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योगी सरकार का 9 दिवसीय भव्य आयोजन, नव निर्माण के नौ साल में हर जनपद में दिखेगा विकास

नव निर्माण के नौ वर्ष पर योगी सरकार कर रही प्रदेशभर में 9 दिवसीय भव्य आयोजन, हर जनपद में दिखेगी विकास की झलक 26 मार्च तक मेलों, प्रदर्शनी, संवाद, रोजगार और सम्मान कार्यक्रमों की व्यापक श्रृंखला का होगा आयोजन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समितियों का गठन, नोडल अधिकारी करेंगे समन्वय जनभागीदारी, योजनाओं के लाभ और भविष्य की विकास रणनीति पर रहेगा विशेष फोकस मुख्य सचिव की ओर से समस्त जिलाधिकारियों को किया गया निर्देशित लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश मुख्यालय सहित सभी जनपदों में 26 मार्च 2026 तक भव्य कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विगत नौ वर्षों की अभूतपूर्व उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों से आमजन को अवगत कराया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से समस्त जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित किया गया है।  जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में नौ दिवसीय मेले का उद्घाटन निर्देशों के अनुसार, कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक परामर्शदाता समिति गठित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठन, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पक्ष शामिल होंगे।जनपद मुख्यालयों पर प्रभारी मंत्री द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में नौ दिवसीय मेले का उद्घाटन किया जाएगा। साथ ही सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से साझा किया जाएगा। इस अवसर पर ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ पर आधारित विशेष लघु फिल्म का प्रदर्शन एवं विकास पुस्तिका का विमोचन भी कराया जाएगा। जनपद स्तर पर लगेगी प्रदर्शनी सभी विभागों द्वारा जनपद स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें केंद्र सरकार के 11 वर्षों एवं राज्य सरकार के 9 वर्षों की उपलब्धियों, योजनाओं एवं विकास कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही जनपद में लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाओं के शिलापट्टों की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। नौ दिवसीय मेले के दौरान प्रत्येक दिन अलग-अलग थीम (युवा, महिला, किसान, श्रमिक आदि) पर आधारित विचार गोष्ठियों एवं संवाद सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। सत्रों के मध्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, किसान सम्मेलनों में पशुपालन एवं गोसेवा के आर्थिक मॉडल के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसमें नस्ल सुधार के माध्यम से कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर चर्चा होगी। वहीं पर्यटन एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु जनपदों की पौराणिक, सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं को दर्शाती प्रदर्शनियों का आयोजन भी किया जाएगा। विशिष्ट व्यक्तियों को किया जाएगा सम्मानित नौ दिवसीय मेले में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा तथा उनकी सफलता की कहानियों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, दिव्यांगजन ट्राई साइकिल वितरण योजना, प्रधानमंत्री स्टार्ट-अप योजना, मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना आदि) से वंचित पात्र लाभार्थियों को जोड़कर लाभान्वित किया जाएगा। आमजन से लिए जाएंगे सुझाव प्रदेश में दीर्घकालिक एवं सुनियोजित विकास को गति देने के लिए आमजन से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे, ताकि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप राज्य की विकास रणनीति को और सुदृढ़ किया जा सके। जनपदीय बैंकर समिति के समन्वय से ऋण मेलों का आयोजन तथा रोजगार एवं सेवायोजन विभाग के सहयोग से रोजगार मेलों का आयोजन कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। विगत नौ वर्षों में जनपदों में प्राप्त निजी निवेश एवं धरातल पर उतारी गई अथवा प्रक्रियाधीन परियोजनाओं को भी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। मेले में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ (ओडीओसी) के तहत फूड कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, जहां पारंपरिक व्यंजनों के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। लघु उद्यमियों के लिए भी विशेष कार्यक्रम नगरीय क्षेत्रों में ‘मिशन व्यापारी कल्याण’ के अंतर्गत नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत स्तर पर व्यापारियों एवं लघु उद्यमियों के लिए विभिन्न योजनाओं (प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना आदि) के लाभार्थी सम्मेलनों, टूलकिट वितरण, ऋण वितरण एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अधिकाधिक जनभागीदारी पर विशेष जोर कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री की अनुपस्थिति में सांसद, विधायक अथवा विभिन्न बोर्डों के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजन सुनिश्चित किए जाएंगे तथा अधिकाधिक जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा। सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं का आयोजन कर विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास कराया जाएगा। कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन हेतु जिलाधिकारी द्वारा जनपद मुख्यालय, विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा, जो विभागों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों को सफल बनाएंगे। साथ ही नामित वरिष्ठ नोडल अधिकारी जनपदों का भ्रमण कर कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे, ताकि सभी आयोजन सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें।

‘भयमुक्त प्रदेश बना यूपी’— 9 साल पूरे होने पर Yogi Adityanath ने गिनाईं उपलब्धियां

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। सीएम योगी ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि कल से नवरात्र प्रारंभ हो रही है, इस दौरान रमजान का महीना भी चल रहा है। परसों अलविदा की नमाज होगी और 20 या 21 को ईद भी हो सकती है। कहीं कोई हलचल है क्या? शालीनता के साथ सारे पर्व और त्योहार मनाए जा रहे हैं कहीं कोई हलचल नहीं। यही है सुरक्षा। कल से त्योहार है लोगों में खुशी है। कोई भय, तनाव, अराजकता, अव्यवस्था, कर्फ्यू का भय नहीं, दंगे का भय नहीं। उन्होंने इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था। सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्र से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

9 साल में दीं 9 लाख नौकरियां, 2.19 लाख पुलिस भर्तियों से मजबूत हुआ तंत्र: मुख्यमंत्री

आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, 9 वर्षों में राज्य में बदल गई कानून-व्यवस्था की तस्वीर  शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जा रहे त्योहार, नवरात्रि व रमजान में अब नहीं कोई तनाव: सीएम 9 साल में दीं 9 लाख नौकरियां, 2.19 लाख पुलिस भर्तियों से मजबूत हुआ तंत्र: मुख्यमंत्री 60,244 पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग अब प्रदेश में ही, कमिश्नरेट सिस्टम और साइबर थानों से आधुनिक हुई पुलिसिंग: सीएम योगी 2017 के बाद पीएसी को मिला पुनर्जीवन, महिला बटालियनों से बढ़ी ताकत: मुख्यमंत्री लखनऊ  ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था में हुए उल्लेखनीय सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। पहले जहां त्योहारों के दौरान भय, तनाव, दंगे और कर्फ्यू का माहौल बन जाता था, वहीं अब नवरात्रि और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्व एक साथ पूरी शालीनता और सौहार्द के साथ मनाए जा रहे हैं। अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी पूरी शांति से संपन्न हो रहे हैं और कहीं कोई हलचल या अव्यवस्था देखने को नहीं मिलती। यही बदला हुआ उत्तर प्रदेश है, जहां लोग निर्भय होकर अपने धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं और सुरक्षा का वास्तविक अहसास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल माहौल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की नीयत, नीति और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। अब लोग नए साल या अन्य आयोजनों पर भी धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे हैं, जो सामाजिक विश्वास और सुरक्षा के मजबूत माहौल को दर्शाता है। आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा, यह सब सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में भर्तियां नहीं होती थीं, क्योंकि सरकार की नीयत साफ नहीं थी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था। लेकिन पिछले 9 वर्षों में इस स्थिति को पूरी तरह बदला गया है। सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जिनमें 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। यह अपने आप में एक बड़ा परिवर्तन है, जिसने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया है। सीएम योगी ने कहा कि पुलिस भर्ती के साथ-साथ प्रशिक्षण क्षमता को भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया गया है। उन्होंने 2017 के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय 30 हजार पुलिस भर्ती के लिए केवल 3 हजार प्रशिक्षण क्षमता उपलब्ध थी। तब केंद्र सरकार के सहयोग से मिलिट्री, पैरामिलिट्री और अन्य राज्यों के प्रशिक्षण केंद्रों का उपयोग करना पड़ा था। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और वर्ष 2025 में भर्ती किए गए 60,244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन भर्तियों में अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत महिलाओं को शामिल किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवनियुक्त पुलिसकर्मी प्रशिक्षण पूर्ण कर नवरात्रि के तुरंत बाद फील्ड में उतरेंगे और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगे। इससे कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी और जनता में सुरक्षा का विश्वास और बढ़ेगा। सीएम ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के लिए किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग समेत अन्य संस्थानों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते थे और समय पर भर्ती नहीं हो पाती थी। लेकिन अब इन व्यवस्थाओं को सुधारते हुए पारदर्शी और समयबद्ध प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पुलिस को आधुनिक व सक्षम बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। प्रदेश में कई फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है, साथ ही स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) का गठन किया गया है। पिछली सरकारों के दौरान उपेक्षित पड़ी पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे प्रदेश की सुरक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। पहली बार उत्तर प्रदेश पीएसी में तीन महिला बटालियनों का गठन किया गया है, जिनका नामकरण वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर किया गया है। इन बटालियनों में संबंधित वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाएं भी स्थापित की जा रही हैं, जो नारी शक्ति और परंपरा के सम्मान का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सुधार के तहत कमिश्नरेट प्रणाली को सात जनपदों में लागू किया गया है, जिससे शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के हर जिले में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है, जिससे डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एसडीआरएफ (SDRF) को भी सशक्त किया गया है और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है, जिससे अपराध नियंत्रण और निगरानी प्रणाली को मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश देश में बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है, जहां नागरिकों का विश्वास सरकार और प्रशासन पर लगातार बढ़ रहा है।

CM का दावा, डबल इंजन सरकार ने 9 साल में सुशासन और विकास का नया मानक स्थापित किया

डबल इंजन सरकार ने 9 वर्षों में सुरक्षा, विकास, रोजगार और सुशासन का नया मॉडल स्थापित किया: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने पर “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का किया विमोचन मुख्यमंत्री ने विगत 9 वर्षों में बदले उत्तर प्रदेश की तस्वीर के साथ गिनाईं सरकार की उपलब्धियां यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम: मुख्यमंत्री संवाद के माध्यम से न सिर्फ 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि भावी विकास का विजन भी तय किया जाएगा: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। 2017 के पहले था पहचान का संकट मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था।  9 वर्षों में यूपी को मिली नई पहचान सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है। संवाद के माध्यम से 9 वर्षों की उपलब्धियों को करेंगे साझा मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्रि से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 9 वर्ष में 9 लाख करोड़ का बजट किया प्रस्तुत मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अब तक कराई जा चुकी पांच लाख बेटियों की शादी

1.75 लाख से अधिक बेटियों को मिली सरकारी नौकरी  मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण के कार्यों को भी गिनाया  मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अब तक कराई जा चुकी पांच लाख बेटियों की शादी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के महिला कल्याण के कार्यों को भी गिनाया। बताया कि प्रदेश में 9 लाख से अधिक सरकारी भर्ती हुईं। इसमें 1.75 लाख से अधिक बेटियों की भर्ती की गई। स्वयंसेवी समूह की 1.10 करोड़ से अधिक महिलाएं प्रदेश में आजीविका दीदी के रूप में उद्यमी बनकर कार्य कर रहीं हैं। इस बार के बजट में महिला उद्मयी स्कीम के अंतर्गत अलग से पैसे की व्यवस्था की गई है। पीएम के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (जन्म से स्नातक तक) 25 हजार का पैकेज, बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपये की सहायता सामूहिक विवाह योजना में दी जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक पांच लाख बेटियों की शादी संपन्न कराई जा चुकी है।  जल्द ही पेंशन में वृद्धि करेगी कैबिनेट सीएम ने निराश्रित महिला, वृद्ध व दिव्यांगजन पेंशन की भी चर्चा करते हुए बताया कि 1.06 करोड़ से अधिक परिवारों को प्रदेश सरकार 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन उपलब्ध करा रही है। इनके कल्याण के लिए कैबिनेट जल्द ही इसमें वृद्धि का भी निर्णय लेगा। सरकार स्नातक व परास्नातक की मेधावी बेटियों को स्कूटी भी उपलब्ध कराएगी। बेटी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए मिशन शक्ति का कार्यक्रम भी चल रहा है। उप्र के प्रतिभावान युवाओं के लिए नौकरी, रोजगार व स्वरोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। एमएसएमई में तीन करोड़ से अधिक रोजगार, बड़े निवेश के माध्यम से 65 लाख से अधिक नौकरियां उपलब्ध कराईं। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत अब तक 1.30 लाख से अधिक नए उद्यमी उत्तर प्रदेश में बने हैं। सरकार दो करोड़ से अधिक नौजवानों को टैबलेट देगी, इसमें से 50 लाख युवाओं को टैबलेट दिया जा चुका है, शेष को भी जल्द ही उपलब्ध होगा।

सीएम योगी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं को ₹1 लाख की मदद दी

कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं को सीएम योगी ने प्रदान की ₹1-1 लाख की सहायता राशि तीर्थ यात्राओं से मजबूत हो रहा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने कहा, तीर्थ यात्राएं सिर्फ आस्था नहीं, समाज व राष्ट्र को जोड़ने का माध्यम, तीर्थ स्थलों पर सुविधाओं का किया जा रहा विस्तार काशी, अयोध्या और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर बढ़ती भीड़ चुनौती भी और अवसर भी: सीएम योगी धार्मिक पर्यटन से विकास और रोजगार को बढ़ावा, महाकुंभ बना आस्था के साथ आर्थिक मजबूती का बड़ा उदाहरण: मुख्यमंत्री महाकुंभ में श्रद्धालुओं ने अफवाहों को नकारा, आस्था को रखा सर्वोपरि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं को ₹1-1 लाख की सहायता राशि वितरित करते हुए आस्था, संस्कृति और विकास के समन्वय का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों में उमड़ी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था न केवल भारत की सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाती है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देती है। इसी दृष्टि के साथ सरकार तीर्थ यात्राओं को सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यापक बनाकर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत कर रही है। तीर्थ यात्रा आस्था के साथ एकता व संस्कारों की परंपरा कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिनाइयों, चुनौतियों और विषम प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच इस यात्रा को पूर्ण करना एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव है। भारतीय सनातन परंपरा में तीर्थ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने का सशक्त माध्यम रही है। पूर्वकाल में लोग अपने परिश्रम से अर्जित संसाधनों का उपयोग यात्रा व सेवा में करते थे, जिससे उन्हें पुण्य के साथ-साथ समाज को समझने की नई दृष्टि मिलती थी। भारत के धर्मस्थलों की स्थापना के पीछे भी यही भावना रही है। आदि शंकराचार्य द्वारा चारों दिशाओं में पीठों की स्थापना इस सांस्कृतिक एकता का प्रमाण है, जब अलग-अलग शासन व्यवस्थाओं के बावजूद भारत एक सांस्कृतिक राष्ट्र के रूप में स्थापित था। आज भी यह परंपरा जीवित है और आवश्यक है कि धार्मिक यात्राओं में श्रद्धा को सर्वोपरि रखते हुए उनकी पवित्रता व गरिमा को बनाए रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इन मूल्यों से प्रेरित होती रहें। बढ़ती आस्था के बीच तीर्थ स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2017-18 में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण कराया गया, जो यात्रा का पहला पड़ाव है और जहां विदेश मंत्रालय की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होती हैं। बदलते समय के साथ तीर्थ यात्राओं का स्वरूप भी बदला है। अब श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2025 में प्रदेश में करीब 164 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ, जिनमें 66 करोड़ केवल प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचे। काशी, अयोध्या और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या एक ओर चुनौती है तो दूसरी ओर अवसर भी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार आवागमन, ठहरने और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ कर रही है। कैलाश यात्रा और तीर्थ स्थलों पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा विदेश में होने के कारण वहां की भौगोलिक और प्रशासनिक चुनौतियां बनी रहती हैं, ऐसे में भारत सरकार और प्रदेश सरकार देश के भीतर ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकती हैं, जबकि आगे की यात्रा में अन्य देशों के सहयोग की आवश्यकता होती है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालु अपनी आस्था के बल पर भगवान शिव के दर्शन के लिए यह यात्रा पूर्ण करते हैं। सीएम योगी ने बताया कि डबल इंजन सरकार का फोकस धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को आगे बढ़ाते हुए विकास व रोजगार के अवसर सृजित करना है। पिछले आठ-नौ वर्षों में अयोध्या, काशी, प्रयागराज, चित्रकूट, विंध्याचल, नैमिषारण्य और मथुरा-वृंदावन सहित कई तीर्थस्थलों पर व्यापक विकास कार्य किए गए हैं। साथ ही, यात्रियों द्वारा बताई गई मेडिकल और अन्य सुविधाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर गाजियाबाद में अतिरिक्त व्यवस्थाएं विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। सरकार का यह भी जोर है कि निर्मित सुविध…

योगी आदित्यनाथ ने किया मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का निरीक्षण, सुधार के दिए निर्देश

नवरात्र के पहले दिन बागपत में बेटियों का होगा सम्मान, ‘नन्ही कली’ को मिलेगी पहचान 19 मार्च को होगा कार्यक्रम, छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन मैरी कॉम करेंगी बेटियों को सम्मानित गांव की महिलाओं की बनाई रिसाइकिल प्लास्टिक की गुड़िया, योगी सरकार के अभियान को मिलेगी रफ्तार महिला कारीगरों की गुड़िया से लड़कियों को सशक्तीकरण व प्रेरणा देना पहल का उद्देश्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की मंशा के अनुरूप नवरात्र के पहले दिन बागपत में बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिलेगा। छह बार की बॉक्सिंग विश्व चैंपियन मैरीकॉम ‘नन्ही कली’ कार्यक्रम में शामिल होकर बेटियों को सम्मानित करेंगी। गांव की महिलाओं द्वारा रिसाइकिल प्लास्टिक से तैयार की गई गुड़िया ‘नन्ही कली’ इस पहल का केंद्र है। इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण, महिला आत्मनिर्भरता और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे योगी सरकार के अभियानों को नई मजबूती मिलेगी। नवरात्र में नारी शक्ति का सम्मान, योगी सरकार के विजन को बल नवरात्र को नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाने की तैयारी है। ऐसे में ‘नन्ही कली’ पहल सीधे तौर पर बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण से जुड़ रही है। यह कार्यक्रम सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और मिशन शक्ति अभियान को और मजबूती देगा। प्लास्टिक से बनी गुड़िया, पर्यावरण को भी राहत बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि इस गुड़िया की खासियत है कि इसमें रुई या स्पंज की जगह बेकार प्लास्टिक बोतलों से बने बारीक फाइबर का उपयोग किया गया है। यह न सिर्फ प्लास्टिक कचरे की समस्या का समाधान है, बल्कि ‘कचरे से कंचन’ की सोच को भी साकार करता है। गांव की महिलाओं की आत्मनिर्भरता की कहानी ‘नन्ही कली’ गुड़िया ग्रामीण महिलाओं द्वारा कपड़ों के टुकड़ों और पुनर्चक्रित सामग्री से तैयार की जा रही है। यह पहल महिलाओं को रोजगार देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। साथ ही, यह ‘वोकल फॉर लोकल’ को भी मजबूत करती है। मैरी कॉम देंगी बेटियों को नई प्रेरणा कार्यक्रम में मैरी कॉम की मौजूदगी युवाओं और खासकर बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बनेंगी। वह बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगी। जीरो वेस्ट विजन से बन रही बागपत की नई पहचान जिलाधिकारी अस्मिता लाल के ‘जीरो वेस्ट’ विजन के तहत शुरू हुई यह पहल अब बागपत को नई पहचान दिलाने की ओर बढ़ रही है। ‘नन्ही कली’ केवल एक खिलौना नहीं, बल्कि पर्यावरण, संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का प्रतीक बन चुकी है।

योगी आदित्यनाथ ने किया मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का निरीक्षण, सुधार के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का किया निरीक्षण  31 मई तक पूरा करें विश्वविद्यालय का निर्माणः मुख्यमंत्री ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो मीरजापुर-सोनभद्र समेत आसपास के युवाओं के लिए रोजगारपरक, नवाचार व कौशलयुक्त होः मुख्यमंत्री   सीएम योगी ने विश्वविद्यालय परिसर में लगाया मौलिश्री का पौधा, वर्षाकाल में वन विभाग के साथ वृहद पौधरोपण अभियान चलाने का निर्देश  लखनऊ/मीरजापुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में मौलिश्री का पौधा रोपित किया और विश्वविद्यालय के अकादमिक व प्रशासनिक ब्लॉक का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने 31 मई तक विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा करने, विश्वविद्यालय के अंदर सड़कों का निर्माण करने और परिसर में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुणवत्ता और समयबद्धता का हर हाल में पालन होना चाहिए।  ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो युवाओं को कौशल विकास के साथ ही रोजगार से भी जोड़े मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा कि यहां ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो युवाओं को कौशल विकास के साथ ही रोजगार से भी जोड़े। इसका लाभ मीरजापुर, सोनभद्र समेत आसपास के युवाओं को प्राप्त हो। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए अधियाचन भेजा है। मुख्यमंत्री ने शासन स्तर से इस पर कार्यवाही का निर्देश दिया।  निर्माण कार्य में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं  मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के अकादमिक व प्रशासनिक ब्लॉक का निरीक्षण किया। निर्माण कार्यों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी को समयबद्धता व गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है। हमारी सरकार ने मां विंध्यवासिनी के नाम पर मीरजापुर के युवाओं के लिए विश्वविद्यालय देकर बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा किया है। इसके निर्माण में हीलाहवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  वर्षाकाल में वन विभाग से समन्वय स्थापित कर वृहद पौधरोपण अभियान चलाएं  मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रांगण में मौलिश्री का पौधा रोपा और विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि आगामी वर्षाकाल में वन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए बड़ी संख्या में पौधे प्राप्त करें। शिक्षकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों को साथ लेकर विश्वविद्यालय परिसर व आसपास के क्षेत्रों में वृहद पौधरोपण अभियान चलाएं। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन से हरियाली बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री के आगमन पर कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने पुष्पगुच्छ व स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, मड़िहान विधायक रमाशंकर पटेल, प्रमुख सचिव (उच्च शिक्षा) महेंद्र अग्रवाल, आयुक्त राजेश प्रकाश, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, वित्त अधिकारी गिरीश कुमार, कुलसचिव श्री राम नारायण, परीक्षा नियंत्रक महेंद्र कुमार, डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील कुमार सरोज आदि मौजूद रहे।

योगी सरकार का सशक्त मॉडल: टैक्स से जनहित तक हर रुपये का उद्देश्य स्पष्ट

उत्तर प्रदेश की नई वित्तीय नीति: जनता के काम में सीधे खर्च हो रहा पैसा योगी सरकार का बेहतरीन मॉडल, टैक्स से सीधे जनहित तक हर रुपये का उद्देश्य तय कहां से पैसा आया और कहां खर्च हुआ, अब सब कुछ है स्पष्ट गो कल्याण, सड़क, खेती और विरासत को मिल रहा सीधा लाभ लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वित्त के क्षेत्र में एक स्पष्ट और व्यावहारिक बदलाव किया है। अब टैक्स को केवल राजस्व इकट्ठा करने का माध्यम नहीं माना जा रहा, बल्कि उसे सीधे किसी खास उद्देश्य से जोड़कर खर्च किया जा रहा है। सरल शब्दों में समझें तो कौन सा पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ, यह अब स्पष्ट दिख रहा है। यह मॉडल इसलिए खास है क्योंकि आम नागरिक अब आसानी से समझ सकता है कि उसका दिया हुआ टैक्स किस काम में लग रहा है। इस पूरी नीति का सीधा मतलब है कि टैक्स अब सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि विकास का साधन बन चुका है। उत्तर प्रदेश ने दिखाया है कि अगर योजना स्पष्ट हो, तो हर रुपये का सही उपयोग करके समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति तीनों को एक साथ मजबूत किया जा सकता है। गो कल्याण सेस: छोटा टैक्स, बड़ा असर राज्य सरकार ने आबकारी से जुड़े राजस्व पर 0.5% का गो कल्याण सेस लगाया है। यह टैक्स शराब की बिक्री से जुड़ा है। आम उपभोक्ता पर इसका बहुत कम असर पड़ता है, लेकिन पूरे राज्य से यह मिलकर सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाता है। इस पैसे को सीधे आवारा गोवंश की देखभाल में खर्च किया जाता है। प्रदेश में बने गोवंश आश्रय स्थल में हजारों पशुओं को रहने, खाने और इलाज की सुविधा मिल रही है। दरअसल, कृषि में मशीनों के बढ़ते उपयोग के कारण किसानों की पशुओं पर निर्भरता कम हुई है, जिससे आवारा पशुओं की समस्या बढ़ी। अब इस सेस के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान तैयार किया गया है। हर सेक्टर का पैसा उसी सेक्टर में लग रहा उत्तर प्रदेश ने एक और स्पष्ट नीति अपनाई है और वो ये कि जिस सेक्टर से राजस्व आता है, उसी सेक्टर के विकास में उसका उपयोग किया जाता है। इसे आसान भाषा में ऐसे समझें: 1. रियल एस्टेट: धार्मिक और पर्यटन विकास संपत्ति की खरीद-फरोख्त से मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी का उपयोग काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट में किया जा रहा है। इससे पर्यटन बढ़ रहा है, रोजगार मिल रहा है और विरासत सुरक्षित हो रही है। 2. खनन: सिंचाई और पानी की व्यवस्था खनन से मिलने वाला पैसा गांवों में सिंचाई और जल प्रबंधन सुधारने में लगाया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है। 3. एक्सप्रेसवे: गांवों तक सड़क कनेक्टिविटी पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से मिलने वाला टोल छोटी सड़कों (फीडर रोड) के निर्माण में खर्च हो रहा है, जिससे दूर-दराज के गांव भी मुख्य सड़कों से जुड़ रहे हैं। 4. मंडी शुल्क: किसानों की सुरक्षा मंडी से मिलने वाली फीस का उपयोग फसल सुरक्षा और किसान योजनाओं में किया जा रहा है। अब टैक्स का उपयोग साफ दिख रहा इस नई नीति की सबसे बड़ी ताकत है, स्पष्टता। अब लोगों को साफ दिखता है कि शराब की बिक्री से मिला पैसा गो कल्याण में लग रहा है। टोल टैक्स का पैसा सड़क और कनेक्टिविटी में, प्रॉपर्टी टैक्स का पैसा धार्मिक और पर्यटन विकास में निवेश हो रहा है। इससे सरकार पर भरोसा बढ़ता है, क्योंकि टैक्स अब “कहां गया” का सवाल नहीं, बल्कि “यहीं लगा” का जवाब देता है। तेजी से विकास की मजबूत तैयारी उत्तर प्रदेश का लक्ष्य है 2029-30 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए सरकार लगातार सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई और खेती, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्री, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। राज्य के बजट में पूंजीगत खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे रोजगार, व्यापार और कनेक्टिविटी तीनों में तेजी आ रही है। दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण उत्तर प्रदेश का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक स्पष्ट रास्ता दिखाता है। मतलब साफ है कि जो राज्य जिस क्षेत्र में मजबूत है, वह उसी से मिलने वाले टैक्स को उसी क्षेत्र के विकास में लगा सकता है। जैसे, जहां पर्यटन ज्यादा है, वहां पर्यटन से मिलने वाले टैक्स को पर्यटन सुविधाएं बेहतर करने में खर्च किया जा सकता है। औद्योगिक राज्यों में उद्योगों से जुड़े शुल्क को पर्यावरण सुधार पर लगाया जा सकता है। वहीं कृषि प्रधान राज्यों में मंडी से मिलने वाली फीस को खेती और किसानों को मजबूत बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो, हर राज्य अपनी जरूरत और स्थिति के अनुसार टैक्स को विकास से जोड़कर ज्यादा प्रभावी परिणाम हासिल कर सकता है।

यमुना एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगा निवेश, तीन कंपनियों को आवंटित की गई ज़मीन

यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बड़े निवेश की रफ्तार तेज, तीन कंपनियों को भूमि आवंटन योगी सरकार की औद्योगिक नीति का असर, तीनों कंपनियों से आएगा 3,400 करोड़ रुपये से अधिक निवेश ट्रैक्टर, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और ड्राई फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट लगेंगी, सृजित होंगे 5,700 से ज्यादा रोजगार के अवसर लखनऊ/नोएडा  उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में तीन बड़ी कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है। यह आवंटन इन्वेस्ट यूपी की संस्तुति पर किया गया है, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत हुआ है। इन परियोजनाओं से कुल 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा और लगभग 5,700 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। एस्कॉर्ट्स कुबोटा से मिलेगा बड़ा निवेश और रोजगार एस्कॉर्ट्स कुबोटा लि. (M/s Escorts Kubota Limited) को सेक्टर-10 में 154 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां ट्रैक्टर और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में लगभग 2,029 करोड़ रुपये का निवेश होगा और करीब 4,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह यूनिट प्रदेश में कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को नई मजबूती देगी। सीएनएच इंडस्ट्रियल से कृषि मशीनरी सेक्टर को बढ़ावा सीएनएच इंडस्ट्रियल इंडिया प्रा लि (M/s CNH Industrial India Pvt. Ltd.) को सेक्टर-8डी में 100 एकड़ भूमि दी गई है। कंपनी यहां ट्रैक्टर निर्माण यूनिट स्थापित करेगी, जिसमें 1,219.81 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इस प्रोजेक्ट से लगभग 1,200 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह निवेश उत्तर प्रदेश को कृषि मशीनरी निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेगा। सन ऑर्गेनिक से फूड प्रोसेसिंग सेक्टर मजबूत सन ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज प्रा लि (M/s Sun Organic Industries Pvt. Ltd.) को सेक्टर-8डी में 30,000 वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां ड्राई फ्रूट प्रोसेसिंग और पैकेजिंग यूनिट लगाएगी। इस परियोजना में करीब 225.16 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 569 लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे। योगी सरकार की नीतियों से बढ़ा निवेश का भरोसा प्रदेश में बढ़ते निवेश को योगी सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों, सिंगल विंडो सिस्टम और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का परिणाम माना जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र तेजी से एक औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है, जहां बड़ी कंपनियां निवेश के लिए आगे आ रही हैं। इन सभी परियोजनाओं के शुरू होने से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे प्रदेश के समग्र विकास को बल मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य को $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाना है। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में हो रहा यह निवेश उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

रंगों में बसी एकता की भावना, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने होली मिलन समारोह में की शिरकत

मुख्यमंत्री युवा योजना से बदली तकदीर, लखनऊ की खुशी बनीं महिला उद्यमिता की नई पहचान ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण से युवाओं को मिल रहा स्वरोजगार का अवसर ‘ग्लैम हाउस’ के जरिए ब्यूटी बिजनेस में बनाई अलग पहचान   यूनिसेक्स सैलून और एकेडमी से अन्य महिलाओं को भी दे रहीं रोजगार लखनऊ ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के माध्यम से योगी सरकार ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण प्रदान कर युवाओं के स्वरोजगार के सपनों को नए पंख देने का काम कर रही है। इसी योजना का लाभ लेकर योगी सरकार के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को लखनऊ की रहने वाली खुशी गुप्ता ने धरातल पर उतारकर उद्यमी बनने का सपना साकार किया है। उन्होंने न सिर्फ ब्यूटी बिजनेस में अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि वे अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकीं हैं। लखनऊ की खुशी बनीं महिला उद्यमिता की नई पहचान खुशी गुप्ता ने बताया कि वे लखनऊ में बीए एलएलबी की पढ़ाई कर रहीं हैं। उनकी मेकअप और ब्यूटी पार्लर में रुचि है। इसके लिए उन्होंने प्रोफेशनल कोर्स भी किया। उनको ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना के बारे में जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने बैंक जाकर योजना की जानकारी ली और एक हफ्ते का उद्यमिता प्रशिक्षण भी लिया। इस योजना के तहत उनको 4.5 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। यह पूरी तरह ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त था। मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता से उन्होंने से सैलून का इंटीरियर और वेंडर्स का भुगतान किया। लखनऊ के खुर्रम नगर इलाके में 2025 में ‘ग्लैम हाउस’ के नाम से यूनिसेक्स सैलून, स्टूडियो और एकेडमी की शुरुआत की। खुशी आज न सिर्फ हर महीने लाखों रुपए कमा रहीं है, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रहीं हैं।   ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण से प्रदेश के युवा बन रहे उद्यमी  योगी सरकार ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के तहत प्रदेश के 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को व्यापार जगत में मुख्यधारा से जोड़ रही है। योजना के तहत ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त 5 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध करवाती है। आज खुशी जैसी प्रदेश की हजारों महिलाएं सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की जीडीपी में अपना योगदान दे रहीं हैं। खुशी की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।

सीएम ने की स्वस्थ-समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना

मुख्यमंत्री ने किए मां विंध्यवासिनी के दर्शन चैत्र नवरात्रि से पहले गोरक्षपीठाधीश्वर ने मां के चरणों में लगाई हाजिरी  सीएम ने की स्वस्थ-समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना कॉरिडोर का किया अवलोकन, बच्चों को दी चॉकलेट लखनऊ/मीरजापुर गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए। मां की आरती उतारी और सुखी, स्वस्थ व समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। मुख्यमंत्री ने मां को लाल चुनरी अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की और मंदिर की परिक्रमा भी की। मुख्यमंत्री ने चैत्र नवरात्रि की तैयारियों का जायजा लिया, प्रशासन को चैत्र नवरात्रि व रामनवमी में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने और मंदिर प्रांगण के साथ ही आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।  इसके बाद मुख्यमंत्री ने विंध्यवासिनी कॉरिडोर का अवलोकन और स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को बच्चे भी दिखाई दिए। उन्होंने बच्चों के पास पहुंचकर उनसे संवाद किया, उनका हालचाल पूछा और पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों को मोबाइल का प्रयोग कम से कम करने की सीख दी और उन्हें चॉकलेट भी दी।  इस दौरान कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, विधायक रत्नाकर मिश्र, विधान परिषद सदस्य विनीत सिंह समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

समाज के हर तबके व देश की समृद्धि के लिए अनेक कार्य किए बहुगुणा जी ने: सीएम योगी

पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री  बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के विकास को प्रदान की नई ऊंचाइयां: सीएम योगी  लोकप्रिय राजनेता व कुशल प्रशासक थे हेमवती नंदन बहुगुणाः मुख्यमंत्री  समाज के हर तबके व देश की समृद्धि के लिए अनेक कार्य किए बहुगुणा जी ने: सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताया। सीएम ने कहा कि बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के निरंतर प्रयास किए बहुगुणा जी ने सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखंड) के जनपद पौढ़ी के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही अर्जित की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने प्रयागराज की भूमि को चुना। वहीं उच्च शिक्षा ग्रहण करने के दौरान वह छात्रनेता के रूप में देश के स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के साथ ही सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए।  समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए किए अनेक कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में 1942 में छात्रनेता के रूप में उनकी गिरफ्तारी हुई। स्वतंत्र भारत में जनप्रतिनिधि, प्रदेश सरकार के मंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। उन्होंने प्रयागराज को नई पहचान दी। हेमवती नंदन बहुगुणा द्वारा जनप्रतिनिधि के रूप में जो भी कार्य किए गए, वे समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए थे।  इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक जय देवी, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, डॉ. अम्मार रिजवी, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया आदि ने भी स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

यूपी में टीचर, वकील और पत्रकारों के लिए फ्लैट्स, सीएम योगी ने किया बड़ा ऐलान

 लखनऊ सीएम योगी ने प्रदेश में शिक्षकों, वकीलों और पत्रकारों के लिए भी आवासीय योजनाएं विकसित करने की बात कही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ किया है कि जिन लोगों के पास अपनी जमीन नहीं है, उनके लिए बहुमंजिला मकान  तैयार किए जाएंगे. सीएम योगी ने कहा कि माफियाओं ने सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रखा था, जिन्हें अब मुक्त कराकर उपयोग में लाया जा रहा है. जहां ऐसी जमीन शेष है, उसे भी खाली कराया जाएगा और मकान बनवाकर शिक्षकों, वकीलों और पत्रकारों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने  कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बड़ी मात्रा में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे थे. इन जमीनों को अब मुक्त कराया गया है और उनका उपयोग आम लोगों के हित में किया जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी ऐसी जमीनें अब भी कब्जे में हैं, उन्हें प्राथमिकता से खाली कराया जाए. इन जमीनों पर हाईराइज मकान विकसित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके. मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर माफिया की जब्त की गई संपत्तियों का इस्तेमाल भी इसी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है। अब सिर्फ गरीब ही नहीं, हर वर्ग पर फोकस अधिकारियों का कहना है कि अब तक आवास योजनाएं मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए केंद्रित थीं, लेकिन इस बार सरकार ने दायरा बढ़ाने की बात कही है. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत 90 हजार लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई. यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई, जिससे वे अपने घर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर सकें. सरकार का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो सके। जो हक छीना, अब वही लौटेगा मुख्यमंत्री ने सख्त शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक गरीबों का हक छीना और जमीनों पर कब्जा किया, अब समय आ गया है कि वही संसाधन समाज के हित में वापस आएं. उनका कहना था कि यह केवल योजना नहीं, बल्कि एक तरह से सामाजिक न्याय की प्रक्रिया है, जिसमें छिने हुए अधिकार वापस दिलाने का प्रयास किया जा रहा है. सरकार के अनुसार, प्रदेश में अब तक करीब 62 लाख परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत आवास उपलब्ध कराया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना घर हो. यह केवल एक भौतिक जरूरत नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय भी है. उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय को दिया। 25 करोड़ जनता ही परिवार  मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले योजनाएं होने के बावजूद उनका लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता था. अब सरकार 25 करोड़ प्रदेशवासी ही परिवार हैं” की सोच के साथ काम कर रही है. इसी कारण बिना भेदभाव हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. उनका कहना था कि जब शासन का नजरिया व्यापक होता है, तभी योजनाओं का असर जमीन पर दिखता है। बीमारू से ग्रोथ इंजन तक का दावा मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बदलती छवि का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की छवि से निकलकर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उन्होंने इसे विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे में सुधार और जनकल्याणकारी नीतियों का परिणाम बताया. सरकार का कहना है कि अब केवल घर देना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उसके साथ सभी जरूरी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं. लाभार्थियों को शौचालय, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ अन्य योजनाओं का भी लाभ दिया जा रहा है. जैसे कि उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल हैं।

राम नगरी में राष्ट्रपति का पारंपरिक स्वागत, अवधी लोकनृत्य और भजन से गूंजेगा अयोध्या मार्ग

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में सजेगी राम नगरी, एयरपोर्ट से राम मंदिर तक 20 सांस्कृतिक मंच सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या में भव्य तैयारियां, 250 कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राम नगरी में राष्ट्रपति का पारंपरिक स्वागत, अवधी लोकनृत्य और भजन से गूंजेगा अयोध्या मार्ग -राष्ट्रपति के दौरे को लेकर अयोध्या में सांस्कृतिक उत्सव, रामायण आधारित कार्यक्रमों से होगा अभिनंदन अयोध्या राम नगरी अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 19 मार्च के प्रस्तावित दौरे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन, संस्कृति विभाग और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से पूरे शहर को भव्य और सांस्कृतिक स्वरूप में सजाया जा रहा है, ताकि राष्ट्रपति का पारंपरिक और गरिमामय स्वागत किया जा सके। एयरपोर्ट से राम मंदिर तक होगा भव्य स्वागत सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग के प्रयास से एयरपोर्ट से राम मंदिर गेट तक भव्य स्वागत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान शहर की सड़कों पर करीब 20 सांस्कृतिक मंच सजाए जाएंगे, जहां लगभग ढाई सौ कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 250 कलाकार देंगे रामायण आधारित प्रस्तुतियां उन्होंने बताया कि इन मंचों पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकार रामायण आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रमों में स्वागत गीत, भजन, बधावा, अवधी लोकगायन, लोकनृत्य और राम भक्ति से जुड़े पारंपरिक कार्यक्रम शामिल होंगे। राष्ट्रपति के स्वागत मार्ग पर रोड के दोनों ओर इन मंचों को स्थापित किया जाएगा, जिससे पूरा रास्ता भक्ति और संस्कृति की ध्वनि से गूंज उठेगा। अयोध्या की परंपरागत संस्कृति की झलक अयोध्या की परंपरागत संस्कृति को दर्शाने के लिए रामलीला अंश प्रस्तुति, अवधी लोकनृत्य, झांकी, ढोल-नगाड़ा, शंखनाद, वेदपाठ और भजन संकीर्तन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से अयोध्या की प्राचीन धार्मिक, वैदिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई जाएगी। शहर के प्रमुख स्थानों पर सजेंगे मंच प्रमुख स्थानों पर मंच लगाए जाएंगे, जिनमें एयरपोर्ट रोड, नाका, देवकाली, चूड़ामणि चौराहा, निषाद राज चौराहा, बृहस्पति कुंड के पास और राम मंदिर गेट के निकट के क्षेत्र शामिल हैं। छोटे मंचों पर लगभग 7 कलाकारों की टीम प्रस्तुति देगी, जबकि बड़े मंचों पर करीब 15 कलाकारों की टीम सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी। अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगा वैश्विक मंच सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि सभी टीमें राम भक्ति, अवधी संस्कृति और वैदिक परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। इस भव्य आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रपति का पारंपरिक और हृदयस्पर्शी स्वागत करना है, जिससे अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को देश और विश्व पटल पर और मजबूती से स्थापित किया जा सके।

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