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आज दंगा-दंगाई दोनों गायब, अब बेटी सुरक्षित और व्यापारी भी

लखनऊ/हरिद्वार  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक समय था, जब विरासत को कोसा जाता था, अपमानित किया जाता था, लांछित किया जाता था। राम भक्तों पर गोलियां चलती थीं, उनका अपमान किया जाता था। लेकिन, यह रामभक्तों का नहीं, भारत की विरासत का अपमान होता था, भारत के आध्यात्मिक मूल्यों का अपमान होता था। इसका परिणाम यह निकला कि उत्तर प्रदेश अराजकता का अड्डा बन गया, लूट का अड्डा बन गया और दंगों की आग में झुलसने लगा। गुंडागर्दी भी चरम पर, ना बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी। हमारी सरकार में विरासत का सम्मान हुआ तो बेटी सुरक्षित हो गई और व्यापारी भी। आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था के रूप में भी आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी शुक्रवार को हरिद्वार में आयोजित स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की श्री विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में न अराजकता है, न फसाद है, न गुंडागर्दी है। न कर्फ्यू है, न दंगा है – यूपी में अब सब चंगा है। दंगा और दंगाई, दोनों गायब हो गए हैं। कर्फ्यू दंगाइयों पर लग गया है। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि नीति स्पष्ट थी, नीयत साफ थी। कोई सोचता था कि  500 वर्षों के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा? लेकिन, आज भव्य राम मंदिर बन गया। आश्रम से मिला एमबीए का वास्तविक ज्ञान मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि बिना किसी औपचारिक प्रशासनिक अनुभव के आप उत्तर प्रदेश कैसे चला रहे हैं,  तो मेरा उत्तर होता है कि आश्रम व्यवस्था से जुड़ा हूं। प्रशासन कैसे चलाना है, प्रबंधन कैसे करना है, भारत का संन्यासी आश्रम पद्धति से सीखता है। प्रशासन हमारे संस्कारों व जींस का हिस्सा है। एमबीए की वास्तविक शिक्षा तो भारतीय आश्रम पद्धति से ही मिलती है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश आज अराजकता से निकलकर विकास और सुशासन का मॉडल बनकर उभरा है। भारत की प्रशासनिक, आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति की जड़ें, आश्रम व गुरुकुल परंपरा में हैं। जहां कृषि, खगोल विज्ञान, आयुर्वेद, शिल्प व प्रशासन जैसे विषयों का केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है। जीवन से जुड़े हर प्रश्न का उत्तर मिलता है।  माघ मेले में अब तक 21 करोड़ श्रद्धालुओं का स्नान सीएम योगी ने बताया कि माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा चुके हैं। यहां पहले केवल अव्यवस्था देखने को मिलती थी, लेकिन आज अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, हरिद्वार, बदरीनाथ धाम व केदारनाथ धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्र बने हैं। भारत राष्ट्र यहीं से शक्ति प्राप्त करता है, और जब हमने इन आस्था केंद्रों को सम्मान के साथ आगे बढ़ाया, संरक्षित करने का काम किया, परिणाम भी सामने आया है। लंबे समय तक बीमारू रहा उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर लगातार प्रगति पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा जन्म इसी देवभूमि उत्तराखंड में हुआ है। वर्ष 1982 में भारत माता मंदिर के भव्य लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व सर संघचालक बालासाहब देवरस, दोनों की उपस्थिति रही। यह स्पष्ट करता था कि राष्ट्राध्यक्ष के प्रति हमारा सम्मान सदैव रहेगा, लेकिन मूल्यों के साथ कभी कोई समझौता नहीं होगा। जब देश विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहा था, तब पूज्य स्वामी जी महाराज ने भारत माता मंदिर के भव्य निर्माण और उसके लोकार्पण के माध्यम से पूरे देश के सामने आध्यात्मिक नेतृत्व का चिरस्थायी स्मारक समर्पित किया। न जाति का भेद और न धर्म का अंतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड के चार धाम भारत की चेतना के आधार हैं। जब हम लोग बचपन में हरिद्वार आते थे, तो सबके मन में यह भाव रहता था कि हरि की पैड़ी में स्नान करना है और भारत माता मंदिर के दर्शन भी करने हैं। यहां न जाति भेद था और न धर्म का कोई अंतर। भारत माता मंदिर में पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक, पूरे भारत का स्वरूप प्रतिबिंबित किया गया। यह उस समय की सबसे ऊंची (हाई-राइज) इमारत भी थी। मेरा सौभाग्य है कि देश के भीतर पिछले 11 वर्षों में हमने व्यापक परिवर्तन देखा है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज से लेकर केदारपुरी और बदरीनाथ से हरिद्वार तक, विकास की एक लंबी गाथा विरासत को संजोते हुए बढ़ रही है। यह नए भारत निर्माण की वही गाथा है, जिसका सैकड़ों वर्षों से वर्तमान पीढ़ी को इंतजार था। यह पीढ़ी यह सोच रही थी कि क्या हमारी भावनाओं के अनुरूप भारत का निर्माण हो पा रहा है या नहीं। एक प्रकार की असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। उस असमंजस से उबरने का कार्य पिछले 11 वर्षों में हमने स्पष्ट देखा है। भारत ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब हम भारत की बात करते हैं, तो भारत केवल एक भौगोलिक टुकड़ा मात्र नहीं है। भारत ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र है। यह किसी सत्ता की उपज नहीं है, बल्कि ऋषि परंपरा की तपस्या से निकली शाश्वत चेतना का केंद्र बिंदु है। भारत का उच्चतम न्यायालय भी इस मंत्र को अंगीकार करता है कि जहां धर्म है, वहीं विजय है। धर्म और विजय का यह शाश्वत स्वरूप हमें यह आभास कराता है कि धर्म कभी कमजोर नहीं होता, बल्कि उसे जानबूझकर कमजोर किया जाता है। इतिहास साक्षी है कि जो राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह न तो वर्तमान को सुधार पाता है और न ही भविष्य को सुरक्षित रख पाता है। वैदिक भारत आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक रहा है। आक्रांताओं के आने से पहले भारत कोई अविकसित या उपेक्षित भूभाग नहीं था, बल्कि एक पूर्ण विकसित सभ्यता और समृद्ध संस्कृति था। यह राष्ट्र हमारे ऋषियों की तपस्या, किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से खड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2000 वर्ष पहले, जिसे हम भारत का स्वर्ण युग कहते हैं, उस समय विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी। इसी प्रकार आज से करीब 400 वर्ष पहले भी विश्व … Read more

रामलला के सामने सिंहासन भी छोटा, राम मंदिर के लिए अगर सत्ता भी गंवानी पड़े तो कोई दिक्कत नहीं- सीएम योगी

अयोध्‍या रामनगरी अयोध्‍या पहुंचे मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने कहा कि उनकी तीन पीढ़ियां श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए पूरी तरह से समर्पित थीं। सीएम ने कहा कि अगर राम मंदिर के लिए उन्हें सत्ता भी खोनी पड़ी तो कोई समस्या नहीं होगी। सरकारी तंत्र नौकरशाही की गिरफ्त में है और उस नौकरशाही में एक बड़ा वर्ग था जो कहता था कि सीएम के तौर पर अयोध्या जाने से विवाद पैदा होगा। मैंने कहा कि अगर विवाद होना है तो होने दो। लेकिन हमें अयोध्या के बारे में सोचने की जरूरत है। फिर, एक और वर्ग था जिसने कहा कि अगर मैं वहां गया, तो राम मंदिर के बारे में बात होगी। मैंने पूछा कि क्या मैं यहां सत्ता के लिए आया हूं। उत्तर प्रदेश के सीएम ने आगे दीपोत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि आज अयोध्या में यह एक महोत्सव बन गया है। सीएम ने कहा, ‘मैंने अवनीश अवस्थी से कहा कि चुपचाप वहां जाएं और देखें कि वहां दीपोत्सव कैसे आयोजित किया जा सकता है। वह अयोध्या आए, एक सर्वे किया और कहा कि दीपोत्सव वास्तव में आयोजित किया जाना चाहिए। अब, दिवाली से पहले दीपोत्सव एक महोत्सव की तरह हो गया है। अयोध्या का दीपोत्सव अयोध्या का एक महोत्सव , एक समाज, एक उत्सव बन गया है। बड़ी संख्या में लोग दीपोत्सव में भाग लेने के लिए यहां आते हैं। इतना ही नहीं राज सदन में कल्चरल प्रोग्राम के उद्घाटन के बाद मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर को लेकर एक बड़ा बयान भी दे दिया. उन्होंने कहा कि हमारी तीन पीढ़ियों ने श्रीराम जन्मभूमि के लिए संघर्ष किया. हम सत्ता के लिए नहीं आए हैं. अगर राम मंदिर के लिए सत्ता गंवानी भी पड़ी तो कोई समस्या नहीं है. सीएम योगी ने कहा कि दीपोत्सव शुरू किया तो अनेक थी चुनौती. ऐसी धारणा थी कि मुख्यमंत्री के रूप में अयोध्या जाने से विवाद खड़ा होता है. एक वर्ग ऐसा था जिसने कहा कि आप जाएंगे तो राम मंदिर की बात होगी. हमने कहा सत्ता के लिए कौन आया था. अगर राम मंदिर के लिए सत्ता भी गंवानी पड़ी तो नहीं होनी चाहिए . योगी ने पीएम मोदी को दिया धन्यवाद सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि विरासत और विकास के प्रधानमंत्री के पीएम के दृष्टिकोण ने श्रद्धालुओं के लिए श्री राम मंदिर के दर्शन करना संभव बनाया है। यूपी सीएम ने कहा, ‘आज लाखों श्रद्धालु अयोध्या आते हैं , पहले लोग यहां आना चाहते थे लेकिन नेतृत्व की कमी के कारण लोग नहीं आते थे। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं जिन्होंने विरासत और विकास को एक साथ जोड़ दिया।’ यूपी सनातन भूमि का आधार- सीएम योगी उत्तर प्रदेश के सीएम ने कहा कि अयोध्या भारत की सनातन भूमि का आधार है। सीएम ने कहा, ‘लंबे समय से यह सनातन धर्म की प्रेरणा रही है। अयोध्या संस्कृति की सबसे पहली भूमि है। इसी अयोध्या में भगवान विष्णु के अवतार भगवान राम का जन्म हुआ था। भगवान राम की भूमि पर आयोजित होने वाला कार्यक्रम अद्भुत है। सीएम योगी ने कहा कि यह ‘नए भारत’ का ‘नया उत्तर प्रदेश’ है, यहां नीति बनाकर बिना भेदभाव के समाज के हर एक तबके के लिए आर्थिक स्वावलंबन के काम किए जा रहे हैं। एक नारे ने बदल दिया देश का सियासी मिजाज।

योगी आदित्यनाथ ने कहा- महाकुंभ को बदनाम करने के लिए विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा, विपक्ष पर बरसे

महाकुंभ नगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 के समापन के बाद विपक्ष पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ को बदनाम करने के लिए विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा। कोई काहिरा की तो कोई काठमांडू की घटना का वीडियो दिखाकर प्रयागराज को बदनाम करता रहा। सीएम योगी ने कहा कि आस्था का इतना विशाल समागम दुनिया के अंदर कभी नहीं हुआ। 66 करोड़ 30 लाख श्रद्धालु किसी आयोजन का हिस्सा बने और कोई अपहरण की घटना नहीं, कोई लूट की घटना नहीं, कोई छेड़छाड़, कोई दुष्कर्म की घटना नहीं, कोई भी ऐसी घटना नहीं, जिसके बारे में कोई सवाल उठा सके। दूरबीन लगाकर, माइक्रोस्कोप लगाकर भी ऐसी घटना को ढूंढा नहीं जा सकता। हालांकि, फिर भी विरोधियों ने दुष्प्रचार का कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिनको आस्था का यह समागम अच्छा नहीं लगा, उन्होंने कोई मौका नहीं छोड़ा। मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालु यहां पर थे, हमारी प्राथमिकता थी कि इन श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कर उनके गंतव्य की ओर प्रस्थान कराया जाए। लेकिन, विरोधी लगातार दुष्प्रचार कर रहे थे, बदनाम कर रहे थे। उनकी भाषा अपमानित करने वाली थी। कोई काहिरा की तो कोई काठमांडू की घटना का दृश्य दिखाकर प्रयागराज को बदनाम कर रहा था। पहले की सरकारों ने भारत की आस्था का सम्मान नहीं किया। उन्होंने महाकुंभ के माध्यम से अर्थव्यवस्था में आई मजबूती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ ने आस्था और आर्थिकी का एक नया संदेश दिया। भगवान वेद व्यास ने 5,000 साल पहले ही कहा था कि मैं बाहें उठा करके चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा हूं कि धर्म के मार्ग पर चलो, धर्म से ही अर्थ और कामनाओं की पूर्ति हो सकती है। प्रयागराजवासियों ने भगवान वेदव्यास की इस वाणी को सत्य साबित कर दिया। लाखों रोजगार मिले, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक नया आयाम छूने के लिए उतावली दिखाई दे रही है। सीएम योगी ने कहा कि आज आस्था के साथ नई अर्थव्यवस्था का जो आधार बना है, वह अद्भुत है। यहां आने के लिए दुनिया चकित और लालायित है। केवल भारत ही नहीं, दुनिया के अंदर एक दर्जन देशों के मंत्री या राष्ट्राध्यक्ष भी इस आयोजन का हिस्सा बने और 74 देशों के एंबेसडर और हाई कमिश्नर भी यहां आए। पहली बार 80 से अधिक देशों के लोग इस आयोजन में भागीदार बने। जो आया, वह अभिभूत होकर गया।

योगी ने कहा- कुंभ में ऐसे लोगों का स्वागत है जो अपने गोत्र को भारत के ऋषियों के नाम से जोड़कर देखते हैं

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इसकी तैयारी बड़े ही जोर-शोर से की जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। वह बार-बार प्रयागराज का दौरा कर रहे हैं। इस सबके बीच इस बात की चर्चा थी कि कुंभ के दौरान यहां मुसलमानों की एंट्री बैन कर दी गई है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। जब योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर पूछा गया तो उन्होंने साफ-साफ कहा कि जिस किसी को भी भारत की सनातन परंपरा में आस्था है वह यहां आएं। हालांकि उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कह दिया कि गलत मानसिकता से लोग यहां नहीं आएं। कुछ भी गलत करते हुए पकड़े जाने पर उनके साथ दूसरे तरीके से व्यवहार हो सकता है। योगी आदित्यनाथ ने कुंभनगरी में मुसलमानों का स्वागत करते हुए शर्तें भी लगा दी हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान ऐसे ही लोगों का स्वागत है जो अपने को भारतीय मानते हों। सनातन परंपरा में श्रद्धा रखते हैं। जिन्हें ऐसा लगता है कि भूतकाल में किसी दबाव में आकर उनके पूर्वजों ने उपासना विधि के रूप में इस्लाम स्वीकार किया था, लेकिन वे सनातनी हैं तो उनका कुंभ में स्वागत हैं। योगी ने कहा कि कुंभ में ऐसे लोगों का स्वागत है जो अपने गोत्र को भारत के ऋषियों के नाम से जोड़कर देखते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे लोग प्रयागराज आएं और परंपरागत तरीके से संगम में स्नान करें। ऐसे लोगों के आने में कोई समस्या नहीं हैं। योगी आदित्यनाथ वक्फ बोर्ड के दावों का जवाब देते हुए कहा कि अगर कोई आएगा और कहेगा कुंभ की यह भूमि हमारी है और हम लोग इस पर कब्जा करेंगे तो मुझे लगता है कि उनको ‘डेंटिंग-पेंटिंग’ का सामना करना पड़ सकता है। अखाड़ों के संतों के साथ योगी का डिनर वहीं, योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज दौरे के पहले दिन साधु संतों के साथ रात्रि भोज किया और उन्हें उपहार भी भेंट किया। रात्रि भोज में सभी अखाड़ों, खाकचौक, दंडीबाड़ा और आचार्यबाड़ा के संत उपस्थित रहे। इस रात्रि भोज कार्यक्रम में जूना, निरंजनी, उदासीन बड़ा, निर्मल, तीनों वैष्णव अखाड़े (निर्मोही, दिगंबर, निर्वाणी), अग्नि, आवाहन, अटल एवं आनंद अखाड़े के संत भी शामिल रहे। साथ ही खाकचौक से संतोष दास (सतुआ बाबा) भी इस दौरान उपस्थित रहे। साधु संतों ने मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुष्प वर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया।

विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में परम्परागत छात्रसंघ की बजाय युवा संसद को प्रमोट करना चाहिए: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में परम्परागत छात्रसंघ की बजाय युवा संसद को प्रमोट करना चाहिए, जिससे नई पीढ़ी को आगे बढ़ाया जा सके। अपने सरकारी आवास पर 28वें युवा उत्सव-2025 में उत्तर प्रदेश के प्रतिभागी दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के अवसर पर उन्होने कहा युवाओं को संवाद में माहिर होने का मंत्र दिया और कहा कि सार्वजनिक जीवन में संवाद की कला अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजनेता वही सफल हो सकता है, जिसमें संवाद की कला हो। यदि वह संवाद में माहिर नहीं है तो सफल राजनेता नहीं हो सकता है। श्री योगी ने कहा कि यह देखना होगा, हम जिस भी क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, उसमें युवाओं की क्या भूमिका होगी। नेतृत्व का गुण, समाज और अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के प्रति संवेदना होनी चाहिए। कोई भी राजनेता, प्रशासन, पुलिस अधिकारी, अन्नदाता किसान, प्रगतिशील किसान, युवा उद्यमी समेत किसी भी क्षेत्र में कार्य करे, लेकिन उसके मन में राष्ट्रीयता, मातृभूमि के लिए प्यार, जनता व नागरिकों के प्रति संवेदना नहीं है तो उसकी प्रगति का कोई मायने नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जनवरी की तिथि युवा उत्सव के रूप में आती है, क्योंकि यह युवा ऊर्जा के धनी व वैश्विक पटल पर भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व युवा शक्ति को पहचान दिलाने वाले स्वामी विवेकानंद की पावन जयंती है। पीएम मोदी की प्रेरणा से पिछले कई वर्षों से युवा उत्सव का कार्यक्रम दिल्ली में होता है। इसमें अनेक कार्यक्रमों में भागीदार बनकर युवाओं को पूरे देश को जानने-सीखने का अवसर प्राप्त होता है। इस वर्ष प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री का सानिध्य व संवाद का क्षण भी प्राप्त होगा। उन्होने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने कुछ लक्ष्य रखे थे। इसमें विकसित भारत भी था। विकसित भारत में युवाओं की ऊर्जा कैसे सहायक हो सकती है। सीएम ने युवाओं से कहा कि 22/23 साल बाद जब देश शताब्दी वर्ष मना रहा होगा, तब आप भी अलग-अलग क्षेत्र में कार्य कर रहे होंगे। तब ध्यान रखना होगा कि उस समय कैसा भारत चाहिए, उस भारत के निर्माण की कार्ययोजना में कौन कौन से पहलू होंगे। जिन्हें हम आगे बढ़ाकर लेकर चल सकते हैं। विकसित भारत में युवाओं की भी क्या भूमिका होगी, इसे भी हमें देखना होगा।उन्होने कहा 63 युवा उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करके राष्ट्रीय महोत्सव का हिस्सा बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश के विकास व विरासत की इस यात्रा में युवा भी सहभागी बने हैं। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले सात-आठ वर्ष में विकास की यात्रा को तेजी से आगे बढ़ाया है। 10 वर्ष पहले लोग खुद को उत्तर प्रदेश का वासी कहने में संकोच करते थे। यहां सुरक्षा नहीं, बल्कि दंगा, अराजकता व गुंडागर्दी थी। उप्र आबादी में नम्बर एक लेकिन विकास के पायदान पर पीछे था,अर्थव्यवस्था में छठवें-सातवें पायदान पर था। उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में पिछड़ा था, लेकिन सात-आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में खड़ा है। इसके पीछे की सफलतम कहानी को जिन्होंने नजदीक से देखा है, वे वर्तमान व भावी पीढ़ी को अवगत कराएं, जिससे उन्हें भी प्रगति के सही मानक की जानकारी हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि युवा उत्तर प्रदेश की अमिट छाप को छोड़ने में सफल होंगे। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों, वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट की प्राचीन विधा (जो कौशल विकास का अद्भुत उदाहरण था) उसे भी प्रस्तुत करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट वह नहीं है, जो केवल आज हम देख रहे हैं, स्किल डेवलपमेंट वह भी था, जिसने कभी मुरादाबाद को ब्रास, अलीगढ़ को हार्डवेयर, फिरोजाबाद को ग्लास, लखनऊ को चिकन कारी, मेरठ को स्पोर्ट्स आइटम, भदोही की कालीन, सहारनपुर को वुडन वर्क, वाराणसी के रेशम वस्त्र को मौका दिया। ये सभी प्राचीन विरासत के प्रतीक हैं, जिसे सरकार वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट के रूप में प्रमोट कर रही है। कौशल विकास की इस विधा को हम विरासत के रूप में आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, अमरेश कुमार आदि मौजूद रहे।  

दुनिया के अंदर सनातन धर्म ही ऐसा धर्म है, जिसने हर मत मजहब को विपत्ति के समय शरण दी है: योगी आदित्यनाथ

अयोध्या यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ आज यानी शुक्रवार को रामनगरी अयोध्या के दौरे पर हैं। 11 बजकर 10 मिनट पर सीएम योगी हेलीपैड रामकथा पार्क पहुंचे। अपने अयोध्या दौरे के दौरान उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन करने के बाद रामलला के दर्शन किए। साथ ही शर्फी भवन पर हो रहे पंचायतन महायज्ञ में भी शामिल हुए। मंदिर-मस्जिद मुद्दे को लेकर सीएम योगी का बयान शर्फी भवन में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर-मस्जिद मुद्दे को लेकर बड़ा बयान दे दिया। उन्होंने कहा, ‘विश्व मानव सभ्यता को बचाना है तो सनातन का सम्मान करना होगा। हमारे ऋषि-मनीषियों ने हजारों वर्ष पहले वसुधैव कुटुम्बकम की बात कही। दुनिया के अंदर सनातन धर्म ही ऐसा धर्म है, जिसने हर मत मजहब को विपत्ति के समय शरण दी है।’ सीएम योगी ने आगे कहा,’क्या कभी ऐसा हिंदुओं के साथ हुआ है? क्या हुआ बांग्लादेश में, उससे पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान में क्या हुआ था! कभी काशी विश्वनाथ धाम, कभी अयोध्या में, कभी संभल में कल्कि अवतार की हरिहर भूमि तो कभी भोजपुर में। हर समय हिंदुओ के मंदिरों को तोड़ा गया।’ रिक्शा चला रहा था औरंगजेब का खानदान वहीं औरंगजेब पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा,’ औरंगजेब का खानदान पता चला कोलकाता के पास रिक्शा चला रहा था। कभी उसने ईश्वर की दुर्गति नहीं की होती तो उसकी औलादों को ये दिन न देखना पड़ता।’ बता दें कि यहां से निकलकर सीएम योगी सरयू अतिथि गृह पहुंचे हैं। यहां सीएम महाकुंभ और रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के वर्षगांठ महोत्सव के साथ मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं। बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, खाद्य रसद मंत्री सतीश शर्मा, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर और खेलकूद मंत्री गिरीश यादव शामिल हैं।

प्रयागराज महाकुंभ के 45 दिन के दौरान प्रदेश सरकार 100 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए तैयारी कर रही है: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ के 45 दिन (13 जनवरी से 26 फरवरी) के दौरान 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार 100 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए तैयारी कर रही है। सरकार का अनुमान है कि 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर मुख्य मुहूर्त में प्रयागराज में छह करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे, लेकिन तैयारी 10 करोड़ की होगी। महाकुंभ के लिए 12 किमी की लंबाई में घाट तैयार किए जा रहे हैं। कुल 10 हजार एकड़ क्षेत्रफल में कुम्भ का विस्तार किया गया है। यहां चार धाम के भी दर्शन होंगे। द्वादश ज्योतिर्लिंग और अन्य प्रमुख ज्योतिर्लिंग के भी दर्शन होंगे। प्रयागराज कुम्भ, खोया-पाया के बारे में एआई टूल, भाषिणी ऐप के माध्यम से देश की 11 भाषाओं में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कुंभ में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की गिनती भी सरकार के पास होगी। जीरो लिक्विड डिस्चार्ज, 1.50 लाख शौचालय, सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री कुंभ होगा। यह महाकुंभ उत्तर प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के रोडमैप को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शक होगा। संभल के मुद्दे पर भी उन्होंने बड़ी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में चर्चा संविधान के 75 साल की गौरवशाली यात्रा पर हो रही थी और मुद्दा संभल का उठ रहा था। उन्हीं के समय में 46 वर्ष पहले संभल में जिस मंदिर को बंद कर दिया गया, वह मंदिर फिर से सबके सामने आ गया और इनकी वास्तविकता को सबके सामने प्रस्तुत कर दिया। संभल में इतना प्राचीन मंदिर, बजरंग बली की प्राचीन मूर्ति और ज्योतिर्लिंग रातों-रात तो नहीं आई। उन्होंने कहा कि 46 वर्ष पहले जिन दरिंदों ने संभल के अंदर नरसंहार किया था, उन्हें आज तक सजा क्यों नहीं मिली। संभल में जिनकी निर्मम हत्या हुई, उन निर्दोषों का क्या कसूर था। जो भी सच बोलेगा, उसे धमकी दी जाएगी, मुंह बंद कराने का प्रयास होगा। ये लोग कुम्भ के बारे में भी दुष्प्रचार का कुत्सित प्रयास करेंगे। सीएम योगी ने कहा कि जिसने भी 2019 का कुम्भ देखा, उन्हें लगा होगा कि यहां लीक से हटकर कार्य हुआ है। पहली बार प्रयागराज में स्वच्छ-सुरक्षित और सुव्यवस्थित कुम्भ देखने को मिला। जो कुम्भ गंदगी, भगदड़, अव्यवस्था, असुरक्षा का प्रतीक बन गया था, वही प्रयागराज कुम्भ 2019 में दिव्य और भव्य बना। महाकुंभ-2025 में आस्था और आधुनिकता का संगम भी दिखाई देगा। सीएम ने इशारों में कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 9 नवंबर 2019 को उच्चतम न्यायालय ने श्रीराम जन्मभूमि से संबंधित फैसला दिया, जिससे विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो गया। लेकिन वे लोग आज भी जज को धमकी देते हैं। यह वही लोग हैं, जो संविधान के नाम पर पाखंड कर रहे हैं। राज्यसभा के सभापति (उप राष्ट्रपति) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उनकी आवाज को दबाना चाहते हैं। सभापति ने कर्तव्यों के निर्वहन की बात की और कहा कि सदन चलना चाहिए। जनता से जुड़े मुद्दे सदन में रखे जाने चाहिए। इस पर इन लोगों (विपक्षियों) ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस दिया। निष्पक्ष चुनाव कराने के कारण चुनाव आयोग और सच कहने के कारण इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति को कठघरे में खड़ा किया गया। वे लोग उच्च सदन में महाभियोग का प्रस्ताव लेकर आ जाते हैं, यानी सच बोलने और देश की विरासत की चर्चा करने वाले हर व्यक्ति को यह लोग धौंस-धमकी दिखाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनता तो एयरपोर्ट, रेल की डबल लाइन, कनेक्टिविटी नहीं हो पाती। आमजन खुश है, श्रद्धालु कृतज्ञता ज्ञापित करता है, लेकिन देश के संविधान का गला घोंटकर इसमें चोरी से सेक्युलर शब्द डालने वाले लोग अपने घर में शोक मना रहे हैं। उन्हें काशी, अयोध्या के आध्यात्मिकता और विकास से परेशानी है। उन लोगों ने दशकों तक शासन किया, लेकिन कुछ कर नहीं पाए। अब अपने निकम्मेपन पर हम लोगों को कोस रहे हैं। अपनी अकर्मण्यता का दोष हमारी सफलता को कोसकर दे रहे हैं। हमें उनकी मानसिकता को देखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास है कि इसी बहाने प्रयागराज का कायाकल्प हो। पहली बार संगम में पक्के घाट के दर्शन होंगे। पहली बार गंगा नदी पर रिवर फ्रंट देखने को मिलेगा। संगम का जल निर्मल और अविरल भी होगा। अक्षयवट कॉरिडोर में श्रद्धालु वर्ष भर दर्शन कर सकेंगे। सरस्वती कूप का कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया है। बड़े हनुमान जी मंदिर, महर्षि भारद्वाज आश्रम कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया। श्रृंगवेरपुर में भी भगवान राम और निषादराज की गले मिलते हुए 56 फीट ऊंची मूर्ति व कॉरिडोर का लोकार्पण पीएम के करकमलों से हो चुका है। प्रयागराज के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हो रहा है। 216 से अधिक मार्ग ऐसे हैं, जो सिंगल से डबल, डबल से फोर लेन, फोर लेन से सिक्स लेन कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के समक्ष सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में नाइट सफारी पार्क एवं जू का प्रस्तुतिकरण किया गया

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि दिसंबर 2026 में उत्तर प्रदेश देश को पहली नाइट सफारी का उपहार देगा। राजधानी लखनऊ में बनने जा रही यह नाइट सफारी देश और दुनिया के प्रकृति प्रेमियों के लिए एक नया गंतव्य होगा। यह दुनिया की पांचवीं नाइट सफारी होगी। मुख्यमंत्री के समक्ष मंगलवार को उनके सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्तावित कुकरैल नाइट सफारी पार्क एवं जू का प्रस्तुतिकरण किया गया। सीएम योगी ने कहा कि निर्माण कार्य हर हाल में जून 2026 तक पूरा कर लिया जाए। नाइट सफारी और जू के लिए वन्य जीवों के लाने की समुचित व्यवस्था प्रारंभ कर दी जाए। नाइट सफारी और जू की इकोनॉमी के लिए सस्टेनेबल मॉडल विकसित किया जाए। 72 फीसदी एरिया में ग्रीनरी विकसित की जाए और यहां सौर ऊर्जा प्रकल्पों को भी स्थान दिया जाए। सीएम योगी ने कहा कि नाइट सफारी प्रोजेक्ट राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसके निर्माण के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली से अनुमति प्राप्त हो गई है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में दिसंबर 2026 में देश को पहली नाइट सफारी का उपहार मिल जाएगा। नाइट और डे सफारी का निर्माण चरणबद्ध रूप से होगा। लखनऊ में यह लगभग 900 एकड़ से अधिक में फैली होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरैल नाइट सफारी का निर्माण हो जाने के पश्चात यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर आ जाने के फलस्वरूप विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगी। कुकरैल नाइट सफारी परियोजना को लखनऊ स्थित अन्य पर्यटन स्थलों से भी जोड़ा जाएगा। नाइट सफारी के 72 फीसदी एरिया को ग्रीनरी में विकसित किया जाए। सीएम योगी ने कहा कि जानवरों को चिह्नित करने, यहां लाने व क्वारंटीन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाए। कुकरैल नाइट सफारी परियोजना के अंतर्गत ईको टूरिज्म जोन भी विकसित किया जाएगा। सौर ऊर्जा के प्रकल्पों को स्थान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि यहां क्वारंटीन सेंटर, वेटनरी हॉस्पिटल, पोस्ट ऑपरेशन व ऑपरेशन थियेटर की भी समुचित व्यवस्था हो। यहां कैफेटेरिया, 7 डी थियेटर, ऑडिटोरियम, पार्किंग आदि की भी सुविधा हो। एडवेंचर जोन के तहत सुपरमैन जिपलाइन, आर्चरी, जिप लाइन, बुरमा ब्रिज, पैडल बोट, स्काई रोलर, फाउंटेन, किड्स एक्टिविटी के लिए जंगल एनिमल थीम, स्काई साइकिल आदि विकसित किया जाए। डे सफारी का विस्तार दूसरे चरण में होगा। बैठक में प्रदेश सरकार के वन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, शासन व वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। नाइट-डे सफारी की विशेषता :- नाइट सफारी क्षेत्र में इंडियन वॉकिंग ट्रे, इंडियन फुटहिल, इंडियन वेटलैंड, एरिड इंडिया व अफ्रीकन वेटलैंट की थीम पर विकसित किए जाने वाले क्षेत्र मुख्य आकर्षण होंगे। पर्यटकों द्वारा नाइट सफारी पार्क के अवलोकन हेतु 5.5 किमी. ट्रामवे तथा 1.92 किमी. का पाथवे माध्यम से किया जाएगा। नाइट सफारी में मुख्यत: एशियाटिक लॉयन, घड़ियाल, बंगाल टाइगर, उड़न गिलहरी, तेंदुआ, हॉयना आदि मुख्य आकर्षण होंगे। कुकरैल नााइट सफारी परियोजना के अंतर्गत विश्व स्तरीय वन्य जीव चिकित्सालय व रेस्क्यू सेंटर का निर्माण भी प्रस्तावित है। कुकरैल वन क्षेत्र में स्थापित होने वाले जू में कुल 63 इनक्लोजर बनाए जाएंगे। जू में सारस क्रेन, स्वांप डियर, हिमालयन भालू, साउथ अफ्रीकन जिराफ, अफ्रीकन लॉयन व चिंपाजी मुख्य आकर्षण होंगे। जू को अफ्रीकन सवाना, इनक्रेडिबल इंडिया, इंजीनियर्ड वेटलैंड नामक थीम क्षेत्रों पर विकसित किया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ रैलियों में ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा देते आ रहे हैं, लेकिन कुछ इसका समर्थन कर रहे कुछ विरोध

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में सियासी हलचल मची हुई है. इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमरावती में रैली के दौरान बंटेंगे तो कटेंगे का नारा दिया है. देश में यह नारा चर्चा का विषय बना हुआ है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस नारे का कुछ नेता समर्थन कर रहे हैं तो कुछ इसके खिलाफ में नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में एनसीपी चीफ अजित पवार ने भी इस बयान का विरोध किया है. अजित पवार ने किया विरोध महाराष्ट्र चुनाव में प्रचार के दौरान PM मोदी ने ‘एक हैं तो सेफ हैं’ का नारा दिया था. वहीं, योगी आदित्यनाथ भी लगातार अपनी रैलियों में ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा देते आ रहे हैं. लेकिन अब महायुति के ही साथी अजित पवार ही इस पर लगातार सवाल उठा रहे हैं. इससे पहले अजित पवार ने कहा था कि महाराष्ट्र शिवाजी, आंबेडकर, शाहू जी महाराज की धरती है. इस बयान महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा,”राज्य में बाहर के लोग आकर ऐसी बातें बोल जाते हैं.  दूसरे राज्यों के बीजेपी सीएम तय करें कि उन्हें क्या बोलना है. हम भले ही महायुति में एक साथ काम कर रहे हैं, लेकिन हमारी पार्टियों की विचारधारा अलग-अलग है. हो सकता है ये दूसरों में चलता हो, लेकिन महाराष्ट्र में ये काम नहीं करता.” संजय निरूपम ने किया समर्थन इसी कड़ी में शिवसेना (शिंदे गुट) नेता संजय निरूपम ने योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा, “योगी आदित्यनाथ कह रहे हैं कि अगर आप बिखर जाओगे तो आप कमजोर हो जाओगे. अगर आप एक रहेंगे तो मजबूत रहेंगे.  उन्होंने आगे कहा, “अजित दादा अभी समझ नहीं रहे हैं,आगे समझ जाएंगे. ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ ये लाइन महाराष्ट्र में बिल्कुल चलेगी. अजित दादा को समझना पड़ेगा. सीएम योगी कोई गलत बात नहीं कर रहे हैं, इसे समझने में कुछ लोगों को समय लग सकता है. JDU ने भी उठाए सवाल जेडीयू के एमएलसी गुलाम गौस ने भी इस नारे को लेकर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था “देश को अब इस तरह के नारे की जरूरत नहीं है. हम लोग तो एकजुट हैं. इस नारे की जरूरत उन लोगों को हैं, जिन्हें  एक संप्रदाय के नाम पर वोट चाहिए.  जब देश का प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, गृह मंत्री सब हिन्दू हैं, तो फिर हिन्दू कैसे असुरक्षित हो गए? यह जवाब बीजेपी दे.  

योगी आदित्यनाथ बोले- जातियों में ना बंटिए, ऐसा करने पर पत्थरबाज झाड़ू लगाते हुए दिखाई देंगे

झारखंड उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को झारखंड में ताबड़तोड़ रैलियां कीं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदावरों के लिए वोट मांगा। बरकागांव विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने जातियों में ना बंटने की अपील करते हुए जनता से अपनी ताकत का अहसास कराने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर पत्थरबाज झाड़ू लगाते हुए दिखाई देंगे। यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में जिस तरह डेमोग्राफी बदली जा रही है, आने वाले समय में लोग अपने घर में शंख और घंटी नहीं बजा पाएंगे। योगी ने कहा कि पत्थरबाज पहले कश्मीर में भी थे। याद करना आज सभी पत्थरबाज राम नाम सत्य है की यात्रा में जा चुके हैं। 2017 के पहले ये यूपी में भी थे। इनका आका उत्तर प्रदेश को लूटते थे, कोई खनन माफिया के रूप में कोई भूमाफिया के रूप में, कोई संगठित माफिया के रूप में लूट मचाते थे। ये पर्व त्योहारों में विघ्न-बाधा डालते थे। पत्थरबाज या तो यूपी छोड़ चुके हैं या जहन्नुम की यात्रा चुके हैं। अन्याय और अत्याचार को जन्नत कहां मिलेगा, उसके लिए तो जहन्नुम की यात्रा ही होनी है। अब उत्तर प्रदेश में पर्व त्योहार में कोई विघ्न बाधा नहीं होती है। योगी ने कहा, ‘ताकत का अहसास कराइए और ताकत का अहसास कराएंगे तो ये पत्थरबाज आपके लिए सड़कों पर झाड़ू लगाकर रास्ता साफ करते हुए दिखाई देंगे। यह बजरंगी पताखा हर घर में दिखाई देगी। इस ताकत का अहसास कराने के लिए ही यह चुनाव आपके पास है। बंटिए मत जातियों में। जाति के नाम पर बांटने वाले लोग वही हैं जो आपको जाति, क्षेत्र और भाषा के रूप में बाटेंगे और जब आप पर संकट आएगा तो कोई आपके साथ खड़ा नहीं होगा। यही कांग्रेस करती आई है लगातार 1947 से, यही कांग्रेस ने देश को जख्म दिए। यह आरजेड़ी ने बिहार और झारखंड मुक्ति मोर्चा झारखंड के साथ कर रही है।’ यूपी के सीएम ने ‘कटेंगे तो बटेंगे’ नारे को समझाते हुए एक रहने की अपील की तो बांग्लादेशी घुसपैठ से डेमोग्राफी में बदलाव को लेकर सतर्क भी किया। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह झारखंड में घुसपैठ करा रहे हैं और इसी तरह डेमोग्राफी चेंज होती रही। आज ये लोग यात्रा रोक रहे हैं, आने वाले समय में घरों में घंटी और शंख भी नहीं बजाने देंगे। इसलिए आवश्यकता है कि भाजपा को लाइए। एक रहिए और नेक रहिए। मैं तो बार-बार कहता हूं देश का इतिहास गवाह है, जब भी जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बंटे हैं तो निर्ममता से कटे भी हैं। हम बार-बार इस बात को कहते हैं कि जातियों के नाम पर मत बंटिए। ये बांटने वाले लोग देश को धोखा दे रहे हैं।’ योगी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार में बेटी और बहन सुरक्षित नहीं है। माफिया हर जगह हावी हैं। कहीं बांग्लादेशी घुसपैठ कहीं रोहिंग्या घुसपैठ। दुस्साहस की पाराकाष्ठा तब होती है जब पर्व और त्योहार में पथराव किया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी में भी ऐसा होता था लेकिन अब ना कर्फ्यू ना दंगा, यूपी में सब चंगा।

शंकर आई फाउंडेशन देश के अंदर नेत्र रोगियों को नया जीवन देने का प्रतिष्ठित अभियान चला रहा है: सीएम योगी

वाराणसी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से काशी के सेवा और विकास के अभियान में नई कड़ी जुड़ी है। आज उत्तर प्रदेश में शंकर आई हॉस्पिटल की द्वितीय शाखा का उद्घाटन हुआ है। शंकर आई फाउंडेशन देश के अंदर नेत्र रोगियों को नया जीवन देने का प्रतिष्ठित अभियान चला रहा है। पूज्य शंकराचार्य की प्रेरणा से 1977 में चला यह अभियान देश के विभिन्न क्षेत्रों में शंकर आई हॉस्पिटल के माध्यम से लोगों के जीवन में नई रोशनी लाने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने रविवार को वाराणसी में आरजे शंकर नेत्र चिकित्सालय के उद्घाटन समारोह में कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जगद्गगुरु शंकर विजयेंद्र सरस्वती और पीएम मोदी की मौजूदगी में अपनी बातें रखी। सीएम योगी ने कांचिपुरम से काशी तक की इस यात्रा के लिए जगद्गगुरु शंकराचार्य और शंकर आई फाउंडेशन का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की प्रेरणा, मार्गदर्शन व नेतृत्व में काशी 10 वर्ष में न केवल विकास के नए रूप में देखने को मिल रही है, बल्कि काशी ने शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में नित नए प्रतिमान भी रचे हैं। बाबा विश्वनाथ की पावन धरा में विकास व सेवा के नए-नए प्रकल्प जुड़े हैं। यहां 2,500 करोड़ की लागत से स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य हुए हैं। काशी में पं. मदन मोहन मालवीय कैंसर हॉस्पिटल, होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, 430 बेडेड सुपर स्पेशियिलिटी हॉस्पिटल, बीएचयू के अंदर सर सुंदर लाल हॉस्पिटल में 100 बेडेड एमसीएच विंग, ईएसआईसी हॉस्पिटल में 150 बेडेड सुपर स्पेशियिलिटी ब्लॉक का निर्माण हुआ है। सीएम योगी ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय, लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय, शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय का उच्चीकरण, जिला महिला चिकित्सालय कबीरचौरा में 100 बेडेड मैटर्निटी विंग का निर्माण कार्य संपन्न हुआ है। काशी में स्वास्थ्य की बेहतरीन सुविधा के क्रम में आरजे शंकर आई हॉस्पिटल की नवीन इकाई का शुभारंभ हो रहा है। स्वास्थ्य के बड़े हब के रूप में यह काशीवासियों, पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार की बड़ी आबादी की आवश्यकता की पूर्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। सीएम योगी ने कहा कि काशी की तरह उत्तर प्रदेश में भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में 10 वर्ष में बेहतरीन कार्य हुए हैं। हर जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, डायलिसिस-सीटी स्कैन की सुविधा, 15 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लोगों को स्वास्थ्य और ट्रेडिशनल मेडिसिन की बेहतरीन सुविधा मिली। पीएम मोदी के नेतृत्व में यह अभियान यूपी में तेजी से बढ़ रहा है।

हरियाणा की राष्ट्रवादी जनता विकास चुनेगी, समृद्धि चुनेगी, तीसरी बार ‘कमल’ खिलाने के लिए यहां की जनता तैयार है: योगी

हरियाणा विधानसभा चुनाव के प्रचार का आज अंतिम दिन है ऐसे में पार्टी के स्टार प्रचारक ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। इसी कड़ी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरियाणा के कई विधानसभा सीटों पर प्रचार किया। उन्होंने कहा कि सशक्त हरियाणा के लिए भारतीय जनता पार्टी संकल्पित है। राज्य में तीसरी बार ‘कमल’ खिलाने के लिए यहां की जनता तैयार है। हरियाणा की राष्ट्रवादी जनता विकास चुनेगी, समृद्धि चुनेगी, एक बार फिर ‘कमल’ चुनेगी। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने हरियाणा में विकास, सुरक्षा और सुशासन की नींव को निरंतर मजबूत किया है। इसलिए, शाहबाद विधान सभा क्षेत्र की जनता-जनार्दन समृद्धि का ‘कमल’ खिलाकर भाजपा को सेवा का अवसर देने जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने झूठ को फैलाने का काम किया। जो राहुल गांधी जी ‘खटाखट-खटाखट’ कहने आते थे, आज वह मैदान छोड़कर पहले ही ‘सफा-चट’ हो चुके हैं ,  लेकिन हरियाणा की जनता उसके झूठ को नकार दिया और भाजपा प्रत्याशी को दिल्ली की संसद में भेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में कावड़ यात्रा पर रोक थी, लेकिन जब भाजपा की सरकार बनी मैंने कहा,जिनको घंटे और शंख से परेशानी होती है, वो अपने कान बंद कर लें…कांवड़ यात्रा में डीजे भी बजेगा, घंटा-घड़ियाल भी बजेगा।  उन्होंने कहा कि जो काम कांग्रेस पार्टी 500 वर्षो में नहीं हो पाया वह काम उत्तर प्रदेश की सरकार ने सिर्फ दो साल में करके दिखाया है। उन्होंने किस सनातनी को अयोध्या में राम मंदिर बनने से खुशी नहीं है लेकिन कांग्रेस दुखी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए। मंदिर निर्माण सहित धारा 370 हटाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश में आतंकवाद बढ़ाने का कार्य किया है। कांग्रेस के 60 से 65 साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, अराजकता व बेईमानी का राज रहा तथा भारत का पैसा स्विस बैंकों में पहुंचा। कांग्रेस के लिए देश प्राथमिकता कभी नहीं रहा।उन्होंने कहा कि देश पर जब भी संकट आता है, तब कांग्रेस व राहुल गांधी नजर नहीं आते। जब कोविड के समय में संकट आया तो 140 करोड़ की जनता को छोडक़र राहुल गांधी इटली में अपनी नानी के पास चले गए। उन्होंने कहा कि भारत देश के विकास में भाजपा ने अभूतपूर्व भूमिका निभाई है। देश के हर कोने को बड़े सडक़ मार्गो के माध्यम से कनेक्ट किया गया है। जिससे देश में उद्योग व व्यापार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद हरियाणा प्रदेश में अपने संकल्प पत्र को एक कलम से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम जनता को कमल के निशान का बटन दबाकर भाजपा को जिताना चाहिए, ताकि राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकें।  

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