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आईएसएसएफ शॉटगन विश्व कप: गनेमत, शीराज, अनंतजीत पदक की दौड़ में बरकरार

लोनाटो डेल गार्डा महिलाओं की स्कीट में गनेमत सेखों और पुरुषों की स्पर्धा में शीराज शेख और अनंतजीत सिंह नरुका, इटली के लोनाटो डेल गार्डा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) विश्व कप शॉटगन में क्वालीफिकेशन के पांच में से चार राउंड पूरे होने के बाद पदक की दौड़ में बने हुए हैं। रविवार को गनेमत ने 25 और 23 राउंड के साथ दो दिन में कुल 95 (25,22,25,23) स्कोर किया, जिससे वह वर्तमान में नौवें स्थान पर हैं। यूएसए की डानिया जो विज्जी और स्वीडन की विक्टोरिया लार्सन 97-97 स्कोर के साथ शीर्ष दो स्थानों पर हैं। शीर्ष छह फाइनल में पहुंचेंगे। पुरुषों की स्कीट में, शीराज और अनंतजीत दोनों ने भी चार राउंड के बाद 97 का स्कोर बनाया है और हालांकि अंतिम दिन वे 19वें और 21वें स्थान पर हैं, लेकिन वे भी गति से सिर्फ दो हिट पीछे हैं। चिली के हेक्टर एंड्रेस फ्लोरेस बाराहोना के नेतृत्व में पांच निशानेबाजों ने अब तक लीडरबोर्ड के शीर्ष पर 99 का स्कोर बनाया है। शीराज ने शनिवार को अपने दो परफेक्ट राउंड के बाद आज 22 और 25 राउंड शूट किए, जबकि अनंतजीत 25 और 24 राउंड के साथ और भी सटीक रहे। प्रतिस्पर्धा कर रहे अन्य भारतीयों में, अनुभवी मैराज अहमद खान ने पुरुषों की स्कीट में 20 और 24 राउंड के साथ कुल 90 अंक हासिल किए, जिससे वह 87वें स्थान पर रहे। महेश्वरी चौहान और रियाजा ढिल्लों ने महिलाओं की स्कीट में 20, 25 और 20, 22 राउंड के साथ क्रमशः 89 और 88 अंक हासिल किए और इस समय वे दौड़ से बाहर दिख रही हैं।

हिंदु कुश हिमालय की बर्फ पिघलने से 12 प्रमुख नदी घाटियों के जल प्रवाह का 23 प्रतिशत हिस्सा बनता

नई दिल्ली  हिंदु कुश हिमालय में इस वर्ष बर्फबारी में रिकॉर्ड स्तर की गिरावट के कारण निचले इलकों में रहने वाले लोगों को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है। एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आयी है। नेपाल स्थित अंतरसरकारी संगठन ‘अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केन्द्र’ (आईसीआईएमओडी) के प्रमुख विशेषज्ञों ने जल प्रबंधन अधिकारियों से सूखा प्रबंधन रणनीतियों और आपातकालीन जल आपूर्ति उपायों को शुरू करने का आग्रह किया है। हिंदु कुश हिमालय क्षेत्र पृथ्वी की सतह पर जमे पानी पर व्यापक रूप से निर्भर करता है, जिसमें बर्फ, पर्माफ्रॉस्ट (ऐसी सतह जो पूरी तरह से जमी हुई होती है), बर्फ के पहाड़, झील और नदियां शामिल हैं। हिंदु कुश हिमालय क्षेत्र में रहने वाले लगभग 24 करोड़ लोगों के लिए यह जमा हुआ पानी ताजे जल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और निचले इलाके में रहने वाले लगभग 165 करोड़ लोगों को इस जमे हुए जल से दूरगामी लाभ होता है। बर्फ पिघलने से हिंदु कुश हिमालय क्षेत्र से उत्पन्न होने वाली 12 प्रमुख नदी घाटियों के कुल जल प्रवाह का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा बनता है। हालांकि इसका योगदान नदी दर नदी अलग-अलग होता है। अमु दरिया के जल प्रवाह में 74 प्रतिशत, हेलमंद के जल प्रवाह में 77 प्रतिशत और सिंधु के जल प्रवाह में 40 प्रतिशत पानी बर्फ पिघलने से आता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ष पूरे क्षेत्र में बर्फबारी का स्तर सामान्य से लगभग पांचवे हिस्से से भी नीचे है। बर्फबारी में सबसे ज्यादा कमी पश्चिम में हुई है, जहां बर्फ पिघलने से जल आपूर्ति सबसे ज्यादा होती है।  जारी ‘स्नो अपडेट रिपोर्ट- 2024’ के मुताबिक, गंगा बेसिन में बर्फ का स्तर सामान्य से 17 प्रतिशत कम और ब्रह्मपुत्र बेसिन में सामान्य से 14.6 प्रतिशत कम रहा। वहीं हेलमंद नदी बेसिन में बर्फ के स्तर में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, जहां सामान्य से 31.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी। इससे पहले बर्फ की मौजूदगी का सबसे कम स्तर 2018 में रहा था, जब इसमें 42 प्रतिशत की कमी आई थी। सिंधु बेसिन में बर्फ की मौजूदगी सामान्य से 23.3 प्रतिशत नीचे आ गई है, जो 22 वर्षों में सबसे कम है। वर्ष 2018 में बर्फ की मौजूदगी का स्तर 9.4 प्रतिशत तक पहुंच गया था। मेकांग बेसिन में सामान्य से सबसे कम बदलाव देखने को मिला, जहां बर्फ की मौजूदगी सामान्य से लगभग एक प्रतिशत तक कम रही। आईसीआईएमओडी के विशेषज्ञ और रिपोर्ट के लेखक शेर मोहम्मद ने बताया, ”हमने हिंदु कुश हिमालय में बर्फ की मात्रा और मौजूदगी में कमी की प्रवृत्ति देखी है, जिसमें पिछले 22 वर्षों में से 13 वर्षों में मौसम के दौरान होने वाली बर्फबारी सामान्य से कम दर्ज की गयी।” उन्होंने कहा, ”यह शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरे का एक संकेत है। कम बर्फबारी और बर्फ की मौजूदगी के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण विशेष रूप से इस वर्ष पानी की कमी का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।”    

एआई ऐप ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में 200 में से 170 अंक प्राप्त किये

High Court's decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute

नई दिल्ली कृत्रिम बुद्धिमता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ऐप ‘पढ़ाई’ ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा-2024 का प्रश्नपत्र मात्र सात मिनट में हल करते हुए 200 में से 170 अंक प्राप्त किये। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘पढ़ाई’ द्वारा अर्जित अंक राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 10 स्थानों में शामिल हैं। इस ऐप को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के विद्यार्थियों की एक टीम ने तैयार किया है। दिल्ली के ‘द ललित होटल’ में शिक्षा जगत के अतिथियों, यूपीएससी से जुड़े लोगों और कई मीडिया पेशेवरों की मौजूदगी में रविवार को ऐप के जरिये प्रश्नपत्र को हल किया गया। यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा होने के बाद प्रश्नपत्र को एआई से हल करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। विज्ञप्ति के मुताबिक, पूरे प्रश्नपत्र को हल करने में सिर्फ सात मिनट लगे। विज्ञप्ति में बताया गया कि इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब और ऐप से जुड़ी एक वेबसाइट पर किया गया, जहां प्रश्न और उत्तर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध थे। ‘पढ़ाई’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिकेय मंगलम ने कहा, ”ये पिछले 10 वर्षों में यूपीएससी की परीक्षाओं में अर्जित सबसे ज्यादा अंक हैं। हमारा मानना है कि यह अपनी तरह का पहला आयोजन है लेकिन आने वाले कुछ वर्षों में इस तरह के आयोजन आम हो जाएंगे क्योंकि कई शैक्षणिक संस्थान एआई की मदद से जल्दी और सटीक रूप से प्रश्नपत्रों को हल करने की होड़ में लगे हुए हैं।”  

मंगलवार 18 जून 2024 का राशिफल

मेष राशि- घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है। जिससे पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। शैक्षिक कार्यों में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। आज परिजनों के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं। इसके अलावा पार्टनर के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करें। उनसे अपने इमोशन्स शेयर करें। इससे लव लाइफ में प्यार और रोमांस बरकरार रहेगा। वृषभ राशि- आज लंबे समय से रुके हुए कार्य सफल होंगे। नए बदलावों के लिए तैयार रहें। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें। शैक्षिक कार्यों में उतार-चढ़ाव आएंगे। आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बरकरार रहेगी। फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे। लव लाइफ में नए रोमांचक मोड़ आएंगे। मिथुन राशि- प्रोफेशनल लाइफ की बाधाएं दूर होंगी। लंबे समय से बकाया हुआ धन वापस मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। आज प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से मुक्ति मिलेगी। घर में धार्मिक कार्यों के आयोजन से खुशनुमा माहौल रहेगा। मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। बच्चों के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करें और पार्टनर की बातों को नजरअंदाज न करें। कर्क राशि- आज आपकी ऑफिस परफॉर्मेंस शानदार रहेगी। निवेश के नए अवसरों पर  नजर रखें। रोजाना योग और एक्सरसाइज करें। आज आप ट्रिप का प्लान बना सकते हैं। जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। पारिवारिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की करेंगे। आज प्रेमी के साथ डिनर का प्लान बना सकते हैं। इससे रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। सिंह राशि- प्रोफेशनल लाइफ की प्रॉब्लम्स को सुलझाने की कोशिश करें। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ टाइम स्पेंड करें। आज आप जिम की शुरुआत कर सकते हैं। इससे आपकी फिटनेस अच्छी रहेगी। इसके अलावा अपने फेवरेट हॉबी के लिए थोड़ा टाइम निकाल सकते हैं। विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। एग्जाम में अच्छे मार्क्स मिलेंगे। सिंगल जातकों की फैमिली फंक्शन के दौरान किसी दिलचस्प से मुलाकात हो सकती है। कन्या राशि- आज पार्टनर के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करें। उनसे अपने लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप गोल्स शेयर करें। विद्यार्थियों को आज प्रतिष्ठित संस्थान में एडमिशन मिल सकता है। सरकारी कर्मचारियों का प्रमोशन हो सकता है। ऑफिस के सभी टास्क को डेडलाइन से पहले कंपलीट करें। अपने फिटनेस पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। तुला राशि- आज आपका दिन बेहद शुभ रहने वाला है। व्यापार में धन लाभ होगा। उद्यमियों को बिजनेस में प्रॉफिट होगा। पारिवारिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। समय का सही सदुपयोग करें। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन बनाए रखें। कार्यों का ज्यादा स्ट्रेस न लें।फैमिली या फ्रेंड्स के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते हैं।  वृश्चिक राशि- आज आप सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। ऑफिस में किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिलेगी। निवेश से जुड़े फैसले बहुत सोच-समझकर लें। जल्दबाजी में धन खर्च करने से बचें। आज आप पार्टनर के साथ वेकेशन का प्लान बना सकते हैं। पारिवारिक जीवन में छोटी-मोटी दिक्कतें रहेंगी। धैर्य बनाए रखें और परिजनों से व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। धनु राशि- जीवन में ऊर्जा और उत्साह की कमी नहीं रहेगी। ऑफिस में नेटवर्किंग बढ़ेगी। सहकर्मियों के साथ रिश्ते अच्छे होंगे। टीम वर्क से सभी कार्य आसानी से सफल होंगे। आज आपको नए प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिल सकता है। वैवाहिक जीवन में खुशनुमा माहौल रहेगा। सिंगल जातक की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है। मकर राशि- विद्यार्थियों को शुभ समाचार मिलेंगे। ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहेगी। प्रोफेशनल लाइफ में बड़े बदलाव होंगे। लोग आपके कार्यों की प्रशंसा करेंगे। आज पैतृक संपत्ति से धन लाभ होगा। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से मुक्ति मिलेगी। अपने हेल्थ पर ध्यान दें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे आप स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। करियर में भी नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। कुंभ राशि- प्रोफेशनल लाइफ में उच्चाधिकारियों का सपोर्ट मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में बड़ी सफलता मिलेगी। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पुराने दोस्तों से मुलाकात संभव है। ऑफिस में नेटवर्किंग बढ़ेगी। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन संभव है। पारिवारिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। जीवन में खुशियां ही खुशियां आएंगी। मीन राशि- आज आपका दिन शुभ रहेगा। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा। प्रोफेशनल लाइप में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। ऑफिस में प्रमोशन या अप्रेजल के चांसेस बढ़ेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बरकरार रहेगी। यात्रा के योग बनेंगे। अपने हेल्थ पर ध्यान दें। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए खूब मेहनत करना चाहिए। आज आपके सभी प्रयास सफल होंगे। नौकरी-कारोबार में तरक्की के कई अवसर मिलेंगे।

भारतीय बैंकों के मुनाफे में पिछले 10 वर्षों में 4 गुना का इजाफा हुआ

 नई दिल्ली भारतीय बैंकों के मुनाफे में पिछले 10 वर्षों में 4 गुना का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही खराब लोन की संख्या में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ये जानकारी इन्वेस्टमेंट ग्रुप सीएलएसए की रिपोर्ट में दी गई है।रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले एक दशक में भारतीय बैंक की बैलेंस शीट काफी मजबूत हुई है और मुनाफा चार गुना तक बढ़ गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि नॉन-परफॉर्मिंग लोन (नेट एनपीएल), जो पहले भारतीय बैंकिंग सेक्टर पर एक बड़ा बोझ था, यह बीते एक दशक में काफी नीचे चला गया है। इससे एसेट्स क्वालिटी में काफी सुधार हुआ है और बैंकों की कैपिटल पॉजिशन भी काफी अच्छी हो गई है। डिपॉजिट वृद्धि दर लोन वृद्धि दर जितनी ही होनी चाहिए। यह वित्त वर्ष 2012-22 के दौरान पिछले दो वर्षों में यह औसतन 10 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया कि बीते पांच वर्षों में सरकारी बैंकों ने निजी बैंकों की अपेक्षा काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, पिछले एक दशक में चालू खाते के मामलों में निजी बैंकों ने सरकारी बैंकों को पछाड़ दिया है और गैर-जमा उधार में भी कमी आई है। सीएलएसए रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले दो वर्षों में सभी सब-सेगमेंट और संभवतः कॉरपोरेट बॉन्ड प्रतिस्थापन से कुछ बदलावों के कारण सेक्टर में लोन वृद्धि दर अपने दशकीय औसत 10 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई है। लंबे समय से लोन वृद्धि दर और डिपॉजिट वृद्धि दर में तालमेल बना रहा है। पिछले 5 से 7 वर्षों में कॉरपोरेट क्रेडिट की क्वालिटी में सुधार हुआ है। बैंकिंग सेक्टर को ₹3 लाख करोड़ का मुनाफा वित्त वर्ष 2023-24 में देश के बैंकिंग क्षेत्र ने ₹3 लाख करोड़ से अधिक का मुनाफा कमाया है। इस दौरान निजी और सरकारी, दोनों ही बैंकों का मुनाफा बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023 में देश के बैंकिंग क्षेत्र के मुनाफे 39% की वृद्धि देखी गई है। पीएम मोदी ने बैंकिंग क्षेत्र की इस उपलब्धि को सराहा है।  एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के सरकारी क्षेत्र के बैंक ने वित्त वर्ष 2023-24 में ₹1.4 लाख करोड़ का मुनाफा कमा चुके है। यह वित्त वर्ष 2022-23 से 34% अधिक है। इन बैंकों ने 2022-23 के दौरान ₹1.04 लाख करोड़ का मुनाफ़ा कमाया था। ऐसा दूसरी बार हो रहा है, जब सभी सरकारी बैंक का मुनाफा ₹1 लाख करोड़ के पार गया हो। सरकारी बैकों के अलावा निजी क्षेत्र के बैंकों को भी खूब मुनाफा हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि 2023-24 में देश के निजी बैंकों को ₹1.7 लाख करोड़ का मुनाफा हुआ। इनके मुनाफे में सरकारी बैंकों से अधिक वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इनका मुनाफा ₹1.2 लाख करोड़ था। मुनाफे की इन खबरों के बीच सबसे बड़ी उपलब्धि सरकारी बैकों के हिस्से में ही है। सरकारी बैंकों ने भारी घाटे से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के मुनाफे का सफ़र तय किया है। पिछले समय से तुलना की जाए तो सरकारी बैंक लगातार घाटे में जा रहे थे और उन्हें अपना कामकाज चलाने के लिए हर साल केंद्र सकरार मदद करती थी। अब यह मामला पूरी तरह बदल चुका है। सरकारी बैकों ने वित्त वर्ष 2017-18 में ₹85,000 करोड़ से अधिक का घाटा झेला था। इसके बाद शुरू हुई प्रक्रिया के कारण बैकों को अब मुनाफा होने लगा है। मोदी सरकार में बैंकों के बुरे कर्जों को निपटाने, नए कर्जे सोच समझ कर देने और बैंकों के एकीकरण के कारण यह मुनाफा हुआ है। दूसरी तरफ निजी क्षेत्र के बैंक भी आगे बढ़ रहे हैं। देश में बढती आर्थिक गतिविधि और लगातार बढ़ते उद्योग धन्धों के कारण निजी क्षेत्र के बैंकों का कारोबार बढ़ रहा है। ऐसे में उनके कर्ज पोर्टफोलियो भी बढ़ रहे हैं, बिना सरकारी दबाव के कारण वह अब कर्जदारों की जाँच करके लोन दे रहे हैं। इससे उनका भी लाभ बढ़ा है।

टीम के हेड कोच के रूप में गौतम गंभीर की नियुक्ति पक्की, BCCI ने मानी सभी शर्तें

नई दिल्ली  भारतीय मेंस क्रिकेट टीम के हेड कोच के रूप में पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर की नियुक्ति लगभग पक्की हो गई है। वर्तमान कोच राहुल द्रविड़ का अनुबंध मौजूदा टी-20 विश्व कप के बाद खत्म हो जाएगा। ऐसे में पूरी संभावना है कि जून के आखिरी हफ्ते में बीसीसीआई गंभीर की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा कर देगा। मीडिया सूत्रों की माने तो गौतम गंभीर अपनी शर्तों पर हेड कोच बनने के लिए तैयार हुए हैं। उन्होंने बीसीसीआई के सामने कुछ डिमांड रखी, जिसे बोर्ड ने स्वीकार किया उसके बाद ही 2007 और 2011 वर्ल्ड कप चैंपियन प्लेयर ने हामी भरी। गौतम गंभीर की 5 शर्त     टीम इंडिया पर चाहिए पूरा कंट्रोल     सपोर्ट कोचिंग स्टाफ चुनने की आजादी     CT25 सीनियर प्लेयर्स का आखिरी मौका     टेस्ट की टीम इंडिया पूरी तरह अलग     2027 वर्ल्ड कप के लिए रोडमैप तैयार गौतम गंभीर की पांच शर्त गंभीर की एंट्री से इन 4 प्लेयर्स की छुट्टी 42 वर्षीय गौतम गंभीर की देखरेख, मेंटॉरशिप में ही कोलकाता नाइटराइडर्स 10 साल का सूखा खत्म करने में कामयाब रहा था और 2014 के बाद पहली बार और कुल तीसरी बार आईपीएल ट्रॉफी जीती थी। अब जब गौतम गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच बनने जा रहे हैं तो इतना तय है कि टीम में बड़े बदलाव होंगे। आक्रामक रवैये वाले दिल्ली के इस पूर्व खिलाड़ी के आने के बाद इन चार खिलाड़ियों की छुट्टी तय है। विराट कोहली- तीनों फॉर्मट में रनों का अंबार लगा चुके विराट कोहली भारत के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शुमार हैं। 2008 में अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत करने वाले विराट ने भारत को कई मैच जिताए हैं। गौतम गंभीर का मानना है कि अब विराट को सिर्फ टेस्ट और वनडे फॉर्मेट पर ही फोकस करना चाहिए। टी-20 में नए खिलाड़ियों को मौका मिलने की जरूरत है। रोहित शर्मा- मौजूदा भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भारत के लिए 2007 में डेब्यू किया था। विराट की कप्तानी छोड़ने के बाद उन्हें कैप्टन बनाया गया। फिलहाल वह तीनों फॉर्मेट में भारत की अगुवाई कर रहे हैं। वैसे भी बीते कई साल से टी-20 फॉर्मेट में हिटमैन का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। ऐसे में आप देखेंगे कि गंभीर के आने से शायद रोहित शर्मा अब तीनों फॉर्मेट नहीं खेल पाए। रविंद्र जडेजा- बीते कई साल से रविंद्र जडेजा वाइट बॉल फॉर्मेट में भारतीय टीम में बिना प्रदर्शन के ही सिलेक्ट होते जा रहे हैं। 2022 टी-20 विश्व कप, 2023 वनडे विश्व कप, मौजूदा टी-20 विश्व कप पिछले हर बड़े टूर्नामेंट में जड्डू ने निराश किया है। बाएं हाथ का यह स्पिन ऑलराउंडर सिर्फ टेस्ट ही खेलने के लायक है और वो भी स्वदेशी पिच पर। ऐसे में गौतम गंभीर के कार्यकाल में फ्लॉप हो रहे जडेजा का करियर खत्म हो सकता है। मोहम्मद शमी- आखिरी नाम अमरोहा एक्सप्रेस मोहम्मद शमी का है। भारतीय तेज गेंदबाज के लिए गौतम गंभीर के पास स्पष्ट प्लान है। गंभीर शमी को टेस्ट में लगातार खिलाना चाहते हैं। साथ ही 2027 वनडे विश्व कप भी उनके रडार में है। ऐसे में अब वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते शायद मोहम्मद शमी आपको अब टी-20 टीम से बाहर होते दिख सकते हैं।

यूपी में 90 फीसदी हैं पसमांदा मुस्लिम, BJP की योजनाओं के बावजूद नहीं दिया साथ

लखनऊ लोकसभा में उत्तर प्रदेश की 33 सीटों पर सिमटने ने एनडीए की जीत का स्वाद फीका कर दिया। पीएम नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठ तो गए लेकिन अकेले दम पर बहुमत हासिल करने के भाजपा का सपना अधूरा रह गया। अब पार्टी की तरफ से समीक्षा और पड़ताल शुरू कर दी गई है। जो एक वर्ग भाजपा के साथ नहीं आया, उसमें पसमांदा मुसलमान प्रमुख हैं। बीते कुछ साल से भाजपा मिशन मोड पर इस समुदाय को आकर्षित करने के लिए काम कर रही थी लेकिन एक प्रतिशत तबके ने ही समर्थन किया। आखिर पसमांदा मुस्लिमों ने साथ क्यों नहीं दिया, यह बड़ा सवाल है। पसमांदा का मतलब भी समझिए पसमांदा एक फारसी शब्द है, जो पस और मांदा से मिलकर बना है। पस का अर्थ- पीछे होता है और मांदा का अर्थ- छूट जाना होता है। जिसके मायने हैं- काफ़िले या जत्थे का वह व्यक्ति जो यात्रा करते समय पीछे रह गया हो। ऐसे में मुस्लिमों में सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े तबके को पसमांदा कहा जाता है। उत्तर प्रदेश में पसमांदा मुस्लिमों की तादाद 80 से 90 प्रतिशत तक मानी जाती है। बाकी के उच्च वर्ग के मुसलमान हैं। कौन होते हैं पसमांदा मुस्लिम? इसमें मोटे तौर पर ओबीसी और पिछड़ी वंचित जातियां शामिल होती हैं। धोबी, अंसारी, बुनकर, नाई, रंगरेज, धुनिया, फकीर, गुजर, राइन आदि-आदि। मुस्लिमों के अजलाफ और अरज़ाल वर्ग का समुदाय इसमें आता है। भाजपा की तरफ से इन पसमांदा लाभार्थियों तक पहुंच बनाने का प्रयास चल रहा है। भाजपा ने यूपी के पिछले विधानसभा चुनाव में इस रणनीति को अपनाने की कोशिश की। इसके बाद स्थानीय निकाय और अब लोकसभा में भी दांव चला गया। BJP का फोकस पसमांदा जुलाई 2022 में हैदराबाद में हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पसमांदा मुसलमानों में भी पैठ बनाने की कोशिश पर जोर देने पर बात हुई। खुद पीएम मोदी ने कई बार मंच से मुस्लिमों के इस वर्ग को लेकर बयान दिया। उन्होंने इस बार 22 अप्रैल को अलीगढ़ में संबोधन करते हुए जोर देकर कहा कि सपा और कांग्रेस जैसे दलों ने मुस्लिमों के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए कुछ नहीं किया। पूर्वांचल का पसमांदा गढ़ प्रधानमंत्री आवास योजना और राशन कार्ड सहित तमाम योजनाओं का फायदा लाखों की तादाद में पसमांदा मुस्लिमों को मिला। बुनकर समुदाय के लिए भी विशेष लाभकारी योजनाएं लाई गईं। लेकिन बीजेपी को इसका फायदा नहीं मिला। पूर्वांचल में गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ के इलाके पसमांदा मुस्लिमों के गढ़ माने जाते हैं। लेकिन यहां एकतरफा वोट सपा-कांग्रेस गठबंधन को पड़े। घोसी लोकसभा में सबसे अधिक पसमांदा मुस्लिम हैं लेकिन यहां सपा प्रत्याशी राजीव राय ने जीत हासिल की। पश्चिम में हल्का-फुल्का समर्थन पश्चिमी यूपी में पसमांदा मुसलमान कुछ संख्या में भाजपा की तरफ जरूर आए लेकिन कैराना, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर में यह संख्या नाकाफी रही। कई जगहों पर तो समुदाय के कुल वोट का एक फीसदी भी भाजपा को नहीं मिला। बूथ लेवल पर हुए विश्लेषण में पसमांदा मुस्लिम बहुल इलाकों में 10 फीसदी वोट हासिल हुए। इससे अधिक वोट तो उच्च वर्ग के मुस्लिमों, जैसे- मुस्लिम राजपूत, जाट, त्यागी, अशराफ, पठान और तुर्क समुदाय से हासिल हुए। मंत्री और MLC भी बनाए गए 2022 के विधानसभा चुनाव में 8 प्रतिशत पसमांदा मुस्लिमों ने भाजपा का साथ दिया था। इसके बाद योगी सरकार में दानिश आजाद अंसारी को मंत्री बनाकर भगवा दल ने एक नया दांव चला। इसके साथ ही अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तारिक मंसूर को विधान परिषद भेजा। दोनों ही पसमांदा समुदाय से आते हैं। भाजपा यूपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने कहा कि तमाम प्रयास और योजनाओं के बावजूद आखिर क्यों साथ नहीं मिला, इसके कारण तलाशे जा रहे हैं।  

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की नई थ्योरी सामने आई- इसमें कहा गया है कि संभवतः एलियन हमारे बीच रह रहे हैं

वॉशिंगटन  हमारा ब्रह्मांड बेहद विशाल है। इंसानों के मन में हमेशा से सवाल रहा है कि क्या सिर्फ पृथ्वी पर ही जीवन है, या दूसरे ग्रहों पर भी जीवन है। इसे लेकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन ने हम सभी को हैरान कर दिया है। इसमें कहा गया है कि संभव है कि एलियन मनुष्यों के साथ गुप्त रूप से रह रहे हैं। सुनने में ये किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लग सकता है। शोधकर्ताओं ने साफ कहा है कि उनका पेपर एक निश्चित दावे की जगह एक विचार प्रयोग के रूप में है। दशकों से एलियन की खोज में वैज्ञानिक लगे हुए हैं। लेकिन अभी भी इसका सही जवाब नहीं मिल पाया है। पेपर के मूल में अनुमान लगाया गया है कि यूएफओ का देखा जाना, उन एलियन से जुड़ा हो सकता है जिन्होंने हमारे ग्रह पर खुद को छिपाने की कला में महारत हासिल कर ली है। वह हो सकता है हमारे बीच में घूम रहे हों। शोधकर्ताओं के मुताबिक ये जीव आपस में घुलने मिलने के लिए इंसानों का भेष धारण कर सकते हैं। हो सकता है कि ये पृथ्वी के भविष्य से आए हों या बुद्धिमान डायनासोर के वंशज हों। शोध में इस बात की संभावना जताई गई है कि एलियन अंडर ग्राउंड या फिर हमारे चंद्रमा पर रहे होंगे। दोस्तों से मिलने आते हैं एलियन! हार्वर्ड विश्वविद्यालय के मानव उत्कर्ष प्रोग्राम ने आगे कहा कि यूएफओ विदेशी अंतरिक्ष यान हो सकते हैं जो पृथ्वी पर रहने वाले अपने मित्रों से मिलने आते हैं। इस स्टडी का उद्देश्य यूएफओ देखे जाने से जुड़ा एक वैकल्पिक अपरंपरागत स्पष्टीकरण प्रदान करना था। इसने ऐसी थ्योरी बताई, जो संभवतः इनसे जुड़ी हो सकती है। शोधकर्ताओं ने पेपर में क्रिप्टोटेरेस्ट्रियल शब्द का इस्तेमाल किया है। इसका मतलब ऐसे काल्पनिक जीवों से होता है, जो इंसानों के बीच रहते हैं, लेकिन उनका किसी को पता नहीं होता। एलियन से जुड़ी चार थ्योरी आई सामने     पहले सिद्धांत का मानना है कि अत्यधिक उन्नत प्राचीन मानव सभ्यता, जो बाढ़ जैसी विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं से काफी हद तक नष्ट हो गई थी वह अभी भी किसी रूप में मौजूद हो सकती है।     दूसरे विचार के हिसाब से एक गैर मानव समाज संभवतः जमीन के नीचे रहता है और संभवतः स्थलीय प्राणियों से विकसित हुआ है। ये प्राणी बुद्धिमान डायनासोर या वानरों जैसे दिखने वाले होमिनिड के वंशज हो सकते हैं।     तीसरे विचार के मुताबिक एलियन चंद्रमा या किसी और ग्रह पर विकसित हुए और वहां से धरती पर आ गए। ये प्राणी मानव समाज में रहते हुए लोगों की नजरों से छिपे रह सकते हैं।     चौथी थ्योरी के मुताबिक ये प्राणी पृथ्वी पर रहने वाले स्वर्गदूतों से मिलते जुलते हैं, जिनका मनुष्यों से तकनीक की जगह जादुई संबंध है। जैसे परियों या बौनों की कहानियों में सुना होगा।

उम्र कैद की सजा, 10 करोड़ का जुर्माना, बुलडोजर एक्शन… योगी ला रहे पेपर लीक रोकने का तगड़ा कानून

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पेपर लीक मामलों ने लगातार सरकार की परेशानी बढ़ाई है। युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ और इससे उनमें पनपते आक्रोश को देखते हुए सरकार का ध्यान इस गंभीर चिंता पर गया है। इस समस्या को दूर करने के लिए योगी सरकार अब कड़े कानून लाने जा रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर युवाओं से कहा है कि यूपी में होने वाली भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए जल्द ही नया कानून लाने जा रहे हैं। किसी भी कीमत पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे। दरअसल, यूपी में लोकसभा चुनाव से पहले हुए सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला खासा गरमाया था। अब सीएम योगी ने कहा है कि युवाओं के खिलाफ काम करने वाले नकल माफियाओं पर सख्त कार्रवाई होगी। अगर वे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे तो हम भी उनके साथ कोई नरमी नहीं बरतेंगे। गृह और न्याय एवं कानून विभाग को भी संभालने वाले सीएम योगी ने साफ कर दिया है कि नकल रोधी कानून का प्रारूप तैयार हो रहा है। यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में करीब 40 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। पेपर लीक केस ने विपक्ष को एक मौका दे दिया। सरकार को घेर लिया गया। भाजपा की लोकसभा चुनाव में यूपी में करारी हार के बाद समीक्षा बैठक में युवाओं की नाराजगी का मुद्दा सामने आया है। पेपर लीक से होने वाले प्रभाव का भी चुनावी रिजल्ट पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। लगातार पेपर लीक मामलों से युवाओं में नाराजगी बढ़ी थी। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पेपर लीक मामलों में नया और सख्त कानून बनाने का ऐलान कर युवाओं के मन में भरोसा बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी है। इसी क्रम में नकल रोधी कानून को अब अमली जामा पहनाए जाने की तैयारी है। कानून के मसौदे में क्या-क्या? सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से घोषणा के बाद माना जा रहा था कि न्याय एवं विधि विभाग और गृह विभाग मिलकर नकल रोधी कानून का मसौदा तैयार करेंगे। कानून का मसौदा तैयार किए जाने के बाद इसे सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा जाएगा। अब खबर है कि मसौदा बनकर लगभग तैयार है। सीएम योगी स्वयं इस संबंध में साफ कर चुके हैं। नकल रोधी कानून तैयार करते समय अन्य राज्यों के कानून की भी समीक्षा की गई। उम्मीद की जा रही है कि उत्तर प्रदेश का नकल रोधी कानून अन्य राज्यों से काफी कड़ा होगा। अगर यूपी सरकार राजस्थान मॉडल को अपनाती है तो यूपी में तैयार किए जा रहे कानून में पेपर लीक के आरोपियों को उम्र कैद की सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माना का दंड लागू किया जा सकता है। नकल माफियाओं पर गैंगस्टर जैसे एक्ट लगाए जा सकते हैं। नकल रोधी कानून अगर गैंगस्टर के दायारे में आए तो नकल माफियाओं की संपत्ति पर बुलडोजर भी चल सकता है। आर्थिक नुकसान की भरपाई उनकी संपत्तियों को जब्त कर की जा सकती है। वैसे सीएम योगी आदित्यनाथ ने पेपर लीक को रोकने के लिए तत्काल अधिकारियों को कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण पर सतर्कता सीएम योगी आदित्यनाथ ने नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि चयन परीक्षाओं के लिए राजकीय माध्यमिक स्कूल, डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों के परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा स्वच्छ रिकॉर्ड वाले वित्तपोषित शैक्षिक संस्थानों में ही केंद्र बनाने का निर्देश दिया गया है। सीएम ने साफ कहा है कि परीक्षा केंद्र वहीं बने, जहां सीसीटीवी की व्यवस्था हो। परीक्षा केंद्र शहरी क्षेत्र में बनाए जाएं। परीक्षा केंद्रों में महिलाओं और दिव्यांगों की सहूलियत का विशेष ध्यान रखा जाए। ऐडेड कॉलेज में केंद्र बनाए जाने की स्थिति में साफ किया गया है कि इनके प्रबंधक परीक्षा व्यवस्था में कहीं भी शामिल न हों। कमजोर है नकल रोधी कानून यूपी में अभी लागू नकल रोधी कानून काफी कमजोर है। इसके तहत आरोपी को आसानी से जमानत मिल जाती है। यूपी में वर्ष 1998 में बने नकल रोधी कानून के तहत कार्रवाई होती है। इसमें 1 से 7 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने तक का प्रावधान है। दरअसल, यूपी में पिछले 7 साल में हुई 8 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। सबसे पहले योगी सरकार में पेपर लीक का मामला 2017 में आया था। यूपी एसआई भर्ती परीक्षा 25- 26 जुलाई 2017 को हुई थी। 3307 पदों के लिए निकली वैकेंसी में करीब 1 लाख 20 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इस परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। वहीं, 2018 में यूपीपीसीएल की ओर हुई जेई भर्ती परीक्षा, नलकूप ऑपरेटर भर्ती परीक्षा और आरओ- एआरओ भर्ती परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ। वहीं, यूपीएसएसएससी की जुलाई 2018 में हुई 14 विभागों की वैकेंसी का पेपर भी लीक हो गया था। इसमें 67 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। वहीं, 17-18 फरवरी 2024 को हुई यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा का भी पेपर लीक हुआ। 60,244 पदों के लिए आई वैकेंसी में 40 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनके अलावा यूपीएसएसएससी पीईटी और यूपीटेट के पेपर भी लीक हुए। इन पेपर लीक के कारण सरकार की छवि पर प्रभाव पड़ा है। केंद्र भी बना रहा है कानून केंद्र सरकार की ओर से पेपर लीक और नकल पर लगाम लगाने के लिए 5 फरवरी को लोकसभा में एक विधेयक पेश किया गया। इसमें परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों को कम से कम 3 साल और अधिकतम 10 साल की जेल की सजा और एक करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान। है यह बिल लोकसभा से पास हो चुका है। राज्यसभा में इसे पेश किए जाने की तैयारी है। इसके बाद राष्ट्रपति के पास इसे भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून का रूप लेगा। भर्ती प्रक्रिया बनाई जाएगी पारदर्शी सीएम योगी ने साफ किया है कि भर्ती प्रक्रिया में व्यापक बदलाव करते हुए पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाएगा। भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की आशंका हर स्तर पर खत्म की जाएगी। यह युवाओं के भविष्य का मामला है। … Read more

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