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सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई

ओडीओपी योजना से बदली कारीगरों की तकदीर, 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार ओडीओपी योजना से निर्यात दोगुना, पारंपरिक उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, बजट में आवंटन बढ़ा सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का माध्यम बनकर उभरी है। वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई इस पहल ने पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को न केवल नई पहचान दी, बल्कि उन्हें बाजार, प्रशिक्षण और वित्तीय संबल भी उपलब्ध कराया। सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही है। परंपरागत उत्पादों को मिला प्रोत्साहन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बजट सत्र 2026-27 में प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को नई पहचान दी है। यह योजना परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहन देने, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर जनपद में 2275 कारीगरों को उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई गई, जबकि 454 हस्तशिल्पियों को 16.26 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई।  दोगुना से अधिक हुआ निर्यात उन्होंने बताया कि आर्थिक दृष्टि से भी ओडीओपी योजना ने उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी एवं हस्तशिल्प उत्पादों का बताया गया है। वर्ष 2018 से अब तक इस योजना के माध्यम से 3,16,000 लोगों को रोजगार सृजित हुआ है। 200 करोड़ के बजट का प्रावधान वित्तीय प्रतिबद्धता भी इस योजना के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। पिछले बजट में 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 135 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडिंग को मजबूती मिली है। कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा उन्होंने कहा कि ओडीओपी केवल आर्थिक योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का अभियान है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा गया है। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन’ जैसी नई पहल स्थानीय पहचान को और व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

पिंक सॉलिड स्टोन से सजेगा प्रवेश द्वार, अयोध्या-गोण्डा मार्ग की बढ़ेगी गरिमा

राम की नगरी में आने वाले भक्तों का स्वागत करेगा लक्ष्मण द्वार एनएच-330ए पर बन रहा भव्य लक्ष्मण द्वार, 3,970.50 लाख रुपये की लागत से हो रहा निर्माण पिंक सॉलिड स्टोन से सजेगा प्रवेश द्वार, अयोध्या-गोण्डा मार्ग की बढ़ेगी गरिमा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में है अयोध्या का धार्मिक विकास अयोध्या  राम की नगरी अब भक्तों के लिए और अधिक आकर्षक व स्वागतमय बन रही है। राम मंदिर के दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत करने के लिए एनएच-330ए (अयोध्या-गोण्डा मार्ग) पर एक शानदार लक्ष्मण द्वार का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह प्रवेश द्वार अयोध्या की धार्मिक गरिमा को और निखारने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह भव्य लक्ष्मण द्वार देईपुर/कटरा भागचंद्र अहतमाली क्षेत्र में 40 मीटर चौड़े मार्ग पर बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को इस परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुल निर्माण लागत 3,970.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। द्वार को पिंक सॉलिड स्टोन से सजाया जाएगा, जो इसे राजसी एवं आकर्षक बनाएगा। पिंक स्टोन का उपयोग न केवल सौंदर्य बढ़ाएगा, बल्कि यह स्थानीय शिल्प कौशल को भी प्रदर्शित करेगा और अयोध्या की प्राचीन वास्तुकला से प्रेरित होगा। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र यादव ने बताया कि वर्तमान में परियोजना का 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अक्टूबर तक पूरा लक्ष्मण द्वार तैयार हो जाएगा। भव्य और यादगार पड़ाव साबित होगा लक्ष्मण द्वार के बनने से यह मार्ग धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक भी बन जाएगा। रामायण काल में लक्ष्मण जी के भाई राम के प्रति समर्पण की याद दिलाता यह द्वार भक्तों के मन में श्रद्धा एवं उत्साह का संचार करेगा। अयोध्या विकास की इस नई परियोजना से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश का धार्मिक पर्यटन नक्शा और चमकदार हो रहा है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी मजबूती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में धार्मिक स्थलों का विकास एवं पर्यटन संवर्धन प्रमुख स्थान रखता है। अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण के बाद यहां पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। लक्ष्मण द्वार का निर्माण इसी दिशा में एक और कदम है, जो न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। स्थानीय व्यापारियों, होटलों, परिवहन सेवाओं और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। एनएच-330ए पर यह लक्ष्मण द्वार अयोध्या-गोण्डा मार्ग की गरिमा को कई गुना बढ़ा देगा।

289 एकड़ भूमि पर विकसित होगा कार्बन-फ्री डेटा सेंटर, हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजन की संभावना

एएम ग्रुप और इन्वेस्ट यूपी के बीच एमओयू, 2030 तक पूर्ण क्षमता से संचालन का लक्ष्य यीडा के सीईओ ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को सौंपा लेटर ऑफ इंटेंट 289 एकड़ भूमि पर विकसित होगा कार्बन-फ्री डेटा सेंटर, हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजन की संभावना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एएम ग्रुप और राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी ‘इन्वेस्ट यूपी’ के बीच सहमति बनी है। इसके तहत 1 गीगावॉट (GW) हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूट (HPC) एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। गुरुवार को यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है।  289 एकड़ भूमि के लिए एलओआई जारी यीडा द्वारा सेक्टर 28 में 114 एकड़ और सेक्टर 8डी में 175 एकड़, कुल 289 एकड़ भूमि के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी किया गया है। यह अत्याधुनिक हब लगभग पांच लाख हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स से लैस होगा और 24×7 कार्बन-फ्री ऊर्जा (पवन, सौर एवं पम्प्ड स्टोरेज) से संचालित होगा। यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में स्थापित की जाएगी, जिसमें लगभग 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश प्रस्तावित है। इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। वर्ष 2028 तक प्रथम चरण का संचालन शुरू होगा, जबकि 2030 तक पूर्ण 1 गीगावॉट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को नई गति भारत में एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए यह हब वैश्विक हाइपरस्केलर्स, अनुसंधान संस्थानों, उद्यमों और संप्रभु एआई पहलों की जरूरतों को पूरा करेगा। एएमजी एआई लैब्स ‘एआई के लोकतंत्रीकरण’ के तहत ऊर्जा से लेकर इंटेलिजेंट टोकन तक संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित करने की दिशा में कार्यरत है। यह सुविधा भारतीय डेवलपर समुदाय को अत्याधुनिक चिपसेट्स तक व्यापक पहुंच देगी, जिससे घरेलू और वैश्विक स्तर पर एआई समाधान विकसित करने में तेजी आएगी। आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव इस परियोजना से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित होने की संभावना है। साथ ही हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजित होंगे। हार्डवेयर निर्माण, सॉफ्टवेयर विकास और विशेषीकृत कूलिंग तकनीकों के क्षेत्र में स्थानीय इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था के अग्रिम पंक्ति के राज्यों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

रक्षा शक्ति पर बड़ा बयान, सीएम योगी ने ब्रह्मोस के जरिए दिखाया ‘हार्ड पावर’ रोडमैप

सीएम योगी ने दिया ब्रह्मोस संग ‘हार्ड पावर’ विजन   मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बदली कवर इमेज अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने वाली सरकार के मुखिया ने दिया ‘नए यूपी’ का संकेत   लखनऊ  उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने वाली सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने ‘नए यूपी’ की बढ़ती ताकत का संकेत दिया। बजट 2026-27 के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कवर इमेज बदल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मोस संग अपनी फोटो लगाकर ‘हार्ड पावर’ विजन” का संदेश दिया।  सोशल मीडिया हैंडल पर मुख्यमंत्री का यह संदेश बताता है कि लखनऊ में ब्रह्मोस निर्माण के जरिए उत्तर प्रदेश एक तरफ रक्षा उत्पादन का उभरता वैश्विक हब हो गया है। वहीं दूसरी ओर 9.12 लाख करोड़ का बजट और सामरिक शक्ति के संगम का भी संकेत प्रदेशवासियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। बजट के जरिए सीएम योगी ने संदेश दिया कि यूपी की अर्थव्यवस्था “फर्श से अर्श तक पहुंच गई है, जो यूपी के विकास, सुरक्षा और निवेश के त्रिवेणी मॉडल को प्रदर्शित करता है। योगी का यह “‘सुपरसोनिक केसरिया’ संदेश बताता है कि उत्तर प्रदेश विकास का इंजन और प्रदेशवासियों की सुरक्षा का कवच भी बन गया है।

निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2400 करोड़

बॉटलनेक टू ब्रेकथ्रू बजट 2026-27 (कृषि, मत्स्य, उद्यान, दुग्ध विकास, खाद्य-रसद)  योगी सरकार की प्राथमिकता में किसान, कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये कृषकों के डीजल पंप सेट को सोलर पम्प में परिवर्तित करने के लिए 637 करोड़ 84 लाख रुपये  निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2400 करोड़  उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2832 करोड़ की व्यवस्था पशुधनः छुट्टा गोवंश के रख-रखाव के लिए 2,000 करोड़ मत्स्यः अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार, एकीकृत एक्वा पार्क तथा मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की नई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये  खाद्य एवं रसद की योजनाओं के लिए 20,124 करोड़  दुग्ध विकासः मथुरा में 30 हजार से बढ़कर एक लाख लीटर प्रतिदिन वाली क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना  लखनऊ योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और श्रमिकों का सशक्तिकरण, रोजगार के अवसर सृजित करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार ने अपनी बात को सार्थक करते हुए बजट में कृषि योजनाओं पर जोर दिया। इस बजट में कृषि योजनाओं के लिये 10,888 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। बजट में पशुधन, मत्स्य, खाद्य-रसद, उद्यान विभाग के लिए भी बजट में बड़ी धनराशि की व्यवस्था की है।  यूपीएग्रीज परियोजना के अन्तर्गत एग्रीएक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिये 245 करोड़ रुपये सदन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बजट 2026-27 में कृषि योजनाओं के लिये लगभग 10,888 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, यह वर्ष 2025-2026 के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है। खन्ना ने बताया कि वर्ष 2026-2027 में 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन एवं 48.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य है। एक्वाब्रिज द्वारा प्रस्तावित यूपीएग्रीज परियोजना में एक्वा कल्चर आधारभूत संरचना के तहत विश्वस्तरीय हैचरी तथा विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की बाह्य सहायतित परियोजना के लिये 155 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। यूपीएग्रीज परियोजना के अन्तर्गत एग्रीएक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिये 245 करोड़ रुपये तथा किसान उत्पादक संगठनों हेतु रिवाल्विंग फण्ड योजना के लिये 75 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है।  डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की योजना के लिए 673 करोड़ 84 लाख  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कृषकों के डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की योजना के लिए 637 करोड़ 84 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फॉर्मिंग योजना सभी जनपदों के 94,300 हेक्टेयर में संचालित है। इस योजना के लिए बजट में 298 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।  निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2400 करोड़ प्रस्तावित सुरेश खन्ना ने सदन में बताया कि किसानों के निजी नलकूपों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए बजट में 2,400 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश बीज स्वावलंबन नीति 2024 के तहत प्रदेश में सीड पार्क विकास परियोजना के लिए 251 करोड़ रुपये और पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के लिए लगभग 103 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।  उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2832 करोड़  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बजट में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2,832 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह वर्ष 2025-2026 के सापेक्ष 7 प्रतिशत से अधिक है। राष्ट्रीय औद्यानिक मिशन योजना के लिए 715 करोड़ तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लिए 478 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2022 के क्रियान्वयन के लिए 300 करोड़ रुपये तो मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।  दुग्ध विकासः मथुरा में 30 हजार से बढ़कर अब एक लाख लीटर प्रतिदिन वाली क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना  दुग्ध विकास के अंतर्गत वित्त मंत्री ने बताया कि सहकारी क्षेत्र के तहत प्रदेश में 19 दुग्ध संघों के माध्यम से दुग्धशाला विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मथुरा में पहले 30 हजार लीटर क्षमता की नवीन डेयरी परियोजना प्रस्तावित की गयी थी, लेकिन इसे संशोधित करते हुये 1 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव है। सरकार ने इसके लिए बजट में 23 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजना के तहत प्रस्तावित दुग्ध संघों में 220 नई दुग्ध समितियों के गठन तथा 450 दुग्ध समितियों के पुनर्गठन का कार्य प्रस्तावित है। इसके लिए 107 करोड़ रुपये की व्यवस्था हुई है।  पशुधनः छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 2,000 करोड़ खन्ना ने बताया कि प्रदेश के 7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12,38,547 गोवंश संरक्षित है। इसके अतिरिक्त 155 वृहद गो- संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना तथा पोषण मिशन के तहत 1,13,631 पशुपालकों को 1,81,418 गोवंश सुपुर्द किये गये हैं। इन्हें भरण पोषण के लिए 50 रुपये की दर से डीबीटी के माध्यम से सीधे भुगतान किया जा रहा है। छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 2,000 करोड़ तथा वृहद गो-संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। पशु रोग नियंत्रण योजना के लिए 253 करोड़ तथा पशु चिकित्सालयों/पशु संघ केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए 155 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में पहली बार मोबाइल वेटरेनरी यूनिट की स्थापना भारत सरकार की अम्ब्रेला स्कीम पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना के अंतर्गत सम्मिलित की गयी है। मत्स्यः अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार, एकीकृत एक्वा पार्क तथा मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की नई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये  सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पुरुष व महिला घटक के लिए क्रमशः 195 करोड़ तथा 115 करोड़ की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत एकीकृत एक्वा पार्क की स्थापना के लिए बजट में 190 करोड़ रुपये दिए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार, एकीकृत एक्वा पार्क तथा मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की नई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। खाद्य एवं रसदः योजनाओं के लिए 20,124 करोड़  खाद्य एवं रसद की योजनाओं के लिये बजट में लगभग 20,124 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। अन्नपूर्ति योजना के लिए 15,480 करोड़, निःशुल्क एलपीजी सिलिंडर रीफिलिंग योजना के … Read more

योगी सरकार का बजट 2026-27: सुरेश खन्ना ने विधानसभा में पेश किया 9.12 लाख करोड़ का वित्तीय प्लान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किया गया यह बजट पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा है और इसे राज्य की अर्थव्यवस्था को ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ का आधार बताया है, जिसमें समाज के हर वर्ग किसान, युवा, महिला और गरीब की आशाओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। बजट के मुख्य आंकड़े कुल बजट आकार: ₹9,12,696 करोड़ राजस्व प्राप्तियां: ₹3,53,315 करोड़ (अनुमानित) प्रति व्यक्ति आय: ₹1,09,844 (जो 2016-17 के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है) बेरोजगारी दर: घटकर महज 2.24% रह गई है। दुगनी हुई प्रति व्यक्ति आय योगी सरकार के पिछले आठ वर्षों के कार्यकाल में राज्य की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में जो प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये थी, वह अब बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है। अनुमान है कि 2026-27 तक यह 1.20 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में लगभग 06 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के चक्र से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। इसके साथ ही राज्य की सकल घरेलू उत्पाद दर 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% की शानदार वृद्धि दिखाती है। 14 नए मेडिकल कॉलेज, 1,023 करोड़ का प्रावधान वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. चिकित्सा शिक्षा के लिए अलग से 14,997 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है. प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. इनमें 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र के हैं.  रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्राओं को बड़ी सौगात दी है. बजट में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है. इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, कॉलेज आने-जाने की दिक्कतों को कम करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.  ऊर्जा क्षेत्र को 65,926 करोड़ का बजट ऊर्जा सेक्टर में सरकार ने 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, जो पिछले वर्ष से 8 प्रतिशत अधिक है. –  दिसंबर 2025 तक औसत बिजली आपूर्ति: ग्रामीण क्षेत्र में 19 घंटे, तहसील मुख्यालय में 21 घंटे 49 मिनट और जनपद मुख्यालय में 24 घंटे सप्लाई हो रही. – 1 अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक 2,41,088 निजी नलकूप कनेक्शन जारी. – 2017-18 से अब तक 1,66,135 निजी नलकूप संयोजन जारी. – 4,680 कृषि फीडर लक्ष्य के मुकाबले 4,048 फीडर बन चुके हैं. इन पर 10 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जो देश में सर्वाधिक बताई गई. –  1 अप्रैल 2022 से 2025-26 तक 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्र बने. – 20,924 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए और 85,684 की क्षमता बढ़ाई गई. – पारेषण क्षमता 2016-17 में 17,890 मेगावॉट थी, जिसे बढ़ाकर 2025-26 में 32,500 मेगावॉट किया गया.  नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति को 22,676 करोड़ – नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 22,676 करोड़ रुपये का प्रावधान. – 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य. अब तक 2.43 करोड़ घरों तक नल संयोजन पहुंच चुका है. – जल जीवन मिशन के लिए 22,452 करोड़ रुपये का प्रावधान. – गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 74 सीवरेज परियोजनाएं स्वीकृत. 41 पूरी हो चुकी हैं, बाकी निर्माणाधीन हैं. सड़क और सेतु के लिए 34,468 करोड़ का प्रावधान प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण को लेकर सरकार ने बड़ा बजट आवंटन किया है.  – सड़कों और सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण और अनुरक्षण के लिए 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था.  – नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये. – सेतुओं के लिए 4,808 करोड़ रुपये और रेल ओवरब्रिज/अंडरब्रिज निर्माण के लिए 1,700 करोड़ रुपये. – राज्य व जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 3,700 करोड़ रुपये. – राज्य सड़क निधि से अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रुपये और निर्माण/चौड़ीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये. – शहरों में बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर निर्माण के लिए 1,500 करोड़ रुपये. -औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्क से जुड़ी सड़कों के लिए 1,000 करोड़ रुपये.  यूपी बनेगा IT हब वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में आधुनिक तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार हो रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निकट भविष्य में देश का IT हब बनेगा. भाषण के दौरान उन्होंने कहा, ‘सितारा बन के आसमां में वही चमकते हैं, डुबो देते हैं जो अपने आपको पसीने में.’  खादी एवं ग्रामोद्योग… 16 हजार रोजगार का लक्ष्य योगी सरकार ने ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग सेक्टर में बड़े प्रावधान किए हैं. मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 800 नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी. इसके लिए 40 करोड़ रुपये के बैंक ऋण का प्रावधान किया गया है. इससे 16,000 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है. पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण इकाइयों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान देने के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. गोरखपुर के खजनी स्थित कंबल उत्पादन केंद्र के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये की नई योजना लाई गई है. माटीकला के पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम हेतु 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.  टेक्नोलॉजी और एआई मिशन – राज्य में AI मिशन, स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित होंगे. – नई टेक्नोलॉजी … Read more

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक संपन्न

यूपी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप बनाएगा ट्रॉमा सेंटर मुख्यमंत्री का निर्णय: 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की होगी स्थापना, आपात स्थितियों में मिलेगा त्वरित उपचार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक संपन्न विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ के गठन के निर्देश एलोपैथी एवं आयुष के समन्वय से इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना का निर्णय स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस शुरू होगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के अंतर्गत 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया है। यह ट्रॉमा सेंटर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप स्थापित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं सहित अन्य आपात परिस्थितियों में घायलों को त्वरित एवं उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मंगलवार को बतौर कुलाधिपति विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे विश्वविद्यालय परिसर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण दुर्घटना पीड़ितों के उपचार में बहुमूल्य समय नष्ट होता है। प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का संचालन विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें टेली-ओपीडी, वर्चुअल ओपीडी, डिजिटल डेटा एकीकरण तथा मोबाइल आउटरीच जैसी सेवाएं शामिल हों। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा देने से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को पश्चिमी एवं मध्य उत्तर प्रदेश के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा, शिक्षण एवं शोध के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि उपचार, शिक्षण और अनुसंधान के प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्ता, संवेदनशीलता तथा समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा कि देश के अग्रणी चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर उन्हें विश्वविद्यालय की व्यवस्था में समाहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से समाज की उच्च अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं, जिनकी पूर्ति के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में समग्र सुधार हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना की जाएगी। इस इकाई के माध्यम से एलोपैथी एवं आयुष पद्धतियों के समन्वय से रोगी-केन्द्रित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत आयुष विभाग के सहयोग से इंटीग्रेटिव ओपीडी, विशेष क्लीनिक, योग एवं वेलनेस इकाई स्थापित की जाएंगी। स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनसंपर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय समाज के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करे। इस क्रम में विश्वविद्यालय में कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस की स्थापना का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, रोग-निवारण, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित प्रमाणिक जानकारी तथा शैक्षणिक सामग्री का प्रसारण किया जाएगा।

CM योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट बयान, कहा- बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर बड़ा बयान दिया है. मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों और कट्टरपंथी विचारधारा रखने वालों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अयोध्या में जिस स्थान पर राम मंदिर बना है, वहां अब किसी और ढांचे की कल्पना करना भी व्यर्थ है. बाराबंकी की जनसभा में मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है और इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है. सीएम योगी ने कहा कि बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण अब कभी नहीं होगा. उन्होंने साफ तौर पर कहा, “कयामत के दिन तक भी बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा.” जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से किया गया वादा पूरा किया गया है. उन्होंने कहा, “हम लोगों ने कहा था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. और मंदिर वहीं बन गया.” उन्होंने दोहराया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर अपने निर्धारित स्थान पर बन चुका है और यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है. ‘अवसरवादी लोग स्वार्थ के लिए राम को भूल जाते हैं’ सीएम योगी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जो लोग बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण के सपने देख रहे हैं, उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश की सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था का प्रतीक है. भगवान राम सबके हैं और इसमें कोई भेदभाव नहीं है, लेकिन कुछ अवसरवादी लोग अपने स्वार्थ के लिए राम को भूल जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है. सीएम ने कहा कि जो कयामत के दिन का सपना देख रहे हैं, वे सड़-गल जाएंगे, वह दिन कभी आने वाला नहीं है. भारत की विरासत, गौरवशाली परंपरा और सनातन धर्म का सम्मान करते हुए केसरिया ध्वज सदैव देश का मान बढ़ाता रहेगा. योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर केसरिया ध्वजारोहण का उल्लेख करते हुए इसे सनातन का प्रतीक बताया. उन्होंने अवसरवादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि संकट आने पर कुछ लोगों को राम याद आते हैं, बाकी समय वे राम को भूल जाते हैं, इसलिए भगवान राम भी उन्हें भूल चुके हैं.  कानून तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी सीएम योगी ने जनसभा में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे. कानून तोड़कर जन्नत जाने का सपना देखने वालों का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा. सरकार जो कहती है, वह करके दिखाती है और कानून तोड़ने वालों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि उनकी सात पीढ़ियां उसे याद रखेंगी. जो कानून तोड़ेगा, उसे जहन्नुम का रास्ता दिखाएंगे.” उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वालों और रामकाज में बाधा डालने वालों के लिए कोई जगह नहीं बची है. भारत और सनातन एक-दूसरे के पूरक हैं, दोनों को अलग नहीं किया जा सकता. देश और सनातन पर अंदर और बाहर से प्रहार हो रहे हैं, जिनसे सजग और सचेत रहने की जरूरत है. कुछ लोग साजिश कर रहे हैं, कुछ साजिश का शिकार हो रहे हैं और कुछ लोग साजिश के लिए बिककर काम कर रहे हैं. उन्होंने जनता से इन दुष्प्रवृत्तियों के खिलाफ तैयार रहने का आह्वान किया. 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि तब प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और असुरक्षा का माहौल रहता था. उन्होंने कहा कि उस समय न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, न किसान, न नौजवान, मंदिर, विद्यालय और घर तक सुरक्षित नहीं थे. पहले हर तीसरे-चौथे दिन किसी न किसी जिले में कर्फ्यू लगता था और लोगों में भय का वातावरण बना रहता था. अब प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और सुरक्षा का माहौल स्थापित हुआ है.

विजय सिंह गौड़ ने जल-जंगल-जमीन और बुनियादी अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक किया संघर्ष: सीएम योगी

प्रदेश ने खोए जमीन से जुड़े और जनजातीय समाज के नेता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने विधानसभा के दिवंगत सदस्यों के प्रति अर्पित की श्रद्धांजलि सीएम बोले- प्रो. श्याम बिहारी लाल ने शिक्षण अनुभव को जनसेवा से जोड़कर लोकतंत्र को दी मजबूती विजय सिंह गौड़ ने जल-जंगल-जमीन और बुनियादी अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक किया संघर्ष: सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शोक जताते हुए सदन में कहा कि वर्तमान विधानसभा के सदस्य प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का निधन 2 जनवरी 2026 को 60 वर्ष की आयु में हो गया। वह दूसरी बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और फरीदपुर (बरेली) से भारतीय जनता पार्टी के विधायक थे। प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल मिलनसार और जमीन से जुड़े जनप्रतिनिधि थे। शिक्षा जगत से उनका गहरा जुड़ाव रहा। वह इतिहास संकलन समिति, बरेली के अध्यक्ष तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की कार्यसमिति के सदस्य भी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में बुनियादी विकास कार्यों को गति दी और पिछड़े, वंचित व गरीब वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर काम किया। शिक्षा जगत से जुड़े विद्वान जब जनप्रतिनिधि बनते हैं तो वह लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त करते हैं। उनके निधन से प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी को अपूर्णनीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने वर्तमान विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य विजय सिंह गौड़ के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने सदन को बताया कि समाजवादी पार्टी से विधायक विजय सिंह का निधन 8 जनवरी 2026 को 71 वर्ष की आयु में हो गया था। वह आठवीं बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। वर्ष 1980 से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ था। उन्होंने सर्वप्रथम वर्ष 1980, फिर 1985, 1989, 1991, 1993, 1996, 2002 में चुनाव जीता था। वर्ष 2024 के उप चुनाव में वह दुद्धी विधानसभा से निर्वाचित हुए थे। वह जनजातीय समाज की सशक्त आवाज के रूप में जाने जाते थे। सीएम योगी ने कहा कि विजय सिंह गौड़ ने जल, जंगल, जमीन के अधिकारों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को सदैव प्राथमिकता दी। उनके निधन से न केवल जनजातीय समाज, बल्कि पूरे प्रदेश ने संघर्षशील समाजसेवी और अनुभवी राजनेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री ने दोनों दिवंगत सदस्यों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिजनों को संबल देने की प्रार्थना की।

प्रकृति संरक्षण, रोजगार और निवेश का समन्वित मॉडल बने इको-टूरिज़्म, स्थानीय सहभागिता अनिवार्य: मुख्यमंत्री

निजी क्षेत्र की भागीदारी से इको-टूरिज्म स्थलों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित हों: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, प्रदेश में इको-टूरिज्म विकास हेतु समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए प्रकृति संरक्षण, रोजगार और निवेश का समन्वित मॉडल बने इको-टूरिज़्म, स्थानीय सहभागिता अनिवार्य: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ईको-टूरिज़्म विकास बोर्ड की बैठक सप्ताहांत में दिल्ली-पलिया और लखनऊ पलिया बस सेवाएं शुरू हों: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में इको-टूरिज्म को रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाते हुए इसके लिए एक समग्र एवं समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध जैवविविधता, वन क्षेत्रों और प्राकृतिक विरासत में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं निहित हैं, जिन्हें योजनाबद्ध ढंग से धरातल पर उतारने की आवश्यकता है। इसके लिए निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि इको-टूरिज्म को एक सशक्त और टिकाऊ उद्योग के रूप में विकसित किया जा सके। सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड की बैठक मेंमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चयनित इको-टूरिज्म स्थलों पर पर्यटकों के लिए अच्छे होटल और स्तरीय रेस्टोरेंट, गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाए, जिससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि गोरखपुर का कुसम्ही जंगल, अयोध्या का कुमारगंज क्षेत्र, गाजीपुर का कामाख्या वन पार्क तथा लखीमपुर खीरी की महेशपुर रेंज जैसे संभावनाशील क्षेत्रों को पीपीपी मॉडल के माध्यम से विकसित किया जाए और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जैवविविधता, प्राकृतिक संपदा, वेटलैंड, झीलें, वन्यजीव और नदी तंत्र केवल पर्यटन का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य का आधार हैं। उन्होंने कहा कि इको-टूरिज्म आने वाले वर्षों में रोजगार, अर्थव्यवस्था, संरक्षण और वैश्विक पहचान का बड़ा स्तंभ बनेगा, इसलिए प्रत्येक जिले में सुरक्षित, स्वच्छ और सस्टेनेबल इको-टूरिज़्म मॉडल विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इको-टूरिज्म को प्रकृति संरक्षण, स्थानीय रोजगार, निजी निवेश और ग्रामीण विकास का मजबूत मॉडल बनाया जाए तथा इसके संचालन में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाए।  बैठक में अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच दुधवा, पीलीभीत, रानीपुर और कतरनियाघाट टाइगर रिज़र्व सहित हैदरपुर, बखिरा, सूर सरोवर, समसपुर और नवाबगंज जैसे प्रमुख वेटलैंड्स में कुल 44 इको-टूरिज़्म इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। बोर्ड अब परिसंपत्तियों के मॉनेटाइजेशन और दीर्घकालिक सस्टेनेबिलिटी पर काम कर रहा है, जिसके तहत इको लॉज, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और पर्यटक सुविधाओं के लिए पीपीपी मॉडल लागू किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने कनेक्टिविटी सुधार पर जोर देते हुए कहा कि लखनऊ-पलिया और नई दिल्ली-पलिया के बीच सप्ताहांत एसी बस सेवा का संचालन किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पीलीभीत-मैलानी-बहराइच के लिए क्षेत्रीय बस सेवा प्रारंभ करने के निर्देश दिए और कहा कि परिवहन निगम के सफल मॉडल को देखते हुए इन सेवाओं का विस्तार अन्य इको-टूरिज़्म स्थलों तक किया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2025-26 में विभिन्न जिलों जैसे अयोध्या, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, चित्रकूट, महराजगंज, प्रयागराज, बांदा, बहराइच, सीतापुर, उन्नाव, बलिया, इटावा, मैनपुरी आदि में नए पार्क, इंटरप्रिटेशन सेंटर, वेटलैंड विकास, बर्ड वॉचिंग टॉवर, ट्रेल्स, कैंपिंग और पर्यटक सुविधाओं पर आधारित कुल 31 नई परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। बोर्ड द्वारा एक एआई चैटबॉट और मोबाइल एप भी विकसित किया जा रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन विकास की विभागीय गतिविधियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना की गरिमामयी सहभागिता रही।

विकास की आड़ में अनावश्यक वृक्ष कटान नहीं, विकल्पों में इको-फ्रेंडली तकनीक अपनाई जाए: मुख्यमंत्री

वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों में सभी विकास कार्य वैज्ञानिक मानकों और पर्यावरणीय संतुलन के साथ हों: मुख्यमंत्री वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े प्रत्येक प्रस्ताव में पर्यावरणीय जोखिम और जैव-विविधता का वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य: मुख्यमंत्री राज्य वन्यजीव परिषद की बैठक में विभिन्न जनपदों की अनेक विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी विकास की आड़ में अनावश्यक वृक्ष कटान नहीं, विकल्पों में इको-फ्रेंडली तकनीक अपनाई जाए: मुख्यमंत्री वेटलैंड्स प्राकृतिक धरोहर, सिल्ट हटाने का कार्य तत्काल कराया जाए: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सभी विकास एवं निर्माण कार्य वैज्ञानिक मानकों, न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव और विधिक प्रक्रियाओं के पूर्ण अनुपालन के साथ ही किए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि विकास की प्रत्येक प्रक्रिया में वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवागमन तथा आवासीय निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सोमवार को राज्य वन्यजीव परिषद की 20वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े सभी विकास प्रस्ताव संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ तैयार किए जाएं। प्रस्ताव भेजते समय संबंधित विभाग पर्यावरणीय जोखिम, जैव-विविधता पर संभावित प्रभाव, वन्यजीव मूवमेंट, वैकल्पिक मार्गों और आधुनिक तकनीकी समाधानों का विस्तृत एवं वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलित एवं टिकाऊ दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में विभिन्न वन्य जीव क्षेत्रों में विकास की विभिन्न परियोजनाओं पर निर्णय भी हुआ। परिषद के समक्ष कुल 12 नए प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें सड़क चौड़ीकरण, पेट्रोल पंप एवं फ्यूल स्टेशन स्थापना, ट्यूबवेल प्रेशर प्रणाली, भूमिगत पाइपलाइन, मोबाइल टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल तथा संपर्क मार्ग निर्माण जैसी विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। ये प्रस्ताव इटावा, गोंडा, पीलीभीत, बरेली, बांदा सहित विभिन्न जनपदों के वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों तथा इको-सेंसिटिव जोन से संबद्ध हैं। बैठक में परियोजनाओं पर सहमति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने वृक्ष कटाई से संबंधित प्रस्तावों पर विशेषज्ञों की राय लेते हुए निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक वृक्ष कटान की अनुमति न दी जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वृक्षों की कटाई केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही की जाए और विकास की आड़ में पर्यावरण को क्षति न पहुँचे। जहां विकल्प उपलब्ध हों, वहां ट्रेंचलेस टेक्नोलॉजी, एलिवेटेड स्ट्रक्चर तथा इको-फ्रेंडली तकनीकों को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं की गति और वन्यजीव संरक्षण, दोनों राज्य सरकार की प्राथमिकताएं हैं और उत्तर प्रदेश सरकार संतुलित, वैज्ञानिक तथा दूरदर्शी नीति के साथ इन दोनों उद्देश्यों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वेटलैंड्स में सिल्ट जमा होने की जानकारी उनके संज्ञान में आई है, जिसका तत्काल निराकरण कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यह कार्य ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अभियान के अंतर्गत कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेटलैंड्स प्राकृतिक धरोहर हैं और प्रत्येक दशा में उनका संरक्षण किया जाना चाहिए।

अंत्योदय योजना से 40.85 लाख परिवारों को लाभ, प्रदेश में अब नहीं सोता कोई भूखा

आर्थिक समीक्षा प्रदेश में अब नहीं सोता कोई भूखा, अंत्योदय श्रेणी के 40.85 लाख परिवार लाभान्वित 78,510 उचित दर दुकानें संचालित, 22.9% दुकानें महिलाओं को आवंटित ‘मॉडल फेयर प्राईस शॉप’ की बहुद्देशीय पहल के अंतर्गत 7481 अन्नपूर्णा भवन निर्मित लखनऊ  वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानमंडल में प्रस्तुत पहली आर्थिक समीक्षा के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत प्रदेश सरकार, गरीब एवं पात्र परिवारों को निःशुल्क और रियायती दरों पर खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये प्रतिबद्ध है। इस हेतु पात्र परिवारों का चयन कर राशन कार्ड जारी किये गये हैं, जिनको डिजिटल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। प्रदेश में दिसंबर, 2025 तक कुल 78,510 उचित दर दुकानें संचालित है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र की 67,114 तथा नगरीय क्षेत्र की 11,396 दुकाने हैं। इसमें 22.9% दुकानें महिलाओं को आवंटित हैं। राज्य में दिसंबर, 2025 तक जारी कुल 362.35 लाख राशनकार्ड्स में अंत्योदय श्रेणी के 40.85 लाख (11.27%) परिवार एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के 321.50 लाख (88 73%) परिवार हैं, जो उक्त अधिनियम के अन्तर्गत आच्छादित हैं। वन नेशन वन राशनकार्ड बना संबल वर्ष 2020-21 से प्रारम्भ वन नेशन बन राशनकार्ड’ योजनान्तर्गत अन्तर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी (उत्तर प्रदेश के लाभार्थियों द्वारा अन्य राज्यों में प्राप्त किया) की सुविधा से वर्ष 2024-25 में 38.12 लाख राशनकार्ड धारक लाभान्वित हुए, जो योजना प्रारंभ के अग्रिम वर्ष 2021-22 में लाभान्वित 8.88 लाख के सापेक्ष (03 वर्षों में) कई गुना वृद्धि है। वर्ष 2025-26 के अंतर्गत दिसंबर, 2025 तक 28.03 लाख लाभान्वित हुए हैं। ‘मॉडल फेयर प्राईस शॉप’ के तहत 7481 अन्नपूर्णा भवन ‘मॉडल फेयर प्राईस शॉप’ की बहुद्देशीय पहल के अंतर्गत 31 जनवरी, 2026 तक कुल 7481 अन्नपूर्णा भवन निर्मित कराये गये हैं, जिनमें राशन वितरण के साथ सी एस सी सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं। सी. पी. आई आधारित मुद्रास्फीति की दर कोविड के बाद लगातार गिरावट के साथ वर्ष 2025-26 में माह अक्टूबर, 2025 तक (-)1.71 हो गयी, जिसके फलस्वरूप महगाई नियंत्रित हुयी, क्रय शक्ति बढ़ी तथा मांग आधारित अर्थव्यवस्था में सुधार परिलक्षित हुआ। अद्यतन प्रकाशित बहुआयामी गरीबी (हेडकाउंट रेशियो आकलन) वर्ष 2013-14 में 42.59% थी. जो वर्ष 2022-23 में तेजी से घटते हुए 17.40% रह गयी, इस अवधि में प्रदेश के सर्वाधिक 5.94 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आये।

महिला पुलिस बीट, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और सेफ सिटी परियोजना से सुरक्षित हुई सार्वजनिक स्थल

आर्थिक सर्वे 2025-26 प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई से अपराध दर में आई गिरावट वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया सुदृढ़ कानून व्यवस्था का खाका   बोले, आधुनिक तकनीक से सशक्त हुई पुलिसिंग,सीसीटीवी, डिजिटल केस मैनेजमेंट और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था से बढ़ा जनविश्वास महिला पुलिस बीट, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और सेफ सिटी परियोजना से सुरक्षित हुई सार्वजनिक स्थल लखनऊ  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी, जिसमें कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। इसका सकारात्मक असर यह रहा कि प्रदेश में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनता के साथ-साथ निवेशकों का भी विश्वास बढ़ा है। महिला पुलिस बीट, सीसीटीवी और एंटी रोमियो स्क्वायड ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देकर पुलिस सुधारों को नई दिशा दी गई है। सीसीटीवी, डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से पुलिस की कार्यक्षमता और जवाबदेही में वृद्धि हुई है। इससे जनता में निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने का वातावरण तैयार हुआ है और अपराध नियंत्रण को मजबूती मिली है। महिला सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया है। सेफ सिटी परियोजना के तहत महिला पुलिस बीट, सीसीटीवी नेटवर्क और एंटी-रोमियो स्क्वॉड्स की तैनाती से सार्वजनिक स्थलों और कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश फैक्ट्री अधिनियम (संशोधित) 2025 के माध्यम से महिलाओं को औद्योगिक कार्यों, विशेषकर नाइट शिफ्ट में, समान अवसर प्रदान किए गए हैं। मिशन शक्ति से सामाजिक सहभागिता को नई गति मिली मिशन शक्ति के तहत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई गति मिली है। वहीं न्यायिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और ई-कोर्ट्स की स्थापना की गई है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आई है। आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी उल्लेख है कि जन विश्वास अधिनियम के माध्यम से छोटे प्रक्रियात्मक अपराधों का अपराधीकरण समाप्त कर पारदर्शिता आधारित शासन मॉडल को मजबूती दी गई है। कुल मिलाकर, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और न्यायिक सुधारों के क्षेत्र में सरकार के इन कदमों ने उत्तर प्रदेश को सुरक्षित और निवेश के अनुकूल राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विधान मंडल के बजट सत्र में योगी सरकार ने प्रस्तुत किया आर्थिक सर्वेक्षण

कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन किसानों के लिए अब खुशी का माध्यम बनी कृषि  विधान मंडल के बजट सत्र में योगी सरकार ने प्रस्तुत किया आर्थिक सर्वेक्षण   विकसित उत्तर प्रदेश 2047- कृषि को आधुनिक व किसानों को समृद्ध बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित  लखनऊ,  योगी सरकार ने विधान मंडल के बजट सत्र में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। योगी सरकार ने प्रदेश के विकास में कृषि व किसान को प्राथमिकता में रखा। लागत कम और उत्पादन अधिक पर जोर देकर योगी सरकार ने अन्नदाता किसानों को समृद्ध किया। योगी सरकार ने कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन में आर्थिक सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश की सफलतम कहानी का जिक्र किया।  कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़कर हुआ 24.9 प्रतिशत  आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक 2017-18 के सापेक्ष 2024-25 में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान 24 प्रतिशत से बढ़कर 24.9 प्रतिशत हो गया। 2024-25 में 737.4 लाख मीट्रिक टन के साथ खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है। 2017-18 से 2024-25 की अवधि में कुल खाद्यान्न उत्पादन में 28.5 प्रतिशत तथा उत्पादकता में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रदेश में कुल खाद्यान्न उत्पादन का देश में योगदान 18.1 प्रतिशत से बढ़कर 20.6 प्रतिशत हो गया। फसलों का प्रति हेक्टेयर सकल मूल्यवर्धन वर्ष 2017-18 में 0.98 लाख प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 1.73 लाख प्रति हेक्टेयर हो गया है। 2023-24 व 2024-25 में खरीफ, रबी फसलों के क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में काफी परिवर्तन हुआ। राज्य के कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीओ) में धान की हिस्सेदारी 13.1 प्रतिशत है। धान के क्षेत्रफल में 19.4 प्रतिशत, उत्पादन में 23.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादकता भी 3.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2024-25 में 29.4 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गई है। रबी फसलों की बात करें तो 2023-24 व 2024-25 में प्रदेश की क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है। रबी फसल गेहूं की कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीओ) में 18.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके क्षेत्रफल में 2.6 प्रतिशत, उत्पादन में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादकता भी 3.5 प्रतिशत बढ़कर 41.2 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गई है। राज्य सरकार की नीतियों (दलहन-तिलहन मिशन, बागवानी विकास कार्यक्रम, एमएसपी और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं ने फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दिया है। 2017-18 से 2024-25 के बीच दलहन का क्षेत्रफल 22.64 से बढ़कर 25.66 लाख हेक्टेयर हो गया है। तिलहन का क्षेत्रफल 10.87 से बढ़कर 28.8 लाख हेक्टेयर (लगभग 165 प्रतिशत वृद्धि) हो गया।  कृषि विकास के लिए संचालित की जा रहीं महत्वपूर्ण योजनाएं व कार्यक्रम  उर्वरक वितरण: 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 806.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया। कृषि रक्षा रसायनः 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 1,52,960.11 मीट्रिक टन/किलोलीटर कृषि रक्षा रसायन वितरित किए गए। फसली ऋण वितरणः 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल रु.1,34,2978.3 करोड़ फसली ऋण वितरित किया गया। पीएम-किसान सम्मान निधि : वर्ष 2018-19 से माह नवम्बर 2025 तक कुल 21 किस्तों में 3.12 करोड़ किसानों को कुल रु० 94,668.58 करोड़ की धनराशि डी०बी०टी० के माध्यम से हस्तांतरित की गयी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनाः वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल 61.98 लाख बीमित किसानों को रु० 5110.23 करोड़ धनराशि की क्षतिपूर्ति दी गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के माह नवम्बर तक कुल 2.03 लाख कृषकों को रु० 138.89 करोड़ की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है। खेत तालाब योजनाः वर्ष 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 32,732 खेत तालाब का निर्माण कराया गया। एम-पैक्स सदस्यता महाअभियान-2025- इसके तहत 24 लाख सदस्य बनाये गए। 43 करोड़ की राशि एकत्र एवं जिला सहकारी बैंक में 2 लाख से अधिक खाते खोले गए एवं 550 करोड़ रुपये जमा किए गए। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम कुसुम) योजनाः वर्ष 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक किसानों के प्रक्षेत्रों पर कुल 86,128 सोलर पम्प की स्थापना की गई।  भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता प्राप्त करेगा उत्तर प्रदेश  सीड पार्क- उत्तर प्रदेश में बीज पार्कों की स्थापना : कृषि आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक-एक उन्नत बीज पार्क की स्थापना की जा रही है। यह निर्णय प्रदेश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा। पहला पार्क लखनऊ के अटारी क्षेत्र में 130.63 एकड़ भूमि पर 266.70 करोड़ के निवेश से बनेगा, जहाँ बीज प्रसंस्करण, स्पीड ब्रीडिंग, हाइब्रिड बीज विकास की सुविधा होगी। इससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर भी उत्पन्न होंगे। *सीड पार्कों की स्थापना से बाहर से बीज आयात पर निर्भरता घटने के साथ उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे बेहतर उत्पादन होगा और आय में वृद्धि होगी। यह कदम उत्तर प्रदेश को कृषि आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करेगा तथा आने वाले वर्षों में प्रदेश भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता प्राप्त करेगा। बागवानी फसलों के संवर्धन हेतु संचालित योजनाएं एवं कार्यक्रम प्रदेश में 2024-25 में कुल बागवानी का क्षेत्रफल 2566.4 हेक्टेयर व उत्पादन 60339.8 मीट्रिक टन है। आम, आलू, मटर, सब्जी, शहद के उत्पादन में यूपी देश का अग्रणी राज्य है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, पर ड्राप मोर क्राप योजना तथा फल पट्टियों के विकास हेतु अनेक कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में हाईटेक नर्सरी की स्थापना, टिश्यू कल्चर से केला, पपीता जैसे फलदार बागों के रोपण, मशरूम उत्पादन, पोली हाउस व शेडनेट हाउस की स्थापना, मधुमक्खी पालन, शीत गृहों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार हेतु अनुदान भी दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-पर ड्राप मोर क्रॉप माइक्रोइरीगेशन के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 से पर ड्राप मोर क्राप माइक्रोइरीगेशन उपघटक के रूप में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत समस्त जनपदों में संचालित की जा रही है। वर्ष 2023-24 के 18,257 हे० की तुलना में 2024-25 के 37,627 हे० तथा ड्रिप सिंचाई में 42,450 हे० के सापेक्ष 64,711 हे० माइक्रोइरीगेशन किया गया। आलू बीज उत्पादन एवं वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में उच्च गुणवत्तायुक्त आलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए आलू उत्पादकों को उच्चकोटि के रोग रहित आलू बीज उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय आलू अनुसंधान … Read more

कुल बजट का 6.1 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र को हुआ आवंटित, राष्ट्रीय औसत से अधिक निवेश का दावा

आर्थिक सर्वे 2025-26:  प्रदेश में मजबूत हो रहा मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, आमजन पर कम हुआ स्वास्थ्य खर्च का बोझ – वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का ब्यौरा – स्वास्थ्य बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 46,728.48 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक आवंटन – कुल बजट का 6.1 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र को हुआ आवंटित, राष्ट्रीय औसत से अधिक निवेश का दावा – सरकारी निवेश बढ़ने से आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर में आई कमी, सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में  हुआ सुधार लखनऊ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। पटल पर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। आर्थिक सर्वे के आंकड़े के अनुसार, प्रदेश सरकार चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के विस्तार और आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्ष 2025-26 में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया गया 46,728.48 करोड़ का बजट वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 46,728.48 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया। यह अब तक का सर्वाधिक आवंटन है, जिससे यह साफ है कि प्रदेश सरकार ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। बजट में अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, चिकित्सा शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य अवसंरचना और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित की गई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की “स्टेट फाइनेंस: ए स्टडी ऑफ बजट ऑफ 2025-26” रिपोर्ट का हवाला देते हुए आर्थिक सर्वे में बताया गया है कि वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य बजट कुल बजट का 6.1 प्रतिशत रहा है, जो राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है। यह तथ्य दर्शाता है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अन्य राज्यों की तुलना में अधिक निवेश कर रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर प्रकाशित राष्ट्रीय लेखा अनुमानों और अद्यतन रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश के कुल स्वास्थ्य व्यय में सरकार द्वारा वहन किए जा रहे खर्च में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही आम लोगों के आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर में कमी दर्ज की गई है। आर्थिक सर्वे के अनुसार यह बदलाव इस बात का संकेत है कि सरकारी निवेश बढ़ने से नागरिकों पर स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक बोझ कम हो रहा है। अस्पताल, क्लीनिक, टीकाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और स्वास्थ्य अवसंरचना में सुधार के लिए अधिक बजट आवंटन किया गया है, जिससे सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है। वर्ष 2024-25 में गैर-संस्थागत प्रसव की संख्या घटकर 1.66 लाख पहुंची आर्थिक सर्वे में यह भी बताया गया है कि प्रदेश में राज्य सरकार के सुधारात्मक प्रयासों और जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी योजनाओं के प्रभाव से संस्थागत प्रसव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम की सक्रिय भूमिका से गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा। वर्ष 2021-22 में प्रदेश में कुल 34.74 लाख संस्थागत प्रसव हुए थे, जो वर्ष 2024-25 में 18.02 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 41 लाख तक पहुंच गए। वर्ष 2024-25 में प्रदेश में कुल प्रसव का 96.12 प्रतिशत संस्थागत प्रसव रहा। इसके विपरीत गैर-संस्थागत प्रसव की संख्या वर्ष 2021-22 में 3.35 लाख थी, जो वर्ष 2024-25 में 50.44 प्रतिशत की कमी के साथ घटकर 1.66 लाख रह गई। यह उपलब्धि सरकार के सकारात्मक प्रयासों और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है। वर्ष 2024-25 में 100 प्रतिशत बच्चों को टीकाकरण किया गया प्रदेश में टीकाकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आर्थिक सर्वे के अनुसार, प्रदेश के सभी जनपदों में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों पोलियो, टीबी, गलाघोंटू, टिटनेस, काली खांसी, हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप-बी (हिब), हेपेटाइटिस-बी, निमोनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस (जे.ई.), खसरा, रूबेला और डायरिया से बचाव के लिए नियमित रूप से निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को टिटनेस से बचाव के लिए टीके लगाए जा रहे हैं। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एचएमआईएस (HMIS)डाटा के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 100 प्रतिशत बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया। वहीं वर्ष 2025-26 में सितंबर 2025 तक 28.62 लाख बच्चे (98 प्रतिशत) पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित किए जा चुके हैं। आर्थिक सर्वे में इसे जन-जागरूकता अभियानों, सेवा प्रदायगी में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण का सकारात्मक परिणाम बताया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में नवजात, शिशु और बाल मृत्यु दर को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश में सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (SNCU),न्यूट्रीशन रिहैबिलिटेशन सेंटर (पोषण पुनर्वास केंद्र), गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल कार्यक्रम (HBNC)और कंगारू मदर केयर (KMC)जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कमजोर और कुपोषित बच्चों को विशेष देखभाल प्रदान की जा रही है, जिससे बाल स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार हो रहा है।

67.50 लाख वृद्धजनों तथा 22.89 लाख दिव्यागजनों को पेंशन, 17.48 लाख छात्रों को मिली छात्रवृत्ति

सामाजिक सुरक्षा और कल्याण पर विशेष फोकस, वर्ष 2025-26 के लिए 34,504 करोड़ रुपये प्रस्तावित ‘सबका साथ- सबका विकास- सबका विश्वास, सबका प्रयास’ अभियान को मिली गति, वंचित और पिछड़ों को मिला संबल 67.50 लाख वृद्धजनों तथा 22.89 लाख दिव्यागजनों को पेंशन, 17.48 लाख छात्रों को मिली छात्रवृत्ति लखनऊ  उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 34,504 करोड़ रुपये व्यय प्रस्तावित है। वित्त वर्ष 2024-25 में इसके लिए 30,530 करोड़ रुपये का खर्च किए गए थे। वहीं 2017-18 में सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए केवल 18,674 करोड़ व्यय किए गए थे। पिछले 9 वर्षों में ये वृद्धि दिखाती है कि वर्तमान सरकार ‘सबका साथ- सबका विकास- सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। विधानमंडल में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार का वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करते हुए ये जानकारी दी।  वृद्धजनों और दिव्यांगों को आर्थिक संबल प्रदेश सरकार का वृद्धजनों और दिव्यांगों के आर्थिक उन्नयन पर विशेष फोकस रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि वर्ष 2025-26 में दिसंबर, 2025 तक 67.50 लाख वृद्धजनों तथा जनवरी, 2026 तक 22.89 लाख दिव्यांगजनों को पेंशन से लाभान्वित किया गया है। वर्ष 2024-25 में 7363.55 करोड़ रुपये से 60.99 लाख वृद्धजनों को लाभान्वित किया गया जो 2017-18 के मुकाबले 62.79 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।  छात्रवृत्ति योजना बनी 17.48 लाख निर्धन छात्रों का सहारा  छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से वर्तमान सरकार गरीब और पिछड़े छात्रों की शिक्षा के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करा रही है। वर्ष 2025-26 में दिसंबर, 2025 तक पूर्वदशम एव दशमोत्तर छात्रवृत्ति से अनु. जा.वर्ग के 3.42 लाख, पिछड़ावर्ग के 12.76 लाख तथा सामान्य वर्ग के 1.30 लाख छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। वर्ष 2024-25 में पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति से अनु. जा. वर्ग के 14.98 लाख विद्यार्थियों को रु.636.34 करोड़, पिछडावर्ग के 29.94 लाख विद्यार्थियों को रु. 2454.32 करोड़ एवं सामान्य वर्ग के 8.78 लाख विद्यार्थियों को रु. 909.99 करोड़ व्यय कर लाभान्वित किया गया।  मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से 23,801 अभ्यर्थी प्रशिक्षित समीक्षा में कहा गया है कि वर्ष 2021-22 से आरम्भ मुख्यमंत्री अभ्युदय योजनान्तर्गत वर्ष 2024-25 में रु. 34.92 करोड़ व्यय कर 23,017 अभ्यर्थियों को लाभान्वित किया गया। वर्ष 2025-26 में (दिसंबर, 2025 की स्थिति) रु. 10.57 करोड़ व्यय कर 23,801 अभ्यर्थियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 26.81 लाख बेटियां लाभान्वित आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2024-25 में सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत 95,466 कन्याओं के विवाह सम्पन्न हुए। 2017-18 के मुकाबले विवाहों की संख्या लगभग 5 गुना और व्यय 7 गुना बढ़ा है। जनवरी, 2026 तक कन्या सुमंगला से 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुईं। 53,607 आश्रितों को 162.50 करोड़ की मदद बी.पी.एल. परिवार के कमाऊ मुखिया की मृत्यु होने पर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत सरकार द्वारा 2017-18 में 86.26 हजार आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान की गयी थी, वर्ष 2024-25 में लाभार्थियों की संख्या में 31.35% की वृद्धि हुई। साथ ही लाभार्थियों को वितरित धनराशि वर्ष 2017-18 में रु. 258.77 करोड़ थी, जो वर्ष 2024-25 में 14.53% बढ़कर रु. 296.36 करोड़ हो गयी। वर्ष 2025-26 में दिसंबर, 2025 तक 53,607 आश्रित व्यक्तियों को 162.50 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गयी।

हमारी सरकार का यह 10वां बजट, 20 फरवरी तक चलेगा सदनः सीएम योगी

संवाद से समस्या के समाधान में विश्वास करती है सरकारः मुख्यमंत्री बजट सत्र प्रारंभ होने से पहले मीडियाकर्मियों से बात की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारी सरकार का यह 10वां बजट, 20 फरवरी तक चलेगा सदनः सीएम योगी  उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण पहली बार किसी राज्य सरकार द्वारा उठाया गया कदमः मुख्यमंत्री   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र प्रारंभ होने से पहले सोमवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत की। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल आज से बजट सत्र प्रारंभ कर रहा है। यह हमारी सरकार का 10वां बजट है। सीएम ने सभी सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। किसी भी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है तो कार्यवाही बाधित करने के बजाय संवाद करे, क्योंकि सरकार संवाद से समस्या के समाधान में विश्वास करती है। राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत  सीएम योगी ने कहा कि संसदीय परंपराओं के अनुरूप इसकी शुरुआत राज्यपाल जी के अभिभाषण से होगी। बजट सत्र में दो महत्वपूर्ण एजेंडे होते हैं। पहला- माननीय राज्यपाल का अभिभाषण और दूसरा- सामान्य बजट। राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों व भारी कार्ययोजना का दस्तावेज होता है, जिसे उनके द्वारा सदन के माध्यम से जनता जनार्दन को समर्पित किया जाता है। सभी सदस्य इस पर चर्चा करते हैं। आज राज्यपाल द्वारा समवेत सदन को संबोधन के माध्यम से अपना अभिभाषण दिया जाएगा।  20 फरवरी तक चलेगा बजट सत्र  सीएम योगी ने कहा कि 2026-27 का सामान्य बजट 11 फरवरी को प्रस्तुत होगा। इसके उपरांत इस पर चर्चा होगी। बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा।  उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रस्तुत होगा  सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद सदन के पटल पर उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रस्तुत होगा। पहली बार कोई राज्य सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को लेकर यह कदम उठाएगी। हमने यूपी को बीमारूपन से उबारकर भारत की इकॉनमी के ब्रेकथ्रू के रूप में स्थापित किया है। इन सभी कारकों और यूपी के आर्थिक उन्नयन की इस यात्रा को जानने का अधिकार जनप्रतिनिधियों व जनता जनार्दन को भी होना चाहिए। हमने कितना आर्थिक उन्नयन किया है, यूपी में प्रति व्यक्ति आय में क्या वृद्धि हुई है, रोजगार सृजन की स्थिति क्या है, वित्तीय प्रबंधन में कैसे हमने विषम परिस्थितियों से उबार कर पिछले पांच वर्षों से लगातार यूपी को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया है। इन सभी बिंदुओं को लेकर आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट भी सदन में प्रस्तुत होगी। सदस्यों के लिए डेटा प्रस्तुत करने और चर्चा के लिए यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी। हर सदस्य के बहुमूल्य सुझावों को स्वीकार करेगी सरकार  सीएम योगी ने कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। यह कार्यवाही को बाधित करके नहीं, बल्कि संवाद से चलता है। किसी भी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है तो संवाद करे, क्योंकि सरकार संवाद से समस्या के समाधान में विश्वास करती है। हर सदस्य के बहुमूल्य सुझावों को स्वीकार करने के साथ ही सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करते हुए राज्य के हित में आवश्यक कदम उठाने को सदैव तत्पर है। सीएम ने विपक्षी सदस्यों से अपील की कि कार्यवाही को बाधित न किया जाए, अनावश्यक शोरगुल से बचा जाए।  यूपी के विकास की गति को और तेज करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा बजट सत्र  सीएम योगी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों के दौरान विधानमंडल में कार्यवाही के नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। बजट सत्र पर प्रदेश-देश की निगाहें होंगी। माननीय सदस्यों द्वारा यह अपने महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उठाने का मंच बनेगा। बजट सत्र उत्तर प्रदेश के विकास की इस स्पीड को और तेज करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। सीएम ने सभी पक्षों के सदस्यों से अपील की कि विधायिका के सर्वोच्च मंच पर जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाएं। इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह व राकेश सचान, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख आदि मौजूद रहे।

सीएम ने बच्चों को दी सीख- मन लगाकर पढ़ाई करो, मोबाइल से दूर रहो

जनता दर्शन  हर नागरिक की सेवा, सुरक्षा को प्रतिबद्ध है सरकारः मुख्यमंत्री शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ‘जनता दर्शन’  हापुड़ से आए सैनिक ने जमीन कब्जे की शिकायत की, मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल मामले की जांच कर कार्रवाई का दिया निर्देश  सीएम ने बच्चों को दी सीख- मन लगाकर पढ़ाई करो, मोबाइल से दूर रहो  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। उन्होंने यहां आए प्रत्येक नागरिक से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। हापुड़ से आए दो सैनिकों ने मुख्यमंत्री से जमीन पर कब्जे की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल मामले की जांच कर उचित निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सेवा व सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने बच्चों को सीख दी कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो और मोबाइल से दूर रहो। सैनिकों ने की जमीन पर कब्जे की शिकायत  हापुड़ से आए दो सैनिक भी ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे। एक सैनिक ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की। बताया कि वह और उनके भाई सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। उनके पिता नेत्रहीन हैं। उनकी जमीन ताऊ के लड़कों ने कब्जा कर ली है, जिनकी आपराधिक छवि है। ताऊ के लड़के हथियार के बल पर धमकी भी देते हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका प्रार्थना पत्र लेते हुए हापुड़ प्रशासन को निर्देश दिया कि पूरे मामले की तत्काल जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।  आप एस्टिमेट दीजिए, सरकार इलाज कराएगी  मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि आप हॉस्पिटल से एस्टिमेट बनवाकर दें, सरकार इलाज में हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आप मरीज के स्वास्थ्य की चिंता कीजिए, इलाज की चिंता सरकार की जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त बिजली, नगर निगम, राजस्व आदि से जुड़े मामले भी आए, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित निस्तारण का निर्देश दिया।  सीएम ने बच्चों को दुलारा और सीख भी दी  ‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से समस्याएं जानीं तो बच्चों का हालचाल पूछा। उनकी पढ़ाई के बारे में भी जाना। फिर कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करना और मोबाइल से दूर रहना। सीएम ने इन बच्चों पर स्नेह बरसाने के साथ उन्हें चॉकलेट भी दी।

ग्रामीण परिवहन को मजबूत और टिकाऊ बनाना है योगी सरकार का लक्ष्य

योगी सरकार का ग्रामीण परिवहन को संबल, मुख्यमंत्री जनता सेवा बसों के चालकों-परिचालकों के मानदेय में बढ़ोतरी योगी सरकार ने चालक-परिचालकों को 14 पैसे प्रति किमी अतिरिक्त भुगतान का लिया निर्णय ग्रामीण यात्रियों को साधारण बसों से 20% कम किराये का मिलेगा लाभ प्रदेश भर के 20 क्षेत्रों में 395 मार्गों पर 299 बसों का किया जा रहा संचालन ग्रामीण परिवहन को मजबूत और टिकाऊ बनाना है योगी सरकार का लक्ष्य लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अंचलों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा संचालित मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत चल रही बसों के संचालन हेतु चालकों व परिचालकों को दिए जाने वाले मानदेय में 14 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस फैसले से एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बस संचालन से जुड़े कर्मियों को आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आम ग्रामीण यात्रियों को कम किराये में सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा निरंतर उपलब्ध होती रहेगी। मानदेय बढ़ोतरी से मिलेगा संचालन को बल परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि अब तक मुख्यमंत्री जनता सेवा के अंतर्गत संविदा चालकों और परिचालकों को 2.18 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जा रहा था। ताजा निर्णय के तहत अब यह दर बढ़ाकर 2.32 रुपये प्रति किलोमीटर कर दी गई है। मानदेय में की गई यह वृद्धि बस संचालकों और सेवा प्रदाताओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, जिससे ग्रामीण मार्गों पर बसों का नियमित, सुरक्षित और सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। ग्रामीण यात्रियों को 20 प्रतिशत कम किराया परिवहन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत संचालित बसों का किराया साधारण बसों की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम रखा गया है। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले यात्रियों को मिल रहा है, जिन्हें कम किराये में अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण अंचलों में रहने वाले नागरिकों को भी शहरी क्षेत्रों के समान किफायती और सुलभ परिवहन सुविधाएं मिलें। प्रदेशभर में 299 बसें कर रही हैं सेवा परिवहन विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों में कुल 395 अनुमन्य मार्गों पर 299 बसों का संचालन किया जा रहा है। यह योजना ग्रामीण परिवहन को सशक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार का एक बड़ा और प्रभावी कदम मानी जा रही है। इस योजना से ग्रामीण इलाकों में न केवल आवागमन आसान हुआ है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच भी बेहतर हुई है।

योगी सरकार ने चाइनीज मांझा कारोबार पर कसा शिकंजा, पूरे नेटवर्क की जांच शुरू

चाइनीज मांझा बेचने वालों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, पूरे नेटवर्क की सघन जांच शुरू मुख्यमंत्री योगी की दो टूक, चाइनीज मांझे से होने वाली मृत्यु हादसा नहीं, हत्या है ऑनलाइन सप्लायर से लेकर गोदामों तक जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई तेज स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान, बच्चों और युवाओं से अपील,चाइनीज मांझे से दूर रहें दुर्घटना हुई तो स्थानीय पुलिस-प्रशासन भी जिम्मेदार माना जाएगा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद प्रदेशभर में चाइनीज मांझे के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि चाइनीज मांझे की वजह से होने वाली मृत्यु कोई ‘साधारण हादसा’ नहीं है, बल्कि ‘हत्या’ जैसी गंभीर वारदात है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इसके उत्पादन, बिक्री, भंडारण और परिवहन से जुड़े हर व्यक्ति पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों में थोक विक्रेताओं, ऑनलाइन सप्लायर्स, परिवहन चैनल और गोदामों की सघन जांच कर पूरे अवैध नेटवर्क को खत्म करने का आदेश दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में चाइनीज मांझे की एक भी रील न बिके और न ही कहीं स्टोर हो पाए। इसके लिए जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा।  हर जिले में एक नोडल अधिकारी को 24×7 मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया ग्रुप्स और अनौपचारिक चैनलों के जरिए होने वाली अवैध बिक्री पर भी सख्त नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरीके से इसकी आपूर्ति को रोका जा सके। सरकार अब इस अभियान को जन-सहयोग से भी जोड़ रही है। स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि बच्चों और युवाओं को बताया जा सके कि चाइनीज मांझा प्रतिबंधित होने के साथ-साथ जानलेवा भी है। बाजारों और पतंग विक्रेताओं को आगाह किया जा रहा है कि कहीं भी चाइनीज मांझा मिलता पाया गया तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि किसी क्षेत्र में चाइनीज मांझे से कोई घटना हुई तो केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी जिम्मेदार माना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा- महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के संदेशों का प्रसार कर रही यह यात्रा

लोकमंगल को समर्पित है  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा – सीएम योगी आदित्यनाथ नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन ने स्वास्थ्य यात्रा के तहत नेपाल सीमा से लगे सात जिलों में लगाए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा- महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के संदेशों का प्रसार कर रही यह यात्रा  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से 1000 चिकित्सक देंगे 3 लाख लोगों को चिकित्सकीय परामर्श लखनऊ,   नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) के अवध व गोरक्ष प्रांत की तरफ से  गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और अन्य संस्थाओं के सहयोग से 8 फरवरी तक चलने वाली तीन दिवसीय गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत नेपाल सीमा से लगे सात जिलों के दूरदराज के थारू बाहुल्य गांवों में शुक्रवार को निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। यह शिविर सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर, पीलीभीत में लगाए गए हैं। पहले दिन 70,000 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान की गई। वर्ष 2019 से जारी इस सेवा प्रकल्प का यह छठवां पड़ाव है। इस वर्ष की स्वास्थ्य सेवा यात्रा में तीन दिन तक 1,000 से अधिक चिकित्सक प्रदेश के सीमावर्ती ग्रामीण अंचलों में 3 लाख से अधिक मरीजों का उपचार करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनमओ और यात्रा से जुड़े सभी स्वयंसेवकों को बधाई दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा लोक मंगल और जन सेवा के प्रति समर्पित है और भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक चेतना का दीप प्रज्वलित कर रही है।  महायोगी गोरखनाथ का संदेश, सबका कल्याण, सबका उत्थान – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा में योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ जी ने समाज को योग, तप और करुणा का मार्ग दिखाया, जिनका स्पष्ट संदेश था, सबका कल्याण, सबका उत्थान। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से शुरू हुई इस स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से अब तक लाखों नागरिकों को नि:शुल्क परामर्श, दवाइयों, जांच और स्वास्थ्य जागरूकता का लाभ मिल चुका है। पिछले साल फरवरी में आयोजित यात्रा में 2 लाख 18 हजार से अधिक नागरिकों को सेवा पहुंचाई गई थी।  सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा को सरकार ने दी सर्वोच्च प्राथमिकता सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने सीमावर्ती एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की ‘डबल इंजन सरकार’ स्वास्थ्य को केवल इलाज तक सीमित न रखते हुए बीमारियों की रोकथाम, जागरूकता और आधारभूत संरचना विकास पर भी जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि ये स्वास्थ्य सेवा यात्रा उसी भाव को आत्मसात करते हुए भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति और वनटांगिया समुदाय के बीच स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक चेतना का दीप प्रज्वलित कर रही है। सीमावर्ती एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा का यह प्रयास नए भारत की सेवा संस्कृति का एक उत्कृष्ट और प्रेरक उदाहरण होने के साथ ही सेवा ही साधना और स्वास्थ्य सेवा को राष्ट्र सेवा के रूप में स्थापित करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है।  जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद हमारी सरकार ने वनटांगिया गांव को राजस्व गांव का दर्जा देकर उन्हें पहचान, सम्मान और शासन की सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारियों को समयबद्ध रणनीति, टीकाकरण और जन भागीदारी के माध्यम से नियंत्रित किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सीएम योगी ने सभी चिकित्सकों, स्वयंसेवकों और आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि गुरु गोरखनाथ की प्रेरणा से समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस स्वास्थ्य सेवा अभियान के माध्यम से एक स्वस्थ, समर्थ जनजातीय समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के संकल्प को साकार किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवा यात्रा ने 7 जिलों में 70,000 से अधिक लोगों को प्रदान की स्वास्थ्य सेवा एनएमओ अवध प्रांत के महामंत्री डॉ शिवम् मिश्र ने बताया कि  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा की शुरूआत आज भारत नेपाल सीमा सीमा पर स्थित थारू जनजातीय बहुल सात जिलों में एक साथ हुई।  स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत आज पीलीभीत में 10 कैम्प, लखीमपुर में 30 कैम्प, बलरामपुर में 40 कैम्प और श्रावस्ती में लगभग 25 कैम्प आयोजित किए गये। वहीं बहराइच में 30 कैम्प, सिद्धार्थनगर में 10 कैम्प और महाराजगंज में भी लगभग 10 कैम्प आयोजित किए गये। इन शिविरों में स्थानीय और बाहरी चिकित्सकों को मिलाकर लगभग 1000 चिकित्सक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। सेवा यात्रा के माध्यम से चिकित्सकों ने पहले ही दिन लगभग 70,000 से अधिक लोगों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, निःशुल्क दवाइयां दीं, और गांव में विभिन्न विषयों संतुलित भोजन, माहवारी स्वच्छता इत्यादि पर लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य सेवा यात्रा 7 और 8 फरवरी को भी इसी प्रकार संचालित की जाएगी, जिसके माध्यम से लगभग 3 लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इस क्रम में 8 फ़रवरी को प्रत्येक जिले में विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवा यात्रा में एनएमओ के साथ एकल अभियान, सीमा जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम, विश्व हिंदू परिषद, सेवा भारती आदि अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी पूरा सहयोग प्रदान किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उत्तराखंड के पंचूर गांव में रात्रि विश्राम, बच्चों के बीच दिखा उनका बालप्रेम

‘हम भी तेरे दादा लगते हैं’ बच्चों के बीच उमड़ा ‘बाबा’ का बालप्रेम,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के अपने पैतृक गांव पंचूर में किया रात्रि विश्राम  मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह गांव में बड़े-बुजुर्गों से हालचाल पूछा, बच्चों को किया दुलार  पंचूर  उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने पैतृक गांव पंचूर में रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह उन्होंने अपने गांव के बड़े-बुजुर्गों का हालचाल जाना और बच्चों को दुलार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बालप्रेम उमड़ आया। उन्होंने गांव के बच्चों पर अपना स्नेह बरसाया, उनसे बातचीत की और उन्हें चॉकलेट भी दी। सीएम योगी ने एक बच्चे को अपनी गोद में लेकर उसे प्रेम से खिलाया। बच्चों ने भी सहज भाव से मुख्यमंत्री से बातचीत की। इस दौरान, गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अपने परिजनों से भी मिले, सभी का कुशलक्षेम जाना। सीएम योगी की विनम्रता, सरलता व सहजता देखकर स्थानीय लोग भी भाव-विभोर हो गए। इसके बाद अपने गांव में भ्रमण पर निकले मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों व परिचितों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को दुलार किया।  भ्रमण के दौरान मार्ग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक बच्चे ने फूल भेंट किया तो उन्होंने मासूम को खाने का सामान दिया। बच्चे ने वह सामान वहां खड़े अपने दादा को दे दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए प्यार भरे शब्दों में बच्चे से कहा, ‘हम भी तेरे दादा लगते हैं।’ गांव में भ्रमण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीणों को गांव में रहने और खेतीबाड़ी करने के लिए प्रेरित किया।

अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को आर्थिक संबल प्रदान कर योगी सरकार सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा कर रही साकार

समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार का सशक्त कदम, अल्पसंख्यक समुदाय के 2.39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिली छात्रवृत्ति अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में लगभग 71.35 करोड़ रुपये की धनराशि का हुआ वितरण अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को आर्थिक संबल प्रदान कर योगी सरकार सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा कर रही साकार  लखनऊ  योगी सरकार ने समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के अपने संकल्प को मजबूती प्रदान की है। इस दिशा में योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत 2.39 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया है। इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष अब तक लगभग 71.35 करोड़ रुपये की धनराशि का वितरण किया जा चुका है। योगी सरकार की ये योजना प्रदेश के सिख, जैन, बौद्ध और मुस्लिम जैसे अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक संबल प्रदान करती है। साथ ही समाज के सभी वर्गों को विकास का समान अवसर प्रदान कर सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की अवधारणा को साकार कर रही है।  प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के 1,09,084 छात्र हुए लाभान्वित अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लगभग 1,09,084 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। योजना के तहत इस मद में लगभग 37.20 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था। इसमें पहले और दूसरे चरण में लगभग 64,312 छात्र-छात्राओं को 19.03 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। तीसरे चरण में 25 जनवरी 2026 तक लगभग 44,772 विद्यार्थियों को 13.16 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया है। इस प्रकार प्री-मैट्रिक स्तर पर अब तक तीन चरणों में लगभग 32.19 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का वितरण किया चुका है। शेष धनराशि से वंचित विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 1,30,265 छात्रों को मिली छात्रवृत्ति  राज्य सरकार, योजना के तहत पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के 11वीं और 12वीं के अलावा अन्य तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करती है। इस क्रम में वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 1,30,265 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की है। इस दिशा में विभाग की ओर से अब तक तीन चरणों में लगभग 39.16 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई है। इसके तहत पहले और दूसरे चरण में लगभग 51,519 विद्यार्थियों को 15.72 करोड़ रुपये की छात्रवृति प्रदान की गई, जबकि तीसरे चरण में 25 जनवरी 2026 तक 78,746 विद्यार्थियों को 23.44 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार मानते हुए प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करती है ताकि कोई भी छात्र आर्थिक कारणों से पढ़ाई से वंचित न रहे, बल्कि शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर हो प्रदेश के विकास में सकारात्मक योगदान दे सके। प्रदेश सरकार की ये पहल न केवल ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में सहायक साबित हुई है, डबल इंजन सरकार की “सबका साथ, सबका विकास” की अवधारणा को भी साकार किया है।

उत्तर प्रदेश में ‘गोदान’ फिल्म टैक्स फ्री, गो संरक्षण को बढ़ावा देने पर आधारित

उत्तर प्रदेश में फिल्म गोदान टैक्स फ्री, गो संरक्षण को बढ़ावा देने पर आधारित है फिल्म गो सरंक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी आदित्यनाथ, करमुक्त होने से अधिक लोग देख सकेंगे फिल्म लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने गो संरक्षण पर आधारित फिल्म गोदान को राज्य में टैक्स फ्री कर दिया है। विनोद चौधरी द्वारा निर्मित व निर्देशित फिल्म आज  देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय सरकार की उस नीति को रेखांकित करता है, जिसके तहत गो सुरक्षा को सामाजिक और प्रशासनिक प्राथमिकता दी गई है। सरकार का मानना है कि फिल्म के माध्यम से गो संरक्षण का संदेश व्यापक स्तर पर समाज तक पहुंचेगा और आमजन को इस विषय की गंभीरता से जोड़ने में मदद मिलेगी। अधिक दर्शक फिल्म देख सकेंगे उत्तर प्रदेश में करमुक्ति के बाद दर्शकों के लिए टिकट दरों में कमी आएगी, जिससे अधिक से अधिक लोग फिल्म देख सकेंगे। पद संभालते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गो तस्करों पर ताबड़तोड़ एक्शन शुरु किया था और बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी की गई थी। गोहत्या और तस्करी के मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।  गो संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी गोवंश के प्रति मुख्यमंत्री के स्नेह और गो संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता का इसी बात से पता चलता है कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े सात हजार से ज्यादा गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित किए जा चुके हैं। गो सेवा और उनके संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन किया गया है। हर जनपद के डीएम व एसएसपी इसके नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।  वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है फिल्म गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व और पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर बनी फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता-निर्देशक इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चुके हैं। लगभग दो घंटे की इस फिल्म में गाय के धार्मिक, सामाजिक और व्यावहारिक महत्व को दर्शाया गया है।

जातिगत भावनाएं आहत करने, वैमनस्य फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से प्रसारण का आरोप

‘घूसखोर पंडत’ फिल्म के निर्देशक व टीम के खिलाफ एफआईआर CM की सामाजिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई  जातिगत भावनाएं आहत करने, वैमनस्य फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से प्रसारण का आरोप ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के आपत्तिजनक कंटेंट पर लखनऊ पुलिस की कार्रवाई,  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समाज में सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को आहत करने वालों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति और ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देशों के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रचारित-प्रसारित की जा रही आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के निर्देशक के खिलाफ राजधानी लखनऊ के थाना हजरतगंज में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक एवं जातिगत भावनाओं को आहत करने और शांति व्यवस्था को भंग करने के प्रयास के आरोप में की गई है। प्रथम दृश्टया आपत्तिजनक पाया गया फिल्म का कंटेंट थाना हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रचारित हो रही उक्त आगामी फिल्म तथा सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इसके कंटेंट पर संज्ञान लिया। उनके अनुसार, ‘घूसखोर पंडत’ नामक आगामी फिल्म का शीर्षक और उसकी प्रचारित सामग्री प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक पाई गई है। एफआईआर में जातिगत अपमान के बिंदु पर स्पष्ट किया गया है कि फिल्म का शीर्षक एक समुदाय/जाति विशेष (ब्राह्मण) को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया प्रतीत होता है। इस नामकरण तथा नेटफिल्क्स व सोशल मीडिया पर प्रचारित इसके संवादों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रसारण फिल्म के नाम और उसकी सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश है। कई संगठनों ने इसके विरोध में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कदम उठाया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम द्वारा समाज में वैमनस्य फैलाने, शांति व्यवस्था भंग करने और सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रचार-प्रसार किया गया। इस तरह की सामग्री से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उपरोक्त तथ्यों और संवेदनशील परिस्थितियों के दृष्टिगत, थाना हजरतगंज पुलिस द्वारा फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई तथा विवेचना प्रचलित है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, प्रचारित-प्रसारित सामग्री और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यीडा के औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित हो रहा टॉय पार्क, निवेश और निर्माण दोनों में आई रफ्तार

यमुना एक्सप्रेसवे पर तेजी से आकार ले रहा टॉय पार्क, 154 में से 143 प्लॉट आवंटित ड्रीम डेस्टिनेशन यूपी: योगी सरकार की औद्योगिक नीति से निवेशकों का बढ़ा भरोसा, निर्माण की ओर बढ़ी परियोजनाएं यीडा के औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित हो रहा टॉय पार्क, निवेश और निर्माण दोनों में आई रफ्तार 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत, कुछ इकाइयों में निर्माण कार्य भी शुरू, योजना के दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रगति पर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास नीति का असर अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित किए जा रहे टॉय पार्क में निवेश और निर्माण दोनों ही स्तर पर तेज प्रगति दर्ज की गई है। प्राधिकरण द्वारा टॉय पार्क के लिए आरक्षित 100 एकड़ भूमि पर कुल 154 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिनमें से 143 भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। यह आंकड़े प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का फोकस स्पष्ट है कि औद्योगिक परियोजनाओं को केवल मंजूरी तक सीमित न रखते हुए उनका समय पर क्रियान्वित सुनिश्चित करना। यमुना एक्सप्रेसवे पर विकसित हो रहा टॉय पार्क इसी नीति का उदाहरण बनकर उभर रहा है। पारदर्शी आवंटन, तेज लीज प्रक्रिया और निर्माण गतिविधियों के चलते उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, टॉय पार्क के अंतर्गत 143 आवंटित भूखंडों में से 124 निवेशकों द्वारा लीज प्लान प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जबकि 19 मामलों में लीज प्लान अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। इन निवेशकों को एक माह के भीतर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अब तक 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है और 4 मामलों में चेकलिस्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। 76 निवेशकों को मिला पजेशन भूमि हस्तांतरण के स्तर पर भी टॉय पार्क परियोजना ने ठोस रफ्तार पकड़ी है। अब तक 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड का निष्पादन पूरा किया जा चुका है, जबकि 76 निवेशकों को विधिवत पजेशन भी प्रदान कर दिया गया है। इसके साथ ही परियोजना अब केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीनी निर्माण की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। निर्माण कार्य भी प्रगति पर निर्माण गतिविधियों की बात करें तो 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 4 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गई है। इसे टॉय पार्क के वास्तविक रूप लेने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। योगी सरकार का जोर है कि आवंटन के साथ-साथ परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरें, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। 7 भूखंडों के अधिग्रहण की कार्रवाई जारी प्राधिकरण के अनुसार, टॉय पार्क के दूसरे चरण के अंतर्गत कुल 11 भूखंडों में से 4 भूखंडों की भूमि उपलब्ध हो चुकी है, जिन्हें नई योजना के तहत प्रकाशित किया गया है। शेष 7 भूखंड, जिनका कुल क्षेत्रफल 6.71 एकड़ है, अभी आवंटन से शेष हैं। इन भूखंडों के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द इन्हें भी निवेशकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके। टॉय इंडस्ट्री के लिए आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना टॉय पार्क के अंतर्गत खिलौना उद्योग से जुड़ी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसमें प्लास्टिक, लकड़ी, फैब्रिक, धातु एवं इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्माण से संबंधित गतिविधियां शामिल होंगी। योजना के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा आधारभूत ढांचा विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही एमएसएमई और स्टार्टअप्स को औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की दिशा में भी व्यवस्था किए जाने की परिकल्पना की गई है, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को खिलौना उद्योग के एक संगठित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

आवारा कुत्तों से निजात दिलाएंगे शेल्टर होम व एबीसी सेंटर

आवारा कुत्तों से निजात दिलाएंगे शेल्टर होम व एबीसी सेंटर डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर योगी सरकार गंभीर, नगर निगमों व जनपद मुख्यालयों पर डॉग शेल्टर होम व एबीसी सेंटर बनाने की कार्यवाही शुरू शेल्टर होम्स के लिए अलग डीपीआर तैयार, प्रति यूनिट 470 से 531 लाख रुपये तक लागत आने का अनुमान,  डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी प्रयागराज और लखनऊ सहित कई नगर निगमों में भूमि चिह्नित, जनपद मुख्यालयों पर भी एबीसी सेंटर के लिए जमीन तय आवारा कुत्तों की समस्या के मानवीय और वैज्ञानिक समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जारी की हैं गाइडलाइंस,  नागरिक सुरक्षा व पशु कल्याण दोनों को वरीयता लखनऊ  प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या और डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को योगी सरकार ने गंभीरता से लिया है। जन सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर सख्त व ठोस कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने नगर निगमों एवं जनपद मुख्यालयों पर डॉग शेल्टर होम व एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर की स्थापना प्रक्रिया तेज कर दी है। शासन स्तर पर इसे प्राथमिकता देते हुए भूमि चिह्नीकरण, बजट निर्धारण और परियोजना स्वीकृति की कार्रवाही एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गाइडलाइंस जारी की थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान मानवीय, वैज्ञानिक व स्थायी तरीके से किया जाए। सरकार का मानना है कि डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर की प्रभावी व्यवस्था से जहां एक ओर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर पशु कल्याण को भी मजबूती मिलेगी। नगर निगम क्षेत्रों में पहले से संचालित अथवा प्रस्तावित एबीसी सेंटरों के साथ ही डॉग शेल्टर होम विकसित किए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक नगर निगम को निर्देशित किया गया है कि वह उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराए और आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करे। शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस व पशु कल्याण से जुड़े मानकों के अनुरूप की जा रही है। योगी सरकार ने डॉग शेल्टर होम के लिए अलग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार प्रति शेल्टर होम 470 लाख रुपये से लेकर 531 लाख रुपये तक लागत आने का अनुमान है। डीपीआर में शेल्टर होम की क्षमता, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पशु चिकित्सा सुविधाएं, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती जैसे सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। शासन स्तर पर इन डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है और अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अगले चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रगति रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज नगर निगम क्षेत्र में ग्राम मऊर उपरहट, तहसील सोरांव में डॉग शेल्टर होम के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। लखनऊ नगर निगम में भूमि की उपलब्धता को लेकर कार्यकारिणी बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। वहीं अन्य नगर निगमों से भी सूचना प्राप्त की जा रही है, ताकि पूरे प्रदेश में एक समान व्यवस्था लागू की जा सके। जनपद मुख्यालयों पर भी एबीसी सेंटर एवं शेल्टर होम की स्थापना को लेकर तेजी से कार्यवाही की जा रही है। ललितपुर में 12.182 हेक्टेयर, हरदोई में 0.2 हेक्टेयर, बुलंदशहर में 2000 वर्ग मीटर तथा फतेहपुर में 0.769 हेक्टेयर भूमि एबीसी सेंटर एवं डॉग शेल्टर होम के लिए चिह्नित कर ली गई है। शेष जनपदों से सूचनाएं प्राप्त होते ही वहां भी भूमि चिह्नीकरण और परियोजना स्वीकृति की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

चाइनीज मांझे से मौत पर मर्डर केस चलेगा, योगी ने लखनऊ की घटना पर गुस्सा जताया, यूपी में रेड की गई शुरुआत

लखऊ उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे से मौत को अब हत्या माना जाएगा। ऐसी मौत मामले में मर्डर का केस चलेगा। प्रदेश में लगातार हो रहे हादसों पर सीएम योगी ने सख्ती दिखाई है। इसके इस्तेमाल और बिक्री पर रोक को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि प्रतिबंध के बावजूद बाजार में चाइनीज़ मांझा कैसे उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर ऐसे मांझे की बिक्री, भंडारण और सप्लाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सीएम योगी ने यह भी कहा कि चाइनीज़ मांझे से होने वाली मौतों को गंभीर अपराध माना जाएगा और जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों को हत्या की श्रेणी में दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही अधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोग इस खतरनाक मांझे के इस्तेमाल से बचें और सुरक्षित विकल्प अपनाएं। उन्होंने पुलिस प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध मांझे की सप्लाई चेन की पहचान कर बड़े स्तर पर छापेमारी की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आपको बता दें 4 फरवरी को लखनऊ में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने की वजह से एमआर की मौत हो गई थी। वह बाइक से जा रहे थे। तभी उनके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। खून से लथपथ होकर वह बाइक समेत गिर गए और करीब 10 मिनट तक तड़पते रहे। राहगीरों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। चाइनीज़ मांझा बेहद खतरनाक होता है और इससे लोगों की जान को गंभीर खतरा रहता है। जिसे देखते हुए सरकार इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। लखनऊ में चाइनीज मांझा बना काल लखनऊ से हैरान करने वाली घटना सामने आई है. हैदरगंज पुल पर बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया. चाइनीज मांझे से एक युवक की गर्दन कट गई. लहूलुहान हालत में युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां युवक की मौत हो गई. मृतक युवक की पहचान शोएब के रूप में हुई. शोएब परिवार का एकलौता बेटा था. वहीं, शोएब की मौत पर परिवार वाले आक्रोश में हैं. चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध की मांग की है.  बाइक सवार आया चपेट में  लखनऊ पुलिस के मुताबिक, शोएब दुबग्गा का रहने वाला था. बुधवार दोपहर वह अपनी बाइक से हैदरगंज ओवरब्रिज से जा रहा था. तभी अचानक चाइनीज मांझा उनके गले में फंस गया. मांझे से युवक की गर्दन पर गहरा घाव हो गया. युवक लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा. राहगीर उसे अस्पताल ले गए. लेकिन चिकित्सक उसकी जान नहीं बचा पाए. बताया गया कि अस्पताल ले आते तक ब्लड ज्यादा ​बह गया था. वहीं, शोएब की मौत की खबर मिलते ही दुबग्गा स्थित उनके घर में कोहराम मच गया.  घटना की सूचना मिलते ही बाजारखाला पुलिस मौके पर पहुंची. शोएब के घर वालों ने चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हंगामा किया. घर वालों का कहना है कि चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है. प्रशासन प्रतिबंध नहीं लगा पा रहा है. वहीं, इंस्पेक्टर ने बताया कि शोएब के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. परिजनों की ओर से तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. चाइनीज मांझे के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा. 

मुख्यमंत्री ने बैंकों से की अन्नदाता किसानों के लिए ऋण शर्तों को सरल बनाने की अपील

किसानों को अब 5 मिनट में ई-केसीसी से ऋण: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन डिजिटल गवर्नेंस से किसानों को राहत, एफपीओ, सहकारिता व एमएसएमई से मजबूत हुई उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था: सीएम योगी लघु-सीमांत किसानों को कम ब्याज पर ऋण से मिला संबल, सहकारिता के डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता व जवाबदेही मुख्यमंत्री ने बैंकों से की अन्नदाता किसानों के लिए ऋण शर्तों को सरल बनाने की अपील तकनीक, ट्रेनिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए उत्तर प्रदेश अपने अनलिमिटेड पोटेंशियल को कर रहा साकार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ने उत्तर प्रदेश में ऋण स्वीकृति की तस्वीर ही बदल दी है। अन्नदाता किसान जब पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से ऋण लेने जाता था, तो 25 दिन से लेकर एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन आज वही किसान ई-केसीसी के माध्यम से मात्र पांच मिनट में ऋण सुविधा प्राप्त कर रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए जो हमारा कृषि ऋण 3 लाख करोड़ है, यह पहले की तुलना में 13 फीसदी बढ़ा है। यही सुशासन है और इसी दिशा में हमें और मजबूती से आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री गुरुवार को लोकभवन में आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज सरकार और अन्नदाता किसान मिलकर सोच रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग खेती में कैसे किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में एआई एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) को मंच पर सम्मानित भी किया। दिव्यांग और महिला नेतृत्व वाले एफपीओ बने प्रदेश के लिए रोल मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि संगोष्ठी में जो मॉडल प्रस्तुत किए गए, वे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं। दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कसया मिल्क प्रोड्यूसर एफपीओ, जिसमें 1,005 सदस्य हैं, इसका जीवंत उदाहरण है। पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में, जिन्हें पहले कमजोर माना जाता था, दिव्यांगजनों ने अपनी मेहनत और क्षमता से नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह आंखें खोलने वाला काम है और इसके लिए वे सभी अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने मथुरा की 750 महिलाओं वाली सरसों उत्पादन कंपनी का उल्लेख करते हुए कहा कि मैंने स्वयं उनकी प्रदर्शनी देखी है। किस तरह मस्टर्ड ऑयल को प्रोसेसिंग से जोड़कर महिलाओं ने बेहतर मुनाफा कमाया, यह पूरे प्रदेश के लिए सीख है। सरकार इस तरह के प्रयासों को हर स्तर पर सहयोग देगी। एमएसएमई को नई जान, ओडीओपी बना यूपी की पहचान सीएम योगी ने कहा कि आज सहकारिता क्षेत्र भी बदल रहा है। “सहकार से समृद्धि की ओर” के विजन के तहत डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों से सहकारी संस्थाओं में सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो विश्व बैंक के साथ एग्री-टेक के क्षेत्र में काम कर रहा है। कृषि, एमएसएमई, महिला, एग्री-टेक और युवा उद्यमिता आज सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति को याद करते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र में माफिया हावी था। रिजर्व बैंक ने 16 जिला सरकारी बैंकों को डिफाल्टर घोषित कर बंदी का आदेश कर दिया था। आज हमारी सरकार में इन्हीं 16 में से 15 बैंक प्रॉफिट में आ चुके हैं और 16वें को भी प्रॉफिट में लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में भी एक समय ऐसा था, जब उत्तर प्रदेश से बड़े पैमाने पर पलायन हो चुका था। हस्तशिल्प और निर्यात लगभग ठप थे और एमएसएमई सेक्टर बंदी की कगार पर खड़ा था। हमारी सरकार ने इसे एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) के रूप में आगे बढ़ाया। आज उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो एमएसएमई सेक्टर को ₹5 लाख का सुरक्षा बीमा दे रहा है। आज प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं और लगभग 3 करोड़ परिवार इसी सेक्टर पर निर्भर हैं। टेक्नोलॉजी, मार्केट, पैकेजिंग और डिजाइनिंग से जोड़कर ओडीओपी को एक ब्रांड बनाया गया है। परिणाम यह है कि प्रदेश का निर्यात ₹84 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा है। प्रधानमंत्री जब विदेश जाते हैं, तो राष्ट्राध्यक्षों को ओडीओपी प्रोडक्ट्स उपहार में देते हैं। एफपीओ की मजबूती से बदली यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था उत्तर प्रदेश के एफपीओज की ताकत को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस ट्रेड शो में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन एफपीओ और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर का रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का क्रेडिट-डेबिट रेशियो (सीडी रेशियो) 9 वर्षों में 43 प्रतिशत से बढ़कर 61 प्रतिशत हो गया है। लक्ष्य है कि इसी साल 31 मार्च तक इसे 62 प्रतिशत और 2026-27 में 65 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लघु और सीमांत किसानों को सशक्त करने के लिए सहकारिता के माध्यम से ठोस कदम उठाए गए हैं। पहले किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था, जिससे किसानों पर बोझ पड़ता था और बैंक भी घाटे में थे, क्योंकि उनका पैसा डूब जाता था। हमारी सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लघु र सीमांत किसानों को 5 से 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, शेष सहयोग सरकार करेगी। जब किसानों को आसान ब्याज दर और सरल किस्तों पर ऋण मिलेगा तो वे खेती में निवेश करेंगे, तकनीक अपनाएंगे और उनकी आय में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होगी। अनलिमिटेड पोटेंशियल को साकार कर रहा यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी देश ही नहीं, दुनिया का पहला राज्य है, जहां 86 प्रतिशत भूमि सिंचित है। 16 लाख ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली दी जा रही है, नहरों से सिंचाई मुफ्त है और एक लाख किसानों को सोलर पैनल दिए जा चुके हैं। एक समय उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला राज्य बन चुका है। 10 वर्ष पहले देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान मात्र 8 प्रतिशत था, जबकि आज यह बढ़कर … Read more

गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी

यूपी की पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी में होगी ‘मॉम-2’ की शूटिंग सेट के लिए शुरू हुई लैंड मैपिंग, 20 दिन में तैयार होगा शूटिंग सेट फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में शुरू होगी फिल्म की शूटिंग सीएम योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है इंटरनेशनल फिल्म सिटी गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी उत्तर प्रदेश को फिल्म, ओटीटी, वेब सीरीज समेत एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाना है सीएम योगी का विजन लखनऊ/ग्रेटर नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘इंटरनेशनल फिल्म सिटी’ ने अब जमीनी रफ्तार पकड़ ली है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित की जा रही उत्तर प्रदेश की इस पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी में पहली फिल्म शूटिंग के रूप में ‘मॉम-2’ का फिल्मांकन होने जा रहा है। फिल्म सिटी परिसर में शूटिंग को लेकर प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। परियोजना का निर्माण कर रहे बोनी कपूर और भूटानी ग्रुप के ज्वाइंट वेंचर ‘बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्राइवेट लिमिटेड’ ने जमीन की मैपिंग का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मैपिंग पूरी होने के बाद करीब 20 दिनों के भीतर शूटिंग सेट तैयार कर लिया जाएगा, जिसके बाद फिल्म की शूटिंग शुरू होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इंटरनेशनल फिल्म सिटी प्रोजेक्ट का कार्य बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक बोनी कपूर व भूटानी ग्रुप को संयुक्त रूप से मिला है। इस कंपनी ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के साथ एग्रीमेंट साइन किया है। यीडा द्वारा लेआउट प्लान को मंजूरी दिए जाने के बाद परियोजना के पहले चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्रोजेक्ट के जीएम राजीव अरोड़ा ने बताया कि शूटिंग की तैयारियों के साथ-साथ फिल्म सिटी के निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जमीन की मैपिंग पूरी होने के बाद करीब 20 दिनों के भीतर शूटिंग सेट तैयार कर लिया जाएगा, जिससे फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। इसके साथ ही फिल्म सिटी के निर्माण का कार्य भी शुरू हो जाएगा और जल्द ही सीएम योगी व पीएम मोदी के कर कमलों से इसका विधिवत शुभारंभ होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बोनी कपूर की कंपनी ने ही 2017 में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म ‘मॉम’ को प्रोड्यूस किया था और अब उन्होंने इसके दूसरे पार्ट की शूटिंग को यूपी में करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  इंटरनेशनल फिल्म सिटी यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21 में विकसित की जा रही है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को फिल्म, ओटीटी, वेब सीरीज़ समेत एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाना है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट विकसित हो रही यह फिल्म सिटी आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं के साथ प्रदेश को एक एंटरटेनमेंट और एवियेशन हब के रूप में स्थापित करेगी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म सिटी की औपचारिक शुरुआत से पहले ‘मॉम-2’ जैसी फिल्म की शूटिंग इस बात का संकेत है कि यूपी की फिल्म पॉलिसी और इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर फिल्म इंडस्ट्री का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है। यह परियोजना आने वाले समय में मुंबई समेत देश के अन्य फिल्म निर्माण केंद्रों का एक सशक्त विकल्प बन सकती है।

राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन

राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन लखनऊ  गन्ना किसानों की प्रदेश के अंदर क्या स्थिति थी..वर्ष 2000 से 2017 के बीच में गन्ना किसानों को कुल ₹2,14,000 करोड़ का भुगतान हुआ है, यानी 17 वर्षों में ₹2,14,000 करोड़ का. और 2017 से लेकर 2025 के बीच में, इन 8-9 वर्षों में हम लोगों ने ₹3,00,000 करोड़ अन्नदाता किसानों के खाते में गन्ना किसानों के खाते में सीधे पैसा दिया है,17 वर्ष में जितना नहीं हुआ, उसके आधे वर्षों में उससे भी हम लोगों ने ₹86,000 करोड़ अधिक किसान के खाते में भेजे हैं.. आज एक क्विंटल का हम ₹400 अन्नदाता किसान को दे रहे हैं, गन्ना किसान को दे रहे हैं,  ये सरकार के द्वारा उठाए गए कदम हैं और इसके माध्यम से लाभान्वित होने वाले किसानों का परिणाम है.. आज यूपी इथेनॉल उत्पादन में देश के अंदर नंबर एक पर है। गन्ना उत्पादन में देश का कुल गन्ना उत्पादन का 55 फीसदी केवल यूपी कर रहा है, चीनी उत्पादन में भी देश के अंदर यूपी नंबर एक पर है..

एक लाख ग्रामीण महिलाएं बनेंगी शहद उद्यमी, आय में एक लाख रुपये की सालाना वृद्धि का लक्ष्य

यूपी में एक लाख ग्रामीण महिलाओं के जीवन में मिठास घोलेगा शहद सीएम योगी का मिशन विलेज: अब ग्लोबल होगा यूपी का शहद, महिलाएं लॉन्च करेंगी अपना ब्रांड, देश-दुनिया में मिलेगी पहचान एक लाख ग्रामीण महिलाएं बनेंगी शहद उद्यमी, आय में एक लाख रुपये की सालाना वृद्धि का लक्ष्य ‘डबल’ मुनाफा : मधुमक्खियां बढ़ाएंगी फसल की पैदावार, बदलेगी खेती किसानी की तस्वीर लखनऊ  उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और खेती-किसानी को नई ताकत देने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता भी बढ़ाएंगी। योजना के अंतर्गत आगामी तीन वर्षों में एक लाख महिला मधुमक्खी पालक तैयार की जाएंगी। इसके तहत प्रत्येक महिला उद्यमी की आय में प्रति वर्ष एक लाख रुपये तक की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। मधुमक्खियों द्वारा परागण से गेहूं, सरसों, दलहन-तिलहन और बागवानी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन विलेज के तहत अब यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा। महिलाएं शहद का अपना ब्रांड विकसित करेंगी और शहद व अन्य उत्पादों के विपणन से प्रदेश के आर्थिक विकास में साझीदार बनेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं का आत्मनिर्भरता का सपना साकार होगा। इस योजना के जरिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि यूपी का शहद देश-दुनिया में गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बने।

योगी सरकार ने द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण के लिए स्वीकृत किए 261.91 करोड़ रुपये

सीएम योगी से मिले भाकियू प्रवक्ता, जताया आभार  योगी सरकार ने द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण/विस्तारीकरण के लिए स्वीकृत किए हैं 261.91 करोड़ रुपये  भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा- यह निर्णय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों व चीनी उद्योग के लिए ऐतिहासिक  लखनऊ  भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। द गंगा सहकारी चीनी मिल मोरना (मुजफ्फरनगर) के आधुनिकीकरण/विस्तारीकरण के लिए 261.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। मलिक ने कहा कि यह निर्णय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों और चीनी उद्योग के लिए ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण एवं क्षमता विस्तार के लिए आपकी अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) एवं क्षेत्र के लाखों गन्ना किसानों की ओर से आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस मिल की पेराई क्षमता को प्रथम चरण में 2500 TCD से बढ़ाकर 3500 TCD तथा भविष्य में 5000 TCD तक ले जाने की योजना और इसके लिए लगभग 262 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति देना स्पष्ट करता है कि आपकी सरकार किसानों की आय, समयबद्ध गन्ना भुगतान और आधुनिक कृषि आधारित उद्योगों के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। यह निर्णय न केवल मोरना क्षेत्र, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। इससे पेराई में तेजी आएगी, किसानों को समय पर भुगतान होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कदम न केवल इस मिल की उत्पादन क्षमता, दक्षता और तकनीकी स्तर को आधुनिक बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों की आय, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेगा।  मलिक ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपकी दूरदर्शी सोच के कारण किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा तथा मिल की कार्यक्षमता बढ़ेगी। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे तथा पर्यावरण अनुकूल तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समयबद्ध गन्ना मूल्य भुगतान, चीनी मिलों का आधुनिकीकरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना का विकास और किसान-कल्याणकारी योजनाएं किसानों के मन में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने आशा जताई कि सीएम के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का गन्ना क्षेत्र निरंतर प्रगति करेगा।

मेडिकल डिवाइस पार्क में 188.15 एकड़ भूमि औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित

यीडा बना मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र, 101 यूनिट्स को भूमि आवंटन योगी सरकार का मिशन, यीडा के सेक्टर-28 के अंतर्गत 350 एकड़ में आकार ले रहा मेडिकल डिवाइस पार्क मेडिकल डिवाइस पार्क में 188.15 एकड़ भूमि औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित 203 प्लॉट्स में निवेश की रफ्तार तेज, 101 का आवंटन, 49 ने लिया पजेशन और 12 में निर्माण कार्य शुरू 22 नए प्लॉट्स आवंटन के लिए प्रस्तावित, 11 फरवरी तक किया जा सकेगा आवेदन ग्रीन जोन, वेयरहाउस और कमर्शियल एरिया के साथ समग्र प्लानिंग, निवेशकों को मिल रहा सिंगल-विंडो सपोर्ट लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-28 में 350 एकड़ में विकसित हो रहा मेडिकल डिवाइस पार्क अब कागजी योजना से निकलकर जमीन पर उतर चुका है, जहां निवेश, आवंटन और निर्माण तीनों स्तरों पर ठोस प्रगति दर्ज की गई है। योजना के अंतर्गत यहां अब तक न सिर्फ 100 से अधिक प्लॉट्स का आवंटन कर दिया गया है, बल्कि एक दर्जन इकाइयों ने अपना निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। जल्द ही यहां प्रोडक्शन भी शुरू होने की संभावना है।  उल्लेखनीय है कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में विकसित हो रहा मेडिकल डिवाइस पार्क, योगी सरकार के उस विजन का प्रतीक है, जिसमें उत्तर प्रदेश को नीति, इन्फ्रास्ट्रक्चर व भरोसा, तीनों स्तरों पर निवेशकों का पसंदीदा राज्य बनाया जा रहा है। यह पार्क आने वाले वर्षों में यूपी को मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का नया पावरहाउस बना सकता है। 203 इंडस्ट्रियल प्लॉट में 101 का आवंटन मेडिकल डिवाइस पार्क के अंतर्गत 188.15 एकड़ भूमि औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित की गई है, जिसमें विभिन्न आकार के कुल 203 इंडस्ट्रियल प्लॉट विकसित किए गए हैं। अब तक 101 प्लॉट का आवंटन हो चुका है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि यीडा क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस सेक्टर को लेकर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। धरातल पर उतर रहा निवेश यीडा द्वारा जारी प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, 85 निवेशकों ने लीज प्लान जमा किया है, जबकि 62 लीज डीड निष्पादित हो चुकी हैं। 49 यूनिट्स ने साइट का पजेशन भी ले लिया है। 23 इकाइयों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं तो 12 इकाइयों में निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। यह प्रगति योगी सरकार के सिंगल विंडो सिस्टम, समयबद्ध स्वीकृति और नीति-स्थिरता का सीधा प्रमाण मानी जा रही है। ग्रीन, वेयरहाउस व कमर्शियल जोनों के साथ यीडा का समग्र मॉडल यीडा इस मेडिकल डिवाइस पार्क को केवल एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर नहीं, बल्कि एक फुल-फ्लेज्ड इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के रूप में विकसित कर रहा है। इसके तहत 9.02 एकड़ में वेयरहाउस प्लॉट, 18.66 एकड़ में ग्रीन एरिया, 46.43 एकड़ में कॉमन फैसिलिटी एरिया, 4.84 एकड़ में कमर्शियल सेक्टर और 79.10 एकड़ में पार्किंग व रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है, जिससे उत्पादन के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स, पर्यावरण और वर्कफोर्स सुविधाओं का संतुलन सुनिश्चित हो सके। नए आवंटन की प्रक्रिया तेज, निवेश के लिए फिर खुले अवसर मेडिकल डिवाइस पार्क में औद्योगिक इकाइयों के लिए उपलब्ध शेष भूमि में से 10.32 एकड़ भूमि पर नए आवंटन के लिए 12 जनवरी 2026 को योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत कुल 22 नए प्लॉट आवंटन के लिए प्रस्तावित हैं, जिनमें 1000 वर्गमीटर के 11 प्लॉट, 2100 वर्गमीटर के 9 प्लॉट तथा 5940 वर्गमीटर के 2 प्लॉट शामिल हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 11 फरवरी 2026 तय की गई है। योगी मॉडल को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यीडा की रणनीतिक लोकेशन, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट इकोसिस्टम के साथ योगी सरकार की उद्योगोन्मुख नीतियों का मेल उत्तर प्रदेश को मेडिकल डिवाइस सेक्टर में राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला सकता है। यह परियोजना आयात पर निर्भरता घटाने के साथ-साथ मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को भी मजबूती देती है।

मिथिला की संस्कृति, लोकपरंपरा और कला के विविध आयामों को गैलरी में प्रमुखता से दर्शाएं: मुख्यमंत्री

सीता मइया के दिव्य चरित का ज्ञान करायेगी ‘वैदेही आर्ट गैलरी’: मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री का निर्देश, अयोध्या में वरिष्ठ भवन परिसर में तैयार होगी ‘वैदेही आर्ट गैलरी’ मिथिला की संस्कृति, लोकपरंपरा और कला के विविध आयामों को गैलरी में प्रमुखता से दर्शाएं: मुख्यमंत्री   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीअयोध्या धाम में माता सीता के जीवन-चरित पर केंद्रित ‘वैदेही आर्ट गैलरी’ की स्थापना के निर्देश दिए हैं। बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में उन्होंने कहा कि सीता मइया भारतीय संस्कृति, मर्यादा और नैतिक आदर्शों की अनुपम प्रेरणा हैं, और नई पीढ़ी को उनके उज्ज्वल चरित्र से गहराई से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। आर्ट गैलरी की परिकल्पना साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्याधुनिक गैलरी केवल एक कला-संग्रहालय न होकर, सीता माता के जीवन, त्याग, करुणा, मर्यादा, धैर्य और शक्ति का आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुनर्पाठ प्रस्तुत करने वाली एक जीवंत सांस्कृतिक अनुभव-स्थली होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि इस गैलरी की कथा-वस्तु, डिजाइन, विज़ुअल भाषा, कला और तकनीक सहित सभी आयाम इस भावना को प्रकट करे कि हम एक दिव्य विरासत का पुनर्पाठ कर रहे हैं, जिसे नई पीढ़ी के सामने प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैदेही आर्ट गैलरी की मूल भावना यही हो कि आगंतुक सीता माता के जीवन-संदेश को केवल देखें नहीं, बल्कि उसे अनुभव करें, समझें और आत्मसात करें। अयोध्या विकास प्राधिकरण के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निकट वशिष्ठ भवन परिसर में विकसित की जा सकती, जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि इस गैलरी का विकास अयोध्या के वैश्विक सांस्कृतिक नगर के रूप में उभरने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण चरण होगा। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि मिथिला की संस्कृति, लोकपरंपरा और कला के विविध आयामों को गैलरी में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए।

बच्चों के सामने झलक पड़ता है सीएम योगी का कोमल हृदय, समाज को जोड़ती है सीएम की बच्चों से यह दोस्ती

सीएम योगी का बाल प्रेम  जनसेवा, संवेदना और सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं मुख्यमंत्री सीएम योगी के पास पहुंच कर बालहठ के साथ निश्छल मन से अपनी बात रखते हैं प्रदेश भर के बच्चे  बच्चों के सामने झलक पड़ता है सीएम योगी का कोमल हृदय, समाज को जोड़ती है सीएम की बच्चों से यह दोस्ती बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा पर सीएम योगी का है विशेष फोकस एडमिशन, उपचार के लिए तत्काल आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराते हैं मुख्यमंत्री  लखनऊ  नर्सरी में एडमिशन कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची मासूम बच्ची की जिद हो या चॉकलेट की मांग करने वाले बच्चों की हठ। जिन मुख्यमंत्री का नाम सुनकर अपराधी कांप उठते हैं, बच्चे उन्हीं से मिलकर सहजता से अपनी जिद मनवा लेते हैं। कहते हैं, ‘बच्चे मन के सच्चे’, वे अपने दिल की भावना को अत्यंत निश्छलता से प्रकट कर देते हैं, यही भाव उस समय सामने आया, जब सीएम योगी आदित्यनाथ को देखते ही एक छोटी बच्ची ने उन्हें सैल्यूट किया। सीएम ने भी मुस्कुराते हुए बच्ची को खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए कहा। उनका यह बाल प्रेम उनके कोमल हृदय व सर्वसुलभ होने के साथ-साथ जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री के बच्चों से जुड़ाव और उनके साथ भावनात्मक संवाद के कई दृश्य समय-समय पर सामने आते रहते हैं। विगत सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली से सीएम का संवाद इन दिनों चर्चा में है। अपने एडमिशन के लिए जिद, फिर एबीसीडी व कविता सुनाकर अनाबी ने सीएम का दिल जीत लिया। वहीं मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछना और उसका मासूम जवाब सुनकर खिलखिलाकर हंसना भी उनके बालप्रेम को प्रकट करता है। बच्चों से अत्यंत आत्मीयता से संवाद और उनके भविष्य को लेकर त्वरित निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करते हैं। बीते दिनों ‘जनता दर्शन’ में दो साल की अनन्या से संवाद भी लोगों के मन को छू गया। इसी तरह 31 दिसंबर को मेजर की बेटी अंजना भट्ट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के भीतर न सिर्फ मकान को कब्जा मुक्त कराया, बल्कि आरोपियों पर एफआईआर व तत्काल गिरफ्तारी भी कराई। यह मामला सीएम की जन समस्याओं के प्रति गंभीरता को प्रकट करते हुए स्पष्ट संदेश देता है कि वे कानून व्यवस्था, बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों का समाधान कराने में तनिक भी विलंब नहीं करते।  कानपुर की मूक-बधिर युवती खुशी गुप्ता की कहानी भी इन दिनों हर किसी की जुबां पर है। मुख्यमंत्री से मिलने की उसकी जिद और अकेले पैदल चलकर लखनऊ पहुंचने की जानकारी जब सीएम योगी आदित्यनाथ को मिली तो उन्होंने उसे बुलाकर उसके बनाए चित्रों को स्वीकार किया और उसके शिक्षित-सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के अपनत्व से भाव-विभोर खुशी की ‘अनकही भावनाओं’ ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों के बीच मुख्यमंत्री की ‘प्रदेश ही परिवार’ धारणा की विश्वसनीय तस्वीर पेश की।  ‘जनता दर्शन’ के जरिए लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा, गोरखपुर की पंखुड़ी और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में एडमिशन कराना भी सीएम योगी की संवेदनशीलता का हिस्सा है। कानपुर की नन्ही मायरा ने कहा था कि मैं बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। इस पर सीएम ने तत्काल उसका प्रवेश कराने का निर्देश दिया। वाची ने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूं,  सीएम ने उसका भी प्रवेश कराया। गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराने के साथ ही उसे पुनः विद्यालय भेजना भी सुनिश्चित कराया। गणतंत्र दिवस परेड में भी सीएम के पास पहुंच गए बच्चे 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में आए बच्चे सीधे सीएम योगी के पास पहुंच गए। सभी ने सीएम के साथ फोटो खिंचवाई, उनसे बातचीत की। सीएम ने उन्हें दुलारा और एक नन्ही बच्ची को गोद में लेकर अपना वात्सल्य भाव प्रकट किया।   वृद्ध मां के दर्द से द्रवित सीएम ने कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल बीते सितंबर में ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर सीएम द्रवित हो गए और कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाल प्रेम, जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

लंबित देयों का मानवीय व न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री

लंबित आवास मामलों के निस्तारण हेतु ‘एकमुश्त समाधान योजना’ लागू करें: मुख्यमंत्री सभी पात्र आवंटियों तक ओटीएस योजना की जानकारी पहुंचे, मुख्यमंत्री ने व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए लंबित देयों का मानवीय व न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री डिफॉल्टर मामलों के निस्तारण में गति लाएं, प्रक्रिया को पूरी तरह यूजर-फ्रेंडली बनाएं: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में लंबित आवासीय और व्यावसायिक आवंटनों के त्वरित निस्तारण के लिए एक नई ‘एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस-2026)’ लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित देयों और विवादित मामलों के कारण न केवल योजनाओं की प्रगति प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था लागू करना है, जिसमें समाधान तेज, पारदर्शी और सभी के लिए व्यावहारिक हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की किसी भी योजना में लंबित भुगतान या विवादित आवंटन राज्य की विकास गति को धीमा करते हैं। इसलिए आवास विभाग को ऐसी समाधान-प्रधान व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जिससे विभाग को आवश्यक राजस्व प्राप्त हो और आवंटियों को भी राहत मिले। उन्होंने कहा कि यह योजना जन-केंद्रित होनी चाहिए, जिसमें हर वास्तविक आवंटी को स्पष्ट और सरल विकल्प उपलब्ध हों। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में लागू की गई ओटीएस-2020 योजना से बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ था, लेकिन कोविड-19 के कारण कई आवंटी अंतिम भुगतान नहीं कर पाए। विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में प्रदेश के विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में मौजूद ऐसे सभी डिफॉल्ट मामलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओटीएस-2026 योजना को अधिक व्यावहारिक और लाभकारी स्वरूप दिया जाए। एकमुश्त भुगतान करने वाले आवंटियों को देयों पर उपयुक्त छूट दी जाए। साथ ही, किस्तों में भुगतान की सुविधा हो। उन्होंने कहा कि योजना के प्रावधानों को अंतिम रूप देते समय यह ध्यान रहे कि योजना के मूल में आम आदमी को राहत देने का ही भाव निहित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि विभाग द्वारा प्रत्येक आवेदन का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में कर दिया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना लागू होने से हजारों आवंटियों को राहत मिलेगी और विभाग को राजस्व भी प्राप्त होगा।  मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिया कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे अवगत हो सकें। उन्होंने कहा, ‘एकमुश्त समाधान योजना’ के बारे में आम जनता के बीच सक्रिय रूप से जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि सभी पात्र लोग इसका लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि योजना की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल होनी चाहिए।

यूपी में चुनावी रणनीति शुरू, बीजेपी अगले 15 दिनों में कर सकती है बड़े फेरबदल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी अलग-अलग मोर्चों की टीम बदलने की तैयारी में जुट गई है. सूत्रों के मुताबिक अगले 15 दिन के भीतर पार्टी में बदलाव होने की संभावना है. एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संगठन में बड़ा बदलाव किया जा सकता है.  यूपी बीजेपी जल्द ही अनुसूचित जाति मोर्चे, किसान मोर्चा, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और अन्य मोर्चो के अध्यक्ष समेत टीम में बदलाव की संभावना है. माना जा रहा है कि 28 फरवरी से पहले ये पूरी प्रक्रिया हो जाएगी. एक बार इन तमाम मोर्चों में बदलाव होने के बाद पार्टी चुनावी मोड में जुट जाएगी.  बीजेपी के मोर्चों में बदलाव की तैयारी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के अलग-अलग मोर्चों के बदलाव में जातीय समीकरण का साधने पर ज़ोर दिया जा सकता है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वयं ओबीसी (कुर्मी) समाज से आते हैं. वहीं पश्चिमी यूपी में जाट, ब्रज में यादव और ब्राह्मणों को समीकरण देखने को मिल सकता हैं. जानकारों का मानना है कि सपा के पीडीए की काट की भी झलक भी इस नए बदलाव में दिखाई दे सकती है.   यूपी बीजेपी की ये कवायद आगामी पंचायत चुनाव, विधान परिषद की शिक्षक व स्नातक कोटे की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखी जा रही है. ताकि पार्टी का प्रदर्शन और मज़बूत हो सके और यूपी में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई जा सके. सूत्रों के मुताबिक़ इन मोर्चों में 30-40 फ़ीसद तक फेरबदल हो सकता है.  विधानसभा चुनाव को लेकर कवायद तेज बीते दिनों बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में लखनऊ में एक बैठक भी हो चुकी हैं. जिसमें पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ट, विभागों के अध्यक्ष, महामंत्री, संयोजक व अन्य पदाधिकारी शामिल हुए थे. इस बैठक में महामंत्री धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहे थे. इस बैठक में विभिन्न मोर्चों में किए जाने वाले बदलाव को लेकर चर्चा की गई.  पंकज चौधरी ने इस बैठक के बाद कहा था कि पार्टी के विभिन्न विभाग और प्रकोष्ठों में काम करने वाले पदाधिकारियों को भूमिका काफी अहम होती है. संगठन में कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है. समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों तक पार्टी की कार्यशैली और नीतियों की जानकारी पहुंचाने में इन मोर्चों को अहम भूमिका होता है. जिससे विभिन्न संगठन के लोग पार्टी के साथ जुड़ते हैं और पार्टी मजबूत होती है.  

योगी सरकार ने चल-अचल संपत्ति छुपाने वाले कर्मचारियों के वेतन पर लगाई रोक

लखनऊ   राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद 68,236 राज्यकर्मियों ने अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण अब तक घोषित नहीं किया है। इस लापरवाही के चलते इन कर्मचारियों को जनवरी माह का वेतन फरवरी में नहीं मिलेगा। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल के आदेशानुसार सभी राज्यकर्मियों को 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा अपलोड करना अनिवार्य था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने समयसीमा का पालन नहीं किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि उन्हें वेतन रोके जाने की कोई चिंता नहीं है। सरकार अब और कड़े कदम भी उठा सकती है मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण अपलोड न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सरकार अब और कड़े कदम भी उठा सकती है। योगी आदित्यनाथ सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राज्यकर्मियों की संपत्ति का विवरण जुटाने को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-24 के तहत प्रदेश के कुल 8,66,261 राज्यकर्मियों को वर्ष 2025 तक की अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण 31 जनवरी तक पोर्टल पर देना अनिवार्य था। इसके लिए विभागों के नोडल अधिकारी और आहरण-वितरण अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि जो कर्मचारी तय समयसीमा तक विवरण अपलोड न करें, उनका वेतन रोक दिया जाए। इन सभी का वेतन रोका जाएगा  रात तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, संपत्ति विवरण न देने वालों में सबसे अधिक 34,926 तृतीय श्रेणी के कर्मचारी हैं। इसके अलावा 22,624 चतुर्थ श्रेणी, 7,204 द्वितीय श्रेणी और 2,628 प्रथम श्रेणी के अधिकारी शामिल हैं। वहीं ‘अन्य’ श्रेणी के 1,612 कर्मचारियों में से 854 ने भी संपत्ति का विवरण नहीं दिया है। इन सभी का वेतन रोका जाएगा।  

सेमीकंडक्टर पार्क, डेटा सेंटर और फार्मा हब से बदलेगा यूपी का औद्योगिक परिदृश्य

आम बजट 2026-27 से उत्तर प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने आम बजट के उत्तर प्रदेश पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर की प्रेस वार्ता सेमीकंडक्टर से लेकर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग तक यूपी बन रहा निवेशकों की पहली पसंद एमएसएमई, ओडीओपी और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित बजट से यूपी को मिलेगा सीधा लाभ हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर और जलमार्गों से यूपी बनेगा लॉजिस्टिक्स हब खेल, स्टार्टअप और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में नई ऊंचाई की ओर उत्तर प्रदेश पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और आयुर्वेद से रोजगार के नए द्वार खोलेगा आम बजट युवाओं, महिलाओं और किसानों पर फोकस, विकसित भारत के लक्ष्य में होगी यूपी की बड़ी भूमिका सेमीकंडक्टर पार्क, डेटा सेंटर और फार्मा हब से बदलेगा यूपी का औद्योगिक परिदृश्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आम बजट 2026-27 को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में देश ने जो विकास यात्रा तय की है, उसका प्रत्यक्ष लाभ अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। यह बजट रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन का संतुलित दस्तावेज है, जो नए भारत के निर्माण के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि आम बजट 2026-27 उत्तर प्रदेश को ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगा। रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन के संतुलन से सशक्त भारत की नींव मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन तीनों का संतुलित समावेश स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इन तीनों तत्वों को एक सूत्र में पिरोकर यह बजट आने वाली पीढ़ियों को जोड़ते हुए एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करता है। यह बजट किसान, युवा, महिला और गरीब, सभी वर्गों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। स्वाभाविक रूप से, इसके माध्यम से देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की अपेक्षाओं और विकास जरूरतों को पूरा करने के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं। एमएसएमई सेक्टर में घोषणा का उत्तर प्रदेश को मिलेगा सर्वाधिक लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का सबसे महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव डालने वाला पहलू एसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा है। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश का नेतृत्व करता है और प्रदेश के पास देश का सबसे बड़ा एमएसएमई आधार है। वर्तमान में, उत्तर प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से करीब तीन करोड़ लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका और आर्थिक प्रगति से जुड़े हुए हैं। सीएम ने कहा कि यह फंड विशेष रूप से ओडीओपी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा, जिसे उत्तर प्रदेश ने ब्रांडिंग, डिजाइनिंग, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट से जोड़कर सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। बजट के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर को नई तकनीक, स्किल ट्रेनिंग, आधुनिक पैकेजिंग और वैश्विक निर्यात बाजारों से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।  यूपी बनेगा कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का राष्ट्रीय हब मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का विशाल इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड तैयार किए जाने की घोषणा की गई है, जो उत्तर प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने और विभिन्न प्रमुख सेक्टरों को नई गति देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश के भीतर देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब विकसित हो रहा है। इसका सीधा लाभ उद्योग, व्यापार और रोजगार सृजन के रूप में उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगा।  इनलैंड वाटरवे में यूपी की होगी महत्वपूर्ण भूमिका सीएम योगी ने कहा कि देश में घोषित 20 अंतर्देशीय जलमार्गों में उत्तर प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश में देश का पहला इनलैंड वाटरवे वाराणसी से हल्दिया के बीच पहले ही प्रारंभ किया जा चुका है, जबकि इनके विस्तार के लिए वाराणसी, प्रयागराज और यमुना नदी तक जलमार्ग विकसित करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। कार्गो मूवमेंट को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शिप रिपेयर एवं मेंटिनेंस इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में वाराणसी को मिलने वाला लाभ, उत्तर प्रदेश के इनलैंड वाटरवे नेटवर्क को और मजबूत करेगा, जिससे माल ढुलाई की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से मिलेगी विकास को नई गति मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में घोषित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से 2 महत्वपूर्ण कॉरिडोर उत्तर प्रदेश को प्राप्त हुए हैं। इन हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के अंतर्गत ट्रेनों की गति 300 से 500 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी, जिससे प्रदेश को तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। इससे न केवल यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि औद्योगिक, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी। उत्तर प्रदेश में बायो-फार्मा सेक्टर की संभावनाएं हुईं सुदृढ़ मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के माध्यम से बायो-फार्मा सेक्टर में उत्तर प्रदेश की संभावनाएं और अधिक सुदृढ़ हुई हैं। ललितपुर में लगभग 1,200 एकड़ क्षेत्रफल में बल्क ड्रग पार्क विकसित किए जाने की प्रक्रिया को तेज किया गया है, जबकि गौतम बुद्ध नगर के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क का कार्य भी अत्यंत उन्नत चरण में पहुंच चुका है। बायो-फार्मा सेक्टर के लिए बजट में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो भारत को वैश्विक फार्मा हब के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। लखनऊ में होने वाले फार्मा कॉन्क्लेव में देशभर से प्रमुख स्टेक-होल्डर्स की भागीदारी स्पष्ट संकेत है कि उत्तर प्रदेश इस सेक्टर में निवेश, नवाचार और नई सुविधाओं के लिए पूरी तरह तैयार है। डेटा सेंटर हब और ग्राम स्वराज से यूपी को डिजिटल व ग्रामीण विकास की दोहरी ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम उत्तर प्रदेश को एक नई दिशा देंगे। प्रदेश में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ डेटा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक उत्तर प्रदेश में लगभग 700 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर स्थापित हो चुके हैं और इस सेक्टर में निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। … Read more

यूपी बन रहा विदेशी निवेशकों की पहली पसंद -मुख्यमंत्री

सिंगापुर की कम्पनी ‘एपी मोलर माएर्स्क के प्रमुख ने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात यूपी में निवेश विस्तार को लेकर उत्साहित सिंगापुर की कम्पनी ‘एपी मोलर माएर्स्क यूपी बन रहा विदेशी निवेशकों की पहली पसंद -मुख्यमंत्री पिछले 20 वर्षों से राज्य में निवेश कर रही है कम्पनी, मुख्यमंत्री के समक्ष नए निवेश अवसरों पर हुई चर्चा लखनऊ उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को विदेशी निवेशकों से निरंतर समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में सिंगापुर की अग्रणी एकीकृत कंटेनर लॉजिस्टिक्स कंपनी एपी मोलर माएर्स्क के प्रबंध निदेशक रीन पील पेडरसन ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की। इस दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश विस्तार को लेकर गहन चर्चा हुई। पेडरसन के साथ विवेक शर्मा, हेड बिजनेस डेवलपमेंट एवं रेगुलेटरी अफेयर्स (भारत, बांग्लादेश एवं श्रीलंका क्षेत्र) भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाओं, उद्योगों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल तथा राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेज़ी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और यहां निवेशकों के लिए सुरक्षित, स्थिर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम, त्वरित स्वीकृतियां, नीति आधारित प्रोत्साहन और मजबूत कानून व्यवस्था के माध्यम से सरकार निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स हब, औद्योगिक कॉरिडोर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते उत्तर प्रदेश निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन चुका है। उन्होंने एपी मोलर माएर्स्क को राज्य में अपने निवेश का विस्तार करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार आवश्यक भूमि, कनेक्टिविटी और नीतिगत सहयोग सुनिश्चित करेगी।  इस अवसर पर विवेक शर्मा ने बताया कि हमने उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों और यहां के निवेश अनुकूल माहौल को लेकर बहुत अच्छी और सार्थक चर्चा की। हमारी कंपनी पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से इस राज्य में निवेश कर रही है। इस विशेष चर्चा के दौरान हमने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण और अपने व्यवसाय के विस्तार में राज्य सरकार से मिले पूर्ण सहयोग को लेकर अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए। हम भविष्य में भी उत्तर प्रदेश में अपने कारोबार के विस्तार के लिए नए निवेश अवसरों की तलाश करने के लिए उत्सुक हैं। उल्लेखनीय है कि एपी मोलर माएर्स्क शिपिंग, बंदरगाह, जल परिवहन और अंतर्देशीय लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में वैश्विक स्तर की कंपनी है। इसके संभावित निवेश से उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूती, औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना है, जो ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने रबी में सरसों-मसूर, जायद में उर्द-मूंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के निर्देश

अन्तःफसली खेती को मिशन मोड में लागू करें, अन्नदाता की आय में होगा कई गुना इजाफा: मुख्यमंत्री गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल किसानों के लिए लाभकारी: मुख्यमंत्री 29.50 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्र में तिलहन-दलहन जोड़कर यूपी को आत्मनिर्भर बनाएं: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने रबी में सरसों-मसूर, जायद में उर्द-मूंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई छलांग दिलाने का सबसे प्रभावी तरीका ‘गन्ना के साथ तिलहनी एवं दलहनी अन्तःफसली खेती’ को बड़े पैमाने पर लागू करना है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल गन्ना किसानों की आय को केवल दोगुना नहीं, बल्कि ‘बहु-गुणित’ करने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री सोमवार को इस विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल किसानों को अतिरिक्त उत्पादन, कम लागत और पूरे वर्ष स्थिर आय उपलब्ध कराती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अधिक मजबूत होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का क्षैतिज विस्तार अब संभव नहीं है, इसलिए ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य के लिए उत्पादन बढ़ाने का एकमात्र रास्ता इकाई क्षेत्रफल से अधिक फसल उत्पादन है। उन्होंने कहा कि ‘गन्ना आधारित अंतःफसली खेती उत्तर प्रदेश के कृषि भविष्य का नया मॉडल है। यह किसानों को अधिक उत्पादन, अधिक कमाई और जोखिम से सुरक्षा तीनों प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए। वर्तमान में प्रदेश में 29.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है, जिसमें 14.64 लाख हेक्टेयर नया बोया गया क्षेत्र और 14.86 लाख हेक्टेयर पेड़ी शामिल है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े क्षेत्र में तिलहन और दलहन की अंतःफसल जोड़ने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और साथ ही प्रदेश एवं देश की तिलहन-दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि  कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से क्रियान्वित करते हुए अंतःफसल का चयन वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक आधार पर किया जाए। उन्होंने आईआईएसआर की सिफारिशों के अनुसार रबी सीजन में सरसों और मसूर तथा जायद सीजन में उर्द और मूंग को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने की पैदावार प्रभावित किए बिना अतिरिक्त फसल, अतिरिक्त लाभ और अतिरिक्त सुरक्षा, यही इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इस योजना के लिए वर्षवार रोडमैप तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अतिरिक्त उत्पादन सीधे किसानों की आय में वृद्धि करेगा और राज्य के जीवीए में बड़ा योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सहायता और अनुदान का ढांचा स्पष्ट होना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बड़े पैमाने पर अंतःफसलों को अपनाने से किसानों को तेज़ नकदी प्रवाह मिलेगा और एकल फसल जोखिम कम होगा, जिससे कृषि अधिक स्थिर और टिकाऊ बनेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल गन्ना क्षेत्र से जुड़े किसानों के लाभ तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे प्रदेश के व्यापक कृषि परिदृश्य के परिवर्तन के रूप में लागू किया जाना चाहिए।

कृषि उत्पादन की असली ताकत अच्छा और भरोसेमंद बीज: मुख्यमंत्री

प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक बीज नीति तैयार करें: मुख्यमंत्री प्रमाणित बीज की कमी न हो, संकर बीजों में बाहरी निर्भरता समाप्त कर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाएं: मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन की असली ताकत अच्छा और भरोसेमंद बीज: मुख्यमंत्री हर बीज की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी अनिवार्य करें; मिलावटी और अमानक बीजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर, उपकार और निजी उद्योग को एक मंच पर लाने का निर्देश, बीज अनुसंधान, नवाचार और किस्म रिलीज़ प्रक्रिया तेज हो कृषि विज्ञान केंद्रों को बीज विकास से जोड़ने और हर क्लाइमेटिक ज़ोन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने के निर्देश प्रगतिशील किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रम से जोड़कर स्थानीय स्तर पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्धता बढ़ाने पर जोर ट्यूबवेलों का सौर ऊर्जीकरण तेज़ हो, प्रदेश के सोलर पैनल निर्माताओं को प्राथमिकता देने के मुख्यमंत्री के निर्देश अगले पाँच वर्षों में पाँच ‘सीड पार्क’ स्थापित करने की योजना, टिशू कल्चर लैब्स और प्रमाणित नर्सरी नेटवर्क सुदृढ़ करने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कृषि उत्पादन की वास्तविक शक्ति उच्च गुणवत्ता वाले, भरोसेमंद और प्रमाणित बीजों में निहित है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के लिए नई और आधुनिक ‘बीज नीति’ समय की मांग है। भूमि जोत लगातार घट रही है, ऐसे में ध्यान केवल रकबे पर नहीं, बल्कि प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने पर होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उच्च उपज, रोग-प्रतिरोधी और जलवायु-सहिष्णु किस्मों के विकास को प्राथमिकता देते हुए ऐसी बीज नीति तैयार की जाए जो आने वाले वर्षों की कृषि चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करे। बीज नीति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अगले पाँच वर्षों के लिए प्रदेश की बीज उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और उपलब्धता को नए स्तर तक ले जाने के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीज उत्पादन, प्रसंस्करण और भंडारण की पूरी प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग आवश्यक है, ताकि प्रमाणित बीज की कमी न हो और किसान सशक्त बन सकें। मुख्यमंत्री ने भरोसेमंद बीज आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर बीज की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी या अमानक बीजों के प्रति कोई भी ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। किसानों तक पहुँचने वाला हर बीज पैकेट प्रमाणित, परीक्षणित और पूरी तरह मानक होना चाहिए। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों, उपकार तथा निजी बीज उद्योग को एक साझा मंच पर लाकर बीज अनुसंधान, नवाचार और किस्म-रिलीज प्रक्रिया को तेज़ करने की आवश्यकता बताई। फसल विविधीकरण को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने दलहन, तिलहन, मक्का, बाजरा, ज्वार और बागवानी फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता हेतु विशेष रणनीति तैयार करने को कहा। इसी क्रम में प्रदेश में अगले पांच वर्षों में कम से कम पाँच ‘सीड पार्क’ स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए। ये सीड पार्क उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण और भंडारण की सभी सुविधाओं से सुसज्जित एकीकृत परिसर होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को बीज विकास कार्यक्रमों से सीधे जोड़ा जाए, ताकि अनुसंधान, प्रशिक्षण और खेत-स्तर पर तकनीक के प्रसार के बीच सुदृढ़ समन्वय स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौ क्लाइमेटिक जोन के अनुरूप एक-एक कृषि विज्ञान केंद्र को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाए, जिससे क्षेत्र-विशेष की फसलों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज और तकनीकी समाधान तैयार किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को भी बीज विकास कार्यक्रमों से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय अनुभव और आधुनिक तकनीक का प्रभावी समन्वय बन सके। मुख्यमंत्री ने कृषि में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक ट्यूबवेलों को सौर ऊर्जीकरण से जोड़ा जाए, जिससे किसानों का सिंचाई खर्च कम हो और कृषि में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़े। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में स्थापित सोलर पैनल इकाइयों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय निर्माण को बढ़ावा मिलने से रोजगार, निवेश और कृषि अवसंरचना को मजबूती मिलेगी।

जनता दर्शन :बच्ची ने किया सैल्यूट तो सीएम बोले- खूब मन लगाकर पढ़ाई करो

जनता दर्शन :बच्ची ने किया सैल्यूट तो सीएम बोले- खूब मन लगाकर पढ़ाई करो अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर निरंतर करें कड़ी कार्रवाईः मुख्यमंत्री  एक-एक कर सभी प्रार्थियों से मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समस्याओं के उचित निस्तारण का दिया आश्वासन  जनपदों में प्रशासन, पुलिस व राजस्व के अधिकारी मामलों को गंभीरता से लेते हुए करें कार्रवाई: मुख्यमंत्री बच्ची ने किया सैल्यूट तो सीएम बोले- खूब मन लगाकर पढ़ाई करो लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। एक-एक कर सभी प्रार्थियों से उन्होंने मुलाकात की, उनका प्रार्थना पत्र लिया और समस्याओं के उचित निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों, राजस्व से जुड़े अधिकारियों व पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए लोगों की समस्याएं सुनें और जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करें। ‘जनता दर्शन’ में पहुंची एक बच्ची ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सैल्यूट किया। इस पर सीएम योगी ने उसे आशीर्वाद देते हुए खूब मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा। जनपदों में समस्याएं सुन दोषियों पर करें कार्रवाई  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष ‘जनता दर्शन’ में अवैध कब्जे से जुड़े कुछ प्रकरण भी आए। सीएम ने सभी लोगों की बातें सुनीं,  फिर प्रार्थना पत्र लेते हुए उचित कार्रवाई का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने जनपदों में तैनात अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे वहां भी समस्याएं सुनते हुए प्रार्थियों को न्याय दिलाएं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें।  बच्चे के इलाज के लिए सीएम ने दिया आर्थिक मदद का आश्वासन ‘जनता दर्शन’ में एक महिला अपने बच्चे के साथ पहुंचीं। उनके बच्चे का केजीएमयू में इलाज चल रहा है। महिला ने मुख्यमंत्री से इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता दिलाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ प्रदेशवासी मेरा परिवार हैं। सरकार सभी के सुख-दुख में खड़ी है। पहले दिन से ही इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। आगे भी यह क्रम चलता रहेगा। धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा।  बच्ची ने किया सैल्यूट, सीएम बोले- खूब मन लगाकर पढ़ाई करो ‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी पहुंचे। प्रार्थियों से मिलने के क्रम में मुख्यमंत्री एक महिला के पास पहुंचे और उनका प्रार्थना पत्र लिया। महिला के साथ आई बच्ची ने सीएम योगी को देख उन्हें सैल्यूट किया। इस पर सीएम योगी ने मुस्कुराते हुए बच्ची से उसका नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को चॉकलेट दी और कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो। बच्ची ने सुनाई सीएम को कविता ‘जनता दर्शन’ में मां के संग आई एक बच्ची ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कविता सुनाई। बच्ची की कविता सुनकर मुख्यमंत्री ने उसकी खूब तारीफ की। सीएम ने बच्ची से पूछा कि स्कूल जाएगी, मेहनत से पढ़ेगी? बच्ची के हां कहने पर सीएम ने एडमिशन कराने का आदेश दिया। बच्ची ने सीएम योगी को कविता भी सुनाई- “हम शेर बच्चे, शेर बच्चे, शेर बच्चे हैं। हम छोटे हैं तो क्या हुआ, हम दिल के सच्चे हैं। हम बड़े होकर देश की शान बढ़ाएंगे। जय हिंद।” कविता सुनकर सीएम ने बच्ची का उत्साहवर्धन भी किया।

सीएसआर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागिता बढ़ाएं बैंक: मुख्यमंत्री

यूपी का कुल सीडी रेशियो 60.39% के पार, मार्च तक 62% का लक्ष्य ओडीओपी की तरह अब ओडीओसी को ब्रांड बनाने आगे बढ़ें बैंक, छोटे व्यापारियों और गिग वर्कर्स को होगा बड़ा लाभ: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का आह्वान, किसान, एमएसएमई, युवा-उद्यमियों और महिलाओं को ऋण उपलब्धता तेज और सरल की जाएं आवेदन और पात्रता की जांच में अनावश्यक देरी न करें बैंक, लाभार्थीपरक योजनाओं की सफ़लता बैंकों के सहयोग से ही संभव: मुख्यमंत्री प्रदेश का बैंकिंग व्यवसाय 08 वर्ष में ₹12.80 लाख करोड़ से बढ़कर ₹32.79 लाख करोड़ वित्तीय समावेशन में यूपी देश में नंबर-1, जनधन, जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और अटल पेंशन योजना में शीर्ष प्रदर्शन ऊर्जा, कृषि, उद्योग और एमएसएमई क्षेत्र में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े ऋण स्वीकृत 20 फरवरी और 16 मार्च को दो मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम; 2.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक  वितरण का लक्ष्य पीएम स्वनिधि, पीएम सूर्य घर और किसान क्रेडिट कार्ड में यूपी की तेज प्रगति, 50.81 लाख किसानों को मिली 1 लाख करोड़ रुपये की सीमा सीएसआर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागिता बढ़ाएं बैंक: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक, कहा जिलों में हर माह हो डीएलबीसी कि बैठक लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक प्रदेश में कुल क्रेडिट डिपॉजिट (सीडी रेशियो) 62 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। रविवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी बैंक प्रतिनिधियों से उनके सीडी रेशियो के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए सीडी रेशियो बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने पर बल दिया। बैठक में बताया गया कि दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश का कुल सीडी रेशियो 60.39 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले लगभग दस वर्षों का सर्वाधिक स्तर है। जनपद-वार समीक्षा के अनुसार 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले जनपद घटकर केवल पाँच रह गए हैं, जबकि 40-50, 50-60 और 60-80 प्रतिशत की श्रेणी वाले जनपदों की संख्या में भी निरंतर सुधार हुआ है। मार्च 2018 में 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले 20 जनपद थे, जो अब घटकर 5 हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मार्च 2026 तक सभी जनपदों के सीडी रेशियो में लक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए। महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) की सफलता के बाद अब राज्य सरकार एक जिला-एक व्यंजन (ओडीओसी) के माध्यम से छोटे व्यापारियों, पारंपरिक पाक कला से जुड़े कारीगरों और गिग वर्कर्स को नई पहचान देने जा रही है। उन्होंने बैंकों से आह्वान किया कि जैसे ओडीओपी को वित्तीय सहयोग मिला, वैसे ही ओडीओसी को भी प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रशिक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में पूरा सहयोग दे रही है, और इस मिशन को गति देने में बैंकों की भूमिका निर्णायक होगी।  राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उदाहरण दिया और कहा कि इन योजनाओं की सफलता के केंद्र में बैंकों की सहयोगी भावना है। उन्होंने साफ कहा कि अनावश्यक दस्तावेज़ों की मांग, बार-बार वेरिफिकेशन और प्रक्रिया में देरी जैसी स्थितियाँ लाभार्थियों को हतोत्साहित करती हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बैंकिंग प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे आम नागरिक को वास्तविक सहूलियत मिले और पात्र लाभार्थी बिना किसी दिक्कत के योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक निवेश, उद्यमिता, कृषि और महिला-युवा स्वावलंबन के क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इस प्रगति में बैंकिंग तंत्र की सक्रिय साझेदारी अनिवार्य है। उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि किसान, सूक्ष्म,लघु, मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्टार्टअप, महिला स्वयं सहायता समूहों और नवउद्यमी युवाओं को ऋण उपलब्धता सरल, सम्मानजनक और समयबद्ध हो। मुख्यमंत्री ने उन जनपदों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए जहाँ सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम है, और कहा कि बैंकों को गाँवों को लक्षित कर मेगा ऋण मेले आयोजित करने चाहिए। मुख्यमंत्री ने हर माह जिला स्तरीय बैकर्स कमेटी की बैठक सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देशित किया। उन्होंने बैंकों से सीएसआर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का भी आह्वान किया। बैठक में बताया गया कि पिछले 08 वर्षों में प्रदेश का बैंकिंग तंत्र अत्यंत मजबूत हुआ है। मार्च 2017 में प्रदेश की कुल जमा राशि 8.92 लाख करोड़ रुपये थी, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 20.44 लाख करोड़ रुपये हो गई है। इसी अवधि में कुल ऋण वितरण 4.05 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.34 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गया। मार्च 2017 में प्रदेश का कुल बैंकिंग व्यवसाय 12.80 लाख करोड़ रुपये था, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 32.79 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 के दौरान अकेले जमा में 6.47 लाख करोड़ रुपये, ऋण में 5.03 लाख करोड़ रुपये और कुल बैंकिंग व्यवसाय में 11.50 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। कृषि, एमएसएमई और प्राथमिकता क्षेत्रों में ऋण प्रवाह लगातार बेहतर हुआ है। दिसंबर 2024 से दिसंबर 2025 के बीच एमएसएमई क्षेत्र में 23 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। वित्तीय समावेशन अभियान (जुलाई-अक्टूबर 2025) की उपलब्धियों की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई। इस अवधि में प्रदेश ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और आठ प्रमुख सूचकों में से सात पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रदेश में 57,699 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित हुए, 22.24 लाख जनधन खाते खोले गए, 17.14 लाख लोगों का जीवन सुरक्षा बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) में और 43.35 लाख नागरिकों का दुर्घटना बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) में नामांकन हुआ। अटल पेंशन योजना (एपीवाई) में 6.90 लाख नए सब्सक्रिप्शन दर्ज किए गए। नामांकन, दावा निपटान, पुनः-केवाईसी और नामांकन अद्यतन जैसे क्षेत्रों में भी प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष रहा। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ऊर्जा, कृषि, बुनियादी ढाँचा, उद्योग, एमएसएमई और एनबीएफसी सह-ऋण मॉडल सहित विभिन्न क्षेत्रों में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े ऋण स्वीकृत किए गए हैं। यूपीपीसीएफ, यूपीसीयू, पावर ट्रांसमिशन और … Read more

महाकुंभ के अनुभव से प्रेरित नीतियों के चलते टियर-2–3 शहरों और मंदिर नगरों पर बढ़ा फोकस

महाकुंभ से मिली दिशा, बजट में सनातन अर्थशास्त्र को मिली नीतिगत पहचान उत्सवधर्मिता, टेम्पल टूरिज्म और कस्बा आधारित अर्थव्यवस्था बनेगी भारत के विकास की नई ताकत महाकुंभ के अनुभव से प्रेरित नीतियों के चलते टियर-2–3 शहरों और मंदिर नगरों पर बढ़ा फोकस महाकुंभ, काशी और अयोध्या सर्किट से मिली सीख, बजट में दिखा नया विकास दृष्टिकोण आस्था आधारित अर्थव्यवस्था को मुख्यधारा में लाने की केंद्र सरकार ने की पहल लखनऊ  महाकुंभ से सामने आए बड़े आर्थिक परिणामों और इसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान ने केंद्र सरकार को भारत की पारंपरिक आर्थिक संरचना की ओर नए सिरे से देखने को प्रेरित किया है। केंद्रीय बजट 2026–27 में पहली बार भारत के सनातन आर्थिक स्वरूप- उत्सवधर्मिता, टेम्पल टूरिज्म और कस्बा आधारित अर्थव्यवस्था को नीति स्तर पर पहचान मिलती दिख रही है। यह संकेत है कि भारत की विकास यात्रा अब केवल उद्योग और महानगरों तक सीमित न रहकर अपनी सांस्कृतिक और सभ्यतागत जड़ों से जुड़ते हुए आगे बढ़ेगी। आस्था के साथ अर्थव्यवस्था का बड़ा मॉडल है महाकुंभ यूपीडीएफ के अध्यक्ष पंकज जायसवाल के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सफलतापूर्वक आयोजित महाकुंभ ने यह स्पष्ट कर दिया कि आस्था आधारित आयोजन केवल धार्मिक नहीं होते, बल्कि बड़े आर्थिक उत्प्रेरक भी होते हैं। महाकुंभ के दौरान प्रयागराज, काशी और अयोध्या के सर्किट में होटल, परिवहन, स्थानीय व्यापार, अस्थायी और स्थायी रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं और लॉजिस्टिक्स सब मिलकर एक मजबूत आर्थिक इकोसिस्टम के रूप में सामने आए। इसी अनुभव ने नीति निर्माताओं को यह समझने में मदद की कि आस्था आधारित आयोजन अर्थव्यवस्था को जमीनी स्तर तक गति दे सकते हैं। सिटी इकोनॉमिक रीजन से कस्बों को नई ताकत बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों को सिटी इकोनॉमिक रीजन (सीईआर) के रूप में विकसित करने की घोषणा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘विकसित टाउन’ की सोच का विस्तार माना जा रहा है। यह योजना उन कस्बों को फिर से मजबूत करेगी, जो सदियों तक भारतीय अर्थव्यवस्था की सप्लाई चेन की रीढ़ रहे हैं। कस्बों के मजबूत होने से उनके आसपास के गांवों के किसान, कारीगर और व्यापारी सीधे लाभान्वित होंगे। स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा और ये कस्बे बड़े शहरों के लिए फुलफिलमेंट सेंटर के रूप में उभरेंगे। इससे अर्थव्यवस्था की मध्य कड़ी मजबूत होगी और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। उत्तर प्रदेश देश का वह राज्य है जहां सबसे ज्यादा कस्बे और शहरी क्षेत्र हैं। ऐसे में सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना का सबसे बड़ा लाभ भी यूपी को मिलने की संभावना है। ‘टेम्पल सिटी’ शब्द का बजट में आना ऐतिहासिक संकेत महाकुंभ से मिले आर्थिक अनुभव के बाद सरकार ने पहली बार बजट भाषण में ‘टेम्पल सिटी’ शब्द का इस्तेमाल किया है। ऐतिहासिक रूप से मंदिरों वाले नगर भारत की अर्थव्यवस्था के प्रमुख केंद्र रहे हैं। भारत में सदियों से पर्यटन का मूल आधार धार्मिक रहा है, जहां यात्रा के साथ व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक जुड़ाव स्वाभाविक रूप से होता रहा है। प्रयागराज-काशी-अयोध्या सर्किट ने सरकार को यह स्पष्ट संकेत दिया कि यदि देशभर के मंदिर वाले नगरों को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जाएं, तो हजारों कस्बों और छोटे शहरों का समग्र विकास संभव है। सनातन अर्थशास्त्र से यूपी को सबसे ज्यादा फायदा बजट में सनातन अर्थशास्त्र की दिशा में उठाए गए कदमों से उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है। मथुरा, काशी, अयोध्या, प्रयागराज, नैमिषारण्य, गोरखनाथ, हस्तिनापुर, सारनाथ और कुशीनगर जैसे सनातन और बौद्ध परंपरा के प्रमुख केंद्र यूपी में ही स्थित हैं। इन क्षेत्रों में पर्यटन, सेवा क्षेत्र, स्थानीय उत्पाद और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। इनलैंड वाटरवे से नदी आधारित अर्थव्यवस्था को नई जान बजट में वाराणसी से पटना के बीच इनलैंड वाटरवे को और विकसित करने की घोषणा से यूपी में लॉजिस्टिक्स व्यवस्था सस्ती और प्रभावी होगी। यह पहल नदी आधारित अर्थव्यवस्था को फिर से जीवंत करेगी। गंगा, यमुना, घाघरा, राप्ती समेत कई नदियों का सबसे बड़ा नेटवर्क यूपी में होने के कारण राज्य सड़क, रेल और वायु मार्ग के साथ-साथ इनलैंड वाटर कनेक्टिविटी में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है। यह बजट इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश सनातन अर्थशास्त्र, कस्बा आधारित विकास और टेम्पल टूरिज्म के जरिए भारत के नए विकास मॉडल का केंद्र बन सकता है।

CM योगी आज दिल्ली दौरे पर अध्यक्ष नड्डा समेत तमाम नेताओं से मुलाकात कर करेंगे

लखनऊ उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में दो महत्वपूर्ण चुनाव होने जा रहे हैं। अगले साल होने जा रहा पंचायत चुनाव 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। इसको लेकर सत्ताधारी बीजेपी की तैयारियां और बैठकों का दौर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली दौरे पर है। दिल्ली दौरे पर पहुंचे सीएम योगी बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत तमाम नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात को कई मायनों में अहम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों की माने तो बैठक के दौरान यूपी बीजेपी अध्यक्ष की नियुक्ति से लेकर कैबिनेट विस्तार पर भी चर्चा कर सकते हैं। दरअसल बीजेपी में संगठन चुनाव की प्रक्रिया के चलते प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति होनी है। यूपी में बीजेपी जिलाध्यक्ष की लिस्ट जारी होने के बाद से माना जा रहा था कि जल्द ही बीजेपी यूपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद यूपी कैबिनेट विस्तार होने की चर्चा भी जोरो पर है। हालांकि अभी तक ना ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हो पाई है और ना ही योगी मंत्रिमंडल विस्तार पर ही कोई राय बन पाई है। इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ का दिल्ली दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। सीएम योगी इस दौरे के दौरान बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य बड़े नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। जबकि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से सीएम योगी मुलाकात कर चुके हैं। वहीं पार्टी सूत्रों की माने तो यूपी में जल्द ही यूपी सरकार का मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार में 6 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। जिसमें बीजेपी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को मंत्री बनाये जाने की चर्चा हैं। पूर्व मंत्री व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाने के साथ ही बड़े विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके साथ ही कई अन्य नेताओं को योगी कैबिबेट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसके साथ ही कई मौजूदा मंत्रियों का विभाग भी बदला जा सकता है। सीएम योगी दिल्ली में बीजेपी नेताओं के साथ बैठक में नए मंत्रियों के नामों पर चर्चा कर सकते हैं। साथ ही कैबिबेट विस्तार कब तक होगा, इस पर भी चर्चा हो सकती है। साथ ही नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी बैठक में चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

यूपी सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में 14 साल बाद होमगार्ड जवानों की होगी भर्ती, 44 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द

लखनऊ   उत्तर प्रदेश सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में है, जो प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार का नया द्वार खोलेगा. 14 साल बाद होमगार्ड जवानों की भर्ती फिर से शुरू होने जा रही है. कुल 44 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है. यह भर्ती न केवल युवाओं में उत्साह जगा रही है, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगी. क्या है भर्ती प्रकिया? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल जून में इस भर्ती की घोषणा की थी. अब इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जुलाई के अंत तक आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. इस बार होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा की तरह होगी. मतलब, पहले लिखित परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार होगा. भर्ती प्रक्रिया मुख्यालय स्तर पर आयोजित की जाएगी ताकि पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके. महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण इस भर्ती में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कम से कम 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, जिससे महिलाओं को भी सुरक्षा सेवा में अवसर मिलेगा. भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल पास होना आवश्यक है और आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तक निर्धारित की गई है. विभाग का अनुमान है कि इस भर्ती के लिए आवेदन संख्या 15 लाख से भी अधिक हो सकती है, जो युवाओं में इस भर्ती की लोकप्रियता को दर्शाता है. 1946 में स्थापित हुई थी ये फोर्स होमगार्ड की भूमिका उत्तर प्रदेश में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. जरूरत के समय ये जवान पुलिस के साथ मिलकर कानून व्यवस्था बनाए रखते हैं. ट्रैफिक कंट्रोल, चुनाव ड्यूटी, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं में होमगार्ड जवानों की अहम भूमिका होती है. 1946 में स्थापित इस फोर्स का मकसद समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है, जो समय-समय पर साबित भी हो चुका है. इस बार भर्ती प्रक्रिया में सरकार पूरी पारदर्शिता बरतने का वादा कर रही है. पिछली बार की पुलिस भर्ती की तरह इस भर्ती में भी बिना किसी विवाद के परीक्षा संपन्न कराने पर जोर दिया जाएगा. इससे युवाओं का भरोसा और उम्मीद दोनों बढ़ेगी. विभाग ने कैबिनेट से मंजूरी लेने के बाद भर्ती विज्ञापन जारी करने का प्लान बना रखा है.

मुजरिम के अब छपेंगे पोस्टर..हर दंगाई का आएगा नंबर, सीएम योगी ने जनता को दिया टास्क

लखनऊ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दंगाइयों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों को सख्त संदेश दिया. लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति हमारी जवाबदेही होनी चाहिए. कोई भी संपत्ति राज्य की नहीं, समाज की होती है. जो व्यक्ति समाज की संपत्ति नष्ट करता है तो उसको टोकिए. अगर ज्यादा होता है तो आप मोबाइल से उसको वायरल कर सकते हैं. बाकी उसके पोस्टर लगाकर उससे वसूली का काम सरकार करेगी.  सीएम योगी ने कहा कि संपत्ति बनाने में मेहनत लगती है. सार्वजनिक संपत्ति तो राष्ट्र की है. राष्ट्र की संपत्ति को नष्ट करने वाला कानून का मुजरिम है. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे. ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि आगे से वो कानून को हाथ में लेने से पहले सौ बार सोचेंगे.  आपको बता दें कि 12 जून को सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न बोर्डों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनका उत्साह बढ़ाया. सीएम ने मेधावियों को एक लाख रुपये का चेक, एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर उन्हें सम्मानित किया. इसके पहले, उन्होंने यूपी माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ एवं माध्यमिक संस्कृत शिक्षा निदेशालय, नवीन भवन सहित 100 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का शिलान्यास किया.  गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में दंगा-उपद्रव करने के वालों के खिलाफ योगी सरकार बेहद सख्ती से पेश आती है. इसका ताजा उदाहरण संभल हिंसा है, जहां दंगाइयों के पोस्टर चौराहों पर लगवाकर प्रशासन ने वसूली करने की बात कही है. इसके अलावा कई जगहों पर अपराध से अर्जित या गैरकानूनी निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया है.   

हम राज्य के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए बधाई देते हैं:CM योगी

 लखनऊ लखनऊ में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘भारत शौर्य तिरंगा यात्रा’ का भव्य शुभारंभ किया. इस मौके पर सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा, ‘पूरा भारत अपनी सेना के बहादुर जवानों का अभिनंदन करने के लिए आतुर दिखाई दे रहा है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के हौसलों पस्त कर दिया है. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए हम पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई देते हैं.’ सीएम योगी ने तिरंगा यात्रा का शुभारंभ करते हुए एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘पूरा देश हमारे जवानों की वीरता और बहादुरी को सलाम करने के लिए उत्सुक है. हम राज्य के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए बधाई देते हैं. पूरे देश और दुनिया ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा किए गए आतंकी हमले की निंदा की.’ उन्होंने कहा कि इस घटना पर पाकिस्तान ने चुप्पी साधे रखी. आतंकी हमले के बारे में सभी सबूत मुहैया कराए जाने के बावजूद पाकिस्तान ने अपनी भूमिका से इनकार किया. आखिरकार ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया है और पहले दिन ही 100 से अधिक आतंकवादियों को उनके भयानक कृत्य के लिए सजा दी गई. ये देश और दुनिया ने देखा है, और  भारत की सेना का लोहा को माना है. ‘कोई छेड़ेंगा तो छोड़ेंगे नहीं’ सीएम ने आगे कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के हौसले को पस्त कर दिया है. पाकिस्तान द्वारा की गई हिमाकत का जिस मजबूती के साथ भारत के बहादुर जवानों ने जवाब देते हुए दुनिया को संदेश दिया कि हम पहले  से किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन कोई छेड़ेगा तो उसको छोड़ेंगे भी नहीं. और भारत ने ये करके दिखाया है. आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी 13 मई से 23 मई तक देशभर में ‘तिरंगा यात्रा’ निकाल रही है. 10 दिन चलने वाली इस यात्रा में ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा.  

उत्तर प्रदेश में महिलाओं को स्टाम्प ड्यूटी में मिली 1% की छूट, इतनी कीमत तक की प्रॉपर्टी पर मिलेगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदने वाली महिलाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शानदार तोहफा दिया है। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए खरीदे जाने वाले स्टाम्प में राज्य में महिलाओं को एक प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की गई है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बीते  स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के लिए महिलाओं को स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट प्रदान करें। पहले सिर्फ 10 लाख रुपये थी लिमिट खबर के मुताबिक, पहले उत्तर प्रदेश में महिलाओं को स्टाम्प ड्यूटी में छूट की सीमा 10 लाख रुपये तक की प्रॉपर्टी तक के लिए थी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पैतृक संपत्तियों के विभाजन और रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकतम 5,000 रुपये का शुल्क लगाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने एक समान सर्किल दरों, रजिस्ट्रेशन से पहले जरूरी दस्तावेज सत्यापन और सरल प्रक्रिया के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। सेवाओं को डिजिटल बनाने का भी निर्देश बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रजिस्ट्री कार्यालय के बुनियादी ढांचे में सुधार करने और सभी सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल बनाने का भी निर्देश दिया। उत्तर प्रदेश में स्टाम्प ड्यूटी एक ऐसा टैक्स है जिसका पेमेंट प्रॉपर्टी के लेनदेन को रजिस्टर करते समय अनिवार्य रूप से चुकाना होता है। उत्तर प्रदेश में हर प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन के लिए स्टाम्प ड्यूटी अलग-अलग होती है। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति के लेन-देन के मामले में इन शुल्कों पर बड़ी राहत प्रदान की है। इससे उत्तर प्रदेश के लोगों को भारी वित्तीय बोझ से राहत मिली है। यूपी में स्टाम्प ड्यूटी जेंडर और डीड प्रकार के आधार पर अलग-अलग होती है। स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान करना जरूरी है, क्योंकि इससे यह सुनिश्चित होगा कि लेन-देन कानूनी है। यूपी में स्टाम्प ड्यूटी संपत्ति के बाजार मूल्य या सर्किल मूल्य, जो भी अधिक हो, का 5% से 7% तक होती है।

सभ्य समाज में आतंकवाद-अराजकता के लिए कोई जगह नहीं, जो जिस भाषा में समझेगा, उसी भाषा में देंगे जवाब: योगी

लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायराना आतंकी हमले की निंदा करते हुए यूपी वासियों की ओर से संवेदना और श्रद्धांजलि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में आतंकवाद-अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। भारत सरकार का सेवा, सुरक्षा और सुशासन का मॉडल विकास, गरीब कल्याण और सबकी सुरक्षा पर आधारित है। सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ‘जिस भाषा में समझेगा, उस भाषा में जवाब देने के लिए’ नया भारत तैयार है। नया भारत किसी को छेड़ता नहीं, लेकिन छेड़ने वाले को पीएम मोदी के नेतृत्व में छोड़ेगा भी नहीं। जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत ही यूपी को माफिया, अराजकता, दंगा मुक्त किया गया और देश को अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में लाकर खड़ा किया। सीएम योगी ने सपा को घेरते हुए कहा कि विकास, महिला, युवा, किसान विरोधी लोगों को जब शासन का अवसर मिला था तो ये लोग किसानों को आत्महत्या, युवाओं को पलायन पर मजबूर करते थे और पेशेवर अपराधियों को संरक्षण देकर बेटी, बहन व व्यापारियों की सुरक्षा में सेंध लगाते थे। आज शासन सबकी सुरक्षा के लिए मजबूती से कार्य कर रहा है। कांग्रेस व सपा जाति के नाम पर समाज को बांट रही है। यह छत्रपति शिवाजी, राणा सांगा का अपमान व क्रूर औरंगजेब-बाबर का महिमामंडन करते हैं। लखीमपुर खीरी में शनिवार को मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण, अनुदान, आवास और ट्रैक्टर की चाबी आदि प्रदान की। बाढ़ नियंत्रण की सकारात्मक पहल के लिए बिजवा और पलिया ब्लॉक के किसानों ने मंच पर आकर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रदेश बताते हुए कहा कि बाढ़ हो या बीमारी, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश इसके समाधान के लिए बखूबी आगे बढ़ा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पलिया और निघासन क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से जूझते देखा था, तब मैंने कहा था कि चिंता मत कीजिए, इसके स्थायी समाधान का रास्ता निकालेंगे। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जल शक्ति विभाग बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए शारदा नदी को चैनलाइज करने जा रहा है। इससे किसान का खेत भी बचेगा और बाढ़ से बस्ती भी बचेगी। सात किलोमीटर लंबा चैनल बनाने का कार्य हो रहा है। अप्रैल के पहले सप्ताह में आना था, लेकिन मैंने कहा कि पहले काम शुरू करो। अब यह कार्य तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जो पैसा खर्च करती है, वह मुख्यमंत्री-मंत्री का नहीं, बल्कि यह जनता के टैक्स का पैसा है। इसका सदुपयोग होना चाहिए। पहले प्रस्ताव आया था कि 180 करोड़ से तटबंध बनाया जाए। इससे किसानों की जमीन भी जाती। मैंने पूछा कि शारदा नदी में तीन-सवा तीन लाख क्यूसेक पानी आएगा तो मिट्टी का तटबंध कैसे इसे रोक पाएगा। यह समस्या का समाधान नहीं है, नदी को चैनलाइज कीजिए, ड्रेजर मंगाइए और नदी को एक साथ चलने का रास्ता दीजिए, तब बाढ़ की समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि 180 करोड़ का काम मात्र 22 करोड़ में हो सकता है तो इस कार्य को 10 जून तक पूरा कर दीजिए। मानसून आएगा तो पानी पलिया, निघासन या लखीमपुर खीरी की तरफ नहीं जाएगा, बल्कि सरयू जी में मिलकर आगे बढ़ जाएगा। यदि इसे चैनलाइज कर देंगे तो पानी बिखरेगा नहीं, अपने रास्ते तय करते हुए आगे बढ़ जाएगा, जिससे किसान भी सुरक्षित रहेगा और उसकी खेती, घर, फसल, पशुधन भी सुरक्षित रहेगा। बाढ़ से जन-धन की हानि नहीं होगी। लखीमपुर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। अब यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी हो गया, जबकि कुछ वर्ष पहले यह सपना था। दुधवा नेशनल पार्क के माध्यम से पर्यटन की संभावना भी बढ़ेगी। लखीमपुर खीरी में एयरपोर्ट हो, इसके लिए पैसा भी दिया है। एयरपोर्ट सुहेली नदी और अन्य जल प्लावन से बचे, इसका भी निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान, युवा व आधी आबादी डबल इंजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में है। सरकार ने किसानों की कर्ज माफी से कार्यों की शुरुआत की थी। हर किसान को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि दी जा रही है। हमने पहले दिन से ही कहा था कि किसी को भी किसानों के शोषण की इजाजत नहीं देंगे। 2017 के पहले किसानों का 10-10 वर्षों का गन्ना मूल्य बकाया रहता था, आज एक वर्ष पुराना भुगतान किसी का नहीं होगा। 122 में से 105 चीनी मिलें एक सप्ताह के अंदर भुगतान कर रही हैं। शेष 17 मिलों में लेटलतीफी का समाधान निकाल रहे हैं। पैसा किसी का डूबेगा नहीं, क्योंकि चीनी मिल का कब्जा सरकार के पास है। अभी हमने एस्क्रो अकाउंट खोला है, यह ज्वाइंट अकाउंट होगा। जो भी चीनी बिकेगी, उसका पैसा पहले किसान के पास जाएगा, फिर चीनी मिल मालिक के पास। यदि किसी ने इसके बाद भी बदमाशी की तो चीनी मिल की नीलामी करके पहले किसानों को पैसा देंगे।

योगी सरकार का बड़ा उलटफेर, भदोही की कमान अब शैलेश कुमार को सौंपी गई

लखनऊ यूपी की योगी सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. कई सालों से जमे अधिकारियों को अब नई जिम्मेदारी दी गई है. सोमवार देर रात 33 आईएएस अफसरों के ट्रांसफर कर दिए. इस लिस्ट में कई बड़े और चर्चित नाम शामिल हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियाें में सूचना निदेशक शिशिर सिंह और वाराणसी के कमिश्नर कौशल राज शर्मा का ट्रांसफर है.   सूचना निदेशक से MSME में भेजे गए शिशिर सिंह बीते कई सालों से यूपी सरकार के सूचना विभाग में निदेशक की भूमिका निभा रहे शिशिर सिंह को अब विशेष सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और सीईओ, खादी ग्राम उद्योग बोर्ड बनाया गया है. उनकी जगह भदोही के डीएम विशाल सिंह को नया सूचना निदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि भदोही की कमान अब शैलेश कुमार को सौंपी गई है. कौशल राज शर्मा अब मुख्यमंत्री कार्यालय में भरोसेमंद अफसरों में शुमार माने जाने वाले वाराणसी के कमिश्नर कौशल राज शर्मा को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है. उनकी जगह वाराणसी के डीएम एस. राजलिंगम को नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है, और सत्येंद्र कुमार को वाराणसी का नया डीएम बनाया गया है. किसे क्या नई जिम्मेदारी मिली एल कोटेश्वर लू के पास से प्रमुख सचिव परिवहन और अध्यक्ष यूपीएसआरटीसी का चार्ज वापस लिया गया, इसकी जिम्मेदारी अब अमित गुप्ता को दी गई है. उन्हें प्रमुख सचिव परिवहन और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष बनाया गया है. – प्रेरणा शर्मा – डायरेक्टर SUDA – अभिषेक पांडे – डीएम हापुड़ – संजय कुमार मीणा – वीसी, मेरठ विकास प्राधिकरण – शास्वत त्रिपुरारी को मुख्य विकास अधिकारी गोरखपुर – रविंद्र कुमार द्वितीय – डीएम आजमगढ़ – अविनाश सिंह – डीएम बरेली – नवनीत सिंह चहल – विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार – अनुपम शुक्ला – डीएम अंबेडकरनगर – इंद्रजीत सिंह – विशेष सचिव ऊर्जा एवं डायरेक्टर UP NEDA – गौरव कुमार – नगर आयुक्त लखनऊ – हर्षिका सिंह – सीडीओ प्रयागराज – आर्यका अखोरी – विशेष सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य – अविनाश कुमार – डीएम गाजीपुर – मृदुल चौधरी – डीएम झांसी – गजल भारद्वाज – डीएम महोबा – महेंद्र सिंह तंवर – डीएम कुशीनगर – विशाल भारद्वाज – विशेष सचिव मुख्यमंत्री – आलोक कुमार – डीएम संतकबीरनगर – डॉ. उज्जवल कुमार – एमडी, यूपी मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन – पुलकित खरे – मिशन डायरेक्टर, कौशल विकास – अनुभव सिंह – वीसी, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण – शाहिद अहमद – सीडीओ श्रावस्ती – जगदीश – सचिव, गृह – अभय – सदस्य, राजस्व परिषद – डॉ. वेदपति मिश्रा – सचिव, राज्य सूचना आयोग  

योगी ने कहा कि दंगाइयों का उपचार ही डंडा है, बंगाल जल रहा है लेकिन मुख्यमंत्री दंगाइयों को शांतिदूत कहती हैं

 हरदोई पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद सहित कई जिलों में भड़की हिंसा पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी है. योगी ने कहा कि बंगाल हिंसा पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी खामोश है. योगी आदित्यनाथ ने हरदोई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल जल रहा है. वहां की मुख्यमंत्री चुप हैं. लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे. योगी ने कहा कि इन दंगाइयों का उपचार ही डंडा है. बंगाल जल रहा है लेकिन वहां की मुख्यमंत्री दंगाइयों को शांतिदूत कहती हैं. अरे लातों के भूत, बातों से कहां मानने वाले हैं. सेक्युलरिज्म के नाम पर इन लोगों ने दंगाइयों को दंगा करने की पूरी छूट दे दी है. पूरा मुर्शिदाबाद एक हफ्ते से जल रहा है लेकिन सरकार मौन है. उन्होंने कहा कि दंगाई डंडे से ही मानेंगे, जिसे बांग्लादेश पसंद है, वो बांग्लादेश चला जाए. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बंगाल हिंसा पर खामोश है. लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे. दंगाई डंडे से ही मानेंगे. इस प्रकार की अराजकता पर लगाम लगनी चाहिए. मैं धन्यवाद करना चाहूंगा वहां के न्यायालय को जिन्होंने वहां पर केंद्रीय बलों की तैनाती करके वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा की व्यवस्था करने का कदम उठाया है. बता दें कि सबसे पहले शुक्रवार को मुर्शिदाबाद के सूती में हिंसा की शुरुआत हुई थी. उसके बाद जंगीपुर से पुलिसबल मौके पर पहुंचा और हालात संभालने में जुट गया. इसी दौरान सूती से 10 किमी दूर शमशेरगंज में भी बवाल की खबरें आईं. हालांकि, पुलिसबल सूती में हाइवे से जाम हटवाने में जुटा रहा. पुलिस शमशेरगंज तक नहीं पहुंच पाई और वहां हिंसा का ताडंव मचा रहा. ऐसे में सेंट्रल फोर्स BSF को उतरना पड़ा, तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था. दोपहर से शुरू हुई हिंसा देर रात तक चलती रही. जब मालदा और बहरामपुर से फोर्स आई और इन इलाकों में पहुंची, तब हिंसा पर काबू पाया जा सका. भीड़ ने पहले नेशनल हाइवे 34 जाम किया. जब पुलिस ने उन्हें हटाना शुरू किया तो पत्थरबाजी होने लगी. पुलिस ने फिर आंसू गैस छोड़ी. लाठीचार्ज किया. दो दिन पहले भी मुर्शिदाबाद पुलिस पर हमला हुआ था. तब प्रदर्शनकारियों ने दो गाड़ियों में आग लगा दी थी. एनआरसी के दौर में भी मुर्शिदाबाद में जबरदस्त हिंसा देखने को मिली थी. दरअसल, मुर्शिदाबाद में शुक्रवार की नमाज के बाद वक्फ विधेयक के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर पड़े और नेशनल हाइवे 34 ब्लॉक कर दिया था. जब पुलिस ने नेशनल हाइवे से अवरोध हटाने की कोशिश की तो पुलिस के साथ एक तरह से जंग छिड़ गई. ठीक उसी समय मुर्शिदाबाद से लगभग 10 किलोमीटर दूर शमशेर गंज में भी नेशनल हाइवे पर हजारों की संख्या में लोग आ गए थे.  

CM योगी कैबिनेट की बैठक में 13 फैसलों पर लगी मुहर, अयोध्या में डे केयर स्कूल, हाथरस में मेडिकल कॉलेज और क्या-क्या

लखनऊ लखनऊ के लोकभवन में मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। इस दौरान अहम को प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। बेठक में कुल 15 फैसलों पर मुहर लगी हे। योगी सरकार पीआरडी जवानों का भत्ता बढ़ाया दिया है। बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अयोध्या डे केयर स्कूल बनेगा। वहीं हाथरस में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण को लेकर फैसला हुआ है। इसके साथ ही बैठक में उत्तर प्रदेश आवास विभाग के यूपी हाईटेक टाउनशिप नीति में संशोधन का प्रस्ताव और नगरीय उपयोग प्रभार शुल्क वसूलने के लिए तैयार की नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है।  योगी सरकार ने PRD जवानों का भत्ता बढ़ा दिया है। इसके साथ ही बैठक में उत्तर प्रदेश आवास विभाग के यूपी हाईटेक टाउनशिप नीति में संशोधन का प्रस्ताव और नगरीय उपयोग प्रभार शुल्क वसूलने के लिए तैयार की नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है। जानकारी के मुताबिक, हाथरस में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण को लेकर फैसला हुआ है। यूपी कैबिनेट में 13 प्रस्तावों पर लगी मुहर     नगरीय उपयोग प्रभार का निर्धारण, एवं संग्रहण     उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास संशोधन नियमावली-2023 के तहत नियमावली-2025 जारी किए जाने के संबंध में प्रस्ताव पास हुआ है।     उत्तर प्रदेश हैंडलूम, पावरलूम सिल्क टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पालिसी-2017 के तहत छूटी इकाइयों को अनुदान दिए जाने के संबंध में     प्रांतीय रक्षकदल के स्वयंसेवकों का भत्ता बढ़ाया गया।     कार्यशील हाईटेक टाउनशिप परियोजनाओं, इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005, 2014 और उप्र टाउनशिप नीति-2023 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं और विकास प्राधिकरणों द्वारा स्वीकृत अथवा संचालित     आवासीय परियोजनाओं में गृह कर, जल कर इत्यादि के संबंध में फैसले हुए हैं।     अयोध्या में मंदबुद्धि छात्रों के लिए 4000 वर्ग मीटर जमीन ब्रम्हकुंड अयोध्या में नजूल गाटा-संख्या-695 को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को उपलब्ध कराने के संबंध में फैसले हुए।     अयोध्या में 300 बेड का चिकित्सालय के निर्माण के लिए पुराने सीतापुर आई हास्पिटल की भूमि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के नाम ट्रांस्फर करने के संबंध में प्रस्ताव पास हुआ है।     परिवहन विभाग के कर ढांचे में बदलाव किए जाने के संबंध में- नई अधिसूचना जारी की जाएगी।      प्रांतीय रक्षकदल के स्वयंसेवकों का भत्ता बढ़ाया गया।     हाथरस में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है।     वित्त विभाग- सहकारी समितियों एवं पंचायत लेखा परीक्षा सेवा नियमावली के पुनर्गठन प्रस्ताव को मंजूरी     यमुना एक्सप्रेस वे एवं ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के क्रॉसिंग के पास NHAI द्वारा इंटर चेंज के निर्माण को मंजूरी   भत्ता ₹395 से बढ़ाकर ₹500 प्रतिदिन प्रदेश सरकार ने पीआरडी जवानों के दैनिक भत्ते को ₹395 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया है. इस फैसले से प्रदेश भर में कार्यरत 34,000 से अधिक पीआरडी जवानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा, अधिकारियों का मानना है इससे उनका मनोबल भी बढ़ेगा और सेवा में और अधिक तत्परता आएगी. अयोध्या को दो बड़ी सौगातें अयोध्या में एक विशेष चाइल्ड केयर केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव भी कैबिनेट में पास हुआ है. यह केंद्र 3 से 7 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल होगी. दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को नुज़ूल भूमि की  निशुल्क भूमि आवंटित कर दी गई है. साथ ही, अयोध्या में सीता आई हॉस्पिटल की सरप्लस भूमि पर 300 बेड वाले नए सरकारी अस्पताल का निर्माण किया जाएगा. यह अस्पताल 12,798 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनेगा, जिससे अयोध्या के साथ-साथ आस-पास के जिलों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी. हाथरस को मेडिकल कॉलेज की सौगात हाथरस जिले को भी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़ा तोहफा मिला है. ज़िला अस्पताल के साथ अब एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए अलीगढ़ मार्ग पर स्थित 6.675 हेक्टेयर भूमि को वर्ष 1987 के सर्किल रेट के आधार पर आवंटित किया गया है. इस फैसले से मेडिकल शिक्षा के साथ-साथ ज़िले की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा.सड़क संपर्क को मिलेगा बढ़ावा: अफजलपुर इंटरचेंज को मिली हरी झंडी कैबिनेट में यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न परिफेरल एक्सप्रेसवे की क्रॉसिंग पर अफजलपुर इंटरचेंज के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है. यह इंटरचेंज भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा केंद्र सरकार के सहयोग से बनाया जाएगा. इस परियोजना से यातायात सुगम होगा और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. अधीनस्थ नियमावली में संशोधन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा नियमावली में भी आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई है. इससे विभागों की संरचना को बेहतर बनाने, पिरामिड सिस्टम को संतुलित करने और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी.  

वक्फ संशोधन बिल पास होते ही योगी सरकार ने वक्फ बोर्ड की अवैध रूप से घोषित संपत्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया शुरू कर दिया

लखनऊ वक्फ संशोधन बिल पास होते ही योगी सरकार ने वक्फ बोर्ड द्वारा अवैध रूप से घोषित संपत्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया शुरू कर दिया है. सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अभियान चलाकर ऐसी वक्फ संपत्तियों की पहचान करें जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं और जिन्हें नियमों के विरुद्ध वक्फ घोषित किया गया है. इन संपत्तियों को चिन्हित कर आगे जब्ती की कार्रवाई की जाएगी. राजस्व विभाग के अनुसार, यूपी में वक्फ बोर्ड की ओर से जिन संपत्तियों का दावा किया गया है, उनमें से अधिकांश का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है. राजस्व अभिलेखों के अनुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड की केवल 2,533 संपत्तियां दर्ज हैं. वहीं शिया वक्फ बोर्ड की 430 संपत्तियां ही अधिकृत रूप से पंजीकृत हैं. जबकि वक्फ बोर्ड द्वारा घोषित आंकड़े इससे कहीं अधिक हैं. सुन्नी वक्फ बोर्ड  की 1,24,355 संपत्तियां और शिया वक्फ बोर्ड की  7,785 संपत्तियां हैं. अधिकारियों ने किया स्पष्ट बताया जा रहा है बड़े पैमाने पर तालाब, पोखर, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों को भी वक्फ घोषित किया गया है, जिसे सरकार ने पूरी तरह अवैध माना है. अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन, ग्राम समाज की जमीन और सार्वजनिक संपत्तियां किसी भी सूरत में वक्फ घोषित नहीं की जा सकतीं. केवल उन्हीं संपत्तियों को वक्फ माना जाएगा जो किसी व्यक्ति द्वारा स्पष्ट रूप से दान की गई हों. दोषियों पर भी होगी कार्रवाई  सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में तालाब, चारागाह, खलिहान और सार्वजनिक उपयोग की जमीनों को वक्फ घोषित कर कब्जा कर लिया गया था. अब ऐसे मामलों में कड़ी जांच के बाद जमीन को सरकार की संपत्ति घोषित कर वापसी की जाएगी. सरकार ने साफ कर दिया है कि अवैध तरीके से वक्फ घोषित की गई हर संपत्ति पर कानून सम्मत कार्रवाई होगी, और दोषियों पर भी जिम्मेदारी तय की जाएगी. ऑडिट की बात अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘हमारा ध्यान सभी नियमों को लागू करना है और उनमें से अधिकांश पहले भी उपलब्ध रहे हैं। ऑडिट का भी प्रावधान था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब नए संशोधन के बाद ऑडिट को अनिवार्य किया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘1.25 लाख वक्फ संपत्तियों की कीमत अनुमानित 1.25 लाख करोड़ रुपये है, जिसके जरिए हर साल 1200 करोड़ रुपये का राजस्व आना चाहिए। हालांकि, अभी तक सिर्फ वक्फ बोर्ड हर साल सिर्फ 150 करोड़ रुपये का राजस्व बना रहा है। इसमें करीब 1100 करोड़ रुपये का फर्क है और यह पैसा जा कहां रहा है?’ अंसारी ने कहा, ‘अगर 1100 करोड़ रुपये हर साल वक्फ के पास आ रहे होते, तो 800 स्कूल या कॉलेज खुल गए होते, जो गरीब मुसलमानों की मदद करते। करीब 200 अस्पताल खुल जाते, जो गरीबों के लिए मददगार होते। साथ ही कई कौशल केंद्र भी खोले जा सकते थे। मुझे वक्फ बोर्ड के जरिए हर साल 1100 करोड़ रुपये के गबन का संदेह हो रहा है।’ ‘खास बनाम आम मुसलमान’ उन्होंने कहा, ‘यह जंग खास बनाम आम मुसलमान की है। जो लोग बिल का विरोध कर रहे हैं, इसमें उनका निजी स्वार्थ है। उन्होंने पिछड़े मुसलमानों के कल्याण से कोई लेना देना नहीं है।’ यूपी में कहां हैं वक्फ की सबसे ज्यादा संपत्तियां बाराबंकी- 4 हजार 927 सदन में ऐसे पास हुआ बिल गुरुवार को राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल को 95 के मुकाबले 128 मतों से मंजूरी दे दी। इस विधेयक के बारे में सरकार ने दावा किया कि इसके कारण देश के गरीब एवं पसमांदा मुसलमानों एवं इस समुदाय की महिलाओं की स्थिति में सुधाार लाने में काफी मदद मिलेगी। विधेयक पर तेरह घंटे से अधिक हुई चर्चा का जवाब देते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि 2006 में 4.9 लाख वक्फ संपत्ति देश में थीं और इनसे कुल आय मात्र 163 करोड़ रुपये की हुई, वहीं 2013 में बदलाव करने के बाद भी आय महज तीन करोड़ रुपये बढ़ी। उन्होंने कहा कि आज देश में कुल 8.72 लाख वक्फ संपत्ति हैं। प्रयागराज में भी गरजे थे योगी गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में निषाद राजा गुह्य की जयंती समारोह में  वक्फ बिल और महाकुंभ पर बोलते हुए तीखी टिप्पणी की थी. सीएम योगी ने वक्फ बोर्ड पर तीखा हमला करते हुए उस पर भूमि अतिक्रमण का आरोप लगाया और कहा कि सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थलों पर उसके “मनमाने दावे” अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. प्रयागराज में एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, “वक्फ बोर्ड शहरों में भूमि पर निराधार दावे करता रहा है. कुंभ मेले की तैयारियों के दौरान भी उन्होंने घोषणा की कि आयोजन की भूमि उनकी है. तब हमें पूछना पड़ा – क्या वक्फ बोर्ड भू-माफिया बन गया है?” उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार के तहत इस तरह के अतिक्रमण हटाए गए हैं और माफियाओं को उत्तर प्रदेश से बाहर कर दिया गया है. बकौल सीएम योगी, “वक्फ के नाम पर निषाद राज से जुड़ी पवित्र भूमि सहित कई जगहों पर अतिक्रमण किया गया. लेकिन इसे जारी नहीं रहने दिया जाएगा. उनकी आपत्तियों के बावजूद एक भव्य और दिव्य कुंभ मेले का आयोजन किया गया. सीएम ने वक्फ बोर्ड की कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधायी कार्रवाई करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी सराहना की. उन्होंने कहा, हम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगाम लगाई.  इस मुद्दे को संबोधित करने वाला एक महत्वपूर्ण अधिनियम पहले ही लोकसभा में पारित हो चुका है और अब इसे राज्यसभा में मंजूरी मिल जाएगी. सीएम योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि राज्य अब अवैध दावों को बर्दाश्त नहीं करेगा और राष्ट्रीय हित को पहले स्थान पर रखना चाहिए. उन्होंने कहा, जो लोग राष्ट्र के प्रति वफादार हैं, वे हमेशा अपना रास्ता खोज लेंगे.  

सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते.

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुसलमानों की सुरक्षा पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुसलमान यूपी में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में सीएम योगी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. अगर हिंदू सुरक्षित हैं, तो मुसलमान भी सुरक्षित हैं. पॉडकास्ट में सीएम योगी से सवाल किया गया था कि क्या आपके राज्य में मुसलमान सुरक्षित हैं.? सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते. लेकिन 100 हिंदू घरों के बीच एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित रहता है. वो आराम से अपना धर्म फॉलो कर सकता है. इतिहास में कोई उदाहरण नहीं बता सकता कि किसी हिंदू राजा ने किसी देश पर कब्जा किया हो. ‘क्या मोहर्रम के झंडे की परछाई हिंदू घरों पर नहीं पड़ती?’ संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों के बारे में पूछे जाने पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अगर आप रंगों से खेल रहे हैं, तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है, लेकिन इससे किसी की पहचान खराब नहीं होती है. मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं. क्या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्त निर्देश हैं, जो इससे सहमत नहीं है. क्या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं, लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है, तो आप समस्या पैदा करते हैं, दोहरे मापदंड क्यों? एक दूसरे से गले मिलें. कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है.” ‘होली खेलने से पहचान खराब होती है क्‍या?’ मुख्‍यमंत्री ने होली के दौरान संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी अपनी बात रखी। योगी ने कहा कि अगर आप रंगों से खेल रहे हैं तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है। लेकिन इससे किसी की पहचान खराब होती है क्‍या? मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं। क्‍या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्‍या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्‍त निर्देश हैं जो इससे सहमत नहीं हैं। क्‍या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है तो आप समस्‍या पैदा करते हैं। ये दोहरे मापदंड क्‍यों। एक दूसरे से गले मिलें। कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है। राहुल पर सीएम योगी का बड़ा हमला सीएम योगी ने राहुल गांधी के सवाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल जैसे कुछ नमूने रहने चाहिए. देश इनके इरादों को समझ चुका है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अयोध्या में विवाद को जीवित रखना चाहती है. एएनआई को दिए इंटरव्यू में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दस दशकों में कांग्रेस द्वारा किए गए कार्यों पर सवाल उठाए. संभल की खुदाई पर बोले सीएम योगी आदित्यनाथ संभल से लेकर वाराणसी तक नए-नए मंदिरों को खोजे जाने की बात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम जितने भी होंगे, हम सब खोजेंगे. प्रशासन ने अबतक 54 धार्मिक स्थानों की पहचान की है. कुछ और के लिए भी प्रयास चल रहे हैं. संभल में 54 तीर्थस्थलों की पहचान की गई है. जितने भी हैं, हम उन्हें खोजकर दुनिया को बताएंगे कि संभल में क्या हुआ था. संभल सच है. इस्लाम कहता है कि अगर आप हिंदू मंदिर या हिंदू घर को तोड़कर कोई पूजा स्थल बनाते हैं, तो उसे सर्वशक्तिमान स्वीकार नहीं करता है. महाकुंभ में मुसलमानों की एंट्री पर सीएम योगी महाकुंभ में मुसलमानों की भागीदारी पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कुंभ उन सभी के लिए है जो खुद को भारतीय मानते हैं. मैंने कहा कि जो भारतीय के रूप में आएगा उसका स्वागत खुशी के साथ किया जाएगा. लेकिन अगर कोई नकारात्मक सोच के साथ आता है, तो यह स्वीकार्य नहीं है.” ईद और रामनवमी के जुलूस पर सीएम योगी ईद और रामनवमी के जुलूसों पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम समय-समय पर प्रशासन के साथ बैठते हैं और हमने इसके लिए एक एसओपी भी तैयार कर लिया है. उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार धार्मिक स्थलों के परिसर से निकलने वाली आवाज को नियंत्रित किया है. अगर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में हम ऐसा कर सकते हैं तो पश्चिम बंगाल में ऐसा क्यों नहीं कर सकते?” ईदगाह मस्जिद-कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर बोले सीएम योगी उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा की ईदगाह मस्जिद और कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम तो मथुरा को लेकर कोर्ट के आदेश का ही पालन कर रहे हैं, वरना अबतक वहां बहुत कुछ हो गया होता. साथ ही उन्होंने वक्फ पर बिल का बचाव करते हुए कहा कि आजतक के इतिहास में वक्फ बोर्ड ने कौन सा कल्याणकारी काम किया है. कोई एक काम भी ऐसा नहीं है, जिसे गिनाया जा सके. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड तो जहां भी दावा कर देता है, उस जगह की उसकी संपत्ति मान लिया जाता है. ऐसा कैसे चलेगा? क्या तीसरे टर्म की तैयारी में सीएम योगी? जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया गया कि क्या वो तीसरे टर्म की तैयारी कर रहे हैं? क्या वो तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे? इस सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि मैं कोशिश नहीं करूंगा, मेरी पार्टी कोशिश करेगी, मैं क्यों बनूंगा, कोई भी पार्टी का कार्यकर्ता बन सकता है. वहीं राणा सांगा विवाद के सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि इतिहास यही लोग जानते हैं, जो जिन्ना का महिमामंडन करते हैं. बुलडोजर एक्शन पर बोले सीएम योगी सीएम योगी ने संभल से लेकर मथुरा तक के मामलों के सवालों का जवाब दिया. वहीं बुलडोजर एक्शन पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जो जैसे समझेगा, उसको उसी भाषा में समझाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने डबल इंजन की … Read more

सीएम योगी अफवाह फैलाने वालों और शरारतपूर्ण बयान देने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आदेश दिया

लखनऊ आगामी चैत्र नवरात्रि, रामनवमी, ईद-उल-फितर, बैशाखी जैसे प्रमुख पर्वों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की. मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए और कहा कि परंपरा के विपरीत कोई भी कार्य न किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़क मार्ग बाधित न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अराजकता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान शोभायात्राएं, मेले और धार्मिक आयोजन होते हैं, जिससे यह समय संवेदनशील हो जाता है. इसलिए सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को चौकसी बढ़ाने और सतत निगरानी रखने की जरूरत है. उन्होंने अफवाह फैलाने वालों और शरारतपूर्ण बयान देने वालों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आदेश दिया. शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने पर जोर न्यूज एजेंसी की मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के नेतृत्व में सभी धर्म-सम्प्रदायों के पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए हैं. इस क्रम को बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं. उन्होंने निर्देश दिया कि पर्वों के दौरान जनता को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. विशेष रूप से ईद के अवसर पर साफ-सफाई, स्वच्छता, और पेयजल व्यवस्था की पुख्ता तैयारी करने को कहा. साथ ही, अलविदा की नमाज़ के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए. उन्होंने पुलिस फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने, पीआरवी 112 को सक्रिय रखने और सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के निर्देश दिए. किसी भी प्रकार की अफवाहों पर तुरंत कार्रवाई करने और जनता को सकारात्मक संदेश देने की अपील की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीस कमेटी की बैठकें समय रहते आयोजित करने और मीडिया के सहयोग से शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखने को कहा. उन्होंने कहा कि संवाद और त्वरित कार्यवाही अप्रिय घटनाओं को रोकने में सहायक होती है. धर्मगुरुओं और समाज के प्रतिष्ठित लोगों से संवाद करें अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन और मंडल स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं और समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों से संवाद स्थापित करें. उन्होंने कहा कि छोटी-सी अफवाह भी माहौल बिगाड़ सकती है, इसलिए पुलिस और प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहना होगा. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामनवमी पर अयोध्या और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मां विंध्यवासिनी धाम, देवीपाटन धाम, सहारनपुर में मां शाकुम्भरी धाम और सीतापुर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. ऐसे में सुशासन और सुव्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए. उन्होंने भीड़ प्रबंधन को लेकर बेहतर योजना बनाने के निर्देश दिए.मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख धार्मिक स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया जाए. साथ ही, गर्मी के मद्देनजर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, छाया, मैट आदि की विशेष व्यवस्था की जाए. देवी स्थलों पर महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती के निर्देश भी दिए गए. उन्होंने सभी आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने, एम्बुलेंस को तैयार रखने और स्वास्थ्य सेवाओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रशासन और पुलिस विभाग को पूरी तत्परता से कार्य करना होगा ताकि प्रदेश में सभी त्योहार शांति, सौहार्द और उल्लास के साथ संपन्न हो सकें.  

नया भारत आक्रांताओं को स्वीकार नहीं करेगा, आक्रांता के महिमामंडन का मतलब देशद्रोह : CM योगी

बहराइच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच की तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के मुख्य भवन के उद्घाटन कार्यक्रम शिरकत की. इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत में बहराइच की पहचान को महाराजा सुहेलदेव के शौर्य के साथ जोड़ा. योगी आदित्यनाथ ने सैयद सालार मसूद गाजी का बिना नाम लिए कहा कि विदेशी आक्रांता को महाराजा सुहेलदेव ने इस बहराइच में धूल धूसरित करने का काम किया था. बहराइच ऋषि बालार्क के नाम पर था. सीएम योगी ने महाराजा सुहेलदेव और ऋषि बालार्क को बहराइच की पहचान बताते हुए कहा कि अधिकारी कर्मचारियों को अब अपने पोस्टिंग स्थल पर रात्रि निवास करना होगा. योगी आदित्यनाथ ने कहा, “भारत की सनातन संस्कृति का गुणगान दुनिया कर रही है. हर नागरिक का दायित्व है कि वो भी ऐसा करे. किसी आक्रांता का महिमामंडन नहीं करना चाहिए. नया भारत आक्रांताओं को स्वीकार नहीं करेगा. आक्रांता के महिमामंडन का मतलब देशद्रोह है. बहराइच में किसके नाम पर विवाद? संभल के बाद सैयद सालार मसूद गाजी को लेकर बहराइच में भी हलचल बढ़ गई है. दरअसल, 1034 ईस्वी में बहराइच जिला मुख्यालय के समीप बहने वाली चित्तौरा झील के किनारे महराजा सुहेलदेव ने अपने 21 अन्य छोटे-छोटे राजाओं के साथ मिलकर सालार मसूद गाजी से युद्ध किया था और उसे युद्ध में पराजित कर मार डाला था. उसके शव को बहराइच में ही दफना दिया गया था, जहां सालाना जलसा होता है. जानिए गजनवी के सेना के मुखिया के बारे में जानकारों के मुताबिक, सैयद सालार मसूद गाजी का जन्म 1014 ईस्वी में अजमेर में हुआ था. वह विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी का भांजा होने के साथ उसका सेनापति भी था. तलवार की धार पर अपनी विस्तारवादी सोच के साथ सालार मसूद गाजी 1030-31 के करीब अवध के इलाकों में सतरिख (बाराबंकी ) होते हुए बहराइच, श्रावस्ती पहुंचा था.  

सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि स्तर को तय मानकों के अनुरूप रखा जाए

वाराणसी वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल को लेकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, उन्होंने होली पर डीजे की तेज आवाज पर भी सख्त नियंत्रण की बात कही. बता दें कि योगी सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों से अनावश्यक लाउडस्पीकरों को हटाने की मुहिम लगातार जारी है. अप्रैल 2022 से यूपी में व्यापक अभियान चलाकर लाउडस्पीकर उतारे जा रहे हैं. लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, रामपुर, वाराणसी, गोरखपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में यह कार्रवाई की गई थी. DJ और तेज ध्वनि पर सख्ती : न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक सीएम योगी ने वाराणसी में बैठक के दौरान होली जैसे त्योहारों पर डीजे के तेज शोर पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि स्तर को तय मानकों के अनुरूप रखा जाए, ताकि किसी को असुविधा न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे. होली पर विशेष सुरक्षा के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान होली और होलिका दहन को लेकर विशेष सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शोभायात्राओं, सार्वजनिक कार्यक्रमों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाए. सीएम योगी ने बेहतर ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट के भी निर्देश दिए हैं, ताकि होलिकोत्सव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो. उन्होंने पुलिस प्रशासन से आम जनता, श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के साथ शालीन व्यवहार करने को कहा है. गौ तस्करों पर नजर: सीएम ने गौ तस्करों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया है. इसकी जवाबदेही तय करने पर भी मुख्यमंत्री का जोर रहा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ तस्करी पर पूर्णतया प्रतिबंध है. इसमें जो भी संलिप्त पाया जाय, वह तस्कर हो, वाहन स्वामी या फिर पुलिस प्रशासन का ही व्यक्ति, उस पर कठोर कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया को गौ-तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जनपदवार समीक्षा करते हुए जिम्मेदारी तय करने को निर्देशित किया. उन्होंने राजस्व से संबंधित वादों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि लंबे समय से एक ही पटल पर जमे एवं शिथिलता बरतने वाले कर्मियों को हटाया जाए. सीएम हेल्प लाइन और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का मेरिट के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं.   अपराधियों पर होगी सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए थाना-स्तर पर टॉप-10 अपराधियों की सूची तैयार कर उन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है. उन्होंने नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और फुट पेट्रोलिंग को अनिवार्य करने पर भी जोर दिया. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पुलिस बूथों और पिंक बूथों पर हर समय पुलिस बल की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. बैठक में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने होलिका दहन, होली के जुलूस की तैयारियों, महाकुंभ के सफल आयोजन और तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और होली के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम करने पर विशेष जोर दिया.  

बरसाना में रंगोत्सव का शुभारंभ, सीएम योगी ने कहा अब बारी मथुरा-वृंदावन की है

 मथुरा मथुरा के बरसाना में रंगोत्सव का शुभारंभ हो गया है. भगवान श्रीकृष्ण की नगरी रंगों में डूब चुकी है. बरसाना के रंगोत्सव कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए, जहां उन्होंने लड्डू होली का आनंद लिया. इस दौरान सीएम योगी श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर फूलों वाली होली खेलते नजर आए. इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जैसे अयोध्या सुंदर नगरी बन गई है, जैसे प्रयागराज तीर्थों का राजा बन गया है, जैसे काशी का कायाकल्प हुआ, वैसे ही अब बारी मथुरा-वृंदावन की है.   वहीं, दिल्ली की यमुना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा की दिल्ली में भी रामभक्तों की सरकार है, अब यमुना मैया और भी ज्यादा निर्मल होंगी. मोदी जी ने 2014 में आने के बाद विरासत और विकास की नई परंपरा को भारतवासियों का प्रदान किया है., जिसका परिणाम महाकुंभ के भव्य आयोजन में देखने को मिला, काशी में देखा है, अयोध्या में देखा है, आज मथुरा और ब्रजभूमि में देखने को मिला है.   आपको बता दें कि ब्रज में 40 दिन रंगोत्सव चलता है. बरसाना में होली को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. कल यहां लठमार होली खेली जाएगी. इस बीच आज सीएम योगी मथुरा पहुंचे. बरसाना में राधा रानी के दर्शन के बाद उन्होंने रंगोत्सव का शुभारंभ किया. मथुरा में वह अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए. मथुरा दौरे के दौरान श्री राधा बिहारी इंटर कॉलेज से एक वीडियो सामने आई, जिसमें सीएम योगी श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्पवर्षा कर रहे हैं. वहीं, श्रद्धालु नाचते-गाते-झूमते दिखाई दिए. लोग होली के रंग में सराबोर नजर आए. इस दौरान आसपास भारी पुलिस बल भी तैनात रहा. इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के भव्य आयोजन के बाद आज मैं होली की शुभकामनाएं देने और राधा रानी के चरणों में नमन करने बरसाना आया हूं. हमारी ब्रजभूमि भारत के सनातन धर्म की अगाध श्रद्धा की भूमि है.  

अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की : सीएम योगी

 लखनऊ उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ का जिक्र किया. उन्होंने मजबूत कानून-व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि महाकुंभ में 33 करोड़ महिलाएं आईं, लेकिन उत्पीड़न/अपराध की एक भी घटना नहीं हुई. कुल 67 करोड़ श्रद्धालु कुंभ आए लेकिन एक भी अपराध की घटना नहीं हुई. वहीं, समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा- “आप(समाजवादी पार्टी) भारत की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं.  आपने कहा कि हमारी सोच सांप्रदायिक है लेकिन आप हमें बताएं कि हम कैसे सांप्रदायिक हो सकते हैं? हम सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं… 45 दिनों के आयोजन(महाकुंभ) ने भारत की विरासत और विकास की एक अनुपम छाप न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में छोड़ी है.” प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पर यूपी विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “महाकुंभ के 45 दिनों में देश और दुनिया से 66 करोड़ से अधिक लोग मेले में आए. महाकुंभ में आए 66 करोड़ लोगों में से आधी संख्या महिला तीर्थयात्रियों की रही होगी, लेकिन उत्पीड़न, लूट, अपहरण या हत्या की एक भी घटना नहीं हुई… महाकुंभ में अपेक्षा से अधिक लोग आए और जो लोग आए और पवित्र स्नान किया, वे अभिभूत होकर लौटे. अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रयागराज महाकुंभ की प्रशंसा की.” सीएम योगी ने आगे कहा- “आज की समाजवादी पार्टी डॉ. लोहिया का नाम तो लेती है, लेकिन उनके आदर्शों से दूर हो गई है. डॉ. लोहिया के आचरण, आदर्शों और सिद्धांतों को सपा भूल गई है. उन्होंने कहा कि विष्णु, शंकर और राम भारत की एकता के आधार हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी इसमें विश्वास नहीं करती. हम सबका साथ-सबका विकास की बात करते हैं. महाकुंभ में भारत की विरासत और विकास की अनूठी छाप देखने को मिली. महाकुंभ में जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं देखा गया.” बकौल सीएम योगी- इस बार के महाकुंभ में 66 करोड़ 30 लाख लोगों ने स्नान किया. ये विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन था.  इसकी दुनिया भर में प्रशंसा हो रही है. दुनिया भर के मीडिया ने कहा कि इतना बड़ा आयोजन किसी चमत्कार से कम नहीं है. मगर कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें सिर्फ कमियां ही नजर आ रही थीं.    

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि शराब की दुकानों के साइनेज बोर्ड बहुत बड़े होते हैं, इन्हें छोटा किया जाए. मुख्यमंत्री ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में यह आदेश दिए. मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़ों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे प्रदेश से आने वाले बिना परमिट के वाहनों को बॉर्डर पर रोकें जाए. सीएम योगी ने कहा कि ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन एवं व्हीकल एसोसिएशन से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएं कि लंबी दूरी के वाहनों पर दो ड्राइवर हों. इससे भी दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है. इसी के साथ सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि एक्सप्रेस-वे एवं हाइवे पर क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं. एनएचआई की 93 सड़कों में से सिर्फ चार पर लगे हैं कैमरे: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एनएचआई की 93 सड़कें हैं, इनमें से सिर्फ चार सड़कों पर कैमरे लगें है, मुख्यमंत्री ने बाकी सड़कों पर भी कैमरे लगाने को कहा है. सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि सड़क पर करते समय भी बहुत सी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, इसके दृष्टिगत एनएचआई की बहुत सी सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज की आवश्यकता है, स्थानों को चिन्हित कर उनका भी निर्माण कराया जाए.उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित साइनेज अवश्य लगाएं. ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन जरूरी: सीएम योगी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है नाबालिक बच्चे ई रिक्शा चला रहे हैं. इस पर प्रभावी अंकुश लगाना बहुत जरूरी है,उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए.  साथ ही सभी ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन अवश्य कराने को कहा. उन्होंने कहा कि आरटीओ ऑफिस को बिचौलियों से पूर्णतः मुक्त रखें, इसके लिए समय-समय पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाएं. ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने के बताए उपाय: सीएम योगी ने कहा कि सड़क जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में प्रयाप्त मैनपॉवर उपलब्ध है. आवश्यकता पड़ने पर सिविल पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देकर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएं. उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों एवं मुख्य बाजारों के बाहर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराए.मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में  संबंधित विभागों के मंत्री, शासन स्तर के अधिकारी, सभी मंडलों के कमिश्नर, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद थे. ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।    

सफाईकर्मियों को 10 हजार बोनस, अप्रैल से खाते में आएंगे पैसे… सीएम योगी की घोषणा, 16 हजार रुपये मासिक मिलेंगे…

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेला 2025 के समापन के मौके पर सफाई कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सफाई कर्मचारियों के सम्मान समारोह के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने सैलरी में बढ़ोतरी की घोषणा की। सीएम योगी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को 10,000 रुपये का बोनस भी दिया जाएगा। 1 अप्रैल से हर सफाई कर्मचारी को 16,000 रुपये महीना वेतन मिलेगा। साथ ही, सीएम योगी ने सफाई कर्मचारियों को 5,00,000 रुपये की स्वास्थ्य बीमा का भी ऐलान किया। वर्तमान समय में यूपी में संविदा पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को 14 हजार रुपये मासिक सैलरी मिलती है। इस प्रकार इसमें दो हजार रुपये का इजाफा सरकार की ओर से किया गया है। संगम तट पर इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने गंगा की आरती की। इसके बाद विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ भोजन किया। महाकुंभ मेले के दौरान सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने वाले स्वच्छता कर्मियों और लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाले मेडिकल कर्मचारियों को सम्मानित किया। सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि हर किसी के सहयोग से यह महाकुंभ मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। सीएम योगी ने किया ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज महाकुंभ में काम कर रहे स्वच्छताकर्मियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को उपहार के साथ ही स्वच्छ कुंभ कोष से बीमा प्रमाण पत्र प्रदान किया। साथ ही, मंच से ऐलान किया कि जो भी स्वच्छताकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी महाकुंभ के महाआयोजन में सहभागी बने, उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त बोनस के रूप में 10 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जाएगी। सीएम योगी ने यह भी ऐलान किया कि अप्रैल से प्रदेश सरकार एक कॉर्पोरेशन का गठन करने जा रही है। इसके माध्यम से हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और उन सभी कर्मियों को जिन्हें मिनिमम वेज नहीं मिल पाता था, उन्हें सरकार 16 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान करेगी। यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में भेजी जाएगी। इसके साथ ही सीएम ने यह भी कहा कि हर स्वच्छताकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी को आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के साथ ही स्वच्छताकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कार्यक्रम स्थल गूंज गया। वेलफेयर के लिए करते रहेंगे काम सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित भव्य और दिव्य महाकुंभ के आयोजन के बाद आज आप सभी का अभिनंदन करने के लिए पूरी प्रदेश सरकार आपके बीच है। इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने में स्वच्छता और स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान है। हमारी सरकार आपसे वादा करती है कि आपके वेलफेयर के लिए हम आगे भी लगातार काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ जब कोई कार्य होता है तो उसके परिणाम ऐसे ही होते हैं। जैसा प्रयागराज महाकुंभ में आज हमको देखने को मिल रहे हैं। आज आप सबने साबित कर दिया कि अगर थोड़ी भी इच्छा शक्ति हो और सही सपोर्ट मिले तो परिणाम कुछ भी लाया जा सकता है। सीएम योगी ने सभी स्वच्छताकर्मियों से अपील की कि स्वच्छता कार्यक्रम को अब नए सिरे से प्रस्तुत करना है। स्वच्छता का विशेष अभियान चलाना होगा। आज हमने इसकी शुरुआत की है। अब सभी अधिकारी, कर्मचारी भी इस अभियान में जुटें। मां गंगा के प्रति हमारी कृतज्ञता ज्ञापित होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि आपको सम्मानित करते हुए और आपके साथ सहभोज में हिस्सा बनते हुए हमारा मंत्रिमंडल अभिभूत है। स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा प्रयागराज सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 13 दिसंबर को प्रयागराज महाकुंभ के शुभारंभ के लिए यहां आए थे। उससे पहले भी और उस दौरान भी उन्होंने बहुत मार्गदर्शन दिया। भारत सरकार के सभी अधिकारी, सभी मंत्रालय इस आयोजन को यूपी सरकार के साथ मिलकर सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए जुटे थे। हर विभाग में अपने स्तर पर इस आयोजन में भरपूर सहयोग किया। इसमें आर्थिक रूप से भी सहयोग करते हुए प्रयागराज के कायाकल्प को सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि आज महाकुंभ के बहाने प्रयागराज शहर एक स्मार्ट सिटी के रूप में चमक रहा है। आतिथ्य का उत्कृष्ट उदाहरण किया पेश सीएम योगी ने कहा कि जो भी प्रयागराज आया उसने दो बातों की सराहना जरूर की। एक स्वच्छता और स्वच्छता कर्मियों की। दूसरी पुलिस के व्यवहार की। ऐसे लगता था जैसे यह सबका अपना आयोजन हो। पूरा परिवार मिलकर कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा हो। यही नहीं, प्रयागराज वासियों ने भी इसे अपने घर का आयोजन बना लिया। जगह-जगह पर लंगर लगाए, अतिथियों का अभिवादन किया। अपनी परेशानी को भूल कर वे इस आयोजन का हिस्सा बने। सीएम ने कहा कि जिस शहर में 25 से 30 लाख लोग रहते हैं, वहां अचानक 7-8 करोड़ लोग आ जाएंगे तो क्या स्थिति होती होगी? जिस घर में पांच सदस्य रहते हैं। अचानक 10 लोग आ जाएं तो हालत खराब हो जाती है। यहां तो 20-20 गुना लोग आ रहे थे, लेकिन प्रयागराज वासियों ने पूरे धैर्य के साथ, खुशी के साथ इसे अपना आयोजन बना दिया। सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज से प्रेरित होकर पूरे प्रदेश ने इसमें अपना योगदान किया। जिस मार्ग से तीर्थयात्री और श्रद्धालु, पूज्य संत गए, उनके अभिनंदन और स्वागत के लिए प्रदेशवासी वहां नजर आए। प्रदेशवासियों ने आतिथ्य का जो उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, उसके लिए उनका हृदय से अभिनंदन करता हूं। आध्यात्मिक टूरिज्म का मार्ग प्रशस्त सीएम योगी ने प्रदेश में टूरिज्म की नई संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महाकुंभ ने उत्तर प्रदेश के अंदर आध्यात्मिक टूरिज्म के कई सर्किट प्रस्तुत किए हैं। एक प्रयागराज से मां विंध्यवासिनी का धाम होते हुए काशी का सर्किट बना। जिस प्रकार प्रयागराज में करोड़ों की संख्या में लोग जुटे थे, उसी तरह मां विंध्यवासिनी धाम में इस दौरान प्रतिदिन 5 से लेकर 7 लाख तक लोग जुटे। इसी तरह, काशी में बाबा विश्वनाथ धाम में 10 से लेकर 15 लाख श्रद्धालु एक दिन में रहते थे। एक और सर्किट बना अयोध्या धाम और गोरखपुर का। सीएम ने … Read more

सीएम योगी ने महाकुंभ के आयोजन का श्रेय पीएम मोदी को दिया, CM योगी ने सफाई कर्मियों संग किया संवाद

 प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को सफल बताते हुए। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि इस महाआयोजन ने सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश दिया है। सीएम योगी ने गुरुवार को प्रयागराज के अरैल घाट पर स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने घाट की साफ-सफाई की। उनके साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। सफाई अभियान में शामिल हुए CM योगी     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाई कर्मियों संग संवाद किया।     अरैल घाट पर सफाई अभियान में भाग लेकर सफाई का संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जताया आभार सीएम योगी ने एक्स पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा:     “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन प्रेरणादायी रहा।”     “महाकुंभ 2025 एकता, समता और समरसता का महायज्ञ साबित हुआ।”     “सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था के नए मानक स्थापित किए गए।”     “66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।” महाकुंभ 2025 का यह ऐतिहासिक आयोजन पूरी दुनिया के लिए भारत की आस्था, संस्कृति और व्यवस्थागत दक्षता का एक जीवंत प्रमाण बनकर सामने आया। सीएम योगी ने एक्स पर कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, यह आपके यशस्वी मार्गदर्शन का ही सुफल है कि ‘एकता, समता, समरसता का महायज्ञ’ महाकुम्भ-2025, प्रयागराज भव्यता-दिव्यता के साथ सुरक्षा-स्वच्छता-सुव्यवस्था के नवीन मानक गढ़कर आज संपन्न हो गया है। विगत 45 पुण्य दिवसों में पूज्य साधु-संतों समेत 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पावन त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाकर कृतार्थ हुए हैं। सकल विश्व को ‘सभी जन एक हैं’ का अमृत संदेश देने वाला यह मानवता का महोत्सव ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के पुण्य भाव के साथ संपूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरो रहा है। आपका मार्गदर्शन एवं शुभेच्छाएं हम सभी को सदैव नई ऊर्जा प्रदान करती हैं, हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी! हर हर-गंगे, भगवान बेनी माधव की जय! 15000 सफाईकर्मियों ने दिया योगदान महाकुंभ अपनी स्वच्छता को लेकर भी चर्चा में रहा जिसमें स्वच्छता कर्मियों की अहम भूमिका रही। महाकुंभ मेले में स्वच्छता प्रभारी डाक्टर आनंद सिंह ने बताया कि पूरे मेले में 15,000 स्वच्छता कर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात रहे। कई पालियों में उन्होंने साफ सफाई की जिम्मेदारी बखूबी निभाई और मेले में शौचालयों और घाटों को पूरी तरह से साफ रखा। सभी ने उनके कार्यों की सराहना की। महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना से इसकी छवि थोड़ी धूमिल हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इस घटना का कोई खास असर नहीं पड़ा और लोगों का आगमन अनवरत जारी रहा। भगदड़ में 30 लोगों की मृत्यु हो गई थी। बड़ी हस्तियों ने लगाई डुबकी महाकुंभ मेले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, फिल्मी सितारों और खेल जगत, उद्योग जगत की हस्तियों तक ने संगम में डुबकी लगाई और प्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। इस महाकुंभ में नदियों के संगम के साथ ही प्राचीनता और आधुनिकता का भी संगम देखने को मिला जिसमें एआई से युक्त कैमरों, एंटी ड्रोन जैसी कई अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया और मेला पुलिस को इन प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, यह मेला कई विवादों को लेकर भी चर्चा में रहा। जैसे, फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर बनना और उनको लेकर विवाद खड़ा होना। इसके अलावा, गंगा जल की शुद्धता को लेकर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एनपीसीबी) की रिपोर्ट और फिर उस पर सरकार के हवाले से कई वैज्ञानिकों द्वारा गंगा जल की शुद्धता की पुष्टि करना भी चर्चा में रहा। यूपी में बनाया गया 76वां जिला हिंदुओं की मान्यता है कि ग्रह नक्षत्रों के विशेष संयोग से कुंभ और महाकुंभ में गंगा और संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के प्रमुख चिदानंद सरस्वती के अनुसार गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त शुरू होने के साथ मेला समाप्त हुआ। इस मेले के लिए एक नया जिला-महाकुंभ नगर अधिसूचित किया गया और मेला संचालन के लिए जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस और प्रशासन की नियुक्ति की गई। यह प्रदेश का 76वां अस्थायी जिला है। महाकुंभ मेले में सभी 13 अखाड़ों ने तीन प्रमुख पर्वों- मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। हालांकि, मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना के बाद अखाड़ों का अमृत स्नान अधर में लटक गया था, लेकिन अंततः अखाड़ों के साधु संतों ने अमृत स्नान किया और बसंत पंचमी स्नान के साथ वे मेला से विदा हो गए। विपक्ष के आरोप मौनी अमावस्या को हुए हादसे को लेकर नेताओं ने सरकार पर निशाना साधना शुरू किया जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाकुंभ को ‘मृत्युकुंभ’ करार दिया। हालांकि, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसका तगड़ा जवाब दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर भगदड़ में मृतकों की संख्या छिपाने का आरोप लगाया। सपा समेत विपक्षी दलों ने श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल खड़ा किया, लेकिन सरकार ने 1,800 एआई कैमरों समेत 3,000 से अधिक कैमरों, ड्रोन और 60,000 कर्मचारियों के हवाले से श्रद्धालुओं की सही संख्या बताने की बात कही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रद्धालुओं की संख्या का मिलान करने के लिए एआई कैमरों के साथ ही हम रोडवेज, रेलवे और हवाईअड्डे के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहे।’’ विदेशी हस्तियां भी हुईं शामिल महाकुंभ मेले में अग्निशमन विभाग ने आग की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाई और आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई किए जाने से जनहानि की एक भी सूचना नहीं आई। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 37,000 पुलिसकर्मी, 14,000 होमगार्ड के जवान तैनात रहे। इसके अलावा, तीन जल पुलिस थाने, 18 जल पुलिस कंट्रोल रूम और 50 ‘वाच टावर’ स्थापित किए गए थे। महाकुंभ में आने वाले अति विशिष्ट लोगों में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी, एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, ब्रिटेन के रॉक बैंड कोल्डप्ले के क्रिस मार्टिन प्रमुख रूप से शामिल थे। 45 दिन में 10 बार महाकुंभ पहुंचे योगी सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों में हर्षा रिछारिया, माला बेचने वाली युवती मोनालिसा भोसले और ‘आईआईटी बाबा’ के नाम … Read more

प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, प्रॉपर्टी महिला के नाम पर खरीदने पर स्टांप शुल्क 6%

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा फैसला लेने जा रही है। प्रदेश में महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर बड़ी छूट देने की तैयारी कर ली गई है। अब तक 10 लाख रुपये तक की संपत्तियों पर मिलने वाली 1 फीसदी की छूट को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये तक की संपत्तियों पर लागू करने की तैयारी है। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने वालों की संख्या में वृद्धि होगी। महिलाओं के हाथें में संपत्ति का अधिकार आने के बाद उनकी परिवार में निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प-न्यायालय शुल्क पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर उच्च स्तर पर सहमति बन चुकी है। जल्द ही इसे कैबिनेट से पास कराने की तैयारी है। इस फैसले से महिलाओं को अधिकतम 1 लाख रुपये तक की बचत हो सकेगी। उनके नाम पर संपत्ति खरीदने को प्रोत्साहन मिलेगा। हालांकि, अब महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार एक और फैसला लेने वाली है. अब एक करोड़ की संपत्ति पर स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत तक की छूट मिलेगी. विभाग के द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव में एक करोड़ तक की संपत्ति महिला के नाम पर खरीदने पर स्टांप शुल्क 6% होगा. इससे लगभग एक लाख रुपए तक का फायदा मिलेगा. महिलाओं के नाम पर दर्ज संपत्ति में मिलने वाली नई छूट को लेकर उत्तर प्रदेश के स्टांप शुल्क पंजीयन विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है. उच्च स्तर पर सहमति भी बन गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि योगी सरकार की अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर मुहर भी लग जाएगी. स्टाम्प शुल्क में होगा बदलाव यूपी सरकार की ओर से अभी तक 10 लाख रुपये तक की संपत्तियों पर ही महिलाओं को 1 फीसदी की छूट मिल रही थी। नए प्रस्ताव के मुताबिक, 1 करोड़ रुपये तक की संपत्तियों पर 7 फीसदी की जगह 6 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क लिया जाएगा। इससे महिलाओं को अधिकतम 1 लाख रुपये तक का सीधा लाभ होगा। राज्य सरकार ने इससे पहले भी महिलाओं को संपत्ति हस्तांतरण में प्रोत्साहन देने के लिए गिफ्ट डीड योजना के तहत केवल 5000 रुपये में संपत्ति हस्तांतरण की सुविधा दी थी। इससे महिलाओं के नाम पर करीब 4 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज की गई। योगी सरकार का बड़ा कदम महिलाओं के संपत्ति खरीद पर छूट प्रस्ताव को 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले कैबिनेट में रखा जा सकता है। यूपी सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट 20 फरवरी को पेश किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि केंद्र सरकार से महिला कल्याण के बजटीय आवंटन में से इस छूट की भरपाई हो सकेगी। योगी सरकार के इस फैसले को महिला सशक्तीकरण के बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य में महिलाओं की संपत्ति स्वामित्व में वृद्धि होने की संभावना है। यह प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने पर भी असर डालेगा।

महाकुंभ में अब तक 45 करोड़ लोगों ने किया स्नान, माघ पूर्णिमा और शिवरात्रि पर टूट सकते हैं पिछले रिकॉर्ड

प्रयागराज जया एकादशी पर रवि योग में अमृतमयी त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी के लिए शनिवार को आस्था का जन ज्वार उमड़ पड़ा। आधी रात के बाद ही संगम जाने वाले रास्तों पर भीड़ तिल-तिल कर आगे बढ़ती रहीं। भक्तों के साथ संतों ने भी शोभायात्रा निकाल कर संगम में डुबकी लगाई। मेला प्रशासन ने रात आठ बजे तक 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया है।   महाकुंभ में शनिवार को तकरीबन सवा करोड़ ( 1.22 करोड़) श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। इसमें एक करोड़ 12 लाख श्रद्धालु और करीब दस लाख कल्पवासी शामिल हैं। विश्व के इस सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम में आयोजन में 27 दिनों में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। श्रद्धा का रेला कम होने का नाम नहीं ले रहा है। माना जा रहा था की वसंत पंचमी के बाद कुछ राहत मिलेगी, लेकिन स्नानार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति से 7 फरवरी तक महज 25 दिन में 40.68 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया है। अभी 18 दिन शेष हैं। प्रयागराज महाकुंभ पर प्रदेश सरकार ने 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान जताया था, लेकिन ये संख्या शुक्रवार को ही पार कर गई। स्नान के महत्व और तैयारियों के बीच देश-दुनिया से रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं। महाकुंभ में मकर संक्रांति के पहले शाही स्नान पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर दूसरे शाही स्नान के अवसर पर रिकार्ड 7.64 करोड़ ने अमृत स्नान किया। तीन फरवरी को तीसरा शाही स्नान था, जब 2.57 करोड़ ने स्नान किया। 26 फरवरी तक महाकुंभ है। उम्मीद है कि श्रद्धालुओं का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा। शनिवार को एक करोड़ 22 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। 18 दिन का मेला बाकी, 50 करोड़ पार कर सकती है स्नानार्थियों की संख्या  मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करने वालों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। महाकुंभ के अभी 18 दिन शेष हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि स्नान करने वालों की संख्या 50 करोड़ पार कर जाएगी। शुक्रवार को स्नानार्थियों का आंकड़ा 40 करोड़ पार कर गया। महाकुंभ के तीनों अमृत स्नान यानी मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी बीत चुके हैं। श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है। पूरे देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि रेल और रोडवेज को अतिरिक्त ट्रेनों और बसों का संचालन करना पड़ा रहा है। वसंत पंचमी के बाद भी यातायात डायवर्जन लागू करना पड़ा। बृहस्पतिवार को शहर में इस कदर श्रद्धालु उमड़े कि एक से आठ तक के स्कूलों को 12 फरवरी तक ऑनलाइन चलाने का आदेश जारी करना पड़ा। क्या प्रतिबंध रहेंगे लागू? > प्रयागराज शहर के साथ-साथ मेला क्षेत्र में आज शाम 5 बजे के बाद नो व्हीकल जोन लागू हो जाएगा. हालांकि, आवश्यक एवं आकस्मिक सेवाओं के वाहनों को छूट रहेगी. > नो व्हीकल जोन के साथ-साथ बाकी प्रतिबंध श्रद्धालुओं के निकासी तक जारी रहेंगे. > प्रयागराज शहर एवं मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश तथा निकासी पर लगे प्रतिबंध कल्पवासियों के वाहनों पर भी लागू रहेंगे. माघ पूर्णिमा पर होने वाले स्नान को देखते हुए एक दिन पहले ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक की थी. मीटिंग में उन्होंने कहा था कि महाकुंभ मार्ग पर यातायात थमने नहीं दिया जाए. पार्किंग स्थलों का भी बराबर इस्तेमाल होना चाहिए. सड़कों पर गाड़ियों की कतार न लगे और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी न बने. सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए ये निर्देश मीटिंग में सीएम योगी ने कहा,’बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का सहयोग करें. पार्किंग स्थल से मेला परिसर के लिए शटल बसें बढ़ाएं. मेला परिसर में एक भी अनाधिकृत वाहन का प्रवेश न हो. एक-एक श्रद्धालु को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना ही प्राथमिकता हो. नदी हो या मेला परिसर, लगातार सफाई कराई जाए. प्रयागराज के किसी स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ इकट्ठा न हो. ज्यादा से ज्यादा मेला स्पेशल ट्रेन और परिवहन निगम की अतिरिक्त बसें लचाई जाएं.’ इन जिलों के अधिकारियों के साथ मीटिंग बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में प्रयागराज, कौशाम्बी, कानपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, वाराणसी, अयोध्या, मीरजापुर, जौनपुर, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, भदोही, रायबरेली, गोरखपुर, महोबा और लखनऊ आदि जनपदों/जोन/रेंज में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मंडलायुक्तों तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष बैठक की. मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी महाकुंभ में अब तक मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर अमृत स्नान किया। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ से ज्यादा और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई, इसके अलावा वसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। जया एकादशी पर उमड़ा जन ज्वार, संगम पर भक्ति की हिलोर संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए आस्था के जन समुद्र में शनिवार को अमृत स्नान सरीखा माहौल नजर आया। भक्ति की लहरें उफना गईं। चाहे लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग। हर तरफ से भक्ति का सागर संगम में मिलने के लिए उमड़ता रहा। वहीं, भोर में ही रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने लगा। साथ ही निजी वाहनों से लगभग सभी पार्किंग भर गईं। भीड़ को देखते हुए संगम जाने वाले मार्गों पर कड़ी बैरिकेडिंग की गई। इसके बाद भी श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी तट पर डुबकी लगाने को बढ़ते रहे। वहीं, मेले में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। भीड़ के मद्देनजर एहतियातन मेला प्रशासन ने चुस्त-दुरुस्त इंतजाम किए हैं। 12 किमी की परिधि में फैले संगम के घाटों पर स्नानार्थी ही नजर आ रहे थे। कोई दंड-कमंडल लेकर तो कोई सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए संगम की ओर बढ़ता नजर आ रहा था। रास्ते भर जय गंगा मैया, हर-हर महादेव और … Read more

योगी सरकार का आठ लाख करोड़ का हो सकता है यूपी का बजट, फरवरी के अंतिम सप्ताह में पेश होने की उम्मीद

लखनऊ यूपी विधानमंडल का बजट सत्र फरवरी के आखिरी सप्ताह में आहूत किया जाएगा। इसमें करीब 8 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किए जाने की संभावना है। इस बजट में विकास के योगी मॉडल की छाप दिखेगी। मध्यवर्ग, युवा, किसान और महिलाएं बजट के फोकस में होंगी। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, अभी सत्र की तिथियां फाइनल नहीं हुई हैं। लेकिन, तैयारियां फरवरी के आखिरी सप्ताह को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। सभी विभागों के बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप दे दिया गया है। पेश हो चुका है आम बजट केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में मोदी सरकार 3.0 का दूसरा बजट पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम बजट को ऐतिहासिक करार दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह हर भारतीय के सपनों को पूरा करेगा, ‘विकसित भारत’ के मिशन को आगे ले जाएगा और विकास, निवेश और उपभोग को कई गुणा बढ़ाएगा। हालांकि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आर्थिक संकट को हल करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया और बजट को गोली के घाव पर केवल मरहम पट्टी करार दिया। अलग-अलग राजनीतिक दलों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। देश के बजट का 16 फीसदी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 50.65 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। यूपी का बजट भी आठ लाख करोड़ तक होगा। यह केंद्र के बजट का करीब 16 फीसदी होगा। सभी विभागों से पहुंचे प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रदेश सरकार के करीब-करीब सभी विभागों से बजट के लिए प्रस्ताव मिल गए हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और वित्त विभाग के अधिकारी उन प्रस्तावों पर मंथन करेंगे। उसके बाद बजट का प्रारंभिक मसौदा सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने पेश किया जाएगा। रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होगा फोकस जानकारों का मानना है कि गत वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार की वजह बेरोजगारी को माना गया। सरकार बजट में सरकारी नौकरियों के साथ स्वरोजगार पर फोकस करेगी। वहीं, एक्सप्रेस वे, स्टेट हाईवे के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस रहेगा। दलितों और महिलाओं पर भी ध्यान विपक्ष की ओर से लगातार भाजपा को दलित विरोधी साबित करने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार बजट में दलितों को साधने के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। संकल्प पत्र पूरा करने का लक्ष्य भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2022 से पहले संकल्प पत्र पेश किया था। संकल्प पत्र के 131 वादों में से 110 पूरे हो चुके हैं। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, आगामी बजट में शेष 21 वादे पूरे कर सरकार संकल्प पत्र का हर वादा पूरा करने की योजना बना रही है। किसान से ‘श्रीराम’ तक समर्पित रहा बजट योगी सरकार का हर बजट किसी न किसी वर्ग के लिए समर्पित रहा है। 2017-18 का बजट किसानों की कर्जमाफी के चलते किसानों को समर्पित रहा। वहीं, 2024-25 का बजट ‘श्रीराम’ को समर्पित रहा।

कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया

 लखनऊ/महाकुंभनगर  योगी सरकार महाकुंभ 2025 में ‘हर घर जल गांव’ बसाएगी। पेयजल का समाधान, मेरे गांव की पहचान थीम पर यह ‘गांव’ 40 हजार स्क्वायर फिट एरिया में बसेगा। इसमें एक तरफ जहां ‘जल जीवन मिशन’ बुंदेलखंड में हर घर तक नल से जल पहुंचाने की कहानी सुनाई जाएगी, वहीं दूसरी तरफ महाकुंभ में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के नए गांवों की सफलता की दास्तां से भी श्रद्धालु, पर्यटक व कल्पवासी परिचित होंगे। योगी सरकार के मार्गदर्शन में ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग महाकुंभ में इसकी तैयारी कर रहा है। कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया है। सफलता की इस कहानी को लेकर ‘पेयजल का समाधान, मेरे गांव की नई पहचान’ थीम पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी 5 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगी। 51 दिन तक चलने वाली प्रदर्शनी में अलग-अलग कार्यक्रम भी होंगे। प्रदर्शनी में बुंदेलखंड के ग्रामीण महिलाओं को मंच मुहैया कराया जाएगा, जिसमें वे बुंदेलखंड में बदलाव की कहानी बयां करेंगी। बांदा, झांसी, चित्रकूट के जिन गांवों में पानी न होने के कारण शादी नहीं हो पाती थी, वहां भी योगी सरकार ने ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पहुंचाया। ललितपुर व महोबा के उन गांवों की महिलाएं, पानी ढोने के कारण जिनके सिर से बाल गायब हो गए थे। वे भी डबल इंजन सरकार के अतुलनीय कार्य को महाकुंभ में शुद्ध पानी से जीवन में आए बदलाव की कहानी को बयां करेंगी। ललितपुर से सटे मध्य प्रदेश के बॉर्डर के ‘बाल विहट’ गांव में एक ही कुआं था। इसमें सांप रहते थे, इसके बावजूद यहां के लोग कभी उसी कुएं का पानी पीते थे। मोदी-योगी सरकार ने इस गांव के लोगों को भी शुद्ध पेयजल पहुंचाया। यहां के ग्रामीण भी बदलाव की गाथा बयां करेंगे। महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों व हिस्सों से श्रद्धालु, पर्यटक आएंगे। इसलिए प्रदर्शनी में हर जानकारी बहुआयामी भाषाओं में मिलेगी। यहां हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, तेलगू और मराठी में लोग जल जीवन मिशन के माध्यम से बदले यूपी के बारे में अवगत हो सकेंगे। प्रदर्शनी में जल जीवन मिशन से विंध्य-बुंदेलखंड में आए बदलाव को लेकर सफलता की कहानी का भी संकलन पुस्तक के माध्यम से प्रदर्शित होगा। ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग की तरफ से महाकुंभ में ‘जल मंदिर’ भी बनाया जाएगा। ‘जल मंदिर’ में भगवान शिव की जटा से गंगा धरती पर आएंगी। इसके जरिए संदेश दिया जाएगा कि जल प्रसाद है। जल जीवनदायी है। इसे बर्बाद न करें, बल्कि इसका संरक्षण करें। ‘जल मंदिर’ में सुबह-शाम जल आरती भी होगी। इस आरती में जल जीवन मिशन की गाथा, जल संरक्षण का संदेश भी होगा।

जिले, प्रदेश आत्मनिर्भर बनेंगे तो देश भी आत्मनिर्भर बनेगा: मुख्यमंत्री योगी

बस्ती  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास कर रहा है और 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बन जाएगा।कर्मा देवी शिक्षण संस्थान समूह के 15वां स्थापना दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए श्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास की ओर निरंतर अग्रसर है भारत को विकसित देश बनाने के लिए हमें आत्मनिर्भर होना पड़ेगा और इसके लिए पहले हमें आधुनिक शिक्षा ग्रहण करनी होगी। जब हमारा गांव ,नगर, जिला,प्रदेश आत्म निर्भर बनेगा तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा। भारत पूरी दुनिया में प्रत्येक क्षेत्र में अपना झंडा बुलंद कर रहा है। कोरोना काल में जिस तरीके से चीन ने भारत को दवा देने से मना कर दिया था और धोखा दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फार्मेसी उद्योग ने दवा बनाकर पूरे विश्व को एक नया संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 1947 से 2014 तक भारत आर्थिक व्यवस्था से ऊपर-नीचे उठकर 11 वे पायदान पर था लेकिन 2014 के बाद से भारत देश की पांचवी अर्थव्यवस्था बन गई। सकारात्मक सोच हमें बहुत आगे ले जा सकती है सकारात्मक सोच से ही भारत बहुत तेजी से विकासशील हो रहा है। नकारात्मक सोच हमें गड्ढे में गिरा सकती है इसलिए हमें हमेशा सकारात्मक सोच से आगे बढ़ना चाहिए। भारत की भाषाएं भारत की एकता का प्रतीक है हमें सभी भाषाओं का अध्ययन करना चाहिए। एक भारत नेक भारत के लिए हमें सदैव कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के लोग 50 साल इसलिए पीछे हो गए हैं क्योंकि पिछली सरकारों ने आधुनिकता, शिक्षा, संसाधन पर ध्यान नहीं दिया था पिछली सरकारों ने समस्या को समस्या समझा उसको निस्तारण करने से पीछे भागते रहे। इसी कारण से यहां के युवा पलायन करने लगे। अगर उस समय फार्मेसी कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज,ला कॉलेज होते तो आज यहां के युवा प्रत्येक क्षेत्र में अपनी अलग छाप छोड़ रहे होते। फार्मेसी क्षेत्र बहुत बड़ा क्षेत्र है। बुंदेलखंड में फार्मेसी को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग स्थापित किया गया है। पूरी दुनिया आपका इंतजार कर रही है आप एक सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हुए सही दिशा में सही काम करे। पूरी दुनिया में जो सबसे अच्छी 100 कंपनियां है उनमें से 20 कंपनियों के सीईओ भारत के हैं जो बेहद ही गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज जब मिलकर काम करेगी तभी हमारा गांव ,नगर, जिला , प्रदेश विकास की ओर आगे बढ़ेगा। बस्ती में एक कवि आए थे उन्होंने बहुत पहले कहा था बस्ती को ‘बस्ती को बस्ती कहूं , काके कहूं उजाड़’ लेकिन अब बस्ती एक विकसित नगर बन गया है। बस्ती में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई है। यहां की भूमि भगवान श्री राम के जन्म के लिए महाराज दशरथ जी ने पुत्रेष्टि यज्ञ के लिए चुना था। बस्ती की भूमि वंदनीय है। पूर्वी उत्तर प्रदेश संसाधनों के मामले में हमेशा उपेक्षित रहा है लेकिन प्रदेश सरकार ने बस्ती, सिद्धार्थनगर, देवरिया, महाराजगंज में मेडिकल कॉलेज स्थापित करके स्वास्थ्य क्षेत्र को एक नई दिशा प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन मुंडेरवा चीनी मिल में अन्नदाता किसान प्रदर्शन कर रहे थे उस दौरान गोली चलने से तीन किसान शहीद हो गए थे और पिछली सरकार ने मुंडेरवा चीनी मिल को बेच दिया था यहां के जनप्रतिनिधि ने जब मुझे अवगत कराया तो मेरे द्वारा पुनः चीनी मिल का शुभारंभ कराया गया। केंद्र तथा प्रदेश सरकार किसानों की आय दुगनी करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश से एक टीम मास्को गई थी जहां पर आम के बाजार में उन्होंने 8 सौ से लेकर 1 हजार रुपया किलो तक के आम बिकने का अध्ययन किया। बस्ती जनपद की भूमि आम्रपाली आम की जननी है अगर यहां बाजार में 60 -70 रुपए किलो आम बिक रहे है और हम मास्को में आम बेचने के लिए अगर 2 सौ रुपया खर्च करके बेचे तो हमारे अन्नदाता को कई गुना मुनाफा होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है गोबर के खाद से हम एक अच्छी , निरोगित फसल को पैदा कर सकते है। जो हम फसल में कीटनाशक दवाएं डाल रहे हैं उससे बचने के लिए देशी खाद का उपयोग बहुत ही जरूरी है। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें देश हित में कार्य करना चाहिए। मनुष्य को चाहे जितनी बड़ी यश प्राप्ति हो जाए अगर वह अपनी मां के प्रति, पिता के प्रति,मातृ भूमि के प्रति, गुरु के प्रति,देव के प्रति लगाव नहीं है तो जीवन सफल नहीं है। कर्मा देवी शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष ओम नारायण सिंह से प्रेरणा लेकर अपने पूर्वजों को जीवंत रखने के लिए उनके स्मृति में हमें बहुत कुछ करना चाहिए। श्री योगी ने स्थापना दिवस के अवसर पर शिक्षण संस्थान के पूरे परिवार को बधाई देते हुए यहां के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए अलग से क्लास संचालित करने का अनुरोध किया है। इस मौके पर ओम नारायण सिंह, विधायक अजय सिंह, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला, पूर्व विधायक दयाराम चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत संजय चौधरी, पूर्व विधायक रवि सोनकर , अंकुर वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

योगी का चलेगा डंडा सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को वापस करना होगा वेतन

एटा   उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एटा और कासगंज जिलों के कलेक्टर कार्यालय में 1993 और 1995 के बीच फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले 24 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है. इन सभी पर राजस्व परिषद के फर्जी आदेश के जरिए नौकरी पाने का आरोप है. 1995 में हुई थी फर्जी नियुक्ति बताया गया है कि 1995 में एटा के तत्कालीन डीएम मेजर आरके दुबे को एक पत्र मिला, जिसमें 24 लोगों की नियुक्ति का आदेश दिया गया था. इस आदेश के आधार पर नियुक्तियां की गईं. कुछ वर्षों बाद शिकायत हुई कि ये आदेश फर्जी था. इसके बाद जांच शुरू हुई और राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था.   फाइलें दबाकर टाल दिया गया था मामला इस मामले में लंबे समय तक फाइलें दबाकर मामले को टालने की कोशिश की गई, लेकिन 2019 में फिर से शिकायत होने पर जांच में बड़ा खुलासा हुआ. जांच के दौरान सामने आया कि फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब कर दिए थे. डीएम की गहन जांच के बाद एसआईटी गठित की गई. एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में 30 कर्मचारियों की संलिप्तता पाई, इसमें 19 रिटायर हो चुके थे, जबकि चार अभी भी कार्यरत थे. सरकार ने इन्हें बर्खास्त कर रिटायर हो चुके कर्मचारियों से भी वेतन और अन्य लाभों की रिकवरी के आदेश दिए हैं.  

प्रयागराज कुम्भ में विहिप करेगी कई बड़े कार्यक्रम

अयोध्या  विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने अपने सभी सांगठनिक कार्यक्रम और बैठकें और सम्मेलन प्रयागराज में आयोजित कुंभ में करने का निर्णय लिया है। विहिप महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा की ओर से इस सिलसिले में विस्तृत कार्य योजना जारी कर दी गई है। इसके अनुसार पूरे कुंभ भर संगठन का वहीं पर जमावड़ा रहेगा। बजरंग लाल बागड़ा की ओर से सितम्बर में ही जारी पत्र के अनुसार 19 जनवरी को मेरठ, लखनऊ, पटना क्षेत्र का मातृशक्ति सम्मेलन, 24 को केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक, अगले दिन 25 को प्रथम बेला में साध्वी सम्मेलन, द्वितीय बेला में संत सम्मेलन होगा। 27 जनवरी को युवा संत सम्मेलन, छह फरवरी को मंत्रियों एवं संगठन मंत्रियों की बैठक, सात से नौ फरवरी तक प्रन्यासी मंडल की बैठक, 10 फरवरी को विमर्श कार्यशाला, 10-11 फरवरी को विभाग मंत्री और संगठन मंत्रियों का अभ्यास वर्ग होगा। 11-12 फरवरी को बजरंग दल की अखिल भारतीय बैठक, 12 फरवरी को विभाग संगठन मंत्री अभ्यास वर्ग, 15-16 फरवरी को धर्म प्रसार अखिल भारतीय बैठक, 15-16-17 फरवरी मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी की अखिल भारतीय बैठक, सत्रह को धर्म प्रसार संत बैठक, 19 फरवरी को गोरक्षा अखिल भारतीय बैठक और बीस फरवरी को गोरक्षा सम्मेलन होगा।  

संरक्षण गृहों का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है, जहां वे अच्छे नागरिक के रूप में विकसित हो सकें- CM योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला कल्याण विभाग ने बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में 10 नए बाल संरक्षण गृहों का निर्माण और संचालन किया जाएगा। इन संरक्षण गृहों का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है, जहां वे अच्छे नागरिक के रूप में विकसित हो सकें। महिला कल्याण विभाग द्वारा प्रस्तावित इस योजना के अनुसार, प्रदेश के मथुरा, प्रयागराज, कानपुर नगर, आजमगढ़, झांसी, अमेठी, फैजाबाद, देवरिया, सुल्तानपुर तथा ललितपुर में इन संरक्षण गृहों की स्थापना की जाएगी। हर संरक्षण गृह में 100-100 बच्चों को रखने की क्षमता होगी, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को लाभान्वित किया जा सके। इनमें 1 राजकीय बाल गृह (बालिका), 1 राजकीय बाल गृह (बालक), 7 राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर), किशोर न्याय बोर्ड सहित 1 प्लेस ऑफ सेफ्टी गृह शामिल है। इन संरक्षण गृहों में बच्चों को न केवल रहने की सुविधाएं दी जाएगी, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास का भी ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग इन संरक्षण गृहों की स्थापना से असहाय और संवेदनशील बच्चों को एक नया जीवन देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इन गृहों में बच्चों को एक संरक्षित वातावरण में शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और जीवन कौशल जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने बाल संरक्षण गृहों के निर्माण के लिए आवश्यक फंड भी निर्धारित किए हैं। सभी गृहों का निर्माण योगी सरकार अपने बजट से करेगी। वहीं इन गृहों के संचालन में केंद्र सरकार द्वारा मिशन वात्सल्य योजना के प्रावधानों के केंद्रांश-60 प्रतिशत और राज्यांश-40 प्रतिशत के अनुसार राज्य सरकार पर 7.96 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना’ के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इन गृहों का निर्माण और प्रबंधन गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कंसल्टेंट्स का चयन भी किया है, ताकि इन बाल संरक्षण गृहों में दी जाने वाली सेवाओं का उच्चतम स्तर सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उद्देश्य है कि राज्य का कोई भी बच्चा असुरक्षित या उपेक्षित महसूस न करे। सीएम योगी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि वे समाज के भविष्य हैं। इस योजना के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो उनकी सुरक्षा और कल्याण के प्रति संजीदा होंगे। इन बाल संरक्षण गृहों में बच्चों को उनकी उम्र और जरूरतों के हिसाब से सेवाएं दी जाएंगी, ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें।  

बंटेंगे तो कटेंगे के नारे से योगी ने जाति और संविधान वाले नैरेटिव को तोड़ा, महाराष्ट्र चुनाव में पीएम मोदी से अधिक रैली CM योगी करेंगे

मुंबई महाराष्ट्र चुनाव प्रचार अब जोर पकड़ने लगा है और कांग्रेस, बीजेपी समेत सभी दलों के स्टार प्रचारकों के दौरे शुरू हो गए हैं । अगले 13 दिनों तक बड़े नेता महाराष्ट्र में तूफानी दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र में 11 रैलियां करेंगे। आठ नवंबर से पीएम मोदी की जनसभा की शुरुआत होगी। 6 नवंबर को राहुल गांधी भी आरएसएस के गढ़ नागपुर से चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे। 18 अक्तूबर की शाम को चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। उससे पहले यूपी के मुख्यमंत्री और बीजेपी के ट्रंप कार्ड साबित हो चुके योगी आदित्य नाथ मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में 15 चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वह पीएम मोदी से अधिक जनसभाओं में शिरकत करेंगे। एक्सपर्ट मानते हैं कि महाराष्ट्र में योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी और ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाले नारे का असर भी महाराष्ट्र चुनाव में दिखेगा। जम्मू और हरियाणा में राहुल गांधी पर भारी पड़े योगी हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ का करिश्मा नजर आया। जम्मू-कश्मीर में योगी आदित्यनाथ का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी और हरियाणा में करीब 65 फीसदी रहा। जम्मू में योगी ने पांच विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियां कीं, जिनमें से चार पर बीजेपी को जीत मिली। बीजेपी किश्तवाड़ और कठुआ जैसे मुस्लिम बाहुल्य सीट पर जीतने में सफल रही। किश्तवाड़ में पहली बार बीजेपी की शगुन परिहार ने कमल खिलाया। हरियाणा में भी योगी आदित्यनाथ ने 20 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया, जिनमें से 13 पर बीजेपी को जीत मिली। यह जीत कांटे के मुकाबले में बीजेपी को तीसरी बार हरियाणा की सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हुई। सीएम योगी ने हरियाणा में असंध से चुनावी रैली की शुरुआत की थी। इस सीट से ही राहुल गांधी प्रचार में उतरे थे। असंध में बीजेपी को जीत मिली। हरियाणा से कनाडा तक लगे ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे हरियाणा चुनाव में ही योगी आदित्यनाथ ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के चुनावी नारे को लॉन्च किया। इस नारे में ग्राउंड पर इस कदर कमाल किया कि बीजेपी ने एंटी इम्कबेंसी और कांग्रेस के नैरेटिव को धवस्त कर दिया। यह नारा इनके जुबान पर इस कदर चढ़ा कि गैर चुनावी राज्यों में भी बीजेपी समर्थक इसे आजमाने लगे। लोकप्रियता का आलम यह है कि कनाडा में हमले के बाद हिंदू समुदाय ने अपने प्रदर्शन में’बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे लगाए। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के पोस्टर लगाए गए। एक्सपर्ट मानते हैं कि चुनाव में एमवीए के लिए मुस्लिम वोटरों की एकजुटता का जवाब इस नैरेटिव से दिया जा सकता है। इससे पहले के चुनाव में बाबा का बुलडोजर भी काफी लोकप्रिय और प्रभावी साबित हुआ था। क्यों चलता है योगी आदित्यनाथ का करिश्मा चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ अपने भाषण की शुरुआत महिला विकास, किसान और विकास जैसे मुद्दों से करते हैं। ‘युवाओं के हाथ में तमंचा नहीं टेबलेट होना चाहिए’, यह उनकी पसंदीदा लाइनों में से एक है। इसके बाद मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए काम के जरिये आतंकवाद को लेकर कांग्रेस को निशाने पर रखते हैं। आतंक की बात होती है तो पाकिस्तान की चर्चा लाजिमी है। पाकिस्तान और आतंकवाद के साथ ही वह अपना संदेश साफ कर देते हैं। दंगों की चर्चा करते हैं तो बुल्डोजर एक्शन के बारे में बताते हैं। राम मंदिर की चर्चा तो सभा में मौजूद के लोगों को अयोध्या में दर्शन का निमंत्रण देते हैं। जब समां बंध जाता है तो वह सभा में मौजूद लोगों से संवाद भी करते हैं। यूपी में सड़कों पर नमाज बंद, मस्जिदों में लगे लाउड स्पीकर हटाने और अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन पर भी जनता का फीडबैक लेते हैं। हरियाणा में राहुल गांधी के जातिगत आरक्षण के जवाब में ही उन्होंने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा दिया था।

योगी सरकार की नई योजना से होगी 8 लाख की कमाई, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूटूबर को फायदा

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने डिजिटल दुनिया में रोजगार के नए दरवाजे खोलते हुए एक नई सोशल मीडिया पॉलिसी की घोषणा की है। इसके तहत सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स अब राज्य की कल्याणकारी योजनाओं और अन्य पहल का प्रचार करके हर महीने 8 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। यह पॉलिसी राज्य के युवाओं और डिजिटल क्रिएटर्स के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। इसी के साथ-साथ सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने में मदद करेगी। इस पॉलिसी में क्या है खास? दरअसल, यूपी सरकार ने एक नई सोशल मीडिया पॉलिसी की घोषणा की है। इस पॉलिसी का मकसद न केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना है, बल्कि राज्य के युवाओं और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को एक मौका देना है, जिसके तहत वे सरकारी योजनाओं और पहल को प्रमोट करके हर महीने लाखों रुपये कमा सकते हैं। यह पॉलिसी फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगी, जिससे डिजिटल दुनिया में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इंफ्लुएंसर्स के लिए सुनहरा मौका इस पॉलिसी के तहत सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के लिए पैसे मिलेंगे। खास बात यह है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इंफ्लुएंसर्स के फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है, जिसके अनुसार उनकी अधिकतम कमाई तय की गई है। एक्स (ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम – अधिकतम भुगतान: ₹5 लाख प्रति माह (X) – अधिकतम भुगतान: ₹4 लाख प्रति माह (फेसबुक) – अधिकतम भुगतान: ₹3 लाख प्रति माह (इंस्टाग्राम) – अधिकतम भुगतान: ₹2 लाख प्रति माह (कम फॉलोअर्स के लिए) यूट्यूब – अधिकतम भुगतान: ₹8 लाख प्रति माह (वीडियो, शॉर्ट्स, और पॉडकास्ट के लिए) – अन्य श्रेणियों में ₹7 लाख, ₹6 लाख और ₹4 लाख प्रति माह तक की कमाई हो सकती है। इंफ्लुएंसर्स को सरकारी योजनाओं के वीडियो, ट्वीट्स, पोस्ट्स और रील्स को सोशल मीडिया पर शेयर करना होगा, जिसे ‘V-Form’ नामक एक डिजिटल एजेंसी संभालेगी। यह एजेंसी इस पूरी प्रक्रिया को मैनेज करेगी, जिससे इंफ्लुएंसर्स को सीधे भुगतान मिलेगा। कैसे बन सकते हैं इसका हिस्सा? अगर आप एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं और इस पॉलिसी का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा। सोशल मीडिया अकाउंट्स की श्रेणीः आपको पहले यह तय करना होगा कि आपके फॉलोअर्स या सब्सक्राइबर्स की संख्या किस कैटेगरी में आती है। एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के लिए अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई हैं, जिसके आधार पर आपकी कमाई तय होगी। रजिस्ट्रेशन: इस स्कीम का हिस्सा बनने के लिए आपको सरकार द्वारा नामित एजेंसी ‘V-Form’ के माध्यम से रजिस्टर करना होगा। इसके लिए आपको अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी, फॉलोअर्स की संख्या और कंटेंट के नेचर को सबमिट करना होगा। कॉन्टेंट की अपलोडिंगः रजिस्ट्रेशन के बाद आपको सरकारी योजनाओं से जुड़े वीडियो, पोस्ट्स, रील्स या पॉडकास्ट को अपने प्लेटफार्म पर अपलोड करना होगा। इन पोस्ट्स के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनकी लाभकारी पहल को जनता के सामने लाना होगा। अधिकतम कमाई: जैसे-जैसे आपके फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स बढ़ेंगे, वैसे-वैसे आपकी कैटेगरी भी बढ़ेगी, जिससे आप हर महीने 8 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। यूट्यूब पर कंटेंट क्रिएटर्स के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है, जहां वीडियो, शॉर्ट्स और पॉडकास्ट के माध्यम से उन्हें सबसे अधिक कमाई का मौका मिलेगा। सिस्टम से जुड़े लोगों का मानना है कि यह पॉलिसी केवल सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को ही नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करने वाली है। इसके माध्यम से सरकारी योजनाओं को तेजी से और प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया जा सकेगा। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी कम पहुंच पाती है, इस पॉलिसी के जरिए उन्हें सरकारी लाभों के बारे में पता चलेगा। फर्जी खबरों पर भी लग सकेगी रोक! इस पॉलिसी का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी और भ्रामक खबरों पर भी अंकुश लगाएगी। इसके तहत सरकार ने नियम बनाए हैं, जिसमें किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक, राष्ट्र-विरोधी या समाज-विरोधी कंटेंट पोस्ट करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फर्जी खबरों, नफरत फैलाने वाले संदेशों और समाज को भड़काने वाले कंटेंट पर सरकार की नजर रहेगी और उचित जरूरी उठाए जाएंगे।

युवा शक्ति को सशक्त बनाने में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद प्रभावी साबित हो रही है

लखनऊ उत्तर प्रदेश देश में सबसे बड़ी युवा शक्ति वाला राज्य है। ऐसे में, प्रदेश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने और उसे वर्तमान व भविष्य की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रदान करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। इस कड़ी में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद प्रभावी साबित हो रही है। सीएम योगी के विजन अनुसार, इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में वर्ष 2021 से 2023 के बीच 19.84 लाख टैब व 26.91 लाख स्मार्टफोन समेत कुल 46.75 लाख गैजेट वितरित किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, 13.14 लाख गैजेट (जिनमें 12.94 लाख स्मार्टफोन व 20 हजार से ज्यादा टैबलेट शामिल हैं) को पात्र विद्यार्थियों को आवंटित करने पर योगी सरकार का विशेष फोकस है। ऐसे में, प्रदेश में पात्र विद्यार्थियों को गैजेट्स के वितरण की प्रक्रिया पूर्ण करने वाले जिलों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से 8 जिलों का परिणाम 100 प्रतिशत रहा है। वहीं, विद्यार्थियों को टैबलेट वितरण की दिशा में 6 जिलों में 70 प्रतिशत से ज्यादा आवंटन की दर रही है और 10 टॉप जिलों में 69 प्रतिशत से ज्यादा सफलतापूर्वक आवंटन हो चुका है। प्रदेश में युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए न केवल स्मार्टफोन व टैबलेट वितरण हो रहा है, बल्कि डिजी शक्ति पोर्टल के जरिए सरकार की योजनाओं और कौशल विकास के विभिन्न कोर्सेस का एक्सेस व एंड टू एंड मॉनिटरिंग उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना को प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तीकरण के लिए 2021-22 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। वर्ष 2022-23 में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना को प्रदेश में 5 वर्षों के लिए लागू किया गया। ऐसे में, परियोजना के जरिए उच्च व उच्चतर शिक्षण संस्थाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा कोर्स, कौशल विकास के प्रशिक्षणार्थी तथा पैरामेडिकल व नर्सिंग जैसे कोर्सेस के विद्यार्थियों को टैब व स्मार्टफोन वितरण के जरिए लाभान्वित किया जाता है। सीएम योगी के युवा सशक्तीकरण के विजन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश में स्वामी विवेकानंद सशक्तीकरण योजना बेहद सार्थक कदम बनकर उभरा है। प्रक्रिया के अंतर्गत, पात्र विद्यार्थियों को स्मार्टफोन व टैब वितरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के 8 जिलों में स्मार्टफोन वितरण का 100 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया जा चुका है। वहीं, दो जिलों में यह 99.99 प्रतिशत रहा है। इनमें हरदोई, जालौन, कन्नौज, कासगंज, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, रामपुर, उन्नाव, ऐटा व मीरजापुर प्रमुख हैं। इसी प्रकार, टैब वितरण के लक्ष्यों की प्राप्ति में 79.31 प्रतिशत के साथ संभल प्रथम है। वहीं, 74.88 प्रतिशत के साथ मुरादाबाद दूसरे, 74.05 प्रतिशत के साथ बरेली तीसरे, 72.47 प्रतिशत के साथ शामली चौथे तथा 71.25 प्रतिशत के साथ सहारनपुर पांचवें पायदान पर है। लक्ष्य प्राप्ति के आधार पर 70.34 प्रतिशत के साथ गाजियाबाद छठे, 69.85 प्रतिशत के साथ प्रतापगढ़ सातवें, 69.67 प्रतिशत के साथ गोरखपुर आठवें, 69.58 प्रतिशत के साथ हाथरस नौवें व 69.18 प्रतिशत के साथ बिजनौर दसवें पायदान पर स्थित है। इसी प्रकार, कम टैब व स्मार्टफोन वितरण वाले जनपदों को भी चिन्हित करके उनमें वितरण की प्रक्रिया को गति देने पर योगी सरकार द्वारा फोकस किया जा रहा है।    

सीएम ने कहा हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की, UP जल्द ही देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रेडीमेड गारमेंट्स में दुनिया के छोटे-छोटे देशों की धमक है। जिन लोगों के पास संसाधन कम और संभावनाएं न के बराबर हैं, वे आगे बढ़ चुके हैं। हमारे पास संभावना और संसाधन भी है। काम चाहने वाली आधी आबादी के बड़े तबके को रेशम उत्पादन, प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट, डिजाइनिंग, मार्केटिंग, पैकेजिंग के साथ जोड़ लें तो दुनिया में रेडीमेड गारमेंट में धमक बनाने वाले देशों का स्थान उत्तर प्रदेश और भारत ले सकता है। इस संभावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा उठाए गए कदमों का लाभ लेना चाहिए। सीएम ने कहा कि हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। वह समय जरूर आ सकता है, जब यूपी का किसान रेशम उत्पादन में देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 से 28 अक्टूबर तक चलने वाले सिल्क एक्सपो का  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उद्घाटन किया। सीएम ने रेशम मित्र पत्रिका का विमोचन किया और 16 कृषकों,उद्यमियों, संस्थाओं व डिजाइनरों को पं. दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान प्रदान किया। सीएम ने यहां लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। सीएम योगी ने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेश ने परंपरागत उत्पाद को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने परंपरागत उत्पाद के लिए पॉलिसी बनाई। 75 जनपदों के लिए वहां के एक उत्पाद को चिह्नित करते हुए आगे बढ़ाया। यही कारण है कि 75 जनपद का यूनिक प्रोडक्ट है, जिसे हमने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट कहा। ओडीपीओपी को सरकार ने मार्केट, डिजाइनिंग, पैकेजिंग से जोड़ा तो इससे रोजगार का सृजन हुआ और परंपरागत उत्पादों का एक्सपोर्ट भी प्रारंभ हुआ। यूपी के 75 जनपदों में 75 जीआई प्रोडक्ट हैं, जिन्हें देश के अंदर मान्यता प्राप्त हुई है। यह संभावना यूपी में हैं। वाराणसी, भदोही और मुबारकपुर की साड़ियों के माध्यम से भी यूपी के पोटेंशियल को बढ़ाने का अवसर प्राप्त होता है। सिल्क एक्सपो इस फील्ड में यूपी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम बने, इस पर हमें प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान का नारा सदैव से प्रचलित रहा है। जीव सृष्टि और किसी भी व्यक्ति के लिए हवा-पानी तो आवश्यक है ही, लेकिन रोटी, कपड़ा, मकान भी आवश्यक है। कपड़ा न सिर्फ जीवन की आवश्यकता है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही रोजगार सृजन का भी सशक्त माध्यम भी है। रेशम, प्राचीन काल से ही इसकी अलग-अलग पद्धतियां रही हैं। 25 करोड़ की आबादी वाले यूपी में इस फील्ड में अनेक संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। यूपी ने पिछले कुछ समय में प्रगति की है। पहले की तुलना में यह संतोषजनक है, लेकिन अभी उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की दृष्टि से यह अपर्याप्त है। यहां अत्यंत संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने कहा कि सभी को देखना चाहिए कि उत्तर प्रदेश के अंदर क्या संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। यूपी में वाराणसी, भदोही, आजमगढ़ से लेकर वाराणसी तक, चाहे वह मुबारकपुर की साड़ी हो या वाराणसी की। सिल्क कलस्टर विकसित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने इस दिशा में नए प्रयास को आगे बढ़ाया है। वाराणसी की सिल्क साड़ियां पूरे देश में हर मांगलिक कार्यक्रम के लिए पसंद बनती हैं। काशी विश्वनाथ धाम बढ़ने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ी संख्या ने इस व्यापार को नई ऊंचाई दी है। वाराणसी में एक्सपो मार्ट के माध्यम से ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर बनने के उपरांत इसमें काफी वृद्धि हुई है। सीएम ने कहा कि आजमगढ़ के मुबारकपुर के साड़ी उद्योग से जुड़े उद्यमियों, मिर्जापुर, वाराणसी और भदोही के सिल्क कलस्टर की प्रगति को देखकर लगता है कि इसमें बहुत गुंजाइश है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ-हरदोई बॉर्डर पर पीएम मित्र पार्क (टेक्सटाइल्स पार्क का वृहद रूप) आने जा रहा है। एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में इसमें टेक्सटाइल्स से जुड़े अलग-अलग उद्योग लगने जा रहे हैं। यह यूपी की संभावनाओं को प्रदर्शित करने का माध्यम है, लेकिन रॉ मटेरियल हमें ही तैयार करना होगा। किसान यदि इस दिशा में आगे बढ़ते हैं तो प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चल रही हैं। विभाग इन योजनाओं के बारे में हर जनपद में संगोष्ठी, सेमिनार, प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद करे और प्रोसेसिंग-ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़े। केवल गोरखपुर मंडल ही नहीं, वाराणसी, मिर्जापुर, लखनऊ, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़ में भी संभावनाएं बढ़ेंगी। सीएम योगी ने कहा कि यूपी जैसे राज्य में 9 क्लाइमेटिक जोन हैं। इनमें अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग कृषि उत्पादों को विकसित करने और आगे बढ़ाने का अवसर होता है। यूपी के अंदर यह संभावनाएं बहुत अच्छी बन सकती हैं। वाराणसी-आजमगढ़ प्राचीन काल से ही रेशम उद्योग का कलस्टर रहा है। लोकल स्तर पर रेशम का उत्पादन, प्रोसेसिंग, आगे की प्रक्रिया के साथ वस्त्र उत्पादन से जोड़ें। रॉ मटेरियल सस्ता मिलता है तो स्वाभाविक रूप से लागत भी सस्ती आएगी। समाज-मार्केट की डिमांड के अनुरूप उत्पाद आसानी से लोगों को उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सरकार इस दिशा में प्रशिक्षण से जोड़ने, रॉ मटेरियल-प्रोसेसिंग के लिए सहयोग, मार्केटिंग और डिजाइनिंग के साथ जोड़ने में मदद करेगी। सीएम योगी ने कहा कि प्राचीन काल से ही यूपी का किसान-उद्यमी इससे जुड़ा रहा है, लेकिन उन्हें पिछली सरकार का दंश झेलना पड़ा था। समय के अनुरूप उचित प्रोत्साहन, डिजाइनिंग, पैकेजिंग के साथ उन्हें नहीं जोड़ा गया। यह केवल सिल्क ही नहीं, बल्कि परंपरागत उत्पाद के प्रत्येक क्षेत्र में ऐसा होता था। भदोही में कॉरपेट, गोरखपुर में टेराकोटा उत्पाद मिलेगा। सबसे अधिक जीआई प्रोडक्ट वाराणसी में हैं। आगरा और कानपुर में चमड़ा उत्पाद, मुरादाबाद में पीतल उत्पाद, फिरोजाबाद में ग्लास, मेरठ में स्पोर्ट्स आइटम है यानी अलग-अलग जनपद के अलग-अलग उत्पाद यूपी के पोटेंशियल को देश-दुनिया के सामने रखता है। इसके माध्यम से यूपी परंपरागत उत्पादों के माध्यम से युवाओं-उद्यमियों को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी के अंदर सिल्क के कलस्टर जिन क्षेत्रों में विकसित हो सकते हैं या जहां संभावनाएं बनी हुई हैं, वहां भी उसे तेजी के साथ बढ़ाने के लिए प्रयास प्रारंभ करना होगा। आवश्यकता पड़ने पर विभाग को अलग से भी ऐसे किसान, जो रेशम मित्र के … Read more

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारी, योगी आदित्यनाथ का नारा बंटेंगे तो कटेंगे सुपर हिट

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने रविवार को 99 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इस लिस्ट के आने के बाद से महायुति में अनबन की खबरें सामने आ रही हैं। कल्याण-पूर्व विधानसभा क्षेत्र और ठाणे समेत कई सीटों पर टिकट को लेकर विवाद सामने आया है। वहीं इसी बीच शहर में योगी आदित्यनाथ की एक लाइन के पोस्टर्स लगाए गए हैं। कहा जा रहा है कि ये पोस्टर्स महायुति के उन नेताओं को संदेश देने के लिए लगाए गए हैं, जो टिकट न मिलने के बाद बगावत कर सकते हैं। पोस्टर्स में लिखा है, ‘बटेंगे तो कटेंगे।’ पोस्टर्स मुंबई ईस्टर्न हाइवे और ठाणे के इलाकों में लगाए गए हैं। इन पोस्टर्स में उत्तर प्रदेश के मुख्मयमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर छपी है। के इनमें लिखा है, योगी संदेश, ‘बटेंगे तो कटेंगे।’ इसके आगे लिखा है, ‘एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे।’ इन बैनर्स को किसने लगाया है, फिलहाल सामने नहीं आया है। लेकिन इसमें सबसे नीचे लिखा है विश्ववंधु राय। क्यों लगाए गए पोस्टर्स-बैनर्स इस संदेश वाले बैनर लगाने वाले विश्ववंधु राय बीजेपी के ही नेता हैं। उन्होंने कहा, ‘विपक्ष बांटने की राजनीति कर रहा है, तृष्टिकरण की राजनीति कर रहा है। इन पोस्टर्स से हम बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।’ बीजेपी नेता ने कहा कि मुंबई में उत्तर भारत के लोग काफी संख्या में हैं। वे योगी के फैन हैं और योगी के संदेश को उन तक पहुंचाने के लिए बैनर्स लगाए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारी बीजेपी नेता ने आगे कहा कि योगी आदित्यनाथ का नारा बंटेंगे तो कटेंगे सुपर हिट है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी इस नारे ने काम किया और बीजेपी को प्रचंड जीत मिली। अब योगी के इस नारे को मुंबई के जन-जन तक पहुंचाकर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने के की तैयारी है। महायुति के नेताओं को भी संदेश वहीं सूत्रों ने कहा कि महायुति के नेताओं को भी इससे एक संदेश देने की कोशिश की गई है, जो बीजेपी की पहली लिस्ट आने के बाद विवाद कर रहे हैं। कई ने अंदरुनी बकावत शुरू कर दी है, उन्हें भी इससे संदेश जाएगा। हरियाणा के बाद महाराष्ट्र में योगी का मंत्र आएगा काम! अब माना जा रहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के मंत्र को चुनावी मैदान की प्रयोग किया जाएगा। हरियाणा विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ का ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा काफी प्रभावी रहा था। योगी के इस मंत्र से विपक्षी इंडिया गठबंधन की जातीय पॉकेट्स को साधकर सत्ता हासिल करने की रणनीति को फेल कर दिया गया। अब महाराष्ट्र में भी इसी मंत्र से हिंदू वोटों को छिटकने से रोकने का प्रयास होगा।

उत्‍तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी, बीजेपी डोर टू डोर अभियान चलाकर वोटरों से संपर्क करने की तैयारी

मथुरा  उत्‍तर प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी है। 13 नवंबर को यहां वोटिंग होगी। भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्‍याशियों का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि जल्‍द ही उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट आ सकती है। इस बीच, मंगलवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ मथुरा दौरे पर आ रहे हैं। वह यहां 10 दिनों का प्रवास कर रहे संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शाम छह बजे दोनों की मुलाकात हो सकती है। इस दौरान उपुचनाव में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार की जा सकती है। गौरतलब है कि मथुरा के परखम में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक चल रही है। इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ संघ के सभी प्रमुख प्रचारक भी मौजूद रहेंगे। संघ की यह बैठक भविष्य की योजनाओं का खाका खींचने के लिए हो रही है। बताया जा रहा है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में जीत से उत्‍साहित आरएसएस यूपी उपचुनाव में भी ऐसी ही रणनीति तैयार करने में जुटा है। संघ हरियाणा के तरह यूपी में भी नुक्‍कड़ सभाओं और डोर टू डोर अभियान चलाकर बीजेपी के लिए माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। 5 हजार छोटी सभाएं करने का लक्ष्‍य बताया जा रहा है कि हरियाणा चुनाव में जिस तरह बीजेपी ने ओबीसी वोटरों को अपने पक्ष में किया, उसी तरह यूपी में भी प्रयास कर रही है। इसके लिए पांच से सात लोगों के छोटे-छोटे ग्रुप बनाए जाएंगे जो अपने इलाकों में लोगों के घर-घर जाकर वोटरों से संवाद करेंगे। संघ ने उन इलाकों की पहचान की है, जहां बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उम्‍मीदों के अनुसार वोट नहीं मिले। सभी 10 विधानसभाओं में संघ ने करीब पांच हजार छोटी सभाएं करने का लक्ष्‍य बनाया है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में आएंगे योगी गौरतलब है कि मंगलवार को मथुरा में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक होनी है। इसमें शामिल होने के लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ आ रहे है। वह विकास परिषद के अध्‍यक्ष हैं। बताया जा रहा है कि शाम 4 बजे परिषद की बैठक शुरू होगी। इस दौरान डेढ़ दर्जन से ज्‍यादा के प्रस्‍ताव रखे जाएंगे। करोड़ों रुपयों के इन प्रस्‍ताव पर मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में मुहर लगाई जाएगी।

महाकुंभ से पहले प्रयागराज एयरपोर्ट पर दीप्तिमान 84 स्तंभों की स्थापना होगी

प्रयागराज महाकुंभ को दिव्य स्वरूप देने के लिए कुंभ नगरी के कोने-कोने में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों की स्थापना की जा रही है । शहर की सड़क, चौराहे और शहर की प्रमुख दीवारें सज संवर रही हैं। प्रयागराज का सिविल एयरपोर्ट भी इससे अछूता नहीं है। यहां दीप्तिमान 84 स्तंभों की स्थापना इसी का हिस्सा है। सृष्टि जीवन का क्रमिक विकास है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह 84 लाख योनियों से होकर गुजरता है। प्रयागराज के सिविल एयरपोर्ट में सृष्टि के इसी विकास क्रम को 84 आलोकित स्तंभों के माध्यम से दर्शाया जा रहा है। जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन डिवीजन इसकी कार्यदाई संस्था है। सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित कुमार राना का कहना है कि एयरपोर्ट के बाहर सड़क के दोनो तरफ इन स्तंभों की स्थापना की जा रही है। 21 करोड़ 30 लाख के बजट से ये विशेष आलोकित स्तंभ तैयार हो रहे हैं। इसके लिए 10 करोड़ की पहली किश्त जारी की जा चुकी है। नवंबर तक इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। देश विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को ये स्तंभ आकर्षित करेंगे। एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने से जाने वाली सड़क में ये 84 स्तंभ स्थापित किए जाएंगे। ह स्तंभ की लंबाई 6 मीटर होगी और यह खास स्टोन से बनाया जा रहा है । प्रोजेक्ट मैनेजर के मुताबिक लगभग 525 मीटर की लंबाई में सीधी रेखा में स्थापित होने वाले इन 84 स्तंभों में जीव 84 लाख योनियों का संकेत होगा, जिससे सृष्टि का सार होगा। एक स्तंभ से दूसरे स्तंभ की दूरी 12 मीटर रखी गई है। हर स्तंभ में भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी लिखे जाएंगे। रात के समय इन स्तंभों में स्पेशल लाइटिंग का इंतजाम किया है ताकि अंधेरे में भी ये उतनी ही चमक के साथ आलोकित होते रहें। स्तंभ के पास फूलदार सजावटी पौधे भी रोपित किए जाएंगे। नजदीक बैठने के लिए विशिष्ट बेंच का भी निर्माण किया जायेगा।    

उत्तर प्रदेश में नये अध्यादेश में खाने पीने की चीजों में थूक मिलाना गैर-जमानती अपराध माना जाएगा

लखनऊ सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल है, जिसके बारे में सुन पाना भी मुश्किल हो रहा है. सड़क किनारे की दुकानों पर खाने की चीजों में थूक लगाने की खबरें तो अक्सर आती रही हैं, लेकिन इस बार घर में काम करने वाली एक मेड की करतूत सामने आई है. मेड आटा गूंथने के लिए पानी की जगह पेशाब का इस्तेमाल कर रही थी. और उसकी करतूत तब मालूम हो सकी जब घरवालों ने खाना बनाने के वक्त चुपके उसका वीडियो बना लिया. गाजियाबाद के इस मामले में आरोपी मेड को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताते हैं कि वो मेड परिवार में पिछले 8 साल से काम कर रही थी. उन लोगों को शक तब हुआ जब परिवार के लोग कुछ महीनों से गंभीर रूप से बीमार होने लगे. परिवार के लोग पेट और लीवर की बीमारियों से जूझ रहे थे. पहले तो सामान्य इन्फेक्शन समझकर इलाज चला, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ तो शक गहराने लगा – और पीछे लगने पर पूरी कहानी सामने आई. जुलाई, 2024 की ही बात है, कांवड़ यात्रा के रास्ते में आने वाली दुकानों के बाहर स्थानीय पुलिस ने मालिकों को नाम लिखने को कहा तो बवाल मच गया. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, और उस पर रोक लगा दी गई – अब खबर आई है कि यूपी सरकार ऐसे मामलों को रोकने के लिए नया अध्यादेश लाने जा रही है. खाने पीने की चीजों में थूक मिलाना गैर-जमानती अपराध होगा खाने-पीने की चीजों में थूक मिलाने की घटना को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी काफी गंभीरता से लिया है – और ऐसे मामलों में डीजीपी को सख्ती से पेश आने का आदेश दिया है. पुष्कर सिंह धामी ने कहते हैं, ‘इस तरह के किसी दुष्कृत्य के लिए उत्तराखंड में कोई स्थान नहीं है… ऐसी घटनाओं से न सिर्फ खाद्य पदार्थ दूषित होते हैं, भावनाएं भी आहत होती हैं… इस तरह की घटनाओं पर हम कठोर कार्रवाई करेंगे.’ उत्तराखंड सरकार की तरफ से सभी जिलों में पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि होटल, ढाबा और बाकी संस्थानों में काम करने वालों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाये, और सीसीटीवी लगाने के साथ ही खुफिया जानकारी इकट्ठा की जाये. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो थूक या कोई भी ह्यूमन वेस्ट मिलाये जाने को लेकर अध्यादेश लाने की तैयारी कर रहे हैं. इस सिलसिले में दो अध्यादेश – ‘छद्म एवं सौहार्द विरोधी क्रियाकलाप निवारण एवं थूक प्रतिषेध अध्यादेश 2024’ और ‘यूपी प्रिवेंशन ऑफ कॉन्टेमिनेशन इन फूड (कंज्यूमर राइट टू नो) अध्यादेश 2024’ लाये जाने हैं. अध्यादेशों के जरिये थूककर खाना खिलाना गैर-जमानती अपराध तो होगा ही, अपराध के लिए सजा के कड़े प्रावधान भी किये जाएंगे. साथ ही, अध्यादेश आ जाने के बाद सभी को अपने खाने के बारे में पूरी जानकारी लेने का अधिकार होगा. दोनो अध्यादेश एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. खाना कहां बन रहा है? कौन बना रहा है? और खाना कैसा है? अध्यादेश में उपभोक्ता को खाद्य पदार्थों के बारे में ,सब कुछ जानने का करीब करीब वैसे ही अधिकार मिलेगा, जैसे RTI में सूचना को लेकर मिला हुआ है. खाने में थूक-पेशाब मिलाने वाले सायकोपैथ नहीं तो क्या हैं? जरा सोचिये, वो मेड उस परिवार में 8 साल से काम कर रही थी. पहले और भी घरों में काम कर चुकी होगी. मालूम नहीं पेशाब मिलाकर खाना बनाने का काम उसी परिवार में कर रही थी, जहां पकड़ी गई या बाकी जगह भी कर चुकी है, ये सब तो पुलिस की जांच-पड़ताल से ही सामने आएगा – और ये भी मालूम हो सकेगा कि ये काम वो कुछ ही दिनों से कर रही थी, या शुरू से ही ऐसा करती आ रही थी? आखिर कैसे होते हैं ये लोग. कैसी होती है इनके दिमाग की बनावट. ऐसे ख्याल इनके मन में आते क्यों हैं? कई मामलों में अपराधियों को सायकोपैथ माना जाता है, जो मजे लेने के लिए अपराध को अंजाम देते हैं. अपनी करतूत में उनको मजा आता है – खाने को लेकर ऐसी करतूत तो इसमें शामिल लोगों के भी सायकोपैथ होने की तरफ ही इशारा कर रही है. ये कितनी गंभीर बात है कि जहां लोग लहसुन प्याज के इस्तेमाल से परहेज करते हों, वहां खाने में थूक और पेशाब मिलाये जाने से रोकने के लिए सरकार को कानून बनाना पड़े – भला इससे बड़े शर्म की बात क्या होगी.  

मृतक के परिजनों ने की योगी से मुलाकात, जिस तरह से उसने मेरे पति की हत्या की है, उसे भी उसी तरह से सजा मिलनी चाहिए

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में मूर्ति विसर्जन बवाल में मारे गए युवक राम गोपाल मिश्रा के परिवार के सदस्य मंगलवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात किए। सीएम योगी ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया। योगी ने कहा कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। इस बीच, मुलाकात से पहले मारे गए राम गोपाल की पत्नी रोली मिश्रा ने कहा कि जिस तरह से उसने मेरे पति की हत्या की है, उसे भी उसी तरह से सजा मिलनी चाहिए। बहराइच में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़कने पर 22 वर्षीय युवक राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और पथराव और गोलीबारी में लगभग आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। सोमवार को परिवार और अन्य लोगों की ओर से न्याय की गुहार के बीच बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए, जिनमें से कुछ के पास लाठी-डंडे भी थे। हिंसा के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था, दुकानें जला दी गई थीं और गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर आई थी। मिश्रा का अंतिम संस्कार भारी सुरक्षा के बीच किया गया। एहतियात के तौर पर बहराइच जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। हालांकि दूसरे दिन दोनों समुदायों के लोगों की ओर से घटना को अंजाम दिया गया है। दोपहर दो बजे के बाद मृतक का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। बेकाबू होती स्थिति की खबर पाकर एडीजी लॉ एंड आर्डर अमिताभ यश भी कबड़ियन पुरवा पहुंचे थे। पुलिस कर्मियों को आगे बढ़कर हिंसा रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए। कहा कि किसी भी हालत में ऐसे लोगों को तत्काल गिरफ्तार करें, जो हिंसा भड़काने में लगे हुए हैं। हरदी पुलिस के मुताबिक महाराजगंज हिंसा मामले में अब तक पुलिस ने 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। इनमें मुख्य आरोपी हमीद अहमद, सलमान, फहीम अहमद, सादिक अहमद, ननकऊ, सरफराज नामजद किए गए हैं। अन्य कई लोग अज्ञात हैं। इनमें सलमान, शाहिर खांन व उनके पिता अली की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं, जो उनको पकड़ने के लिए दबिश दे रही हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि, डबल इंजन की सरकार इसी परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है- सीएम योगी

लखनऊ  गोरखनाथ मठ की परंपरा को मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ मिशन शक्ति के जरिये लगातार विस्तार दे रहे हैं। एंटी रोमियो स्क्वाड, पिंक टॉयलेट, पिंक बूथ, पिंक बसें, पीएसी में महिला बटालियन, थाने में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को पहली बार बीट पर तैनाती, लखपति दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी, सुकन्या योजना, स्वयं सहायता समूहों का सशक्तिकरण, निराश्रित महिला पेंशन की पात्रता के लिए उम्र की सीमा खत्म करने के साथ धनराशि में वृद्धि जैसी योजनाएं इसका प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री का यह काम अपनी परंपरा, संस्कृति, संस्कार एवं इतिहास का सम्मान है। फिलहाल योगी सरकार में मिशन शक्ति का पांचवा चरण चल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि, डबल इंजन की सरकार इसी परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है। इसमें से मिशन शक्ति सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। शारदीय नवरात्रि के दिन ही मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति के प्रथम चरण की शुरुआत देवीपाटन (देश के प्रमुख शक्तिपीठों में एक) से की थी। समय और स्थान का चयन खुद में एक बड़ा संदेश था। गोरखपुर के लोग मानते हैं कि योगी आदित्यनाथ जिस गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं, उसमें नारियों का बेहद सम्मान रहा है। हर साल दोनों नवरात्रि में पीठ में इसका जीवंत स्वरूप भी दिखता है। रोज की खास पूजा के बाद नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या पूजन से इसका समापन होता है। खुद पीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री कन्याओं का पांव पखारते हैं। उनको भोजन कराते हैं और दक्षिणा देकर विदा करते हैं। महिलाओं की शिक्षा और स्वावलंबन पर भी गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ का वर्षों से खासा फोकस रहा है। पीठ की ओर से संचालित शैक्षिक प्रकल्प महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद कई दशकों से आधी आबादी के शैक्षिक पुनर्जागरण और आर्थिक स्वावलंबन का अलग-अलग तरीकों से पूरे पूर्वांचल में अलख जगा रहा है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शिक्षण संस्थाओं में से कई में बालिकाओं के लिए सह शिक्षा (को-एजुकेशन) की व्यवस्था है। करीब दर्जन भर ऐसे शिक्षण संस्थान हैं जो विशेष तौर पर बालिकाओं की शिक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए ही समर्पित हैं। महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज, महाराणा प्रताप महिला पीजी कॉलेज, महाराणा प्रताप टेलरिंग कॉलेज, दिग्विजयनाथ बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महाराणा प्रताप मीराबाई महिला छात्रावास, दिग्विजयनाथ महिला छात्रावास, गुरु गोरक्षनाथ स्कूल ऑफ नर्सिंग, योगीराज बाबा गम्भीरनाथ निशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र जैसे संस्थानों से प्रतिवर्ष हजारों बालिकाएं अपने जीवन पथ पर ससम्मान आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी पीठ की परंपरा के अनुसार विभिन्न योजनाओं के जरिये अबला कही जाने वाली नारी को वह सबला बनाने में जुटे हैं, वह भी पूरी शिद्दत से।    

उत्तर प्रदेश को 31 हजार 962 हजार करोड़ टैक्स डिवोल्यूशन मिला

लखनऊ केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को  1,78,173 करोड़ रुपये का टैक्स डिवॉल्यूशन जारी किया है. इसमें सबसे ज्यादा यूपी को 31हजार 962 करोड़ रुपये मिले हैं. सभी राज्यों के संदर्भ में देखें तो इस टैक्स डिवॉल्यूशन में अक्टूबर, 2024 में देय नियमित किस्त के अलावा ₹89,086.50 करोड़ की एक अग्रिम किस्त भी शामिल है. वित्त मंत्रालय ने कहा है कि आगामी त्यौहारी सीज़न को देखते हुए और राज्यों को पूंजीगत खर्चे में तेजी लाने और उनके विकास/कल्याण संबंधी खर्चे को वित्तपोषित करने में सक्षम बनाने के लिए अग्रिम किस्त जारी की गई. केंद्र के इस फैसले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया भी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कर हस्तांतरण के तहत उत्तर प्रदेश को समय पर 31,962 करोड़ रुपये करने के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्रालय का हार्दिक आभार. यह अग्रिम किस्त हमारे त्यौहारी सीजन की तैयारियों को काफी बढ़ावा देगी और पूरे राज्य में विकास और कल्याणकारी पहलों को गति देगी. हम सब मिलकर एक मजबूत और अधिक समृद्ध उत्तर प्रदेश का निर्माण कर रहे हैं. बता दें इन रुपयों को राज्य सरकार उन अलग-अलग योजनाओं और स्कीम्स में खर्च करेगी जिनका ऐलान किया गया है. सरकार ने बीते दिनों कर्मचारियों को बोनस देने, बीपीएल श्रेणी वालों को त्यौहारी सीजन में दो सिलेंडर मुफ्त देने का ऐलान किया था. इन योजनाओं में राज्य सरकार का करोड़ों रुपया खर्च होता है. ऐसे में केंद्र से टैक्स डिवॉल्यूशन का रुपया मिलने पर राज्य सरकार को काफी राहत मिलेगी.  

हरियाणा-जम्मू में चला योगी का जादू, जहां-जहां किया प्रचार, खिल गया कमल

चंडीगढ़  हरियाणा विधानसभा चुनाव के कुछ महीनों पहले तक दुष्यंत डिप्टी सीएम पद पर काबिज थे, लेकिन भाजपा में हुई हलचल ने सारे समीकरण बदल दिए। जेजेपी और भाजपा का गठबंधन टूटा। इसके बाद उनकी पार्टी के कई विधायक भी टूट गए। उनकी वापसी की उम्मीद कहे जा रहे 2024 विधानसभा चुनाव भी बड़ा जेजेपी और दुष्यंत के लिए बड़े झटके की तरह रहे। हरियाणा की उचाना कलां सीट से मैदान में उतरे दुष्यंत 5वें स्थान पर रहे। उन्हें 5 फीसदी से भी कम वोट मिले। वह दल के उन नेताओं में शामिल थे, जिनकी जमानत जब्त हो गई थी। सीट पर भाजपा के देवेंद्र चतुर्भुज अत्तरी ने महज 32 वोट के अंतर से कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह को हराया है। दुष्यंत इस सीट पर दो निर्दलीय उम्मीदवारों विकास और वीरेंद्र घोघारियां से भी पिछड़ गए। उन्होंने सीट 41 हजार से ज्यादा वोट से गंवाई।विधानसभा चुनाव में जेजेपी का एक भी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सका। यहां तक कि पार्टी का वोट शेयर भी 15 प्रतिशत से घटकर 1 फीसदी से भी कम पर आ गया था। दुष्यंत पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला के पोते और पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के परपोता हैं। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री देवी लाल, बंसी लाल और भजन लाल के परिवार के सदस्य जीतने में कामयाब रहे। पूर्व सीएम भजन लाल के बेटे चंद्र मोहन पंचकूला से जीते, पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के पोते आदित्य देवी लाल डबवाली से जीते, अर्जुन चौटाला रनिया से विजयी रहे। पूर्व सीएम बंसी लाल की परपोती श्रुति चौधरी तोषाम से जीतीं। हालांकि, भजन लाल के परिवार से भव्य बिश्नोई बड़ा झटका साबित हुआ। शुरुआती राउंड्स में आदमपुर सीट से आगे चल रहे भव्य को हार का सामना करना पड़ा। खास बात है कि आदमपुर सीट पर 50 सालों से ज्यादा समय तक भजन लाल परिवार का कब्जा रहा। हरियाणा-जम्मू में चला योगी का जादू, जहां-जहां किया प्रचार, खिल गया कमल  यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में हालिया विधानसभा चुनावों में भी अपना प्रभाव दिखाया है। उनकी रैलियों की मांग हमेशा बनी रही और उम्मीदवारों के बीच उनकी उपस्थिति जीत की पक्की गारंटी मानी जाती है। योगी ने हरियाणा में 14 रैलियां और जम्मू में 4 रैलियां की थी। जम्मू में उन्होंने जिन विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया, वहां बीजेपी ने जीत हासिल की। हरियाणा में भी एंटी-इन्कंबेंसी माहौल के बावजूद योगी की रैलियों ने बीजेपी को 14 में से 9 सीटें जीतने में मदद की। क्योंकि पार्टी को पिछले दस सालों में सत्ता के खिलाफ जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। योगी की रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ और उनका बोलने का अंदाज चुनावी नतीजों में सीधे तौर पर परिवर्तित होता है। उनकी लोकप्रियता के चलते बीजेपी ने दोनों राज्यों में उनकी रैलियों को एक प्रमुख रणनीति का हिस्सा बनाया था। इन चुनावों के परिणाम ने यह साबित कर दिया कि सीएम योगी, पीएम मोदी के बाद, बीजेपी के सबसे लोकप्रिय चेहरे हैं। उनके प्रभावी प्रचार से न केवल बीजेपी की स्थिति मजबूत हुई, बल्कि उन्होंने पार्टी की जीत तय करने में भी अहम भूमिका निभाई है। इस प्रकार योगी की रैलियों की सफलता ने साबित किया है कि उनकी रणनीतियां अन्य राज्यों के चुनावों में भी बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं।    

कोई भी कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश न करे. जो लोग ऐसा करेंगे उन्हें सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे -CM योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज का एक निश्चित वर्ग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना और मूर्तियों को तोड़ना अपना अधिकार मानता है. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा. मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ‘हिंदू धर्म किसी का अंत नहीं चाहता है. वह अहिंसा परमो धर्मः के साथ ही धर्म हिंसा तथैव च की भी बात करता है. यानी सेवा के कार्य से जुड़ें. दीन-दुखियों की सेवा के लिए जीवन समर्पित करें, लेकिन राष्ट्र-धर्म की रक्षा और निर्दोषों को बचाने के लिए हिंसा करनी पड़े तो यह धर्म सम्मत है.’ उन्होंने जोर देकर कहा, ‘यही आह्वान भारत सेवाश्रम संघ की स्थापना के समय प्रखर राष्‍ट्रवादी व सिद्ध संत स्वामी प्रणवानंद ने भी किया था. स्वामी प्रणवानंद ने साधना से सिद्धि प्राप्‍त की थी, लेकिन ध्‍येय राष्‍ट्रवाद का था.’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम संघ में दुर्गा पूजा समारोह में अपने भाषण के दौरान यह टिप्पणी की. उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में, जहां देवी की पूजा की परंपरा शुरू हुई, सनातन धर्म आज ‘असहाय और असुरक्षित’ दिखाई देता है. योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि एक निश्चित वर्ग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना, प्रतिष्ठित हस्तियों का अपमान करना और मूर्तियों को तोड़ना अपना अधिकार मानता है. उन्होंने कहा, ‘अक्सर जब कोई नफरत व्यक्त करता है तो अशांति पैदा करने के लिए इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश की जाती है.’ योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी, ‘कोई भी कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश न करे. जो लोग ऐसा करेंगे उन्हें सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे. कानून अव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगा.’     हमारा हिंदू धर्म स्पष्ट कहता है कि ‘अहिंसा परमो धर्म:’    उन्होंने कहा कि हर धर्म, संप्रदाय और समुदाय की आस्था का सम्मान होना ही चाहिए, लेकिन अराजकता अस्वीकार्य है और गड़बड़ी पैदा करने वालों को परिणाम भुगतना होगा. कार्यक्रम के दौरान सीएम ने मां दुर्गा की पूजा की और महिलाओं को 100 सिलाई मशीनें वितरित कीं. उन्होंने सभी आगंतुकों, अतिथियों और जनता को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘अहिंसा परमो धर्मः’ का सिद्धांत गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए अपना जीवन समर्पित करने पर जोर देता है. उन्होंने आगे कहा, ‘हालांकि अगर देश की एकता और अखंडता को चुनौती दी जाती है या इसकी सीमाओं पर अतिक्रमण किया जाता है, तो धर्म हिंसा तथैव च का सिद्धांत देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए आवश्यक कार्रवाई का समर्थन करता है.’ सभी जातियों, पंथों और धर्मों के महान व्यक्तियों का सम्मान करने के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर कोई किसी महान व्यक्ति या संन्यासी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है, तो ऐसे लोग दंड के भागी होंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. हालांकि , विरोध का मतलब बर्बरता या लूटपाट करना नहीं है…ऐसी कार्रवाइयां पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं.’ मुख्यमंत्री योगी की यह टिप्पणी गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद की विवादित टिप्पणी के बाद समुदाय विशेष द्वारा किए गए उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है. योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा और अनुष्ठान के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा, ‘बंगाल वह भूमि है जिसने हमें राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत दिए और भारत की बौद्धिक नींव रखी. स्वतंत्रता के संघर्ष में बंगाल की कई महान हस्तियों का योगदान रहा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘बंगाल ने भारत माता को जगदीश चंद्र बोस, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, स्वामी प्रणवानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे सपूत दिए हैं. लेकिन, आज बंगाल में क्या हो रहा है? वहां के लोगों को त्योहार मनाने से पहले दो बार सोचना पड़ता है. जबकि उत्तर प्रदेश में त्योहारों को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, बाधा उत्पन्न करने के किसी भी प्रयास पर तुरंत कार्रवाई की जाती है. लेकिन जिस बंगाल से जगतजननी मां भगवती के अनुष्ठान का शुभारंभ होता है, उस बंगाल में आज सनातन धर्म असहाय व असुरक्षित दिखता है.’  

विरोध के नाम पर अराजकता भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : सीएम योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि किसी भी जाति, मत-मजहब अथवा संप्रदाय से जुड़े हुए ईष्ट देवी-देवता, महापुरुषों अथवा साधु-संतों के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी अस्वीकार्य है, लेकिन विरोध के नाम पर अराजकता भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार को त्योहारों के दृष्टिगत मुख्य सचिव, डीजीपी, अपर मुख्य सचिव गृह, एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मत, संप्रदाय की आस्था का सम्मान होना चाहिए। महापुरुषों के प्रति प्रत्येक नागरिक के मन मंय कृतज्ञता का भाव होना चाहिए, लेकिन इसके लिए बाध्य नहीं किया सकता और जबरन किसी पर थोपा भी नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अगर आस्था के साथ खिलवाड़ करेगा, महापुरुषों, देवी-देवता, संप्रदाय आदि की आस्था के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करेगा, तो उसे कानून के दायरे में लाकर कठोरता पूर्वक सजा दिलवाई जाएगी, लेकिन सभी मत, मजहब, सम्प्रदाय के लोगों को एक-दूसरे का सम्मान करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध के नाम पर अराजकता, तोड़-फोड़ अथवा आगजनी स्वीकार नहीं है, जो कोई ऐसा दुस्साहस करेगा, उसे उसकी कीमत चुकानी होगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि शारदीय नवरात्रि विजयदशमी का पर्व हर्षोल्लास, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हो, यह प्रत्येक जनपद-प्रत्येक थाना को सुनिश्चित करना होगा। माहौल खराब करने वालों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई करें। कानून के विरुद्ध कार्य करने वालों के साथ सख्ती से निपटें। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में फुट पेट्रोलिंग और पीआरवी 112 की पेट्रोलिंग तेज की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित होनी चाहिए, इसके लिए सभी विभाग मिलकर काम करें।      

किताब में दावा – 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ को हटाने की पूरी तैयारी थी

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ पर एक किताब बाजार में आई है, जोकि काफी चर्चा में बन गई है। इस किताब में अब तक उत्तर प्रदेश में हुए 21 सीएम के कामों और उनके जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। यह किताब   वरिष्ठ पत्रकार श्यामलाल यादव ने लिखी है। At The Heart Of Power: The Chief Ministers of Uttar Pradesh (ऐट द हर्ट ऑफ पॉवर: द चीफ मिनिस्टर और उत्तर प्रदेश) किताब में वरिष्ठ पत्रकार श्याम लाल यादव ने कई दावे किए हैं। उन्होंने अपनी किताब में दावा किया है कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ को हटाने की पूरी तैयारी थी। अपनी किताब में श्याम लाल यादव लिखते हैं कि उत्तर प्रदेश में 2022 के चुनाव में कुल नौ महीने बचे थे। ऐसे में लखनऊ से दिल्ली तक बीजेपी और आरएसएस नेताओं के बीच कई दौर की मुलाकातें हुईं। एक वक्त तो तय हो गया था कि योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद से हटा दिया जाएगा। इससे पहले योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कोई बदलाव किया जाता है, उससे पहले बीजेपी के आलाकमान को आभास हो गया कि अगर चलती सरकार में योगी को हटाया गया, तो पार्टी को नुकसान उठाना पड़ेगा। श्याम लाल यादव ने अपनी किताब में योगी को हटाने की कोशिश के पीछे का कारण तो नहीं बताया है, लेकिन योगी पर लिखे गए वो 16 पन्नों में योगी सरकार के विरोध में जो कुछ चीजें हो रही थीं, उसका ब्योरा जरूर दिया। उस समय उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से उनके मतभेद बढ़ रहे थे। श्याम लाल यादव आगे लिखते हैं कि हालांकि आरएसएस नेताओं के दखल के बाद 22 जून 2021 को योगी आदित्यनाथ अचानक केशव प्रसाद मौर्य से मिलने पहुंच गए थे। इसको दोनों नेताओं के रिश्ते में सुधारने की कवायद के रूप में देखा गया। केशव प्रसाद मौर्य अप्रैल 2016 में बीजेपी अध्यक्ष बनाए थे और मार्च 2017 में बीजेपी की जीत के बाद उनका नाम सीएम की रेस में था, लेकिन योगी को सीएम बना दिया गया, तभी से दोनों के बीच में मतभेद उत्पन्न हो गए थे। इसके अलावा, दूसरा ब्यूरोक्रेसी का दबदबा है। किताब में कहा गया है कि जब भी बीजेपी सरकार आती है, तो ब्यूरोक्रेसी का प्रभाव बढ़ जाता है। बीजेपी की जमीनी कार्यकर्ताओं की शिकायत रहती है कि ब्यूरोक्रेसी में कार्यकर्ताओं समेत चुने गए प्रतिनिधियों का महत्व कम हो जाता है। यही योगी सरकार में हुआ। इसका नतीजा यह हुआ कि 17 दिसंबर 2019 में बीजेपी के 100 विधायकों ने अपनी सरकार के खिलाफ लखनऊ में धरना दिया था। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ का ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगना भी था। श्याम लाल यादव किताब में लिखते हैं कि बीजेपी के कुछ विधायक सवाल उठाने लगे कि योगी सरकार में ब्राह्मणों का एनकाउंटर हुआ। किताब में योगी के अलावा अन्य सीएम के बारे में भी बड़े-बड़े रहस्यों से पर्दा उठाया गया है।

सीएम योगी ने बैठक में अधिकारियों को दिया, बकरीद पर सड़क पर नहीं होगी नमाज

Bharat Ratna Lal Krishna Advani discharged from AIIMS, was admitted last night

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए सुदृढ़ कानून-व्यवस्था व श्रद्धालुओं की सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम ने पर्वों व त्योहारों को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान सीएम योगी अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए है। सीएम योगी ने कहा कि 16 जून को गंगा दशहरा, 17 जून को बकरीद, 18 जून को ज्येष्ठ माह का मंगल का पर्व और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन है। जुलाई महीने में मोहर्रम और कांवड़ यात्रा जैसे पवित्र कार्यक्रम होने हैं। स्वाभाविक रूप से यह समय कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। शासन-प्रशासन को 24 घंटे एक्टिव मोड में रहने की जरूरत है। सीएम ने कहा कि प्रदेश में 15 से 22 जून तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाना चाहिए। गंगा दशहरा के दृष्टिगत गंगा नदी के घाटों की साफ-सफाई और साज-सज्जा की जानी चाहिए। स्नान कहां करना है, यह सुनिश्चित हो। सतर्कता के दृष्टिगत गोताखोरों, पीएसी के फ्लड यूनिट और एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की तैनाती भी की जाए। उन्होंने कहा कि इस समय भीषण गर्मी का समय है, साथ ही त्योहारों का आयोजन भी होना है। ऐसे में गांव, नगर, महानगर, कहीं भी रोस्टरिंग के नाम पर अनावश्यक ‘पॉवर कट’ न हो। ट्रांसफार्मर खराब होने और फॉल्ट की समस्या का तेजी के साथ निस्तारण कराएं। आम जन की जरूरतों का ध्यान रखें। पूर्व के अनुभव बताते हैं कि जहां स्थानीय प्रशासन ने संवादहीनता बनाए रखी, वहां अप्रिय घटना की स्थिति बनी। हमें इनसे सीख लेते हुए सतर्क रहना होगा। थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ संवाद बनाएं। लोगों के लिए सकारात्मक संदेश जारी कराएं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बकरीद पर कुर्बानी के लिए स्थान पहले से ही तय होना चाहिए। इसके अतिरिक्त कहीं और कुर्बानी न हो। विवादित/संवेदनशील स्थलों पर कुर्बानी नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न हो। उन्होंने कहा कि नमाज परंपरानुसार एक निर्धारित स्थल पर ही हो। सड़कों पर नमाज नहीं होनी चाहिए। आस्था का सम्मान करें, लेकिन किसी नई परंपरा को प्रोत्साहन न दें। योगी ने कहा कि हर एक पर्व शांति और सौहार्द के बीच संपन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। यदि कोई भी कानून हाथ में लेने का प्रयास करे तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। अराजक तत्वों पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ माह के बड़ा मंगल पर भंडारा आयोजन की परंपरा रही है। आयोजकों को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि प्रसाद खाकर अपशिष्ट सड़क किनारे न फेकें जाएं। डस्टबिन की उपलब्धता हर भंडारा स्थल पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई घटना न हो, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हो। उन्होंने कहा कि आम आदमी का विश्वास जीतें। हमारी कार्रवाई माफिया के खिलाफ है, गरीब के खिलाफ नहीं। यह कार्रवाई और तेज की जाएगी। हर गरीब, शोषित, पीड़ित और वंचित के हितों की रक्षा, हमारी जिम्मेदारी है। फील्ड में तैनात अधिकारियों को लेकर सीयूजी फोन दिए गए हैं। यह जनता के लिए हैं। 24 घंटे इसे चालू रखें। हर अधिकारी यह फोन खुद रिसीव करें। जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाये रखें। उनकी अपेक्षाओं- समस्याओं को सुनें। मेरिट के आधार पर उसका निराकरण करें।

Uttar Pradesh के Mau में गले में तख्ती दाल थाने पहुंचा बदमाश, ढाई साल से था फरार

मऊ उत्तर प्रदेश के दो हजार से अधिक परिषदीय शिक्षकों के अंतर जनपदीय पारस्परिक स्थानान्तरण का रास्ता साफ हो गया है। एक साल तक कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद इन शिक्षकों की घर वापसी होगी। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने  सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किया है। उधर, बाराबंकी में एनकाउंटर में इनामी लुटेरे गोविंद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसकी निशानदेही पर तमंचा बरामद करने जा रही थी। इसी दौरान अभिरक्षा से भागते हुए बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जिस पर पुलिस ने जवाबी फायरिंग की तो एक गोली बदमाश के पैर में लगी और वह घायल हो गिर पड़ा।   एक लाख सालाना आय वालों को भी शादी का अनुदान, योगी सरकार ने बढ़ाई सीमा उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछड़ा वर्ग कल्याण की शादी अनुदान योजना के तहत आवेदकों की आय सीमा में बड़ा बदलाव किया है। अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवेदकों की वार्षिक आय सीमा रुपये एक लाख रुपये तक बढ़ा दी गई है। सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने यह जानकारी दी। 40 ग्राहकों के साथ बैंक में ही जालसाजी, मैनेजर ने हड़प लिए 80 लाख गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल कौड़िया एसबीआई के तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्रीकुमार भाष्कर भूषण, बैंक एकाउंटेंट अमरेंद्र कुमार सिंह, कैंटीन ब्वॉय पंकज मणि पर 80 लाख रुपये की जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि तीनों बैंक कर्मियों ने एफडी के भुगतान, केसीसी और क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर करीब 40 ग्राहकों से 80 लाख रुपये की जालसाजी की है। बरेली में सांड का हमला, किसान को पटक-पटक कर मार डाला; मचा कोहराम यूपी के बरेली में सांड के हमले में एक किसान की मौत के बाद आतंक फैल गया है। राधेश्‍याम नाम के इस 40 वर्षीय किसान को सांड ने पीट-पीटकर मार डाला। सांड ने किसान के सीने में नुकीले सींग घुसा दिए। इससे किसान की मौत हो गई। किसान पर सांड का हमला देख खेतों में काम कर रहे किसान वहां दौड़कर पहुंचे। उन्‍होंने सांड को किसी तरह से वहां से भगाया। घायल किसान को आनन-फानन में पीएचसी ले जाया गया वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

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