LATEST NEWS

देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट और छह मेट्रो सिटीज के साथ यूपी आर्थिक विकास की राह पर तेजी से अग्रसर

उत्तर प्रदेश बन रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का हब: मुख्यमंत्री  विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहाः एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और वाटरवे में अग्रणी राज्य है उत्तर प्रदेश  देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट और छह मेट्रो सिटीज के साथ यूपी आर्थिक विकास की राह पर तेजी से अग्रसर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अग्रणी बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश के कुल एक्सप्रेसवे का 55 प्रतिशत हिस्सा रखने वाला प्रदेश बन चुका है। राज्य में देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है और एयर कनेक्टिविटी के लिए भी यूपी अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की पहली रैपिड रेल और पहली इनलैंड वाटरवे यूपी में ही स्थापित की गई है। इसके अलावा देश का पहला रोपवे, जो शहरों को जोड़ रहा है, वह भी उत्तर प्रदेश के पास है। सबसे अधिक सिटीज में मेट्रो संचालन में यूपी है। बजट भाषण में चार मेट्रो का उल्लेख हुआ था, लेकिन वर्तमान में छह सिटी मेट्रो पूरी तरह चालू हैं और सातवां-मेरठ, प्रधानमंत्री के लोकार्पण के बाद जुड़ जाएगा। फ्रेट कॉरिडोर और मल्टीमॉडल टर्मिनल मुख्यमंत्री ने कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न रोपवे चलाया जा रहा है। ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन भी उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहा है, जो लॉजिस्टिक का बड़ा केंद्र बनेगा। इनलैंड वाटरवे में मल्टीमॉडल टर्मिनल स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों की सब्जियां और खाद्यान्न वैश्विक बाजार तक पहुंच सकें। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का पांचवां और भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। यह 12,000 एकड़ भूमि में विकसित हो रहा है। इसमें पांच रनवे होंगे। इसके आसपास एमआरओ, एक्सप्रेसवे के किनारे एविएशन आधारित इंडस्ट्रियल क्लस्टर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां संचालित होंगी। प्रदेश में तेजी से बढ़ रही कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं और पांच एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। राज्य में मेट्रो, एक्सप्रेसवे, रोपवे, रैपिड रेल और इनलैंड वाटरवे जैसे विकासात्मक कार्य तेजी से बढ़ रहे हैं। ये सभी परियोजनाएं न केवल कनेक्टिविटी बढ़ा रही हैं, बल्कि निवेश और रोजगार के अवसर भी उत्पन्न कर रही हैं। उत्तर प्रदेश का यह विकास मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करता है। इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक के क्षेत्र में हो रहे सुधार प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर आर्थिक विकास का केंद्र बना रहे हैं।

तुष्टिकरण के नाम पर आक्रांताओं का महिमामंडन समाजवादी आंदोलन का मुख्य धंधा बन गया हैः योगी

गिरगिट भी पश्चाताप करेगा कि ये समाजवादी मुझसे भी आगे निकल गएः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यों को गिनाया तो समाजवादी पार्टी को आईना भी दिखाया तुष्टिकरण के नाम पर आक्रांताओं का महिमामंडन समाजवादी आंदोलन का मुख्य धंधा बन गया हैः योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सदस्यों से कहा कि मैंने राजू पाल और उमेश पाल की हत्या का मुद्दा इसलिए उठाया, क्योंकि आप लोगों ने माफिया को गले लगाया था। उन माफिया ने हमें आंखें दिखाने का प्रयास किया, तो दुष्परिणाम भी भुगता। हर गरीब को जीने का अधिकार, बिना भेदभाव के उनका हक मिलना चाहिए। जातीय वैमनस्यता समाज, देश हित में नहीं है। देश गुलाम भी जातीय वैमनस्यता के कारण हुआ। तुष्टिकरण के नाम पर आक्रांताओं को महिमामंडन करना समाजवादी आंदोलन का मुख्य धंधा बन गया है। यह कब रंग बदल दें, कोई भरोसा नहीं। सीएम ने तंज कसा कि गिरगिट भी आज पश्चाताप करेगा कि ये समाजवादी मुझसे भी आगे निकल गए हैं। संपत्ति और संतति का प्रतीक बन गया है समाजवादी सीएम ने कहा कि समाजवाद के आदर्श जेपी-लोहिया ने देश में बराबरी और सामाजिक न्याय की वकालत की थी, लेकिन आज संपत्ति और संतति समाजवादी के प्रतीक बन गए हैं। जो समाजवाद त्याग, संघर्ष, नैतिक आदर्शों का आह्वान करता था, आज वह इन लोगों के लिए वंशवाद, सुविधावाद और निजी साम्राज्य खड़ा करने की सीढ़ी बन गई है। लोहिया और जेपी की परंपरा ने कभी शोषण के विरुद्ध संघर्ष का उद्घोष किया था, लेकिन आज वही समाजवाद जातीय वैमनस्यता पैदा करने का माध्यम बन गया है। प्रयास होना चाहिए कि किसी वर्ग विशेष या जाति विशेष को जातीय संबोधन करने से बचें।  सीएम का कटाक्ष- समाजवादी पार्टी और विकास सीएम ने समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह लोग विकास के बारे में क्या बात करेंगे। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के गोमती रिवर फ्रंट, जेपीएनआईसी व पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के भ्रष्टाचार को भी गिनाया। बोले कि सरकार आने के बाद बैठक में हमने 110 मीटर चौड़े एक्सप्रेसवे को 120 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव रखा। सीएम ने यह भी कहा कि प्रस्तावित सेमी बुलेट ट्रेन हम वहीं से चलाएंगे। देश के अंदर जो नए कॉरिडोर बनने जा रहे हैं, उनके लिए हमारी तैयारी उस दृष्टि से चल रही है। वाराणसी से इसे जोड़ने के लिए लैंड राज्य उपलब्ध कराएगा।  चार बार में सपा उतना नहीं कर पाई, जितना खेल मंत्री गिरीश यादव ने आधे समय में कर दिया  सीएम ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार शहर से गांव तक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है। हमारे खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ही हैं। समाजवादी पार्टी चार बार में जितना नहीं कर पाई, उन्होंने आधे समय में इतना कर दिया कि पूरी सपा उसमें डूब जाएगी। सरकार ने तय किया है कि 2030 के कॉमनवेल्थ और 2036 में भारत के ओलंपिक की दावेदारी को ध्यान में रखकर हर मंडल मुख्यालय पर एक स्पोट्रस कॉलेज होगा। हर कॉलेज के पास किसी एक खेल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा।  खेल के लिए पर्याप्त बजट, पैसे की कमी नहीं   सीएम ने कहा कि वाराणसी- गाजीपुर के नौजवान हॉकी में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं। ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल इसकी देन है। बीच में विपक्षी सदस्य ने टोका कि गाजीपुर का स्टेडियम सपा ने दिया है तो सीएम ने इस पर कहा कि पैसा गिरीश यादव (हमारी सरकार) ने दिया है। हमने प्राइवेट एकेडमी को भी धनराशि देनी प्रारंभ की है। पश्चिम यूपी में प्राइवेट एकेडमी अच्छा काम कर रही है। वहां से अच्छे खिलाड़ी निकलकर ओलंपिक में मेडल जीते हैं। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ व एशियाड में मेडल जीतने वाले यूपी के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता के साथ डिप्टी एसपी, तहसीलदार व अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती दी गई। खेल के लिए पर्याप्त बजट है।  इलेक्ट्रिक व्हीकल में भी यूपी ने दमदारी से उपस्थिति दर्ज की सीएम ने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल में भी यूपी ने दमदारी से उपस्थिति दर्ज की है। देश की पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफेक्चरिंग की यूनिट यूपी में प्रारंभ हो चुकी है, यहां बस निर्माण की कार्रवाई चल रही है। राष्ट्रीय बाजार में यूपी की उपस्थिति 19 फीसदी है। तिपहिया ईवी में 40 प्रतिशत भागीदारी यूपी की है। एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर चार्जिंग स्टेशन व प्रदेश में 700 ईवी बसों का संचालन हो रहा है।

ओडीओपी से ई-केसीसी तक, यूपी का ग्रामीण उत्थान बना राष्ट्रीय मिसाल: विधानसभा में सीएम योगी

विधानसभा में सीएम योगी (भाग-9) कांग्रेस और सपा ने किया किसानों को कर्जदाता बनाने का महापाप: सीएम योगी 13 से 36 लाख करोड़ तक पहुँची यूपी की अर्थव्यवस्था, बिना नया टैक्स लगाए विकास की रफ्तार तेज: मुख्यमंत्री ओडीओपी से ई-केसीसी तक, यूपी का ग्रामीण उत्थान बना राष्ट्रीय मिसाल: विधानसभा में सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा कि औपनिवेशिक काल ने जिस किसान को उत्पादक से उपभोक्ता बनाया, उसी किसान को बाद की कांग्रेस और सपा सरकारों ने कर्जदाता बना देने का पाप किया। उन्होंने कहा कि जिस कारीगर में उद्यमी बसता था, उसे निराश-हताश कर पलायन के लिए मजबूर कर दिया गया। जो व्यापारी उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक देश को जोड़ने वाला सेतु था, उसे भय और अव्यवस्था में धकेल दिया गया। परिणामस्वरूप प्रदेश में हताशा-निराशा, किसानों की दुर्दशा और एमएसएमई की बंदी जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ-नौ वर्षों में राज्य ने इस परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। स्पष्ट कृषि नीति ने परिस्थितियाँ पलट दी हैं। पहले लागत अधिक और उत्पादन कम था, बिचौलियों का वर्चस्व था। आज लागत कम, उत्पादन अधिक और उपज का पूरा लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में उत्तर प्रदेश ने अन्नदाता को फिर से केंद्र में स्थापित किया है और कृषि-अर्थव्यवस्था को दोहरी गति से आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब नई ऊँचाइयों पर पहुँच चुकी है, जहाँ कभी प्रदेश की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ रुपये थी, वहीं आज यह 36 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर तक पहुँच गई है। देश की कुल जीडीपी में उत्तर प्रदेश का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है। फिस्कल डेफिसिट को 3 प्रतिशत से नीचे लाने में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है और यह टैक्स चोरी तथा रेवेन्यू लीकेज पर प्रभावी नियंत्रण का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में बिना कोई नया टैक्स लगाए प्रदेश के विकास को गति दी गई है। नेता प्रतिपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत किसानों और कारीगरों की सृजनशीलता के बल पर खड़ा हुआ देश है। ग्राम स्वराज की यह परंपरा सदैव हमारी पहचान रही है। औपनिवेशिक काल ने हमारे उत्पादक किसानों को उपभोक्ता बनने पर विवश किया और बाद में पूर्ववर्ती सरकारों ने उन्हें कर्ज में डुबो दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों ने अन्नदाता को कर्जदाता बनाने का पाप किया, जबकि कारीगरों और उद्यमियों को हताशा-निराशा के अंधकार में धकेल दिया। उस समय प्रदेश में पलायन, बेरोज़गारी और एमएसएमई के पतन का माहौल था, निवेशकों की धारणा पूरी तरह नकारात्मक थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ-नौ वर्षों में किसानों के हित में किए गए कार्य अभूतपूर्व हैं। स्पष्ट कृषि नीति के परिणामस्वरूप अन्नदाता को कम लागत में अधिक उत्पादन का लाभ मिला है। बिचौलियों को हटाकर डीबीटी के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि उत्पादों में गुणवत्ता सुधार पर विशेष बल दिया गया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश में प्रथम है, दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है और गन्ना उत्पादन में भी दोगुनी क्षमता पर पहुँच चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 16 लाख निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है और उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जो प्रति गोवंश 1500 रुपये प्रति माह की सहायता प्रदान कर रहा है। आज देश के कुल गन्ना उत्पादन का 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश से आता है। 2000 से 2017 तक मात्र 2.14 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान हुआ था, जबकि पिछले साढ़े आठ वर्षों में 3 लाख 05 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान सीधे किसानों के खातों में भेजा गया है—यानी आधे समय में 90,000 करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त राशि किसानों को प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आज 122 चीनी मिलें संचालित हैं और किसान को 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा रहा है। एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर हो गया है, जिसमें भी उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। आज चीनी मिलें घाटे का क्षेत्र नहीं, बल्कि लाभकारी उद्योग बन चुकी हैं। छाता और बागपत की चीनी मिलों को इंटीग्रेटेड परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य में 89 कृषि विज्ञान केंद्र संचालित हैं। एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स के माध्यम से किसानों की उपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। कृषि वैल्यू चेन, स्टोरेज, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर व्यापक कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘हर खेत को पानी’ के संकल्प के तहत नहरों, पाइपलाइन और माइक्रो इरिगेशन के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रदेश की 31 बड़ी सिंचाई परियोजनाएँ पूरी की जा चुकी हैं। निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई गई है और डीजलचालित नलकूपों के लिए भी प्रभावी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि महात्मा बुद्ध कृषि विश्वविद्यालय और लखनऊ में चौधरी चरण सिंह सीड पार्क का निर्माण प्रदेश के कृषि विकास को नई दिशा देगा। ई-केसीसी पोर्टल के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड की प्रक्रिया को सरल बनाकर पाँच मिनट में पूरा किए जाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। एक जिला–एक उत्पाद योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओपी ने कारीगरों, शिल्पकारों और किसानों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मार्केटिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर लोकल-टू-ग्लोबल की अवधारणा को साकार कर रहा है, जिसका सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को मिल रहा है। सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ओडीओपी के कारण आज इसकी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मांग अत्यधिक बढ़ी है। प्रदेश के 77 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है, जिससे उनके लिए वैश्विक बाजार में प्रमाणन की आवश्यकता समाप्त हो गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस वर्ष एक जिला-एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना शुरू की … Read more

उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है – सीएम योगी आदित्यनाथ

विरासत और विकास के साथ उत्तर प्रदेश का आगे बढ़ना आधुनिक रामराज्य की अनुभूति हैं – मुख्यमंत्री   एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष केवल जनता को गुमराह कर रहा है, प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है – मुख्यमंत्री   उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है – सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज राज्यपाल के अभिभाषण पर व्यक्तव्य देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन सत्यापन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे विरोध पर आपत्ति जताई और कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है तथा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फॉर्म 7 के माध्यम से यदि किसी नाम पर आपत्ति दर्ज की जाती है तो निर्वाचन आयोग उसका सत्यापन करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष समाज को माता के नाम, शंकराचार्य के नाम और एसआईआर के नाम पर भ्रमित किया जा रहा है, जबकि सरकार का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। यदि संबंधित व्यक्ति स्वयं उपस्थित होकर यह प्रमाणित करता है कि वह जीवित है और आपत्ति गलत है, तो वह आपत्ति तत्काल निरस्त कर दी जाती है। मुख्यमंत्री ने प्रश्न उठाया कि विपक्ष पारदर्शी व्यवस्था का समर्थन क्यों नहीं कर रहा है।  मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एब्सेंट, शिफ्टिंग और डेथ (एएसडी) श्रेणी में कुल 2 करोड़ 88 लाख से अधिक नाम ऐसे हैं जो सत्यापन में सामने नहीं आए या जिनके संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त नहीं हुई। इनमें 46 लाख 23 हजार मृतकों के नाम शामिल हैं। लगभग 1 करोड़ 39 लाख लोग स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, लेकिन उनके नाम सूची में बने हुए थे। 25 लाख 47 हजार डुप्लिकेट प्रविष्टियां पाई गई हैं, जबकि लगभग 80 लाख नाम एब्सेंट श्रेणी में हैं। अन्य नाम विभिन्न श्रेणियों में आते हैं। उन्होंने सरकार की बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा और सुविधाओं का उल्लेख करते हुए माघ मेला की सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 के कुंभ में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे, जबकि वर्तमान माघ मेला में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने इसे बेहतर सरकार के प्रति जनता के विश्वास का प्रमाण कहा। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें सरकार की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का स्पष्ट विवरण था। यदि विपक्ष ने उसे ध्यानपूर्वक सुना होता तो ऐसे प्रश्न नहीं उठते। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित है, अपराधियों में भय है, गरीबों को सम्मान मिल रहा है, किसान सशक्त हो रहे हैं, महिलाओं में सुरक्षा की भावना है और युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। गांवों तक बिजली पहुंच चुकी है और प्रदेश में विकास की नई चेतना दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री ने इसे आधुनिक रामराज्य की अनुभूति बताते हुए कहा कि प्रदेश में विरासत और विकास साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। सरकार जन कल्याण, रोजगार सृजन, निवेश विस्तार और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से राज्य को सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और हमारी सरकार उसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने सदन के सभी सदस्यों, अध्यक्ष और चर्चा में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

सरकार कानून के शासन में विश्वास करती है, मर्यादा व व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारीः मुख्यमंत्री

शंकराचार्य की परंपरा मर्यादा से चलती है, मनमर्जी से नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  सीएम ने कहा, कानून सबके लिए समान, मुख्यमंत्री का पद भी कानून से ऊपर नहीं सरकार कानून के शासन में विश्वास करती है, मर्यादा व व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारीः मुख्यमंत्री  नैतिकता की बात करने वालों को पहले परंपरा व व्यवस्था का सम्मान करना चाहिएः सीएम योगी  लखनऊ  विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य विवाद पर पूरी मजबूती से सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने सनातन परंपरा की मर्यादाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शंकराचार्य का पद भारत की सनातन परंपरा में सर्वोच्च और अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह कोई सामान्य उपाधि नहीं है, जिसे कोई भी व्यक्ति स्वयं ग्रहण कर ले। सपा शासनकाल में हुई वाराणसी की पुरानी घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रश्न उठाया कि यदि संबंधित व्यक्ति वास्तव में शंकराचार्य थे, तो उन पर लाठीचार्ज और एफआईआर क्यों हुई?  नैतिकता की बात करने वालों को पहले परंपरा और व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए। माघ मेला में मौनी अमावस्या के अवसर पर साढ़े चार करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अवसरों पर कड़ी व्यवस्था लागू करनी होती है। प्रवेश और निकास मार्ग निर्धारित होते हैं और उनका पालन सभी के लिए अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी भगदड़ जैसी स्थिति पैदा कर सकती है, जिससे श्रद्धालुओं की जान खतरे में पड़ सकती है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून सबके लिए समान है। मुख्यमंत्री का पद भी कानून से ऊपर नहीं है। कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के शासन में विश्वास करती है और मर्यादा व व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति कभी इस प्रकार का आचरण नहीं कर सकता। हम मर्यादित लोग हैं, कानून के शासन पर विश्वास करते हैं। कानून के शासन का पालन करना भी जानते हैं, पालन करवाना भी जानते हैं। दोनों चीजों को एक साथ लागू करवाना जानते हैं, लेकिन इसके नाम पर गुमराह करना बंद करिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने देश की चारों दिशाओं में चार पीठों की स्थापना की थी, उत्तर में ज्योतिष पीठ, दक्षिण में श्रृंगेरी, पूर्व में जगन्नाथपुरी और पश्चिम में द्वारिकापुरी। इन चारों पीठों की अपनी-अपनी परंपरा, दायित्व और आध्यात्मिक आधार हैं। इन पीठों से चार वेद जुड़े हैं- ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। प्रत्येक वेद का अपना महावाक्य है- “प्रज्ञानं ब्रह्म”, “अहम् ब्रह्मास्मि”, “तत्त्वमसि” और “अयमात्मा ब्रह्म”। ये महावाक्य भारतीय दर्शन की आत्मा हैं और साधना की उच्चतम अवस्था का बोध कराते हैं। मैं ही ब्रह्म हूं, कोई भी साधक जब अपनी साधना की पराकाष्ठा में पहुंचता है तो उसको इस बात की अनुभूति होती है। यही उपनिषदों का उद्घोष भी है।  झूठ को मुद्दा बनाना विपक्ष की प्रवृत्ति मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह बार-बार एक ही बात को दोहराकर उसे मुद्दा बनाने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि जो विषय वास्तविक मुद्दा नहीं था, उसे जानबूझकर विवाद का रूप दिया गया। सदन में तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए, न कि भ्रम फैलाने का प्रयास।

प्रदेश में 5 करोड़ 46 लाख आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी, स्वास्थ्य क्षेत्र में 45 हजार से ज्यादा नियुक्तियां

परिणाम ही मापदंड, स्वास्थ्य सेवाओं में हुआ व्यापक सुधारः मुख्यमंत्री योगी  इन्सेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण डबल इंजन सरकार की बड़ी उपलब्धि वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज के तहत मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 से बढ़कर 81 हुई गोरखपुर और रायबरेली में संचालित हो रहे एम्स, हर जिले में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदेश में 5 करोड़ 46 लाख आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी, स्वास्थ्य क्षेत्र में 45 हजार से ज्यादा नियुक्तियां  लखनऊ  मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर स्पष्ट कहा कि सरकार के लिए घोषणाएं नहीं बल्कि परिणाम ही वास्तविक मापदंड हैं। विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कोई भी बात कहने से पहले यह देखना चाहिए कि उसका परिणाम क्या है। केवल लंबी-चौड़ी बातें करने से क्या लाभ यदि परिणाम शून्य हो? इसी दृष्टिकोण के साथ उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों, इन्सेफेलाइटिस पर नियंत्रण, मेडिकल ढांचे के विस्तार और भविष्य की स्वास्थ्य अर्थव्यवस्था की योजनाओं का विस्तृत उल्लेख किया। माफिया की तरह इंसेफेलाइटिस पर भी किया प्रभावी नियंत्रण मुख्यमंत्री योगी ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से कहा कि इन्सेफेलाइटिस की बीमारी के कारण आपके जिले के भी बच्चे काल-कवलित होते थे। आपने इस बीमारी का पूरा दौर देखा है। चार बार समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, लेकिन उन बच्चों का हाल-चाल लेने कोई नहीं गया। उपचार और सुविधाएं अलग विषय हैं, परंतु संवेदनशीलता भी आवश्यक होती है। आज विश्वासपूर्वक कह सकता हूं कि इन्सेफेलाइटिस से बच्चों को बचाने का जो कार्य हुआ है, उसका श्रेय प्रधानमंत्री जी के गतिशील नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार को जाता है। यह भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की डबल इंजन सरकार की उपलब्धि है। हमने इन्सेफेलाइटिस पर वैसे ही प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है, जैसे प्रदेश में माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई की है। यह सरकार केवल माफिया पर ही नहीं, बल्कि मच्छरों से फैलने वाली घातक बीमारियों पर भी उसी दृढ़ता के साथ नियंत्रण करती है। इन्सेफेलाइटिस इसका एक उदाहरण है। बिना भेदभाव सभी को मिल रही चिकित्सा की सुविधा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि “वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज” की परिकल्पना हमारी सरकार ने आगे बढ़ाई। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 से बढ़कर 81 हो चुकी है। 81वां मेडिकल कॉलेज अमेठी में प्रारंभ हो चुका है। इसके अतिरिक्त कुछ नए मेडिकल कॉलेजों पर कार्य प्रगति पर है। प्रदेश में दो एम्स गोरखपुर और रायबरेली में संचालित हो रहे हैं। कई मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं विकसित की गई हैं। डायलिसिस की सुविधा अब प्रत्येक जिले में निःशुल्क उपलब्ध है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में पांच करोड़ 46 लाख गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक निधि के संदर्भ में भी हमने लचीलापन दिखाने का प्रयास किया है, ताकि गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंदों को सहायता मिल सके। यदि कोई विधायक सिफारिश करते हैं तो बिना किसी भेदभाव के धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। न किसी की जाति देखी जाती है, न मत, न मजहब। हर जरूरतमंद के साथ सरकार खड़ी है। आईसीयू की व्यवस्था के संबंध में एक समय कुछ निजी अस्पतालों के विरुद्ध शिकायतें आई थीं। उस पर जांच कराई गई और संबंधित अस्पतालों को योजना से बाहर किया गया। किंतु जो मामले लंबित थे, उन्हें पुनः धनराशि उपलब्ध कराई गई। किसी भी प्रकार की सीमा निर्धारित नहीं की गई है। हर जरूरतमंद को सहायता दी जा रही है। 42 हजार पैरामेडिक्स की हुई भर्ती मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी अस्पतालों की मनमानी पर नियंत्रण आवश्यक है। यदि सरकार सीजीएचएस दरों के अनुसार भुगतान कर रही है, तो अस्पतालों को भी सहयोग करना चाहिए। शेष भुगतान सरकार उपलब्ध कराएगी। यह धन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का है और उसका उपयोग जनता के हित में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पैरामेडिकल स्टाफ का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 41,868 पैरामेडिक्स की भर्ती की जा चुकी है, जिन्होंने विभिन्न संस्थानों में कार्यभार ग्रहण किया है। चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में 4,110 से अधिक भर्तियां हुई हैं। कुल मिलाकर 45,978 नियुक्तियां स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में की गई हैं। सरकार की ओर से किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती गई है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में आईसीयू, मिनी आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड बैंक, डायलिसिस यूनिट और ऑक्सीजन प्लांट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया जा रहा है। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से आपात चिकित्सा सेवाएं और अधिक सुलभ बनाई गई हैं। भविष्य की दिशा में बढ़ रहीं फार्मा गतिविधियां  मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की दिशा में सरकार एआई, जीनोमिक्स, टेलीमेडिसिन, मेडटेक और हेल्थटेक पर विशेष ध्यान दे रही है। बजट में भी इन क्षेत्रों के लिए प्रावधान किए गए हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश केवल स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा बाजार ही नहीं बनेगा बल्कि फार्मा प्रोडक्शन और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। ललितपुर में फार्मा पार्क की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। हाल ही में लखनऊ में आयोजित फार्मा कॉन्क्लेव में देश-विदेश के शीर्ष फार्मा उद्यमियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त गौतम बुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क का कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है, जिससे मेडिकल उपकरण सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दरों पर उपलब्ध हो सकें। इन सभी प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन की दिशा में अग्रसर है, और सरकार इस दिशा में निरंतर गति से कार्य कर रही है।

सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई

ओडीओपी योजना से बदली कारीगरों की तकदीर, 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार ओडीओपी योजना से निर्यात दोगुना, पारंपरिक उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, बजट में आवंटन बढ़ा सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का माध्यम बनकर उभरी है। वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई इस पहल ने पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को न केवल नई पहचान दी, बल्कि उन्हें बाजार, प्रशिक्षण और वित्तीय संबल भी उपलब्ध कराया। सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही है। परंपरागत उत्पादों को मिला प्रोत्साहन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बजट सत्र 2026-27 में प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को नई पहचान दी है। यह योजना परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहन देने, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर जनपद में 2275 कारीगरों को उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई गई, जबकि 454 हस्तशिल्पियों को 16.26 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई।  दोगुना से अधिक हुआ निर्यात उन्होंने बताया कि आर्थिक दृष्टि से भी ओडीओपी योजना ने उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी एवं हस्तशिल्प उत्पादों का बताया गया है। वर्ष 2018 से अब तक इस योजना के माध्यम से 3,16,000 लोगों को रोजगार सृजित हुआ है। 200 करोड़ के बजट का प्रावधान वित्तीय प्रतिबद्धता भी इस योजना के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। पिछले बजट में 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 135 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडिंग को मजबूती मिली है। कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा उन्होंने कहा कि ओडीओपी केवल आर्थिक योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का अभियान है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा गया है। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन’ जैसी नई पहल स्थानीय पहचान को और व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

पिंक सॉलिड स्टोन से सजेगा प्रवेश द्वार, अयोध्या-गोण्डा मार्ग की बढ़ेगी गरिमा

राम की नगरी में आने वाले भक्तों का स्वागत करेगा लक्ष्मण द्वार एनएच-330ए पर बन रहा भव्य लक्ष्मण द्वार, 3,970.50 लाख रुपये की लागत से हो रहा निर्माण पिंक सॉलिड स्टोन से सजेगा प्रवेश द्वार, अयोध्या-गोण्डा मार्ग की बढ़ेगी गरिमा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में है अयोध्या का धार्मिक विकास अयोध्या  राम की नगरी अब भक्तों के लिए और अधिक आकर्षक व स्वागतमय बन रही है। राम मंदिर के दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत करने के लिए एनएच-330ए (अयोध्या-गोण्डा मार्ग) पर एक शानदार लक्ष्मण द्वार का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह प्रवेश द्वार अयोध्या की धार्मिक गरिमा को और निखारने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह भव्य लक्ष्मण द्वार देईपुर/कटरा भागचंद्र अहतमाली क्षेत्र में 40 मीटर चौड़े मार्ग पर बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को इस परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुल निर्माण लागत 3,970.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। द्वार को पिंक सॉलिड स्टोन से सजाया जाएगा, जो इसे राजसी एवं आकर्षक बनाएगा। पिंक स्टोन का उपयोग न केवल सौंदर्य बढ़ाएगा, बल्कि यह स्थानीय शिल्प कौशल को भी प्रदर्शित करेगा और अयोध्या की प्राचीन वास्तुकला से प्रेरित होगा। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र यादव ने बताया कि वर्तमान में परियोजना का 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अक्टूबर तक पूरा लक्ष्मण द्वार तैयार हो जाएगा। भव्य और यादगार पड़ाव साबित होगा लक्ष्मण द्वार के बनने से यह मार्ग धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक भी बन जाएगा। रामायण काल में लक्ष्मण जी के भाई राम के प्रति समर्पण की याद दिलाता यह द्वार भक्तों के मन में श्रद्धा एवं उत्साह का संचार करेगा। अयोध्या विकास की इस नई परियोजना से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश का धार्मिक पर्यटन नक्शा और चमकदार हो रहा है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी मजबूती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में धार्मिक स्थलों का विकास एवं पर्यटन संवर्धन प्रमुख स्थान रखता है। अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण के बाद यहां पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। लक्ष्मण द्वार का निर्माण इसी दिशा में एक और कदम है, जो न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। स्थानीय व्यापारियों, होटलों, परिवहन सेवाओं और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। एनएच-330ए पर यह लक्ष्मण द्वार अयोध्या-गोण्डा मार्ग की गरिमा को कई गुना बढ़ा देगा।

289 एकड़ भूमि पर विकसित होगा कार्बन-फ्री डेटा सेंटर, हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजन की संभावना

एएम ग्रुप और इन्वेस्ट यूपी के बीच एमओयू, 2030 तक पूर्ण क्षमता से संचालन का लक्ष्य यीडा के सीईओ ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को सौंपा लेटर ऑफ इंटेंट 289 एकड़ भूमि पर विकसित होगा कार्बन-फ्री डेटा सेंटर, हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजन की संभावना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एएम ग्रुप और राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी ‘इन्वेस्ट यूपी’ के बीच सहमति बनी है। इसके तहत 1 गीगावॉट (GW) हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूट (HPC) एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। गुरुवार को यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है।  289 एकड़ भूमि के लिए एलओआई जारी यीडा द्वारा सेक्टर 28 में 114 एकड़ और सेक्टर 8डी में 175 एकड़, कुल 289 एकड़ भूमि के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी किया गया है। यह अत्याधुनिक हब लगभग पांच लाख हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स से लैस होगा और 24×7 कार्बन-फ्री ऊर्जा (पवन, सौर एवं पम्प्ड स्टोरेज) से संचालित होगा। यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में स्थापित की जाएगी, जिसमें लगभग 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश प्रस्तावित है। इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। वर्ष 2028 तक प्रथम चरण का संचालन शुरू होगा, जबकि 2030 तक पूर्ण 1 गीगावॉट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को नई गति भारत में एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए यह हब वैश्विक हाइपरस्केलर्स, अनुसंधान संस्थानों, उद्यमों और संप्रभु एआई पहलों की जरूरतों को पूरा करेगा। एएमजी एआई लैब्स ‘एआई के लोकतंत्रीकरण’ के तहत ऊर्जा से लेकर इंटेलिजेंट टोकन तक संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित करने की दिशा में कार्यरत है। यह सुविधा भारतीय डेवलपर समुदाय को अत्याधुनिक चिपसेट्स तक व्यापक पहुंच देगी, जिससे घरेलू और वैश्विक स्तर पर एआई समाधान विकसित करने में तेजी आएगी। आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव इस परियोजना से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित होने की संभावना है। साथ ही हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजित होंगे। हार्डवेयर निर्माण, सॉफ्टवेयर विकास और विशेषीकृत कूलिंग तकनीकों के क्षेत्र में स्थानीय इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था के अग्रिम पंक्ति के राज्यों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

रक्षा शक्ति पर बड़ा बयान, सीएम योगी ने ब्रह्मोस के जरिए दिखाया ‘हार्ड पावर’ रोडमैप

सीएम योगी ने दिया ब्रह्मोस संग ‘हार्ड पावर’ विजन   मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बदली कवर इमेज अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने वाली सरकार के मुखिया ने दिया ‘नए यूपी’ का संकेत   लखनऊ  उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने वाली सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने ‘नए यूपी’ की बढ़ती ताकत का संकेत दिया। बजट 2026-27 के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कवर इमेज बदल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मोस संग अपनी फोटो लगाकर ‘हार्ड पावर’ विजन” का संदेश दिया।  सोशल मीडिया हैंडल पर मुख्यमंत्री का यह संदेश बताता है कि लखनऊ में ब्रह्मोस निर्माण के जरिए उत्तर प्रदेश एक तरफ रक्षा उत्पादन का उभरता वैश्विक हब हो गया है। वहीं दूसरी ओर 9.12 लाख करोड़ का बजट और सामरिक शक्ति के संगम का भी संकेत प्रदेशवासियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। बजट के जरिए सीएम योगी ने संदेश दिया कि यूपी की अर्थव्यवस्था “फर्श से अर्श तक पहुंच गई है, जो यूपी के विकास, सुरक्षा और निवेश के त्रिवेणी मॉडल को प्रदर्शित करता है। योगी का यह “‘सुपरसोनिक केसरिया’ संदेश बताता है कि उत्तर प्रदेश विकास का इंजन और प्रदेशवासियों की सुरक्षा का कवच भी बन गया है।

निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2400 करोड़

बॉटलनेक टू ब्रेकथ्रू बजट 2026-27 (कृषि, मत्स्य, उद्यान, दुग्ध विकास, खाद्य-रसद)  योगी सरकार की प्राथमिकता में किसान, कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये कृषकों के डीजल पंप सेट को सोलर पम्प में परिवर्तित करने के लिए 637 करोड़ 84 लाख रुपये  निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2400 करोड़  उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2832 करोड़ की व्यवस्था पशुधनः छुट्टा गोवंश के रख-रखाव के लिए 2,000 करोड़ मत्स्यः अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार, एकीकृत एक्वा पार्क तथा मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की नई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये  खाद्य एवं रसद की योजनाओं के लिए 20,124 करोड़  दुग्ध विकासः मथुरा में 30 हजार से बढ़कर एक लाख लीटर प्रतिदिन वाली क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना  लखनऊ योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और श्रमिकों का सशक्तिकरण, रोजगार के अवसर सृजित करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार ने अपनी बात को सार्थक करते हुए बजट में कृषि योजनाओं पर जोर दिया। इस बजट में कृषि योजनाओं के लिये 10,888 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। बजट में पशुधन, मत्स्य, खाद्य-रसद, उद्यान विभाग के लिए भी बजट में बड़ी धनराशि की व्यवस्था की है।  यूपीएग्रीज परियोजना के अन्तर्गत एग्रीएक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिये 245 करोड़ रुपये सदन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बजट 2026-27 में कृषि योजनाओं के लिये लगभग 10,888 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, यह वर्ष 2025-2026 के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है। खन्ना ने बताया कि वर्ष 2026-2027 में 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन एवं 48.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य है। एक्वाब्रिज द्वारा प्रस्तावित यूपीएग्रीज परियोजना में एक्वा कल्चर आधारभूत संरचना के तहत विश्वस्तरीय हैचरी तथा विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की बाह्य सहायतित परियोजना के लिये 155 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। यूपीएग्रीज परियोजना के अन्तर्गत एग्रीएक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिये 245 करोड़ रुपये तथा किसान उत्पादक संगठनों हेतु रिवाल्विंग फण्ड योजना के लिये 75 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है।  डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की योजना के लिए 673 करोड़ 84 लाख  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कृषकों के डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की योजना के लिए 637 करोड़ 84 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फॉर्मिंग योजना सभी जनपदों के 94,300 हेक्टेयर में संचालित है। इस योजना के लिए बजट में 298 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।  निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2400 करोड़ प्रस्तावित सुरेश खन्ना ने सदन में बताया कि किसानों के निजी नलकूपों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए बजट में 2,400 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश बीज स्वावलंबन नीति 2024 के तहत प्रदेश में सीड पार्क विकास परियोजना के लिए 251 करोड़ रुपये और पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के लिए लगभग 103 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।  उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2832 करोड़  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बजट में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2,832 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह वर्ष 2025-2026 के सापेक्ष 7 प्रतिशत से अधिक है। राष्ट्रीय औद्यानिक मिशन योजना के लिए 715 करोड़ तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लिए 478 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2022 के क्रियान्वयन के लिए 300 करोड़ रुपये तो मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।  दुग्ध विकासः मथुरा में 30 हजार से बढ़कर अब एक लाख लीटर प्रतिदिन वाली क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना  दुग्ध विकास के अंतर्गत वित्त मंत्री ने बताया कि सहकारी क्षेत्र के तहत प्रदेश में 19 दुग्ध संघों के माध्यम से दुग्धशाला विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मथुरा में पहले 30 हजार लीटर क्षमता की नवीन डेयरी परियोजना प्रस्तावित की गयी थी, लेकिन इसे संशोधित करते हुये 1 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव है। सरकार ने इसके लिए बजट में 23 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजना के तहत प्रस्तावित दुग्ध संघों में 220 नई दुग्ध समितियों के गठन तथा 450 दुग्ध समितियों के पुनर्गठन का कार्य प्रस्तावित है। इसके लिए 107 करोड़ रुपये की व्यवस्था हुई है।  पशुधनः छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 2,000 करोड़ खन्ना ने बताया कि प्रदेश के 7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12,38,547 गोवंश संरक्षित है। इसके अतिरिक्त 155 वृहद गो- संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना तथा पोषण मिशन के तहत 1,13,631 पशुपालकों को 1,81,418 गोवंश सुपुर्द किये गये हैं। इन्हें भरण पोषण के लिए 50 रुपये की दर से डीबीटी के माध्यम से सीधे भुगतान किया जा रहा है। छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 2,000 करोड़ तथा वृहद गो-संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। पशु रोग नियंत्रण योजना के लिए 253 करोड़ तथा पशु चिकित्सालयों/पशु संघ केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए 155 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में पहली बार मोबाइल वेटरेनरी यूनिट की स्थापना भारत सरकार की अम्ब्रेला स्कीम पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना के अंतर्गत सम्मिलित की गयी है। मत्स्यः अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार, एकीकृत एक्वा पार्क तथा मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की नई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये  सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पुरुष व महिला घटक के लिए क्रमशः 195 करोड़ तथा 115 करोड़ की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत एकीकृत एक्वा पार्क की स्थापना के लिए बजट में 190 करोड़ रुपये दिए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार, एकीकृत एक्वा पार्क तथा मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की नई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। खाद्य एवं रसदः योजनाओं के लिए 20,124 करोड़  खाद्य एवं रसद की योजनाओं के लिये बजट में लगभग 20,124 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। अन्नपूर्ति योजना के लिए 15,480 करोड़, निःशुल्क एलपीजी सिलिंडर रीफिलिंग योजना के … Read more

योगी सरकार का बजट 2026-27: सुरेश खन्ना ने विधानसभा में पेश किया 9.12 लाख करोड़ का वित्तीय प्लान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किया गया यह बजट पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा है और इसे राज्य की अर्थव्यवस्था को ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ का आधार बताया है, जिसमें समाज के हर वर्ग किसान, युवा, महिला और गरीब की आशाओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। बजट के मुख्य आंकड़े कुल बजट आकार: ₹9,12,696 करोड़ राजस्व प्राप्तियां: ₹3,53,315 करोड़ (अनुमानित) प्रति व्यक्ति आय: ₹1,09,844 (जो 2016-17 के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है) बेरोजगारी दर: घटकर महज 2.24% रह गई है। दुगनी हुई प्रति व्यक्ति आय योगी सरकार के पिछले आठ वर्षों के कार्यकाल में राज्य की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में जो प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये थी, वह अब बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है। अनुमान है कि 2026-27 तक यह 1.20 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में लगभग 06 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के चक्र से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। इसके साथ ही राज्य की सकल घरेलू उत्पाद दर 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% की शानदार वृद्धि दिखाती है। 14 नए मेडिकल कॉलेज, 1,023 करोड़ का प्रावधान वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. चिकित्सा शिक्षा के लिए अलग से 14,997 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है. प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. इनमें 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र के हैं.  रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्राओं को बड़ी सौगात दी है. बजट में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है. इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, कॉलेज आने-जाने की दिक्कतों को कम करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.  ऊर्जा क्षेत्र को 65,926 करोड़ का बजट ऊर्जा सेक्टर में सरकार ने 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, जो पिछले वर्ष से 8 प्रतिशत अधिक है. –  दिसंबर 2025 तक औसत बिजली आपूर्ति: ग्रामीण क्षेत्र में 19 घंटे, तहसील मुख्यालय में 21 घंटे 49 मिनट और जनपद मुख्यालय में 24 घंटे सप्लाई हो रही. – 1 अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक 2,41,088 निजी नलकूप कनेक्शन जारी. – 2017-18 से अब तक 1,66,135 निजी नलकूप संयोजन जारी. – 4,680 कृषि फीडर लक्ष्य के मुकाबले 4,048 फीडर बन चुके हैं. इन पर 10 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जो देश में सर्वाधिक बताई गई. –  1 अप्रैल 2022 से 2025-26 तक 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्र बने. – 20,924 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए और 85,684 की क्षमता बढ़ाई गई. – पारेषण क्षमता 2016-17 में 17,890 मेगावॉट थी, जिसे बढ़ाकर 2025-26 में 32,500 मेगावॉट किया गया.  नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति को 22,676 करोड़ – नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 22,676 करोड़ रुपये का प्रावधान. – 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य. अब तक 2.43 करोड़ घरों तक नल संयोजन पहुंच चुका है. – जल जीवन मिशन के लिए 22,452 करोड़ रुपये का प्रावधान. – गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 74 सीवरेज परियोजनाएं स्वीकृत. 41 पूरी हो चुकी हैं, बाकी निर्माणाधीन हैं. सड़क और सेतु के लिए 34,468 करोड़ का प्रावधान प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण को लेकर सरकार ने बड़ा बजट आवंटन किया है.  – सड़कों और सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण और अनुरक्षण के लिए 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था.  – नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये. – सेतुओं के लिए 4,808 करोड़ रुपये और रेल ओवरब्रिज/अंडरब्रिज निर्माण के लिए 1,700 करोड़ रुपये. – राज्य व जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 3,700 करोड़ रुपये. – राज्य सड़क निधि से अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रुपये और निर्माण/चौड़ीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये. – शहरों में बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर निर्माण के लिए 1,500 करोड़ रुपये. -औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्क से जुड़ी सड़कों के लिए 1,000 करोड़ रुपये.  यूपी बनेगा IT हब वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में आधुनिक तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार हो रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निकट भविष्य में देश का IT हब बनेगा. भाषण के दौरान उन्होंने कहा, ‘सितारा बन के आसमां में वही चमकते हैं, डुबो देते हैं जो अपने आपको पसीने में.’  खादी एवं ग्रामोद्योग… 16 हजार रोजगार का लक्ष्य योगी सरकार ने ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग सेक्टर में बड़े प्रावधान किए हैं. मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 800 नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी. इसके लिए 40 करोड़ रुपये के बैंक ऋण का प्रावधान किया गया है. इससे 16,000 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है. पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण इकाइयों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान देने के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. गोरखपुर के खजनी स्थित कंबल उत्पादन केंद्र के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये की नई योजना लाई गई है. माटीकला के पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम हेतु 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.  टेक्नोलॉजी और एआई मिशन – राज्य में AI मिशन, स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित होंगे. – नई टेक्नोलॉजी … Read more

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक संपन्न

यूपी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप बनाएगा ट्रॉमा सेंटर मुख्यमंत्री का निर्णय: 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की होगी स्थापना, आपात स्थितियों में मिलेगा त्वरित उपचार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक संपन्न विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ के गठन के निर्देश एलोपैथी एवं आयुष के समन्वय से इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना का निर्णय स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस शुरू होगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के अंतर्गत 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया है। यह ट्रॉमा सेंटर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप स्थापित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं सहित अन्य आपात परिस्थितियों में घायलों को त्वरित एवं उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मंगलवार को बतौर कुलाधिपति विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे विश्वविद्यालय परिसर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण दुर्घटना पीड़ितों के उपचार में बहुमूल्य समय नष्ट होता है। प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का संचालन विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें टेली-ओपीडी, वर्चुअल ओपीडी, डिजिटल डेटा एकीकरण तथा मोबाइल आउटरीच जैसी सेवाएं शामिल हों। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा देने से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को पश्चिमी एवं मध्य उत्तर प्रदेश के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा, शिक्षण एवं शोध के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि उपचार, शिक्षण और अनुसंधान के प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्ता, संवेदनशीलता तथा समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा कि देश के अग्रणी चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर उन्हें विश्वविद्यालय की व्यवस्था में समाहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से समाज की उच्च अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं, जिनकी पूर्ति के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में समग्र सुधार हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना की जाएगी। इस इकाई के माध्यम से एलोपैथी एवं आयुष पद्धतियों के समन्वय से रोगी-केन्द्रित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत आयुष विभाग के सहयोग से इंटीग्रेटिव ओपीडी, विशेष क्लीनिक, योग एवं वेलनेस इकाई स्थापित की जाएंगी। स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनसंपर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय समाज के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करे। इस क्रम में विश्वविद्यालय में कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस की स्थापना का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, रोग-निवारण, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित प्रमाणिक जानकारी तथा शैक्षणिक सामग्री का प्रसारण किया जाएगा।

CM योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट बयान, कहा- बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर बड़ा बयान दिया है. मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों और कट्टरपंथी विचारधारा रखने वालों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अयोध्या में जिस स्थान पर राम मंदिर बना है, वहां अब किसी और ढांचे की कल्पना करना भी व्यर्थ है. बाराबंकी की जनसभा में मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है और इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है. सीएम योगी ने कहा कि बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण अब कभी नहीं होगा. उन्होंने साफ तौर पर कहा, “कयामत के दिन तक भी बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा.” जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से किया गया वादा पूरा किया गया है. उन्होंने कहा, “हम लोगों ने कहा था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. और मंदिर वहीं बन गया.” उन्होंने दोहराया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर अपने निर्धारित स्थान पर बन चुका है और यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है. ‘अवसरवादी लोग स्वार्थ के लिए राम को भूल जाते हैं’ सीएम योगी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जो लोग बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण के सपने देख रहे हैं, उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश की सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था का प्रतीक है. भगवान राम सबके हैं और इसमें कोई भेदभाव नहीं है, लेकिन कुछ अवसरवादी लोग अपने स्वार्थ के लिए राम को भूल जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है. सीएम ने कहा कि जो कयामत के दिन का सपना देख रहे हैं, वे सड़-गल जाएंगे, वह दिन कभी आने वाला नहीं है. भारत की विरासत, गौरवशाली परंपरा और सनातन धर्म का सम्मान करते हुए केसरिया ध्वज सदैव देश का मान बढ़ाता रहेगा. योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर केसरिया ध्वजारोहण का उल्लेख करते हुए इसे सनातन का प्रतीक बताया. उन्होंने अवसरवादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि संकट आने पर कुछ लोगों को राम याद आते हैं, बाकी समय वे राम को भूल जाते हैं, इसलिए भगवान राम भी उन्हें भूल चुके हैं.  कानून तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी सीएम योगी ने जनसभा में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे. कानून तोड़कर जन्नत जाने का सपना देखने वालों का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा. सरकार जो कहती है, वह करके दिखाती है और कानून तोड़ने वालों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि उनकी सात पीढ़ियां उसे याद रखेंगी. जो कानून तोड़ेगा, उसे जहन्नुम का रास्ता दिखाएंगे.” उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वालों और रामकाज में बाधा डालने वालों के लिए कोई जगह नहीं बची है. भारत और सनातन एक-दूसरे के पूरक हैं, दोनों को अलग नहीं किया जा सकता. देश और सनातन पर अंदर और बाहर से प्रहार हो रहे हैं, जिनसे सजग और सचेत रहने की जरूरत है. कुछ लोग साजिश कर रहे हैं, कुछ साजिश का शिकार हो रहे हैं और कुछ लोग साजिश के लिए बिककर काम कर रहे हैं. उन्होंने जनता से इन दुष्प्रवृत्तियों के खिलाफ तैयार रहने का आह्वान किया. 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि तब प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और असुरक्षा का माहौल रहता था. उन्होंने कहा कि उस समय न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, न किसान, न नौजवान, मंदिर, विद्यालय और घर तक सुरक्षित नहीं थे. पहले हर तीसरे-चौथे दिन किसी न किसी जिले में कर्फ्यू लगता था और लोगों में भय का वातावरण बना रहता था. अब प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और सुरक्षा का माहौल स्थापित हुआ है.

विजय सिंह गौड़ ने जल-जंगल-जमीन और बुनियादी अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक किया संघर्ष: सीएम योगी

प्रदेश ने खोए जमीन से जुड़े और जनजातीय समाज के नेता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने विधानसभा के दिवंगत सदस्यों के प्रति अर्पित की श्रद्धांजलि सीएम बोले- प्रो. श्याम बिहारी लाल ने शिक्षण अनुभव को जनसेवा से जोड़कर लोकतंत्र को दी मजबूती विजय सिंह गौड़ ने जल-जंगल-जमीन और बुनियादी अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक किया संघर्ष: सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शोक जताते हुए सदन में कहा कि वर्तमान विधानसभा के सदस्य प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का निधन 2 जनवरी 2026 को 60 वर्ष की आयु में हो गया। वह दूसरी बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और फरीदपुर (बरेली) से भारतीय जनता पार्टी के विधायक थे। प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल मिलनसार और जमीन से जुड़े जनप्रतिनिधि थे। शिक्षा जगत से उनका गहरा जुड़ाव रहा। वह इतिहास संकलन समिति, बरेली के अध्यक्ष तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की कार्यसमिति के सदस्य भी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में बुनियादी विकास कार्यों को गति दी और पिछड़े, वंचित व गरीब वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर काम किया। शिक्षा जगत से जुड़े विद्वान जब जनप्रतिनिधि बनते हैं तो वह लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त करते हैं। उनके निधन से प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी को अपूर्णनीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने वर्तमान विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य विजय सिंह गौड़ के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने सदन को बताया कि समाजवादी पार्टी से विधायक विजय सिंह का निधन 8 जनवरी 2026 को 71 वर्ष की आयु में हो गया था। वह आठवीं बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। वर्ष 1980 से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ था। उन्होंने सर्वप्रथम वर्ष 1980, फिर 1985, 1989, 1991, 1993, 1996, 2002 में चुनाव जीता था। वर्ष 2024 के उप चुनाव में वह दुद्धी विधानसभा से निर्वाचित हुए थे। वह जनजातीय समाज की सशक्त आवाज के रूप में जाने जाते थे। सीएम योगी ने कहा कि विजय सिंह गौड़ ने जल, जंगल, जमीन के अधिकारों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को सदैव प्राथमिकता दी। उनके निधन से न केवल जनजातीय समाज, बल्कि पूरे प्रदेश ने संघर्षशील समाजसेवी और अनुभवी राजनेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री ने दोनों दिवंगत सदस्यों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिजनों को संबल देने की प्रार्थना की।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet