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डिजिटल सर्विलांस से संचारी रोगों में आई कमी, डेंगू, मलेरिया, एईएस और जेई की रोकथाम के लिए लैब नेटवर्क को किया मजबूत

प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को किया मजबूत तो बीमारू से बना उत्तम प्रदेश  पिछले नौ वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुआ व्यापक विस्तार, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सीएचसी व पीएचसी की संख्या में हुई वृद्धि पीएचसी पर 24 घंटे प्रसव, पैथोलॉजी और एक्स-रे की मिल रही सुविधा, आधुनिक मशीनों, दवाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से बढ़ी संस्थागत प्रसव दर डिजिटल सर्विलांस से संचारी रोगों में आई कमी, डेंगू, मलेरिया, एईएस और जेई की रोकथाम के लिए लैब नेटवर्क को किया मजबूत लखनऊ  योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में व्यापक सुधार किए हैं। प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। साथ ही इन केंद्रों को आधुनिक उपकरणों, पर्याप्त दवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों से सुसज्जित किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ केंद्रों पर 24 घंटे मिल रही प्रसव, पैथोलॉजी, एक्स-रे की सुविधा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में कमान संभालने के बाद प्रदेश में सैकड़ों नए स्वास्थ्य उपकेंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के साथ उच्चीकृत भी किए हैं। जहां पहले कई पीएचसी में नाममात्र की सुविधाएं थीं, वहीं अब उनमें 24 घंटे प्रसव सुविधा, पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए संस्थागत प्रसव दर में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। योगी सरकार की प्राथमिकता “सबका साथ, सबका विकास” के मूल मंत्र के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत किया गया। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया जिससे लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरा जा सका। साथ ही संविदा और नियमित नियुक्तियों के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए मजबूत किया डिजिटल सर्विलांस सिस्टम प्रदेश में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए डिजिटल सर्विलांस सिस्टम को मजबूत किया गया है। डेंगू, मलेरिया, एईएस और जेई जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्राथमिक स्तर पर ही जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जांच प्रयोगशालाओं की संख्या में कई गुना वृद्धि की गई है, जिससे रोगों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार संभव हो पाया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले वर्षों में कई जिलों में मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से लाखों पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्वास्थ्य कार्ड वितरण और लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया को भी डिजिटल माध्यम से पारदर्शी बनाया गया है। टीकाकरण में देश में अग्रणी स्थान किया प्राप्त प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा पर भी जोर दिया है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण से विशेषज्ञ सेवाओं का दायरा बढ़ा है। इससे प्राथमिक स्तर पर मरीजों की स्क्रीनिंग के बाद उन्हें उच्च संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस सेवाओं 102 और 108 को सशक्त किया गया है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को शीघ्र उपचार मिल सके। कोविड-19 महामारी के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। गांव-गांव में स्वास्थ्य टीमों ने स्क्रीनिंग, जांच और टीकाकरण अभियान चलाया। प्रदेश ने टीकाकरण के मामले में देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया। इस दौरान ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया गया, जिनका लाभ आज भी सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं में मिल रहा है। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में गिरावट, संस्थागत प्रसव में वृद्धि, टीकाकरण कवरेज में सुधार और संचारी रोगों पर नियंत्रण जैसे संकेतक इस परिवर्तन की पुष्टि करते हैं। सरकार द्वारा स्वास्थ्य बजट में लगातार वृद्धि कर प्राथमिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ने से आमजन को राहत मिली स्वास्थ्य केंद्रों में टेलीमेडिसिन सेवाओं की शुरुआत से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध हो रहा है। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से हजारों मरीज घर बैठे चिकित्सकीय सलाह प्राप्त कर रहे हैं। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत हुई है, बल्कि ग्रामीण आबादी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा भी सुलभ हुई है। योगी सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का जो संकल्प लिया गया था, वह अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। आधुनिक मशीनों की उपलब्धता, प्रशिक्षित स्टाफ, दवा आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था और डिजिटल निगरानी प्रणाली ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाई दी है। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ने से आमजन को राहत मिली है और प्रदेश एक सशक्त, स्वस्थ और विकसित राज्य की दिशा में अग्रसर हो रहा है। विशेषज्ञ की राय पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे में जो परिवर्तन हुए हैं, वे जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं। सीएचसी और पीएचसी को 24 घंटे प्रसव, पैथोलॉजी और एक्स-रे जैसी सुविधाओं से सुसज्जित करना ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। डिजिटल सर्विलांस और लैब नेटवर्क के विस्तार से संचारी रोगों की समय पर पहचान और नियंत्रण संभव हुआ है। टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी जैसी पहल ने दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ा है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में गिरावट और टीकाकरण कवरेज में सुधार इस बात का संकेत है कि प्राथमिक स्वास्थ्य को दी गई प्राथमिकता सकारात्मक परिणाम दे रही है। डॉ. लिली सिंह, पूर्व डीजी, स्वास्थ्य विभाग

नई एमएसएमई नीति और प्लग एंड प्ले मॉडल से निवेश को गति

प्रौद्योगिकी से सशक्त एमएसएमई: योगी सरकार ने यूपी को बनाया डिजिटल औद्योगिक शक्ति केंद्र उद्यम सारथी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आसान हो रहा कारोबार एमएसएमई चैम्पियनशिप और तकनीकी उन्नयन से बढ़ी प्रतिस्पर्धा नई एमएसएमई नीति और प्लग एंड प्ले मॉडल से निवेश को गति लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को प्रौद्योगिकी से जोड़ने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बहुस्तरीय पहल की गति तेज कर दी हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी उन्नयन और नीतिगत सुधारों के माध्यम से प्रदेश के 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रतिस्पर्धी और बाजारोन्मुख बनाने का प्रयास किया गया है। योगी सरकार के इन क़दमों से उत्पादन क्षमता बढ़ी है और रोजगार सृजन को नई गति प्राप्त हुई है।  डिजिटल अवसंरचना, नीतिगत सरलता और वित्तीय सहयोग के संयोजन ने प्रदेश को अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाने की आधारभूमि को तैयार करने का काम किया है। एमएसएमई  सेक्टर की योजनाओं के लिए प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में 3,822 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।  ओडीओपी को मिला डिजिटल आयाम वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत मार्केटिंग डेवलपमेंट, टूलकिट वितरण और प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। इसके माध्यम से एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के कारीगरों को तकनीक आधारित कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पारंपरिक उत्पादों को ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ने से स्थानीय वस्तुओं की पहुंच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बढ़ी है। तकनीकी उन्नयन और प्रतिस्पर्धा में बढ़त एमएसएमई चैम्पियनशिप इनीशिएटिव (चैंपियंस पोर्टल) के अंतर्गत चयनित इकाइयों को आधुनिक मशीनरी को अपनाने, गुणवत्ता सुधार और डिजिटल टूल्स के उपयोग के लिए तकनीकी सहायता दी जा रही है। इस पहल का उद्देश्य उत्पादन लागत को घटाकर प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और विकसित करना है। लाखों इकाइयों को डिजिटल उन्नयन और विपणन सहयोग का लाभ मिल रहा है। उद्यम सारथी और आरएएमपी का सहारा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 24  जनवरी, 2021 को लॉन्च की गई उद्यम सारथी ऐप के जरिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन, योजनाओं की जानकारी और संचालन मार्गदर्शन एक ही मंच पर उपलब्ध कराया गया है। इससे उद्यमियों की सरकारी योजनाओं और प्रोत्साहनों तक त्वरित पहुंच प्राप्त हो जाती है। प्रदेश में आरएएमपी (राइजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफार्मेंस) योजना विश्व बैंक समर्थित एक केंद्रीय पहल है, इसके अंतर्गत वित्तीय और तकनीकी समर्थन भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे इकाइयों के विस्तार और आधुनिकीकरण को बल मिला है। नीतिगत सरलता और त्वरित संचालन वर्ष 2022 से लागू एमएसएमई नीति के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। प्लग एंड प्ले मॉडल से 72 घंटे में संचालन शुरू करने की सुविधा दी गई है। क्रेडिट प्रवाह में वृद्धि और पांच लाख रुपये तक बीमा कवरेज जैसी व्यवस्थाओं ने उद्यमियों को जोखिम प्रबंधन में सहूलियत प्रदान करने का काम किया है। इन उपायों से निवेश वातावरण मजबूत हुआ है। बढ़ रहा है रोजगार और आर्थिक प्रभाव प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों का असर रोजगार सृजन पर भी पड़ा है। एमएसएमई क्षेत्र पहले से ही करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार रहा है और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से इसमें नए अवसर जुड़े हैं। ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सप्लाई चेन से जुड़ने के कारण ग्रामीण और अर्धशहरी इकाइयों को व्यापक बाजार हासिल हुआ है।

रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन गया है उत्तर प्रदेश: योगी

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सीएम योगी ने प्रस्तुत की प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की तस्वीर सीएम योगी बोले, जनता जनार्द़न पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं, चोरी को रोका गया लखनऊ विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने राजस्व अनुशासन, किसानों की आय वृद्धि और कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलावों को सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया। कहा कि बिना अतिरिक्त कर लगाए टैक्स चोरी पर अंकुश और विकास के संतुलित मॉडल से प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी मात्र 13 लाख करोड़ रुपये थी। 1947 से लेकर 2017 तक इस यात्रा को तय करने में 70 वर्ष लगे। 2017 के बाद मात्र आठ से साढ़े आठ वर्ष के बीच में डबल इंजन सरकार ने इसमें 23 लाख करोड़ अतिरिक्त जोड़े हैं। सीएम योगी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 36 लाख करोड़ की हो चुकी है। जब देश आजाद हुआ था, यूपी का शेयर 14 प्रतिशत था। लगातार घटते-घटते 2016-17 में यह आठ प्रतिशत रह गया। अब लगातार आगे बढ़ते हुए 9.5 प्रतिशत तक पहुंचने में सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर कैपिटा इनकम को तीन गुना करने में सफलता मिली है। इसके लिए जनता जनार्दन पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया। हमने टैक्स चोरी को जरूर रोका है। रेवेन्यू लीकेज पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया। आज प्रदेश पिछले पांच वर्षों में लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में अपने आप को स्थापित कर चुका है। जोरदार वित्तीय अनुशासन और विकास दोनों का संतुलन आज उत्तर प्रदेश के अंदर देखने को मिल रहा है। सीएम ने कहाकि बैंकों में पहले उत्तर प्रदेश के अंदर 100 रुपए जमा होते थे जो मात्र 43 रुपये जनता के उपयोग में खर्च होते थे। हमने इसे बढ़ाकर 61-62 रुपये तक पहुंचा दिया है। उत्तर प्रदेश के नौजवानों और व्यापारियों तक इसके उपयोग को पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। यानी सीडी रेशियो 43 से बढ़कर 62 प्रतिशत पहुंचाने में हमने सफलता प्राप्त की है। मुझे इस बात का गर्व है कि उत्तर प्रदेश आज सही दिशा में बेहतरीन ढंग से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश करता है सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष के लोग भी गाहे-बगाहे अन्नदाता की चर्चा करते हैं, लेकिन नीयत उनकी साफ नहीं है। उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य भी है। सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन भी करता है लेकिन अन्नदाता किसानों की स्थिति उनके समय में क्या थी। इन्होंने कहां पहुंचा दिया था? भारत आज से 2000 वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था का सिरमौर था। 44 प्रतिशत वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारत का अधिकार था। वह भारत का स्वर्ण युग था। आज से 400 वर्ष पहले भी भारत की स्थिति यही थी और ग्लोबल इकॉनामी में भारत का शेयर 24-25 प्रतिशत था। किसानों के साथ पिछली सरकारों में औपनिवेशिक मानसिकता का व्यवहार हुआ सीएम योगी ने कहा कि औपनिवेशिक काल में यहां शोषण हुआ, लूट हुई, परंपरागत उद्यम समाप्त किए गए। अन्नदाता किसानों को, जो पहले उत्पादक था, उसे उपभोक्ता बनाकर रख दिया गया। कच्चा माल यहां से बाहर जाता था, फिर पक्का माल बनकर आता था और उस पर भारी टैक्स लगाकर महंगा बेचा जाता था। आज हम कह सकते हैं कि पिछली सरकारों में भी औपनिवेशिक मानसिकता के साथ अन्नदाता किसानों, एमएसएमई सेक्टर और परंपरागत उद्यम से जुड़े कारीगरों के साथ यही व्यवहार हुआ। किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से यह देश खड़ा हुआ आज पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान, कारीगर सभी को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया गया है। हम मानते हैं कि किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से यह देश खड़ा हुआ है। हर गांव हमारे यहां एक आधारभूत इकाई हुआ करता था। ग्राम स्वराज इसकी आधारशिला थी। चाहे पशुपालन हो, कृषि हो, हस्तशिल्प हो हर क्षेत्र में किसान उत्पादक था, कारीगर स्वयं में उद्यमी था और व्यापारी राष्ट्र को जोड़ने का सेतु हुआ करता था। डबल इंजन की डबल स्पीड लागत कम, उत्पादन ज्यादा 2017 के पहले कृषि के बारे में कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। अन्नदाता केवल वोट बैंक बन गया था। लागत अधिक, उत्पादन कम था और बिचौलियों का वर्चस्व था। 2017 के बाद डबल इंजन की डबल स्पीड से लागत कम, उत्पादन ज्यादा अन्नदाता को विकास में भागीदार बनाया गया। अन्नदाता से उद्यमी बनने की कहानी आज उत्तर प्रदेश में देखी जा सकती है। भूभाग का 11 प्रतिशत यूपी के पास लेकिन 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन हमारा संकल्प कृषि को इनकम-बेस्ड और वैल्यू एडिशन मॉडल के साथ किसानों की आय बढ़ाना है। आज उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 8.5 से बढ़कर साढ़े 18 प्रतिशत तक पहुंची है। एमएसपी पर पारदर्शी खरीद हो रही है और डीबीटी का पैसा सीधे अन्नदाता किसानों के खाते में जा रहा है। इसी का परिणाम है कि देश के कुल कृषि भूभाग का 11 प्रतिशत यूपी के पास है, लेकिन 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है। अन्नदाता को खेत से बाजार तक ग्लोबल मार्केट उपलब्ध है। किसानों को खेती संबंधी तकनीकी जानकारी सरल भाषा में सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में भी उत्तर प्रदेश के किसानों को 95 हजार करोड़ रुपये की धनराशि उनके खाते में हस्तांतरित हुई है। आज अन्नदाता किसानों को उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, ड्रोन और जलवायु संबंधी तकनीकी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाई जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों, स्टार्टअप और प्रगतिशील किसानों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कृषि आधारित उद्योगों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान ड्रोन दीदी, एफपीओ, एग्री स्टार्टअप और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से फसलों का मूल्यवर्धन हो रहा है। यूपी एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड एंटरप्राइज इकोसिस्टम” परियोजना के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और कृषि आधारित उद्योगों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले धड़ल्ले से चलते थे स्लॉटर हाउस 2017 के पहले प्रदेश में स्लॉटर हाउस धड़ल्ले से चलते थे। व्यापक तस्करी होती थी और आस्था के साथ खिलवाड़ … Read more

‘सब चंगा है’ – यूपी की कानून-व्यवस्था पर विधान परिषद में CM Yogi Adityanath का बयान

 लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपने विचार व्यक्त किए. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश को अराजकता अव्यवस्था का गढ़ बना दिया था. आज डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीति और सशासन की प्रतिबद्धता के कारण बीमारू से ब्रेकथ्रू स्टेट बना है. सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले गुंडे और माफिया इस प्रदेश में समानांतर सरकार चला रहे थे. वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया का राज था. प्रदेश की छवि अराजकता और अस्थिरता का पर्याय बन गया था. लेकिन आज ‘उपद्रव प्रदेश’ ‘उत्सव प्रदेश’ बन गया है. रूल ऑफ लॉ स्थापित किया. यूपी में न दंगा न कर्फ्यू, अब सब चंगा. बकौल सीएम- ‘यूपी फियर जोन से फेथ जोन में बदला है. अब कर्फ्यू कल्चर नही जीरो टॉलरेंस का कल्चर है. अब फेस्टिव एंड टेम्पल इकोनॉमी ग्रो कर रही है. अब फेस्टिव एंड टेम्पल इकोनॉमी ग्रो कर रही है. कोई सोच सकता था माघ मेला में जहां केवल कल्पवासी आते थे. कुछ लाख श्रद्धालु आते थे. आज 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए… क्योंकि उसको व्यवस्था सुरक्षा पर विश्वास है.’ नौकरी के मुद्दे पर सीएम योगी ने कहा कि पुलिस में 2 लाख 19 हजार भर्तियां निकाली गईं, इनमें 20 फीसदी बेटियां हैं. 2017 में यूपी पुलिस में कुल दस हजार महिला कार्मिक थी आज 44000 से अधिक हैं. 2017 से पहले यूपी पुलिस के पास ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं थी.. आज 60000 कार्मिक एक साथ ट्रेनिंग ले रहे हैं. पहले फॉरेंसिक लैब मात्र 2 थीं, आज हमलोग 12 लैब बना चुके हैं 6 अन्य निर्माणाधीन हैं. सभी 75 जिलों में दो दो फॉरेंसिक वन हैं. PAC को पिछली सरकार ने बंदी की कगार पर पहुंचा दिया था. आज 34 वाहिनियां है जिसमे 3 नईं महिला बटालियन हैं- उदा देवी, झलकारी बाई और अवंती बाई.  सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि हम आभारी है प्रधानमंत्री मोदी जी के क्योंकि उन्होंने वंदे भारत राष्ट्र गीत को अनिवार्य किया है. वंदे मातरम भारत के आन बान शान का प्रतीक है. राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान राष्ट्रनायकों, तिरंगे का अपमान संविधान की अवहेलना है. सपा के सदस्य वंदे मातरम का अपमान कर रहे, संविधान का अपमान है, बाबा साहब अम्बेडकर का अपमान है. सपाई राममंदिर, काशी विश्वनाथ का विरोध करते हैं.  उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा गाजी के मेले का समर्थन करती है. गाजी  की भारत के हिंदू राजाओं ने रौंद डाला था. हमारी सरकार ने बहराइच में महराज सुहेलदेव के नाम पर स्मारक बनवाया.

निवेशकों की समस्याओं के समाधान में विलंब स्वीकार नहीं, संबंधित विभाग निस्तारण में लाएं तेजी: मुख्यमंत्री

जनपद स्तर पर समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारी: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने की नागरिकों से अपील, जनपद स्तर पर अवश्य शिकायत करें     निवेशकों की समस्याओं के समाधान में विलंब स्वीकार नहीं, संबंधित विभाग निस्तारण में लाएं तेजी: मुख्यमंत्री बच्चों से बोले सीएम- मन लगाकर पढ़ो, खूब खेलो और खिलते रहो  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। उन्होंने यहां आए हर फरियादी से स्वयं मुलाकात की, उनकी समस्याओं को सुना और निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अनुरोध किया कि लखनऊ आने से पहले अपनी समस्याओं को लेकर जनपद व मंडल स्तर पर तैनात अधिकारियों से जरूर मुलाकात करें। वहां भी हर अधिकारी आमजनों की समस्याओं के उचित निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किन्हीं कारणों से वहां समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा हो, तो अवश्य लखनऊ आएं। सीएम योगी ने कहा कि हर परेशान व्यक्ति की समस्या का निदान सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारी हर हाल में जनपद स्तर पर ही पीड़ितों की समस्याओं का निस्तारण करें।  उद्यमियों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री सख्त, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कुछ उद्यमियों ने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने हर एक प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों, विशेषकर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) एवं जिला प्रशासन को तत्काल और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतरीन इकोसिस्टम तैयार किया गया है और सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम सहित कई पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू की हैं। यदि किसी उद्यमी को किसी भी स्तर पर परेशानी होती है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निवेश और उद्योग विकास में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्राइमरी विद्यालयों में फिजिकल एजुकेशन अनिवार्य करने की मांग पर सकारात्मक संकेत ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में एक नागरिक ने बेसिक शिक्षा परिषद के सभी प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों को अनिवार्य किए जाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव को गंभीरता से लेते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में खेल और शारीरिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके साथ ही अवैध कब्जों और पुलिस से जुड़े मामलों में भी अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मन लगाकर पढ़ो, खूब खेलो और खिलते रहो  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों को देखकर उनका हालचाल जाना और हंसी ठिठोली भी की। मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा कि किस क्लास में पढ़ते हो। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री के प्रश्नों का उत्तर दिया, फिर सीएम योगी ने सभी बच्चों से कहा कि मन लगाकर पढ़ाई करो। खूब खेलो और खेलकर खिलते रहो। सीएम ने बच्चों को चॉकलेट दी और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

वर्ष 2017 के मुकाबले 2025 में 89 प्रयोगशालाएं हो रहीं संचालित, 86 सेंटिनल और तीन एपेक्स प्रयोगशालाएं शामिल

योगी सरकार ने संचारी रोग नियंत्रण में रचा इतिहास, मृत्यु दर में आई उल्लेखनीय कमी  डेंगू, मलेरिया और एईएस/जेई पर किया प्रभावी प्रहार, डिजिटल सर्विलांस पोर्टल से मॉनीटरिंग हुई मजबूत वर्ष 2017 के मुकाबले 2025 में 89 प्रयोगशालाएं हो रहीं संचालित, 86 सेंटिनल और तीन एपेक्स प्रयोगशालाएं शामिल – एईएस से होने वाली मौतों में 99 प्रतिशत और जेई में 98 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई लखनऊ  योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों के दौरान संचारी रोगों के नियंत्रण को लेकर कई व्यापक और परिणामकारी कदम उठाए हैं। योगी सरकार ने डेंगू, मलेरिया तथा एईएस/जेई जैसे गंभीर रोगों पर प्रभावी प्रहार करते हुए जांच, उपचार और मॉनीटरिंग व्यवस्था को मजबूत बनाया। साथ ही डिजिटल सर्विलांस, प्रयोगशालाओं के विस्तार और त्वरित उपचार व्यवस्था से मृत्यु दर में ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। 16 संक्रामक रोगों की 34 हजार से अधिक लैब में हो रही जांच स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि प्रदेश में एकीकृत डिजिटल सर्विलांस पोर्टल (आईडीएसपी) विकसित कर रोगों की निगरानी को सशक्त किया गया है। पोर्टल पर कुल 34,334 लैब पंजीकृत हैं, जिनमें 31,885 सरकारी तथा 2,439 गैर-सरकारी लैब शामिल हैं। इन लैबों के माध्यम से 16 संक्रामक रोगों और 6 वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज की नियमित जांच की जा रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए समयबद्ध सूचना उपलब्ध होने से रोगों की पहचान और नियंत्रण की कार्रवाई तेज हुई है। यही वजह है कि डेंगू की जांच सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्ष 2017 में जहां 29 जनपदों में मात्र 36 प्रयोगशालाएं संचालित थीं, वहीं वर्ष 2025 तक प्रदेश के सभी जनपदों में 89 प्रयोगशालाएं क्रियाशील हो चुकी हैं। वर्तमान में 86 सेंटिनल प्रयोगशालाएं और तीन एपेक्स प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। इससे डेंगू की उन्नत जांच सुविधा प्रदेशभर में उपलब्ध कराई जा रही है। जांच और उपचार व्यवस्थाओं में सुधार से डेंगू की मृत्यु दर जहां वर्ष 2017 में 0.91 थी, जो वर्ष 2025 में घटकर 0.06 रह गई है। इस अवधि में मृत्यु दर में लगभग 94 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। एईएस से होने वाली मौतों में 99 प्रतिशत और जेई में 98 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई सचिव ने बताया कि मलेरिया नियंत्रण के क्षेत्र में भी प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2017 में सूचित मलेरिया रोगियों की संख्या 32,342 थी, जो वर्ष 2025 में घटकर 14,688 रह गई। इस प्रकार कुल रोगियों में लगभग 55 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं जांचों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में 46.69 लाख मलेरिया जांचें की गई थीं, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.54 करोड़ तक पहुंच गया है। यानी जांचों की संख्या में 229 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी तरह एईएस/जेई नियंत्रण कार्यक्रम के तहत भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2017 से लेकर 2025 तक एईएस रोगियों की संख्या में 85 प्रतिशत की कमी आई है। एईएस से होने वाली मौतों की संख्या में 99 प्रतिशत तथा रोग मृत्यु दर में 94 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार जेई के रोगियों की संख्या में 96 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि जेई से होने वाली मृत्यु में 98 प्रतिशत और रोग मृत्यु दर में 76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह उपलब्धि विशेष रूप से पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां कभी एईएस/जेई गंभीर चुनौती बने हुए थे। ब्लॉक स्तरीय इंसेफलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर से इलाज की क्षमता हुई सुदृढ़ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में सूबे की कमान संभालने के बाद दिमागी बुखार के समूल उन्मूलन को उच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित जिलों में व्यापक प्रयास सुनिश्चित किए। इसमें गोरखपुर और बस्ती मंडल के सभी सघन चिकित्सा इकाइयों में वेंटिलेटर सुविधा स्थापित की गई। इसके अतिरिक्त पीआईसीयू, ब्लॉक स्तरीय इन्सेफलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर, वेंटिलेटर, सेंटिनल तथा एपेक्स प्रयोगशालाओं की स्थापना कर उपचार क्षमता को सुदृढ़ किया गया। इससे गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सका। योगी सरकार ने संचारी रोगों की रोकथाम के लिए केवल चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार ही नहीं किया, बल्कि जागरूकता अभियानों, स्वच्छता कार्यक्रमों और सामुदायिक सहभागिता पर भी विशेष बल दिया। गांव-गांव सर्वे, लार्वा निरोधक छिड़काव, फॉगिंग तथा आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर संपर्क अभियान चलाए गए। डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की त्वरित पहचान कर नियंत्रण उपायों को प्रभावी बनाया गया, जिससे संचारी रोगों पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया गया।

कृतज्ञता ज्ञापित करना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग: सीएम योगी

नौकरी की गारंटी होगी प्रदेश के वानिकी विश्वविद्यालय की डिग्री: मुख्यमंत्री जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय का सीएम योगी ने किया उद्घाटन कृतज्ञता ज्ञापित करना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग: सीएम योगी यूपी में विकास के साथ दमघोंटू वातावरण से मुक्ति: सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कैम्पियरगंज में बनने जा रहे प्रदेश के पहले वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय (फॉरेस्ट्री एंड हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी) की डिग्री नौजवानों के लिए नौकरी की गारंटी होगी। इस विश्वविद्यालय से डिग्री और डिप्लोमा लेकर निकलने वाले युवाओं के लिए देश और दुनिया में रोजगार के व्यापक अवसर होंगे। साथ ही यह विश्वविद्यालय अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सीएम योगी शनिवार को जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैम्पियरगंज में बने गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। हमारे लिए किसी ने कुछ किया तो उसके प्रति कृतज्ञ होना हमारी जीवनशैली का हिस्सा है। गिद्धराज जटायु की मानव जाति पर बड़ी कृपा रही। माता सीता का हरण कर ले जा रहे रावण का पहला प्रतिकार गिद्धराज जटायु ने किया था। वह सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु की सवारी भी हैं। आज केमिकल और पेस्टिसाइड्स के इस्तेमाल के चलते गिद्धराज की संख्या कम होती जा रही, वे मर रहे हैं। ऐसे में गिद्धराज के प्रति कृतज्ञता जताने और उनको संरक्षण देने के लिए कैम्पियरगंज में संरक्षण केंद्र बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कैम्पियरगंज में प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। यहां युवाओं को जो डिप्लोमा व डिग्री मिलेगी, वह देश-दुनिया में नौकरी की गारंटी वाली होगी। आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण प्रदूषण की है। वायु प्रदूषण से फेफड़े खराब होंगे और धीरे-धीरे पूरा शरीर खराब हो जाएगा। जब प्रदूषण नहीं होगा तो बीमारी भी नहीं होगी। उन्होंने वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली की चर्चा करते हुए कहा कि वहां डॉक्टर दमा रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं। यह स्थिति पर्यावरण के साथ खिलवाड़ से बनती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास भी है और दमघोंटू वातावरण से मुक्ति भी। इसी क्रम में कैम्पियरगंज में बनने जा रहा वानिकी विश्वविद्यालय पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने में और कारगर सिद्ध होगा। यह वनाच्छादन बढ़ाने और किसानों की आमदनी में वृद्धि का भी नया प्रयास होगा।  नीयत साफ हो तो परिणाम अपने आप आ जाते हैं मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश और गोरखपुर के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि जब नीयत साफ हो तो परिणाम अपने आप आ जाते हैं। अच्छी दिशा में किए गए प्रयास से आज गोरखपुर में खाद कारखाना चालू हो चुका है। गोरखपुर में एम्स सेवाएं दे रहा है, बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा का उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है। पिपराइच में चीनी मिल दोबारा चालू हो गई है। धुरियापार में कम्प्रेस्ड बायो गैस का प्लांट लग चुका है। गीडा में उद्योग ही उद्योग नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर और प्रदेश में विकास के बहुत बड़े-बड़े कार्य हो रहे हैं। विकास की सोच ही वर्तमान और भावी पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहायक होगी।  जंगल कौड़िया के हर गांव से जुड़ाव अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जंगल कौड़िया ब्लॉक के हर गांव से जुड़ाव का जिक्र किया। कहा कि वह यहां एक-एक गांव गए हैं। हर गांव की समस्या जानते हैं, समस्या समाधान के लिए संघर्ष किया है। बाढ़ की स्थिति में पानी में घुसकर लोगों तक पहुंचे हैं। समस्याओं की तस्वीर पहले से सामने थी तो लखनऊ से उन सभी समस्याओं का समाधान भी करा दिया है।  जंगल कौड़िया, कैम्पियरगंज का विकास कल्पनाओं से भी परे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जंगल कौड़िया ब्लॉक व कैम्पियरगंज विधानसभा क्षेत्र में आज विकास की जो स्थिति है, वह लोगों की कल्पनाओं से भी परे है। यहां कालेसर-जंगल कौड़िया बाईपास बन जाने से लोग सीधे लखनऊ पहुंच जाते हैं, वह भी सिर्फ तीन-साढ़े तीन घंटे में। चिउटहा से कुशीनगर जाने में सिर्फ आधा घंटा लगता है। क्षेत्र की हर प्रमुख सड़क फोरलेन हो गई है। बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है। जंगल कौड़िया में पूज्य ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में डिग्री कॉलेज बन गया है। यहां 2 हजार से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा मिल रही है। स्टेडियम बन गया है। कुश्ती के प्रशिक्षण और अभ्यास की सुविधा से क्षेत्र के पहलवानों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। विकास के साथ ही गरीबों के कल्याण के कार्य हुए हैं। आवास, शौचालय, राशन, आयुष्मान भारत, पेंशन का लाभ हर पात्र को उपलब्ध हुआ है। यह सब विकास के प्रति भाव रखने का ही परिणाम है।  पूर्व प्रमुख रामपति यादव को याद किया सीएम ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। कहा कि 1952 से आजीवन गोरक्षपीठ से जुड़े रहे रामपति यादव 1962 में जंगल कौड़िया के प्रमुख बने और तभी इस ब्लॉक मुख्यालय की स्थापना हुई थी। उन्होंने शालीनता और सहजता के साथ लंबे समय तक लोगों की सेवा की।  वर्तमान प्रमुख के कार्यों की सराहना की मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ने जंगल कौड़िया के वर्तमान ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव के कार्यों की सराहना की। कहा कि उन्होंने सवा करोड़ रुपये की ब्लॉक निधि और विकसित भारत जीरामजी योजना का बेहतर उपयोग किया है। ब्लॉक भवन में वातानुकूलित सभागार बनवाया है, साथ में सोलर पैनल की भी व्यवस्था की है। विकास के पैसे का ऐसा ही इस्तेमाल हो तो हर ब्लॉक चमकता दिखेगा। सीएम योगी ने भरोहिया ब्लॉक के विकास की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जंगल कौड़िया के लोगों के साथ वह हमेशा खड़े हैं। विकास की हर मांग को वह पूरा करने के लिए तैयार हैं। सीएम योगी ने सभी लोगों को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व शुभता का प्रतीक है।  सीएम की प्रेरणा से कैम्पियरगंज में बनेगी एशिया की सबसे बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी : फतेह बहादुर सिंह … Read more

जीरो पॉवर्टी की दिशा में हुआ वृहद कार्य, 60 लाख गरीबों को आवास दिये गये, 6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर हुए

तुष्टीकरण से संतुष्टीकरण की ओर बढ़ा प्रदेश, निराश्रितों और श्रमिकों के लिए नई योजना की तैयारीः  सीएम योगी  मुख्यमंत्री बोले, सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना  जीरो पॉवर्टी की दिशा में हुआ वृहद कार्य, 60 लाख गरीबों को आवास दिये गये, 6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर हुए लखनऊ  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जीरो पॉवर्टी के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में गरीबों, निराश्रित महिलाओं, श्रमिकों और वंचित वर्गों के लिए चलाई गई योजनाओं ने उत्तर प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर बदली है। सरकार ने तुष्टीकरण की राजनीति से ऊपर उठकर “संतुष्टीकरण” के मॉडल पर कार्य किया है, जिसका उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि निराश्रित महिलाओं को पेंशन, जरूरतमंदों को जॉब कार्ड और राशन कार्ड, जिनके पास आवास नहीं था उन्हें आवास तथा जिनके पास भूमि का स्वामित्व नहीं था उन्हें आवासीय पट्टा देने की कार्रवाई व्यापक स्तर पर की गई है। उन्होंने कहा कि अब तक 60 लाख गरीब परिवारों को एक-एक आवास उपलब्ध कराया गया है। पूर्ववर्ती योजनाओं पर उठाए सवाल मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गरीबों को इंदिरा आवास योजना के तहत मात्र ₹20,000 दिए जाते थे, जो पर्याप्त नहीं थे और न ही आवास समय पर पूरे हो पाते थे। उस दौरान योजनाओं का लाभ सीमित वर्ग तक ही पहुंचता था। इसके विपरीत वर्तमान डबल इंजन सरकार नगरीय क्षेत्रों में ₹2.5 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में ₹1.20 लाख आवास निर्माण के लिए उपलब्ध करा रही है। इसके अतिरिक्त शौचालय निर्माण के लिए ₹12 से 15 हजार की अतिरिक्त सहायता दी जाती है। साथ ही मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी के बराबर मानदेय भी लाभार्थी को प्रदान किया जाता है, जिससे घर निर्माण में आर्थिक सहयोग सुनिश्चित हो सके। बहुआयामी गरीबी में आई उल्लेखनीय कमी मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं और समग्र विकास के प्रयासों के परिणामस्वरूप 6 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने इसे सरकार की परिणाम-आधारित कार्यशैली का प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मियों और निर्माण श्रमिकों जैसे शेष जरूरतमंद वर्गों के लिए आवास के लिए एक नई योजना लाई जा रही है। इसकी घोषणा आगामी बजट भाषण में की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास केवल आवास या आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के समन्वित विस्तार के माध्यम से समग्र विकास सुनिश्चित करना है। “हर गरीब को छत, हर निराश्रित को सम्मान और हर जरूरतमंद को अधिकार” इसी भावना के साथ प्रदेश जीरो पॉवर्टी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दोहराया कि यह धन जनता का है और उसका उपयोग जनता के हित में ही किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचे और उत्तर प्रदेश गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित करे।

CM योगी बोले- गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर कार्रवाई, पीड़ितों की सहायता में शिथिलता अक्षम्य

गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर दर्ज हो एफआईआर : मुख्यमंत्री पीड़ितों की सहायता में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य : सीएम योगी जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं, समयबद्ध व निष्पक्ष निस्तारण के दिए निर्देश गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी मामले में जांच के दौरान यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। हर मामले की निष्पक्ष जांच करके ही उसका निस्तारण होना चाहिए। किसी भी प्रकरण में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी।  सीएम योगी ने शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए ये निर्देश प्रशासन व पुलिस के अफसरों को दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए थे, जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझ कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया।  इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों पर सीएम योगी ने अपना स्नेह बरसाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।  मंदिर की गोशाला में सीएम ने की गोसेवा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से अपने हाथों से गुड़ खिलाया।

आज की आवश्यकता है कि अधिक से अधिक युवाओं को भविष्य उन्मुख तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप, डेटा सेंटर और रोजगार सृजन पर विस्तार से रखा पक्ष एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए सेंटर स्थापित किएः मुख्यमंत्री  आज की आवश्यकता है कि अधिक से अधिक युवाओं को भविष्य उन्मुख तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल, तकनीक और उद्यमिता से जोड़कर उत्तर प्रदेश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्किल डेवलपमेंट और आईटीआई व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत आते हैं। सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा के ढांचे को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए सेंटर स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से प्रत्येक जनपद के दो आईटीआई को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा रहा है। इन संस्थानों को ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ पर विकसित किया जा रहा है, ताकि एक केंद्रीय संस्थान से जुड़े अन्य संस्थानों को तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि आज की आवश्यकता है कि अधिक से अधिक युवाओं को भविष्य उन्मुख तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाए। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स से युवाओं को जोड़ा गया मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी उन्नयन को नई दिशा मिली है। तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाया है। माध्यमिक शिक्षा के तहत प्रत्येक जनपद के राजकीय कॉलेजों को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स से जोड़ा जा रहा है। विद्यार्थियों को डेटा उपयोग, इंटरनेट सुविधा और डिजिटल संसाधनों से सशक्त करने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने सीएम युवा उद्यमी योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 1,10,000 युवाओं को 10 प्रतिशत मार्जिन मनी के साथ ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि योजना में चयन और प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाया गया है, ताकि युवा सफल उद्यमी बन सकें। उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए भी विशेष योजना लागू करने की बात कही गई। साथ ही स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के माध्यम से युवाओं के डिजिटल सशक्तिकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। स्टार्टअप और निवेश में वृद्धि मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया जैसी पहलों को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं। 76 इनक्यूबेटर, 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 8 यूनिकॉर्न राज्य में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश से पलायन रोजगार के अभाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण होता था। अब कानून-व्यवस्था में सुधार और निवेश अनुकूल वातावरण के चलते रोजगार के अवसर बढ़े हैं और निवेश में वृद्धि हुई है। डेटा सेंटर और एआई पर फोकस मुख्यमंत्री ने बजट में घोषित यूपी डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना को भविष्य की जरूरत बताया। उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा आवश्यक है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की फैब यूनिट स्थापना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई दिशा का संकेत है। बेरोजगारी दर 19 से 2.24 प्रतिशत पर आई मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार के समय लगभग 19 प्रतिशत रही बेरोजगारी दर अब घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने इसे नीतिगत सुधार, निवेश वृद्धि और कानून-व्यवस्था में सुधार का परिणाम बताया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विकास कार्यों को लेकर अविश्वास की स्थिति उसी मानसिकता को दर्शाती है, जो सीमित दृष्टिकोण से बाहर नहीं निकल पाती। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने पिछले वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखा है और सरकार विकास, निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को तकनीक, नवाचार और युवा शक्ति के माध्यम से देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है।

सीएम योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश अब भय का नहीं, विश्वास और विकास का प्रदेश है

उत्तर प्रदेश ने तय की है अपराध व अव्यवस्था से अनुशासन और कर्फ्यू से कानून के राज की यात्राः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों, नीतिगत बदलावों और भविष्य की दिशा का व्यापक खाका प्रस्तुत किया सीएम योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश अब भय का नहीं, विश्वास और विकास का प्रदेश है अपराध व अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि मानसिकता और नीतिगत प्रतिबद्धता का परिणामः मुख्यमंत्री राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारीः सीएम योगी लखनऊ  राज्यपाल के अभिभाषण पर शुक्रवार को विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों की यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा है। कर्फ्यू से कानून के राज की यात्रा है। उपद्रव से उत्सव की यात्रा है। समस्या से समाधान की यात्रा है और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों, नीतिगत बदलावों और भविष्य की दिशा का व्यापक खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश अब भय का नहीं, विश्वास और विकास का प्रदेश है। अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि मानसिकता और नीतिगत प्रतिबद्धता का परिणाम है। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।  विपक्ष का आचरण संवैधानिक प्रमुख और मातृशक्ति का अपमान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष की शुरुआत में राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का आधिकारिक दस्तावेज होता है। इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों का सदन में आचरण अनुचित था। नेता प्रतिपक्ष पर सवाल खड़े हुए करते हुए सीएम ने कहा कि संभवतः इसीलिए आप सदन में उपस्थित नहीं हुए, क्योंकि समाजवादी पार्टी के सदस्य आपके नियंत्रण से बाहर रहे होंगे। यही वह आचरण था, जिससे बिटिया घबराती थी और व्यापारी कारोबार समेटता था। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए गालिब का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गालिब ने कहा था ‘उम्र भर मैं ये भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।’ समाजवादी पार्टी के और मुख्य विपक्षी दलों के इस आचरण के कारण पूरा सदन अपने आप को आहत महसूस कर रहा था।  ‘परसेप्शन’ और कानून-व्यवस्था पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की छवि अचानक खराब नहीं हुई थी, बल्कि वर्षों तक चले अव्यवस्थित आचरण और अपराध के वातावरण ने उसे प्रभावित किया था। बेटियां भयभीत थीं, व्यापारी अपना कारोबार समेटने को मजबूर थे और दंगे-कर्फ्यू आम बात थे। 2017 के बाद से प्रदेश में “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू की गई है। 2017 से पहले नीतिगत उदासीनता और प्रशासनिक शिथिलता का माहौल था, जबकि अब कानून का राज स्थापित हुआ है। 2017 के बाद से कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है और प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बना है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास का लाभ राज्यपाल के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “डबल इंजन सरकार” के प्रयासों से 6 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है। यह आंकड़ा नीति आयोग के अनुसार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबी से बाहर आने का अर्थ यह नहीं कि लाभार्थियों को अन्य योजनाओं से वंचित किया जाएगा। राशन, स्वास्थ्य, आवास, पेंशन और अन्य सुविधाएं जारी रहेंगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब को पक्का घर उपलब्ध कराया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है। निःशुल्क राशन की व्यवस्था जारी है। वृद्ध, निराश्रित और दिव्यांगजन को 12,000 रुपये वार्षिक पेंशन दी जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। पुलिस सुधार और आधुनिक सुरक्षा तंत्र मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पुलिस बल में बड़े पैमाने पर भर्ती की गई है। पुलिस बल में महिलाओं की संख्या 10,000 से बढ़कर आज 44,000 हो गई है। 2017 से पहले हमारी प्रशिक्षण क्षमता 3,000 भी नहीं थी। आज यह स्थिति है कि हाल में 60,200 से अधिक पुलिस भर्ती की गईं, जिसके सभी चयनितों को प्रदेश में ही ट्रेनिंग दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए सभी 75 जिलों में साइबर थाने की स्थापना के साथ-साथ प्रदेश के हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। फॉरेंसिक साइंस इकोसिस्टम को मजबूत किया गया है, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी हुई है। बीमारू से विकास की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” की छवि से बाहर निकल चुका है। पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण को सदन में व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया, जो “विचार से व्यवस्था और व्यवस्था से विकास” की यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने इसे अविश्वास से आत्मविश्वास की ओर बढ़ता प्रदेश बताया, जहां पहले उपद्रव की खबरें सुर्खियां बनती थीं, अब निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण की खबरें प्रमुखता पा रही हैं।  उत्तर प्रदेश आज ट्रिपल-टी की त्रिवेणी बनकर उभरा मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 9 वर्ष की जो यात्रा है, ये अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा है, कर्फ्यू से कानून के राज की यात्रा है, उपद्रव से उत्सव की यात्रा है, समस्या से समाधान की यात्रा है और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। यानी ये यात्रा केवल एक सत्ता प्राप्त करने की होड़ नहीं है, इसको प्राप्त करने के लिए सरकार की स्पष्ट नीति थी, साफ नीयत थी, दृढ़ इच्छाशक्ति थी और सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हम लोगों ने जब सामूहिक रूप से प्रयास किया, हर व्यक्ति के मन में विश्वास भरा,  हां यूपी भी कर सकता है, यूपी से भी परिणाम दिए जा सकते हैं और वही आज उत्तर प्रदेश के अंदर देखने को मिल रहा है। आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है, आज यह ट्रिपल-टी का एक प्रतीक बना है। ट्रिपल टी मतलब टेक्नोलॉजी, ट्र्स्ट और ट्रांसफॉर्मेशन। यानी एक त्रिवेणी बनकर के उभरा है।  2017 के पहले केंद्र सरकार की योजनाओं का बॉटलनेक था उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री … Read more

इंडस्ट्री फर्स्ट और इन्वेस्टर फर्स्ट दृष्टिकोण से यूपी आज वैश्विक निवेशकों का आकर्षक गंतव्य

प्रदेश अब ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का मॉडल, यही नए यूपी की पहचानः योगी सरकार ने ट्रिपल एस, यानी सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी दी हैः सीएम इंडस्ट्री फर्स्ट और इन्वेस्टर फर्स्ट दृष्टिकोण से यूपी आज वैश्विक निवेशकों का आकर्षक गंतव्य     लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा कि उत्तर प्रदेश अब ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का मॉडल है, यही नए यूपी की पहचान है। प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर की प्रगति बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिटें संचालित हो रही हैं। इन यूनिटों में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि के बाद एमएसएमई क्षेत्र ही प्रदेश में सबसे अधिक रोजगार प्रदान करने वाला सेक्टर है। हालांकि, समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार के दौरान यह क्षेत्र लगभग मृतप्राय हो चुका था। उस समय सरकार के पास न कोई स्पष्ट विजन था, न ही टेक्नोलॉजी की समझ और न ही मजबूत इच्छाशक्ति। उद्यमियों को सरकारी सहयोग के बजाय इंस्पेक्टर राज का सामना करना पड़ता था। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड या अन्य विभागों के अधिकारी अक्सर उन्हें परेशान करते थे।  योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने इन समस्याओं को जड़ से समाप्त कर दिया। उद्यमियों को 1000 दिनों तक किसी भी एमएसएमई यूनिट स्थापित करने के लिए कोई एनओसी की आवश्यकता नहीं है। इस छूट नीति के परिणामस्वरूप आज प्रदेश में 96 लाख यूनिटें सक्रिय हैं और करोड़ों लोग रोजगार पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का जीता-जागता उदाहरण बताया, जिसने उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित कर दिया है। नागरिकों को सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज रूल ऑफ लॉ ही सुरक्षा और विकास की सबसे बड़ी गारंटी है। हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। प्रदेश के 25 करोड़ लोगों के भविष्य के साथ किसी को भी छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी। सीएम ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था के कारण ही आज प्रदेश में उत्कृष्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। एक्सप्रेसवे का जाल बिछ चुका है, एयर कनेक्टिविटी में तेजी आई है।  उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल का उद्घाटन करेंगे। पहले मेरठ से दिल्ली जाने में 3-4 घंटे लगते थे, लेकिन अब 12 लेन हाईवे और रैपिड रेल से यह दूरी मात्र 45 मिनट में तय हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि पूर्व सरकारें दूरी बढ़ाने में माहिर थीं, न केवल भौगोलिक दूरी, बल्कि जाति-जाति और भाई-भाई के बीच खाई को चौड़ा करने का काम भी किया गया। पॉलिसी पैरालिसिस से निकलकर पॉलिसी स्टेबिलिटी की राह पर उन्होंने कहा कि असीम संभावनाओं के बावजूद उत्तर प्रदेश पहले निवेश से वंचित रहता था। आज फियरलेस गवर्नेंस और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस इसकी नई पहचान है। सरकार ने ट्रिपल एस, यानी सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी दी है। सुरक्षा का माहौल, शासन में स्थिरता और विकास में गति, ये तीनों आज उत्तर प्रदेश की ताकत हैं। प्रदेश पॉलिसी पैरालिसिस से निकलकर पॉलिसी स्टेबिलिटी की राह पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी लागू हैं। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र जैसे प्लेटफॉर्म निवेशकों को सुगम, पारदर्शी और विश्वसनीय वातावरण प्रदान कर रहे हैं। पहले ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में यूपी 14वें स्थान पर था, लेकिन आज यह टॉप अचीवर राज्यों में शामिल है। उत्तर प्रदेश ने सभी व्यापार सुधार मानकों को 100% लागू कर देश का पहला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया। डीरिग्युलेशन में नंबर-वन और 23 प्रमुख सुधारों को पूर्ण रूप से लागू किया गया। डिक्रिमिनलाइजेशन के तहत 13 राज्य कानूनों और 99% आपराधिक प्रावधानों को हटाया गया। इंडस्ट्री फर्स्ट और इन्वेस्टर फर्स्ट मुख्यमंत्री ने बताया कि 1947 से 2017 तक प्रदेश में मात्र 14 हजार कारखाने थे, जबकि पिछले साढ़े आठ वर्षों में यह संख्या 31 हजार से अधिक हो गई है। इंडस्ट्री फर्स्ट और इन्वेस्टर फर्स्ट दृष्टिकोण के कारण यूपी आज वैश्विक निवेशकों के लिए सुरक्षित और आकर्षक गंतव्य है। एमओयू अब कागजी नहीं, बल्कि ग्राउंड ब्रेकिंग, उत्पादन और रोजगार सृजन तक ठोस परिणाम दे रहे हैं। पिछले साढ़े आठ वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिला। पहले यूपी के युवा अन्य राज्यों में पलायन करते थे, लेकिन अब प्रदेश में ही अवसर उपलब्ध हैं। बजट में ‘लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन’ योजना प्रस्तावित है, जो हर जिले में स्किल डेवलपमेंट से रोजगार तक की गारंटी देगी।  उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग में शोषण रोकने के लिए विशेष कॉर्पोरेशन गठित किया गया है। इससे युवाओं को 16-20 हजार रुपये का मानदेय मिलेगा। कंपनियों को केवल सेवा शुल्क दिया जाएगा। शोषण करने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। आज उत्तर प्रदेश एमएसएमई और स्टार्टअप का प्रमुख हब है। यह वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी केंद्र के रूप में उभर रहा है। देश के 65% मोबाइल और 55-60% इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट यहीं बन रहे हैं। उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब यूनिट का शिलान्यास प्रधानमंत्री जल्द करेंगे। 1962 से देश इस दिशा में प्रयासरत था, अब यूपी इसका केंद्र बनेगा।

आज सुरक्षा से समृद्धि और एम्प्लॉयमेंट से एक्सीलेंस तक आत्मनिर्भर हुईं महिलाएं: मुख्यमंत्री

प्रदेश में तीन गुना बढ़ी महिला वर्कफोर्स, 44 हजार महिला पुलिसकर्मी: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया एलान, बढ़ाई जाएगी निराश्रित महिला, वृद्धजन और दिव्यांगजन की पेंशन राशि आज सुरक्षा से समृद्धि और एम्प्लॉयमेंट से एक्सीलेंस तक आत्मनिर्भर हुईं महिलाएं: मुख्यमंत्री उद्यमी और नेतृत्वकारी नारीशक्ति प्रदेश के भीतर प्रदान कर रही है नेतृत्व नौ लाख सरकारी नौकरियों में से 1,75,000 नौकरियां केवल महिलाओं के लिए  लखनऊ महिला सशक्तीकरण को लेकर विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान महिलाओं की भागीदारी, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी 12 से 13 प्रतिशत के बीच थी, जो अब बढ़कर 36 से 37 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसे तीन गुना से अधिक वृद्धि बताते हुए कहा कि यह बदलाव केवल आंकड़ों में नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। एक करोड़ छह लाख निराश्रित महिलाएं, वृद्धजन और दिव्यांगजन इस समय 12,000 रुपये सालाना पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। सरकार इस राशि को बहुत जल्द बढ़ाने जा रही है। हमने बजट दे दिया है।  सुरक्षा से समृद्धि और एंप्लायमेंट से एक्सीलेंस तक नेतृत्व कर रहीं प्रदेश की महिलाएं  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नौ वर्षों में महिला सशक्तीकरण का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि  2017 के पहले प्रदेश में वूमेन वर्कफोर्स कुल 12 से 13 फीसदी थी। आज यह 36 से 37 फीसदी है। यानी कामकाजी महिलाओं की संख्या पहले की तुलना में तीन गुना से अधिक बढ़ी है। उत्तर प्रदेश पुलिस की ही बात करूं तो महिलाओं की संख्या मात्र 10,000 थी, आज यह संख्या 44,000 पहुंच चुकी है।  उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से कहा कि आपके समय में तो एक कहावत प्रचलित थी, “देख सपाई, बिटिया घबराई।” अब ऐसे में महिला सशक्तीकरण पर आपसे क्या चर्चा की जाए? आज सुरक्षा से समृद्धि और एम्प्लॉयमेंट से एक्सीलेंस तक आत्मनिर्भर, उद्यमी और नेतृत्वकारी नारी शक्ति उत्तर प्रदेश के भीतर नेतृत्व प्रदान कर रही है। अब तक नौ लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इनमें से 1,75,000 नौकरियां केवल महिलाओं के लिए समर्पित हैं। अब नाइट शिफ्ट में भी काम कर रहीं महिलाएं  मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘ड्रोन दीदी’, सेल्फ हेल्प ग्रुप और ‘लखपति दीदी’ को एक मजबूत इकोसिस्टम प्रदान किया गया है। बीसी सखी योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक बीसी सखी बैंकिंग कार्यों को आगे बढ़ा रही है। आप कह रहे थे कि क्या महिला गहने पहनकर बाहर निकल सकती है? आपके समय में तो महिलाएं दिन में भी नहीं निकल पाती थीं। अब तो महिलाएं नाइट शिफ्ट में भी उद्योगों और कार्यालयों में कार्य कर रही हैं। इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है? विपक्ष के लोगों को भी कन्यादान में सहभागिता करनी चाहिए  मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, इन सभी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त किया जा रहा है। सामूहिक विवाह योजना में बेटी की शादी के लिए सरकार एक लाख की सहायता दे रही है। आपको भी उन शादियों में जाना चाहिए, कन्यादान में सहभागिता करनी चाहिए, क्योंकि कन्यादान को बहुत बड़ा दान माना गया है। बुलाने की आवश्यकता क्या है? पात्रता के आधार पर नाम चयनित करिए और बताइए कि हम इनका विवाह कराना चाहते हैं। किसी के लिए भी मना नहीं है। कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकता है। आप 100 लोगों का चयन करिए, प्रशासन को बताइए, अधिकारी धनराशि उपलब्ध करवाएंगे। वे भी उसमें सहभागी बनेंगे। यह हर व्यक्ति का अधिकार है। हर व्यक्ति को उसमें जाने का अधिकार है। हर जनप्रतिनिधि को उसमें सहभागी बनने का अधिकार है। दिव्यांगजनों को डीबीटी से मिल रहा योजना का लाभ  दिव्यांगजनों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि आपके समय मात्र 300 रुपये पेंशन मिलती थी, आज हम 12,000 रुपये सालाना पेंशन दे रहे हैं। यही नहीं, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भी दे रहे हैं और इस बार तो हमने बेटियों के लिए ई-ट्राईसाइकिल की भी घोषणा कर दी है। इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल की भी घोषणा की है। ये पैसा डीबीटी के माध्यम से हम उनके खातों में भेज रहे हैं। आपके समय में वह 300 रुपये जाता था, वह भी छह महीने में एक बार जाता था। उसमें भी आधा ही लाभार्थी को मिल पाता था। आज डीबीटी के माध्यम से पूरा पैसा लाभार्थी के खाते में जाता है। प्रत्येक जरूरतमंद को उसके हिसाब से सुविधा का लाभ दिया है।

धार्मिक स्थल सर्वसमाज की आत्मनिर्भरता का आधारः योगी

दुर्योधन की प्रतिमा लगाने की वकालत, बाबर की कब्र में सजदा का समर्थन, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करते हैं सपा नेताः मुख्यमंत्री सदन में बोले योगी- सनातन आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता  दुनिया में जब भी मर्यादा पर चर्चा होगी तो अयोध्या, शाश्वत चेतना पर चर्चा होगी तो काशी, भक्ति पर मथुरा और समरसता पर होगी प्रयागराज की चर्चाः मुख्यमंत्री   धार्मिक स्थल सर्वसमाज की आत्मनिर्भरता का आधारः योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में समाजवादी पार्टी के नेताओं को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि सपा के नेता दुर्योधन की प्रतिमा लगाने की वकालत करते हैं। वे बाबर की कब्र में सजदा का समर्थन, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करते हैं। सीएम ने संसद में कांग्रेस व सपा के सांसदों की बातों का जिक्र किया और कहा कि हिंदुस्तान का खाएंगे, लेकिन वंदे मातरम नहीं गाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा में कोई वंदे मातरम का कोई अपमान नहीं कर सकता। कांग्रेस व सपा को वंदे मातरम का विरोध करने वालों को डंके की चोट पर कान पकड़ कर, धक्का देकर बाहर करना चाहिए। राष्ट्रगीत का विरोध करने वाले को हिंदुस्तान की धऱा पर रहने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।  लोकमाता की चर्चा करने का अधिकार समाजवादी पार्टी को नहीं  सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम में लोकमाता की भव्य प्रतिमा लगवाई। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने लोकमाता की 300वीं जयंती पर औरैया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नामकरण उनके नाम पर किया। लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर के नाम पर बने मणिकर्णिका व श्मशान घाट के पुनरुद्धार कार्यक्रम को बढ़ाया जाता है तो सपा व कांग्रेस विरोध करती हैं। लोकमाता को अपमानित करती हैं। सपा को लोकमाता की चर्चा करने का अधिकार नहीं है। सपा लोकमाता के नाम पर गुमराह कर रही है। सपाइयों को डालनी चाहिए सच बोलने और स्वीकारने की आदत  सीएम योगी ने सदन में राजू पाल व उमेश पाल का नाम लेकर कहा कि उनकी हत्या हुई। सपा इनके हत्यारों और माफिया को गले का हार बनाकर चलती थी। आज अनावश्यक रूप से मुद्दा बनाकर सपा समाज में विद्वेष फैलाना चाहती है। सीएम ने सपाइयों से कहा कि सच बोलने-स्वीकारने की आदत डालनी चाहिए। सपा राष्ट्रद्रोहियों का महिमा मंडन, राष्ट्र नायकों का अपमान और गाजी मेले का समर्थन करती है। उन्होंने सपाइयों से कहा कि गाजी के पाप का बदला कैसे लिया जाना चाहिए, यह महाराज सुहेलदेव के शौर्य से सीखिए। हमारी सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का विराट स्मारक और आजमगढ़ में विश्वविद्यालय बनवाया।  तुष्टिकरण की पराकाष्ठा की गई  सीएम योगी ने सपा नेताओं पर कटाक्ष किया कि वे माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने जाते हैं, लेकिन अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन धाम के विकास का विरोध करते हैं। सपा शासन में तुष्टिकरण की पराकाष्ठा की गई। सपा ने कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी पर्व को थाने-जेल में मनाने और अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा को रोक दिया था। दीपोत्सव का विरोध किया। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में एफिडेविट दिया कि श्रीराम-श्रीकृष्ण मिथक थे। सपा रामभक्तों पर गोलियां चलवाती है। मंदिर निर्माण को रोकने के लिए कोर्ट में वकील खड़ा करती है। सीएम ने सपाइयों को चेताते हुए कहा कि सनातन आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता है। आज अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन गया है। पुनर्जागरण के इस मॉडल में विरासत भी है और विकास भी।  भारत की आस्था की आत्मा है यूपी सीएम योगी ने कहा कि आस्था का पुनर्जागरण उत्तर प्रदेश से प्रारंभ हुआ है। यूपी भारत की आस्था की आत्मा है। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, चित्रकूट, नैमिषारण्य, शुकतीर्थ केवल आस्था के ही नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना के भी केंद्र हैं। जब भी दुनिया में मर्यादा की चर्चा होगी तो अयोध्या, शाश्वत चेतना की चर्चा होगी तो काशी, भक्ति में मथुरा और समरसता में प्रयागराज की चर्चा होगी। यह चारों उत्तर प्रदेश में हैं। यूपी फिर से पुनर्जागरण का केंद्र बिंदु बना है। सीएम ने कहा कि गुलामी की मानसिकता से मुक्त करने की दिशा में हम मजबूती से बढ़े हैं। प्रयाग, काशी, मथुरा-वृंदावन, विंध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, संभल, बरेली, नैमिषारण्य समेत बौद्ध, जैन, सिख व पौराणिक-ऐतिहासिक महत्व से जुड़े तीर्थस्थलों को आस्था और राष्ट्रीय चेतना के साथ जोड़ने का कार्य किया गया है। जिसका परिणाम है कि वहां करोड़ों श्रद्धालु आते हैं और आस्था के साथ अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर के जाते हैं।  आत्मगौरव के महापर्व बन गए हैं दीपोत्सव, देव दीपावली व रंगोत्सव सीएम योगी ने प्रयागराज महाकुम्भ की चर्चा करते हुए काशी समेत अन्य स्थलों का जिक्र किया। बोले कि मंदिर का पुजारी ब्राह्मण होगा, लेकिन वहां फूल बेचने वाले, नाव या टैक्सी चलाने वाले व्यक्ति सर्वसमाज से होते हैं। धार्मिक स्थल इन सबकी आत्मनिर्भरता का आधार बना हुआ है। डबल इंजन सरकार उसे पुनर्जीवित कर रही है। दीपोत्सव, देव दीपावली और रंगोत्सव केवल आयोजन नहीं, बल्कि आत्मगौरव के महापर्व बन गए हैं। सीएम ने अपने मन की पीड़ा व्यक्त करते हुए सदन को बताया कि 2017 में जब हमारी सरकार ने पहले दीपोत्सव और देवदीपावली-रंगोत्सव के आयोजन के बारे में सोचा तो आशंका हुई कि क्या होगा और कैसे होगा, लेकिन हमें सफलता मिली। आज करोड़ों लोग उस आस्था से फिजिकली व वर्चुअली जुड़कर आस्था को सम्मान देते हैं, लेकिन इस ताकत को पहले कभी समझने का प्रयास नहीं किया गया। आस्था को सम्मान देने का परिणाम है कि यूपी की जीडीपी बढ़ी है। यूपी ने लंबी छलांग लगाई है। सुरक्षा के साथ ही यूपी के प्रति धारणा भी बदली है।  तमिलनाडु के श्रद्धालुओं ने सोशल मीडिया पर लिखकर की यूपी की प्रशंसा  सीएम योगी ने सदन में एक वाकया भी सुनाया। महाकुम्भ के दौरान तमिलनाडु से भी कुछ श्रद्धालु आए थे। चित्रकूट में एक गांव के पास उनकी बस खराब हो गई। वे हिंदी और स्थानीय लोग तमिल नहीं जानते थे। तमिलनाडु वाले भटक रहे थे, अंधेरा होने को था। गांव वालों को पता चला तो वे वहां पहुंचे। इशारों में उन्हें तमिलनाडु वालों की परेशानी पता चली। फिर गांव के लोग इन अतिथियों को साथ लेकर गांव आए। गांव के एक परिवार में शादी … Read more

सुदृढ़ कानून व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को फियर जोन से फेथ जोन में बदला: सीएम

अब उपद्रव नहीं उत्तर प्रदेश है उत्सव का प्रदेशः मुख्यमंत्री 2017 के पहले सत्ता के संरक्षण में पले गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चला रहे थेः योगी आदित्यनाथ   सुदृढ़ कानून व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को फियर जोन से फेथ जोन में बदला: सीएम   अब उत्तर प्रदेश में भय का वातावरण नहीं, अब लोगों के मन में आस्था हैः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ,  राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर कई गंभीर सवाल भी खड़े किए। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में गुंडे व माफिया सत्ता के संरक्षण में पल रहे थे। नेता प्रतिपक्ष ने स्वयं ऐसे कुछ नाम लिए हैं, जबकि कई नाम लेने में वह संकोच कर गए। हमारी सरकार ने पहले दिन जीरो टॉलरेंस की नीति की बात कही थी और सरकार आज भी अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ही चल रही है। अपराध कोई भी करेगा तो कानून उसको अपनी गिरफ्त में लेगा। 2017 के पहले सत्ता के संरक्षण में पले गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चला रहे थे। गुंडा टैक्स, अवैध वसूली, वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की प्रवृत्ति को आगे बढ़ा रहे थे। कानून चंद हाथों की जागीर बन चुका था। कर्फ्यू और दंगा आम बात थी। पर्व और त्योहार आस्था के नहीं, आशंका के पर्याय बन गए थे। पुलिस का मनोबल टूटा हुआ था। न बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी ही सुरक्षित था। प्रदेश की छवि अराजकता और अस्थिरता का पर्याय थी और आज उपद्रव नहीं, उत्सव प्रदेश है उत्तर प्रदेश।  यूपी अब फियर जोन से फेथ जोन बना  मुख्यमंत्री ने कहा कि रिकॉर्ड पुलिस भर्तियां, महिला सशक्तिकरण की एक नई पारी, मॉडर्न पुलिसिंग, सुदृढ़ साइबर एवं फॉरेंसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर आज उत्तर प्रदेश की पहचान हैं। साइबर क्राइम हो, त्वरित और आपातकालीन सेवाएं हों, अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस, आज रूल ऑफ लॉ यूपी के अंदर देखने को मिलता है। सुदृढ़ कानून व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को फियर जोन से फेथ जोन में बदला है। अब भय का वातावरण नहीं है, अब लोगों के मन में आस्था है। हर जनपद में उत्तर प्रदेश का वासी जाता है, बिना भय के जाता है। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेंस कल्चर ने ली है। अब दंगों की जगह फेस्टिव और टेंपल इकोनॉमी ग्रो कर रही है। कोई सोचता था अयोध्या में करोड़ों लोग आएंगे? प्रयागराज में 2013 के कुंभ में कुल 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे और इस बार माघ मेला में ही 21 करोड़ श्रद्धालु आए हैं। ये है परिवर्तन। ये माघ मेला कल्पवासियों का होता था, लेकिन इस माघ मेले में बना रिकॉर्ड लोगों के विश्वास का प्रतीक है। अब यहां न कर्फ्यू है न दंगा है, यूपी में सब चंगा है।  आज उत्तर प्रदेश में मॉडर्न पुलिसिंग पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा है, व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण है। इन आठ वर्षों में 2,19,000 से अधिक पुलिस की भर्ती हुई हैं। इसमें 20 फीसदी महिलाओं को अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया गया है। पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता को कई गुना बढ़ाया गया है। पुलिस भर्ती में हर जनपद के नौजवानों को अवसर मिला है, बिना भेदभाव। पुलिस अवस्थापना सुविधाओं में अभूतपूर्व विकास किया गया। पहले पुलिस के नौजवान खपरैल के बैरक में रहते थे। आज जिलों में आप जाएंगे तो हाई राइज बिल्डिंग पुलिस की अवस्थापना सुविधा के लिए होगी। मॉडर्न पुलिसिंग की बात आती है तो सात पुलिस कमिश्नरेट स्थापित किए गए, जिनके लिए आपकी सरकार कभी निर्णय ही नहीं ले पाई। फॉरेंसिक साइंस इकोसिस्टम को हम लोगों ने प्रदेश के अंदर लागू किया। आज तीन नए कानून लागू हो चुके हैं और लखनऊ में स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई। डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज प्रारंभ हो चुके हैं।  हर जनपद में साइबर क्रॉइम थाना स्थापित  मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले साइबर क्राइम के केवल दो थाने थे, आज सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने हैं। इसके अलावा राज्य के हर थाने में एक साइबर हेल्प डेस्क भी है। अब तक हजारों करोड़ रुपये, जो साइबर अपराधियों द्वारा ऐंठे जाते थे, उनको वापस कराने और बचाने में भी इस तंत्र ने योगदान दिया है। तीन नए कानून लागू होने के बाद हर उस अपराध में, जिसमें सात वर्ष से अधिक की सजा है,  उसमें फॉरेंसिक एविडेंस आवश्यक है। पहले यूपी के अंदर दो या तीन लैब्स काम करती थीं, आज हम लोगों ने 12 ए-ग्रेड की लैब बनाई हैं और छह निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो फॉरेंसिक वैन उपलब्ध करवाई गई हैं, ताकि एविडेंस प्राप्त हो, अपराधी को सजा दी जा सके। ये एक नई दिशा में किए गए प्रयास हैं। दंगाइयों का काल है पीएसी, हमारी सरकार ने किया पुनर्जीवित  मुख्यमंत्री ने सेफ सिटी का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई हो या गुजरात या फिर यूपी, सभी जगह भाजपा ही सुरक्षा दे सकती है। उत्तर प्रदेश में सेफ सिटी के लक्ष्य को 17 नगर निगम समेत गौतम बुद्ध नगर जनपद में हम लोगों ने लागू किया है। हर जिला मुख्यालय में सीसीटीवी कैमरे की कवरेज, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से उसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी उत्तर प्रदेश में हुआ है। इसके साथ ही पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्गठित करके उसको जीवित किया है, क्योंकि ये दंगाइयों की काल है। दंगा समर्थक कोई भी पार्टी पीएसी का समर्थन नहीं करती। समाजवादी पार्टी के कालखंड में इसे एक प्रकार से समाप्त करने की साजिश की गई थी। अब उसका पुनर्गठन करने के साथ ही तीन कंपनी महिला पीएसी का गठन किया जा चुका है और साथ ही तीन और कंपनियां हम बनाने जा रहे हैं। जिन तीन महिला पीएसी कंपनियों का गठन किया गया है, वो वीरांगना उदा देवी के नाम पर लखनऊ में,  वीरांगना झलकारी देवी के नाम पर गोरखपुर में और वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर बदायूं में गठित हो चुकी हैं। तीन नई वाहिनियों का गठन हम लोग करने जा रहे हैं।

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