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CM योगी कैबिनेट की बैठक में 13 फैसलों पर लगी मुहर, अयोध्या में डे केयर स्कूल, हाथरस में मेडिकल कॉलेज और क्या-क्या

लखनऊ लखनऊ के लोकभवन में मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। इस दौरान अहम को प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। बेठक में कुल 15 फैसलों पर मुहर लगी हे। योगी सरकार पीआरडी जवानों का भत्ता बढ़ाया दिया है। बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अयोध्या डे केयर स्कूल बनेगा। वहीं हाथरस में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण को लेकर फैसला हुआ है। इसके साथ ही बैठक में उत्तर प्रदेश आवास विभाग के यूपी हाईटेक टाउनशिप नीति में संशोधन का प्रस्ताव और नगरीय उपयोग प्रभार शुल्क वसूलने के लिए तैयार की नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है।  योगी सरकार ने PRD जवानों का भत्ता बढ़ा दिया है। इसके साथ ही बैठक में उत्तर प्रदेश आवास विभाग के यूपी हाईटेक टाउनशिप नीति में संशोधन का प्रस्ताव और नगरीय उपयोग प्रभार शुल्क वसूलने के लिए तैयार की नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है। जानकारी के मुताबिक, हाथरस में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण को लेकर फैसला हुआ है। यूपी कैबिनेट में 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर     नगरीय उपयोग प्रभार का निर्धारण, एवं संग्रहण     उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास संशोधन नियमावली-2023 के तहत नियमावली-2025 जारी किए जाने के संबंध में प्रस्ताव पास हुआ है।     उत्तर प्रदेश हैंडलूम, पावरलूम सिल्क टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पालिसी-2017 के तहत छूटी इकाइयों को अनुदान दिए जाने के संबंध में     प्रांतीय रक्षकदल के स्वयंसेवकों का भत्ता बढ़ाया गया।     कार्यशील हाईटेक टाउनशिप परियोजनाओं, इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005, 2014 और उप्र टाउनशिप नीति-2023 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं और विकास प्राधिकरणों द्वारा स्वीकृत अथवा संचालित     आवासीय परियोजनाओं में गृह कर, जल कर इत्यादि के संबंध में फैसले हुए हैं।     अयोध्या में मंदबुद्धि छात्रों के लिए 4000 वर्ग मीटर जमीन ब्रम्हकुंड अयोध्या में नजूल गाटा-संख्या-695 को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को उपलब्ध कराने के संबंध में फैसले हुए।     अयोध्या में 300 बेड का चिकित्सालय के निर्माण के लिए पुराने सीतापुर आई हास्पिटल की भूमि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के नाम ट्रांस्फर करने के संबंध में प्रस्ताव पास हुआ है।     परिवहन विभाग के कर ढांचे में बदलाव किए जाने के संबंध में- नई अधिसूचना जारी की जाएगी।      प्रांतीय रक्षकदल के स्वयंसेवकों का भत्ता बढ़ाया गया।     हाथरस में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है।     वित्त विभाग- सहकारी समितियों एवं पंचायत लेखा परीक्षा सेवा नियमावली के पुनर्गठन प्रस्ताव को मंजूरी     यमुना एक्सप्रेस वे एवं ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के क्रॉसिंग के पास NHAI द्वारा इंटर चेंज के निर्माण को मंजूरी   भत्ता ₹395 से बढ़ाकर ₹500 प्रतिदिन प्रदेश सरकार ने पीआरडी जवानों के दैनिक भत्ते को ₹395 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया है. इस फैसले से प्रदेश भर में कार्यरत 34,000 से अधिक पीआरडी जवानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा, अधिकारियों का मानना है इससे उनका मनोबल भी बढ़ेगा और सेवा में और अधिक तत्परता आएगी. अयोध्या को दो बड़ी सौगातें अयोध्या में एक विशेष चाइल्ड केयर केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव भी कैबिनेट में पास हुआ है. यह केंद्र 3 से 7 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल होगी. दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को नुज़ूल भूमि की  निशुल्क भूमि आवंटित कर दी गई है. साथ ही, अयोध्या में सीता आई हॉस्पिटल की सरप्लस भूमि पर 300 बेड वाले नए सरकारी अस्पताल का निर्माण किया जाएगा. यह अस्पताल 12,798 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनेगा, जिससे अयोध्या के साथ-साथ आस-पास के जिलों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी. हाथरस को मेडिकल कॉलेज की सौगात हाथरस जिले को भी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा तोहफा मिला है. ज़िला अस्पताल के साथ अब एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए अलीगढ़ मार्ग पर स्थित 6.675 हेक्टेयर भूमि को वर्ष 1987 के सर्किल रेट के आधार पर आवंटित किया गया है. इस फैसले से मेडिकल शिक्षा के साथ-साथ ज़िले की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा.सड़क संपर्क को मिलेगा बढ़ावा: अफजलपुर इंटरचेंज को मिली हरी झंडी कैबिनेट में यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न परिफेरल एक्सप्रेसवे की क्रॉसिंग पर अफजलपुर इंटरचेंज के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है. यह इंटरचेंज भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा केंद्र सरकार के सहयोग से बनाया जाएगा. इस परियोजना से यातायात सुगम होगा और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. अधीनस्थ नियमावली में संशोधन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा नियमावली में भी आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई है. इससे विभागों की संरचना को बेहतर बनाने, पिरामिड सिस्टम को संतुलित करने और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी.  

वक्फ संशोधन बिल पास होते ही योगी सरकार ने वक्फ बोर्ड की अवैध रूप से घोषित संपत्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया शुरू कर दिया

लखनऊ वक्फ संशोधन बिल पास होते ही योगी सरकार ने वक्फ बोर्ड द्वारा अवैध रूप से घोषित संपत्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया शुरू कर दिया है. सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अभियान चलाकर ऐसी वक्फ संपत्तियों की पहचान करें जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं और जिन्हें नियमों के विरुद्ध वक्फ घोषित किया गया है. इन संपत्तियों को चिन्हित कर आगे जब्ती की कार्रवाई की जाएगी. राजस्व विभाग के अनुसार, यूपी में वक्फ बोर्ड की ओर से जिन संपत्तियों का दावा किया गया है, उनमें से अधिकांश का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है. राजस्व अभिलेखों के अनुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड की केवल 2,533 संपत्तियां दर्ज हैं. वहीं शिया वक्फ बोर्ड की 430 संपत्तियां ही अधिकृत रूप से पंजीकृत हैं. जबकि वक्फ बोर्ड द्वारा घोषित आंकड़े इससे कहीं अधिक हैं. सुन्नी वक्फ बोर्ड  की 1,24,355 संपत्तियां और शिया वक्फ बोर्ड की  7,785 संपत्तियां हैं. अधिकारियों ने किया स्पष्ट बताया जा रहा है बड़े पैमाने पर तालाब, पोखर, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों को भी वक्फ घोषित किया गया है, जिसे सरकार ने पूरी तरह अवैध माना है. अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन, ग्राम समाज की जमीन और सार्वजनिक संपत्तियां किसी भी सूरत में वक्फ घोषित नहीं की जा सकतीं. केवल उन्हीं संपत्तियों को वक्फ माना जाएगा जो किसी व्यक्ति द्वारा स्पष्ट रूप से दान की गई हों. दोषियों पर भी होगी कार्रवाई  सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में तालाब, चारागाह, खलिहान और सार्वजनिक उपयोग की जमीनों को वक्फ घोषित कर कब्जा कर लिया गया था. अब ऐसे मामलों में कड़ी जांच के बाद जमीन को सरकार की संपत्ति घोषित कर वापसी की जाएगी. सरकार ने साफ कर दिया है कि अवैध तरीके से वक्फ घोषित की गई हर संपत्ति पर कानून सम्मत कार्रवाई होगी, और दोषियों पर भी जिम्मेदारी तय की जाएगी. ऑडिट की बात अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘हमारा ध्यान सभी नियमों को लागू करना है और उनमें से अधिकांश पहले भी उपलब्ध रहे हैं। ऑडिट का भी प्रावधान था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब नए संशोधन के बाद ऑडिट को अनिवार्य किया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘1.25 लाख वक्फ संपत्तियों की कीमत अनुमानित 1.25 लाख करोड़ रुपये है, जिसके जरिए हर साल 1200 करोड़ रुपये का राजस्व आना चाहिए। हालांकि, अभी तक सिर्फ वक्फ बोर्ड हर साल सिर्फ 150 करोड़ रुपये का राजस्व बना रहा है। इसमें करीब 1100 करोड़ रुपये का फर्क है और यह पैसा जा कहां रहा है?’ अंसारी ने कहा, ‘अगर 1100 करोड़ रुपये हर साल वक्फ के पास आ रहे होते, तो 800 स्कूल या कॉलेज खुल गए होते, जो गरीब मुसलमानों की मदद करते। करीब 200 अस्पताल खुल जाते, जो गरीबों के लिए मददगार होते। साथ ही कई कौशल केंद्र भी खोले जा सकते थे। मुझे वक्फ बोर्ड के जरिए हर साल 1100 करोड़ रुपये के गबन का संदेह हो रहा है।’ ‘खास बनाम आम मुसलमान’ उन्होंने कहा, ‘यह जंग खास बनाम आम मुसलमान की है। जो लोग बिल का विरोध कर रहे हैं, इसमें उनका निजी स्वार्थ है। उन्होंने पिछड़े मुसलमानों के कल्याण से कोई लेना देना नहीं है।’ यूपी में कहां हैं वक्फ की सबसे ज्यादा संपत्तियां बाराबंकी- 4 हजार 927 सदन में ऐसे पास हुआ बिल गुरुवार को राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल को 95 के मुकाबले 128 मतों से मंजूरी दे दी। इस विधेयक के बारे में सरकार ने दावा किया कि इसके कारण देश के गरीब एवं पसमांदा मुसलमानों एवं इस समुदाय की महिलाओं की स्थिति में सुधाार लाने में काफी मदद मिलेगी। विधेयक पर तेरह घंटे से अधिक हुई चर्चा का जवाब देते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि 2006 में 4.9 लाख वक्फ संपत्ति देश में थीं और इनसे कुल आय मात्र 163 करोड़ रुपये की हुई, वहीं 2013 में बदलाव करने के बाद भी आय महज तीन करोड़ रुपये बढ़ी। उन्होंने कहा कि आज देश में कुल 8.72 लाख वक्फ संपत्ति हैं। प्रयागराज में भी गरजे थे योगी गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में निषाद राजा गुह्य की जयंती समारोह में  वक्फ बिल और महाकुंभ पर बोलते हुए तीखी टिप्पणी की थी. सीएम योगी ने वक्फ बोर्ड पर तीखा हमला करते हुए उस पर भूमि अतिक्रमण का आरोप लगाया और कहा कि सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थलों पर उसके “मनमाने दावे” अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. प्रयागराज में एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, “वक्फ बोर्ड शहरों में भूमि पर निराधार दावे करता रहा है. कुंभ मेले की तैयारियों के दौरान भी उन्होंने घोषणा की कि आयोजन की भूमि उनकी है. तब हमें पूछना पड़ा – क्या वक्फ बोर्ड भू-माफिया बन गया है?” उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार के तहत इस तरह के अतिक्रमण हटाए गए हैं और माफियाओं को उत्तर प्रदेश से बाहर कर दिया गया है. बकौल सीएम योगी, “वक्फ के नाम पर निषाद राज से जुड़ी पवित्र भूमि सहित कई जगहों पर अतिक्रमण किया गया. लेकिन इसे जारी नहीं रहने दिया जाएगा. उनकी आपत्तियों के बावजूद एक भव्य और दिव्य कुंभ मेले का आयोजन किया गया. सीएम ने वक्फ बोर्ड की कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधायी कार्रवाई करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी सराहना की. उन्होंने कहा, हम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगाम लगाई.  इस मुद्दे को संबोधित करने वाला एक महत्वपूर्ण अधिनियम पहले ही लोकसभा में पारित हो चुका है और अब इसे राज्यसभा में मंजूरी मिल जाएगी. सीएम योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि राज्य अब अवैध दावों को बर्दाश्त नहीं करेगा और राष्ट्रीय हित को पहले स्थान पर रखना चाहिए. उन्होंने कहा, जो लोग राष्ट्र के प्रति वफादार हैं, वे हमेशा अपना रास्ता खोज लेंगे.  

सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते.

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुसलमानों की सुरक्षा पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुसलमान यूपी में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में सीएम योगी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. अगर हिंदू सुरक्षित हैं, तो मुसलमान भी सुरक्षित हैं. पॉडकास्ट में सीएम योगी से सवाल किया गया था कि क्या आपके राज्य में मुसलमान सुरक्षित हैं.? सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते. लेकिन 100 हिंदू घरों के बीच एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित रहता है. वो आराम से अपना धर्म फॉलो कर सकता है. इतिहास में कोई उदाहरण नहीं बता सकता कि किसी हिंदू राजा ने किसी देश पर कब्जा किया हो. ‘क्या मोहर्रम के झंडे की परछाई हिंदू घरों पर नहीं पड़ती?’ संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों के बारे में पूछे जाने पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अगर आप रंगों से खेल रहे हैं, तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है, लेकिन इससे किसी की पहचान खराब नहीं होती है. मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं. क्या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्त निर्देश हैं, जो इससे सहमत नहीं है. क्या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं, लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है, तो आप समस्या पैदा करते हैं, दोहरे मापदंड क्यों? एक दूसरे से गले मिलें. कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है.” ‘होली खेलने से पहचान खराब होती है क्‍या?’ मुख्‍यमंत्री ने होली के दौरान संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी अपनी बात रखी। योगी ने कहा कि अगर आप रंगों से खेल रहे हैं तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है। लेकिन इससे किसी की पहचान खराब होती है क्‍या? मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं। क्‍या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्‍या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्‍त निर्देश हैं जो इससे सहमत नहीं हैं। क्‍या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है तो आप समस्‍या पैदा करते हैं। ये दोहरे मापदंड क्‍यों। एक दूसरे से गले मिलें। कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है। राहुल पर सीएम योगी का बड़ा हमला सीएम योगी ने राहुल गांधी के सवाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल जैसे कुछ नमूने रहने चाहिए. देश इनके इरादों को समझ चुका है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अयोध्या में विवाद को जीवित रखना चाहती है. एएनआई को दिए इंटरव्यू में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दस दशकों में कांग्रेस द्वारा किए गए कार्यों पर सवाल उठाए. संभल की खुदाई पर बोले सीएम योगी आदित्यनाथ संभल से लेकर वाराणसी तक नए-नए मंदिरों को खोजे जाने की बात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम जितने भी होंगे, हम सब खोजेंगे. प्रशासन ने अबतक 54 धार्मिक स्थानों की पहचान की है. कुछ और के लिए भी प्रयास चल रहे हैं. संभल में 54 तीर्थस्थलों की पहचान की गई है. जितने भी हैं, हम उन्हें खोजकर दुनिया को बताएंगे कि संभल में क्या हुआ था. संभल सच है. इस्लाम कहता है कि अगर आप हिंदू मंदिर या हिंदू घर को तोड़कर कोई पूजा स्थल बनाते हैं, तो उसे सर्वशक्तिमान स्वीकार नहीं करता है. महाकुंभ में मुसलमानों की एंट्री पर सीएम योगी महाकुंभ में मुसलमानों की भागीदारी पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कुंभ उन सभी के लिए है जो खुद को भारतीय मानते हैं. मैंने कहा कि जो भारतीय के रूप में आएगा उसका स्वागत खुशी के साथ किया जाएगा. लेकिन अगर कोई नकारात्मक सोच के साथ आता है, तो यह स्वीकार्य नहीं है.” ईद और रामनवमी के जुलूस पर सीएम योगी ईद और रामनवमी के जुलूसों पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम समय-समय पर प्रशासन के साथ बैठते हैं और हमने इसके लिए एक एसओपी भी तैयार कर लिया है. उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार धार्मिक स्थलों के परिसर से निकलने वाली आवाज को नियंत्रित किया है. अगर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में हम ऐसा कर सकते हैं तो पश्चिम बंगाल में ऐसा क्यों नहीं कर सकते?” ईदगाह मस्जिद-कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर बोले सीएम योगी उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा की ईदगाह मस्जिद और कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम तो मथुरा को लेकर कोर्ट के आदेश का ही पालन कर रहे हैं, वरना अबतक वहां बहुत कुछ हो गया होता. साथ ही उन्होंने वक्फ पर बिल का बचाव करते हुए कहा कि आजतक के इतिहास में वक्फ बोर्ड ने कौन सा कल्याणकारी काम किया है. कोई एक काम भी ऐसा नहीं है, जिसे गिनाया जा सके. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड तो जहां भी दावा कर देता है, उस जगह की उसकी संपत्ति मान लिया जाता है. ऐसा कैसे चलेगा? क्या तीसरे टर्म की तैयारी में सीएम योगी? जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया गया कि क्या वो तीसरे टर्म की तैयारी कर रहे हैं? क्या वो तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे? इस सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि मैं कोशिश नहीं करूंगा, मेरी पार्टी कोशिश करेगी, मैं क्यों बनूंगा, कोई भी पार्टी का कार्यकर्ता बन सकता है. वहीं राणा सांगा विवाद के सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि इतिहास यही लोग जानते हैं, जो जिन्ना का महिमामंडन करते हैं. बुलडोजर एक्शन पर बोले सीएम योगी सीएम योगी ने संभल से लेकर मथुरा तक के मामलों के सवालों का जवाब दिया. वहीं बुलडोजर एक्शन पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जो जैसे समझेगा, उसको उसी भाषा में समझाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने डबल इंजन की … Read more

सीएम योगी अफवाह फैलाने वालों और शरारतपूर्ण बयान देने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आदेश दिया

लखनऊ आगामी चैत्र नवरात्रि, रामनवमी, ईद-उल-फितर, बैशाखी जैसे प्रमुख पर्वों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की. मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए और कहा कि परंपरा के विपरीत कोई भी कार्य न किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़क मार्ग बाधित न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अराजकता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान शोभायात्राएं, मेले और धार्मिक आयोजन होते हैं, जिससे यह समय संवेदनशील हो जाता है. इसलिए सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को चौकसी बढ़ाने और सतत निगरानी रखने की जरूरत है. उन्होंने अफवाह फैलाने वालों और शरारतपूर्ण बयान देने वालों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आदेश दिया. शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने पर जोर न्यूज एजेंसी की मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के नेतृत्व में सभी धर्म-सम्प्रदायों के पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए हैं. इस क्रम को बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं. उन्होंने निर्देश दिया कि पर्वों के दौरान जनता को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. विशेष रूप से ईद के अवसर पर साफ-सफाई, स्वच्छता, और पेयजल व्यवस्था की पुख्ता तैयारी करने को कहा. साथ ही, अलविदा की नमाज़ के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए. उन्होंने पुलिस फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने, पीआरवी 112 को सक्रिय रखने और सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के निर्देश दिए. किसी भी प्रकार की अफवाहों पर तुरंत कार्रवाई करने और जनता को सकारात्मक संदेश देने की अपील की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीस कमेटी की बैठकें समय रहते आयोजित करने और मीडिया के सहयोग से शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखने को कहा. उन्होंने कहा कि संवाद और त्वरित कार्यवाही अप्रिय घटनाओं को रोकने में सहायक होती है. धर्मगुरुओं और समाज के प्रतिष्ठित लोगों से संवाद करें अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन और मंडल स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं और समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों से संवाद स्थापित करें. उन्होंने कहा कि छोटी-सी अफवाह भी माहौल बिगाड़ सकती है, इसलिए पुलिस और प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहना होगा. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामनवमी पर अयोध्या और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मां विंध्यवासिनी धाम, देवीपाटन धाम, सहारनपुर में मां शाकुम्भरी धाम और सीतापुर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. ऐसे में सुशासन और सुव्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए. उन्होंने भीड़ प्रबंधन को लेकर बेहतर योजना बनाने के निर्देश दिए.मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख धार्मिक स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया जाए. साथ ही, गर्मी के मद्देनजर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, छाया, मैट आदि की विशेष व्यवस्था की जाए. देवी स्थलों पर महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती के निर्देश भी दिए गए. उन्होंने सभी आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने, एम्बुलेंस को तैयार रखने और स्वास्थ्य सेवाओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रशासन और पुलिस विभाग को पूरी तत्परता से कार्य करना होगा ताकि प्रदेश में सभी त्योहार शांति, सौहार्द और उल्लास के साथ संपन्न हो सकें.  

नया भारत आक्रांताओं को स्वीकार नहीं करेगा, आक्रांता के महिमामंडन का मतलब देशद्रोह : CM योगी

बहराइच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच की तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के मुख्य भवन के उद्घाटन कार्यक्रम शिरकत की. इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत में बहराइच की पहचान को महाराजा सुहेलदेव के शौर्य के साथ जोड़ा. योगी आदित्यनाथ ने सैयद सालार मसूद गाजी का बिना नाम लिए कहा कि विदेशी आक्रांता को महाराजा सुहेलदेव ने इस बहराइच में धूल धूसरित करने का काम किया था. बहराइच ऋषि बालार्क के नाम पर था. सीएम योगी ने महाराजा सुहेलदेव और ऋषि बालार्क को बहराइच की पहचान बताते हुए कहा कि अधिकारी कर्मचारियों को अब अपने पोस्टिंग स्थल पर रात्रि निवास करना होगा. योगी आदित्यनाथ ने कहा, “भारत की सनातन संस्कृति का गुणगान दुनिया कर रही है. हर नागरिक का दायित्व है कि वो भी ऐसा करे. किसी आक्रांता का महिमामंडन नहीं करना चाहिए. नया भारत आक्रांताओं को स्वीकार नहीं करेगा. आक्रांता के महिमामंडन का मतलब देशद्रोह है. बहराइच में किसके नाम पर विवाद? संभल के बाद सैयद सालार मसूद गाजी को लेकर बहराइच में भी हलचल बढ़ गई है. दरअसल, 1034 ईस्वी में बहराइच जिला मुख्यालय के समीप बहने वाली चित्तौरा झील के किनारे महराजा सुहेलदेव ने अपने 21 अन्य छोटे-छोटे राजाओं के साथ मिलकर सालार मसूद गाजी से युद्ध किया था और उसे युद्ध में पराजित कर मार डाला था. उसके शव को बहराइच में ही दफना दिया गया था, जहां सालाना जलसा होता है. जानिए गजनवी के सेना के मुखिया के बारे में जानकारों के मुताबिक, सैयद सालार मसूद गाजी का जन्म 1014 ईस्वी में अजमेर में हुआ था. वह विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी का भांजा होने के साथ उसका सेनापति भी था. तलवार की धार पर अपनी विस्तारवादी सोच के साथ सालार मसूद गाजी 1030-31 के करीब अवध के इलाकों में सतरिख (बाराबंकी ) होते हुए बहराइच, श्रावस्ती पहुंचा था.  

सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि स्तर को तय मानकों के अनुरूप रखा जाए

वाराणसी वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल को लेकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, उन्होंने होली पर डीजे की तेज आवाज पर भी सख्त नियंत्रण की बात कही. बता दें कि योगी सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों से अनावश्यक लाउडस्पीकरों को हटाने की मुहिम लगातार जारी है. अप्रैल 2022 से यूपी में व्यापक अभियान चलाकर लाउडस्पीकर उतारे जा रहे हैं. लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, रामपुर, वाराणसी, गोरखपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में यह कार्रवाई की गई थी. DJ और तेज ध्वनि पर सख्ती : न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक सीएम योगी ने वाराणसी में बैठक के दौरान होली जैसे त्योहारों पर डीजे के तेज शोर पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि स्तर को तय मानकों के अनुरूप रखा जाए, ताकि किसी को असुविधा न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे. होली पर विशेष सुरक्षा के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान होली और होलिका दहन को लेकर विशेष सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शोभायात्राओं, सार्वजनिक कार्यक्रमों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाए. सीएम योगी ने बेहतर ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट के भी निर्देश दिए हैं, ताकि होलिकोत्सव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो. उन्होंने पुलिस प्रशासन से आम जनता, श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के साथ शालीन व्यवहार करने को कहा है. गौ तस्करों पर नजर: सीएम ने गौ तस्करों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया है. इसकी जवाबदेही तय करने पर भी मुख्यमंत्री का जोर रहा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ तस्करी पर पूर्णतया प्रतिबंध है. इसमें जो भी संलिप्त पाया जाय, वह तस्कर हो, वाहन स्वामी या फिर पुलिस प्रशासन का ही व्यक्ति, उस पर कठोर कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया को गौ-तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जनपदवार समीक्षा करते हुए जिम्मेदारी तय करने को निर्देशित किया. उन्होंने राजस्व से संबंधित वादों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि लंबे समय से एक ही पटल पर जमे एवं शिथिलता बरतने वाले कर्मियों को हटाया जाए. सीएम हेल्प लाइन और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का मेरिट के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं.   अपराधियों पर होगी सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए थाना-स्तर पर टॉप-10 अपराधियों की सूची तैयार कर उन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है. उन्होंने नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और फुट पेट्रोलिंग को अनिवार्य करने पर भी जोर दिया. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पुलिस बूथों और पिंक बूथों पर हर समय पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. बैठक में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने होलिका दहन, होली के जुलूस की तैयारियों, महाकुंभ के सफल आयोजन और तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और होली के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम करने पर विशेष जोर दिया.  

बरसाना में रंगोत्सव का शुभारंभ, सीएम योगी ने कहा अब बारी मथुरा-वृंदावन की है

 मथुरा मथुरा के बरसाना में रंगोत्सव का शुभारंभ हो गया है. भगवान श्रीकृष्ण की नगरी रंगों में डूब चुकी है. बरसाना के रंगोत्सव कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए, जहां उन्होंने लड्डू होली का आनंद लिया. इस दौरान सीएम योगी श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर फूलों वाली होली खेलते नजर आए. इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जैसे अयोध्या सुंदर नगरी बन गई है, जैसे प्रयागराज तीर्थों का राजा बन गया है, जैसे काशी का कायाकल्प हुआ, वैसे ही अब बारी मथुरा-वृंदावन की है.   वहीं, दिल्ली की यमुना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा की दिल्ली में भी रामभक्तों की सरकार है, अब यमुना मैया और भी ज्यादा निर्मल होंगी. मोदी जी ने 2014 में आने के बाद विरासत और विकास की नई परंपरा को भारतवासियों का प्रदान किया है., जिसका परिणाम महाकुंभ के भव्य आयोजन में देखने को मिला, काशी में देखा है, अयोध्या में देखा है, आज मथुरा और ब्रजभूमि में देखने को मिला है.   आपको बता दें कि ब्रज में 40 दिन रंगोत्सव चलता है. बरसाना में होली को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. कल यहां लठमार होली खेली जाएगी. इस बीच आज सीएम योगी मथुरा पहुंचे. बरसाना में राधा रानी के दर्शन के बाद उन्होंने रंगोत्सव का शुभारंभ किया. मथुरा में वह अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए. मथुरा दौरे के दौरान श्री राधा बिहारी इंटर कॉलेज से एक वीडियो सामने आई, जिसमें सीएम योगी श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्पवर्षा कर रहे हैं. वहीं, श्रद्धालु नाचते-गाते-झूमते दिखाई दिए. लोग होली के रंग में सराबोर नजर आए. इस दौरान आसपास भारी पुलिस बल भी तैनात रहा. इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के भव्य आयोजन के बाद आज मैं होली की शुभकामनाएं देने और राधा रानी के चरणों में नमन करने बरसाना आया हूं. हमारी ब्रजभूमि भारत के सनातन धर्म की अगाध श्रद्धा की भूमि है.  

अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की : सीएम योगी

 लखनऊ उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ का जिक्र किया. उन्होंने मजबूत कानून-व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि महाकुंभ में 33 करोड़ महिलाएं आईं, लेकिन उत्पीड़न/अपराध की एक भी घटना नहीं हुई. कुल 67 करोड़ श्रद्धालु कुंभ आए लेकिन एक भी अपराध की घटना नहीं हुई. वहीं, समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा- “आप(समाजवादी पार्टी) भारत की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं.  आपने कहा कि हमारी सोच सांप्रदायिक है लेकिन आप हमें बताएं कि हम कैसे सांप्रदायिक हो सकते हैं? हम सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं… 45 दिनों के आयोजन(महाकुंभ) ने भारत की विरासत और विकास की एक अनुपम छाप न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में छोड़ी है.” प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पर यूपी विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “महाकुंभ के 45 दिनों में देश और दुनिया से 66 करोड़ से अधिक लोग मेले में आए. महाकुंभ में आए 66 करोड़ लोगों में से आधी संख्या महिला तीर्थयात्रियों की रही होगी, लेकिन उत्पीड़न, लूट, अपहरण या हत्या की एक भी घटना नहीं हुई… महाकुंभ में अपेक्षा से अधिक लोग आए और जो लोग आए और पवित्र स्नान किया, वे अभिभूत होकर लौटे. अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की.” सीएम योगी ने आगे कहा- “आज की समाजवादी पार्टी डॉ. लोहिया का नाम तो लेती है, लेकिन उनके आदर्शों से दूर हो गई है. डॉ. लोहिया के आचरण, आदर्शों और सिद्धांतों को सपा भूल गई है. उन्होंने कहा कि विष्णु, शंकर और राम भारत की एकता के आधार हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी इसमें विश्वास नहीं करती. हम सबका साथ-सबका विकास की बात करते हैं. महाकुंभ में भारत की विरासत और विकास की अनूठी छाप देखने को मिली. महाकुंभ में जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं देखा गया.” बकौल सीएम योगी- इस बार के महाकुंभ में 66 करोड़ 30 लाख लोगों ने स्नान किया. ये विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन था.  इसकी दुनिया भर में प्रशंसा हो रही है. दुनिया भर के मीडिया ने कहा कि इतना बड़ा आयोजन किसी चमत्कार से कम नहीं है. मगर कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें सिर्फ कमियां ही नजर आ रही थीं.    

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि शराब की दुकानों के साइनेज बोर्ड बहुत बड़े होते हैं, इन्हें छोटा किया जाए. मुख्यमंत्री ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में यह आदेश दिए. मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़ों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे प्रदेश से आने वाले बिना परमिट के वाहनों को बॉर्डर पर रोकें जाए. सीएम योगी ने कहा कि ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन एवं व्हीकल एसोसिएशन से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएं कि लंबी दूरी के वाहनों पर दो ड्राइवर हों. इससे भी दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है. इसी के साथ सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि एक्सप्रेस-वे एवं हाइवे पर क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं. एनएचआई की 93 सड़कों में से सिर्फ चार पर लगे हैं कैमरे: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एनएचआई की 93 सड़कें हैं, इनमें से सिर्फ चार सड़कों पर कैमरे लगें है, मुख्यमंत्री ने बाकी सड़कों पर भी कैमरे लगाने को कहा है. सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि सड़क पर करते समय भी बहुत सी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, इसके दृष्टिगत एनएचआई की बहुत सी सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज की आवश्यकता है, स्थानों को चिन्हित कर उनका भी निर्माण कराया जाए.उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित साइनेज अवश्य लगाएं. ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन जरूरी: सीएम योगी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है नाबालिक बच्चे ई रिक्शा चला रहे हैं. इस पर प्रभावी अंकुश लगाना बहुत जरूरी है,उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए.  साथ ही सभी ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन अवश्य कराने को कहा. उन्होंने कहा कि आरटीओ ऑफिस को बिचौलियों से पूर्णतः मुक्त रखें, इसके लिए समय-समय पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाएं. ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने के बताए उपाय: सीएम योगी ने कहा कि सड़क जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में प्रयाप्त मैनपॉवर उपलब्ध है. आवश्यकता पड़ने पर सिविल पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देकर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएं. उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों एवं मुख्य बाजारों के बाहर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराए.मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में  संबंधित विभागों के मंत्री, शासन स्तर के अधिकारी, सभी मंडलों के कमिश्नर, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद थे. ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।    

सफाईकर्मियों को 10 हजार बोनस, अप्रैल से खाते में आएंगे पैसे… सीएम योगी की घोषणा, 16 हजार रुपये मासिक मिलेंगे…

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेला 2025 के समापन के मौके पर सफाई कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सफाई कर्मचारियों के सम्मान समारोह के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने सैलरी में बढ़ोतरी की घोषणा की। सीएम योगी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को 10,000 रुपये का बोनस भी दिया जाएगा। 1 अप्रैल से हर सफाई कर्मचारी को 16,000 रुपये महीना वेतन मिलेगा। साथ ही, सीएम योगी ने सफाई कर्मचारियों को 5,00,000 रुपये की स्वास्थ्य बीमा का भी ऐलान किया। वर्तमान समय में यूपी में संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को 14 हजार रुपये मासिक सैलरी मिलती है। इस प्रकार इसमें दो हजार रुपये का इजाफा सरकार की ओर से किया गया है। संगम तट पर इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंगा की आरती की। इसके बाद विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ भोजन किया। महाकुंभ मेले के दौरान सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने वाले स्वच्छता कर्मियों और लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाले मेडिकल कर्मचारियों को सम्मानित किया। सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि हर किसी के सहयोग से यह महाकुंभ मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। सीएम योगी ने किया ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज महाकुंभ में काम कर रहे स्वच्छताकर्मियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को उपहार के साथ ही स्वच्छ कुंभ कोष से बीमा प्रमाण पत्र प्रदान किया। साथ ही, मंच से ऐलान किया कि जो भी स्वच्छताकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी महाकुंभ के महाआयोजन में सहभागी बने, उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त बोनस के रूप में 10 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जाएगी। सीएम योगी ने यह भी ऐलान किया कि अप्रैल से प्रदेश सरकार एक कॉर्पोरेशन का गठन करने जा रही है। इसके माध्यम से हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और उन सभी कर्मियों को जिन्हें मिनिमम वेज नहीं मिल पाता था, उन्हें सरकार 16 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान करेगी। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में भेजी जाएगी। इसके साथ ही सीएम ने यह भी कहा कि हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी को आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के साथ ही स्वच्छताकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कार्यक्रम स्थल गूंज गया। वेलफेयर के लिए करते रहेंगे काम सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित भव्य और दिव्य महाकुंभ के आयोजन के बाद आज आप सभी का अभिनंदन करने के लिए पूरी प्रदेश सरकार आपके बीच है। इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने में स्वच्छता और स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान है। हमारी सरकार आपसे वादा करती है कि आपके वेलफेयर के लिए हम आगे भी लगातार काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ जब कोई कार्य होता है तो उसके परिणाम ऐसे ही होते हैं। जैसा प्रयागराज महाकुंभ में आज हमको देखने को मिल रहे हैं। आज आप सबने साबित कर दिया कि अगर थोड़ी भी इच्छा शक्ति हो और सही सपोर्ट मिले तो परिणाम कुछ भी लाया जा सकता है। सीएम योगी ने सभी स्वच्छताकर्मियों से अपील की कि स्वच्छता कार्यक्रम को अब नए सिरे से प्रस्तुत करना है। स्वच्छता का विशेष अभियान चलाना होगा। आज हमने इसकी शुरुआत की है। अब सभी अधिकारी, कर्मचारी भी इस अभियान में जुटें। मां गंगा के प्रति हमारी कृतज्ञता ज्ञापित होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि आपको सम्मानित करते हुए और आपके साथ सहभोज में हिस्सा बनते हुए हमारा मंत्रिमंडल अभिभूत है। स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा प्रयागराज सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 13 दिसंबर को प्रयागराज महाकुंभ के शुभारंभ के लिए यहां आए थे। उससे पहले भी और उस दौरान भी उन्होंने बहुत मार्गदर्शन दिया। भारत सरकार के सभी अधिकारी, सभी मंत्रालय इस आयोजन को यूपी सरकार के साथ मिलकर सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए जुटे थे। हर विभाग में अपने स्तर पर इस आयोजन में भरपूर सहयोग किया। इसमें आर्थिक रूप से भी सहयोग करते हुए प्रयागराज के कायाकल्प को सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि आज महाकुंभ के बहाने प्रयागराज शहर एक स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा है। आतिथ्य का उत्कृष्ट उदाहरण किया पेश सीएम योगी ने कहा कि जो भी प्रयागराज आया उसने दो बातों की सराहना जरूर की। एक स्वच्छता और स्वच्छता कर्मियों की। दूसरी पुलिस के व्यवहार की। ऐसे लगता था जैसे यह सबका अपना आयोजन हो। पूरा परिवार मिलकर कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा हो। यही नहीं, प्रयागराज वासियों ने भी इसे अपने घर का आयोजन बना लिया। जगह-जगह पर लंगर लगाए, अतिथियों का अभिवादन किया। अपनी परेशानी को भूल कर वे इस आयोजन का हिस्सा बने। सीएम ने कहा कि जिस शहर में 25 से 30 लाख लोग रहते हैं, वहां अचानक 7-8 करोड़ लोग आ जाएंगे तो क्या स्थिति होती होगी? जिस घर में पांच सदस्य रहते हैं। अचानक 10 लोग आ जाएं तो हालत खराब हो जाती है। यहां तो 20-20 गुना लोग आ रहे थे, लेकिन प्रयागराज वासियों ने पूरे धैर्य के साथ, खुशी के साथ इसे अपना आयोजन बना दिया। सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज से प्रेरित होकर पूरे प्रदेश ने इसमें अपना योगदान किया। जिस मार्ग से तीर्थयात्री और श्रद्धालु, पूज्य संत गए, उनके अभिनंदन और स्वागत के लिए प्रदेशवासी वहां नजर आए। प्रदेशवासियों ने आतिथ्य का जो उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, उसके लिए उनका हृदय से अभिनंदन करता हूं। आध्यात्मिक टूरिज्म का मार्ग प्रशस्त सीएम योगी ने प्रदेश में टूरिज्म की नई संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महाकुंभ ने उत्तर प्रदेश के अंदर आध्यात्मिक टूरिज्म के कई सर्किट प्रस्तुत किए हैं। एक प्रयागराज से मां विंध्यवासिनी का धाम होते हुए काशी का सर्किट बना। जिस प्रकार प्रयागराज में करोड़ों की संख्या में लोग जुटे थे, उसी तरह मां विंध्यवासिनी धाम में इस दौरान प्रतिदिन 5 से लेकर 7 लाख तक लोग जुटे। इसी तरह, काशी में बाबा विश्वनाथ धाम में 10 से लेकर 15 लाख श्रद्धालु एक दिन में रहते थे। एक और सर्किट बना अयोध्या धाम और गोरखपुर का। सीएम ने … Read more

सीएम योगी ने महाकुंभ के आयोजन का श्रेय पीएम मोदी को दिया, CM योगी ने सफाई कर्मियों संग किया संवाद

 प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को सफल बताते हुए। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि इस महाआयोजन ने सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश दिया है। सीएम योगी ने गुरुवार को प्रयागराज के अरैल घाट पर स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने घाट की साफ-सफाई की। उनके साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। सफाई अभियान में शामिल हुए CM योगी     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाई कर्मियों संग संवाद किया।     अरैल घाट पर सफाई अभियान में भाग लेकर सफाई का संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जताया आभार सीएम योगी ने एक्स पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा:     “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन प्रेरणादायी रहा।”     “महाकुंभ 2025 एकता, समता और समरसता का महायज्ञ साबित हुआ।”     “सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था के नए मानक स्थापित किए गए।”     “66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।” महाकुंभ 2025 का यह ऐतिहासिक आयोजन पूरी दुनिया के लिए भारत की आस्था, संस्कृति और व्यवस्थागत दक्षता का एक जीवंत प्रमाण बनकर सामने आया। सीएम योगी ने एक्स पर कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, यह आपके यशस्वी मार्गदर्शन का ही सुफल है कि ‘एकता, समता, समरसता का महायज्ञ’ महाकुम्भ-2025, प्रयागराज भव्यता-दिव्यता के साथ सुरक्षा-स्वच्छता-सुव्यवस्था के नवीन मानक गढ़कर आज संपन्न हो गया है। विगत 45 पुण्य दिवसों में पूज्य साधु-संतों समेत 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पावन त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाकर कृतार्थ हुए हैं। सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश देने वाला यह मानवता का महोत्सव ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के पुण्य भाव के साथ संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरो रहा है। आपका मार्गदर्शन एवं शुभेच्छाएं हम सभी को सदैव नई ऊर्जा प्रदान करती हैं, हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी! हर हर-गंगे, भगवान बेनी माधव की जय! 15000 सफाईकर्मियों ने दिया योगदान महाकुंभ अपनी स्वच्छता को लेकर भी चर्चा में रहा जिसमें स्वच्छता कर्मियों की अहम भूमिका रही। महाकुंभ मेले में स्वच्छता प्रभारी डाक्टर आनंद सिंह ने बताया कि पूरे मेले में 15,000 स्वच्छता कर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात रहे। कई पालियों में उन्होंने साफ सफाई की जिम्मेदारी बखूबी निभाई और मेले में शौचालयों और घाटों को पूरी तरह से साफ रखा। सभी ने उनके कार्यों की सराहना की। महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना से इसकी छवि थोड़ी धूमिल हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इस घटना का कोई खास असर नहीं पड़ा और लोगों का आगमन अनवरत जारी रहा। भगदड़ में 30 लोगों की मृत्यु हो गई थी। बड़ी हस्तियों ने लगाई डुबकी महाकुंभ मेले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, फिल्मी सितारों और खेल जगत, उद्योग जगत की हस्तियों तक ने संगम में डुबकी लगाई और प्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। इस महाकुंभ में नदियों के संगम के साथ ही प्राचीनता और आधुनिकता का भी संगम देखने को मिला जिसमें एआई से युक्त कैमरों, एंटी ड्रोन जैसी कई अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया और मेला पुलिस को इन प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, यह मेला कई विवादों को लेकर भी चर्चा में रहा। जैसे, फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर बनना और उनको लेकर विवाद खड़ा होना। इसके अलावा, गंगा जल की शुद्धता को लेकर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एनपीसीबी) की रिपोर्ट और फिर उस पर सरकार के हवाले से कई वैज्ञानिकों द्वारा गंगा जल की शुद्धता की पुष्टि करना भी चर्चा में रहा। यूपी में बनाया गया 76वां जिला हिंदुओं की मान्यता है कि ग्रह नक्षत्रों के विशेष संयोग से कुंभ और महाकुंभ में गंगा और संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के प्रमुख चिदानंद सरस्वती के अनुसार गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त शुरू होने के साथ मेला समाप्त हुआ। इस मेले के लिए एक नया जिला-महाकुंभ नगर अधिसूचित किया गया और मेला संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस और प्रशासन की नियुक्ति की गई। यह प्रदेश का 76वां अस्थायी जिला है। महाकुंभ मेले में सभी 13 अखाड़ों ने तीन प्रमुख पर्वों- मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। हालांकि, मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना के बाद अखाड़ों का अमृत स्नान अधर में लटक गया था, लेकिन अंततः अखाड़ों के साधु संतों ने अमृत स्नान किया और बसंत पंचमी स्नान के साथ वे मेला से विदा हो गए। विपक्ष के आरोप मौनी अमावस्या को हुए हादसे को लेकर नेताओं ने सरकार पर निशाना साधना शुरू किया जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाकुंभ को ‘मृत्युकुंभ’ करार दिया। हालांकि, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसका तगड़ा जवाब दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर भगदड़ में मृतकों की संख्या छिपाने का आरोप लगाया। सपा समेत विपक्षी दलों ने श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल खड़ा किया, लेकिन सरकार ने 1,800 एआई कैमरों समेत 3,000 से अधिक कैमरों, ड्रोन और 60,000 कर्मचारियों के हवाले से श्रद्धालुओं की सही संख्या बताने की बात कही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रद्धालुओं की संख्या का मिलान करने के लिए एआई कैमरों के साथ ही हम रोडवेज, रेलवे और हवाईअड्डे के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहे।’’ विदेशी हस्तियां भी हुईं शामिल महाकुंभ मेले में अग्निशमन विभाग ने आग की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाई और आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई किए जाने से जनहानि की एक भी सूचना नहीं आई। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 37,000 पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड के जवान तैनात रहे। इसके अलावा, तीन जल पुलिस थाने, 18 जल पुलिस कंट्रोल रूम और 50 ‘वाच टावर’ स्थापित किए गए थे। महाकुंभ में आने वाले अति विशिष्ट लोगों में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी, एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, ब्रिटेन के रॉक बैंड कोल्डप्ले के क्रिस मार्टिन प्रमुख रूप से शामिल थे। 45 दिन में 10 बार महाकुंभ पहुंचे योगी सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों में हर्षा रिछारिया, माला बेचने वाली युवती मोनालिसा भोसले और ‘आईआईटी बाबा’ के नाम … Read more

प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, प्रॉपर्टी महिला के नाम पर खरीदने पर स्टांप शुल्क 6%

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा फैसला लेने जा रही है। प्रदेश में महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर बड़ी छूट देने की तैयारी कर ली गई है। अब तक 10 लाख रुपये तक की संपत्तियों पर मिलने वाली 1 फीसदी की छूट को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये तक की संपत्तियों पर लागू करने की तैयारी है। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने वालों की संख्या में वृद्धि होगी। महिलाओं के हाथें में संपत्ति का अधिकार आने के बाद उनकी परिवार में निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प-न्यायालय शुल्क पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर उच्च स्तर पर सहमति बन चुकी है। जल्द ही इसे कैबिनेट से पास कराने की तैयारी है। इस फैसले से महिलाओं को अधिकतम 1 लाख रुपये तक की बचत हो सकेगी। उनके नाम पर संपत्ति खरीदने को प्रोत्साहन मिलेगा। हालांकि, अब महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार एक और फैसला लेने वाली है. अब एक करोड़ की संपत्ति पर स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत तक की छूट मिलेगी. विभाग के द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव में एक करोड़ तक की संपत्ति महिला के नाम पर खरीदने पर स्टांप शुल्क 6% होगा. इससे लगभग एक लाख रुपए तक का फायदा मिलेगा. महिलाओं के नाम पर दर्ज संपत्ति में मिलने वाली नई छूट को लेकर उत्तर प्रदेश के स्टांप शुल्क पंजीयन विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है. उच्च स्तर पर सहमति भी बन गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि योगी सरकार की अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर मुहर भी लग जाएगी. स्टाम्प शुल्क में होगा बदलाव यूपी सरकार की ओर से अभी तक 10 लाख रुपये तक की संपत्तियों पर ही महिलाओं को 1 फीसदी की छूट मिल रही थी। नए प्रस्ताव के मुताबिक, 1 करोड़ रुपये तक की संपत्तियों पर 7 फीसदी की जगह 6 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क लिया जाएगा। इससे महिलाओं को अधिकतम 1 लाख रुपये तक का सीधा लाभ होगा। राज्य सरकार ने इससे पहले भी महिलाओं को संपत्ति हस्तांतरण में प्रोत्साहन देने के लिए गिफ्ट डीड योजना के तहत केवल 5000 रुपये में संपत्ति हस्तांतरण की सुविधा दी थी। इससे महिलाओं के नाम पर करीब 4 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज की गई। योगी सरकार का बड़ा कदम महिलाओं के संपत्ति खरीद पर छूट प्रस्ताव को 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले कैबिनेट में रखा जा सकता है। यूपी सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट 20 फरवरी को पेश किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि केंद्र सरकार से महिला कल्याण के बजटीय आवंटन में से इस छूट की भरपाई हो सकेगी। योगी सरकार के इस फैसले को महिला सशक्तीकरण के बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य में महिलाओं की संपत्ति स्वामित्व में वृद्धि होने की संभावना है। यह प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने पर भी असर डालेगा।

महाकुंभ में अब तक 45 करोड़ लोगों ने किया स्नान, माघ पूर्णिमा और शिवरात्रि पर टूट सकते हैं पिछले रिकॉर्ड

प्रयागराज जया एकादशी पर रवि योग में अमृतमयी त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी के लिए शनिवार को आस्था का जन ज्वार उमड़ पड़ा। आधी रात के बाद ही संगम जाने वाले रास्तों पर भीड़ तिल-तिल कर आगे बढ़ती रहीं। भक्तों के साथ संतों ने भी शोभायात्रा निकाल कर संगम में डुबकी लगाई। मेला प्रशासन ने रात आठ बजे तक 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया है।   महाकुंभ में शनिवार को तकरीबन सवा करोड़ ( 1.22 करोड़) श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। इसमें एक करोड़ 12 लाख श्रद्धालु और करीब दस लाख कल्पवासी शामिल हैं। विश्व के इस सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम में आयोजन में 27 दिनों में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। श्रद्धा का रेला कम होने का नाम नहीं ले रहा है। माना जा रहा था की वसंत पंचमी के बाद कुछ राहत मिलेगी, लेकिन स्नानार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति से 7 फरवरी तक महज 25 दिन में 40.68 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया है। अभी 18 दिन शेष हैं। प्रयागराज महाकुंभ पर प्रदेश सरकार ने 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान जताया था, लेकिन ये संख्या शुक्रवार को ही पार कर गई। स्नान के महत्व और तैयारियों के बीच देश-दुनिया से रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं। महाकुंभ में मकर संक्रांति के पहले शाही स्नान पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर दूसरे शाही स्नान के अवसर पर रिकार्ड 7.64 करोड़ ने अमृत स्नान किया। तीन फरवरी को तीसरा शाही स्नान था, जब 2.57 करोड़ ने स्नान किया। 26 फरवरी तक महाकुंभ है। उम्मीद है कि श्रद्धालुओं का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा। शनिवार को एक करोड़ 22 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। 18 दिन का मेला बाकी, 50 करोड़ पार कर सकती है स्नानार्थियों की संख्या  मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करने वालों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। महाकुंभ के अभी 18 दिन शेष हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि स्नान करने वालों की संख्या 50 करोड़ पार कर जाएगी। शुक्रवार को स्नानार्थियों का आंकड़ा 40 करोड़ पार कर गया। महाकुंभ के तीनों अमृत स्नान यानी मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी बीत चुके हैं। श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है। पूरे देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि रेल और रोडवेज को अतिरिक्त ट्रेनों और बसों का संचालन करना पड़ा रहा है। वसंत पंचमी के बाद भी यातायात डायवर्जन लागू करना पड़ा। बृहस्पतिवार को शहर में इस कदर श्रद्धालु उमड़े कि एक से आठ तक के स्कूलों को 12 फरवरी तक ऑनलाइन चलाने का आदेश जारी करना पड़ा। क्या प्रतिबंध रहेंगे लागू? > प्रयागराज शहर के साथ-साथ मेला क्षेत्र में आज शाम 5 बजे के बाद नो व्हीकल जोन लागू हो जाएगा. हालांकि, आवश्यक एवं आकस्मिक सेवाओं के वाहनों को छूट रहेगी. > नो व्हीकल जोन के साथ-साथ बाकी प्रतिबंध श्रद्धालुओं के निकासी तक जारी रहेंगे. > प्रयागराज शहर एवं मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश तथा निकासी पर लगे प्रतिबंध कल्पवासियों के वाहनों पर भी लागू रहेंगे. माघ पूर्णिमा पर होने वाले स्नान को देखते हुए एक दिन पहले ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक की थी. मीटिंग में उन्होंने कहा था कि महाकुंभ मार्ग पर यातायात थमने नहीं दिया जाए. पार्किंग स्थलों का भी बराबर इस्तेमाल होना चाहिए. सड़कों पर गाड़ियों की कतार न लगे और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी न बने. सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए ये निर्देश मीटिंग में सीएम योगी ने कहा,’बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का सहयोग करें. पार्किंग स्थल से मेला परिसर के लिए शटल बसें बढ़ाएं. मेला परिसर में एक भी अनाधिकृत वाहन का प्रवेश न हो. एक-एक श्रद्धालु को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना ही प्राथमिकता हो. नदी हो या मेला परिसर, लगातार सफाई कराई जाए. प्रयागराज के किसी स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ इकट्ठा न हो. ज्यादा से ज्यादा मेला स्पेशल ट्रेन और परिवहन निगम की अतिरिक्त बसें लचाई जाएं.’ इन जिलों के अधिकारियों के साथ मीटिंग बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में प्रयागराज, कौशाम्बी, कानपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, वाराणसी, अयोध्या, मीरजापुर, जौनपुर, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, भदोही, रायबरेली, गोरखपुर, महोबा और लखनऊ आदि जनपदों/जोन/रेंज में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मंडलायुक्तों तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष बैठक की. मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी महाकुंभ में अब तक मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर अमृत स्नान किया। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ से ज्यादा और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई, इसके अलावा वसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। जया एकादशी पर उमड़ा जन ज्वार, संगम पर भक्ति की हिलोर संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए आस्था के जन समुद्र में शनिवार को अमृत स्नान सरीखा माहौल नजर आया। भक्ति की लहरें उफना गईं। चाहे लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग। हर तरफ से भक्ति का सागर संगम में मिलने के लिए उमड़ता रहा। वहीं, भोर में ही रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने लगा। साथ ही निजी वाहनों से लगभग सभी पार्किंग भर गईं। भीड़ को देखते हुए संगम जाने वाले मार्गों पर कड़ी बैरिकेडिंग की गई। इसके बाद भी श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी तट पर डुबकी लगाने को बढ़ते रहे। वहीं, मेले में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। भीड़ के मद्देनजर एहतियातन मेला प्रशासन ने चुस्त-दुरुस्त इंतजाम किए हैं। 12 किमी की परिधि में फैले संगम के घाटों पर स्नानार्थी ही नजर आ रहे थे। कोई दंड-कमंडल लेकर तो कोई सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए संगम की ओर बढ़ता नजर आ रहा था। रास्ते भर जय गंगा मैया, हर-हर महादेव और … Read more

योगी सरकार का आठ लाख करोड़ का हो सकता है यूपी का बजट, फरवरी के अंतिम सप्ताह में पेश होने की उम्मीद

लखनऊ यूपी विधानमंडल का बजट सत्र फरवरी के आखिरी सप्ताह में आहूत किया जाएगा। इसमें करीब 8 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किए जाने की संभावना है। इस बजट में विकास के योगी मॉडल की छाप दिखेगी। मध्यवर्ग, युवा, किसान और महिलाएं बजट के फोकस में होंगी। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, अभी सत्र की तिथियां फाइनल नहीं हुई हैं। लेकिन, तैयारियां फरवरी के आखिरी सप्ताह को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। सभी विभागों के बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप दे दिया गया है। पेश हो चुका है आम बजट केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में मोदी सरकार 3.0 का दूसरा बजट पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम बजट को ऐतिहासिक करार दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह हर भारतीय के सपनों को पूरा करेगा, ‘विकसित भारत’ के मिशन को आगे ले जाएगा और विकास, निवेश और उपभोग को कई गुणा बढ़ाएगा। हालांकि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आर्थिक संकट को हल करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया और बजट को गोली के घाव पर केवल मरहम पट्टी करार दिया। अलग-अलग राजनीतिक दलों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। देश के बजट का 16 फीसदी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 50.65 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। यूपी का बजट भी आठ लाख करोड़ तक होगा। यह केंद्र के बजट का करीब 16 फीसदी होगा। सभी विभागों से पहुंचे प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रदेश सरकार के करीब-करीब सभी विभागों से बजट के लिए प्रस्ताव मिल गए हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और वित्त विभाग के अधिकारी उन प्रस्तावों पर मंथन करेंगे। उसके बाद बजट का प्रारंभिक मसौदा सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने पेश किया जाएगा। रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होगा फोकस जानकारों का मानना है कि गत वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार की वजह बेरोजगारी को माना गया। सरकार बजट में सरकारी नौकरियों के साथ स्वरोजगार पर फोकस करेगी। वहीं, एक्सप्रेस वे, स्टेट हाईवे के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस रहेगा। दलितों और महिलाओं पर भी ध्यान विपक्ष की ओर से लगातार भाजपा को दलित विरोधी साबित करने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार बजट में दलितों को साधने के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। संकल्प पत्र पूरा करने का लक्ष्य भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2022 से पहले संकल्प पत्र पेश किया था। संकल्प पत्र के 131 वादों में से 110 पूरे हो चुके हैं। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, आगामी बजट में शेष 21 वादे पूरे कर सरकार संकल्प पत्र का हर वादा पूरा करने की योजना बना रही है। किसान से ‘श्रीराम’ तक समर्पित रहा बजट योगी सरकार का हर बजट किसी न किसी वर्ग के लिए समर्पित रहा है। 2017-18 का बजट किसानों की कर्जमाफी के चलते किसानों को समर्पित रहा। वहीं, 2024-25 का बजट ‘श्रीराम’ को समर्पित रहा।

कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया

 लखनऊ/महाकुंभनगर  योगी सरकार महाकुंभ 2025 में ‘हर घर जल गांव’ बसाएगी। पेयजल का समाधान, मेरे गांव की पहचान थीम पर यह ‘गांव’ 40 हजार स्क्वायर फिट एरिया में बसेगा। इसमें एक तरफ जहां ‘जल जीवन मिशन’ बुंदेलखंड में हर घर तक नल से जल पहुंचाने की कहानी सुनाई जाएगी, वहीं दूसरी तरफ महाकुंभ में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के नए गांवों की सफलता की दास्तां से भी श्रद्धालु, पर्यटक व कल्पवासी परिचित होंगे। योगी सरकार के मार्गदर्शन में ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग महाकुंभ में इसकी तैयारी कर रहा है। कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया है। सफलता की इस कहानी को लेकर ‘पेयजल का समाधान, मेरे गांव की नई पहचान’ थीम पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी 5 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगी। 51 दिन तक चलने वाली प्रदर्शनी में अलग-अलग कार्यक्रम भी होंगे। प्रदर्शनी में बुंदेलखंड के ग्रामीण महिलाओं को मंच मुहैया कराया जाएगा, जिसमें वे बुंदेलखंड में बदलाव की कहानी बयां करेंगी। बांदा, झांसी, चित्रकूट के जिन गांवों में पानी न होने के कारण शादी नहीं हो पाती थी, वहां भी योगी सरकार ने ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पहुंचाया। ललितपुर व महोबा के उन गांवों की महिलाएं, पानी ढोने के कारण जिनके सिर से बाल गायब हो गए थे। वे भी डबल इंजन सरकार के अतुलनीय कार्य को महाकुंभ में शुद्ध पानी से जीवन में आए बदलाव की कहानी को बयां करेंगी। ललितपुर से सटे मध्य प्रदेश के बॉर्डर के ‘बाल विहट’ गांव में एक ही कुआं था। इसमें सांप रहते थे, इसके बावजूद यहां के लोग कभी उसी कुएं का पानी पीते थे। मोदी-योगी सरकार ने इस गांव के लोगों को भी शुद्ध पेयजल पहुंचाया। यहां के ग्रामीण भी बदलाव की गाथा बयां करेंगे। महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों व हिस्सों से श्रद्धालु, पर्यटक आएंगे। इसलिए प्रदर्शनी में हर जानकारी बहुआयामी भाषाओं में मिलेगी। यहां हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, तेलगू और मराठी में लोग जल जीवन मिशन के माध्यम से बदले यूपी के बारे में अवगत हो सकेंगे। प्रदर्शनी में जल जीवन मिशन से विंध्य-बुंदेलखंड में आए बदलाव को लेकर सफलता की कहानी का भी संकलन पुस्तक के माध्यम से प्रदर्शित होगा। ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग की तरफ से महाकुंभ में ‘जल मंदिर’ भी बनाया जाएगा। ‘जल मंदिर’ में भगवान शिव की जटा से गंगा धरती पर आएंगी। इसके जरिए संदेश दिया जाएगा कि जल प्रसाद है। जल जीवनदायी है। इसे बर्बाद न करें, बल्कि इसका संरक्षण करें। ‘जल मंदिर’ में सुबह-शाम जल आरती भी होगी। इस आरती में जल जीवन मिशन की गाथा, जल संरक्षण का संदेश भी होगा।

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