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मार्च में ठंड ने मारी पलटी , भोपाल, जबलपुर, इंदौर में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज इस बार काफी चौंका रहा है. दिसंबर-जनवरी में जहां ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए तो अब मार्च में जाते- जाते फिर रिकॉर्ड बना दिया है. जबलपुर, भोपाल और इंदौर में ठंड ने 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. यहां मार्च के महीने में रात का तापमान 10 सालों बाद 10 डिग्री के नीचे चला गया है. इसके साथ ही 13 जिलों में पिछले 24 घंटे में ठंड ने जबर्दस्त वापसी की है. कहां कितना रहा तापमान? बात करें मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों की तो भोपाल में बीती रात तापमान 9.8 दर्ज किया गया. वहीं जबलपुर में 9.6, उज्जैन में 9, इंदौर में 10.8 और ग्वालियर में 11.6 डिग्री सेल्सियस तक पारा गिर गया. इससे पहले जहां दिन और रात के तापमान में बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया जा रहा था, तो वहीं पश्चिमी विक्षोभ के असर से मध्य प्रदेश के मौसम ने फिर लोगों को चौंका दिया. मार्च में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड मौसम विभाग के 2015 के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 सालों में मार्च के महीने में भोपाल, जबलपुर और इंदौर में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया. मार्च 2015 में भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर में 11.5 डिग्री सेल्सियस और इंदौर में 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. मार्च में दिन गर्म और रातें रहती हैं ठंडी मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दस सालों में मार्च में दिन काफी गर्म होते हैं और रातें कुछ हद तक ठंडी. पिछले दस सालों में मार्च के मौसम में दिन और रात के तापमान में 20 से लेकर 27 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर देखने मिला है. वहीं कई बार हल्की बारिश भी दर्ज की जाती है. हालांकि, इस बार मार्च की ठंड ने एक दशक बाद फिर चौंकाया है. क्यों पड़ी मार्च में इतनी ठंड? मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र कुमार के मुताबिक, ” पश्चिमी हिमालय में दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से अति भारी बारिश व बर्फबारी हुई है. इसके बाद पिछले तीन दिनों से उत्तरी हवाएं मध्य प्रदेश में आ रही हैं. इन्हीं बर्फीली हवाओं की वजह से मध्य प्रदेश में लंबे अरसे के बाद मार्च में कोल्ड वेव की स्थिति बनी है. जैसे-जैसे नए वेदर पैटर्न एक्टिव होंगे और हवा की रफ्तार बदलेगी, वैसे-वैसे ठंड का असर कम होगा. होली के बाद मध्य भारत में कई शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.” आगे कैसा रहेगा एमपी का मौसम? बात करें आने वाले दिनों की तो फिलहाल मौसम विभाग ने बारिश होने की कोई संभावना नहीं जताई है. हालांकि, 9 मार्च को नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में 10 मार्च के बाद फिर मौसम बदलेगा. अगले 24 घंटे में तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने मिलेगा. बता दें कि पिछले 24 घंटे में शाजापुर का गिरवर सबसे ठंडा रहा. यहां तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं बड़वानी में 7.5, सीहोर में 7.7, मंडला में 8, उमरिया में 8.2 और खजुराहो में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

मध्य प्रदेश में ठंड ने मारा यू टर्न, धड़ाम से गिरा पारा, भोपाल-इंदौर में आज भी ऐसे ही रहेगा मौसम

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक से अपना मिजाज बदल लिया है, मार्च में पहली बार ठंड ने यू टर्न लिया है। ऐसे में प्रदेश के कई इलाकों में पारा तेजी से लुढ़का है। इंदौर,भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत मध्यप्रदेश के सभी शहरों में दिन-रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में एक ही रात में पारा 7.8 डिग्री तक लुढ़क गया। वहीं, बुधवार को दिन में 4.7 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 26.9 डिग्री पर आ गया।   मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से मौसम बदला है। पहाड़ों में बर्फबारी हुई है और सर्द हवा चल रही है। इस वजह से रात के तापमान में खासी गिरावट हुई है। अगले दो दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। 2 से 3 डिग्री की गिरावट और हो सकती है। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है। ऐसा होने पर दो दिन बाद प्रदेश में भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, बारिश होने के अभी आसार नहीं हैं। मार्च में पहली बार 7.5 डिग्री दर्ज हुआ तापमान बता दें कि मार्च महीने में पहली बार ठंडी का एहसास हो रहा है। सर्द हवा की वजह से प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। शाजापुर में रात का पारा 7.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम है। राजगढ़ में 8 डिग्री, अशोकनगर के आवरी में 8.2 डिग्री, नीमच के मरूखेड़ा में 9.1 डिग्री, बड़वानी के तालुन में 9.6 डिग्री और गुना में पारा 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। धार, सागर, सीधी, रतलाम, खजुराहो, नौगांव समेत कई शहरों में पारे में गिरावट देखने को मिली। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में सबसे ज्यादा 7.8 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 10.6 डिग्री रहा। इंदौर में 3.6 डिग्री की गिरावट हुई और पारा 13.2 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 14.2 डिग्री, उज्जैन में 13 डिग्री और जबलपुर में 11.4 डिग्री रहा। गुना में 7.2 डिग्री, खंडवा में 5.4 डिग्री, राजगढ़ में 7.6 डिग्री, रतलाम में 6 डिग्री, धार में 6.2 डिग्री, दमोह में 4.3 डिग्री, जबलपुर में 4.2 डिग्री, सागर में 6.9 डिग्री, सिवनी में 3.8 डिग्री, सीधी में पारा 5 डिग्री तक लुढ़का है।इन शहरों में बुधवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का दौर बना रहा। तेज हवाओं से दिन में भी लग रही ठंड मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत से आ रही हवाओं की वजह से प्रदेश में रात के साथ दिन में भी ठंडक घुल गई है। इससे कई शहरों में पारा लुढ़क गया है। भोपाल में 4.7 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 26.9 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 28.4 डिग्री, ग्वालियर में 27.9 डिग्री, उज्जैन में 28.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 23 डिग्री पर आ गया। एक ही दिन में तापमान में 4.5 डिग्री की गिरावट देखने को मिली। बैतूल में 28.2 डिग्री, धार में 29.3 डिग्री, गुना में 27.6 डिग्री, रायसेन में 27 डिग्री, रतलाम में 29.4 डिग्री, शिवपुरी में 27.2 डिग्री, दमोह में 29 डिग्री, खजुराहो में 28.8 डिग्री, मंडला में 29 डिग्री, नौगांव में 28 डिग्री, रीवा में 26.5 डिग्री, सागर में 29.3 डिग्री, सतना में 27.4 डिग्री, सीधी में 26.4 डिग्री, मलाजखंड में 28 डिग्री और उमरिया में पारा 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, नर्मदापुरम में 33 डिग्री, खंडवा में 34.1 डिग्री, खरगोन में 34.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 32 डिग्री, सिवनी में 32.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 33.5 डिग्री रहा। दो दिन ऐसा रहेगा मौसम 6 मार्च: भोपाल में आसमान साफ रहेगा, लेकिन हवा की वजह से दिन का पारा 28-29 डिग्री के आसपास ही रहेगा। ऐसा ही मौसम इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी देखने को मिलेगा। 7 मार्च: दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अगले दो दिन ऐसे ही बना रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से मौसम बदला है। पहाड़ों में बर्फबारी हुई है और सर्द हवा चल रही है। इस वजह से रात के तापमान में खासी गिरावट हुई है। अगले दो दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। 2 से 3 डिग्री की गिरावट और हो सकती है। पहाड़ों पर बर्फबारी से गिरा तापमान उत्तर भारत में पहुंचे वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण मौसम में बदलाव आया है। पहाड़ों पर बर्फबारी का असर देश के उत्तरी हिस्से के मैदानी इलाकों में देखा गया है। इन इलाकों में दिन व रात के तापमान में गिरावट हुई है। बुधवार को दिन में हवा का रुख उत्तर पश्चिमी रहा, जबकि रात को यह उत्तरी हो गया था। पहाड़ों और उत्तर के मैदानी इलाकों से आई ठंडी हवा से ही तापमान गिरा है। 

मौसम ने बदली करवट, भोपाल, इंदौर-ग्वालियर संभाग में लुढ़का रात का तापमान

भोपाल मध्य प्रदेश के मौसम में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है। जहां अभी तक तापमान लगातार बढ़ रहा था वहीं अब तेज हवाओं की वजह से तापमान में चार डिग्री तक गिरावट देखी गई है।  प्रदेश के पश्चिमी हिस्से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में दिन के तापमान में 4.2 डिग्री तक की गिरावट हुई है। मंगलवार को हवा की रफ्तार 10 से 12Km प्रतिघंटा तक रही। ऐसा ही मौसम बुधवार को भी रहेगा। इसके बाद दिन के पारे में फिर से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो जाएगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव, 9 मार्च से नया सिस्टम मौसम विभाग के के अनुसार वर्तमान में  एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पाकिस्तान के पास एक्टिव है। टर्फ भी गुजर रहा है। इस वजह से हवा चल रही है और प्रदेश के पारे में गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले एक-दो दिन तक ऐसा ही मौसम बन रहेगा इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 मार्च से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है। ऐसा होने पर दो दिन बाद प्रदेश में भी असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, बारिश होने के अभी आसार नहीं है। ज्यादातर शहरों के तापमान में आई गिरावट मंगलवार को मौसम में बदलाव देखने को मिला। ज्यादातर शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। पचमढ़ी में पारा 27.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खरगोन में 35.6 डिग्री, खंडवा में 35.1 डिग्री, नर्मदापुरम में 34.5 डिग्री, मंडला में 34 डिग्री, मलाजखंड में 33.5 डिग्री, रतलाम-उमरिया में 33.2 डिग्री और दमोह में पारा 33 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 31 डिग्री, इंदौर में 30.5 डिग्री, ग्वालियर में 30.9 डिग्री, उज्जैन में 31.2 डिग्री और जबलपुर में पारा 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को शिवपुरी में 4.2 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 28 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह इंदौर-गुना में 2.6 डिग्री, भोपाल में 1.2 डिग्री, धार में 2.3 डिग्री, रतलाम में 1.8 डिग्री, उज्जैन में 1.8 डिग्री की गिरावट हुई। बैतूल, खंडवा, पचमढ़ी, रायसेन, खजुराहो, नौगांव, सागर में भी मामूली गिरावट हुई। इससे पहले सोमवार-मंगलवार की रात में भी पारे में गिरावट दर्ज की गई। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 5 मार्च: भोपाल में आसमान साफ रहेगा, लेकिन हवा की वजह से दिन का पारा 28 डिग्री तक पहुंच सकता है। ऐसा ही मौसम इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी देखने को मिलेगा। 6 मार्च: इस दिन भी दिन-रात के तापमान में गिरावट हो सकती है।

MP में 18 फरवरी से फिर बदलेगा मौसम, बढ़ेगी सर्दी, दिन-रात के तापमान में होगी गिरावट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदली है। शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हुई। मौसम विभाग का कहना है कि 17 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय की तरफ एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से 18 फरवरी से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में फिर से गिरावट होने का अनुमान है, जो अगले तीन से चार दिन तक रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव था। इस वजह से प्रदेश में ठंड का असर देखने को मिला, लेकिन यह सिस्टम अब लौट गया है। इसलिए शुक्रवार से तापमान में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस वजह से धार, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, मंडला में पारा 30 डिग्री के पार पहुंच गया। रतलाम में 2.2 डिग्री की बढ़ोतरी के बाद तापमान 32.2 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 28.4 डिग्री, इंदौर में 29.1 डिग्री, ग्वालियर में 29.5 डिग्री, उज्जैन में 30.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 29.3 डिग्री दर्ज किया गया। 17 फरवरी से नया सिस्टम, प्रदेश में भी असर मौसम वैज्ञानिक रैकवार ने बताया कि, 17 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय की तरफ एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से 18 फरवरी से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में फिर से गिरावट होने का अनुमान है, जो अगले तीन से चार दिन तक रह सकता है। वहीं, अब 17 फरवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय की तरफ एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से 18 फरवरी से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में फिर से गिरावट होने का अनुमान है, जो अगले तीन से चार दिन तक रह सकता है। आज शनिवार को दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। रात और सुबह के समय ठंडक बनी रहेगी। 16 फरवरी को भी दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होंगे मौसम वैज्ञानिक रैकवार ने बताया कि, फरवरी में कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होते हैं। अबकी बार भी ऐसा ही है। इस वजह से पारे में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। फिलहाल बारिश होने के आसार नहीं है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 15 फरवरी: दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी। 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। रात और सुबह के समय ठंडक बनी रहेगी। 16 फरवरी: दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। फरवरी में 10 साल का ट्रेंड… तीनों मौसम का असर प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा, जबकि रात में 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इससे पहले 5 डिग्री के नीचे ही रहा है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। इस बार 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर इस बार शुरुआती दो महीने यानी, नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। अब बात जनवरी की। शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है।

मध्य प्रदेश में 10 स्थानों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे, तापमान की आंख मिचौली, जानें मौसम का ताजा अपडेट

भोपाल  मध्य प्रदेश में हल्की ठंड महसूस की जा रही है। गुरुवार को प्रदेश के करीब 10 स्थानों में न्यूनतम तामपान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। वहीं, अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई। खंडवा और खरगोन जिले के अलावा प्रदेश के अन्य सभी जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के नीचे दर्ज हुआ। हालांकि मौसम विभाग ने शुक्रवार से प्रदेश के तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने के अनुमान जताए हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश की सभी जिलों के मौसम को शुष्क बने रहने का अनुमान जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। इसका प्रभाव आने वाले दिनों में दिखाई दे सकता है, हालांकि शुक्रवार से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि देखी जा सकती है। जानें कैसा रहेगा भोपाल का मौसम राजधानी भोपाल के मौसम की बात करें तो शुक्रवार को आकाश की स्थिति साफ रह सकती है। यहां हवा की औसत गति 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की आसार नजर आ रहे हैं। जबकि अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस बना रह सकता है। ऐसे में भोपाल में अधिक गर्मी पड़ने की संभावना नहीं है। एमपी के प्रमुख स्थानों का न्यूनतम तापमान गुरुवार को मध्य प्रदेश में 33 स्थानों पर दर्ज किए गए तापमान को देखें तो 7 जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान गिरकर 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में 7.6, रायसेन में 9.4, राजगढ़ में 7.6, मंडला में 9.8, नौगांव में 9.8 और उमरिया में 9.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। जबलपुर में 10.5, सिवनी में 13.2, बालाघाट में 12.4, ग्वालियर में 12.2, इंदौर में 12.4 और उज्जैन में 11 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। अधिकतम तापमान में भी गिरावट प्रदेश के प्रमुख शहरों के अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। भोपाल में 26.6, ग्वालियर में 27.01, इंदौर में 27.3, पचमढ़ी में 23.4, उज्जैन में 28.5, जबलपुर में 26.2, मंडला में 29 और बालाघाट में 26.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। खंडवा में 32.5 और खरगोन में 32.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।

प्रदेश में 3.7 डिग्री तक लुढ़का दिन का तापमान, 11 शहरों में 30° से नीचे आया पारा, 2 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

भोपाल फरवरी में मध्य प्रदेश के मौसम के अलग अलग रंग देखने को मिल रहे है। गुरुवार को प्रदेश के सभी जिलों के मौसम को शुष्क बने रहने का अनुमान है। फिलहाल किसी भी जिले को लेकर कोई बादल बारिश या सर्दी कोहरे की चेतावनी जारी नहीं की गई है।वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ के साथ ऊपरी स्तर पर हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। एमपी मौसम विभाग की मानें तो भोपाल में आज मौसम साफ रहेगा लेकिन 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आने वाले एक दो दिनों में प्रदेश के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में तापमान 10 डिग्री से नीचे जा सकता है। इसके बाद फिर पारा चढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिक रैकवार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हुआ है। इस वजह से बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली है। रात में भी पारा लुढ़क सकता है। 14 और 15 फरवरी को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया, फरवरी में कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होंगे। इस वजह से पारे में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। फिलहाल बारिश के आसार नहीं है। इन शहरों में लुढ़का दिन का तापमान मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को भोपाल-इंदौर में 28.8 डिग्री, धार में 28.9 डिग्री, ग्वालियर में 27.8 डिग्री, नर्मदापुरम में 29 डिग्री, पचमढ़ी में 26.1 डिग्री, रायसेन में 28 डिग्री, नरसिंहपुर में 28 डिग्री, नौगांव में 28.1 डिग्री, सीधी में 29.8 डिग्री, मलाजखंड में 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया, बैतूल, गुना, खंडवा, खरगोन, रतलाम, शिवपुरी और उज्जैन में पारा 30 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। खंडवा में सबसे ज्यादा 33.1 डिग्री और खरगोन में पारा 33 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात में भी तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति देखने को मिली। शहडोल के कल्याणपुर में 9.3 डिग्री और पचमढ़ी में 9.7 डिग्री रहा। बाकी शहरों में पारा इससे अधिक दर्ज किया गया। क्या कहता है मध्य प्रदेश मौसम विभाग एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है। इसके अलावा अभी अन्य कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है।13 फरवरी को दिन-रात के तापमान में हल्की गिरावट होगी लेकिन दिन में गर्मी का असर रहेगा। 14 फरवरी को दिन-रात का पारा गिरेगा। 15 फरवरी तक मौसम ऐसा ही रहेगा, इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी होगी।कोई मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय ना होने से फिलहाल बारिश के आसार नहीं है। इस बार 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर इस बार शुरुआती दो महीने यानी, नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। अब बात जनवरी की। शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है।

प्रदेश में कल से तापमान गिरने का अनुमान, एक बार फिर से बढ़ेगी ठंड

भोपाल मध्य प्रदेश के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई है। रात का तापमान 17 डिग्री तक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में 13 फरवरी से सर्दी का एक और दौर आएगा। दो दिन तक पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होगी। प्रदेश के 5 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में पारा 10 डिग्री से नीचे जा सकता है। हालांकि ज्यादा ठंड पड़ने के अनुमान नहीं है। 17 डिग्री दर्ज हुआ शिवनी का न्यूनतम तापमान मध्य प्रदेश में इस समय रातें ज्यादा ठंडी नहीं है। सुबह और रात में ही हल्की ठंड पड़ रही है। सोमवार-मंगलवार की रात की बात करें तो भोपाल में 15.7 डिग्री, इंदौर में 14.4 डिग्री, ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 13.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सिवनी सबसे गर्म रहा। यहां रात का तापमान 17 डिग्री तक पहुंच गया। छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, धार और सागर में पारा 15-16 डिग्री के बीच ही रहा। इधर, मंगलवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। भोपाल में सुबह से तेज धूप खिली रही। इस कारण लोग परेशान होते रहे। कई शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार ही रहा। अभी प्रदेश में रातें ज्यादा ठंडी नहीं है। सुबह और रात में ही हल्की ठंड पड़ रही है। सोमवार-मंगलवार की रात की बात करें तो भोपाल में 15.7 डिग्री, इंदौर में 14.4 डिग्री, ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 13.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सिवनी सबसे गर्म रहा। यहां रात का तापमान 17 डिग्री तक पहुंच गया। छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, धार और सागर में पारा 15-16 डिग्री के बीच ही रहा। इधर, मंगलवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। भोपाल में सुबह से तेज धूप खिली रही। इस कारण लोग परेशान होते रहे। कई शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार ही रहा। मौसम बदलने की यह वजह मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया, 8 फरवरी को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) उत्तर भारत पहुंचा था। इसके असर के कारण प्रदेश में उत्तर से सर्द हवाएं चल रही थी, जो अब लौट गई है। वहीं, हवा का रुख दक्षिणी हो गया है। इस कारण ठंडी हवा प्रदेश में नहीं आ रही और दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई। 13 फरवरी से तापमान में फिर से गिरावट देखने को मिलेगी। जेट स्ट्रीम हवा का असर नहीं एक सप्ताह पहले तक प्रदेश में सर्द हवा की रफ्तार 36 से 40 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई थी, लेकिन अब सर्द हवाएं नहीं आ रही है। इस वजह से गर्मी बढ़ गई है। मंगलवार को 12.6 किमी की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवा की रफ्तार 231 किमी प्रतिघंटा रही, लेकिन इसका असर यहां देखने को नहीं मिला। अगले 2 दिन ऐसा मौसम 12 फरवरी: दिन में गर्मी का एहसास होगा, लेकिन रात में ठंडक घुली रहेगी। 13 फरवरी: दिन-रात के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी। फरवरी में 10 साल का ट्रेंड… तीनों मौसम का असर प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा, जबकि रात में 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इससे पहले 5 डिग्री के नीचे ही रहा है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। इस बार 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर इस बार शुरुआती दो महीने यानी, नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। अब बात जनवरी की। शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है।

IMD ने जारी किया बारिश-शीतलहर का अलर्ट, दिन और रात के तापमान में गिरावट आई

भोपाल  पिछले दो दिनों से चल रही ठंडी हवाओं के कारण भोपाल वासियों ने फिर से दिन में गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। जबकि दो पहले गर्मी की वजह से अधिकतर लोगों ने स्वेटर या जैकेट दिन में पहनना बंद कर दिया था। हवा का रुख उत्तरी होने के साथ तेज गति से हवा के चलने के कारण गुरुवार को न्यूनतम तापमान में 3.2 डिग्री की गिरावट आ गई। फरवरी की शुरुआत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान बढ़ा हुआ था। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और बर्फबारी के बाद उत्तरी सर्द हवाएं चलने लगीं। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है।  मध्यप्रदेश में पहाड़ी क्षेत्र और उत्तर भारतीय राज्यों में ठंड बढ़ने का असर भी दिखने लगा है। वहां से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के मौसम में ठंडक घुल गई है। गुरुवार को प्रदेश में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पिछले कुछ दिनों से यह तापमान 10 डिग्री के पार पहुंच गया था। वहीं अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई है। पिछले कुछ दिनों तक जहां तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, वहीं गुरुवार को तापमान 30 डिग्री के नीचे आ गया। 9 शहरों में तापमान 10 डिग्री के नीचे पहुंचा प्रदेश में सबसे कम 7 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो एवं राजगढ़ में दर्ज किया गया। वहीं हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 10.5 डिग्री सेल्सियस पर रहा। राज्य के नौ शहरों में न्यूननतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज हुआ। प्रमुख शहरों का तापमान एमपी के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान खजुराहो में 7, सागर में 8.7, नौगांव में 9, सागर में 8.7, धार में 9.02, गुना में 9.5, ग्वालियर में आठ, रायसेन में 9.5, राजगढ़ में 7, रतलाम में 9, भोपाल में 10.8, इंदौर में 13.4, उज्जैन में 11.2, जबलपुर में 13.4 डिग्री सेल्सियस देखने को मिला। देखें तो भोपाल में 25.8, ग्वालियर में 25.4, इंदौर में 23.5, उज्जैन में 25, जबलपुर में 23.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। प्रदेश के किसी भी जिले में कोहरे की कोई स्थिति निर्मित नहीं हुई। रविवार से तापमान में हो सकती है वृद्धि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों तक प्रदेश के मौसम का मिजाज इसी तरह बने रह सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि रविवार से प्रदेश के तापमान में फिर वृद्धि हो सकती है। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू कश्मीर पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इससे एक द्रोणिका भी संबद्ध है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम चल रही हैं।  बुधवार को अधिकतम तापमान(MP Weather Update) में साढ़े पांच डिग्री की गिरावट हुई और गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.8 और न्यूनतम 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान बुधवार के मुकाबले 3.2 तो अधिकतम आधा डिग्री कम रहा। शुक्रवार को भी तापमान में गिरावट की संभावना है। दस साल में फरवरी में न्यूनतम तापमान ● 9 फरवरी 2024 : 9 ● 2 फरवरी 2023 : 6.5 ● 5 फरवरी 2022 : 7.6 ● 1 फरवरी 2021 : 7.4 ● 9 फरवरी 2020 : 8.1 ● 9 फरवरी 2019 : 5.8 ● 15 फरवरी 2018 : 10.6 ● 1 फरवरी 2017 : 10.8 ● 4 फरवरी 2016 : 8.7 ● 1 फरवरी 2015 : 10.5 18 से 20 किमी की रतार से चली हवा गुरुवार को धूप में भी सर्द हवाएं चलीं। इससे मौसम में ठंडक रही। हवा की अधिकतम रतार 18 से 20 किमी के आसपास रही। अभी गिरावट, फिर बढ़ोतरी: मौसम विभाग के अनुसार हवा का रुख उत्तरी होने के कारण सर्दी बढ़ गयी है। 8 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा तब फिर से बदलाव आएगा और तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि, 10 फरवरी के बाद हल्के बादल की भी स्थिति बन सकती है।

तीन दिन बाद प्रदेश में दिन-रात के पारे में 3 डिग्री की गिरावट की संभवना

भोपाल मध्यप्रदेश में सुबह और रात में ठंड का असर है, जबकि दिन में धूप चुभ रही है। इसके साथ अब कोहरा भी छा रहा है। रविवार को ग्वालियर, नीमच, मुरैना, श्योपुर, मंदसौर और भिंड में कोहरा रहा। ऐसा ही मौसम सोमवार सुबह भी है। मौसम विभाग के मुताबिक, तीन दिन बाद प्रदेश में दिन-रात के पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है, जबकि 12, 13 और 14 फरवरी को बारिश होने का अनुमान भी है। ग्वालियर-जबलपुर समेत कई शहरों में दिन के पारे में गिरावट रविवार को ग्वालियर-चंबल में कहीं-कहीं बादल भी छाए रहे। वहीं, कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। ग्वालियर में 1.9 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 27.4 डिग्री रहा। धार में 2.4 डिग्री की गिरावट हुई और तापमान 26.7 डिग्री पर आ गया। बैतूल, गुना, खंडवा, रतलाम, शिवपुरी, दमोह, जबलपुर, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया और मलाजखंड में भी पारा लुढ़क गया। इधर, शनिवार-रविवार की रात में भी कई शहरों में पारे में मामूली गिरावट देखने को मिली। आज से नया सिस्टम 3 फरवरी से वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने के आसार है। वहीं, 8 फरवरी को भी एक सिस्टम एक्टिव हो सकता है। इस वजह से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, प्रदेश के कुछ हिस्से में पहले सप्ताह में बादल छाए रहेंगे। 12, 13 और 14 फरवरी को बारिश होने का अनुमान है। 20 फरवरी के बाद ठंड का असर और कम होगा। जिससे दिन-रात दोनों ही तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। अगले 2 दिन ऐसा मौसम     3 फरवरी: मंदसौर, शिवपुरी, दतिया, भिंड में हल्के से मध्यम कोहरा रह सकता है। नीमच, ग्वालियर, मुरैना और श्योपुर में कहीं-कहीं घना कोहरा भी छाया रह सकता है।     4 फरवरी: प्रदेश में कहीं-कहीं पारे में हल्की गिरावट हो सकती है। दिन में धूप वाला मौसम रहेगा।

प्रदेश में अब कड़ाके की ठंड के आसार नहीं, हो सकती है बूंदाबांदी, दिन-रात का तापमान बढ़ेगा

भोपाल फरवरी का महीना लगते ही ठंड का असर कम हो गया है, इस पूरे हफ्ते मध्य प्रदेश में बादल बारिश की स्थिति बनने वाली है। हवाओं का रूख बदलने और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 2 से 4 फरवरी तक पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में बादल छाएंगे और बारिश होगी। 2 दिन बाद तापमान में 1 से 2 डिग्री तक वृद्धि और फिर 2 से 3 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम विक्षोभ के एक्टिव होने से 2 से 4 फरवरी तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाने के साथ गरज चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना है। बारिश के शुरू होते ही सर्द हवाएं चलेंगी और तापमान में एक बार फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी। क्या कहता है एमपी मौसम विभाग का पूर्वानुमान वर्तमान में नया पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के पास द्रोणिका के रूप , पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप और हरियाणा एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में प्रेरित चक्रवात मौजूद है। उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम बना हुआ है। इसके अतिरिक्त एक प्रति चक्रवात तेलंगाना पर बना हुआ है। हवाओं का रुख भी दक्षिणी एवं दक्षिण-पश्चिमी हो गया है। अभी दो दिन तक रात के तापमान में वृद्धि की संभावना कम है लेकिन दो तीन फरवरी को एक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने पर बादल छाने के आसार हैं।  4 फरवरी तक बादल बारिश     फरवरी के पहले सप्ताह में रीवा, शहडोल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में बादल छाने के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, लेकिन इंदौर, भोपाल और उज्जैन संभाग में मौसम साफ रहेगा।     2 फरवरी को शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, देवास और आगरमालवा में बारिश के आसार है।     2 फरवरी से ठंड का असर बढ़ेगा, तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे जा सकता है।     3 फरवरी को कई जिलों बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं।कहीं कहीं घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है। इस दौरान कई शहरों का तापमान 7 डिग्री से नीचे जा सकता है। 10 साल का ट्रेंड…दिन गर्म, रातें ठंडी और बारिश भी प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। इस दौरान बारिश का ट्रेंड भी देखा गया है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा। जबकि रात का तापमान 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है।

मध्यप्रदेश में जनवरी में तेज ठंड का दूसरा दौर अगले 48 घंटे बाद से शुरू होगा

भोपाल वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से मध्यप्रदेश में जनवरी में तेज ठंड का दूसरा दौर अगले 48 घंटे बाद यानी कल 7 जनवरी से शुरू होगा। प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में रविवार से यह सिस्टम एक्टिव हुआ है, जिसका असर दो दिन बाद दिखेगा। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया- वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी से उत्तर से बर्फीली हवाएं आने लगेंगी। जिनकी रफ्तार तेज होगी। ये ठंड का असर बढ़ाएंगी। दिन-रात दोनों के तापमान में गिरावट होगी। जनवरी में मावठे की बारिश भी हो सकती है। 10 जनवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर उत्तर-पश्चिमी भारत में देखने को मिल सकता है। प्रदेश में इससे बूंदाबांदी होने के आसार भी हैं। उत्तर भारत, सूर्य के उत्तरायण होने पर भी सर्दी से नहीं मिलेगी राहत, वर्षा के आसार उत्तर के पहाड़ी भागों और दक्षिण-पूर्व के समुद्र में मौसमी हलचल तेज है। जनवरी के पहले सप्ताह से उत्तर में बर्फबारी का सिलसिला शुरू हुआ है, वह आगे जारी रह सकता है। नए वर्ष के पहले दिन आए पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी पूरी तरह निस्तेज भी नहीं हो पाया है कि दूसरे ने दस्तक दे दी है। अब तीसरा विक्षोभ भी दस जनवरी तक आने वाला है, जिसका असर 14 जनवरी से सूर्य के उत्तरायण होने के बाद भी जारी रह सकता है। बारिश, कोहरा और ठंड में वृद्धि तय स्पष्ट है कि महीने के तीसरे-चौथे सप्ताह में भी ठंड का तेवर ढीला नहीं होगा। इसी दौरान सात से दस जनवरी के बीच उत्तर भारत में जहां-तहां बारिश का भी अनुमान है, जिससे न्यूनतम तापमान गिरेगा। ठंड और बढ़ेगी। दरअसल एक निम्न दबाव का क्षेत्र पंजाब से सटे पाकिस्तान में बनने जा रहा है। दूसरा निम्न दबाव छत्तीसगढ़ में बना हुआ है। तीसरा बंगाल की खाड़ी और चौथा अरब सागर में बना हुआ है। ऐसे में नमी युक्त हवाएं देश के दोनों हिस्सों से आगे बढ़ेंगी और मैदानी इलाकों में संघनित होंगी। इससे बारिश, कोहरा और ठंड में वृद्धि तय है। श्रीनगर में पिछले तीन दशक में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। आठ जनवरी से शीतलहर के रूप में यह आगे बढ़ेगा और पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार-झारखंड तक जाएगा। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं तेलंगाना भी अछूता नहीं रहेगा। बिहार-झारखंड तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश से ठंड अत्यधिक प्रचंड हो सकती है। भारत मौसम विभाग (आइएमडी) ने जम्मू-कश्मीर में 24 घंटे के दौरान भारी वर्षा और पंजाब, दिल्ली, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से बिहार-झारखंड तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। इस महीने का दूसरा पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति अभी अफगानिस्तान में है। उत्तर में पहाड़ों पर भारी बर्फबारी होगी यह चक्रवात के रूप में आगे बढ़ रहा है। दस जनवरी से तीसरा पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर अगले एक हफ्ते तक देखा जा सकता है।निजी एजेंसी स्काइमेट का मानना है कि छह-सात जनवरी के दौरान उत्तर में पहाड़ों पर भारी बर्फबारी होगी। इसी दौरान उत्तर भारत के राज्यों में भी जहां-तहां बारिश हो सकती है। उसके बाद 13 एवं 14 जनवरी को फिर से बर्फबारी के आसार हैं। इसी के आसपास राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा एवं पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश के उत्तरी भागों तक बारिश दिखाई देगी। सामान्य तौर पर नवंबर के अंतिम सप्ताह से सर्दी की शुरुआत मानी जाती है और जनवरी में इसका अंत होता है, लेकिन पिछले पांच-सात वर्ष से सर्दी के पैटर्न में परिवर्तन दिख रहा है। देर से शुरू होकर देर तक रह रही है। अगर पश्चिमी विक्षोभ की संख्या बढ़ती है तो सर्दी फरवरी तक खिंच सकती है। दिल्ली में कड़ाके की ठंड से राहत नहीं दिल्ली में कड़ाके की ठंड के बाद पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि और अधिकतम तापमान में पांच डिग्री तक वृद्धि हुई है। कोहरे से थोड़ी राहत मिली है। पश्चिम से हवाएं छह किमी प्रति घंटे की गति से चल रही हैं। रफ्तार थोड़ी धीमी है, लेकिन छह-सात जनवरी से फिर से उत्तर से ठंडी हवा चलनी शुरू हो जाएगी।  

MP में ठंड, कोहरा और बारिश का कहर, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश के कई इलाकों में सर्दी और कोहरे का प्रकोप शुक्रवार को भी जारी रहा। इस दौरान रायसेन, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर का असर देखा गया और वहां कड़ाके की सर्दी पड़ी। जबकि भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, मरुखेड़ा (नीमच) में भी बेहद ठंडा दिन रहा। इस दौरान प्रदेश में सबसे कम तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 3.4 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहा। गुरुवार सुबह इन जिलों में रहा कोहरा आज मौसम की बात करें प्रदेश के श्योपुरकलां, नीमच, आगर, मंदसौर, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़, जबलपुर, भोपाल, भिंड एवं मुरैना जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा, जबकि रतलाम, झाबुआ, धार, इंदौर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, दतिया, गुना, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नरसिंहपुर, रायसेन, अशोकनगर एवं विदिशा जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। प्रदेश में शुक्रवार सुबह सबसे कम तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 3.4 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा पिपरसमा (शिवपुरी) में 4.4 डिग्री, मरुखेड़ा (नीमच) में 4.6 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल) में 4.8 डिग्री और आगर-मालवा (आगर) में 5.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल और जबलपुर एयरपोर्ट पर सबसे कम यानी सिर्फ 50 मीटर की दृश्यता दर्ज की गई। शुक्रवार को ज्यादातर जिलों रहेगा कोहरा, 5 जगह गिर सकता है पाला मौसम विभाग ने शुक्रवार को रायसेन और शाजापुर जिले में कहीं-कहीं घना कोहरा छाने, शीतलहर चलने और पाला पड़ने की संभावना जताई है। इसके अलावा विदिशा, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले में भी कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाने और पाला पड़ने की उम्मीद जताई है। भोपाल, राजगढ़, आगर जिलों में भी कहीं-कहीं घना कोहरा छाने और ठंडा दिन रहने की उम्मीद है। इसके अलावा सीहोर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, बैतूल, हरदा, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर और निवाड़ी जिलों में कहीं कहीं मध्यम से घना कोहरा छाने की उम्मीद है। वहीं नीमच, नर्मदापुरम, भोपाल, राजगढ़, आगर जिलों में कहीं-कहीं बेहद ठंडा दिन रहने की उम्मीद है। कैसा रहा बीता दिन? बीते दिन प्रदेश के नर्मदापुरम संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान विशेष रूप से गिरा। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, रीवा और शहडोल संभागों के जिलों में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई। भोपाल और नर्मदापुरम संभागों के जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहा, जबकि शेष सभी संभागों के जिलों के तापमानों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। अधिकतम तापमान की बात करें तो उज्जैन व रीवा संभाग के जिलों में इसमें काफी गिरावट देखी गई। वे सामान्य से काफी कम रहे यानी यहां ठंड का ज्यादा असर देखा गया। जबकि इस दौरान इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और सागर संभागों के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहे और शेष सभी संभागों के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य ही रहा। सिनोप्टिक मौसमी परिस्थितियां पश्चिमी विक्षोभ, जम्मू एवं संलग्न उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में स्थित है। पश्चिमोत्तर भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से उपोष्ण जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। मध्य ईरान के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच अवस्थित पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

मध्य प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप, कोहरे की चादर में लिपटे कई शहर, जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। सुबह और शाम ही नहीं बल्कि दोपहर में भी हाड़ कंपाने वाली सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत में फिलहाल बर्फबारी हो रही है और वहां से बर्फीली हवाएं मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं। इनकी वजह से प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मध्य प्रदेश के तापमान में आ रही है गिरावट का यह दौर फिलहाल जारी रहने वाला है। बर्फीली हवाओं ने प्रदेश का अधिकांश हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। अब बचे हुए जिले भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों तक कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में जैसे ही बारिश का दौर खत्म हुआ है, वैसे ही कई शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। सबसे कम तापमान शहडोल के कल्याणपुर में 6.1 डिग्री सेल्सियस देखा गया। इसके अलावा राजधानी भोपाल, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम, सतना, उज्जैन, उमरिया, शिवपुरी, बालाघाट, रायसेन, रीवा, नौगांव, गुना जैसे शहरों में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। आने वाले तीन दिनों तक कोहरे और शीतलहर का दौर देखने को मिलेगा। लगातार गिर रहा तापमान फिलहाल हिमाचल प्रदेश लद्दाख उत्तराखंड और जम्मू जैसे इलाकों में बर्फबारी हो रही है। यहां से आ रही बर्फीली हवाएं प्रदेश के तापमान में गिरावट का कारण बन रही हैं। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक हवा की रफ्तार तेज होगी जिससे ठंड का असर ज्यादा बढ़ जाएगा। जनवरी के 20 से 22 दिन शीतलहर और कोल्ड डे में गुजरने वाले हैं। यहां शीतलहर का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक गुरुवार को जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर सहित 19 जिलों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया गया है। मुरैना, दतिया, सागर, भिंड, राजगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, उमरिया, दमोह और कटनी में भी शीतलहर चलेगी। आज सुबह से कई जिले घने कोहरे की चादर में लिपटे हुए हैं।

MP में सर्द हवाओं ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ाई, कई शहरों में शीतलहर चलने के आसार

भोपाल  प्रदेश में सोमवार को दिन का सबसे कम 18 डिग्री सेल्सियस तापमान टीकमगढ़ का दर्ज किया गया, जिससे टीकमगढ़ और नौगांव में सोमवार का दिन सबसे शीतल रहा। पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ चुका है इसके साथ ही हवाओं का रुख उत्तरी हो गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हाल ही में जबरदस्त बर्फबारी हुई है। वहां से आ रही सर्द हवाओं ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी है। आगामी तीन से चार दिन तक रात के तापमान में गिरावट बनी रह सकती है। कई शहरों में शीतलहर चलने के आसार हैं। दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा मध्यप्रदेश में सोमवार को अधिकतर शहरों में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा। सबसे ठंडा टीकमगढ़ रहा, जहां पारा 18 डिग्री दर्ज किया गया। नौगांव में 18.5 डिग्री, ग्वालियर-रीवा में 19 डिग्री, सीधी में 19.8 डिग्री, खजुराहो में 20.2 डिग्री और सतना में 20.3 डिग्री रहा। इसी तरह शिवपुरी में 21 डिग्री, जबलपुर में 21.6 डिग्री, उमरिया में 22 डिग्री, पचमढ़ी, मलाजखंड-सागर में 22.5 डिग्री, भोपाल में 22.6 डिग्री और गुना में 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन-रात के तापमान में गिरावट इससे पहले प्रदेश में वर्षा का दौर थमने के बाद दिन-रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार-रविवार की रात कई शहरों में पारा लुढ़का। वहीं, रविवार को दिन के तापमान में 6.2 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट धार में हुई। यहां तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया। नये साल के पहले दिन एक जनवरी से कड़ाके की सर्दी का दौर फिर शुरू हो जाएगा। सबसे ज्यादा असर उज्जैन और ग्वालियर-चंबल में दिखाई देगा।रविवार को मौसम खुलते ही ठिठुरन बढ़ गई और सोमवार को सुबह कई क्षेत्रों में कोहरा भी रहा। दरअसल, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के बाद उत्तरी हवाओं के प्रभाव से ठिठुरन बढ़ी है। बारिश के बाद अब बर्फीली ठंड का दौर हुआ शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल के टेम्परेचर में पिछले 24 घंटों में 6.4 डिग्री की गिरावट दर्ज का गई। वहीं, राजगढ़ का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री से गिरकर 5.4 डिग्री सेल्सियस, पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9. 3 डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश भर में कुहासा छाने के आसार जताए हैं। आने वाले समय में प्रदेश भर में ठंड और भी बढ़ने की संभावनाएं है। वहीं, कहा जा रहा है कि, राजधानी का तापमान वर्तमान तापमान से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस और नीचे गिर सकता है। उत्तर छत्तीसगढ़ में एक जनवरी से कुछ इलाकों में शीतलहर चल सकती है। सरगुजा संभाग और उससे लगे जिलों में एक जनवरी से सुबह से ही हल्के से मध्यम कुहासा बनने की संभावना है। सुबह से मार्गों में विजिबिलिटी कम रहेगी। सरगुजा संभाग के इतर राजधानी रायपुर में भी सुबह के समय धुंध अथवा हल्का कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में आने वाले पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं, अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 -5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद कोई विशेष बदलाव की संभावना नही है। शीतलहर क्या होती है? शीतलहर तब होती है जब सामान्य तापमान से 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ जाती है और यह ठंडी हवाओं के कारण और भी प्रभावी हो जाती है। शीतलहर के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? शीतलहर के दौरान गर्म कपड़े पहनें, घर के अंदर रहें, पर्याप्त गर्म पेय पदार्थ लें और हीटर या अंगीठी का उपयोग सावधानीपूर्वक करें। ठंड के दौरान कौन सी बीमारियां हो सकती हैं? ठंड के दौरान सर्दी, जुकाम, फ्लू, निमोनिया, और हाइपोथर्मिया जैसी समस्याएं आम होती हैं। ठंड से बचने के लिए कौन से घरेलू उपाय किए जा सकते हैं? अदरक वाली चाय, गर्म सूप, और सूखे मेवे का सेवन करें। इसके अलावा, सरसों का तेल या गर्म तेल से मालिश करें और शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। उत्तरी भारत पर प्रभाव पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के राज्य इस मौसम पैटर्न से विशेष रूप से प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों में तापमान में गिरावट और बादल छाए रहने की संभावना है। लोगों को स्थानीय पूर्वानुमानों के साथ अपडेट रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। वर्तमान में, उत्तरी भारत में अपेक्षाकृत स्थिर मौसम की स्थिति है। हालाँकि, जैसे-जैसे पश्चिमी विक्षोभ निकट आता है, मौसम में बदलाव की आशंका है। आईएमडी ने निवासियों को सतर्क रहने और संभावित प्रतिकूल मौसम प्रभावों के खिलाफ आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।  

इंदौर में सीजन का सबसे ठंडा दिन, जनवरी में 20 से 22 दिनों तक शीतलहर और कोल्ड डे का असर रह सकता

इंदौर इंदौर में पिछले 24 घंटों से चल रही तेज सर्द हवाओं के कारण मौसम में ठंडक बढ़ गई है, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन का तापमान 4 डिग्री कम होकर 21.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि रात का तापमान 2 डिग्री कम होकर 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को भले ही कोल्ड डे घोषित नहीं किया गया, लेकिन दिनभर ठंड का असर महसूस किया गया। सोमवार सुबह से भी ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे कंपकंपी का माहौल बना हुआ है। दोपहर तीन बजे तक यह 2500 मीटर पर थी। मगर शाम होते ही 1800 मीटर पर आ गई। अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, जो शनिवार की तुलना में चार डिग्री नीचे आया। न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा। नए साल का ठंड के साथ होगा स्वागत शहरवासियों को अभी ठंड से राहत मिल रही है। बादलों के कारण रात में जहां तापमान बढ़ा हुआ है, वहीं दिन में निकल रही धूप भी सर्दी के असर को कम कर रही हैं। अगले सप्ताह में शहरवासियों को हल्की ठंड का अहसासा होगा। वर्ष 2024 की विदाई के साथ नए साल का स्वागत ठंडक के साथ होगा। अगले सप्ताह रात के तापमान में जहां तीन से चार डिग्री गिरावट दिखेगी, वहीं दिन का तापमान सामान्य के आसपास रहेगा। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर व उससे लगे उत्तरी पाकिस्तान पर सक्रिय है। न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी वहीं राजस्थान व उससे लगे हरियाणा पर चक्रवात का घेरा 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई बना हुआ है। इस वजह से अभी इंदौर में वर्षा की गतिविधियां दिखाई दी। इसका असर अगले दो दिन में खत्म हो जाएगा। इसके बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। इसके बाद एक ओर पश्चिम विक्षोभ चार जनवरी के आसपास सक्रिय होगा। इंदौर में अभी साफ रहेगा मौसम इस वजह से अगले सप्ताह में दिन के तापमान बढ़ते हुए रहेंगे। इंदौर में अगले चार दिन मौसम साफ रहेगा। सुबह के समय हल्का कोहरा छाएगा। मौसम विज्ञानियों की मानें तो अगले सप्ताह में इंदौर में न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री के बीच रहेगा, वहीं अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री के बीच रहेगा। बादल न होने के कारण ही न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। विजिबिलिटी कम हुई, कोहरा जमा हुआ मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि साल की आखिरी रात को तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वर्तमान में बने सिस्टम के अनुसार, मध्य प्रदेश में नए साल के पहले दिन से कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे बर्फीली हवाओं के चलते पूरे प्रदेश में ठिठुरन का माहौल बन जाएगा। इंदौर में रविवार से बारिश बंद हो गई है और मौसम साफ हो गया है, लेकिन तापमान में गिरावट जारी है। सोमवार सुबह हल्का कोहरा छाया रहा, विजिबिलिटी 1100 मीटर रही, हवा की गति 8 किमी प्रति घंटा थी और बादल भी छाए हुए थे, जिससे ठंड का असर बढ़ गया। शीतलहर का प्रभाव रहेगा मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में 20 से 22 दिनों तक शीतलहर और कोल्ड डे का असर रह सकता है। शुरुआती दिनों में ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के जिलों में शीतलहर का प्रभाव रहेगा, जिसके बाद इंदौर और आसपास के हिस्सों में भी इसका असर दिखाई देगा।  

सागर, छिंदवाड़ा, कटनी सहित 13 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट, मौसम एकाएक बिगड़ा -कई जगहों पर गिरे ओले

भोपाल  मध्य प्रदेश में आज का मौसम (शनिवार, 28 दिसंबर) कैसा रहेगा। मौसम विभाग ने 28 दिसंबर को सागर, छिंदवाड़ा, कटनी सहित 13 जिलों ओले और बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन जबलपुर समेत 25 जिलों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई है। रविवार (29 दिसंबर ) को पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम का असर कम होगा। सिस्टम के गुजरने के बाद टेम्प्रेचर लुढ़केगा और ठंड बढ़ेगी। कोहरा भी छाएगा। जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। इन जिलों में बारिश-ओले का अलर्ट मौसम विभाग ने शनिवार (28 दिसंबर) को सागर, टीकमगढ़, बैतूल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, नर्मदापुरम और पांढुर्णा में बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवा भी चल सकती है। इन जिलों में हल्की बारिश और बादल विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, सीहोर विदिशा, रायसेन, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, रतलाम, देवास, शाजापुर, नीमच, दतिया, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। इन जिलों में बादल और तेज हवा चलने का अलर्ट है। इन जिलों में बरसा पानी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन में शुक्रवार देर रात गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। रतलाम, मंदसौर, बैतूल, आलीराजपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। मंदसौर में बारिश से कृषि उपज मंडी में रखा लहसुन पानी के साथ बहने लगा। उज्जैन में तेज हवा के साथ हुई बारिश के दौरान एक पड़े गिर पड़ा। देवास में बारिश से सड़कें तरबतर हो गई। जानें किस जिले में कितना रहा रात का पारा मंडला में रात का पारा 11.0 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। नरसिंहपुर में 12.0, नौगांव 12.1, शहडोल के कल्याणपुर में 12.2, सिंगरौली के देवरा में 12.6, पचमढ़ी 13.4, बालाघाट 14.2, उमरिया 14.4, रीवा 14.6, खंडवा 15.0 और खरगोन में 15.0 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में 16.4, इंदौर 17.5, ग्वालियर 13.1, उज्जैन 18.5 और जबलपुर में पारा 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्यप्रदेश के कई जिलों में मावठा गिरा है। शुक्रवार को सुबह से ही अधिकांश जगहों पर बादल छाए थे लेकिन दोपहर होते होते ये बरस भी पड़े। एमपी के खरगोन के महेश्वर, बैतूल में मुलताई, अलीराजपुर, मंदसौर और रतलाम जिलों में कई जगहों पर बारिश हुई। रतलाम के मलवासा और आसपास ओले गिरे हैं। इधर मंदसौर में भी ओले गिरे। यहां के गरोठ में मध्यम आकार के ओले गिरे हैं। मंदसौर जिला मुख्यालय पर करीब 25 मिनट तक तेज बारिश हुई। अचानक आई तेज बरसात से यहां की कृषि मंडी में रखी उपज गीली हो गई। प्रदेश की राजधानी भोपाल सुबह घने कोहरे के आगोश में रही, बाद में यहां बादल छा गए। ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में भी बादल छाए हैं। बता दें कि मौसम विभाग पहले ही प्रदेश में ओले, बारिश का अलर्ट जारी कर चुका है। 27 और 28 दिसंबर को प्रदेश के अधिकांश जिलों बारिश का अलर्ट है। 28 दिसंबर यानि शनिवार को प्रदेश के 8 जिलों नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में ओले-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक वेस्टर्न पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम सक्रिय होने से मौसम के तेवर बदले हैं। इससे 2 दिनों तक ओला बारिश का अनुमान है।

सर्द हवाओं और तापमान में भारी गिरावट, कुछ हिस्सों में ओले पड़ने और तेज हवाओं के साथ बारिश

नई दिल्ली इस साल सर्दियों का मौसम अपने शबाब पर है। एक तरफ बर्फीले थपेड़े और घना कोहरा आम जिंदगी को ठहरने पर मजबूर कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ बारिश की बूंदों ने कई हिस्सों में मौसम को तरोताजा बना दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 28 दिसंबर 2024 से 8 जनवरी 2025 तक के लिए विस्तारित मौसम का हाल पेश किया है, जिसमें सर्दी, बारिश और कोहरे से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल हैं। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का कहर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सर्दी का प्रकोप जारी है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में शीतलहर की गंभीर चेतावनी दी गई है। राजस्थान के चुरु में इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। घने कोहरे ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आम जनजीवन को प्रभावित किया है। 28 -31 दिसंबर के बीच कोहरा और ज्यादा घना होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक पश्चिमी हिमालय और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते 27-28 दिसंबर को बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इससे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओले पड़ने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में गिरावट भी दर्ज की जाएगी। सर्द हवाओं और तापमान में बदलाव की संभावना उत्तर और पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान अगले दो दिनों में 2 डिग्री तक गिर सकता है। मध्य भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रहने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में शीतलहर और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहेगा। दक्षिण भारत में बारिश का जोर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में पिछले हफ्ते भारी बारिश ने मौसम को बदल दिया। यह निम्न दबाव क्षेत्र के कारण इन इलाकों में गरज के साथ बारिश हुई। अगले कुछ दिनों में तमिलनाडु, पुदुचेरी और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। दक्षिण भारत में इस बार मानसून के बाद की बारिश सामान्य से 15% ज्यादा रही है।

मध्य प्रदेश में बिगड़ा मौसम का मिजाज, भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम का ट्रिपल अटैक देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच बारिश और ओले का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में चार प्रणालियों के चलते बदलाव देखने को मिल रहा है। दो दिन तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है। 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। प्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। आखिरी दिनों में कोहरे, बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रदेश के कई जिलों में चेतावनी का अलर्ट है। गुरुवार को टीकमगढ़ और छतरपुर समेत कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हुई है। वहीं, आज राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत पांच संभागों में बारिश और ओला की संभावना जताई गई है। बारिश के साथ ओले का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज से बारिश का नया सिस्टम प्रदेश में एक्टिव हो गया है. जिसके प्रभाव से आज और कल यानी 27 और 28 दिसंबर को कई जिलों में बारिश होने की संभावना है. नए वेदर सिस्टम के एक्टिव होने से भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, सागर और जबलपुर संभाग में ओले भी गिर सकते हैं. आंधी का भी अलर्ट बारिश के मजबूत वेदर सिस्टम के चलते आज प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. इस वेदर सिस्टम के चलते एमपी के अलग-अलग हिस्सों में 28 दिसंबर को बारिश और ओलवृष्टि देखी जा सकती है. इस दौरान गरज चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी. कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40-50Km प्रति घंटे तक रहेगी. मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी शुक्रवार को आंधी, बारिश और ओले का स्ट्रॉन्ग सिस्टम रहेगा. इसके चलते  पूरे प्रदेश में ही मौसम बदला रहेगा. रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं. यहां ऑरेंज अलर्ट जारी है. वहीं, अन्य जिलों में भी  कहीं बारिश तो कहीं गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी. इन जिलों में कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, छतरपुर, राजगढ़ और रतलाम में कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। 28 दिसंबर को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के चलते की संभावना जताई गई है। पचमढ़ी की रात सबसे ठंडी प्रदेश के पांच सबसे कम न्यूनतम तापमान वाले शहरों में छतरपुर के नौगांव शहर की रात सबसे ठंडी रही। यहां पारा 11 डिग्री दर्ज किया गया। नरसिंहपुर में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 11.9 डिग्री, मंडला में 12 डिग्री और कल्याणपुर में 12.1 डिग्री दर्ज हुआ। बीते चौबीस घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, सीहोर, निवाड़ी, पन्ना, छतरपुर, भिंड और मुरैना में हल्का कोहरा हो सकता है। इन जिलों में बारिश और ओले की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में आज से बारिश का नया सिस्टम एक्टिव हो गया है. जिसके प्रभाव से 27 और 28 दिसंबर को कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है.  भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में तेज हवाओं के साथ बारिश और कहीं कहीं पर ओले गिरने की आशंका है. अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम     27 दिसंबर: रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, पांढुर्णा और बड़वानी में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। यहां 40 से 50Km प्रति घंटे तक हवा भी चलने का अनुमान है।     मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा में 30 से 40Km प्रति घंटा से हवा चलेगी और बारिश भी होगी। इसी तरह भोपाल, विदिशा, राजगढ़, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।     28 दिसंबर: नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में ओले-बारिश का अलर्ट है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भिंड, मुरैना, श्योपुर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में हल्की बारिश और आंधी चल सकती है।     29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहेगा।     30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा।

उत्तर भारत शीतलहर के आगोश में, पहाड़ों पर बर्फबारी, UP और बिहार में घना कोहरा, बारिश से बढ़ेगी ठिठुरन

लखनऊ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत समूचा उत्तर भारत शीत लहर के आगोश में है। पहाड़ों पर गिर रही बर्फ से मैदानों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली समेत कई राज्यों में हल्की बारिश होने और कोहरा छाने की संभावना है। दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना है। अगले तीन दिन के लिए घने कोहरे की चेतावनी (येलो अलर्ट) जारी की गई है। राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में आज सुबह कोहरे की पतली परत छाई रही और न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। विभाग के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने कारण 27 और 28 दिसंबर को उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में ओलावृष्टि के साथ हल्की से मध्यम वर्षा या गरज के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है। साथ ही दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक कोहरा गिरने और हल्की बारिश की संभावना है। इससे ठंड में इजाफा होने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक सुबह के समय हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है। रविवार को कोहरा घना हो सकता है। दिल्ली में आज दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। शाम और रात के समय हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कल 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। समूचा हिमाचल प्रदेश शीत लहर की चपेट में है। कहीं-कहीं तो पारा शून्य से नीचे है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मैदानी क्षेत्र में शीतलहर चल रही है, जिससे लोग कांप रहे हैं। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं कोहरा के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गई है। पूरे क्षेत्र में धुंध के कारण हाईवे पर सुबह 10 बजे तक वाहनों को रेंगते हुए देखा गया। मौसम विभाग के मुताबिक, न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट आने से ठंड और बढ़ेगी। न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। रात के समय न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ जाती है। इसके चलते सर्दी का प्रकोप काफी हो जा रहा है। ठंड से बीमार पड़ रहे हैं लोग उल्लेखनीय है कि सर्दी के एकदम से बढ़ने से वायरल बीमारियों की चपेट में भी लोग आ रहे हैं। सिविल अस्पताल में सर्दी से बीमार होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है।  

भोपाल-डिंडौरी समेत कई जिलों में सुबह से बादल और कोहरा छाया रहा, बारिश के साथ कुछ हिस्सों में ओले भी गिरेंगे

भोपाल भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे। डिंडौरी में कोहरे की वजह से गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर लोग स्कूल-दफ्तर निकले।मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम बदला है। भोपाल-डिंडौरी समेत कई जिलों में सुबह से बादल और कोहरा छाया रहा। दफ्तर-स्कूल जाने वाले लोगों को गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते दो-तीन दिन से न्यूनतम तापमान में हो रही बढ़ोतरी के बाद आज एक बार फिर मध्यप्रदेश का पारा नीचे आया है। जिसके कारण ठंड बढ़ गई है। विभाग ने आज यानी 23 से 28 दिसंबर के बीच प्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिरने का अनुमान जताया है। बारिश के साथ कुछ हिस्सों में ओले भी गिरेंगे। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के चलते उत्तर-पश्चिमी हवाएं आएंगी। ये अरब सागर से नमी लाएंगी। बंगाल की खाड़ी से पूर्वी हवाएं भी आएंगी। इस कारण प्रदेश में बादल छाने के साथ हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर ओले गिरने की संभावना भी है। दिसंबर में बारिश का रहता है ट्रेंड प्रदेश में दिसंबर में बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। इस वजह से दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी और हो जाएगी लेकिन सिस्टम के गुजरने के बाद सर्दी फिर से तेज हो जाएगी। अगले 5 दिन ऐसा रहेगा मौसम     23 दिसंबर: मुरैना, भिंड, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और बुरहानपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। वहीं, ग्वालियर, मुरैना और भिंड में कोहरा रहेगा।     24 दिसंबर: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।     25 दिसंबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में कोहरा रहेगा।     26 दिसंबर: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, सागर, दमोह, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। पचमढ़ी सबसे ठंडा, कई शहरों में पारे में गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश के कई शहरों में पारे में गिरावट हुई है। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा सबसे कम 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खजुराहो में 5.6 डिग्री और रीवा में पारा 5.8 डिग्री रहा। नौगांव, रायसेन, टीकमगढ़, राजगढ़, सतना, मंडला, उमरिया, दमोह में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 7.9 डिग्री, इंदौर में 13.9 डिग्री, ग्वालियर में 7.3 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट बदली, अगले 4 दिन रात का टेम्प्रेचर 3 डिग्री तक बढ़ने की संभावना, आज इन जिलों में कोहरे का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट बदली है। हवा का रुख बदलने से न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हुई है। पारा बढ़ने से कड़ाके की ठंड से राहत मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक, एमपी में अगले 3-4 दिन तक रात का टेम्प्रेचर 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में कोहरा रहेगा। इसके बाद फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा। शुक्रवार (20 दिसंबर) को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना सहित 8 शहरों में कोहरे का असर रहेगा। दिन में धूप भी खिली रह सकती है। इन शहरों में रात का पारा सबसे कम हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे ज्यादा सर्दी पड़ रही है। पचमढ़ी में रात का टेम्प्रेचर 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 3.7 डिग्री, मंडला में 4.5 डिग्री, उमरिया में 5.3 डिग्री तापमान रहा। भोपाल और ग्वालियर में 6.4 डिग्री पारा दर्ज किया गया। जबलपुर 5.2, उज्जैन 9.8 डिग्री और इंदौर में 11.8 डिग्री सेल्सियस रहा। उमरिया में 5.3 डिग्री, नौगांव में 5.4 डिग्री, राजगढ़ में 5.6 डिग्री और टीकमगढ़ में 6.7 डिग्री पारा रिकॉर्ड हुआ। रीवा, रायसेन, मलाजखंड और छिंदवाड़ा में 8 डिग्री के नीचे रात का पारा दर्ज किया गया। जानें क्यों बढ़ रहा एमपी का पारा मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, एमपी में अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हवा का रुख बदला है। इसलिए प्रदेश में शीतलहर नहीं चल रही है। अगले 2-3 दिन तक रात के टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम रहेगा। उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इसके गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। जिससे उत्तरी हवाएं फिर से चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर फिर से आएगा। आज इन शहरों में कोहरे का असर ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में आज (शुक्रवार) को कोहरे का असर रहेगा। दिन में धूप भी खिली रह सकती है। अभी पचमढ़ी ही सबसे ठंडा, पारा 3.3 डिग्री प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी अभी सबसे ठंडा है। यहां बुधवार-गुरुवार की रात में टेम्प्रेचर 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 3.7 डिग्री, मंडला में 4.5 डिग्री, उमरिया में 5.3 डिग्री, उमरिया में 5.3 डिग्री, नौगांव में 5.4 डिग्री, राजगढ़ में 5.6 डिग्री और टीकमगढ़ में 6.7 डिग्री रहा। रीवा, रायसेन, मलाजखंड, छिंदवाड़ा में 8 डिग्री के नीचे रहा। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे ठंडा है। यहां तापमान 5.2 डिग्री रहा। भोपाल-ग्वालियर में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.8 डिग्री और इंदौर में 11.8 डिग्री सेल्सियस रहा। आज इन जिलों में कोहरे का असर मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश की कुछ जिलों में कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरे का असर रहेगा। दिन में धूप भी खिली रह सकती है। हालांकि किसी भी जिले में शीतलहर या अन्य तरह की ठंड को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिन का पारा भी बढ़ा एमपी में पिछले एक सप्ताह तेज सर्दी पड़ी। कड़ाके की ठंड से लोगों की कंपकंपी छूट गई। अब तीन-चार दिन सर्दी से राहत मिलेगी। हवा कर रुख बदलने से इंदौर, धार, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी जैसे शहरों में तो पारा 10-11 डिग्री तक पहुंच गया है। अधिकांश शहरों में दिन का तापमान में बढ़ा है। दमोह, सिवनी, खजुराहो, मंडला, नवगांव, रीवा, सागर, टीकमगढ़, उमरिया, मलाजखंड, बैतूल, गुना, इंदौर, रतलाम, रायसेन सहित कई जिलों में दिन के तापमान में भी 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हुई है। इसलिए बदला मौसम मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया, पिछले सप्ताह पूरे प्रदेश में शीतलहर और कोल्ड डे यानी, ठंडे दिन की कंडिशन रही, जो दो-तीन दिन से खत्म हो गई है। इस कारण अगले 2-3 दिन तक रात के टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम रहेगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इसके गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। जिससे उत्तरी हवाएं फिर से चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर फिर से आएगा। दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड इस बार दिसंबर महीने में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन से शीतलहर चली। बुधवार से शीतलहर का दौर थमा। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए जा रहे हैं। पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। इस कारण अबकी बार पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का दौर शुरू हो गया। अमूमन दिसंबर के दूसरे सप्ताह में तेज ठंड पड़ती है। पिछले 10 साल से यही ट्रेंड रहा है। नवंबर में भी सर्दी तोड़ चुकी रिकॉर्ड बता दें कि नवंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। अब दिसंबर में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

मप्र में 23 दिसम्‍बर से पड़ेगी कड़ाके की सर्दी, भोपाल-उज्जैन में गिरेगा पारा, ग्वालियर-चंबल में गिरेगा पारा

भोपाल  मध्य प्रदेश में बुधवार से ठंड के तेवर थोड़े नरम पड़े है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों के न्यूनतम तापमान में से दो से तीन डिग्री बढ़ोतरी देखने को मिली है। लेकिन दिसम्‍बर के अंतिम सप्‍ताह फिर से पारा गिरने और ठंड बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दूसरा दौर 23 से 25 दिसंबर के बीच आएगा। यह जनवरी 2025 तक रहेगा। इससे पहले अगले 4-5 दिन तक प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में कोहरा रहेगा। भोपाल, उज्जैन, जबलपुर में रात का पारा 8-10 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहेगा। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कोहरा छाने का अनुमान जताया है। बाकी जगहों पर मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप हो सकती है। इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। रात के पारे में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, कई शहर ऐसे हैं, जहां पारा 5 डिग्री सेल्सियस से कम ही रहा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 3.5 डिग्री, उमरिया में 3.8 डिग्री, नौगांव में 4 डिग्री, टीकमगढ़ में 5.3 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री और राजगढ़ में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 5.2 डिग्री, ग्वालियर में 5.4 डिग्री, भोपाल में 6.2 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और इंदौर में 11.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत कई शहरों में पारा 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। खंडवा और खरगोन जैसे शहरों में तापमान 30 डिग्री के पार दर्ज किया गया है। प्रदेश में अधिकतम तापमान खंडवा का दर्ज किया गया, जो 31.1 डिग्री रहा। इसके अलावा खरगोन में 30.2 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.9 डिग्री, धार 29.5 डिग्री, भोपाल में 26 डिग्री और इंदौर में 28.4 डिग्री दर्ज किया गया। इसलिए बदला मौसम मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने कहा– शीतलहर और कोल्ड डे यानी ठंडे दिन की कंडीशन खत्म हो गई है। चार से पांच दिन तक टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम होगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। उत्तरी हवाएं फिर चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर दोबारा आएगा। दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड इस बार दिसंबर महीने में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। बुधवार से शीतलहर का दौर थमा। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई जबकि वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगा दिए गए। मंदिरों में भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए जा रहे हैं। यहां देखें तापमान पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री दर्ज किया गया. कल्याणपुर (शहडोल) में 3.1 डिग्री, मंडला में 3.5 डिग्री, उमरिया में 3.8 डिग्री और नौगांव (छतरपुर) में 4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. सबसे अधिक तापमान खंडवा में 31.1 डिग्री दर्ज किया गया. यह प्रदेश में सबसे अधिक रहा. इसके अलावा खरगोन में 30.2 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.9 डिग्री, धार में 29.5 डिग्री और इंदौर में 28.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं से राहत मिलेगी, लेकिन इसके जाते ही पारा फिर गिरेगा और ठंड बढ़ने की संभावना है. पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, ‘उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। इस कारण दिसंबर के पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का दौर शुरू हो गया। अमूमन दिसंबर के दूसरे सप्ताह में तेज ठंड पड़ती है। पिछले 10 साल से यही ट्रेंड रहा है।’ बता दें कि नवंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। भोपाल में 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड भोपाल में दिसंबर में दिन-रात में ठंड और बारिश का ट्रेंड रहा है। 10 में से पिछले 5 साल से भोपाल दिसंबर में भीग रहा है। आधा से पौन इंच तक बारिश हुई है। हालांकि, इस बार बारिश नहीं हुई लेकिन लगातार सात दिन तक शीतलहर और कोल्ड डे जैसी स्थिति रही। वहीं, रात के पारे में जबरदस्त गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर में ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। यह अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 3 साल पहले 2021 में पारा 3.4 डिग्री पहुंच चुका है लेकिन 15-16 दिसंबर की रात में यह 3.3 डिग्री दर्ज किया गया यानी पिछले 10 साल में तो पारा सबसे कम रहा ही, साथ में ओवरऑल रिकॉर्ड के करीब भी है।

MP में चार से पांच दिन तक टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी, 9 दिन शीतलहर की चपेट में रहा प्रदेश; ग्वालियर-चंबल में आज कोहरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में हाड़ कंपाने वाली सर्दी के तेवर कम होने का नाम ही नहीं ले रहे। प्रदेश के सभी जिलों में ठंड का तेज असर दिखाई दिया। लोग रजाई में दुबकने के लिए मजबूर हो रहे हैं। मंगलवार को भी राजधानी भोपाल सहित 7 जिलों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियसस से नीचे रहा। राज्य के 10 शहरों में शीतलहर चली। प्रदेश में सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 1.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसलिए बदला मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत के राज्यों से ठंडी हवाएं प्रदेश की ओर आ रही हैं। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान काफी कम हैं। वहीं से लगातार आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में ठंड के तेवर तीखे बने हुए हैं। वहीं, राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात के बनने से हवाओं का रुख बदला है। इसके प्रभाव से कड़ाके की ठंड से राहत मिलने का अनुमान नजर आ रहा है। मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड से लोगों को अगले 4 से 5 दिन तक थोड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने बुधवार से दिन और रात के टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। हालांकि, कुछ जिलों में कोहरे का असर रह सकता है। बुधवार सुबह ग्वालियर-चंबल में कोहरा .मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया, शीतलहर और कोल्ड डे यानी, ठंडे दिन की कंडीशन खत्म हो गई है। चार से पांच दिन तक टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम रहेगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। जिससे उत्तरी हवाएं फिर से चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर फिर से आएगा। आज इन जिलों में कोहरा ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड में कोहरा रहेगा। शिवपुरी के कुछ हिस्से में भी हल्का कोहरा रह सकता है। यहां 5 डिग्री के नीचे पहुंचा पारा भोपाल, पचमढ़ी, राजगढ़, खजुराहो, मंडला, नौगांव, उमरिया में सोमवार—मंगलवार की रात का तापमान पांच डिग्री से कम पर रहा। वहीं, भोपाल, सीहोर, विदिशा, शाजापुर, उमरिया, मंडला, नौगांव, पचमढ़ी में शीतलहर चली। शहडोल और सिवनी में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा। कहां कितना पारा प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान हिल स्टेशन पचमढ़ी में 1.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मैदानी जिलों की बात करें तो मंडला में तीन, उमरिया में तीन, नौगांव में 3.8, भोपाल में 4, राजगढ़ में 4.4, खजुराहो में 4.4, जबलपुर में पांच, उज्जैन में 8, इंदौर में 10.6 और ग्वालियर में 5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। हालांकि प्रदेश के अधिकतम तापमान में अधिकांश जिलों में हल्की वृद्धि देखने को मिली। इंदौर में तो अधिकतम तापमान बढ़कर 30.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने बुधवार को भी कई जिलों में शीत लहर पाला और कोहरा छाए रहने को लेकर चेतावनी जारी की है। विदिशा, सीहोर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, शहडोल, उमरिया, जबलपुर, सिवनी, मंडला, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में शीत लहर चल सकती है। वहीं रायसेन नर्मदा पुरम जिलों में पाला पड़ सकता है और शीत लहर भी चल सकती है। ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना जिले में हल्के से लेकर मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। ठंड हो सकती है कम राजस्थान पर बने प्रेरित चक्रवात के कारण प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में हवाओं का रुख दक्षिण-पश्चिमी होने लगा है। इस वजह से रात के तापमान में अब धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगेगी। बुधवार से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के भी सक्रिय होने के आसार हैं। भोपाल में 4 डिग्री, ग्वालियर-जबलपुर में 5 डिग्री पारा सोमवार-मंगलवार की रात में कई शहरों में रात के टेम्प्रेचर में गिरावट दर्ज की गई। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस वजह से यह शिमला, नैनीताल, जम्मू शहर, कटरा, धर्मशाला, पालमपुर, देहरादून से भी ठंडा रहा। भोपाल में 4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। ग्वालियर-जबलपुर में 5 डिग्री, जबकि इंदौर में 10.6 डिग्री और उज्जैन में 8 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी के अलावा मंडला, उमरिया, नौगांव, राजगढ़, खजुराहो में भी कड़ाके की ठंड रही। मंडला-उमरिया में 3 डिग्री, नौगांव में 3.8 डिग्री, राजगढ़ में 4.4 डिग्री दर्ज किया गया। टीकमगढ़, रायसेन, रीवा, छिंदवाड़ा, मलाजखंड और सतना में तापमान 7 डिग्री से नीचे रहा। हालांकि, मंगलवार को दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। इस बार रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड, जनवरी से भी ठंडा रहा दिसंबर इस बार ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। पिछले 9 दिन से शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं।

बर्फीली हवाओं से ठिठुरा प्रदेश, सीजन में पहली बार पहुंचा 1 डिग्री तापमान, इंदौर, कई जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में शीतलहर का कहर कायम है। इसी बीच मौसम विभाग ने इंदौर, जबलपुर समेत 37 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। बर्फीली हवाओं के चलते मध्यप्रदेश का तापमान लगातार लुढ़कता जा रहा है। सीजन में पहली बार हिल स्टेशन पचमढ़ी और शहडोल के कल्याणपुर में पारा 1 डिग्री पर पहुंचा। इधर बैतूल में ठंड से अब लोग परेशान हो रहे हैं। सोमवार सुबह फसलों पर ओस की बूंदें जम गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत की ओर से आ रही बर्फीली हवाओें के चलते प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बीते 24 घंटे के दौरान सबसे कम तापमान हिल स्टेशन पचमढ़ी और शहडोल के कल्याणपुर में 1 डिग्री दर्ज किया गया। इसके साथ राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस पर रहा। जबलपुर में 4, ग्वालियर में 5.2, इंदौर में 9.4 उज्जैन में 6.8 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के सबसे कम तापमान वाले शहरों में शहडोल के कल्याणपुर और पचमढ़ी की रात सबसे ठंडी रही। इसके साथ ही उमरिया में 2.3 डिग्री, मंडला में 2.5 डिग्री, शाजापुर में 2.8 डिग्री और अमरकंटक में 3.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बैतूल में ठंड का कहर देखने को मिल रहा है। यहां फसलों पर ओस की बूँदें जम गई। जिसका वीडियो भी सामने आया है। जिसमें गन्ने की पत्तियों पर ओस जमी हुई दिखाई दे रही है। ऐसे में खेतों में सिंचाई करना मुश्किल हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2021 के बाद इस वर्ष तापमान में रिकार्ड गिरावट दर्ज की गई है। शीतलहर का अलर्ट जारी गिरते हुए तापमान के साथ बर्फीली हवाओं ने मौसम को ज्यादा ठंडा बना दिया है। मौसम विभाग द्वारा 30 से ज्यादा जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। जबलपुर, रतलाम, उमरिया, भोपाल, मंडला, गुना, सिवनी, नीमच, शाजापुर, शहडोल, बड़वानी, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, सागर जैसे जिलों में शीतलहर का प्रकोप देखने को मिलेगा। यहां रात के साथ दिन के समय भी ठंड का एहसास होने वाला है। कोल्ड वेव की चेतावनी मौसम विभाग ने दिसंबर के अंत से जनवरी के शुरुआती 20 से 22 दिन घना कोहरा और सर्द हवा चलने की चेतावनी जारी की है। इंदौर, उज्जैन, खंडवा, अलीराजपुर, ग्वालियर, भोपाल, बुरहानपुर, मंदसौर, झाबुआ, शिवपुरी, अशोक नगर, देवास, शिवपुर कला, दतिया, शिवपुरी, भिंड, डिंडोरी, सिंगरौली, पन्ना, टीकमगढ़, सागर, बालाघाट, सतना में कोल्ड वेव का असर दिखाई देगा। उमरिया, राजगढ़, और शाजापुर जैसे जिलों में पाला पड़ने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर और मंडला में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, जबलपुर में भी शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट है। नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, छतरपुर, पन्ना, सतना, सिंगरौली, कटनी, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी है। इसके साथ ही उमरिया, मंडला, शाजापुर का गिरवर, अनूपपुर का अमरकंटक, रायसेन, राजगढ़, बालाघाट के मलाजखंड में भी पारा 5 डिग्री से नीचे रहा। नौगांव, मलाजखंड, रीवा, खजुराहो, सतना, टीकमगढ़ में तापमान 6 डिग्री के नीचे दर्ज किया गया। अगले 24 घंटे कड़ाके की सर्दी पड़ेगी सागर में सर्द हवाओं के कारण इन दिनों शहर में लोग शाम 6 बजे ही घर में दुबक जाते हैं और सुबह 10 बजे के बाद घर से निकला उचित समझते हैं। रविवार को भी दिनभर सर्द हवाओं ने ठिठुरा दिया। अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री कम 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि हवा की रफ्तार कम होने से दिन और रात के पारे में हल्की बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग की मानें तो उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के असर से आगामी 24 घंटे में कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहेगा। 48 घंटों के बाद हल्की राहत मिलने की संभावना है।

19 दिसंबर के बाद से हीं इंदौर शहर में ठंड की तीव्रता और बढ़ेगी

इंदौर  इंदौर में पिछले दो दिन से ठंड के तेवर थोड़े कम हुए हैं। अलसुबह और रात को ही उत्तरी हवा ठंडक का अहसास करवा रही है। दोपहर में धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। रविवार को अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक कम था। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से दो कम 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के अनुसार राजस्थान पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। पाकिस्तान पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती घेरे के रूप में है। इसके असर से अभी तापमान में इजाफा देखने को मिल रहा है। हालांकि रात का तापमान 10 डिग्री से कम रहने की संभावना है। दोपहर में धूप निकलने से मिलेगी राहत पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद 19 दिसंबर से इंदौर में ठंड की तीव्रता बढ़ेगी और तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। फिलहाल तीन से चार दिन तक तापमान सामान्य के आसपास रहेगा। दोपहर में धूप निकलने के कारण ठंड से राहत मिलेगी। सुबह और रात में तेज ठंड महसूस हो रही रविवार सुबह उत्तरी हवाओं ने ठंडक का अहसास करवाया। वहीं दोपहर में निकली धूप ने थोड़ी राहत दी। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक सोमवार को तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। सुबह व रात में ठंड की तीव्रता महसूस होगी। इधर… प्रदेश के नौ शहरों में पांच डिग्री से नीचे पहुंचा पारा उत्तर की ओर से लगातार आ रही बर्फीली हवाओं के कारण पूरे प्रदेश में ठिठुरन बढ़ी हुई है। 9 शहरों में तो तापमान पांच डिग्री से नीचे पहुंच गया है। प्रदेश में सबसे कम एक डिग्री सेल्सियस तापमान शहडोल के कल्याणपुर और पचमढ़ी में दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। पिछले 10 सालों में ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब दिसंबर इतना ठंडा रहा हो। भोपाल में चार डिग्री से कम तापमान 2021 में गया था। रविवार को 17 शहर शीतलहर की चपेट में रहे। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रविवार को रायसेन, राजगढ़, खंडवा, शाजापुर, उमरिया, मंडला, सिवनी, नौगांव, अनूपपुर, नीमच, शिवपुरी, सिंगरौली, पचमढ़ी में शीत लहर का प्रभाव रहा। भोपाल, सीहोर, शहडोल जबलपुर में तीव्र शीत लहर चली। भोपाल, पचमढ़ी, रायसेन, राजगढ़, जबलपुर, मंडला, नौगांव, उमरिया एवं मलाजखंड में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से कम रहा।

ठंड के कारण खजराना गणेश मंदिर में भगवान के पूरे परिवार को गर्म कपड़े पहनाए गए

इंदौर इंदौर में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। दिन और रात के तापमान में गिरावट जारी है, और मंगलवार को पहली बार शीतलहर चली। बुधवार को भी यह स्थिति बरकरार रही। ठंड के कारण खजराना गणेश मंदिर में भगवान के पूरे परिवार को गर्म कपड़े पहनाए गए हैं, जबकि चिड़ियाघर में वन्य प्राणियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मौसम केंद्र के मुताबिक बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री रहा, जो सामान्य से 7 डिग्री कम और परसों की तुलना में 0.8 डिग्री कम था। रात का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री और परसों रात की तुलना में 0.1 डिग्री कम था। भगवान के मूषक को भी पहनाए गर्म कपड़े खजराना गणेश मंदिर में भगवान गणेश के साथ उनके वाहन मूषक को भी मन्त्रोच्चार के साथ ऊनी कपड़े पहनाए गए। मंदिर में भगवान के सामने हीटर भी चलाए जा रहे हैं। मान्यता है कि ठंड इंसानों के साथ भगवान को भी प्रभावित करती है। इसीलिए भगवान गणेश को ठंड से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र और खास रजाई तैयार की गई है। पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि रात 10 बजे गणेश जी को ऊनी और कंबल की पोशाक पहनाई जाती है और सुबह 6 बजे उतारी जाती है। चिड़ियाघर में पशु पक्षियों के लिए विशेष इंतजाम कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में वन्य प्राणियों और पक्षियों को ठंड से बचाने के लिए खानपान में बदलाव किया गया है। ब्लोअर, हीटर, और गर्म हवा देने वाले बल्ब लगाए गए हैं। पिंजरों को ग्रीन नेट से ढंका गया है ताकि ठंडी हवा न घुसे। सांप घर, कछुओं के इनक्लोजर, और पक्षी विहार में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। ठंड को देखते हुए खानपान में बदलाव किया जाएगा। ब्लोअर पहले रात 12 बजे बंद कर दिए जाते थे, लेकिन अब पूरी रात चलाए जा रहे हैं। शेर और बाघ के लिए हरी नेट और वुडन फ्लोर भी लगाए गए हैं ताकि ठंडी जमीन का असर कम हो। उत्तरी हवाओं से हुई सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार से हवाओं की दिशा उत्तरी और उत्तर-पूर्वी बनी हुई है। उत्तर भारत में बर्फबारी के कारण वहां से आने वाली ठंडी हवाओं ने इंदौर और प्रदेश के अन्य हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बना दी है। दिसंबर की शुरुआत में तापमान बढ़ा हुआ था, लेकिन पिछले चार दिनों में ठंड ने जोर पकड़ लिया। शुक्रवार रात का न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री था, जो गिरकर 8.7 डिग्री रह गया। यानी चार दिनों में रात के तापमान में 7.6 डिग्री की गिरावट आई। और गिरेगा तापमान मंगलवार रात का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री रहा, जो पिछले 10 वर्षों में दिसंबर में दर्ज चार सालों के न्यूनतम तापमान से भी कम था। 2016, 2017, 2022, और 2023 का रिकॉर्ड टूट गया है। हालांकि 2015 में दिसंबर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे कम है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है, जिससे नए रिकॉर्ड बन सकते हैं।  

मध्य प्रदेश में सर्दी का सितम शुरू, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन समेत कई शहरों के तापमान में लगातार गिरावट का दौर जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में आ रही बर्फीली हवाओं के चलते तापमान गिरता ही जा रहा है. प्रदेश का मौसम एकदम से बदल गया है. तापमान में गिरावट के साथ कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिल रहा है. जिसके चलते सड़क पर चलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. पहाड़ों पर हुई बर्फबारी से मध्य प्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है. आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के मौसम का ताजा हाल… तापमान में गिरावट का दौर जारी दरअसल,  हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में हुई बर्फबारी के चलते उधर से आ रही बर्फीली हवाओं का असर एमपी में देखने को मिल रहा है. इसके चलते पिछले 24 घंटे के दौरान तापमान में भारी गिरावट देखने को मिला है. भोपाल, इंदौर, उज्जैन और  ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में दिन और रात के तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है. प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रात का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया जा रहा है. शीतलहर का अलर्ट मौसम विभाग ने आज 16 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है, वहीं, कई जिलों में कोल्ड डे का असर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के मुताबिक, 13 दिसंबर तक प्रदेश में शीतलहर चलेगी और तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जाएगी. फिलहाल पूरे हफ्ते मौसम ऐसे ही रहने की उम्मीद है. इस दौरान न्यूनतम तापमान में कुछ और गिरावट भी हो सकती है. वहीं, दिसंबर माह के अंत से  जनवरी में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं के साथ घने कोहरा छाया रहेने की संभावना है. जानिए कहां कितना तापमान मध्य प्रदेश के तापमान में गिरावट का दौर जारी है. पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 3.5 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं,  रायसेन 3.6, शाजापुर 4.1, राजगढ़ 5.0, शिवपुरी 5.3, सीधी 12.6, खरगोन, देवास 12.0, सिंगरौली, छिंदवाड़ा 10.9, उज्जैन, सिवनी 10.0 राजगढ़ में 5 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 5.5 डिग्री, उमरिया में 6.6 डिग्री, गुना-मनला में 7.4 डिग्री,  भोपाल में 7.8 डिग्री, इंदौर में 8.7 डिग्री, ग्वालियर में 8.5 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री तापमान रहा. वहीं, धार, खंडवा, सागर, बैतूल, रतलाम, रीवा, टीकमगढ़, खजुराहो, मलाजखंड, दमोह, नर्मदापुरम और सतना में तापमान 10 डिग्री से कम रहा. मौसम विभाग की मानें तो यहां आने वाले दिनों में तापमान और गिरेगा. 

मध्य प्रदेश वालों कड़ाके की ठंड के लिए हो जाओ तैयार, अब शीत लहर से होगा सामना; येलो अलर्ट जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों का मौसम देखें तो प्रदेश के सभी संभागों के जिले का मौसम शुष्क रहा। रायसेन, राजगढ़, धार, जबलपुर, सिवनी, सागर, पचमढ़ी (नर्मदापुरम), नीमच, में शीत लहर का प्रभाव रहा। वहीं शाजापुर में तीव्र शीत लहर का प्रभाव रहा। भोपाल, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, उज्जैन, बैतूल, रायसेन और नीमच जिलों का दिन ठंडा रहा। मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमोत्तर भारत के ऊपर मध्य समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से सब- ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ पवनों के मध्य एक ट्रफ के रूप में मध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई 70 डिग्री पूर्वी देशांतर व 33 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में अवस्थित है। प्रदेश के जिलों का तापमान प्रदेश में नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल संभागों के जिलों में विशेष रूप से गिरा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, सागर संभागों के जिलों का तापमान ज्यादा गिरा। शेष सभी संभागों के जिलों के तापमानों विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। पचमढ़ी का तापमान 3.5, रायसेन 3.6, शाजापुर 4.1, राजगढ़ 5.0, शिवपुरी 5.3, सीधी 12.6, खरगोन, देवास 12.0, सिंगरौली, छिंदवाड़ा 10.9, उज्जैन, सिवनी 10.0 रहा। इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर जिलों में शीत लहर और ठंड दिन का अलर्ट जारी किया है। वहीं विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, धार, आगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, दमोह, और सागर जिले में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। बृहस्पतिवार को भी दिल्ली एनसीआर में रहेगी शील लहर जैसी स्थिति मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को दिल्ली-एनसीआर में शीत लहर की स्थिति रह सकती है। इसलिए मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार सुबह दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस हुआ दर्ज, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम है। कैसे आंकी जाती है शीत लहर? आया नगर में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस कम है। इस वजह से आया नगर में ठंड ज्यादा रही। दिल्ली में अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। स्काईमेट वेदर के विशेषज्ञ महेश पलावत ने बताया कि न्यूनतम तापमान सामान्य से साढ़े चार डिग्री सेल्सियस कम हो तो शीत लहर माना जाता है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा है। इस वजह से दिल्ली के कई इलाकों शीत लहर रही। दूसरी ओर दिल्ली के एयर इंडेक्स में पिछले दिन के मुकाबले आंशिक सुधार हुआ है। फिर भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही। दिल्ली का AQI 207 दर्ज केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण (सीपीसीबी) के अनुसार बुधवार सुबह दिल्ली का एयर इंडेक्स 207 दर्ज किया गया। स्विस कंपनी के एप आइक्यूएयर ने सुबह में दिल्ली का एयर इंडेक्स 203 बताया। हवा चलने और आसमान साफ होने के कारण दोपहर में एयर इंडेक्स में सुधार होने की संभावना है।

मध्य प्रदेश में शीतलहर का असर, 16 शहरों में अगले 4 दिन शीतलहर का अलर्ट, रायसेन में जमी ओस

भोपाल मध्य प्रदेश इन दिनों बर्फीली हवाओं की वजह से ठिठुर रहा है। दिन और रात का टेम्परेचर 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 4-5 दिन ऐसा ही मौसम बना रहेगा। बुधवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर-उज्जैन समेत प्रदेश के 16 जिलों में कोल्ड वेव का रहेगा असर। इससे पहले मंगलवार को प्रदेश के 15 जिलों में सर्द हवाएं चलीं। पचमढ़ी देश का 10वां सबसे ठंडा शहर रहा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, ‘इस समय पश्चिम-उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं भी चल रही हैं। इन दोनों सिस्टम की वजह से मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।’ पचमढ़ी में एक रात में 1.7 डिग्री गिरा पारा मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात पचमढ़ी में 1.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। एक रात पहले यह 3.5 डिग्री सेल्सियस था यानी एक ही रात में 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान नीचे आया है। यह भोपाल में 6.9 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6 डिग्री, उज्जैन में 7.5 डिग्री और जबलपुर में 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी के अलावा रायसेन, गुना, उमरिया, मंडला और नौगांव में टेम्परेचर 6 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहा। रायसेन में 4.8 डिग्री, गुना-उमरिया में 5 डिग्री, मंडला में 5.2 डिग्री और नौगांव में 5.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। भोपाल, इंदौर-उज्जैन में आज कोल्ड डे मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और शाजापुर में कोल्ड डे रहेगा। वहीं, जबलपुर, धार, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, सागर, नर्मदापुरम, रायसेन, दमोह, नरसिंहपुर और सिवनी में सर्द हवाएं चलेंगी।  मौसम विभाग ने 11, 12 और 13 दिसंबर को धार, गुना-अशोकनगर में कोल्ड वेव चलने का अलर्ट जारी किया है। जेट स्ट्रीम हवाएं 12.6 किमी ऊंचाई पर 277 किमी प्रतिघंटा के हिसाब से चल रही है। इससे एमपी में भी ठिठुरन है। आने वाले दिनों में हवा की ऊंचाई कम हो जाएगी। जिससे पूरे प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ जाएगा।। बर्फीली हवाओं का सबसे ज्यादा असर उत्तरी हिस्से में रहेगा। इनमें ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के जिले शामिल हैं। भोपाल में दो साल का रिकॉर्ड टूटा राजधानी भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 2 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। एक ही रात में पारा 4.5 डिग्री लुढक कर 7.8 डिग्री पहुंच गया, जो पिछले दो साल में सबसे कम है। 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 8.6 और 8.8 डिग्री रहा था। इधर प्रदेश के सभी शहरों में तापमान में गिरावट हुई। सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां तापमान 3.5 डिग्री पर आ गया। जबकि रायसेन का 3.6 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी खासी गिरावट हुई है। इंदौर में 8.7 डिग्री, ग्वालियर में 8.5 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में 7 डिग्री तापमान रहा। इसी तरह राजगढ़, नौगांव, उमरिया ऐसे शहर रहे, जहां पारा 7 डिग्री से नीचे रहा। जाने आगे कैसा  रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में सबसे ज्यादा ठंड पड़ेगी। कड़ाके की ठंड का यह दौर जनवरी तक बना रहेगा। इन्हीं 40 दिनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाएं की भी चल सकती है। हालांकि, दिसंबर के पहले ही पखवाड़े में सर्द हवाएं चलने का अलर्ट है। इस बार सबसे ज्यादा ठंड उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में रहेगी। वजह बर्फीली हवाएं सीधे आना है। वर्ष 2014 से 2023 तक के ट्रेंड पर नजर डाली जाए तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य शहरों में दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में ही कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू होती है। इन पांच बड़े शहरों में पारे में सबसे ज्यादा गिरावट ग्वालियर में होती है। पिछले 10 साल में एक बार टेम्प्रेचर 1.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। जबलपुर में यह 4.4 डिग्री और उज्जैन में 2.5 डिग्री तक रहा है। भोपाल और इंदौर में भी टेम्प्रेचर 5 डिग्री से नीचे रहे हैं।  

मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिला, तापमान में गिरावट के चलते ठिठुरन बढ़ गई, जानें अपने शहर का हाल

भोपाल पड़ाहों पर हो रही बर्फबारी से बर्फीली हवाएं चलने लगी है जिससे मध्यप्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों में 16 शहरों में तापमान 12 डिग्री से कम तो राजगढ़ गुना सबसे ठंडे रहे। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 दिन 11 से 13 दिसंबर तक अशोक नगर, गुना और धार जिले में शीतलहर (कोल्ड वेव) की स्थिति बनी रहेगी और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जाएगी।वर्तमान में उत्तर प्रदेश में एक पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र है।हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पश्चिमी होने से अगले 24 घंटों में प्रदेश के तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट होने की आशंका है। खास करके पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मौसम बदला रहेगा।  तापमान में गिरावट के चलते ठिठुरन बढ़ गई है। रात के तापमान में पांच डिग्री तक की कमी आई है, जिससे ठंड का असर तेज हो गया है। दिन के तापमान में भी एक डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. चार दिनों बाद ठंड ने पकड़ी रफ्तार पिछले चार-पांच दिनों से तापमान में बढ़ोतरी और आसमान पर बादलों की मौजूदगी के कारण ठंड का असर कम हो गया था। हालांकि, रविवार से ठंड ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे तीन दिन पहले, शनिवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा था। केवल एक दिन में न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री और अधिकतम तापमान में एक डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे ठंड का असर बढ़ गया है। लोग अब ठंड से राहत पाने के लिए गर्म कपड़े पहनने और अलाव जलाने का सहारा ले रहे हैं। ठंड बढ़ने से जिले के किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखी जा रही है। किसानों के लिए फायदेमंद ठंड वर्तमान में किसान रबी सीजन की प्रमुख फसलें, जैसे गेहूं और चने, की बुवाई में व्यस्त हैं। अधिकतर क्षेत्रों में बुवाई पूरी होने के बाद अब सिंचाई की जा रही है। रबी सीजन की फसलों का उत्पादन ठंड पर निर्भर करता है। ठंडक बढ़ने से गेहूं और चने की फसल को फायदा होगा और उत्पादन बेहतर हो सकेगा। मंगलवार सुबह ठंडी हवाओं और ठिठुरन के साथ मौसम ने सर्दी का एहसास कराया। हल्की धुंध छाई रही और खेतों में गेहूं की फसलों पर ओस की बूंदें नजर आईं। 15 दिसंबर के बाद MP के इन जिलों में कड़ाके की ठंड-कोल्ड डे एमपी मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत से आगे बढ़ते ही 15-20 दिसंबर के बाद प्रदेश में कोल्ड डे, घने कोहरे और शीतलहर की स्थिति देखने मिलेगी । दिसंबर अंत और जनवरी में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं के साथ घने कोहरा छाया रहेगा।खास करके इस बार सागर संभाग के जिले निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना, रीवा संभाग के मउगंज सीधी और सिंगरौली, जबलपुर संभाग के मंडला और डिंडोरी, इंदौर संभाग के झाबुआ, इंदौर और धार के उत्तरी हिस्से और पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। भोपाल संभाग के राजगढ़ और उज्जैन जिलों के कुछ-कुछ हिस्सों में अच्छी ठंड पड़ेगी। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     प्रदेश में सबसे ठंडा जिला राजगढ़ रहा, जहां रात का पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान पचमढ़ी से भी कम है। पचमढ़ी का पारा 9.0 डिग्री सेल्सियस रहा।     पिपरसमा (शिवपुरी) में 6.8 डिग्री, मरूखेडा (नीमच) में 7.4 डिग्री, राजगढ़ में 7.6 डिग्री, गिरवर (शाजापुर)/गुना में 8.6 डिग्री और सीहोर/पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 9 डिग्री दर्ज न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।     धार में 9.4 डिग्री, पचमढ़ी में 9 डिग्री, खजुराहो में 10.4 डिग्री, रायसेन में 9.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 10.5 डिग्री, नौगांव में 11.2 डिग्री, रीवा में 11.0 डिग्री और उमरिया में 11.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।     इंदौर में अधिकतम तापमान 22.9 डिग्री, भोपाल में 23.4 डिग्री, उज्जैन में 24.5 डिग्री, ग्वालियर में 24.8 डिग्री और जबलपुर में 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

प्रदेश में घने कोहरे के साथ पड़ेगी कड़ाके की ठंड, बुलंदशहर में सबसे कम 8℃ तापमान

प्रयागराज उत्तर प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है. लगातार मौसम के यूटर्न से तापमान में भी गिरावट हो रही है. हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम साफ रह सकता है, लेकिन देर रात और सुबह भोर में घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है. आईएमडी से मिली जानकारी के अनुसार,10 दिसंबर यानी मंगलवार को पश्चिमी और पूर्वी यूपी में मौसम साफ रहने की संभावना है. इस दौरान दोनों हिस्सों में देर रात और सुबह के समय कहीं-कहीं पर घना कोहरा होने की चेतावनी जारी की गई है. मंगलवार को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, वाराणसी, मऊ, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर और आजमगढ़ में फॉग होने की संभावना है. जौनपुर, प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, संतकबीर नगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अयोध्या और अमेठी में भी कोहरा का अलर्ट है. 11 दिसंबर से शीतलहर की चेतावनी इसके अलावा बलरामपुर, गोंडा, बाराबंकी, श्रावस्ती, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली, बदायूं, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में कोहरा छाने के आसार जताए गए हैं. 11 दिसंबर को भी मौसम साफ रहने के साथ ही कहीं-कहीं पर घना कोहरा छाने के आसार जताए गए हैं. वहीं बुधवार को पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं पर शीतलहर चलने की संभावना है . बुलंदशहर में सबसे कम 8℃ तापमान जबकि, प्रदेश के तापमान में लगातार गिरावट और बढ़ोतरी जारी है. बुलंदशहर में सबसे कम 8℃ न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है. साथ ही मेरठ में 8.1℃, नजीबाबाद और अयोध्या में 8.5℃, बहराइच में 9℃ और मुजफ्फरनगर में 9.9℃ न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया गया है. घने कोहरे के साथ पड़ेगी कड़ाके की ठंड लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को यूपी के 40 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा दिखाई देगा. इसके साथ ही अनुमान है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी भी आ सकती है. वहीं दिन के समय में अभी भी धूप निकलने से ज्यादा ठंड नहीं हो रही है, लेकिन न्यूनतम तापमान गिरने से रात में कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो गई है. आने वाले दिनों में प्रदेश में शरीर कांपने वाली ठंड पड़नी शुरू हो सकती है. उन्होंने बताया कि आने वाले दो दिनों तक यूपी कोहरे के आगोश में होगा. इसके अलावा दो से तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है.

एमपी मौसम विभाग का अलर्ट 20 दिसंबर के बाद कोल्ड डे, कोहरे और शीतलहर की स्थिति

भोपाल पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले 48 घंटों के अंदर मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। प्रदेश में बर्फीली हवाएं चलेंगी और तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जाएगी।हालांकि कहीं कहीं बादल छा सकते है और  कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी भी हो सकती है। एमपी मौसम विभाग की मानें तो 15-20 दिसंबर के बाद कोल्ड डे, कोहरे और शीतलहर की स्थिति देखने को मिल सकती है।आज सोमवार को सिंगरौली, सीधी, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जिलों के अलग अलग हिस्सों में गरज चमक हल्की बारिश हो सकती है। खास करके दिसंबर अंत और जनवरी में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं के साथ घने कोहरे की भी स्थिति बन सकती है। वर्तमान में अलग अलग स्थानों चार मौसम प्रणालियां सक्रिय है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम, बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र ,मध्य पाकिस्तान पर एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात और पाकिस्तान पर भी एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। इसके असर से हवाओं के साथ प्रदेश में कुछ नमी आ रही है और पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं आंशिक बादल बारिश की स्थिति बनी हुई है। हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पश्चिमी होने से सोमवार से न्यूनतम तापमान में कमी आने के आसार हैं। हालांकि जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कही आंशिक बादल बने रह सकते हैं।     प्रदेश के टीकमगढ़ में सबसे कम तापमान 9 डिग्री दर्ज ।     भोपाल में 12.1 डिग्री, उज्जैन में 12.8 डिग्री जबलपुर में 13.8 डिग्री और इंदौर में 14.3 डिग्री दर्ज हुआ।     ग्वालियर में 9.3 डिग्री, राजगढ़ में 9.6 डिग्री, गिरवर (शाजापुर) में 9.7 डिग्री, खजुराहो (छतरपुर) में 10.2 डिग्री और चित्रकूट (सतना) व नौगांव (छतरपुर) में 10.3 डिग्री दर्ज ।     ग्वालियर में अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री, इंदौर में 27.5 डिग्री, भोपाल में 27.8 डिग्री उज्जैन में 28 डिग्री और जबलपुर में 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

पहाड़ों पर बर्फबारी एवं बारिश होने से ठंडी हवाएं चलेगी और प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ सर्दी में तेजी आएगी

भोपाल फ़ेंगल तूफान का असर खत्म होने लगा है, ऐसे में 7 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने से फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। खास करके उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी एवं बारिश होने से ठंडी हवाएं चलेगी और प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ सर्दी में तेजी आएगी। इस दौरान पूर्वी हिस्से में कहीं कहीं बादल छाने के साथ बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान फेंगल के कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदलने से तापमान में इजाफा हो रहा है। अगले 48 घंटे तक प्रदेश के तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिलेगा और मौसम ऐसा ही बना रहेगा।इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। Madhya Pradesh के मौसम का ताजा हाल एमपी मौसम विभाग के अनुसार, फेंगल तूफान का असर खत्म के बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी होगी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के आने से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में रात के तापमान में गिरावट आएगी और तेज ठंड का असर देखने को मिलेगा।पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी होगी। प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर 20 दिसंबर से शुरू होगा, जो जनवरी तक बना रहेगा। 40 दिनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं की भी स्थिति बन सकती है। वर्तमान में सक्रिय है ये मौसम प्रणालियां वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम और पूर्व-मध्य अरब सागर में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में मौजूद है।हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है।7 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। उसके प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी एवं वर्षा होने के आसार हैं। इससे फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने का अनुमान है। उसके पूर्व मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने के आसार हैं।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा, दिसंबर के तीसरे सप्ताह से सर्दी बढ़ने की उम्मीद

इंदौर दिसंबर और जनवरी के महीने ठंड के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार दिसंबर की शुरुआत में ठंड गायब नजर आ रही है। रात का तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है और घटने के बजाय बढ़ रहा है। जिस ठंड का अहसास आमतौर पर अक्टूबर में होता है, वह इस बार दिसंबर में हो रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री बढ़कर 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री कम था। लेकिन रात का न्यूनतम तापमान पिछले पांच दिनों में करीब 6 डिग्री उछलकर 18.4 डिग्री पर पहुंच गया, जो सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा था। गुरुवार को अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री दर्ज किया गया। फेंगल तूफान की वजह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। सुबह के समय बादल और ठंडी हवाओं के कारण हल्की ठंड का एहसास होता है, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता है, गर्मी महसूस होने लगती है। तापमान के आंकड़े इस बदलाव की गवाही देते हैं। गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 17.1 डिग्री रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था। मंगलवार को यह औसत से 4 डिग्री ज्यादा होकर 18.4 डिग्री तक पहुंच गया था। 2014, 2021 और 2022 में भी दिसंबर की शुरुआत गर्म रही थी। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंडी हवाएं बीच-बीच में ठंड का एहसास कराएंगी, लेकिन न्यूनतम तापमान में गिरावट दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में ही संभव होगी। उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इस कारण हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। वहां से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण दिसंबर के तीसरे सप्ताह से ठंड में इजाफा हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार अक्टूबर और नवंबर भी सामान्य से ज्यादा गर्म रहे, और अब दिसंबर की शुरुआत भी गर्म बनी हुई है। यह पिछले 10 वर्षों में चौथी बार हुआ है कि दिसंबर की शुरुआत इतने ज्यादा न्यूनतम तापमान के साथ हुई हो। पिछले साल का दिसंबर भी लगभग ऐसा ही रहा था, जब पूरे महीने न्यूनतम तापमान का सबसे निचला स्तर 11.4 डिग्री था। इस बार भी रात के तापमान की शुरुआत औसत से 8 डिग्री ज्यादा रही है। गुरुवार को दोपहर के समय धूप इतनी तेज महसूस हुई कि घरों, दफ्तरों और दुकानों में पंखे तक चलाने पड़े। बादलों के कारण हल्की उमस का भी एहसास हो रहा था। फेंगल तूफान के प्रभाव और पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में यह असामान्यता देखी जा रही है। बादलों के चलते रात का तापमान बढ़ा हुआ है, क्योंकि गर्मी वातावरण में ऊपर नहीं जा पा रही है। दिन में तेज धूप और उमस से गर्मी का एहसास हो रहा है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले तीन दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। दिसंबर के तीसरे सप्ताह में हिमालय से आने वाली सर्द हवाओं के चलते ठंड बढ़ने की संभावना है। पिछले कुछ वर्षों से ठंड के मौसम में इस प्रकार के बदलाव जलवायु परिवर्तन की ओर भी इशारा करते हैं। इसका असर न केवल मौसम के पैटर्न पर पड़ रहा है, बल्कि यह मानव जीवन और पर्यावरण के अन्य पहलुओं को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में बदलते मौसम के अनुसार तैयार रहना जरूरी है।  

MP में सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, पचमढ़ी से भी ठंडा रहा भोपाल पारा 8.2 डिग्री लुढ़का, मंडला सबसे ठंडा

भोपाल  मध्य प्रदेश में आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड बढ़ा दिया है। राजधानी भोपाल में 8.2 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। भोपाल की रात हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडी हो गई है। गुरुवार-शुक्रवार की रात भोपाल में तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में पर 9.6 डिग्री रहा। सबसे ठंडा पूर्वी हिस्से का मंडला शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल में 9.4 डिग्री, राजगढ़ में 8 डिग्री, जबलपुर में 8.5 डिग्री, खजुराहो में 9.4 डिग्री, नौगांव में 8 डिग्री, रीवा में 9.5 डिग्री, उमरिया में 7.4 डिग्री और मलाजखंड में 9.5 डिग्री तापमान रहा। जबकि इंदौर में 12.2 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री और उज्जैन में 12 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इसलिए तेजी से बढ़ रही ठंड मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम 278 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। एक दिन में ही 18 किमी रफ्तार बढ़ी है। इस वजह से प्रदेश में भी सर्द हवाएं आ रही हैं। अभी हवा की ऊंचाई 12.6 किमी है। जब यह नीचे बहेगी, तब ठंड का असर और तेज हो जाएगा। इसके अलावा पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन एक्टिव है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है। कैसा रहेगा मध्यप्रदेश का मौसम मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में दिसंबर से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. 30 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे सर्द हवाएं तेज होंगी और ठंड और कोहरे के साथ शीतलहर की स्थिति बनेगी. इस दौरान खासकर मालवा और निमाड़ क्षेत्र में तापमान में गिरावट आने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार इस विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में बर्फबारी भी हो सकती है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा. इस बदलाव से ठंड बढ़ेगी और ठिठुरन महसूस होगी, जिससे लोगों को शीतलहर का सामना करना पड़ सकता है. प्रदेश कई शहर पचमढ़ी से ठंडे मध्य प्रदेश एक मात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी हरियाली से घिरा होने से यहां अब तक दिन और रात का तापमान सबसे कम रहा, लेकिन फिलहाल प्रदेश के शहडोल, मंडला राजगढ़, उमरिया, जबलपुर, भोपाल पचमढ़ी से ज्यादा ठंडे हैं। बुधवार-गुरुवार की रात में शहडोल में टेम्प्रेचर 6.5 डिग्री और मंडला में 6.1 डिग्री भोपास का 8.2 डिग्री उमरिया में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, जबलपुर 8.5 डिग्री दर्ज किया गया जबकि पचमढ़ी में 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रीवा में पारा 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल गुरुवार को मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान मंडला में 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं टीकमगढ़ में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.3 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. भोपाल में 10.2 डिग्री, इंदौर में 13.2 डिग्री, ग्वालियर में 10.9 डिग्री, उज्जैन में 12.2 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा. हवा नीचे बहेगी तो ठंड और बढ़ेगी मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार ने बताया, अभी जेट स्ट्रीम हवा की ऊंचाई 12.6 किमी है। जब यह नीचे बहेगी, तब ठंड का असर और तेज हो जाएगा। इसके अलावा पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन एक्टिव है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है। पहली बार भोपाल में पचमढ़ी से भी कम टेम्प्रेचर नवंबर में पहली बार भोपाल में रात का तापमान पचमढ़ी से भी कम हो गया। गुरुवार-शुक्रवार की रात भोपाल में तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में 9.6 डिग्री रहा। इससे पहले भोपाल में 1988 में पारा 7.5 डिग्री दर्ज किया गया था। इधर, सबसे ठंडा पूर्वी हिस्से का कल्याणपुर रहा। यहां तापमान 6.2 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 6.8 डिग्री रहा। बैतूल में 9.4 डिग्री, राजगढ़ में 8 डिग्री, खजुराहो में 9.4 डिग्री, नौगांव में 8 डिग्री, रीवा में 9.5 डिग्री, उमरिया में 7.4 डिग्री और मलाजखंड में 9.5 डिग्री तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 12.2 डिग्री, जबलपुर में 8.5 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री और उज्जैन में 12 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दिन में पचमढ़ी में पारा 22.1 डिग्री पहुंचा प्रदेश में रात के साथ दिन भी ठंडे हैं। शुक्रवार को हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा सबसे कम 22.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायसेन में 23 डिग्री, नरसिंहपुर में 24.4 डिग्री, सीधी में 24.8 डिग्री और मलाजखंड में 24.1 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में पारा 25 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में 24.9 डिग्री, इंदौर में 24.6 डिग्री, उज्जैन में 25.7 डिग्री, ग्वालियर में 25.5 डिग्री और जबलपुर में 25.9 डिग्री दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश में दिसंबर से तापमान में तेजी से गिरावट के बाद ठंड और कोहरे का डबल अटैक

भोपाल दिसंबर से मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आज 29 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे जिससे बर्फीली हवा की रफ्तार तेज होंगी और ठंड व कोहरे के साथ शीतलहर की स्थिति बनने का अनुमान है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी।दिसंबर में सर्द हवाओं से ठिठुरन बढ़ेगी। खास करके मालवा-निमाड़ क्षेत्र में इसका ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक,  वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम , दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में गहरा अवदाब का क्षेत्र और अफगानिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। वही हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है। इन सभी मौसम प्रणालियों के चलते आज से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू होगी जिससे तापमान में एक-दो दिन तापमान में कुछ और भी गिरावट होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     गुरुवार को मैदानी क्षेत्र में सबसे कम 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला में दर्ज किया गया।     हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस पर रहा।     टीकमगढ़ में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.3 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     भोपाल 10.2 डिग्री, इंदौर में 13.2 डिग्री, ग्वालियर में 10.9 डिग्री, उज्जैन में 12.2 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री सेल्सियस रहा।     भोपाल में 6 दिन के बाद पारा 10 डिग्री के ऊपर पहुंचा। इससे पहले की छह रातों में पारा 8.8 डिग्री से 9.8 डिग्री के बीच रहा था।     इंदौर में बुधवार के मुकाबले गुरुवार को दिन के तापमान में 1.7 डिग्री की गिरावट हुई। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस कम 25.9 डिग्री दर्ज हुआ। इस सीजन में यह पहला मौका है जब अधिकतम तापमान 26 डिग्री से कम रहा है।

पचमढ़ी से भी ठंडा रहा मंडला, पारा 6.8 डिग्री, बर्फीली हवा से शहडोल, मंडला शिमला, माउंट आबू, देहरादून, जम्मू और कटरा से भी ठंडे हैं

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की रात हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडी हो गई है। गुरुवार-शुक्रवार की रात भोपाल में तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में पर 9.6 डिग्री रहा। सबसे ठंडा पूर्वी हिस्से का मंडला शहर रहा। बर्फीली हवा की वजह से शहडोल, मंडला जैसे छोटे शहर शिमला, माउंट आबू, देहरादून, जम्मू और कटरा से भी ठंडे हैं। यहां रात का टेम्प्रेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। दिन भी सर्द हैं। सर्दी और कोहरे की वजह से ट्रेनों में रेलवे ने फॉग सेफ डिवाइस लगाई हैं। मौसम वैज्ञानिक कुमार ने बताया कि पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम 278 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। एक दिन में ही 18 किमी रफ्तार बढ़ी है। इस वजह से प्रदेश में भी सर्द हवाएं आ रही हैं। अभी हवा की ऊंचाई 12.6 किमी है। जब यह नीचे बहेगी, तब ठंड का असर और तेज हो जाएगा। इसके अलावा पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन एक्टिव है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है। कल्याणपुर, मंडला ने पचमढ़ी को पीछे किया प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी है। हरियाली से घिरा होने से यहां अब तक दिन और रात का तापमान सबसे कम रहा, लेकिन फिलहाल शहडोल का कल्याणपुर और मंडला की रातें सबसे ठंडी हैं। बुधवार-गुरुवार की रात में कल्याणपुर में टेम्प्रेचर 6.1 डिग्री और मंडला में 6.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। पचमढ़ी में 7.2 डिग्री, उमरिया में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.3 डिग्री और रीवा में पारा 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। इनमें से कई शहर ऐसे हैं, जो शिमला, माउंट आबू जैसे शहरों से भी ठंडे रहे। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में शिमला में 7.2 डिग्री, देहरादून में 9.4 डिग्री, मसूरी में 7.1 डिग्री, माउंट आबू में 7 डिग्री, जम्मू शहर में 10.1 डिग्री और कटरा में तापमान 9.2 डिग्री रहा। देश के उत्तरी राज्यों के साथ-साथ अब मध्य भारत के राज्यों में भी ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 8 राज्यों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इनमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, ओडिशा और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। उत्तर भारत के राज्यों में बर्फबारी के कारण हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर फिलहाल सबसे ठंडे राज्य हैं। मौसम विभाग ने बताया हिमाचल के लाहौल स्पीति में रात का तापमान माइनस 11 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। वहीं, मध्य भारत में MP के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में ज्यादा सर्दी पड़ रही है। शहडोल और मंडला में न्यूनतम तापमान शिमला, देहरादून, जम्मू और कटरा से भी कम है। यहां रात का टेम्परेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। उधर, तमिलनाडु में कल यानी 30 नवंबर की सुबह फेंगल तूफान टकरा सकता है। इसके असर के कारण तमिलनाडु के कई जिलों में पिछले 3 दिनों से तेज बारिश का दौर जारी है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी आज बारिश का अनुमान जताया गया है।

पहाड़ों पर बर्फबारी ने एमपी में बढ़ाई ठिठुरन, पचमढ़ी सबसे ठंडा, भोपाल

भोपाल  जम्मू कश्मीर, मनाली सहित उत्तर भारत के राज्यों में हो रही बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश में दिखने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में सर्द हवाएं चलना शुरू हो चुकी हैं। मंगलवार को प्रदेश का न्यूनतम तापमान गिरकर 5.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मैदानी जिलों की बात करें तो यहां न्यूनतम पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राजधानी भोपाल सहित पांच शहरों का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से तापमान में और गिरावट आने के आसार नजर आ रहे हैं। सर्द हवाओं के चलने से मध्य प्रदेश में सिहरन हो सकती है। कहां कितना तापमान प्रमुख स्थानों के न्यूनतम तापमान को देखा जाये तो मैदानी क्षेत्र के जिलों में मंडला सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी की बात करें तो यहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। भोपाल में 9.8, राजगढ़ में 9.6, नौगांव 9.3 और उमरिया में 9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। आगे भी रह सकता है ऐसा मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में काफी गिरावट आ रही है। अभी हवा का रुख भी उत्तरी बना हुआ है। उत्तर भारत की तरफ से लगातार आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में अच्छी ठंड पड़ रही है। आगे भी ऐसा ही मौसम रह सकता है। इन सलाहों को अपनाएं मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों का मौसम शुष्क बने रहने का अनुमान जताया है। विभाग ने सुझाव दिया है कि कुछ स्थानों में कोहरा पड़ सकता है, इसलिए लोगों को बस का उपयोग करना चाहिए क्योंकि कोहरे में मौजूद कारण पदार्थ और विभिन्न प्रकार के प्रदूषण होते हैं। इनके संपर्क में आने से लोगों के फेफड़े के कार्य क्षमता प्रभावित हो सकती है। खांसी और सांस की समस्या भी बढ़ सकती है। साथ ही वाहनों को धीमी या औसत गति पर चलाएं। आगे वाली गाड़ी से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। फॉग लैंप का इस्तेमाल करें ताकि कोहरे के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना ना हो पाए।

भोपाल में​ रिकॉर्ड तोड़ने के बाद सर्दी अब पचमढ़ी तक गई है, सोमवार को रात का तापमान 5.6 डिग्री पर आ गया

भोपाल जैसे जैसे नवंबर का महीना खत्म होने को है वैसे वैसे मध्य प्रदेश में सर्दी का कहर बढ़ता ही जा रहा है।सोमवार को प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वही 49 साल बाद नवंबर के महीने में भोपाल में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नवंबर महीने में लगातार चार दिन तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहना भोपाल के लिए नया रिकॉर्ड है। भाेपाल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। 24 घंटे में इसमें 0.2 डिग्री की गिरावट हुई। भोपाल में लगातार 4 दिन से पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। यहां 49 साल बाद ऐसी नौबत आई। भोपाल सहित मध्य प्रदेश के 7 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। एमपी मौसम विभाग ने इस हफ्ते शीतलहर और कोहरे की चेतावनी जारी की है। हवाओं का रुख उत्तरी होने से अगले 48 घंटों में तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार है। पश्चिमी विक्षोभ, पहाड़ों पर बर्फबारी और जेट स्ट्रीम के असर से मैदानी इलाकों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। MP Meteorological Department का ताजा पूर्वानुमान वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम और पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरे कम दबाव का क्षेत्र सोमवार को अवदाब के क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है।हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। उत्तर भारत की तरफ से आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में अच्छी ठंड पड़ रही है। पश्चिम विक्षोभ के असर से भी उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी होने के आसार हैं। इसके बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी। भोपाल: पारा 10 डिग्री के आसपास बना रहेगा     मौसम केंद्र की डिप्टी डायरेक्टर डॉ दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि पहाड़ी इलाकों से सीधी बर्फीली हवा आ रही है। इसका ज्यादा असर मप्र के मध्य और पूर्वी हिस्से में पड़ रहा है।     भोपाल संभाग, जबलपुर संभाग सहित मध्य प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्से के शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बढ़ी, रात के तापमान में और अधिक गिरावट आने से ठंड और कोहरे का डबल अटैक

भोपाल उत्तर भारत की तरफ से लगातार आ रही सर्द हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बढ़ रही है। फिलहाल नंवबर अंत तक मौसम का मिजाज यूही रहने वाला है।आने वाले दिनों में रात के तापमान में और अधिक गिरावट आने से ठंड और कोहरे का डबल अटैक देखने को मिल सकता है। एमपी मौसम विभाग की मानें तो हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है।कश्मीर और लद्दाख में बर्फबारी के कारण उत्तरी हवाएं प्रदेश में आ रही हैं, जिससे दिसंबर में शीतलहर और कोहरे का असर देखने को मिल सकता है। पश्चिम विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के पहाड़ों पर और बर्फबारी होने के बाद न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने के आसार हैं। वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम और पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में स्थित है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र सोमवार को अवदाब के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है।वही हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार है। पिछले 24 घंटे में मौसम का मिजाज     भोपाल, जबलपुर समेत मध्यप्रदेश के 9 शहरों में रात का टेम्परेचर 10 डिग्री से नीचे आ गया है।     पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज।     मंडला में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री     राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 9.8 डिसे, अधिकतम तापमान 28 डिग्री दर्ज हुआ।     इंदौर में न्यूनतम 13.6 डिग्री जबकि अधिकतम 27.9 डिग्री सेल्सियस ।     ग्वालियर में न्यूनतम 11.2 अधिकतम 29.8 डिग्री सेल्सियस ।     जबलपुर में न्यूनतम 9.9 अधिकतम 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

शहर में इस साल कड़ाके की ठंड में अलाव नहीं जलाए जाएंगे, आबोहवा रहे स्वच्छ लिया निगम ने फैसला

 भोपाल  शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इस बार शहर में अलाव नहीं जलाए जाएंगे । नगर निगम प्रशासन ने यह निर्णय पहली बार लिया है ताकि वायु प्रदूषण का स्तर कम किया जाए सके। लिहाजा शहर के वह 500 स्थान जहां पर हर साल कड़ाके की ठंड पड़ते ही अलाव जलाए जाते थे, वहां इस बार अलाव नहीं जलाए जाएंगे। नगर निगम की इस पहल से यकीनन वायु प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी, लेकिन अहम बात यह है कि जो लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते थे। वह किस तरह इस कड़ाके की ठंड से अपना अब बचाव करेंगे। लोगों से अपील इसको लेकर भी निगम ने नागरिकों से अपील की है कि बेवजह ठंडे में बाहर नहीं रहें। रैन बसेरों में पर्याप्त कमरे और गर्म रजाई-गद्दे हैं। वह आराम से वहां सोए। अस्पतालों में भर्ती मरीजों के संग सिर्फ एक अटेंडर परिसर में रुके। बाकी के लोग अपने घरों में रहें। प्राइवेट कॉलोनियों में जो लोग अलाव जलाते रहे हैं, वे हीटर का उपयोग करें। ताकि लोग ठंडे से भी बचे रहें और शहर की हवा भी स्वच्छ हो सके। अलाव के लिए नहीं किए आदेश जारी शहर में अलाव जलाने के लिए नगर निगम द्वारा कड़ाके की ठंड पड़ते ही अलाव के लिए लकड़ियां मुहैया करवाने के आदेश जारी किए जाते थे, लेकिन इस बार निगमायुक्त ने ऐसा कोई आदेश नहीं जारी किया। अलाव जलाने के लिए निगम के स्टोर से लकड़ियां मुहैया करवाई जाती थीं। इन लकड़ियों को निगम के वाहनों से सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचाया जाता था। जिसमें डीजल खर्च के अलावा निगम को कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता था, लेकिन इस बार अलाव नहीं जलाए जाएंगे। लिहाजा लाखों रुपये के डीजल खर्च की बचत भी होगी। इसलिए लिया निर्णय शहर की हवा की सेहत को सुधारने के लिए निगम प्रशासन ने यह निर्णय लिया है, क्योंकि तमाम प्रयास के बाद भी शहर में बढ़ता वायु प्रदूषण कम नहीं हो रहा। शुक्रवार को भी शहर का एक्यूआई 300 पार हो गया था। शाम सात बजे पर्यावरण परिसर क्षेत्र में एक्यूआई 305, टीटी नगर में 285 और कलेक्ट्रेट में 236 दर्ज किया गया थे। शहर की हवा में अभी भी पीएम 2.5 धूल कण अधिक मात्रा में है, जो कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को बीमार करने के लिए काफी है। इस हवा में सांस लेना बीमारियों को न्योता देने के बराबर है। सर्दी ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड हालांकि राजधानी में कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू हो चुकी है। भोपाल में सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। नवंबर में सबसे ठंडी शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात रही, जब पारा लुढ़ककर 8.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे एक दिन पहले भोपाल में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। इससे पता चलता है कि सर्दी लगातार जोर पकड़ रही है।

25 नवंबर से तेज ठंड का दौर फिर से आएगा, शनिवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में मध्यम कोहरे का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवंबर की ठंड ने इस बार पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राजधानी भोपाल में 10 साल की सबसे ज्यादा सर्दी पड़ रही है। यहां रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दिन का तापमान भी 26 डिग्री के करीब सिमट गया है। वहीं, पचमढ़ी, अमरकंटक, कल्याणपुर और शाजापुर-राजगढ़ जैसे छोटे शहर सबसे ज्यादा ठंडे हैं। शहडोल के कल्याणपुर में प्रदेश का सबसे कम तापमान 7.1 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि पचमढ़ी में 7.2 डिग्री और मंडला में 8.1 डिग्री तापमान रहा। राजगढ़, उमरिया और शिवपुरी के पिपरसमा में रात का तापमान 9 डिग्री तक गिर गया। भोपाल, जबलपुर और इंदौर जैसे बड़े शहरों में पारा सामान्य से 5-6 डिग्री तक नीचे है। इधर, शनिवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में मध्यम कोहरे का असर देखने को मिला। इंदौर में इस सीजन में पहली बार बीती रात का तापमान 11.6 (-2) डिग्री सेल्सियस रहा। उज्जैन में बीती रात का न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में तापमान में 2 डिग्री और गिरावट की आशंका जताई है। बड़े शहराें की बात करें ताे भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में तापमान सामान्य (15 डिग्री) से 5.6 डिग्री तक नीचे पहुंच गया है। भोपाल में सबसे ज्यादा गिरावट हुई है, जबकि जबलपुर दूसरे नंबर पर है। इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तापमान 12 डिग्री के आसपास है। वहीं, गुरुवार-शुक्रवार की रात कल्याणपुर में पारा 7.1 डिग्री रहा, जबकि पचमढ़ी में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 8.1 डिग्री, शिवपुरी के पिपरसमा, उमरिया और राजगढ़ में 9 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज हुई, जहां तापमान 11.6 डिग्री रहा। उज्जैन में 11.2 डिग्री और ग्वालियर में 11.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में तापमान में 2 डिग्री और गिरावट का अनुमान जताया है।   प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण उत्तरी हवाएं तेज हो गई हैं, जिससे ठंड का असर बढ़ रहा है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में कोहरा छाया रहा, जबकि भोपाल सहित अन्य शहरों में सुबह धुंध देखने को मिली। मौसम विभाग ने 25 नवंबर से ठंड के और तेज होने की संभावना जताई है। इंदौर में इस सीजन में पहली बार बीती .रात का तापमान 11.6 (-2) डिग्री सेल्सियस रहा। उज्जैन में बीती रात का न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में तापमान में 2 डिग्री और गिरावट की आशंका जताई है। अभी ये सिस्टम एक्टिव उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन एक्टिव है। वहीं, उत्तरी हवाएं भी प्रदेश में आ रही है। इस कारण तेज ठंड है। ड़े शहरों में सामान्य से 5.6 डिग्री तक नीचे पारा बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में तापमान सामान्य (15 डिग्री) से 5.6 डिग्री तक नीचे पहुंच गया है। भोपाल में सबसे ज्यादा गिरावट हुई है, जबकि जबलपुर दूसरे नंबर पर है। इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तापमान 12 डिग्री के आसपास है। भोपाल में नवंबर महीने की ठंड का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। वहीं, गुरुवार देर रात पुलिस ने एक युवक का शव बजरिया ब्रिज से बरामद किया है, जिसकी मौत ठंड के कारण होने का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट के बाद हो सकेगा। कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा, पचमढ़ी दूसरे नंबर पर पचमढ़ी प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन है, जो हरियाली से घिरा हुआ है। नवंबर महीने में यहां दिन और रात दोनों ही सबसे ठंडे रहे हैं, लेकिन शहडोल का कल्याणपुर पहली बार सबसे ठंडा रहा। गुरुवार-शुक्रवार की रात कल्याणपुर में पारा 7.1 डिग्री रहा, जबकि पचमढ़ी में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला में 8.1 डिग्री, शिवपुरी के पिपरसमा, उमरिया और राजगढ़ में 9 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। उत्तरी हिस्से में कोहरा, भोपाल में धुंध शनिवार सुबह प्रदेश के उत्तरी हिस्से यानी, ग्वालियर-चंबल संभाग में मध्यम कोहरा देखने को मिला। वहीं, भोपाल में धुंध है। बाकी शहरों में भी धुंध का असर है। यहां दिन भी ठंडे है। अब जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों में ट्रेंड… भोपाल में सबसे ज्यादा सर्दी नवंबर में राजधानी में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार भी दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से लुढ़क रहा है और यह 9.4 डिग्री पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था। इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में दो बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में इस महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।  

प्रदेश में अगले 24 घंटे में और बढ़ेगी ठंड, छा सकते है बादल, आज भोपाल में शीतलहर की संभावना, पढ़े मौसम विभाग का नया अपडेट

भोपाल पहाड़ों पर बर्फबारी और उत्तरी हवाओं के चलते मध्यप्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है,गुरुवार को राज्यभर में दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली। आने वाले दिनों में रात के समय में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।आज राजधानी भोपाल में शीतलहर चल सकती है, वही न्यूनतम तापमान नवंबर अंत तक 14 डिग्री तक पहुंचने के आसार है। शुक्रवार और शनिवार को दिन रात के तापमान में और तेजी से गिरावट आने का अनुमान है। आने वाले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होगी।इधर, लगातार पड़ रही ठंड के चलते भोपाल के कई निजी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जल्द ही अन्य सरकारी स्कूलों के समय में भी बदलाव देखने मिल सकता है। कई शहरों में दस डिग्री से कम है तापमान   पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 7.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि अन्य शहरों जैसे शाजापुर, शहडोल, और मंडला में पारा 9 डिग्री के करीब रहा। बड़े शहरों में भोपाल और ग्वालियर में तापमान क्रमशः 10.2 डिग्री और 11.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि इंदौर और उज्जैन में यह 13.9 डिग्री और 11.5 डिग्री तक पहुंचा। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम-उत्तर भारत में चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश में सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। 2 दिन बाद Madhya Pradesh में छा सकते है बादल गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु के तट के पास हवा के ऊपरी भाग में बने एक चक्रवात के आगे बढ़कर कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इससे हवाओं का रुख बदल सकता है और दो दिन बाद प्रदेश में कहीं-कहीं बादल भी छा सकते हैं।इधर, राजस्थान पर बने प्रति-चक्रवात के असर से लगातार सर्द हवाएं मध्य प्रदेश की तरफ आ रही हैं, ऐसे में रात के तापमान में गिरावट नजर आ रही है। हवाओं के साथ कुछ नमी आने से ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में कोहरा बना हुआ है, शेष भागों में सुबह के समय धुंध छाई हुई है। एक सप्ताह में गिरा तापमान   पिछले एक सप्ताह से रात के साथ दिन के तापमान में भी 2-3 डिग्री की गिरावट देखी गई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसा ही मौसम अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा, जिसके बाद दिसंबर में ठंड और तेज हो जाएगी। इस प्रकार, मध्यप्रदेश में सर्दी ने नवंबर के महीने को कड़ाके की ठंड के साथ यादगार बना दिया है। जानिए MP के 5 बड़े शहरों का एक्यूआई लेवल मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश की राजधानी भोपाल की हवा सबसे खराब रही है। यहां एक्यूआई लेवल 253 दर्ज हुआ। जबलपुर में 243, उज्जैन में 233, ग्वालियर में 218 और इंदौर (विजय नगर इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स में )में 52 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ।आज शुक्रवार सुबह की बात करें तो भोपाल का एक्यूआई लेवल 258,जबलपुर में 161, उज्जैन में 243, ग्वालियर में 166 और इंदौर में 241 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ। इन इलाकों में दर्ज हुआ अधिकतम तापमान मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खंडवा में दर्ज हुआ। यहां का तापमान पचमढ़ी से चार गुना ज्यादा है। यहां 30.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। इसके अलावा सबसे ज्यादा तापमान रिकॉर्ड करने वाले चार अन्य इलाके भी हैं, जहां 29 डिग्री के आस-पास तापमान दर्ज किया गया है। इन इलाकों के नाम हैं; खरगौन में 30 , तालुन में 29.2, नमर्दापुरम में 29.1 और रतलाम में 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए हैं। राजधानी भोपाल के मौस का पूर्वानुमान राजधानी भोपाल में कल आकाश के साफ रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही मौसम के संभावित पूर्वानुमान की बात करें तो सुबह के समय धुंध के छाए रहने का अनुमान है। यहां का तापमान अधिकतम 26 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री तक जाने की संभावना है। बाकी रात में पारा गिरने से लोगों में ठंड का एहसास होने लगा है। हालांकि दिन में मौसम में गर्माहट देखने को मिल रही है।  पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।     राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह तापमान सामान्य से 4.2 डिग्री कम है।     भोपाल में न्यूनतम 10.2 अधिकतम 26.6, ग्वालियर में न्यूनतम 11.1 अधिकतम 26.9 और इंदौर में न्यूनतम 13. अधिकतम 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     उज्जैन में न्यूनतम 11.5 अधिकतम 27.5, जबलपुर में न्यूनतम 11 अधिकतम 26.3 ,बालाघाट में न्यूनतम 10.8 अधिकतम 23.6 और मंडला में न्यूनतम 9.1 अधिकतम 27.02 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।     भोपाल सहित सीहोर, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में घना कोहरा छाया रहा, विजिबिलिटी भी कम रही।

ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, मुरैना, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में कोहरा छाया, टेम्प्रेचर 15 डिग्री

भोपाल उत्तरी हवाओं के असर से मध्यप्रदेश में सर्दी बढ़ गई है। कई शहरों में रात का टेम्प्रेचर 15 डिग्री के नीचे आ गया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन समेत 28 शहरों में पारा सामान्य से नीचे है। ऐसा ही मौसम अगले कुछ दिन और बना रहेगा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, मुरैना, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल में भी सुबह के समय कोहरा है। यहां 1 से 2 किलोमीटर तक विजिबिलिटी यानी, दृश्यता है। राजधानी में पिछले 5 दिन से ऐसा ही मौसम है। नवंबर में पिछले साल से भी ज्यादा ठंडा है भोपाल प्रदेश के 5 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में रात का टेम्प्रेचर सामान्य यानी, 15 डिग्री के नीचे है। भोपाल में पिछले साल के मुकाबले इस बार अभी से ज्यादा सर्दी पड़ रही है। यहां पिछले साल जहां नवंबर में रात का टेम्प्रेचर 12.8 डिग्री तक ही पहुंचा था। वहीं मंगलवार-बुधवार की रात टेम्प्रेचर 11 डिग्री दर्ज किया गया। यह 10 साल में नवंबर का सातवां सबसे कम तापमान है। इसलिए बढ़ा एमपी में ठंड का असर इस समय जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। वहीं, पश्चिम-उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम हवाएं भी चल रही हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस का भी असर है। ऐसे में उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में आ रही है, जिससे पारा लुढ़क गया हैं। आने वाले दिनों में पारे में और भी गिरावट हो सकती है। अभी रात के साथ दिन भी ठंडे है। पचमढ़ी में दिन का पारा 22.4 डिग्री पचमढ़ी प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन है। नवंबर महीने में यहां की रातें सबसे सर्द रही हैं। पिछली 6 रातों से यहां पारा 10 डिग्री सेल्सियस से कम ही है। मंगलवार-बुधवार की रात पारा 7.8 डिग्री और बुधवार को दिन में तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस तरह पचमढ़ी के दिन और रात दोनों ही प्रदेश में सबसे ठंडे है। पचमढ़ी के अलावा बालाघाट में 24 डिग्री, रायसेन में 25 डिग्री, बैतूल में 26.5 डिग्री, सिवनी में 26.6 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 27.1 डिग्री, ग्वालियर में 26.4 डिग्री, इंदौर में 27.8 डिग्री, उज्जैन में 27.7 डिग्री और जबलपुर में दिन का तापमान 27.6 डिग्री दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश के इन शहरों में कोहरे का अलर्ट, तेजी से बदलते मौसम को लेकर IMD वैज्ञानिक ने ये बताया

भोपाल  उत्तरी हवाओं के चलते मध्यप्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ ठिठुरन बढ़ने लगी है। मंगलवार को प्रदेश में दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, राजधानी भोपाल में सुबह से ही धुंध व कोहरा छाया रहा।मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो तीन दिनों में प्रदेश के अधिकांश जिलों में पारा तेजी से गिरेगा और ठंड का असर तेज होगा। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में प्रदेश में न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तो अधिकतम तापमान में भी एक से दो डिग्री तक की कमी आ सकती है।मंगलवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में दिन के टेम्प्रेचर में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। वातावरण में नमी के चलते ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा।भोपाल, ग्वालियर, भिंड, मुरैना और दतिया में विजिबिलिटी भी कम रही। एमपी मौसम विभाग ने आज बुधवार को ग्वालियर दतिया भिंड मुरैना जिले में हल्का से मध्य कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है।अगले 2 से 3 दिनों में प्रदेश में और अधिक ठंड पड़ने की संभावना है।दिसंबर में सागर संभाग के जिले निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना, रीवा संभाग के मउगंज सीधी और सिंगरौली, जबलपुर संभाग के मंडला और डिंडोरी, इंदौर संभाग के झाबुआ, इंदौर और धार के उत्तरी हिस्से और पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में जबरदस्त ठंड पड़ेगी।निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडोरी, झाबुआ, धार, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और ग्वालियर चंबल में ठिठुरन बढ़ेगी। जानिए MP के 5 बड़े शहरों का एक्यूआई लेवल मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, ग्वालियर जिले की हवा सबसे खराब हो रही है, आज बुधवार को सिटी सेंटर का एक्यूआई लेवल 335, भोपाल का एक्यूआई 184, इंदौर 185, जबलपुर 192 और उज्जैन 214 दर्ज किया गया है, जो अनहेल्दी की कैटेगरी में आता है।इससे पहले मंगलवार को ग्वालियर का एक्यूआई लेवल 329 , राजधानी भोपाल का एक्यूआई 290 , इंदौर में 246, उज्जैन में 219 और जबलपुर में 154 दर्ज हुआ था। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     पचमढ़ी में आठ डिग्री सेल्सियस भोपाल में 14 ग्वालियर में 12.3 इंदौर में 16.5 उज्जैन में 15.1 जबलपुर में 13 मंडला में 10.4 और बालाघाट में 11.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।     भोपाल में 26.6 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में 27 इंदौर में 27.2 पचमढ़ी में 23.8 उज्जैन में 28 इंदौर में 27.2 और जबलपुर में 28.9 डिग्री सेल्सियस बालाघाट में 24.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ।     बैतूल में 27 डिग्री, धार में 27.6 डिग्री, गुना में 28.6 डिग्री, ग्वालियर में 27 डिग्री, रायसेन में 26 डिग्री, रतलाम में 28.2 डिग्री, शिवपुरी में 28.2 डिग्री, उज्जैन में 28 डिग्री, दमोह में 28.5 डिग्री, जबलपुर में 28.9 डिग्री रहा।     खजुराहो में 29.4 डिग्री, मंडला में 29 डिग्री, नरसिंहपुर में 28 डिग्री, नौगांव में 27.2 डिग्री, रीवा में 27.6 डिग्री, सागर-सतना में 28.2 डिग्री, सिवनी में 28 डिग्री, सीधी में 2518 डिग्री, उमरिया में 28.7 डिग्री और बालाघाट में 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मंडला में सबसे कम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, पचमढ़ी में प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री

भोपाल  मध्य प्रदेश के कई जिलों में अब तेज ठंडक दस्तक देने लगी है। राजधानी भोपाल में भी जहां दिन में धूप तेज हो रही है। वहीं शाम और सुबह ठंडा का एहसास हो रहा है। प्रदेश के उत्तरी इलाकों में तापमान में गिरावट आई है। प्रदेश के कई जिलों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक काम हो गया है। शुक्रवार को भोपाल में सीजन की सबसे सर्द रात रही। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है। मंडला में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। वहीं, एक मात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। उत्तरी हवाओं से बदला मौसम का मिजाज मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत में से आ रही शीत लहरों एवं जम्मू कश्मीर में हुई बर्फबारी का प्रभाव मध्य प्रदेश में भी देखने को मिला है। इस कारण यहां कई जिलों में ठंडक देखने को मिल रही है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में कोई विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिला है। सबसे सर्द भोपाल राजधानी भोपाल में गुरुवार की रात इस मौसम की सबसे ठंडी रात रही। यहां रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 12.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि दिन का तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री कम रहा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। प्रदेश के उत्तरी हिस्से के जिलों को देखें तो बालाघाट उमरिया और छतरपुर में तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, पचमढ़ी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में और न्यूनतम तापमान में गिरावट आ सकती है। मौसम विशेषज्ञ बता रहे हैं कि प्रदेश में अब दिन और रात के तापमान में भी गिरावट आएगी। आने वाले दिनों में लगातार तापमान में कमी देखने को मिल सकती है। मंडला बालाघाट पचमढ़ी सहित कई जिलों की न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आने की आसार नजर आ रहे हैं।

मध्य प्रदेश अगले महीने से कड़ाके की ठंड,कोहरा, शीतलहर का रहेगा कहर, पारा 11 डिग्री तक गिरने की संभावना

भोपाल नवंबर का महीना जैसे जैसे आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे मध्य प्रदेश में ठंड का असर तेज होता जा रहा है। सर्द दवाओं की रफ्तार बढ़ने से तापमान में भी गिरावट आने लगी है। 16  नवंबर के बाद सर्द दवाओं की रफ्तार तेज होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल नवंबर माह में बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन नवंबर अंत में ग्वालियर चंबल के इलाके में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है या फिर बादल छा सकते हैं। एमपी मौसम विभाग की मानें तो पाकिस्तान और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है और एक द्रोणिका भी है, जिसके प्रभाव से प्रदेश के तापमान में गिरावट हो रही है। प्रदेश के सभी संभाग के जिलों में दिन और रात के तापमान में कमी आई है, अधिकतम तापमान की अपेक्षा न्यूनतम तापमान में गिरावट अधिक हुई है।जल्द पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहे है, जिसके बाद प्रदेश के तापमान में और अधिक गिरावट होगी। दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री तक पारे में गिरावट होगी, लेकिन सामान्य से नीचे जाने की संभावना नहीं है। अगले महीने से कड़ाके की ठंड/कोहरा/ शीतलहर     एमपी मौसम विभाग की मानें तो दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ेगी, इन दो महीनों में 20 से 22 दिन कोहरे के साथ कोल्ड वेव की स्थिति रहने का अनुमान है।दिसंबर की शुरुआत में पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 11 से 12 डिग्री तक गिरने की संभावना है। 20 दिसंबर के बाद मध्य प्रदेश के हिस्सों में कड़ाके की ठंड की शुरुआत होने का अनुमान है।     दिसंबर में सागर संभाग के जिले निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना, रीवा संभाग के मउगंज सीधी और सिंगरौली, जबलपुर संभाग के मंडला और डिंडोरी, इंदौर संभाग के झाबुआ, इंदौर और धार के उत्तरी हिस्से और पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में जबरदस्त ठंड पड़ेगी।खास करके निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडोरी, झाबुआ, धार, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और ग्वालियर चंबल में ठिठुरन बढ़ेगी। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     पिछले 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और मंडला में 11 डिग्री सेल्सियस दर दर्ज किया गया।     अधिकांश शहरों में पारा 15 डिग्री से नीचे पहुंच सकता है।पचमढ़ी, शाजापुर और अमरकंटक में ही पारा सबसे कम है।     सर्वाधिक अधिकतम तापमान खजुराहो में 33.4 डिग्री सेल्सियस ।     सिवनी में रात का तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा, जो 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज ।     भोपाल में इस सीजन का सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज।     भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 30.2 डिग्री , इंदौर में 30.3 डिग्री, जबलपुर में 30.8 डिग्री और उज्जैन में व ग्वालियर में 31.5 डिग्री दर्ज हुआ।

राजस्थान के मौसम में तगड़ा बदलाव, 17 नवंबर के बाद पड़ेगी जबरदस्त ठंड!

जयपुर  राजस्थान में तापमान में गिरावट के साथ ही कोहरे का असर भी दिखने लगा है. बीते 14 नवंबर को बीकानेर, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में अति घना कोहरा दर्ज किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक आगामी दिनों में मौसम शुष्क  रहेगा. साथ ही बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में आगामी 3 दिन घना कोहरा छाने की संभावना है. ठंड की बात करें तो फिलहाल पश्चिम विक्षोभ नहीं आया है, जिससे तापमान में भारी गिरावट नहीं हुई है. राजस्थान (Rajasthan) ही नहीं, बल्कि पूरे देश में तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दिख रहा है. आगामी 17 नवंबर से ठंड बढ़ने की संभावना. न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री तक गिरावट की संभावना है. अजमेर में 32.8 तो गंगानगर में 25.2 डिग्री तापमान कई जिलों में अधिकमत तापमान 35 डिग्री से कम है, जबकि न्यूनतम तापमान में भी गिरावट हुई है. अजमेर में अधिकतम तापमान 32.8, भीलवाड़ा में 32.3, अलवर में 30.5 डिग्री, जयपुर में 32.4, सीकर में 30.5, कोटा में 32.7, चित्तौड़गढ़ में 33.8, धौलपुर में 33.8, सिरोही में 33.6, करौली में 31.6, जैसलमेर में 33.1, जोधपुर में 34.2, बीकानेर में 32, चूरू में 32.5, फलोदी में 31.8, गंगानगर में 25.2 और जालौर में 34 डिग्री अधिकतम तापमान है. अगले कुछ राजधानी जयपुर में कुछ ऐसा रहेगा मौसम अगले कुछ दिन राजधानी में भी पारा लुढ़कने की संभावना है. जयपुर में आगामी 19 नवंबर तक न्यूनतम पारा 3 डिग्री तक गिरकर 15 डिग्री तक पहुंच सकता सकता है. जबकि 15 और 16 नवंबर को पारा 16 डिग्री तक रहने की संभावना है.

इस वर्ष पड़ेगी कड़ाके की ठंड, IMD की भविष्याणी ने बढ़ा दी टेंशन, ला नीना के एक्टिव होने की संभावना

नई दिल्ली भारत में इस साल ठंड के तेवर कैसे रहेंगे इसको लेकर मौसम विभाग की चेतावनी आ गई है। आईएमडी के मुताबिक इस साल देश में कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। इसके मुताबिक इस दौरान हालात बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सर्दी काफी ज्यादा सता सकती है। गौरतलब है कि मौसम ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत के शहरों में सुबह धुंध की चादर में लिपटी नजर आ रही है। इसके अलावा दिन और रात के तापमान में ठीक-ठाक अंतर महसूस होने लगा है। क्यों कहा जा रहा कि पड़ेगी कड़ाके की ठंड इसकी वजह है अक्टूबर-नवंबर के दौरान ला नीना के एक्टिव होने की संभावना। IMD के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में ला नीना की स्थिति बनने की 71% संभावना है। हालांकि मौसम विभाग का यह भी कहना है कि ठंड कितनी पड़ेगी इसका सटीक पूर्वानुमान नवंबर में ही लग पाएगा। ला नीना के इसी महीने एक्टिव होने पर दिसंबर और जनवरी के महीने में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। ला नीना की वजह से आमतौर पर तापमान में गिरावट आती है। सर्दियों में भी इसकी वजह से अधिक बारिश होती है। ला नीना का प्रभाव कितना ला नीना के दौरान पूर्वी हवाएं समुद्र के पानी को पश्चिम की ओर धकेलती हैं। इस वजह से समुद्र की सतह ठंडी हो जाती है। आईएमडी के अनुमान के मुताबिक ला नीना अक्टूबर और नवंबर के बीच एक्टिव होने की संभावना 71 प्रतिशत है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में ला नीना की स्थिति बनने की 71% संभावना है। जब ला नीना होता है, तो उत्तर भारत, खासकर उत्तर-पश्चिमी भारत और आसपास के मध्य क्षेत्र में तापमान सामान्य से कम हो जाता है। क्यों पड़ेगी अधिक ठंड मौसम विभाग के मुताबिक भारत में अधिक ठंड का संबंध ला-नीना से है। ला-नीना मौसम की एक खास अवस्था है। अगर ला-नीना बनता है तो भारत के उत्तरी, उत्तर-पश्चिमी और दिल्ली-एनसीआर समेत मध्य क्षेत्र में आमतौर पर ठंड का प्रकोप देखने को मिलता है। हालांकि ला-नीना का पूरा प्रभाव आने वाले महीने में समझ में आएगा। क्या है ला-नीना स्पेनिश में ला-नीना का मतलब होता है छोटी लड़की, यह अल-नीनो का उलटा होता है। जब ला-नीना बनता है तो यह काफी ज्यादा ठंड ले आता है। यह प्रशांत महासागर की सतह पर ठंड को बढ़ाता है। इस दौरान बारिश खूब होती है और तापमान में कमी आती है। ला-नीना विभिन्न वैश्विक जलवायु परिवर्तनों से जुड़ा हुआ है। जैसे-अटलांटिक में अधिक तूफान, दक्षिण अमेरिका में सूखा, और दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में गीला मौसम। यह अप्रैल और जून के बीच शुरू होता है, अक्टूबर से फरवरी तक मजबूत होता है। यह 9 महीने से लेकर 2 साल तक कहीं भी रह सकता है। भारत पर कितना असर सितंबर में आईएमडी ने भविष्यवाणी की थी कि ला नीना के चलते भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है। यह उम्मीद की जाती है कि उत्तरी क्षेत्रों, विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू और कश्मीर को ठंड के तापमान का सामना करना पड़ेगा, जो संभावित रूप से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। तेज बरसात के साथ खतरनाक ठंड सर्दियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा सकती है। फिलहाल भारत में फॉग शुरू हो चुका है। उत्तरी भारत, जिसमें जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में सुबह धुंध भरी हो रही है। इसके अलावा आने वाले कुछ दिनों में देश के उत्तर और मध्य हिस्सों में मिनिमम टेम्प्रेचर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं, अगले दो दिन में पूर्वी भारत में तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट आ सकती है। वहीं, अगले कुछ दिन के अंदर तापमान में काफी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

मध्यप्रदेश में दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड का दौर आएगा, 2 दिन चल सकती है कोल्ड वेव

भोपाल मध्यप्रदेश में इस बार दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड का दौर आएगा। इन दो महीनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव की स्थिति रह सकती है। नवंबर के 10 दिन में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा है। यहां टेम्प्रेचर 10.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है मौसम विभाग का अनुमान है कि पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी से आने वाले दिनों में ठिठुरन बढ़ेगी, धुंध और कोहरे का असर भी दिखाई देगा। आज मंगलवार को मौसम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। अभी हवाएं पूर्वी और उत्तर-पूर्वी चल रही हैं, जिससे दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि नवंबर के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश के आसार है।इस दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसम खुला रहेगा लेकिन दिन गर्म और रातें ठंडी रहेंगी।अगले हफ्ते से तापमान के 15 डिग्री से नीचे पहुंचने का अनुमान है। एमपी मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान एमपी मौसम विभाग की मानें तो इस बार दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ेगी, इन दो महीनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव की स्थिति रहने का अनुमान है।दिसंबर की शुरुआत में पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 11 से 12 डिग्री की रेंज में गिरावट होने लगेगी। 20 दिसंबर के बाद से कड़ाके की ठंड पड़ने लगेगी।खास करके निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडोरी, झाबुआ, धार, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और ग्वालियर चंबल में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। दिसंबर-जनवरी में ही कड़ाके की ठंड क्यों? मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं। इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है। ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं इसलिए टेम्प्रेचर में गिरावट आती है। वहीं, सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 24 घंटे का मौसम का हाल     प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात का तापमान 10 से 20 डिग्री और दिन का पारा 30 से 35 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।     पचमढ़ी, शाजापुर-राजगढ़ में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा।     इंदौर जबलपुर में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 30.8 डिग्री दर्ज किया गया।     सागर, ग्वालियर, शहडोल संभाग के जिलों में तापमान सामान्य से अधिक रहे।     भोपाल में 31.7 डिग्री, उज्जैन में 32.2 डिग्री और ग्वालियर में सबसे ज्यादा 33.1 डिग्री दर्ज हुआ है। दिसंबर में टेम्प्रेचर में गिरावट, कोल्ड वेव चलेगी डॉ. सिंह ने बताया कि दिसंबर की शुरुआत से ला नीना की स्थिति बनना शुरू हो जाएगी। इससे ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में ठंड जोर पकड़ेगी। हालांकि, कड़ाके की ठंड का दौर 20 दिसंबर से शुरू होगा। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी रहेगी     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी।     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा।     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी।     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी। 20-22 दिन तक चल सकती है कोल्ड वेव मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।

नवंबर के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश का अनुमान, ठिठुरन बढ़ेगी

भोपाल मध्यप्रदेश में 15 नवंबर के बाद ठंड बढ़ने के आसार है। इससे दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री तो रात के तापमान में भी कमी आएगी। वही नवंबर के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाने के साथ हल्की बारिश के आसार है।इस दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसम खुला रहेगा लेकिन दिन गर्म और रातें ठंडी रहेंगी। एमपी मौसम विभाग की मानें तो आज सोमवार को मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, हालांकि तापमान में हल्का उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है।अगले 5-6 दिन मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा, इसके बाद ठंडी हवाओं का असर तेज होगा और तापमान गिरने से ठिठुरन बढ़ेगी। अगले हफ्ते से तापमान के 15 डिग्री से नीचे पहुंचने का अनुमान है। पूर्वी हवाएं आती जाती रहेंगी एमपी मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बंगाल की खाड़ी में चल रही पूर्वी हवाएं प्रदेश में आती रहेंगी। इससे उत्तरी हवाएं नहीं आएंगी और ठंड का असर ज्यादा नहीं बढ़ेगा। कुछ शहरों में रात का टेम्प्रेचर सामान्य से एक से डेढ़ डिग्री तक अधिक रह सकता है।उत्तर भारत में बर्फबारी होने के बाद पूरा प्रदेश ठिठुरने लगता है। हर साल नवंबर के दूसरे सप्ताह में उत्तर से ठंडी हवाएं आने लगती है, लेकिन वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में पूर्वी हवाओं का जोर है। पिछले 24 घंटे का मौसम का हाल     प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात का तापमान 10 से 20 डिग्री और दिन का पारा 30 से 35 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।     पचमढ़ी, शाजापुर-राजगढ़ में रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम रहा।     शनिवार-रविवार की रात पचमढ़ी में 12.4 डिग्री और शाजापुर में 13.9 डिग्री और राजगढ़ में तापमान 15 डिग्री सेल्सिय रिकॉर्ड किया गया।     जबलपुर और भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 30.5 डिग्री दर्ज ।     इंदौर में 31.4 डिग्री, उज्जैन में 32.5 डिग्री और ग्वालियर में सबसे ज्यादा 33 डिग्री दर्ज हुआ।     रविवार को अधिकतम तापमान खजुराहो में 33.4 डिग्री, गुना में 33.3 और रतलाम में 33.2 डिग्री दर्ज हुआ।     अमरकंटक 13.9, भोपाल 15.2, मंडला 15.2, सीहोर 15.5, मलाजखंड 15.7, टीकमगढ़ 15.9, रायसेन 16.0, नौगांव 16.5, रीवा 16.6 एवं धार का न्यूनतम तापमान 16.6 दर्ज किया गया।

छग मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह से तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और ठंड की रफ्तार बढ़ेगी

रायपुर  हवाओं का रूख बदलते ही नवंबर के दूसरे हफ्ते में छत्तीसगढ़ में धुंध के साथ हल्की ठंड का अहसास होने लगा है, लेकिन अच्छी ठंड के लिए अभी एक हफ्ते और इंतजार करना पड़ेगा। 15 नवंबर के बाद पहाड़ों पर बर्फबारी होगी और तापमान तेजी से गिरेगा, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी। छग मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह से तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और ठंड की रफ्तार बढ़ेगी। खास करके 10 से 20 नवंबर के बीच उत्तर-पूर्वी हवाओं से रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। इसके तहत चार डिग्री सेल्सियस तक न्यूनतम तापमान में गिरावट आने का अनुमान है ।आने वाले पांच दिनों तक मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होगा।हालांकि सरगुजा संभाग में ठंड और धुंध का असर दिखाई देने लगा है। 5 दिनों तक मौसम रहेगा शुष्क छग मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल 5 दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। आने वाले करीब दो दिनों तक उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में रात के तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है।आज शुक्रवार को राजधानी में मौसम साफ रहेगा। रायपुर में अधिकतम पारा 32 डिग्री सेल्सियस और रात का पारा 20 डिग्री रिकॉर्ड किया जा सकता है।

MP में 15 नवंबर से तेजी से बढ़ेगी ठंड, गिरेगा रातों का पारा, कई शहर 10 के नीचे

भोपाल मध्यप्रदेश में इस साल नवंबर की शुरुआत से ही ठंड ने अपनी दस्तक दे दी है। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है, जहां तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। यह जगह फिलहाल प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बन गया है। दिन और रात दोनों समय यहां का तापमान काफी ठंडा हो चुका है। पचमढ़ी में ठंड का स्तर इतना अधिक है कि पिछले सात रातों में से छह बार पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जबकि एक बार अमरकंटक ने भी सबसे ठंडे स्थान का दर्जा हासिल किया। बुधवार और गुरुवार की रात में पचमढ़ी का न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया था। इंदौर में न्यूनतम तापमान कल 18.1 डिग्री रहा। एक्यूआई सुबह से ही खराब इंदौर में आज सुबह से ही एक्यूआई खराब स्तर पर चल रहा है। 287 का एक्यूआई सुबह 10 बजे ही दर्ज किया गया। शाम तक यह 300 पार चला जाता है। इस बार लगातार एक्यूआई 300 के आसपास ही चल रहा है। यह बेहद खराब स्तर माना जाता है। 15 से और बदलेगा मौसम मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 15 नवंबर के बाद से प्रदेश में ठंड का असर और अधिक बढ़ सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक शिल्पा आप्टे ने बताया कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में हवा का रुख बदलने की संभावना है। उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाओं का असर प्रदेश में साफ दिखाई देगा। इससे विशेष रूप से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में ठंड में वृद्धि होने की उम्मीद है। 10 डिग्री के नीचे जाएगा तापमान प्रदेश के अन्य कई शहरों में भी रात का तापमान तेजी से गिरने का अनुमान है। मंडला, उमरिया, राजगढ़ और गुना जैसे शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। राजधानी भोपाल के साथ शाजापुर, छिंदवाड़ा, शहडोल, बैतूल, टीकमगढ़, मलाजखंड, रायसेन, उज्जैन, नौगांव, खरगोन और रतलाम जैसे शहरों में भी तापमान गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया है। वहीं, गुरुवार को दिन के समय भी पचमढ़ी समेत कई शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। बर्फबारी से बढ़ेगी ठिठुरन उत्तर भारत में बर्फबारी शुरू होते ही मध्यप्रदेश में ठिठुरन बढ़ने लगती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भी नवंबर के दूसरे सप्ताह में उत्तर से ठंडी हवाएं आने की संभावना है, जिससे ठंड का प्रभाव और गहराएगा। पिछले दस वर्षों में इसी समय पर ठंड बढ़ने का यही ट्रेंड देखा गया है। मौसम में बदलाव जारी रहेगा दक्षिण-पश्चिम मानसून के समाप्त होने के बाद मौसम में बदलाव आ जाता है। आसमान में बादल छाए रहते हैं, लेकिन उमस का असर लगभग खत्म हो जाता है। अक्टूबर के बाद से ही रात के तापमान में गिरावट शुरू हो जाती है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के चलते ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे संभागों में हल्की बारिश भी होती है, जिससे ठंड और बढ़ जाती है। इस दौरान दिन का तापमान 30 डिग्री और रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहने की संभावना बनी रहती है। इस तरह, मध्यप्रदेश में इस बार नवंबर के मध्य से लेकर महीने के आखिर तक ठंड का प्रभाव ज्यादा बढ़ने का अनुमान है। अगर यह मौसम का बदलाव इसी तरह जारी रहा, तो नवंबर के अंत में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो सकता है।

प्रदेश में 15 नवंबर से बढ़ जाएगी ठंड, कई शहरों का तापमान लुढ़का

भोपाल मध्य प्रदेश में अब धीरे धीरे ठंड की दस्तक होने लगी है। हवाओं का रुख बार बार बदलने से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।  उत्तरी हवाओं के चलने से 15 नवंबर से राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर में तेज ठंड पड़ने की उम्मीद है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में शहरों का अधिकतम तापमान 29-30 डिसे तो न्यूनतम तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच हो सकता है। नवंबर के तीसरे हफ्ते में ग्वालियर-चंबल के कुछ जिलों में तापमान 6 डिग्री तक गिर सकता है। अगले 3-4 दिनों तक राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर में  अधिकतम तापमान 31-32 व न्यूनतम तापमान 18-19 डिसे के बीच आ सकता है।आमतौर पर नवंबर में दिन का तापमान 30 डिसे तो रात का तापमान 15 डिसे से कम हो जाता है। अगले हफ्ते से बढ़ेगी ठिठुरन आज  प्रदेश में ठंडी हवाएं चलेंगी जिससे ग्वालियर, भोपाल, इंदौर , जबलपुर सहित कई शहरों में ठंड बढ़ेगी, ।आने वाले दिनों में उत्तरी हवाओं की वजह से पचमढ़ी, मलाजखंड, अमर कंटक, सहित कई जिलों के मौसम में परिवर्तन होगा और रात के तापमान में गिरावट आते ही ठिठुरन बढ़ेगी। अबतक नवंबर महीने में ट्रेंड रहा है कि दूसरे सप्ताह से ही सर्दी जोर पकड़ती है और तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है।इस दौरान कुछ जिलों में मावठे की हल्की वर्षा भी होती है, जिसके बाद सर्दी का असर तेज होता है। 15 नवंबर से बढ़ जाएगी ठंड मौसम विभाग की मानें तो 15 नवंबर से ठंड का असर और तेज देखने को मिल सकता है। पिछले 10 वर्षों से तापमान ने ऐसा ही माहौल बना रखा है। बताया गया है कि दिन में गर्मी का असर दूसरे सप्ताह तक बना रहेगा। इसके बाद पारा तेजी से नीचे आने की संभावना है। बताया जा रहा है कि उत्तरी हवाओं की वजह से मौसम में तेजी से गिरावट आ रही है। इन शहरो में तेजी से नीचे आ रहा पारा बदलते मौसम के बीच कई जिलो में ठंड का असर तेज देखने को मिल रहा है। यहां तेजी से पारा नीचे आया है, जिनमें मंडला में 15.6 डिग्री टेम्प्रेचर मापा गया, तो वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत प्रदेश के करीब 20 से 25 शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा है। वहीं पचमढ़ी में टेम्प्रेचर 13.4 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 16.4 डिग्री, मंडला में 15.6 डिग्री, रीवा में 16.6 डिग्री के अलावा बैतूल-मलाजखंड में तापमान 16.8 डिग्री रहा।

MP में बढ़ी ठंड, कई जिलों में 18 डिग्री तक लुढ़का पारा, जानें आपके जिले का हाल

भोपाल मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में मौसम तेजी से बदल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में गुलाबी ठंड (Pink Winter) ने दस्तक दे दी है। राजधानी भोपाल (Bhopal) में दिनभर तेज धूप के बावजूद रात का तापमान गिरता जा रहा है, जिससे लोगों को ठंड का अनुभव होने लगा है। पचमढ़ी (Pachmarhi) में तो रात का तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। तापमान में भारी अंतर मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के कई जिलों में दिन और रात के तापमान में भारी अंतर देखा जा रहा है। भोपाल, इंदौर (Indore), ग्वालियर (Gwalior) सहित अन्य जिलों में दिन में तेज धूप रहती है, जबकि रात के तापमान में तेज गिरावट हो रही है। यह अंतर खासतौर पर पर्वतीय और जंगल से घिरे इलाकों में ज्यादा महसूस किया जा रहा है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई है। ट्रफ (Trough) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) सिस्टम के प्रभाव से भोपाल, नर्मदापुरम (Narmadapuram), बैतूल (Betul), हरदा (Harda), बुरहानपुर (Burhanpur) और खरगोन (Khargone) में हल्की बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में और अंतर देखने को मिल सकता है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। पचमढ़ी का न्यूनतम तापमान शनिवार को पचमढ़ी में रात का न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह इस सीजन में अब तक का सबसे कम तापमान है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी तापमान में गिरावट देखी जा रही है, जिससे ठंड की शुरुआत हो चुकी है। खजुराहो में दिन का तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस जहां एक ओर ठंड का असर दिख रहा है, वहीं खजुराहो (Khajuraho) में सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा गुना (Guna) में 36.2 डिग्री, रीवा (Rewa) और सतना (Satna) में 35.6 डिग्री, तथा ग्वालियर में 35.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने नीमच (Neemuch), धार (Dhar), बड़वानी (Barwani), खरगोन, खंडवा (Khandwa) और बुरहानपुर में सोमवार-मंगलवार की रात को बिजली के साथ हल्की आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के प्रभाव से मौसम का बदलाव देखने को मिलेगा।

Diwali से पहले ठंड की दस्तक, Uttar Pradesh में सर्दियों की तैयारी शुरू

लखनऊ/ नईदिल्ली  उत्तर प्रदेश में धीरे-धीरे मौसम करवट बदल रहा है। दिवाली से पहले प्रदेश में करीब-करीब मौसम पूरी तरह से बदलने के आसार जताए गए हैं। हालांकि दिन की तुलना में रात के समय मौसम पूरी तरह से बदल चुका है। रात के समय तापमान में धीरे-धीरे कमी आने के चलते हल्की-हल्की ठंड पड़ने लगी है। आलम ये है कि अभी तक जो लोग एसी चलाकर काम चला रहे थे। वो अब पंखा चलाकर ही काम चला ले रहे हैं। दिन में धूप में निकलने से गर्मी हो रही है। प्रदेश में अभी कुछ दिन तक मौसम जस का तस बना रह सकता है। प्रदेश में अगले 24 घंटे के दौरान कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। क्योंकि मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 16 अक्टूबर को पश्चिमी व पूर्वी यूपी में मौसम शुष्क रह सकता है। जिसके कारण प्रदेश में कहीं भी बारिश होने की चेतावनी नहीं है। इसी तरह करीब एक हफ्ते तक प्रदेश में कहीं भी किसी तरह की चेतावनी नहीं जारी हुई है। प्रदेश के दोनों हिस्सों में मौसम साफ रहने वाला है। हालांकि तापमान में जरूर उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का भी मानना है कि जैसे जैसे दिन गुजरेंगे, वैसे वैसे तापमान में कमी देखने को मिल सकती है। आने वाले दिनों में रात के समय धीरे धीरे ठंड बढ़ सकती है। कई जिलों में तापमान 20 से नीचे प्रदेश में तापमान की बात करें तो कई जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, नजीबाबाद, शाहजहांपुर और बरेली समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे आ गया है। नजीबाबाद में सबसे कम 18 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया गया है, जबकि मुजफ्फरनगर में 18.6 डिग्री, बरेली में 18.9 डिग्री, मेरठ में 19 डिग्री, शाहजहांपुर में 19.6 डिग्री और अलीगढ़ में 19.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। उधर हमीरपुर और बस्ती में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के नीचे लुढ़क गया है। बस्ती में 29 डिग्री और हमीरपुर में 29.2 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। कुछ जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से नीचे है। लखनऊ में बुधवार को दिन में धूप निकलने के बाद गर्मी और उमस का असर दिखने की उम्मीद है।

मानसून के विदा होते ही प्रदेश में ठंड का आगमन भी शुरू हो जाएगा.

भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून लगभग विदा हो चुका है. प्रदेश के 35 जिलों से बारिश पहले ही विदा हो चुकी थी. आखिरकार मौसम विभाग को प्रदेश के अन्य जिलों में बारिश की संभावना नजर आ रही है. मौसम विभाग के मुताबिक 15 अक्टूबर के बाद प्रदेश से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा. हालांकि आपको बता दें कि हल्की नमी अभी भी आपके आसपास बनी रहेगी. वहीं 12 अक्टूबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल संभाग, सागर और आसपास के कुछ जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं. इसके बाद प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा. मानसून के विदा होते ही प्रदेश में ठंड का आगमन भी शुरू हो जाएगा. ग्वालियर-चंबल संभाग में सबसे पहले दस्तक देगी ठंड मौसम विभाग के आंकड़ों की मानें तो प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद अगले 5-6 दिनों में हल्की ठंड शुरू हो जाएगी. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि 20 से 21 अक्टूबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की ठंड शुरू हो सकती है. जिससे आप शुरुआती ठंड का मजा ले सकेंगे. बता दें कि सबसे पहले उत्तर भारत के राज्यों में ठंड शुरू होगी उसके बाद इन राज्यों से होते हुए मध्य भारत और फिर दक्षिण भारत में ठंड प्रवेश करेगी. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि दिवाली के त्योहार से पहले ही प्रदेश में ठंड दस्तक दे सकती है. वहीं उत्तर भारत के कुछ राज्यों में हल्की ठंड शुरू हो चुकी है.     इस दिन से शुरू होगी गुलाबी ठंड मौसम विभाग के मुताबिक एमपी में बारिश अपने आखिरी दौर में है. पश्चिमी मप्र में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है. यहां अब बारिश की संभावना नहीं है. जबकि पूर्वी मप्र में हल्की गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. प्रदेश में बारिश बंद होते ही कड़ाके की ठंड शुरू हो जाएगी. मौसम विभाग के मुताबिक 20 अक्टूबर से रात के तापमान में गिरावट शुरू होगी और रात का तापमान 20 डिग्री से नीचे आ सकता है, जबकि दिन का तापमान 33-34 डिग्री के बीच बना रहेगा. दिवाली तक भोपाल समेत पूरे प्रदेश में हल्की ठंड रह सकती है.

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