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राज्योत्सव – 2024 : आदिमजाति विभाग की प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की प्रशंसा

रायपुर अटल नगर नवा रायपुर स्थित पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर में आयोजित 24 वां राज्योत्सव में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की स्टॉल लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा है। राज्योत्सव प्रारंभ होने के साथ ही लोगों की भारी भीड़ आदिम जाति विकास विभाग की स्टॉल पर देखने को मिला। वहीं दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी विभागीय स्टॉल का अवलोकन कर प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने स्टॉल में बनाए गए सेल्फी जोन में परिवार संग एक फोटो भी खिचवाई। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने उनका अभिवादन करते हुए उन्हें प्रदर्शनी के थीम के बारे में विस्तार से बताया। उल्लेखनीय है कि विभागीय मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश के अनुसार इस बार की झांकी ’’जनजातीय गौरव शौर्य और संस्कृति का बखान’’ थीम पर बनाई गई थी। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा एवं सचिव सह आयुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा स्वयं पूरे स्टॉल की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। स्टॉल की खूबसूरती, जनजातीय शौर्य एवं जनजातीय संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे थें। स्टॉल में स्वतंत्रता काल के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए जनजातीय विद्रोहों की एक झलक दिखाई गई है, जो कि जनजातीय शौर्य को दर्शाती है। साथ ही जनजातीय समृद्ध संस्कृति को भी झांकी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा जनजातियों के परंपरागत आभूषणों एवं विभागीय योजनाओं को भी फ्लैक्स के माध्यम से बखूबी प्रदर्शित किया गया। साथ ही आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय क्षेत्र में किए गए शोध प्रकाशन को भी अवलोकन हेतु प्रदर्शित किया गया। आमजन को आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही विभागीय गतिविधियों की जानकारी देने के लिए विभागीय योजनाओं का ब्रोशर भी स्टॉल से उपलब्ध कराया गया। स्टॉल पर जनजातीय गौरव दिवस तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सेल्फी जोन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल में आने वाले लोग उक्त सेल्फी जोन अंतर्गत लिखी हुई जानकारी से जहां उक्त अभियान की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सेल्फी जोन में जाकर फोटो खिंचवाकर इस पल को यादगार बना रहे हैं।

खारुन नदी तट पर छठी मैया की मंगल आरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज शाम यहां राजधानी रायपुर के महादेव घाट पर आयोजित छठ महापर्व कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी और कहा कि सूर्य आराधना छठ पूजन मानव को प्रकृति से जोड़ने का पर्व है। मुख्यमंत्री साय खारुन नदी तट पर छठी मैया की मंगल आरती में भी शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन छठ पर्व आयोजन समिति महादेव घाट द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छठ महापर्व के इस कार्यक्रम में आकर मैं स्वयं को बहुत सौभाग्यशाली अनुभव कर रहा हूँ। इस भव्य आयोजन के लिए मैं आयोजन समिति को बहुत बहुत बधाई देता हूँ। छठ महापर्व की प्रतीक्षा उपासक वर्ष भर करते हैं। इस महापर्व पर दूर-दूर से लोग चाहे कहीं भी रह कर काम कर रहे हों, वे छठ पूजा में शामिल होने पहुंचते हैं। सरकार के द्वारा भी छठ पर विशेष रेल आदि परिवहन की व्यवस्था की जाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सूर्य भगवान की उपासना के इस पर्व में कठिन व्रत रखा जाता है। हमारी माताएं-बहनें निर्जला उपवास रखती हैं। छठ महापर्व हमें प्रकृति से भी जोड़ता है। नदी, तालाब आदि जल-स्त्रोत के करीब घाटों पर छठ की पूजा होती है, इस तरह इस पर्व में हम प्रकृति के समीप पहुंचते हैं। छठ पर्व पर हमें नदी और तालाब जैसे हमारे जल-स्त्रोतों के भी संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आज दिवंगत गायिका श्रीमती शारदा सिन्हा को भी श्रद्धांजलि देना चाहूंगा। उनके छठ गीतों को हमारी पूरी पीढ़ी ने सुना है। मैं छठी मैया और सूर्य भगवान से सभी छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करता हूँ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि  जिन पंचमहाभूतों से हमारे शरीर का निर्माण हुआ है उनकी पूजा इस पर्व में होती है। छठ महापर्व ऐसा पर्व है जिसमें उगते सूर्य के साथ अस्त होते सूर्य को भी अर्घ्य दिया जाता है। सभी के ऊपर छठी माई की कृपा बनी रहे। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पिछले 10-15 सालों से महादेव घाट समिति द्वारा लगातार छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। छठ में अस्त होते सूर्य की आराधना हमें जीवन जीने का तरीका सिखाती है। इस पर्व का संदेश है कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव से हमें कभी परेशान नहीं होना चाहिए। मैं सभी को छठ की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।   इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरन्दर मिश्रा, संपत अग्रवाल, अनुज शर्मा, पूर्व सांसद सुनील सोनी, स्वामी राजीवलोचन जी महाराज, रामप्रताप सिंह, संजय श्रीवास्तव, पंकज शर्मा, छठ समिति महादेव घाट के सदस्यगण व बड़ी संख्या में उपासक उपस्थित रहे।

धूमधाम से मना विधायक विष्णु खत्री का जन्मदिन

बैरसिया भोपाल से बैरसिया तक जगह-जगह हुआ स्वागत, मिष्ठान्न वितरण, दी बधाइयां भोपाल। दीप पर्व की बेला के बीच विधायक विष्णु खत्री का जन्मदिन (3 नवम्बर 2024) को प्रात: काल उनके निवास से लेकर सम्पूर्ण बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में उत्सवी माहौल रहा। सर्वप्रथम उनके निवास पर क्षेत्र की जानीमानी हस्तियों के साथ पंचायत सचिव, सरपंच और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों ने पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया और उनके दीर्घायु होने की कामना की। इस अवसर पर ढोल ताशे के साथ कार्यकर्ता हाथों में पुष्प गुलदस्ता, पुष्पमालाओं के साथ पहुंचे और अपने प्रिय, लाडले विधायक को जन्मदिन की कामना की। निज निवास पर हर्षोल्लास के साथ जन्मदिन की बधाई स्वीकारने के बाद विधायक विष्णु खत्री भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्वागत, फलों से तुलादान करने का कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें शामिल होने के लिए निकल पड़े और सर्वप्रथम मीना चौराहे पर कोमल मीणा और भारतीय जनता पार्टी पिछड़ावर्ग अध्यक्ष अमीत चौहान की अगुवाई में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में पहुंचे और बधाई स्वीकार की। ग्राम हज्जाममपुरा में जनपद उपाध्यक्ष मलखान सिंह ठाकुर ने केले एवं फलों से तोलकर किया स्वागत बैरसिया विधानसभा से विधायक विष्णु खत्री का जन्मदिन के अवसर पर जनपद पंचायत फंदा के उपाध्यक्ष मलखान सिंह ठाकुर ने ग्राम हज्जामपुरा में केले एवं फलों से तोलकर भव्य स्वागत किया गया। इससे पहले विधायक विष्णु खत्री ने हज्जामपुरा मंदिर में दर्शन कर बच्चों को मिष्ठान वितरीत की। और सभी की बधाइयां स्वीकार की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। ईटखेड़ी में रमेश मीणा बाबूजी, अंकित शर्मा, शुभम माली के नेतृत्व में किया भव्य स्वागत इसी क्रम में विधायक विष्णु खत्री का काफिला ईंटखेड़ी स्थित माली डेरी पहुंचा जहां भारतीय जनता युवा मोर्चा के रमेश मीणा बाबूजी, मंडल अध्यक्ष अंकित शर्मा, शुभम माली के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया एवं केक कटवाकर लड्डू वितरित किए गए। इस अवसर पर परवलिया मंडल के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। गोलखेड़ी में बीनापुर सरपंच भूपत मीणा के नेतृत्व में किया भव्य स्वागत इसी क्रम में ग्राम गोलखेड़ी चौराहे पर बीनापुर सरपंच प्रतिनिधि भूपत सिंह मीणा के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पुष्पमाला पहनाकर प्रिय विधायक विष्णु खत्री एवं साथ में आए भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष कैदारसिंह मंडलोई सहित वरिष्ठ  पदाधिकारियों को भव्य स्वागत किया गया। इसके साथ ही निपानिया जाट में सरपंच हिम्मतसिंह जाट के नेतृत्व में भव्य स्वागत कर मिष्ठान खिलाई गई। वहीं रायपुर सरपंच दारासिंह सिलावट के नेतृत्व में विधायक विष्णु खत्री का भव्य स्वागत किया गया और मिष्ठान्न वितरित की गई। दुपाडिय़ा में गब्बर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में केले से तोलकर किया स्वागत ग्राम दुपाडिय़ा में पूर्व सरपंच गब्बरसिंह ठाकुर के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया। परवलिया मंडल के अंतिम ग्राम में परवलिया मंडल सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भव्य स्वागत किया गया और मिष्ठान्न वितरित की गई। इस अवसर पर भाई गब्बरसिंह ठाकुर, रीतेश चौकसे,   अजय कुशवाह, भूपत मीणा, परवलिया मंडल अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण कुशवाह सहित गणमान्य जनों द्वारा विधायक विष्णु खत्री के वजन को केले से तोला गया एवं केलों को वितरित किए गए। प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक और गणमान्यजन ने दी बधाई विधायक विष्णु खत्री को जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री तुलसीराम सिलावट, भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष कैदारसिंह मंडलोई, जनपद पंचायत बैरसिया अध्यक्ष प्रतिनिधि कुबेरसिंह गुर्जर, कुबेरसिंह जाट, सर्जन सिंह ठाकुर, तीरथसिंह मीणा, मध्यप्रदेश पंचायत सचिव कल्याण संगठन के दशरथ वैष्णव सहित पंचायत सचिव, कार्यकारी अध्यक्ष बृजेशसिंह भदौरिया, ओमप्रकाश शर्मा, ग्राम पंचायत गुराडिय़ा सरपंच प्रतिनिधि राकेश करारिया, ग्राम पंचायत चांदपुर के सरपंच प्रतिनिधि भारत सिंह, जिला पंचायत सदस्य अशोक मीना सहित गणमान्य जनों ने स्वागत कर पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई दी। सेवा दिवस के रूप में मनाया विधायक विष्णु खत्री का जन्मदिन,हितग्राही लाभ वितरण बैरसिया। विधायक विष्णु खत्री के जन्मदिन के उपलक्ष्य में रविवार को शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के लिए हितग्राही लाभ वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विधायक विष्णु खत्री ने कहा जन्म दिन तो एक बहाना है। हमे तो हमारे दिव्यांगजनों को, हमारी लाडली बहनों को, लखपति बहनों को और हमारे बुजुर्गों को उपहार देना था। हमने दिव्यांगजनों के लिए जो शिविर लगाए थे। उसकी परिणीति यह थी कि हमे जरूरतमंदों को लाभ पहुंचना था। हमने 22 दिव्यांगजनों को मोटराइज सायकिल और कुछ को कृत्रिम अंगों का वितरण किया है। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को 22 मोटराइस सायकिल 5 रोलेटर, 4 हाथ चलित सायकिल, 8 व्हील चेयर, 9 अन्य उपकरण सहित 50 उपकरणों का वितरण किया गया है। इसके अलावा  70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान कार्ड का वितरण किया गया। इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना  की पात्र हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र एवं स्व सहायता समूह की लखपति लाडली बहनों को लाभ वितरण किया गया। कार्यक्रम से पहले रास्ते में विधायक विष्णु खत्री का जगह-जगह हार, फूल से स्वागत कर क्षेत्रवासियों ने उन्हें जन्म दिवस की बधाइयां दी। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर सभी पार्टी के वरिष्ठ नेता पार्टी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों ने जन्मदिन की बधाइयां दी। कार्यक्रम के उपरांत विधायक विष्णु खत्री ने देव बरखड़ी में भाई दूज मेले में पहुंच कर देवनारायण भगवान के आगे मत्था टेक कर आशीर्वाद लिया।

सुशासन से छत्तीसगढ़ ने पकड़ी विकास की रफ्तार

 विशेष लेख इस राज्योत्सव पर छत्तीसगढ़ 24 वर्ष का हो गया। युवा छत्तीसगढ़ पिछले 10 महीने के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार में तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर हो चला है। सड़कों, रेल लाइनों समेत अधोसंरचना के क्षेत्र में राज्य ने बीते 24 वर्षों में निरंतर प्रगति की है। रायपुर एयरपोर्ट देश के तमाम बड़े शहरों से जुड़ गया है। जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। बस्तर और सरगुजा के आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक सड़कों का जाल बिछ चुका है। राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन का देश के आधुनिकतम रेलवे स्टेशनों में शुमार होने लगा है। गांव-गांव तक बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा चुकी हैं। राजधानी रायपुर शिक्षा का बड़ा केेंद्र बनकर उभरा है। बस्तर में एनएमडीसी का स्टील प्लांट प्रारंभ हो चुका है। राज्य की कला, संस्कृति, वनोपज, हस्तशिल्प आदि की अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुकी है। आज से 24 साल पहले जब राज्य बना था, तब से लेकर साल भर पहले तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़ की बड़ी समस्या थी। विष्णु देव साय की सरकार की कुशल रणनीति और प्रभावी कार्रवाई के चलते अब राज्य में नक्सल समस्या समाप्त होने की कगार पर पहंुंच गई है। 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ ही विष्णु सरकार ने जनहित में फैसले लेने और उसे अमल में लाने को लेकर एक्शन में आ गई थी। सरकार गठन के अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप 18,12,743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। राज्य के 13 लाख किसानों को दो साल के धान का बकाया बोनस पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस के अवसर 25 दिसंबर 2023 को 3176 करोड़ रुपये जारी किया। मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए सरकार ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से 3100 रुपये के दाम पर धान की खरीदी की। 25 लाख 75 हजार किसानों को धान का समर्थन मूल्य 32 हजार करोड़ रुपया तत्काल जारी किया और 12 जनवरी 2024 को 13,320 करोड़ रुपये की अंतर राशि का भुगतान भी कर दिया। खरीफ वर्ष 2023-24 में किसानों से रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी विष्णु देव साय की सरकार ने की। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये की गई है। 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को इसका लाभ मिल रहा है। संग्राहकों को चरण पादुका वितरित करने की योजना भी लागू होने जा रही है। विष्णु सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अंत्योदय के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रखा है। प्रशासन में पारदर्शिता, आम जनता की सुनवाई, नारी, गरीब, किसान, युवा के लिए अवसरों के द्वार खोलने का काम इस सरकार ने किया है। महतारी वंदन योजना- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य की 70 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रति माह 1000 रुपये अंतरित किए जा रहे हैं। 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री मोदी की वर्चुअल उपस्थिति मेें महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया गया था। इस योजना की 9 वीं किश्त हाल में यहां पहुंचीं राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मु ने जारी की। महिलाओं की उन्नति के लिए सरकार कई कार्यक्रम चला रही है। कांग्रेस की सरकार ने महिला समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था। मुख्यमंत्री ने उन्हें दोबारा यह काम सौंप दिया है। युवाओं की हितैषी सरकार – नई दिल्ली के ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़कार 185 कही गई है। यूपीएससी की तैयारी करने वाले एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के युवाओं को इसका लाभ मिल रहा है। पुलिस विभाग सहित अन्य शासकीय विभागों में भर्ती की अधिकतम आयु सीमा में 31 दिसंबर 2028 तक 05 वर्ष की छूट का एलान किया गया है। राज्य में विभिन्न विभागों में 7 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा रही है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए यूपीएससी के पूर्व चेयरमेन प्रदीप कुमार जोशी की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया है। उद्यम क्रांति योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ब्याज मुक्त ऋण देने की व्यवस्था की गई है। आलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले राज्य के युवाओं को सरकार तीन करोड़ रुपये देगी। रजत जीतने पर दो करोड़ तथा कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपये मिलेंगे। सुशासन का मूलमंत्र- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। ई समीक्षा, ई लोकसेवा गारंटी तथा डिजिटल सेक्रेटेरिएट अब सुशासन एवं अभिसरण विभाग के जिम्मे होगा। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस के अवसर पर अटल मॉनीटरिंग पोर्टल का शूभारंभ किया गया। आम जनता से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याआंें का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री ने जनदर्शन कार्यक्रम प्रारंभ किया है। ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए ई आफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल तथा स्वागतम पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकाधिक क्षेत्रों में आईटी का उपयोग किया जा रहा है। गरीबों की मददगार सरकार- विष्णु देव साय की सरकार ने गरीब जनता की मदद के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। 68 लाख गरीब परिवारों को अगले 5 साल तक मुफ्त राशन देने के लिए बजट में 3400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ग्रामीण घरों को नल से पानी देने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 4500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक 40 लाख परिवारों को नल का कनेक्शन दिया जा चुका है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत गरीब परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता देने के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास की पहल- राज्य में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 एक नवम्बर से लागू हो गई है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा एवं विस्तार देने के लिए नई औद्योगिक नीति में कई रियायती प्रावधान किए गए … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों और सफाईकर्मियों को मिठाईयां और उपहार देकर बांटी दीपोत्सव और राज्योत्सव की खुशियां

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर 11 हजार दीपों से रौशन हुआ एकात्म पथ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रंग बिरंगी आतिशबाजी से आसमान हुआ सतरंगी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों और सफाईकर्मियों को मिठाईयां और उपहार देकर बांटी दीपोत्सव और राज्योत्सव की खुशियां रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य की 24 वीं वर्षगांठ और दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नया रायपुर के एकात्म पथ पर आयोजित 11,000 दीपों के प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और एकता का प्रतीक है, जिससे छत्तीसगढ़ की संस्कृति को प्रदर्शित किया गया । दीपों की रौशनी से नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ, जो राज्य के गौरव को बढ़ाएगा । इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, इंद्र कुमार साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद और बसव राजू एस.सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस मौके पर एकात्मपथ में 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर नया रायपुर के कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन के साथ शानदार आतिशबाजी और रंग-बिरंगी लाइटों ने सभी को रोमांचित कर दिया। इस अवसर पर मधुर संगीत की धुनों ने माहौल को और भी मनोरम बना दिया। स्थल पर आकर्षक रंगोली सजाई गई थी, और स्थापना दिवस के प्रतीक चिन्हों के साथ सेल्फी पॉइंट पर लोगों ने सेल्फी लेकर खुशी जताई। इस अवसर पर नवा रायपुर में नवनिर्मित सीबीडी रेलवे स्टेशन के पास आयोजित कार्यक्रम में और एकात्मपथ पर श्रमिकों और सफाईकर्मियों को दीपावली के उपलक्ष्य में मिठाईयां वितरित कर शुभकामनाएं दीं। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना 1 नवंबर 2000 को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में मध्य प्रदेश से अलग करके की गई थी, यह राज्य पुनर्गठन भारत के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। छत्तीसगढ़ की स्थापना के पीछे का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में विकास की गति को तेज करने के साथ यहां की विशिष्ट सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को मान्यता देना और लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा प्रदान करना था। आज, राज्य अपनी 24वीं स्थापना वर्षगांठ मना रहा है और अपनी समृद्ध संस्कृति और विविधता के साथ देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह दिन राज्य के लोगों के लिए गर्व और उत्सव का अवसर है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सफाई कर्मियों के साथ दीवाली की खुशियां मनाई और उन्हें अपनी ओर से मिठाई और उपहार दिए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में सफाई कर्मियों के साथ दीवाली की खुशियां मनाई और उन्हें अपनी ओर से मिठाई और उपहार दिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मियों के बच्चों को बड़े अपनत्व और स्नेहिल भाव से दुलारा एवं उन्हें चॉकलेट प्रदान किए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरूण साव, विधायक मोती लाल साहू उनके साथ थे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राज्य स्थापना दिवस के मौके पर एकात्म पथ में 11 हजार दीपों के प्रज्जवलन कार्यक्रम शामिल होने के लिए नवा रायपुर जा रहे थे। इसी बीच सीबीडी स्टेशन के पास सफाई कर्मियों को देखकर मुख्यमंत्री रूके और उनसे मुलाकात कर दीवाली की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी सफाई कर्मियों को अपनी ओर से मिठाई और उपहार भी दिए। मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मियों से उन्हें शासन की ओर से मिलने वाले मानदेय और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा उपस्थित थे। क्रमांक: 3660/केशरवानी/नसीम    

आदिवासियों का विकास छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता

रायपुर : विशेष लेख : आदिवासियों का विकास छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता – जे.एल.दरियो, अपर संचालक छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार ने आदिवासी समुदाय की विकास में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुददों को वरीयता दी है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में समग्र विकास का स्वप्न साकार हो रहा है। प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में जिस तरह स्वास्थ्य, सड़क, संचार और सुरक्षा नेटवर्क को मजबूती दी जा रही है, उसका सर्वाधिक लाभ आदिवासी वर्ग को मिल रहा है। इससे जहां आदिवासी समाज के जीवन स्तर में गुणवत्ता का संचार हो रहा है, वहीं सुशासन की इस बयार से प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद की समस्या को परास्त करने में भी मदद मिल रही है। इन इलाको में केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही पी.एम.जनमन योजना और राज्य सरकार की नियद नेल्ला नार योजना गेम चेंजर साबित हो रही है।        छत्तीसगढ़ की लगभग 3 करोड़ आबादी में एक तिहाई जनसंख्या आदिवासी समुदाय की है। इन समुदायों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए साय सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा पर विशेष फोकस किया गया है। इसके अलावा केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं को उन तक पहुंचाने के लिए नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। आदिवासी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं से नया वातावरण बन रहा है। साय सरकार ने पिछले 10 माह में इन सभी मुददों पर काम किया है। मुददा चाहे आदिवासी समुदाय के आवास, पेयजल, विद्युत या सड़क सहित सभी बुनियादी जरूरतों पर तेजी से काम किया जा रहा है।        राज्य शासन की नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना जनकल्याण का अभिनव उपक्रम साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किमी के दायरे में आने वाले 96 गांवों का चयन कर शासन के 17 विभागों की 53 योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा। शेष जिलों के विद्यार्थियों को 1 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा। ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा 4 लाख रूपए रखी गई है।        आदिवासी क्षेत्रों में वामपंथी उग्रवाद को रोकने के लिए सुरक्षा और विकास को मूल मंत्र बनाया है, इसके सार्थक परिणाम दिख रहे हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं भी दी जा रही है। बीते 10 महीनों के दौरान मुठभेड़ों में 195 माओवादियों को ढेर किया गया। 34 फारवर्ड सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई। निकट भविष्य में दक्षिण बस्तर एवं माड़ में रि-डिप्लायमेंट द्वारा 30 नए कैम्पों की स्थापना प्रस्तावित है।        राज्य में गरीब परिवारों को शहीद वीर नारायण सिंह विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 20 लाख रूपए की राशि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य से समृद्धि की राह पर आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी क्षेत्रों के अस्पतालों को सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 68 लाख गरीब परिवारों को 05 साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय लिया है, इसके लिए बजट में 3400 करोड़ रुपए का प्रावधान है। इसका लाभ आदिवासी समुदाय को भी मिल रहा है।          केन्द्र सरकार द्वारा शुरू किए गए पीएम जनमन योजना के तहत आदिवासी बसाहटों में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तेजी काम हो रहा हैं। राज्य में विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति समूह के परिवारों के विकास हेतु 20 करोड़ का प्रावधान है। इन क्षेत्रों में 57 मोबाईल मेडिकल यूनिट के संचालन हेतु अनुपूरक में 2 करोड़ 72 लाख का प्रावधान है।  पीव्हीटीजी के विद्युतीकरण हेतु 3 करोड़ 76 लाख का अतिरिक्त प्रावधान है।     छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदाय की बसाहट ज्यादातर वनांचल क्षेत्रों में है। इन क्षेत्रों में सड़क, नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा भी भारत माला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर से विशाखापट्नम तक ईकोनॉमी कारिडोर बनाया जा रहा है। इसका सीधा फायदा भी आदिवासी इलाकों को मिलेगा। केन्द्र सरकार द्वारा नगर नार में देश का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र भी शुरू किया गया है, इससे बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिली है।        राज्य के आदिवासी क्षेत्रों और अयोध्या धाम तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने रायगढ़-धरमजयगढ़-मैनपाट-अंबिकापुर-उत्तरप्रदेश सीमा तक कुल 282 किमी तक के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की है। यह मार्ग प्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरता है एवं धार्मिक नगरी अयोध्या से छत्तीसगढ़ राज्य को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इस मार्ग के लिए भारत सरकार से हरी झण्डी मिल गई है। केन्द्र सरकार द्वारा आदिवासी समाज को प्राथमिकता जनजातीय परिवारों के सामाजिक आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान शुरू किया जा रहा है। इस योजना से देशभर के इसमें 63,000 गावों के 5 करोड़ जनजातीय लोग लाभार्थी होंगे। छत्तीसगढ़ की जनसंख्या में लगभग 30 प्रतिशत अनुपात आदिवासी समाज को सीधा लाभ मिलेगा। इसी प्रकार कृषि बजट में वृद्धि खेती-किसानी से जुड़े क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। किसानों की खेतीबाड़ी के लिए 32 कृषि और बागवानी फसलों की नई उच्च पैदावार वाली और जलवायु अनुकूल किस्म जारी की गई है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 10,000 जैव आदान संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएगा, इसका लाभ भी राज्य के आदिवासी बहुल इलाकों को मिलेगा।       आदिवासी बहुल इलाकों में तेन्दू के वृक्षों की बहुतायत है। तेन्दूपत्ता संग्रहण से बड़ी संख्या में समुदाय के लोगों को रोजगार मिलता है। इसको देखते हुए राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्रहरण की दर 4000 से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों से लगभग 12 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं। जल्द ही सरकार तेन्दूपत्ता संग्रहकों के लिए चरण पदुका वितरण योजना भी शुरू करने जा रही है।        राज्य सरकार द्वारा 36 कॉलेजों के भवन-छात्रावास निर्माण के लिए 131 करोड़ 52 लाख रूपए मंजूर किए गए है। इससे प्रदेश के 36 … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 18 अक्टूबर को भिलाई में ‘क्षेत्रीय उद्यमी सम्मेलन-2024‘ में होंगे शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 18 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे भिलाई के खुर्सीपार स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित ‘क्षेत्रीय उद्यमी सम्मेलन-2024‘ में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री साय दोपहर 1.40 बजे पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 1.55 बजे दुर्ग जिले के भिलाई-3 हेलीपेड पहुंचेंगे। साय दोपहर 2 बजे अग्रसेन भवन खुर्सीपार में आयोजित क्षेत्रीय उद्यमी सम्मेलन-2024 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय अपरान्ह 3.05 बजे भिलाई-3 से रवाना होकर 3.20 बजे रायपुर लौट आएंगे।

मुख्यमंत्री की विशेष पहल से शासकीय सेवा के 6 हजार से अधिक पदों में नियुक्तियों की प्रक्रिया आरंभ

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी विभाग में 102 अभियंताओं की भर्ती को वित्त से मंजूरी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए खुले अवसरों के द्वार  मुख्यमंत्री की विशेष पहल से शासकीय सेवा के 6 हजार से अधिक पदों में नियुक्तियों की प्रक्रिया आरंभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग में सब इंजीनियरों के 102 पदों पर भर्ती को वित्त विभाग ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसमें 86 सिविल और 16 विद्युत-यांत्रिकी के उप अभियंता के पद शामिल हैं। इससे पहले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 128 अभियंताओं के पद निकाले गए थे।     मुख्यमंत्री ने तेजी से विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के निर्देश दिए हैं और रिक्त पदों पर भर्ती की त्वरित रूप से स्वीकृति दी जा रही है। मुख्यमंत्री की विशेष पहल से अब शासकीय सेवा के 6 हजार से अधिक पदों में नियुक्तियों की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में अवसर लगातार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। अब तक 8 से अधिक विभागों में विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, गृह विभाग, विधि विभाग, आदिम जाति कल्याण, वन एवं पर्यावरण विभाग में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। निर्माण एजेंसियों में तेजी से चल रही भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश में बड़े पैमाने पर चल रही अधोसंरचना परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

महिला सशक्तिकरण के तहत् स्व सहायता समूहों की 412 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया

सफलता की कहानी विष्णु के सुशासन में तेजी से बदल रही गांव की तस्वीर विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ग्राम पंचायत घुघरी विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा महिला सशक्तिकरण के तहत् स्व सहायता समूहों की 412 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया जशपुरनगर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में तेजी से बदल रही है राज्य के गांवों की तस्वीर। शासन के प्रयासों और पंचायती राज योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के बदौलत प्रदेश के गांव अब विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में नई कहानियां लिख रहे हैं।         ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घुघरी की। जिला मुख्यालय जशपुर से 93 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा है। यहां पंचायत की बैठकों में जनभागीदारी के माध्यम से गांव के हर चुनौति का समाधान किया जाता है। गांव में 567 लोगों का राशन कार्ड बनाया गया हैं जिनमें 37 एपीएल कार्ड, 407 बीपीएल कार्ड शामिल हैं। आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से 216 बच्चों को पोषण का लाभ मिल रहा है। धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए भी पोषण की व्यवस्था की गई है। समाजिक सुरक्षा के लिए 2 लाख 10 हजार खर्च किए गए हैं। साथ ही 342 लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया है।          घुघरी निवासी मंगरी बाई ने बताया कि उन्हें हर महिना 500 रूपए पेंशन मिलती है। उसी पैसे से अपना जीवन यापन करती हैं। परिवार के  पालन पोषण करने में सहायता मिल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।          प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् 56 जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। 483 परिवारों के मनरेगा जॉब कार्ड बनाए गए हैं। पीछे दो वर्षाे में मनरेगा के 20 व्यक्तिगत तालाबों का निर्माण कराया गया है।            ग्राम पंचायत घुघरी के विनोद राम ने बताया कि उनके गांव में अक्टूबर और नवम्बर में मनरेगा का कार्य चालू होता है। उसमें गांव के लोग काम करने जाते हैं। गाव के लोगों का जॉब कार्ड है। मनरेगा में कार्य करके सभी परिवार मिलकर  28 हजार रूपए कमा लेते हैं। इसे घर परिवार अच्छा से चल रहा है।           महिला सशक्तिकरण के उददेश्य से 36 स्व सहायता समूहों का गठन कर 412 महिलाओं को  स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ग्राम पंचायत घुघरी की यह कहानी संवरते छत्तीसगढ़ के सुरक्षित होते भविष्य की कहानी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से कर्नाटक से पहुंचा मृतक संजय का शव

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से कर्नाटक से पहुंचा मृतक संजय का शव सीएम कैंप कार्यालय ने की त्वरित कार्यवाही, मुख्यमंत्री का जताया आभार रायपुर कर्नाटक के मंगलुरु में बोट से गिरने के कारण से हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में तपकरा के ग्राम सूंडरु निवासी संजय की मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित पहल करते हुए जिला प्रशासन को निर्देशित किया। मृतक संजय के परिजनों ने दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया से मदद मांगी थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाई और शव को उनके गृह स्थान सूंडरु पहुंचाया गया। इस कठिन समय में मुख्यमंत्री साय की मदद से परिजनों को संबल मिला। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन पर जिला प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए परिजनों ने आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल से साबित होता है कि वे हर नागरिक के दुख-दर्द में सहभागी बन रहे हैं और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर हैं। मंगलुरु थाना साउथ पुलिस स्टेशन, जिला दक्षिण कन्नड़ में संजय की मृत्यु के बाद उनका शव को हवाई जहाज के माध्यम से कल शाम रांची लाया गया। इसके बाद ’1099 मुक्तांजलि’ शव वाहन की मदद से मृतक संजय का शव उनके गृह ग्राम आज सुबह 5 बजे सूंडरु पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सार्थक पहल से लगातार विकास परियोजनाओं का हो रहा आगाज

जशपुर के विकास को मिल रही नई उड़ान, तीव्र गति से हो रहा विकास कार्य 06 महीनों में लोक निर्माण विभाग के 113.19 करोड़ रुपयों की 43 सड़क निर्माण कार्यों की मिली स्वीकृति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सार्थक पहल से लगातार विकास परियोजनाओं का हो रहा आगाज रायपुर  जशपुर जिले के विकास को नई उड़ान दिलाने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर नई विकास परियोजनाओं का आगाज हो रहा है। जिसके द्वारा जिले के विकास को गति मिल रही है। पिछले 06 माह में लोक निर्माण विभाग की 113.19 करोड़ रुपयों की 43 सड़क निर्माण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है।         जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए मुहिम चलाई जा रही है ताकि जिले के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं की पहुंच को बढ़ाया जा सके। इसके लिए आवश्यक है कि उन क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाए। इसके लिए आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर उनके लिए तीव्र गति से तकनीकी विश्लेषण द्वारा डीपीआर निर्माण कर तकनीकी स्वीकृति एवं प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। जिसका परिणाम है कि विगत 06 माह में 43 सड़क निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के साथ निविदा प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है। कलेक्टर द्वारा मुख्यमंत्री साय की मंशानुरूप सभी सड़क निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूर्ण कर आगामी 01 वर्ष में सभी को पूर्ण कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया गया हैं।        लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार के पत्थलगांव के अंतर्गत 73.30 करोड़ रुपयों के 25 सड़क मार्गों का निर्माण किया जाना है। जिसमें 10.94 करोड़ की लागत के एन.एच.43 से बिच्छीकानी ढुढरूपारा से जमरगी तक 8 किमी सड़क मार्ग, 7.98 करोड़ रूपए लागत के बगीया से सूजीबहार तक के 8.70 किमी सड़क मार्ग, 5.57 करोड़ रूपए लागत के लैलूंगा, कोतबा से लवाकेरा तक के 5.18 किमी सड़क मार्ग, 4.28 करोड़ लागत के 3.5 किमी के कांसांबेल मुसकुटी तक सड़क मार्ग, 4.03 करोड़ रूपए लागत के बाबूसाजबहार से गोलीडीह नदी तक सड़क मार्ग, 3 करोड़ रूपए लागत के 1.2 किमी के करजटोली से रजौटी तक सड़क मार्ग सहित 25 सड़क मार्गों का निर्माण कराया जाएगा।         लोक निर्माण विभाग के जशपुर के कार्यपालन अभियंता विरेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि जशपुर में 39.89 करोड़ रुपयों के 18 सड़क मार्गों का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। जिसमें 3.39 करोड़ लागत के चांडीडांड हत्ता हल्काटोली तक के 2.36 किमी सड़क मार्ग, 4.75 करोड़ लागत के एस.एच 17 मुख्य मार्ग से ढोगाअम्बा जामचुआ तक 3.26 किमी सड़क मार्ग, 3.6 करोड़ रूपए लागत के बनकोम्बों से घटमुंडा तक के 3.4 किमी सड़क मार्ग, 2.57 करोड़ रूपए लागत के बालाछापर आरा सकरडेगा से छोटाबनई तक के 2.4 किमी सड़क मार्ग, 2.45 करोड़ रूपए लागत के एन.एच. 43 खड़सा से कोमड़ो तक के 1.94 किमी सड़क मार्ग, 2.38 करोड़ रूपए लागत के भुड़केला से लवानदी पुल तक के 2.10 किमी सड़क मार्ग, 2.33 करोड़ रूपए लागत के खरवाटोली से बांधाटोली तक के 2 किमी सड़क मार्ग, 2.25 करोड़ रूपए लागत के बालाछापर आरा सकरडेगा से कारीताला तक के 2 किमी सड़क मार्ग, 2.29 करोड़ रूपए लागत के बहराखैर से जुड़वाईन तक के 1.63 किमी सड़क मार्ग सहित 18 मार्गों का निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले में 187 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

सियानजनों की सेवा से मिलता है पुण्य और आशीर्वाद: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुजुर्गों के दुख-दर्द को समझें और उन्हें उनकी सेवा का भरोसा दिलाए: मुख्यमंत्री वृद्धजनों की भावनाओं को समझते हुए उनकी सेवा में तत्पर है छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले में 187 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सियानों का सम्मान     रायपुर  अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आज सूरजपुर जिला मुख्यालय में सियान सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले के वृद्धजनों का शॉल, श्रीफ़ल से अभिनंदन कर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज वृद्धजनों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि मैं सभी वृद्धजनों को प्रणाम करता हूँ और आप सभी से आग्रह करता हूँ कि आप वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करें,उनके दुःख दर्द को समझे और उन्हें अपने सेवाभाव से भरोसा दिलाए कि आप उनके साथ हैं। माता-पिता और वृद्धजनों की सेवा से आपको पुण्य और आशीर्वाद मिलेगा, खुशी मिलेगी और उनके आशीर्वाद से आप अपने मुकाम तक पहुँच पाएंगे।      मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार सभी वर्ग के लिए योजनाएं संचालित कर रही है और योजनाओं का लाभ गरीब, मजदूरों, किसानों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 14 लाख से अधिक सियानो को छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके खाते में पेंशन की राशि दी जा रही है। वृद्धजनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ ही उनके उपचार के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट में 70 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों के लिए आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की है। इसी कड़ी में हमने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि सभी वृद्धजनों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाए।     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हर बुजुर्गों की इच्छा होती है कि वह अपने जीवनकाल में एक बार तीर्थ यात्रा जाएं, उनकी भावनाओं और आस्था को ध्यान रखकर हमारी सरकार ने अयोध्या में रामलला के दर्शन की व्यवस्था की है। रेल, बस के माध्यम से अयोध्या जाने और आने के अलावा भोजन, ठहरने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना से माता कौशल्या की धरती छत्तीसगढ़ के लोग अपने भाँचा राम का दर्शन करने जा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किसानों का भरपूर ख्याल रखा है। उनसे 3100 रुपए में 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी और दो साल का बकाया बोनस की राशि भी प्रदान की है। हमारी सरकार द्वारा सरगुजा से लेकर बस्तर तक के तेंदूपत्ता श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा दर में वृद्धि कर 4000 से 5500 रुपए किया गया और 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने महतारी वंदन योजना लागू कर महीने में एक हजार की राशि महिलाओं के खाते भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा अभी हमारी सरकार को महज नौ माह ही हुए हैं और प्रदेश के सभी वर्ग के लिए योजना बनाकर राज्य के विकास की दिशा में कार्य करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में यहां विकास की गति और बढ़ेगी।     समारोह को सम्बोधित करते हुए जिले के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि हमारे घर में माता-पिता और वृद्धजनों का सदैव सम्मान करना चाहिए। उनके सम्मान और आशीर्वाद से ही हम विकास की राह में आगे बढ़ रहे हैं। छतीसगढ़ सरकार वृद्धजनों के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। उनके लिए पेंशन, आश्रम, उपचार, पीएम आवास, निशुल्क अनाज, तीर्थ यात्रा की व्यवस्था की गई है।     आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छतीसगढ़ में गरीब, मजदूर, किसानों सहित अन्य सभी के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। राज्य के किसानों को धान का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक मद्द दी जा रही है।     समारोह में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वृद्धजन घर परिवार में बरगद की सुकूनदायक छांव की तरह होते हैं, जो दुख-दर्द में हमारी कठिनाईयों को दूर करते हैं। हमें वृद्धजनों की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने जिले में इस तरह के भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन की प्रशंसा की। कार्यक्रम को विधायक भुलन सिंह मरावी ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर रोहित व्यास ने स्वागत भाषण दिया। सूरजपुर जिले के विकास की कई घोषणाएं     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में ग्राम बिहारपुर में सहकारी बैंक खोलने, पिलखा पहाड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, गोपालपुर में नवीन प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कराये जाने के साथ ही भटगांव विधानसभा क्षेत्र के 103 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सूरजपुर के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा, सूरजपुर महाविद्यालय के स्टेडियम ग्राउंड में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण, भैयाथान-सूरजपुर मार्ग में ऊंचडीह, नेवरा  राष्ट्रीय राजमार्ग तक 09 किलोमीटर तक सड़क मरम्मत की घोषणा के साथ ही ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की स्वीकृति दी। उन्होंने सूरजपुर ऑडिटोरियम का नाम डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को विकास कार्यों की सौगात के लिए शुभकामनाएं दीं। 187 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के दौरे के दौरान जिले में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री साय द्वारा लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, हाउसिंग बोर्ड, आदिम जाति कल्याण, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं नगरपालिका सूरजपुर के अंतर्गत 187 करोड़ 51 लाख की लागत वाले 159 कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। पीएम आवास के हितग्राहियों को बांटी खुशियों की चाबी     सूरजपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम … Read more

जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में मनाया जाएगा ’जनजातीय गौरव दिवस’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए  जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया  : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जनजातीय संस्कृति में छिपी है, गहरी आध्यात्मिकता देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय परम्परा रही है जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में ’जनजातीय गौरव दिवस’ मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस वर्ष भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती है। छत्तीसगढ़ में भी इसे भव्य रूप से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत, ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन मंत्री केदार कश्यप ने की। विधायक भईयालाल राजवाड़े विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह सोचकर गर्व होता है कि अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों का जन्म जनजातीय समाज में हुआ। अपने देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय समाज में प्रारंभ से रही है। शहीद वीर नारायण सिंह, गैंदसिंह, गुण्डाधूर जैसे अनेक महान नायकों ने अपना बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में प्रकृति का संरक्षण बहुत आवश्यक है। जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया हैै, जो आज भी अनुकरणीय है। जनजातीय समाज में प्रकृति की पूजा की जाती है। पूर्वीं छत्तीसगढ़ में साल के पेड़ में जब फूल आते है तो सरहुल पर्व मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय संस्कृति में गहरी आध्यात्मिकता छिपी है। प्रकृति को सहेजकर, प्रकृति के अनुकूल जीवन जीना। बड़े-छोटे, स्त्री-पुरुष में किसी तरह का भेदभाव नहीं। सब बराबर हैं और प्रकृति का उपहार सबके लिए है। ये बातें हमें इस समाज से सीखने की आवश्यकता है। वास्तव में जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए। जनजातीय समाज में दहेज जैसी सामाजिक बुराई का अस्तित्व नहीं है। भगवान बिरसा मुण्डा का शौर्य हमें हमेशा जीवन में साहस की राह दिखाता है। उन्होंने शोषण मुक्त समाज का सपना देखा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हीं की परिकल्पना के अनुरूप प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ कर विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के जीवन में समृद्धि लाने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कल हजारीबाग से प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान की शुरूआत करेंगे, जिसमें जनजातीय बहुल 63 हजार गांवों के 5 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय लोग कभी दिखावा नहीं करते, उनकी सरलता-सहजता मन मोह लेती है। जनजातीय समाज की खानपान की शैली बीपी-शुगर जैसी लाइफ स्टाईल से जुड़ी बीमारियों से दूर रखती है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत पर आयोजित यह कार्यशाला जनजातीय समाज के गौरव को पूरे समाज के सामने लाने में मील का पत्थर साबित होगी। वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा हैै। इस समाज में अनेक महापुरूषों ने जन्म लिया जिन्होंने 1857 क्रांति के पहले ही अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष की शुरूआत की। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों को बड़ा नुकसान जनजातीय क्षेत्रों में हुआ, अनेक मौकों पर उन्हें मजबूर होकर पीछे हटना पड़ा। कश्यप ने कहा कि अंग्रेजों ने जब बस्तर में रेल लाईन बिछाने का काम शुरू किया उसमें लकड़ी का उपयोग किया जाता था। जनजातीय समाज ने इसका विरोध किया और यह भाव जताया कि हमारा जंगल कोई नहीं काटेगा। सामाजिक एकजुटता के कारण बहुत कुछ संरक्षित रहा। उन्होंने कहा कि आज किए जा रहे आयोजन के माध्यम से इतिहास के पन्नों में दर्ज जनजातीय समाज के गौरव की गाथा हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा प्रमाण है। इस समाज में 80 प्रतिशत परिवार संयुक्त परिवार है। मिलेट का उपयोग, जैविक खेती जैसी अनेक बातें जनजातीय समाज से शिक्षित समाज को सीखने की आवश्कता है। स्वागत भाषण उच्च शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने दिया। वनवासी विकास समिति के अखिल भारतीय युवा कार्य प्रमुख वैभव सुरंगे ने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति में अनेक प्रगतिशील परम्पराएं हैं। भगवान से ये कुछ नहीं मांगते। वनवासी विकास समिति के सचिव डॉ. अनुराग जैन ने कहा कि जनजातीय समाज के गुमनाम महानायकों के योगदान से नई पीढ़ी को परीचित कराने की जरूरत है। कार्यक्रम में वनवासी विकास समिति के प्रांताध्यक्ष उमेश कश्यप विश्व विद्यालय के कुलपति एवं प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने इस अवसर पर जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

सभी की सहभागिता से स्थानीय पौष्टिक आहार, पोषण जागरूकता गतिविधियों में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर

राष्ट्रीय पोषण माह 2024: पोषण जागरूकता गतिविधियों में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर वजन त्यौहार के दौरान 23 लाख बच्चों का वृद्धि मापन किया गया सभी की सहभागिता से स्थानीय पौष्टिक आहार, स्वस्थ्य जीवनशैली, पोषण के साथ पढ़ाई का संदेश जनसमुदाय तक पहुंचाने में मिली बड़ी सफलता रायपुर छत्तीसगढ़ में 01 सितम्बर से 30 सितम्बर तक जन आंदोलन के रूप में 7वां राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया गया। इस दौरान गांवों से लेकर राज्यस्तर तक सुपोषण, बच्चों में व्याप्त कुपोषण एवं किशोरी बालिकाओं, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं में एनीमिया के संबंध में जागरूकता के लिए स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया गया। इस अभियान में हर वर्ग के लोगों की सक्रिय सहभागिता रही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पोषण माह के प्रारंभ में सुपोषित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य के समस्त जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधियों महिला स्व-सहायता समूहों, प्रबुद्ध वर्ग, विद्यार्थी वर्ग, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के निकायों के प्रतिनिधि एवं समस्त जनसमुदाय से सक्रिय सहभागिता की अपील की थी। पोषण माह की गतिविधियों में महिलाओं और बच्चों को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए है जन प्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, महिला स्वसहायता समूह, प्रबुद्ध नागरिकों, विद्यार्थियों और स्थानीय जन समुदाय का भरपूर सहयोग मिला। पोषण माह का शुभारम्भ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विभागीय मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा पोस्टर व वीडियो का विमोचन, पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर एवं पोषण शपथ दिलवाकर किया गया था। पोषण जागरूकता गतिविधियों में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर विभागीय अमलों सहित सम्पूर्ण पोषण माह में जनप्रतिनिधियों, पंचायतीराज संस्थाओं, के प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूह के सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के कुशल नेतृत्व, श्रीमती शम्मी आबिदी सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभावी मार्गदर्शन और श्रीमती तुलिका प्रजापति, संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग के सतत् प्रोत्साहन से राष्ट्रीय पोषण माह 2024 में छत्तीसगढ़ ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 01 करोड़ 33 लाख से ज्यादा गतिविधियों का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ ने इसमें पूरे देश में तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रदेश में कुल गतिविधि संख्या के आधार पर 8.77 लाख गतिविधि आयोजित कर जिला दुर्ग प्रथम, 8.70 लाख गतिविधि आयोजित कर जशपुर द्वितीय, 8.44 लाख गतिविधि आयोजित कर रायपुर तृतीय, 7.92 लाख गतिविधि आयोजित कर गरियाबंद चतुर्थ एवं 7.70 लाख गतिविधि आयोजित कर बलरामपुर पांचवें स्थान पर रहें। प्रति आंगनबाड़ी औसत गतिविधि संख्या के आधार पर जिला क्रमशः दुर्ग प्रथम, गरियाबंद द्वितीय, रायपुर तृतीय, धमतरी चतुर्थ एवं कबीरधाम पांचवे स्थान पर रहें। 23 लाख बच्चों का वृद्धि मापन किया गया महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण माह के दौरान एक विशेष अभियान के रूप में वजन त्यौहार का आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय के सभी 0 से 06 वर्ष के बच्चों का वजन एवं ऊंचाई लेकर वृद्धि मापन किया गया। इस अभियान में लगभग 23 लाख बच्चों का वृद्धि मापन किया गया। राष्ट्रीय पोषण माह 2024 की मुख्य थीम एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक पोषण आहार, पोषण भी पढ़ाई भी, बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और कुशल सेवा वितरण के लिए प्रौद्योगिकी का आयोजन और समग्र पोषण रखी गई थी। भारत शासन द्वारा प्रेषित थीम के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पूरे माह के लिए प्रतिदिन राज्य, जिला, विकासखण्ड, और आंगनबाड़ी केन्द्र स्तर पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियांे के लिए रोड मैप के रूप में दिनांकवार गतिविधि कैलेंडर तैयार किया गया। जिसके आधार पर व्यापक पैमाने पर थीम आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। एनीमिया कैम्प, स्वास्थ्य जांच शिविर, पोषण संबंधी जागरूकता, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां आयोजित की गई- महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एनीमिया कैम्प, एनीमिया जागरूकता गतिविधियां, वीएचएसएनडी दिवस का आयोजन, आईवायसीएफ गतिविधियां, स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित शालाओं एवं आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में छात्रों द्वारा पोषण संबंधी जागरूकता के लिए शपथ, व्यंजन प्रतियोगिता, व्यंजन प्रदर्शनी, भाषण प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, खेल भी पढ़ाई भी, पोषण भी पढ़ाई भी, पोषण चौपाल, खेल खेल में पोषण ज्ञान प्राप्त करने संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया। कृषि विभाग के सहयोग से मिलेट आधारित पौष्टिक भोजन संबंधी जागरूकता शिविर, प्रदर्शनी, जैविक उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु प्रचार-प्रसार इत्यादि गतिविधियां आयोजित की गई। लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग द्वारा जल संरक्षण एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग, वेस्ट वाटर के उचित निपटान के संबंध में जागरूकता प्रसार संबंधी उल्लेखनीय कार्य किया गया। वन विभाग द्वारा एक पेड़ मॉं के नाम अभियान अंतर्गत विशेष सहयोग देते हुए वृहत वृक्षारोपण का कार्य किया गया। आयुष विभाग द्वारा राज्य, जिला, विकासखंड एवं आंगनबाड़ी स्तर पर व्यापक पैमाने पर कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम के लिए स्वस्थ जीवनशैली, पौष्टिक आहार, योग गतिविधियां का प्रचार-प्रसार एवं आयोजन किया गया। खाद्य विभाग के सहयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत संचालित उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से जन समुदाय के मध्य पौष्टिक आहार के सेवन के संबंध में प्रचार प्रसार किया गया। ग्राम पंचायतों में पोषण विषय पर विशेष चर्चा की गई। पोषण माह के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ अन्य सहयोगी विभागों द्वारा सक्रिय रूप से सहभागिता दी गई एवं सभी विभागों द्वारा समन्वित रूप से पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय पौष्टिक आहार, स्वस्थ्य जीवनशैली, पोषण के साथ पढ़ाई का संदेश जनसमुदाय तक पहुंचाया गया।

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