LATEST NEWS

MP : कमलनाथ की कार रोकने की कोशिश; भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पथराव किया, काले झंडे दिखाए

अनूपपुर। अनूपपुर दौरे पर गए पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के काफिले को भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने रोकने की कोशिश की। उन्हें काले झंडे दिखाए और विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व सीएम की सुरक्षा में लगे गार्डों ने उन्हें रोका, लेकिन उनसे भी भाजयुमो कार्यकर्ता भिड़ गए और मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए धक्का-मुक्की करने लगे। इसके बाद पीछे से काफिले पर पथराव भी किया गया। कांग्रेस ने इस पर सख्त आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने काफिले पर पथराव किया है। इसे लेकर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और पीसी शर्मा भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। बुधवार को अनूपपुर में पूर्व सीएम कमलनाथ कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। यहां भाजयुमो कार्यकर्ता उनके काफिले के सामने आ गए और काले झंडे दिखाने लगे। बीच में चल रही कमलनाथ की इनोवा कार को घेर लिया और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद सुरक्षा गार्ड आए तो उन्होंने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को वहां से खदेड़ा। जब काफिला निकलने लगा तो वह पीछे से काले झंडे दिखाकर भाजपा कार्यालय के पास पथराव किया गया। इसके बाद कमलनाथ अनूपपुर पहुंचे। वहां जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां पर भाजपा प्रत्याशी और मंत्री बिसाहू लाल सिंह हैं, जो मार्च में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। कांग्रेस ने यहां से विश्वनाथ सिंह कुंजाम को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस नेता अरुण यादव का ट्वीट- मान.कमलनाथ जी (Z प्लस सुरक्षा) की कार पर अनूपपुर यात्रा के दौरान हुए पथराव/विरोध प्रदर्शन उसकी पराजय, हताशा का प्रतीक, हिंसा के गर्भ से उत्पन्न विचारधारा से यही उम्मीद,ध्यान रहे हम अंग्रेजों से लड़े हैं।

MP : कृषि मंत्री पटेल की विवादास्पद टिप्पणी, कमलनाथ सत्ता जाने के बाद सठिया गए

उज्जैन । मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने उज्जैन में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। वे अपने जन्मदिन पर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने उज्जैन पहुंचे थे। मंत्री ने कहा कि सत्ता जाने के बाद कमलनाथ और जीतू पटवारी समेत पूरी कांग्रेस सठिया गई है। कमलनाथ छिंदवाड़ा के कुएं के मेंढक हैं। कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में बैंड बजाने का काॅलेज, ढोर चराने का ट्रेनिंग सेंटर खोला है। अब सभी कांग्रेसी बेरोजगार हो गए हैं, इसलिए कमलनाथ के साथ छिंदवाड़ा जाकर बैंड बजाने और ढोर चराने की ट्रेनिंग लेकर अपनी बेरोजगारी को दूर करें। मंत्री पटेल 59 जन्मदिन पर उज्जैन पहुंचे। यहां नागझिरी स्थित होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर का जायजा लिया। ट्रेनिंग सेंटर में प्रदेशभर से महिला होमगार्ड सैनिक ट्रेनिंग लेने आईं हैं। होमगार्ड सैनिकों को सेवा भावी बताते हुए कहा- बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने आया था। बाबा से प्रार्थना की है कि मैं स्वस्थ रहूं, जिस जिम्मेदारी को मुख्यमंत्री ने मुझे दिया है, उसे अच्छे से निभा सकूं। जो महिलाएं आपदा प्रशिक्षण का प्रशिक्षण लेने आई हैं। उन्हें शुभकामनाएं देने आया हूं। अपने और अपने परिवार के लिए तो जीव-जंतु, पशु-पक्षी भी जीते हैं। जो समाज और राष्ट्र के लिए जीए, उसी का जीवन सार्थक होता है। ये महिलाएं यहां अपना जीवन सार्थक करने आई हैं। पटेल ने कहा कि सबसे अधिक मेहनत अगर कोई करता ही तो हमारे होमगार्ड के भाई और बहन हैं। कमलनाथ और पटवारी पर साधा निशाना पटेल ने कहा कि कमलनाथ किसानों के रुपए पर नाग की तरह बैठे थे, उनके बीमे की रकम जमा नहीं की थी, इसलिए किसानों को 2018 के बीमे की राशि नहीं मिल रही थी। शिवराज सरकार ने एक सप्ताह में रुपए जमा कर 30 लाख किसानों के खातों में 3100 करोड़ रुपए डाले। पटेल ने कहा – जब से सत्ता गई जीतू पटवारी सठिया गए हैं। जीतू क्या कमलनाथ भी सठिया गए हैं। पूरे कांग्रेसी सठिया गए हैं। कमलनाथ ने 15 महीने में क्या किया। कमलनाथ मप्र के मुख्यमंत्री कभी नहीं रहे। वे सिर्फ छिंदवाड़ा के कुएं के मेंढक हैं। उन्हें छिंदवाड़ा के अलावा कुछ नहीं दिखता था। इसलिए बैंड बजाने का कॉलेज छिंदवाड़ा में खोला, ढोर चराने की ट्रेनिंग छिंदवाड़ा में दी जा रही है। मंत्री बोले – मैं कमलनाथ, जीतू पटवारी से कह रहा हूं कि सभी कांग्रेसी एकत्रित हों। तुम सब बेरोजगार हो गए हो, तुम्हें सिर्फ कमलनाथ की कंपनी ही रोजगार देगी। इसलिए सब कांग्रेसी छिंदवाड़ा जाओ बैंड बजाने और ढोर चराने की ट्रेनिंग लो और अपनी बेरोजगारी दूर करो। अब तुम्हें सत्ता में आने का अधिकार नहीं है। तुम्हें जनता गलती से भी वोट नहीं देगी। तुमने किसानों, महिलाओं, युवाओं, दैनिक वेतनभोगी के साथ ही बुजुर्गों तक को नहीं छोड़ा, सभी को धोखा दिया। इसलिए सबने मिलकर तुम्हें धक्का दिया। राहुल गांधी ने तुम्हें 10 दिन में हटाने का कहा था, वे तो नहीं कर पाए, लेकिन सिंधिया ने कर दिया। राहुल से ज्यादा सच्चे नेता तो सिंधिया हैं। इसलिए मैं सिंधिया और जो मंत्री पद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सभी विधायकों का स्वागत करता हूं। जनता उन सभी को आशीर्वाद देगी, 28 की 28 सीटों पर कमल खिलेगा।

MP : मध्य प्रदेश के वीर सपूत शहीद जवान धीरेंद्र का गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम संस्कार

सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के पड़िया निवासी सीआरपीएफ जवान धीरेंद्र त्रिपाठी का बुधवार को उनके गृह ग्राम में राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान वीर सपूत धीरेंद्र के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ हो गई। इससे पहले शहीद का शव सुबह गांव पहुंचा। यहां लोगों ने शहीद अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लगाए। अंतिम विदाई देने सीएम शिवराज सिंह चौहान भी पड़िया गांव पहुंचे। उन्हें देखते ही शहीद की मां उनसे लिपट कर रोने लगी। बोलीं- मेरा बेटा लौटा दो और लिपटकर फफक पड़ीं। जिन्होंने मेरे लाला को मारा है, उन्हें मरवाओ। सीएम शिवराज ने कहा कि उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी और 1 करोड़ की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ गांव में शहीद की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सीएम चौहान ने कहा कि CRPF के वीर जवान धीरेंद्र त्रिपाठी ने भारत माता की सुरक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे अमर शहीद के चरणों में मध्यप्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की ओर से मैं श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। उनका परिवार अब हमारा और मध्य प्रदेश का परिवार है। अमर शहीद धीरेंद्र अपना परिवार छोड़कर गए हैं। हम इस परिवार के साथ खड़े हैं। हम धीरेंद्र को तो वापस नहीं ला सकते लेकिन सम्मानस्वरूप उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए की श्रद्धा निधि भेंट करेंगे। गांव में उनकी प्रतिमा स्थापित करेंगे और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाएगी। सीएम ने कहा कि भारत माता के सच्चे सपूत पर हम सभी प्रदेशवासियों को गर्व है। अमर शहीद धीरेंद्र हम सभी की स्मृतियों में जीवित रहें, इसके लिए हम चर्चा करके उनके नाम पर एक संस्थान का नाम भी रखेंगे। शहीद धीरेंद्र की पत्नी, मेरी बहन अब सिर्फ पड़िया की बेटी नहीं, पूरे मध्य प्रदेश की बेटी है। धीरेंद्र के नाम पर पड़िया के शासकीय विद्यालय का नामकरण किया जाएगा और उनके परिवार व ग्रामवासियों से चर्चा कर एक सड़क का नामकरण भी उनके नाम पर किया जाएगा। एक बार फिर उनके चरणों में नमन करता हूं। सीएम शिवराज ने अंतिम विदाई देने के बाद पत्नी को सरकारी नौकरी, एक करोड़ की आर्थिक मदद और गांव में शहीद की मूर्ति लगाने का ऐलान किया। सीएम शिवराज ने अंतिम विदाई देने के बाद पत्नी को सरकारी नौकरी, एक करोड़ की आर्थिक मदद और गांव में शहीद की मूर्ति लगाने का ऐलान किया।

बेहद शर्मनाक व दर्दनाक : कारोबारी से 11 लाख रुपये लूटे फिर कार समेत जिंदा जला दिया

हिसार। हरियाणा के हिसार से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां पर बदमाशों ने एक डिस्पोजल व्यापारी से 11 लाख रुपये लूट लिए और उसे गाड़ी समेत जिंदा जाल दिया. यह घटना जिले के हांसी शहर में मंगलवार देर रात की है. बताया जा रहा है कि खतरे का आभास होते ही व्यापारी ने अपने परिजनों को फोन पर बताया कि कार में कुछ लोग उसका पीछे कर रहे हैं. लेकिन इससे पहले कि परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचते कारोबारी कंकाल में तब्दील हो चुका था. इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस के मुताबिक दो बदमाश बाइक पर सवार थे और एक बदमाश गाड़ी से पीछा कर रहा था. पुलिस ने शव के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भेज दिया है और इस मामले की जांच में जुट गई है. घटना से पहले व्यापारी ने अपने भांजे से बात भी की थी और बताया था कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं. मृतक राममेहर की बरवाला में डिस्पोजल ग्लास की फैक्ट्री है वो मंगलवार देर रात अपनी कार से कहीं जा रहे थे और उनके पास 11 लाख कैश भी था. व्यापारी से 11 लाख लूटे और जिंदा जला दिया परिजनों का कहना है कि राममेहर ने दोपहर 12 बजे 9 लाख 90 हजार रुपये एक्सिस बैंक से निकले थे और 1 लाख रुपये उनके पास पहले थे. वो हिसार से गांव डाटा आ रहे थे. महजत के पास दो बाइक सवारों ने कार को घेर लिया और जबरन रोककर पैसे लूटने के बाद कार को आग लगा दी और मौके से फरार हो गए. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी सदर थाना प्रभारी कश्मीरी लाल ने बताया कि पुलिस को रात 12 बजे जानकारी मिली कि बरवाला रोड पर एक व्यक्ति को कार में जिंदा जला दिया गया. मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने बताया कि राममेहर ने मंगलवार को बैंक से 11 लाख रुपए निकलवाए थे. हिसार से जब गांव डाटा आ रहे थे. महजत के पास दो बाइक सवारों ने कार को घेर लिया और जबरन रोककर पैसे लूटने के बाद कार को आग लगा दी. एसएचओ कश्मीरी लाल ने कहा कि अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी. इस रूट पर सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं.

सुशांत केस : जेल से रिहा हुईं रिया, ड्रग्स केस में 30 दिन बाद जेल से बाह, शर्तों के साथ जमानत

मुंबई . ड्रग्स मामले में गिरफ्तार एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती को बॉम्बे हाईकोर्ट से बुधवार को जमानत मिल गई। इसके बाद रिया शाम करीब साढ़े पांच बजे भायखला जेल से बाहर आईं। इससे पहले, सेशन कोर्ट ने मंगलवार को रिया की ज्यूडिशियल कस्टडी 14 दिन और यानी 20 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी। एक महीने से जेल में बंद रिया ने लोअर कोर्ट से 2 बार अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि रिया ड्रग डीलर्स का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने अपने या किसी और के फायदे के लिए किसी भी तरह से ड्रग्स को आगे नहीं बढ़ाया है। फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण नहीं है, जिसके आधार पर यह माना जाए कि जमानत मिलने के बाद वह कोई अपराध कर सकती हैं। हालांकि, रिया के भाई शोविक चक्रवर्ती और एक अन्य आरोपी अब्दुल बासित को जमानत नहीं दी गई है। फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा। वहीं, सैम्युल मिरांडा और दीपेश सावंत को जमानत मिल गई है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के सिलसिले में सामने आए ड्रग्स कनेक्शन में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 8 सितंबर को रिया को गिरफ्तार किया था। NCB ने दावा किया कि ‘सुशांत सिंह राजपूत की मौत के पूरे मामले को देखने में यह सामने आता है कि रिया यह बात जानती थी कि सुशांत ड्रग्स का सेवन करते थे और इस दौरान न केवल उन्हें ऐसा करने के लिए बढ़ावा दिया गया बल्कि उनसे पूरी बात भी छिपाई गई।’ NCB ने रिया को शातिर अपराधी मानते हुए उसकी जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि उनके खिलाफ ऐसे कई सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वह ड्रग्स ट्रैफिकिंग में शामिल रही हैं। NCB ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक आपराधिक साजिश के तहत रिया ने ड्रग्स के लेन-देन के लिए अन्य आरोपियों का समर्थन किया, उन्हें ऐसा करने के लिए बढ़ावा दिया और पैसे से भी उनकी मदद कीं। रिया ने माना- मिरांडा और सावंत को ड्रग्स के पैसे दिए NCB के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में यह कहा है कि रिया ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने सैम्युल मिरांडा और दीपेश सावंत को ड्रग्स के पैसे चुकाए हैं, जो बाद में सुशांत को दी गई। यह साफ है कि जिन ड्रग्स के लिए पैसे चुकाए गए थे, वे निजी उपयोग के लिए नहीं थे बल्कि ऐसा किसी और को इनकी आपूर्ति कराए जाने के लिए गया और यह एनडीपीएस 1985 की धारा 27A के तहत आता है। रिया छूटी तो सबूत नष्ट होंगे: NCB NCB ने एक हलफनामे में यह भी कहा था कि जांच महत्वपूर्ण चरण में है और अगर इस वक्त रिया को जमानत मिल जाती है, तो इससे छानबीन बाधित होगी। NCB ने यह भी कहा कि रिया मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल रही है, यह साबित करने के लिए कई सबूत हैं। वह ड्रग पहुंचाने के काम में न सिर्फ मदद देती थीं बल्कि क्रेडिट कार्ड, नकद और ऐसे ही कई माध्यमों से इनका भुगतान भी करती थीं। रिया के वकील की दलील- सुशांत पहले से ड्रग्स लेते थे वहीं, एक्ट्रेस के वकील सतीश मानशिंदे ने अदालत में कहा था कि रिया के सुशांत की लाइफ में आने से पहले से ही वे ड्रग्स लेते थे। सुशांत को ड्रग्स की लत थी। यह बात 3 एक्ट्रेस कह चुकी हैं। रिया की तरह ही श्रद्धा कपूर और सारा अली खान ने भी कहा है कि सुशांत 2019 से पहले से ड्रग्स लिया करते थे। बेंच ने इन शर्तों पर रिया को जमानत दी। – रिया को जेल से रिहा होने के बाद 10 दिन तक करीबी पुलिस स्टेशन में हर रोज सुबह 11 बजे हाजिरी देनी होगी। – एक लाख रुपए मुचलका देना होगा। – पासपोर्ट जमा करवाना होगा। – कोर्ट की अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगी। – यदि वे ग्रेटर मुंबई से भी बाहर जाती हैं, तो उन्हें जांच अधिकारी को इस बारे में पहले सूचना देनी होगी। – महीने के पहले सोमवार को रिया को एनसीबी के दफ्तर में भी हाजिरी देनी होगी। यह छह महीने तक करना होगा। – इस केस से जुड़े किसी भी गवाह से मिलने की अनुमति नहीं होगी। – अदालत की हर सुनवाई पर रिया को हर हाल में मौजूद रहना होगा। – वे किसी भी तरह से जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगी।

सुशांत केस को नेताओं-मीडिया ने फायदे के लिए बनाया ‘मर्डर’ : स्‍टडी में खुलासा

मुंबई। बॉलिवुड ऐक्टर सुशांत सिंह राजपूत के मामले में ‘मर्डर थ्योरी’ को कुछ नेताओं, पत्रकारों और मीडिया हाउसेस ने अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया हो सकता है। इस बात का खुलासा ट्वीट्स, यूट्यूब वीडियोज और ट्रेंड्स पर बेस्‍ड एक अनूठी अमेरिका स्टडी में हुआ है। एक मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, मिशिगन यूनिवर्सिटी में एक असोसिएट प्रफेसर के नेतृत्व में रिसर्चर्स की एक टीम ने यह स्टडी की है। यह स्टडी दिखाती है कि जो कॉन्‍टेंट बिल्कुल निराधार मर्डर थ्योरीज को प्रमोट कर रहा था, उन्हें सूइसाइड थ्योरी से कहीं ज्यादा ट्रैक्शन मिला। तमाम यूट्यूब वीडियोज और ट्वीट्स का विश्‍लेषण प्री-प्रिंट स्टडी बताती है कि राजनेताओं के अकाउंट्स सुशांत केस में नरेटिव को आत्‍महत्‍या से हत्‍या में बदलने में अहम रहे। रिसर्च टीम ने करीब 7 हजार यूट्यूब वीडियोज और 10 हजार ट्वीट्स का विश्लेषण किया। ये सभी करीब 2 हजार पत्रकारों व मीडिया हाउसेस और 1,200 नेताओं से जुड़े थे। सूइसाइड की जगह मर्डर के तौर पर किया गया पेश स्टडी में इशारा किया गया है कि खासतौर पर राजनेता शुरुआती स्‍टेज में केस को ‘सूइसाइड’ की जगह ‘मर्डर’ के तौर पर पेश कर मामले को अलग मोड़ देने की वजह बने। इसको बाद में मीडिया ने फॉलो किया। स्टडी में भावनात्मक विश्लेषण बताता है कि पॉलिटिकल अकाउंट्स ने जुलाई के मध्य में सीबीआई जांच की मांग को लेकर समन्वित कोशिशें शुरू कीं जबकि पत्रकारों ने अगस्त की शुरुआत में महाराष्ट्र सरकार विरोधी नरेटिव को पूरी ताकत लगाकर आगे बढ़ाया। इन लोगों को बनाया गया निशाना स्टडी में यह भी पाया गया कि रिया चक्रवर्ती, दिशा सालियन और सलमान खान इस पूरे केस में दुष्प्रचार अभियान के सबसे ज्यादा निशाने पर रहे। असोसिएट प्रफेसर जॉयजीत पाल के मुताबिक, इस बात की बहुत कम संभावना थी कि ऑनलाइन एंगेजमेंट ऑर्गेनिक था। पाल ने कहा, ‘पूरे सोशल मीडिया स्पेस को इतने प्रभावी रूप से हथियारबंद किया कि आप किसी भी ऐसे मुद्दे को, जिसमें भावनात्मक पहलू हो, उसे किसी ऐसी बात में बदल सकते हैं जिससे पूरा देश चिपका रहे।’ डेटा को लेकर विसंगतियां पाल ने कहा कि सुशांत केस आज के भारत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कहानी है जो फिल्‍म इंडस्‍ट्री में आउटसाइडर होने की वजह से पैर जमाने के लिए काफी मेहनत करता है। इस कहानी को बहुत सारा ऑर्गेनिक रिस्पॉन्स भी मिला। पाल कहते हैं, ‘डेटा को लेकर बहुत सी विसंगतियां हैं लेकिन उसके भीतर एक पैटर्न है। आंकड़ों की दृष्टि से खासा अंतर है कि कितना एक पार्टी मर्डर के बारे में बात करती है और कितना दूसरी पार्टी थ्योरी के बारे में। डेटा के इतने स्तर पर इसके आर्गेनिक होने की बहुत कम संभावना है।’ मीडिया चैनल्स को मिला आर्थिक लाभ पाल कहते हैं, ‘जब नेताओं या मीडिया हाउसों ने सुशांत के बारे में बात की तो इसे ज्‍यादा एंगेजमेंट मिला। उसकी तुलना में जब उन्होंने किसी और विषय पर बात की तो वैसा एंगेजमेंट देखने को नहीं मिला। मीडिया चैनल्स जिन्होंने सुशांत की स्टोरी का प्रसार किया, उन्हें आर्थिक लाभ भी मिला।’

MP : हाथरस केस में नया मोड़ …पीड़ित के भाई और आरोपी संदीप के बीच 6 महीने में 104 बार बातचीत

हाथरस। हाथरस में 19 साल की दलित लड़की के साथ कथित गैंगरेप और मौत के बाद आधी रात में जबरन अंतिम संस्कार करने को लेकर देशभर में गुस्सा है। इस बीच मुख्य आरोपी संदीप और युवती के भाई के बीच फोन कॉल्स को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों के बीच 13 अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक 104 बार बातचीत हुई। पूरा कॉल ड्यूरेशन करीब 5 घंटे का है, जबकि दोनों के घर 200 मीटर की दूरी पर ही हैं। 62 कॉल संदीप ने तो 42 कॉल पीड़ित के भाई की तरफ से एक-दूसरे को किए गए। कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) दैनिक भास्कर के पास है। सीडीआर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। हालांकि, इस डिटेल की किसी भी अधिकारी और जांच एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। जांच में लगी टीम के सूत्रों का दावा है कि पीड़ित के भाई का फोन उसकी पत्नी इस्तेमाल करती थी। इसी फोन से पीड़ित और संदीप के बीच बातचीत का दावा किया जा रहा है। सीडीआर में दोनों के बीच बातचीत में करीब 60 कॉल रात के समय का होना पाया गया। फिलहाल, इस केस की जांच कर रही एसआईटी को गृह विभाग ने 10 दिन का समय और दिया है। पीड़ित के घर में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। पहचान उजागर करने पर ट्विटर, वेबसाइट्स पर एफआईआर चंदपा थाने में एक्टीविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने पीड़ित की पहचान उजागर करने पर शिकायत की। मामले में ट्विटर और संबंधित वेबसाइट्स पर धारा 228ए आईपीसी, 72 आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। नूतन ने 29 सितंबर को शिकायत भेजी थी। इसमें ट्विटर पर पीड़िता का नाम लिए जाने, उसके नाम से ट्विटर पर विभिन्न हैशटैग चलाए जाने, पीड़ित की फोटो और वीडियो शेयर किए जाने के संबंध में कार्रवाई की मांग की थी। क्या है पूरा मामला? हाथरस में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित युवती से कथित गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई। मामले में चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। मंगलवार को सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हलफनामे में भी रेप न होने की बात कही गई है। योगी सरकार मामले की जांच SIT से करवा रही है। CBI जांच की सिफारिश भी की है। पीड़ित का शव जल्दबाजी में जलाने और लापरवाही के आरोपों के बीच हाथरस के एसपी समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं।

MP : बस संचालकों की मनमानी : टैक्स माफ हो गया, अब किराया बढ़ाने पर अड़े

भोपाल . पहले साढ़े पांच महीने का टैक्स माफ होने के बाद अब बस ऑपरेटर किराए में बढ़ोत्तरी कराने के लिए अड़ गए हैं। ऐसे में उन यात्रियों को ज्यादा समस्या होगी, जो आसपास के छोटे स्थानों से आवाजाही करते हैैं।किराया न बढ़ने और यात्रियों की कमी के चलते ऑपरेटरों ने भोपाल से इंदौर, जबलपुर, बकतरा, नसरुल्लागंज, होशंगाबाद और सारणी सहित एक दर्जन से ज्यादा विभिन्न रूट पर बसें धीरे-धीरे बंद करना शुरू कर दिया है। आरटीओ भोपाल में विभिन्न रूट पर चल रही बसों के परमिट सरेंडर करने के लिए के-फॉर्म जमा किए गए हैं। इससे आने वाले दिनों में विभिन्न बस स्टेंडों से चलने वाली बसों की संख्या में खासी कमी आ सकती है। एडीशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अरविंद सक्सेना का कहना है कि दोनों ही बस एसोसिएशन के अध्यक्षों व पदाधिकारियों से चर्चा हो रही है। इसके बाद भी यदि ऑपरेटर बसें बंद करते हैं, तो उन पर जुर्माने व परमिट सस्पेंड करने की कार्रवाई की जाएगी। 730 में से 260 बसें ही चलीं मंगलवार को भोपाल से विभिन्न स्थानों के लिए चलने वाली बसों की संख्या 260 तक पहुंच गई। जबकि तीन पहले तक 730 में से 295 तक बसें चलने लगी थीं। लेकिन राज्य सरकार द्वारा किराए में बढ़ोत्तरी न किए जाने और यात्रियों की कमी के चलते ऑपरेटरों ने बसों के परमिट सरेंडर करना शुरू कर दिए हैं। भोपाल आरटीओ में अब तक 145 बसों के परमिट सरेंडर कर के-फॉर्म ऑपरेटरों द्वारा लिए जा चुके हैं। इनमें भोपाल से चलने वाली बसों के अलावा अन्य स्थानों से संचालित होने वाली गाड़ियों की संख्या शामिल है।

भोपाल : ईयरफोन लगाकर बाइक चला रहा था, डिवाइडर से टकराए, एक की मौत, एक गंभीर

भोपाल . भोपाल के आईएसबीटी के सामने हादसे में बाइक सवार तीन युवक घायल हो गए। इसमें से एक की देर शाम मौत हो गई। हादसे में घायल एक की स्थिति नाजुक है। पुलिस की मानें तो बाइक सवार ईयरफोन लगाए था। अचानक बैलेंस बिगड़ने के कारण वे डिवाइडर से टकरा गए। हेलमेट नहीं पहने होने के कारण सिर पर गंभीर चोट आने से काफी खून निकल गया। छोला मंदिर निवासी 25 वर्षीय रोहित एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। उसने बताया कि वह अपने दोस्त आकाश और गोविंद के साथ सोमवार को छींद बाबा के दर्शन करने बाइक से गए थे। वहां से मंगलवार सुबह करीब 9:45 बजे भोपाल आ चुके थे। गाड़ी गोविंद चला रहा था। अभी हम सांची दुग्ध संघ से होते हुए आईएसबीटी तक पहुंचे ही थे, तभी अचानक बाइक डगमगाते हुए डिवाइडर से टकरा गई। हम तीनों बाइक से उछलकर इधर-उधर गिर गए। पीछे मुड़कर देखा तो गोविंद के सिर से खून बह रहा था और आकाश जमीन पर पड़ा था। दोनों के सिर पर गंभीर चोट आई थी। लोग मदद के लिए दौड़े और एंबुलेंस 108 को कॉल कर दिया। वह हम तीनों को जेपी अस्पताल ले आए। गोविंद के सिर से काफी खून मौके पर ही निकल गया था। इलाज के दौरान शाम को गोविंद की मौत हो गई। चांदबड़ निवासी मुन्नालाल ने बताया कि गोविंद दो भाइयों में सबसे छोटा था। वह एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। उनसे बात की तो वह बस इतना ही पूछते रहे, बेटे को कहीं ज्यादा चोटें तो नहीं आईं। मैं अभी आ रहा हूं। उसके पास पहुंच जाऊंगा। उसे ज्यादा चोट तो नहीं लगी। ज्यादा तो नहीं लग गई। हादसे में रोहित को सबसे कम चोटें आई हैं। उसे घुटने और माथे पर चोट हैं, जबकि आकाश के सिर में गंभीर चोट लगी है। उसे जेपी अस्पताल से हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी स्थिति अभी स्थिर बनी हुई है। उसके सिर पर चोट है। लोगों की सूचना मिलते ही गोविंदपुरा पुलिस थाने का बल भी मौके पर पहुंच गया था। एसआई हरवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाइक किसी से टकराई नहीं है। वे खुद ही अचानक डिवाइडर से भिड़ गए थे। बाइक सवार कान में ईयरफोन लगाए था।

भोपाल होटल में हुक्का पार्टी चल रही थी; बार मालिक समेत डेढ़ दर्जन युवक गिरफ्तार

भोपाल. राजधानी के बागसेवनिया इलाके में देर रात पुलिस ने हुक्का पार्टी कर रहे डेढ़ दर्जन युवकों को गिरफ्तार किया है। इन पर कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने और तंबाकू-सिगरेट ऐक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने हुक्का बार के मालिक शाहवर को भी पकड़ा है। बागसेवनिया पुलिस को सूचना मिली थी कि प्ले बॉय प्लेनेट होटल ओम नगर के एक हुक्का बार में पार्टी चल रही है। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर करीब 11:30 बजे छापा मारा। पुलिस ने हुक्का बार मालिक शाहवर समेत कुल 17 युवकों को गिरफ्तार किया। शाहवर कोरोनाकाल में गाइडलाइन का उल्लंघन कर देर रात बार का संचालन कर लोगों को हुक्का पिला रहा था। बागसेवनिया पुलिस ने तम्बाकू सिगरेट अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मौके से हुक्का पीने का सामान, 7 पाइप और 7 मिंट फ्लेवर जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में शाहवर ( हुक्का बार मालिक), अमित पटेल, अनुज, दीपेश साहू, सुरेंद्र प्रजापति, नोमान अहमद, सिद्धार्थ मंडल, उत्कर्ष वाजपेयी, शिखर मलिक, ऋषि शर्मा, छत्रपाल प्रजापति, अनिकेत यादव, अंकित पटेल, राजेन्द्र धाकड़, सत्यम पटेल, अनुराग पटेल और फराज हुसैन को पकड़ा है।

प्रॉपर्टी में निवेश बना घाटे का सौदा, बीते 5 साल में दिया 5.5 फीसदी रिटर्न

नई दिल्ली . एक दशक पहले रियल एस्टेट में कीमतें आसमान छू रहीं थीं। हर रोज नई परियोजनाएं पेश की जा रहीं थीं। मोटे रिटर्न के लिए निवेशक भी जमकर इसमें पैसा लगा रहे थे। लेकिन पिछले 10 साल में स्थिति एकदम उलट हो गई है। इस अवधि में 11 फीसदी के करीब रिटर्न मिला है। जबकि पिछले पांच साल में इसमें 5.5 फीसदी का औसत रिटर्न मिला है। वहीं दिल्ली-कोलकाता समेत कुछ बड़े शहरों में रिटर्न 1.5 फीसदी के करीब रहा है। ऐसे में अब रियल एस्टेट में निवेश घाटे का सौदा बन गया है। महंगाई से भी कम रिटर्न मौजूदा समय में खुदरा महंगाई छह फीसदी से ऊपर है। जबकि पिछले पांच साल में रियल एस्टेट में रिटर्न 5.5 फीसदी है। ऐसे में देखा जाए तो रिएल एस्टेट में महंगाई की तुलना में करीब आधा फीसदी का नुकसान है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी विकल्प में निवेश के पहले यह जरूर देखना चाहिए कि महंगाई की तुलना में उसमें कितना रिटर्न मिला है। यदि महंगाई के बराबर रिटर्न है यानी आपको कोई फायदा नहीं हो रहा। जबकि उससे कम रिटर्न का मतलब हुआ कि उस निवेश पर आपकी जेब से पैसा खर्च हो रहा है। 10 साल में लखनऊ में सबसे अधिक रिटर्न जून 2010 से जून 2020 की अवधि में देश के शीर्ष 10 शहरों में औसत रिटर्न 11.6 फीसदी मिला है। इस अवधि में लखनऊ में 16.1 फीसदी का रिटर्न मिला है। इसके बाद कोलकाता में 13.3 फीसदी और दिल्ली में 12.2 फीसदी का रिटर्न मिला है। वहीं मुंबई में 11.2 फीसदी का रिटर्न मिला है। इस सूची में जयपुर सबसे निचले पायदान है जहां रियल एस्टेट में इस अवधि में महज 6.1 फीसदी का रिटर्न मिला है। रिटर्न में दिल्ली सबसे फिसड्डी वर्ष 2015 से 2020 के बीच दिल्ली में रियल एस्टेट में जिन लोगों ने पैसा लगाया है उन्हें झटका लगा है। इस अवधि में 10 शहरों में औसत रिटर्न 5.5 फीसदी रहा है। जबकि इस अवधि में दिल्ली के रियल एस्टेट ने महज 1.5 फीसदी रिटर्न दिया है। अगर महंगाई से इसकी तुलना करें तो निवेशकों को करीब 4.5 फीसदी का नुकसान हुआ है। वहीं कोलकाता में निवेशकों को महज 3.2 फीसदी का रिटर्न मिला है। वर्ष 2011 में मिला बंपर रिटर्न देश के 10 सबसे बड़े शहरों में वर्ष 2011 में सबसे अधिक रिटर्न मिला। जून 2011 तक एक साल की अवधि में 23.1 फीसदी रिटर्न मिला। जबकि दिसंबर 2011 तक निवेशकों को 26.3 फीसदी तक रिटर्न मिला। इसके बाद से लगातार गिरावट आई है। वर्ष 2020 जून तक सालाना रिटर्न घटकर 2.8 फीसदी रह गया जिसकी एक बड़ी वजह कोरोना संकट भी है। छूट के बाद भी खरीदार नहीं दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई शहरों में बिल्डर 20 फीसदी तक छूट की पेशकश कर रहे हैं। साथ ही होम लोन पर ब्याज भी कई दशक के निचले स्तर पर है। इसके बावजूद भी खरीदार नहीं मिल रहे। नरेडको के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी का कहना है कि रियल एस्टेट पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था जिसे कोरोना ने और बड़ा झटका दिया है। उपभोक्ताओं-निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए सरकार, रियल एस्टेट और वित्तीय संस्थान सबको साथ मिलकर काम करना होगा। कितना मिला रिटर्न 11.6 फीसदी औसत रिटर्न 10 साल में 5.5 फीसदी औसत रिटर्न पांच साल में 1.5 से दो फीसदी औसत रिटर्न किराया से भारत में 06 फीसदी से अधिक है खुदरा महंगाई दर

कोरोना पर अध्ययन : 70 फीसदी रोगी नहीं फैलाते वायरस 

नई दिल्ली . कोरोना के 70 फीसदी रोगी वायरस नहीं फैलाते हैं। इस बात की जानकारी आंध्रप्रदेश-तमिलनाडु में किए गए एक अध्ययन से हुई है। अमेरिका स्थित सेंटर फॉर डिसीज, डायनेमिक्स एंड इकोनॉमिक पॉलिसी (सीडीडीईपी) द्वारा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में किए गए एक नवीनतम अध्ययन से पता चला है कि कोरोना से संक्रमित सभी व्यक्ति वायरस को प्रसारित नहीं करते हैं। हालांकि, हमउम्र बच्चों में संक्रमण का प्रसार ज्यादा बताया गया है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कोरोना महामारी विज्ञान और संचरण गतिकी शीर्षक से अध्ययन साइंस पत्रिका के 30 सितंबर के संस्करण में प्रकाशित हुआ था। इस बाबत आंध्र प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि बर्कले में सीडीडीईपी, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सरकारों और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के जांचकर्ताओं के एक दल ने 575,071 व्यक्तियों में बीमारी के संचरण पैटर्न का अध्ययन किया, जिसमें कोरोना के 84,965 मामलों की पुष्टि हुई। अधिकारी ने दावा किया कि आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के राज्यों में हजारों संपर्क प्रशिक्षकों द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर महामारी विज्ञान का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे व्यापक विश्लेषण है। अध्ययन के अनुसार, उजागर संपर्कों के संभावित अनुवर्ती परीक्षण से पता चला कि 70 प्रतिशत संक्रमित व्यक्तियों ने अपने किसी भी संपर्क को संक्रमित नहीं किया था, जबकि 8 प्रतिशत संक्रमित व्यक्ति 60 प्रतिशत नए संक्रमणों के लिए जिम्मेदार थे। अध्ययन में उन बच्चों में संक्रमण का उच्च प्रसार पाया गया, जो अपनी उम्र के आसपास के मामलों के संपर्क में थे। सूचकांक मामले से एक करीबी संपर्क में संचरण का जोखिम समुदाय में 2.6 प्रतिशत से लेकर घर में 9.0 प्रतिशत तक है। समान-आयु वाले संपर्क सबसे बड़े संक्रमण जोखिम से जुड़े हैं। हालांकि, इन दोनों राज्यों में 40-69 वर्ष की आयु में मृत्यु दर अधिक है। यह 5-17 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों में 0.05 प्रतिशत और 85 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में 16.6 प्रतिशत है। सीडीडीईपी के निदेशक डॉ. रामनयन लक्ष्मीनारायण के अनुसार, यह अध्ययन आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में महत्वपूर्ण संपर्क-ट्रेसिंग प्रयास से संभव हुआ, जिसमें हजारों स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल थे।

MP : बीजेपी की फायर ब्रांड नेत्री उमाभारती को जवाब देने साध्वी राम सिया भारती कांग्रेस प्रत्याशी घोषित

भोपाल। छतरपुर जिले की बड़ामलहरा सीट से कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती को सीधी चुनौती दी है। कमलनाथ ने इस क्षेत्र में साध्वी राम सिया भारती को कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। बताना जरूरी है कि उमा भारती टीकमगढ़ जिले से आतीं हैं। छतरपुर-टीकमगढ़ जिले में उन्हें निर्विवाद रूप से एकमात्र नेता माना जाता है। मध्यप्रदेश में केवल छतरपुर-टीकमगढ़ जिला ही क्या, आसपास के कई जिलों में उमा भारती को लोधी समाज का सबसे बड़ा नेता माना जाता है। कांग्रेस पार्टी ने साध्वी राम सिया भारती को टिकट देकर लोधी समाज में एक नए नेता का उदय कर दिया है। साध्वी राम सिया भारती भी लोधी समाज से आतीं हैं। पिछले दिनों बड़ामलहरा क्षेत्र में उमा भारती ने एक धार्मिक आयोजन किया था परंतु कार्यक्रम में जनता का उत्साह नजर नहीं आया। कमलनाथ ने अपनी तरफ से कंप्यूटर बाबा को धर्म ध्वजा लेकर भेजा था परंतु वह भी कांग्रेस का झंडा लहराते हुए लौटाए। कुल मिलाकर जनता ने धर्म के नाम पर राजनीति से इनकार कर दिया था, इसके बावजूद कमलनाथ ने साध्वी राम सिया भारती को टिकट दिया है। नतीजा जो भी हो लेकिन चुनावी दंगल में दोनों तरफ भगवा के बीच संघर्ष चर्चा का विषय अवश्य रहेगा।

सुशांत केस : 5 साल में अभिनेता ने कमाए 70 करोड़ रुपए, फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला

मुंबई . बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत की मौत को एम्स की फॉरेंसिक टीम ‘आत्महत्या’ का मामला बता चुकी है। वहीं दूसरी ओर उनके बैंक खाते की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में भी कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। सुशांत के सभी बैंक खातों में पिछले 5 साल के दौरान 70 करोड़ का लेन देने हुआ, जिसमें से सिर्फ 55 लाख रुपए ही रिया चक्रवर्ती से जुड़े पाए गए हैं। इनमें से अधिकांश, यात्रा, स्पा और गिफ्ट खरीदने पर खर्च किए गए थे। सीबीआई अब इन एंगल से मामले की करेगी जांच आत्महत्या का मामला स्पष्ट होने के बाद सीबीआई अब इसके कारणों की पड़ताल करेगी। इसमें रिया चक्रवर्ती और उनके भाई की भूमिका, बॉलीवुड में प्रोफेशनल राइवलरी और भाई-भतीजावाद; नशीली दवाओं के दुरुपयोग और राजपूत के मानसिक स्वास्थ्य का एंगल शामिल है। सुशांत के पिता ने दर्ज करवाया है 17 करोड़ की धोखाधड़ी का केस ड्रग्स केस में मुंबई की भायखला जेल में बंद रिया चक्रवर्ती के खिलाफ 15 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का केस सुशांत के पिता केके सिंह की ओर से पटना में दर्ज करवाया गया था। इसे संज्ञान लेते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लाउंड्रिंग का केस दर्ज किया था और एक्ट्रेस से तीन बार पूछताछ की। हालांकि, ईडी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की है। इसी केस की जांच के दौरान राजपूत के बैंक खाते का फॉरेंसिक ऑडिट किया गया था। सुशांत की जानकारी में खर्च हुए ये पैसे सूत्रों के मुताबिक, यह रिपोर्ट सीबीआई से भी साझा की गई है। इसमें यह कहीं भी साबित नहीं होता कि रिया ने सुशांत के पैसों की निकासी अपने या अपने परिवार के लिए की थी। ज्यादातर पैसे सुशांत की मर्जी से या उनकी जानकारी से ही खर्च किए गए थे। ये पैसे सुशांत की कुल इनकम के मुकाबले बहुत कम हैं। हालांकि, खाते से जुड़ी अन्य जानकारी अभी भी सार्वजनिक होना बाकी है। सीबीआई अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों से कर चुकी है पूछताछ सीबीआई ने इस मामले में दो दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की। इनमें चक्रवर्ती और उनके परिवार के सदस्य, सुशांत राजपूत के परिवार के सदस्य, उनके स्टाफ और हाउस मैनेजर, बैंकों के कर्मचारी जहां वह खाते थे, उनके मनोचिकित्सक और कुछ दोस्त और परिचित शामिल हैं। एजेंसी ने पावना डैम रिसॉर्ट के कर्मचारियों से भी पूछताछ की है, जहां राजपूत छुट्टी मनाने गए थे।

ऐसी दुल्हन जिसे ना हो सोशल मीडिया की लत, विज्ञापन हुआ वायरल

नई दिल्ली . कंपनियां अपने उत्पाद बेचने के लिए और लोग रिश्तों के लिए सोशल मीडिया पर विज्ञापन देते हैं जो आम बात है लेकिन एक परिवार ने बहू के लिए ऐसा विज्ञापन दिया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. उन्हें अपनी होने वाली बहू की हर आदत मंजूर है लेकिन शर्त बस एक है कि उसे सोशल मीडिया की आदत नहीं होनी चाहिए. आमतौर पर जब वैवाहिक विज्ञापन दिए जाते हैं उसमें मांग होती है कि संभावित दुल्हन ‘लंबी, पतली और गोरी’ होनी चाहिए लेकिन ऐसा लगता है कि बदलती दुनिया के साथ ही योग्य दुल्हनों के लिए कुछ मानदंड भी बदल रहे हैं. नितिन सांगवान नाम के एक IAS अधिकारी ने ट्विटर पर अखबार में छपी एक मैट्रिमोनियल ऐड की तस्वीर पोस्ट की थी. विज्ञापन में लिखा गया है कि दुल्हन ‘सुंदर, लंबी, पतली जैसी कोई मांग नहीं है बस दुल्हन को सोशल मीडिया की लत नहीं होनी चाहिए. इस विज्ञापन को लेकर अधिकारी ने कैप्शन में लिखा है कि भावी दुल्हन / दूल्हे कृपया ध्यान दें. शादी के मानदंड बदल रहे हैं. ‘ यह विज्ञापन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोग इस पर फनी कमेंट कर रहे हैं. बता दें कि लोगों के सोशल मीडिया और स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की लत में दिनोदिन इजाफा होता जा रहा है.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live