहां के पर्यटन स्थलों को सजाने-संवारने का काम करेंगे। पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली गतिविधियों को धरातल पर उतारेंगे। छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य का क्षेत्र बहुत विराट क्षेत्र है। साहित्य भी विकास की एक धारा है। अन्य क्षेत्रों की तरह कला, संस्कृति और साहित्य का विकास भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ साहित्य के क्षेत्र में पूरे देश में जाना जाता रहा है। यहां के साहित्यकारों ने देशभर में नाम कमाया है। राजनांदगांव का इसमें बहुत योगदान है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विश्वास पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। यहां के साहित्य और साहित्यकारों का संरक्षण-संवर्धन करेंगे। संस्कृति विभाग के संचालक और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने समारोह की शुरूआत में स्वागत भाषण और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सासंद सर्वबृजमोहन अग्रवाल, संतोष पाण्डेय एवं विजय बघेल सहित अनेक विधायक और विभिन्न निगमों, मंडलों तथा आयोगों के अध्यक्ष भी पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए।

सर्वाधिक निवेश वाले टॉप टेन राज्यों में शामिल है छत्तीसगढ़, राज्य में अब तक 4.4 लाख करोड़ रूपए का हुआ है औद्योगिक निवेश

रायपुर छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रोजेक्ट टूडे सर्वे द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 218 नई परियोजनाओं में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आया है, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को, देश के टॉप टेन निवेश वाले राज्यों में शामिल करती है। इस सफलता के पीछे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में हुए निवेश को मिलाकर राज्य में अब तक 4.4 लाख करोड़ रूपए का औद्योगिक निवेश हुआ है। एक नवंबर 2024 से लागू नई औद्योगिक नीति 2024-30 ने छत्तीसगढ़ को निवेशकों के लिए एक आकर्षक राज्य बना दिया है। इस नीति में न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन के सूत्र को अपनाया गया है, जिसके तहत सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन, और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। नीति में फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। उद्योगों को 30-50 प्रतिशत सब्सिडी, 5 से 12 साल तक कर छूट, और ब्याज अनुदान जैसे प्रावधानों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। नीति में 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए बी-स्पोक पॉलिसी और प्रति व्यक्ति 15,000 तक प्रशिक्षण अनुदान जैसे प्रावधान भी शामिल हैं, जिसका लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजित करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर निवेश को आकर्षित करने के लिए देश के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट का आयोजन किया गया। इन समिट्स में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप 4.4 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुंबई में आयोजित समिट में 6000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव और अमेरिका व रूस के कॉन्सल जनरल से विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की सहमति मिली। दिल्ली में 15,184 करोड़ और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री साय ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार पारदर्शी और निवेशक अनुकूल नीतियों के साथ हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले एक साल में 300 से अधिक सुधार लागू किए, जिसने कागजी प्रक्रियाओं को कम कर कारोबारी माहौल को पारदर्शी और तेज बनाया। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के जरिए सभी स्वीकृतियां और लाइसेंस आसानी से उपलब्ध हैं, और सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया को 7 दिनों के भीतर सीमित किया गया है। इन सुधारों ने छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक के लिए छत्तीसगढ़ को एक पसंदीदा गंतव्य बनाया है। छत्तीसगढ़ ने पहली बार सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, और एआई आधारित उद्योगों के लिए निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। नवा रायपुर में हाल ही में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन हुआ, जो तकनीकी नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम है। नया रायपुर को बेंगलुरु और हैदराबाद की तर्ज पर आईटी हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें नैसकॉम के साथ समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। इन निवेशों से न केवल आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। छत्तीसगढ़ अब नक्सल प्रभावित छवि से बाहर निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है। राज्य नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है, जो देश के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।

स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने उद्योग भवन में अपना कार्यभार ग्रहण किया

रायपुर छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने तेलीबांधा स्थित उद्योग भवन में अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में सीएसआईडीसी प्रदेश में औद्योगिक वातावरण के निर्माण में बेहतर कार्य करेगा। राजीव अग्रवाल अनेक पदों पर किये हैं। उनके अनुभवों से उद्योग जगत को एक नई ऊंचाई मिलेगी। राज्य में नई औद्योगिक नीति से प्रदेश का विकास होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान में 4.50 लाख करोड़ रूपए का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। राज्य में खनिज, बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता से उद्योगों को फलने-फूलने का अवसर मिलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में सेक्टर आधारित उद्योगों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिला के ग्राम पटेवा में 322 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की  स्थापना के लिए 350 करोड़ रूपए, राजनांदगांव जिला के ग्राम बिजेतला में 50 एकड़ में स्पेश मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के लिए 25 करोड़ रूपए, नवा रायपुर के 20 एकड़ में रेडिमेट गारमेंट पार्क के लिए 30 करोड़ रूपए तथा नवा रायपुर में ही 30 एकड़ में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना के लिए 40 करोड़ रूपए की घोषणा की। इस तरह कुल 445 करोड़ रूपए की लागत से 4 स्मार्ट औद्योगिक पार्क की स्थापना की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों के विकास के लिए एक अनुकुल एवं सकारात्मक वातावरण बनेगा।   इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। राज्य के नई औद्योगिक नीति से उद्योग बेहतर तरीके से विकसित होंगे और राज्य तेजी से विकास करेगा। सीएसआईडीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि राज्य के औद्योगिक नीति विकसित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। अध्यक्ष के रूप में राजीव अग्रवाल ने अपने कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की बात कही। इस मौके पर उप मुख्य मंत्री अरुण साव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन,  केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, राम विचार नेताम, सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं विजय बघेल, विधायक धरम लाल कौशिक, किरण सिंह देव, मोतीलाल साहू, राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, छत्तीसगढ़ स्टील रि-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी सचिव बांके बिहारी अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन मैन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल सहित निगम, मंडल बोर्ड के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कृषि, कौशल विकास, पर्यटन और उद्योग के विकास की नई रणनीति पर काम प्रारंभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : बस्तर संभावनाओं की धरती : सब मिलकर लिखेंगे बस्तर के विकास की नई ईबारत: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय किसान, महिला समूह, युवा उद्यमी और आदिवासी समुदाय मिलकर बनाएंगे बस्तर को आत्मनिर्भर और समृद्ध कृषि, कौशल विकास, पर्यटन और उद्योग के विकास की नई रणनीति पर काम प्रारंभ रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष मौजूदगी में आज जगदलपुर में आयोजित “विकसित बस्तर की ओर” परिचर्चा में बस्तर के समग्र विकास के लिए एक व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि, कौशल विकास, पर्यटन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में बस्तर की संभावनाओं को उजागर करने और विकास की नई दिशा तय करने पर गहन और सार्थक चर्चा हुई। संबंधित विभागों के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्टेकहोल्डर्स के साथ विचार-विमर्श कर मुख्यमंत्री ने बस्तर को नक्सलवाद के अंधेरे से निकालकर विकास के प्रकाश की ओर ले जाने का संकल्प दोहराया। यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दो दिवसीय प्रवास पर जगदलपुर गए हुए हैं। अपने प्रवास के पहले दिन विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ने दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेला है, लेकिन अब यह क्षेत्र अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, नैसर्गिक सुन्दरता, कृषि विकास, कौशल उन्नयन, उद्योग और खनिज संसाधनों के साथ विकास की नई राह पर अग्रसर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “विकसित छत्तीसगढ़ @2047” का संकल्प “नवा अंजोर” विजन के माध्यम से साकार होगा, और इसकी शुरुआत बस्तर से हो रही है। बस्तर के किसान, महिला समूह, युवा उद्यमी, और आदिवासी समुदाय छत्तीसगढ़ की प्रगति की नई इबारत लिखने को तैयार हैं। परिचर्चा के पहले सत्र में बस्तर के किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कृषि, उद्यानिकी, मछली पालन, पशुपालन, और जैविक खेती पर विस्तार चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के स्वदेशी और जैविक उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने के लिए प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, और मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना और उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा, “बस्तर के उत्पाद न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान बनेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी जगह बनाएंगे। बस्तर संभाग में लगभग 9 लाख हेक्टेयर में खरीफ तथा पौने तीन लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की खेती होती है। खरीफ की मुख्य फसल धान एवं मक्का है। बस्तर संभाग में 1.85 हेक्टेयर में मक्का की खेती होती है, जिसे आगमी तीन वर्षों में बढ़ाकर 3 लाख हेक्टेयर किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। मक्का उत्पादक कृषकों के साथ जैव ईंधन, बायोफार्मास्युटिकल, स्टार्च एवं पोल्ट्री फीड उद्योगों के साथ मार्केट लिंकेज कराने पर जोर दिया गया, ताकि कृषकों को उनकी उपज का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। इसी तरह आगामी तीन वर्ष में मिलेट्स की खेती को 52 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 75 हजार हेक्टेयर करने तथा स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाई की स्थापना और स्कूलों, आंगनबाड़ियों तथा छात्रावास के बच्चों के खाद्यान्न में मिलेट्स को शामिल करने पर जोर दिया गया है। बस्तर में जैविक खेती को प्रोत्साहन देने तथा प्राइवेट कंपनियों की सहभागिता से बाजार एकीकरण, सिंचाई क्षेत्र में विस्तार के लिए तीन वर्षों में 27 हजार 600 सोलर पंप तथा नदी-नालों के किनारे सोलर लिफ्ट सिंचाई पंप की स्थापना की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कृषि यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष 30 से 40 नए कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया। बस्तर में वर्तमान में 1010 कृषि यंत्र केन्द्र संचालित है। बस्तर में काजू, कोंडागांव में आचार, मसाला एवं कोकोनट आयल, कांकेर में सीताफल पल्प, दंतेवाड़ा में शहद एवं हल्दी पाउडर, सुकमा, नारायणपुर एवं बीजापुर में मसाला प्रसंस्करण की स्थापना को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। परिचर्चा के दौरान यह जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री कौशल योजना, और नियद नेल्ला नार योजनाओं के तहत अब तक 90 हजार युवाओं को प्रशिक्षित और 40 हजार युवाओं को नियोजित किया गया है। इसके अलावा, बस्तर में 32 नए कौशल विकास केंद्र और सातों जिलों में आवासीय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को बाजार और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा। नक्सल पीड़ित परिवारों, आत्मसमर्पित नक्सलियों और महिलाओं को इन योजनाओं में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। कौशल प्रशिक्षण के लिए महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, नंदी, एनएसडीसी एवं नीति आयोग से अनुबंध किया गया है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत बस्तर संभाग के सातों जिलों में 6123 लोगों को विभिन्न ट्रेड का प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने बस्तर दशहरा, जो 75 दिनों तक चलता है, को देशभर में और विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री आगामी पर्यटन सीजन के बीच आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी योजनाओं की रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र को पर्यटन में भागीदार बनाना जरूरी है। उन्होंने पर्यटन सर्किट विकसित करने गाइड प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और प्राचीन गुफाओं जैसे आकर्षणों के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अद्भुत परिदृश्य और समृद्ध जैव विविधता प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने के लिए अभी से तैयारी के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पर्यटक जीवंत जनजातीय गांवों का भ्रमण कर बस्तर दशहरा जैसे पारंपरिक त्योहारों का अनुभव कर सकते हैं और स्थानीय शिल्प तथा व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। पर्यटन स्थलों की दृश्यता और सटीकता को बेहतर बनाने के लिए निजी एजेंसियों के सहयोग से गूगल मैपिंग सेवाओं में सुधार किया जाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि नई छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2025, शीघ्र प्रकाशित की जाएगी। मौजूदा पर्यटन संपत्तियों को निजी होटल व्यवसायियों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत लीज पर देने की योजना बनाई जाएगी। तीरथगढ़ जलप्रपात के पास कांच के पुल के निर्माण हेतु … Read more

बस्तर अंचल के सिंचाई के कार्यों में आएगी तेजी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जगदलपुर में जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय का शुभारंभ किया। इस कार्यालय के प्रारंभ होने से बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों के विभागीय कामकाज में काफी सुविधा होगी। जल संसाधन से संबंधित निर्माण कार्यों के सर्वेक्षण, डीपीआर निर्माण और तकनीकी स्वीकृति में तेजी आएगी। पहले इन कार्यों की स्वीकृति के लिए रायपुर जाना पड़ता था। अब ये काम संभागीय मुख्यालय बस्तर में ही हो सकेंगे। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप के विशेष पहल से शुरू हुए जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता नवीन कार्यालय में विभिन्न स्तरों पर अधिकारी और कर्मचारी की नियुक्ति के लिए भी बजट में स्वीकृति दी गई है। वर्तमान में यह कार्यालय जगदलपुर के अधीक्षण अभियंता कार्यालय इंद्रावती परियोजना मंडल भवन के ऊपरी तल में संचालित हो रहा है। मुख्य अभियंता जल संसाधन कार्यालय के शुभारंभ अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण सिंह देव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, नगर निगम महापौर संजय पांडेय एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदमती कश्यप, वित्त आयोग के अध्यक्ष निवास राव मद्दी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, जल संसाधन विभाग के प्रभारी मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के. एस. भंडारी और जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

आगंतुकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं की दी जाएगी जानकारी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने बस्तर दशहरा, जो 75 दिनों तक चलता है, को देशभर में और विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने पर बल दिया। उनका कहना था कि इस प्रसिद्ध सांस्कृतिक उत्सव को वैश्विक पहचान मिलनी चाहिए और आने वाले दशहरे की तैयारी इस दृष्टिकोण से की जाए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आगामी पर्यटन सीजन के बीच आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी योजनाओं की रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र को पर्यटन में भागीदार बनाना जरूरी है। उन्होंने पर्यटन सर्किट विकसित करने की बात कही ताकि पर्यटकों को एक बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, गाइड प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से होमस्टे के प्रचार-प्रसार के लिए नए कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटक होमस्टे में रुचि रखते हैं और यह आदिवासी समाज के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के सदस्यों को पर्यटन से होने वाले लाभों पर भी चर्चा की और कहा कि यह क्षेत्र विकास के नए अवसरों से लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि बस्तर का पर्यटन केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख आकर्षण बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय धरोहर और सांस्कृतिक जीवंतता का खजाना है, जो इसे पर्यटन के लिए एक अनोखा और विशिष्ट क्षेत्र बनाता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और प्राचीन गुफाओं जैसे आकर्षणों के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अद्भुत परिदृश्य और समृद्ध जैव विविधता प्रदान करता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  बस्तर संभाग में पर्यटन के विकास और वृहद रोडमैप बनाने हेतु गहन मंथन के दौरान यह बात कही। जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, विनायक गोयल, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पर्यटन विभाग के सचिव अलबनगन पी., पर्यटन विभाग के एमडी विवेक आचार्य, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर,  पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर दशहरा को  अंतरराष्ट्रीय  स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाएगा।  इसकी अभी से तैयारी के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे बस्तर की पहचान बनेगी। सितम्बर से मार्च का मौसम बेहतर होता है।इसे पर्यटन के लिए विशेष रूप से फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि अब पर्यटन क्षेत्र में ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि  निजी क्षेत्र और समुदाय की भागीदारी बढ़ाए। गाइड प्रशिक्षण की व्यवस्था हो। होम स्टे को प्रचार प्रसार हो।इसका लाभ उठाएं स्थानीय लोगों  को इसका लाभ मिलता है। सभी के बेहतर सुझाव से  पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर को आगे बढ़ाएंगे। परिचर्चा में पर्यटन स्थलों के जुड़ाव, ब्रांडिंग और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया गया। बैठक में बताया गया कि पर्यटक जीवंत जनजातीय गांवों का भ्रमण कर सकते हैं, बस्तर दशहरा जैसे पारंपरिक त्योहारों का अनुभव कर सकते हैं और स्थानीय शिल्प तथा व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। इको-पर्यटन, जनजातीय पर्यटन और दंतेश्वरी मंदिर जैसे आध्यात्मिक स्थलों के समन्वय के साथ बस्तर एक अनोखा और गहन यात्रा अनुभव प्रदान करता है। ब्रांडिंग और प्रचार के तहत ट्रैवल ट्रेड फेयर (TTF) के माध्यम से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना बनाई जाएगी। पर्यटन सूचना केंद्र (TIC) पश्चिम बंगाल, हैदराबाद, जगदलपुर, अरकू सिटी और भुवनेश्वर के हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर रणनीतिक स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे ताकि पर्यटकों को आवश्यक जानकारी मिल सके। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना जैसे पड़ोसी राज्यों के यात्रा और पर्यटन ऑपरेटरों तथा होटल व्यवसायियों के साथ साझेदारी को मजबूत किया जाएगा। पर्यटन स्थलों की दृश्यता और सटीकता को बेहतर बनाने के लिए निजी एजेंसियों के सहयोग से गूगल मैपिंग सेवाओं में सुधार किया जाएगा। साथ ही जगदलपुर के दलपत सागर में वार्षिक नाव दौड़ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यटन विशेषज्ञों और प्रमोटरों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि दृश्यता और जुड़ाव को बढ़ाया जा सके। विश्वभर के टूर और ट्रैवल ऑपरेटरों के बीच क्षेत्र की पर्यटन समृद्धि के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसे प्रदर्शित करने के लिए परिचयात्मक (FAM) यात्राएँ और रोड शो आयोजित किए जाएंगे। ये यात्राएँ टूर ऑपरेटरों और होटल व्यवसायियों को क्षेत्र का अन्वेषण करने के लिए आमंत्रित करेंगी, जबकि स्थानीय टूर ऑपरेटरों को भी वैश्विक रोड शो में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य इनबाउंड पर्यटन को बढ़ावा देना है। साथ ही कुटुमसर गुफाएँ और चित्रकोट जलप्रपात जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी जैसी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएंगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए केशलूर के आगे की सड़कों के सुधार की आवश्यकता चिन्हित की गई है। बस्तर को हैदराबाद, रायपुर, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम और अरकू जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने वाली ट्रेन सेवाओं के सुधार पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रमुख पर्यटक स्थलों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी और बिजली की आपूर्ति जैसी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। चित्रकोट में पैराग्लाइडिंग, रैपेलिंग और ज़िपलाइनिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा ताकि रोमांच प्रेमियों को आकर्षित किया जा सके। बैठक में बताया गया कि टैक्सी ड्राइवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए जाएंगे ताकि उनकी कौशल और स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी में सुधार हो सके। साथ ही, पर्यटन गाइडों के लिए अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि बहुभाषी पर्यटन गाइड विकसित किए जा सकें। पर्यटक स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ताकि आगंतुकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं में शामिल किया जा सके। पर्यटन सूचना केंद्रों के कर्मचारियों के सॉफ्ट स्किल्स में सुधार के लिए विभाग द्वारा एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को ग्राहक सेवा, संवाद कौशल और समस्या समाधान क्षमताओं में दक्ष बनाना है ताकि वे पर्यटकों को बेहतर सेवा प्रदान कर सकें। पर्यटकों के लिए जनजातीय संस्कृति और … Read more

कौशल विकास को लेकर विकसित बस्तर की ओर अग्रसर है छत्तीसगढ:बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत

रायपुर : कौशल विकास ही स्थायी रोजगार का आधार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर अब शांति की ओर बढ़ चुका है, अब हमारा लक्ष्य है – लोगों को सम्मानजनक आजीविका देना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कौशल विकास को लेकर विकसित बस्तर की ओर अग्रसर है छत्तीसगढ:बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 24 कैंप के 95 चिन्हित ग्रामों के 457 युवाओं को दिया जा चुका है कौशल प्रशिक्षण आत्मसमर्पित माआवादियों में से 222 को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है , 62 अन्य है प्रशिक्षणरत रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर कार्यक्रम में बस्तर में कौशल विकास और रोजगार को लेकर सरकार की दूरदृष्टि साझा की। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि जब हम सांसद थे, तब देश में कौशल विकास मंत्रालय का गठन हुआ – और आज यह विभाग देश के युवाओं के भविष्य निर्माण में क्रांतिकारी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर में चल रहे कौशल विकास प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्किलिंग केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं है — भाषा प्रशिक्षण, विदेशी रोजगार, हस्तशिल्प, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, कंस्ट्रक्शन, टेक्नोलॉजी जैसे अनेक क्षेत्रों में कौशल विकास संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब शांति की ओर अग्रसर है। शांति के बाद सबसे बड़ी चुनौती है – यहां के युवाओं को रोजगार देना। और यह कार्य हम पूर्ण निष्ठा से करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल कौशल विकास पर ध्यान देगी, बल्कि स्थानीय लोगों को स्थानीय संसाधनों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इससे बस्तर का युवा न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपने हुनर की पहचान बना सकेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित बस्तर की ओर बढ़ते हुए संभाग में युवाओं के कौशल उन्नयन और रोजगार प्रशिक्षण के लिए कौशल विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, पीएम कौशल विकास योजना , पीएम विश्वकर्मा योजना और नियद नेल्लानार योजना का संचालन किया जा रहा है। इन रोजगार प्रशिक्षण में विशेषकर नक्सल प्रभावित युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने का प्रस्ताव शामिल है। बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत है। पोर्टल के माध्यम से इनका पूर्णता आनलाइन क्रियान्वयन किया जाता है। सभी जिलों में आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा है। वर्तमान में 64 व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदाता (VTP) है । योजना के अंतर्गत अब तक 90, 273 युवा प्रशिक्षित हो चुके है। प्रशिक्षित युवाओं में से 39,137 युवा नियोजित है।  32 कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना की जा चुकी है जिसमे आगामी समय में 4,915 युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार हेतु कार्ययोजना शामिल है। वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित लक्ष्य के अनुसार 456 नियोक्ताओं के माध्यम से 4 हजार 915 युवाओं को प्रशिक्षण,  5 हजार 875 रोजगार के अवसर प्रदान किया जाना है। इसके लिए महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, नंदी फाउंडेशन, MSDC इंटरनेशनल  और नीति आयोग जैसी संस्थाओं से अनुबंध किया गया है। बस्तर संभाग में पीएम कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 64% लक्ष्य पूर्ण किया गया तथा पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत अब तक 6 हजार 123 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। विकसित बस्तर की ओर बढ़ते हुए नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 24 कैंप  के 95 चिन्हित ग्रामों के 457 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके साथ ही इन ग्रामों में 5 हजार 598 युवाओं का रोजगार प्रशिक्षण के लिए सर्वे किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत आत्मसमर्पित माआवादियों में से 222 को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है जबकि  62 प्रशिक्षणरत है। जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, विनायक गोयल, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कौशल विकास विभाग के सचिव भारती दासन, कौशल विकास विभाग के संचालक विजय दयाराम के., बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, कौशल विकास से जुड़ी संस्थाओं के लोग उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल पंचायत दिवस से शुरू होगी नगद भुगतान की सुविधा सहित अन्य डिजिटल सेवाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए आयोजित एमओयू कार्यक्रम को किया संबोधित कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाता और सरपंचों के बीच हुआ एमओयू रायपुर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी पूरी होने जा रही है। प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल, पंचायत दिवस से नगद भुगतान सहित अन्य डिजिटल सेवाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड की 10-10 ग्राम पंचायतों में “अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र” के लिए एमओयू किया गया। इन सुविधा केंद्रों में ग्रामीणों को अब बहुत सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। वे अपने खाते से आसानी से पैसे निकाल सकेंगे, अपने खाते से किसी अन्य के खाते में पैसे भेज सकेंगे, बिजली-पानी बिल का भुगतान कर सकेंगे तथा पेंशन-बीमा जैसी अनेक सुविधाओं का लाभ अपने पंचायतों में ही ले सकेंगे। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाताओं और सरपंचों के बीच आज एमओयू हुआ। यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित किया गया। इन सुविधा केंद्रों के आरंभ होने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए विकासखंड और जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। गांव में ही उन्हें बहुत-सी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। मोदी की गारंटी की एक और गारंटी पूरी करने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का वादा किया था, जो अब पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने सवा साल में ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। चाहे किसानों के लिए 3100 रुपये में धान खरीदी हो या पिछले दो वर्षों का धान बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, बुजुर्गों के लिए रामलला दर्शन, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का पुनः प्रारंभ, या 5 लाख 62 हजार कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये देने का वादा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों में शुरू हो रहे इन सुविधा केंद्रों से किसान धान का भुगतान, महतारी वंदन योजना, पेंशन तथा अन्य योजनाओं की राशि का भुगतान ले सकेंगे, साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाओं का भी लाभ ले सकेंगे। आवास सर्वे की सूची में हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का नाम हो शामिल, योजना का मिले लाभ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर किसी का पक्का मकान हो। पिछली सरकार के कार्यकाल में 18 लाख हितग्राही आवास से वंचित रह गए थे। शपथ लेने के दूसरे दिन हमने कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी। अभी तक हमें केंद्र से 14 लाख आवास मिले हैं। दो दिन पूर्व केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए साढ़े तीन लाख आवास स्वीकृत करने जा रहे हैं। सभी को आवास मिले, इसके लिए हमने “आवास प्लस प्लस” सर्वे में पात्रता के दायरे को बढ़ाया है, जिससे हर किसी के घर का सपना पूरा हो सके। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस प्लस का सर्वे 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हो रहा है। इस सर्वे की सूची में सभी जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों का नाम शामिल हो, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके। गांव-गांव में वाटर हार्वेस्टिंग की अपील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में गिरते भू-जल स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गांव-गांव में जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाने की अपील की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंचायतों में वित्तीय सुविधा को बढ़ावा देने के लिए अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। इनसे निश्चित ही एक ही स्थान पर रेलवे टिकट बुकिंग हो या छात्रवृत्ति, पेंशन राशि का आहरण की सुविधा ग्राम पंचायतों में ही उपलब्ध होगी। इससे हम ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के संकल्प को पूरा कर सकते हैं। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भू-जल का गिरता स्तर बहुत ही चिंताजनक है। इसके लिए गांव-गांव में भू-जल स्तर बढ़ाने हेतु विभाग से अलग से एसओपी जारी किया जा रहा है। हम जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों से भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्य करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान जिला मुख्यालयों में सांसद, विधायक, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सरपंच सहित नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में जिन पंचायतों में पहले से PMAY-G पंचायत एंबेसडर हैं, उन्हें विशेष रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। जिन पंचायतों में अब तक कोई PMAY-G पंचायत एंबेसडर नियुक्त नहीं हुआ है, वहाँ उपयुक्त व्यक्ति को चयनित कर एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा “मोर दुवार साय सरकार” महाभियान (15 अप्रैल से 30 अप्रैल) की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। साथ ही ग्राम पंचायतों के भू-जल स्तर के संबंध में जानकारी दी गई तथा वॉटर हार्वेस्टिंग बनाने हेतु जनप्रतिनिधियों को संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, विशेष सचिव तारण प्रकाश सिन्हा, आयुक्त मनरेगा एवं संचालक पीएमएवाई ग्रामीण रजत बंसल, संचालक पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत 10 महिला हितग्राहियों को बांस टूल किट प्रदान की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पांडेय को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत 10 महिला हितग्राहियों को बांस टूल किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि पांडेय ने लंबे समय से संगठन में कार्य किया है। उनकी कुशल संगठन क्षमता के बारे में हम सभी अवगत हैं। निश्चित ही अब उनके अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को मिलेगा। उन्होंने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘स्वावलंबी भारत’ के निर्माण एवं स्थानीय रोजगार सृजन में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हम सबको प्रेरित करते हैं। उन्होंने शासकीय भवनों से लेकर ट्रेनों तक में खादी वस्त्र की उपयोगिता को बढ़ावा दिया है। वे कहते हैं कि खादी हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वे हर वर्ष एक बार स्वयं दुकान जाकर खादी का वस्त्र खरीदते हैं और पहनते हैं। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के पास राष्ट्रीय बांस मिशन का भी कार्य है।उन्होंने कहा कि आज बांस से न केवल गुलदस्ते, ट्री गार्ड, बल्कि क्रैश बेरियर तक बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हो रहा है। उन्होंने बेमेतरा जिले के एक गांव का उल्लेख किया, जहाँ बांस के ऊंचे मीनार और क्रैश बेरियर बनाए जा रहे हैं, जिसकी प्रशंसा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी ने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर आए थे, तब महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने उन्हें बांस से निर्मित गुलदस्ता भेंट किया, जिसकी उन्होंने सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इन उत्पादों में रंगों का उपयोग किया जाए, तो उनका आकर्षण और मूल्य दोनों ही बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे उत्पादों को अधिक आकर्षक और बाज़ार योग्य बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए और मुझे विश्वास है कि बोर्ड इस दिशा में आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर मोदी की एक और गारंटी को पूर्ण करने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में “अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र” के लिए कॉमन सर्विस सेंटर सेवा प्रदाता एवं सरपंचों के मध्य एमओयू किया गया है। आगामी 24 अप्रैल पंचायत दिवस से इन केंद्रों में नगद भुगतान की सुविधा प्रारंभ होगी। इन केंद्रों से विभिन्न प्रमाण पत्र भी प्राप्त किए जा सकेंगे और ग्रामवासियों को अनेक वित्तीय सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा। इससे लोगों को विकासखंड एवं जिला मुख्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। इस सुविधा का विस्तार चरणबद्ध रूप से सभी ग्राम पंचायतों में किया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हर घर खादी पहुंचे, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष राकेश पांडेय को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, गजेंद्र यादव, अमर अग्रवाल, अनुज शर्मा, धरमलाल कौशिक, प्रेमप्रकाश पांडेय, पूर्व सांसद सुसरोज पांडेय सहित विभिन्न निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्षगण, गणमान्य नागरिकगण एवं छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम नरदहा में सामाजिक भवन हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज रायपुर राज के 79वें महाधिवेशन में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम नरदहा में कुर्मी समाज के सामाजिक भवन हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा की। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी और प्रदेश की महान विभूतियों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, तथा छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोड़स राम कश्यप सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि कुर्मी समाज एक परिश्रमी और आत्मनिर्भर समाज है, जो परंपरागत रूप से खेती-किसानी से जुड़ा रहा है और विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वायदों में से अधिकांश वायदे हमारी सरकार द्वारा अल्पकाल में ही पूर्ण किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। इसके लिए आज एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में यह सुविधा 24 अप्रैल, पंचायत दिवस से प्रारंभ होगी, और इसका विस्तार चरणबद्ध ढंग से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शपथ ग्रहण के दूसरे ही दिन गरीबों के लिए 18 लाख पक्के मकानों की स्वीकृति दी गई। कुर्मी समाज के कृषक हितों को ध्यान में रखते हुए, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान की खरीदी की गई, साथ ही पिछले दो वर्षों का धान बोनस भी किसानों को दिया गया। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दो दिन पूर्व केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें फोन कर यह जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ के लिए 3.5 लाख नए आवास और स्वीकृत किए जा रहे हैं। इससे हम और अधिक जरूरतमंदों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर घर के सपने को साकार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, जो पूर्व में बंद कर दी गई थी, अब पुनः प्रारंभ की जा चुकी है, ताकि हमारे बुजुर्ग अपने इच्छित तीर्थ स्थलों की यात्रा कर सकें। उन्होंने कहा कि जीवन में एक बार तीर्थ करने की इच्छा हर बुजुर्ग की होती है, लेकिन आर्थिक कारणों से यह सपना अधूरा रह जाता है, जिसे अब हम साकार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। वनवासी भाइयों के पैरों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए, चरण पादुका योजना को वर्ष 2025-26 के बजट में पुनः शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस दिशा में लगातार प्रभावी कार्य कर रही है। इस अवसर पर समाज के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने वर्चुअली जुड़कर भारत रत्न स्व. डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती की दी बधाई और शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने वर्चुअली जुड़कर भारत रत्न स्व. डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती की दी बधाई और शुभकामनाएं जांजगीर में मना समरसता दिवस सक्ती सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चाम्पा श्रीमती कमलेश जांगड़े के मुख्य आतिथ्य में आज डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह का सामाजिक समरसता दिवस के रूप में आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी वर्चुअली जुड़कर भारत रत्न स्व. डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित और दीपप्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती जांगड़े ने कहा कि भारत रत्न स्व. डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने समाज के अंतिम पायेदान पर खड़े व्यक्ति को लाभ दिलाने की दिशा में लगातार काम किया है। सांसद श्रीमती जांगड़े ने कहा कि यह बहुत ही हर्ष की बात है कि आज हम सभी भारत रत्न स्व. डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के जयंती पर एक साथ उपस्थित होकर उन्हें याद कर रहे है। कार्यक्रम के दौरान संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन भी किया गया। भारत रत्न स्व. डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के जयंती के अवसर पर सांसद, कलेक्टर, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न समाज प्रमुखों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत एपीओ द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा मोर दुआर साय सरकार विशेष पखवाड़ा (15 से 30 अप्रैल) के अंतर्गत होने वाले सर्वेक्षण कार्य की जानकारी और योजना की पात्रता संबंधी जानकारी दी गई। जिला पंचायत एपीओ द्वारा 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक तीन चरणों में आयोजित होने वाले मोर दुआर साय सरकार महाभियान की जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। साथ ही हर विकासखण्ड से चयनित 10 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सीएससी-वीएलई सेवा प्रदाताओं के मध्य एमओयू (सहमति पत्र) की प्रक्रिया भी पूर्ण की गई। इसके साथ ही इस अवसर पर भूजल संरक्षण हेतु जानकारी दी गई व 24 अप्रैल 2025 को  पंचायत राज दिवस के अवसर पर अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के शुभारम्भ की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर जिलापंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपती चंद्रा, सक्ती नगरपालिका अध्यक्ष श्याम सुन्दर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. खिलावन साहू सहित विभिन्न समाज प्रमुख, सरपंच, स्व-सहायत समूह की महिलाएं, विभिन्न हितग्राही और संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर मृत बालक दिव्यांश के परिवारजनों को तत्काल 4 लाख रूपये की मिली आर्थिक सहायता

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  के द्वारा रायपुर के गुलमोहर पार्क पीएमवाय कॉलोनी में विगत दिवस हुई आकस्मिक दुर्घटना में मृत बालक दिव्यांश के शोकसंतप्त परिवारजनों को तत्काल 4 लाख रूपये आर्थिक सहायता देने के निर्देश पर परिवारजनों को तत्काल सहायता राशि दी गई।   मुख्यमंत्री के आदेश पर रायपुर जिला प्रशासन और रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ सतत संपर्क बनाकर आकस्मिक घटना के तत्काल पश्चात अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे दो अन्य बालकों की स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं। दोनों बालकों का स्वास्थ्य निरंतर सुधर रहा है। चिकित्सक गण लगातार दोनों बालकों के स्वास्थ्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव सा ने प्रिएम्बल वाल पर हस्ताक्षर कर संविधान की मूल भावना के प्रति जताई प्रतिबद्धता

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय युवाओं के साथ ‘जय भीम पदयात्रा’ में हुए शामिल ‘पंचतीर्थ’ और संविधान दिवस से नई पीढ़ी बाबा साहब से ले रही है प्रेरणा: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णु देव सा ने प्रिएम्बल वाल पर हस्ताक्षर कर संविधान की मूल भावना के प्रति जताई प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया रायपुर भारत का संविधान हर नागरिक के लिए पवित्र ग्रंथ है, जो हमें गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देता है। हमारा विशाल लोकतंत्र संविधान की मजबूत नींव पर खड़ा है और बाबा साहब इस ग्रंथ के शिल्पकार थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब से ‘जय भीम पदयात्रा’ का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री युवाओं के साथ हुए पदयात्रा में शामिल मुख्यमंत्री स्वयं इस पदयात्रा में युवाओं के साथ शामिल हुए और पदयात्रा के अंतिम पड़ाव में अंबेडकर चौक स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के साथ संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और संविधान की मूल भावना के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए प्रिएम्बल वाल पर अपने हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि ‘जय भीम पदयात्रा’ का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग और नेहरू युवा केंद्र संगठन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। बाबा साहब की दूरदर्शिता को बताया लोकतंत्र की नींव मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मध्यप्रदेश के मऊ में जन्म लेकर कठिन संघर्षों के बाद बाबा साहब ने उच्च शिक्षा प्राप्त की और भारत जैसे विशाल लोकतंत्र को एक समावेशी और शक्तिशाली संविधान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहब के जीवन से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे नई पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके। साथ ही संविधान दिवस की घोषणा कर देशवासियों को संविधान के प्रति समर्पण का संदेश दिया है। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण साय ने कहा कि बाबा साहब की दूरदर्शिता की वजह से आज भारत जैसा विशाल देश अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को लगातार समृद्ध कर रहा है, वहीं भारत के साथ आज़ाद हुए अन्य देश लोकतंत्र को साथ लेकर नहीं चल पाए। उन्होंने युवाओं से भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और उन्हें मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का पूरा जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायी है। उनके अगुवाई में ही देश के संविधान का निर्माण किया गया। उनके आदर्शों एवं बताए गए रास्तों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। युवाओं को किया गया सम्मानित इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समाज में विशिष्ट योगदान देने वाले युवाओं को मुख्य मंच से सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक खुशवंत साहेब, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में युवा, स्कूली बच्चे और आमजन उपस्थित थे।

वन विकास निगम की बड़ी जिम्मेदारी मिलने से जनजातीय समाज को इसका लाभ मिलेगा: मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष रामसेवक पैकरा के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और पैकरा को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे और उन्होंने पैकरा को नए दायित्व की बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रामसेवक पैकरा वरिष्ठ राजनेता हैं और सामाजिक जीवन का उन्हें लंबा अनुभव है। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। वे हमेशा से आदिवासी और वनवासी समुदायों के प्रति संवेदनशीलता और धरातल से जुड़कर कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्हें वन विकास निगम की बड़ी जिम्मेदारी मिलने से जनजातीय समाज को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 44 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो न केवल जैव विविधता और पर्यावरण के लिए बल्कि आदिवासी संस्कृति और आजीविका के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वनवासी समुदायों के हित में सरकार द्वारा की जा रही पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 4 करोड़ पौधों के रोपण एवं वितरण का लक्ष्य रखा गया है, वहीं बिगड़े वनों के सुधार हेतु 310 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में अब तक 3 करोड़ 50 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के 18वें त्रैवार्षिक अधिवेशन को किया संबोधित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में आयोजित अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के 18वें त्रैवार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए।मुख्यमंत्री साय ने अधिवेशन में 21 राज्यों से आए श्रमवीरों का प्रभु श्रीराम के ननिहाल में स्वागत किया और उन्हें हनुमान जयंती की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि देशभर से आए श्रमवीरों ने यहाँ आकर एकता और सामंजस्य का बड़ा संदेश देने का कार्य किया है। साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने 14 वर्षों के वनवास में से 10 वर्ष यहाँ बिताए, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सरकार का गठन हुआ था, तब उन्होंने श्रम राज्य मंत्री के रूप में श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए न्यूनतम पेंशन निर्धारित की गई और पीएफ की अनक्लेम राशि का उपयोग श्रमिकों के हित में किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बिजली की महत्ता को सभी भली-भाँति समझते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली सरप्लस है, लेकिन आने वाले समय में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में 1350 और 850 मेगावाट की दो विद्युत परियोजनाओं की सौगात दी थी। साय ने आगे बताया कि ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख 50 हज़ार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से प्रदेश में हर घर तक बिजली पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। इस पहल से हम हाफ बिजली से मुफ्त बिजली देने की ओर बढ़ रहे हैं और योजना के लिए राज्य सरकार ने सब्सिडी देने का बजट में प्रावधान भी किया है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर श्रमिकों के कल्याण के लिए आजीवन समर्पित रहे दत्तोपंत ठेंगड़ी का पुण्य स्मरण करते हुए उनके योगदानों को नमन किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के मंत्री और प्रभारी राधेश्याम जायसवाल, मधुसूदन जोशी, श्रीमती शोभा सिंहदेव सहित देशभर के 21 राज्यों से आए विद्युत श्रमिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के विकास में युवाओं की भागीदारी को लेकर की चर्चा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर में विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने युवाओं के साथ आत्मीय संवाद कर छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य और विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप प्रमोशन और उद्योगों से जुड़ाव जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और राज्य के समग्र विकास में अपनी अहम भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में अब अंतिम साँसें गिन रहा है और मार्च 2026 तक नक्सल का समूल नाश होगा। छत्तीसगढ़ की यह सुंदर धरती विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगी और शांत, सुरक्षित, खुशहाल और समृद्ध प्रदेश के रूप में इसे नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर में एएनआई द्वारा आयोजित विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने एएनआई की संपादक श्रीमती स्मिता प्रकाश के साथ पॉडकास्ट में अपने पारिवारिक, राजनीतिक जीवन और मुख्यमंत्री के रूप में अब तक के सफर और उपलब्धियों पर खुलकर बातचीत की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने प्रदेशवासियों के हित में मोदी की गारंटी की बात कही थी और हमारी सरकार ने बड़े निर्णय लेते हुए इसे पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश मोदी की गारंटी पूरी कर दी गई हैं। हमारी सरकार ने पहले ही कैबिनेट में 18 लाख गरीब परिवारों को आवास मुहैया कराने का बड़ा फैसला लिया था। प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रतिमाह ₹1000 की राशि प्रदान की जा रही है। पीएससी की परीक्षाओं में युवाओं के साथ हुए अन्याय के खिलाफ सीबीआई जांच जैसे बड़े निर्णय हमारी सरकार ने लिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को गति देने के लिए निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। इस नीति की सफलता का प्रमाण इस बात से मिलता है कि इसके लागू होने के बाद से सरकार को करोड़ों रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। हमारा उद्देश्य निवेश के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार देना भी है। साय ने कहा कि हमने विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्युमेंट तैयार किया है और विकसित भारत के लक्ष्य को पाने में हर प्रदेशवासी की अहम भूमिका होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

एक पढ़े-लिखे व्यक्ति और अनपढ़ व्यक्ति के जीवन में जमीन आसमान का अंतर होता है- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। एक पढ़े-लिखे व्यक्ति और अनपढ़ व्यक्ति के जीवन में जमीन आसमान का अंतर होता है। स्कूली बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराने में पाठ्य पुस्तक निगम की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। यह बातें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष राजा पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में कहीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करने पर राजा पांडेय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम का दायित्व है की किताबें समय पर छपें और बच्चों को स्कूल में पुस्तकें समय पर उपलब्ध हों। मुझे पूरी उम्मीद है कि राजा पांडेय पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में शिक्षा की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। इस लिहाज से पाठ्यपुस्तक निगम के पास एक बड़ी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति की शुरुआत की गई है, जिसे हमने छत्तीसगढ़ में लागू किया है। नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार पर भी फोकस किया गया है। प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर हम बच्चों को 18 स्थानीय बोलियों में किताबें उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बच्चे अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त कर पायेंगे। नई शिक्षा नीति का लाभ राज्य के बच्चों को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र में देश के शीर्ष संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ स्कूल और ट्रिपल आईटी छत्तीसगढ़ में स्थापित हुए हैं। आज चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में 14 मेडिकल कॉलेज हैं। एम्स जैसे राष्ट्रीय चिकित्सा संस्थान का लाभ लोगों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। आज नवा रायपुर में हमने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन किया है। ये सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश का दूसरा यूनिट है। 1143 करोड़ की लागत से इस संयंत्र की स्थापना हुई है। कम्पनी ने 10 हज़ार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव भी दिया है। इससे सेमीकंडक्टर चिप्स निर्माण में प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। इसी तरह नवा रायपुर को आईटी हब बनाने की दिशा में आज स्कवायर बिजनेस सर्विसेज को ऑफिस स्पेस आबंटित किया गया है। बिहान की बहनों को 40 बैटरी चालित ई-रिक्शा भी दिया गया है। साथ ही आज एल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट का भी हमने शुभारंभ किया है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की निवेशकों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। एनर्जी और टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में राज्य को निवेश प्राप्त हो रहा है। हम सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाना है। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा समाजिक परिवर्तन की धुरी है। समाजिक परिवर्तन से आर्थिक परिवर्तन संभव है। आर्थिक परिवर्तन से ही सशक्त राष्ट्र की संकल्पनाओं को साकार किया जा सकता है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सुशासन को लेकर कार्य कर रही है। अभी गांवों से लेकर शहरों तक सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। सुशासन के उद्देश्यों और आम जनमानस तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने में सभी निगम-मंडल का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने इस अवसर पर नवनियुक्त राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल,विधायक श्रीमती गोमती साय,विधायक मोतीलाल साहू, विधायक सुशांत शुक्ला,विधायक प्रबोध मिंज, विधायक भूलन सिंह मरावी, पूर्व मंत्री रामसेवक पैंकरा, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा,पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल सहित निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण भूपेंद्र सवन्नी,रामप्रताप सिंह, संजय श्रीवास्तव, अनुराग सिंहदेव, लोकेश कांवड़िया, शशांक शर्मा, श्रीनिवास मद्दी , अमरजीत छाबड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा छ. ग. पाठ्यपुस्तक निगम के अधिकारी-कर्मचारीगण व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का किया भूमिपूजन, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण नई औद्योगिक नीति से नई संभावनाओं का निर्माण, नवा रायपुर को बनाएंगे छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एनआरडीए ने 45 दिनों के भीतर सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि का किया आबंटन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 1,143 करोड़ रुपए की लागत से संयंत्र होगा स्थापित, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पोलीमैटेक कंपनी ने 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का दिया छत्तीसगढ़ को प्रस्ताव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी पोलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखी। यह कंपनी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो छत्तीसगढ़ में 1,143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट वर्ष 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगा, जिनका उपयोग टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि छत्तीसगढ़ में पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में सेमीकंडक्टर उद्योग को विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से कंपनी को यहां निवेश में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व के जो भी देश विकसित हुए हैं, उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में मेहनत की है, अनुसंधान किया है और ऐसा वातावरण बनाया है जिससे तेज़ी से तकनीकी प्रगति संभव हो पाई। अब 6जी और 7जी तकनीक भी आ रही है और मुझे खुशी है कि इनके लिए आवश्यक चिप्स हमारे देश में ही तैयार होंगे, और नवा रायपुर, अटल नगर में हमारे इंजीनियर इन्हें बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में आयोजित एक इंवेस्टर्स कनेक्ट प्रोग्राम में राज्य के अधिकारियों की मुलाकात पोलीमैटेक के प्रबंधन से हुई थी और उसी समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उद्योग विभाग और एनआरडीए ने कंपनी के लिए नवा रायपुर के सेक्टर-5 में डेढ़ लाख वर्ग फीट भूमि उपलब्ध कराई। एनआरडीए ने 45 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर भूमि आबंटित की और 25 दिनों से कम समय में लीज डीड पंजीकरण का कार्य भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकसित भारत के सपने को साकार करने हेतु विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में अत्यंत कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर निश्चित ही छत्तीसगढ़ की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरेगा, और इसकी शुरुआत आज के भूमिपूजन से हो चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस संयंत्र में कार्य करने वाले युवाओं को नियुक्ति पत्र भी अपने हाथों से प्रदान किए। भूमिपूजन अवसर पर पोलीमैटेक कंपनी के एमडी ईश्वर राव ने मुख्यमंत्री साय को राज्य सरकार की तत्परता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पॉवर मॉड्यूल फेब्रिकेशन प्लांट स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का भी प्रस्ताव दिया। इस संयंत्र के माध्यम से ट्रांजिस्टर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के क्षेत्र में नई ऊँचाई प्राप्त होगी। इससे राज्य में 5,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, एनआरडीए के सीईओ सौरभ कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पोलीमैटेक कंपनी के कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव ने धमतरी में कंवर समाज भवन के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा

समाज की गौरवशाली विरासत को संजोए रखने की जरूरत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कंवर-पैकरा समाज की नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णु देव ने धमतरी में कंवर समाज भवन के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा केकराखोली मार्ग में पुल निर्माण हेतु 30 लाख रूपये की मंजूरी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज धमतरी जिले के रांकाडीह में आयोजित कंवर पैकरा समाज के नवनिर्वाचित आदिवासी पंचायत जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह और धमतरी राज कंवर पैकरा समाज का वार्षिक महासभा में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर नगरीय निकाय निर्वाचन और त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में विजयी जनप्रतिनिधियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने गहिरागुरू बाबा द्वारा समाज कल्याण के लिए किये गये कार्यों को बताते हुए उनसे प्रेरणा लेकर समाज कल्याण के लिए कार्य करने की बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कंवर एवं पैकरा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है, हम सभी को मिलकर इस गौरवशाली इतिहास को संजोए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा की आज समाज के अनेक लोग विभिन्न क्षेत्रों में काम कर समाज का नाम रौशन कर रहे है। उन्होंने समाज के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि मदिरापान और मांस से दूर रहकर विकास में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के तहत् किये गये वादों को पूरा करने में कोई कमी नहीं की है। हमने शपथ लेते ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृत प्रदान की। वहीं धमतरी जिले में 40 हजार आवासों की स्वीकृति जल्द ही दी जायेगी। राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों से 3100 रूपये क्विंटल की दर से धान की खरीदी की और उसके बोनस की अंतर राशि भी एक सप्ताह के भीतर उन्हें प्रदान कर दी है। इसके साथ ही लंबित 2 वर्षाे का धान बोनस भी किसानो को दिया गया, जिसका लाभ प्रदेश के किसानों को मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को एक हजार रूपये प्रदान किये जा रहे हैं, जल्द ही ऐसी महिलायें जो नवविवाहित है या जिनका नाम नहीं जुड़ पाया है, उन्हें भी जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि तेन्दूपत्ता खरीदी में भी हमने प्रति मानक बोरा की दर में वृद्धि करते हुए 5500 रूपये किया है। रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत् प्रदेश के लोगों को धार्मिक स्थानों पर जाने का अवसर मिल रहा है। भूमिहीन ग्रामीण कृषि मजदूर योजना के तहत् भी प्रदेश के पात्र हितग्राहियों को सहायता राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के औद्योगिक नीति और प्रदेश में संचालित उच्च शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम को कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग, प्रदेश अध्यक्ष कंवर समाज हरिवंश सिंह मिरी, कंवर समाज के अध्यक्ष विश्राम जी दाउ और अन्य अतिथियों ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सिहावा श्रीमती पिंकी धुव, पूर्व विधायक सिहावा श्रवण मरकाम सहित अनेक समाज के पदाधिकारी और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने 10 हितग्राहियों को पीएम आवास की सौंपी चाबी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर कंवर समाज के 10 हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबी प्रदान करते हुए गृह प्रवेश की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री  आवास योजना ग्रामीण के तहत् जिले में सभी पात्र हितग्राहियों को पक्का आवास प्रदान करने के उद्देश्य से  21 हजार 875 आवास स्वीकृत किए गए है। वर्तमान में नवीन परिवारों का सर्वे किया जा रहा है, जिसमें जिले 32 हजार 565 का सर्वे हो चुका है। 25 हितग्राहियों को मिला अधिकार अभिलेख मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 25 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख प्रदान कर हितग्राहियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अधिकार अभिलेख मिल जाने से अब किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण राजस्व ग्रामों में स्थित आबादी भूमि में निवासरत परिवारों को स्वामित्व कार्ड जिले में प्रदाय किया जा रहा है। धमतरी जिला, स्वामित्व कार्ड वितरण में पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है। अब तक धमतरी जिले के 143 ग्रामों में 17 हजार 354 स्वामित्व कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से दो चरणों में 11 हजार 551 कार्डों का वितरण किया गया है। इसमें मगरलोड तहसील के 21 ग्रामों के 3 हजार 134 कार्ड भी सम्मिलित हैं। पंचायती राज दिवस (24 अप्रैल 2025) के अवसर पर 26 ग्रामों के 3 हजार 345 कार्डों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभिलेखों को तैयार करने का काम प्रगति पर है। स्टार्टअप के लिए जयंती सिदार को मिला साढ़े तीन करोड़ रुपये का चेक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धमतरी जिले से आईएफसीआई वेंचर कैपिटल फंड्स के अनुसूचित जनजाति के लिए, उद्यम पूंजी कोष  के पहली लाभार्थी और स्टार्टअप हेमल फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की श्रीमती जयंती सिदार को 3 करोड़ 41 लाख रूपये का चेक प्रदान किया और व्यवसाय की सफलता के लिए अग्रिम बधाइयाँ दीं।  बता दें कि भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप इवेंट का दूसरा एडिशन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन को गवर्नमेंट ई मार्केट प्लेस द्वारा किया गया। इस आयोजन में 3 हजार से ज्यादा स्टार्टअप, एक हजार से अधिक निवेशक और 50 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

आज से सार्वजनिक ई-ऑटो परिवहन सेवा की होगी शुरूआत

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 11 अप्रैल को नवा रायपुर में रखेंगे सेमी कंडक्टर निर्माण प्लांट की आधारशिला  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज झरिया अल्काइन वाटर बाटलिंग प्लांट का करेंगे शुभारंभ आज से सार्वजनिक ई-ऑटो परिवहन सेवा की होगी शुरूआत रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 11 अप्रैल को नवा रायपुर में देश की प्रसिद्ध सेमी कंडक्टर निर्माता कंपनी पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर झरिया अल्काइन वाटर बाटलिंग प्लांट का करेंगे शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री नवा रायपुर में निर्मित कॉमर्शियल टावर में आईटी कंपनियों को फर्निश्ड स्पेस का आबंटन करने के साथ ही नवा रायपुर में सार्वजनिक ई-ऑटो परिवहन सेवा की भी शुरूआत करेंगे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहेेंगे। यह कार्यक्रम वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, आवास एवं पर्यावरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा। गौरतलब है कि पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली कंपनी है, जो छत्तीसगढ़ में 1143 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा कारखाना स्थापित करेगी। डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनने वाला यह प्लांट 2030 तक 10 अरब चिप्स तैयार करेगी, जो टेलीकॉम, 6जी/7जी, लैपटॉप और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग होंगे। इस प्लांट में 130 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय नवा रायपुर के कमर्शियल टावर में पूरी तरह तैयार ऑफिस स्पेस आईटी कंपनियों को आबंटित करेंगे। यह कदम नवा रायपुर को भारत का आईटी हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी। आईटी कंपनी के माध्यम से 750 लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री इस मौके पर युवाओं को जॉइनिंग लेटर भी सौंपेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों नवा रायपुर में ई-ऑटो पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा की शुरुआत भी होगी। यह ई-ऑटो सर्विस महिलाओं के स्व-सहायता समूह के जरिए संचालित होगी। लगभग 130 किलोमीटर के दायरे में यह ई-ऑटो पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा रिहायशी इलाकों, ऑफिस, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और जंगल सफारी को जोड़ेगी। इससे 40 महिलाओं को रोजगार मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री श्री साय झरिया अल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन भी होगा। इससे सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति होगी।

मुख्यमंत्री ने ‘सेवांकुर भारत: एक सप्ताह देश के नाम’ के तहत आदिवासी क्षेत्रों में किए जा रहे सेवाकार्य की सराहना की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने मंच पर भगवान राम, भारत माता, बिरसा मुंडा, स्वर्गीय जगदेव राम उरांव और स्वर्गीय बाला साहब देशपांडे के छायाचित्र पर पुष्पगुच्छ अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने ‘सेवांकुर भारत: एक सप्ताह देश के नाम’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने इस कार्यक्रम के तहत आदिवासी क्षेत्रों में किए जा रहे सेवाभाव की सराहना की। इस अवसर पर एनटीपीसी लारा के महाप्रबंधक रविशंकर ने कलेक्टर रोहित व्यास को जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय के निर्माण के लिए 35 करोड़ 53 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय लोगों के सेवाकार्य और इन क्षेत्रों के विकास में स्वर्गीय जगदेव राम उरांव, स्वर्गीय बाला साहब देशपांडे, स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निर्माण मानव समाज के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एनटीपीसी लारा के सीएसआर फंड से इस अस्पताल के निर्माण के लिए 35 करोड़ 53 लाख रुपये आबंटित किया गया है। इस अस्पताल के बन जाने से जशपुर और इसके आसपास के ग्रामीण अंचल के रहवासियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस बार के बजट में जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद से अब तक के कार्यकाल में ही मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा कर लिया गया है। कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रति माह 01 हजार रुपये देकर महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा 5500 रुपये मूल्य निर्धारित किया गया है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों का विकास किया जा रहा है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से आदिवासी इलाकों का विकास कार्य और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से बस्तर के नक्सल प्रभावित ग्रामों में विकास किया जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थिएटर, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, आपातकालीन वार्ड, एमआरआई, ईसीजी सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। आदिवासी क्षेत्रों में जाकर कार्य कर रहा है ‘सेवांकुर भारत: एक सप्ताह देश के नाम’ सेवांकुर भारत की तरफ से 5 से 13 अप्रैल तक ‘एक सप्ताह देश के नाम’ मनाया जा रहा है। सेवांकुर भारत एक सेवाभावी संस्था है, जिसमें डॉक्टरों सहित मेडिकल फील्ड से जुड़े अन्य लोग काम कर रहे हैं। यह संस्था आदिवासी इलाकों में जाकर मेडिकल कैंप लगाकर उनका इलाज करती है और अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराती है। इस संस्था में 18 ग्रुप हैं, प्रत्येक ग्रुप में 15 से 16 लोग जुड़े हैं। सेवांकुर भारत 2016 से हर वर्ष ‘एक सप्ताह देश के नाम’ से आदिवासी इलाकों में जाकर सेवा का कार्य कर रही है। यह संस्था नए चिकित्सकों को सेवा कार्य के लिए प्रेरित भी करती है। इसके अलावा यह संस्था आदिवासियों के घरों में जाकर उनकी संस्कृति और जीवनशैली का अध्ययन करती है, ताकि उनके इलाज की जरूरतों को बेहतर समझा जा सके। इस अवसर पर सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक रायमुनि भगत, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के अध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार सिंह, महामंत्री योगेश बापट,  संनिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांतीय अध्यक्ष रणविजय सिंह जूदेव, कमिश्नर नरेन्द्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, कृष्ण कुमार राय सहित वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोंडवाना सामाजिक भवन के जीर्णाेद्धार, बाउंड्री वॉल के लिए 80.48 लाख रूपए की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कांकेर के ग्राम भिरावाही में गोंडवाना समाज द्वारा आयोजित मरका पंडुम (चैतरई महापर्व) के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने गोंडवाना समाज के आराध्य बूढ़ादेव और आंगा देव की पूजा-अर्चना कर तेंदू, चार, चिरौंजी, महुआ और आम फल अर्पित किया और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए कामना की। मुख्यमंत्री साय ने भिरावाही के गोंडवाना भवन परिसर में आयोजित मरका पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गोंडवाना समाज का समृद्धशाली इतिहास रहा है। मरका पण्डुम पर्व में नए फलों, फसलों का अर्पण अराध्य देवी-देवताओं को किए जाने की परंपरा है। उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा आगे बढ़ाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री साय ने समाज को शिक्षित होने पर जोर देते हुए बच्चों को पढ़ाने के लिए सबको आगे आने तथा जागरूक होने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हुआ है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति का तेजी से विकास हुआ है, वहीं प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी जैसी उच्च संस्थाएं स्थापित हुई हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार द्वारा बस्तर से नक्सलवाद जड़ से खत्म करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि अब नियद नेल्लानार योजना के दायरे को विस्तारित किया जा रहा है, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अधिक से अधिक ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोंडवाना समाज के प्रतिनिधियों की मांग पर 80 लाख 48 हजार रूपए के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिसमें गोंडवाना समाज के भवन के जीर्णाेद्धार हेतु 45 लाख रुपए, बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 23 लाख 47 हजार रूपए और देवगुड़ी के सांदर्यीकरण एवं विभिन्न कार्यों के लिए 12 लाख 01 हजार रूपए की स्वीकृति शामिल है। समापन समारोह को कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के हितचिंतक मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का नेतृत्व कर रहे, यह गर्व की बात है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासियों को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत को विस्मृत नहीं करना चाहिए, क्योंकि यही हमारी जड़ और वास्तविक पहचान है। इस दौरान बस्तर गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग ने सामाजिक गतिविधियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी, नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष अरूण कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी, श्रीमती सुमित्रा मारकोले, कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

8 से 11 अप्रैल तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आमजन से लिए जाएंगे आवेदन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार का प्रदेशव्यापी शुभारंभ 8 अप्रैल से होने जा रहा है। तीन चरणों में आयोजित होने वाला यह सुशासन तिहार 31 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जाएंगे। सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य इस वर्ष अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। यह वर्ष सौभाग्य से छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है, जिसे राज्य सरकार “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मना रही है। सुशासन की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी। *समाधान शिविर और योजनाओं का प्रचार* तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी। शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे कार्यों की वास्तविकता का भी मूल्यांकन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे सुशासन तिहार से जुड़ें और शासन-प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराएं, ताकि उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल की जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिकलसेल और थैलेसीमिया जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिकलसेल और थैलेसीमिया जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का किया शुभारंभ पीड़ित बच्चों की हुई निःशुल्क जांच, उपचार भी रहेगा पूर्णतः निःशुल्क रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जिला अस्पताल, जशपुर में सिकलसेल, थैलेसीमिया परामर्श जागरूकता एवं एचएलए मैचिंग शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सिकलसेल और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस विशेष शिविर में न केवल जशपुर जिले, बल्कि पड़ोसी जिले बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर एवं झारखंड के गुमला जिले से भी सिकलसेल और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे एवं उनके परिजन शामिल हुए। बेंगलुरु से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सक, निःशुल्क हुआ एचएलए डीएनए टेस्ट शिविर में बेंगलुरु के नारायणा हॉस्पिटल से आए बोन मैरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. सुनील भट्ट द्वारा 12 वर्ष तक के बच्चों  का एचएलए डीएनए टेस्ट और परामर्श निःशुल्क किया गया। यह परीक्षण बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त डोनर की पहचान हेतु आवश्यक होता है। संपूर्ण इलाज सहित विदेश में होने वाला महंगा टेस्ट भी अब निःशुल्क शिविर में कास फाउंडेशन की श्रीमती काजल सुरेश सचदेव ने बच्चों एवं परिजनों को सिकलसेल और थैलेसीमिया के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इन बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए न केवल आवश्यक दवाइयों एवं जांच की सुविधाएं निःशुल्क दी जा रही हैं, बल्कि जर्मनी में होने वाला अत्यंत महंगा एचएलए डीएनए टेस्ट और देश के प्रमुख अस्पतालों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रिया भी पूर्णतः निःशुल्क कराई जा रही है। राष्ट्रीय सिकलसेल एवं एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत जशपुर जिले में 0-15 आयु वर्ग के 209 सिकलसेल एवं थैलेसीमिया मरीजों की पहचान की गई है। इनमें से 110 बच्चों का एचएलए डीएनए टेस्ट कर ट्रांसप्लांट के लिए चयनित किया गया, जिनमें से अब तक 8 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो चुका है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सिकलसेल एवं एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, संगवारी संस्था एवं कास फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से जिले में सिकलसेल के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह,  नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, भरत सिंह, संभागीय कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षा बलों को दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे निर्णायक अभियानों को एक और बड़ी सफलता मिली है। दंतेवाड़ा जिले में आज 26 हार्डकोर नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जो राज्य की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 की सफलता और विश्वसनीयता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर सुरक्षाबलों के जवानों को सहृदय बधाई देते हुए कहा कि नक्सलवाद के समूल नाश के हमारे संकल्प को निरंतर सफलता मिल रही है। इस उपलब्धि में नियद नेल्ला नार योजना और लोन वर्राटू अभियान की अहम भूमिका रही, जो आदिवासी युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी द्वारा लाल आतंक प्रभावित गांवों को नक्सलमुक्त घोषित होने पर ₹1 करोड़ की विशेष सहायता राशि की घोषणा के सकारात्मक परिणाम भी अब सामने आने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  एवं गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 31 मार्च 2026 तक राज्य को पूरी तरह नक्सल आतंक से मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि हम निश्चित रूप से तय समयसीमा के भीतर इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि यह महज कोई अभियान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की शांति, सुरक्षा और समृद्धि का मिशन है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सौर ऊर्जा से संचालित ई-रिक्शा और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन का किया लोकार्पण

रायपुर अक्षय ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग स्वच्छ, सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाएगा। बिजली आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नए लक्ष्य तय किए गए हैं और इसे पूरा करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के क्रेडा कार्यालय परिसर में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में 50 करोड़ रुपए से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सौर ऊर्जा संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन और सामान्य से सौर ऊर्जा में परिवर्तित ई रिक्शा का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी को रामनवमी के पावन पर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज के इस शुभ घड़ी में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े कामों की शुरुआत हुई है। परंपरागत ईंधन के स्रोतों से पर्यावरण को हो रही क्षति को देखते हुए सौर और  नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बड़ा परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के आमजनों और  किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों में भी नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से बिजली पहुंचाने का काम पूरा हो रहा है और सुदूर अंचल के गांव इससे रोशन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा से संचालित ई रिक्शा का आज लोकार्पण किया गया है और इस पहल से ई रिक्शा का संचालन किफायती हो जाएगा और ई रिक्शा चालकों के आय में वृद्धि होगी। साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में हॉफ बिजली नहीं बल्कि मुफ्त बिजली मिले और इस दिशा में सरकार प्रयासरत है। उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताया और कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक गरीब परिवारों को इससे लाभान्वित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा भी सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान बजट में किया गया है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की जानकारी दी और कहा कि इससे ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और हम भविष्य की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया स्वच्छ पर्यावरण के लिए अक्षय ऊर्जा को अपना रही है। उन्होंने कहा कि अब फॉसिल फ्यूल का उपयोग धीरे धीरे कम होगा और आने वाले समय में नवीकरणीय ऊर्जा से यह रिप्लेस हो जाएगा। डॉ. सिंह ने अक्षय ऊर्जा से जुड़े 50 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी और इसे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी पहल बताया। अक्षय ऊर्जा से जुड़े 50 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का हुआ भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में अक्षय ऊर्जा से जुड़े 50 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का लोकार्पण और शिलान्य किया। लोकार्पण किए गए कार्यों में रायपुर में 29 लाख की लागत से सौर ऊर्जा संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन, सामान्य ई रिक्शा को सोलर ई रिक्शा में परिवर्तित करने तथा नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत स्थापित 54 नग सोलर हाई मास्ट, 152 नग सोलर ड्यूल पंप एवं दो नग सोलर पावर प्लांट स्थापना कार्य शामिल है। इसी तरह भूमिपूजन किए गए कार्यों में  बिलासपुर, राजनांदगांव एवं जगदलपुर के ऊर्जा शिक्षा उद्यानों में सौर ऊर्जा से संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापना कार्य, प्रदेश के समस्त ऊर्जा शिक्षा उद्यानों को नेट जीरो करने, ऊर्जा शिक्षा उद्यान राजनांदगांव का जीणोद्धार का कार्य शामिल है। साथ ही जिला बालोद में मुख्यमंत्री की घोषणा अनुरूप दो नग सोलर हाई मास्ट एवं एक नग सामुदायिक बायोगैस संयंत्र की स्थापना कार्य, जिला बलौदा बाजार में मुख्यमंत्री के घोषणा अनुरूप 23 ग्रामों के पर्यटन स्थलों में 50 नग सोलर हाई मास्ट संयंत्र का स्थापना कार्य, जिला कोरबा अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्रों का सौर ऊर्जीकरण का कार्य, हिर्री डोलोमाइट खदान जिला बिलासपुर में 500 किलो वाट क्षमता के ऑन ग्रिड सोलर पावर प्लांट का स्थापना कार्य, जिला कोरबा अंतर्गत आश्रम/ छात्रावासों का सौर ऊर्जीकरण कार्य, ग्राम कुंजारा जिला जशपुर में 280 किलो वाट क्षमता के ऑन ग्रिड एवं 2.4 किलो वाट क्षमता के ऑफ ग्रिड सोलर पावर प्लांट की स्थापना कार्य का भूमिपूजन किया गया। क्रेडा के नवाचारी पहल से बैटरी ऑपरेटेड ई रिक्शा चालकों की बढ़ेगी आय सौर ऊर्जा से मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने पर हो रहा है काम क्रेडा सीईओ राजेश सिंह राणा ने बताया कि सौर संचालित बैटरी स्वैपिंग स्टेशन क्रेडा द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बैटरी ऑपरेटेड इलेक्ट्रिक रिक्शा के लिए विकसित किया गया है। बैटरी स्वैपिंग के मदद से ई-रिक्शा चालक कम समय में सस्ते दर पर डिस्चार्ज बैटरी को चार्ज बैटरी से बदल सकते हैं। इससे ई-रिक्शा चालक प्रतिदिन अधिक दूरी तय कर पाएंगे तथा इससे उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। इसी तरह सोलर पैनल आधारित ई-रिक्शा साधारण ई-रिक्शा के मुकाबले एक ऊर्जा दक्ष ई-रिक्शा के रूप में क्रेडा द्वारा विकसित किया गया है। इससे रिक्शा चालक को बार-बार बैटरी चार्ज करने की समस्या से राहत मिलती है। साधारणतः रिक्शा चालक प्रतिदिन बैटरी चार्जिंग समस्या से अधिक दूरी तय नहीं कर पाते हैं। ई-रिक्शा में सौर पैनल स्थापित कर इस समस्या को क्रेडा द्वारा काफी हद तक दूर किया गया है। राणा ने बताया कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में सौर ऊर्जा से मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने में क्रेडा द्वारा अनेकों प्रयास किये जा रहे हैं, जिसमें आश्रम-छात्रावासों, स्वास्थ्य केन्द्रों, ऊर्जा शिक्षा उद्यान में सौर संयत्रों की स्थापना, पथ प्रकाश व्यवस्था हेतु सौर संयंत्रों से सामुदायिक स्ट्रीट लाईट का संचालन, सोलर हाई मास्ट लाईट की स्थापना एवं सामुदायिक बायोगैस संयंत्रों की स्थापना जैसे कार्य सम्मिलित है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, विधायक संपत अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, क्रेडा के नवनियुक्त अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, नव नियुक्त निगम मंडलों के अध्यक्षगण, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ कन्याओं को कराया भोजन, प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के बगिया ग्राम में स्थित दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इस शुभ अवसर पर उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिवारजनों के साथ देवी माँ का विधिवत पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और श्रीमती कौशल्या साय ने इस अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और स्नेहभाव के साथ नन्हीं कन्याओं को आदरपूर्वक भोजन कराकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर कन्याओं का पूजन एवं सम्मान, हमारी सांस्कृतिक जड़ों को संजोने के साथ-साथ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे राष्ट्रीय अभियान को भी जीवंत करता है। यह संदेश देता है कि बालिकाएँ केवल परिवार की नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास की भी आधारशिला हैं। उनका सम्मान, संरक्षण और सशक्तिकरण ही राष्ट्र के विकास के संकल्प को पूर्णता प्रदान करता है।

28 हेक्टेयर में 53 लाख रूपए की लागत से बनाई गई है पर्यावरण वाटिका

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया में पर्यावरण वाटिका का किया लोकार्पण खूबसूरत प्राकृतिक परिवेश में निर्मित वाटिका में औषधीय पौधे, एडवेंचर जोन, तितली जोन बनाए गए : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 28 हेक्टेयर में 53 लाख रूपए की लागत से बनाई गई है पर्यावरण वाटिका रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया में पर्यावरण वाटिका का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया में पर्यावरण वाटिका का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया में पर्यावरण वाटिका का किया लोकार्पण अगर आप प्रकृति के बीच स्वच्छ वातावरण में अपने परिवार के साथ समय बिताने आना चाहें तो बगिया में बनी पर्यावरण वाटिका आपका इंतजार कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में स्थित अपने गृहग्राम बगिया में पर्यावरण वाटिका का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वाटिका परिसर में नारियल, सुपाड़ी और सीता अशोक का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।    सुरम्य प्राकृतिक परिवेश में 53 लाख रुपए की लागत से 28 हेक्टेयर में निर्मित पर्यावरण वाटिका में एडवेंचर जोन, औषधीय गुणों से भरपूर पौधे, चिल्ड्रन पार्क, वाटर फॉल, मेडिटेशन हट, तितलियों के जीवन चक्र को प्रदर्शित करता तितली जोन और कई निर्माण कराए गए हैं, जो लोगों को प्रकृति के और भी करीब ले जाकर आनंदमय अनुभव कराती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद ग्रामीणों से कहा कि इसके बन जाने से यहां पर रोजगार के अवसर निर्मित होंगे। वाटिका में लगाये गए हैं औषधीय गुणों से भरपूर पौधे         पर्यावरण वाटिका में जंगल ट्रेल का निर्माण किया गया है। जहां योग जोन, आरोग्य वन पथ, जंगल जिम, तितली जोन, मोगली एडवेंचर जोन, ऑक्सीजन बूथ, पैगोडा, गजराज जोन, तालाब, नेचुरल झूले, किड्स प्ले जोन बनाया गया है। यहां पर औषधीय गुणों से भरपूर हर्रा, गिलोय, बेली बांस, सर्पगंधा, अश्वगंधा, बारबाडोस लिली, पुदीना, लेमन ग्रास, पत्थरचट्टा, आंवला आदि अनेक प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं।    वाटिका में निर्मित तितली जोन में तितली के पर्यावरण में योगदान को प्रदर्शित करते हुए तितली के सम्पूर्ण जीवन चक्र को दर्शाया गया है। यहां पर जशपुर में पाई जाने वाली सभी तितलियों की प्रजातियों को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शन का उद्देश्य तितलियों के बारे में लोगों को जानकारी देने के साथ उनके संरक्षण के महत्व के बारे में भी बताना है। मोगली एडवेंचर जोन में बच्चों के लिए हैं विभिन्न साहसिक खेल वाटिका में बने किड्स प्ले जोन में बच्चों के लिए आकर्षक झूले लगाए गए हैं। जिसमें प्राकृतिक झूले भी बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के मनोरंजन के लिए मोगली एडवेंचर जोन बनाया गया है। जहां कमांडो नेट, टायर वॉक, बैलेंस ब्रिज, टायर क्लाइम्बिंग, रोप वॉक, इंक्लाइंड लॉग, कार्गाे नेट, सिंगल लाइन ब्रिज, बर्मा ब्रिज आदि बनाये गए हैं।        वाटिका में सरई छांव प्राकृतिक पैगोडा का निर्माण किया गया है। जहां परिवार के साथ प्रकृति का आनंद लिया जा सकता है। यहां पर आदिम कलाकारों द्वारा आदिम संस्कृति को प्रदर्शित करती कास्ट मूर्तियां भी लगाई गई हैं। इस वाटिका में पर्यावरण के प्रति जागृति दिखाते हुए बांस के बने आकर्षक डस्टबिन भी लगाए गए हैं।       मुख्यमंत्री बच्चों से पूरी आत्मीयता से मिले, दिए फल और ड्राई फ्रूट्स मुख्यमंत्री जब भी बच्चों से मिलते है पूरे वात्सल्य भाव से मिलते हैं। आज जब मुख्यमंत्री पर्यावरण वाटिका का अवलोकन कर रहे थे, तब उन्होंने वहां खेल रहे बच्चों को अपने पास बुलाया और उनसे प्रेम भाव से बात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें फल और ड्राय फ्रूट्स भेंट किए। प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले दीपांशु यादव, नीतू देवार, भीम विश्वकर्मा, रितेश राम सहित अन्य बच्चे मुख्यमंत्री से मिलने के बाद काफी खुश नजर आए। इस अवसर पर विधायक और सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, पीसीसीएफ अरुण पांडेय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, वनमंडलाधिकारी जितेन्द्र उपाध्याय, आईएफएस निखिल अग्रवाल, सर्वरामप्रताप सिंह, भरत सिंह, सुनील गुप्ता सहित अधिकारीगण और जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे। 84

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दान धर्म और परोपकार दाऊ अग्रवाल समाज के स्वभाव में है

रायपुर  दाऊ अमृष कुमार लक्ष्मेश्वर दयाल, छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन पुरानी बस्ती के लोकार्पण समारोह, छत्तीसगढ़ में दान की अनोखी परंपरा स्थापित करने वाले दानदाताओं के वंशजों और छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय पदाधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह मैं पहुंचे प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दान धर्म और परोपकार दाऊ अग्रवाल समाज के स्वभाव में है। कोरोना काल में जब सब अपने घरों से निकल नहीं पा रहे थे तब छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज ने सबके भोजन की, विश्वास की और मुस्कान की चिंता की इस समाज ने धर्म शिक्षा स्वास्थ्य शुद्ध पेयजल जैसे विभिन्न आयाम में दान किया। यह अनुकरणीय है।  कोई सोच भी नहीं सकता था ऐसा दान दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल ने किया है। 1728 एकड़ जमीन कृषि विश्वविद्यालय को दान अद्भुत है। अस्पताल का निर्माण आज भी लोगों को लाभ पहुंचा रहा है और एम्स की जमीन दाऊजी की दूर दृष्टि को साबित करती है। ऐसे दाऊजी को नमन है।  लोगों को संबोधित करते हुए रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने कहा कि आज का कार्यक्रम एक समाज के दायरे में बंद कार्यक्रम नहीं है आज के कार्यक्रम में शहर को शिक्षा स्वास्थ्य संस्कृति धर्म शादी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने वाले व दान करने वालों का सम्मान किया जा रहा है कहीं ना कहीं उसकी इस दान के पीछे दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल जी की प्रेरणा है। और यह परंपरा लगातार आगे बढ़े ऐसा इस आयोजन का उद्देश्य है।   इस पूरे आयोजन में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा महापौर मीनल चौबे व नान  अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव भाजपा प्रवक्ता नालिनेश ठोकने भी उपस्थित थे। ।  कार्यक्रम के आयोजक छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज की केंद्रीय अध्यक्ष दाऊ अनुराग अग्रवाल ने बताया कि दानशीलता दिवस का उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी जो आभासी दुनिया में जी रही है उन्हें उनके पूर्वजों के योगदान से अवगत कराना है। पूर्वजों ने दान की जो परंपरा रखी थी वर्तमान पीढ़ी उसे बहुत आगे अच्छे से आगे बढ़ा रही है भविष्य की पीढ़ी भी उससे प्रेरणा ले इसलिए ऐसे आयोजन निरंतर किए जाएंगे। अनुराग अग्रवाल ने बताया कि रायपुर अब महानगर हो गया है महानगर के लोगों को यह पता लगे की रायपुर के निर्माण में अग्रवाल समाज, मराठी समाज, ब्राह्मण समाज, बंगाली समाज, सिंधी समाज, सिख समाज सब समाजों ने मिलकर बिना भेदभाव के योगदान दिया है इसलिए यह आयोजन किया गया है।   छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज की तरफ से केंद्रीय अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने मुख्यमंत्री जी से दानवीर दाऊ कल्याण सिंह अग्रवाल के नाम से राज्य अलंकरण प्रारंभ करने की मांग रखी है। क्योंकि प्रथम मंत्रालय दो कल्याण सिंह मंत्रालय था अतः नया रायपुर में किसी चौराहे या सड़क का नाम दाऊ कल्याण सिंह के नाम से रखने की मांग भी की गई है।   छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज की अध्यक्ष पद पर  दाऊ अनुराग अग्रवाल सचिव पद पर दाऊ  डॉ जेपी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष पद पर  दाऊ अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष पद पर दाऊ अजय दानी, उपाध्यक्ष पद पर दाऊ श्याम अग्रवाल, दाऊ गजेंद्र अग्रवाल, दाऊ डॉ राजेश अग्रवाल, श्रीमती सीता अग्रवाल, सह सचिव पद पर दाऊ यशवंत अग्रवाल, दाऊ संतोष अग्रवाल, दाऊ केशव मुरारी अग्रवाल,श्रीमती निहारिका अग्रवाल, महिला प्रतिनिधि के पद पर श्रीमती विंध्य अग्रवाल और युवा प्रतिनिधि के तौर पर दाऊ आशीष अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के द्वारा महाराज अग्रसेन के नाम से शपथ ली।   कार्यक्रम आभार प्रदर्शन केंद्रीय सचिव डॉक्टर दाऊ जेपी अग्रवाल ने किया।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानित

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रायपुर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानितमुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में नवनिर्मित आडिटोरियम का लोकार्पण करते हुए दानदाताओं को किया सम्मानित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज द्वारा दानशीलता दिवस पर आयोजित सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन में समाज द्वारा नवनिर्मित 200 सीटर ऑडिटोरियम का लोकार्पण और  दान दाताओं का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अग्रवाल समाज की दानशीलता के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानवता की सेवा और दानशीलता के लिए अग्रवाल समाज हमेशा ही आगे रहा है। छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ से काफी पुराना नाता रहा है। लगभग 400 साल पहले जब से अग्रवाल समाज का छत्तीसगढ़ में पदार्पण हुआ है,  तब से छत्तीसगढ़ के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज व्यापार व्यवसाय से जुड़ा हुआ है जो कठिन परिश्रम  तथा लगन से कार्य करते हुए मानवता की सेवा में जुटा रहना वाला समाज है। अग्रवाल समाज के द्वारा कोविड की विषम परिस्थिति में भी मानव सेवा सम्बंधी किए गए कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के दानदाताओं के सहयोग का उल्लेख किया। इनमें उन्होंने डीकेएस अस्पताल, एम्स, शीतलबांधा तालाब सहित अनेक  कार्यों का उल्लेख किया। कृषि विश्वविद्यालय के लिए 1900 एकड़ भूमि समाज के दानदाताओं द्वारा दी गई है। अनेक धर्मशाला, तालाब, मंदिर, गौशाला, छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के द्वारा बनाई गई है। इन कार्यों से समाज का हर वर्ग लाभान्वित है। सामाजिक समरसता का इससे अनूठा उदाहरण और कुछ नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ही नहीं बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के लोगों ने सेवा के ऐसे काम किए हैं, जो सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कन्या विवाह, रोजगार जैसे अनेक क्षेत्रों में आप सभी ने जरूरतमंदों की सेवा की है। हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ देश-दुनिया में सामाजिक समरसता के लिए जाना जाता है। इसके पीछे छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप 2047 में विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को पाने में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रहेंगी। इस दौरान उन्होंने समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई। साथ ही मुख्य मंच से दान देने वाले अग्रणी परिवारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे, संजय श्रीवास्तव, दाऊ अनुराग अग्रवाल  सहित समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत की प्राचीन विधा योग को विश्वपटल पर किया स्थापित – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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 योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के शपथ ग्रहण में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के शपथ ग्रहण में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  ने भारत की प्राचीन विधा योग को विश्वपटल पर किया स्थापित – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वस्थ तन-मन के लिए योग को करें अपनी दिनचर्या में शामिल – मुख्यमंत्री रायपुर योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्वपटल पर स्थापित किया और आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विधा को अपनाकर आरोग्य की प्राप्ति कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामयी समारोह में अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने आज शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संतों का अभिवादन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने योग आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष श्री सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और सांगठनिक दायित्वों के लंबे अनुभव का लाभ योग आयोग के साथ ही प्रदेशवासियों को भी मिलेगा। 2017 में स्थापित योग आयोग की अब तक की यात्रा शानदार रही है और श्री सिन्हा के नेतृत्व में यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि भारत में योग ऋषि-मुनियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के संवाहक भी हैं। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही योग रूपी इस चेतना का विश्वभर में विस्तार हुआ और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने को मान्यता दी। श्री साय ने कहा कि योग विश्वभर में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें स्वस्थ तन-मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए। योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग सभी के लिए है और सभी को जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए सदैव मैंने लोगों को जोड़ने का कार्य किया है और आज मुझे योग आयोग के माध्यम से सभी को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रकृति में अनेक महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, परंतु इनमें सर्वश्रेष्ठ मानव संपदा है। मुख्यमंत्री जी ने मुझे मानव संपदा को स्वस्थ रखने का जिम्मा सौंपा है और इसे पूरा करने के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।हमारे प्रधानमंत्री जी नियमित योग करते हैं। उनकी ऊर्जा और कार्यक्षमता से आज सारी दुनिया वाकिफ है। श्री सिन्हा ने योग की विश्वव्यापी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री संजय श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद महाराज, पूज्य संत उदयनाथ जी महाराज, श्री वासु देवानंद जी महाराज, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित पूजनीय संत समाज, योग आचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

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रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि (03 अप्रैल) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज एक नाम नहीं, बल्कि भारतमाता की आत्मा में रचा-बसा वह स्वाभिमान हैं, जिन्होंने स्वराज्य का स्वप्न देखा और उसे यथार्थ में परिणत किया। वे साहस, संकल्प और राष्ट्रभक्ति की सजीव प्रतिमूर्ति थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज भारतीय संस्कृति, नीति और नेतृत्व के अमिट प्रतीक हैं। उन्होंने न केवल धार्मिक सहिष्णुता, जनकल्याण और न्यायप्रिय शासन की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत की, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि एक सच्चा शासक केवल तलवार से नहीं, नीति, मूल्य और जनसेवा से पहचाना जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जब देश नए भारत के निर्माण की दिशा में बढ़ रहा है, तब शिवाजी महाराज की सोच, उनका साहस और स्वराज्य का दर्शन हमारे लिए प्रेरणापुंज बन सकता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के जीवन से हमे यह प्रेरणा मिलती है कि जब संकल्प अडिग हो और ध्येय राष्ट्रहित, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को प्रेरित किया कि शिवाजी महाराज के राष्ट्रप्रेम के आदर्श का अनुसरण करते हुए राष्ट्र की उन्नति में अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और समय को समर्पित कर सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनें।

भगवान श्रीराम के आदर्श गुणों को आत्मसात करना ही मन की अयोध्या को सजाना है – सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर

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रायपुर : स्वदेश पत्र समूह ने समाज में भारतीयता की भावना को पुष्ट किया – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ‘स्वदेश’ द्वारा आयोजित ‘विमर्श’ कार्यक्रम में हुए शामिल भगवान श्रीराम के आदर्श गुणों को आत्मसात करना ही मन की अयोध्या को सजाना है – सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर “समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का” विषय पर हुआ विशेष व्याख्यान “राम काजु कीन्हें बिनु” एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला संस्कृति पुस्तक का विमोचन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय विचार पत्रिका “स्वदेश” द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम “विमर्श” में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। “समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का” विषय पर आयोजित इस विमर्श व्याख्यान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। सह सरकार्यवाह चक्रधर ने अपने व्याख्यान में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों एवं गुणों को मन में आत्मसात करना ही “मन की अयोध्या” को सजाना है। उन्होंने कहा कि केवल मन ही नहीं, बल्कि अपने परिवार, समाज, गांव और राष्ट्र को भी राममय बनाना है। उन्होंने श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन वचन-पालन, धैर्य, करुणा भाव, परामर्श, श्रेय, न्याय, अहंकार का त्याग, मित्रता और दूसरों के प्रति सम्मान एवं समभाव जैसे गुणों से परिपूर्ण था। इन गुणों को अपनाकर हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। चक्रधर ने आगे श्रीराम के जीवन से जुड़ी घटनाओं के छोटे-छोटे उदाहरणों के माध्यम से उनके आदर्श गुणों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि श्रीराम वचन के प्रति दृढ़ प्रतिज्ञ थे—राजतिलक की घोषणा के अगले ही दिन उन्होंने पिता दशरथ द्वारा दिए गए वचन के सम्मान में सहर्ष वनवास स्वीकार किया। इसी प्रकार उन्होंने हर सुख-दुख की परिस्थिति में धैर्य बनाए रखा, कभी भी अहंकार को अपने पास नहीं आने दिया और सभी के साथ समभाव रखते हुए सम्मान का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इन गुणों को आत्मसात कर हम अपने मन, परिवार, समाज और राष्ट्र को सशक्त बना सकते हैं और 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। इस अवसर पर अयोध्या आंदोलन पर केंद्रित ग्रंथ “राम काजु कीन्हें बिनु” एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला-संस्कृति पर आधारित पुस्तक का विमोचन मंच से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य क्षेत्र के संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्वदेश पत्रिका समूह के संपादक अतुल तारे एवं प्रबंध संपादक यशवर्धन जैन मंच पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि स्वदेश पत्र समूह ने अपनी सात दशकों की अविरल यात्रा में समाज में भारतीयता की भावना को पुष्ट करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि स्वदेश समाचार पत्र आज भले ही नए कलेवर में है, लेकिन इसका इतिहास अत्यंत समृद्ध है। देश की आजादी के तुरंत बाद 1948 में अंत्योदय और एकात्म मानवतावाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की परिकल्पना से इस पत्र का प्रकाशन आरंभ हुआ। हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी भी इसके संपादक रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 1975 में जब देश में आपातकाल लागू हुआ, तब स्वदेश समाचार पत्र समूह के अधिकांश लोगों को जेल में डाल दिया गया। इसके बावजूद यह पत्र भारतीयता की भावना को लोगों तक पहुँचाता रहा और अडिग रहा। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की हत्या की गई और लाखों लोगों को जेल में डाल दिया गया। अनेक परिवार उजड़ गए। ऐसे मीसाबंदियों को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार ने सम्मान निधि देना प्रारंभ किया था, जो पिछले 5 वर्षों से बंद थी, जिसे हमारी सरकार ने पुनः प्रारंभ किया है। साथ ही विधानसभा में विधेयक लाकर यह सुनिश्चित किया गया है कि मीसाबंदियों को यह सम्मान राशि निरंतर मिलती रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का व्याख्यान विषय – “समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का” – अत्यंत प्रासंगिक है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है और भगवान श्रीराम को यहां भांजा कहा जाता है। उन्होंने कहा कि रामराज्य का अर्थ है—जनता की सेवा। हमारी सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर जनसेवा का कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार के प्रति हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है। हम श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप रामराज्य की कल्पना को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मध्य क्षेत्र के संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना समूह संपादक अतुल तारे ने रखी। आभार प्रदर्शन योगेश मिश्रा (स्थानीय संपादक) ने किया तथा संचालन शशांक शर्मा ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छत्तीसगढ़ प्रांत प्रचारक अभयराम, प्रांत संघचालक डॉ. टॉपलाल वर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक किरण देव, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, खुशवंत साहेब, पवन साय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बस्तर पंडुम 2025 के उ‌द्घाटन दिवस में होगा कार्यक्रम : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा होंगे शामिल

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रायपुर, बस्तर क्षेत्र की कला, संस्कृति और परंपराओं के उत्सव ‘बस्तर पंडुम’ में  डॉ. कुमार विश्वास द्वारा “बस्तर के राम”  कथा वाचन किया जाएगा। आगामी 3 अप्रैल को होने वाला यह आयोजन, बस्तर क्षेत्र में शांति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए सोपान तय करेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  ने “बस्तर पंडुम 2025” को बस्तर की आत्मा से जुड़ा एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण बताते हुए कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की अस्मिता, आस्था और आकांक्षाओं का उत्सव है। उन्होंने कहा कि ‘बस्तर के राम’ जैसे कार्यक्रम बस्तर की धरती को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ते हैं और यह सिद्ध करते हैं कि विकास का सबसे सशक्त मार्ग संस्कृति और परंपरा से होकर जाता है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि यह उत्सव बस्तर को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा और हमारी जनजातीय परंपराएँ आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनेंगी। उल्लेखनीय है कि दंडकारण्य क्षेत्र का रामायण काल में विशेष स्थान रहा है और राम ने अपने वनवास काल का कुछ समय दंडकारण्य के जंगलों में व्यतीत किया था। डॉ. कुमार विश्वास बस्तर क्षेत्र के परिपेक्ष्य में राम के महत्व पर अपनी राम कथा “बस्तर के राम” का वाचन करेंगे। बस्तर पण्डुम आयोजन में डॉ. कुमार विश्वास की वाणी में जब राम कथा की गूंज बस्तर की वादियों में फैलेगी तो इसमें सिर्फ शब्द नहीं बल्कि एक भावना होगी शांति, एकता और पुनर्जागरण की। इस आयोजन के माध्यम से बस्तर क्षेत्र में राम के प्रवास का स्मरण कर अपनी समृद्ध पौराणिक विरासत का अनुभव कर सकेंगे। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा  ने “बस्तर के राम” के आयोजन पर कहा कि  “बस्तर पण्डुम” और “बस्तर के राम” जैसे आयोजन बस्तर क्षेत्र को भारत और विश्व से जोड़ते एक सांस्कृतिक सेतु की तरह है, जो हमारे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बस्तर क्षेत्र के समेकित विकास के संकल्प का परिचायक है। बस्तर क्षेत्र आज गर्व से साक्षी बन रहा है कि हिंसा का अंत संभव है और शांति का मार्ग संस्कृति से होकर गुजरता है। उल्लेखनीय है कि जनजातीय बाहुल्य बस्तर संभाग के स्थानीय कला, संस्कृति एवं जीवन शैली संरक्षण-संवर्धन एवं प्रोत्साहन के लिए राज्य शासन द्वारा “बस्तर पण्डुम 2025” का आयोजन किया जा रहा है जिसके उ‌द्घाटन सत्र में शाम 6 बजे “बस्तर के राम” कार्यक्रम किया जाना निर्धारित है।

सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी

रायपुर : ‘पक्का मकान बन गया है?’ – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सवाल पर मुस्कराए दल्लु राम बैगा, कहा – “हां, बन गया है” ‘पक्का मकान बन गया है प्रधानमंत्री जनमन योजना बनी आत्मसम्मान की छत – एक सजीव संवाद की प्रेरक कहानी तीन लाख गरीबों का सपना हुआ पूरा, पहुंचे खुद के पक्के मकानों में सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी दूरस्थ वनांचलों में भी गरीबों और वंचितों के अब खुद के पक्के घर, सुरक्षा और सम्मान के साथ चिंतामुक्त रह रहे अपने सपने के आशियानों में रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के दौरान हितग्राहियों से संवाद किया, तो मंच पर एक विशेष क्षण आया – प्रधानमंत्री और दल्लु राम बैगा के बीच सरल, संक्षिप्त किन्तु सजीव, आत्मीय एवं सारगर्भित संवाद। प्रधानमंत्री ने मुस्कराकर पूछा – “पक्का मकान बन गया है?” दल्लु राम ने हाथ जोड़कर जवाब दिया – “हां, बन गया है।” प्रधानमंत्री मोदी ने फिर स्नेहपूर्वक पूछा – “अच्छा लग रहा है की नहीं?” भावुक दल्लु राम ने जवाब दिया “अच्छा लग रहा है।” प्रधानमंत्री ने अंत में पूछा – “बाकी सब ठीक है?” दल्लु राम ने आत्मविश्वास के साथ कहा – “ठीक है।” यह संवाद कोई औपचारिक प्रश्नोत्तर नहीं था, बल्कि विश्वास, संवेदना और साझेदारी का साक्षात चित्रण था। छत्तीसगढ़ के तीन लाख गरीब परिवारों के लिए आज का दिन बेहद खास और अविस्मरणीय है। आज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उनके सपनों के आशियानों में गृहप्रवेश कराया। इनमें बड़ी संख्या में दूरस्थ वनांचलों के गरीब और वंचित परिवार भी शामिल हैं। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास जैसी योजना नहीं होती तो शायद ही कभी अपने खुद के पक्के मकान का सपना पूरा कर पाते। यह योजना प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों का बड़ा सपना पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में दूरस्थ अंचलों के तीन आदिवासी परिवारों को खुद अपने हाथों से नए आवासों की चाबी सौंपी। बीजापुर जिले के चेरपाल पंचायत की श्रीमती सोमारी पुनेम, कबीरधाम जिले के ग्राम हाथीडोब के दल्लुराम बैगा और जशपुर जिले के करदना पंचायत के पहाड़ी कोरवा जगतपाल राम को जब प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतीक रूप में मंच से उनके नवनिर्मित पक्के आवासों की चाबी सौंपी तो उनकी खुशियां देखते ही बनती थी। रोटी, कपड़ा और मकान हर इंसान की सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। पिछड़े ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जहां आज भी संसाधनों की भारी कमी है, वहां एक पक्का घर सिर्फ एक दीवार और छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है। विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के दल्लुराम बैगा कभी कच्ची मिट्टी और खपरैल के घर में भय और असुरक्षा के साये में रहते थे। बरसात में छत से टपकते पानी, कमजोर मिट्टी की दीवारें और रात के सन्नाटे में रेंगते जहरीले जीव-जंतु… ऐसे हालात में पूरे परिवार के साथ रहना रोज का संघर्ष था। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत दल्लुराम का आवास स्वीकृत होने के बाद उसके सपनों के घर का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण के लिए दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी के रूप में 23 हजार रुपए भी मिले। अन्य योजनाओं से रसोई गैस, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलीं। अब दल्लुराम और उसका परिवार न केवल सुरक्षित मकान में रह रहा है, बल्कि आत्मसम्मान और गर्व के साथ समाज में अपनी पहचान भी बना रहा है। दीवारों की नहीं सपने के पूरे होने की मुस्कान राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरबा समुदाय के जशपुर जिले के सुदूर अंचल में बसे ग्राम करदना के जगतपाल राम वर्षों से एक टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था, चारों ओर कीचड़ और भीतर डर का माहौल बना रहता था। सांप-बिच्छुओं का डर, हर साल झोपड़ी की मरम्मत का बोझ, और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का भी अभाव था। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना जगतपाल के लिए उम्मीद की रोशनी लेकर आई। योजना के तहत मिली दो लाख रुपए की सहायता से जगतपाल ने साफ-सुथरा, मजबूत पक्का घर बनवाया जहां न केवल रहने के लिए कमरे हैं, बल्कि शौचालय और बिजली भी है। अब उनका परिवार मूसलाधार बारिश के थपेड़ो, जंगली जानवर और रात के अंधेरे के खतरों से सुरक्षित है। आज जब जगतपाल अपने घर के सामने बैठते हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान होती है। यह मुस्कान सिर्फ दीवारों की नहीं, बल्कि सपने के पूरे होने की मुस्कान है। जगतपाल की ही तरह हजारों गरीब और वंचित आदिवासी परिवारों की भी ऐसी ही कहानी है जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना ने खुशियों से भर दिया है। टूटे सपनों को मिला सहारा और मिट्टी के आंगन में उग आई उम्मीद की छत वर्षों तक संघर्ष करते हुए सोमारी पुनेम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके सिर पर एक दिन पक्की छत होगी। पति के निधन के बाद वह अपने बेटे के साथ एक छोटे से टपकते छप्पर के नीचे जीवन की अनगिनत कठिनाइयों के बीच अपना जीवन-यापन कर रही थी। नियद नेल्ला नार योजना शुरू होने के बाद जब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उसकी आंखें चमक उठी। वह बताती है – “मैंने अपने पास जो थोड़ी-बहुत बचत थी, वही लगाई। हर दिन मजदूरों के साथ बैठकर खुद ईंटें उठाई। घर बनता गया… और मेरा आत्मविश्वास भी। आखिरकार महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। अब बारिश की बूंदें डर नहीं, राहत देती हैं… रातें भी सुकूनभरी लगती हैं। धूप से अब सिर्फ दीवारें नहीं, सम्मान भी बचता है।” बीजापुर के चेरपाल में रहने वाली 60 साल की सोमारी कहती है – “आज जब मैं अपने घर के दरवाजे से अंदर जाती हूं, तो लगता है कि मैं अकेली नहीं हूं। मेरे साथ मेरे स्वर्गीय पति का सपना भी इस घर में सांस ले रहा है।” प्रधानमंत्री आवास योजना ने सोमारी को सिर्फ एक मकान नहीं दिया। यह योजना उसके … Read more

मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धा और उल्लास के साथ शामिल होकर समूचे सिंधी समाज को पर्व की शुभकामनाएं दीं

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का फूलों से किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का फूलों से किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का फूलों से किया भव्य स्वागत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जयस्तंभ चौक, रायपुर में भगवान झूलेलाल की जयंती और चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) पर्व पर आयोजित शोभायात्रा का पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। यह शोभायात्रा नगर भ्रमण के बाद जयस्तंभ चौक पहुंची, जहां मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धा और उल्लास के साथ शामिल होकर समूचे सिंधी समाज को पर्व की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को भगवान झूलेलाल जयंती, चेट्रीचण्ड्र पर्व, हिंदू नववर्ष एवं नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान झूलेलाल केवल सिंधी समाज के आराध्य नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, साहस और सेवा भाव के प्रतीक हैं। चेट्रीचण्ड्र का यह पर्व नए वर्ष की उम्मीद, विश्वास और विजय की शुरुआत है। मुख्यमंत्री साय ने भगवान झूलेलाल और मां भवानी से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा किnनवरात्रि के साथ प्रारंभ हो रहे इस शुभ समय में हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि समाज और देश के लिए मिलकर काम करें।” मुख्यमंत्री ने सिंधी समाज के संघर्षों, परिश्रम और उपलब्धियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि देश के विभाजन के बाद जब सिंधी समाज को अपना सबकुछ छोड़कर नए सिरे से जीवन शुरू करना पड़ा, तब भी आपने हार नहीं मानी। आपकी कर्मठता, एकजुटता और आत्मबल ने आपको देश के हर कोने में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। मुख्यमंत्री ने भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी जी का विशेष रूप से स्मरण करते हुए कहा कि आडवाणी जी जैसे महान नेता सिंधी समाज की प्रेरणा हैं, जिन्होंने उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री जैसे दायित्वों को निभाकर राष्ट्रनिर्माण में अविस्मरणीय योगदान दिया। उन्होंने आगे कहा कि सिंधी समाज का योगदान व्यापार, संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के हर क्षेत्र में अनुकरणीय है। आपकी एकजुटता और पारिवारिक मूल्य आज भी नई पीढ़ी को रास्ता दिखाते हैं। इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण देव, पुरंदर मिश्रा, सिंधी काउंसिल के अध्यक्ष ललित जयसिंघ, श्रीचंद सुंदरानी, संजय श्रीवास्तव, पार्षद अमर गिदवानी, फिल्म अभिनेत्री श्रीमती भाग्यसहित अनेक गणमान्यजन, जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के निर्माण में बनें अग्रणी भागीदार: मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक सुधारों से भारत बनी दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने बैंक ऑडिट एंड एआई विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला को किया संबोधित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स विकसित छत्तीसगढ़  2047 के निर्माण में बनें अग्रणी भागीदार: मुख्यमंत्री साय रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यापक आर्थिक सुधारों के कारण भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। जीएसटी और कर सुधारों ने टैक्स व्यवस्था को सरल बनाया है और राजस्व संग्रहण को मजबूत किया है।चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भारत की इस विकास यात्रा में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने में भी उनकी भागीदारी अहम होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बैंक ऑडिट एंड एआई’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने सीए छत्तीसगढ़ के विशेष लोगो का भी विमोचन किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य का सबसे बड़ा औजार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बौद्धिक वर्ग हमेशा नई तकनीकों को अपनाता है और एआई (AI) ऐसी ही एक गेम-चेंजर तकनीक है। उन्होंने माना कि एआई न केवल सीए पेशे को और सशक्त करेगा, बल्कि इस क्षेत्र की गुणवत्ता व गति को भी बढ़ाएगा। उन्होंने एआई से जुड़ी संभावनाओं और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री साय ने आईसीएआई की स्थापना को भारतीय अकाउंटिंग क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि 1949 में 1600 लोगों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज चार लाख से अधिक सदस्यों का मजबूत संगठन बन चुका है, जो देशभर में आर्थिक उत्तरदायित्व निभा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति से बढ़ा निवेश, प्रदेश को 4 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की चर्चा करते हुए कहा कि यह नीति निवेशकों के लिए आकर्षक है और सभी वर्गों का ध्यान रखती है। अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लिथियम जैसे दुर्लभ खनिज की उपलब्धता और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की स्थापना से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 महीनों में राज्य सरकार ने कई दूरदर्शी फैसले लिए हैं, जिससे प्रदेश में तेज़ी से विकास हो रहा है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। लोक कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध हो रहा है। छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047: विकसित भारत में प्रदेश की महती भूमिका मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047 का ज़िक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। प्रदेश के 3,000 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इसमें भागीदार बनेंगे। आईसीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने संस्था की स्थापना (1949) से लेकर अब तक की विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंट के कार्य से जुड़ी चुनौतियों और दायित्वों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि देश के सभी सीए मिलकर प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के सपनों को साकार करने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी सीए अमित चिमनानी, सीए पंकज शाह, सीए अभय छाजेड़, सीए विकास गोलछा सहित आईसीएआई के रायपुर, भिलाई, बिलासपुर और रायगढ़ ब्रांच के सदस्य उपस्थित थे।

सीएम साय बोले, ‘क्रूर, निरंकुश नक्सलवाद का अंत निकट, 2026 तक भयमुक्त होगा प्रदेश

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में आज हुई मुठभेड़ में अब तक 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इस ऑपरेशन में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के दो जवान घायल हुए हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऑपरेशन की सफलता पर जवानों की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘X’ पर लिखा, नक्सलवाद के नासूर को खत्म करने की दिशा में छत्तीसगढ़ के बढ़ते कदम… सुकमा जिले के केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में सुरक्षाबलों की नक्सलियों के साथ आज जारी मुठभेड़ में अब तक 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मुठभेड़ में डीआरजी के 2 जवान के घायल होने की खबर है। ईश्वर से शीघ्रातिशीघ्र उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ। मानवता विरोधी नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों की मांद में घुसकर उसको जड़ से खत्म करने का काम कर रहे हैं। निश्चित ही जवानों को मिली यह कामयाबी सराहनीय है, उनकी बहादुरी को नमन करता हूं। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के संकल्प के अनुरूप हमारा छत्तीसगढ़ 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  नक्सलियों ने 4 अप्रैल को बंद बुलाया माओवादियों का कहना है कि हजारों सुरक्षाकर्मी उनके मुख्य इलाकों में घुसकर कार्रवाई कर रहे हैं। वेस्ट बस्तर डिवीजन के प्रवक्ता मोहन ने एक प्रेस नोट जारी किया है। उन्होंने कहा है कि माओवादियों ने हालिया अभियानों के विरोध में 4 अप्रैल को ‘बंद’ का आह्वान किया है। आंकड़ों के मुताबिक एक साल में अब तक 410 नक्सली मारे जा चुके हैं। हालात ये हैं कि जंगल में जवानों के बूट की आवाज सुनते ही नक्सली कांपने लगते हैं। जवान भी काल बनकर नक्सलियों के ऊपर मंडरा रहे हैं। मारे गए दर्जनों नक्सली माओवादियों ने अपने बयान में कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारें 31 मार्च, 2026 तक माओवादी आंदोलन को पूरी तरह से खत्म करने का दावा कर रही हैं। इन हमलों को उसी का हिस्सा माना जा रहा है। 20 मार्च को हुई मुठभेड़ में मारे गए 26 नक्सलियों में से 24 के नाम ‘शहीद’ के रूप में उनकी रैंक के साथ जारी किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने 40 ग्रामीणों को नक्सली समर्थक बताकर गिरफ्तार किया है। संयुक्त अभियान पर निकली थी टीम सुकमा पुलिस ने बताया कि केरलापाल क्षेत्र में नक्सलियों की सूचना पर 28 मार्च को डीआरजी और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जवानों ने नक्सलियों को चारों तरफ से घेर लिया। इसी जगह कलेक्टर को बनाया था बंधक केरलापाल वही जगह है जहां नक्सलियों ने पहले कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन को बंधक बना लिया था। उन्हें छुड़ाने के लिए नक्सलियों से बात करनी पड़ी थी। मारा गया था 25 लाख इनामी इससे पहले 25 मार्च को सुरक्षाबलों ने 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली सुधीर उर्फ सुधाकर समेत 3 नक्सलियों को मार गिराया था। मारे गए नक्सलियों के पास विस्फोटक बरामद हुआ था। तलाशी में मिली एके-47, इंसास समेत कई हथियार मुठभेड़ स्थल से जवानों को 10 से ज्यादा एके-47, इंसास राइफल और एसएलआर जैसे हथियार मिले हैं। इससे पता चलता है कि वहां नक्सलियों के बड़े नेता मौजूद थे। ऐसे में और भी बड़े नक्सलियों के मारे जाने की आशंका है। अभी पतझड़ का मौसम चल रहा है, जिससे नक्सली इलाकों में तलाशी अभियान चलाना मुश्किल होता है। पत्तों के गिरने से जवानों के आने की खबर नक्सलियों को लग जाती है। 14 महीनों में 333 नक्सली ढेर, ऑपरेशन तेज छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान को और तेज कर दिया है। पिछले 14 महीनों में 63 मुठभेड़ों में 333 नक्सली मारे जा चुके हैं। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों को कई अहम दस्तावेज भी मिले हैं, जो नक्सली संगठनों के खिलाफ रणनीति बनाने में मददगार साबित हो रहे हैं। नक्सलवाद का खात्मा बस्तर के विकास की ओर एक बड़ा कदम गौरतलब है कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद बस्तर की जनता को शांति और सुरक्षा का अनुभव होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बस्तर का विकास तेजी से होगा। छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य पूरी तरह नक्सल मुक्त नहीं हो जाता।

मुख्यमंत्री कार्यालय की तत्परता से संदीप का शव निशुल्क गृह ग्राम बांसबाहर तक लाने की व्यवस्था करवाई.

जशपुरनगर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर कर्नाटक में हादसे में जान गंवाने वाले संदीप साय पैंकरा का शव आज गृह ग्राम बांसबाहर पहुंचा. दरअसल, गरीब परिवार से आने वाले संदीप रोजगार की तलाश में कर्नाटक गया था. यहां समुद्र में डूबकर उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री कैंप, बगिया में शव वापस लाने में असमर्थता बताते हुए मदद की गुहार लगाई थी. जानकारी के अनुसार, 36 वर्षीय संदीप साय पैंकरा रोजगार की तलाश में कर्नाटक गया था. जहां वह कारवार तहसील के भटकल में एक पानी जहाज में सहायक के रूप में काम कर रहा था. 27 मार्च की रात, संदीप बोट में सो रहा था और अचानक नींद में समुद्र में गिर गया, जिससे डूबने से उनकी मौत हो गई. बोट के मालिक नारायण खाखी ने परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दी. आर्थिक तंगी बनी बड़ी बाधा, नहीं था शव लाने का खर्च संदीप के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, और शव को कर्नाटक से छत्तीसगढ़ लाने के लिए निजी शव वाहन संचालक भारी रकम मांग रहे थे. इस कठिन परिस्थिति में परिजनों ने कांसाबेल ब्लॉक के बगिया में संचालित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से मदद की गुहार लगाई. मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और शव को निशुल्क गृह ग्राम बांसबाहर तक लाने की व्यवस्था करवाई. शनिवार को संदीप का शव उनके गांव पहुंचा, जिससे परिवार को अंतिम संस्कार करने में सुविधा मिली. मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बना जरूरतमंदों के लिए आशा केंद्र संदीप के परिवार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया और इस पहल की सराहना की. गौरतलब है कि बगिया में संचालित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की नई किरण बन चुका है, जहां लोग अपनी समस्याओं को लेकर मदद के लिए पहुंचते हैं. जरूरतमंदों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, “07764-250061, 07764-250062” इन नंबरों पर कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है.

मुख्यमंत्री साय ने वनोपज से समृद्धि पर नीति आयोग और सरकार की साझा पहल:वन संसाधनों के समुचित उपयोग और रोजगार सृजन पर जोर

रायपुर जनजातीय समाज और वनों के मध्य गहरा संबंध है और दोनों एक दूसरे के पूरक के रूप में संरक्षित – संवर्धित हो रहे हैं। प्रकृति की गोद में ही जनजाति समाज का पीढ़ी दर पीढ़ी विकास हुआ है। यह कार्यशाला आदिवासियों और वनों के सहअस्तित्व को केंद्र में रखकर उनके उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में आदिवासी समुदायों के लिए वन आधारित जीविकोपार्जन के अवसर विषय पर नीति आयोग तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला में सभी प्रबुद्धजनों, विषय विशेषज्ञों और अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज को जीविकोपार्जन के समुचित अवसर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हम सभी पर है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत जनजाति समुदाय निवासरत है और 44 प्रतिशत इलाका वन आच्छादित है।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 35 वर्षों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में मैने प्रदेश के जनजाति समुदाय और विशेष पिछड़ी जनजातियों के संघर्ष और पीड़ा को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल  बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की व्यथा को समझा और एक आदिवासी बहुल नए राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया। साय ने कहा कि अटल जी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए पृथक मंत्रालय का भी गठन किया और आदिवासियों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजी जा रही राशि का सही उपयोग हो पाया। अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित हुए।    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में कोई भी भूखा न रहे, इस उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश में व्यापक स्तर पर पीडीएस सिस्टम लागू कर लोगो को सस्ते दर पर अनाज उपलब्ध कराया। उन्होंने समर्थन मूल्य पर वनोपज की खरीदी प्रारंभ की, जिसने आदिवासियों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया।    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज पर्याप्त मात्रा में है। कुल 67 प्रकार के लघु वनोपजों का संग्रहण, प्रसंस्करण और विक्रय महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वनोपजों से जुड़ी प्रोत्साहक नीतियों का लाभ उठाकर स्व सहायता समूह की बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।     मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के आजीविका और उत्थान के लिए संचालित पीएम-जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस मौके पर साय ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजाति समुदायों के उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की।    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नीति आयोग और वन विभाग की इस संयुक्त कार्यशाला से जनजातीय समाज को तकनीक और नवाचार से जोड़ने के साथ ही आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।    वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नीति आयोग के सहयोग से एक प्रासंगिक और  महत्वपूर्ण विषय पर आज एकदिवसीय कार्यशाला  आयोजित की गई है। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन अब तेजी से हो रहा है और वनवासी क्षेत्रों में व्यवस्थाएं अब सुदृढ़ हुई है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन के साथ वन संसाधनों के  समुचित उपयोग पर जोर देने और रोजगार सृजन की बात कही।    कार्यशाला में नीति आयोग के सलाहकार सुरेंद्र मेहता, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर एपीसीसीएफ श्रीमती शालिनी रैना, नीति आयोग के निदेशक अमित वर्मा, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण और झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से आए प्रबुद्धजन, विषय विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे।  मुख्यमंत्री साय ने वनोपज आधारित स्टालों का किया अवलोकन    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अरण्य भवन परिसर में वन उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया। लीफ प्लेट टेक्नोलॉजी, हैदराबाद की टीम ने मुख्यमंत्री साय को लीफ से तैयार डिनर सेट भेंट किया। इस दौरान भोपालपट्टनम, बीजापुर जिले से आये बी. आर. राव ने मुख्यमंत्री साय को बताया  कि वे पिछले 35 वर्षों से वनौषधीय पौधों के बीजों का संरक्षण कर रहे हैं। वे अपने ‘गमलों से जंगल की ओर’ अभियान के तहत निःशुल्क बीजों का वितरण भी करते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राव के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। बलौदाबाजार जिले के अमरवा बांस प्रसंस्करण केन्द्र के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बांस शिल्प से बना गुलदस्ता भेंट करते हुए केन्द्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। साय ने लाख उत्पादक किसान समिति कांकेर, छत्तीसगढ़ हर्बल और जशप्योर एफपीसी जशपुर के स्टालों का अवलोकन कर समूह के सदस्यों के साथ चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बूढ़ा देव की पूजा-अर्चना से की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  बलौदाबाजार में आयोजित गोंडवाना सामाजिक विवाह एवं महासम्मेलन में शामिल होकर 44 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन आदिवासी ध्रुव गोंड समाज, खल्लारी महाकालेश्वर के तत्वावधान में नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में पारंपरिक गोंडी रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बूढ़ा देव की पूजा-अर्चना से की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता, सहयोग और संस्कारों को बढ़ावा देते हैं। यह न केवल आर्थिक रूप से सहायक हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक आदर्श भी स्थापित करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता राशि का चेक और आवश्यक विवाह सामग्री प्रदान की। उन्होंने प्रत्येक जोड़े को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं समृद्ध दांपत्य जीवन की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी में भागीदारी निभाना है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक संबल बनकर उभरी है, जिससे वे गरिमा के साथ अपने परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सम्पन्न कर सकें। शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल : कोचिंग के लिए एमओयू इस अवसर पर जिले के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु बेहतर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और न्यूवोको सीमेंट समूह के मध्य एमओयू (MoU) किया गया। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को जिले से बाहर उन्नत कोचिंग संस्थानों में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम में समाज के उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियाँ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने मोदी जी की गारंटी को पूरा करते हुए अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। महतारी वंदन योजना से महिलाएं  आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में गोंड समाज की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए बलौदाबाजार और खल्लारी-सुहेला में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20-20 लाख रुपए की घोषणा की। कार्यक्रम को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक तुलेश्वर नेताम, गोंड समाज के जिला अध्यक्ष भागबली ध्रुव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, डॉ. सनम जांगड़े व लक्ष्मी बघेल, के.पी. प्रधान, आनंद यादव, विजय केसरवानी, कलेक्टर दीपक सोनी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, गोंड समाज के पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने पूर्व में कोविड केंद्र रहे भवन को मनोविकास केंद्र के रूप में पुनः उपयोग में लाने की प्रशासनिक पहल की प्रशंसा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बलौदाबाजार में कृषि उपज मंडी परिसर में संचालित मनोविकास केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनकी प्रगति की जानकारी ली और अभिभावकों से फीडबैक प्राप्त किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत योग, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों को देखकर मुख्यमंत्री भावविभोर हो उठे और उनकी प्रतिभा की मुक्त कंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने पूर्व में कोविड केंद्र रहे भवन को मनोविकास केंद्र के रूप में पुनः उपयोग में लाने की प्रशासनिक पहल की प्रशंसा करते हुए इसे अनुकरणीय मॉडल करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में समावेशिता और करुणा के भाव को बढ़ावा देते हैं। यह मानवता की सच्ची सेवा है। इस अवसर पर विशेष बालक शेष साहू ने गायत्री मंत्र का उच्चारण कर मुख्यमंत्री साय को मंत्रमुग्ध किया, वहीं सोमनाथ साहू ने ढोलक की थाप पर जसगीत प्रस्तुत किया। इसके अलावा नीलकमल, पुष्कर, सोमनाथ और शेष द्वारा प्रस्तुत सूर्य नमस्कार योग प्रदर्शन को मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से सराहा और कहा कि यह बच्चों की शारीरिक और मानसिक सशक्तता का प्रमाण है। मनोविकास केंद्र : समर्पण, संवेदना और सशक्तिकरण का संगम जनवरी 2025 में शुरू हुआ बलौदाबाजार का मनोविकास केंद्र विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के समग्र विकास और पुनर्वास के लिए एक आदर्श संस्थान बनकर उभरा है। यह केंद्र अंबुजा अडानी सीमेंट संयंत्र के सीएसआर मद से संचालित हो रहा है, और वर्तमान में 40 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षा, चिकित्सा सहयोग, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा कौशल विकास की सुविधा प्रदान कर रहा है। यहाँ बच्चों को फिजियोथेरेपी, स्पीच व बिहेवियर थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, सिलाई, कंप्यूटर साक्षरता, बागवानी जैसे प्रशिक्षणों के साथ-साथ खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, डॉ. सनम जांगड़े, आनंद यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।  

बुज़ुर्गों की आंखों में वर्षों से पल रही तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हुई पूरी: पहली विशेष ट्रेन से 780 श्रद्धालु तिरुपति, मदुरै, रामेश्वरम रवाना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन को तिरुपति, मदुरै और रामेश्वरम के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहली तीर्थ यात्रा ट्रेन में रायपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों के 780 श्रद्धालु बुजुर्ग सम्मिलित हुए, जिनके लिए यह यात्रा केवल धार्मिक अनुभव नहीं, बल्कि सम्मान और स्नेह का प्रतीक बन गई। प्रदेश के बुजुर्गों की वर्षों पुरानी अभिलाषा आज पूरी हो गई जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने तीर्थयात्रा पर जा रहे बुजुर्गों से आत्मीय  चर्चा करते हुए कहा कि आप सभी के चेहरे पर जो खुशी है, वही मेरा संतोष है। उन्होंने कहा कि रामेश्वरम में आप लोग पवित्र रामसेतु देख सकेंगे, ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर सकेंगे। आप लोग मदुरै तीर्थ का भी दर्शन करेंगे जहां मीनाक्षी मंदिर है। तिरुपति में बालाजी का दर्शन करेंगे। दक्षिण भारत के तीर्थ स्थलों को देखने का यह सुंदर अवसर है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री रामलला (अयोध्या दर्शन) योजना अंतर्गत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रयागराज में 144 वर्षों उपरांत महाकुंभ का आयोजन हुआ। छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों ने भी बड़ी संख्या में कुंभ में हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए और उनकी सुविधा का ध्यान रखने के लिए हमने प्रयागराज मेला क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पवैलियन तैयार किया था। यहां लगभग साढ़े चार एकड़ में तीर्थयात्रियों के रूकने के इंतजाम थे। यह हमारा सौभाग्य है कि हम गंगा जी में स्नान करने पहुंचे प्रदेश के लाखों श्रद्धालुओं की सेवा कर सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  अब श्रद्धालुओं की यात्रा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत निरन्तर होती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए हमने 15 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। इस योजना में उज्जैन, पुरी, द्वारिका, वैष्णो देवी, मथुरा, वृंदावन जैसे अनेक तीर्थ स्थलों को जोड़ा गया है, जिनकी निःशुल्क यात्रा कराई जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारे बुज़ुर्गों की तीर्थ यात्रा की इच्छा अक्सर आर्थिक कठिनाइयों के चलते अधूरी रह जाती थी। उन्होंने कहा कि हमें संतोष है कि हम उनकी इस इच्छा को साकार कर पा रहे हैं।  उन्होंने बताया कि योजना में विधवा और परित्यक्त महिलाओं को भी शामिल किया गया है, जिससे उन्हें भी धार्मिक स्थलों के दर्शन का गौरव प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और आदिवासी समुदाय सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए पूरी तरह समर्पित है और इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। यह केवल यात्रा नहीं, संस्कृति और श्रद्धा का संगम है – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना केवल तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्था का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उन श्रद्धालुओं को यह अवसर प्राप्त होगा, जो अब तक आर्थिक सीमाओं के कारण तीर्थ यात्रा से वंचित रहे हैं। सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण सुविधायुक्त पैकेज तैयार किया है जिसमें ट्रेन यात्रा, यात्रियों के ठहरने, भोजन, मंदिर दर्शन, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ शामिल हैं। स्पेशल ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, पुलिस बल और चिकित्सकों की टीम भी उनके साथ यात्रा कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को हर क्षण सुरक्षा और सुविधा का अहसास हो। योजना के तहत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, पुरी, हरिद्वार, काशी, शिरडी, वैष्णोदेवी, अमृतसर, द्वारका, बोधगया, कामाख्या मंदिर, सबरीमाला जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल सम्मिलित हैं। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में 4 दिसंबर 2012 को की गई थी। 15 जनवरी 2013 से 10 जून 2019 के मध्य इस योजना के अंतर्गत कुल 272 तीर्थ यात्राओं के माध्यम से 2,46,983 श्रद्धालुओं को लाभान्वित किया गया था। पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान यह योजना 5 साल तक संचालन में नहीं थी। डॉ. रमन सिंह की सरकार के दौरान संचालित इस योजना को, जिसे उसके बाद आने वाली सरकार ने बंद कर दिया था, अब पुनः प्रारंभ कर वर्तमान सरकार ने छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों की श्रद्धा, आस्था और वर्षों से संजोए गए तीर्थ यात्रा के सपने को पूर्ण करने के लिए एक बार फिर पहल की है। इस अवसर पर विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, समाज कल्याण आयुक्त भुवनेश यादव, संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, रायपुर डीआरएम दयानंद, समाज कल्याण और रेलवे विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे।

बिलासपुर के मोहभठ्ठा में 30 मार्च को आयोजित होगी ऐतिहासिक जनसभा

रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च को बिलासपुर जिले के बोदरी तहसील स्थित ग्राम मोहभठ्ठा में प्रस्तावित विशाल जनसभा की तैयारियों का आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं—मुख्य मंच, हेलीपैड, ग्रीन रूम, सांस्कृतिक मंच, हितग्राहियों एवं विशिष्ट अतिथियों की बैठक व्यवस्था आदि का गहन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री साय ने मौके पर अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि 55 एकड़ क्षेत्र में आयोजित इस ऐतिहासिक सभा के लिए सभी तैयारियाँ समयबद्ध, सुव्यवस्थित और जनहित केंद्रित हों। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रम में प्रदेशभर से लगभग 2 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र सभी विभागों को अलर्ट मोड पर कार्य करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का अब तक का सबसे बड़ा छत्तीसगढ़ दौरा होगा। उनका आगमन नवरात्रि के शुभ अवसर पर हो रहा है, जो प्रदेश के विकास के लिए अत्यंत मंगलकारी संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने स्वयं दिल्ली जाकर उन्हें आमंत्रित किया था, और आज पूरा प्रदेश उनके स्वागत के लिए आतुर है। मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग ₹33,000 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इनमें पीएम जनमन योजना के तहत विशेष रूप से बिरहोर, बैगा और पहाड़ी कोरवा जैसी जनजातियों के लिए संचालित योजनाएँ शामिल हैं, जो छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों के विकास को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन  को निर्देशित किया कि हितग्राहियों को घर से सभा स्थल तक लाना और वापस सुरक्षित पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए जल, छाया, चिकित्सा आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन पूरी तन्मयता से तैयारियों में जुटा है और यह कार्यक्रम प्रदेश के जनजीवन में एक ऐतिहासिक स्मृति के रूप में दर्ज होगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि आमसभा के सफल आयोजन के लिए सभास्थल में सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। इस अवसर पर विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धरमजीत सिंह, पुन्नूलाल मोहले, सुशांत शुक्ला, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संभागायुक्त महादेव कावरे, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार

रायपुर : जशपुर की छवि को राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर उकेरने मुख्यमंत्री साय की पहल: तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  जशपुर जिले को एक नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल की मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार रायपुर मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  जशपुर जिले को एक नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैम्प में एडवेंचर जोन का शुभारंभ किया और जिले के लिए तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों—आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक (स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज), प्राकृतिक एवं वन्य जीव (नेचर एंड वाइल्ड लाइफ) और साहसिक पर्यटन (एडवेंचर) सर्किट—का लोकार्पण किया। यह कदम न केवल जशपुर को छत्तीसगढ़ के भीतर एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं पोंटून बोट में सवार होकर मधेश्वर महादेव के विहंगम दृश्य का अवलोकन किया और कहा कि मयाली एडवेंचर ज़ोन अब रोमांच और रोजगार का केंद्र बनेगा। यहाँ एक्वा साइक्लिंग, कयाकिंग, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेटी, बम्पर बोट जैसे एडवेंचर एक्टिविटी की शुरुआत की गई है। तीन नए पर्यटन सर्किटों की झलक मुख्यमंत्री साय द्वारा जिन तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का लोकार्पण किया गया, वे जशपुर की विविधता और विशेषता को दर्शाते हैं। स्पिरिचुअल और हेरिटेज सर्किट कोतेबीरा से शुरुआत होती है, जो तमता, कैलाश गुफा, मधेश्वर पहाड़, शारदा धाम, ग्वालिन सरना जैसे स्थलों से होकर गुजरता है—यह सर्किट श्रद्धा, विरासत और जनजातीय परंपराओं की अनमोल झलक पेश करता है। प्राकृतिक एवं वन्य जीव सर्किट उन पर्यटकों को आकर्षित करेगा जो प्रकृति की गोद में सुकून तलाशते हैं। इसमें मकरभंजा जलप्रपात, बादलखोल अभ्यारण्य, रानीदाह और गुल्लू जलप्रपात से लेकर सारुडीह का चाय बागान तक शामिल हैं—प्राकृतिक धरोहरों से भरपूर यह सर्किट पर्यावरण प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होगा। साहसिक पर्यटन सर्किट रोमांच के शौकीनों को आकर्षित करेगा। इसमें दनगरी कैम्प साइट, बेलवार जलप्रपात, देशदेखा हिल कैम्प, सरना ईको एथेनिक रिसोर्ट और क्लाइम्बिंग सेक्टर जैसे स्थान शामिल हैं, जो ट्रेकिंग, क्लाइम्बिंग और नेचर-कैम्पिंग जैसी गतिविधियों के लिए एक आदर्श स्थान बनेंगे। जनजातीय युवाओं के लिए पर्वतारोहण अभियान: हिमाचल की ऊंचाइयों से लौटेगा जशपुर का आत्मविश्वास मुख्यमंत्री साय की पहल पर अब जशपुर के जनजातीय युवाओं को हिमाचल प्रदेश के मियाड़ घाटी में पर्वतारोहण, रोप क्लाइम्बिंग आदि का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त युवा वापस लौटकर स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षित करेंगे, जिससे पर्यटन और युवाशक्ति दोनों को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री साय से अभियान में जाने वाले बच्चों ने मिलकर कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्हें ये अनोखा अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन द्वारा युवाओं को विभिन्न साहसिक खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विगत दिनों छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बेटी ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे शिखर पर तिरंगा फहराने की इच्छा दर्शाई थी जिसे तुरन्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। उसने किलीमंजारो फतह किया। इसी तरह आपको भी खूब मेहनत कर राज्य का नाम ऊंचा करना है। जिस पर युवा तेजल भगत ने कहा अब हमारी पारी है हम भी राज्य को गौरवान्वित करेंगे। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कहा—पर्यटन ने बदली जिंदगी मयाली नेचर कैम्प में कार्यरत लक्ष्मी एवं तुलसी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका आभार जताया। उन्होंने बताया कि पर्यटन की वजह से अब उन्हें नियमित आय मिल रही है और बच्चों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। महिलाओं ने मधेश्वर महादेव की काष्ठ-निर्मित कलाकृति भेंट कर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री साय की यह पहल पर्यटन को सिर्फ सैर नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का साधन बना रही है। जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक विरासत और जनजातीय आत्मबल को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की यह ऐतिहासिक शुरुआत है।

मुख्यमंत्री ने परिवार सहित कथा में लिया भाग, 27 मार्च को होगा कथा का समापन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के मायाली के मधेश्वर महादेव धाम में आयोजित 7 दिवसीय शिव महापुराण कथा में सहभागी बने और भक्ति-भाव से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति परिवारों के साथ बैठकर कथा का श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर शिव महापुराण कथा का श्रवण करने  एक लाख से अधिक श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी का पुष्पमाला पहनाकर एवं मधेश्वर महादेव का छायाचित्र भेंटकर अभिनंदन किया, साथ ही प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री साय के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, भरत सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी — कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 27 मार्च को पुनः प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धालुजनों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सबके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है कि भगवान शिव की दिव्य कथा कहने स्वयं पंडित प्रदीप मिश्रा मधेश्वर महादेव की धरती पर पधारे हैं। यहां पाँच दिनों से चल रही शिव भक्ति की धारा से समूचा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया है। इस पावन कथा से लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना का पुनः शुभारंभ 27 मार्च को किया जाएगा। इसके तहत इच्छुक श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अयोध्या धाम रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। शिव महापुराण कथा की दिव्य धारा से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर  जनजाति के ग्रामीण भी लाभान्वित हुए। ग्राम पंडरसिली (मनोरा), बेहेराखार और भितघारा (बगीचा) से आए अनेक श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचे। पहाड़ी कोरवा जनजाति के संतोष राम, बजरु राम, शंकर राम, दुर्गा राम और बिरहोर जनजाति के  गेंदु राम, गुरुबारु राम, लाखा राम ने कहा कि शिव कथा ने हमारे अंतर्मन को छू लिया है। प्रदीप मिश्रा जी के प्रवचन केवल भक्ति नहीं सिखाते, वे जीवन को नई दिशा भी देते हैं। मधेश्वर महादेव: आध्यात्मिक आस्था का केंद्र मुख्यमंत्री साय ने मधेश्वर महादेव धाम को विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में गौरव का प्रतीक बताया और कहा कि यह स्थल पूरे प्रदेश की धार्मिक आस्था का केंद्र है। उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन अवसर का अधिक से अधिक लोग लाभ लें और कथा के शेष दो दिनों में भी उपस्थित होकर शिव भक्ति से स्वयं को अनुप्राणित करें।

15 दिवसीय विशेष अभियान : हैंडपंप और सार्वजनिक नलों की मरम्मत

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ग्रीष्मकाल में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश जल संकट की किसी भी स्थिति से सुरक्षित रह सके। मुख्यमंत्री साय मंत्रालय में आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेशभर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपायों को प्राथमिकता पर क्रियान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में पेयजल की उपलब्धता को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल संकट की किसी भी संभावना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा, वन एवं कृषि विभाग को परस्पर तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पन्न हो रही पेयजल समस्याओं के समाधान हेतु अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियाँ समान रूप से आवश्यक हैं। इसके लिए उन्होंने जल संरक्षण के प्रभावी उपायों जैसे रिचार्ज पिट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और सौर ऊर्जा आधारित पंपों को तेजी से बढ़ावा देने पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने भूजल के अनियंत्रित दोहन पर सख्त निगरानी रखने और कम जल-खपत वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए, जिससे जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहते हुए, फील्ड में जाकर स्वयं स्थिति का आकलन करें और स्थल पर ही पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर सभी हैंडपंपों और सार्वजनिक नलों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अनेक स्थानों पर हैंडपंपों में केवल मामूली तकनीकी समस्याएँ होती हैं, जिन्हें यदि समय रहते स्थानीय मैकेनिक द्वारा दुरुस्त किया जाए, तो नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है। बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने इस कार्य के त्वरित निष्पादन हेतु पूरे प्रदेश में मोबाइल वैन यूनिट्स की विशेष व्यवस्था की है, जो आगामी चार महीनों तक फील्ड में सक्रिय रहकर रखरखाव और मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से संपादित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसके लिए स्थानीय भू-प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण उपायों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने वन्य प्राणियों के लिए गर्मी के मौसम में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि प्रदेशभर में अमृत सरोवरों को जल प्रबंधन के मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे जल संग्रहण, वर्षा जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के सफल उदाहरण बन सकें। उन्होंने तालाबों और जलाशयों के आसपास हो रहे अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जलस्रोतों की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री साय ने सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की प्रक्रिया को तीव्र गति से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से जल स्रोतों के अपव्यय को नियंत्रित किया जा सकता है और ऊर्जा की बचत भी सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि सोलर पेयजल योजनाओं में ‘सेंसर आधारित स्वचालित प्रणाली’ लागू की जाए, जिससे जल वितरण की निगरानी और नियंत्रण तकनीकी रूप से संभव हो सके और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली की दिशा में राज्य एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को जल संरक्षण के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर जनजागरूकता और सहभागिता ही जल संकट का दीर्घकालिक समाधान है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और निस्तारी जल योजनाओं पर व्यापक चर्चा सुनिश्चित की जाए, ताकि समुदाय स्तर पर ठोस पहल हो सके। मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इन गतिविधियों के सुनियोजित क्रियान्वयन और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया। इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक और कृषि, वन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

फॉरेस्ट्स एण्ड फूड्स थीम पर आधारित है वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित विश्व वानिकी दिवस संगोष्ठी में शामिल होकर प्रदेशवासियों को वन संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ‘ऑक्सिजोन’ बनकर पूरे भारत को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जो न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस ‘फारेस्ट एंड फूड’ थीम पर आधारित है, जो इस बात पर बल देता है कि वन केवल ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि पोषण, रोजगार और संस्कृति का भी स्रोत हैं। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘वाइल्ड एडिबल प्लांट्स इन छत्तीसगढ़ स्टेट’ पुस्तक का विमोचन किया तथा पुदीना-मिंट फ्लेवर के बस्तर काजू प्रोडक्ट को लॉन्च भी किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 32 प्रतिशत आबादी जनजातीय भाई बहनों की है जो वनों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार वनों में निवासरत जनजातीय भाई-बहनों को वनाधिकार पट्टे प्रदान कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और खेती की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि बस्तर की इमली, जशपुर का महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा जैसे सैकड़ों लघु वनोत्पाद छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं, जिनका वैल्यू एडिशन कर आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, वनवासी संस्कृति और समृद्ध जैव विविधता पूरे देश के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बस्तर का धूड़मारास अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थान बना चुका है। पर्यटन का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लगभग चार करोड़ वृक्ष लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में पीपल फॉर पीपल कार्यक्रम के अंतर्गत हर चौराहे पर पीपल का रोपण किया गया है, जो भविष्य में शुद्ध ऑक्सीजन का सशक्त स्रोत बनेंगे। पीपल का पेड़ वैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाला वृक्ष है, और यह पहल शहरी हरियाली की दिशा में एक प्रभावी कदम है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के वन विश्व के सबसे सुंदर वनों में गिने जाते हैं। साल और सागौन के वृक्ष यहां की प्राकृतिक शोभा हैं। साल के वनों में एक अनूठा सम्मोहन है और यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक जंगल हैं, तब तक जीवन है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों का पूरा जीवन वनों पर आधारित है। उनका जीवनस्तर ऊँचा उठाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।  उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, और इसका सबसे कारगर उपाय वन क्षेत्र का विस्तार है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी भाई-बहनों के पास प्रकृति का अनुभवजन्य ज्ञान है – उसका समुचित उपयोग कर हम विकास और संरक्षण दोनों को संतुलित कर सकते हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायकगण धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, योगेश्वर राजू सिन्हा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

बस्तर में अमन लौटा, और साथ लौटी खेलों की रौनक, जहां कभी डरते थे पांव भी रखने से, आज वहीं खेलते हैं हज़ारों खिलाड़ी: मुख्यमंत्री

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया खिलाड़ियों का सम्मान, कहा “आपने छत्तीसगढ़ का सिर गर्व से ऊंचा किया” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय खेल पदक विजेता खिलाड़ियों को बताया छत्तीसगढ़ का गौरव: खिलाड़ियों को दी ओलंपिक विजेता बनने की शुभकामनाएं बस्तर में अमन लौटा, और साथ लौटी खेलों की रौनक, जहां कभी डरते थे पांव भी रखने से, आज वहीं खेलते हैं हज़ारों खिलाड़ी: मुख्यमंत्री 130 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रूपए की सम्मान राशि उनके बैंक खाते में अंतरित रायपुर आप सभी ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और जुनून से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। ये सिर्फ आपकी नहीं, पूरे प्रदेश की जीत है। आप प्रदेश के खेल जगत के हीरे हैं। सरकार आपको तराशेगी, निखारेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगी। आपके लिए हर संभव संसाधन और समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राष्ट्रीय खेल विजेता सम्मान समारोह में गोवा और उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने समारोह में गोवा में वर्ष 2023 में सम्पन्न 37वें नेशनल गेम में छत्तीसगढ़ के पदक विजेता 72 खिलाड़ियों को और वर्ष 2025 में उतराखंड में सम्पन्न 38 वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ पदक विजेता 58 खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि आप सभी छत्तीसगढ़ के गौरव है। आपने न सिर्फ पदक जीते हैं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। आप सभी ने छत्तीसगढ़  का सर गर्व से ऊंचा किया है। मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अब एशियाड, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन करें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  अपने संबोधन में कहा कि आज गोवा और उत्तराखंड में हुए नेशनल गेम्स विजेता खिलाड़ियों का सम्मान कर हम सब बहुत गौरव का अनुभव कर रहे हैं। आप सभी ने अपने शानदार प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है इसके लिए आप सभी की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम लोगों ने गोवा में पदक जीतने वाले राज्य के 72 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपए की राशि एवं उत्तराखंड में नेशनल गेम्स जीतने वाले 58 खिलाड़ियों को 87 लाख 60 हजार रुपए की राशि प्रदान कर सम्मानित किया है। इस प्रकार समारोह के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 130 राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को कुल 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रुपए की सम्मान राशि हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के खाते में अंतरित की जा रही  है। ओलंपिक विजेता खिलाड़ियों के लिए विशेष पुरस्कारों की हमारी सरकार ने की है घोषणा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के जो भी खिलाड़ी ओलंपिक खेलों में पदक लाएंगे, उनके लिए विशेष पुरस्कारों की घोषणा हमारी सरकार ने की है। ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपए देने का निर्णय हमारी सरकार ने किया है। बस्तर क्षेत्र में खेलों की वापसी, नई आशा और विश्वास का प्रतीक मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बरसों तक माओवादी आतंक झेलने के बाद जब बस्तर में अमन लौटा तो खेल भी लौटा, वहां हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन कराया। उन्होंने कहा कि जहां कभी पांव भी रखने से लोग डरते थे, आज वहीं हज़ारों खिलाड़ी खेल रहे हैं। लोगों में जबर्दस्त उत्साह दिखा, पूरे देश में कम ही हुआ होगा कि किसी खेल आयोजन में 1 लाख 65 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और वह भी ऐसा आयोजन जो बस्तर संभाग में हुआ जहां की आबादी शेष जगहों की तुलना में काफी विरल है। इसमें ऐसे लोगों ने भी हिस्सा लिया, जो नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके थे। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी हिस्सा लिया। नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। इस आयोजन से प्रदेश के खेलप्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ी हैं। खिलाड़ियों को बेहतरीन खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने सरकार कर रही प्रयास मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों में काफी दमखम है। हम छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए शानदार अधोसंरचना तैयार कर रहे हैं। खेलो इंडिया के 7 नये सेंटर हमने आरंभ किये हैं। छत्तीसगढ़ में हर तरह की खेल प्रतिभाएं हैं। हमने इसे ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तरह के खेलों के लिए कोचिंग की विशेष व्यवस्था की है। इसी साल हमने तीन नई अकादमी की शुरूआत की है। रायपुर में टेनिस, राजनांदगांव में हाकी और नारायणपुर में मल्लखंभ अकादमी हमने आरंभ की है। परंपरागत खेलों को मिलेगा नया जीवन: 20 करोड़ रूपए की छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने परंपरागत खेलों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन खेलों का समुचित विकास होता रहे, इसके लिए हमने 20 करोड़ रुपए का प्रावधान छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के तहत किया है। हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलों में जीत के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही फिटनेस बहुत जरूरी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुछ दिनों पहले हमने मल्लखंभ के खिलाड़ियों का ढोलकल की पहाड़ियों पर अद्भुत करतब देखा, यह मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य था।  मल्लखंभ या किसी भी तरह के खेल के लिए लचीलापन बहुत जरूरी होता है और यह सब फिटनेस से आता है। खेलों में जीतने के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही एक अच्छे लेवल का फिटनेस भी बहुत जरूरी है। मोदी जी ने फिट इंडिया मूवमेंट चलाया है। फिटनेस के माध्यम से खेलों में तो सफलता हासिल की ही जा सकती है। फिट रहने से आप एक हेल्दी लाइफ स्टाईल भी जीते हैं जिससे कोई भी कार्य आप करें, उसमें आपको सफलता मिलती है। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार खेल प्रतिभा है। जिसे पहचान कर तराशना हमारी प्राथमिकता है। इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव … Read more

अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र अबूझमाड़ के 120 बच्चों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा वनमंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की। ये बच्चे ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यहां के हर गांव तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचे।  उन्होंने भ्रमण पर आए बच्चों से कहा कि आपका उज्ज्वल भविष्य ही हमारी प्राथमिकता है। अबूझमाड़ में तेजी से हो रहे विकास कार्य मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अबूझमाड़ के गांवों में सड़क निर्माण, मोबाइल टावर लगाने, स्कूलों के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत वहां तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजनाओं पर काम कर रही हैं। आपकी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य हमारी जिम्मेदारी- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि अबूझमाड़ के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, ताकि वे अपने क्षेत्र और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आश्वस्त किया कि अबूझमाड़ में बेहतर स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल बीजापुर जिले के युवाओं ने आज लोकतंत्र के मंदिर—विधानसभा परिसर में इतिहास रच दिया

रायपुर राज्य की ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचे बीजापुर के इन युवा प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने एकजुट होकर अपनी मंशा व्यक्त की – “हम अपने गांव, जिले और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त देखना चाहते हैं और विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर अपने भविष्य को उज्जवल बनाना चाहते हैं।” इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं की इस मजबूत इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा, “आपका संकल्प ही हमारा संकल्प है। यदि क्षेत्र के युवा ठान लें, तो हम सभी के सहयोग से जल्द ही नक्सलवाद के अंधकार को समाप्त कर छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।” ‘नियद नेल्ला नार योजना’ से विकास की नई रोशनी मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से उनके गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निरंतर खुल रहे सुरक्षा कैंपों और सुदूर अंचलों में प्रशासन की बढ़ती पहुंच से नक्सली दायरा सिमटता जा रहा है, जिससे अब विकास को नई गति मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई महत्वपूर्ण चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार भी बीजापुर और बस्तर संभाग के अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य के दूरस्थ इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और वहां हो रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनके गांवों में मोबाइल टावर लगाने, पक्की सड़कें बनाने, हर घर तक बिजली पहुंचाने और परिवहन सुविधाओं का विस्तार करने की योजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है ताकि सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सके। बीजापुर के युवाओं के लिए ऐतिहासिक दिन – विधानसभा और राजधानी का अनुभव मिला बीजापुर जिले के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों युवाओं के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक अनुभव से कम नहीं था। राजधानी रायपुर में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशन, छत्तीसगढ़ विधानसभा और वनवासी कल्याण आश्रम का दौरा किया। राजधानी में आगमन के दौरान युवाओं ने विधानसभा परिसर का दौरा किया और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी। वे पहली बार लोकतंत्र के इस मंच से जनप्रतिनिधियों की बहस और नीतिगत चर्चाओं को देखकर रोमांचित हो उठे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक धर्म कौशिक, अनुज शर्मा और सुलता उसेंडी ने भी युवाओं से भेंट कर चर्चा की। ‘सरकार आपके साथ है’ – उपमुख्यमंत्री का आश्वासन उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं से उनके गांव की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आपके गांवों में पक्की सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, राशन, चिकित्सा और आवास जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सशक्त युवा – सशक्त छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर युवाओं को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। जब युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो कोई भी ताकत क्षेत्र  के विकास को बाधित नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी अब बदलाव के लिए तैयार है। बीजापुर के युवाओं की यह मजबूत आवाज पूरे प्रदेश के लिए एक नई रोशनी लेकर आई है। नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ – विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर के युवाओं से कहा कि हम आपके साथ हैं, आपके गांव के विकास और आप सभी के स्वर्णिम भविष्य को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।  उन्होंने युवाशक्ति से आह्वान किया कि इस बदलाव का हिस्सा बनें, अपने सपनों को साकार करें, और छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की और कहा कि हम सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त, विकसित और समृद्ध राज्य बनाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा भी प्रस्तुत की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दो दिवसीय नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, सांसद तेजस्वी सूर्या सहित विभिन्न वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास, औद्योगिक नीति, नक्सल उन्मूलन और बस्तर के विकास पर विस्तृत चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट, छत्तीसगढ़ विकास पर विस्तृत चर्चा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से आत्मीय मुलाकात की।  बैठक में छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, बस्तर के विकास का मास्टर प्लान और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, उद्योग और पर्यटन केंद्रों के विस्तार पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इस यात्रा के दौरान राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बस्तर विकास योजना की सराहना करते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से निर्णायक चर्चा – नक्सलवाद के खात्मे की रणनीति और बस्तर के तेज विकास पर फोकस मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात कर नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे, बस्तर के समग्र विकास और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में है और राज्य सरकार निर्णायक कदम उठा रही है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सली संगठनों की पकड़ कमजोर हो चुकी है और छत्तीसगढ़ अब एक नए युग की ओर अग्रसर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ ऊर्जा एवं शहरी विकास पर चर्चा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार और शहरी विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा की। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू भी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ के सांसदों से संवाद – राज्य विकास पर केंद्रित चर्चा संसद भवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के सांसदों से भेंट कर राज्य की विकास योजनाओं, केंद्र-राज्य समन्वय और प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर विमर्श किया। सांसद तेजस्वी सूर्या से सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में  सांसद तेजस्वी सूर्या  से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने उन्हें उनके वैवाहिक जीवन में प्रवेश पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। बस्तर विकास का मास्टर प्लान – केंद्र सरकार के साथ समन्वय और सहयोग का विस्तार मुख्यमंत्री साय ने बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास का मास्टर प्लान केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन के नए अवसरों पर विशेष जोर दिया गया। इस मास्टर प्लान का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में लाना और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार ने इस मास्टर प्लान को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ विभिन्न विषयों पर हुआ विचार विमर्श मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल्ली दौरा छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ तालमेल बढ़ाने और महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने के लिए बेहद सफल रहा।मुख्यमंत्री साय ने राज्य की विकास योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से मजबूत सहयोग और समर्थन प्राप्त किया। उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों से महत्वपूर्ण मुलाकातों से छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति और दिशा मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ में अब अवैध धर्मांतरण रोकने सख्त कानून बनाया जाएगा

रायपुर छत्तीसगढ़ में अब गैरकानूनी रूप से धर्म परिवर्तन करना गुनाह है। प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने साफ कहा है कि इसे रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाएगा। विजय शर्मा डिप्टी सीएम होने के साथ छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री भी हैं। आज विधानसभा में भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने धार्मिक धर्मांतरण का मुद्दा उठाया था। चंद्राकर ने कहा कि ‘चंगाई सभा’ (उपचार बैठक) के बहाने निर्दोष,असहाय,गरीब लोगों को प्रलोभन के माध्यम से धर्मांतरित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य,शिक्षा और सामाजिक कार्य क्षेत्रों में काम करने के उद्देश्य से बने एनजीओ विदेशी देशों से धन प्राप्त कर रहे हैं,जिसका कथित रूप से धर्मांतरण गतिविधियों के लिए उपयोग किया जा रहा है। राज्य में ऐसे कई एनजीओ हैं,जो धार्मिक आधार पर पंजीकृत हैं और विदेशों से धन भी प्राप्त कर रहे हैं। अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि बस्तर जिले में 19 पंजीकृत संगठनों में से 9 और जशपुर जिले में 18 संस्थानों में से 15 ईसाई मिशनरियों की ओर से चलाए जा रहे हैं। इन संगठनों पर नियंत्रण की कमी के कारण धर्मांतरण गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर संगठन जशपुर जिले (मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गृह जिला) में काम कर रहे हैं,जहां धर्मांतरण के ज्यादातर मामले सामने आते हैं। भाजपा विधायक ने इस साल की शुरुआत में बिलासपुर और रायपुर जिलों में पुलिस में दर्ज धार्मिक धर्मांतरण के कुछ मामलों का भी हवाला दिया। धर्मांतरण में विदेशी फंडिंग के उपयोग से इनकार नहीं किया जा सकता। चंद्राकर ने दावा किया कि हालांकि सरकार ऐसे फंडों पर प्रतिबंध लगाने का दावा करती है,लेकिन ये संस्थान ऑडिट रिपोर्ट न देकर अपना रास्ता निकाल लेते हैं। अपने जवाब में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि एनजीओ पर स्थानीय प्रशासन के नियंत्रण की कमी के कारण धर्मांतरण की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस उचित जांच करती है और जब ऐसी चंगाई सभाओं में लोगों को धर्मांतरित करने के लिए लुभाने की शिकायतें मिलती हैं तो तुरंत कानूनी कार्रवाई करती है।शर्मा ने कहा कि 2020 में एक मामला दर्ज किया गया,2021 में सात, 2022 में तीन,2023 में शून्य,2024 में कुल 12 और 2025 में अब तक चार मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद चंद्राकर ने कहा कि यह मुद्दा बहुत गंभीर है और मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में इसके बारे में बात की है। राज्य में विदेशी धन प्राप्त करने वाले एनजीओ का निरीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसी सहायता का उपयोग धार्मिक धर्मांतरण सहित अवैध गतिविधियों में नहीं किया जा रहा है। चंद्राकर ने राज्य में विदेशी धन प्राप्त करने वाले एनजीओ का विवरण और क्या ऐसे संस्थानों के खिलाफ कोई शिकायत मिली है। शर्मा ने कहा कि विदेशी धन प्राप्त करने वाले एनजीओ विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत हैं और केंद्रीय गृह मंत्रालय ऐसे विदेशी धन की प्राप्ति की निगरानी करता है। शर्मा ने कहा कि पहले राज्य में 364 एनजीओ थे जो विदेशी धन प्राप्त कर रहे थे। इसके बाद,चंद्राकर ने पूछा कि क्या सरकार अवैध धार्मिक धर्मांतरण को रोकने के लिए नए प्रावधान या कानून लाएगी। जवाब में डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बहुत गंभीर है। हालांकि छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम लागू है,सरकार सोच रही है कि नए कानूनी प्रावधान लागू होने चाहिए। उचित समय पर नए प्रावधान पेश किए जाएंगे। विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस प्रशासन अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। वर्तमान में, पुराने प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। सरकार नए प्रावधानों की आवश्यकता पर विचार कर रही है। हम जल्द ही नया कानून लाएंगे। अवैध धार्मिक धर्मांतरण को रोकने के लिए जल्द ही एक सख्त कानून बनाया जाएगा।

सरकार की सख्त नीतियों और सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति लौट रही है- CM विष्णुदेव साय

रायपुर छ्त्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान मुख्य तौर पर राज्य में नक्सलवाद को लेकर चर्चा हुई. मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री साय ने बताया बस्तर में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. सरकार की सख्त नीतियों और सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति लौट रही है. इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की. इस बैठक में नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने, बस्तर के विकास को तेज करने और पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को अवगत कराया कि नक्सलवाद अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और सरकार इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठा रही है. राज्य और केंद्र के संयुक्त प्रयासों से नक्सली संगठनों की पकड़ कमजोर हो चुकी है. अब अंतिम चरण की रणनीति तैयार कर बस्तर को स्थायी शांति की ओर ले जाने पर जोर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का असर दिखने लगा है. हाल ही में बीजापुर जिले में 9 ईनामी नक्सलियों समेत कुल 19 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता और पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें. बैठक में बस्तर में विकास कार्यों को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया गया. सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का असर दिखने लगा है। हाल ही में बीजापुर जिले में 9 ईनामी नक्सलियों समेत कुल 19 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता और पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। बैठक में बस्तर में विकास कार्यों को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और जल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। इसके साथ ही, बस्तर के समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं पर भी विचार किया गया। बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और नए रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सिर्फ संघर्ष की भूमि न रहकर शांति, विकास और संभावनाओं का नया केंद्र बने।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोनार समाज के सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार के प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिलमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार के प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिलमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार के प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  जशपुर विकासखंड के श्याम पैलेस में आयोजित राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार जशपुर मंडल के प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने समाज को सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले, आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता पाने वाले होनहार छात्रों को प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सोनार समाज के सामाजिक कार्यों की सराहना मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि सोनार समाज सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर, निर्धन बेटियों के विवाह, रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण जैसे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के ये प्रयास दूसरों के लिए भी प्रेरणादायक हैं और इससे पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार, कमजोर परिवारों की मदद का आह्वान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देती है और उसके रहन-सहन को संवारती है। उन्होंने सोनार समाज से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाएं और कमजोर परिवारों के बच्चों को भी पढ़ाई में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है, जिससे न केवल व्यक्ति का भविष्य उज्ज्वल होता है, बल्कि पूरे समाज की प्रगति सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार को बने 15 महीने हो चुके हैं, और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, डॉ. राम प्रताप सिंह, विजय आदित्य सिंह जूदेव, सोनार समाज के जिला अध्यक्ष विकास सोनी सहित बड़ी संख्या में सोनार समाज के लोग उपस्थित थे।

प्रशिक्षु कैडेट्स का जोश – हमारा सपना साकार हो रहा है!

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के आगडीह हवाई पट्टी में 3 सीजी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी रायपुर के कैडेट्स से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कैडेट्स के अनुभव सुने और जशपुर में पहली बार शुरू हुए विमान उड़ान प्रशिक्षण को एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि जशपुर अब केवल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि विमानन प्रशिक्षण का नया हब भी बन रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को हर क्षेत्र में करियर निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है। अब युवा पायलट बनने का भी सपना साकार कर सकते हैं, जिसके लिए सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर माइक्रो लाइट एयर स्क्वाड्रन विमान का अवलोकन किया और उसकी तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैडेट्स को जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करवाया जाए, ताकि वे जिले के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से परिचित हो सकें। उन्होंने यह भी बताया कि जशपुर में काजू, चाय पत्ती, नाशपाती और सेब की खेती बड़े पैमाने पर हो रही है, जिससे यहां की कृषि को नया आयाम मिला है। पहली बार जशपुर में विमान उड़ान प्रशिक्षण, 100 कैडेट्स को मिलेगा अवसर जशपुर जिले में 7 मार्च 2025 से कैडेटों को सुबह विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान विमान आकाश में उड़ान भरने के बाद सुरक्षित लैंड करता है, जिससे कैडेट्स को व्यावहारिक अनुभव मिलता है। रायपुर से बाहर पहली बार जशपुर जिले में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिससे कैडेट्स में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। ट्विन-सीटर SW-80 विमान से दी जा रही ट्रेनिंग आगडीह हवाई पट्टी की लंबाई 1200 मीटर और चौड़ाई 25 मीटर है। यहां सिंगल इंजन ट्विन-सीटर वायरस SW-80 विमान से कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो 20,000 फीट की अधिकतम ऊंचाई तक उड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल प्रशिक्षण के लिए 1,000 फीट की ऊंचाई तक ही उड़ान संचालित की जा रही है। कमांडिंग ऑफिसर ने बताया कि एनसीसी एयर विंग के “सी” सर्टिफिकेट में उच्च ग्रेडिंग प्राप्त करने वाले कैडेट्स सीधे एयरफोर्स इंटरव्यू के लिए पात्र माने जाते हैं, जिससे यह प्रशिक्षण उनके सुनहरे भविष्य की नींव रखता है। कैडेट्स का उत्साह – “एयरफोर्स पायलट बनने का सपना साकार होगा” प्रशिक्षु नितेश प्रजापति ने बताया कि जशपुर का स्वच्छ और खूबसूरत वातावरण उड़ान प्रशिक्षण के लिए बहुत उपयुक्त है। उन्होंने कहा, “मेरा सपना एयरफोर्स पायलट बनने का है, और यह प्रशिक्षण मुझे उस दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा।” इसी तरह प्रांशु चौहान ने बताया कि जशपुर में एयर ट्रैफिक साफ-सुथरा रहता है, जिससे उड़ान में कोई बाधा नहीं आती। रनवे भी पूरी तरह से क्लियर रहता है, जिससे प्रशिक्षण बिना किसी रुकावट के संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा, “प्राकृतिक सुंदरता के बीच प्रशिक्षण लेना हमारे लिए हमेशा यादगार रहेगा।” इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नगर विकास की दिशा में प्रभावी कार्य करने का आह्वान

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में नगर पालिका परिषद, जशपुरनगर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अरविंद भगत एवं 20 वार्डों के पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज स्वामी आत्मानंद शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर जशपुर में सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नगर की स्वच्छता, सुव्यवस्था और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए पार्षदगण अपनी पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही आपकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। नगर विकास की दिशा में  प्रभावी कार्य करने का आह्वान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पार्षदों से स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं और स्मार्ट शहर निर्माण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से जशपुरनगर को एक आदर्श नगर बनाया जाएगा। शपथ ग्रहण के उपरांत विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, सहित कई गणमान्य व्यक्ति, अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई

रायपुर जशपुर जिला व्यवहार न्यायालय में आयोजित जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें न्यायिक सेवा के प्रति समर्पण का संकल्प दिलाते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंसूर अहमद, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जनार्दन खरे, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष ओम प्रकाश साय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद सिन्हा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती दीपिका कुजूर, सचिव सत्य प्रकाश तिवारी, सह सचिव सूरज चौरसिया, कोषाध्यक्ष सुचेन्द्र कुमार सिंह, ग्रंथपाल गोपाल प्रसाद रवानी और क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव सत्येन्द्र जोल्हे शामिल थे। मुख्यमंत्री  साय ने अधिवक्ता संघ के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र की रीढ़ है और अधिवक्ताओं की इसमें प्रमुख भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ न्याय प्रक्रिया को तेज करने में योगदान देना चाहिए, ताकि समाज के सबसे वंचित तबके को भी न्याय सुलभ हो सके। जशपुर अधिवक्ता संघ की ऐतिहासिक भूमिका और न्याय की परंपरा मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिला अधिवक्ता संघ के ऐतिहासिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि यह संघ हमेशा से सामाजिक न्याय और विधिक सेवा में अग्रणी रहा है। उन्होंने भारतचंद काबरा, बालासाहेब देशपांडे और नरहरि साय जैसी विभूतियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन सभी ने शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे इस परंपरा को बनाए रखते हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा करें और उनके लिए न्याय की राह को सुगम बनाएं। बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा मुख्यमंत्री साय ने अधिवक्ताओं के लिए सुविधा और संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बार काउंसिल के जीर्णोद्धार और ई-लाइब्रेरी के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में ई-लाइब्रेरी से अधिवक्ताओं और कानून के छात्रों को नवीनतम विधिक जानकारी और अद्यतन संदर्भ सामग्री तक सहज पहुंच प्राप्त होगी। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ेगी और नए अधिवक्ताओं को अध्ययन व अनुसंधान के बेहतर अवसर मिलेंगे। न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ का अटूट रिश्ता – प्रधान जिला न्यायाधीश इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंसूर अहमद ने कहा कि न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ के बीच अटूट रिश्ता है, और दोनों को मिलकर समाज में न्याय और विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य करना  चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय की गरिमा बनाए रखने और विधिक सेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की अपील की। इस अवसर पर वक्ताओं ने अधिवक्ताओं की समाज में भूमिका, विधिक सहायता की आवश्यकता और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार साझा किए। शपथ ग्रहण समारोह में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, रामप्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, आनंद और परस्पर प्रेम की कामना की : CM साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंगों और उल्लास के महापर्व होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, आनंद और परस्पर प्रेम की कामना की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करने वाला पर्व है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि जीवन में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के रंग सबसे अनमोल हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली का त्यौहार सदियों से भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहा है, जहां भेदभाव मिट जाते हैं, और लोग आपसी स्नेह, उल्लास और उमंग के रंगों में घुल-मिल जाते हैं। यह पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की विजय, प्रेम की जीत और समाज में सौहार्द्र को और मजबूत करने का संदेश देता है। मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि हम सभी होली के पावन पर्व को प्रेम, सौहार्द और आनंद के साथ मनाएं, एक-दूसरे के जीवन में खुशियों के रंग भरें और छत्तीसगढ़ की समरसता और एकता को और अधिक सशक्त बनाएं।

ओडिशा सरकार की सहमति के बाद स्ट्रक्चर में रेत की बोरियां डालकर पानी का प्रवाह सुनिश्चित किया गया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर में जल प्रवाह को नियंत्रित कर इंद्रावती नदी की मुख्य धारा में पानी छोड़ा गया है। ओडिशा सरकार की सहमति के बाद स्ट्रक्चर में रेत की बोरियां डालकर पानी का प्रवाह सुनिश्चित किया गया, जिससे इंद्रावती नदी में जल स्तर में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से इंद्रावती नदी के जल संकट के समाधान हेतु चर्चा की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के मुख्यमंत्रियों को समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। जिसके परिणामस्वरूप उड़ीसा राज्य की सहमति से जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर को अस्थायी रूप से एक फीट ऊंचा किया गया, जिससे इंद्रावती नदी के जल प्रवाह में सुधार हुआ। इसके अतिरिक्त, इंद्रावती नदी के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में जमा रेत को हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिसे अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर सी.पी. बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग और जल संसाधन विभाग के ईई वेद पांडेय ने स्थानीय किसानों को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभा कक्ष में पूरी जानकारी दी। इंद्रावती नदी और जोरा नाला की समस्या इंद्रावती नदी का उद्गम ओडिशा राज्य के कालाहांडी जिले के रामपुर धुमाल गांव से हुआ है। यह नदी 534 किलोमीटर की यात्रा के बाद गोदावरी नदी में मिलती है। नदी का कैचमेंट एरिया 41,665 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें ओडिशा में 7,435 वर्ग किमी, छत्तीसगढ़ में 33,735 वर्ग किमी और महाराष्ट्र में 495 वर्ग किमी शामिल हैं। ओडिशा राज्य की सीमा पर ग्राम सूतपदर में इंद्रावती नदी दो भागों में बंट जाती है। एक भाग इंद्रावती नदी के रूप में 5 किमी बहकर ग्राम भेजापदर के पास छत्तीसगढ़ में प्रवेश करता है, जबकि दूसरा भाग जोरा नाला के रूप में 12 किमी बहते हुए शबरी (कोलाब) नदी में मिल जाता है। पहले जोरा नाला का पानी इंद्रावती में आता था, लेकिन धीरे-धीरे इसका बहाव बढ़ने से इंद्रावती का जल प्रवाह कम हो गया। समस्या गंभीर होने पर दिसंबर 2003 में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के प्रमुख अभियंताओं की बैठक में जोरा नाला के मुहाने पर जल विभाजन के लिए कंट्रोल स्ट्रक्चर बनाने का निर्णय लिया गया। यह स्ट्रक्चर ओडिशा सरकार द्वारा बनाया गया, जिसकी डिज़ाइन केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने तैयार की। निर्माण के बाद भी जोरा नाला में अधिक पानी जाने से छत्तीसगढ़ को ग्रीष्म ऋतु में औसतन 40.71% और ओडिशा को 59.29% जल प्रवाह मिला। राज्य सरकार की पहल से समाधान की दिशा में प्रगति इंद्रावती नदी में न्यूनतम जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कई प्रयास किए। 6 जनवरी 2021 को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में कंट्रोल स्ट्रक्चर के अपस्ट्रीम में जलभराव रोकने के लिए रेत और बोल्डर हटाने तथा जोरा नाला के घुमाव को सीधा करने का अनुरोध किया गया। वर्ष 2018 के बाद इंद्रावती नदी में सतत जल प्रवाह कम होने की समस्या बनी हुई थी। अब राज्य सरकार के प्रयासों से ओडिशा सरकार का सहयोग प्राप्त हुआ है, जिससे नदी के जल प्रवाह को संतुलित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इससे इंद्रावती नदी में जल प्रवाह बढ़ेगा और किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

बस्तर के असल जीवन को करीब से जानने-समझने का मिलेगा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : मुख्यमंत्री ने किया ‘बस्तर पंडुम 2025’ का लोगो अनावरण मुख्यमंत्री ने किया ‘बस्तर पंडुम 2025’ का लोगो अनावरण बस्तर में शांति स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा बस्तर पंडुम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर के असल जीवन को करीब से जानने-समझने का मिलेगा अवसर बस्तर पंडुम 2025: लोकसंस्कृति और परंपराओं का भव्य उत्सव बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की अनूठी पहल है बस्तर पंडुम रायपुर बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।         मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।         मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।        इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक किरण देव, विधायक सुलता उसेंडी, विधायक विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति विवेक आचार्य मौजूद रहे। बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगो      बस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है।  “बस्तर पंडुम” गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है। नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन ‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षण     बस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।

होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है। यह पर्व हमें छोटी-छोटी अनबन को भुलाकर नए सिरे से दोस्ती की शुरुआत करने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में यह बात कही। रंगों के बीच पत्रकारों संग झूमे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री साय का रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों ने अनूठे अंदाज में भिंडी की माला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के होली विशेषांक ‘सेंसलेस टाइम्स’ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब में पर्वों को मिल-जुलकर मनाने की एक गौरवशाली परंपरा है। हर साल इस होली उत्सव में शामिल होने का अवसर मिलता है। मैं रायपुर प्रेस क्लब परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हर्ष और उल्लास से भरा यह पर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे, यही मेरी मंगलकामना है। मुख्यमंत्री ने बजाया नगाड़ा, रंगों के उल्लास में झूमे पत्रकार रायपुर प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह में रंगों और उमंग का अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खुद नगाड़ा बजाकर उत्सव का जोश दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री के नगाड़ा बजाते ही समारोह में मौजूद पत्रकारों और गणमान्यजनों ने तालियों से उत्साह बढ़ाया और पूरे माहौल में उल्लास की लहर दौड़ गई। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन पर मुख्यमंत्री भी पत्रकारों के साथ फाग गीतों और होली की मस्ती में झूमते नजर आए। होली के इस रंगीन माहौल में संगीत, उत्सव और आपसी भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला। पत्रकारों के लिए बड़ी सौगात, प्रेस क्लब के लिए 1 करोड़ का बजट प्रावधान मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर प्रेस क्लब की परंपरा को सराहते हुए कहा कि इस वर्ष के बजट में पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं, जो लोकतंत्र की मजबूती में अहम भूमिका निभाते हैं। रायपुर प्रेस क्लब को राजधानी की गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए 1 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे इसके भवन का रिनोवेशन और विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा पत्रकारों के लिए एक्सपोजर विजिट की भी मांग उठी थी, जिसे पूरा करते हुए 1 करोड़ रुपये का अलग से बजट प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने वरिष्ठ पत्रकारों के कल्याण की चिंता करते हुए कहा कि लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में जनसेवा करने वाले साथियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार ने सम्मान निधि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे लगता है कि यह होली केवल रंगों और फाग की मस्ती का पर्व नहीं, बल्कि पत्रकार मित्रों के लिए भी बड़ी सौगात लेकर आई है। महिला पत्रकारों के योगदान को सराहा मुख्यमंत्री ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवसर पर उन्होंने महिला पत्रकारों का सम्मान किया और उनके संघर्ष व उपलब्धियों को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारिता में चुनौतियाँ बहुत हैं, लेकिन उनके हौसले और संकल्प भी उतने ही ऊँचे हैं। लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में पत्रकारों की अहम भूमिका मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी होते हैं, जिनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में उनके लिए इस तरह के सांस्कृतिक और मिलन समारोह जरूरी हैं, जिससे कार्य के दबाव से अलग हटकर परस्पर सौहार्द को बढ़ावा मिले। रायपुर प्रेस क्लब वर्षों से होली मिलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है। यह परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे,मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, श्री अमित चिमनानी, श्री अनुराग अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक  और अधिकारीगण कार्यक्रम में शामिल हुए। रायपुर प्रेस क्लब की ओर से अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर सहित प्रेस क्लब के सदस्यगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने लागू की गई नीति राज्य में धान उत्पादन को नए उच्च स्तर तक ले जा रही

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में तमिलनाडु कावेरी फार्मर्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान तमिलनाडु के किसानों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से धान और पान से बनी माला पहनाकर अभिनंदन किया और अपनी परंपरा के अनुरूप रेड बनाना (लाल केला), आम, नारियल के पौधे और कटहल उपहार स्वरूप भेंट किए। इस आत्मीय स्वागत के लिए मुख्यमंत्री साय ने किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी उपस्थित थे। तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार की नीति को बताया अनुकरणीय मुलाकात के दौरान तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को दिए जा रहे देश के सर्वाधिक धान मूल्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की नीति किसानों के लिए एक मिसाल है। इस पहल को किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि जब किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिलता है, तो वे न केवल अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित होते हैं, बल्कि खेती को एक स्थायी आजीविका के रूप में भी देख सकते हैं। एसोसिएशन के महासचिव स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन ने मुख्यमंत्री की इस नीति की सराहना करते हुए कहा कि उचित समर्थन मूल्य किसानों को आश्वस्त करता है कि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा। जब मूल्य उत्पादन लागत से मेल खाता है, तो किसान निडर होकर खेती कर सकते हैं और अपनी आजीविका को समृद्ध बना सकते हैं। छत्तीसगढ़ का यह कदम पूरे देश में मिसाल बन सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। धान के लिए उच्चतम समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसान न केवल आत्मनिर्भर बनें बल्कि समृद्ध भी हों। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई यह नीति राज्य में धान उत्पादन को नए उच्च स्तर तक ले जा रही है। किसान हितैषी योजनाओं के कारण प्रदेश में धान का उत्पादन लगभग 1.50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। छत्तीसगढ़ की कृषि नीति को राष्ट्रीय पहचान तमिलनाडु के किसानों ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि नीतियों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान की सराहना की। किसानों ने कहा कि जब सरकार किसानों के हित में ठोस नीतियाँ बनाती है, तो उनका सीधा प्रभाव उनकी आय, जीवन स्तर और समृद्धि पर पड़ता है। यह मुलाकात दो राज्यों के किसानों के बीच आपसी सौहार्द और कृषि सहयोग का प्रतीक बनी। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-केंद्रित नीतियां न केवल राज्य में बल्कि देशभर में अनुकरणीय बन रही हैं। इस अवसर पर एसोसिएशन के महासचिव स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन के साथ चेरन, कालिया पेरूमल, समीनाथन, सेनगुटटुवन, सुगुमारन, बालाजी, सीतारामन, सबरी नाथन, जी. बालाजी सहित अन्य किसान नेता उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया

मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक – 12 मार्च 2025 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –     मंत्रिपरिषद ने राज्य में नक्सल समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल करते हुए छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति-2023 के स्थान पर छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।     छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक-2025 विधानसभा के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     मुख्यमंत्री ने 27 फरवरी को फिल्म ‘‘छावा‘‘ को राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुपालन में फिल्म छावा के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति किए जाने का अनुमोदन किया गया।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और वैज्ञानिक योजना तैयार करने के लिए राज्य जल सूचना केन्द्र (SWIC) का गठन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की सहमति प्रदान की गई। रायपुर          स्टेट वाटर इंफॉर्मेशन सेंटर वर्षा, नदी और जलाशयों के स्तर, भूजल गुणवत्ता, गाद, नहरों में जल प्रवाह, फसल कवरेज, जलभृत मानचित्रण, भूमि और मिट्टी के डेटा सहित जल संसाधन संबंधी विभिन्न सूचनाओं का संग्रह, विश्लेषण और भंडारण करेगा।     SWIC, NWIC  द्वारा विकसित डिजिटल प्लेटफार्म की सहायता से जल संसाधन प्रबंधन के लिए प्रमाणिक डेटा उपलब्ध कराएगा। इससे नीति निर्माण, रणनीतिक निर्णय, मॉडलिंग, विश्लेषणात्मक उपकरणों के विकास और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के जल संसाधन विभाग के 09 बॉधों के सुधार कार्यों के लिए 522.22 करोड़ रूपए भारत सरकार के माध्यम से ऋण स्वीकृति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया। इनमें मनियारी टैंक, घोंघा टैंक, दुधावा, किंकारी, सोंढूर, मूरूमसिल्ली (भाग-2), रविशंकर सागर परियोजना (भाग-2), न्यूज रूद्री बैराज और पेण्ड्रावन टैंक शामिल हैं।     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में सुशासन और नीति क्रियान्वयन को मजबूत करने में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है।     यह योजना आईआईएम रायपुर और ट्रांसफार्मिंग रूरल इंडिया फाउण्डेशन नई दिल्ली के सहयोग से सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा संचालित की जाएगी। यह योजना छत्तीसगढ़ के मूल निवासी युवाओं के लिए होगी। इस कार्यक्रम को सुफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले फेलो को आईआईएम रायपुर द्वारा एमबीए के डिग्री प्रदान की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर चयनित फेलो को दो वर्ष की कुछ अवधि में आईआईएम रायपुर में शैक्षणिक सत्र में शामिल होना होगा तथा शेष अवधि में जिला/विभाग में राज्य की योजनाओं एवं कार्यक्रम हेतु कार्य करके जिला/विभाग को सहयोग प्रदान करना होगा। इस कार्यक्रम में होने वाले खर्च का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा साथ ही फेलो को प्रति माह स्टाईपेंड भी प्रदान किया जाएगा।     मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार की प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच ईओडब्ल्यू के माध्यम से जांच कराने का निर्णय लिया है।

हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान

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रायपुर : श्रीरविशंकर और उनके संस्थान के परोपकार और मानवता के कल्याण के कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय श्रीरविशंकर द्वारा नक्सल विचारधारा से प्रभावित युवाओं से विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का आव्हान मुख्यमंत्री शंखनाद महासत्संग में हुए शामिल हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में श्रीरविशंकर के शंखनाद महासत्संग कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने श्रीरविशंकर जी से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद ग्रहण किया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरविशंकर परोपकार और मानवता की सेवा का ऐसा कार्य कर रहे हैं, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने श्रीरविशंकर महाराज का प्रदेश की जनता की ओर से छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान योग, ध्यान और मानवता के कल्याण का अच्छा कार्य कर रहा है। सुदर्शन क्रिया के माध्यम से देश दुनिया में करोड़ों निराश लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ध्यान और मेडिटेशन को हम भूलते जा रहे थे। आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से फिर से इसे स्थापित किया जा है।  उन्होंने बताया कि आज छत्तीसगढ़ राज्य और आर्ट ऑफ लिविंग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसके तहत प्रदेश के गांव-गांव में जल संरक्षण, कृषि संवर्धन, शिक्षा, आजीविका – रोजगार, महिला सशक्तिकरण और नशा मुक्ति के कार्य उनकी संस्था द्वारा किया जाएगा। नया रायपुर में आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। श्रीरविशंकर और मुख्यमंत्री साय ने आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शिलान्यास किया। यह केंद्र योग, ध्यान, कौशल विकास, आत्म विकास और सामुदायिक विकास को समर्पित रहेगा। यह महा सत्संग ज्ञान, ध्यान और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम रहा है। आध्यात्मिक गुरु श्रीरविशंकर महाराज ने आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धांतों की सारगर्भित जानकारी अपने संबोधन में दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को ध्यान कराया। ध्यान के दौरान हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान तरंगित हो उठा। नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं से मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान श्रीरविशंकर ने नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप विकास की मुख्य धारा में आएं, हम आपके साथ खड़े हैं, हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनाएंगे। जहां सभी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो। गरीबों के उत्थान के कार्यों हों। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में शांति और समृद्धि आवश्यक है। जब शांति होगी तो समृद्धि आएगी। आप जब हमारे साथ आएंगे तो आपको भी समता ,समृद्धि और न्याय मिलेगा। बंदूक से कोई काम नहीं बनता। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य है। विविध फल फूल और प्राकृतिक संपदा भरपूर है। यह प्रदेश दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। अब यह समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रदेश को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनने के लिए काम करें । आर्ट ऑफ लिविंग के संबंध में उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में शक्ति, भक्ति, युक्ति और मुक्ति होनी चाहिए। विपरीत और अनुकूल परिस्थितियों में मन का समभाव बना रहे । जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करें। दूसरों के विचारों को प्रेरणा लें, लेकिन उनसे पूरी तरह प्रभावित न हो और वर्तमान में जिएं। हमारे जीवन में प्रेम हो, प्रेम का अर्थ है कि कोई हमारे लिए गैर नहीं है । उन्होंने लोगों से गुरु दक्षिणा मांगते हुए कहा कि यहां आए सभी लोग अपनी परेशानी, दुख – दर्द यहां छोड़ कर जाएं, यही मेरी गुरु दक्षिणा है । ईश्वर पर भरोसा रखें । कार्यक्रम के अंत में भजन की धुन पर पूरा मैदान झूम उठा। श्रीरविशंकर रैंप पर चलकर लोगों के पास पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुलता उसेंडी, विधायक किरण सिंहदेव, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने चार नए महिला थानों का उद्घाटन, पुलिस बल को और सशक्त बनाने पर जोर

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में उप निरीक्षक संवर्ग के 840 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए  कहा कि राज्य में पुलिस बल की क्षमता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण निर्मित हो, यह सुनिश्चित करना भी पुलिस विभाग की महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का कार्य लोगों के बीच शांति, विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देना भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। तकनीकी संसाधनों के समावेश से पुलिस बल को अधिक दक्ष और प्रभावी बनाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पुलिस बल के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्दी का अर्थ केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नव नियुक्त पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपनी वर्दी का सम्मान करें और इसे हमेशा गर्व से धारण करें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जशपुर, रायगढ़, जगदलपुर और दंतेवाड़ा में नए महिला थानों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन थानों के माध्यम से महिलाओं को अधिक सुरक्षित वातावरण और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस बल को और अधिक सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं पर विचार कर रही है। इन योजनाओं के तहत तकनीकी उन्नयन, आधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह पुलिस सेवा में उनके सफर की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त पुलिस अधिकारी बनने के लिए उच्च मनोबल और अनुशासन अनिवार्य है। इस अवसर पर आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भेंट कर सुशासन की सराहना की, महिला सदस्यों ने मुख्यमंत्री को समाज के कुटीर उद्योग पहल की जानकारी दी

रायपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कुनबी समाज महासंगठन के 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर, छत्रपति शंभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म “छावा” को राज्य में कर मुक्त किए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि यह निर्णय इतिहास को सहज और सरल रूप में जन-जन तक पहुँचाने की महत्वपूर्ण पहल है। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री साय को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा, मराठी टोपी, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा कहा कि आपके नेतृत्व में प्रदेश सुशासन और प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रतिनिधि मंडल  ने शिवाजी जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग रखी। प्रतिनिधि मंडल की महिला सदस्यों श्रीमती सारिका गेडेकर व श्रीमती मनिषा बारसे ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि कुनबी समाज की महिलाओं ने सामाजिक भवन में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कुटीर उद्योग की स्थापना की है। इसके तहत हल्दी, मिर्च, मसाले आदि का निर्माण और पैकेजिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं की इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया। प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश कुनबी समाज भवन निर्माण से संबंधित जानकारी मुख्यमंत्री को दी और समाज के भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल में रंजीत भाऊ मुनेश्वर, उमेश घोड़मोड़,  श्रीमती सारिका गेडेकर, श्रीमती मनिषा बारसे,  दिलीप गेडेकर,  हेमराज,  प्रेम बोहरे, वासुदेव फुंडे, श्रीमती रागिणी गेडेकर, श्रीमती संगिता भंडारकर, श्रीमती रिंकु सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति 3 लाख करोड़ का निवेश, चार तरह के पावर प्लांट से बनेगी अपार ऊर्जा छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति! 3 लाख करोड़ का निवेश, चार तरह के पावर प्लांट से बनेगी अपार ऊर्जा ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में अदानी, जिंदल और एनटीपीसी समेत कई कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का मिला निवेश प्रस्ताव 57,000 करोड़ की जलविद्युत परियोजनाएं, नदियों से बनेगी बिजली थर्मल और न्यूक्लियर पावर से भी मिलेगी छत्तीसगढ़ को ऊर्जा रायपुर छत्तीसगढ़ अब ऊर्जा क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज रायपुर में हुए ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में कई बड़ी कंपनियों ने 3 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है. इस निवेश से राज्य में परमाणु, थर्मल, सौर और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में बिजली उत्पादन के नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। इससे न केवल उद्योगों को फायदा मिलेगा, बल्कि आम लोगों को भी सस्ती और निरंतर बिजली मिल सकेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ में ऊर्जा के क्षेत्र में यह निवेश राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ न केवल ऊर्जा में आत्मनिर्भर बने, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऊर्जा हब के रूप में स्थापित हो। छत्तीसगढ़ पहले से ही 30,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जो देश के औसत से ज्यादा है। अब हर व्यक्ति को 2048 किलोवाट-घंटे बिजली मिल रही है, जिससे राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एनटीपीसी ने 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 4200 मेगावाट क्षमता का न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट लगाने की योजना बनाई है। इससे छत्तीसगढ़ में परमाणु ऊर्जा से बिजली उत्पादन की शुरुआत होगी। थर्मल पावर क्षेत्र में भी बड़े निवेश की घोषणा हुई है। अदानी पावर 66,720 करोड़ रुपये खर्च कर कोरबा, रायगढ़ और रायपुर में 1600-1600 मेगावाट के तीन थर्मल पावर प्लांट लगाएगा। जिंदल पावर रायगढ़ में 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए 12,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जबकि सरदा एनर्जी रायगढ़ में 660 मेगावाट क्षमता के प्लांट के लिए 5,300 करोड़ रुपये लगाएगी। इसके अलावा, सरकारी कंपनियां एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल 41,120 करोड़ रुपये की लागत से 4500 मेगावाट बिजली उत्पादन करेंगी। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता मिली है। जिंदल पावर और एनटीपीसी ग्रीन मिलकर 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर 2500 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन करेंगे। इसमें डोलेसरा में 500 मेगावाट और रायगढ़ में 2000 मेगावाट के सौर प्लांट शामिल होंगे। किसानों के लिए भी खुशखबरी है। पीएम कुसुम योजना के तहत 4100 करोड़ रुपये की लागत से 675 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन किया जाएगा और 20,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिलेगी और डीजल पंपों की जरूरत कम होगी। इसके अलावा, 57,046 करोड़ रुपये की लागत से 8700 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट भी शुरू होंगे। इसमें एसजेएन कोटपाली में 1800 मेगावाट और जिंदल रिन्यूएबल द्वारा 3000 मेगावाट के प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन सभी निवेशों के जरिए छत्तीसगढ़ जल्द ही देश के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल हो जाएगा। इससे उद्योगों, किसानों और आम लोगों को फायदा होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रमुख निवेश और योजनाएं 1. परमाणु ऊर्जा: साफ और कुशल ऊर्जा उत्पादन के लिए ₹80,000 करोड़ का निवेश। 2. ताप विद्युत: राज्य की ताप विद्युत क्षमता को मजबूत करने के लिए ₹1,07,840 करोड़। 3. सौर ऊर्जा: सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के लिए ₹10,000 करोड़। 4. पीएम कुसुम योजना: किसानों के बीच सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ₹4,100 करोड़। 5. पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं (PSP): ग्रिड स्थिरता के लिए ऊर्जा भंडारण में ₹57,046 करोड़। 6. क्रेडा सौर पहल: सौर ऊर्जा विस्तार के लिए ₹3,200 करोड़। 7. पीएम सूर्य योजना: राष्ट्रीय सौर छत परियोजना के तहत ₹6,000 करोड़। 8. सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा: सरकारी इमारतों में सौर ऊर्जा अपनाने के लिए ₹2,500 करोड़। 9. बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS): ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ₹2,600 करोड़। 10. पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क: बिजली पारेषण नेटवर्क को उन्नत करने के लिए ₹17,000 करोड़। 11. RDSS (वितरण क्षेत्र योजना): वितरण बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ₹10,800 करोड़।

मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “महतारी वंदन अभिनंदन” कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को सम्मानित किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “महतारी वंदन अभिनंदन” कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ महिला पत्रकारों ने मीडिया में महिलाओं की भूमिका पर खुलकर चर्चा की। महिला पत्रकारों ने कहा कि महिला पत्रकार राजनीति, अपराध, खेल सहित हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती हैं, बशर्ते उन्हें बराबरी का अवसर मिले। उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जा रहे छात्रावासों की सराहना की और कहा कि यह पहल महिलाओं को घर से दूर भी सुरक्षित माहौल प्रदान करेगी। इससे अब अभिभावक अपनी बेटियों के करियर को लेकर निश्चिंत हो सकेंगे। उन्होंने पत्रकारों की सम्मान निधि ₹10,000 से बढ़ाकर ₹20,000 करने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री निवास में सम्मान समारोह आयोजित करने पर खुशी जताई और कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे एक पिता ने हमें अपने घर बुलाया हो। उन्होंने कहा कि यह पहल महिला पत्रकारों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश में पहली बार इस तरह का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाएँ समाज निर्माण की सशक्त धुरी हैं, और महिला पत्रकार अपनी लेखनी से सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री साय के साथ लंच किया और उनके साथ सेल्फी भी ली।  मुख्यमंत्री साय ने महिला पत्रकारों के लिए भविष्य में नई योजनाओं पर विचार करने का भरोसा दिलाया और कहा कि सरकार महिला पत्रकारों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय आयुष्मान कार्ड, टी.बी. मरीजों को फूड बॉस्केट वितरित करेंगे

रायपुर : मुख्यमंत्री साय 8 मार्च को जशपुर के सलियाटोली में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और सामूहिक विवाह में होंगे शामिल मुख्यमंत्री साय 365 नवविवाहित जोड़ों को देंगे आशीर्वाद मुख्यमंत्री साय आयुष्मान कार्ड, टी.बी. मरीजों को फूड बॉस्केट वितरित करेंगे एम्स रायपुर के विशेषज्ञ मरीजों का करेंगे उपचार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 08 मार्च को कुनकुरी के सलियाटोली स्थित बालासाहेब देशपांडे महाविद्यालय मैदान में स्व. दिलीप सिंह जूदेव स्मृति में आयोजित वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री साय सलियाटोली के मिनी स्टेडियम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह बंधन में बंधने वाले 365 जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। स्व. दिलीप सिंह जूदेव स्मृति में आयोजित इस वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में मुख्यमंत्री आयुष्मान और सिकल सेल कार्ड, टी.बी. मरीजों को फूड बॉस्केट, तथा निक्षय मित्रों को प्रमाण पत्र वितरित करेंगे।यह शिविर जिला प्रशासन, जशपुर द्वारा एम्स रायपुर के सहयोग से सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान एम्स रायपुर एवं अन्य उच्च संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का चिन्हांकन कर उपचार करेंगे, साथ ही निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाएंगी।गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को रायपुर रेफर कर विशेष इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस चिकित्सा शिविर में एम्स रायपुर के मेडिसिन, सर्जरी, कैंसर, न्यूरोलॉजी, नाक-कान-गला, नेत्र, अस्थि, गुर्दा, चर्म, स्त्री रोग और मनोरोग विशेषज्ञ मरीजों का उपचार करेंगे। मरीजों की सुविधा के लिए पंजीयन काउंटर, जनरल ओपीडी काउंटर, लैबोरेटरी काउंटर, और सभी विशेषज्ञ विभागों के पृथक-पृथक काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 365 जोड़ों का विवाह सलियाटोली मिनी स्टेडियम में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 365 हिंदू जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री वर-वधू को अपना आशीर्वाद देंगे। उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कन्याओं के विवाह में सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के विवाह पर 50 हजार रुपये तक की राशि व्यय करने का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर मेले के आयोजन के लिए मिलेगी 50 लाख रुपए की राशि

रायपुर : गुरूदर्शन मेले में उमड़ रही श्रद्धा की बयार, देशभर से आ रहे श्रद्धालु गुरूदर्शन मेले में उमड़ रही श्रद्धा की बयार मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और सुरक्षा का व्यापक विस्तार मुख्यमंत्री की घोषणा पर मेले के आयोजन के लिए मिलेगी 50 लाख रुपए की राशि मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड का होगा निर्माण रायपुर बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और कर्मस्थली गिरौदपुरी में आयोजित गुरूदर्शन मेला अपनी भव्यता और आस्था के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। 04 से 06 मार्च तक चलने वाले इस मेले में छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत से हजारों श्रद्धालु आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस बार मेले को भव्य स्वरूप में आयोजित करने  के लिए  50 लाख रुपए की राशि की घोषणा की है, जो पूर्व में 25 लाख रुपए थी। इसके साथ ही, मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड के निर्माण की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं गुरू गद्दी का दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की और मेले की भव्यता बढ़ाने और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए मेला बजट को दोगुना करने के साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री साय की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण के लिए स्थल निरीक्षण एवं माप-जोख करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर  इस वर्ष मेले में  श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। गुरूदर्शन मेला न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र है। इस वर्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से इसे और भव्य और सुव्यवस्थित बनाया गया है। प्रशासन द्वारा की गई इन सुविधाओं की बढ़ोतरी से श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा। गुरूदर्शन मेले का यह ऐतिहासिक विस्तार श्रद्धालुओं की सेवा और आस्था को नई ऊँचाई पर ले जाने वाला साबित होगा। गुरुदर्शन मेले में श्रद्धालुओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है, जिसके अंतर्गत चिकित्सा सहायता केंद्रों की संख्या 2 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है और एंबुलेंस की संख्या 4 से बढ़ाकर 8 की गई है। निःशुल्क भोजन सेवा को भी विस्तार देते हुए अब 24 स्थानों पर 212 समूहों द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पहले 20 स्थानों पर 175 समूहों द्वारा संचालित थी। पेयजल व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है, जिसमें स्थायी नल कनेक्शन की संख्या 110 से बढ़ाकर 195 कर दी गई है और पानी टैंकरों की संख्या 8 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, जिसमें पुलिस कंट्रोल रूम की संख्या 3 से बढ़ाकर 9 कर दी गई है, सुरक्षा बलों की संख्या 450 से बढ़ाकर 1150 की गई है और पहली बार 36 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग हो रही है ।सुरक्षाकर्मियों को 130 वायरलेस सेट भी प्रदान किए गए हैं। अग्नि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब 1 के बजाय 3 अग्निशमन वाहन तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। मेले में विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है, जिसमें ट्रांसफार्मरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में बैकअप जनरेटर की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए शौचालयों की संख्या 4 से बढ़ाकर 16 कर दी गई है, स्नानागार की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 की गई है, और अतिरिक्त रूप से 80 सीटर स्थायी शौचालय की भी व्यवस्था की गई है। स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की संख्या 80 से बढ़ाकर 291 कर दी गई है ताकि मेले में स्वच्छता बनी रहे। इस वर्ष पहली बार गिरौदपुरी मेला डॉट कॉम नामक वेबसाइट लॉन्च की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को मेला स्थल की जानकारी, आवश्यक मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सेवाओं की ऑनलाइन जानकारी मिल सके। इससे श्रद्धालु यात्रा संबंधी सूचनाएं, पार्किंग व्यवस्था, धार्मिक स्थलों की जानकारी और अन्य सुविधाओं की पूरी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने गिरौदपुरी मेला की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने तथा मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थाई शेड निर्माण की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गिरौदपुरी धाम में आयोजित गुरुदर्शन मेला के पहले दिन गुरु गद्दी का दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर मेला समिति की मांग पर गिरौदपुरी मेले की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने एवं श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंदिर में दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को स्वयं प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल, पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा, कलेक्टर दीपक सोनी, एसएसपी विजय अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में संत एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि तीन दिवसीय गिरौदपुरी मेला 4 मार्च से 6 मार्च तक आयोजित होगा। गिरौदपुरी धाम में हर वर्ष आयोजित होने वाला यह मेला गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बन रहा है।

युवाओं के लिए उद्यम और रोजगार के नए अवसर खोलने वाला बजट, हाइटेक खेती की जरूरतों को पूरा करने रखा गया पूरा ध्यान

 बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी तीव्र गति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्तमान और भविष्य दोनों की जरूरतों को पूरा करता बजट विधानसभा में प्रस्तुत – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सूत्रवाक्य रखा, ज्ञान से गति की ओर, पिछले बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के लिए फोकस रखा था, अब इन्हें आगे बढ़ाने गति अर्थात सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी, तकनीक और औद्योगिक विकास पर होगा जोर अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर अटल निर्माण वर्ष के अनुरूप पूंजीगत व्यय पर 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक का हमने रखा बजट, नदियों को जोड़ना उनका था सपना, इसे करेंगे साकार युवाओं के लिए उद्यम और रोजगार के नए अवसर खोलने वाला बजट, हाइटेक खेती की जरूरतों को पूरा करने रखा गया पूरा ध्यान रायपुर यह बजट वर्तमान की जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य में विकसित छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इस बजट से छत्तीसगढ़ के विकास को तीव्र गति मिलेगी। इसमें धान के कटोरे की चमक ‘‘कृषि अर्थव्यवस्था‘‘ को संवारने के उपायों के साथ ही इंडस्ट्रियल हब और आईटी हब के रूप में छत्तीसगढ़ को तैयार करने की ठोस नींव रखी गई है।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में अपनी सरकार के दूसरे साल के प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपरोक्त बातें कही।     साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमने छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बहुत जरूरी है कि हम आधुनिक समय के मुताबिक अपनी अर्थव्यवस्था को तैयार करेें, बजट में पूरा फोकस इसी पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रदेश में बदहाल राजकोष और कुशासन की विरासत मिली थी। हमने राजकोषीय सुधारों के साथ प्रशासनिक प्रणालियों में सुधार करते हुए बजट के संतुलित उपयोग से प्रदेश में जनकल्याण के कार्य पुनः आरंभ कराए। अब छत्तीसगढ़ में विकास ट्रैक पर आ गया है और ट्रिपल इंजन की सरकार इसे तेजी से गति दे रही है। बजट प्रावधानों से यह गति और बढ़ेगी।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले बजट में विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप समावेशी विकास की राह तैयार हुई और हमारा फोकस ज्ञान अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारीशक्ति पर था। इनके लिए हमने जिस तरह से नवाचारी योजनाएं लागू कीं, उसके प्रभावी नतीजे मिले। इस बार बजट का थीम है ‘‘ज्ञान के लिए गति‘‘ यह हमारी ट्रिपल इंजन सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि गति से हमारा तात्पर्य सुशासन, बुनियादी ढांचे में तेजी लाना, तकनीक का अधिकाधिक प्रयोग और औद्योगिक विकास में तीव्र वृद्धि करना है। हम इन सभी मानदंडों को पूरा करेंगे।     मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए हमने बड़े सपने देखे हैं और उन्हें पूरा करने की रणनीति भी तैयार कर ली है। इन्हें पूरा करने के लिए हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार पूरी रफ्तार से काम करेगी।     इस मौके पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण भी किया। उन्होंने कहा कि उनके जन्म शताब्दी वर्ष  को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में देखना चाहते थे, उनके सपनों को पूरा करने की ठोस नींव हमने रख दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसी अधोसंरचना की जरूरत होगी जो एक विकसित औद्योगिक राज्य की जरूरतों को पूरी करती हो। इसके लिए हमने बजट में विशेष प्रावधान किये हैं। रायपुर-दुर्ग मेट्रो सेवा का सर्वे होगा। नये औद्योगिक पार्क स्थापित कर रहे हैं। इसके लिए 700 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। महानदी- इंद्रावती तथा कोडार-सिकासर जैसी नदियों को जोड़ेंगे, खेती में निवेश करेंगे। नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1500 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट में मानव संसाधन को सहेजने के लिए नये अस्पतालों, आधुनिक स्कूलों और इनमें पर्याप्त स्टाफ के संबंध में व्यवस्था की है। राज्य की नई औद्योगिक नीति की जरूरतों को पूरा करने 12 नए इंजीनियरिंग कालेज और 12 पालिटेक्निक कालेज आरंभ करेंगे। नये बिजनेस और स्टार्टअप के लिए 700 करोड़ रुपए का इंडस्ट्रियल सब्सिडी सपोर्ट रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूंजीगत व्यय 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक रखा गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत है। पूंजीगत व्यय में किये गये निवेश का कई गुना रिटर्न मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट समावेशी है और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के हमारे ध्येय के मुताबिक तैयार किया गया है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शो के अनुरूप हमने अंत्योदय के कल्याण के लिए तथा इनके समग्र विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान रखा है। पिछले बजट में गरीब युवा, अन्नदाता तथा नारी शक्ति एवं जनजातीय विकास के लिए जो योजनाएं आरंभ की गई थी, उनके लिए बजट प्रावधान के साथ ही इनके विकास के लिए नई योजनाएं भी इस बजट में आरंभ की गई है।     मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट के साथ हमारा प्रदेश नये संकल्पों के साथ अपने सपनों को पूरा करने एक नई उड़ान भरेगा।

फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास और नव उद्यमिता के लिए अपार संभावनाओं से भरा राज्य है। यह राज्य वन, खनिज और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध है और बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्यों में शामिल है। इन संसाधनों के चलते यहाँ उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सरकार निवेशकों और नव उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि प्रदेश में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और प्रबंध संचालक विश्वेष झा उपस्थित थे। नई औद्योगिक नीति 2024-30 से उद्योग स्थापना होगी आसान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है, जिससे निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन और त्वरित प्रोसेसिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ बनी है। इसके अतिरिक्त, ‘सिंगल विंडो 2.0’ प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ आसानी से मिल रही हैं और निवेशकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। नए औद्योगिक पार्क से निवेश को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना कर रही है, जिससे उद्योगपतियों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे नव उद्यमियों को भी सशक्त वातावरण मिलेगा, जिससे वे अपनी व्यावसायिक यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा सकें। इस पहल से न केवल औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव, पहली बार सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर को बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। प्रदेश में एआई, आईटी, डाटा सेंटर, फार्मास्युटिकल, रियल एस्टेट और रोबोटिक्स जैसे सेक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होंगे। औद्योगिक निवेश को लेकर सकारात्मक संवाद मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्यमियों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति स्पष्ट, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल हैं, जिससे देश-विदेश के उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में व्यापार स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनके व्यापार को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देगी। राज्य की नई औद्योगिक पहल प्रदेश को आर्थिक प्रगति और नवाचार के नए दौर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित उद्यमियों और निवेशकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से मैनकाइंड फार्मा से गौरव चौहान, एम्बेसी रीट के सीईओ विकास खडोलिया, यूअरस्टोरी की संस्थापक श्रद्धा शर्मा और मायट्री स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के फाउंडर रोहित कश्यप शामिल थे।

नगर सरकार ‘अटल विश्वास पत्र’ में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर नगर पालिक निगम अंबिकापुर के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज अंबिकापुर में पीजी कॉलेज हॉकी स्टेडियम में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर विलास भोसकर ने महापौर श्रीमती मंजूषा भगत और पार्षदों को 8-8 के समूह में शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगर निगम अंबिकापुर का यह शपथ ग्रहण समारोह जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और नगर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।नगर सरकार ‘अटल विश्वास पत्र’ में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ महापौर और पार्षदों को चुना है, वे उस पर खरा उतरेंगे।  उन्होंने कहा कि अंबिकापुर को स्वच्छ, स्मार्ट और समृद्ध नगर बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ देते हुए नगर के विकास में पारदर्शिता और प्रभावी प्रशासन पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने मनरेगा कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूरा करने के दिए निर्देश

रायपुर : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मनरेगा की है महत्वपूर्ण भूमिका— मुख्यमंत्री साय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मनरेगा की है महत्वपूर्ण भूमिका— मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने मनरेगा कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूरा करने के दिए निर्देश मनरेगा को अन्य योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण विकास की गति तेज करने पर दिया गया जोर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की बैठक विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में मनरेगा कार्यों को सर्वोच्च गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि अधिकतम ग्रामीण परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से गांवों में धरसा पहुंच मार्ग निर्माण और अमृत सरोवर परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिले और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाना है। मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से लागू किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि यह योजना गरीबों के सशक्तिकरण में एक मजबूत आधार बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मनरेगा को अन्य योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण विकास की गति तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य में मनरेगा के प्रभावशाली क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की प्रगति, लेबर बजट 2025-26, योजना के प्रमुख इंडिकेटर्स और अभिसरण (कॉन्वर्जेंस) मॉडल पर गहन समीक्षा की गई। वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। मनरेगा आयुक्त रजत बंसल ने जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 38.52 लाख पंजीकृत परिवारों में से 24.89 लाख परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है।अमृत सरोवर योजना के तहत 2,902 जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 1,095 स्वीकृत हो चुके हैं, 299 पूर्ण हो चुके हैं, और 472 पर कार्य प्रगति पर है। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, पी. दयानंद, राहुल भगत, मनरेगा आयुक्त रजत बंसल एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महापौर एवं सभी पार्षदों को वार्डवार शपथ दिलाई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नगर पालिक निगम, रायपुर के नव निर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में संपन्न हुआ। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महापौर एवं सभी पार्षदों को वार्डवार शपथ दिलाई। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदगण अटल विश्वास पत्र में किए गए प्रत्येक वादे को पूरा कर रायपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं समृद्ध शहर बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करेंगे। शपथ ग्रहण उपरांत महापौर मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा, मंत्रीगण, पूर्व महापौर एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, किरण देव, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं शहरवासियों का आभार व्यक्त किया।

राजिम कुंभ छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजिम  कुंभ कल्प आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यहाँ माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक हजारों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान करते हैं और संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प को भव्यता प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने हर संभव प्रयास किए हैं। इस आयोजन से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार ने राजिम कुंभ कल्प की भव्यता को पुनः स्थापित किया है और इसे और भी भव्य स्वरूप देने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2005 में राजिम कुंभ कल्प की शुरुआत हुई थी, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता का आशीर्वाद और संतों का सान्निध्य निरंतर मिलता रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन में कुछ बाधाएँ आई थीं, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ने 2023 में पुनः आशीर्वाद देकर सरकार को सशक्त बनाया, जिससे यह महाकुंभ अपने परंपरागत स्वरूप में लौटा। उन्होंने कहा कि अब 54 एकड़ भूमि में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इसकी भव्यता और व्यवस्थाओं में विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस आयोजन को और अधिक सुसंगठित और भव्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। श्रीरामलला दर्शन योजना – श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में बसे रामभक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना’ शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 20,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाँच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ़ की कृषि समृद्धि – किसानों को सशक्त बना रही सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा  कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। पिछले वर्ष 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया है। किसानों को उनकी फसल का अंतर भुगतान एक सप्ताह के भीतर सीधे खातों में जमा कराया गया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ में 144 वर्षों बाद 70 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी अपने आध्यात्मिक आयोजन को इसी स्तर पर पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा  कि उत्तर प्रदेश सरकार से समन्वय कर छत्तीसगढ़ को प्रयागराज में साढ़े चार एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जहाँ छत्तीसगढ़ पवेलियन का निर्माण किया गया। इस पहल के तहत 25,000 से अधिक श्रद्धालुओं को वहाँ भोजन, आवास और आध्यात्मिक सेवाएँ निशुल्क प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्कृति और लोककला को बढ़ावा देने के लिए प्रयास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प में राष्ट्रीय और आंचलिक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को और भी भव्य बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला-स्थल को और अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। सरकार आने वाले वर्षों में मेला क्षेत्र के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और हमारी सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखता है। इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण और विकास आवश्यक है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर संकल्प करना चाहिए कि जलस्रोतों और पावन नदियों के प्रति श्रद्धाभाव रखते हुए जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएं। इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, रामप्रताप सिंह, धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर आयुक्त महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु संत गण एवं श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम :मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान राजीव लोचन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने त्रिवेणी संगम में स्थित भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक कर छत्तीसगढ़ की उन्नति और प्रगति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम है। महानदी मैया की महाआरती में हुए शामिल राजिम कुंभ कल्प के अंतर्गत आयोजित महानदी मैया की भव्य महाआरती में मुख्यमंत्री साय  मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के मध्य विधि-विधान से शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने महानदी मैया से प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल तथा अन्य गणमान्य नागरिक, संत महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर

रायपुर : बागेश्वर धाम में ऐतिहासिक आयोजन : 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा संपन्न होगा बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए।बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी। समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।  आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है। सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों  इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है – छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित व सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार को दिया धन्यवाद

रायपुर : कामकाजी महिलाओं की सुरक्षित आवास की बड़ी जरूरत होगी पूरी : रायपुर और बिलासपुर में बनेंगे छह महिला छात्रावास केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा विशेष पूंजीगत सहायता के तहत 202 करोड़ स्वीकृत रायपुर में तीन, बिलासपुर में दो और नया रायपुर में बनेगा एक छात्रावास मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित व सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार को दिया धन्यवाद रायपुर छत्तीसगढ़ के दो सबसे बड़े शहरों रायपुर और बिलासपुर में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षित एवं सस्ते आवास की बड़ी जरूरत जल्द पूरी होगी। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के लिए विशेष पूंजीगत सहायता योजना (Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment 2024-25) के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर और नया रायपुर में छह कामकाजी महिला छात्रावासों (Working Women’s Hostel) के लिए 202 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इस राशि से रायपुर नगर निगम द्वारा तेलीबांधा और टाटीबंध में 250-250 सीटर तथा भैंसथान में 223 सीटर महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। वहीं बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में सीएसआईडीसी द्वारा 224-224 सीटर छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण नया रायपुर में एक हजार सीटर छात्रावास बनाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित एवं सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सुशासन के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने राज्य शासन ने वर्किंग वीमेन हॉस्टल बनाने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया था।उन्होंने इसकी मंजूरी मिलने पर राज्य की महिलाओं की ओर से भारत सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के निर्माण से तीनों शहरों में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास मिलेगा।   केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा विशेष पूंजीगत सहायता के तहत नया रायपुर में एक हजार सीटर महिला छात्रावास के लिए 103 करोड़ 22 लाख रुपए, रायपुर के टाटीबंध और तेलीबांधा में 250-250 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 15 करोड़ 10 लाख रुपए और 15 करोड़ पांच लाख रुपए मंजूर किए हैं। रायपुर के ही भैंसथान में 223 सीटर छात्रावास के लिए 17 करोड़ 23 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में 224-224 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 26 करोड़ 15 लाख रुपए और 25 करोड़ 25 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में राजनांदगांव नगर निगम से भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव चुनाव जीते

 रायपुर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं का भाजपा कार्यालय में पहुंचना शुरू हो गया है। भाजपा कार्यालय में जीत का जश्न मनाया जा रहा है। भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी को धन्यवाद दिया।  भाजपा के रामविचार नेताम ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत से ऐतिहासिक जीत मिली है। सभी नगर निगमों में भाजपा को जीत मिली है। साय सरकार के 13 महीने के कार्यकाल पर जनता ने मुहर लगाई है।  15 साल बाद रायपुर मेयर पद पर होगा भाजपा का कब्जा रायपुर नगर निगम के मेयर पर पर 15 साल बाद रायपुर में मेयर पद पर भाजपा का कब्जा होने जा रहा है। मतगणना में भाजपा की मीनल चौबे 1 लाख से अधिक वोटों से बड़ी जीत की ओर आगे बढ़ रही हैं। मीनल चौबे पिछले कार्यकाल में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।  मीनल चौबे ने कहा कि घोषणा पत्र के सभी वादों को पूरा करेंगे। कांग्रेस के भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त हो चुकी थी, इसलिए जनता ने सबक सिखा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और विष्णुदेव साय के सुशासन पर जनता ने भरोसा जताया है। छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में राजनांदगांव नगर निगम से भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव चुनाव जीते छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में राजनांदगांव नगर निगम से भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव चुनाव जीत गए हैं। पूर्व में वह राजनांदगांव से सांसद और नगर निगम में महापौर रह चुके हैं। रायगढ़ नगर निगम में चाय बेचने वाले जीववर्धन चौहान बने महापौर छत्तीसगढ़ के रायगढ़ नगर निगम में महापौर पद के लिए चुनाव लड़ रहे जीववर्धन चौहान चुनाव जीत गए हैं। जीववर्धन चौहान चाय की दुकान चलाते हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा- रायगढ़ में भाजपा की जीत, जीववर्धन की जीत ऐतिहासिक है।  रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर पार्षद चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं। भगवती चरण वार्ड से 500 वोट से पीछे चल रहे हैं। अभी चुनाव से पहले 5 साल तक कांग्रेस से महापौर रहे हैं।  भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर जनता का धन्यवाद किया है। भाजपा को अधिकांश जगहों पर जीत मिले ही। साय सरकार के सुशासन को जनता ने स्वीकार किया है। हमने पूरी मेहनत की थी, पर जनता का समर्थन नहीं मिला : टीएस सिंहदेव अंबिकापुर नगर निगम में भाजपा की जीत पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि हमने पूरी मेहनत की थी, लेकिन जनता का समर्थन नहीं मिला। जनादेश हमे स्वीकार है। पिछले 10 साल से अंबिकापुर में कांग्रेस का कब्जा था। इस बार अंबिकापुर नगर निगम में भाजपा की महापौर प्रत्याशी मंजूषा भगत चुनाव जीते हैं। टीएस सिंहदेव ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र का विकास हो यही चाहते हैं। छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में CM साय के ‘घर’ में कांटे की टक्कर में कांग्रेस की जीत छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय के गृह जिले के कुनकुरी नगर पंचायत से कांग्रेस के लिए अच्छी खबर आई है। कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हुई कांटे की टक्कर में कांग्रेस प्रत्याशी विनयशील की जीत हुई है। भाजपा प्रत्याशी की मांग पर दोबारा मतों की गणना की गई थी, लेकिन इसमें भी कांग्रेस प्रत्याशी की जीत रही। राजनांदगांव नगर निगम में भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव 40 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं।

खड़िया समाज के वार्षिक सामाजिक सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खड़िया अनुसूचित जनजाति उत्थान समिति के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज के सभी प्रबुद्धजनों और युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अगली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज की वास्तविक प्रगति तब होगी जब शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक एकता को समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और एकता से ही समाज, राज्य और देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने खड़िया समाज के ऐतिहासिक सफर की चर्चा करते हुए 2011 में समाज को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने के ऐतिहासिक निर्णय को याद किया और इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत में माता सरस्वती और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद तेलंगा खड़िया के छायाचित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर विधायक एवं सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, पूर्व विधायक भरत साय, और समाज के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। 13 महीनों में सरकार ने दिए विकास को नए आयाम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मात्र 13 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को जमीन पर उतार दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख परिवारों को लाभान्वित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की दर ₹3,100 प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है, जिससे पिछले दो खरीफ सीजन में किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान बेचने का लाभ मिला है। इस वर्ष प्रदेश में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया है। वनवासी समाज के उत्थान के लिए सरकार के ठोस प्रयास मुख्यमंत्री साय ने वनवासी समाज के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा कर दिया गया है, जिससे लाखों संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। इसके अलावा 70 लाख माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रत्येक वर्ष ₹10,000 की सहायता राशि दी जा रही है, जिससे समाज के सबसे जरूरतमंद वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज की शिक्षा और समग्र विकास के लिए पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की तैयारी कर रहे जनजातीय युवाओं को अधिक अवसर देने के लिए दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई है। इसके अलावा, बच्चों की उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने के लिए  राज्य में 341 विद्यालयों को पीएमयोजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जा रहा है, ताकि वे निजी स्कूलों के समान सुविधाओं का लाभ उठा सकें। जनजातीय समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा: विधायक श्रीमती गोमती साय विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जो समाज शिक्षा, आर्थिक विकास और सामाजिक एकता पर बल देता है, वही उन्नति करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया, जिससे हर वर्ग का समग्र विकास संभव हो सके। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने जनजातीय समाज की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर खड़िया समाज के प्रदेश अध्यक्ष मदन नायक, जिला संरक्षक बोध साय मांझी, जिला महामंत्री कृपाल मांझी, जिला उपाध्यक्ष रामसागर सोरेंग और बाल कुमार प्रधान सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

भारतीय संस्कृति की अनंत शक्ति और सनातन परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक :मुख्यमंत्री साय

रायपुर महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीर्थराज प्रयाग के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण एवं उनके परिवारजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाकुंभ को सनातन धर्म की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का महापर्व बताते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति की अनंत शक्ति और सनातन परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 144 वर्षों बाद आयोजित यह विराट महाकुंभ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सनातन लोकतांत्रिक परंपराओं को जानने, समझने और आत्मसात करने का अनुपम अवसर भी है। मुख्यमंत्री साय रायपुर से प्रयागराज के लिए रवाना हुए, जहां पहुंचने के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट से मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ 5 इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से संगम तट के लिए प्रस्थान किया। अरेल घाट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री साय एवं अन्य गणमान्यजन मोटर बोट से त्रिवेणी संगम पहुंचे और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार माँ गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, और इसी परंपरा के अनुरूप छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी यहां स्थापित करने का संकल्प लिया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारतीय आस्था, परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती का यह त्रिवेणी संगम केवल जल का मिलन नहीं, बल्कि अध्यात्म, परंपरा और संस्कृति का महासंगम है। प्रयागराज महाकुंभ न केवल भारत के लिए, बल्कि समूची मानवता के लिए आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी आध्यात्मिक जड़ों को सुदृढ़ करने और सनातन संस्कृति के दिव्य स्वरूप को विश्वभर में प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने भी इस दिव्य आयोजन और उसकी व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से सराहना की है। मुख्यमंत्री साय ने सनातन संस्कृति के संवर्धन में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ सनातन परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे हमें भावी पीढ़ियों तक संरक्षित रखना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़वासियों और समस्त देशवासियों को महाकुंभ की शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारतीय सभ्यता के मूल सिद्धांत—धर्म, करुणा, और आध्यात्मिकता—का उत्सव है, जो समाज को नई दिशा देता है और आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करता है।

सीएम के साथ महाकुंभ स्नान के लिए गए कांग्रेस के सात विधायक, संगम में लगाई डुबकी, सियासी अटकलें तेज

महाकुंभ. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने पूरे मंत्रिमंडल, सांसद और विधायकों के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे हैं. सभी संगम में पहुंच चुके हैं. सीएम साय ने सभी के साथ डुबकी लगाई. सभी लोग क्रूज में सवार होकर संगम में पहुंचे. बता दें कि महाकुंभ में स्नान करने राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट के मंत्री, बीजेपी के विधायक, सांसद और कांग्रेस के 6 विधायक आज प्रयागराज पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा आज छत्तीसगढ़ का मंत्रिमंडल, विधानसभा अध्यक्ष, कांग्रेस के भी विधायक सभी प्रयागराज जा रहे हैं. संगम में स्नान कर सभी पुण्य के भागी बनेंगे. मां गंगा से छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए कामना करेंगे. सीएम विष्णुदेव साय के साथ कांग्रेस के 7 विधायक भी रवाना हुए हैं। कांग्रेस विधायकों के सीएम साय के साथ महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जाने से सियासत तेज हो गई है। हालांकि छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने साफ किया था कि जो विधायक कुंभ स्नान के लिए जाना चाहते हैं वह जा सकते हैं क्योंकि यह राजनीति का विषय नहीं आस्था का विषय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने प्रयागराज जाने को लेकर कहा, प्रयागराज की भूमि काे वंदन करने जा रहे हैं. नई ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ वापस आएंगे और नए विश्वास के साथ अपने आस्था को आगे बढ़ाएंगे. मां गंगा से सीएम साहब के लिए उत्तम स्वास्थ्य की कामना करेंगे. छत्तीसगढ़ की जनता से मुख्यमंत्री रात के दो बजे तक मिलते रहते हैं, छत्तीसगढ़ की जनता से उनका मिलना कायम रहे, सीएम की एनर्जी बनी रहे, यही प्रार्थना करेंगे. कौन-कौन से कांग्रेस विधायक हुए रवाना सीएम साय और बीजेपी विधायकों के अलावा कांग्रेस के 7 विधायक भी महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज रवाना हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ,बालेश्वर साहू, व्यास कश्यप, संदीप साहू, विद्यावती सिदार, इंद्र साहू और राजकुमार यादव सीएम के साथ एक ही प्लेन में गंगा स्नान के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हुए हैं। क्या कहा सीएम ने प्रयागराज रवाना होने से पहले सीएम विष्णुदेव साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा की। सीएम सय ने कहा- आज प्रयागराज महाकुंभ के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान का लाभ प्राप्त होगा। इस पुनीत अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करूंगा।

मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया निरीक्षण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 13 फरवरी को महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज रवाना होंगे। इस दौरान वे त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए प्रार्थना करेंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रातः 8:25 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर से प्रयागराज के लिए प्रस्थान करेंगे और सुबह 9:40 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। इसके बाद 11:15 बजे अरेल घाट और 11:30 बजे त्रिवेणी संगम पहुंचकर कुंभ स्नान एवं पूजन-अर्चन करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 1:50 बजे प्रयागराज स्थित छत्तीसगढ़ पवेलियन पहुंचेंगे, जहां वे राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री साय शाम 4:50 बजे प्रयागराज से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे और शाम 6:05 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर पहुंचेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ से कुंभ जाने वाले  श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज में छत्तीसगढ़ पवेलियन में निःशुल्क आवास, भोजन, चिकित्सा सुविधा और परिवहन की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने आज प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) का दौरा किया और छत्तीसगढ़ से कुंभ स्नान हेतु जाने वाले श्रद्धालुओं को उपलब्ध  कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल और संचालक अजय अग्रवाल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने रायपुर के रावणभाठा से आए बच्चों, आर्यन और टकेश्वर से मुलाकात की और महाकुंभ में उनके अनुभवों के बारे में जाना। बच्चों ने भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता की प्रशंसा की। उन्होंने कांकेर से आए श्रद्धालुओं से भी चर्चा की, जिन्होंने सुविधाओं को उत्तम बताते हुए मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 13 फरवरी (गुरुवार) को महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचेंगे। इस दौरान राज्य के मंत्रीगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उनके साथ रहेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेणी संगम में स्नान के बाद छत्तीसगढ़ पवेलियन पहुंचकर छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। *छत्तीसगढ़ पवेलियन: श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करना है, जिससे वे धार्मिक यात्रा को आत्मिक शांति और भक्ति भाव के साथ पूरा कर सकें। यहां राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग ठहरने की सुविधा उपलब्ध है।

महाकुंभ में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए विशेष सेवा केंद्र स्थापित किया

रायपुर प्रयागराज महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की आस्था का विराट संगम देखने को मिल रहा है। 13 जनवरी से प्रारंभ हुए इस महापर्व में अब तक करोड़ों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान कर चुके हैं। यह दिव्य आयोजन 26 फरवरी 2025 तक जारी रहेगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए विशेष सेवा केंद्र स्थापित किया है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन (मंडप) की स्थापना की गई है, जहां राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क ठहरने और भोजन की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इस पवेलियन में अब तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालु ठहरकर इसका लाभ उठा चुके हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन श्रद्धालुओं के लिए सेवा, सुविधा और आस्था का केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के महाकुंभ के दिव्य माहौल का आनंद ले रहे हैं। श्रद्धालुओं ने सराहा छत्तीसगढ़ सरकार की सेवा भावना बिलासपुर से अपने परिवार के साथ प्रयागराज आए आशीष सिंह ने छत्तीसगढ़ पवेलियन में ठहरने के बाद अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाएं अत्यंत सराहनीय हैं। स्वच्छता, सुरक्षा, समय पर नाश्ता और भोजन, मोबाइल चार्जिंग सुविधा, गर्म कंबल, गद्दे और बिस्तर जैसी सुविधाओं ने उनकी यात्रा को सुखद और आरामदायक बना दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस सेवा के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोककला का विशेष आकर्षण छत्तीसगढ़ पवेलियन केवल श्रद्धालुओं के ठहरने का स्थान नहीं है, बल्कि यह राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी परिचायक है। यहां विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, लोकगीत और संगीत की शानदार प्रस्तुतियाँ श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी यहां लगाई गई है, जिससे श्रद्धालु इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभ उठा सकें। महाकुंभ: आस्था और सेवा का महापर्व महाकुंभ हिंदू धर्म में आस्था का सबसे बड़ा और पवित्र आयोजन है, जिसे स्नान, सेवा और आध्यात्मिक शुद्धि का महोत्सव कहा जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क ठहरने और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराना, उनके लिए एक बड़ी राहत और सहूलियत का कार्य है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस संवेदनशील और दूरदर्शी प्रयास से छत्तीसगढ़ के हजारों श्रद्धालु महाकुंभ के आयोजन का लाभ ले रहे हैं। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों को दर्शाती है, बल्कि राज्य की आस्था और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता को भी उजागर करती है। 5459/

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम गहिरा से उनका गहरा आत्मीय संबंध रहा है, यह पूज्य संत गहिरा गुरु जी की जन्मस्थली और एक पवित्र धाम

रायपुर ग्राम गहिरा में विष्णु महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय: सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वादग्राम गहिरा में विष्णु महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय: सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र स्थित ग्राम गहिरा के संत गहिरा गुरु आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने परम पूज्य गहिरा गुरु जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया और विष्णु महायज्ञ में सम्मिलित होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने संत गहिरा गुरु जी के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम गहिरा से उनका गहरा आत्मीय संबंध रहा है, यह पूज्य संत गहिरा गुरु जी की जन्मस्थली और एक पवित्र धाम है। उन्होंने स्मरण किया कि पहली बार रायगढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद बनने का सौभाग्य भी उन्हें इसी पवित्र भूमि के आशीर्वाद से प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में सांसदों को अपने क्षेत्र के किसी एक गांव को गोद लेकर विकास कार्य करने के लिए कहा गया था, तब उन्होंने ग्राम गहिरा को चुना और यहां विकास कार्य किए, हालांकि कुछ कार्य अधूरे रह गए थे। मुख्यमंत्री के रूप में पुनः ग्राम गहिरा आने पर उन्होंने कहा कि शायद यह उन्हीं अधूरे कार्यों को पूरा करने का अवसर है। मुख्यमंत्री साय ने गहिरा गुरु संत समाज द्वारा सनातन धर्म और सामाजिक उत्थान में किए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब जनजातीय समुदाय में धर्मांतरण, सामाजिक बुराइयाँ और व्यसन बढ़ रहे थे, तब संत गहिरा गुरु जी ने समाज सुधार का बीड़ा उठाया, गांव-गांव में यज्ञ कराए, रामचरितमानस के पाठ करवाए और समाज को आध्यात्मिक रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज यह संस्था पूरे प्रदेश में सनातन धर्म को सुदृढ़ करने, समाज को जागरूक करने और संस्कृत की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात की भी प्रशंसा की कि संस्था के माध्यम से जनजातीय समुदाय के बच्चे संस्कृत में अध्ययन कर रहे हैं और सनातन संस्कृति के संवर्धन में एक सराहनीय पहल करते हुए विद्यालय व महाविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया था, जिसके प्रमाण आज भी प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर विद्यमान हैं। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ के लिए प्रदेशवासियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के ठहरने की संपूर्ण व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सतत विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक को समृद्धि और सुशासन का लाभ मिले। मुख्यमंत्री साय ग्राम गहिरा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़ों से परिचय प्राप्त कर उन्हें मंगलमय दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संत गहिरा गुरु जी के आशीर्वाद से सुशासन और विकास का कार्य निरंतर जारी है। हमारी सरकार राज्य की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने के लिए दृढ़संकल्पित हैं। इस अवसर पर संत समाज संस्था अध्यक्ष बबरूवाहन महाराज, सचिव खीरेंद्र महाराज, रवि भगत, शान्ता भगत, मनोज सतपती, भास्कर बेहरा,  मधुकर सिंघानिया एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  शाम यहां उनके निवास कार्यालय में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सांकरा, पाटन दुर्ग के कुलपति प्रोफेसर रवि आर.सक्सेना ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रोफेसर सक्सेना से चर्चा के दौरान प्रदेश में,  विकासखंडवार उपजाए जाने वाले विशिष्ट फलों और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित करने, खेती की अत्याधुनिक तकनीकी और अनुसंधान कार्यों को किसानों तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने तथा क्षमता विकास के लिए स्किल डेवलपमेंट के कोर्स प्रारंभ करने की पहल विश्वविद्यालय द्वारा की जानी चाहिए, जिससे अधिक से अधिक संख्या में किसान और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित हुए अधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर प्रदेश है और नैसर्गिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध जैव विविधता इसे खास पहचान देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए 18 सैन्य और सिविल सर्विस के अधिकारियों के दल ने छत्तीसगढ़ भ्रमण उपरांत उनसे मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ सभी सैन्य अधिकारियों से उनके छत्तीसगढ़ भ्रमण को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हमारी धरोहर का अभिन्न अंग हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौंदर्य अनुपम है। आपने जो यात्रा की है, वह सिर्फ प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति और इतिहास से जुड़ा हुआ सफर भी है। यह अनुभव सदैव आपकी स्मृतियों में अंकित रहेगा। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हम न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से बल्कि शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसरों के माध्यम से भी इस समस्या का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने औद्योगिक और शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के उत्थान पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता, नवाचार और उत्कृष्ट शासन प्रणाली का उदाहरण बने। आपका यह भ्रमण हमारे प्रयासों को एक राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने अपने प्रवास के दौरान आईआईएम रायपुर, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, ग्रीन फील्ड सिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कानून व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन अभियान के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों ने सिरपुर, एजुकेशन सिटी दंतेवाड़ा, कांकेर वुड आर्ट सेंटर, जंगल वारफेयर कॉलेज, कोंडागांव के टाटामारी और शिल्पग्राम, बादल एकेडमी और चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया। दल का नेतृत्व कर रहे एडमिरल संदीप सिंह संधु ने बताया कि नेशनल डिफेंस कॉलेज के द्वारा प्रति वर्ष एक वर्षीय कोर्स संचालित किया जाता है, जिसमें सेना, सिविल सेवा और अंतरराष्ट्रीय रक्षा अधिकारियों को रणनीतिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है। इस वर्ष 124 अधिकारी इस कोर्स में शामिल हैं, जिनमें 13 भारतीय और 5 अन्य देशों के अधिकारी छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक ढांचे को समझने के लिए भ्रमण पर आए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद झा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद और डॉ. बसवराजू एस उपस्थित रहे। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों में ब्रिगेडियर अमितोज सिंह, संदीप कुमार मिश्रा, कोमोडोर कार्तिक मूर्ति, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध सिंह कंवर, एयर कोमोडोर शेखर यादव, ब्रिगेडियर गुरप्रीत सिंह मान, ब्रिगेडियर रजनीश मोहन, कैप्टन एम. व्ही. ओरपे सहित श्रीलंका, मोरक्को, नाइजीरिया, नेपाल और यूएई के अधिकारी शामिल थे।

ई-ऑफिस: छत्तीसगढ़ सरकार का सुशासन और पारदर्शिता की ओर एक और बड़ा कदम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : सभी विभागों में ई-आफिस का पूर्ण क्रियान्वयन 31 मार्च 2025 तक करें सुनिश्चित – मुख्यमंत्री साय सरकार का लक्ष्य भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और पारदर्शी प्रशासन को मजबूत करना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ई-ऑफिस: छत्तीसगढ़ सरकार का सुशासन और पारदर्शिता की ओर एक और बड़ा कदम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रालय के सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रारंभः 16 विभागाध्यक्ष कार्यालय भी ई-ऑफिस से जुड़े सक्ती जिले में ई-ऑफिस की शुरूआत रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार सुशासन को सशक्त बनाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में, 1 जनवरी 2025 को विभागीय सचिवों की बैठक में सभी विभागों और कार्यालयों में ई-ऑफिस को लागू करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग की अधिकांश फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से ही निपटाई जा रही हैं और सभी विभागों में इसका पूर्ण क्रियान्वयन 31 मार्च 2025 तक सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस के प्रशिक्षण की सुविधा देने की बात कही, ताकि सभी विभागों में इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-ऑफिस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है। पहले इसे सामान्य प्रशासन विभाग में शुरू किया गया था और अब इसे मंत्रालय के सभी विभागों में विस्तारित कर दिया गया है। अब तक 16 विभागाध्यक्ष कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ा जा चुका है और जिला स्तर पर भी इसे लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सक्ती पहला ऐसा जिला है, जहां ई-ऑफिस पूरी तरह से लागू हो चुका है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से सरकारी कार्यों की गति, दक्षता और पारदर्शिता में अभूतपूर्व सुधार होगा। इस पहल से सरकारी प्रक्रियाओं में स्वचालन (automation) आएगा, जिससे फाइलों की ट्रैकिंग आसान होगी, निर्णय लेने की गति तेज होगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि सभी विभागों में फाइलों की डिजिटल स्वीकृति सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी कार्यों में अनावश्यक देरी समाप्त हो और प्रशासनिक निर्णयों को त्वरित रूप से लागू किया जा सके। राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को हर स्तर पर सशक्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “डिजिटल इंडिया” अभियान को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने ई-गवर्नेंस को प्रभावी रूप से लागू किया है, जिससे राज्य की सभी सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, सुगम और त्वरित बनेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ई-गवर्नेंस को सुशासन के प्रभावी उपकरण के रूप में अपनाया गया है, जिससे सरकारी सेवाएं तेजी से और आसानी से जनता तक पहुंचेंगी। ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन से फाइलों के अनुमोदन में लगने वाला समय कम होगा, जिससे प्रशासनिक निर्णयों को शीघ्र लागू किया जा सकेगा। इसमें फाइलों की रियल-टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल दस्तावेजों की सुरक्षा और डुप्लिकेशन रोकने के लिए केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन की सुविधा शामिल है। कागजी कार्यवाहियों में कमी आने से सरकारी कार्यालयों की कार्यक्षमता में सुधार होगा और शासन अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनेगा। ई-ऑफिस प्रणाली से कागज, मानव संसाधन और परिवहन लागत में भी बचत होगी, जिससे सरकारी खर्चों में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली को प्राथमिकता के साथ लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सरकार की कार्य प्रणाली को अधिक समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस का सफल क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक ठोस कदम होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय में, जब संपूर्ण विश्व आपसी भौतिक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान समय में, जब संपूर्ण विश्व आपसी भौतिक प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है, ऐसे में भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। मानवता के उत्थान और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए बुद्ध के दिखाए रास्ते का अनुसरण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी बुद्ध के संदेशों का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है, जिसके कारण यहाँ सभी धर्मों के लोग आपसी सौहार्द, भाईचारे और समरसता के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय आज डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध प्रज्ञागिरी तीर्थ स्थल में आयोजित 32वें अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, विद्वान एवं अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ धार्मिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। प्रदेश के प्राचीन बौद्ध स्थलों में सिरपुर का विशेष महत्व है, जहाँ बौद्ध धर्म की ऐतिहासिक विरासत आज भी संरक्षित है। इसी प्रकार, उत्तरी छत्तीसगढ़ के मैनपाट क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं, और यह क्षेत्र अब एक प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें पर्यटन भी एक महत्वपूर्ण घटक है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता इसे पर्यटन के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनाती है। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सतत प्रयासरत है। इस दिशा में, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के तहत भी इस क्षेत्र को शामिल किया गया है, जिससे यहाँ पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में देश-विदेश से पधारे बौद्ध भिक्षुओं, विद्वानों एवं अनुयायियों का हृदय से स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय एवं प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष विनोद खाण्डेकर ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रज्ञागिरी ट्रस्ट समिति के सचिव शैलेन्द्र डोंगरे, कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार सहारे एवं बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म के अनुयायी उपस्थित रहे।

निश्चित रूप से दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, 10 वर्षों तक आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के साथ धोखा किया : CM विष्णुदेव

रायपुर  दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है. मतदान के बाद एक्जिट पोल के रुझान सामने आने लगे. जिसमें सत्ता परिवर्तन के संकेत देखने को मिल रहे हैं. इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया है. उन्होंने निश्चित ही दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने की बात कही है. CM ने दिल्ली चुनाव में भाजपा की जीत का किया दावा दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दिल्ली के चुनाव के एग्जिट पोल को देखते हुए देश की जनता का विश्वास भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ है. उन्होंने कहा कि इस बार निश्चित रूप से दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, क्योंकि 10 वर्षों तक आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है.

मुख्यमंत्री की जन्म तिथि वाली 21 नंबर जर्सी भेंट कर किया आमंत्रित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग को लेकर आयोजन समिति के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की और उन्हें प्रतियोगिता में आमंत्रित किया। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 6 फरवरी से 18 फरवरी तक लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग का आयोजन होगा। इस अवसर पर लीजेन्ड 90 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुणेश सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री साय को छत्तीसगढ़ वॉरियर्स टीम की 21 नंबर की विशेष जर्सी भेंट की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय की जन्म तिथि 21 फरवरी है, इसको ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ वॉरियर्स टीम 21 नंबर की यह विशेष जर्सी भेंट की गई है। लीजेन्ड 90 क्रिकेट लीग का आयोजन इस वर्ष भारत में पहली बार किया जा रहा है। 06 फरवरी से 18 फरवरी 2025 तक शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर में यह टूर्नामेंट खेला जाएगा। यह लीग अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है, जिसका आयोजन पूर्व में श्रीलंका सहित विभिन्न देशों में हो चुका है। इस भव्य प्रतियोगिता में क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, हरभजन सिंह, शिखर धवन, युवराज सिंह, सुरेश रैना, मैथ्यू वेड, मोइन अली, आरोन फिंच, तिसारा परेरा, रॉबिन उथप्पा, दिनेश कार्तिक, शॉन मार्श, मार्टिन गप्टिल, केदार जाधव, बेन डंक, शाकिब अल हसन और डेनियल क्रिश्चियन जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान लीजेन्ड 90 के सीईओ तरुणेश सिंह परिहार ने प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी दी और छत्तीसगढ़ में इस ऐतिहासिक आयोजन के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर बलविंदर सिंह, राहुल भदौरिया (संचालक स्पोर्ट्स मिंट), सदन घोष (संचालक यारों), गौरव बत्रा और राजीव सोनी भी उपस्थित रहे। इस अंतरराष्ट्रीय लीग के आयोजन से छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों को दुनिया के शीर्ष क्रिकेटरों को अपने प्रदेश में खेलते देखने का शानदार अवसर मिलेगा। साथ ही, यह आयोजन राज्य में क्रिकेट के विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री की क्रिकेट प्रेमियों से अपील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्रिकेट प्रेमियों से लीजेंड 90 क्रिकेट लीग के आयोजन में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। रायपुर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लीग में देश-विदेश के नामचीन क्रिकेट खिलाड़ी हिस्सा लेने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में खेल अधोसंरचना को बेहतर करने के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। ओलंपिक पदक विजेताओं को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। बस्तर में हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया, जिसमें एक लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ में क्रिकेट संबंधी अधोसंरचना को बढ़ाने के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं।  शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भविष्य में भी क्रिकेट के रोमांचक मैच लगातार देखने मिलेंगे।

माता पूर्णिमा जी का जीवन पूरी तरह से त्याग, तपस्या और समाज सेवा की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करता: मुख्यमंत्री

रायपुर यह हम सभी के लिए अत्यधिक गौरव का विषय है कि हम इस पवित्र स्थल पर एकत्रित होकर परम पूज्य संत गहिरा गुरु जी और माता पूर्णिमा जी के योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि माता पूर्णिमा जी का जीवन पूरी तरह से त्याग, तपस्या और समाज सेवा की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करता है। उनका विग्रह समाज के कल्याण के प्रति उनके अडिग समर्पण का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज श्रीकोट आश्रम बलरामपुर में परम पूज्य संत गहिरा गुरु  की धर्मपत्नी  पूर्णिमा जी के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के विशेष अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत गहिरा गुरु जी ने गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी समाज की सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने दीन-हीन और असहायों की सेवा को अपना परम धर्म माना और सत्य, शांति, दया और क्षमा के सिद्धांतों को धर्म के अमूल्य स्तंभ के रूप में स्थापित किया। मुख्यमंत्री साय ने  संत गहिरा गुरु जी द्वारा आदिवासी समुदायों के उत्थान में दिए गए अतुलनीय योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को इस पावन अवसर पर शुभकामनाएं दी और उन्हें आह्वान किया कि वे माता पूर्णिमा जी और संत गहिरा गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारते हुए समाज को एक नई दिशा देने हेतु मनोयोग से जुट जाएं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यहां आने पर मुझे माता के विग्रह के दर्शन सौभाग्य मिला, उनका सजीव और मनोरम विग्रह देखकर ऐसा लगा मानो किस क्षण वह बोल उठे। साय ने गहिरा गुरु जी का स्मरण करते हुए कहा कि गहिरा गुरु जी आदिवासी समाज के बड़े संत हुए, जिनके उपदेशों और कथनों के जरिए पूरे समाज ने सत्य सनातन धर्म का महत्त्व जाना। उन्होंने कहा कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास से पिछड़े हुए आदिवासी समुदाय के जीवन में गहिरा गुरु महाराज के उपदेशों से आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सुधार आया।    साय ने कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि गहिरा गुरु समाज का आशीर्वाद मुझे मिलता रहा। रायगढ़ के सांसद रहते गहिरा गुरु महाराज के जन्म ग्राम को गोद लेकर उसका विकास करने का सौभाग्य मिला। आज उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज आगे बढ़ रहा है। जगह-जगह संस्कृत महाविद्यालय खुल रहे हैं और आदिवासी समाज लगातार आगे बढ़ रहा है। समारोह में  बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने सरस्वती मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायपुर विद्यादायनी माता सरस्वती की उपासना के पावन पर्व बसंत पंचमी पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के दुलदुला तहसील के ग्राम पंचायत जामटोली अंतर्गत ग्राम डेवाडेलंगी में मां शारदा धाम पहुंचे। उन्होंने इस धाम परिसर में स्थित मां सरस्वती मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।      मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर शारदा धाम में आए समस्त श्रद्धालुगण को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां सरस्वती की कृपा हमेशा हम सब पर बनी रहे। आपके कंठ में सदा मां सरस्वती विराजमान रहें। उन्होंने कहा कि वेदों में कहा गया है कि मानव योनि में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। 84 लाख योनियों में भटकने के बाद हमें मानव जीवन मिलता है। हमारे कर्म ऐसे रहने चाहिए कि जब हम इस दुनिया से जाएं तो लोग हमें याद रखें। इस धाम में शिक्षा के लिए अलख जगाने के साथ ही खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय मां शारदा के पावन धाम में आयोजित अखण्ड श्रीहरि कीर्तन राम नाम जाप के आयोजन में भी शामिल हुए, जिसमें आसपास के 48 गांवों के श्रद्धालु और 12 कीर्तन मंडलियां शामिल हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रसिद्व धार्मिक पर्यटन स्थल के निकट गिरमा नदी बहती है, जिसके एक ओर छत्तीसगढ़ है तो दूसरी ओर झारखंड है। इस धाम के बगल में बह रही पावन गिरमा नदी दो प्रदेशों की संस्कृति को समाहित कर अविरल धारा के साथ बह रही है।

बस्तर संभाग में लगातार नक्सलियों द्वारा किये जा रहे आत्मसमर्पण पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबल के जवानों को दी बधाई

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रायपुर हमारी नीति स्पष्ट है – बोली का जवाब बोली से और गोली का जवाब गोली से। जो भी नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए हमारी सरकार द्वारा बेहतर जीवन और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जो हिंसा का रास्ता छोड़ गणतंत्र का मार्ग अपनाते हैं, उनका स्वागत है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में लगातार नक्सलियों द्वारा किये जा रहे आत्मसमर्पण पर सुरक्षाबल के जवानों को बधाई देते हुए, उनके अदम्य साहस को नमन करते हुए कहा कि – आज कांकेर जिले में 7 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिन पर कुल 32 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इससे पहले नारायणपुर जिले के 27 एवं सुकमा जिले के 52 लाख के ईनामी 9 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। यह हमारी सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण नीति और नक्सलवाद के सफाए के लिए लगातार चलाए जा रहे अभियानों का प्रत्यक्ष परिणाम है। सीएम साय ने कहा कि अब तक 941 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 1,112 नक्सलियों को हमारे सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया है। नक्सली मुठभेड़ों में 265 नक्सलियों का खात्मा हुआ है। नक्सलवाद की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर और बेहतर जीवन की उम्मीद में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैं अपने बस्तर दौरे के दौरान अक्सर आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिलता हूं। उनसे बातचीत में यह साफ झलकता है कि खोखली माओवादी विचारधारा को छोड़कर वे आज बेहतर जीवन जी रहे हैं और खुश हैं। घोर नक्सल प्रभावित जिलों के चिन्हित ग्रामों में नक्सल आधार को खत्म करने के लिए शासकीय योजनाओं के माध्यम से बुनियादी ढांचे और मूलभूत आवश्यकताओं का विकास कर रही है। विष्णु देव साय ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए  15 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। तय समय-सीमा के भीतर माओवाद के आतंक का अंत होगा। बस्तर में जल्द ही अमन, चैन और शांति का माहौल स्थापित होगा।

आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए:मुख्यमंत्री

 अवैध मदिरा के विनिर्माण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए करें कड़ी कार्रवाई: मुख्यमंत्री साय सीमावर्ती जिलों में स्थापित आबकारी चेक पोस्ट को रखें क्रियाशील-मुख्यमंत्री आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए:मुख्यमंत्री महुआ संग्राहकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से अन्य राज्यों की महुआ नीति का अध्ययन करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा की रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अवैध मदिरा के विनिर्माण, धारण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग के समन्वय से कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश आबकारी विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में स्थापित आबकारी चेक पोस्ट को क्रियाशील रखें। राज्य में स्थित आसवनियों, बॉटलिंग इकाईयों, होटल, बार, क्लब की नियमित सघन जांच सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आबकारी विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में देशी मदिरा की नवीन बॉटलिंग इकाई हेतु प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जाए तथा छत्तीसगढ़ के बाहर निर्मित मदिरा की विनिर्माण इकाईयों को छत्तीसगढ़ में स्वयं के विनिर्माण संयंत्र लगाये जाने के लिये प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए उन्हें कार्य अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने महुआ संग्राहक वनवासियों को आय के बेहतर साधन उपलब्ध हो सकें, इस उद्देश्य से अन्य राज्यों में प्रचलित महुआ नीति का अध्ययन करने के निर्देश दिये गये। विभाग द्वारा मदिरा दुकानों में कार्यरत कार्मिकों की उपस्थिति के संबंध में लागू आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) की मुख्यमंत्री ने सराहना की।  इसी तरह देशी-विदेशी मदिरा के उपभोक्ताओं को उनकी पसंद अनुरूप मदिरा उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने हेतु प्रारंभ किये गये ‘मनपसंद ऐप’ में उपयोगकर्ता के डाटा की गोपनीयता बनाए रखने एवं ऐप में प्राप्त सुझाव एवं शिकायत पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश बैठक में दिये गये। मदिरा दुकानों में आवश्यक साफ-सफाई रखने, मदिरा के ब्राण्ड-लेबल का समुचित प्रदर्शन किये जाने तथा निर्धारित पंजियों का अद्यतन संधारण सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी बैठक में दिये गये। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बसंल, राहुल भगत, पी. दयानंद और बसवराजू एस., सचिव सह आयुक्त आबकारी सुआर. संगीता, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्याम लाल धावड़े, विशेष सचिव (आबकारी) देवेन्द्र सिंह भारद्वाज तथा  अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

12 से 26 फरवरी तक आयोजित होगा राजिम कुंभ कल्प, अध्यात्म और संस्कृति का भव्य आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिद्ध  राजिम में 12 फरवरी से 26 फरवरी 2025 तक कुंभ कल्प का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष यह अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 52 एकड़ के नए प्रस्तावित मेला स्थल में संपन्न होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन स्थित बैठक कक्ष में आज राजिम कुंभ कल्प के तैयारियों के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शाही स्नान, गंगा आरती, संत समागम समेत कुंभ कल्प के प्रमुख आयोजनों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प 2025 धर्म, आस्था और संस्कृति का अद्भुत समागम होगा और यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और  संस्कृति को प्रदर्शित करने का भी सुंदर माध्यम है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रद्धालुओं को यहां अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त हो और यह आयोजन हमारी गौरवशाली विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाएं।          मुख्यमंत्री साय  ने राजिम कुंभ कल्प के आयोजन में शामिल समस्त विभागों और प्रशासनिक अमले को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी उपाय और स्वच्छता के लिए विशेष ध्यान देने को कहा। साय ने कहा कि “हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस आयोजन को सफल बनाएं और  छत्तीसगढ़ की पहचान के रूप में इसे स्थापित करें। उन्होंने 12 फरवरी को आयोजित माघी पुन्नी स्नान, 21 फरवरी जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम और 26 फरवरी को होने वाले शाही स्नान की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा।          मुख्यमंत्री साय को अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने राजिम कुंभ कल्प 2025 के आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से आयोजन स्थल में विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्धारित स्थानों के बारे में बताया। कुंभ कल्प में नागरिक सुविधाओं, साधु संतों के आवागमन, शाही स्नान और गंगा आरती को लेकर विभाग के तैयारियों के बारे में जानकारी दी।             उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ होगा और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को इसका समापन होगा। राजिम कुंभ कल्प पैरी, महानदी और सोंढूर नदी के संगम पर आयोजित होगा। श्रद्धालु इन पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।             राजिम कुंभ कल्प के संपूर्ण आयोजन के लिए पर्यटन विभाग को नोडल बनाया गया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस कुंभ कल्प में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी साधु संतों का विराट समागम होगा। माघी पुन्नी स्नान, शाही स्नान, जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम विशेष रूप से आयोजित होगा। प्रतिदिन सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, मेला, मड़ई, मीना बाजार और विभागीय प्रदर्शनी भी कुंभ कल्प का विशेष आकर्षण के रूप में शामिल हैं।           बैठक में विधायक रोहित साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव धर्मस्व अन्बलगन पी., संचालक संस्कृति विवेक आचार्य, आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा, कलेक्टर गरियाबंद दीपक अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने संस्था के विकास हेतु 50 लाख रुपए देने की घोषणा की

रायपुर कोई भी देश तभी मजबूत रह सकता है जब उसकी बुनियाद मजबूत हो। हमारे देश की बुनियाद हमारी सनातन परंपराओं में है। सनातन परंपरा हमें वसुधैव कुटुम्बकं की सीख देती है और देशभक्ति का पाठ पढ़ाती है। अपने देश और राज्य की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है कि हम अपनी युवा पीढ़ी को भी सनातन परंपरा के वही संस्कार प्रदान करें जो हमें अपने शिक्षकों और अभिभावकों से मिले हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के समीप ग्राम कंगोली में वेदमाता गायत्री महाविद्यालय के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र हमारी सनातन परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण मंत्र है। यह मंत्र हमें सन्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करता है। विद्या भारती संस्थान में विद्यार्थियों को श्रेष्ठ शिक्षा के साथ-साथ देशभक्ति के संस्कार भी दिए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि मानव जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व है और इसी ध्येय के साथ प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास पर भी जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम जैसी उच्च स्तरीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान उपलब्ध हैं। इसके अलावा राज्य में 341 पीएम स्कूल स्थापित किए गए हैं जहां गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही प्रदेश के विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं और अनुकूल वातावरण प्रदान करने नालंदा परिसर भी बड़े शहरों में स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति और दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी के लिए बनाए गए यूथ हॉस्टल के संबंध में भी जानकारी दी। कार्यक्रम को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री साय ने विद्याभारती संस्था के विकास के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर लोकसभा क्षेत्र कांकेर के सांसद भोजराज नाग ने विद्याभारती संस्था के प्रदेश में स्थित विभिन्न संस्थाओं के विकास के लिए सांसद निधि से हर वर्ष एक करोड़ रूपए दिए जाने तथा जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह ने जगदलपुर स्थित संस्था के विकास के लिए 10 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदाय करने की घोषणा की। कार्यक्रम में संस्था प्रमुख राजबहादुर सिंह राणा, संस्थान के महामंत्री नरेन्द्र तनेजा एवं रामदत्त चक्रधर ने संस्था के उद्देश्यों और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित यज्ञ में सम्मिलित होकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधानपूर्वक आहुति दी और बस्तर सहित प्रदेशवासियों की प्रगति व खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने प्रांगण में सागौन के पौधे रोपे। इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विद्यालय के आचार्यगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जगदलपुर में 356 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास

रायपुर बस्तर की मूल पहचान उसके सुंदर प्राकृतिक परिवेश, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और शांत वातावरण से रही है। हमने एक साल में बस्तर की मूल पहचान वापस देने का महती कार्य किया है।आज बस्तर की प्रशंसा केवल भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में हो रही है। संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने ग्राम धुड़मारास को विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में सम्मिलित किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जगदलपुर के पीजी कॉलेज हॉस्टल मैदान में आयोजित विकास कार्यो के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने इस मौके पर 356 करोड़ 44 लाख रूपए लागत के 288 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन और विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को एक करोड़ 55 लाख रूपए से अधिक की राशि का चेक और सामग्री का वितरण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल की तरक्की और उन्नति के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। बस्तर अंचल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी बुनियादी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बस्तर में हम विश्वास के साथ विकास करना चाहते हैं, जिसमें हमें सफलता मिल रही है। छत्तीसगढ़ की जनता से मोदी की गारंटी के रूप में हमने जो वादा किया था वह हर वादा हम निभा रहे हैं। सरकार बनने के एक साल के भीतर ही मोदी की गारंटी में से अधिकांश को हमने पूरा किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के संवेदनशील इलाके के लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार द्वारा केंद्र सरकार से किए गए अनुरोध पर इन क्षेत्रों के लिए पृथक से 15 हजार प्रधानमंत्री आवास भी स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 18 लाख पीएम आवास स्वीकृति की गारंटी दी थी उसे पूरा करते हुए हमारी सरकार की शपथ के दूसरे ही दिन हमने आवासहीन हितग्राहियों को आवास की स्वीकृति दी। स्वीकृत पीएम आवास अब बनते जा रहे हैं और लाभान्वित परिवारों का गृह प्रवेश भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि 07 जनवरी को देश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान छत्तीसगढ़ आ रहे हैं, इस दिन भी प्रदेश में आवासहीन हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने नक्सल प्रभावित और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए नियद नेल्ला नार योजना की शुरुआत की, जिसमें सुरक्षा कैम्पों के 5 किलोमीटर की परिधि में स्थित गांवों में सरकार की 17 विभागों के 53 कल्याणकारी योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से सुनिश्चित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी लागू कर दी है, आज प्रदेश के स्कूलों में 18 स्थानीय भाषा में पढ़ाई हो रही है। बस्तर में बच्चे हल्बी एवं गोंडी बोली में पढ़ाई कर रहे हैं। डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले हमारे युवाओं की हित में हमने एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी माध्यम में करवाने का निर्णय लिया है। पीएम स्कूल योजना में 341 स्कूलों में आधुनिक शिक्षा के अनुकूल व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर और गांवों का विकास अनवरत हो रहा है। पूरे प्रदेश में एक साल के अन्दर शहरी क्षेत्र के विकास के लिए 07 हजार करोड़ रूपए जारी किया जा चुका है। नगर पंचायत बस्तर में पेयजल आपूर्ति हेतु 50 करोड़ रूपए की घोषणा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नगर पंचायत बस्तर में अमृत मिशन योजनांतर्गत घर-घर शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लिए 50 करोड़ रूपए देने की घोषणा की। वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री साय की डबल इंजन की सरकार है, जिससे विकास की गति तेज हुई है। कार्यक्रम को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव और बस्तर सांसद महेश कश्यप ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर लोकसभा क्षेत्र कांकेर भोजराज नाग, विधायक द्वय विनायक गोयल एवं चैतराम अटामी सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधी और गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

बस्तर की अपनी चुनौतियां है और इस चुनौती भरे माहौल में पत्रकारिता करना भी चुनौतीपूर्ण कार्य : मुख्यमंत्री

रायपुर इस वर्ष जब मैं नये साल में अखबार पढ़ रहा था तो समाचारपत्रों के मुख्य पृष्ठ में बस्तर सुर्खियों में था। यह सुर्खियां किसी माओवादी हिंसा को लेकर नहीं थी, यह सुर्खियां बस्तर में पहुंचे विकास के उजाले को लेकर थी। बस्तर से माओवादी आतंक अब सिमट गया है। बस्तर की पहचान अब बदल गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिला पत्रकार संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि बस्तर की अपनी चुनौतियां है और इस चुनौती भरे माहौल में पत्रकारिता करना भी चुनौतीपूर्ण कार्य है। बस्तर में आम जनता के उम्मीदों, विचारों और समस्याओं का आइना बनकर शासन-प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करने के आप सभी के प्रयासों को नमन है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता के उच्च आदर्शों का पालन कर सरकार के अच्छे काम की जानकारी जनता को दें तथा कमियों को भी बताएं। वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित करने में बस्तर के पत्रकारों कीे महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने बस्तर जिला पत्रकार संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और पदाधिकारियों को नये दायित्व के निर्वहन के साथ ही नववर्ष के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में बस्तर जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर खेल मंत्री टंकराम वर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित थे।

यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

यूनिटी मॉल परियोजना के लिए केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को दी 200 करोड़ रूपए की स्वीकृति राष्ट्रीय एकता को मिलेगी मजबूती और विभिन्न राज्यों के बीच बढ़ेगा आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदानप्रदान – मुख्यमंत्री यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा  रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राज्य में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) मॉडल को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय उत्पादों के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना की जा रही है।  यूनिटी मॉल की स्थापना से स्थानीय हस्तशिल्पियों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मॉल में उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय होने से हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के छोटे उद्यमियों, शिल्पकारों एवं बुनकरों को लाभ मिलेगा। यह स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन एवं विक्रय के लिए ‘‘वन स्टॉप मार्केट प्लेस’’ के रूप में कार्य करेगा।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यूनिटी मॉल राज्य के गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं, और नारी शक्ति के विकास के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही यह मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय एकता को भी प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश वासियों के विकास के साथ राष्ट्रीय एकीकरण एवं मेक इन इण्डिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी प्राथमिकता मानती है। राज्य में स्थापित किये जाने वाले यूनिटी मॉल में अन्य सभी राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानीय उत्पादों का भी प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलेगी और विभिन्न राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।            मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हस्तशिल्पियों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय स्तर पर नवीन रोजगार सृजन करने स्वस्थ इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के इस रिफॉर्म के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। राज्य में यूनिटी मॉल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से 100 करोड़ रुपये राज्य को कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) के तहत अग्रिम रूप में प्रदान किए गए हैं।     वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि यूनिटी मॉल में स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के साथ-साथ फूडकोर्ट्स में स्थानीय व्यंजनों को भी विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। यूनिटी मॉल के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशेष उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की योजना है। यूनिटी मॉल की स्थापना का दायित्व रायपुर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। यूनिटी मॉल से न केवल राज्य के स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ में एक सशक्त और स्थायी इकोसिस्टम का निर्माण करेेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और शहरी बाजारों तक उत्पादों की पहुंच में मददगार होगा।

CM साय आज बस्तर प्रवास पर कुल 356 करोड़ 44 लाख रूपए से अधिक लागत के 228 विकास कार्यों की सौगात बस्तरवासियों को देंगे

रायपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरूवार 02 जनवरी को अपने एक दिवसीय बस्तर जिले के प्रवास पर कुल 356 करोड़ 44 लाख रूपए से अधिक लागत के 228 विकास कार्यों की सौगात बस्तरवासियों को देंगे। जिसके तहत विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर-84 के अन्तर्गत 13 विकास कार्यों सहित विधानसभा क्षेत्र बस्तर-85 के 20, विधानसभा क्षेत्र जगदलपुर-86 के 47 तथा विधानसभा क्षेत्र चित्रकोट-87 के अन्तर्गत 19 कुल 188 करोड़ 40 लाख रूपए की लागत के 99 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर-84 के अन्तर्गत 10 विकास कार्याे सहित विधानसभा क्षेत्र बस्तर-85 के 20, विधानसभा क्षेत्र जगदलपुर-86 के 52 तथा विधानसभा क्षेत्र चित्रकोट-87 के अन्तर्गत 47 कुल 168 करोड़ 04 लाख रूपए की लागत के 129 विकास कार्यों भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री साय द्वारा विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर के अन्तर्गत 05 करोड़ 68 लाख रूपए  की लागत से ग्राम फरसागुड़ा से पखनाकोंगेरा मार्ग में निर्मित वृहद पुल सहित 05 करोड़ 47 लाख रूपए की लागत से निर्मित ग्राम सोरगांव से जामगांव मार्ग पुल-पुलिया सहित कुल 24 करोड़ 15 लाख रूपए की लागत से 13 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्र बस्तर के अन्तर्गत 06 करोड़ 08 लाख रूपए की लागत से निर्मित ग्राम छोटेदेवड़ा-आवराभाटा से जैतगिरी-पाहुरबेल मार्ग, 04 करोड ़39 लाख रूपए की लागत से निर्मित भैंसगांव-ठोटीपारा से अलवाही मार्ग, 03 करोड रूपए की लागत से निर्मित बोदरा से चीड़ीघाट मार्ग, 02 करोड़ 56 लाख रूपए की लागत से निर्मित देउरगांव मोंगरापाल मार्ग सहित कुल 45 करोड़ 41 लाख रूपए की लागत से 20 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इसी तरह विधानसभा क्षेत्र जगदलपुर के अन्तर्गत 42 करोड़ 81 लाख रूपए की लागत से निर्मित जगदलपुर बायपास मार्ग तथा 03 करोड़ 03 लाख रूपए की लागत से निर्मित रेट्रोफिटिंग जल प्रदाय योजना नेतानार, 03 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित परपा में आजीविका संवर्धन एवं प्रशिक्षण केन्द्र भवन सहित कुल 80 करोड 14 लाख रूपए की लागत के 47 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्र चित्रकोट के अन्तर्गत 12 करोड़ 91 लाख रूपए की लागत से निर्मित तोकापाल से करंजी मार्ग, 06 करोड़ 21 लाख रूपए से निर्मित लालागुड़ा-रावतपारा से पुजारीपारा मार्ग, 04 करोड़ 18 लाख रूपए की लागत से बडे़ धाराउर-पारापुर मार्ग में नानी बहार नाला पर उच्च स्तरीय पुल सहित कुल 38 करोड़ 68 लाख रूपए से अधिक लागत के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री साय अपने बस्तर प्रवास के दौरान विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर के अन्तर्गत 02 करोड़ 97 लाख रूपए विश्रामपुरी जलाशय बांध में नवीन स्लूस वेस्ट वियर कार्य एवं नहर लाईनिंग एवं स्ट्रक्चर निर्माण कार्य, 02 करोड़ 95 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली तुरपुरा जलाशय बांध में नवीन स्लूस वेस्ट वियर कार्य एवं नहर लाईनिंग एवं स्ट्रक्चर निर्माण, 02 करोड़ 68 लाख की लागत से निर्मित की जाने वाली कुम्हली एनिकट कम काजवे जीर्णोंद्धार कार्य तथा 02 करोड़ 27 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली अमलीगुड़ा एनिकट कम काजवे जीर्णोंद्धार कार्य सहित कुल 13 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली 10 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्र बस्तर के अंतर्गत 05 करोड़ 16 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली बागमोलाई-02 स्टापडेम सह पुलिया निर्माण कायर्, 02 करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली कुम्हडाकोट -बेलगुड़ा से मोंगरापाल सड़क निर्माण कार्य तथा एक करोड़ 91 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास भवन बस्तर सहित कुल 17 करोड़ 53 लाख रूपए से अधिक लागत से निर्मित की जाने वाली 20 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इसी तरह विधानसभा क्षेत्र जगदलपुर के अंतर्गत 31 करोड़ 62 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली जगदलपुर से चित्रकोट मार्ग चौड़ीकरण कार्य, 02 करोड़ 97 लाख रूपए से गणेश बाहर नाला में स्टापडेम का काजवे निर्माण कार्य ग्राम ताईपदर, 02 करोड़ 93 लाख रूपए से सिचाई कालोनी बोधघाट एवं मण्डी कालोनी व निर्मल कालोनी जगदलपुर में सड़क एवं अहाता निर्माण कार्य सहित कुल 68 करोड़ 80 लाख रूपए से निर्मित की जाने वाली 52 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। वहीं चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 04 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली मुनगाबहार व्यपवर्तन योजना नहर निर्माण कार्य, 03 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली पैदापारा मण्डवा स्टापडेम सह पुलिया निर्माण, 02 करोड़ 98 लाख रूपए की लागत से हर्राकोडेर-पिच्चीकोडेर से अमलीधार मार्ग में स्पॉन स्लैब कलर्वट निर्माण सहित कुल 68 करोड़ 42 लाख रूपए से अधिक की लागत से निर्मित की जाने वाली 47 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।  

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने आईटी आधारित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को लागू कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की हासिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साथ के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए आईटी आधारित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को लागू कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार ने इस डिजिटल सुधार की सराहना करते हुए राज्य को 250 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के रूप में प्रदान की है। छत्तीसगढ़ राज्य ने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन के लिए “जस्ट इन टाइम” (जेआईटी) मॉडल और एसएनए स्पर्श प्रणाली को अपनाया है। यह प्रणाली वित्तीय प्रवाह को कुशल बनाते हुए निधियों के वितरण, ट्रैकिंग और भुगतान को आसान बनाती है। इसके तहत राज्य सरकार ने केंद्र की निधि को आरबीआई के ई-कुबेर नेटवर्क और राज्य की निधि को वित्तीय प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली (एफएमआईएस) के माध्यम से समेकित किया है। इस पहल से निधि के सही समय पर उपयोग और वास्तविक समय में व्यय की रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित हुई है। इस सुधार के तहत स्मार्ट भुगतान एल्गोरिथम का उपयोग किया गया है, जिससे भुगतान ट्रिगर नियमों के आधार पर वास्तविक समय में किया जाता है। इससे सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के परिणाम बेहतर हुए हैं। साथ ही, राज्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म और पोर्टल्स का निर्माण कर आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल इंडिया और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) को बढ़ावा देने के लिए अपने तकनीक आधारित सुधारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक बनाया है। राज्य की अधोसंरचना परियोजनाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को इस प्रोत्साहन राशि से और अधिक मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि तकनीक आधारित सुधार और सुशासन ही छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास का मूलमंत्र है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि जनता के प्रति हमारी सरकार के सुशासन के संकल्प का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास न केवल राज्य को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने आईटी के प्रयोग को बढ़ावा दे रही है, इसी के तहत् केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए राशि जारी करने, वितरित करने एवं निधियों की ट्रैकिंग करने तथा बेहतर नकद प्रबंधन के लिए राज्य शासन द्वारा एसएनए स्पर्श के अंतर्गत जेआईटी (जस्ट इन टाईम) मॉडल को अपनाया गया है। इसके माध्यम से केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए नवीन सिस्टम के माध्यम से कार्य किया जा रहा है जिसका उद्देश्य केन्द्र और राज्य की समेकित निधि से राशि को उचित समय पर प्राप्त कर कुशल भुगतान प्रसंस्करण पर ध्यान केन्द्रित करते हुए निधि के उपयोग को अनुकूलित करना एवं व्यय की वास्तविक समय रिपोर्टिंग की सुविधा प्रदान करना है। इसमें केन्द्र प्रवर्तित योजना के राज्य की हिस्से की राशि एफएमआईएस (वित्तीय प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली) तथा केन्द्र के हिस्से की राशि आरबीआई के ई-कुबेर नेटवर्क के माध्यम से जारी की जाती है, जिससे रियल टाईम फण्ड यूटिलाईजेशन किया जा रहा है। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए कुशल निधि प्रवाह प्रणाली के साथ भुगतान सह लेखा नेटवर्क की स्थापना कर सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली की सुविधा प्रदान करने के लिए जस्ट इन टाईम के माध्यम से “सही समय पर” राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया अपनायी गई है। इसमें स्मार्ट भुगतान के तहत एल्गोरिदम के माध्यम से ट्रिगर नियमों पर आधारित वास्तविक समय में कुशल भुगतान किया जा रहा है जिससे सार्वजनिक क्षेत्र में वित्तीय प्रबंधन परिणामों को बेहतर बनाने में मदद मिली है। छत्तीसगढ़ शासन केन्द्र सरकार के डिजिटल इण्डिया पहल को मजबूत करने हेतु प्रतिबद्ध है। बेहतर नकद प्रबंधन एवं सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के लिए जस्ट इन टाईम मॉडल डिजिटल इण्डिया एवं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) को सहयोग प्रदान करता है। “तकनीक आधारित रिफॉर्म और सुशासन तीव्र आर्थिक विकास” वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट वक्तव्य में शामिल स्ट्रैटेजिक स्तंभों में से एक है। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए वित्तीय प्रबंधन प्रणाली अपनाने हेतु किये गये इस रिफॉर्म के लिए भारत सरकार द्वारा भी पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। इस रिफॉर्म के लिए राज्य को भारत सरकार से 250 करोड़ प्रोत्साहन राशि पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के लिए प्रदान की है। इसके अतिरिक्त 250 करोड़ प्रोत्साहन राशि प्राप्त होना संभावित है। इस राशि का उपयोग राज्य के अधोसंरचना निर्माण परियोजनाओं में इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को मजबूत बनाने हेतु किया जा रहा है।

ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों को मिले नए चिकित्सा अधिकारी व विशेषज्ञ चिकित्सक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने व स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी हेतु पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों व चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।       स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आदेशानुसार राज्य के रायपुर संभाग के शासकीय अस्पतालों में 06 चिकित्सा अधिकारियों, बिलासपुर संभाग में 12 चिकित्सा अधिकारियों, सरगुजा संभाग में 05 चिकित्सा अधिकारियों, बस्तर संभाग में 06 चिकित्सा अधिकारियों के साथ दुर्ग संभाग में 06 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इन नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। इन डॉक्टरों को संबंधित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारी की पदस्थापना से त्वरित इलाज में तेजी आएगी और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. अमिताभ लालजी साहू, जिला अस्पताल बेमेतरा, डॉ. क्षमा चोपड़ा, जिला अस्पताल कबीरधाम, डॉ. निकिता खेस, जिला अस्पताल जांजगीर, डॉ. अनु आनी जॉन, जिला अस्पताल मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, डॉ. शोएब खान जिला अस्पताल पंडरी रायपुर, डॉ. नील माधव गवेल, जिला अस्पताल रायगढ़ व डॉ. महिमा निधि जॉर्ज शास. चिकित्सा महाविद्यालय जिला रायगढ़ में पदस्थापना की गई है। रायपुर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. भारती ठाकुर, डॉ. हरिश चौधरी, डॉ. अजीत कुमार पटेल, डॉ. ओजस्वी गौतम, डॉ. अनूप कुमार मेहर, डॉ. शिवेन्द्र सिंह मरई शामिल हैं।  बिलासपुर संभाग हेतु जारी आदेश में  डॉ. ऋषा जोगी, डॉ अरशद आलम, डॉ जीनत शेख, डॉ. प्रतीक्षा सिंह, डॉ. लता गुप्ता डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. तेजस्विनी सोनी, डॉ. राजेश्वर प्रसाद कश्यप, डॉ. विरेन्द्र कुमार सार्वा, डॉ. राजेन्द्र कुमार साहू, डॉ. सुयश आंचल, डॉ. अनुराग यादव, सरगुजा संभाग हेतु जारी आदेश में डॉ. अभिषेक जायसवाल, डॉ. निहारिका कुशवाहा, डॉ. अंकिता बड़ा, डॉ. आकांक्षा मिंज, डॉ. अनुराग सिंह यादव का नाम है। दुर्ग संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. प्रखर जंघेल, डॉ. मुकेश कुमार वर्मा, डॉ. नेहा रामटेके, डॉ. अस्मिन निशा, डॉ. शेमोन सिंह ठाकुर, डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ठाकुर हैं। बस्तर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी (संविदा) के जारी आदेश में डॉ. प्रीति भवानी, डॉ. कविता नाग, डॉ. वैशाली साहू, डॉ. मेहुल पटेल, डॉ. गिरधर गोपाल यादव व डॉ. अतुल राज खटीक को पदस्थ किया गया है।

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश शौंडिक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की भेंट

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  शाम मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शौंडिक समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय को प्रतिनिधि मण्डल ने राजधानी रायपुर में 11 जनवरी 2025 को आयोजित होने वाले अखिल भारतीय शौंडिक सामाजिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर शिवरतन प्रसाद गुप्ता, श्याम किशोर गुप्ता, ओम प्रकाश गुप्ता और सुरेश प्रसाद गुप्ता सहित शौंडिक समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा – बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की ‘मन की बात’ में  बस्तर ओलंपिक आयोजन की प्रशंसा बस्तर ओलंपिक एक ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का हो रहा संगम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से जताया आभार मुख्यमंत्री ने कहा – बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात की 117वीं कड़ी में देश को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित बस्तर ओलंपिक-2024 की प्रशंसा की। मोदी ने कहा पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए यह बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। यह ओलंपिक उस क्षेत्र में हो रहा है जो जगह कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। मोदी ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का शुभंकर है वनभैंसा और पहाड़ी मैना – इसमें बस्तर की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखती है। इस बस्तर खेल महाकुंभ का मूलमंत्र है, ‘करसाय ता बस्तर, बरसाय ता बस्तर’ यानी खेलेगा बस्तर, जीतेगा बस्तर।   प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक-2024 की सराहना करते हुए कहा कि पहली ही बार में बस्तर ओलंपिक में बस्तर संभाग के 7 जिलो के एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं युवाओं के संकल्प की गौरव गाथा है। एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और बॉलीवॉल हर खेल में हमारे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में बस्तर ओलंपिक के प्रतिभागियों के उत्साह का भी जिक्र किया। उन्होंने बस्तर की कारी कश्यप का जिक्र करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव से आने वाली कारी जी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीता है, वे कहती हैं बस्तर ओलंपिक ने हमें खेल का मैदान नहीं जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सुकमा की पायल कवासी जी की बात भी कम प्रेरणादायक नही है, जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल जी कहती हैं कि अनुशासन और कड़ी मेहनत से जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर के दोरनापाल में रहने वाले पुनेम सन्ना की कहानी को नए भारत की प्रेरक कथा बताते हुए कहा कि एक समय नक्सलियों के प्रभाव में आए पुनेम जी आज व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं, उनका साहस और हौसला हर किसी के लिए प्रेरणा है। कोंडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी जी को बस्तर यूथ आइकॉन चुना गया है, उनका मानना है बस्तर ओलंपिक दूरदराज के युवाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर दे रहा है। बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं यह ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है, जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने आह्वान किया कि ऐसे खेल आयोजन को प्रोत्साहित करें और स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दें। खेल से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि यह खेल भावना के विकास के द्वारा समाज को जोड़ने का भी एक सशक्त एवं प्रभावकारी माध्यम है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार बस्तर में बदलाव और यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली लाने दृढ़संकल्पित है। बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक लोगों का प्रतिभागी होना ओलंपिक की सफलता को दर्शाता है। बस्तर में अब बंदूक की आवाज नहीं, खेलों का शोर सुनाई देता है, हंसते-खेलते लोगों के चेहरे दिखाई देते हैं। निश्चित ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस प्रोत्साहन और विश्वास से हमारी सरकार को बस्तर की प्रगति के लिए कार्य करने की नई ऊर्जा मिलेगी, साथ ही बस्तरवासियों का मनोबल बढ़ेगा। लोगों के उत्साह ,ऊर्जा और सहभागिता ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। यह आयोजन भविष्य में भी खेल और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को और मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है।

CG का रजत जयंती वर्ष ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप मनाया जाएगा : सीएम विष्णुदेव साय

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जशपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर के सराईटोली में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर आयोजित अटल सुशासन चौपाल में शामिल हुए. उन्होंने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के निर्माता श्रद्धेय अटल जी को छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से नमन किया. मुख्यमंत्री ने देश के निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष ‘अटल निर्माण वर्ष‘ के रूप मनाया जाएगा. इस दौरान अधोसंरचना विकास के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि हमारा राज्य छत्तीसगढ़ उनकी ही देन है.उन्होंने कहा कि अटल जी हमेशा अपने मूल्यों और सिद्धांतों पर अडिग रहते थे. आज पूरे प्रदेश में उनकी जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई जा रही है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी का मानना था कि छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा तो इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा. यहां के निवासियों और जनजातियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे. उनकी प्रगति को बल मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के स्वप्न को पूरा कर रही है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में लगातार मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम राज्य सरकार कर रही है. 3100 रूपए प्रति क्विंटल एवं 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है. महतारी वंदन योजना में 70 लाख माताओं-बहनों को हर माह एक हजार रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है. रामलला दर्शन योजना के साथ अब तीर्थ यात्रा योजना भी जल्द शुरू की जाएगी. तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की दर 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दी गई है.सीजीपीएससी घोटाले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है. इसमें लिप्त लोगों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है. इससे छात्रों का भरोसा सीजीपीएससी पर फिर से लौटा है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है. गुड गवर्नेंस के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है. बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है. राज्य सरकार पूरे प्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी के योगदान के लिए पूरे देश के साथ विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के लोग उनके बहुत आभारी हैं. उन्होंने हमें छत्तीसगढ़ के रूप में एक अलग राज्य की सौगात दी. आज छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है. मोदी की गारंटी के अधिकांश वायदे हमने एक वर्ष में पूरे किए हैं. सीएम साय ने सराईटोली में अनेक विकास कार्यों की घोषणा की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्षेत्र के किसानों की सुविधा की दृष्टि से फरसाबहार में अपेक्स बैंक की शाखा खोलने की घोषणा की. इसके साथ ही कोतईबीरा से कपाटद्वार तक लक्ष्मण झूला की तर्ज पर सस्पेंशन ब्रिज निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों की घोषणा की. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल सुशासन चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण कर हितग्राहियों को सहायता राशि और दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किया. उन्होंने मछुआ सहकारी समिति एवं दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को पंजीयन प्रमाण पत्र देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक द्वारा पे-केसीसी कार्ड के वितरण सहित अनेक हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल, राष्ट्रीय परिवार सहायता राशि एवं दिव्यांग बच्चों को निःशक्तजन छात्रवृत्ति का प्रमाण पत्र प्रदान किया. उन्होंने दिव्यांग बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित भी किया. उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया. इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से मां तारिणी स्व-सहायता समूह को 80 हजार रुपए एवं जय मां अम्बे स्व सहयता समूह को एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया. इस अवसर पर कौशल्या देवी साय, रोहित साय, भरत साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे.

पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 छत्तीसगढ़ के कण कण में बसी हुई है भगवान श्रीराम की स्मृतियां – मुख्यमंत्री साय मां नाथल दाई पर्यटन केंद्र के रूप में होगा विकसित  – मुख्यमंत्री साय पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर हमारी सरकार लगातार लोगों की सुख-समृद्धि के लिए काम कर रही है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी से किसानों में समृद्धि आई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर महीने 70 लाख माताओं-बहनों को एक हजार रुपए प्रति महीने की किश्त हम दे रहे हैं। देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए हम लोग मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना आरंभ करने जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से भी यात्रियों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टिमरलगा में आयोजित पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। सरकार लगातार लोगों की सुख-समृद्धि के लिए काम कर रही है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी से किसानों में समृद्धि आई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर महीने 70 लाख माताओं-बहनों को एक हजार रुपए प्रति महीने की किश्त हम दे रहे हैं। देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए हम लोग मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना आरंभ करने जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से भी यात्रियों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टिमरलगा में आयोजित पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम टिमरलगा में पर्वतदान एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं, आसपास का पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर हो जाता है।छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यह वो धरती है जहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकतम समय बिताया। छत्तीसगढ़ की पावन धरती में शिवरीनारायण में माँ शबरी ने प्रभु श्रीराम को जूठे बेर खिलाये थे। हमारी छत्तीसगढ़ की भूमि बहुत पवित्र भूमि है। हमारे यहां वाल्मीकि जी का आश्रम तुरतुरिया में है।वाल्मीकि आश्रम ही वह भूमि है जहां लव और कुश ने अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को पकड़ा था। छत्तीसगढ़ के कण कण में भगवान श्रीराम की स्मृतियां बसी हुई हैं। प्रभु श्रीराम की स्मृतियों को सहेजने के लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हम प्रदेश की पांच शक्तिपीठों को जोड़ने के लिए भी हम कार्य कर रहे हैं। हम लोगों ने त्रिवेणी संगम की नगरी राजिम में भी कुंभ मेले का पुनः आयोजन शुरू किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम टिमरलगा के माध्यमिक स्कूल का हाईस्कूल में उन्नयन, मां नाथल दाई को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने सौंदर्यीकरण, ग्राम टिमरलगा के उपस्वास्थ्य केंद्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन की घोषणा की। इस अवसर पर रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, श्रीमती केरा बाई मनहर,शमशेर सिंह, श्रीमती पुष्पा देवी सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पद्म विभूषण से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई का एम्स में इलाज शुरू, मुख्यमंत्री साय ने बेहतर इलाज के लिए निर्देश

रायपुर छत्तीसगढ़ की पहचान और देश के दूसरे सर्वोच्च सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई का एम्स में इलाज शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तीजन बाई की बीमारी की जानकारी मिलते ही उनके समुचित और बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी लेने उनसे मिलने भी पहुंचे थे और पांच लाख रूपए की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करायी थी। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया था कि तीजन बाई के लिए घर में ही मोटराइज्ड रिमोट कंट्रोल आटोमेटिक बेड, बेड टेबल और व्हील चेयर उपलब्ध कराया जाए। निर्देशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तीजन बाई के लिए ये आवश्यक सामान उपलब्ध करा दिया है। इसके साथ ही एक मेडिकल आफिसर और एक फिजियोथिरेपिस्ट को भी तीजन बाई की देखरेख के लिए नियुक्त किया गया है। डाक्टरों की टीम दिन में एक बार उनके घर में ही उनकी स्वास्थ्य जांच करके मेडिकल रिपोर्ट तैयार करती है।          उल्लेखनीय है कि पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई ने पंडवानी के माध्यम से छत्तीसगढ़ का नाम देश विदेश में रोशन किया है। तीजन बाई वास्तव में छत्तीसगढ़ की पहचान हैं। इस लिहाज से राज्य सरकार भी तीजन बाई की देखरेख में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। खुद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहते हैं और अपने प्रतिनिधि के रूप मे उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को तीजन बाई की देखरेख करने की पूरी जिम्मेदारी दी है।

छत्तीसगढ़ के बजट का आकार बढ़कर हुआ 1 लाख: 55 हजार 580 करोड़ रूपए

 छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25वें वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाएगी सरकार : अधोसंरचना विकास के लिए रहेगा समर्पित वर्ष 2024-25 के लिए 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित छत्तीसगढ़ के बजट का आकार बढ़कर हुआ 1 लाख:  55 हजार 580 करोड़ रूपए राज्य में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़क निर्माण का कार्य आगे बढ़ रहा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार का द्वितीय अनुपूरक बजट विधानसभा में पारित हुआ। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रस्तुत किए गए 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट आज विधानसभा में पारित किया गया। आज पारित हुए अनुपूरक बजट को मिलाकर चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के बजट का आकार कुल 01 लाख 55 हजार 580 करोड़ रूपए का हो गया है। इसमें मुख्य बजट के रूप में पारित 1 लाख 47 हजार 446 करोड़, प्रथम अनुपूरक बजट में 7 हजार 329 करोड़ रूपए और द्वितीय अनुपूरक बजट का 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए शामिल है।     वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता मोदी की गारंटी पर भरोसा करती है। सरकार बनने के 12 दिनों बाद ही मोदी की गारंटी के अनुरूप सरकार ने 12 लाख से अधिक किसानों को दो साल के बकाया बोनस राशि 3716 करोड़ रूपए का भुगतान किया। शपथ ग्रहण के अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक में राज्य के 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय को अमल में लाते हुए 8 लाख हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए पहली किस्त जारी की जा चुकी है। चौधरी ने कहा कि वर्ष 2003 में छत्तीसगढ़ में 5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी होती थी। हमारी सरकार ने खरीफ वर्ष 2023 में रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से किसानों को 13 हजार 320 करोड़ रूपए भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को राशि का भुगतान सरकार जल्द करेगी।     वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के जवाब में कहा कि हम लोग सरकार बनने के तीसरे महीने से ही महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दे रहे हैं। यह योजना राज्य की महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगी। इस योजना की लाभार्थी महिलाओं को ग्रामीण विकास बैंक द्वारा महतारी सशक्तीकरण योजना के माध्यम से 9 प्रतिशत ब्याज पर 25 हजार रूपए का लोन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वनांचलों में तेन्दूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 4000 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए किया गया है। राज्य के साढ़े 12 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत बीमा का लाभ मिल रहा है। उनके लिए चरण पादुका योजना दोबारा शुरू कर रहे हैं।     मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य शासन तेज आर्थिक और सुधारवादी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ स्थापना के 25वें वर्ष को अटल निर्माण वर्ष के रूप मनाया जाएगा। इसके तहत अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। सड़क, पुल, अस्पतालों और रेल लाईनों में पूंजीगत व्यय के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़कों का काम आगे बढ़ रहा है। इनमें 4 राष्ट्रीय राजमार्गों को फोरलेन करने के साथ ही रायपुर के सरोना चौक, तेलीबांधा चौक और धनेली में फ्लाई ओवर के निर्माण शामिल है। चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के अधोसंरचना की मजबूती के लिए भी हम पर्याप्त राशि दे रहे हैं। गीदम, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और मनेन्द्रगढ़ में 4 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1280 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। रायपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 232 करोड़, सिम्स बिलासपुर के लिए 700 करोड़ और अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए 109 करोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं।     अनुपूरक बजट पर चर्चा का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि हम वित्तीय अनुशासन के साथ सुधारवादी बजट लेकर आए हैं। द्वितीय अनुपूरक बजट में प्रावधानित 806 करोड़ रूपए में से 508 करोड़ रूपए पूंजीगत व्यय के लिए और 298 करोड़ रूपए राजस्व व्यय के लिए है। इसमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 250 करोड़ रूपए, नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 200 करोड़ रूपए और मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।     वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि द्वितीय अनुपूरक बजट मेें घरेलू विमान सेवा (उड़ान योजना) के लिए 25 करोड़ रूपए, हस्तशिल्प उत्पादों को राजधानी रायपुर में एक जगह उपलब्ध कराने के लिए बनाए जा रहे यूनिटी मॉल के 19 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। बजट में चित्रोत्पला फिल्म सिटी, बस्तर ओलंपिक, नियद नेल्लानार, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम जनमन योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं के लिए भी प्रमुखता से प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के युवाओं को जॉब-सीकर्स (JOB-SEEKER) से जॉब-क्रिएटर्स (JOB-CREATERS)  बनाने और सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के लिए नई औद्योगिक नीति में जोर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित तीन किताबों का आज विमोचन किया गया

रायपुर  छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित तीन किताबों का आज विमोचन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधानसभा परिसर स्थित अध्यक्ष के कक्ष में षष्‍ठ्म विधानसभा के  सदस्यों की परिचयात्मक जानकारियों पर केन्द्रित प्रकाशन ‘‘सदस्य परिचय षष्‍ठ्म विधानसभा’’, ‘‘छत्तीसगढ़ विधानसभा एक परिचय’’ एवं  विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के अध्यक्षीय कार्यकाल के ‘‘प्रथम वर्ष’’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय, पूर्व विधानसभा धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायकगण एवं विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा भी उपस्थित थे । ‘‘सदस्य परिचय षष्‍ठ्म विधानसभा’’ पुस्तक में छत्तीसगढ विधानसभा के प्रत्येक सदस्य के जीवन परिचय के अंत में उनके निर्वाचन के परिणाम का विवरण निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर सम्मिलित किया गया है। छत्तीसगढ़ विधान सभा की संसदीय कार्यप्रणाली का जन-जन तक प्रसार हो और विधान सभा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका एवं संपादित होने वाले कार्यों से जनता को अवगत कराने हेतु “छत्तीसगढ़ विधानसभा एक परिचय” (संक्षेप में) का प्रकाशन किया गया है। पुस्तक के अंत में सदस्यों के संबंध में विभिन्न विश्लेषणात्मक विवरण भी दिये गये हैं । इस अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि 14 दिसम्बर, 2024 से विधानसभा की स्थापना दिवस का रजत जयंती वर्ष आरंभ हो गया है। विगत 24 वर्षों में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने संसदीय मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए उच्च मानकों को स्पर्श किया है। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि है कि षष्ठ्म विधानसभा के शेष कार्यकाल में छत्तीसगढ़ विधानसभा का वर्तमान सदन संसदीय नवाचारों को आत्मसात करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती देने के अपने गुरुत्तर संसदीय दायित्वों का सफलता पूर्वक निर्वहन करने में सफल होगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना: वित्त विभाग ने जारी की 2560 करोड़ की राशि

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्प पत्र में ‘मोदी की गारंटी‘ के अंतर्गत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पक्के आवास प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को पक्के मकान देने के अपने वादे को निभाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त विभाग ने केंद्र और राज्यांश मिलाकर 2,560 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों को अंतरित करने के लिए जारी कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि हमारा लक्ष्य राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को इस योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना है। यह पहल केवल आवासीय सुविधा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक उत्थान का भी एक साधन है। अब तक 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी वित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। पहली किश्त केंद्रांश 1,550.30 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,033.70 करोड़ रुपये कुल 2,584 करोड़ रुपये और दूसरी किश्त केंद्रांश 1,535.40 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,024.60 करोड़ रुपये कुल 2,560 करोड़ रुपये जारी की जा चुकी है। लाभार्थियों को राशि सीधे उनके खाते में शीघ्र पहुंचाई जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि भारत सरकार से प्राप्त करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उनके आवास का निर्माण शीघ्र पूर्ण हो सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा बाबा गुरुघासीदास जी एक महान संत थे, उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बाबा गुरुघासीदास जी एक महान संत थे। उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। आज उनका यह संदेश मानव को एक दूसरे से जोड़ने का काम कर रहा है। साय आज सतनामी कल्याण समिति कोरबा के द्वारा तीन दिवसीय गुरु घासीदास जयंती समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर लगभग 90 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया और सतनामी समाज को रियायती दर पर जमीन आबंटन करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने सभी को गुरु पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार बाबा गुरु घासीदास के आशीर्वाद से हम सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे। उन्होंने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने, एकजुट रहने और छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए विकास की राह में आगे बढ़ने की बात कही। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, समाज के अध्यक्ष यू आर महिलांगे सहित अन्य समाज के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज बाबा गुरुघासी दास की जयंती में जगह-जगह कार्यक्रम में शामिल होने का पुण्य अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सबको साथ लेकर आगे चलते हैं। उनका नारा “सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास“ है जिसे छत्तीसगढ़ की सरकार ने भी अपनाया है और इसी दिशा में सभी समाज को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि गिरौदपुरी से लेकर अन्य स्थानों को विकसित करने का कार्य पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में किया गया। उन्होंने कहा कि एक साल के कार्यकाल में जो भी वादा था उसे पूरा किया गया है। पीएम आवास का निर्माण, 3100 में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान, 5500 प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता की पारिश्रमिक, 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपये और पीएससी में गड़बड़ी की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने दिल्ली में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए ट्राइबल हॉस्टल जानकारी देते हुए कहा कि समाज को शिक्षा के क्षेत्र में और आगे बढ़ना होगा। हमारी नई शिक्षा नीति, उद्योग नीति गरीबों, युवाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति, अग्निवीरो, दिव्यांगजनो के लिए फायदेमंद है। समाज उद्यम के क्षेत्र में भी आगे बढ़े और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं।  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम मंत्री दयालदास बघेल ने सामाजिक बन्धुओं से बाबा गुरु घासीदास जी ने संदेशों को अपनाने का आव्हान किया। उन्होंने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर उद्योग-धंधे की ओर आगे बढ़ने की अपील की। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सभी लोगों को गुरू पर्व की बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य का विकास किया जा रहा है। यहाँ डोम निर्माण के लिए भी राशि जारी की गई है। आने वाले दिनों में भव्य डोम नजर आएगा। चांदी का मुकुट पहनाकर किया अभिनन्दन समारोह में मुख्यमंत्री साय और अन्य अतिथियों ने आरती और जैतखाम की पूजा कर ध्वजारोहण में शामिल हुए। सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गर्मजोशी से गजमाला पहनाकर स्वागत और चाँदी का मुकुट पहनाकर अभिनन्दन किया। बाबा गुरु घासीदास के तैलचित्र सहित गुलाब के फूल भेंट किए गए। मुख्यमंत्री साय ने सालिक निर्मल दिवाकर के पुस्तक ‘‘माँ की चाहत‘‘ का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर इंडोर स्टेडियम में आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल हुए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर इंडोर स्टेडियम में आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कवि सम्मेलन 5.0 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित विधायकगण और श्रोतागण मौजूद रहे।       मुख्यमंत्री साय ने परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा के जयंती पर्व की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने सभी मूर्धन्य कवियों का छत्तीसगढ़ की माटी में स्वागत और अभिनंदन किया। साय ने कहा कि बड़े ही शुभ दिन पर यह आयोजन हो रहा है। बाबा गुरु घासीदास का आशीर्वाद प्रदेश वासियों को मिले, उन्होंने यह कामना की।         मुख्यमंत्री ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि और गीतकार केदार परिहार को छत्तीसगढ़ रत्न से सम्मानित किया। कवि सम्मेलन में पद्म डॉ. सुरेंद्र दुबे, पद्म डॉ. सुनील जोगी, डॉ. हरिओम पवार, सुअनामिका जैन अंबर,  डॉ. अनिल चौबे, स्वयं श्रीवास्तव और रमेश विश्वहार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया।

स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 का हुआ सरलीकरण 30 बिस्तर तक के चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत , फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट के अनापत्ति प्रमाणपत्र की बाध्यता से छूट स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 में संशोधन करते हुए चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत देते हुए नई अधिसूचना जारी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस बदलाव को स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया है।  इस अधिसूचना के तहत 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने हेतु नियमों को लचीला बना दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार अब प्रदेश में सभी क्लिनिक को आवेदन के साथ निर्धारित मापदंडों का पालन करने हेतु शपथ पत्र देने पर स्वत लाइसेंस दे दिया जाएगा, जिसे वे  ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। इनमें से 10 प्रतिशत संस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा और यदि कोई कमी पाई गई तो एक माह के भीतर उक्त कमियों को दूर करना  होगा। 1 से 10 बिस्तर तक के अस्पतालों को आवेदन के साथ मापदंडों का पालन करने हेतु शपथपत्र देने पर लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा तथा 3 महीने के अंदर उन्हें मापदंडों को पूरा करना होगा। 11 से 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को नियमों के तहत आवेदन करना होगा तथा चिकित्सा अधिकारी के द्वारा उनका 3 महीने के अंदर उनका निरीक्षण कर लाइसेंस जारी किया जाएगा । यदि 3 महीने के अंदर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है तो ऐसी संस्थाएं स्वत पंजीकृत मानी जाएगी तथा ऑनलाइन लाइसेंस की प्रति डाउनलोड कर सकेंगी। 30 बिस्तर से अधिक अस्पतालों को लाइसेंस प्राप्त करने हेतु सभी नियमों का पूर्ववर्त पालन करना होगा परंतु उन्हें फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट के अनापत्ति प्रमाणपत्र की बाध्यता से छूट दी गई है । इसके  लिए उन्हें अलग से नियमों का पालन करना होगा। नियमों की सरलीकरण से क्लीनिक 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को अब पंजीयन कराने में काफी आसानी होगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और राज्य के लोगों को पहले से अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य – मुख्यमंत्री साय

डबल इंजन की सरकार में मिल रहा डबल फायदा: केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को मनाया जाएगा अटल निर्माण वर्ष के रूप में 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक हर वर्ष मनाया जाएगा ’जनादेश परब’ जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य – मुख्यमंत्री साय   केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का किया लोकार्पण और शिलान्यास रायपुर देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय की नेतृत्व वाली सरकार जनता की सेवा के लिए तत्पर होकर काम कर रही है। इसी का परिणाम है कि पूरे देश और प्रदेश में उत्तरोत्तर विकास हो रहा हैै। डबल इंजन की सरकार होने की वजह से लोगों को डबल लाभ हो रहा है। आज भारत विश्व की पांचवी बड़ी आर्थिक शक्ति है। अगले पांच सालों में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेंगे। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने आज रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कार्यक्रम में 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का लोकार्पण और शिलान्यास किया।   केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने जनादेश परब में छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्वप्रेरणा से लोकहित में पूरी जवाबदेही के साथ काम कर रही है। सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के 18 लाख से अधिक जरूरतमंदों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति दी गई। मोदी की गारंटी के अनुरूप यहां किसानों से 3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदी की जा रही है। किसानों को उनके हक का 3716 करोड़ रूपए धान के बकाया दो साल के बोनस का भुगतान भी किया गया है। केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनादेश परब में घोषणा की कि अब से हर साल 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक ’जनादेश परब’ के रूप में मनाया जाएगा। आने वाले वर्ष में छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राज्य निर्माता भारत रत्न अटलजी का यह शताब्दी वर्ष भी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की। साय ने कहा कि अटलजी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश में सड़कों का जाल बिछाया। उसी से प्रेरणा लेकर हम अपने रजत जयंती वर्ष में अधोसंरचना विकास को  प्राथमिकता में रखेंगे। उसके बाद के तीन वर्षों में भी हम अलग-अलग थीम पर काम करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने जनादेश परब को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले साल किसान भाइयों के खाते में आपकी डबल इंजिन की सरकार ने 49 हजार करोड़ रुपए डाले हैं। हमने अपने शुरूआती तीन महीनों में ही प्राथमिकता के साथ महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश की माताओं-बहनों को देना आरंभ किया। 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की अब तक 10 किश्तों में 6,530 करोड़ रुपए की राशि भेजी जा चुकी है। पहली तारीख को हम यह राशि भेज देते हैं और जैसे ही माताओं-बहनों के खाते में राशि आती है उनका चेहरा गर्व से खिल जाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य हैं। हमने प्रशासन के हर स्तर पर सुशासन को सुनिश्चित किया है। हमने सुशासन के मूल्यों को सिस्टम में शामिल करने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया। सुशासन के लिए पारदर्शिता सबसे आवश्यक है और इसके लिए डिजिटल गवर्नेंस शुरू कराया है। लालफीताशाही को दूर करने हमने ई-आफिस प्रणाली आरंभ की है। इसमें डिजिटल माध्यम में नोटशीट आगे बढ़ती है। इससे समय-सीमा भी तय होती है और जवाबदेही भी तय हो जाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा के विकास के बगैर छत्तीसगढ़ के विकास के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। हमने वनोपज संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए काम किया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि हमने 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी। जनजातीय गौरव दिवस के दिन हमने राज्य के बैगा, गुनिया, सिरहा आदि को पांच-पांच हजार रुपए सम्मान निधि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण हम कर रहे हैं। कांगेर घाटी के गांव धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने दुनिया के 20 चुनिंदा गांवों में शामिल किया है। बस्तर और छत्तीसगढ़ विश्व पर्यटन के मानचित्र में आ गए हैं। सरगुज़ा संभाग भी विश्व के पर्यटन नक्शे में स्थान बना रहा है। अभी-अभी जशपुर के मधेश्वर पहाड़ शिवलिंग को विश्व में सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने  कहा कि गुरु घासीदास तमोर पिंगला को हमने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाया है। इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। सरगुजा और बस्तर में एयर कनेक्टिविटी आरंभ होने से इन क्षेत्रों में तेजी से विकास के साथ ही यहां अब देश-विदेश से पर्यटकों के पहुंचने की राह खुल गई है। मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सभी स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आगामी दो सालों में प्रदेश का सड़क नेटवर्क विकसित देशों की तरह हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सबसे बड़ी सफलता माओवादी मोर्चे पर मिली है। एक साल पहले किसी के लिए यह सोचना भी कठिन था कि माओवाद के नासूर को नष्ट किया जा सकता है। एक साल में 2 सौ से अधिक माओवादियों को मार गिराया। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से माओवाद की जड़ से मुक्त हुए गांवों में पुनः विकास की रोशनी पहुंची है। हमने नई उद्योग नीति तैयार की है, जिसमें अगले पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रुपए के निवेश के माध्यम से पांच लाख रोजगार सृजित करेंगे। हमने शासकीय सेवाओं में हजारों पदों में भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री नड्डा को बस्तर के कलाकारों द्वारा बेल मेटल से निर्मित अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। कार्यक्रम में पद्मसे … Read more

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार देने पर उद्योगों को मिलेगा सब्सिडी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : नई औद्योगिक नीति से भारत का इंडस्ट्रीयल हब बनेगा छत्तीसगढ़ – विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उद्योगों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहन आत्मसमर्पण करने वाले  नक्सलियों को रोजगार देने पर उद्योगों को मिलेगा सब्सिडी भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इकॉनोमिक कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने साझा किए विचार रायपुर नई औद्योगिक नीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को भारत का इंडस्ट्रीयल हब बनाने की दिशा में हमारी सरकार प्रयास कर रही है। इस नीति के तहत क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण एवं औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया है। आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इकॉनोमिक कॉन्क्लेव में  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऑनलाइन जुड़ कर यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के जनजातीय और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में पांच लाख नौकरियां सृजित की जाएगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन सहित कई अन्य सहायता दी जा रही है, जिसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार उपलब्ध कराने पर उद्योगों को उनके वेतन का 40 प्रतिशत तक सब्सिडी के रूप में प्रतिपूर्ति की जायेगी। इस नीति के तहत बस्तर में उद्योग लगाने पर स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के तहत उद्योगों को 45% तक की सहायता दी जाएगी। वहीं, एसजीएसटी प्रतिपूर्ति के तहत अगले 10 सालों तक पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक एसजीएसटी वापस भी किया जाएगा। नई नीति के तहत उद्योगों को स्टांप ड्यूटी और बिजली शुल्क में छूट, साथ ही 10 और तरह के निवेश प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट की सहायक इकाइयों के लिए 118 एकड़ का नया औद्योगिक क्षेत्र भी स्थापित किया जा रहा है। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। साय ने कहा नई उद्योग नीति में निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 को शामिल किया गया है। इससे वे एक ही जगह पर कई विभागों का क्लीयरेंस प्राप्त कर सकते हैं। यह नीति प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने वाली नीति है। हम इस नीति में ग्रीन इंडस्ट्रीज और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। कार्यक्रम में उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार एवं संचालक प्रभात मलिक ने नया रायपुर और नई उद्योग नीति पर प्रजेंटेशन भी दिया। नया रायपुर बनेगा आईटी और एजुकेशन हब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि नया रायपुर को आईटी हब,  हेल्थ हब, एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। आईटी और संबंधित फर्मों को रियायती दरों पर प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रहे हैं। आईटी सेक्टर में साढ़े तीन हजार से अधिक नौकरियों के सृजन के लिए स्थान आबंटित किए गए हैं। नया रायपुर अटल नगर की रेलवे लाइन का ट्रायल रन पूरा हो गया है। उन्होंने बताया हम सीबीडी रेलवे स्टेशन के निर्माण, सड़कों और सार्वजनिक पार्किंग जैसी अधोसंरचनाओं पर 150 करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं। तीन अन्य रेलवे स्टेशनों का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया  इस साल के अंत तक नया रायपुर से जुड़ी कई परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी। इनमें आईटी एवं संबंधित क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, घरेलू उपकरण, रक्षा, फार्मास्युटिकल, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। नक्सलवाद के खिलाफ विकास और सुरक्षा की नीति नक्सलवाद से निपटने में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस साल अनेक नक्सली मारे गए हैं और करीब 1500 ने आत्मसमर्पण किया है या उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने अगले दो वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा हमने नक्सलवाद के खिलाफ विकास और सुरक्षा की नीति पर काम किया है। बीते एक साल में बस्तर में 34 सुरक्षा कैम्प स्थापित करने के साथ-साथ नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अंदरूनी गांवों तक अधोसंरचनाओं का विकास किया जा रहा है। डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता  पर जोर मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने  डिजिटल गवर्नेंस को लागू किया है। प्रशासन में  जवाबदेही बढ़ाने के लिए आईटी उपकरणों में 266 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। अटल मॉनिटरिंग ऐप से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की जा सकती है।  स्वागत पोर्टल के माध्यम से पोर्टल में आवेदन देकर बिना इंतजार किए सुगमता से मंत्रालय में अधिकारियों से मिला जा सकता है। सीएमओ पोर्टल के माध्यम से शासन-प्रशासन से जुड़ी सूचनाओं की जानकारी त्वरित रूप से नागरिकों को मिल जाती है। वहीँ, सुगम एप के माध्यम से अब लोग घर बैठे रजिस्ट्री कर सकते हैं। बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसके तहत राज्य में अधोसंरचनाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र सरकार से 31 हजार करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। बस्तर और सरगुजा के अंदरुनी गांवों तक सड़कों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया रायपुर-विशाखापटनम इकॉनोमी कॉरिडोर, अनेक रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर हवाई अड्डों का विस्तार हो रहा है। रायपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। वहीं, नियद नेल्ला नार योजना के तहत बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है। जल आपूर्ति और ग्रामीण विकास पर जोर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मिशन का 79% से अधिक काम पूरा हो चुका है और अब तक 40 लाख घरों में नल के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मल्टी-विलेज योजना के तहत उन क्षेत्रों में जल आपूर्ति की समस्या का समाधान किया जा रहा है, जहां भूजल की कमी है।  पचराही जैसे दूरस्थ गांवों में नल जल योजना के माध्यम से अब स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने के लिए कर रही है कार्य-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर हमारी सरकार के कार्यकाल को 13 दिसम्बर को एक वर्ष पूरे हो जायेंगे। इस अवसर को हम जनादेश परब के रूप में मना रहे हैं। हमने ’’मोदी की गारंटी’’ पर काम करते हुए शपथ लेने के दूसरे ही दिन मंत्रिमंडल में निर्णय लिया और प्रधानमंत्री आवास निर्माण की स्वीकृति दी। हमने आवास से वंचित हमारे प्रदेश के 18 लाख परिवारों को आवास देने के लिए निर्णय लिया। आज भी आवास के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया गया है। पीएम आवास के हितग्राहियों के पक्के मकान बन रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरबा के सीएसईबी पूर्व फुटबॉल मैदान में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज ऊर्जाधानी कोरबा में 625 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया गया है। यह एक बड़ी राशि हैै और इस राशि से जिले के विकास का और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले को डीएमएफ से बड़ी राशि प्राप्त होती है और इस राशि से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ अधोसंरचनात्मक विकास में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से विवाह के बंधन में बंधने वाले 102 नव दांपत्य जोड़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। 13 लाख से अधिक किसानों के दो साल का बकाया धान बोनस राशि 3716 करोड़ का भुगतान भी किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए हम वचनबद्ध है। सरकार बनने के बाद पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच जारी है। जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। हमने प्रदेश में सुशासन देने का काम किया है।     उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में सुधार करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है, इस योजना में छत्तीसगढ़ के 6 हजार 500 गांव भी शामिल है और इस क्षेत्र के परिवारों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश में लागू नई उद्योग नीति के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि इस नीति से प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति युवाओं, अग्निवीर  सहित अन्य युवाओं को लाभ मिलेगा। सिंगल विण्डो सिस्टम से एक जगह से आवेदन करने की सुविधा होगी।     उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है कि इतनी बड़ी 625 करोड़ रूपये की राशि से अधिक की राशि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है।     उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं की खाते में एक हजार प्रतिमाह डाले जा रहे हैं। 31 सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। उन्होंने सरकार के एक साल पूर्ण होने पर कोरबा वासियों को बधाई देते हुए आभार भी प्रकट किया। मुख्यमंत्री साय ने राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी हितग्राहीमूलक योजनाओं से बड़ी संख्या में  हितग्राहियों को लाभान्वित किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अन्य  जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने हसदेव नदी पर रपटा निर्माण सहित अन्य कार्यों की घोषणा की     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की मांग पर जिले में विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सर्वमंगला हसदेव नदी रपटा सहित, पुरानी बस्ती रानी रोड की ओर एप्रोच रोड निर्माण  की घोषणा की। उन्होंने कोरबा मुख्यालय में नया सर्किट हाउस निर्माण, झगरहा में माध्यमिक शाला का  हाई स्कूल में उन्नयन और कोरबा नगर निगम के विभिन्न वार्डाे में  विकास कार्याे के लिए 23 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने किसानों को ट्रैक्टर की चाबी सौंप, उत्साह वर्धन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरबा प्रवास के दौरान सीएसईबी फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शासकीय विभागो के द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के 3 हितग्राहियों को आवास की खुशियों की चाबी सौंप कर गृह प्रवेश के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को अनुदान राशि के चेक और सामग्री प्रदाय की।     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला पंचायत के स्टॉल में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत अजगरबहार की दुखी बाई बिरहोर, रामधर बिरहोर और सुमति बाई कोरवा को नए आवास की चाबी प्रदाय की और गृह प्रवेश हेतु शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना के तहत मेमबाई राठौर,गनेशी चंद्रा और राजमति को आवास की चाबी प्रदान की।     मुख्यमंत्री ने आरती सिदार को श्रमिक पंजीयन कार्ड प्रदाय किया। रेशम विभाग के तहत कोसा उत्पादन करने वाले स्वसहायता समूह के सदस्यों, अधिकारियों ने शाल और श्रीफल प्रदाय करके मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने रेशम विभाग से कोसाफल उत्पादन के भुगतान हेतु पांच लाख 64 हजार रुपए कि राशि का चेक समूह की महिला सदस्यों को प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 5 स्वा सहायता समूहों को 30-30 लाख रुपए के चेक दिए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग से दिव्यांग दुर्गेश्वरी बरेठ,एवं झूमन दास को मोटराइज्ड ट्राईसायकल देकर प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को मेट प्रदाय किया। उन्होंने पशुधन विकास विभाग के तहत राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना, गोपालन से सुभद्रा राठिया को 93 हजार 200 रुपए अनुदान राशि का चेक देकर उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने भटगांव निवासी किसान श्रीमती महेत्तरीन बाई को कृषक यांत्रिकीकरण पर सबमिशन योजना के तहत 5 लाख रुपए के अनुदान पर ट्रेक्टर की चाबी सौंप कर उन्नत कृषि  कार्य के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मछुआ समाज के सदस्यों को मछली जाल सहित आइस बॉक्स प्रदाय किए। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति के हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र भी प्रदाय किए।     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने नव दंपत्ति को आशीर्वाद देकर उनके सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने नव विवाहित नीलू कुमारी और ममता केवट को विवाह प्रोत्साहन राशि के 35-35 हजार रुपए की राशि का चेक प्रदान किया।

हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी को पूरी तेजी से पूरा कर रहे हैं : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी को पूरी तेजी से पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के जेएमपी शासकीय स्कूल प्रांगण में  आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर जिले को 451 करोड़ 25 लाख की लागत वाले 134 विकास  कार्याे के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान यह बात कही।   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित 3 हजार 883 हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह के अनुरोध पर तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बेड संख्या 30 से बढ़ाकर 50 बेड करने, तखतपुर में चौपाटी निर्माण के लिए 1 करोड़, तखतपुर में बाबा गुरूघासीदास जयंती उत्सव के लिए 5 लाख रुपए देने सहित अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के चयनित 142 कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। कार्यक्रम में केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने की। उन्होंने बाइक एंबुलेंस की सेवा के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड  में बाइक एम्बुलेंस की सुविधा मार्च महीने से शुरू होने से अब तक 4089 मरीजों को इसका सीधा लाभ मिला है। इसमें सभी वर्ग के मरीज शामिल हैं। बाइक एम्बुलेंस गर्भवती महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, बच्चों के टीकाकरण और मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए भी उपयोग में लाया जा रहा है। बाइक एंबुलेंस के जरिए वनांचल क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए केन्द्र तक लाया जाता है और शिशुवती माताओं को प्रसव के बाद सुरक्षित घर भी पहुंचाया जाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शराब घोटाला, कोयला घोटाला की संभावना को हमने सुशासन के जरिए रोका है। प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप पीएससी की सीबीआई जांच शुरू हो गई है।  लोक सेवा आयोग की परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई है,  जिसके चलते किसान मजदूर गरीब के बेटे आज बड़े-बड़े पद पर चयनित हुए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट में नाइट लैंडिंग की सुविधा जल्द मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का फायदा राज्य को मिल रहा है। हमारी सरकार मजबूती से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। सरकार ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का बीड़ा हमने उठाया है। नियद नेल्ला नार योजना के तहत घोर नक्सली एरिया में हमने विकास की रोशनी पहुंचाई है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के एक साल पूर्ण होने पर जनादेश तिहार के रूप में इसे मनाया जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय विकास एवं शहरी राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार बनते ही हमने  18 लाख आवास गरीबों को स्वीकृत किया गया। किसानों को 2 साल का बकाया बोनस भी एकमुश्त दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का यह दिन ऐतिहासिक है जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिले को 452 करोड़ के विकास कार्याे की सौंगात दी है। हमारी प्रतिबद्धता जनता और विकास के कार्याे के प्रति है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सर्वधरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की रायपुर में सेंटर फाॅर इनोवेशन, ट्रेड एंड स्किलिंग स्थापना, 1000 सीटर को-वर्किंग स्पेस निर्माण एवं प्रत्येक जोन में एक बाॅक्स स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स निर्माण की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज भाठागांव स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड में नवनिर्मित इनोवेशन सेंटर का फीता काटकर शुभारंभ किया। साथ ही जयस्तंभ चौक के मल्टीलेवल पार्किंग में नवनिर्मित को-वर्किंग स्पेस आरंभ का वर्चुअली लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सेंटर फाॅर इनोवेशन, ट्रेड एंड स्किलिंग की स्थापना, रायपुर जिले में 1000 सीटर को-वर्किंग स्पेस निर्माण और नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक जोन में एक-एक बाॅक्स स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स निर्माण की घोषणा की। इस अवसर पर ओयो के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रूपए का निवेश करने और 15 हजार रोजगार सृजन करने की बात कहीं। इनोवेट के गेम जोन में मुख्यमंत्री साय एवं ओयो फाउंडर अग्रवाल ने टेबल टेनिस खेल में हाथ आजमाया।     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने एवं रोजगार के नये अवसर पैदा करने स्मार्ट सिटी का विचार क्रियान्वित किया। रायपुर को भी स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित किया गया है। राज्य सरकार स्मार्ट सिटी के अनुरूप सुविधाओं को लगातार बढ़ाने के लिए पहल कर रही हैं। साय ने कहा कि युवा उद्यमियों के दिमाग में उद्यम के बहुत से विचार हैं। वे अपना स्टार्टअप आरंभ करना चाहते हैं बस उन्हें थोड़ा सहयोग देने की आवश्यकता है फिर वे कमाल कर दिखाएंगे। सरकार युवाओं के लिए यही सपोर्ट सिस्टम तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने  जिला प्रशासन के कार्याें की सरहाना की।     उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए एक आफिस, फर्नीचर, एक अच्छा लोकेशन, कंप्यूटर, वाईफाई चाहिए, लेकिन इतने सब कुछ के लिए ही जो बजट लगता है वो बहुत से युवा उद्यमियों के बस की बात नहीं होती। को-वर्किंग एंड इनोवेशन सेंटर के रूप में यही आफिस स्पेस उन्हें उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 48 लाख रुपए की लागत से जयस्तंभ चैक के मल्टीलेवल पार्किंग सेंटर में आरंभ स्टार्टअप को-वर्किंग सेंटर तथा एक करोड़ रुपए की लागत से अंतरराज्यीय बस टर्मिनल में इनोवेशन सेंटर तैयार किया गया है। यहां स्टार्टअप उद्यमियों को काम करने के लिए आफिस मिल जाएगा। साथ ही प्राइवेट कैबिन होंगे, कंप्यूटर मिल जाएंगे और फर्नीचर उपलब्ध होगा, कैफेटेरिया होगा। प्रेजेंटेशन के लिए आडिटोरियम होगा। उन्हें केवल अपने आइडिया पर काम करना होगा।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि को-वर्किंग सेंटर होगा तो अन्य स्टार्टअप कंपनियां भी यहां आपरेट करेंगी। इस तरह से एक तरह की सोच वाले उद्यमी एक ही स्थान पर काम करेंगे, इससे वे आपस में विचारों को साझा भी करेंगे, जिससे नवाचार का एक बेहतरीन वातावरण राजधानी में तैयार होगा। उन्होंने कहा कि रितेश अग्रवाल ने छोटी सी उम्र में बड़ा मुकाम हासिल किया। उनके पास एक विचार था कि लोग अच्छे सुविधाजनक होटल चाहते हैं। डिजिटल क्रांति उसी समय शुरू हुई थी, लोग तेजी से स्मार्ट फोन अपना रहे थे, उन्होंने ओयो एप आरंभ किया और इस छोटे से विचार ने हास्पिटैलिटी सेक्टर में क्रांति ला दी। छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं के पास भी ऐसे अनेक विचार हैं। उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित हैं। आज को-वर्किंग एंड इनोवेशन सेंटर की शुरूआत इसी का हिस्सा है।     इस अवसर पर ओयो के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने कहा कि स्टार्टअप के जरिए हमें बड़ी सफलता मिली थी और वर्तमान में 22 हजार होटल संचालित हो रहा है। छत्तीसगढ़ में इनोवेट के शुरू होने से हजारों युवाओं को फाउंडर बनने का अवसर मिलेगा। गांव के युवाओं के सपने भी पूरे हो सकेंगे। अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आने वाले समय में 500 करोड़ रूपए निवेश करने की तैयारी हमारी कंपनी ने की है और 15 हजार रोजगार भी सृजनित किए जाएंगे। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों की सरहाना करते हुए कहा कि यहां पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है, इससे निश्चित ही स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ एक स्टार्टअप राज्य बनेगा। अग्रवाल ने खुशी जताते हुए कहा कि यह देखा गया है कि बड़ी कंपनी के शुभारंभ में उद्यमी पहुंचते थे, लेकिन आज छत्तीसगढ़ में सुखद अवसर है कि मुख्यमंत्री सहित अन्य सम्मानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए है।     कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नवाचार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए है। इससे जिले में रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। 50 से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने नवगुरूकुल संस्था के युवाओं को जाॅब आफर लेटर दिया। शी-हब से जुड़ी महिलाओं और स्टार्टअप कंपनियों के युवा उद्यमियों का सम्मान किया। साथ ही बी.पी.ओ. सेंटर से जुड़े युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। कार्यक्रम के दौरान नवाचार क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारियों का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, विक्रम उसेंडी, कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

’लार्जेस्ट नेचुरल शिवलिंग’ के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँ

रायपुर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। रिकॉर्ड बुक में ’लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में मधेश्वर पहाड़ को दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे प्रदेश के पर्यटन की उपलब्धियों में एक नया आयाम बताया। गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रतिनिधि श्रीमती हेमल शर्मा और अमित सोनी ने मुख्यमंत्री साय से आज मंत्रालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें वर्ल्ड रिकार्ड का सर्टिफिकेट सौंपा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, वन मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय पर्यटन वेबसाईट https://www.easemytrip.com में जशपुर जिले को शामिल किया गया है। इसके बाद जिले के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि है। इस वेबसाइट में शामिल होने वाला जशपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला है, इससे पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक स्थलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी तथा पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। मधेश्वर पहाड़ : प्रकृति और आस्था का संगम जशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक में मयाली गांव से 35 किलोमीटर दूर स्थित मधेश्वर पहाड़, शिवलिंग के आकार की अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है, जहाँ स्थानीय ग्रामीण इसे विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में पूजते हैं। पर्यटन और रोमांच का केंद्र मधेश्वर पहाड़ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्वतारोहण और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी लोकप्रिय होता जा रहा है। यहाँ हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और प्रकृति के साथ जुड़ने का अनुभव करते हैं। जशपुर जिले में पर्यटन और रोमांचक खेलों के विकास की असीम संभावनाएँ मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री 102 नव विवाहित जोड़ों को देंगे आशीर्वाद

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 12 दिसंबर को कोरबा प्रवास के दौरान जिलेवासियों को लगभग 625 करोड़ 28 लाख 56 हजार से अधिक लागत की 284 विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे। साथ ही 02 करोड़ 69 लाख 34 हजार की सामग्री का विभिन्न विभागों के 400 से अधिक हितग्राहियों को वितरण करेंगे। साय विभिन्न विभागों के अंतर्गत किए जा रहे 284 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास करेंगे। इन विकास कार्यों में 17 करोड़ 43 लाख 46 हजार से अधिक राशि के 34 कार्यों का लोकार्पण एवं 607 करोड़ 85 लाख 10 हजार से अधिक राशि की 250 कार्यों का भूमिपूजन-शिलान्यास शामिल हैं। कोरबा के सीएसईबी फुटबॉल ग्राउण्ड में दोपहर 12 बजे कार्यक्रम का आयोजन होगा।          इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा प्रवास के दौरान महिला बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर दांपत्य जीवन में प्रवेश करने वाले 102 नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। मुख्यमंत्री जिले के 400 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत 2.69 करोड़ से अधिक राशि के सामग्री वितरण एवं चेक प्रदान करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे। साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की पखांजूर-मायापुर सड़क, खेल परिसर, नालंदा परिसर लाइब्रेरी निर्माण की घोषणा

बस्तर अंचल में अब बह रही है विकास की बयार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने पखांजूर में 254 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की पखांजूर-मायापुर सड़क, खेल परिसर, नालंदा परिसर लाइब्रेरी निर्माण की घोषणा स्वर्गीय असीम रॉय की प्रतिमा का किया अनावरण रायपुर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कांकेर जिले के पखांजूर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों की भलाई और उन्नति के लिए कार्य कर रही है। बस्तर अंचल के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि  नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं से बस्तर में  रहने वाले लोगों को केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ-साथ सड़क, स्कूल, पेयजल, आवास, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं आसानी मिल रही है। अब बस्तर में विकास की बयार बह रही है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में पखांजूर से मायापुर सड़क सुदृढ़ीकरण के लिए 8.78 करोड़ रुपए, खेल परिसर निर्माण के लिए 02 करोड़, सिविल अस्पताल के मरम्मत कार्य के लिए 30 लाख रूपए और नालंदा परिसर लाइब्रेरी निर्माण की घोषणा की। उन्होंने नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष असीम रॉय की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में कुल 254.15 करोड़ रुपए के 68 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 215.41 करोड़ रूपए के 43 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 38.74 करोड़ रूपए के 25 कार्यों का लोकार्पण सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि 13 दिसंबर को प्रदेश की सरकार का एक साल पूरा होने जा रहा है और इतने कम समय में जनता से किए गए वायदों को पूरा करने सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन के तुरंत बाद 25 दिसंबर को सुशासन दिवस पर किसानों को अंतर की राशि का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवासों की स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक प्रति मानक बोरा 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। नियद नेल्लानार योजना के तहत माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। वहीं विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास से जोड़ने पीएम जनमन योजना चलाई जा रही है। प्रदेश में नई उद्योग नीति लागू कर व्यवसाय और उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी तरह राज्य पीएससी की परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सीबीआई लगातार कार्रवाई कर रही है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पिछले एक साल में साय सरकार ने प्रदेशवासियों के लिए अनेक कार्य किए। राज्य की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना में हर महीने एक-एक हजार रूपए की राशि दी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगातार आवास बन रहे है। किसानों से लेकर हर वर्ग का कल्याण हो रहा है। कार्यक्रम को अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी ने भी सम्बोधित किया।     कार्यक्रम में कांकेर विधायक आशाराम नेताम, नगर पंचायत पखांजूर की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका साहा, पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा, मंतूराम पवार, राज्य मत्स्य विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री रात्रि 7.15 बजे रायपुर के पंडरी अटल एक्सप्रेस-वे फ्लाईओव्हर के नीचे ‘बॉक्स स्पोर्स्टस कॉम्पलेक्स‘ का लोकार्पण करेंगे

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 12 दिसंबर को राजधानी रायपुर, कोरबा और बिलासपुर जिले के तखतपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सवेरे 10.30 बजे रायपुर सिविल लाईन स्थित न्यू-सर्किट हाऊस में प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करेंगे।     मुख्यमंत्री दोपहर 12.05 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 12.55 बजे कोरबा के मुड़ापार हेलीपेड पहुंचेेंगे और सीएसईबी फुटबॉल ग्राउण्ड में दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम तथा विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकर्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे।     मुख्यमंत्री साय कोरबा से अपरान्ह 2.35 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 3.05 बजे बिलासपुर जिले के तखतपुर पहुंचेंगे और 3.10 बजे जे.एम.पी. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रागंण में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकर्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवपदस्थ कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4.15 बजे तखतपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 4.45 बजे रायपुर लौट आएंगे।     मुख्यमंत्री साय शाम 6 बजे रायपुर के पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में पीएम स्व-निधि, डे-एनयूएलएम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए नगरीय निकायों, बैंकों तथा लाभार्थियों के सम्मान समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री रात्रि 7.15 बजे रायपुर के पंडरी अटल एक्सप्रेस-वे फ्लाईओव्हर के नीचे ‘बॉक्स स्पोर्स्टस कॉम्पलेक्स‘ का लोकार्पण करेंगे।

CM ने कहा नए जिले को 550 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन होने से विकास की गति में तेजी आएगी व मील का पत्थर साबित होगा

चिरमिरी/एमसीबी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मनेंद्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर जिले के  चिरमिरी के लाल बहादुर स्टेडियम में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद चिरमिरी में पहली बार आया हूँ। उन्होंने कहा इस नए जिले को 550 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के करीब 447 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन होने से विकास की गति में तेजी आएगी व मील का पत्थर साबित होगा। साय ने कहा कि जिस अस्पताल का लोकार्पण हुआ है, वहां सभी सुविधाएं के साथ विभिन्न बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर भी होंगे, इससे जिलेवासियों को इलाज कराने में मदद मिलेगी, उन्होंने कहा मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज हेतु मेडिकल बोर्ड का गठन भी हो चुका है।   शपथ लेते ही गरीबों की चिंता साय ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबके विश्वास’’ के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, युवा, महिलाओं के विकास और उनके सशक्तिकरण के लिए मोदी दिन- रात काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विगत विधानसभा निर्वाचन के बाद ’’मोदी की गारंटी’’ पर काम करना शुरू किया है। 13 दिसंबर को सरकार की एक साल पूरे होने जा रही है। आवास से वंचित हमारे प्रदेश के 18 लाख लोगों को आवास देने के लिए मुख्यमंत्री की शपथ लेने के दूसरे दिन 14 दिसंबर को मंत्रिमंडल में निर्णय लिया और प्रधानमंत्री आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई। आदिवासी और किसानों के हक में लिया निर्णय उन्होंने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने 13 लाख से अधिक किसानों के दो साल का बकाया धान बोनस राशि 3716 करोड़ का भुगतान भी किया है। साय ने कहा आदिवासियों के आय का मुख्य जरिया तेंदूपत्ता की पारिश्रमिक दर 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये किया है। वादे के मुताबिक पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान वादा किया था कि सरकार बनने के बाद पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच होगी। उस वादे के मुताबिक पीएससी के पूर्व चेयरमेन सहित जो भी दोषी पाए गए हैं, उन्हें जेल भेज दिया गया है और इस तरह प्रदेष में सुशासन देने का काम किया है। साव की तारीफ उन्होंने उप मुख्यमंत्री व नगरीय विकास मंत्री अरुण साव की तारीफ करते हुए कहा कि विगत 10-11 माह में प्रदेश के नगरीय निकायों में साफ पेयजल आपूर्ति के लिए दो हजार करोड़ रुपए का काम किया है, आम लोगों को पानी पिलाने का काम किया है। साय ने रामलला दर्शन के सम्बंध में कहा कि एमसीबी जिले से भी सैकड़ों भक्तगण अयोध्याधाम जाकर श्रीराम लला का दर्शन किए हैं। आदिवासी राष्ट्रपति से लेकर जनपद अध्यक्ष तक उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आदिवासी समाज को उन्होंने सम्मान दिया है। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू अनुसूचित जनजाति से हैं, तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी आदिवासी से है, इसका श्रेय मोदी जी को जाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह के ऐसे समुदायों को पीवीटीजी में रखा गया है, जिन्हें अनुसूचित जनजातियों में सबसे कमज़ोर माना गया है। इनके विकास के लिए पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने सोचा है, तो वह है नरेन्द्र मोदी। उन्होंने कहा पीएम जनमन के तहत ऐसे पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, बैगा आदि जनजातियों के विकास के लिए सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, आवास जैसी बुनियादी जरूरत उपलब्ध कराने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (दा-जुगा) के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में सुधार करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है, इस योजना में छत्तीसगढ़ के 6 हजार 500 गांव भी शामिल है और इस जिले के हजारों परिवारों को भी लाभ मिलेगा। साय ने कहा कि आज यह कहने में खुशी हो रही है कि श्रीमती राजकुमारी बैगा जनपद अध्यक्ष भरतपुर-जनकपुर हमारे बीच है इसका श्रेय मोदी जी को जाता है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के सम्बंध में कहा कि डिग्री के साथ रोजगार देने का भी कार्य कर रहे हैं। शांति बहाली के महत्वपूर्ण पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि महज एक साल में बस्तर में शांति बहाली की दिशा में सफलता मिलने लगी है। हमारी सरकार इन लोगों को विकास के मुख्य धारा में जोड़ने का काम कर रही है। बस्तर में मोबाइल टॉवर पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार और सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। विष्णु सरकार ने सुशासन का दिया संदेश- मंत्री अरूण साव उप मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन में नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री अरूण साव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा विष्णु के सुशासन और मोदी की गांरटी के उचित ताल-मेल के कारण ही आज 550 करोड़ रूपये से अधिक की राशि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और आदिवासियों के विकास के लिए योजनाएं, नीति बनाएं है, तो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और इस डबल इंजन की सरकार ने सुशासन का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। चिरमिरी केवल राजनीतिक अखाड़ा बनकर रह गया था-मंत्री जायसवाल छत्तीसगढ़ शासन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा विष्णु सरकार के सुशासन और मोदी की गारंटी की वजह से आज इस जिले को पहली बार इतनी बड़ी राशि की सौगात मिली है। जायसवाल ने कहा चिरमिरी और मनेन्द्रगढ़ के बीच पानी की समस्या का समाधान के लिए नगरीय विकास मंत्री अरूण साव ने 185 करोड़ रूपये की स्वीकृति देकर एक महत्वपूर्ण विकास कार्य में भागीदारी दी है। जायसवाल ने कहा चिरमिरी केवल राजनीतिक अखाड़ा बनकर रह गया था। लेकिन यहॉ के विकास के लिए कोई भी विधायक, मंत्री ध्यान नही दिये। जायसवाल ने कहा अद्योसरंचना विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्व है। इसी के तहत रेल्वे विकास के लिए 241 करोड़ रूपये की स्वीकृति भी केन्द्र सरकार से … Read more

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के सेटअप स्वीकृत की घोषणा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों तक गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच हमारी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय चिरमिरी में मुख्यमंत्री ने सर्व सुविधायुक्त 100 बेड जिला चिकित्सालय का किया उद्घाटन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के सेटअप स्वीकृत की घोषणा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  भरतपुर में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) के पद की स्वीकृति चिरमिरी, खोंगापानी, झगराखंड में ग्रिड से विद्युत सप्लाई की घोषणा रायपुर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के बड़ा बाजार चिरमिरी में 100 बेड वाले सर्व सुविधायुक्त  जिला चिकित्सालय का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के सेटअप स्वीकृत करने, भरतपुर में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) के पद की स्वीकृति तथा चिरमिरी, खोंगापानी, झगराखंड में ग्रिड से विद्युत सप्लाई की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज, विधायक श्रीमती रेणुका सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे। जिला अस्पताल चिरमिरी को अत्याधुनिक उपकरणों और सुविधाओं से लैस किया गया है। इस अस्पताल में 08 चिकित्सा विशेषज्ञ नियुक्त हैं तथा 80 प्रकार के लैब टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल में 07 ओपीडी सहित 04 ऑपरेशन थिएटर बनाए गए है। जिनमें 01 ऑपरेशन थिएटर चालू है। इसे मॉड्यूल ऑपरेशन थिएटर के रूप में परिवर्तित करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। इसके साथ ही अस्पताल में 08 बिस्तर वाले आईसीयू की सुविधा भी है। इस अस्पताल के बनने से जरूरतमंद लोगों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी ढांचा मजबूत हो इस पर राज्य सरकार का विशेष फोकस है। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना शासन की प्राथमिकता में है ताकि लोगों को आसानी से अच्छी इलाज की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों, कक्षों तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया, उपस्थित मरीजों से उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली और उन्हें फल भेंट कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सेवा भाव के साथ कार्य करने की सलाह दी। मुख्यमंत्री के हाथों चिरमिरी में जिला अस्पताल के लोकार्पण पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज जिले को 100 बिस्तरीय जिला अस्पताल के रूप में एक बड़ी सौगात मिली है। शासन की प्राथमिकता है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की जनता तक पहुंच आसान हो, चिरमिरी का जिला अस्पताल इस अपेक्षा को पूरा करेगा। उन्होंने आगे कहा की जिलेवासियों को अब एक बेहतर अस्पताल मिल गया है जिससे चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों को काफी सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिरमिरी, खोंगापानी, झगराखंड में छत्तीसगढ़ ऊर्जा विभाग के ग्रिड से विद्युत सप्लाई की मांग पर विद्युत आपूर्ति करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों के अस्पताल के सेटअप की स्वीकृति की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुविधा की दृष्टिगत रखते हुए भरतपुर में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को  स्वीकृति प्रदान की है।

पहाड़ी कोरवा समुदाय में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने में मिलेगी मदद- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री अन्न कोष योजना का किया शुभारंभ विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को मिलेगा अतिरिक्त पोषण आहार- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहाड़ी कोरवा समुदाय में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने में मिलेगी मदद- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री ने 536 करोड़ रूपए के कार्याें का लोकार्पण और भूमिपूजन   अंबिकापुर नगर में अधोसंरचना विकास के लिए 23.90 करोड़ रूपए की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिकापुर के पीजी कॉलेज ग्रांउड में आयोजित कार्यक्रम में 536 करोड़ 14 लाख की लागत वाले 1614 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया और कहा कि इससे सरगुजा जिले के विकास में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र अधोसंरचना विकास के लिए 23.90 करोड़ रूपए दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने सुपर स्पेशियल्टी हॉस्पिटल अंबिकापुर को डीकेएस रायपुर की तर्ज पर विकसित करने तथा विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज किए जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री साय इस अवसर पर सरगुजा जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अन्न कोष योजना का शुभारंभ किया। जिला प्रशासन सरगुजा द्वारा यह योजना पायलट प्रोजेक्ट की शुरू की गई है। इससे पहाड़ी कोरवा समुदाय में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई कैरियर निर्देशिका का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर मां महामाया को नमन करते हुए जिलेवासियों को विकास कार्यों की बधाई देते हुए कहा कि अंबिकापुर छत्तीसगढ़ ही नहीं देश के सबसे सुंदर और साफ सुथरे शहरों में शामिल है। यह सब नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों, हमारे सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों के योगदान से हो पाया है। अंबिकापुर के नागरिकों को भी इसका श्रेय देना चाहूंगा, जिनके सहयोग से अंबिकापुर स्वच्छ और सुंदर बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर जनता ने विश्वास किया है। 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ सरकार का एक साल पूरा हो रहा है। इस एक साल के अल्पकाल में ही सरकार ने मोदी की गारंटी के बड़े बड़े कामों को पूरा करने का प्रयास किया है। बीते पांच सालों में गरीब जरूरतमंद परिवार, जो प्रधानमंत्री आवास से वंचित थे, उनके आवास स्वीकृत एवं निर्मित किए जा रहे हैं। शासन द्वारा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को धान का मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने के लिए शासन प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख से ज्यादा माताओं और बहनों को लाभान्वित किया जा रहा है। तेंदूपत्ता का पारिश्रमिक अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा मिल रहा है। श्रीराम लला दर्शन यात्रा योजना से 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम जाकर भगवान राम के दर्शन का सौभाग्य मिला है। हमने वायदे के मुताबिक पीएससी परीक्षा में पारदर्शिता लाने का काम किया है। बीते वर्ष पीएससी की भर्ती प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई कर रही है। उपमुख्यमंत्री साव ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरगुजावासियों को जिले के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर वहां लगाए गए शासकीय विभागों के स्टालों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उल्लेखनीय कार्य के लिए स्वयं सेवक श्रीमती बानी मुखर्जी, मितानिन श्रीमती परिमनिया यादव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती प्रमिला तिर्की एवं श्रीमती पुरो बाई, स्वच्छता दीदी श्रीमती सुनीता सारखेली, लुण्ड्रा के मंडल संयोजक रघुनाथ प्रसाद, व्याख्याता श्रीमती लीना थॉमस को सम्मानित किया।   कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज, अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, सामरी विधायक श्रीमती पैंकरा छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे

 मुख्यमंत्री 10 दिसम्बर को सोनाखान और राजाराव पठार कर्रेझर जाएंगे शहीद वीर नारायण सिंह जी के शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में होंगे शामिल मुख्यमंत्री साय  शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल 10 दिसम्बर को शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री रायपुर के न्यू सर्किट हाउस सिविल लाईन में अपेक्स बैंक एवं जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के संयुक्त कार्यक्रम में शामिल होंगे। जारी दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक में आयोजित कार्यक्रम में शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री इसके पश्चात हेलीकॉप्टर से सोनाखान जाएंगे और वहां शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति में आयोजित शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री इस मौके पर विकास एवं निर्माण कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री सोनाखान से दोपहर 2.30 बजे हेलीकॉप्टर से प्रस्थान कर बालोद जिले के राजाराव पठार कर्रेझर पहुंचेंगे और वहां अपरान्ह 3.20 बजे से 4.20 बजे तक शहीद वीर नारायण सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित सभा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री वहां से संध्या 5 बजे वापस रायपुर आएंगे और न्यू सर्किट हाउस में अपेक्स बैंक एवं जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र का वितरण और अपेक्स बैंक व जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के नवीन शाखा भवन का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे।  

शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में विशेष जनजाति पहाड़ी कोरवा मरीज के जटिल फ्रैक्चर का हुआ सफल ऑपरेशन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों पर शासकीय मेडिकल कालेजों का किया जा रहा है सशक्तिकरण स्वशासीय सोसायटीज को वित्तीय स्वतंत्रता देने से मेडिकल कालेजों में आ रहे हैं बेहतर परिणाम शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में विशेष जनजाति पहाड़ी कोरवा मरीज के जटिल फ्रैक्चर का हुआ सफल ऑपरेशन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मे स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर खासा ध्यान दिया जा रहा है। तरक्की और राज्य में सुशासन का सफर स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के रूप में लगातार नजर आ रहा है।  स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने नई सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया है। इसी दिशा में स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ लगातार अपनी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए और मरीजों के बेहतर इलाज के लिए प्रतिबद्ध है। इस कड़ी में अस्थि रोग विभाग में भर्ती विशेष जनजाति पहाड़ी कोरवा के सदस्य करण सिंह कोरवा के जटिल व दुर्लभ फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन किया गया। करण सिंह कोरवा कोरबा  जिले में अपने गांव सियान जाते समय मोटरसाइकिरल से गिर गये थे। इससे उनके घुटने में गहरी चोट आई थी। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायगढ़ में भर्ती कराया गया था । उनके घुटने के नीचे की अस्थि का टुकड़ा (टिबिया कॉन्डाइल) जोड़ से टूट कर पीछे की तरफ रक्त वाहनियों एवं नसों के बीच में फंसा हुआ था। इस तरह का केस सामने आना अत्यंत दुर्लभ है।  इससे रक्त वाहनियों तथा नसों (नर्व) को चोट लगने से पैरों में लकवा अथवा पैर काटने का खतरा लगातार बना होता है। ऑपरेशन के दौरान भी रक्त वाहनियों अथवा नसों में चोट लगने से पैरों में सुन्नपन का खतरा बना रहता है। मेडिकल कालेज रायगढ़ के अस्थि रोग विभाग के चिकित्सकों ने यह जटिल ऑपरेशन सफलता पूर्वक किया गया। इससे वर्तमान में मरीज अपना घुटना मोड़ पा रहा है  तथा मरीज का पैर भी बच गया है। कुछ ही दिनों में मरीज वॉकर के सहारे से चलना भी शुरु कर सकता है। इस तरह मेडिकल कॉलेज रायगढ़ एक और उपलब्धि के साथ प्रगति की ओर अग्रसर है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य के शासकीय मेडिकल कालेजों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें 2 करोड़ रूपए तक के कार्यों के लिए वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान की है। इससे मरीजों के त्वरित इलाज के लिए अब राज्य स्तर पर स्वीकृति लेने की आवश्यकता न होकर मेडिकल कालेज की स्वशासी सोसायटी खुद ही निर्णय ले सकती है।

मुख्यमंत्री साय व्हाइट कोट सेरेमनी में हुए शामिल, चिकित्सा क्षेत्र युवाओं के लिए एक अच्छा कैरियर होने के साथ-साथ

रायपुर सांसद रहने के दौरान दिल्ली का नॉर्थ एवेन्यू स्थित मेरा आवास छत्तीसगढ़ और क्षेत्र के मरीजों व परिजनों के लिए दूसरा घर था। उपचार के लिए दिल्ली जाने वाले मरीज वहीं रहकर अपना इलाज करवाते थे। लोग मुझसे कहते थे कि आपका घर मिनी एम्स है। मरीजों की सेवा मेरे लिए सबसे ज्यादा रुचि का कार्य था और यह  कार्य मुझे सबसे अधिक संतुष्टि प्रदान करती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित व्हाइट कोट सेरेमनी को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे सभी छात्रों को मरीजों की सेवा के इस कार्य से जुड़ने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, विधायक इंद्र कुमार साहू और रविशंकर जी महाराज सहित मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर, डॉक्टर और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कॉलेज के डीन डॉ. कुंदन ई. गेडाम ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश कर रहे छात्र-छात्राओं को चिकित्सा आचार संहिता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल साइंस युवाओं के लिए एक अच्छा कैरियर होने  के साथ-साथ लोगों की सेवा करने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जीवन सबसे  अमूल्य निधि है और आप लोग अच्छे इलाज से लोगों को संजीवनी प्रदान करते हैं, इसलिए लोग डॉक्टर को भगवान की तरह मानते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पूरे सेवाभाव के साथ अपना कार्य करें, इससे जो दुआएं मिलेंगी, उससे आपके जीवन में और भी सुख-समृद्धि आयेगी। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान अंबेडकर अस्पताल के विस्तार और 700 बेड अस्पताल के निर्माण के लिए 231 करोड़ रुपए जारी किए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन के तैयार हो जाने के बाद अंबेडकर अस्पताल की क्षमता 2 हजार मरीजों की हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस के साथ ही पीजी की सीट भी बढ़ाने के लिए कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में प्रसूति एवं स्त्रीरोग तथा चर्मरोग की पीजी सीट आरंभ करने के निर्णय की भी जानकारी दी।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे 10 शासकीय मेडिकल कॉलेज के साथ ही यहां निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज भी प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन को मजबूत करने और होनहार डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार करने में मजबूत भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ में मेडिकल एजुकेशन का जितना विस्तार हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ था, इसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में दिखने लगा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ को एम्स की सौगात दी, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आसपास के इलाकों के मरीजों के लिए भी चिकित्सा सुविधा का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे सांसद रहने के दौरान दिल्ली स्थित मेरा आवास जैसे मरीजों और उनके परिजनों के लिए हमेशा खुला रहता था, वैसे ही आज प्रदेश के मुखिया होने के नाते कुनकुरी सदन के माध्यम से सेवा का यह कार्य आज भी लगातार जारी है।      स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मेडिकल के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी अच्छे डॉक्टर बनेंगे। इस व्यवसाय में सेवा प्राथमिक है, रोजगार का स्थान बाद में आता है। आप सभी सेवा मानकर इस व्यवसाय से जुड़ेंगे तो प्रदेश को सदैव इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी संस्थानों की स्थापना से सरकार के उद्देश्यों की पूर्ति में भी बड़ा सहयोग मिलेगा। मंत्री जायसवाल ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य आधोसंरचनाओं और स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों की भी जानकारी साझा की।      वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि आज चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश कर रहे आप सभी छात्र-छात्राएं अपने माता-पिता के साथ प्रदेश का भी नाम रोशन करेंगे। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में आपका योगदान होगा।  हमारे युवाओं का डंका राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर बज रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि हम नवा रायपुर को सर्विस सेक्टर के ग्रोथ हब के रूप में स्थापित करेंगे। हमारी सरकार हेल्थ केयर डेस्टिनेशन के रूप में रायपुर को स्थापित करने का प्रयास कर रही है, जिससे प्रदेश के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने बालक-बालिका छात्रावास भवन का किया वर्चुअल लोकार्पण     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च के वाइट कोर्ट सेरेमनी के दौरान मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए नवनिर्मित छात्रावास भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने छात्रावास भवन के लिए मेडिकल के सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी।        गौरतलब है कि रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस के छात्र- छात्राओं के लिए नवीन छात्रावास भवन का निर्माण कराया गया है,  जिसमें 120 सीट बालिकाओं तथा 100 सीट बालकों के लिए बनाया गया है।

किसी भी प्रतियोगिता में एक पक्ष जीतता है, तो दूसरा पक्ष हारता नहीं है, बल्कि दूसरे पायदान पर आ जाता है : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजनांदगांव जिले के गायत्री विद्यापीठ स्कूल में एकल अभियान अभ्युदय यूथ क्लब संभाग स्तरीय खेलकूद के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में एक पक्ष जीतता है, तो दूसरा पक्ष हारता नहीं है, बल्कि दूसरे पायदान पर आ जाता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों को ग्रामीण क्षेत्रों में एकल अभियान अभ्युदय यूथ क्लब के माध्यम से बहुत लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गायत्री विद्यापीठ स्कूल के खेल मैदान के सौंदर्यीकरण के लिए 20 लाख रूपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने तथा सुशासन स्थापित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश के 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, तेंदूपत्ता बोनस एवं विभिन्न योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए विशेष तौर पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे स्कूली बच्चों, विजेता प्रतिभागियों एवं एकल अभियान परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला कि बिलासपुर में एक रिक्शा चालक की बिटिया पर्वतारोहण के लिए अफ्रीका के किलीमंजारो जाना चाहती है, उसे तत्काल पौने चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता देकर समस्या का समाधान किया गया। वही एक श्रमिक की बिटिया बैडमिंटन की प्रतिभावान खिलाड़ी है, उसे भी सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संसाधन की कमी नहीं होगी और प्रदेश के खिलाडिय़ों को शासन द्वारा हरसंभव मदद दी जाएगी। ओलंपिक में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों द्वारा स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर 3 करोड़ रूपए, रजत पदक में 2 करोड़ रूपए और कांस्य पदक में एक करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बहुत परिश्रमी रहे हैं तथा उन्होंने जशपुर में पैदल चलकर तथा कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई की है। आप में से भी कोई कठिन परिश्रम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि परिश्रम की पराकाष्ठा तक जाइए, आपका सफल होना सुनिश्चित है। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, एकल विद्यालय एवं यूथ क्लब के सदस्य, खिलाड़ी बच्चे उपस्थित थे।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था अपनी मेहनत से समाज को संस्कारी और सेवाभावी बनाने जुटी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय   राजनांदगांव में नवनिर्मित  ब्रह्माकुमारीज ज्ञान मानसरोवर भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था अपनी मेहनत से समाज को संस्कारी और सेवाभावी बनाने जुटी है। वर्तमान समय बहुत भाग-दौड़ का समय है ऐसे में तनाव होना भी स्वाभाविक है। यह तनाव लोगों को शारीरिक, मानसिक रूप से कमजोर करता हैं। ऐसे समय में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा राज मार्ग राजयोग का ध्यान बताया गया है, जिससे निश्चित रूप से लाभ मिलता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  राजनांदगांव में ब्रह्माकुमारीज ज्ञान मानसरोवर भवन से लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि  नियमित रूप से ध्यान करने वाले व्यक्ति शांत और धीर गंभीर होते हैं। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा मेडिटेशन का कार्यक्रम चलाया जा रहा है जो मानवता की सच्ची सेवा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ को 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव दिया जिसके महत्व को स्वीकार करते हुए आज पूरी दुनिया में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व में योग को स्थापित करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। उन्होंने कहा कि कोई भी अच्छी सरकार लोगों के विकास की चिन्ता करती ही है, लेकिन अध्यात्मिक कल्याण के लिए लगातार कार्य करना लोगों के हित में होता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार  ने रामलला दर्शन योजना शुरू की है, जिससे प्रदेश के 20 हजार से अधिक श्रीराम भक्त पिछले एक वर्ष में रामलला दर्शन योजना का लाभ ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5 शक्तिपीठों को जोड़कर तीर्थ यात्रा की शुरूआत की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज पूरी दुनिया में सेवा भाव से कार्य करती है। ब्रह्माकुमारीज के विश्व के 145 देशों में 8000 से अधिक सेवा केन्द्र संचालित है। संयुक्त राष्ट्र संघ और यूनिसेफ जैसे वैश्विक संगठन के साथ मिलकर विश्व शांति के अभियान में ब्रह्माकुमारीज संस्था कार्य कर रही है। ब्रह्माकुमारीज संस्था को संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा पांच बार शांतिदूत पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। डायरेक्टर ब्रह्माकुमारीज अम्बावाड़ी सब जोन अहमदाबाद राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शारदा दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह संस्था व्यक्ति के गुण, चरित्र एवं संस्कारों को परिष्कृत करती है।   उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव में नवनिर्मित ब्रह्माकुमारीज ज्ञान मानसरोवर राजयोग मेडीटेशन ट्रेनिंग सेंटर है, जो सर्व सुविधाओं से परिपूर्ण है। यहां एक बहुत बड़ा सभागार का निर्माण किया गया है, जिसकी बैठक क्षमता तीन हजार है। इस भवन में बहुत बड़ा भोजनालय, रसोईघर तथा कम से कम 300 लोगों की ठहरने की व्यवस्था भी है। यहां एक बहुत बड़ा ध्यान कक्ष भी बनाया गया है।

विभिन्न योजनाओं के 4 हजार हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 9 दिसम्बर को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को 549 करोड़ रूपए के निर्माण कार्यों की देंगे सौगात चिरमिरी में निर्मित जिला चिकित्सालय होगा लोकार्पित विभिन्न योजनाओं के 4 हजार हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 9 दिसम्बर को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को 549 करोड़ 26 लाख रूपए की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात देंगे। चिरमिरी के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय चिरमिरी में निर्मित जिला चिकित्सालय को लोकार्पित करेंगे। राज्य शासन द्वारा चिरमिरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का जिला चिकित्सालय के रूप में उन्नयन कर आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण किया गया है। यह जिला चिकित्सालय 100 बिस्तरीय है। यहां शासन द्वारा 8 विशेषज्ञ चित्सिकों तथा 10 मेडिकल आफिसरों एवं पर्याप्त संख्या में पैरा मेडिकल टीम पदस्थ की गई है। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरूण साव करेंगे। कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि एवं सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेणुका सिंह, महापौर चिरमिरी श्रीमती कंचन जायसवावल सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशिष्ट अतिथि होंगे।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 31 करोड़ 43 लाख 46 हजार रूपए की लागत से निर्मित 141 कार्यों का लोकार्पण तथा 517 करोड़ 82 लाख 81 हजार रूपए की लागत से निर्मित होने वाले 306 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री साय इस मौके पर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित 4002 हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण करेंगे। लाभान्वितों में किसान, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, दिव्यांगजन, मछुआरे, वनाधिकार पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही आदि शामिल हैं।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मुख्यमंत्री अन्न कोष योजना का होगा शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 9 दिसम्बर को अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में सरगुजा जिले को 495 करोड़ 23 लाख की लागत वाले विकास कार्यों की सौगात देंगे, जिसमें 154 करोड़ 47 लाख रूपए की लागत से निर्मित 145 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा 340 करोड़ 76 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाले 1047 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।     कार्यक्रम में वित्त एवं प्रभारी मंत्री सरगुजा ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक सर्वराजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, अध्यक्ष राज्य युवा आयोग विश्व विजय सिंह तोमर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अवसर पर सरगुजा जिले में मुख्यमंत्री अन्नकोष योजना का भी शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा में शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ को बेहतर बनाना है, ताकि मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा लोकार्पित किए जाने वाले कार्यों में मुख्य रूप से 132 करोड़ 83 लाख रूपए की लागत से निर्मित 10 सड़कें, 3 करोड़ 59 लाख की लागत से जल जीवन मिशन के तहत पांच ग्रामों में नल जल प्रदाय योजना तथा नगर निगम अम्बिकापुर में 3 करोड़ 52 लाख की लागत से निर्मित सर्व समाज मांगलिक भवन शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस अवसर पर अंबिकापुर में 123 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से 46 एमएलडी क्षमता के 3 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 55 करोड़ 45 लाख की लागत से बनने वाली 15 सड़कों, 55 करोड़ 5 लाख की लागत से 16 ग्राम पंचायतों में निर्मित होने वाले स्टॉप डेम, एनीकट, एवं नहर नवीनीकरण कार्य, विभिन्न गांवों में 28 करोड़ 40 लाख रूपए की लागत से 243 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण तथा नगरीय निकायों में 5 करोड़ 92 लाख की लागत से निर्मित होने वाले सीसी रोड, नाली, सड़क डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन करेंगे। उल्लेखनीय है कि सरगुजा जिले में मुख्यमंत्री की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा सरगुजा-30 निःशुल्क आवासीय कोचिंग संचालित की जा रही है। इसके जरिए 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आवासीय कोचिंग प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही हर शनिवार एवं रविवार को नीट व जेईई हेतु निःशुल्क साप्ताहिक कोचिंग का भी संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर न्यायालय एवं कलेक्टर जनदर्शन की कार्यवाही का ऑनलाइन प्रसारण सरगुजा जिले के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सरगुजा और एमसीबी जिले को देंगे एक हजार करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यो का सौगात

 प्रदेश में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी मुख्यमंत्री अन्नकोष योजना- मुख्यमंत्री विष्णु देव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरगुजा जिले में करेंगे मुख्यमंत्री अन्नकोष योजना का  शुभारंभ मुख्यमंत्री सरगुजा और एमसीबी जिले को देंगे एक हजार करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यो का सौगात चिरमिरी में जिला चिकित्सालय का होगा लोकार्पण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 09 दिसम्बर को चिरमिरी और अंबिकापुर के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री साय चिरमिरी में जिला चिकित्सालय का लोकार्पण करने के साथ ही मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले में 549 करोड़ रूपए के विकास कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री साय अंबिकापुर के पी.जी कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में 495 करोड़ रूपए के विकास कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के साथ ही सरगुजा जिले में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में मुख्यमंत्री अन्नकोष योजना का शुभारंभ करेंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड से हेलीकॉप्टर से 11 बजे रवाना होकर दोपहर 12 बजे चिरमिरी पहुंचेंगे और वहां जिला चिकित्सालय का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 12.25 बजे से लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम चिरमिरी में आयोजित कार्यक्रम में विकास कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री इसके पश्चात अंबिकापुर जाएंगे और वहां पीजी कॉलेज में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम कें शामिल होंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 3.50 बजे से माता राजमोहनी देवी ऑडिटोरियम अंबिकापुर में छत्तीसगढ़ कोलता समाज के संभाग स्तरीय सम्मेलन में भाग लेने के पश्चात शाम 5.30 बजे रायपुर लौट आएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को पुलिस कर्मियों के लिए सुरक्षा और सहयोग का एक मजबूत आधार बताया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 8 प्रमुख बैंकों के साथ पुलिस सैलरी पैकेज के तहत समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को पुलिस कर्मियों के लिए सुरक्षा और सहयोग का एक मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता पुलिस विभाग के कर्मचारियों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल पुलिस कर्मियों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि उनके परिवारों की आवश्यकताओं को भी पूरा करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन और पारदर्शिता की नीति को और मजबूत करेगी और पुलिस कर्मियों के कार्यक्षमता और मनोबल में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल को पुलिस विभाग के कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार किसी भी बैंक में सैलरी खाता खोल सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार की बाध्यता या अतिरिक्त शुल्क नहीं होगा। सभी बैंकों से प्राप्त प्रस्ताव पुलिस इकाइयों को भेजे जाएंगे ताकि पुलिस कर्मी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सबसे उपयुक्त बैंक का चयन कर सकें। यह समझौता पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कई लाभ प्रदान करेगा। इसमें सामान्य मृत्यु के मामलों में ₹1 लाख से ₹10 लाख तक की जीवन बीमा राशि, दुर्घटना में मृत्यु के मामलों में  ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक की सहायता, स्थायी विकलांगता के मामलों में ₹30 लाख से ₹1 करोड़ तक और आंशिक विकलांगता के लिए ₹22.5 लाख से ₹1 करोड़ तक की बीमा राशि का प्रावधान शामिल है। बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख से ₹20 लाख तक और कन्या विवाह के लिए ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी। नक्सल हिंसा में शहीद होने वाले पुलिस कर्मियों के परिवारों के लिए ₹10 लाख से ₹50 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी के प्रति आभार जाताया

रायपुर भारत सरकार के केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत नेशनल हाईवे क्रमांक 130 में उच्च स्तरीय पुल तथा नेशनल हाईवे क्रमांक एनएच 153 के उन्नयन तथा नेशनल हाईवे क्रमांक 130 सी फोर लेन सड़क निर्माण के लिए कुल 147 करोड़ 26 लाख रूपए की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी के प्रति आभार जाताया है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 130 (बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग) में चुलहट नाला पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 4 करोड़ 88 लाख रूपए और राष्ट्रीय राजमार्ग 153 (रायगढ़-सराईपाली मार्ग) के चंद्रपुर सेक्शन में 2 लेन एवं उन्नयन कार्य के लिए 99.13 करोड़ रूपए तथा नेशनल हाईवे क्रमांक 130 सी में गरियाबंद नगरीय क्षेत्र  में फोर लेन सड़क निर्माण के लिए 43.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

हितग्राही महिलाओं को अब तक 6530.41 करोड़ रूपए की मदद

नारी शक्ति का हुआ सम्मान महतारी वंदन ने बढ़ाया मान महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित विष्णु देव सरकार हितग्राही महिलाओं को अब तक 6530.41 करोड़ रूपए की मदद रायपुर छत्तीसगढ़ महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा के उद्देश्य से विष्णु देव सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना से हितग्राही महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। महिलाएं इस मदद की राशि से अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही अतिरिक्त आय उपार्जन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने लगी है। श्रीमती बिंदिया प्रजापति को जब से महतारी वंदन योजना के तहत हर महिने एक-एक हजार रूपए मिल रहे है, उनके चेहरे में खुशी की चमक देखते ही बन रही है। मरवाही विकासखण्ड के ग्राम धरहर की श्रीमती प्रजापति महतारी वंदन की राशि का उपयोग अपने ईंट व्यवसाय के कारोबार को बढ़ाने में कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर बिंदिया बाई को पहले ईंट बनाने के लिए मिट्टी, पकाने के लिए भूंसी-लकड़ी आदि के लिए उधारी लेना पड़ता था, अब उन्हें दूसरों के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता। बलौदा बाजार जिला के वनांचल ग्राम बल्दा कछार की निवासी श्रीमती ममता परंपरागत रूप से बांस शिल्प की कला कृति बनाकर जीवकोपार्जन करती है। पहले वह आर्थिक तंगी के कारण बांस शिल्प बनाने के लिए बांस नहीं खरीद पाती थी पर अब उन्हें महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह 1 हजार रूपये मिलते है, जिसका उपयोग वह बांस खरीदने में करती है। वह झेंझरी, सुपा, पर्रा, टुकनी सहित अन्य सजावटी वस्तुएं अधिक संख्या में बना पाती है, जिसे बेचकर उन्हें अच्छी खासी आमदनी मिल रही है, जिसमें बचत कर वो अपनी बेटियों को शिक्षित कर रही हैं। कोरिया जिले के ग्राम जमड़ी की निवासी श्रीमती सुनीता साहू के जीवन में महतारी वंदन योजना ने बदलाव लाया। तीन बच्चों की मां श्रीमती साहू ने योजना से मिली राशि को बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए निवेश करना शुरू कर दिया है। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक मुख्यालय की निवासी लाभार्थी श्रीमती चंद्रमणि और उनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर 6 सदस्यीय परिवार का किसी तरह भरण-पोषण करते हैं। राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना अब उनके परिवार के लिए सहारा साबित हो रही है। जिससे चंद्रमणि को एक हजार रूपए तथा उसकी सास रुकनी को महतारी वंदन योजना से 500 रुपए एवं वृद्धावस्था पेंशन योजनान्तर्गत 500 रूपए मिल रही है, जो इस गरीब परिवार के लिए बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन उपयोगी साबित हो रही है। इसी तरह कई महिलाएं हैं जो मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना की बदौलत आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। सरकार का यह कदम उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। गौरतलब है कि उक्त योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। राज्य की लगभग 70 लाख हितग्राही महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मार्च से लेकर दिसम्बर तक हितग्राही महिलाओं को 10 मासिक किश्तों में 6530 करोड़ 41 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प को पूर्ण करने तेजी से करेंगे प्रयास – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

हमारी सरकार ने 11 महीनों में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ी निर्णायक लड़ाई – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हमारी सरकार ने 11 महीनों में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ी निर्णायक लड़ाई  – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प को पूर्ण करने तेजी से करेंगे प्रयास  – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर हो रहा अग्रसर प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों  एवं नक्सल पीड़ित परिवारों के 15,000 मकानों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में नक्सल परिदृश्य पर बड़ी समीक्षा बैठक हुई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों के मूल्यांकन और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि हमारी सरकार ने 11 महीनों में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें उसी दिशा में प्रभावी रणनीतियां तैयार करनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल आत्मसमर्पण के लिए जनजागरूकता अभियान को और तेज करने की आवश्यकता है। बस्तर क्षेत्र के लोग अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर बढ़ना चाहते हैं, जिसकी झलक हाल ही में संपन्न बस्तर ओलंपिक में भी दिखी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15,000 मकानों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से छत्तीसगढ़ जल्द ही नक्सलवाद मुक्त होगा। सरकार की प्राथमिकता स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को सुधारने और विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल करने की है। बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ठोस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सिविल सोसाइटी को अभियान से जोड़ने और नक्सलियों के आत्मसमर्पण हेतु किए जा रहे प्रयासों को तेज करने पर बल दिया। शर्मा ने नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे। बैठक में  सुरक्षा ग्रिड का विस्तार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नए कैंप स्थापित करना, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और आवास संबंधी योजनाएं और ज्वाइंट एक्शन प्लान सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुवा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता, एस आर पी कल्लूरी, विवेकानन्द सिन्हा, अमित कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव गृह श्रीमती नेहा चम्पावत हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास नीति के संबंध में स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप को किया सम्बोधित

नई औद्योगिक नीति के रूप में निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ में खुला रेड कारपेट: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 27 बड़े औद्योगिक समूहों को 32 हजार 225 करोड़ रुपए के नवीन पूंजी निवेश के लिए प्रदान किए गए ‘इंटेंट टू इन्वेस्ट लेटर’ मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास नीति के संबंध में स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप को किया सम्बोधित रायपुर छत्तीसगढ़ में नए नए उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां मिनरल्स का विपुल भंडार है, अनुकूल औद्योगिक वातावरण है, साथ ही उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा कर राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30 तैयार की गई है। इस नवीन नीति में उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई औद्योगिक नीति के रूप में निवेशकों के लिए रेड कारपेट छत्तीसगढ़ में खुला है। निवेश की जटिलताएं अब छत्तीसगढ़ में नहीं रही। सिंगल विंडों सिस्टम ने सब कुछ बहुत सरल कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में नीति आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संयुक्त रूप से ‘‘छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के संबंध में हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम (स्टेक होल्डर कनेक्ट वर्कशॉप)’’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य दिया है। इसके लिए हमें विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना होगा। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। छत्तीसगढ़ के विकास हेतु विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक लोगों को रोजगार का अवसर प्रदान किया जाएगा। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक नीति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रेरणा लेकर किया गया है। नई नीति तैयार करने में उद्योगपतियों से सुझावों को शामिल किया गया है। इस नीति से प्रदेश में निवेश तो आएगा ही, नये उद्योगों की स्थापना होगी, साथ ही राज्य के लोगों को रोजगार मिलेगा। नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार संजीत सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बन गया है। छत्तीसगढ़ के नवीन औद्योगिक नीति की हर तरफ प्रशंसा की जा रही है। इस नीति से प्रदेश में सस्टेनेबल औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। नई नीति में एमएसएमई उद्योगों को सशक्त बनाने का अच्छा प्रयास किया गया है। नये क्षेत्रों में निवेश के लिए इंसेन्टिव स्कीम तैयार की गई है। इस उद्योग नीति में रोजगार सृजन महत्वपूर्ण पहलू है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में राज्य के 27 बड़े औद्योगिक समूहों को नवीन पूंजी निवेश के प्रस्ताव के संबंध में 32 हजार 225 करोड़ रुपए के निवेश के लिए इंटेंट टू इन्वेस्ट लेटर प्रदान किए। इनमें राज्य के कोर सेक्टर के साथ ही नये निवेश क्षेत्रों जैसे आईटी, एआई, डाटा सेंटर, एथेनॉल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कम्प्रेस्ड बायो गैस जैसे क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। इनमें शिवालिक इंजीनियरिंग, मां दुर्गा आयरन एण्ड स्टील, एबीआरईएल ग्रीन एनर्जी, आरएजी फेरो एलायज, रिलायंस बायो एनर्जी, यश फैंस एण्ड एप्लायंसेस, शांति ग्रीन्स बायोफ्यूल, रेक बैंक डाटा सेंटर आदि सम्मिलित हैं। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन, निर्यात प्रोत्साहन और उद्योगों की मंजूरी और स्थापना की प्रक्रिया के सरलीकरण पर फोकस किया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने बताया कि नवीन औद्योगिक विकास नीति में राज्य की प्राथमिकताओं एवं राज्य में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिये प्रावधान किये गये हैं । कार्यक्रम में आयोजित पैनल डिस्कशन में रोजगारवर्धक औद्योगिक विकास में औद्योगिक अधोसंरचना, नीति समर्थन एवं उद्योग स्थापना हेतु औपचारिक आवश्यकताओं को कम करने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग द्वारा निर्मित समाधान और सशक्त मोबाइल ऐप का किया लांचिंग

साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती, जिसे रोकने के लिए जागरूकता और तकनीकी दक्षता का होना आवश्यक – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने किया साइबर भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग द्वारा निर्मित समाधान और सशक्त मोबाइल ऐप का किया लांचिंग रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में राज्य स्तरीय साइबर भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने साइबर अपराध की चुनौतियों और उससे निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है और इसे रोकने के लिए जागरूकता और तकनीकी दक्षता का होना अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें साइबर भवन का उद्घाटन एक अहम पहल है। मुख्यमंत्री साय ने अक्टूबर माह में प्रदेश में आयोजित 410 जनजागरूकता कार्यक्रमों का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से 23 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता अभियान साइबर अपराध रोकने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने पुलिस विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा हमारे पुलिस अधिकारियों ने क्रिप्टो करेंसी और शेयर ट्रेडिंग के बहाने ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा है। यह साबित करता है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपराधियों को ट्रैक करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी भिलाई और आईआईएम रायपुर के साथ हुए अनुबंध साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए एक मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर यूनिसेफ द्वारा बनाए गए ऑनलाइन मॉड्यूल की प्रशंसा की।   कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए 8 बैंकों के साथ एमओयू साइन किया गया, जिसके तहत पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पुलिस विभाग द्वारा निर्मित समाधान मोबाइल ऐप और सशक्त मोबाइल ऐप को लांच किया। उन्होंने साइबर अपराधों की उत्कृष्ट विवेचना करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम नई तकनीक को अपनाकर साइबर अपराधों को रोकने की दिशा में  और अधिक दक्षता के साथ काम करेंगे। उन्होंने इस दिशा में काम कर रहे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी।       उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और सुदर्शन की नीति को आधार बनाकर किए गए कार्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आज देश में सबसे उत्कृष्ट कार्य करने वाली सरकार के रूप में उभर रही है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने महतारी वंदन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इस योजना ने 70 लाख लाभार्थियों तक पहुंचने का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन के सिद्धांतों पर काम कर रही है और समाज के हर वर्ग तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस तंत्र को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि इसे एक प्रभावी प्रणाली में तब्दील कर दिया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में पुलिस ने नक्सलवाद को सीमित करने में अद्भुत कार्य किया है। यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और रणनीतिक प्रयासों का परिणाम है। साइबर अपराधों पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष पहल की है। हाल ही में चलाए गए साइबर जागरूकता पखवाड़े का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है। आज उद्घाटन किए गए साइबर भवन से बड़े अभियानों को संचालित किया जाएगा, जो इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन के अपने लक्ष्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में और भी बड़े निर्णय लेकर जनता के हित में कार्य करेगी। इस अवसर पर विधायक गुरु खुशवंत साहेब, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुवा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता, एस आर पी कल्लूरी, विवेकानन्द सिन्हा, अमित कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव गृह श्रीमती नेहा चम्पावत, हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

5 दिसम्बर गुरुवार को होने वाला जनदर्शन स्थगित

रायपुर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में 5 दिसम्बर गुरूवार को प्रस्तावित जनदर्शन कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित हो गया है।

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दी मंजूरी

प्रदेश में हर गरीब के पक्के मकान का सपना होगा साकार – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नगरीय निकायों में 15 हजार नए आवास स्वीकृत राज्य के सभी शहर शामिल, प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रदर्शन के आधार पर मिली नए आवासों की स्वीकृति केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दी मंजूरी रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत तेजी से पूर्ण किए आवासों और योजना में अच्छे प्रदर्शन के कारण भारत सरकार द्वारा राज्य के लिए 15 हजार नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 15 हजार नए आवासों की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नए आवासों की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहरों के लिए 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति पर केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में जल्दी ही हर गरीब के पक्के मकान का सपना पूरा होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवासों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की कोशिशों से राज्य के सभी शहरों के लिए ये आवास स्वीकृत किए गए हैं।   भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अन्तर्गत 15 हजार नवीन आवासों की सैद्धांतिक स्वीकृति का पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को मार्च-2025 तक 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति के साथ ही इन नए आवासों को मंजूरी प्रदान करने के पीछे राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के त्वरित क्रियान्वयन का भी उल्लेख है। राज्य के सभी नगरीय निकायों के लिए आवास स्वीकृत करते हुए मंत्रालय ने इसकी सूची भी भेजी है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य शासन को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र हितग्राहियों का परीक्षण करते हुए विधिवत प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में ‘सबके लिए आवास’ मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से प्रारंभ किया गया है। इसके तहत कमजोर आय वर्गों, निम्न आय वर्गों और मध्यम आय वर्गों के शहरी गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती दरों पर आवास निर्माण, खरीदी या किराए पर उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।  उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए आवासों की स्वीकृति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर पात्र परिवार को आवास दिलाने प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। श्री साव ने वर्तमान में चल रहे हितग्राही सर्वेक्षण के दौरान अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए संबंधित परिवारों को पर्याप्त समय देने के साथ ही नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने राजस्व कार्यालयों में हितग्राहियों के लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र प्राथमिकता से जारी करने राजस्व विभाग को पत्र भी लिखा है।

हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे:विष्णु देव साय

रायपुर  भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को छत्तीसगढ़ में भाजपा की ऐतिहासिक और शानदार जीत के एक साल पूरे होने पर ‘जनादेश दिवस’ का आतिशी आयोजन रखा गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,  उप मुख्यमंत्री अरुण साव की उपस्थिति में पार्टी पदाधिकारियों, नेताओं व कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य करते हुए पार्टी की जीत की सालगिरह मनाई और अपने उत्साह व उल्लास को व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 3 दिसम्बर, 2023 को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित हुए थे, जिसमें भाजपा ने ऐतिहासिक जनादेश के साथ शानदार जीत अर्जित की थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर उपस्थित पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज 3 दिसंबर को हम सभी लोग जनादेश दिवस के रूप में मना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ,मा.राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व  सभी केंद्रीय नेताओं के मार्गदर्शन में जनता ने मोदी जी की गारंटी पर मुहर लगाई।तत्कालीन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के तौर पर  मौजूदा उप मुख्यमंत्री अरुण साव की संघर्षपूर्ण महती भूमिका का उल्लेख कर साय ने कहा कि तब साव ने नेतृत्व महिला मोर्चा, युवा मोर्चा सहित सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों को साथ लेकर कांग्रेस के कुशासन को उखाड़ फेंकने के लिए, कांग्रेस की भूपेश सरकार के गलत कार्यों के विरुद्ध जनमत तैयार करने के लिए संघर्ष और आंदोलन किए। पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर हमारे कार्यकर्ताओं ने उत्साह का संचार किया और इसका परिणाम हुआ कि 2023 में विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता का भरपूर आशीर्वाद भारतीय जनता पार्टी को मिला। 3 दिसंबर 2023 को विधानसभा चुनाव के परिणाम आए और भाजपा को शानदार व ऐतिहासिक विजय मिली। छत्तीसगढ़ की जनता ने दिल खोलकर भाजपा को सत्ता सौंपी।  54 सीटों में भाजपा को जिताकर सरकार चलाने का जनादेश दिया। साय ने आज जनादेश दिवस की सभी लोगों को, छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता को, यहां के देव दुर्लभ मतदाताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। प्रदेश के मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तब कोई यह मानने को तैयार ही नहीं था कि भाजपा की सरकार बनेगी। तत्कालीन कांग्रेस सरकार तो इतना ओवर कॉन्फिडेंस में थी कि सरकार तो कांग्रेस की बनेगी, सबने मिलकर तत्कालीन सरकार और कांग्रेस पार्टी की मुखालफत की और चुनाव जीतने में सफल हुए। छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर विश्वास किया। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ की जनता से जो वादा किया था, उस पर यहाँ की जनता ने विश्वास किया। सभी कार्यकर्ताओं ने खूब मेहनत की, पसीना बहाया जिसका परिणाम हुआ कि हम लोग बड़ा जनादेश लेकर सरकार में बैठे हैं। साय ने कहा कि हमारी सरकार ने पूरी ईमानदारी के साथ मोदी की गारंटी को पूरा किया है और अधिकांश वादे हमारी सरकार ने पूरे कर दिए हैं। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास देने की बात हो या किसानों के साथ न्याय करने की बात हो, 3100 रु. प्रति एकड़ धान खरीद और अंतर की राशि एकमुश्त देने की बात हो। 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना की राशि उनके खाते में हस्तांतरित कर रहे हैं और आज भी रायगढ़ से महतारी वंदन योजना की लाभार्थी के हाथों से बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की किश्त जारी की गई है। रामलला दर्शन योजना की शुरुआत हो गई है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4000 से बढ़ाकर 5500 रु. कर दिया गया है। मोदी की गारंटी का अधिकांश वादा हम लोगों ने पूरा किया है। पीएससी घोटाले की भी जाँच सीबीआई कर रही है। उसमें जो दोषी है, उनके लगातार जेल जाने का सिलसिला जारी है। पूरे प्रदेश में सुशासन देने का हमारा संकल्प है। साय ने कहा कि आज कई क्षेत्रों में जो भ्रष्टाचार का रास्ता था, हम उसे बंद कर रहे हैं। कोयला में 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से अगर पैसा नहीं मिलता था तो टोकन नहीं कटता था, उसको भी हमने बंद करके ऑनलाइन कर दिया है। कांग्रेस की सरकार ने 2000 करोड़ रु. का शराब घोटाला भी किया। आज हम सुशासन स्थापित कर रहे हैं और भ्रष्ट व आपराधिक मामलों में संलिप्त लोगों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। बस्तर क्षेत्र में भी शांति प्रदान करने का काम हमारी सरकार कर रही है। नक्सलवाद के साथ जो हमने मजबूती के साथ लड़ाई लड़ी है और डबल इंजन की सरकार का लाभ हमें मिल रहा है इसकी तारीफ पूरे देश में हो रही है। यह सब आप लोगों के आशीर्वाद का परिणाम है। हम सभी लोग मिलकर छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में खड़ा करें, प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत की कल्पना को साकार करने में सहभागी होना है। भूपेश सरकार के डंडों और दमन से भाजपा कार्यकर्ता डरा नहीं,जनता ने जिस भावना से जनादेश दिया ,सरकार ने उसी अनुरूप काम किया:अरुण साव प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि एक साल पहले छत्तीसगढ़ की जनता-जनार्दन ने कांग्रेस की अत्याचारी और भ्रष्टाचारी सरकार को उखाड़ फेंका था। आज राज्य में ‘विष्णु का सुशासन’ है और प्रदेश विकास की ओर तेज गति से बढ़ रहा है। मोदी की हर-एक गारंटी पूरी हो रही है। आज छत्तीसगढ़ के गांव और शहरों में तेज गति से विकास हो रहा है।  छत्तीसगढ़ की जनता ने जो जनादेश दिया, उसके लिए छत्तीसगढ़ की जनता को हम प्रणाम करते हैं। आज का ऐतिहासिक दिन हमेशा छत्तीसगढ़ के इतिहास में 3 दिसंबर 2023 का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा जब एक बार फिर छत्तीसगढ़ में नई सुबह हुई थी। आज छत्तीसगढ़ नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हो रहा है। सभी कार्यकर्ताओं ने अथक संघर्ष व प्रयास किया है, मुकदमे झेले, लाठी-डंडा खाए, लेकिन डिगे नहीं। साव ने तब कही गई अपनी बात को भी याद किया कि भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता न डरेगा, न झुकेगा और राज्य की अन्यायी, अत्याचारी और भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंके बिना चैन की नींद नहीं सोएगा। साव ने कहा कि हर-एक कार्यकर्ता ने पूरी ताकत लगाई और जनता का आशीर्वाद मिला। छत्तीसगढ़ के हर वर्ग का आज कल्याण हो रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से छत्तीसगढ़ नये  इतिहास की … Read more

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व में दिव्यांग व्यक्तियों को मिल रहा है कई योजनाओं का लाभ: महेन्द्र सिंह मरपच्ची

विश्व दिव्यांग दिवस पर विशेष लेख मनेन्द्रगढ़/एमसीबी विश्व दिव्यांग दिवस हर वर्ष 3 दिसंबर को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, उनके लिए अवसरों का विस्तार करना और उनके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिव्यांग दिवस की शुरुआत 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक ऐसा समाज बनाना जहां वे बिना किसी भेदभाव के अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें, इस दिव्यांग दिवस का मुख्य लक्ष्य है। सन् 1981 में संयुक्त राष्ट्र ने ’’अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग वर्ष’’ मनाया। इसके बाद 1983 से 1992 के दशक को ’’दिव्यांग व्यक्तियों का दशक’’ घोषित किया गया। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में दिव्यांग व्यक्तियों को समान अवसर प्रदान करने के प्रयास किए गए। 2006 में संयुक्त राष्ट्र ने दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों पर अभिसमय (United Nations Convention on the Rights of Persons with Disabilities) लागू किया। यह अभिसमय दिव्यांग व्यक्तियों को समाज के हर क्षेत्र में अधिकार और समावेश प्रदान करने के लिए कानूनी मान्यता देता है। भारत ने इसे 2007 में अंगीकृत किया और इसे अपनी नीतियों में सम्मिलित किया। भारत में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को लेकर 1995 में ’’दिव्यांग व्यक्तियों का अधिकार अधिनियम’’ लागू हुआ। इस अधिनियम ने शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक स्थानों पर दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को सुनिश्चित किया। 2016 में इस कानून को संशोधित कर दिव्यांगताओं की संख्या 21 कर दी गई और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत बनाया गया है। केंद्र सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें ’’सुगम्य भारत अभियान’’ प्रमुख है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक भवनों, परिवहन और डिजिटल सेवाओं को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुलभ बनाना है। ’’दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग’’ दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा, रोजगार और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराता है। वहीं ’’स्किल इंडिया’’ पहल के अंतर्गत दिव्यांग युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दिव्यांग व्यक्तियों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। समावेशी शिक्षा के तहत विशेष स्कूल और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।  दिव्यांगजन स्वरोजगार योजना के तहत दिव्यांग व्यक्तियों को रोजगार के अवसर देने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ’’सुगम छत्तीसगढ़ अभियान’’ के माध्यम से सार्वजनिक भवनों और परिवहन को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अनुकूल बनाया गया है। सरकार ने विभिन्न प्रकार के नि:शुल्क उपकरण वितरण और दिव्यांग पेंशन योजना के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों को आर्थिक और भौतिक सहायता प्रदान की है। फिर भी आज दिव्यांग व्यक्तियों के समक्ष कई चुनौतियां हैं। इनमें समाज में भेदभाव, सुविधाओं की कमी और रोजगार और शिक्षा में सीमित अवसर प्रमुख हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने, ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्कूल खोलने और तकनीकी नवाचार का उपयोग करने की आवश्यकता है। आज दिव्यांगता को शारीरिक, मानसिक, संवेदी और बौद्धिक श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। शारीरिक दिव्यांगता जैसे पोलियो या रीढ़ की हड्डी में चोट, दृष्टिबाधित दिव्यांगता, श्रवण बाधित दिव्यांगता, मानसिक और बौद्धिक दिव्यांगता और न्यूरोलॉजिकल दिव्यांगता मुख्य प्रकार हैं। इनके प्रमुख कारणों में जन्मजात दोष, दुर्घटनाएं, संक्रमण, कुपोषण और मानसिक आघात शामिल हैं। इन समस्याओं का उपचार फिजियोथेरेपी, सर्जरी, काउंसलिंग और सहायक उपकरणों के माध्यम से किया जा सकता है। दिव्यांग व्यक्तियों को समाज में अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आज भी उन्हें कहीं-कहीं भेदभाव का शिकार बनाया जाता है, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उनके अवसर सीमित होते हैं, और सार्वजनिक स्थानों तक उनकी पहुंच नहीं होती। स्वास्थ्य सेवाओं और उपकरणों की कमी भी उनकी चुनौतियों को बढ़ाती है। इन समस्याओं से निपटने के लिए जागरूकता अभियान चलाने, सुलभता बढ़ाने, विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और आर्थिक सहायता देने की आवश्यकता है। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इनमें ’’सुगम्य भारत अभियान’’, ’’दिव्यांगजन स्वरोजगार योजनाएं’’ और ’’कृत्रिम अंग योजनाएं’’ प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समावेशी शिक्षा, स्वरोजगार योजना और ’’सुगम छत्तीसगढ़ अभियान’’ जैसी योजनाओं के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। यह विश्व दिव्यांग दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह दिव्यांग दिवस हमें एक ऐसा समाज बनाने की प्रेरणा देता है जो समानता, अधिकार और समावेशिता के मूल्यों पर आधारित हो। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ की सरकार ने इस दिशा में सराहनीय प्रयास किए हैं। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इन प्रयासों को आगे बढ़ाएं और एक ऐसा वातावरण बनाएं जिसमें दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मान और समान अवसर मिले।

मुख्यमंत्री साय की पहल पर भारत सरकार से मिली 15,000 आवासों की स्वीकृति

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 15,000 आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए यह पहल एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 15,000 आवास केवल मकान नहीं बल्कि उन परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस योजना को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन देने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। पीड़ित परिवारों को आवास मिल जाने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना सामाजिक समरसता और विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस योजना में विशेष रूप से उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनका नाम सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 और आवास प्लस 2018 की सूची में शामिल नहीं था। इन नामों को 6 दिसंबर 2024 तक आवास प्लस पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति केंद्र सरकार द्वारा दी गई है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने की स्वीकृति हेतु निवेदन किया था परिणामस्वरूप 15 हजार आवास की स्वीकृति भारत सरकार से दी गयी है।            उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस विशेष परियोजना के तहत पुलिस अधीक्षक जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत को आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों की सूची प्रदान करेंगे। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा इस सूची का सर्वेक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत कलेक्टर के माध्यम से लाभार्थियों के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशानिर्देशों के अनुरूप आवास निर्माण की प्रक्रिया आरंभ होगी।

सड़कों पर ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्य में तेजी लाएं, निर्माणाधीन ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट्स का कार्य जल्द पूर्ण करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में प्रदेश के सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सड़क दुर्घटना के नियंत्रण के उपायों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण के लिए दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चार पहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट के उपयोग तथा वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जाए। मुख्यमंत्री साय ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्य में तेजी लाने, जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने, सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के इलाज के लिए निर्माणाधीन ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट्स का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में परिवहन विभाग द्वारा तैयार कराया गया ‘‘बस संगवारी एप’’ लांच किया और परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा पर प्रकाशित पोस्टर का विमोचन किया।     बैठक में जानकारी दी गई कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के राज्य शैक्षणिक अनुसंधान परिषद की पाठ्यपुस्तकों में सड़क यातायात नियमों से संबंधित अध्याय पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। बैठक में बताया गया कि यातायात व्यवस्था का इलेक्ट्रॉनिक सर्विलेंस रायपुर, बिलासपुर और नवा रायपुर में किया जा रहा है। भिलाई और दुर्ग में यह व्यवस्था आंशिक रूप से संचालित है। सितंबर 2023 से अक्टूबर 2024 तक 101 ब्लैक स्पॉट और 748 जंक्शन के सुधार कार्य पूर्ण किए गए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने पर सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु की संभावना 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग द्वारा 6 लाख 70 हजार से अधिक तथा पुलिस विभाग द्वारा 4 लाख 87 हजार से अधिक चालानी कार्यवाही की गई है। 01 जनवरी 2023 से 31 अक्टूबर 2024 तक 7826 वाहन चालकों का लायसेंस निलंबित किया गया है। 8 दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों राजनांदगांव, धरसींवा अभनपुर, पाली, सिमगा, सुकमा, बेमेतरा और पत्थलगांव में ट्रामा स्टेब्लाईजेशन यूनिट निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। 14 हजार 261 वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस, 72 हजार से अधिक वाहनों में स्पीड गवर्नर तथा 2200 बसों में पेनिक बटन लगाए गए हैं। बैठक में ब्लैक स्पॉट की पहचान, सुधार की कार्यवाही, सड़कों में यातायात संकेतक, होर्डिंग्स हटाने, फुटपाथ, पार्किंग, सर्विस लेन से अतिक्रमण हटाने आदि कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसव राजू एस. और राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आबकारी सचिव श्रीमती आर. संगीता, एडीजी ट्रेफिक प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर उपस्थित थे। सभी संभागों के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक वर्चुअली बैठक में शामिल हुए। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष एवं एआईजी ट्रेफिक संजय शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दिया।

आइकोनिक टूरिज्म प्रोजेक्ट्स के द्वारा छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को केंद्र सरकार से एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है। केंद्र सरकार ने स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2024-25 के तहत राज्य की दो महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं के लिए 147.66 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की है।  इसके अंतर्गत 95.79 करोड़ रूपए की लागत से माना तूता रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण तथा 51.87 करोड़ रूपए की लागत से माना तूता रायपुर में जनजातीय और सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण शामिल है। छत्तीसगढ़ में इन परियोजनाओं के शुरू होने से राज्य में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। ये योजनाएं रोजगार सृजन, विकास और छत्तीसगढ़ को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र में  स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से 15 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली में मुलाकात कर छत्तीसगढ़ की पर्यटन गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के तहत राजधानी रायपुर में फिल्म सिटी, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस रिसॉर्ट और नेचर सिटी के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे जिसके परिप्रेक्ष में फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 147.66 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। पर्यटन मंत्रालय,भारत सरकार के इस ठोस कदम से छत्तीसगढ़ में फिल्म मेकिंग और फिल्म टूरिज्म के लिए फिल्म सिटी निर्माण के माध्यम से अपार संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। यह सफलता छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और राज्य को एक वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में नए अवसर खोल रही है।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय अस्मिता, अस्तित्व और विकास विषय पर आयोजित संगोष्ठी को किया संबोधित

रायपुर मुख्यमंत्री ने जनजातीय अस्मिता, अस्तित्व और विकास विषय पर आयोजित संगोष्ठी को किया संबोधित जनजातीय समाज का इतिहास धरती पर मनुष्य के पहले पदचाप के साथ जुड़ा हुआ है। जनजातीय संस्कृति ने भगवान श्रीराम को अपने हृदय में बसा रखा है। भगवान राम ने छत्तीसगढ़ में ही वनवास बिताया, यहीं पर उन्होंने माता शबरी के जूठे बेर खाए। जनजातीय अस्मिता का प्रश्न भारत की सनातन परंपरा की अस्मिता से जुड़ा हुआ प्रश्न है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में जनजातीय अस्मिता, अस्तित्व और विकास विषय पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि आज हमें जनजातीय समुदायों की अस्मिता और विरासत के प्रति संवेदनशील यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का नेतृत्व मिला है। आज जनजातीय समुदाय की हमारी बहन श्रीमती द्रौपदी मुर्मु भारत के सर्वाेच्च पद पर आसीन हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजाति समाज सांस्कृतिक रूप से समृद्ध समाज है। यह समाज कुप्रथाओं का मुखर विरोध करता है। भारत की संस्कृति और देश की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जनजातीय जननायकों के योगदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर पूरे देश में 13 से 15 नवम्बर तक जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज की परंपराओं, संस्कृति रीति-रिवाज, तीज-त्यौहार और शासन द्वारा जनजातीय उत्थान के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 13 नवंबर को जशपुर जिले में आयोजित पदयात्रा इतनी सफल रही कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी खुलकर तारीफ की और ऐसे आयोजनों को जनजातीय समाज के विकास और उत्थान में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर हुए राष्ट्रीय आयोजन ने अन्य प्रांतों से आए आदिवासी समुदाय को एक दूसरे की संस्कृति को जानने-समझने का सुंदर अवसर दिया। साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी ने अपने कार्यकाल के दौरान सबसे पहले पृथक जनजातीय कल्याण मंत्रालय बनाया और आदिवासियों के विकास के लिए एक मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि हम मैदानी और जनजातीय क्षेत्रों में अवसरों की समानता स्थापित करने के लिए अपनी योजनाएं और नीतियां बना रहे हैं ताकि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक समुदाय के पास विकास के समान अवसर हों और जनजातीय समाज अपनी प्राकृतिक और भौगोलिक जटिलताओं पर जीत हासिल करते हुए समग्र भारत के विकास की मुख्य धारा में शामिल हो सकें। जब हम जनजातीय समुदायों की अस्मिता की रक्षा करेंगे, उनकी संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन करेंगे, उनके इतिहास और उनके नायकों का गौरवगान करेंगे तो निश्चित रूप से मां भारती का यश बढ़ेगा, उसका गौरव गान होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत के जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के लिए मोदी जी पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाएं चला रहे हैं। ये योजनाएं जनजातीय समुदायों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए क्रांतिकारी योजनाएं साबित हो रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी अनेक योजनाओं से जनजातीय समुदायों को बड़ा संबल मिला है। पिछले 11 महीने में छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर अंचल में शांति स्थापित करने के लिए तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से शासन की योजनाओं को दूरस्थ अंचलों तक पहुंचाने की अनूठी पहल की गई है। बस्तर अंचल में सुरक्षाबलों के 34 नए कैंप खोले गए हैं और लगभग 96 गांवों में शासकीय योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जनजातीय महानायकों के गौरवशाली इतिहास की जानकारी आने वाली पीढ़ी को हो इसलिए ऐसे आयोजन आवश्यक हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उनके मूल्यों को अगली पीढ़ी तक ले जाएं। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने सदैव प्रकृति के संरक्षण की दिशा में कार्य किया है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अतुल जोग ने कहा कि बिना स्वार्थ के जनजातीय समाज ने मानव सेवा का काम किया है। इसका सुंदर उदाहरण पद्म पुरस्कारों की घोषणाओं में भी देखने को भी मिला, जिसमें बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग शामिल रहे हैं। संगोष्ठी को पवन साय और अनुराग जैन ने भी संबोधित किया। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनजातीय समुदाय के विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी से छत्तीसगढ़ी फिल्मों, नाटकों के साथ पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

छत्तीसगढ़ में 147 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी चित्रोत्पला फिल्म सिटी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस पर प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात चित्रोत्पला फिल्म सिटी से छत्तीसगढ़ी फिल्मों, नाटकों के साथ पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा पद्मविभूतियों की सम्मान राशि प्रतिमाह 5 हजार रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने की घोषणा रायपुर छत्तीसगढ़ में 147 करोड़ रूपए की लागत से  चित्रोत्पला फिल्म सिटी बनेगी। इसके लिए भारत सरकार ने 147 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा में दिए गए अपने सम्बोधन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार द्वारा फिल्म सिटी के निर्माण की स्वीकृति प्रदान करते हुए राशि की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण से छत्तीसगढ़ी फिल्मों, छत्तीसगढ़ी नाटकों को प्रोत्साहन तो मिलेगा ही, साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।     मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में पद्मसम्मान से विभूषित छत्तीसगढ़ की विभूतियों को दी जाने वाली सम्मान राशि प्रतिमाह 5 हजार रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रूपए करने की घोषणा की।     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। छत्तीसगढ़ी गुरतुर भाषा है, जो हमें आपस में दिल से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी फिल्में काफी लोकप्रिय हैं। छत्तीसगढ़ी भाषा को बढ़ावा देने में छत्तीसगढ़ी फिल्मों का भी बड़ा योगदान है।     मुख्यमंत्री ने साहित्य परिषद में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के विलय की समाप्ति की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग राजभाषा छत्तीसगढ़ी को बढ़ावा देने का कार्य करता रहेगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का साहित्य परिषद में विलय कर दिया गया था।     मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा को समृद्ध करने वाले छह साहित्यकारों को शॉल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखित 12 पुस्तकों का विमोचन भी किया।     कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा को लोकप्रिय बनाने और राजभाषा का सम्मान देने के लिए यह जरूरी है कि हम छत्तीसगढ़ी भाषा में बातचीत करें और नई पीढ़ी को भी छत्तीसगढ़ी बोलना सिखाए। उन्होंने साहित्यकारों से छत्तीसगढ़ी भाषा में उपन्यास, कविता और इतिहास का लेखन करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदस्य छत्तीसगढ़ी में अपना सम्बोधन दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद के रूप में वे छत्तीसगढ़ी को संविधान की आठवें अनुसूची में शामिल कराने का प्रयास करेंगे।     कार्यक्रम में पद्डॉ. सुरेन्द्र दुबे और डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी., संचालक संस्कृति एवं राजभाषा विवेक आचार्य ने छत्तीसगढ़ी राजभाषा में सम्बोधन दिया। राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार ने बताया कि आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ी में 2700 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आयोग द्वारा अब तक छत्तीसगढ़ी भाषा की 1400 पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है।

नवागढ़ में 19 से 21 दिसंबर तक होगी भव्य पंथी नृत्य प्रतियोगिता, देश के विभिन्न राज्यों के नर्तक दल लेंगे हिस्सा

रायपुर राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के पंथी नर्तक दल हिस्सा लेंगे। यह प्रतियोगिता बेमेतरा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय नवागढ़ में 19 से 21 दिसंबर तक आयोजित की जाएगी। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के नेतृत्व में सतनामी समाज प्रमुखों के दल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में भेंट कर उन्हें प्रतियोगिता में शामिल होने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने साय ने निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए जयंती कार्यक्रम में शिरकत करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री साय को प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि परम पूज्य गुरूघासी दास बाबा जी के 268 वीं जयंती के उपलक्ष्य में आगामी माह दिसंबर मेें जयंती मनाने राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। सभी समाज के लोगों से आपसी प्रेम और सौहाद्रपूर्ण वातावरण में इस आयोजन को सफल बनाने का अनुरोध किया गया है। देश के विभिन्न राज्यों के पंथी नर्तक दलों को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा रहा है। आयोजन में सहयोग देने वाले सभी समाज के लोगों को सम्मानित करने की भी योजना है। इस मौके पर प्रतियोगिता का स्वरूप, एवं आयोजन समिति, सुरक्षा समिति सहित अन्य व्यवस्था की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर गुरु अगमदास तेलासिपुरी धाम, पूर्व विधायक रामजी भारती, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, पद्मश्रीमती उषा बारले सहित समाज के अन्य प्रतिनिधि शामिल थे। देश-विदेश मेें मशहूर हैं पंथी नृत्य देश-विदेश में मशहूर है छत्तीसगढ़ का पंथी नृत्य। यह छत्तीसगढ़ के सतनामी समुदाय का पारंपरिक नृत्य है। इस नृत्य में बाबा गुरूघासीदास जी के संदेशों को गीतों और नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। यह वस्तुतः एक धार्मिक और आध्यात्मिक नृत्य है। यह नृत्य सामूहिक अराधना की तरह है। इस नृत्य की विशेषता मांदर की थाप और मंजीरे की झांझ में तेज गति से नर्तक नृत्य प्रस्तुत करते है। तेज गति से र्प्रस्तुत किए जाने वाले इस नृत्य से दर्शक रोमांचित हो उठते हैं। पंथी नृत्य में कई वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल होता है, जैसे मांदर, झांझ, झुमका, मंजीरे, चिकारा, हारमोनियम, और बेन्जो आदि शामिल होता है।

मुख्यमंत्री साय ने बागबहार और कोतबा के लिये की बड़ी घोषणा,लगाई सौगातों की बौछार

जशपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज ग्राम पंचायत बागबहार, तहसील पत्थलगांव के मिनी स्टेडियम में आयोजित 33 वें ओपन चैलेंज ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने एफ. सी. माकरचुंवा, तहसील पत्थलगांव और गोंड ब्रदर्स किंजिरकेला उड़ीसा के बीच खेले जा रहे फाइनल मुकाबले का आनंद भी लिया। मुख्यमंत्री ने मिनी स्टेडियम में फुटबॉल को किक मारकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागबहार के 10 बेड के अस्पताल को 30 बेड में उन्नयन करने की घोषणा भी की। इसके साथ ही उन्होंने बागबहार के शिव मंदिर के पास तालाब के सौंदर्यीकरण, विश्रामगृह निर्माण, बागबहार चौक- चौराहों में हाय मास्क लगाने, मिनी स्टेडियम के सौंदर्यीकरण कार्य के तहत प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सहित अन्य सुविधाओं से सुसज्जित करने और कोतबा में एपेक्स बैंक खोलने की घोषणा की। समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आयोजकों एवं खिलाडियों को इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतियोगिता का सफल आयोजन पिछले 33 सालों से होता आ रहा है। यह लोगों के खेल के प्रति लगाव और खेल समिति की मेहनत को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वे पहले भी इस प्रतियोगिता में शामिल होते रहे हैं। उनके लिए खुशी की बात है कि आज के मुख्यमंत्री के नाते उन्हें आज समापन समारोह में शामिल होने का मौका मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में खेलों के विकास और प्रतिभावान खिलाडियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों को आगे बढ़ाने के लिए खेलो इंडिया की शुरुआत की है। इससे भारत में कई प्रतिभावान खिलाड़ी उभर कर सामने आ रहे है। हाल ही में हमने बस्तर की युवा प्रतिभाओं को खेलकूद और विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से वहां बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया है। इस खेल प्रतियोगता में एक लाख 65 हजार से अधिक लोगों ने अपना पंजीयन कराया है। जिसमें पुरुष और महिलाएं उत्साह के साथ बढ़ चढ़ हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपए और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दिए जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही मैंने बिलासपुर की पर्वतारोही निशा यादव से फोन पर बात की। उसने मुझे बताया कि वह अफ्रीका सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारों पर्वत पर तिरंगा फहराना चाहती है। मैंने उन्हें 3 लाख 45 हजार रुपए का चेक प्रदान किया, ताकि वह अपने सपने को पूरा कर सके। इसी तरह मैंने धमतरी की गरीब परिवार की बेटी बैडमिंटन खिलाड़ी बिटिया रितिका ध्रुव से भी फोन पर बात कर सरकार की तरफ से पूरी मदद करने की जिम्मेदारी ली गई है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की 1. बागबहार में शिव मंदिर के पास तालाब के सौंदर्यीकरण की घोषणा की 2. बागबहार में विश्राम गृह बनाने की घोषणा की 3. बागबहार के चौक चौराहों पर हाई मास्क लाइट लगाने की घोषणा की . 4. मिनी स्टेडियम में फूटबाल खिलने के लिए लाइट और सौन्दर्य करण की घोषणा की 5. बागबहार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 बेंड करने की घोषणा की 6. कोतबा में अपेक्स बैंक बनाने की घोषणा की इस अवसर पर सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि पत्थलगांव को सवारने के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं मुख्यमंत्री द्वारा विकास कार्यों को गति दी जा रही है साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गयी गारंटियों को पूर्ण किया जा रहा है। विधायक जशपुर रायमुनी भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जन जन को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से शासन द्वारा प्रदेश की हर महिला को सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उड़ीसा की गोंड़ ब्रदर्स किंजिरकेला ने टूर्नामेंट किया अपने नाम प्रतियोगिता की शुरुआत 23 अक्टूबर को हुई थी। एक माह तक चली इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखंड के 36 टीमों के 600 खिलाड़ी और कोच हुए शामिल हुए। आज उड़ीसा के गोंड़ ब्रदर्स किंजिरकेला एवं छत्तीसगढ़ जशपुर के माकरचुआं टीमों के मध्य हुआ फाइनल मुकाबला रोमांचक रहा। दोनों टीमों के मध्य 3-3 गोल के साथ मैच बराबरी पर समाप्त हुआ। जहां पेनाल्टी शूटआउट के माध्यम से मैच का फैसला हुआ। जिसमें उड़ीसा के गोंड़ ब्रदर्स किंजिरकेला द्वारा 4-2 से पेनाल्टी शूटआउट में जीत दर्ज की गई। मैन ऑफ द सीरीज उड़ीसा के गोंड़ ब्रदर्स किंजिरकेला के खिलाड़ी सक्ती को बेस्ट गोलकीपर आकाश उरांव को तथा बेस्ट डिफेंडर माकरचुआं के अनिकेत को प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती शांति भगत, जशपुर नगर पालिका के अध्यक्ष राधेश्याम राम, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव, रामप्रताप सिंह, कृष्ण कुमार राय, कलेक्टर रोहित व्यास पुलिस अधीक्षक शशी मोहन सिंह,शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, ममता कश्यप, अनूप गुप्ता, , 33 वें ओपन चैलेंज ट्रॉफी फुटबॉल कमेटी के अध्यक्ष रवि परहा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सहित भारी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।  

छत्तीसगढ़ सीएम साय को ट्रेन में सफर करते हुए नजर आए, अचानक सीएम को ट्रेन में पाकर यात्री भौचक्के रह गए

रायपुर छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय रविवार को ट्रेन में सफर करते हुए नजर आए. अचानक सीएम को ट्रेन में पाकर यात्री भौचक्के रह गए. इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने ट्रेन के सहयात्रियों से गर्मजोशी से मिले और सभी यात्रियों को कुशलक्षेम भी पूछा. इससे पहले, प्लेटफॉर्म पर सीएम को देखकर ट्रेन के इंतजार में खड़े यात्री भी दंग रह गए. अमरकंटक एक्सप्रेस ट्रेन से बिलासपुर रवान हुआ सीएम विष्णु देव साय रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को बिलासपुर मे आयोजित कवि सम्मलेन में शिरकत करने के लिए सीएम विष्णु देव साय राजधानी रायपुर से बिलासपुर की यात्रा अमरकंटक एक्सप्रेस से तय की. सीएम ट्रेन से बिलासपुर की यात्रा का निर्णय अचानक लिया, लेकिन अब छत्तीसगढ़ सीएम किया है कि वो अब राज्य का दौरा भी ट्रेन के जरिए करेंगे. मुख्यमंत्री को ट्रेन में चढ़ता देखकर प्लेटफार्म पर दंग रह गए पैसेंजर सीएम साय रविवार शाम अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना हुए. वे मुख्यमंत्री निवास से कार द्वारा स्टेशन पहुंचे और बिना विशेष ताम झाम के प्लेटफार्म तक पहुंच गए. मुख्यमंत्री को अचानक प्लेटफार्म पर देखकर प्लेटफार्म पर मौजूद पैसेंजर ठिठक गए. मुख्यमंत्री ने गर्मजोशी से सभी बातचीत की, जिससे लोग सहज हो पाए. ट्रेन के कोच आम यात्री की तरह मूंगफली खाते हुए पहुंचे सीएम साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, रेल यात्राओं की आम भारतीय के जीवन में खास जगह है. अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर से बिलासपुर की ओर रवाना हुए सीएम साय ट्रेन के कोच आम यात्री की तरह मूंगफली खाते हुए पहुंचे. ट्रेन में पहुंचकर सीएम मे बिल्कुल देशी अंदाज में बोले, मूंगफली के बिना रेल यात्रा पूरी नहीं हो सकती. हालांकि ट्रेन में स्वच्छता की हिदायत दी पीएम मोदी के कार्यकाल में बेहतर हुई रेलवे सुविधाओं की चर्चा की छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री की रेल यात्रा के दौरान रेलवे के अधिकारी भी मौजूद रहे. सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में बेहतर हुई रेलवे सुविधाओं की चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को भी इसका लाभ मिला है इस मौके पर विधायक अनुज शर्मा, भैयालाल राजवाड़े और गुरु खुशवंत साहेब भी यात्रा के दौरान उनके साथ उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा युवाओं और बच्चों के लिए कर रहे हैं प्रेरणादायक कार्य

रायपुर आत्मविश्वास से परिपूर्ण और अनेक बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत का कार्य कर रहे धमतरी जिले के कुरूद में रहने वाले दिव्यांग समाजसेवी और चित्रकार बसंत साहू  को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फोन करके जन्मदिन की बधाई देने के साथ ही हेलन केलर अवार्ड 2024 से सम्मानित होने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  बसंत साहू को जन्मदिन और सम्मान के लिए बधाई देते हुए कहा कि आपको हेलेन केलर अवार्ड  2024 प्राप्त होने की सूचना समाचार के माध्यम से मिली। आपकी इस उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई। मुख्यमंत्री साय ने आत्मीयतापूर्ण चर्चा के दौरान बसंत साहू से कहा कि जल जगार कार्यक्रम में आपसे मुलाकात हुई थी। हमे आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा था।आपने साबित किया है कि कठिनाईयां केवल मानसिक चुनौतियां है। दृढ़ संकल्प से बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। बसंत साहू ने कहा कि मेरा उद्देश्य समाज में समावेशिता और समानता लाना है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आपके इस जज्बे व उपलब्धि से हम गौरवान्वित हैं। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। समाजसेवी बसंत साहू ने मुख्यमंत्री साय के  उत्साहवर्धन के लिए आभार व्यक्त क्या और कहा कि वे इसी प्रकार अपने प्रयासों से आने वाले भविष्य और बच्चो के लिए एक बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान देते रहेंगे।   उल्लेखनीय है कि समाजसेवी बसंत साहू को उनके द्वारा  दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और समाज में समान अवसर दिलाने के लिए किए गए अद्वितीय कार्यों के लिए हेलन केलर अवार्ड प्रदान किया गया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक कला, परंपराओं और सामाजिक मुद्दों को जीवंत रखा है। उनके चित्रों में छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, पारंपरिक परिधान और समाज की समकालीन समस्याओं का समावेश है। बसंत के बनाए चित्रों का संग्रह देश विदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर किया गया है, जिनमें भारत में राष्ट्रपति भवन, राजभवन, दिल्ली संग्रहालय एवं यूएसए, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देश शामिल हैं। उनकी कला ने उन्हें न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश और विदेश में भी सम्मान दिलाया है। बसंत साहू ने दिव्यागता को कभी अपनी सफलता की राह में रुकावट नहीं बनने दिया। बसंत साहू का मानना है कि कठिनाइयों केवल मानसिक चुनौतियाँ होती हैं। यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी बाधा व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने से नहीं रोक सकती। बसंत साहू का जीवन केवल एक व्यक्तिगत संघर्ष की कहानी नहीं है बल्कि यह उन सभी के लिए प्रेरणा है जो जीवन की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में राउत नाचा महोत्सव में शामिल होंगे

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 23 नवम्बर को बिलासपुर में 143 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण मुख्यमंत्री साय 23 नवंबर को बिलासपुर को 143 करोड़ 68 लाख रूपये की लागत के अनेक विकास कार्यों की सौगात देंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में राउत नाचा महोत्सव में शामिल होंगे राउत नाचा महोत्सव में भी होंगे शामिल   रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 23 नवंबर को बिलासपुर को 143 करोड़ 68 लाख रूपये की लागत के अनेक विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सकरी रोड, मिनोचा रोड, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, मिनी स्टेडियम, सिटी कोतवाली के पास निर्मित मल्टीलेवल पार्किंग और अरपा नदी तट पर निर्मित राम सेतु मार्ग का लोकार्पण करेंगे। साय इस मौके पर लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में राउत नाचा महोत्सव में शामिल होंगे। रामसेतु मार्ग अरपा उत्थान और तट संवर्धन प्रोजेक्ट अंतर्गत अरपा नदी के दांयी तरफ की सड़क का नाम रामसेतु मार्ग रखा गया है। रामसेतु मार्ग की लागत 49 करोड़ 98 लाख रूपये है, जिसमें फूटपाथ, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट, रिटेनिंग वॉल, पीचिंग और सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है। मिनी स्टेडियम शहर के पुराने और प्रतिष्ठित शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला मल्टीपरपज़ स्कूल के मैदान को संवार कर बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 21 करोड़ 79 लाख रूपये की लागत से मिनी स्टेडियम का निर्माण किया गया है, जिसमें 14115 वर्ग मीटर का सर्व सुविधायुक्त क्रिकेट मैदान है जिसकी दर्शक क्षमता 850 है। यहां डे-नाईट मैच खेलने की सुविधा है। यहां इनडोर गेम्स जैसे स्नूकर, बिलियर्ड्स, टेबल टेनिस, स्क्वैश खेलने की सुविधा के साथ-साथ आधुनिक जिम बनाया गया है। इसके अलावा ट्रेनिंग हॉल का निर्माण किया गया है। इसी भवन में अलग से वीआईपी गैलरी,एनाउंसमेंट बॉक्स और पेंट्री रूम के साथ ही यहां बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के लिए एक हॉस्टल बनाया गया है। यहां दो लॉन टेनिस कोर्ट बनाया गया है।  स्पोर्ट्स कांप्लेक्स 14 करोड़ 60 लाख रूपये की लागत से संजय तरण पुष्कर परिसर में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण किया गया है, इस तीन मंजिला इस स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के बेसमेंट में पार्किंग, ग्राउंड फ्लोर में रिसेप्शन और रेस्टोरेंट संचालित होगा। प्रथम तल में बैडमिंटन, स्क्वैश कोर्ट, टेबल टेनिस, स्नूकर, बिलियर्ड्स, द्वितीय तल में मल्टीपरपज हॉल, योगा, मैट गेम की सुविधा है। तीसरे तल में मनोरंजन की अनेक सुविधाएं है। उल्लेखनीय है कि बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहर में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने तीन बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया गया है, जिनमें पिंक प्ले ग्राउंड का लोकार्पण पहले ही किया जा चुका है। कोतवाली मल्टीलेवल पार्किंग 29 करोड़ 76 लाख  की लागत से साढ़े तीन एकड़ में कोतवाली थाना परिसर में तीन मंजिला मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाया गया है। ग्राउंड फ्लोर के अलावा सभी फ्लोर में पार्किंग की सुविधा दी गई है जिसमें 192 कार और 325 बाइक एक साथ पार्क की जा सकेगी। ग्राउंड फ्लोर को कमर्शियल कांप्लेक्स के तौर पर विकसित किया गया है जिसमें 46 दुकानों का निर्माण किया गया है।  उस्लापुर-सकरी सड़क उस्लापुर रेल्वे ओव्हरब्रिज से लेकर सकरी बाईपास चौक तक 15 करोड़ 87 लाख की लागत से नगर निगम द्वारा सवा चार किमी सड़क का उन्नयन और चौड़ीकरण किया गया है। सड़क चौड़ीकरण और उन्नयन होने से राहगीरों को काफी राहत मिली है और ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिली है। उन्नयन और चौड़ीकरण के तहत मार्ग की चौड़ाई बढ़ाई गई है, डिवाइडर बनाया गया है, स्ट्रीट लाइट और दोनों तरफ नाली निर्माण भी किया गया है। मिनोचा कॉलोनी सहित अन्य रोड 11 करोड़ 68 लाख की लागत से शहर के विभिन्न सड़कों का डामरीकरण, उन्नयन, साइनेज, मिनोचा कॉलोनी रोड और रोटरी शामिल है,  जिसमें प्रमुख रूप से महावीर नगर चौक से उस्लापुर ओव्हर ब्रिज तक 800 मीटर सड़क, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट और रोटरी शामिल है। शहर के विभिन्न सड़कों का डामरीकरण, साइनेज, रोड मार्किंग के कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भगवती दीक्षा और मोक्ष माला कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के दादाबाड़ी में आयोजित भगवती दीक्षा और मोक्ष माला कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दादाबाड़ी में भगवान ऋषभदेव की आरती कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि और उन्नति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भगवान महावीर के विचारों की ही शक्ति है कि पीढ़ी दर पीढ़ी उनके मूल्यों को लेकर जैन समाज आगे बढ़ रहा है। महावीर स्वामी के विचार केवल जैन धर्म के अनुयायियों के लिए ही नहीं बल्कि समूची मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।           मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी जैन मुनियों का आशीर्वाद लिया और कहा कि यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि पूरे देश से जैन मुनि यहां आए है।  उन्होंने दीक्षा ग्रहण करने वाले मुमुक्षु भाई अरिहंत जी, मुमुक्षु भाई नीलेश जी तथा मुमुक्षु बहन निकिता जी और उनके परिजनों का अभिनंदन किया। श्री साय ने कहा कि जैन समाज का सौभाग्य है कि समाज के युवा धर्म को आगे बढ़ाने दीक्षा ग्रहण कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि यह क्षण समूचे समाज के लिए प्रेरणादायक है। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व संसदीय सचिव श्री लाभचंद बाफना, ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री विजय कांकरिया और जैन मुनिगण और जैन समाज के अनुयायी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह फिल्म इसलिए भी देखी जानी चाहिए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म देखने राजधानी के मैग्नेटो मॉल पहुंचे। इस फिल्म में 22 साल पहले गुजरात के गोधरा में हुए ट्रेन हादसे की कहानी की सच्चाई को दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म की डायरेक्टर सुएकता कपूर और फिल्म की नायिका सुरिद्धि डोगरा भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री साय ने  ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह फिल्म इसलिए भी देखी जानी चाहिए क्योंकि अतीत का अध्ययन ही हमें वर्तमान और भविष्य के बारे में बेहतर मार्गदर्शन दे सकता है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म इतिहास के उस भयावह सत्य को उजागर करने का अत्यंत सराहनीय और प्रभावशाली प्रयास है जिसे निहित स्वार्थ के लिए छुपाने का प्रयास किया गया था। यह फिल्म तात्कालिक सिस्टम की उस सच्चाई को उजागर करती है, जो झूठे नरेटिव फैलाकर सत्य को दबाने का निंदित प्रयास करती थी। फिल्म दर्दनाक घटना को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय ने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े भी उनके साथ फिल्म देखने पहुंचे थे।

भारत मंडपम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आत्मीयता ने जीता सबका दिल

भारत मंडपम में दूर से खड़े खड़े कार्यक्रम देख रहे थे एक बुजुर्ग, मुख्यमंत्री ने पास बुलाया और अपने साथ बैठने का किया आग्रह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता छू गई दिल वालों की नगरी दिल्ली के लोगों को भी भारत मंडपम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आत्मीयता ने जीता सबका दिल मुख्यमंत्री साय ने किया सियान का सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सादगी और संवेदनशीलता ने एक बार फिर लोगों के दिलों को छू लिया। यह दृश्य था राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में, जहां छत्तीसगढ़ दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन चल रहा था। छत्तीसगढ़ की परंपरा और कला की शानदार प्रस्तुतियां मंच पर हो रही थीं, और दर्शक तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ा रहे थे। इसी दौरान मुख्यमंत्री साय की नजर दर्शकों के बीच एक वृद्ध व्यक्ति पर पड़ी, जो खड़े होकर कार्यक्रम देख रहे थे। मुख्यमंत्री ने तुरंत अपने सहायक से कहा कि उस बुजुर्ग को पास बुलाएं। कुछ ही पल में वह बुजुर्ग व्यक्ति मुख्यमंत्री के पास पहुंचे। साय ने बड़े ही आत्मीय भाव से उनका स्वागत किया और उन्हें अपने पास बैठने का आग्रह किया। कार्यक्रम देखकर बाहर आये   बुजुर्ग रामावतार तिवारी ने बताया कि मुझे बहुत अच्छा लगा जब मुख्यमंत्री ने मुझे सम्मान दिया, अपने पास बैठाया और मेरा हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री ने इतना बड़ा ओहदा हासिल करने के बाद भी अपनी विनम्रता और संस्कार को नहीं छोड़ा। रामावतार तिवारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सीधे सरल लोगों के बारे में सुनते आये हैं। वहां के मुख्यमंत्री से मिलकर लगा कि सीधे और सरल लोगों के मुखिया भी सीधे और सरल स्वभाव के हैं। मुख्यमंत्री साय का हृदय  संवेदनशीलता से परिपूर्ण है। हम एक दूसरे से अपरिचित भले ही हो सकते हों लेकिन संवेदनशील हृदय के द्वारा हम एक दूसरे की भावनाओं को प्रगाढ़ता से महसूस कर सकते हैं।

आज जब युवा साथी मुझसे कहते हैं कि हम भी आपके जैसे बनना चाहते हैं, तब मैं गर्व और हौसले से भर जाती हूं

रायपुर आज जब युवा साथी मुझसे कहते हैं कि हम भी आपके जैसे बनना चाहते हैं, तब मैं गर्व और हौसले से भर जाती हूं। मैं चाहती हूं कि बस्तर के अधिक अधिक से अधिक युवा सुरक्षा बलों में भर्ती होकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दें। मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि मैं इस सुरक्षा बल का हिस्सा हूं और नक्सल अभियानों में मेरी भूमिका रही है।सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन की जांबाज महिला कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके बस्तर के सेडवा कैंप प्रवास के दौरान ये बातें साझा की।              मुख्यमंत्री साय बस्तरिया बटालियन की महिला कांस्टेबल  के आत्मविश्वास से भरे शब्दों को सुनकर गर्व से भर गए और शाबाशी देते हुए कहा कि जवानों के हौसलों से ही हमें ताकत मिलती है। उन्होंने कहा कि नक्सल ऑपरेशन में बस्तर की बहुत सारी बेटियां चुनौतियों के बीच सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। बस्तर में नक्सलवादियों से मुकाबला करती हमारी बेटियों के पराक्रम का कोई सानी नहीं है।             मुख्यमंत्री साय को  बताया गया कि सीआरपीएफ के चुनिंदा जवानों को कोबरा बटालियन में काम करने का मौका दिया जाता है। इन जवानों को नक्सल ऑपरेशन और जंगलवार में महारत हासिल है। जवानों ने टेकलगुड़ेम में कैम्प स्थापना के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए बताया कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हमारे कई साथी घायल हुए लेकिन हमारी टीम ने डटकर मुकाबला किया और कैम्प स्थापित करने में सफल हुए, जिसके कारण नक्सलियों को गांव छोडकर भागना पड़ा।         जवानों ने अबूझमाड़ की चुनौतियों के बारे में मुख्यमंत्री को बताया। उन्होंने कहा कि दुर्गम इलाकों में कई तरह की चुनौतियों का सामना करने के बावजूद सभी जवानों का मनोबल ऊंचा है। हमारी तैनाती संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में होती है और हम हर तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हमारी कोशिश है कि हमारा राज्य नक्सलमुक्त हो। हम सब जवान टीम वर्क के साथ अभियानों को अंजाम देते हैं। नक्सल ऑपरेशन के दौरान जब जवान घायल होते हैं तब उनके लाइफ सपोर्ट के लिए भी टीम हमेशा मुस्तैद रहती है। ग्राउंड जीरो से हायर मेडिकल फेसिलिटिज तक जवानों को ले जाने के लिए एयर लिफ्ट करने का काम भी तत्काल किया जाता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर प्रवास के दौरान अचानक ही सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन में जवानों से मिलने बस्तर जिले के सेडवा कैंप पहुंचे थे। यहां उन्होंने जवानों से खुलकर आत्मीयतापूर्वक बात की और जवानों ने भी मुख्यमंत्री से आत्मीय संवाद करते हुए माओवादी आतंक के उन्मूलन के प्रयास में अपने अनुभवों और चुनौतियों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध हमने जो सफलता हासिल की है, उसमें पुलिस और सुरक्षा बलों की अनेक टीमों और बटालियनों की साझी भागीदारी है। इसके साथ-साथ स्थानीय शासन के विभिन्न विभागों ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवादी मानवता के दुश्मन हैं। बारूदी सुरंगें बिछाते हुए वे जरा भी नहीं सोचते कि इनसे आम लोगों की जानें भी जा सकती हैं। कई बार छोटे-छोटे बच्चे भी इन बारूदी सुरंगों की चपेट में आ जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों का काम सचमुच बहुत चुनौतीपूर्ण है, लेकिन हर चुनौती को चूर-चूर करना आप लोगों को आता है। आज हमारे जवान अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में भी नक्सलवाद का सफाया करते हुए सफलता के झंडे लहरा रहे हैं। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों ने देश के सामने संगठन और समन्वय का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।

छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चुना गया है। कांकेर जिले को यह राष्ट्रीय अवार्ड 21 नवंबर विश्व मात्स्यिकीय दिवस के अवसर पर मिलेगा। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित कार्यक्रम यह सम्मान प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल एवं जॉर्ज कुरियन भी उपस्थित होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर को देश का बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट अवार्ड के लिए चयन होने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए कांकेर सहित राज्य के सभी मत्स्य कृषकों एवं मछलीपालन विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ लैंड लॉक प्रदेश होने के बावजूद भी मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान पर है। मछली बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर हैं। यह उपलब्धि हमारे राज्य के मत्स्य कृषकों की मेहनत का परिणाम है। छत्तीसगढ़ मछली बीज उत्पादन के मामले में न सिर्फ पूरी तरह से आत्मनिर्भर है, बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी मछली बीज निर्यात कर रहा है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कुल 1,29,039 जल स्त्रोत उपलब्ध है, जिसका जल क्षेत्र 2.032 लाख हेक्टेयर है, जिनमें 96 प्रतिशत में किसी न किसी रूप में मत्स्य पालन हो रहा है। 3571 कि.मी का नदीय जलक्षेत्र भी उपलब्ध है। सघन मत्स्य पालन हेतु अतिरिक्त जलक्षेत्र निर्मित किया जा रहा है. अब तक कुल 6783 हेक्टर जलक्षेत्र निर्मित हो चुका है। एक समय था जब छत्तीसगढ़ मत्स्य बीज के लिए पश्चिम बंगाल राज्य पर निर्भर था। कुल 82 नवीन हैचरी निर्मित कर 115 हैचरियों के माध्यम से 546 करोड़ मत्स्य बीज का प्रति वर्ष उत्पादन होने से राज्य न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ अपितु अन्य राज्यों को भी मत्स्य बीज निर्यात कर रहा है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में प्रति वर्ष 7.30 लाख टन मत्स्य उत्पादन हो रहा है। राज्य अन्तर्देशीय मत्स्य उत्पादन में देश में 8 वें स्थान पर है। राज्य में अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन हेतु जलाशयों एवं बंद खदानों में अब तक 9551 केज, 415 बायोफ्लॉक, 06 आर.ए.एस. एवं 253 बॉयोफलॉक पॉण्ड स्थापित किए गए हैं। रायपुर, दुर्ग बिलासपुर एवं जांजगीर में थोक मत्स्य बाजार की स्थापना की गई। प्रदेश के मत्स्य पालकों का एन.एफ.डी.पी. योजना अंतर्गत पंजीयन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंक से ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। पात्रतानुसार मत्स्य कृषकों को एक प्रतिशत से लेकर तीन प्रतिशत ब्याज पर अल्प अवधि ऋण भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 20 नवम्बर को प्रातः 9.15 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से नई दिल्ली रवाना हुए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 20 नवम्बर को प्रातः 9.15 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से नई दिल्ली रवाना हुए। मुख्यमंत्री साय वहां संध्या  5.30 बजे से 7.30 बजे तक एम्फी थियेटर-1 भरतमंडपम में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री 21 नवम्बर को दोपहर 1.45 बजे नियमित विमान से रायपुर लौट आएंगे। यहां यह उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 नवम्बर से 27 नवम्बर तक आयोजित 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय मेले में छत्तीसगढ़ राज्य की उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार एवं प्रदर्शन के लिए कुल 11 स्टाल लगाए गए हैं, जहां विकसित छत्तीसगढ़ 2047 की अवधारणा पर छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग, सेल्फ हेल्प ग्रुप, हाथकरघा, हस्तशिल्प, हर्बल एवं कृषि विभाग के प्रदर्शन स्टाल लगे हैं। 20 नवम्बर को यहां छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य की समृद्ध संस्कृति एवं लोककला का प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह में हुए शामिल

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित आई स्पोर्टज़ बैडमिंटन अरीना में आयोजित सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और बेहतर खेल अधो-संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ व कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी । मुख्यमंत्री श्री साय ने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन का यह टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 10 देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एकता, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। यह युवाओं को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाता है। भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है। छत्तीसगढ़ में हम लगातार खेलों को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे राज्य में अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। भारत सरकार की खेलो-इंडिया योजना को भी हम छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लागू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी मुझे अवसर मिलता है। मैं खिलाड़ियों से बातचीत करके उनकी अपेक्षाओं को जानने समझने का प्रयास करता हूं। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता हूं। कल ही मैंने धमतरी की बैडमिंटन खिलाड़ी रीतिका ध्रुव से वीडियो कॉल पर बात करके राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें मिली उपलब्धियों के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीतिका ने मुझे बताया कि उनके पिता जीवन-यापन के लिए मजदूरी करते हैं और मां आंगनवाड़ी सहायिका हैं। संघर्षों के बावजूद रीतिका ने बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन किया है। मैंने रितिका को आश्वस्त किया कि आप खूब आगे बढ़िये और अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करिये। हम आपका पूरा सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसी तरह कुछ दिन पहले भी छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बिटिया निशा से मैंने फोन पर बात की। निशा पूर्वी-अफ्रीकी देश तंजनिया का किलीमंजारों पर्वत फतह करना चाहती है। वह माउंट एवेरेस्ट भी फतह करना चाहती है। उसके पिता रिक्शा-चालक हैं। मुझे पता चला कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वह बेटी पर्वतारोहण के लिए नहीं जा पा रही है। मैंने उसे सरकार की ओर से सभी तरह के सहयोग का भरोसा दिया और कल मैंने पौने चार लाख की राशि निशा बेटी के लिए स्वीकृत कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। बैडमिंटन के क्षेत्र में खिलाड़ी आगे बढ़ें इसके लिए भी हम सभी सुविधाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने मेंस डबल्स विजेता श्री हरिहरन व श्री रुबन कुमार को बधाई दी। उन्होंने सीएम ट्राफी इंडिया इंटरनेशनल चौलेंज बैडमिंटन स्पर्धा 2024 के सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विदेश से आए खिलाड़ियों और उनकी टीम के सभी सदस्यों का छत्तीसगढ़ में स्वागत किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विक्रम सिसोदिया, महासचिव श्री संजय मिश्रा, श्री राकेश शेखर, श्री गौतम महंता सहित बैडमिंटन संघ के पदाधिकारीगण, खिलाड़ी व बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय आज चित्रकोट में बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होंगे

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में  शामिल  होंगे। बैठक बस्तर के चित्रकोट में आयोजित है। मुख्यमंत्री श्री साय सुबह 10 बजे हेलीकॉप्टर से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे और चित्रकोट में सवेरे 11 बजे से बजे  बैठक में शामिल होंगे। बैठक में रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री श्री साय ने  अपने एक्स हैंडल से  हल्बी में  ट्वीट कर  कहा  कि  दादा-दीदी  मन  के विकास,भलाई  और  विकास की नई  दिशा देने  आयोजित बस्तर विकास  प्राधिकरण की बैठक में  शामिल  होने बस्तर आ  रहा हूं।

जनजातीय समुदाय के शहीदों की चिन्हित स्थलों पर लगेंगी प्रतिमाएं – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बैगा, गुनिया, सिरहा को दी सम्मान निधि की सौगात जनजातीय गांवों में धार्मिक व मांगलिक कार्य के लिए अखरा निर्माण विकास की योजना होगी शुरू जनजातीय समुदाय के शहीदों की चिन्हित स्थलों पर लगेंगी प्रतिमाएं जनजातीय विद्रोह के शहीदों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन हुए सम्मानित रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास बहुत समृद्ध और गौरवशाली है। पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने का काम किया है। अटल जी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए पृथक से मंत्रालय बनाया और इस समुदाय के विकास को एक नई दिशा दी। प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं शुरू की है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 24,000 करोड़ रूपए और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 80,000 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया है, जिसके चलते जनजातीय इलाकों में तेजी से बुनियादी सुविधाओं का विकास और जनजातियों की बेहतरी के काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती वर्ष समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के जनजातीय समुदाय से ताल्लुक रखने वाले बैगा, गुनिया,  सिरहा लोगों के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि दिए जाने की घोषणा की। इसके तहत उन्हें प्रति वर्ष 5 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनजातीय गांवों में धार्मिक एवं मांगलिक कार्य के लिए अखरा निर्माण विकास योजना शुरू करने और जनजातीय समुदाय के शहीदों की प्रतिमाएं चिन्हित स्थलों पर स्थापित किए जाने की घोषणा की।   मुख्यमंत्री साय ने समारोह में जनजातीय समुदाय के विभूतियों, राज्य में हुए जनजातीय विद्रोह के शहीदों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर वन अधिकार अधिनियम से संबंधित ‘‘एटलस‘‘, कैलेण्डर ‘‘शौर्यांजलि‘‘ तथा ‘‘हल्बा जनजातीय की वाचिक परंपराएं‘‘ विषय पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया। इनका प्रकाशन छत्तीसगढ़ आदिम जाति विकास विभाग द्वारा किया गया है। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यसभा सांसद अरूण सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में सभी वर्गाें के उत्थान और कल्याण के लिए किए जा रहे कार्याें की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की लोकप्रियता और विनम्रता की सराहना पूरे देश में होती है। उन्होंने कहा कि रायपुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय नृत्य महोत्सव समारोह में आकर ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘‘ का दर्शन हुआ है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के इस विशेष आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बधाई दी। उन्होंने इस मौके पर जनजातीय समुदाय के महापुरूषों को नमन करते हुए कहा कि वही देश और समाज जागृत रहता है, जो अपनी संस्कृति और अपने महापुरूषों को याद रखता है। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए चिंता की है। उन्होंने इस समुदाय के विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से छत्तीसगढ़ के साढे छह हजार गांवों और ग्रामीणों का समग्र विकास होगा। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, राज्यसभा सांसद अरूण सिंह, विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमुदाय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सम्बोधन को न सिर्फ सुना, बल्कि वर्चुअल रूप से उसका हिस्सा भी बना।   उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के अवसर पर देश के दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी सुविधाओं के विकास एवं विस्तार वाली 6600 करोड़ की लागत वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने देश के जनजातीय इलाकों और जनजाति समुदाय के कल्याण के लिए पांच गुना बजट खर्च कर रहे हैं। दस साल पहले इसका बजट मात्र 25,000 करोड़ रूपए हुआ करता था, जो अब बढ़कर 1,25,000 करोड़ रूपए हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बिहार के जमुई में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती वर्ष के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। जमुई में आयोजित इस कार्यक्रम का लाईव प्रसारण पूरे देश में हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमने इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास किया है। इतिहास में आदिवासी समाज के लोगों को वह स्थान नहीं मिला, जिसके वह अधिकारी थे। आदिवासी समाज वो है, जिसने राजकुमार  को मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम बना दिया। इस समाज ने देश की संस्कृति और परंपरा का मान बढ़ाया है। आज़ादी की लड़ाई में अंग्रेजों से लोहा लिया है। अपनी अस्मिता, संस्कृति, और स्वाधीनता के लिए जनजातीय समुदाय के हजारों नायकों ने अपने प्राण न्यौछावर किए। देश की आजादी की लड़ाई में हजारों आदिवासी भाइयो-बहनों को मौत के घाट उतार दिया गया था, उनके योगदानों को हम नहीं भुला सकते। हमने जनजातीय समुदाय के गौरव को बढ़ाने का काम किया है। पीएम जनमन के तहत जितने कार्य शुरू हुए हैं, उसका श्रेय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी को जाता है। जब वह झारखण्ड में थी, तब मुझसे अति पिछड़ी जनजातियों की चर्चा करती थी। हमने 24 हजार करोड़ रूपए से पीएम जनमन योजना की शुरुआत की, जिससे अति पिछड़ी जनजातियों के बस्तियों और गांवों का विकास हो रहा है। जनजातीय बाहुल्य जिलों को आकांक्षी जिला घोषित कर वहां का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया, आज वहां बदलाव दिख रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में देशवासियों को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष समारोह की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली और गुरुनानक जी का प्रकाश पर्व भी है। आज भगवान … Read more

मुख्यमंत्री साय ने कीर्तन दरबार में मत्था टेका और छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के खालसा स्कूल प्रांगण में गुरुनानक जयंती के अवसर पर आयोजित प्रकाश पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कीर्तन दरबार में मत्था टेका और सभी छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने प्रकाश पर्व पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि आज इस पवित्र दिन सिख समुदाय के अपने भाइयों-बहनों के बीच आकर मैं बहुत खुशी का अनुभव कर रहा हूँ। गुरु नानक देव जी का जीवन न केवल सिख समुदाय के लिए प्रेरक है अपितु सभी भारतीयों के लिए उनका जीवन प्रेरणादायी है। गुरु नानक जी के वचनों में सामाजिक एकता पर जोर दिया गया है। उन्होंने एक समतामूलक समाज के निर्माण पर जोर दिया। देश की आज़ादी में सिख समाज का बहुत बड़ा योगदान है। सिख समाज का इतिहास बहुत ही गौरवशाली और समृद्ध है। धर्म के प्रति समर्पण और सेवा की भावना सिख समाज की अभिन्न पहचान है।   मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जब हम गुरु गोविंदसिंह जी का जीवन देखते हैं तो हमें पता चलता है कि उनके पुत्र साहेबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी पर धर्म बदलने का दबाव आया। उन्होंने शहादत कबूल की लेकिन धर्म नहीं बदला। ऐसा इतिहास सिख समाज का रहा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने साहेबजादों के शहादत दिवस 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निश्चय किया और हर साल हम गर्व के साथ यह दिन मनाते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा, श्री संजय श्रीवास्तव, श्री भूपेंद्र सवन्नी, श्री मनमोहन चावला व गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की बेटी निशा अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर फहराएगी तिरंगा

आज सुबह मुख्यमंत्री के कॉल ने निशा के लिये खोली किलिमंजारो फतह की राह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निशा से कहा हम तुम्हारा सपना पूरा करेंगे छत्तीसगढ़ की बेटी निशा अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर फहराएगी तिरंगा  आर्थिक तंगी अब सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बनेगी रायपुर अलसुबह आज बिलासपुर में रहने वाली निशा यादव के पास एक फोन आया और फोन पर एक सौम्य सी आवाज में किसी ने उससे कहा आपको किलिमंजारो चढ़ना है, आप खर्च की चिंता न करें। निशा चकित हुई और आश्चर्य से पूछा आप कौन हैं, सामने से आवाज आई बेटा मैं विष्णु देव साय बोल रहा हूं। निशा ने आश्चर्यचकित भाव से कहा आप सच में मुख्यमंत्री बोल रहे हैं। उसे यकीन नहीं हो रहा था, लेकिन जब मुख्यमंत्री ने पूरी बात बताई और कहा कि आप अपने लक्ष्य पर फोकस करें। छत्तीसगढ़ के हर एक बेटी का सपना पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के स्नेहपूर्ण  आश्वासन को सुनकर निशा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। निशा को इस बात पर भी यकीन करना पड़ा मुश्किल हो रहा था कि बिना किसी आवेदन या आग्रह के मुख्यमंत्री ने उनका सपना पूरा करने की पहल की है।          मुख्यमंत्री साय ने निशा के साथ पर्वतारोहण के बारे विस्तार से बात की। निशा ने मुख्यमंत्री को यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस की चढ़ाई के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया। उसने बताया कि पर्वत की यात्राएं रोमांच से भर देती हैं। पर्वतों की चोटी पर तिरंगा फहराना गर्व से भर देता है। निशा ने आगे बताया कि अब अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना चाहती हैं और उनका अंतिम लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का है।         निशा ने नम आवाज में मुख्यमंत्री को आगे बताया कि मैं पिछले कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे पिता ऑटो चालक हैं और मेरे सपने को पूरा कर पाना उनके लिए कठिन था।  मन में बड़ी दुविधा थी कि यह कैसे संभव हो पाएगा, मेरा सपना कैसे पूरा होगा । आज आप ने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया है।  मुख्यमंत्री जी मैं आपको बहुत धन्यवाद देती हूं।       निशा की आत्मविश्वास भरी इन बातों को सुनकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। हम चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। उन्होंने कहा कि आर्थिक हालात से हौसले पस्त नहीं होते। उन्होंने निशा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपका आत्मविश्वास और जुनून जरूर आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचाएगी।

मुख्यमंत्री ने बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया, आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई दी है। उन्होंने देश के अमर नायकों और बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हर साल 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल, जमीन के बारे में जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा जी ने तत्कालीन ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया और आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया। उनके क्रांतिकारी विचार और देश प्रेम की भावना आज भी हम सभी को प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए  अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। भगवान बिरसा मुंडा जी से प्रेरणा लेकर हमारा प्रदेश आगे बढ़े और विकास के पथ पर सतत अग्रसर रहे, इस के प्रयास हम सभी को मिलजुलकर करने हैं।

नई औद्योगिक नीति में निर्धारित है विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम नवा रायपुर के मेफेयर रिसार्ट में छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को लांच किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने इस नई नीति को रोजगार परक और विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यदि कोई उद्योग एक हजार से अधिक युवाओं को रोजगार देता है तो हम उसे बी-स्पोक पॉलिसी के तहत और अधिक रियायतें देंगे। युवाओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर हमने इस नीति में प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपये प्रतिमाह तक का अनुदान देने का प्रावधान भी किया है।   हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हमारा राज्य देश के मध्य में स्थित है, आने वाले वर्षों में हम अपनी भौगोलिक स्थिति, आवागमन के आधुनिक साधनों और आप सबकी भागीदारी से प्रदेश को देश का ‘‘हेल्थ हब’’ बनाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगदलपुर के नजदीक हम लगभग 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रारंभ करने जा रहे हैं। पूर्व के ‘‘न्यूनतम 20 एकड़ भूमि’’ के स्थान पर अब हमने ‘‘15 एकड़ भूमि’’ पर निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क की स्थापना की अनुमति देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ संभवतः देश में पहला राज्य है, जिसने युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी कटिबद्ध हैं। इसके लिए हम इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दे रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि आपके उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो।  उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमने ऐसी उद्योग नीति तैयार की है जो प्रदेश के उद्योग जगत के सभी जरूरतों को पूरा करेगा। हमारा प्रयास था कि ऐसी नीति बने जिससे  प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगे और निवेश को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि नई नीति से प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे प्रदेश को आगे ले जाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। मंत्री देवांगन ने उद्योग नीति के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु और उसके क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और मुख्य सचिव अमिताभ जैन, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अमर परवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और उद्योगपति मौजूद रहे। नई औद्योगिक नीति के लांचिंग अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने नवीन औद्योगिक विकास नीति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधान छत्तीसगढ़ की औद्यौगिक विकास नीति 2024-30 को राज्य में 01 नवबंर 2024 से लागू किया गया है। यह नीति उद्योगों को निवेश करने, नये रोजगार सृजन करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिये एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सूजन करते हुये अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्र के रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति मैं स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुये 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एम.एस.एम.ई. के अनुरुप किया गया है। इसी के अनुसार ही इन उद्यमों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहनों को अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।  राज्य सरकार द्वारा देश में सेवा गतिविधियों के बढ़ते हुये। रुझान को दृष्टिगत रखते हुये इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग सर्विसेस, रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट, स्वास्थ्य सेक्टर, पर्यटन एवं मनोरंजन सेक्टर आदि से संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोंपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है। इसके साथ ही थ्रस्ट सेक्टर के ऐसे उद्योग जहां राज्य का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है और जहां भविष्य के रोजगार आ रहे हैं, उन क्षेत्रों के लिये अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है। नीति में प्रोत्साहनों की दृष्टि से राज्य के विकासखण्डों को 03 समूहों में रखा गया है। समूह-1 में 10. समूह 2 में 61 एवं समूह 3 में 75 विकासखण्डों को वर्गीकृत किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विनिर्माण के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक का समग्र प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नीति के माध्यम से एक ओर जहां राज्य के युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बनाने के लिये उद्यम कांति योजना का प्रावधान किया गया है, वहीं दूसरी ओर देश में बन रहे बड़े इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर के अनुरुप ही राज्य में भी NICDC के माध्यम से इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर औद्योगिक नगरी कोरबा-बिलासपुर-रायपुर की परिकल्पना की गई है। जो कि राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्तवपूर्ण कदम है। इस नीति में प्रथम बार … Read more

मुख्यमंत्री साय ने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देर रात कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर राजधानी रायपुर के पवित्र खारून नदी के तट महादेव घाट पहुंचकर श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली के दर्शन किए। उन्होंने श्री हाटकेश्वर महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पवित्र महादेव घाट में कार्तिक स्नान के लिए जुटे श्रद्धालुओं का अभिवादन कर सभी को कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विधायक मोतीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर महादेव घाट में आयोजित होने वाला पुन्नी मेला बहुत लोकप्रिय है। दूर-दूर से लोग इसमें बड़ी श्रद्धा के साथ हिस्सा लेने आते हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक परंपराएं न केवल हमारी आस्था को मजबूत करती हैं अपितु हमारे जीवन में उल्लास भी भरती हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमने प्रदेशवासियों को अपने आराध्य भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या भेजने की निःशुल्क की व्यवस्था की है। श्री साय ने मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के शीघ्र शुरू किए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि इससे 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक तीर्थ यात्रा पर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज से हमने प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी की शुरूआत कर दी है। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देश भर से आए जनजाति कलाकारों ने राजधानी में मनमोहक नृत्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने आज नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने की जानकारी भी लोगों के साथ साझा की।

14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान कर सकेंगे धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय

चालू खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीदी आज 14 नवंबर से शुरू मुख्यमंत्री के निर्देश पर धान खरीदी की सभी आवश्यक तैयारी पूर्ण, 2739 उपार्जन केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान कर सकेंगे धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय राज्य में 2739 उपार्जन केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर होगी धान खरीदी राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी रायपुर राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 14 नवंबर से प्रारंभ होने जा रही है। प्रदेश के किसानों से धान खरीदी की योजना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर प्रदेश के सभी 2739 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। इस खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में पंजीकृत कुषकों की संख्या 27 लाख 1 हजार 109 है। इस वर्ष 1 लाख 35 हजार 891 नये किसान पंजीकृत हुए हैं और 1 लाख 36 हजार 263 हेक्टेयर नवीन रकबों का पंजीयन किया गया है। सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाईस के माध्यम से उपार्जन की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा। इसके लिए 7 नवंबर से ही टोकन आवेदन की व्यवस्था आरंभ कर दी गई है। खरीदी सीजन में लघु एवं सीमांत कृषकों को अधिकतम 2 टोकन एवं बडे़ कृषकों को 3 टोकन की पात्रता होगी। धान खरीदी अवधि 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान अपना धान खरीदी केन्द्रों में लाकर समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते है। खरीदी केंद्रों में तौल हेतु इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट की व्यवस्था की गई है। खरीदी केंद्रों से धान का उठाव मिलर एवं परिवहनकर्ता के माध्यम से समयानुसार कराने के निर्देश दिये गये है। सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था से लेकर छांव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं। विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर शिकायत निवारण हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले किसानों को समय पर भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा राशि की व्यवस्था कर ली गई है। समितियों में राशि आहरण हेतु ‘‘माइक्रो एटीएम’’ की व्यवस्था भी दी जा रही है, जिससे कि किसानों को सुविधा हो। किसानों द्वारा समिति में धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर राशि किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जायेगी। खाद्य मंत्री बघेल के निर्देश पर धान रिसाइकलिंग बोगस खरीदी पर नियंत्रित करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टीम द्वारा राज्य के अलग अलग संभागों में विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है। मंडी विभाग द्वारा मंडी अधिनियम के तहत जिलों में अधिकृत व्यापारियों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा किया गया है। एनआईसी द्वारा तैयार मोबाइल एप्प के माध्यम से गिरदावरी के खसरों का पुनः सत्यापन लगातार जारी है। मार्कफेड द्वारा राज्य स्तर पर एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित कर राईस मिल एवं उपार्जन केन्द्रों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। राज्य स्तर पर अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग करेंगे। विभागीय मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया है कि राज्य स्तरीय दल आबंटित जिलों में खरीदी के दौरान कम से कम तीन बार भ्रमण करेंगे। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाएगी और की गई कार्यवाही के संबंध में अवगत भी कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ॐ का उच्चारण कर महाआरती का किया शुभारंभ, गंगा आरती दरहाघाट का किया लोकार्पण

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव-2024 में हुए शामिल  मुख्यमंत्री साय मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव-2024 में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने ॐ का उच्चारण कर महाआरती का किया शुभारंभ, गंगा आरती दरहाघाट का किया लोकार्पण महाआरती में मातृशक्ति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सक्ती जिले के चंद्रपुर में महानदी के दरहाघाट तट पर आयोजित मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव-2024 में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर सीएसआर मद से निर्मित गंगा आरती दरहाघाट का लोकार्पण किया। महाआरती में मातृशक्ति महिलाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने गंगा आरती के अवसर पर सभी को देवउठनी एकादशी की बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक दशक पहले इस भव्य आयोजन के शुभारंभ का सौभाग्य मुझे मिला था। आज पुनः यहां आने का मौका मिला है। महानदी छत्तीसगढ़ के लिए जीवनदायिनी है। इससे जनजीवन को जल तो मिल रहा है, इसके साथ ही यह प्रदेश में ऋषि परम्परा की साक्षी भी है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है। प्रभु राम का ननिहाल है। अब अयोध्या में उनका भव्य मंदिर बन चुका है। प्राण प्रतिष्ठा के हम सब साक्षी बने हैं। छत्तीसगढ़ से भी लोग अयोध्या में सेवा दे रहे हैं। यहां के डॉक्टर अभी भी वहां निःशुल्क सेवा दे रहे हैं। राम लला दर्शन योजना से प्रदेश के श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर रहे हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि तीर्थ यात्रा योजना को पुनः शुरू करने जा रहे हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों के कॉरिडोर बनाने का भी काम कर रहे है। नदियां हमारी अमूल्य विरासत है, आने वाली पीढ़ियों के लिए इन्हें सहेजें – मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नदियां किसी भी संस्कृति की जीवंत प्रतीक होती हैं। नदियां केवल बहता पानी नहीं बल्कि इसके साथ बसे समाज के सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की पहचान होती हैं। भारतीय संस्कृति में नदियों को जीवनदायिनी कहा गया है। मानव सभ्यता को पीढ़ी दर पीढ़ी सींचती संवारती हमारी इस अमूल्य विरासत रूपी नदियों को सहेजने का भाव हम सभी के अंदर एक कर्तव्य के रूप में पल्लवित हो, इसमें यह आयोजन महती भूमिका निभाएगा। साध्वी प्रज्ञा देवी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद जांजगीर चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े, सांसद रायगढ़ राधेश्याम राठिया, गोकुलानंद पटनायक, संतराम यादव, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, मातृशक्ति महिलाएं, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री 12 नवम्बर को चन्द्रपुर के दौरे पर, महानदी महाआरती महोत्सव में होंगे शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 12 नवम्बर को सक्ती जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल चन्द्रपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री शाम 4.20 बजे पुलिस मुख्यालय हेलीपेड नवा रायपुर से हेलीकॉप्टर से रवाना होकर शाम 5 बजे खेल मैदान नगर पंचायत चन्द्रपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शाम 6 बजे से 7.30 बजे तक मां चन्द्रहासिनी देवी मंदिर दर्शन एवं दरहाघाट चन्द्रपुर में मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव 2024 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय 7.30 बजे कार द्वारा रायगढ़ के लिए रवाना होंगे। जहां वे रात्रि 8 बजे रायगढ़ पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे।  

राज्योत्सव – 2024 : आदिमजाति विभाग की प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की प्रशंसा

रायपुर अटल नगर नवा रायपुर स्थित पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर में आयोजित 24 वां राज्योत्सव में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की स्टॉल लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा है। राज्योत्सव प्रारंभ होने के साथ ही लोगों की भारी भीड़ आदिम जाति विकास विभाग की स्टॉल पर देखने को मिला। वहीं दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी विभागीय स्टॉल का अवलोकन कर प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने स्टॉल में बनाए गए सेल्फी जोन में परिवार संग एक फोटो भी खिचवाई। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने उनका अभिवादन करते हुए उन्हें प्रदर्शनी के थीम के बारे में विस्तार से बताया। उल्लेखनीय है कि विभागीय मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश के अनुसार इस बार की झांकी ’’जनजातीय गौरव शौर्य और संस्कृति का बखान’’ थीम पर बनाई गई थी। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा एवं सचिव सह आयुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा स्वयं पूरे स्टॉल की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। स्टॉल की खूबसूरती, जनजातीय शौर्य एवं जनजातीय संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे थें। स्टॉल में स्वतंत्रता काल के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए जनजातीय विद्रोहों की एक झलक दिखाई गई है, जो कि जनजातीय शौर्य को दर्शाती है। साथ ही जनजातीय समृद्ध संस्कृति को भी झांकी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा जनजातियों के परंपरागत आभूषणों एवं विभागीय योजनाओं को भी फ्लैक्स के माध्यम से बखूबी प्रदर्शित किया गया। साथ ही आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय क्षेत्र में किए गए शोध प्रकाशन को भी अवलोकन हेतु प्रदर्शित किया गया। आमजन को आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही विभागीय गतिविधियों की जानकारी देने के लिए विभागीय योजनाओं का ब्रोशर भी स्टॉल से उपलब्ध कराया गया। स्टॉल पर जनजातीय गौरव दिवस तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सेल्फी जोन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल में आने वाले लोग उक्त सेल्फी जोन अंतर्गत लिखी हुई जानकारी से जहां उक्त अभियान की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सेल्फी जोन में जाकर फोटो खिंचवाकर इस पल को यादगार बना रहे हैं।

खारुन नदी तट पर छठी मैया की मंगल आरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज शाम यहां राजधानी रायपुर के महादेव घाट पर आयोजित छठ महापर्व कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी और कहा कि सूर्य आराधना छठ पूजन मानव को प्रकृति से जोड़ने का पर्व है। मुख्यमंत्री साय खारुन नदी तट पर छठी मैया की मंगल आरती में भी शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन छठ पर्व आयोजन समिति महादेव घाट द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छठ महापर्व के इस कार्यक्रम में आकर मैं स्वयं को बहुत सौभाग्यशाली अनुभव कर रहा हूँ। इस भव्य आयोजन के लिए मैं आयोजन समिति को बहुत बहुत बधाई देता हूँ। छठ महापर्व की प्रतीक्षा उपासक वर्ष भर करते हैं। इस महापर्व पर दूर-दूर से लोग चाहे कहीं भी रह कर काम कर रहे हों, वे छठ पूजा में शामिल होने पहुंचते हैं। सरकार के द्वारा भी छठ पर विशेष रेल आदि परिवहन की व्यवस्था की जाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सूर्य भगवान की उपासना के इस पर्व में कठिन व्रत रखा जाता है। हमारी माताएं-बहनें निर्जला उपवास रखती हैं। छठ महापर्व हमें प्रकृति से भी जोड़ता है। नदी, तालाब आदि जल-स्त्रोत के करीब घाटों पर छठ की पूजा होती है, इस तरह इस पर्व में हम प्रकृति के समीप पहुंचते हैं। छठ पर्व पर हमें नदी और तालाब जैसे हमारे जल-स्त्रोतों के भी संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आज दिवंगत गायिका श्रीमती शारदा सिन्हा को भी श्रद्धांजलि देना चाहूंगा। उनके छठ गीतों को हमारी पूरी पीढ़ी ने सुना है। मैं छठी मैया और सूर्य भगवान से सभी छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करता हूँ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि  जिन पंचमहाभूतों से हमारे शरीर का निर्माण हुआ है उनकी पूजा इस पर्व में होती है। छठ महापर्व ऐसा पर्व है जिसमें उगते सूर्य के साथ अस्त होते सूर्य को भी अर्घ्य दिया जाता है। सभी के ऊपर छठी माई की कृपा बनी रहे। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पिछले 10-15 सालों से महादेव घाट समिति द्वारा लगातार छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। छठ में अस्त होते सूर्य की आराधना हमें जीवन जीने का तरीका सिखाती है। इस पर्व का संदेश है कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव से हमें कभी परेशान नहीं होना चाहिए। मैं सभी को छठ की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।   इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरन्दर मिश्रा, संपत अग्रवाल, अनुज शर्मा, पूर्व सांसद सुनील सोनी, स्वामी राजीवलोचन जी महाराज, रामप्रताप सिंह, संजय श्रीवास्तव, पंकज शर्मा, छठ समिति महादेव घाट के सदस्यगण व बड़ी संख्या में उपासक उपस्थित रहे।

धूमधाम से मना विधायक विष्णु खत्री का जन्मदिन

बैरसिया भोपाल से बैरसिया तक जगह-जगह हुआ स्वागत, मिष्ठान्न वितरण, दी बधाइयां भोपाल। दीप पर्व की बेला के बीच विधायक विष्णु खत्री का जन्मदिन (3 नवम्बर 2024) को प्रात: काल उनके निवास से लेकर सम्पूर्ण बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में उत्सवी माहौल रहा। सर्वप्रथम उनके निवास पर क्षेत्र की जानीमानी हस्तियों के साथ पंचायत सचिव, सरपंच और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों ने पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया और उनके दीर्घायु होने की कामना की। इस अवसर पर ढोल ताशे के साथ कार्यकर्ता हाथों में पुष्प गुलदस्ता, पुष्पमालाओं के साथ पहुंचे और अपने प्रिय, लाडले विधायक को जन्मदिन की कामना की। निज निवास पर हर्षोल्लास के साथ जन्मदिन की बधाई स्वीकारने के बाद विधायक विष्णु खत्री भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्वागत, फलों से तुलादान करने का कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें शामिल होने के लिए निकल पड़े और सर्वप्रथम मीना चौराहे पर कोमल मीणा और भारतीय जनता पार्टी पिछड़ावर्ग अध्यक्ष अमीत चौहान की अगुवाई में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में पहुंचे और बधाई स्वीकार की। ग्राम हज्जाममपुरा में जनपद उपाध्यक्ष मलखान सिंह ठाकुर ने केले एवं फलों से तोलकर किया स्वागत बैरसिया विधानसभा से विधायक विष्णु खत्री का जन्मदिन के अवसर पर जनपद पंचायत फंदा के उपाध्यक्ष मलखान सिंह ठाकुर ने ग्राम हज्जामपुरा में केले एवं फलों से तोलकर भव्य स्वागत किया गया। इससे पहले विधायक विष्णु खत्री ने हज्जामपुरा मंदिर में दर्शन कर बच्चों को मिष्ठान वितरीत की। और सभी की बधाइयां स्वीकार की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। ईटखेड़ी में रमेश मीणा बाबूजी, अंकित शर्मा, शुभम माली के नेतृत्व में किया भव्य स्वागत इसी क्रम में विधायक विष्णु खत्री का काफिला ईंटखेड़ी स्थित माली डेरी पहुंचा जहां भारतीय जनता युवा मोर्चा के रमेश मीणा बाबूजी, मंडल अध्यक्ष अंकित शर्मा, शुभम माली के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया एवं केक कटवाकर लड्डू वितरित किए गए। इस अवसर पर परवलिया मंडल के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। गोलखेड़ी में बीनापुर सरपंच भूपत मीणा के नेतृत्व में किया भव्य स्वागत इसी क्रम में ग्राम गोलखेड़ी चौराहे पर बीनापुर सरपंच प्रतिनिधि भूपत सिंह मीणा के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पुष्पमाला पहनाकर प्रिय विधायक विष्णु खत्री एवं साथ में आए भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष कैदारसिंह मंडलोई सहित वरिष्ठ  पदाधिकारियों को भव्य स्वागत किया गया। इसके साथ ही निपानिया जाट में सरपंच हिम्मतसिंह जाट के नेतृत्व में भव्य स्वागत कर मिष्ठान खिलाई गई। वहीं रायपुर सरपंच दारासिंह सिलावट के नेतृत्व में विधायक विष्णु खत्री का भव्य स्वागत किया गया और मिष्ठान्न वितरित की गई। दुपाडिय़ा में गब्बर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में केले से तोलकर किया स्वागत ग्राम दुपाडिय़ा में पूर्व सरपंच गब्बरसिंह ठाकुर के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया। परवलिया मंडल के अंतिम ग्राम में परवलिया मंडल सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भव्य स्वागत किया गया और मिष्ठान्न वितरित की गई। इस अवसर पर भाई गब्बरसिंह ठाकुर, रीतेश चौकसे,   अजय कुशवाह, भूपत मीणा, परवलिया मंडल अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण कुशवाह सहित गणमान्य जनों द्वारा विधायक विष्णु खत्री के वजन को केले से तोला गया एवं केलों को वितरित किए गए। प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक और गणमान्यजन ने दी बधाई विधायक विष्णु खत्री को जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री तुलसीराम सिलावट, भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष कैदारसिंह मंडलोई, जनपद पंचायत बैरसिया अध्यक्ष प्रतिनिधि कुबेरसिंह गुर्जर, कुबेरसिंह जाट, सर्जन सिंह ठाकुर, तीरथसिंह मीणा, मध्यप्रदेश पंचायत सचिव कल्याण संगठन के दशरथ वैष्णव सहित पंचायत सचिव, कार्यकारी अध्यक्ष बृजेशसिंह भदौरिया, ओमप्रकाश शर्मा, ग्राम पंचायत गुराडिय़ा सरपंच प्रतिनिधि राकेश करारिया, ग्राम पंचायत चांदपुर के सरपंच प्रतिनिधि भारत सिंह, जिला पंचायत सदस्य अशोक मीना सहित गणमान्य जनों ने स्वागत कर पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई दी। सेवा दिवस के रूप में मनाया विधायक विष्णु खत्री का जन्मदिन,हितग्राही लाभ वितरण बैरसिया। विधायक विष्णु खत्री के जन्मदिन के उपलक्ष्य में रविवार को शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के लिए हितग्राही लाभ वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विधायक विष्णु खत्री ने कहा जन्म दिन तो एक बहाना है। हमे तो हमारे दिव्यांगजनों को, हमारी लाडली बहनों को, लखपति बहनों को और हमारे बुजुर्गों को उपहार देना था। हमने दिव्यांगजनों के लिए जो शिविर लगाए थे। उसकी परिणीति यह थी कि हमे जरूरतमंदों को लाभ पहुंचना था। हमने 22 दिव्यांगजनों को मोटराइज सायकिल और कुछ को कृत्रिम अंगों का वितरण किया है। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को 22 मोटराइस सायकिल 5 रोलेटर, 4 हाथ चलित सायकिल, 8 व्हील चेयर, 9 अन्य उपकरण सहित 50 उपकरणों का वितरण किया गया है। इसके अलावा  70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान कार्ड का वितरण किया गया। इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना  की पात्र हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र एवं स्व सहायता समूह की लखपति लाडली बहनों को लाभ वितरण किया गया। कार्यक्रम से पहले रास्ते में विधायक विष्णु खत्री का जगह-जगह हार, फूल से स्वागत कर क्षेत्रवासियों ने उन्हें जन्म दिवस की बधाइयां दी। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर सभी पार्टी के वरिष्ठ नेता पार्टी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों ने जन्मदिन की बधाइयां दी। कार्यक्रम के उपरांत विधायक विष्णु खत्री ने देव बरखड़ी में भाई दूज मेले में पहुंच कर देवनारायण भगवान के आगे मत्था टेक कर आशीर्वाद लिया।

सुशासन से छत्तीसगढ़ ने पकड़ी विकास की रफ्तार

 विशेष लेख इस राज्योत्सव पर छत्तीसगढ़ 24 वर्ष का हो गया। युवा छत्तीसगढ़ पिछले 10 महीने के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार में तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर हो चला है। सड़कों, रेल लाइनों समेत अधोसंरचना के क्षेत्र में राज्य ने बीते 24 वर्षों में निरंतर प्रगति की है। रायपुर एयरपोर्ट देश के तमाम बड़े शहरों से जुड़ गया है। जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। बस्तर और सरगुजा के आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक सड़कों का जाल बिछ चुका है। राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन का देश के आधुनिकतम रेलवे स्टेशनों में शुमार होने लगा है। गांव-गांव तक बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा चुकी हैं। राजधानी रायपुर शिक्षा का बड़ा केेंद्र बनकर उभरा है। बस्तर में एनएमडीसी का स्टील प्लांट प्रारंभ हो चुका है। राज्य की कला, संस्कृति, वनोपज, हस्तशिल्प आदि की अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुकी है। आज से 24 साल पहले जब राज्य बना था, तब से लेकर साल भर पहले तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़ की बड़ी समस्या थी। विष्णु देव साय की सरकार की कुशल रणनीति और प्रभावी कार्रवाई के चलते अब राज्य में नक्सल समस्या समाप्त होने की कगार पर पहंुंच गई है। 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ ही विष्णु सरकार ने जनहित में फैसले लेने और उसे अमल में लाने को लेकर एक्शन में आ गई थी। सरकार गठन के अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप 18,12,743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। राज्य के 13 लाख किसानों को दो साल के धान का बकाया बोनस पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस के अवसर 25 दिसंबर 2023 को 3176 करोड़ रुपये जारी किया। मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए सरकार ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से 3100 रुपये के दाम पर धान की खरीदी की। 25 लाख 75 हजार किसानों को धान का समर्थन मूल्य 32 हजार करोड़ रुपया तत्काल जारी किया और 12 जनवरी 2024 को 13,320 करोड़ रुपये की अंतर राशि का भुगतान भी कर दिया। खरीफ वर्ष 2023-24 में किसानों से रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी विष्णु देव साय की सरकार ने की। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये की गई है। 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को इसका लाभ मिल रहा है। संग्राहकों को चरण पादुका वितरित करने की योजना भी लागू होने जा रही है। विष्णु सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अंत्योदय के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रखा है। प्रशासन में पारदर्शिता, आम जनता की सुनवाई, नारी, गरीब, किसान, युवा के लिए अवसरों के द्वार खोलने का काम इस सरकार ने किया है। महतारी वंदन योजना- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य की 70 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रति माह 1000 रुपये अंतरित किए जा रहे हैं। 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री मोदी की वर्चुअल उपस्थिति मेें महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया गया था। इस योजना की 9 वीं किश्त हाल में यहां पहुंचीं राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मु ने जारी की। महिलाओं की उन्नति के लिए सरकार कई कार्यक्रम चला रही है। कांग्रेस की सरकार ने महिला समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था। मुख्यमंत्री ने उन्हें दोबारा यह काम सौंप दिया है। युवाओं की हितैषी सरकार – नई दिल्ली के ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़कार 185 कही गई है। यूपीएससी की तैयारी करने वाले एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के युवाओं को इसका लाभ मिल रहा है। पुलिस विभाग सहित अन्य शासकीय विभागों में भर्ती की अधिकतम आयु सीमा में 31 दिसंबर 2028 तक 05 वर्ष की छूट का एलान किया गया है। राज्य में विभिन्न विभागों में 7 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा रही है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए यूपीएससी के पूर्व चेयरमेन प्रदीप कुमार जोशी की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया है। उद्यम क्रांति योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ब्याज मुक्त ऋण देने की व्यवस्था की गई है। आलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले राज्य के युवाओं को सरकार तीन करोड़ रुपये देगी। रजत जीतने पर दो करोड़ तथा कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपये मिलेंगे। सुशासन का मूलमंत्र- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। ई समीक्षा, ई लोकसेवा गारंटी तथा डिजिटल सेक्रेटेरिएट अब सुशासन एवं अभिसरण विभाग के जिम्मे होगा। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस के अवसर पर अटल मॉनीटरिंग पोर्टल का शूभारंभ किया गया। आम जनता से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याआंें का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री ने जनदर्शन कार्यक्रम प्रारंभ किया है। ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए ई आफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल तथा स्वागतम पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकाधिक क्षेत्रों में आईटी का उपयोग किया जा रहा है। गरीबों की मददगार सरकार- विष्णु देव साय की सरकार ने गरीब जनता की मदद के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। 68 लाख गरीब परिवारों को अगले 5 साल तक मुफ्त राशन देने के लिए बजट में 3400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ग्रामीण घरों को नल से पानी देने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 4500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक 40 लाख परिवारों को नल का कनेक्शन दिया जा चुका है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत गरीब परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता देने के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास की पहल- राज्य में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 एक नवम्बर से लागू हो गई है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा एवं विस्तार देने के लिए नई औद्योगिक नीति में कई रियायती प्रावधान किए गए … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों और सफाईकर्मियों को मिठाईयां और उपहार देकर बांटी दीपोत्सव और राज्योत्सव की खुशियां

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर 11 हजार दीपों से रौशन हुआ एकात्म पथ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रंग बिरंगी आतिशबाजी से आसमान हुआ सतरंगी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों और सफाईकर्मियों को मिठाईयां और उपहार देकर बांटी दीपोत्सव और राज्योत्सव की खुशियां रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य की 24 वीं वर्षगांठ और दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नया रायपुर के एकात्म पथ पर आयोजित 11,000 दीपों के प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और एकता का प्रतीक है, जिससे छत्तीसगढ़ की संस्कृति को प्रदर्शित किया गया । दीपों की रौशनी से नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ, जो राज्य के गौरव को बढ़ाएगा । इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, इंद्र कुमार साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद और बसव राजू एस.सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस मौके पर एकात्मपथ में 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर नया रायपुर के कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन के साथ शानदार आतिशबाजी और रंग-बिरंगी लाइटों ने सभी को रोमांचित कर दिया। इस अवसर पर मधुर संगीत की धुनों ने माहौल को और भी मनोरम बना दिया। स्थल पर आकर्षक रंगोली सजाई गई थी, और स्थापना दिवस के प्रतीक चिन्हों के साथ सेल्फी पॉइंट पर लोगों ने सेल्फी लेकर खुशी जताई। इस अवसर पर नवा रायपुर में नवनिर्मित सीबीडी रेलवे स्टेशन के पास आयोजित कार्यक्रम में और एकात्मपथ पर श्रमिकों और सफाईकर्मियों को दीपावली के उपलक्ष्य में मिठाईयां वितरित कर शुभकामनाएं दीं। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना 1 नवंबर 2000 को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में मध्य प्रदेश से अलग करके की गई थी, यह राज्य पुनर्गठन भारत के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। छत्तीसगढ़ की स्थापना के पीछे का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में विकास की गति को तेज करने के साथ यहां की विशिष्ट सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को मान्यता देना और लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा प्रदान करना था। आज, राज्य अपनी 24वीं स्थापना वर्षगांठ मना रहा है और अपनी समृद्ध संस्कृति और विविधता के साथ देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह दिन राज्य के लोगों के लिए गर्व और उत्सव का अवसर है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सफाई कर्मियों के साथ दीवाली की खुशियां मनाई और उन्हें अपनी ओर से मिठाई और उपहार दिए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में सफाई कर्मियों के साथ दीवाली की खुशियां मनाई और उन्हें अपनी ओर से मिठाई और उपहार दिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मियों के बच्चों को बड़े अपनत्व और स्नेहिल भाव से दुलारा एवं उन्हें चॉकलेट प्रदान किए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरूण साव, विधायक मोती लाल साहू उनके साथ थे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राज्य स्थापना दिवस के मौके पर एकात्म पथ में 11 हजार दीपों के प्रज्जवलन कार्यक्रम शामिल होने के लिए नवा रायपुर जा रहे थे। इसी बीच सीबीडी स्टेशन के पास सफाई कर्मियों को देखकर मुख्यमंत्री रूके और उनसे मुलाकात कर दीवाली की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी सफाई कर्मियों को अपनी ओर से मिठाई और उपहार भी दिए। मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मियों से उन्हें शासन की ओर से मिलने वाले मानदेय और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा उपस्थित थे। क्रमांक: 3660/केशरवानी/नसीम    

आदिवासियों का विकास छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता

रायपुर : विशेष लेख : आदिवासियों का विकास छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता – जे.एल.दरियो, अपर संचालक छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार ने आदिवासी समुदाय की विकास में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुददों को वरीयता दी है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में समग्र विकास का स्वप्न साकार हो रहा है। प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में जिस तरह स्वास्थ्य, सड़क, संचार और सुरक्षा नेटवर्क को मजबूती दी जा रही है, उसका सर्वाधिक लाभ आदिवासी वर्ग को मिल रहा है। इससे जहां आदिवासी समाज के जीवन स्तर में गुणवत्ता का संचार हो रहा है, वहीं सुशासन की इस बयार से प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद की समस्या को परास्त करने में भी मदद मिल रही है। इन इलाको में केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही पी.एम.जनमन योजना और राज्य सरकार की नियद नेल्ला नार योजना गेम चेंजर साबित हो रही है।        छत्तीसगढ़ की लगभग 3 करोड़ आबादी में एक तिहाई जनसंख्या आदिवासी समुदाय की है। इन समुदायों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए साय सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा पर विशेष फोकस किया गया है। इसके अलावा केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं को उन तक पहुंचाने के लिए नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। आदिवासी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं से नया वातावरण बन रहा है। साय सरकार ने पिछले 10 माह में इन सभी मुददों पर काम किया है। मुददा चाहे आदिवासी समुदाय के आवास, पेयजल, विद्युत या सड़क सहित सभी बुनियादी जरूरतों पर तेजी से काम किया जा रहा है।        राज्य शासन की नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना जनकल्याण का अभिनव उपक्रम साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किमी के दायरे में आने वाले 96 गांवों का चयन कर शासन के 17 विभागों की 53 योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा। शेष जिलों के विद्यार्थियों को 1 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा। ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा 4 लाख रूपए रखी गई है।        आदिवासी क्षेत्रों में वामपंथी उग्रवाद को रोकने के लिए सुरक्षा और विकास को मूल मंत्र बनाया है, इसके सार्थक परिणाम दिख रहे हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं भी दी जा रही है। बीते 10 महीनों के दौरान मुठभेड़ों में 195 माओवादियों को ढेर किया गया। 34 फारवर्ड सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई। निकट भविष्य में दक्षिण बस्तर एवं माड़ में रि-डिप्लायमेंट द्वारा 30 नए कैम्पों की स्थापना प्रस्तावित है।        राज्य में गरीब परिवारों को शहीद वीर नारायण सिंह विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 20 लाख रूपए की राशि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य से समृद्धि की राह पर आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी क्षेत्रों के अस्पतालों को सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 68 लाख गरीब परिवारों को 05 साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय लिया है, इसके लिए बजट में 3400 करोड़ रुपए का प्रावधान है। इसका लाभ आदिवासी समुदाय को भी मिल रहा है।          केन्द्र सरकार द्वारा शुरू किए गए पीएम जनमन योजना के तहत आदिवासी बसाहटों में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तेजी काम हो रहा हैं। राज्य में विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति समूह के परिवारों के विकास हेतु 20 करोड़ का प्रावधान है। इन क्षेत्रों में 57 मोबाईल मेडिकल यूनिट के संचालन हेतु अनुपूरक में 2 करोड़ 72 लाख का प्रावधान है।  पीव्हीटीजी के विद्युतीकरण हेतु 3 करोड़ 76 लाख का अतिरिक्त प्रावधान है।     छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय की बसाहट ज्यादातर वनांचल क्षेत्रों में है। इन क्षेत्रों में सड़क, नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा भी भारत माला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर से विशाखापट्नम तक ईकोनॉमी कारिडोर बनाया जा रहा है। इसका सीधा फायदा भी आदिवासी इलाकों को मिलेगा। केन्द्र सरकार द्वारा नगर नार में देश का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र भी शुरू किया गया है, इससे बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिली है।        राज्य के आदिवासी क्षेत्रों और अयोध्या धाम तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने रायगढ़-धरमजयगढ़-मैनपाट-अंबिकापुर-उत्तरप्रदेश सीमा तक कुल 282 किमी तक के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की है। यह मार्ग प्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरता है एवं धार्मिक नगरी अयोध्या से छत्तीसगढ़ राज्य को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इस मार्ग के लिए भारत सरकार से हरी झण्डी मिल गई है। केन्द्र सरकार द्वारा आदिवासी समाज को प्राथमिकता जनजातीय परिवारों के सामाजिक आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान शुरू किया जा रहा है। इस योजना से देशभर के इसमें 63,000 गावों के 5 करोड़ जनजातीय लोग लाभार्थी होंगे। छत्तीसगढ़ की जनसंख्या में लगभग 30 प्रतिशत अनुपात आदिवासी समाज को सीधा लाभ मिलेगा। इसी प्रकार कृषि बजट में वृद्धि खेती-किसानी से जुड़े क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। किसानों की खेतीबाड़ी के लिए 32 कृषि और बागवानी फसलों की नई उच्च पैदावार वाली और जलवायु अनुकूल किस्म जारी की गई है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 10,000 जैव आदान संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएगा, इसका लाभ भी राज्य के आदिवासी बहुल इलाकों को मिलेगा।       आदिवासी बहुल इलाकों में तेन्दू के वृक्षों की बहुतायत है। तेन्दूपत्ता संग्रहण से बड़ी संख्या में समुदाय के लोगों को रोजगार मिलता है। इसको देखते हुए राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्रहरण की दर 4000 से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों से लगभग 12 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं। जल्द ही सरकार तेन्दूपत्ता संग्रहकों के लिए चरण पदुका वितरण योजना भी शुरू करने जा रही है।        राज्य सरकार द्वारा 36 कॉलेजों के भवन-छात्रावास निर्माण के लिए 131 करोड़ 52 लाख रूपए मंजूर किए गए है। इससे प्रदेश के 36 … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 18 अक्टूबर को भिलाई में ‘क्षेत्रीय उद्यमी सम्मेलन-2024‘ में होंगे शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 18 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे भिलाई के खुर्सीपार स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित ‘क्षेत्रीय उद्यमी सम्मेलन-2024‘ में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री साय दोपहर 1.40 बजे पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 1.55 बजे दुर्ग जिले के भिलाई-3 हेलीपेड पहुंचेंगे। साय दोपहर 2 बजे अग्रसेन भवन खुर्सीपार में आयोजित क्षेत्रीय उद्यमी सम्मेलन-2024 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय अपरान्ह 3.05 बजे भिलाई-3 से रवाना होकर 3.20 बजे रायपुर लौट आएंगे।

मुख्यमंत्री की विशेष पहल से शासकीय सेवा के 6 हजार से अधिक पदों में नियुक्तियों की प्रक्रिया आरंभ

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी विभाग में 102 अभियंताओं की भर्ती को वित्त से मंजूरी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए खुले अवसरों के द्वार  मुख्यमंत्री की विशेष पहल से शासकीय सेवा के 6 हजार से अधिक पदों में नियुक्तियों की प्रक्रिया आरंभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग में सब इंजीनियरों के 102 पदों पर भर्ती को वित्त विभाग ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसमें 86 सिविल और 16 विद्युत-यांत्रिकी के उप अभियंता के पद शामिल हैं। इससे पहले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 128 अभियंताओं के पद निकाले गए थे।     मुख्यमंत्री ने तेजी से विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के निर्देश दिए हैं और रिक्त पदों पर भर्ती की त्वरित रूप से स्वीकृति दी जा रही है। मुख्यमंत्री की विशेष पहल से अब शासकीय सेवा के 6 हजार से अधिक पदों में नियुक्तियों की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में अवसर लगातार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। अब तक 8 से अधिक विभागों में विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, गृह विभाग, विधि विभाग, आदिम जाति कल्याण, वन एवं पर्यावरण विभाग में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। निर्माण एजेंसियों में तेजी से चल रही भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश में बड़े पैमाने पर चल रही अधोसंरचना परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

महिला सशक्तिकरण के तहत् स्व सहायता समूहों की 412 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया

सफलता की कहानी विष्णु के सुशासन में तेजी से बदल रही गांव की तस्वीर विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ग्राम पंचायत घुघरी विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा महिला सशक्तिकरण के तहत् स्व सहायता समूहों की 412 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया जशपुरनगर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में तेजी से बदल रही है राज्य के गांवों की तस्वीर। शासन के प्रयासों और पंचायती राज योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के बदौलत प्रदेश के गांव अब विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में नई कहानियां लिख रहे हैं।         ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घुघरी की। जिला मुख्यालय जशपुर से 93 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा है। यहां पंचायत की बैठकों में जनभागीदारी के माध्यम से गांव के हर चुनौति का समाधान किया जाता है। गांव में 567 लोगों का राशन कार्ड बनाया गया हैं जिनमें 37 एपीएल कार्ड, 407 बीपीएल कार्ड शामिल हैं। आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से 216 बच्चों को पोषण का लाभ मिल रहा है। धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए भी पोषण की व्यवस्था की गई है। समाजिक सुरक्षा के लिए 2 लाख 10 हजार खर्च किए गए हैं। साथ ही 342 लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया है।          घुघरी निवासी मंगरी बाई ने बताया कि उन्हें हर महिना 500 रूपए पेंशन मिलती है। उसी पैसे से अपना जीवन यापन करती हैं। परिवार के  पालन पोषण करने में सहायता मिल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।          प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् 56 जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। 483 परिवारों के मनरेगा जॉब कार्ड बनाए गए हैं। पीछे दो वर्षाे में मनरेगा के 20 व्यक्तिगत तालाबों का निर्माण कराया गया है।            ग्राम पंचायत घुघरी के विनोद राम ने बताया कि उनके गांव में अक्टूबर और नवम्बर में मनरेगा का कार्य चालू होता है। उसमें गांव के लोग काम करने जाते हैं। गाव के लोगों का जॉब कार्ड है। मनरेगा में कार्य करके सभी परिवार मिलकर  28 हजार रूपए कमा लेते हैं। इसे घर परिवार अच्छा से चल रहा है।           महिला सशक्तिकरण के उददेश्य से 36 स्व सहायता समूहों का गठन कर 412 महिलाओं को  स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ग्राम पंचायत घुघरी की यह कहानी संवरते छत्तीसगढ़ के सुरक्षित होते भविष्य की कहानी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से कर्नाटक से पहुंचा मृतक संजय का शव

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से कर्नाटक से पहुंचा मृतक संजय का शव सीएम कैंप कार्यालय ने की त्वरित कार्यवाही, मुख्यमंत्री का जताया आभार रायपुर कर्नाटक के मंगलुरु में बोट से गिरने के कारण से हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में तपकरा के ग्राम सूंडरु निवासी संजय की मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित पहल करते हुए जिला प्रशासन को निर्देशित किया। मृतक संजय के परिजनों ने दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया से मदद मांगी थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाई और शव को उनके गृह स्थान सूंडरु पहुंचाया गया। इस कठिन समय में मुख्यमंत्री साय की मदद से परिजनों को संबल मिला। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन पर जिला प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए परिजनों ने आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल से साबित होता है कि वे हर नागरिक के दुख-दर्द में सहभागी बन रहे हैं और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर हैं। मंगलुरु थाना साउथ पुलिस स्टेशन, जिला दक्षिण कन्नड़ में संजय की मृत्यु के बाद उनका शव को हवाई जहाज के माध्यम से कल शाम रांची लाया गया। इसके बाद ’1099 मुक्तांजलि’ शव वाहन की मदद से मृतक संजय का शव उनके गृह ग्राम आज सुबह 5 बजे सूंडरु पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सार्थक पहल से लगातार विकास परियोजनाओं का हो रहा आगाज

जशपुर के विकास को मिल रही नई उड़ान, तीव्र गति से हो रहा विकास कार्य 06 महीनों में लोक निर्माण विभाग के 113.19 करोड़ रुपयों की 43 सड़क निर्माण कार्यों की मिली स्वीकृति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सार्थक पहल से लगातार विकास परियोजनाओं का हो रहा आगाज रायपुर  जशपुर जिले के विकास को नई उड़ान दिलाने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर नई विकास परियोजनाओं का आगाज हो रहा है। जिसके द्वारा जिले के विकास को गति मिल रही है। पिछले 06 माह में लोक निर्माण विभाग की 113.19 करोड़ रुपयों की 43 सड़क निर्माण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है।         जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए मुहिम चलाई जा रही है ताकि जिले के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं की पहुंच को बढ़ाया जा सके। इसके लिए आवश्यक है कि उन क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाए। इसके लिए आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर उनके लिए तीव्र गति से तकनीकी विश्लेषण द्वारा डीपीआर निर्माण कर तकनीकी स्वीकृति एवं प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। जिसका परिणाम है कि विगत 06 माह में 43 सड़क निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के साथ निविदा प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है। कलेक्टर द्वारा मुख्यमंत्री साय की मंशानुरूप सभी सड़क निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूर्ण कर आगामी 01 वर्ष में सभी को पूर्ण कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया गया हैं।        लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार के पत्थलगांव के अंतर्गत 73.30 करोड़ रुपयों के 25 सड़क मार्गों का निर्माण किया जाना है। जिसमें 10.94 करोड़ की लागत के एन.एच.43 से बिच्छीकानी ढुढरूपारा से जमरगी तक 8 किमी सड़क मार्ग, 7.98 करोड़ रूपए लागत के बगीया से सूजीबहार तक के 8.70 किमी सड़क मार्ग, 5.57 करोड़ रूपए लागत के लैलूंगा, कोतबा से लवाकेरा तक के 5.18 किमी सड़क मार्ग, 4.28 करोड़ लागत के 3.5 किमी के कांसांबेल मुसकुटी तक सड़क मार्ग, 4.03 करोड़ रूपए लागत के बाबूसाजबहार से गोलीडीह नदी तक सड़क मार्ग, 3 करोड़ रूपए लागत के 1.2 किमी के करजटोली से रजौटी तक सड़क मार्ग सहित 25 सड़क मार्गों का निर्माण कराया जाएगा।         लोक निर्माण विभाग के जशपुर के कार्यपालन अभियंता विरेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि जशपुर में 39.89 करोड़ रुपयों के 18 सड़क मार्गों का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। जिसमें 3.39 करोड़ लागत के चांडीडांड हत्ता हल्काटोली तक के 2.36 किमी सड़क मार्ग, 4.75 करोड़ लागत के एस.एच 17 मुख्य मार्ग से ढोगाअम्बा जामचुआ तक 3.26 किमी सड़क मार्ग, 3.6 करोड़ रूपए लागत के बनकोम्बों से घटमुंडा तक के 3.4 किमी सड़क मार्ग, 2.57 करोड़ रूपए लागत के बालाछापर आरा सकरडेगा से छोटाबनई तक के 2.4 किमी सड़क मार्ग, 2.45 करोड़ रूपए लागत के एन.एच. 43 खड़सा से कोमड़ो तक के 1.94 किमी सड़क मार्ग, 2.38 करोड़ रूपए लागत के भुड़केला से लवानदी पुल तक के 2.10 किमी सड़क मार्ग, 2.33 करोड़ रूपए लागत के खरवाटोली से बांधाटोली तक के 2 किमी सड़क मार्ग, 2.25 करोड़ रूपए लागत के बालाछापर आरा सकरडेगा से कारीताला तक के 2 किमी सड़क मार्ग, 2.29 करोड़ रूपए लागत के बहराखैर से जुड़वाईन तक के 1.63 किमी सड़क मार्ग सहित 18 मार्गों का निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले में 187 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

सियानजनों की सेवा से मिलता है पुण्य और आशीर्वाद: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुजुर्गों के दुख-दर्द को समझें और उन्हें उनकी सेवा का भरोसा दिलाए: मुख्यमंत्री वृद्धजनों की भावनाओं को समझते हुए उनकी सेवा में तत्पर है छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले में 187 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सियानों का सम्मान     रायपुर  अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आज सूरजपुर जिला मुख्यालय में सियान सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले के वृद्धजनों का शॉल, श्रीफ़ल से अभिनंदन कर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज वृद्धजनों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि मैं सभी वृद्धजनों को प्रणाम करता हूँ और आप सभी से आग्रह करता हूँ कि आप वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करें,उनके दुःख दर्द को समझे और उन्हें अपने सेवाभाव से भरोसा दिलाए कि आप उनके साथ हैं। माता-पिता और वृद्धजनों की सेवा से आपको पुण्य और आशीर्वाद मिलेगा, खुशी मिलेगी और उनके आशीर्वाद से आप अपने मुकाम तक पहुँच पाएंगे।      मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार सभी वर्ग के लिए योजनाएं संचालित कर रही है और योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूरों, किसानों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 14 लाख से अधिक सियानो को छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके खाते में पेंशन की राशि दी जा रही है। वृद्धजनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ ही उनके उपचार के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट में 70 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों के लिए आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की है। इसी कड़ी में हमने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि सभी वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाए।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हर बुजुर्गों की इच्छा होती है कि वह अपने जीवनकाल में एक बार तीर्थ यात्रा जाएं, उनकी भावनाओं और आस्था को ध्यान रखकर हमारी सरकार ने अयोध्या में रामलला के दर्शन की व्यवस्था की है। रेल, बस के माध्यम से अयोध्या जाने और आने के अलावा भोजन, ठहरने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना से माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लोग अपने भाँचा राम का दर्शन करने जा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किसानों का भरपूर ख्याल रखा है। उनसे 3100 रुपए में 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी और दो साल का बकाया बोनस की राशि भी प्रदान की है। हमारी सरकार द्वारा सरगुजा से लेकर बस्तर तक के तेंदूपत्ता श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा दर में वृद्धि कर 4000 से 5500 रुपए किया गया और 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने महतारी वंदन योजना लागू कर महीने में एक हजार की राशि महिलाओं के खाते भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा अभी हमारी सरकार को महज नौ माह ही हुए हैं और प्रदेश के सभी वर्ग के लिए योजना बनाकर राज्य के विकास की दिशा में कार्य करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में यहां विकास की गति और बढ़ेगी।     समारोह को सम्बोधित करते हुए जिले के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि हमारे घर में माता-पिता और वृद्धजनों का सदैव सम्मान करना चाहिए। उनके सम्मान और आशीर्वाद से ही हम विकास की राह में आगे बढ़ रहे हैं। छतीसगढ़ सरकार वृद्धजनों के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। उनके लिए पेंशन, आश्रम, उपचार, पीएम आवास, निशुल्क अनाज, तीर्थ यात्रा की व्यवस्था की गई है।     आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छतीसगढ़ में गरीब, मजदूर, किसानों सहित अन्य सभी के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। राज्य के किसानों को धान का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक मद्द दी जा रही है।     समारोह में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वृद्धजन घर परिवार में बरगद की सुकूनदायक छांव की तरह होते हैं, जो दुख-दर्द में हमारी कठिनाईयों को दूर करते हैं। हमें वृद्धजनों की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने जिले में इस तरह के भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन की प्रशंसा की। कार्यक्रम को विधायक भुलन सिंह मरावी ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर रोहित व्यास ने स्वागत भाषण दिया। सूरजपुर जिले के विकास की कई घोषणाएं     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में ग्राम बिहारपुर में सहकारी बैंक खोलने, पिलखा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, गोपालपुर में नवीन प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कराये जाने के साथ ही भटगांव विधानसभा क्षेत्र के 103 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सूरजपुर के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा, सूरजपुर महाविद्यालय के स्टेडियम ग्राउंड में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण, भैयाथान-सूरजपुर मार्ग में ऊंचडीह, नेवरा  राष्ट्रीय राजमार्ग तक 09 किलोमीटर तक सड़क मरम्मत की घोषणा के साथ ही ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की स्वीकृति दी। उन्होंने सूरजपुर ऑडिटोरियम का नाम डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को विकास कार्यों की सौगात के लिए शुभकामनाएं दीं। 187 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के दौरे के दौरान जिले में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री साय द्वारा लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, हाउसिंग बोर्ड, आदिम जाति कल्याण, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं नगरपालिका सूरजपुर के अंतर्गत 187 करोड़ 51 लाख की लागत वाले 159 कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। पीएम आवास के हितग्राहियों को बांटी खुशियों की चाबी     सूरजपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम … Read more

जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में मनाया जाएगा ’जनजातीय गौरव दिवस’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए  जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया  : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जनजातीय संस्कृति में छिपी है, गहरी आध्यात्मिकता देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय परम्परा रही है जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में ’जनजातीय गौरव दिवस’ मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस वर्ष भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती है। छत्तीसगढ़ में भी इसे भव्य रूप से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत, ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन मंत्री केदार कश्यप ने की। विधायक भईयालाल राजवाड़े विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह सोचकर गर्व होता है कि अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों का जन्म जनजातीय समाज में हुआ। अपने देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय समाज में प्रारंभ से रही है। शहीद वीर नारायण सिंह, गैंदसिंह, गुण्डाधूर जैसे अनेक महान नायकों ने अपना बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में प्रकृति का संरक्षण बहुत आवश्यक है। जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया हैै, जो आज भी अनुकरणीय है। जनजातीय समाज में प्रकृति की पूजा की जाती है। पूर्वीं छत्तीसगढ़ में साल के पेड़ में जब फूल आते है तो सरहुल पर्व मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय संस्कृति में गहरी आध्यात्मिकता छिपी है। प्रकृति को सहेजकर, प्रकृति के अनुकूल जीवन जीना। बड़े-छोटे, स्त्री-पुरुष में किसी तरह का भेदभाव नहीं। सब बराबर हैं और प्रकृति का उपहार सबके लिए है। ये बातें हमें इस समाज से सीखने की आवश्यकता है। वास्तव में जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए। जनजातीय समाज में दहेज जैसी सामाजिक बुराई का अस्तित्व नहीं है। भगवान बिरसा मुण्डा का शौर्य हमें हमेशा जीवन में साहस की राह दिखाता है। उन्होंने शोषण मुक्त समाज का सपना देखा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हीं की परिकल्पना के अनुरूप प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ कर विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के जीवन में समृद्धि लाने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कल हजारीबाग से प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान की शुरूआत करेंगे, जिसमें जनजातीय बहुल 63 हजार गांवों के 5 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय लोग कभी दिखावा नहीं करते, उनकी सरलता-सहजता मन मोह लेती है। जनजातीय समाज की खानपान की शैली बीपी-शुगर जैसी लाइफ स्टाईल से जुड़ी बीमारियों से दूर रखती है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत पर आयोजित यह कार्यशाला जनजातीय समाज के गौरव को पूरे समाज के सामने लाने में मील का पत्थर साबित होगी। वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा हैै। इस समाज में अनेक महापुरूषों ने जन्म लिया जिन्होंने 1857 क्रांति के पहले ही अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष की शुरूआत की। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों को बड़ा नुकसान जनजातीय क्षेत्रों में हुआ, अनेक मौकों पर उन्हें मजबूर होकर पीछे हटना पड़ा। कश्यप ने कहा कि अंग्रेजों ने जब बस्तर में रेल लाईन बिछाने का काम शुरू किया उसमें लकड़ी का उपयोग किया जाता था। जनजातीय समाज ने इसका विरोध किया और यह भाव जताया कि हमारा जंगल कोई नहीं काटेगा। सामाजिक एकजुटता के कारण बहुत कुछ संरक्षित रहा। उन्होंने कहा कि आज किए जा रहे आयोजन के माध्यम से इतिहास के पन्नों में दर्ज जनजातीय समाज के गौरव की गाथा हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा प्रमाण है। इस समाज में 80 प्रतिशत परिवार संयुक्त परिवार है। मिलेट का उपयोग, जैविक खेती जैसी अनेक बातें जनजातीय समाज से शिक्षित समाज को सीखने की आवश्कता है। स्वागत भाषण उच्च शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने दिया। वनवासी विकास समिति के अखिल भारतीय युवा कार्य प्रमुख वैभव सुरंगे ने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति में अनेक प्रगतिशील परम्पराएं हैं। भगवान से ये कुछ नहीं मांगते। वनवासी विकास समिति के सचिव डॉ. अनुराग जैन ने कहा कि जनजातीय समाज के गुमनाम महानायकों के योगदान से नई पीढ़ी को परीचित कराने की जरूरत है। कार्यक्रम में वनवासी विकास समिति के प्रांताध्यक्ष उमेश कश्यप विश्व विद्यालय के कुलपति एवं प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने इस अवसर पर जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

सभी की सहभागिता से स्थानीय पौष्टिक आहार, पोषण जागरूकता गतिविधियों में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर

राष्ट्रीय पोषण माह 2024: पोषण जागरूकता गतिविधियों में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर वजन त्यौहार के दौरान 23 लाख बच्चों का वृद्धि मापन किया गया सभी की सहभागिता से स्थानीय पौष्टिक आहार, स्वस्थ्य जीवनशैली, पोषण के साथ पढ़ाई का संदेश जनसमुदाय तक पहुंचाने में मिली बड़ी सफलता रायपुर छत्तीसगढ़ में 01 सितम्बर से 30 सितम्बर तक जन आंदोलन के रूप में 7वां राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया गया। इस दौरान गांवों से लेकर राज्यस्तर तक सुपोषण, बच्चों में व्याप्त कुपोषण एवं किशोरी बालिकाओं, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं में एनीमिया के संबंध में जागरूकता के लिए स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया गया। इस अभियान में हर वर्ग के लोगों की सक्रिय सहभागिता रही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पोषण माह के प्रारंभ में सुपोषित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य के समस्त जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियों महिला स्व-सहायता समूहों, प्रबुद्ध वर्ग, विद्यार्थी वर्ग, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के निकायों के प्रतिनिधि एवं समस्त जनसमुदाय से सक्रिय सहभागिता की अपील की थी। पोषण माह की गतिविधियों में महिलाओं और बच्चों को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए है जन प्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, महिला स्वसहायता समूह, प्रबुद्ध नागरिकों, विद्यार्थियों और स्थानीय जन समुदाय का भरपूर सहयोग मिला। पोषण माह का शुभारम्भ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विभागीय मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा पोस्टर व वीडियो का विमोचन, पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर एवं पोषण शपथ दिलवाकर किया गया था। पोषण जागरूकता गतिविधियों में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर विभागीय अमलों सहित सम्पूर्ण पोषण माह में जनप्रतिनिधियों, पंचायतीराज संस्थाओं, के प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूह के सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के कुशल नेतृत्व, श्रीमती शम्मी आबिदी सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभावी मार्गदर्शन और श्रीमती तुलिका प्रजापति, संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग के सतत् प्रोत्साहन से राष्ट्रीय पोषण माह 2024 में छत्तीसगढ़ ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 01 करोड़ 33 लाख से ज्यादा गतिविधियों का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ ने इसमें पूरे देश में तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रदेश में कुल गतिविधि संख्या के आधार पर 8.77 लाख गतिविधि आयोजित कर जिला दुर्ग प्रथम, 8.70 लाख गतिविधि आयोजित कर जशपुर द्वितीय, 8.44 लाख गतिविधि आयोजित कर रायपुर तृतीय, 7.92 लाख गतिविधि आयोजित कर गरियाबंद चतुर्थ एवं 7.70 लाख गतिविधि आयोजित कर बलरामपुर पांचवें स्थान पर रहें। प्रति आंगनबाड़ी औसत गतिविधि संख्या के आधार पर जिला क्रमशः दुर्ग प्रथम, गरियाबंद द्वितीय, रायपुर तृतीय, धमतरी चतुर्थ एवं कबीरधाम पांचवे स्थान पर रहें। 23 लाख बच्चों का वृद्धि मापन किया गया महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण माह के दौरान एक विशेष अभियान के रूप में वजन त्यौहार का आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय के सभी 0 से 06 वर्ष के बच्चों का वजन एवं ऊंचाई लेकर वृद्धि मापन किया गया। इस अभियान में लगभग 23 लाख बच्चों का वृद्धि मापन किया गया। राष्ट्रीय पोषण माह 2024 की मुख्य थीम एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक पोषण आहार, पोषण भी पढ़ाई भी, बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और कुशल सेवा वितरण के लिए प्रौद्योगिकी का आयोजन और समग्र पोषण रखी गई थी। भारत शासन द्वारा प्रेषित थीम के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पूरे माह के लिए प्रतिदिन राज्य, जिला, विकासखण्ड, और आंगनबाड़ी केन्द्र स्तर पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियांे के लिए रोड मैप के रूप में दिनांकवार गतिविधि कैलेंडर तैयार किया गया। जिसके आधार पर व्यापक पैमाने पर थीम आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। एनीमिया कैम्प, स्वास्थ्य जांच शिविर, पोषण संबंधी जागरूकता, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां आयोजित की गई- महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एनीमिया कैम्प, एनीमिया जागरूकता गतिविधियां, वीएचएसएनडी दिवस का आयोजन, आईवायसीएफ गतिविधियां, स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित शालाओं एवं आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में छात्रों द्वारा पोषण संबंधी जागरूकता के लिए शपथ, व्यंजन प्रतियोगिता, व्यंजन प्रदर्शनी, भाषण प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, खेल भी पढ़ाई भी, पोषण भी पढ़ाई भी, पोषण चौपाल, खेल खेल में पोषण ज्ञान प्राप्त करने संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया। कृषि विभाग के सहयोग से मिलेट आधारित पौष्टिक भोजन संबंधी जागरूकता शिविर, प्रदर्शनी, जैविक उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु प्रचार-प्रसार इत्यादि गतिविधियां आयोजित की गई। लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग द्वारा जल संरक्षण एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग, वेस्ट वाटर के उचित निपटान के संबंध में जागरूकता प्रसार संबंधी उल्लेखनीय कार्य किया गया। वन विभाग द्वारा एक पेड़ मॉं के नाम अभियान अंतर्गत विशेष सहयोग देते हुए वृहत वृक्षारोपण का कार्य किया गया। आयुष विभाग द्वारा राज्य, जिला, विकासखंड एवं आंगनबाड़ी स्तर पर व्यापक पैमाने पर कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम के लिए स्वस्थ जीवनशैली, पौष्टिक आहार, योग गतिविधियां का प्रचार-प्रसार एवं आयोजन किया गया। खाद्य विभाग के सहयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत संचालित उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से जन समुदाय के मध्य पौष्टिक आहार के सेवन के संबंध में प्रचार प्रसार किया गया। ग्राम पंचायतों में पोषण विषय पर विशेष चर्चा की गई। पोषण माह के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ अन्य सहयोगी विभागों द्वारा सक्रिय रूप से सहभागिता दी गई एवं सभी विभागों द्वारा समन्वित रूप से पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय पौष्टिक आहार, स्वस्थ्य जीवनशैली, पोषण के साथ पढ़ाई का संदेश जनसमुदाय तक पहुंचाया गया।

राशि में एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि और स्कूटी खरीदने एक लाख रूपए की राशि शामिल है

रायपुर योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे जो कक्षा 10वीं एवं 12वीं में शिक्षा सत्र 2023-24 में अध्ययनरत तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2023-24 में  टॉप-10 सूची में है, उन्हें इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम से पूर्व पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों के मेधावी बच्चों को नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 26 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने के साथ ही उन्हें उच्च शिक्षा के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन मौजूद थे। मुख्यमंत्री साय ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप 10 में स्थान अर्जित करने वाले पंजीकृत श्रमिकों के 13 मेधावी बच्चों को नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि का चेक वितरित प्रदान किए। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मेधावी बच्चों को प्रदान किए गए दो-दो लाख रूपए की राशि में एक लाख रुपए प्रोत्साहन स्वरूप और एक लाख रूपए स्कूटी खरीदने के लिए दिए गए। यहां यह उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को, जो कक्षा 10वीं एवं 12वीं में शिक्षा सत्र 2023-24 में अध्ययनरत तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2023-24 में टॉप-10 सूची में है, उन्हें इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया है। ज्ञात हो कि योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे जो कक्षा 10वीं एवं 12वीं में शिक्षा सत्र 2023-24 में अध्ययनरत तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2023-24 में निर्माण श्रमिक के 13 बच्चे टॉप-10 सूची में है। उन्हें इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। इनमें कक्षा 10वीं में गरियाबंद जिले से कुमारी होनिशा, महासमुंद जिले से कुमारी डेनिसा, रायगढ़ जिले से कुमारी बबीता एवं उमा, सूरजपुर जिले से आयुष कुमार, बलरामपुर जिले से कुमारी अंशिका, जशपुर जिले से कुमारी मीना यादव, राजनांदगांव जिले से कुमारी वंशिका, बालोद जिले से तोषण कुमार, खोमेन्द्र, कुमारी पद्मनि, जिज्ञासा एवं कांकेर जिले से कक्षा 12वीं की छात्रा कुमारी वीदेका का नाम शामिल है।  

साय सरकार के छः माह: छत्तीसगढ़ में उम्मीदों की नई रोशनी फैलाने में सफल

एल.डी.मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी रायपुर लोकतंत्र में जहां जनता अपने नेतृत्व को वायदे पूरे करने के लिए पांच साल का जनादेश प्रदान करती है। ऐसे में किसी प्रदेश के मुखिया से महज छह माह के समय में इन वायदों को पूरा करने की आशा आमतौर पर बेमानी होती है। लेकिन मन में जज्बा, कुछ करने की लालसा, संवेदनशील प्रयास और समन्वित रणनीति के तहत कार्य किया जाए तो छह माह में भी इतिहास गढ़ा जा सकता है। महज़ छह माह में किसी भी सरकार के कामकाज का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता इसके बावजूद विष्णु देव साय सरकार जिस तेजी के साथ काम को आगे बढ़ा रही है, निश्चित ही यह एक मिसाल है।     मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए अधिकांश वायदों को पूरा करने के लिए जरा भी वक्त जाया नहीं किया। इसे कुछ इस तरह से समझा जा सकता है।  शपथ ग्रहण 13 दिसम्बर 2023 के बाद 15 अप्रैल 2024 यानी 4 माह 02 दिन। 16 मार्च 2024 से 6 जून 2024 यानी 2 माह 21 दिन लोकसभा निर्वाचन की वजह से आदर्श आचार संहिता पूरे प्रदेश में प्रभावशील रही। ऐसे में विष्णु देव सरकार को मुख्यमंत्री बने छह माह जरूर हो चुके हैं लेकिन निर्णय, योजनाओं का क्रियान्वयन, भावी रणनीति को मूर्तरूप देने के लिए उन्हें 4 माह का ही समय मिला है।     मुख्यमंत्री साय ने इन सब के बावजूद अपने सटीक निर्णयों से प्रदेश में एक अलग छाप छोड़ने में सफल हुए हैं। जब हम आधी आबादी की बात करते हैं तब उनकी स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलम्बन और सशक्तीकरण के लिए ठोस व दूरगामी रणनीति बनानी पड़ती है। प्रदेश के 70 लाख विवाहित महिलाओं के जीवन में एक नई उम्मीद की किरण महतारी वन्दन योजना से मिली है। ईब से इंद्रावती तक यानी प्रदेश के चारों तरफ विवाहित महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए दिए जा रहे हैं और इस तरह चार किश्ते दी जा चुकी हैं। राज्य सरकार द्वारा विवाहित माताओं-बहनों के खाते में राशि देने के पीछे आर्थिक सशक्तीकरण करना, उनके आर्थिक हालात को बेहतर करना प्रमुख उद्देश्य है।       दावे और वादे के पक्के मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के लाखों किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान किसानों के खाते में किया गया, वहीं 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए अन्तरित की गई। खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। इसके अलावा किसानों को दो साल के धान के बकाया बोनस राशि 3 हजार 716 करोड़ रुपए देने जैसे साहसिक निर्णय लिए है।     मुख्यमंत्री साय संवेदनशील सरकार और किसानों के सरकार के रूप में महज छह माह में ही पहचान बनाने में सफल हुए। आदिवासियों की पीड़ा, संघर्ष, सम्मान और जरूरत को उनसे बेहतर कौन समझ पाएगा! सरकार बनाते ही तेन्दूपत्ता प्रति मानक बोरा 5 हजार 500 रूपए की गई, जिससे 12 लाख 50 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ मिल रहा है। कौन नहीं चाहता कि घर के बुजुर्ग तीर्थ यात्रा करें लेकिन आर्थिक अभाव, सुरक्षा और मार्गदर्शन आड़े आते हैं। ऐसे में विष्णु सरकार की मानवीय पहल यानी रामलला मंदिर दर्शन योजना से मन की मुराद पूरी हो रही है।     कोई न सोए भूखे पेट, इस तरह के विचार को अपनी कार्य योजना में शामिल करें तो वह निश्चित ही मानवीय संवेदना ही है प्रदेश के 68 लाख़ से अधिक गरीब परिवारों को पांच वर्षों तक मुफ्त अनाज देने जैसे निर्णय साबित कर रहे हैं कि सरकार गरीबों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। खुद का घर, पक्का मकान यह सब सुनने में एक गरीब परिवार के लिए दिन में देखने वाले स्वप्न की तरह होता है। लेकिन इस सपने को सच करने के लिए, 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण की दिशा में प्रदेश जोरशोर से आगे बढ़ चुका है। ऐसे में गरीब के सिर में पक्का छत होना यानी सशक्त परिवार और खुशहाल समाज का प्रतीक बनेगा।     सरकार में आते ही युवाओं की तकलीफ को समझा और पीएससी परीक्षा घोटाले को लेकर युवाओं के गुस्से और हताशा को समझते हुए मुख्यमंत्री साय ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की। शासकीय भर्ती आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने से युवाओं के मन में खुशियां देखने को मिली है। जिस बस्तर अंचल की पहचान सुंदर प्राकृतिक परिवेश और अकूत संसाधनों से है तथा यहां के भोलेभाले आदिवासियों की कला संस्कृति ने देश और दुनिया को अपनी ओर खींचा है। इस स्वर्ग को दूषित करने का काम कुछ माओवादी आतंकवादी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय के अडिग निर्णय, बेहतर रणनीति का ही परिणाम है कि महज छह माह में 129 माओवादियों को सुरक्षा बलों के जवानों ने ढेर किया है, 488 गिरफ्तार हुए हैं 431 आत्मसमर्पण किया और इस तरह बस्तर की उम्मीद की नई रौशनी देखने को मिलने लगी है।

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