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जिले, प्रदेश आत्मनिर्भर बनेंगे तो देश भी आत्मनिर्भर बनेगा: मुख्यमंत्री योगी

बस्ती  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास कर रहा है और 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बन जाएगा।कर्मा देवी शिक्षण संस्थान समूह के 15वां स्थापना दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए श्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास की ओर निरंतर अग्रसर है भारत को विकसित देश बनाने के लिए हमें आत्मनिर्भर होना पड़ेगा और इसके लिए पहले हमें आधुनिक शिक्षा ग्रहण करनी होगी। जब हमारा गांव ,नगर, जिला,प्रदेश आत्म निर्भर बनेगा तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा। भारत पूरी दुनिया में प्रत्येक क्षेत्र में अपना झंडा बुलंद कर रहा है। कोरोना काल में जिस तरीके से चीन ने भारत को दवा देने से मना कर दिया था और धोखा दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फार्मेसी उद्योग ने दवा बनाकर पूरे विश्व को एक नया संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 1947 से 2014 तक भारत आर्थिक व्यवस्था से ऊपर-नीचे उठकर 11 वे पायदान पर था लेकिन 2014 के बाद से भारत देश की पांचवी अर्थव्यवस्था बन गई। सकारात्मक सोच हमें बहुत आगे ले जा सकती है सकारात्मक सोच से ही भारत बहुत तेजी से विकासशील हो रहा है। नकारात्मक सोच हमें गड्ढे में गिरा सकती है इसलिए हमें हमेशा सकारात्मक सोच से आगे बढ़ना चाहिए। भारत की भाषाएं भारत की एकता का प्रतीक है हमें सभी भाषाओं का अध्ययन करना चाहिए। एक भारत नेक भारत के लिए हमें सदैव कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के लोग 50 साल इसलिए पीछे हो गए हैं क्योंकि पिछली सरकारों ने आधुनिकता, शिक्षा, संसाधन पर ध्यान नहीं दिया था पिछली सरकारों ने समस्या को समस्या समझा उसको निस्तारण करने से पीछे भागते रहे। इसी कारण से यहां के युवा पलायन करने लगे। अगर उस समय फार्मेसी कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज,ला कॉलेज होते तो आज यहां के युवा प्रत्येक क्षेत्र में अपनी अलग छाप छोड़ रहे होते। फार्मेसी क्षेत्र बहुत बड़ा क्षेत्र है। बुंदेलखंड में फार्मेसी को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग स्थापित किया गया है। पूरी दुनिया आपका इंतजार कर रही है आप एक सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हुए सही दिशा में सही काम करे। पूरी दुनिया में जो सबसे अच्छी 100 कंपनियां है उनमें से 20 कंपनियों के सीईओ भारत के हैं जो बेहद ही गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज जब मिलकर काम करेगी तभी हमारा गांव ,नगर, जिला , प्रदेश विकास की ओर आगे बढ़ेगा। बस्ती में एक कवि आए थे उन्होंने बहुत पहले कहा था बस्ती को ‘बस्ती को बस्ती कहूं , काके कहूं उजाड़’ लेकिन अब बस्ती एक विकसित नगर बन गया है। बस्ती में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई है। यहां की भूमि भगवान श्री राम के जन्म के लिए महाराज दशरथ जी ने पुत्रेष्टि यज्ञ के लिए चुना था। बस्ती की भूमि वंदनीय है। पूर्वी उत्तर प्रदेश संसाधनों के मामले में हमेशा उपेक्षित रहा है लेकिन प्रदेश सरकार ने बस्ती, सिद्धार्थनगर, देवरिया, महाराजगंज में मेडिकल कॉलेज स्थापित करके स्वास्थ्य क्षेत्र को एक नई दिशा प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन मुंडेरवा चीनी मिल में अन्नदाता किसान प्रदर्शन कर रहे थे उस दौरान गोली चलने से तीन किसान शहीद हो गए थे और पिछली सरकार ने मुंडेरवा चीनी मिल को बेच दिया था यहां के जनप्रतिनिधि ने जब मुझे अवगत कराया तो मेरे द्वारा पुनः चीनी मिल का शुभारंभ कराया गया। केंद्र तथा प्रदेश सरकार किसानों की आय दुगनी करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश से एक टीम मास्को गई थी जहां पर आम के बाजार में उन्होंने 8 सौ से लेकर 1 हजार रुपया किलो तक के आम बिकने का अध्ययन किया। बस्ती जनपद की भूमि आम्रपाली आम की जननी है अगर यहां बाजार में 60 -70 रुपए किलो आम बिक रहे है और हम मास्को में आम बेचने के लिए अगर 2 सौ रुपया खर्च करके बेचे तो हमारे अन्नदाता को कई गुना मुनाफा होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है गोबर के खाद से हम एक अच्छी , निरोगित फसल को पैदा कर सकते है। जो हम फसल में कीटनाशक दवाएं डाल रहे हैं उससे बचने के लिए देशी खाद का उपयोग बहुत ही जरूरी है। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें देश हित में कार्य करना चाहिए। मनुष्य को चाहे जितनी बड़ी यश प्राप्ति हो जाए अगर वह अपनी मां के प्रति, पिता के प्रति,मातृ भूमि के प्रति, गुरु के प्रति,देव के प्रति लगाव नहीं है तो जीवन सफल नहीं है। कर्मा देवी शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष ओम नारायण सिंह से प्रेरणा लेकर अपने पूर्वजों को जीवंत रखने के लिए उनके स्मृति में हमें बहुत कुछ करना चाहिए। श्री योगी ने स्थापना दिवस के अवसर पर शिक्षण संस्थान के पूरे परिवार को बधाई देते हुए यहां के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए अलग से क्लास संचालित करने का अनुरोध किया है। इस मौके पर ओम नारायण सिंह, विधायक अजय सिंह, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला, पूर्व विधायक दयाराम चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत संजय चौधरी, पूर्व विधायक रवि सोनकर , अंकुर वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

योगी का चलेगा डंडा सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को वापस करना होगा वेतन

एटा   उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एटा और कासगंज जिलों के कलेक्टर कार्यालय में 1993 और 1995 के बीच फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले 24 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है. इन सभी पर राजस्व परिषद के फर्जी आदेश के जरिए नौकरी पाने का आरोप है. 1995 में हुई थी फर्जी नियुक्ति बताया गया है कि 1995 में एटा के तत्कालीन डीएम मेजर आरके दुबे को एक पत्र मिला, जिसमें 24 लोगों की नियुक्ति का आदेश दिया गया था. इस आदेश के आधार पर नियुक्तियां की गईं. कुछ वर्षों बाद शिकायत हुई कि ये आदेश फर्जी था. इसके बाद जांच शुरू हुई और राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था.   फाइलें दबाकर टाल दिया गया था मामला इस मामले में लंबे समय तक फाइलें दबाकर मामले को टालने की कोशिश की गई, लेकिन 2019 में फिर से शिकायत होने पर जांच में बड़ा खुलासा हुआ. जांच के दौरान सामने आया कि फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब कर दिए थे. डीएम की गहन जांच के बाद एसआईटी गठित की गई. एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में 30 कर्मचारियों की संलिप्तता पाई, इसमें 19 रिटायर हो चुके थे, जबकि चार अभी भी कार्यरत थे. सरकार ने इन्हें बर्खास्त कर रिटायर हो चुके कर्मचारियों से भी वेतन और अन्य लाभों की रिकवरी के आदेश दिए हैं.  

प्रयागराज कुम्भ में विहिप करेगी कई बड़े कार्यक्रम

अयोध्या  विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने अपने सभी सांगठनिक कार्यक्रम और बैठकें और सम्मेलन प्रयागराज में आयोजित कुंभ में करने का निर्णय लिया है। विहिप महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा की ओर से इस सिलसिले में विस्तृत कार्य योजना जारी कर दी गई है। इसके अनुसार पूरे कुंभ भर संगठन का वहीं पर जमावड़ा रहेगा। बजरंग लाल बागड़ा की ओर से सितम्बर में ही जारी पत्र के अनुसार 19 जनवरी को मेरठ, लखनऊ, पटना क्षेत्र का मातृशक्ति सम्मेलन, 24 को केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक, अगले दिन 25 को प्रथम बेला में साध्वी सम्मेलन, द्वितीय बेला में संत सम्मेलन होगा। 27 जनवरी को युवा संत सम्मेलन, छह फरवरी को मंत्रियों एवं संगठन मंत्रियों की बैठक, सात से नौ फरवरी तक प्रन्यासी मंडल की बैठक, 10 फरवरी को विमर्श कार्यशाला, 10-11 फरवरी को विभाग मंत्री और संगठन मंत्रियों का अभ्यास वर्ग होगा। 11-12 फरवरी को बजरंग दल की अखिल भारतीय बैठक, 12 फरवरी को विभाग संगठन मंत्री अभ्यास वर्ग, 15-16 फरवरी को धर्म प्रसार अखिल भारतीय बैठक, 15-16-17 फरवरी मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी की अखिल भारतीय बैठक, सत्रह को धर्म प्रसार संत बैठक, 19 फरवरी को गोरक्षा अखिल भारतीय बैठक और बीस फरवरी को गोरक्षा सम्मेलन होगा।  

संरक्षण गृहों का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है, जहां वे अच्छे नागरिक के रूप में विकसित हो सकें- CM योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला कल्याण विभाग ने बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में 10 नए बाल संरक्षण गृहों का निर्माण और संचालन किया जाएगा। इन संरक्षण गृहों का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है, जहां वे अच्छे नागरिक के रूप में विकसित हो सकें। महिला कल्याण विभाग द्वारा प्रस्तावित इस योजना के अनुसार, प्रदेश के मथुरा, प्रयागराज, कानपुर नगर, आजमगढ़, झांसी, अमेठी, फैजाबाद, देवरिया, सुल्तानपुर तथा ललितपुर में इन संरक्षण गृहों की स्थापना की जाएगी। हर संरक्षण गृह में 100-100 बच्चों को रखने की क्षमता होगी, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को लाभान्वित किया जा सके। इनमें 1 राजकीय बाल गृह (बालिका), 1 राजकीय बाल गृह (बालक), 7 राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर), किशोर न्याय बोर्ड सहित 1 प्लेस ऑफ सेफ्टी गृह शामिल है। इन संरक्षण गृहों में बच्चों को न केवल रहने की सुविधाएं दी जाएगी, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास का भी ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग इन संरक्षण गृहों की स्थापना से असहाय और संवेदनशील बच्चों को एक नया जीवन देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इन गृहों में बच्चों को एक संरक्षित वातावरण में शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और जीवन कौशल जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने बाल संरक्षण गृहों के निर्माण के लिए आवश्यक फंड भी निर्धारित किए हैं। सभी गृहों का निर्माण योगी सरकार अपने बजट से करेगी। वहीं इन गृहों के संचालन में केंद्र सरकार द्वारा मिशन वात्सल्य योजना के प्रावधानों के केंद्रांश-60 प्रतिशत और राज्यांश-40 प्रतिशत के अनुसार राज्य सरकार पर 7.96 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना’ के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इन गृहों का निर्माण और प्रबंधन गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कंसल्टेंट्स का चयन भी किया है, ताकि इन बाल संरक्षण गृहों में दी जाने वाली सेवाओं का उच्चतम स्तर सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उद्देश्य है कि राज्य का कोई भी बच्चा असुरक्षित या उपेक्षित महसूस न करे। सीएम योगी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि वे समाज के भविष्य हैं। इस योजना के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो उनकी सुरक्षा और कल्याण के प्रति संजीदा होंगे। इन बाल संरक्षण गृहों में बच्चों को उनकी उम्र और जरूरतों के हिसाब से सेवाएं दी जाएंगी, ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें।  

बंटेंगे तो कटेंगे के नारे से योगी ने जाति और संविधान वाले नैरेटिव को तोड़ा, महाराष्ट्र चुनाव में पीएम मोदी से अधिक रैली CM योगी करेंगे

मुंबई महाराष्ट्र चुनाव प्रचार अब जोर पकड़ने लगा है और कांग्रेस, बीजेपी समेत सभी दलों के स्टार प्रचारकों के दौरे शुरू हो गए हैं । अगले 13 दिनों तक बड़े नेता महाराष्ट्र में तूफानी दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र में 11 रैलियां करेंगे। आठ नवंबर से पीएम मोदी की जनसभा की शुरुआत होगी। 6 नवंबर को राहुल गांधी भी आरएसएस के गढ़ नागपुर से चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे। 18 अक्तूबर की शाम को चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। उससे पहले यूपी के मुख्यमंत्री और बीजेपी के ट्रंप कार्ड साबित हो चुके योगी आदित्य नाथ मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में 15 चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वह पीएम मोदी से अधिक जनसभाओं में शिरकत करेंगे। एक्सपर्ट मानते हैं कि महाराष्ट्र में योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी और ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाले नारे का असर भी महाराष्ट्र चुनाव में दिखेगा। जम्मू और हरियाणा में राहुल गांधी पर भारी पड़े योगी हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ का करिश्मा नजर आया। जम्मू-कश्मीर में योगी आदित्यनाथ का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी और हरियाणा में करीब 65 फीसदी रहा। जम्मू में योगी ने पांच विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियां कीं, जिनमें से चार पर बीजेपी को जीत मिली। बीजेपी किश्तवाड़ और कठुआ जैसे मुस्लिम बाहुल्य सीट पर जीतने में सफल रही। किश्तवाड़ में पहली बार बीजेपी की शगुन परिहार ने कमल खिलाया। हरियाणा में भी योगी आदित्यनाथ ने 20 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया, जिनमें से 13 पर बीजेपी को जीत मिली। यह जीत कांटे के मुकाबले में बीजेपी को तीसरी बार हरियाणा की सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हुई। सीएम योगी ने हरियाणा में असंध से चुनावी रैली की शुरुआत की थी। इस सीट से ही राहुल गांधी प्रचार में उतरे थे। असंध में बीजेपी को जीत मिली। हरियाणा से कनाडा तक लगे ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे हरियाणा चुनाव में ही योगी आदित्यनाथ ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के चुनावी नारे को लॉन्च किया। इस नारे में ग्राउंड पर इस कदर कमाल किया कि बीजेपी ने एंटी इम्कबेंसी और कांग्रेस के नैरेटिव को धवस्त कर दिया। यह नारा इनके जुबान पर इस कदर चढ़ा कि गैर चुनावी राज्यों में भी बीजेपी समर्थक इसे आजमाने लगे। लोकप्रियता का आलम यह है कि कनाडा में हमले के बाद हिंदू समुदाय ने अपने प्रदर्शन में’बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे लगाए। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के पोस्टर लगाए गए। एक्सपर्ट मानते हैं कि चुनाव में एमवीए के लिए मुस्लिम वोटरों की एकजुटता का जवाब इस नैरेटिव से दिया जा सकता है। इससे पहले के चुनाव में बाबा का बुलडोजर भी काफी लोकप्रिय और प्रभावी साबित हुआ था। क्यों चलता है योगी आदित्यनाथ का करिश्मा चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ अपने भाषण की शुरुआत महिला विकास, किसान और विकास जैसे मुद्दों से करते हैं। ‘युवाओं के हाथ में तमंचा नहीं टेबलेट होना चाहिए’, यह उनकी पसंदीदा लाइनों में से एक है। इसके बाद मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए काम के जरिये आतंकवाद को लेकर कांग्रेस को निशाने पर रखते हैं। आतंक की बात होती है तो पाकिस्तान की चर्चा लाजिमी है। पाकिस्तान और आतंकवाद के साथ ही वह अपना संदेश साफ कर देते हैं। दंगों की चर्चा करते हैं तो बुल्डोजर एक्शन के बारे में बताते हैं। राम मंदिर की चर्चा तो सभा में मौजूद के लोगों को अयोध्या में दर्शन का निमंत्रण देते हैं। जब समां बंध जाता है तो वह सभा में मौजूद लोगों से संवाद भी करते हैं। यूपी में सड़कों पर नमाज बंद, मस्जिदों में लगे लाउड स्पीकर हटाने और अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन पर भी जनता का फीडबैक लेते हैं। हरियाणा में राहुल गांधी के जातिगत आरक्षण के जवाब में ही उन्होंने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा दिया था।

योगी सरकार की नई योजना से होगी 8 लाख की कमाई, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूटूबर को फायदा

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने डिजिटल दुनिया में रोजगार के नए दरवाजे खोलते हुए एक नई सोशल मीडिया पॉलिसी की घोषणा की है। इसके तहत सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स अब राज्य की कल्याणकारी योजनाओं और अन्य पहल का प्रचार करके हर महीने 8 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। यह पॉलिसी राज्य के युवाओं और डिजिटल क्रिएटर्स के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। इसी के साथ-साथ सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने में मदद करेगी। इस पॉलिसी में क्या है खास? दरअसल, यूपी सरकार ने एक नई सोशल मीडिया पॉलिसी की घोषणा की है। इस पॉलिसी का मकसद न केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना है, बल्कि राज्य के युवाओं और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को एक मौका देना है, जिसके तहत वे सरकारी योजनाओं और पहल को प्रमोट करके हर महीने लाखों रुपये कमा सकते हैं। यह पॉलिसी फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगी, जिससे डिजिटल दुनिया में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इंफ्लुएंसर्स के लिए सुनहरा मौका इस पॉलिसी के तहत सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के लिए पैसे मिलेंगे। खास बात यह है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इंफ्लुएंसर्स के फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है, जिसके अनुसार उनकी अधिकतम कमाई तय की गई है। एक्स (ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम – अधिकतम भुगतान: ₹5 लाख प्रति माह (X) – अधिकतम भुगतान: ₹4 लाख प्रति माह (फेसबुक) – अधिकतम भुगतान: ₹3 लाख प्रति माह (इंस्टाग्राम) – अधिकतम भुगतान: ₹2 लाख प्रति माह (कम फॉलोअर्स के लिए) यूट्यूब – अधिकतम भुगतान: ₹8 लाख प्रति माह (वीडियो, शॉर्ट्स, और पॉडकास्ट के लिए) – अन्य श्रेणियों में ₹7 लाख, ₹6 लाख और ₹4 लाख प्रति माह तक की कमाई हो सकती है। इंफ्लुएंसर्स को सरकारी योजनाओं के वीडियो, ट्वीट्स, पोस्ट्स और रील्स को सोशल मीडिया पर शेयर करना होगा, जिसे ‘V-Form’ नामक एक डिजिटल एजेंसी संभालेगी। यह एजेंसी इस पूरी प्रक्रिया को मैनेज करेगी, जिससे इंफ्लुएंसर्स को सीधे भुगतान मिलेगा। कैसे बन सकते हैं इसका हिस्सा? अगर आप एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं और इस पॉलिसी का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा। सोशल मीडिया अकाउंट्स की श्रेणीः आपको पहले यह तय करना होगा कि आपके फॉलोअर्स या सब्सक्राइबर्स की संख्या किस कैटेगरी में आती है। एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के लिए अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई हैं, जिसके आधार पर आपकी कमाई तय होगी। रजिस्ट्रेशन: इस स्कीम का हिस्सा बनने के लिए आपको सरकार द्वारा नामित एजेंसी ‘V-Form’ के माध्यम से रजिस्टर करना होगा। इसके लिए आपको अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी, फॉलोअर्स की संख्या और कंटेंट के नेचर को सबमिट करना होगा। कॉन्टेंट की अपलोडिंगः रजिस्ट्रेशन के बाद आपको सरकारी योजनाओं से जुड़े वीडियो, पोस्ट्स, रील्स या पॉडकास्ट को अपने प्लेटफार्म पर अपलोड करना होगा। इन पोस्ट्स के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनकी लाभकारी पहल को जनता के सामने लाना होगा। अधिकतम कमाई: जैसे-जैसे आपके फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स बढ़ेंगे, वैसे-वैसे आपकी कैटेगरी भी बढ़ेगी, जिससे आप हर महीने 8 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। यूट्यूब पर कंटेंट क्रिएटर्स के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है, जहां वीडियो, शॉर्ट्स और पॉडकास्ट के माध्यम से उन्हें सबसे अधिक कमाई का मौका मिलेगा। सिस्टम से जुड़े लोगों का मानना है कि यह पॉलिसी केवल सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को ही नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करने वाली है। इसके माध्यम से सरकारी योजनाओं को तेजी से और प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया जा सकेगा। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी कम पहुंच पाती है, इस पॉलिसी के जरिए उन्हें सरकारी लाभों के बारे में पता चलेगा। फर्जी खबरों पर भी लग सकेगी रोक! इस पॉलिसी का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी और भ्रामक खबरों पर भी अंकुश लगाएगी। इसके तहत सरकार ने नियम बनाए हैं, जिसमें किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक, राष्ट्र-विरोधी या समाज-विरोधी कंटेंट पोस्ट करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फर्जी खबरों, नफरत फैलाने वाले संदेशों और समाज को भड़काने वाले कंटेंट पर सरकार की नजर रहेगी और उचित जरूरी उठाए जाएंगे।

युवा शक्ति को सशक्त बनाने में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद प्रभावी साबित हो रही है

लखनऊ उत्तर प्रदेश देश में सबसे बड़ी युवा शक्ति वाला राज्य है। ऐसे में, प्रदेश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने और उसे वर्तमान व भविष्य की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रदान करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। इस कड़ी में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद प्रभावी साबित हो रही है। सीएम योगी के विजन अनुसार, इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में वर्ष 2021 से 2023 के बीच 19.84 लाख टैब व 26.91 लाख स्मार्टफोन समेत कुल 46.75 लाख गैजेट वितरित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, 13.14 लाख गैजेट (जिनमें 12.94 लाख स्मार्टफोन व 20 हजार से ज्यादा टैबलेट शामिल हैं) को पात्र विद्यार्थियों को आवंटित करने पर योगी सरकार का विशेष फोकस है। ऐसे में, प्रदेश में पात्र विद्यार्थियों को गैजेट्स के वितरण की प्रक्रिया पूर्ण करने वाले जिलों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से 8 जिलों का परिणाम 100 प्रतिशत रहा है। वहीं, विद्यार्थियों को टैबलेट वितरण की दिशा में 6 जिलों में 70 प्रतिशत से ज्यादा आवंटन की दर रही है और 10 टॉप जिलों में 69 प्रतिशत से ज्यादा सफलतापूर्वक आवंटन हो चुका है। प्रदेश में युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए न केवल स्मार्टफोन व टैबलेट वितरण हो रहा है, बल्कि डिजी शक्ति पोर्टल के जरिए सरकार की योजनाओं और कौशल विकास के विभिन्न कोर्सेस का एक्सेस व एंड टू एंड मॉनिटरिंग उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना को प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तीकरण के लिए 2021-22 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। वर्ष 2022-23 में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना को प्रदेश में 5 वर्षों के लिए लागू किया गया। ऐसे में, परियोजना के जरिए उच्च व उच्चतर शिक्षण संस्थाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा कोर्स, कौशल विकास के प्रशिक्षणार्थी तथा पैरामेडिकल व नर्सिंग जैसे कोर्सेस के विद्यार्थियों को टैब व स्मार्टफोन वितरण के जरिए लाभान्वित किया जाता है। सीएम योगी के युवा सशक्तीकरण के विजन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद सार्थक कदम बनकर उभरा है। प्रक्रिया के अंतर्गत, पात्र विद्यार्थियों को स्मार्टफोन व टैब वितरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के 8 जिलों में स्मार्टफोन वितरण का 100 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया जा चुका है। वहीं, दो जिलों में यह 99.99 प्रतिशत रहा है। इनमें हरदोई, जालौन, कन्नौज, कासगंज, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, रामपुर, उन्नाव, ऐटा व मीरजापुर प्रमुख हैं। इसी प्रकार, टैब वितरण के लक्ष्यों की प्राप्ति में 79.31 प्रतिशत के साथ संभल प्रथम है। वहीं, 74.88 प्रतिशत के साथ मुरादाबाद दूसरे, 74.05 प्रतिशत के साथ बरेली तीसरे, 72.47 प्रतिशत के साथ शामली चौथे तथा 71.25 प्रतिशत के साथ सहारनपुर पांचवें पायदान पर है। लक्ष्य प्राप्ति के आधार पर 70.34 प्रतिशत के साथ गाजियाबाद छठे, 69.85 प्रतिशत के साथ प्रतापगढ़ सातवें, 69.67 प्रतिशत के साथ गोरखपुर आठवें, 69.58 प्रतिशत के साथ हाथरस नौवें व 69.18 प्रतिशत के साथ बिजनौर दसवें पायदान पर स्थित है। इसी प्रकार, कम टैब व स्मार्टफोन वितरण वाले जनपदों को भी चिन्हित करके उनमें वितरण की प्रक्रिया को गति देने पर योगी सरकार द्वारा फोकस किया जा रहा है।    

सीएम ने कहा हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की, UP जल्द ही देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रेडीमेड गारमेंट्स में दुनिया के छोटे-छोटे देशों की धमक है। जिन लोगों के पास संसाधन कम और संभावनाएं न के बराबर हैं, वे आगे बढ़ चुके हैं। हमारे पास संभावना और संसाधन भी है। काम चाहने वाली आधी आबादी के बड़े तबके को रेशम उत्पादन, प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट, डिजाइनिंग, मार्केटिंग, पैकेजिंग के साथ जोड़ लें तो दुनिया में रेडीमेड गारमेंट में धमक बनाने वाले देशों का स्थान उत्तर प्रदेश और भारत ले सकता है। इस संभावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा उठाए गए कदमों का लाभ लेना चाहिए। सीएम ने कहा कि हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। वह समय जरूर आ सकता है, जब यूपी का किसान रेशम उत्पादन में देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 से 28 अक्टूबर तक चलने वाले सिल्क एक्सपो का  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उद्घाटन किया। सीएम ने रेशम मित्र पत्रिका का विमोचन किया और 16 कृषकों,उद्यमियों, संस्थाओं व डिजाइनरों को पं. दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान प्रदान किया। सीएम ने यहां लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। सीएम योगी ने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेश ने परंपरागत उत्पाद को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने परंपरागत उत्पाद के लिए पॉलिसी बनाई। 75 जनपदों के लिए वहां के एक उत्पाद को चिह्नित करते हुए आगे बढ़ाया। यही कारण है कि 75 जनपद का यूनिक प्रोडक्ट है, जिसे हमने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट कहा। ओडीपीओपी को सरकार ने मार्केट, डिजाइनिंग, पैकेजिंग से जोड़ा तो इससे रोजगार का सृजन हुआ और परंपरागत उत्पादों का एक्सपोर्ट भी प्रारंभ हुआ। यूपी के 75 जनपदों में 75 जीआई प्रोडक्ट हैं, जिन्हें देश के अंदर मान्यता प्राप्त हुई है। यह संभावना यूपी में हैं। वाराणसी, भदोही और मुबारकपुर की साड़ियों के माध्यम से भी यूपी के पोटेंशियल को बढ़ाने का अवसर प्राप्त होता है। सिल्क एक्सपो इस फील्ड में यूपी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम बने, इस पर हमें प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान का नारा सदैव से प्रचलित रहा है। जीव सृष्टि और किसी भी व्यक्ति के लिए हवा-पानी तो आवश्यक है ही, लेकिन रोटी, कपड़ा, मकान भी आवश्यक है। कपड़ा न सिर्फ जीवन की आवश्यकता है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही रोजगार सृजन का भी सशक्त माध्यम भी है। रेशम, प्राचीन काल से ही इसकी अलग-अलग पद्धतियां रही हैं। 25 करोड़ की आबादी वाले यूपी में इस फील्ड में अनेक संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। यूपी ने पिछले कुछ समय में प्रगति की है। पहले की तुलना में यह संतोषजनक है, लेकिन अभी उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की दृष्टि से यह अपर्याप्त है। यहां अत्यंत संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने कहा कि सभी को देखना चाहिए कि उत्तर प्रदेश के अंदर क्या संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। यूपी में वाराणसी, भदोही, आजमगढ़ से लेकर वाराणसी तक, चाहे वह मुबारकपुर की साड़ी हो या वाराणसी की। सिल्क कलस्टर विकसित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने इस दिशा में नए प्रयास को आगे बढ़ाया है। वाराणसी की सिल्क साड़ियां पूरे देश में हर मांगलिक कार्यक्रम के लिए पसंद बनती हैं। काशी विश्वनाथ धाम बढ़ने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ी संख्या ने इस व्यापार को नई ऊंचाई दी है। वाराणसी में एक्सपो मार्ट के माध्यम से ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर बनने के उपरांत इसमें काफी वृद्धि हुई है। सीएम ने कहा कि आजमगढ़ के मुबारकपुर के साड़ी उद्योग से जुड़े उद्यमियों, मिर्जापुर, वाराणसी और भदोही के सिल्क कलस्टर की प्रगति को देखकर लगता है कि इसमें बहुत गुंजाइश है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ-हरदोई बॉर्डर पर पीएम मित्र पार्क (टेक्सटाइल्स पार्क का वृहद रूप) आने जा रहा है। एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में इसमें टेक्सटाइल्स से जुड़े अलग-अलग उद्योग लगने जा रहे हैं। यह यूपी की संभावनाओं को प्रदर्शित करने का माध्यम है, लेकिन रॉ मटेरियल हमें ही तैयार करना होगा। किसान यदि इस दिशा में आगे बढ़ते हैं तो प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चल रही हैं। विभाग इन योजनाओं के बारे में हर जनपद में संगोष्ठी, सेमिनार, प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद करे और प्रोसेसिंग-ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़े। केवल गोरखपुर मंडल ही नहीं, वाराणसी, मिर्जापुर, लखनऊ, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़ में भी संभावनाएं बढ़ेंगी। सीएम योगी ने कहा कि यूपी जैसे राज्य में 9 क्लाइमेटिक जोन हैं। इनमें अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग कृषि उत्पादों को विकसित करने और आगे बढ़ाने का अवसर होता है। यूपी के अंदर यह संभावनाएं बहुत अच्छी बन सकती हैं। वाराणसी-आजमगढ़ प्राचीन काल से ही रेशम उद्योग का कलस्टर रहा है। लोकल स्तर पर रेशम का उत्पादन, प्रोसेसिंग, आगे की प्रक्रिया के साथ वस्त्र उत्पादन से जोड़ें। रॉ मटेरियल सस्ता मिलता है तो स्वाभाविक रूप से लागत भी सस्ती आएगी। समाज-मार्केट की डिमांड के अनुरूप उत्पाद आसानी से लोगों को उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सरकार इस दिशा में प्रशिक्षण से जोड़ने, रॉ मटेरियल-प्रोसेसिंग के लिए सहयोग, मार्केटिंग और डिजाइनिंग के साथ जोड़ने में मदद करेगी। सीएम योगी ने कहा कि प्राचीन काल से ही यूपी का किसान-उद्यमी इससे जुड़ा रहा है, लेकिन उन्हें पिछली सरकार का दंश झेलना पड़ा था। समय के अनुरूप उचित प्रोत्साहन, डिजाइनिंग, पैकेजिंग के साथ उन्हें नहीं जोड़ा गया। यह केवल सिल्क ही नहीं, बल्कि परंपरागत उत्पाद के प्रत्येक क्षेत्र में ऐसा होता था। भदोही में कॉरपेट, गोरखपुर में टेराकोटा उत्पाद मिलेगा। सबसे अधिक जीआई प्रोडक्ट वाराणसी में हैं। आगरा और कानपुर में चमड़ा उत्पाद, मुरादाबाद में पीतल उत्पाद, फिरोजाबाद में ग्लास, मेरठ में स्पोर्ट्स आइटम है यानी अलग-अलग जनपद के अलग-अलग उत्पाद यूपी के पोटेंशियल को देश-दुनिया के सामने रखता है। इसके माध्यम से यूपी परंपरागत उत्पादों के माध्यम से युवाओं-उद्यमियों को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी के अंदर सिल्क के कलस्टर जिन क्षेत्रों में विकसित हो सकते हैं या जहां संभावनाएं बनी हुई हैं, वहां भी उसे तेजी के साथ बढ़ाने के लिए प्रयास प्रारंभ करना होगा। आवश्यकता पड़ने पर विभाग को अलग से भी ऐसे किसान, जो रेशम मित्र के … Read more

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारी, योगी आदित्यनाथ का नारा बंटेंगे तो कटेंगे सुपर हिट

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने रविवार को 99 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इस लिस्ट के आने के बाद से महायुति में अनबन की खबरें सामने आ रही हैं। कल्याण-पूर्व विधानसभा क्षेत्र और ठाणे समेत कई सीटों पर टिकट को लेकर विवाद सामने आया है। वहीं इसी बीच शहर में योगी आदित्यनाथ की एक लाइन के पोस्टर्स लगाए गए हैं। कहा जा रहा है कि ये पोस्टर्स महायुति के उन नेताओं को संदेश देने के लिए लगाए गए हैं, जो टिकट न मिलने के बाद बगावत कर सकते हैं। पोस्टर्स में लिखा है, ‘बटेंगे तो कटेंगे।’ पोस्टर्स मुंबई ईस्टर्न हाइवे और ठाणे के इलाकों में लगाए गए हैं। इन पोस्टर्स में उत्तर प्रदेश के मुख्मयमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर छपी है। के इनमें लिखा है, योगी संदेश, ‘बटेंगे तो कटेंगे।’ इसके आगे लिखा है, ‘एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे।’ इन बैनर्स को किसने लगाया है, फिलहाल सामने नहीं आया है। लेकिन इसमें सबसे नीचे लिखा है विश्ववंधु राय। क्यों लगाए गए पोस्टर्स-बैनर्स इस संदेश वाले बैनर लगाने वाले विश्ववंधु राय बीजेपी के ही नेता हैं। उन्होंने कहा, ‘विपक्ष बांटने की राजनीति कर रहा है, तृष्टिकरण की राजनीति कर रहा है। इन पोस्टर्स से हम बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।’ बीजेपी नेता ने कहा कि मुंबई में उत्तर भारत के लोग काफी संख्या में हैं। वे योगी के फैन हैं और योगी के संदेश को उन तक पहुंचाने के लिए बैनर्स लगाए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारी बीजेपी नेता ने आगे कहा कि योगी आदित्यनाथ का नारा बंटेंगे तो कटेंगे सुपर हिट है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी इस नारे ने काम किया और बीजेपी को प्रचंड जीत मिली। अब योगी के इस नारे को मुंबई के जन-जन तक पहुंचाकर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने के की तैयारी है। महायुति के नेताओं को भी संदेश वहीं सूत्रों ने कहा कि महायुति के नेताओं को भी इससे एक संदेश देने की कोशिश की गई है, जो बीजेपी की पहली लिस्ट आने के बाद विवाद कर रहे हैं। कई ने अंदरुनी बकावत शुरू कर दी है, उन्हें भी इससे संदेश जाएगा। हरियाणा के बाद महाराष्ट्र में योगी का मंत्र आएगा काम! अब माना जा रहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के मंत्र को चुनावी मैदान की प्रयोग किया जाएगा। हरियाणा विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ का ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा काफी प्रभावी रहा था। योगी के इस मंत्र से विपक्षी इंडिया गठबंधन की जातीय पॉकेट्स को साधकर सत्ता हासिल करने की रणनीति को फेल कर दिया गया। अब महाराष्ट्र में भी इसी मंत्र से हिंदू वोटों को छिटकने से रोकने का प्रयास होगा।

उत्‍तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी, बीजेपी डोर टू डोर अभियान चलाकर वोटरों से संपर्क करने की तैयारी

मथुरा  उत्‍तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी है। 13 नवंबर को यहां वोटिंग होगी। भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्‍याशियों का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि जल्‍द ही उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट आ सकती है। इस बीच, मंगलवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ मथुरा दौरे पर आ रहे हैं। वह यहां 10 दिनों का प्रवास कर रहे संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शाम छह बजे दोनों की मुलाकात हो सकती है। इस दौरान उपुचनाव में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार की जा सकती है। गौरतलब है कि मथुरा के परखम में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक चल रही है। इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ संघ के सभी प्रमुख प्रचारक भी मौजूद रहेंगे। संघ की यह बैठक भविष्य की योजनाओं का खाका खींचने के लिए हो रही है। बताया जा रहा है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में जीत से उत्‍साहित आरएसएस यूपी उपचुनाव में भी ऐसी ही रणनीति तैयार करने में जुटा है। संघ हरियाणा के तरह यूपी में भी नुक्‍कड़ सभाओं और डोर टू डोर अभियान चलाकर बीजेपी के लिए माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। 5 हजार छोटी सभाएं करने का लक्ष्‍य बताया जा रहा है कि हरियाणा चुनाव में जिस तरह बीजेपी ने ओबीसी वोटरों को अपने पक्ष में किया, उसी तरह यूपी में भी प्रयास कर रही है। इसके लिए पांच से सात लोगों के छोटे-छोटे ग्रुप बनाए जाएंगे जो अपने इलाकों में लोगों के घर-घर जाकर वोटरों से संवाद करेंगे। संघ ने उन इलाकों की पहचान की है, जहां बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उम्‍मीदों के अनुसार वोट नहीं मिले। सभी 10 विधानसभाओं में संघ ने करीब पांच हजार छोटी सभाएं करने का लक्ष्‍य बनाया है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में आएंगे योगी गौरतलब है कि मंगलवार को मथुरा में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक होनी है। इसमें शामिल होने के लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ आ रहे है। वह विकास परिषद के अध्‍यक्ष हैं। बताया जा रहा है कि शाम 4 बजे परिषद की बैठक शुरू होगी। इस दौरान डेढ़ दर्जन से ज्‍यादा के प्रस्‍ताव रखे जाएंगे। करोड़ों रुपयों के इन प्रस्‍ताव पर मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में मुहर लगाई जाएगी।

महाकुंभ से पहले प्रयागराज एयरपोर्ट पर दीप्तिमान 84 स्तंभों की स्थापना होगी

प्रयागराज महाकुंभ को दिव्य स्वरूप देने के लिए कुंभ नगरी के कोने-कोने में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों की स्थापना की जा रही है । शहर की सड़क, चौराहे और शहर की प्रमुख दीवारें सज संवर रही हैं। प्रयागराज का सिविल एयरपोर्ट भी इससे अछूता नहीं है। यहां दीप्तिमान 84 स्तंभों की स्थापना इसी का हिस्सा है। सृष्टि जीवन का क्रमिक विकास है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह 84 लाख योनियों से होकर गुजरता है। प्रयागराज के सिविल एयरपोर्ट में सृष्टि के इसी विकास क्रम को 84 आलोकित स्तंभों के माध्यम से दर्शाया जा रहा है। जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन डिवीजन इसकी कार्यदाई संस्था है। सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित कुमार राना का कहना है कि एयरपोर्ट के बाहर सड़क के दोनो तरफ इन स्तंभों की स्थापना की जा रही है। 21 करोड़ 30 लाख के बजट से ये विशेष आलोकित स्तंभ तैयार हो रहे हैं। इसके लिए 10 करोड़ की पहली किश्त जारी की जा चुकी है। नवंबर तक इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। देश विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को ये स्तंभ आकर्षित करेंगे। एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने से जाने वाली सड़क में ये 84 स्तंभ स्थापित किए जाएंगे। ह स्तंभ की लंबाई 6 मीटर होगी और यह खास स्टोन से बनाया जा रहा है । प्रोजेक्ट मैनेजर के मुताबिक लगभग 525 मीटर की लंबाई में सीधी रेखा में स्थापित होने वाले इन 84 स्तंभों में जीव 84 लाख योनियों का संकेत होगा, जिससे सृष्टि का सार होगा। एक स्तंभ से दूसरे स्तंभ की दूरी 12 मीटर रखी गई है। हर स्तंभ में भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी लिखे जाएंगे। रात के समय इन स्तंभों में स्पेशल लाइटिंग का इंतजाम किया है ताकि अंधेरे में भी ये उतनी ही चमक के साथ आलोकित होते रहें। स्तंभ के पास फूलदार सजावटी पौधे भी रोपित किए जाएंगे। नजदीक बैठने के लिए विशिष्ट बेंच का भी निर्माण किया जायेगा।    

उत्तर प्रदेश में नये अध्यादेश में खाने पीने की चीजों में थूक मिलाना गैर-जमानती अपराध माना जाएगा

लखनऊ सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल है, जिसके बारे में सुन पाना भी मुश्किल हो रहा है. सड़क किनारे की दुकानों पर खाने की चीजों में थूक लगाने की खबरें तो अक्सर आती रही हैं, लेकिन इस बार घर में काम करने वाली एक मेड की करतूत सामने आई है. मेड आटा गूंथने के लिए पानी की जगह पेशाब का इस्तेमाल कर रही थी. और उसकी करतूत तब मालूम हो सकी जब घरवालों ने खाना बनाने के वक्त चुपके उसका वीडियो बना लिया. गाजियाबाद के इस मामले में आरोपी मेड को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताते हैं कि वो मेड परिवार में पिछले 8 साल से काम कर रही थी. उन लोगों को शक तब हुआ जब परिवार के लोग कुछ महीनों से गंभीर रूप से बीमार होने लगे. परिवार के लोग पेट और लीवर की बीमारियों से जूझ रहे थे. पहले तो सामान्य इन्फेक्शन समझकर इलाज चला, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ तो शक गहराने लगा – और पीछे लगने पर पूरी कहानी सामने आई. जुलाई, 2024 की ही बात है, कांवड़ यात्रा के रास्ते में आने वाली दुकानों के बाहर स्थानीय पुलिस ने मालिकों को नाम लिखने को कहा तो बवाल मच गया. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, और उस पर रोक लगा दी गई – अब खबर आई है कि यूपी सरकार ऐसे मामलों को रोकने के लिए नया अध्यादेश लाने जा रही है. खाने पीने की चीजों में थूक मिलाना गैर-जमानती अपराध होगा खाने-पीने की चीजों में थूक मिलाने की घटना को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी काफी गंभीरता से लिया है – और ऐसे मामलों में डीजीपी को सख्ती से पेश आने का आदेश दिया है. पुष्कर सिंह धामी ने कहते हैं, ‘इस तरह के किसी दुष्कृत्य के लिए उत्तराखंड में कोई स्थान नहीं है… ऐसी घटनाओं से न सिर्फ खाद्य पदार्थ दूषित होते हैं, भावनाएं भी आहत होती हैं… इस तरह की घटनाओं पर हम कठोर कार्रवाई करेंगे.’ उत्तराखंड सरकार की तरफ से सभी जिलों में पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि होटल, ढाबा और बाकी संस्थानों में काम करने वालों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाये, और सीसीटीवी लगाने के साथ ही खुफिया जानकारी इकट्ठा की जाये. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो थूक या कोई भी ह्यूमन वेस्ट मिलाये जाने को लेकर अध्यादेश लाने की तैयारी कर रहे हैं. इस सिलसिले में दो अध्यादेश – ‘छद्म एवं सौहार्द विरोधी क्रियाकलाप निवारण एवं थूक प्रतिषेध अध्यादेश 2024’ और ‘यूपी प्रिवेंशन ऑफ कॉन्टेमिनेशन इन फूड (कंज्यूमर राइट टू नो) अध्यादेश 2024’ लाये जाने हैं. अध्यादेशों के जरिये थूककर खाना खिलाना गैर-जमानती अपराध तो होगा ही, अपराध के लिए सजा के कड़े प्रावधान भी किये जाएंगे. साथ ही, अध्यादेश आ जाने के बाद सभी को अपने खाने के बारे में पूरी जानकारी लेने का अधिकार होगा. दोनो अध्यादेश एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. खाना कहां बन रहा है? कौन बना रहा है? और खाना कैसा है? अध्यादेश में उपभोक्ता को खाद्य पदार्थों के बारे में ,सब कुछ जानने का करीब करीब वैसे ही अधिकार मिलेगा, जैसे RTI में सूचना को लेकर मिला हुआ है. खाने में थूक-पेशाब मिलाने वाले सायकोपैथ नहीं तो क्या हैं? जरा सोचिये, वो मेड उस परिवार में 8 साल से काम कर रही थी. पहले और भी घरों में काम कर चुकी होगी. मालूम नहीं पेशाब मिलाकर खाना बनाने का काम उसी परिवार में कर रही थी, जहां पकड़ी गई या बाकी जगह भी कर चुकी है, ये सब तो पुलिस की जांच-पड़ताल से ही सामने आएगा – और ये भी मालूम हो सकेगा कि ये काम वो कुछ ही दिनों से कर रही थी, या शुरू से ही ऐसा करती आ रही थी? आखिर कैसे होते हैं ये लोग. कैसी होती है इनके दिमाग की बनावट. ऐसे ख्याल इनके मन में आते क्यों हैं? कई मामलों में अपराधियों को सायकोपैथ माना जाता है, जो मजे लेने के लिए अपराध को अंजाम देते हैं. अपनी करतूत में उनको मजा आता है – खाने को लेकर ऐसी करतूत तो इसमें शामिल लोगों के भी सायकोपैथ होने की तरफ ही इशारा कर रही है. ये कितनी गंभीर बात है कि जहां लोग लहसुन प्याज के इस्तेमाल से परहेज करते हों, वहां खाने में थूक और पेशाब मिलाये जाने से रोकने के लिए सरकार को कानून बनाना पड़े – भला इससे बड़े शर्म की बात क्या होगी.  

मृतक के परिजनों ने की योगी से मुलाकात, जिस तरह से उसने मेरे पति की हत्या की है, उसे भी उसी तरह से सजा मिलनी चाहिए

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में मूर्ति विसर्जन बवाल में मारे गए युवक राम गोपाल मिश्रा के परिवार के सदस्य मंगलवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात किए। सीएम योगी ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया। योगी ने कहा कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। इस बीच, मुलाकात से पहले मारे गए राम गोपाल की पत्नी रोली मिश्रा ने कहा कि जिस तरह से उसने मेरे पति की हत्या की है, उसे भी उसी तरह से सजा मिलनी चाहिए। बहराइच में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़कने पर 22 वर्षीय युवक राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और पथराव और गोलीबारी में लगभग आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। सोमवार को परिवार और अन्य लोगों की ओर से न्याय की गुहार के बीच बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए, जिनमें से कुछ के पास लाठी-डंडे भी थे। हिंसा के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था, दुकानें जला दी गई थीं और गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर आई थी। मिश्रा का अंतिम संस्कार भारी सुरक्षा के बीच किया गया। एहतियात के तौर पर बहराइच जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। हालांकि दूसरे दिन दोनों समुदायों के लोगों की ओर से घटना को अंजाम दिया गया है। दोपहर दो बजे के बाद मृतक का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। बेकाबू होती स्थिति की खबर पाकर एडीजी लॉ एंड आर्डर अमिताभ यश भी कबड़ियन पुरवा पहुंचे थे। पुलिस कर्मियों को आगे बढ़कर हिंसा रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए। कहा कि किसी भी हालत में ऐसे लोगों को तत्काल गिरफ्तार करें, जो हिंसा भड़काने में लगे हुए हैं। हरदी पुलिस के मुताबिक महाराजगंज हिंसा मामले में अब तक पुलिस ने 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। इनमें मुख्य आरोपी हमीद अहमद, सलमान, फहीम अहमद, सादिक अहमद, ननकऊ, सरफराज नामजद किए गए हैं। अन्य कई लोग अज्ञात हैं। इनमें सलमान, शाहिर खांन व उनके पिता अली की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं, जो उनको पकड़ने के लिए दबिश दे रही हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि, डबल इंजन की सरकार इसी परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है- सीएम योगी

लखनऊ  गोरखनाथ मठ की परंपरा को मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ मिशन शक्ति के जरिये लगातार विस्तार दे रहे हैं। एंटी रोमियो स्क्वाड, पिंक टॉयलेट, पिंक बूथ, पिंक बसें, पीएसी में महिला बटालियन, थाने में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को पहली बार बीट पर तैनाती, लखपति दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी, सुकन्या योजना, स्वयं सहायता समूहों का सशक्तिकरण, निराश्रित महिला पेंशन की पात्रता के लिए उम्र की सीमा खत्म करने के साथ धनराशि में वृद्धि जैसी योजनाएं इसका प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री का यह काम अपनी परंपरा, संस्कृति, संस्कार एवं इतिहास का सम्मान है। फिलहाल योगी सरकार में मिशन शक्ति का पांचवा चरण चल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि, डबल इंजन की सरकार इसी परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है। इसमें से मिशन शक्ति सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। शारदीय नवरात्रि के दिन ही मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति के प्रथम चरण की शुरुआत देवीपाटन (देश के प्रमुख शक्तिपीठों में एक) से की थी। समय और स्थान का चयन खुद में एक बड़ा संदेश था। गोरखपुर के लोग मानते हैं कि योगी आदित्यनाथ जिस गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं, उसमें नारियों का बेहद सम्मान रहा है। हर साल दोनों नवरात्रि में पीठ में इसका जीवंत स्वरूप भी दिखता है। रोज की खास पूजा के बाद नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या पूजन से इसका समापन होता है। खुद पीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री कन्याओं का पांव पखारते हैं। उनको भोजन कराते हैं और दक्षिणा देकर विदा करते हैं। महिलाओं की शिक्षा और स्वावलंबन पर भी गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ का वर्षों से खासा फोकस रहा है। पीठ की ओर से संचालित शैक्षिक प्रकल्प महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद कई दशकों से आधी आबादी के शैक्षिक पुनर्जागरण और आर्थिक स्वावलंबन का अलग-अलग तरीकों से पूरे पूर्वांचल में अलख जगा रहा है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शिक्षण संस्थाओं में से कई में बालिकाओं के लिए सह शिक्षा (को-एजुकेशन) की व्यवस्था है। करीब दर्जन भर ऐसे शिक्षण संस्थान हैं जो विशेष तौर पर बालिकाओं की शिक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए ही समर्पित हैं। महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज, महाराणा प्रताप महिला पीजी कॉलेज, महाराणा प्रताप टेलरिंग कॉलेज, दिग्विजयनाथ बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महाराणा प्रताप मीराबाई महिला छात्रावास, दिग्विजयनाथ महिला छात्रावास, गुरु गोरक्षनाथ स्कूल ऑफ नर्सिंग, योगीराज बाबा गम्भीरनाथ निशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र जैसे संस्थानों से प्रतिवर्ष हजारों बालिकाएं अपने जीवन पथ पर ससम्मान आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी पीठ की परंपरा के अनुसार विभिन्न योजनाओं के जरिये अबला कही जाने वाली नारी को वह सबला बनाने में जुटे हैं, वह भी पूरी शिद्दत से।    

उत्तर प्रदेश को 31 हजार 962 हजार करोड़ टैक्स डिवोल्यूशन मिला

लखनऊ केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को  1,78,173 करोड़ रुपये का टैक्स डिवॉल्यूशन जारी किया है. इसमें सबसे ज्यादा यूपी को 31हजार 962 करोड़ रुपये मिले हैं. सभी राज्यों के संदर्भ में देखें तो इस टैक्स डिवॉल्यूशन में अक्टूबर, 2024 में देय नियमित किस्त के अलावा ₹89,086.50 करोड़ की एक अग्रिम किस्त भी शामिल है. वित्त मंत्रालय ने कहा है कि आगामी त्यौहारी सीज़न को देखते हुए और राज्यों को पूंजीगत खर्चे में तेजी लाने और उनके विकास/कल्याण संबंधी खर्चे को वित्तपोषित करने में सक्षम बनाने के लिए अग्रिम किस्त जारी की गई. केंद्र के इस फैसले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया भी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कर हस्तांतरण के तहत उत्तर प्रदेश को समय पर 31,962 करोड़ रुपये करने के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्रालय का हार्दिक आभार. यह अग्रिम किस्त हमारे त्यौहारी सीजन की तैयारियों को काफी बढ़ावा देगी और पूरे राज्य में विकास और कल्याणकारी पहलों को गति देगी. हम सब मिलकर एक मजबूत और अधिक समृद्ध उत्तर प्रदेश का निर्माण कर रहे हैं. बता दें इन रुपयों को राज्य सरकार उन अलग-अलग योजनाओं और स्कीम्स में खर्च करेगी जिनका ऐलान किया गया है. सरकार ने बीते दिनों कर्मचारियों को बोनस देने, बीपीएल श्रेणी वालों को त्यौहारी सीजन में दो सिलेंडर मुफ्त देने का ऐलान किया था. इन योजनाओं में राज्य सरकार का करोड़ों रुपया खर्च होता है. ऐसे में केंद्र से टैक्स डिवॉल्यूशन का रुपया मिलने पर राज्य सरकार को काफी राहत मिलेगी.  

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