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कांग्रेस ने दूसरी सूची जारी की; सुरखी से पारुल साहू को टिकट, अब तक 24 नाम फाइनल

भोपाल. मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने रविवार को अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी। आज 9 उम्मीदवारों के नाम पार्टी ने तय कर दिए हैं। कांग्रेस से भाजपा में आए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के सामने पारुल साहू को उतारा गया है। वे राजपूत को टिकट दिए जाने से नाराज होकर कुछ दिन पहले ही कांग्रेस में शामिल हुई हैं। पार्टी अभी मुरैना समेत 4 सीटों के लिए कोई उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है। पार्टी 15 दिन पहले 15 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर चुकी है। अब तक कुल 24 उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं। यह लिस्ट दिल्ली से फाइनल हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इसके लिए दिल्ली गए हुए थे। वे एक सप्ताह में दो बार इस संबंध में दिल्ली जा चुके थे। हालांकि अभी भी चार सीटों पर उम्मीदवार तय होना है। भाजपा ने अभी तक एक भी प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि उनके उम्मीदवार तय हैं और प्रचार कर रहे हैं। इन सीटों पर अभी उम्मीदवार तय होना बाकी कई दिनों की कवायद के बाद रविवार को कांग्रेस ने दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। अब तक कुल 24 उम्मीदवारों के नाम पार्टी तय कर चुकी है, लेकिन मेहगांव, बड़ामलहरा, मुरैना और ब्यावरा पर अभी नाम तय नहीं हुए हैं। यहां पर कई दावेदारों के होने के कारण लिस्ट तय करने में देरी हो रही है। इस बार भी पार्टी ने टिकट देते समय जातीय समीकरण के साथ अन्य कारणों को ध्यान में रखा है। टिकट बंटवारे में फिर कमलनाथ की चली पहली सूची में प्रत्याशियों के नाम तय करने में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की भूमिका अहम रही तो दूसरी लिस्ट में ही उनकी चली। नाथ ने टिकटों के बंटवारे के पहले दो निजी एजेंसियों और एक कांग्रेस पार्टी से सर्वे कराया था। इन तीनों सर्वे में जो नाम आए उन्हें टिकट दिया गया।

MP : बीजेपी की सभा के लिए जिला प्रशासन ने जुटायीं 600 बसें, राजनीति गर्मायी

इंदौर। सांवेर में शनिवार को नर्मदा परियोजना भूमिपूजन समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में हुई सभा में जिला प्रशासन द्वारा 600 बसें जुटाने पर राजनीति गरमा गई है। रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने इस पर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा सीईसी (चीफ़ इलेक्शन कमिशनर) को इसे संज्ञान में लेना चाहिए। सांवेर उपचुनाव में जो बसें जुटाई गई उनमें डीज़ल शासकीय अधिकारियों द्वारा भरवाया गया। जिस खाद्य अधिकारी ने डीज़ल भरवाने के निर्देश दिए उस पर कार्रवाई होना चाहिए। भाजपा से भी स्पष्टीकरण लिया जाना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव होने पर भी आशंका जताई है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी इस मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग से शिकायत की है और मुख्य सचिव इक़बाल सिंह बेस को भी पत्र लिखा है।

ड्रग्स लेने पर कैसा महसूस होता है, आखिर क्यों हैं बॉलिवुड में इसका इतना चलन ?

मुंबई. ड्रग्स के सेवन को लेकर जिस स्तर का हंगामा इस समय हमारे देश में देखने को मिल रहा है, उसका पूरा फोकस इस समय केवल बॉलिवुड है। लेकिन ऐसा नहीं है कि ड्रग्स का कंजंप्शन केवल बॉलिवुड मे होता है। हां लेकिन ड्रग्स केस में फंस चुकी जया साहा ने एनसीबी की पूछताछ में सितारों का बचाव करने के लिए जिस तरह के तर्क दिए हैं, उनसे दिल्ली के जाने माने सायकाइट्रिस्ट एग्री नहीं करते हैं… क्या वाकई ड्रग्स लेने से स्ट्रेस कम होता है? इस बारे में बात करते हुए मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज (दिल्ली) के सीनियर सायकाइट्रिस्ट डॉक्टर राजेश कुमार कहते हैं कि कोई भी ड्रग हमारे ब्रेन के मिड पार्ट में पहुंचने पर प्लेजर ऐक्टिविटीज के सर्किट में जाकर काम करता है। आमतौर पर ब्रेन का यह हिस्सा सेक्स, फूड, प्लेजर ऐक्टिविटीज, म्यूजिक आदि के कारण ऐक्टिव होता है। ड्रग्स भी ब्रेन के इसी सर्किट पर काम करता है और ड्रग लेने के बाद हाई फील होने लगता है। क्या होती है हाई फीलिंग? –हाई फील करने के दौरान आप खुद को फुल ऑफ एनर्जी महसूस करते हैं। इस दौरान आप आस–पास के माहौल से पूरी तरह कट जाते हैं और तनाव देनेवाली बातों को भूल जाते हैं। इस दौरान आप डिसइनिवेटिव बिहेवियर (जो काम आप एलर्टनेस में नहीं कर सकते) करने लगते हैं और ड्रग्स के असर से कुछ समय के लिए आपकी नींद और थकान गायब हो जाती हैं। हाई फील में होते हैं ‘लो‘ काम –जब व्यक्ति हाई फील करता है तो उसकी कॉन्शियसनेस (चेतन अवस्था) कम हो जाती है, सही और गलत समझने की उसकी क्षमता कम हो जाती है। किस काम को करना है और किसे नहीं उसे यह तय करने में भी मुश्किल होती है। इस कारण उनका व्यवहार सामान्य स्थिति की अपेक्षा में बहुत अधिक बदल जाता है। इस अवस्था में लोग रेप, ऐक्सिडेंट, चोरी और दूसरे इंपल्सिव बिहेवियर करने लगते हैं, जो कि इस स्थिति में बहुत सामान्य ऐक्टिविटीज हैं। अक्सर इस हाई फील के दौरान व्यक्ति ऐसे काम नहीं कर पाता है, जिनमें पूरी तरह सजगता (फोकस) की जरूरत होती है। क्यों सितारे यूज करते हैं ड्रग्स? –सुशांत डेथ केस से जुड़े ड्रग्स मामले में जेल में बंद जया साहा का कहना है कि फिल्मी सितारे अपने स्ट्रेस और डिप्रेशन को कम करने के लिए ड्रग्स लेते हैं। इस बारे में डॉक्टर राजेश कहते हैं कि यह पूरी तरह एक मिथ है कि एंग्जाइटी और डिप्रेशन में लोग ड्रग्स लेते हैं। अपने क्लीनिकल एक्सपीरियंस के बारे में बात करते हुए डॉक्टर कुमार कहते हैं कि एंग्जाइटी और डिप्रेशन के इलाज में कुछ खास पेथी की सीमित दवाओं को छोड़ दिया जाए तो कोई मेडिसिन ऐसी नहीं है, जिसके कॉम्पोनेंट इन ड्रग्स से मिलते–जुलते भी हों। जबकि ड्रग्स का सेवन करने से इन बीमारियों के लक्षण बढ़ जरूर जाते हैं। –आमतौर पर एडिक्शन के शिकार लोग फिर भले ही वे सिलेब्रिटी ही क्यों ना हों, ड्रग्स का सेवन फन के लिए करते हैं। लेकिन वो लोग हमेशा किसी और को अपने ड्रग्स अडिक्शन का कारण बताते हैं। मतलब वे अपने ऊपर जिम्मेदारी ना लेकर किसी और पर प्रोजेक्ट करते हैं या कहिए कि दोषी ठहराते हैं, इसे सायकॉलजी की भाषा में डिफेंस मैकेनिज़म कहा जाता है। –ड्रग लेनेवाले लोग अलग–अलग कारण देते हैं कि हमने ड्रग्स का सेवन इस कारण किया या उस कारण किया… जैसा कि वे उदाहरण देते हैं कि इन देशों में तो लीगलाइज है ड्रग्स लेना, इसलिए भारत में भी इन्हें लेने की छूट होनी चाहिए। जबकि उन्हें बात की जानकारी नहीं होती है कि जिन देशों में इन ड्रग्स पर पाबंदी नहीं है, वहां भी मेंटल इलनेस के इलाज के लिए इन ड्रग्स का सेवन नहीं किया जाता है। हर प्रफेशन में है स्ट्रेस –डॉक्टर राजेश कहते हैं कि जितना पेन आपको सफलता के स्तर पर पहुंचने के लिए लेना पड़ता है, उससे अधिक पेन आपको सफलता की ऊंचाइयों पर बने रहने के लिए लेना पड़ता है। लेकिन यह बात सिर्फ बॉलिवुड पर नहीं बल्कि हर प्रफेशन पर लागू होती है। इसलिए इस कारण को वैलेड नहीं माना जा सकता कि बॉलिवुड सितारे स्ट्रेस कंट्रोल करने के लिए ड्रग्स लेते हैं। स्ट्रेस से बचने के लिए क्या करें –डॉक्टर राजेश के अनुसार, स्ट्रेस कम करने के कई दूसरे तरीके होते हैं, जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का काम करते हैं। इनमें माइंडफुलनेस प्रैक्टिस, मेडिटेशन, योगा और अन्य स्प्रिचुअल प्रैक्टिस की जा सकती हैं। आप सायकाइट्रिस्ट से ट्रीटमेंट, सायकॉलिजस्ट से काउंसलिंग या स्प्रिचुअल काउंसलिंग ले सकते हैं। ये सभी स्ट्रेस से लड़ने के हेल्दी तरीके हैं। – यदि आप अपना तनाव कम करने के लिए ड्रग्स लेते हैं तो आप बस कुछ देर के लिए अपने स्ट्रेस को दूर कर पाते हैं। लेकिन इसके साथ ही खुद को अन्य समस्याओं में झोंक रहे होते हैं। इनमें मेंटल और फीजिकल दोनों तरह की बीमारियां शामिल हैं।

ताउम्र शुगर की बीमारी से बचाकर रख सकता है एलोवेरा, जानें इसे खाने के और भी फायदे

भोपाल. ग्वारपाठा, घृतकुमारी या एलोवेरा आपकी त्वचा की सुंदरता के लिए जितना उपयोगी है, उतना ही लाभकारी आपकी सेहत के लिए भी है। हम सभी चाहते हैं कि हमारा शरीर हमेशा निरोग रहे। तो प्राकृतिक आयुर्वेदिक औषधियों में एलोवेरा एक ऐसी ही औषधि है, जिसका सेवन नियमित रूप से करने पर किसी भी तरह की बीमारियां शरीर पर हावी नहीं हो पाती हैं। आइए, जानते हैं ग्वारपाठा खाने का सही तरीका और इसके फायदे… क्यों खाना चाहिए एलोवेरा? –एलोवेरा को एक सर्वगुण संपन्न पौधा भी कहा जाता है। क्योंकि आपकी सेहत से जुड़ी कोई समस्या हो या सौंदर्य से जुड़ी समस्या, हर पीड़ा को हरने के गुण इस पौधे में मौजूद होते हैं। शायद यही वजह है कि मिश्र की प्राचीन सभ्यता में घृतकुमारी को अमरता प्रदान करनेवाला पौधा कहा जाता था। –एलोवेरा में ऐंटिबैक्टीरियल, ऐंटिफंगल और ऐंटिमाइक्रोबियल तत्व पाए जाते हैं। यही कारण है कि कोई बीमारी आपकी त्वचा से जुड़ी हो या शरीर के अंदरूनी हिस्सों से, एलोवेरा खाने का फायदा शरीर के हर अंग को मिलता है। इन समस्याओं से बचाता है –अपने दैनिक जीवन में आप खान–पान और लाइफस्टाइल से संबंधित कई भूल कर जाते हैं। जिस कारण कभी दांत दर्द, पेट दर्द, कब्ज, अपच, उल्टी, लूजमोशन, सिर दर्द जैसी समस्या हो जाती है। लेकिन अगर आप हर दिन एलोवेरा जूस या इसके गूदे का सेवन करेंगे तो आपको इन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। कभी नहीं होती ये बीमारियां –नियमित रूप से सीमित मात्रा में एलोवेरा का सेवन करने से रोगी को कभी भी डायबिटीज, हाई कॉलेस्ट्रोल, हाइपरटेंशन जैसी गंभीर बीमारियों का सामना नहीं करना पड़ता है। क्योंकि एलोवेरा का सही प्रकार से सेवन करने पर आपके शरीर में कोई विकार पनप ही नहीं पाता है। इस कारण आप हर तरह की बीमारियों से बचे रहते हैं। इन बीमारियों में देता तुरंत लाभ –पेट में तेज जलन हो रही हो या सीने पर जलन की समस्या तब आप एलोवेरा की एक पत्ती को छीलकर उसके गूदे में धोड़ा–सा शहद मिलाएं और इस मिश्रण का सेवन धीरे–धीरे चाटकर करें। आपको सीने और पेट की जलन से छुटकारा मिलेगा। –ग्वारपाठा छीलकर उसके गूदे में थोड़ी–सी चीनी मिलाकर रोगी को पिला दें। कैसा भी पेट दर्द हो उसे कुछ ही मिनटों में आराम मिल जाएगा। –यदि रसोई का कोई काम करते हुए या किसी अन्य काम के दौरान आपकी त्वचा जल जाती है तो आप तुरंत इस जली हुई जगह पर एलोवेरा का गूदा लगा लें। इससे आपकी त्वचा की जलन तुरंत शांत होगी। साथ ही फफोले कम पड़ेंगे और त्वचा पर जले हुए का निशान गहरा नहीं बन पाएगा। दिव्य अनुभूती कराती है घर पर तैयार की गई यह ड्रिंक, एक बार जरूर ट्राई करें सेवन से जुड़ी जरूरी बातें –एलोवेरा का सेवन करने के बारे में यह बात अच्छी तरह जान लें कि आपको इसके सेवन से कोई हानि नहीं होगी अगर आप हर दिन सीमित मात्रा में इसका सेवन करेंगे। –अति तो हर चीज की वर्जित होती है, इस कारण आपको अपनी उम्र और सेहत के अनुसार ही एलोवेरा की सही मात्रा का निर्धारण करना होगा। इस बारे में आयुर्वेदिक चिकित्सक आपको सही सलाह दे सकते हैं। –यदि आप युवा हैं और स्वस्थ हैं। यानी आपको किसी भी तरह का गंभीर रोग नहीं है तो आप हर दिन एलोवेरा की पत्ती का दो इंच भाग खा सकते हैं। जूस पीना चाहें तो आप हर दिन चाय के कप से आधा कप जूस पी सकते हैं। –गर्भवती महिलाओं को किसी भी जूस या फल का नियमित सेवन करने से पहले अपनी डॉक्टर से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। क्योंकि प्रेग्नेंसी के दौरान हर महिला के शरीर में हॉर्मोन्स की स्थिति अलग हो सकती है, जिससे उसकी हेल्थ संबंधी जरूरतें भी अलग–अलग हो सकती हैं। इस स्थिति में आपकी डॉक्टर की सलाह के बाद ही आप एलोवेरा का सेवन करें।

गैस के कारण हो रहा है पेट दर्द तो ये घरेलू नुस्खे दिलाएंगे तुरंत आराम

भोपाल. पेट में दर्द होना एक आम समस्या है। कई बार अचानक यह दर्द शुरू हो जाता है और आप सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? काफी देर सोचने के बाद भी आप नहीं जान पाते कि आपने ऐसा क्या खाया है या पिया है जिसके कारण पेट दर्द हो रहा है, जबकि कई बार आपको पता भी चल जाता है कि किस कारण आपके पेट में गैस बन रही है और आपको दर्द झेलना पड़ रहा है। आइए, यहां जानते हैं उन घरेलू नुस्खों के बारे में जो आपको पेट दर्द से तुरंत राहत दिलाने का काम करेंगे… पेट में गैस का दर्द होने के लक्षण –अगर आपके मन में यह सवाल आ रहा है कि इस बात का पता कैसे लगाएं के पेट में दर्द गैस के कारण हो रहा है तो इसका उत्तर यह है कि गैस के कारण जब भी दर्द होता है वह पेट में किसी एक स्थान पर नहीं होता है। –गैस यानी वायु और वायु की प्रकृति होती है कि वह किसी भी एक स्थान पर नहीं ठहरती है। इस कारण गैस से होनेवाला दर्द या तो आपको पूरे पेट में अनुभव होगा या कभी पेट के एक हिस्से में और कुछ ही देर बाद पेट के दूसरे हिस्से में होने लगेगा। –गैस के कारण होने वाले दर्द के समय पेट फूला हुआ और बहुत टाइट अनुभव होता है। यह जरूरी नहीं है कि गैस का दर्द आपके पेट तक ही सीमित रहे। यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी पहुंच सकता है। –इस तरह का दर्द होने के दौरान यदि डकार आती है या वायु पास होती है तो व्यक्ति को दर्द में राहत मिलती है। –गैस के कारण होनेवाले दर्द के दौरान बार–बार वायु पास होने या डकार आने की प्रक्रिया भी लगातार चलती रह सकती है। ऐसा उस स्थिति में होता है ,जब पेट में बहुत अधिक गैस बन रही होती है। क्यों बनती है पेट में गैस? –हमारा शरीर पंचतत्वों से बना हुआ है। इन्हें पंचमहाभूत भी कहा जाता है। इनमें जल, वायु, अग्नि, आकाश और पृथ्वी शामिल हैं। ये सभी तत्व शरीर में संतुलित अवस्था में रहते हैं तो आप भी खुद को स्वस्थ और ऊर्जावान अनुभव करते हैं। –लेकिन यदि किसी भी कारण से इन तत्वों के संतुलन में दिक्कत हो जाती है तो शरीर में अलग–अलग तरह की पीड़ा होने लगती है। जैसे, वायु अधिक होने पर दर्द की समस्या होने लगती है। –जब आप भोजन करते हैं तो उसे पचाने के दौरान शरीर में वायु या गैस का उत्सर्जन होता है। पाचन के दौरान उत्पन्न हुई यह गैस, डकार या वायु ( Fart) के रूप में शरीर से बाहर निकल जाती है तो कोई समस्या नहीं होती है। लेकिन यदि किसी भी कारण से यह गैस शरीर में ही रुकी रहती है तो दर्द का कारण बनती है। गैस से होनेवाले पेट दर्द के घरेलू उपचार –पेट में यदि गैस के कारण दर्द हो रहा हो तो आप हरे पुदीने की 5 से 6 पत्तियां धुल लें और इन्हें काले नमक के साथ धीरे–धीरे चबाकर खाएं। कुछ ही मिनटों में आपको वायु पास हो जाएगी और दर्द से राहत मिलेगी। –पेट में बननेवाली गैस की समस्या को दूर करने में अजवाइन सीड्स आपकी सहायता कर सकते हैं। आप 1/4 चम्मच अजवाइन लेकर उसे हल्के गुनगुने पानी के साथ खा लें। इसके बाद उलटे हाथ (लेफ्ट हैंड) की तरफ करवट लेकर 10 से 15 मिनट के लिए लेट जाएं। आपको आराम मिलेगा और दर्द दूर होगा। –पेट गैस के कारण होनेवाले दर्द को दूर करने में हींग आपकी सहायता कर सकता है। आप दो चुटकी हींग लेकर उसे कुछ बूंद पानी के साथ घोलकर लिक्विड बना लें। अब थोड़ी–सी कॉटन लेकर इस लिक्विड में भिगो लें और इसे नाभि में लगाकर लेट जाएं। आपको जल्द राहत मिलेगी। –आप 1/4 चम्मच अजवाइन सीड्स (अजवाइन दाना) लें, इतनी ही चीनी और 1 चुटकी काला नमक लें। इन चीजों को आधा गिलास पानी में मिलाएं। अब इसमें आधे नींबू का रस निचोड़कर पी लें। आपको राहत मिलेगी। लेकिन ध्यान रखें कि यह नुस्खा आप सिर्फ गर्मी के मौसम में ही अजमाएं। सर्दी के मौसम में सादे के स्थान पर हल्के गुनगुने पानी का उपयोग करें।

भोपाल में रेलवे के VIP गेस्ट हाउस में रेप, रेलवे के अफसर और दोस्त ने किया रेप

भोपाल। भोपाल रेलवे स्टेशन के वीआईपी गेस्ट हाउस में 22 साल की लड़की के साथ रेप का मामला सामने आया है। आरोप रेलवे के एक अफसर और उसके दोस्त पर है। लड़की को जॉब दिलाने का झांसा देकर भोपाल बुलाया गया था। पुलिस ने आरोपी अफसर को गिरफ्तार कर लिया है। उसका दोस्त फरार है। आरोपी भोपाल में डीआरएम ऑफिस में सिक्योरिटी काउंसलर पद पर है। रेलवे एसपी हितेश चौधरी ने बताया कि लड़की उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की रहने वाली है। रेलवे में अधिकारी राजेश तिवारी से वह कुछ महीने पहले फेसबुक के जरिए संपर्क में आई थी। दोनों के बीच होने वाली बातचीत में राजेश उसे जॉब दिलाने का ऑफर देता था। तय हुआ था कि लड़की भोपाल आएगी। यहां उसे नौकरी दिलवा दी जाएगी। खाने में नशा देकर ज्यादती की शनिवार को लड़की भोपाल एक्सप्रेस से भोपाल आई। यहां राजेश ने उसे रेलवे स्टेशन के वीआईपी गेस्ट हाउस में ठहरा दिया। इसके बाद उसने अपने दोस्त को भी बुला लिया। तीनों के बीच बातचीत के दौरान लड़की को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया गया। इसके बाद उसके साथ रेप किया गया। लड़की की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज आरोपियों के चंगुल से किसी तरह से छूटकर लड़की जीआरपी थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने लड़की की शिकायत पर राजेश तिवारी और उसके दोस्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने प्लेटफार्म नंबर-1 के वीआईपी रेस्ट रूम सील कर दिया है। कमरे के अंदर से शराब की खाली बोतलें और आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया है।

MP : बेटी से छेड़छाड़ की शिकायत पर महिला को खंभे से बांध लात घूसों से पीटते रहे

सागर। जिले के गाैरझामर के पटना खुर्द में शनिवार सुबह एक महिला काे खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटने की लाेमहर्षक घटना सामने आई है। पुराने विवाद के चलते पड़ाेसी एक ही परिवार के 5 लाेग उसे घर के अंदर से घसीटकर बाहर लाए और बिजली के खंभे से बांधकर 1 घंटे तक पीटा। पति व बेटा बचाने आया ताे उनसे भी मारपीट की गई। पुलिस की डायल 100 ने माैके पर पहुंचकर महिला की जान बचाई। आराेपी शराब के नशे में थे। पीड़िता का आराेप है कि आए दिन शराब पीकर गाली-गलाैच करते हैं। उसकी बेटी से पूर्व में छेड़छाड़ की गई थी। इस मामले में शिकायत के बाद भी गाैरझामर पुलिस ने काेई कार्रवाई नहीं की। जिससे उनके हाैंसले बढ़ गए थे। उधर, चारा काटने पर से भी दाेनाें पक्षाें में विवाद हाेना बताया जा रहा है। पुलिस ने 4 आराेपियाें काे गिरफ्तार कर लिया है जानकारी के अनुसार राेज की तरह शनिवार की सुबह करीब 8 बजे तुलसी रजक की पत्नी राधारानी अपनी भैंसों को चारा डाल रही थी। इसी दाैरान शराब के नशे में पड़ाेसी दिनेश ,चंद्रेश, अरविंद, रोहित एवं राज विश्वकर्मा पहुंचे और राधा रानी से गाली-गलाैच करने लगे। राेकने पर पांचाें आराेपी उसे घर से घसीटकर सामने लगे बिजली के खंभे के पास ले गए और रस्सी से उसके हाथ बांध दिए। इसके बाद उस पर लाठी, लात-घूंसाें से मारपीट करने लगी। राधारानी के चिल्लाने पर पति तुलसीराम और उसके पुत्र-पुत्री वहां पहुंचे। आराेपियाें ने उनके साथ भी जमकर मारपीट की। इसके बाद पति ने पुलिस थाने में सूचना दी। पुलिस की डायल 100 के आने तक आराेपी महिला काे पीटते रहे। उसे देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गाैरझामर पुलिस ने आरोपी चंद्रेश, दिनेश, रोहित व अरविंद विश्वकर्मा के खिलाफ धारा 341, 294, 323, 406, 34 के तहत गिरफ्तार किया है।

उत्तराखंड के दौरे पर गयीं उमा भारती को कोरोना, हरिद्वार के पास क्वारंटीन

भोपाल। एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव हैं। वह अभी उत्तराखंड के दौरे पर हैं। उमा बीते दिनों पहाड़ की यात्रा पर गई थीं। उन्होंने केदारनाथ में दर्शन करते हुए वीडियो भी डाला था। कोरोना पॉजिटिव होने के जानकारी उन्होंने खुद ही ट्वीट कर दी है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उमा भारती ने ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच स्थित वंदे मातरम कुंज में खुद को क्वारंटीन किया है। उमा भारती ने देर रात ट्वीट कर लिखा है कि मैं आपकी जानकारी के लिए यह डाल रही हूं कि मैंने अपनी पहाड़ यात्रा की समाप्ति के अंतिम दिन प्रशासन को आग्रह करके कोरोना टेस्ट की टीम को बुलवाया, क्योंकि मुझे 3 दिन से हल्का बुखार था। मैंने हिमालय में कोविड के सभी विधिनिषेध एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। फिर भी मैं कोरोना पॉजिटिव निकली हूं। पूर्व सीएम ने बताया कि मैं अभी हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच वंदे मांतर कुंज में क्वारंटीन हूं, जो कि मेरे परिवार के जैसा है। 4 दिन बाद फिर से टेस्ट कराऊंगी और स्थिति ऐसी ही रही, तो डॉक्टरों के परामर्श के अनुसार निर्णय लूंगी। मेरे संपर्क में आए लोगों से अपील है कि वो अपनी कोरोना टेस्ट करवाए एवं सावधानी बरते। गौरतलब है एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती एमपी उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार के बाद हिमालय की यात्रा पर निकल गई थीं। यात्रा खत्म कर वह फिर से एमपी की राजनीति में सक्रिय होतीं। लेकिन उससे पहले ही वह कोरोना की चपेट में आ गई हैं। एमपी बीजेपी के नेताओं ने उन्हें जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

MP में चने की सप्लाय में भी घोटाला, फफूंद लगा चना PDS के जरिए बांटने की तैयारी

बैतूल। मध्यप्रदेश में घटिया अनाज वितरण के रोज नए घोटाले सामने आ रहे हैं। बालाघाट, मंडला,छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में बांटे गए घटिया चावल और गेहूं का मामला थमा भी नहीं था कि अब घटिया चना दूसरे प्रदेशों को भेजने का सनसनीखेज मामला बैतूल में सामने आया है। बैतूल से छत्तीसगढ़ भेजे जा रहे सौ टन चने की खेप में फफूंद लगा और घुन लगा चना मिला, जिसे रास्ते से ही वापस कर दिया गया। चने का भंडारण करने वाले एमपी लॉजिस्टिक वेयर हाउस कॉरपोरेशन की इसमे बड़ी लापरवाही सामने आई है। छत्तीसगढ़ भेजे जा रहे इस चने को वहां गरीबो में बांटा जाना था। लेकिन इसके फफूंद लगे और गुणवत्ता हीन होने की शिकायत के बाद घटिया सप्लाय का यह खेल उजागर हो गया। बताया जा रहा है कि साल 2018 में नेफेड ने समर्थन मूल्य पर चने की खरीदी की थी, जिसे वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जरिये सरकारी और प्राइवेट वेयर हाउसो में रखा गया था। इस चने को कोरोना काल मे केंद्र सरकार ने गरीबों की मदद के लिए उन्हें राशन के तौर पर देने का फैसला किया है। फ्री में बांटे जाने वाले इस चने को छत्तीसगढ़ सरकार को देने के आदेश दिए गए थे। इसका ठेका रायपुर की अनाज कंपनी भारत दाल इंडस्टीज को सौंपा गया है। इसके घटिया होने का खुलासा तब हुआ जब कंपनी के ट्रक ड्राइवर और क्लीनरों को इसका वजन और क्वालिटी घटिया होने का संदेह हुआ और उन्होंने पूरे खेप की जांच करना शुरू किया। कम्पनी के ट्रक ड्राइवर बैतूल के चिचोली स्थित निजी वेयर हाउस से चार ट्रक में लगभग 100 टन चना लेकर रायपुर के लिए रवाना हुआ थे, लेकिन ड्राइवर को कम वजन और वाटर डैमेज का संदेह हुआ तो उसने ठेकेदार को इसकी सूचना दी। ठेकेदार की शिकायत पर एमपी वेयर हाउसिंग लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन, बैतूल की टीम ने इनके सैम्पल लिए तो उसमें फफूंद वाला चना निकला। इसके अलावा चने में कचरा और उसमें घुने लगे होने के भी प्रमाण मिले। गड़बड़ी के उजागर होते ही चारो ट्रकों को तुरंत प्राइवेट वेयर हाउस वापस भेजा दिया गया। गड़बड़ी के सामने आने के बाद अधिकारी अब जांच करने की बात कर रहे हैं। वहीं, ठेकेदार का कहना है कि ऐसा चना तो गाय भी नहीं खाएगी। भले ही अधिकारी जांच की बात कर रहे हों, लेकिन इस मामले से साफ है कि वेयर हाउस में गड़बड़ी हो रही है। ठेकेदार ने एक ट्रक में 3 क्विंटल चना कम होने का भी संदेह व्यक्त किया है। अब तक बैतूल से 25 सौ टन चना छत्तीसगढ़ भेजा जा चुका है और चार से पांच सौ टन चना अभी और भेजा जाना बाकी है।

MP : एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची, अस्पताल के रास्ते में ही निकली महिला की जान

बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल में एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंचने से एक महिला की मौत हो गई। बैतूल के भंडारपानी गांव में सड़क नहीं है और ग्रामीण बांस के झोले में महिला को लादकर अस्पताल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है और मामले की जांच की मांग की है। बैतूल के घोड़ाडोंगरी ब्लॉक का भंडारपानी गांव 1800 फीट ऊपर पहाड़ी पर बसा है। यहां जाने के लिए रास्ता नहीं है। भंडारपानी की जग्गोबाई पति इंदर (28) की डिलीवरी पिछले महीने अगस्त में हुई थी जब उसने बेटी को जन्म दिया था लेकिन एक महीने बाद पेट मे दर्द और ब्लीडिंग के कारण उसकी मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि एम्बुलेंस और सरकारी सुविधाएं मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी। जग्गो बाई को 9 सितंबर की रात में अचानक दर्द और ब्लीडिंग होनी लगी। 10 सितंबर की सुबह ग्रामीणों ने बांस में कपड़ा बांधकर झोला बनाया और उसे कंधों पर 1800 फीट नीचे इमलीखेड़ा (सड़क तक) ले आए। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने बुधवार दोपहर 12.46 बजे 108 पर एंबुलेंस के लिए फोन किया। भोपाल से सूचना मिली कि घोड़ाडोंगरी की एंबुलेंस ढाई घंटे बाद मिल पाएगी। इसके बाद नूतन डंगा गांव के सरपंच साबू लाल, सचिव मालेकार सरकार ने प्राइवेट वाहन की व्यवस्था की और घोड़ाडोंगरी अस्पताल के लिए महिला व परिजनों को रवाना किया। गांव से 10 किमी दूर तबियत बिगड़ने पर रास्ते में आमढाना उप स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए दिखाया गया लेकिन महिला की मौत पहले ही हो चुकी थी। श्रमिक आदिवासी संगठन के राजेंद्र गढ़वाल ने कहा उन्होंने 108 पर एंबुलेंस के लिए फोन किया था, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। पीड़िता एंबुलेंस का इंतजार करती रही। अगर एंबुलेंस समय पर आ जाती तो शायद महिला की मौत नहीं होती। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार के लिए राहत की मांग भी की है।

ड्रग्स मामले में पूछताछ के दौरान तीन बार रोईं फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण

मुंबई. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शनिवार को दीपिका पादुकोण से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की। रिपोर्ट्स की मानें तो सवाल-जवाब के दौरान दीपिका एक बार नहीं, बल्कि तीन बार रो पड़ी थीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान एनसीबी के अधिकारियों ने उन्हें इमोशनल कार्ड न खेले की नसीहत दी थी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपिका की आंखों में आंसू देख एनसीबी के अधिकारियों ने उनके हाथ जोड़ लिए। साथ ही कहा कि इमोशनल कार्ड खेलने की बजाय वे सबकुछ सच-सच बताती हैं, तो उनके लिए बेहतर होगा। दीपिका ने मानी ड्रग्स चैट की बात रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनसीबी की पूछताछ में दीपिका पादुकोण ने ड्रग्स चैट करने की बात स्वीकार की। हालांकि, उन्होंने ड्रग्स लेने की बात से इनकार किया। दीपिका ने एनसीबी को बताया कि उनका पूरा ग्रुप डूप लेता है, जो कि सिगरेट है। इसमें कई नशीली चीजें होती हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि एनसीबी ने जब दीपिका से चैट में इस्तेमाल हुए वीड और हशीश शब्दों के बारे में पूछा तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। जब उनसे पूछा गया कि वो जो डूप लेती हैं, क्या उसमें ड्रग्स भी होती है तो एक्ट्रेस ने चुप्पी साध ली। एक्ट्रेस के कई जवाबों से एनसीबी के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। दीपिका के दो फोन जब्त किए गए सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को दीपिका के एनसीबी दफ्तर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने सबसे पहले उन्हें आरोपों के बारे में बताया। डेटा का बैकअप लेने के लिए उनके 2 मोबाइल फोन ले लिए गए। उनसे कहा गया कि इस मामले में किसी संदिग्ध या आरोपी से बात नहीं करेंगी। उसके बाद एक अंडरटेकिंग पर साइन करवाए गए। उनसे कहा गया कि 3 फेज में पूछताछ की जाएगी, इसके लिए 3-4 राउंड हो सकते हैं। सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस से जुड़े ड्रग्स मामले की जांच कर रही एनसीबी के हाथ तीन साल पुरानी वॉट्सऐप ग्रुप चैट लगी थी। 28 अक्टूबर 2017 को हुई इस चैट में दीपिका, उनकी मैनेजर करिश्मा प्रकाश और सुशांत की टैलेंट मैनेजर जया साहा के बीच ड्रग्स को लेकर हुई बातचीत हुई थी। चैट में दीपिका ने ‘हैश’ और ‘वीड’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए करिश्मा से पूछा था कि माल है क्या? इसके बाद दीपिका और करिश्मा को समन भेजा गया था। करिश्मा ने एनसीबी को बताया था कि इस वॉट्सऐप ग्रुप की एडमिन खुद दीपिका थीं। कोर्ट में पेश किए जाएंगे स्टेटमेंट शनिवार को एनसीबी ने दीपिका के अलावा सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से भी पूछताछ की। इससे एक दिन पहले एजेंसी के सामने रकुल प्रीत सिंह की पेशी हुई थी। एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर एमए जैन का कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने जितने भी स्टेटमेंट रिकॉर्ड किए हैं, वो कोर्ट में सबमिट किए जाएंगे। जैन के मुताबिक, ड्रग्स एंगल में अब तक 18-19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

बीजेपी की नई फौज तैयार, अनुभव-कुशलता और युवा जोश का सामंजस्य

नई दिल्ली. आठ महीने के लंबे इंतजार और तमाम कयासों के बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी टीम की घोषणा कर दी. जेपी नड्डा को पिछले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की जो टीम मिली थी, उसमें उन्होंने कई अमूलचूल परिवर्तन करते हुए अपनी टीम में अनुभव, संगठन कुशलता के साथ-साथ युवा जोश का सामंजस्य बैठाने की कोशिश की है. जेपी नड्डा ने अपनी टीम में वैसे तो कई बड़े-बड़े फैसले लिए हैं लेकिन सबसे चौंकाने वाला फैसला आरएसएस से बीजेपी में आए राम माधव और मुरलीधर राव को हटाना है. राम माधव ने ही मोदी सरकार बनने के बाद जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार बनवाकर घाटी में पार्टी को मजबूती दी थी. उसके बाद असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर एक के बाद एक सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. मिजोरम, नगालैंड और मेघालय में गठबंधन की सरकार बनाकर पूर्वोत्तर भारत में भी बीजेपी के पैर जमाने का काम किया था. हरियाणा में 2014 और 2019 में सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले डॉ अनिल जैन को भी महासचिव पद से हटा दिया गया है. छत्तीसगढ़ में रमन सिंह से छत्तीस का आंकड़ा रखने वाली सरोज पांडेय भी महासचिव पद से मुक्त कर दी गई हैं. इनकी जगह जिन चेहरों को नड्डा ने टीम में जगह दी वो अचंभित करते हैं. जिन्हें प्रमोशन मिला है उनमें तरुण चुग पंजाब से आते हैं और अभी तक राष्ट्रीय सचिव के पद पर काम कर रहे थे, दिल्ली के प्रभारी थे. हालांकि दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की क्या पर्फोमेंस रही, ये किसी से छुपी नहीं है. इन चेहरों पर जताया भरोसा पिछले कुछ समय से बीजेपी ने जिस दलित चेहरे पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है उनमें दुष्यंत कुमार गौतम का नाम शामिल है. इन पर नड्डा ने भरोसा जताते हुए अपनी टीम में महासचिव बनाया हैं. कर्नाटक के सीटी रवि को महासचिव बनाया गया हैं. सीटी रवि कर्नाटक सरकार में संस्कृति, कन्नड़ और पर्यटन मामलों के मंत्री हैं और उनकी मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से खास नहीं बनती है. इसलिए वो मंत्री पद से इस्तीफा देकर बीजेपी महासचिव के तौर पर काम करेंगे. इसके अलावा महिला कोटे से कांग्रेस से बीजेपी में आईं एनटी रामाराव की बेटी डी पुरदेंश्वरी को महासचिव बनाया गया है. चेन्नई में जन्मी पुरदेंश्वरी मनमोहन सिंह सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रही हैं. जाहिर है कि उन्हें आंध्र प्रदेश की नुमाइंदगी करने के लिए राम माधव की जगह दी गई है. डी पुरदेंश्वरी 2019 के लोकसभा में विशाखापट्टनम से चुनाव लड़ी थी और उनकी जमानत भी जब्त हो गई थी. असम चुनाव को देखते हुए नड्डा ने सांसद दिलीप सैकिया को महासचिव बनाया है. सैकिया असम में पिछलें दो दशकों से संगठन में कई पदों पर काम कर चुके हैं. तेजस्वी सूर्या को बड़ी जिम्मेदारी जेपी नड्डा की नई टीम पर संगठन महासचिव बीएल संतोष की प्रभाव अच्छा खासा दिखता हैं. सीटी रवि को महासचिव के पद पर ताजपोशी और उनके करीबी माने जाने वाले युवा सांसद तेजस्वी सूर्या को भी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें पूनम महाजन की जगह युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है. अनंत कुमार का कर्नाटक बीजेपी में ही नही बल्कि केंद्रीय बीजेपी नेतृत्व में बड़ा नाम था. उनके निधन के बाद उनकी पत्नी तेजस्वनी लोकसभा सीट बेंगलुरू दक्षिण से दावेदार थीं. हालांकि बीएल संतोष ने पूरी ताकत लगाकर अनंत कुमार की पत्नी की जगह तेजस्वी सूर्या को टिकट दिलाया था. जेपी नड्डा की नई टीम में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को उपाध्यक्ष बनाया गया है. वसुंधरा राजे और रमन सिंह पहले से ही अमित शाह की टीम से उपाध्यक्ष थे. इस बार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का नया नाम जुड़ गया हैं. नड्डा की नई टीम राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में भी कुछ नाम चौंकाते हैं जैसे मुकुल रॉय. हालांकि मुकुल रॉय को तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी में आए लंबा अरसा हो चुका है. लेकिन उन्हें सरकार के बजाए संगठन में जिम्मेदारी मिली. पश्चिम बंगाल चुनाव में उनकी बड़ी भूमिका रहने वाली है. इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. उमा भारती, प्रभात झा, विनय सहस्त्रबुद्धे, ओम माथुर, श्याम जाजू और अविनाश राय खन्ना की उपाध्यक्ष पद से छुट्टी कर दी गई है . प्रवक्ता बीजेपी ने 23 प्रवक्ताओं की भारी-भरकम फौज बनाई है. राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी इसकी अगुवाई करेंगे. इसमें पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ और सांसद हिना गवित, सांसद राजू बिस्टा, सांसद राजीव चंद्रशेखर, तेजतर्रार सांसद अपराजिता सारंगी समेत कई युवा चेहरों को जगह दी गई हैं लेकिन मीनाक्षी लेखी को प्रवक्ता पद से मुक्ति दे दी गई है. जेपी नड्डा ने अपनी टीम में दूसरी पार्टियों से आए नेताओ को भी तरजीह देते हुए उन्हें संगठन में जगह दी है. जेपी नड्डा की इस टीम में नए-पुराने चेहरों का सामंजस्य बैठाने की कोशिश की गई है. नड्डा ने अपनी टीम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं के अनुभव का ध्यान रखते हुए स्थान दिया हैं. सबसे खास बात ये हैं कि उन्होंने अपनी टीम जातिगत आधार पर और सभी राज्यों को प्रतिनिधित्व देते हुए चुनी है. पद खाली वहीं सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि तमाम कोशिश के बाद भी जेपी नड्डा संगठन की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण पद महासचिव पर सभी 10 महासचिवों की नियुक्ति नहीं कर पाए हैं. संगठन के हिसाब से संगठन महासचिव समेत 10 महासचिव होने चाहिए लेकिन अभी एक महासचिव पद खाली है. मतलब साफ है कि कहीं न कहीं पार्टी में ऐसे अनुभवी लोगों की कमी है जिनको महासचिव बनाया जाए. वहीं अमित शाह के 6 साल अध्यक्षीय कार्यकाल में दो महासचिव समेत कई संगठन के पद खाली रहे. सूत्रों के मुताबिक जिन नेताओं को नड्डा की टीम में जगह नहीं मिली हैं, उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया जा सकता हैं. माना जा रहा है कि केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल में फेरबदल भी जल्द होगा.

विटामिन D हो पर्याप्त तो कोरोना वायरस से मौत का खतरा आधा: स्टडी

भोपाल। कोरोना वायरस के जिन मरीजों में पर्याप्त मात्रा में विटामिन D की मात्रा मौजूद होती है उनकी मौत का खतरा 52 फीसदी कम होता है. एक नई स्टडी में इस बात की जानकारी मिली है. अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने यह स्टडी की है. रिसर्चर्स को इस बात की जानकारी मिली है कि जिन मरीजों में विटामिन डी की मात्रा पर्याप्त रूप से मौजूद थी, वैसे मरीजों के हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद मौत का खतरा आधा हो गया. वहीं, गंभीर रूप से बीमार पड़ने का खतरा भी विटामिन डी की वजह से 13 फीसदी कम पाया गया. स्टडी के दौरान पता चला कि जिन मरीजों में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा मौजूद है, उनके वेंटिलेटर पर रखे जाने की जरूरत भी 46 फीसदी कम हो गई. वैज्ञानिकों का कहना है कि व्यक्ति के इम्यून सिस्टम में विटामिन डी का अहम रोल होता है जिसकी वजह से कोरोना मरीजों को फायदा होता है. बता दें कि औसतन अमेरिका के 42 फीसदी लोगों में विटामिन डी की कमी पाई जाती है. वहीं, अश्वेत और बुजुर्ग लोगों में भी तुलनात्मक रूप से विटामिन डी की कमी अधिक होती है और ऐसे लोग कोरोना के भी अधिक शिकार हो रहे हैं. इससे पहले बोस्टन यूनिवर्सिटी के ही माइकल हॉलिक को एक रिसर्च में पता चला था कि ऐसे लोग जिनमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मौजूद है, उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा 54 फीसदी कम होता है. पिछली स्टडी को ही आगे बढ़ाने पर वैज्ञानिकों को कोरोना मरीजों और विटामिन डी के संबंधों को लेकर नई जानकारी मिली. हॉलिक की टीम ने तेहरान के अस्पताल के 235 कोरोना मरीजों के सैंपल लिए थे. कुल 67 फीसदी मरीजों में विटामिन डी की मात्रा 30 ng/mL से कम थी. एक्सपर्ट का कहना है कि अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों में भी विटामिन डी की मात्रा कम होती है, इसलिए स्पष्ट तौर से यह कहना मुश्किल है कि विटामिन डी की कमी नहीं होती तो कितने लोगों की जान बच सकती थी.

MP अजब है, गज़ब है … 5 उन जिलों में वेंटिलेटर भेजे, जहां आईसीयू बेड ही नहीं

भोपाल। कोरोना महामारी से निपटने की चुनौतियों के बीच सरकारी मैनेजमेंट में बड़ी खामी उजागर हुई है। स्वास्थ्य संचालनालय द्वारा स्वास्थ्य मंत्रालय के नेशनल हेल्थ पोर्टल पर अपलोड की गई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोविड के गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू में पलंग और वेंटिलेटर कम पड़ रहे हैं। पांच जिले बैतूल, दमोह, मंडला, पन्ना और श्योपुर के जिला अस्पतालाें में आईसीयू नहीं हैं, लेकिन यहां 9 वेंटिलेटर भेज दिए गए। इनमें भी 5 सिर्फ दमोह भेजे गए। जबकि आगर मालवा, नरसिंहपुर, सतना, शाजापुर और उमरिया जिलों में आईसीयू के 2 से 10 बिस्तर हैं, लेकिन यहां एक भी वेंटिलेटर नहीं दिया गया। भोपाल में 283 नए केस, प्रदेश में 23 दिन में 50 हजार मरीज बढ़े राजधानी में शनिवार को 283 नए कोरोना केस मिले, जबकि 7 मरीजों की मौत हो गई। इनमें 4 भोपाल के हैं। नए संक्रमितों में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बेटे सुकर्ण मिश्रा और एक आईएएस अधिकारी की 10 वर्षीय बेटी भी शामिल है। वहीं, प्रदेश में 2181 नए संक्रमित मिले। 23 दिन में 50 हजार संक्रमित बढ़ चुके हैं। इनमें भी 20 हजार सिर्फ 9 दिन में बढ़े।

MP : न डॉक्टर देखते हैं, न दवा देते हैं, मरीज की पत्नी ने मंत्री को गिनाईं खामियां

भोपाल। पति को कोरोना होने पर 5 दिन पहले ही जेपी अस्पताल में भर्ती किया है, ना डॉक्टर देखने आते हैं और ना वार्ड ब्वॉय दवाई खिलाते हैं। नर्सों को कुछ बोलो तो वो दुत्कार देती हैं। मरीज को खाना खिलाने और बाथरूम कराने के लिए कोई तैयार नहीं है। ऐसे में मजबूरन मैं कोरोना के आईसीयू में जाकर पति को दवा और खाना खिलाती हूं। मैं जानती हूं कि मुझे संक्रमण का खतरा है, इसलिए 5 दिन से अस्पताल में ही पड़ी हूं। घर में छोटे-छोटे बच्चे अकेले हैं। अपनी मजबूरी और अस्पताल प्रबंधन की यह लापरवाही 12 नंबर स्टॉप पर रहने वाली आशा शर्मा ने शनिवार दोपहर 2 बजे जेपी अस्पताल पहुंचे चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को सुनाई। इस पर मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई और स्वास्थ्य आयुक्त संजय गोयल को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा। साथ ही आशा को भरोसा दिलाया कि उनके पति का बेहतर इलाज किया जाएगा। मंत्री सारंग जेपी अस्पताल में कोरोना मरीज संतोष रजक की मौत और रजक की बेटी की ओर से लगाए गए आरोपों की हकीकत देखने अस्पताल पहुंचे थे। मंत्री ने जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरके तिवारी और डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव को फटकार लगाई। मंत्री सारंग ने बताया कि मृतक संतोष रजक के मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य आयुक्त को बोला है। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद देर शाम जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरके तिवारी को हटा दिया गया। इनके स्थान पर डॉ. राकेश श्रीवास्तव को यह जिम्मेदारी सौंपी। मंत्री की फटकार के बाद चिरायु भेजा- मंत्री सारंग ने आशा से पूछा कि आप क्या चाहती हैं। इस पर आशा ने साफ कहा कि यहां इलाज ही नहीं हो रहा है, आप मेरे पति को चिरायु अस्पताल में शिफ्ट करा दो। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला सक्रिय हुआ और एक घंटे में एंबुलेंस से सुरेश को चिरायु अस्पताल भेज दिया गया। इससे पहले मंत्री सारंग ने कोरोना पॉजिटिव मृतका संतोष की बेटी प्रियंका की ओर से लगाए गए आरोपों का वीडियो जेपी के सिविल सर्जन डॉ. तिवारी समेत अन्य जिम्मेदारों को दिखाया। उनसे हकीकत पूछी। इस पर उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा था कि परिजन तो झूठे आरोप लगा रहे हैं।

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