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लोकसभा का दूसरी बार अध्यक्ष चुने जाने के बाद कोटा-बूंदी के दौरे पर बिरला, जगह-जगह हुआ स्वागत, निकला लंबा रोड शो

कोटा लोकसभा का लगातार दूसरी बार स्पीकर चुने जाने के बाद ओम बिरला पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। तीन दिवसीय दौरे पर कोटा-बूंदी पहुंचे लोकसभा स्पीकर का जगह-जगह स्वागत किया गया। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में लंबा रोड शो भी किया। हिंडोली से कोटा तक के रास्ते में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। कई जगहों पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी किया। कोटा में भी कई जगहों पर उनका स्वागत होना है। आपको बता दें कि, हिंडोली से कोटा तक ओम बिरला की स्वागत यात्रा का मार्ग कुल 80 किमी से ज्यादा है और इसके देर रात तक चलने की संभावना है। ओम बिरला ने रोड शो के दौरान आईएएनएस से खास बात करते हुए अपने संसदीय क्षेत्र और राजस्थान के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र में एनडीए की सरकार है और राज्य में भी भाजपा की सरकार है, इससे निश्चित रूप से विकास कार्यों में तेजी आएगी और वे जनता से किए वायदे एवं उनकी आकांक्षाओं को पूरा करेंगे। सदन में विपक्षी सांसदों की संख्या बढ़ने और सदन के संचालन को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पहले भी विपक्ष बड़ी संख्या में रहा है और सबसे यह अपेक्षा की जाती है कि सदन में सकारात्मक वातावरण रहे। सदन में अच्छी बहस हो, उच्च कोटि की चर्चा हो और सबका विचार सामने आए। 18 वीं लोकसभा के पहले सत्र के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर उनके द्वारा सदन में जताई गई नाराजगी के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सभी दलों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे संसदीय मर्यादाओं का पालन करें। इससे पहले मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कोटा-बूंदी और छात्र जीवन से उन्हें सामाजिक, राजनीतिक अनुभव मिला। यहां की जनता का प्यार, स्नेह और आशीर्वाद मिला। उन्होंने यहीं से सब कुछ सीखा और इस क्षेत्र में जनता की कठिनाइयों के लिए संघर्ष भी किया। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में तीसरी बार भाजपा व एनडीए की सरकार बनी है। उनके नेतृत्व में देश आगे बढ़ता रहेगा और नए कीर्तिमान हासिल करेगा। केंद्र और राज्य, दोनों जगहों पर भाजपा की सरकार है, यह संयोग लंबे वर्षों बाद राजस्थान को मिला है और हम कोशिश करेंगे कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम करें। राजस्थान का विकास हो और युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले। लोकसभा की कार्यवाही और सदन में हंगामे को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए स्पीकर बिरला ने कहा कि लोकसभा लोकतंत्र का मंदिर और लोगों की आस्था एवं विश्वास का केंद्र है। हम संसद को देर रात तक चलाने की कोशिश करते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा चर्चा- संवाद हो और सबका मत सामने आए। जिससे हम सब मिलकर देश के विकास को सामूहिक रूप से एक नई दिशा दे पाएं।

पहाड़ से लेकर मैदान तक हर जगह तबाही का मंजर, मोहान के पास पुल टूटकर नदी में गिर

अल्मोड़ा/रानीखेत उत्तराखंड में मानसून की बारिश कहर बनकर टूट पड़ी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक हर जगह तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। अल्मोड़ा-रानीखेत में भारी बारिश के कारण रामनगर – भतरौंजखान मोटर मार्ग पर मोहान के पास पुल टूटकर नदी में गिर गया। पुल गिरने की वजह से रामनगर से वाया मोहान रानीखेत अल्मोड़ा को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बंद हो गया है। इसके बाद यहां यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है। इस मार्ग से जाने वाले वाहन अब रामनगर से मोहान और मोहान से चिमटाखाल होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री धामी हालात पर नजर बनाए हैं। उन्होंने आपदा विभाग और आपदा कंट्रोल रूम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मौसम विभाग की चेतावनी के बाद अलर्ट मोड पर रहने के आदेश जारी कर दिए हैं। आपदा प्रबंधन और आपदा कंट्रोल रूम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। साथ ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रहने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, प्रदेश में अलकनंदा, मंदाकिनी, काली, गंगा सहित सभी नदियों का जलस्तर लगातार हो रही भारी बारिश के कारण तेजी से बढ़ रहा है। गंगा नदी जहां ऋषिकेश में खतरे के निशान के करीब हैंं, तो वहीं काली नदी और अलकनंदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जो लोग नदियों के किनारे या उसके आसपास रह रहे हैं उनसे सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।

प्रदेश में भारी बारिश का कहर देखने को मिला, आदि कैलाश यात्रा मार्ग बंद, तवाघाट में फंसे 23 यात्रियों को किया रेस्क्यू

पिथौरागढ़ उत्तराखंड में इस बार मानसून ने आते ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पूरे प्रदेश में भारी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। सभी नदियां उफान पर हैं। पहाड़ तिनके की तरह नदियों में समा रहे हैं, तो कहीं सड़कों पर गिरा मलबा मार्गों को बंद कर रहा है। आदि कैलाश यात्रा मार्ग तीन-चार दिनों से बंद है। इसके चलते तवाघाट में फंसे 23 यात्रियों को कोतवाली धारचूला पुलिस, एसएसबी व एनडीआरएफ टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण हुए भूस्खलन से भारत- चीन अंतर्राष्ट्रीय सीमा को जोड़ने वाला तवाघाट- लिपुलेख सड़क मार्ग तपोवन, दोबाट, कूलागाड़ आदि जगहों पर बंद है। इसके कारण श्री आदि कैलाश यात्रा से वापस आ रहे 23 यात्री तीन-चार दिनों से तवाघाट में फंसे हुए थे। यात्रियों के फंसे होने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़, रेखा यादव के आदेशानुसार, शनिवार को पुलिस उपाधीक्षक पिथौरागढ़, परवेज अली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली धारचूला,विजेंद्र शाह एसएसबी व एनडीआरएफ टीम के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाकर मार्ग में फंसे सभी यात्रियों को सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।सभी यात्रियों ने पुलिस, एनडीआरएफ व एसएसबी टीम के इस कार्य की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

रायपुर में सीएम विष्णुदेव ने की छेरपहरा की रस्म, भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को रथयात्रा धूमधाम से मनाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित रथ यात्रा में शामिल हुए। जगन्नाथ मंदिर में विशेष रस्म के साथ रथ यात्रा निकाली गई है। रथ यात्रा शुरू करने से पहले भगवान की प्रतिमा को रथ तक लाया गया और रास्ते को सोने के झाड़ से साफ भी किया गया। इस रस्म को छेरापहरा रस्म कहा जाता है। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी प्रदेशवासियों को रथयात्रा की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व ओडिशा के लिए जितना बड़ा उत्सव है, उतना ही बड़ा उत्सव छत्तीसगढ़ के लिए भी है। महाप्रभु जगन्नाथ जितने ओडिशा के लोगों को प्रिय हैं। उतने ही छत्तीसगढ़ के लोगों को भी प्रिय हैं। उनकी जितनी कृपा ओडिशा पर रही है। उतनी ही कृपा छत्तीसगढ़ पर रही है। सीएम साय ने कहा कि भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक हैं। उन्हीं की कृपा से बारिश होती है। उन्हीं की कृपा से धान की बालियों में दूध भरता है। उन्हीं की कृपा से किसानों के घर समृद्धि आती है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि इस साल भी छत्तीसगढ़ में भरपूर फसल हो। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा से मेरी प्रार्थना है कि वे हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हमें शांति, समृद्धि और खुशहाली की ओर अग्रसर करें। राजधानी रायपुर के गायत्री मंदिर में पुरी के जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर पुरानी परंपरा निभाई जाती है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छेरापहरा की रस्म पूरी कर सोने की झाड़ू से बुहारी लगाकर रथ यात्रा की शुरुआत की।  इसके बाद उन्होंने प्रभु जगन्नाथ की प्रतिमा को रथ तक लेकर गए। रथ यात्रा के लिए भारत में ओडिशा राज्य को जाना जाता है। ओडिशा का पड़ोसी राज्य होने के नाते छत्तीसगढ़ में भी इसका काफी बड़ा प्रभाव है। आज निकाली गई रथयात्रा में प्रभु जगन्नाथ, भैया बलदाऊ और बहन सुभद्रा की खास अंदाज में पूजा-अर्चना की गई।  जगन्नाथ मंदिर के पुजारी के अनुसार उत्कल संस्कृति और दक्षिण कोसल की संस्कृति के बीच की यह एक अटूट साझेदारी है। ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ का मूल स्थान छत्तीसगढ़ का शिवरीनारायण-तीर्थ है, यहीं से वे जगन्नाथपुरी जाकर स्थापित हुए। शिवरीनारायण में ही त्रेता युग में प्रभु श्रीराम ने माता शबरी के मीठे बेरों को ग्रहण किया था। यहां वर्तमान में नर-नारायण का मंदिर स्थापित है।

छत्‍तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता बढ़ी, दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में तो भारी बारिश की संभावना: मौसम विभाग

रायपुर छत्‍तीसगढ़ में रविवार से मानसून की सक्रियता बढ़ने वाली है और इसके चलते प्रदेश भर में बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर व दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में तो भारी बारिश की संभावना है। अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसे ही बने रहेगा। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा। शनिवार सुबह से ही रायपुर सहित प्रदेश भर में बादल छाने के साथ ही हल्की बारिश भी हुई। हालांकि तापमान में कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा और मौसम में ठंडकता बनी रही। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज ऐसे ही बने रहेगा। बारिश व बादल के चलते वातावरण की ठंडकता और बढ़ेगी। विभाग के अनुसार जुलाई में अच्छी बारिश होन की उम्मीद है। इस महीने की बारिश जून में हुई कम बारिश की कमी पूरी कर देगी।naidunia_image मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि मानसून द्रोणिका मध्य समुद्र तल पर बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, सतना, बगाति और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है।साथ ही एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर 0.9 किमी से 7.6 किमी ऊंचाई तक है। इसके प्रभाव से रविवार 7 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। उत्तर व दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के भी आसार है। इन क्षेत्रों में हुई वर्षा शनिवार को ओरछा में 5 सेमी, जगदलपुर में 4 सेमी, छोटेडोंगर-कोंडागांव में 3 सेमी, पखांजुर-पेंड्रारोड-बलरामपुर-रायगढ़ में 2 सेमी वर्षा हुई। इन क्षेत्रों के साथ ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई।

खुलासा: चीन अपनी विस्तारवाद की नीति से बाज नहीं आ रहा, पैंगोंग झील के पास करने लगा खुदाई

नई दिल्ली चीन अपनी विस्तारवाद की नीति से बाज नहीं आ रहा है। एक तरफ भारत के विदेश मंत्री के साथ चीनी विदेश मंत्री वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी गतिरोध का समाधान निकालने के लिए बैठक करते हैं। वहीं, दूसरी तरफ चीनी सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास फिर अपनी हरकतें बढ़ा दी हैं। चीनी सेना यहां लंबे समय तक रहने के लिए खुदाई कर रही है। उसने यहां हथियार और ईंधन के भंडारण के लिए भूमिगत बंकर बनाए हैं। वहीं, अपने बख्तरबंद वाहनों को सुरक्षित रखने के लिए कठोर आश्रयों का निर्माण किया है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों से इसका खुलासा हुआ है। पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर पहाड़ों के बीच बसा सिरजाप में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का बेस है। यह झील के आसपास तैनात चीनी सैनिकों का मुख्यालय है। इसे भारत द्वारा दावा किए गए क्षेत्र में बनाया गया है। यह वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगभग 5 किमी दूर स्थित है। मई 2020 में एलएसी पर गतिरोध शुरू होने तक इस क्षेत्र में कोई नहीं रहता था। ब्लैकस्काई द्वारा प्रदान की गई तस्वीरों के अनुसार, 2021-22 के दौरान बनाए गए बेस में भूमिगत बंकर हैं। इनका उपयोग हथियार, ईंधन या अन्य आपूर्ति को स्टोर करने के लिए किया जा सकता है। इसी साल 30 मई को ली गई एक तस्वीर में एक बड़े अंडरग्राउंड बंकर के आठ प्रवेश द्वार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। एक और छोटा बंकर है, जिसमें पांच प्रवेश द्वार हैं। दोनों आसपास ही स्थित है। ब्लैकस्काई के एक विश्लेषक ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, “बेस में बख्तरबंद वाहनों की पार्किंग की सुविधा, परीक्षण रेंज, ईंधन और गोला-बारूद भंडारण की व्यवस्था है।” विश्लेषक ने कहा कि बेस को सड़कों और खाइयों के एक व्यापक नेटवर्क से जोड़ा गया है। यह बेस गलवान घाटी से 120 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। जहां जून 2020 में एक क्रूर झड़प हुई थी। इसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।  कम से कम चार चीनी सैनिक मारे गए थे। तस्वीरों पर भारतीय अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। पैंगोंग झील के आसपास के क्षेत्र में तैनात एक पूर्व भारतीय सेना कमांडर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि चीन द्वारा भूमिगत बंकरों के निर्माण में वृद्धि सैन्य दृष्टि से बिल्कुल सही है। उन्होंने कहा, “आज के युद्ध के मैदान में उपग्रहों या हवाई निगरानी प्लेटफार्मों का उपयोग करके सब कुछ सटीक रूप से देखा जा सकता है। हमारे पास ऐसा कोई भूमिगत आश्रय नहीं है। बेहतर सुरक्षा बनाने के लिए सुरंग बनाना ही एकमात्र तरीका है।” मामले से परिचित लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भारत ने 2020 में गतिरोध शुरू होने के बाद से सैन्य गतिशीलता बढ़ाई है। रसद सहायता के लिए अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में विभिन्न सड़कें, पुल, सुरंगें, हवाई क्षेत्र और हेलीपैड बनाए हैं।  

भूस्खलन से दो श्रद्धालुओं की मौत, भारी बारिश के कारण फंसे तीर्थयात्री, अमरनाथ के बाद चारधाम यात्रा स्थगित

नई दिल्ली जुलाई में मानसून देश के कई हिस्सों में मेहरबान है। साथ ही कुछ हिस्सों में आफत बन चुका है। पहाड़ी क्षेत्रों में हालत ज्यादा खराब है, जहां भूस्खलन के कारण राजमार्ग बंद हो गए हैं। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात भी बन गए हैं। मौसम विभाग की मानें तो अगले दो से तीन दिन तक उत्तर पश्चिम भारत और उत्तर पूर्वी भारत में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश जारी रहेगी। चारधाम यात्रा पर संकट उत्तराखंड में जारी भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। मौसम विभाग ने राज्य में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। अधिकारियें ने ऋषिकेश और विकासनगर प्रशासन को तीर्थ यात्रियों को चारधाम यात्रा के लिए रवाना न करने के लिए कहा है। दो लोगों की मौत भारी बारिश के बीच उत्तराखंड में भारी भूस्खलन की घटनाएं भी देखने को मिली है। चमोली में शनिवार को बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, केदारनाथ मार्ग पर रुद्रप्रयाग में डोलिया देवी के समीप 20 घंटे तक 3,000 तीर्थयात्री फंस गए। भूस्खलन के कारण 300 से अधिक गांवों से संपर्क कट गया है। बारिश और भूस्खलन के कारण ऐसे हैं हाल भूस्खलन के कारण गंगोत्री राजमार्ग बंद यमुनोत्री राजमार्ग भी घंटो रहा बाधित भूस्खलन के बाद फंसे 1000 तीर्थयात्री रुद्रप्रयाग में बढ़ा नदियों का जलस्तर अलकनंदा व मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर अमरनाथ यात्रा भी स्थगित गौरतलब है कि इससे पहले भारी बारिश के कारण पहलगाम व बालटाल मार्ग से जाने वाली अमरनाथ यात्रा को भी स्थगित कर दिया गया था। मौसम साफ होने के बाद ही श्रद्धालुओं को रवाना किया जाएगा। यहां होगी भारी से बहुत भारी बारिश मौसम विभाग के अनुसार आज आंतरिक दक्षिणी कर्नाटक, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र,उड़ीसा के कुछ क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। जबकि, असम और मेघालय में 9 और 10 जुलाई को, अरुणाचल प्रदेश में 10 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

झमाझम बारिश ने चारों-तरफ पानी-पानी, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, रेस्क्यू कर निकाले लोग, अनेक शहरों से कटा संपर्क

श्योपुर, बड़ौदा, सोंईकलां जिले में दो दिन तक हुई झमाझम बारिश ने चारों-तरफ पानी-पानी कर दिया। बड़ौदा में तो बाढ़ जैसे हालात हो गए। पूरा बड़ौदा टापू बन गया। अस्पताल, थाना परिसर से लेकर लोगों के घरों में 4 फीट तक पानी भर गया। ऐसे हालातों में लाेगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। बड़ौदा में 40 करीब छात्र-छात्राएं ऐसे थे जिनकी कॉलेज परीक्षा थी। उन्‍हें एसडीआरएफ टीम व जनप्रतिनिधियों ने रेस्क्यू कर निकाला और परीक्षा देने काॅलेज पहुंचाया। कलेक्‍टर के साथ पहुंचे अन्‍य अधिकारी मानपुर में अस्पताल अस्पताल के रास्ते पर पानी भरने से तीन गर्भवती महिलाओं को रेस्क्यू कर निकाला गया। पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ने से खातौली पुलिया से चार फीट से ऊपर पानी जा रहा था, जिस वजह से श्योपुर का कोटा से दिनभर संर्पक कटा रहा। बड़ौदा में बारिश से हालात बिगड़ने की जानकारी मिलते ही कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी अभिषेक आनंद मौके पर पहुंच गए और पल-पल का अपडेट लेकर हालातों पर नजर रखे रहे। पांच घंटे में चारों-तरफ पानी ही पानी बता दें कि गुरुवार रात 9 बजे से शहर में शहर में झमाझम बारिश हो रही थी। शनिवार की रात 10 बजे से इतनी तेज बारिश शुरू हुई कि पांच घंटे में चारों-तरफ पानी ही पानी हो गया। शहर में अमराल नदी में अचानक पानी बढ़ने से गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पर पूजा करने गए मंदिर के पुजारी बाढ़ में फंस गए। एसडीआरएफ टीम ने सड़क पर नाव चलाकर रेस्क्यू कर पुजारी को सुरक्षित बाहर निकाला। बड़ौदा में सबसे ज्‍यादा हालत खराब बारिश से सबसे ज्यादा बाढ़ के हालात बड़ौदा में हुए। यहां 24 में घंटे हुई बारिश से सड़कों, घरों, स्कूलों, थाना और अस्पताल में पानी भर गया। 3 अगस्त 2021 को आई बाढ़ त्रासदी का याद कर लोग डर के मारे रातभर घरों की छतों पर बैठे रहे। बड़ौदा के बाजार में चार फीट तक पानी भर गया है। इससे दुकानों रखा सामान भीग गया। सामान हटाने का समय ही नहीं मिला दुकानदारों को सामान खाली करने का समय भी नहीं मिला। घरों में पानी भरने से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बड़ौदा में बड़ौदा-बारां हाइवे पर थाने के सामने पानी के बहाव से रोड कट जाने की वजह से आवागमन बाधित रहा। ऐसी स्थिति में वाहन चालकों को बस स्टैंड होकर गुजरना पड़ा। लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू सुमन, नायब तहसीलदार मनीषा मिश्रा, आरआइ दिव्यराज धाकड़, पटवारी विनोद भूषण सहित स्थानीय लोगों ने काफी मेहनत की। 38 छात्र-छात्राओं को रेस्क्यू कर पहुंचाया परीक्षा देने पिछले दो दिन से हो रही बारिश के कारण बड़ौदा नगर में चारो तरफ पानी भर गया। चारों तरफ से निकलने के रास्ते बंद हो गए। ऐसे में 38 छात्र-छात्राएं ऐसे थे, जिनका आज सुबह 9 बजे से काॅलेज का पेपर था। चारों तरफ पानी भरने से छात्र-छात्राएं फंस गए। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर निकाला। इसके अलावा नगरपरिषद अध्यक्ष जनप्रनिधि सहित स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर की मदद से रेस्क्यू आपरेशन चलाकर छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने के लिए काॅलेज पहुंचाया। रेस्क्यू कर कुल 38 छात्र-छात्राओं काे बाहर निकाला गया।  

इजरायल के सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, अब अति रूढ़िवादी यहूदियों को भी अति रूढ़िवादी यहूदियों को भी, भड़के

तेल अवीव इजरायल के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद कट्टरपंथी यहूदी भड़के हुए हैं और वे सड़कों पर उतर आए हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अब अति रूढ़िवादी यहूदियों को भी सामान्य यहूदियों की तरह सेना में अनिवार्य सेवा देनी होगी। इसके अलावा सरकार की तरफ से मिलने वाली विशेष सुविधाएं उन्हें नहीं दी जाएंगी। अब तक कट्टर यहूदियों के लिए सेना में सेवा देना अनिवार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि युवा हरेदी पुरुषों को भी सेना में भर्ती किया जाना चाहिए। अब येशिवा में पढ़ने वाले युवा इस फैसले के खिलाफ उतर आए हैं। उनका कहना है कि इससे उनके धार्मिक जीवन पर असर पड़ेगा और वे धर्म का पालन नहीं कर पाएंगे। उनका कहना है कि उनका आध्यात्मिक जीवन और पूजा-पाठ इजरायल की सुरक्षा के लिए जरूरी है। रिपोर्ट की मानें तो युवाओं को इस बात पर ऐतराज है कि अगर उन्हें सेना में जाना पड़ा तो उनको धार्मिक भक्ति के रास्ते से हटना पड़ेगा। ऐसे में उनकी आस्था कमजोर हो जाएगी जो कि देश के लिए भी खतरनाक साबित होगी। उनका कहना है कि इजरायली सेना को भी उनकी कोई जरूरत नहीं है। कट्टर यहूदी मानते हैं कि उनके धर्म को बचाए रखने के लिए जरूरी है कि वे लोग धर्म का पालन करें और अन्य कामों में ज्यादा समय ना गवाएं। इजरायल में अति-रूढ़िवादी लोगों की संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। यानी यह इजरायल की जनसंख्या के 12 फीसदी के करीब है। अति रूढ़िवादी दलों का सत्ता में भी दखल रहता है। लंबे समय से ये दल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का साथ दे रहे हैं। कट्टर यहूदियों को टैक्स में भी छूट मिलती है। वहीं सामान्य यहूदी सेना में अनिवार्य सेवा भी देते हैं और टैक्स का भी भुगतान करते हैं। पहले भी इजरायल की संसद में एक विधेयक पारित हुआ था जिसके मुताबिक हरेदी युवाओं को आंशिक रूप से सेना में भर्ती किया जाना था। हालांकि यह कानून अब तक लागू नहीं हो पाया। इस कानून का हरेदी नेता विरोध करते हैं। येशिवा छात्रों को मिलती है छूट येशिवा छात्र वे होते हैं जो कि टोरा का अध्ययन करते हैं और यहूदी धर्म के नियमों का कट्टरता से पालन करते हैं। इन्हें सेना में जाने से छूट है। वहीं यह समूह हमेशा से ही बदलाव के खिलाफ रहा है। वहीं कट्टरपंथी यहूदियों का प्रदर्शन कई जगहों पर उग्र हो रहा है। कई  इलाकों में हिंसा और तोड़फोड़ भी हुई है। अब सवाल है कि बेंजामिन नेतन्याहू सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के सपोर्ट में कदम उठाएंगे या फिर राजनीतिक फायदे के लिए कोई और रास्ता निकालेंगे।  

14 साल PM रहे, पद छोड़ा तो नए PM से हाथ मिलाया, वहां पर रखी अपनी साइकिल उठाई और चल दिए घर, हो रही तारीफ

एम्सटर्डम आमतौर पर सत्ताधारी लोग बड़े तामझाम से रहते हैं। यहां तक कि सत्ता छोड़ने के बाद भी उनकी ठसक कम नहीं होती। लेकिन नीदरलैंड से एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया है। यहां पर 14 साल तक प्रधानमंत्री रह चुके मार्क रुटे ने जिस तरह से ऑफिस छोड़ा है, उसकी खूब तारीफ हो रही है। मार्क रुटे ने बेहद सादगी भरे अंदाज में प्रधानमंत्री कार्यालय को अलविदा कहा। विदाई समारोह खत्म होने के बाद वह अकेले ही बाहर निकले। नए प्रधानमंत्री से हाथ मिलाया। वहां पर रखी अपनी साइकिल उठाई और चल दिए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है। ऑफिस से बाहर निकलने के बाद मार्क रुटे नए प्रधानमंत्री से हाथ मिलाते हैं। इसके बाद वह अपनी साइकिल के पास पहुंचकर ताला खोलते हैं और उस पर सवार होते हैं। तभी पीछे से एक आवाज आती है। इसके बाद मार्क फिर साइकिल से उतरते हैं और आवाज देने वाले शख्स से मुलाकात करते हैं। इसके बाद वह साइकिल पर सवार होकर निकल जाते हैं। इस दौरान वहां मौजूद स्टाफ तालियां बजा रहा होता है और खुशी का इजहार कर रहा होता है। मार्क रुटे बीते 14 साल से नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रहे हैं। अब उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन करते हुए डिक स्कूफ को पद सौंप दिया है। डिक स्कूफ पूर्व इंटेलीजेंस चीफ हैं। उन्होंने किंग विलियम एलेक्जेंडर की मौजूदगी में हुए समारोह के दौरान पद संभाला। हालांकि शीर्ष पद के लिए 67 साल के इस शख्स का चयन हैरान करने वाला रहा। मार्क रूटे अब नाटो में बड़ी भूमिका निभाएंगे। वह नाटो के सेक्रेटरी जनरल का पद संभालेंगे। वहीं, नए प्रधानमंत्री डिक स्कूफ ने संसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नई सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाया। स्कूफ ने खासतौर पर इमिग्रेशन कम करने पर जोर दिया।  

राष्ट्रपति पुतिन से भारत और रूस को संबंधों को और भी ज्यादा कैसे मजबूत किया जाए, उस पर चर्चा करेंगे

रूस रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बुलावे पर पीएम मोदी अपने दो दिवसीय रूस दौरे पर जाएंगे। 8 और 9 जुलाई को होने वाले इस दौरे के दौरान पीएम मोदी 22वे वार्षिक भारत- रूस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और राष्ट्रपति पुतिन से भारत और रूस को संबंधों को और भी ज्यादा कैसे मजबूत किया जाए, उस पर चर्चा करेंगे। दरअसल, पीएम मोदी हाल ही में SCO समिट में हिस्सा लेने के लिए नहीं गए थे, इसलिए यह पीएम का यह रूस दौरा और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। 2019 में आखिरी बार रूस गए थे पीएम मोदी मीडिया से बात करते हुए क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, “भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉस्को की यह यात्रा भारत और रूस के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इससे संबंध और मजबूत होंगे।”  अपने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान पेसकोव ने कहा की मॉस्को में पीएम मोदी का कार्यक्रम व्यापक होगा, दोनों नेता अनौपचारिक बातचीत भी कर सकेंगे, भारत- रूस संबंध रणनितिक साझेदारी के स्तर पर हैं। उन्होंने कहा कि क्रेमलिन में आमने-सामने प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा होगी। मीडिया एजेंसी ने पेसकोव के हवाले से लिखा कि करीब पांच साल में यह पीएम मोदी की पहली रूस यात्रा होगी। रूस की उनकी आखिरी यात्रा 2019 में हुई थी जब उन्होंने व्लादिवोस्तोक में एक इकॉनॉमिक सम्मेलन में भाग लिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को नई दिल्ली में उच्च स्तरीय यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि दोनों नेता दोनों देशों के बीच बहुमुखी संबंधों की समीक्षा करेंगे, आपसी हित की हालिया घटनाओं और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। दरअसल, यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पीएम मोदी की यह पहली रूस यात्रा है, हाल ही में हुए SCO सम्मेलन में पीएम मोदी का न जाना रूस को खटका होगा, अब पीएम मोदी के रूस दौरे पर पश्चिमी देशों की कड़ी नजर होगी।

ताहिया लेकर पहुंचे राघवदास मठ के पुजारी, भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में पहांडी रस्म शुरू

पुरी/नई दिल्ली. पुरी के अलावा गुजरात के अहमदाबाद, पूर्वोत्तर में त्रिपुरा, झारखंड की राजधानी रांची, वाराणसी और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता समेत कई अन्य राज्यों में भी रथयात्राएं निकाली जाती हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ने देशवासियों को रथ यात्रा शुरूआत की शुभकामनाएं दी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी को शुभकामनाएं दीं। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस्कॉन द्वारा आयोजित रथ यात्रा में भाग लेंगी। अहमदाबाद की डीसीपी कोमल व्यास ने जगन्नाथ रथयात्रा आयोजन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कहा, ‘अहमदाबाद स्मार्ट सिटी के कैमरे शहर में पहले से ही लगे हुए हैं, और रथ यात्रा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्हें समायोजित और ज़ूम किया गया है। जब एक जगह पर बड़ी भीड़ इकट्ठा होती है और अपने मोबाइल नेटवर्क का उपयोग करती है, तो कनेक्टिविटी प्रभावित होती है। ऐसे में पुलिस का काम बिना किसी बाधा के हो, इसके लिए हम अपने वीएचएफ सेट का उपयोग करते हैं। हम बंधे हुए हीलियम गुब्बारों का भी उपयोग कर रहे हैं। हमने जुलूस का विहंगम दृश्य प्राप्त करने के लिए हीलियम गुब्बारे पर एक कैमरा लगाया है। हमने सभी पुलिस वाहनों में जीपीएस लगाया है। अहमदाबाद की मुख्य रथ यात्रा के अलावा, शहर में 7 और रथ यात्राओं की योजना बनाई गई है। रथ यात्रा के अलावा, हमने राज्य में आयोजित की जा रही 4 विभिन्न प्रकार की भर्ती परीक्षाओं का भी प्रबंधन और सुचारू संचालन सुनिश्चित किया है। रथ यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए 24000 कर्मियों की भर्ती की गई है।’ पहांडी रस्म शुरू– महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा के लिए पहांडी रस्म शुरू हो गई है। इसके साथ ही महाप्रभु को परंपरा के अनुसार, राघवदास मठ द्वारा तैयार किया गया ताहिया पहनाया जाएगा। ताहिया फूलों का बना मुकुट होता है, जिसे रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ को पहनाया जाता है। ‘पहांडी’ परंपरा के अनुसार, सबसे पहले श्री चक्रराज सुदर्शन को रथ पर चढ़ाया जाता है। उनके बाद भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को रथ पर चढ़ाया जाता है। नृत्य हॉल से सात सीढ़ियों वाले उत्तरी निकास पर, तीनों देवता एकत्रित होते हैं और फिर रथयात्रा शुरू होगी। पुरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम पुरी के एसपी पिनाक मिश्रा ने कहा, ‘आज हम भगवान श्री जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा मना रहे हैं। जैसा कि हमने अनुमान लगाया था, इस रथ यात्रा में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पुरी आएंगे। हमने व्यापक पुलिस व्यवस्था की है। हमने पुलिस व्यवस्था को कई महत्वपूर्ण खंडों में विभाजित किया है। भीड़ नियंत्रण और विनियमन के लिए व्यवस्था की गई है। यातायात और पार्किंग से संबंधित मामलों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। भारत की राष्ट्रपति पुरी का दौरा करेंगी। इसलिए राष्ट्रपति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, कई अन्य गणमान्य व्यक्ति पुरी का दौरा करेंगे। हम कई एजेंसियों के संपर्क में हैं और हम उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम तटरक्षक बल, तटीय सुरक्षा, रेलवे सुरक्षा के साथ समन्वय में हैं।’

दिल्ली में हुई जोरदार बारिश के बाद दिल्लीवाले अच्छी बारिश के लिए तरस रहे, अगले 5 दिन कैसा रहेगा हाल

नई दिल्ली दिल्ली में मॉनसून का आगाज भले ही जोरदार रहा हो और एक ही दिन में बारिश के कई रिकॉर्ड टूट गए हों, लेकिन अब अच्छी बारिश की कमी बनी हुई है। जुलाई के पहले सप्ताह में अब तक सामान्य से 61 फीसदी कम बादल बरसे।राजधानी में 28 जून को मॉनसून का आगमन हुआ था और मानक वेधशाला सफदरजंग में 24 घंटे के भीतर 228 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बाद से ही दिल्लीवाले अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं। कुछ हिस्सों में हल्की बारिश तो होती रही है, लेकिन इससे उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई के पहले छह दिन में सामान्य तौर पर 27 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, जो अब तक सिर्फ 10.4 मिलीमीटर हुई है। यानी यह आंकड़ा सामान्य से 61 फीसदी कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार-पांच दिन भी हल्की बूंदाबांदी ही होने के आसार हैं। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी ने उमस बढ़ाई दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में शनिवार सुबह हल्के बादल छाए रहे। सुबह के समय सफदरजंग, पालम, लोधी रोड आदि इलाकों में बूंदाबांदी हुई। दोपहर बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 27.1 डिग्री रहा। संतोषजनक श्रेणी में हवा हल्की बारिश और तेज हवा के चलते दिल्ली में साफ हवा का स्तर बना हुआ है। शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 65 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को संतोषजनक श्रेणी में रखा जाता है। यह लगातार तीसरा दिन है जब वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 100 से नीचे बना हुआ है। बता दें कि, शून्य और 50 के बीच एक AQI को “अच्छा”, 51 और 100 के बीच “संतोषजनक”, 101 और 200 के बीच “मध्यम”, 201 और 300 के बीच “खराब”, 301 और 400 के बीच “बहुत खराब” और 401 और 500 के बीच “गंभीर” माना जाता है।

जल्द ही यह दूसरे देशों के कस्टमर्स के हाथों में होगा Xiaomi ने Redmi Pad Pro टैबलेट के 5G

नई दिल्ली  Xiaomi ने Redmi Pad Pro टैबलेट के 5G वर्जन को चीन में एक महीने पहले मार्केट में उतार दिया था। उसके बाद ग्लोबल मार्केट को इसका बेसब्री से इंतजार था। अब लगता है जल्द ही यह दूसरे देशों के कस्टमर्स के हाथों में होगा। दरअसल, Xiaomi की ग्लोबल वेबसाइट पर इसको लिस्ट कर दिया है, जिससे यह पता चलता है कि यह जल्द लॉन्च होने वाला है। लॉन्च की तैयारी हुई पूरी POCO Pad टैबलेट का 5G वेरिएंट भी भारत में लॉन्च होने वाला है। Xiaomi ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। आपको बता दें कि POCO Pad और Redmi Pad 5G दोनों ही Xiaomi के ही ब्रांड हैं। Redmi Pad Pro 5G की खासियत Redmi Pad Pro 5G में डुअल सिम है। यह दोनों ही सिम 5G को सपोर्ट कर सकती हैं। इसकी स्क्रीन की लंबाई 12.1 इंच है। इसमें 2.5 LCD स्क्रीन है, जिसका रेजोल्यूशन 2560 × 1600 पिक्सल, 120Hz रिफ्रेश रेट और 180Hz टच सैंपलिंग रेट है। इसकी ब्राइटनेस 600 निट्स तक पहुंच सकेगी। यह डॉल्बी विजन को सपोर्ट करता है। इसकी स्क्रीन में गोरिल्ला ग्लास 3 का प्रोटेक्शन है। इसमें 2.4GHz तक की क्लॉक स्पीड वाला ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 7s जेन 2 प्रोसेसर है। इसको एड्रेनो 710 GPU का सपोर्ट मिलता है। इसमें आपको 6GB या 8GB LPDDR4X RAM और 128GB या 256GB UFS 2.2 स्टोरेज का विकल्प भी मिलता है। इसको 1.5TB तक बढ़ा भी सकते हैं। इसमें Android 14-आधारित HyperOS का ऑपरेटिंग सिस्टम है। कैमरा फीचर्स कैमरा फीचर्स की बात करें, तो 8MP का रियर कैमरा और 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है। इसमें फिंगरप्रिंट सेंसर, इंफ्रारेड सेंसर मौजूद हैं।

7 करोड़ की रिश्वत का आरोप, सत्येंद्र जैन मंत्री थे तो बीईएल के अधिकारियों ने उन्हें रिश्वत दी थी

 नई दिल्ली जेल में बंद आम आदमी पार्टी के नेता सत्येन्द्र जैन के लिए एक और परेशानी खड़ी हो गई है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक और मामले की जांच की सिफारिश की गई है। पिछले साल जनवरी में एसीबी ने जैन के खिलाफ जांच शुरू की थी। मई 2022 में ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के एक अलग मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। अभी वह तिहाड़ जेल में बंद है। मीडिया के मुताबिक, लेफ्टिनेंट गवर्नर के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पूर्व मंत्री के खिलाफ 7 करोड़ रिश्वत लेने के आरोप में जांच की अनुमति दे दी। उपराज्यपाल ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जांच की मंजूरी के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1998 की धारा 17 ए के तहत मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने के सतर्कता विभाग के प्रस्ताव पर सहमति दे दी। । उप राज्यपाल की सहमति पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की मंत्री और आप नेता आतिशी ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को एक और फर्जी मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है। आतिशी ने कहा कि भाजपा दिन-रात दिल्ली सरकार के खिलाफ साजिश में लगी हुई है। 10 साल में आप नेताओं पर 200 से ज्यादा केस दर्ज किए गए, लेकिन आज तक भ्रष्टाचार का एक भी रुपया कहीं से बरामद नहीं हुआ। भाजपा दिल्ली सरकार को पंगु बनाना चाहती है। क्या है 7 करोड़ रिश्वत मामला आरोप है कि जब सत्येंद्र जैन मंत्री थे तो भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अधिकारियों ने उन्हें रिश्वत दी थी। दरअसल, बीईएल 2018-2019 में राष्ट्रीय राजधानी में सीसीटीवी कैमरे लगा रही थी, जो 571 करोड़ रुपये की परियोजना थी। एसीबी ने बीईएल के पूर्व कर्मचारी मनमोहन पांडे की शिकायत पर जांच शुरू की थी। एसीबी के अधिकारियों के अनुसार पांडे ने उन्हें सितंबर 2019 में बताया कि सीसीटीवी परियोजना के प्रभारी ने कहा था कि जैन ने 7 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। हालांकि बीईएल ने पांडो पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया, क्योंकि उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।  

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