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कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को सीएम योगी देंगे वित्तीय सहायता

कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए बड़ी सौगात, सीएम योगी प्रदान करेंगे श्रद्धालुओं को वित्तीय सहायता लोकभवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 555 श्रद्धालुओं को वितरित करेंगे एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता लखनऊ कैलाश मानसरोवर तीर्थ के दर्शनार्थियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार मंगलवार को एक बड़ी पहल करने जा रही है। 17 मार्च को लोकभवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 555 श्रद्धालुओं को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता राशि वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश सरकार तीर्थ यात्रियों को प्रोत्साहित करने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से यह सहायता प्रदान कर रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे। यात्रियों के लिए बड़ी राहत सरकार की यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और यह यात्रा कठिन एवं खर्चीली होती है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। प्रदेश सरकार लगातार धार्मिक स्थलों के विकास, तीर्थ यात्राओं को सुविधाजनक बनाने और श्रद्धालुओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में कार्य कर रही है। यह कार्यक्रम उसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के साथ ही अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।  आस्था का सम्मान कैलाश मानसरोवर जैसी कठिन तीर्थ यात्रा को उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक सहायता के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए ₹1 लाख तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जो यात्रा पूर्ण करने के बाद आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के उपरांत सीधे लाभार्थियों के खाते में अंतरित की जाती है। इसके साथ ही, देशभर से आने वाले तीर्थ यात्रियों के ट्रांजिट स्टे की सुविधा के लिए गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण भी कराया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर ठहराव और सुविधाएं मिल सकें। यह पहल न केवल आस्था का सम्मान है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश को और प्रगतिमान बनाने का प्रयास भी है।

बीसी सखियों ने किया रिकॉर्ड, 45 हजार करोड़ का वित्तीय लेनदेन और 120 करोड़ का कमीशन

बीसी सखियों ने बनाया रिकॉर्ड, 45 हजार करोड़ का किया वित्तीय लेनदेन, कमीशन में मिले 120 करोड़ योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद ग्रामीण बैंकिंग लेनदेन में पहली बार आई इतनी रफ्तार 50 हजार करोड़ रुपए के वित्तीय लेनदेन की ओर अग्रसर प्रदेश की बीसी सखियां आजीविका मिशन के जरिए एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया लेनदेन में प्रयागराज पहले स्थान पर, बरेली दूसरे और शाहजहांपुर तीसरे नंबर पर लखनऊ योगी सरकार में प्रदेश के गांवों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की मुहिम ने बड़ा असर दिखाया है। बीसी सखी योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रहीं हैं और 40 हजार से ज्यादा महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहीं हैं। प्रदेश में पहली बार योगी सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण बैंकिंग को इतनी रफ्तार मिली है। बीसी सखियां गांवों में बैंकिंग प्रतिनिधि के रूप में काम करते हुए खातों में पैसे जमा-निकासी, आधार आधारित लेनदेन और सरकारी योजनाओं का भुगतान जैसी सेवाएं लोगों तक पहुंचा रहीं हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक जाने की परेशानी कम हुई है और महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार का रास्ता भी खुला है। प्रदेश की बीसी सखियां अब तेजी से वित्तीय लेनदेन को बढ़ावा दे रहीं हैं। यह आंकड़ा जल्द ही 50 हजार करोड़ रुपये के करीब पहुंचने की ओर अग्रसर है। ग्रामीण महिलाएं अब तक लगभग 45 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय लेनदेन कर चुकीं हैं। इसके अंतर्गत उन्हें लगभग 120 करोड़ का कमीशन मिला है। कई बीसी सखियां हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक कमीशन भी अर्जित कर रहीं हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है। उद्यमिता और बैंकिंग के जरिए अलग पहचान बना रहीं महिलाएं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर आजीविका मिशन के माध्यम से अब तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब उद्यमिता, बैंकिंग और विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के जरिए अपनी अलग पहचान बना रहीं हैं। 50 हजार से अधिक बीसी सखियों को प्रशिक्षण राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला के अनुसार प्रदेश में अब तक 50,225 बीसी सखियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से करीब 40 हजार महिलाएं सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रहीं हैं। बीसी सखियों के जरिए होने वाले लेनदेन में प्रयागराज अव्वल बीसी सखियों के जरिए होने वाले लेनदेन के मामले में प्रयागराज जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है, जहां 1030 बीसी सखियां सक्रिय हैं। इसके बाद बरेली में 890 और शाहजहांपुर में 813 बीसी सखियां कार्य कर रहीं हैं। योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी बीसी सखी मॉडल ने गांवों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई मिसाल पेश की है। आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी है, जिससे प्रदेश के और अधिक गांवों में आर्थिक बदलाव की रफ्तार तेज होगी।

सीएम योगी का दिलचस्प संवाद, पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों से जुड़े सहज तरीके से

सीएम योगी का सहज अंदाज, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों से किया सीधा संवाद “फोन चेक कर लीजिए, पैसा आ गया होगा” विभिन्न जिलों की महिलाओं से सीधे बातचीत कर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी ली सीएम योगी ने लखनऊ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों को पहली किस्त अंतरित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई जनपदों की लाभार्थियों के साथ वर्चुअल संवाद भी किया। यह संवाद सिर्फ औपचारिक बातचीत नहीं रहा, बल्कि इसमें सहज शैली के साथ किए गए सरल प्रश्नों के जरिए सीएम योगी ने यह भी सुनिश्चित किया कि योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। फतेहपुर की माया देवी से बातचीत में मुख्यमंत्री ने पूछा, “आज आपके खाते में पहली किस्त आ गई है, आपने फोन देखा?” जब माया देवी ने कहा कि अभी नहीं देखा, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “एक बार चेक कर लीजिए, पैसा आ गया होगा।” इस सहज संवाद ने कार्यक्रम में आत्मीयता का माहौल बना दिया। फतेहपुर की माया देवी ने बताया कि उन्हें राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल चुका है और पति मजदूरी कर बच्चों की पढ़ाई करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने की सलाह देते हुए कहा कि अब आवास, बिजली और पानी की सुविधा भी उन्हें मिलेगी। गोरखपुर की मेनका देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पहले कच्चे मकान में रहना पड़ता था, लेकिन अब आवास मिलने से बड़ी राहत मिली है। उन्हें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला गैस और पीएम स्वनिधि योजना का लाभ भी मिला है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के बारे में जानकारी ली और उन्हें नए घर के लिए बधाई दी। प्रयागराज की अर्चना ने बताया कि उन्हें बिजली, गैस और आयुष्मान कार्ड के साथ अब आवास का लाभ भी मिला है। पति मजदूरी करते हैं और वह स्वयं काम कर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करती हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की सलाह देते हुए कहा कि सभी जन प्रतिनिधि इसमें आपका सहयोग करेंगे। सहारनपुर की सुनीता ने आवास मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि वह जल्द ही अपना घर बनाएंगी। परिवार में पति बिजली का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि घर बनने के बाद सभी को गृह प्रवेश पर आमंत्रित करें और योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं। महराजगंज की गुंजा देवी ने बताया कि उन्हें पहली बार आवास का लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने की सलाह दी और बताया कि अब शहरी क्षेत्रों में आवास के लिए अधिक राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे बेहतर मकान बन सके। देवरिया की सरोज देवी ने बताया कि उन्हें उज्ज्वला गैस, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का भी लाभ मिला है। उन्होंने अपने परिवार में बुजुर्गों और बच्चों की जिम्मेदारी निभाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों की सेवा करना महत्वपूर्ण है और सरकार हर संभव सहयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, राशन योजना और पेंशन योजनाओं के माध्यम से सरकार हर गरीब तक सुविधाएं पहुंचा रही है। उन्होंने लाभार्थियों को आवास निर्माण समय से पूरा करने, बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने और सभी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ पहुंचे, जिससे उसका जीवन स्तर सुधरे और वह आत्मनिर्भर बन सके। सीएम से आवास स्वीकृति पत्र पाकर झलकी खुशी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इस दौरान कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला और जैसे-जैसे लाभार्थियों के नाम पुकारे गए, सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में सबसे पहले लखनऊ की सीमा को मुख्यमंत्री ने घर का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। इसके बाद लखनऊ की रूबी गुप्ता, आराधना श्रीवास्तव व अंजू, सीतापुर की रेनू वर्मा व संजीवनी सिंह, बाराबंकी की शबाना रिजवी, सरिता देवी व पिंकी वर्मा को भी मंच पर बुलाकर आवास स्वीकृति पत्र दिए गए। उन्नाव की मोनिका गौतम व अर्चना देवी को भी इस योजना का लाभ मिला। हरदोई की सोनी, दीप्ति कुमारी व रेनू मिश्रा और रायबरेली की चांदनी भट्ट, रेनू व सुनील कुमार को भी मुख्यमंत्री ने आवास स्वीकृति पत्र सौंपे। कार्यक्रम के दौरान जब लाभार्थी मंच पर पहुंचे तो उनके चेहरों पर अपने घर का सपना पूरा होने की खुशी साफ दिखाई दी। कई लाभार्थियों के साथ उनके बच्चे भी मौजूद थे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने स्नेहपूर्वक दुलारा।

डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से यूपी बन रहा निवेश का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री

ट्रस्ट और टेक्नोलॉजी उत्तर प्रदेश के परिवर्तन के दो प्रमुख आधार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रूल ऑफ लॉ और सुशासन से बदली यूपी की तस्वीर, अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी: मुख्यमंत्री डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से यूपी बन रहा निवेश का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टाइमलाइन, मॉनिटरिंग और जवाबदेही जरूरी: मुख्यमंत्री  जापान का सिविक सेंस और तकनीकी अनुशासन अनुकरणीय, यूपी में निवेश को लेकर वैश्विक रुचि: मुख्यमंत्री राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के अधिकारियों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संवाद लखनऊ  राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय,रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित नेशनल सिक्योरिटी एंड स्ट्रेटजिक स्टडी कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय सशस्त्र बलों, विभिन्न देशों की सेनाओं तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट और टेक्नोलॉजी उत्तर प्रदेश के परिवर्तन के दो प्रमुख आधार बने हैं। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है और आज देश में सर्वाधिक हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास है, जहां देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे स्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन सरकार ने रूल ऑफ लॉ स्थापित करते हुए अवैध वसूली और अराजकता पर प्रभावी नियंत्रण किया। बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश और विकास को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का तेजी से विकास हो रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई स्थापित है, जो एक एंकर यूनिट के रूप में अनेक छोटे उद्यमों को अवसर प्रदान करेगी। कानपुर नोड में भी बड़े निवेश आए हैं, जबकि हरदोई में ‘बेब्ले स्कॉट’ उत्पादन इकाई है। उन्होंने अधिकारियों को डिफेंस कॉरिडोर का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर में देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निर्माणाधीन है, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे लगभग पूर्ण होने की अवस्था में है। कानून व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश के हर मंडल में साइबर फोरेंसिक लैब, प्रत्येक जिले में फोरेंसिक मोबाइल वैन तथा 75 साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। ई-पॉस मशीनों के माध्यम से प्रदेश की लगभग 80 हजार उचित दर की दुकानों पर पारदर्शी तरीके से राशन वितरण सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही एक करोड़ से अधिक निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को प्रतिवर्ष ₹12,000 की पेंशन सीधे उनके खातों में प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं और हाल ही में 90 हजार नए लाभार्थियों को भी इस योजना से जोड़ा गया है।  संवाद के दौरान अधिकारियों ने यह प्रश्न किया कि भारत में अनेक अच्छी नीतियां बनती हैं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन अक्सर नहीं हो पाता। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड विजिट और जवाबदेही तय करने से ही परिणाम प्राप्त होते हैं। अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री से उनकी सिंगापुर और जापान यात्राओं के अनुभव के बारे में भी प्रश्न किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान का सिविक सेंस, स्वच्छता और अनुशासन अत्यंत अनुकरणीय है। वहां ग्रीन एनर्जी, ट्रांसपोर्ट मोबिलिटी और अत्याधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि वहां के उद्योग जगत ने उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश की रुचि व्यक्त की है और जल्द ही इन निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप मिलता दिखाई देगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली के कमांडेंट एयर मार्शल मनीष कुमार गुप्ता कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय सशस्त्र बलों, विभिन्न देशों की सेनाओं तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इनमें ब्रिगेडियर समीर मेहरोत्रा, श्री परिमल सिन्हा, ब्रिगेडियर विपुल सिंह राजपूत, कमोडोर J.M.B.S.B. जयवीरा (श्रीलंका नौसेना), ब्रिगेडियर भारत भूषण, कर्नल जावख्लानबयार डोंडोगदोरज (मंगोलिया), कमोडोर शरद सिन्सुनवाल, कर्नल इब्राहिम नईम (मालदीव नौसेना), ब्रिगेडियर सूर्यवीर सिंह राजवी, ब्रिगेडियर सुमीत अबरोल, श्री संजय जोसेफ, ब्रिगेडियर मुरली मोहन विरुपसमुद्रम लक्ष्मिसा, कर्नल होवहानेस खानवेल्यान (आर्मेनियन एयर फोर्स), एयर कमोडोर मंटिना सुब्बा राजू, एयर कमोडोर फेलिक्स पैट्रिक पिंटो तथा कर्नल ई.बी. गुस्तावो मोरेइरो मैथियास (ब्राजील) शामिल थे।

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2023: विभिन्न विधाओं के कलाकारों को मिलेगा सम्मान

संगीत नाटक अकादमी के पुरस्कारों की घोषणा, विभिन्न विधाओं के कलाकार होंगे सम्मानित वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक के अकादमी पुरस्कारों के लिए कलाकारों के नामों की घोषणा अकादमी पुरस्कार के साथ सफदर हाशमी एवं बी.एम.शाह पुरस्कारों के लिए कलाकारों के नामों का हुआ चयन  लखनऊ  राज्य में संगीत, नृत्य, नाटक एवं लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के लिए समर्पित संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश की ओर से अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की गई। इस अवसर पर अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने बताया कि संगीत नाटक अकादमी उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने एवं उसके संवर्धन में योगदान देने वाले कलाकारों को अकादमी पुरस्कारों से सम्मानित करती है। इसी क्रम में अकादमी की ओर से वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक के चार वर्षों के अकादमी पुरस्कार के साथ नाटक एवं रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कलाकारों को बी.एम. शाह पुरस्कार और सफदर हाशमी पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।    संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश की ओर से वर्ष 2021 के अकादमी पुरस्कार के लिए शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में पं. दीनानाथ मिश्रा,  लोक गायन के लिए श्रीकांत वैश्य, नक्कारा वादन के लिए कानपुर के प्रभु दयाल और शहनाई वादन के लिए वाराणसी के जवाहर लाल के नामों की घोषणा की गई। इस क्रम में रंगमंच निर्देशन के लिए भूमिकेश्वर सिंह, रंगमंच तकनीकी-प्रकाशन के लिए जगमोहन रावत, नौटंकी निर्देशन के लिए राजकुमार श्रीवास्तव एवं नाट्य लेखन के लिए विजय पंडित को सम्मानित किया जाएगा।  कला उन्नयन के लिए मथुरा के मोहन स्वरूप भाटिया और वाराणसी की माला होम्बल के नामों का चयन किया गया है। जबकि नृत्य विधा में मथुरा,वृदांवन की भरतनाट्यम नृत्यांगना प्रतिभा शर्मा को पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2021 के सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए रीवा के मनोज कुमार मिश्रा एवं बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए दिल्ली के सतीश आनन्द पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। इसी क्रम में वर्ष 2022 के अकादमी पुरस्कार के लिए शास्त्रीय गायन एवं लोक गायन के लिए मथुरा के आनन्द कुमार मलिक व माधुरी शर्मा, जबकि कथक नृत्य के लिए लखनऊ के पं. अनुज मिश्रा, पखावज वादन के लिए शशिकांत पाठक और तबला वादन के लिए प्रयागराज के पंकज कुमार श्रीवास्तव के नामों की घोषणा की गई है। वहीं गिटार वादन के लिए सुनील पावगी, बांसुरी वादन के लिए मोहन लाल कुंवर, रंगमंच अभिनय के लिए मंजू कौशल तथा रंगमंच तकनीक-कठपुतली के लिए मेराज आलम को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।  नाट्य लेखन,संगीत, नृत्य एवं रंगमंच के लिए वाराणसी के विजय शंकर मिश्रा एवं कला समीक्षा के लिए सीतापुर के पद्मकांत शर्मा को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। जबकि वर्ष 2022 के सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए नई दिल्ली के राजेश सिंह एवं बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए भोपाल के कमल जैन के नामों का चयन किया गया है।  संगीत नाटक अकादमी की ओर से वर्ष 2023 के लिए शास्त्रीय गायन की श्रेणी में डॉ. रामशंकर, सुगम गायन के लिए मनोज गुप्ता एवं लोक गायन के लिए राकेश श्रीवास्तव को सम्मानित करने की घोषणा की गई। जबकि कथक नृत्य के लिए लखनऊ की डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव, तबला वादन के लिए अनूप बनर्जी और बांसुरी वादन के लिए चेतन कुमार जोशी के नामों का चयन किया गया है। वहीं नाटक एवं रंगमंच के क्षेत्र में निर्देशन के लिए राजकुमार उपाध्याय, अभिनय के लिए संजय देगलुरकर, लेखन-संगीत एवं नृत्य के लिए उमा त्रिगुणायत, कला उन्नयन के लिए डॉ. ओमेन्द्र कुमार एवं कला समीक्षा के लिए अर्जुनदास केसरी को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए गाजियाबाद के अजय कुमार और बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए गोरखपुर के रविशंकर खरे के नाम का चयन किया गया है।  इसी क्रम में वर्ष 2024 के अकादमी पुरस्कार में शास्त्रीय गायन के लिए रीतेश-रजनीश मिश्रा, सुगम गायन के लिए मुक्ता चटर्जी और लोकगायन (आल्हा) के लिए रामस्थ पाण्डेय को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। वहीं लोक नृत्य के लिए सुगम सिंह शेखावत, दुक्कड़ वादन के लिए मंगल प्रसाद, वायलिन वादन के लिए सुखदेव मिश्रा एवं सितार वादन के लिए वाराणसी के राजेश शाह को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। जबकि रंगमंच के क्षेत्र में निर्देशन के लिए सुषमा शर्मा, अभिनय क्षेत्र में रविकांत शुक्ला ‘शिब्बू’, कला उन्नयन के लिए राजेश पंडित एवं कला समीक्षा के लिए शशिप्रभा तिवारी को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2024 के लिए सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए लखनऊ के शुभदीप राहा और बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए भोपाल के संजय मेहता के नामों का चयन किया गया है। अध्यक्ष प्रो. जयंत ने बताया कि अकादमी की ओर से जल्द ही विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर इन सभी कलाकारों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

योगी सरकार ने खाद्य लाइसेंस नियमों में बदलाव किया, कारोबारियों को मिलेगी राहत, 1 अप्रैल से लागू होगी नई व्यवस्था

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को बड़ी राहत देते हुए योगी सरकार ने खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत अब हर साल खाद्य लाइसेंस का नवीनीकरण कराना अनिवार्य नहीं होगा। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू होगी। सरकार ने यह बदलाव खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञापन और पंजीकरण) संशोधन विनियम, 2026 के तहत किया है। गजट में प्रकाशन के साथ ही नियम प्रभावी हो चुके हैं और इन्हें एक अप्रैल से लागू किया जाएगा। लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं नए नियमों के अनुसार नगर निगम या स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत पंजीकृत ठेले-खोमचे और फेरीवाले अब स्वतः ही भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) में पंजीकृत माने जाएंगे। इससे छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने और लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पंजीकरण प्रमाणपत्र तुरंत जारी किया जा सकेगा इस व्यवस्था के दायरे में छोटे खुदरा विक्रेता, स्ट्रीट फूड विक्रेता, अस्थायी स्टॉल संचालक, फूड ट्रक संचालक और कुटीर स्तर के खाद्य उद्योग भी शामिल होंगे। जरूरी दस्तावेज पूरे होने पर अब पंजीकरण प्रमाणपत्र तुरंत जारी किया जा सकेगा। हालांकि सभी खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यापारी वार्षिक शुल्क या फूड सेफ्टी अनुपालन से जुड़ा रिटर्न जमा नहीं करता है, तो उसका लाइसेंस या पंजीकरण स्वतः निलंबित माना जाएगा। निरीक्षण प्रक्रिया में भी बदलाव किया सरकार ने निरीक्षण प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। अब खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण जोखिम आधारित प्रणाली के तहत किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर थर्ड पार्टी से फूड सेफ्टी ऑडिट भी कराया जा सकेगा। टर्नओवर सीमा में भी बढ़ोतरी व्यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल के मुताबिक पहले व्यापारी एक से पांच वर्ष की अवधि के लिए लाइसेंस लेते थे। समय पर नवीनीकरण न कराने पर लाइसेंस निरस्त हो जाता था और उन्हें दोबारा जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। अब इस बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा नियमों में टर्नओवर की सीमा भी बढ़ा दी गई है। पहले 12 लाख रुपये सालाना टर्नओवर तक के कारोबारियों को पंजीकरण मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह सीमा बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दी गई वहीं पहले पांच करोड़ रुपये तक के कारोबारियों को राज्य स्तर से लाइसेंस मिलता था और उससे अधिक टर्नओवर पर केंद्र से लाइसेंस लेना पड़ता था। अब यह सीमा बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दी गई है। हालांकि जिन कारोबारियों के लाइसेंस या पंजीकरण की वैधता 31 मार्च तक है, उन्हें फिलहाल नवीनीकरण कराना होगा। इसके बाद नए नियम पूरी तरह लागू हो जाएंगे।  

सीएम योगी ने बच्चे संग खींची सेल्फी, बच्चे को किया दुलार, चॉकलेट भी दी

… और पूरी हो गई स्कूली बच्चे की इच्छा सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे बच्चे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर बुलाया  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर बुलाया, सेल्फी ले रहे बच्चे को किया सम्मानित सीएम योगी ने बच्चे संग खींची सेल्फी, बच्चे को किया दुलार, चॉकलेट भी दी जालौर/लखनऊ  राजस्थान के जालौर स्थित श्री शांतिनाथ बालिका उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर में पढ़ने वाले एक बच्चे की इच्छा रविवार को पूरी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो सदैव बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर देते हैं, ने उस बच्चे के मनोभाव को समझते हुए तत्काल उसके मन की मुराद पूरी कर दी।  दरअसल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को राजस्थान में रहे। वह श्री शांतिनाथ बालिका उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित नवीन भवन के अवलोकन कार्यक्रम में पहुंचे। यहां पढ़ने वाला एक बच्चा विद्यालय के कणिया गिरि मंच के नीचे खड़ा होकर मुख्यमंत्री के फ्रेम में बार-बार सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा था। यह देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस बच्चे को मंच पर बुला लिया। बच्चे से उसका नाम, क्लास आदि की जानकारी ली, फिर मोबाइल लेकर अपने हाथों से बच्चे के साथ सेल्फी खींची। इस पर आह्लादित बच्चे ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहा।  मुख्यमंत्री ने यहां अपने विचार भी व्यक्त किए। अतिथियों ने मुख्यमंत्री का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। अंत में मुख्यमंत्री ने स्कूल के शिक्षकों, बच्चों, कलाकारों आदि के साथ फोटो खिंचवाई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट भी प्रदान की।

वीरभूमि को किया प्रणाम, महारानी पद्मावती के जौहरस्थल भी गए सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने कालिका माता मंदिर में की पूजा-अर्चना  मुख्यमंत्री ने कालिका माता मंदिर में श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की वीरभूमि को किया प्रणाम, महारानी पद्मावती के जौहरस्थल भी गए सीएम योगी राजस्थान की धरती पर गूंजा ‘योगी-योगी’ चित्तौड़गढ़/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीरभूमि राजस्थान पहुंचे। उन्होंने जौहर श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने से पहले दुर्ग चित्तौड़गढ़ में ऐतिहासिक कालिका माता मंदिर में दर्शन-पूजन किया। सीएम ने मां को चुनरी भेंटकर श्रद्धा निवेदित की और प्रदेश व देशवासियों के मंगल के लिए प्रार्थना की। इसके बाद सीएम ने राजस्थान की वीरभूमि को नमन किया और महारानी पद्मावती के जौहर स्थल भी गए। मुख्यमंत्री ने यहां की वीरगाथाओं को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि हम आज इतिहास बनाने वाली धरती से साक्षात्कार कर रहे हैं। यह त्याग, बलिदान की परिपाटी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब जौहर श्रद्धांजलि समारोह में पहुंचे और मंच पर संबोधन के लिए खड़े हुए तो समूचा समारोह स्थल ‘योगी-योगी’ की गूंज से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान सरकार के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ आदि भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री जी 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र करेंगे वितरित, विभिन्न जनपदों के लाभार्थियों से करेंगे वर्चुअल संवाद

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 90 हजार लाभार्थियों को पहली किस्त का डीबीटी हस्तांतरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 मार्च को लखनऊ में सिंगल क्लिक से लाभार्थियों के खातों में भेजेंगे धनराशि मुख्यमंत्री जी 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र करेंगे वितरित, विभिन्न जनपदों के लाभार्थियों से करेंगे वर्चुअल संवाद लखनऊ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण के लगभग 90 हजार पात्र लाभार्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रथम किस्त जारी करेंगे। वे इस धनराशि को डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए भेजेंगे। यह कार्यक्रम 16 मार्च को अपराह्न 04.30 बजे लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र भी वितरित करेंगे। इसके साथ ही वे फतेहपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर, महाराजगंज तथा देवरिया के एक–एक लाभार्थी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल संवाद भी करेंगे और उनसे योजना के लाभ एवं अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।  प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 एक मांग आधारित योजना है। इसके अंतर्गत सभी पात्र शहरी लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से आवास निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराना है, जिससे “सबके लिए आवास” की परिकल्पना को साकार किया जा सके। यह कार्यक्रम केवल धनराशि हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश सरकार की “सबके लिए आवास” की संकल्पना को धरातल पर उतारने की दिशा में उत्तर प्रदेश की स्पष्ट प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से बड़ी संख्या में शहरी गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

सीबीजी प्लांट परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए वहां पुलिस चौकी की स्थापना कर दी गई है: मुख्यमंत्री

बदायूं सीबीजी प्लांट मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी गठित बरेली मंडल के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच दल का किया गठन एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से करेगी जांच अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीबीजी प्लांट परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए वहां पुलिस चौकी की स्थापना कर दी गई है: मुख्यमंत्री बदायूं   जनपद बदायूं स्थित सीबीजी प्लांट में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बरेली मंडल के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है और घटना की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगी, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या संभावित साजिश की स्थिति सामने आने पर जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि इस मामले में मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बावजूद यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की साजिश या अन्य आपराधिक संलिप्तता के संकेत मिलते हैं तो प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीबीजी प्लांट परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए वहां पुलिस चौकी की स्थापना कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी घटना की संभावना को रोका जा सके और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ की जाए तथा किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।

होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एलईडी वाहन के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं का हो प्रचार-प्रसार: मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने सहारनपुर में मां शाकुंभरी देवी चैत्र नवरात्रि मेला की तैयारियों के संबंध में की समीक्षा बैठक सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर दिया जाए विशेष ध्यान: सीएम योगी होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एलईडी वाहन के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं का हो प्रचार-प्रसार: मुख्यमंत्री  पूरे मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने और एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रियता से कार्य करने का निर्देश स्वच्छता के लिए आमजनों का जागरूक होना जरूरी, मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त करने का निर्देश सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर पहुंचे और जनपद भ्रमण के दौरान सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी मेला चैत्र नवरात्रि की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने 19 मार्च से प्रारम्भ होने वाली चैत्र नवरात्रि के अवसर पर सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान देने और पूरे मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में तैनात किए जाने वाले कार्मिकों की काउंसलिंग की जाए और उन्हें बेहतर व्यवहार के लिए सजग किया जाए। मेला परिसर को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित किया जाए। बिना भेदभाव हर किसी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रियता से कार्य करे। परम्परा के विपरीत कार्य करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत सिविल डिफेन्स एवं एनजीओ को भी जोड़ा जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने सफाई कर्मियों के साथ भी बैठक करने और डम्पिंग स्थल का चयन दूर क्षेत्र में करने का निर्देश दिया। सीएम योगी ने कहा कि मेले में प्लास्टिक को बैन किया जाए। जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। पुरुष एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले को सुव्यवस्थित सम्पन्न करवाने के लिए भीड़ प्रबंधन के दृष्टिगत कार्य किए जाएं। श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल एवं अच्छी गुणवत्ता का भोजन तथा प्रसाद मिले, जिसमें किसी प्रकार की मिलावट न हो, इसको सुनिश्चित किया जाए।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेला परिसर में पार्किंग की दर निर्धारित हो, जो कि साधारण रखी जाए। अवैध वसूली न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ई-रिक्शा, ऑटो के साथ ही दुकानदारों का भी सत्यापन करा लिया जाए। सरकारी विभागों के होर्डिंग, प्रदर्शनी एवं एलईडी वाहन के माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाए। निर्बाध विद्युत की व्यवस्था रहे। चैत्र नवरात्रि में लगने वाले मेले की व्यवस्थाएं अच्छी हों, इसको ध्यान में रखकर तैयारियां की जाएं। यह एक पौराणिक मेला है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से श्रद्धालु आते हैं। दर्शनार्थी भक्तगणों के बीच सरकार का बेहतर संदेश प्रसारित हो।  बैठक में मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार एवं पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर राज्यमंत्री संसदीय कार्य एंव औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, विधायक नकुड मुकेश चौधरी, विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, महापौर डॉ. अजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, एडीजी भानू भास्कर, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, एसपी देहात सागर जैन उपस्थित रहे।

सीएम ने दिया निर्देश- फील्ड में निकलकर फसलों को हो रहे नुकसान का तत्काल आकलन सुनिश्चित करें जिलाधिकारी

व्यक्ति, जाति, पंथ व संप्रदाय की आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीः मुख्यमंत्री  उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा संबंधी मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त सीएम ने दिया निर्देश- फील्ड में निकलकर फसलों को हो रहे नुकसान का तत्काल आकलन सुनिश्चित करें जिलाधिकारी मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरमैन को दिया निर्देश  सीएम योगी ने रविवार सुबह पश्चिम उत्तर प्रदेश में हुई बारिश से किसानों की फसलों के नुकसान की भी ली जानकारी  लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में प्रश्न पत्र संबंधी मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रवैया अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन्स को निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति/जाति/पंथ/सम्प्रदाय की मर्यादा एवं आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी न हो। ऐसी टिप्पणी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ⁠इसका संज्ञान लेते हुए सभी पेपर सेटर्स को भी निर्देशित करें और ⁠हैबिचुअल ऑफेंडर्स को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए। यह विषय पेपर सेटर्स के एमओयू का भी हिस्सा बनाएं।  फील्ड में निकलकर फसलों को हो रहे नुकसान का तत्काल आकलन सुनिश्चित करें जिलाधिकारीः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई वर्षा से फसलों को होने वाले नुकसान संबंधी जानकारी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारी समेत सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर किसानों से संवाद करने और उनकी फसलों के नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राहत आयुक्त फील्ड के अधिकारियों से सीधा समन्वय रखें। साथ ही ⁠फसलों को होने वाली क्षति का आकलन प्राप्त कर ससमय मुआवजे के वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

सहारनपुर दौरे पर सीएम योगी, विकास कार्यों की समीक्षा के साथ मां शाकुंभरी देवी मंदिर में की पूजा

सीएम योगी ने सहारनपुर में की विकास कार्यों की समीक्षा, मां शाकुंभरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ की पूजा-अर्चना मां शाकुंभरी देवी पर्यटन कॉरिडोर निर्माण की प्रगति का लिया जायजा, अक्टूबर माह में शारदीय नवरात्रि तक कार्य पूरा करने का दिया निर्देश निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समयबद्धता का रखा जाए ध्यान- सीएम योगी एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य यथाशीघ्र किया जाए पूर्ण- सीएम योगी  सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर जनपद में मां शाकुंभरी देवी सिद्धपीठ मंदिर पहुंचे और निर्माणाधीन पर्यटन विकास परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सोविनियर शॉप, टॉयलेट ब्लॉक, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग की प्रगति को देखा। इसके उपरान्त उन्होंने भूरादेव एवं सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की।      निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों को गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए तथा अक्टूबर माह में पूर्ण होने वाली परियोजनाओं को शारदीय नवरात्रि तक तय मानकों के साथ पूरा कराएं। भूरा देव मंदिर से शाकुंभरी देवी मंदिर तक निर्माणाधीन एलिवेटिड रोड का कार्य यथाशीघ्र पूर्ण किया जाए।  निरीक्षण के दौरान संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सैनी, राज्यमंत्री लोक निर्माण ब्रजेश सिंह, विधायक नकुड मुकेश चौधरी, विधायक रामपुर मनिहारन देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, एडीजी भानू भास्कर, मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, पूर्व विधायक नरेश सैनी एवं संबंधित अधिकारियों सहित जिलाध्यक्ष अजीत राणा, महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई उपस्थित रहे।

गो तस्करी व हत्या पर योगी सरकार ने लगाई रोक, 35 हजार से ज्यादा आरोपी सलाखों के पीछे

योगी सरकार ने किया गो हत्यारों व तस्करों का दमन, सलाखों के पीछे धकेले गए 35 हजार से अधिक आरोपी सीएम योगी के निर्देश पर विशेष अभियान चलाकर गोकशी के संगठित नेटवर्क पर कसा गया शिकंजा, 14,182 मामले किये गये दर्ज गोकशी और तस्करी को रोकने के लिए वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश-20 लागू किया गया  13,793 आरोपियों पर गुंडा एक्ट, 178 पर एनएसए और 14,305 मामलों में गैंगस्टर के तहत की गई कार्रवाई आरोपियों की लगभग 83 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त लखनऊ योगी सरकार ने सूबे की सत्ता संभालने के बाद प्रदेश में गोकशी, गोतस्करों और अवैध पशु वध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई की, जो आज भी लगातार जारी है। इसके साथ गोकशी को पूरी तरह से रोकने के लिए वर्ष 2020 में गोवध निवारण कानून में संशोधन किया गया और जून-2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश जारी किया गया। इसके तहत अब तक प्रदेश भर में गोकशी के 14,182 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 35,924 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 178 आरोपियों के खिलाफ एनसएसए की कार्रवाई की गई योगी सरकार का मानना है कि गोकशी पर नियंत्रण केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि यह सामाजिक आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार द्वारा पुलिस, प्रशासन और विशेष कानूनों के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है। गोकशी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ केवल सामान्य मुकदमे ही नहीं दर्ज किए गए, बल्कि उनके विरुद्ध कड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई की गई। गोकशी के मामले में 35,924 आरोपियों में से 13,793 के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जबकि 178 आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की कार्रवाई की गई। इसके अलावा 14,305 मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की गई है। योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से गोकशी व गोतस्करी से जुड़े  संगठित गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिली। इस दौरान प्रदेश में सक्रिय गोकशी से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया गया और आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की गई। गोकशी पर अंकुश को गठित की गई विशेष टीमें गोकशी के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि आर्थिक स्तर पर भी अपराधियों पर प्रहार किया गया। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 83 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इसका उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने से संगठित अपराधियों की आर्थिक ताकत कमजोर करना है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को पूरी तरह रोका जा सके। इतना ही नहीं कई मामलों में अवैध कमाई से खरीदी गई जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियों को भी कुर्क किया है। योगी सरकार ने गोकशी पर नियंत्रण के लिए पुलिस की विशेष टीमें का गठन किया। विशेष टीमों द्वारा खुफिया निगरानी, जिलास्तरीय टास्क फोर्स और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के जरिये गोकशी-गोतस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। साथ ही प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई गई, वहीं पशु परिवहन से जुड़े मामलों की भी विशेष निगरानी की गई। इसके अलावा अवैध बूचड़खानों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए गए। योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से प्रदेश में अवैध पशु वध से जुड़े मामलों में काफी कमी आई है और संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है। उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश 2020 में नियमों को किया गया सख्त – अध्यादेश के तहत प्रदेश में गोहत्या पर 10 साल कठोर कारावास की सजा – 3 से 5 लाख तक जुर्माने का प्रावधान – गोवंश के अंगभंग करने पर 7 साल की जेल व 3 लाख जुर्माना

लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर का अनावरण, राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ करेंगे उद्घाटन समारोह

लखनऊ वासियों को मिलेगा ग्रीन कॉरिडोर का अनमोल तोहफा  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज करेंगे लोकार्पण  1519 करोड़ की लागत से विभिन्न कार्यों का होगा लोकार्पण व शिलान्यास  लखनऊ  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लखनऊवासियों को अनमोल उपहार देंगे। राजधानी के लोगों को इस दिन ग्रीन कॉरिडोर की सौगात मिलेगी। यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा, जिसके तहत 1519 करोड़ की लागत से विभिन्न कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया जाएगा।  मुख्यमंत्री व रक्षा मंत्री ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण (डालीगंज से समतामूलक चौराहे तक) का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तीसरे व चौथे चरण का शिलान्यास भी होगा। तीसरे चरण के अंतर्गत समतामूलक चौक से शहीद पथ व चौथे चरण के अंतर्गत शहीद पथ से किसान पथ तक का निर्माण होगा। लोकार्पण के उपरांत रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री झूलेलाल वाटिका, गोमती तट पर जनसभा को भी सम्बोधित करेंगे।

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