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कमलनाथ का शिवराज पर बड़ा हमला, कहा-बड़ा सौदा छिपता नहीं, 15 साल का मांगा हिसाब

हाटपिपल्या। मध्य प्रदेश में उप चुनाव की सरगर्मियाें से गरमाये सियासी पारे को पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने शनिवार को और गरमा दिया। कमलनाथ ने हाटपिपल्या में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘ये आम चुनाव नहीं हैं, ये उप चुनाव भी नहीं हैं। …इन उप चुनाव में हम घसीटे गये हैं।’ यही नहीं कमलनाथ ने यहां तक कहा कि, छोटा सौदा तो छिप जाता है लेकिन बड़ा सौदा छिपता नहीं है। आप समझ जाइये कैसे सौदा किया। और शिवराज जी अब आकर मेरे से 15 महीनों को हिसाब मांगते हैं।’ बिकाऊ राजनीति और बड़ा सौदा कमलनाथ ने अपने भाषण में बिकाऊ राजनीति और बड़े सौदे के नाम पर भी बीजेपी सरकार पर जमकर कटाक्ष किये। उन्होंने कहा कि, संविधान में ऐसा प्रावधान नहीं था। प्रावधान था कि कोई सांसद विधायक गुजर जाये तो उपचुनाव होता है। संविधान बनाने वालों ने ऐसा नहीं सोचा था कि इस देश में इस तरह की बिकाऊ राजनीति भी होगी। लेकिन इन उप चुनाव में हम घसीटे गये। छोटो सौदा तो छिप जाता है बड़ा सौदा छिपता नहीं है। आप समझ जाइये कैसे सौदा किया। ‘मैं देता हूं हिसाब, आप 15 साल का हिसाब दीजिये’ उन्होंने कहा, ‘शिवराज जी अब आकर मेरे से 15 महीनों को हिसाब मांगते हैं। मैं हिसाब देने को तैयार हूं। 15 महीने थे मेरे पास? ढाई महीने लोकसभा चुनाव और आचार संहिता में गये। एक महीना इनकी सौदे बाजी में गया। मेरे पास तो साढे़ ग्यारह महीने थे। आइये मैं आपको हिसाब देता हूं, आप 15 साल का हिसाब किताब दीजिये। आप 15 साल की बात नहीं करते मेरे से हिसाब मांगते हैं। उपचुनाव से पहले आरक्षण की मांग पर जल सत्याग्रह, जबलपुर में रजक समाज ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

MP : सीएम साहब- कई बड़े अफसरों के आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो वायरल, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं

भोपाल.. निलंबित स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा ने अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है. उन्होंने अपने ऊपर हुई कार्रवाई को गलत बताया है. अपने बचाव में शर्मा ने कहा कई बड़े अफसरों के महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो सामने आ चुके हैं, फिर उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. निलंबित स्पेशल डी जी पुरुषोत्तम शर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, डीजीपी विवेक जौहरी और आईपीएस एसोसिएशन को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने अपने बचाव में दूसरे आईएएस और आईपीएस का उदाहरण देते हुए लिखा है कि अब तक कितने आईएएस और आईपीएस के आपत्तिजनक वीडियो आ चुके हैं, लेकिन उन पर आज तक कार्रवाई नहीं की गई. मैंने तो अपनी रक्षा में पत्नी का सामना किया. मेरे खिलाफ गलत कार्रवाई पुरुषोत्तम शर्मा ने पत्र में अपने ऊपर हुई कार्रवाई को गलत बताया है. उन्होंने लिखा मामले में जांच तक नहीं की गई है. मेरे जवाब को सही तरीके से पढ़ा भी नहीं गया और बिना तथ्यों की जांच के इतना बड़ा फैसला सुना दिया गया. यह गलत है. मेरी छवि खराब करने के लिए सब कुछ किया जा रहा है. इससे पहले भी कई अफसरों के वीडियो और आपत्तिजनक पोस्ट सामने आ चुकी हैं लेकिन किसी पर ऐसी कार्रवाई नहीं की गयी. बिना शिकायत कार्रवाई पुरुषोत्तम शर्मा ने अपनी चिट्ठी में यह भी बताया कि उनकी छवि खराब करने की साजिश है. उन्होंने इस मामले को महिला प्रताड़ना का ना बताते हुए पुरुष प्रताड़ना का बताया है. उन्होंने इस बात का भी जिक्र अपने पत्र में किया है कि हाल ही में कई बड़े अफसरों के रिश्वत लेते वीडियो और महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो आ चुके हैं,लेकिन उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई क्यों नहीं की गई.

MP : भोपाल में गर्भवती महिला रातभर भटकती रही, पुलिस से लेकर सीएम हेल्पलाइन में सुबह तक इंतजार करने को कहा

भोपाल। भोपाल में पति के बुरी तरह पिटाई करने के बाद एक गर्भवती महिला रातभर टीला जमालपुरा थाने से लेकर महिला थाने तक भटकती रही। टीला में उससे सिर्फ आवेदन लिया गया तो महिला थाना से जवाब मिला कि रात को यहां एफआईआर नहीं होती सुबह आना। भाइयों के साथ मिलकर महिला ने सीएम हेल्पलाइन तक में शिकायत की, लेकिन सुबह कार्रवाई किए जाने का आश्वासन मिलता रहा। बड़ी मुश्किल से घंटों भटकने के बाद सुबह पुलिस ने एफआईआर की। अब दोपहर बाद उसे मेडिकल के लिए भेजा गया है। पुतली घर निवासी रुबीना ने बताया उन्होंने गत वर्ष जुलाई में 20 वर्षीय बेटी की टीला जमालपुरा में रहने वाले सोहेल से शादी की थी। उन्होंने उन्हें साफ कह दिया था कि वे दहेज नहीं दे सकते हैं। इस पर भी उन्होंने जबरन शादी की थी। उनका कहना था कि उन्हें सिर्फ लड़की चाहिए है। उन्होंने कर्जा लेकर और रिश्तेदारों के साथ मिलकर पूरा दहेज दिया, लेकिन एक दो महीने बाद ही बेटी को और दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगे। हद तो शुक्रवार रात हो गई। दामाद सोहेल ने अपनी मां के कहने पर उनकी बेटी से मारपीट कर दी। उसने कहा कि तू दिन भर सोती रहती है। तेरे पेट में बेटी है। इसे गिरा दे। हम इसका खर्चा नहीं उठा सकते हैं। उन्होंने उसके पेट में भी लात मारी। बेटी ने खुद को कमरे में बंद कर डायल-100 को कॉल किया। पुलिस आई तो वह उनसे नाटक करने लगे। मेरी बेटी के कहने पर पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गए। इस दौरान बेटी का फोन आने पर बेटे भी थाने पहुंच गए। हाथ पैर जोड़ने पर गई ससुराल ससुराल वालों के हाथ जोड़ने और पुलिस के समझाने पर बेटी उनके साथ जाने को तैयार हो गए। उनके बेटे उसे लेकर ससुराल पहुंचे तो सुसराल वाले वहां हंगामे करने लगे। उन्होंने उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद वे दोबारा टीला जमालपुरा थाने आ गए। पुलिसकर्मियों ने कहा कि लिखित में शिकायत दे दो। इसके बाद उन्होंने चलता कर दिया। परेशान होकर वे महिला थाने आ गए। शिकायत दर्ज कराने सीढ़ीयों पर बैठी रही महिला यहां दो घंटे तक सीढ़ियों पर बेटी बैठी रही, लेकिन थाने का दरवाजा तक नहीं खुला। गार्ड ने कहा कि सुबह आना। मैडम के आने पर एफआईआर होगी। रुबीना ने आरोप लगाए कि रात को ही सीएम हेल्पलाइन को शिकायत की। वहां से भी सुबह कार्रवाई करने की बात कहकर महिला थाने जाने को कहा। बड़ी मुश्किल से टीला जमालपुरा पुलिस ने सुबह 6 बजे एफआईआर की। दोपहर बाद मेडिकल के लिए भेजा दोपहर बाद बेटी को मेडिकल के लिए भेजा गया है। इधर, सीएसपी जहांगीराबाद अब्दुल अलीम का कहना है कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। वैसे थाने में 24 घंटे एफआईआर दर्ज की जाती है। अगर महिला थाने में रात को महिला की शिकायत नहीं ली गई है, तो जांच करवाएंगे।

MP : ब्यावरा सीट से टिकट के दावेदारों के सैकड़ों समर्थकों ने सीएम हाउस के गेट पर धरना दिया

भोपाल। मध्य प्रदेश की ब्यावरा विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लेकर हंगामा हो गया है। शनिवार को टिकट के दावेदारों के सैकड़ों समर्थकों ने भोपाल आकर विधानसभा का घेराव किया। वह 2018 में हारे भाजपा प्रत्याशी रहे नारायण सिंह पवार का विरोध कर रहे हैं। सीएम हाउस के गेट पर धरना देकर नारेबाजी की जा रही है। ब्यावरा में नए प्रत्याशी की मांग की जा रही है। लोग हाथों में पोस्टर और तख्तियां लिए हैं। इसमें लिखा है- ‘ब्यावरा मांगे नया चेहरा।’ इससे पहले शुक्रवार को ब्यावरा में मुख्यमंत्री के काफिले को दो बार रोका गया था। समर्थकों ने भाजपा कैंडिडेट बदलने की मांग की थी। इन लोगों का कहना था कि हमें भाजपा से नया प्रत्याशी चाहिए। पांच किलोमीटर के अंदर दो बार काफिला रोके जाने पर शिवराज नाराज हो गए थे। उनका कहना था कि ये कल्चर बंद करो, भाजपा में ऐसे तमाशे से टिकट नहीं मिलता है। सितंबर में कांग्रेस विधायक के निधन से सीट खाली हुई ब्यावरा के सैकड़ों कार्यकर्ता आज सीएम हाउस के बाहर पहुंच गए। समर्थकों का कहना है कि लोग यहां नए चेहरे को टिकट देने की मांग कर रहे हैं। 2018 के चुनाव में भाजपा के नारायण सिंह पवार सिंह कांग्रेस के गोवर्धन दांगी से चुनाव हार गए थे। सितंबर में दांगी को कोरोना हो गया था। बाद में उनका निधन होने से ब्यावरा सीट खाली हो गई थी। विधानसभा का उपचुनाव: 3 नवंबर को मतदान, 10 को नतीजे मध्य प्रदेश 28 सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होगा। नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। चुनाव की अधिसूचना 9 अक्टूबर को जारी हो जाएगी। 16 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख है। 28 में से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था 28 सीटों में से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था। प्रदेश में 230 सदस्यीय राज्य विस में बहुमत के लिए 116 सीटें होना जरूरी हैं। अगर भाजपा उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो उसकी सरकार और स्थिर होगी। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस की कोशिश है कि वह 20 या उससे ज्यादा सीटें जीत ले, जिससे की एक बार फिर प्रदेश में सत्ता पलट सकती है। मप्र की इन 28 सीट पर विधानसभा का उपचुनाव ग्वालियर, डबरा, बमोरी, सुरखी, सांची, सांवेर, सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह, मेहगांव, गोहद, ग्वालियर पूर्व, भांडेर, करैरा, पोहरी, अशोकनगर, मुंगावली, अनूपपुर, हाटपिपल्या, बदनावर, सुवासरा, बड़ामलहरा, नेपानगर, मंधाता, जोरा, आगर, ब्यावरा।

MP : नरसिंहपुर में हाथरस जैसी घटना,दलित महिला से गैंगरेप, पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी, सुसाइड कर ली

नरसिंहपुर। जिले के चीचली थानांतर्गत एक गांव में सामूहिक दुष्कर्म पीड़ि‍ता की तीन दिन तक रिपोर्ट नहीं लिखी गई तो उसने शुक्रवार को सुबह घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले में लापरवाही बरते जाने पर दो पुलिसकर्मियों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एएसपी राजेश तिवारी और गाडरवारा के एसडीओपी सीताराम यादव को पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच कर दिया गया है। रिपोर्ट न लिखने और लापरवाही बरतने के कारण चिचली थाना प्रभारी अनिल सिंह और गोटिटोरिया चौकी प्रभारी मिश्रीलाल कुड़ापे को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, दुष्कर्म के तीन मुख्य आरोपी परसू, अरविंद, अनिल के साथ ही पीड़िता को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले दो अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज को शुक्रवार को रात ही निलंबित कर दिया गया था। मामले में सीएम शिवराज सिंह चौहान के एक्शन में आने के बाद ये कार्रवाई की गईं। महिला के पति का आरोप है कि उसकी पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इसकी रिपोर्ट लिखाने के लिए 3 दिन से पुलिस के चक्कर लगा रहे थे। आरोपितों को गिरफ्तार करने की जगह उन्हें ही लॉकअप में डाल दिया गया था। 28 सितंबर को हुआ सामूहिक दुष्कर्म पति ने एसडीओपी गाडरवारा सीताराम यादव को बताया कि उसकी पत्नी 28 सितंबर को गांव स्थित खेत में चारा काटने गई थी। जहां पर परसू, अरविंद और अनिल नाम के तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। घर आने पर पत्नी ने घटना के बारे में बताया। सभी रात को ही गोटिटोरिया पुलिस चौकी पहुंचे, जहां उनसे आवेदन लेकर सुबह मेडिकल कराने की बात कही गई। आरोप है कि जब दूसरे दिन 29 सितंबर को वे चौकी पहुंचे तो उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। 30 सितंबर को वह चीचली थाना पहुंचे, जहां उनकी फरियाद सुनने के बजाय पुलिसकर्मियों ने महिला के पति, जेठ को ही लॉकअप में बंद कर दिया। पीड़िता के साथ गाली-गलौज की गई। आरोप है कि महिला के परिजन को छोड़ने के एवज में पुलिस ने उनसे रुपए लिए। इससे व्यथित महिला ने आत्महत्या कर ली। मामला संज्ञान में आने के 18 घंटे में आरोपी गिरफ्तार एसपी अजय सिंह ने भास्कर को बताया कि मामले में दुष्कर्म के आरोपी तीन लोग, आत्महत्या के लिए उकसाने वाले दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, पीड़िता की रिपोर्ट नहीं लिखने और लापरवाही बरतने वाले चिचली थाना प्रभारी और गोटिटोरिया चौकी प्रभारी को भी गिरफ्तार किया गया है। उन पर क्रिमिनल लॉ की धारा 166-ए लगाई गई है। जिसके अनुसार अगर कोई पुलिस अधिकारी महिला की एफआईआर नहीं लिखता है तो उसके खिलाफ एफआईआर की जाती है। मामला संज्ञान में आने के बाद हमने 18 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

सुशांत केस : एम्स के पैनल ने सुशांत की हत्या की आशंका को खारिज किया, यह खुदकुशी का मामला

नई दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के 110 दिन बाद बड़ा खुलासा हुआ है। एम्स के पैनल ने अपनी रिपोर्ट में हत्या की आशंका से इनकार किया है। इंडिया टीवी से बातचीत में एम्स के फॉरेंसिक विभाग के हेड डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा, ‘यह क्लियर कट खुदकुशी का मामला है। सुशांत का मर्डर नहीं हुआ था।’ हालांकि, अभी तक सीबीआई की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है। सुशांत की ऑटोप्सी रिपोर्ट की जांच के लिए 21 अगस्त को डॉ. सुधीर गुप्ता की लीडरशिप में एम्स के पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इसने 28 सितंबर को अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम को विसरा में किसी तरह का जहर नहीं मिला। कूपर हॉस्पिटल को नहीं दी गई क्लीनचिट सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में सुशांत की बॉडी का पोस्टमॉर्टम करने वाले मुंबई के कूपर हॉस्पिटल के डॉक्टर्स को क्लीन चिट नहीं दी गई है। दरअसल, कूपर अस्पताल के डॉक्टर्स ने सुशांत की ऑटोप्सी की थी। बाद में इसके तरीके पर सवाल उठे थे। सुशांत के गले के निशान पर रिपोर्ट में कुछ भी नहीं बताया गया था। यहां तक की मौत की टाइमिंग का भी जिक्र नहीं था। इसके बाद सीबीआई ने इसकी जांच एम्स से कराने का फैसला किया था। मुंबई पुलिस की जांच में फाउल प्ले नहीं मिला था करीब तीन महीने पहले मुंबई पुलिस ने भी विसरा रिपोर्ट जारी की थी। पोस्टमॉर्टम के बाद सुशांत का विसरा जांच के लिए कालीना फॉरेंसिक लैब को दिया गया था। लैब ने अपनी रिपोर्ट में दिवंगत अभिनेता के शरीर में किसी भी तरह का संदिग्ध केमिकल या जहर पाए जाने की बात से इनकार किया था। रिया के वकील ने कहा- सत्यमेव जयते एम्स की रिपोर्ट पर रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदे ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा, ‘हम सीबीआई के ऑफिशियल स्टेटमेंट का इंतजार कर रहे हैं। रिया की ओर से हम लगातार यही कहते आ रहे हैं कि

पीएम मोदी ने किया 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी अटल टनल का उद्घाटन

शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रोहतांग में अटल टनल का उद्घाटन किया। करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी यह दुनिया की सबसे लंबी टनल है। इसकी लंबाई 9.2 किमी है। इसे बनाने में 10 साल का वक्त लगा। हिमालय की पीर पंजाल पर्वत रेंज में रोहतांग पास के नीचे लेह-मनाली हाईवे पर इस बनाया गया है। इससे मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और चार घंटे की बचत होगी। इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है। उद्घाटन के बाद टनल में पहला सफर बस से लाहौल स्पीति जिले के 15 बुजुर्गों ने किया। प्रधानमंत्री मोदी ने हरी झंडी दिखाकर एचआरटीसी की बस को रवाना किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज सिर्फ अटल जी का ही सपना पूरा नहीं हुआ है। आज हिमाचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का भी दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज अटल टनल के लोकार्पण का अवसर मिला। राजनाथ जी ने बताया कि मैं यहां संगठन का काम देखता था। पहाड़ों-वादियों में बहुत उत्तम समय बिताता था। जब अटल जी मनाली में आकर रहते थे, तो उनके साथ गप्पें लड़ाता था। मैं और धूमल जी जिसे लेकर अटल जी से जो बात करते रहते थे, वो आज सिद्धी बन गया है।’ ‘लोकार्पण की चकाचौंध में वे लोग पीछे रह जाते हैं जिनकी मेहनत से ये पूरा होता है। उनकी मेहनत से इस संकल्प को आज पूरा किया गया है। इस महायज्ञ में पसीना बहाने वाले, जान जोखिम में डालने वाले मेहनतकश जवानों, मजदूर भाई-बहनों और इंजीनियरों को मैं प्रणाम करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘ये टनल भारत के बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी नई ताकत देने वाली है। हिमालय का ये हिस्सा हो, पश्चिम भारत में रेगिस्तान का विस्तार हो या फिर दक्षिण और पूर्वी भारत का तटीय इलाका। हमेशा से यहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की मांग उठती रही है। लेकिन लंबे समय से बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट या तो प्लानिंग के लेवल से ही नहीं निकल पाए या फिर अटक गए, लटक गए या भटक गए।’ ‘एक्सपर्ट बताते हैं कि जिस रफ्तार से 2014 में अटल टनल का काम हो रहा था, अगर उसी रफ्तार से काम चला होता तो ये सुरंग साल 2040 में जाकर पूरा हो पाती। आपकी आज जो उम्र है, उसमें 20 वर्ष और जोड़ लीजिए, तब जाकर लोगों के जीवन में ये दिन आता।’ इससे क्या फायदा होगा? टनल से मनाली और लाहौल-स्पीति घाटी 12 महीने जुड़े रहेंगे। भारी बर्फबारी की वजह से इस घाटी का छह महीने तक संपर्क टूट जाता है। टनल का साउथ पोर्टल मनाली से 25 किमी है। वहीं, नॉर्थ पोर्टल लाहौल घाटी में सिसु के तेलिंग गांव के नजदीक है। टनल से गुजरते वक्त ऐसा लगेगा कि सीधी-सपाट सड़क पर चले जा रहे हैं, लेकिन टनल के एक हिस्से और दूसरे में 60 मीटर ऊंचाई का फर्क है। साउथ पोर्टल समुद्र तल से 3000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जबकि नॉर्थ पोर्टल 3060 मीटर ऊंचा है। पहले यह रिकॉर्ड चीन के नाम था अटल टनल से पहले यह रिकॉर्ड चीन के तिब्बत में बनी सुरंग के नाम था। यह ल्हासा और न्यिंग्ची के बीच 400 किमी लंबे हाईवे पर बनी है। इसकी लंबाई 5.7 किमी है। इसे मिला माउंटेन पर बनाया गया है। इसकी ऊंचाई 4750 मीटर यानी 15583 फीट है। इसे बनाने में 38500 करोड़ रुपए खर्च हुए। यह 2019 में शुरू हुई। 24 दिसंबर 2019 को इस टनल का नाम दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल टनल रखने का फैसला किया था। टनल की विशेषताएं : इस टनल का निर्माण 2010 में शुरू हुआ था। 10.5 मीटर चौड़ी, 10 मीटर ऊंची टनल की खासियत 2958 करोड़ रुपए खर्च आया। 14508 मीट्रिक स्टील लगा। 2,37,596 मीट्रिक सीमेंट का इस्तेमाल हुआ। 14 लाख घन मीटर चट्टानों की खुदाई हुई। हर 150 मीटर की दूरी पर 4-जी की सुविधा।

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