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धान के अतिरिक्त अन्य लाभप्रद फसलों की ओर बढें किसान- मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के तहत औचक निरीक्षण पर बेमेतरा जिले के ग्राम सहसपुर आये। इस दौरान वे सहसपुर ग्राम के उत्कृष्ट किसान रोहित साहू के खेत में भी पहुंचे। मुख्यमंत्री को साहू ने बताया कि वे पिछले 9 साल से केला और पपीता की खेती कर रहे हैं, जिससे वे लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं और 15-20 लोगों को अपने खेत में रोजगार भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री साय को कृषक साहू ने अपने खेत के ताजे केला और पपीता भेंट किये। मुख्यमंत्री को उन्होंने बताया कि वे 5 एकड़ में केला और साढ़े तीन एकड़ में पपीता की खेती कर रहे हैं। जिससे वे केले से प्रति एकड़ डेढ़ लाख रुपये व पपीता से 1 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री को साहू ने बताया कि केला और पपीता की खेती से वे धान के मुकाबले अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान के अतिरिक्त अन्य लाभप्रद फसलों की ओर भी किसानों को बढ़ने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ की मिट्टी बहुत उर्वरा है। इस तरह किसान कृषि से और लाभ कमा पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कृषक साहू की सराहना करते हए कहा कि उनकी खेती सभी किसानों के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री ने बरगद की छांव में खाट पर बैठ जाना ग्रामीणों का हाल-चाल, विद्युत सब स्टेशन, हायर सेकंडरी स्कूल भवन और प्राचीन मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा

रायपुर : मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे बेमेतरा के सहसपुर, लिया ग्रामीणों से सीधा फीडबैक मैं आप लोगों की दुख-तकलीफ जानने आया हूँ- मुख्यमंत्री साय गांव में सहसा गूंजी हेलीकॉप्टर की आवाज तो अचंभित ग्रामीण निकले घरों से अपने मुखिया से मिलने उमड़ी भीड़ मुख्यमंत्री ने बरगद की छांव में खाट पर बैठ जाना ग्रामीणों का हाल-चाल, विद्युत सब स्टेशन, हायर सेकंडरी स्कूल भवन और प्राचीन मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण के दूसरे दिन हेलीकॉप्टर से अचानक बेमेतरा जिले के सहसपुर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं का सीधा फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि मैं आप लोगों के बीच आपकी दुख-तकलीफ जानने आया हूँ। ग्राम- सहसपुर में मुख्यमंत्री के आने की कोई पूर्वयोजना नहीं थी। ऐसे में जब गांव में सहसा हेलीकॉप्टर की आवाज गूंजी तो अचंभित ग्रामीण अपने घरों से निकले। अपने मुखिया से मिलने लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने खुशी में कहा- राम-राम जी गा मुख्यमंत्री जी ! और सदाबहार फूल की माला और चंदन-आरती के साथ उनका स्वागत किया।   बरगद की छांव में लगी मुख्यमंत्री की चौपाल मुख्यमंत्री साय ने ग्राम- सहसपुर में ग्रामीणों से पुराने बरगद की छांव में खाट पर बैठ संवाद किया। उन्होंने लोगों से शासन की योजनाओं प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, नल जल योजना, धान खरीदी, स्कूल में बच्चों की शिक्षा सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को अभी डेढ़ साल हुए हैं इस अवधि में हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई गारंटी को पूरा किया है। सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में हमने 18 लाख आवास को स्वीकृति दी।किसानों को 2 साल का बकाया बोनस दिया। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी भी की जा रही है।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का ये तीसरा चरण है। शुरुआती चरणों में लोगों से उनकी समस्याओं के सम्बंधित आवेदन लिए गए। इन आवेदनों का अधिकारियों द्वारा लगातार निराकरण किया जा रहा है। अब मैं स्वयं आप सभी के बीच सरकार के अधिकारियों के साथ पहुंचा हूँ ताकि आप सीधे मुझ तक अपनी बात पहुंचा सकें। पूनम साहू ने कहा- महतारी वंदन से मिली बड़ी मदद मुख्यमंत्री साय के चौपाल में महतारी वंदन से मिल रही सहायता पर श्रीमती पूनम साहू ने अपनी बात रखी।  पूनम ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिली राशि से परिवार और बच्चों की जरूरतों को पूरी करने में बड़ी मदद मिलती है। हर माह महतारी वंदन योजना की राशि नियमित रूप से मिलती है। सहसपुर ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं मुख्यमंत्री ने सहसपुर में ग्रामीणों से बरगद के नीचे खाट पर बैठकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए नए भवन को स्वीकृति दी। साथ ही उन्होंने 13 वीं-14 वीं शताब्दी में फणी नागवंशी राजाओं द्वारा निर्मित शिव मंदिर व हनुमान मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेंगे। महाशिवरात्रि के मेले में मैं खुद आऊंगा। मुख्यमंत्री साय ने सहसपुर में 33 केव्ही विद्युत सब स्टेशन की भी घोषणा की।   इस अवसर पर विधायक ईश्वर साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द उपस्थित थे।

देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रखी

भारत का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क नवा रायपुर में डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम। देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव नवा रायपुर  में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रखी रायपुर देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर पार्क की नींव आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के सेक्टर-22 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रखी। यह डेटा सेंटर पार्क 13.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 2.7 हेक्टेयर हिस्सा विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के रूप में विकसित होगा। रैक बैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह परियोजना पूरी तरह एआई सेवाओं को समर्पित होगी। पहले चरण में 5 मेगावाट क्षमता से शुरू होकर इसे 150 मेगावाट तक विस्तारित किया जाएगा। भविष्य में इस परियोजना में लगभग 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश संभावित है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस डेटा सेंटर को हरित और ऊर्जा दक्ष तकनीक के अनुरूप डिजाइन किया गया है। यहां से न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक सेवाएं भी दी जाएंगी। पार्क में GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रिकॉर्डिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, और AI प्रॉसेसिंग जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी। इस परियोजना के जरिए लगभग 500 प्रत्यक्ष और 1500 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर तैयार होंगे। खास बात यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनेगा बल्कि युवाओं के लिए नई संभावनाएं भी खुलेगीं। इस सेंटर के जरिए GPU आधारित हाई-एंड कंप्यूटिंग, लाइव डेटा स्ट्रीमिंग, एआई प्रोसेसिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी वैश्विक स्तर की सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इसका असर हेल्थटेक, फिनटेक, स्मार्ट एग्रीकल्चर और रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों के रूप में दिखाई देगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अब डिजिटल भारत की धड़कन बनेगा। छत्तीसगढ़ के लिए क्या बदलेगा? * रोजगार की नई राहें: यह डाटा सेंटर पार्क आईटी, डाटा एनालिटिक्स, और तकनीकी रखरखाव जैसे क्षेत्रों में हजारों नौकरियां पैदा करेगा। छत्तीसगढ़ के युवा अब दिल्ली-मुंबई जाए बिना अपने घर पर ही तकनीकी करियर बना सकेंगे। * किसानों की मदद: AI तकनीक से किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी, और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे उनकी मेहनत का ज्यादा फल मिलेगा। * आदिवासियों को डिजिटल ताकत: दूरदराज के आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और सरकारी सेवाएं डिजिटल रूप से आसानी से पहुंचेंगी। * आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़: यह पार्क राष्ट्रीय और वैश्विक डाटा ट्रैफिक को संभालेगा, जिससे सरकारी सेवाएं तेज होंगी और राज्य डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनेगा।

शिक्षकों ने कहा – मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका: सुशासन और संवेदनशीलता का दिया उदाहरण

 हर युवा के चेहरे की चिंता हमने पढ़ी, हर परिवार की पीड़ा हमने समझी और उसका समाधान करने का किया प्रयास : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ के बर्खास्त बीएड शिक्षकों के जीवन में लौटी खुशियाँ: 26 सौ से अधिक युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का ऐतिहासिक निर्णय शिक्षकों ने कहा – मुख्यमंत्री ने निभाई मुखिया की भूमिका: सुशासन और संवेदनशीलता का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सहायक शिक्षकों ने जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से छत्तीसगढ़ के 26 सौ से अधिक बीएड अर्हताधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों के जीवन में खुशियां लौट आई है। प्रदेश सरकार ने बर्खास्त शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के 2600 से अधिक युवाओं का भविष्य एक बार फिर संवर गया है।       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ग़जमाला पहनाकर उनके प्रति कृतज्ञता जताई।        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का और देश का भविष्य गढ़ना शिक्षकों का सबसे बड़ा कर्तव्य है। आप सभी अपने दायित्व के प्रति सचेत हों और इस भूमिका में सर्वोच्च योगदान दें।       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की चिंता पहले दिन से की थी। आप हमारे प्रदेश के बच्चें है और आपके भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प हमने पहले से ले लिया था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माताओं को नया संबल देगा और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा शिक्षक आने वाले वर्षों में प्रदेश की नई पीढ़ी को दिशा देंगे और छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह निर्णय शिक्षकों के   उज्जवल, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की एक नई शुरुआत है।      उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के साथ आपके नौकरी के संबंध में लगातार चर्चा होती थी। हमारे मुखिया इतने संवेदनशील है कि उन्होंने पहले ही दिन कहा था कि जितना भी आर्थिक बोझ पड़े राज्य सरकार अपने युवाओं के भविष्य को खतरे में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि आपके परिजन भी लगातार हमसे संपर्क कर अपनी चिंता व्यक्त करते थे और आज मुख्यमंत्री ने उन सभी की चिंता को दूर करते हुए अपना वादा निभाया। मुख्यमंत्री जी ने न केवल अपना वादा निभाया है बल्कि अपनी इच्छा शक्ति से सुशासन को स्थापित करने का कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने पूरे देश में मिसाल कायम की है।        इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि नौकरी जाने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर गहरी आशंका में थे और लगातार मानसिक पीड़ा झेल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता ने उन्हें संबल दिया। शिक्षकों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हर बार उनकी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हमसे वादा किया था कि हमारे बेटे-बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा और आज उन्होंने अपना वादा निभाकर एक अभिभावक की जिम्मेदारी पूरी की है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल युवा शिक्षकों ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार ने वास्तव में सुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। हमें गर्व है कि आज हमारे प्रदेश में ऐसी सरकार है जो हमारी पीड़ा को समझती है और संवेदनशीलता के साथ हमारी समस्याओं का समाधान करती है।

श्रमिकों की आशा बने मुख्यमंत्री साय जिले में हो रही बदलाव की नई बयार

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, एक मई, एक ऐसा दिन है जो श्रम की महत्ता, मेहनतकश हाथों के सम्मान और सामाजिक न्याय की भावना को उजागर करता है। यह दिवस न केवल इतिहास में दर्ज है बल्कि 1886 के शिकागो आंदोलन को भी याद दिलाता है, जिसमें मजदूरों ने 8 घंटे काम, 8 घंटे विश्राम और 8 घंटे आत्म विकास के अधिकार की मांग की थी, बल्कि यह आज भी उस संघर्ष को व्यक्त करता है जो श्रमिक अपने अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए हर दिन करते हैं । एमसीबी जिले में श्रमिक कल्याण योजनाओं का दिख रहा प्रभाव छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला जो छत्तीसगढ़ के नए जिलों में से एक है, यहाँ के मेहनतकश श्रमिकों की मेहनत और लगन इस क्षेत्र की आर्थिक धड़कन बन चुकी है। इस जिले की सड़कों से लेकर निर्माण स्थलों तक, खेतों से लेकर खदानों तक श्रमिकों का पसीना इस इलाके की तरक्की में संजीवनी की तरह काम करता है। जब हम इस क्षेत्र में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या को देखते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह जिला श्रमिक शक्ति का केंद्र बन चुका है। मंडल स्तर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल (BOC) के अंतर्गत 30,534 श्रमिक पंजीकृत हैं और असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल में 30,118 श्रमिकों का नाम दर्ज है। जिला गठन के बाद भी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल में 6,257 और असंगठित क्षेत्र में 4,601 श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। कुल मिलाकर 71,510 श्रमिकों का पंजीकरण होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं लोगों तक पहुँच रही हैं और श्रमिक अपने हक के प्रति जागरूक हो रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर बात करें तो मनेंद्रगढ़ में 26,065 श्रमिक पंजीकृत हैं, वहीं खड़गवां ब्लाक में 22,847 और भरतपुर ब्लाक में 10,739 श्रमिक पंजीकृत है, ये आँकड़े न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाते हैं बल्कि यह भी प्रमाणित करते हैं कि श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी कितनी अहम है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार के संयुक्त प्रयासों से अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं है लागू छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए संचालित योजनाएं श्रम की गरिमा को बढ़ावा देने और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में सराहनीय पहल हैं। महतारी जतन योजना के तहत अब तक 1,351 श्रमिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। यह योजना गर्भवती महिलाओं को पोषण और प्रसवपूर्व देखभाल हेतु वित्तीय सहायता देती है, ताकि मातृत्व और शिशु जीवन सुरक्षित और स्वस्थ रह सके। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 2,672 विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान की गई है, जिससे उन्हें स्कूल जाने में सुविधा हो और शिक्षा बाधित न हो। मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 1,887 श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप औजार उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर होकर कार्य में दक्षता ला सकें। मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 306 महिलाओं को स्वरोजगार हेतु सिलाई मशीन दी गई है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। वहीं श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई, जिसके तहत 3,536 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली है। इससे शिक्षा की ओर रुझान बढ़ा है और भविष्य की राहें खुली हैं। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 211 छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास योजना में 1,031 श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें नई तकनीकों और कार्य दक्षता की जानकारी दी गई है, जिससे वे बेहतर रोज़गार के अवसर प्राप्त कर सकें। सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत 1,230 निर्माण श्रमिकों को हेलमेट, जैकेट, सेफ्टी शूज़ आदि दिए गए, जिससे उनके कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वही मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 78 श्रमिक परिवारों को राहत दी गई, जिनके सदस्य या तो दिव्यांग हुए या जिनकी मृत्यु कार्य के दौरान हो गई हो । मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 494 लड़कियों को विवाह, शिक्षा या स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता दी गई। वृद्ध श्रमिकों को भी सरकार ने नहीं भुलाया, उन्हें मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत पेंशन स्वरूप 56 लाभार्थियों को सहायता दी जा रही है । इसके अतिरिक्त बच्चों को निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता योजना से 507 छात्र लाभान्वित हुए, जिससे वे गरिमामय तरीके से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे श्रमिक बच्चों को निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 8 छात्रों को संसाधन व मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया है। निर्माण श्रमिकों को आवास हेतु मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत 7 श्रमिकों को घर बनाने में मदद मिली है । केंद्र सरकार की श्रमिक कल्याण योजना से भी हो रहे है लाभान्वित केंद्र सरकार की योजनाओं की बात करें तो प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत 709 श्रमिकों को नाममात्र प्रीमियम पर 2 लाख का जीवन बीमा कवर प्रदान किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 1,412 श्रमिकों को दुर्घटना बीमा का लाभ मिला है, जिसमें आकस्मिक मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में 2 लाख तक की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की एक और उल्लेखनीय पहल है “शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना“ जिसका शुभारंभ 29 मार्च 2025 को मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद परिसर में किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रतिदिन 200 से 250 श्रमिकों को मात्र 05 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह न केवल भूख की समस्या का समाधान है, बल्कि यह श्रमिकों को आत्मसम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने की राह भी देता है। छत्तीसगढ़ सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में श्रमिकों के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध है। इस अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर हम सभी का कर्तव्य बनता है कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करें, उन्हें सम्मान दें और उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहभागी बनें। क्योंकि जब श्रमिक मुस्कुराता है, तो समाज मुस्कुराता है। जब श्रमिक सुरक्षित होता है, तो राष्ट्र सशक्त होता है। और जब श्रमिक प्रगति करता है, तो देश आगे बढ़ता है।

सुशासन तिहार अभियानराज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। 8 अप्रैल से 31 मई 2025 तक तीन चरणों में आयोजित यह अभियान पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिसका उद्देश्य शासन को जन-केंद्रित बनाना, जन सरोकार, जन विश्वास को मजबूत करना और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करना है। पहले चरण में जनता जनार्दन से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में 8 से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी, ऑनलाइन पोर्टल और शिविर के माध्यम से आवेदन एकत्र प्राप्त किये गए। सुशासन तिहार के पहले चरण में मिले 40 लाख 31 हजार 77 आवेदनों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है, जिसमें मांग से संबंधित 39 लाख 49 हजार 733 आवेदन और शिकायत से संबंधित मात्र 81 हजार 344 आवेदन शामिल हैं। द्वितीय चरण में इन आवेदनों का जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से निराकरण किया जा रहा है, जबकि तृतीय चरण में 5 से 31 मई तक समाधान शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता से रू-ब-रू होंगे। यह अभियान न केवल समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि राज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा है। इस अभियान के उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक हैं। जनता की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना और जनता-शासन के बीच संवाद का सेतु बनाना। विशेष रूप से सुकमा, बीजापुर नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिले के सुदूर क्षेत्रों में, जहां प्रशासन की पहुंच सीमित थी, यह अभियान जनता की आवाज को न केवल सुन रहा है, बल्कि त्वरित कार्रवाई के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। नारायणपुर के मुरियापारा में जीवन राम साहू की मांग पर वहां का वार्ड क्रमांक 10 स्ट्रीट लाइट्स से जगमगाने लगा है, जिससे रात में सुरक्षा और सुविधा बढ़ी है। बिलासपुर के कोटा ब्लॉक में मंगल सिंह बैगा को 24 घंटे में ट्राइसाइकिल मिली और दिव्यांग पेंशन की पात्रता सुनिश्चित हुई है। मोहला-मानपुर चौकी जिले केे तेलीटोला में जर्जर स्कूल भवन के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। महासमुंद के मनोहर सिंह पटेल को 24 घंटे में आयुष्मान कार्ड मिला, जिसने स्वास्थ्य सुविधाओं तक उनकी पहुंच आसान हो गई है। राजनांदगांव की भारती देवांगन को तत्काल श्रमिक कार्ड प्रदान किया गया, जिससे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हुआ है। रायपुर के विकास मिश्रा को लर्निंग लाइसेंस मिला। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की निर्मला जोगी को 15 अप्रैल को राशन कार्ड मिला, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। बस्तर के शम्भूनाथ कश्यप के राशन कार्ड में एक सप्ताह में पत्नी और बेटे का नाम जोड़ा गया, जिससे उनके परिवार को राशन की पूरी सुविधा मिल गई है। रायगढ़ के 80 प्रतिशत दिव्यांग सुदर्शन खड़िया को ट्राइसाइकिल और बैसाखी मिली, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहे हैं। यह अभियान न केवल व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि सामुदायिक विकास को भी गति दे रहा है। तेलीटोला में स्कूल भवन की स्वीकृति का शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रभाव होगा, जबकि नारायणपुर में स्ट्रीट लाइट्स ने सामुदायिक सुरक्षा को मजबूत किया किया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों का वितरण इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों से लाभान्वित करने के लिए संकल्पित है। यह अभियान प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक है, जिसने जनता में यह विश्वास जगाया है कि उनकी छोटी-बड़ी हर मांग सुनी जाएगी। सोशल मीडिया पर यह अभियान 8 अप्रैल से लगातार वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर लिखा, सुशासन तिहार जनता की उम्मीदों का केंद्र है। इंस्टाग्राम पर नारायणपुर की स्ट्रीट लाइट्स की तस्वीरें साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान रातों को रोशन कर रहा है। सोशल प्लेटफार्म एक्स पर बस्तर जिला प्रशासन ने शम्भूनाथ की कहानी साझा की और लिखा हर परिवार तक पहुंचने का संकल्प। अंबिकापुर से एक अनोखी कहानी सुनने को मिली, जहां एक व्यक्ति ने समाधान पेटी में अपनी शादी करवाने की मांग रखी। यह कहानी प्रशासन तिहार की व्यापक पहुंच और जनता की विश्वास की प्रतीक है। हालांकि यह मांग हास्यप्रद है, लेकिन इससे यह मालूम होता है कि लोग अपनी हर-छोटी बड़ी बात को मंच पर रखने की सहज महसूस कर रहे हैं। जनता में उत्साह है, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में, जहां समाधान पेटी ने ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाया है। निर्मला जोगी और सुदर्शन खड़िया जैसे हितग्राहियों ने सरकार को धन्यवाद दिया है। एक्स पर जनता की टिप्पणियां, जैसे हमारी समस्याएं सुनी गईं, इसकी सफलता को रेखांकित करती हैं। सुशासन तिहार 2025 शासन और जनता के बीच सेतु बन रहा है। 24 घंटे में ट्राइसाइकिल का मिलना, स्ट्रीट लाइट्स लगना और राशन कार्ड जैसी उपलब्धियां इसकी संवेदनशीलता को बयां करती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नेतृत्व और प्रशासन की तत्परता इसे जन-केंद्रित बना रही है, जैसा कि उन्होंने फेसबुक पर लिखा, संकल्प, संवाद से समाधान। सुशासन तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ के विकास, जन सरोकार और जनकल्याण का नया आयाम स्थापित कर रहा है।     नसीम अहमद खान, उप संचालक, जनसंपर्क

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिलेगी अत्याधुनिक सुविधाएं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के दावड़ा कॉलोनी, पचपेड़ी नाका स्थित ‘बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल’ का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर अस्पताल का उद्घाटन किया और परिसर का भ्रमण कर उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक राजेश मूणत, विधायक सुनील सोनी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी राज्य के समग्र विकास में शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना की अहम भूमिका होती है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और राजधानी से लेकर दूरस्थ अंचलों तक प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य की चिंता हमारी सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर में ‘मेडिसिटी’ विकसित कर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल देश के स्वास्थ्य मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा, बल्कि मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए  कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।  कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री साय ने ‘बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल’ के प्रबंधन एवं स्टाफ को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि यह संस्थान माताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सामाजिक सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार दिव्यांगों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष लोकेश कावड़िया को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम का नाम परिवर्तित कर छत्तीसगढ़ दिव्यांग जन वित्त एवं विकास निगम करने की घोषणा की। साथ ही मुख्य मंच से इस अवसर पर 15 दिव्यांग हितग्राहियों को ऋण, 11 दिव्यांग हितग्राहियों को ऋण अदायगी करने पर ब्याज सब्सिडी एवं श्रवण बाधित दिव्यांग को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार दिव्यांगों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दिव्यांगों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें दिव्यांग बच्चों का सर्वे कर उनके व्यवसाय एवं नए स्टार्टअप के लिए ऋण प्रदान कर मदद करनी चाहिए, ताकि उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आ सके। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनो के जीवन में खुशहाली लाने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान दंतेवाड़ा जिले में आए थे, तब दिव्यांगजनों से उनका विशेष लगाव देखने को मिला था। आज हमारी सरकार ने बेहद अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता को इसकी जिम्मेदारी दी है, जिसका सीधा लाभ दिव्यांग साथियों को मिलेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्पों के आधार पर दिव्यांगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने एवं उनके कौशल विकास पर जोर दे रही है। इस अवसर पर उन्होंने लोकेश कावड़िया को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पदभार ग्रहण समारोह में शासकीय दिव्यांग स्कूल माना के छात्र-छात्राओं द्वारा बहुत ही आकर्षक गीत गाया गया, जिसने सबका मन मोहा।इसके साथ ही राजनांदगांव के दिव्यांग स्कूल के श्रवण बाधित छात्रों द्वारा देशभक्ति नृत्य का मंचन भी किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा,  विधायक राजेश मूणत,  मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्षगण, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में दिव्यांग छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

सांसद तिवारी को CM साय ने प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना की दिशा में उठाए जा रहे कदमों से भी अवगत कराया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोकसभा सांसद मनोज तिवारी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर तिवारी का पारंपरिक शाल ओढ़ाकर तथा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट बेलमेटल कला से निर्मित नंदी की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय और सांसद मनोज तिवारी के  बीच छत्तीसगढ़ की लोक कला, लोक संस्कृति और राज्य में उभरते फिल्म उद्योग सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने तिवारी को राज्य सरकार द्वारा लोककला के संरक्षण, संवर्धन तथा फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना की दिशा में उठाए जा रहे कदमों से भी अवगत कराया। सांसद मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री साय द्वारा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और लोक धरोहरों को राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धाभाव से मंत्र जाप करते हुए पूजा स्थल की परिक्रमा भी की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  जशपुर जिले के बगीचा में महाकुल यादव समाज सेवा समिति द्वारा आयोजित हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ (चौबीस प्रहरी) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पूजा स्थल पर राधा-कृष्ण, चैतन्य महाप्रभु और गौरांग स्वामी की विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धाभाव से मंत्र जाप करते हुए पूजा स्थल की परिक्रमा भी की। वृंदावन भवन विस्तार के लिए 50 लाख और इंडोर स्टेडियम हेतु 2.75 करोड़ की स्वीकृति इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महाकुल यादव समाज के वृंदावन भवन के विस्तार के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि बगीचा में इंडोर स्टेडियम निर्माण के लिए पूर्व घोषित 2 करोड़ 75 लाख रुपए की राशि शासन द्वारा स्वीकृत कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, बगीचा नगर पंचायत क्षेत्र में मंगल भवन निर्माण के लिए भी एक करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन दोनों निर्माण कार्यों  को शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यादव समाज: सनातन संस्कृति और गौवंश का रक्षक मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि महाकुल यादव समाज सनातन संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यादव समाज हमेशा से गौवंश का संरक्षक और पालक रहा है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए शासन द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से बीपीएल परिवारों को उच्च नस्ल की दुधारू गायों के वितरण की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई अधिकांश गारंटियों को राज्य सरकार ने अल्प समय में पूरा किया है। सरकार बनने के तुरंत बाद, पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई। अब पात्रता का दायरा बढ़ाकर ‘आवास प्लस 2.0’ योजना में दुपहिया वाहन धारकों, 15 हजार से अधिक मासिक आय वालों तथा सीमित भूमि धारकों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि 30 अप्रैल तक चलाए जा रहे महाअभियान में सर्वे कराकर अपना नाम अवश्य दर्ज कराएं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहकों के लिए प्रति मानक बोरा दर बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा दी जा रही है।पीएससी घोटाले में दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई आरंभ कर दी गई है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर राज्य के 146 विकासखंडों के 10-10 ग्रामों में सीएससी और चॉइस सेंटरों के माध्यम से ग्राम स्तर पर धन निकासी की सुविधा शुरू की गई है, जिसे शीघ्र पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। नक्सल उन्मूलन, पर्यटन और औद्योगिक विकास की दिशा में ठोस पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह की घोषणा के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से मुक्त करने हेतु वृहद अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। नवीन औद्योगिक नीति के तहत प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे अनेक बड़े निवेशक राज्य में कारखाने स्थापित कर रहे हैं। साथ ही, वनोत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर पद्मजगेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, महाकुल यादव समाज सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष परमेश्वर यादव, जिलाध्यक्ष गणेश यादव, भरत सिंह, पार्षद अमन शर्मा सहित महाकुल यादव समाज के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और भारी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि महाकुल यादव समाज सेवा समिति द्वारा आयोजित हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ का यह तीसरा वर्ष है। 22 अप्रैल से चल रहे इस भक्ति आयोजन का पूर्णाहुति समारोह 26 अप्रैल को संपन्न होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले अब विकास को मिलेगी और तेज गति

रायपुर : नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण हुआ कर्जमुक्त मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नीतियों से मिला वित्तीय स्वावलंबन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले अब विकास को मिलेगी और तेज गति रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर से एक प्रेरणादायक और सुखद खबर सामने आई है। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, जिसे पहले एनआरडीए के नाम से जाना जाता था, अब पूरी तरह से कर्जमुक्त हो गया है। प्राधिकरण ने 1788 करोड़ रुपये का सारा कर्ज़ चुका दिया है, जो कि भारत सरकार और कई राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिया गया था। साथ ही 100 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी भी अब राज्य सरकार को लौटा दी है। इस उपलब्धि का श्रेय छत्तीसगढ़ के  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की  नीतियों, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी प्रशासन को जाता है। यह कदम नवा रायपुर को अधोसंरचना विकास और नई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मददगार होगा। नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ की आधुनिक और नियोजित राजधानी, के विकास के लिए बड़े पैमाने पर कर्ज लिया गया था। यह कर्ज भूमि अधिग्रहण, सड़कों, शासकीय भवनों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे हिदायतुल्लाह विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए था। हालांकि, कर्ज के बोझ और ब्याज भुगतान ने प्राधिकरण के नगदी प्रवाह को प्रभावित किया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में  छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय स्वावलंबन पर जोर देते हुए ऐसी नीतियाँ लागू कीं, जिन्होंने प्राधिकरण की आय बढ़ाई और कर्ज से छुटकारा दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नवा रायपुर अटल नगर का ऋणमुक्त होना एक सुखद संकेत है। हमारी सरकार ने वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और रणनीतिक नियोजन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि प्राधिकरण न केवल कर्ज से मुक्त हो, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर विकास की नई ऊँचाइयों को छूए। यह उपलब्धि नवा रायपुर को एक आधुनिक, रोजगारोन्मुखी और सुविधायुक्त शहर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों ने प्राधिकरण की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा दिया। मेडिसिटी, फार्मास्यूटिकल पार्क, देश की विख्यात पॉलिमैटेक कंपनी के सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना की पहल जैसे प्रोजेक्ट्स ने निजी निवेश को आकर्षित किया।  छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2024-25 के तृतीय अनुपूरक बजट में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के लिए 1043 करोड़ रूपए का प्रावधान और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त धन आवंटन ने आय के स्रोतों को मजबूत किया। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के तहत व्यापारियों को राहत ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ नवा रायपुर विकास प्राधिकरण को मिला है। ऋणमुक्ति के साथ, प्राधिकरण की सभी संपत्तियाँ अब बंधनमुक्त हो गयी है, जिससे उनका उपयोग और क्रय-विक्रय आसान होगा। इससे नगदी प्रवाह बेहतर होगा और अधोसंरचना, सार्वजनिक सेवाओं और नई परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने  कहा कि यह कदम नवा रायपुर को मेडिकल टूरिज्म और औद्योगिक विकास का केंद्र बनाएगा। नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की यह उपलब्धि वित्तीय अनुशासन और रणनीतिक नियोजन का एक अनुकरणीय उदाहरण है। यह देश के अन्य शहरी विकास प्राधिकरणों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को न केवल छत्तीसगढ़ की गौरवशाली राजधानी बनाना है, बल्कि इसे देश के लिए एक मॉडल शहर के रूप में स्थापित करना है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी का कहना है कि नवा रायपुर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का नया ग्रोथ इंजन  बनने जा रहा है। आज नवा रायपुर में आरबीआई, नाबार्ड सहित अन्य बैंकों और एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यालय, बालको कैंसर अस्पताल, सत्य साईं अस्पताल जैसे अनेक संस्थाओं का पदार्पण हो चुका है। नवा रायपुर आईटी के क्षेत्र में भी एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। अब यहां पर सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर क्षेत्र से संबधित उद्योग भी लगने जा रहे हैं । नवा रायपुर में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल सुविधा प्रदान करने हेतु लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में मेडिसिटी विकसित करने की योजना है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में एडुसिटी विकसित करने के लिए भी बजट प्रावधान किया है। यहां पर देश का तीसरा सबसे बड़ा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम है। नवा रायपुर के बढ़ते विकास को देखते हुए इंटिग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर के उन्नयन, संचालन एवं संधारण कार्य हेतु 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विकसित भारत आईकोनिक डेस्टिनेशन निर्माण हेतु 20 करोड़,  ई-बसों सेवाओं के लिए 10 करोड़, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हेतु 20 करोड़, साईंस सिटी की स्थापना हेतु 37 करोड़ तथा पुस्तकालय के निर्माण हेतु 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्लग एंड प्ले ऑफिस स्पेस विकसित किए जाने के लिए 156 करोड़ की लागत से कमर्शियल ऑफिस कॉम्प्लेक्स के निर्माण प्रावधानित है। सीबीडी कमर्शियल टॉवर में 2000 आईटी रोजगार हेतु जगह का आबंटन टेली परफार्मेंस, स्क्वायर बिजनेस, सीएसएम कंपनियों को किया है।  नवा रायपुर में एसडीएम एवं नवीन तहसील कार्यालय की स्थापना के लिए भी बजट प्रावधान है।

सरगुजा में खुलेगा पीएचई के मुख्य अभियंता का परिक्षेत्रीय कार्यालय:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर हुआ अमल, 11 हजार से अधिक हैंडपंपों की मरम्मत पूर्ण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कामकाज की समीक्षा सरगुजा में खुलेगा पीएचई के मुख्य अभियंता का परिक्षेत्रीय कार्यालय:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार में विभाग को प्राप्त आवेदनों पर त्वरित समाधान के दिए निर्देश जल संरक्षण के लिए “कैच द रेन” अभियान का करें व्यापक प्रचार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और इसकी गहन निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हैंडपंपों की मरम्मत के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के तहत तेजी से कार्य हुए हैं और अब तक 86 मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से 11,238 हैंडपंपों की मरम्मत पूरी की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहाँ भी पेयजल से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहाँ तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली और प्रदेश में पेयजल की उपलब्धता, भूजल स्तर, जल जीवन मिशन की प्रगति और जल संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा में पीएचई विभाग का मुख्य अभियंता परिक्षेत्रीय कार्यालय खोलने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने “सुशासन तिहार” के दौरान प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर नल से जल पहुँचाने का बड़ा संकल्प लिया है। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को उन्होंने समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन की आगामी वर्षों की कार्ययोजना की भी समीक्षा की। साय ने कहा कि भूजल स्तर में गिरावट से प्रभावित विकासखंडों के साथ-साथ बिना जल स्रोत वाले ग्रामों की सूची भी तैयार करें, ताकि इसे दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें। साय ने भूजल संकट से जूझ रहे 6 जिलों के 10 विकासखंडों को लेकर चिंता जताई और कहा कि अल्पकालिक व दीर्घकालिक योजनाएँ बनाकर जल संकट से निपटना होगा। उन्होंने रिचार्ज पिट और वर्षा जल संचयन जैसी जल संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने की बात कही और अनियंत्रित भूजल दोहन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कृषि, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और वन विभागों को आपसी समन्वय के साथ “कैच द रेन” जैसे जल संरक्षण अभियानों को सुशासन तिहार के दौरान व्यापक रूप से प्रचारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके संरक्षण को हम सभी सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, संचालक जल जीवन मिशन जितेंद्र शुक्ला सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। 371

गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर दिया बल

रायपुर : नए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़ – विष्णु देव साय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आपराधिक कानूनों पर समीक्षा बैठक गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर दिया बल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की तैयारियों की दी जानकारी बैठक में  बस्तर के विकास और नक्सल उन्मूलन पर भी हुई चर्चा रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित नॉर्थ ब्लॉक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। शाह की अध्यक्षता आयोजित बैठक में राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन को लेकर समीक्षा की गई। इसके साथ ही  नक्सलवाद के उन्मूलन, बस्तर के समग्र विकास और राज्य में सुरक्षा व न्याय तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा सहित केन्द्रीय गृह मंत्रालय एवं राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर चर्चा की गई। इसके साथ ही पुलिस, जेल, अदालतों, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियाँ पूरी की जा चुकी हैं। राज्य में 27 प्रकार की एसओपी (Standard Operating Procedures) और दिशा-निर्देश तैयार कर लागू किए गए हैं। इसके साथ ही लगभग 37,385 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। न्यायालयों, पुलिस थानों और जेलों को ई-साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम से लैस किया गया है। राज्य में अब तक 53,981 एफआईआर नए कानूनों के तहत दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 50% मामलों में चालान प्रस्तुत हो चुके हैं। बैठक में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी विशेष रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल के महीनों में राज्य में चलाए गए ऑपरेशनों में कई वांछित नक्सली मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। नियद नेलानार योजना, बस्तर ओलंपिक, महिला सुरक्षा केंद्र, और आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे व पर्यटन ढांचे का विकास जैसे प्रयासों से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का सार्थक प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार वर्ष 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के लिए कटिबद्ध है और बस्तर को भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करेगा और देशभर में कानूनी सुधार की इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अब तक किए गए कार्यों की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर बल दिया। गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ से समन्वय और तत्परता की अपेक्षा जताई और कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को सरल, तेज़ और अधिक जनोन्मुखी बनाना है। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिरीक्षक सुशील द्विवेदी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, प्रमुख सचिव विधि रजनीश श्रीवास्तव, सचिव गृह, श्रीमती नेहा चंपावत सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री

रायपुर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की  महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में व्यापार, व्यवसाय और उद्योग तेजी से विकास कर रहे हैं, जिसके कारण जीएसटी कलेक्शन में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाना होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में चैंबर के अध्यक्ष सतीश थौरानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया सहित अन्य पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज 62 वर्षों से कार्यशील है, जिससे 12 लाख व्यापारी जुड़े हैं। प्रदेश के इस सबसे बड़े व्यापारी संगठन के इतिहास में पहली बार सर्वसम्मति से निर्वाचन संपन्न हुआ है, जो संगठन की एकजुटता का प्रमाण है। इस परंपरा को यह संगठन आगे भी कायम रखे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छोटे व्यापारियों को हमेशा प्राथमिकता दी है। ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। हमने पेट्रोल पर वैट 1 रुपये प्रति लीटर कम किया है। व्यापारियों को राहत देते हुए 10 साल पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारी को माफ किया गया है। इसका लाभ प्रदेश के 40 हजार व्यापारियों को मिल रहा है। नई औद्योगिक नीति : प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई उद्योग नीति से उद्योगों के लिए प्रदेश में सकारात्मक वातावरण बना है। इसके लागू होने के बाद से अब तक प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए हाल ही में प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। हाल ही में हमने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया। देशभर के कारोबारियों और उद्योगपतियों में इसे लेकर गजब का उत्साह है। वे छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होना चाहते हैं। नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह मुख्यमंत्री ने चैंबर के पदाधिकारियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया, जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित हो सके। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बाजार में धन का प्रवाह आवश्यक है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी हैं। मुख्यमंत्री साय ने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। दो साल का धान बोनस भी दिया गया।  प्रदेश का बजट 6000 करोड़ से बढ़कर अब 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपये का हो गया है। देश में सर्वाधिक ऑटोमोबाइल विक्रय छत्तीसगढ़ में हो रहा है, जो यह दर्शाता है कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ देश के प्रथम तीन विकसित राज्यों में शामिल होगा। प्रदेश के विकास में चैंबर की भी उल्लेखनीय भागीदारी होगी। पूर्व सांसद और पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार उद्योग और व्यापार की उन्नति के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी प्रकार उद्योग जगत भी प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे रहा है। जब दोनों पहिए साथ-साथ चलते हैं, तो विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ती है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सर्वसम्मति से चैंबर के चुनाव होना यह दर्शाता है कि व्यापार जगत तेजी से आगे बढ़ेगा। जो देश व्यापार, व्यवसाय और उद्योग को बढ़ावा देता है, उसकी तरक्की को कोई नहीं रोक सकता। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में यह कार्य कुशलता से किया जा रहा है। उन्होंने चैंबर के सदस्यों से आग्रह किया कि गर्मियों में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पानी, पना और मठा का वितरण करें। इस अवसर पर संत साईं उदय शदाणी, साईं लालदास, अम्मा महंत मीरा देवी, अनेक जनप्रतिनिधि, निगम-मंडलों के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्यपाल आचार्य देवव्रत महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर धर्मरक्षा महायज्ञ में हुए शामिल

रायपुर संस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री सायसंस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री सायसंस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री सायसंस्कृति की रक्षा और जनकल्याण में आर्य समाज की भूमिका अनुकरणीय : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत आज राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में महर्षि दयानंद सरस्वती जी की 200वीं जयंती और आर्य समाज के 150वें स्थापना वर्ष के शुभ अवसर पर आयोजित धर्मरक्षा महायज्ञ एवं वैदिक सनातन संस्कृति सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान धर्मरक्षा यज्ञ में हवन-पूजन कर प्रदेश कल्याण की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय और राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा तैयार पुस्तिका “चुनौतियों का चिंतन” का विमोचन किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती का पुण्यस्मरण किया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज को मानव कल्याण का कार्य करते हुए आज 150 वर्ष पूरे हो गए हैं। आर्य समाज के द्वारा निरंतर देश सेवा, धर्म-संस्कृति की रक्षा तथा जनजागरण का कार्य किया जा रहा है। साय ने बताया कि वे महर्षि दयानंद के विचारों से प्रभावित होकर वर्ष 1999 से आर्य समाज से जुड़े हुए हैं और विभिन्न अवसरों पर समाज के मनीषियों का मार्गदर्शन उन्हें प्राप्त होता रहा है। आर्य समाज महर्षि दयानंद के विचारों को आगे बढ़ाते हुए संस्कार और शिक्षा का पुनीत कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी प्राकृतिक खेती और देशी नस्ल की गायों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रहे हैं। प्रदेश सरकार निश्चित रूप से इस दिशा में अपने प्रयासों को और अधिक गति देगी। साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में हमारी सरकार ने मोदी की गारंटियों को पूरा करने का कार्य किया है। गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए हमने पहले ही कैबिनेट में 18 लाख आवास की स्वीकृति दी थी और अब आवास प्लस-प्लस का सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये, माताओं-बहनों को प्रति माह एक हजार रुपये, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना और रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों के तीर्थदर्शन के पुण्य संकल्प को भी पूरा किया जा रहा है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने महर्षि दयानंद सरस्वती को नमन करते हुए कहा कि उनके जीवन-मूल्यों और विचारों को आत्मसात करने से शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक उन्नति का संकल्प पूरा होगा। उन्होंने महर्षि दयानंद की संपूर्ण जीवन-यात्रा और उद्देश्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कृषि और देशी गौवंश की रक्षा एवं उनका संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर यदि हम गौपालन को लाभकारी बनाएंगे, तो समाज में उसकी रक्षा हेतु स्वाभाविक चेतना विकसित होगी। इससे सड़कों पर पशुओं के विचरण की समस्या स्वतः समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के माध्यम से हम स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं। इस अवसर पर योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, स्वामी धर्मानंद सरस्वती जी महाराज, सुरेश जी, कैप्टन रुद्रसेन, विनय आर्य, डॉ. राजेंद्र विद्या अलंकार, प्रबल प्रताप जूदेव, आर्य समाज के रामकुमार पटेल सहित आर्यवीर और आर्य समाज के अनुयायी उपस्थित थे।

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