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‘चोकर्स’ से चैंपियन बनी साउथ अफ्रीका, मारक्रम अकेले पूरी ऑस्ट्रेलिया पर भारी, घमंड हुआ चकनाचूर

लंदन   नई दिल्ली। आईसीसी टूर्नामेंट के नॉक आउट मुकाबलों में अक्‍सर चोक करने वाली साउथ अफ्रीका टीम ने अब यह ठप्‍पा हटा दिया है। प्रोटियाज टीम अब चोकर्स नहीं चैंपियन बन चुकी है। लंदन के लॉर्ड्स में खेले गए वर्ल्‍ड टेस्‍ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में साउथ अफ्रीका ने ऑस्‍ट्रेलिया को 5 विकेट से हराया। इसके साथ ही साउथ अफ्रीका टीम ने एक अनचाहा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। साउथ अफ्रीका टीम ने 27 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी जीती है। इससे पहले 1998 में प्रोटियाज टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। इसके साथ ही प्रोटियाज टीम आईसीसी के दो टाइटल के बीच सबसे लंबा इंतजार करने वाली टीम बन गई है। उन्‍होंने वेस्‍टइंडीज को पीछे छोड़ दिया है। वेस्‍टइंडीज ने 2 आईसीसी ट्रॉफी के लिए 25 साल का इंतजार किया था। विंडीज टीम ने 1979 में वनडे विश्‍व कप और 2004 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। इस लिस्‍ट में तीसरे नंबर पर भारतीय टीम आ गई है। भारत को 2 आईसीसी ट्रॉफी के लिए 19 साल का इंतजार करना पड़ा था। कपिल देव की कप्‍तानी वाली भारतीय टीम ने पहली बार 1983 में वनडे विश्‍व कप जीता था। इसके बाद 2002 में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्‍जा जमाया था। एडन मार्करम 136 रन बनाकर लौटे पवेलियन दक्षिण अफ्रीका के स्टार बल्लेबाज एडन मार्करम 207 गेंद में 136 रन बनाकर पवेलियन लौट गए हैं। जोश हेजलवुड ने उन्हें आउट किया। अफ्रीका को पांचवां झटका लगा है।  बावुमा-मार्करम ने पलट दिया मैच टारगेट का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 70 रनों के स्कोर पर दूसरा विकेट गंवा दिया था. यहां से एडेन मार्करम और कप्तान टेम्बा बावुमा ने क्रीज पर खूंटा गाड़ दिया. दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 147 रनों की पार्टनरशिप हुई, जिसने साउथ अफ्रीका का काम आसान कर दिया. इस साझेदारी के दौरान मार्करम ने 11 चौके की मदद से 101 गेंदों पर शतक पूरा किया. यह उनके टेस्ट करियर का आठवां शतक रहा. मार्करम ऐसे पहले साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज बन गए, जिन्होंने आईसीसी इवेंट के फाइनल मे शतक जड़ा. दूसरी ओर टेम्बा बावुमा भी हैमस्ट्रिंग इंजरी से जूझने के बावजूद बेहतरीन पारी खेलने में कामयाब रहे. बावुमा ने 134 गेंदों पर 66 रन बनाए, जिसमें पांच चौके शामिल रहे. बावुमा को विपक्षी कप्तान पैट कमिंस ने चलता किया. ट्रिस्टन स्टब्स कुछ खास नहीं कर पाए और 8 रन बनाकर मिचेल स्टार्क का शिकार बने. यहां से मार्करम और डेविड बेडिघम ने पांच विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी करके साउथ अफ्रीका को जीत के करीब पहुंचा. जब साउथ अफ्रीका को जीतने के लिए 6 रन बनाने थे, तब मार्करम आउट हुए. मार्करम को जोश हेजलवुड ने चलता किया. मार्करम ने 207 गेंदों पर 136 रन बनाए, जिसमें 14 चौके शामिल रहे.  

WTC फाइनल की मेजबानी! ICC ने इस देश को दी 2031 तक की इजाजत, भारत को नहीं मिली, जल्द होगा अधिकारिक ऐलान

नई दिल्ली भारत ने हाल ही में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल को होस्ट करने की इच्छा जताई थी। मगर भारत की उम्मीदों को अब तगड़ा झटका लगता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल, रिपोर्ट्स हैं कि आईसीसी अगले तीन संस्करण के लिए इंग्लैंड को ही होस्टिंग राइड्स देने का मन बना चुका है। इसा अधिकारिक ऐलान आईसीसी जुलाई में होने वाले वार्षिक सम्मेलन में कर सकता है। बता दें, अभी तक WTC के तीन फाइनल की मेजबानी इंग्लैंड ने ही की है। तीसरा फाइनल इस समय क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा है। इससे पहले भारत ने 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ और 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड में ही WTC का फाइनल खेला था।   इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) एक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तैयार है, जो उसे 2031 तक चलने वाले अगले तीन संस्करणों के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल की मेजबानी करने की अनुमति देगा। द टेलीग्राफ के अनुसार, आईसीसी से जुलाई में होने वाले अपने वार्षिक सम्मेलन में इंग्लैंड के मेजबानी अधिकारों की पुष्टि करने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईसीबी को आईसीसी से मौखिक पुष्टि मिल चुकी है। भारत ने डब्ल्यूटीसी फाइनल की मेजबानी में रुचि दिखाई थी और इस मामले पर हाल ही में आईसीसी की कई बैठकों में चर्चा हुई थी। हालांकि, न्यूट्रल टेस्ट मैचों के लिए भी बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करने की अपनी क्षमता के लिए प्रसिद्ध इंग्लैंड पसंदीदा विकल्प के रूप में उभरा है। साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी WTC 2025 के फाइनल में मैदान पर क्रिकेट प्रेमियों की खूब भीड़ उमड़ी है। इस नए समझौते के साथ, इंग्लैंड WTC के पहले छह फाइनल की मेजबानी करने के लिए तैयार है। इंग्लैंड में WTC फाइनल कराने की कई वजह है। एक तो मेजबान टीम के फाइनल में ना होने के बावजूद फैंस मैदान पर मैच देखने पहुंचते हैं। इसके अलावा जून की विंडो में मेजबानी के लिए इंग्लैंड से बेहतर मौसम कहीं नहीं है।  

मार्करम-बावुमा ने WTC फाइनल में कंगारुओं के सारे प्लान किए फेल, जीत से 69 रन दूर!

लंदन  वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप (WTC) 2023-25 के फाइनल में ऑस्ट्रेल‍िया का सामना साउथ अफ्रीका से हो रहा है. लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले जा रहे इस मुकाबले में तीसरे दिन (13 जून) का खेल समाप्त हो चुका है. तीसरे दिन स्टम्प तक साउथ अफ्रीका ने टारगेट का पीछा करते हुए अपनी दूसरी पारी में दो विकेट के नुकसान पर 213 रन बना लिए हैं. साउथ अफ्रीका अब जीत से सिर्फ 69 रन दूर है. एडेन मार्करम 102 और कप्तान टेम्बा बावुमा 65 रन बनाकर नाबाद हैं. साउथ अफ्रीका यदि 69 रन बना लेती है तो वो 27 साल बाद कोई आईसीसी खिताब जीतेगी. मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 282 रनों का टारगेट दिया था. ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 207 रनों पर सिमटी थी. बता दें कि साउथ अफ्रीका की पहली पारी दूसरे दिन लंच के बाद 138 रनों पर सिमट गई थी. यानी पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया को 74 रनों की अहम लीड मिली थी. ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 212 रन बनाए थे. टारगेट का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी में शुरुआत अच्छी नहीं रही. रयान रिकेल्टन सिर्फ 6 रन बनाकर तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क का शिकार बने. फिर वियान मुल्डर (27 रन) और एडेन मार्करम के बीच दूसरे विकेट के लिए 61 रनों की साझेदारी हुई. मुल्डर को कैच आउट कराकर स्टार्क ने इस साझेदारी को तोड़ा. मुल्डर के आउट होने के बाद मार्करम ने कप्तान टेम्बा बावुमा के साथ मिलकर शतकीय पार्टनरशिप की है. एडेन मार्करम ने इस दौरान 11 चौके की मदद से 101 गेंदों पर शतक पूरा किया. मार्करम ऐसे पहले साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज हैं जिन्होंने आईसीसी इवेंट के फाइनल मे शतक जड़ा है. दूसरी ओर टेम्बा बावुमा भी फिफ्टी जड़ने में कामयाब रहे हैं. बावुमा और मार्करम के बीच तीसरे विकेट के लिए अबतक 232 गेंदों पर 143 रनों की पार्टनरशिप हुई है.  पहाड़ की तरह डटे टेम्बा बावुमा, एडेन मार्करम का शतक भी लगा फीका  वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के तीसरे चक्र (2023-25) के फाइनल में साउथ अफ्रीका जीत के करीब पहुंच चुका है. लॉर्ड्स में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 282 रनों का टारगेट मिला है. टारगेट का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका ने तीसरे दिन (13 जून) स्टम्प तक दो विकेट के नुकसान पर 213 रन बना लिए हैं. यानी साउथ अफ्रीका खिताबी जीत से सिर्फ 69 रन दूर है. एडेन मार्करम 102 और कप्तान टेम्बा बावुमा 65 रन बनाकर नाबाद हैं. पहाड़ की तरह क्रीज पर डटे घायल बावुमा एडेन मार्करम ने अबतक 159 गेंदों का सामना किया है और उनके बल्ले से 11 चौके निकले हैं. दूसरी ओर टेम्बा बावुमा ने 121 गेंदों की पारी में पांच चौके लगाए हैं. बावुमा और मार्करम के बीच तीसरे विकेट के लिए अबतक 232 गेंदों पर 143 रनों की पार्टनरशिप हुई है. मार्करम ने रनचेज के दौरान शतक जरूर जड़ा है, लेकिन बावुमा ने हैमस्ट्रिंग इंजरी के बावजूद जो जज्बा दिखाया, वो काबिलेतारिफ है. बावुमा की इस साहसिक इनिंग्स के आगे एडेन मार्करम की शतकीय पारी भी फीकी लग रही है. टेम्बा बावुमा साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी में चौथे नंबर पर बैटिंग करने आए और इनिंग्स की शुरुआत में वो उतने टच में नहीं लगे. जब बावुमा 2 रन पर थे, तो वाइड स्लिप में स्टीव स्मिथ ने उनका कैच टपका दिया. कुछ ओवर बाद बावुमा के लिए हालात और भी खराब हो गए, जब रन लेने के दौरान उनकी हैमस्ट्रिंग खिंच गई. यह वाकया साउथ अफ्रीका की पारी के 24वें ओवर में हुआ था. हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के चलते बावुमा कराहते और लंगड़ाते हुए दिखाई दिए. हालांकि दर्द के बावजूद बावुमा पहाड़ की तरह डटे रहे और कंगारू गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया.  टेम्बा बावुमा ने 82 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन उन्होंने जश्न मनाने का फैसला नहीं किया. ना ही उन्होंने बल्ला उठाया, ना मुट्ठी बांधी. ऐसा लगता है कि बावुमा पहले टीम की जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं और फिर जश्न का दौर चलेगा. वैसे भी साउथ अफ्रीकी टीम कई बार अहम मौके पर बिखर चुकी है और टीम का आईसीसी खिताब जीतने का इंतजार काफी लंबा हो चला है. हालांकि ऐसा लगता है कि ये 27 सालों का इंतजार शायद आज खत्म हो जाए. बावुमा की इस जुझारू पारी की फैन्स जमकर प्रशंसा कर रहे हैं. साउथ अफ्रीका ने आखिरी बार कब जीता ICC खिताब? बता दें कि साउथ अफ्रीका ने साल 1998 में नॉकआउट ट्रॉफी (अब चैम्पियंस ट्रॉफी) जीतने के बाद से ICC खिताब नहीं जीता है. जब साउथ अफ्रीका ने आखिरी बार ICC खिताब जीता था, तब टीम के क्रिकेटर्स मार्को जानसेन और ट्रिस्टन स्टब्स का जन्म भी नहीं हुआ था. साउथ अफ्रीकी टीम पिछले कुछ सालों में सेमीफाइनल या फाइनल में जरूर पहुंची, लेकिन ट्रॉफी उससे दूर ही रही. फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए अपनी पहली पारी में 212 रन बनाए. जवाब में पैट कमिंस के 6 विकेट ने साउथ अफ्रीका की पहली पारी को 138 रनों पर ही ढेर कर दिया. पहली पारी के आधार पर कंगारू टीम को 74 रनों की लीड मिली. फिर ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में 207 रन बनाए और साउथ अफ्रीका के सामने 282 रनों का टारगेट सेट किया. साउथ अफ्रीका का दूसरी पारी में अबतक का स्कोरकार्ड: 213/2 (56 ओवर) बल्लेबाज विकेट रन एडेन मार्करम नाबाद 102* रयान रिकेल्टन कैच एलेक्स कैरी, बोल्ड मिचेल स्टार्क 6 वियान मुल्डर कैच मार्नस लाबुशेन, बोल्ड मिचेल स्टार्क 27 टेम्बा बावुमा नाबाद 65* विकेट पतन: 9-1 (रयान रिकेल्टन, 2.1 ओवर), 70-2 (वियान मुल्डर, 17.4 ओवर) स्टार्क का अर्धशतक, रबाडा ने झटके 4 विकेट साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाजों ने दूसरी पारी में जबरदस्त गेंदबाजी करते हुए 73 रनों पर ही ऑस्ट्रेलिया के सात विकेट गिरा दिए थे. यहां से विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी और मिचेल स्टार्क के बीच आठवें विकेट के लिए 61 रनों की महत्वपूर्ण पार्टनरशिप हुई, जिसने ऑस्ट्रेलिया की वापसी कराई. एलेक्स कैरी ने 5 चौके की मदद से 50 गेंदों पर 43 रन बनाए. एलेक्स कैरी के आउट होने के समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 8 विकेट पर 134 रन था. खेल के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने नाथन लायन (2 रन) का विकेट … Read more

कमिंस का कहर, कैरी ने किया अफ़्रीकी गेंदबाजों को परेशान ,ऑस्ट्रेलिया के पास 218 रनों की लीड

लंदन  वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप (WTC) 2025 का फाइनल ऑस्ट्रेल‍िया और साउथ अफ्रीका के बीच लंदन के लॉर्ड्स मैदान में जारी है. मैच के दो दिन पूरे हो चुके हैं. शुक्रवार (13 जून) को मैच का तीसरा दिन रहेगा. शुरुआती दो दिनों में कुल मिलाकर 28 विकेट ग‍िरे हैं. कुल म‍िलाकर ‘टेस्ट क्रिकेट के इस वर्ल्ड कप’ में गेंदबाजों का बोलबाला दिख रहा है.  पहले दिन (11 जून) 14 विकेट गिरे. इनमें 10 विकेट ऑस्ट्रेल‍िया और 4 विकेट साउथ अफ्रीका के शामिल रहे. मैच के दूसरे दिन (12 जून) भी 14 विकेट गिरे, इनमें 6 साउथ अफ्रीका के तो 8 ऑस्ट्र्रेल‍िया के रहे. ऑस्ट्रेल‍िया ने WTC फाइनल मैच की पहली पारी में 212 रन बनाए और उसके दूसरी पारी स्कोर 144/8 है.  कंगारू टीम की कुल बढ़त 218 रनों की हो चुकी है. दूसरे दिन 14 विकेट गिरे और कुल 239 रन बने. एक समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर दूसरी पारी में 73 पर 7 विकेट था और लग रहा था कि टीम जल्दी सिमट जाएगी क्योंकि गेंद बहुत मूव कर रही थी. लेकिन एलेक्स मैरी और मिचेल स्टार्क ने मिलकर आठवें विकेट के लिए 61 रन जोड़े और टीम को थोड़ी राहत दी.  12 रनों के अंदर गिरे 5 विकेट दिन का पहला विकेट तेम्बा बावुमा के रूप में गिरा, उन्होंने 36 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी. उन्हें पैट कमिंस ने अपना शिकार बनाया. डेविड बेडिंगहाम ने साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा 45 रनों की पारी खेली. साउथ अफ्रीका के आखिरी 5 विकेट 12 रनों के अंदर गिर गए. 126 रनों पर अफ्रीका के 5 विकेट थे और पूरी टीम 138 रनों पर ढेर हो गई. पैट कमिंस ने रचा इतिहास कमिंस ने 18.1 ओवरों के स्पेल में 28 रन देकर 6 विकेट चटकाए. उन्होंने एक रिकॉर्ड अपने नाम किया, वह बतौर कप्तान टेस्ट में सबसे ज्यादा 5 विकेट हॉल लेने वाले संयुक्त रूप से दूसरे गेंदबाज बन गए हैं.उन्होंने 9 बार ऐसा किया है. कमिंस ने इस दौरान अपने 300 टेस्ट विकेट भी पूरे किए. वह ऐसा करने वाले 8वें ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बने. दूसरी पारी में बिखरी ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी खराब हुई. 28 पर उस्मान ख्वाजा (6) के रूप में पहला विकेट गिरा, उन्हें कागिसो रबाडा ने अपना शिकार बनाया. इसके बाद 73 रनों पर ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट गंवा दिए. कैमरून ग्रीन शून्य पर आउट हुए, स्टीव स्मिथ को लुंगी एनगिडी ने 13 के स्कोर पर चलता किया. पहली पारी के हीरो बीयू वेबस्टर 9 रन बनाकर आउट हुए. ट्रैविस हेड भी 9 के स्कोर पर चलते बने. अलेक्स कैरी की पारी से ऑस्ट्रेलिया के पास 218 रनों की बढ़त ऐसा लगा था कि ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी में 100 के अंदर ढेर हो जाएगी, लेकिन अलेक्स कैरी और मिचेल स्टार्क ने 61 रनों की साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को बचाया. दोनों ने आठवें विकेट के लिए 61 रन जोड़े. दिन का खेल खत्म होने से कुछ समय पहले कैरी को रबाडा ने एलबीडबल्यू आउट किया, उन्होंने 43 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली. स्टार्क 16 रन बनाकर नाबाद हैं. दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 144/8 है. दूसरी पारी में कागिसो रबाडा और लुंगी एनगिडी 3-3 विकेट ले चुके हैं. मार्को जानसेन और वियान मुल्डर को 1-1 विकेट मिला. अब पिच और धीमी हो गई है, ऐसा दिखा कि गेंद को बाउंस ज्यादा नहीं मिल रहा है. कई बार ऐसा हुआ जब बल्लेबाज शॉट खेलना चाहते थे और गेंद किनारा लेकर स्लिप में गई लेकिन फील्डर तक नहीं पहुंच पाई. जबकि स्लिप के फील्डर बहुत पास खड़े हुए थे. साउथ अफ़्रीकी गेंदबाज चाहेंगे कि आज दूसरे दिन जल्द से जल्द बचे हुए 2 विकेट लिए जाए. साउथ अफ्रीका ने पूरी पारी में बेहतरीन गेंदबाजी. कई बार बल्लेबाजों के बल्ले का किनारा लगा, लेकिन गेंद स्लिप में नहीं पहुंची. स्टार्क ने भी दो मौके दिए, जिनमें से एक आसान कैच आखिरी ओवर में मार्को जानसेन से छूट गया. लुंगी एनग‍िडी और कगिसो रबाडा ने 3-3 विकेट लिए, जबकि जानसेन और व‍ियान मुल्डर को 1-1 सफलता मिली.  अब देखना ये है कि ऑस्ट्रेलिया अपनी बढ़त कितनी और बढ़ा पाता है? क्या साउथ अफ्रीका दिए गए लक्ष्य का पीछा कर पाएगा? और क्या ये टेस्ट चौथे दिन तक जाएगा? अफ्रीका की पहली पारी में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का प्रदर्शन: पैट कमिंस ने सबसे जबरदस्त गेंदबाजी की और 6 विकेट लिए, मिचेल स्टार्क को 2 विकेट मिले. जोश हेजलवुड ने 1 विकेट लिया. नाथन लायन और ब्यू वेबस्टर को कोई विकेट नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में अफ्रीका के गेंदबाजों का प्रदर्शन: कगिसो रबाडा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके. मार्को जानसेन को 3 विकेट मिले. केशव महाराज और एडन मार्करम ने 1-1 विकेट लिया. लुंगी एनग‍िडी और वियान मुल्डर को कोई विकेट नहीं मिला.  ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में अफ्रीका के गेंदबाजों का प्रदर्शन: कगिसो रबाडा ने फिर से बढ़िया गेंदबाजी की और 3 विकेट लिए. लुंगी को भी 3 विकेट मिले. मार्को यानसन और वियान मुल्डर को 1-1 विकेट मिला. केशव महाराज को कोई विकेट नहीं मिला. 

डब्ल्यूटीसी फाइनल मुकाबले का आज दूसरे दिन दक्षिण अफ्रीका ने पांच विकेट पर 100 रन बनाए

लंदन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल मुकाबले का आज दूसरा दिन है। पहले दिन ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 212 रन पर ऑलआउट हो गई थी, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने भी स्टंप्स तक 43 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे। अब आज दोनों ही टीमें बढ़त हासिल करने के इरादे से उतरे हैं। दक्षिण अफ्रीका के 100 रन पूरे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डब्ल्यूटीसी फाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 100 रन पूरे कर लिए हैं। दक्षिण अफ्रीका ने पांच विकेट पर 100 रन बनाए हैं, लेकिन वह अभी कंगारू टीम से 112 रन पीछे चल रही है। फिलहाल क्रीज पर बेडिंघम और वेरेने मौजूद हैं।  बावुमा पवेलियन लौटे पैट कमिंस ने तेंबा बावुमा को आउट कर दक्षिण अफ्रीका को पांचवां झटका दिया। बावुमा और बेडिंघम के बीच अच्छी साझेदारी चल रही थी और दोनों बल्लेबाजों ने 64 रन जोड़े। बावुमा 84 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 36 रन बनाकर आउट हुए। दक्षिण अफ्रीका ने फिलहाल पांच विकेट पर 94 रन बनाए हैं और वह ऑस्ट्रेलिया से 118 रन पीछे चल रही है।  बावुमा-बेडिंघम के बीच अर्धशतकीय साझेदारी तेंबा बावुमा और बेडिंघम के बीच पांचवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी पूरी हो चुकी है। दक्षिण अफ्रीका की टीम अभी भी ऑस्ट्रेलिया से 131 रन पीछे है।  दूसरे दिन का खेल शुरू ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच डब्ल्यूटीसी फाइनल के दूसरे दिन का खेल शुरू हो गया है। दक्षिण अफ्रीका की ओर से कप्तान तेंबा बावुमा और डेविड बेडिंघम ने पारी की शुरुआत की है। पहले दिन ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 212 रन पर ऑलआउट हो गई थी, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने भी स्टंप्स तक 43 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल मुकाबले का आज दूसरा दिन है। पहले दिन ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 212 रन पर ऑलआउट हो गई थी, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने भी स्टंप्स तक 43 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे। अब आज दोनों ही टीमें बढ़त हासिल करने के इरादे से उतरेंगी।  

द. अफ्रीका की टीम 27 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी जीतने उतरेगी, तोड़ना होगा ऑस्ट्रेलिया का तिलिस्म

लंदन   2025 का साल खेल की दुनिया के लिए अलग रहा है। इस साल कुछ ऐसी चीजें देखने को मिल रही हैं जो कभी नहीं हुई या कई सालों से नहीं हो पाई थीं। 2025 को चमत्कार का साल भी कहा जा रहा है। इसकी वजह है- ऐसी टीमों का ट्रॉफी जीतना जिनका हाथ लंबे समय से खाली था। कुछ तो ऐसी टीमों को जीत मिली है, जिन्हें इस साल से पहले तक कुछ नहीं मिला था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 2008 से आईपीएल खेल रही है। 18वें सीजन में जाकर टीम को पहला खिताब मिला। अगर आरसीबी के 17 साल कम लग रहे हैं तो इंग्लैंड के फुटबॉल क्लब क्रिस्टल पैसेल को देख लीजिए। 119 साल के इतिहास में पैलेस ने अपनी पहली मेजर ट्रॉफी इसी साल जीती। एफए कप के फाइनल में पैलेस ने मैनचेस्टर सिटी को हराया। इटली की बोलोग्ना एफसी ने 51 साल बाद ट्रॉफी जीती। पीएसजी ने इतिहास में पहली बार चैंपियंस लीग का खिताब जीता। इन टीमों का भी सूखा खत्म हुआ न्यूकैसल यूनाइटेड- 70 साल बाद ट्रॉफी वीएफबी स्टटगार्ट- 18 साल बाद ट्रॉफी होबार्ट हरिकेन्स- पहली ट्रॉफी टोटेनहम हॉटस्पर– 17 साल बाद ट्रॉफी रॉयल यूनियन सेंट गिलोइस– 90 साल बाद लीग टाइटल गो अहेड ईगल्स– 93 साल बाद ट्रॉफी साउथ अफ्रीका का सूखा खत्म होगा? अब आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के खिताबी मुकाबले में साउथ अफ्रीका की टीम उतरने के लिए तैयार है। 11 जून से लॉर्ड्स के मैदान पर साउथ अफ्रीका की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया से होगी। साउथ अफ्रीका क्रिकेट की सबसे बेहतरीन टीमों में एक है। इसके बाद भी अभी तक उसके नाम सिर्फ एक आईसीसी ट्रॉफी है। टीम ने 1998 चैंपियंस ट्रॉफी को अपने नाम किया था। उसके बाद अधिकतर आईसीसी टूर्नामेंट में टीम नॉकआउट में जाकर हार जाती है। इसलिए उसे चोकर्स का टैग मिला है। पिछले साल टी20 विश्व कप के फाइनल में जीत के बिल्कुल करीब आकर उसे हार मिली। लेकिन चमत्कार के इस में संभव है कि साउथ अफ्रीका भी 27 साल के आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म कर दे। जब अफ्रीका ने जीता था अपना पहला ICC का ख‍िताब  1 नवंबर 1998 को ढाका में साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच व‍िल्स इंटरनेशनल कप का फाइनल खेला गया. साउथ अफ्रीका ने इस फाइनल मुकाबले को तब 4 विकेट से जीता था. वेस्टइंडीज ने फ‍िलो वॉलेस के शतक (103) की बदौलत 245 रन बनाए. ऑलराउंडर जैक्स कैल‍िस ने पांच विकेट झटके थे. इसके बाद साउथ अफ्रीका की टीम ने 18 गेंद शेष रहते हुए रनचेज कम्पलीट कर ल‍िया. तब तत्कालीन कप्तान हैंसी क्रोन‍िए ने नाबाद 61, माइक रिंडेल ने 49 और कैल‍िस ने 31 रनों की पारी खेली. कैल‍िस अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के कारण ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे.  ‘व‍िल्स इंटरनेशनल कप’ को प्रोट‍ियाज टीम ने जीता, यह इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल (ICC) से जुड़े टूर्नामेंट में साउथ अफ्रीका की पहली जीत थी. उसके नाम यह एकमात्र आईसीसी टूर्नामेंट (सीन‍ियर मेन्स क्रिकेट) की व‍िजय है.  2024 में भारत ने तोड़ा सपना  वैसे अफ्रीकी टीम किसी भी वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल (1992, 1999, 2007, 2009, 2014, 2015 और 2023) से आगे नहीं बढ़ पाई थी. प‍िछले साल टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के सपनों को चकनाचूर कर दिया था. भारत ने अफ्रीका को फाइनल में 7 रनों से हराकर दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीता.  अफ्रीकी टीम वर्ल्ड क्रिकेट में कई मौकों पर चोकर्स साब‍ित हुई . साउथ अफ्रीका के ICC टूर्नामेंट्स में निराशाजनक अतीत की बानगी कुछ ऐसी है…. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल  रंगभेद के कारण 21 साल का निष्कासन झेलने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटी साउथ  अफ्रीका के पास बेहतरीन तेज गेंदबाज और चुस्त फील्डर थे. लेकिन सेमीफाइनल में बारिश आई और उसे 7 गेंदों से 22 रनों की बजाय अब 1 गेंद में 22 रन बनाने का ‘असंभव’ संशोधित लक्ष्य मिला था. और इस तरह उसे हार मिली.  वेस्टइंडीज के खिलाफ 1996 वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल  सभी ग्रुप मैच जीतने के बाद हैंसी क्रोनिये की टीम का पलड़ा भारी माना जा रहा था, लेकिन ब्रायन लारा की जबर्दस्त बल्लेबाजी के बाद रोजर हार्पर और जिमी एडम्स की फिरकी के जाल में साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज फंसते चले गए और 19 रनों से मैच हार गए. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1999 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल साउथ  अफ्रीका के क्रिकेट इतिहास का सबसे निराशाजनक मैच शायद इसी मैच में हुआ. टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे लांस क्लूसनर को जिसने ‘ट्रेजेडी किंग’ बना दिया. जीत के लिए 214 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ  अफ्रीका को आखिरी ओवर में 9 रन बनाने थे. आखिरी जोड़ी क्रीज पर थी. क्लूसनर ने पहली दो गेंद पर चौका जड़ा, लेकिन अगली गेंद पर एलन डोनाल्ड रन आउट हो गए और मैच टाई हो गया. सुपर सिक्स चरण में जीत दर्ज करने के कारण ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंचा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2007 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल पहले बल्लेबाजी का साउथ अफ्रीका का फैसला गलत साबित हुआ. ग्रीम स्मिथ, हर्शल गिब्स , जैक्स कैलिस, एबी डिविलियर्स और मार्क बाउचर जैसे धुरंधर 149 के स्कोर पर आउट हो गए. ऑस्ट्रेलिया ने 20 ओवर बाकी रहते मैच जीता. पाकिस्तान के खिलाफ 2009 टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, भारत को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई. लेकिन शाहिद आफरीदी की शानदार स्पिन गेंदबाजी के सामने टीम 150 रनों का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सकी. न्यूजीलैंड के खिलाफ 2011 वनडे वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल एबी डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसी, ग्रीम स्मिथ, जैक्स कैलिस और जेपी डुमिनी जैसे दिग्गज न्यूजीलैंड के खिलाफ 222 रनों का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए. एक समय 25 ओवरों में 8 विकेट पर 108 रन बनाने के बाद अगले सात विकेट 64 रन पर गंवा दिए. इंग्लैंड के खिलाफ 2013 चैम्पियंस ट्रॅाफी सेमीफाइनल साउथ अफ्रीका का स्कोर 8 विकेट पर 80 रन था, जिसके बाद डेविड मिलर और रोरी क्लेनवेल्ट ने इसे 175 रनों तक पहुंचाया. जोनाथन ट्रॉट के नाबाद 82 रनों की मदद से इंग्लैंड ने 12 ओवर और सात विकेट बाकी रहते जीत दर्ज की. भारत के खिलाफ 2014 टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करके साउथ  अफ्रीका को हराया. न्यूजीलैंड … Read more

आज WTC का फाइनल साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंदन के लॉर्ड्स में आयोजित होगा

लंदन आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC के तीसरे सीजन का फाइनल मुकाबला आज से खेला जाना है, जो साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंदन के लॉर्ड्स में आयोजित होगा। इसे अगर ‘टेस्ट क्रिकेट का वर्ल्ड कप’ कहा जाए तो बुरा नहीं होगा, क्योंकि इस खिताब के लिए लड़ाई दो साल तक चलती है। अभी तक दो बार इसका आयोजन हुआ है। एक बार न्यूजीलैंड और एक बार ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता है। दोनों बार भारत फाइनल में था। इस बार साउथ अफ्रीका के सामने मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया है। इस महामुकाबले को आप कब और कहां लाइव देख सकते हैं, ये जान लीजिए।   कब, कहां और किन टीमों के बीच खेला जाएगा? वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का फाइनल मुकाबला साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच बुधवार 11 जून से लंदन के लॉर्ड्स में आयोजित होगा। कितने बजे शुरू होगा और टॉस कब होगा? साउथ अफ्रीका वर्सेस ऑस्ट्रेलिया WTC Final लोकल टाइम यानी इंग्लैंड के समय के अनुसार सुबह 11 बजे शुरू होगा। वहीं, उस समय भारत में दोपहर को साढ़े 3 बजे होंगे। वहीं, अगर बात टॉस की करें तो लंदन में उस समय सुबह के साढ़े 10 बजे होंगे और भारत में दोपहर के साढ़े 3 बजे होंगे। कहां देखें? आप भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख पाएंगे, जहां अलग-अलग भाषाओं में आपको कमेंट्री सुनने को मिलेगी। कैसे देखें? अगर आपको साउथ अफ्रीका वर्सेस ऑस्ट्रेलिया देखनी है तो आपको जियोहॉटस्टार पर लॉगइन करना होगा। आप अपने स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, टैबलेट और लैपटॉप या कंम्प्यूटर पर जियोहॉटस्टार एप या वेबसाइट की मदद से इस खिताबी भिड़ंत को लाइव देख सकते हैं। वहीं, अगर आपको इस महामुकाबले के लाइव अपडेट्स और दिलचस्प खबरें पढ़नी हैं तो आपको लाइव हिन्दुस्तान के क्रिकेट पेज पर विजिट करना होगा।  

WTC फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के इन तीन खिलाड़ियों के पास बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका

ऑस्ट्रेलिया  ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच 11 जून से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया ने पिछले फाइनल में भारत को 209 रनों से हराया था, जबकि साउथ अफ्रीका की टीम पहली बार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है। इस मैच में अफ्रीका के तीन खिलाड़ियों एडन मार्करम, कागिसो रबाडा और स्पिनर केशव महाराज के पास बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। साउथ अफ्रीका की टीम को पहली ट्रॉफी की तलाश है और अब उसके पास ऑस्ट्रेलिया को हराकर चैंपियन बनने का सुनहरा मौका है।   मार्करम तीन हजार रन पूरा करने के करीब दक्षिण अफ्रीका ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 की खराब शुरुआत की थी। इसके बाद टीम ने आठ मैच जीते और तीन हार का सामना किया, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। एडन मार्करम के पास टेस्ट में तीन हजार रन पूरा करने का मौका होगा। उन्हें इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए सिर्फ 143 रन चाहिए। मार्करम ने 45 टेस्ट की 82 पारियों में 35.71 के औसत से 2857 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने सात शतक और 13 अर्धशतक लगाए हैं। रबाडा के पास बड़ा मौका तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा के पास सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में दिग्गज एलन डोनाल्ड को पीछे छोड़ने का मौका है। डोनाल्ड ने 72 टेस्ट में 330 विकेट लिए हैं, रबाडा को उनसे आगे निकलने के लिए सिर्फ चार विकेट चाहिए। रबाडा सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे अफ्रीकी गेंदबाज बनेंगे। वहीं रबाडा महान ऑलराउंडर जैक्स कैलिस को पछाड़कर प्रोटियाज के लिए पांचवें सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने से भी कुछ ही विकेट दूर हैं। रबाडा टेस्ट में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले पांचवें गेंदबाज हैं। उन्होंने 22 के औसत से 327 विकेट लिए हैं। इस दौरान उन्होंने 16 बार पांच विकेट हॉल हासिल किए हैं। साउथ अफ्रीका के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट डेल स्टेन ने लिए हैं। स्टेन ने 93 मैचों में 439 विकेट चटकाए हैं। रबाडा का आईसीसी इवेंट में रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने 4 मैचों में 6 विकेट लिए हैं। स्टार स्पिनर केशव महाराज के पास 200 विकेट हासिल करने का मौका होगा। वह ऐसा करने वाले साउथ अफ्रीका के पहले स्पिनर होंगे। 57 टेस्ट में महाराज ने 198 विकेट चटकाए हैं।  

आईसीसी ने WTC फाइनल की विजेता को मिलेंगे 30 करोड़, आईसीसी ने किया बंपर प्राइज मनी का एला

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 फाइनल की बंपर प्राइज मनी का ऐलान कर दिया है। इस बार विजेता टीम को पिछले दो टूर्नामेंट के मुकाबले दोगुनी इनामी राशि मिलने वाली है। साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच WTC 2025 का फाइनल मुकाबला 11 जून से लंदन के लॉर्ड्स में खेला जाना है। इस टूर्नामेंट की विजेता टीम को इस बार करीब 30 करोड़ रुपये मिलेंगे और उपविजेता टीम भी मालामाल हो जाएगी, जिसको करीब साढ़े 18 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। लंदन के ऐतिहासिक स्टेडियम में खेले जाने वाले एकमात्र मैच में साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत 11 जून से होगी। इस मैच के लिए आईसीसी ने 5.76 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीब सवा 49 करोड़ रुपये इनाम के तौर पर बांटने का फैसला किया है। पिछले दो एडिशन्स के मुकाबले इस बार की प्राइज मनी दोगुनी से भी ज्यादा है। इसमें से खिताबी जीत हासिल करने वाली टीम को 3.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब पौने 31 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं, हारने वाली टीम को 2.16 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीब साढ़े 18 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें 2021 के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की विजेता न्यूजीलैंड और 2023 के WTC फाइनल की विजेता ऑस्ट्रेलिया को 1.6-1.6 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीब साढ़े 13-13 करोड़ रुपये मिले थे। दोनों बार भारतीय टीम मुकाबले हारी थी। दोनों बार भारत को 8-8 लाख अमेरिकी डॉलर मिले थे। भारतीय मुद्रा में ये रकम पौन सात करोड़ के आसपास बैठती है। इस तरह इस बार आईसीसी ने दिल खोलकर इस फॉर्मेट की चैंपियन टीम के लिए इनामी राशि देने का फैसला किया है। सिर्फ विजेता-उपविजेता ही नहीं, बल्कि आईसीसी ने तीसरे से नौवें नंबर तक वाली टीम को भी प्राइज मनी में से हिस्सा दिया है। तीसरे नंबर पर इस बार भारत रहा है, जिसे 1.44 मिलियन यूएस डॉलर (12 करोड़ 32 लाख रुपये) और नंबर चार रहने वाली न्यूजीलैंड की टीम को 1.2 मिलियन यूएस डॉलर यानी 10 करोड़ 26 लाख रुपये मिलने वाले हैं। पांचवें नंबर पर इंग्लैंड थी, जिसे 9 लाख 60 हजार यूएसडी, छठे नंबर वाली श्रीलंका की टीम को 8 लाख 40 हजार यूएसडी, सातवे नंबर वाली बांग्लादेश की टीम को 7 लाख 20 हजार यूएसडी, 8वें नंबर पर विराजमान रहने वाली वेस्टइंडीज की टीम को 6 लाख यूएसडी और नौवें नंबर पर रहने वाली पाकिस्तान की टीम को 4 लाख 80 हजार यूएसडी मिलेंगे।

कोई टीम 6 मैच जीतकर टॉप पर है तो कोई 11 मैच जीतकर भी 5वें नंबर पर, WTC पॉइंट्स सिस्टम पर सवाल

नई दिल्ली साल 2019 से आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट को रोमांचक बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया था। आईसीसी ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत की थी। इसमें टॉप की 9 टीमों को अपनी पसंद की 6 टीमों से टेस्ट सीरीज दो साल के चक्र में खेलने थी। इनमें तीन सीरीज घर पर और इतनी ही सीरीज टीमों को विदेश में खेलने का प्रस्ताव था। अगस्त 2019 से इसकी शुरुआत एशेज के साथ हुई। उस समय कहा गया कि जो टीम पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर होगी, उसको डब्ल्यूटीसी फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा। हालांकि, इसके बाद कोरोना के कारण मैच और सीरीज कम हो गईं। कुछ सीरीज कैंसिल हो गईं। ऐसे में आईसीसी ने अपनाया कि जीत प्रतिशत के हिसाब से टीमें फाइनल में पहुंचेंगी। उसके बाद से ऐसा चला आ रहा है, लेकिन कुछ टीमों के लिए ये नियम घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसी के बारे में आप यहां जान लीजिए। दरअसल, डब्ल्यूटीसी को टेस्ट क्रिकेट का वर्ल्ड कप कहा जाता है, लेकिन ये दो साल तक चलता है और एक फाइनल के बाद ये तय होता है कि कौन सी टीम इस फॉर्मेट की चैंपियन है। दो बार डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेला जा चुका है। एक बार न्यूजीलैंड और एक बार ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता है। दोनों बार भारतीय टीम उपविजेता रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल इस टूर्नामेंट के फॉर्मेट को लेकर है, क्योंकि कोई टीम को तो महज 12 मैच खेलती है और कोई टीम 22 मैच खेलती है। अगर जीत के हिसाब से भी देखा जाए तो मौजूदा WTC पॉइंट्स टेबल में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टॉप 2 तो छोड़िए टॉप 4 में भी नहीं है। वहीं, महज 10 मैच खेलकर उनमें से 6 मुकाबले जीतने वाली टीम शीर्ष पर है। साउथ अफ्रीका ने इस डब्ल्यूटीसी साइकिल में 10 मैच खेले हैं और 6 जीते हैं। एक मैच टीम का ड्रॉ रहा है और तीन मैच गंवाएं हैं। इस तरह साउथ अफ्रीका का जीत प्रतिशत सबसे ज्यादा है, लेकिन इसी साइकिल में इंग्लैंड की टीम अब तक 21 मैच खेल चुकी है और 11 मुकाबले जीत चुकी है, लेकिन टीम पांचवें नंबर पर है। इंडिया ने 16 में से 9 मैच जीते हैं और टीम तीसरे नंबर पर है। ऐसे में सवाल उठता है कि या तो आईसीसी को पॉइंट्स टेबल में बदलाव करने चाहिए, ताकि उन टीमों को नुकसान ना हो, जो ज्यादा मैच खेलती हैं। या फिर एक नियम बना देना चाहिए कि कम से कम तीन मैचों की टेस्ट सीरीज ही WTC में काउंट होगी। अगर कोई देश पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलता है तो उसके पहले तीन या आखिरी तीन मैच ही WTC साइकिल में काउंट होंगे। एक और बदलाव ये किया जा सकता है कि मौजूदा सिनेरियो के हिसाब से अगर कोई टीम तीन या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज को जीतती है तो उसे कुछ पॉइंट अतिरिक्त दिए जाएं। इस तरह जो पॉइंट्स टेबल तैयार होगी, वह सभी के लिए फेयर रहेगी, क्योंकि अगर किसी टीम ने दो मैचों की सीरीज 2-0 से जीत ली तो उसे 100 फीसदी पॉइंट मिलेंगे, लेकिन किसी ने पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीती तो उसके पॉइंट्स सिर्फ 20 फीसदी ही रहेंगे। ऐसे में टेस्ट सीरीज जीतने के मायने नहीं रहते। अगर सीरीज दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर भी रहती है तो भी 50 फीसदी पॉइंट टीमों को मिलते हैं। ऐसे में ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाली टीम तो फिर फाइनल खेलेंगी ही नहीं। ऐसा ही इस समय इंग्लैंड के साथ हो रहा है, जिसको लेकर उनकी टीम के कप्तान बेन स्टोक्स भी आवाज उठा चुके हैं।

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