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साल 2030 तक लगने वाले 10 सूर्य ग्रहण की सूचि देखें, क्या भारत में भी दिखाई देगा?

Farmers standing in line for fertilizer in Agriculture Minister's home district, empty handed even after staying awake all night

वॉशिंगटन सूर्य ग्रहण सबसे अनोखी खगोलीय घटनाओं में से एक है। दुनियाभर के लोग इस अद्भुत नजारे को देखने का इंतजार करते हैं। सूर्य ग्रहण के दौरान पृथ्वी और सूर्य के बीच से चंद्रमा गुजरता है। इससे सूर्य से धरती तक आने वाला प्रकाश ढक जाता है। इससे सूर्य की रोशनी धरती पर नहीं आ पाती। वहीं अंतरिक्ष से देखें तो एक विशाल परछाई पृथ्वी पर दिखाई देती है। साल 2024 में दो सूर्य ग्रहण हैं। इनमें से एक सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल को लगा था। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण था जो मेक्सिको, अमेरिका, और कनाडा में देखा गया था। अब अगले कुछ महीनों में दूसरा सूर्य ग्रहण भी दिखाई देगा, जो एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। वलयाकार सूर्य ग्रहण वह होता है, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता। सूर्य का केंद्र ढका होता है, वहीं किनारे साफ दिखाई देते हैं। इससे आग की एक रिंग आसमान में दिखती है। इसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। चंद्रमा की धरती से दूरी ही इसके सूर्य ग्रहण के प्रकार को तय करती है। इससे तय होता है कि यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा या फिर वलयाकार सूर्य ग्रहण।   क्या भारत में दिखेगा सूर्य ग्रहण साल 2024 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण हमें 2 अक्टूबर को दिखाई देगा। लेकिन अगर आप इसे भारत में देखने का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। सूर्य ग्रहण दक्षिणी अमेरिका और प्रशांत महासागर में दिखाई देगा। भारत में देखा गया आखिरी सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर 2019 को लगा था। वहीं अगले सूर्य ग्रहण को देखने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। भारत में अगला सूर्य ग्रहण 21 मई 2031 को दिखेगा। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में यह दिखाई देगा।   अगले 10 सूर्य ग्रहण सूर्य ग्रहण की तारीख सूर्य ग्रहण का प्रकार 2 अक्टूबर 2024 वलयाकार सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 आंशिक सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 वलयाकार सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 पूर्ण सूर्यग्रहण 6 फरवरी 2027 वलयाकार सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 पूर्ण सूर्यग्रहण 26 अगस्त 2028 वलयाकार सूर्य ग्रहण 22 जुलाई 2028 पूर्ण सूर्यग्रहण 1 जून 2030 वलयाकार सूर्य ग्रहण 25 नवंबर 2030 पूर्ण सूर्यग्रहण

मण्डला नगर में ऐतिहासिक पुलो की स्तिथिति जर्जर मरम्मत की सख्त जरूरत

मण्डला नगर में ऐतिहासिक पुलो की स्तिथिति  जर्जर  मरम्मत की सख्त जरूरत मण्डला मण्डला शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए समय-समय पर छोटे-बड़े पुलों का निर्माण कराया गया है जिससे लोग बारिश के दिनों में भी आसानी से ने आवागमन कर सके। शहरी क्षेत्र में बने अधिकांश पुल सालों पुराने होने से ये अब जीर्ण-शीर्ण हालत  में पहुंच गए हैं लेकिन इनका सुधार या मरम्मतीकरण नहीं कराया जा रहा है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो  सकता है। शहर के सभी पुलों की हालत काफी खराब है। बुधवारी पुल जब से बना नही हुई कोई मैंटेनेस बुधवारी बाजार को किले एवम महाराजपुर पुरवा को  जोड़ने के लिए पुल का निर्माण कराया गया था, इस पुल के निचली सतह में लगाई गई मोटी सरिया का अधिकांश हिस्सा बाहर निकल आया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि किले को जोड़ने वाला यह पुल एतिहासिक स्थल गोंड राजाओं द्वारा बनाए गए बुर्ज, महल, मंदिर तक पहुंचने का मार्ग सुगम बनाता है। तेज बाढ़ के समय यहां पुल के नीचे से नर्मदा नदी का बाढ़ का पानी बहता है, पुल की उंचाई पर्याप्त रहने से नदी का स्तर अधिक होने के बाद भी यातायात पुल से सुरक्षित बना रहता है, इतने महत्वपूर्ण पुल होने के बाद भी इसका मेंटनेंस पिछले कई सालों से नहीं किया गया है। भले ऊपरी सतह में पुल मजबूत नजर आ रहा हो लेकिन इसका निचला भाग लगातार जर्जर हालत में पहुंच रहा है। सब्जी बाजारः पुल की रेलिंग गायब सब्जी बाजार के पास निर्मित पुल भी जीर्ण-शीर्ण हालत में पहुंच गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पुल का निर्माण आज से करीब 30-35 साल पहले कराया गया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि मरम्मतीकरण नहीं होने से रैलिंग जर्जर होकर टूट गई है। यही नहीं पुल का उपरी हिस्सा इस तरह जर्जर हो गया है कि यहां पर मुर्रम भरकर वाहनों के आने-जाने लायक बनाया गया है। ऐतिहासिक है उदय चौक का पुल शहर के बीच स्थित उदय चौक के पास बड़ी खाई में बना पुल दिखने में तो आज भी पूरी मजबूती से खड़ा दिखाई देता है जबकि इसके बाद बने पुलों में मरम्मत की दरकार है, खाई में बने पुल को लगातार नुकसान यहां फेंकी जाने वाली तरह-तरह की गंदगी, कचरा से हो रहा है। स्थानीय व्यापारियों द्वारा पुल के आसपास रोजाना कई क्विंटल कचरा फेंका जा रहा है। यहीं नहीं आए दिन इस कचरे में आग लगा दी जाती है यह आग लगातार पुल को नुकसान पहुंचा रहा है। जानकारी अनुसार शहर में बाढ़ का पानी जमा न हो, इसके लिए उदय चौक के पास बड़ी खाई का निर्माण आज से वर्षों पहले कराया गया था, बताया यह भी जाता है कि यहां एक समय नदी का पानी होने से नाव भी चला करती थी। शहर के दो हिस्सों को जोड़ने पुल की अहम भूमिका है। सहकारी बैंक के पास का पुल हो चुका है उम्र दराज रानी अवंती बाई स्कूल के पास बने पुल को तो संबंधित लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वयं जर्जर घोषित किया जा चुका है। यहां विभाग द्वारा एक बोर्ड भी लगाया गया था जिसमें इस पुल से भारी वाहनों के गुजरने पर प्रतिबंधित किया गया था लेकिन बोर्ड लगाने के बाद अधिकारियों ने पलटकर नहीं देखा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल से समय-समय में लोडेड ट्रक आदि भारी वाहन गुजरते हैं, विभाग द्वारा भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक के लिए जो बोर्ड लगाया गया था वह बोर्ड तो है लेकिन उसमें लिखी सूचना अब दिखाई नहीं देती। पुल अपनी उम्र जी चुका है उसे अब नया बनाने की आवश्यकता है। बनाये जाए सभी नए पुल नगर के चारो पुल अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे है। बढ़ती जनसंख्या एवम वाहनों के बढते दबाव को झेलने में यह पुल अक्षम साबित हो रहे है। कमानिया पुल में तो हर दिन जाम की स्थिति बनती है।इस पुल को वर्तमान समय के हिसाब से बनाया जाना चाहिए।यहाँ बढ़ते आवागमन के हिसाब से इसकी चोड़ाई बढ़ाना अब अनिवार्य हो गया है।पुल नया बने एवम चोड़ा भी बनाया जाना चाहिए।

‘कियारा से जान का खतरा, सिड को बचा लो…’ सिद्धार्थ मल्होत्रा की फैन से ठगे गए 50 लाख

Alert of heavy rain in the districts, half the state will get wet, how will be the weather today

मुंबई बॉलीवुड एक्टर्स को स्टार बनाने में उनके सोशल मीडिया फैन क्लब्स का भी बहुत सपोर्ट रहता है. लेकिन इन फैन क्लब्स के भी अपने पंगे-पचड़े चलते रहते हैं. अब ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें बॉलीवुड स्टार सिद्धार्थ मल्होत्रा की एक फैन ने, एक्टर के ही एक फैन पेज पर 50 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी का आरोप लगाया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर, मीनू वसुदेव नाम के एक हैंडल ने दावा किया कि अलीजा और हुस्ना परवीन नाम के दो व्यक्तियों ने उन्हें यकीन दिलवाया कि सिद्धार्थ मल्होत्रा की जान खतरे में है. ‘कियारा की वजह से खतरे में है सिद्धार्थ की जान’ इस मामले में दिलचस्प पहलू ये है कि मीनू को यकीन दिलाया गया कि सिद्धार्थ को, अपनी पत्नी कियारा आडवाणी से खतरा है. मीनू ने बताया कि वो अमेरिका में रहती हैं और उनके साथ ये घटना अक्टूबर से दिसंबर, 2023 के बीच हुई. मीनू ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से, सिद्धार्थ मल्होत्रा के एक फैन पेज- Sidharth Malhotra News FC (@SidMalhotraNews) पर बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं. मीनू ने, अलीजा नाम के व्यक्ति के साथ चैट के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बताया है कि उन्हें कैसे फंसाया गया. मीनू ने बताया कि अलीजा ने उन्हें झूठी कहानियां बताईं और कहा कि सिड (सिद्धार्थ मल्होत्रा) की लाइफ को कियारा की वजह से खतरा है. उन्हें ये बताया गया कि कियारा ने सिद्धार्थ के परिवार को जान से मारने की धमकी देकर, उनसे जबरदस्ती शादी की है. इतना ही नहीं मीनू को ये भी बताया गया कि करण जौहर, शशांक खेतान और मनीष मल्होत्रा जैसे सेलेब्रिटीज ने इस काम में कियारा की मदद की है. अलीजा ने, नीनू को यकीन दिलाया कि कियारा ने सिद्धार्थ के साथ चीटिंग की है, उनपर काला जादू किया है और उनके बैंक अकाउंट का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले रखा है. इस तरह की कहानियां सुनाकर मीनू को कहा गया कि ‘सिड को बचा लो.’ जब मीनू राजी हुईं अलीजा ने उन्हें सिद्धार्थ मल्होत्रा के फेक पीआर टीम मेंबर बनकर आए दीपक दुबे नाम के व्यक्ति से मिलवाया. मीनू को राधिका नाम की एक महिला से मिलवाया गया, जिसे कियारा की टीम का इन्फॉर्मर बताया गया. सिद्धार्थ मल्होत्रा की जान बचाने के नाम पर वसूले जाते रहे पैसे अलीजा इनसाइड जानकारी के लिए और सिद्धार्थ से बात करने के नाम पर पैसे देती रहीं. उनकी किसी फेक सिद्धार्थ से बात करवा दी गई. मीनू ने सिद्धार्थ को एक हैम्पर देने के लिए भी पैसे दिए और उन्हें बाद में पता चला कि वो बस एक फोटोशॉप था. मीनू से सिद्धार्थ के बारे में ‘इनसाइड जानकारी’ देने और ‘मौत या टॉर्चर से बचाने’ के नाम पर भी पैसे वसूले जाते रहे. मीनू ने बताया कि अलीजा ने उन्हें दिल्ली में सिद्धार्थ मल्होत्रा के परिवार की करीबी पड़ोसी होने का यकीन दिला दिया था. (नोट: आजतक मीनू के दावों की पुष्टि नहीं करता है.) इस घटना के सामने आने के बाद सिद्धार्थ मल्होत्रा के कई फैन्स गुस्से में नजर आ रहे हैं. ये लोग लगातार मदद मिलने की आस में मीनू की पोस्ट्स को शेयर कर रहे हैं और एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा को सोशल मीडिया पोस्ट्स में टैग कर रहे हैं, ताकि उन्हें भी अपने नाम पर चल रही इस ठगी का पता चले. सिद्धार्थ मल्होत्रा की बात करें तो वो आखिरी बार मार्च में रिलीज हुई फिल्म ‘योद्धा’ में नजर आए थे. उनकी ये फिल्म थिएटर्स में कोई खास कमाल नहीं कर पाई थी. सिद्धार्थ ने अभी तक अपना अगला प्रोजेक्ट अनाउंस नहीं किया है.  

लोकसभा में मोदी पर हमला करने वालों में टीएमसी और समाजवादी पार्टी आगे, PM ने उन्हें बख्शा

नई दिल्ली सोमवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी को जमकर घेरा था. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उसका जवाब देना था. देशवासी मंगलवार को सुबह से ही पीएम नरेंद्र मोदी का स्पीच सुनने के लिए बेकरार थे. क्योंकि पीएम मोदी लोकसभा में जब बोलते हैं तो कांग्रेस और विपक्ष को कुंडली खोल कर रख देते रहे हैं. जाहिर है कि कयास लगाए जा रहे थे कि आज पीएम मोदी कांग्रेस की जमकर धुलाई करेंगे. मोदी राहुल गांधी के जवाब में खूब बोले, करीब 2 घंटे से ऊपर (करीब 2 घंटा 17 मिनट) बोलते रहे. उन्होंने कांग्रेस , कांग्रेस नेताओं, नेहरू और इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तक के बारे में बोला. राहुल गांधी ने जिन खास बातों की चर्चा की थी उनमें से कुछ एक को छोड़कर अधिकतर मुद्दों पर उन्होंने अपने भाषण में शामिल किया. जाहिर अब इस बात पर बहस होगी कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी में किसने बेहतर बोला. आइए देखते हैं कि पीएम मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जवाब देने कितना सफल साबित हुए. साथ ही पीएम मोदी के भाषण के मायने क्या रहे? मोदी का मेन फोकस पर कांग्रेस पर रहा, अखिलेश और ममता की चर्चा तक नहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने आज पूरी स्पीच के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को ही टार्गेट पर रखा. जबकि कल से ही उन पर टार्गेट करने वालों में तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता भी शामिल थे. पर पीएम मोदी का फोकस कहीं और नहीं था. उन्होंने नेहरू, इंदिरा गांधी यहां तक राजीव गांधी की भी चर्चा की. मोदी की कोशिश यह साबित करने पर रही कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के लिए परजीवी की तरह है. शायद उन्हें लगता है कि उनकी स्पीच से समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस आदि कांग्रेस से सजग होंगी.  मोदी ने कहा कि मुझे नहीं पता कि कांग्रेस के जो साथी दल हैं, उन्होंने इस चुनाव का विश्लेषण किया है कि नहीं किया है. ये चुनाव इन साथियों के लिए भी एक संदेश है. अब कांग्रेस पार्टी 2024 से एक परजीवी कांग्रेस के रूप में जानी जाएगी. 2024 से जो कांग्रेस है, वो परजीवी कांग्रेस है और परजीवी वो होता है जो जिस शरीर के साथ रहता है, उसी को खाता है. कांग्रेस भी जिस पार्टी के साथ गठबंधन करती है, उसी के वोट खा जाती है और अपनी सहयोगी पार्टी की कीमत पर वो फलती-फूलती है और इसीलिए कांग्रेस, परजीवी कांग्रेस बन चुकी है. यह तथ्यों के आधार पर कह रहा हूं. आपके माध्यम से सदन और सदन के माध्यम से देश के सामने कुछ आंकड़े रखना चाहता हूं. जहां-जहां बीजेपी-कांग्रेस की सीधी फाइट थी, जहां कांग्रेस मेजर पार्टी थी, वहां कांग्रेस का स्ट्राइक रेट सिर्फ 26 परसेंट है. लेकिन जहां वो किसी का पल्लू पकड़ के चलते थे, ऐसे राज्यों में उनका स्ट्राइक रेट 50 परसेंट है. कांग्रेस की 99 सीटों में से ज्यादातर सीटें उनके सहयोगियों ने जिताया है और इसलिए कह रहा हूं कि परजीवी कांग्रेस है. 16 राज्यों में कांग्रेस जहां अकेले लड़ी, वोट शेयर गिर चुका है. गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, तीन राज्यों में जहां कांग्रेस अपने दम पर लड़ी और 64 में से सिर्फ दो सीट जीत पाई है. इसका साफ मतलब है कि इस चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह परजीवी बन चुकी और अपने सहयोगी दलों के कंधे पर चढ़कर के सीटों का आंकड़ा बढ़ाया है. कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के जो वोट खाए हैं, न खाए होते तो लोकसभा में उनके लिए इतनी सीटें जीत पाना भी बहुत मुश्किल था. राहुल गांधी पर पर्सनल अटैक, पप्पू की जगह ली बालक बुद्धि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भाषण के दौरान एक बार कहा कि अब जैसे को तैसा जवाब दिया जाएगा. राहुल गांधी ने जिस तरह अपने भाषण में कई बार पीएम पर पर्सनल अटैक किया उसका जवाब आज पीएम मोदी ने भी उससे भी कड़े अंदाज में दिया. अब तक राहुल गांधी के विरोधी उन्हें पप्पू कहकर संबोधित करते रहे हैं. पर आज पीएम ने अपने स्पीच के दौरान नाम लिये बिना कई बार उनका बालक बुद्धि कह कर मजाक उड़ाया. मोदी ने कहा कि जब उन पर बालक बुद्धि पूरी तरह सवार हो जाती है तो ये किसी के भी गले पड़ जाते हैं. ये हजारो करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले में जमानत पर हैं, ओबीसी पर टिप्पणी के मामले में सजा पा चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी को लेकर माफी मांगनी पड़ी है. इन पर वीर सावरकर के अपमान का मुकदमा है. इन पर देश की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष को हत्यारा कहने का मुकदमा है. इन पर कई अदालतों में झूठ बोलने के केस हैं. बालक बुद्धि में न बोलने का ठिकाना होता है ना व्यवहार का ठिकाना होता है. बालक बुद्धि जब पूरी तरह से सवार हो जाती है तो ये सदन में भी किसी के गले पड़ जाते हैं. सदन में बैठकर भी आंखें मारते हैं. इनकी सच्चाई पूरा देश समझ गया है. इसलिए देश इनसे कह रहा है- तुमसे नहीं हो पाएगा. तुलसी दासजी कह गए हैं- जुठई लेना, जुठई देना, जुठई भोजन, जुठई चबेना. कांग्रेस ने जूठ को राजनीति का हथियार बनाया. कांग्रेस के मुंह जूठ लग गया है जैसे वो आदमखोर एनिमल होता है न जिसके मुंह पर लहु लग जाता है. वैसे कांग्रेस के मुंह जूठ का खून लग गया है. देश ने कल एक जुलाई को खटाखट दिवस भी मनाया है. मोदी ने कहा कि आजकल सिम्पैथी गेन करने के लिए एक नई ड्रामेबाजी शुरू की गई है. नया खेल खेला जा रहा है. एक किस्सा सुनाता हूं. एक बच्चा स्कूल से आया और जोर-जोर से रोने लगा. उसकी मां भी डर गई क्या हो गया. वह कहने लगा मां मुझे स्कूल में मारा गया. आज उसने मारा, इसने मारा और रोने लगा. मां ने बात पूछी तो बता नहीं रहा था. बच्चा ये नहीं बता रहा था कि उस बच्चे ने किसी बच्चे को मां की गाली दी थी, किताबें फाड़ दी थी, टीचर … Read more

भारत में 3 बेहतरीन प्रोटीन पाउडर और 3 सबसे खराब प्रोटीन पाउडर

शरीर के विकास और उसे मजबूती देने के लिए प्रोटीन (Protein) की सख्त जरूरत होती है। प्रोटीन मांसपेशियों, हड्डियों, त्वचा, बालों और अंगों को बनाने और मरम्मत करने के लिए जरूरी है। इसके अलावा प्रोटीन शरीर में एंजाइम, हार्मोन और अन्य जरूरी तत्वों को बनाने में भी मदद करते हैं। स्वस्थ वजन बनाए रखना, हड्डियों को ऑस्टियोपोरोसिस से बचाना, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना, बीपी नियंत्रण रखना और दिमागी कसरत को बढ़ाने के लिए भी प्रोटीन की जरूरत होती है। शरीर में प्रोटीन नहीं बनता इसलिए इसे भोजन से प्राप्त करना होता है। अक्सर देखा गया है कि लोग प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों के अलावा प्रोटीन पाउडर लेना भी पसंद करते हैं, खासकर जिम जाने वाले लोग। बाजार में विभिन्न तरह के ब्रांड मौजूद हैं, जो खुद के प्रोटीन पाउडर के बारे में सर्वश्रेष्ठ होने का दावा करते हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि भारत में सर्वश्रेष्ठ प्रोटीन पाउडर कौन सा है? इस सवाल का जवाब यहाँ है। भारत में प्रोटीन पाउडर की समस्या दुनियाभर में फेमस लीवर के डॉक्टर साइरियक एबी फिलिप्स (एबी फिलिप्स) और उनकी टीम ने भारत में फेमस 36 प्रोटीन पाउडर की जांच की (रेफरी)। इनमें से 25 (लगभग 70%) उत्पादों में बहुत ही कम प्रोटीन पाया गया। कुछ में तो प्रोटीन की मात्रा पहले ही मात्रा थी। इतना ही नहीं, कम से कम 14% प्रोटीन पाउडर में फंगस से पैदा हुए हानिकारक विषाक्त पदार्थ (एफ्लाटॉक्सिन) मिला। 8% उत्पादों में भी गिरावट दर्ज की गई। कुछ वनस्पति पर आधारित प्रोटीन पाउडर में घुलनशील तत्व निकले। भारत में प्रोटीन के सर्वश्रेष्ठ ब्रांड शोध पेस्ट ने भारत में प्रोटीन पाउडर को सख्त नियमों के दायरे में लाने की मांग की है। FSSAI ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। विश्वास के अनुसार, भारत में प्रोटीन के सर्वश्रेष्ठ ब्रांड में शामिल हैं- वन साइंस न्यूट्रिशन: इसे भारत में सबसे अच्छा प्रोटीन पाउडर माना गया। One Science Nutrition: इसे भारत में सबसे अच्छा व्हे प्रोटीन पाउडर माना गया। Nutrabox: इसे किफायती दाम में अच्छा व्हे प्रोटीन पाउडर माना गया। Origin’s: शोधकर्ताओं के अनुसार यह सबसे अच्छा वेजिटेरियन प्रोटीन पाउडर है। भारत में प्रोटीन के सबसे खराब ब्रांड BigMuscles: डॉक्टर फिलिप्स ने इसे सबसे खराब ब्रांड बताया। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह FSSAI-प्रमाणित है। एमवे: शोध में इसके न्यूट्रीलाइट ऑल प्लांट प्रोटीन को सबसे खराब वेजिटेरियन प्रोटीन पाउडर बताया गया, जिसमें फंगस से पैदा हुए विषाक्त पदार्थ मिले। हालांकि कंपनी इनकार करती है। प्रोटीनेक्स, बी-प्रोटीन, और सुनिश्चित करें: शोध में इनके ‘सबसे खराब विज्ञापन वाला अच्छा उत्पाद’ बताया गया।   प्रोटीन क्यों जरूरी है?   प्रोटीन मसल्स बिल्डिंग के लिए: प्रोटीन मसल्स गेन करने और मरम्मत के लिए जरूरी है। अभ्यास करने वाले लोगों को और फिटनेस को इसकी ज्यादा जरूरत होती है। स्वस्थ वजन बनाए रखना: प्रोटीन आपका पेट भरता है जिससे आप कम खा सकते हैं और स्वस्थ वजन बनाए रख सकते हैं। मजबूत हड्डियां: प्रोटीन हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों की बीमारियों को रोकने में मदद करते हैं। स्वस्थ त्वचा, बाल और नाखून: प्रोटीन त्वचा, बाल और नाखूनों के निर्माण खंड होते हैं। वे त्वचा को कोमल और लचीला बनाने, बालों को मजबूत और चमकदार बनाने और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए: प्रोटीन प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। दिल को स्वस्थ रखने के लिए: प्रोटीन रक्तचाप को कम करने और हृदय रोग के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। प्रोटीन के अच्छे स्रोत (प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत) मांस, मछली और अंडे: ये प्रोटीन के सम्पूर्ण स्रोत हैं, जिसका अर्थ है कि उनमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं। दूध और डेरी उत्पाद: ये भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं, साथ ही कैल्शियम और विटामिन डी भी प्रदान करते हैं। दालें, हंसा और तोफू: ये शाकाहारियों और मांसाहारियों दोनों के लिए प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। नट्स और बीज: ये प्रोटीन, स्वस्थ वसा और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। रोजाना कितने प्रोटीन की जरूरत होती है? प्रोटीन की दैनिक जरूरत प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के 0.8 ग्राम है। इसका मतलब है कि 60 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति को प्रतिदिन 48 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। हालांकि, कुछ लोगों को अधिक प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है।

हाथरस हादसे के बाद बागेश्वर ने भक्तों से की बड़ी अपील, जहां हैं वहीं से जन्मदिन मनाने का दिया सुझाव

छतरपुर उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए हादसे के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी किया है। 4 जुलाई को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्मदिन है, और इस अवसर पर धाम की तरफ से सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया गया है। उन्होंने श्रद्दालुओं से अपने कार्यक्रम को लेकर एक अपील की है। वीडियो में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘4 जुलाई को मेरे जीवन की आयु का एक वर्ष कम हो जाएगा। बहुत व्यापक तरीके से अद्भुत आनंद उत्सव की तैयारियां चल रही हैं। लेकिन इस वीडियो के माध्यम से हम एक निवेदन और प्रार्थना करना चाह रहे हैं। 4 जुलाई के उत्सव के लिए दूर-दूर से आ रहे बागेश्वर धाम से जुड़े लोग हमारे प्रियजन हैं। हमारी एक प्रार्थना है कि आप लोग हमारी अपील मानें तो हमें अपार प्रशंसा होगी।’ शास्त्री ने बताया कि 1 तारीख से ही जन समुदाय और बागेश्वर धाम के भक्तों की भीड़ बहुत ज्यादा हो गई है। उन्होंने सुरक्षा के दृष्टिकोण से अपील की कि लोग अपने घर से ही उत्सव मनाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि हनुमान चालीसा और वृक्षारोपण करके उत्सव मनाएं। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी गुरु पूर्णिमा जो 21 जुलाई को है, उसमें योजनाबद्ध तरीके से और व्यापक मैदान रखा जाएगा। उस अवसर पर सभी भक्तों का स्वागत किया जाएगा। शास्त्री ने कहा कि अत्यधिक भीड़ होने की वजह से 4 जुलाई को आने वाले सभी प्रियजन अपने घर से उत्सव मनाएं। बागेश्वर धाम की व्यवस्थाएं डबल की गई थीं, लेकिन स्थिति बदल गई है। उनका उद्देश्य है कि बुजुर्गों को परेशानी न हो, कोई बीमार न पड़े और सभी सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि वे गुरु पूर्णिमा के मौके पर भक्तों का इंतजार करेंगे।

कलेक्टर ने भेजा प्रस्ताव- पन्ना में बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात की खूबसूरती निहारने के लिए ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जाएगा

पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात की खूबसूरती निहारने के लिए ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। गौरतलब है कि पन्ना के पूर्व कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने अपने कार्यकाल में बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात और आसपास के क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के उद्देश्य से प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला को प्रस्ताव भेजा था। उस प्रस्ताव के संबंध में लोकेशन का अध्ययन करने प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति विभाग शिव शेखर शुक्ला की ओर से मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के वास्तुविद सतीश कालान्तरे (जबलपुर), कार्यपालन यंत्री क चौरसिया (सागर) और विवेक चौबे, उपयंत्री (खजुराहो) की टीम को पन्ना भेजा। पन्ना के सर्किट हाउस में पूर्व कलेक्टर संजय कुमार मिश्र द्वारा मध्य प्रदेश पर्यटन निगम की उक्त टीम के साथ बैठक लेकर बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात और आसपास के क्षेत्र का पर्यटन बढ़ाने के उद्देश्य से बनाये प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा कर अपने सुझाव दिए गए। इस बैठक में आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय जिला पुरातत्व,पर्यटन और संस्कृति परिषद पन्ना के सदस्य के रूप में शामिल हुए।  मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की तकनीकी टीम द्वारा बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात पहुंच कर वास्तविक स्थिति और लोकेशन का अध्ययन और सर्वे किया गया। फिलहाल कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं वास्तुविद सतीश कालान्तरे ने बताया कि बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात के आसपास फिलहाल सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना हमेशा बनी रहती है, इसलिए बृहस्पति कुण्ड जलप्रपात के चारों तरफ सुरक्षा हेतु रेलिंग लगाई जाएगी। रेलिंग भी इस तरीके से लगाई जाएगी कि स्थान की खूबसूरती भी बनी रहे और सुरक्षा भी। बृहस्पति कुण्ड आश्रम की तरफ एक मजबूत ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा, जिस पर चढ़कर पर्यटक जलप्रपात के ठीक सामने खड़े होकर जलप्रपात की खूबसूरती को निहार सकेंगे। यह देश का दूसरा और मध्यप्रदेश का पहला ग्लास ब्रिज होगा । पैगोडा डिजाइन के विश्राम स्थल बनेंगे कार्यपालन यंत्री चौरासिया ने बताया कि जलप्रपात के आसपास लोगों को धूप-बारिश से बचने के लिए पैगोडा डिजाइन के विश्राम स्थल भी बनाए जाएंगे । दिनों-दिन पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए समुचित संख्या में प्रसाधन गृह और एक बड़ी पार्किंग की भी व्यवस्था होगी। जलप्रपात के पास खाली पड़े चट्टानी मैदान में खूबसूरत लैंडस्केप और उद्यान विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र के महत्व और जानकारी को दर्शाते हुए कई सूचना पट्ट लगाए जाएंगे। पहले चरण में जलप्रपात के चारों तरफ सुरक्षा रेलिंग, ग्लास ब्रिज, विश्राम स्थल, पार्किंग, प्रसाधन गृह, कैफेटेरिया आदि का निर्माण होगा। दूसरे चरण में जलप्रपात के नीचे की तरफ स्टॉप डैम बनाकर नौकायन और एडवेंचर गतिविधियों की व्यवस्था की जाएगी । बृहस्पति कुण्ड की खासियत बृहस्पति कुण्ड अपने आप में एक अद्भुत स्थल है। प्राकृतिक रूप से तो सुंदर होने के साथ श्री राम वनपथ गमन मार्ग का एक महत्वपूर्ण स्थल है। बृहस्पति कुंड में चंदेलकालीन शिव मंदिर है। हजारों साल पुराने आदिमानव के समय के अद्भुत शैलचित्र है।

प्रदोष व्रत आज: पूजा शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Breaking News: Large scale transfers in Madhya Pradesh Police Department

राष्ट्रीय मिति आषाढ़ 12, शक सम्वत् 1946, आषाढ़, कृष्ण, द्वादशी, बुधवार, विक्रम सम्वत् 2081। सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 20, जिल्हिजा 26, हिजरी 1445 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तिथि 03 जुलाई सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक। द्वादशी तिथि प्रातः 07 बजकर 11 मिनट तक त्रयोदशी तिथि का आरंभ। रोहिणी नक्षत्र अगले दिन 04 बजकर 08 मिनट तक पश्चात मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ होगा। शूल योग प्रारम्भ 09 बजकर 02 मिनट तक गण्ड योग का आरंभ होता है। तैंतिल करण प्रातः 07 बजकर 11 मिनट तक वनीज करण की शुरुआत के बाद। चन्द्रमा दिन रात्रि वृष राशि पर संचार करेगा। आज के व्रत त्यौहार प्रदोष व्रत, सर्वार्थ सिद्धि योग। सूर्योदय का समय 3 जुलाई 2024 : सुबह 5 बजकर 27 मिनट पर। सूर्यास्‍त का समय 3 जुलाई 2024 : शाम 7 बजकर 23 मिनट पर। आज का शुभ मुहूर्त 3 ​​जुलाई 2024 : ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 7 मिनट से 4 बजकर 47 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात्रि में 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 7 बजकर 22 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक। अमृत ​​काल सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक। आज का अशुभ मुहूर्त 3 ​​जुलाई 2024 : राहुकाल दोपहर 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक। सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक गुलिक काल। सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक यमगंड। दुर्मुहूर्त काल सुबह 11 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक। उपाय : आज गणेशजी को 21 दूर्वा घास अर्पित करें।

भारत से मिली करीबी हार से निराश डेविड मिलर ने कहा कि इस परिणाम को पचा पाना मुश्किल

Why are youth being forced to go to foreign countries because of dinky, Rahul Gandhi posted on X

जोहानिसबर्ग  टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत से मिली करीबी हार से निराश डेविड मिलर ने कहा कि इस परिणाम को पचा पाना मुश्किल है। बायें हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने हालांकि उम्मीद जताई कि उनकी टीम इस हार के गम को भुला कर मजबूत वापसी करेगी। दक्षिण अफ्रीका ने इस विश्व कप में ‘चोकर्स’ के ठप्पे को काफी हद तक पीछे छोड़ते हुए बिना कोई मैच गंवाए फाइनल में जगह पक्की की थी। शनिवार को बारबाडोस में खेले गये फाइनल में उसे भारत से सात रन की शिकस्त मिली मिलर ने सोमवार को ‘इंस्टाग्राम’ पर लिखा, ‘‘मैं बहुत निराश हूं, दो दिन पहले जो हुआ उसके पचा पाना काफी कठिन है। मेरे पास अपनी भावनाओं को बयां करने के लिए शब्द नहीं है। मुझे हालांकि इस टीम पर बेहद गर्व है।’’ फाइनल से पहले दक्षिण अफ्रीका ने अपने अभियान में कई करीबी मैचों में जीत दर्ज की लेकिन टीम खिताबी मुकाबले में जीत के करीब होने के बाद आखिरी पांच ओवर में दबाव में आ गयी। मिलर ने कहा, ‘‘ इस टूर्नामेंट में हमारा सफर शानदार रहा। हमने पूरे महीने कई उतार-चढ़ाव देखे। हमने पीड़ा सही है। मैं हालांकि जानता हूं कि इस टीम में जज्बा है और वह अपना स्तर ऊंचा करती रहेगी।’’ दक्षिण अफ्रीका को आखिरी पांच ओवर में 30 रन चाहिए थे लेकिन जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या की शानदार गेंदबाजी ने मैच के रुख को भारत की ओर मोड़ दिया। पंड्या ने आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले हेनरिच क्लासेन को आउट किया तो वही बुमराह ने मार्को यानसेन को चलता किया। आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 16 रनों की जरूरत की लेकिन पंड्या की पहली गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने लांग ऑफ बाउंड्री के पास मिलर का शानदार कैच लपक कर मैच पर भारत का नियंत्रण बना दिया।    

तितलियों ने भरी हजारों किलोमीटर की लंबी उड़ान, इनके आगे हवाई जहाज भी फेल

न्यूयॉर्क  रंग-बिरंगी तितलियों को उड़ते देखकर हर किसी का मन उमंग से भर ही जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये तितलियां एक शानदार प्रवासी होती हैं, जो हजारों किलोमीटर दूर तक यात्रा करती हैं। वैज्ञानिकों को अब इस बात के प्रमाण मिले हैं कि तितलियों के एक समूह ने बिना रुके अटलांटिक महासागर में 4200 किलोमीटर (2600 मील) से अधिक की उड़ान भरी। इस खोज के साथ ही एक दशक से अधिक समय से चले आ रहे रहस्य से पर्दा उठ गया है। नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पेंटेड लेडी तितलियों की इस लंबी यात्रा के बारे में जानकारी दी है। एंटोमोलॉजिस्ट और शोध के प्रमुख लेखक डॉ. जेरार्ड टैलेवेरा ने दक्षिण अमेरिका के फ्रेंच गुयाना के एक समुद्र तट पर लगभग 10 पेंटेड लेडी तितलियां देखीं थीं। टैलेवेरा के लिए ये हैरान करने वाला था, क्यों ये तितलियां आमतौर पर दक्षिण अमेरिका में नहीं पाई जाती हैं। बर्सिलोना के बॉटनिकल इंस्टीट्यूट में स्पेनिश नेशनल रिसर्च काउंसिल में वरिष्ठ शोधकर्ता टैलवेरा ने कहा, ‘तितलियों को देखकर ऐसा लग रहा था कि वे थकी हुई हैं। वे उड़ भी नहीं पा रही थीं। वे उड़ने के बजाय उछलते थे। मेरे दिमाग में यही आया कि ये लंबी दूरी की प्रवासी हैं, लेकिन तितलियों के लिए एक पूरा महासागर पार करने के बारे में कभी सुना नहीं गया था।’ इसके बाद टालवेरा और उनके सहयोगियों ने जब अध्ययन किया तो पाया कि इन तितलियों ने वह कर दिखाया जो पहले अंसभव माना जाता था। तितलियां कैसे भरती हैं उड़ान 2016 में टैलवेरा द्वारा सह-लिखित एक अध्ययन में पाया गया था कि पेंटेड लेडीज तितलियां यूरोप से लगभग 4000 किलोमीटर की दूरी तय करके उप-सहारा अफ्रीका में निवास करती हैं। इस दौरान उन्हें भूमध्य सागर और सहारा रेगिस्तान को पार करना पड़ता है, लेकिन फिर भी पूरे सफर में तितलियां ज्यादातर जमीन पर रहती हैं। जहां वे भोजन के लिए रुक सकती हैं। नया अध्ययन बताता है कि पेंटेड लेडी को अटलांटिक पार करने में पांच से आठ दिन लगे। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि तितलियां बिना रुके अधिकतक 780 किलोमीटर या उससे अधिक की उड़ान भर सकती हैं लेकिन अनुकूल हवा की स्थिति ने उन्हें लंबी यात्रा पूरी करने की अनुमति दी। उड़ान को कैसे किया गया ट्रैक शोधकर्ताओं का मानना है कि तितलियां संभवतः भूमध्य रेखा के पास पूर्व से पश्चिम की ओर बहने वाली हवाओं का सहारा लेती हैं और इस तरह वे दक्षिण अमेरिका की जमीन पर पहुंच जाती हैं। ये जानने के लिए कि क्या तितलियां वास्तव में समुद्र के पार की यात्रा करती हैं, शोधकर्ताओं ने उनके डीएनए का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि यह यूरोपी-अफ्रीकी डीएनए से मेल खाता है। इसके अलावा टीम ने आइसोटोप ट्रेसिंग नामक तकनीक का इस्तेमाल किया। इससे तितलियों के पंखों की संरचना देखकर पता लगाया जाता है कि उन्होंने किस तरह के पौधे खाए थे। इस पद्धति से वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला कि तितलियों का जन्मस्थान पश्चिमी यूरोप, उत्तरी अमेरिका या पश्चिमी अफ्रीका में से कोई एक है।

Warren Buffett का खुलासा, Bill Gates के पास McDonald’s का एक स्पेशल कार्ड है, जिसकी वजह से उन्हें फ्री खाना मिलता है

मुंबई सोचिए अगर आप McDonalds में जाएं और वहां जमकर खाएं और उसके बदले आपको एक रुपया भी खर्च ना करना पड़े, तो कैसा होगा? इस तरह के सपने भारत समेत दुनियाभर के कई लोग देखते होंगे. मगर क्या आपको पता है कि Microsoft के को-फाउंडर Bill Gates एक ऐसे शख्स हैं, जिन्हें ये सुविधा मिलती है. दरअसल, Bill Gates दुनिया के किसी भी McDonalds में जाकर मुफ्त खा सकते हैं. यह जानकारी जाने-माने बिजनेस मैन और इनवेस्टर्स Warren Buffett ने खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि उनके और Bill Gates के पास McDonald’s का एक स्पेशल कार्ड है, जिसकी वजह से उन्हें फ्री खाना मिलता है.   Warren Buffett ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया है कि उनके पास एक खास कार्ड है. इसी तरह का स्पेशल कार्ड Bill Gates के पास भी है, लेकिन उनकी लिमिट ज्यादा है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. स्पेशल कार्ड के बारे में Warren Buffett ने बताया Warren Buffett ने बताया का उनका स्पेशल कार्ड अमेरिका के Omaha शहर तक सीमित है. इसमें वह किसी भी McDonald’s में जाकर मुफ्त ऑर्डर कर सकते हैं और उसका आनंद उठा सकते हैं. यह सर्विस उन्हें लाइफ टाइम के लिए फ्री दी गई है. Bill Gates के पास भी ये स्पेशल कार्ड Warren Buffett ने ऐसे ही बातों-बातों में खुलासा किया कि इस तरह का कार्ड Bill Gates के पास भी है. लेकिन वह दुनिया के किसी भी कोने में जाकर McDonald’s के फूड को मुफ्त में खा सकते हैं. Warren Buffett के कार्ड की लिमिट उन्होंने आगे बताया कि इस तरह की सुविधा कुछ ही लोगों को मिलती है, Warren Buffett ने बताया कि उनके लिए Omaha की लिमिट की काफी है, क्योंकि वे इस शहर को छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं. और भी कई स्पेशल कार्ड मौजूद Warren Buffett के पास और भी स्पेशल कार्ड हैं, जिसकी मदद से Johnny Rockets में फ्री की सर्विस मिलती है. Johnny Rockets अपने डिनर के लिए फेमस है. इसमें वे अपने साथ तीन गेस्ट को भी लेकर जा सकते हैं और वहां की सर्विस का मुफ्त फायदा उठा सकते हैं.    

जल्द ही नीट पीजी एग्जामिनेशन की डेट अनाउंस हो जाएगी और महीनेभर में परीक्षा कंडक्ट भी हो जाएगी

नई दिल्ली NEET PG की परीक्षा के लिए गृह मंत्रालय के I4c विंग में बड़ी बैठक हुई . परीक्षा की डेट अनांउसमेंट से पहले यह बैठक महत्वपूर्ण बताई जा रही है. सायबर सेल के अधिकारियों के साथ ये बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक अब प्रश्नपत्र परीक्षा से कुछ पहले ही तैयार होंगे.  अभी सरकार अलग-अलग एजेंसियों के जरिए यह देख रही है कि कहीं पर किसी भी तरीके से कोई लूप होल्स की या कमी की गुंजाइश तो नहीं है. गृह मंत्रालय, सूचना प्रौद्योग‍िकी मंत्रालय और स्वास्थ्य विभाग बड़े स्तर पर इस पूरे मामले की अवलोकन कर रही है. जांच लगभग अंतिम पायदान की स्थिति में है. अब जल्द ही नीट पीजी एग्जामिनेशन की डेट अनाउंस हो जाएगी और महीनेभर में परीक्षा कंडक्ट भी हो जाएगी. गौरतलब है क‍ि NEET UG और UGC NET पेपर लीक के बाद, देश में कई बड़ी परीक्षाओं पर भी रोक लगा दी गई थी. 23 जून को पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET PG) 2024 को भी स्थगित कर दिया गया था. राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (National Board of Examination) की ओर से जल्द ही प्रवेश परीक्षा की नई तारीख का ऐलान कर दिया जाएगा. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के अध्यक्ष अभिजात शेठ ने कहा है कि  एसओपी और प्रोटोकॉल की जल्द से जल्द समीक्षा की जाएगी और परीक्षा की अगली तिथि अगले सप्ताह तक घोषित कर दी जाएगी. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने कहा कि परीक्षा स्थगित करने से पहले स्थिति और सरकार द्वारा प्राप्त इनपुट का आकलन किया गया. परीक्षा की सत्यनिष्ठा पर कभी संदेह नहीं था: NBEMS अध्यक्ष अभिजात शेठ ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा था कि जहां तक ​​NEET PG का सवाल है, इस परीक्षा की सत्यनिष्ठा पर कभी संदेह नहीं था. पिछले सात वर्षों से, हमने अब तक सफलतापूर्वक इसका आयोजन किया है. हाल की घटनाओं के कारण, ऐसा क्या हुआ है कि छात्र समुदायों में इन सभी प्रकार की परीक्षाओं को लेकर बहुत सारी चिंताएं थीं और इसके जवाब में, सरकार ने एक बार फिर यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि परीक्षा की पवित्रता और सुरक्षा को बनाए रखा जाना चाहिए.  

राज्य में डिप्टी जेलर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया, आवेदन 8 जुलाई से: लोक सेवा आयोग

नई दिल्ली राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से राज्य में डिप्टी जेलर (उप कारापाल) के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही इस भर्ती के लिए आवेदन तिथियों को भी घोषित कर दिया गया है। जो भी अभ्यर्थी वैकेंसी के लिए आवेदन करना चाहते हैं वे 8 जुलाई 2024 से 6 अगस्त 2024 रात्रि 12 बजे तक फॉर्म भर सकेंगे। एप्लीकेशन फॉर्म केवल ऑनलाइन माध्यम से आरपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर भरा जा सकेगा। ऑफलाइन माध्यम से फॉर्म स्वीकार्य नहीं होंगे। फॉर्म भरने से पहले अभ्यर्थी पात्रता की जांच अवश्य कर लें। कौन कर सकेगा आवेदन इस भर्ती में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी ने विधि द्वारा स्थापित यूनिवर्सिटी/ संस्थान से ग्रेजुएशन डिग्री प्राप्त की हो। इसके साथ ही अभ्यर्थी को राजस्थान राज्य की संस्कृति का ज्ञान, देवनागरी लिपि में हिंदी लिखने का ज्ञान होना आवश्यक है। इन सबके साथ ही अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 26 वर्ष से कम होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी से आने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित वर्षों की छूट दी जाएगी। अभ्यर्थी ध्यान रखें कि आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को ध्यान में रखकर की जाएगी। चयन प्रक्रिया इस भर्ती में उम्मीदवारों को चयन लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा। लिखित परीक्षा एवं इंटरव्यू में किये गए प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। परीक्षा का आयोजन ऑफलाइन (वस्तुनिष्ठ) माध्यम में किया जाएगा। परीक्षा के लिए स्थान व डेट की घोषणा पृथक से ऑफिशियल वेबसाइट पर नोटिफिकेशन जारी कर की जाएगी। एप्लीकेशन फीस इस भर्ती में आवेदन के साथ ही निर्धारित शुल्क जमा करना आवश्यक है तभी आपका फॉर्म स्वीकार किया जाएगा। सामान्य (अनारक्षित), पिछड़ा वर्ग के क्रीमीलेयर, अति पिछड़ा वर्ग के क्रीमीलेयर अभ्यर्थियों को शुल्क के रूप में 600 रुपये, आरक्षित वर्ग (एससी/ एसटी/ पिछड़ा वर्ग क्रीमीलेयर/ अति पिछड़ा वर्ग नॉन क्रीमीलेयर) और दिव्यांगजन अभ्यर्थियों को 400 रुपये का भुगतान करना होगा।

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