LATEST NEWS

अलीराजपुर में मां ने बच्चों साथ पीया कीटनाशक, तीन बच्चों की हुई मौत, महिला का इलाज जारी

अलीराजपुर  मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के एक आदिवासी इलाके में शुक्रवार रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मां ने कथित तौर पर अपनी तीन मासूम बेटियों को कीटनाशक (जहर) पिलाने के बाद खुद भी जान देने की कोशिश की। इस घटना में सात, पांच और तीन साल की तीनों बहनों की मौत हो गई, जबकि महिला की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अंबुआ थाना प्रभारी मोहन डावर के अनुसार, यह घटना अडवाड़ा गांव के माफीदार फलिया में हुई। आरोपी महिला ने अपनी बेटियों सावित्री, कार्तिका और दिव्या को जबरन कीटनाशक पिलाया और फिर खुद भी उसे पी लिया। परिजनों को जैसे ही इसकी भनक लगी, वे चारों को तुरंत जिला अस्पताल ले गए, जहां एक बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। अन्य दो बच्चियों की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें गुजरात के दाहोद रेफर किया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना के समय महिला का पति मजदूरी के सिलसिले में पिछले एक महीने से गुजरात में था। शुरुआती जांच में पुलिस इसे घरेलू विवाद का मामला मान रही है, हालांकि सभी पहलुओं से तफ्तीश की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मृत बच्चों के पिता और अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस खौफनाक कदम के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके।

मायके जाने का बहाना, महिला तीन मासूमों के साथ रहस्यमयी ढंग से लापता

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ रहस्यमयी तरीके से लापता  हो गई है. महिला कबीरधाम जिले के पांडा तराई क्षेत्र से करीब सात दिन पहले अपने मायके बिलासपुर के अशोकनगर जाने के लिए निकली थी. परिजनों के अनुसार, वह घर से यह कहकर निकली थी कि बच्चों के साथ अस्पताल में इलाज कराने के लिए बिलासपुर जा रही है, लेकिन वहां पहुंचने ही नहीं। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं, महिला और बच्चों की तलाश की जा रही है. पांडातराई थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 निवासी बिसेन कार्निक पिता राजेन्द्र कार्निक (34 वर्ष) ने पत्नी पुष्पनंदनी कार्निक (26 वर्ष) के तीन बच्चों सहित लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है. बिसेन कार्तिक ने पुलिस को सिविल लाइन पुलिस को बताया कि, 2 फरवरी को दोपहर लगभग 12 बजे उसकी पत्नी तबीयत खराब होने की बात कहकर इलाज कराने मायके बिलासपुर जाने के लिए तीन बच्चों के साथ शारदा बस से रवाना हुई थी. शाम करीब 6 बजे संपर्क करने पर पत्नी के दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले. इसके बाद ससुराल पक्ष से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि, पुष्पनन्दनी वहां भी नहीं पहुंची है. परिजनों द्वारा देर रात तक रिश्तेदारों, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन बस चालक से पूछताछ करने पर उसने महाराणा प्रताप चौक में महिला और बच्चों को उतारने की जानकारी दी. लापता पति का पुलिस पर आरोप लापता महिला के पति की शिकायत पर पुलिस थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. वहीं पति का आरोप है कि पुलिस  उसकी पत्नी और बच्चों को ढूंढने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही. उसने पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई.

जबलपुर में युवती की संदिग्ध हालातों में मौत, आरोप-दहेज के कारण दूसरी मंजिल से नीचे फेंका, तीन साल पहले हुई थी शादी

  जबलपुर जबलपुर में 25 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे सेकेंड फ्लोर से नीचे फेंका गया है, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। मृतिका का नाम अनमोल आहूजा है, जो कि रायपुर भाटापारा की रहने वाली है, तीन साल पहले जबलपुर निवासी विपुल आहूजा से उसका विवाह हुआ था, दोनों की डेढ़ साल की बच्ची है। मृतिका के परिवार वालों का आरोप है कि दहेज के कारण ससुराल वालों ने उसकी जान ले ली। इधर घटना की जानकारी मिलते ही निजी अस्पताल पहुंची गढ़ा थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।  दिया दहेज-फिर भी मारपीट मृतिका अनमोल खत्री (शादी के बाद आहूजा) के पिता मुरली खत्री ने बताया कि तीन साल पहले बेटी का विवाह विपुल के साथ हुआ था। धूमधाम से शादी की और हैसियत से बढ़कर दहेज दिया। शादी के कुछ माह तो ठीक से बीते, पर उसके बाद से मारपीट करना शुरू कर दिया गया। दो बार अनमोल का हाथ तोड़ दिया गया, इसके बाद भी वह चुप रही। गुरूवार रात करीब 12 बजे अनमोल ने रायपुर में पिता को फोन करते हुए बताया कि उसके साथ मारपीट कर रहा है, तुरंत जबलपुर आ जाओ। पिता ने सुबह तक जबलपुर आने की बात बेटी से कही। रात डेढ़ बजे चाचा ससुर फोन करते है कि अनमोल छत से गिर गई है, अस्पताल में भर्ती है। मृतिका के पिता का कहना है कि उसके पूरे शरीर में गंभीर चोट है, वह आत्महत्या नहीं कर सकती, क्योंकि उसकी डेढ़ साल की बच्ची है। उसे दूसरी मंजिल से नीचे फेंका और फिर गंभीर हालत में अस्पताल में छोड़कर भाग गए। अनमोल अस्पताल में अकेली-ससुराल वाले गायब रायपुर छत्तीसगढ़ से जबलपुर आए परिजनों ने बताया कि आज जैसे ही यहां आए तो पता चला कि अनमोल एक निजी अस्पताल में भर्ती है। मौके पर जाकर देखा तो वह अकेले ही आईसीयू में थी। डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतिका के पिता का कहना था कि जब यहां पर आए तो ससुराल पक्ष से कोई नहीं था, उनकी डेढ़ साल की नातिन भी कहां है, कुछ पता नहीं है। मुरली खत्री का कहना है कि शादी के बाद से शराब पीकर विपुल ने अनमोल के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। तीन बार दोनों के बीच समझौता हुआ। राजपुर आकर विपुल ने यह भी कबूल किया कि वह अब दोबारा कभी भी शराब नहीं पिएगा, और ना ही अनमोल के साथ मारपीट करेगा। 22 साल पाला-पोसा,आज लाश लेकर जा रहे है मृतिका के भाई सुनील का कहना है कि 22 साल तक नाजो से पाला, धूमधाम से दुल्हन बनाकर उसे जबलपुर भेजा था, पर आज उसकी लाश लेकर हम वापस रायपुर जा रहे है। अनमोल को अस्पताल में छोड़कर ससुराल वाले भाग गए, उनका कुछ पता नहीं है। परिजनों का आरोप है कि अनमोल की संदिग्ध मौत हुई है, जिसकी जानकारी जबलपुर पुलिस को भी दी गई, पर कोई भी पुलिसकर्मी अस्पताल आकर बयान दर्ज नहीं किया है। मृतिका के भाई ने बताया कि हम अनमोल को साथ ले जाने के लिए तैयार थे, पर उसका कहना था कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, पता नहीं था कि उसकी हत्या कर दी जाएगी। सीएसपी करेंगे जांच 25 वर्षीय नवविवाहिता अनमोल आहूजा की मौत को लेकर गढ़ा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि मृतिका नवविवाहिता है, इसलिए इसकी जांच सीएसपी गढ़ा को सौंपी गई है। परिजनों का आरोप है कि उसे दूसरी मंजिल से नीचे फेंका गया है, इसकी भी जांच करवाई जा रही है। पीएम रिपोर्ट से खुलासा होगा कि कैसे अनमोल की मौत हुई है।

आज MP सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय

विशेष लेख भोपाल एक समय था जब महिलाएं सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार को लेकर असमंजस में थीं, लेकिन आज मध्यप्रदेश में हालात बदल रहे हैं। राज्य सरकार महिलाओं को केवल सहयोग नहीं, बल्कि सम्मान और स्वावलंबन की नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है। आज मध्यप्रदेश सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, वह एक ऐसी सोच का निर्माण कर रहा है जहां महिला होना कमजोरी नहीं, शक्ति का पर्याय है। यह बदलाव धीरे-धीरे हर घर, हर गांव और हर शहर में देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश की महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिये निरंतर प्रयासरत होकर सक्रियता पूर्वक कार्य कर रहे है। उनका कहना है कि हम नारी सशक्तिकरण को केवल योजना के रूप में नहीं जन आंदोलन के रूप में देख रहे है। नारी शक्ति मिशन हमारे इस दृष्टिकोण का विस्तार है जिसमें हर जिले से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। कामकाजी महिलाओं को मिलेगा अब “अपना सुरक्षित आवास” प्रदेश में इंदौर और भोपाल में 250 बेड क्षमता के 3 वर्किंग वुमन हॉस्टल संचालित है। इसके अतिरिक्त “स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंट टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट”  योजना में वर्ष 2024-25 में 5412 बिस्तरीय 8 नये हॉस्टलों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 4 महिला एवं बाल विकास विभाग और 4 उद्योग विभाग द्वारा संचालित किये जायेगे। इसमें सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम और झाबुआ में 100-100 बिस्तरों के 4 हॉस्टलों के लिए 40.59 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अब घर से दूर काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिलेगा। जब ज़िंदगी मुश्किल हो, तब साथ देता है वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा, शोषण या किसी भी संकट में फंसी महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर पहले से ही संचालित हैं। जिनके माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 763 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई। अब 8 और नए सेंटर मंजूर किए गए हैं- पेटलावद, पीथमपुर, मनावर, लसूडिया, साबेंर, मैहर, पांढूर्णा और मऊगंज में वन स्टॉप सेंटर की मंजूरी दी गई है। अब तक कुल एक लाख 27 हजार 94 संकटग्रस्त महिलाओं को इन केन्द्रों से लाभ मिल चुका है।  एक कॉल, और मदद हाजिर महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को अब 112 आपात सेवा से जोड़ा गया है। यानी अब कोई भी महिला मुसीबत में हो तो सिर्फ एक कॉल से पुलिस, काउंसलिंग, आश्रय और कानूनी मदद सब एक साथ मिल सकती है। वर्ष 2024-25 में लगभग 82 हजार 552 महिलाओं को त्वरित सहायता मिली है। योजना के प्रारंभ से अब तक एक लाख 57 हजार महिलाओं को लाभ मिल चुका है। बहनों के हक की कमाई: सीधे उनके हाथ में लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1551.86 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता उनके खातों में पहुंच रही है। न केवल पैसा, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी दी जा रही है ताकि बहनें सिर्फ उपभोक्ता नहीं, डिजिटल युग की सहभागी बनें। छोटे कदम, बड़ी उड़ान – लाड़ली लक्ष्मी योजना मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 2 लाख 73 हजार 605 बालिकाओं का पंजीकरण हुआ और लगभग 223 करोड़ रूपये से अधिक की छात्रवृत्ति यूनि-पे के जरिए वितरित की गई। अब तक कुल 50 लाख 41 हजार 810 बेटियां इस योजना का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में विगत वर्षों की तरह ही इस वर्ष भी मध्यप्रदेश द्वारा शत प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदाय की गई। वर्ष 2024-25 में लगभग 6 लाख 30 हजार 929 हितग्राही महिला पंजीकृत किये गये। आत्म-निर्भरता की राह पर महिला उद्यमिता मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना ने हजारों महिला समूहों को कम ब्याज पर ऋण दिलाकर उनके छोटे-छोटे व्यवसायों को सहारा दिया है। अब महिलाएं न सिर्फ घर चला रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं। अब तक 30 हजार 264 महिला समूहों और 12 हजार 685 महिला उद्यमियों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान के रूप में 648.67 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है। कठिन वक्त में “शक्ति-सदन” बन रहा सहारा ऐसी महिलाएं और बच्चियां जो बेहद कठिन हालात में हैं, उनके लिए 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित किये जा रहे हैं, जहां उन्हें सुरक्षित अस्थायी आश्रय मिलता है। वर्ष 2024-25 में एक हजार 824 महिलाएं और 461 बच्चे लाभान्वित हुए है। आगामी समय में सभी 10 संभागीय मुख्यालयों में शक्ति सदन स्थापित किये जायेगें। सशक्त वाहिनी से बदलाव- 156 को मिली नौकरी ‘सशक्त वाहिनी’ के तहत हजारों बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आत्म रक्षा प्रशिक्षण मिला है। इसके तहत 11 हजार से अधिक बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये शैक्षणिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 156 युवतियों का विभिन्न सरकारी पदों पर चयन हुआ। साथ ही 2.6 लाख से अधिक महिलाओं ने सुरक्षा और अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान में भाग लिया। एक राज्य, एक संकल्प – नारी शक्ति को देना सम्मान राज्य सरकार द्वारा नारी शक्ति मिशन के तहत जिला, परियोजना और ग्राम स्तर पर 100 दिवसीय जागरूकता “हम होंगे कामयाब अभियान” चलाया गया। इसमें प्रदेश में जेंडर संवादों, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, सायबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों की महिलाओं को न केवल जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना भी सिखाया गया। निश्चित ही सरकार के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में महिलाएँ स्वाबंलबी हो रही है और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर रही है।   बिन्दु सुनील  

ब्यावरा शहर में एक चौंकाने वाला सामने आया, 70 वर्षीय महिला करीब 35 साल पहले गायब हो गई थी, जो अचानक मिली

राजगढ़ मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में एक चौंकाने वाला सामने आया है। एक 70 वर्षीय महिला करीब 35 साल पहले गायब हो गई थी। मृत समझकर परिवार के लोगों ने यूपी के प्रयागराज में पिंडदान भी कर दिया था। अब वह महिला अचानक जिंदा मिली है। जब वह अपने घर लौटी तो परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दरअसल, राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के जगात चौक पर रहने वाले गोपाल सेन की पत्नी गीता सेन करीब 35 साल पहले अपने मायका शाजापुर जिले के कालापीपल तहसील के खोखरा गांव गई हुई थी। वह अचानक से गायब हो गई थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने गीता बाई की खूब तलाश की, लेकिन गीताबाई का कोई सुराग नहीं मिला। करीब 5 साल पहले परिवार के लोगों ने मरा समझकर प्रयागराज जाकर गीता बाई का पिंडदान कर दिया। हर साल श्राद्ध पक्ष में नवमी के दिन श्राद्ध करने लग गए थे। लेकिन अचानक महाराष्ट्र के नागपुर के मेंटल हॉस्पिटल से एक फोन जिसके बाद परिवार को लोगों को पैरों तले जमीन खिसक गई। फोन पर गीता बाई के जिंदा होने की खबर मिली। नागपुर मेंटल हॉस्पिटल की समाजसेवा अधीक्षक कुंडा बिडकर और कालापीपल सहित ब्यावरा पुलिस के सहयोग से परिवार नागपुर पहुंचा और गीताबाई को सुरक्षित घर लेकर आए। 19 महीने तक एड्रेस किया सर्च नागपुर के क्षेत्रीय मेंटल हॉस्पिटल की समाजसेवा अधीक्षक कुंडा बिडकर ने बताया कि महिला को कोर्ट के आदेश पर बीमारी के हालत में भर्ती किया गया था। महिला को परिवार और एड्रेस के बारे में कुछ जानकारी नहीं थी। इस दौरान बायोमेट्रिक से भी एड्रेस पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन उसमें भी सफलता नहीं मिली। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई गांव और पुलिस स्टेशनों और सरपंचों सहित किराना दुकानदारों से संपर्क ट्रेस किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 19 महीने के बाद ब्यावरा के बारे में जानकारी मिली तो राजगढ़ एसपी कार्यालय में संपर्क किया। इसके बाद पुलिस के सहयोग से परिवार के बारे में जानकारी ली गई। घर लौटने पर परिवार के लोगों ने किया भव्य स्वागत गीताबाई के 35 साल बाद पहली बार घर लौटने पर पति, बेटे, बेटी और पोते- पोतियों ने फूल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान पति-पत्नी ने एक दूसरे को माला भी पहनाई।

छिंदवाड़ा :8 महीने से घूम रही है ‘मृत’ महिला ! जानिए कागजों में खुद को जिंदा दिखाने की अजीब कहानी

छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा नगर निगम के कारनामे समय-समय पर सामने आते रहते हैं. अब एक महिला को नगर निगम के कर्मचारियों ने कागजों में मृत दिखा दिया. महिला को सराकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो गया. महिला खुद के जिंदा होने का सबूत लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटती रही. आखिरकार जिला प्रशासन और नगर निगम ने मान लिया कि महिला जिंदा है. अब उसे सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना शुरू होगा. 8 माह तक किसी ने नहीं की सुनवाई दरअसल, 8 माह पहले समग्र आईडी में मृत बताए जाने के बाद सिवनी रोड के पटाखा गोदाम के पास रहने वाली संध्या मंडराह को शासन की योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो गया था. संध्या मंडराह पिछले 8 माह से सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट कर कागजों में जिंदा करने की गुहार लगा रही थी. इसके बावजूद उसके आवेदन पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी. अब जिला प्रशासन के निर्देश पर 8 महीने से भटक रही संध्या को न्याय मिल गया है. बता दें कि मामले के अनुसार संध्या मंडराह को अगस्त 2024 में मृत बता दिया गया था. छिंदवाड़ा नगर निगम ने स्वीकारी गलती महिला को पति के निधन पर संध्या को संबल योजना का लाभ नहीं मिल पाया. लाड़ली बहना योजना और सरकारी राशन भी संध्या को मिलना बंद हो गया. 8 महीने से यह महिला सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट कर खुद के जिंदा होने का सबूत दे रही थी. छिंदवाड़ा नगर निगम के कमिश्नर चंद्र प्रकाश राय ने बताया “संध्या मंडराह के समग्र आईडी में गलती से नाम मृतकों की सूची में डाल दिया गया था. जैसे ही यह मामला प्रकाश में आया तो नगर निगम ने गलती सुधार कराते हुए समग्र आईडी में नाम जुड़वा दिया है. जल्द ही महिला को सभी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा.” क्या है समग्र आईडी, कैसे मिलता है लाभ समग्र आईडी एक यूनिक पहचान संख्या है, जिसे मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के निवासियों को जारी किया जाता है. इसका उपयोग विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लाभार्थियों की पहचान और प्रबंधन के लिए किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और सेवाओं के लाभार्थियों की पहचान करना और उन्हें एकीकृत प्रणाली में शामिल करना है. इस आईडी के माध्यम से राज्य सरकार यह सुनिश्चित करती है कि योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे.

ईरान में महिला ने नग्न होकर पुलिस के सामने हंगामा किया, हिजाब बैन के विरोध में

तेहरान इस्लामिक देश ईरान ने वैसे तो पिछले साल दिसंबर में ही सख्त हिजाब कानून को लागू करने पर रोक लगी दी है लेकिन अभी भी वहां हिजाब बैन के खिलाफ महिलाएं हल्ला बोल रही हैं। इसी तरह के एक वाकए में ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में एक महिला ने सार्वजनिक तौर पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए पहले अपने सभी कपड़े उतार दिए फिर नग्न होकर पुलिस वाहन के बोनट पर खड़ी होकर हंगामा करने लगीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महिला सशस्त्र बलों के अधिकारियों पर चिल्लाती हुई दिखाई दे रही है। ईरानी पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने महिला की इस करतूत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में दिख रहा है कि हंगामा करने वाली महिला पुलिस की गाड़ी पर चढ़कर विंडशील्ड की ओर बढ़ते हुए और अपने दोनों पैरों को फैलाकर बैठ रही है। महिला की हालत देखकर वहां मौजूद एक सशस्त्र पुरुष अधिकारी मामले में दखल देने में हिचकिचाता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो के अंत में महिला ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए और विरोध में चिल्लाने लगीं। महिला इस्लामी गणराज्य में महिलाओं के लिए सख्त प्रावधानों का विरोध कर रही थी। वह शरीर को पूरी तरह से ढकने से इनकार भी करती दिखी। हालांकि, हंगामा बढ़ने पर उस महिला के पति ने कहा कि फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत ठीक नहीं है। बता दें कि दिसंबर में, ईरानी सांसद ने विवादास्पद ‘पवित्रता और हिजाब’ कानून पारित किया था, जिसमें उन महिलाओं और लड़कियों पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया था जो अपने बाल, हाथ या पैर का प्रदर्शन करती हैं। हालांकि, महिलाओं के व्यापक विरोध के बाद ईरानी सरकार झुक गई थी और इस कानून को लागू करने पर रोक लगा दी थी। तब ईरानी सरकार ने कहा था कि इसमें सुधार की जरूरत है। एमनेस्टी इंटरनेशनल समेत कई वैश्विक संगठनों ने ईरान के इस कानून की निंदा की थी और इसे दमनकारी और दमघोंटू व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश कहा था। प्रस्तावित कानून में भारी जुर्माना और बार-बार अपराध करने वालों के लिए 15 साल तक की कैद का भी प्रावधान किया गया था।

आत्महत्या की आशंका, राजस्थान-अलवर में विवाहिता ने खांसी की दवा समझकर पीया जहरीला पदार्थ

अलवर। जिले के थानागाजी थाना क्षेत्र के बलवास गांव में एक 21 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला ने खांसी की दवा समझकर जहरीला पदार्थ पी लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान अलवर जिला अस्पताल में देर रात करीब 2 बजे उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मृतका नारंगी मीणा (21) मेजोड़ गांव की रहने वाली थी और बलवास में उसकी शादी हुए दो साल हो चुके थे। घटना 31 दिसंबर की रात की है, जब मृतका का पति शादी समारोह में गया हुआ था। वापस लौटने पर उसने अपनी पत्नी को खांसी की दवाई लेने की सलाह दी, जिसके बाद नारंगी ने खांसी की दवा समझकर जहरीला पदार्थ पी लिया। रात में तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले थानागाजी अस्पताल ले जाया गया और फिर गंभीर स्थिति को देखते हुए अलवर जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने सुबह मृतका का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह घटना गलती से हुई या महिला ने जान-बूझकर जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या की। पुलिस का कहना है कि मृतका ने दवा लेने से पहले किसी को नहीं दिखाया था कि वह क्या ले रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद उसके पति और परिवार को इस बारे में जानकारी हुई। पुलिस अब मृतका के पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों की भी जांच कर रही है ताकि आत्महत्या की संभावना को लेकर सच्चाई का पता लगाया जा सके।

भोपाल में16 साल तक बंधक बनाकर रखी गई महिला की मौत, पिता की शिकायत के बाद किया था रेस्क्यू

भोपाल शहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में स्थित बरखेड़ी इलाके में ससुराल में 16 साल से बंधक महिला ने सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। महिला के पिता के आवेदन पर पुलिस ने विगत 05 अक्टूबर को उसे बेहद कृशकाय अवस्था में रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसका उपचार किया जा रहा था। महिला के मायका पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। 40 साल की उम्र में महिला का वजन 25 किलो रह गया था। महिला चलने-फिरने में असमर्थ थी और यहां तक कि बोल भी नहीं पा रही थी। महिला को रस्सी से बांधकर रखा गया था। पुलिस द्वारा रेस्क्यू के दौरान महिला को गोदी में उठाकर अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस ने महिला के पति पर प्रकरण दर्ज किया था। हमीदिया अस्पताल में मंगलवार को विशेषज्ञ डॉक्टरों का दल महिला के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। महिला के मायके वाले लोग भी भोपाल में ही मौजूद हैं। 40 साल की उम्र में 25 किलो रह गया था वजन जानकारी के अनुसार एनजीओ, पीड़िता के परिजन, महिला थाना और जहांगीराबाद थाने की टीम जब मौके पर पहुंची तो पीड़िता कमरे में रस्सी से बंधी मिली। वह चल भी नहीं पा रही थी। उसे गोद में उठाकर बाहर लाना पड़ा था। करीब 40 साल की पीड़िता हड्डी का ढांचा बन चुकी थी। उसका वजन सिर्फ 25 किलो रह गया था। 2006 में हुई थी शादी, 2 साल बाद मिलना बंद कराया महिला थाने में नरसिंहपुर के किशन लाल साहू ने आवेदन दिया था। किशन लाल के अनुसार उनकी बेटी रानू साहू का विवाह 2006 में भोपाल निवासी योगेंद्र साहू से हुआ था। साल 2008 के बाद से बेटी के ससुराल वालों ने उससे मिलने नहीं दिया। बेटी के बच्चों को भी उससे दूर भेज दिया गया। ससुराल पक्ष के प्रताड़ित करने के बाद से बेटी की हालत खराब होने की जानकारी पड़ोसियों से मिली। किशन लाल ने पुलिस से बेटी रानू को रेस्क्यू कर इलाज कराने और ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके बाद महिला थाना पुलिस ने लोकल थाने की मदद से रानू को रेस्क्यू किया। पति-ससुर ने महिला को मानसिक रोगी बताया पति और ससुर का कहना है कि पीड़िता मानसिक रोगी थी, उसका इलाज चल रहा था। हालांकि परिवार इलाज के पर्चे नहीं दिखा सका। पति ने बंधक बनाकर रखने की बात से इनकार किया। उसने कहा- चार दिन पहले ही साले और रिश्ते की एक साली ने पत्नी से मुलाकात की थी। अगर बंधक बनाकर रखते तो उनसे मिलने क्यों देते। भाई ने कहा था- वीडियो पर बहन को देखा, तब आए पीड़िता के छोटे भाई शिव कुमार साहू ने बताया था कि सूचना मिली थी कि बहन को ससुराल में बंधक बनाकर रखा गया था। इसी का पता लगाने दो दिन पहले बहन रानू से मिलने गई। उसने वीडियो बनाकर भेजा। तब बहन की हालत देखी और पुलिस को साथ लेकर गए। ससुराल से उसे मुक्त कराया। उसकी हालत बेहद खराब थी। वजन मात्र 25 किलो रह गया था। उसके साथ अत्याचार किया जा रहा था। इस कारण उसकी हालत ऐसी हुई। ससुराल वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

महिला पर्यटकों को सुरक्षित माहौल व शिकायतों के समाधान के लिए MP की पहली जिला स्तरीय समिति इंदौर में गठित

इंदौर  महिला पर्यटकों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए मध्य प्रदेश की पहली जिला स्तरीय समिति इंदौर में गठित की गई है। इसी तरह की जिला स्तरीय समितियां राज्य भर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर गठित की जाएंगी, जहां पर्यटकों की अच्छी खासी आमद होती है। इन जिलों में भी बनेगी ऐसी समिति जिन जिलों में ऐसी समिति बननी है, उनमें उज्जैन, खंडवा, खरगोन, निवाड़ी, जबलपुर, अनूपपुर और होशंगाबाद शामिल हैं। पुलिस की अगुआई वाली इंदौर जिला समिति में कानून प्रवर्तन, जिला प्रशासन, राजस्व, पर्यटन, पुरातत्व और अन्य विभागों के 15 से अधिक सदस्य शामिल हैं। महिलाओं के लिए बनेगा सुरक्षित माहौल इंदौर जिला समिति की नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. सीमा अलावा ने कहा, ‘हमने राज्य की पहली जिला स्तरीय समिति गठित की है, जो महिला पर्यटकों के लिए सुरक्षित माहौल को बढ़ावा देने के लिए कई विभागों के साथ मिलकर काम करेगी। राज्य में पर्यटकों और अकेली महिला पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ, महिलाओं के लिए एक मजबूत और सुरक्षित माहौल बनाने की आवश्यकता तेजी से महत्वपूर्ण हो गई है।’ ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया एमपी और सीजी चैप्टर के अनुसार, ट्रैवल एजेंटों के एक संघ, मध्य प्रदेश में आने वाले कुल पर्यटकों में महिला यात्रियों का अनुपात बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया है। एमपी पुलिस के साथ MoU मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड (एमपीटीबी) ने लोगों को प्रशिक्षण देने और जागरूकता बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा, ‘मध्य प्रदेश अपनी समृद्ध विरासत, जीवंत संस्कृति और आकर्षक पर्यटक आकर्षणों के कारण एक पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में उभरा है। पर्यटकों की आमद हर साल बढ़ रही है। राज्य सरकार एक सुरक्षित वातावरण स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां महिला यात्री सुरक्षित और सहज महसूस करें। मंत्री ने बताया कि ये समितियां कानून प्रवर्तन, जिला प्रशासन, पर्यटन और अन्य संबंधित विभागों के बीच घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देकर पर्यटन क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने की पहल के रूप में काम करेंगी। हम पूरे राज्य में इस मॉडल को दोहराने की कोशिश करेंगे।’ ऐसे तैयार हो रही कमेटी महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल (एसटीडीडब्लू) परियोजना के तहत, एमपीटीबी ने लगभग 8000 महिलाओं को प्रशिक्षित किया है और 35,000 व्यक्तियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया है। इस परियोजना का उद्देश्य आतिथ्य क्षेत्र में 48 विभिन्न भूमिकाओं के लिए महिलाओं को तैयार करना है, जिसमें गार्ड, ड्राइवर, नाव संचालक, टूर असिस्टेंट और होटल संचालक शामिल हैं।

उज्जैन में महिला द्वारा पॉश इलाके में घर के बाहर से गमले चुराने का मामला सामने आया

 उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन में महिला द्वारा एक पॉश इलाके में स्थित घर के बाहर से गमले चुराने का मामला सामने आया है। महिला की यह हरकत वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब वायरल हो रही है। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, गमले चोरी करने की यह घटना सोमवार 17 जून की सुबह 7:20 बजे की है। खास बात यह है कि, जिस मकान के बाहर से गमले चोरी होते हुए दिखाई दे रहे हैं उसके ठीक पीछे मध्य प्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव का भी एक मकान है। हालांकि, अब मोहन यादव अब वहां रहते नहीं है। जानकारी के अनुसार, उज्जैन शहर के पॉश इलाके में गमला चोरी करने की घटना सामने आई है। जहां एक बेखौफ महिला घर के बाहर रखें पौधा लगाने वाले गमलों को चुराकर ले जाती हुई दिखाई दे रही है। गमले चोरी करती महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो 17 जून की सुबह 7 बजे के बाद का है, जहां महिला मुंह पर कपड़ा बांधकर इलेक्ट्रिक बाइक वाहन से घर के पास पहुंचती है और स्कूटी दूर खड़ी कर एक-एक कर दो गमले चुराकर ले जाती है। बताया जा रहा है कि चोरी किए गए गमले की कीमत करीब 2 हजार रुपये के करीब है और पौधा 21 सौ रुपये का है। पुलिस को शिकायत की तैयारी मकान मालिक देवनानी परिवार ने बताया कि हमारा घर पॉश इलाके दशहरा मैदान के राजस्व कॉलोनी में है। घर के सामने ही पुलिस परिवार रहता है और घर के पीछे सीएम का मकान है। परिवार ने बताया कि चोरी हुए गमले सिरेमक नाकस्सी चीनी पोट डेकोरेटिव हैं, जो मेरी बेटी इंदौर से लेकर आई थी और उसमें एक पौधा लगाया था, जो आसानी से नहीं मिलता है। यह पौधा भी 21 सौ रुपये में लिया गया था। परिवार ने बताया सुबह 7 बजे के बाद महिला गमला ले जाती दिखाई दे रही है, जबकि सुबह 6 बजे के बाद घर के ऊपर बने फ्लोर पर मेरी पत्नी योगा क्लास चलती है और लोगों का आना-जाना शुरू हो जाता है। इस मामले में हम पुलिस को एक शिकायती आवेदन देंगे। जिससे आने वाले समय मे किसी प्रकार की कोई और घटना घटित ना हो। बता दें कि, गमले चोरी करने की यह पूरी घटना वहां लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई। हालांकि, स्कूटी दूर खड़ी होने और मुंह पर दुपट्टा लपेटे होने के चलते महिला की अभी पहचान नहीं हो सकी है। 

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet