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मार्च में ठंड ने मारी पलटी , भोपाल, जबलपुर, इंदौर में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज इस बार काफी चौंका रहा है. दिसंबर-जनवरी में जहां ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए तो अब मार्च में जाते- जाते फिर रिकॉर्ड बना दिया है. जबलपुर, भोपाल और इंदौर में ठंड ने 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. यहां मार्च के महीने में रात का तापमान 10 सालों बाद 10 डिग्री के नीचे चला गया है. इसके साथ ही 13 जिलों में पिछले 24 घंटे में ठंड ने जबर्दस्त वापसी की है. कहां कितना रहा तापमान? बात करें मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों की तो भोपाल में बीती रात तापमान 9.8 दर्ज किया गया. वहीं जबलपुर में 9.6, उज्जैन में 9, इंदौर में 10.8 और ग्वालियर में 11.6 डिग्री सेल्सियस तक पारा गिर गया. इससे पहले जहां दिन और रात के तापमान में बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया जा रहा था, तो वहीं पश्चिमी विक्षोभ के असर से मध्य प्रदेश के मौसम ने फिर लोगों को चौंका दिया. मार्च में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड मौसम विभाग के 2015 के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 सालों में मार्च के महीने में भोपाल, जबलपुर और इंदौर में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया. मार्च 2015 में भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर में 11.5 डिग्री सेल्सियस और इंदौर में 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. मार्च में दिन गर्म और रातें रहती हैं ठंडी मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दस सालों में मार्च में दिन काफी गर्म होते हैं और रातें कुछ हद तक ठंडी. पिछले दस सालों में मार्च के मौसम में दिन और रात के तापमान में 20 से लेकर 27 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर देखने मिला है. वहीं कई बार हल्की बारिश भी दर्ज की जाती है. हालांकि, इस बार मार्च की ठंड ने एक दशक बाद फिर चौंकाया है. क्यों पड़ी मार्च में इतनी ठंड? मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र कुमार के मुताबिक, ” पश्चिमी हिमालय में दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से अति भारी बारिश व बर्फबारी हुई है. इसके बाद पिछले तीन दिनों से उत्तरी हवाएं मध्य प्रदेश में आ रही हैं. इन्हीं बर्फीली हवाओं की वजह से मध्य प्रदेश में लंबे अरसे के बाद मार्च में कोल्ड वेव की स्थिति बनी है. जैसे-जैसे नए वेदर पैटर्न एक्टिव होंगे और हवा की रफ्तार बदलेगी, वैसे-वैसे ठंड का असर कम होगा. होली के बाद मध्य भारत में कई शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.” आगे कैसा रहेगा एमपी का मौसम? बात करें आने वाले दिनों की तो फिलहाल मौसम विभाग ने बारिश होने की कोई संभावना नहीं जताई है. हालांकि, 9 मार्च को नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में 10 मार्च के बाद फिर मौसम बदलेगा. अगले 24 घंटे में तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने मिलेगा. बता दें कि पिछले 24 घंटे में शाजापुर का गिरवर सबसे ठंडा रहा. यहां तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं बड़वानी में 7.5, सीहोर में 7.7, मंडला में 8, उमरिया में 8.2 और खजुराहो में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

मध्य प्रदेश में ठंड ने मारा यू टर्न, धड़ाम से गिरा पारा, भोपाल-इंदौर में आज भी ऐसे ही रहेगा मौसम

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक से अपना मिजाज बदल लिया है, मार्च में पहली बार ठंड ने यू टर्न लिया है। ऐसे में प्रदेश के कई इलाकों में पारा तेजी से लुढ़का है। इंदौर,भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत मध्यप्रदेश के सभी शहरों में दिन-रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में एक ही रात में पारा 7.8 डिग्री तक लुढ़क गया। वहीं, बुधवार को दिन में 4.7 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 26.9 डिग्री पर आ गया।   मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से मौसम बदला है। पहाड़ों में बर्फबारी हुई है और सर्द हवा चल रही है। इस वजह से रात के तापमान में खासी गिरावट हुई है। अगले दो दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। 2 से 3 डिग्री की गिरावट और हो सकती है। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है। ऐसा होने पर दो दिन बाद प्रदेश में भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, बारिश होने के अभी आसार नहीं हैं। मार्च में पहली बार 7.5 डिग्री दर्ज हुआ तापमान बता दें कि मार्च महीने में पहली बार ठंडी का एहसास हो रहा है। सर्द हवा की वजह से प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। शाजापुर में रात का पारा 7.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम है। राजगढ़ में 8 डिग्री, अशोकनगर के आवरी में 8.2 डिग्री, नीमच के मरूखेड़ा में 9.1 डिग्री, बड़वानी के तालुन में 9.6 डिग्री और गुना में पारा 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। धार, सागर, सीधी, रतलाम, खजुराहो, नौगांव समेत कई शहरों में पारे में गिरावट देखने को मिली। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में सबसे ज्यादा 7.8 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 10.6 डिग्री रहा। इंदौर में 3.6 डिग्री की गिरावट हुई और पारा 13.2 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 14.2 डिग्री, उज्जैन में 13 डिग्री और जबलपुर में 11.4 डिग्री रहा। गुना में 7.2 डिग्री, खंडवा में 5.4 डिग्री, राजगढ़ में 7.6 डिग्री, रतलाम में 6 डिग्री, धार में 6.2 डिग्री, दमोह में 4.3 डिग्री, जबलपुर में 4.2 डिग्री, सागर में 6.9 डिग्री, सिवनी में 3.8 डिग्री, सीधी में पारा 5 डिग्री तक लुढ़का है।इन शहरों में बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर बना रहा। तेज हवाओं से दिन में भी लग रही ठंड मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत से आ रही हवाओं की वजह से प्रदेश में रात के साथ दिन में भी ठंडक घुल गई है। इससे कई शहरों में पारा लुढ़क गया है। भोपाल में 4.7 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 26.9 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 28.4 डिग्री, ग्वालियर में 27.9 डिग्री, उज्जैन में 28.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 23 डिग्री पर आ गया। एक ही दिन में तापमान में 4.5 डिग्री की गिरावट देखने को मिली। बैतूल में 28.2 डिग्री, धार में 29.3 डिग्री, गुना में 27.6 डिग्री, रायसेन में 27 डिग्री, रतलाम में 29.4 डिग्री, शिवपुरी में 27.2 डिग्री, दमोह में 29 डिग्री, खजुराहो में 28.8 डिग्री, मंडला में 29 डिग्री, नौगांव में 28 डिग्री, रीवा में 26.5 डिग्री, सागर में 29.3 डिग्री, सतना में 27.4 डिग्री, सीधी में 26.4 डिग्री, मलाजखंड में 28 डिग्री और उमरिया में पारा 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, नर्मदापुरम में 33 डिग्री, खंडवा में 34.1 डिग्री, खरगोन में 34.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 32 डिग्री, सिवनी में 32.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 33.5 डिग्री रहा। दो दिन ऐसा रहेगा मौसम 6 मार्च: भोपाल में आसमान साफ रहेगा, लेकिन हवा की वजह से दिन का पारा 28-29 डिग्री के आसपास ही रहेगा। ऐसा ही मौसम इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी देखने को मिलेगा। 7 मार्च: दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अगले दो दिन ऐसे ही बना रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से मौसम बदला है। पहाड़ों में बर्फबारी हुई है और सर्द हवा चल रही है। इस वजह से रात के तापमान में खासी गिरावट हुई है। अगले दो दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। 2 से 3 डिग्री की गिरावट और हो सकती है। पहाड़ों पर बर्फबारी से गिरा तापमान उत्तर भारत में पहुंचे वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण मौसम में बदलाव आया है। पहाड़ों पर बर्फबारी का असर देश के उत्तरी हिस्से के मैदानी इलाकों में देखा गया है। इन इलाकों में दिन व रात के तापमान में गिरावट हुई है। बुधवार को दिन में हवा का रुख उत्तर पश्चिमी रहा, जबकि रात को यह उत्तरी हो गया था। पहाड़ों और उत्तर के मैदानी इलाकों से आई ठंडी हवा से ही तापमान गिरा है। 

मौसम ने बदली करवट, भोपाल, इंदौर-ग्वालियर संभाग में लुढ़का रात का तापमान

भोपाल मध्य प्रदेश के मौसम में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है। जहां अभी तक तापमान लगातार बढ़ रहा था वहीं अब तेज हवाओं की वजह से तापमान में चार डिग्री तक गिरावट देखी गई है।  प्रदेश के पश्चिमी हिस्से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में दिन के तापमान में 4.2 डिग्री तक की गिरावट हुई है। मंगलवार को हवा की रफ्तार 10 से 12Km प्रतिघंटा तक रही। ऐसा ही मौसम बुधवार को भी रहेगा। इसके बाद दिन के पारे में फिर से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो जाएगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव, 9 मार्च से नया सिस्टम मौसम विभाग के के अनुसार वर्तमान में  एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पाकिस्तान के पास एक्टिव है। टर्फ भी गुजर रहा है। इस वजह से हवा चल रही है और प्रदेश के पारे में गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले एक-दो दिन तक ऐसा ही मौसम बन रहेगा इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 मार्च से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है। ऐसा होने पर दो दिन बाद प्रदेश में भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, बारिश होने के अभी आसार नहीं है। ज्यादातर शहरों के तापमान में आई गिरावट मंगलवार को मौसम में बदलाव देखने को मिला। ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। पचमढ़ी में पारा 27.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खरगोन में 35.6 डिग्री, खंडवा में 35.1 डिग्री, नर्मदापुरम में 34.5 डिग्री, मंडला में 34 डिग्री, मलाजखंड में 33.5 डिग्री, रतलाम-उमरिया में 33.2 डिग्री और दमोह में पारा 33 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 31 डिग्री, इंदौर में 30.5 डिग्री, ग्वालियर में 30.9 डिग्री, उज्जैन में 31.2 डिग्री और जबलपुर में पारा 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को शिवपुरी में 4.2 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 28 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह इंदौर-गुना में 2.6 डिग्री, भोपाल में 1.2 डिग्री, धार में 2.3 डिग्री, रतलाम में 1.8 डिग्री, उज्जैन में 1.8 डिग्री की गिरावट हुई। बैतूल, खंडवा, पचमढ़ी, रायसेन, खजुराहो, नौगांव, सागर में भी मामूली गिरावट हुई। इससे पहले सोमवार-मंगलवार की रात में भी पारे में गिरावट दर्ज की गई। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 5 मार्च: भोपाल में आसमान साफ रहेगा, लेकिन हवा की वजह से दिन का पारा 28 डिग्री तक पहुंच सकता है। ऐसा ही मौसम इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी देखने को मिलेगा। 6 मार्च: इस दिन भी दिन-रात के तापमान में गिरावट हो सकती है।

MP में 18 फरवरी से फिर बदलेगा मौसम, बढ़ेगी सर्दी, दिन-रात के तापमान में होगी गिरावट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदली है। शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हुई। मौसम विभाग का कहना है कि 17 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय की तरफ एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से 18 फरवरी से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में फिर से गिरावट होने का अनुमान है, जो अगले तीन से चार दिन तक रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव था। इस वजह से प्रदेश में ठंड का असर देखने को मिला, लेकिन यह सिस्टम अब लौट गया है। इसलिए शुक्रवार से तापमान में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस वजह से धार, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, मंडला में पारा 30 डिग्री के पार पहुंच गया। रतलाम में 2.2 डिग्री की बढ़ोतरी के बाद तापमान 32.2 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 28.4 डिग्री, इंदौर में 29.1 डिग्री, ग्वालियर में 29.5 डिग्री, उज्जैन में 30.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 29.3 डिग्री दर्ज किया गया। 17 फरवरी से नया सिस्टम, प्रदेश में भी असर मौसम वैज्ञानिक रैकवार ने बताया कि, 17 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय की तरफ एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से 18 फरवरी से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में फिर से गिरावट होने का अनुमान है, जो अगले तीन से चार दिन तक रह सकता है। वहीं, अब 17 फरवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय की तरफ एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से 18 फरवरी से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में फिर से गिरावट होने का अनुमान है, जो अगले तीन से चार दिन तक रह सकता है। आज शनिवार को दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। रात और सुबह के समय ठंडक बनी रहेगी। 16 फरवरी को भी दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होंगे मौसम वैज्ञानिक रैकवार ने बताया कि, फरवरी में कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होते हैं। अबकी बार भी ऐसा ही है। इस वजह से पारे में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। फिलहाल बारिश होने के आसार नहीं है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 15 फरवरी: दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी। 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। रात और सुबह के समय ठंडक बनी रहेगी। 16 फरवरी: दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। फरवरी में 10 साल का ट्रेंड… तीनों मौसम का असर प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा, जबकि रात में 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इससे पहले 5 डिग्री के नीचे ही रहा है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। इस बार 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर इस बार शुरुआती दो महीने यानी, नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। अब बात जनवरी की। शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है।

मध्य प्रदेश में 10 स्थानों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे, तापमान की आंख मिचौली, जानें मौसम का ताजा अपडेट

भोपाल  मध्य प्रदेश में हल्की ठंड महसूस की जा रही है। गुरुवार को प्रदेश के करीब 10 स्थानों में न्यूनतम तामपान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। वहीं, अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई। खंडवा और खरगोन जिले के अलावा प्रदेश के अन्य सभी जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के नीचे दर्ज हुआ। हालांकि मौसम विभाग ने शुक्रवार से प्रदेश के तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने के अनुमान जताए हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश की सभी जिलों के मौसम को शुष्क बने रहने का अनुमान जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। इसका प्रभाव आने वाले दिनों में दिखाई दे सकता है, हालांकि शुक्रवार से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि देखी जा सकती है। जानें कैसा रहेगा भोपाल का मौसम राजधानी भोपाल के मौसम की बात करें तो शुक्रवार को आकाश की स्थिति साफ रह सकती है। यहां हवा की औसत गति 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की आसार नजर आ रहे हैं। जबकि अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस बना रह सकता है। ऐसे में भोपाल में अधिक गर्मी पड़ने की संभावना नहीं है। एमपी के प्रमुख स्थानों का न्यूनतम तापमान गुरुवार को मध्य प्रदेश में 33 स्थानों पर दर्ज किए गए तापमान को देखें तो 7 जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान गिरकर 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में 7.6, रायसेन में 9.4, राजगढ़ में 7.6, मंडला में 9.8, नौगांव में 9.8 और उमरिया में 9.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। जबलपुर में 10.5, सिवनी में 13.2, बालाघाट में 12.4, ग्वालियर में 12.2, इंदौर में 12.4 और उज्जैन में 11 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। अधिकतम तापमान में भी गिरावट प्रदेश के प्रमुख शहरों के अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। भोपाल में 26.6, ग्वालियर में 27.01, इंदौर में 27.3, पचमढ़ी में 23.4, उज्जैन में 28.5, जबलपुर में 26.2, मंडला में 29 और बालाघाट में 26.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। खंडवा में 32.5 और खरगोन में 32.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।

प्रदेश में 3.7 डिग्री तक लुढ़का दिन का तापमान, 11 शहरों में 30° से नीचे आया पारा, 2 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

भोपाल फरवरी में मध्य प्रदेश के मौसम के अलग अलग रंग देखने को मिल रहे है। गुरुवार को प्रदेश के सभी जिलों के मौसम को शुष्क बने रहने का अनुमान है। फिलहाल किसी भी जिले को लेकर कोई बादल बारिश या सर्दी कोहरे की चेतावनी जारी नहीं की गई है।वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ के साथ ऊपरी स्तर पर हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। एमपी मौसम विभाग की मानें तो भोपाल में आज मौसम साफ रहेगा लेकिन 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आने वाले एक दो दिनों में प्रदेश के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में तापमान 10 डिग्री से नीचे जा सकता है। इसके बाद फिर पारा चढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिक रैकवार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हुआ है। इस वजह से बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली है। रात में भी पारा लुढ़क सकता है। 14 और 15 फरवरी को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया, फरवरी में कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होंगे। इस वजह से पारे में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। फिलहाल बारिश के आसार नहीं है। इन शहरों में लुढ़का दिन का तापमान मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को भोपाल-इंदौर में 28.8 डिग्री, धार में 28.9 डिग्री, ग्वालियर में 27.8 डिग्री, नर्मदापुरम में 29 डिग्री, पचमढ़ी में 26.1 डिग्री, रायसेन में 28 डिग्री, नरसिंहपुर में 28 डिग्री, नौगांव में 28.1 डिग्री, सीधी में 29.8 डिग्री, मलाजखंड में 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया, बैतूल, गुना, खंडवा, खरगोन, रतलाम, शिवपुरी और उज्जैन में पारा 30 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। खंडवा में सबसे ज्यादा 33.1 डिग्री और खरगोन में पारा 33 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात में भी तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति देखने को मिली। शहडोल के कल्याणपुर में 9.3 डिग्री और पचमढ़ी में 9.7 डिग्री रहा। बाकी शहरों में पारा इससे अधिक दर्ज किया गया। क्या कहता है मध्य प्रदेश मौसम विभाग एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है। इसके अलावा अभी अन्य कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है।13 फरवरी को दिन-रात के तापमान में हल्की गिरावट होगी लेकिन दिन में गर्मी का असर रहेगा। 14 फरवरी को दिन-रात का पारा गिरेगा। 15 फरवरी तक मौसम ऐसा ही रहेगा, इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी होगी।कोई मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय ना होने से फिलहाल बारिश के आसार नहीं है। इस बार 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर इस बार शुरुआती दो महीने यानी, नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। अब बात जनवरी की। शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है।

प्रदेश में कल से तापमान गिरने का अनुमान, एक बार फिर से बढ़ेगी ठंड

भोपाल मध्य प्रदेश के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई है। रात का तापमान 17 डिग्री तक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में 13 फरवरी से सर्दी का एक और दौर आएगा। दो दिन तक पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होगी। प्रदेश के 5 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में पारा 10 डिग्री से नीचे जा सकता है। हालांकि ज्यादा ठंड पड़ने के अनुमान नहीं है। 17 डिग्री दर्ज हुआ शिवनी का न्यूनतम तापमान मध्य प्रदेश में इस समय रातें ज्यादा ठंडी नहीं है। सुबह और रात में ही हल्की ठंड पड़ रही है। सोमवार-मंगलवार की रात की बात करें तो भोपाल में 15.7 डिग्री, इंदौर में 14.4 डिग्री, ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 13.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सिवनी सबसे गर्म रहा। यहां रात का तापमान 17 डिग्री तक पहुंच गया। छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, धार और सागर में पारा 15-16 डिग्री के बीच ही रहा। इधर, मंगलवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। भोपाल में सुबह से तेज धूप खिली रही। इस कारण लोग परेशान होते रहे। कई शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार ही रहा। अभी प्रदेश में रातें ज्यादा ठंडी नहीं है। सुबह और रात में ही हल्की ठंड पड़ रही है। सोमवार-मंगलवार की रात की बात करें तो भोपाल में 15.7 डिग्री, इंदौर में 14.4 डिग्री, ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 13.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सिवनी सबसे गर्म रहा। यहां रात का तापमान 17 डिग्री तक पहुंच गया। छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, धार और सागर में पारा 15-16 डिग्री के बीच ही रहा। इधर, मंगलवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। भोपाल में सुबह से तेज धूप खिली रही। इस कारण लोग परेशान होते रहे। कई शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार ही रहा। मौसम बदलने की यह वजह मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया, 8 फरवरी को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) उत्तर भारत पहुंचा था। इसके असर के कारण प्रदेश में उत्तर से सर्द हवाएं चल रही थी, जो अब लौट गई है। वहीं, हवा का रुख दक्षिणी हो गया है। इस कारण ठंडी हवा प्रदेश में नहीं आ रही और दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई। 13 फरवरी से तापमान में फिर से गिरावट देखने को मिलेगी। जेट स्ट्रीम हवा का असर नहीं एक सप्ताह पहले तक प्रदेश में सर्द हवा की रफ्तार 36 से 40 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई थी, लेकिन अब सर्द हवाएं नहीं आ रही है। इस वजह से गर्मी बढ़ गई है। मंगलवार को 12.6 किमी की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवा की रफ्तार 231 किमी प्रतिघंटा रही, लेकिन इसका असर यहां देखने को नहीं मिला। अगले 2 दिन ऐसा मौसम 12 फरवरी: दिन में गर्मी का एहसास होगा, लेकिन रात में ठंडक घुली रहेगी। 13 फरवरी: दिन-रात के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी। फरवरी में 10 साल का ट्रेंड… तीनों मौसम का असर प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा, जबकि रात में 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इससे पहले 5 डिग्री के नीचे ही रहा है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। इस बार 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर इस बार शुरुआती दो महीने यानी, नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। अब बात जनवरी की। शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है।

IMD ने जारी किया बारिश-शीतलहर का अलर्ट, दिन और रात के तापमान में गिरावट आई

भोपाल  पिछले दो दिनों से चल रही ठंडी हवाओं के कारण भोपाल वासियों ने फिर से दिन में गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। जबकि दो पहले गर्मी की वजह से अधिकतर लोगों ने स्वेटर या जैकेट दिन में पहनना बंद कर दिया था। हवा का रुख उत्तरी होने के साथ तेज गति से हवा के चलने के कारण गुरुवार को न्यूनतम तापमान में 3.2 डिग्री की गिरावट आ गई। फरवरी की शुरुआत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान बढ़ा हुआ था। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और बर्फबारी के बाद उत्तरी सर्द हवाएं चलने लगीं। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है।  मध्यप्रदेश में पहाड़ी क्षेत्र और उत्तर भारतीय राज्यों में ठंड बढ़ने का असर भी दिखने लगा है। वहां से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के मौसम में ठंडक घुल गई है। गुरुवार को प्रदेश में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पिछले कुछ दिनों से यह तापमान 10 डिग्री के पार पहुंच गया था। वहीं अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई है। पिछले कुछ दिनों तक जहां तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, वहीं गुरुवार को तापमान 30 डिग्री के नीचे आ गया। 9 शहरों में तापमान 10 डिग्री के नीचे पहुंचा प्रदेश में सबसे कम 7 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो एवं राजगढ़ में दर्ज किया गया। वहीं हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 10.5 डिग्री सेल्सियस पर रहा। राज्य के नौ शहरों में न्यूननतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज हुआ। प्रमुख शहरों का तापमान एमपी के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान खजुराहो में 7, सागर में 8.7, नौगांव में 9, सागर में 8.7, धार में 9.02, गुना में 9.5, ग्वालियर में आठ, रायसेन में 9.5, राजगढ़ में 7, रतलाम में 9, भोपाल में 10.8, इंदौर में 13.4, उज्जैन में 11.2, जबलपुर में 13.4 डिग्री सेल्सियस देखने को मिला। देखें तो भोपाल में 25.8, ग्वालियर में 25.4, इंदौर में 23.5, उज्जैन में 25, जबलपुर में 23.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। प्रदेश के किसी भी जिले में कोहरे की कोई स्थिति निर्मित नहीं हुई। रविवार से तापमान में हो सकती है वृद्धि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों तक प्रदेश के मौसम का मिजाज इसी तरह बने रह सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि रविवार से प्रदेश के तापमान में फिर वृद्धि हो सकती है। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू कश्मीर पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इससे एक द्रोणिका भी संबद्ध है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम चल रही हैं।  बुधवार को अधिकतम तापमान(MP Weather Update) में साढ़े पांच डिग्री की गिरावट हुई और गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.8 और न्यूनतम 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान बुधवार के मुकाबले 3.2 तो अधिकतम आधा डिग्री कम रहा। शुक्रवार को भी तापमान में गिरावट की संभावना है। दस साल में फरवरी में न्यूनतम तापमान ● 9 फरवरी 2024 : 9 ● 2 फरवरी 2023 : 6.5 ● 5 फरवरी 2022 : 7.6 ● 1 फरवरी 2021 : 7.4 ● 9 फरवरी 2020 : 8.1 ● 9 फरवरी 2019 : 5.8 ● 15 फरवरी 2018 : 10.6 ● 1 फरवरी 2017 : 10.8 ● 4 फरवरी 2016 : 8.7 ● 1 फरवरी 2015 : 10.5 18 से 20 किमी की रतार से चली हवा गुरुवार को धूप में भी सर्द हवाएं चलीं। इससे मौसम में ठंडक रही। हवा की अधिकतम रतार 18 से 20 किमी के आसपास रही। अभी गिरावट, फिर बढ़ोतरी: मौसम विभाग के अनुसार हवा का रुख उत्तरी होने के कारण सर्दी बढ़ गयी है। 8 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा तब फिर से बदलाव आएगा और तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि, 10 फरवरी के बाद हल्के बादल की भी स्थिति बन सकती है।

तीन दिन बाद प्रदेश में दिन-रात के पारे में 3 डिग्री की गिरावट की संभवना

भोपाल मध्यप्रदेश में सुबह और रात में ठंड का असर है, जबकि दिन में धूप चुभ रही है। इसके साथ अब कोहरा भी छा रहा है। रविवार को ग्वालियर, नीमच, मुरैना, श्योपुर, मंदसौर और भिंड में कोहरा रहा। ऐसा ही मौसम सोमवार सुबह भी है। मौसम विभाग के मुताबिक, तीन दिन बाद प्रदेश में दिन-रात के पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है, जबकि 12, 13 और 14 फरवरी को बारिश होने का अनुमान भी है। ग्वालियर-जबलपुर समेत कई शहरों में दिन के पारे में गिरावट रविवार को ग्वालियर-चंबल में कहीं-कहीं बादल भी छाए रहे। वहीं, कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। ग्वालियर में 1.9 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 27.4 डिग्री रहा। धार में 2.4 डिग्री की गिरावट हुई और तापमान 26.7 डिग्री पर आ गया। बैतूल, गुना, खंडवा, रतलाम, शिवपुरी, दमोह, जबलपुर, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया और मलाजखंड में भी पारा लुढ़क गया। इधर, शनिवार-रविवार की रात में भी कई शहरों में पारे में मामूली गिरावट देखने को मिली। आज से नया सिस्टम 3 फरवरी से वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने के आसार है। वहीं, 8 फरवरी को भी एक सिस्टम एक्टिव हो सकता है। इस वजह से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, प्रदेश के कुछ हिस्से में पहले सप्ताह में बादल छाए रहेंगे। 12, 13 और 14 फरवरी को बारिश होने का अनुमान है। 20 फरवरी के बाद ठंड का असर और कम होगा। जिससे दिन-रात दोनों ही तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। अगले 2 दिन ऐसा मौसम     3 फरवरी: मंदसौर, शिवपुरी, दतिया, भिंड में हल्के से मध्यम कोहरा रह सकता है। नीमच, ग्वालियर, मुरैना और श्योपुर में कहीं-कहीं घना कोहरा भी छाया रह सकता है।     4 फरवरी: प्रदेश में कहीं-कहीं पारे में हल्की गिरावट हो सकती है। दिन में धूप वाला मौसम रहेगा।

प्रदेश में अब कड़ाके की ठंड के आसार नहीं, हो सकती है बूंदाबांदी, दिन-रात का तापमान बढ़ेगा

भोपाल फरवरी का महीना लगते ही ठंड का असर कम हो गया है, इस पूरे हफ्ते मध्य प्रदेश में बादल बारिश की स्थिति बनने वाली है। हवाओं का रूख बदलने और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 2 से 4 फरवरी तक पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में बादल छाएंगे और बारिश होगी। 2 दिन बाद तापमान में 1 से 2 डिग्री तक वृद्धि और फिर 2 से 3 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम विक्षोभ के एक्टिव होने से 2 से 4 फरवरी तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाने के साथ गरज चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना है। बारिश के शुरू होते ही सर्द हवाएं चलेंगी और तापमान में एक बार फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी। क्या कहता है एमपी मौसम विभाग का पूर्वानुमान वर्तमान में नया पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के पास द्रोणिका के रूप , पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप और हरियाणा एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में प्रेरित चक्रवात मौजूद है। उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम बना हुआ है। इसके अतिरिक्त एक प्रति चक्रवात तेलंगाना पर बना हुआ है। हवाओं का रुख भी दक्षिणी एवं दक्षिण-पश्चिमी हो गया है। अभी दो दिन तक रात के तापमान में वृद्धि की संभावना कम है लेकिन दो तीन फरवरी को एक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने पर बादल छाने के आसार हैं।  4 फरवरी तक बादल बारिश     फरवरी के पहले सप्ताह में रीवा, शहडोल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में बादल छाने के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, लेकिन इंदौर, भोपाल और उज्जैन संभाग में मौसम साफ रहेगा।     2 फरवरी को शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, देवास और आगरमालवा में बारिश के आसार है।     2 फरवरी से ठंड का असर बढ़ेगा, तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे जा सकता है।     3 फरवरी को कई जिलों बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं।कहीं कहीं घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है। इस दौरान कई शहरों का तापमान 7 डिग्री से नीचे जा सकता है। 10 साल का ट्रेंड…दिन गर्म, रातें ठंडी और बारिश भी प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। इस दौरान बारिश का ट्रेंड भी देखा गया है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा। जबकि रात का तापमान 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है।

मध्यप्रदेश में जनवरी में तेज ठंड का दूसरा दौर अगले 48 घंटे बाद से शुरू होगा

भोपाल वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से मध्यप्रदेश में जनवरी में तेज ठंड का दूसरा दौर अगले 48 घंटे बाद यानी कल 7 जनवरी से शुरू होगा। प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में रविवार से यह सिस्टम एक्टिव हुआ है, जिसका असर दो दिन बाद दिखेगा। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया- वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी से उत्तर से बर्फीली हवाएं आने लगेंगी। जिनकी रफ्तार तेज होगी। ये ठंड का असर बढ़ाएंगी। दिन-रात दोनों के तापमान में गिरावट होगी। जनवरी में मावठे की बारिश भी हो सकती है। 10 जनवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर उत्तर-पश्चिमी भारत में देखने को मिल सकता है। प्रदेश में इससे बूंदाबांदी होने के आसार भी हैं। उत्तर भारत, सूर्य के उत्तरायण होने पर भी सर्दी से नहीं मिलेगी राहत, वर्षा के आसार उत्तर के पहाड़ी भागों और दक्षिण-पूर्व के समुद्र में मौसमी हलचल तेज है। जनवरी के पहले सप्ताह से उत्तर में बर्फबारी का सिलसिला शुरू हुआ है, वह आगे जारी रह सकता है। नए वर्ष के पहले दिन आए पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी पूरी तरह निस्तेज भी नहीं हो पाया है कि दूसरे ने दस्तक दे दी है। अब तीसरा विक्षोभ भी दस जनवरी तक आने वाला है, जिसका असर 14 जनवरी से सूर्य के उत्तरायण होने के बाद भी जारी रह सकता है। बारिश, कोहरा और ठंड में वृद्धि तय स्पष्ट है कि महीने के तीसरे-चौथे सप्ताह में भी ठंड का तेवर ढीला नहीं होगा। इसी दौरान सात से दस जनवरी के बीच उत्तर भारत में जहां-तहां बारिश का भी अनुमान है, जिससे न्यूनतम तापमान गिरेगा। ठंड और बढ़ेगी। दरअसल एक निम्न दबाव का क्षेत्र पंजाब से सटे पाकिस्तान में बनने जा रहा है। दूसरा निम्न दबाव छत्तीसगढ़ में बना हुआ है। तीसरा बंगाल की खाड़ी और चौथा अरब सागर में बना हुआ है। ऐसे में नमी युक्त हवाएं देश के दोनों हिस्सों से आगे बढ़ेंगी और मैदानी इलाकों में संघनित होंगी। इससे बारिश, कोहरा और ठंड में वृद्धि तय है। श्रीनगर में पिछले तीन दशक में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। आठ जनवरी से शीतलहर के रूप में यह आगे बढ़ेगा और पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार-झारखंड तक जाएगा। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं तेलंगाना भी अछूता नहीं रहेगा। बिहार-झारखंड तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश से ठंड अत्यधिक प्रचंड हो सकती है। भारत मौसम विभाग (आइएमडी) ने जम्मू-कश्मीर में 24 घंटे के दौरान भारी वर्षा और पंजाब, दिल्ली, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से बिहार-झारखंड तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। इस महीने का दूसरा पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति अभी अफगानिस्तान में है। उत्तर में पहाड़ों पर भारी बर्फबारी होगी यह चक्रवात के रूप में आगे बढ़ रहा है। दस जनवरी से तीसरा पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर अगले एक हफ्ते तक देखा जा सकता है।निजी एजेंसी स्काइमेट का मानना है कि छह-सात जनवरी के दौरान उत्तर में पहाड़ों पर भारी बर्फबारी होगी। इसी दौरान उत्तर भारत के राज्यों में भी जहां-तहां बारिश हो सकती है। उसके बाद 13 एवं 14 जनवरी को फिर से बर्फबारी के आसार हैं। इसी के आसपास राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा एवं पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश के उत्तरी भागों तक बारिश दिखाई देगी। सामान्य तौर पर नवंबर के अंतिम सप्ताह से सर्दी की शुरुआत मानी जाती है और जनवरी में इसका अंत होता है, लेकिन पिछले पांच-सात वर्ष से सर्दी के पैटर्न में परिवर्तन दिख रहा है। देर से शुरू होकर देर तक रह रही है। अगर पश्चिमी विक्षोभ की संख्या बढ़ती है तो सर्दी फरवरी तक खिंच सकती है। दिल्ली में कड़ाके की ठंड से राहत नहीं दिल्ली में कड़ाके की ठंड के बाद पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि और अधिकतम तापमान में पांच डिग्री तक वृद्धि हुई है। कोहरे से थोड़ी राहत मिली है। पश्चिम से हवाएं छह किमी प्रति घंटे की गति से चल रही हैं। रफ्तार थोड़ी धीमी है, लेकिन छह-सात जनवरी से फिर से उत्तर से ठंडी हवा चलनी शुरू हो जाएगी।  

MP में ठंड, कोहरा और बारिश का कहर, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश के कई इलाकों में सर्दी और कोहरे का प्रकोप शुक्रवार को भी जारी रहा। इस दौरान रायसेन, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर का असर देखा गया और वहां कड़ाके की सर्दी पड़ी। जबकि भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, मरुखेड़ा (नीमच) में भी बेहद ठंडा दिन रहा। इस दौरान प्रदेश में सबसे कम तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 3.4 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहा। गुरुवार सुबह इन जिलों में रहा कोहरा आज मौसम की बात करें प्रदेश के श्योपुरकलां, नीमच, आगर, मंदसौर, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़, जबलपुर, भोपाल, भिंड एवं मुरैना जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा, जबकि रतलाम, झाबुआ, धार, इंदौर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, दतिया, गुना, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नरसिंहपुर, रायसेन, अशोकनगर एवं विदिशा जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। प्रदेश में शुक्रवार सुबह सबसे कम तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 3.4 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा पिपरसमा (शिवपुरी) में 4.4 डिग्री, मरुखेड़ा (नीमच) में 4.6 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल) में 4.8 डिग्री और आगर-मालवा (आगर) में 5.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल और जबलपुर एयरपोर्ट पर सबसे कम यानी सिर्फ 50 मीटर की दृश्यता दर्ज की गई। शुक्रवार को ज्यादातर जिलों रहेगा कोहरा, 5 जगह गिर सकता है पाला मौसम विभाग ने शुक्रवार को रायसेन और शाजापुर जिले में कहीं-कहीं घना कोहरा छाने, शीतलहर चलने और पाला पड़ने की संभावना जताई है। इसके अलावा विदिशा, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले में भी कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाने और पाला पड़ने की उम्मीद जताई है। भोपाल, राजगढ़, आगर जिलों में भी कहीं-कहीं घना कोहरा छाने और ठंडा दिन रहने की उम्मीद है। इसके अलावा सीहोर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, बैतूल, हरदा, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर और निवाड़ी जिलों में कहीं कहीं मध्यम से घना कोहरा छाने की उम्मीद है। वहीं नीमच, नर्मदापुरम, भोपाल, राजगढ़, आगर जिलों में कहीं-कहीं बेहद ठंडा दिन रहने की उम्मीद है। कैसा रहा बीता दिन? बीते दिन प्रदेश के नर्मदापुरम संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान विशेष रूप से गिरा। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, रीवा और शहडोल संभागों के जिलों में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई। भोपाल और नर्मदापुरम संभागों के जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहा, जबकि शेष सभी संभागों के जिलों के तापमानों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। अधिकतम तापमान की बात करें तो उज्जैन व रीवा संभाग के जिलों में इसमें काफी गिरावट देखी गई। वे सामान्य से काफी कम रहे यानी यहां ठंड का ज्यादा असर देखा गया। जबकि इस दौरान इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और सागर संभागों के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहे और शेष सभी संभागों के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य ही रहा। सिनोप्टिक मौसमी परिस्थितियां पश्चिमी विक्षोभ, जम्मू एवं संलग्न उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में स्थित है। पश्चिमोत्तर भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से उपोष्ण जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। मध्य ईरान के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच अवस्थित पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

मध्य प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप, कोहरे की चादर में लिपटे कई शहर, जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। सुबह और शाम ही नहीं बल्कि दोपहर में भी हाड़ कंपाने वाली सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत में फिलहाल बर्फबारी हो रही है और वहां से बर्फीली हवाएं मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं। इनकी वजह से प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मध्य प्रदेश के तापमान में आ रही है गिरावट का यह दौर फिलहाल जारी रहने वाला है। बर्फीली हवाओं ने प्रदेश का अधिकांश हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। अब बचे हुए जिले भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों तक कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में जैसे ही बारिश का दौर खत्म हुआ है, वैसे ही कई शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। सबसे कम तापमान शहडोल के कल्याणपुर में 6.1 डिग्री सेल्सियस देखा गया। इसके अलावा राजधानी भोपाल, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम, सतना, उज्जैन, उमरिया, शिवपुरी, बालाघाट, रायसेन, रीवा, नौगांव, गुना जैसे शहरों में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। आने वाले तीन दिनों तक कोहरे और शीतलहर का दौर देखने को मिलेगा। लगातार गिर रहा तापमान फिलहाल हिमाचल प्रदेश लद्दाख उत्तराखंड और जम्मू जैसे इलाकों में बर्फबारी हो रही है। यहां से आ रही बर्फीली हवाएं प्रदेश के तापमान में गिरावट का कारण बन रही हैं। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक हवा की रफ्तार तेज होगी जिससे ठंड का असर ज्यादा बढ़ जाएगा। जनवरी के 20 से 22 दिन शीतलहर और कोल्ड डे में गुजरने वाले हैं। यहां शीतलहर का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक गुरुवार को जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर सहित 19 जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया गया है। मुरैना, दतिया, सागर, भिंड, राजगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, उमरिया, दमोह और कटनी में भी शीतलहर चलेगी। आज सुबह से कई जिले घने कोहरे की चादर में लिपटे हुए हैं।

MP में सर्द हवाओं ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ाई, कई शहरों में शीतलहर चलने के आसार

भोपाल  प्रदेश में सोमवार को दिन का सबसे कम 18 डिग्री सेल्सियस तापमान टीकमगढ़ का दर्ज किया गया, जिससे टीकमगढ़ और नौगांव में सोमवार का दिन सबसे शीतल रहा। पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ चुका है इसके साथ ही हवाओं का रुख उत्तरी हो गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हाल ही में जबरदस्त बर्फबारी हुई है। वहां से आ रही सर्द हवाओं ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी है। आगामी तीन से चार दिन तक रात के तापमान में गिरावट बनी रह सकती है। कई शहरों में शीतलहर चलने के आसार हैं। दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा मध्यप्रदेश में सोमवार को अधिकतर शहरों में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा। सबसे ठंडा टीकमगढ़ रहा, जहां पारा 18 डिग्री दर्ज किया गया। नौगांव में 18.5 डिग्री, ग्वालियर-रीवा में 19 डिग्री, सीधी में 19.8 डिग्री, खजुराहो में 20.2 डिग्री और सतना में 20.3 डिग्री रहा। इसी तरह शिवपुरी में 21 डिग्री, जबलपुर में 21.6 डिग्री, उमरिया में 22 डिग्री, पचमढ़ी, मलाजखंड-सागर में 22.5 डिग्री, भोपाल में 22.6 डिग्री और गुना में 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन-रात के तापमान में गिरावट इससे पहले प्रदेश में वर्षा का दौर थमने के बाद दिन-रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार-रविवार की रात कई शहरों में पारा लुढ़का। वहीं, रविवार को दिन के तापमान में 6.2 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट धार में हुई। यहां तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया। नये साल के पहले दिन एक जनवरी से कड़ाके की सर्दी का दौर फिर शुरू हो जाएगा। सबसे ज्यादा असर उज्जैन और ग्वालियर-चंबल में दिखाई देगा।रविवार को मौसम खुलते ही ठिठुरन बढ़ गई और सोमवार को सुबह कई क्षेत्रों में कोहरा भी रहा। दरअसल, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के बाद उत्तरी हवाओं के प्रभाव से ठिठुरन बढ़ी है। बारिश के बाद अब बर्फीली ठंड का दौर हुआ शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल के टेम्परेचर में पिछले 24 घंटों में 6.4 डिग्री की गिरावट दर्ज का गई। वहीं, राजगढ़ का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री से गिरकर 5.4 डिग्री सेल्सियस, पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9. 3 डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश भर में कुहासा छाने के आसार जताए हैं। आने वाले समय में प्रदेश भर में ठंड और भी बढ़ने की संभावनाएं है। वहीं, कहा जा रहा है कि, राजधानी का तापमान वर्तमान तापमान से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस और नीचे गिर सकता है। उत्तर छत्तीसगढ़ में एक जनवरी से कुछ इलाकों में शीतलहर चल सकती है। सरगुजा संभाग और उससे लगे जिलों में एक जनवरी से सुबह से ही हल्के से मध्यम कुहासा बनने की संभावना है। सुबह से मार्गों में विजिबिलिटी कम रहेगी। सरगुजा संभाग के इतर राजधानी रायपुर में भी सुबह के समय धुंध अथवा हल्का कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में आने वाले पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं, अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 -5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद कोई विशेष बदलाव की संभावना नही है। शीतलहर क्या होती है? शीतलहर तब होती है जब सामान्य तापमान से 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ जाती है और यह ठंडी हवाओं के कारण और भी प्रभावी हो जाती है। शीतलहर के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? शीतलहर के दौरान गर्म कपड़े पहनें, घर के अंदर रहें, पर्याप्त गर्म पेय पदार्थ लें और हीटर या अंगीठी का उपयोग सावधानीपूर्वक करें। ठंड के दौरान कौन सी बीमारियां हो सकती हैं? ठंड के दौरान सर्दी, जुकाम, फ्लू, निमोनिया, और हाइपोथर्मिया जैसी समस्याएं आम होती हैं। ठंड से बचने के लिए कौन से घरेलू उपाय किए जा सकते हैं? अदरक वाली चाय, गर्म सूप, और सूखे मेवे का सेवन करें। इसके अलावा, सरसों का तेल या गर्म तेल से मालिश करें और शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। उत्तरी भारत पर प्रभाव पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के राज्य इस मौसम पैटर्न से विशेष रूप से प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों में तापमान में गिरावट और बादल छाए रहने की संभावना है। लोगों को स्थानीय पूर्वानुमानों के साथ अपडेट रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। वर्तमान में, उत्तरी भारत में अपेक्षाकृत स्थिर मौसम की स्थिति है। हालाँकि, जैसे-जैसे पश्चिमी विक्षोभ निकट आता है, मौसम में बदलाव की आशंका है। आईएमडी ने निवासियों को सतर्क रहने और संभावित प्रतिकूल मौसम प्रभावों के खिलाफ आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।  

इंदौर में सीजन का सबसे ठंडा दिन, जनवरी में 20 से 22 दिनों तक शीतलहर और कोल्ड डे का असर रह सकता

इंदौर इंदौर में पिछले 24 घंटों से चल रही तेज सर्द हवाओं के कारण मौसम में ठंडक बढ़ गई है, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन का तापमान 4 डिग्री कम होकर 21.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि रात का तापमान 2 डिग्री कम होकर 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को भले ही कोल्ड डे घोषित नहीं किया गया, लेकिन दिनभर ठंड का असर महसूस किया गया। सोमवार सुबह से भी ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे कंपकंपी का माहौल बना हुआ है। दोपहर तीन बजे तक यह 2500 मीटर पर थी। मगर शाम होते ही 1800 मीटर पर आ गई। अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, जो शनिवार की तुलना में चार डिग्री नीचे आया। न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा। नए साल का ठंड के साथ होगा स्वागत शहरवासियों को अभी ठंड से राहत मिल रही है। बादलों के कारण रात में जहां तापमान बढ़ा हुआ है, वहीं दिन में निकल रही धूप भी सर्दी के असर को कम कर रही हैं। अगले सप्ताह में शहरवासियों को हल्की ठंड का अहसासा होगा। वर्ष 2024 की विदाई के साथ नए साल का स्वागत ठंडक के साथ होगा। अगले सप्ताह रात के तापमान में जहां तीन से चार डिग्री गिरावट दिखेगी, वहीं दिन का तापमान सामान्य के आसपास रहेगा। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर व उससे लगे उत्तरी पाकिस्तान पर सक्रिय है। न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी वहीं राजस्थान व उससे लगे हरियाणा पर चक्रवात का घेरा 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई बना हुआ है। इस वजह से अभी इंदौर में वर्षा की गतिविधियां दिखाई दी। इसका असर अगले दो दिन में खत्म हो जाएगा। इसके बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। इसके बाद एक ओर पश्चिम विक्षोभ चार जनवरी के आसपास सक्रिय होगा। इंदौर में अभी साफ रहेगा मौसम इस वजह से अगले सप्ताह में दिन के तापमान बढ़ते हुए रहेंगे। इंदौर में अगले चार दिन मौसम साफ रहेगा। सुबह के समय हल्का कोहरा छाएगा। मौसम विज्ञानियों की मानें तो अगले सप्ताह में इंदौर में न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री के बीच रहेगा, वहीं अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री के बीच रहेगा। बादल न होने के कारण ही न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। विजिबिलिटी कम हुई, कोहरा जमा हुआ मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि साल की आखिरी रात को तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वर्तमान में बने सिस्टम के अनुसार, मध्य प्रदेश में नए साल के पहले दिन से कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे बर्फीली हवाओं के चलते पूरे प्रदेश में ठिठुरन का माहौल बन जाएगा। इंदौर में रविवार से बारिश बंद हो गई है और मौसम साफ हो गया है, लेकिन तापमान में गिरावट जारी है। सोमवार सुबह हल्का कोहरा छाया रहा, विजिबिलिटी 1100 मीटर रही, हवा की गति 8 किमी प्रति घंटा थी और बादल भी छाए हुए थे, जिससे ठंड का असर बढ़ गया। शीतलहर का प्रभाव रहेगा मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में 20 से 22 दिनों तक शीतलहर और कोल्ड डे का असर रह सकता है। शुरुआती दिनों में ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के जिलों में शीतलहर का प्रभाव रहेगा, जिसके बाद इंदौर और आसपास के हिस्सों में भी इसका असर दिखाई देगा।  

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