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छत्तीसगढ़-मनेन्द्रगढ़ में अतिक्रमणकारियों के घरों पर चला बुलडोजर

मनेन्द्रगढ़. जिला एमसीबी के अंतर्गत आने वाले वन मंडल मनेंद्रगढ़ के मनेंद्रगढ़ वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 704 के वन भूमि पर अवैध कब्जाधारियों के घरों को खाली करने के लिए पीओआर के साथ नोटिस भी जारी किया गया था। वन भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बनाए जाने को लेकर आज वन विभाग बड़ी कार्यवाही करते हुए अवैध कब्जाधारियों के अतिक्रमण कर घर बनाए बना कर रह रहे थे जिन पर वन विभाग अमला बड़ी कार्यवाही करते हुए वन भूमि पर अवैध तरीके से बने मकान पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। 30 से 40 मकान पर बुलडोजर चलते हुए पूरे घर को गिरा दिया गया जिस पर वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि वन भूमि पर गलत तरीके से अवैध कब्जा कर मकान बनाने का काम चल रहा था कई बार समझाइए देने के साथ नोटिस भी दिया गया वन विभाग की उच्च अधिकारियों की दिशा निर्देश पालन करते हुए वन भूमि पर अवैध तरीके से कब्जाधारियों के मकान पर बुलडोजर चलते हुए जमीन को खाली कराया गया इस कार्य में वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस भी मौजूद रही। आपको बता दें कि वन परिक्षेत्र मनेंद्रगढ़ के कक्ष क्रमांक 704 वनभूमि पर लोगों के द्वारा अवैध कब्जा कर मकान बनाया जा रहा था जी को लेकर वन विभाग प्रशासन हरकत में आया और पुलिस विभाग के सहयोग साथ ही बड़ी संख्या में वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर उपस्थित होकर अवैध तरीके से वन भूमि पर कब्जाधारियों के मकान पर बुलडोजर चलते हुए वन भूमि को खाली कराया गया। वहीं दूसरी ओर कब्जाधारियों ने भी मीडिया के सामने अपने दुख तकलीफों को रखते हुए कहा कि हम लोग 2 से 3 सालों से यहां पर रह रहे हैं और आज हम लोग को यहां से हटा दिया जा रहा है साथ ही वन भूमि पर और भी कई लोग सालों से कब्जा करके घर बनाकर रह रहे हैं उनको नहीं हटाया जा रहा है और हम लोग न्याय के लिए कलेक्टर के पास जाएंगे अब देखने वाली बात होगी कि वनभूमि पर अवैध कब्जे को लेकर आगे किस प्रकार से कार्यवाही होती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

ओडिशा में CM के अलावा मुख्यमंत्री आवास की भी चल रही खोज, भाजपा नहीं कर पारही तय

भुवनेश्वर नई दिल्ली ओडिशा विधान सभा चुनाव के नतीजे आए हुए एक हफ्ते हो चुके हैं लेकिन अभी तक भाजपा यह तय नहीं कर सकी है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। हालिया चुनावों में भाजपा को सरकार बनाने का जनादेश मिला है और तब से ही कयासों का दौर जारी है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव को पर्यवेक्षक बनाकर भुवनेश्वर भेजा है। आज (मंगलवार) शाम ओडिशा भाजपा विधायक दल की बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि देर शाम तक यह साफ हो जाएगा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। राज्य में  नए मुख्यमंत्री की खोज के साथ-साथ दूसरी तरफ राज्य के अधिकारी नया मुख्यमंत्री आवास ढूंढ़ने में परेशान हैं क्योंकि पिछले 24 साल से नवीन पटनायक वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे और अपने घर ‘नवीन निवास’ को ही आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री का आवास बना दिया था। बता दें कि साल 2000 में नवीन पटनायक ने ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उसके बाद उन्होंने सरकार द्वारा आवंटित सीएम आवास में शिफ्ट होने की बजाय अपने घर से ही काम करने का विकल्प चुना था। पटनायक के इस फैसले की तब काफी सराहना की गई थी और इसे एक मिसाल के तौर पर लिया गया था। नवीन पटनायक के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक ने नवीन निवास नाम की भव्य हवेली बनवाई थी। नवीन पटनायक पिछले 24 साल से इसी हवेली से राज्य का बागडोर संभाल रहे थे। वह सबसे लंबी अवधि तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाने से एक महीने पहले ही चुनावों में भाजपा से हार गए थे। हालिया चुनावों में 147 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा को 78 सीटों पर जीत के साथ ही बहुमत मिला है।  राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) तथा जम्मू कश्मीर के पूर्व उप राज्यपाल गिरीश मुर्मू का भी नाम सीएम पद की दौड़ में शामिल है। जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब मुर्मू उनके प्रधान सचिव रहे थे। कई पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा नेतृत्व मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की तरह किसी नए नाम को प्रस्तुत कर सभी को चौंका सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 12 जून को शाम पांच बजे आयोजित किया जा सकता है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को अपराह्न ढाई बजे भुवनेश्वर पहुंच सकते हैं और हवाई अड्डे से राजभवन जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार बाद में वह शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए जनता मैदान पहुंचेंगे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रस्तावित स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।  

सोशल मीडिया पर हो रहा प्रेमानंद का वीडियो, प्रदीप मिश्रा को लिया आड़े हाथ

सीहोर मध्यप्रदेश में सीहोर जिले वाले पंडित यानी प्रदीप मिश्रा का कहना है कि बरसाना राधा जी का मायका नहीं है। राधा रावल गांव की थीं और उनकी शादी छाता में हुई थी। राधा के पिता जी की कचहरी थी। यानी राधा जी के पिता वहां पर कोर्ट लगाते थे। मिश्रा ने यह भी कहा, बरसाने का मतलब है कि बरस यानी साल में एक बार आना। मतबल राधा के पिता साल में एक बार यहां आते थे।   बता दें कि इस बात पर प्रेमानंद महाराज ने प्रदीप मिश्रा को आड़े हाथ ले लिया। उनका कहना है कि प्रदीप मिश्रा को कुछ अता-पता नहीं है। प्रदीप मिश्रा ने राधा को समझा ही नहीं है। प्रेमानंद इस मुद्दे पर वायरल वीडियो में प्रदीप मिश्रा के लिए खड़ी भाषा का उपयोग करते हुए सुने जा सकते हैं।   बता दें कि पंडित प्रदीप मिश्रा एक प्रसिद्ध कथावाचक गायक और आध्यात्मिक गुरु हैं। कथावचक पंडित मिश्रा की कथाओं को देश-दुनिया के लोग सुनते हैं। प्रदीप मिश्रा के ज्यादातर प्रवचन कथा शिव पुराण से संबंधित होती हैं और पंडित मिश्रा ने कथा वाचन भी शिव पुराण से ही शुरू किया था। वहीं, राधारानी के परम भक्त और वृंदावन वाले प्रेमानंद जी महाराज को भला कौन नहीं जानता है। वे आज के समय के प्रसिद्ध संत हैं। यही कारण है कि उनके भजन और सत्संग में दूर-दूर से लोग आते हैं। प्रेमांनद जी महाराज की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई है। कहा जाता है कि भोलेनाथ ने स्वयं प्रेमानंद जी महाराज को दर्शन दिए। इसके बाद वे घर का त्याग कर वृंदावन आ गए। प्रेमानंद जी महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। प्रेमानंद जी के बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे है। इनके पिता का नाम शंभू पांडे और माता का नाम रामा देवी है। सबसे पहले प्रेमानंद जी के दादाजी ने संन्यास ग्रहण किया। साथ ही इनके पिताजी भी भगवान की भक्ति करते थे और इनके बड़े भाई भी प्रतिदिन भगवत का पाठ किया करते थे।

तृणमूल कांग्रेस सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 4% की बढ़ोतरी की गई

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 4% की बढ़ोतरी की गई है। इसे लेकर सरकारी अधिसूचना मंगलवार को जारी हुई। इसमें बताया गया कि यह आदेश 1 अप्रैल 2024 से लागू होगा। नोटिफिकेशन में कहा गया, ‘महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दर में वृद्धि और वित्त विभाग के ज्ञापन संख्या 1090-एफ(पी2) दिनांक 01/03/2024 के अनुसार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए दैनिक मजदूरी दर 01/05/2024 के स्थान पर 01/04/2024 से लागू होगी। राज्यपाल ने फैसले को मंजूरी दी है। राज्य सरकार और सरकारी सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थाओं, सांविधिक निकायों, सरकारी उपक्रमों, पंचायतों (पंचायत कर्मी सहित), नगर निगमों/नगर पालिकाओं, स्थानीय निकायों आदि के कर्मचारियों और पेंशनरों/परिवार पेंशनरों को इसका लाभ मिलेगा।’ दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पंजाब में प्रदर्शनकारी किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी दिए जाने का मुद्दा संसद के आगामी सत्र में उठाएगी। टीएमसी के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से पंजाब के खनौरी सीमा पर किसानों से मुलाकात के बाद यह आश्वासन दिया गया। बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि TMC हमेशा किसानों के न्याय के लिए खड़ी रहेगी। MSP को लेकर टीएमसी का बड़ा बयान प्रतिनिधिमंडल में टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन, मोहम्मद नदीमुल हक, डोला सेन, सागरिका घोष और साकेत गोखले शामिल थे। ये सभी राज्यसभा सदस्य हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से फोन पर बातचीत की। बनर्जी ने उन्हें बताया कि आगामी संसद सत्र के दौरान उनकी पार्टी के सांसद फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी देने वाले कानून का मुद्दा उठाएंगे। सागरिका घोष ने किसानों से मुलाकात के बाद पोस्ट किया, ‘हमारी नेता ममता बनर्जी ने किसान नेताओं से फोन के माध्यम से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि हमारी पार्टी हमेशा किसानों के न्याय के लिए खड़ी रहेगी। जय हिंद। जय किसान।’

अस्पताल में एक युवक की उपचार की दौरान मौत, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप

धार शहर के श्री श्याम अस्पताल में एक युवक की उपचार की दौरान मौत हो गई। रात को ही मृतक के स्वजजनों ने डॉक्टर व चिकित्सालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए चिकित्सालय के सामने ही रात्रि में विरोध प्रदर्शन किया घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पहुंचे और मृतक के स्वजनों को समझाइश देने के बाद मामला शांत करवाया। मृतक का शव पीएम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। यहां पीएम के बाद शव को स्वजन को सुपुर्द कर दिया गया। मामले को लेकर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ कर दी है। वहीं इस मामले में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ अब जांच होंगी। इतना ही नहीं इस जांच के दायरे में सरकारी डॉक्टर भी आएंगे जो यहां आकर सेवा दे रहे थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक नगर के मांडू नाका स्थित श्री श्याम अस्पताल में धरमपुरी तहसील के ग्राम पंधनिया से अमर सिंह पुत्र अंबाराम अपने स्वजनों के साथ आठ जून को पथरी के इलाज के लिए भर्ती हुआ था। 10 जून को दोपहर में अमर सिंह का ऑपरेशन डॉक्टर संजय राठौड़ ने किया। ऑपरेशन होने के बाद उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद डॉक्टर ने कहा था कि उसका उपचार जारी है, किंतु मरीज को रात 9 बजे तक होश नहीं आया। इसके बाद अमर सिंह की सांसे लंबी-लंबी चलने लगी। इस पर स्वजन घबराने लगे और तुरंत ही डॉक्टर को जानकारी दी गई। इसके बाद युवक की मौत हो गई। स्वजनों ने अस्पताल के सामने ही जमकर विरोध प्रदर्शन किया। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य अधिकारी सुधीर मोदी पुलिस और तहसीलदार पहुंचे। उन्होंने मरीज को देखा तो तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल के डॉ संजय राठौड़ ने कहा कि डॉक्टर गिरिराज भूरा ने ही अमर सिंह को बेहोश किया था। आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उपचार के लिए रुपय मृतक के स्वजनों ने कहा कि शासन की योजना के तहत आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पांच लाख रु तक का मुफ्त इलाज होता है। इस पर हमने अस्पताल के कर्मचारियों को आयुष्मान कार्ड भी बताया, किंतु कार्ड मान्य नहीं किया गया। हमसे उपचार के लिए 12 हजार से अधिक राशि ली गई। रु लेने के बावजूद अमर सिंह का जीवन नहीं बचा पाए। मरीज हमारे पास में पथरी का इलाज करवाने के लिए आए थे। मरीज की पूरी मेडिकल फिटनेस के बाद ही हमने दूरबीन के माध्यम से ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सफल रहा। इसके बाद शाम को वह लंबी सांस लेने लगा। हम तुरंत ही मरीज को आईसीयू में ले गए। यहां पर वेंटीलेटर पर लिया, किंतु मरीज की मौत हो गई।

राजस्थान-मेवाड़ विश्वविद्यालय के डिप्टी कंट्रोलर और सेक्शन ऑफिसर को फर्जी डिग्री मामले में किया गिरफ्तार

जयपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग की हिंदी लेक्चरर भर्ती परीक्षा का फॉर्म फर्जी डिग्री के जरिए भरने के मामले में एसओजी ने एक बार फिर मेवाड़ विश्वविद्यालय गंगरार पर शिकंजा कसा है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने परीक्षा कंट्रोलर और सेक्शन ऑफिसर को गिरफ्तार किया है. इससे पहले इस मामले में विश्वविद्यालय के डीन सहित पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप अजमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सोनी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई है। विश्वविद्यालय के डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन सुशील शर्मा को रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह के तार दिल्ली तक जुड़े हैं। मामले में विश्वविद्यालय के और भी कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो सकती है। सोनी ने बताया कि डिप्टी कंट्रोलर शर्मा दिल्ली से ये फर्जी डिग्री तैयार करवाता था और 20 मार्च को गिरफ्तार हुई कैंडिडेट का भाई सेक्शन ऑफिसर राजेश सिंह के संपर्क में था। दोनों ही डिग्री खरीद कर लाए थे. राजेश के जरिए ही सुशील शर्मा और यूनिवर्सिटी के डीन कौशल किशोर चंदरुल तक कांटेक्ट होता था। बाद में सुशील ही दिल्ली से ही फर्जी डिग्री तैयार करवाता था। इस पूरे फर्जीवाड़ में एक बड़ा नेटवर्क है जिसमें जल्द ही अन्य लोगों की गिरफ्तारी होगी। फर्जी डिग्री मामले में विश्वविद्यालय के दो और अधिकारियों की गिरफ्तारी के साथ ही विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों में खलबली मची है। बता दें कि इस मामले में 20 मार्च को एसओजी ने दो महिला कैंडिडेट कमल और ब्रह्म कुमारी के बाद मेवाड़ यूनिवर्सिटी के डीन कौशल किशोर चंदरुल सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

कैसे इस नेता की लगी लॉटरी- शपथ समारोह देखने पहुंचे थे और बन गए मोदी सरकार के मंत्री

नई दिल्ली भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में किसी भी मुस्लिम नेता को एंट्री नहीं मिली है। पीएम मोदी समेत कुल 72 मंत्रियों में एक भी मुस्लिम नहीं है, लेकिन अल्पसंख्यक समुदाय के 5 मंत्री जरूर हैं। इनमें से एक मंत्री जॉर्ज कुरियन की काफी चर्चा हो रही है, जो लोकसभा या राज्यसभा किसी भी सदन के मेंबर नहीं हैं। इसके बाद भी वह अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री हैं। वह केरल के रहने वाले हैं और ईसाई समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उन्हें मंत्री पद दिए जाने के पीछे भाजपा की केरल में ईसाइयों को लुभाने की रणनीति बताई जा रही है। केरल में हिंदू, मुस्लिम और ईसाई तीनों ही समुदायों की अच्छी आबादी है। भाजपा को आमतौर पर हिंदुओं के एक वर्ग का समर्थन मिलता है। वहीं मुस्लिमों के बीच कांग्रेस की अच्छी पैठ है, जबकि ईसाई मत के लोग वामपंथी दलों के पाले में रहे हैं। जॉर्ज कुरियन को जिस तरह से मंत्री पद दिया गया, उस पर ज्यादातर लोगों को हैरानी हो रही है। यही नहीं खुद जॉर्ज कुरियन भी उस वक्त हैरान हो गए थे, जब उन्हें पता चला कि वह आज मंत्री पद की शपथ लेंगे। जॉर्ज कुरियन के मुताबिक वह शनिवार की शाम को मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का गवाह बनने के लिए दिल्ली आए थे। लेकिन रविवार की सुबह वह हैरान रह गए, जब पता चला कि वह भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। इसका उन्हें खुद भी किसी तरह से अंदाजा नहीं था क्योंकि वह न तो लोकसभा के और ना ही राज्यसभा के सांसद हैं। केरल में भाजपा से जुड़ने वाले ईसाई समुदाय के कई नेता रहे हैं। फिर भी कुरियन पर ही भरोसा जताने की वजह यह है कि वह भाजपा के लिए वफादार रहे हैं। आरएसएस के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से वह जुड़े रहे हैं। इसके अलावा दशकों से भाजपा में सक्रिय हैं। इसलिए उन्हें मौका देना एक तरह से वफादारी का इनाम भी है। इसके अलावा ईसाई समुदाय के बीच अपनी विचारधारा में ही पले-बढ़े एक नेता को पार्टी तैयार करना चाहती है। मंत्री बन बोले- अल्पसंख्यक समाज के लिए काम करूंगा साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से जुड़े जॉर्ज कुरियन केरल में काफी सक्रिय रहे हैं। वह राज्य में ईसाई समुदाय के लोगों के बीच भाजपा की पहुंच बढ़ाने के प्रयास करते रहे हैं। अब उनका कहना है कि मुझे अल्पसंख्यक मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है, जिसमें पूरी गंभीरता के साथ काम करूंगा। अपने समुदाय समेत पूरे अल्पसंख्यक समाज के हित के लिए काम करूंगा। उन्हें पशुपालन विभाग में भी राज्य मंत्री का जिम्मा मिला है। 

पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को सुधारना प्राथमिकता: एस जयशंकर

नई दिल्ली बतौर विदेश मंत्री अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत करते हुए एस जयशंकर ने कहा है कि भारत के लिए पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को मजबूत बनाना एक अहम प्राथमिकता होगी। इस संदर्भ में उन्होंने दो पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान को भी संदेश दिया है कि इन देशों के साथ रिश्तों को सामान्य बनाने की राह में जो समस्याएं हैं उनका समाधान निकालना होगा। राष्ट्रपति मुइज्जू से हुई है हमारी बातचीतः जयशंकर भारत विरोधी सरकार वाले देश मालदीव के संदर्भ में जयशंकर ने कहा है कि हाल ही में उनकी राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से हुई है और उनसे जो बातें हुई हैं उसके आधार पर ही द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाया जाएगा। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि विकासशील व गरीब देशों के मुद्दे को वैश्विक मंचों पर उठाने का काम भारत जारी रखेगा। पाकिस्तान और आतंकवाद पर क्या बोले विदेश मंत्री? एस जयशंकर ने रविवार (09 जून, 2024) को पीएम नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में गठित नई सरकार में पद व गोपनीयता की शपथ ली और मंगलवार (11 जून) को साउथ ब्लाक स्थित विदेश मंत्रालय के कार्यालय पहुंच कर अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की। इस दौरान मीडिया के साथ एक संक्षिप्त वार्ता में उन्होंने पहले पाकिस्तान के बारे में कहा कि, ‘सीमा पार आतंकवाद हमारे लिए काफी संवेदनशील है। एक अच्छे पड़ोसी के लिए सीमा पार आतंकवाद एक अच्छी नीति नहीं हो सकती।’ पीएम मोदी ने पाकिस्तान को दिया था साफ शब्दों में संदेश जाहिर है कि एक दिन पहले पाकिस्तान के पूर्व पीएम और सत्तारूढ़ पार्टी पीएमएल (एन) के मुखिया नवाज शरीफ की तरफ से आये बधाई संदेश का जवाब भी पीएम नरेन्द्र मोदी ने कुछ इसी अंदाज में दिया था। मोदी ने शरीफ को धन्यवाद कहते हुए कहा है कि, “ भारत के लोग हमेशा शांति, सुरक्षा और प्रगतिशील विचारों के लिए खड़े रहे हैं। हमारे लोगों की भलाई और सुरक्षा को आगे बढ़ाना हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगी।” चीन पर क्या बोले जयशंकर? इसी तरह से चीन के संदर्भ में जयशंकर ने कहा कि, चीन के साथ रिश्तों में हम अभी सीमा को लेकर उपजी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। सनद रहे कि अप्रैल-मई, 2020 से ही भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख के वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) में तनाव की स्थिति है। दोनों तरफ से सैन्य स्तर व कूटनीतिक स्तर पर वार्ताओं का दौर चल रहा है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं निकल पाया है। शी चिनफिंग का नहीं आया कोई संदेश  भारत व चीन के रिश्तों में यह बहुत ही बड़ी अड़चन है जिसको दूर करना जयशंकर के इस कार्यकाल में भी एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। मालूम हो कि चीन के विदेश मंत्रालय और नई दिल्ली स्थित उसके राजदूत ने पीएम मोदी को तीसरे कार्यकाल की शुरुआत करने के लिए बधाई तो दी है लेकिन राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अभी तक बधाई संदेश नहीं दिया है।

छत्तीसगढ़-कोयला घोटाले में कोर्ट में पेश होंगे तीन आरोपी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला को लेकर जांच लगातार जारी है। इसे लेकर अब ईओडब्ल्यू की टीम जेल में बंद आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद रिमांड में लेकर फिर पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि प्रदेश में कोयला घोटाला के मामले की जांच अभी लंबी चलने वाली है। इसे लेकर सौम्या चौरसिया, रानू साहू से पूछताछ के बाद मामले में अन्य आरोपियों से पूछताछ की जानी है। कोल घोटाले को लेकर जेल में बंद आरोपी लक्ष्मीकांत तिवारी, शिवशंकर नाग, सुनील नायक और निखिल चंद्राकर को कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट पर पेश किया जाएगा। मामले में आगे की पूछताछ को लेकर ईओडब्ल्यू ने जेल में बंद आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर पेश करने के लिए आवेदन दिया था। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। वहीं इन सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश होने के बाद गिरफ्तार किया जा सकता है। सौम्या और रानू को पूछताछ के बाद भेज दिया गया जेल – छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ के कोयला घोटाले के मामले में पूछताछ के बाद कुछ दिन पहले निलंबित आईएएस अफसर रानू साहू और राज्य सरकार की अफसर रही सौम्या चौरसिया को जेल भेज दिया गया था। जिसके बाद विशेष कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी किया था। इसके मुताबिक अब 18 जून तक रानू साहू और सौम्या चौरसिया को जेल में रहना पड़ेगा। शराब घोटाले मामले में भी पूछताछ जारी – दूसरी तफर प्रदेश के चर्चित शराब घोटाले के मामले को लेकर ईओडब्ल्यू की टीम लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मामले में आरोपी अनवर ढेबर, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, अरुणपति त्रिपाठी और अरविंद सिंह को भी विशेष कोर्ट में पेश किया गया था। इन सभी आरोपियों से पूछताछ के लिए अब यूपी एसटीएफ ने कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए आवेदन लगाया था। जिसके बाद यूपी एसटीएफ के आवेदन पर भी आज विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई है। फिलहाल इस मामले में अभी कोई फैसला नहीं आया है। इस मामले को 10 जून तक कोर्ट ने सुरक्षित रखकर सुनवाई करने की बात कही है।

आप पार्टी चाहती है टीडीपी और जेडीयू में से किसी एक के पास रहे लोकसभा स्पीकर का पद

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी ने सत्ताधारी एनडीए गठबंधन के सहयोगी दलों टीडीपी और जेडीयू से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि लोकसभा स्पीकर का पद उनमें से किसी एक पार्टी के पास रहे। भाजपा का स्पीकर होने पर तीन तरह के खतरों की आशंका जाहिर करते हुए ‘आप’ ने कहा कि टीडीपी या जेडीयू का स्पीकर होने में ना सिर्फ उनकी भलाई है बल्कि यह संविधान और लोकतंत्र के हक में होगा। आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि यदि टीडीपी भाजपा के समर्थन के बिना अपना लोकसभा उम्मीदवार उतारती है तो इंडिया गठबंधन की भूमिक अहम होगी। संजय सिंह ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘कहा कि गलती से यदि भाजपा का स्पीकर बन गया तो उसके तीन बड़े खतरे हैं। नंबर एक खतरा, बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के लिखे संविधान की धज्जियां उड़ाई जाएंगी। दूसरा खतरा, एनडीए के घटक दलों, डीडीपी, जेडीयू, आरएलजी, चिराग पासवान, पवन कल्याण की पार्टियों को तोड़कर भाजपा के साथ मिलाया जाएगा। तीसरा, कोई भी मनमाना बिल सरकार लेकर आएगी और कोई सांसद आवाज उठाएगा तो मार्शल से उसे बाहर फिंकवा दिया जाएगा।’ संजय सिंह ने आगे कहा, ‘मैं टीडीपी और जेडीयू जैसे दलों से अनुरोध करूंगा कि आप लोग स्पीकर बनाइए। यह आपके दल, संविधान और देश के लोकतंत्र के हित में है। यह संसदीय परंपराओं के हक में है। अगर इस कदम में BJP समर्थन नहीं करती है तो INDIA गठबंधन के दलों को समर्थन देने के बारे में विचार करना चाहिए। यदि डीडीपी बीजेपी के समर्थन के बिना अपना उम्मीदवार मैदान में उतारती है तो इंडिया गठबंधन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होगी।’ राज्यसभा सांसद ने यह कहते हुए भी एनडीए के सहयोगी दलों पर तंज कसा कि उन्हें मोदी जी ने कोई खास जिम्मेदारी नहीं दी और ‘झुनझुना’ मंत्रालय थमा दिया।  

मोहन कैबिनेट का फैसला, तीन वर्ष में होगी भर्ती, 343 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा

भोपाल प्रदेश में किसान और घरेलू उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार वर्ष 2024-25 में 24,420 करोड़ रुपये का अनुदान देगी। यह राशि विद्युत वितरण कंपनियों को दी जाएगी। इस बार विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरों में वृद्धि नहीं की है। वहीं, स्वास्थ्य संस्थाओं में वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए नियमित, संविदा और आउटसोर्स के 46,491 पद सृजित करके तीन वर्ष में भर्ती की जाएगी। इन दोनों प्रस्तावों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में स्वीकृति दी गई। बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने के लिए छह हजार, सामान्य वर्ग के किसानों के लिए 13 हजार और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के किसानों के लिए पांच हजार करोड़ रुपये का अनुदान विद्युत वितरण कंपनियों को दिया जाएगा। कई रिक्त पदों पर होगी भर्ती वहीं बड़ा निर्णय करते हुए स्वास्थ्य संस्थानों में स्वीकृत एवं भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए 46,491 नए नियमित, संविदा और आउटसोर्स के पद सृजन की स्वीकृति दी गई। इनमें से 18,653 पदों की पूर्ति आगामी तीन वर्ष में की जाएगी। इस पर वार्षिक 343 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। बाकी 27,828 पदों की पूर्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से की जाएगी। इसी तरह निश्चेतना, मेडिकल, स्त्री रोग, शिशु रोग, रेडियोलाजिस्ट, अस्थि रोग और सर्जरी विशेषज्ञ के रिक्त के कुल स्वीकृत 12,14 पदों में से 50 प्रतिशत यानी 607 पदोन्नति के पदों भी सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। इस कारण नहीं हो रही थी भर्तियां उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पदोन्नति नियम न होने और सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण विशेषज्ञों की भर्तियां नहीं हो पा रही हैं। भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति अथवा संविदा नियुक्ति पर लिए जा सकेंगे। अभी तक यह व्यवस्था नहीं थी। 3 विश्वविद्यालयों को सरकार देगी अनुदान अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय सागर, क्रांति सूर्यकांत टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन तथा क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय गुना को अनुदान देने के संबंध में भी कैबिनेट ने निर्णय लिया। प्रत्येक नए विश्वविद्यालय की प्रारंभिक आवश्यकता के लिए तीन करोड रुपये के साथ ही प्रतिवर्ष ब्लाक ग्रांट भी दी जाएगी। पहले वित्तीय वर्ष के लिए 10 करोड रुपये का प्रविधान किया जाएगा। नवीन विश्वविद्यालयों के लिए 235 पद, भवन निर्माण के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय को 150 करोड़ रुपये और पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल के लिए 45 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी गई। 2024-25 को गोवंश रक्षा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा कैबिनेट ने गोवंश की रक्षा के लिए वर्ष 2024-25 को गोवंश रक्षा वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत प्रदेश में संचालित गौशालाओं को श्रेष्ठ संचालन के लिए पुरस्कृत किया जाएगा, साथ ही सड़कों पर घायल गाय को उपचार के लिए ले जाने हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग व्हीकल को टोल नाकों पर व्यवस्था की जाएगी। गोशालाओं को समाज से जोड़ने के लिए जिलों में विभिन्न सामाजिक, मांगलिक व धार्मिक कार्यक्रम गोशालाओं में करने के लिए प्रेरित करने के साथ नई पीढ़ी को गोवंश के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए भी कार्यक्रम किए जाएंगे। नरेंद्र मोदी को कैबिनेट ने दी बधाई मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट के सभी सदस्यों ने नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर बधाई और शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही सभी सदस्यों ने प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर आए परिणाम, पार्टी का वोट शेयर 61 प्रतिशत पहुंचने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी।

राहुल ने मोदी पर बोला सीधा निशाना, कहा- यदि मेरी बहन वाराणसी से लड़ती तो ढाई लाख वोटों से हारते मोदी

लखनऊ राहुल गांधी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचे। वहां वह रायबरेली और अमेठी की जनता को धन्यवाद देने के लिए गए थे। अपने भाषण में राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से कैसे भी जान बचाकर भागकर आए हैं। वो वहां से हारते-हारते बचे हैं। मैं अपनी बहन से कहता रहा हूं कि यदि वह वहां से लड़ जाती तो पीएम दो ढाई लाख वोटो से हार जाते। उनकी इस बात पर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। अयोध्या में हार गई भाजपा फैजाबाद सीट पर भाजपा के हारने पर राहुल गांधी ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि ये अध्योध्या की सीट हार गए हैं। इसके मतलब साफ हैं। मंदिर की प्राण  प्रतिष्ठा में अरबपति लोग बुलाए गए, पूरा बॉलीवुड आया। अंबानी और अडानी आए लेकिन एक गरीब व्यक्ति को वहां आमंत्रित नहीं किया गया। इसके जवाब उस क्षेत्र की जनता ने दिया है। जनता ने अपना महत्व बताया है। विज्ञापन संविधान को माथे पर लगाया राहुल गांधी ने कहा कि आपने देखा होगा कि इस बार मोदी ने संविधान को हाथों से उठाकर माथे पर लगाया है। आपने अपनी ताकत का एहसास उन्हें करा दिया है। यह इशारा दे दिया है कि वह संविधान को जरा सा भी छुएंगे तो जनता उनके साथ क्या करेगी। इस बार घट गया जीत का अंतर राहुल गांधी ने यह बात इसलिए कही क्योंकि इस बार पीएम मोदी के जीतने का अंतर पिछले दो चुनावों की तुलना में काफी कम हो गया। पीएम मोदी वाराणसी सीट से करीब डेढ़ लाख वोटों से जीते हैं। मतगणना के दिन वह कुछ दिन कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय से पीछे भी चल रहे थे। वाराणसी में पीएम मोदी की जीत का मार्जिन कम होने पर बीजेपी आलाकमान भी स्थानीय नेताओं से नाराज है।

आरएसएस चीफ ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान मर्यादा की जरूरत थी जो नहीं रखी गई

नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन  भागवत ने चुनाव के दौरान होने वाली बयानबाजी को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों ने मर्यादा नहीं रखी। नागपुर में हुए आरएसएस के कार्यक्र में उन्होंने कहा, असली जनसेवक वही है जो अहंकार नहीं दिखाता और सार्वजनिक जीवन में काम करते हुए भी मर्यादा बनाए रखता है। उन्होंने कहा, चुनाव संपन्न हो गए, परिणाम और सरकार भी बन गई लेकिन उसकी चर्चा अभी तक चल रही है। जो हुआ वह क्यों हुआ। उन्होंने कहा, यह अपने प्रजातांत्रिक देश में पांच वर्ष में होने वाली घटना है जो कि होती है। देश के  संचालन के लिए यह महत्वपूर्ण है। लेकिन हम यही चर्चा करते रहें इतना महत्वपूर्ण नहीं है। समाज ने अपना मत दे दिया और उसके अनुसार अब काम हो रहा है। संघ के लोग इसमें नहीं पड़ते। हम अपना कर्तव्य करते रहते हैं। संघ प्रमुख ने कहा, जो वास्तविक सेवक है उसकी एक मर्यादा रहती है। काम करते सब लोग हैं लेकिन कार्य करते समय वह मर्यादा का पालन भी करता है। जैसा तथागत ने भी बताया है कि कुशलस्य उपसंपदा। शरीर को भूखा नहीं रखना है लेकिन कौशल पूर्वक जीविका कमानी है। इससे दूसरों को धक्का नहीं लगना चाहिए। यह मर्यादा निहित है। इसी तरह की मर्यादा के साथ हम लोग काम करते हैं। काम करने वाला मर्यादा का ध्यान रखता है। जो मर्यादा का पालन करता है उसमें अहंकार नहीं आता और  वही सेवक कहलाने का अधिकारी है। भागवत ने कहा कि चुनाव में स्पर्धा रहती है इसलिए किसी को पीछा रहने का काम होता है। लेकिन इसमें भी मर्यादा है। असत्य का उपयोग नहीं करना चाहिए। संसद में बैठकर सहमित बनाकर चलाने के लिए चुनाव होते हैं। चित्त अलग-अलग होने के बाद भी साथ ही चलना है। सबका चित्त एक जैसा नहीं हो सकता इसलिए बहुमत का प्रयोग किया जाता है। सिक्के के दोनों पहलू होते हैं इसीलिए संसद में सत्ता और प्रतिपक्ष की व्यवस्था है। भागवत ने कहा, प्रचार के दौरान मर्यादा का ध्यान नहीं रखा गया। यह भी नहीं सोचा गया कि इससे समाज में मनमुटाव पैदा हो सकता है। बिना कारण संघ को भी इसमें खींचा गया। तकनीक का सहारा लेकर असत्य बातों को प्रसारित किया गया। क्या विद्या और विज्ञान का यही उपयोग है। ऐसे देश कैसे चलेगा। मैं विरोधी पक्ष नहीं प्रतिपक्ष कहता हूं। उसे विरोधी नहीं मानता।उसका भी विचार होना चाहिए। चुनाव लड़ने में मर्यादा का पालन नहीं हुआ। भागवत ने कहा, सरकार बन गई। वही सरकार फिर से आ गई। 10 सालों में बहुत कुछ अच्छा हुआ। हमारे देश में आर्थिक स्थिति अच्छी हुई। सामरिक स्थिति पहले से अधिक अच्छी है। दुनियाभर में प्रतिष्ठा बढ़ी है। कला और खेल के क्षेत्र  में हम सब लोग आगे बढ़े हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हम चुनौतियों सो मुक्त हो गए हैं। अभी आवेश से मुक्त होकर आगे वाली बातों का विचार करना है। मणिपुर पर भी बोले मोहन भागवत मणिपुर को लेकर मोहन भागवत ने कहा कि देश में शांति की जरूरत है। एक साल से मणिपुर शांति की राह देख रहा है। उससे पहले 10 साल एकदम शांत रहा। लेकिन फिर ऐसा लगा कि पुराना जन कल्चर समाप्त हो गया। अचानक वहां उपजी या उपजाई गई कलह अब तक चल रही है। उसका ध्यान कौन देगा। प्राथमिकता देकर उसपर विचार करना चाहिए।    

मंत्री आतिशी ने यह जानकारी दी, बूंद-बूंद पानी को तरसती दिल्ली में अब बिजली संकट भी गहराया

नई दिल्ली बूंद-बूंद पानी को तरसती दिल्ली में अब बिजली संकट भी गहरा गया है। दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने यह जानकारी दी है। आतिशी ने कहा कि यूपी के मंडोला में  पीजीसीआईएल के एक सब-स्टेशन में आग लगी है। इस सब-स्टेशन से दिल्ली को 1500 मेगावॉट बिजली मिलती है। आतिशी ने बताया कि मंडोला सब-स्टेशन में आग लगने की वजह से दिल्ली के कई हिस्सों में पावर कट हुआ है। यह बहुत गंभीर मुद्दा है। यह बहुत चिंता की बात है कि मौजूदा वक्त में देश का इलेक्ट्रिसिटी इफ्रास्ट्रक्चर फेल हो चुका है… कौन से इलाके प्रभावित? आतिशी ने बताया कि 2 बजकर 11 मिनट से दिल्ली के कई हिस्सों में पावर कट हुआ। इससे पूर्वी दिल्ली का काफी हिस्सा, आईटीओ का हिस्सा, दक्षिणी दिल्ली में सुखदेव विहार, आश्रम, सरिता विहार समेत कई इलाके प्रभावित हुए। हालांकि दिल्ली की बिजली कंपनियों ने तेजी से काम करते हुए अगल-अलग इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करना शुरू कर दिया है। दिल्ली सरकार विकल्पों पर कर रही काम मंत्री आतिशी ने कहा कि फिलहाल दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी की बिजली कंपनियों से इस मसले पर बात कर रही है। इसके फौरी समाधान के लिए दिल्ली के अन्य पॉवर स्रोतों (जैसे एन -1) से लिंक किया जा रहा है। बिजली मंत्री से बात करेंगी आतिशी आतिशी ने इसे बेहद गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा- मैं आज ही केंद्र सरकार के नए बिजली मंत्री बने मनोहर लाल जी से समय मांगूंगी। देश के समूचे पॉवर ट्रांसमिशन सिस्टम को केंद्र सरकार चलाती है। पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, एनटीपीसी इनका एक पूरा नेशनल पॉवर ग्रिड है। बिजली के लिए भी दूसरे राज्यों पर निर्भर है दिल्ली आतिशी ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि दिल्ली बहुत सीमित स्तर पर पॉवर प्रोडक्शन होता है। दिल्ली की अधिकतर बिजली बाहरी राज्यों से आती है। यह एनटीपीसी के तहत आती है। इसके बाद तीन बिजली कंपनियों के जरिए दिल्ली में इसका वितरण होता है। दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी केवल राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मजबूत करना है। नेशनल ग्रिड की वजह से पॉवर कट आतिशी ने कहा कि जब दिल्ली में पीक पॉवर 800 मेगावॉट पहुंची थी तब भी दिल्ली में कोई ब्लैक आउट नहीं हुआ था। आज दिल्ली में जो पॉवर कट हुआ है वह नेशनल ग्रिड की वजह से हुआ है। दिल्ली सरकार इस पर तुरंत ऐक्शन लेगी। केंद्र सरकार पर निशाना इसके साथ ही आतिशी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक बात है कि मौजूदा वक्त में देश का पॉवर इंफ्रास्ट्रक्चर फेल हो गया है। दिल्ली देश की राजधानी है। देश की राजधानी में इस तरह का फेलियर नेशनल ग्रिड की तरफ से होता है तो इसके बेहद गंभीर परिणाम होंगे। दिल्ली सरकार ने 24 घंटे पूरे हफ्ते बिजली देने का पूरा प्रयास किया है। अलग-अलग इलाकों में वापस आ रही बिजली पॉवर कट की घटना के बाद आतिशी ने 3:49 बजे एक्स पर अपने पोस्ट में कहा- बिजली बहाली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब धीरे-धीरे अलग-अलग इलाकों में बिजली वापस आ रही है। लेकिन, राष्ट्रीय पावर ग्रिड में बड़ी विफलता बेहद चिंताजनक है। मैं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) के चेयरमैन से मिलने का समय मांग रही हूं, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी स्थिति दोबारा ना आए।  

अजय देवगन की औरों में कहां दम था का ट्रेलर 13 जून को होगा रिलीज, तब्बू संग जमेगी केमिस्ट्री

मुंबई, शैतान और मैदान के बाद अब फैंस अजय देवगन की फिल्म औरों में कहां दम था का इंतजार कर रहे हैं। इस मूवी में एक बार फिर एक्टर तब्बू के साथ दिखाई देने वाले हैं। दोनों की केमिस्ट्री को पहले भी पर्दे पर फैंस ने काफी पसंद किया था और अब फिर उन्हें साथ में देखने के लिए बेताब हैं। हाल ही में इस मूवी का टीजर जारी किया गया था, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया।  इसके बाद दर्शक फिल्म के ट्रेलर का इंतजार कर रहे हैं और अब इसके ट्रेलर रिलीज डेट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। औरों में कहां दम था का ट्रेलर देखने के बाद यह तो साफ है कि ये मूवी लव स्टोरी पर बेस्ड होने वाली है। पिंकविला की एक रिपोर्ट के अनुसार, बताया जा रहा है कि इसके ट्रेलर को देखने के लिए फैंस को ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। इस ट्रेलर अगले इसी महीने 13 जून को रिलीज किया जा सकता है। अजय देवगन और तब्बू आखिरी बार साथ में दृश्यम 2 में दिखाई दिए थे। ऐसे में जब इसका टीजर आया, तो फैंस काफी खुश हो गए। टीजर में देखने को मिला था कि दोनों होली खेलते हुए नजर आते हैं। वहीं, बैकग्राउंड में फिल्म का टाइटल चल रहा है। नीरज पांडे के निर्देशन में बनी फिल्म अगले महीने 5 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसमें अजय-तब्बू के अलावा जिमी शेरगिल, सई मांजरेकर और शांतनु माहेश्वरी भी दिखाई देने वाले हैं। इस फिल्म के अलावा अभिनेता अजय देवगन डायरेक्टर रोहित शेट्टी की फिल्म सिंघम अगेन और रेड 2 में भी दिखाई देने वाले हैं।  

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